मरीजों की सेवा सबसे बड़ा मानव धर्म : डॉ. सुप्रीत वर्मा
सुल्तानपुर,राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ द्वारा जिले के लगभग 350 मरीजों, तीमारदारों एवं जरूरतमंदों को गरम ताज़ा निःशुल्क भोजन वितरित किया गया।
संघ के तत्वाधान में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं जिला अस्पताल तथा रेलवे स्टेशन परिसर में प्रत्येक बृहस्पतिवार देर शाम निःशुल्क भोजन वितरण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
इस अवसर पर संघ अध्यक्ष मेराज अहमद खान के संयोजन में जिला चिकित्सालय स्थित ब्लड बैंक के सामने आयोजित कार्यक्रम का शुभारम्भ सर्जन डॉ. सुप्रीत वर्मा, न्यूरो सर्जन यशांक तथा डॉ.आकाश श्रीवास्तव ने जरूरतमंदों को भोजन की थाली वितरित कर किया।
सर्जन डॉ. सुप्रीत वर्मा ने कहा कि मरीजों और तीमारदारों को भोजन उपलब्ध कराना अत्यंत सराहनीय एवं मानवीय कार्य है। ऐसे सेवा कार्य समाज में मानवता और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।
न्यूरो सर्जन यशांक ने कहा कि अस्पतालों में दूर-दराज से आने वाले जरूरतमंद लोगों की सहायता करना पुण्य का कार्य है। सामाजिक संगठनों की यह पहल समाज को नई प्रेरणा देती है।
सर्जन डॉ. आकाश श्रीवास्तव ने कहा कि भोजन वितरण जैसे कार्यक्रम जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत साबित होते हैं। हर सक्षम व्यक्ति को समाज सेवा के लिए आगे आना चाहिए।
संघ के मार्गदर्शक निज़ाम खान ने बताया कि पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन के मेन्यू में अरहर की दाल, मौसमी सब्जी, रोटी एवं चावल शामिल था।
इस पुनीत कार्य में प्रदीप श्रीवास्तव, सुहेल सिद्दीकी, सरदार गुरुप्रीत सिंह, हाजी मुहम्मद मुजतबा अंसारी, जियाऊल कमर सिद्दीकी, राशिद खान, सद्दाम खान, अमानत खान, युसूफ पठान, बैजनाथ प्रजापति एवं माता प्रसाद जायसवाल सुल्तान महमूद खान कैफ़ी सहित अनेक समाजसेवियों का सहयोग रहा।
फैंटेसी और दर्शन का विलक्षण संगम : कुमार पंकज की “एल्गा-गोरस”

कल्पना, विचार और मानवीय संवेदनाओं को नया आयाम देती एक चर्चित कृति

पुस्तक समीक्षा

लखनऊ । हिंदी साहित्य जगत में इन दिनों लेखक कुमार पंकज की चर्चित कृति “एल्गा-गोरस” स्याह मिथकों की रहस्य गाथा और उसके दूसरे भाग “अग्निशास्त्र की रक्तगाथा” को लेकर व्यापक चर्चा देखने को मिल रही है। दोनों पुस्तकों के एक साथ प्रकाशित होने ने हिंदी फैंटेसी साहित्य में नई जिज्ञासा और उत्साह पैदा किया है। लॉन्च के कुछ ही घंटों के भीतर यह कृति सोशल मीडिया और डिजिटल मंचों पर छा गई। इसके वीडियो ट्रेलर को फेसबुक और यूट्यूब पर लाखों दर्शकों ने देखा, जबकि पहले ही दिन यह अमेज़न की “हॉट न्यू रिलीज़” सूची में शीर्ष स्थान तक पहुँच गई। हिंदी साहित्य में किसी फैंटेसी कृति को इतनी तेज़ लोकप्रियता मिलना अपने आप में उल्लेखनीय माना जा रहा है।

मेरठ निवासी गीतकार और लेखक कुमार पंकज की लेखन शैली इस कृति को सामान्य फैंटेसी उपन्यासों से अलग पहचान देती है। “एल्गा-गोरस” केवल युद्ध, रोमांच और रहस्य की कहानी नहीं है, बल्कि यह मनुष्य के भीतर चल रहे मानसिक संघर्ष, भावनात्मक उलझनों और अस्तित्व संबंधी प्रश्नों की भी गंभीर पड़ताल करती है। कथा कई स्तरों पर विकसित होती है, जिससे पाठक केवल घटनाओं का साक्षी नहीं बनता, बल्कि विचारों और अनुभूतियों की यात्रा का सहभागी बन जाता है। इसके पात्र मात्र काल्पनिक चरित्र नहीं, बल्कि मानवीय मनःस्थितियों और जीवन-दृष्टियों के प्रतीक बनकर उभरते हैं।

कृति का सबसे प्रभावशाली पक्ष उसका दार्शनिक स्वर है। “जंग कभी नहीं मरती, केवल योद्धा मरते हैं” जैसी पंक्तियाँ कथा को व्यापक मानवीय संदर्भ प्रदान करती हैं। वहीं “फुसफुसाहट, कभी भीतरी बेइमानी के बिना पैदा नहीं होती” और “इंतज़ार, वक़्त क़त्ल करने का सबसे फूहड़ तरीका है” जैसे विचार पाठक को भीतर तक प्रभावित करते हैं। लेखक ने जीवन, युद्ध, प्रेम और अहं जैसे जटिल विषयों को सहज लेकिन गहन भाषा में प्रस्तुत किया है।

प्रेम और रिश्तों का चित्रण भी इस कृति की बड़ी विशेषता है। यहाँ प्रेम किसी आदर्शवादी कल्पना के रूप में नहीं, बल्कि उसकी वास्तविक जटिलताओं, अपेक्षाओं, निर्भरता और टूटन के साथ सामने आता है। यही संवेदनात्मक ईमानदारी पाठक को कथा से भावनात्मक रूप से जोड़ती है।

सरल, प्रवाहपूर्ण और प्रभावशाली भाषा इस कृति को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाती है। “एल्गा-गोरस” केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि आत्ममंथन और वैचारिक अनुभव बनकर सामने आती है। यही कारण है कि कुमार पंकज की यह कृति हिंदी साहित्य में फैंटेसी और दर्शन के अद्भुत संगम के रूप में नई संभावनाओं का द्वार खोलती दिखाई देती है। — प्रशांत आर्यप्रियम्
जिले के चिन्हित अस्पताल में मरीज होंगे रेफर, बेहतर होंगी स्वास्थ्य व्यवस्था

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले की सीएचसी से रेफर हो रहे मरीजों को लेकर अब मनमानी नहीं चलेगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएचसी के मरीजों को अब चिह्नित अस्पताल में ही रेफर किया जा सकेगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीघ, औराई और गोपीगंज के मरीज को जिला अस्पताल और सुरियावां, भदोही और भानीपुर के मरीजों को भदोही एमबीएस में रेफर किया जाएगा। रोजाना सीएचसी पर 80 से 100 मरीजों की इमरजेंसी होती है। इसमें से 30 से 35 मरीज रेफर किए जाते हैं। जिले में छह सीएचसी है, इमसें भानीपुर, भदोही, सुरियावां, औराई, डीघ, गोपीगंज है। यहां रोजाना 2200 से 2500 की ओपीडी होती है। इसके अलावा 80 से 100 की इमरजेंसी होती है। इसमें से सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को रेफर किया जाता है। ज्यादातर मरीजों को महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय रेफर किया जाता था। महाराजा बलवत सिंह राजकीय चिकित्सालय में केवल भदोही सीएचसी के ही मरीज रेफर होते है। जिला अस्पताल की अपेक्षा भदोही एमबीएस में 10 डॉक्टर अधिक है। यहां कुल 22 डॉक्टरों की तैनाती है। सीएमओ डॉक्टर एसके चक ने एक नई पहल की शुरूआत की है। इसके तहत सुरियावां, भानीपुर, भदोही सीएचसी के मरीज भदोही एमबीएस में रेफर किए जाएंगे। इसके अलावा औराई, गोपीगंज, डीघ सीएचसी के मरीज जिला अस्पताल रेफर किए जाएंगे। रेफर पर्ची पर साफ अक्षरों में अस्पताल का नाम लिखा जाएगा। जिस पर्ची पर अस्पताल का नाम नहीं होगा, वहां के अधीक्षक से जवाब मांगा जाएगा। किसी भी सीएचसी के मरीज किसी दूसरे अस्पताल में मरीज लेकर नहीं जाएंगे। इसके अलावा भदोही एमबीएस के मरीज जिला अस्पताल नहीं आएंगा। जिला अस्पताल, एमबीएस से मरीज सीधे मेडिकल कॉलेज रेफर किए जाएंगे।
महंगाई का एक और झटका! पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल, सीएनजी भी हुआ महंगा

#lpgcylinderpricehikeafterpetroldiesel

देश के आम लोगों पर महंगाई की बड़ी मार पड़ी है। महंगाई की मार से परेशान लोगों को लगातार झटके लग रहे हैं। पहले दूध महंगा हुआ फिर पेट्रोल-डीजल के रेट भी बढ़ गए। अब सीएनजी भी महंगा हो गया है।

पेट्रोल-डीजल के दामों में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी

पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम तीन-तीन रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए गए हैं। वैश्विक बाजार में ऊर्जा की जो कीमतें इतनी तेजी से बढ़ी हैं, उसका सीधा बोझ अब तेल कंपनियों ने ग्राहकों के कंधों पर डाल दिया है। इसी का नतीजा है कि अब आपको अपनी गाड़ी में तेल भरवाने के लिए पहले के मुकाबले बहुत ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे। पेट्रोल-डीजल के दामों में आखिरी बार वृद्धि अप्रैल 2022 में हुई थी।

सरकार ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी क्यों की?

फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही थी क्योंकि भारत अपनी जरूरत का करीब 90% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत बढ़ने का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और ईंधन कीमतों पर पड़ता है। हालांकि, केंद्र सरकार ने कहा है कि देश में फिलहाल पर्याप्त ईंधन स्टॉक मौजूद है, लेकिन ग्लोबल ऊर्जा कीमतों में तेजी के कारण पेट्रोल-डीजल महंगा करना पड़ा।

कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा

पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि चुनाव खत्म होते ही जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ा दिया गया है। पार्टी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल ₹3-₹3 प्रति लीटर और सीएनजी ₹2 महंगी कर दी गई है। कांग्रेस ने अपने पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा, “चुनाव खत्म, अब शुरू हुई मोदी सरकार की वसूलीय़’

स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने 10 अस्पतालों की जांच कर एक अस्पताल व एक पैथोलॉजी को किया सील

कमलेश मेहरोत्रा । लहरपुर (सीतापुर)। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने 10 अस्पतालों की जांच कर एक अस्पताल व एक पैथोलॉजी को किया सील। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित टीम में नोडल अधिकारी डॉ एम एल गंगवार, डिप्टी सीएमओ दिनेश त्रिपाठी, नायाब तहसीलदार अशोक कुमार यादव व सीएचसी अधीक्षक अरविंद बाजपेई के द्वारा केशरी गंज स्थित गैलेक्सी अस्पताल की जांच की गई जांच के दौरान आवश्यक प्रपत्र न मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया गया, श्री खाटू श्याम अस्पताल की जांच की जो बन्द पाया गया, टीम ने कोतवाली मार्ग पर स्थित लहरपुर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल और ट्रॉमा सेंटर की जांच की गई ।

जहां पर डॉक्टर मौजूद डॉक्टर के द्वारा सीजर किया गया था लेकिन अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नही था जिसके चलते  बिना रजिस्ट्रेशन के अस्पताल संचालित करने पर जमकर फटकार लगाई गई और दो दिनों के अंदर आवश्यक प्रपत्र दिखाने के निर्देश दिए। जिसके बाद टीम मोहल्ला गन्नी टोला स्थित अल्फा हॉस्पिटल की जांच की जिसमे पंजीकरण पाया गया, टीम ने छावनी पुलिया स्थित डॉ एम आई बेग हॉस्पिटल की जांच की गई जो पंजीकृत पाया गया, उसी के बगल में संचालित मेडी केयर हॉस्पिटल, मेडिक्स हॉस्पिटल बन्द मिले, टीम ने वाहिद हॉस्पिटल की जाँच की जो पंजीकृत मिला, उसके  बगल में संचालित कोलैब डायग्नोस्टिक सेंटर का रिनीवल न मिलने पर उसको सील कर दिया गया, टीम के द्वारा मजा शाह स्थित मैक्स हॉस्पिटल व लाइफ लाइन हॉस्पिटल की भी जांच की गई जो पंजीकृत पाए गए।

स्वास्थ्य विभाग की टीम की छापेमारी की सूचना पर ज्यादातर संचालित वैध और अवैध अस्पतालों के शटर धड़ा धड़ गिर गए। जांच के दौरान नोडल अधिकारी एम एल गंगवार ने निर्देश दिए की जिन अस्पतालों में प्रसव कराया जाता है वह अस्पताल संचालकों को प्रसव की रिपोर्ट स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर आवश्यक रूप से भेजें। ज्ञातव्य है कि नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भारी संख्या में वैध और अवैध अस्पताल स्वास्थ्य विभाग की कृपा से संचालित हैं जिनकी समय-समय पर जांच के नाम पर खाना पूर्ति कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली जाती है और टीम के जाते ही सभी अस्पताल पुनः संचालित हो जाते हैं।
शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में महिला मरीज की मौत, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

हजारीबाग जिले के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला मरीज की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी के निजी मीडिया प्रतिनिधि विक्की कुमार धान ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर चिंता जताई है।

जानकारी के अनुसार मृतका उत्तरी शिवपुरी निवासी सरिता कुमारी थीं, जो थैलेसीमिया से पीड़ित थीं और नियमित इलाज के लिए अस्पताल आती थीं। बताया गया कि वे अपने पति एवं 8 वर्षीय पुत्री के साथ उपचार हेतु अस्पताल पहुंची थीं, जहां चिकित्सकीय जांच के बाद उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी तथा उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई। इस दौरान अस्पताल कर्मियों से सहायता की मांग की गई, लेकिन स्थिति लगातार गंभीर होती चली गई और उपचार के क्रम में उनकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद विक्की कुमार धान अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी लेने का प्रयास किया। उन्होंने अस्पताल अधीक्षक डॉ. के.के. सिंह से मुलाकात करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। वहीं दूरभाष पर भी बातचीत नहीं हो पाई। विक्की कुमार धान ने कहा कि अस्पताल प्रशासन को ऑक्सीजन उपलब्धता, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं एवं मरीजों की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर समय-समय पर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि आम लोगों का भरोसा स्वास्थ्य व्यवस्था पर बना रहे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

तहसील मार्ग स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक का किया गया आयोजन

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। तहसील मार्ग स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक का किया गया आयोजन।  कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष राजेश गिरी ने की व बैठक का संचालन  शोभित मिश्र ने किया। इस मौके पर बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं का उत्साह वर्धन करते हुए विधायक अनिल वर्मा  ने कहा कि सभी कार्यकर्ता अपने अपने बूथों को मजबूत करने का कार्य करे जब हमारा बूथ मजबूत होगा तभी हमारी विधानसभा मजबूत होगी उन्होंने कहा  कि इस जुमले बाज भाजपा सरकार ने अब तक के कार्यकाल में कुछ भी नहीं किया है केवल जनता को सिर्फ जाति धर्म के नाम पर बांटने का कार्य किया है। बैठक को युवा सपा नेता अतुल वर्मा ने भी संबोधित किया और कहा कि कार्यकर्ता ही पार्टी की असली शक्ति होते हैं आप सभी समाजवादी विचारधारा को जन जन तक पहुंचाने व पार्टी को मजबूत बनाने में अपना सहयोग करें।

बैठक को जिला उपाध्यक्ष कौशलेंद्र सिंह, अतुल वर्मा, नगर अध्यक्ष मेराज मेहबूब, कुलदीप सिंह, मीसम खान ने भी सम्बोधित किया इस अवसर पर सतनाम सिंह, कुलदीप सिंह, अमरेंद्र वर्मा, राधे वर्मा, भागीरथ मौर्या, अरशद अंसारी, कमल किशोर मिश्रा, गया प्रसाद मौर्या, मो० शोएब, चन्दा अली, प्रशान्त गुप्ता, श्याम शर्मा, नीलेश रस्तोगी, जय सिंह, चंद्रपाल, महिपाल, धीरू यादव, अनुराग वर्मा, कल्लन अंसारी, रामनरेश वर्मा, जाबिर खान, मोहम्मद जकी,सहित भारी संख्या में समाजवादी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
जनपद के समस्त गो आश्रय स्थलों पर साफ सफाई, स्वच्छता बरतने के निर्देश-मा० उपाध्यक्ष गो सेवा आयोग

*छोटे तथा बड़े गोवंश को अलग-अलग रखने की की जाय व्यवस्था-मा० उपाध्यक्ष गो सेवा आयोग*


*गोण्डा 14 मई,2026*।
कलेक्ट्रेट सभागार में उपाध्यक्ष उ०प्र० गो सेवा आयोग उ०प्र० लखनऊ श्री अतुल सिंह तथा सदस्य श्री राजेश सिंह सेंगर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गयी।

बैठक में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन तथा मुख्य विकास अधिकारी श्री दयानंद प्रसाद ने प्रतिभाग किया।

बैठक में समस्त गो आश्रय स्थलों पर हरे चारे की व्यवस्था पाई गयी जिस पर  उपाध्यक्ष द्वारा जिलाधिकारी की प्रशन्सा की गई तथा निर्देशित किया गया कि जिन गो आश्रय स्थल पर हरा चारा उपलब्ध नहीं है, वहां साइलेज खिलाया जाय तथा समय से हरा चारा/साइलेज, भूसा तथा पशुआहार समय से कराया जाय।

गोवंश को पीने हेतु पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाय तथा पानी की चरही की नियमित साफ-सफाई की जाय। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चरही की ऊंचाई ऐसी हो कि बड़े पशुओं के साथ-साथ छोटे पशुओं को भी पानी पीने में किसी प्रकार की समस्या न हो।

कृषकों को जैविक खेती / प्राकृतिक खेती करने हेतु प्रोत्साहित किया जाए, जिससे खाद्य सामग्रियों में होने वाले रासायनिक खाद के प्रयोग को रोक कर जहर मुक्त अनाज, फल एवं सब्जियों का उत्पादन किया जा सके। स्थानीय स्तर पर खेतों में रासायनिक खाद के बदले कम्पोस्ट / जैविक खाद के उपयोग हेतु जागरूकता फैलाया जाय।

गो आश्रय स्थलों को स्वावलम्बी बनाने के लिए नवचार किया जाए। गोशाला में उपलब्ध गोबर तथा गो मूत्र से उपयोगी वस्तुओं यथा, गोबर के गमले, दिये आदि का उत्पादन कराया जाये। जनपद के नर्सरियों में गोबर से बने गमलों के इस्तेमाल से जहां एक ओर गोबर का सदुपयोग होगा, वहीं दूसरी तरफ पालीथिन के उपयोग में व्यापक रूप से कमी आयेगी तथा यूरिया पर निर्भरता घटेगी।

उन्होंने कहा है कि प्रत्येक गो आश्रय स्थल में बीमार तथा अशक्त गोवंश को पृथक रखने के लिए सिकवार्ड बनाये जायें तथा उनकी विशेष देखभाल की जाय। सिकवार्ड को चारों तरफ से ढक कर बीमार एवं अशक्त गोवंशों को पक्षियों आदि से बचाव सुनिश्चित किया जाय।

समस्त अस्थाई / स्थाई गो आश्रय स्थलों में छायादार वृक्षों का रोपण अवश्य कराया जाय, जिससे गोवंश को गर्मी के मौसम में आवश्यक छाया मिल सके। राज्य सरकार द्वारा गो आश्रय स्थलों को दिये जाने वाले धनराशि का पूरी ईमानदारी के साथ सदुपयोग किया जाय। सभी संबंधित अधिकारीगण गोशालाओं का नियमित रूप से निरीक्षण कर समस्त आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करायें तथा इसका अकंन निरीक्षण आख्या में भी करें।

गो आश्रय स्थलों में गोबर गैस प्लान्ट लगवाये जाये जिससे वैकल्पिक ऊर्जा उत्पन्न हो तथा वर्तमान की संकट का समाधान हो सकें। गाय का दूध अमृत के सामान है। ऐसे में पूज्यनीय महाराज जी की मंशानुसार स्वदेशी नस्ल की दुधारू गायों का सवर्धन किया जाय। इस क्रम में सभी लोगों के द्वारा सकारात्मक सोच एवं पूरी तन्मयता के साथ गो संवर्धन का कार्य किया जाय।

बैठक के दौरान अपर निदेशक ग्रेड-2 पशुपालन विभाग देवीपाटन मण्डल गोण्डा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, गो सेवकों सहित समिति के समस्त पदाधिकारी तथा समस्त खण्ड विकास अधिकारी एवं उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी / पशुचिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।
फर्रुखाबाद घराने के ख़लीफा उस्ताद साबिर खां का हृदयाघात से निधन
फर्रुखाबाद l
सम्पूर्ण विश्व मे फर्रुखाबाद तबला घराने का नाम विख्यात करने वाले फर्रुखाबाद के चीनी ग्रान मोहल्ले के पूर्व निवासी फर्रुखाबाद घराने के ख़लीफा और विश्व प्रसिद्ध तबला वादक उस्ताद साबिर खां का हृदयाघात से निधन हो गया। वे 67 वर्ष के थे। गुरुवार 14 मई की सुबह तबीयत बिगड़ने पर उन्हें  कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उन्होंने अंतिम सांस ली।  इनका जन्म 4 दिसंबर 1959 को रामपुर में हुआ था। उनके पिता उस्ताद करामतउल्लाह खां रामपुर छोड़कर कोलकाता चले गए थे तब से यह परिवार कोलकाता  के राजारहाट क्षेत्र में निवास कर रहा है । अभी 16 एवं 17 मई को कोलकाता में उस्ताद साबिर खां अपने दादा उस्ताद मसीत खां की स्मृति में दो दिवसीय संगीत सम्मेलन ' नौ बहार ' का आयोजन करने वाले थे।
फर्रुखाबाद घराने के संस्थापक उस्ताद हाजी विलायत अली खां के प्रपौत्र तथा इस घरानें के आदि पुरुष मीर अकासा की जीवंत सांगीतिक विरासत के उत्तराधिकारी उस्ताद साबिर खां निर्बाध 33वीं पीढ़ी के तबला वादक थे। आपके तीन पुत्र आरिफ खां , आसिफ खां तथा अमीन खां 34वीं पीढ़ी के तबला वादक हैं।
फर्रुखाबाद के कला प्रेमियों साहित्कारों और समाज सेवियो ने ख़लीफ़ा साबिर खान के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है ।
आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
* आयुष मंत्री ने कहा, अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो

* निर्माण कार्य समय पर पूरे हों, जनप्रतिनिधियों के सहयोग से लगाए जाएं स्वास्थ्य शिविर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्रा दयालु ने गुरुवार को एनेक्सी भवन सभागार में प्रदेश के राजकीय आयुष महाविद्यालयों और 50 शैय्या युक्त आयुष एकीकृत चिकित्सालयों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक की।
बैठक में राजकीय आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी मेडिकल कॉलेजों के कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्माणाधीन छात्रावासों और अन्य परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और मानकों में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
आयुष मंत्री ने अस्पतालों में दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि जिन दवाओं की मांग अधिक है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को बाहर की दवा लिखने से बचा जाए, ताकि उन्हें इलाज में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
डॉ. दयाशंकर मिश्र ने ओपीडी सेवाओं को और प्रभावी बनाने तथा अधिक से अधिक मरीजों के उपचार पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर आयुष चिकित्सा पद्धति के माध्यम से लोगों को उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने अस्पतालों की आईपीडी सेवाओं को मजबूत करने और बेहतर उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही सभी चिकित्सालयों में ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की व्यवस्था सुदृढ़ कर अधिक से अधिक माइनर सर्जरी करने पर बल दिया। मंत्री ने कहा कि ओपीडी, सर्जरी और स्वास्थ्य शिविरों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष तीन चिकित्सालयों को सम्मानित भी किया जाएगा।
बैठक में प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने विभागीय प्रगति की जानकारी दी और मंत्री के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर निदेशक आयुर्वेद डॉ. नारायण दास, निदेशक होम्योपैथिक डॉ. पी.के. सिंह, निदेशक यूनानी प्रो. जमाल अख्तर समेत प्रदेश के सभी आयुष महाविद्यालयों और चिकित्सालयों के प्रधानाचार्य एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मरीजों की सेवा सबसे बड़ा मानव धर्म : डॉ. सुप्रीत वर्मा
सुल्तानपुर,राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ द्वारा जिले के लगभग 350 मरीजों, तीमारदारों एवं जरूरतमंदों को गरम ताज़ा निःशुल्क भोजन वितरित किया गया।
संघ के तत्वाधान में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं जिला अस्पताल तथा रेलवे स्टेशन परिसर में प्रत्येक बृहस्पतिवार देर शाम निःशुल्क भोजन वितरण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
इस अवसर पर संघ अध्यक्ष मेराज अहमद खान के संयोजन में जिला चिकित्सालय स्थित ब्लड बैंक के सामने आयोजित कार्यक्रम का शुभारम्भ सर्जन डॉ. सुप्रीत वर्मा, न्यूरो सर्जन यशांक तथा डॉ.आकाश श्रीवास्तव ने जरूरतमंदों को भोजन की थाली वितरित कर किया।
सर्जन डॉ. सुप्रीत वर्मा ने कहा कि मरीजों और तीमारदारों को भोजन उपलब्ध कराना अत्यंत सराहनीय एवं मानवीय कार्य है। ऐसे सेवा कार्य समाज में मानवता और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।
न्यूरो सर्जन यशांक ने कहा कि अस्पतालों में दूर-दराज से आने वाले जरूरतमंद लोगों की सहायता करना पुण्य का कार्य है। सामाजिक संगठनों की यह पहल समाज को नई प्रेरणा देती है।
सर्जन डॉ. आकाश श्रीवास्तव ने कहा कि भोजन वितरण जैसे कार्यक्रम जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत साबित होते हैं। हर सक्षम व्यक्ति को समाज सेवा के लिए आगे आना चाहिए।
संघ के मार्गदर्शक निज़ाम खान ने बताया कि पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन के मेन्यू में अरहर की दाल, मौसमी सब्जी, रोटी एवं चावल शामिल था।
इस पुनीत कार्य में प्रदीप श्रीवास्तव, सुहेल सिद्दीकी, सरदार गुरुप्रीत सिंह, हाजी मुहम्मद मुजतबा अंसारी, जियाऊल कमर सिद्दीकी, राशिद खान, सद्दाम खान, अमानत खान, युसूफ पठान, बैजनाथ प्रजापति एवं माता प्रसाद जायसवाल सुल्तान महमूद खान कैफ़ी सहित अनेक समाजसेवियों का सहयोग रहा।
फैंटेसी और दर्शन का विलक्षण संगम : कुमार पंकज की “एल्गा-गोरस”

कल्पना, विचार और मानवीय संवेदनाओं को नया आयाम देती एक चर्चित कृति

पुस्तक समीक्षा

लखनऊ । हिंदी साहित्य जगत में इन दिनों लेखक कुमार पंकज की चर्चित कृति “एल्गा-गोरस” स्याह मिथकों की रहस्य गाथा और उसके दूसरे भाग “अग्निशास्त्र की रक्तगाथा” को लेकर व्यापक चर्चा देखने को मिल रही है। दोनों पुस्तकों के एक साथ प्रकाशित होने ने हिंदी फैंटेसी साहित्य में नई जिज्ञासा और उत्साह पैदा किया है। लॉन्च के कुछ ही घंटों के भीतर यह कृति सोशल मीडिया और डिजिटल मंचों पर छा गई। इसके वीडियो ट्रेलर को फेसबुक और यूट्यूब पर लाखों दर्शकों ने देखा, जबकि पहले ही दिन यह अमेज़न की “हॉट न्यू रिलीज़” सूची में शीर्ष स्थान तक पहुँच गई। हिंदी साहित्य में किसी फैंटेसी कृति को इतनी तेज़ लोकप्रियता मिलना अपने आप में उल्लेखनीय माना जा रहा है।

मेरठ निवासी गीतकार और लेखक कुमार पंकज की लेखन शैली इस कृति को सामान्य फैंटेसी उपन्यासों से अलग पहचान देती है। “एल्गा-गोरस” केवल युद्ध, रोमांच और रहस्य की कहानी नहीं है, बल्कि यह मनुष्य के भीतर चल रहे मानसिक संघर्ष, भावनात्मक उलझनों और अस्तित्व संबंधी प्रश्नों की भी गंभीर पड़ताल करती है। कथा कई स्तरों पर विकसित होती है, जिससे पाठक केवल घटनाओं का साक्षी नहीं बनता, बल्कि विचारों और अनुभूतियों की यात्रा का सहभागी बन जाता है। इसके पात्र मात्र काल्पनिक चरित्र नहीं, बल्कि मानवीय मनःस्थितियों और जीवन-दृष्टियों के प्रतीक बनकर उभरते हैं।

कृति का सबसे प्रभावशाली पक्ष उसका दार्शनिक स्वर है। “जंग कभी नहीं मरती, केवल योद्धा मरते हैं” जैसी पंक्तियाँ कथा को व्यापक मानवीय संदर्भ प्रदान करती हैं। वहीं “फुसफुसाहट, कभी भीतरी बेइमानी के बिना पैदा नहीं होती” और “इंतज़ार, वक़्त क़त्ल करने का सबसे फूहड़ तरीका है” जैसे विचार पाठक को भीतर तक प्रभावित करते हैं। लेखक ने जीवन, युद्ध, प्रेम और अहं जैसे जटिल विषयों को सहज लेकिन गहन भाषा में प्रस्तुत किया है।

प्रेम और रिश्तों का चित्रण भी इस कृति की बड़ी विशेषता है। यहाँ प्रेम किसी आदर्शवादी कल्पना के रूप में नहीं, बल्कि उसकी वास्तविक जटिलताओं, अपेक्षाओं, निर्भरता और टूटन के साथ सामने आता है। यही संवेदनात्मक ईमानदारी पाठक को कथा से भावनात्मक रूप से जोड़ती है।

सरल, प्रवाहपूर्ण और प्रभावशाली भाषा इस कृति को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाती है। “एल्गा-गोरस” केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि आत्ममंथन और वैचारिक अनुभव बनकर सामने आती है। यही कारण है कि कुमार पंकज की यह कृति हिंदी साहित्य में फैंटेसी और दर्शन के अद्भुत संगम के रूप में नई संभावनाओं का द्वार खोलती दिखाई देती है। — प्रशांत आर्यप्रियम्
जिले के चिन्हित अस्पताल में मरीज होंगे रेफर, बेहतर होंगी स्वास्थ्य व्यवस्था

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले की सीएचसी से रेफर हो रहे मरीजों को लेकर अब मनमानी नहीं चलेगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएचसी के मरीजों को अब चिह्नित अस्पताल में ही रेफर किया जा सकेगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीघ, औराई और गोपीगंज के मरीज को जिला अस्पताल और सुरियावां, भदोही और भानीपुर के मरीजों को भदोही एमबीएस में रेफर किया जाएगा। रोजाना सीएचसी पर 80 से 100 मरीजों की इमरजेंसी होती है। इसमें से 30 से 35 मरीज रेफर किए जाते हैं। जिले में छह सीएचसी है, इमसें भानीपुर, भदोही, सुरियावां, औराई, डीघ, गोपीगंज है। यहां रोजाना 2200 से 2500 की ओपीडी होती है। इसके अलावा 80 से 100 की इमरजेंसी होती है। इसमें से सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को रेफर किया जाता है। ज्यादातर मरीजों को महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय रेफर किया जाता था। महाराजा बलवत सिंह राजकीय चिकित्सालय में केवल भदोही सीएचसी के ही मरीज रेफर होते है। जिला अस्पताल की अपेक्षा भदोही एमबीएस में 10 डॉक्टर अधिक है। यहां कुल 22 डॉक्टरों की तैनाती है। सीएमओ डॉक्टर एसके चक ने एक नई पहल की शुरूआत की है। इसके तहत सुरियावां, भानीपुर, भदोही सीएचसी के मरीज भदोही एमबीएस में रेफर किए जाएंगे। इसके अलावा औराई, गोपीगंज, डीघ सीएचसी के मरीज जिला अस्पताल रेफर किए जाएंगे। रेफर पर्ची पर साफ अक्षरों में अस्पताल का नाम लिखा जाएगा। जिस पर्ची पर अस्पताल का नाम नहीं होगा, वहां के अधीक्षक से जवाब मांगा जाएगा। किसी भी सीएचसी के मरीज किसी दूसरे अस्पताल में मरीज लेकर नहीं जाएंगे। इसके अलावा भदोही एमबीएस के मरीज जिला अस्पताल नहीं आएंगा। जिला अस्पताल, एमबीएस से मरीज सीधे मेडिकल कॉलेज रेफर किए जाएंगे।
महंगाई का एक और झटका! पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल, सीएनजी भी हुआ महंगा

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देश के आम लोगों पर महंगाई की बड़ी मार पड़ी है। महंगाई की मार से परेशान लोगों को लगातार झटके लग रहे हैं। पहले दूध महंगा हुआ फिर पेट्रोल-डीजल के रेट भी बढ़ गए। अब सीएनजी भी महंगा हो गया है।

पेट्रोल-डीजल के दामों में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी

पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम तीन-तीन रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए गए हैं। वैश्विक बाजार में ऊर्जा की जो कीमतें इतनी तेजी से बढ़ी हैं, उसका सीधा बोझ अब तेल कंपनियों ने ग्राहकों के कंधों पर डाल दिया है। इसी का नतीजा है कि अब आपको अपनी गाड़ी में तेल भरवाने के लिए पहले के मुकाबले बहुत ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे। पेट्रोल-डीजल के दामों में आखिरी बार वृद्धि अप्रैल 2022 में हुई थी।

सरकार ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी क्यों की?

फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही थी क्योंकि भारत अपनी जरूरत का करीब 90% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत बढ़ने का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और ईंधन कीमतों पर पड़ता है। हालांकि, केंद्र सरकार ने कहा है कि देश में फिलहाल पर्याप्त ईंधन स्टॉक मौजूद है, लेकिन ग्लोबल ऊर्जा कीमतों में तेजी के कारण पेट्रोल-डीजल महंगा करना पड़ा।

कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा

पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि चुनाव खत्म होते ही जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ा दिया गया है। पार्टी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल ₹3-₹3 प्रति लीटर और सीएनजी ₹2 महंगी कर दी गई है। कांग्रेस ने अपने पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा, “चुनाव खत्म, अब शुरू हुई मोदी सरकार की वसूलीय़’

स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने 10 अस्पतालों की जांच कर एक अस्पताल व एक पैथोलॉजी को किया सील

कमलेश मेहरोत्रा । लहरपुर (सीतापुर)। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने 10 अस्पतालों की जांच कर एक अस्पताल व एक पैथोलॉजी को किया सील। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित टीम में नोडल अधिकारी डॉ एम एल गंगवार, डिप्टी सीएमओ दिनेश त्रिपाठी, नायाब तहसीलदार अशोक कुमार यादव व सीएचसी अधीक्षक अरविंद बाजपेई के द्वारा केशरी गंज स्थित गैलेक्सी अस्पताल की जांच की गई जांच के दौरान आवश्यक प्रपत्र न मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया गया, श्री खाटू श्याम अस्पताल की जांच की जो बन्द पाया गया, टीम ने कोतवाली मार्ग पर स्थित लहरपुर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल और ट्रॉमा सेंटर की जांच की गई ।

जहां पर डॉक्टर मौजूद डॉक्टर के द्वारा सीजर किया गया था लेकिन अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नही था जिसके चलते  बिना रजिस्ट्रेशन के अस्पताल संचालित करने पर जमकर फटकार लगाई गई और दो दिनों के अंदर आवश्यक प्रपत्र दिखाने के निर्देश दिए। जिसके बाद टीम मोहल्ला गन्नी टोला स्थित अल्फा हॉस्पिटल की जांच की जिसमे पंजीकरण पाया गया, टीम ने छावनी पुलिया स्थित डॉ एम आई बेग हॉस्पिटल की जांच की गई जो पंजीकृत पाया गया, उसी के बगल में संचालित मेडी केयर हॉस्पिटल, मेडिक्स हॉस्पिटल बन्द मिले, टीम ने वाहिद हॉस्पिटल की जाँच की जो पंजीकृत मिला, उसके  बगल में संचालित कोलैब डायग्नोस्टिक सेंटर का रिनीवल न मिलने पर उसको सील कर दिया गया, टीम के द्वारा मजा शाह स्थित मैक्स हॉस्पिटल व लाइफ लाइन हॉस्पिटल की भी जांच की गई जो पंजीकृत पाए गए।

स्वास्थ्य विभाग की टीम की छापेमारी की सूचना पर ज्यादातर संचालित वैध और अवैध अस्पतालों के शटर धड़ा धड़ गिर गए। जांच के दौरान नोडल अधिकारी एम एल गंगवार ने निर्देश दिए की जिन अस्पतालों में प्रसव कराया जाता है वह अस्पताल संचालकों को प्रसव की रिपोर्ट स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर आवश्यक रूप से भेजें। ज्ञातव्य है कि नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भारी संख्या में वैध और अवैध अस्पताल स्वास्थ्य विभाग की कृपा से संचालित हैं जिनकी समय-समय पर जांच के नाम पर खाना पूर्ति कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली जाती है और टीम के जाते ही सभी अस्पताल पुनः संचालित हो जाते हैं।
शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में महिला मरीज की मौत, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

हजारीबाग जिले के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला मरीज की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी के निजी मीडिया प्रतिनिधि विक्की कुमार धान ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर चिंता जताई है।

जानकारी के अनुसार मृतका उत्तरी शिवपुरी निवासी सरिता कुमारी थीं, जो थैलेसीमिया से पीड़ित थीं और नियमित इलाज के लिए अस्पताल आती थीं। बताया गया कि वे अपने पति एवं 8 वर्षीय पुत्री के साथ उपचार हेतु अस्पताल पहुंची थीं, जहां चिकित्सकीय जांच के बाद उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी तथा उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई। इस दौरान अस्पताल कर्मियों से सहायता की मांग की गई, लेकिन स्थिति लगातार गंभीर होती चली गई और उपचार के क्रम में उनकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद विक्की कुमार धान अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी लेने का प्रयास किया। उन्होंने अस्पताल अधीक्षक डॉ. के.के. सिंह से मुलाकात करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। वहीं दूरभाष पर भी बातचीत नहीं हो पाई। विक्की कुमार धान ने कहा कि अस्पताल प्रशासन को ऑक्सीजन उपलब्धता, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं एवं मरीजों की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर समय-समय पर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि आम लोगों का भरोसा स्वास्थ्य व्यवस्था पर बना रहे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

तहसील मार्ग स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक का किया गया आयोजन

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। तहसील मार्ग स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक का किया गया आयोजन।  कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष राजेश गिरी ने की व बैठक का संचालन  शोभित मिश्र ने किया। इस मौके पर बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं का उत्साह वर्धन करते हुए विधायक अनिल वर्मा  ने कहा कि सभी कार्यकर्ता अपने अपने बूथों को मजबूत करने का कार्य करे जब हमारा बूथ मजबूत होगा तभी हमारी विधानसभा मजबूत होगी उन्होंने कहा  कि इस जुमले बाज भाजपा सरकार ने अब तक के कार्यकाल में कुछ भी नहीं किया है केवल जनता को सिर्फ जाति धर्म के नाम पर बांटने का कार्य किया है। बैठक को युवा सपा नेता अतुल वर्मा ने भी संबोधित किया और कहा कि कार्यकर्ता ही पार्टी की असली शक्ति होते हैं आप सभी समाजवादी विचारधारा को जन जन तक पहुंचाने व पार्टी को मजबूत बनाने में अपना सहयोग करें।

बैठक को जिला उपाध्यक्ष कौशलेंद्र सिंह, अतुल वर्मा, नगर अध्यक्ष मेराज मेहबूब, कुलदीप सिंह, मीसम खान ने भी सम्बोधित किया इस अवसर पर सतनाम सिंह, कुलदीप सिंह, अमरेंद्र वर्मा, राधे वर्मा, भागीरथ मौर्या, अरशद अंसारी, कमल किशोर मिश्रा, गया प्रसाद मौर्या, मो० शोएब, चन्दा अली, प्रशान्त गुप्ता, श्याम शर्मा, नीलेश रस्तोगी, जय सिंह, चंद्रपाल, महिपाल, धीरू यादव, अनुराग वर्मा, कल्लन अंसारी, रामनरेश वर्मा, जाबिर खान, मोहम्मद जकी,सहित भारी संख्या में समाजवादी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
जनपद के समस्त गो आश्रय स्थलों पर साफ सफाई, स्वच्छता बरतने के निर्देश-मा० उपाध्यक्ष गो सेवा आयोग

*छोटे तथा बड़े गोवंश को अलग-अलग रखने की की जाय व्यवस्था-मा० उपाध्यक्ष गो सेवा आयोग*


*गोण्डा 14 मई,2026*।
कलेक्ट्रेट सभागार में उपाध्यक्ष उ०प्र० गो सेवा आयोग उ०प्र० लखनऊ श्री अतुल सिंह तथा सदस्य श्री राजेश सिंह सेंगर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गयी।

बैठक में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन तथा मुख्य विकास अधिकारी श्री दयानंद प्रसाद ने प्रतिभाग किया।

बैठक में समस्त गो आश्रय स्थलों पर हरे चारे की व्यवस्था पाई गयी जिस पर  उपाध्यक्ष द्वारा जिलाधिकारी की प्रशन्सा की गई तथा निर्देशित किया गया कि जिन गो आश्रय स्थल पर हरा चारा उपलब्ध नहीं है, वहां साइलेज खिलाया जाय तथा समय से हरा चारा/साइलेज, भूसा तथा पशुआहार समय से कराया जाय।

गोवंश को पीने हेतु पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाय तथा पानी की चरही की नियमित साफ-सफाई की जाय। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चरही की ऊंचाई ऐसी हो कि बड़े पशुओं के साथ-साथ छोटे पशुओं को भी पानी पीने में किसी प्रकार की समस्या न हो।

कृषकों को जैविक खेती / प्राकृतिक खेती करने हेतु प्रोत्साहित किया जाए, जिससे खाद्य सामग्रियों में होने वाले रासायनिक खाद के प्रयोग को रोक कर जहर मुक्त अनाज, फल एवं सब्जियों का उत्पादन किया जा सके। स्थानीय स्तर पर खेतों में रासायनिक खाद के बदले कम्पोस्ट / जैविक खाद के उपयोग हेतु जागरूकता फैलाया जाय।

गो आश्रय स्थलों को स्वावलम्बी बनाने के लिए नवचार किया जाए। गोशाला में उपलब्ध गोबर तथा गो मूत्र से उपयोगी वस्तुओं यथा, गोबर के गमले, दिये आदि का उत्पादन कराया जाये। जनपद के नर्सरियों में गोबर से बने गमलों के इस्तेमाल से जहां एक ओर गोबर का सदुपयोग होगा, वहीं दूसरी तरफ पालीथिन के उपयोग में व्यापक रूप से कमी आयेगी तथा यूरिया पर निर्भरता घटेगी।

उन्होंने कहा है कि प्रत्येक गो आश्रय स्थल में बीमार तथा अशक्त गोवंश को पृथक रखने के लिए सिकवार्ड बनाये जायें तथा उनकी विशेष देखभाल की जाय। सिकवार्ड को चारों तरफ से ढक कर बीमार एवं अशक्त गोवंशों को पक्षियों आदि से बचाव सुनिश्चित किया जाय।

समस्त अस्थाई / स्थाई गो आश्रय स्थलों में छायादार वृक्षों का रोपण अवश्य कराया जाय, जिससे गोवंश को गर्मी के मौसम में आवश्यक छाया मिल सके। राज्य सरकार द्वारा गो आश्रय स्थलों को दिये जाने वाले धनराशि का पूरी ईमानदारी के साथ सदुपयोग किया जाय। सभी संबंधित अधिकारीगण गोशालाओं का नियमित रूप से निरीक्षण कर समस्त आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करायें तथा इसका अकंन निरीक्षण आख्या में भी करें।

गो आश्रय स्थलों में गोबर गैस प्लान्ट लगवाये जाये जिससे वैकल्पिक ऊर्जा उत्पन्न हो तथा वर्तमान की संकट का समाधान हो सकें। गाय का दूध अमृत के सामान है। ऐसे में पूज्यनीय महाराज जी की मंशानुसार स्वदेशी नस्ल की दुधारू गायों का सवर्धन किया जाय। इस क्रम में सभी लोगों के द्वारा सकारात्मक सोच एवं पूरी तन्मयता के साथ गो संवर्धन का कार्य किया जाय।

बैठक के दौरान अपर निदेशक ग्रेड-2 पशुपालन विभाग देवीपाटन मण्डल गोण्डा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, गो सेवकों सहित समिति के समस्त पदाधिकारी तथा समस्त खण्ड विकास अधिकारी एवं उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी / पशुचिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।
फर्रुखाबाद घराने के ख़लीफा उस्ताद साबिर खां का हृदयाघात से निधन
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सम्पूर्ण विश्व मे फर्रुखाबाद तबला घराने का नाम विख्यात करने वाले फर्रुखाबाद के चीनी ग्रान मोहल्ले के पूर्व निवासी फर्रुखाबाद घराने के ख़लीफा और विश्व प्रसिद्ध तबला वादक उस्ताद साबिर खां का हृदयाघात से निधन हो गया। वे 67 वर्ष के थे। गुरुवार 14 मई की सुबह तबीयत बिगड़ने पर उन्हें  कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उन्होंने अंतिम सांस ली।  इनका जन्म 4 दिसंबर 1959 को रामपुर में हुआ था। उनके पिता उस्ताद करामतउल्लाह खां रामपुर छोड़कर कोलकाता चले गए थे तब से यह परिवार कोलकाता  के राजारहाट क्षेत्र में निवास कर रहा है । अभी 16 एवं 17 मई को कोलकाता में उस्ताद साबिर खां अपने दादा उस्ताद मसीत खां की स्मृति में दो दिवसीय संगीत सम्मेलन ' नौ बहार ' का आयोजन करने वाले थे।
फर्रुखाबाद घराने के संस्थापक उस्ताद हाजी विलायत अली खां के प्रपौत्र तथा इस घरानें के आदि पुरुष मीर अकासा की जीवंत सांगीतिक विरासत के उत्तराधिकारी उस्ताद साबिर खां निर्बाध 33वीं पीढ़ी के तबला वादक थे। आपके तीन पुत्र आरिफ खां , आसिफ खां तथा अमीन खां 34वीं पीढ़ी के तबला वादक हैं।
फर्रुखाबाद के कला प्रेमियों साहित्कारों और समाज सेवियो ने ख़लीफ़ा साबिर खान के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है ।
आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
* आयुष मंत्री ने कहा, अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो

* निर्माण कार्य समय पर पूरे हों, जनप्रतिनिधियों के सहयोग से लगाए जाएं स्वास्थ्य शिविर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्रा दयालु ने गुरुवार को एनेक्सी भवन सभागार में प्रदेश के राजकीय आयुष महाविद्यालयों और 50 शैय्या युक्त आयुष एकीकृत चिकित्सालयों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक की।
बैठक में राजकीय आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी मेडिकल कॉलेजों के कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्माणाधीन छात्रावासों और अन्य परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और मानकों में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
आयुष मंत्री ने अस्पतालों में दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि जिन दवाओं की मांग अधिक है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को बाहर की दवा लिखने से बचा जाए, ताकि उन्हें इलाज में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
डॉ. दयाशंकर मिश्र ने ओपीडी सेवाओं को और प्रभावी बनाने तथा अधिक से अधिक मरीजों के उपचार पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर आयुष चिकित्सा पद्धति के माध्यम से लोगों को उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने अस्पतालों की आईपीडी सेवाओं को मजबूत करने और बेहतर उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही सभी चिकित्सालयों में ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की व्यवस्था सुदृढ़ कर अधिक से अधिक माइनर सर्जरी करने पर बल दिया। मंत्री ने कहा कि ओपीडी, सर्जरी और स्वास्थ्य शिविरों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष तीन चिकित्सालयों को सम्मानित भी किया जाएगा।
बैठक में प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने विभागीय प्रगति की जानकारी दी और मंत्री के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर निदेशक आयुर्वेद डॉ. नारायण दास, निदेशक होम्योपैथिक डॉ. पी.के. सिंह, निदेशक यूनानी प्रो. जमाल अख्तर समेत प्रदेश के सभी आयुष महाविद्यालयों और चिकित्सालयों के प्रधानाचार्य एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।