मार्च में मौसम ने बदला मिजाज, यूपी के कई जिलों में घनी धुंध से घटा विजिबिलिटी
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में मार्च के महीने में भी मौसम का बदला हुआ मिजाज देखने को मिल रहा है। बुधवार सुबह राजधानी लखनऊ समेत अवध और पूर्वांचल के कई जिलों में घनी धुंध छाई रही, जिससे कई स्थानों पर दृश्यता काफी कम हो गई और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

पहले भी कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिला था

मौसम विभाग के अनुसार इससे पहले मंगलवार को भी पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिला था। प्रयागराज में दृश्यता घटकर लगभग 30 मीटर तक पहुंच गई, जबकि अमेठी में करीब 50 मीटर, मेरठ में 100 मीटर और वाराणसी में करीब 500 मीटर तक सीमित रही। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, बरेली, सहारनपुर और मुरादाबाद जैसे शहरों में भी सुबह के समय धुंध का असर दिखाई दिया।

पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, हवा में नमी की मात्रा अधिक होने और पूर्वी हवाओं के साथ धूल कणों के जमाव के कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने बताया कि 14 मार्च के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से 15 और 16 मार्च को तराई और पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

मंगलवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा

वहीं तापमान में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मंगलवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगरा और झांसी में तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि वाराणसी में न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने के साथ रातें अपेक्षाकृत गर्म रहीं।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नमी भरी हवाओं के कारण इस तरह का मौसम पहले भी देखा जा चुका है और मार्च 2008 में भी ऐसी स्थिति बनी थी।इधर अमेठी जिले के फुरसतगंज क्षेत्र में लगातार कोहरे और धुंध के कारण लोगों की चिंता बढ़ गई है।

मौसम का असर किसानों पर भी दिखाई देने लगा

होली के बाद भी कई दिनों से कोहरा बने रहने से रायबरेली–सुल्तानपुर–बांदा–टांडा हाईवे पर यातायात प्रभावित हो रहा है। सुबह के समय वाहन चालकों को बेहद सावधानी के साथ वाहन चलाना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी हुई है।इसके अलावा बदलते मौसम का असर किसानों पर भी दिखाई देने लगा है। स्थानीय किसानों का कहना है कि मार्च में इस तरह का कोहरा सामान्य नहीं है और इससे फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ग्रामीणों का मानना है कि मौसम में आए इस बदलाव से जनजीवन के साथ-साथ खेती पर भी असर पड़ने की संभावना है।
कन्नौज : एन एच 34 पर हुआ भीषण सड़क हादसा, तीन की मौत, एक घायल
पंकज कुमार श्रीवास्तव

कन्नौज के एन एच 34 पर एक ट्रैक्टर ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई तो वही ट्रैक्टर पलटने से ट्रैक्टर सवार भी घायल हो गया ।

मामला कन्नौज जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के अटारा गांव के पास एन एच 34 का है । जहां तेज रफ्तार चल रहा है ट्रैक्टर ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी इसके बाद बाइक से सवार सड़क पर जा गिरे । इस बीच ट्रैक्टर भी अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में सदर कोतवाली क्षेत्र के इनायतपुर गांव निवासी अरबाज और अहद तो वहीं छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र का रहने वाला अमित की मौके पर ही मौत हो गई । वही ट्रैक्टर पलटने से ट्रैक्टर चला रहा चालक भी गंभीर रूप से घायल हो गया जिसको इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

कन्नौज में तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। यहां एनएच-34 पर एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक सवार युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ट्रैक्टर चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। पूरा मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के अटारा गांव के पास का है।

दरअसल कन्नौज जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के अटारा गांव के पास एनएच-34 पर तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक सवार युवक सड़क पर जा गिरे और ट्रैक्टर भी अनियंत्रित होकर पलट गया।

इस दर्दनाक हादसे में सदर कोतवाली क्षेत्र के इनायतपुर गांव निवासी अरबाज और अहद के साथ ही छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र निवासी अमित की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं ट्रैक्टर पलटने से उसका चालक भी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
असम की धरती से हेमंत सोरेन की हुंकार: "चाय बागान के आदिवासियों को मिले हक और पहचान का सम्मान।"

झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज असम के बिस्वनाथ चारियाली स्थित मेजिकाजन चाय बागान में आयोजित एक विशाल जागरूकता जनसभा में शामिल हुए। आदिवासी स्टूडेंट यूनियन ऑफ असम, जारी शक्ति एवं आदिवासी काउंसिल ऑफ असम द्वारा आयोजित इस सभा में उन्होंने असम में निवास कर रहे आदिवासी समुदाय के हक और अधिकारों की पुरजोर वकालत की।

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मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि असम का आदिवासी समाज दशकों से देश के चाय व्यापार का अभिन्न अंग रहा है, लेकिन आज भी यह वर्ग शोषण और अत्याचार का सामना कर रहा है। उन्होंने झारखंड के 50 वर्षों के लंबे संघर्ष और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि हक पाने के लिए चट्टानी एकजुटता जरूरी है। सीएम सोरेन ने जोर देकर कहा कि असम के आदिवासियों को अभी तक 'आदिवासी का दर्जा' न मिलना एक बड़ी विडंबना है। उन्होंने समुदाय से आह्वान किया कि वे अपनी पहचान की सुरक्षा के लिए बौद्धिक रूप से सशक्त बनें और संवैधानिक अधिकारों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार रहें।

पर्व-त्योहार और पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी सख्त, शांति और सुरक्षा के कड़े निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आगामी पर्व-त्योहारों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों को देखते हुए कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पूरी सतर्कता, समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 13 मार्च को अलविदा की नमाज, 14 और 15 मार्च को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा सब-इंस्पेक्टर एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा, 19 मार्च से चैत्र नवरात्र और 20-21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाए जाने की संभावना है। इन आयोजनों को देखते हुए उन्होंने कहा कि यह अवधि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू करने की अनुमति न दी जाए और धार्मिक आयोजनों के कारण आमजन को कोई असुविधा न हो। समाज-विरोधी या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के भी निर्देश दिए गए।

  • एसआई भर्ती परीक्षा पर विशेष सतर्कता

मुख्यमंत्री ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। 14 और 15 मार्च को प्रदेश के 1090 परीक्षा केंद्रों पर चार पालियों में परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 15 लाख 75 हजार से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के विभिन्न जिलों से आने की संभावना को देखते हुए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि कहीं भी जाम या अव्यवस्था की स्थिति न बने।

उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट पूरी जिम्मेदारी के साथ तैनात रहें, वहीं खुफिया तंत्र को भी पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना का तत्काल खंडन करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर पीआरवी-112 की गाड़ी अनिवार्य रूप से तैनात करने के भी निर्देश दिए गए।

  • नवरात्र और रामनवमी की तैयारियों की समीक्षा

चैत्र नवरात्र को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रमुख शक्तिपीठों—देवीपाटन मंदिर (बलरामपुर), शाकुम्भरी देवी (सहारनपुर), मां विंध्यवासिनी धाम (मीरजापुर) और ललिता देवी (सीतापुर) में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि नवरात्र के अवसर पर नगरों और गांवों में मंदिरों तथा धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त स्वच्छताकर्मी तैनात किए जाएं। पुलिस को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी भीड़ प्रबंधन और फुट पेट्रोलिंग की कार्ययोजना लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 27 मार्च को अयोध्या में श्रीरामनवमी के अवसर पर देशभर से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। साथ ही 19 मार्च को राष्ट्रपति के अयोध्या और मथुरा आगमन का प्रस्तावित कार्यक्रम है, जिसके मद्देनजर सभी प्रोटोकॉल व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

  • पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सामान्य

बैठक में मुख्यमंत्री ने हालिया वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि प्रदेश में कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है और आपूर्ति तथा वितरण सामान्य है। मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग को निर्देश दिए कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा किसी भी अनियमितता पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (रेंज) तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

चार पीढ़ियों की परम्परा, महका रही आधा शहर

  • 1935 से शुरू किया था इत्र कारोबार, अब 4 काउंटर्स से खिदमत

खान आशु 

भोपाल। रमजान के पाक महीने में नमाज, तरावीह और रोजे के दौरान ताजगी व पवित्रता के लिए इत्र (अत्तर) की मांग बहुत बढ़ जाती है। सुन्नत होने के कारण लोग अल्कोहल-मुक्त इत्र पसंद किया जाता है, जिसमें ऊद, खस, गुलाब और कस्तूरी सबसे ज्यादा बिकते हैं। बाजार में ₹40 से लेकर हजारों रुपये तोला तक के इत्र उपलब्ध हैं। राजधानी भोपाल में वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह से शुरू हुआ इत्र कारोबार अब चौथी पीढ़ी तक जारी है। कारोबार को खिदमत मानते हुए इस परिवार द्वारा 4 काउंटर्स से खुशबू फैलाई जा रही है।

कई ब्रांड के परफ्यूम भले ही मार्केट में आ गए हों, लेकिन परंपरागत इत्र की महक के आगे यह फीके दिखाई देते हैं। रमजान के पवित्र माह में भोपाल सहित प्रदेशभर में इत्र की बिक्री में जमकर बढ़ोत्तरी होती है। इस बार भोपाल में एक माह में खुशबू के इस कारोबार का आंकड़ा 10 करोड़ से ज्यादा का होगा। हालांकि इस कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बार पिछले सालों की अपेक्षा खुशबू का कारोबार थोड़ा फीका है। भोपाल में इत्र 50 रुपए में भी मिल जाता है और बेहतर प्रीमियम क्वालिटी का इत्र 20 हजार रुपए तोला तक होता है।

  • सुबह 4 बजे तक खुल रहीं दुकानें

रमजान माह में इत्र की बिक्री ज्यादा ही बढ़ जाती है। रमजान में इत्र खरीदकर एक दूसरे को गिफ्ट में भी देते हैं। रमजान माह के चलते भोपाल के पुराने शहर के मार्केट का कुछ हिस्सा रात में भी गुलजार रहता है।

इब्राहिमपुरा में नवाबी दौर से इत्र का कारोबार कर रहे हाजी इनायत उल्लाह के बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया। उनके बाद यह व्यवस्था उनके बेटे रफीक अहमद राजा के हाथ है। वे बताते हैं कि रात 4 बजे दुकान बंद करके गया था। इस एक माह में दिन से ज्यादा कारोबार रात में होता है। इत्र से जुड़े कारोबारी इस एक माह में इत्र का थोक और फुटकर कारोबार 10 करोड़ से ज्यादा का होने की उम्मीद जता रहे हैं।

इत्र बिक्री में बढ़ोत्तरी शब-ए-बारात से बढ़ जाती है। रमजान में इसकी मांग सबसे ज्यादा होती है।

  • 50 रुपए से 20 हजार तोला तक कीमत का इत्र

इत्र से जुड़े परिवार के मोहम्मद अहमद बताते हैं कि भोपाल में इत्र की बड़ी रेंज मौजूद हैं। हर वर्ग के लिए खुशबू का बाजार सजा है। यहां 50 रुपए का इत्र मौजूद है तो प्रीमियम रेंज 20 हजार रुपए तोला से शुरू होती है। सबसे महंगा इत्र ऊद होता है। इसकी कीमत 20 हजार रुपए तोला तक होती है। हालांकि इसकी पहचान की जाना बहुत जरूरी होता है। पूरी दुनिया में सबसे अच्छा यह इत्र असम में पाया जाता है। खस का इत्र भी बहुत महंगा होता है।

इत्र कारोबारी फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद कहते हैं कि ओरिजनल इत्र महंगा होता है। भोपाल में आमतौर पर कन्नौज से इत्र आता है। इसके अलावा मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, असम के अलावा दुबई और ओमान से भी इत्र बुलाए जाते हैं।

  • ऐसे बढ़ा कुनबा

वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह ने शहर के जुमेराती इलाके में इत्र और तेल का कारोबार शुरू किया था। उनके कारोबार के विस्तार का यह आलम था कि उनके यहां बड़े कंटेनर्स से तेल और इत्र आया करता था। उनके बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया और इब्राहिमपुरा को अपना ठिकाना बनाया। उनके दुनिया से रुखसत होने के बाद भी उनके हाथों से बेचे गए इत्र और अखलाक की ख़ुशबू आज भी ताजा महसूस होती है। आगे चलकर इस कारोबार को मोहम्मद अहमद और रफीक अहमद ने आगे बढ़ाया। जहां मोहम्मद अहमद लक्ष्मी टॉकीज पर कारोबार कर रहे हैं, रफीक अहमद राजा ने इब्राहिमपुरा की इत्र दुकान को बड़े शोरूम का रूप दे दिया है। इधर परिवार की चौथी पीढ़ी के फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद भी अलग जगहों पर खुशबू के कारोबार को पंख लगा रहे हैं।

मंडलीय उद्योग बंधु समिति की बैठक सम्पन्न उद्यमियो की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में मंडलीय उद्योग बंधु समिति की बैठक सम्बंधित विभागीय अधिकारियों एवं उद्यमियों की उपस्थिति में संपन्न हुई।बैठक में क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने निवेश को प्रोत्साहित करने तथा उद्यमियों से जुड़ी समस्याओं के समयबद्ध समाधान पर चर्चा की गई।मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उद्यमियों की समस्याओ का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए जिससे उद्योगों के संचालन में किसी प्रकार की अनावश्यक बाधा न आए। बैठक में रोजगारपरक योजनाओं की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी योजनाओं में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 100 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की जाए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना है इसलिए संबंधित विभाग इनके क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं।निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि समयसीमा के बाद लंबित सभी मामलों का निस्तारण एक सप्ताह के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि निवेश प्रक्रिया को सरल पारदर्शी और समयबद्ध बनाना औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक है तथा निवेशको का विश्वास बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान निवेश मित्र पोर्टल पर प्राप्त प्रकरणो की स्थिति की जानकारी दी गई।मंडल में कुल 16,663 प्रकरण प्राप्त हुए जिनमें से 15,027 का निस्तारण किया जा चुका है। जनपदवार आंकड़ों के अनुसार प्रयागराज में 8,837, फतेहपुर में 3,868, प्रतापगढ़ में 2,305 तथा कौशांबी में 1,653 प्रकरण दर्ज किए गए।बैठक के दौरान मंडलायुक्त द्वारा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत रोजगार सृजन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 4 औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों (सुनील यादव, एच.आर प्रमुख-जय भारत एसोसिएट सुशील कुमार पाण्डेय एच.आर प्रमुख-हबीली सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड उमेश चन्द्र द्विवेदी असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट-सोनाटा फ़ाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड सूबेदार मेजर राम लखन पाल पार्टनर-गरुड़ा सेक्युर्टी सर्विसेस इलाहाबाद) को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।उन्होंने इन इकाइयों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास क्षेत्र में रोजगार सृजन और औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ बनाने में सहायक हैं।उद्यमियों ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए जिस पर मंडलायुक्त ने उनसे कहा कि वे अपने सुझावों को लिखित प्रस्ताव के रूप में उपलब्ध कराएं ताकि उसे शासन को भेजकर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके।औद्योगिक क्षेत्र नैनी में उद्यमियों द्वारा उठाई गई समस्याओं पर भी चर्चा की गई।इस दौरान आर.एम. यूपीएसआईडीए को निर्देशित किया गया कि क्षेत्र में विद्युत पोल शिफ्टिंग से संबंधित कार्य का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि औद्योगिक इकाइयो की गतिविधियां प्रभावित न हो।बैठक में समस्त एलडीएम संबंधित विभागो के अधिकारी तथा उद्यमी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन संयुक्त आयुक्त उद्योग अजय कुमार चौरसिया द्वारा किया गया।

ऑटो की टक्कर ठेला में लगने से, सब्ज़ी विक्रेता की दर्दनाक मौत

फर्रुखाबाद । सुबह कादरी गेट थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक बुजुर्ग सब्जी विक्रेता की जान चली गई। तेज रफ्तार ऑटो ने सब्जी विक्रेता की रेहड़ी में इतनी जोरदार टक्कर मारी कि ऑटो भी पलट गया। गंभीर रूप से घायल वृद्ध ने कानपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के बंधुआ गांव के रहने वाले सोनपाल (65 वर्ष) पिछले 35 सालों से रेहड़ी पर सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। वह हर दिन की तरह मंगलवार को सुबह सब्जी लेने के लिए मंडी जा रहे थे।
मधुर मिलन गेस्ट हाउस के पास
सुबह के समय जब सोनपाल अपनी रेहड़ी लेकर मधुर मिलन गेस्ट हाउस के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रहे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ऑटो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रेहड़ी के परखच्चे उड़ गए और ऑटो भी सड़क पर पलट गया।
कानपुर ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई l हादसे में गंभीर रूप से घायल सोनपाल को स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से तत्काल लोहिया अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें शहर के ही एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन हालत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उन्हें कानपुर के लिए रेफर कर दिया। परिजन उन्हें कानपुर ले जा रहे थे, रास्ते में सांसें थम गईं।
सोनपाल की मौत की खबर जैसे ही उनके घर पहुंची, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मृतक के परिवार में उनकी पत्नी सुनीता और तीन बेटे- मनोज, अर्पित और राहुल माथुर हैं। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के बेटों ने पुलिस को घटना की पूरी जानकारी दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर दिया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
योजनाओं की ग्रांट को योजनाओं पर खर्च करने के दिए खड़े निर्देश डीएम
फर्रूखाबाद l मंगलवार को विकासखंड कार्यालय शमसाबाद का जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विकासखंड कार्यालय की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के रख-रखाव, जनसुनवाई व्यवस्था, साफ-सफाई तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, अभिलेखों के सुव्यवस्थित रख-रखाव तथा कार्यों की नियमित समीक्षा एवं निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विकासखंड को प्राप्त केंद्रीय वित्त योजना एवं राज्य वित्त योजना की ग्रांट का शत-प्रतिशत उपभोग करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी कर्मियों की सेवा पुस्तिकाओं एवं कैशबुक को अद्यतन रखने, फार्मर रजिस्ट्री के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने तथा स्पेशल क्लोज एवं असंतुष्ट आई0जी0आर0एस0 प्रकरणों की समीक्षा कर उनका समाधान सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया।
इस मौके पर जिला विकास अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, सहायक खंड विकास अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
उच्च शिक्षा के शिक्षकों को मिलेगी 5 लाख तक की नकदरहित चिकित्सा सुविधा

* कैबिनेट की मंजूरी के बाद 2 लाख से अधिक शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी होंगे लाभान्वित

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को नकदरहित चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी।
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने उच्च शिक्षा के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन अब तक उन्हें चिकित्सा प्रतिपूर्ति की सुविधा उपलब्ध नहीं थी।
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ने 5 सितंबर 2025 को शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों को नकदरहित चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी, जिसे अब कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। योजना के अंतर्गत अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के नियमित और स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षक, स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षक तथा राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत शिक्षक शामिल किए जाएंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
इस योजना के तहत लाभार्थियों और उनके आश्रितों को सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ संबद्ध निजी अस्पतालों में भी नकदरहित उपचार की सुविधा मिलेगी। प्रति शिक्षक और कर्मचारी पर 2479.70 रुपये का प्रीमियम खर्च होगा। प्रदेश में लगभग 2 लाख से अधिक शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी इस योजना से लाभान्वित होंगे, जिस पर सरकार को प्रतिवर्ष लगभग 50 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे।
योजना का संचालन राज्य समग्र स्वास्थ्य एवं एकीकृत सेवा एजेंसी (साचीज) के माध्यम से किया जाएगा। इसके अंतर्गत लाभार्थियों को 5 लाख रुपये तक की नकदरहित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी, जिसकी दरें प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत आरोग्य योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार होंगी।
मंत्री ने बताया कि लाभार्थियों और उनके आश्रितों का विवरण उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिवर्ष 30 जून तक साचीज को उपलब्ध कराया जाएगा। जो व्यक्ति पहले से केंद्र या राज्य सरकार की अन्य स्वास्थ्य योजनाओं से आच्छादित होंगे, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के सम्मान और उनकी सामाजिक सुरक्षा के लिए लगातार संवेदनशील निर्णय ले रही है। यह योजना उनके और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
मीडिया की खबरों का असर, भिटरिया में ग्राम सभा की जमीन पर कब्जा करने वालों पर चला प्रशासन का डंडा
गाटा संख्या एक सौ तेइस की जमीन खाली कराने का आदेश, तीन कब्जाधारियों पर जुर्माना और बेदखली की कार्रवाई का आदेश

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ।सोमवार को करछना तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा भिटरिया में ग्राम सभा की जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में आखिरकार प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले कई दिनों से मीडिया में लगातार प्रकाशित हो रही खबरों और ग्रामीणों की शिकायतों के बाद तहसील प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए गाटा संख्या एक सौ तेइस की भूमि पर कब्जा करने वाले तीन व्यक्तियों के खिलाफ बेदखली और जुर्माने का आदेश जारी किया है।

महेन्द्र नाथ तिवारी को आराजी संख्या एक सौ तेइस, रकबा शून्य दशमलव शून्य एक एक शून्य हेक्टेयर भूमि से बेदखल करने का आदेश दिया गया है तथा उन पर तीन हजार अस्सी रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसी प्रकरण में छेदीलाल तिवारी को भी आराजी संख्या एक सौ तेइस की भूमि से बेदखल करने का आदेश देते हुए उन पर छह हजार तिरसठ रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। वहीं लालजी तिवारी को आराजी संख्या एक सौ तेइस, रकबा शून्य दशमलव शून्य शून्य छह शून्य हेक्टेयर भूमि से बेदखल करने का आदेश दिया गया है तथा उन पर तीन हजार तीन सौ सात रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है।

तहसीलदार करछना ने राजस्व निरीक्षक तथा क्षेत्रीय लेखपाल को स्पष्ट निर्देश दिया है कि पुलिस बल की मौजूदगी में मौके पर पहुंचकर बेदखली की कार्रवाई कराई जाए, ग्राम सभा की जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए और कार्यवाही की रिपोर्ट तत्काल तहसील कार्यालय में प्रस्तुत की जाए।
मार्च में मौसम ने बदला मिजाज, यूपी के कई जिलों में घनी धुंध से घटा विजिबिलिटी
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में मार्च के महीने में भी मौसम का बदला हुआ मिजाज देखने को मिल रहा है। बुधवार सुबह राजधानी लखनऊ समेत अवध और पूर्वांचल के कई जिलों में घनी धुंध छाई रही, जिससे कई स्थानों पर दृश्यता काफी कम हो गई और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

पहले भी कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिला था

मौसम विभाग के अनुसार इससे पहले मंगलवार को भी पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिला था। प्रयागराज में दृश्यता घटकर लगभग 30 मीटर तक पहुंच गई, जबकि अमेठी में करीब 50 मीटर, मेरठ में 100 मीटर और वाराणसी में करीब 500 मीटर तक सीमित रही। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, बरेली, सहारनपुर और मुरादाबाद जैसे शहरों में भी सुबह के समय धुंध का असर दिखाई दिया।

पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, हवा में नमी की मात्रा अधिक होने और पूर्वी हवाओं के साथ धूल कणों के जमाव के कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने बताया कि 14 मार्च के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से 15 और 16 मार्च को तराई और पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

मंगलवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा

वहीं तापमान में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मंगलवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगरा और झांसी में तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि वाराणसी में न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने के साथ रातें अपेक्षाकृत गर्म रहीं।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नमी भरी हवाओं के कारण इस तरह का मौसम पहले भी देखा जा चुका है और मार्च 2008 में भी ऐसी स्थिति बनी थी।इधर अमेठी जिले के फुरसतगंज क्षेत्र में लगातार कोहरे और धुंध के कारण लोगों की चिंता बढ़ गई है।

मौसम का असर किसानों पर भी दिखाई देने लगा

होली के बाद भी कई दिनों से कोहरा बने रहने से रायबरेली–सुल्तानपुर–बांदा–टांडा हाईवे पर यातायात प्रभावित हो रहा है। सुबह के समय वाहन चालकों को बेहद सावधानी के साथ वाहन चलाना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी हुई है।इसके अलावा बदलते मौसम का असर किसानों पर भी दिखाई देने लगा है। स्थानीय किसानों का कहना है कि मार्च में इस तरह का कोहरा सामान्य नहीं है और इससे फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ग्रामीणों का मानना है कि मौसम में आए इस बदलाव से जनजीवन के साथ-साथ खेती पर भी असर पड़ने की संभावना है।
कन्नौज : एन एच 34 पर हुआ भीषण सड़क हादसा, तीन की मौत, एक घायल
पंकज कुमार श्रीवास्तव

कन्नौज के एन एच 34 पर एक ट्रैक्टर ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई तो वही ट्रैक्टर पलटने से ट्रैक्टर सवार भी घायल हो गया ।

मामला कन्नौज जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के अटारा गांव के पास एन एच 34 का है । जहां तेज रफ्तार चल रहा है ट्रैक्टर ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी इसके बाद बाइक से सवार सड़क पर जा गिरे । इस बीच ट्रैक्टर भी अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में सदर कोतवाली क्षेत्र के इनायतपुर गांव निवासी अरबाज और अहद तो वहीं छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र का रहने वाला अमित की मौके पर ही मौत हो गई । वही ट्रैक्टर पलटने से ट्रैक्टर चला रहा चालक भी गंभीर रूप से घायल हो गया जिसको इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

कन्नौज में तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। यहां एनएच-34 पर एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक सवार युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ट्रैक्टर चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। पूरा मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के अटारा गांव के पास का है।

दरअसल कन्नौज जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के अटारा गांव के पास एनएच-34 पर तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक सवार युवक सड़क पर जा गिरे और ट्रैक्टर भी अनियंत्रित होकर पलट गया।

इस दर्दनाक हादसे में सदर कोतवाली क्षेत्र के इनायतपुर गांव निवासी अरबाज और अहद के साथ ही छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र निवासी अमित की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं ट्रैक्टर पलटने से उसका चालक भी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
असम की धरती से हेमंत सोरेन की हुंकार: "चाय बागान के आदिवासियों को मिले हक और पहचान का सम्मान।"

झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज असम के बिस्वनाथ चारियाली स्थित मेजिकाजन चाय बागान में आयोजित एक विशाल जागरूकता जनसभा में शामिल हुए। आदिवासी स्टूडेंट यूनियन ऑफ असम, जारी शक्ति एवं आदिवासी काउंसिल ऑफ असम द्वारा आयोजित इस सभा में उन्होंने असम में निवास कर रहे आदिवासी समुदाय के हक और अधिकारों की पुरजोर वकालत की।

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मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि असम का आदिवासी समाज दशकों से देश के चाय व्यापार का अभिन्न अंग रहा है, लेकिन आज भी यह वर्ग शोषण और अत्याचार का सामना कर रहा है। उन्होंने झारखंड के 50 वर्षों के लंबे संघर्ष और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि हक पाने के लिए चट्टानी एकजुटता जरूरी है। सीएम सोरेन ने जोर देकर कहा कि असम के आदिवासियों को अभी तक 'आदिवासी का दर्जा' न मिलना एक बड़ी विडंबना है। उन्होंने समुदाय से आह्वान किया कि वे अपनी पहचान की सुरक्षा के लिए बौद्धिक रूप से सशक्त बनें और संवैधानिक अधिकारों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार रहें।

पर्व-त्योहार और पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी सख्त, शांति और सुरक्षा के कड़े निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आगामी पर्व-त्योहारों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों को देखते हुए कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पूरी सतर्कता, समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 13 मार्च को अलविदा की नमाज, 14 और 15 मार्च को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा सब-इंस्पेक्टर एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा, 19 मार्च से चैत्र नवरात्र और 20-21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाए जाने की संभावना है। इन आयोजनों को देखते हुए उन्होंने कहा कि यह अवधि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू करने की अनुमति न दी जाए और धार्मिक आयोजनों के कारण आमजन को कोई असुविधा न हो। समाज-विरोधी या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के भी निर्देश दिए गए।

  • एसआई भर्ती परीक्षा पर विशेष सतर्कता

मुख्यमंत्री ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। 14 और 15 मार्च को प्रदेश के 1090 परीक्षा केंद्रों पर चार पालियों में परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 15 लाख 75 हजार से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के विभिन्न जिलों से आने की संभावना को देखते हुए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि कहीं भी जाम या अव्यवस्था की स्थिति न बने।

उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट पूरी जिम्मेदारी के साथ तैनात रहें, वहीं खुफिया तंत्र को भी पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना का तत्काल खंडन करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर पीआरवी-112 की गाड़ी अनिवार्य रूप से तैनात करने के भी निर्देश दिए गए।

  • नवरात्र और रामनवमी की तैयारियों की समीक्षा

चैत्र नवरात्र को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रमुख शक्तिपीठों—देवीपाटन मंदिर (बलरामपुर), शाकुम्भरी देवी (सहारनपुर), मां विंध्यवासिनी धाम (मीरजापुर) और ललिता देवी (सीतापुर) में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि नवरात्र के अवसर पर नगरों और गांवों में मंदिरों तथा धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त स्वच्छताकर्मी तैनात किए जाएं। पुलिस को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी भीड़ प्रबंधन और फुट पेट्रोलिंग की कार्ययोजना लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 27 मार्च को अयोध्या में श्रीरामनवमी के अवसर पर देशभर से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। साथ ही 19 मार्च को राष्ट्रपति के अयोध्या और मथुरा आगमन का प्रस्तावित कार्यक्रम है, जिसके मद्देनजर सभी प्रोटोकॉल व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

  • पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सामान्य

बैठक में मुख्यमंत्री ने हालिया वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि प्रदेश में कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है और आपूर्ति तथा वितरण सामान्य है। मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग को निर्देश दिए कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा किसी भी अनियमितता पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (रेंज) तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

चार पीढ़ियों की परम्परा, महका रही आधा शहर

  • 1935 से शुरू किया था इत्र कारोबार, अब 4 काउंटर्स से खिदमत

खान आशु 

भोपाल। रमजान के पाक महीने में नमाज, तरावीह और रोजे के दौरान ताजगी व पवित्रता के लिए इत्र (अत्तर) की मांग बहुत बढ़ जाती है। सुन्नत होने के कारण लोग अल्कोहल-मुक्त इत्र पसंद किया जाता है, जिसमें ऊद, खस, गुलाब और कस्तूरी सबसे ज्यादा बिकते हैं। बाजार में ₹40 से लेकर हजारों रुपये तोला तक के इत्र उपलब्ध हैं। राजधानी भोपाल में वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह से शुरू हुआ इत्र कारोबार अब चौथी पीढ़ी तक जारी है। कारोबार को खिदमत मानते हुए इस परिवार द्वारा 4 काउंटर्स से खुशबू फैलाई जा रही है।

कई ब्रांड के परफ्यूम भले ही मार्केट में आ गए हों, लेकिन परंपरागत इत्र की महक के आगे यह फीके दिखाई देते हैं। रमजान के पवित्र माह में भोपाल सहित प्रदेशभर में इत्र की बिक्री में जमकर बढ़ोत्तरी होती है। इस बार भोपाल में एक माह में खुशबू के इस कारोबार का आंकड़ा 10 करोड़ से ज्यादा का होगा। हालांकि इस कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बार पिछले सालों की अपेक्षा खुशबू का कारोबार थोड़ा फीका है। भोपाल में इत्र 50 रुपए में भी मिल जाता है और बेहतर प्रीमियम क्वालिटी का इत्र 20 हजार रुपए तोला तक होता है।

  • सुबह 4 बजे तक खुल रहीं दुकानें

रमजान माह में इत्र की बिक्री ज्यादा ही बढ़ जाती है। रमजान में इत्र खरीदकर एक दूसरे को गिफ्ट में भी देते हैं। रमजान माह के चलते भोपाल के पुराने शहर के मार्केट का कुछ हिस्सा रात में भी गुलजार रहता है।

इब्राहिमपुरा में नवाबी दौर से इत्र का कारोबार कर रहे हाजी इनायत उल्लाह के बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया। उनके बाद यह व्यवस्था उनके बेटे रफीक अहमद राजा के हाथ है। वे बताते हैं कि रात 4 बजे दुकान बंद करके गया था। इस एक माह में दिन से ज्यादा कारोबार रात में होता है। इत्र से जुड़े कारोबारी इस एक माह में इत्र का थोक और फुटकर कारोबार 10 करोड़ से ज्यादा का होने की उम्मीद जता रहे हैं।

इत्र बिक्री में बढ़ोत्तरी शब-ए-बारात से बढ़ जाती है। रमजान में इसकी मांग सबसे ज्यादा होती है।

  • 50 रुपए से 20 हजार तोला तक कीमत का इत्र

इत्र से जुड़े परिवार के मोहम्मद अहमद बताते हैं कि भोपाल में इत्र की बड़ी रेंज मौजूद हैं। हर वर्ग के लिए खुशबू का बाजार सजा है। यहां 50 रुपए का इत्र मौजूद है तो प्रीमियम रेंज 20 हजार रुपए तोला से शुरू होती है। सबसे महंगा इत्र ऊद होता है। इसकी कीमत 20 हजार रुपए तोला तक होती है। हालांकि इसकी पहचान की जाना बहुत जरूरी होता है। पूरी दुनिया में सबसे अच्छा यह इत्र असम में पाया जाता है। खस का इत्र भी बहुत महंगा होता है।

इत्र कारोबारी फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद कहते हैं कि ओरिजनल इत्र महंगा होता है। भोपाल में आमतौर पर कन्नौज से इत्र आता है। इसके अलावा मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, असम के अलावा दुबई और ओमान से भी इत्र बुलाए जाते हैं।

  • ऐसे बढ़ा कुनबा

वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह ने शहर के जुमेराती इलाके में इत्र और तेल का कारोबार शुरू किया था। उनके कारोबार के विस्तार का यह आलम था कि उनके यहां बड़े कंटेनर्स से तेल और इत्र आया करता था। उनके बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया और इब्राहिमपुरा को अपना ठिकाना बनाया। उनके दुनिया से रुखसत होने के बाद भी उनके हाथों से बेचे गए इत्र और अखलाक की ख़ुशबू आज भी ताजा महसूस होती है। आगे चलकर इस कारोबार को मोहम्मद अहमद और रफीक अहमद ने आगे बढ़ाया। जहां मोहम्मद अहमद लक्ष्मी टॉकीज पर कारोबार कर रहे हैं, रफीक अहमद राजा ने इब्राहिमपुरा की इत्र दुकान को बड़े शोरूम का रूप दे दिया है। इधर परिवार की चौथी पीढ़ी के फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद भी अलग जगहों पर खुशबू के कारोबार को पंख लगा रहे हैं।

मंडलीय उद्योग बंधु समिति की बैठक सम्पन्न उद्यमियो की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में मंडलीय उद्योग बंधु समिति की बैठक सम्बंधित विभागीय अधिकारियों एवं उद्यमियों की उपस्थिति में संपन्न हुई।बैठक में क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने निवेश को प्रोत्साहित करने तथा उद्यमियों से जुड़ी समस्याओं के समयबद्ध समाधान पर चर्चा की गई।मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उद्यमियों की समस्याओ का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए जिससे उद्योगों के संचालन में किसी प्रकार की अनावश्यक बाधा न आए। बैठक में रोजगारपरक योजनाओं की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी योजनाओं में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 100 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की जाए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना है इसलिए संबंधित विभाग इनके क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं।निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि समयसीमा के बाद लंबित सभी मामलों का निस्तारण एक सप्ताह के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि निवेश प्रक्रिया को सरल पारदर्शी और समयबद्ध बनाना औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक है तथा निवेशको का विश्वास बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान निवेश मित्र पोर्टल पर प्राप्त प्रकरणो की स्थिति की जानकारी दी गई।मंडल में कुल 16,663 प्रकरण प्राप्त हुए जिनमें से 15,027 का निस्तारण किया जा चुका है। जनपदवार आंकड़ों के अनुसार प्रयागराज में 8,837, फतेहपुर में 3,868, प्रतापगढ़ में 2,305 तथा कौशांबी में 1,653 प्रकरण दर्ज किए गए।बैठक के दौरान मंडलायुक्त द्वारा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत रोजगार सृजन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 4 औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों (सुनील यादव, एच.आर प्रमुख-जय भारत एसोसिएट सुशील कुमार पाण्डेय एच.आर प्रमुख-हबीली सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड उमेश चन्द्र द्विवेदी असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट-सोनाटा फ़ाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड सूबेदार मेजर राम लखन पाल पार्टनर-गरुड़ा सेक्युर्टी सर्विसेस इलाहाबाद) को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।उन्होंने इन इकाइयों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास क्षेत्र में रोजगार सृजन और औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ बनाने में सहायक हैं।उद्यमियों ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए जिस पर मंडलायुक्त ने उनसे कहा कि वे अपने सुझावों को लिखित प्रस्ताव के रूप में उपलब्ध कराएं ताकि उसे शासन को भेजकर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके।औद्योगिक क्षेत्र नैनी में उद्यमियों द्वारा उठाई गई समस्याओं पर भी चर्चा की गई।इस दौरान आर.एम. यूपीएसआईडीए को निर्देशित किया गया कि क्षेत्र में विद्युत पोल शिफ्टिंग से संबंधित कार्य का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि औद्योगिक इकाइयो की गतिविधियां प्रभावित न हो।बैठक में समस्त एलडीएम संबंधित विभागो के अधिकारी तथा उद्यमी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन संयुक्त आयुक्त उद्योग अजय कुमार चौरसिया द्वारा किया गया।

ऑटो की टक्कर ठेला में लगने से, सब्ज़ी विक्रेता की दर्दनाक मौत

फर्रुखाबाद । सुबह कादरी गेट थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक बुजुर्ग सब्जी विक्रेता की जान चली गई। तेज रफ्तार ऑटो ने सब्जी विक्रेता की रेहड़ी में इतनी जोरदार टक्कर मारी कि ऑटो भी पलट गया। गंभीर रूप से घायल वृद्ध ने कानपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के बंधुआ गांव के रहने वाले सोनपाल (65 वर्ष) पिछले 35 सालों से रेहड़ी पर सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। वह हर दिन की तरह मंगलवार को सुबह सब्जी लेने के लिए मंडी जा रहे थे।
मधुर मिलन गेस्ट हाउस के पास
सुबह के समय जब सोनपाल अपनी रेहड़ी लेकर मधुर मिलन गेस्ट हाउस के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रहे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ऑटो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रेहड़ी के परखच्चे उड़ गए और ऑटो भी सड़क पर पलट गया।
कानपुर ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई l हादसे में गंभीर रूप से घायल सोनपाल को स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से तत्काल लोहिया अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें शहर के ही एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन हालत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उन्हें कानपुर के लिए रेफर कर दिया। परिजन उन्हें कानपुर ले जा रहे थे, रास्ते में सांसें थम गईं।
सोनपाल की मौत की खबर जैसे ही उनके घर पहुंची, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मृतक के परिवार में उनकी पत्नी सुनीता और तीन बेटे- मनोज, अर्पित और राहुल माथुर हैं। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के बेटों ने पुलिस को घटना की पूरी जानकारी दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर दिया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
योजनाओं की ग्रांट को योजनाओं पर खर्च करने के दिए खड़े निर्देश डीएम
फर्रूखाबाद l मंगलवार को विकासखंड कार्यालय शमसाबाद का जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विकासखंड कार्यालय की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के रख-रखाव, जनसुनवाई व्यवस्था, साफ-सफाई तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, अभिलेखों के सुव्यवस्थित रख-रखाव तथा कार्यों की नियमित समीक्षा एवं निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विकासखंड को प्राप्त केंद्रीय वित्त योजना एवं राज्य वित्त योजना की ग्रांट का शत-प्रतिशत उपभोग करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी कर्मियों की सेवा पुस्तिकाओं एवं कैशबुक को अद्यतन रखने, फार्मर रजिस्ट्री के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने तथा स्पेशल क्लोज एवं असंतुष्ट आई0जी0आर0एस0 प्रकरणों की समीक्षा कर उनका समाधान सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया।
इस मौके पर जिला विकास अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, सहायक खंड विकास अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
उच्च शिक्षा के शिक्षकों को मिलेगी 5 लाख तक की नकदरहित चिकित्सा सुविधा

* कैबिनेट की मंजूरी के बाद 2 लाख से अधिक शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी होंगे लाभान्वित

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को नकदरहित चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी।
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने उच्च शिक्षा के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन अब तक उन्हें चिकित्सा प्रतिपूर्ति की सुविधा उपलब्ध नहीं थी।
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ने 5 सितंबर 2025 को शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों को नकदरहित चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी, जिसे अब कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। योजना के अंतर्गत अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के नियमित और स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षक, स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षक तथा राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत शिक्षक शामिल किए जाएंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
इस योजना के तहत लाभार्थियों और उनके आश्रितों को सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ संबद्ध निजी अस्पतालों में भी नकदरहित उपचार की सुविधा मिलेगी। प्रति शिक्षक और कर्मचारी पर 2479.70 रुपये का प्रीमियम खर्च होगा। प्रदेश में लगभग 2 लाख से अधिक शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी इस योजना से लाभान्वित होंगे, जिस पर सरकार को प्रतिवर्ष लगभग 50 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे।
योजना का संचालन राज्य समग्र स्वास्थ्य एवं एकीकृत सेवा एजेंसी (साचीज) के माध्यम से किया जाएगा। इसके अंतर्गत लाभार्थियों को 5 लाख रुपये तक की नकदरहित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी, जिसकी दरें प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत आरोग्य योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार होंगी।
मंत्री ने बताया कि लाभार्थियों और उनके आश्रितों का विवरण उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिवर्ष 30 जून तक साचीज को उपलब्ध कराया जाएगा। जो व्यक्ति पहले से केंद्र या राज्य सरकार की अन्य स्वास्थ्य योजनाओं से आच्छादित होंगे, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के सम्मान और उनकी सामाजिक सुरक्षा के लिए लगातार संवेदनशील निर्णय ले रही है। यह योजना उनके और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
मीडिया की खबरों का असर, भिटरिया में ग्राम सभा की जमीन पर कब्जा करने वालों पर चला प्रशासन का डंडा
गाटा संख्या एक सौ तेइस की जमीन खाली कराने का आदेश, तीन कब्जाधारियों पर जुर्माना और बेदखली की कार्रवाई का आदेश

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ।सोमवार को करछना तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा भिटरिया में ग्राम सभा की जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में आखिरकार प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले कई दिनों से मीडिया में लगातार प्रकाशित हो रही खबरों और ग्रामीणों की शिकायतों के बाद तहसील प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए गाटा संख्या एक सौ तेइस की भूमि पर कब्जा करने वाले तीन व्यक्तियों के खिलाफ बेदखली और जुर्माने का आदेश जारी किया है।

महेन्द्र नाथ तिवारी को आराजी संख्या एक सौ तेइस, रकबा शून्य दशमलव शून्य एक एक शून्य हेक्टेयर भूमि से बेदखल करने का आदेश दिया गया है तथा उन पर तीन हजार अस्सी रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसी प्रकरण में छेदीलाल तिवारी को भी आराजी संख्या एक सौ तेइस की भूमि से बेदखल करने का आदेश देते हुए उन पर छह हजार तिरसठ रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। वहीं लालजी तिवारी को आराजी संख्या एक सौ तेइस, रकबा शून्य दशमलव शून्य शून्य छह शून्य हेक्टेयर भूमि से बेदखल करने का आदेश दिया गया है तथा उन पर तीन हजार तीन सौ सात रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है।

तहसीलदार करछना ने राजस्व निरीक्षक तथा क्षेत्रीय लेखपाल को स्पष्ट निर्देश दिया है कि पुलिस बल की मौजूदगी में मौके पर पहुंचकर बेदखली की कार्रवाई कराई जाए, ग्राम सभा की जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए और कार्यवाही की रिपोर्ट तत्काल तहसील कार्यालय में प्रस्तुत की जाए।