नाबालिग को बंधक बनाकर छेड़खानी के आरोप में 65 वर्षीय बुजुर्ग पर मुकदमा दर्ज
अश्लील फोटो खींचने का किया प्रयास

गोंडा।जिले के तरबगंज थाना क्षेत्र में एक 12 वर्षीय नाबालिग के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है।आरोप है कि गांव के ही राजेन्द्र पांडेय (65) ने बालिका को बंधक बनाकर इस घटना को अंजाम दिया।पीड़िता ने बताया कि आरोपी राजेन्द्र पांडेय ने उसे अपने कमरे में बंधक बनाया और उसके अश्लील फोटो खींचने का प्रयास किया तो किसी तरह बालिका वहाँ से चिल्लाते हुए भागी और अपने घर पहुंच कर परिजनों को सारी घटना बताई।परिजनों ने जब राजेन्द्र पांडेय के घर जाकर शिकायत किया तो उन्हें गाली गलौज देते हुए भगा दिया गया।इसके बाद नाबालिग की मां ने तरबगंज थाने में तहरीर दिया।पीड़िता की मां ने तहरीर में बताया कि उनकी बेटी कल देर शाम 7 बजे दावत खाने जा रही थी कि तभी राजेन्द्र पांडेय बहला फुसला कर अपने घर ले गया और घर के अंदर हाथ बांधकर छेड़खानी किया तथा उसके कपड़े उतारकर अश्लील फोटो खींचने का प्रयास किया।हालांकि बालिका वहाँ से किसी तरह चिल्लाते हुए भाग निकली और घर पहुंचकर अपनी माँ को पूरी बात बताई।पीड़िता की शिकायत पर तरबगंज थाने की पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर 12 वर्षीय नाबालिग बालिका का जिला महिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसे जिला मुख्यालय स्थित वन स्टाफ सेंटर में रखा गया है।पुलिस बालिका का 164 का बयान दर्ज कराने में जुटी हुई है।प्रभारी निरीक्षक कमलाकांत त्रिपाठी ने बताया कि महिला की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर लिया गया है।
आजमगढ़: शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने किया गिरफतार, जाने कहां का है मामला
आजमगढ़। जिले के तहबरपुुुुर पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाला वांछित अभियुक्त को किशुनदास पुर अंडर पास के पास से गिरफ़्तार चालान कर दिया। तहबरपुुुुर पुलिस ने 16 जनवरी को पीड़िता के प्रार्थना पत्र के आधार पर एक अभियुक्त द्वारा शादी का झांसा देकर पीड़िता के साथ लंबे समय तक शारीरिक संबंध स्थापित करने तथा बाद में शादी से इनकार करने व शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा पंजीकृत किया था। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक लोकेश मणि त्रिपाठी कर रहे थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में मुकदमे में नामित अभियुक्त को किशुनदासपुर अंडरपास के पास से तौफीक पुत्र असरफ को गिरफ्तार कर चालान कर दिया।
मज़दूर भाई समस्या को लेकर यूनियन कार्यालय में मिल सकते हैं: अध्यक्ष

विंध्याचल मंडल। मिर्जापुर असंगठित कामगार यूनियन (माकू) अध्यक्ष राजेश कुमार दुबे एडवोकेट ने मीडिया/ सोशल मीडिया के माध्यम से श्रमिकों तक संदेश पहुंचाते हुए कहा कि,  "मज़दूर भाइयों आप सभी मजदूरी तथा योजनाओं से संबंधित अपनी अपनी समस्या को यूनियन कार्यालय में पहुंचकर या यूनियन नंबर 9140565658  पर संपर्क कर समस्याओं से संबंधित जानकारी एवं सलाह ले सकते हैं साथ ही योजनाएं एवं मजदूरी से संबंधित समस्याओं को साझा कर सकते हैं।जिसपर यूनियन आवश्यक कार्रवाई अपनाकर आपकी समस्याओं के निस्तारण का प्रयास करेगी।"

यूनियन अध्यक्ष ने कहा कि अटल आवासीय विद्यालय में निर्माण श्रमिकों के पुत्र पुत्रियों हेतु निःशुल्क कक्षा 6 और 9 के प्रवेश हेतु श्रम विभाग कार्यालयों में ऑफलाइन आवेदन स्वीकार किए जा रहें हैं जो नियमानुसार पात्र श्रमिक हो जिनके बच्चे वर्तमान में 5 व 8 में अध्यनरत हो उनके आगे की पढ़ाई के लिए योजना का लाभ उठाए। अंत में कहा कि योगी सरकार श्रमिकों के हितार्थ अनेक योजनाएं चला रही है आप स्थानीय श्रम कार्यालय से जानकारी प्राप्त कर योजना का लाभ उठाए।
एसपी देहात ने किया जानसठ थाने का औचक निरीक्षण, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण हेतु दिए कड़े निर्देश

जानसठ मुजफ्फरनगर । जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और थानों की कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस अधीक्षक ग्रामीण  आदित्य बंसल ने थाना जानसठ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस रिकॉर्ड्स के रखरखाव से लेकर महिला सुरक्षा तक के बिंदुओं पर बारीकी से जांच की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान एसपी देहात सबसे पहले थाना कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने महत्वपूर्ण अभिलेखों (रजिस्टरों) के रखरखाव की जांच की। उन्होंने कंप्यूटर कक्ष में जाकर डिजिटल डेटा की फीडिंग को देखा और तकनीकी कार्यों की समीक्षा की। विशेष रूप से महिला हेल्प डेस्क और साइबर हेल्प डेस्क पर पहुँचकर उन्होंने वहां आने वाली शिकायतों के निस्तारण की स्थिति जानी। उन्होंने निर्देश दिया कि पीड़ित महिलाओं और साइबर ठगी के शिकार लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उन पर तत्काल कार्रवाई  की जाए।

इसके पश्चात एसपी देहात ने थाना परिसर में विवेचकों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने विवेचनाओं में हो रही देरी पर असंतोष व्यक्त करते हुए सख्त लहजे में कहा कि लंबित विवेचनाओं का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और निष्पक्ष तरीके से जल्द से जल्द किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अपराधियों की धरपकड़ और सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए।  लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ अभियान चलाकर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए। महिला सुरक्षा को लेकर महिला संबंधी अपराधों और प्रार्थना पत्रों पर प्राथमिकता के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जाए। तथा थाने आने वाले हर फरियादी के साथ शालीन व्यवहार हो और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।

निरीक्षण के दौरान डीएसपी  रुपाली रॉय, थाना प्रभारी विनोद कुमार सहित थाने के समस्त उपनिरीक्षक और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। एसपी देहात के इस औचक निरीक्षण से थाना पुलिस में हड़कंप की स्थिति रही ।
झारखंड बंद का असर, आदिवासी संगठन कोई लीपापोती नहीं, सोमा मुंडा के हत्यारों का गर्दन चाहिए़ - निशा भगत

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रांची : झारखंड में बेखौफ है अपराधि आए दिन किसी को उठा लेते हर तो किसी को मार देते है। ऐसी ही एक घटना खूंटी जिला में हुई थी जहां अपराधियों ने आदिवासी नेता सह पड़हा राजा सोमा मुंडा की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी। जिसके बाद अगले ही दिन खूंटी बंद रहा, आदिवासी संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया। लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। इधर आदिवासी संगठन विरोध जताते हुए आज झारखंड बंद का आवाहन किया है। आज सुबह ही कुछ जगह पर इसका विरोध प्रदर्शन देखने को मिला वही कुछ जगहों पर सामान्य गाड़िया चलती रही। दोपहर 1 बजे अल्बर्ट एक्का चौक पर लोग बंद कराने सड़क पर उतरे। इस बीच निशा भगत भी अपने समर्थकों के साथ सड़क पर उतरी। इस बीच आम लोगों से भी उलझी..

इस बीच निशा भगत ने सोमा मुंडा हत्याकांड में कहा कि लीपापोती नहीं हमें इंसाफ चाहिए आदिवासी संगठन की यही मांग है। हेमंत सरकार को भी खरीखौटी सुनाई और आदिवासी विरोधी बताया।

अन्य जिला की बात करे तो खूंटी और चाईबासा में सुबह होते ही बंद समर्थक सड़कों पर उतर गये और ट्रैफिक सिस्टम को ठप कर दिया। रांची में बस टर्मिनल सुनसान रहा। खूंटी सिमडेगा तोड़पा के लिए बसे बंद रही वहां जाने वाले यात्री परेशान रहे। वही लंबी दूरी जो राज्य से बाहर जाती है उसमें में यात्रियों की संख्या कम रही। आदिवासी संगठनों के द्वारा झारखंड बंद बुलाने का मिलाजुला असर देखने को मिला है।

मौनी अमावस्या स्नान पर्व की तैयारियों को लेकर प्रयागराज जंक्शन पर समीक्षा बैठक।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला–2026 के प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं एवं यात्रियों की सुविधा सुरक्षा तथा प्रभावी भीड़ प्रबन्धन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज दिनांक 17 जनवरी 2026 को मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज रजनीश अग्रवाल की अध्यक्षता में प्रयागराज जंक्शन स्थित मेला कंट्रोल रूम में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में प्रयागराज जंक्शन, सूबेदारगंज, नैनी जंक्शन एवं प्रयागराज छिवकी सहित प्रमुख स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था, यात्री आवागमन एवं भीड़ नियंत्रण से सम्बंधित व्यवस्थाओ की विस्तार से समीक्षा की गई।

इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक सामान्य दीपक कुमार अपर मंडल रेल प्रबंधक परिचालन मो. मुबश्शिर वारिस वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक समन्वय आकांशु गोविल वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त विजय प्रकाश पंडित वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबन्धक कोचिंग हरिमोहन स्टेशन निदेशक प्रयागराज जंक्शन वी.के. द्विवेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान मंडल रेल प्रबंधक ने मौनी अमावस्या पर्व पर संगम स्नान हेतु आने वाले श्रद्धालुओं की सुगम एवं सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए तैयार की गई योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।कलर कोडिंग व्यवस्था एकतरफा यात्री आवागमन (यूनिडायरेक्शनल मूवमेंट) तथा आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई।

स्टेशन परिसर,प्लेटफॉर्म,प्रवेश एवं निकास द्वार,टिकट काउंटर,प्रतीक्षालय तथा सर्कुलेटिंग एरिया में सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा करते हुए सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता,पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ट्रेनों के आगमन-प्रस्थान के समय प्लेटफॉर्म ड्यूटी,महिला यात्रियो की सुरक्षा यात्रियो के सामान की निगरानी तथा संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया।

मंडल रेल प्रबंधक ने आरपीएफ एवं जीआरपी को सिविल प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए और कहा कि संयुक्त प्रयासों से ही यात्रियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं निर्बाध यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है। बैठक में मौनी अमावस्या पर्व के दौरान प्रभावी भीड़ नियंत्रण एवं असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।

मेला कंट्रोल रूम के सीसीटीवी कक्ष से प्रयागराज क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों एवं सिविल क्षेत्रों की लाइव मॉनिटरिंग के माध्यम से त्वरित नियंत्रण एवं निर्देश प्रणाली को प्रभावी रूप से स्थापित किया गया है,जिससे किसी भी आपात स्थिति में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

करनैलगंज में अलाव जलवाने के नाम पर खानापूर्ति,रेलवे स्टेशन के पास नहीं जला अलाव
ठंड से ठिठुरते रहे लोग, प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल

गोंडा(करनैलगंज)। भीषण ठंड के बीच नगर पालिका परिषद कर्नलगंज की अलाव व्यवस्था की पोल एक बार फिर खुल गई है। शासन व उच्चाधिकारियों के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद नगर क्षेत्र के प्रमुख सार्वजनिक स्थल रेलवे स्टेशन करनैलगंज के पास शुक्रवार रात अलाव नहीं जलाया गया।

रात लगभग 8:06 बजे की स्थिति ने प्रशासन के दावों को पूरी तरह झुंठला दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार स्टेशन परिसर व आसपास देर रात तक कोई अलाव नहीं जलाया गया, जिससे यात्रियों, राहगीरों व ठेला-पटरी लगाने वालों को ठंड में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग ठिठुरते रहे और जिम्मेदार अधिकारी नदारद दिखाई दिए। नगर पालिका द्वारा प्रतिदिन नियमित अलाव जलाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आई। सूत्रों का कहना है कि कई स्थानों पर अलाव केवल कागजों और रजिस्टरों में जल रहे हैं, जबकि मौके पर व्यवस्था पूरी तरह फेल है।

अलाव जलवाने के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका भी सामने आ रही है। ठंड से राहत के लिए स्वीकृत बजट आखिर कहां खर्च हो रहा है, यह बड़ा सवाल बन गया है। नाम न छापने की शर्त पर नगर पालिका के कुछ कर्मचारियों ने बताया कि अधिकारियों के निर्देश पर चुनिंदा जगहों पर ही अलाव जलवाया जाता है। कई स्थानों पर लकड़ी, पेट्रोल या केरोसिन जैसी आवश्यक सामग्री तक उपलब्ध नहीं कराई जाती, जिससे अलाव जलाना संभव नहीं हो पाता है।

उच्चाधिकारियों के निर्देशों के बावजूद नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर कोई असर नहीं दिख रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो ठंड के चलते किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता। इस संबंध में जानकारी लेने के लिए एसडीएम करनैलगंज के सीयूजी नंबर पर संपर्क किया गया, लेकिन फोन नेटवर्क क्षेत्र से बाहर बताया गया। अब देखना यह है कि प्रशासन इस लापरवाही पर क्या कार्रवाई करता है और ठंड से जूझ रही जनता को कब राहत मिलती है।
मा. न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने किया वन्दे मातरम् चित्रकला कार्यशाला का भव्य उद्घाटन

संयोजक कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा तथा मेंटोर डॉ सचिन सैनी के निर्देशन में शुरू हुई कला कार्यशाला

संजय द्विवेदी,प्रयागराज।न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश दिवस के अतर्गत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में वंदे मातरम पर आधारित चित्रांकन हेतु तीन दिवसीय वंदे मातरम कला कार्यशाला का उद्घाटन माघ मेले के संस्कार भारती शिविर में फीता काटकर एवं कैनवस पर चित्रण करके भव्य उद्घाटन किया और कहां कि वंदे मातरम बोलने मात्र से ही शरीर में देशभक्ति की भावना की लहर दौड़ जाती है।

कार्यशाला के संयोजक सुविख्यात कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा ने मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति एवं विशिष्ट अतिथि ज्योति मिश्रा का स्वागत अंग वस्त्र एवं पुष्पदान से किया।महामंत्री विभव शंकर मिश्रा ने कलाकारो का उत्साह वर्धन किया।कार्यशाला के मेंटोर असिस्टेंट प्रो.डॉ.सचिन सैनी के निर्देशन में चित्रकार शुभम कुशवाहा सौरभ सोनी सर्वेश पटेल प्रिया सिंह एवं युग सिंह वन्दे मातरम थीम पर स्केचिंग की शानदार शुरुआत की उत्तर प्रदेश सरकार राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ सुनील विश्वकर्मा उपाध्यक्ष गिरीशचद्र मिश्र व निदेशक अमित कुमार अग्निहोत्री ने संयोजक रवीन्द्र कुशवाहा को बधाई दी।उद्घाटन।

अवसर पर संस्कार भारतीय प्रयागराज के पदाधिकारी दीपक शर्मा सुशील राय योगेन्द्र मिश्र विश्वबन्धु ज्योति मिश्रा विभव मिश्रा ने कलाकारों के ड्राइंग की तारीफ की।

दादी-पोते की एक साथ उठी अर्थी
* पोते की मौत के सदमे से दादी ने तोड़ा दम,दो दिन पूर्व सूखे तालाब में मिला था शव

सुल्तानपुर। सुल्तानपुर में पोते की मौत के सदमे से दादी की भी जान चली गई। शनिवार दोपहर को दादी और पोते की अर्थी एक साथ उठी, जिससे पूरे गांव में शोक का माहौल छा गया। कादीपुर विधायक राजेश गौतम ने पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की और 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।
दोस्तपुर के बभनझ्या पश्चिम निवासी 39 वर्षीय गुड्डू गौतम 2 जनवरी की सुबह 7 बजे से लापता थे। परिजनों ने दोस्तपुर थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने गुड्डू की तलाश में पोस्टर भी जारी किए थे, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।
गुरुवार को गुड्डू का शव घर से लगभग दो सौ मीटर दूर एक सूखे तालाब में मिला। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शुक्रवार शाम पोस्टमार्टम के बाद गुड्डू का शव घर पहुंचा। अंधेरा होने के कारण परिजनों ने शनिवार को अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। रात भर परिजन शव के पास बैठे रहे। इसी दौरान, मृतक की 75 वर्षीय दादी द्रोपदी देवी रात को सोईं और सुबह नहीं उठ पाईं। परिजनों का मानना है कि पोते की मौत के सदमे से ही उनकी जान गई है।
विधायक राजेश गौतम ने घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। दोपहर में दोनों शवों को ऊष्मा घाट ले जाया गया, जहां मृतक गुड्डू के भतीजे राम कुमार ने दादी और पोते दोनों को मुखाग्नि दी। इस दौरान पूर्व नगर पंचायत सभासद राजेश त्रिपाठी, नगर सपा पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रमाशंकर पाठक, भीम आर्मी जिला अध्यक्ष रमेश सोनकर, सब इंस्पेक्टर अनूप सिंह, सब इंस्पेक्टर सियाराम और कांस्टेबल आनंद सिंह व योगेंद्र सहित कई लोग मौजूद रहे।
मृतक गुड्डू कस्बे में ठेले पर सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी असामयिक मृत्यु से उनकी पत्नी किरण, बेटियों खुशी, दीपांशी, तान्या और बेटे आकृत का बुरा हाल है।
एनएच-33 पर 'महाजाम': बुंडू टोल प्लाजा पर 5 घंटे तक फंसी रहीं हजारों गाड़ियां, पानी-भोजन को तरसे यात्री।

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रांची: आदिवासी नेता सोमा मुंडा की हत्या के खिलाफ आदिवासी संगठनों के झारखंड बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला है. खूंटी और चाईबासा में सुबह होते ही बंद समर्थक सड़कों पर उतर गये और ट्रैफिक सिस्टम को ठप कर दिया. वहीं दिन चढ़ते ही कई अन्य जिलों में भी बंद समर्थक सड़कों पर आ गये. इसकी वजह से आम यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. सबसे ज्यादा खराब स्थिति जमशेदपुर-रांची एनएच पर दिखी. इसकी वजह से टोल प्लाजा के दोनों ओर एनएच पर हजारों गाड़ियां जाम में फंस गई. एनएच पर जाम का सिलसिला करीब 5 घंटे तक चला. सुबह करीब 11 बजे प्रदर्शनकारी टोल प्लाजा पहुंचे और प्रदर्शन कर लगे. इसकी वजह से जाम लग गया.

बुंडू टोल प्लाजा की घेराबंदी से यात्री रहे परेशान

इस दौरान बुंडू के एसडीएम, डीएसपी, सीओ और थाना प्रभारी लोगों को समझाते रहे. अंत में करीब 5 घंटे बाद 3 बजकर 20 मिनट के करीब प्रदर्शनकारी टोल प्लाजा से हट गये. अब एनएच पर गाड़ियों का आवाजाही शुरु हो गई है. लेकिन पांच घंटे तक जाम की वजह से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. आम यात्री पानी और भोजन के लिए तरसते रहे. क्योंकि बुंडू नगर पंचायत की दुकानें बंद थीं. हालांकि इस दौरान सिर्फ एंबुलेंस और सेना की गाड़ी को जाने दिया जा रहा था.

एक महिला यह कहकर जाने देने की दरख्वास्त करती रहीं कि उनके ससुर की मृत्यु हो गई है. उनको घर पहुंचना बेहद जरूरी है. लेकिन प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नहीं थे. इस दौरान एक महिला सड़क पर ही रोने लगीं. उनको रांची में फ्लाइट पकड़ना था. काफी मनुहार के बाद उन्हें जाने दिया गया. प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कहा कि उनके पड़हा राजा की दिनदहाड़े हत्या हुई है. आदिवासी अस्मिता खतरे में है. अभी तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई है. पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला है. इसलिए यात्रियों की परेशानी से वाकिफ होने के बावजूद ऐसा करना पड़ रहा है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिना रोड जाम किए हमारी आवाज सरकार तक नहीं पहुंचेगी.

प्रशासन जाम हटाने के लिए करता रहा आग्रह

बुंडू टोल प्लाजा पर जाम लगते ही बुंडू के एसडीएम क्रिस्टोफर कुमार बेसरा, बुंडू के डीएसपी ओमप्रकाश, थाना प्रभारी रामकुमार वर्मा, अंचल अधिकारी हंस हेंब्रम पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंच गये थे. इस दौरान बंद समर्थकों को लगातार समझाने की कोशिश की जाती रही. लोगों को समझाने में करीब 5 घंटे लग गये. तबतक यात्री जाम में फंसे रहे. एसडीएन ने बताया कि ग्रामीणों ने एक ज्ञापन दिया है. सोमा मुंडा के परिवार को सरकारी नौकरी देने, फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए अपराधियों को सजा दिलाने, पांच करोड़ रु. बतौर मुआवजा देने की मांग की गई है. उन्होंने बताया कि मांगों से सरकार को अवगत कराया जाएगा.

दरअसल, 7 जनवरी को खूंटी में जमुवादाग के पास आदिवासी नेता सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों ने 8 जनवरी को खूंटी बंद किया था, जिसका व्यापक असर दिखा था. खूंटी पुलिस इस मामले सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. पुलिस ने हत्या के पीछे जमीन विवाद को कारण बताया था. लेकिन आदिवासी संगठनों का कहना है कि अबतक शूटर और मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है.

नाबालिग को बंधक बनाकर छेड़खानी के आरोप में 65 वर्षीय बुजुर्ग पर मुकदमा दर्ज
अश्लील फोटो खींचने का किया प्रयास

गोंडा।जिले के तरबगंज थाना क्षेत्र में एक 12 वर्षीय नाबालिग के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है।आरोप है कि गांव के ही राजेन्द्र पांडेय (65) ने बालिका को बंधक बनाकर इस घटना को अंजाम दिया।पीड़िता ने बताया कि आरोपी राजेन्द्र पांडेय ने उसे अपने कमरे में बंधक बनाया और उसके अश्लील फोटो खींचने का प्रयास किया तो किसी तरह बालिका वहाँ से चिल्लाते हुए भागी और अपने घर पहुंच कर परिजनों को सारी घटना बताई।परिजनों ने जब राजेन्द्र पांडेय के घर जाकर शिकायत किया तो उन्हें गाली गलौज देते हुए भगा दिया गया।इसके बाद नाबालिग की मां ने तरबगंज थाने में तहरीर दिया।पीड़िता की मां ने तहरीर में बताया कि उनकी बेटी कल देर शाम 7 बजे दावत खाने जा रही थी कि तभी राजेन्द्र पांडेय बहला फुसला कर अपने घर ले गया और घर के अंदर हाथ बांधकर छेड़खानी किया तथा उसके कपड़े उतारकर अश्लील फोटो खींचने का प्रयास किया।हालांकि बालिका वहाँ से किसी तरह चिल्लाते हुए भाग निकली और घर पहुंचकर अपनी माँ को पूरी बात बताई।पीड़िता की शिकायत पर तरबगंज थाने की पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर 12 वर्षीय नाबालिग बालिका का जिला महिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसे जिला मुख्यालय स्थित वन स्टाफ सेंटर में रखा गया है।पुलिस बालिका का 164 का बयान दर्ज कराने में जुटी हुई है।प्रभारी निरीक्षक कमलाकांत त्रिपाठी ने बताया कि महिला की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर लिया गया है।
आजमगढ़: शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने किया गिरफतार, जाने कहां का है मामला
आजमगढ़। जिले के तहबरपुुुुर पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाला वांछित अभियुक्त को किशुनदास पुर अंडर पास के पास से गिरफ़्तार चालान कर दिया। तहबरपुुुुर पुलिस ने 16 जनवरी को पीड़िता के प्रार्थना पत्र के आधार पर एक अभियुक्त द्वारा शादी का झांसा देकर पीड़िता के साथ लंबे समय तक शारीरिक संबंध स्थापित करने तथा बाद में शादी से इनकार करने व शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा पंजीकृत किया था। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक लोकेश मणि त्रिपाठी कर रहे थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में मुकदमे में नामित अभियुक्त को किशुनदासपुर अंडरपास के पास से तौफीक पुत्र असरफ को गिरफ्तार कर चालान कर दिया।
मज़दूर भाई समस्या को लेकर यूनियन कार्यालय में मिल सकते हैं: अध्यक्ष

विंध्याचल मंडल। मिर्जापुर असंगठित कामगार यूनियन (माकू) अध्यक्ष राजेश कुमार दुबे एडवोकेट ने मीडिया/ सोशल मीडिया के माध्यम से श्रमिकों तक संदेश पहुंचाते हुए कहा कि,  "मज़दूर भाइयों आप सभी मजदूरी तथा योजनाओं से संबंधित अपनी अपनी समस्या को यूनियन कार्यालय में पहुंचकर या यूनियन नंबर 9140565658  पर संपर्क कर समस्याओं से संबंधित जानकारी एवं सलाह ले सकते हैं साथ ही योजनाएं एवं मजदूरी से संबंधित समस्याओं को साझा कर सकते हैं।जिसपर यूनियन आवश्यक कार्रवाई अपनाकर आपकी समस्याओं के निस्तारण का प्रयास करेगी।"

यूनियन अध्यक्ष ने कहा कि अटल आवासीय विद्यालय में निर्माण श्रमिकों के पुत्र पुत्रियों हेतु निःशुल्क कक्षा 6 और 9 के प्रवेश हेतु श्रम विभाग कार्यालयों में ऑफलाइन आवेदन स्वीकार किए जा रहें हैं जो नियमानुसार पात्र श्रमिक हो जिनके बच्चे वर्तमान में 5 व 8 में अध्यनरत हो उनके आगे की पढ़ाई के लिए योजना का लाभ उठाए। अंत में कहा कि योगी सरकार श्रमिकों के हितार्थ अनेक योजनाएं चला रही है आप स्थानीय श्रम कार्यालय से जानकारी प्राप्त कर योजना का लाभ उठाए।
एसपी देहात ने किया जानसठ थाने का औचक निरीक्षण, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण हेतु दिए कड़े निर्देश

जानसठ मुजफ्फरनगर । जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और थानों की कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस अधीक्षक ग्रामीण  आदित्य बंसल ने थाना जानसठ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस रिकॉर्ड्स के रखरखाव से लेकर महिला सुरक्षा तक के बिंदुओं पर बारीकी से जांच की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान एसपी देहात सबसे पहले थाना कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने महत्वपूर्ण अभिलेखों (रजिस्टरों) के रखरखाव की जांच की। उन्होंने कंप्यूटर कक्ष में जाकर डिजिटल डेटा की फीडिंग को देखा और तकनीकी कार्यों की समीक्षा की। विशेष रूप से महिला हेल्प डेस्क और साइबर हेल्प डेस्क पर पहुँचकर उन्होंने वहां आने वाली शिकायतों के निस्तारण की स्थिति जानी। उन्होंने निर्देश दिया कि पीड़ित महिलाओं और साइबर ठगी के शिकार लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उन पर तत्काल कार्रवाई  की जाए।

इसके पश्चात एसपी देहात ने थाना परिसर में विवेचकों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने विवेचनाओं में हो रही देरी पर असंतोष व्यक्त करते हुए सख्त लहजे में कहा कि लंबित विवेचनाओं का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और निष्पक्ष तरीके से जल्द से जल्द किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अपराधियों की धरपकड़ और सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए।  लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ अभियान चलाकर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए। महिला सुरक्षा को लेकर महिला संबंधी अपराधों और प्रार्थना पत्रों पर प्राथमिकता के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जाए। तथा थाने आने वाले हर फरियादी के साथ शालीन व्यवहार हो और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।

निरीक्षण के दौरान डीएसपी  रुपाली रॉय, थाना प्रभारी विनोद कुमार सहित थाने के समस्त उपनिरीक्षक और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। एसपी देहात के इस औचक निरीक्षण से थाना पुलिस में हड़कंप की स्थिति रही ।
झारखंड बंद का असर, आदिवासी संगठन कोई लीपापोती नहीं, सोमा मुंडा के हत्यारों का गर्दन चाहिए़ - निशा भगत

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रांची : झारखंड में बेखौफ है अपराधि आए दिन किसी को उठा लेते हर तो किसी को मार देते है। ऐसी ही एक घटना खूंटी जिला में हुई थी जहां अपराधियों ने आदिवासी नेता सह पड़हा राजा सोमा मुंडा की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी। जिसके बाद अगले ही दिन खूंटी बंद रहा, आदिवासी संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया। लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। इधर आदिवासी संगठन विरोध जताते हुए आज झारखंड बंद का आवाहन किया है। आज सुबह ही कुछ जगह पर इसका विरोध प्रदर्शन देखने को मिला वही कुछ जगहों पर सामान्य गाड़िया चलती रही। दोपहर 1 बजे अल्बर्ट एक्का चौक पर लोग बंद कराने सड़क पर उतरे। इस बीच निशा भगत भी अपने समर्थकों के साथ सड़क पर उतरी। इस बीच आम लोगों से भी उलझी..

इस बीच निशा भगत ने सोमा मुंडा हत्याकांड में कहा कि लीपापोती नहीं हमें इंसाफ चाहिए आदिवासी संगठन की यही मांग है। हेमंत सरकार को भी खरीखौटी सुनाई और आदिवासी विरोधी बताया।

अन्य जिला की बात करे तो खूंटी और चाईबासा में सुबह होते ही बंद समर्थक सड़कों पर उतर गये और ट्रैफिक सिस्टम को ठप कर दिया। रांची में बस टर्मिनल सुनसान रहा। खूंटी सिमडेगा तोड़पा के लिए बसे बंद रही वहां जाने वाले यात्री परेशान रहे। वही लंबी दूरी जो राज्य से बाहर जाती है उसमें में यात्रियों की संख्या कम रही। आदिवासी संगठनों के द्वारा झारखंड बंद बुलाने का मिलाजुला असर देखने को मिला है।

मौनी अमावस्या स्नान पर्व की तैयारियों को लेकर प्रयागराज जंक्शन पर समीक्षा बैठक।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला–2026 के प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं एवं यात्रियों की सुविधा सुरक्षा तथा प्रभावी भीड़ प्रबन्धन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज दिनांक 17 जनवरी 2026 को मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज रजनीश अग्रवाल की अध्यक्षता में प्रयागराज जंक्शन स्थित मेला कंट्रोल रूम में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में प्रयागराज जंक्शन, सूबेदारगंज, नैनी जंक्शन एवं प्रयागराज छिवकी सहित प्रमुख स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था, यात्री आवागमन एवं भीड़ नियंत्रण से सम्बंधित व्यवस्थाओ की विस्तार से समीक्षा की गई।

इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक सामान्य दीपक कुमार अपर मंडल रेल प्रबंधक परिचालन मो. मुबश्शिर वारिस वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक समन्वय आकांशु गोविल वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त विजय प्रकाश पंडित वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबन्धक कोचिंग हरिमोहन स्टेशन निदेशक प्रयागराज जंक्शन वी.के. द्विवेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान मंडल रेल प्रबंधक ने मौनी अमावस्या पर्व पर संगम स्नान हेतु आने वाले श्रद्धालुओं की सुगम एवं सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए तैयार की गई योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।कलर कोडिंग व्यवस्था एकतरफा यात्री आवागमन (यूनिडायरेक्शनल मूवमेंट) तथा आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई।

स्टेशन परिसर,प्लेटफॉर्म,प्रवेश एवं निकास द्वार,टिकट काउंटर,प्रतीक्षालय तथा सर्कुलेटिंग एरिया में सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा करते हुए सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता,पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ट्रेनों के आगमन-प्रस्थान के समय प्लेटफॉर्म ड्यूटी,महिला यात्रियो की सुरक्षा यात्रियो के सामान की निगरानी तथा संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया।

मंडल रेल प्रबंधक ने आरपीएफ एवं जीआरपी को सिविल प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए और कहा कि संयुक्त प्रयासों से ही यात्रियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं निर्बाध यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है। बैठक में मौनी अमावस्या पर्व के दौरान प्रभावी भीड़ नियंत्रण एवं असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।

मेला कंट्रोल रूम के सीसीटीवी कक्ष से प्रयागराज क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों एवं सिविल क्षेत्रों की लाइव मॉनिटरिंग के माध्यम से त्वरित नियंत्रण एवं निर्देश प्रणाली को प्रभावी रूप से स्थापित किया गया है,जिससे किसी भी आपात स्थिति में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

करनैलगंज में अलाव जलवाने के नाम पर खानापूर्ति,रेलवे स्टेशन के पास नहीं जला अलाव
ठंड से ठिठुरते रहे लोग, प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल

गोंडा(करनैलगंज)। भीषण ठंड के बीच नगर पालिका परिषद कर्नलगंज की अलाव व्यवस्था की पोल एक बार फिर खुल गई है। शासन व उच्चाधिकारियों के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद नगर क्षेत्र के प्रमुख सार्वजनिक स्थल रेलवे स्टेशन करनैलगंज के पास शुक्रवार रात अलाव नहीं जलाया गया।

रात लगभग 8:06 बजे की स्थिति ने प्रशासन के दावों को पूरी तरह झुंठला दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार स्टेशन परिसर व आसपास देर रात तक कोई अलाव नहीं जलाया गया, जिससे यात्रियों, राहगीरों व ठेला-पटरी लगाने वालों को ठंड में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग ठिठुरते रहे और जिम्मेदार अधिकारी नदारद दिखाई दिए। नगर पालिका द्वारा प्रतिदिन नियमित अलाव जलाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आई। सूत्रों का कहना है कि कई स्थानों पर अलाव केवल कागजों और रजिस्टरों में जल रहे हैं, जबकि मौके पर व्यवस्था पूरी तरह फेल है।

अलाव जलवाने के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका भी सामने आ रही है। ठंड से राहत के लिए स्वीकृत बजट आखिर कहां खर्च हो रहा है, यह बड़ा सवाल बन गया है। नाम न छापने की शर्त पर नगर पालिका के कुछ कर्मचारियों ने बताया कि अधिकारियों के निर्देश पर चुनिंदा जगहों पर ही अलाव जलवाया जाता है। कई स्थानों पर लकड़ी, पेट्रोल या केरोसिन जैसी आवश्यक सामग्री तक उपलब्ध नहीं कराई जाती, जिससे अलाव जलाना संभव नहीं हो पाता है।

उच्चाधिकारियों के निर्देशों के बावजूद नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर कोई असर नहीं दिख रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो ठंड के चलते किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता। इस संबंध में जानकारी लेने के लिए एसडीएम करनैलगंज के सीयूजी नंबर पर संपर्क किया गया, लेकिन फोन नेटवर्क क्षेत्र से बाहर बताया गया। अब देखना यह है कि प्रशासन इस लापरवाही पर क्या कार्रवाई करता है और ठंड से जूझ रही जनता को कब राहत मिलती है।
मा. न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने किया वन्दे मातरम् चित्रकला कार्यशाला का भव्य उद्घाटन

संयोजक कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा तथा मेंटोर डॉ सचिन सैनी के निर्देशन में शुरू हुई कला कार्यशाला

संजय द्विवेदी,प्रयागराज।न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश दिवस के अतर्गत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में वंदे मातरम पर आधारित चित्रांकन हेतु तीन दिवसीय वंदे मातरम कला कार्यशाला का उद्घाटन माघ मेले के संस्कार भारती शिविर में फीता काटकर एवं कैनवस पर चित्रण करके भव्य उद्घाटन किया और कहां कि वंदे मातरम बोलने मात्र से ही शरीर में देशभक्ति की भावना की लहर दौड़ जाती है।

कार्यशाला के संयोजक सुविख्यात कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा ने मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति एवं विशिष्ट अतिथि ज्योति मिश्रा का स्वागत अंग वस्त्र एवं पुष्पदान से किया।महामंत्री विभव शंकर मिश्रा ने कलाकारो का उत्साह वर्धन किया।कार्यशाला के मेंटोर असिस्टेंट प्रो.डॉ.सचिन सैनी के निर्देशन में चित्रकार शुभम कुशवाहा सौरभ सोनी सर्वेश पटेल प्रिया सिंह एवं युग सिंह वन्दे मातरम थीम पर स्केचिंग की शानदार शुरुआत की उत्तर प्रदेश सरकार राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ सुनील विश्वकर्मा उपाध्यक्ष गिरीशचद्र मिश्र व निदेशक अमित कुमार अग्निहोत्री ने संयोजक रवीन्द्र कुशवाहा को बधाई दी।उद्घाटन।

अवसर पर संस्कार भारतीय प्रयागराज के पदाधिकारी दीपक शर्मा सुशील राय योगेन्द्र मिश्र विश्वबन्धु ज्योति मिश्रा विभव मिश्रा ने कलाकारों के ड्राइंग की तारीफ की।

दादी-पोते की एक साथ उठी अर्थी
* पोते की मौत के सदमे से दादी ने तोड़ा दम,दो दिन पूर्व सूखे तालाब में मिला था शव

सुल्तानपुर। सुल्तानपुर में पोते की मौत के सदमे से दादी की भी जान चली गई। शनिवार दोपहर को दादी और पोते की अर्थी एक साथ उठी, जिससे पूरे गांव में शोक का माहौल छा गया। कादीपुर विधायक राजेश गौतम ने पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की और 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।
दोस्तपुर के बभनझ्या पश्चिम निवासी 39 वर्षीय गुड्डू गौतम 2 जनवरी की सुबह 7 बजे से लापता थे। परिजनों ने दोस्तपुर थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने गुड्डू की तलाश में पोस्टर भी जारी किए थे, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।
गुरुवार को गुड्डू का शव घर से लगभग दो सौ मीटर दूर एक सूखे तालाब में मिला। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शुक्रवार शाम पोस्टमार्टम के बाद गुड्डू का शव घर पहुंचा। अंधेरा होने के कारण परिजनों ने शनिवार को अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। रात भर परिजन शव के पास बैठे रहे। इसी दौरान, मृतक की 75 वर्षीय दादी द्रोपदी देवी रात को सोईं और सुबह नहीं उठ पाईं। परिजनों का मानना है कि पोते की मौत के सदमे से ही उनकी जान गई है।
विधायक राजेश गौतम ने घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। दोपहर में दोनों शवों को ऊष्मा घाट ले जाया गया, जहां मृतक गुड्डू के भतीजे राम कुमार ने दादी और पोते दोनों को मुखाग्नि दी। इस दौरान पूर्व नगर पंचायत सभासद राजेश त्रिपाठी, नगर सपा पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रमाशंकर पाठक, भीम आर्मी जिला अध्यक्ष रमेश सोनकर, सब इंस्पेक्टर अनूप सिंह, सब इंस्पेक्टर सियाराम और कांस्टेबल आनंद सिंह व योगेंद्र सहित कई लोग मौजूद रहे।
मृतक गुड्डू कस्बे में ठेले पर सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी असामयिक मृत्यु से उनकी पत्नी किरण, बेटियों खुशी, दीपांशी, तान्या और बेटे आकृत का बुरा हाल है।
एनएच-33 पर 'महाजाम': बुंडू टोल प्लाजा पर 5 घंटे तक फंसी रहीं हजारों गाड़ियां, पानी-भोजन को तरसे यात्री।

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रांची: आदिवासी नेता सोमा मुंडा की हत्या के खिलाफ आदिवासी संगठनों के झारखंड बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला है. खूंटी और चाईबासा में सुबह होते ही बंद समर्थक सड़कों पर उतर गये और ट्रैफिक सिस्टम को ठप कर दिया. वहीं दिन चढ़ते ही कई अन्य जिलों में भी बंद समर्थक सड़कों पर आ गये. इसकी वजह से आम यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. सबसे ज्यादा खराब स्थिति जमशेदपुर-रांची एनएच पर दिखी. इसकी वजह से टोल प्लाजा के दोनों ओर एनएच पर हजारों गाड़ियां जाम में फंस गई. एनएच पर जाम का सिलसिला करीब 5 घंटे तक चला. सुबह करीब 11 बजे प्रदर्शनकारी टोल प्लाजा पहुंचे और प्रदर्शन कर लगे. इसकी वजह से जाम लग गया.

बुंडू टोल प्लाजा की घेराबंदी से यात्री रहे परेशान

इस दौरान बुंडू के एसडीएम, डीएसपी, सीओ और थाना प्रभारी लोगों को समझाते रहे. अंत में करीब 5 घंटे बाद 3 बजकर 20 मिनट के करीब प्रदर्शनकारी टोल प्लाजा से हट गये. अब एनएच पर गाड़ियों का आवाजाही शुरु हो गई है. लेकिन पांच घंटे तक जाम की वजह से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. आम यात्री पानी और भोजन के लिए तरसते रहे. क्योंकि बुंडू नगर पंचायत की दुकानें बंद थीं. हालांकि इस दौरान सिर्फ एंबुलेंस और सेना की गाड़ी को जाने दिया जा रहा था.

एक महिला यह कहकर जाने देने की दरख्वास्त करती रहीं कि उनके ससुर की मृत्यु हो गई है. उनको घर पहुंचना बेहद जरूरी है. लेकिन प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नहीं थे. इस दौरान एक महिला सड़क पर ही रोने लगीं. उनको रांची में फ्लाइट पकड़ना था. काफी मनुहार के बाद उन्हें जाने दिया गया. प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कहा कि उनके पड़हा राजा की दिनदहाड़े हत्या हुई है. आदिवासी अस्मिता खतरे में है. अभी तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई है. पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला है. इसलिए यात्रियों की परेशानी से वाकिफ होने के बावजूद ऐसा करना पड़ रहा है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिना रोड जाम किए हमारी आवाज सरकार तक नहीं पहुंचेगी.

प्रशासन जाम हटाने के लिए करता रहा आग्रह

बुंडू टोल प्लाजा पर जाम लगते ही बुंडू के एसडीएम क्रिस्टोफर कुमार बेसरा, बुंडू के डीएसपी ओमप्रकाश, थाना प्रभारी रामकुमार वर्मा, अंचल अधिकारी हंस हेंब्रम पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंच गये थे. इस दौरान बंद समर्थकों को लगातार समझाने की कोशिश की जाती रही. लोगों को समझाने में करीब 5 घंटे लग गये. तबतक यात्री जाम में फंसे रहे. एसडीएन ने बताया कि ग्रामीणों ने एक ज्ञापन दिया है. सोमा मुंडा के परिवार को सरकारी नौकरी देने, फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए अपराधियों को सजा दिलाने, पांच करोड़ रु. बतौर मुआवजा देने की मांग की गई है. उन्होंने बताया कि मांगों से सरकार को अवगत कराया जाएगा.

दरअसल, 7 जनवरी को खूंटी में जमुवादाग के पास आदिवासी नेता सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों ने 8 जनवरी को खूंटी बंद किया था, जिसका व्यापक असर दिखा था. खूंटी पुलिस इस मामले सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. पुलिस ने हत्या के पीछे जमीन विवाद को कारण बताया था. लेकिन आदिवासी संगठनों का कहना है कि अबतक शूटर और मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है.