हज़ारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने वर्ष 2026-27 के बजट को बताया दिशाहीन और जनविरोधी
हज़ारीबाग सदर विधानसभा के विधायक प्रदीप प्रसाद ने झारखंड विधानसभा में प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट को पूरी तरह निराधार, दिशाहीन और जनविरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य की महिलाओं, युवाओं, किसानों एवं आम नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में असफल रहा है।
विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि सरकार ने कुल ₹1,58,560 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया है किंतु इस भारी-भरकम आंकड़े के बावजूद ज़मीनी विकास की स्पष्ट रणनीति नज़र नहीं आती। राजस्व आय को ₹1,36,210.04 करोड़ तथा राजस्व व्यय को ₹1,20,851.90 करोड़ दर्शाया गया है परंतु इन आंकड़ों में आम जनता के जीवन स्तर में ठोस सुधार का कोई रोडमैप नहीं दिखता।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के नाम पर केवल योजनागत प्रावधान दिखाए गए हैं, लेकिन रोजगार, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए ठोस एवं नवीन पहल का अभाव है। युवाओं के लिए कौशल विकास और स्थायी रोजगार सृजन की दिशा में कोई स्पष्ट नीति या बड़े निवेश की घोषणा नहीं की गई है। किसानों एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए बजट में अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी गई है। शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी विकास के मद में आवंटन तो दर्शाया गया है, परंतु पिछली योजनाओं के परिणामों की समीक्षा और जवाबदेही का अभाव है।
विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का खेल है, जिसमें पिछले वर्ष की तरह इस बार भी जनता को “छलावा” परोसा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आधारभूत संरचना की चुनौतियों पर गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि हज़ारीबाग सहित पूरे झारखंड की जनता एक ऐसे बजट की अपेक्षा करती थी, जो युवाओं को रोजगार, महिलाओं को आत्मनिर्भरता, किसानों को राहत और शहरों को बेहतर आधारभूत सुविधाएँ प्रदान करे। किंतु प्रस्तुत बजट में न तो दूरदृष्टि है और न ही ठोस कार्ययोजना।
विधायक प्रदीप प्रसाद ने सरकार से मांग की कि वह जनभावनाओं का सम्मान करते हुए बजट प्रावधानों की पुनर्समीक्षा करे तथा वास्तविक विकास और पारदर्शिता सुनिश्चित करे।

हज़ारीबाग सदर विधानसभा के विधायक प्रदीप प्रसाद ने झारखंड विधानसभा में प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट को पूरी तरह निराधार, दिशाहीन और जनविरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य की महिलाओं, युवाओं, किसानों एवं आम नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में असफल रहा है।
सुल्तानपुर,टीईटी अनिवार्यता के विरोध में टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ दिनेश चंद्र शर्मा के आह्वान पर 23 फरवरी से 25 फरवरी तक जनपद के शिक्षक बाहों में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य संपादित कर रहे हैं। सोमवार को पूरे जिले के शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ काली पट्टी बांधकर पढ़ाया। दूसरे दिन भी काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य जारी रहा।
उन्होंने कहा कि जब तक अनिश्चितता का बादल छाया है, तब तक शिक्षकों के घरों में चिंता स्वाभाविक है। वर्षों का अनुभव, समर्पण और सेवा देने के बावजूद असुरक्षा की भावना किसी भी शिक्षक के लिए सबसे बड़ा संकट है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ पढ़ाने वाला कर्मी नहीं, बल्कि समाज का निर्माता है। धैर्य, विश्वास और लोकतांत्रिक संघर्ष ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। जिस दिन टीईटी अनिवार्यता से मुक्ति मिलेगी, वह दिन शिक्षकों की एकता और संयमित आंदोलन की ऐतिहासिक जीत का दिन होगा। इससे विद्यार्थियों को भी अपने अनुभवी गुरुजनों का मार्गदर्शन निरंतर मिलता रहेगा।

*अस्पताल ले जाते समय रास्ते में हुई मौत



पटना। बिहार में सत्तारूढ़ दल हमेशा से सामाजिक न्याय का नारा बुलंद करते आए हैं, लेकिन क्या यह “न्याय” अब प्रशासनिक संस्थाओं में जातिगत प्रतिशोध का रूप लेने लगा है? बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMSICL) से सामने आए ताजा मामले ने इस सवाल को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।
हजारीबाग - श्याम भक्त परिवार हजारीबाग के द्वारा मंगलवार को श्री श्याम फाल्गुन निशान ध्वज यात्रा का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन श्रद्धा, उत्साह और भक्ति के अद्भुत संगम के साथ संपन्न हुआ मालवीय मार्ग स्थित नवनिर्मित श्याम मंदिर परिसर से आरंभ हुई यह दिव्य शोभायात्रा पूरे शहर में भक्ति की अलख जगाती हुई विभिन्न प्रमुख मार्गों एवं चौक-चौराहों से होकर पुनः मंदिर परिसर पहुंची, जहां आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से संपन्न पूजा-अर्चना के साथ हुआ। यजमान के रूप में बजरंग खेतान एवं उनकी धर्मपत्नी तथा नरेश वैद्य एवं उनकी धर्मपत्नी ने बाबा श्याम की पूजा-अर्चना कर शहरवासियों की सुख-शांति, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। पूजा के उपरांत जैसे ही निशान ध्वज यात्रा प्रारंभ हुई, पूरा वातावरण हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा और जय श्री श्याम के गगनभेदी नारों से गुंजायमान हो उठा। शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण सुसज्जित भव्य रथ रहा, जिस पर प्रभु श्री श्याम की मनोहारी झांकी विराजमान थी। रथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। रथ के पीछे राधा रानी की आकर्षक प्रस्तुति ने भक्तों को भावविभोर कर दिया। धार्मिक वेशभूषा में सजे कलाकारों ने वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया। इस भव्य आयोजन में लगभग 500 से अधिक महिलाएं एवं पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाएं लाल और पीली साड़ियों में सुसज्जित होकर निशान ध्वज लिए भक्ति-भाव से चल रही थीं, जबकि पुरुष पारंपरिक कुर्ता-पायजामा में अनुशासित पंक्तियों में आगे बढ़ रहे थे। सभी श्रद्धालु एक स्वर में भजन-कीर्तन करते हुए कदम से कदम मिलाकर चल रहे थे, जिससे पूरा शहर श्याम मय हो गया।यात्रा के दौरान धार्मिक झांकियों ने विशेष आकर्षण बटोरा। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से एक सज्जन के द्वारा लंगूर के स्वरूप में बच्चों और बड़ों का मनोरंजन करते दिखाई दिए, वहीं अग्रिम पंक्ति में हनुमान स्वरूप धारण किए एक भक्त पूरी श्रद्धा और ऊर्जा के साथ यात्रा का मार्ग प्रशस्त करते नजर आए ढोल-नगाड़ों और भजनों की मधुर धुन पर श्रद्धालु झूमते हुए आगे बढ़ रहे थे। कई स्थानों पर कई समाज एवं सामाजिक संगठनों द्वारा पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया तथा श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था की गई। समाजसेवी मुन्ना सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे और आयोजन की सराहना की। मंदिर परिसर पहुंचने के उपरांत बाबा श्याम की सामूहिक आरती की गई। आरती के समय उपस्थित श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक स्वर में जयकारे लगाए, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा। इसके पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। आयोजक मंडली ने बताया कि बाबा श्याम की असीम कृपा और आशीर्वाद से यह आयोजन लगातार 13 वें वर्ष सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। उन्होंने प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों, स्वागतकर्ताओं तथा पर्दे के पीछे रहकर व्यवस्था संभालने वाले कार्यकर्ताओं के साथ महिला सदस्यों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी इसी भव्यता के साथ आयोजन जारी रखने का संकल्प दोहराया।
58 min ago
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