सीएचसी-पीएचसी पर ओपीडी के समय में बदलाव, सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक इलाज
*तेज धूप और लू को देखते हुए समय में किया गया बदलाव,अब सुबह 8 से 2 बजे तक मरीज देखेंगे डॉक्टर*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही‌। भीषण गर्मी और लू को देखते हुए जिले के छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी के समय में बदलाव किया गया है। अब ओपीडी सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक चलेगी। इससे मरीजों को उपचार कराने में आसानी होगी। पहले सुबह 10 बजे से साम चार बजे तक ओपीडी चलती थी। इन स्वास्थ्य केंद्रों पर रोजाना 1800 से 2200 की ओपीडी होती है। जिले में छह सीएचसी गोपीगंज, भानीपुर, औराई, डीघ, भदोही, सुरियावां हैं। यहां 1200 से 1400 की ओपीडी होती है। इसके अलावा 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जहां पर 800 से 1000 की ओपीडी होती है। मौसम की तल्खी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में लोगों का घर से निकल पाना मुश्किल हो गया है। जिला अस्पताल, एमबीएस भदोही की ओपीडी पहले की तरह सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक चलेगी। अस्पताल आने वाले मरीजों को चिकित्सकीय सलाह है कि समय से अस्पताल पहुंचे। दवा लेकर सीधे घर पहुंचे। बीच में थकान महसूस होने पर किसी छायादार स्थान पर रूकें। घर पहुंचने के कुछ देर बाद हाथ पैर को ठंडे पानी से धुलें। आंख पर ठंड पानी का पुटा मारें। इससे गर्मी से राहत मिलेगी। खान पान को लेकर बेहद सतर्कता बरतें। तले भुने खाने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। सीएमओ डॉ. एसके चक ने बताया कि ओपीडी के समय में बदलाव हो चुका है। सीएचसी, पीएचसी की ओपीडी अब सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक चलेगी। जो पहले सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक थी।
तेज रफ्तार डंपर ने कई लोगों को मारी टक्कर एक महिला की मौत,करीब 11 लोग घायल
रितेश मिश्रा
हरदोई: जिले में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। लोनार थाना क्षेत्र के जगदीशपुर चौराहे पर एक अनियंत्रित डंपर ने कई वाहनों को टक्कर मारते हुए सड़क किनारे ठेले और दुकानों को रौंद दिया। हादसे में एक महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई,  11- लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।

घटना के बाद चालक डंपर छोड़कर मौके से फरार हो गया। दुर्घटना के चलते बावन-सवायजपुर रोड पर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही, क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात बहाल कराने का प्रयास किया जा रहा है।
भीषण गर्मी से यूपी बेहाल: बांदा देश में सबसे गर्म, 100 हॉट शहरों में 37 यूपी के




नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश समेत पूरे उत्तर भारत में भीषण गर्मी और लू ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। शनिवार को बांदा 47.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया। मौसम के आंकड़ों के अनुसार दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में 92 भारत के रहे, जिनमें 37 शहर उत्तर प्रदेश के शामिल हैं। इससे प्रदेश में गर्मी की गंभीर स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रदेश के अन्य शहरों में भी पारा खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। प्रयागराज में अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि आगरा और हमीरपुर में तापमान 44 डिग्री के पार रहा। गाजियाबाद में 43 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजधानी लखनऊ और नोएडा में भी लू के थपेड़ों से लोग परेशान रहे। दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में भी तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़कों पर आवाजाही कम रही और दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। मौसम विभाग के अनुसार 27 अप्रैल तक उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने की संभावना नहीं है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहेगा। हालांकि 28 अप्रैल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश होने के आसार हैं। इससे तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
भीषण गर्मी से यूपी बेहाल: बांदा देश में सबसे गर्म, 100 हॉट शहरों में 37 यूपी के
नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश समेत पूरे उत्तर भारत में भीषण गर्मी और लू ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। शनिवार को बांदा 47.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया।
मौसम के आंकड़ों के अनुसार दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में 92 भारत के रहे, जिनमें 37 शहर उत्तर प्रदेश के शामिल हैं। इससे प्रदेश में गर्मी की गंभीर स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
प्रदेश के अन्य शहरों में भी पारा खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। प्रयागराज में अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि आगरा और हमीरपुर में तापमान 44 डिग्री के पार रहा। गाजियाबाद में 43 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजधानी लखनऊ और नोएडा में भी लू के थपेड़ों से लोग परेशान रहे।
दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में भी तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़कों पर आवाजाही कम रही और दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
मौसम विभाग के अनुसार 27 अप्रैल तक उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने की संभावना नहीं है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहेगा।
हालांकि 28 अप्रैल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश होने के आसार हैं। इससे तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
नारी शक्ति वंदन कानून से महिलाओं को मिला अधिकार, कांग्रेस ने किया विरोध: हेमंत खण्डेलवाल

बैतूल/भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने बैतूल जिला कार्यालय में आयोजित जन आक्रोश महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए महिला पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को अधिकार संपन्न बनाने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन’ कानून लाए हैं, लेकिन कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को मिलने वाले अधिकारों का विरोध किया है।

खण्डेलवाल ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने का ऐतिहासिक प्रयास किया गया, लेकिन विपक्षी दलों ने इसका विरोध कर देश की आधी आबादी का अपमान किया। उन्होंने कहा कि जिस समाज और राष्ट्र ने महिलाओं को अधिकारों से वंचित किया, वह समाप्त हो गए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उज्ज्वला योजना, निःशुल्क शौचालय, नल से जल, मुद्रा योजना, तीन तलाक कानून, पीएम आवास योजना और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से करोड़ों महिलाओं को लाभ पहुंचाया गया है। लखपति दीदी योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि महिला पदयात्रा के माध्यम से गांव-गांव और घर-घर जाकर महिलाओं को बताया जाएगा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के विरोध के कारण महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिल सका।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके, जिला अध्यक्ष सुधाकर पंवार, पूर्व सांसद ज्योति धुर्वे, विधायक गंगा उइके, महेंद्र सिंह चौहान एवं डॉ. योगेश पंडाग्रे सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। इससे पूर्व खण्डेलवाल ने बैतूल बाजार मंडल की बैठक को भी संबोधित किया और कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बूथ की मजबूती ही संगठन की असली ताकत है।

गाजीपुर कांड पर राहुल गांधी का हमला, बोले- दोषी पुलिस पर कार्रवाई हो, उच्च स्तरीय जांच कराए सरकार

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में महिला के साथ बलात्कार और हत्या की घटना पर राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
राहुल गांधी ने कहा कि पीड़िता को तुरंत न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने हाथरस, कठुआ, उन्नाव और अब गाजीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक पैटर्न बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार पीड़िता दलित, पिछड़ी, आदिवासी या गरीब परिवार से होती है और अपराधियों को संरक्षण मिलता है।
उन्होंने मणिपुर की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक महिला न्याय की राह देखते-देखते दम तोड़ गई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सत्ता हर बार चुप रहती है और जिनसे बोलने की उम्मीद होती है, वे मौन रहते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि जिस देश में माता-पिता को अपनी बेटी की एफआईआर लिखवाने के लिए भीख मांगनी पड़े, उस सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इस सरकार के शासन में बेटियां इतनी असुरक्षित क्यों हैं। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसे हालात में न्याय मांगा नहीं जाता, बल्कि छीना जाता है और हम न्याय छीनकर लाएंगे।
गाजीपुर कांड पर राहुल गांधी का हमला, बोले- दोषी पुलिस पर कार्रवाई हो, उच्च स्तरीय जांच कराए सरकार

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में महिला के साथ बलात्कार और हत्या की घटना पर राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
राहुल गांधी ने कहा कि पीड़िता को तुरंत न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने हाथरस, कठुआ, उन्नाव और अब गाजीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक पैटर्न बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार पीड़िता दलित, पिछड़ी, आदिवासी या गरीब परिवार से होती है और अपराधियों को संरक्षण मिलता है।
उन्होंने मणिपुर की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक महिला न्याय की राह देखते-देखते दम तोड़ गई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सत्ता हर बार चुप रहती है और जिनसे बोलने की उम्मीद होती है, वे मौन रहते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि जिस देश में माता-पिता को अपनी बेटी की एफआईआर लिखवाने के लिए भीख मांगनी पड़े, उस सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इस सरकार के शासन में बेटियां इतनी असुरक्षित क्यों हैं। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसे हालात में न्याय मांगा नहीं जाता, बल्कि छीना जाता है और हम न्याय छीनकर लाएंगे।
जिलाधिकारी शैलेष कुमार व पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने के.एन.पी.जी. कॉलेज ज्ञानपुर में होमगार्ड भर्ती परीक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा
रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद में आयोजित होमगार्ड भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने शनिवार को के.एन.पी.जी. कॉलेज ज्ञानपुर पहुंचकर परीक्षा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की सुविधा तथा परीक्षा संचालन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का गहनता से अवलोकन किया। आज होमगार्ड परीक्षा में प्रथम पाली में अभ्यर्थियों की कुल 2496 उपस्थित 1841, व अनुपस्थित 655 रही। द्वितीय पाली में अभ्यर्थियों की संख्या 2496 में उपस्थित 1858 व अनुपस्थित 638 रही। इसी तरह आज दोनों पालियों में अनुपस्थित अभ्यर्थी कुल 1293 अनुपस्थित रहे।
      निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षकों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। परीक्षा केंद्र पर किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता क्षम्य नहीं होगी। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, सतर्कता एवं पारदर्शिता के साथ करें, ताकि परीक्षा सकुशल एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
जिलाधिकारी ने परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों के प्रवेश द्वार, पहचान पत्र जांच, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई तथा विद्युत आपूर्ति की स्थिति का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी मूलभूत सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि परीक्षा में शामिल होने आए अभ्यर्थियों के साथ सौम्य व्यवहार किया जाए तथा उन्हें आवश्यक जानकारी समय से उपलब्ध कराई जाए।
         पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने परीक्षा केंद्र पर तैनात पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखी जाए। केंद्र परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में सतत निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र के बाहर अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दी जाए तथा यातायात व्यवस्था भी सुचारु रखी जाए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा कक्षों का भ्रमण कर प्रश्नपत्र वितरण, उत्तर पुस्तिका व्यवस्था तथा कक्ष निरीक्षकों की उपस्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापक को निर्देश दिया कि परीक्षा प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से संचालित की जाए तथा किसी भी स्थिति में गोपनीयता भंग न होने पाए।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप भर्ती परीक्षाओं को पूरी निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए जनपद प्रशासन पूरी तरह सजग एवं प्रतिबद्ध है। उन्होंने अभ्यर्थियों से भी अपील की कि वे परीक्षा नियमों का पालन करें तथा अनुशासन बनाए रखें। निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रशासनिक अधिकारी, केंद्र व्यवस्थापक, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण से परीक्षा केंद्र पर मुस्तैदी और गंभीरता का वातावरण देखने को मिला। जनपद प्रशासन द्वारा की गई सुदृढ़ व्यवस्थाओं के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई गई।
पवन खेड़ा के समर्थन में उतरी कांग्रेस, जयराम रमेश बोले- न्याय की जीत होगी
नई दिल्ली। गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश उनके समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पूरी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पवन खेड़ा के साथ मजबूती से खड़ी है और हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की प्रक्रिया जारी है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कांग्रेस को विश्वास है कि धमकी, डराने-धमकाने और उत्पीड़न की राजनीति पर न्याय की जीत होगी।
दरअसल, गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराए गए आपराधिक प्रकरण से जुड़ा है।
बताया गया कि पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिंकी भुइयां सरमा पर कई पासपोर्ट रखने और विदेश में संपत्तियां होने का आरोप लगाया था। इसके बाद उनके खिलाफ गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया।
इसके बाद 7 अप्रैल को असम पुलिस ने दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के घर पर छापेमारी की। 10 अप्रैल को तेलंगाना हाईकोर्ट ने उन्हें एक सप्ताह की अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने उस फैसले पर रोक लगा दी। बाद में 21 अप्रैल को गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था और 24 अप्रैल को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
विदिशा में पलटा कोल्ड ड्रिंक ट्रक, घायल चालक तड़पता रहा और लोग माजा की बोतलें लूटते रहे

विदिशा। मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में सड़क हादसे के बाद मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई। भोपाल-सागर बाईपास पर गिरधर कॉलोनी के पास कोल्ड ड्रिंक से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में चालक घायल हो गया, लेकिन मदद करने के बजाय मौके पर मौजूद लोग ट्रक में भरी माजा की बोतलें लूटने में जुट गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक पलटते ही उसमें लदी कोल्ड ड्रिंक की बोतलें सड़क पर बिखर गईं। इसके बाद वहां मौजूद लोगों में बोतलें उठाने की होड़ मच गई। कई लोग बाइक, कार और अन्य वाहनों में बोतलें भरकर मौके से भागते नजर आए।

इस दौरान घायल चालक सड़क किनारे पड़ा मदद का इंतजार करता रहा, लेकिन शुरुआती समय में किसी ने उसकी सहायता नहीं की। कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को खदेड़कर स्थिति पर काबू पाया। हालांकि तब तक काफी मात्रा में कोल्ड ड्रिंक की बोतलें लूटी जा चुकी थीं।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद पहली प्राथमिकता घायल व्यक्ति को बचाने की होती है, लेकिन इस मामले में लोगों का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा। घायल चालक को बाद में उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

यह घटना न केवल सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में बढ़ती संवेदनहीनता को भी उजागर करती है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर लोगों से अपील की है कि किसी भी हादसे के समय पहले पीड़ितों की मदद करें और कानून का पालन करें।

सीएचसी-पीएचसी पर ओपीडी के समय में बदलाव, सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक इलाज
*तेज धूप और लू को देखते हुए समय में किया गया बदलाव,अब सुबह 8 से 2 बजे तक मरीज देखेंगे डॉक्टर*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही‌। भीषण गर्मी और लू को देखते हुए जिले के छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी के समय में बदलाव किया गया है। अब ओपीडी सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक चलेगी। इससे मरीजों को उपचार कराने में आसानी होगी। पहले सुबह 10 बजे से साम चार बजे तक ओपीडी चलती थी। इन स्वास्थ्य केंद्रों पर रोजाना 1800 से 2200 की ओपीडी होती है। जिले में छह सीएचसी गोपीगंज, भानीपुर, औराई, डीघ, भदोही, सुरियावां हैं। यहां 1200 से 1400 की ओपीडी होती है। इसके अलावा 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जहां पर 800 से 1000 की ओपीडी होती है। मौसम की तल्खी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में लोगों का घर से निकल पाना मुश्किल हो गया है। जिला अस्पताल, एमबीएस भदोही की ओपीडी पहले की तरह सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक चलेगी। अस्पताल आने वाले मरीजों को चिकित्सकीय सलाह है कि समय से अस्पताल पहुंचे। दवा लेकर सीधे घर पहुंचे। बीच में थकान महसूस होने पर किसी छायादार स्थान पर रूकें। घर पहुंचने के कुछ देर बाद हाथ पैर को ठंडे पानी से धुलें। आंख पर ठंड पानी का पुटा मारें। इससे गर्मी से राहत मिलेगी। खान पान को लेकर बेहद सतर्कता बरतें। तले भुने खाने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। सीएमओ डॉ. एसके चक ने बताया कि ओपीडी के समय में बदलाव हो चुका है। सीएचसी, पीएचसी की ओपीडी अब सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक चलेगी। जो पहले सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक थी।
तेज रफ्तार डंपर ने कई लोगों को मारी टक्कर एक महिला की मौत,करीब 11 लोग घायल
रितेश मिश्रा
हरदोई: जिले में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। लोनार थाना क्षेत्र के जगदीशपुर चौराहे पर एक अनियंत्रित डंपर ने कई वाहनों को टक्कर मारते हुए सड़क किनारे ठेले और दुकानों को रौंद दिया। हादसे में एक महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई,  11- लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।

घटना के बाद चालक डंपर छोड़कर मौके से फरार हो गया। दुर्घटना के चलते बावन-सवायजपुर रोड पर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही, क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात बहाल कराने का प्रयास किया जा रहा है।
भीषण गर्मी से यूपी बेहाल: बांदा देश में सबसे गर्म, 100 हॉट शहरों में 37 यूपी के




नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश समेत पूरे उत्तर भारत में भीषण गर्मी और लू ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। शनिवार को बांदा 47.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया। मौसम के आंकड़ों के अनुसार दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में 92 भारत के रहे, जिनमें 37 शहर उत्तर प्रदेश के शामिल हैं। इससे प्रदेश में गर्मी की गंभीर स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रदेश के अन्य शहरों में भी पारा खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। प्रयागराज में अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि आगरा और हमीरपुर में तापमान 44 डिग्री के पार रहा। गाजियाबाद में 43 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजधानी लखनऊ और नोएडा में भी लू के थपेड़ों से लोग परेशान रहे। दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में भी तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़कों पर आवाजाही कम रही और दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। मौसम विभाग के अनुसार 27 अप्रैल तक उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने की संभावना नहीं है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहेगा। हालांकि 28 अप्रैल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश होने के आसार हैं। इससे तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
भीषण गर्मी से यूपी बेहाल: बांदा देश में सबसे गर्म, 100 हॉट शहरों में 37 यूपी के
नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश समेत पूरे उत्तर भारत में भीषण गर्मी और लू ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। शनिवार को बांदा 47.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया।
मौसम के आंकड़ों के अनुसार दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में 92 भारत के रहे, जिनमें 37 शहर उत्तर प्रदेश के शामिल हैं। इससे प्रदेश में गर्मी की गंभीर स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
प्रदेश के अन्य शहरों में भी पारा खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। प्रयागराज में अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि आगरा और हमीरपुर में तापमान 44 डिग्री के पार रहा। गाजियाबाद में 43 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजधानी लखनऊ और नोएडा में भी लू के थपेड़ों से लोग परेशान रहे।
दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में भी तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़कों पर आवाजाही कम रही और दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
मौसम विभाग के अनुसार 27 अप्रैल तक उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने की संभावना नहीं है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहेगा।
हालांकि 28 अप्रैल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश होने के आसार हैं। इससे तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
नारी शक्ति वंदन कानून से महिलाओं को मिला अधिकार, कांग्रेस ने किया विरोध: हेमंत खण्डेलवाल

बैतूल/भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने बैतूल जिला कार्यालय में आयोजित जन आक्रोश महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए महिला पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को अधिकार संपन्न बनाने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन’ कानून लाए हैं, लेकिन कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को मिलने वाले अधिकारों का विरोध किया है।

खण्डेलवाल ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने का ऐतिहासिक प्रयास किया गया, लेकिन विपक्षी दलों ने इसका विरोध कर देश की आधी आबादी का अपमान किया। उन्होंने कहा कि जिस समाज और राष्ट्र ने महिलाओं को अधिकारों से वंचित किया, वह समाप्त हो गए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उज्ज्वला योजना, निःशुल्क शौचालय, नल से जल, मुद्रा योजना, तीन तलाक कानून, पीएम आवास योजना और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से करोड़ों महिलाओं को लाभ पहुंचाया गया है। लखपति दीदी योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि महिला पदयात्रा के माध्यम से गांव-गांव और घर-घर जाकर महिलाओं को बताया जाएगा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के विरोध के कारण महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिल सका।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके, जिला अध्यक्ष सुधाकर पंवार, पूर्व सांसद ज्योति धुर्वे, विधायक गंगा उइके, महेंद्र सिंह चौहान एवं डॉ. योगेश पंडाग्रे सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। इससे पूर्व खण्डेलवाल ने बैतूल बाजार मंडल की बैठक को भी संबोधित किया और कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बूथ की मजबूती ही संगठन की असली ताकत है।

गाजीपुर कांड पर राहुल गांधी का हमला, बोले- दोषी पुलिस पर कार्रवाई हो, उच्च स्तरीय जांच कराए सरकार

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में महिला के साथ बलात्कार और हत्या की घटना पर राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
राहुल गांधी ने कहा कि पीड़िता को तुरंत न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने हाथरस, कठुआ, उन्नाव और अब गाजीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक पैटर्न बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार पीड़िता दलित, पिछड़ी, आदिवासी या गरीब परिवार से होती है और अपराधियों को संरक्षण मिलता है।
उन्होंने मणिपुर की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक महिला न्याय की राह देखते-देखते दम तोड़ गई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सत्ता हर बार चुप रहती है और जिनसे बोलने की उम्मीद होती है, वे मौन रहते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि जिस देश में माता-पिता को अपनी बेटी की एफआईआर लिखवाने के लिए भीख मांगनी पड़े, उस सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इस सरकार के शासन में बेटियां इतनी असुरक्षित क्यों हैं। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसे हालात में न्याय मांगा नहीं जाता, बल्कि छीना जाता है और हम न्याय छीनकर लाएंगे।
गाजीपुर कांड पर राहुल गांधी का हमला, बोले- दोषी पुलिस पर कार्रवाई हो, उच्च स्तरीय जांच कराए सरकार

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में महिला के साथ बलात्कार और हत्या की घटना पर राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
राहुल गांधी ने कहा कि पीड़िता को तुरंत न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने हाथरस, कठुआ, उन्नाव और अब गाजीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक पैटर्न बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार पीड़िता दलित, पिछड़ी, आदिवासी या गरीब परिवार से होती है और अपराधियों को संरक्षण मिलता है।
उन्होंने मणिपुर की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक महिला न्याय की राह देखते-देखते दम तोड़ गई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सत्ता हर बार चुप रहती है और जिनसे बोलने की उम्मीद होती है, वे मौन रहते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि जिस देश में माता-पिता को अपनी बेटी की एफआईआर लिखवाने के लिए भीख मांगनी पड़े, उस सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इस सरकार के शासन में बेटियां इतनी असुरक्षित क्यों हैं। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसे हालात में न्याय मांगा नहीं जाता, बल्कि छीना जाता है और हम न्याय छीनकर लाएंगे।
जिलाधिकारी शैलेष कुमार व पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने के.एन.पी.जी. कॉलेज ज्ञानपुर में होमगार्ड भर्ती परीक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा
रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद में आयोजित होमगार्ड भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने शनिवार को के.एन.पी.जी. कॉलेज ज्ञानपुर पहुंचकर परीक्षा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की सुविधा तथा परीक्षा संचालन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का गहनता से अवलोकन किया। आज होमगार्ड परीक्षा में प्रथम पाली में अभ्यर्थियों की कुल 2496 उपस्थित 1841, व अनुपस्थित 655 रही। द्वितीय पाली में अभ्यर्थियों की संख्या 2496 में उपस्थित 1858 व अनुपस्थित 638 रही। इसी तरह आज दोनों पालियों में अनुपस्थित अभ्यर्थी कुल 1293 अनुपस्थित रहे।
      निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षकों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। परीक्षा केंद्र पर किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता क्षम्य नहीं होगी। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, सतर्कता एवं पारदर्शिता के साथ करें, ताकि परीक्षा सकुशल एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
जिलाधिकारी ने परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों के प्रवेश द्वार, पहचान पत्र जांच, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई तथा विद्युत आपूर्ति की स्थिति का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी मूलभूत सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि परीक्षा में शामिल होने आए अभ्यर्थियों के साथ सौम्य व्यवहार किया जाए तथा उन्हें आवश्यक जानकारी समय से उपलब्ध कराई जाए।
         पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने परीक्षा केंद्र पर तैनात पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखी जाए। केंद्र परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में सतत निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र के बाहर अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दी जाए तथा यातायात व्यवस्था भी सुचारु रखी जाए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा कक्षों का भ्रमण कर प्रश्नपत्र वितरण, उत्तर पुस्तिका व्यवस्था तथा कक्ष निरीक्षकों की उपस्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापक को निर्देश दिया कि परीक्षा प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से संचालित की जाए तथा किसी भी स्थिति में गोपनीयता भंग न होने पाए।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप भर्ती परीक्षाओं को पूरी निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए जनपद प्रशासन पूरी तरह सजग एवं प्रतिबद्ध है। उन्होंने अभ्यर्थियों से भी अपील की कि वे परीक्षा नियमों का पालन करें तथा अनुशासन बनाए रखें। निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रशासनिक अधिकारी, केंद्र व्यवस्थापक, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण से परीक्षा केंद्र पर मुस्तैदी और गंभीरता का वातावरण देखने को मिला। जनपद प्रशासन द्वारा की गई सुदृढ़ व्यवस्थाओं के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई गई।
पवन खेड़ा के समर्थन में उतरी कांग्रेस, जयराम रमेश बोले- न्याय की जीत होगी
नई दिल्ली। गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश उनके समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पूरी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पवन खेड़ा के साथ मजबूती से खड़ी है और हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की प्रक्रिया जारी है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कांग्रेस को विश्वास है कि धमकी, डराने-धमकाने और उत्पीड़न की राजनीति पर न्याय की जीत होगी।
दरअसल, गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराए गए आपराधिक प्रकरण से जुड़ा है।
बताया गया कि पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिंकी भुइयां सरमा पर कई पासपोर्ट रखने और विदेश में संपत्तियां होने का आरोप लगाया था। इसके बाद उनके खिलाफ गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया।
इसके बाद 7 अप्रैल को असम पुलिस ने दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के घर पर छापेमारी की। 10 अप्रैल को तेलंगाना हाईकोर्ट ने उन्हें एक सप्ताह की अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने उस फैसले पर रोक लगा दी। बाद में 21 अप्रैल को गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था और 24 अप्रैल को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
विदिशा में पलटा कोल्ड ड्रिंक ट्रक, घायल चालक तड़पता रहा और लोग माजा की बोतलें लूटते रहे

विदिशा। मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में सड़क हादसे के बाद मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई। भोपाल-सागर बाईपास पर गिरधर कॉलोनी के पास कोल्ड ड्रिंक से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में चालक घायल हो गया, लेकिन मदद करने के बजाय मौके पर मौजूद लोग ट्रक में भरी माजा की बोतलें लूटने में जुट गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक पलटते ही उसमें लदी कोल्ड ड्रिंक की बोतलें सड़क पर बिखर गईं। इसके बाद वहां मौजूद लोगों में बोतलें उठाने की होड़ मच गई। कई लोग बाइक, कार और अन्य वाहनों में बोतलें भरकर मौके से भागते नजर आए।

इस दौरान घायल चालक सड़क किनारे पड़ा मदद का इंतजार करता रहा, लेकिन शुरुआती समय में किसी ने उसकी सहायता नहीं की। कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को खदेड़कर स्थिति पर काबू पाया। हालांकि तब तक काफी मात्रा में कोल्ड ड्रिंक की बोतलें लूटी जा चुकी थीं।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद पहली प्राथमिकता घायल व्यक्ति को बचाने की होती है, लेकिन इस मामले में लोगों का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा। घायल चालक को बाद में उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

यह घटना न केवल सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में बढ़ती संवेदनहीनता को भी उजागर करती है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर लोगों से अपील की है कि किसी भी हादसे के समय पहले पीड़ितों की मदद करें और कानून का पालन करें।