गाजीपुर कांड पर राहुल गांधी का हमला, बोले- दोषी पुलिस पर कार्रवाई हो, उच्च स्तरीय जांच कराए सरकार

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में महिला के साथ बलात्कार और हत्या की घटना पर राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
राहुल गांधी ने कहा कि पीड़िता को तुरंत न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने हाथरस, कठुआ, उन्नाव और अब गाजीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक पैटर्न बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार पीड़िता दलित, पिछड़ी, आदिवासी या गरीब परिवार से होती है और अपराधियों को संरक्षण मिलता है।
उन्होंने मणिपुर की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक महिला न्याय की राह देखते-देखते दम तोड़ गई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सत्ता हर बार चुप रहती है और जिनसे बोलने की उम्मीद होती है, वे मौन रहते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि जिस देश में माता-पिता को अपनी बेटी की एफआईआर लिखवाने के लिए भीख मांगनी पड़े, उस सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इस सरकार के शासन में बेटियां इतनी असुरक्षित क्यों हैं। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसे हालात में न्याय मांगा नहीं जाता, बल्कि छीना जाता है और हम न्याय छीनकर लाएंगे।
गाजीपुर कांड पर राहुल गांधी का हमला, बोले- दोषी पुलिस पर कार्रवाई हो, उच्च स्तरीय जांच कराए सरकार

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में महिला के साथ बलात्कार और हत्या की घटना पर राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
राहुल गांधी ने कहा कि पीड़िता को तुरंत न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने हाथरस, कठुआ, उन्नाव और अब गाजीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक पैटर्न बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार पीड़िता दलित, पिछड़ी, आदिवासी या गरीब परिवार से होती है और अपराधियों को संरक्षण मिलता है।
उन्होंने मणिपुर की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक महिला न्याय की राह देखते-देखते दम तोड़ गई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सत्ता हर बार चुप रहती है और जिनसे बोलने की उम्मीद होती है, वे मौन रहते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि जिस देश में माता-पिता को अपनी बेटी की एफआईआर लिखवाने के लिए भीख मांगनी पड़े, उस सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इस सरकार के शासन में बेटियां इतनी असुरक्षित क्यों हैं। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसे हालात में न्याय मांगा नहीं जाता, बल्कि छीना जाता है और हम न्याय छीनकर लाएंगे।
जिलाधिकारी शैलेष कुमार व पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने के.एन.पी.जी. कॉलेज ज्ञानपुर में होमगार्ड भर्ती परीक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा
रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद में आयोजित होमगार्ड भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने शनिवार को के.एन.पी.जी. कॉलेज ज्ञानपुर पहुंचकर परीक्षा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की सुविधा तथा परीक्षा संचालन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का गहनता से अवलोकन किया। आज होमगार्ड परीक्षा में प्रथम पाली में अभ्यर्थियों की कुल 2496 उपस्थित 1841, व अनुपस्थित 655 रही। द्वितीय पाली में अभ्यर्थियों की संख्या 2496 में उपस्थित 1858 व अनुपस्थित 638 रही। इसी तरह आज दोनों पालियों में अनुपस्थित अभ्यर्थी कुल 1293 अनुपस्थित रहे।
      निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षकों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। परीक्षा केंद्र पर किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता क्षम्य नहीं होगी। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, सतर्कता एवं पारदर्शिता के साथ करें, ताकि परीक्षा सकुशल एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
जिलाधिकारी ने परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों के प्रवेश द्वार, पहचान पत्र जांच, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई तथा विद्युत आपूर्ति की स्थिति का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी मूलभूत सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि परीक्षा में शामिल होने आए अभ्यर्थियों के साथ सौम्य व्यवहार किया जाए तथा उन्हें आवश्यक जानकारी समय से उपलब्ध कराई जाए।
         पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने परीक्षा केंद्र पर तैनात पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखी जाए। केंद्र परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में सतत निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र के बाहर अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दी जाए तथा यातायात व्यवस्था भी सुचारु रखी जाए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा कक्षों का भ्रमण कर प्रश्नपत्र वितरण, उत्तर पुस्तिका व्यवस्था तथा कक्ष निरीक्षकों की उपस्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापक को निर्देश दिया कि परीक्षा प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से संचालित की जाए तथा किसी भी स्थिति में गोपनीयता भंग न होने पाए।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप भर्ती परीक्षाओं को पूरी निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए जनपद प्रशासन पूरी तरह सजग एवं प्रतिबद्ध है। उन्होंने अभ्यर्थियों से भी अपील की कि वे परीक्षा नियमों का पालन करें तथा अनुशासन बनाए रखें। निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रशासनिक अधिकारी, केंद्र व्यवस्थापक, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण से परीक्षा केंद्र पर मुस्तैदी और गंभीरता का वातावरण देखने को मिला। जनपद प्रशासन द्वारा की गई सुदृढ़ व्यवस्थाओं के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई गई।
पवन खेड़ा के समर्थन में उतरी कांग्रेस, जयराम रमेश बोले- न्याय की जीत होगी
नई दिल्ली। गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश उनके समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पूरी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पवन खेड़ा के साथ मजबूती से खड़ी है और हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की प्रक्रिया जारी है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कांग्रेस को विश्वास है कि धमकी, डराने-धमकाने और उत्पीड़न की राजनीति पर न्याय की जीत होगी।
दरअसल, गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराए गए आपराधिक प्रकरण से जुड़ा है।
बताया गया कि पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिंकी भुइयां सरमा पर कई पासपोर्ट रखने और विदेश में संपत्तियां होने का आरोप लगाया था। इसके बाद उनके खिलाफ गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया।
इसके बाद 7 अप्रैल को असम पुलिस ने दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के घर पर छापेमारी की। 10 अप्रैल को तेलंगाना हाईकोर्ट ने उन्हें एक सप्ताह की अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने उस फैसले पर रोक लगा दी। बाद में 21 अप्रैल को गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था और 24 अप्रैल को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
विदिशा में पलटा कोल्ड ड्रिंक ट्रक, घायल चालक तड़पता रहा और लोग माजा की बोतलें लूटते रहे

विदिशा। मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में सड़क हादसे के बाद मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई। भोपाल-सागर बाईपास पर गिरधर कॉलोनी के पास कोल्ड ड्रिंक से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में चालक घायल हो गया, लेकिन मदद करने के बजाय मौके पर मौजूद लोग ट्रक में भरी माजा की बोतलें लूटने में जुट गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक पलटते ही उसमें लदी कोल्ड ड्रिंक की बोतलें सड़क पर बिखर गईं। इसके बाद वहां मौजूद लोगों में बोतलें उठाने की होड़ मच गई। कई लोग बाइक, कार और अन्य वाहनों में बोतलें भरकर मौके से भागते नजर आए।

इस दौरान घायल चालक सड़क किनारे पड़ा मदद का इंतजार करता रहा, लेकिन शुरुआती समय में किसी ने उसकी सहायता नहीं की। कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को खदेड़कर स्थिति पर काबू पाया। हालांकि तब तक काफी मात्रा में कोल्ड ड्रिंक की बोतलें लूटी जा चुकी थीं।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद पहली प्राथमिकता घायल व्यक्ति को बचाने की होती है, लेकिन इस मामले में लोगों का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा। घायल चालक को बाद में उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

यह घटना न केवल सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में बढ़ती संवेदनहीनता को भी उजागर करती है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर लोगों से अपील की है कि किसी भी हादसे के समय पहले पीड़ितों की मदद करें और कानून का पालन करें।

भोपाल में छात्रा से पहचान छिपाकर दोस्ती, धर्म बदलकर शोषण का आरोप; पीड़िता तीन माह की गर्भवती

भोपाल। भोपाल के रातीबड़ इलाके में आईईएस विश्वविद्यालय की छात्रा के साथ पहचान छिपाकर दोस्ती करने और बाद में धर्म परिवर्तन के दबाव के साथ शोषण किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने खुद को हिंदू बताकर प्रेम संबंध बनाए और अब वह तीन माह की गर्भवती है।

पीड़िता के अनुसार, उसी कॉलेज में पढ़ने वाले आसिफ रजा ने अपना नाम आशीष पांडे बताकर उससे जान-पहचान बढ़ाई। विश्वास में लेकर आरोपी ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। जब छात्रा को उसकी असली पहचान पता चली, तो आरोपी ने कथित रूप से उसे ‘रखैल’ बनकर रहने का दबाव बनाया।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में आरोपी के दो दोस्त शाहजेब खान और सेफ शेख भी शामिल थे, जो उसे लगातार धमका रहे थे और चुप रहने का दबाव बना रहे थे।

पीड़िता ने महिला थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उसका कहना है कि जब उसने अपनी गर्भावस्था और धर्म बदलकर शोषण की बात बताई, तो पुलिस अधिकारियों ने इसे हिंदू-मुस्लिम मामला न बनाने और आपसी समझौते की सलाह दी।

पीड़िता का दावा है कि बजरंग दल के हस्तक्षेप के बाद मामला दर्ज किया गया, लेकिन दो आरोपियों को पकड़ने के बाद बिना ठोस कार्रवाई के छोड़ दिया गया।

वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने भी पीड़िता को न्याय दिलाने की पहल की है। समिति के संरक्षक समशुल हसन ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अमेरिका में नौकरी पाना होगा मुस्किल! ट्रंप के सांसदों ने संसद में पेश H-1B वीजा को रोकने का बिल

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अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में बीते एक वर्षों में विदेशियों के प्रवास का मुद्दा गर्माया हुआ है। ट्रंप प्रशासन न सिर्फ अवैध प्रवासियों, बल्कि अब वैध तौर पर अमेरिका में काम के लिए जाने वाले लोगों को भी निशाना बना रहा है। इसी बीच ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सांसदों ने अमेरिकी संसद में एच-1बी वीजा पर रोक लगाने का प्रस्ताव पेश किया है।

बिल में आश्रितों को लाने की अनुमति नहीं देने का प्रस्ताव

एरिजोना से सांसद एली क्रेन ने ‘एंड एच-1बी वीजा एब्यूज एक्ट ऑफ 2026’ पेश किया, जिसे सात अन्य रिपब्लिकन सांसदों ने भी समर्थन दिया है। विधेयक में एच-1बी कार्यक्रम में सुधारों का प्रस्ताव है, जिसमें वार्षिक सीमा को 65,000 से घटाकर 25,000 करना, न्यूनतम वेतन 2,00,000 अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष निर्धारित करना और एच-1बी वीजा धारकों को आश्रितों को अमेरिका लाने की अनुमति नहीं देना शामिल है।

अमेरिकी कर्मचारी का ना मिलना करना होगा साबित

बिल में एच-1बी कार्यक्रम में लॉटरी प्रणाली को वेतन-आधारित चयन प्रणाली से बदलने के साथ ही नियोक्ताओं को यह प्रमाणित करना अनिवार्य होगा कि उन्हें कोई योग्य अमेरिकी कर्मचारी नहीं मिल पा रहा है और उन्होंने छंटनी नहीं की है। एच-1बी कर्मचारियों को एक से ज्यादा नौकरियां करने से रोकना और तृतीय-पक्ष भर्ती एजेंसियों की ओर से उन्हें रोजगार देने पर प्रतिबंध लगाना शामिल है।

विधेयक पारित हुआ तो भारत पर क्या होगा असर?

अगर अमेरिकी संसद में रखा गया एंड एच-1बी वीजा अब्यूज एक्ट पारित हो जाता है, तो भारत पर इसका नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। क्योंकि एच-1बी वीजा हासिल करने वालों में भारत का पहला स्थान है। भारतीय पेशेवर एच-1बी कार्यक्रम के सबसे बड़े लाभार्थी हैं। वित्त वर्ष 2024 के आंकड़ों के मुताबिक, कुल मंजूर 3,99,395 एच-1बी याचिकाओं में से 71% (करीब 2.83 लाख वीजा) सिर्फ भारतीयों को मिले थे। वर्ष 2015 से 70 प्रतिशत से ज्यादा एच-1बी वीजा से जुड़ी मंजूरी भारतीयों को ही मिल रही है। अगर यह विधेयक पारित होता है तो अमेरिका में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए एफ-1 (स्टूडेंट वीजा) से ओपीटी (छात्रों को काम करने की मंजूरी देने वाला कार्यक्रम) संकट में पड़ जाएगा। इसके अलावा एच-1बी और अंत में ग्रीन कार्ड तक पहुंचने का दशकों पुराना स्थापित मार्ग पूरी तरह से टूट जाएगा। इस विधेयक के चलते भारतीय पेशेवरों के अमेरिका में नौकरी के लिए प्रवेश पर या तो पूरी तरह रोक लग जाएगी या इसमें भारी देरी होगी।

AIRF की पहल रंग लाई: रेलवे बोर्ड ने की-मैन की ड्यूटी को लेकर जारी किए सख्त निर्देश, P-Way मैनुअल 2024 का पालन अनिवार्य

ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन द्वारा ताल कटोरा स्टेडियम नई दिल्ली में ट्रैकमेन्टेनर्स महासम्मेलन आयोजित कर ट्रैकमेन्टेनर्स के हितों और मांगों पर रेलमंत्री के समक्ष जोरदार आवाज उठाते ही इस संघर्ष का असर दिखने लगा है।

उक्त जानकारी देते हुए एआईआरएफ वर्किंग कमिटी मेम्बर एवं ईसीआरकेयू के अपर महामंत्री मो ज़्याऊद्दीन ने बताया है कि अब की मैन की ड्यूटी में पूर्व अधिसूचित इंडियन रेलवे पी वे मैनुअल 2024 के पैरा 115 और 116 का सख्ती से पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है।

मो ज़्याऊद्दीन ने बताया कि ईसीआरकेयू ने रेलवे की मैन की डियूटी में निर्धारित मैनुअल का हो सख़्ती से पालन के लिए बोर्ड स्तर पर विभिन्न बैठकों में आवाज उठाई थी। पिछले दिनों आयोजित ट्रैकमेन्टेनर्स महासम्मेलन में भी यह बात एआईआरएफ के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने रेलमंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के समक्ष अपने संबोधन में उठाया और ट्रैक पर काम करने वाले ट्रैकमेन्टेनर्स सहित अन्य कटेगरियों की जान-माल की सुरक्षा की ओर सख्त और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग रखी। इस पर पहल करते हुए रेलवे बोर्ड के सिविल इंजीनियर प्लानिंग के निदेशक श्री सौरभ जैन ने पत्र संख्या - 2023/सी ई टू / सेफ्टी/ इंस्ट्रक्शन जारी करते हुए सभी जोन्स के प्रधान मुख्य इंजीनियर्स को निर्देश दिए हैं कि इंडियन रेलवे पी वे मैनुअल 2024 के पैरा 115 और 116 का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है। इसके अनुसार सुबह एक राउंड निरीक्षण करना होगा अप लाइन से जाकर डाउन लाइन से वापस आना होगा या इसके विपरीत। की मैन को हमेशा ट्रेन परिचालन की दिशा के विपरीत चलना होगा ।

इसके अलावा केवल ट्रैकमेन्टेनर्स वन को ही की मैन के कार्य में लगाया जाएगा । आवश्यकता पड़ने पर केवल वरीय, अनुभवी और सक्षम ट्रैकमैन को ही यह ड्यूटी दी जाएगी । साथ ही, सभी जोनल रेलवे को की मैन के कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक सुधार करने का भी निर्देश जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि कार्य सम्पादन के दरम्यान होने वाले रन ओवर के मामले को नियंत्रित करने एवं ट्रैकमेन्टेनर्स की सुरक्षा के लिए इन निर्देशों का अनुपालन जोनल रेलवे प्रशासन द्वारा किया जाना बहुत जरूरी है।

रांची में ‘नारी शक्ति वंदन’ पर गरजीं महिलाएं : इंडी गठबंधन के विरोध में हजारों का आक्रोश मार्च

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन और कांग्रेस, jmm सहित पूरे इंडी गठबंधन के नेताओं के नकारात्मक रवैये के विरोध में आज राजधानी रांची में हजारों महिलाओं द्वारा ‘महिला आक्रोश मार्च के तहत पदयात्रा’ निकाली गई। अन्याय, असुरक्षा और अपमान के खिलाफ यह सिर्फ एक मार्च नहीं, बल्कि बदलाव की हुंकार थी।

मोरहाबादी मैदान से अलबर्ट एक्का चौक तक निकलने वाले “महिला आक्रोश मार्च” में हजारों की संख्या में शामिल होकर महिलाओं ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया और अधिकारों की इस मुहिम को मजबूती दी। चिलचिलाती गर्मी भी महिलाओं के उत्साह और आक्रोश को कम नहीं कर पाया। पहले मोराबादी मैदान में राज्य भर से हजारों की संख्या में आई महिलाएं एकत्रित हुईं। मोराबादी में एक विशाल सभा का आयोजन किया गया।

इस आक्रोश मार्च का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने किया। सभा के तत्पश्चात मोराबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक महिलाओं द्वारा पदयात्रा की गई। मोराबादी मैदान से लेकर मेन रोड तक राजधानी रांची की सड़कें नारी शक्ति के नारों से गूंज उठा। सड़कों पर उमड़ा मातृशक्ति का भारी जनसैलाब साफ बता रहा है कि अब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए सजग, संगठित और मुखर हो चुकी हैं। इस आंच में विपक्षियों का भस्म होना निश्चित है।

इस आंदोलन में शामिल हर महिला की आंखों में आक्रोश साफ झलक रहा था। हाथों में इंडी गठबंधन के खिलाफ लिखी तख्तियां और दिल में दृढ़ संकल्प लिए इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया कि वे अब किसी कीमत पर चुप रहने वाली नहीं हैं। आक्रोश मार्च के माध्यम से अपनी दमदार उपस्थिति दिखाकर महिलाओं ने साफ कर दिया है कि रांची की इस धरती से उठी यह आवाज दूर तलक जाएगी और हर उस सोच को चुनौती देगी जो महिलाओं को अबला समझती हैं।

इस दौरान मोराबादी में सभा को भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया।

देश की राजनीति से साफ हो जाएंगे इंडी गठबंधन वाले : अन्नपूर्णा देवी

महिला अपमान का इंडी गठबंधन को आने वाले चुनाव में मिलेगा करारा जवाब : केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने मौके पर कहा कि 2014 से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को लगातार आर्थिक और सामाजिक रूप से समृद्ध करते आ रहे हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के माध्यम से उन्होंने जागरूकता फैला कर बेटियों को सशक्त किया है। अब बारी महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त करने की थी, इसी के तहत 16, 17, 18 अप्रैल को को संसद में महिला आरक्षण बिल पर विशेष सत्र आहूत था। लेकिन कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित होने नहीं दिया।

इस दौरान चर्चा के दौरान विपक्ष की सारी शंकाओं को गृह मंत्री और प्रधानमंत्री ने दूर करने का काम किया। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की मानसिकता महिला विरोधी रही है। विपक्ष ने विधेयक के खिलाफ न केवल मतदान किया बल्कि मेज थपथपाकर जश्न मनाया गया। इस प्रकार नारियों का अपमान करने का काम इंडी गठबंधन के द्वारा किया गया। इनकी मानसिकता लटकाने भटकाने की रही है । यह लोग कभी नहीं चाहते कि किसी साधारण परिवार की महिलाएं लोकसभा विधानसभा का प्रतिनिधित्व करे, ये नहीं चाहते कि महिलाओं को उनका हक मिले, यह कभी नहीं चाहते कि नीति निर्धारण में महिलाएं अपनी भूमिका निभाए।

देश की महिलाओं के साथ इन्होंने धोखा किया है। आने वाले चुनाव में इसका करारा जवाब मिलेगा। महिलाएं अब केवल वोट बैंक नहीं रही, महिलाएं निर्णायक भूमिका निभाना भी बख़ूबी जानती हैं। पीएम ने लखपति दीदी बनाकर महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध किया है। हर क्षेत्र में महिलाएं आज परचम लहरा रही हैं। देश स्तर पर इंडी गठबंधन का महिलाओं द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस की हमेशा महिला विरोधी नीति रही है।

फिर एक बार महिलाओं का अपमान महिला आरक्षण बिल को गिराकर किया गया है। इसका खामियाजा इंडी गठबंधन को भुगतना होगा। आने वाले समय में देश की राजनीति से इंडी गठबंधन के लोग साफ हो जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के साथ हमेशा खड़े रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने महिला आक्रोश यात्रा में भागीदारी निभाने के लिए सभी महिलाओं का आभार जतलाया।

कांग्रेस, jmm सहित पूरा इंडी गठबंधन बहुरुपिया, इनसे सावधान रहने की जरूरत : आदित्य साहू

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर कांग्रेस सहित विपक्षियों ने किया घोर पाप : प्रदेश अध्यक्ष

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब परिवार से आते हैं, इसलिए महिलाओं का दर्द उन्हें पता है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर कांग्रेस सहित विपक्षियों ने घोर पाप करने का काम किया है। इंडी गठबंधन के नेताओं के घर की महिलाओं के मन में भी इनके इस महिला विरोधी रवैये से गुस्सा है लेकिन उनकी मजबूरी है कि वह कुछ बोल नहीं सकती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि हमारी दीदियाँ भी सांसद बनें, विधायक बनें, लेकिन ये कांग्रेसी इसका विरोध करने का काम करते हैं। कांग्रेस पार्टी केवल सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की तो झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सिर्फ कल्पना सोरेन की चिंता करते हैं, हमारी बेटियों-बहनों की चिंता ये नहीं करते हैं। पिछले कई दिनों से झारखंड की धरती पर बेटियों-बहनों के साथ अन्याय और अत्याचार हो रहा है। तीन वर्ष की बच्ची को भी लोगों ने दुष्कर्म करने से नहीं छोड़ा है। पुलिस-प्रशासन सिर्फ कोरम पूरा करके मामलों को दबाने का काम करती है। मईया योजना के नाम पर राज्य सरकार ढकोसला कर रही है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि कांग्रेसी जब गांव जाकर गुमराह करने का प्रयास करें तो उन्हें खदेड़ने की जरूरत है। 33% आरक्षण मामले में राज्य में कांग्रेसी आज भी गुमराह करने का काम कर रहे हैं। 33 की जगह 50% आरक्षण पर भी केंद्र सरकार तैयार हो जाती है परंतु इंडी गठबंधन वालों का मकसद होता है कि कभी भी महिलाओं का विकास नहीं हो। यह सिर्फ महिला आरक्षण के नाम पर दिखावा करते हैं। ऐसे ठग़बाजों से सावधान होने की जरूरत है। जब भी चेहरा बदलकर आपके बीच ये बहुरूपिया जाएं तो इन्हें खदेड़ने की जरूरत है। महिला आरक्षण पर कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन का राग केवल दिखावा है, इनका मन कभी साफ नहीं रहा है। केवल ये लोग वोट लेने का काम करते हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने महिलाओं से आह्वान करते हुए कहा कि इन बहुरूपियों को सबक सिखाना जरूरी है। जब भी आपको गुमराह करने जाएं उन्हें भगाने का काम कीजिए। अब इनकी नाटकबाजी पर पूर्ण विराम लगनी चाहिए। कांग्रेस ने महिलाओं के साथ घोर अन्याय किया है। Jmm जो कांग्रेस के समर्थन से यहां सरकार चला रही है उसने भी महिलाओं का विरोध करने का काम किया है। इसलिए झामुमो को भी सबक सिखाने की जरूरत है। यह लोग बहुरूपिया हैं, ठग हैं, जुमलेबाज हैं। भविष्य में जो भी चुनाव हो चाहे वह पंचायत चुनाव या कोई भी चुनाव हो, इन्हें सबक सिखाने की जरूरत है। प्रदेश अध्यक्ष ने सभी से पीएम द्वारा झारखंड के पंचायतों को भेजे गए पैसे से किए जा रहे विकास कार्यों की निगरानी करने का भी आग्रह किया।

इंडी गठबंधन के लोग आधी आबादी के गुस्से में जलकर हो जाएंगे स्वाहा : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने महिलाओं को नीति निर्धारण में उनकी 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तीन दिनों का विशेष सत्र बुलाया था। परंतु अफसोस कि कांग्रेस और झामुमो सहित इंडी गठबंधन ने इस विधेयक पर साथ नहीं दिया और इसके विरोध में वोट कर दिया। पीएम मोदी महिलाओं को जो हक देने वाले थे, महिलाएं उससे वंचित रह गई। देश की भांति झारखंड में भी महिलाओं में विपक्ष के प्रति इसको लेकर भारी आक्रोश है। आज इसी के तहत राजधानी रांची के सड़कों पर महिलाओं दर्द और गुस्सा देखने को मिल रहा है। महिलाओं के इस गुस्से और दर्द को अभी भी इंडी गठबंधन वालों ने नहीं पहचाना और सचेत नहीं हुए तो इंडी गठबंधन के लोग आने वाले समय में आधी आबादी के इसी गुस्से में जलकर स्वाहा हो जाएंगे, वह कहां गायब हो जाएंगे ढूंढने से भी उनका पता नहीं चलेगा। श्री मरांडी ने कहा कि यह लोग घर के महिलाओं को ही सिर्फ महिला समझते हैं। बाकी देश की महिलाओं को समान भागीदारी मिले, इससे इन्हें काफी दर्द होता है। गृह मंत्री ने 50% सीट बढ़ाने की बात कही थी। इससे झारखंड में भी सीटें बढ़ती, स्वाभाविक है कि महिलाओं के लिए भी अधिक आरक्षण मिल पाता। दलित, आदिवासियों, नौजवानों को भी प्रतिनिधित्व मिलता। झारखंड विधानसभा से भी इसके लिए कई बार प्रस्ताव पारित हुआ है। पूर्व सीएम रघुवर दास, अर्जुन मुंडा के कार्यकाल में प्रस्ताव पारित किया गया। Jmm भी कई मौकों पर सीट बढ़ाने की वकालत करती रही है। लेकिन जब सीटों को बढ़ाने का मौका आया तो jmm में भी इसका विरोध किया। आज लोकसभा की सीट भी बढ़ती। इंडी गठबंधन वालों का चेहरा पूरी तरह उजागर हो चुका है। श्री मरांडी ने आधी आबादी की चिंता करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार भी प्रकट किया।

मातृशक्ति के साथ कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने किया है महापाप : संजय सेठ

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि मातृशक्ति के साथ कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने महापाप किया है। रांची की सड़कों पर महिलाओं की आज की भीड़ देखकर सभी विपक्षी दलों की चूलें हिलनी तय है। 16 17 अप्रैल की तिथि देश के इतिहास में ऐतिहासिक हो जाती, अगर 33% आरक्षण वाला बिल पास हो गया होता और महिलाओं को उनका अधिकार मिल गया होता। बाबा साहब अंबेडकर ने भी कहा है कि जब तक आधी आबादी को सत्ता में, सरकार में उनकी भागीदारी नहीं मिल जाती तब तक देश का विकास अधूरा ही माना जाएगा। इसी प्रेरणा के कारण प्रधानमंत्री मोदी ने यह विधेयक लाया। परंतु परिवारवादी पार्टियों ने सोचा कि जब देश की असंख्य महिलाओं को आरक्षण मिल जाएगा तो उनके परिवार की महिलाओं का क्या होगा ? इंडी गठबंधन ने मातृशक्ति के साथ धोखेबाजी की है। जब बिल संसद में गिरा तो यह लोग जश्न मना रहे थे। देश की महिलाएं इस अपमान को भूली नहीं हैं, इसका बदला आधी आबादी लेकर ही रहेगी।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित छुटनी महतो ने कहा पिछले 30 वर्षों में कांग्रेस जो काम नहीं कर पाई, हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने उसे मात्र दो दिनों में करके दिखाया। हम स्वयं 15, 16 और 17 अप्रैल को संसद भवन गए थे, जहाँ महिला आरक्षण कानून लागू होना था। लेकिन कांग्रेस ने इसे पारित नहीं होने दिया, जिससे मैं अत्यंत दुखी हूँ। हम सभी महिलाएँ अब कभी भी कांग्रेस के पास नहीं जाएँगी।

हम भाजपा के साथ रहेंगे। चाहे हम लोग भूखे क्यों न मर जाएँ, लेकिन हम कांग्रेस का समर्थन नहीं करेंगे। मैं 17 अप्रैल को देखी, भाजपा जो भी सकारात्मक कार्य कर रही है, उसका राहुल गांधी द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस चाहे कुछ भी करे, हमारा समर्थन भाजपा के साथ ही रहेगा।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित जमुना टुडू ने कहा कि 70 साल से कांग्रेस ने देश पर राज किया लेकिन आज तक महिलाओं के अधिकार के लिए कुछ नहीं किया। पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रयास किया तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया। हम महिलाएं राहुल गांधी को बताना चाहते हैं कि आप कुछ भी करिए, हम लोग अधिकार व सम्मान लेकर रहेंगे। हमें अधिकार छिनना आता है।

कोडरमा की विधायक नीरा यादव ने कहा कि नारी शक्ति भीख मांगकर नहीं बल्कि छीनकर हक लेना जानती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मातृशक्ति के लिए जो उल्लेखनीय कार्य किया है, वह सराहनीय है। झामुमो नीम है तो कांग्रेस करेला, इनके बहकावे में नहीं आना है। नारी शक्ति के बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता है। नारी शक्ति के साथ विपक्ष ने जो राजनीतिक सुलूक किया है, नारी शक्ति समय पर अपने अपमान का बदला लेना जानती है।

रांची की महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि आज विपक्ष के कारण आधी आबादी रोड पर उतरने को मजबूर है। विपक्ष के लोग सिर्फ छलना और ठगना जानते हैं। जब महिलाओं को राजनीतिक सम्मान मिलने की बारी आई तो विपक्ष ने महिलाओं के साथ ठगने और छल करने का काम किया है। नारी अबला नहीं, सबला है। नारियों को इंडी गठबंधन वालों ने केवल वोट बैंक समझा है। इंडी गठबंधन वाले नारियों को कमजोर समझने की भूल कर बैठे हैं। अब गुहार नहीं, उलगुलान होगा।

इस दौरान कार्यक्रम का संचालन पूर्व सांसद गीता कोड़ा और सीमा सिंह ने किया। जबकि कार्यक्रम में संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, चंपई सोरेन, मधु कोड़ा, विधायक पूर्णिमा साहू, मंजू देवी, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, पलामू की महापौर अरुणा शंकर, सुनीता सिंह, सीमा शर्मा, मीरा मुंडा, मीरा प्रवीण सिंह, आरती सिंह, आरती कुजूर, रश्मि सिंह, शोभा यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, आभा महतो, बालमुकुंद सहाय, भानू प्रताप शाही, डॉ. प्रदीप वर्मा, सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू एवं गीता कोड़ा, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा एवं अमर कुमार बाउरी, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, शैलेन्द्र सिंह, सुनिता सिंह, अमरदीप यादव, कृष्णा महतो, अमित सिंह, मनीर उरांव एवं शालिनी बैसखियार, लवली गुप्ता, मुख्य सचेतक नवीन जयसवाल, रांची विधायक सीपी सिंह, दीपक बंका, हेमंत दास, संजीव विजयवर्गीय, योगेंद्र प्रताप सिंह, सूरज गुप्ता (चौरसिया), अशोक बड़ाइक, वरुण साहू, संदीप वर्मा, रमेश सिंह, संजय जायसवाल, ललित ओझा, सत्यनारायण सिंह, राकेश भास्कर, राजेंद्र मुंडा, इंद्रजीत यादव आदि सहित हजारों की संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।

*44 डिग्री तापमान के बीच लू का कहर, सुबह 10 बजे के बाद ओपीडी में सन्नाटा*

10 बजे तक पर्जी काउंटर पर काटे गए 575 पर्चे, दोपहर में मरीज नदारत

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में सूरज की तल्खी लगातार बढ़ने से गर्मी का सितम भी बढ़ने लगा है। तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पार कर गया। तेज धूप से बढ़ी तपिश में लोगों का जीना मुहाल हो गया है। सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। लू के थपेड़ों और कड़क धूप लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई। वहीं मौसम तल्ख होने के कारण जिला अस्पताल समेत 28 स्वास्थ्य केंद्रों पर सुबह 10 बजे के बाद सन्नाटा छा गया। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिन में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अंदेशा जताया है।धूप तेज होने के साथ ही अस्पतालों में मरीजों की संख्या कम होने लगी है। सुबह से ही मरीज दवा लेने के लिए कतार में लग जाते हैं। दोपहर में बाजार या आसपास के लोग ही अस्पताल पहुंचते हैं। दिन चढ़ने के साथ ही सूर्यदेव के तल्ख तेवर हो गए। दोपहर से पहले ही तेज धूप लोगों के शरीर के खुले हिस्सों को झुलसाने लगी। गर्मी से बचाव के लिए गमछा आदि लेकर बाहर निकले लोगों को भी राहत नहीं मिली। तपिश से तप रही सड़कें दोपहर के वक्त खाली रहीं। राहगीरों का चल पाना मुश्किल रहा। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के वरिष्ठ वैज्ञानिक ने डॉ. विश्वेंद्रु द्विवेदी ने बताया कि इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। दिन का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। रात का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन में तपिश, रात में उमस से लोग बेहाल हैं। गर्मी से बचाव का तरीका ढूंढ रहे हैं, लेकिन राहत मिलते नहीं दिख रहा है।जिला अस्पताल में दोपहर 10 बजे तक 575 पर्च काटे गए। कुल 703 ओपीडी रही। 11 से 12 के बीच में एक दुक्का मरीज नजर आए। इसके बाद सन्नाटा पसरा रहा। 12.30 बजे ओपीडी के प्रथम तल पर आठ से 10 मीज दिखे। वहीं दूसरे मंजिला त्वचा रोग विभाग में सिर्फ दो मरीज दिखे। जिन्हें जांच पड़ताल करके दवा दी गई। अस्पताल आने वाले मरीज, तीमारदारों को चिकित्सकीय सलाह है कि बिना काम के घरों से बाहर नहीं निकलें। नेत्र सर्जन डॉ. प्रदीप सिंह ने बताया कि लू चल रही है। सफर के दौरान चश्मा जरूर लगाएं। गमछा से सर को ढ़क कर रखें। धूल जाने से आंख लाल पड़ रही है।

गाजीपुर कांड पर राहुल गांधी का हमला, बोले- दोषी पुलिस पर कार्रवाई हो, उच्च स्तरीय जांच कराए सरकार

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में महिला के साथ बलात्कार और हत्या की घटना पर राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
राहुल गांधी ने कहा कि पीड़िता को तुरंत न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने हाथरस, कठुआ, उन्नाव और अब गाजीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक पैटर्न बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार पीड़िता दलित, पिछड़ी, आदिवासी या गरीब परिवार से होती है और अपराधियों को संरक्षण मिलता है।
उन्होंने मणिपुर की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक महिला न्याय की राह देखते-देखते दम तोड़ गई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सत्ता हर बार चुप रहती है और जिनसे बोलने की उम्मीद होती है, वे मौन रहते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि जिस देश में माता-पिता को अपनी बेटी की एफआईआर लिखवाने के लिए भीख मांगनी पड़े, उस सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इस सरकार के शासन में बेटियां इतनी असुरक्षित क्यों हैं। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसे हालात में न्याय मांगा नहीं जाता, बल्कि छीना जाता है और हम न्याय छीनकर लाएंगे।
गाजीपुर कांड पर राहुल गांधी का हमला, बोले- दोषी पुलिस पर कार्रवाई हो, उच्च स्तरीय जांच कराए सरकार

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में महिला के साथ बलात्कार और हत्या की घटना पर राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
राहुल गांधी ने कहा कि पीड़िता को तुरंत न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने हाथरस, कठुआ, उन्नाव और अब गाजीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक पैटर्न बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार पीड़िता दलित, पिछड़ी, आदिवासी या गरीब परिवार से होती है और अपराधियों को संरक्षण मिलता है।
उन्होंने मणिपुर की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक महिला न्याय की राह देखते-देखते दम तोड़ गई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सत्ता हर बार चुप रहती है और जिनसे बोलने की उम्मीद होती है, वे मौन रहते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि जिस देश में माता-पिता को अपनी बेटी की एफआईआर लिखवाने के लिए भीख मांगनी पड़े, उस सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इस सरकार के शासन में बेटियां इतनी असुरक्षित क्यों हैं। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसे हालात में न्याय मांगा नहीं जाता, बल्कि छीना जाता है और हम न्याय छीनकर लाएंगे।
जिलाधिकारी शैलेष कुमार व पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने के.एन.पी.जी. कॉलेज ज्ञानपुर में होमगार्ड भर्ती परीक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा
रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद में आयोजित होमगार्ड भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने शनिवार को के.एन.पी.जी. कॉलेज ज्ञानपुर पहुंचकर परीक्षा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की सुविधा तथा परीक्षा संचालन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का गहनता से अवलोकन किया। आज होमगार्ड परीक्षा में प्रथम पाली में अभ्यर्थियों की कुल 2496 उपस्थित 1841, व अनुपस्थित 655 रही। द्वितीय पाली में अभ्यर्थियों की संख्या 2496 में उपस्थित 1858 व अनुपस्थित 638 रही। इसी तरह आज दोनों पालियों में अनुपस्थित अभ्यर्थी कुल 1293 अनुपस्थित रहे।
      निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षकों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। परीक्षा केंद्र पर किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता क्षम्य नहीं होगी। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, सतर्कता एवं पारदर्शिता के साथ करें, ताकि परीक्षा सकुशल एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
जिलाधिकारी ने परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों के प्रवेश द्वार, पहचान पत्र जांच, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई तथा विद्युत आपूर्ति की स्थिति का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी मूलभूत सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि परीक्षा में शामिल होने आए अभ्यर्थियों के साथ सौम्य व्यवहार किया जाए तथा उन्हें आवश्यक जानकारी समय से उपलब्ध कराई जाए।
         पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने परीक्षा केंद्र पर तैनात पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखी जाए। केंद्र परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में सतत निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र के बाहर अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दी जाए तथा यातायात व्यवस्था भी सुचारु रखी जाए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा कक्षों का भ्रमण कर प्रश्नपत्र वितरण, उत्तर पुस्तिका व्यवस्था तथा कक्ष निरीक्षकों की उपस्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापक को निर्देश दिया कि परीक्षा प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से संचालित की जाए तथा किसी भी स्थिति में गोपनीयता भंग न होने पाए।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप भर्ती परीक्षाओं को पूरी निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए जनपद प्रशासन पूरी तरह सजग एवं प्रतिबद्ध है। उन्होंने अभ्यर्थियों से भी अपील की कि वे परीक्षा नियमों का पालन करें तथा अनुशासन बनाए रखें। निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रशासनिक अधिकारी, केंद्र व्यवस्थापक, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण से परीक्षा केंद्र पर मुस्तैदी और गंभीरता का वातावरण देखने को मिला। जनपद प्रशासन द्वारा की गई सुदृढ़ व्यवस्थाओं के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई गई।
पवन खेड़ा के समर्थन में उतरी कांग्रेस, जयराम रमेश बोले- न्याय की जीत होगी
नई दिल्ली। गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश उनके समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पूरी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पवन खेड़ा के साथ मजबूती से खड़ी है और हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की प्रक्रिया जारी है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कांग्रेस को विश्वास है कि धमकी, डराने-धमकाने और उत्पीड़न की राजनीति पर न्याय की जीत होगी।
दरअसल, गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराए गए आपराधिक प्रकरण से जुड़ा है।
बताया गया कि पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिंकी भुइयां सरमा पर कई पासपोर्ट रखने और विदेश में संपत्तियां होने का आरोप लगाया था। इसके बाद उनके खिलाफ गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया।
इसके बाद 7 अप्रैल को असम पुलिस ने दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के घर पर छापेमारी की। 10 अप्रैल को तेलंगाना हाईकोर्ट ने उन्हें एक सप्ताह की अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने उस फैसले पर रोक लगा दी। बाद में 21 अप्रैल को गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था और 24 अप्रैल को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
विदिशा में पलटा कोल्ड ड्रिंक ट्रक, घायल चालक तड़पता रहा और लोग माजा की बोतलें लूटते रहे

विदिशा। मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में सड़क हादसे के बाद मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई। भोपाल-सागर बाईपास पर गिरधर कॉलोनी के पास कोल्ड ड्रिंक से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में चालक घायल हो गया, लेकिन मदद करने के बजाय मौके पर मौजूद लोग ट्रक में भरी माजा की बोतलें लूटने में जुट गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक पलटते ही उसमें लदी कोल्ड ड्रिंक की बोतलें सड़क पर बिखर गईं। इसके बाद वहां मौजूद लोगों में बोतलें उठाने की होड़ मच गई। कई लोग बाइक, कार और अन्य वाहनों में बोतलें भरकर मौके से भागते नजर आए।

इस दौरान घायल चालक सड़क किनारे पड़ा मदद का इंतजार करता रहा, लेकिन शुरुआती समय में किसी ने उसकी सहायता नहीं की। कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को खदेड़कर स्थिति पर काबू पाया। हालांकि तब तक काफी मात्रा में कोल्ड ड्रिंक की बोतलें लूटी जा चुकी थीं।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद पहली प्राथमिकता घायल व्यक्ति को बचाने की होती है, लेकिन इस मामले में लोगों का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा। घायल चालक को बाद में उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

यह घटना न केवल सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में बढ़ती संवेदनहीनता को भी उजागर करती है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर लोगों से अपील की है कि किसी भी हादसे के समय पहले पीड़ितों की मदद करें और कानून का पालन करें।

भोपाल में छात्रा से पहचान छिपाकर दोस्ती, धर्म बदलकर शोषण का आरोप; पीड़िता तीन माह की गर्भवती

भोपाल। भोपाल के रातीबड़ इलाके में आईईएस विश्वविद्यालय की छात्रा के साथ पहचान छिपाकर दोस्ती करने और बाद में धर्म परिवर्तन के दबाव के साथ शोषण किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने खुद को हिंदू बताकर प्रेम संबंध बनाए और अब वह तीन माह की गर्भवती है।

पीड़िता के अनुसार, उसी कॉलेज में पढ़ने वाले आसिफ रजा ने अपना नाम आशीष पांडे बताकर उससे जान-पहचान बढ़ाई। विश्वास में लेकर आरोपी ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। जब छात्रा को उसकी असली पहचान पता चली, तो आरोपी ने कथित रूप से उसे ‘रखैल’ बनकर रहने का दबाव बनाया।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में आरोपी के दो दोस्त शाहजेब खान और सेफ शेख भी शामिल थे, जो उसे लगातार धमका रहे थे और चुप रहने का दबाव बना रहे थे।

पीड़िता ने महिला थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उसका कहना है कि जब उसने अपनी गर्भावस्था और धर्म बदलकर शोषण की बात बताई, तो पुलिस अधिकारियों ने इसे हिंदू-मुस्लिम मामला न बनाने और आपसी समझौते की सलाह दी।

पीड़िता का दावा है कि बजरंग दल के हस्तक्षेप के बाद मामला दर्ज किया गया, लेकिन दो आरोपियों को पकड़ने के बाद बिना ठोस कार्रवाई के छोड़ दिया गया।

वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने भी पीड़िता को न्याय दिलाने की पहल की है। समिति के संरक्षक समशुल हसन ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अमेरिका में नौकरी पाना होगा मुस्किल! ट्रंप के सांसदों ने संसद में पेश H-1B वीजा को रोकने का बिल

#donaldtrumpaidesmovebilluscongresstopauseh1bvisaprogrammeforthree years

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में बीते एक वर्षों में विदेशियों के प्रवास का मुद्दा गर्माया हुआ है। ट्रंप प्रशासन न सिर्फ अवैध प्रवासियों, बल्कि अब वैध तौर पर अमेरिका में काम के लिए जाने वाले लोगों को भी निशाना बना रहा है। इसी बीच ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सांसदों ने अमेरिकी संसद में एच-1बी वीजा पर रोक लगाने का प्रस्ताव पेश किया है।

बिल में आश्रितों को लाने की अनुमति नहीं देने का प्रस्ताव

एरिजोना से सांसद एली क्रेन ने ‘एंड एच-1बी वीजा एब्यूज एक्ट ऑफ 2026’ पेश किया, जिसे सात अन्य रिपब्लिकन सांसदों ने भी समर्थन दिया है। विधेयक में एच-1बी कार्यक्रम में सुधारों का प्रस्ताव है, जिसमें वार्षिक सीमा को 65,000 से घटाकर 25,000 करना, न्यूनतम वेतन 2,00,000 अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष निर्धारित करना और एच-1बी वीजा धारकों को आश्रितों को अमेरिका लाने की अनुमति नहीं देना शामिल है।

अमेरिकी कर्मचारी का ना मिलना करना होगा साबित

बिल में एच-1बी कार्यक्रम में लॉटरी प्रणाली को वेतन-आधारित चयन प्रणाली से बदलने के साथ ही नियोक्ताओं को यह प्रमाणित करना अनिवार्य होगा कि उन्हें कोई योग्य अमेरिकी कर्मचारी नहीं मिल पा रहा है और उन्होंने छंटनी नहीं की है। एच-1बी कर्मचारियों को एक से ज्यादा नौकरियां करने से रोकना और तृतीय-पक्ष भर्ती एजेंसियों की ओर से उन्हें रोजगार देने पर प्रतिबंध लगाना शामिल है।

विधेयक पारित हुआ तो भारत पर क्या होगा असर?

अगर अमेरिकी संसद में रखा गया एंड एच-1बी वीजा अब्यूज एक्ट पारित हो जाता है, तो भारत पर इसका नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। क्योंकि एच-1बी वीजा हासिल करने वालों में भारत का पहला स्थान है। भारतीय पेशेवर एच-1बी कार्यक्रम के सबसे बड़े लाभार्थी हैं। वित्त वर्ष 2024 के आंकड़ों के मुताबिक, कुल मंजूर 3,99,395 एच-1बी याचिकाओं में से 71% (करीब 2.83 लाख वीजा) सिर्फ भारतीयों को मिले थे। वर्ष 2015 से 70 प्रतिशत से ज्यादा एच-1बी वीजा से जुड़ी मंजूरी भारतीयों को ही मिल रही है। अगर यह विधेयक पारित होता है तो अमेरिका में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए एफ-1 (स्टूडेंट वीजा) से ओपीटी (छात्रों को काम करने की मंजूरी देने वाला कार्यक्रम) संकट में पड़ जाएगा। इसके अलावा एच-1बी और अंत में ग्रीन कार्ड तक पहुंचने का दशकों पुराना स्थापित मार्ग पूरी तरह से टूट जाएगा। इस विधेयक के चलते भारतीय पेशेवरों के अमेरिका में नौकरी के लिए प्रवेश पर या तो पूरी तरह रोक लग जाएगी या इसमें भारी देरी होगी।

AIRF की पहल रंग लाई: रेलवे बोर्ड ने की-मैन की ड्यूटी को लेकर जारी किए सख्त निर्देश, P-Way मैनुअल 2024 का पालन अनिवार्य

ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन द्वारा ताल कटोरा स्टेडियम नई दिल्ली में ट्रैकमेन्टेनर्स महासम्मेलन आयोजित कर ट्रैकमेन्टेनर्स के हितों और मांगों पर रेलमंत्री के समक्ष जोरदार आवाज उठाते ही इस संघर्ष का असर दिखने लगा है।

उक्त जानकारी देते हुए एआईआरएफ वर्किंग कमिटी मेम्बर एवं ईसीआरकेयू के अपर महामंत्री मो ज़्याऊद्दीन ने बताया है कि अब की मैन की ड्यूटी में पूर्व अधिसूचित इंडियन रेलवे पी वे मैनुअल 2024 के पैरा 115 और 116 का सख्ती से पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है।

मो ज़्याऊद्दीन ने बताया कि ईसीआरकेयू ने रेलवे की मैन की डियूटी में निर्धारित मैनुअल का हो सख़्ती से पालन के लिए बोर्ड स्तर पर विभिन्न बैठकों में आवाज उठाई थी। पिछले दिनों आयोजित ट्रैकमेन्टेनर्स महासम्मेलन में भी यह बात एआईआरएफ के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने रेलमंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के समक्ष अपने संबोधन में उठाया और ट्रैक पर काम करने वाले ट्रैकमेन्टेनर्स सहित अन्य कटेगरियों की जान-माल की सुरक्षा की ओर सख्त और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग रखी। इस पर पहल करते हुए रेलवे बोर्ड के सिविल इंजीनियर प्लानिंग के निदेशक श्री सौरभ जैन ने पत्र संख्या - 2023/सी ई टू / सेफ्टी/ इंस्ट्रक्शन जारी करते हुए सभी जोन्स के प्रधान मुख्य इंजीनियर्स को निर्देश दिए हैं कि इंडियन रेलवे पी वे मैनुअल 2024 के पैरा 115 और 116 का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है। इसके अनुसार सुबह एक राउंड निरीक्षण करना होगा अप लाइन से जाकर डाउन लाइन से वापस आना होगा या इसके विपरीत। की मैन को हमेशा ट्रेन परिचालन की दिशा के विपरीत चलना होगा ।

इसके अलावा केवल ट्रैकमेन्टेनर्स वन को ही की मैन के कार्य में लगाया जाएगा । आवश्यकता पड़ने पर केवल वरीय, अनुभवी और सक्षम ट्रैकमैन को ही यह ड्यूटी दी जाएगी । साथ ही, सभी जोनल रेलवे को की मैन के कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक सुधार करने का भी निर्देश जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि कार्य सम्पादन के दरम्यान होने वाले रन ओवर के मामले को नियंत्रित करने एवं ट्रैकमेन्टेनर्स की सुरक्षा के लिए इन निर्देशों का अनुपालन जोनल रेलवे प्रशासन द्वारा किया जाना बहुत जरूरी है।

रांची में ‘नारी शक्ति वंदन’ पर गरजीं महिलाएं : इंडी गठबंधन के विरोध में हजारों का आक्रोश मार्च

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन और कांग्रेस, jmm सहित पूरे इंडी गठबंधन के नेताओं के नकारात्मक रवैये के विरोध में आज राजधानी रांची में हजारों महिलाओं द्वारा ‘महिला आक्रोश मार्च के तहत पदयात्रा’ निकाली गई। अन्याय, असुरक्षा और अपमान के खिलाफ यह सिर्फ एक मार्च नहीं, बल्कि बदलाव की हुंकार थी।

मोरहाबादी मैदान से अलबर्ट एक्का चौक तक निकलने वाले “महिला आक्रोश मार्च” में हजारों की संख्या में शामिल होकर महिलाओं ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया और अधिकारों की इस मुहिम को मजबूती दी। चिलचिलाती गर्मी भी महिलाओं के उत्साह और आक्रोश को कम नहीं कर पाया। पहले मोराबादी मैदान में राज्य भर से हजारों की संख्या में आई महिलाएं एकत्रित हुईं। मोराबादी में एक विशाल सभा का आयोजन किया गया।

इस आक्रोश मार्च का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने किया। सभा के तत्पश्चात मोराबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक महिलाओं द्वारा पदयात्रा की गई। मोराबादी मैदान से लेकर मेन रोड तक राजधानी रांची की सड़कें नारी शक्ति के नारों से गूंज उठा। सड़कों पर उमड़ा मातृशक्ति का भारी जनसैलाब साफ बता रहा है कि अब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए सजग, संगठित और मुखर हो चुकी हैं। इस आंच में विपक्षियों का भस्म होना निश्चित है।

इस आंदोलन में शामिल हर महिला की आंखों में आक्रोश साफ झलक रहा था। हाथों में इंडी गठबंधन के खिलाफ लिखी तख्तियां और दिल में दृढ़ संकल्प लिए इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया कि वे अब किसी कीमत पर चुप रहने वाली नहीं हैं। आक्रोश मार्च के माध्यम से अपनी दमदार उपस्थिति दिखाकर महिलाओं ने साफ कर दिया है कि रांची की इस धरती से उठी यह आवाज दूर तलक जाएगी और हर उस सोच को चुनौती देगी जो महिलाओं को अबला समझती हैं।

इस दौरान मोराबादी में सभा को भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया।

देश की राजनीति से साफ हो जाएंगे इंडी गठबंधन वाले : अन्नपूर्णा देवी

महिला अपमान का इंडी गठबंधन को आने वाले चुनाव में मिलेगा करारा जवाब : केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने मौके पर कहा कि 2014 से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को लगातार आर्थिक और सामाजिक रूप से समृद्ध करते आ रहे हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के माध्यम से उन्होंने जागरूकता फैला कर बेटियों को सशक्त किया है। अब बारी महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त करने की थी, इसी के तहत 16, 17, 18 अप्रैल को को संसद में महिला आरक्षण बिल पर विशेष सत्र आहूत था। लेकिन कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित होने नहीं दिया।

इस दौरान चर्चा के दौरान विपक्ष की सारी शंकाओं को गृह मंत्री और प्रधानमंत्री ने दूर करने का काम किया। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की मानसिकता महिला विरोधी रही है। विपक्ष ने विधेयक के खिलाफ न केवल मतदान किया बल्कि मेज थपथपाकर जश्न मनाया गया। इस प्रकार नारियों का अपमान करने का काम इंडी गठबंधन के द्वारा किया गया। इनकी मानसिकता लटकाने भटकाने की रही है । यह लोग कभी नहीं चाहते कि किसी साधारण परिवार की महिलाएं लोकसभा विधानसभा का प्रतिनिधित्व करे, ये नहीं चाहते कि महिलाओं को उनका हक मिले, यह कभी नहीं चाहते कि नीति निर्धारण में महिलाएं अपनी भूमिका निभाए।

देश की महिलाओं के साथ इन्होंने धोखा किया है। आने वाले चुनाव में इसका करारा जवाब मिलेगा। महिलाएं अब केवल वोट बैंक नहीं रही, महिलाएं निर्णायक भूमिका निभाना भी बख़ूबी जानती हैं। पीएम ने लखपति दीदी बनाकर महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध किया है। हर क्षेत्र में महिलाएं आज परचम लहरा रही हैं। देश स्तर पर इंडी गठबंधन का महिलाओं द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस की हमेशा महिला विरोधी नीति रही है।

फिर एक बार महिलाओं का अपमान महिला आरक्षण बिल को गिराकर किया गया है। इसका खामियाजा इंडी गठबंधन को भुगतना होगा। आने वाले समय में देश की राजनीति से इंडी गठबंधन के लोग साफ हो जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के साथ हमेशा खड़े रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने महिला आक्रोश यात्रा में भागीदारी निभाने के लिए सभी महिलाओं का आभार जतलाया।

कांग्रेस, jmm सहित पूरा इंडी गठबंधन बहुरुपिया, इनसे सावधान रहने की जरूरत : आदित्य साहू

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर कांग्रेस सहित विपक्षियों ने किया घोर पाप : प्रदेश अध्यक्ष

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब परिवार से आते हैं, इसलिए महिलाओं का दर्द उन्हें पता है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर कांग्रेस सहित विपक्षियों ने घोर पाप करने का काम किया है। इंडी गठबंधन के नेताओं के घर की महिलाओं के मन में भी इनके इस महिला विरोधी रवैये से गुस्सा है लेकिन उनकी मजबूरी है कि वह कुछ बोल नहीं सकती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि हमारी दीदियाँ भी सांसद बनें, विधायक बनें, लेकिन ये कांग्रेसी इसका विरोध करने का काम करते हैं। कांग्रेस पार्टी केवल सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की तो झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सिर्फ कल्पना सोरेन की चिंता करते हैं, हमारी बेटियों-बहनों की चिंता ये नहीं करते हैं। पिछले कई दिनों से झारखंड की धरती पर बेटियों-बहनों के साथ अन्याय और अत्याचार हो रहा है। तीन वर्ष की बच्ची को भी लोगों ने दुष्कर्म करने से नहीं छोड़ा है। पुलिस-प्रशासन सिर्फ कोरम पूरा करके मामलों को दबाने का काम करती है। मईया योजना के नाम पर राज्य सरकार ढकोसला कर रही है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि कांग्रेसी जब गांव जाकर गुमराह करने का प्रयास करें तो उन्हें खदेड़ने की जरूरत है। 33% आरक्षण मामले में राज्य में कांग्रेसी आज भी गुमराह करने का काम कर रहे हैं। 33 की जगह 50% आरक्षण पर भी केंद्र सरकार तैयार हो जाती है परंतु इंडी गठबंधन वालों का मकसद होता है कि कभी भी महिलाओं का विकास नहीं हो। यह सिर्फ महिला आरक्षण के नाम पर दिखावा करते हैं। ऐसे ठग़बाजों से सावधान होने की जरूरत है। जब भी चेहरा बदलकर आपके बीच ये बहुरूपिया जाएं तो इन्हें खदेड़ने की जरूरत है। महिला आरक्षण पर कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन का राग केवल दिखावा है, इनका मन कभी साफ नहीं रहा है। केवल ये लोग वोट लेने का काम करते हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने महिलाओं से आह्वान करते हुए कहा कि इन बहुरूपियों को सबक सिखाना जरूरी है। जब भी आपको गुमराह करने जाएं उन्हें भगाने का काम कीजिए। अब इनकी नाटकबाजी पर पूर्ण विराम लगनी चाहिए। कांग्रेस ने महिलाओं के साथ घोर अन्याय किया है। Jmm जो कांग्रेस के समर्थन से यहां सरकार चला रही है उसने भी महिलाओं का विरोध करने का काम किया है। इसलिए झामुमो को भी सबक सिखाने की जरूरत है। यह लोग बहुरूपिया हैं, ठग हैं, जुमलेबाज हैं। भविष्य में जो भी चुनाव हो चाहे वह पंचायत चुनाव या कोई भी चुनाव हो, इन्हें सबक सिखाने की जरूरत है। प्रदेश अध्यक्ष ने सभी से पीएम द्वारा झारखंड के पंचायतों को भेजे गए पैसे से किए जा रहे विकास कार्यों की निगरानी करने का भी आग्रह किया।

इंडी गठबंधन के लोग आधी आबादी के गुस्से में जलकर हो जाएंगे स्वाहा : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने महिलाओं को नीति निर्धारण में उनकी 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तीन दिनों का विशेष सत्र बुलाया था। परंतु अफसोस कि कांग्रेस और झामुमो सहित इंडी गठबंधन ने इस विधेयक पर साथ नहीं दिया और इसके विरोध में वोट कर दिया। पीएम मोदी महिलाओं को जो हक देने वाले थे, महिलाएं उससे वंचित रह गई। देश की भांति झारखंड में भी महिलाओं में विपक्ष के प्रति इसको लेकर भारी आक्रोश है। आज इसी के तहत राजधानी रांची के सड़कों पर महिलाओं दर्द और गुस्सा देखने को मिल रहा है। महिलाओं के इस गुस्से और दर्द को अभी भी इंडी गठबंधन वालों ने नहीं पहचाना और सचेत नहीं हुए तो इंडी गठबंधन के लोग आने वाले समय में आधी आबादी के इसी गुस्से में जलकर स्वाहा हो जाएंगे, वह कहां गायब हो जाएंगे ढूंढने से भी उनका पता नहीं चलेगा। श्री मरांडी ने कहा कि यह लोग घर के महिलाओं को ही सिर्फ महिला समझते हैं। बाकी देश की महिलाओं को समान भागीदारी मिले, इससे इन्हें काफी दर्द होता है। गृह मंत्री ने 50% सीट बढ़ाने की बात कही थी। इससे झारखंड में भी सीटें बढ़ती, स्वाभाविक है कि महिलाओं के लिए भी अधिक आरक्षण मिल पाता। दलित, आदिवासियों, नौजवानों को भी प्रतिनिधित्व मिलता। झारखंड विधानसभा से भी इसके लिए कई बार प्रस्ताव पारित हुआ है। पूर्व सीएम रघुवर दास, अर्जुन मुंडा के कार्यकाल में प्रस्ताव पारित किया गया। Jmm भी कई मौकों पर सीट बढ़ाने की वकालत करती रही है। लेकिन जब सीटों को बढ़ाने का मौका आया तो jmm में भी इसका विरोध किया। आज लोकसभा की सीट भी बढ़ती। इंडी गठबंधन वालों का चेहरा पूरी तरह उजागर हो चुका है। श्री मरांडी ने आधी आबादी की चिंता करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार भी प्रकट किया।

मातृशक्ति के साथ कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने किया है महापाप : संजय सेठ

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि मातृशक्ति के साथ कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने महापाप किया है। रांची की सड़कों पर महिलाओं की आज की भीड़ देखकर सभी विपक्षी दलों की चूलें हिलनी तय है। 16 17 अप्रैल की तिथि देश के इतिहास में ऐतिहासिक हो जाती, अगर 33% आरक्षण वाला बिल पास हो गया होता और महिलाओं को उनका अधिकार मिल गया होता। बाबा साहब अंबेडकर ने भी कहा है कि जब तक आधी आबादी को सत्ता में, सरकार में उनकी भागीदारी नहीं मिल जाती तब तक देश का विकास अधूरा ही माना जाएगा। इसी प्रेरणा के कारण प्रधानमंत्री मोदी ने यह विधेयक लाया। परंतु परिवारवादी पार्टियों ने सोचा कि जब देश की असंख्य महिलाओं को आरक्षण मिल जाएगा तो उनके परिवार की महिलाओं का क्या होगा ? इंडी गठबंधन ने मातृशक्ति के साथ धोखेबाजी की है। जब बिल संसद में गिरा तो यह लोग जश्न मना रहे थे। देश की महिलाएं इस अपमान को भूली नहीं हैं, इसका बदला आधी आबादी लेकर ही रहेगी।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित छुटनी महतो ने कहा पिछले 30 वर्षों में कांग्रेस जो काम नहीं कर पाई, हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने उसे मात्र दो दिनों में करके दिखाया। हम स्वयं 15, 16 और 17 अप्रैल को संसद भवन गए थे, जहाँ महिला आरक्षण कानून लागू होना था। लेकिन कांग्रेस ने इसे पारित नहीं होने दिया, जिससे मैं अत्यंत दुखी हूँ। हम सभी महिलाएँ अब कभी भी कांग्रेस के पास नहीं जाएँगी।

हम भाजपा के साथ रहेंगे। चाहे हम लोग भूखे क्यों न मर जाएँ, लेकिन हम कांग्रेस का समर्थन नहीं करेंगे। मैं 17 अप्रैल को देखी, भाजपा जो भी सकारात्मक कार्य कर रही है, उसका राहुल गांधी द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस चाहे कुछ भी करे, हमारा समर्थन भाजपा के साथ ही रहेगा।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित जमुना टुडू ने कहा कि 70 साल से कांग्रेस ने देश पर राज किया लेकिन आज तक महिलाओं के अधिकार के लिए कुछ नहीं किया। पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रयास किया तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया। हम महिलाएं राहुल गांधी को बताना चाहते हैं कि आप कुछ भी करिए, हम लोग अधिकार व सम्मान लेकर रहेंगे। हमें अधिकार छिनना आता है।

कोडरमा की विधायक नीरा यादव ने कहा कि नारी शक्ति भीख मांगकर नहीं बल्कि छीनकर हक लेना जानती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मातृशक्ति के लिए जो उल्लेखनीय कार्य किया है, वह सराहनीय है। झामुमो नीम है तो कांग्रेस करेला, इनके बहकावे में नहीं आना है। नारी शक्ति के बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता है। नारी शक्ति के साथ विपक्ष ने जो राजनीतिक सुलूक किया है, नारी शक्ति समय पर अपने अपमान का बदला लेना जानती है।

रांची की महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि आज विपक्ष के कारण आधी आबादी रोड पर उतरने को मजबूर है। विपक्ष के लोग सिर्फ छलना और ठगना जानते हैं। जब महिलाओं को राजनीतिक सम्मान मिलने की बारी आई तो विपक्ष ने महिलाओं के साथ ठगने और छल करने का काम किया है। नारी अबला नहीं, सबला है। नारियों को इंडी गठबंधन वालों ने केवल वोट बैंक समझा है। इंडी गठबंधन वाले नारियों को कमजोर समझने की भूल कर बैठे हैं। अब गुहार नहीं, उलगुलान होगा।

इस दौरान कार्यक्रम का संचालन पूर्व सांसद गीता कोड़ा और सीमा सिंह ने किया। जबकि कार्यक्रम में संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, चंपई सोरेन, मधु कोड़ा, विधायक पूर्णिमा साहू, मंजू देवी, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, पलामू की महापौर अरुणा शंकर, सुनीता सिंह, सीमा शर्मा, मीरा मुंडा, मीरा प्रवीण सिंह, आरती सिंह, आरती कुजूर, रश्मि सिंह, शोभा यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, आभा महतो, बालमुकुंद सहाय, भानू प्रताप शाही, डॉ. प्रदीप वर्मा, सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू एवं गीता कोड़ा, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा एवं अमर कुमार बाउरी, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, शैलेन्द्र सिंह, सुनिता सिंह, अमरदीप यादव, कृष्णा महतो, अमित सिंह, मनीर उरांव एवं शालिनी बैसखियार, लवली गुप्ता, मुख्य सचेतक नवीन जयसवाल, रांची विधायक सीपी सिंह, दीपक बंका, हेमंत दास, संजीव विजयवर्गीय, योगेंद्र प्रताप सिंह, सूरज गुप्ता (चौरसिया), अशोक बड़ाइक, वरुण साहू, संदीप वर्मा, रमेश सिंह, संजय जायसवाल, ललित ओझा, सत्यनारायण सिंह, राकेश भास्कर, राजेंद्र मुंडा, इंद्रजीत यादव आदि सहित हजारों की संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।

*44 डिग्री तापमान के बीच लू का कहर, सुबह 10 बजे के बाद ओपीडी में सन्नाटा*

10 बजे तक पर्जी काउंटर पर काटे गए 575 पर्चे, दोपहर में मरीज नदारत

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में सूरज की तल्खी लगातार बढ़ने से गर्मी का सितम भी बढ़ने लगा है। तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पार कर गया। तेज धूप से बढ़ी तपिश में लोगों का जीना मुहाल हो गया है। सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। लू के थपेड़ों और कड़क धूप लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई। वहीं मौसम तल्ख होने के कारण जिला अस्पताल समेत 28 स्वास्थ्य केंद्रों पर सुबह 10 बजे के बाद सन्नाटा छा गया। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिन में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अंदेशा जताया है।धूप तेज होने के साथ ही अस्पतालों में मरीजों की संख्या कम होने लगी है। सुबह से ही मरीज दवा लेने के लिए कतार में लग जाते हैं। दोपहर में बाजार या आसपास के लोग ही अस्पताल पहुंचते हैं। दिन चढ़ने के साथ ही सूर्यदेव के तल्ख तेवर हो गए। दोपहर से पहले ही तेज धूप लोगों के शरीर के खुले हिस्सों को झुलसाने लगी। गर्मी से बचाव के लिए गमछा आदि लेकर बाहर निकले लोगों को भी राहत नहीं मिली। तपिश से तप रही सड़कें दोपहर के वक्त खाली रहीं। राहगीरों का चल पाना मुश्किल रहा। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के वरिष्ठ वैज्ञानिक ने डॉ. विश्वेंद्रु द्विवेदी ने बताया कि इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। दिन का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। रात का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन में तपिश, रात में उमस से लोग बेहाल हैं। गर्मी से बचाव का तरीका ढूंढ रहे हैं, लेकिन राहत मिलते नहीं दिख रहा है।जिला अस्पताल में दोपहर 10 बजे तक 575 पर्च काटे गए। कुल 703 ओपीडी रही। 11 से 12 के बीच में एक दुक्का मरीज नजर आए। इसके बाद सन्नाटा पसरा रहा। 12.30 बजे ओपीडी के प्रथम तल पर आठ से 10 मीज दिखे। वहीं दूसरे मंजिला त्वचा रोग विभाग में सिर्फ दो मरीज दिखे। जिन्हें जांच पड़ताल करके दवा दी गई। अस्पताल आने वाले मरीज, तीमारदारों को चिकित्सकीय सलाह है कि बिना काम के घरों से बाहर नहीं निकलें। नेत्र सर्जन डॉ. प्रदीप सिंह ने बताया कि लू चल रही है। सफर के दौरान चश्मा जरूर लगाएं। गमछा से सर को ढ़क कर रखें। धूल जाने से आंख लाल पड़ रही है।