मशहूर शायर डॉ. बशीर बद्र का निधन, 91 वर्ष की उम्र में भोपाल में ली अंतिम सांस

‘दुश्मनी जमकर करो लेकिन…’ जैसे अमर शेरों से बनाई खास पहचान

भोपाल। उर्दू अदब की दुनिया के मशहूर शायर डॉ. बशीर बद्र का गुरुवार को 91 वर्ष की उम्र में भोपाल में निधन हो गया। वे लंबे समय से डिमेंशिया बीमारी से पीड़ित थे और पिछले कुछ समय से उनकी याददाश्त भी काफी कमजोर हो चुकी थी। उनके निधन से साहित्य और शायरी जगत में शोक की लहर है।

सरल, संवेदनशील और दिलों को छू लेने वाली शायरी के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. बशीर बद्र ने हिंदी और उर्दू साहित्य को कई यादगार ग़ज़लें दीं। उनके कई ग़ज़ल संग्रह प्रकाशित हुए और उनकी रचनाओं ने देश-विदेश में बड़ी लोकप्रियता हासिल की। उनकी शायरी का पंजाबी, बंगाली, नेपाली और रूसी भाषाओं में अनुवाद की तैयारी भी चल रही थी।

बशीर बद्र का मशहूर शेर —

दुश्मनी जमकर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे,

जब कभी हम दोस्त हो जाएं तो शर्मिंदा न हों…”

आज भी अदब प्रेमियों की जुबान पर रहता है। उनकी शायरी में मोहब्बत, रिश्ते, तन्हाई, इंसानी एहसास और सामाजिक सरोकारों की गहरी झलक मिलती थी। अपने सहज अंदाज और असरदार अल्फाज की वजह से उन्होंने आम पाठकों से लेकर साहित्यिक जगत तक खास पहचान बनाई। डॉ. बशीर बद्र के इंतकाल के साथ उर्दू शायरी का एक महत्वपूर्ण दौर जैसे थम सा गया है।

टीएमसी में बढ़ा आपसी कलह, काकोली घोष ने अपनी ही पार्टी के नेता के खिलाफ स्पीकर को लिखा पत्र

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पश्चिम बंगाल में सत्ता के बदलते ही तृणमूल कांग्रेस का आपसी कलह खुल कर सामने आ गया है। कभी ममता की बेहद करीबी रहीं टीएमसी सांसद काकोली घोष ने बागी रूख अख्तियार कर लिया है। काकोली घोष ने अपनी पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। घोष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में उन्होंने कल्याण बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

दुर्व्यवहार और अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल का आरोप

पत्र में काकोली घोष ने लोकसभा स्पीकर से अपनी पार्टी के चीफ व्हिप कल्याण बनर्जी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की अनुमति मांगी है। पत्र में काकोली घोष दस्तीदार ने आरोप लगाया कि कल्याण बनर्जी ने लोकसभा में उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उनके लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। काकोली घोष ने दावा किया कि कल्याण बनर्जी का उनके खिलाफ ही नहीं बल्कि अन्य महिला सांसदों के प्रति भी व्यवहार अनुचित और अपमानजनक रहा है।

स्पीकर से हस्तक्षेप करने की अपील

काकोली घोष ने अपने पत्र में लोकसभा स्पीकर से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है और औपचारिक शिकायत दर्ज करने की अनुमति देने की मांग की है। साथ ही काकोली घोष ने उचित कार्रवाई के बाद सजा सुनिश्चित करने की भी मांग की है।

पार्टी के सभी पदों से दे चुकीं हैं इस्तीफा

टीएमसी नेता काकोली घोष दस्तीदार ने बुधवार को ही पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दिया हैं। इसके एक दिन बाद ही उनका लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता की शिकायत की, जो दिखा रहा है कि टीएमसी के भीतर सबकुछ ठीक नहीं है। काकोली घोष दस्तीदार को हाल ही में टीएमसी के लोकसभा सचेतक पद से हटाया गया है। काकोली की जगह कल्याण बनर्जी को ही लोकसभा में पार्टी का मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया है।

कल्याण बनर्जी की प्रतिक्रिया आई सामने

काकोली घोष के आरोपों पर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा है कि सदन में कोई घटना होने के बाद, स्पीकर को तुरंत सूचित किया जाना चाहिए। यही नियम है। किसी भी घटना की जानकारी बिना किसी देरी के स्पीकर को दी जानी चाहिए। जहां तक लगाए जा रहे आरोपों की बात है, तो सवाल यह है कि किसने क्या और कब कहा। असल समस्या उनकी नीयत में है। ऐसा लगता है कि वे किसी मकसद से काम कर रहे हैं, जिससे मेरे मन में संदेह पैदा होता है।

बसपा को बड़ा झटका : असमोली के मुस्लिम चेहरे फिरोज खान ने थामा चंद्रशेखर आजाद का हाथ
संभल । उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहुजन समाज पार्टी को उस समय बड़ा झटका लगा, जब असमोली विधानसभा क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता और बसपा से जुड़े मोहम्मद फिरोज खान हिंदुस्तानी ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के मंडल और जिला स्तर के पदाधिकारियों पर उत्पीड़न, टिकट के नाम पर धन उगाही और कार्यकर्ताओं की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप लगाए। इसके साथ ही उन्होंने आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की सदस्यता ग्रहण कर ली।
मोहम्मद फिरोज खान हिंदुस्तानी ने एक विस्तृत बयान जारी करते हुए कहा कि वह लंबे समय से बहुजन समाज पार्टी में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे थे और असमोली क्षेत्र में शिक्षा, सामाजिक न्याय और जनहित के मुद्दों को लेकर संघर्ष करते रहे। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2011-12 में मायावती सरकार के दौरान बने राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज असगरीपुर को बचाने के लिए उन्होंने 14 वर्षों तक संघर्ष किया और अंततः सरकार द्वारा अधूरे कार्यों के लिए धन आवंटित कराया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की विधायक पिंकी यादव से सांठगांठ कर बसपा के कुछ जिला और मंडल स्तर के पदाधिकारियों ने उन्हें लगातार पार्टी कार्यक्रमों और बैठकों से दूर रखा। उनका कहना है कि असमोली विधानसभा सीट पर टिकट वितरण में धनबल और राजनीतिक सौदेबाजी का खेल चलता है, जिससे समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी होती है।
फिरोज खान ने यह भी आरोप लगाया कि बहुजन समाज पार्टी में आम कार्यकर्ताओं की आवाज नहीं सुनी जाती और राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचने के लिए भी भारी रकम की मांग की जाती है। उन्होंने दावा किया कि 24 मार्च 2026 को उन्हें मायावती से मिलवाने के नाम पर दो लाख रुपये लिए गए थे।
अपने बयान में उन्होंने संभल हिंसा, मुस्लिम समाज से जुड़े मुद्दों, बुलडोजर कार्रवाई, बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे विषयों पर भी पार्टी नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति का उद्देश्य दलाली या चापलूसी नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, सड़क, रोजगार और संवैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष करना है।
इसके बाद मोहम्मद फिरोज खान हिंदुस्तानी ने नागीना सांसद Chandrashekhar Azad के नेतृत्व में Azad Samaj Party (Kanshi Ram) की सदस्यता ग्रहण कर ली। पार्टी जॉइनिंग के दौरान पूर्व आईपीएस अधिकारी अमित वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष सुनील चित्तौड़ और अन्य नेता भी मौजूद रहे।
फिरोज खान ने कहा कि वर्तमान समय में संविधान, सामाजिक न्याय और भाईचारे की रक्षा के लिए आजाद समाज पार्टी ही मजबूती से संघर्ष कर रही है और वह अब पूरी निष्ठा के साथ पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट के बड़े फैसले: जैविक खेती को 370 करोड़, अबुआ दवाखाना और DA में बढ़ोतरी को मंजूरी

★ उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अन्तर्गत यथावश्यक Development, Maintenance, Hosting and Implementation of various Web Portals कार्य हेतु झारखण्ड वित्त नियमावली के नियम-235 को शिथिल करते हुए, नियम-245 के अधीन मनोनयन के आधार पर भारत सरकार के उपक्रम M/s CSC e-Governance Services India Limited के चयन की स्वीकृति दी गई।

★ श्री अमिताभ कुमार गुप्ता, सेवानिवृत न्यायाधीश, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची को लोकायुक्त, झारखण्ड के पद पर नियुक्त किये जाने के उपरान्त घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की गई।

★ जैविक खेती के प्रमाणीकरण की योजनान्तर्गत तीन चरणों यथा प्रथम चरण वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29, द्वितीय चरण 2027-28 से 2029-30 तथा तृतीय चरण वित्तीय वर्ष 2028-29 से 2030-31 तक क्रमशः 35000 हे०, 35000 हे० तथा 35000 हे०, अर्थात 1.05 लाख हे० हेतु कुल रू० 37012.50 लाख (तीन अरब सत्तर करोड़ बारह लाख पचास हजार) मात्र की लागत पर योजना की स्वीकृति एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 (प्रथम चरण प्रथम वर्ष) के लिए कुल राशि रु० 4287.50 लाख (बयालीस करोड़ सतासी लाख पचास हजार) मात्र की विमुक्ति की स्वीकृति दी गई।

★ स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के तहत निषिद्ध मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन, अवैध व्यापार, तस्करी, पेडलिंग आदि की सूचना देने तथा प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रोत्साहित करने हेतु पुरस्कार नीति का गठन की स्वीकृति दी गई।

★ श्री कामदा नंदन कुसम कुंवर सिंकू तकनीकी सलाहकार, रूपांकण अंचल आदित्यपुर, जमशेदपुर को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् कार्यपालक अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ दुमका हवाई अड्डा, दुमका से Regional Connectivity Scheme (RCS-UDAN) के तहत नियमित उड़ान सेवा प्रारंभ करने के निमित हवाई अड्डा पर Cost Recovery Basis पर Aviation Meterological Services उपलब्ध कराने हेतु भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (Indian Meteorological Department-IMD), भारत सरकार के साथ एकरारनामा के प्रस्ताव तथा प्रारूप पर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के वृद्ध / गंभीर रूप से अस्वस्थ अथवा स्थायी रूप से दिव्यांग कलाकारों के लिए मासिक निवृत्तिका योजना की स्वीकृति दी गई।

★ खूंटी जिला अंतर्गत अंचल-कर्रा, मौजा-काटमकुकू एवं कुलहुटू, विभिन्न मौजा संख्या, विभिन्न खाता संख्या, विभिन्न प्लॉट संख्या, कुल रकबा 11.635 एकड़, विभिन्न किस्म की गैरमजरूआ खास एवं आम खाते की भूमि कुल देय राशि रुपये 17,81,58,938/- (सत्रह करोड़ इक्यासी लाख अंठावन हजार नौ सौ अड़तीस) रुपये मात्र की अदायगी पर South Eastern Railway (SER) को लोधमा पिस्का लिंक रेल लाईन निर्माण परियोजना हेतु सःशुल्क स्थायी भू-हस्तांतरण करने की स्वीकृति दी गई।

★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक 31 मार्च 2024 को समाप्त हुए अवधि के लिए प्रतिवेदन, झारखण्ड सरकार, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-1 (अनुपालन लेखापरीक्षा-राजस्व) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

★ Authentication User Agency (AUA) एवं e-KYC User Agency (KUA) अर्थात सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेस विभाग, झारखण्ड सरकार तथा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI), भारत सरकार के मध्य किये गए AUA/KUA एकरारनामा के क्रम मे Aadhar (Authentication and Offline Verification) Regulation, 2021 के विनियम 9 के उप-विनियम (3A) के तहत पूरक (Supplementary) एकरारनामा की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के लिए बहु-चिकित्सा प्रणाली (एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी एवं सिद्धा) आधारित एकीकृत औषधि केन्द्रों "अबुआ दवाखाना" की स्थापना एवं संचालन की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के पेंशनधारियों / पारिवारिक पेंशनभोगियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (छठा केन्द्रीय वेतनमान) में दिनांक-01.01.2026 के प्रभाव से महँगाई राहत की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के कर्मियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (छठा केन्द्रीय वेतनमान) में दिनांक 01. 01.2026 के प्रभाव से महँगाई भत्ता की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के कर्मियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (पंचम वेतनमान) में दिनांक-01.01. 2026 के प्रभाव से महँगाई भत्ता की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के कर्मियों को दिनांक 01.01.2016 से प्रभावी पुनरीक्षित वेतनमान (सातवें केन्द्रीय वेतनमान) में दिनांक 01 जनवरी, 2026 के प्रभाव से महँगाई भत्ता की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के दिनांक 01.01.2016 से पुनरीक्षित / प्रभावी राज्य सरकार के पेंशन / पारिवारिक पेंशनभोगियों को 01 जनवरी, 2026 के प्रभाव से महँगाई राहत की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ श्री सुशील कुमार, सहायक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमण्डल, लोहरदगा सम्प्रति सेवा से बर्खास्त को माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा वाद सं०-W.P.(S) No.-1608/2022 एवं Cont (C)No.-1128/2024 में पारित न्यायादेश के अनुपालन में सेवा में पुनर्बहाल करने की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड भवन, वसंत विहार, नई दिल्ली एवं न्यू झारखण्ड भवन, बंगला साहिब रोड, नई दिल्ली के कमरों के आवासन शुल्क में पुनरीक्षिण की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.-3378/2019- शिव रामजी मिश्रा बनाम झारखण्ड राज्य सरकार एवं अन्य मामले में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 03.10.2023 को पारित न्याय निर्णय के आलोक में UGC के पत्र संख्या सं० F-3-2/99 (ps), दिनांक-21.07.1999 की कंडिका 05 में निहित प्रावधान /अनुशंसा के आलोक में वेतनमान 5500-9000 में 8300 रू0 प्रक्रम पर पहुँच चुके या प्रदर्शक के वेतनमान में 16 वर्ष की सेवा पूरी कर लेने पर, जो भी बाद में हो, के शर्त को पूरा करते हैं, को व्याख्याता के वेतनमान रू0 8000-13500 के व्यक्तिगत वेतन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत मुख्य न्यायाधीश एवं न्यायाधीश को प्रदान की जा रही अनुसेवक भत्ता एवं अनुसचिवीय सहायता की राशि में अभिवृद्धि तथा अन्य सुविधाओं की स्वीकृति दी गई।

★ श्री अनिल कुमार सिन्हा, तत्कालीन प्रबंध निदेशक, गुमला-सिमडेगा केन्द्रीय सहकारी बैंक लि०, गुमला-सम्प्रति-सेवानिवृत्त संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ, संथाल परगना प्रमण्डल, दुमका के विरुद्ध निर्गत दण्डादेश विभागीय अधिसूचना संख्या-1620 दिनांक-19.06.2012 को निरस्त करने तथा श्री सिन्हा को दिये गये दण्ड "सेवा से बर्खास्तगी" को परिवर्तित कर विभागीय कार्यवाही को पेंशन नियमावली के नियम-43 (ख) के तहत सम्परिवर्तित करते हुए "उनके पेंशन से पचास प्रतिशत (50%) की राशि की स्थाई रुप से कटौती" का दण्ड अधिरोपित किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के जूनियर रेजिडेंट (एकेडमिक एवं नॉन एकेडमिक), ईन्टर्नस की वृत्तिका पुनरीक्षण एवं झारखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा (नियुक्ति, प्रोन्नति एवं सेवाशत्त) (संशोधन) नियमावली, 2026 गठन की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ लोक भवन/राज्यपाल सचिवालय झारखंड, रांची के पुनर्गठन की स्वीकृति दी गई।

★ श्रीमती विद्या कुमारी, सहायक शिक्षिका, राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, देवघर एवं श्रीमती मालती दास, सहायक शिक्षिका, राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, दुमका की नियुक्ति की वैधता के संबंध में अन्य समरूप मामलों के सदृश सी.बी.आई. के जाँच प्रतिवेदन में अवैध/अनियमित नियुक्ति घोषित शिक्षकों के विरुद्ध की गई विभागीय कार्रवाई के फलाफल के विरुद्ध दायर याचिकाओं में माननीय उच्चतम् / उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के प्रसंग में उन्हें सेवा में पुनर्स्थापित कर / मानते हुए परिणामी लाभ एवं पेंशनादि की स्वीकृति के निर्णय की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य योजनान्तर्गत मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत उद्यमी पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए व्यवसायिक बकरा बकरी पालन योजना के लिए कुल अनुमानित अनुदान की राशि रू० 30,00,00,000/- (तीस करोड़ रूपये) के नई योजना के संचालन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा 29 (1) द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए झारखण्ड मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा 9(3) के साथ पठित अनुसूची || Part E के अन्तर्गत सूचीबद्ध माल यथा पेट्रोल, डीजल एवं मदिरा (Liquor) के खुदरा बिक्रेताओं, जिनके द्वारा राज्य के अंदर ही क्रय-बिक्रय किया जाता है एवं राज्य के अंदर से क्रय के क्रम में 'कर' (VAT) का भुगतान पूर्व में ही प्राप्त हो जाता है, को झारखण्ड मूल्य वर्द्धित कर नियमावली, 2006 के नियम 14 (1) एवं नियम 14 (3) के प्रावधानुसार कमशः त्रैमासिक विवरणी (Quarterly Return) FORM JVAT 200 एवं मासिक विवरण (Monthly Abstract) FORM JVAT 213 दाखिल करने से मुक्त किए जाने पर स्वीकृति दी गई।

★ M.A.No.-890/2025 एवं Contempt Petition(C) No.-666/2025 in Civil Appeal No.-299/2025, धर्मेन्द्र कुमार सिंह एवं अन्य बनाम झारखण्ड उच्च न्यायालय एवं अन्य में दिनांक-17.11.2025 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश के अनुपालन में जिला न्यायाधीश स्तर के 05 छाया पदों (Supernumerary post) के सृजन की स्वीकृति दी गई।

★ पंचम राज्य वित्त आयोग द्वारा समर्पित प्रथम प्रतिवेदन में कृत अनुशंसाओं को लागू करने से संबंधित वित्त विभागीय संकल्प संख्या-2519 दिनांक 16.10.2025 की कंडिका-2 के क्रम में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के प्रतिनिधायण के कुल राशि 1167.35 करोड़ के क्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 में तृतीय अनुपूरक में प्राप्त 658.02 करोड़ रूपये में से कुल पारित 197.218 करोड़ रूपये के विपत्रों को वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्राप्त प्राप्त कुल निधि 216.00 करोड़ में जोड़ते हुए तृतीय तृतीय अनुपूरक में प्राप्त 658.02 करोड़ में शेष अंतर राशि कुल 2,44,80,20,000 रूपये झारखण्ड आकस्मिकता निधि से अग्रिम की निकासी की स्वीकृति दी गई।

★ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड के अन्तर्गत राज्य यक्ष्मा कार्यालय द्वारा Laboratory Materials Cartridge (CBNAAT Cartridge) को वित्त नियमावली के नियम 235 के प्रावधान को शिथिल करते हुए नियम 245 के तहत् मनोनयन के आधार पर M/s Cepheid India (P)Ltd, Gurgaon] Haryana से क्रय करने की योजना पर घटनोतर स्वीकृति दी गई।

★ Jharkhand Integrated Mines and Mineral Management System (JIMMS) Version 2.0 योजना की घटनोत्तर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ भारतीय मुद्रांक अधिनियम, 1899 की धारा 9 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अधिनियम की धारा-3 के परन्तुक-(1) में वर्णित प्रावधान के आलोक में लोकहित में झारखण्ड सरकार द्वारा पुनर्वास/पुर्नस्थापन नीति के तहत विस्थापितों को आवंटित भू-भाग अथवा नागरिकों द्वारा सार्वजनिक उपयोग हेतु दान की गई भूमि के लिखत (दस्तावेज) पर मुद्रांक एवं निबंधन शुल्क से विमुक्ति की स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित योजना "PM SETU- PRADHAN MANTRI SKILLING & EMPLOYABILITY TRANSFORMATION THROUGH UPGRADED ITIS" के Component I- Upgradation of Industrial Training Institutes (ITIs) के संचालन की स्वीकृति दी गई।

★ गिरिडीह जिलान्तर्गत बगोदर-सरिया अनुमंडल में गठित अनुमंडलीय न्यायालय की स्थापना में अधीनस्थ कर्मचारियों / पदाधिकारियों के 20 (बीस) पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

★ पश्चिमी सिंहभूम जिलान्तर्गत चक्रधरपुर अनुमंडल में गठित अनुमंडलीय न्यायालय की स्थापना में अधीनस्थ कर्मचारियों /पदाधिकारियों के 41 (इकतालीस) पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2026 के अनुमोदन की स्वीकृति दी गई।

★ Cont. Case No-1076/2023 में दिनांक-05.12.2025 को पारित न्यायादेश एवं W.P.(S) No-2857/2021 में दिनांक-22.12.2022 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में श्री मंगरा उराँव, दैनिक वेतनभोगी की सशर्त सेवा नियमितीकरण करने की स्वीकृति दी गई।

★ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा-15 के अन्तर्गत अधिसूचित Jharkhand Sand Mininig (Amendment) Rules, 2026 पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित योजना एवं केन्द्रीय सेक्टर योजना के अन्तर्गत PM Ayushman Bharat Health Infrastructure Mission Scheme (PM-ABHIM) योजना को झारखण्ड राज्य में संचालित किये जाने के निमित्त अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गई।

★ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कार्यकाल का विस्तार एवं MoU जारी रखने की स्वीकृति दी गई।

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खेत में सांप काटने से किसान की मौत, तहसीली तंत्र की संवेदनहीनता से भड़का आक्रोश
घर बैठे बना दी मौत की रिपोर्ट! सर्पदंश को “अज्ञात” लिखकर मृतक किसान के साथ कागजी अन्याय बल्दियत बदली, उम्र गलत लिखी, बिना मौके पर पहुंचे तैयार कर दी सरकारी रिपोर्ट


रितेश मिश्रा
शाहाबाद (हरदोई), 27 मई।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम फतेहपुर गयंद में गन्ने के खेत में पानी लगाते समय जहरीले सांप के काटने से किसान धर्मवीर सिंह (50) पुत्र इंद्रकुमार सिंह की दर्दनाक मौत हो गई। लेकिन किसान की मौत से भी अधिक शर्मनाक पहलू तब सामने आया, जब तहसीली तंत्र की कथित लापरवाही और संवेदनहीनता ने एक गरीब किसान की मृत्यु तक को सरकारी कागजों में संदिग्ध बनाकर रख दिया।
बताया गया कि धर्मवीर सिंह मंगलवार को अपने खेत में गन्ने की फसल में पानी लगा रहे थे। इसी दौरान खेत में छिपे जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहाबाद लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचायतनामा भरते हुए प्रथम दृष्टया मृत्यु का कारण सर्पदंश दर्ज किया और शव को पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया।
मृतक अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और एक विवाह योग्य बेटी छोड़ गया है। बेटे अभी शिक्षारत एवं बेरोजगार बताए जा रहे हैं। परिजनों के अनुसार धर्मवीर सिंह दिन-रात खेतों में मेहनत कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे तथा बेटी के विवाह के लिए लगातार उपयुक्त वर की तलाश में जुटे थे। अचानक हुई मौत से परिवार की आर्थिक और सामाजिक रीढ़ ही टूट गई। घर में मची चीख-पुकार और बदहवास पत्नी की हालत देखकर गांव के लोगों की आंखें भी नम हो उठीं।
“सर्पदंश” को बना दिया “अज्ञात” — तहसीली रिपोर्ट पर उठे गंभीर सवाल
शाहाबाद (हरदोई), 27 मई।
जहां पुलिस पंचायतनामा में स्पष्ट रूप से सर्पदंश की बात दर्ज कर रही है, वहीं तहसील प्रशासन की प्रारंभिक रिपोर्ट ने पूरे मामले को संदेह और संवेदनहीनता के घेरे में खड़ा कर दिया है।
आरोप है कि संबंधित हल्का लेखपाल श्रेयसी द्विवेदी ने न मौके पर जाना जरूरी समझा, न खेत देखने की जरूरत महसूस की और न ही मृतक परिवार से सही जानकारी लेने का प्रयास किया। ग्रामीणों का आरोप है कि घर बैठे तैयार की गई रिपोर्ट में मृतक किसान की उम्र गलत अंकित कर दी गई, बल्दियत तक बदल दी गई और सबसे चौंकाने वाली बात — मृत्यु का कारण सीधे “अज्ञात” लिख दिया गया।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब पूरा गांव सर्पदंश की घटना का प्रत्यक्ष गवाह है, पुलिस रिकॉर्ड उसी की पुष्टि कर रहा है, तब आखिर तहसीली रिपोर्ट में सच्चाई को बदलने का प्रयास क्यों किया गया?
ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि यदि पत्रकार और परिजन आवाज न उठाते, तो शायद एक गरीब किसान की मौत सरकारी अभिलेखों में हमेशा के लिए “अज्ञात” बनाकर दफना दी जाती।क्या गरीब किसान की मौत भी अब सिर्फ फाइलों का खेल बनकर रह गई है?
ग्रामीणों का आरोप है कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि गरीब और असहाय परिवारों के प्रति अमानवीय संवेदनहीनता का उदाहरण है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि क्या सरकारी सहायता और मृतक आश्रितों को मिलने वाले लाभों को प्रभावित करने वाली आधार रिपोर्टें अब बिना जांच-पड़ताल के ही तैयार की जाने लगी हैं?
क्या बिना “सुविधाशुल्क” अब सही रिपोर्ट लिखना भी कठिन हो गया है?
क्या सरकारी कर्मचारी इतने संवेदनशून्य हो चुके हैं कि एक मृतक किसान की आत्मा और उसके रोते-बिलखते परिवार की पीड़ा भी उन्हें विचलित नहीं करती?
हालांकि बाद में मृतक परिजनों एवं पत्रकारों द्वारा सही तथ्य अवगत कराने पर नायब तहसीलदार शाहाबाद संतोष कुशवाहा ने रिपोर्ट में सुधार कराने का आश्वासन दिया। वहीं दो बार एसडीएम शाहाबाद के सीयूजी नंबर पर संपर्क का प्रयास भी किया गया, लेकिन नेटवर्क समस्या के कारण बातचीत नहीं हो सकी।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में यही चर्चा है कि यदि एक मृतक किसान की स्पष्ट सर्पदंश मृत्यु को भी सरकारी कागजों में “अज्ञात” बनाया जा सकता है, तो आम आदमी आखिर किस व्यवस्था पर भरोसा करे?
CM हेमन्त सोरेन ने पंचायती राज एवं ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा की: सड़क, स्वच्छता और डिजिटल सेवाओं पर जोर

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों की उपस्थिति में ग्रामीण विकास विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाकर विकास की राह में खड़े अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास की यात्रा में पंचायतें पहली कड़ी हैं, यह जरूरी है कि ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किए जाएं। ग्रामीण आवास योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर आवास योजना के कार्यान्वयन में तेजी लाएं। राज्य के भीतर वैसे पात्र लाभुक जो आवासविहीन हैं या मिट्टी के जीर्ण-शीर्ण घरों में रहते हैं उन्हें चिन्हित कर ग्रामीण आवास योजना का लाभ पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध तरीके से ग्रामीण आवास योजनाओं को पूर्ण करें। बैठक में मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह भी उपस्थित थे।

सखी मंडलों की संख्या बढ़ाएं

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) राज्य के भीतर महिला स्वयं सहायता समूहों की संख्या में वृद्धि करने पर विशेष ध्यान केंद्रित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सेल्फ-हेल्फ ग्रुप से जुड़ी महिलाओं की भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है, विभाग इन महिलाओं को हर संभव मदद करते हुए योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सिर्फ खेती ही नहीं बल्कि सोलर पावर उत्पादन के क्षेत्र में भी कार्य कर आत्मनिर्भर बने, इस दिशा में उन्हें प्रशिक्षण देकर प्रेरित करें।

समूहों से जुड़ी माताओं-बहनों को आगे बढ़ने के लिए दें व्यापक सहयोग

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि एसएचजी से जुड़ी माताओं बहनों को आगे बढ़ने के लिए कुछ व्यापक सहयोग किए जाएं ताकि महिलाएं कुछ नया और बेहतर करें, जो सभी के लिए अनुकरणीय हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसएचजी के उत्पाद की मैपिंग कर जेएसएलपीएस अंतर्गत कार्यरत डीपीएम और बीपीएम को बाजार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपे। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि जेएसएलपीएस अंतर्गत 5 हजार नए सखी मंडल के गठन किए जाने की प्रक्रिया की जा रही है। 60 हजार परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य की समस्त सखी मंडलों के विकास के लिए बैंक से 5 हजार करोड़ रुपए ऋण उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य है। विभाग द्वारा ढाई लाख नए महिलाओं को आजीविका के विभिन्न गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

एसएचजी द्वारा उत्पादित वस्तुओं को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में बेहतर कार्य योजना बने

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि पूरे राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं को बाजार मिले यह सुनिश्चित करें। दूसरे राज्यों के महत्वपूर्ण स्थानों में भी पलाश मार्ट जैसे विक्री केंद्र स्थापित हो, इस निमित्त कार्य योजना बनाते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के मुख्य पर्यटन स्थलों में भी पलाश मार्ट अथवा उसी अनुरूप अन्य विक्री केंद्र को स्थान मिले इस हेतु संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर योजना को गति दें। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि कांके रोड, रांची में बनाए जा रहे नवनिर्मित पलाश मार्ट भवन निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इस वर्ष और 6 पलाश मार्ट बनाए जाने का लक्ष्य है तथा आने वाले वर्षों में सभी जिलों में पलाश मार्ट भवन बनाए जाने की भी योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड जैसे प्रदेश के लिए पशुधन योजना बहुत ही प्रभावी योजना है, इस योजना को गति देते हुए ग्रामीण लोगों को लाभ पहुंचाने की दिशा में कार्य करें।

सखी मंडल की महिलाओं को नवाचार एवं आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दें

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य में जुट प्रोसेसिंग जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए रॉ-मैटेरियल की क्या स्थिति है, इसमें सुधार एवं मार्केटिंग की कितनी संभावनाएं हैं, इस पर विशेष कार्य योजना बनाते हुए कार्य को गति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हनी उत्पादन क्षेत्र में भी यहां असीम संभावनाएं हैं, इस पर बेहतर कार्य किया जा सकता है, विभाग वैसे क्षेत्रों को चिन्हित करे जहां हनी का ज्यादा उत्पादन होता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना से जुड़ी महिलाएं, दिव्यांग महिलाएं, ओल्ड एज महिलाएं तथा विधवा महिलाओं को भी सेल्फ हेल्फ ग्रुप से जोड़े। विभाग एसएचजी की महिलाओं को नवाचार एवं आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दे। कलस्टर स्तर पर सेल्फ हेल्फ ग्रुप का निरंतर बैठकें हो तथा बैठक में लिए गए निर्णयों की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त हो इसकी रूपरेखा तैयार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को बैंक से लिंकेज कराएं। प्रखंड स्तर पर स्थापित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएससी) में दीदी कैफे का संचालन हो इस निमित्त कार्य योजना बनाएं।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने लिफ्ट इरीगेशन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्राम पंचायतों में बैठक कर वाटर मैनेजमेंट सिस्टम के बेहतर कार्यान्वयन के लिए ग्रामीणों को जोड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में जल संचय बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है। जब हम जल संचय पर बेहतर कार्य करेंगे तभी लिफ्ट इरिगेशन की परियोजनाएं सफल होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत जल संचय से संबंधित जितनी भी योजनाएं हैं उन योजनाओं को गति दें।

बिरसा हरित ग्राम योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दे रही मजबूती

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने मनरेगा योजना अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि

बिरसा हरित ग्राम योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था व्यवस्था को मजबूत करने वाली योजना है। बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत बागवानी कार्य के लिए किसानों को प्रेरित करें। इस योजना का अधिक से अधिक लाभ ग्रामीणों को मिले यह सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि बिरसा हरित ग्राम योजना के लाभार्थियों में महिलाओं की संख्या में वृद्धि हुई है। वर्तमान समय में राज्य के भीतर करीब डेढ़ लाख एकड़ भूमि में कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना का जिलावार डाटा बेस तैयार करें ताकि बेहतर विकल्प पर कार्य किया जा सके।

इन योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा..

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य कार्यक्रम, बिरसा विशिष्ट जनजातीय विकास योजना, युवा कौशल योजना, वाटरशेड योजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर योजनाओं के संचालन में गति प्रदान करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री मनोज कुमार, मनरेगा आयुक्त श्री मृत्युंजय कुमार वर्णवाल, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसायटी (जेएसएलपीएस) श्री अनन्य मित्तल सहित संबंधित विभाग के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

28 से 30 मई को तेज आंधी ओलावृष्टि की संभावना, मौसम विभाग ने जारी किया आदेश
फर्रुखाबाद l मौसम विज्ञान विभाग
28 से 30 मई तक तेज आंधी एवं ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है l
जनसामान्य, किसानों एवं पशुपालकों हेतु
भारत मौसम विज्ञान विभाग, द्वारा जारी आदेश में कहा है कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार जनपद में आगामी दिनों में मौसम अत्यंत खराब रहने की संभावना है। विभाग द्वारा 28 से 30 मई 2026 तक तेज आंधी, तेज हवाएं तथा ओलावृष्टि को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार
हवा की गति 50 से 60 किमी प्रति घंटा तथा झोंकों में 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
29 से 30 मई 2026 को
तीव्र आंधी की संभावना।
हवा की गति 70 से 80 किमी प्रति घंटा तथा झोंकों में 90 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना।
कई स्थानों पर ओलावृष्टि होने की भी प्रबल संभावना व्यक्त की गई है।
कच्चे मकानों, झोपड़ियों एवं अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है।
पेड़, होर्डिंग्स एवं बिजली के खंभे गिरने की संभावना।
विद्युत आपूर्ति बाधित हो सकती है।
तेज हवाओं एवं धूलभरी आंधी के कारण दृश्यता कम होने से सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है।
आम, केला, पपीता सहित बागवानी फसलों एवं खड़ी कृषि फसलों को नुकसान की आशंका।
पशुओं के खुले में रहने पर दुर्घटना की संभावना बढ़ सकती है।
जनसामान्य हेतु सावधानियां:
खराब मौसम के दौरान घरों के अंदर सुरक्षित रहें तथा अनावश्यक यात्रा से बचें।
खिड़की-दरवाजों को अच्छी तरह बंद रखें एवं ढीली वस्तुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।
पेड़ों, बिजली के खंभों एवं टूटे तारों से दूर रहें।
बिजली कड़कने के दौरान मोबाइल चार्जिंग, टीवी, कंप्यूटर एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग रखें।
वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं तथा खुले मैदानों में जाने से बचें।
मौसम संबंधी जानकारी प्रशासन एवं मौसम विभाग के माध्यम से प्राप्त करते रहें।
किसानों हेतु विशेष सलाह:
गन्ना, मक्का एवं अन्य लंबी फसलों को सहारा देकर बांधें।
सब्जियों एवं बागवानी फसलों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था रखें।
ओलावृष्टि से बचाव हेतु नेट, पॉलीशीट अथवा अन्य सुरक्षात्मक आवरण का उपयोग करें।
कटाई योग्य फसलों की शीघ्र कटाई एवं सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करें।
आम के बागों में गिरे फलों को तुरंत अलग करें ताकि सड़न न फैले।
पशुपालकों को सलाह है कि वह
पशुओं को खुले स्थान पर न बांधें तथा सुरक्षित शेड में रखें।
पशुओं के चारे एवं पानी की पर्याप्त व्यवस्था पहले से सुनिश्चित कर लें।
जनपद प्रशासन द्वारा सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें तथा केवल अधिकृत मौसम बुलेटिन एवं प्रशासनिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
रोमी पंचायत में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य का निरीक्षण, मुन्ना सिंह ने दिए आवश्यक निर्देश

हजारीबाग सदर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने बुधवार को कटकमसांडी प्रखंड अंतर्गत रोमी पंचायत में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत 6 मतदान केंद्रों का भ्रमण कर बूथों का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ जय प्रकाश भाई पटेल भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान मुन्ना सिंह ने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के साथ विस्तारपूर्वक संवाद कर मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित कार्यों की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी जीवित एवं पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं छूटना चाहिए। यदि किसी योग्य मतदाता का नाम किसी कारणवश सूची में दर्ज नहीं हो पाया है, तो उसका नाम अविलंब जोड़ने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए, ताकि लोकतंत्र में हर नागरिक की भागीदारी बनी रहे।

मुन्ना सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता की भागीदारी में निहित है और मतदाता सूची उसकी सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है। निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की मर्यादा और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है।

उन्होंने आगे कहा कि बूथ स्तर तक संगठन की सक्रियता, पारदर्शिता और जवाबदेही ही मजबूत लोकतंत्र का परिचायक है। विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार सुनिश्चित करना है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

वहीं जिला अध्यक्ष जय प्रकाश भाई पटेल ने भी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लोकतंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी अधिकारियों, BLO एवं कार्यकर्ताओं से गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपील की।

Sambhal ईदुल अज़हा पर AIMIM ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, कहा- कुर्बानी में न हो रुकावट, अमन-चैन रहे कायम
सम्भल में ईदुल अज़हा के त्योहार को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर बिजली, पानी, सफाई और कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने की मांग की है। AIMIM के प्रभारी एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी शकील अहमद अशरफी और जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्ला के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय पहुंचे और त्योहार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने की अपील की।

शकील अहमद अशरफी ने कहा कि सम्भल शरीफ सूफी संतों और बुजुर्गों की धरती है, इसलिए यहां गंगा-जमुनी तहज़ीब और भाईचारे का माहौल बना रहना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ईदुल अज़हा के दौरान कुर्बानी में किसी तरह की कोई रुकावट न हो और सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जाए। उन्होंने पशुओं के अवशेष उठाने के लिए अतिरिक्त सफाईकर्मी और वाहन लगाने की भी मांग की। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि अक्सर कुर्बानी का गोश्त ले जाते समय मुस्लिम समुदाय के लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपील की कि किसी भी व्यक्ति को बेवजह परेशान न किया जाए ताकि त्योहार अमन और शांति के साथ मनाया जा सके। वहीं AIMIM जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्ला ने कहा कि पार्टी की ओर से ज्ञापन देकर प्रशासन से बिजली, पानी, सफाई और मजबूत कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराएगा।
ग्रामीण विकास की समीक्षा: CM हेमन्त सोरेन के निर्देश- अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाएं, 5 हजार नए सखी मंडल बनेंगे

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों की उपस्थिति में ग्रामीण विकास विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाकर विकास की राह में खड़े अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास की यात्रा में पंचायतें पहली कड़ी हैं, यह जरूरी है कि ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किए जाएं।

ग्रामीण आवास योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर आवास योजना के कार्यान्वयन में तेजी लाएं। राज्य के भीतर वैसे पात्र लाभुक जो आवासविहीन हैं या मिट्टी के जीर्ण-शीर्ण घरों में रहते हैं उन्हें चिन्हित कर ग्रामीण आवास योजना का लाभ पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध तरीके से ग्रामीण आवास योजनाओं को पूर्ण करें। बैठक में मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह भी उपस्थित थे।

सखी मंडलों की संख्या बढ़ाएं

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) राज्य के भीतर महिला स्वयं सहायता समूहों की संख्या में वृद्धि करने पर विशेष ध्यान केंद्रित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सेल्फ-हेल्फ ग्रुप से जुड़ी महिलाओं की भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है, विभाग इन महिलाओं को हर संभव मदद करते हुए योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सिर्फ खेती ही नहीं बल्कि सोलर पावर उत्पादन के क्षेत्र में भी कार्य कर आत्मनिर्भर बने, इस दिशा में उन्हें प्रशिक्षण देकर प्रेरित करें।

समूहों से जुड़ी माताओं-बहनों को आगे बढ़ने के लिए दें व्यापक सहयोग

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि एसएचजी से जुड़ी माताओं बहनों को आगे बढ़ने के लिए कुछ व्यापक सहयोग किए जाएं ताकि महिलाएं कुछ नया और बेहतर करें, जो सभी के लिए अनुकरणीय हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसएचजी के उत्पाद की मैपिंग कर जेएसएलपीएस अंतर्गत कार्यरत डीपीएम और बीपीएम को बाजार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपे। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि जेएसएलपीएस अंतर्गत 5 हजार नए सखी मंडल के गठन किए जाने की प्रक्रिया की जा रही है। 60 हजार परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य की समस्त सखी मंडलों के विकास के लिए बैंक से 5 हजार करोड़ रुपए ऋण उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य है। विभाग द्वारा ढाई लाख नए महिलाओं को आजीविका के विभिन्न गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

एसएचजी द्वारा उत्पादित वस्तुओं को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में बेहतर कार्य योजना बने

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि पूरे राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं को बाजार मिले यह सुनिश्चित करें। दूसरे राज्यों के महत्वपूर्ण स्थानों में भी पलाश मार्ट जैसे विक्री केंद्र स्थापित हो, इस निमित्त कार्य योजना बनाते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के मुख्य पर्यटन स्थलों में भी पलाश मार्ट अथवा उसी अनुरूप अन्य विक्री केंद्र को स्थान मिले इस हेतु संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर योजना को गति दें। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि कांके रोड, रांची में बनाए जा रहे नवनिर्मित पलाश मार्ट भवन निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इस वर्ष और 6 पलाश मार्ट बनाए जाने का लक्ष्य है तथा आने वाले वर्षों में सभी जिलों में पलाश मार्ट भवन बनाए जाने की भी योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड जैसे प्रदेश के लिए पशुधन योजना बहुत ही प्रभावी योजना है, इस योजना को गति देते हुए ग्रामीण लोगों को लाभ पहुंचाने की दिशा में कार्य करें।

सखी मंडल की महिलाओं को नवाचार एवं आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दें

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य में जुट प्रोसेसिंग जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए रॉ-मैटेरियल की क्या स्थिति है, इसमें सुधार एवं मार्केटिंग की कितनी संभावनाएं हैं, इस पर विशेष कार्य योजना बनाते हुए कार्य को गति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हनी उत्पादन क्षेत्र में भी यहां असीम संभावनाएं हैं, इस पर बेहतर कार्य किया जा सकता है, विभाग वैसे क्षेत्रों को चिन्हित करे जहां हनी का ज्यादा उत्पादन होता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना से जुड़ी महिलाएं, दिव्यांग महिलाएं, ओल्ड एज महिलाएं तथा विधवा महिलाओं को भी सेल्फ हेल्फ ग्रुप से जोड़े। विभाग एसएचजी की महिलाओं को नवाचार एवं आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दे। कलस्टर स्तर पर सेल्फ हेल्फ ग्रुप का निरंतर बैठकें हो तथा बैठक में लिए गए निर्णयों की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त हो इसकी रूपरेखा तैयार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को बैंक से लिंकेज कराएं। प्रखंड स्तर पर स्थापित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएससी) में दीदी कैफे का संचालन हो इस निमित्त कार्य योजना बनाएं।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने लिफ्ट इरीगेशन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्राम पंचायतों में बैठक कर वाटर मैनेजमेंट सिस्टम के बेहतर कार्यान्वयन के लिए ग्रामीणों को जोड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में जल संचय बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है। जब हम जल संचय पर बेहतर कार्य करेंगे तभी लिफ्ट इरिगेशन की परियोजनाएं सफल होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत जल संचय से संबंधित जितनी भी योजनाएं हैं उन योजनाओं को गति दें।

बिरसा हरित ग्राम योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दे रही मजबूती

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने मनरेगा योजना अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि

बिरसा हरित ग्राम योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था व्यवस्था को मजबूत करने वाली योजना है। बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत बागवानी कार्य के लिए किसानों को प्रेरित करें। इस योजना का अधिक से अधिक लाभ ग्रामीणों को मिले यह सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि बिरसा हरित ग्राम योजना के लाभार्थियों में महिलाओं की संख्या में वृद्धि हुई है। वर्तमान समय में राज्य के भीतर करीब डेढ़ लाख एकड़ भूमि में कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना का जिलावार डाटा बेस तैयार करें ताकि बेहतर विकल्प पर कार्य किया जा सके।

इन योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा..

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य कार्यक्रम, बिरसा विशिष्ट जनजातीय विकास योजना, युवा कौशल योजना, वाटरशेड योजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर योजनाओं के संचालन में गति प्रदान करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री मनोज कुमार, मनरेगा आयुक्त श्री मृत्युंजय कुमार वर्णवाल, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसायटी (जेएसएलपीएस) श्री अनन्य मित्तल सहित संबंधित विभाग के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

मशहूर शायर डॉ. बशीर बद्र का निधन, 91 वर्ष की उम्र में भोपाल में ली अंतिम सांस

‘दुश्मनी जमकर करो लेकिन…’ जैसे अमर शेरों से बनाई खास पहचान

भोपाल। उर्दू अदब की दुनिया के मशहूर शायर डॉ. बशीर बद्र का गुरुवार को 91 वर्ष की उम्र में भोपाल में निधन हो गया। वे लंबे समय से डिमेंशिया बीमारी से पीड़ित थे और पिछले कुछ समय से उनकी याददाश्त भी काफी कमजोर हो चुकी थी। उनके निधन से साहित्य और शायरी जगत में शोक की लहर है।

सरल, संवेदनशील और दिलों को छू लेने वाली शायरी के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. बशीर बद्र ने हिंदी और उर्दू साहित्य को कई यादगार ग़ज़लें दीं। उनके कई ग़ज़ल संग्रह प्रकाशित हुए और उनकी रचनाओं ने देश-विदेश में बड़ी लोकप्रियता हासिल की। उनकी शायरी का पंजाबी, बंगाली, नेपाली और रूसी भाषाओं में अनुवाद की तैयारी भी चल रही थी।

बशीर बद्र का मशहूर शेर —

दुश्मनी जमकर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे,

जब कभी हम दोस्त हो जाएं तो शर्मिंदा न हों…”

आज भी अदब प्रेमियों की जुबान पर रहता है। उनकी शायरी में मोहब्बत, रिश्ते, तन्हाई, इंसानी एहसास और सामाजिक सरोकारों की गहरी झलक मिलती थी। अपने सहज अंदाज और असरदार अल्फाज की वजह से उन्होंने आम पाठकों से लेकर साहित्यिक जगत तक खास पहचान बनाई। डॉ. बशीर बद्र के इंतकाल के साथ उर्दू शायरी का एक महत्वपूर्ण दौर जैसे थम सा गया है।

टीएमसी में बढ़ा आपसी कलह, काकोली घोष ने अपनी ही पार्टी के नेता के खिलाफ स्पीकर को लिखा पत्र

#tmcmpkakolighoshwritestolsspeakertocomplainaboutkalyanbanerjee

पश्चिम बंगाल में सत्ता के बदलते ही तृणमूल कांग्रेस का आपसी कलह खुल कर सामने आ गया है। कभी ममता की बेहद करीबी रहीं टीएमसी सांसद काकोली घोष ने बागी रूख अख्तियार कर लिया है। काकोली घोष ने अपनी पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। घोष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में उन्होंने कल्याण बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

दुर्व्यवहार और अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल का आरोप

पत्र में काकोली घोष ने लोकसभा स्पीकर से अपनी पार्टी के चीफ व्हिप कल्याण बनर्जी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की अनुमति मांगी है। पत्र में काकोली घोष दस्तीदार ने आरोप लगाया कि कल्याण बनर्जी ने लोकसभा में उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उनके लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। काकोली घोष ने दावा किया कि कल्याण बनर्जी का उनके खिलाफ ही नहीं बल्कि अन्य महिला सांसदों के प्रति भी व्यवहार अनुचित और अपमानजनक रहा है।

स्पीकर से हस्तक्षेप करने की अपील

काकोली घोष ने अपने पत्र में लोकसभा स्पीकर से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है और औपचारिक शिकायत दर्ज करने की अनुमति देने की मांग की है। साथ ही काकोली घोष ने उचित कार्रवाई के बाद सजा सुनिश्चित करने की भी मांग की है।

पार्टी के सभी पदों से दे चुकीं हैं इस्तीफा

टीएमसी नेता काकोली घोष दस्तीदार ने बुधवार को ही पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दिया हैं। इसके एक दिन बाद ही उनका लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता की शिकायत की, जो दिखा रहा है कि टीएमसी के भीतर सबकुछ ठीक नहीं है। काकोली घोष दस्तीदार को हाल ही में टीएमसी के लोकसभा सचेतक पद से हटाया गया है। काकोली की जगह कल्याण बनर्जी को ही लोकसभा में पार्टी का मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया है।

कल्याण बनर्जी की प्रतिक्रिया आई सामने

काकोली घोष के आरोपों पर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा है कि सदन में कोई घटना होने के बाद, स्पीकर को तुरंत सूचित किया जाना चाहिए। यही नियम है। किसी भी घटना की जानकारी बिना किसी देरी के स्पीकर को दी जानी चाहिए। जहां तक लगाए जा रहे आरोपों की बात है, तो सवाल यह है कि किसने क्या और कब कहा। असल समस्या उनकी नीयत में है। ऐसा लगता है कि वे किसी मकसद से काम कर रहे हैं, जिससे मेरे मन में संदेह पैदा होता है।

बसपा को बड़ा झटका : असमोली के मुस्लिम चेहरे फिरोज खान ने थामा चंद्रशेखर आजाद का हाथ
संभल । उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहुजन समाज पार्टी को उस समय बड़ा झटका लगा, जब असमोली विधानसभा क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता और बसपा से जुड़े मोहम्मद फिरोज खान हिंदुस्तानी ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के मंडल और जिला स्तर के पदाधिकारियों पर उत्पीड़न, टिकट के नाम पर धन उगाही और कार्यकर्ताओं की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप लगाए। इसके साथ ही उन्होंने आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की सदस्यता ग्रहण कर ली।
मोहम्मद फिरोज खान हिंदुस्तानी ने एक विस्तृत बयान जारी करते हुए कहा कि वह लंबे समय से बहुजन समाज पार्टी में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे थे और असमोली क्षेत्र में शिक्षा, सामाजिक न्याय और जनहित के मुद्दों को लेकर संघर्ष करते रहे। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2011-12 में मायावती सरकार के दौरान बने राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज असगरीपुर को बचाने के लिए उन्होंने 14 वर्षों तक संघर्ष किया और अंततः सरकार द्वारा अधूरे कार्यों के लिए धन आवंटित कराया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की विधायक पिंकी यादव से सांठगांठ कर बसपा के कुछ जिला और मंडल स्तर के पदाधिकारियों ने उन्हें लगातार पार्टी कार्यक्रमों और बैठकों से दूर रखा। उनका कहना है कि असमोली विधानसभा सीट पर टिकट वितरण में धनबल और राजनीतिक सौदेबाजी का खेल चलता है, जिससे समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी होती है।
फिरोज खान ने यह भी आरोप लगाया कि बहुजन समाज पार्टी में आम कार्यकर्ताओं की आवाज नहीं सुनी जाती और राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचने के लिए भी भारी रकम की मांग की जाती है। उन्होंने दावा किया कि 24 मार्च 2026 को उन्हें मायावती से मिलवाने के नाम पर दो लाख रुपये लिए गए थे।
अपने बयान में उन्होंने संभल हिंसा, मुस्लिम समाज से जुड़े मुद्दों, बुलडोजर कार्रवाई, बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे विषयों पर भी पार्टी नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति का उद्देश्य दलाली या चापलूसी नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, सड़क, रोजगार और संवैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष करना है।
इसके बाद मोहम्मद फिरोज खान हिंदुस्तानी ने नागीना सांसद Chandrashekhar Azad के नेतृत्व में Azad Samaj Party (Kanshi Ram) की सदस्यता ग्रहण कर ली। पार्टी जॉइनिंग के दौरान पूर्व आईपीएस अधिकारी अमित वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष सुनील चित्तौड़ और अन्य नेता भी मौजूद रहे।
फिरोज खान ने कहा कि वर्तमान समय में संविधान, सामाजिक न्याय और भाईचारे की रक्षा के लिए आजाद समाज पार्टी ही मजबूती से संघर्ष कर रही है और वह अब पूरी निष्ठा के साथ पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट के बड़े फैसले: जैविक खेती को 370 करोड़, अबुआ दवाखाना और DA में बढ़ोतरी को मंजूरी

★ उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अन्तर्गत यथावश्यक Development, Maintenance, Hosting and Implementation of various Web Portals कार्य हेतु झारखण्ड वित्त नियमावली के नियम-235 को शिथिल करते हुए, नियम-245 के अधीन मनोनयन के आधार पर भारत सरकार के उपक्रम M/s CSC e-Governance Services India Limited के चयन की स्वीकृति दी गई।

★ श्री अमिताभ कुमार गुप्ता, सेवानिवृत न्यायाधीश, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची को लोकायुक्त, झारखण्ड के पद पर नियुक्त किये जाने के उपरान्त घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की गई।

★ जैविक खेती के प्रमाणीकरण की योजनान्तर्गत तीन चरणों यथा प्रथम चरण वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29, द्वितीय चरण 2027-28 से 2029-30 तथा तृतीय चरण वित्तीय वर्ष 2028-29 से 2030-31 तक क्रमशः 35000 हे०, 35000 हे० तथा 35000 हे०, अर्थात 1.05 लाख हे० हेतु कुल रू० 37012.50 लाख (तीन अरब सत्तर करोड़ बारह लाख पचास हजार) मात्र की लागत पर योजना की स्वीकृति एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 (प्रथम चरण प्रथम वर्ष) के लिए कुल राशि रु० 4287.50 लाख (बयालीस करोड़ सतासी लाख पचास हजार) मात्र की विमुक्ति की स्वीकृति दी गई।

★ स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के तहत निषिद्ध मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन, अवैध व्यापार, तस्करी, पेडलिंग आदि की सूचना देने तथा प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रोत्साहित करने हेतु पुरस्कार नीति का गठन की स्वीकृति दी गई।

★ श्री कामदा नंदन कुसम कुंवर सिंकू तकनीकी सलाहकार, रूपांकण अंचल आदित्यपुर, जमशेदपुर को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् कार्यपालक अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ दुमका हवाई अड्डा, दुमका से Regional Connectivity Scheme (RCS-UDAN) के तहत नियमित उड़ान सेवा प्रारंभ करने के निमित हवाई अड्डा पर Cost Recovery Basis पर Aviation Meterological Services उपलब्ध कराने हेतु भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (Indian Meteorological Department-IMD), भारत सरकार के साथ एकरारनामा के प्रस्ताव तथा प्रारूप पर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के वृद्ध / गंभीर रूप से अस्वस्थ अथवा स्थायी रूप से दिव्यांग कलाकारों के लिए मासिक निवृत्तिका योजना की स्वीकृति दी गई।

★ खूंटी जिला अंतर्गत अंचल-कर्रा, मौजा-काटमकुकू एवं कुलहुटू, विभिन्न मौजा संख्या, विभिन्न खाता संख्या, विभिन्न प्लॉट संख्या, कुल रकबा 11.635 एकड़, विभिन्न किस्म की गैरमजरूआ खास एवं आम खाते की भूमि कुल देय राशि रुपये 17,81,58,938/- (सत्रह करोड़ इक्यासी लाख अंठावन हजार नौ सौ अड़तीस) रुपये मात्र की अदायगी पर South Eastern Railway (SER) को लोधमा पिस्का लिंक रेल लाईन निर्माण परियोजना हेतु सःशुल्क स्थायी भू-हस्तांतरण करने की स्वीकृति दी गई।

★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक 31 मार्च 2024 को समाप्त हुए अवधि के लिए प्रतिवेदन, झारखण्ड सरकार, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-1 (अनुपालन लेखापरीक्षा-राजस्व) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

★ Authentication User Agency (AUA) एवं e-KYC User Agency (KUA) अर्थात सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेस विभाग, झारखण्ड सरकार तथा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI), भारत सरकार के मध्य किये गए AUA/KUA एकरारनामा के क्रम मे Aadhar (Authentication and Offline Verification) Regulation, 2021 के विनियम 9 के उप-विनियम (3A) के तहत पूरक (Supplementary) एकरारनामा की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के लिए बहु-चिकित्सा प्रणाली (एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी एवं सिद्धा) आधारित एकीकृत औषधि केन्द्रों "अबुआ दवाखाना" की स्थापना एवं संचालन की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के पेंशनधारियों / पारिवारिक पेंशनभोगियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (छठा केन्द्रीय वेतनमान) में दिनांक-01.01.2026 के प्रभाव से महँगाई राहत की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के कर्मियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (छठा केन्द्रीय वेतनमान) में दिनांक 01. 01.2026 के प्रभाव से महँगाई भत्ता की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के कर्मियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (पंचम वेतनमान) में दिनांक-01.01. 2026 के प्रभाव से महँगाई भत्ता की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के कर्मियों को दिनांक 01.01.2016 से प्रभावी पुनरीक्षित वेतनमान (सातवें केन्द्रीय वेतनमान) में दिनांक 01 जनवरी, 2026 के प्रभाव से महँगाई भत्ता की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के दिनांक 01.01.2016 से पुनरीक्षित / प्रभावी राज्य सरकार के पेंशन / पारिवारिक पेंशनभोगियों को 01 जनवरी, 2026 के प्रभाव से महँगाई राहत की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ श्री सुशील कुमार, सहायक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमण्डल, लोहरदगा सम्प्रति सेवा से बर्खास्त को माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा वाद सं०-W.P.(S) No.-1608/2022 एवं Cont (C)No.-1128/2024 में पारित न्यायादेश के अनुपालन में सेवा में पुनर्बहाल करने की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड भवन, वसंत विहार, नई दिल्ली एवं न्यू झारखण्ड भवन, बंगला साहिब रोड, नई दिल्ली के कमरों के आवासन शुल्क में पुनरीक्षिण की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.-3378/2019- शिव रामजी मिश्रा बनाम झारखण्ड राज्य सरकार एवं अन्य मामले में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 03.10.2023 को पारित न्याय निर्णय के आलोक में UGC के पत्र संख्या सं० F-3-2/99 (ps), दिनांक-21.07.1999 की कंडिका 05 में निहित प्रावधान /अनुशंसा के आलोक में वेतनमान 5500-9000 में 8300 रू0 प्रक्रम पर पहुँच चुके या प्रदर्शक के वेतनमान में 16 वर्ष की सेवा पूरी कर लेने पर, जो भी बाद में हो, के शर्त को पूरा करते हैं, को व्याख्याता के वेतनमान रू0 8000-13500 के व्यक्तिगत वेतन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत मुख्य न्यायाधीश एवं न्यायाधीश को प्रदान की जा रही अनुसेवक भत्ता एवं अनुसचिवीय सहायता की राशि में अभिवृद्धि तथा अन्य सुविधाओं की स्वीकृति दी गई।

★ श्री अनिल कुमार सिन्हा, तत्कालीन प्रबंध निदेशक, गुमला-सिमडेगा केन्द्रीय सहकारी बैंक लि०, गुमला-सम्प्रति-सेवानिवृत्त संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ, संथाल परगना प्रमण्डल, दुमका के विरुद्ध निर्गत दण्डादेश विभागीय अधिसूचना संख्या-1620 दिनांक-19.06.2012 को निरस्त करने तथा श्री सिन्हा को दिये गये दण्ड "सेवा से बर्खास्तगी" को परिवर्तित कर विभागीय कार्यवाही को पेंशन नियमावली के नियम-43 (ख) के तहत सम्परिवर्तित करते हुए "उनके पेंशन से पचास प्रतिशत (50%) की राशि की स्थाई रुप से कटौती" का दण्ड अधिरोपित किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के जूनियर रेजिडेंट (एकेडमिक एवं नॉन एकेडमिक), ईन्टर्नस की वृत्तिका पुनरीक्षण एवं झारखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा (नियुक्ति, प्रोन्नति एवं सेवाशत्त) (संशोधन) नियमावली, 2026 गठन की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ लोक भवन/राज्यपाल सचिवालय झारखंड, रांची के पुनर्गठन की स्वीकृति दी गई।

★ श्रीमती विद्या कुमारी, सहायक शिक्षिका, राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, देवघर एवं श्रीमती मालती दास, सहायक शिक्षिका, राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, दुमका की नियुक्ति की वैधता के संबंध में अन्य समरूप मामलों के सदृश सी.बी.आई. के जाँच प्रतिवेदन में अवैध/अनियमित नियुक्ति घोषित शिक्षकों के विरुद्ध की गई विभागीय कार्रवाई के फलाफल के विरुद्ध दायर याचिकाओं में माननीय उच्चतम् / उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के प्रसंग में उन्हें सेवा में पुनर्स्थापित कर / मानते हुए परिणामी लाभ एवं पेंशनादि की स्वीकृति के निर्णय की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य योजनान्तर्गत मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत उद्यमी पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए व्यवसायिक बकरा बकरी पालन योजना के लिए कुल अनुमानित अनुदान की राशि रू० 30,00,00,000/- (तीस करोड़ रूपये) के नई योजना के संचालन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा 29 (1) द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए झारखण्ड मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा 9(3) के साथ पठित अनुसूची || Part E के अन्तर्गत सूचीबद्ध माल यथा पेट्रोल, डीजल एवं मदिरा (Liquor) के खुदरा बिक्रेताओं, जिनके द्वारा राज्य के अंदर ही क्रय-बिक्रय किया जाता है एवं राज्य के अंदर से क्रय के क्रम में 'कर' (VAT) का भुगतान पूर्व में ही प्राप्त हो जाता है, को झारखण्ड मूल्य वर्द्धित कर नियमावली, 2006 के नियम 14 (1) एवं नियम 14 (3) के प्रावधानुसार कमशः त्रैमासिक विवरणी (Quarterly Return) FORM JVAT 200 एवं मासिक विवरण (Monthly Abstract) FORM JVAT 213 दाखिल करने से मुक्त किए जाने पर स्वीकृति दी गई।

★ M.A.No.-890/2025 एवं Contempt Petition(C) No.-666/2025 in Civil Appeal No.-299/2025, धर्मेन्द्र कुमार सिंह एवं अन्य बनाम झारखण्ड उच्च न्यायालय एवं अन्य में दिनांक-17.11.2025 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश के अनुपालन में जिला न्यायाधीश स्तर के 05 छाया पदों (Supernumerary post) के सृजन की स्वीकृति दी गई।

★ पंचम राज्य वित्त आयोग द्वारा समर्पित प्रथम प्रतिवेदन में कृत अनुशंसाओं को लागू करने से संबंधित वित्त विभागीय संकल्प संख्या-2519 दिनांक 16.10.2025 की कंडिका-2 के क्रम में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के प्रतिनिधायण के कुल राशि 1167.35 करोड़ के क्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 में तृतीय अनुपूरक में प्राप्त 658.02 करोड़ रूपये में से कुल पारित 197.218 करोड़ रूपये के विपत्रों को वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्राप्त प्राप्त कुल निधि 216.00 करोड़ में जोड़ते हुए तृतीय तृतीय अनुपूरक में प्राप्त 658.02 करोड़ में शेष अंतर राशि कुल 2,44,80,20,000 रूपये झारखण्ड आकस्मिकता निधि से अग्रिम की निकासी की स्वीकृति दी गई।

★ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड के अन्तर्गत राज्य यक्ष्मा कार्यालय द्वारा Laboratory Materials Cartridge (CBNAAT Cartridge) को वित्त नियमावली के नियम 235 के प्रावधान को शिथिल करते हुए नियम 245 के तहत् मनोनयन के आधार पर M/s Cepheid India (P)Ltd, Gurgaon] Haryana से क्रय करने की योजना पर घटनोतर स्वीकृति दी गई।

★ Jharkhand Integrated Mines and Mineral Management System (JIMMS) Version 2.0 योजना की घटनोत्तर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ भारतीय मुद्रांक अधिनियम, 1899 की धारा 9 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अधिनियम की धारा-3 के परन्तुक-(1) में वर्णित प्रावधान के आलोक में लोकहित में झारखण्ड सरकार द्वारा पुनर्वास/पुर्नस्थापन नीति के तहत विस्थापितों को आवंटित भू-भाग अथवा नागरिकों द्वारा सार्वजनिक उपयोग हेतु दान की गई भूमि के लिखत (दस्तावेज) पर मुद्रांक एवं निबंधन शुल्क से विमुक्ति की स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित योजना "PM SETU- PRADHAN MANTRI SKILLING & EMPLOYABILITY TRANSFORMATION THROUGH UPGRADED ITIS" के Component I- Upgradation of Industrial Training Institutes (ITIs) के संचालन की स्वीकृति दी गई।

★ गिरिडीह जिलान्तर्गत बगोदर-सरिया अनुमंडल में गठित अनुमंडलीय न्यायालय की स्थापना में अधीनस्थ कर्मचारियों / पदाधिकारियों के 20 (बीस) पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

★ पश्चिमी सिंहभूम जिलान्तर्गत चक्रधरपुर अनुमंडल में गठित अनुमंडलीय न्यायालय की स्थापना में अधीनस्थ कर्मचारियों /पदाधिकारियों के 41 (इकतालीस) पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2026 के अनुमोदन की स्वीकृति दी गई।

★ Cont. Case No-1076/2023 में दिनांक-05.12.2025 को पारित न्यायादेश एवं W.P.(S) No-2857/2021 में दिनांक-22.12.2022 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में श्री मंगरा उराँव, दैनिक वेतनभोगी की सशर्त सेवा नियमितीकरण करने की स्वीकृति दी गई।

★ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा-15 के अन्तर्गत अधिसूचित Jharkhand Sand Mininig (Amendment) Rules, 2026 पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित योजना एवं केन्द्रीय सेक्टर योजना के अन्तर्गत PM Ayushman Bharat Health Infrastructure Mission Scheme (PM-ABHIM) योजना को झारखण्ड राज्य में संचालित किये जाने के निमित्त अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गई।

★ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कार्यकाल का विस्तार एवं MoU जारी रखने की स्वीकृति दी गई।

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खेत में सांप काटने से किसान की मौत, तहसीली तंत्र की संवेदनहीनता से भड़का आक्रोश
घर बैठे बना दी मौत की रिपोर्ट! सर्पदंश को “अज्ञात” लिखकर मृतक किसान के साथ कागजी अन्याय बल्दियत बदली, उम्र गलत लिखी, बिना मौके पर पहुंचे तैयार कर दी सरकारी रिपोर्ट


रितेश मिश्रा
शाहाबाद (हरदोई), 27 मई।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम फतेहपुर गयंद में गन्ने के खेत में पानी लगाते समय जहरीले सांप के काटने से किसान धर्मवीर सिंह (50) पुत्र इंद्रकुमार सिंह की दर्दनाक मौत हो गई। लेकिन किसान की मौत से भी अधिक शर्मनाक पहलू तब सामने आया, जब तहसीली तंत्र की कथित लापरवाही और संवेदनहीनता ने एक गरीब किसान की मृत्यु तक को सरकारी कागजों में संदिग्ध बनाकर रख दिया।
बताया गया कि धर्मवीर सिंह मंगलवार को अपने खेत में गन्ने की फसल में पानी लगा रहे थे। इसी दौरान खेत में छिपे जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहाबाद लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचायतनामा भरते हुए प्रथम दृष्टया मृत्यु का कारण सर्पदंश दर्ज किया और शव को पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया।
मृतक अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और एक विवाह योग्य बेटी छोड़ गया है। बेटे अभी शिक्षारत एवं बेरोजगार बताए जा रहे हैं। परिजनों के अनुसार धर्मवीर सिंह दिन-रात खेतों में मेहनत कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे तथा बेटी के विवाह के लिए लगातार उपयुक्त वर की तलाश में जुटे थे। अचानक हुई मौत से परिवार की आर्थिक और सामाजिक रीढ़ ही टूट गई। घर में मची चीख-पुकार और बदहवास पत्नी की हालत देखकर गांव के लोगों की आंखें भी नम हो उठीं।
“सर्पदंश” को बना दिया “अज्ञात” — तहसीली रिपोर्ट पर उठे गंभीर सवाल
शाहाबाद (हरदोई), 27 मई।
जहां पुलिस पंचायतनामा में स्पष्ट रूप से सर्पदंश की बात दर्ज कर रही है, वहीं तहसील प्रशासन की प्रारंभिक रिपोर्ट ने पूरे मामले को संदेह और संवेदनहीनता के घेरे में खड़ा कर दिया है।
आरोप है कि संबंधित हल्का लेखपाल श्रेयसी द्विवेदी ने न मौके पर जाना जरूरी समझा, न खेत देखने की जरूरत महसूस की और न ही मृतक परिवार से सही जानकारी लेने का प्रयास किया। ग्रामीणों का आरोप है कि घर बैठे तैयार की गई रिपोर्ट में मृतक किसान की उम्र गलत अंकित कर दी गई, बल्दियत तक बदल दी गई और सबसे चौंकाने वाली बात — मृत्यु का कारण सीधे “अज्ञात” लिख दिया गया।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब पूरा गांव सर्पदंश की घटना का प्रत्यक्ष गवाह है, पुलिस रिकॉर्ड उसी की पुष्टि कर रहा है, तब आखिर तहसीली रिपोर्ट में सच्चाई को बदलने का प्रयास क्यों किया गया?
ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि यदि पत्रकार और परिजन आवाज न उठाते, तो शायद एक गरीब किसान की मौत सरकारी अभिलेखों में हमेशा के लिए “अज्ञात” बनाकर दफना दी जाती।क्या गरीब किसान की मौत भी अब सिर्फ फाइलों का खेल बनकर रह गई है?
ग्रामीणों का आरोप है कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि गरीब और असहाय परिवारों के प्रति अमानवीय संवेदनहीनता का उदाहरण है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि क्या सरकारी सहायता और मृतक आश्रितों को मिलने वाले लाभों को प्रभावित करने वाली आधार रिपोर्टें अब बिना जांच-पड़ताल के ही तैयार की जाने लगी हैं?
क्या बिना “सुविधाशुल्क” अब सही रिपोर्ट लिखना भी कठिन हो गया है?
क्या सरकारी कर्मचारी इतने संवेदनशून्य हो चुके हैं कि एक मृतक किसान की आत्मा और उसके रोते-बिलखते परिवार की पीड़ा भी उन्हें विचलित नहीं करती?
हालांकि बाद में मृतक परिजनों एवं पत्रकारों द्वारा सही तथ्य अवगत कराने पर नायब तहसीलदार शाहाबाद संतोष कुशवाहा ने रिपोर्ट में सुधार कराने का आश्वासन दिया। वहीं दो बार एसडीएम शाहाबाद के सीयूजी नंबर पर संपर्क का प्रयास भी किया गया, लेकिन नेटवर्क समस्या के कारण बातचीत नहीं हो सकी।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में यही चर्चा है कि यदि एक मृतक किसान की स्पष्ट सर्पदंश मृत्यु को भी सरकारी कागजों में “अज्ञात” बनाया जा सकता है, तो आम आदमी आखिर किस व्यवस्था पर भरोसा करे?
CM हेमन्त सोरेन ने पंचायती राज एवं ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा की: सड़क, स्वच्छता और डिजिटल सेवाओं पर जोर

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों की उपस्थिति में ग्रामीण विकास विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाकर विकास की राह में खड़े अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास की यात्रा में पंचायतें पहली कड़ी हैं, यह जरूरी है कि ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किए जाएं। ग्रामीण आवास योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर आवास योजना के कार्यान्वयन में तेजी लाएं। राज्य के भीतर वैसे पात्र लाभुक जो आवासविहीन हैं या मिट्टी के जीर्ण-शीर्ण घरों में रहते हैं उन्हें चिन्हित कर ग्रामीण आवास योजना का लाभ पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध तरीके से ग्रामीण आवास योजनाओं को पूर्ण करें। बैठक में मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह भी उपस्थित थे।

सखी मंडलों की संख्या बढ़ाएं

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) राज्य के भीतर महिला स्वयं सहायता समूहों की संख्या में वृद्धि करने पर विशेष ध्यान केंद्रित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सेल्फ-हेल्फ ग्रुप से जुड़ी महिलाओं की भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है, विभाग इन महिलाओं को हर संभव मदद करते हुए योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सिर्फ खेती ही नहीं बल्कि सोलर पावर उत्पादन के क्षेत्र में भी कार्य कर आत्मनिर्भर बने, इस दिशा में उन्हें प्रशिक्षण देकर प्रेरित करें।

समूहों से जुड़ी माताओं-बहनों को आगे बढ़ने के लिए दें व्यापक सहयोग

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि एसएचजी से जुड़ी माताओं बहनों को आगे बढ़ने के लिए कुछ व्यापक सहयोग किए जाएं ताकि महिलाएं कुछ नया और बेहतर करें, जो सभी के लिए अनुकरणीय हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसएचजी के उत्पाद की मैपिंग कर जेएसएलपीएस अंतर्गत कार्यरत डीपीएम और बीपीएम को बाजार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपे। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि जेएसएलपीएस अंतर्गत 5 हजार नए सखी मंडल के गठन किए जाने की प्रक्रिया की जा रही है। 60 हजार परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य की समस्त सखी मंडलों के विकास के लिए बैंक से 5 हजार करोड़ रुपए ऋण उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य है। विभाग द्वारा ढाई लाख नए महिलाओं को आजीविका के विभिन्न गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

एसएचजी द्वारा उत्पादित वस्तुओं को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में बेहतर कार्य योजना बने

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि पूरे राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं को बाजार मिले यह सुनिश्चित करें। दूसरे राज्यों के महत्वपूर्ण स्थानों में भी पलाश मार्ट जैसे विक्री केंद्र स्थापित हो, इस निमित्त कार्य योजना बनाते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के मुख्य पर्यटन स्थलों में भी पलाश मार्ट अथवा उसी अनुरूप अन्य विक्री केंद्र को स्थान मिले इस हेतु संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर योजना को गति दें। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि कांके रोड, रांची में बनाए जा रहे नवनिर्मित पलाश मार्ट भवन निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इस वर्ष और 6 पलाश मार्ट बनाए जाने का लक्ष्य है तथा आने वाले वर्षों में सभी जिलों में पलाश मार्ट भवन बनाए जाने की भी योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड जैसे प्रदेश के लिए पशुधन योजना बहुत ही प्रभावी योजना है, इस योजना को गति देते हुए ग्रामीण लोगों को लाभ पहुंचाने की दिशा में कार्य करें।

सखी मंडल की महिलाओं को नवाचार एवं आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दें

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य में जुट प्रोसेसिंग जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए रॉ-मैटेरियल की क्या स्थिति है, इसमें सुधार एवं मार्केटिंग की कितनी संभावनाएं हैं, इस पर विशेष कार्य योजना बनाते हुए कार्य को गति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हनी उत्पादन क्षेत्र में भी यहां असीम संभावनाएं हैं, इस पर बेहतर कार्य किया जा सकता है, विभाग वैसे क्षेत्रों को चिन्हित करे जहां हनी का ज्यादा उत्पादन होता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना से जुड़ी महिलाएं, दिव्यांग महिलाएं, ओल्ड एज महिलाएं तथा विधवा महिलाओं को भी सेल्फ हेल्फ ग्रुप से जोड़े। विभाग एसएचजी की महिलाओं को नवाचार एवं आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दे। कलस्टर स्तर पर सेल्फ हेल्फ ग्रुप का निरंतर बैठकें हो तथा बैठक में लिए गए निर्णयों की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त हो इसकी रूपरेखा तैयार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को बैंक से लिंकेज कराएं। प्रखंड स्तर पर स्थापित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएससी) में दीदी कैफे का संचालन हो इस निमित्त कार्य योजना बनाएं।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने लिफ्ट इरीगेशन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्राम पंचायतों में बैठक कर वाटर मैनेजमेंट सिस्टम के बेहतर कार्यान्वयन के लिए ग्रामीणों को जोड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में जल संचय बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है। जब हम जल संचय पर बेहतर कार्य करेंगे तभी लिफ्ट इरिगेशन की परियोजनाएं सफल होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत जल संचय से संबंधित जितनी भी योजनाएं हैं उन योजनाओं को गति दें।

बिरसा हरित ग्राम योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दे रही मजबूती

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने मनरेगा योजना अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि

बिरसा हरित ग्राम योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था व्यवस्था को मजबूत करने वाली योजना है। बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत बागवानी कार्य के लिए किसानों को प्रेरित करें। इस योजना का अधिक से अधिक लाभ ग्रामीणों को मिले यह सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि बिरसा हरित ग्राम योजना के लाभार्थियों में महिलाओं की संख्या में वृद्धि हुई है। वर्तमान समय में राज्य के भीतर करीब डेढ़ लाख एकड़ भूमि में कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना का जिलावार डाटा बेस तैयार करें ताकि बेहतर विकल्प पर कार्य किया जा सके।

इन योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा..

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य कार्यक्रम, बिरसा विशिष्ट जनजातीय विकास योजना, युवा कौशल योजना, वाटरशेड योजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर योजनाओं के संचालन में गति प्रदान करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री मनोज कुमार, मनरेगा आयुक्त श्री मृत्युंजय कुमार वर्णवाल, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसायटी (जेएसएलपीएस) श्री अनन्य मित्तल सहित संबंधित विभाग के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

28 से 30 मई को तेज आंधी ओलावृष्टि की संभावना, मौसम विभाग ने जारी किया आदेश
फर्रुखाबाद l मौसम विज्ञान विभाग
28 से 30 मई तक तेज आंधी एवं ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है l
जनसामान्य, किसानों एवं पशुपालकों हेतु
भारत मौसम विज्ञान विभाग, द्वारा जारी आदेश में कहा है कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार जनपद में आगामी दिनों में मौसम अत्यंत खराब रहने की संभावना है। विभाग द्वारा 28 से 30 मई 2026 तक तेज आंधी, तेज हवाएं तथा ओलावृष्टि को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार
हवा की गति 50 से 60 किमी प्रति घंटा तथा झोंकों में 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
29 से 30 मई 2026 को
तीव्र आंधी की संभावना।
हवा की गति 70 से 80 किमी प्रति घंटा तथा झोंकों में 90 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना।
कई स्थानों पर ओलावृष्टि होने की भी प्रबल संभावना व्यक्त की गई है।
कच्चे मकानों, झोपड़ियों एवं अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है।
पेड़, होर्डिंग्स एवं बिजली के खंभे गिरने की संभावना।
विद्युत आपूर्ति बाधित हो सकती है।
तेज हवाओं एवं धूलभरी आंधी के कारण दृश्यता कम होने से सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है।
आम, केला, पपीता सहित बागवानी फसलों एवं खड़ी कृषि फसलों को नुकसान की आशंका।
पशुओं के खुले में रहने पर दुर्घटना की संभावना बढ़ सकती है।
जनसामान्य हेतु सावधानियां:
खराब मौसम के दौरान घरों के अंदर सुरक्षित रहें तथा अनावश्यक यात्रा से बचें।
खिड़की-दरवाजों को अच्छी तरह बंद रखें एवं ढीली वस्तुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।
पेड़ों, बिजली के खंभों एवं टूटे तारों से दूर रहें।
बिजली कड़कने के दौरान मोबाइल चार्जिंग, टीवी, कंप्यूटर एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग रखें।
वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं तथा खुले मैदानों में जाने से बचें।
मौसम संबंधी जानकारी प्रशासन एवं मौसम विभाग के माध्यम से प्राप्त करते रहें।
किसानों हेतु विशेष सलाह:
गन्ना, मक्का एवं अन्य लंबी फसलों को सहारा देकर बांधें।
सब्जियों एवं बागवानी फसलों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था रखें।
ओलावृष्टि से बचाव हेतु नेट, पॉलीशीट अथवा अन्य सुरक्षात्मक आवरण का उपयोग करें।
कटाई योग्य फसलों की शीघ्र कटाई एवं सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करें।
आम के बागों में गिरे फलों को तुरंत अलग करें ताकि सड़न न फैले।
पशुपालकों को सलाह है कि वह
पशुओं को खुले स्थान पर न बांधें तथा सुरक्षित शेड में रखें।
पशुओं के चारे एवं पानी की पर्याप्त व्यवस्था पहले से सुनिश्चित कर लें।
जनपद प्रशासन द्वारा सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें तथा केवल अधिकृत मौसम बुलेटिन एवं प्रशासनिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
रोमी पंचायत में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य का निरीक्षण, मुन्ना सिंह ने दिए आवश्यक निर्देश

हजारीबाग सदर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने बुधवार को कटकमसांडी प्रखंड अंतर्गत रोमी पंचायत में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत 6 मतदान केंद्रों का भ्रमण कर बूथों का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ जय प्रकाश भाई पटेल भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान मुन्ना सिंह ने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के साथ विस्तारपूर्वक संवाद कर मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित कार्यों की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी जीवित एवं पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं छूटना चाहिए। यदि किसी योग्य मतदाता का नाम किसी कारणवश सूची में दर्ज नहीं हो पाया है, तो उसका नाम अविलंब जोड़ने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए, ताकि लोकतंत्र में हर नागरिक की भागीदारी बनी रहे।

मुन्ना सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता की भागीदारी में निहित है और मतदाता सूची उसकी सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है। निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की मर्यादा और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है।

उन्होंने आगे कहा कि बूथ स्तर तक संगठन की सक्रियता, पारदर्शिता और जवाबदेही ही मजबूत लोकतंत्र का परिचायक है। विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार सुनिश्चित करना है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

वहीं जिला अध्यक्ष जय प्रकाश भाई पटेल ने भी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लोकतंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी अधिकारियों, BLO एवं कार्यकर्ताओं से गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपील की।

Sambhal ईदुल अज़हा पर AIMIM ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, कहा- कुर्बानी में न हो रुकावट, अमन-चैन रहे कायम
सम्भल में ईदुल अज़हा के त्योहार को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर बिजली, पानी, सफाई और कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने की मांग की है। AIMIM के प्रभारी एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी शकील अहमद अशरफी और जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्ला के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय पहुंचे और त्योहार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने की अपील की।

शकील अहमद अशरफी ने कहा कि सम्भल शरीफ सूफी संतों और बुजुर्गों की धरती है, इसलिए यहां गंगा-जमुनी तहज़ीब और भाईचारे का माहौल बना रहना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ईदुल अज़हा के दौरान कुर्बानी में किसी तरह की कोई रुकावट न हो और सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जाए। उन्होंने पशुओं के अवशेष उठाने के लिए अतिरिक्त सफाईकर्मी और वाहन लगाने की भी मांग की। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि अक्सर कुर्बानी का गोश्त ले जाते समय मुस्लिम समुदाय के लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपील की कि किसी भी व्यक्ति को बेवजह परेशान न किया जाए ताकि त्योहार अमन और शांति के साथ मनाया जा सके। वहीं AIMIM जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्ला ने कहा कि पार्टी की ओर से ज्ञापन देकर प्रशासन से बिजली, पानी, सफाई और मजबूत कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराएगा।
ग्रामीण विकास की समीक्षा: CM हेमन्त सोरेन के निर्देश- अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाएं, 5 हजार नए सखी मंडल बनेंगे

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों की उपस्थिति में ग्रामीण विकास विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाकर विकास की राह में खड़े अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास की यात्रा में पंचायतें पहली कड़ी हैं, यह जरूरी है कि ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किए जाएं।

ग्रामीण आवास योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर आवास योजना के कार्यान्वयन में तेजी लाएं। राज्य के भीतर वैसे पात्र लाभुक जो आवासविहीन हैं या मिट्टी के जीर्ण-शीर्ण घरों में रहते हैं उन्हें चिन्हित कर ग्रामीण आवास योजना का लाभ पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध तरीके से ग्रामीण आवास योजनाओं को पूर्ण करें। बैठक में मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह भी उपस्थित थे।

सखी मंडलों की संख्या बढ़ाएं

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) राज्य के भीतर महिला स्वयं सहायता समूहों की संख्या में वृद्धि करने पर विशेष ध्यान केंद्रित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सेल्फ-हेल्फ ग्रुप से जुड़ी महिलाओं की भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है, विभाग इन महिलाओं को हर संभव मदद करते हुए योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सिर्फ खेती ही नहीं बल्कि सोलर पावर उत्पादन के क्षेत्र में भी कार्य कर आत्मनिर्भर बने, इस दिशा में उन्हें प्रशिक्षण देकर प्रेरित करें।

समूहों से जुड़ी माताओं-बहनों को आगे बढ़ने के लिए दें व्यापक सहयोग

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि एसएचजी से जुड़ी माताओं बहनों को आगे बढ़ने के लिए कुछ व्यापक सहयोग किए जाएं ताकि महिलाएं कुछ नया और बेहतर करें, जो सभी के लिए अनुकरणीय हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसएचजी के उत्पाद की मैपिंग कर जेएसएलपीएस अंतर्गत कार्यरत डीपीएम और बीपीएम को बाजार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपे। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि जेएसएलपीएस अंतर्गत 5 हजार नए सखी मंडल के गठन किए जाने की प्रक्रिया की जा रही है। 60 हजार परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य की समस्त सखी मंडलों के विकास के लिए बैंक से 5 हजार करोड़ रुपए ऋण उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य है। विभाग द्वारा ढाई लाख नए महिलाओं को आजीविका के विभिन्न गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

एसएचजी द्वारा उत्पादित वस्तुओं को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में बेहतर कार्य योजना बने

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि पूरे राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं को बाजार मिले यह सुनिश्चित करें। दूसरे राज्यों के महत्वपूर्ण स्थानों में भी पलाश मार्ट जैसे विक्री केंद्र स्थापित हो, इस निमित्त कार्य योजना बनाते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के मुख्य पर्यटन स्थलों में भी पलाश मार्ट अथवा उसी अनुरूप अन्य विक्री केंद्र को स्थान मिले इस हेतु संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर योजना को गति दें। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि कांके रोड, रांची में बनाए जा रहे नवनिर्मित पलाश मार्ट भवन निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इस वर्ष और 6 पलाश मार्ट बनाए जाने का लक्ष्य है तथा आने वाले वर्षों में सभी जिलों में पलाश मार्ट भवन बनाए जाने की भी योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड जैसे प्रदेश के लिए पशुधन योजना बहुत ही प्रभावी योजना है, इस योजना को गति देते हुए ग्रामीण लोगों को लाभ पहुंचाने की दिशा में कार्य करें।

सखी मंडल की महिलाओं को नवाचार एवं आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दें

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य में जुट प्रोसेसिंग जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए रॉ-मैटेरियल की क्या स्थिति है, इसमें सुधार एवं मार्केटिंग की कितनी संभावनाएं हैं, इस पर विशेष कार्य योजना बनाते हुए कार्य को गति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हनी उत्पादन क्षेत्र में भी यहां असीम संभावनाएं हैं, इस पर बेहतर कार्य किया जा सकता है, विभाग वैसे क्षेत्रों को चिन्हित करे जहां हनी का ज्यादा उत्पादन होता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना से जुड़ी महिलाएं, दिव्यांग महिलाएं, ओल्ड एज महिलाएं तथा विधवा महिलाओं को भी सेल्फ हेल्फ ग्रुप से जोड़े। विभाग एसएचजी की महिलाओं को नवाचार एवं आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दे। कलस्टर स्तर पर सेल्फ हेल्फ ग्रुप का निरंतर बैठकें हो तथा बैठक में लिए गए निर्णयों की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त हो इसकी रूपरेखा तैयार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को बैंक से लिंकेज कराएं। प्रखंड स्तर पर स्थापित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएससी) में दीदी कैफे का संचालन हो इस निमित्त कार्य योजना बनाएं।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने लिफ्ट इरीगेशन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्राम पंचायतों में बैठक कर वाटर मैनेजमेंट सिस्टम के बेहतर कार्यान्वयन के लिए ग्रामीणों को जोड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में जल संचय बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है। जब हम जल संचय पर बेहतर कार्य करेंगे तभी लिफ्ट इरिगेशन की परियोजनाएं सफल होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत जल संचय से संबंधित जितनी भी योजनाएं हैं उन योजनाओं को गति दें।

बिरसा हरित ग्राम योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दे रही मजबूती

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने मनरेगा योजना अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि

बिरसा हरित ग्राम योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था व्यवस्था को मजबूत करने वाली योजना है। बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत बागवानी कार्य के लिए किसानों को प्रेरित करें। इस योजना का अधिक से अधिक लाभ ग्रामीणों को मिले यह सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि बिरसा हरित ग्राम योजना के लाभार्थियों में महिलाओं की संख्या में वृद्धि हुई है। वर्तमान समय में राज्य के भीतर करीब डेढ़ लाख एकड़ भूमि में कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना का जिलावार डाटा बेस तैयार करें ताकि बेहतर विकल्प पर कार्य किया जा सके।

इन योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा..

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य कार्यक्रम, बिरसा विशिष्ट जनजातीय विकास योजना, युवा कौशल योजना, वाटरशेड योजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर योजनाओं के संचालन में गति प्रदान करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री मनोज कुमार, मनरेगा आयुक्त श्री मृत्युंजय कुमार वर्णवाल, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसायटी (जेएसएलपीएस) श्री अनन्य मित्तल सहित संबंधित विभाग के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।