आजमगढ़: डिप्टी सीएमओ के औचक निरीक्षण में मानकों की अनदेखी, ओटी सील — अस्पतालों को नोटिस ,मचा हड़कंप
आजमगढ़ ।जिलाधिकारी के आदेश एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर जनपद में संचालित निजी अस्पतालों की व्यवस्थाओं एवं निर्धारित मानकों की जांच के लिए औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इसी क्रम में नव जीवन हॉस्पिटल एवं जच्चा-बच्चा केन्द्र, परगासपुर अहिरौला-कप्तानगंज रोड, जनपद आजमगढ़ का निरीक्षण किया गया, जहाँ अस्पताल का संचालन निर्धारित मानकों एवं वैध पंजीकरण के अनुरूप नहीं पाया गया। प्राप्त शिकायतों के आधार पर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) का निरीक्षण करने पर आवश्यक मानकों की कमी सामने आई, जिसके चलते ऑपरेशन थिएटर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। हालांकि पूरे अस्पताल को बंद नहीं किया गया है, बल्कि अस्पताल संचालक को नोटिस जारी कर निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान वहाँ कोई मरीज उपचाराधीन नहीं पाया गया। मामले में आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। इसी अभियान के अंतर्गत अहिरौला बाजार के निकट नहर के पास स्थित पंकज हॉस्पिटल का भी शिकायत के आधार पर औचक निरीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि अस्पताल का पंजीकरण यूनानी पद्धति के अंतर्गत है। मौके पर किसी प्रकार की एलोपैथिक (अंग्रेजी) दवाएं, उपकरण या मरीजों का एलोपैथिक उपचार होता हुआ नहीं पाया गया। अस्पताल संचालक को नोटिस जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में पंजीकरण की सीमा से बाहर किसी भी प्रकार का उपचार न किया जाए, अन्यथा वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उक्त संपूर्ण निरीक्षण एवं कार्रवाई डॉ. आलेन्द कुमार, डिप्टी सीएमओ/नोडल निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं मानक बनाए रखने के लिए ऐसे निरीक्षण आगे भी निरंतर जारी रहेंगे तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ.संतोष अंश को मिला वैश्विक सम्मान ग्लोबल एक्सीलेंस एजुकेटर अवार्ड से हुए सम्मानित*
सुलतानपुर,राणा प्रताप पी जी कॉलेज में बी एड़ के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संतोष कुमार सिंह (अंश) ने राजर्षि जनक विश्वविद्यालय, नेपाल में 'वैश्विक सततताः शिक्षा, साहित्य, मानविकी एवं विज्ञान का समावेश" विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में सारगर्भित एवं शोधपरक शोध-पत्र प्रस्तुत किया। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, शोधात्मक उपलब्धियों एवं प्रभावी शैक्षणिक नेतृत्व के लिए डॉ. संतोष कुमार सिंह (अंश) को "ग्लोबल एक्सीलेंस एजुकेटर अवार्ड" से राजर्षि जनक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अमर प्रसाद यादव एवं रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर डॉ. मनोज कुमार यादव ने सम्मानित किया । अपने व्याख्यान में डॉ संतोष अंश ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है। एआई आधारित तकनीकों के माध्यम से व्यक्तिगत शिक्षण, स्मार्ट क्लासरूम, ऑनलाइन मूल्यांकन, डेटा आधारित शैक्षणिक निर्णय एवं शिक्षण की गुणवत्ता में निरंतर सुधार संभव हुआ है।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा के क्षेत्र में असीम अवसर प्रदान करता है। इसके समक्ष डेटा सुरक्षा, नैतिकता, तकनीकी असमानता एवं शिक्षकों के प्रशिक्षण जैसी चुनौतियां भी विद्यमान है। चुनौतियों से निपटने के लिए उन्होंने संतुलित, जिम्मेदार एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया। डॉ.संतोष अंश को सम्मान मिलने पर महाविद्यालय के अध्यक्ष संजय सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह, प्रबंधक बाल चंद्र सिंह, पूर्व प्रबंधक टी पी सिंह, बजरंग बहादुर सिंह, राम बहादुर सिंह, सुरेन्द्र नाथ सिंह, प्राचार्य प्रो डी क़े त्रिपाठी, उप प्राचार्य प्रो निशा सिंह, एमजीएस इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रबंधक प्रो विनोद सिंह, डॉ.भारती सिंह सहित महाविद्यालय के शिक्षकों , कर्मचारियों और शुभचिंतकों ने बधाई औऱ मंगलकामनाएं दी।
इलाज में लापरवाही से महिला की मौत: निजी अस्पताल पर 10 लाख का जुर्माना, दो डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन निलंबित
देहरादून। इलाज के दौरान एक महिला की मौत के मामले में उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक निजी अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। काउंसिल ने अस्पताल की गंभीर लापरवाही मानते हुए उस पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, साथ ही अस्पताल में तैनात दो डॉक्टरों का पंजीकरण दो माह के लिए निलंबित कर दिया गया है।

यह कार्रवाई मृतका के पति कर्नल अमित कुमार की शिकायत के बाद की गई। मामला 4 अप्रैल 2025 का है, जब मसूरी रोड स्थित एक निजी अस्पताल में बिंदेश्वरी देवी नामक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने उपचार में गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए थे।

उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल की नैतिकता, अनुशासन एवं पंजीकरण समिति के अध्यक्ष डॉ. अनूज सिंघल के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय डॉक्टरों की जांच समिति गठित की गई थी, जिसकी अध्यक्षता डॉ. महेश कुड़ियाल ने की। जांच समिति ने इलाज में लापरवाही की पुष्टि की।

जांच रिपोर्ट के आधार पर मेडिकल काउंसिल ने अस्पताल को मृतका के परिजनों को 10 लाख रुपये की प्रतिपूर्ति देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित दो डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन दो महीने के लिए निरस्त कर दिया गया है। इस अवधि में दोनों चिकित्सक किसी भी अस्पताल या नर्सिंग होम में चिकित्सा सेवाएं नहीं दे सकेंगे।

वहीं, निजी अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उन्हें अब तक उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल की ओर से इस कार्रवाई से संबंधित कोई आधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।
राँची: UPSC अभियंत्रण सेवा परीक्षा को लेकर निषेधाज्ञा लागू; परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में प्रतिबंध

राँची, 06 फरवरी 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), नई दिल्ली द्वारा आयोजित अभियंत्रण सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 के शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संचालन के लिए राँची जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। आगामी 08 फरवरी 2026 को होने वाली इस परीक्षा के लिए शहर के 03 परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

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धारा-163 (BNSS) के तहत निषेधाज्ञा

विधि-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की भीड़भाड़ को रोकने के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची ने परीक्षा केंद्रों की 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा जारी की है। यह आदेश 08 फरवरी 2026 के प्रातः 06:30 बजे से अपराह्न 07:00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

निषेधाज्ञा के दौरान मुख्य प्रतिबंध:

भीड़ पर रोक: पाँच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक जगह जमा होने पर प्रतिबंध रहेगा (सरकारी कार्य और शवयात्रा को छोड़कर)।

हथियारों पर पाबंदी: किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र (बंदूक, राइफल, बम, आदि) या हरवे-हथियार (लाठी, डंडा, भाला, आदि) लेकर चलने की मनाही है।

ध्वनि विस्तारक यंत्र: परीक्षा केंद्रों के पास लाउडस्पीकर या किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग वर्जित है।

सभा आयोजित करना: किसी भी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

प्रशासनिक सतर्कता

परीक्षा के सफल आयोजन हेतु उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक के संयुक्तादेश पर दंडाधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। प्रशासन ने असामाजिक तत्वों द्वारा विधि-व्यवस्था भंग किए जाने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया है।

जनरल नरवणे की किताब में क्या लिखा? छपने से पहले ही गरमा गई सियासत

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क्या पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद (एमएम) नरवणे की किताब को सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है? एमएम नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर देश का सियासी पारा हाई है। 

जनरल नरवणे की ऑटोबायोग्राफी 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' भले अभी रिलीज नहीं हुई, लेकिन इसने सरकार, विपक्ष, पब्लिक, लेखक-प्रकाशक जैसे फोर स्टार्स ऑफ पॉलिटिक्स को जन्म दे दिया है। भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की ऑटोबायोग्राफी के हवाले से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपनी बात रखना चाहते हैं। लेकिन, सरकार की दलील है कि किसी किताब के हवाले से कुछ नहीं कहा जाना चाहिए। 

रक्षा मंत्रालय ने एक साल से अधिक समय से रिव्यू के लिए रखा

दरअसल, बीते दिनों सरकार ने संसद में दावा किया कि राहुल गांधी लोकसभा में नरवणे की अप्रकाशित किताब से अंश नहीं पढ़ सकते हैं, क्योंकि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है। लेकिन सरकार ने यह नहीं बताया कि रक्षा मंत्रालय की अपनी प्रशासनिक शाखा ने किताब को एक साल से अधिक समय से रिव्यू के तहत रखा हुआ है, जिससे प्रकाशन रुका हुआ है।

क्या सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही किताब?

राहुल गांधी ने लोकसभा में सोमवार को कहा था, "इस पत्रिका में नरवणे जी ने कहा है कि यह उनका संस्मरण है। जो सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है। मैं इसमें से सिर्फ़ पांच लाइन पढ़ना चाहता हूं।"

राहुल ने पूछा- क्या लिखा जिससे घबरा रहे?

राहुल गांधी ने सत्ता पक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा, "यह कहते हैं कि आतंकवाद से लड़ते हैं, लेकिन ये एक उद्धरण से डरते हैं। इसमें क्या लिखा है जिससे वो घबरा रहे हैं और मैं बोल नहीं पा रहा हूं। अगर ये डर नहीं रहे हैं तो मुझे पढ़ने की इजाज़त दें।"

जनवरी 2024 में ही आनी थी किताब

बता दें कि दिसंबर 2023 में ही पेंगुइन ने जनरल नरवणे की 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' का ऐलान किया था। तब इसका प्री-ऑर्डर भी लिया जा रहा था। किताब जनवरी 2024 में ही आनी थी, लेकिन इसकी रिलीज रोक दी गई। कहा गया कि रक्षा मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिली है। रक्षा मंत्रालय भी नहीं बता रहा है कि पूर्व सेना प्रमुख की इस किताब को क्लियरेंस कब मिलेगी और मिलेगी या नहीं।

किताब में क्या?

इंडियन एक्सप्रेस की एक में दावा किया गया है, यह किताब 2020 में चीन के साथ पूर्वी लद्दाख़ में हुए सैन्य विवाद के बारे में बताती है। इसमें गलवान घाटी की झड़प और अग्निपथ योजना का भी ज़िक्र है। इस किताब में 31 अगस्त 2020 की रात को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से हुई बातचीत का ज़िक्र है। एक्सप्रेस की रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि दिसंबर 2023 में, न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने जनरल नरवणे की किताब से कुछ हिस्से छापे थे। इसमें भी 31 अगस्त की शाम की घटना का विस्तार से जिक्र था। इस घटना के बारे में अब कारवां मैगज़ीन में भी एक आर्टिकल छपा है।

राँची नगर निगम: 'आधी आबादी' का पूरा दम; 33% से 50% आरक्षण और फर्श से अर्श तक का सफर

राँची नगर निगम के गठन के बाद से अब तक हुए तीन चुनावों (2008, 2013, और 2018) के आंकड़े गवाही देते हैं कि राजधानी की शहरी राजनीति में महिलाओं का कद लगातार बढ़ा है। महिलाओं ने न केवल आरक्षित सीटों पर जीत दर्ज की, बल्कि अनारक्षित सीटों पर भी पुरुष प्रत्याशियों को 'धूल चटाकर' अपनी जगह बनाई।

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चुनावी दर चुनावी: बढ़ता महिलाओं का कुनबा

नगर निगम के चुनावों में महिला पार्षदों की संख्या में हुई वृद्धि को नीचे दिए गए टेबल से समझा जा सकता है:

चुनाव वर्ष विजयी महिला पार्षदों की संख्या आरक्षण का प्रतिशत मुख्य उपलब्धि

2008 15 33% राज्य का पहला निगम चुनाव, पहली महिला मेयर (रमा खलखो)

2013 27 33% पार्षदों की संख्या लगभग दोगुनी हुई

2018 32 50% अब तक की सर्वाधिक भागीदारी, आशा लकड़ा दूसरी बार मेयर

मेयर पद: 15 वर्षों से महिलाओं का 'अभेद्य किला'

राँची नगर निगम में मेयर का पद शुरुआत से ही महिला शक्ति का केंद्र रहा है।

2008: रमा खलखो राँची की पहली महिला मेयर बनकर इतिहास के पन्नों में दर्ज हुईं।

2013 और 2018: आशा लकड़ा ने लगातार दो बार जीत हासिल की। विशेषकर 2018 में, जब उन्होंने कड़े मुकाबले में कई दिग्गज पुरुष उम्मीदवारों को शिकस्त दी, जो यह साबित करता है कि मतदाता अब जेंडर से ऊपर उठकर 'काम और विकास' के नाम पर महिला नेतृत्व को चुन रहे हैं।

आरक्षण का बदलता स्वरूप: 33% से 50% की छलांग

शहरी लोकतंत्र को सशक्त करने के लिए झारखंड सरकार ने 2018 के चुनावों में ऐतिहासिक बदलाव किया।

शुरुआती दौर: 2008 और 2013 में संविधान के 74वें संशोधन के तहत एक-तिहाई (33%) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थीं।

ऐतिहासिक मोड़: 2018 में आरक्षण को बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया।

अनारक्षित सीटों पर कब्जा: महिलाओं की बढ़ती ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने न केवल अपनी आरक्षित 50% सीटों को जीता, बल्कि अनारक्षित (General) सीटों पर भी पुरुषों को हराकर अपनी पैठ बनाई।

विशेषज्ञों की राय: चुनौती और संकेत

विशेषज्ञ मानते हैं कि संख्या बढ़ना लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत है, लेकिन असली चुनौती 'निर्णय प्रक्रिया' (Decision Making) में है।

"संख्यात्मक बढ़त के बाद अब गुणात्मक सुधार की जरूरत है। महिलाओं को बोर्ड की बैठकों और नीति निर्धारण में अपनी स्वतंत्र भूमिका और मुखर करनी होगी।"

निष्कर्ष

राँची नगर निगम के ये आंकड़े बताते हैं कि यहाँ का शहरी मतदाता अब अधिक जागरूक है। महिलाओं की यह बढ़ती मौजूदगी स्थानीय मुद्दों जैसे— पानी, सफाई, और स्ट्रीट लाइट— पर उनकी पकड़ को मजबूत कर रही है।

महिला से मारपीट कर दहेज की मांग, महिला मेरठ अस्पताल में भर्ती
आशीष कुमार मुजफ्फरनगर:  उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के मौहल्ला कुंगर पटटी सुजडू थाना खालापार जिला मुजफ्फरनगर की रहने वाली है। प्रार्थीया के पिता की मृत्यु हो चुकी है। प्रार्थीया की शादी दिनांक 05.12.2023 को साहिल पुत्र रियाज निवासी जहाँगीर पटटी सुजडू, शेख वाला तालाब के पास थाना खालांपार जिला मुजफ्फरनगर के साथ मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार सम्पन्न हुई थी। शादी में प्रार्थीया की माता व भाईयो व अन्य परिजनो द्वारा करीब 90 लाख रूपये खर्च करते हुए ग्रहस्थी का सभी सामान दिया था जिसमें नगद 50 लाख रूपये दिये थे। जिसमें से 23 लाख रूपये एक बार व 27 लाख, रूपये एक बार नगद दिये थे लेकिन शादी के बाद से ही प्रार्थीया के ससुराल वाले पति साहिल पुत्र रियाज, ससुर रियाज पुत्र सईद हसन उर्फ सीदा, सास शहजान पत्नी रियाज, जेठ शोएब व देवर अरसलान पुत्रगण रियाज, जेठानी अफसा पत्नी शोएब, ननद अफसा पुत्री रियाज, दादस कुबरा बेगम पत्नी सईद हसन उर्फ सीदा निवासीगण जहाँगीर पटटी सुजडू थाना खालापार व ननदोई राहुल पुत्र गौरा निवासी अम्बा विहार थाना खालापार मुजफ्फरनगर व फुफ सास महमूना पत्नी फरमान व फुफ ससुर फरमान पुत्र नामालूम निवासीगण सुजडू थाना खालापार मुजफ्फरनगर दिये गये सामान से खुश नहीं थे और अतिरिक्त दहेज के रूप में प्रार्थीया से 50 लाख रूपये व एक हजार गज प्लाट की मांग करते थे ना देने पर प्रार्थीया का शारीरिक व मानसिक उत्पीडन करते थे। अब से करीब 6 माह पहले दहेज न मिलने के कारण प्रार्थीया की हत्या करने के उददेश्य से प्रार्थीया की सास शहनाज व ननद अफसा व दादस कुबरा बेगम ने प्रार्थीया को जान से मारने की नियत से दूध में जहर मिलाकर पिला दिया जिससे प्रार्थीया बेहोश हो गयी और गाँव में डाक्टर को दिखाकर बामुश्किल बची। लेकिन अपने सुखी जीवन की खातिर इन लोगो के जुल्मो सितम सहती रही। लेकिन इन लोगो की दहेज की मांग व अत्याचार बढ़ते रहे। प्रार्थीया ने अपने परिवार वालो से 16 लाख रूपये लेकर अतिरिक्त दहेज के रूप में अपने पति व ससुर को दिये लेकिन कुछ दिन ठीक रखने के बाद पुनः इन लोगो की 50 लाख रूपये व प्लांट की मांग दोहराने लगे। अब से करीब साढे चार माह पहले प्रार्थीया अपनी ससुराल अपने कमरे में अकेली थी प्रार्थीया के ससुर रियाज ने प्रार्थीया के अकेलीपन का नाजायज फायदा उठाते हुए प्रार्थीया के साथ प्रार्थीया की इच्छा के विरूद्ध बलात्कार / बुरा काम किया। प्रार्थीया ने ये बात अपने पति व सास को बतायी तो ये कहने लगे कि अगर तूने दहेज की मांग पूरी नहीं की तो तूझे ये सहना पडेगा और अगर तूने शिकायत की तो हम तेरी हत्या कमशः
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कर देगे। प्रार्थीया का जेठ शोएब व देवर अरसलान इस कृत्य के बाद प्रार्थीया पर बी नजर रखते थे और प्रार्थीया के साथ जब भी प्रार्थीया अकेली रहती अश्लील हरकते व करीब चार माह पहले एक अपराधिक षडयन्त्र के तहत उपरोक्त सभी लोगो ने प्रार्थीया छेडछाड करते थे। प्रार्थीया उपरोक्त लोगो के कृत्य से और जुल्मों सितम से अब से को अपनी छोटी पुत्री के साथ मारपीट कर सिर्फ पहने कपडो में घर से निकाल दिया और कहा कि अगर दहेज की मांग 50 लाख रूपये व एक हजार गज का प्लाट तुम्हारे परिवार वालो ने नहीं दिया तो हम तुझे तेरे मायके में ही सडा देगे और हम साहिल की दूसरी शादी कर लेंगे। उपरोक्त लोगो के मानसिक टार्चर से प्रार्थीया मानसिक रूप से परेशान है और अपने मायके में रह रही है। प्रार्थीया के भाई व परिजनो द्वारा कई बार मेरी ससुराल वालो से खुशामंद की गयी और मौजिज लोगो से कहलवाया तो प्रार्थीया की ससुराली वाले अपने किये की माफी मांगने लगे और कहने लगे कि हम तुम्हे 56: दिन में ले आये।

आज अपने घर मायके में थी तभी प्रार्थीया का पति साहिल, ससुर रियाज, जेठ शोएब, देवर असलान व फुफ ससुर फरमान अपराधिक षडयन्त के तहत प्रार्थीया के मायके में आये और प्रार्थीया व प्रार्थीया के परिजनो द्वारा उपरोक्त लोगो की आव भगत की लेकिन इन लोगो ने पुनः अपनी दहेज की मांग शुरू कर दी और मॉ बहन की गंदी गंदी गालियां देने लगे और तभी जान से मारने की नियत से फरमान ने हाथ में लिये धारदार हथियार से वार किया व साहिल व रियाज ने प्रार्थीया को जान से मारने की नियत से रस्सी से प्रार्थीया का गला घोट दिया व अन्य ने लाठी डण्डो व धारदार हथियारों व बेल्ट तथा लोहे की रोड व लात घूसो से प्रार्थीया के साथ मारपीट की। शोरगुल की आवाज सुनकर आलिम पुत्र वहीद व प्रार्थीया का भाई आमिर रजा आदि काफी लोग आ गये जिन्होने घटना देखी ये लोग मौका मिलने पर जान से मारने की धमकी देकर गये। प्रार्थीया की हालत गम्भीर बनी हुई है प्रार्थीया का मेडिकल कराया जाकर प्रार्थीयां की रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करें ।
देवघर-गंगा विश्व शांति सद्भावनाधाम में विभिन्न देवी देवताओं की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा 18 से, होंगे कई कार्यक्रम।
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देवघर: में महान पूर्वज ऋषि मुनियों को इस देव ऋषि संस्कृति, महान संस्कारों, उदार चरित्रों, मानवीय गुणों के कारण जो भारत विश्व गुरू पद पाया उन देवीय मानवीय मूल्यों की पुर्नस्थापना द्वारा भारत माता की स्वाभिमान की रक्षा हेतु पराम्बा परब्रह्म की असीम अनुकंपा से 21 वर्षों तक अन्न जल त्याग कर, सिले वस्त्र त्यागकर, गो-दुग्ध का पान कर, 13 वर्षों तक मौन व्रत में रहे ऐसे विश्व गुरू हिमालय के तपो योगी श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ राष्ट्रीय संत ब्रह्मर्षि डॉ. दुर्गेशाचार्य महाराज एवं 13 वर्ष की अल्पायु से श्रीमद् भागवत, देवी भागवत, शिव महापुराण, रामकथा के ममज्ञ भागवत भूषण आचार्य महामाया प्रसाद शास्त्री जिन्हें देश में सैंकड़ों कथाएँ करने का सौभाग्य प्राप्त है। ऐसे पूज्य सद्‌गुरू के कृपा पात्र शिष्य के पावन सानिध्य में सन् 2021 में गंगा विश्वशांति स‌द्भावना धाम, बैद्यनाथधाम संस्था की स्थापना की गई जिसमें श्री श्री राधा कृष्ण, माँ जगदम्बा एवं भगवान शिव की तीन मंजिला मंदिर का निर्माण 5 करोड़ की लागत से 4.5 वर्ष की अवधि में किया गया है। दक्षिण भारतीय कलाकृति एवं बिहार के समस्तीपुर जिले के कलाकारों द्वारा निर्मित भव्य मंदिर बाबाधाम में आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। संस्था का उद्देश्य हिमालय से गंगासागर तक गंगा-यमुना स्वच्छ अभियान एवं समग्र भारत राष्ट्र में विश्वात्मा पराम्बा गंगा-राष्ट्रमाता गौमाता-गौरी (कन्या-नारी) मठ मंदिर तीर्थ रक्षा अभियान-देवऋषि संस्कृति संस्कार बचाओ-युवाओं को नशा मुक्त कर संस्कारित कर कर्मयोगी बनाना, निर्धन विद्यार्थी शिक्षा, निर्धन कन्या विवाह, दिव्यांग रोगी, बीमार सेवा, असहाय अनाथ सेवा, वृद्ध सेवा, दैवीय प्राकृतिक आपदाओं के शमन हेतु प्राकृतिक पर्यावरण ओजोन परत बचाने हेतु पेड़ पौधे लगाना, शुद्ध गाय घी, प्राकृतिक जड़ी बूटियों, वन औषधियों समिधाओं से हवन, सरहद में देश के अमर सपूतों 'अमृतस्य पुत्राः' के जय विजय एवं राष्ट्रीय एकता व अखंडता समरसता हेतु विश्वशांति सद्भावना महायज्ञों द्वारा समग्र भारत विश्व में सनातन धर्म पुर्नस्थापना है। परम सद्‌गुरु डॉ० दुर्गेशाचार्य जी महाराज के इस पुनीत राष्ट्रव्यापी सनातन जन जागृति अभियान में आप सपरिवार जुड़कर मानव जीवन सफल सार्थक बनाकर पुण्य के भागी बने। दिनांक-18 फरवरी दिन बुधवार से 26 फरवरी 2026 तक श्री श्री राधा-कृष्ण, माँ जगदम्बा एवं भगवान शिव के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें चार वेद एवं गंगा अष्टादश महापुराण श्रीमद् भागवत कथा का राष्ट्रीय संत ब्रह्मर्षि डॉ. दुर्गेशाचार्य महाराज एवं ममज्ञ भागवत भूषण आचार्य महामाया प्रसाद शास्त्री का प्रवचन होगा। महोत्सव का शुभारंभ 18 फरवरी 2026 दिन बुधवार को प्रातः 8 बजे 2100 कन्या एवं महिलाएं के द्वारा भव्य मंगल कलश शोभा यात्रा निकाली जायेगी। 20 फरवरी दिन शुक्रवार 2026 को शुभ लग्नानुसार प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम सम्पन्न होगा। 18 से 26 फरवरी तक प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से नित्य पूजन, मूल पाठ, हवन आदि का उत्तराखण्ड से 251 विद्वान पंडितों के द्वारा सम्पन्न होगा। श्रीमद् भागवत कथा का प्रवचन अपराह्न 1:30 से संध्या 6 बजे तक आयोजन होगा। संध्या 6 बजे से प्रतिदिन वृन्दावन धाम उत्तरप्रदेश के कलाकारों द्वारा रासलीला कार्यक्रम का आयोजन होगा। संध्या 7:30 बजे से प्रतिदिन भागवत महाप्रसाद भंडारा का आयोजन रात्रि 10:30 बजे तक होगा। अतः आप सनातन धर्म प्रेमी महानुभाव सपरिवार इष्ट‌मित्रों सहित इस विश्व लोक कल्याणकारी यज्ञ का मुख्य यजमान बनकर अपनी सेवा सहभागिता सुनिश्चित कर कार्यक्रमानुसार कथा श्रवण एवं पराम्बा-राधा कृष्ण मंदिर दर्शनार्थ सादर सप्रेम आमंत्रित हैं। मोके पर संस्था के अध्यक्ष महेश प्रसाद राय, बिहार-झारखण्ड के संयोजक कृष्ण कन्हैया राय, उपाध्यक्ष अजित कुमार राय, महासचिव अमरेश कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष रणजीत झा, विजय कुमार राय, ब्रजेश कुमार सिंह, दिलीप कुमार (टींकू जी) कुणाल राय, संजीव कुमार सिंह, राजीव नयन प्रसाद सिंह, गौरव कुमार, सुधांशु कुमार राय, स्वपनिल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
हेमन्त कैबिनेट का बड़ा फैसला: 26 प्रस्तावों को मिली मंजूरी; बजट और असम के मुद्दे पर केंद्र पर बरसे मुख्यमंत्री

राँची, 05 फरवरी 2026: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कुल 26 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। हालांकि, बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री का रुख केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर काफी हमलावर रहा।

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केंद्रीय बजट पर सवाल: "महंगाई की भेंट चढ़ी आम जनता"

केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सीएम सोरेन ने कहा कि इस बजट ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। उन्होंने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा:

"आप बजट को गौर से देखिए, किस तरह चीजों को बदला जा रहा है। कृषि हो या अन्य सेक्टर, प्रावधानों को जटिल बनाया गया है। आप कोयला और खनिज की बात कर रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि इस बजट के बाद दाल और चावल जैसी रोजमर्रा की चीजें भी महंगी हो गई हैं।"

असम दौरे का जिक्र: "वहां आज भी अंग्रेजी गुलामी का एहसास"

हाल के असम दौरे से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने वहां के चाय बागान मजदूरों की दयनीय स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने केंद्र और असम सरकार को घेरते हुए कहा कि असम के चाय बागानों में आज भी 'देश के अंदर देश' जैसी विचित्र स्थिति है। वहां मजदूरों को देखकर ऐसा लगता है जैसे वे आज भी अंग्रेजी हुकूमत के गुलाम हैं और गुलामी का जीवन जीने को विवश हैं।

कैबिनेट के मुख्य फैसले (26 प्रस्तावों का सारांश)

कैबिनेट की इस बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई, जिनका विस्तृत विवरण जल्द ही विभाग द्वारा जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य राज्य के संसाधनों का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है।

रायगढ़ में बड़ा हादसा, मंगल कार्बन प्लांट ब्लास्ट में 8 मजदूर झुलसे : mangal carbon plant blast

mangal carbon plant blast: रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया स्थित मंगल कार्बन प्लांट में ब्लास्ट की बड़ी घटना सामने आई है। टायर रिसाइक्लिंग के दौरान बॉयलर में हुए जोरदार धमाके से प्लांट में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में 9 महीने के मासूम बच्चे सहित 8 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं।

टायर गलाने के दौरान हुआ धमाका

घटना खरसिया थाना क्षेत्र के बानीपाथर की है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टायर गलाने की प्रक्रिया के दौरान बॉयलर में अचानक तेज विस्फोट हुआ। ब्लास्ट इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी।

धमाके के बाद निकली तेज गर्म गैस और आग ने आसपास काम कर रहे मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया।

अस्पताल में मची अफरा-तफरी

हादसे के तुरंत बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल रायगढ़ ले जाया गया।

डॉक्टरों के अनुसार:

कई मजदूर 70 से 80 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं

9 माह के मासूम की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है

अस्पताल में परिजनों की चीख-पुकार का माहौल है।

आजमगढ़: डिप्टी सीएमओ के औचक निरीक्षण में मानकों की अनदेखी, ओटी सील — अस्पतालों को नोटिस ,मचा हड़कंप
आजमगढ़ ।जिलाधिकारी के आदेश एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर जनपद में संचालित निजी अस्पतालों की व्यवस्थाओं एवं निर्धारित मानकों की जांच के लिए औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इसी क्रम में नव जीवन हॉस्पिटल एवं जच्चा-बच्चा केन्द्र, परगासपुर अहिरौला-कप्तानगंज रोड, जनपद आजमगढ़ का निरीक्षण किया गया, जहाँ अस्पताल का संचालन निर्धारित मानकों एवं वैध पंजीकरण के अनुरूप नहीं पाया गया। प्राप्त शिकायतों के आधार पर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) का निरीक्षण करने पर आवश्यक मानकों की कमी सामने आई, जिसके चलते ऑपरेशन थिएटर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। हालांकि पूरे अस्पताल को बंद नहीं किया गया है, बल्कि अस्पताल संचालक को नोटिस जारी कर निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान वहाँ कोई मरीज उपचाराधीन नहीं पाया गया। मामले में आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। इसी अभियान के अंतर्गत अहिरौला बाजार के निकट नहर के पास स्थित पंकज हॉस्पिटल का भी शिकायत के आधार पर औचक निरीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि अस्पताल का पंजीकरण यूनानी पद्धति के अंतर्गत है। मौके पर किसी प्रकार की एलोपैथिक (अंग्रेजी) दवाएं, उपकरण या मरीजों का एलोपैथिक उपचार होता हुआ नहीं पाया गया। अस्पताल संचालक को नोटिस जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में पंजीकरण की सीमा से बाहर किसी भी प्रकार का उपचार न किया जाए, अन्यथा वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उक्त संपूर्ण निरीक्षण एवं कार्रवाई डॉ. आलेन्द कुमार, डिप्टी सीएमओ/नोडल निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं मानक बनाए रखने के लिए ऐसे निरीक्षण आगे भी निरंतर जारी रहेंगे तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ.संतोष अंश को मिला वैश्विक सम्मान ग्लोबल एक्सीलेंस एजुकेटर अवार्ड से हुए सम्मानित*
सुलतानपुर,राणा प्रताप पी जी कॉलेज में बी एड़ के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संतोष कुमार सिंह (अंश) ने राजर्षि जनक विश्वविद्यालय, नेपाल में 'वैश्विक सततताः शिक्षा, साहित्य, मानविकी एवं विज्ञान का समावेश" विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में सारगर्भित एवं शोधपरक शोध-पत्र प्रस्तुत किया। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, शोधात्मक उपलब्धियों एवं प्रभावी शैक्षणिक नेतृत्व के लिए डॉ. संतोष कुमार सिंह (अंश) को "ग्लोबल एक्सीलेंस एजुकेटर अवार्ड" से राजर्षि जनक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अमर प्रसाद यादव एवं रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर डॉ. मनोज कुमार यादव ने सम्मानित किया । अपने व्याख्यान में डॉ संतोष अंश ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है। एआई आधारित तकनीकों के माध्यम से व्यक्तिगत शिक्षण, स्मार्ट क्लासरूम, ऑनलाइन मूल्यांकन, डेटा आधारित शैक्षणिक निर्णय एवं शिक्षण की गुणवत्ता में निरंतर सुधार संभव हुआ है।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा के क्षेत्र में असीम अवसर प्रदान करता है। इसके समक्ष डेटा सुरक्षा, नैतिकता, तकनीकी असमानता एवं शिक्षकों के प्रशिक्षण जैसी चुनौतियां भी विद्यमान है। चुनौतियों से निपटने के लिए उन्होंने संतुलित, जिम्मेदार एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया। डॉ.संतोष अंश को सम्मान मिलने पर महाविद्यालय के अध्यक्ष संजय सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह, प्रबंधक बाल चंद्र सिंह, पूर्व प्रबंधक टी पी सिंह, बजरंग बहादुर सिंह, राम बहादुर सिंह, सुरेन्द्र नाथ सिंह, प्राचार्य प्रो डी क़े त्रिपाठी, उप प्राचार्य प्रो निशा सिंह, एमजीएस इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रबंधक प्रो विनोद सिंह, डॉ.भारती सिंह सहित महाविद्यालय के शिक्षकों , कर्मचारियों और शुभचिंतकों ने बधाई औऱ मंगलकामनाएं दी।
इलाज में लापरवाही से महिला की मौत: निजी अस्पताल पर 10 लाख का जुर्माना, दो डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन निलंबित
देहरादून। इलाज के दौरान एक महिला की मौत के मामले में उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक निजी अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। काउंसिल ने अस्पताल की गंभीर लापरवाही मानते हुए उस पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, साथ ही अस्पताल में तैनात दो डॉक्टरों का पंजीकरण दो माह के लिए निलंबित कर दिया गया है।

यह कार्रवाई मृतका के पति कर्नल अमित कुमार की शिकायत के बाद की गई। मामला 4 अप्रैल 2025 का है, जब मसूरी रोड स्थित एक निजी अस्पताल में बिंदेश्वरी देवी नामक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने उपचार में गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए थे।

उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल की नैतिकता, अनुशासन एवं पंजीकरण समिति के अध्यक्ष डॉ. अनूज सिंघल के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय डॉक्टरों की जांच समिति गठित की गई थी, जिसकी अध्यक्षता डॉ. महेश कुड़ियाल ने की। जांच समिति ने इलाज में लापरवाही की पुष्टि की।

जांच रिपोर्ट के आधार पर मेडिकल काउंसिल ने अस्पताल को मृतका के परिजनों को 10 लाख रुपये की प्रतिपूर्ति देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित दो डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन दो महीने के लिए निरस्त कर दिया गया है। इस अवधि में दोनों चिकित्सक किसी भी अस्पताल या नर्सिंग होम में चिकित्सा सेवाएं नहीं दे सकेंगे।

वहीं, निजी अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उन्हें अब तक उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल की ओर से इस कार्रवाई से संबंधित कोई आधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।
राँची: UPSC अभियंत्रण सेवा परीक्षा को लेकर निषेधाज्ञा लागू; परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में प्रतिबंध

राँची, 06 फरवरी 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), नई दिल्ली द्वारा आयोजित अभियंत्रण सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 के शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संचालन के लिए राँची जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। आगामी 08 फरवरी 2026 को होने वाली इस परीक्षा के लिए शहर के 03 परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

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धारा-163 (BNSS) के तहत निषेधाज्ञा

विधि-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की भीड़भाड़ को रोकने के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची ने परीक्षा केंद्रों की 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा जारी की है। यह आदेश 08 फरवरी 2026 के प्रातः 06:30 बजे से अपराह्न 07:00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

निषेधाज्ञा के दौरान मुख्य प्रतिबंध:

भीड़ पर रोक: पाँच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक जगह जमा होने पर प्रतिबंध रहेगा (सरकारी कार्य और शवयात्रा को छोड़कर)।

हथियारों पर पाबंदी: किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र (बंदूक, राइफल, बम, आदि) या हरवे-हथियार (लाठी, डंडा, भाला, आदि) लेकर चलने की मनाही है।

ध्वनि विस्तारक यंत्र: परीक्षा केंद्रों के पास लाउडस्पीकर या किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग वर्जित है।

सभा आयोजित करना: किसी भी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

प्रशासनिक सतर्कता

परीक्षा के सफल आयोजन हेतु उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक के संयुक्तादेश पर दंडाधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। प्रशासन ने असामाजिक तत्वों द्वारा विधि-व्यवस्था भंग किए जाने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया है।

जनरल नरवणे की किताब में क्या लिखा? छपने से पहले ही गरमा गई सियासत

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क्या पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद (एमएम) नरवणे की किताब को सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है? एमएम नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर देश का सियासी पारा हाई है। 

जनरल नरवणे की ऑटोबायोग्राफी 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' भले अभी रिलीज नहीं हुई, लेकिन इसने सरकार, विपक्ष, पब्लिक, लेखक-प्रकाशक जैसे फोर स्टार्स ऑफ पॉलिटिक्स को जन्म दे दिया है। भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की ऑटोबायोग्राफी के हवाले से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपनी बात रखना चाहते हैं। लेकिन, सरकार की दलील है कि किसी किताब के हवाले से कुछ नहीं कहा जाना चाहिए। 

रक्षा मंत्रालय ने एक साल से अधिक समय से रिव्यू के लिए रखा

दरअसल, बीते दिनों सरकार ने संसद में दावा किया कि राहुल गांधी लोकसभा में नरवणे की अप्रकाशित किताब से अंश नहीं पढ़ सकते हैं, क्योंकि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है। लेकिन सरकार ने यह नहीं बताया कि रक्षा मंत्रालय की अपनी प्रशासनिक शाखा ने किताब को एक साल से अधिक समय से रिव्यू के तहत रखा हुआ है, जिससे प्रकाशन रुका हुआ है।

क्या सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही किताब?

राहुल गांधी ने लोकसभा में सोमवार को कहा था, "इस पत्रिका में नरवणे जी ने कहा है कि यह उनका संस्मरण है। जो सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है। मैं इसमें से सिर्फ़ पांच लाइन पढ़ना चाहता हूं।"

राहुल ने पूछा- क्या लिखा जिससे घबरा रहे?

राहुल गांधी ने सत्ता पक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा, "यह कहते हैं कि आतंकवाद से लड़ते हैं, लेकिन ये एक उद्धरण से डरते हैं। इसमें क्या लिखा है जिससे वो घबरा रहे हैं और मैं बोल नहीं पा रहा हूं। अगर ये डर नहीं रहे हैं तो मुझे पढ़ने की इजाज़त दें।"

जनवरी 2024 में ही आनी थी किताब

बता दें कि दिसंबर 2023 में ही पेंगुइन ने जनरल नरवणे की 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' का ऐलान किया था। तब इसका प्री-ऑर्डर भी लिया जा रहा था। किताब जनवरी 2024 में ही आनी थी, लेकिन इसकी रिलीज रोक दी गई। कहा गया कि रक्षा मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिली है। रक्षा मंत्रालय भी नहीं बता रहा है कि पूर्व सेना प्रमुख की इस किताब को क्लियरेंस कब मिलेगी और मिलेगी या नहीं।

किताब में क्या?

इंडियन एक्सप्रेस की एक में दावा किया गया है, यह किताब 2020 में चीन के साथ पूर्वी लद्दाख़ में हुए सैन्य विवाद के बारे में बताती है। इसमें गलवान घाटी की झड़प और अग्निपथ योजना का भी ज़िक्र है। इस किताब में 31 अगस्त 2020 की रात को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से हुई बातचीत का ज़िक्र है। एक्सप्रेस की रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि दिसंबर 2023 में, न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने जनरल नरवणे की किताब से कुछ हिस्से छापे थे। इसमें भी 31 अगस्त की शाम की घटना का विस्तार से जिक्र था। इस घटना के बारे में अब कारवां मैगज़ीन में भी एक आर्टिकल छपा है।

राँची नगर निगम: 'आधी आबादी' का पूरा दम; 33% से 50% आरक्षण और फर्श से अर्श तक का सफर

राँची नगर निगम के गठन के बाद से अब तक हुए तीन चुनावों (2008, 2013, और 2018) के आंकड़े गवाही देते हैं कि राजधानी की शहरी राजनीति में महिलाओं का कद लगातार बढ़ा है। महिलाओं ने न केवल आरक्षित सीटों पर जीत दर्ज की, बल्कि अनारक्षित सीटों पर भी पुरुष प्रत्याशियों को 'धूल चटाकर' अपनी जगह बनाई।

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चुनावी दर चुनावी: बढ़ता महिलाओं का कुनबा

नगर निगम के चुनावों में महिला पार्षदों की संख्या में हुई वृद्धि को नीचे दिए गए टेबल से समझा जा सकता है:

चुनाव वर्ष विजयी महिला पार्षदों की संख्या आरक्षण का प्रतिशत मुख्य उपलब्धि

2008 15 33% राज्य का पहला निगम चुनाव, पहली महिला मेयर (रमा खलखो)

2013 27 33% पार्षदों की संख्या लगभग दोगुनी हुई

2018 32 50% अब तक की सर्वाधिक भागीदारी, आशा लकड़ा दूसरी बार मेयर

मेयर पद: 15 वर्षों से महिलाओं का 'अभेद्य किला'

राँची नगर निगम में मेयर का पद शुरुआत से ही महिला शक्ति का केंद्र रहा है।

2008: रमा खलखो राँची की पहली महिला मेयर बनकर इतिहास के पन्नों में दर्ज हुईं।

2013 और 2018: आशा लकड़ा ने लगातार दो बार जीत हासिल की। विशेषकर 2018 में, जब उन्होंने कड़े मुकाबले में कई दिग्गज पुरुष उम्मीदवारों को शिकस्त दी, जो यह साबित करता है कि मतदाता अब जेंडर से ऊपर उठकर 'काम और विकास' के नाम पर महिला नेतृत्व को चुन रहे हैं।

आरक्षण का बदलता स्वरूप: 33% से 50% की छलांग

शहरी लोकतंत्र को सशक्त करने के लिए झारखंड सरकार ने 2018 के चुनावों में ऐतिहासिक बदलाव किया।

शुरुआती दौर: 2008 और 2013 में संविधान के 74वें संशोधन के तहत एक-तिहाई (33%) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थीं।

ऐतिहासिक मोड़: 2018 में आरक्षण को बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया।

अनारक्षित सीटों पर कब्जा: महिलाओं की बढ़ती ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने न केवल अपनी आरक्षित 50% सीटों को जीता, बल्कि अनारक्षित (General) सीटों पर भी पुरुषों को हराकर अपनी पैठ बनाई।

विशेषज्ञों की राय: चुनौती और संकेत

विशेषज्ञ मानते हैं कि संख्या बढ़ना लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत है, लेकिन असली चुनौती 'निर्णय प्रक्रिया' (Decision Making) में है।

"संख्यात्मक बढ़त के बाद अब गुणात्मक सुधार की जरूरत है। महिलाओं को बोर्ड की बैठकों और नीति निर्धारण में अपनी स्वतंत्र भूमिका और मुखर करनी होगी।"

निष्कर्ष

राँची नगर निगम के ये आंकड़े बताते हैं कि यहाँ का शहरी मतदाता अब अधिक जागरूक है। महिलाओं की यह बढ़ती मौजूदगी स्थानीय मुद्दों जैसे— पानी, सफाई, और स्ट्रीट लाइट— पर उनकी पकड़ को मजबूत कर रही है।

महिला से मारपीट कर दहेज की मांग, महिला मेरठ अस्पताल में भर्ती
आशीष कुमार मुजफ्फरनगर:  उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के मौहल्ला कुंगर पटटी सुजडू थाना खालापार जिला मुजफ्फरनगर की रहने वाली है। प्रार्थीया के पिता की मृत्यु हो चुकी है। प्रार्थीया की शादी दिनांक 05.12.2023 को साहिल पुत्र रियाज निवासी जहाँगीर पटटी सुजडू, शेख वाला तालाब के पास थाना खालांपार जिला मुजफ्फरनगर के साथ मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार सम्पन्न हुई थी। शादी में प्रार्थीया की माता व भाईयो व अन्य परिजनो द्वारा करीब 90 लाख रूपये खर्च करते हुए ग्रहस्थी का सभी सामान दिया था जिसमें नगद 50 लाख रूपये दिये थे। जिसमें से 23 लाख रूपये एक बार व 27 लाख, रूपये एक बार नगद दिये थे लेकिन शादी के बाद से ही प्रार्थीया के ससुराल वाले पति साहिल पुत्र रियाज, ससुर रियाज पुत्र सईद हसन उर्फ सीदा, सास शहजान पत्नी रियाज, जेठ शोएब व देवर अरसलान पुत्रगण रियाज, जेठानी अफसा पत्नी शोएब, ननद अफसा पुत्री रियाज, दादस कुबरा बेगम पत्नी सईद हसन उर्फ सीदा निवासीगण जहाँगीर पटटी सुजडू थाना खालापार व ननदोई राहुल पुत्र गौरा निवासी अम्बा विहार थाना खालापार मुजफ्फरनगर व फुफ सास महमूना पत्नी फरमान व फुफ ससुर फरमान पुत्र नामालूम निवासीगण सुजडू थाना खालापार मुजफ्फरनगर दिये गये सामान से खुश नहीं थे और अतिरिक्त दहेज के रूप में प्रार्थीया से 50 लाख रूपये व एक हजार गज प्लाट की मांग करते थे ना देने पर प्रार्थीया का शारीरिक व मानसिक उत्पीडन करते थे। अब से करीब 6 माह पहले दहेज न मिलने के कारण प्रार्थीया की हत्या करने के उददेश्य से प्रार्थीया की सास शहनाज व ननद अफसा व दादस कुबरा बेगम ने प्रार्थीया को जान से मारने की नियत से दूध में जहर मिलाकर पिला दिया जिससे प्रार्थीया बेहोश हो गयी और गाँव में डाक्टर को दिखाकर बामुश्किल बची। लेकिन अपने सुखी जीवन की खातिर इन लोगो के जुल्मो सितम सहती रही। लेकिन इन लोगो की दहेज की मांग व अत्याचार बढ़ते रहे। प्रार्थीया ने अपने परिवार वालो से 16 लाख रूपये लेकर अतिरिक्त दहेज के रूप में अपने पति व ससुर को दिये लेकिन कुछ दिन ठीक रखने के बाद पुनः इन लोगो की 50 लाख रूपये व प्लांट की मांग दोहराने लगे। अब से करीब साढे चार माह पहले प्रार्थीया अपनी ससुराल अपने कमरे में अकेली थी प्रार्थीया के ससुर रियाज ने प्रार्थीया के अकेलीपन का नाजायज फायदा उठाते हुए प्रार्थीया के साथ प्रार्थीया की इच्छा के विरूद्ध बलात्कार / बुरा काम किया। प्रार्थीया ने ये बात अपने पति व सास को बतायी तो ये कहने लगे कि अगर तूने दहेज की मांग पूरी नहीं की तो तूझे ये सहना पडेगा और अगर तूने शिकायत की तो हम तेरी हत्या कमशः
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कर देगे। प्रार्थीया का जेठ शोएब व देवर अरसलान इस कृत्य के बाद प्रार्थीया पर बी नजर रखते थे और प्रार्थीया के साथ जब भी प्रार्थीया अकेली रहती अश्लील हरकते व करीब चार माह पहले एक अपराधिक षडयन्त्र के तहत उपरोक्त सभी लोगो ने प्रार्थीया छेडछाड करते थे। प्रार्थीया उपरोक्त लोगो के कृत्य से और जुल्मों सितम से अब से को अपनी छोटी पुत्री के साथ मारपीट कर सिर्फ पहने कपडो में घर से निकाल दिया और कहा कि अगर दहेज की मांग 50 लाख रूपये व एक हजार गज का प्लाट तुम्हारे परिवार वालो ने नहीं दिया तो हम तुझे तेरे मायके में ही सडा देगे और हम साहिल की दूसरी शादी कर लेंगे। उपरोक्त लोगो के मानसिक टार्चर से प्रार्थीया मानसिक रूप से परेशान है और अपने मायके में रह रही है। प्रार्थीया के भाई व परिजनो द्वारा कई बार मेरी ससुराल वालो से खुशामंद की गयी और मौजिज लोगो से कहलवाया तो प्रार्थीया की ससुराली वाले अपने किये की माफी मांगने लगे और कहने लगे कि हम तुम्हे 56: दिन में ले आये।

आज अपने घर मायके में थी तभी प्रार्थीया का पति साहिल, ससुर रियाज, जेठ शोएब, देवर असलान व फुफ ससुर फरमान अपराधिक षडयन्त के तहत प्रार्थीया के मायके में आये और प्रार्थीया व प्रार्थीया के परिजनो द्वारा उपरोक्त लोगो की आव भगत की लेकिन इन लोगो ने पुनः अपनी दहेज की मांग शुरू कर दी और मॉ बहन की गंदी गंदी गालियां देने लगे और तभी जान से मारने की नियत से फरमान ने हाथ में लिये धारदार हथियार से वार किया व साहिल व रियाज ने प्रार्थीया को जान से मारने की नियत से रस्सी से प्रार्थीया का गला घोट दिया व अन्य ने लाठी डण्डो व धारदार हथियारों व बेल्ट तथा लोहे की रोड व लात घूसो से प्रार्थीया के साथ मारपीट की। शोरगुल की आवाज सुनकर आलिम पुत्र वहीद व प्रार्थीया का भाई आमिर रजा आदि काफी लोग आ गये जिन्होने घटना देखी ये लोग मौका मिलने पर जान से मारने की धमकी देकर गये। प्रार्थीया की हालत गम्भीर बनी हुई है प्रार्थीया का मेडिकल कराया जाकर प्रार्थीयां की रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करें ।
देवघर-गंगा विश्व शांति सद्भावनाधाम में विभिन्न देवी देवताओं की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा 18 से, होंगे कई कार्यक्रम।
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देवघर: में महान पूर्वज ऋषि मुनियों को इस देव ऋषि संस्कृति, महान संस्कारों, उदार चरित्रों, मानवीय गुणों के कारण जो भारत विश्व गुरू पद पाया उन देवीय मानवीय मूल्यों की पुर्नस्थापना द्वारा भारत माता की स्वाभिमान की रक्षा हेतु पराम्बा परब्रह्म की असीम अनुकंपा से 21 वर्षों तक अन्न जल त्याग कर, सिले वस्त्र त्यागकर, गो-दुग्ध का पान कर, 13 वर्षों तक मौन व्रत में रहे ऐसे विश्व गुरू हिमालय के तपो योगी श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ राष्ट्रीय संत ब्रह्मर्षि डॉ. दुर्गेशाचार्य महाराज एवं 13 वर्ष की अल्पायु से श्रीमद् भागवत, देवी भागवत, शिव महापुराण, रामकथा के ममज्ञ भागवत भूषण आचार्य महामाया प्रसाद शास्त्री जिन्हें देश में सैंकड़ों कथाएँ करने का सौभाग्य प्राप्त है। ऐसे पूज्य सद्‌गुरू के कृपा पात्र शिष्य के पावन सानिध्य में सन् 2021 में गंगा विश्वशांति स‌द्भावना धाम, बैद्यनाथधाम संस्था की स्थापना की गई जिसमें श्री श्री राधा कृष्ण, माँ जगदम्बा एवं भगवान शिव की तीन मंजिला मंदिर का निर्माण 5 करोड़ की लागत से 4.5 वर्ष की अवधि में किया गया है। दक्षिण भारतीय कलाकृति एवं बिहार के समस्तीपुर जिले के कलाकारों द्वारा निर्मित भव्य मंदिर बाबाधाम में आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। संस्था का उद्देश्य हिमालय से गंगासागर तक गंगा-यमुना स्वच्छ अभियान एवं समग्र भारत राष्ट्र में विश्वात्मा पराम्बा गंगा-राष्ट्रमाता गौमाता-गौरी (कन्या-नारी) मठ मंदिर तीर्थ रक्षा अभियान-देवऋषि संस्कृति संस्कार बचाओ-युवाओं को नशा मुक्त कर संस्कारित कर कर्मयोगी बनाना, निर्धन विद्यार्थी शिक्षा, निर्धन कन्या विवाह, दिव्यांग रोगी, बीमार सेवा, असहाय अनाथ सेवा, वृद्ध सेवा, दैवीय प्राकृतिक आपदाओं के शमन हेतु प्राकृतिक पर्यावरण ओजोन परत बचाने हेतु पेड़ पौधे लगाना, शुद्ध गाय घी, प्राकृतिक जड़ी बूटियों, वन औषधियों समिधाओं से हवन, सरहद में देश के अमर सपूतों 'अमृतस्य पुत्राः' के जय विजय एवं राष्ट्रीय एकता व अखंडता समरसता हेतु विश्वशांति सद्भावना महायज्ञों द्वारा समग्र भारत विश्व में सनातन धर्म पुर्नस्थापना है। परम सद्‌गुरु डॉ० दुर्गेशाचार्य जी महाराज के इस पुनीत राष्ट्रव्यापी सनातन जन जागृति अभियान में आप सपरिवार जुड़कर मानव जीवन सफल सार्थक बनाकर पुण्य के भागी बने। दिनांक-18 फरवरी दिन बुधवार से 26 फरवरी 2026 तक श्री श्री राधा-कृष्ण, माँ जगदम्बा एवं भगवान शिव के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें चार वेद एवं गंगा अष्टादश महापुराण श्रीमद् भागवत कथा का राष्ट्रीय संत ब्रह्मर्षि डॉ. दुर्गेशाचार्य महाराज एवं ममज्ञ भागवत भूषण आचार्य महामाया प्रसाद शास्त्री का प्रवचन होगा। महोत्सव का शुभारंभ 18 फरवरी 2026 दिन बुधवार को प्रातः 8 बजे 2100 कन्या एवं महिलाएं के द्वारा भव्य मंगल कलश शोभा यात्रा निकाली जायेगी। 20 फरवरी दिन शुक्रवार 2026 को शुभ लग्नानुसार प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम सम्पन्न होगा। 18 से 26 फरवरी तक प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से नित्य पूजन, मूल पाठ, हवन आदि का उत्तराखण्ड से 251 विद्वान पंडितों के द्वारा सम्पन्न होगा। श्रीमद् भागवत कथा का प्रवचन अपराह्न 1:30 से संध्या 6 बजे तक आयोजन होगा। संध्या 6 बजे से प्रतिदिन वृन्दावन धाम उत्तरप्रदेश के कलाकारों द्वारा रासलीला कार्यक्रम का आयोजन होगा। संध्या 7:30 बजे से प्रतिदिन भागवत महाप्रसाद भंडारा का आयोजन रात्रि 10:30 बजे तक होगा। अतः आप सनातन धर्म प्रेमी महानुभाव सपरिवार इष्ट‌मित्रों सहित इस विश्व लोक कल्याणकारी यज्ञ का मुख्य यजमान बनकर अपनी सेवा सहभागिता सुनिश्चित कर कार्यक्रमानुसार कथा श्रवण एवं पराम्बा-राधा कृष्ण मंदिर दर्शनार्थ सादर सप्रेम आमंत्रित हैं। मोके पर संस्था के अध्यक्ष महेश प्रसाद राय, बिहार-झारखण्ड के संयोजक कृष्ण कन्हैया राय, उपाध्यक्ष अजित कुमार राय, महासचिव अमरेश कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष रणजीत झा, विजय कुमार राय, ब्रजेश कुमार सिंह, दिलीप कुमार (टींकू जी) कुणाल राय, संजीव कुमार सिंह, राजीव नयन प्रसाद सिंह, गौरव कुमार, सुधांशु कुमार राय, स्वपनिल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
हेमन्त कैबिनेट का बड़ा फैसला: 26 प्रस्तावों को मिली मंजूरी; बजट और असम के मुद्दे पर केंद्र पर बरसे मुख्यमंत्री

राँची, 05 फरवरी 2026: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कुल 26 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। हालांकि, बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री का रुख केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर काफी हमलावर रहा।

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केंद्रीय बजट पर सवाल: "महंगाई की भेंट चढ़ी आम जनता"

केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सीएम सोरेन ने कहा कि इस बजट ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। उन्होंने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा:

"आप बजट को गौर से देखिए, किस तरह चीजों को बदला जा रहा है। कृषि हो या अन्य सेक्टर, प्रावधानों को जटिल बनाया गया है। आप कोयला और खनिज की बात कर रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि इस बजट के बाद दाल और चावल जैसी रोजमर्रा की चीजें भी महंगी हो गई हैं।"

असम दौरे का जिक्र: "वहां आज भी अंग्रेजी गुलामी का एहसास"

हाल के असम दौरे से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने वहां के चाय बागान मजदूरों की दयनीय स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने केंद्र और असम सरकार को घेरते हुए कहा कि असम के चाय बागानों में आज भी 'देश के अंदर देश' जैसी विचित्र स्थिति है। वहां मजदूरों को देखकर ऐसा लगता है जैसे वे आज भी अंग्रेजी हुकूमत के गुलाम हैं और गुलामी का जीवन जीने को विवश हैं।

कैबिनेट के मुख्य फैसले (26 प्रस्तावों का सारांश)

कैबिनेट की इस बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई, जिनका विस्तृत विवरण जल्द ही विभाग द्वारा जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य राज्य के संसाधनों का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है।

रायगढ़ में बड़ा हादसा, मंगल कार्बन प्लांट ब्लास्ट में 8 मजदूर झुलसे : mangal carbon plant blast

mangal carbon plant blast: रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया स्थित मंगल कार्बन प्लांट में ब्लास्ट की बड़ी घटना सामने आई है। टायर रिसाइक्लिंग के दौरान बॉयलर में हुए जोरदार धमाके से प्लांट में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में 9 महीने के मासूम बच्चे सहित 8 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं।

टायर गलाने के दौरान हुआ धमाका

घटना खरसिया थाना क्षेत्र के बानीपाथर की है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टायर गलाने की प्रक्रिया के दौरान बॉयलर में अचानक तेज विस्फोट हुआ। ब्लास्ट इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी।

धमाके के बाद निकली तेज गर्म गैस और आग ने आसपास काम कर रहे मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया।

अस्पताल में मची अफरा-तफरी

हादसे के तुरंत बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल रायगढ़ ले जाया गया।

डॉक्टरों के अनुसार:

कई मजदूर 70 से 80 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं

9 माह के मासूम की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है

अस्पताल में परिजनों की चीख-पुकार का माहौल है।