सात सालों के अलविदा के साथ दीपक कुमार सिंह का भावुक विदाई संदेश — बलिया को कहा दिल से धन्यवाद

संजीव सिंह बलिया  — बैंक शाखा प्रबंधक दीपक कुमार सिंह ने लखनऊ स्थानांतरण के अवसर पर मंगलवार को बलिया तथा रसड़ा और नगरा के लोगों को भावभीनी विदाई देते हुए कहा कि वे यहाँ अपने घर जैसा महसूस करते रहे। दीपक ने साझा किया कि जब 2019 में बलिया में पहली बार तैनाती हुई तो उन्हें खुशी और अपनापन मिला और तब उन्हें यह नौकरी नहीं बल्कि अपने लोगों के बीच लौटने का अवसर लगा।
उन्होंने बताया कि मऊ उनकी पहली मातृभूमि रही, लेकिन समय के साथ बलिया ने उनकी पहचान, भावनाएँ और जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया। रसड़ा में बिताए गए लम्हे, बीएस चौराहा शाखा में शाखा प्रबंधक के रूप में पहली जिम्मेदारी, और नगरा शाखा में प्राप्त असीम स्नेह—ये सभी मौकों ने उनके लिए अनमोल स्मृतियाँ बना दीं।
दीपक ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि बैंक के पद या उपलब्धियाँ नहीं, बल्कि लोगों का प्यार, विश्वास और अपनापन है। उन्होंने बलिया के लोगों की मानवता और संबंधों को निभाने की भावना की सराहना करते हुए कहा कि एक बार यहाँ के लोगों ने किसी को अपना मान लिया तो वह कभी अकेला नहीं छोड़ते। इसीलिए हर विदाई उनके लिए बहुत कठिन रही।
उन्होंने उन सभी का आभार जताया जिन्होंने उनके सात वर्षों को खूबसूरत बनाया, और कहा कि बलिया उनका “दूसरा परिवार” बन गया है। लखनऊ जाने के बावजूद उनका मन और यादें रसड़ा की गलियों, नगरा की सड़कों तथा सभी साथियों के बीच ही रहेंगी। दीपक ने वादा किया कि वे जहाँ भी जाएँगे, रिश्तों और अपनापन को अपनी आखिरी साँस तक निभाएंगे और यदि कहीं अनजाने में कोई भूल हुई हो तो क्षमा चाहते हैं। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि जब भी उन्हें याद करें तो उन्हें अपने परिवार का सदस्य समझें।
दीपक ने अंत में कहा, “धन्यवाद, बलिया — अलविदा तो नहीं कहूँगा, क्योंकि मैं अपना दिल यहीं छोड़कर जा रहा हूँ।”
एडीजीपी से कोतवाल की शिकायत करनी पड़ी महंगी। सुबह  से शाम तक पुलिस हिरासत में रहे समाजसेवी की तबीयत अचानक बिगड़ी ,जिला अस्पताल रेफर।

ब्रह्म प्रकाश शर्मा

- समाजसेवी अश्वनी शर्मा प्रकरण पर फूटा अधिवक्ताओं का गुस्सा, कोतवाल हटाने की मांग पर अड़े ।

-बार एसोसिएशन का प्रशासन को अल्टीमेटम, कोतवाल नहीं हटे तो होगी अनिश्चितकालीन हड़ता ।

-न्याय की मांग को लेकर अधिवक्ता एकजुट, प्रशासन को दी आर-पार की चेतावनी ।

जानसठ। समाजसेवी अश्वनी शर्मा से जुड़े प्रकरण ने अब तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को अधिवक्ता अन्वेष शर्मा जो समाजसेवी अश्वनी शर्मा के भाई हैं उन्होंने भाई के साथ हुए मामले को  बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कॉमरेड एवं सचिव दीपेश गुप्ता के समक्ष रखा जिसको लेकर बड़ी संख्या में अधिवक्ता एकजुट होकर पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) कार्यालय पहुंचे और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए कोतवाल को तत्काल हटाए जाने की मांग उठाई। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र अमल नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद शर्मा कॉमरेड  का कहना है कि अश्वनी शर्मा प्रकरण में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जिससे आमजन में भी असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तभी संभव है जब संबंधित कोतवाल को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। अधिवक्ताओं ने कहा कि न्याय और कानून के राज की स्थापना के लिए प्रशासन को निष्पक्षता का परिचय देना होगा। सीओ ऋषिका सिंह से हुई वार्ता के दौरान अधिवक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि कोतवाल के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो बार एसोसिएशन बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल तक की जा सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। फिलहाल अधिवक्ताओं ने विरोध स्वरूप कलमबंद हड़ताल का ऐलान किया, जिसके चलते न्यायालयों में कई कार्य प्रभावित रहे। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह केवल प्रारंभिक चेतावनी है। यदि प्रशासन ने मामले की गंभीरता को नहीं समझा तो आने वाले दिनों में आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण कर सकता है। बार पदाधिकारियों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि न्याय व्यवस्था और नागरिक अधिकारों से जुड़ा विषय है। उन्होंने प्रशासन को चेताते हुए कहा कि जनभावनाओं की अनदेखी करना भारी पड़ सकता है। अधिवक्ताओं ने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उधर, अश्वनी शर्मा प्रकरण को लेकर नगर और आसपास के क्षेत्रों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। सूत्रों की माने तो अधिवक्ताओं के आंदोलन को विभिन्न सामाजिक संगठनों , त्यागी ब्राह्मण समाज, भाकियू किसान मजदूर संगठन के अलावा अन्य का समर्थन मिलने की बातें सामने आ रही हैं। इससे प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो अधिवक्ताओं का यह विरोध प्रदर्शन एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है। फिलहाल पूरे क्षेत्र की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं और सभी को अगले कदम का इंतजार है।

एडीजीपी से शिकायत करना पड़ा समाजसेवी को महंगा।।

बताया गया कि समाजसेवी अश्वनी शर्मा ने किसी मामले को लेकर एडीजीपी से जानसठ कोतवाली प्रभारी की शिकायत की थी जिसको लेकर तभी से जानसठ कोतवाल उनसे द्वेष रखें हुए थें कहावत भी है की  पुलिस की यारी और पुलिस की दुश्मनी दोनों ही  महंगी पड़ी है सो वही कहावत यहां देखने को मिलीं है।
30 घंटे से अंधेरे में बिल्थरा रोड, जनता बेहाल; व्यापार मंडल ने जनप्रतिनिधियों और बिजली विभाग पर साधा निशाना


बिल्थरा रोड। भीषण गर्मी के बीच बिल्थरा रोड क्षेत्र में 30 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से आम जनता का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया । नगर में लगातार बिजली न आने से लोगों को पेयजल, व्यापार, शिक्षा और दैनिक कार्यों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला मंत्री एवं पूर्व सभासद सुनील कुमार टिंकू ने नाराजगी जताते हुए जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि वर्षों से क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।

सुनील कुमार टिंकू ने कहा कि बिल्थरा रोड में 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्र (सब स्टेशन) का अभाव क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या है। पर्याप्त क्षमता का सब स्टेशन न होने के कारण आए दिन थोड़ी सी बारिश और तेज हवाएं से बिजली संकट उत्पन्न होता है और छोटी तकनीकी खराबी भी लंबे बिजली कटौती का कारण बन जाती है।

उन्होंने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री A. K. Sharma से तत्काल मामले का संज्ञान लेने की मांग करते हुए कहा कि बिल्थरा रोड तहसील क्षेत्र में शीघ्र 132/33 केवी सब स्टेशन की स्थापना के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि लाखों उपभोक्ताओं को बार-बार होने वाली बिजली समस्याओं से राहत मिल सके।।

उन्होंने कहा नगर पंचायत के व्यापारियों का सवाल सीधा है— आखिर कब तक बिल्थरा रोड के लोग बिजली संकट और अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा भुगतते रहेंगे? और अपना कारोबार को ठप करेंगे
पिहानी आ रहे दो बाइक सवारों को तेज रफ्तार बाइक ने मारी टक्कर, एक हरदोई रेफर

बबलू प्रजापति
हरदोई, पिहानी जहानी खेड़ा मार्ग पर शुक्रवार को तेज रफ्तार बाइक ने आगे जा रही मोटरसाइकिल में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए सीएचसी पिहानी लाया गया, जहां एक की हालत नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल हरदोई रेफर कर दिया गया।घायल सतीश यादव पुत्र श्री कृष्ण, निवासी मगरापुर ,सुबोध पुत्र ईश्वर्दीन, निवासी बुखारपुर
जानकारी के अनुसार सतीश और सुबोध मोटरसाइकिल से अपने घर से पिहानी आ रहे थे। रास्ते में पीछे से आ रही तेज रफ्तार बाइक ने उनकी मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उधर से निकल रहे प्रधान आकाश ने दोनों घायलों को अपनी निजी गाड़ी से दोनों घायलों को तत्काल सीएचसी पिहानी पहुंचाया गया*
डॉक्टरों ने सतीश यादव की हालत गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद हरदोई रेफर कर दिया। सुबोध का इलाज सीएचसी पिहानी में चल रहा है।सूचना पर पिहानी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने टक्कर मारने वाले बाइक सवार की तलाश शुरू कर दी है।
जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समय से पहुंचाए – सांसद मुकेश राजपूत
फर्रुखाबाद l
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सांसद मुकेश राजपूत की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में विधायक अमृतपुर सुशील कुमार शाक्य, डॉ. पल्लव सोमवंशी, ब्लॉक प्रमुख राजेपुर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में पिछली दिशा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए विभिन्न विकास विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। सांसद एवं विधायक द्वारा जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण सुझाव एवं निर्देश दिए गए।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 19 तालाबों की गाद निकालकर कराई गई सफाई के संबंध में विस्तृत सूची पुनः उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों जैसे डिजाइनर चूड़ी, रेडीमेड शर्ट, पूजा सामग्री, सजावटी वस्तुएं एवं हवाई चप्पलों के विपणन हेतु उपलब्ध कराए गए विभिन्न प्लेटफार्मों एवं बाजारों की समीक्षा की गई। सांसद ने स्वयं सहायता समूहों की आय में और अधिक वृद्धि हेतु प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए तथा क्रिश्चियन इंटर कॉलेज के निकट समूहों के लिए दुकानें विकसित कर उनकी आय बढ़ाने की संभावनाओं पर कार्य करने को कहा।
स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा करते हुए  सांसद  द्वारा कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की गई। इस पर अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद द्वारा अवगत कराया गया कि ग्राम आमिलपुर स्थित डंपिंग ग्राउंड पर कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण हेतु स्थापित मशीनरी एवं प्लांट का संचालन प्रारंभ हो चुका है।
भीषण गर्मी को दृष्टिगत रखते हुए माननीय सांसद एवं विधायक अमृतपुर द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खराब पड़े हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत एवं आवश्यकतानुसार रिबोर कराए जाने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी गौवंश आश्रय स्थलों में हरे चारे, छायादार व्यवस्था एवं स्वच्छ पेयजल की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाकर निराश्रित गौवंशों को निकटतम गौआश्रय स्थलों में भेजने के निर्देश दिए गए।
बैठक में विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान माननीय सांसद द्वारा सरकारी विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइनों के संबंध में जानकारी ली गई। इस पर अधिशासी अभियंता विद्युत ने बताया कि 70 विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइनों को हटाया जा चुका है तथा शेष 05 विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइनों को भी इसी माह में हटाने की कार्यवाही पूर्ण कर ली जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सांसद ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि सभी सरकारी चिकित्सालयों में उपयोग की जा रही दवाओं की एक्सपायरी तिथि की नियमित समीक्षा की जाए तथा किसी भी स्थिति में एक्सपायर्ड दवाओं का उपयोग न होने पाए। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों को आवश्यकता के अनुसार विटामिन, कैल्शियम एवं आयरन की दवाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे उनके स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित हो सके।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध एवं प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया। माननीय सांसद महोदय ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रशासनिक व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखा जाए, गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के कल्याण हेतु हरसंभव प्रयास किए जाएं तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समय से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी, अपर जिलाधिकारी (राजस्व), अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
ज्ञानपुर में 8 करोड़ से सड़कें, लाइटें लगेंगी : स्मार्ट सिटी की तर्ज पर होगा विकास, नवयुग पालिका योजना में चयन*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ज्ञानपुर नगर पंचायत का चयन 'नवयुग पालिका योजना' के तहत किया गया है। इस योजना के अंतर्गत नगर के विभिन्न वार्डों में स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकास कार्य कराए जाएंगे। इन कार्यों के लिए 8 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें सड़कें, नालियां, इंटरलॉकिंग, प्रकाश व्यवस्था और एक नए कार्यालय का निर्माण शामिल है।

योजना के तहत डिजिटल गवर्नेन्स, ई-सेवाओं और तकनीकी समाधानों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य निकाय में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना है। इसमें सड़कों, जल निकासी, पेयजल और अन्य नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

शासन के निर्देश पर प्रदेश के 58 जिला मुख्यालयों वाले नगरीय निकायों का चयन एक महीने पहले इस योजना में किया गया है। जिला मुख्यालयों को विकसित करने से विभिन्न विभागों के बीच विकास की असमानताओं को कम करने में मदद मिलेगी। ज्ञानपुर नगर में कुल 11 वार्ड हैं, जहां लगभग 25 से 30 हजार की आबादी निवास करती है।

योजना के अंतर्गत नगर के सभी तिराहे और चौराहों का सुंदरीकरण किया जाएगा। यहां हाईमास्ट लाइटें, बेंच और पेयजल की व्यवस्था भी की जाएगी। यह मुख्यालय की नगर पंचायत है और भविष्य में इसे पालिका बनाने की योजना भी चल रही है।

वर्तमान में नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन जल निकासी जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाता। 'नवयुग पालिका योजना' के तहत होने वाले कार्यों से इन समस्याओं का स्थायी समाधान हो सकेगा। इन सभी कार्यों की निगरानी सीधे लखनऊ से की जाएगी।

ज्ञानपुर नगर पंचायत के चेयरमैन डॉ. घनश्याम दास गुप्ता ने बताया, "नवयुग पालिका योजना में ज्ञानपुर नगर का चयन हुआ है। 8 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार करके जिला प्रशासन को भेजा गया है, जो वहां से शासन को भेजा जाएगा। बजट मिलते ही विभिन्न विकास कार्यों को कराया जाएगा।"
पूर्व विधायक ने अपर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर सौंपा मांगपत्र, मुकदमा दर्ज कराने की किया मांग

गोंडा।जिले के कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक व‌ समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता बैजनाथ दुबे के द्वारा आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सुपुत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भ्रामक और चरित्र हनन करने वाला दुष्प्रचार फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध मुकदमा लिखाए जाने को लेकर एक प्रार्थना पत्र दिया गया है।पूर्व विधायक ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर एवं फेसबुक पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की सुपुत्री अदिति यादव की वास्तविक तस्वीरों का दुरुपयोग करते हुए एक अन्य विदेशी मूल को रचित और ब्राह्मण संदेश इंटरनेट पर सार्वजनिक रूप से प्रसारित किया गया है प्रसारित पोस्ट में पूरी तरह से झूठ का पुलिंदा तैयार करते हुए यह मनगढ़ंत हुआ निराधार दवा है।पूर्व विधायक ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय अध्यक्ष की बेटी अदिति यादव के द्वारा अपने घर से 7 करोड रुपए चोरी करके अपने किसी मुसलमान नाइजीरियन मित्र के साथ लापता हो गई है और वह वर्तमान में नाइजीरिया में रह रही है जिसको लेकर विधायक ने कहा कि यह कहानी पूर्णता काल्पनिक झूठी और अदिति यादव की सामाजिक छवि व प्रतिष्ठा को धूमिल करने तथा राजनीतिक देश वर्ष महिला का चरित्र हरण करने का दुर्भावना पूर्ण उद्देश्य से गढ़ी गई है। पूर्व विधायक श्री दूबे के द्वारा इस कृत्य को लेकर भारतीय न्याय संहिता 2023 एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के अंतर्गत एक गंभीर व दंडनीय साइबर अपराध है जिसमें मुख्य रूप से धारा 356 बीएनएस के तहत मानहानि धारा 196 बीएनएस के तहत समाज में गाना व सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाना धारा 351 बीएनएस के तहत महिला की गरिमा को थे पहचाने और डिजिटल साथियों की जालसाजी के लिए धारा 336 व 340 बीएनएस का प्रावधान लागू होता है।पूर्व विधायक बैजनाथ दुबे के द्वारा सभी चिन्हित सोशल मीडिया अकाउंट्स के संचालक को दोषी व्यक्तियों के खिलाफ सुसंगत कानूनी धाराओं और आईटी एक्ट के तहत तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एडिशनल एसपी अजीत कुमार रजक को प्रार्थना पत्र सोपा है और कार्यवाही की मांग की गई है।
फोन से बात न करने पर युवक ने युवती के घर घुसकर गोली मारी, युवती गंभीर रूप से घायल, भर्ती
फर्रुखाबाद l प्रेम दीवाने युवक ने फोन पर युवती के बात ना करने पर युवक ने घर जाकर युवती को गोली मार दी, गोली लगने से घायल हो गई , परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर हमला करने वाले आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है l पुलिस आरोपी युवक की तलाश कर रही है। बीती रात  थाना मऊदरवाजा के निकट मोहल्ला अस्तबल तराई में रहने वाले विशंभर कश्यप के बेटे का विशाल का काफ़ी समय से विवेक मौर्य के घर आना-जाना था। इस बीच विशाल से विवेक की पुत्री से फोन पर बातचीत होने लगी। इस दौरान किसी बात को लेकर युवती ने विशाल से बात करना बंद कर दिया। इस बात से नाराज होकर विशाल ने रात में युवती के घर जाकर जान से मारने के लिए तमंचे से फायरिंग की, गोली पैर में लगने से युवती गंभीर रूप से घायल हो गई ।

गंभीर रूप से घायल युवती को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना को लेकर विवेक मौर्या के पुत्र अरुण ने विशाल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है जिसमें कहा है कि 18 वर्षीय बहन से विशाल कश्यप करीब पिछले एक वर्ष से बातचीत कर रही थी।  कुछ समय से बहन ने विशाल से
बात करना बन्द कर दिया था। विशाल बहन को बात करने का बराबर दबाव बना रहा था, और वह बात नही कर रही थी। इस बात को लेकर विशाल कश्यप गुरुवार की रात 9.45 बजे घर में तमंचा लेकर आया। उस समय मां प्रीति व बहन घर की छत पर बैठी थी। विशाल बहन को गाली देते हुए कहा तू अगर बात नही करेगी तो तुझे जिन्दा नही छोडूंगा।

विशाल ने जान से मारने की नियत से बहन के तमंचे से गोली मार दी। गोली युवती के दाहिने पैर में लगत ही विशाल तमंचा सहित मौके से फरार हो गया।

अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश चंद्र ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है। उन्होंने कहा कि बजरिया चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह को जांच सौंप गई है।
पानी की निकासी को लेकर ग्रामीणों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
आशीष कुमार
मुजफ्फरनगर। जनपद के विकासखंड क्षेत्र के ग्राम गांदला में विकास के नाम पर विनाश का एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां वर्तमान ग्राम प्रधान की मनमानी के कारण पूरा गांव नरक जैसी जिंदगी जीने को मजबूर है। गांव के मुख्य रास्ते पर पिछले छह महीनों से घुटनों तक गंदा पानी भरा हुआ है, जिससे प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आंगनवाड़ी केंद्र और शिव मंदिर का रास्ता पूरी तरह ठप हो गया है। ग्राम प्रधान की दबंगई से त्रस्त ग्रामीणों ने अब एकजुट होकर जिलाधिकारी  मुजफ्फरनगर से लिखित शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या लगभग 7 वर्ष पहले शुरू हुई थी, जब तत्कालीन प्रधान ने पानी की निकासी वाली मुख्य नाली पर इंटरलॉकिंग करा दी थी, जिससे पानी का बहाव कम हो गया था। लेकिन हद तो तब हो गई जब करीब 6 महीने पहले वर्तमान ग्राम प्रधान ने उस पुरानी इंटरलॉकिंग को उखाड़कर, सड़क पर मिट्टी का भराव किया और रास्ते को और ऊंचा उठाकर दोबारा इंटरलॉकिंग करा दी। इस लापरवाही के कारण घनी आबादी के घरों से निकलने वाले रोजमर्रा के पानी का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया और सारा गंदा पानी मुख्य सड़क पर जमा होने लगा।
इस जलभराव के कारण स्कूल जाने वाले मासूम बच्चे, अस्पताल आने वाले मरीज और गर्भवती महिलाएं आए दिन इस गंदे पानी में फिसलकर गिर रहे हैं और गंभीर रूप से चोटिल हो रहे हैं। गांव में संक्रामक और गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा चरम पर है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब सड़क निर्माण के समय उन्होंने इसका विरोध किया था, तो प्रधान ने जल निकासी का झूठा आश्वासन दिया था। लेकिन अब समस्या बढ़ने पर जब ग्रामीण शिकायत लेकर पहुंचे, तो दबंग प्रधान ने साफ कह दिया— "पानी की निकासी का कोई समाधान नहीं होगा, तुम्हें जहाँ शिकायत करनी है, कर दो।"
प्रधान की इसी दबंगई और खौफ के कारण ग्रामीण अब तक अधिकारियों से सिर्फ मौखिक शिकायत कर रहे थे, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार परेशान होकर मौसज्जाद, प्रमोद कुमार, प्रदीप कुमार, जोगिन्द्र, सुखराम नायक, राजकुमार, अंकित कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की जांच कराने, दोषी प्रधान पर कार्रवाई करने और जल्द से जल्द जल निकासी का निस्तारण कराने की मांग की है।
सोनभद्र में सनसनी: दो दिन से लापता युवक का पुलिया के नीचे मिला शव, हत्या की आशंका,छानबीन में जुटी पुलिस

विकास कुमार सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के डाला बारी-कजरहट संपर्क मार्ग पर स्थित गोरादह में शुक्रवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक पुलिया के नीचे करीब दो दिन पुराना युवक का शव बरामद हुआ। युवक बीते दो दिनों से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता था। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और हत्या की आशंका जताते हुए मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह एक चरवाहा गोरादह स्थित पुलिया के पास मवेशी चरा रहा था। इसी दौरान उसे तेज दुर्गंध महसूस हुई। जब उसने पुलिया के नीचे जाकर देखा, तो वहां एक युवक का क्षत-विक्षत शव पड़ा हुआ था। चरवाहे के शोर मचाने पर भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए और तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।

शव की शिनाख्त डाला बारी स्थित वैष्णो मंदिर के पीछे रहने वाले रवि धयिकार (30 वर्ष) पुत्र राम गरीब के रूप में हुई है। शिनाख्त होते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन भी तत्काल घटना स्थल पर पहुंच गए। परिजनों ने बताया कि रवि पिछले दो दिनों से घर नहीं लौटा था और वे लोग लगातार अपने स्तर से उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका था।

घटना की सूचना मिलते ही पीआरवी (डायल-112) और डाला चौकी प्रभारी घनश्याम तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद शव को पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच कर रही है। मौत के सही कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध मानते हुए हत्या की आशंका के तहत भी सुराग जुटाए जा रहे हैं, जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
सात सालों के अलविदा के साथ दीपक कुमार सिंह का भावुक विदाई संदेश — बलिया को कहा दिल से धन्यवाद

संजीव सिंह बलिया  — बैंक शाखा प्रबंधक दीपक कुमार सिंह ने लखनऊ स्थानांतरण के अवसर पर मंगलवार को बलिया तथा रसड़ा और नगरा के लोगों को भावभीनी विदाई देते हुए कहा कि वे यहाँ अपने घर जैसा महसूस करते रहे। दीपक ने साझा किया कि जब 2019 में बलिया में पहली बार तैनाती हुई तो उन्हें खुशी और अपनापन मिला और तब उन्हें यह नौकरी नहीं बल्कि अपने लोगों के बीच लौटने का अवसर लगा।
उन्होंने बताया कि मऊ उनकी पहली मातृभूमि रही, लेकिन समय के साथ बलिया ने उनकी पहचान, भावनाएँ और जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया। रसड़ा में बिताए गए लम्हे, बीएस चौराहा शाखा में शाखा प्रबंधक के रूप में पहली जिम्मेदारी, और नगरा शाखा में प्राप्त असीम स्नेह—ये सभी मौकों ने उनके लिए अनमोल स्मृतियाँ बना दीं।
दीपक ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि बैंक के पद या उपलब्धियाँ नहीं, बल्कि लोगों का प्यार, विश्वास और अपनापन है। उन्होंने बलिया के लोगों की मानवता और संबंधों को निभाने की भावना की सराहना करते हुए कहा कि एक बार यहाँ के लोगों ने किसी को अपना मान लिया तो वह कभी अकेला नहीं छोड़ते। इसीलिए हर विदाई उनके लिए बहुत कठिन रही।
उन्होंने उन सभी का आभार जताया जिन्होंने उनके सात वर्षों को खूबसूरत बनाया, और कहा कि बलिया उनका “दूसरा परिवार” बन गया है। लखनऊ जाने के बावजूद उनका मन और यादें रसड़ा की गलियों, नगरा की सड़कों तथा सभी साथियों के बीच ही रहेंगी। दीपक ने वादा किया कि वे जहाँ भी जाएँगे, रिश्तों और अपनापन को अपनी आखिरी साँस तक निभाएंगे और यदि कहीं अनजाने में कोई भूल हुई हो तो क्षमा चाहते हैं। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि जब भी उन्हें याद करें तो उन्हें अपने परिवार का सदस्य समझें।
दीपक ने अंत में कहा, “धन्यवाद, बलिया — अलविदा तो नहीं कहूँगा, क्योंकि मैं अपना दिल यहीं छोड़कर जा रहा हूँ।”
एडीजीपी से कोतवाल की शिकायत करनी पड़ी महंगी। सुबह  से शाम तक पुलिस हिरासत में रहे समाजसेवी की तबीयत अचानक बिगड़ी ,जिला अस्पताल रेफर।

ब्रह्म प्रकाश शर्मा

- समाजसेवी अश्वनी शर्मा प्रकरण पर फूटा अधिवक्ताओं का गुस्सा, कोतवाल हटाने की मांग पर अड़े ।

-बार एसोसिएशन का प्रशासन को अल्टीमेटम, कोतवाल नहीं हटे तो होगी अनिश्चितकालीन हड़ता ।

-न्याय की मांग को लेकर अधिवक्ता एकजुट, प्रशासन को दी आर-पार की चेतावनी ।

जानसठ। समाजसेवी अश्वनी शर्मा से जुड़े प्रकरण ने अब तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को अधिवक्ता अन्वेष शर्मा जो समाजसेवी अश्वनी शर्मा के भाई हैं उन्होंने भाई के साथ हुए मामले को  बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कॉमरेड एवं सचिव दीपेश गुप्ता के समक्ष रखा जिसको लेकर बड़ी संख्या में अधिवक्ता एकजुट होकर पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) कार्यालय पहुंचे और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए कोतवाल को तत्काल हटाए जाने की मांग उठाई। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र अमल नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद शर्मा कॉमरेड  का कहना है कि अश्वनी शर्मा प्रकरण में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जिससे आमजन में भी असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तभी संभव है जब संबंधित कोतवाल को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। अधिवक्ताओं ने कहा कि न्याय और कानून के राज की स्थापना के लिए प्रशासन को निष्पक्षता का परिचय देना होगा। सीओ ऋषिका सिंह से हुई वार्ता के दौरान अधिवक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि कोतवाल के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो बार एसोसिएशन बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल तक की जा सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। फिलहाल अधिवक्ताओं ने विरोध स्वरूप कलमबंद हड़ताल का ऐलान किया, जिसके चलते न्यायालयों में कई कार्य प्रभावित रहे। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह केवल प्रारंभिक चेतावनी है। यदि प्रशासन ने मामले की गंभीरता को नहीं समझा तो आने वाले दिनों में आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण कर सकता है। बार पदाधिकारियों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि न्याय व्यवस्था और नागरिक अधिकारों से जुड़ा विषय है। उन्होंने प्रशासन को चेताते हुए कहा कि जनभावनाओं की अनदेखी करना भारी पड़ सकता है। अधिवक्ताओं ने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उधर, अश्वनी शर्मा प्रकरण को लेकर नगर और आसपास के क्षेत्रों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। सूत्रों की माने तो अधिवक्ताओं के आंदोलन को विभिन्न सामाजिक संगठनों , त्यागी ब्राह्मण समाज, भाकियू किसान मजदूर संगठन के अलावा अन्य का समर्थन मिलने की बातें सामने आ रही हैं। इससे प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो अधिवक्ताओं का यह विरोध प्रदर्शन एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है। फिलहाल पूरे क्षेत्र की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं और सभी को अगले कदम का इंतजार है।

एडीजीपी से शिकायत करना पड़ा समाजसेवी को महंगा।।

बताया गया कि समाजसेवी अश्वनी शर्मा ने किसी मामले को लेकर एडीजीपी से जानसठ कोतवाली प्रभारी की शिकायत की थी जिसको लेकर तभी से जानसठ कोतवाल उनसे द्वेष रखें हुए थें कहावत भी है की  पुलिस की यारी और पुलिस की दुश्मनी दोनों ही  महंगी पड़ी है सो वही कहावत यहां देखने को मिलीं है।
30 घंटे से अंधेरे में बिल्थरा रोड, जनता बेहाल; व्यापार मंडल ने जनप्रतिनिधियों और बिजली विभाग पर साधा निशाना


बिल्थरा रोड। भीषण गर्मी के बीच बिल्थरा रोड क्षेत्र में 30 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से आम जनता का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया । नगर में लगातार बिजली न आने से लोगों को पेयजल, व्यापार, शिक्षा और दैनिक कार्यों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला मंत्री एवं पूर्व सभासद सुनील कुमार टिंकू ने नाराजगी जताते हुए जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि वर्षों से क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।

सुनील कुमार टिंकू ने कहा कि बिल्थरा रोड में 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्र (सब स्टेशन) का अभाव क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या है। पर्याप्त क्षमता का सब स्टेशन न होने के कारण आए दिन थोड़ी सी बारिश और तेज हवाएं से बिजली संकट उत्पन्न होता है और छोटी तकनीकी खराबी भी लंबे बिजली कटौती का कारण बन जाती है।

उन्होंने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री A. K. Sharma से तत्काल मामले का संज्ञान लेने की मांग करते हुए कहा कि बिल्थरा रोड तहसील क्षेत्र में शीघ्र 132/33 केवी सब स्टेशन की स्थापना के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि लाखों उपभोक्ताओं को बार-बार होने वाली बिजली समस्याओं से राहत मिल सके।।

उन्होंने कहा नगर पंचायत के व्यापारियों का सवाल सीधा है— आखिर कब तक बिल्थरा रोड के लोग बिजली संकट और अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा भुगतते रहेंगे? और अपना कारोबार को ठप करेंगे
पिहानी आ रहे दो बाइक सवारों को तेज रफ्तार बाइक ने मारी टक्कर, एक हरदोई रेफर

बबलू प्रजापति
हरदोई, पिहानी जहानी खेड़ा मार्ग पर शुक्रवार को तेज रफ्तार बाइक ने आगे जा रही मोटरसाइकिल में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए सीएचसी पिहानी लाया गया, जहां एक की हालत नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल हरदोई रेफर कर दिया गया।घायल सतीश यादव पुत्र श्री कृष्ण, निवासी मगरापुर ,सुबोध पुत्र ईश्वर्दीन, निवासी बुखारपुर
जानकारी के अनुसार सतीश और सुबोध मोटरसाइकिल से अपने घर से पिहानी आ रहे थे। रास्ते में पीछे से आ रही तेज रफ्तार बाइक ने उनकी मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उधर से निकल रहे प्रधान आकाश ने दोनों घायलों को अपनी निजी गाड़ी से दोनों घायलों को तत्काल सीएचसी पिहानी पहुंचाया गया*
डॉक्टरों ने सतीश यादव की हालत गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद हरदोई रेफर कर दिया। सुबोध का इलाज सीएचसी पिहानी में चल रहा है।सूचना पर पिहानी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने टक्कर मारने वाले बाइक सवार की तलाश शुरू कर दी है।
जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समय से पहुंचाए – सांसद मुकेश राजपूत
फर्रुखाबाद l
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सांसद मुकेश राजपूत की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में विधायक अमृतपुर सुशील कुमार शाक्य, डॉ. पल्लव सोमवंशी, ब्लॉक प्रमुख राजेपुर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में पिछली दिशा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए विभिन्न विकास विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। सांसद एवं विधायक द्वारा जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण सुझाव एवं निर्देश दिए गए।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 19 तालाबों की गाद निकालकर कराई गई सफाई के संबंध में विस्तृत सूची पुनः उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों जैसे डिजाइनर चूड़ी, रेडीमेड शर्ट, पूजा सामग्री, सजावटी वस्तुएं एवं हवाई चप्पलों के विपणन हेतु उपलब्ध कराए गए विभिन्न प्लेटफार्मों एवं बाजारों की समीक्षा की गई। सांसद ने स्वयं सहायता समूहों की आय में और अधिक वृद्धि हेतु प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए तथा क्रिश्चियन इंटर कॉलेज के निकट समूहों के लिए दुकानें विकसित कर उनकी आय बढ़ाने की संभावनाओं पर कार्य करने को कहा।
स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा करते हुए  सांसद  द्वारा कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की गई। इस पर अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद द्वारा अवगत कराया गया कि ग्राम आमिलपुर स्थित डंपिंग ग्राउंड पर कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण हेतु स्थापित मशीनरी एवं प्लांट का संचालन प्रारंभ हो चुका है।
भीषण गर्मी को दृष्टिगत रखते हुए माननीय सांसद एवं विधायक अमृतपुर द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खराब पड़े हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत एवं आवश्यकतानुसार रिबोर कराए जाने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी गौवंश आश्रय स्थलों में हरे चारे, छायादार व्यवस्था एवं स्वच्छ पेयजल की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाकर निराश्रित गौवंशों को निकटतम गौआश्रय स्थलों में भेजने के निर्देश दिए गए।
बैठक में विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान माननीय सांसद द्वारा सरकारी विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइनों के संबंध में जानकारी ली गई। इस पर अधिशासी अभियंता विद्युत ने बताया कि 70 विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइनों को हटाया जा चुका है तथा शेष 05 विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइनों को भी इसी माह में हटाने की कार्यवाही पूर्ण कर ली जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सांसद ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि सभी सरकारी चिकित्सालयों में उपयोग की जा रही दवाओं की एक्सपायरी तिथि की नियमित समीक्षा की जाए तथा किसी भी स्थिति में एक्सपायर्ड दवाओं का उपयोग न होने पाए। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों को आवश्यकता के अनुसार विटामिन, कैल्शियम एवं आयरन की दवाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे उनके स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित हो सके।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध एवं प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया। माननीय सांसद महोदय ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रशासनिक व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखा जाए, गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के कल्याण हेतु हरसंभव प्रयास किए जाएं तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समय से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी, अपर जिलाधिकारी (राजस्व), अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
ज्ञानपुर में 8 करोड़ से सड़कें, लाइटें लगेंगी : स्मार्ट सिटी की तर्ज पर होगा विकास, नवयुग पालिका योजना में चयन*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ज्ञानपुर नगर पंचायत का चयन 'नवयुग पालिका योजना' के तहत किया गया है। इस योजना के अंतर्गत नगर के विभिन्न वार्डों में स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकास कार्य कराए जाएंगे। इन कार्यों के लिए 8 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें सड़कें, नालियां, इंटरलॉकिंग, प्रकाश व्यवस्था और एक नए कार्यालय का निर्माण शामिल है।

योजना के तहत डिजिटल गवर्नेन्स, ई-सेवाओं और तकनीकी समाधानों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य निकाय में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना है। इसमें सड़कों, जल निकासी, पेयजल और अन्य नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

शासन के निर्देश पर प्रदेश के 58 जिला मुख्यालयों वाले नगरीय निकायों का चयन एक महीने पहले इस योजना में किया गया है। जिला मुख्यालयों को विकसित करने से विभिन्न विभागों के बीच विकास की असमानताओं को कम करने में मदद मिलेगी। ज्ञानपुर नगर में कुल 11 वार्ड हैं, जहां लगभग 25 से 30 हजार की आबादी निवास करती है।

योजना के अंतर्गत नगर के सभी तिराहे और चौराहों का सुंदरीकरण किया जाएगा। यहां हाईमास्ट लाइटें, बेंच और पेयजल की व्यवस्था भी की जाएगी। यह मुख्यालय की नगर पंचायत है और भविष्य में इसे पालिका बनाने की योजना भी चल रही है।

वर्तमान में नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन जल निकासी जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाता। 'नवयुग पालिका योजना' के तहत होने वाले कार्यों से इन समस्याओं का स्थायी समाधान हो सकेगा। इन सभी कार्यों की निगरानी सीधे लखनऊ से की जाएगी।

ज्ञानपुर नगर पंचायत के चेयरमैन डॉ. घनश्याम दास गुप्ता ने बताया, "नवयुग पालिका योजना में ज्ञानपुर नगर का चयन हुआ है। 8 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार करके जिला प्रशासन को भेजा गया है, जो वहां से शासन को भेजा जाएगा। बजट मिलते ही विभिन्न विकास कार्यों को कराया जाएगा।"
पूर्व विधायक ने अपर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर सौंपा मांगपत्र, मुकदमा दर्ज कराने की किया मांग

गोंडा।जिले के कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक व‌ समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता बैजनाथ दुबे के द्वारा आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सुपुत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भ्रामक और चरित्र हनन करने वाला दुष्प्रचार फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध मुकदमा लिखाए जाने को लेकर एक प्रार्थना पत्र दिया गया है।पूर्व विधायक ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर एवं फेसबुक पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की सुपुत्री अदिति यादव की वास्तविक तस्वीरों का दुरुपयोग करते हुए एक अन्य विदेशी मूल को रचित और ब्राह्मण संदेश इंटरनेट पर सार्वजनिक रूप से प्रसारित किया गया है प्रसारित पोस्ट में पूरी तरह से झूठ का पुलिंदा तैयार करते हुए यह मनगढ़ंत हुआ निराधार दवा है।पूर्व विधायक ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय अध्यक्ष की बेटी अदिति यादव के द्वारा अपने घर से 7 करोड रुपए चोरी करके अपने किसी मुसलमान नाइजीरियन मित्र के साथ लापता हो गई है और वह वर्तमान में नाइजीरिया में रह रही है जिसको लेकर विधायक ने कहा कि यह कहानी पूर्णता काल्पनिक झूठी और अदिति यादव की सामाजिक छवि व प्रतिष्ठा को धूमिल करने तथा राजनीतिक देश वर्ष महिला का चरित्र हरण करने का दुर्भावना पूर्ण उद्देश्य से गढ़ी गई है। पूर्व विधायक श्री दूबे के द्वारा इस कृत्य को लेकर भारतीय न्याय संहिता 2023 एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के अंतर्गत एक गंभीर व दंडनीय साइबर अपराध है जिसमें मुख्य रूप से धारा 356 बीएनएस के तहत मानहानि धारा 196 बीएनएस के तहत समाज में गाना व सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाना धारा 351 बीएनएस के तहत महिला की गरिमा को थे पहचाने और डिजिटल साथियों की जालसाजी के लिए धारा 336 व 340 बीएनएस का प्रावधान लागू होता है।पूर्व विधायक बैजनाथ दुबे के द्वारा सभी चिन्हित सोशल मीडिया अकाउंट्स के संचालक को दोषी व्यक्तियों के खिलाफ सुसंगत कानूनी धाराओं और आईटी एक्ट के तहत तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एडिशनल एसपी अजीत कुमार रजक को प्रार्थना पत्र सोपा है और कार्यवाही की मांग की गई है।
फोन से बात न करने पर युवक ने युवती के घर घुसकर गोली मारी, युवती गंभीर रूप से घायल, भर्ती
फर्रुखाबाद l प्रेम दीवाने युवक ने फोन पर युवती के बात ना करने पर युवक ने घर जाकर युवती को गोली मार दी, गोली लगने से घायल हो गई , परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर हमला करने वाले आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है l पुलिस आरोपी युवक की तलाश कर रही है। बीती रात  थाना मऊदरवाजा के निकट मोहल्ला अस्तबल तराई में रहने वाले विशंभर कश्यप के बेटे का विशाल का काफ़ी समय से विवेक मौर्य के घर आना-जाना था। इस बीच विशाल से विवेक की पुत्री से फोन पर बातचीत होने लगी। इस दौरान किसी बात को लेकर युवती ने विशाल से बात करना बंद कर दिया। इस बात से नाराज होकर विशाल ने रात में युवती के घर जाकर जान से मारने के लिए तमंचे से फायरिंग की, गोली पैर में लगने से युवती गंभीर रूप से घायल हो गई ।

गंभीर रूप से घायल युवती को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना को लेकर विवेक मौर्या के पुत्र अरुण ने विशाल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है जिसमें कहा है कि 18 वर्षीय बहन से विशाल कश्यप करीब पिछले एक वर्ष से बातचीत कर रही थी।  कुछ समय से बहन ने विशाल से
बात करना बन्द कर दिया था। विशाल बहन को बात करने का बराबर दबाव बना रहा था, और वह बात नही कर रही थी। इस बात को लेकर विशाल कश्यप गुरुवार की रात 9.45 बजे घर में तमंचा लेकर आया। उस समय मां प्रीति व बहन घर की छत पर बैठी थी। विशाल बहन को गाली देते हुए कहा तू अगर बात नही करेगी तो तुझे जिन्दा नही छोडूंगा।

विशाल ने जान से मारने की नियत से बहन के तमंचे से गोली मार दी। गोली युवती के दाहिने पैर में लगत ही विशाल तमंचा सहित मौके से फरार हो गया।

अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश चंद्र ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है। उन्होंने कहा कि बजरिया चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह को जांच सौंप गई है।
पानी की निकासी को लेकर ग्रामीणों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
आशीष कुमार
मुजफ्फरनगर। जनपद के विकासखंड क्षेत्र के ग्राम गांदला में विकास के नाम पर विनाश का एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां वर्तमान ग्राम प्रधान की मनमानी के कारण पूरा गांव नरक जैसी जिंदगी जीने को मजबूर है। गांव के मुख्य रास्ते पर पिछले छह महीनों से घुटनों तक गंदा पानी भरा हुआ है, जिससे प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आंगनवाड़ी केंद्र और शिव मंदिर का रास्ता पूरी तरह ठप हो गया है। ग्राम प्रधान की दबंगई से त्रस्त ग्रामीणों ने अब एकजुट होकर जिलाधिकारी  मुजफ्फरनगर से लिखित शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या लगभग 7 वर्ष पहले शुरू हुई थी, जब तत्कालीन प्रधान ने पानी की निकासी वाली मुख्य नाली पर इंटरलॉकिंग करा दी थी, जिससे पानी का बहाव कम हो गया था। लेकिन हद तो तब हो गई जब करीब 6 महीने पहले वर्तमान ग्राम प्रधान ने उस पुरानी इंटरलॉकिंग को उखाड़कर, सड़क पर मिट्टी का भराव किया और रास्ते को और ऊंचा उठाकर दोबारा इंटरलॉकिंग करा दी। इस लापरवाही के कारण घनी आबादी के घरों से निकलने वाले रोजमर्रा के पानी का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया और सारा गंदा पानी मुख्य सड़क पर जमा होने लगा।
इस जलभराव के कारण स्कूल जाने वाले मासूम बच्चे, अस्पताल आने वाले मरीज और गर्भवती महिलाएं आए दिन इस गंदे पानी में फिसलकर गिर रहे हैं और गंभीर रूप से चोटिल हो रहे हैं। गांव में संक्रामक और गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा चरम पर है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब सड़क निर्माण के समय उन्होंने इसका विरोध किया था, तो प्रधान ने जल निकासी का झूठा आश्वासन दिया था। लेकिन अब समस्या बढ़ने पर जब ग्रामीण शिकायत लेकर पहुंचे, तो दबंग प्रधान ने साफ कह दिया— "पानी की निकासी का कोई समाधान नहीं होगा, तुम्हें जहाँ शिकायत करनी है, कर दो।"
प्रधान की इसी दबंगई और खौफ के कारण ग्रामीण अब तक अधिकारियों से सिर्फ मौखिक शिकायत कर रहे थे, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार परेशान होकर मौसज्जाद, प्रमोद कुमार, प्रदीप कुमार, जोगिन्द्र, सुखराम नायक, राजकुमार, अंकित कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की जांच कराने, दोषी प्रधान पर कार्रवाई करने और जल्द से जल्द जल निकासी का निस्तारण कराने की मांग की है।
सोनभद्र में सनसनी: दो दिन से लापता युवक का पुलिया के नीचे मिला शव, हत्या की आशंका,छानबीन में जुटी पुलिस

विकास कुमार सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के डाला बारी-कजरहट संपर्क मार्ग पर स्थित गोरादह में शुक्रवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक पुलिया के नीचे करीब दो दिन पुराना युवक का शव बरामद हुआ। युवक बीते दो दिनों से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता था। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और हत्या की आशंका जताते हुए मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह एक चरवाहा गोरादह स्थित पुलिया के पास मवेशी चरा रहा था। इसी दौरान उसे तेज दुर्गंध महसूस हुई। जब उसने पुलिया के नीचे जाकर देखा, तो वहां एक युवक का क्षत-विक्षत शव पड़ा हुआ था। चरवाहे के शोर मचाने पर भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए और तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।

शव की शिनाख्त डाला बारी स्थित वैष्णो मंदिर के पीछे रहने वाले रवि धयिकार (30 वर्ष) पुत्र राम गरीब के रूप में हुई है। शिनाख्त होते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन भी तत्काल घटना स्थल पर पहुंच गए। परिजनों ने बताया कि रवि पिछले दो दिनों से घर नहीं लौटा था और वे लोग लगातार अपने स्तर से उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका था।

घटना की सूचना मिलते ही पीआरवी (डायल-112) और डाला चौकी प्रभारी घनश्याम तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद शव को पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच कर रही है। मौत के सही कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध मानते हुए हत्या की आशंका के तहत भी सुराग जुटाए जा रहे हैं, जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।