बलरामपुर में नवनिर्मित मछली मंडी का शुभारंभ,नगर को स्वच्छ व सुव्यवस्थित बनाने की पहल
               
                                                        
बलरामपुर। आदर्श नगर पालिका परिषद क्षेत्र को  स्वच्छ,सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बलरामपुर ब्लॉक के सामने नवनिर्मित मछली मंडी का शुभारंभ किया गया। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू ने फीता काटकर मंडी का विधिवत उद्घाटन किया।
इस अवसर पर अध्यक्ष ने कहा कि नगर क्षेत्र में मांस-मछली विक्रेताओं को अब तक अलग-अलग स्थानों पर दुकानें लगानी पड़ती थीं,जिससे गंदगी और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होती थी। नगर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के उद्देश्य से सभी मछली विक्रेताओं के लिए एक ही स्थान पर व्यवस्थित रूप से जगह निर्धारित की गई है,ताकि व्यापार सुचारु रूप से संचालित हो और आम जनता को भी स्वच्छ वातावरण मिल सके।
उन्होंने सभी विक्रेताओं को निर्देशित किया कि वे निर्धारित स्थल पर ही अपने प्रतिष्ठान लगाएं और स्वच्छता के नियमों का पालन करें। नगर पालिका द्वारा मंडी परिसर में साफ-सफाई,जल निकासी और कूड़ा निस्तारण की समुचित व्यवस्था की गई है,जिससे गंदगी न फैले और लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
अध्यक्ष प्रतिनिधि डीपी सिंह बैस ने बताया कि नगर को सुदृढ़ और व्यवस्थित बनाने के लिए नगर पालिका निरंतर प्रयासरत है। भविष्य में भी बाजारों को सुव्यवस्थित करने और नागरिक सुविधाओं में वृद्धि के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता राज कुमार श्रीवास्तव,नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी लाल चन्द्र मौर्या,कर निरीक्षक राजेश कुमार,सफाई निरीक्षक दिवाकर पांडेय,अधिवक्ता अनिल सिंह मामा,अध्यक्ष राम प्यारे कश्यप,सहायक निदेशक मत्स्य दीपांशु,वरिष्ठ निरीक्षक मत्स्य रमन चौधरी,सभासद सुभाष पाठक,राघवेंद्र कान्त सिंह मंटू,विनोद गिरी,अक्षय शुक्ल,सुशील साहू,आनंद किशोर,मनोज यादव,मनीष तिवारी,राजेश कुमार कश्यप,संदीप मिश्रा,मनोज साहू,शुभम चौधरी,सिद्धार्थ साहू,राजू कश्यप,राधे श्याम,बेकारू,संतोष कश्यप,पूरन कश्यप, फरीद,आफताब अहमद,चन्दन,धर्मेंद्र सहित अधिकारी,कर्मचारी,स्थानीय जनप्रतिनिधि,व्यापारी एवं नगरवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
मंडी के शुभारंभ से मछली व्यापारियों में उत्साह देखा गया और उन्होंने नगर पालिका की इस पहल की सराहना की।
नवाबगंज में दो पक्षों के बीच मो रंग और पैसे को लेकर विवाद, एक की लाठी लगने से मौत हो गई, आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने बनाई तीन टीम
फर्रुखाबाद। नवाबगंज थाना क्षेत्र में मोरंग और पैसे के लेन-देन को लेकर एक ही परिवार के चाचा भतीजों के बीच जमकर लाठी डंडे चलने से भतीजे की मौत हो गई जबकि कई लोग घायल हुए हैं पुलिस क्षेत्र अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया था और घायलों को जिला अस्पताल लोहिया के लिए एंबुलेंस के जरिए भेजा गया जहां एक व्यक्ति की उपचार के दौरान मौत हो गई है उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद का मुख्य कारण मोरंग और पैसे का लेनदेन था और आक्रोश में आकर घटना को अंजाम दिया है उन्होंने कहा कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए तीन टीमें बना दी गई है जो जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफल होगी।
आधे-अधूरे सच को 'जीत' बताना झामुमो की हताशा": प्रतुल शाहदेव का हेमंत सोरेन पर पलटवार

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राँची: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने बुधवार को प्रेस वार्ता कर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उन दावों की हवा निकाल दी, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत को 'ऐतिहासिक' बताया जा रहा था। प्रतुल ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका के निर्णयों को राजनीतिक लाभ के लिए तोड़-मरोड़ कर पेश करना लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

समन विवाद और 'तकनीकी' राहत:

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि झामुमो जिस राहत का ढिंढोरा पीट रहा है, वह केवल समन की अवहेलना (Non-compliance) से जुड़े तकनीकी पक्ष पर मिली अस्थायी रोक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि "कथित भूमि घोटाला" से संबंधित मुख्य आपराधिक मामला आज भी यथावत है और मुख्यमंत्री की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। उन्होंने झामुमो को सलाह दी कि वे आधे-अधूरे सच को परोस कर जनता को गुमराह न करें।

पश्चिम बंगाल मामले पर स्पष्टीकरण:

जेएमएम द्वारा उठाए गए दूसरे मुद्दे पर पलटवार करते हुए प्रतुल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची में 80 लाख विसंगतियां पाई गई थीं, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा। यह स्थानीय प्रशासन की निष्पक्षता पर कोर्ट का अविश्वास था। इसे राजनीतिक चश्मे से देखना झामुमो की संकीर्ण सोच को दर्शाता है।

निष्कर्ष:

शाहदेव ने अंत में कहा कि भाजपा हमेशा कानून के शासन और न्यायपालिका का सम्मान करती है। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि वे कानूनी प्रक्रियाओं को 'राजनीतिक ढाल' बनाने के बजाय जांच का सामना करें, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

खड्डा विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर जनसंवाद
* क्षेत्र की आर्थिक तरक्की के लिए जनसेवक पवन दुबे ने रखे ठोस विकास प्रस्ताव

कुशीनगर। जनसेवक पवन दुबे ने खड्डा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित शिक्षा-स्वास्थ्य-रोजगार जनसंवाद कार्यक्रम के तहत क्षेत्र के लोगों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर क्षेत्र की आर्थिक उन्नति और समग्र विकास को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श भी किया गया।
कार्यक्रम में क्षेत्र के विकास के लिए निम्न प्रमुख बिंदुओं पर विचार रखे गए।

* खेतों में गन्ना, केला, धान और गेहूं बोया जा रहा है, वैसे ही घर-घर रोजगार बोने की आवश्यकता है, ताकि हर परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हो सके।
* युवाओं के कौशल विकास के लिए तकनीकी संस्थानों की स्थापना जरूरी है।
* किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए स्थायी मंडी की स्थापना की आवश्यकता है।
* कृषि उत्पादों के संरक्षण के लिए कोल्ड स्टोरेज की स्थापना अनिवार्य है।
* क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए बड़े अस्पताल की स्थापना की आवश्यकता है।
* स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन हेतु बड़े उद्योगों की स्थापना होनी चाहिए।
* युवाओं को पुलिस, रेलवे, आर्मी, बैंक और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोफेशनल ‘वन डे कॉम्पिटिशन’ कोचिंग सेंटर की व्यवस्था की जानी चाहिए।
* प्रत्येक पाँच गांवों के मध्य एक लाइब्रेरी की स्थापना की जाए, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन की बेहतर सुविधा मिल सके।
* खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए विकसित स्टेडियम और मिनी स्टेडियम का निर्माण आवश्यक है।
कार्यक्रम में भारी संख्या में क्षेत्रीय लोगों की उपस्थिति रही और क्षेत्र के विकास के लिए सभी ने एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
एआई युग में प्लेटफॉर्म गवर्नेंस की चुनौतियों पर चर्चा के लिए ग्लोबल साउथ विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया एसएफएलसी.इन (SFLC.in)

दिल्ली एनसीआर, फरवरी 2026: एसएफएलसी.इन (SFLC.in) ने मानवाधिकार, प्रौद्योगिकी नीति और इंटरनेट शासन के क्षेत्र में कार्यरत ब्रिटेन की संस्था ग्लोबल पार्टनर्स डिजिटल के साथ मिलकर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर एकत्रित किया। विशेषज्ञों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जेनरेटिव एआई की तीव्र वृद्धि से उत्पन्न विनियमन, जवाबदेही और मानवाधिकारों की सुरक्षा से जुड़ी वैश्विक बहस के बदलते स्वरूप पर विचार-विमर्श किया।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के साथ आयोजित इस बैठक में लगभग 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें कानून निर्माता, नीति-निर्माता, नागरिक समाज के नेता, उद्योग प्रतिनिधि, शोधकर्ता तथा प्रौद्योगिकी शासन विशेषज्ञ शामिल थे। वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता और प्लेटफॉर्म शासन से संबंधित नई चुनौतियों पर चर्चा के लिए एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, यूरोप और अन्य क्षेत्रों से एकत्र हुए थे।
प्रारंभिक चर्चाओं में यह सामने आया कि कई प्लेटफ़ॉर्म शासन नियम ग्लोबल साउथ की परिस्थितियों से अलग बनाए गए हैं और वे स्थानीय सामाजिक-राजनीतिक स्थितियों, भाषाई विविधता तथा सीमित संस्थागत क्षमता के अनुरूप पूरी तरह उपयुक्त नहीं हैं। जैसे-जैसे जेनरेटिव और एजेंट-आधारित एआई प्रणालियाँ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का हिस्सा बन रही हैं, नए प्रश्न उभर रहे हैं। इनमें स्वचालित सामग्री संयमन की जिम्मेदारी किसकी होगी, दायित्व का निर्धारण कैसे किया जाएगा, चुनावों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी और उपयोगकर्ताओं की रक्षा कैसे की जाएगी, जैसे प्रश्न शामिल हैं।
ग्लोबल पार्टनर्स डिजिटल की पॉलिसी और एडवोकेसी प्रमुख मारिया पाज़ ने कहा, "नियामक अब भी उन प्लेटफॉर्म के लिए पुराने मध्यस्थ दायित्व नियमों का उपयोग करने का प्रयास कर रहे हैं, जो अब जेनरेटिव एआई का व्यापक रूप से इस्तेमाल करते हैं। ग्लोबल साउथ के अनुभव दर्शाते हैं कि अस्पष्ट मॉडरेशन (संयमन) प्रणालियाँ और स्वचालित निर्णय कमजोर समुदायों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। अलग-अलग और असंगठित राष्ट्रीय नीतियों के बजाय अधिकार-आधारित तथा सहयोगात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है।”
राज्यसभा सांसद श्री साकेत गोखले ने एक जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी राय साझा की। उन्होंने मतदाता डेटा, अनुवाद प्रणालियों और चुनावी मानचित्रण में एआई उपकरणों के बढ़ते उपयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने चेतावनी दी कि पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी के बिना स्वचालित प्रणालियों का उपयोग लोकतंत्र में विश्वास को कमज़ोर कर सकता है। उन्होंने कहा, “हमें एआई विनियमन को उसी गंभीरता से देखने की आवश्यकता है, जैसे हम जलवायु परिवर्तन को देखते हैं।” उन्होंने बड़े वैश्विक चुनावों से पूर्व लोकतांत्रिक देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
बैठक में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के बी-टेक परियोजना की सलाहकार इसाबेल एबर्ट द्वारा व्यवसाय और मानवाधिकार पर एक प्रस्तुति दी गई। संयुक्त राष्ट्र के व्यवसाय और मानवाधिकार संबंधी मार्गदर्शक सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने तीन प्रमुख बिंदुओं पर बल दिया—पहला, नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना सरकारों की जिम्मेदारी है; दूसरा, मानवाधिकारों का सम्मान करना कंपनियों का दायित्व है; और तीसरा, अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना आवश्यक है।
क्षेत्रीय गोलमेज चर्चाओं में विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट शासन चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया। दक्षिण-पूर्व एशिया में काज़िया के एक प्रतिनिधि ने बताया कि इंडोनेशिया में कुछ संगठनों को महिलाओं से संबंधित डीपफेक सामग्री के कारण अस्थायी प्रतिबंध का सामना करना पड़ा। इससे स्पष्ट होता है कि एआई किस प्रकार लैंगिक आधार पर होने वाले नुकसान को बढ़ा सकता है। यद्यपि इंडोनेशिया में ऑनलाइन सामग्री को विनियमित करने के नियम मौजूद हैं, परंतु एआई से उत्पन्न जोखिमों से निपटने के लिए कोई विशिष्ट ढांचा नहीं है, जिससे दोषियों को दंडित करना कठिन हो जाता है।
लैटिन अमेरिका से ब्राज़ील स्थित इंटरनेटलैब में शोध प्रमुख कैमिला अकेमी ने जेनरेटिव एआई उपकरणों की तीव्र वृद्धि और चुनावी निष्पक्षता पर उनके प्रभावों पर चर्चा की। वहीं अफ्रीका से पैराडाइम इनिशिएटिव के सानी सुलेमान ने नीतिगत कमियों, सीमित आधारभूत संरचना, तकनीकी विशेषज्ञता की कमी तथा सरकारों और बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के बीच शक्ति असंतुलन जैसी प्रमुख चुनौतियों को दर्शाया।
एसएफएलसी.इन ने कहा कि जैसे-जैसे जेनरेटिव एआई डिजिटल प्लेटफॉर्म का अभिन्न अंग बनता जा रहा है, शासन प्रणालियों को पारंपरिक इंटरनेट कानूनों से आगे बढ़ना होगा। ग्लोबल साउथ के दृष्टिकोण को शामिल करना और तीव्र गति से विकसित हो रही प्रौद्योगिकी के साथ जवाबदेही सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में प्रतिभागियों ने सहमति व्यक्त की कि समावेशी और अधिकार-आधारित एआई शासन प्रणाली के निर्माण हेतु विभिन्न देशों के बीच निरंतर सहयोग और सशक्त वैश्विक साझेदारी की सख्त आवश्यकता है।
एसएफएलसी.इन ने डिजिटल अधिकारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, ग्लोबल साउथ के सुझावों को प्रमुखता देने और यह सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि एआई तथा सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी विनियमन मानवता और जवाबदेही पर आधारित रहें।
कन्नौज में जनजागरण रैली, संत आगमन और श्रीमद्भागवत कथा की भव्य रूपरेखा घोषित

पंकज कुमार श्रीवास्तव

कन्नौज। आनंदेश्वर धाम आश्रम में सनातन धर्म सेवा फाउंडेशन के बैनर तले आयोजित प्रेस वार्ता में आगामी धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। फाउंडेशन निदेशक प्रभात त्रिपाठी ने बताया कि 16 मार्च को जनजागरण हेतु विशाल रैली का आयोजन महाराज कौशल जी महाराज के सानिध्य में किया जाएगा, जिसका उद्देश्य समाज में धर्म, सेवा एवं संस्कारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

पीठाधीश्वर महाराज कौशल जी महाराज ने बताया कि रैली का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजूदास महंतगिरी जी द्वारा ध्वज पूजन के पश्चात किया जाएगा। यह जनजागरण रैली कार्यक्रम स्थल मानीमऊ ऋषिनगर से प्रारंभ होकर ठठिया, तिर्वा, इंदरगढ़, नादेमऊ, सौरिख, छिबरामऊ और गुरसहायगंज होते हुए पुनः मानीमऊ में सम्पन्न होगी।उन्होंने आगे बताया कि 22 अप्रैल से 29 अप्रैल तक गुजरात से पधार रहे कंबल वाले बाबा का सात दिवसीय प्रवास रहेगा।

इस दौरान निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें असमर्थ एवं जरूरतमंद लोगों का उपचार पूर्णतः निःशुल्क किया जाएगा। यह शिविर जनहित को समर्पित रहेगा।इसी क्रम में त्रिकालदर्शी संत पण्डोखर सरकार का तीन दिवसीय दिव्य दरबार भी आयोजित होगा, जहां श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त होगा। साथ ही 22 अप्रैल से प्रारंभ होकर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन भी सुनिश्चित किया गया है।प्रेस वार्ता में यह भी अवगत कराया गया कि आगामी 27 अप्रैल को आनंद जनजागरण विशाल महासभा का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्रीय एवं बाहरी श्रद्धालुओं की व्यापक सहभागिता अपेक्षित है। आयोजकों ने समस्त श्रद्धालुओं, समाजसेवियों एवं क्षेत्रवासियों से कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म एवं समाजसेवा के इस महाअभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते की मौत, दोस्तों के साथ कुल्लू गए थे वीर सोरेन

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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन की मौत की खबर सामने आई है। यह घटना हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में हुई। सूचना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, उनके बेटे बाबूलाल सोरेन सहित उनके अन्य परिवारिक सदस्य शिमला के लिए रवाना हो गए हैं। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है।

तबीयत अचानक बिगड़ी

जानकारी के मताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन अपने दोस्तों के साथ कुल्लू मनाली घूमने गए थे। बताया जा रहा है कि बर्फ में खेलने और ठंड में समय बिताने के बाद वे अपने होटल लौटे थे। बताया जा रहा है कि होटल पहुंचने के कुछ ही समय बाद वीर सोरेन की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। उनके दोस्तों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

प्रारंभिक तौर पर मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है, जिससे घटना को संदिग्ध माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

झारखंड में शोक की लहर

चंपई सोरेन झारखंड की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे हैं और वह प्रदेश के पूर्व मुख्य्मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में उनके पोते की असमय मृत्यु की खबर से राजनीतिक जगत में भी संवेदना व्यक्त की जा रही है।

लखनऊ में रिश्तों का कत्ल: बेटे ने की पिता की निर्मम हत्या, शव के टुकड़े कर ड्रम में छिपाया,नौ साल पुरानी दरार बनी खूनी अंजाम की वजह?
लखनऊ । लखनऊ के आशियाना सेक्टर-एल में शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। आरोप है कि उनके ही बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर हत्या की और फिर शव के टुकड़े कर अलग-अलग जगह फेंक दिए।
परिवारिक सूत्रों के मुताबिक पिता-पुत्र के रिश्तों में दरार करीब नौ साल पहले पड़ गई थी। वर्ष 2017 में अक्षत की मां ने पारिवारिक कलह में जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। बताया जाता है कि अक्षत मां की मौत के लिए पिता को जिम्मेदार मानता था। इसके बाद से उसके मन में गहरी नफरत पनप गई थी।

मानवेंद्र के करीबी लोगों का कहना है कि पिता की जीवनशैली, देर रात पार्टियां और एक महिला से नजदीकियों को लेकर भी घर में तनाव रहता था। अक्षत डॉक्टर नहीं बनना चाहता था, लेकिन पिता उस पर नीट परीक्षा पास करने का दबाव बना रहे थे। तीन साल पहले वह घर छोड़कर भी चला गया था और छह पन्नों का नोट लिखकर गया था।

हत्या की रात क्या हुआ?

डीसीपी मध्य Vikrant Veer के मुताबिक 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे पिता-पुत्र में नीट को लेकर विवाद हुआ। गुस्से में अक्षत ने लाइसेंसी राइफल से पिता को गोली मार दी। मानवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।

वारदात मकान के तीसरे तल पर हुई। आरोपी ने शव को घसीटकर नीचे लाया। पहले गोमती नदी में फेंकने की योजना बनाई, लेकिन वजन अधिक होने से असफल रहा। इसके बाद आरी खरीदकर शव के टुकड़े कर दिए। हाथ और पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए, जबकि सिर सहित धड़ को नीले ड्रम में घर के भीतर छिपा दिया।

बहन को दी जान से मारने की धमकी

घटना के वक्त छोटी बहन कृति अपने कमरे में थी। गोली की आवाज सुनकर पहुंची तो पिता का शव देखा। आरोप है कि अक्षत ने उसे जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया और चार दिन तक घर में बंद रखा।

‘लापता’ का नाटक

हत्या के बाद अक्षत ने पिता की गुमशुदगी की कहानी रची। व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर दोस्तों को जोड़ा और पिता की तलाश का नाटक करता रहा। 21 फरवरी को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई, लेकिन पुलिस पूछताछ में सच्चाई सामने आ गई।

मानवेंद्र के पिता सुरेंद्र पाल सिंह सेवानिवृत्त दरोगा हैं। पुलिस ने आरोपी को हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में गिरफ्तार कर लिया है। शव के टुकड़ों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि टूटते पारिवारिक रिश्तों, मानसिक दबाव और बिगड़ती परवरिश पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर गया है।
भारी वाहन गाड़ी कि साइड लगने से कार हुई क्षतिग्रस्त और चार लोग घायल,अस्पताल में भर्ती*
जनपद सुल्तानपुर जिले के दोस्तपुर क्षेत्र के
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर मदनपुर गांव के पास मंगलवार कि सुबह भोर में आजमगढ़ से लखनऊ जा रही कार ट्रक की साइड लगने से क्षतिग्रस्त हो गई। इस दौरान कार सवार पंजाब के डेराबसी अंबाला निवासी ललिता,पवन गुप्ता,सचिन गुप्ता व अशोक पासवान घायल हो गए। सभी घायलों को सीएचसी दोस्तपुर पहुंचाया गया। वहां से गंभीर घायल सचिन गुप्ता को जिला अस्पताल अंबेडकरनगर रेफर कर दिया
यूपीडा के सहायक सुरक्षा अधिकारी श्री सिंह ने बताया कि दुर्घटना लगभग 5:15 बजे हुई है। कार आजमगढ़ से लखनऊ जा रही थी। जहां सुनने में आया कि मदनपुर गांव के पास आगे जा रहे ट्रक ने कार को साइड मार दी। जिससे कार चालक अंबाला के सद्दोपुर बलदेव नगर निवासी प्रवीण कुमार ने कार का संतुलन खो दिया। कार पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की रेलिंग से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों को एंबुलेंस से दोस्तपुर सीएचसी पहुंचाया गया। दुर्घटना के बाद ट्रक लेकर चालक भाग निकला। दोस्तपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि दुर्घटना के बारे में जानकारी नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
रायपुर को मिली विकास की नई उड़ान: सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने 'संकल्प' बजट 2026-27 को बताया ऐतिहासिक

रायपुर- रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के ‘संकल्प’ बजट का हृदय से स्वागत किया है। उन्होंने इस बजट को जन-आकांक्षाओं का प्रतिबिंब और राज्य के सर्वांगीण विकास का रोडमैप बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी को बधाई दी है।

सांसद श्री अग्रवाल ने विशेष रूप से रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि राजधानी अब आधुनिकता और सुविधाओं के नए मानक स्थापित करेगी। बजट की मुख्य विशेषताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि, कालीबाड़ी स्थित जिला अस्पताल में 200 बिस्तरों वाले मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल (MCH) का निर्माण मातृ-शिशु स्वास्थ्य की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही, रायपुर में नए होम्योपैथी कॉलेज की स्थापना से चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा।

इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए 25 करोड़ रुपये की लागत से मेगा परीक्षा केंद्र और राजधानी में 5 नए नालंदा पुस्तकालयों की स्थापना की जाएगी। CG-ACE योजना (₹33 करोड़) से हमारे होनहार बच्चों को कोचिंग और करियर निर्माण में सीधी मदद मिलेगी।

श्री अग्रवाल ने कहा कि, रायपुर लोकसभा के अंतर्गत शहरी कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना (₹200 करोड़) के तहत सड़कों और नालियों का कायाकल्प होगा। बजट में विशेष रूप से प्रमुख फ्लाईओवरों (ब्रिज) और नई सड़कों के लिए प्रावधान किए गए हैं, जिससे राजधानी की ट्रैफिक समस्या का स्थाई समाधान होगा।

राजधानी स्थित विश्वविद्यालयों के लिए ₹731 करोड़ का अनुदान और रायपुर क्षेत्र के IIT में ₹20 करोड़ के अधोसंरचना विकास और रायपुर तथा बलौदा बाजार में महाविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना से शिक्षा की गुणवत्ता वैश्विक स्तर की होगी।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, "यह बजट रायपुर को केवल छत्तीसगढ़ की राजधानी नहीं, बल्कि देश के अत्याधुनिक महानगरों की श्रेणी में खड़ा करने वाला है। विशेष रूप से स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) की अवधारणा, जिसके लिए ₹68 करोड़ का प्रावधान किया गया है, दिल्ली-NCR की तर्ज पर रायपुर, बलौदाबाजार और आसपास के क्षेत्रों को एक एकीकृत विकास सूत्र में बांधेगी। इससे नियोजन और कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।"

उन्होंने बजट के अन्य प्रमुख बिंदुओं पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और 'राजधानी पैकेज': रायपुर की ट्रैफिक समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए घोषित 'विशेष राजधानी पैकेज' और शहर की सुंदरता व सुरक्षा हेतु ₹100 करोड़ की लागत से अंडरग्राउंड बिजली लाइन बिछाने का निर्णय रायपुर के शहरी स्वरूप को पूरी तरह बदल देगा।

मेट्रो रेल और भविष्य की परिवहन व्यवस्था: रायपुर-दुर्ग-भिलाई के बीच मेट्रो रेल परियोजना के सर्वे और शुरुआती प्रावधानों से लाखों नौकरीपेशा और छात्रों का सफर आसान होगा। यह इस क्षेत्र की लाइफलाइन साबित होगी।

मेकाहारा (MEKAHARA) को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक से अपग्रेड करना और मेडिकल कॉलेज के इंटर्न हॉस्टल के लिए ₹35 करोड़ देना स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।

नवा रायपुर में ₹10 करोड़ से इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स और कचना में 'प्लग एंड प्ले' इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना से स्थानीय युवाओं को घर के पास ही रोजगार मिलेगा। साथ ही, रायपुर में OBC छात्राओं के लिए 200 सीटों वाला छात्रावास हमारी बेटियों की शिक्षा के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक स्मृति भवन के लिए ₹5 करोड़ का आवंटन हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का सराहनीय कदम है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि "यह बजट विकसित छत्तीसगढ़ और आधुनिक रायपुर के संकल्प की सिद्धि है। रायपुर लोकसभा क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, डिजिटल एडमिनिस्ट्रेशन (AI मिशन) और बेहतर परिवहन सुविधाओं से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। विशेषकर औद्योगिक बजट को ₹248 करोड़ से बढ़ाकर ₹775 करोड़ करना यह दर्शाता है कि रायपुर अब निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।"

सांसद श्री अग्रवाल ने विश्वास जताया कि इस बजट के क्रियान्वयन से रायपुर लोकसभा क्षेत्र का हर वर्ग—चाहे वह किसान हो, युवा हो, महिला हो या व्यापारी—सीधे तौर पर लाभान्वित होगा।

बलरामपुर में नवनिर्मित मछली मंडी का शुभारंभ,नगर को स्वच्छ व सुव्यवस्थित बनाने की पहल
               
                                                        
बलरामपुर। आदर्श नगर पालिका परिषद क्षेत्र को  स्वच्छ,सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बलरामपुर ब्लॉक के सामने नवनिर्मित मछली मंडी का शुभारंभ किया गया। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू ने फीता काटकर मंडी का विधिवत उद्घाटन किया।
इस अवसर पर अध्यक्ष ने कहा कि नगर क्षेत्र में मांस-मछली विक्रेताओं को अब तक अलग-अलग स्थानों पर दुकानें लगानी पड़ती थीं,जिससे गंदगी और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होती थी। नगर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के उद्देश्य से सभी मछली विक्रेताओं के लिए एक ही स्थान पर व्यवस्थित रूप से जगह निर्धारित की गई है,ताकि व्यापार सुचारु रूप से संचालित हो और आम जनता को भी स्वच्छ वातावरण मिल सके।
उन्होंने सभी विक्रेताओं को निर्देशित किया कि वे निर्धारित स्थल पर ही अपने प्रतिष्ठान लगाएं और स्वच्छता के नियमों का पालन करें। नगर पालिका द्वारा मंडी परिसर में साफ-सफाई,जल निकासी और कूड़ा निस्तारण की समुचित व्यवस्था की गई है,जिससे गंदगी न फैले और लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
अध्यक्ष प्रतिनिधि डीपी सिंह बैस ने बताया कि नगर को सुदृढ़ और व्यवस्थित बनाने के लिए नगर पालिका निरंतर प्रयासरत है। भविष्य में भी बाजारों को सुव्यवस्थित करने और नागरिक सुविधाओं में वृद्धि के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता राज कुमार श्रीवास्तव,नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी लाल चन्द्र मौर्या,कर निरीक्षक राजेश कुमार,सफाई निरीक्षक दिवाकर पांडेय,अधिवक्ता अनिल सिंह मामा,अध्यक्ष राम प्यारे कश्यप,सहायक निदेशक मत्स्य दीपांशु,वरिष्ठ निरीक्षक मत्स्य रमन चौधरी,सभासद सुभाष पाठक,राघवेंद्र कान्त सिंह मंटू,विनोद गिरी,अक्षय शुक्ल,सुशील साहू,आनंद किशोर,मनोज यादव,मनीष तिवारी,राजेश कुमार कश्यप,संदीप मिश्रा,मनोज साहू,शुभम चौधरी,सिद्धार्थ साहू,राजू कश्यप,राधे श्याम,बेकारू,संतोष कश्यप,पूरन कश्यप, फरीद,आफताब अहमद,चन्दन,धर्मेंद्र सहित अधिकारी,कर्मचारी,स्थानीय जनप्रतिनिधि,व्यापारी एवं नगरवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
मंडी के शुभारंभ से मछली व्यापारियों में उत्साह देखा गया और उन्होंने नगर पालिका की इस पहल की सराहना की।
नवाबगंज में दो पक्षों के बीच मो रंग और पैसे को लेकर विवाद, एक की लाठी लगने से मौत हो गई, आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने बनाई तीन टीम
फर्रुखाबाद। नवाबगंज थाना क्षेत्र में मोरंग और पैसे के लेन-देन को लेकर एक ही परिवार के चाचा भतीजों के बीच जमकर लाठी डंडे चलने से भतीजे की मौत हो गई जबकि कई लोग घायल हुए हैं पुलिस क्षेत्र अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया था और घायलों को जिला अस्पताल लोहिया के लिए एंबुलेंस के जरिए भेजा गया जहां एक व्यक्ति की उपचार के दौरान मौत हो गई है उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद का मुख्य कारण मोरंग और पैसे का लेनदेन था और आक्रोश में आकर घटना को अंजाम दिया है उन्होंने कहा कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए तीन टीमें बना दी गई है जो जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफल होगी।
आधे-अधूरे सच को 'जीत' बताना झामुमो की हताशा": प्रतुल शाहदेव का हेमंत सोरेन पर पलटवार

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राँची: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने बुधवार को प्रेस वार्ता कर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उन दावों की हवा निकाल दी, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत को 'ऐतिहासिक' बताया जा रहा था। प्रतुल ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका के निर्णयों को राजनीतिक लाभ के लिए तोड़-मरोड़ कर पेश करना लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

समन विवाद और 'तकनीकी' राहत:

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि झामुमो जिस राहत का ढिंढोरा पीट रहा है, वह केवल समन की अवहेलना (Non-compliance) से जुड़े तकनीकी पक्ष पर मिली अस्थायी रोक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि "कथित भूमि घोटाला" से संबंधित मुख्य आपराधिक मामला आज भी यथावत है और मुख्यमंत्री की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। उन्होंने झामुमो को सलाह दी कि वे आधे-अधूरे सच को परोस कर जनता को गुमराह न करें।

पश्चिम बंगाल मामले पर स्पष्टीकरण:

जेएमएम द्वारा उठाए गए दूसरे मुद्दे पर पलटवार करते हुए प्रतुल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची में 80 लाख विसंगतियां पाई गई थीं, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा। यह स्थानीय प्रशासन की निष्पक्षता पर कोर्ट का अविश्वास था। इसे राजनीतिक चश्मे से देखना झामुमो की संकीर्ण सोच को दर्शाता है।

निष्कर्ष:

शाहदेव ने अंत में कहा कि भाजपा हमेशा कानून के शासन और न्यायपालिका का सम्मान करती है। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि वे कानूनी प्रक्रियाओं को 'राजनीतिक ढाल' बनाने के बजाय जांच का सामना करें, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

खड्डा विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर जनसंवाद
* क्षेत्र की आर्थिक तरक्की के लिए जनसेवक पवन दुबे ने रखे ठोस विकास प्रस्ताव

कुशीनगर। जनसेवक पवन दुबे ने खड्डा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित शिक्षा-स्वास्थ्य-रोजगार जनसंवाद कार्यक्रम के तहत क्षेत्र के लोगों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर क्षेत्र की आर्थिक उन्नति और समग्र विकास को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श भी किया गया।
कार्यक्रम में क्षेत्र के विकास के लिए निम्न प्रमुख बिंदुओं पर विचार रखे गए।

* खेतों में गन्ना, केला, धान और गेहूं बोया जा रहा है, वैसे ही घर-घर रोजगार बोने की आवश्यकता है, ताकि हर परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हो सके।
* युवाओं के कौशल विकास के लिए तकनीकी संस्थानों की स्थापना जरूरी है।
* किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए स्थायी मंडी की स्थापना की आवश्यकता है।
* कृषि उत्पादों के संरक्षण के लिए कोल्ड स्टोरेज की स्थापना अनिवार्य है।
* क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए बड़े अस्पताल की स्थापना की आवश्यकता है।
* स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन हेतु बड़े उद्योगों की स्थापना होनी चाहिए।
* युवाओं को पुलिस, रेलवे, आर्मी, बैंक और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोफेशनल ‘वन डे कॉम्पिटिशन’ कोचिंग सेंटर की व्यवस्था की जानी चाहिए।
* प्रत्येक पाँच गांवों के मध्य एक लाइब्रेरी की स्थापना की जाए, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन की बेहतर सुविधा मिल सके।
* खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए विकसित स्टेडियम और मिनी स्टेडियम का निर्माण आवश्यक है।
कार्यक्रम में भारी संख्या में क्षेत्रीय लोगों की उपस्थिति रही और क्षेत्र के विकास के लिए सभी ने एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
एआई युग में प्लेटफॉर्म गवर्नेंस की चुनौतियों पर चर्चा के लिए ग्लोबल साउथ विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया एसएफएलसी.इन (SFLC.in)

दिल्ली एनसीआर, फरवरी 2026: एसएफएलसी.इन (SFLC.in) ने मानवाधिकार, प्रौद्योगिकी नीति और इंटरनेट शासन के क्षेत्र में कार्यरत ब्रिटेन की संस्था ग्लोबल पार्टनर्स डिजिटल के साथ मिलकर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर एकत्रित किया। विशेषज्ञों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जेनरेटिव एआई की तीव्र वृद्धि से उत्पन्न विनियमन, जवाबदेही और मानवाधिकारों की सुरक्षा से जुड़ी वैश्विक बहस के बदलते स्वरूप पर विचार-विमर्श किया।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के साथ आयोजित इस बैठक में लगभग 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें कानून निर्माता, नीति-निर्माता, नागरिक समाज के नेता, उद्योग प्रतिनिधि, शोधकर्ता तथा प्रौद्योगिकी शासन विशेषज्ञ शामिल थे। वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता और प्लेटफॉर्म शासन से संबंधित नई चुनौतियों पर चर्चा के लिए एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, यूरोप और अन्य क्षेत्रों से एकत्र हुए थे।
प्रारंभिक चर्चाओं में यह सामने आया कि कई प्लेटफ़ॉर्म शासन नियम ग्लोबल साउथ की परिस्थितियों से अलग बनाए गए हैं और वे स्थानीय सामाजिक-राजनीतिक स्थितियों, भाषाई विविधता तथा सीमित संस्थागत क्षमता के अनुरूप पूरी तरह उपयुक्त नहीं हैं। जैसे-जैसे जेनरेटिव और एजेंट-आधारित एआई प्रणालियाँ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का हिस्सा बन रही हैं, नए प्रश्न उभर रहे हैं। इनमें स्वचालित सामग्री संयमन की जिम्मेदारी किसकी होगी, दायित्व का निर्धारण कैसे किया जाएगा, चुनावों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी और उपयोगकर्ताओं की रक्षा कैसे की जाएगी, जैसे प्रश्न शामिल हैं।
ग्लोबल पार्टनर्स डिजिटल की पॉलिसी और एडवोकेसी प्रमुख मारिया पाज़ ने कहा, "नियामक अब भी उन प्लेटफॉर्म के लिए पुराने मध्यस्थ दायित्व नियमों का उपयोग करने का प्रयास कर रहे हैं, जो अब जेनरेटिव एआई का व्यापक रूप से इस्तेमाल करते हैं। ग्लोबल साउथ के अनुभव दर्शाते हैं कि अस्पष्ट मॉडरेशन (संयमन) प्रणालियाँ और स्वचालित निर्णय कमजोर समुदायों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। अलग-अलग और असंगठित राष्ट्रीय नीतियों के बजाय अधिकार-आधारित तथा सहयोगात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है।”
राज्यसभा सांसद श्री साकेत गोखले ने एक जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी राय साझा की। उन्होंने मतदाता डेटा, अनुवाद प्रणालियों और चुनावी मानचित्रण में एआई उपकरणों के बढ़ते उपयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने चेतावनी दी कि पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी के बिना स्वचालित प्रणालियों का उपयोग लोकतंत्र में विश्वास को कमज़ोर कर सकता है। उन्होंने कहा, “हमें एआई विनियमन को उसी गंभीरता से देखने की आवश्यकता है, जैसे हम जलवायु परिवर्तन को देखते हैं।” उन्होंने बड़े वैश्विक चुनावों से पूर्व लोकतांत्रिक देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
बैठक में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के बी-टेक परियोजना की सलाहकार इसाबेल एबर्ट द्वारा व्यवसाय और मानवाधिकार पर एक प्रस्तुति दी गई। संयुक्त राष्ट्र के व्यवसाय और मानवाधिकार संबंधी मार्गदर्शक सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने तीन प्रमुख बिंदुओं पर बल दिया—पहला, नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना सरकारों की जिम्मेदारी है; दूसरा, मानवाधिकारों का सम्मान करना कंपनियों का दायित्व है; और तीसरा, अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना आवश्यक है।
क्षेत्रीय गोलमेज चर्चाओं में विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट शासन चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया। दक्षिण-पूर्व एशिया में काज़िया के एक प्रतिनिधि ने बताया कि इंडोनेशिया में कुछ संगठनों को महिलाओं से संबंधित डीपफेक सामग्री के कारण अस्थायी प्रतिबंध का सामना करना पड़ा। इससे स्पष्ट होता है कि एआई किस प्रकार लैंगिक आधार पर होने वाले नुकसान को बढ़ा सकता है। यद्यपि इंडोनेशिया में ऑनलाइन सामग्री को विनियमित करने के नियम मौजूद हैं, परंतु एआई से उत्पन्न जोखिमों से निपटने के लिए कोई विशिष्ट ढांचा नहीं है, जिससे दोषियों को दंडित करना कठिन हो जाता है।
लैटिन अमेरिका से ब्राज़ील स्थित इंटरनेटलैब में शोध प्रमुख कैमिला अकेमी ने जेनरेटिव एआई उपकरणों की तीव्र वृद्धि और चुनावी निष्पक्षता पर उनके प्रभावों पर चर्चा की। वहीं अफ्रीका से पैराडाइम इनिशिएटिव के सानी सुलेमान ने नीतिगत कमियों, सीमित आधारभूत संरचना, तकनीकी विशेषज्ञता की कमी तथा सरकारों और बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के बीच शक्ति असंतुलन जैसी प्रमुख चुनौतियों को दर्शाया।
एसएफएलसी.इन ने कहा कि जैसे-जैसे जेनरेटिव एआई डिजिटल प्लेटफॉर्म का अभिन्न अंग बनता जा रहा है, शासन प्रणालियों को पारंपरिक इंटरनेट कानूनों से आगे बढ़ना होगा। ग्लोबल साउथ के दृष्टिकोण को शामिल करना और तीव्र गति से विकसित हो रही प्रौद्योगिकी के साथ जवाबदेही सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में प्रतिभागियों ने सहमति व्यक्त की कि समावेशी और अधिकार-आधारित एआई शासन प्रणाली के निर्माण हेतु विभिन्न देशों के बीच निरंतर सहयोग और सशक्त वैश्विक साझेदारी की सख्त आवश्यकता है।
एसएफएलसी.इन ने डिजिटल अधिकारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, ग्लोबल साउथ के सुझावों को प्रमुखता देने और यह सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि एआई तथा सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी विनियमन मानवता और जवाबदेही पर आधारित रहें।
कन्नौज में जनजागरण रैली, संत आगमन और श्रीमद्भागवत कथा की भव्य रूपरेखा घोषित

पंकज कुमार श्रीवास्तव

कन्नौज। आनंदेश्वर धाम आश्रम में सनातन धर्म सेवा फाउंडेशन के बैनर तले आयोजित प्रेस वार्ता में आगामी धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। फाउंडेशन निदेशक प्रभात त्रिपाठी ने बताया कि 16 मार्च को जनजागरण हेतु विशाल रैली का आयोजन महाराज कौशल जी महाराज के सानिध्य में किया जाएगा, जिसका उद्देश्य समाज में धर्म, सेवा एवं संस्कारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

पीठाधीश्वर महाराज कौशल जी महाराज ने बताया कि रैली का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजूदास महंतगिरी जी द्वारा ध्वज पूजन के पश्चात किया जाएगा। यह जनजागरण रैली कार्यक्रम स्थल मानीमऊ ऋषिनगर से प्रारंभ होकर ठठिया, तिर्वा, इंदरगढ़, नादेमऊ, सौरिख, छिबरामऊ और गुरसहायगंज होते हुए पुनः मानीमऊ में सम्पन्न होगी।उन्होंने आगे बताया कि 22 अप्रैल से 29 अप्रैल तक गुजरात से पधार रहे कंबल वाले बाबा का सात दिवसीय प्रवास रहेगा।

इस दौरान निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें असमर्थ एवं जरूरतमंद लोगों का उपचार पूर्णतः निःशुल्क किया जाएगा। यह शिविर जनहित को समर्पित रहेगा।इसी क्रम में त्रिकालदर्शी संत पण्डोखर सरकार का तीन दिवसीय दिव्य दरबार भी आयोजित होगा, जहां श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त होगा। साथ ही 22 अप्रैल से प्रारंभ होकर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन भी सुनिश्चित किया गया है।प्रेस वार्ता में यह भी अवगत कराया गया कि आगामी 27 अप्रैल को आनंद जनजागरण विशाल महासभा का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्रीय एवं बाहरी श्रद्धालुओं की व्यापक सहभागिता अपेक्षित है। आयोजकों ने समस्त श्रद्धालुओं, समाजसेवियों एवं क्षेत्रवासियों से कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म एवं समाजसेवा के इस महाअभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते की मौत, दोस्तों के साथ कुल्लू गए थे वीर सोरेन

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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन की मौत की खबर सामने आई है। यह घटना हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में हुई। सूचना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, उनके बेटे बाबूलाल सोरेन सहित उनके अन्य परिवारिक सदस्य शिमला के लिए रवाना हो गए हैं। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है।

तबीयत अचानक बिगड़ी

जानकारी के मताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन अपने दोस्तों के साथ कुल्लू मनाली घूमने गए थे। बताया जा रहा है कि बर्फ में खेलने और ठंड में समय बिताने के बाद वे अपने होटल लौटे थे। बताया जा रहा है कि होटल पहुंचने के कुछ ही समय बाद वीर सोरेन की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। उनके दोस्तों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

प्रारंभिक तौर पर मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है, जिससे घटना को संदिग्ध माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

झारखंड में शोक की लहर

चंपई सोरेन झारखंड की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे हैं और वह प्रदेश के पूर्व मुख्य्मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में उनके पोते की असमय मृत्यु की खबर से राजनीतिक जगत में भी संवेदना व्यक्त की जा रही है।

लखनऊ में रिश्तों का कत्ल: बेटे ने की पिता की निर्मम हत्या, शव के टुकड़े कर ड्रम में छिपाया,नौ साल पुरानी दरार बनी खूनी अंजाम की वजह?
लखनऊ । लखनऊ के आशियाना सेक्टर-एल में शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। आरोप है कि उनके ही बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर हत्या की और फिर शव के टुकड़े कर अलग-अलग जगह फेंक दिए।
परिवारिक सूत्रों के मुताबिक पिता-पुत्र के रिश्तों में दरार करीब नौ साल पहले पड़ गई थी। वर्ष 2017 में अक्षत की मां ने पारिवारिक कलह में जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। बताया जाता है कि अक्षत मां की मौत के लिए पिता को जिम्मेदार मानता था। इसके बाद से उसके मन में गहरी नफरत पनप गई थी।

मानवेंद्र के करीबी लोगों का कहना है कि पिता की जीवनशैली, देर रात पार्टियां और एक महिला से नजदीकियों को लेकर भी घर में तनाव रहता था। अक्षत डॉक्टर नहीं बनना चाहता था, लेकिन पिता उस पर नीट परीक्षा पास करने का दबाव बना रहे थे। तीन साल पहले वह घर छोड़कर भी चला गया था और छह पन्नों का नोट लिखकर गया था।

हत्या की रात क्या हुआ?

डीसीपी मध्य Vikrant Veer के मुताबिक 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे पिता-पुत्र में नीट को लेकर विवाद हुआ। गुस्से में अक्षत ने लाइसेंसी राइफल से पिता को गोली मार दी। मानवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।

वारदात मकान के तीसरे तल पर हुई। आरोपी ने शव को घसीटकर नीचे लाया। पहले गोमती नदी में फेंकने की योजना बनाई, लेकिन वजन अधिक होने से असफल रहा। इसके बाद आरी खरीदकर शव के टुकड़े कर दिए। हाथ और पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए, जबकि सिर सहित धड़ को नीले ड्रम में घर के भीतर छिपा दिया।

बहन को दी जान से मारने की धमकी

घटना के वक्त छोटी बहन कृति अपने कमरे में थी। गोली की आवाज सुनकर पहुंची तो पिता का शव देखा। आरोप है कि अक्षत ने उसे जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया और चार दिन तक घर में बंद रखा।

‘लापता’ का नाटक

हत्या के बाद अक्षत ने पिता की गुमशुदगी की कहानी रची। व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर दोस्तों को जोड़ा और पिता की तलाश का नाटक करता रहा। 21 फरवरी को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई, लेकिन पुलिस पूछताछ में सच्चाई सामने आ गई।

मानवेंद्र के पिता सुरेंद्र पाल सिंह सेवानिवृत्त दरोगा हैं। पुलिस ने आरोपी को हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में गिरफ्तार कर लिया है। शव के टुकड़ों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि टूटते पारिवारिक रिश्तों, मानसिक दबाव और बिगड़ती परवरिश पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर गया है।
भारी वाहन गाड़ी कि साइड लगने से कार हुई क्षतिग्रस्त और चार लोग घायल,अस्पताल में भर्ती*
जनपद सुल्तानपुर जिले के दोस्तपुर क्षेत्र के
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर मदनपुर गांव के पास मंगलवार कि सुबह भोर में आजमगढ़ से लखनऊ जा रही कार ट्रक की साइड लगने से क्षतिग्रस्त हो गई। इस दौरान कार सवार पंजाब के डेराबसी अंबाला निवासी ललिता,पवन गुप्ता,सचिन गुप्ता व अशोक पासवान घायल हो गए। सभी घायलों को सीएचसी दोस्तपुर पहुंचाया गया। वहां से गंभीर घायल सचिन गुप्ता को जिला अस्पताल अंबेडकरनगर रेफर कर दिया
यूपीडा के सहायक सुरक्षा अधिकारी श्री सिंह ने बताया कि दुर्घटना लगभग 5:15 बजे हुई है। कार आजमगढ़ से लखनऊ जा रही थी। जहां सुनने में आया कि मदनपुर गांव के पास आगे जा रहे ट्रक ने कार को साइड मार दी। जिससे कार चालक अंबाला के सद्दोपुर बलदेव नगर निवासी प्रवीण कुमार ने कार का संतुलन खो दिया। कार पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की रेलिंग से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों को एंबुलेंस से दोस्तपुर सीएचसी पहुंचाया गया। दुर्घटना के बाद ट्रक लेकर चालक भाग निकला। दोस्तपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि दुर्घटना के बारे में जानकारी नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
रायपुर को मिली विकास की नई उड़ान: सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने 'संकल्प' बजट 2026-27 को बताया ऐतिहासिक

रायपुर- रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के ‘संकल्प’ बजट का हृदय से स्वागत किया है। उन्होंने इस बजट को जन-आकांक्षाओं का प्रतिबिंब और राज्य के सर्वांगीण विकास का रोडमैप बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी को बधाई दी है।

सांसद श्री अग्रवाल ने विशेष रूप से रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि राजधानी अब आधुनिकता और सुविधाओं के नए मानक स्थापित करेगी। बजट की मुख्य विशेषताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि, कालीबाड़ी स्थित जिला अस्पताल में 200 बिस्तरों वाले मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल (MCH) का निर्माण मातृ-शिशु स्वास्थ्य की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही, रायपुर में नए होम्योपैथी कॉलेज की स्थापना से चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा।

इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए 25 करोड़ रुपये की लागत से मेगा परीक्षा केंद्र और राजधानी में 5 नए नालंदा पुस्तकालयों की स्थापना की जाएगी। CG-ACE योजना (₹33 करोड़) से हमारे होनहार बच्चों को कोचिंग और करियर निर्माण में सीधी मदद मिलेगी।

श्री अग्रवाल ने कहा कि, रायपुर लोकसभा के अंतर्गत शहरी कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना (₹200 करोड़) के तहत सड़कों और नालियों का कायाकल्प होगा। बजट में विशेष रूप से प्रमुख फ्लाईओवरों (ब्रिज) और नई सड़कों के लिए प्रावधान किए गए हैं, जिससे राजधानी की ट्रैफिक समस्या का स्थाई समाधान होगा।

राजधानी स्थित विश्वविद्यालयों के लिए ₹731 करोड़ का अनुदान और रायपुर क्षेत्र के IIT में ₹20 करोड़ के अधोसंरचना विकास और रायपुर तथा बलौदा बाजार में महाविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना से शिक्षा की गुणवत्ता वैश्विक स्तर की होगी।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, "यह बजट रायपुर को केवल छत्तीसगढ़ की राजधानी नहीं, बल्कि देश के अत्याधुनिक महानगरों की श्रेणी में खड़ा करने वाला है। विशेष रूप से स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) की अवधारणा, जिसके लिए ₹68 करोड़ का प्रावधान किया गया है, दिल्ली-NCR की तर्ज पर रायपुर, बलौदाबाजार और आसपास के क्षेत्रों को एक एकीकृत विकास सूत्र में बांधेगी। इससे नियोजन और कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।"

उन्होंने बजट के अन्य प्रमुख बिंदुओं पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और 'राजधानी पैकेज': रायपुर की ट्रैफिक समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए घोषित 'विशेष राजधानी पैकेज' और शहर की सुंदरता व सुरक्षा हेतु ₹100 करोड़ की लागत से अंडरग्राउंड बिजली लाइन बिछाने का निर्णय रायपुर के शहरी स्वरूप को पूरी तरह बदल देगा।

मेट्रो रेल और भविष्य की परिवहन व्यवस्था: रायपुर-दुर्ग-भिलाई के बीच मेट्रो रेल परियोजना के सर्वे और शुरुआती प्रावधानों से लाखों नौकरीपेशा और छात्रों का सफर आसान होगा। यह इस क्षेत्र की लाइफलाइन साबित होगी।

मेकाहारा (MEKAHARA) को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक से अपग्रेड करना और मेडिकल कॉलेज के इंटर्न हॉस्टल के लिए ₹35 करोड़ देना स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।

नवा रायपुर में ₹10 करोड़ से इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स और कचना में 'प्लग एंड प्ले' इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना से स्थानीय युवाओं को घर के पास ही रोजगार मिलेगा। साथ ही, रायपुर में OBC छात्राओं के लिए 200 सीटों वाला छात्रावास हमारी बेटियों की शिक्षा के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक स्मृति भवन के लिए ₹5 करोड़ का आवंटन हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का सराहनीय कदम है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि "यह बजट विकसित छत्तीसगढ़ और आधुनिक रायपुर के संकल्प की सिद्धि है। रायपुर लोकसभा क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, डिजिटल एडमिनिस्ट्रेशन (AI मिशन) और बेहतर परिवहन सुविधाओं से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। विशेषकर औद्योगिक बजट को ₹248 करोड़ से बढ़ाकर ₹775 करोड़ करना यह दर्शाता है कि रायपुर अब निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।"

सांसद श्री अग्रवाल ने विश्वास जताया कि इस बजट के क्रियान्वयन से रायपुर लोकसभा क्षेत्र का हर वर्ग—चाहे वह किसान हो, युवा हो, महिला हो या व्यापारी—सीधे तौर पर लाभान्वित होगा।