बेल्थरा रोड रेलवे स्टेशन की समस्याओं पर उठा मुद्दा, रेल प्रशासन को सौंपा गया मांग पत्र

बलिया/बेल्थरा रोड | 1 अप्रैल 2026 को
बेल्थरा रोड रेलवे स्टेशन पर व्याप्त विभिन्न समस्याओं को लेकर आवाज़ बुलंद हो गई है। स्टेशन रेलवे उपभोक्ता परामर्शदात्री समिति (SRUCC) के सदस्य मनीष सोनी ने श्री अखिलेश कुमार सिंह (मंडल वाणिज्य निरीक्षक) को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपते हुए यात्रियों की परेशानियों को प्रमुखता से उठाया। मांग पत्र में बिल्थरा रोड स्टेशन से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं का उल्लेख करते हुए उनके त्वरित समाधान की मांग की गई है। समिति ने प्रमुख समस्याएं उठाई जो यात्रियों के लिए सबसे ज्यादा दिक्कत होती थी सबसे पहले तो ट्रैफिक जाम मुसीबत है जो स्टेशन के आसपास अतिक्रमण और अनियंत्रित ई-रिक्शा संचालन के चलते रोज़ाना जाम की स्थिति बन रही है। इससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। ई-रिक्शा पर नंबरिंग व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है। फुट ओवरब्रिज का भी अधूरा कार्य को पत्र में लिखा गया।प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ने के बावजूद फुट ओवरब्रिज का कार्य अधूरा है, जिससे यात्रियों को रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है। यह स्थिति हादसों को न्योता दे रही है। और बुनियादी सुविधाओं का अभाव स्टेशन पर पेयजल और स्वच्छता जैसी आवश्यक सुविधाओं की कमी यात्रियों की परेशानी बढ़ा रही है। पुरानी पानी टंकी से पानी सप्लाई जो लेकर भी ध्यान अवगत कराया गया समिति ने कई सुपरफास्ट ट्रेनों का ठहराव बेल्थरा रोड स्टेशन पर नहीं होने से स्थानीय यात्रियों में नाराज़गी देखी जा रही थी इसको ध्यान में रखकर समिति ने प्रार्थना पत्र से निवेदन किया मनीष सोनी ने पुराने फुट ओवरब्रिज की मरम्मत मौजूदा ओवरब्रिज की स्थिति ठीक नहीं है, जिसे मानकों के अनुरूप दुरुस्त करने की आवश्यकता है जो ज्ञापन में प्राथमिकता से दर्शाया ज्ञापन देने में समिति के लोग रहे मौजूद:
मनीष सोनी, मनोज गुप्ता (प्यारे जी), देवेन्द्र गुप्ता, आरके मिश्रा, राकेश बर्नवाल, व्यासमुनि चौहान, राम सुरज पांडेय, अमित सिंह, सईद अहमद,
DCI अखिलेश कुमार सिंह, SS राजू, स्टेशन मास्टर भारती (बेल्थरा रोड), दिनेश मौर्या (CHI), पटेल जी, CS धर्मेंद्र गोंड़ आदि मौजूद रहे।
*पूर्व विधायक उदयभान सिंह सहित 8 लोग गैंगस्टर एक्ट में आरोप मुक्त*

रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही। अपर न्यायाधीश प्रथम पुष्पा सिंह की अदालत ने पूर्व बसपा विधायक उदयभान सिंह उर्फ डॉक्टर सिंह सहित आठ लोगों को गैंगस्टर एक्ट के मामले में आरोप मुक्त कर दिया। साल 2007 में तत्कालीन विधायक विजय मिश्रा के काफिले पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने पूर्व विधायक सहित 8 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की थी। उसी मामले में बाद में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई थी।मुख्य मुकदमे में सभी आरोपियों को कोर्ट ने साल 2015 में ही आरोप मुक्त कर दिया था। उसी को आधार बनाकर कोर्ट ने गैंगस्टर मुकदमे में भी सभी को आरोप मुक्त कर दिया। गोपीगंज कोतवाली के पड़ाव चौराहे के पास 26 मई 2007 को तत्कालीन विधायक विजय मिश्रा अपने समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार कर रहे थे। इस बीच उनके काफिले पर अवैध असलहों के साथ कई लोगों ने हमला बोल दिया था।बताया जाता है कि उस समय तत्कालीन विधायक विजय मिश्रा सहित अन्य ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई थी। मामले में औराई विधानसभा के पूर्व बसपा विधायक उदयभान सिंह उर्फ डॉक्टर सिंह समेत आठ लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई। आरोप लगाया कि उदयभान सिंह के उकसाने पर उनके समर्थकों ने ऐसा किया है। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद विवेचना की और कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।

इसी आधार पर पुलिस ने पूर्व विधायक सहित आठों लोगों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। कोर्ट ने मूल मुकदमे में 24 जुलाई 2025 को पूर्व विधायक उदयभान सिंह समेत सभी को आरोप मुक्त कर दिया था।

उसी को आधार बनाकर अपर न्यायाधीश प्रथम पुष्पा सिंह की अदालत ने पूर्व विधायक उदयभान सिंह उर्फ डॉक्टर सिंह, संदीप उर्फ पिंटू, नरेंद्र उर्फ कक्कू, योगेंद्र शुक्ला उर्फ सानू, राजेंद्र बहादुर सिंह, शिवम भूषण उपाध्याय, रिंकू उर्फ अरविंद सिंह व प्रमोद शुक्ला को गैंगस्टर के मुकदमे में दोष मुक्त कर दिया।

लखनऊ में लूटकांड के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मुठभेड़ में एक बदमाश घायल, दो गिरफ्तार, तमंचा और बाइक
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के मदेयगंज क्षेत्र में लूट की घटना के बाद पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए दो शातिर बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान हुई जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लग गई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
घटना 25 मार्च की रात की है, जब दीनदयाल नगर स्थित तरन्नुम मार्केट गली में शराब दुकानों की बिक्री राशि का कलेक्शन कर रहे हर्ष जायसवाल से चार अज्ञात बदमाशों ने बैग लूट लिया था। विरोध करने पर बदमाशों ने धारदार हथियार से हमला कर उन्हें घायल कर दिया और मौके से फरार हो गए थे।
मामले में थाना मदेयगंज पर मु0अ0सं0 38/2026 धारा 309(6) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस उपायुक्त मध्य विक्रांत वीर के निर्देशन में गठित टीमों ने लगभग 140 से 150 सीसीटीवी कैमरों की जांच और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए आरोपियों की पहचान की।
31 मार्च 2026 की रात चेकिंग के दौरान रघुवंशी ढाल बंधा रोड पर पुलिस ने संदिग्ध बाइक सवार दो व्यक्तियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने भागते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश आलोक तिवारी उर्फ मुस्कान के पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथी सुजीत सिंह उर्फ मगन को मौके से पकड़ लिया गया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। मौके से एक अपाचे मोटरसाइकिल (नंबर मिटा हुआ), .315 बोर का तमंचा, एक खोखा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और इनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
बिहार में आज से बदल गया बिजली बिल सिस्टम, दिन में सस्ती और रात में होगा महंगा

#patnabiharnewelectricitytarifffromapril_1st

बिहार में 1 अप्रैल यानी आज से बिजली बिल के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए टाइम ऑफ डे (ToD) टैरिफ लागू कर दिया। नए नियम के तहत अब बिजली का बिल इस बात पर निर्भर करेगा कि आप दिन के किस समय कितनी बिजली का उपयोग कर रहे हैं।

दिन में सस्ती और रात को महंगी

नए नियमों के हिसाब से रात 11 से सुबह 9 बजे तक बिजली की दरें सामान्य रहेंगी। सुबह 9 से शाम 5 बजे तक तय दर से 20% कम यानी बिजली खपत की राशि सिर्फ 80 प्रतिशत ही देनी होगी। यानी अगर आप इस समय ज्यादा बिजली इस्तेमाल करते हैं, तो आपका बिल कम आएगा। वहीं शाम को 5 बजे से रात में 11 बजे तक यदि 200 रुपये की बिजली का उपयोग किया गया तो 20 फीसदी ज्यादा चार्ज देना होगा।

आज से लागू हो रही नई व्यवस्था

नए नियम आज यानी 1 अप्रैल 2026 से लागू होने जा रहे हैं। इस नई व्यवस्था का सीधा असर राज्य के करीब 87 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। माना जा रहा है कि इस बदलाव से लोगों के बिजली उपयोग के पैटर्न में भी परिवर्तन आएगा। नई व्यवस्था का मकसद लोगों को यह समझाना है कि अगर वे सही समय पर बिजली इस्तेमाल करें, तो खर्च और कम किया जा सकता है।

बचत के लिए ऐसे करें यूज

आसान शब्दों में समझें तो टाइम ऑफ डे टैरिफ एक ऐसा सिस्टम है, जिसमें आप तय कर सकते हैं कि कब बिजली इस्तेमाल करके ज्यादा बचत करें। अगर भारी डिवाइस जैसे वॉशिंग मशीन, गीजर या एसी दिन में चलाए जाएं, तो बिल कम आएगा। वहीं शाम के समय कम इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा। इससे न सिर्फ आपकी जेब बचेगी, बल्कि पूरे राज्य में बिजली की खपत भी संतुलित रहेगी।

इनकम टैक्स सिस्टम में बड़ा फेरबदल

आज से नया इनकम टैक्स सिस्टम प्रभावी हो गया है। करदाताओं की सुविधा के लिए अब 'फाइनेंशियल ईयर' और 'असेसमेंट ईयर' जैसे तकनीकी शब्दों की जगह सिर्फ 'टैक्स वर्ष' शब्द का इस्तेमाल होगा। इस कदम का उद्देश्य टैक्स भरने की जटिल प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाना है।

रूसी सेना का प्लेन क्रीमिया में क्रैश, विमान में सवार सभी 29 लोगों की मौत

#russiamilitaryplanecrashincrimea29_dead

रूस में एक बड़े हादसे में मिलिट्री का एक जहाज क्रैश कर गया है। विमान क्रैश होने से 29 लोगों की मौत हो गई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक रूसी सैन्य परिवहन विमान एएन-26 एक चट्टान से टकराकर क्रैश हो गया। यह दुर्घटना संभवतः किसी तकनीकी खराबी के कारण हुई है। विमान के क्रैश होने के कारणों की पड़ताल की जा रही है।

उड़ान भरने के बाद विमान से संपर्क टूटा

रूसी समाचार एजेंसी TASS ने बुधवार को रूस के रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया कि "क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर उड़ान भरते समय रूसी एंटोनोव-26 मिलिट्री विमान क्रैश हुआ है। 31 मार्च की शाम 6 बजे An-26 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान से संपर्क टूटा, जब वह क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर एक निर्धारित उड़ान पर था।"

छह क्रू मेंबर समेत 29 की मौत

रक्षा मंत्रालय ने कहा, "खोज एवं बचाव दल ने An-26 विमान के दुर्घटनास्थल का पता लगा लिया है।घटनास्थल से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, विमान में सवार छह चालक दल के सदस्य और 23 यात्री मारे गए।"

तकनीकी खराबी के कारण हादसे की आशंका

विमान के मलबे पर बाहरी प्रभाव का कोई संकेत नहीं मिला, यानी ऐसा नहीं लगता कि उसे किसी हथियार से निशाना बनाया गया था। इस स्तर पर इसने संकेत दिया कि तकनीकी विफलता के कारण विमान की दुर्घटना होने की संभावना है।

यूक्रेन की तरफ से हमले की आशंका से इनकार

रूसी विमान पर यूक्रेन की ओर से हमले के अंदेशे पर रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि प्लेन पर किसी बाहरी प्रभाव के कोई संकेत नहीं मिले हैं। इससे साफ है कि विमान को यूक्रेन ने हिट नहीं किया है। दरअसल, क्रीमिया में जिस स्थान पर ये हादसा हुआ है, यह प्रायद्वीपीय इलाका है। काले सागर के तट तक फैली विशाल पर्वत श्रृंखलाओं से घिरे हुए इस क्षेत्र को रूस ने 2014 में अपने अधिकार में ले लिया गया था। पहले इस भूभाग पर यूक्रेन का अधिकार था।

विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने कूटकू विस्थापितों को बसाने का किया विरोध

गढ़वा: गढ़वा-रंका विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने रंका प्रखंड के विश्रामपुर पंचायत (बरवहा टोला) में कूटकू मंडल डैम के विस्थापितों को बसाने की योजना के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय ग्रामीणों की सहमति के बिना यहाँ बाहरी लोगों को नहीं बसने दिया जाएगा।

प्रमुख घटनाक्रम और आपत्तियां

पेसा (PESA) कानून का उल्लंघन: विधायक ने सवाल उठाया कि जब झारखंड में पेसा कानून लागू है, तो जिला प्रशासन बिना ग्राम सभा की अनुमति के 1000 एकड़ वन भूमि पर 780 परिवारों को कैसे बसा सकता है?

प्रशासनिक बर्बरता: आरोप है कि 7 मार्च को जब उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) स्थल पर पहुंचे थे, तब अपनी बात रख रहे निर्दोष ग्रामीणों की पुलिस द्वारा बेरहमी से पिटाई की गई।

विस्थापितों का मुद्दा: विधायक ने तकनीकी सवाल उठाया कि अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को गैर-अनुसूचित गांवों में क्यों बसाया जा रहा है, प्रशासन को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

विधायक का आश्वासन और आगामी रणनीति

निजी खर्च पर इलाज: विधायक ने पुलिस पिटाई से घायल ग्रामीणों (जैसे राजेंद्र बड़ाइक और सुरेश उरांव) के इलाज का खर्च स्वयं उठाने की घोषणा की।

आंदोलन की चेतावनी: उन्होंने कहा कि इस मामले को जिला प्रशासन से लेकर केंद्र सरकार तक ले जाया जाएगा। यदि समाधान नहीं निकला, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

पारंपरिक स्वागत: ग्रामीणों ने विधायक का स्वागत मांदर की थाप, पलाश के फूलों के बुके और सखुआ के पत्तों की टोपी पहनाकर पारंपरिक तरीके से किया।

मुख्य सारांश: यह विवाद जल, जंगल और जमीन के अधिकारों के साथ-साथ विस्थापितों के पुनर्वास और स्थानीय ग्राम सभा की शक्तियों के टकराव का परिणाम है। विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने इस मुद्दे को स्थानीय अस्मिता और कानूनी प्रक्रियाओं के उल्लंघन से जोड़ते हुए प्रशासन को चुनौती दी है।

मुरहू, खूंटी की घटना पर प्रशासनिक कार्रवाई में तुष्टीकरण कर रही हेमंत सरकार....आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने मुरहू,खूंटी की घटना पर राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तुष्टीकरण में आकंठ डूब चुकी है।समुदाय विशेष के वोट बैंक केलिए राज्य सरकार बार बार हिन्दू समाज को प्रताड़ित कर रही है।

कहा कि सनातन धर्म के कोई पर्व त्योहार हो समुदाय विशेष के लोग सुनियोजित तरीके से जुलूस,शोभा यात्रा,मूर्ति, मंदिर पर निशाना साधते हैं। पर्व त्योहारों को बाधित करना,अनावश्यक अड़ंगा डालना, जुलूस पर पत्थरबाजी करना आम बात हो गई है।

कहा कि मुरहू खूंटी में रामनवमी जुलूस पर पथराव होना ऐसी ही मानसिकता का परिमाण है।

कहा कि राज्य सरकार ने ऐसे असामाजिक और अपराधी प्रवृति के दंगाबाजों,पत्थरबाजों का मनोबल बढ़ा दिया है। पुलिस प्रशासन राज्य सरकार का टूल किट बन गया है।

उन्होंने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे पदाधिकारी पक्षपातपूर्ण कार्रवाई से बाज आएं। बर्दी की इज्जत को गिरवी नहीं रखें अन्यथा भाजपा ऐसे भ्रष्ट पदाधिकारियों को चिन्हित कर रही है।

कहा कि भाजपा के आंदोलन को हल्के में लेने की कोशिश भ्रष्ट पुलिस पदाधिकारी नहीं करें। आने वाले दिनों में भाजपा ऐसे भ्रष्ट पदाधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई कराएगी। इनके संपत्ति की जांच कराने और उन्हें जेल भेजने केलिए भी आंदोलन होगा।

जहानाबाद तेज रफ्तार चार पहिया वाहन की टक्कर से युवक की मौत, परिजनों में मचा कोहराम
जहानाबाद जिले के सिकरिया थाना क्षेत्र के ब्रह्मस्थान के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में लगभग 19 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान मुन्ना कुमार के रूप में की गई है, जो स्वर्गीय चंरीका पासवान के पुत्र बताए जा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, मुन्ना कुमार अपने घर से काम के लिए बाहर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में एक तेज रफ्तार अनियंत्रित चार पहिया वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक सड़क किनारे गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल युवक को आनन-फानन में सदर अस्पताल, जहानाबाद पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, युवक अस्पताल पहुंचने से पहले ही गंभीर अवस्था में था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर वाहनों की तेज रफ्तार पर कोई नियंत्रण नहीं है, जिससे आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। वहीं, मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषी वाहन चालक को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो पाएगा।
“पत्रकारों के लिए मुफ्त लेसिक सर्जरी शिविर, 13 से 18 अप्रैल तक एसबीएच आई हॉस्पिटल में होगा आयोजन”

रायपुर- एसबीएच आई हॉस्पिटल द्वारा पत्रकारों और उनके परिवारजनों के लिए 13 से 18 अप्रैल तक एक विशेष नेत्र शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में सीमित संख्या में पत्रकारों को मुफ्त लेसिक सर्जरी की सुविधा दी जाएगी, जबकि उनके परिवारजनों को उपचार में विशेष छूट प्रदान की जाएगी।

इस शिविर के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अप्रैल निर्धारित की गई है। इच्छुक पत्रकार पंजीयन हेतु मोबाइल नंबर 9644402050 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा साई बाबा नेत्र चिकित्सालय, न्यू राजेंद्र नगर में भी पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है।

इस पहल पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सुधीर आज़ाद तम्बोली ने अस्पताल प्रबंधन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि संगठन से परे सभी पत्रकारों के लिए इस तरह का विशेष शिविर आयोजित करना सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिक से अधिक पत्रकार साथी इस शिविर का लाभ उठाकर अपनी आंखों का उपचार कराएंगे।

नालंदा के मघड़ा शीतला मंदिर में भगदड़, 8 लोगों की मौत, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल

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बिहार के नालंदा में बड़ा हादसा हुआ है। बिहारशरीफ के मघड़ा गांव स्थित माता शीतलाष्टमी मंदिर में मंगलवार को भगदड़ की घटना में 8 लोगों की मौत हो गई। साथ ही बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। बताया जा रहा कि भीड़ अधिक होने और व्यवस्था न होने के कारण यह घटना हुई है। फिलहाल हादसे के बाद राहत-बचाव का कार्य शुरू हो गया है।

अत्यधिक भीड़ के कारण बड़ा हादसा

बिहारशरीफ के दीपनगर थाना क्षेत्र में यह घटना हुई है। पूजा के दौरान यह हादसा हुआ है। बताया जा रहा है कि मघड़ा शीतला मंदिर में हद से ज्यादा भीड़ होने की वजह से यह दुखद हादसा हुआ है। आज चैत माह के आखिरी मंगलवार की पूजा थी और इसी वजह से बड़ी संख्या में महिलाएं यहां पर इकट्ठा थीं। बेकाबू भीड़ को प्रशासन रोकने में असफल रहा, जिसकी वजह से भगदड़ मच गई।

दो मृतकों की हुई पहचान

मृतकों में से अब तक दो की पहचान हुई है। सकुन्त बिहार निवासी दिनेश रजक की पत्नी रीता देवी (50) और नूरसराय के मथुरापुर निवासी कमलेश प्रसाद की पत्नी रेखा देवी (45)। अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। रेखा देवी के पुत्र ने बताया कि उनकी मां मेला देखने गई थीं। “हजारों की भीड़ थी। सूचना मिलने पर हम पहुंचे और अस्पताल लाए, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।”

प्रशासनिक व्यवस्ता पर उठ रहे सवाल

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारी पहुंचे हैं और रेस्क्यू शुरू कर दिया गया है। फिलहाल इस बात का पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भगदड़ की वजह क्या थी। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि मंदिर में काफी भीड़ थी लेकिन उस हिसाब से सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा बल और भीड़ नियंत्रण के इंतजाम नहीं किए गए थे।

बेल्थरा रोड रेलवे स्टेशन की समस्याओं पर उठा मुद्दा, रेल प्रशासन को सौंपा गया मांग पत्र

बलिया/बेल्थरा रोड | 1 अप्रैल 2026 को
बेल्थरा रोड रेलवे स्टेशन पर व्याप्त विभिन्न समस्याओं को लेकर आवाज़ बुलंद हो गई है। स्टेशन रेलवे उपभोक्ता परामर्शदात्री समिति (SRUCC) के सदस्य मनीष सोनी ने श्री अखिलेश कुमार सिंह (मंडल वाणिज्य निरीक्षक) को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपते हुए यात्रियों की परेशानियों को प्रमुखता से उठाया। मांग पत्र में बिल्थरा रोड स्टेशन से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं का उल्लेख करते हुए उनके त्वरित समाधान की मांग की गई है। समिति ने प्रमुख समस्याएं उठाई जो यात्रियों के लिए सबसे ज्यादा दिक्कत होती थी सबसे पहले तो ट्रैफिक जाम मुसीबत है जो स्टेशन के आसपास अतिक्रमण और अनियंत्रित ई-रिक्शा संचालन के चलते रोज़ाना जाम की स्थिति बन रही है। इससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। ई-रिक्शा पर नंबरिंग व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है। फुट ओवरब्रिज का भी अधूरा कार्य को पत्र में लिखा गया।प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ने के बावजूद फुट ओवरब्रिज का कार्य अधूरा है, जिससे यात्रियों को रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है। यह स्थिति हादसों को न्योता दे रही है। और बुनियादी सुविधाओं का अभाव स्टेशन पर पेयजल और स्वच्छता जैसी आवश्यक सुविधाओं की कमी यात्रियों की परेशानी बढ़ा रही है। पुरानी पानी टंकी से पानी सप्लाई जो लेकर भी ध्यान अवगत कराया गया समिति ने कई सुपरफास्ट ट्रेनों का ठहराव बेल्थरा रोड स्टेशन पर नहीं होने से स्थानीय यात्रियों में नाराज़गी देखी जा रही थी इसको ध्यान में रखकर समिति ने प्रार्थना पत्र से निवेदन किया मनीष सोनी ने पुराने फुट ओवरब्रिज की मरम्मत मौजूदा ओवरब्रिज की स्थिति ठीक नहीं है, जिसे मानकों के अनुरूप दुरुस्त करने की आवश्यकता है जो ज्ञापन में प्राथमिकता से दर्शाया ज्ञापन देने में समिति के लोग रहे मौजूद:
मनीष सोनी, मनोज गुप्ता (प्यारे जी), देवेन्द्र गुप्ता, आरके मिश्रा, राकेश बर्नवाल, व्यासमुनि चौहान, राम सुरज पांडेय, अमित सिंह, सईद अहमद,
DCI अखिलेश कुमार सिंह, SS राजू, स्टेशन मास्टर भारती (बेल्थरा रोड), दिनेश मौर्या (CHI), पटेल जी, CS धर्मेंद्र गोंड़ आदि मौजूद रहे।
*पूर्व विधायक उदयभान सिंह सहित 8 लोग गैंगस्टर एक्ट में आरोप मुक्त*

रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही। अपर न्यायाधीश प्रथम पुष्पा सिंह की अदालत ने पूर्व बसपा विधायक उदयभान सिंह उर्फ डॉक्टर सिंह सहित आठ लोगों को गैंगस्टर एक्ट के मामले में आरोप मुक्त कर दिया। साल 2007 में तत्कालीन विधायक विजय मिश्रा के काफिले पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने पूर्व विधायक सहित 8 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की थी। उसी मामले में बाद में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई थी।मुख्य मुकदमे में सभी आरोपियों को कोर्ट ने साल 2015 में ही आरोप मुक्त कर दिया था। उसी को आधार बनाकर कोर्ट ने गैंगस्टर मुकदमे में भी सभी को आरोप मुक्त कर दिया। गोपीगंज कोतवाली के पड़ाव चौराहे के पास 26 मई 2007 को तत्कालीन विधायक विजय मिश्रा अपने समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार कर रहे थे। इस बीच उनके काफिले पर अवैध असलहों के साथ कई लोगों ने हमला बोल दिया था।बताया जाता है कि उस समय तत्कालीन विधायक विजय मिश्रा सहित अन्य ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई थी। मामले में औराई विधानसभा के पूर्व बसपा विधायक उदयभान सिंह उर्फ डॉक्टर सिंह समेत आठ लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई। आरोप लगाया कि उदयभान सिंह के उकसाने पर उनके समर्थकों ने ऐसा किया है। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद विवेचना की और कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।

इसी आधार पर पुलिस ने पूर्व विधायक सहित आठों लोगों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। कोर्ट ने मूल मुकदमे में 24 जुलाई 2025 को पूर्व विधायक उदयभान सिंह समेत सभी को आरोप मुक्त कर दिया था।

उसी को आधार बनाकर अपर न्यायाधीश प्रथम पुष्पा सिंह की अदालत ने पूर्व विधायक उदयभान सिंह उर्फ डॉक्टर सिंह, संदीप उर्फ पिंटू, नरेंद्र उर्फ कक्कू, योगेंद्र शुक्ला उर्फ सानू, राजेंद्र बहादुर सिंह, शिवम भूषण उपाध्याय, रिंकू उर्फ अरविंद सिंह व प्रमोद शुक्ला को गैंगस्टर के मुकदमे में दोष मुक्त कर दिया।

लखनऊ में लूटकांड के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मुठभेड़ में एक बदमाश घायल, दो गिरफ्तार, तमंचा और बाइक
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के मदेयगंज क्षेत्र में लूट की घटना के बाद पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए दो शातिर बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान हुई जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लग गई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
घटना 25 मार्च की रात की है, जब दीनदयाल नगर स्थित तरन्नुम मार्केट गली में शराब दुकानों की बिक्री राशि का कलेक्शन कर रहे हर्ष जायसवाल से चार अज्ञात बदमाशों ने बैग लूट लिया था। विरोध करने पर बदमाशों ने धारदार हथियार से हमला कर उन्हें घायल कर दिया और मौके से फरार हो गए थे।
मामले में थाना मदेयगंज पर मु0अ0सं0 38/2026 धारा 309(6) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस उपायुक्त मध्य विक्रांत वीर के निर्देशन में गठित टीमों ने लगभग 140 से 150 सीसीटीवी कैमरों की जांच और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए आरोपियों की पहचान की।
31 मार्च 2026 की रात चेकिंग के दौरान रघुवंशी ढाल बंधा रोड पर पुलिस ने संदिग्ध बाइक सवार दो व्यक्तियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने भागते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश आलोक तिवारी उर्फ मुस्कान के पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथी सुजीत सिंह उर्फ मगन को मौके से पकड़ लिया गया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। मौके से एक अपाचे मोटरसाइकिल (नंबर मिटा हुआ), .315 बोर का तमंचा, एक खोखा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और इनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
बिहार में आज से बदल गया बिजली बिल सिस्टम, दिन में सस्ती और रात में होगा महंगा

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बिहार में 1 अप्रैल यानी आज से बिजली बिल के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए टाइम ऑफ डे (ToD) टैरिफ लागू कर दिया। नए नियम के तहत अब बिजली का बिल इस बात पर निर्भर करेगा कि आप दिन के किस समय कितनी बिजली का उपयोग कर रहे हैं।

दिन में सस्ती और रात को महंगी

नए नियमों के हिसाब से रात 11 से सुबह 9 बजे तक बिजली की दरें सामान्य रहेंगी। सुबह 9 से शाम 5 बजे तक तय दर से 20% कम यानी बिजली खपत की राशि सिर्फ 80 प्रतिशत ही देनी होगी। यानी अगर आप इस समय ज्यादा बिजली इस्तेमाल करते हैं, तो आपका बिल कम आएगा। वहीं शाम को 5 बजे से रात में 11 बजे तक यदि 200 रुपये की बिजली का उपयोग किया गया तो 20 फीसदी ज्यादा चार्ज देना होगा।

आज से लागू हो रही नई व्यवस्था

नए नियम आज यानी 1 अप्रैल 2026 से लागू होने जा रहे हैं। इस नई व्यवस्था का सीधा असर राज्य के करीब 87 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। माना जा रहा है कि इस बदलाव से लोगों के बिजली उपयोग के पैटर्न में भी परिवर्तन आएगा। नई व्यवस्था का मकसद लोगों को यह समझाना है कि अगर वे सही समय पर बिजली इस्तेमाल करें, तो खर्च और कम किया जा सकता है।

बचत के लिए ऐसे करें यूज

आसान शब्दों में समझें तो टाइम ऑफ डे टैरिफ एक ऐसा सिस्टम है, जिसमें आप तय कर सकते हैं कि कब बिजली इस्तेमाल करके ज्यादा बचत करें। अगर भारी डिवाइस जैसे वॉशिंग मशीन, गीजर या एसी दिन में चलाए जाएं, तो बिल कम आएगा। वहीं शाम के समय कम इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा। इससे न सिर्फ आपकी जेब बचेगी, बल्कि पूरे राज्य में बिजली की खपत भी संतुलित रहेगी।

इनकम टैक्स सिस्टम में बड़ा फेरबदल

आज से नया इनकम टैक्स सिस्टम प्रभावी हो गया है। करदाताओं की सुविधा के लिए अब 'फाइनेंशियल ईयर' और 'असेसमेंट ईयर' जैसे तकनीकी शब्दों की जगह सिर्फ 'टैक्स वर्ष' शब्द का इस्तेमाल होगा। इस कदम का उद्देश्य टैक्स भरने की जटिल प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाना है।

रूसी सेना का प्लेन क्रीमिया में क्रैश, विमान में सवार सभी 29 लोगों की मौत

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रूस में एक बड़े हादसे में मिलिट्री का एक जहाज क्रैश कर गया है। विमान क्रैश होने से 29 लोगों की मौत हो गई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक रूसी सैन्य परिवहन विमान एएन-26 एक चट्टान से टकराकर क्रैश हो गया। यह दुर्घटना संभवतः किसी तकनीकी खराबी के कारण हुई है। विमान के क्रैश होने के कारणों की पड़ताल की जा रही है।

उड़ान भरने के बाद विमान से संपर्क टूटा

रूसी समाचार एजेंसी TASS ने बुधवार को रूस के रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया कि "क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर उड़ान भरते समय रूसी एंटोनोव-26 मिलिट्री विमान क्रैश हुआ है। 31 मार्च की शाम 6 बजे An-26 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान से संपर्क टूटा, जब वह क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर एक निर्धारित उड़ान पर था।"

छह क्रू मेंबर समेत 29 की मौत

रक्षा मंत्रालय ने कहा, "खोज एवं बचाव दल ने An-26 विमान के दुर्घटनास्थल का पता लगा लिया है।घटनास्थल से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, विमान में सवार छह चालक दल के सदस्य और 23 यात्री मारे गए।"

तकनीकी खराबी के कारण हादसे की आशंका

विमान के मलबे पर बाहरी प्रभाव का कोई संकेत नहीं मिला, यानी ऐसा नहीं लगता कि उसे किसी हथियार से निशाना बनाया गया था। इस स्तर पर इसने संकेत दिया कि तकनीकी विफलता के कारण विमान की दुर्घटना होने की संभावना है।

यूक्रेन की तरफ से हमले की आशंका से इनकार

रूसी विमान पर यूक्रेन की ओर से हमले के अंदेशे पर रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि प्लेन पर किसी बाहरी प्रभाव के कोई संकेत नहीं मिले हैं। इससे साफ है कि विमान को यूक्रेन ने हिट नहीं किया है। दरअसल, क्रीमिया में जिस स्थान पर ये हादसा हुआ है, यह प्रायद्वीपीय इलाका है। काले सागर के तट तक फैली विशाल पर्वत श्रृंखलाओं से घिरे हुए इस क्षेत्र को रूस ने 2014 में अपने अधिकार में ले लिया गया था। पहले इस भूभाग पर यूक्रेन का अधिकार था।

विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने कूटकू विस्थापितों को बसाने का किया विरोध

गढ़वा: गढ़वा-रंका विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने रंका प्रखंड के विश्रामपुर पंचायत (बरवहा टोला) में कूटकू मंडल डैम के विस्थापितों को बसाने की योजना के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय ग्रामीणों की सहमति के बिना यहाँ बाहरी लोगों को नहीं बसने दिया जाएगा।

प्रमुख घटनाक्रम और आपत्तियां

पेसा (PESA) कानून का उल्लंघन: विधायक ने सवाल उठाया कि जब झारखंड में पेसा कानून लागू है, तो जिला प्रशासन बिना ग्राम सभा की अनुमति के 1000 एकड़ वन भूमि पर 780 परिवारों को कैसे बसा सकता है?

प्रशासनिक बर्बरता: आरोप है कि 7 मार्च को जब उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) स्थल पर पहुंचे थे, तब अपनी बात रख रहे निर्दोष ग्रामीणों की पुलिस द्वारा बेरहमी से पिटाई की गई।

विस्थापितों का मुद्दा: विधायक ने तकनीकी सवाल उठाया कि अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को गैर-अनुसूचित गांवों में क्यों बसाया जा रहा है, प्रशासन को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

विधायक का आश्वासन और आगामी रणनीति

निजी खर्च पर इलाज: विधायक ने पुलिस पिटाई से घायल ग्रामीणों (जैसे राजेंद्र बड़ाइक और सुरेश उरांव) के इलाज का खर्च स्वयं उठाने की घोषणा की।

आंदोलन की चेतावनी: उन्होंने कहा कि इस मामले को जिला प्रशासन से लेकर केंद्र सरकार तक ले जाया जाएगा। यदि समाधान नहीं निकला, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

पारंपरिक स्वागत: ग्रामीणों ने विधायक का स्वागत मांदर की थाप, पलाश के फूलों के बुके और सखुआ के पत्तों की टोपी पहनाकर पारंपरिक तरीके से किया।

मुख्य सारांश: यह विवाद जल, जंगल और जमीन के अधिकारों के साथ-साथ विस्थापितों के पुनर्वास और स्थानीय ग्राम सभा की शक्तियों के टकराव का परिणाम है। विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने इस मुद्दे को स्थानीय अस्मिता और कानूनी प्रक्रियाओं के उल्लंघन से जोड़ते हुए प्रशासन को चुनौती दी है।

मुरहू, खूंटी की घटना पर प्रशासनिक कार्रवाई में तुष्टीकरण कर रही हेमंत सरकार....आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने मुरहू,खूंटी की घटना पर राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तुष्टीकरण में आकंठ डूब चुकी है।समुदाय विशेष के वोट बैंक केलिए राज्य सरकार बार बार हिन्दू समाज को प्रताड़ित कर रही है।

कहा कि सनातन धर्म के कोई पर्व त्योहार हो समुदाय विशेष के लोग सुनियोजित तरीके से जुलूस,शोभा यात्रा,मूर्ति, मंदिर पर निशाना साधते हैं। पर्व त्योहारों को बाधित करना,अनावश्यक अड़ंगा डालना, जुलूस पर पत्थरबाजी करना आम बात हो गई है।

कहा कि मुरहू खूंटी में रामनवमी जुलूस पर पथराव होना ऐसी ही मानसिकता का परिमाण है।

कहा कि राज्य सरकार ने ऐसे असामाजिक और अपराधी प्रवृति के दंगाबाजों,पत्थरबाजों का मनोबल बढ़ा दिया है। पुलिस प्रशासन राज्य सरकार का टूल किट बन गया है।

उन्होंने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे पदाधिकारी पक्षपातपूर्ण कार्रवाई से बाज आएं। बर्दी की इज्जत को गिरवी नहीं रखें अन्यथा भाजपा ऐसे भ्रष्ट पदाधिकारियों को चिन्हित कर रही है।

कहा कि भाजपा के आंदोलन को हल्के में लेने की कोशिश भ्रष्ट पुलिस पदाधिकारी नहीं करें। आने वाले दिनों में भाजपा ऐसे भ्रष्ट पदाधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई कराएगी। इनके संपत्ति की जांच कराने और उन्हें जेल भेजने केलिए भी आंदोलन होगा।

जहानाबाद तेज रफ्तार चार पहिया वाहन की टक्कर से युवक की मौत, परिजनों में मचा कोहराम
जहानाबाद जिले के सिकरिया थाना क्षेत्र के ब्रह्मस्थान के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में लगभग 19 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान मुन्ना कुमार के रूप में की गई है, जो स्वर्गीय चंरीका पासवान के पुत्र बताए जा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, मुन्ना कुमार अपने घर से काम के लिए बाहर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में एक तेज रफ्तार अनियंत्रित चार पहिया वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक सड़क किनारे गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल युवक को आनन-फानन में सदर अस्पताल, जहानाबाद पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, युवक अस्पताल पहुंचने से पहले ही गंभीर अवस्था में था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर वाहनों की तेज रफ्तार पर कोई नियंत्रण नहीं है, जिससे आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। वहीं, मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषी वाहन चालक को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो पाएगा।
“पत्रकारों के लिए मुफ्त लेसिक सर्जरी शिविर, 13 से 18 अप्रैल तक एसबीएच आई हॉस्पिटल में होगा आयोजन”

रायपुर- एसबीएच आई हॉस्पिटल द्वारा पत्रकारों और उनके परिवारजनों के लिए 13 से 18 अप्रैल तक एक विशेष नेत्र शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में सीमित संख्या में पत्रकारों को मुफ्त लेसिक सर्जरी की सुविधा दी जाएगी, जबकि उनके परिवारजनों को उपचार में विशेष छूट प्रदान की जाएगी।

इस शिविर के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अप्रैल निर्धारित की गई है। इच्छुक पत्रकार पंजीयन हेतु मोबाइल नंबर 9644402050 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा साई बाबा नेत्र चिकित्सालय, न्यू राजेंद्र नगर में भी पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है।

इस पहल पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सुधीर आज़ाद तम्बोली ने अस्पताल प्रबंधन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि संगठन से परे सभी पत्रकारों के लिए इस तरह का विशेष शिविर आयोजित करना सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिक से अधिक पत्रकार साथी इस शिविर का लाभ उठाकर अपनी आंखों का उपचार कराएंगे।

नालंदा के मघड़ा शीतला मंदिर में भगदड़, 8 लोगों की मौत, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल

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बिहार के नालंदा में बड़ा हादसा हुआ है। बिहारशरीफ के मघड़ा गांव स्थित माता शीतलाष्टमी मंदिर में मंगलवार को भगदड़ की घटना में 8 लोगों की मौत हो गई। साथ ही बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। बताया जा रहा कि भीड़ अधिक होने और व्यवस्था न होने के कारण यह घटना हुई है। फिलहाल हादसे के बाद राहत-बचाव का कार्य शुरू हो गया है।

अत्यधिक भीड़ के कारण बड़ा हादसा

बिहारशरीफ के दीपनगर थाना क्षेत्र में यह घटना हुई है। पूजा के दौरान यह हादसा हुआ है। बताया जा रहा है कि मघड़ा शीतला मंदिर में हद से ज्यादा भीड़ होने की वजह से यह दुखद हादसा हुआ है। आज चैत माह के आखिरी मंगलवार की पूजा थी और इसी वजह से बड़ी संख्या में महिलाएं यहां पर इकट्ठा थीं। बेकाबू भीड़ को प्रशासन रोकने में असफल रहा, जिसकी वजह से भगदड़ मच गई।

दो मृतकों की हुई पहचान

मृतकों में से अब तक दो की पहचान हुई है। सकुन्त बिहार निवासी दिनेश रजक की पत्नी रीता देवी (50) और नूरसराय के मथुरापुर निवासी कमलेश प्रसाद की पत्नी रेखा देवी (45)। अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। रेखा देवी के पुत्र ने बताया कि उनकी मां मेला देखने गई थीं। “हजारों की भीड़ थी। सूचना मिलने पर हम पहुंचे और अस्पताल लाए, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।”

प्रशासनिक व्यवस्ता पर उठ रहे सवाल

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारी पहुंचे हैं और रेस्क्यू शुरू कर दिया गया है। फिलहाल इस बात का पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भगदड़ की वजह क्या थी। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि मंदिर में काफी भीड़ थी लेकिन उस हिसाब से सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा बल और भीड़ नियंत्रण के इंतजाम नहीं किए गए थे।