हजारीबाग में सांसद मनीष जायसवाल ने किया मतदान, वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर जताई चिंता

हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के बीजेपी सांसद मनीष जायसवाल ने झारखंड नगर निकाय चुनाव-2026 के दौरान लोकतंत्र के महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की और सुबह सवा नौ बजे अपने बूथ पर पहुंचकर मतदान किया। सांसद मनीष जायसवाल ने हजारीबाग नगर निगम के वार्ड संख्या 27 स्थित मुनका बगीचा धर्मशाला ( दक्षिणी भाग) में बालिका मध्य विद्यालय, कुम्हारटोली अवस्थित अपने बूथ संख्या 04 पर पहुंचे जहां मतदान से पूर्व की सारी प्रक्रिया पूरी कर लोकतंत्र के महापर्व में अपने मत का उपयोग किया। सांसद मनीष जायसवाल स्काई ब्लू रंग के कुर्ते में बूथ पर पहुंचे। यहां उन्होंने मतदान करने पहुंचे कई लोगों से मिलकर उनका आभार जताया।

मौके पर हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने झारखंड के सभी जिलों के मतदाताओं से अपील किया अपने-अपने घरों से निकलकर लोकतंत्र के अधिकार का उपयोग करें, वोट जरूर दें और अपने पसंद का नगर की सरकार चुनकर अपने नगर निकायों में सुशासन और विकास युक्त शासन स्थापित करें। यहां मीडिया से रूबरू होते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि नगर की सरकार का गठन होने जा रहा है। यह हमारे दैनिक जीवन की आधारशिला है। हमारी सुबह की स्वच्छता से लेकर, रात की स्ट्रीट लाइट और घर की नल में आने वाले पेयजल तक सब कुछ इसी नगर निकाय से संचालित होता है। इसलिए नगर के सर्वांगीण विकास और सुशासन के लिए आपका घर से निकलकर बूथ तक पहुँचना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी सशक्त होगा, जब इसके सभी स्तंभ पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ अपनी भूमिका निभाएंगे। सांसद मनीष जायसवाल ने यह भी कहा कि 

आज मतदान के दौरान मैंने एक व्यक्तिगत विडंबना का अनुभव किया। चुनाव आयोग के वोटर लिस्ट प्रबंधन की त्रुटि के कारण आज मेरे ही परिवार का विभाजन हो गया। मेरा संपूर्ण परिवार वार्ड संख्या 28 में है, जबकि मुझे अकेला वार्ड संख्या 27 में डाल दिया गया। यह अत्यंत चिंता का विषय है कि एक ही घर दो अलग-अलग वार्डों में कैसे हो सकता है?

अमूनन मतदान एक पारिवारिक उत्सव होता है जहाँ पूरा परिवार एक साथ वोट देने निकलता है। लेकिन आज जब मैं अकेला वोट देने निकला, तो मन में यह मलाल था कि ऐसा प्रशासनिक बंटवारा उचित नहीं है। यदि एक जन-प्रतिनिधि के साथ ऐसी त्रुटि हो सकती है, तो आम जनमानस को अपने बूथ ढूंढने में कितनी कठिनाई हो रही होगी, इसका अंदाज़ा सहज ही लगाया जा सकता है।

मेरा जिम्मेवार अधिकारियों से यह विनम्र आग्रह है कि भविष्य में वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण को और अधिक संजीदगी और सूक्ष्मता से किया जाए, ताकि किसी भी मतदाता को अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने में असुविधा न हो।

थाना को0 कर्नलगंज पुलिस द्वारा 03 हत्याभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार- 


       गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी  राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी कर्नलगंज  अभिषेक दवाच्या के नेतृत्व में थाना को0 कर्नलगंज पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0-105/25 धारा 191(2),190,115(2),117(2),103(1),109,351(3) बीएनएस से संबंधित 03 वांछित अभियुक्तों-01. हरिशरण मिश्रा पुत्र रामगुलाम मिश्रा, 02. रामकेवल मिश्रा पुत्र स्व0 राजेश्वरी मिश्रा, 03. संतोष कुमार मिश्रा पुत्र गंगाशरण मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
22.02.2026 को थाना कर्नलगंज पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि थाना क्षेत्रान्तर्गत सुदईपुरवा दत्तनगर में दो पक्षों में जो आपस में सगे भाई पट्टीदार है के बीच जमीन के कब्जेदारी को लेकर विवाद व मारपीट हो गयी है। घटना में 03 लोग सुभाष चन्द्र मिश्रा, विश्वास चन्द्र मिश्रा व आकाश मिश्रा घायल हो गए जिन्हे पुलिस द्वारा उपचार हेतु जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान सुभाष चन्द्र मिश्रा पुत्र स्व0 पारस नाथ मिश्रा की मृत्यु हो गयी। प्रकरण के सम्बन्ध में थाना कर्नलगंज में मृतक के सगे भाई अरूण मिश्रा पुत्र स्व0 पारसनाथ मिश्रा समेत 04 नामजद व अज्ञात अभियुक्तों के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया।

पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा घटना को संज्ञान में लेकर तत्काल आरोपी अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु प्र0नि0 को0 कर्नलगंज को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। जिसमें थाना कर्नलगंज पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए 03 नामजद अभियुक्तों- 01. हरिशरण मिश्रा पुत्र रामगुलाम मिश्रा, 02. रामकेवल मिश्रा पुत्र स्व0 राजेश्वरी मिश्रा, 03. संतोष कुमार मिश्रा पुत्र गंगाशरण मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरूद्ध थाना कर्नलगंज पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है ।
झारखंड को पीछे ले जा रही हेमंत सरकार": देवघर में वोट डालने के बाद निशिकांत दुबे का बैलेट पेपर पर प्रहार

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देवघर: झारखंड नगर निकाय चुनाव के तहत आज देवघर में मतदान के दौरान गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने अपनी पत्नी अनामिका दुबे के साथ पीएचडी कार्यालय स्थित बूथ पर मतदान किया। मतदान के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए सांसद ने हेमंत सरकार और कांग्रेस नेतृत्व पर तीखे हमले किए।

बैलेट पेपर पर नाराजगी:

सांसद ने बैलेट पेपर से हो रहे मतदान की प्रक्रिया पर असंतोष जताते हुए कहा कि राज्य सरकार झारखंड को आधुनिकता से पीछे धकेल रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, "बैलेट की वजह से प्रक्रिया बहुत धीमी है; जहाँ 750 वोट पड़ने चाहिए थे, वहाँ दोपहर तक बमुश्किल 40 वोट ही गिर पाए हैं।"

राहुल गांधी और EVM विवाद पर टिप्पणी:

निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को लगता है कि भाजपा केवल ईवीएम से जीतती है। उन्होंने दावा किया कि इस निकाय चुनाव के परिणाम राहुल गांधी का यह भ्रम तोड़ देंगे और साबित कर देंगे कि जनता का समर्थन भाजपा के साथ है, चाहे माध्यम ईवीएम हो या बैलेट बॉक्स।

कांग्रेस के प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया:

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अर्द्धनग्न प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए सांसद ने कहा कि कांग्रेस वैचारिक रूप से "नंगी" हो चुकी है, और उनके कार्यकर्ताओं का यह आचरण उसी पतन का परिचायक है।

सीएमओ, एसीएमओ ओपीडी में करेंगे इलाज

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त करने के लिए अब सीएमओ या एसीएमओ भी सप्ताह में एक दिन ओपीडी करेंगे। बृहस्पतिवार का दिन इसके लिए तय किया गया है। छह सीएचसी, 20 पीएचसी सहित कुल 235 स्वास्थ्य केंद्रों में से किसी एक केंद्र पर वे अचानक जाएंगे। मरीजों को देखने के साथ ही वहां की व्यवस्था को भी देखेंगे।जिले में महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय भदोही और सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल सहित छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 206 उप स्वास्थ्य केंद्रों सहित कुल 235 स्वास्थ्य केंद्र है। किसी एक स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य विभाग के एक प्रशासनिक अधिकारी ओपीडी करेंगे। इन केंद्रों पर रोजाना पांच हजार से 5500 की ओपीडी होती है। अमूमन सीएमओ को शिकायत मिलती रहती है कि ओपीडी में समय से डॉक्टर नहीं मिलते हैं। उपचार कराने में मरीज के पूरे दिन बीत जाते है। इसका मुख्य कारण है कि समय से डॉक्टर नहीं मिलते हैं, उपचार कराने में काफी समय लग जाता हैं। यदि मरीज को जांच लिख दिया गया तो पूरा दिन उपचार कराने में निकल जाते हैं। शासन का निर्देश है कि महीने में दो बार स्वास्थ्य महकमा के आलाधिकारियों जैसे सीएमओ, एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ को ओपीडी करनी है। यदि सीएमओ और एसीएमओ बैठक या अन्य विभागीय कार्य के कारण शहर से बाहर रहेंगे तो अन्य प्रभारी चिकित्साधिकारी ओपीडी में बैठेंगे।


हर बृहस्पतिवार को खुद किसी न किसी अस्पताल में ओपीडी करुंगा, जिस अस्पताल में ओपीडी करनी है, वहां औचक पहुंचेंगे। बाहर रहने पर किसी अन्य एसीएमओ या डिप्टी सीएमओ ओपीडी में बैठेगे। कमियां मिलने पर कार्रवाई की जाएगी- डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही
नैसर्गिक विकलांग सेवा संघ का २३ वा वार्षिक समारोह संपन्न    

मुंबई। सामाजिक संस्था नैसर्गिक विकलांग सेवा संघ द्वारा अंधेरी ( पूर्व ) स्थित दादल बैंकुएट हॉल में श्री बाबूभाई भवानजी, पूर्व उपमहापौर मुंबई  की अध्यक्षता में २३ वा  वार्षिक समारोह आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि स्थानीय आमदार श्री मुरजी पटेल (काका) , समाजसेवी आश्विन जैन, मुंबई भाजपा उपाध्यक्ष श्री अखिलेश सिंह, श्रीमती नगरसेविका सुधा सिंह,  सद्गुरु फोडेशन ट्रस्ट के चेयरमैन श्री गणेश अग्रवाल थे । प्रमुख अतिथि के रूप में दिनेशचंद्र उपाध्याय (टेक्नोक्रेट), संतोष रहाटे (समाजसेवी), देवेंद्र तिवारी, एडवोकेट सतीश मिश्रा, समाजसेवी आनंद पाठक, राहुल यादव, नविन शुक्ल, आदि गणमान्यजन  उपस्थित रहे। इस अवसर पर अँधेरी पूर्व के नवनिर्वाचित नगरसेविका ममता पंकज यादव, दिशा संध्या सुनील यादव, नगरसेवक प्रकाश मुसले का सत्कार किया गया।
संस्था द्वारा इस समारोह में दिव्यांगजनों के हित के लिए कार्य करने वाले मजगांव कोर्ट बार असोसिएशन के ५ बार पूर्व अध्यक्ष रहे  श्री कांतिलाल संघोई जी का सम्मान स्वरुप स्मृति चिन्ह, शाल श्रीफल देकर सत्कार किया गया। इस कार्यक्रम में १० व्हील चेयर और २०० दिव्यांगजनों को जरुरत का सामान वितरित किया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था अध्यक्ष टी. एन. दुबे, उपाध्यक्ष प्रभाकर शुक्ला, मजदुर नेता विकास तिवारी, महामंत्री एड. अशोक मिश्रा,  साहित्यकार चंद्रवीर यादव, सचिव प्रशांत चारी,  नविन शुक्ला, विनय दुबे, संतोष दुबे, गुरुजस यादव, पवन दुबे, पंकज मिश्रा, मिना पटेकर, प्रशांत दुबे, राजेश शर्मा, गुरुजस यादव, आदि  लोगों की भूमिका सराहनीय रही।
सार्वजनिक शौचालयों में व्याप्त गंदगी को लेकर रवि व्यास ने लिखा आयुक्त को पत्र
भायंदर। मीरा भायंदर महानगरपालिका द्वारा संचालित सार्वजनिक शौचालयों में व्याप्त गंदगी तथा साफ सफाई न होने की समस्या को लेकर बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष नगरसेवक एड. रवि व्यास ने महापालिका आयुक्त को पत्र लिखकर इस गंभीर समस्या के निराकरण करने तथा काम के प्रति लापरवाही बरसाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। आयुक्त को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि पिछले कुछ महीनों में महापालिका द्वारा सार्वजनिक शौचालयों की साफ सफाई तथा स्वच्छता को लेकर स्थाई रूप से सुशिक्षित कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं, परंतु ये कर्मचारी शौचालयों की साफ सफाई को लेकर पूरी तरह से निष्क्रिय हैं। इसके विपरीत इन शौचालयों के आसपास रहने वाले निजी सफाई कर्मचारी अपने काम को सही ढंग से कर रहे हैं। ऐसे में इन शौचालयों के आसपास रहने वाले लोगों को अस्वच्छता, दुर्गंध समेत अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महापालिका द्वारा इनकी साफ सफाई पर भारी खर्च करने के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहा है। उन्होंने आयुक्त से निवेदन किया है कि वह सक्षम अधिकारियों से इसका निरीक्षण कराए तथा अपने कर्तव्यों की पूर्ति न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करें।
बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने मोहम्मद यूनुस पर लगाया गंभीर आरोप, तारिक राज में बड़ा खुलासा

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बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि यूनुस ने अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को ठीक से नहीं निभाया। राष्ट्रपति को न सिर्फ अहम चर्चाओं से दूर रखा बल्कि उन्हें हटाने तक की साजिश रच देश को अस्थिर करने का प्रयास किया।

यूनुस पर संविधान पालन नहीं करने का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने देश में सरकार बदलते ही एक ऐसा खुलासा किया है। कालेर कंठो के साथ इंटरव्यू में बांग्लादेश के राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने कहा है कि मोहम्मद यूनुस ने 18 महीने की अपनी अंतरिम सरकार में संविधान का पालन नहीं किया। यूनुस ने अपना पद संभालते हुए न तो संस्थागत समन्वय बनाए रखा और न ही उन्हें महत्वपूर्ण सरकारी फैसलों की जानकारी दी।

यूनुस ने विदेश यात्राओं की नहीं दी जानकारी

राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने आरोप लगाया कि संविधान कहता है कि विदेश यात्रा की जानकारी राष्ट्रपति को देनी चाहिए और दौरे के बाद भी राष्ट्रपति को बताया जाना चाहिए। यूनुस के 14-15 विदेशी दौरों के बारे में मुझे कभी नहीं बताया गया। इसमें अमेरिका से हुआ व्यापार समझौता भी शामिल है। बांग्लादेशी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उनकी विदेश यात्राओं को बिना पूछे रद्द कर दिया गया। कोसोवो और कतर से मिले निमंत्रणों को उनके नाम से यह कहकर ठुकरा दिया गया कि राष्ट्रपति राज्य कार्यों में बहुत व्यस्त हैं।

सार्वजनिक पहचान कम करने की कोशिश का आरोप

शहाबुद्दीन ने तंज करते हुए कहा कि क्या हमारे संविधान में राष्ट्रपति इतने व्यस्त रहते हैं कि उनसे पूछा भी न जाए? राष्ट्रपति का आरोप है कि देश और विदेश में उनकी सार्वजनिक पहचान कम करने की कोशिश की गई। उन्हें विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह और अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों में शामिल होने से रोका गया, जबकि परंपरा के अनुसार इन कार्यक्रमों की अध्यक्षता राष्ट्रपति करते हैं।

पद से हटाने की साजिश रचने का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने कहा कि यूनुस का पूरा ध्यान उनको पद से हटाने पर रहा, वो अपने कार्यकाल में सिर्फ मेरे खिलाफ साजिशें रचते रहें। यूनुस ने ना सिर्फ मेरे खिलाफ राजनीतिक स्तर पर साजिशें रचीं बल्कि मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि अंतरिम सरकार ने एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश को लाकर मुझे असंवैधानिक तरीके से हटाने की साजिश भी रची।

Mirzapur: अडानी पावर प्लांट की बस से गिरकर कर्मचारी की मौत, मचा हड़कंप
मिर्जापुर। जिले के मड़िहान थाना क्षेत्र के मड़िहान बाजार स्थित इंडियन बैंक के सामने रविवार की रात अडानी पावर प्लांट की बस में सवार कार्यदाई संस्था पावर मेक के कर्मचारी की कंपनी की बस के नीचे आ जाने से गंभीर रूप से चोटिल हो गया। सीएचसी मड़िहान में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत देख चिकित्सकों ने ट्रामा सेंटर किया रेफर हुई मौत। क्षेत्र के ददरी कला स्थित सोलह सौ मेगा वाट के निर्माणाधीन पावर प्लांट में झारखंड निवासी देवेंद्र का 40 वर्षीय पुत्र सुरेन्द्र कार्यदाई संस्था पावरमेक में कर्मचारी था। कम्पनी द्वारा कर्मचारियों को लाने व ले जाने के लिए बस लगाई गई थी, प्रतिदिन की भांति रविवार की रात कार्यस्थल से भी कर्मचारियों को लेकर बस मड़िहान बाजार आ रही थी बस में सवार सुरेन्द्र बस की गेट पर खड़ा था मड़िहान बाजार में सड़क पर बने बड़े बड़े गड्ढे में अचानक बस का पहिया पड़ने से बस उछल गई जिससे गेट के पास खड़ा सुरेन्द्र बस के पहिया के नीचे आ गया और गंभीर रूप से चोटिल हो गया बस में सवार अन्य कर्मचारीयों की मदद से सीएचसी मड़िहान लाया गया जहां चिकित्सक राधेश्याम वर्मा ने प्रथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देख ट्रामा सेंटर मिर्जापुर रेफर कर दिया दुर्घटना की खबर लगते पावर प्लांट के अधिकारी अस्पताल पहुंच गए और निजीवाहन से ट्रामा सेंटर ले गए अस्पताल पहुंचते ही सुरेन्द्र की मौत हो गई पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज कर आगे की कार्रवाई में जुटी इस सम्बन्ध में थाना प्रभारी बालमुकुंद मिश्र ने बताया कि पावर मेक के कर्मचारी की मौत हुई है।
यूपी में छह लघु जल विद्युत परियोजनाएं 42 साल के लिए लीज पर देने की तैयारी, विरोध तेज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार छह लघु जल विद्युत परियोजनाओं को 42 वर्षों के लिए निजी क्षेत्र को लीज पर देने की तैयारी में है। इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम ने टेंडर जारी कर दिया है। टेंडर के अनुसार निजी कंपनियों को 1.5 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट अग्रिम प्रीमियम के आधार पर परियोजनाएं सौंपी जाएंगी, जिसके बाद वे 42 वर्षों तक उनका संचालन करेंगी।

प्रदेश की प्रमुख जल विद्युत परियोजनाएं

प्रदेश में पहले से
300 मेगावाट रिहंद,
99 मेगावाट ओबरा,
72 मेगावाट माताटीला (ललितपुर),
72 मेगावाट खारा

जल विद्युत परियोजनाएं संचालित हैं। इसके अतिरिक्त छह लघु जल विद्युत परियोजनाएं भी हैं, जिनके पास करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि और अन्य परिसंपत्तियां मौजूद हैं।

लीज पर प्रस्तावित परियोजनाएं

लीज पर दी जाने वाली परियोजनाओं में शामिल हैं –
भोला (2.7 मेगावाट)
सलावा (3 मेगावाट)
निर्गजनी (5 मेगावाट)
चित्तौरा (3 मेगावाट)
पलरा (0.6 मेगावाट)
सुमेरा (1.5 मेगावाट)
ये सभी परियोजनाएं अपर गंगा नहर पर स्थित हैं और लगभग 90 से 97 वर्ष पुरानी बताई जा रही हैं।

निजीकरण के खिलाफ संगठनों का विरोध

टेंडर जारी होते ही ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।

ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडेरेशन की आपत्ति

ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडेरेशन के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने इस निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि अपर गंगा नहर में वर्षभर पानी उपलब्ध रहता है, जिससे इन परियोजनाओं में लगातार बिजली उत्पादन संभव है।उन्होंने दावा किया कि सीमित निवेश से इनके पुनरुद्धार और आधुनिकीकरण की लागत एक वर्ष में वसूल की जा सकती है। साथ ही आरोप लगाया कि टेंडर में स्थापित क्षमता 15.5 मेगावाट के बजाय 6.3 मेगावाट दर्शाई गई है और परिसंपत्तियों का मूल्य भी कम आंका गया है। उन्होंने टेंडर निरस्त होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।

कर्मचारियों पर असर का मुद्दा

पॉवर ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आरपी केन और कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि यह कदम निजीकरण की नई रणनीति है। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है और आरक्षण व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।उन्होंने यह भी कहा कि निजी कंपनियां अपनी शर्तों पर नियुक्तियां करेंगी और सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग का खतरा बढ़ सकता है। संगठनों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर टेंडर निरस्त करने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व रेलवे मंत्री और सीएम ममता के करीबी मुकुल रॉय का निधन, कहे जाते थे बंगाल के चाणक्य

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पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी पार्टी टीएमसी के नेता और पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय का निधन हो गया है। मुकुल रॉय बीमार थे और उनका कोलकाता के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। मुकुल रॉय के बेटे शुभ्रांशु रॉय ने अपने पिता के निधन की पुष्टि की है।

बेटे शुभ्रांशु रॉय ने बताया कि मुकुल रॉय ने रविवार रात करीब 1:30 बजे कोलकाता के अपोलो अस्पताल में अंतिम सांस ली। अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। बताया जा रहा है कि मुकुल रॉय लंबे समय से कई तरह की बीमारियों की वजह से जूझ रहे थे।

कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से थे ग्रसित

मुकुल रॉय पिछले कुछ सालों से बीमार चल रहे थे। बेटे शुभ्रांशु ने कहा, वह कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे। वे पार्किंसंस रोग और डिमेंशिया से पीड़ित थे। ब्रेन में हाइड्रोसेफलस की समस्या के कारण ब्रेन सर्जरी भी हुई थी। 2024 में भी कई बार अस्पताल में भर्ती हुए, जिसमें सिर में चोट और अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याएं शामिल थीं। हाल ही में अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी हालत क्रिटिकल बताई गई थी।

तृणमूल कांग्रेस का प्रमुख चेहरा

1998 में गठित टीएमसी के शुरुआती दौर से जुड़े रॉय को कभी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी सहयोगी माना जाता था। ममता बनर्जी की तरह ही उन्होंने भी अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बंगाल में यूथ कांग्रेस से की थी। तृणमूल कांग्रेस के गठन के बाद रॉय ने पार्टी संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उन्हें पार्टी का महासचिव बनाया गया। समय के साथ वे दिल्ली की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे।

मुकुल रॉय का राजनीतिक सफर

वर्ष 2006 में वह राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए और 2009 से 2012 तक सदन में पार्टी के नेता रहे। यूपीए-2 सरकार के दौरान उन्होंने पहले शिपिंग मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में काम किया और बाद में मार्च 2012 में पार्टी सहयोगी दिनेश त्रिवेदी की जगह रेल मंत्री का पद संभाला। हालांकि, मुकुल रॉय के टीएमसी के साथ रिश्ते बिगड़ गए। खासकर शारदा चिटफंड घोटाले जैसे मुद्दों के बाद वह टीएमसी से दूर हो गए। फरवरी 2015 में पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय महासचिव पद से हटा दिया। सितंबर 2017 में मुकुल रॉय ने टीएमसी से इस्तीफा दे दिया।

2017 में बीजेपी का दामन थामा

नवंबर 2017 में रॉय बीजेपी में शामिल हो गए थे। रॉय ने जमीनी स्तर पर काम करके बीजेपी को राज्य में बेस बनाने में मदद की। उन्हें 2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी की 18 सीटें जीतने का क्रेडिट दिया जाता है। उन्होंने बीजेपी को टीएमसी के कई बड़े नेताओं को अपने पाले में लाने में मदद की और 2021 के विधानसभा चुनावों में कृष्णानगर उत्तर से बीजेपी विधायक चुने गए। लेकिन जल्द ही, उन्होंने बीजेपी से दूरी बना ली। जून 2021 में वो तृणमूल कांग्रेस में लौट आए। हालांकि, टीएमसी में वापस आने पर वह कद और समझ दोनों में पहले जैसे कभी नहीं रहे।

हजारीबाग में सांसद मनीष जायसवाल ने किया मतदान, वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर जताई चिंता

हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के बीजेपी सांसद मनीष जायसवाल ने झारखंड नगर निकाय चुनाव-2026 के दौरान लोकतंत्र के महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की और सुबह सवा नौ बजे अपने बूथ पर पहुंचकर मतदान किया। सांसद मनीष जायसवाल ने हजारीबाग नगर निगम के वार्ड संख्या 27 स्थित मुनका बगीचा धर्मशाला ( दक्षिणी भाग) में बालिका मध्य विद्यालय, कुम्हारटोली अवस्थित अपने बूथ संख्या 04 पर पहुंचे जहां मतदान से पूर्व की सारी प्रक्रिया पूरी कर लोकतंत्र के महापर्व में अपने मत का उपयोग किया। सांसद मनीष जायसवाल स्काई ब्लू रंग के कुर्ते में बूथ पर पहुंचे। यहां उन्होंने मतदान करने पहुंचे कई लोगों से मिलकर उनका आभार जताया।

मौके पर हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने झारखंड के सभी जिलों के मतदाताओं से अपील किया अपने-अपने घरों से निकलकर लोकतंत्र के अधिकार का उपयोग करें, वोट जरूर दें और अपने पसंद का नगर की सरकार चुनकर अपने नगर निकायों में सुशासन और विकास युक्त शासन स्थापित करें। यहां मीडिया से रूबरू होते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि नगर की सरकार का गठन होने जा रहा है। यह हमारे दैनिक जीवन की आधारशिला है। हमारी सुबह की स्वच्छता से लेकर, रात की स्ट्रीट लाइट और घर की नल में आने वाले पेयजल तक सब कुछ इसी नगर निकाय से संचालित होता है। इसलिए नगर के सर्वांगीण विकास और सुशासन के लिए आपका घर से निकलकर बूथ तक पहुँचना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी सशक्त होगा, जब इसके सभी स्तंभ पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ अपनी भूमिका निभाएंगे। सांसद मनीष जायसवाल ने यह भी कहा कि 

आज मतदान के दौरान मैंने एक व्यक्तिगत विडंबना का अनुभव किया। चुनाव आयोग के वोटर लिस्ट प्रबंधन की त्रुटि के कारण आज मेरे ही परिवार का विभाजन हो गया। मेरा संपूर्ण परिवार वार्ड संख्या 28 में है, जबकि मुझे अकेला वार्ड संख्या 27 में डाल दिया गया। यह अत्यंत चिंता का विषय है कि एक ही घर दो अलग-अलग वार्डों में कैसे हो सकता है?

अमूनन मतदान एक पारिवारिक उत्सव होता है जहाँ पूरा परिवार एक साथ वोट देने निकलता है। लेकिन आज जब मैं अकेला वोट देने निकला, तो मन में यह मलाल था कि ऐसा प्रशासनिक बंटवारा उचित नहीं है। यदि एक जन-प्रतिनिधि के साथ ऐसी त्रुटि हो सकती है, तो आम जनमानस को अपने बूथ ढूंढने में कितनी कठिनाई हो रही होगी, इसका अंदाज़ा सहज ही लगाया जा सकता है।

मेरा जिम्मेवार अधिकारियों से यह विनम्र आग्रह है कि भविष्य में वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण को और अधिक संजीदगी और सूक्ष्मता से किया जाए, ताकि किसी भी मतदाता को अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने में असुविधा न हो।

थाना को0 कर्नलगंज पुलिस द्वारा 03 हत्याभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार- 


       गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी  राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी कर्नलगंज  अभिषेक दवाच्या के नेतृत्व में थाना को0 कर्नलगंज पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0-105/25 धारा 191(2),190,115(2),117(2),103(1),109,351(3) बीएनएस से संबंधित 03 वांछित अभियुक्तों-01. हरिशरण मिश्रा पुत्र रामगुलाम मिश्रा, 02. रामकेवल मिश्रा पुत्र स्व0 राजेश्वरी मिश्रा, 03. संतोष कुमार मिश्रा पुत्र गंगाशरण मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
22.02.2026 को थाना कर्नलगंज पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि थाना क्षेत्रान्तर्गत सुदईपुरवा दत्तनगर में दो पक्षों में जो आपस में सगे भाई पट्टीदार है के बीच जमीन के कब्जेदारी को लेकर विवाद व मारपीट हो गयी है। घटना में 03 लोग सुभाष चन्द्र मिश्रा, विश्वास चन्द्र मिश्रा व आकाश मिश्रा घायल हो गए जिन्हे पुलिस द्वारा उपचार हेतु जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान सुभाष चन्द्र मिश्रा पुत्र स्व0 पारस नाथ मिश्रा की मृत्यु हो गयी। प्रकरण के सम्बन्ध में थाना कर्नलगंज में मृतक के सगे भाई अरूण मिश्रा पुत्र स्व0 पारसनाथ मिश्रा समेत 04 नामजद व अज्ञात अभियुक्तों के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया।

पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा घटना को संज्ञान में लेकर तत्काल आरोपी अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु प्र0नि0 को0 कर्नलगंज को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। जिसमें थाना कर्नलगंज पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए 03 नामजद अभियुक्तों- 01. हरिशरण मिश्रा पुत्र रामगुलाम मिश्रा, 02. रामकेवल मिश्रा पुत्र स्व0 राजेश्वरी मिश्रा, 03. संतोष कुमार मिश्रा पुत्र गंगाशरण मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरूद्ध थाना कर्नलगंज पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है ।
झारखंड को पीछे ले जा रही हेमंत सरकार": देवघर में वोट डालने के बाद निशिकांत दुबे का बैलेट पेपर पर प्रहार

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देवघर: झारखंड नगर निकाय चुनाव के तहत आज देवघर में मतदान के दौरान गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने अपनी पत्नी अनामिका दुबे के साथ पीएचडी कार्यालय स्थित बूथ पर मतदान किया। मतदान के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए सांसद ने हेमंत सरकार और कांग्रेस नेतृत्व पर तीखे हमले किए।

बैलेट पेपर पर नाराजगी:

सांसद ने बैलेट पेपर से हो रहे मतदान की प्रक्रिया पर असंतोष जताते हुए कहा कि राज्य सरकार झारखंड को आधुनिकता से पीछे धकेल रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, "बैलेट की वजह से प्रक्रिया बहुत धीमी है; जहाँ 750 वोट पड़ने चाहिए थे, वहाँ दोपहर तक बमुश्किल 40 वोट ही गिर पाए हैं।"

राहुल गांधी और EVM विवाद पर टिप्पणी:

निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को लगता है कि भाजपा केवल ईवीएम से जीतती है। उन्होंने दावा किया कि इस निकाय चुनाव के परिणाम राहुल गांधी का यह भ्रम तोड़ देंगे और साबित कर देंगे कि जनता का समर्थन भाजपा के साथ है, चाहे माध्यम ईवीएम हो या बैलेट बॉक्स।

कांग्रेस के प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया:

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अर्द्धनग्न प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए सांसद ने कहा कि कांग्रेस वैचारिक रूप से "नंगी" हो चुकी है, और उनके कार्यकर्ताओं का यह आचरण उसी पतन का परिचायक है।

सीएमओ, एसीएमओ ओपीडी में करेंगे इलाज

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त करने के लिए अब सीएमओ या एसीएमओ भी सप्ताह में एक दिन ओपीडी करेंगे। बृहस्पतिवार का दिन इसके लिए तय किया गया है। छह सीएचसी, 20 पीएचसी सहित कुल 235 स्वास्थ्य केंद्रों में से किसी एक केंद्र पर वे अचानक जाएंगे। मरीजों को देखने के साथ ही वहां की व्यवस्था को भी देखेंगे।जिले में महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय भदोही और सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल सहित छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 206 उप स्वास्थ्य केंद्रों सहित कुल 235 स्वास्थ्य केंद्र है। किसी एक स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य विभाग के एक प्रशासनिक अधिकारी ओपीडी करेंगे। इन केंद्रों पर रोजाना पांच हजार से 5500 की ओपीडी होती है। अमूमन सीएमओ को शिकायत मिलती रहती है कि ओपीडी में समय से डॉक्टर नहीं मिलते हैं। उपचार कराने में मरीज के पूरे दिन बीत जाते है। इसका मुख्य कारण है कि समय से डॉक्टर नहीं मिलते हैं, उपचार कराने में काफी समय लग जाता हैं। यदि मरीज को जांच लिख दिया गया तो पूरा दिन उपचार कराने में निकल जाते हैं। शासन का निर्देश है कि महीने में दो बार स्वास्थ्य महकमा के आलाधिकारियों जैसे सीएमओ, एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ को ओपीडी करनी है। यदि सीएमओ और एसीएमओ बैठक या अन्य विभागीय कार्य के कारण शहर से बाहर रहेंगे तो अन्य प्रभारी चिकित्साधिकारी ओपीडी में बैठेंगे।


हर बृहस्पतिवार को खुद किसी न किसी अस्पताल में ओपीडी करुंगा, जिस अस्पताल में ओपीडी करनी है, वहां औचक पहुंचेंगे। बाहर रहने पर किसी अन्य एसीएमओ या डिप्टी सीएमओ ओपीडी में बैठेगे। कमियां मिलने पर कार्रवाई की जाएगी- डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही
नैसर्गिक विकलांग सेवा संघ का २३ वा वार्षिक समारोह संपन्न    

मुंबई। सामाजिक संस्था नैसर्गिक विकलांग सेवा संघ द्वारा अंधेरी ( पूर्व ) स्थित दादल बैंकुएट हॉल में श्री बाबूभाई भवानजी, पूर्व उपमहापौर मुंबई  की अध्यक्षता में २३ वा  वार्षिक समारोह आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि स्थानीय आमदार श्री मुरजी पटेल (काका) , समाजसेवी आश्विन जैन, मुंबई भाजपा उपाध्यक्ष श्री अखिलेश सिंह, श्रीमती नगरसेविका सुधा सिंह,  सद्गुरु फोडेशन ट्रस्ट के चेयरमैन श्री गणेश अग्रवाल थे । प्रमुख अतिथि के रूप में दिनेशचंद्र उपाध्याय (टेक्नोक्रेट), संतोष रहाटे (समाजसेवी), देवेंद्र तिवारी, एडवोकेट सतीश मिश्रा, समाजसेवी आनंद पाठक, राहुल यादव, नविन शुक्ल, आदि गणमान्यजन  उपस्थित रहे। इस अवसर पर अँधेरी पूर्व के नवनिर्वाचित नगरसेविका ममता पंकज यादव, दिशा संध्या सुनील यादव, नगरसेवक प्रकाश मुसले का सत्कार किया गया।
संस्था द्वारा इस समारोह में दिव्यांगजनों के हित के लिए कार्य करने वाले मजगांव कोर्ट बार असोसिएशन के ५ बार पूर्व अध्यक्ष रहे  श्री कांतिलाल संघोई जी का सम्मान स्वरुप स्मृति चिन्ह, शाल श्रीफल देकर सत्कार किया गया। इस कार्यक्रम में १० व्हील चेयर और २०० दिव्यांगजनों को जरुरत का सामान वितरित किया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था अध्यक्ष टी. एन. दुबे, उपाध्यक्ष प्रभाकर शुक्ला, मजदुर नेता विकास तिवारी, महामंत्री एड. अशोक मिश्रा,  साहित्यकार चंद्रवीर यादव, सचिव प्रशांत चारी,  नविन शुक्ला, विनय दुबे, संतोष दुबे, गुरुजस यादव, पवन दुबे, पंकज मिश्रा, मिना पटेकर, प्रशांत दुबे, राजेश शर्मा, गुरुजस यादव, आदि  लोगों की भूमिका सराहनीय रही।
सार्वजनिक शौचालयों में व्याप्त गंदगी को लेकर रवि व्यास ने लिखा आयुक्त को पत्र
भायंदर। मीरा भायंदर महानगरपालिका द्वारा संचालित सार्वजनिक शौचालयों में व्याप्त गंदगी तथा साफ सफाई न होने की समस्या को लेकर बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष नगरसेवक एड. रवि व्यास ने महापालिका आयुक्त को पत्र लिखकर इस गंभीर समस्या के निराकरण करने तथा काम के प्रति लापरवाही बरसाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। आयुक्त को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि पिछले कुछ महीनों में महापालिका द्वारा सार्वजनिक शौचालयों की साफ सफाई तथा स्वच्छता को लेकर स्थाई रूप से सुशिक्षित कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं, परंतु ये कर्मचारी शौचालयों की साफ सफाई को लेकर पूरी तरह से निष्क्रिय हैं। इसके विपरीत इन शौचालयों के आसपास रहने वाले निजी सफाई कर्मचारी अपने काम को सही ढंग से कर रहे हैं। ऐसे में इन शौचालयों के आसपास रहने वाले लोगों को अस्वच्छता, दुर्गंध समेत अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महापालिका द्वारा इनकी साफ सफाई पर भारी खर्च करने के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहा है। उन्होंने आयुक्त से निवेदन किया है कि वह सक्षम अधिकारियों से इसका निरीक्षण कराए तथा अपने कर्तव्यों की पूर्ति न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करें।
बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने मोहम्मद यूनुस पर लगाया गंभीर आरोप, तारिक राज में बड़ा खुलासा

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बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि यूनुस ने अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को ठीक से नहीं निभाया। राष्ट्रपति को न सिर्फ अहम चर्चाओं से दूर रखा बल्कि उन्हें हटाने तक की साजिश रच देश को अस्थिर करने का प्रयास किया।

यूनुस पर संविधान पालन नहीं करने का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने देश में सरकार बदलते ही एक ऐसा खुलासा किया है। कालेर कंठो के साथ इंटरव्यू में बांग्लादेश के राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने कहा है कि मोहम्मद यूनुस ने 18 महीने की अपनी अंतरिम सरकार में संविधान का पालन नहीं किया। यूनुस ने अपना पद संभालते हुए न तो संस्थागत समन्वय बनाए रखा और न ही उन्हें महत्वपूर्ण सरकारी फैसलों की जानकारी दी।

यूनुस ने विदेश यात्राओं की नहीं दी जानकारी

राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने आरोप लगाया कि संविधान कहता है कि विदेश यात्रा की जानकारी राष्ट्रपति को देनी चाहिए और दौरे के बाद भी राष्ट्रपति को बताया जाना चाहिए। यूनुस के 14-15 विदेशी दौरों के बारे में मुझे कभी नहीं बताया गया। इसमें अमेरिका से हुआ व्यापार समझौता भी शामिल है। बांग्लादेशी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उनकी विदेश यात्राओं को बिना पूछे रद्द कर दिया गया। कोसोवो और कतर से मिले निमंत्रणों को उनके नाम से यह कहकर ठुकरा दिया गया कि राष्ट्रपति राज्य कार्यों में बहुत व्यस्त हैं।

सार्वजनिक पहचान कम करने की कोशिश का आरोप

शहाबुद्दीन ने तंज करते हुए कहा कि क्या हमारे संविधान में राष्ट्रपति इतने व्यस्त रहते हैं कि उनसे पूछा भी न जाए? राष्ट्रपति का आरोप है कि देश और विदेश में उनकी सार्वजनिक पहचान कम करने की कोशिश की गई। उन्हें विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह और अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों में शामिल होने से रोका गया, जबकि परंपरा के अनुसार इन कार्यक्रमों की अध्यक्षता राष्ट्रपति करते हैं।

पद से हटाने की साजिश रचने का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने कहा कि यूनुस का पूरा ध्यान उनको पद से हटाने पर रहा, वो अपने कार्यकाल में सिर्फ मेरे खिलाफ साजिशें रचते रहें। यूनुस ने ना सिर्फ मेरे खिलाफ राजनीतिक स्तर पर साजिशें रचीं बल्कि मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि अंतरिम सरकार ने एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश को लाकर मुझे असंवैधानिक तरीके से हटाने की साजिश भी रची।

Mirzapur: अडानी पावर प्लांट की बस से गिरकर कर्मचारी की मौत, मचा हड़कंप
मिर्जापुर। जिले के मड़िहान थाना क्षेत्र के मड़िहान बाजार स्थित इंडियन बैंक के सामने रविवार की रात अडानी पावर प्लांट की बस में सवार कार्यदाई संस्था पावर मेक के कर्मचारी की कंपनी की बस के नीचे आ जाने से गंभीर रूप से चोटिल हो गया। सीएचसी मड़िहान में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत देख चिकित्सकों ने ट्रामा सेंटर किया रेफर हुई मौत। क्षेत्र के ददरी कला स्थित सोलह सौ मेगा वाट के निर्माणाधीन पावर प्लांट में झारखंड निवासी देवेंद्र का 40 वर्षीय पुत्र सुरेन्द्र कार्यदाई संस्था पावरमेक में कर्मचारी था। कम्पनी द्वारा कर्मचारियों को लाने व ले जाने के लिए बस लगाई गई थी, प्रतिदिन की भांति रविवार की रात कार्यस्थल से भी कर्मचारियों को लेकर बस मड़िहान बाजार आ रही थी बस में सवार सुरेन्द्र बस की गेट पर खड़ा था मड़िहान बाजार में सड़क पर बने बड़े बड़े गड्ढे में अचानक बस का पहिया पड़ने से बस उछल गई जिससे गेट के पास खड़ा सुरेन्द्र बस के पहिया के नीचे आ गया और गंभीर रूप से चोटिल हो गया बस में सवार अन्य कर्मचारीयों की मदद से सीएचसी मड़िहान लाया गया जहां चिकित्सक राधेश्याम वर्मा ने प्रथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देख ट्रामा सेंटर मिर्जापुर रेफर कर दिया दुर्घटना की खबर लगते पावर प्लांट के अधिकारी अस्पताल पहुंच गए और निजीवाहन से ट्रामा सेंटर ले गए अस्पताल पहुंचते ही सुरेन्द्र की मौत हो गई पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज कर आगे की कार्रवाई में जुटी इस सम्बन्ध में थाना प्रभारी बालमुकुंद मिश्र ने बताया कि पावर मेक के कर्मचारी की मौत हुई है।
यूपी में छह लघु जल विद्युत परियोजनाएं 42 साल के लिए लीज पर देने की तैयारी, विरोध तेज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार छह लघु जल विद्युत परियोजनाओं को 42 वर्षों के लिए निजी क्षेत्र को लीज पर देने की तैयारी में है। इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम ने टेंडर जारी कर दिया है। टेंडर के अनुसार निजी कंपनियों को 1.5 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट अग्रिम प्रीमियम के आधार पर परियोजनाएं सौंपी जाएंगी, जिसके बाद वे 42 वर्षों तक उनका संचालन करेंगी।

प्रदेश की प्रमुख जल विद्युत परियोजनाएं

प्रदेश में पहले से
300 मेगावाट रिहंद,
99 मेगावाट ओबरा,
72 मेगावाट माताटीला (ललितपुर),
72 मेगावाट खारा

जल विद्युत परियोजनाएं संचालित हैं। इसके अतिरिक्त छह लघु जल विद्युत परियोजनाएं भी हैं, जिनके पास करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि और अन्य परिसंपत्तियां मौजूद हैं।

लीज पर प्रस्तावित परियोजनाएं

लीज पर दी जाने वाली परियोजनाओं में शामिल हैं –
भोला (2.7 मेगावाट)
सलावा (3 मेगावाट)
निर्गजनी (5 मेगावाट)
चित्तौरा (3 मेगावाट)
पलरा (0.6 मेगावाट)
सुमेरा (1.5 मेगावाट)
ये सभी परियोजनाएं अपर गंगा नहर पर स्थित हैं और लगभग 90 से 97 वर्ष पुरानी बताई जा रही हैं।

निजीकरण के खिलाफ संगठनों का विरोध

टेंडर जारी होते ही ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।

ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडेरेशन की आपत्ति

ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडेरेशन के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने इस निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि अपर गंगा नहर में वर्षभर पानी उपलब्ध रहता है, जिससे इन परियोजनाओं में लगातार बिजली उत्पादन संभव है।उन्होंने दावा किया कि सीमित निवेश से इनके पुनरुद्धार और आधुनिकीकरण की लागत एक वर्ष में वसूल की जा सकती है। साथ ही आरोप लगाया कि टेंडर में स्थापित क्षमता 15.5 मेगावाट के बजाय 6.3 मेगावाट दर्शाई गई है और परिसंपत्तियों का मूल्य भी कम आंका गया है। उन्होंने टेंडर निरस्त होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।

कर्मचारियों पर असर का मुद्दा

पॉवर ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आरपी केन और कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि यह कदम निजीकरण की नई रणनीति है। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है और आरक्षण व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।उन्होंने यह भी कहा कि निजी कंपनियां अपनी शर्तों पर नियुक्तियां करेंगी और सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग का खतरा बढ़ सकता है। संगठनों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर टेंडर निरस्त करने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व रेलवे मंत्री और सीएम ममता के करीबी मुकुल रॉय का निधन, कहे जाते थे बंगाल के चाणक्य

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पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी पार्टी टीएमसी के नेता और पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय का निधन हो गया है। मुकुल रॉय बीमार थे और उनका कोलकाता के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। मुकुल रॉय के बेटे शुभ्रांशु रॉय ने अपने पिता के निधन की पुष्टि की है।

बेटे शुभ्रांशु रॉय ने बताया कि मुकुल रॉय ने रविवार रात करीब 1:30 बजे कोलकाता के अपोलो अस्पताल में अंतिम सांस ली। अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। बताया जा रहा है कि मुकुल रॉय लंबे समय से कई तरह की बीमारियों की वजह से जूझ रहे थे।

कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से थे ग्रसित

मुकुल रॉय पिछले कुछ सालों से बीमार चल रहे थे। बेटे शुभ्रांशु ने कहा, वह कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे। वे पार्किंसंस रोग और डिमेंशिया से पीड़ित थे। ब्रेन में हाइड्रोसेफलस की समस्या के कारण ब्रेन सर्जरी भी हुई थी। 2024 में भी कई बार अस्पताल में भर्ती हुए, जिसमें सिर में चोट और अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याएं शामिल थीं। हाल ही में अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी हालत क्रिटिकल बताई गई थी।

तृणमूल कांग्रेस का प्रमुख चेहरा

1998 में गठित टीएमसी के शुरुआती दौर से जुड़े रॉय को कभी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी सहयोगी माना जाता था। ममता बनर्जी की तरह ही उन्होंने भी अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बंगाल में यूथ कांग्रेस से की थी। तृणमूल कांग्रेस के गठन के बाद रॉय ने पार्टी संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उन्हें पार्टी का महासचिव बनाया गया। समय के साथ वे दिल्ली की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे।

मुकुल रॉय का राजनीतिक सफर

वर्ष 2006 में वह राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए और 2009 से 2012 तक सदन में पार्टी के नेता रहे। यूपीए-2 सरकार के दौरान उन्होंने पहले शिपिंग मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में काम किया और बाद में मार्च 2012 में पार्टी सहयोगी दिनेश त्रिवेदी की जगह रेल मंत्री का पद संभाला। हालांकि, मुकुल रॉय के टीएमसी के साथ रिश्ते बिगड़ गए। खासकर शारदा चिटफंड घोटाले जैसे मुद्दों के बाद वह टीएमसी से दूर हो गए। फरवरी 2015 में पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय महासचिव पद से हटा दिया। सितंबर 2017 में मुकुल रॉय ने टीएमसी से इस्तीफा दे दिया।

2017 में बीजेपी का दामन थामा

नवंबर 2017 में रॉय बीजेपी में शामिल हो गए थे। रॉय ने जमीनी स्तर पर काम करके बीजेपी को राज्य में बेस बनाने में मदद की। उन्हें 2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी की 18 सीटें जीतने का क्रेडिट दिया जाता है। उन्होंने बीजेपी को टीएमसी के कई बड़े नेताओं को अपने पाले में लाने में मदद की और 2021 के विधानसभा चुनावों में कृष्णानगर उत्तर से बीजेपी विधायक चुने गए। लेकिन जल्द ही, उन्होंने बीजेपी से दूरी बना ली। जून 2021 में वो तृणमूल कांग्रेस में लौट आए। हालांकि, टीएमसी में वापस आने पर वह कद और समझ दोनों में पहले जैसे कभी नहीं रहे।