संत रविदास जयन्ती पर मानवता की मिसाल

प्रज्ञा हॉस्पिटल शंकरगढ़ की पहल मरीजों में बांटे फल व कम्बल

संजय द्विवेदी।प्रयागराज।यमुनानगर क्षेत्र के शंकरगढ़ स्थित प्रज्ञा हॉस्पिटल के डायरेक्टर की मां कुसुम सिंह ने संत शिरोमणि रविदास जयंती के अवसर पर मरीजों में फल और कंबल का वितरण करते हुए उनके जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई। इस अवसर पर कुसुम सिंह ने कहा कि संत रविदास जी ने समाज में व्याप्त जाति के आधार पर शोषण भेदभाव और जन्म आधारित श्रेष्ठता को नकारा था। उनकी शिक्षाएं हमें मानवता की सेवा और सामाजिक समरसता की ओर प्रेरित करती है।संत रविदास जी के वचनों को आत्मसात करते हुए मानव सेवा के उद्देश्य से कार्य करना चाहिए। उनके द्वारा संत रविदास जी के जीवन और शिक्षाओं पर चर्चा की गई, समाज में समरसता और भाईचारे का संदेश दिया गया।इस अवसर पर अस्पताल के डायरेक्टर डॉक्टर प्रभाकर सिंह ने कहा कि संत रविदास एक महान समाज सुधारक थे। देश में व्याप्त अंधविश्वास, जातिवाद और पाखंड के खिलाफ समाज के निर्माण में अतुलनीय योगदान है। उनका मानना था कि व्यक्ति का आधार एवं सम्मान कर्म के आधार पर करनी चाहिए जन्म के आधार पर कोई पूज्यनीय नहीं होता है। जाति एक ऐसा रोग है जिसने भारतीयों के मनुष्यता को नाश कर दिया है, जाति इंसान को इंसान नहीं रहने देती उसे ऊंच-नीच में बांट देती है। इस मौके पर मौजूद उग्रसेन द्विवेदी ने कहा कि एक आदर्श एवं समता मूलक समाज को महापुरुषों के विचारों को समाज में स्थापित करने से ही होगा। जब तक सभी वर्गों से बिना भेदभाव के भारत के विकास में भागीदारी सुनिश्चित नहीं किया जाएगा तब तक देश का विकास देश की एकता, एकजुटता और अखंडता सुनिश्चित नहीं हो सकती है। कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से उग्रसेन द्विवेदी, वीरेंद्र प्रजापति, दिवाकर, प्रमोद, शमशाद, रेखा सिंह, प्रियांशु सिंह, संगीता पाल, सुलेखा सिंह एवं अस्पताल के समस्त स्टाफ मौजूद रहे।
रांची: मैट्रिक परीक्षा को लेकर 75 केंद्रों पर निषेधाज्ञा लागू; 200 मीटर की परिधि में 5 से अधिक व्यक्तियों के जुटने पर पाबंदी

रांची, 02 फरवरी 2026: झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) द्वारा आयोजित माध्यमिक वार्षिक परीक्षा-2026 के सफल और कदाचार मुक्त संचालन को लेकर रांची जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। रांची के विभिन्न 75 परीक्षा केंद्रों के आसपास विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी (SDO), सदर द्वारा BNSS की धारा-163 (पूर्व में धारा-144) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।

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परीक्षा की समय-सारणी और सुरक्षा घेरा

यह निषेधाज्ञा 03 फरवरी 2026 से 17 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में प्रतिदिन सुबह 06:45 बजे से रात 08:20 बजे तक यह आदेश लागू रहेगा। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

इन गतिविधियों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध:

निषेधाज्ञा के दौरान परीक्षा केंद्रों के पास निम्नलिखित कार्यों पर रोक रहेगी:

भीड़ पर रोक: 5 या उससे अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना वर्जित है (सरकारी कर्मियों और शवयात्रा को छोड़कर)।

लाउडस्पीकर पर पाबंदी: किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र (Loudspeaker) का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा।

हथियार ले जाने पर रोक: लाठी-डंडा, तीर-धनुष, भाला या किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र (बंदूक, रिवॉल्वर, बम-बारूद) लेकर चलने पर प्रतिबंध है।

सभा पर रोक: किसी भी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन प्रतिबंधित रहेगा।

छात्रों और अभिभावकों से अपील

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। छात्रों को तनावमुक्त माहौल देने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है।

कांटाटोली–सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर: उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने दिए निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश; एक हफ्ते में शिफ्ट होंगे चिन्हित

राँची, 02 फरवरी 2026: राँची के उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज कांटाटोली–सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर के निर्माण कार्य की प्रगति को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समाहरणालय में आयोजित इस बैठक में परियोजना की वर्तमान स्थिति, भू-अर्जन और यातायात प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

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समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करना प्राथमिकता

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि यह फ्लाईओवर राँची शहर की ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए एक "लाइफलाइन" साबित होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि परियोजना को हर हाल में निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। बैठक के दौरान उन्होंने कार्य में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय (Coordination) के साथ काम करने को कहा।

12 भवनों की शिफ्टिंग और यूटिलिटी कार्य

समीक्षा के दौरान नगर निगम के अंतर्गत आने वाले 12 भवनों के वैल्यूएशन और शिफ्टिंग की स्थिति पर चर्चा हुई। संबंधित अधिकारियों ने उपायुक्त को आश्वस्त किया कि इन भवनों को एक सप्ताह के भीतर शिफ्ट कर दिया जाएगा, ताकि निर्माण कार्य निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके। इसके अलावा यूटिलिटी शिफ्टिंग (बिजली के खंभे, पाइपलाइन आदि) को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।

ट्रैफिक प्रबंधन पर विशेष जोर

फ्लाईओवर निर्माण के दौरान आम जनता को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए उपायुक्त ने ट्रैफिक पुलिस और संबंधित अधिकारियों को बेहतर ट्रैफिक डायवर्जन प्लान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में नगर प्रशासक सुशांत गौरव, सिटी एसपी पारस राणा, ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह और एसडीओ सदर कुमार रजत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

एसआरएन अस्पताल के युवा कार्डियोलॉजिस्टो ने तीन मरीजो को दिया नया जीवन।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।एसआरएन अस्पताल के युवा कार्डियोलॉजिस्ट डॉ.विमल निषाद डॉ.वैभव श्रीवास्तव और डॉ.ऋषिका पटेल ने जटिल हृदय रोगों से पीड़ित तीन मरीजों का सफल इलाज कर उन्हें नया जीवन दिया।

पहला मरीज 58 वर्षीय पुरुष है जो कोरांव के निवासी है।वे ब्लैडर आउटलेट ऑब्स्ट्रक्शन से पीड़ित थे, लेकिन हृदय में 32 मिमी के छेद (एएसडी) के कारण कोई भी सर्जन उन्हें ऑपरेशन के लिए तैयार नहीं था, क्योंकि मरीज हाई कार्डियक रिस्क में था।पिछले एक वर्ष से वे लगातार परेशान थे। डॉक्टरों की टीम ने बिना किसी सर्जिकल चीड़-फाड़ के 40 मिमी के डिवाइस से हृदय का छेद सफलतापूर्वक बंद किया। अब एएसडी क्लोज़र हो जाने के बाद तीन महीने के भीतर मरीज का ब्लैडर आउटलेट ऑब्स्ट्रक्शन का ऑपरेशन सुरक्षित रूप से किया जा सकेगा।दूसरी मरीज फूलपुर की 52 वर्षीय महिला हैं, जिनके हृदय में 31 मिमी का छेद था। इसके कारण उनका दाहिना हृदय फेल हो चुका था और लीवर में कंजेशन की वजह से गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं। डॉक्टरों ने दाहिनी जांघ की मोटी नस के माध्यम से 38 मिमी के डिवाइस से बिना चीड़-फाड़ के हृदय का छेद बंद किया। दोनों मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ हैं। चिकित्सकों के अनुसार 3 से 6 महीनों में राइट हार्ट फेल्योर और लीवर की स्थिति में भी स्पष्ट सुधार होगा।इसके अलावा 25 वर्षीय युवक जो जारी का निवासी है पिछले तीन वर्षों से सांस फूलने और दिल की धड़कन से परेशान था तथा पिछले तीन महीनों से टीबी की दवाएं ले रहा था।कुम्भ मेले में अपनी मां के साथ कल्पवास के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे हार्ट फेल्योर की स्थिति में एस आर एन अस्पताल लाया गया।जांच में टीबी की पुष्टि नहीं हुई, बल्कि मरीज में गम्भीर माइट्रल स्टेनोसिस पाई गई,जिससे हृदय का बायां वाल्व सिकुड़ गया था।मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.वी.के. पांडेय ने आर्थिक सहायता प्रदान कर मरीज का बैलून माइट्रल वॉल्वोटॉमी निःशुल्क कराया। सफल उपचार के बाद युवक की हालत में तेजी से सुधार हुआ।वर्तमान में तीनों मरीज स्वस्थ हैं और चिकित्सकीय निगरानी में हैं।

जिज्ञासा कप सीजन-1 का फाइनल: असरफी ने एनजेएस तेलीबाग को हराकर ट्रॉफी पर जमाया कब्ज़ा
लखनऊ। जिज्ञासा कप सीजन-1 का फाइनल मुकाबला आज एनजेएस तेलीबाग और असरफी टीम के बीच खेला गया। रोमांच से भरपूर इस मुकाबले में असरफी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया।

टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी असरफी की टीम ने कसी हुई गेंदबाजी का शानदार नमूना पेश किया। असरफी के गेंदबाजों के आगे एनजेएस तेलीबाग की पूरी टीम 135 रन पर सिमट गई। एनजेएस तेलीबाग की ओर से आशुतोष पांडे ने 28 गेंदों में 37 रन और आयुष पासवान ने 23 गेंदों में 25 रन की अहम पारी खेली।

असरफी की गेंदबाजी में आशुतोष सिंह ने घातक प्रदर्शन करते हुए 4 विकेट झटके, जबकि मो. वैस ने भी 2 विकेट हासिल कर विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी असरफी की टीम ने संघर्षपूर्ण अंदाज में खेलते हुए 9 विकेट खोकर 136 रन बनाए और मुकाबला जीतकर जिज्ञासा कप सीजन-1 की चैंपियन बनी।

*मैन ऑफ द मैच*

आशुतोष सिंह
(शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन – 4 विकेट)
उत्तर प्रदेश का गौरव बने प्रयागराज के डॉ. दीपक कुमार त्रिपाठी

राष्ट्रीय सफलता से अन्तरराष्ट्रीय मंच तक—पैरा डार्ट्स चैंपियनशिप मलेशिया के लिए चयन

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।दिव्यांगजन सशक्तिकरण खेल प्रतिभा और मानवीय संकल्प के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के लिए यह अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि प्रयागराज स्थित नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय जमुनीपुर के विशेष शिक्षा विभाग में कार्यरत सहायक आचार्य डॉ.दीपक कुमार त्रिपाठी ने पैरा डार्ट्स के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि अर्जित की है।इंडियन डिसएबिलिटी डार्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय पैरा डार्ट्स चैंपियनशिप 2026 जो 31 जनवरी एवं 1 फरवरी 2026 को कानपुर (उत्तर प्रदेश) में सम्पन्न हुई ,में डॉ. दीपक कुमार त्रिपाठी ने उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्कृष्ट एवं प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर से 120 से अधिक दिव्यांग खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया जहाँ डॉ.त्रिपाठी ने अपने कौशल एकाग्रता और अनुशासन से सभी का ध्यान आकर्षित किया।उनके इसी शानदार प्रदर्शन के परिणामस्वरूप वर्ल्ड डिसेबिलिटी डार्ट्स एसोसिएशन स्कॉटलैंड द्वारा आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय पैरा डार्ट्स चैंपियनशिप(मलेशिया) के लिए उनका चयन किया गया है। इस प्रकार डॉ.दीपक कुमार त्रिपाठी अब वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेगे जो न केवल प्रयागराज और उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है।इंडियन डिसएबिलिटी डार्ट्स एसोसिएशन के महासचिव महेन्द्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि डॉ.त्रिपाठी का चयन उनकी निरंतर साधना अनुकरणीय अनुशासन और उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन का प्रतिफल है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. त्रिपाठी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपने प्रदर्शन से राष्ट्र का नाम गौरवान्वित करेगे।डॉ.दीपक कुमार त्रिपाठी केवल एक सफल खिलाड़ी ही नही बल्कि दिव्यांगजनो के मार्गदर्शक प्रेरक और सशक्तिकरण के संवाहक भी है।वे सदैव इस संकल्प के साथ कार्यरत हैं कि सभी दिव्यांगजन शैक्षिक एवं खेल दोनों ही क्षेत्रो में समान अवसर प्राप्त कर विश्व मंच पर आगे बढ़ें।उनका प्रयास केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित न होकर दिव्यांगजनो को आत्मनिर्भर आत्मविश्वासी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने की दिशा में निरन्तर समर्पित है।

शैक्षणिक जगत में विशेष शिक्षा के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका और खेल के मैदान में यह उपलब्धि डॉ.त्रिपाठी की बहुआयामी प्रतिभा दृढ़ इच्छाशक्ति और मानवीय संवेदना को सशक्त रूप से रेखांकित करती है।उनकी यह सफलता विश्वविद्यालय परिवार प्रयागराज जनपद एवं समस्त उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का विषय होने के साथ-साथ उन असंख्य दिव्यांगजनो के लिए आशा साहस और प्रेरणा का संदेश है।विश्वास है कि डॉ. दीपक कुमार त्रिपाठी का यह अन्तरराष्ट्रीय पदार्पण दिव्यांग सशक्तिकरण की दिशा में एक नई राह प्रशस्त करेगा और आने वाली पीढ़ियो को शिक्षा खेल और राष्ट्रसेवा के पथ पर निरन्तर आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।

राँची में सनसनी: कडरू की न्यू एजी कॉलोनी में एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने किया सुसाइड का प्रयास, सीए बेटे की मौत, माँ-बेटी गंभीर

राँची: राजधानी के अरगोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत कडरू न्यू एजी कॉलोनी में सोमवार को एक दर्दनाक घटना घटी। मंदिर मार्ग स्थित एक आवास में एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने कथित तौर पर आत्महत्या का प्रयास किया। इस घटना में परिवार के इकलौते बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि माँ और नाबालिग बेटी जीवन और मौत के बीच जूझ रही हैं।

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घटना का विवरण

मृतक की पहचान मिहिर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मिहिर चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की पढ़ाई पूरी कर हाल ही में कोलकाता से राँची लौटा था और उसने एक निजी कंपनी में नौकरी शुरू की थी। प्राथमिक सूचना के अनुसार, सबसे पहले मिहिर ने आत्मघाती कदम उठाया।

अस्पताल में भर्ती हैं माँ और बेटी

मिहिर की माँ स्नेहा अखोरी, जो झारखंड हाई कोर्ट की अधिवक्ता हैं, और उनकी 14 वर्षीय बेटी ने भी आत्महत्या की कोशिश की। दोनों को आनन-फानन में राँची के गुरुनानक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।

पुलिस और FSL की जाँच जारी

घटना की सूचना मिलते ही अरगोड़ा पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी बुलाया गया है, जो घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है।

जाँच के बिंदु: पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि आखिर किस मानसिक या पारिवारिक तनाव के कारण एक हँसते-खेलते और शिक्षित परिवार ने इतना खौफनाक कदम उठाया। फिलहाल घटनास्थल से किसी सुसाइड नोट की बरामदगी की पुष्टि नहीं हुई है।

पड़ोसी ने सोते हुए व्यक्ति पर किया धारदार हथियार से हमला,जिला अस्पताल में भर्ती
गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के गौरासिंह पुर  में शनिवार देर रात एक व्यक्ति पर धारदार हथियार से हमला किया गया।इस हमले में रामकुमार पुत्र मुन्ना गंभीर रूप से घायल हो गये,जिन्हें इलाज के लिए जिला चिकित्सालय रिफर कर दिया गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना देर रात लगभग एक बजे की है जब रामकुमार अपने घर पर सो रहे थे।मामले में आरोप है कि पड़ोसी दु:खी के दामाद परसराम ने उन पर हमला किया।बताया जा रहा है कि हमले से पहले शाम को दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था,जिसे स्थानीय लोगों ने शांत करवा दिया था।आरोप है कि देर रात हमलावर परसराम ने मौका पाकर सोते समय बांके से रामकुमार पर हमला कर दिया।शोर सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे,लेकिन आरोपी तब तक घटनास्थल से फरार हो चुका था।गंभीर रूप से घायल रामकुमार को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रिफर कर दिया गया,जहाँ उनका इलाज जारी है।पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2),351(3),352 और 324(4) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच प्रारम्भ कर दिया है।
पड़ोसी ने सोते हुए व्यक्ति पर किया धारदार हथियार से हमला,जिला अस्पताल में भर्ती
गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के गौरासिंह पुर  में शनिवार देर रात एक व्यक्ति पर धारदार हथियार से हमला किया गया।इस हमले में रामकुमार पुत्र मुन्ना गंभीर रूप से घायल हो गये,जिन्हें इलाज के लिए जिला चिकित्सालय रिफर कर दिया गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना देर रात लगभग एक बजे की है जब रामकुमार अपने घर पर सो रहे थे।मामले में आरोप है कि पड़ोसी दु:खी के दामाद परसराम ने उन पर हमला किया।बताया जा रहा है कि हमले से पहले शाम को दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था,जिसे स्थानीय लोगों ने शांत करवा दिया था।आरोप है कि देर रात हमलावर परसराम ने मौका पाकर सोते समय बांके से रामकुमार पर हमला कर दिया।शोर सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे,लेकिन आरोपी तब तक घटनास्थल से फरार हो चुका था।गंभीर रूप से घायल रामकुमार को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रिफर कर दिया गया,जहाँ उनका इलाज जारी है।पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2),351(3),352 और 324(4) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच प्रारम्भ कर दिया है।
सोनभद्र: लोढ़ी टोल प्लाजा पर महिला अधिवक्ता व साथियों के साथ मारपीट, तीन घायल; वकीलों में भारी आक्रोश


सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज सदर कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ी टोल प्लाजा पर सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे जमकर बवाल हुआ। टोल कर्मियों और एक महिला अधिवक्ता पक्ष के बीच वाहनों की कतार को लेकर शुरू हुई मामूली बहस ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि आधा दर्जन से अधिक टोल कर्मियों ने महिला अधिवक्ता आरती पांडेय और उनके साथियों के साथ अभद्रता करते हुए उन पर जानलेवा हमला कर दिया। इस मारपीट में एक महिला सहित तीन लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है।

विवाद की मुख्य वजह: ग्रीन सिग्नल के बावजूद देरी
पीड़ित महिला अधिवक्ता आरती पांडेय के अनुसार, वह अपनी दादी के घर ओबरा जा रही थीं। जब उनकी गाड़ी लोढ़ी टोल प्लाजा पहुँची, तो वहां लंबा जाम लगा था। ग्रीन सिग्नल होने के बावजूद करीब 10 मिनट तक गाड़ियां आगे नहीं बढ़ीं। जब उनके साथी नवीन सिंह ने देरी का कारण पूछा, तो बूथ के अंदर बैठे टोल कर्मी ने अभद्रता शुरू कर दी और माँ-बहन की गालियां दीं। विरोध करने पर टोल कर्मियों ने कलाई में पहने भारी कड़ों और डंडों से हमला कर दिया। इस दौरान बीच-बचाव करने आईं महिलाओं के साथ भी धक्का-मुक्की की गई, जिससे आरती पांडेय की सैंडल टूट गई और उन्हें गंभीर एंजायटी की समस्या उत्पन्न हो गई।

घायलों की स्थिति और पुलिस की कार्रवाई
मारपीट में नवीन सिंह के सिर पर गहरा घाव हुआ है, जिससे काफी खून बह गया। वहीं अवनीश दुबे के हाथ में गंभीर चोट आई है। घटना के करीब एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुँची। घायल नवीन सिंह ने पुलिस पर भी अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए नगर क्षेत्राधिकारी (CO) रणधीर मिश्रा और सदर कोतवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना।

पुलिस का कहना है कि टोल प्लाजा पर लगे CCTV फुटेज की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अधिवक्ता समुदाय में रोष, टोल हटाने की मांग
घटना की सूचना मिलते ही डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव और महामंत्री योगेश दुबे मेडिकल कॉलेज पहुँचे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि टोल कर्मियों का व्यवहार अक्सर हिंसक रहता है। उन्होंने लोढ़ी टोल प्लाजा को अवैध बताते हुए उसे तत्काल हटाने की मांग की है।
संत रविदास जयन्ती पर मानवता की मिसाल

प्रज्ञा हॉस्पिटल शंकरगढ़ की पहल मरीजों में बांटे फल व कम्बल

संजय द्विवेदी।प्रयागराज।यमुनानगर क्षेत्र के शंकरगढ़ स्थित प्रज्ञा हॉस्पिटल के डायरेक्टर की मां कुसुम सिंह ने संत शिरोमणि रविदास जयंती के अवसर पर मरीजों में फल और कंबल का वितरण करते हुए उनके जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई। इस अवसर पर कुसुम सिंह ने कहा कि संत रविदास जी ने समाज में व्याप्त जाति के आधार पर शोषण भेदभाव और जन्म आधारित श्रेष्ठता को नकारा था। उनकी शिक्षाएं हमें मानवता की सेवा और सामाजिक समरसता की ओर प्रेरित करती है।संत रविदास जी के वचनों को आत्मसात करते हुए मानव सेवा के उद्देश्य से कार्य करना चाहिए। उनके द्वारा संत रविदास जी के जीवन और शिक्षाओं पर चर्चा की गई, समाज में समरसता और भाईचारे का संदेश दिया गया।इस अवसर पर अस्पताल के डायरेक्टर डॉक्टर प्रभाकर सिंह ने कहा कि संत रविदास एक महान समाज सुधारक थे। देश में व्याप्त अंधविश्वास, जातिवाद और पाखंड के खिलाफ समाज के निर्माण में अतुलनीय योगदान है। उनका मानना था कि व्यक्ति का आधार एवं सम्मान कर्म के आधार पर करनी चाहिए जन्म के आधार पर कोई पूज्यनीय नहीं होता है। जाति एक ऐसा रोग है जिसने भारतीयों के मनुष्यता को नाश कर दिया है, जाति इंसान को इंसान नहीं रहने देती उसे ऊंच-नीच में बांट देती है। इस मौके पर मौजूद उग्रसेन द्विवेदी ने कहा कि एक आदर्श एवं समता मूलक समाज को महापुरुषों के विचारों को समाज में स्थापित करने से ही होगा। जब तक सभी वर्गों से बिना भेदभाव के भारत के विकास में भागीदारी सुनिश्चित नहीं किया जाएगा तब तक देश का विकास देश की एकता, एकजुटता और अखंडता सुनिश्चित नहीं हो सकती है। कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से उग्रसेन द्विवेदी, वीरेंद्र प्रजापति, दिवाकर, प्रमोद, शमशाद, रेखा सिंह, प्रियांशु सिंह, संगीता पाल, सुलेखा सिंह एवं अस्पताल के समस्त स्टाफ मौजूद रहे।
रांची: मैट्रिक परीक्षा को लेकर 75 केंद्रों पर निषेधाज्ञा लागू; 200 मीटर की परिधि में 5 से अधिक व्यक्तियों के जुटने पर पाबंदी

रांची, 02 फरवरी 2026: झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) द्वारा आयोजित माध्यमिक वार्षिक परीक्षा-2026 के सफल और कदाचार मुक्त संचालन को लेकर रांची जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। रांची के विभिन्न 75 परीक्षा केंद्रों के आसपास विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी (SDO), सदर द्वारा BNSS की धारा-163 (पूर्व में धारा-144) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।

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परीक्षा की समय-सारणी और सुरक्षा घेरा

यह निषेधाज्ञा 03 फरवरी 2026 से 17 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में प्रतिदिन सुबह 06:45 बजे से रात 08:20 बजे तक यह आदेश लागू रहेगा। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

इन गतिविधियों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध:

निषेधाज्ञा के दौरान परीक्षा केंद्रों के पास निम्नलिखित कार्यों पर रोक रहेगी:

भीड़ पर रोक: 5 या उससे अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना वर्जित है (सरकारी कर्मियों और शवयात्रा को छोड़कर)।

लाउडस्पीकर पर पाबंदी: किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र (Loudspeaker) का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा।

हथियार ले जाने पर रोक: लाठी-डंडा, तीर-धनुष, भाला या किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र (बंदूक, रिवॉल्वर, बम-बारूद) लेकर चलने पर प्रतिबंध है।

सभा पर रोक: किसी भी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन प्रतिबंधित रहेगा।

छात्रों और अभिभावकों से अपील

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। छात्रों को तनावमुक्त माहौल देने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है।

कांटाटोली–सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर: उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने दिए निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश; एक हफ्ते में शिफ्ट होंगे चिन्हित

राँची, 02 फरवरी 2026: राँची के उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज कांटाटोली–सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर के निर्माण कार्य की प्रगति को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समाहरणालय में आयोजित इस बैठक में परियोजना की वर्तमान स्थिति, भू-अर्जन और यातायात प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

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समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करना प्राथमिकता

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि यह फ्लाईओवर राँची शहर की ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए एक "लाइफलाइन" साबित होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि परियोजना को हर हाल में निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। बैठक के दौरान उन्होंने कार्य में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय (Coordination) के साथ काम करने को कहा।

12 भवनों की शिफ्टिंग और यूटिलिटी कार्य

समीक्षा के दौरान नगर निगम के अंतर्गत आने वाले 12 भवनों के वैल्यूएशन और शिफ्टिंग की स्थिति पर चर्चा हुई। संबंधित अधिकारियों ने उपायुक्त को आश्वस्त किया कि इन भवनों को एक सप्ताह के भीतर शिफ्ट कर दिया जाएगा, ताकि निर्माण कार्य निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके। इसके अलावा यूटिलिटी शिफ्टिंग (बिजली के खंभे, पाइपलाइन आदि) को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।

ट्रैफिक प्रबंधन पर विशेष जोर

फ्लाईओवर निर्माण के दौरान आम जनता को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए उपायुक्त ने ट्रैफिक पुलिस और संबंधित अधिकारियों को बेहतर ट्रैफिक डायवर्जन प्लान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में नगर प्रशासक सुशांत गौरव, सिटी एसपी पारस राणा, ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह और एसडीओ सदर कुमार रजत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

एसआरएन अस्पताल के युवा कार्डियोलॉजिस्टो ने तीन मरीजो को दिया नया जीवन।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।एसआरएन अस्पताल के युवा कार्डियोलॉजिस्ट डॉ.विमल निषाद डॉ.वैभव श्रीवास्तव और डॉ.ऋषिका पटेल ने जटिल हृदय रोगों से पीड़ित तीन मरीजों का सफल इलाज कर उन्हें नया जीवन दिया।

पहला मरीज 58 वर्षीय पुरुष है जो कोरांव के निवासी है।वे ब्लैडर आउटलेट ऑब्स्ट्रक्शन से पीड़ित थे, लेकिन हृदय में 32 मिमी के छेद (एएसडी) के कारण कोई भी सर्जन उन्हें ऑपरेशन के लिए तैयार नहीं था, क्योंकि मरीज हाई कार्डियक रिस्क में था।पिछले एक वर्ष से वे लगातार परेशान थे। डॉक्टरों की टीम ने बिना किसी सर्जिकल चीड़-फाड़ के 40 मिमी के डिवाइस से हृदय का छेद सफलतापूर्वक बंद किया। अब एएसडी क्लोज़र हो जाने के बाद तीन महीने के भीतर मरीज का ब्लैडर आउटलेट ऑब्स्ट्रक्शन का ऑपरेशन सुरक्षित रूप से किया जा सकेगा।दूसरी मरीज फूलपुर की 52 वर्षीय महिला हैं, जिनके हृदय में 31 मिमी का छेद था। इसके कारण उनका दाहिना हृदय फेल हो चुका था और लीवर में कंजेशन की वजह से गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं। डॉक्टरों ने दाहिनी जांघ की मोटी नस के माध्यम से 38 मिमी के डिवाइस से बिना चीड़-फाड़ के हृदय का छेद बंद किया। दोनों मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ हैं। चिकित्सकों के अनुसार 3 से 6 महीनों में राइट हार्ट फेल्योर और लीवर की स्थिति में भी स्पष्ट सुधार होगा।इसके अलावा 25 वर्षीय युवक जो जारी का निवासी है पिछले तीन वर्षों से सांस फूलने और दिल की धड़कन से परेशान था तथा पिछले तीन महीनों से टीबी की दवाएं ले रहा था।कुम्भ मेले में अपनी मां के साथ कल्पवास के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे हार्ट फेल्योर की स्थिति में एस आर एन अस्पताल लाया गया।जांच में टीबी की पुष्टि नहीं हुई, बल्कि मरीज में गम्भीर माइट्रल स्टेनोसिस पाई गई,जिससे हृदय का बायां वाल्व सिकुड़ गया था।मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.वी.के. पांडेय ने आर्थिक सहायता प्रदान कर मरीज का बैलून माइट्रल वॉल्वोटॉमी निःशुल्क कराया। सफल उपचार के बाद युवक की हालत में तेजी से सुधार हुआ।वर्तमान में तीनों मरीज स्वस्थ हैं और चिकित्सकीय निगरानी में हैं।

जिज्ञासा कप सीजन-1 का फाइनल: असरफी ने एनजेएस तेलीबाग को हराकर ट्रॉफी पर जमाया कब्ज़ा
लखनऊ। जिज्ञासा कप सीजन-1 का फाइनल मुकाबला आज एनजेएस तेलीबाग और असरफी टीम के बीच खेला गया। रोमांच से भरपूर इस मुकाबले में असरफी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया।

टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी असरफी की टीम ने कसी हुई गेंदबाजी का शानदार नमूना पेश किया। असरफी के गेंदबाजों के आगे एनजेएस तेलीबाग की पूरी टीम 135 रन पर सिमट गई। एनजेएस तेलीबाग की ओर से आशुतोष पांडे ने 28 गेंदों में 37 रन और आयुष पासवान ने 23 गेंदों में 25 रन की अहम पारी खेली।

असरफी की गेंदबाजी में आशुतोष सिंह ने घातक प्रदर्शन करते हुए 4 विकेट झटके, जबकि मो. वैस ने भी 2 विकेट हासिल कर विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी असरफी की टीम ने संघर्षपूर्ण अंदाज में खेलते हुए 9 विकेट खोकर 136 रन बनाए और मुकाबला जीतकर जिज्ञासा कप सीजन-1 की चैंपियन बनी।

*मैन ऑफ द मैच*

आशुतोष सिंह
(शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन – 4 विकेट)
उत्तर प्रदेश का गौरव बने प्रयागराज के डॉ. दीपक कुमार त्रिपाठी

राष्ट्रीय सफलता से अन्तरराष्ट्रीय मंच तक—पैरा डार्ट्स चैंपियनशिप मलेशिया के लिए चयन

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।दिव्यांगजन सशक्तिकरण खेल प्रतिभा और मानवीय संकल्प के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के लिए यह अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि प्रयागराज स्थित नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय जमुनीपुर के विशेष शिक्षा विभाग में कार्यरत सहायक आचार्य डॉ.दीपक कुमार त्रिपाठी ने पैरा डार्ट्स के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि अर्जित की है।इंडियन डिसएबिलिटी डार्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय पैरा डार्ट्स चैंपियनशिप 2026 जो 31 जनवरी एवं 1 फरवरी 2026 को कानपुर (उत्तर प्रदेश) में सम्पन्न हुई ,में डॉ. दीपक कुमार त्रिपाठी ने उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्कृष्ट एवं प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर से 120 से अधिक दिव्यांग खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया जहाँ डॉ.त्रिपाठी ने अपने कौशल एकाग्रता और अनुशासन से सभी का ध्यान आकर्षित किया।उनके इसी शानदार प्रदर्शन के परिणामस्वरूप वर्ल्ड डिसेबिलिटी डार्ट्स एसोसिएशन स्कॉटलैंड द्वारा आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय पैरा डार्ट्स चैंपियनशिप(मलेशिया) के लिए उनका चयन किया गया है। इस प्रकार डॉ.दीपक कुमार त्रिपाठी अब वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेगे जो न केवल प्रयागराज और उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है।इंडियन डिसएबिलिटी डार्ट्स एसोसिएशन के महासचिव महेन्द्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि डॉ.त्रिपाठी का चयन उनकी निरंतर साधना अनुकरणीय अनुशासन और उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन का प्रतिफल है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. त्रिपाठी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपने प्रदर्शन से राष्ट्र का नाम गौरवान्वित करेगे।डॉ.दीपक कुमार त्रिपाठी केवल एक सफल खिलाड़ी ही नही बल्कि दिव्यांगजनो के मार्गदर्शक प्रेरक और सशक्तिकरण के संवाहक भी है।वे सदैव इस संकल्प के साथ कार्यरत हैं कि सभी दिव्यांगजन शैक्षिक एवं खेल दोनों ही क्षेत्रो में समान अवसर प्राप्त कर विश्व मंच पर आगे बढ़ें।उनका प्रयास केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित न होकर दिव्यांगजनो को आत्मनिर्भर आत्मविश्वासी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने की दिशा में निरन्तर समर्पित है।

शैक्षणिक जगत में विशेष शिक्षा के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका और खेल के मैदान में यह उपलब्धि डॉ.त्रिपाठी की बहुआयामी प्रतिभा दृढ़ इच्छाशक्ति और मानवीय संवेदना को सशक्त रूप से रेखांकित करती है।उनकी यह सफलता विश्वविद्यालय परिवार प्रयागराज जनपद एवं समस्त उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का विषय होने के साथ-साथ उन असंख्य दिव्यांगजनो के लिए आशा साहस और प्रेरणा का संदेश है।विश्वास है कि डॉ. दीपक कुमार त्रिपाठी का यह अन्तरराष्ट्रीय पदार्पण दिव्यांग सशक्तिकरण की दिशा में एक नई राह प्रशस्त करेगा और आने वाली पीढ़ियो को शिक्षा खेल और राष्ट्रसेवा के पथ पर निरन्तर आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।

राँची में सनसनी: कडरू की न्यू एजी कॉलोनी में एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने किया सुसाइड का प्रयास, सीए बेटे की मौत, माँ-बेटी गंभीर

राँची: राजधानी के अरगोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत कडरू न्यू एजी कॉलोनी में सोमवार को एक दर्दनाक घटना घटी। मंदिर मार्ग स्थित एक आवास में एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने कथित तौर पर आत्महत्या का प्रयास किया। इस घटना में परिवार के इकलौते बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि माँ और नाबालिग बेटी जीवन और मौत के बीच जूझ रही हैं।

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घटना का विवरण

मृतक की पहचान मिहिर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मिहिर चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की पढ़ाई पूरी कर हाल ही में कोलकाता से राँची लौटा था और उसने एक निजी कंपनी में नौकरी शुरू की थी। प्राथमिक सूचना के अनुसार, सबसे पहले मिहिर ने आत्मघाती कदम उठाया।

अस्पताल में भर्ती हैं माँ और बेटी

मिहिर की माँ स्नेहा अखोरी, जो झारखंड हाई कोर्ट की अधिवक्ता हैं, और उनकी 14 वर्षीय बेटी ने भी आत्महत्या की कोशिश की। दोनों को आनन-फानन में राँची के गुरुनानक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।

पुलिस और FSL की जाँच जारी

घटना की सूचना मिलते ही अरगोड़ा पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी बुलाया गया है, जो घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है।

जाँच के बिंदु: पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि आखिर किस मानसिक या पारिवारिक तनाव के कारण एक हँसते-खेलते और शिक्षित परिवार ने इतना खौफनाक कदम उठाया। फिलहाल घटनास्थल से किसी सुसाइड नोट की बरामदगी की पुष्टि नहीं हुई है।

पड़ोसी ने सोते हुए व्यक्ति पर किया धारदार हथियार से हमला,जिला अस्पताल में भर्ती
गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के गौरासिंह पुर  में शनिवार देर रात एक व्यक्ति पर धारदार हथियार से हमला किया गया।इस हमले में रामकुमार पुत्र मुन्ना गंभीर रूप से घायल हो गये,जिन्हें इलाज के लिए जिला चिकित्सालय रिफर कर दिया गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना देर रात लगभग एक बजे की है जब रामकुमार अपने घर पर सो रहे थे।मामले में आरोप है कि पड़ोसी दु:खी के दामाद परसराम ने उन पर हमला किया।बताया जा रहा है कि हमले से पहले शाम को दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था,जिसे स्थानीय लोगों ने शांत करवा दिया था।आरोप है कि देर रात हमलावर परसराम ने मौका पाकर सोते समय बांके से रामकुमार पर हमला कर दिया।शोर सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे,लेकिन आरोपी तब तक घटनास्थल से फरार हो चुका था।गंभीर रूप से घायल रामकुमार को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रिफर कर दिया गया,जहाँ उनका इलाज जारी है।पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2),351(3),352 और 324(4) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच प्रारम्भ कर दिया है।
पड़ोसी ने सोते हुए व्यक्ति पर किया धारदार हथियार से हमला,जिला अस्पताल में भर्ती
गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के गौरासिंह पुर  में शनिवार देर रात एक व्यक्ति पर धारदार हथियार से हमला किया गया।इस हमले में रामकुमार पुत्र मुन्ना गंभीर रूप से घायल हो गये,जिन्हें इलाज के लिए जिला चिकित्सालय रिफर कर दिया गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना देर रात लगभग एक बजे की है जब रामकुमार अपने घर पर सो रहे थे।मामले में आरोप है कि पड़ोसी दु:खी के दामाद परसराम ने उन पर हमला किया।बताया जा रहा है कि हमले से पहले शाम को दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था,जिसे स्थानीय लोगों ने शांत करवा दिया था।आरोप है कि देर रात हमलावर परसराम ने मौका पाकर सोते समय बांके से रामकुमार पर हमला कर दिया।शोर सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे,लेकिन आरोपी तब तक घटनास्थल से फरार हो चुका था।गंभीर रूप से घायल रामकुमार को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रिफर कर दिया गया,जहाँ उनका इलाज जारी है।पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2),351(3),352 और 324(4) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच प्रारम्भ कर दिया है।
सोनभद्र: लोढ़ी टोल प्लाजा पर महिला अधिवक्ता व साथियों के साथ मारपीट, तीन घायल; वकीलों में भारी आक्रोश


सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज सदर कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ी टोल प्लाजा पर सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे जमकर बवाल हुआ। टोल कर्मियों और एक महिला अधिवक्ता पक्ष के बीच वाहनों की कतार को लेकर शुरू हुई मामूली बहस ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि आधा दर्जन से अधिक टोल कर्मियों ने महिला अधिवक्ता आरती पांडेय और उनके साथियों के साथ अभद्रता करते हुए उन पर जानलेवा हमला कर दिया। इस मारपीट में एक महिला सहित तीन लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है।

विवाद की मुख्य वजह: ग्रीन सिग्नल के बावजूद देरी
पीड़ित महिला अधिवक्ता आरती पांडेय के अनुसार, वह अपनी दादी के घर ओबरा जा रही थीं। जब उनकी गाड़ी लोढ़ी टोल प्लाजा पहुँची, तो वहां लंबा जाम लगा था। ग्रीन सिग्नल होने के बावजूद करीब 10 मिनट तक गाड़ियां आगे नहीं बढ़ीं। जब उनके साथी नवीन सिंह ने देरी का कारण पूछा, तो बूथ के अंदर बैठे टोल कर्मी ने अभद्रता शुरू कर दी और माँ-बहन की गालियां दीं। विरोध करने पर टोल कर्मियों ने कलाई में पहने भारी कड़ों और डंडों से हमला कर दिया। इस दौरान बीच-बचाव करने आईं महिलाओं के साथ भी धक्का-मुक्की की गई, जिससे आरती पांडेय की सैंडल टूट गई और उन्हें गंभीर एंजायटी की समस्या उत्पन्न हो गई।

घायलों की स्थिति और पुलिस की कार्रवाई
मारपीट में नवीन सिंह के सिर पर गहरा घाव हुआ है, जिससे काफी खून बह गया। वहीं अवनीश दुबे के हाथ में गंभीर चोट आई है। घटना के करीब एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुँची। घायल नवीन सिंह ने पुलिस पर भी अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए नगर क्षेत्राधिकारी (CO) रणधीर मिश्रा और सदर कोतवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना।

पुलिस का कहना है कि टोल प्लाजा पर लगे CCTV फुटेज की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अधिवक्ता समुदाय में रोष, टोल हटाने की मांग
घटना की सूचना मिलते ही डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव और महामंत्री योगेश दुबे मेडिकल कॉलेज पहुँचे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि टोल कर्मियों का व्यवहार अक्सर हिंसक रहता है। उन्होंने लोढ़ी टोल प्लाजा को अवैध बताते हुए उसे तत्काल हटाने की मांग की है।