गणेश चौथ मेले के जनक, डॉ. गिरिराज किशोर गुप्ता का परिवार हुआ सम्मानित

संभल । चंदौसी  के इतिहास और संस्कृति में डॉ. गिरिराज किशोर गुप्ता  का नाम बहुत आदर के साथ लिया जाता है। स्वर्गीय डॉ. गिरिराज किशोर गुप्ता जी जैसा कोई नहीं बन सकता। सर्व धर्म समभाव का संदेश देने की बात जब आती है तो इन्हें हर साल याद किया जाता है। उनके बारे में कुछ प्रमुख बातें- गणेश चौथ मेले के जनक, गणेश चतुर्थी मेला शुरू करने का श्रेय डॉ. गिरिराज किशोर गुप्ता जी को ही जाता है। वे भगवान श्री गणेश के अनन्य भक्त थे और उन्होंने ही यहां गणेश मूर्ति स्थापना की परंपरा शुरू की। सरल और धार्मिक व्यक्तित्व थे डॉ. किशोर न केवल एक प्रतिष्ठित डॉक्टर थे, बल्कि अपने सरल स्वभाव, धार्मिकता और समाज सेवा के लिए भी क्षेत्र में बहुत लोकप्रिय थे ।क्षेत्र के पहले डॉक्टर: वे मुरादाबाद जिले जो बाद में संभल जिले का हिस्सा बना, प्रथम MBBS, MD डॉक्टर थे और फड़यायी बाजार में उन्होंने "विनायक अस्पताल" के नाम से अपना क्लीनिक चलाया था,और जनता की सेवा की । डॉ. गिरिराज किशोर लीवर की समस्या से पीड़ित थे। उनका उपचार मुरादाबाद के अस्पताल में चल रहा था। 21 दिसंबर 2021 मंगलवार की रात करीब 11 बजे अस्पताल में डॉ. गिरिराज किशोर ने अंतिम सांस ली ।
डॉ. गिरिराज किशोर ने वर्ष 1961 में चंदौसी में गणेश चतुर्थी पर गणेश चौथ मेले की शुरूआत की थी। साम्प्रदायिक सौहार्द: उनके द्वारा शुरू किया गया गणेश चौथ मेला चंदौसी में, गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल माना जाता है। संक्षेप में कहें तो, डॉ. गिरिराज किशोर चंदौसी के एक ऐसे महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपनी चिकित्सा सेवा के साथ-साथ शहर को एक बड़ी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान दी।
चंदौसी का प्रसिद्ध मेला गणेश चौथ। सोमवार को बहजोई स्थित पुलिस लाइन में 26/1/2026  77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर संभल पुलिस लाइन में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा, संभल रत्न अवार्ड, से स्वर्गीय डॉ. गिरिराज किशोर गुप्ता जी को याद किया गया, उनके  पुत्र मनोज गुप्ता पुत्र वधू को अवार्ड देकर  सम्मानित किया गया । चंदौसी के प्रसिद्ध मेला गणेश चौथ के संस्थापक स्वर्गीय डॉ. गिरिराज किशोर गुप्ता को नेशनल एक्सप्रेस समाचार पत्र चंदौसी संवाददाता मनीष शर्मा  श्रद्धांजलि के साथ आपको शत-शत नमन करता ।
सोनभद्र में बड़ा सड़क हादसा, सीओ पिपरी की गाड़ी अनियंत्रित होकर खाई में गिरी, हादसे में महिला की मौत, सीओ की हालत गंभीर
विकास कुमार सोनभद्र। जनपद के पिपरी थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ क्षेत्राधिकारी (सीओ) पिपरी हर्ष पाण्डेय का सरकारी वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में पलट गया। यह दुखद हादसा तब हुआ जब सीओ हर्ष पाण्डेय जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज स्थित पुलिस लाइन में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में सम्मिलित होकर वापस रेणुकूट लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि पिपरी थाना क्षेत्र के खांडपाथर गाँव के समीप मुर्धवा मोड़ पर अचानक एक महिला सड़क के बीचों-बीच आ गई, जिसे बचाने के प्रयास में तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित हो गया और सीधे गड्ढे में जा गिरा।

हादसे में महिला की मौत, सीओ की हालत गंभीर
इस दर्दनाक हादसे में गाड़ी की चपेट में आने से उस महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, वाहन के पलटते ही चीख-पुकार मच गई। गाड़ी में सवार सीओ हर्ष पाण्डेय, उनका ड्राइवर और गनर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को पास के हिंडाल्को अस्पताल पहुँचाया। सूचना मिलते ही दुद्धी एसडीएम निखिल यादव भी मौके पर पहुँचे और स्थिति का जायजा लिया।

वाराणसी रेफर किए गए सीओ
अस्पताल में शुरुआती उपचार के बाद सीओ हर्ष पाण्डेय की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया है। पुलिस के आला अधिकारी भी घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल और दुर्घटनास्थल की ओर रवाना हो गए हैं। इस घटना से पुलिस विभाग और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और मृतका की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।
भदोही में पुलिस मुठभेड़ में दो आरोपी गिरफ्तार:एक के पैर में लगी गोली, अस्पताल में भर्ती
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ऊंज थाना क्षेत्र में पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के बाद दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान एक अभियुक्त राजेश कुमार बिंद के दाहिने पैर में गोली लगी है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।यह घटना देर रात ऊंज थाना क्षेत्र के मीनापुर गांव में संदिग्ध व्यक्तियों, वस्तुओं और वाहनों की चेकिंग के दौरान हुई। पुलिस टीम ने थाना ऊंज में पंजीकृत एक मामले से संबंधित अभियुक्तों को पकड़ने में सफलता हासिल की। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान राजेश कुमार बिंद (उम्र करीब 45 वर्ष, निवासी छन्नौरा, थाना दुर्गागंज, भदोही) और बबलू कुमार (उम्र करीब 26 वर्ष, निवासी कांतिरामपुर, थाना सुरियावां, भदोही) के रूप में हुई है। पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने के इरादे से तमंचे से फायर करने के बाद जवाबी कार्रवाई में राजेश कुमार बिंद के दाहिने पैर में गोली लगी। घायल अभियुक्त की हालत सामान्य बताई जा रही है। पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार अभियुक्त बबलू कुमार पुत्र हरीराम गौतम की निशानदेही पर एक और अभियुक्त संतोष कुमार बिंद (उम्र 38 वर्ष, निवासी बवई, थाना सुरियावां, भदोही) को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस इन अभियुक्तों की अन्य घटनाओं में संलिप्तता की जानकारी जुटा रही है। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से एक अवैध तमंचा (315 बोर), एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, चोरी का एक इनवर्टर/बैटरी और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की गई।
अभियुक्त बबलू कुमार के घर से पांच बैटरियां, एक इनवर्टर मय केबल, एक टुल्लू पंप, छह स्टार्टर समरसेबल, एक सीपीयू, एक मोकिनोमिल आटा चक्की, एक इनवर्टर, एक स्टेबलाइजर, एक छोटा सिलेंडर, दो भगौने मय ढक्कन, एक एचपी प्रिंटर, दो मोटरसाइकिल के कटे हुए पार्ट्स, दो तार कटर और एक मार्का हैंडपंप का हैंडल सहित चोरी का संदिग्ध सामान बरामद किया गया। यह सभी सामान थाना ऊंज से संबंधित चोरी के मामलों से जुड़े हैं। अभियुक्त राजेश कुमार बिंद पर जनपद भदोही के ऊंज, दुर्गागंज और सुरियावां थानों में करीब डेढ़ दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के उच्चाधिकारियों के नेतृत्व में फॉरेंसिक टीम और फील्ड यूनिट ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
आर्मी पब्लिक स्कूल में गणतन्त्र दिवस रंगारंग कार्यक्रम के साथ सम्पन्न, सिखलाई के कमांडिंग ऑफिसर ने फहराया झंडा
फर्रुखाबाद l आर्मी पब्लिक स्कूल फतेहगढ़ कैण्ट में 77 वां गणतन्त्र दिवस बड़े धूमधाम से मनाया गया। सर्व प्रथम एन.सी.सी. के कैडिट्स , स्काउट एवं गाइड तथा कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं के छात्रों द्वारा सिखलाई म्यूजियम से लेकर आर्मी पब्लिक स्कूल तक प्रभात फेरी निकाली गई।इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिखलाई रेजीमेंट के ट्रेनिंग बटालियन के कमाण्डिंग आफीसर कर्नल अभिषेक गुप्ता रहे। मुख्य अतिथि का स्वागत विद्यालय के प्रधानाचार्य सञ्जीव ने किया। मुख्य अतिथि ने झण्डा फहराकर सलामी दी। एन.सी. सी. के 4 यू पी बटालियन और 12 यू पी बटालियन के कैडिट्स के द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गयी। इस अवसर पर बालवाटिका,पूर्व प्राथमिक वर्ग , प्राथमिक वर्ग और माध्यमिक वर्ग के छात्र - छात्राओं द्वारा  देशभक्ति से परिपूर्ण अनेक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। यह सम्पूर्ण कार्यक्रम 'आपरेशन सिन्दूर को श्रद्धांजलि ' थीम पर समर्पित रहा। मुख्य अतिथि कर्नल अभिषेक गुप्ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि सबसे पहले, मैं इस भव्य सभा में उपस्थित होकर अभिभूत और ख़ुशी महसूस कर रहा हूं जहां 'आदरणीय गुरु' अपने 'शिष्य' को कल के सक्षम राष्ट्र निर्माता बनाने के लिए तैयार कर रहे हैं। मुझे यहां आमंत्रित करने के लिए मैं आर्मी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य और विद्यालय परिवार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया l उन्होंने कहा कि अब इस वर्ष 2026 में हम "वंदे मातरम् के 150 वर्ष" की राष्ट्रीय थीम और "आत्मनिर्भर भारत" की परिकल्पना के साथ 77वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। उन्होंने बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होने वाले छात्र - छात्राओं को अच्छे परीक्षा परिणाम के लिए शुभ कामनायें दीं। इस दौरान राष्ट्रीय कैडेट कोर और छात्र - परिषद् के छात्र - छात्राओं को उनके अच्छे प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के अन्त में विद्यालय के प्रधानाचार्य सञ्जीव ने मुख्य अतिथि का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि हमारे लिये देश ने क्या किया इसकी अपेक्षा हम देश के लिए क्या कर रहे हैं, यह आवश्यक है। समाज के लिए हमारे कुछ कर्त्तव्य हैं। सभी शिक्षकों से अपील की कि वह अपने कर्त्तव्यों का बोध रखते हुए नवराष्ट्र के निर्माता छात्र - छात्राओं का सही मार्गदर्शन करें। कार्यक्रम का संचालन आकांक्षा, आराध्या, अस्तित्व व्यास और शिजा खान ने किया। कार्यक्रम का समापन मिष्ठान वितरण के साथ हुआ। इस अवसर पर एस ओ मेजर राकेश भी उपस्थित रहे।
झारखंड विधानसभा में गणतंत्र दिवस: "संविधान केवल विधिक दस्तावेज नहीं, एक सामाजिक अनुबंध है" – अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो

रांची, 26 जनवरी 2026: 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर झारखंड विधानसभा परिसर में गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष श्री रबीन्द्रनाथ महतो ने ध्वजारोहण के पश्चात उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए संविधान की महत्ता और लोकतंत्र की जड़ों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

भाषण की मुख्य बातें:

1. संविधान: लोकतंत्र की आधुनिक आत्मा अध्यक्ष ने कहा कि 26 जनवरी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि उस ऐतिहासिक संकल्प का प्रतीक है जिसने भारत को संप्रभु और लोकतांत्रिक गणराज्य बनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र भारत के लिए नया नहीं है; वैशाली के गणराज्य और हमारी प्राचीन ग्राम सभाओं की परंपरा इस बात का प्रमाण हैं कि लोकतंत्र हमारी सभ्यता की आत्मा में बसा है।

2. सामाजिक और आर्थिक समानता की चुनौती बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को उद्धृत करते हुए उन्होंने आत्ममंथन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक समानता तो हमें मिल गई, लेकिन सामाजिक और आर्थिक असमानता को दूर करना आज भी हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती और संवैधानिक जिम्मेदारी है।

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3. झारखंड के वीर सपूतों को नमन अध्यक्ष ने झारखंड की क्रांतिकारी माटी के महानायकों को याद किया। उन्होंने तिलका मांझी, सिदो-कान्हू, भगवान बिरसा मुंडा, नीलाम्बर-पीताम्बर और शेख भिखारी जैसे वीरों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सपूतों ने विदेशी शासन के विरुद्ध न्याय और स्वाभिमान की जो अलख जगाई, वही हमारे लोकतंत्र की नींव है।

4. समावेशी विकास और आरक्षण सामाजिक न्याय पर जोर देते हुए उन्होंने कहा:

"आरक्षण और समान अवसर जैसे प्रावधान किसी वर्ग के विरुद्ध विशेषाधिकार नहीं हैं, बल्कि ये सदियों से वंचित और हाशिये पर रहे समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने का संवैधानिक संकल्प हैं।"

5. भविष्य का संकल्प उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से आग्रह किया कि संविधान की भावना को केवल शब्दों में नहीं, बल्कि व्यवहार में आत्मसात करें ताकि लोकतंत्र का लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँच सके।

77 वें गणतंत्र दिवस पर डीएम ने कलेक्ट्रेट में किया ध्वजारोहण
जनपद के सभी सरकारी कार्यालयों एवं विद्यालयों में धूम-धाम एवं हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस

फर्रूखाबाद l  77 वां गणतंत्र दिवस जनपद में श्रद्धा, हर्षाेल्लास एवं देशभक्ति के वातावरण में धूम-धाम से मनाया गया। इस राष्ट्रीय पावन पर्व के उपलक्ष्य में जनपद में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने जनपदवासियों को हार्दिक शुभकामानाएं एवं बधाई दी,77वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में समस्त सरकारी भवनों पर प्रातः 08.30 बजे ध्वजारोहण किया गया,सर्वप्रथम कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने ध्वजारोहण किया,ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान एवं संविधान के प्रति निष्ठा और राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई व कलेक्ट्रेट गेट पर स्थापित नेता जी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया,बाद कलेक्ट्रेट सभागार में भारतमाता के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित की गई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों  को शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए कहा कि आजाद भारत के रूप में हमारा देश पूरी दुनिया में आज एक परिपक्व राष्ट्र के रूप में भूमिका निभा रहा है,जिलाधिकारी ने बताया कि आज इस राष्ट्रीय पर्व को पूरा देश मना रहा है, 26 जनवरी 1950 को हमारे देश में संविधान बन कर लागू किया गया था,इसी के तहत नीति नियम को बना कर धरातल पर लागू करने का बेस/आधार है संविधान, इस लिए हम गणतंत्र दिवस मनाते है,हमारे देश का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है,संविधान मौलिक अधिकारों के साथ-साथ मौलिक कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद विकास करेगा तो देश विकास करेगा, इसके लिए हम सबको अपने कर्तव्यों के प्रति ईमानदारी से कार्य करना होगा।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त और राजस्व,अपर जिलाधिकारी न्यायिक, ,अपर उप जिलाधिकारी सदर, आबकारी अधिकारी द्वारा भी अपने विचार वयक्त किये गए।
साथ ही जिलाधिकारी द्वारा विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी,नगर मजिस्ट्रेट, जिला विकास अधिकारी, पी0डी0 डी0आर0डी0ए0 व कलेक्ट्रेट के कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी द्वारा पुलिस लाइन पहुँचकर परेड का निरीक्षण किया व विभिन्न पुलिस कर्मियों को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिये प्रमाणपत्र प्रदान किये।
इसके बाद जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा राम मनोहर लोहिया जिला चिकित्सालय पहुँचकर मरीजो को फलों का वितरण किया,उसके बाद केंद्रीय कारागार पहुँचकर कारगर के अस्पताल में भर्ती बंदियों को फल वितरण किया गया,तत्पश्चात जिला कारागार पहुँचकर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा अस्पताल में भर्ती मरीजों व महिला बंदियो को फलों का वितरण किया गया।
आजमगढ़:-महर्षि अरविन्द शिक्षण संस्थान में धूम धाम से मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। मार्टीनगंज तहसील क्षेत्रांतर्गत खरसहन कला दीदारगंज स्थित महर्षि अरविन्द शिक्षण संस्थान में 77वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े ही हर्षोल्लास पूर्ण वातावरण में धूमधाम से मनाया गया सबसे पहले दीदारगंज थाना परिसर में बालिकाओं द्वारा देश भक्ति कार्यक्रम एवं सिंहनाद के साथ सुबह स्कूल के बच्चों द्वारा वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई, सुभाष चन्द्र बोस,भगत सिंह, डॉ भीमराव आम्बेडकर,भारत माता तथा अमर शहीद नायब सूबेदार प्रेम शंकर यादव की झांकी निकाली गई जो न्यू चौक दीदारगंज पहुंची जिसमें नायब सूबेदार शहीद प्रेम शंकर यादव निवासी संग्रामपुर का प्रतिकात्मक ताबूत सैन्य भेष धारी छात्रों द्वारा भारत माता की जय अमर शहीद प्रेम शंकर यादव जिंदाबाद के गगन भेदी नारों से पूरा चौक गूंज गया जब ताबूत को चौक पर रखा गया तो कुछ क्षणों के लिए पूरा माहौल भावुक हो उठा। इसके बाद अमर शहीद प्रेम शंकर यादव के भाई जयशंकर यादव, स्कूल के संस्थापक अखिलेश कुमार सिंह ,संजीव सिंह प्रधानाचार्य तथा पुलिस के जवानों ने प्रेम शंकर यादव के प्रतिकात्मक ताबूत पर पुष्प अर्पित कर भाव भीनी श्रद्धांजली दी, इसके बाद शिक्षण संस्थान में गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि दीदारगंज एस एच ओ जय प्रकाश यादव व समाजसेवी राम अचल यादव ने करतल ध्वनि के बीच राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया और बच्चों द्वारा मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।इस अवसर पर अखिलेश कुमार सिंह संस्थापक, संजीव कुमार सिंह प्रधानाचार्य, सौरभ सिंह, अंजली यादव,रोशन,प्रदीप, उदयराज,अजीत कुमार अस्थाना उप प्रधानाचार्य,रोमी यादव,गोल्डी तिवारी, विनीता यादव, जितेन्द्र कुमार यादव, अर्चना सिंह,हरी राम यादव, विजय बहादुर यादव, राहुल राजभर, मनोज सिंह आदि उपस्थित रहे।
कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी ने बिखेरा जनजातीय शौर्य का गौरव, डिजिटल संग्रहालय की गाथा से मोहा देश

नई दिल्ली- 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत छत्तीसगढ़ की झांकी ने देश-दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” थीम पर आधारित यह झांकी जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय की गौरवगाथा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती नजर आई।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्रियों और विशिष्ट अतिथियों ने झांकी को उत्सुकता के साथ देखा और तालियां बजाकर सराहना की। दर्शक दीर्घा में मौजूद लाखों लोगों ने भी तालियों की गड़गड़ाहट के साथ छत्तीसगढ़ की झांकी का स्वागत किया। झांकी के समक्ष छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक लोक नृत्य ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।

झांकी में नवा रायपुर अटल नगर में स्थापित देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की झलक दिखाई गई, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश के 14 प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलनों को आधुनिक डिजिटल तकनीकों के माध्यम से संरक्षित किया गया है। इस ऐतिहासिक संग्रहालय का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर किया था।

झांकी के अग्र भाग में वर्ष 1910 के ऐतिहासिक भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर को दर्शाया गया। धुर्वा समाज के इस महान योद्धा ने अन्यायपूर्ण अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित किया। विद्रोह के प्रतीक के रूप में आम की टहनियां और सूखी मिर्च को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। विद्रोह की तीव्रता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि अंग्रेजों को नागपुर से सेना बुलानी पड़ी, फिर भी वे वीर गुंडाधुर को पकड़ने में असफल रहे।

झांकी के पृष्ठ भाग में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को घोड़े पर सवार, हाथ में तलवार लिए दर्शाया गया। उन्होंने अकाल के समय गरीबों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई।

पूरी झांकी जनजातीय समाज के अदम्य साहस, बलिदान और देशभक्ति की भावना को सशक्त रूप में अभिव्यक्त करती रही और गणतंत्र दिवस परेड में छत्तीसगढ़ की गौरवपूर्ण पहचान को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया।

 

राष्ट्रपति मुर्मू ने फहराया तिरंगा, कर्तव्‍य पथ पर ऑपरेशन सिंदूर की झलक

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भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया गया। राष्ट्रपति मुर्मू ने तिरंगा फहराया। इस दौरान गणतंत्र दिवस समारोह की मुख्य अतिथि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर और सैंटोस कोस्टा भी मौजूद रहे।

शुभांशु शुक्ला को मिला अशोक्र चक्र

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया है। शुभांशु भारत के सबसे सम्मानित शांति काल का वीरता पुरस्कार पाने वाले पहले अंतरिक्ष यात्री बन गए हैं।

सेना के हेलिकॉप्टरों ने बनाई शानदार फॉर्मेशन

दिल्ली में कर्तव्य पथ पर 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार Mi-17 1V हेलीकॉप्टरों द्वारा ध्वज फॉर्मेशन में फूलों की पंखुड़ियां बरसाई गई। हेलीकॉप्टरों के इस फॉर्मेशन का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन आलोक अहलावत किया।

सेना ने किया भीष्म टैंक का प्रदर्शन

गणतंत्र दिवस परेड में भारत ने टी-90 टैंक का प्रदर्शन किया। इसे भारतीय सेना ने 'भीष्म' नाम दिया है। रूस में निर्मित तीसरी पीढ़ी का मुख्य युद्धक टैंक है। यह टैंक 2001 से भारतीय सेना का हिस्सा है और इसे राजस्थान, पंजाब में पाकिस्तान सीमा और लेह में चीन सीमा पर तैनात किया गया है। 2005 में इनकी बड़ी खेप भारत आई। शुरुआत में यह पूरी तरह रूसी तकनीक से बना था, लेकिन अब इसके कई पुर्जे भारत में ही बनाए जाते हैं। तमिलनाडु के अवाडी में इन टैंकों को तैयार किया जाता है।

ब्रह्मोस मिसाइल टुकड़ी ने कर्तव्य पथ पर किया मार्च

दिव्यास्त्र और अग्निबाण टुकड़ी ने परेड की। साथ ही रॉकेट टुकड़ी सूर्यास्त्र और ब्रह्मोस मिसाइल की टुकड़ी ने भी कर्तव्य पथ पर परेड की और हर भारतीय के सीने को गर्व से भर दिया। आकाश मिसाइल और ड्रोन शक्ति ईगल प्रहार ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। कर्तव्य पथ पर भारतीय सेना के पशु दस्ते ने मार्च किया, जिसका नेतृत्व कैप्टन हर्षिता यादव ने किया।

अरुणाचल स्काउट और राजपूत रेजीमेंट का मार्च

ऊंचे और पहाड़ी इलाकों पर युद्ध में विशेषज्ञा रखने वाले अरुणाचल स्काउट ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। इसके बाद सेना की राजपूत रेजीमेंट ने मार्च किया। यह सेना की सबसे पुरानी रेजीमेंट में से एक है। इसके बाद असम रेजीमेंट के जवानों ने मार्च किया। सेना की जम्मू कश्मीर लाइट इंफेंट्री के दस्ते ने मार्च किया। साथ ही कंबाइंड मिलिट्री बैंड ने मार्च किया, जिसका नेतृत्व सूबेदार एए खान ने किया। सिख लाइट इंफेंट्री के मार्चिंग दस्ते ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। इंडियन नेवी बैंड ने सामंजस्य और भव्यता को दिखाते हुए जय भारती की धुन बजाई।

संविधान, लोकतंत्र और सुशासन के रास्ते विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सरकार का संकल्प : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर- लोकतंत्र की मजबूती, संविधान की सर्वाेच्चता और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे प्रदेश में हर्षाेल्लास, देशभक्ति और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली। उन्होंने शहीद सैनिकों एवं पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित किया तथा छत्तीसगढ़ पुलिस बल को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ का पदक देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का संविधान हमारी लोकतांत्रिक आस्था, समानता और सामाजिक न्याय का मजबूत आधार है। छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा, विकास और समृद्धि के लिए राज्य सरकार पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने गणतंत्र दिवस संदेश में राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं, नक्सल उन्मूलन की दिशा में हुई प्रगति, किसानों-श्रमिकों-महिलाओं के सशक्तीकरण, शिक्षा-स्वास्थ्य-औद्योगिक विकास और सुशासन की विस्तार से जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले महापुरुषों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को स्मरण करने का दिन भी है। उन्होंने संविधान निर्माताओं, विशेषकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि संविधान सामाजिक समरसता, समान अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रतीक है। उन्होंने बाबा गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को संविधान की आत्मा बताया और कहा कि भारतीय गणतंत्र ने ऐसा खुला समाज निर्मित किया है, जहां हर नागरिक राष्ट्र निर्माण में सहभागी बन सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने हाल ही में राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाई है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा गठित इस राज्य ने 25 वर्षों में विकास की सशक्त यात्रा तय की है। उन्होंने बताया कि संविधान के मंदिर- छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से संपन्न हुआ। धान की बालियों की डिजाइन और बस्तर-सरगुजा की लोककला से सुसज्जित यह भवन छत्तीसगढ़ी अस्मिता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं जयंती राज्यभर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। सुकमा जिले के कोंटा से लेकर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के सीतामढ़ी हरचौका तक लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। यह बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि है।

मुख्यमंत्री ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समाज ने स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पित शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डिजिटल संग्रहालय देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जो आज की पीढ़ी को जनजातीय नायकों के बलिदान से परिचित कराता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माओवादी हिंसा लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने निर्णायक रणनीति अपनाई है। उन्होंने बताया कि जवानों के अदम्य साहस और सतत अभियानों के परिणामस्वरूप माओवादी हिंसा अब अंतिम चरण में है और मार्च 2026 तक प्रदेश को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य पूर्ण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, बस्तर कैफे जैसी पहलों और नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य बनने के बाद सबसे बड़ी चुनौती अन्नदाता की समृद्धि रही है। आज छत्तीसगढ़ के किसान को धान का देश में सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी 5 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 149 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है। बीते दो वर्षों में किसानों के खातों में डेढ़ लाख करोड़ रुपए अंतरित किए गए हैं। अटल सिंचाई योजना के तहत 115 लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं और प्रतिदिन लगभग 2 हजार आवासों का निर्माण हो रहा है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य विद्युत उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है और शीघ्र ही प्रथम स्थान की ओर अग्रसर है। सौर ऊर्जा, गैस आधारित परियोजनाओं और शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य पर तेजी से काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की सम्मान राशि प्रदान किए जाने की जानकारी दी। अब तक 14,948 करोड़ रुपए की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने श्रमिकों के लिए ईएसआई, श्रम संहिताओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की बात कही।

मुख्यमंत्री ने बताया कि युक्तियुक्तकरण से शिक्षकों की कमी दूर की गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्थानीय भाषाओं में शिक्षा, 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नए मेडिकल कालेजों की स्वीकृति से अब इनकी संख्या बढ़कर 15 हो गई है। बिलासपुर में मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नवा रायपुर को आईटी, एआई, फार्मा और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य एआई का है और छत्तीसगढ़ इसकी धुरी बनेगा।

मुख्यमंत्री ने रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, बस्तर पंडुम, चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सरगुजा और जशपुर पर्यटन के विकास का उल्लेख किया। उन्होंने ई-ऑफिस, जेम पोर्टल, बायोमेट्रिक अटेंडेंस और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन की मजबूती पर बल दिया।

समारोह में स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा योजनाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जिन्होंने प्रदेश की विकास यात्रा को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।

विकसित छत्तीसगढ़ का आह्वान

मुख्यमंत्री ने स्व. लक्ष्मण मस्तूरिया की कविता की पंक्तियों के माध्यम से जनभागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने अंत में प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।

गणेश चौथ मेले के जनक, डॉ. गिरिराज किशोर गुप्ता का परिवार हुआ सम्मानित

संभल । चंदौसी  के इतिहास और संस्कृति में डॉ. गिरिराज किशोर गुप्ता  का नाम बहुत आदर के साथ लिया जाता है। स्वर्गीय डॉ. गिरिराज किशोर गुप्ता जी जैसा कोई नहीं बन सकता। सर्व धर्म समभाव का संदेश देने की बात जब आती है तो इन्हें हर साल याद किया जाता है। उनके बारे में कुछ प्रमुख बातें- गणेश चौथ मेले के जनक, गणेश चतुर्थी मेला शुरू करने का श्रेय डॉ. गिरिराज किशोर गुप्ता जी को ही जाता है। वे भगवान श्री गणेश के अनन्य भक्त थे और उन्होंने ही यहां गणेश मूर्ति स्थापना की परंपरा शुरू की। सरल और धार्मिक व्यक्तित्व थे डॉ. किशोर न केवल एक प्रतिष्ठित डॉक्टर थे, बल्कि अपने सरल स्वभाव, धार्मिकता और समाज सेवा के लिए भी क्षेत्र में बहुत लोकप्रिय थे ।क्षेत्र के पहले डॉक्टर: वे मुरादाबाद जिले जो बाद में संभल जिले का हिस्सा बना, प्रथम MBBS, MD डॉक्टर थे और फड़यायी बाजार में उन्होंने "विनायक अस्पताल" के नाम से अपना क्लीनिक चलाया था,और जनता की सेवा की । डॉ. गिरिराज किशोर लीवर की समस्या से पीड़ित थे। उनका उपचार मुरादाबाद के अस्पताल में चल रहा था। 21 दिसंबर 2021 मंगलवार की रात करीब 11 बजे अस्पताल में डॉ. गिरिराज किशोर ने अंतिम सांस ली ।
डॉ. गिरिराज किशोर ने वर्ष 1961 में चंदौसी में गणेश चतुर्थी पर गणेश चौथ मेले की शुरूआत की थी। साम्प्रदायिक सौहार्द: उनके द्वारा शुरू किया गया गणेश चौथ मेला चंदौसी में, गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल माना जाता है। संक्षेप में कहें तो, डॉ. गिरिराज किशोर चंदौसी के एक ऐसे महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपनी चिकित्सा सेवा के साथ-साथ शहर को एक बड़ी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान दी।
चंदौसी का प्रसिद्ध मेला गणेश चौथ। सोमवार को बहजोई स्थित पुलिस लाइन में 26/1/2026  77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर संभल पुलिस लाइन में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा, संभल रत्न अवार्ड, से स्वर्गीय डॉ. गिरिराज किशोर गुप्ता जी को याद किया गया, उनके  पुत्र मनोज गुप्ता पुत्र वधू को अवार्ड देकर  सम्मानित किया गया । चंदौसी के प्रसिद्ध मेला गणेश चौथ के संस्थापक स्वर्गीय डॉ. गिरिराज किशोर गुप्ता को नेशनल एक्सप्रेस समाचार पत्र चंदौसी संवाददाता मनीष शर्मा  श्रद्धांजलि के साथ आपको शत-शत नमन करता ।
सोनभद्र में बड़ा सड़क हादसा, सीओ पिपरी की गाड़ी अनियंत्रित होकर खाई में गिरी, हादसे में महिला की मौत, सीओ की हालत गंभीर
विकास कुमार सोनभद्र। जनपद के पिपरी थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ क्षेत्राधिकारी (सीओ) पिपरी हर्ष पाण्डेय का सरकारी वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में पलट गया। यह दुखद हादसा तब हुआ जब सीओ हर्ष पाण्डेय जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज स्थित पुलिस लाइन में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में सम्मिलित होकर वापस रेणुकूट लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि पिपरी थाना क्षेत्र के खांडपाथर गाँव के समीप मुर्धवा मोड़ पर अचानक एक महिला सड़क के बीचों-बीच आ गई, जिसे बचाने के प्रयास में तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित हो गया और सीधे गड्ढे में जा गिरा।

हादसे में महिला की मौत, सीओ की हालत गंभीर
इस दर्दनाक हादसे में गाड़ी की चपेट में आने से उस महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, वाहन के पलटते ही चीख-पुकार मच गई। गाड़ी में सवार सीओ हर्ष पाण्डेय, उनका ड्राइवर और गनर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को पास के हिंडाल्को अस्पताल पहुँचाया। सूचना मिलते ही दुद्धी एसडीएम निखिल यादव भी मौके पर पहुँचे और स्थिति का जायजा लिया।

वाराणसी रेफर किए गए सीओ
अस्पताल में शुरुआती उपचार के बाद सीओ हर्ष पाण्डेय की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया है। पुलिस के आला अधिकारी भी घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल और दुर्घटनास्थल की ओर रवाना हो गए हैं। इस घटना से पुलिस विभाग और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और मृतका की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।
भदोही में पुलिस मुठभेड़ में दो आरोपी गिरफ्तार:एक के पैर में लगी गोली, अस्पताल में भर्ती
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ऊंज थाना क्षेत्र में पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के बाद दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान एक अभियुक्त राजेश कुमार बिंद के दाहिने पैर में गोली लगी है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।यह घटना देर रात ऊंज थाना क्षेत्र के मीनापुर गांव में संदिग्ध व्यक्तियों, वस्तुओं और वाहनों की चेकिंग के दौरान हुई। पुलिस टीम ने थाना ऊंज में पंजीकृत एक मामले से संबंधित अभियुक्तों को पकड़ने में सफलता हासिल की। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान राजेश कुमार बिंद (उम्र करीब 45 वर्ष, निवासी छन्नौरा, थाना दुर्गागंज, भदोही) और बबलू कुमार (उम्र करीब 26 वर्ष, निवासी कांतिरामपुर, थाना सुरियावां, भदोही) के रूप में हुई है। पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने के इरादे से तमंचे से फायर करने के बाद जवाबी कार्रवाई में राजेश कुमार बिंद के दाहिने पैर में गोली लगी। घायल अभियुक्त की हालत सामान्य बताई जा रही है। पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार अभियुक्त बबलू कुमार पुत्र हरीराम गौतम की निशानदेही पर एक और अभियुक्त संतोष कुमार बिंद (उम्र 38 वर्ष, निवासी बवई, थाना सुरियावां, भदोही) को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस इन अभियुक्तों की अन्य घटनाओं में संलिप्तता की जानकारी जुटा रही है। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से एक अवैध तमंचा (315 बोर), एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, चोरी का एक इनवर्टर/बैटरी और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की गई।
अभियुक्त बबलू कुमार के घर से पांच बैटरियां, एक इनवर्टर मय केबल, एक टुल्लू पंप, छह स्टार्टर समरसेबल, एक सीपीयू, एक मोकिनोमिल आटा चक्की, एक इनवर्टर, एक स्टेबलाइजर, एक छोटा सिलेंडर, दो भगौने मय ढक्कन, एक एचपी प्रिंटर, दो मोटरसाइकिल के कटे हुए पार्ट्स, दो तार कटर और एक मार्का हैंडपंप का हैंडल सहित चोरी का संदिग्ध सामान बरामद किया गया। यह सभी सामान थाना ऊंज से संबंधित चोरी के मामलों से जुड़े हैं। अभियुक्त राजेश कुमार बिंद पर जनपद भदोही के ऊंज, दुर्गागंज और सुरियावां थानों में करीब डेढ़ दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के उच्चाधिकारियों के नेतृत्व में फॉरेंसिक टीम और फील्ड यूनिट ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
आर्मी पब्लिक स्कूल में गणतन्त्र दिवस रंगारंग कार्यक्रम के साथ सम्पन्न, सिखलाई के कमांडिंग ऑफिसर ने फहराया झंडा
फर्रुखाबाद l आर्मी पब्लिक स्कूल फतेहगढ़ कैण्ट में 77 वां गणतन्त्र दिवस बड़े धूमधाम से मनाया गया। सर्व प्रथम एन.सी.सी. के कैडिट्स , स्काउट एवं गाइड तथा कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं के छात्रों द्वारा सिखलाई म्यूजियम से लेकर आर्मी पब्लिक स्कूल तक प्रभात फेरी निकाली गई।इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिखलाई रेजीमेंट के ट्रेनिंग बटालियन के कमाण्डिंग आफीसर कर्नल अभिषेक गुप्ता रहे। मुख्य अतिथि का स्वागत विद्यालय के प्रधानाचार्य सञ्जीव ने किया। मुख्य अतिथि ने झण्डा फहराकर सलामी दी। एन.सी. सी. के 4 यू पी बटालियन और 12 यू पी बटालियन के कैडिट्स के द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गयी। इस अवसर पर बालवाटिका,पूर्व प्राथमिक वर्ग , प्राथमिक वर्ग और माध्यमिक वर्ग के छात्र - छात्राओं द्वारा  देशभक्ति से परिपूर्ण अनेक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। यह सम्पूर्ण कार्यक्रम 'आपरेशन सिन्दूर को श्रद्धांजलि ' थीम पर समर्पित रहा। मुख्य अतिथि कर्नल अभिषेक गुप्ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि सबसे पहले, मैं इस भव्य सभा में उपस्थित होकर अभिभूत और ख़ुशी महसूस कर रहा हूं जहां 'आदरणीय गुरु' अपने 'शिष्य' को कल के सक्षम राष्ट्र निर्माता बनाने के लिए तैयार कर रहे हैं। मुझे यहां आमंत्रित करने के लिए मैं आर्मी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य और विद्यालय परिवार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया l उन्होंने कहा कि अब इस वर्ष 2026 में हम "वंदे मातरम् के 150 वर्ष" की राष्ट्रीय थीम और "आत्मनिर्भर भारत" की परिकल्पना के साथ 77वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। उन्होंने बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होने वाले छात्र - छात्राओं को अच्छे परीक्षा परिणाम के लिए शुभ कामनायें दीं। इस दौरान राष्ट्रीय कैडेट कोर और छात्र - परिषद् के छात्र - छात्राओं को उनके अच्छे प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के अन्त में विद्यालय के प्रधानाचार्य सञ्जीव ने मुख्य अतिथि का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि हमारे लिये देश ने क्या किया इसकी अपेक्षा हम देश के लिए क्या कर रहे हैं, यह आवश्यक है। समाज के लिए हमारे कुछ कर्त्तव्य हैं। सभी शिक्षकों से अपील की कि वह अपने कर्त्तव्यों का बोध रखते हुए नवराष्ट्र के निर्माता छात्र - छात्राओं का सही मार्गदर्शन करें। कार्यक्रम का संचालन आकांक्षा, आराध्या, अस्तित्व व्यास और शिजा खान ने किया। कार्यक्रम का समापन मिष्ठान वितरण के साथ हुआ। इस अवसर पर एस ओ मेजर राकेश भी उपस्थित रहे।
झारखंड विधानसभा में गणतंत्र दिवस: "संविधान केवल विधिक दस्तावेज नहीं, एक सामाजिक अनुबंध है" – अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो

रांची, 26 जनवरी 2026: 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर झारखंड विधानसभा परिसर में गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष श्री रबीन्द्रनाथ महतो ने ध्वजारोहण के पश्चात उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए संविधान की महत्ता और लोकतंत्र की जड़ों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

भाषण की मुख्य बातें:

1. संविधान: लोकतंत्र की आधुनिक आत्मा अध्यक्ष ने कहा कि 26 जनवरी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि उस ऐतिहासिक संकल्प का प्रतीक है जिसने भारत को संप्रभु और लोकतांत्रिक गणराज्य बनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र भारत के लिए नया नहीं है; वैशाली के गणराज्य और हमारी प्राचीन ग्राम सभाओं की परंपरा इस बात का प्रमाण हैं कि लोकतंत्र हमारी सभ्यता की आत्मा में बसा है।

2. सामाजिक और आर्थिक समानता की चुनौती बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को उद्धृत करते हुए उन्होंने आत्ममंथन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक समानता तो हमें मिल गई, लेकिन सामाजिक और आर्थिक असमानता को दूर करना आज भी हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती और संवैधानिक जिम्मेदारी है।

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3. झारखंड के वीर सपूतों को नमन अध्यक्ष ने झारखंड की क्रांतिकारी माटी के महानायकों को याद किया। उन्होंने तिलका मांझी, सिदो-कान्हू, भगवान बिरसा मुंडा, नीलाम्बर-पीताम्बर और शेख भिखारी जैसे वीरों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सपूतों ने विदेशी शासन के विरुद्ध न्याय और स्वाभिमान की जो अलख जगाई, वही हमारे लोकतंत्र की नींव है।

4. समावेशी विकास और आरक्षण सामाजिक न्याय पर जोर देते हुए उन्होंने कहा:

"आरक्षण और समान अवसर जैसे प्रावधान किसी वर्ग के विरुद्ध विशेषाधिकार नहीं हैं, बल्कि ये सदियों से वंचित और हाशिये पर रहे समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने का संवैधानिक संकल्प हैं।"

5. भविष्य का संकल्प उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से आग्रह किया कि संविधान की भावना को केवल शब्दों में नहीं, बल्कि व्यवहार में आत्मसात करें ताकि लोकतंत्र का लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँच सके।

77 वें गणतंत्र दिवस पर डीएम ने कलेक्ट्रेट में किया ध्वजारोहण
जनपद के सभी सरकारी कार्यालयों एवं विद्यालयों में धूम-धाम एवं हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस

फर्रूखाबाद l  77 वां गणतंत्र दिवस जनपद में श्रद्धा, हर्षाेल्लास एवं देशभक्ति के वातावरण में धूम-धाम से मनाया गया। इस राष्ट्रीय पावन पर्व के उपलक्ष्य में जनपद में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने जनपदवासियों को हार्दिक शुभकामानाएं एवं बधाई दी,77वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में समस्त सरकारी भवनों पर प्रातः 08.30 बजे ध्वजारोहण किया गया,सर्वप्रथम कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने ध्वजारोहण किया,ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान एवं संविधान के प्रति निष्ठा और राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई व कलेक्ट्रेट गेट पर स्थापित नेता जी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया,बाद कलेक्ट्रेट सभागार में भारतमाता के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित की गई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों  को शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए कहा कि आजाद भारत के रूप में हमारा देश पूरी दुनिया में आज एक परिपक्व राष्ट्र के रूप में भूमिका निभा रहा है,जिलाधिकारी ने बताया कि आज इस राष्ट्रीय पर्व को पूरा देश मना रहा है, 26 जनवरी 1950 को हमारे देश में संविधान बन कर लागू किया गया था,इसी के तहत नीति नियम को बना कर धरातल पर लागू करने का बेस/आधार है संविधान, इस लिए हम गणतंत्र दिवस मनाते है,हमारे देश का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है,संविधान मौलिक अधिकारों के साथ-साथ मौलिक कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद विकास करेगा तो देश विकास करेगा, इसके लिए हम सबको अपने कर्तव्यों के प्रति ईमानदारी से कार्य करना होगा।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त और राजस्व,अपर जिलाधिकारी न्यायिक, ,अपर उप जिलाधिकारी सदर, आबकारी अधिकारी द्वारा भी अपने विचार वयक्त किये गए।
साथ ही जिलाधिकारी द्वारा विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी,नगर मजिस्ट्रेट, जिला विकास अधिकारी, पी0डी0 डी0आर0डी0ए0 व कलेक्ट्रेट के कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी द्वारा पुलिस लाइन पहुँचकर परेड का निरीक्षण किया व विभिन्न पुलिस कर्मियों को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिये प्रमाणपत्र प्रदान किये।
इसके बाद जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा राम मनोहर लोहिया जिला चिकित्सालय पहुँचकर मरीजो को फलों का वितरण किया,उसके बाद केंद्रीय कारागार पहुँचकर कारगर के अस्पताल में भर्ती बंदियों को फल वितरण किया गया,तत्पश्चात जिला कारागार पहुँचकर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा अस्पताल में भर्ती मरीजों व महिला बंदियो को फलों का वितरण किया गया।
आजमगढ़:-महर्षि अरविन्द शिक्षण संस्थान में धूम धाम से मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। मार्टीनगंज तहसील क्षेत्रांतर्गत खरसहन कला दीदारगंज स्थित महर्षि अरविन्द शिक्षण संस्थान में 77वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े ही हर्षोल्लास पूर्ण वातावरण में धूमधाम से मनाया गया सबसे पहले दीदारगंज थाना परिसर में बालिकाओं द्वारा देश भक्ति कार्यक्रम एवं सिंहनाद के साथ सुबह स्कूल के बच्चों द्वारा वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई, सुभाष चन्द्र बोस,भगत सिंह, डॉ भीमराव आम्बेडकर,भारत माता तथा अमर शहीद नायब सूबेदार प्रेम शंकर यादव की झांकी निकाली गई जो न्यू चौक दीदारगंज पहुंची जिसमें नायब सूबेदार शहीद प्रेम शंकर यादव निवासी संग्रामपुर का प्रतिकात्मक ताबूत सैन्य भेष धारी छात्रों द्वारा भारत माता की जय अमर शहीद प्रेम शंकर यादव जिंदाबाद के गगन भेदी नारों से पूरा चौक गूंज गया जब ताबूत को चौक पर रखा गया तो कुछ क्षणों के लिए पूरा माहौल भावुक हो उठा। इसके बाद अमर शहीद प्रेम शंकर यादव के भाई जयशंकर यादव, स्कूल के संस्थापक अखिलेश कुमार सिंह ,संजीव सिंह प्रधानाचार्य तथा पुलिस के जवानों ने प्रेम शंकर यादव के प्रतिकात्मक ताबूत पर पुष्प अर्पित कर भाव भीनी श्रद्धांजली दी, इसके बाद शिक्षण संस्थान में गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि दीदारगंज एस एच ओ जय प्रकाश यादव व समाजसेवी राम अचल यादव ने करतल ध्वनि के बीच राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया और बच्चों द्वारा मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।इस अवसर पर अखिलेश कुमार सिंह संस्थापक, संजीव कुमार सिंह प्रधानाचार्य, सौरभ सिंह, अंजली यादव,रोशन,प्रदीप, उदयराज,अजीत कुमार अस्थाना उप प्रधानाचार्य,रोमी यादव,गोल्डी तिवारी, विनीता यादव, जितेन्द्र कुमार यादव, अर्चना सिंह,हरी राम यादव, विजय बहादुर यादव, राहुल राजभर, मनोज सिंह आदि उपस्थित रहे।
कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी ने बिखेरा जनजातीय शौर्य का गौरव, डिजिटल संग्रहालय की गाथा से मोहा देश

नई दिल्ली- 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत छत्तीसगढ़ की झांकी ने देश-दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” थीम पर आधारित यह झांकी जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय की गौरवगाथा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती नजर आई।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्रियों और विशिष्ट अतिथियों ने झांकी को उत्सुकता के साथ देखा और तालियां बजाकर सराहना की। दर्शक दीर्घा में मौजूद लाखों लोगों ने भी तालियों की गड़गड़ाहट के साथ छत्तीसगढ़ की झांकी का स्वागत किया। झांकी के समक्ष छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक लोक नृत्य ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।

झांकी में नवा रायपुर अटल नगर में स्थापित देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की झलक दिखाई गई, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश के 14 प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलनों को आधुनिक डिजिटल तकनीकों के माध्यम से संरक्षित किया गया है। इस ऐतिहासिक संग्रहालय का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर किया था।

झांकी के अग्र भाग में वर्ष 1910 के ऐतिहासिक भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर को दर्शाया गया। धुर्वा समाज के इस महान योद्धा ने अन्यायपूर्ण अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित किया। विद्रोह के प्रतीक के रूप में आम की टहनियां और सूखी मिर्च को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। विद्रोह की तीव्रता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि अंग्रेजों को नागपुर से सेना बुलानी पड़ी, फिर भी वे वीर गुंडाधुर को पकड़ने में असफल रहे।

झांकी के पृष्ठ भाग में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को घोड़े पर सवार, हाथ में तलवार लिए दर्शाया गया। उन्होंने अकाल के समय गरीबों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई।

पूरी झांकी जनजातीय समाज के अदम्य साहस, बलिदान और देशभक्ति की भावना को सशक्त रूप में अभिव्यक्त करती रही और गणतंत्र दिवस परेड में छत्तीसगढ़ की गौरवपूर्ण पहचान को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया।

 

राष्ट्रपति मुर्मू ने फहराया तिरंगा, कर्तव्‍य पथ पर ऑपरेशन सिंदूर की झलक

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भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया गया। राष्ट्रपति मुर्मू ने तिरंगा फहराया। इस दौरान गणतंत्र दिवस समारोह की मुख्य अतिथि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर और सैंटोस कोस्टा भी मौजूद रहे।

शुभांशु शुक्ला को मिला अशोक्र चक्र

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया है। शुभांशु भारत के सबसे सम्मानित शांति काल का वीरता पुरस्कार पाने वाले पहले अंतरिक्ष यात्री बन गए हैं।

सेना के हेलिकॉप्टरों ने बनाई शानदार फॉर्मेशन

दिल्ली में कर्तव्य पथ पर 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार Mi-17 1V हेलीकॉप्टरों द्वारा ध्वज फॉर्मेशन में फूलों की पंखुड़ियां बरसाई गई। हेलीकॉप्टरों के इस फॉर्मेशन का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन आलोक अहलावत किया।

सेना ने किया भीष्म टैंक का प्रदर्शन

गणतंत्र दिवस परेड में भारत ने टी-90 टैंक का प्रदर्शन किया। इसे भारतीय सेना ने 'भीष्म' नाम दिया है। रूस में निर्मित तीसरी पीढ़ी का मुख्य युद्धक टैंक है। यह टैंक 2001 से भारतीय सेना का हिस्सा है और इसे राजस्थान, पंजाब में पाकिस्तान सीमा और लेह में चीन सीमा पर तैनात किया गया है। 2005 में इनकी बड़ी खेप भारत आई। शुरुआत में यह पूरी तरह रूसी तकनीक से बना था, लेकिन अब इसके कई पुर्जे भारत में ही बनाए जाते हैं। तमिलनाडु के अवाडी में इन टैंकों को तैयार किया जाता है।

ब्रह्मोस मिसाइल टुकड़ी ने कर्तव्य पथ पर किया मार्च

दिव्यास्त्र और अग्निबाण टुकड़ी ने परेड की। साथ ही रॉकेट टुकड़ी सूर्यास्त्र और ब्रह्मोस मिसाइल की टुकड़ी ने भी कर्तव्य पथ पर परेड की और हर भारतीय के सीने को गर्व से भर दिया। आकाश मिसाइल और ड्रोन शक्ति ईगल प्रहार ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। कर्तव्य पथ पर भारतीय सेना के पशु दस्ते ने मार्च किया, जिसका नेतृत्व कैप्टन हर्षिता यादव ने किया।

अरुणाचल स्काउट और राजपूत रेजीमेंट का मार्च

ऊंचे और पहाड़ी इलाकों पर युद्ध में विशेषज्ञा रखने वाले अरुणाचल स्काउट ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। इसके बाद सेना की राजपूत रेजीमेंट ने मार्च किया। यह सेना की सबसे पुरानी रेजीमेंट में से एक है। इसके बाद असम रेजीमेंट के जवानों ने मार्च किया। सेना की जम्मू कश्मीर लाइट इंफेंट्री के दस्ते ने मार्च किया। साथ ही कंबाइंड मिलिट्री बैंड ने मार्च किया, जिसका नेतृत्व सूबेदार एए खान ने किया। सिख लाइट इंफेंट्री के मार्चिंग दस्ते ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। इंडियन नेवी बैंड ने सामंजस्य और भव्यता को दिखाते हुए जय भारती की धुन बजाई।

संविधान, लोकतंत्र और सुशासन के रास्ते विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सरकार का संकल्प : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर- लोकतंत्र की मजबूती, संविधान की सर्वाेच्चता और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे प्रदेश में हर्षाेल्लास, देशभक्ति और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली। उन्होंने शहीद सैनिकों एवं पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित किया तथा छत्तीसगढ़ पुलिस बल को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ का पदक देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का संविधान हमारी लोकतांत्रिक आस्था, समानता और सामाजिक न्याय का मजबूत आधार है। छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा, विकास और समृद्धि के लिए राज्य सरकार पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने गणतंत्र दिवस संदेश में राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं, नक्सल उन्मूलन की दिशा में हुई प्रगति, किसानों-श्रमिकों-महिलाओं के सशक्तीकरण, शिक्षा-स्वास्थ्य-औद्योगिक विकास और सुशासन की विस्तार से जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले महापुरुषों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को स्मरण करने का दिन भी है। उन्होंने संविधान निर्माताओं, विशेषकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि संविधान सामाजिक समरसता, समान अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रतीक है। उन्होंने बाबा गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को संविधान की आत्मा बताया और कहा कि भारतीय गणतंत्र ने ऐसा खुला समाज निर्मित किया है, जहां हर नागरिक राष्ट्र निर्माण में सहभागी बन सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने हाल ही में राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाई है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा गठित इस राज्य ने 25 वर्षों में विकास की सशक्त यात्रा तय की है। उन्होंने बताया कि संविधान के मंदिर- छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से संपन्न हुआ। धान की बालियों की डिजाइन और बस्तर-सरगुजा की लोककला से सुसज्जित यह भवन छत्तीसगढ़ी अस्मिता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं जयंती राज्यभर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। सुकमा जिले के कोंटा से लेकर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के सीतामढ़ी हरचौका तक लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। यह बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि है।

मुख्यमंत्री ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समाज ने स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पित शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डिजिटल संग्रहालय देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जो आज की पीढ़ी को जनजातीय नायकों के बलिदान से परिचित कराता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माओवादी हिंसा लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने निर्णायक रणनीति अपनाई है। उन्होंने बताया कि जवानों के अदम्य साहस और सतत अभियानों के परिणामस्वरूप माओवादी हिंसा अब अंतिम चरण में है और मार्च 2026 तक प्रदेश को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य पूर्ण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, बस्तर कैफे जैसी पहलों और नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य बनने के बाद सबसे बड़ी चुनौती अन्नदाता की समृद्धि रही है। आज छत्तीसगढ़ के किसान को धान का देश में सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी 5 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 149 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है। बीते दो वर्षों में किसानों के खातों में डेढ़ लाख करोड़ रुपए अंतरित किए गए हैं। अटल सिंचाई योजना के तहत 115 लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं और प्रतिदिन लगभग 2 हजार आवासों का निर्माण हो रहा है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य विद्युत उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है और शीघ्र ही प्रथम स्थान की ओर अग्रसर है। सौर ऊर्जा, गैस आधारित परियोजनाओं और शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य पर तेजी से काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की सम्मान राशि प्रदान किए जाने की जानकारी दी। अब तक 14,948 करोड़ रुपए की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने श्रमिकों के लिए ईएसआई, श्रम संहिताओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की बात कही।

मुख्यमंत्री ने बताया कि युक्तियुक्तकरण से शिक्षकों की कमी दूर की गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्थानीय भाषाओं में शिक्षा, 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नए मेडिकल कालेजों की स्वीकृति से अब इनकी संख्या बढ़कर 15 हो गई है। बिलासपुर में मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नवा रायपुर को आईटी, एआई, फार्मा और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य एआई का है और छत्तीसगढ़ इसकी धुरी बनेगा।

मुख्यमंत्री ने रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, बस्तर पंडुम, चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सरगुजा और जशपुर पर्यटन के विकास का उल्लेख किया। उन्होंने ई-ऑफिस, जेम पोर्टल, बायोमेट्रिक अटेंडेंस और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन की मजबूती पर बल दिया।

समारोह में स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा योजनाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जिन्होंने प्रदेश की विकास यात्रा को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।

विकसित छत्तीसगढ़ का आह्वान

मुख्यमंत्री ने स्व. लक्ष्मण मस्तूरिया की कविता की पंक्तियों के माध्यम से जनभागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने अंत में प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।