*भोगनीपुर लैंड स्कैम ने निजी कंपनियों का असली चरित्र उजागर किया : बिजली कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध :पूर्वांचल व दक्षिणांचल डिस्कॉ


भोगनीपुर में सामने आए लगभग 400 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि निजी कंपनियों को सार्वजनिक संसाधनों और जनहित से जुड़े क्षेत्रों का नियंत्रण सौंपना कितना खतरनाक हो सकता है। सरकारी जमीन के दुरुपयोग, नियमों की खुलेआम अनदेखी, बैंक अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की कथित मिलीभगत तथा चीटिंग, फर्जीवाड़ा और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप निजीकरण मॉडल की वास्तविकता को उजागर करते हैं।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने कहा है कि जब निजी कंपनियां सरकारी जमीन और सार्वजनिक संसाधनों के साथ इस प्रकार की अनियमितताओं में लिप्त पाई जा रही हैं, तब प्रदेश के बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपना जनता, किसानों और कर्मचारियों — तीनों के हितों के खिलाफ होगा।

संघर्ष समिति ने मांग की है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का प्रस्ताव तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। साथ ही पनकी तथा जवाहरपुर ताप बिजलीघरों के परिचालन एवं अनुरक्षण का कार्य 25 वर्षों के लिए निजी कंपनियों को देने का निर्णय भी सिरे से खारिज किया जाए।

संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली व्यवस्था कोई व्यावसायिक उत्पाद नहीं बल्कि जनता को दी जाने वाली मूलभूत सार्वजनिक सेवा है। निजी कंपनियों का मुख्य उद्देश्य अधिकतम लाभ कमाना होता है, जबकि सरकारी बिजली संस्थानों का उद्देश्य प्रदेश की जनता को सुरक्षित, सस्ती और निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है।

आज प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों, बिजलीघरों और परियोजनाओं में बिजली कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों तथा अभियंताओं ने पूरे दिन काली पट्टी बांधकर कार्य किया तथा कार्यालय समय के उपरांत व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित किए। विरोध कार्यक्रमों में पनकी और जवाहरपुर ताप बिजली घरों के निजीकरण, आउटसोर्सिंग और संविदा कर्मियों की छंटनी के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई गई।
संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि भोगनीपुर लैंड स्कैम में जिस प्रकार हिमावत पावर कंपनी एवं लैंको अनपरा पावर कंपनी पर चीटिंग, फर्जीवाड़ा और क्रिमिनल कांस्पिरेसी के आरोप सामने आए हैं, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि उत्तर प्रदेश के पावर सेक्टर में निजी क्षेत्र का असली चरित्र क्या है और उनका वास्तविक उद्देश्य केवल निजी लाभ अर्जित करना है।

उन्होंने निजी कंपनियों, बैंक अधिकारियों तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई प्रारंभ किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री से अपील की कि निजी कंपनियों के इस चरित्र के उजागर होने के बाद उत्तर प्रदेश के बिजली क्षेत्र में निजीकरण संबंधी किसी भी प्रस्ताव को आगे न बढ़ाया जाए।

संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह निजीकरण की नीति पर पुनर्विचार करे, सरकारी बिजली संस्थानों को मजबूत बनाए, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करे तथा सार्वजनिक क्षेत्र की जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए।

निजीकरण और उत्पीड़न के विरोध में चल रहे जनजागरण अभियान के अंतर्गत आज संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने सीतापुर और हरदोई में विरोध सभा की । विरोध सभा को संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारी मुख्यतया जितेन्द्र सिंह गुर्जर और महेन्द्र राय ने संबोधित किया।
     उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां के विरोध में 14 मई को लखनऊ में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्यालय पर अपराह्न 2:00 बजे  से शाम 5:00 बजे तक विरोध सभा होगी।

शैलेन्द्र दुबे
संयोजक
9425006225
*भोगनीपुर लैंड स्कैम ने निजी कंपनियों का असली चरित्र उजागर किया : बिजली कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध :पूर्वांचल व दक्षिणांचल डिस्कॉ


भोगनीपुर में सामने आए लगभग 400 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि निजी कंपनियों को सार्वजनिक संसाधनों और जनहित से जुड़े क्षेत्रों का नियंत्रण सौंपना कितना खतरनाक हो सकता है। सरकारी जमीन के दुरुपयोग, नियमों की खुलेआम अनदेखी, बैंक अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की कथित मिलीभगत तथा चीटिंग, फर्जीवाड़ा और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप निजीकरण मॉडल की वास्तविकता को उजागर करते हैं।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने कहा है कि जब निजी कंपनियां सरकारी जमीन और सार्वजनिक संसाधनों के साथ इस प्रकार की अनियमितताओं में लिप्त पाई जा रही हैं, तब प्रदेश के बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपना जनता, किसानों और कर्मचारियों — तीनों के हितों के खिलाफ होगा।

संघर्ष समिति ने मांग की है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का प्रस्ताव तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। साथ ही पनकी तथा जवाहरपुर ताप बिजलीघरों के परिचालन एवं अनुरक्षण का कार्य 25 वर्षों के लिए निजी कंपनियों को देने का निर्णय भी सिरे से खारिज किया जाए।

संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली व्यवस्था कोई व्यावसायिक उत्पाद नहीं बल्कि जनता को दी जाने वाली मूलभूत सार्वजनिक सेवा है। निजी कंपनियों का मुख्य उद्देश्य अधिकतम लाभ कमाना होता है, जबकि सरकारी बिजली संस्थानों का उद्देश्य प्रदेश की जनता को सुरक्षित, सस्ती और निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है।

आज प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों, बिजलीघरों और परियोजनाओं में बिजली कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों तथा अभियंताओं ने पूरे दिन काली पट्टी बांधकर कार्य किया तथा कार्यालय समय के उपरांत व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित किए। विरोध कार्यक्रमों में पनकी और जवाहरपुर ताप बिजली घरों के निजीकरण, आउटसोर्सिंग और संविदा कर्मियों की छंटनी के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई गई।
संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि भोगनीपुर लैंड स्कैम में जिस प्रकार हिमावत पावर कंपनी एवं लैंको अनपरा पावर कंपनी पर चीटिंग, फर्जीवाड़ा और क्रिमिनल कांस्पिरेसी के आरोप सामने आए हैं, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि उत्तर प्रदेश के पावर सेक्टर में निजी क्षेत्र का असली चरित्र क्या है और उनका वास्तविक उद्देश्य केवल निजी लाभ अर्जित करना है।

उन्होंने निजी कंपनियों, बैंक अधिकारियों तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई प्रारंभ किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री से अपील की कि निजी कंपनियों के इस चरित्र के उजागर होने के बाद उत्तर प्रदेश के बिजली क्षेत्र में निजीकरण संबंधी किसी भी प्रस्ताव को आगे न बढ़ाया जाए।

संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह निजीकरण की नीति पर पुनर्विचार करे, सरकारी बिजली संस्थानों को मजबूत बनाए, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करे तथा सार्वजनिक क्षेत्र की जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए।

निजीकरण और उत्पीड़न के विरोध में चल रहे जनजागरण अभियान के अंतर्गत आज संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने सीतापुर और हरदोई में विरोध सभा की । विरोध सभा को संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारी मुख्यतया जितेन्द्र सिंह गुर्जर और महेन्द्र राय ने संबोधित किया।
     उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां के विरोध में 14 मई को लखनऊ में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्यालय पर अपराह्न 2:00 बजे  से शाम 5:00 बजे तक विरोध सभा होगी।

शैलेन्द्र दुबे
संयोजक
9425006225
देवघर के डीएवी भंडारकोला के विद्यार्थियों ने बारहवीं की सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शत प्रतिशत सफलता प्राप्त कर लहराया परचम।
देवघर: गीता देवी डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, भंडारकोला, के विद्यार्थियों ने सीबीएसई की बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रौशन किया। विद्यार्थियों की शानदार सफलता से विद्यालय परिसर में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण व्याप्त है। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विज्ञान एवं वाणिज्य कला संकाय में बेहतरीन अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। विज्ञान संकाय में 91.4 प्रतिशत अंक के साथ सुंदरम प्रथम स्थान, 85 प्रतिशत अंक के साथ प्रथम राज दूसरे और 84 प्रतिशत अंक के साथ मो असजद अंसारी तीसरे स्थान पर रहे। वाणिज्य संकाय में 90.6 प्रतिशत अंक के साथ ओम भारद्वाज प्रथम, 86.6 प्रतिशत अंक के साथ ऋचा सिंह दूसरे और 83.6 प्रतिशत अंक के साथ क्रमशः श्रेयश कुमार और निधि कुमारी तीसरे स्थान पर रहे। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि का श्रेय उनके कठिन परिश्रम, शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं अभिभावकों के सहयोग को दिया गया। विद्यालय के प्राचार्य ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन एवं शिक्षकों की समर्पित शिक्षण पद्धति का प्रतिफल है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
पीएम के आह्वान पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने पेश की मिसाल, पैदल जाएंगे कार्यालय कुलपति ने की ईधन बचाने की अपील

प्रयागराज, 13 मई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीज़ल की खपत कम करने की अपील का असर उ.प्र. राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में व्यापक रूप से दिखा है। कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने लीड बाय एक्जाम्पल  की भावना से खुद पैदल कार्यालय जाने का फैसला लिया है और साथ ही विश्वविद्यालय के सभी 12 क्षेत्रीय केंद्रों के समन्वयकों व समस्त शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों से भी ईंधन बचाने की अपील की है। इस अवसर पर कुलपति प्रो. सत्यकाम ने घोषणा की कि वे प्रतिदिन आवास से गंगा परिसर स्थित कार्यालय तक पैदल आएंगे।
कुलपति प्रो. सत्यकाम ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का आह्वान राष्ट्र निर्माण का संकल्प है। मैंने अपने सभी क्षेत्रीय केंद्रों के निदेशकों, समन्वयकों एवं शिक्षक साथियों से अनुरोध किया है कि वे भी सप्ताह में कम से कम एक दिन पैदल या साइकिल से कार्यालय आएं। जब 12 केंद्रों का परिवार एक साथ यह कदम उठाएगा, तो हजारों लीटर ईंधन बचेगा और लाखों छात्रों तक पर्यावरण का संदेश जाएगा। यह एक भारत श्रेष्ठ भारत की सच्ची भावना है।
मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों से पेट्रोल एवं डीज़ल जैसे जीवाश्म ईंधनों की खपत कम करने तथा भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने हेतु निरंतर प्रेरित किया जा रहा है। यह केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास एवं भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक राष्ट्रीय दायित्व भी है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों से आग्रह किया कि कि वे ऊर्जा संरक्षण एवं ईंधन बचत को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएं तथा छोटी दूरी की यात्रा हेतु साइकिल अथवा पैदल चलने को प्राथमिकता दें। यथासंभव सार्वजनिक परिवहन, बस का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने परिवार एवं समाज को भी जागरूक करें। मुक्त विश्वविद्यालय सदैव सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरणीय चेतना एवं राष्ट्र निर्माण के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहा है। आज आवश्यकता है कि हम सभी मिलकर स्वच्छ, हरित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने आह्वान किया कि हम सभी ऊर्जा संरक्षण का संकल्प लेकर राष्ट्रहित में अपना योगदान दें।

  डॉ प्रभात चंद्र मिश्र
जनसंपर्क अधिकारी
दबंगों के खौफ और प्रभाव के आगे पीड़िता की पीड़ा पड़ जा रही कमजोर
*मासूम बच्चों संग थाने से लगाएं एसपी आफिस के चक्कर काट रही है पीड़िता
*न्याय न मिला तो बच्चों संग धरने पर बैठने की दी चेतावनी

मीरजापुर। दबंगों के खौफ और प्रताड़ना से डरी सहमी महिला ने बच्चों संग पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक से मिलकर अपनी फरियाद सुनाई है। महिला ने आरोप लगाया है कि यदि उसकी प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो उसके व उसके बच्चों के साथ कभी भी कोई अप्रिय वारदात हो सकती है। जिले के लालगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बनवा (नौगांव) निवासनी पुष्पा पांडे ने एसपी को सौंपे शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उसी के गांव के रहने वाले लक्ष्मीकांत, कृष्णकांत इत्यादि उसकी जान के दुश्मन बने हुए हैं। पति रोज़ी रोजगार के सिलसिले में मुंबई में रहते हैं गांव में वह अपने पांच बच्चों के साथ गुजर-बसर करती है। उसके विपक्षी काफी सरहंग और दबंग किस्म के हैं जो आएं दिन उसे परेशान करते हुए आएं हैं। बीते 8 मई 2026 उसके घर पर दर्जनों की संख्या में चढ़कर आए उसके विपक्षियों ने जो शराब पीकर एकराय होकर आएं हुए थे जमकर तांडव मचाया। उसे और उसके बच्चों को बुरी तरह से मारने पीटने के साथ उसकी आबरू को भी लूटने का असफल प्रयास किया। इस दौरान पीड़ित बुरी तरह से ललुहान हो उठी उसके मुंह ओठ कट गये वहीं शरीर के कई हिस्सों में चोट भी आई। इतने सबके बाद भी दबंगों का जी नहीं भरा तो वह उसके शरीर के कपड़ों को खींच कर निर्वस्त्र करने लगे थे इसी बीच शोरगुल सुनकर गांव के लोग जुट गए तो वह जान-माल की धमकी देते हुए चले गए। पीड़िता की मानें तो रात्रि में पुलिस को सूचना दी गई तो बरौधा चौकी प्रभारी रात तकरीबन 7.30 बजे मौके पर आएं और सुबह लालगंज थाना पर पहुंचने की बात कह चलें गए‌। आश्चर्य की बात यह है कि चौकी प्रभारी के जाने के बाद रात 9.30 बजे पुनः सभी गोलबंद होकर धमक पड़े और उसके घर का दरवाजा पीटने लगे थे। जिसकी सूचना 112 नंबर पर देने पर 112 नंबर के दरोगा सुबह थाना आने की बात कहकर चलते बने।

*इलाज़ के लिए आए वाहन को भी किया क्षतिग्रस्त*

दबंगों की दहशतगर्दी का आलम यह रहा कि दर्द से कराह रही पीड़ित ने अपनी व बच्चों को इलाज़ के लिए जब एक निजी वाहन को बुलाया तो दबंगों ने उस वाहन को पत्थर के टुकड़ों से प्रहार कर क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे चालक वाहन समेत वापस लौट गया। इस बीच पीड़ित भय और दहशत के साए में पूरी रात घर में दुबकी स्वयं व बच्चों को लेकर डरी सहमी दर्द से कराहती रही है। पीड़िता के मुताबिक उसके विपक्षी इसके पूर्व में भी उसे मारपीट कर घायल कर चुके हैं जिसमें शिकायत किए जाने के बाद पुलिस ने तहरीर दर्ज कर तो ली थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से दबंगों का हौसला बुलंद बना हुआ है।

*महिला को न्याय मिलने में राजनैतिक दबाव आ यहा है आड़े*

पीड़िता पुष्पा ने आरोप लगाया है कि उसे और उसके बच्चों के साथ कभी भी कोई अप्रिय वारदात हो सकती है घटना वाली रात से ही वह बच्चों को लेकर न्याय के लिए दर-दर भटकने को विवश है। इसकी लिखित सूचना लालगंज कोतवाली पुलिस को देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से उसे जान-माल का खतरा बना हुआ है। उसने आरोप लगाया है कि उसके विपक्षीयों के कुछ राजनैतिक पकड़ वाले व्यक्तियों से संबंध हैं जिनके प्रभाव में आकर पुलिस ने आजतक उसका मेडिकल भी कराना मुनासिब नहीं समझा है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए पत्र में अपनी व्यथा को सुनाते हुए जान-माल के ख़तरे की आशंका जताते हुए कहा है कि यदि उसके व उसके बच्चों के साथ कोई भी अप्रिय वारदात होती है तो उसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी उसके विपक्षियों और लालगंज कोतवाली पुलिस की होगी।
कांग्रेस के लिए भ्रष्टाचार शर्म नहीं बल्कि जश्न का उत्सव-प्रतुल शाह देव


भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि ₹3000 करोड़ के बहुचर्चित टेंडर घोटाले के मुख्य अभियुक्त पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं द्वारा पटाखे फोड़ना, नाच-गाना करना और उत्सव मनाना झारखंड की राजनीति के नैतिक पतन का सबसे बड़ा उदाहरण है।उन्होंने कहा कि हद तो तब हो गई जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और उनके सहयोगियों ने जिस प्रकार “बेल उत्सव” मनाया, उससे यह स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस के लिए भ्रष्टाचार शर्म का नहीं बल्कि जश्न का विषय बन चुका है।प्रतुल ने कहा कि जिस व्यक्ति के निजी सचिव के सहायक के यहां से ईडी की छापेमारी में ₹32 करोड़ से अधिक नकद बरामद हुआ, जिस मामले में उस सहायक जहांगीर आलम ने स्वयं स्वीकार किया कि पैसा आलमगीर आलम का है, उस मामले में बेल मिलने पर कांग्रेसियों का नाचना पूरे राज्य की जनता का अपमान है। बेल को कांग्रेस “बाइज्जत बरी” की तरह प्रस्तुत कर रही है, जबकि देश की जनता जानती है कि बेल न्यायिक प्रक्रिया का एक हिस्सा है, भ्रष्टाचार मुक्त होने का प्रमाणपत्र नहीं।

प्रतुल ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस और झामुमो गठबंधन की सरकार ने शायद नया नारा बना लिया है —'जहां घोटाला, वहां शर्म नहीं बल्कि जश्न मनेगा'।प्रतुल ने कहा कि आज झारखंड की स्थिति यह है कि गांवों में पेयजल योजनाएं दम तोड़ चुकी हैं। करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद लोग बूंद-बूंद पानी के लिए भटक रहे हैं। कई जलमीनार शोपीस बन चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग की हालत इतनी बदतर है कि जिला अस्पतालों में डॉक्टर, दवा और उपकरणों का भारी अभाव है। मरीज रेफर होकर दर-दर भटक रहे हैं।उन्होंने कहा कि राज्य में सड़कें टूटी हुई हैं, बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है, बेरोजगार युवा निराश हैं, लेकिन कांग्रेस और झामुमो के नेताओं को जनता की समस्याओं से कोई मतलब नहीं। उन्हें केवल घोटालेबाज नेताओं के स्वागत और बचाव में ऊर्जा दिखाई देती है।प्रतुल ने कहा कि जिस राज्य में किसान परेशान हो, युवा नौकरी के लिए पलायन कर रहे हों, महिलाएं असुरक्षित हों और विकास योजनाओं का पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा हो, वहां सत्ता पक्ष द्वारा “भ्रष्टाचार उत्सव” मनाना लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।

राहुल गांधी स्पष्ट करें कि क्या उनके युग में भ्रष्टाचार को उपलब्धि माना जाता है?

प्रतुल ने कहा कि राहुल गांधी को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वो ₹3000 करोड़ के टेंडर घोटाले को “उपलब्धि” मानती है? क्या उनके युग में कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति है कि जनता के पैसे की लूट पर जश्न मनाया जाए?प्रतुल ने कहा कि झारखंड की जनता सब देख रही है। जनता को अब समझ में आ चुका है कि यह गठबंधन सरकार विकास नहीं, “कमीशन, करप्शन और कलेक्शन” के मॉडल पर चल रही है। आने वाले समय में जनता लोकतांत्रिक तरीके से इस भ्रष्ट और संवेदनहीन राजनीति का जवाब देगी। आज की प्रेस वार्ता में झारखंड प्रदेश भाजपा के सह मीडिया प्रभारी श्री योगेंद्र प्रताप सिंह भी उपस्थित थे।

आवास पहुंचा प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर, शोक में डूबा यादव परिवार

डिंपल यादव और अपर्णा यादव समेत परिजनों की आंखें नम, समर्थकों में भी गम का माहौल

लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव के असमायिक निधन से पूरा यादव परिवार गहरे शोक में डूबा हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर उनके आवास पहुंचा, जहां परिवार और समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

आवास से सामने आई भावुक तस्वीरों में डिम्पल यादव, अपर्णा यादव समेत परिवार के अन्य सदस्य बेहद भावुक नजर आए। परिजनों की आंखें नम थीं और माहौल पूरी तरह गमगीन बना हुआ था। प्रतीक यादव के निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक जगत में भी शोक की लहर है। बड़ी संख्या में समर्थक और शुभचिंतक आवास पहुंचकर परिवार को सांत्वना दे रहे हैं। कई नेताओं ने भी इस दुखद घटना पर संवेदना व्यक्त की है।

अपर्णा के आवास पहुंचे सीएम योगी, प्रतीक यादव को दी अंतिम श्रद्धांजलि : 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा नेता अपर्णा यादव के आवास पहुंचकर उनके पति प्रतीक यादव को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री योगी ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान परिवार के सदस्य और करीबी मौजूद रहे। आवास पर बड़ी संख्या में समर्थकों और शुभचिंतकों का भी जमावड़ा लगा रहा।

युवाओं के लिए सिविल सेवा का सुनहरा अवसर
* निःशुल्क IAS/PCS  कोचिंग के लिए 18 मई से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन, 5 जुलाई को होगी प्रवेश परीक्षा
* समाज कल्याण विभाग ने जारी किया प्रवेश परीक्षा का शेड्यूल

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हर प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए निःशुल्क कोचिंग और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर प्रशासनिक सेवाओं में अपनी पहचान बना सकें।
  असीम अरुण, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), ने कहा कि प्रदेश के मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को प्रशासनिक सेवा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में विभाग ने सत्र 2026-27 के लिए प्रदेश में संचालित 8 आवासीय निःशुल्क आईएएस/पीसीएस परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्रों में प्रवेश के लिए सम्मलित प्रवेश परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया है।
  समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन 18 मई से 18 जून 2026 तक विभागीय वेबसाइट www.socialwelfareup.upsdc.gov.in  पर किए जा सकेंगे। प्रवेश पत्र 25 जून से डाउनलोड होंगे, जबकि सम्मलित प्रवेश परीक्षा 05 जुलाई को होगी। परीक्षा परिणाम 28 जुलाई तक घोषित किए जाने की संभावना है। वहीं नया शैक्षणिक सत्र 01 अगस्त 2026 से शुरू किया जाएगा।

ये कर सकते हैं आवेदन:
1- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थी
2-परिवार की वार्षिक आय 6 लाख रुपये या उससे कम
विषय विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन
इन केंद्रों पर अभ्यर्थियों को नि:शुल्क आवासीय सुविधा, भोजन, पुस्तकालय, ऑनलाइन और ऑफलाइन क्लासेज, टेस्ट सीरीज और मुख्य परीक्षा के साथ ही इंटरव्यू के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाते हैं, जहां विषय विशेषज्ञों और वरिष्ठ आईएएस और पीसीएस अधिकारियों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाता है। हाल ही में घोषित UPPCS-2024  परीक्षा में 44 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है।
बुखार होने पर डाॅक्टर की सलाह पर ही लें दवा
रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच अस्पताल में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। हालांकि कई लोग इसे सामान्य बुखार समझकर बिना चिकित्सकीय परामर्श के ही मेडिकल स्टोर से दवा लेकर खा रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि वर्तमान समय में अगर बुखार हो तो चिकित्सकों की परामर्श पर ही दवाओं का सेवन करना चाहिए। जांच भी जरूर कराना चाहिए।
जिला अस्पताल में औसतन ओपीडी 900 के आसपास है। इन दिनों मौसम में उतार चढ़ाव की वजह से बुखार के मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि ओपीडी मेंं इस समय 200 मरीज बुखार से पीड़ित आ रहे हैं। कोल ड्रिंक और फ्रीज का पानी पीने से गले में खराश हो रहा है। कहा कि ठंड महसूस और बदन दर्द होने पर जांच कराना चाहिए।
असमंजस में फंस गए हैं सराफा कारोबारी

*ग्राहकों की आमद में कमी,खर्च निकालना मुश्किल,मदद नहीं की गई तो हजारों लोग हो जाएंगे बेरोजगार*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सोना एक साल तक न खरीदने की अपील ने आभूषण कारोबारियों की नींद उड़ा दी है। इन दिनों दुकानों पर ग्राहकों की आमद कम हो गई है। सरकार ने कारोबारियों और दुकानदारों की मदद नहीं की तो हजारों लोगों के बेरोजगार होने से इन्कार नहीं किया जा सकता। उधर, सोने एवं चांदी के दाम में लगी आग ने इसे आम आदमी की पहुंच से दूर कर दिया है। बता दें कि अमेरिका और ईरान युद्ध का असर पूरी दुनिया में देखा जा रहा है। इससे भारत भी अछूता नहीं है। रसोई गैस सिलेंडर, पेट्रोल एवं डीजल को लेकर लोग परेशान हैं।
इस बीच गत दिनों पीएम नरेंद्र मोदी ने लोगों से आह्वान किया था कि सोना न खरीदें उसके बाद से कारोबारियों की बेचैनी बढ़ गई है। जिले में गोपीगंज, खमरिया एवं भदोही शहर में आभूषण की बड़ी दुकानें हैं। हालांकि कोई बड़ा शोरुम नहीं है, लेकिन हजारों की तादाद में छोटी एवं बड़ी दुकानें संचालित होती है, जहां बड़ी तादाद में लोग नौकरी करते हैं। महंगाई और सोने की बिक्री कम होने के बाद बेरोजगार बढ़ने से इनकार नहीं किया जा सकता। उल्लेखनीय है कि युद्ध के कारण कालीन कारोबार पर भी व्यापक असर पड़ा है। अमेरिकी टैरिफ बढ़ने के दौरान क‌ई कालीन कंपनियों ने मजदूरों की छंटनी तक कर दी थी। हालांकि बाद में हालात थोड़ा सुधरे थे। इस बीच, एक बार फिर युद्ध के कारण दिक्कतें आ रही है। समुद्री मार्ग बाधित होने तथा बायरों द्वारा
आर्डर नहीं दिए जाने से समस्या बढ़ रही है। अब इस बीच आभूषण को लेकर उड़ रही अफवाहों के कारण दुकानों एवं प्रतिष्ठानों पर काम करने वालों पर इसका असर पड़ना तय है।
*भोगनीपुर लैंड स्कैम ने निजी कंपनियों का असली चरित्र उजागर किया : बिजली कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध :पूर्वांचल व दक्षिणांचल डिस्कॉ


भोगनीपुर में सामने आए लगभग 400 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि निजी कंपनियों को सार्वजनिक संसाधनों और जनहित से जुड़े क्षेत्रों का नियंत्रण सौंपना कितना खतरनाक हो सकता है। सरकारी जमीन के दुरुपयोग, नियमों की खुलेआम अनदेखी, बैंक अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की कथित मिलीभगत तथा चीटिंग, फर्जीवाड़ा और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप निजीकरण मॉडल की वास्तविकता को उजागर करते हैं।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने कहा है कि जब निजी कंपनियां सरकारी जमीन और सार्वजनिक संसाधनों के साथ इस प्रकार की अनियमितताओं में लिप्त पाई जा रही हैं, तब प्रदेश के बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपना जनता, किसानों और कर्मचारियों — तीनों के हितों के खिलाफ होगा।

संघर्ष समिति ने मांग की है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का प्रस्ताव तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। साथ ही पनकी तथा जवाहरपुर ताप बिजलीघरों के परिचालन एवं अनुरक्षण का कार्य 25 वर्षों के लिए निजी कंपनियों को देने का निर्णय भी सिरे से खारिज किया जाए।

संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली व्यवस्था कोई व्यावसायिक उत्पाद नहीं बल्कि जनता को दी जाने वाली मूलभूत सार्वजनिक सेवा है। निजी कंपनियों का मुख्य उद्देश्य अधिकतम लाभ कमाना होता है, जबकि सरकारी बिजली संस्थानों का उद्देश्य प्रदेश की जनता को सुरक्षित, सस्ती और निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है।

आज प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों, बिजलीघरों और परियोजनाओं में बिजली कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों तथा अभियंताओं ने पूरे दिन काली पट्टी बांधकर कार्य किया तथा कार्यालय समय के उपरांत व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित किए। विरोध कार्यक्रमों में पनकी और जवाहरपुर ताप बिजली घरों के निजीकरण, आउटसोर्सिंग और संविदा कर्मियों की छंटनी के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई गई।
संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि भोगनीपुर लैंड स्कैम में जिस प्रकार हिमावत पावर कंपनी एवं लैंको अनपरा पावर कंपनी पर चीटिंग, फर्जीवाड़ा और क्रिमिनल कांस्पिरेसी के आरोप सामने आए हैं, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि उत्तर प्रदेश के पावर सेक्टर में निजी क्षेत्र का असली चरित्र क्या है और उनका वास्तविक उद्देश्य केवल निजी लाभ अर्जित करना है।

उन्होंने निजी कंपनियों, बैंक अधिकारियों तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई प्रारंभ किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री से अपील की कि निजी कंपनियों के इस चरित्र के उजागर होने के बाद उत्तर प्रदेश के बिजली क्षेत्र में निजीकरण संबंधी किसी भी प्रस्ताव को आगे न बढ़ाया जाए।

संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह निजीकरण की नीति पर पुनर्विचार करे, सरकारी बिजली संस्थानों को मजबूत बनाए, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करे तथा सार्वजनिक क्षेत्र की जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए।

निजीकरण और उत्पीड़न के विरोध में चल रहे जनजागरण अभियान के अंतर्गत आज संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने सीतापुर और हरदोई में विरोध सभा की । विरोध सभा को संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारी मुख्यतया जितेन्द्र सिंह गुर्जर और महेन्द्र राय ने संबोधित किया।
     उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां के विरोध में 14 मई को लखनऊ में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्यालय पर अपराह्न 2:00 बजे  से शाम 5:00 बजे तक विरोध सभा होगी।

शैलेन्द्र दुबे
संयोजक
9425006225
*भोगनीपुर लैंड स्कैम ने निजी कंपनियों का असली चरित्र उजागर किया : बिजली कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध :पूर्वांचल व दक्षिणांचल डिस्कॉ


भोगनीपुर में सामने आए लगभग 400 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि निजी कंपनियों को सार्वजनिक संसाधनों और जनहित से जुड़े क्षेत्रों का नियंत्रण सौंपना कितना खतरनाक हो सकता है। सरकारी जमीन के दुरुपयोग, नियमों की खुलेआम अनदेखी, बैंक अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की कथित मिलीभगत तथा चीटिंग, फर्जीवाड़ा और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप निजीकरण मॉडल की वास्तविकता को उजागर करते हैं।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने कहा है कि जब निजी कंपनियां सरकारी जमीन और सार्वजनिक संसाधनों के साथ इस प्रकार की अनियमितताओं में लिप्त पाई जा रही हैं, तब प्रदेश के बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपना जनता, किसानों और कर्मचारियों — तीनों के हितों के खिलाफ होगा।

संघर्ष समिति ने मांग की है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का प्रस्ताव तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। साथ ही पनकी तथा जवाहरपुर ताप बिजलीघरों के परिचालन एवं अनुरक्षण का कार्य 25 वर्षों के लिए निजी कंपनियों को देने का निर्णय भी सिरे से खारिज किया जाए।

संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली व्यवस्था कोई व्यावसायिक उत्पाद नहीं बल्कि जनता को दी जाने वाली मूलभूत सार्वजनिक सेवा है। निजी कंपनियों का मुख्य उद्देश्य अधिकतम लाभ कमाना होता है, जबकि सरकारी बिजली संस्थानों का उद्देश्य प्रदेश की जनता को सुरक्षित, सस्ती और निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है।

आज प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों, बिजलीघरों और परियोजनाओं में बिजली कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों तथा अभियंताओं ने पूरे दिन काली पट्टी बांधकर कार्य किया तथा कार्यालय समय के उपरांत व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित किए। विरोध कार्यक्रमों में पनकी और जवाहरपुर ताप बिजली घरों के निजीकरण, आउटसोर्सिंग और संविदा कर्मियों की छंटनी के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई गई।
संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि भोगनीपुर लैंड स्कैम में जिस प्रकार हिमावत पावर कंपनी एवं लैंको अनपरा पावर कंपनी पर चीटिंग, फर्जीवाड़ा और क्रिमिनल कांस्पिरेसी के आरोप सामने आए हैं, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि उत्तर प्रदेश के पावर सेक्टर में निजी क्षेत्र का असली चरित्र क्या है और उनका वास्तविक उद्देश्य केवल निजी लाभ अर्जित करना है।

उन्होंने निजी कंपनियों, बैंक अधिकारियों तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई प्रारंभ किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री से अपील की कि निजी कंपनियों के इस चरित्र के उजागर होने के बाद उत्तर प्रदेश के बिजली क्षेत्र में निजीकरण संबंधी किसी भी प्रस्ताव को आगे न बढ़ाया जाए।

संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह निजीकरण की नीति पर पुनर्विचार करे, सरकारी बिजली संस्थानों को मजबूत बनाए, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करे तथा सार्वजनिक क्षेत्र की जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए।

निजीकरण और उत्पीड़न के विरोध में चल रहे जनजागरण अभियान के अंतर्गत आज संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने सीतापुर और हरदोई में विरोध सभा की । विरोध सभा को संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारी मुख्यतया जितेन्द्र सिंह गुर्जर और महेन्द्र राय ने संबोधित किया।
     उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां के विरोध में 14 मई को लखनऊ में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्यालय पर अपराह्न 2:00 बजे  से शाम 5:00 बजे तक विरोध सभा होगी।

शैलेन्द्र दुबे
संयोजक
9425006225
देवघर के डीएवी भंडारकोला के विद्यार्थियों ने बारहवीं की सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शत प्रतिशत सफलता प्राप्त कर लहराया परचम।
देवघर: गीता देवी डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, भंडारकोला, के विद्यार्थियों ने सीबीएसई की बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रौशन किया। विद्यार्थियों की शानदार सफलता से विद्यालय परिसर में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण व्याप्त है। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विज्ञान एवं वाणिज्य कला संकाय में बेहतरीन अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। विज्ञान संकाय में 91.4 प्रतिशत अंक के साथ सुंदरम प्रथम स्थान, 85 प्रतिशत अंक के साथ प्रथम राज दूसरे और 84 प्रतिशत अंक के साथ मो असजद अंसारी तीसरे स्थान पर रहे। वाणिज्य संकाय में 90.6 प्रतिशत अंक के साथ ओम भारद्वाज प्रथम, 86.6 प्रतिशत अंक के साथ ऋचा सिंह दूसरे और 83.6 प्रतिशत अंक के साथ क्रमशः श्रेयश कुमार और निधि कुमारी तीसरे स्थान पर रहे। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि का श्रेय उनके कठिन परिश्रम, शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं अभिभावकों के सहयोग को दिया गया। विद्यालय के प्राचार्य ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन एवं शिक्षकों की समर्पित शिक्षण पद्धति का प्रतिफल है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
पीएम के आह्वान पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने पेश की मिसाल, पैदल जाएंगे कार्यालय कुलपति ने की ईधन बचाने की अपील

प्रयागराज, 13 मई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीज़ल की खपत कम करने की अपील का असर उ.प्र. राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में व्यापक रूप से दिखा है। कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने लीड बाय एक्जाम्पल  की भावना से खुद पैदल कार्यालय जाने का फैसला लिया है और साथ ही विश्वविद्यालय के सभी 12 क्षेत्रीय केंद्रों के समन्वयकों व समस्त शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों से भी ईंधन बचाने की अपील की है। इस अवसर पर कुलपति प्रो. सत्यकाम ने घोषणा की कि वे प्रतिदिन आवास से गंगा परिसर स्थित कार्यालय तक पैदल आएंगे।
कुलपति प्रो. सत्यकाम ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का आह्वान राष्ट्र निर्माण का संकल्प है। मैंने अपने सभी क्षेत्रीय केंद्रों के निदेशकों, समन्वयकों एवं शिक्षक साथियों से अनुरोध किया है कि वे भी सप्ताह में कम से कम एक दिन पैदल या साइकिल से कार्यालय आएं। जब 12 केंद्रों का परिवार एक साथ यह कदम उठाएगा, तो हजारों लीटर ईंधन बचेगा और लाखों छात्रों तक पर्यावरण का संदेश जाएगा। यह एक भारत श्रेष्ठ भारत की सच्ची भावना है।
मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों से पेट्रोल एवं डीज़ल जैसे जीवाश्म ईंधनों की खपत कम करने तथा भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने हेतु निरंतर प्रेरित किया जा रहा है। यह केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास एवं भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक राष्ट्रीय दायित्व भी है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों से आग्रह किया कि कि वे ऊर्जा संरक्षण एवं ईंधन बचत को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएं तथा छोटी दूरी की यात्रा हेतु साइकिल अथवा पैदल चलने को प्राथमिकता दें। यथासंभव सार्वजनिक परिवहन, बस का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने परिवार एवं समाज को भी जागरूक करें। मुक्त विश्वविद्यालय सदैव सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरणीय चेतना एवं राष्ट्र निर्माण के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहा है। आज आवश्यकता है कि हम सभी मिलकर स्वच्छ, हरित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने आह्वान किया कि हम सभी ऊर्जा संरक्षण का संकल्प लेकर राष्ट्रहित में अपना योगदान दें।

  डॉ प्रभात चंद्र मिश्र
जनसंपर्क अधिकारी
दबंगों के खौफ और प्रभाव के आगे पीड़िता की पीड़ा पड़ जा रही कमजोर
*मासूम बच्चों संग थाने से लगाएं एसपी आफिस के चक्कर काट रही है पीड़िता
*न्याय न मिला तो बच्चों संग धरने पर बैठने की दी चेतावनी

मीरजापुर। दबंगों के खौफ और प्रताड़ना से डरी सहमी महिला ने बच्चों संग पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक से मिलकर अपनी फरियाद सुनाई है। महिला ने आरोप लगाया है कि यदि उसकी प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो उसके व उसके बच्चों के साथ कभी भी कोई अप्रिय वारदात हो सकती है। जिले के लालगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बनवा (नौगांव) निवासनी पुष्पा पांडे ने एसपी को सौंपे शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उसी के गांव के रहने वाले लक्ष्मीकांत, कृष्णकांत इत्यादि उसकी जान के दुश्मन बने हुए हैं। पति रोज़ी रोजगार के सिलसिले में मुंबई में रहते हैं गांव में वह अपने पांच बच्चों के साथ गुजर-बसर करती है। उसके विपक्षी काफी सरहंग और दबंग किस्म के हैं जो आएं दिन उसे परेशान करते हुए आएं हैं। बीते 8 मई 2026 उसके घर पर दर्जनों की संख्या में चढ़कर आए उसके विपक्षियों ने जो शराब पीकर एकराय होकर आएं हुए थे जमकर तांडव मचाया। उसे और उसके बच्चों को बुरी तरह से मारने पीटने के साथ उसकी आबरू को भी लूटने का असफल प्रयास किया। इस दौरान पीड़ित बुरी तरह से ललुहान हो उठी उसके मुंह ओठ कट गये वहीं शरीर के कई हिस्सों में चोट भी आई। इतने सबके बाद भी दबंगों का जी नहीं भरा तो वह उसके शरीर के कपड़ों को खींच कर निर्वस्त्र करने लगे थे इसी बीच शोरगुल सुनकर गांव के लोग जुट गए तो वह जान-माल की धमकी देते हुए चले गए। पीड़िता की मानें तो रात्रि में पुलिस को सूचना दी गई तो बरौधा चौकी प्रभारी रात तकरीबन 7.30 बजे मौके पर आएं और सुबह लालगंज थाना पर पहुंचने की बात कह चलें गए‌। आश्चर्य की बात यह है कि चौकी प्रभारी के जाने के बाद रात 9.30 बजे पुनः सभी गोलबंद होकर धमक पड़े और उसके घर का दरवाजा पीटने लगे थे। जिसकी सूचना 112 नंबर पर देने पर 112 नंबर के दरोगा सुबह थाना आने की बात कहकर चलते बने।

*इलाज़ के लिए आए वाहन को भी किया क्षतिग्रस्त*

दबंगों की दहशतगर्दी का आलम यह रहा कि दर्द से कराह रही पीड़ित ने अपनी व बच्चों को इलाज़ के लिए जब एक निजी वाहन को बुलाया तो दबंगों ने उस वाहन को पत्थर के टुकड़ों से प्रहार कर क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे चालक वाहन समेत वापस लौट गया। इस बीच पीड़ित भय और दहशत के साए में पूरी रात घर में दुबकी स्वयं व बच्चों को लेकर डरी सहमी दर्द से कराहती रही है। पीड़िता के मुताबिक उसके विपक्षी इसके पूर्व में भी उसे मारपीट कर घायल कर चुके हैं जिसमें शिकायत किए जाने के बाद पुलिस ने तहरीर दर्ज कर तो ली थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से दबंगों का हौसला बुलंद बना हुआ है।

*महिला को न्याय मिलने में राजनैतिक दबाव आ यहा है आड़े*

पीड़िता पुष्पा ने आरोप लगाया है कि उसे और उसके बच्चों के साथ कभी भी कोई अप्रिय वारदात हो सकती है घटना वाली रात से ही वह बच्चों को लेकर न्याय के लिए दर-दर भटकने को विवश है। इसकी लिखित सूचना लालगंज कोतवाली पुलिस को देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से उसे जान-माल का खतरा बना हुआ है। उसने आरोप लगाया है कि उसके विपक्षीयों के कुछ राजनैतिक पकड़ वाले व्यक्तियों से संबंध हैं जिनके प्रभाव में आकर पुलिस ने आजतक उसका मेडिकल भी कराना मुनासिब नहीं समझा है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए पत्र में अपनी व्यथा को सुनाते हुए जान-माल के ख़तरे की आशंका जताते हुए कहा है कि यदि उसके व उसके बच्चों के साथ कोई भी अप्रिय वारदात होती है तो उसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी उसके विपक्षियों और लालगंज कोतवाली पुलिस की होगी।
कांग्रेस के लिए भ्रष्टाचार शर्म नहीं बल्कि जश्न का उत्सव-प्रतुल शाह देव


भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि ₹3000 करोड़ के बहुचर्चित टेंडर घोटाले के मुख्य अभियुक्त पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं द्वारा पटाखे फोड़ना, नाच-गाना करना और उत्सव मनाना झारखंड की राजनीति के नैतिक पतन का सबसे बड़ा उदाहरण है।उन्होंने कहा कि हद तो तब हो गई जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और उनके सहयोगियों ने जिस प्रकार “बेल उत्सव” मनाया, उससे यह स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस के लिए भ्रष्टाचार शर्म का नहीं बल्कि जश्न का विषय बन चुका है।प्रतुल ने कहा कि जिस व्यक्ति के निजी सचिव के सहायक के यहां से ईडी की छापेमारी में ₹32 करोड़ से अधिक नकद बरामद हुआ, जिस मामले में उस सहायक जहांगीर आलम ने स्वयं स्वीकार किया कि पैसा आलमगीर आलम का है, उस मामले में बेल मिलने पर कांग्रेसियों का नाचना पूरे राज्य की जनता का अपमान है। बेल को कांग्रेस “बाइज्जत बरी” की तरह प्रस्तुत कर रही है, जबकि देश की जनता जानती है कि बेल न्यायिक प्रक्रिया का एक हिस्सा है, भ्रष्टाचार मुक्त होने का प्रमाणपत्र नहीं।

प्रतुल ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस और झामुमो गठबंधन की सरकार ने शायद नया नारा बना लिया है —'जहां घोटाला, वहां शर्म नहीं बल्कि जश्न मनेगा'।प्रतुल ने कहा कि आज झारखंड की स्थिति यह है कि गांवों में पेयजल योजनाएं दम तोड़ चुकी हैं। करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद लोग बूंद-बूंद पानी के लिए भटक रहे हैं। कई जलमीनार शोपीस बन चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग की हालत इतनी बदतर है कि जिला अस्पतालों में डॉक्टर, दवा और उपकरणों का भारी अभाव है। मरीज रेफर होकर दर-दर भटक रहे हैं।उन्होंने कहा कि राज्य में सड़कें टूटी हुई हैं, बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है, बेरोजगार युवा निराश हैं, लेकिन कांग्रेस और झामुमो के नेताओं को जनता की समस्याओं से कोई मतलब नहीं। उन्हें केवल घोटालेबाज नेताओं के स्वागत और बचाव में ऊर्जा दिखाई देती है।प्रतुल ने कहा कि जिस राज्य में किसान परेशान हो, युवा नौकरी के लिए पलायन कर रहे हों, महिलाएं असुरक्षित हों और विकास योजनाओं का पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा हो, वहां सत्ता पक्ष द्वारा “भ्रष्टाचार उत्सव” मनाना लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।

राहुल गांधी स्पष्ट करें कि क्या उनके युग में भ्रष्टाचार को उपलब्धि माना जाता है?

प्रतुल ने कहा कि राहुल गांधी को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वो ₹3000 करोड़ के टेंडर घोटाले को “उपलब्धि” मानती है? क्या उनके युग में कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति है कि जनता के पैसे की लूट पर जश्न मनाया जाए?प्रतुल ने कहा कि झारखंड की जनता सब देख रही है। जनता को अब समझ में आ चुका है कि यह गठबंधन सरकार विकास नहीं, “कमीशन, करप्शन और कलेक्शन” के मॉडल पर चल रही है। आने वाले समय में जनता लोकतांत्रिक तरीके से इस भ्रष्ट और संवेदनहीन राजनीति का जवाब देगी। आज की प्रेस वार्ता में झारखंड प्रदेश भाजपा के सह मीडिया प्रभारी श्री योगेंद्र प्रताप सिंह भी उपस्थित थे।

आवास पहुंचा प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर, शोक में डूबा यादव परिवार

डिंपल यादव और अपर्णा यादव समेत परिजनों की आंखें नम, समर्थकों में भी गम का माहौल

लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव के असमायिक निधन से पूरा यादव परिवार गहरे शोक में डूबा हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर उनके आवास पहुंचा, जहां परिवार और समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

आवास से सामने आई भावुक तस्वीरों में डिम्पल यादव, अपर्णा यादव समेत परिवार के अन्य सदस्य बेहद भावुक नजर आए। परिजनों की आंखें नम थीं और माहौल पूरी तरह गमगीन बना हुआ था। प्रतीक यादव के निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक जगत में भी शोक की लहर है। बड़ी संख्या में समर्थक और शुभचिंतक आवास पहुंचकर परिवार को सांत्वना दे रहे हैं। कई नेताओं ने भी इस दुखद घटना पर संवेदना व्यक्त की है।

अपर्णा के आवास पहुंचे सीएम योगी, प्रतीक यादव को दी अंतिम श्रद्धांजलि : 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा नेता अपर्णा यादव के आवास पहुंचकर उनके पति प्रतीक यादव को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री योगी ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान परिवार के सदस्य और करीबी मौजूद रहे। आवास पर बड़ी संख्या में समर्थकों और शुभचिंतकों का भी जमावड़ा लगा रहा।

युवाओं के लिए सिविल सेवा का सुनहरा अवसर
* निःशुल्क IAS/PCS  कोचिंग के लिए 18 मई से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन, 5 जुलाई को होगी प्रवेश परीक्षा
* समाज कल्याण विभाग ने जारी किया प्रवेश परीक्षा का शेड्यूल

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हर प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए निःशुल्क कोचिंग और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर प्रशासनिक सेवाओं में अपनी पहचान बना सकें।
  असीम अरुण, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), ने कहा कि प्रदेश के मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को प्रशासनिक सेवा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में विभाग ने सत्र 2026-27 के लिए प्रदेश में संचालित 8 आवासीय निःशुल्क आईएएस/पीसीएस परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्रों में प्रवेश के लिए सम्मलित प्रवेश परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया है।
  समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन 18 मई से 18 जून 2026 तक विभागीय वेबसाइट www.socialwelfareup.upsdc.gov.in  पर किए जा सकेंगे। प्रवेश पत्र 25 जून से डाउनलोड होंगे, जबकि सम्मलित प्रवेश परीक्षा 05 जुलाई को होगी। परीक्षा परिणाम 28 जुलाई तक घोषित किए जाने की संभावना है। वहीं नया शैक्षणिक सत्र 01 अगस्त 2026 से शुरू किया जाएगा।

ये कर सकते हैं आवेदन:
1- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थी
2-परिवार की वार्षिक आय 6 लाख रुपये या उससे कम
विषय विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन
इन केंद्रों पर अभ्यर्थियों को नि:शुल्क आवासीय सुविधा, भोजन, पुस्तकालय, ऑनलाइन और ऑफलाइन क्लासेज, टेस्ट सीरीज और मुख्य परीक्षा के साथ ही इंटरव्यू के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाते हैं, जहां विषय विशेषज्ञों और वरिष्ठ आईएएस और पीसीएस अधिकारियों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाता है। हाल ही में घोषित UPPCS-2024  परीक्षा में 44 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है।
बुखार होने पर डाॅक्टर की सलाह पर ही लें दवा
रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच अस्पताल में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। हालांकि कई लोग इसे सामान्य बुखार समझकर बिना चिकित्सकीय परामर्श के ही मेडिकल स्टोर से दवा लेकर खा रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि वर्तमान समय में अगर बुखार हो तो चिकित्सकों की परामर्श पर ही दवाओं का सेवन करना चाहिए। जांच भी जरूर कराना चाहिए।
जिला अस्पताल में औसतन ओपीडी 900 के आसपास है। इन दिनों मौसम में उतार चढ़ाव की वजह से बुखार के मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि ओपीडी मेंं इस समय 200 मरीज बुखार से पीड़ित आ रहे हैं। कोल ड्रिंक और फ्रीज का पानी पीने से गले में खराश हो रहा है। कहा कि ठंड महसूस और बदन दर्द होने पर जांच कराना चाहिए।
असमंजस में फंस गए हैं सराफा कारोबारी

*ग्राहकों की आमद में कमी,खर्च निकालना मुश्किल,मदद नहीं की गई तो हजारों लोग हो जाएंगे बेरोजगार*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सोना एक साल तक न खरीदने की अपील ने आभूषण कारोबारियों की नींद उड़ा दी है। इन दिनों दुकानों पर ग्राहकों की आमद कम हो गई है। सरकार ने कारोबारियों और दुकानदारों की मदद नहीं की तो हजारों लोगों के बेरोजगार होने से इन्कार नहीं किया जा सकता। उधर, सोने एवं चांदी के दाम में लगी आग ने इसे आम आदमी की पहुंच से दूर कर दिया है। बता दें कि अमेरिका और ईरान युद्ध का असर पूरी दुनिया में देखा जा रहा है। इससे भारत भी अछूता नहीं है। रसोई गैस सिलेंडर, पेट्रोल एवं डीजल को लेकर लोग परेशान हैं।
इस बीच गत दिनों पीएम नरेंद्र मोदी ने लोगों से आह्वान किया था कि सोना न खरीदें उसके बाद से कारोबारियों की बेचैनी बढ़ गई है। जिले में गोपीगंज, खमरिया एवं भदोही शहर में आभूषण की बड़ी दुकानें हैं। हालांकि कोई बड़ा शोरुम नहीं है, लेकिन हजारों की तादाद में छोटी एवं बड़ी दुकानें संचालित होती है, जहां बड़ी तादाद में लोग नौकरी करते हैं। महंगाई और सोने की बिक्री कम होने के बाद बेरोजगार बढ़ने से इनकार नहीं किया जा सकता। उल्लेखनीय है कि युद्ध के कारण कालीन कारोबार पर भी व्यापक असर पड़ा है। अमेरिकी टैरिफ बढ़ने के दौरान क‌ई कालीन कंपनियों ने मजदूरों की छंटनी तक कर दी थी। हालांकि बाद में हालात थोड़ा सुधरे थे। इस बीच, एक बार फिर युद्ध के कारण दिक्कतें आ रही है। समुद्री मार्ग बाधित होने तथा बायरों द्वारा
आर्डर नहीं दिए जाने से समस्या बढ़ रही है। अब इस बीच आभूषण को लेकर उड़ रही अफवाहों के कारण दुकानों एवं प्रतिष्ठानों पर काम करने वालों पर इसका असर पड़ना तय है।