*प्रॉपर्टी डीलर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर से मौत,मृतक का शव बाग में मिला*
सुल्तानपुर में एक प्रॉपर्टी डीलर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में कोतवाली देहात के उचहरा गांव स्थित एक बाग में मिला है। इस मृतक की पहचान भपटा निवासी 45 वर्षीय शिवकुमार गुप्ता के रूप में हुई है।......... शिवकुमार गुप्ता हनुमानगंज के असई चौराहे पर अपने परिवार के साथ रहते था। और वह प्रॉपर्टी के काम के साथ-साथ असई चौराहे पर किराना,बर्तन और फल की दुकान भी चलाता था, जिसकी देखरेख उनकी पत्नी करती थीं। मृतक के छोटे बेटे सनी गुप्ता ने बताया कि घटना वाली रात उनके पिता दादाजी के लिए किराना दुकान से दूध और बिस्किट लाए थे। उन्होंने अपनी बहन से रोटी बनाकर रखने को कहा था और बताया था कि वे एक घंटे में लौट आएंगे। सनी के अनुसार,उनके पिता जबरदस्ती गाड़ी की चाबी लेकर गए,जबकि वे उन्हें रात में बाहर जाने से मना कर रहे थे। सुबह पड़ोसियों के फोन से उन्हें पिता की हत्या की जानकारी मिली। तो परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। सनी ने बताया कि उनके पिता प्रॉपर्टी के काम के बारे में कुछ नहीं बताते थे, इसलिए उन्हें किसी पर शक नहीं है। शिवकुमार का शव घर से लगभग तीन किलोमीटर दूर भपटा और पाठक पुरवा गांवों के बीच एक बाग में मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर अखंडदेव मिश्रा ने बताया कि तहरीर मिलने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। शिवकुमार अपने चार भाइयों में तीसरे नंबर पर थे। उनके दो बेटे और एक बेटी है। बड़े बेटे सुमित कुमार गुप्ता की शादी 28 नवंबर 2024 को हुई थी और वह दिल्ली में नौकरी करते हैं। घटना के बाद से पत्नी सुमन गुप्ता, बेटी शिवानी गुप्ता और पिता राम सिंगार गुप्ता का रो-रोकर बुरा हाल है। बड़े भाई अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि मेरे भाई के साथ जो घटना हुई इस सम्बन्ध में हम बहुत ज़्यादा नहीं बता सकते। इसलिए की भाई हनुमानगंज में रहता था और हम तीन किमी दूर भपटा में रहते हैं। सुबह हम गांव में खेत में काम कर रहे थे तब हमें पता चला की भाई के साथ ये घटना घटी। घटनास्थल पर जब हम पहुंचे तो दो सौ लोगों की भीड़ लगी थी। कब निकले घर से, घटना कैसे घटी ये उनका लड़का ही बता सकता है। कोई चोट है नहीं, गाड़ी उनकी मौजूद है मौके पर। क्या किया गया कुछ पता नहीं। शिवकुमार के बड़े भाई अशोक गुप्ता एक शिक्षा मित्र हैं। शिवकुमार हनुमानगंज के एक स्वयं सहायता समूह का भी सदस्य था,जहां से उसने ऋण लिया था।
दलित,जातिवाद समाप्त करने के लिए सवर्ण लड़की की ही मांग क्यों करते हैं : सूरज प्रसाद चौबे

लखनऊ। राष्ट्रीय सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे ने कहा कि दलित , जातिवाद समाप्त करने के लिए सवर्ण लड़की की ही मांग क्यों करते है किसी दूसरे दलित जातियों या जनजातियों के साथ अपनी लड़की का संबंध क्यों नहीं करते अथवा अपनी लड़की का विवाह किसी बेरोजगार ब्राह्मण लड़के के साथ करके जातिवाद खत्म करने की बात बात क्यों नहीं करते,लाखों बेरोजगार ब्राह्मण लड़के है जो किसी दलित उच्च अधिकारी,सांसद , विधायक,मंत्री की बेटी से सहर्ष विवाह के लिए बैठे हैं,दरअसल बात न तो जातीय भेदभाव की है और न विवाह संबंध की है।

 पांच पीढ़ियों से हराम का आरक्षण खाकर इनकी मानसिकता कुंठित हो गई है। ये कुंठित लोग किसी न किसी बहाने दिन रात सिर्फ सवर्ण की अपमानित करके,जातिवादी नफ़रत फैलाने का काम करते है इन्हें पता है कि एससीएसटी एक्ट जैसे जातिवादी इन्हें पूरी तरह कानूनी सुरक्षा दे रहा है,जातीय संगठन इनका अंध समर्थन करते हैं इसलिए बेखौफ होकर जातिवादी नफ़रत फैलाते हैं । अंतर्जातीय विवाह से जाती समाप्त करने की बात चरम मूर्खतापूर्ण विचार है । हर साल लाखों की संख्या में अंतर्जातीय विवाह होते स्वांग अम्बेडकर ने भी अंतरजातीय विवाह किया था परन्तु आज तक किसी कि भी जाति समाप्त नहीं हुई । अंतरजातीय विवाह करने के बाद भी उनकी संताने सरकारी जाति प्रमाण पत्र बनवा कर पीढ़ी दर पीढ़ी आरक्षण का लाभ उठा रहे हैं । अंतर्जातीय विवाह की बात सिर्फ सवर्ण के साथ क्यों दलित जनजातियों और ओबीसी की हजारों जातियां आपस में विवाह संबंध बनाकर जातिवाद समाप्त करने का प्रयास क्यों नहीं करते क्या दलित पिछड़ो को आपस में विवाह से कोई ब्राह्मण रोका है।

मजदूरी न मिलने की शिकायत पर पहुॅचे श्रम प्रवर्तन अधिकारी

मजदूरी नही मिली तो वाद दाखिल कर बकाया मजदूरी की होगी वसुली: मंगल

मीरजापुर। मजदूरों की समस्या और बकाया मजदूरी को लेकर श्रम विभाग अलर्ट है, यह सतर्कता शनिवार को देखने को मिला जब निर्माण श्रमिक की बकाया मजदूरी न मिलने की शिकायत पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह, विभागीय कर्मचारी गौतम कुशवाहा ने रामबाग स्थित रैदानी मैदान के निषेधित क्षेत्र में जांच करने पहुॅचे। हालाकि समस्या का समाधान नही हुआ और श्रमिक की समस्या ज्यों की त्यों अभी बनी हुई है। बताते चले कि श्रमिक हरिमोहन पुत्र लाल बहादूर ने जहां अपने साथी मजदूरों को लेकर काम किया है वह क्षेत्र नये भवन निर्माण के लिए एनजीटी के निर्देश पर प्रतिबंधित है चूकिं यह वह क्षेत्र है जो गंगा तट से 200 मीटर दायरे के अंदर है लेकिन स्थानीय पुलिस और प्राधिकरण की मिली भगत से इस क्षेत्र में लगातार भवन निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं।

ज्ञात हो कि इस प्रकार के अवैध निर्माण कि शिकायत के चलते जिले के प्रभारी मंत्री नन्द कुमार नन्दी के निर्देश पर शहर कोतवाल को अन्यत्र स्थानंतरण होना पड़ा। यहां यह भी बतायना आवश्यक है कि कुछ दिन पूर्व बीते 28 अक्टॅूबर को प्राधिकरण व पुलिस टीम ने अस्पताल चौकी पर दो भवन स्वामियों सहित लगभग आधा दर्जन से अधीक निर्माण श्रमिकों पर बिठाया लेकिन कार्यवाही के नाम पर मामला शुन्य रहा जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मिर्जापुर विकास प्राधिकरण की क्या स्थिति है। हालाकि आज का मामला मजदूरी से है और भवन निर्माण मामले में श्रम विभाग का भी महत्वपूर्ण भूमिका है लेकिन श्रम विभाग भी अपने निजी स्वार्थ को लेकर चर्चे में है और पूर्व की मजदूर द्वारा की गयी शिकायत पर जांच के नाम पर खानापूर्ति की गयी जिसका उदाहरण अमरजीत प्रकरण है जहां एक वर्ष से अधीक बीत जाने पर मजदूर को उसकी मजदूरी नही मिली।

कया कहतें हैं लेबर अफसर

हरिमोहन की तरफ से रू0. 19 हजार बकाया मजदूरी कि शिकायत मिली है जिसकी जांच करने आये हैं मौके पर भवन स्वामी दिनेश कसेरा के न मिलने पर टेलिफोनिक वार्ता हुई और शिकायत से पूर्व की भांति अवगत कराया गया लेकिन भवन स्वामी द्वारा आनाकानी की जा रही है जिसपर दो दिन बाद कार्यालय बुलाया गया है मजदूरी न मिलने पर श्रमिक द्वारा पेमेन्ट ऑफ वेजेज का मुकदमा लगाया जा सकता है।

यूनियन महामंत्री बोले

मजदूरी बकाया को लेकर श्रम प्रर्वतन अधिकारी आज यहां रैदानी मैदान जांच करने पहुॅचे है लेकिन भवन स्वामी की अनुपस्थिति के चलते दो दिन बाद कार्यालय में बुलवाया गया है यदि श्रमिक को मजदूरी नही मिली तो श्रम न्यायालय में वाद दाखिल कर बकाया मजदूरी वसुल की जायेगी।: मंगल तिवारी महामंत्री, मिजा्रपुर असंगठित कामगार यूनियन

रेलवे टावर से गिरे युवक गम्भीर चोट.इलाज के दौरान मौत।

परिजनो ने ठिकेदार पर लगाया गम्भीर आरोप।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत थाना कौधियारा क्षेत्र के ग्राम सभा बारी बजहिया मजरा बगहा के इन्द्रभान पटेल पुत्र राम बरन पटेल का रेलवे टावर में ठीकेदार चन्द्र भान पटेल पुत्र कामता प्रसाद पटेल के अंडर में काम करता था लेकिन वह एक हेल्फर का काम करता था। ठीकेदार चन्द्र भान पटेल उसको रेलवे टावर पर चढ़ाया था जिससे गिरने से उसको गम्भीर चोटे आई वह 21/11/ 2025 को टावर से गिरा था उसका इलाज स्वरुप रानी अस्पताल में चल रहा था।हालत में सुधार न होने से उसकी आज दिनांक 29/11/2025 को मौत हो गई।शव का पोस्टमार्टम हो गया है।सुत्रो से मिली जानकारी वह जहा पर काम करता था वहा परिवार के लोग पहुंचकर(ठीकेदार)चन्द्र भान पटेल के नाम से लिखित में तहरीर देकर एफ आई आर दर्ज कराया गया है।मृतक की पत्नी रीता पटेल व माता/पिता सहित परिवारजन का रो रो कर बुरा हाल है मृतक के एक आठ माह का बेटा है।कौधियारा पुलिस मौके पर उपस्थित रहे।

जयप्रकाश नारायण अस्पताल सभागार में जिला स्तरीय नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में मीडिया की भूमिका पर कार्यशाला आयोजित

गयाजी जिला के जयप्रकाश नारायण अस्पताल सभागार में 28 नवम्बर 2025 को स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज नियमित टीकाकरण में मीडिया की भूमिका विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला सूचना अधिकारी, स्थानीय पत्रकारों, रेडियो प्रतिनिधियों एवं डिजिटल मीडिया से जुड़े कर्मियों ने भाग लिया।

कार्यशाला का उद्देश्य मीडिया को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी देना, जन-जागरूकता बढ़ाना और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए मीडिया के साथ समन्वय स्थापित करना था. मुख्य अतिथि डॉ राजा राम प्रसाद सिविल सर्जन ने अपने संबोधन में कहा. "नियमित टीकाकरण बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। मीडिया इस संदेश को समाज के हर कोने तक पहुँचाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।"

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित टीकाकरण से खसरा, पोलियो, डिप्थीरिया, काली खाँसी जैसी बीमारियों को रोका जा सकता है। वहीं, मीडिया के माध्यम से इन बीमारियों और टीकाकरण से जुड़ी सच्ची जानकारी आमजन तक पहुँचाना अनिवार्य है. कार्यक्रम में उपस्थित जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ डा० राजीव अमवष्ठा ने कहा कि मीडिया के सहयोग से "मिशन इंद्रधनुष" जैसे कार्यक्रमों को ज़मीनी स्तर तक सफल बनाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने बताया कि 9 से 14 वर्ष तक के बच्चियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एच पी भी का भी टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कई बार अफवाहों और जानकारी की कमी के कारण अभिभावक टीकाकरण से दूर रहते हैं, जिसे मीडिया सही जानकारी देकर बदल सकता है। कार्यशाला में स्थानीय पत्रकारों ने भी अपने विचार साझा किए और स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाने का आश्वासन दिया। अंत में, सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद देते हुए यूनिसेफ एस एम सी अजय चेरोविन ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएँ मीडिया और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करती हैं, जिससे जिले में टीकाकरण की स्थिति और बेहतर हो सकेगी। इस मौके पर डी०पी०एम० निलेश कुमार पी सी आई के प्रोग्राम मैनेजर कामता पाठक, स्टेट मैनेजर डॉक्यूमेंटेशन जिला समन्वयक मनोज कुमार राव, यूनिसेफ के गावी कोडिनेटर संजय कुमार सिंह एस एम सी असजद इकबाल सागर शामिल हुऐ।

महुआवाँ में बच्चों के झगड़े से भड़का विवाद, जदयू विधायक ने रात में कराया समझौता

,मदनपुर प्रखंड के महुआवाँ गांव में बच्चों के बीच हुए मामूली झगड़े से शुरू हुआ विवाद गुरुवार की रात शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ गया। जदयू विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने खुद मौके पर पहुँचकर दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाया और आपसी सहमति से समझौता कराया। घटना के अनुसार, गांव के दो परिवारों के बच्चों के बीच खेल के दौरान छोटी-मोटी नोक-झोंक हुई थी, जो बाद में बढ़ते विवाद का रूप ले लिया। प्रारंभिक झगड़े को लेकर ग्रामीणों में चर्चा फैल गई और कुछ स्वार्थी तत्वों ने इसे

जातीय और राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ती देख विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने तुरंत हस्तक्षेप करने का निर्णय लिया। विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि यह एक सामान्य बच्चों का झगड़ा था, जिसे किसी भी तरह से बढ़ाकर राजनीतिक या जातीय मुद्दा बनाने की कोशिश उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विवाद की वास्तविक जड़ केवल बच्चों का आपसी मनमुटाव था, जो किसी भी बड़े सामाजिक संकट का कारण नहीं बन सकता।

उन्होंने दोनों परिवारों से अपील की कि भविष्य में किसी भी प्रकार के वैयक्तिक मतभेद को बढ़ावा न दें और गांव में शांति एवं सौहार्द बनाए रखें। विधायक की पहल से प्रभावित होकर दोनों पक्षों के परिवारों ने आपसी बातचीत के जरिए समझौते पर सहमति जताई। समझौते के दौरान दोनों पक्षों ने अपने बच्चों की गलती स्वीकार की और भविष्य में ऐसे विवाद न होने की शपथ ली। विधायक ने इस अवसर पर कहा कि समाज में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है। ग्रामीणों ने भी विधायक के इस त्वरित और संवेदनशील हस्तक्षेप की सराहना की। उन्होंने कहा कि अगर विधायक समय पर हस्तक्षेप नहीं करते, तो मामूली झगड़ा बड़ा विवाद बन सकता था। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि इस तरह के हस्तक्षेप से छोटे-छोटे विवादों का समय रहते समाधान करना संभव है और यह गांव में सामूहिक सौहार्द को बनाए रखने में मददगार है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि बच्चों के झगड़े अक्सर बड़े विवाद का रूप ले लेते हैं, लेकिन स्थानीय नेतृत्व और प्रशासनिक हस्तक्षेप से इनका शांतिपूर्ण समाधान संभव है। महुआवाँ की यह घटना इसी बात का उदाहरण है, जहाँ विधायक की सक्रियता और संवाद के माध्यम से विवाद को फैलने से पहले ही समाप्त कर दिया गया। इस मामले ने यह भी उजागर किया कि समाज में कुछ तत्व मामूली घटनाओं को बढ़ाकर असहमति और तनाव फैलाने की कोशिश करते हैं। विधायक ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे ऐसे लोगों के प्रयासों में न फंसें और आपसी सहयोग और समझदारी से ही किसी भी समस्या का समाधान करें।

अंत में, विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने दोनो परिवारों से कहा कि बच्चों को खेल-कूद में सुधार करने, आपसी सम्मान बनाए रखने और सकारात्मक आदतों के लिए मार्गदर्शन करें। उन्होंने आश्वस्त किया

कि प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधि हमेशा ग्रामीणों के साथ हैं .

और किसी भी विवाद को सुलझाने के लिए तत्पर रहेंगे। महुआवाँ गांव में यह घटना न केवल विवाद का शांतिपूर्ण समाधान दिखाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जागरूक नेतृत्व और संवाद से समाज में सामूहिक शांति कायम की जा सकती है।

तनिष्क शोरूम में मधुबनी कलेक्शन का नया रेंज, तनिष्क के नए शोरूम का फीता काट के उद्घाटन किया


गया। भारत का सबसे बड़ा ज्वेलरी रिटेल ब्रांड और टाटा परिवार का एक हिस्सा तनिष्क ने बिहार के गया जी 24 पर्यटन स्थल में एक ने और धमाका धमाकेदार ने स्टोर का आज शुभारंभ किया गया इस सुबह इस तनिक असिस्टेंट एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट रिटेलिंग सुनील राज ईस्ट के रीजनल बिजनेस सेट सा गौरव कृष्ण और तनिक ईस्ट 2 के आईबीएम मणि शंकर सेनगुप्ता ने आज इस तनिष्क के नए शोरूम का फीता काट के उद्घाटन किया

जिसमें हर खरीदारी के साथ एक सोने का सिक्का मुफ्त उपाय के रूप में दिया जाएगा हर खरीदार को हर आने वाले और टेनिस के हर नई रेंज का जो रेंज पूरे विश्व में रेंज है वह इस तरह से शोरूम में भी रेंज उपलब्ध कराया गया है तनिष्क के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट रिटेलिंग सुनील राज ने कहा गया मैं स्टोर का उद्घाटन हो रहा है

कस्टमर के लिए एक नया ऑफर लेकर आई है जो गया कैसे स्टोर में कमाल धमाल मचाएगी इस तनिष्क के शोरूम में गया के जनता के लिए गोल्ड ऑफर लोगों को दिया जा रहा है जो इस नवंबर के अंतिम दिनों तक रहेगा इस शोरूम में कोई भी गोल्ड एक्सचेंज ऑफर के साथ आप बदली कर सकते हैं और तनिष्क का प्रोडक्ट ले सकते हैं इस शोरूम में 9 काह 22 काह 18 काह तीनों रेंज के सोने के आभूषण एवं हीरे के आभूषण उपलब्ध हैंआगे उन्होंने कहा कि मधुबनी कला से निर्मित गले के सेट हार के सेट शादी विवाह में आने वाले पूरे मंगलसूत्र आदि यहां उपलब्ध है आगे उन्होंने कहा कि गया जी एक विश्व पर्यटन असली है और इस नई जगह पर हमारी शानदार स्टोर का उद्घाटन करते हुए हमें बहुत खुशी हो रही है बिहार में हमारी उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में हमने एक और कदम आगे बढ़ाया है

पहले से बेहतर और शानदार स्टोर हमारे ग्राहकों की खरीदारी की समृद्धि और अधिक आरामदायक अनुभव प्रदान करने के लिए सोच समझ कर डिजाइन किया गया है सोने हीरे और चांदी के शादी के आभूषणों की विशाल शृंखला इस स्टोर पर प्रस्तुत की गई है तनिष्क के भरोसेमंद शुद्धता बेजोड़ कार्यागिरी और सेवा के वचन को बरका रखते हुए इन क्षेत्र के लोगों की पसंद और जरूरत को पूरा करना हमारा लक्ष्य है हम गया जी के लोगों को एक खूबसूरती नए स्टोर पर स्वागत करते हैं और उनके उत्सक

इश्क के डिनर बिजनेस एडमिन गौरव कृष्ण ने कहा कि यह बेहतर स्टोर को प्रमाणित कर रहे हैं लोगों का भरोसा इस तनिक शोरूम में गया की जनता हो गया के आसपास को लोगों को हर सहयोग की मिलेगा इस स्टोर में लोग ने डिजाइन नए लुक आने आभूषणों को खरीद सकते हैं और उन्होंने आगे यह भी कहा कि जिनके माध्यम वर्ग के लोगों के लिए 12 महीने का एक ऑफर है जो आप काम से कम रेट में सोने का रेट कम करके जी आभूषणों को कर देंगे इस रेट को 12 महीने लाने पर मेकिंग चार्ज में भी 50% तक छूट मिलेगी

लोहे का गाटर गिरने से मजदूर की मौत, तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

जानसठ में मकान निर्माण के दौरान हुई हृदयविदारक घटना, बिना पुलिस को सूचना दिए हुआ अंतिम संस्कार

ब्रह्म प्रकाश शर्मा

मुजफ्फरनगर।जानसठ। कस्बे में शनिवार को एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां मकान निर्माण कार्य में लगे एक मजदूर की सिर पर लोहे का भारी गाटर गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक के अचानक चले जाने से उसके तीन छोटे-छोटे बच्चों और परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

जानकारी के अनुसार, कस्बे के जन्नताबाद निवासी सलमान (पुत्र यूनुस उर्फ़ टुय्या) कस्बे के ही शाहिद मलिक के यहां एक निर्माणाधीन मकान में 'ढुला' (शटरिंग) बांधने का काम कर रहा था। बताया जाता है कि काम के दौरान ही अचानक एक भारी-भरकम लोहे का गाटर उसके ऊपर आ गिरा। गाटर की चपेट में आने से सलमान गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई।

हादसा होते ही निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में सलमान को कस्बे के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सक ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए तत्काल उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। बताया जाता है कि परिजन जब घायल सलमान को जिला अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।

जैसे ही मौत की खबर जन्नताबाद स्थित उसके घर पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया। घर में मातम पसर गया और मोहल्ले में भी शोक की लहर दौड़ गई।

इस दुखद घटना का एक और पहलू यह है कि मृतक के परिजनों ने इस मामले की सूचना पुलिस को नहीं दी। समाचार लिखे जाने तक, परिजन जल्द से जल्द मृतक सलमान का अंतिम संस्कार करने की तैयारियों में जुटे हुए थे। समझा जा रहा है कि गरीबी और अचानक आई इस विपत्ति के कारण परिजनों ने कानूनी कार्रवाई से बचने का निर्णय लिया।

तीन छोटे बच्चों के सिर से उठा साया l

मृतक सलमान अपने पीछे तीन छोटे-छोटे बच्चे छोड़ गया है। घर में वह एकमात्र कमाने वाला था। उसकी मौत के बाद अब इन मासूम बच्चों और उसकी पत्नी के भरण-पोषण की समस्या खड़ी हो गई है।

गया शहर में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन एक्शन मोड में, अवैध अतिक्रमण पर चला बुलडोज़र

गया: बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान गया शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या एक बड़े मुद्दे के रूप में उभरकर सामने आई थी। शहरवासियों ने लगातार शिकायत की थी कि मुख्य मार्गों और बाजारों में अवैध अतिक्रमण के कारण घंटों तक जाम लगा रहता है, जिससे आम लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही है। अब जब चुनाव समाप्त हो चुके हैं और बिहार में नई सरकार का गठन हो चुका है, तो चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में प्रशासन ने सक्रियता दिखानी शुरू कर दी है।

शहर को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से नगर विधायक डॉक्टर प्रेम कुमार, जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, नगर आयुक्त कुमार अनुराग और अन्य संबंधित सदस्यों ने विस्तृत बैठक कर एक ठोस कार्ययोजना तैयार की। इस योजना के तहत पहले शहर के अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों की पहचान की गई और उन स्थानों पर अवैध अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया गया।

इसी क्रम में शनिवार को जिला प्रशासन ने अपने अभियान की शुरुआत करते हुए ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए कड़ी कार्रवाई की। जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर निगम की टीम ने केपी रोड सहित शहर के कई संवेदनशील इलाकों में बुलडोज़र चलाया। फुटपाथों पर बने अस्थायी दुकानों, ठेलों और अन्य अवैध निर्माणों को हटाया गया, जिससे मार्गों को फिर से चौड़ा और सुगम बनाया जा सके।

प्रशासन के इस अभियान से स्थानीय लोगों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली। जहाँ एक ओर नियमित रूप से यातायात जाम का सामना करने वाले लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई का स्वागत किया, वहीं प्रभावित कारोबारियों ने अचानक की गई कार्रवाई पर असंतोष भी जताया। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर के हित और यातायात सुधार के लिए यह कदम आवश्यक था।

जिला प्रशासन का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में शहर के अन्य व्यस्त इलाकों में भी इसी तरह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी। लक्ष्य है कि गया शहर को पूरी तरह जाम-मुक्त और व्यवस्थित बनाया जाए, ताकि नागरिकों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर यातायात व्यवस्था मिल सके।

*हरेक विद्यार्थी अद्वितीय है, उसे भरोसे का माहौल देना चाहिए - डॉ संतोष अंश*
सुलतानपुर,राणा प्रताप पी.जी. कॉलेज, सुलतानपुर के बी.एड. विभाग द्वारा “विद्यार्थियों में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति” विषय पर एक सारगर्भित संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अध्यापकों एवं प्रशिक्षणार्थियों ने विषय की गंभीरता पर अपने विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए असिस्टेंट प्रो. शांतिलता कुमारी ने कहा कि आत्महत्या की प्रवृत्ति का मूल कारण विद्यार्थियों में बढ़ता मानसिक दबाव, अपेक्षाओं का बोझ और अकेलेपन की भावना है, जिसे समझना व संभालना जरूरी है। सोशल मीडिया में विद्यार्थियों की अत्यधिक सक्रियता से वास्तविक जीवन मे सामंजस्य कठिन हो रहा है। फलस्वरूप छात्रों में आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ रही है। वास्तविक भावनात्मक सुरक्षा की कमी आत्महत्या की प्रवृत्ति को बढ़ावा दे रही है। डॉ.संतोष अंश ने अपने वक्तव्य में कहा कि हरेक विद्यार्थी अद्वितीय है, इसलिए हमें तुलना से बचकर उन्हें सहयोग, सहानुभूति और भरोसे का माहौल देना चाहिए, ताकि वे कठिन परिस्थितियों से उबर सकें। आत्महत्या समाधान नहीं समस्याओं से भागने का प्रयास है। हर एक धड़कन और हर एक सपना, किसी भी परिणाम से अधिक कीमती है। डॉ. सीमा सिंह ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पर बल देते हुए कहा कि विद्यालय और परिवार दोनों को मिलकर विद्यार्थियों में भावनात्मक स्थिरता विकसित करने की दिशा में कार्य करना चाहिए।कार्यक्रम में बी.एड. प्रथम वर्ष के प्रशिक्षणार्थियों ने भी विषय पर अपने संक्षिप्त विचार व्यक्त किए। अभिषेक समय पर संवाद ही छात्र जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा है। अंशिका पाण्डेय सकारात्मक सोच और सहयोगी वातावरण विद्यार्थियों को मजबूत बनाते हैं। लक्ष्मीकांत असफलता अंत नहीं, सीखने का अवसर है, इसी संदेश को फैलाना होगा। खुशी सिंह भावनात्मक तनाव को साझा करना आत्महत्या की प्रवृत्ति को रोकने का पहला कदम है। अनुपम वर्मा शैक्षणिक संस्थानों में काउंसलिंग को अनिवार्य किया जाना चाहिए। शिखा मौर्या छात्रों को अपनी समस्याएँ बताने के लिए सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। श्वेता मौर्या सामाजिक दबाव आत्महत्या को प्रेरित करता है । आदर्श दीक्षित सहपाठियों का सहयोग कई बार जीवनरक्षक साबित हो सकता है। विभागाध्यक्ष डॉ. भारती सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान वदेने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को आत्महत्या से बचाने का उत्तरदायित्व सभी का है। कार्यक्रम का सफल संचालन वर्षा यादव ने किया। इस अवसर पर बी.एड. प्रथम वर्ष के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
*प्रॉपर्टी डीलर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर से मौत,मृतक का शव बाग में मिला*
सुल्तानपुर में एक प्रॉपर्टी डीलर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में कोतवाली देहात के उचहरा गांव स्थित एक बाग में मिला है। इस मृतक की पहचान भपटा निवासी 45 वर्षीय शिवकुमार गुप्ता के रूप में हुई है।......... शिवकुमार गुप्ता हनुमानगंज के असई चौराहे पर अपने परिवार के साथ रहते था। और वह प्रॉपर्टी के काम के साथ-साथ असई चौराहे पर किराना,बर्तन और फल की दुकान भी चलाता था, जिसकी देखरेख उनकी पत्नी करती थीं। मृतक के छोटे बेटे सनी गुप्ता ने बताया कि घटना वाली रात उनके पिता दादाजी के लिए किराना दुकान से दूध और बिस्किट लाए थे। उन्होंने अपनी बहन से रोटी बनाकर रखने को कहा था और बताया था कि वे एक घंटे में लौट आएंगे। सनी के अनुसार,उनके पिता जबरदस्ती गाड़ी की चाबी लेकर गए,जबकि वे उन्हें रात में बाहर जाने से मना कर रहे थे। सुबह पड़ोसियों के फोन से उन्हें पिता की हत्या की जानकारी मिली। तो परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। सनी ने बताया कि उनके पिता प्रॉपर्टी के काम के बारे में कुछ नहीं बताते थे, इसलिए उन्हें किसी पर शक नहीं है। शिवकुमार का शव घर से लगभग तीन किलोमीटर दूर भपटा और पाठक पुरवा गांवों के बीच एक बाग में मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर अखंडदेव मिश्रा ने बताया कि तहरीर मिलने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। शिवकुमार अपने चार भाइयों में तीसरे नंबर पर थे। उनके दो बेटे और एक बेटी है। बड़े बेटे सुमित कुमार गुप्ता की शादी 28 नवंबर 2024 को हुई थी और वह दिल्ली में नौकरी करते हैं। घटना के बाद से पत्नी सुमन गुप्ता, बेटी शिवानी गुप्ता और पिता राम सिंगार गुप्ता का रो-रोकर बुरा हाल है। बड़े भाई अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि मेरे भाई के साथ जो घटना हुई इस सम्बन्ध में हम बहुत ज़्यादा नहीं बता सकते। इसलिए की भाई हनुमानगंज में रहता था और हम तीन किमी दूर भपटा में रहते हैं। सुबह हम गांव में खेत में काम कर रहे थे तब हमें पता चला की भाई के साथ ये घटना घटी। घटनास्थल पर जब हम पहुंचे तो दो सौ लोगों की भीड़ लगी थी। कब निकले घर से, घटना कैसे घटी ये उनका लड़का ही बता सकता है। कोई चोट है नहीं, गाड़ी उनकी मौजूद है मौके पर। क्या किया गया कुछ पता नहीं। शिवकुमार के बड़े भाई अशोक गुप्ता एक शिक्षा मित्र हैं। शिवकुमार हनुमानगंज के एक स्वयं सहायता समूह का भी सदस्य था,जहां से उसने ऋण लिया था।
दलित,जातिवाद समाप्त करने के लिए सवर्ण लड़की की ही मांग क्यों करते हैं : सूरज प्रसाद चौबे

लखनऊ। राष्ट्रीय सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे ने कहा कि दलित , जातिवाद समाप्त करने के लिए सवर्ण लड़की की ही मांग क्यों करते है किसी दूसरे दलित जातियों या जनजातियों के साथ अपनी लड़की का संबंध क्यों नहीं करते अथवा अपनी लड़की का विवाह किसी बेरोजगार ब्राह्मण लड़के के साथ करके जातिवाद खत्म करने की बात बात क्यों नहीं करते,लाखों बेरोजगार ब्राह्मण लड़के है जो किसी दलित उच्च अधिकारी,सांसद , विधायक,मंत्री की बेटी से सहर्ष विवाह के लिए बैठे हैं,दरअसल बात न तो जातीय भेदभाव की है और न विवाह संबंध की है।

 पांच पीढ़ियों से हराम का आरक्षण खाकर इनकी मानसिकता कुंठित हो गई है। ये कुंठित लोग किसी न किसी बहाने दिन रात सिर्फ सवर्ण की अपमानित करके,जातिवादी नफ़रत फैलाने का काम करते है इन्हें पता है कि एससीएसटी एक्ट जैसे जातिवादी इन्हें पूरी तरह कानूनी सुरक्षा दे रहा है,जातीय संगठन इनका अंध समर्थन करते हैं इसलिए बेखौफ होकर जातिवादी नफ़रत फैलाते हैं । अंतर्जातीय विवाह से जाती समाप्त करने की बात चरम मूर्खतापूर्ण विचार है । हर साल लाखों की संख्या में अंतर्जातीय विवाह होते स्वांग अम्बेडकर ने भी अंतरजातीय विवाह किया था परन्तु आज तक किसी कि भी जाति समाप्त नहीं हुई । अंतरजातीय विवाह करने के बाद भी उनकी संताने सरकारी जाति प्रमाण पत्र बनवा कर पीढ़ी दर पीढ़ी आरक्षण का लाभ उठा रहे हैं । अंतर्जातीय विवाह की बात सिर्फ सवर्ण के साथ क्यों दलित जनजातियों और ओबीसी की हजारों जातियां आपस में विवाह संबंध बनाकर जातिवाद समाप्त करने का प्रयास क्यों नहीं करते क्या दलित पिछड़ो को आपस में विवाह से कोई ब्राह्मण रोका है।

मजदूरी न मिलने की शिकायत पर पहुॅचे श्रम प्रवर्तन अधिकारी

मजदूरी नही मिली तो वाद दाखिल कर बकाया मजदूरी की होगी वसुली: मंगल

मीरजापुर। मजदूरों की समस्या और बकाया मजदूरी को लेकर श्रम विभाग अलर्ट है, यह सतर्कता शनिवार को देखने को मिला जब निर्माण श्रमिक की बकाया मजदूरी न मिलने की शिकायत पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह, विभागीय कर्मचारी गौतम कुशवाहा ने रामबाग स्थित रैदानी मैदान के निषेधित क्षेत्र में जांच करने पहुॅचे। हालाकि समस्या का समाधान नही हुआ और श्रमिक की समस्या ज्यों की त्यों अभी बनी हुई है। बताते चले कि श्रमिक हरिमोहन पुत्र लाल बहादूर ने जहां अपने साथी मजदूरों को लेकर काम किया है वह क्षेत्र नये भवन निर्माण के लिए एनजीटी के निर्देश पर प्रतिबंधित है चूकिं यह वह क्षेत्र है जो गंगा तट से 200 मीटर दायरे के अंदर है लेकिन स्थानीय पुलिस और प्राधिकरण की मिली भगत से इस क्षेत्र में लगातार भवन निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं।

ज्ञात हो कि इस प्रकार के अवैध निर्माण कि शिकायत के चलते जिले के प्रभारी मंत्री नन्द कुमार नन्दी के निर्देश पर शहर कोतवाल को अन्यत्र स्थानंतरण होना पड़ा। यहां यह भी बतायना आवश्यक है कि कुछ दिन पूर्व बीते 28 अक्टॅूबर को प्राधिकरण व पुलिस टीम ने अस्पताल चौकी पर दो भवन स्वामियों सहित लगभग आधा दर्जन से अधीक निर्माण श्रमिकों पर बिठाया लेकिन कार्यवाही के नाम पर मामला शुन्य रहा जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मिर्जापुर विकास प्राधिकरण की क्या स्थिति है। हालाकि आज का मामला मजदूरी से है और भवन निर्माण मामले में श्रम विभाग का भी महत्वपूर्ण भूमिका है लेकिन श्रम विभाग भी अपने निजी स्वार्थ को लेकर चर्चे में है और पूर्व की मजदूर द्वारा की गयी शिकायत पर जांच के नाम पर खानापूर्ति की गयी जिसका उदाहरण अमरजीत प्रकरण है जहां एक वर्ष से अधीक बीत जाने पर मजदूर को उसकी मजदूरी नही मिली।

कया कहतें हैं लेबर अफसर

हरिमोहन की तरफ से रू0. 19 हजार बकाया मजदूरी कि शिकायत मिली है जिसकी जांच करने आये हैं मौके पर भवन स्वामी दिनेश कसेरा के न मिलने पर टेलिफोनिक वार्ता हुई और शिकायत से पूर्व की भांति अवगत कराया गया लेकिन भवन स्वामी द्वारा आनाकानी की जा रही है जिसपर दो दिन बाद कार्यालय बुलाया गया है मजदूरी न मिलने पर श्रमिक द्वारा पेमेन्ट ऑफ वेजेज का मुकदमा लगाया जा सकता है।

यूनियन महामंत्री बोले

मजदूरी बकाया को लेकर श्रम प्रर्वतन अधिकारी आज यहां रैदानी मैदान जांच करने पहुॅचे है लेकिन भवन स्वामी की अनुपस्थिति के चलते दो दिन बाद कार्यालय में बुलवाया गया है यदि श्रमिक को मजदूरी नही मिली तो श्रम न्यायालय में वाद दाखिल कर बकाया मजदूरी वसुल की जायेगी।: मंगल तिवारी महामंत्री, मिजा्रपुर असंगठित कामगार यूनियन

रेलवे टावर से गिरे युवक गम्भीर चोट.इलाज के दौरान मौत।

परिजनो ने ठिकेदार पर लगाया गम्भीर आरोप।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत थाना कौधियारा क्षेत्र के ग्राम सभा बारी बजहिया मजरा बगहा के इन्द्रभान पटेल पुत्र राम बरन पटेल का रेलवे टावर में ठीकेदार चन्द्र भान पटेल पुत्र कामता प्रसाद पटेल के अंडर में काम करता था लेकिन वह एक हेल्फर का काम करता था। ठीकेदार चन्द्र भान पटेल उसको रेलवे टावर पर चढ़ाया था जिससे गिरने से उसको गम्भीर चोटे आई वह 21/11/ 2025 को टावर से गिरा था उसका इलाज स्वरुप रानी अस्पताल में चल रहा था।हालत में सुधार न होने से उसकी आज दिनांक 29/11/2025 को मौत हो गई।शव का पोस्टमार्टम हो गया है।सुत्रो से मिली जानकारी वह जहा पर काम करता था वहा परिवार के लोग पहुंचकर(ठीकेदार)चन्द्र भान पटेल के नाम से लिखित में तहरीर देकर एफ आई आर दर्ज कराया गया है।मृतक की पत्नी रीता पटेल व माता/पिता सहित परिवारजन का रो रो कर बुरा हाल है मृतक के एक आठ माह का बेटा है।कौधियारा पुलिस मौके पर उपस्थित रहे।

जयप्रकाश नारायण अस्पताल सभागार में जिला स्तरीय नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में मीडिया की भूमिका पर कार्यशाला आयोजित

गयाजी जिला के जयप्रकाश नारायण अस्पताल सभागार में 28 नवम्बर 2025 को स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज नियमित टीकाकरण में मीडिया की भूमिका विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला सूचना अधिकारी, स्थानीय पत्रकारों, रेडियो प्रतिनिधियों एवं डिजिटल मीडिया से जुड़े कर्मियों ने भाग लिया।

कार्यशाला का उद्देश्य मीडिया को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी देना, जन-जागरूकता बढ़ाना और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए मीडिया के साथ समन्वय स्थापित करना था. मुख्य अतिथि डॉ राजा राम प्रसाद सिविल सर्जन ने अपने संबोधन में कहा. "नियमित टीकाकरण बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। मीडिया इस संदेश को समाज के हर कोने तक पहुँचाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।"

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित टीकाकरण से खसरा, पोलियो, डिप्थीरिया, काली खाँसी जैसी बीमारियों को रोका जा सकता है। वहीं, मीडिया के माध्यम से इन बीमारियों और टीकाकरण से जुड़ी सच्ची जानकारी आमजन तक पहुँचाना अनिवार्य है. कार्यक्रम में उपस्थित जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ डा० राजीव अमवष्ठा ने कहा कि मीडिया के सहयोग से "मिशन इंद्रधनुष" जैसे कार्यक्रमों को ज़मीनी स्तर तक सफल बनाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने बताया कि 9 से 14 वर्ष तक के बच्चियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एच पी भी का भी टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कई बार अफवाहों और जानकारी की कमी के कारण अभिभावक टीकाकरण से दूर रहते हैं, जिसे मीडिया सही जानकारी देकर बदल सकता है। कार्यशाला में स्थानीय पत्रकारों ने भी अपने विचार साझा किए और स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाने का आश्वासन दिया। अंत में, सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद देते हुए यूनिसेफ एस एम सी अजय चेरोविन ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएँ मीडिया और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करती हैं, जिससे जिले में टीकाकरण की स्थिति और बेहतर हो सकेगी। इस मौके पर डी०पी०एम० निलेश कुमार पी सी आई के प्रोग्राम मैनेजर कामता पाठक, स्टेट मैनेजर डॉक्यूमेंटेशन जिला समन्वयक मनोज कुमार राव, यूनिसेफ के गावी कोडिनेटर संजय कुमार सिंह एस एम सी असजद इकबाल सागर शामिल हुऐ।

महुआवाँ में बच्चों के झगड़े से भड़का विवाद, जदयू विधायक ने रात में कराया समझौता

,मदनपुर प्रखंड के महुआवाँ गांव में बच्चों के बीच हुए मामूली झगड़े से शुरू हुआ विवाद गुरुवार की रात शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ गया। जदयू विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने खुद मौके पर पहुँचकर दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाया और आपसी सहमति से समझौता कराया। घटना के अनुसार, गांव के दो परिवारों के बच्चों के बीच खेल के दौरान छोटी-मोटी नोक-झोंक हुई थी, जो बाद में बढ़ते विवाद का रूप ले लिया। प्रारंभिक झगड़े को लेकर ग्रामीणों में चर्चा फैल गई और कुछ स्वार्थी तत्वों ने इसे

जातीय और राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ती देख विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने तुरंत हस्तक्षेप करने का निर्णय लिया। विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि यह एक सामान्य बच्चों का झगड़ा था, जिसे किसी भी तरह से बढ़ाकर राजनीतिक या जातीय मुद्दा बनाने की कोशिश उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विवाद की वास्तविक जड़ केवल बच्चों का आपसी मनमुटाव था, जो किसी भी बड़े सामाजिक संकट का कारण नहीं बन सकता।

उन्होंने दोनों परिवारों से अपील की कि भविष्य में किसी भी प्रकार के वैयक्तिक मतभेद को बढ़ावा न दें और गांव में शांति एवं सौहार्द बनाए रखें। विधायक की पहल से प्रभावित होकर दोनों पक्षों के परिवारों ने आपसी बातचीत के जरिए समझौते पर सहमति जताई। समझौते के दौरान दोनों पक्षों ने अपने बच्चों की गलती स्वीकार की और भविष्य में ऐसे विवाद न होने की शपथ ली। विधायक ने इस अवसर पर कहा कि समाज में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है। ग्रामीणों ने भी विधायक के इस त्वरित और संवेदनशील हस्तक्षेप की सराहना की। उन्होंने कहा कि अगर विधायक समय पर हस्तक्षेप नहीं करते, तो मामूली झगड़ा बड़ा विवाद बन सकता था। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि इस तरह के हस्तक्षेप से छोटे-छोटे विवादों का समय रहते समाधान करना संभव है और यह गांव में सामूहिक सौहार्द को बनाए रखने में मददगार है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि बच्चों के झगड़े अक्सर बड़े विवाद का रूप ले लेते हैं, लेकिन स्थानीय नेतृत्व और प्रशासनिक हस्तक्षेप से इनका शांतिपूर्ण समाधान संभव है। महुआवाँ की यह घटना इसी बात का उदाहरण है, जहाँ विधायक की सक्रियता और संवाद के माध्यम से विवाद को फैलने से पहले ही समाप्त कर दिया गया। इस मामले ने यह भी उजागर किया कि समाज में कुछ तत्व मामूली घटनाओं को बढ़ाकर असहमति और तनाव फैलाने की कोशिश करते हैं। विधायक ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे ऐसे लोगों के प्रयासों में न फंसें और आपसी सहयोग और समझदारी से ही किसी भी समस्या का समाधान करें।

अंत में, विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने दोनो परिवारों से कहा कि बच्चों को खेल-कूद में सुधार करने, आपसी सम्मान बनाए रखने और सकारात्मक आदतों के लिए मार्गदर्शन करें। उन्होंने आश्वस्त किया

कि प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधि हमेशा ग्रामीणों के साथ हैं .

और किसी भी विवाद को सुलझाने के लिए तत्पर रहेंगे। महुआवाँ गांव में यह घटना न केवल विवाद का शांतिपूर्ण समाधान दिखाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जागरूक नेतृत्व और संवाद से समाज में सामूहिक शांति कायम की जा सकती है।

तनिष्क शोरूम में मधुबनी कलेक्शन का नया रेंज, तनिष्क के नए शोरूम का फीता काट के उद्घाटन किया


गया। भारत का सबसे बड़ा ज्वेलरी रिटेल ब्रांड और टाटा परिवार का एक हिस्सा तनिष्क ने बिहार के गया जी 24 पर्यटन स्थल में एक ने और धमाका धमाकेदार ने स्टोर का आज शुभारंभ किया गया इस सुबह इस तनिक असिस्टेंट एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट रिटेलिंग सुनील राज ईस्ट के रीजनल बिजनेस सेट सा गौरव कृष्ण और तनिक ईस्ट 2 के आईबीएम मणि शंकर सेनगुप्ता ने आज इस तनिष्क के नए शोरूम का फीता काट के उद्घाटन किया

जिसमें हर खरीदारी के साथ एक सोने का सिक्का मुफ्त उपाय के रूप में दिया जाएगा हर खरीदार को हर आने वाले और टेनिस के हर नई रेंज का जो रेंज पूरे विश्व में रेंज है वह इस तरह से शोरूम में भी रेंज उपलब्ध कराया गया है तनिष्क के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट रिटेलिंग सुनील राज ने कहा गया मैं स्टोर का उद्घाटन हो रहा है

कस्टमर के लिए एक नया ऑफर लेकर आई है जो गया कैसे स्टोर में कमाल धमाल मचाएगी इस तनिष्क के शोरूम में गया के जनता के लिए गोल्ड ऑफर लोगों को दिया जा रहा है जो इस नवंबर के अंतिम दिनों तक रहेगा इस शोरूम में कोई भी गोल्ड एक्सचेंज ऑफर के साथ आप बदली कर सकते हैं और तनिष्क का प्रोडक्ट ले सकते हैं इस शोरूम में 9 काह 22 काह 18 काह तीनों रेंज के सोने के आभूषण एवं हीरे के आभूषण उपलब्ध हैंआगे उन्होंने कहा कि मधुबनी कला से निर्मित गले के सेट हार के सेट शादी विवाह में आने वाले पूरे मंगलसूत्र आदि यहां उपलब्ध है आगे उन्होंने कहा कि गया जी एक विश्व पर्यटन असली है और इस नई जगह पर हमारी शानदार स्टोर का उद्घाटन करते हुए हमें बहुत खुशी हो रही है बिहार में हमारी उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में हमने एक और कदम आगे बढ़ाया है

पहले से बेहतर और शानदार स्टोर हमारे ग्राहकों की खरीदारी की समृद्धि और अधिक आरामदायक अनुभव प्रदान करने के लिए सोच समझ कर डिजाइन किया गया है सोने हीरे और चांदी के शादी के आभूषणों की विशाल शृंखला इस स्टोर पर प्रस्तुत की गई है तनिष्क के भरोसेमंद शुद्धता बेजोड़ कार्यागिरी और सेवा के वचन को बरका रखते हुए इन क्षेत्र के लोगों की पसंद और जरूरत को पूरा करना हमारा लक्ष्य है हम गया जी के लोगों को एक खूबसूरती नए स्टोर पर स्वागत करते हैं और उनके उत्सक

इश्क के डिनर बिजनेस एडमिन गौरव कृष्ण ने कहा कि यह बेहतर स्टोर को प्रमाणित कर रहे हैं लोगों का भरोसा इस तनिक शोरूम में गया की जनता हो गया के आसपास को लोगों को हर सहयोग की मिलेगा इस स्टोर में लोग ने डिजाइन नए लुक आने आभूषणों को खरीद सकते हैं और उन्होंने आगे यह भी कहा कि जिनके माध्यम वर्ग के लोगों के लिए 12 महीने का एक ऑफर है जो आप काम से कम रेट में सोने का रेट कम करके जी आभूषणों को कर देंगे इस रेट को 12 महीने लाने पर मेकिंग चार्ज में भी 50% तक छूट मिलेगी

लोहे का गाटर गिरने से मजदूर की मौत, तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

जानसठ में मकान निर्माण के दौरान हुई हृदयविदारक घटना, बिना पुलिस को सूचना दिए हुआ अंतिम संस्कार

ब्रह्म प्रकाश शर्मा

मुजफ्फरनगर।जानसठ। कस्बे में शनिवार को एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां मकान निर्माण कार्य में लगे एक मजदूर की सिर पर लोहे का भारी गाटर गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक के अचानक चले जाने से उसके तीन छोटे-छोटे बच्चों और परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

जानकारी के अनुसार, कस्बे के जन्नताबाद निवासी सलमान (पुत्र यूनुस उर्फ़ टुय्या) कस्बे के ही शाहिद मलिक के यहां एक निर्माणाधीन मकान में 'ढुला' (शटरिंग) बांधने का काम कर रहा था। बताया जाता है कि काम के दौरान ही अचानक एक भारी-भरकम लोहे का गाटर उसके ऊपर आ गिरा। गाटर की चपेट में आने से सलमान गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई।

हादसा होते ही निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में सलमान को कस्बे के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सक ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए तत्काल उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। बताया जाता है कि परिजन जब घायल सलमान को जिला अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।

जैसे ही मौत की खबर जन्नताबाद स्थित उसके घर पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया। घर में मातम पसर गया और मोहल्ले में भी शोक की लहर दौड़ गई।

इस दुखद घटना का एक और पहलू यह है कि मृतक के परिजनों ने इस मामले की सूचना पुलिस को नहीं दी। समाचार लिखे जाने तक, परिजन जल्द से जल्द मृतक सलमान का अंतिम संस्कार करने की तैयारियों में जुटे हुए थे। समझा जा रहा है कि गरीबी और अचानक आई इस विपत्ति के कारण परिजनों ने कानूनी कार्रवाई से बचने का निर्णय लिया।

तीन छोटे बच्चों के सिर से उठा साया l

मृतक सलमान अपने पीछे तीन छोटे-छोटे बच्चे छोड़ गया है। घर में वह एकमात्र कमाने वाला था। उसकी मौत के बाद अब इन मासूम बच्चों और उसकी पत्नी के भरण-पोषण की समस्या खड़ी हो गई है।

गया शहर में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन एक्शन मोड में, अवैध अतिक्रमण पर चला बुलडोज़र

गया: बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान गया शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या एक बड़े मुद्दे के रूप में उभरकर सामने आई थी। शहरवासियों ने लगातार शिकायत की थी कि मुख्य मार्गों और बाजारों में अवैध अतिक्रमण के कारण घंटों तक जाम लगा रहता है, जिससे आम लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही है। अब जब चुनाव समाप्त हो चुके हैं और बिहार में नई सरकार का गठन हो चुका है, तो चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में प्रशासन ने सक्रियता दिखानी शुरू कर दी है।

शहर को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से नगर विधायक डॉक्टर प्रेम कुमार, जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, नगर आयुक्त कुमार अनुराग और अन्य संबंधित सदस्यों ने विस्तृत बैठक कर एक ठोस कार्ययोजना तैयार की। इस योजना के तहत पहले शहर के अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों की पहचान की गई और उन स्थानों पर अवैध अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया गया।

इसी क्रम में शनिवार को जिला प्रशासन ने अपने अभियान की शुरुआत करते हुए ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए कड़ी कार्रवाई की। जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर निगम की टीम ने केपी रोड सहित शहर के कई संवेदनशील इलाकों में बुलडोज़र चलाया। फुटपाथों पर बने अस्थायी दुकानों, ठेलों और अन्य अवैध निर्माणों को हटाया गया, जिससे मार्गों को फिर से चौड़ा और सुगम बनाया जा सके।

प्रशासन के इस अभियान से स्थानीय लोगों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली। जहाँ एक ओर नियमित रूप से यातायात जाम का सामना करने वाले लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई का स्वागत किया, वहीं प्रभावित कारोबारियों ने अचानक की गई कार्रवाई पर असंतोष भी जताया। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर के हित और यातायात सुधार के लिए यह कदम आवश्यक था।

जिला प्रशासन का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में शहर के अन्य व्यस्त इलाकों में भी इसी तरह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी। लक्ष्य है कि गया शहर को पूरी तरह जाम-मुक्त और व्यवस्थित बनाया जाए, ताकि नागरिकों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर यातायात व्यवस्था मिल सके।

*हरेक विद्यार्थी अद्वितीय है, उसे भरोसे का माहौल देना चाहिए - डॉ संतोष अंश*
सुलतानपुर,राणा प्रताप पी.जी. कॉलेज, सुलतानपुर के बी.एड. विभाग द्वारा “विद्यार्थियों में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति” विषय पर एक सारगर्भित संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अध्यापकों एवं प्रशिक्षणार्थियों ने विषय की गंभीरता पर अपने विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए असिस्टेंट प्रो. शांतिलता कुमारी ने कहा कि आत्महत्या की प्रवृत्ति का मूल कारण विद्यार्थियों में बढ़ता मानसिक दबाव, अपेक्षाओं का बोझ और अकेलेपन की भावना है, जिसे समझना व संभालना जरूरी है। सोशल मीडिया में विद्यार्थियों की अत्यधिक सक्रियता से वास्तविक जीवन मे सामंजस्य कठिन हो रहा है। फलस्वरूप छात्रों में आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ रही है। वास्तविक भावनात्मक सुरक्षा की कमी आत्महत्या की प्रवृत्ति को बढ़ावा दे रही है। डॉ.संतोष अंश ने अपने वक्तव्य में कहा कि हरेक विद्यार्थी अद्वितीय है, इसलिए हमें तुलना से बचकर उन्हें सहयोग, सहानुभूति और भरोसे का माहौल देना चाहिए, ताकि वे कठिन परिस्थितियों से उबर सकें। आत्महत्या समाधान नहीं समस्याओं से भागने का प्रयास है। हर एक धड़कन और हर एक सपना, किसी भी परिणाम से अधिक कीमती है। डॉ. सीमा सिंह ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पर बल देते हुए कहा कि विद्यालय और परिवार दोनों को मिलकर विद्यार्थियों में भावनात्मक स्थिरता विकसित करने की दिशा में कार्य करना चाहिए।कार्यक्रम में बी.एड. प्रथम वर्ष के प्रशिक्षणार्थियों ने भी विषय पर अपने संक्षिप्त विचार व्यक्त किए। अभिषेक समय पर संवाद ही छात्र जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा है। अंशिका पाण्डेय सकारात्मक सोच और सहयोगी वातावरण विद्यार्थियों को मजबूत बनाते हैं। लक्ष्मीकांत असफलता अंत नहीं, सीखने का अवसर है, इसी संदेश को फैलाना होगा। खुशी सिंह भावनात्मक तनाव को साझा करना आत्महत्या की प्रवृत्ति को रोकने का पहला कदम है। अनुपम वर्मा शैक्षणिक संस्थानों में काउंसलिंग को अनिवार्य किया जाना चाहिए। शिखा मौर्या छात्रों को अपनी समस्याएँ बताने के लिए सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। श्वेता मौर्या सामाजिक दबाव आत्महत्या को प्रेरित करता है । आदर्श दीक्षित सहपाठियों का सहयोग कई बार जीवनरक्षक साबित हो सकता है। विभागाध्यक्ष डॉ. भारती सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान वदेने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को आत्महत्या से बचाने का उत्तरदायित्व सभी का है। कार्यक्रम का सफल संचालन वर्षा यादव ने किया। इस अवसर पर बी.एड. प्रथम वर्ष के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।