पारस हेल्थ में कैंसर मरीजों के लिए समर्पित हेल्पलाइन नंबर व किफायती स्क्रीनिंग पैकेज लॉन्च*
`


पटना। पारस हेल्थ, पटना में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कैंसर मरीजों की सुविधा के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर 9262261111 का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस हेल्पलाइन के माध्यम से मरीज कैंसर से संबंधित जानकारी, अपॉइंटमेंट, जांच, उपचार प्रक्रिया एवं विशेषज्ञ परामर्श से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी आसानी से निःशुल्क प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही किफायती कैंसर स्क्रीनिंग पैकेज भी लॉन्च किए गए। पुरुषों के लिए रु. 8865/- की जांच अब मात्र रु. 3999/- में तथा महिलाओं के लिए रु. 12126/- की जांच मात्र रु. 5999/- में उपलब्ध कराई गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग समय रहते अपनी जांच करवा सकें और कैंसर का प्रारंभिक अवस्था में ही पता लगाया जा सके। प्रेस वार्ता में *जोनल डायरेक्टर श्री अनिल कुमार* ने कहा कि यह पहल कैंसर मरीजों को त्वरित, सुलभ एवं विश्वसनीय मार्गदर्शन प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि पारस हेल्थ भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा। साथ ही बताया कि कैंसर मरीज आयुष्मान भारत कार्ड के माध्यम से पूरी तरह कैशलेस इलाज करा सकते हैं। उन्होंने सभी मीडिया प्रतिनिधियों एवं चिकित्सा टीम का आभार व्यक्त करते हुए आमजन से स्वास्थ्य के प्रति सजग और जागरूक रहने की अपील की। इस अवसर पर डायरेक्टर एवं एचओडी- मेडिकल ऑन्कोलॉजी *डॉ. अभिषेक आनंद* , सीनियर कंसल्टेंट- मेडिकल ऑन्कोलॉजी *डॉ. अविनाश उपाध्याय* एवं सीनियर कंसल्टेंट- मेडिकल ऑन्कोलॉजी *डॉ. शशांक शेखर दास* उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने बताया कि कैंसर की समय पर जांच ही बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है और नियमित स्क्रीनिंग से रोग का शीघ्र पता लगाकर सफल उपचार संभव है। *पारस हेल्थ पटना के बारे में* पारस हेल्थ पटना ने 2013 में परिचालन शुरू किया। यह बिहार का पहला कॉर्पोरेट अस्पताल है जिसके पास परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड द्वारा लाइसेंस प्राप्त कैंसर उपचार केंद्र है। जून 2024 में एक्सेस किए गए एनएबीएच पोर्टल के अनुसार, पारस एचएमआरआई अस्पताल, पटना 2016 में एनएबीएच मान्यता प्राप्त करने वाला बिहार का पहला अस्पताल था। इस अस्पताल की बेड क्षमता 400 से ज्यादा की है, जिसमें 80 आईसीयू बेड शामिल हैं साथ ही 2 LINAC मशीन एंव PET-CT की सुविधा भी उपलब्ध है।
मण्डलायुक्त ने पेयजल योजनाओं नियमित जलापूर्ति में कतिपय कारणों से आ रही अस्थाई बाधाओं निराकरण के सम्बंध में बैठक कर समीक्षा

मीरजापुर 04 अप्रैल 2026- मण्डलायुक्त विन्ध्याचल मण्डल राजेश प्रकाश की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय सभागार में पेयजल योजनाओं नियमित जलापूर्ति में कतिपय कारणों से आ रही अस्थाई बाधाओं निराकरण के सम्बंध में बैठक आहूत की गई। बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त रमेश चन्द्र, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या राम नरायण यादव, मुख्य अभियंता लोकेन्द्र बहादुर सिंह, तीनो जनपदो के अधिशासी अभियता जल निगम, लोक निर्माण विभाग एवं कार्यदायी संस्थाओ के पदाधिकारी उपस्थित रहें। बैठक में मण्डलायुक्त ने जल निगम के अधिकारियो व कार्यदायी संस्थाओ के पदाधिकारियो से जलपूर्ति के बारे में विस्तृत जानकारी ली गई एवं कार्यदायी संस्थाओ के पदाधिकारियो निर्देशित करते हुए कहा कि सुबह व सांय में निर्धारित समय के अनुसार जलापूर्ति कराना सुनिश्चित करें एवं मण्डल के सभी अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण व नगरीय को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्यदायी संस्थाओ के द्वारा जनपद के घरो व गांवो में जलापूर्ति की जा रही है उन सभी स्थलो का आपरेटरो के मोबाइल नम्बर शिफ्टवार सूची ले व जिन स्थलो पर जलापूर्ति नही हो पा रही है वहां पर कब तक प्रारम्भ होगी उसकी जानकारी ले। उन्होंने कहा कि यदि विद्युत से सम्बन्धित कोई समस्या आ रही तो सम्बन्धित कार्यदायी संस्था के पदाधिकारी विद्युत विभाग के अधिकारियो को अवगत कराएं एवं जिन स्थलो पर पाइप लाइन बिछनी है या बिछाई जा रही है इसमें किसी प्रकार की समस्या आ रही हो तो लोक निर्माण विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए निराकरण कराया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्थाओ को किसी प्रकार की कोई समस्या आती है अधिशासी अभियंता जल निगम को अवगत कराएं व अधिशासी अभियंजा जनपद स्तर पर जिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर शीघ्र अतिशीघ्र निराकरण कराए। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओ का बकाया विद्युत बिल का तत्काल भुगतान कराना सुनिश्चित करें।
इरफान अंसारी के सरंक्षण में हुआ जामताड़ा आयुष्मान भारत घोटाला, पूरे मामले की हो उच्च स्तरीय जांच : भाजपा”


जामताड़ा में मोतियाबिंद के फर्जी ऑपरेशन और आयुष्मान भारत योजना में हुए कथित घोटाले को लेकर भाजपा ने उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए झारखंड सरकार पर बड़ा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि यह केवल एक अस्पताल का मामला नहीं है, बल्कि यह झारखंड की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार, राजनीतिक संरक्षण और प्रशासनिक विफलता का बड़ा उदाहरण है। उन्होंने सीधे तौर पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की कार्यशैली, भूमिका और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

अजय साह ने कहा कि आयुष्मान भारत जैसी क्रांतिकारी योजना की शुरुआत भले ही झारखंड की धरती से हुई हो, लेकिन विडंबना यह है कि हेमंत सोरेन सरकार ने इस योजना को घोटाले की भेंट चढ़ा दी। जामताड़ा के सिटी अस्पताल और मंगलम नेत्रालय ने मात्र एक महीने में हजारों मोतियाबिंद ऑपरेशन का दावा कर आयुष्मान भारत के नाम पर लाखों रुपये की निकासी कर ली। इतना बड़ा फर्जीवाड़ा महीनों तक चलता रहा और जब मामले का खुलासा हुआ तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय पूरे मामले की लीपापोती करने का प्रयास किया गया।केवल एक सिविल सर्जन को दूसरे जिलें में भेज कर पूरे मामले को रफा दफा करने का प्रयास किया गया।

अजय साह ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री के ही विधानसभा क्षेत्र में महीनों तक इतना बड़ा घोटाला चलता रहा और मंत्री को इसकी जानकारी नहीं थी, यह बात कोई भी सामान्य व्यक्ति स्वीकार नहीं कर सकता। प्राप्त जानकारी के अनुसार संबंधित दोनों अस्पतालों में स्वास्थ्य मंत्री के करीबी लोगों का लगातार आना-जाना और पैरवी करना भी गंभीर जांच का विषय है। अस्पताल संचालकों और स्वास्थ्य मंत्री के बीच संबंधों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। हर मुद्दे पर बोलने वाले स्वास्थ्य मंत्री की इस मुद्दे पर चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।

उन्होंने कहा कि जिन अस्पतालों में ये ऑपरेशन किए गए, वहां न केवल फर्जी ऑपरेशन हुए बल्कि बिना लाइसेंस के फार्मेसी और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी अवैध रूप से चलाई जा रही थीं। अगर स्वास्थ्य मंत्री अपने ही विधानसभा क्षेत्र में एक-दो कमरे के अस्पतालों में चल रहे घोटालों को नहीं रोक पाए, तो पूरे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उनका नियंत्रण किस स्तर का है, यह समझा जा सकता है।

भाजपा ने मांग की है कि पूरे राज्य में आयुष्मान भारत के तहत हुए सभी मोतियाबिंद ऑपरेशनों का हेल्थ ऑडिट कराया जाए, ताकि जामताड़ा जैसे फर्जीवाड़े का पूरा सच सामने आ सके। अजय साह ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की योजनाओं में राज्य स्तर पर हो रही भारी अनियमितताओं के कारण ही कई बार केंद्र सरकार को फंड रोकना पड़ता है,

और बाद में राज्य सरकार उसी को राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश करती है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के कार्यकाल में भी इसी तरह का फ़र्ज़ी मोतियाबिंद ऑपरेशन घोटाला सामने आया था, लेकिन उस मामले की जांच का क्या परिणाम निकला, यह आज तक एक रहस्य बना हुआ है।

कोरांव संपूर्ण समाधान दिवस

विश्वनाथ प्रताप सिंह

सर्वदलीय किसानों वकीलों ने समस्याओं के समाधान न होने पर हंगामा काटा

पूर्व विधायक सहित किसान यूनियन ने लेखपालों,बिजली विभाग की मनमानी पर घंटों बाधित रखा समाधान दिवस

कोरांव।प्रयागराज। संपूर्ण समाधान दिवस कोरांव में नए आईएएस उप जिलाधिकारी प्रशिक्षु ए वर्मा ने किसानों फरियादियों की एक ही शिकायतों की बार बार आ रही फर्जी निस्तारण और समुचित त्वरित कार्यवाही आदेशों की अवहेलना की हुई बुलंद आवाजों को गंभीरता से लिया है और अब बड़ी कार्यवाही किए जाने की तैयारी शुरू कर दी है।

तहसील दिवस में कई कई बार शिकायतों का निस्तारण ज्यादातर राजस्व विभाग के लोकल निवासी लेखपालों कर्मियों द्वारा शिकायतों का तोड़ मरोड़ कर बिना स्थलीय सत्यापन और बिना किसी वास्तविक गवाह के फर्जी मोबाइल नंबर दर्शा कर निस्तारण दिखा कर वाह वाही लूटने का पर्दा फाश हुआ है। अधिकांश फरियादियों ने प्रभारी तहसील दिवस एसडीएम से लोगों ने शिकायतें की। जिसे गंभीरता से लेते हुए बड़ोखर और अलहवा के लेखपाल को मंच पर तलब कर लिया।

दरअसल ग्राम प्रधान अल्हवा वरिष्ठ पत्रकार शहजादे ने जो ग्राम प्रधान संगठन के प्रयागराज मंडल के मंत्री भी और सोशल एक्टिविस्ट हैं ने सैकड़ों बार वर्ष 2021/22 से निरंतर गरीब भूमिहीन आवासहीन पत्रों को पट्टा करने का प्रस्ताव कर पत्रावली तहसीलदार एसडीएम के सामने पेश न करने की अंतिम बार युवा आईएएस एसडीएम श्री वर्मा समाधान दिवस प्रभारी से की। और तत्काल लेखपाल को हटाने अथवा पत्रावली तलब कर पात्रों को कृषि एवं आवासीय आवंटन किए जाने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि सुनवाई नहीं हुई तो प्रधान संगठन के साथ डीएम से मिलकर कार्यवाही अथवा धरना प्रदर्शन किया जाएगा। और गलत निस्तारण पर कार्यवाही की मांग की। एसडीएम ने नायब तहसीलदार बड़ोखर को आवंटन की जिम्मेदारी सौंपते हुए लेखपाल को पत्रावली प्रस्तुत करने का आदेश दिया और ग्राम प्रधान को त्वरित कार्यवाही किए जाने का आश्वाशन दिया। लेखपाल बड़ोखर की शिकायत को पूर्व विधायक रामकृपाल कोल और किसान यूनियन ने की। लोकल लेखपालों को अन्य तहसील हटाने की मांग की।

दस बजे सुबह से एक बजे तक समाधान दिवस बाधित

कोरांव तहसील समाधान दिवस में नए कर्मियों अफसरों के कारनामों की अब जानकारी होने लगी है। बड़े ही सरल स्वभाव और विवेक से सुनकर समझ कर समस्या का समाधान करने के दिख रहे माहिर एसडीएम कोरांव ए वर्मा आईएएस ने आंदोलन प्रदर्शन रत किसान यूनियन लीडर्स ललन सिंह पटेल पूर्व विधायक कांग्रेस लीडरराम कृपाल कोल,औ रसमाजिक कार्यकर्ताओं वकीलों प्रधानों ने बिजली विभाग के एसडीओ के विरुद्ध हंगामा किया कार्य बहिष्कार किया। तब एसडीएम ने एसडीओ बिजली विभाग से कार्य निस्तारण का लिखित आश्वासन लेने पर और मांग पत्र देने के बाद जांच कार्यवाही कराने शिकायतों की फर्जी निस्तारण किए जाने वालों के खिलाफ जिले के अधिकारियों को अवगत करा कर कार्यवाही कराए जाने का भरोसा दिया तब जा कर जनसुनवाई चालू हुई।

आजमगढ़ : अब स्थानीय स्तर पर होगा कैंसर मरीजों का आधुनिक इलाज, फूलपुर मल्टी स्पेसलिटी अस्पताल का हुआ उदघाटन
सिद्धेश्वर पाण्डेय
व्यूरो चीफ
आजमगढ़।  जिले के फूलपुर तहसील क्षेत्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। फूलपुर में नवस्थापित फूलपुर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का भव्य उद्घाटन अधिवक्ता संघ फूलपुर के पूर्व अध्यक्ष इश्तियाक अहमद नन्हे और अशफाक अहमद द्वारा फीता काटकर किया गया। उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, चिकित्सक एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

अस्पताल के चीफ डॉ. अयाज अहमद ने बताया कि इस अस्पताल की सबसे बड़ी विशेषता कैंसर मरीजों के लिए समर्पित सुविधाएं हैं। उन्होंने कहा कि यहां आधुनिक तकनीक और अनुभवी डॉक्टरों की टीम के माध्यम से कैंसर रोगियों सहित अन्य रोगों का बेहतर और सुलभ इलाज सुनिश्चित किया जाएगा। डॉ. अयाज अहमद ने आगे कहा कि अब फूलपुर और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को कैंसर सहित बीमारियों के इलाज के लिए महानगरों की ओर भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी तथा मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
इस मौके पर कांग्रेस नेता शाहिद शादाब आजमी, माहुल चेयरमैन लियाकत अली, तहसीलदार राजू कुमार, कोतवाल सच्चिदानंद, अनिल कुमार सिंह, इकबाल अहमद, इम्तियाज अहमद, नजरे आलम, डॉ. अजीम, डॉ. जे आलम, डॉ. नगमा, डॉ. फैसल अहमद, डॉ. अखिलेश यादव, शेराज अहमद, मिर्जा महफुज वेग और मुफ्ती लाइक सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। अस्पताल के उद्घाटन के साथ ही क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की एक नई शुरुआत मानी जा रही है।
स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि यह अस्पताल गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए वरदान साबित होगा। फूलपुर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का संचालन आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ शुरू हो गया है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और बेहतर होने की उम्मीद है।
श्रद्धा और विश्वास क़े बगैर नहीं मिलती भक्ति -कथा व्यास
रमेश दूबे
भक्ति की सरिता में डूबा खलीलाबाद, रामजन्म प्रसंग पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब


पुराने रोडवेज परिसर में रामकथा के तीसरे दिन गूंजे भक्ति गीत, कथा और संगीत ने बांधा समां

संत कबीर नगर नगर के पुराने रोडवेज परिसर में आयोजित श्रीराम कथा का तीसरा दिन भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। कथा व्यास श्री गोरखनाथ मिश्र जी महाराज ने भगवान श्रीराम के जन्म का अत्यंत मार्मिक और भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा स्थल पर उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण थी कि क्षेत्र में इस धार्मिक आयोजन के प्रति लोगों की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है।
महाराज जी ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान श्रीराम का अवतरण केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि यह मानव जीवन के लिए आदर्श और मर्यादा का संदेश है। उन्होंने बताया कि जब-जब धरती पर अधर्म और अन्याय का बोलबाला बढ़ता है, तब-तब भगवान अपने भक्तों की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। रामजन्म का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने अयोध्या नगरी की उस दिव्य छवि का ऐसा चित्रण किया कि श्रद्धालु स्वयं को उसी युग में उपस्थित महसूस करने लगे।कथा के दौरान कई बार ऐसा क्षण आया जब पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति की आभा और आंखों में आंसू स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी पूरे मनोयोग से कथा का श्रवण करते नजर आए।
कथा के उपरांत आयोजित भजन संध्या ने वातावरण को और भी अधिक भक्तिमय बना दिया। प्रसिद्ध भजन गायक दीपक मिश्र और अवधेश जी ने अपने सुमधुर स्वरों से ऐसा समां बांधा कि उपस्थित जनसमूह भक्ति रस में सराबोर हो गया। “राम नाम की महिमा अपरंपार” और “अयोध्या में आज मंगल गान” जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। पूरा परिसर तालियों और जयकारों से गूंजता रहा।
भजन संध्या में वाद्य यंत्रों की संगत ने कार्यक्रम की गरिमा को कई गुना बढ़ा दिया। ऑर्गन वादक रंजीत ने अपने सुरों से भजनों को जीवंत बना दिया, वहीं अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नाल वादक संतलाल ने अपनी अद्भुत ताल से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। दोनों कलाकारों की जुगलबंदी ने पूरे माहौल को दिव्यता से भर दिया और ऐसा प्रतीत हुआ मानो संगीत स्वयं प्रभु की आराधना कर रहा हो।
इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे और कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। प्रमुख रूप से सौरभ त्रिपाठी, आचार्य जनार्दन ओझा, श्याम सिंह, गणेश यादव, संतोष श्रीवास्तव, अमरेश बहादुर पाल, किरण प्रजापति, रमाकांत यादव और सोनू प्रजापति सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे क्षेत्र के लिए अत्यंत प्रेरणादायक बताया।
आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल की उपलब्धता और प्रसाद वितरण की सुव्यवस्थित प्रणाली ने कार्यक्रम को और अधिक सफल बनाया। साथ ही, साफ-सफाई और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
रामकथा का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बनता जा रहा है। हर दिन बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या इस बात का संकेत है कि लोग इस आयोजन से गहराई से जुड़ रहे हैं और अपने जीवन में आध्यात्मिकता को स्थान दे रहे हैं।
आयोजकों के अनुसार आगामी दिनों में रामकथा के अन्य महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा, जिसके लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। खलीलाबाद की पावन धरती इन दिनों भक्ति के रंग में रंगी हुई है, जहां हर ओर राम नाम की गूंज सुनाई दे रही है और श्रद्धालु इस आध्यात्मिक महोत्सव का भरपूर आनंद ले रहे हैं।
देवघर में महिला विकास मंच का 11वां वार्षिक महोत्सव भव्यता एवं गरिमा के साथ संपन्न।
देवघर: भगवान भोलेनाथ की पावन नगरी में महिला विकास मंच का 11वां वार्षिक महोत्सव अत्यंत भव्य, अनुकरणीय एवं प्रेरणास्पद वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों एवं आमजन की उल्लेखनीय उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। आयोजन की सफलता में स्थानीय प्रशासन, समाज के विभिन्न वर्गों तथा आम नागरिकों के सक्रिय एवं समर्पित सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके लिए मंच की ओर से सभी के प्रति हृदय से आभार प्रकट किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत विधिवत एवं आध्यात्मिक वातावरण में दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके उपरांत गायत्री मंत्र के सामूहिक उच्चारण ने पूरे परिसर को भक्तिमय एवं ऊर्जावान बना दिया। साथ ही “कर्पूर गौरं करुणावतारम्” की मंगल ध्वनि ने आयोजन को दिव्यता प्रदान की, जिससे उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो उठा। मंचासीन अतिथियों का पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ शॉल, शंखनाथ माला एवं सम्मान-चिन भेंट कर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में समाज कल्याण विभाग से जुड़े रंजन जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त कई सरकारी पदाधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी पहल बताया। इस अवसर पर महिला विकास मंच के चेयरमैन पी.के. चौधरी ने अपने विस्तृत एवं प्रभावशाली संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच की स्थापना केवल एक संगठन के रूप में नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त अन्याय, असमानता एवं उत्पीड़न के विरुद्ध एक व्यापक सामाजिक आंदोलन के रूप में की गई थी। उन्होंने कहा कि वर्षों पूर्व जो बीज बोया गया था, वह आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप धारण कर चुका है, जिसकी शाखाएं देश के कोने-कोने तक फैल चुकी हैं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि महिला विकास मंच आज केवल महिला उत्पीड़न के मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि पुरुष उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, सामाजिक विसंगतियों एवं मानवाधिकार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी गंभीरतापूर्वक कार्य कर रहा है। पी.के. चौधरी ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि समाज में वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक हो तथा समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करे। उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि उनकी अथक मेहनत, निष्ठा एवं समर्पण के कारण ही आज महिला विकास मंच राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है। वहीं महिला विकास मंच की राष्ट्रीय संरक्षक एवं अध्यक्ष वीणा मानवी ने अपने विस्तृत एवं प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक सतत सामाजिक क्रांति है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज में महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान एवं सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाएगी, तब तक विकास की परिकल्पना अधूरी ही रहेगी। वीणा मानवी ने अपने वक्तव्य में संगठन की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मंच ने अब तक हजारों पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने एवं समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे मामले सामने आए, जहां महिलाएं पूरी तरह निराश हो चुकी थीं, लेकिन महिला विकास मंच के सहयोग से उन्होंने न केवल न्याय प्राप्त किया, बल्कि अपने जीवन को एक नई दिशा देने में भी सफल रहीं। उन्होंने आगे कहा कि संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए सेवा, समर्पण एवं संघर्ष की भावना के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में महिला विकास मंच शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं कानूनी सहायता के क्षेत्र में और अधिक व्यापक एवं प्रभावी पहल करेगा, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग तक इसका लाभ पहुंच सके। कार्यक्रम के दौरान हाजीपुर से आए समाजसेवी केसले जी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक सशक्त एवं विश्वसनीय माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ लोगों को एकजुट करने का कार्य करते हैं। विशेष रूप से पटना से आए “कान्हा फर्नीचर” के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया, जिन्होंने समाजिक पहल में अपनी सहभागिता दर्ज कराते हुए महिला विकास मंच के कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में दिल्ली एनसीआर से आईं डॉ. रितु शर्मा ने मंच संचालन करते हुए अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि महिला विकास मंच ने उनके जीवन में एक नई दिशा प्रदान की और कठिन परिस्थितियों में उनका संबल बना। आज वे एक निजी अस्पताल में सीईओ के पद पर कार्यरत हैं, जिसका श्रेय वे संस्था एवं उसके नेतृत्व को देती हैं। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से आईं अनीता नीतू एवं मधु जी ने महिला सशक्तिकरण के विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि समाज में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना समय की आवश्यकता है। रोहतास से आईं राष्ट्रीय अधिवक्ता सीमा सिंह ने अपने संबोधन में महिला एवं पुरुष उत्पीड़न से जुड़े कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिला विकास मंच पीड़ितों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए जिला अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे सामाजिक कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इस दौरान एक अतिथि के पारिवारिक शोक के कारण उनके दिवंगत पिता की स्मृति में एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अतिथि के रूप में उपस्थित एपीएफ संस्था से जुड़े गुलशन जी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच के कार्यकर्ताओं को सामाजिक कार्यों में आर्थिक सहयोग के लिए चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से चिकित्सा सहायता के क्षेत्र में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न स्टॉल भी लगाए गए थे, जिनमें बांस उत्पादों से संबंधित स्टॉल ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। शुद्धता एवं गुणवत्ता के कारण लोगों ने इन उत्पादों की सराहना करते हुए बड़ी संख्या में खरीदारी की। दिनभर चले इस आयोजन में विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। संध्या के समय नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसमें सामाजिक कुरीतियों एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा प्रतिभागियों के बीच प्रतियोगिताओं का आयोजन कर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों से आए जिला अध्यक्षों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए महिला विकास मंच के संरक्षक के हाथों संस्था के प्रतीक चिन्ह के साथ सम्मानित किया गया। यह दो दिवसीय महोत्सव 4 एवं 5 अप्रैल को आयोजित किया गया, जिसके दूसरे दिन प्रातः प्रभात फेरी निकाली जाएगी। इस प्रभात फेरी के माध्यम से महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर महिला विकास मंच के अनेक पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पूरा कार्यक्रम देवघर स्थित क्लार्क इन वैष्णवी, पटेल चौक में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक एवं अत्यंत सफल आयोजन बना दिया।
भदोही में ‘ड्रीमलैंड मेला’ बना आकर्षण का केंद्र, पहली बार भव्य स्तर पर आयोजन
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में पहली बार आयोजित किया गया ड्रीमलैंड मेला इन दिनों लोगों के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है। रंग-बिरंगी रोशनी, आधुनिक झूले, थीम आधारित सजावट और मनोरंजन के विविध साधनों ने इस मेले को खास बना दिया है। हर उम्र के लोग यहां पहुंचकर आनंद ले रहे हैं और इसे भदोही के लिए एक नया अनुभव माना जा रहा है।
मेले को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में प्रयागराज ड्रीम लैंड अम्यूज़मेंट के अधिकारियों ने विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान मेले के प्रमुख आयोजकों में कृष्ण दास (लेखा प्रबंधक), तरुण शुक्ला और अशरफ अली उर्फ विक्की मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि भदोही में इस तरह का भव्य और आधुनिक मेला पहली बार आयोजित किया गया है, जिसके लिए लंबे समय से तैयारी की जा रही थी।
कृष्णा दास ने बताया कि मेले को आकर्षक और यादगार बनाने के लिए विशेष रूप से सजावट पर ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले लोगों को एक अलग ही अनुभव देने की कोशिश की गई है, ताकि परिवार के साथ लोग यहां पूरा समय बिताकर मनोरंजन कर सकें।
मेले की सबसे बड़ी खासियत इसके आधुनिक और रोमांचक झूले हैं। इसमें शिमला थीम, जलपरी (मरमेड), सुनामी झूला और गगनचुंबी टावर झूले प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं। खास बात यह है कि ऐसे कई झूले और थीम पहली बार भदोही में देखने को मिल रहे हैं, जिससे लोगों में खास उत्साह देखा जा रहा है।
बच्चों के लिए भी मेले में विशेष इंतजाम किए गए हैं। छोटे-छोटे झूले, हेलीकॉप्टर राइड, वाटर बोट जैसी मनोरंजक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे बच्चे भी भरपूर आनंद उठा सकें। वहीं, युवाओं और बड़े लोगों के लिए एडवेंचर और हाई-राइड झूले खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
मेले में केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि शॉपिंग का भी खास इंतजाम किया गया है। एक बड़े बाजार के रूप में यहां विभिन्न प्रकार की दुकानें लगाई गई हैं, जहां लोग अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार खरीदारी कर सकते हैं। इसके साथ ही खाने-पीने के शौकीनों के लिए चटपटे व्यंजनों की भरपूर व्यवस्था की गई है, जिससे मेले का आनंद और भी बढ़ जाता है।
सुरक्षा को लेकर आयोजकों ने विशेष सतर्कता बरती है। पूरे मेले में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, फायर सेफ्टी के सभी आवश्यक उपकरण मौजूद हैं और सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में गार्ड तैनात किए गए हैं। आयोजकों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, ताकि कोई भी व्यक्ति बिना किसी चिंता के मेले का आनंद ले सके।
मेले में प्रवेश शुल्क मात्र ₹40 निर्धारित किया गया है, जबकि दिव्यांगजनों के लिए विशेष छूट की व्यवस्था की गई है। अंदर विभिन्न झूलों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित हैं।
लोकेशन की दृष्टि से भी मेला बेहद सुगम स्थान पर आयोजित किया गया है। इसके दो मुख्य प्रवेश द्वार बनाए गए हैं—एक ज्ञानपुर रोड पर रीजेंसी होटल के पास, जहां से मेला आसानी से दिखाई देता है, जबकि दूसरा औराई रोड पर फ्लाईओवर व एस्सार पेट्रोल पंप के सामने स्थित है। दोनों ओर से लोगों के आने-जाने की समुचित व्यवस्था की गई है।
वाहनों की पार्किंग के लिए भी पर्याप्त स्थान रखा गया है। साइकिल और अन्य वाहनों के लिए अलग-अलग स्टैंड बनाए गए हैं, जिससे मेले में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आयोजकों ने बताया कि मेला काफी बड़े स्तर पर लगाया गया है, जिसके कारण इसकी तैयारी में समय लगा, लेकिन अब यह पूरी तरह तैयार है और लोगों के स्वागत के लिए खुल चुका है।
अंत में आयोजकों ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने परिवार और बच्चों के साथ इस भव्य मेले में अवश्य आएं और मनोरंजन, शॉपिंग व स्वाद के इस अनूठे संगम का आनंद लें। भदोही में पहली बार आयोजित यह ड्रीमलैंड मेला निश्चित ही शहर के लोगों के लिए यादगार साबित हो रहा है।
म्युनिसिपल मजदूर यूनियन ने किया मनपा आयुक्त अश्विनी भिड़े का सम्मान

मुंबई । म्युनिसिपल मजदूर यूनियन मुंबई द्वारा गुरुवार 02 अप्रैल 2026 को दोपहर मा.मनपा आयुक्त सुश्री अश्विनी कुलकर्णी भिडे का सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के तहत अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों द्वारा पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।उक्त कार्यक्रम में म्युनिसिपल मजदूर यूनियन मुंबई के उपाध्यक्ष, संगठक के साथ-साथ तक्रार निवारण समिति के अध्यक्ष, महासचिव,कार्याध्यक्ष और सहायक सरचिटणिस प्रदीप गोविंद नारकर,संगठक विट्ठल गावड़े और मुख्य रूप से उपाध्यक्ष मुकेशभाई करोतिया, विजय राणे,तानाजी पाटिल, विनोद जाधव, अतुल कदम और संगठक प्रवीण कदम, सुभाष पवार,सुभाष अंकुश,शंकर खरात,शिकायत निवारण समिति के अध्यक्ष मिलिंद नाइक,भालचंद्र वाणी,प्रफुल्ल अहिरे,विनोद घुगे,कार्याध्यक्ष सुनील कर्पे,विकास कासेकर, महासचिव वैभव जुवेकर, विनयकुमार शर्मा,आतिश जानवलेकर, ललित वाघेला, बालू शिंदे, अर्जुन राठौड़,गणेश गरगड़े, प्रदीप जावकर उपस्थित थे।उपस्थित सभी लोगों ने मनपा आयुक्त का‌ अभिनंदन किया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: भाजपा नेता सत्येंद्र नाथ तिवारी ने राज्यपाल संतोष गंगवार को सौंपा ज्ञापन।

राँची/गढ़वा: गढ़वा के विधायक और वरिष्ठ भाजपा नेता श्री सत्येंद्र नाथ तिवारी ने आज राजभवन में राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने गढ़वा, पलामू और लातेहार जिलों के साथ राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कथित 'सौतेले व्यवहार' और मंडल डैम विस्थापितों के पुनर्वास में हो रही अनियमितताओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा और हस्तक्षेप की मांग की।

भाषा विवाद: छात्रों के भविष्य पर संकट

विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने राज्यपाल को अवगत कराया कि पलामू प्रमंडल (गढ़वा, पलामू, लातेहार) की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान भोजपुरी, मगही और हिंदी से जुड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार आगामी झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) में इन भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा के रूप में शामिल न करके स्थानीय युवाओं के साथ विश्वासघात कर रही है।

उन्होंने कहा, "जिस भाषा में यहां के विद्यार्थी वर्षों से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, उसे परीक्षा से बाहर रखना मेधावी छात्रों के रोजगार के अवसरों को छीनने जैसा है। क्षेत्रीय भाषा में क्वालीफाई करने की बाध्यता के कारण हमारे क्षेत्र के युवा पिछड़ जाएंगे।"

मंडल डैम विस्थापन: रंका में तनावपूर्ण स्थिति

श्री तिवारी ने रंका प्रखंड के विश्रामपुर और बलीगढ़ के जंगलों में मंडल डैम के 780 विस्थापित परिवारों को जबरन बसाने के जिला प्रशासन के निर्णय पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने राज्यपाल के समक्ष प्रमुख बिंदु रखे:

रोजगार का संकट: जिस 1000 एकड़ जंगल पर विस्थापितों को बसाया जा रहा है, वह करीब 20 गांवों के स्थानीय आदिवासियों के भरण-पोषण (महुआ, बीड़ी पत्ता, जड़ी-बूटी) का एकमात्र साधन है।

पुलिसिया बर्बरता: विधायक ने आरोप लगाया कि 8 दिसंबर को पुलिस ने बिना ग्राम सभा की अनुमति के महिलाओं पर लाठियां बरसाईं और ग्रामीणों की आवाज दबाने का प्रयास किया।

संवैधानिक पेसा (PESA) एक्ट का उल्लंघन: विस्थापित परिवार 5वीं अनुसूची और पेसा एक्ट के तहत आते हैं, जबकि उन्हें सामान्य पंचायत में बसाया जा रहा है, जिससे उन्हें मिलने वाले संवैधानिक संरक्षण का लाभ नहीं मिल पाएगा।

राज्यपाल से मांग

विधायक ने महामहिम से मांग की है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा में भोजपुरी, मगही और हिंदी को तुरंत शामिल कराया जाए। साथ ही, मंडल डैम के विस्थापितों को स्थानीय ग्रामीणों की सहमति के बिना उनके रोजगार वाले जंगलों में न बसाकर कहीं अन्यत्र सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित किया जाए।

"हेमंत सरकार पलामू प्रमंडल की अस्मिता और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। प्रशासन की तानाशाही और छात्रों के साथ हो रहा अन्याय भाजपा बर्दाश्त नहीं करेगी।"

— सत्येंद्र नाथ तिवारी, विधायक (गढ़वा)

पारस हेल्थ में कैंसर मरीजों के लिए समर्पित हेल्पलाइन नंबर व किफायती स्क्रीनिंग पैकेज लॉन्च*
`


पटना। पारस हेल्थ, पटना में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कैंसर मरीजों की सुविधा के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर 9262261111 का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस हेल्पलाइन के माध्यम से मरीज कैंसर से संबंधित जानकारी, अपॉइंटमेंट, जांच, उपचार प्रक्रिया एवं विशेषज्ञ परामर्श से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी आसानी से निःशुल्क प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही किफायती कैंसर स्क्रीनिंग पैकेज भी लॉन्च किए गए। पुरुषों के लिए रु. 8865/- की जांच अब मात्र रु. 3999/- में तथा महिलाओं के लिए रु. 12126/- की जांच मात्र रु. 5999/- में उपलब्ध कराई गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग समय रहते अपनी जांच करवा सकें और कैंसर का प्रारंभिक अवस्था में ही पता लगाया जा सके। प्रेस वार्ता में *जोनल डायरेक्टर श्री अनिल कुमार* ने कहा कि यह पहल कैंसर मरीजों को त्वरित, सुलभ एवं विश्वसनीय मार्गदर्शन प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि पारस हेल्थ भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा। साथ ही बताया कि कैंसर मरीज आयुष्मान भारत कार्ड के माध्यम से पूरी तरह कैशलेस इलाज करा सकते हैं। उन्होंने सभी मीडिया प्रतिनिधियों एवं चिकित्सा टीम का आभार व्यक्त करते हुए आमजन से स्वास्थ्य के प्रति सजग और जागरूक रहने की अपील की। इस अवसर पर डायरेक्टर एवं एचओडी- मेडिकल ऑन्कोलॉजी *डॉ. अभिषेक आनंद* , सीनियर कंसल्टेंट- मेडिकल ऑन्कोलॉजी *डॉ. अविनाश उपाध्याय* एवं सीनियर कंसल्टेंट- मेडिकल ऑन्कोलॉजी *डॉ. शशांक शेखर दास* उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने बताया कि कैंसर की समय पर जांच ही बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है और नियमित स्क्रीनिंग से रोग का शीघ्र पता लगाकर सफल उपचार संभव है। *पारस हेल्थ पटना के बारे में* पारस हेल्थ पटना ने 2013 में परिचालन शुरू किया। यह बिहार का पहला कॉर्पोरेट अस्पताल है जिसके पास परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड द्वारा लाइसेंस प्राप्त कैंसर उपचार केंद्र है। जून 2024 में एक्सेस किए गए एनएबीएच पोर्टल के अनुसार, पारस एचएमआरआई अस्पताल, पटना 2016 में एनएबीएच मान्यता प्राप्त करने वाला बिहार का पहला अस्पताल था। इस अस्पताल की बेड क्षमता 400 से ज्यादा की है, जिसमें 80 आईसीयू बेड शामिल हैं साथ ही 2 LINAC मशीन एंव PET-CT की सुविधा भी उपलब्ध है।
मण्डलायुक्त ने पेयजल योजनाओं नियमित जलापूर्ति में कतिपय कारणों से आ रही अस्थाई बाधाओं निराकरण के सम्बंध में बैठक कर समीक्षा

मीरजापुर 04 अप्रैल 2026- मण्डलायुक्त विन्ध्याचल मण्डल राजेश प्रकाश की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय सभागार में पेयजल योजनाओं नियमित जलापूर्ति में कतिपय कारणों से आ रही अस्थाई बाधाओं निराकरण के सम्बंध में बैठक आहूत की गई। बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त रमेश चन्द्र, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या राम नरायण यादव, मुख्य अभियंता लोकेन्द्र बहादुर सिंह, तीनो जनपदो के अधिशासी अभियता जल निगम, लोक निर्माण विभाग एवं कार्यदायी संस्थाओ के पदाधिकारी उपस्थित रहें। बैठक में मण्डलायुक्त ने जल निगम के अधिकारियो व कार्यदायी संस्थाओ के पदाधिकारियो से जलपूर्ति के बारे में विस्तृत जानकारी ली गई एवं कार्यदायी संस्थाओ के पदाधिकारियो निर्देशित करते हुए कहा कि सुबह व सांय में निर्धारित समय के अनुसार जलापूर्ति कराना सुनिश्चित करें एवं मण्डल के सभी अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण व नगरीय को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्यदायी संस्थाओ के द्वारा जनपद के घरो व गांवो में जलापूर्ति की जा रही है उन सभी स्थलो का आपरेटरो के मोबाइल नम्बर शिफ्टवार सूची ले व जिन स्थलो पर जलापूर्ति नही हो पा रही है वहां पर कब तक प्रारम्भ होगी उसकी जानकारी ले। उन्होंने कहा कि यदि विद्युत से सम्बन्धित कोई समस्या आ रही तो सम्बन्धित कार्यदायी संस्था के पदाधिकारी विद्युत विभाग के अधिकारियो को अवगत कराएं एवं जिन स्थलो पर पाइप लाइन बिछनी है या बिछाई जा रही है इसमें किसी प्रकार की समस्या आ रही हो तो लोक निर्माण विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए निराकरण कराया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्थाओ को किसी प्रकार की कोई समस्या आती है अधिशासी अभियंता जल निगम को अवगत कराएं व अधिशासी अभियंजा जनपद स्तर पर जिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर शीघ्र अतिशीघ्र निराकरण कराए। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओ का बकाया विद्युत बिल का तत्काल भुगतान कराना सुनिश्चित करें।
इरफान अंसारी के सरंक्षण में हुआ जामताड़ा आयुष्मान भारत घोटाला, पूरे मामले की हो उच्च स्तरीय जांच : भाजपा”


जामताड़ा में मोतियाबिंद के फर्जी ऑपरेशन और आयुष्मान भारत योजना में हुए कथित घोटाले को लेकर भाजपा ने उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए झारखंड सरकार पर बड़ा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि यह केवल एक अस्पताल का मामला नहीं है, बल्कि यह झारखंड की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार, राजनीतिक संरक्षण और प्रशासनिक विफलता का बड़ा उदाहरण है। उन्होंने सीधे तौर पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की कार्यशैली, भूमिका और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

अजय साह ने कहा कि आयुष्मान भारत जैसी क्रांतिकारी योजना की शुरुआत भले ही झारखंड की धरती से हुई हो, लेकिन विडंबना यह है कि हेमंत सोरेन सरकार ने इस योजना को घोटाले की भेंट चढ़ा दी। जामताड़ा के सिटी अस्पताल और मंगलम नेत्रालय ने मात्र एक महीने में हजारों मोतियाबिंद ऑपरेशन का दावा कर आयुष्मान भारत के नाम पर लाखों रुपये की निकासी कर ली। इतना बड़ा फर्जीवाड़ा महीनों तक चलता रहा और जब मामले का खुलासा हुआ तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय पूरे मामले की लीपापोती करने का प्रयास किया गया।केवल एक सिविल सर्जन को दूसरे जिलें में भेज कर पूरे मामले को रफा दफा करने का प्रयास किया गया।

अजय साह ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री के ही विधानसभा क्षेत्र में महीनों तक इतना बड़ा घोटाला चलता रहा और मंत्री को इसकी जानकारी नहीं थी, यह बात कोई भी सामान्य व्यक्ति स्वीकार नहीं कर सकता। प्राप्त जानकारी के अनुसार संबंधित दोनों अस्पतालों में स्वास्थ्य मंत्री के करीबी लोगों का लगातार आना-जाना और पैरवी करना भी गंभीर जांच का विषय है। अस्पताल संचालकों और स्वास्थ्य मंत्री के बीच संबंधों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। हर मुद्दे पर बोलने वाले स्वास्थ्य मंत्री की इस मुद्दे पर चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।

उन्होंने कहा कि जिन अस्पतालों में ये ऑपरेशन किए गए, वहां न केवल फर्जी ऑपरेशन हुए बल्कि बिना लाइसेंस के फार्मेसी और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी अवैध रूप से चलाई जा रही थीं। अगर स्वास्थ्य मंत्री अपने ही विधानसभा क्षेत्र में एक-दो कमरे के अस्पतालों में चल रहे घोटालों को नहीं रोक पाए, तो पूरे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उनका नियंत्रण किस स्तर का है, यह समझा जा सकता है।

भाजपा ने मांग की है कि पूरे राज्य में आयुष्मान भारत के तहत हुए सभी मोतियाबिंद ऑपरेशनों का हेल्थ ऑडिट कराया जाए, ताकि जामताड़ा जैसे फर्जीवाड़े का पूरा सच सामने आ सके। अजय साह ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की योजनाओं में राज्य स्तर पर हो रही भारी अनियमितताओं के कारण ही कई बार केंद्र सरकार को फंड रोकना पड़ता है,

और बाद में राज्य सरकार उसी को राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश करती है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के कार्यकाल में भी इसी तरह का फ़र्ज़ी मोतियाबिंद ऑपरेशन घोटाला सामने आया था, लेकिन उस मामले की जांच का क्या परिणाम निकला, यह आज तक एक रहस्य बना हुआ है।

कोरांव संपूर्ण समाधान दिवस

विश्वनाथ प्रताप सिंह

सर्वदलीय किसानों वकीलों ने समस्याओं के समाधान न होने पर हंगामा काटा

पूर्व विधायक सहित किसान यूनियन ने लेखपालों,बिजली विभाग की मनमानी पर घंटों बाधित रखा समाधान दिवस

कोरांव।प्रयागराज। संपूर्ण समाधान दिवस कोरांव में नए आईएएस उप जिलाधिकारी प्रशिक्षु ए वर्मा ने किसानों फरियादियों की एक ही शिकायतों की बार बार आ रही फर्जी निस्तारण और समुचित त्वरित कार्यवाही आदेशों की अवहेलना की हुई बुलंद आवाजों को गंभीरता से लिया है और अब बड़ी कार्यवाही किए जाने की तैयारी शुरू कर दी है।

तहसील दिवस में कई कई बार शिकायतों का निस्तारण ज्यादातर राजस्व विभाग के लोकल निवासी लेखपालों कर्मियों द्वारा शिकायतों का तोड़ मरोड़ कर बिना स्थलीय सत्यापन और बिना किसी वास्तविक गवाह के फर्जी मोबाइल नंबर दर्शा कर निस्तारण दिखा कर वाह वाही लूटने का पर्दा फाश हुआ है। अधिकांश फरियादियों ने प्रभारी तहसील दिवस एसडीएम से लोगों ने शिकायतें की। जिसे गंभीरता से लेते हुए बड़ोखर और अलहवा के लेखपाल को मंच पर तलब कर लिया।

दरअसल ग्राम प्रधान अल्हवा वरिष्ठ पत्रकार शहजादे ने जो ग्राम प्रधान संगठन के प्रयागराज मंडल के मंत्री भी और सोशल एक्टिविस्ट हैं ने सैकड़ों बार वर्ष 2021/22 से निरंतर गरीब भूमिहीन आवासहीन पत्रों को पट्टा करने का प्रस्ताव कर पत्रावली तहसीलदार एसडीएम के सामने पेश न करने की अंतिम बार युवा आईएएस एसडीएम श्री वर्मा समाधान दिवस प्रभारी से की। और तत्काल लेखपाल को हटाने अथवा पत्रावली तलब कर पात्रों को कृषि एवं आवासीय आवंटन किए जाने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि सुनवाई नहीं हुई तो प्रधान संगठन के साथ डीएम से मिलकर कार्यवाही अथवा धरना प्रदर्शन किया जाएगा। और गलत निस्तारण पर कार्यवाही की मांग की। एसडीएम ने नायब तहसीलदार बड़ोखर को आवंटन की जिम्मेदारी सौंपते हुए लेखपाल को पत्रावली प्रस्तुत करने का आदेश दिया और ग्राम प्रधान को त्वरित कार्यवाही किए जाने का आश्वाशन दिया। लेखपाल बड़ोखर की शिकायत को पूर्व विधायक रामकृपाल कोल और किसान यूनियन ने की। लोकल लेखपालों को अन्य तहसील हटाने की मांग की।

दस बजे सुबह से एक बजे तक समाधान दिवस बाधित

कोरांव तहसील समाधान दिवस में नए कर्मियों अफसरों के कारनामों की अब जानकारी होने लगी है। बड़े ही सरल स्वभाव और विवेक से सुनकर समझ कर समस्या का समाधान करने के दिख रहे माहिर एसडीएम कोरांव ए वर्मा आईएएस ने आंदोलन प्रदर्शन रत किसान यूनियन लीडर्स ललन सिंह पटेल पूर्व विधायक कांग्रेस लीडरराम कृपाल कोल,औ रसमाजिक कार्यकर्ताओं वकीलों प्रधानों ने बिजली विभाग के एसडीओ के विरुद्ध हंगामा किया कार्य बहिष्कार किया। तब एसडीएम ने एसडीओ बिजली विभाग से कार्य निस्तारण का लिखित आश्वासन लेने पर और मांग पत्र देने के बाद जांच कार्यवाही कराने शिकायतों की फर्जी निस्तारण किए जाने वालों के खिलाफ जिले के अधिकारियों को अवगत करा कर कार्यवाही कराए जाने का भरोसा दिया तब जा कर जनसुनवाई चालू हुई।

आजमगढ़ : अब स्थानीय स्तर पर होगा कैंसर मरीजों का आधुनिक इलाज, फूलपुर मल्टी स्पेसलिटी अस्पताल का हुआ उदघाटन
सिद्धेश्वर पाण्डेय
व्यूरो चीफ
आजमगढ़।  जिले के फूलपुर तहसील क्षेत्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। फूलपुर में नवस्थापित फूलपुर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का भव्य उद्घाटन अधिवक्ता संघ फूलपुर के पूर्व अध्यक्ष इश्तियाक अहमद नन्हे और अशफाक अहमद द्वारा फीता काटकर किया गया। उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, चिकित्सक एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

अस्पताल के चीफ डॉ. अयाज अहमद ने बताया कि इस अस्पताल की सबसे बड़ी विशेषता कैंसर मरीजों के लिए समर्पित सुविधाएं हैं। उन्होंने कहा कि यहां आधुनिक तकनीक और अनुभवी डॉक्टरों की टीम के माध्यम से कैंसर रोगियों सहित अन्य रोगों का बेहतर और सुलभ इलाज सुनिश्चित किया जाएगा। डॉ. अयाज अहमद ने आगे कहा कि अब फूलपुर और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को कैंसर सहित बीमारियों के इलाज के लिए महानगरों की ओर भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी तथा मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
इस मौके पर कांग्रेस नेता शाहिद शादाब आजमी, माहुल चेयरमैन लियाकत अली, तहसीलदार राजू कुमार, कोतवाल सच्चिदानंद, अनिल कुमार सिंह, इकबाल अहमद, इम्तियाज अहमद, नजरे आलम, डॉ. अजीम, डॉ. जे आलम, डॉ. नगमा, डॉ. फैसल अहमद, डॉ. अखिलेश यादव, शेराज अहमद, मिर्जा महफुज वेग और मुफ्ती लाइक सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। अस्पताल के उद्घाटन के साथ ही क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की एक नई शुरुआत मानी जा रही है।
स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि यह अस्पताल गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए वरदान साबित होगा। फूलपुर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का संचालन आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ शुरू हो गया है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और बेहतर होने की उम्मीद है।
श्रद्धा और विश्वास क़े बगैर नहीं मिलती भक्ति -कथा व्यास
रमेश दूबे
भक्ति की सरिता में डूबा खलीलाबाद, रामजन्म प्रसंग पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब


पुराने रोडवेज परिसर में रामकथा के तीसरे दिन गूंजे भक्ति गीत, कथा और संगीत ने बांधा समां

संत कबीर नगर नगर के पुराने रोडवेज परिसर में आयोजित श्रीराम कथा का तीसरा दिन भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। कथा व्यास श्री गोरखनाथ मिश्र जी महाराज ने भगवान श्रीराम के जन्म का अत्यंत मार्मिक और भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा स्थल पर उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण थी कि क्षेत्र में इस धार्मिक आयोजन के प्रति लोगों की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है।
महाराज जी ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान श्रीराम का अवतरण केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि यह मानव जीवन के लिए आदर्श और मर्यादा का संदेश है। उन्होंने बताया कि जब-जब धरती पर अधर्म और अन्याय का बोलबाला बढ़ता है, तब-तब भगवान अपने भक्तों की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। रामजन्म का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने अयोध्या नगरी की उस दिव्य छवि का ऐसा चित्रण किया कि श्रद्धालु स्वयं को उसी युग में उपस्थित महसूस करने लगे।कथा के दौरान कई बार ऐसा क्षण आया जब पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति की आभा और आंखों में आंसू स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी पूरे मनोयोग से कथा का श्रवण करते नजर आए।
कथा के उपरांत आयोजित भजन संध्या ने वातावरण को और भी अधिक भक्तिमय बना दिया। प्रसिद्ध भजन गायक दीपक मिश्र और अवधेश जी ने अपने सुमधुर स्वरों से ऐसा समां बांधा कि उपस्थित जनसमूह भक्ति रस में सराबोर हो गया। “राम नाम की महिमा अपरंपार” और “अयोध्या में आज मंगल गान” जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। पूरा परिसर तालियों और जयकारों से गूंजता रहा।
भजन संध्या में वाद्य यंत्रों की संगत ने कार्यक्रम की गरिमा को कई गुना बढ़ा दिया। ऑर्गन वादक रंजीत ने अपने सुरों से भजनों को जीवंत बना दिया, वहीं अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नाल वादक संतलाल ने अपनी अद्भुत ताल से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। दोनों कलाकारों की जुगलबंदी ने पूरे माहौल को दिव्यता से भर दिया और ऐसा प्रतीत हुआ मानो संगीत स्वयं प्रभु की आराधना कर रहा हो।
इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे और कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। प्रमुख रूप से सौरभ त्रिपाठी, आचार्य जनार्दन ओझा, श्याम सिंह, गणेश यादव, संतोष श्रीवास्तव, अमरेश बहादुर पाल, किरण प्रजापति, रमाकांत यादव और सोनू प्रजापति सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे क्षेत्र के लिए अत्यंत प्रेरणादायक बताया।
आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल की उपलब्धता और प्रसाद वितरण की सुव्यवस्थित प्रणाली ने कार्यक्रम को और अधिक सफल बनाया। साथ ही, साफ-सफाई और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
रामकथा का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बनता जा रहा है। हर दिन बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या इस बात का संकेत है कि लोग इस आयोजन से गहराई से जुड़ रहे हैं और अपने जीवन में आध्यात्मिकता को स्थान दे रहे हैं।
आयोजकों के अनुसार आगामी दिनों में रामकथा के अन्य महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा, जिसके लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। खलीलाबाद की पावन धरती इन दिनों भक्ति के रंग में रंगी हुई है, जहां हर ओर राम नाम की गूंज सुनाई दे रही है और श्रद्धालु इस आध्यात्मिक महोत्सव का भरपूर आनंद ले रहे हैं।
देवघर में महिला विकास मंच का 11वां वार्षिक महोत्सव भव्यता एवं गरिमा के साथ संपन्न।
देवघर: भगवान भोलेनाथ की पावन नगरी में महिला विकास मंच का 11वां वार्षिक महोत्सव अत्यंत भव्य, अनुकरणीय एवं प्रेरणास्पद वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों एवं आमजन की उल्लेखनीय उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। आयोजन की सफलता में स्थानीय प्रशासन, समाज के विभिन्न वर्गों तथा आम नागरिकों के सक्रिय एवं समर्पित सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके लिए मंच की ओर से सभी के प्रति हृदय से आभार प्रकट किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत विधिवत एवं आध्यात्मिक वातावरण में दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके उपरांत गायत्री मंत्र के सामूहिक उच्चारण ने पूरे परिसर को भक्तिमय एवं ऊर्जावान बना दिया। साथ ही “कर्पूर गौरं करुणावतारम्” की मंगल ध्वनि ने आयोजन को दिव्यता प्रदान की, जिससे उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो उठा। मंचासीन अतिथियों का पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ शॉल, शंखनाथ माला एवं सम्मान-चिन भेंट कर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में समाज कल्याण विभाग से जुड़े रंजन जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त कई सरकारी पदाधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी पहल बताया। इस अवसर पर महिला विकास मंच के चेयरमैन पी.के. चौधरी ने अपने विस्तृत एवं प्रभावशाली संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच की स्थापना केवल एक संगठन के रूप में नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त अन्याय, असमानता एवं उत्पीड़न के विरुद्ध एक व्यापक सामाजिक आंदोलन के रूप में की गई थी। उन्होंने कहा कि वर्षों पूर्व जो बीज बोया गया था, वह आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप धारण कर चुका है, जिसकी शाखाएं देश के कोने-कोने तक फैल चुकी हैं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि महिला विकास मंच आज केवल महिला उत्पीड़न के मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि पुरुष उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, सामाजिक विसंगतियों एवं मानवाधिकार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी गंभीरतापूर्वक कार्य कर रहा है। पी.के. चौधरी ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि समाज में वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक हो तथा समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करे। उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि उनकी अथक मेहनत, निष्ठा एवं समर्पण के कारण ही आज महिला विकास मंच राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है। वहीं महिला विकास मंच की राष्ट्रीय संरक्षक एवं अध्यक्ष वीणा मानवी ने अपने विस्तृत एवं प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक सतत सामाजिक क्रांति है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज में महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान एवं सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाएगी, तब तक विकास की परिकल्पना अधूरी ही रहेगी। वीणा मानवी ने अपने वक्तव्य में संगठन की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मंच ने अब तक हजारों पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने एवं समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे मामले सामने आए, जहां महिलाएं पूरी तरह निराश हो चुकी थीं, लेकिन महिला विकास मंच के सहयोग से उन्होंने न केवल न्याय प्राप्त किया, बल्कि अपने जीवन को एक नई दिशा देने में भी सफल रहीं। उन्होंने आगे कहा कि संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए सेवा, समर्पण एवं संघर्ष की भावना के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में महिला विकास मंच शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं कानूनी सहायता के क्षेत्र में और अधिक व्यापक एवं प्रभावी पहल करेगा, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग तक इसका लाभ पहुंच सके। कार्यक्रम के दौरान हाजीपुर से आए समाजसेवी केसले जी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक सशक्त एवं विश्वसनीय माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ लोगों को एकजुट करने का कार्य करते हैं। विशेष रूप से पटना से आए “कान्हा फर्नीचर” के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया, जिन्होंने समाजिक पहल में अपनी सहभागिता दर्ज कराते हुए महिला विकास मंच के कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में दिल्ली एनसीआर से आईं डॉ. रितु शर्मा ने मंच संचालन करते हुए अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि महिला विकास मंच ने उनके जीवन में एक नई दिशा प्रदान की और कठिन परिस्थितियों में उनका संबल बना। आज वे एक निजी अस्पताल में सीईओ के पद पर कार्यरत हैं, जिसका श्रेय वे संस्था एवं उसके नेतृत्व को देती हैं। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से आईं अनीता नीतू एवं मधु जी ने महिला सशक्तिकरण के विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि समाज में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना समय की आवश्यकता है। रोहतास से आईं राष्ट्रीय अधिवक्ता सीमा सिंह ने अपने संबोधन में महिला एवं पुरुष उत्पीड़न से जुड़े कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिला विकास मंच पीड़ितों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए जिला अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे सामाजिक कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इस दौरान एक अतिथि के पारिवारिक शोक के कारण उनके दिवंगत पिता की स्मृति में एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अतिथि के रूप में उपस्थित एपीएफ संस्था से जुड़े गुलशन जी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच के कार्यकर्ताओं को सामाजिक कार्यों में आर्थिक सहयोग के लिए चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से चिकित्सा सहायता के क्षेत्र में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न स्टॉल भी लगाए गए थे, जिनमें बांस उत्पादों से संबंधित स्टॉल ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। शुद्धता एवं गुणवत्ता के कारण लोगों ने इन उत्पादों की सराहना करते हुए बड़ी संख्या में खरीदारी की। दिनभर चले इस आयोजन में विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। संध्या के समय नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसमें सामाजिक कुरीतियों एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा प्रतिभागियों के बीच प्रतियोगिताओं का आयोजन कर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों से आए जिला अध्यक्षों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए महिला विकास मंच के संरक्षक के हाथों संस्था के प्रतीक चिन्ह के साथ सम्मानित किया गया। यह दो दिवसीय महोत्सव 4 एवं 5 अप्रैल को आयोजित किया गया, जिसके दूसरे दिन प्रातः प्रभात फेरी निकाली जाएगी। इस प्रभात फेरी के माध्यम से महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर महिला विकास मंच के अनेक पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पूरा कार्यक्रम देवघर स्थित क्लार्क इन वैष्णवी, पटेल चौक में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक एवं अत्यंत सफल आयोजन बना दिया।
भदोही में ‘ड्रीमलैंड मेला’ बना आकर्षण का केंद्र, पहली बार भव्य स्तर पर आयोजन
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में पहली बार आयोजित किया गया ड्रीमलैंड मेला इन दिनों लोगों के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है। रंग-बिरंगी रोशनी, आधुनिक झूले, थीम आधारित सजावट और मनोरंजन के विविध साधनों ने इस मेले को खास बना दिया है। हर उम्र के लोग यहां पहुंचकर आनंद ले रहे हैं और इसे भदोही के लिए एक नया अनुभव माना जा रहा है।
मेले को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में प्रयागराज ड्रीम लैंड अम्यूज़मेंट के अधिकारियों ने विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान मेले के प्रमुख आयोजकों में कृष्ण दास (लेखा प्रबंधक), तरुण शुक्ला और अशरफ अली उर्फ विक्की मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि भदोही में इस तरह का भव्य और आधुनिक मेला पहली बार आयोजित किया गया है, जिसके लिए लंबे समय से तैयारी की जा रही थी।
कृष्णा दास ने बताया कि मेले को आकर्षक और यादगार बनाने के लिए विशेष रूप से सजावट पर ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले लोगों को एक अलग ही अनुभव देने की कोशिश की गई है, ताकि परिवार के साथ लोग यहां पूरा समय बिताकर मनोरंजन कर सकें।
मेले की सबसे बड़ी खासियत इसके आधुनिक और रोमांचक झूले हैं। इसमें शिमला थीम, जलपरी (मरमेड), सुनामी झूला और गगनचुंबी टावर झूले प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं। खास बात यह है कि ऐसे कई झूले और थीम पहली बार भदोही में देखने को मिल रहे हैं, जिससे लोगों में खास उत्साह देखा जा रहा है।
बच्चों के लिए भी मेले में विशेष इंतजाम किए गए हैं। छोटे-छोटे झूले, हेलीकॉप्टर राइड, वाटर बोट जैसी मनोरंजक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे बच्चे भी भरपूर आनंद उठा सकें। वहीं, युवाओं और बड़े लोगों के लिए एडवेंचर और हाई-राइड झूले खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
मेले में केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि शॉपिंग का भी खास इंतजाम किया गया है। एक बड़े बाजार के रूप में यहां विभिन्न प्रकार की दुकानें लगाई गई हैं, जहां लोग अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार खरीदारी कर सकते हैं। इसके साथ ही खाने-पीने के शौकीनों के लिए चटपटे व्यंजनों की भरपूर व्यवस्था की गई है, जिससे मेले का आनंद और भी बढ़ जाता है।
सुरक्षा को लेकर आयोजकों ने विशेष सतर्कता बरती है। पूरे मेले में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, फायर सेफ्टी के सभी आवश्यक उपकरण मौजूद हैं और सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में गार्ड तैनात किए गए हैं। आयोजकों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, ताकि कोई भी व्यक्ति बिना किसी चिंता के मेले का आनंद ले सके।
मेले में प्रवेश शुल्क मात्र ₹40 निर्धारित किया गया है, जबकि दिव्यांगजनों के लिए विशेष छूट की व्यवस्था की गई है। अंदर विभिन्न झूलों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित हैं।
लोकेशन की दृष्टि से भी मेला बेहद सुगम स्थान पर आयोजित किया गया है। इसके दो मुख्य प्रवेश द्वार बनाए गए हैं—एक ज्ञानपुर रोड पर रीजेंसी होटल के पास, जहां से मेला आसानी से दिखाई देता है, जबकि दूसरा औराई रोड पर फ्लाईओवर व एस्सार पेट्रोल पंप के सामने स्थित है। दोनों ओर से लोगों के आने-जाने की समुचित व्यवस्था की गई है।
वाहनों की पार्किंग के लिए भी पर्याप्त स्थान रखा गया है। साइकिल और अन्य वाहनों के लिए अलग-अलग स्टैंड बनाए गए हैं, जिससे मेले में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आयोजकों ने बताया कि मेला काफी बड़े स्तर पर लगाया गया है, जिसके कारण इसकी तैयारी में समय लगा, लेकिन अब यह पूरी तरह तैयार है और लोगों के स्वागत के लिए खुल चुका है।
अंत में आयोजकों ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने परिवार और बच्चों के साथ इस भव्य मेले में अवश्य आएं और मनोरंजन, शॉपिंग व स्वाद के इस अनूठे संगम का आनंद लें। भदोही में पहली बार आयोजित यह ड्रीमलैंड मेला निश्चित ही शहर के लोगों के लिए यादगार साबित हो रहा है।
म्युनिसिपल मजदूर यूनियन ने किया मनपा आयुक्त अश्विनी भिड़े का सम्मान

मुंबई । म्युनिसिपल मजदूर यूनियन मुंबई द्वारा गुरुवार 02 अप्रैल 2026 को दोपहर मा.मनपा आयुक्त सुश्री अश्विनी कुलकर्णी भिडे का सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के तहत अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों द्वारा पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।उक्त कार्यक्रम में म्युनिसिपल मजदूर यूनियन मुंबई के उपाध्यक्ष, संगठक के साथ-साथ तक्रार निवारण समिति के अध्यक्ष, महासचिव,कार्याध्यक्ष और सहायक सरचिटणिस प्रदीप गोविंद नारकर,संगठक विट्ठल गावड़े और मुख्य रूप से उपाध्यक्ष मुकेशभाई करोतिया, विजय राणे,तानाजी पाटिल, विनोद जाधव, अतुल कदम और संगठक प्रवीण कदम, सुभाष पवार,सुभाष अंकुश,शंकर खरात,शिकायत निवारण समिति के अध्यक्ष मिलिंद नाइक,भालचंद्र वाणी,प्रफुल्ल अहिरे,विनोद घुगे,कार्याध्यक्ष सुनील कर्पे,विकास कासेकर, महासचिव वैभव जुवेकर, विनयकुमार शर्मा,आतिश जानवलेकर, ललित वाघेला, बालू शिंदे, अर्जुन राठौड़,गणेश गरगड़े, प्रदीप जावकर उपस्थित थे।उपस्थित सभी लोगों ने मनपा आयुक्त का‌ अभिनंदन किया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: भाजपा नेता सत्येंद्र नाथ तिवारी ने राज्यपाल संतोष गंगवार को सौंपा ज्ञापन।

राँची/गढ़वा: गढ़वा के विधायक और वरिष्ठ भाजपा नेता श्री सत्येंद्र नाथ तिवारी ने आज राजभवन में राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने गढ़वा, पलामू और लातेहार जिलों के साथ राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कथित 'सौतेले व्यवहार' और मंडल डैम विस्थापितों के पुनर्वास में हो रही अनियमितताओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा और हस्तक्षेप की मांग की।

भाषा विवाद: छात्रों के भविष्य पर संकट

विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने राज्यपाल को अवगत कराया कि पलामू प्रमंडल (गढ़वा, पलामू, लातेहार) की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान भोजपुरी, मगही और हिंदी से जुड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार आगामी झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) में इन भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा के रूप में शामिल न करके स्थानीय युवाओं के साथ विश्वासघात कर रही है।

उन्होंने कहा, "जिस भाषा में यहां के विद्यार्थी वर्षों से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, उसे परीक्षा से बाहर रखना मेधावी छात्रों के रोजगार के अवसरों को छीनने जैसा है। क्षेत्रीय भाषा में क्वालीफाई करने की बाध्यता के कारण हमारे क्षेत्र के युवा पिछड़ जाएंगे।"

मंडल डैम विस्थापन: रंका में तनावपूर्ण स्थिति

श्री तिवारी ने रंका प्रखंड के विश्रामपुर और बलीगढ़ के जंगलों में मंडल डैम के 780 विस्थापित परिवारों को जबरन बसाने के जिला प्रशासन के निर्णय पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने राज्यपाल के समक्ष प्रमुख बिंदु रखे:

रोजगार का संकट: जिस 1000 एकड़ जंगल पर विस्थापितों को बसाया जा रहा है, वह करीब 20 गांवों के स्थानीय आदिवासियों के भरण-पोषण (महुआ, बीड़ी पत्ता, जड़ी-बूटी) का एकमात्र साधन है।

पुलिसिया बर्बरता: विधायक ने आरोप लगाया कि 8 दिसंबर को पुलिस ने बिना ग्राम सभा की अनुमति के महिलाओं पर लाठियां बरसाईं और ग्रामीणों की आवाज दबाने का प्रयास किया।

संवैधानिक पेसा (PESA) एक्ट का उल्लंघन: विस्थापित परिवार 5वीं अनुसूची और पेसा एक्ट के तहत आते हैं, जबकि उन्हें सामान्य पंचायत में बसाया जा रहा है, जिससे उन्हें मिलने वाले संवैधानिक संरक्षण का लाभ नहीं मिल पाएगा।

राज्यपाल से मांग

विधायक ने महामहिम से मांग की है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा में भोजपुरी, मगही और हिंदी को तुरंत शामिल कराया जाए। साथ ही, मंडल डैम के विस्थापितों को स्थानीय ग्रामीणों की सहमति के बिना उनके रोजगार वाले जंगलों में न बसाकर कहीं अन्यत्र सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित किया जाए।

"हेमंत सरकार पलामू प्रमंडल की अस्मिता और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। प्रशासन की तानाशाही और छात्रों के साथ हो रहा अन्याय भाजपा बर्दाश्त नहीं करेगी।"

— सत्येंद्र नाथ तिवारी, विधायक (गढ़वा)