झारखंड स्वास्थ्य सेवा में बड़ा कदम: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

रांची | 24 मार्च 2026: विश्व यक्ष्मा (टीबी) दिवस के अवसर पर मंगलवार को नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में एक भव्य नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संविदा पर चयनित 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

1250 डॉक्टरों की जल्द होगी बहाली, स्वास्थ्य ढांचे में सुधार

समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए जल्द ही JPSC के माध्यम से 1250 नियमित डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। डॉ. अंसारी ने कहा, "चिकित्सकों का योगदान समाज में अमूल्य है। पिछले एक वर्ष में 8 नए मेडिकल कॉलेज और राज्य की पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।"

आधुनिक तकनीक और सुविधाओं पर जोर

मंत्री ने बताया कि राज्य के प्रमुख अस्पतालों को सीटी स्कैन, एमआरआई और एआई (AI) जैसी रोबोटिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है ताकि मरीजों को दूसरे राज्यों में रेफर न करना पड़े। इसके अलावा:

ब्लड सप्लाई सिस्टम: जरूरतमंदों के लिए टोल फ्री नंबर आधारित नई व्यवस्था शुरू की जा रही है।

गंभीर बीमारियाँ: सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया की पहचान के लिए राज्यव्यापी जांच अभियान चलेगा।

मिशन 2030: टीबी मुक्त झारखंड का लक्ष्य

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि सरकार ने इस वर्ष 12 लाख लोगों की टीबी जांच का लक्ष्य रखा है। पिछले वर्ष के 9.5 लाख के आंकड़े को पार करने के लिए संसाधनों में वृद्धि की गई है। अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि आगामी 100 दिनों में पंचायत स्तर तक टीबी स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान को तेज किया जाएगा। साथ ही, टीबी मरीजों की प्रोत्साहन राशि का लंबित भुगतान भी जल्द निपटाया जाएगा।

जागरूकता वाहनों को दिखाई हरी झंडी

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों में टीबी उन्मूलन का संदेश फैलाने वाले विशेष जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने नवनियुक्त डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे न केवल मरीजों का इलाज करें, बल्कि अस्पतालों की व्यवस्थागत कमियों की रिपोर्ट भी सरकार को दें ताकि जमीनी स्तर पर सुधार हो सके।

कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति

समारोह में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अभियान निदेशक (NHM) शशि प्रकाश झा, निदेशक प्रमुख (स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

रामनवमी को लेकर रांची जिला प्रशासन अलर्ट: उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने खुद संभाली कमान, रूट मैप का लिया जायजा

रांची | 24 मार्च 2026: आगामी रामनवमी महापर्व को देखते हुए रांची जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। विधि-व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करने के उद्देश्य से मंगलवार को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने जिले के वरीय पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ शहर के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों और जुलूस मार्गों का सघन भ्रमण किया।

जुलूस मार्गों और मंदिरों का स्थलीय निरीक्षण

उपायुक्त ने अपनी टीम के साथ तपोवन मंदिर, महावीर चौक (अपर बाजार), मेडिकल चौक मंदिर, शिव मंडप पूजा समिति (गाड़ी होटवार) और डोरंडा जैसे प्रमुख स्थलों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अखाड़ेधारियों और मंदिर समिति के सदस्यों से सीधी बातचीत की।

सुरक्षा और बैरिकेडिंग: तपोवन मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष बैरिकेडिंग के निर्देश दिए गए।

बुनियादी सुविधाएँ: जुलूस मार्ग में बिजली के लटकते तार, पेयजल की उपलब्धता, सीसीटीवी निगरानी और साफ-सफाई को लेकर संबंधित विभागों को कड़े निर्देश जारी किए गए।

सुगम यातायात: उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जुलूस के आगमन और प्रस्थान के रास्ते पूरी तरह सुगम होने चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल: सेंट्रल मुहर्रम कमिटी ने किया स्वागत

निरीक्षण के दौरान एक सुखद तस्वीर सेंट्रल मुहर्रम कमिटी, डोरंडा की ओर से देखने को मिली। कमिटी के सदस्यों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि रामनवमी के जुलूस का वे पूरे उत्साह के साथ स्वागत और आगवानी करेंगे। सदस्यों ने कहा कि रांची में रामनवमी आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाई जाएगी, जो शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूत करेगा।

हड़ताली राजस्व अधिकारियों पर सरकार सख्त, 25 मार्च तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम





पटना
उपमुख्यमंत्री बोले, जनहित से समझौता नहीं, समयसीमा के बाद सेवा टूट समेत होगी कड़ी कार्रवाई पटना : राज्य में हड़ताली राजस्व अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए सामूहिक अवकाश को अवैध करार दिया है। इस संबंध में विभाग के अपर सचिव श्री आजीव वत्सराज द्वारा जारी विभागीय पत्र के आधार पर माननीय उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा 25 मार्च तक कार्य पर नहीं लौटने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार राजस्व सेवा के कुछ पदाधिकारियों द्वारा 9 मार्च 2026 से घोषित सामूहिक अवकाश न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि इससे आम जनता के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार जनहित और प्रशासनिक व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा तथा उनके नेतृत्व में आयोजित होने वाले भूमि सुधार जनकल्याण संवाद जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के मद्देनज़र राजस्व पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ऐसे समय में कार्य से अनुपस्थित रहना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित पदाधिकारियों को 25 मार्च 2026 की संध्या 5:00 बजे तक हर हाल में अपने पद पर योगदान देना होगा। निर्धारित समयसीमा के बाद अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ सेवा टूट, वेतन कटौती और अन्य कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जो पदाधिकारी निर्धारित अवधि के भीतर कार्य पर लौट आते हैं, उनके मामले में अवकाश अवधि के समायोजन पर नियमों के अनुसार सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने अंत में सभी अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि वे हड़ताल समाप्त कर शीघ्र अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मौसम बदला, बिगड़ी सेहत,2 महीने में पहली बार ओपीडी में पहुंचे 1103 मरीज
अचानक तापमान गिरने से बदन दर्द, जकड़न, बुखार, सर्दी और जुकाम से ज्यादातर थे पीड़ित

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। पश्चिम विक्षोभ के कारण ,पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में मौसम में अचनाक बदलाव हुआ था। मंगलवार को इसका असर सेहत पर देखाई दिया। जिला अस्पताल की ओपीडी में रिकॉर्ड 1103 मरीज आए। बीते दो महीने में पहली बार ऐसा हुआ है कि सोमवार की ओपीडी में इतने मरीज आए। लगभग 70 फीसदी मरीज मौसमी बीमारी से पीड़ित रहे।

सामान्य दिनों में महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल में औसतन हर दिन 700 से 800 मरीज ओपीडी में आते हैं। अचानक तापमान गिरने से बदन दर्द, जकड़न, बुखार, सर्दी और जुकाम से ज्यादातर लोग पीड़ित थे। कुछ मरीजों को ज्यादा खांसी आने से सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि अचानक तापमान कम होने से लोगों के शरीर का तापमान वर्तमान मौसम से समन्वय नहीं बना सका है।

इस कारण लोग मौसमी बीमारी से ज्यादा परेशान हैं। इस तरह के मौसम में ज्यादातर लोगों को पहले बुखार आता है। फिर सर्दी-जुकाम हो जाता है। तीन दिनों तक लोग ज्यादा परेशान रहते हैं। सबसे ज्यादा परेशान बच्चे और बुजुर्ग हैं।
स्वयं सेवकों ने निकाली स्वच्छता जागरूकता रैली

गोंडा।श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोण्डा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सप्त दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन उच्च प्राथमिक विद्यालय परेड सरकार गोण्डा में  23/ 3/ 26 से 29/ 03/26 तक किया गया है।विशेष शिविर के दूसरे दिन स्वयंसेवकों ने शिविर स्थल से चयनित गांव बंगरहवा परेड सरकार नेवलगंज बनकटाचार्यगंज तक स्वच्छता जागरूकता रैली निकाली। स्वयं सेवकों ने डोर टू डोर जाकर ग्राम वासियों को स्वच्छता संबंधी जानकारी प्रदान की।

स्वयं सेवकों ने ग्राम वासियों को शासन की विभिन्न योजनाओं से अवगत कराया। भोजन के उपरांत आयोजित बौद्धिक सत्र में  मुख्य अतिथि प्रोफेसर डा रेखा शर्मा , वनस्पति विज्ञान एवं विशिष्ट अतिथि करुणेश द्विवेदी  असिस्टेंट प्रोफेसर कृषि विज्ञान विभाग ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी पवन कुमार सिंह,डा चमन कौर,डा परवेज आलम,डा दिलीप शुक्ल ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि को सम्मानित किया। मुख्य अतिथि ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि मानव सेवा का धर्म सर्वोपरि है।

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य प्राप्ति के लिए सामाजिक सद्भाव बनाने में राष्ट्रीय सेवा योजना का महत्वपूर्ण योगदान है।हमे मानव सेवा का गुण सीखना है।कार्यक्रम का संचालन डा परवेज आलम ने किया।
अशोक सिंह के नेतृत्व में नगर में प्रभात फेरी निकाल कर समस्त शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया

सुलतानपुर । शहीदी दिवस के अवसर पर शहीद-ए-आजम भगत सिंह सुखदेव व राजगुरु के बलिदान दिवस की याद में आजाद समाज सेवा समिति द्वारा संस्था अध्यक्ष  अशोक सिंह के नेतृत्व में नगर में प्रभात फेरी निकाल कर समस्त शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर जिला परिषद स्थित शहीद - ए- आजम भगत सिंह सुखदेव व राजगुरु कि प्रतिमाओं के समक्ष विचार गोष्ठी आयोजित की गयी । गोष्ठी में विचार व्यक्त करते हुये संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष शराफत खान ने कहा कि शहीद-ए-आजम व्यक्ति नही एक विचार हैं राष्ट्र को उनके बलिदान से प्रेरणा मिलती रहेगी । वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओमप्रकाश गौड़ ने कहा कि शहीद-ए-आजम  क्रांतिकारी होने  के साथ ही एक विचारक व लेखक भी थे तथा राष्ट्र हित के समक्ष कभी भी अपने व परिवार के सुखों को महत्व नही दिया ।

उपाध्यक्ष विजय यादव ने कहा कि शहीद-ए-आजम के विचारों को धारण कर देश में एकता स्थापित होगी तथा आपस में बढ़ते मतभेद समाप्त होंगे , सरदार जेपी सिंह ने कहा कि असेंबली बम धमाका खाली अंग्रेजो के ही बहरे कानों हेतु  नही वरन देश वासियों को भी जगाने हेतु था ।  गिरीश तिवारी ने युवाओं से अपना थोड़ा समय शहीदों के जीवन के विषय जानने हेतु लगाने का आहवान किया ताकि आज युवाओं को स्मरण रहे कि शहीदों ने देशहित हेतु कितना कष्ट सहा साथ ही उन्होंने देश कि सम्प्रभुता कि हर कीमत पर रक्षा पर बल दिया । गोष्ठी मे मो० अहमद, रविंद्र तिवारी, मकसूद अंसारी, दिलीप सिंह,  वृजेश यादव मसूद अहमद (बीडीसी) शैलेश वर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किये ।  इस अवसर पर प्रमुख रूप से हरिकेश यादव धमेन्द्र जायसवाल हाफिज मुज्जमिल अरविंद यादव सरदार सतपाल सिंह जितेन्द्र तिवारी अनिल सिंह एडवोकेट अशोक तिवारी बब्बन गाजी व विनोद रावत  शिव नायक वर्मा कृष्ण चौरसिया दिलीप निषाद अनवर अहमद रियासत अली यूनुस सभासद रोहित सिंह सुरेश सोनी अनिल यादव वृजेश प्रजापति ज्ञानप्रकाश यादव परमात्मा शंकर अवस्थी राजेन्द्र पटवा अनिल कोरी वैभव श्रीवास्तव मन्नान भाई संतोष गुप्त राकेश गुप्त राजेश वर्मा सहित उपस्थित अन्य सैकड़ो लोगों ने शहीदों को अपनी श्रद्धांजली अर्पित की ।
खामेनेई की मौत से 48 घंटे पहले ट्रंप-नेतन्याहू के बीच हुई बात, फिर मिला हमले का ग्रीन सिग्नल

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अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान पर हमले से महज 48 घंटे से भी कम समय पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से फोन पर बात की थी। ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ फोन पर हुई बातचीत के बाद ईरान पर संयुक्त सैन्य हमलों को अंतिम मंजूरी दी थी। इस ऐतिहासिक फोन कॉल में नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मारने का यह सबसे अच्छा मौका हो सकता है।

ट्रंप ने पहले ही ऑपरेशन को मंजूरी दी थी

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार नेतन्याहू और ट्रंप दोनों के पास खुफिया रिपोर्ट थी कि खामेनेई अपने प्रमुख सहयोगियों के साथ तेहरान में अपने कंपाउंड में बैठक करने वाले थे। यह ‘डेकैपिटेशन स्ट्राइक’ (खामेनेई की हत्या) का सुनहरा अवसर था। कॉल के दौरान नई खुफिया जानकारी आई कि बैठक शनिवार सुबह कर दी गई है। ट्रंप ने उस समय तक सैन्य कार्रवाई की मंजूरी दे रखी थी, लेकिन समय और अमेरिकी भूमिका पर फैसला बाकी था।

नेतन्याहू ने ट्रंप से क्या कहा?

नेतन्याहू ने ट्रंप से कहा कि अमेरिका और इजराइल को खामेनेई को मारने और 2024 में ट्रंप की हत्या की साजिश का बदला लेने का इससे बेहतर मौका कभी नहीं मिलेगा। नेतन्याहू ने इसे रणनीतिक और प्रतीकात्मक दोनों रूप में जरूरी बताया और ट्रंप को इसे सही ठहराने के लिए प्रेरित किया।

तानाशाही व्यवस्था को उखाड़ फेंकने की सलाह

नेतन्याहू ने ट्रंप से अपील की कि वे इतिहास रच सकते हैं। उनका तर्क था कि इस हमले से प्रोत्साहित होकर ईरान के लोग सड़कों पर उतर सकते हैं और 1979 से चली आ रही एक रह की तानाशाही व्यवस्था को उखाड़ फेंक सकते हैं, जो वैश्विक आतंकवाद और अस्थिरता का बड़ा स्रोत रही है।

28 फरवरी को हुआ था पहला हमला

बता दें कि ईरान पर पहला हमला 28 फरवरी को हुआ। इसके बाद ट्रंप ने घोषणा की कि खामेनेई मारे गए। व्हाइट हाउस ने बताया कि ऑपरेशन का मकसद था ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और उत्पादन क्षमता को खत्म करना, ताकि ईरान कभी परमाणु हथियार न बना सके। नेतन्याहू ने सार्वजनिक रूप से यह खारिज किया कि इजरायल ने अमेरिका को युद्ध के लिए दबाव डाला। उन्होंने इसे फेक न्यूज कहा और कहा कि कोई भी ट्रंप को नहीं बताता कि क्या करना है। ट्रंप ने भी कहा कि ईरान पर हमला करने का अंतिम फैसला उनका खुद का था।

गांव के अंदर बने तालाबों का मिटता अस्तित्व लेखपाल कानून  समेत सभी राजस्व अधिकारी बेखबर
 
विश्वनाथ प्रताप सिंह


तालाब खत्म होने पर आने वाला संकट भयानक सरकार बनी लापरवाह

प्रयागराज। मामला जनपद प्रयागराज बारा तहसील अंतर्गत आने वाले कई गांवों  का है जहां पर सरकार सुरक्षा के दृष्टि से गांव के अंदर तालाब खलिहान की जमीन आबादी नाली चक मार्ग जैसे कई सरकारी संपत्ति गांव के लोगों की सुविधाओं के लिए छोड़ रखे हैं लेकिन बढ़ती आबादी और लोगों की हवस ने इन सब को निगलना शुरू कर दिया है हम आपको ग्राम सभा नौडिया तरहार  गांव के अंदर बने नंनुही  तालाब को दिखा रहे हैं जो कि लगभग जितना दिख रहा है उसे दो गुना बड़ा था लेकिन लोग उसे पाट कर कब्जा करने में आए तो आधा सीमट कर रह गया दिन ब दिन इस तालाब का अस्तित्व मिटता जा रहा है लेकिन राजस्व विभाग अधिकारी इस पर लापरवाह बने हुए जो कि समाज के लिए चिंता का विषय है अगर ऐसे ही होता रहा तो आने वाले समय में घरों  से निकलने वाला पानी कहां जाएगा लोगों के लिए मारामारी की समस्या बनेगी जो की चिंता का विषय है
Mirzapur: कलेक्ट्रेट कचहरी परिसर में ठेले खोमचे वालों की भीड़ से बढ़ रही जाम की समस्या

अधिवक्ताओं से लेकर वादकारियों को होती है परेशानी

मीरजापुर। सदैव भीड़ से पटे रहने वाले कलेक्ट्रेट कचहरी परिसर में ठेले खोमचे वालों के आ जाने से 'कोढ़ में खाज' वाली कहावत चरितार्थ होने लगी है। बताया जा रहा है कि नाजिर की मिली-भगत से कलेक्ट्रेट परिसर में ठेला-खुमचा की दुकान लगने से जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है तो वहीं  इनके द्वारा अत्यधिक दाम लेने को लेकर वाद-विवाद भी हुआ करता है। कुछ वकीलों द्वारा पूर्व में इसकी शिकायत नाजिर से की गई थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई न होने से कलेक्ट्रेट से लेकर पूरे कचहरी परिसर में ठेले-खोमचे के दुकानदारों की भरमार होती जा रही है। इससे आवागमन में असुविधा होती है तो अक्सर जाम जैसी नौबत भी उत्पन्न हो जाया करती है।

अधिवक्ताओं का कहना है कि ठेले खोमचे की दुकानें भले ही चलती फिरती हुए दिखाई देती हैं लेकिन इनकी वजह से जाम तो लगता ही है यह मनमाने दाम लेकर अधिवक्ताओं से लेकर वादकारियों को भी सामान देने से बाज़ नहीं आते है। सर्वाधिक लूट खटे हुए फल बेचने वाले मचाएं हुए हैं जो कटे फलों को खुले में रखकर बेचने के साथ बीमारी को बढ़ा रहे हैं। ऐसे लोगों को कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर करने के साथ ही अवैधानिक रूप से कलेक्ट्रेट परिसर में ठेले खोमचे की दुकानें बंद किए जाने की मांग की गई है।
तंबाकू गोदाम में दबंगों ने महिला पर प्राण घातक हमला,  घायल, लोहिया रेफर

फर्रुखाबाद । बीते दिन कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के पश्चिमी क्रॉसिंग पर स्थित तंबाकू गोदाम में तंबाकू की गड्डी बनाते समय महिला से विवाद हुआ था । सोमवार को दबंग ने महिला पर धारदार हथियार से हमला बोल कर गंभीर रूप से घायल कर दिया
कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के पश्चिमी क्रॉसिंग पर स्थित एक तम्बाकू गोदाम पर महिला रेखा कोरी के ऊपर धारदार हथियार से दबंग महेश पुत्र ने हमला बोल दिया।
हमलाबर मौके से फरार हो गए,घायल गांव रुटौल के रहने वाले हैं और एक ही तम्बाकू गोदाम में काम करते हैं । बताते हैं कि बीते दिन तम्बाकू की गढ़िया (मुट्ठा) बांधते समय विवाद हो गया था।
सोमवार को सुबह महिला तम्बाकू गोदाम में काम पर पहुंच गई थी तभी आरोपी ने धारदार हथियार से महिला के ऊपर हमला कर दिया
धारदार हथियार से हमला किए जाने से महिला गंभीर रूप से घायल हो गई । घायल महिला को
आनन फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज में भर्ती कराया गया है,जहां घायल महिला की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने जिला अस्पताल लोहिया के लिए रेफर कर दिया । सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ कर रही है
झारखंड स्वास्थ्य सेवा में बड़ा कदम: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

रांची | 24 मार्च 2026: विश्व यक्ष्मा (टीबी) दिवस के अवसर पर मंगलवार को नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में एक भव्य नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संविदा पर चयनित 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

1250 डॉक्टरों की जल्द होगी बहाली, स्वास्थ्य ढांचे में सुधार

समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए जल्द ही JPSC के माध्यम से 1250 नियमित डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। डॉ. अंसारी ने कहा, "चिकित्सकों का योगदान समाज में अमूल्य है। पिछले एक वर्ष में 8 नए मेडिकल कॉलेज और राज्य की पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।"

आधुनिक तकनीक और सुविधाओं पर जोर

मंत्री ने बताया कि राज्य के प्रमुख अस्पतालों को सीटी स्कैन, एमआरआई और एआई (AI) जैसी रोबोटिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है ताकि मरीजों को दूसरे राज्यों में रेफर न करना पड़े। इसके अलावा:

ब्लड सप्लाई सिस्टम: जरूरतमंदों के लिए टोल फ्री नंबर आधारित नई व्यवस्था शुरू की जा रही है।

गंभीर बीमारियाँ: सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया की पहचान के लिए राज्यव्यापी जांच अभियान चलेगा।

मिशन 2030: टीबी मुक्त झारखंड का लक्ष्य

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि सरकार ने इस वर्ष 12 लाख लोगों की टीबी जांच का लक्ष्य रखा है। पिछले वर्ष के 9.5 लाख के आंकड़े को पार करने के लिए संसाधनों में वृद्धि की गई है। अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि आगामी 100 दिनों में पंचायत स्तर तक टीबी स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान को तेज किया जाएगा। साथ ही, टीबी मरीजों की प्रोत्साहन राशि का लंबित भुगतान भी जल्द निपटाया जाएगा।

जागरूकता वाहनों को दिखाई हरी झंडी

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों में टीबी उन्मूलन का संदेश फैलाने वाले विशेष जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने नवनियुक्त डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे न केवल मरीजों का इलाज करें, बल्कि अस्पतालों की व्यवस्थागत कमियों की रिपोर्ट भी सरकार को दें ताकि जमीनी स्तर पर सुधार हो सके।

कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति

समारोह में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अभियान निदेशक (NHM) शशि प्रकाश झा, निदेशक प्रमुख (स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

रामनवमी को लेकर रांची जिला प्रशासन अलर्ट: उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने खुद संभाली कमान, रूट मैप का लिया जायजा

रांची | 24 मार्च 2026: आगामी रामनवमी महापर्व को देखते हुए रांची जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। विधि-व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करने के उद्देश्य से मंगलवार को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने जिले के वरीय पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ शहर के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों और जुलूस मार्गों का सघन भ्रमण किया।

जुलूस मार्गों और मंदिरों का स्थलीय निरीक्षण

उपायुक्त ने अपनी टीम के साथ तपोवन मंदिर, महावीर चौक (अपर बाजार), मेडिकल चौक मंदिर, शिव मंडप पूजा समिति (गाड़ी होटवार) और डोरंडा जैसे प्रमुख स्थलों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अखाड़ेधारियों और मंदिर समिति के सदस्यों से सीधी बातचीत की।

सुरक्षा और बैरिकेडिंग: तपोवन मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष बैरिकेडिंग के निर्देश दिए गए।

बुनियादी सुविधाएँ: जुलूस मार्ग में बिजली के लटकते तार, पेयजल की उपलब्धता, सीसीटीवी निगरानी और साफ-सफाई को लेकर संबंधित विभागों को कड़े निर्देश जारी किए गए।

सुगम यातायात: उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जुलूस के आगमन और प्रस्थान के रास्ते पूरी तरह सुगम होने चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल: सेंट्रल मुहर्रम कमिटी ने किया स्वागत

निरीक्षण के दौरान एक सुखद तस्वीर सेंट्रल मुहर्रम कमिटी, डोरंडा की ओर से देखने को मिली। कमिटी के सदस्यों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि रामनवमी के जुलूस का वे पूरे उत्साह के साथ स्वागत और आगवानी करेंगे। सदस्यों ने कहा कि रांची में रामनवमी आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाई जाएगी, जो शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूत करेगा।

हड़ताली राजस्व अधिकारियों पर सरकार सख्त, 25 मार्च तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम





पटना
उपमुख्यमंत्री बोले, जनहित से समझौता नहीं, समयसीमा के बाद सेवा टूट समेत होगी कड़ी कार्रवाई पटना : राज्य में हड़ताली राजस्व अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए सामूहिक अवकाश को अवैध करार दिया है। इस संबंध में विभाग के अपर सचिव श्री आजीव वत्सराज द्वारा जारी विभागीय पत्र के आधार पर माननीय उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा 25 मार्च तक कार्य पर नहीं लौटने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार राजस्व सेवा के कुछ पदाधिकारियों द्वारा 9 मार्च 2026 से घोषित सामूहिक अवकाश न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि इससे आम जनता के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार जनहित और प्रशासनिक व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा तथा उनके नेतृत्व में आयोजित होने वाले भूमि सुधार जनकल्याण संवाद जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के मद्देनज़र राजस्व पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ऐसे समय में कार्य से अनुपस्थित रहना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित पदाधिकारियों को 25 मार्च 2026 की संध्या 5:00 बजे तक हर हाल में अपने पद पर योगदान देना होगा। निर्धारित समयसीमा के बाद अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ सेवा टूट, वेतन कटौती और अन्य कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जो पदाधिकारी निर्धारित अवधि के भीतर कार्य पर लौट आते हैं, उनके मामले में अवकाश अवधि के समायोजन पर नियमों के अनुसार सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने अंत में सभी अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि वे हड़ताल समाप्त कर शीघ्र अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मौसम बदला, बिगड़ी सेहत,2 महीने में पहली बार ओपीडी में पहुंचे 1103 मरीज
अचानक तापमान गिरने से बदन दर्द, जकड़न, बुखार, सर्दी और जुकाम से ज्यादातर थे पीड़ित

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। पश्चिम विक्षोभ के कारण ,पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में मौसम में अचनाक बदलाव हुआ था। मंगलवार को इसका असर सेहत पर देखाई दिया। जिला अस्पताल की ओपीडी में रिकॉर्ड 1103 मरीज आए। बीते दो महीने में पहली बार ऐसा हुआ है कि सोमवार की ओपीडी में इतने मरीज आए। लगभग 70 फीसदी मरीज मौसमी बीमारी से पीड़ित रहे।

सामान्य दिनों में महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल में औसतन हर दिन 700 से 800 मरीज ओपीडी में आते हैं। अचानक तापमान गिरने से बदन दर्द, जकड़न, बुखार, सर्दी और जुकाम से ज्यादातर लोग पीड़ित थे। कुछ मरीजों को ज्यादा खांसी आने से सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि अचानक तापमान कम होने से लोगों के शरीर का तापमान वर्तमान मौसम से समन्वय नहीं बना सका है।

इस कारण लोग मौसमी बीमारी से ज्यादा परेशान हैं। इस तरह के मौसम में ज्यादातर लोगों को पहले बुखार आता है। फिर सर्दी-जुकाम हो जाता है। तीन दिनों तक लोग ज्यादा परेशान रहते हैं। सबसे ज्यादा परेशान बच्चे और बुजुर्ग हैं।
स्वयं सेवकों ने निकाली स्वच्छता जागरूकता रैली

गोंडा।श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोण्डा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सप्त दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन उच्च प्राथमिक विद्यालय परेड सरकार गोण्डा में  23/ 3/ 26 से 29/ 03/26 तक किया गया है।विशेष शिविर के दूसरे दिन स्वयंसेवकों ने शिविर स्थल से चयनित गांव बंगरहवा परेड सरकार नेवलगंज बनकटाचार्यगंज तक स्वच्छता जागरूकता रैली निकाली। स्वयं सेवकों ने डोर टू डोर जाकर ग्राम वासियों को स्वच्छता संबंधी जानकारी प्रदान की।

स्वयं सेवकों ने ग्राम वासियों को शासन की विभिन्न योजनाओं से अवगत कराया। भोजन के उपरांत आयोजित बौद्धिक सत्र में  मुख्य अतिथि प्रोफेसर डा रेखा शर्मा , वनस्पति विज्ञान एवं विशिष्ट अतिथि करुणेश द्विवेदी  असिस्टेंट प्रोफेसर कृषि विज्ञान विभाग ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी पवन कुमार सिंह,डा चमन कौर,डा परवेज आलम,डा दिलीप शुक्ल ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि को सम्मानित किया। मुख्य अतिथि ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि मानव सेवा का धर्म सर्वोपरि है।

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य प्राप्ति के लिए सामाजिक सद्भाव बनाने में राष्ट्रीय सेवा योजना का महत्वपूर्ण योगदान है।हमे मानव सेवा का गुण सीखना है।कार्यक्रम का संचालन डा परवेज आलम ने किया।
अशोक सिंह के नेतृत्व में नगर में प्रभात फेरी निकाल कर समस्त शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया

सुलतानपुर । शहीदी दिवस के अवसर पर शहीद-ए-आजम भगत सिंह सुखदेव व राजगुरु के बलिदान दिवस की याद में आजाद समाज सेवा समिति द्वारा संस्था अध्यक्ष  अशोक सिंह के नेतृत्व में नगर में प्रभात फेरी निकाल कर समस्त शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर जिला परिषद स्थित शहीद - ए- आजम भगत सिंह सुखदेव व राजगुरु कि प्रतिमाओं के समक्ष विचार गोष्ठी आयोजित की गयी । गोष्ठी में विचार व्यक्त करते हुये संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष शराफत खान ने कहा कि शहीद-ए-आजम व्यक्ति नही एक विचार हैं राष्ट्र को उनके बलिदान से प्रेरणा मिलती रहेगी । वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओमप्रकाश गौड़ ने कहा कि शहीद-ए-आजम  क्रांतिकारी होने  के साथ ही एक विचारक व लेखक भी थे तथा राष्ट्र हित के समक्ष कभी भी अपने व परिवार के सुखों को महत्व नही दिया ।

उपाध्यक्ष विजय यादव ने कहा कि शहीद-ए-आजम के विचारों को धारण कर देश में एकता स्थापित होगी तथा आपस में बढ़ते मतभेद समाप्त होंगे , सरदार जेपी सिंह ने कहा कि असेंबली बम धमाका खाली अंग्रेजो के ही बहरे कानों हेतु  नही वरन देश वासियों को भी जगाने हेतु था ।  गिरीश तिवारी ने युवाओं से अपना थोड़ा समय शहीदों के जीवन के विषय जानने हेतु लगाने का आहवान किया ताकि आज युवाओं को स्मरण रहे कि शहीदों ने देशहित हेतु कितना कष्ट सहा साथ ही उन्होंने देश कि सम्प्रभुता कि हर कीमत पर रक्षा पर बल दिया । गोष्ठी मे मो० अहमद, रविंद्र तिवारी, मकसूद अंसारी, दिलीप सिंह,  वृजेश यादव मसूद अहमद (बीडीसी) शैलेश वर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किये ।  इस अवसर पर प्रमुख रूप से हरिकेश यादव धमेन्द्र जायसवाल हाफिज मुज्जमिल अरविंद यादव सरदार सतपाल सिंह जितेन्द्र तिवारी अनिल सिंह एडवोकेट अशोक तिवारी बब्बन गाजी व विनोद रावत  शिव नायक वर्मा कृष्ण चौरसिया दिलीप निषाद अनवर अहमद रियासत अली यूनुस सभासद रोहित सिंह सुरेश सोनी अनिल यादव वृजेश प्रजापति ज्ञानप्रकाश यादव परमात्मा शंकर अवस्थी राजेन्द्र पटवा अनिल कोरी वैभव श्रीवास्तव मन्नान भाई संतोष गुप्त राकेश गुप्त राजेश वर्मा सहित उपस्थित अन्य सैकड़ो लोगों ने शहीदों को अपनी श्रद्धांजली अर्पित की ।
खामेनेई की मौत से 48 घंटे पहले ट्रंप-नेतन्याहू के बीच हुई बात, फिर मिला हमले का ग्रीन सिग्नल

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अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान पर हमले से महज 48 घंटे से भी कम समय पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से फोन पर बात की थी। ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ फोन पर हुई बातचीत के बाद ईरान पर संयुक्त सैन्य हमलों को अंतिम मंजूरी दी थी। इस ऐतिहासिक फोन कॉल में नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मारने का यह सबसे अच्छा मौका हो सकता है।

ट्रंप ने पहले ही ऑपरेशन को मंजूरी दी थी

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार नेतन्याहू और ट्रंप दोनों के पास खुफिया रिपोर्ट थी कि खामेनेई अपने प्रमुख सहयोगियों के साथ तेहरान में अपने कंपाउंड में बैठक करने वाले थे। यह ‘डेकैपिटेशन स्ट्राइक’ (खामेनेई की हत्या) का सुनहरा अवसर था। कॉल के दौरान नई खुफिया जानकारी आई कि बैठक शनिवार सुबह कर दी गई है। ट्रंप ने उस समय तक सैन्य कार्रवाई की मंजूरी दे रखी थी, लेकिन समय और अमेरिकी भूमिका पर फैसला बाकी था।

नेतन्याहू ने ट्रंप से क्या कहा?

नेतन्याहू ने ट्रंप से कहा कि अमेरिका और इजराइल को खामेनेई को मारने और 2024 में ट्रंप की हत्या की साजिश का बदला लेने का इससे बेहतर मौका कभी नहीं मिलेगा। नेतन्याहू ने इसे रणनीतिक और प्रतीकात्मक दोनों रूप में जरूरी बताया और ट्रंप को इसे सही ठहराने के लिए प्रेरित किया।

तानाशाही व्यवस्था को उखाड़ फेंकने की सलाह

नेतन्याहू ने ट्रंप से अपील की कि वे इतिहास रच सकते हैं। उनका तर्क था कि इस हमले से प्रोत्साहित होकर ईरान के लोग सड़कों पर उतर सकते हैं और 1979 से चली आ रही एक रह की तानाशाही व्यवस्था को उखाड़ फेंक सकते हैं, जो वैश्विक आतंकवाद और अस्थिरता का बड़ा स्रोत रही है।

28 फरवरी को हुआ था पहला हमला

बता दें कि ईरान पर पहला हमला 28 फरवरी को हुआ। इसके बाद ट्रंप ने घोषणा की कि खामेनेई मारे गए। व्हाइट हाउस ने बताया कि ऑपरेशन का मकसद था ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और उत्पादन क्षमता को खत्म करना, ताकि ईरान कभी परमाणु हथियार न बना सके। नेतन्याहू ने सार्वजनिक रूप से यह खारिज किया कि इजरायल ने अमेरिका को युद्ध के लिए दबाव डाला। उन्होंने इसे फेक न्यूज कहा और कहा कि कोई भी ट्रंप को नहीं बताता कि क्या करना है। ट्रंप ने भी कहा कि ईरान पर हमला करने का अंतिम फैसला उनका खुद का था।

गांव के अंदर बने तालाबों का मिटता अस्तित्व लेखपाल कानून  समेत सभी राजस्व अधिकारी बेखबर
 
विश्वनाथ प्रताप सिंह


तालाब खत्म होने पर आने वाला संकट भयानक सरकार बनी लापरवाह

प्रयागराज। मामला जनपद प्रयागराज बारा तहसील अंतर्गत आने वाले कई गांवों  का है जहां पर सरकार सुरक्षा के दृष्टि से गांव के अंदर तालाब खलिहान की जमीन आबादी नाली चक मार्ग जैसे कई सरकारी संपत्ति गांव के लोगों की सुविधाओं के लिए छोड़ रखे हैं लेकिन बढ़ती आबादी और लोगों की हवस ने इन सब को निगलना शुरू कर दिया है हम आपको ग्राम सभा नौडिया तरहार  गांव के अंदर बने नंनुही  तालाब को दिखा रहे हैं जो कि लगभग जितना दिख रहा है उसे दो गुना बड़ा था लेकिन लोग उसे पाट कर कब्जा करने में आए तो आधा सीमट कर रह गया दिन ब दिन इस तालाब का अस्तित्व मिटता जा रहा है लेकिन राजस्व विभाग अधिकारी इस पर लापरवाह बने हुए जो कि समाज के लिए चिंता का विषय है अगर ऐसे ही होता रहा तो आने वाले समय में घरों  से निकलने वाला पानी कहां जाएगा लोगों के लिए मारामारी की समस्या बनेगी जो की चिंता का विषय है
Mirzapur: कलेक्ट्रेट कचहरी परिसर में ठेले खोमचे वालों की भीड़ से बढ़ रही जाम की समस्या

अधिवक्ताओं से लेकर वादकारियों को होती है परेशानी

मीरजापुर। सदैव भीड़ से पटे रहने वाले कलेक्ट्रेट कचहरी परिसर में ठेले खोमचे वालों के आ जाने से 'कोढ़ में खाज' वाली कहावत चरितार्थ होने लगी है। बताया जा रहा है कि नाजिर की मिली-भगत से कलेक्ट्रेट परिसर में ठेला-खुमचा की दुकान लगने से जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है तो वहीं  इनके द्वारा अत्यधिक दाम लेने को लेकर वाद-विवाद भी हुआ करता है। कुछ वकीलों द्वारा पूर्व में इसकी शिकायत नाजिर से की गई थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई न होने से कलेक्ट्रेट से लेकर पूरे कचहरी परिसर में ठेले-खोमचे के दुकानदारों की भरमार होती जा रही है। इससे आवागमन में असुविधा होती है तो अक्सर जाम जैसी नौबत भी उत्पन्न हो जाया करती है।

अधिवक्ताओं का कहना है कि ठेले खोमचे की दुकानें भले ही चलती फिरती हुए दिखाई देती हैं लेकिन इनकी वजह से जाम तो लगता ही है यह मनमाने दाम लेकर अधिवक्ताओं से लेकर वादकारियों को भी सामान देने से बाज़ नहीं आते है। सर्वाधिक लूट खटे हुए फल बेचने वाले मचाएं हुए हैं जो कटे फलों को खुले में रखकर बेचने के साथ बीमारी को बढ़ा रहे हैं। ऐसे लोगों को कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर करने के साथ ही अवैधानिक रूप से कलेक्ट्रेट परिसर में ठेले खोमचे की दुकानें बंद किए जाने की मांग की गई है।
तंबाकू गोदाम में दबंगों ने महिला पर प्राण घातक हमला,  घायल, लोहिया रेफर

फर्रुखाबाद । बीते दिन कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के पश्चिमी क्रॉसिंग पर स्थित तंबाकू गोदाम में तंबाकू की गड्डी बनाते समय महिला से विवाद हुआ था । सोमवार को दबंग ने महिला पर धारदार हथियार से हमला बोल कर गंभीर रूप से घायल कर दिया
कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के पश्चिमी क्रॉसिंग पर स्थित एक तम्बाकू गोदाम पर महिला रेखा कोरी के ऊपर धारदार हथियार से दबंग महेश पुत्र ने हमला बोल दिया।
हमलाबर मौके से फरार हो गए,घायल गांव रुटौल के रहने वाले हैं और एक ही तम्बाकू गोदाम में काम करते हैं । बताते हैं कि बीते दिन तम्बाकू की गढ़िया (मुट्ठा) बांधते समय विवाद हो गया था।
सोमवार को सुबह महिला तम्बाकू गोदाम में काम पर पहुंच गई थी तभी आरोपी ने धारदार हथियार से महिला के ऊपर हमला कर दिया
धारदार हथियार से हमला किए जाने से महिला गंभीर रूप से घायल हो गई । घायल महिला को
आनन फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज में भर्ती कराया गया है,जहां घायल महिला की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने जिला अस्पताल लोहिया के लिए रेफर कर दिया । सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ कर रही है