रेल क्रॉस सोसाइटी की बैठक जिलाधिकारी ने ली
फर्रुखाबाद l इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा की मासिक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में वर्ष 2025-26 के दौरान रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा संचालित गतिविधियों एवं जनहित से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा आगामी कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि रेड क्रॉस सोसाइटी सेवा, आपदा प्रबंधन एवं स्वास्थ्य संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने निर्देशित किया कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं एवं जागरूकता कार्यक्रमों का लाभ पहुंचाने के लिए रेड क्रॉस की गतिविधियों को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाया जाए।
बैठक के दौरान जनपद के सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों तथा नर्सिंग होम को रेड क्रॉस सोसाइटी का संस्थागत सदस्य बनाए जाने का निर्णय लिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं, रक्तदान, आपदा प्रबंधन एवं जनसेवा कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा रेड क्रॉस की गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित किया जा सकेगा।
विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी द्वारा जनपद के समस्त विद्यालयों में एनीमिया स्क्रीनिंग एवं निःशुल्क मेडिकल कैंप आयोजित कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि बच्चों में खून की कमी की समय रहते पहचान कर उपचार सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनका शारीरिक एवं मानसिक विकास प्रभावित न हो।
बैठक में एनीमिया एवं टीबी के प्रति व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों पर एनीमिया जागरूकता से संबंधित विशेष काउंटर स्थापित किए जाएं तथा पोस्टर एवं प्रचार सामग्री के माध्यम से आमजन को जागरूक किया जाए। साथ ही टीबी उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने हेतु स्वास्थ्य विभाग एवं रेड क्रॉस के संयुक्त प्रयासों पर बल दिया गया।
बैठक के दौरान राम मनोहर लोहिया अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में ब्लड स्टोरेज एवं जांच संबंधी अनियमितताओं की प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी द्वारा तत्काल जांच के आदेश दिए गए। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया कि मामले की विस्तृत जांच कर 7 दिवस के भीतर आख्या प्रस्तुत की जाए तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इसके अतिरिक्त रेड क्रॉस स्वयंसेवकों की सिविल डिफेंस टीम गठित करने एवं बालिकाओं हेतु आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम शीघ्र प्रारंभ करने पर भी सहमति बनी। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा अथवा आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। साथ ही बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं जागरूक बनाया जाएगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला विद्यालय निरीक्षक, सिविल डिफेंस चीफ वार्डन सहित रेड क्रॉस सोसाइटी के उप सभापति शीश मेहरोत्रा, डॉ० प्रशांत श्रीवास्तव,  कौशल्या गिरी, आयुषीमेंद्र परिहार, अमित सक्सेना एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
बेशकीमती जमीनों पर भूमाफियाओं की निगाहें टिकी,कब्जा कर उसे धीरे-धीरे बेचने में जुटी, प्रशासन भी विराम लगाने में लाचार क्यों *
सूबे में योगी आदित्यनाथ की सरकार के बावजूद सुल्तानपुर में भूमाफियों के हौसले बुलंद हैं। हाल ये है कि भूमाफियाओं ने राजस्व विभाग की मिलीभगत से खंड 16 नहर ही पाटकर जमीन में मिला लिया अब उसकी प्लाटिंग कर धीरे धीरे बेचकर ग्राहकों को चूना लगाया जा रहा है। हैरानी इस बात की है कि पूर्व में नहर विभाग को जब इस बात की सूचना मिली तो नहर विभाग,राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर जांच करने पहुंची, लेकिन दबंग भूमाफियों ने वहां बवाल कर लिया। पुलिस के साथ रहने के बावजूद टीम को बिना नापजोख के बैरंग वापस लौटना पड़ा। ऐसे में भूमाफिया सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की साख पर बट्टा लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। दरअसल ये मामला है ये गोसाईगंज थानाक्षेत्र के तियरी मछरौली गांव का, इसी गांव से शारदा सहायक खंड 16 की नहर निकली हुई है। आरोप है कि इसी गांव के रहने वाले कुछ दबंग भूमाफियों ने शारदा सहायक खंड 16 की नहर को गांव की पुलिया के बाद जमींडोंज कर दिया और प्लाट में मिलाकर उसका ग्राहकों को बैनामा कर बेचना शुरू कर दिया। हैरानी इस बात की पिछले दिनों इस बात की जानकारी जब खंड 16 के आलाधिकारियों को लगी तो उन्होंने राजस्व, पुलिस और विभाग की संयुक्त टीम भेज कर नहर की माप करवाने पहुंचे। टीम को पहुंचा देख भूमाफियाओं ने विवाद शुरू कर दिया और जांच टीम माप से पहले ही खदेड़ लिया। बेचारे डरे सहमे खंड 16 की टीम को मौके से भागना पड़ा। इसी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसपर पुलिस ने बहुत हल्के में बता कर मामले को रफा दफा कर दिया। सूत्रों की माने तो राजस्व विभाग की टीम इन भूमाफियाओं से मिली हुई है, जांच टीम पहुंचने से पहले ही दबंग भूमाफियाओं को सूचना मिल जाती है। ऐसे में वे सभी एकत्रित होकर विवाद शुरू कर देते हैं। बहरहाल अब ये मामला जिले के तेज तर्रार जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह के संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने इसके लिए प्लान भी तैयार कर लिया है,ऐसे भूमाफियाओं के लिए उन्हें अलग क्षेत्र की टीम भेज कर जांच करवानी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी किया जा सके और सरकार की साख पर बट्टा लगाने वालों पर शिकंजा कस कर कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए, ताकि ऐसा कारनामा करने वालों के लिए नजीर बन जाए।
अधिवक्ता के घर चोरों का हमला, फायरिंग करने से दो भतीजे घायल, लोहिया में भर्ती, एसपी ने कहा गिरफ्तार दोनों चोर शातिर अपराधी
अमृतपुर- फर्रुखाबाद l थाना राजेपुर क्षेत्र के ग्राम कुईयां निवासी अधिवक्ता राजेश पाठक के घर चोरो नें अचानक बीती रात हमला बोल दिया  जहां उनके दो भतीजो पर चोरो नें हमला कर दिया। एक भतीजा गोली लगने से घायल हो गया व दूसरे भतीजे को भी राड आदि से हमला करने पर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं दोनो घायलों को लोहियाअस्पताल में भर्ती किया गया | पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है | शहर के मोहल्ला मित्तूकूंचा निवासी अधिवक्ता राजेश पाठक का पैतृक मकान थाना राजेपुर के ग्राम कुईयां में हैं | जहां उनके अन्य परिजन रहते हैं | बीती रात राजेश पाठक के बड़े भाई स्वर्गीय देवेश पाठक के मकान पर चोरों नें हमला बोल दिया | दूसरी मंजिल पर उन्होने चोरी की घटना को अंजाम देकर लाखों की नकदी व जेबरात पार कर दिये | उसी दौरान छत पर सो रहे राजेश पाठक के भतीजे  भानु पाठक(30) व  वैभव पाठक(34) खटपट की आवाज सुनकर जाग गये। जिस पर चोर भानू को दूसरी मंजिल पर बंद कर फरार हो गए। मिली जानकारी के मुताबिक भानू कमरे से कूदकर भागा तो बढ़माशों नें फायर कर दिया और गोली भानू के कंधे में  लगी| इसी के साथ ही बदमाशों नें वैभव पर भी लोहे की रॉड से हमला बोल दिया | जिससे वैभव के चेहरे पर भी गंभीर चोटें आयी हैं | दोनों घायलों को सुबह लगभग 6 बजे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया| चोरों की जानकारी होने पर ग्रामीणों नें दौड़कर दो चोरो को पकड़ लिया | राजेश पाठक नें बताया कि चोरो के पास से दो तमँचा व कारतूस, चाकू व राड़ आदि घातक सामान मिला है | सूचना मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रीश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर आये और जाँच पड़ताल की | पुलिस कप्तान ने बताया कि चोर शातिर किस्म के हैं इनके ऊपर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं पकड़े गए चोर सीतापुर के बताए गए हैं। पुलिस मामले की जाँच में जुटी है | राजेश पाठक पूर्व सपा विधायक विजय सिंह के करीबियों में गिने जातेहैं |
भदोही सांसद विनोद बिंद ई-रिक्शा से अस्पताल पहुंचे: ऊर्जा संरक्षण का संदेश दिया, नागरिकों से ईंधन बचाने की अपील
नितेश श्रीवास्तव


भदोही ‌। भदोही से भाजपा सांसद विनोद बिंद ने ऊर्जा संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने अपने काफिले को छोड़कर चंदौली के कैलाशपुरी स्थित आवास से 5 किलोमीटर दूर अलीनगर स्थित अपने अस्पताल तक पहुंचने के लिए ई-रिक्शा (टोटो) का उपयोग किया।
सुबह 10 बजे मुगलसराय में सांसद विनोद बिंद को ई-रिक्शा में यात्रा करते देख राहगीरों और दुकानदारों ने उनका अभिवादन किया। यह कदम ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया था।
सांसद बिंद ने कहा कि यदि लोग छोटी दूरी के लिए साइकिल, ई-रिक्शा और अन्य बैटरी चालित वाहनों का उपयोग करें, तो पेट्रोल-डीजल की खपत में काफी कमी लाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि देश वर्तमान में ऊर्जा संकट, बढ़ती ईंधन खपत और पर्यावरण प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है।
उन्होंने प्रत्येक नागरिक से ऊर्जा संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आग्रह किया। सांसद ने जोर दिया कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके बड़े सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरित ऊर्जा, आत्मनिर्भर भारत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
सांसद ने बताया कि सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और ऊर्जा दक्ष तकनीकों को बढ़ावा देकर देश को स्वच्छ और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से ईंधन बचत में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। गौरतलब है कि आमतौर पर सांसद बिंद के काफिले में चार वाहन शामिल होते थे।
प्यास बुझाने की कीमत बनी हैवानियत, दलित किशोर को जूते में पानी पिलाकर बेरहमी से पीटा
कानपुर । कानपुर के सचेंडी इलाके से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां प्यास से परेशान एक दलित किशोर को ऊंची जाति के युवक की बाल्टी से पानी पीना इतना भारी पड़ गया कि उसे अमानवीय यातनाएं दी गईं। आरोप है कि दबंग युवकों ने पहले किशोर को निर्वस्त्र किया, फिर बेरहमी से पीटा और जूते में पानी भरकर जबरन पिलाया।
पीड़ित के पिता के मुताबिक घटना 2 मई की रात की है। उनका 16 वर्षीय बेटा खेत पर काम कर रहा था। प्यास लगने पर वह पास में रखी सरकारी पानी की टंकी के पास पहुंचा और वहां रखी बाल्टी से पानी पी लिया। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर गांव के संजय राजपूत, उसके भाई दीपक और दो अन्य युवक सागर व पटिया वहां पहुंच गए।
परिजनों का आरोप है कि चारों ने किशोर को जातिसूचक गालियां दीं और उसके कपड़े उतरवा दिए। इसके बाद उसे मुर्गा बनाकर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पीटा गया। मारपीट में किशोर का हाथ टूट गया। आरोपियों ने जूते पर थूककर उसे चटवाया और फिर उसी जूते में पानी भरकर जबरन पिलाया।
घटना के दौरान शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए। घायल किशोर को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
मामले में पीड़ित परिवार की तहरीर पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
मनोज पंड्या की नई पहल ‘गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट’ देगी कलाकारों को ग्लोबल पहचान


भारत हमेशा से प्रतिभाओं की भूमि रहा है। यहाँ हर शहर, हर कस्बे और हर गाँव में कोई न कोई कलाकार अपने सपनों को सच करने की कोशिश में लगा हुआ है। कोई अपनी आवाज़ से लोगों के दिल जीतना चाहता है, कोई अभिनय के माध्यम से पहचान बनाना चाहता है, तो कोई डांस और कॉमेडी के जरिए दुनिया में अपनी अलग जगह बनाना चाहता है। लेकिन कई बार सही मंच और सही मार्गदर्शन के अभाव में ऐसी प्रतिभाएँ भीड़ में कहीं खो जाती हैं। इसी सोच के साथ “गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट” (GIFT Studios Entertainment) एक नई उम्मीद और नए अवसरों के साथ सामने आया है।

ग्रेट इंडिया फिल्म टेलीविज़न (Great India Film Television) की इस नई पहल का उद्देश्य केवल कलाकारों को काम देना नहीं, बल्कि उन्हें एक नई पहचान दिलाना है। फिल्म, टेलीविज़न, वेब सीरीज़, म्यूज़िक वीडियो, विज्ञापन और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में अपनी रचनात्मकता और गुणवत्ता के लिए जाना जाने वाला गिफ्ट अब भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर की नई प्रतिभाओं के लिए एक मजबूत मंच बनने जा रहा है।

गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट की स्थापना इंडस्ट्री के अनुभवी और सम्मानित व्यक्तित्व मनोज पंड्या द्वारा की गई है। भारतीय फिल्म और टेलीविज़न इंडस्ट्री में उनका 30 वर्षों से अधिक का अनुभव रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में की थी और फिर डायरेक्टर तथा प्रोड्यूसर के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। इस लंबे सफर में उन्होंने अनेक फिल्मों, टीवी सीरियल्स, विज्ञापनों और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। उनका अनुभव और रचनात्मक सोच ही गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है।

मनोज पंड्या का मानना है कि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन अक्सर कलाकारों को सही दिशा, सही मंच और इंडस्ट्री की समझ नहीं मिल पाती। यही वजह है कि गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट कलाकारों को केवल अवसर ही नहीं, बल्कि प्रोफेशनल ट्रेनिंग, क्रिएटिव गाइडेंस और इंडस्ट्री एक्सपोज़र भी प्रदान करेगा। कंपनी का उद्देश्य नए कलाकारों को इस तरह तैयार करना है कि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

आज के दौर में डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स ने मनोरंजन की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है। OTT प्लेटफ़ॉर्म्स, सोशल मीडिया और ग्लोबल स्ट्रीमिंग नेटवर्क्स ने कलाकारों के लिए नई संभावनाओं के दरवाजे खोल दिए हैं। अब किसी कलाकार का सपना सिर्फ एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं रह गया है। अगर प्रतिभा और मेहनत हो, तो दुनिया के किसी भी कोने तक पहुँचना संभव है। गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट इसी नई सोच और नए दौर के साथ आगे बढ़ रहा है।

यह मंच उन सभी लोगों के लिए खुला है जिनके अंदर कुछ अलग करने का जुनून है। चाहे आप सिंगर हों, डांसर, अभिनेता, स्टैंड-अप कॉमेडियन या डिजिटल कंटेंट क्रिएटर — गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना चाहता है। कंपनी का मानना है कि हर कलाकार के अंदर एक खास पहचान होती है, जिसे सही दिशा और सही मंच मिल जाए तो वह लाखों लोगों के दिलों तक पहुँच सकता है।

गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट केवल एक एंटरटेनमेंट कंपनी नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए एक प्रेरणा बनकर उभर रहा है। यह पहल उन युवाओं को आत्मविश्वास देने का काम करेगी जो बड़े सपने तो देखते हैं, लेकिन सही मौके के अभाव में आगे नहीं बढ़ पाते। कंपनी का उद्देश्य ऐसे कलाकारों को मंच देना है जो अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर कुछ बड़ा करना चाहते हैं।

मनोरंजन उद्योग तेजी से बदल रहा है और दर्शक अब नए चेहरों और नई कहानियों को पसंद कर रहे हैं। ऐसे समय में गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट जैसे प्लेटफ़ॉर्म्स की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यह मंच न केवल कलाकारों को अवसर देगा, बल्कि उन्हें एक प्रोफेशनल माहौल में काम करने का अनुभव भी प्रदान करेगा।

गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट का विज़न भारत की प्रतिभाओं को वैश्विक स्तर तक पहुँचाना है। कंपनी भविष्य में ऐसे प्रोजेक्ट्स पर काम करने की तैयारी कर रही है जो भारतीय संस्कृति, कला और रचनात्मकता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिला सकें। इसके साथ ही कलाकारों को बड़े प्रोजेक्ट्स, प्रोफेशनल नेटवर्क और ग्लोबल ऑडियंस तक पहुँचाने का भी लक्ष्य रखा गया है।

आज जब पूरी दुनिया डिजिटल माध्यमों से जुड़ी हुई है, तब प्रतिभा को सीमाओं में बाँधना संभव नहीं है। ऐसे में गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट एक ऐसे प्लेटफ़ॉर्म के रूप में उभर रहा है जो सपनों को सिर्फ दिखाता नहीं, बल्कि उन्हें सच करने का रास्ता भी देता है।

अगर आपके अंदर कला है, मेहनत है और कुछ बड़ा करने का सपना है, तो यह आपके लिए सही समय हो सकता है। गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट एक स्पष्ट संदेश दे रहा है — अब दुनिया आपकी प्रतिभा को देखेगी, सुनेगी और पहचानेगी।

गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट — जहाँ सपने सिर्फ देखे नहीं जाते, उन्हें सच बनाया जाता है।

पूर्वांचल और महाराष्ट्र के बीच सदियों पुराना नाता :  देवेंद्र फडणवीस

राहुल लल्लन तिवारी समेत 9 विभूतियों को माटी सम्मान

मुंबई। पूर्वांचल की संस्कृति और विरासत से जुड़ी संस्था माटी द्वारा 16 मई को मुंबई विश्वविद्यालय, कालीना के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में पूर्वांचल महोत्सव में माटी 9 का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें पूर्वांचल में रचनात्मक और प्रेरणादायक काम कर रहे 9 विभूतियों का सम्मान किया गया। देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के सचिव राहुल लल्लन तिवारी को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों माटी सम्मान प्रदान किया गया। उनके अलावा ठाकुर एजुकेशनल ट्रस्ट के चेयरमैन वी के सिंह, पश्चिम रेलवे के जनरल मैनेजर रामआसरे पांडे, वरिष्ठ समाज सेवी शारदा प्रसाद सिंह, डॉ अशोक यादव, अजय हरिनाथ सिंह, फिल्म अभिनेता कुशाल टंडन, राज सिंह और श्रीमती शैलेश श्रीवास्तव को यह सम्मान प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र और पूर्वांचल के बीच सदियों पुराना रिश्ता है। भगवान राम ने वनवास के समय नासिक के पंचवटी में ही सबसे अधिक दिन व्यतीत किया था। उन्होंने कहा कि शिव की नगरी काशी, राम की नगरी अयोध्या और महाकुंभ की धरती प्रयागराज से महाराष्ट्र का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंध रहा। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सम्मानित अतिथि के रूप में महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार, पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह, वरिष्ठ समाजसेवी तथा उद्योगपति ज्ञान प्रकाश सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा सांसद जगदंबिका पाल ने किया। इसके पहले अलग-अलग सत्रों में अलग-अलग प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए गए। सुप्रसिद्ध गायिका मालिनी अवस्थी ने भी पूर्वांचल की धरती से जुड़े गीतों की प्रस्तुति की। परिचर्चा सत्र में पूर्व कस्टम आयुक्त पंकज सिंह तथा केईएम अस्पताल के डीन डॉ हरीश पाठक ने पूर्वांचल के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर विषय पर व्याख्यान दिया। माटी संस्था के अध्यक्ष आसिफ आजमी ने अतिथियों का परिचय एवं स्वागत किया। इस अवसर पर उपस्थित अन्य प्रमुख लोगों में विधायक राजहंस सिंह,श्री सिद्धिविनायक मंदिर के कोषाध्यक्ष तथा मुंबई भाजपा महामंत्री आचार्य पवन त्रिपाठी, मुंबई भाजपा प्रवक्ता उदय प्रताप सिंह, मीरा भायंदर महानगरपालिका परिवहन समिति के चेयरमैन एडवोकेट राजकुमार मिश्र, डॉ राजेंद्र सिंह, देवेंद्र तिवारी, दीपक सिंह, एडवोकेट विनोद पाठक, हितेश सिंह, अर्जुन सिंह, पत्रकार राजकुमार सिंह, पत्रकार शिवपूजन पांडे, अमर त्रिपाठी आदि का समावेश रहा।
लखनऊ पीजीआई की कैंटीन में ‘जंक फूड कल्चर’ पर उठे सवाल
* मरीजों और तीमारदारों के बीच मैगी व प्रोसेस्ड फूड की भरमार, हेल्दी फूड व्यवस्था की मांग तेज
लखनऊ। संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के (पीजीआई) की कैंटीन में खुलेआम बिक रहे मैगी और अन्य प्रोसेस्ड फूड को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल परिसर स्थित एक कॉफी कॉर्नर में वेज, चीज, बटर, तंदूरी और डबल मसाला मैगी समेत कई वैरायटी का मेन्यू सामने आने के बाद तीमारदारों और स्वास्थ्य जागरूक लोगों ने नाराजगी जताई है।
लोगों का कहना है कि जहां डॉक्टर मरीजों को संतुलित और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह देते हैं, वहीं अस्पताल परिसर में जंक फूड और इंस्टेंट फूड को बढ़ावा दिया जाना विरोधाभासी स्थिति पैदा करता है। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के बीच ऐसे खाद्य पदार्थों की उपलब्धता को लेकर कई लोगों ने सवाल खड़े किए हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अत्यधिक प्रोसेस्ड और हाई-सोडियम वाले खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसके बावजूद अस्पताल कैंटीनों में हेल्दी विकल्पों की तुलना में इंस्टेंट फूड की अधिक उपलब्धता चिंता का विषय मानी जा रही है।
तीमारदारों का कहना है कि पीजीआई जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में सस्ती पौष्टिक थाली, ताजे फल, सलाद और हेल्दी स्नैक्स जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अस्पताल प्रशासन से कैंटीन नीति की समीक्षा करने और “हेल्दी फूड सिस्टम” लागू करने की मांग की है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प उपलब्ध कराए जा सकें।
लखनऊ पीजीआई की कैंटीन में ‘जंक फूड कल्चर’ पर उठे सवाल

मरीजों और तीमारदारों के बीच मैगी व प्रोसेस्ड फूड की भरमार, हेल्दी फूड व्यवस्था की मांग तेज

लखनऊ। संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के (पीजीआई) की कैंटीन में खुलेआम बिक रहे मैगी और अन्य प्रोसेस्ड फूड को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल परिसर स्थित एक कॉफी कॉर्नर में वेज, चीज, बटर, तंदूरी और डबल मसाला मैगी समेत कई वैरायटी का मेन्यू सामने आने के बाद तीमारदारों और स्वास्थ्य जागरूक लोगों ने नाराजगी जताई है।

लोगों का कहना है कि जहां डॉक्टर मरीजों को संतुलित और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह देते हैं, वहीं अस्पताल परिसर में जंक फूड और इंस्टेंट फूड को बढ़ावा दिया जाना विरोधाभासी स्थिति पैदा करता है। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के बीच ऐसे खाद्य पदार्थों की उपलब्धता को लेकर कई लोगों ने सवाल खड़े किए हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अत्यधिक प्रोसेस्ड और हाई-सोडियम वाले खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसके बावजूद अस्पताल कैंटीनों में हेल्दी विकल्पों की तुलना में इंस्टेंट फूड की अधिक उपलब्धता चिंता का विषय मानी जा रही है।

तीमारदारों का कहना है कि पीजीआई जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में सस्ती पौष्टिक थाली, ताजे फल, सलाद और हेल्दी स्नैक्स जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अस्पताल प्रशासन से कैंटीन नीति की समीक्षा करने और “हेल्दी फूड सिस्टम” लागू करने की मांग की है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प उपलब्ध कराए जा सकें।

अस्पतालों में इलाज के अभाव में मरीजों की हो रही मौतें राज्य सरकार की विफलता- अविनेश


भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह ने झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह बदहाल बताते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड का स्वास्थ्य महकमा खुद अस्वस्थ और आईसीयू में जा चुका है। इस विभाग को पहले खुद इलाज की जरूरत है।

श्री सिंह ने कहा कि झारखंड में ध्वस्त स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर हाल ही में केंद्रीय मंत्रालय द्वारा यहां के स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर विभाग की नाकामियों के संबंध में आईना दिखाया गया है। झारखंड के अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली जांच सुविधाएं तय मानक से काफी पीछे है।

श्री सिंह ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाएं, दवा घोटाले, डॉक्टरों की कमी और इलाज के अभाव में हो रही मौतें सरकार की विफलता को उजागर करती हैं। सरायकेला-खरसावां के राजनगर में मोबाइल की रोशनी में प्रसव के दौरान मां और नवजात शिशु की मौत की घटना को अत्यंत दुखद और शर्मनाक बताया। यह घटना राज्य की चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था का स्पष्ट उदाहरण है। यहां ग्रामीण अस्पतालों में न पर्याप्त बिजली व्यवस्था है, न डॉक्टर और न ही आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।

प्रदेश प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के कार्यकाल में स्वास्थ्य विभाग लगातार विवादों और कथित अनियमितताओं को लेकर चर्चा में बना हुआ है। दवा खरीद, आउटसोर्सिंग और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोपों के साथ-साथ आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े और निजी अस्पतालों की मिलीभगत की खबरों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

श्री सिंह ने कहा कि रांची के सदर अस्पताल से मिल रही खबरों के अनुसार दवा रहने के बावजूद भी रोगियों को दवा नहीं दी जा रही है। अगर डॉक्टर ने पांच दवा लिखी है तो रोगियों को सिर्फ दो दवा ही दी जा रही है। बाजार में दवाओं की कालाबाजारी किये जाने की भी शिकायत मिल रही है। इस मामले की सरकार जांच करवाये और दोषियों को सजा दे।

उन्होंने कहा कि राज्य की जनता इलाज के अभाव में परेशान है, जबकि सरकार केवल बयानबाजी में व्यस्त दिखाई दे रही है। राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति दिन-प्रतिदिन और खराब होती जा रही है, लेकिन सरकार संवेदनशीलता दिखाने के बजाय अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है।

उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं किया गया तो जनता के हित में पार्टी राज्यभर में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

रेल क्रॉस सोसाइटी की बैठक जिलाधिकारी ने ली
फर्रुखाबाद l इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा की मासिक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में वर्ष 2025-26 के दौरान रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा संचालित गतिविधियों एवं जनहित से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा आगामी कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि रेड क्रॉस सोसाइटी सेवा, आपदा प्रबंधन एवं स्वास्थ्य संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने निर्देशित किया कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं एवं जागरूकता कार्यक्रमों का लाभ पहुंचाने के लिए रेड क्रॉस की गतिविधियों को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाया जाए।
बैठक के दौरान जनपद के सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों तथा नर्सिंग होम को रेड क्रॉस सोसाइटी का संस्थागत सदस्य बनाए जाने का निर्णय लिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं, रक्तदान, आपदा प्रबंधन एवं जनसेवा कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा रेड क्रॉस की गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित किया जा सकेगा।
विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी द्वारा जनपद के समस्त विद्यालयों में एनीमिया स्क्रीनिंग एवं निःशुल्क मेडिकल कैंप आयोजित कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि बच्चों में खून की कमी की समय रहते पहचान कर उपचार सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनका शारीरिक एवं मानसिक विकास प्रभावित न हो।
बैठक में एनीमिया एवं टीबी के प्रति व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों पर एनीमिया जागरूकता से संबंधित विशेष काउंटर स्थापित किए जाएं तथा पोस्टर एवं प्रचार सामग्री के माध्यम से आमजन को जागरूक किया जाए। साथ ही टीबी उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने हेतु स्वास्थ्य विभाग एवं रेड क्रॉस के संयुक्त प्रयासों पर बल दिया गया।
बैठक के दौरान राम मनोहर लोहिया अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में ब्लड स्टोरेज एवं जांच संबंधी अनियमितताओं की प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी द्वारा तत्काल जांच के आदेश दिए गए। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया कि मामले की विस्तृत जांच कर 7 दिवस के भीतर आख्या प्रस्तुत की जाए तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इसके अतिरिक्त रेड क्रॉस स्वयंसेवकों की सिविल डिफेंस टीम गठित करने एवं बालिकाओं हेतु आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम शीघ्र प्रारंभ करने पर भी सहमति बनी। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा अथवा आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। साथ ही बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं जागरूक बनाया जाएगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला विद्यालय निरीक्षक, सिविल डिफेंस चीफ वार्डन सहित रेड क्रॉस सोसाइटी के उप सभापति शीश मेहरोत्रा, डॉ० प्रशांत श्रीवास्तव,  कौशल्या गिरी, आयुषीमेंद्र परिहार, अमित सक्सेना एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
बेशकीमती जमीनों पर भूमाफियाओं की निगाहें टिकी,कब्जा कर उसे धीरे-धीरे बेचने में जुटी, प्रशासन भी विराम लगाने में लाचार क्यों *
सूबे में योगी आदित्यनाथ की सरकार के बावजूद सुल्तानपुर में भूमाफियों के हौसले बुलंद हैं। हाल ये है कि भूमाफियाओं ने राजस्व विभाग की मिलीभगत से खंड 16 नहर ही पाटकर जमीन में मिला लिया अब उसकी प्लाटिंग कर धीरे धीरे बेचकर ग्राहकों को चूना लगाया जा रहा है। हैरानी इस बात की है कि पूर्व में नहर विभाग को जब इस बात की सूचना मिली तो नहर विभाग,राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर जांच करने पहुंची, लेकिन दबंग भूमाफियों ने वहां बवाल कर लिया। पुलिस के साथ रहने के बावजूद टीम को बिना नापजोख के बैरंग वापस लौटना पड़ा। ऐसे में भूमाफिया सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की साख पर बट्टा लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। दरअसल ये मामला है ये गोसाईगंज थानाक्षेत्र के तियरी मछरौली गांव का, इसी गांव से शारदा सहायक खंड 16 की नहर निकली हुई है। आरोप है कि इसी गांव के रहने वाले कुछ दबंग भूमाफियों ने शारदा सहायक खंड 16 की नहर को गांव की पुलिया के बाद जमींडोंज कर दिया और प्लाट में मिलाकर उसका ग्राहकों को बैनामा कर बेचना शुरू कर दिया। हैरानी इस बात की पिछले दिनों इस बात की जानकारी जब खंड 16 के आलाधिकारियों को लगी तो उन्होंने राजस्व, पुलिस और विभाग की संयुक्त टीम भेज कर नहर की माप करवाने पहुंचे। टीम को पहुंचा देख भूमाफियाओं ने विवाद शुरू कर दिया और जांच टीम माप से पहले ही खदेड़ लिया। बेचारे डरे सहमे खंड 16 की टीम को मौके से भागना पड़ा। इसी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसपर पुलिस ने बहुत हल्के में बता कर मामले को रफा दफा कर दिया। सूत्रों की माने तो राजस्व विभाग की टीम इन भूमाफियाओं से मिली हुई है, जांच टीम पहुंचने से पहले ही दबंग भूमाफियाओं को सूचना मिल जाती है। ऐसे में वे सभी एकत्रित होकर विवाद शुरू कर देते हैं। बहरहाल अब ये मामला जिले के तेज तर्रार जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह के संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने इसके लिए प्लान भी तैयार कर लिया है,ऐसे भूमाफियाओं के लिए उन्हें अलग क्षेत्र की टीम भेज कर जांच करवानी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी किया जा सके और सरकार की साख पर बट्टा लगाने वालों पर शिकंजा कस कर कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए, ताकि ऐसा कारनामा करने वालों के लिए नजीर बन जाए।
अधिवक्ता के घर चोरों का हमला, फायरिंग करने से दो भतीजे घायल, लोहिया में भर्ती, एसपी ने कहा गिरफ्तार दोनों चोर शातिर अपराधी
अमृतपुर- फर्रुखाबाद l थाना राजेपुर क्षेत्र के ग्राम कुईयां निवासी अधिवक्ता राजेश पाठक के घर चोरो नें अचानक बीती रात हमला बोल दिया  जहां उनके दो भतीजो पर चोरो नें हमला कर दिया। एक भतीजा गोली लगने से घायल हो गया व दूसरे भतीजे को भी राड आदि से हमला करने पर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं दोनो घायलों को लोहियाअस्पताल में भर्ती किया गया | पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है | शहर के मोहल्ला मित्तूकूंचा निवासी अधिवक्ता राजेश पाठक का पैतृक मकान थाना राजेपुर के ग्राम कुईयां में हैं | जहां उनके अन्य परिजन रहते हैं | बीती रात राजेश पाठक के बड़े भाई स्वर्गीय देवेश पाठक के मकान पर चोरों नें हमला बोल दिया | दूसरी मंजिल पर उन्होने चोरी की घटना को अंजाम देकर लाखों की नकदी व जेबरात पार कर दिये | उसी दौरान छत पर सो रहे राजेश पाठक के भतीजे  भानु पाठक(30) व  वैभव पाठक(34) खटपट की आवाज सुनकर जाग गये। जिस पर चोर भानू को दूसरी मंजिल पर बंद कर फरार हो गए। मिली जानकारी के मुताबिक भानू कमरे से कूदकर भागा तो बढ़माशों नें फायर कर दिया और गोली भानू के कंधे में  लगी| इसी के साथ ही बदमाशों नें वैभव पर भी लोहे की रॉड से हमला बोल दिया | जिससे वैभव के चेहरे पर भी गंभीर चोटें आयी हैं | दोनों घायलों को सुबह लगभग 6 बजे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया| चोरों की जानकारी होने पर ग्रामीणों नें दौड़कर दो चोरो को पकड़ लिया | राजेश पाठक नें बताया कि चोरो के पास से दो तमँचा व कारतूस, चाकू व राड़ आदि घातक सामान मिला है | सूचना मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रीश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर आये और जाँच पड़ताल की | पुलिस कप्तान ने बताया कि चोर शातिर किस्म के हैं इनके ऊपर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं पकड़े गए चोर सीतापुर के बताए गए हैं। पुलिस मामले की जाँच में जुटी है | राजेश पाठक पूर्व सपा विधायक विजय सिंह के करीबियों में गिने जातेहैं |
भदोही सांसद विनोद बिंद ई-रिक्शा से अस्पताल पहुंचे: ऊर्जा संरक्षण का संदेश दिया, नागरिकों से ईंधन बचाने की अपील
नितेश श्रीवास्तव


भदोही ‌। भदोही से भाजपा सांसद विनोद बिंद ने ऊर्जा संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने अपने काफिले को छोड़कर चंदौली के कैलाशपुरी स्थित आवास से 5 किलोमीटर दूर अलीनगर स्थित अपने अस्पताल तक पहुंचने के लिए ई-रिक्शा (टोटो) का उपयोग किया।
सुबह 10 बजे मुगलसराय में सांसद विनोद बिंद को ई-रिक्शा में यात्रा करते देख राहगीरों और दुकानदारों ने उनका अभिवादन किया। यह कदम ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया था।
सांसद बिंद ने कहा कि यदि लोग छोटी दूरी के लिए साइकिल, ई-रिक्शा और अन्य बैटरी चालित वाहनों का उपयोग करें, तो पेट्रोल-डीजल की खपत में काफी कमी लाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि देश वर्तमान में ऊर्जा संकट, बढ़ती ईंधन खपत और पर्यावरण प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है।
उन्होंने प्रत्येक नागरिक से ऊर्जा संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आग्रह किया। सांसद ने जोर दिया कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके बड़े सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरित ऊर्जा, आत्मनिर्भर भारत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
सांसद ने बताया कि सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और ऊर्जा दक्ष तकनीकों को बढ़ावा देकर देश को स्वच्छ और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से ईंधन बचत में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। गौरतलब है कि आमतौर पर सांसद बिंद के काफिले में चार वाहन शामिल होते थे।
प्यास बुझाने की कीमत बनी हैवानियत, दलित किशोर को जूते में पानी पिलाकर बेरहमी से पीटा
कानपुर । कानपुर के सचेंडी इलाके से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां प्यास से परेशान एक दलित किशोर को ऊंची जाति के युवक की बाल्टी से पानी पीना इतना भारी पड़ गया कि उसे अमानवीय यातनाएं दी गईं। आरोप है कि दबंग युवकों ने पहले किशोर को निर्वस्त्र किया, फिर बेरहमी से पीटा और जूते में पानी भरकर जबरन पिलाया।
पीड़ित के पिता के मुताबिक घटना 2 मई की रात की है। उनका 16 वर्षीय बेटा खेत पर काम कर रहा था। प्यास लगने पर वह पास में रखी सरकारी पानी की टंकी के पास पहुंचा और वहां रखी बाल्टी से पानी पी लिया। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर गांव के संजय राजपूत, उसके भाई दीपक और दो अन्य युवक सागर व पटिया वहां पहुंच गए।
परिजनों का आरोप है कि चारों ने किशोर को जातिसूचक गालियां दीं और उसके कपड़े उतरवा दिए। इसके बाद उसे मुर्गा बनाकर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पीटा गया। मारपीट में किशोर का हाथ टूट गया। आरोपियों ने जूते पर थूककर उसे चटवाया और फिर उसी जूते में पानी भरकर जबरन पिलाया।
घटना के दौरान शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए। घायल किशोर को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
मामले में पीड़ित परिवार की तहरीर पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
मनोज पंड्या की नई पहल ‘गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट’ देगी कलाकारों को ग्लोबल पहचान


भारत हमेशा से प्रतिभाओं की भूमि रहा है। यहाँ हर शहर, हर कस्बे और हर गाँव में कोई न कोई कलाकार अपने सपनों को सच करने की कोशिश में लगा हुआ है। कोई अपनी आवाज़ से लोगों के दिल जीतना चाहता है, कोई अभिनय के माध्यम से पहचान बनाना चाहता है, तो कोई डांस और कॉमेडी के जरिए दुनिया में अपनी अलग जगह बनाना चाहता है। लेकिन कई बार सही मंच और सही मार्गदर्शन के अभाव में ऐसी प्रतिभाएँ भीड़ में कहीं खो जाती हैं। इसी सोच के साथ “गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट” (GIFT Studios Entertainment) एक नई उम्मीद और नए अवसरों के साथ सामने आया है।

ग्रेट इंडिया फिल्म टेलीविज़न (Great India Film Television) की इस नई पहल का उद्देश्य केवल कलाकारों को काम देना नहीं, बल्कि उन्हें एक नई पहचान दिलाना है। फिल्म, टेलीविज़न, वेब सीरीज़, म्यूज़िक वीडियो, विज्ञापन और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में अपनी रचनात्मकता और गुणवत्ता के लिए जाना जाने वाला गिफ्ट अब भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर की नई प्रतिभाओं के लिए एक मजबूत मंच बनने जा रहा है।

गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट की स्थापना इंडस्ट्री के अनुभवी और सम्मानित व्यक्तित्व मनोज पंड्या द्वारा की गई है। भारतीय फिल्म और टेलीविज़न इंडस्ट्री में उनका 30 वर्षों से अधिक का अनुभव रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में की थी और फिर डायरेक्टर तथा प्रोड्यूसर के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। इस लंबे सफर में उन्होंने अनेक फिल्मों, टीवी सीरियल्स, विज्ञापनों और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। उनका अनुभव और रचनात्मक सोच ही गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है।

मनोज पंड्या का मानना है कि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन अक्सर कलाकारों को सही दिशा, सही मंच और इंडस्ट्री की समझ नहीं मिल पाती। यही वजह है कि गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट कलाकारों को केवल अवसर ही नहीं, बल्कि प्रोफेशनल ट्रेनिंग, क्रिएटिव गाइडेंस और इंडस्ट्री एक्सपोज़र भी प्रदान करेगा। कंपनी का उद्देश्य नए कलाकारों को इस तरह तैयार करना है कि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

आज के दौर में डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स ने मनोरंजन की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है। OTT प्लेटफ़ॉर्म्स, सोशल मीडिया और ग्लोबल स्ट्रीमिंग नेटवर्क्स ने कलाकारों के लिए नई संभावनाओं के दरवाजे खोल दिए हैं। अब किसी कलाकार का सपना सिर्फ एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं रह गया है। अगर प्रतिभा और मेहनत हो, तो दुनिया के किसी भी कोने तक पहुँचना संभव है। गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट इसी नई सोच और नए दौर के साथ आगे बढ़ रहा है।

यह मंच उन सभी लोगों के लिए खुला है जिनके अंदर कुछ अलग करने का जुनून है। चाहे आप सिंगर हों, डांसर, अभिनेता, स्टैंड-अप कॉमेडियन या डिजिटल कंटेंट क्रिएटर — गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना चाहता है। कंपनी का मानना है कि हर कलाकार के अंदर एक खास पहचान होती है, जिसे सही दिशा और सही मंच मिल जाए तो वह लाखों लोगों के दिलों तक पहुँच सकता है।

गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट केवल एक एंटरटेनमेंट कंपनी नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए एक प्रेरणा बनकर उभर रहा है। यह पहल उन युवाओं को आत्मविश्वास देने का काम करेगी जो बड़े सपने तो देखते हैं, लेकिन सही मौके के अभाव में आगे नहीं बढ़ पाते। कंपनी का उद्देश्य ऐसे कलाकारों को मंच देना है जो अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर कुछ बड़ा करना चाहते हैं।

मनोरंजन उद्योग तेजी से बदल रहा है और दर्शक अब नए चेहरों और नई कहानियों को पसंद कर रहे हैं। ऐसे समय में गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट जैसे प्लेटफ़ॉर्म्स की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यह मंच न केवल कलाकारों को अवसर देगा, बल्कि उन्हें एक प्रोफेशनल माहौल में काम करने का अनुभव भी प्रदान करेगा।

गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट का विज़न भारत की प्रतिभाओं को वैश्विक स्तर तक पहुँचाना है। कंपनी भविष्य में ऐसे प्रोजेक्ट्स पर काम करने की तैयारी कर रही है जो भारतीय संस्कृति, कला और रचनात्मकता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिला सकें। इसके साथ ही कलाकारों को बड़े प्रोजेक्ट्स, प्रोफेशनल नेटवर्क और ग्लोबल ऑडियंस तक पहुँचाने का भी लक्ष्य रखा गया है।

आज जब पूरी दुनिया डिजिटल माध्यमों से जुड़ी हुई है, तब प्रतिभा को सीमाओं में बाँधना संभव नहीं है। ऐसे में गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट एक ऐसे प्लेटफ़ॉर्म के रूप में उभर रहा है जो सपनों को सिर्फ दिखाता नहीं, बल्कि उन्हें सच करने का रास्ता भी देता है।

अगर आपके अंदर कला है, मेहनत है और कुछ बड़ा करने का सपना है, तो यह आपके लिए सही समय हो सकता है। गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट एक स्पष्ट संदेश दे रहा है — अब दुनिया आपकी प्रतिभा को देखेगी, सुनेगी और पहचानेगी।

गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट — जहाँ सपने सिर्फ देखे नहीं जाते, उन्हें सच बनाया जाता है।

पूर्वांचल और महाराष्ट्र के बीच सदियों पुराना नाता :  देवेंद्र फडणवीस

राहुल लल्लन तिवारी समेत 9 विभूतियों को माटी सम्मान

मुंबई। पूर्वांचल की संस्कृति और विरासत से जुड़ी संस्था माटी द्वारा 16 मई को मुंबई विश्वविद्यालय, कालीना के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में पूर्वांचल महोत्सव में माटी 9 का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें पूर्वांचल में रचनात्मक और प्रेरणादायक काम कर रहे 9 विभूतियों का सम्मान किया गया। देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के सचिव राहुल लल्लन तिवारी को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों माटी सम्मान प्रदान किया गया। उनके अलावा ठाकुर एजुकेशनल ट्रस्ट के चेयरमैन वी के सिंह, पश्चिम रेलवे के जनरल मैनेजर रामआसरे पांडे, वरिष्ठ समाज सेवी शारदा प्रसाद सिंह, डॉ अशोक यादव, अजय हरिनाथ सिंह, फिल्म अभिनेता कुशाल टंडन, राज सिंह और श्रीमती शैलेश श्रीवास्तव को यह सम्मान प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र और पूर्वांचल के बीच सदियों पुराना रिश्ता है। भगवान राम ने वनवास के समय नासिक के पंचवटी में ही सबसे अधिक दिन व्यतीत किया था। उन्होंने कहा कि शिव की नगरी काशी, राम की नगरी अयोध्या और महाकुंभ की धरती प्रयागराज से महाराष्ट्र का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंध रहा। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सम्मानित अतिथि के रूप में महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार, पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह, वरिष्ठ समाजसेवी तथा उद्योगपति ज्ञान प्रकाश सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा सांसद जगदंबिका पाल ने किया। इसके पहले अलग-अलग सत्रों में अलग-अलग प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए गए। सुप्रसिद्ध गायिका मालिनी अवस्थी ने भी पूर्वांचल की धरती से जुड़े गीतों की प्रस्तुति की। परिचर्चा सत्र में पूर्व कस्टम आयुक्त पंकज सिंह तथा केईएम अस्पताल के डीन डॉ हरीश पाठक ने पूर्वांचल के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर विषय पर व्याख्यान दिया। माटी संस्था के अध्यक्ष आसिफ आजमी ने अतिथियों का परिचय एवं स्वागत किया। इस अवसर पर उपस्थित अन्य प्रमुख लोगों में विधायक राजहंस सिंह,श्री सिद्धिविनायक मंदिर के कोषाध्यक्ष तथा मुंबई भाजपा महामंत्री आचार्य पवन त्रिपाठी, मुंबई भाजपा प्रवक्ता उदय प्रताप सिंह, मीरा भायंदर महानगरपालिका परिवहन समिति के चेयरमैन एडवोकेट राजकुमार मिश्र, डॉ राजेंद्र सिंह, देवेंद्र तिवारी, दीपक सिंह, एडवोकेट विनोद पाठक, हितेश सिंह, अर्जुन सिंह, पत्रकार राजकुमार सिंह, पत्रकार शिवपूजन पांडे, अमर त्रिपाठी आदि का समावेश रहा।
लखनऊ पीजीआई की कैंटीन में ‘जंक फूड कल्चर’ पर उठे सवाल
* मरीजों और तीमारदारों के बीच मैगी व प्रोसेस्ड फूड की भरमार, हेल्दी फूड व्यवस्था की मांग तेज
लखनऊ। संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के (पीजीआई) की कैंटीन में खुलेआम बिक रहे मैगी और अन्य प्रोसेस्ड फूड को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल परिसर स्थित एक कॉफी कॉर्नर में वेज, चीज, बटर, तंदूरी और डबल मसाला मैगी समेत कई वैरायटी का मेन्यू सामने आने के बाद तीमारदारों और स्वास्थ्य जागरूक लोगों ने नाराजगी जताई है।
लोगों का कहना है कि जहां डॉक्टर मरीजों को संतुलित और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह देते हैं, वहीं अस्पताल परिसर में जंक फूड और इंस्टेंट फूड को बढ़ावा दिया जाना विरोधाभासी स्थिति पैदा करता है। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के बीच ऐसे खाद्य पदार्थों की उपलब्धता को लेकर कई लोगों ने सवाल खड़े किए हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अत्यधिक प्रोसेस्ड और हाई-सोडियम वाले खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसके बावजूद अस्पताल कैंटीनों में हेल्दी विकल्पों की तुलना में इंस्टेंट फूड की अधिक उपलब्धता चिंता का विषय मानी जा रही है।
तीमारदारों का कहना है कि पीजीआई जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में सस्ती पौष्टिक थाली, ताजे फल, सलाद और हेल्दी स्नैक्स जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अस्पताल प्रशासन से कैंटीन नीति की समीक्षा करने और “हेल्दी फूड सिस्टम” लागू करने की मांग की है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प उपलब्ध कराए जा सकें।
लखनऊ पीजीआई की कैंटीन में ‘जंक फूड कल्चर’ पर उठे सवाल

मरीजों और तीमारदारों के बीच मैगी व प्रोसेस्ड फूड की भरमार, हेल्दी फूड व्यवस्था की मांग तेज

लखनऊ। संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के (पीजीआई) की कैंटीन में खुलेआम बिक रहे मैगी और अन्य प्रोसेस्ड फूड को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल परिसर स्थित एक कॉफी कॉर्नर में वेज, चीज, बटर, तंदूरी और डबल मसाला मैगी समेत कई वैरायटी का मेन्यू सामने आने के बाद तीमारदारों और स्वास्थ्य जागरूक लोगों ने नाराजगी जताई है।

लोगों का कहना है कि जहां डॉक्टर मरीजों को संतुलित और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह देते हैं, वहीं अस्पताल परिसर में जंक फूड और इंस्टेंट फूड को बढ़ावा दिया जाना विरोधाभासी स्थिति पैदा करता है। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के बीच ऐसे खाद्य पदार्थों की उपलब्धता को लेकर कई लोगों ने सवाल खड़े किए हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अत्यधिक प्रोसेस्ड और हाई-सोडियम वाले खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसके बावजूद अस्पताल कैंटीनों में हेल्दी विकल्पों की तुलना में इंस्टेंट फूड की अधिक उपलब्धता चिंता का विषय मानी जा रही है।

तीमारदारों का कहना है कि पीजीआई जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में सस्ती पौष्टिक थाली, ताजे फल, सलाद और हेल्दी स्नैक्स जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अस्पताल प्रशासन से कैंटीन नीति की समीक्षा करने और “हेल्दी फूड सिस्टम” लागू करने की मांग की है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प उपलब्ध कराए जा सकें।

अस्पतालों में इलाज के अभाव में मरीजों की हो रही मौतें राज्य सरकार की विफलता- अविनेश


भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह ने झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह बदहाल बताते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड का स्वास्थ्य महकमा खुद अस्वस्थ और आईसीयू में जा चुका है। इस विभाग को पहले खुद इलाज की जरूरत है।

श्री सिंह ने कहा कि झारखंड में ध्वस्त स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर हाल ही में केंद्रीय मंत्रालय द्वारा यहां के स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर विभाग की नाकामियों के संबंध में आईना दिखाया गया है। झारखंड के अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली जांच सुविधाएं तय मानक से काफी पीछे है।

श्री सिंह ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाएं, दवा घोटाले, डॉक्टरों की कमी और इलाज के अभाव में हो रही मौतें सरकार की विफलता को उजागर करती हैं। सरायकेला-खरसावां के राजनगर में मोबाइल की रोशनी में प्रसव के दौरान मां और नवजात शिशु की मौत की घटना को अत्यंत दुखद और शर्मनाक बताया। यह घटना राज्य की चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था का स्पष्ट उदाहरण है। यहां ग्रामीण अस्पतालों में न पर्याप्त बिजली व्यवस्था है, न डॉक्टर और न ही आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।

प्रदेश प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के कार्यकाल में स्वास्थ्य विभाग लगातार विवादों और कथित अनियमितताओं को लेकर चर्चा में बना हुआ है। दवा खरीद, आउटसोर्सिंग और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोपों के साथ-साथ आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े और निजी अस्पतालों की मिलीभगत की खबरों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

श्री सिंह ने कहा कि रांची के सदर अस्पताल से मिल रही खबरों के अनुसार दवा रहने के बावजूद भी रोगियों को दवा नहीं दी जा रही है। अगर डॉक्टर ने पांच दवा लिखी है तो रोगियों को सिर्फ दो दवा ही दी जा रही है। बाजार में दवाओं की कालाबाजारी किये जाने की भी शिकायत मिल रही है। इस मामले की सरकार जांच करवाये और दोषियों को सजा दे।

उन्होंने कहा कि राज्य की जनता इलाज के अभाव में परेशान है, जबकि सरकार केवल बयानबाजी में व्यस्त दिखाई दे रही है। राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति दिन-प्रतिदिन और खराब होती जा रही है, लेकिन सरकार संवेदनशीलता दिखाने के बजाय अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है।

उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं किया गया तो जनता के हित में पार्टी राज्यभर में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।