अधिवक्ता के घर चोरों का हमला, फायरिंग करने से दो भतीजे घायल, लोहिया में भर्ती, एसपी ने कहा गिरफ्तार दोनों चोर शातिर अपराधी
अमृतपुर- फर्रुखाबाद l थाना राजेपुर क्षेत्र के ग्राम कुईयां निवासी अधिवक्ता राजेश पाठक के घर चोरो नें अचानक बीती रात हमला बोल दिया  जहां उनके दो भतीजो पर चोरो नें हमला कर दिया। एक भतीजा गोली लगने से घायल हो गया व दूसरे भतीजे को भी राड आदि से हमला करने पर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं दोनो घायलों को लोहियाअस्पताल में भर्ती किया गया | पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है | शहर के मोहल्ला मित्तूकूंचा निवासी अधिवक्ता राजेश पाठक का पैतृक मकान थाना राजेपुर के ग्राम कुईयां में हैं | जहां उनके अन्य परिजन रहते हैं | बीती रात राजेश पाठक के बड़े भाई स्वर्गीय देवेश पाठक के मकान पर चोरों नें हमला बोल दिया | दूसरी मंजिल पर उन्होने चोरी की घटना को अंजाम देकर लाखों की नकदी व जेबरात पार कर दिये | उसी दौरान छत पर सो रहे राजेश पाठक के भतीजे  भानु पाठक(30) व  वैभव पाठक(34) खटपट की आवाज सुनकर जाग गये। जिस पर चोर भानू को दूसरी मंजिल पर बंद कर फरार हो गए। मिली जानकारी के मुताबिक भानू कमरे से कूदकर भागा तो बढ़माशों नें फायर कर दिया और गोली भानू के कंधे में  लगी| इसी के साथ ही बदमाशों नें वैभव पर भी लोहे की रॉड से हमला बोल दिया | जिससे वैभव के चेहरे पर भी गंभीर चोटें आयी हैं | दोनों घायलों को सुबह लगभग 6 बजे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया| चोरों की जानकारी होने पर ग्रामीणों नें दौड़कर दो चोरो को पकड़ लिया | राजेश पाठक नें बताया कि चोरो के पास से दो तमँचा व कारतूस, चाकू व राड़ आदि घातक सामान मिला है | सूचना मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रीश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर आये और जाँच पड़ताल की | पुलिस कप्तान ने बताया कि चोर शातिर किस्म के हैं इनके ऊपर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं पकड़े गए चोर सीतापुर के बताए गए हैं। पुलिस मामले की जाँच में जुटी है | राजेश पाठक पूर्व सपा विधायक विजय सिंह के करीबियों में गिने जातेहैं |
भदोही सांसद विनोद बिंद ई-रिक्शा से अस्पताल पहुंचे: ऊर्जा संरक्षण का संदेश दिया, नागरिकों से ईंधन बचाने की अपील
नितेश श्रीवास्तव


भदोही ‌। भदोही से भाजपा सांसद विनोद बिंद ने ऊर्जा संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने अपने काफिले को छोड़कर चंदौली के कैलाशपुरी स्थित आवास से 5 किलोमीटर दूर अलीनगर स्थित अपने अस्पताल तक पहुंचने के लिए ई-रिक्शा (टोटो) का उपयोग किया।
सुबह 10 बजे मुगलसराय में सांसद विनोद बिंद को ई-रिक्शा में यात्रा करते देख राहगीरों और दुकानदारों ने उनका अभिवादन किया। यह कदम ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया था।
सांसद बिंद ने कहा कि यदि लोग छोटी दूरी के लिए साइकिल, ई-रिक्शा और अन्य बैटरी चालित वाहनों का उपयोग करें, तो पेट्रोल-डीजल की खपत में काफी कमी लाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि देश वर्तमान में ऊर्जा संकट, बढ़ती ईंधन खपत और पर्यावरण प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है।
उन्होंने प्रत्येक नागरिक से ऊर्जा संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आग्रह किया। सांसद ने जोर दिया कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके बड़े सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरित ऊर्जा, आत्मनिर्भर भारत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
सांसद ने बताया कि सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और ऊर्जा दक्ष तकनीकों को बढ़ावा देकर देश को स्वच्छ और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से ईंधन बचत में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। गौरतलब है कि आमतौर पर सांसद बिंद के काफिले में चार वाहन शामिल होते थे।
प्यास बुझाने की कीमत बनी हैवानियत, दलित किशोर को जूते में पानी पिलाकर बेरहमी से पीटा
कानपुर । कानपुर के सचेंडी इलाके से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां प्यास से परेशान एक दलित किशोर को ऊंची जाति के युवक की बाल्टी से पानी पीना इतना भारी पड़ गया कि उसे अमानवीय यातनाएं दी गईं। आरोप है कि दबंग युवकों ने पहले किशोर को निर्वस्त्र किया, फिर बेरहमी से पीटा और जूते में पानी भरकर जबरन पिलाया।
पीड़ित के पिता के मुताबिक घटना 2 मई की रात की है। उनका 16 वर्षीय बेटा खेत पर काम कर रहा था। प्यास लगने पर वह पास में रखी सरकारी पानी की टंकी के पास पहुंचा और वहां रखी बाल्टी से पानी पी लिया। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर गांव के संजय राजपूत, उसके भाई दीपक और दो अन्य युवक सागर व पटिया वहां पहुंच गए।
परिजनों का आरोप है कि चारों ने किशोर को जातिसूचक गालियां दीं और उसके कपड़े उतरवा दिए। इसके बाद उसे मुर्गा बनाकर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पीटा गया। मारपीट में किशोर का हाथ टूट गया। आरोपियों ने जूते पर थूककर उसे चटवाया और फिर उसी जूते में पानी भरकर जबरन पिलाया।
घटना के दौरान शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए। घायल किशोर को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
मामले में पीड़ित परिवार की तहरीर पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
मनोज पंड्या की नई पहल ‘गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट’ देगी कलाकारों को ग्लोबल पहचान


भारत हमेशा से प्रतिभाओं की भूमि रहा है। यहाँ हर शहर, हर कस्बे और हर गाँव में कोई न कोई कलाकार अपने सपनों को सच करने की कोशिश में लगा हुआ है। कोई अपनी आवाज़ से लोगों के दिल जीतना चाहता है, कोई अभिनय के माध्यम से पहचान बनाना चाहता है, तो कोई डांस और कॉमेडी के जरिए दुनिया में अपनी अलग जगह बनाना चाहता है। लेकिन कई बार सही मंच और सही मार्गदर्शन के अभाव में ऐसी प्रतिभाएँ भीड़ में कहीं खो जाती हैं। इसी सोच के साथ “गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट” (GIFT Studios Entertainment) एक नई उम्मीद और नए अवसरों के साथ सामने आया है।

ग्रेट इंडिया फिल्म टेलीविज़न (Great India Film Television) की इस नई पहल का उद्देश्य केवल कलाकारों को काम देना नहीं, बल्कि उन्हें एक नई पहचान दिलाना है। फिल्म, टेलीविज़न, वेब सीरीज़, म्यूज़िक वीडियो, विज्ञापन और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में अपनी रचनात्मकता और गुणवत्ता के लिए जाना जाने वाला गिफ्ट अब भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर की नई प्रतिभाओं के लिए एक मजबूत मंच बनने जा रहा है।

गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट की स्थापना इंडस्ट्री के अनुभवी और सम्मानित व्यक्तित्व मनोज पंड्या द्वारा की गई है। भारतीय फिल्म और टेलीविज़न इंडस्ट्री में उनका 30 वर्षों से अधिक का अनुभव रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में की थी और फिर डायरेक्टर तथा प्रोड्यूसर के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। इस लंबे सफर में उन्होंने अनेक फिल्मों, टीवी सीरियल्स, विज्ञापनों और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। उनका अनुभव और रचनात्मक सोच ही गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है।

मनोज पंड्या का मानना है कि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन अक्सर कलाकारों को सही दिशा, सही मंच और इंडस्ट्री की समझ नहीं मिल पाती। यही वजह है कि गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट कलाकारों को केवल अवसर ही नहीं, बल्कि प्रोफेशनल ट्रेनिंग, क्रिएटिव गाइडेंस और इंडस्ट्री एक्सपोज़र भी प्रदान करेगा। कंपनी का उद्देश्य नए कलाकारों को इस तरह तैयार करना है कि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

आज के दौर में डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स ने मनोरंजन की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है। OTT प्लेटफ़ॉर्म्स, सोशल मीडिया और ग्लोबल स्ट्रीमिंग नेटवर्क्स ने कलाकारों के लिए नई संभावनाओं के दरवाजे खोल दिए हैं। अब किसी कलाकार का सपना सिर्फ एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं रह गया है। अगर प्रतिभा और मेहनत हो, तो दुनिया के किसी भी कोने तक पहुँचना संभव है। गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट इसी नई सोच और नए दौर के साथ आगे बढ़ रहा है।

यह मंच उन सभी लोगों के लिए खुला है जिनके अंदर कुछ अलग करने का जुनून है। चाहे आप सिंगर हों, डांसर, अभिनेता, स्टैंड-अप कॉमेडियन या डिजिटल कंटेंट क्रिएटर — गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना चाहता है। कंपनी का मानना है कि हर कलाकार के अंदर एक खास पहचान होती है, जिसे सही दिशा और सही मंच मिल जाए तो वह लाखों लोगों के दिलों तक पहुँच सकता है।

गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट केवल एक एंटरटेनमेंट कंपनी नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए एक प्रेरणा बनकर उभर रहा है। यह पहल उन युवाओं को आत्मविश्वास देने का काम करेगी जो बड़े सपने तो देखते हैं, लेकिन सही मौके के अभाव में आगे नहीं बढ़ पाते। कंपनी का उद्देश्य ऐसे कलाकारों को मंच देना है जो अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर कुछ बड़ा करना चाहते हैं।

मनोरंजन उद्योग तेजी से बदल रहा है और दर्शक अब नए चेहरों और नई कहानियों को पसंद कर रहे हैं। ऐसे समय में गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट जैसे प्लेटफ़ॉर्म्स की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यह मंच न केवल कलाकारों को अवसर देगा, बल्कि उन्हें एक प्रोफेशनल माहौल में काम करने का अनुभव भी प्रदान करेगा।

गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट का विज़न भारत की प्रतिभाओं को वैश्विक स्तर तक पहुँचाना है। कंपनी भविष्य में ऐसे प्रोजेक्ट्स पर काम करने की तैयारी कर रही है जो भारतीय संस्कृति, कला और रचनात्मकता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिला सकें। इसके साथ ही कलाकारों को बड़े प्रोजेक्ट्स, प्रोफेशनल नेटवर्क और ग्लोबल ऑडियंस तक पहुँचाने का भी लक्ष्य रखा गया है।

आज जब पूरी दुनिया डिजिटल माध्यमों से जुड़ी हुई है, तब प्रतिभा को सीमाओं में बाँधना संभव नहीं है। ऐसे में गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट एक ऐसे प्लेटफ़ॉर्म के रूप में उभर रहा है जो सपनों को सिर्फ दिखाता नहीं, बल्कि उन्हें सच करने का रास्ता भी देता है।

अगर आपके अंदर कला है, मेहनत है और कुछ बड़ा करने का सपना है, तो यह आपके लिए सही समय हो सकता है। गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट एक स्पष्ट संदेश दे रहा है — अब दुनिया आपकी प्रतिभा को देखेगी, सुनेगी और पहचानेगी।

गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट — जहाँ सपने सिर्फ देखे नहीं जाते, उन्हें सच बनाया जाता है।

पूर्वांचल और महाराष्ट्र के बीच सदियों पुराना नाता :  देवेंद्र फडणवीस

राहुल लल्लन तिवारी समेत 9 विभूतियों को माटी सम्मान

मुंबई। पूर्वांचल की संस्कृति और विरासत से जुड़ी संस्था माटी द्वारा 16 मई को मुंबई विश्वविद्यालय, कालीना के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में पूर्वांचल महोत्सव में माटी 9 का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें पूर्वांचल में रचनात्मक और प्रेरणादायक काम कर रहे 9 विभूतियों का सम्मान किया गया। देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के सचिव राहुल लल्लन तिवारी को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों माटी सम्मान प्रदान किया गया। उनके अलावा ठाकुर एजुकेशनल ट्रस्ट के चेयरमैन वी के सिंह, पश्चिम रेलवे के जनरल मैनेजर रामआसरे पांडे, वरिष्ठ समाज सेवी शारदा प्रसाद सिंह, डॉ अशोक यादव, अजय हरिनाथ सिंह, फिल्म अभिनेता कुशाल टंडन, राज सिंह और श्रीमती शैलेश श्रीवास्तव को यह सम्मान प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र और पूर्वांचल के बीच सदियों पुराना रिश्ता है। भगवान राम ने वनवास के समय नासिक के पंचवटी में ही सबसे अधिक दिन व्यतीत किया था। उन्होंने कहा कि शिव की नगरी काशी, राम की नगरी अयोध्या और महाकुंभ की धरती प्रयागराज से महाराष्ट्र का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंध रहा। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सम्मानित अतिथि के रूप में महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार, पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह, वरिष्ठ समाजसेवी तथा उद्योगपति ज्ञान प्रकाश सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा सांसद जगदंबिका पाल ने किया। इसके पहले अलग-अलग सत्रों में अलग-अलग प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए गए। सुप्रसिद्ध गायिका मालिनी अवस्थी ने भी पूर्वांचल की धरती से जुड़े गीतों की प्रस्तुति की। परिचर्चा सत्र में पूर्व कस्टम आयुक्त पंकज सिंह तथा केईएम अस्पताल के डीन डॉ हरीश पाठक ने पूर्वांचल के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर विषय पर व्याख्यान दिया। माटी संस्था के अध्यक्ष आसिफ आजमी ने अतिथियों का परिचय एवं स्वागत किया। इस अवसर पर उपस्थित अन्य प्रमुख लोगों में विधायक राजहंस सिंह,श्री सिद्धिविनायक मंदिर के कोषाध्यक्ष तथा मुंबई भाजपा महामंत्री आचार्य पवन त्रिपाठी, मुंबई भाजपा प्रवक्ता उदय प्रताप सिंह, मीरा भायंदर महानगरपालिका परिवहन समिति के चेयरमैन एडवोकेट राजकुमार मिश्र, डॉ राजेंद्र सिंह, देवेंद्र तिवारी, दीपक सिंह, एडवोकेट विनोद पाठक, हितेश सिंह, अर्जुन सिंह, पत्रकार राजकुमार सिंह, पत्रकार शिवपूजन पांडे, अमर त्रिपाठी आदि का समावेश रहा।
लखनऊ पीजीआई की कैंटीन में ‘जंक फूड कल्चर’ पर उठे सवाल
* मरीजों और तीमारदारों के बीच मैगी व प्रोसेस्ड फूड की भरमार, हेल्दी फूड व्यवस्था की मांग तेज
लखनऊ। संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के (पीजीआई) की कैंटीन में खुलेआम बिक रहे मैगी और अन्य प्रोसेस्ड फूड को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल परिसर स्थित एक कॉफी कॉर्नर में वेज, चीज, बटर, तंदूरी और डबल मसाला मैगी समेत कई वैरायटी का मेन्यू सामने आने के बाद तीमारदारों और स्वास्थ्य जागरूक लोगों ने नाराजगी जताई है।
लोगों का कहना है कि जहां डॉक्टर मरीजों को संतुलित और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह देते हैं, वहीं अस्पताल परिसर में जंक फूड और इंस्टेंट फूड को बढ़ावा दिया जाना विरोधाभासी स्थिति पैदा करता है। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के बीच ऐसे खाद्य पदार्थों की उपलब्धता को लेकर कई लोगों ने सवाल खड़े किए हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अत्यधिक प्रोसेस्ड और हाई-सोडियम वाले खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसके बावजूद अस्पताल कैंटीनों में हेल्दी विकल्पों की तुलना में इंस्टेंट फूड की अधिक उपलब्धता चिंता का विषय मानी जा रही है।
तीमारदारों का कहना है कि पीजीआई जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में सस्ती पौष्टिक थाली, ताजे फल, सलाद और हेल्दी स्नैक्स जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अस्पताल प्रशासन से कैंटीन नीति की समीक्षा करने और “हेल्दी फूड सिस्टम” लागू करने की मांग की है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प उपलब्ध कराए जा सकें।
लखनऊ पीजीआई की कैंटीन में ‘जंक फूड कल्चर’ पर उठे सवाल

मरीजों और तीमारदारों के बीच मैगी व प्रोसेस्ड फूड की भरमार, हेल्दी फूड व्यवस्था की मांग तेज

लखनऊ। संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के (पीजीआई) की कैंटीन में खुलेआम बिक रहे मैगी और अन्य प्रोसेस्ड फूड को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल परिसर स्थित एक कॉफी कॉर्नर में वेज, चीज, बटर, तंदूरी और डबल मसाला मैगी समेत कई वैरायटी का मेन्यू सामने आने के बाद तीमारदारों और स्वास्थ्य जागरूक लोगों ने नाराजगी जताई है।

लोगों का कहना है कि जहां डॉक्टर मरीजों को संतुलित और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह देते हैं, वहीं अस्पताल परिसर में जंक फूड और इंस्टेंट फूड को बढ़ावा दिया जाना विरोधाभासी स्थिति पैदा करता है। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के बीच ऐसे खाद्य पदार्थों की उपलब्धता को लेकर कई लोगों ने सवाल खड़े किए हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अत्यधिक प्रोसेस्ड और हाई-सोडियम वाले खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसके बावजूद अस्पताल कैंटीनों में हेल्दी विकल्पों की तुलना में इंस्टेंट फूड की अधिक उपलब्धता चिंता का विषय मानी जा रही है।

तीमारदारों का कहना है कि पीजीआई जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में सस्ती पौष्टिक थाली, ताजे फल, सलाद और हेल्दी स्नैक्स जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अस्पताल प्रशासन से कैंटीन नीति की समीक्षा करने और “हेल्दी फूड सिस्टम” लागू करने की मांग की है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प उपलब्ध कराए जा सकें।

अस्पतालों में इलाज के अभाव में मरीजों की हो रही मौतें राज्य सरकार की विफलता- अविनेश


भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह ने झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह बदहाल बताते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड का स्वास्थ्य महकमा खुद अस्वस्थ और आईसीयू में जा चुका है। इस विभाग को पहले खुद इलाज की जरूरत है।

श्री सिंह ने कहा कि झारखंड में ध्वस्त स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर हाल ही में केंद्रीय मंत्रालय द्वारा यहां के स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर विभाग की नाकामियों के संबंध में आईना दिखाया गया है। झारखंड के अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली जांच सुविधाएं तय मानक से काफी पीछे है।

श्री सिंह ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाएं, दवा घोटाले, डॉक्टरों की कमी और इलाज के अभाव में हो रही मौतें सरकार की विफलता को उजागर करती हैं। सरायकेला-खरसावां के राजनगर में मोबाइल की रोशनी में प्रसव के दौरान मां और नवजात शिशु की मौत की घटना को अत्यंत दुखद और शर्मनाक बताया। यह घटना राज्य की चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था का स्पष्ट उदाहरण है। यहां ग्रामीण अस्पतालों में न पर्याप्त बिजली व्यवस्था है, न डॉक्टर और न ही आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।

प्रदेश प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के कार्यकाल में स्वास्थ्य विभाग लगातार विवादों और कथित अनियमितताओं को लेकर चर्चा में बना हुआ है। दवा खरीद, आउटसोर्सिंग और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोपों के साथ-साथ आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े और निजी अस्पतालों की मिलीभगत की खबरों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

श्री सिंह ने कहा कि रांची के सदर अस्पताल से मिल रही खबरों के अनुसार दवा रहने के बावजूद भी रोगियों को दवा नहीं दी जा रही है। अगर डॉक्टर ने पांच दवा लिखी है तो रोगियों को सिर्फ दो दवा ही दी जा रही है। बाजार में दवाओं की कालाबाजारी किये जाने की भी शिकायत मिल रही है। इस मामले की सरकार जांच करवाये और दोषियों को सजा दे।

उन्होंने कहा कि राज्य की जनता इलाज के अभाव में परेशान है, जबकि सरकार केवल बयानबाजी में व्यस्त दिखाई दे रही है। राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति दिन-प्रतिदिन और खराब होती जा रही है, लेकिन सरकार संवेदनशीलता दिखाने के बजाय अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है।

उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं किया गया तो जनता के हित में पार्टी राज्यभर में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

आजमगढ़: पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर स्विप्ट डिजायर कार पार्सल वाहन में घुसी, 5 की मौत
आजमगढ़। कंधरापुर थानांतर्गत पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 238.5 के पास उस समय हुआ जब एक तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार आगे चल रहे पार्सल वाहन में पीछे से जा घुस गई। सूचना पर DM रविंद्र कुमार और SP डॉ अनिल कुमार भी अस्पताल और पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। जानकारी के अनुसार पार्सल वाहन संख्या RJ 09 GB 6297 गाजीपुर से लखनऊ की ओर जा रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रही स्विफ्ट डिजायर कार संख्या HR 51 CW 5271 अनियंत्रित होकर वाहन से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही कंधरापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पहचान कराने और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद कुछ समय के लिए एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित रहा, जिसे पुलिस ने बाद में सामान्य कराया। मामले की जांच जारी है। मृतकों में 1-मनीष कुमार श्रीवास्तव पुत्र प्रेम कुमार उम्र 43 वर्ष 2-कंचन देवी पत्नी मनीष कुमार श्रीवास्तव उम्र 40 वर्ष 3-आस्था कुमारी पुत्री मनीष कुमार श्रीवास्तव उम्र 16 वर्ष 4-अदिति पुत्री मनीष कुमार उम्र 11 वर्ष 5- इसके अतिरिक्त एक नाम पता अज्ञात पुरुष उम्र लगभग 20 वर्ष समस्तनिवासी गण ग्राम गयासपुर थाना सिसवन जिला सिवान बिहार
लेखपाल भर्ती परीक्षा के लिए जनपद में 19 परीक्षा केंद्र बने, सेक्टर एवं स्टेटिक्स परीक्षा केदो का निरीक्षण करें

बस अड्डा और रेलवे स्टेशन पर हेल्पडक्स बनाए जाएं


फर्रुखाबाद l
जनपद में 21 मई 2026 को आयोजित होने वाली लेखपाल भर्ती परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष एवं पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा आयोजन से संबंधित सुरक्षा, प्रशासनिक एवं व्यवस्थात्मक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशानुरूप परीक्षा को शांतिपूर्ण, नकलविहीन एवं पारदर्शी वातावरण में संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट परीक्षा दिवस पर प्रातः 07 बजे ट्रेजरी पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे तथा प्रश्नपत्रों के सुरक्षित वितरण एवं परीक्षा प्रक्रिया की सतत निगरानी सुनिश्चित करेंगे। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी, जो परीक्षा अवधि के दौरान केंद्र की समस्त व्यवस्थाओं पर सतर्क दृष्टि बनाए रखेंगे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, कागज के टुकड़े, प्लास्टिक पाउच, पर्स, स्मार्टबैंड, स्मार्टवॉच, सनग्लासेस, कैलकुलेटर एवं हैंडबैग सहित किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री ले जाना पूर्णतः वर्जित रहेगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा तथा ड्यूटी में लगाए गए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपना आईडी कार्ड अनिवार्य रूप से धारण करना होगा।
उन्होंने निर्देशित किया कि सभी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में स्थित फोटोकॉपी की दुकानें, साइबर कैफे एवं इलेक्ट्रॉनिक गैजेट से संबंधित दुकानें परीक्षा अवधि के दौरान पूर्णतः बंद रखी जाएं, जिससे किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी युक्त कंट्रोल रूम एवं स्ट्रॉन्ग रूम स्थापित किए जाएंगे तथा सीसीटीवी कैमरों की स्थापना समय से पूर्ण कर उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित की जाए।
अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर क्लॉक रूम की व्यवस्था की जाए, जहां अभ्यर्थी अपनी निजी वस्तुएं सुरक्षित रख सकें। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को केवल नीला अथवा काला पेन, प्रवेश पत्र एवं मूल पहचान पत्र के साथ ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट को निर्देशित किया कि वे परीक्षा पूर्व अपने-अपने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर परीक्षा कक्षों, शौचालयों एवं अन्य व्यवस्थाओं की जांच सुनिश्चित करें। सभी केंद्र व्यवस्थापक एवं सहायक केंद्र व्यवस्थापक से नो-रिलेशन प्रमाणपत्र प्राप्त किया जाए तथा ड्यूटी में लगाए गए शिक्षकों एवं कर्मचारियों के मोबाइल नंबरों की सूची उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी केंद्रों पर क्लॉक रूम, पेयजल एवं शौचालय संबंधी संकेतक (साइनेज) स्पष्ट रूप से लगाए जाएं तथा प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दीवार घड़ी अनिवार्य रूप से स्थापित की जाए। साथ ही परीक्षा केंद्रों के बाहर सिटिंग प्लान प्रदर्शित किया जाए ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने रोडवेज बस अड्डे पर हेल्प डेस्क स्थापित करने तथा अभ्यर्थियों से वाहनों द्वारा किसी प्रकार की ओवरचार्जिंग न किए जाने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त सभी परीक्षा केंद्रों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता व्यवस्था एवं पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को प्रदान किए गए।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने  कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी संवेदनशीलता एवं सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
जिलाधिकारी ने सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया कि वे शासन द्वारा जारी निर्देश पुस्तिका का भली-भांति अध्ययन कर लें तथा सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, अपर पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
अधिवक्ता के घर चोरों का हमला, फायरिंग करने से दो भतीजे घायल, लोहिया में भर्ती, एसपी ने कहा गिरफ्तार दोनों चोर शातिर अपराधी
अमृतपुर- फर्रुखाबाद l थाना राजेपुर क्षेत्र के ग्राम कुईयां निवासी अधिवक्ता राजेश पाठक के घर चोरो नें अचानक बीती रात हमला बोल दिया  जहां उनके दो भतीजो पर चोरो नें हमला कर दिया। एक भतीजा गोली लगने से घायल हो गया व दूसरे भतीजे को भी राड आदि से हमला करने पर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं दोनो घायलों को लोहियाअस्पताल में भर्ती किया गया | पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है | शहर के मोहल्ला मित्तूकूंचा निवासी अधिवक्ता राजेश पाठक का पैतृक मकान थाना राजेपुर के ग्राम कुईयां में हैं | जहां उनके अन्य परिजन रहते हैं | बीती रात राजेश पाठक के बड़े भाई स्वर्गीय देवेश पाठक के मकान पर चोरों नें हमला बोल दिया | दूसरी मंजिल पर उन्होने चोरी की घटना को अंजाम देकर लाखों की नकदी व जेबरात पार कर दिये | उसी दौरान छत पर सो रहे राजेश पाठक के भतीजे  भानु पाठक(30) व  वैभव पाठक(34) खटपट की आवाज सुनकर जाग गये। जिस पर चोर भानू को दूसरी मंजिल पर बंद कर फरार हो गए। मिली जानकारी के मुताबिक भानू कमरे से कूदकर भागा तो बढ़माशों नें फायर कर दिया और गोली भानू के कंधे में  लगी| इसी के साथ ही बदमाशों नें वैभव पर भी लोहे की रॉड से हमला बोल दिया | जिससे वैभव के चेहरे पर भी गंभीर चोटें आयी हैं | दोनों घायलों को सुबह लगभग 6 बजे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया| चोरों की जानकारी होने पर ग्रामीणों नें दौड़कर दो चोरो को पकड़ लिया | राजेश पाठक नें बताया कि चोरो के पास से दो तमँचा व कारतूस, चाकू व राड़ आदि घातक सामान मिला है | सूचना मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रीश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर आये और जाँच पड़ताल की | पुलिस कप्तान ने बताया कि चोर शातिर किस्म के हैं इनके ऊपर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं पकड़े गए चोर सीतापुर के बताए गए हैं। पुलिस मामले की जाँच में जुटी है | राजेश पाठक पूर्व सपा विधायक विजय सिंह के करीबियों में गिने जातेहैं |
भदोही सांसद विनोद बिंद ई-रिक्शा से अस्पताल पहुंचे: ऊर्जा संरक्षण का संदेश दिया, नागरिकों से ईंधन बचाने की अपील
नितेश श्रीवास्तव


भदोही ‌। भदोही से भाजपा सांसद विनोद बिंद ने ऊर्जा संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने अपने काफिले को छोड़कर चंदौली के कैलाशपुरी स्थित आवास से 5 किलोमीटर दूर अलीनगर स्थित अपने अस्पताल तक पहुंचने के लिए ई-रिक्शा (टोटो) का उपयोग किया।
सुबह 10 बजे मुगलसराय में सांसद विनोद बिंद को ई-रिक्शा में यात्रा करते देख राहगीरों और दुकानदारों ने उनका अभिवादन किया। यह कदम ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया था।
सांसद बिंद ने कहा कि यदि लोग छोटी दूरी के लिए साइकिल, ई-रिक्शा और अन्य बैटरी चालित वाहनों का उपयोग करें, तो पेट्रोल-डीजल की खपत में काफी कमी लाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि देश वर्तमान में ऊर्जा संकट, बढ़ती ईंधन खपत और पर्यावरण प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है।
उन्होंने प्रत्येक नागरिक से ऊर्जा संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आग्रह किया। सांसद ने जोर दिया कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके बड़े सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरित ऊर्जा, आत्मनिर्भर भारत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
सांसद ने बताया कि सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और ऊर्जा दक्ष तकनीकों को बढ़ावा देकर देश को स्वच्छ और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से ईंधन बचत में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। गौरतलब है कि आमतौर पर सांसद बिंद के काफिले में चार वाहन शामिल होते थे।
प्यास बुझाने की कीमत बनी हैवानियत, दलित किशोर को जूते में पानी पिलाकर बेरहमी से पीटा
कानपुर । कानपुर के सचेंडी इलाके से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां प्यास से परेशान एक दलित किशोर को ऊंची जाति के युवक की बाल्टी से पानी पीना इतना भारी पड़ गया कि उसे अमानवीय यातनाएं दी गईं। आरोप है कि दबंग युवकों ने पहले किशोर को निर्वस्त्र किया, फिर बेरहमी से पीटा और जूते में पानी भरकर जबरन पिलाया।
पीड़ित के पिता के मुताबिक घटना 2 मई की रात की है। उनका 16 वर्षीय बेटा खेत पर काम कर रहा था। प्यास लगने पर वह पास में रखी सरकारी पानी की टंकी के पास पहुंचा और वहां रखी बाल्टी से पानी पी लिया। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर गांव के संजय राजपूत, उसके भाई दीपक और दो अन्य युवक सागर व पटिया वहां पहुंच गए।
परिजनों का आरोप है कि चारों ने किशोर को जातिसूचक गालियां दीं और उसके कपड़े उतरवा दिए। इसके बाद उसे मुर्गा बनाकर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पीटा गया। मारपीट में किशोर का हाथ टूट गया। आरोपियों ने जूते पर थूककर उसे चटवाया और फिर उसी जूते में पानी भरकर जबरन पिलाया।
घटना के दौरान शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए। घायल किशोर को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
मामले में पीड़ित परिवार की तहरीर पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
मनोज पंड्या की नई पहल ‘गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट’ देगी कलाकारों को ग्लोबल पहचान


भारत हमेशा से प्रतिभाओं की भूमि रहा है। यहाँ हर शहर, हर कस्बे और हर गाँव में कोई न कोई कलाकार अपने सपनों को सच करने की कोशिश में लगा हुआ है। कोई अपनी आवाज़ से लोगों के दिल जीतना चाहता है, कोई अभिनय के माध्यम से पहचान बनाना चाहता है, तो कोई डांस और कॉमेडी के जरिए दुनिया में अपनी अलग जगह बनाना चाहता है। लेकिन कई बार सही मंच और सही मार्गदर्शन के अभाव में ऐसी प्रतिभाएँ भीड़ में कहीं खो जाती हैं। इसी सोच के साथ “गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट” (GIFT Studios Entertainment) एक नई उम्मीद और नए अवसरों के साथ सामने आया है।

ग्रेट इंडिया फिल्म टेलीविज़न (Great India Film Television) की इस नई पहल का उद्देश्य केवल कलाकारों को काम देना नहीं, बल्कि उन्हें एक नई पहचान दिलाना है। फिल्म, टेलीविज़न, वेब सीरीज़, म्यूज़िक वीडियो, विज्ञापन और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में अपनी रचनात्मकता और गुणवत्ता के लिए जाना जाने वाला गिफ्ट अब भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर की नई प्रतिभाओं के लिए एक मजबूत मंच बनने जा रहा है।

गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट की स्थापना इंडस्ट्री के अनुभवी और सम्मानित व्यक्तित्व मनोज पंड्या द्वारा की गई है। भारतीय फिल्म और टेलीविज़न इंडस्ट्री में उनका 30 वर्षों से अधिक का अनुभव रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में की थी और फिर डायरेक्टर तथा प्रोड्यूसर के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। इस लंबे सफर में उन्होंने अनेक फिल्मों, टीवी सीरियल्स, विज्ञापनों और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। उनका अनुभव और रचनात्मक सोच ही गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है।

मनोज पंड्या का मानना है कि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन अक्सर कलाकारों को सही दिशा, सही मंच और इंडस्ट्री की समझ नहीं मिल पाती। यही वजह है कि गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट कलाकारों को केवल अवसर ही नहीं, बल्कि प्रोफेशनल ट्रेनिंग, क्रिएटिव गाइडेंस और इंडस्ट्री एक्सपोज़र भी प्रदान करेगा। कंपनी का उद्देश्य नए कलाकारों को इस तरह तैयार करना है कि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

आज के दौर में डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स ने मनोरंजन की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है। OTT प्लेटफ़ॉर्म्स, सोशल मीडिया और ग्लोबल स्ट्रीमिंग नेटवर्क्स ने कलाकारों के लिए नई संभावनाओं के दरवाजे खोल दिए हैं। अब किसी कलाकार का सपना सिर्फ एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं रह गया है। अगर प्रतिभा और मेहनत हो, तो दुनिया के किसी भी कोने तक पहुँचना संभव है। गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट इसी नई सोच और नए दौर के साथ आगे बढ़ रहा है।

यह मंच उन सभी लोगों के लिए खुला है जिनके अंदर कुछ अलग करने का जुनून है। चाहे आप सिंगर हों, डांसर, अभिनेता, स्टैंड-अप कॉमेडियन या डिजिटल कंटेंट क्रिएटर — गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना चाहता है। कंपनी का मानना है कि हर कलाकार के अंदर एक खास पहचान होती है, जिसे सही दिशा और सही मंच मिल जाए तो वह लाखों लोगों के दिलों तक पहुँच सकता है।

गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट केवल एक एंटरटेनमेंट कंपनी नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए एक प्रेरणा बनकर उभर रहा है। यह पहल उन युवाओं को आत्मविश्वास देने का काम करेगी जो बड़े सपने तो देखते हैं, लेकिन सही मौके के अभाव में आगे नहीं बढ़ पाते। कंपनी का उद्देश्य ऐसे कलाकारों को मंच देना है जो अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर कुछ बड़ा करना चाहते हैं।

मनोरंजन उद्योग तेजी से बदल रहा है और दर्शक अब नए चेहरों और नई कहानियों को पसंद कर रहे हैं। ऐसे समय में गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट जैसे प्लेटफ़ॉर्म्स की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यह मंच न केवल कलाकारों को अवसर देगा, बल्कि उन्हें एक प्रोफेशनल माहौल में काम करने का अनुभव भी प्रदान करेगा।

गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट का विज़न भारत की प्रतिभाओं को वैश्विक स्तर तक पहुँचाना है। कंपनी भविष्य में ऐसे प्रोजेक्ट्स पर काम करने की तैयारी कर रही है जो भारतीय संस्कृति, कला और रचनात्मकता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिला सकें। इसके साथ ही कलाकारों को बड़े प्रोजेक्ट्स, प्रोफेशनल नेटवर्क और ग्लोबल ऑडियंस तक पहुँचाने का भी लक्ष्य रखा गया है।

आज जब पूरी दुनिया डिजिटल माध्यमों से जुड़ी हुई है, तब प्रतिभा को सीमाओं में बाँधना संभव नहीं है। ऐसे में गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट एक ऐसे प्लेटफ़ॉर्म के रूप में उभर रहा है जो सपनों को सिर्फ दिखाता नहीं, बल्कि उन्हें सच करने का रास्ता भी देता है।

अगर आपके अंदर कला है, मेहनत है और कुछ बड़ा करने का सपना है, तो यह आपके लिए सही समय हो सकता है। गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट एक स्पष्ट संदेश दे रहा है — अब दुनिया आपकी प्रतिभा को देखेगी, सुनेगी और पहचानेगी।

गिफ्ट स्टूडियोज एंटरटेनमेंट — जहाँ सपने सिर्फ देखे नहीं जाते, उन्हें सच बनाया जाता है।

पूर्वांचल और महाराष्ट्र के बीच सदियों पुराना नाता :  देवेंद्र फडणवीस

राहुल लल्लन तिवारी समेत 9 विभूतियों को माटी सम्मान

मुंबई। पूर्वांचल की संस्कृति और विरासत से जुड़ी संस्था माटी द्वारा 16 मई को मुंबई विश्वविद्यालय, कालीना के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में पूर्वांचल महोत्सव में माटी 9 का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें पूर्वांचल में रचनात्मक और प्रेरणादायक काम कर रहे 9 विभूतियों का सम्मान किया गया। देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के सचिव राहुल लल्लन तिवारी को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों माटी सम्मान प्रदान किया गया। उनके अलावा ठाकुर एजुकेशनल ट्रस्ट के चेयरमैन वी के सिंह, पश्चिम रेलवे के जनरल मैनेजर रामआसरे पांडे, वरिष्ठ समाज सेवी शारदा प्रसाद सिंह, डॉ अशोक यादव, अजय हरिनाथ सिंह, फिल्म अभिनेता कुशाल टंडन, राज सिंह और श्रीमती शैलेश श्रीवास्तव को यह सम्मान प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र और पूर्वांचल के बीच सदियों पुराना रिश्ता है। भगवान राम ने वनवास के समय नासिक के पंचवटी में ही सबसे अधिक दिन व्यतीत किया था। उन्होंने कहा कि शिव की नगरी काशी, राम की नगरी अयोध्या और महाकुंभ की धरती प्रयागराज से महाराष्ट्र का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंध रहा। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सम्मानित अतिथि के रूप में महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार, पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह, वरिष्ठ समाजसेवी तथा उद्योगपति ज्ञान प्रकाश सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा सांसद जगदंबिका पाल ने किया। इसके पहले अलग-अलग सत्रों में अलग-अलग प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए गए। सुप्रसिद्ध गायिका मालिनी अवस्थी ने भी पूर्वांचल की धरती से जुड़े गीतों की प्रस्तुति की। परिचर्चा सत्र में पूर्व कस्टम आयुक्त पंकज सिंह तथा केईएम अस्पताल के डीन डॉ हरीश पाठक ने पूर्वांचल के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर विषय पर व्याख्यान दिया। माटी संस्था के अध्यक्ष आसिफ आजमी ने अतिथियों का परिचय एवं स्वागत किया। इस अवसर पर उपस्थित अन्य प्रमुख लोगों में विधायक राजहंस सिंह,श्री सिद्धिविनायक मंदिर के कोषाध्यक्ष तथा मुंबई भाजपा महामंत्री आचार्य पवन त्रिपाठी, मुंबई भाजपा प्रवक्ता उदय प्रताप सिंह, मीरा भायंदर महानगरपालिका परिवहन समिति के चेयरमैन एडवोकेट राजकुमार मिश्र, डॉ राजेंद्र सिंह, देवेंद्र तिवारी, दीपक सिंह, एडवोकेट विनोद पाठक, हितेश सिंह, अर्जुन सिंह, पत्रकार राजकुमार सिंह, पत्रकार शिवपूजन पांडे, अमर त्रिपाठी आदि का समावेश रहा।
लखनऊ पीजीआई की कैंटीन में ‘जंक फूड कल्चर’ पर उठे सवाल
* मरीजों और तीमारदारों के बीच मैगी व प्रोसेस्ड फूड की भरमार, हेल्दी फूड व्यवस्था की मांग तेज
लखनऊ। संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के (पीजीआई) की कैंटीन में खुलेआम बिक रहे मैगी और अन्य प्रोसेस्ड फूड को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल परिसर स्थित एक कॉफी कॉर्नर में वेज, चीज, बटर, तंदूरी और डबल मसाला मैगी समेत कई वैरायटी का मेन्यू सामने आने के बाद तीमारदारों और स्वास्थ्य जागरूक लोगों ने नाराजगी जताई है।
लोगों का कहना है कि जहां डॉक्टर मरीजों को संतुलित और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह देते हैं, वहीं अस्पताल परिसर में जंक फूड और इंस्टेंट फूड को बढ़ावा दिया जाना विरोधाभासी स्थिति पैदा करता है। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के बीच ऐसे खाद्य पदार्थों की उपलब्धता को लेकर कई लोगों ने सवाल खड़े किए हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अत्यधिक प्रोसेस्ड और हाई-सोडियम वाले खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसके बावजूद अस्पताल कैंटीनों में हेल्दी विकल्पों की तुलना में इंस्टेंट फूड की अधिक उपलब्धता चिंता का विषय मानी जा रही है।
तीमारदारों का कहना है कि पीजीआई जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में सस्ती पौष्टिक थाली, ताजे फल, सलाद और हेल्दी स्नैक्स जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अस्पताल प्रशासन से कैंटीन नीति की समीक्षा करने और “हेल्दी फूड सिस्टम” लागू करने की मांग की है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प उपलब्ध कराए जा सकें।
लखनऊ पीजीआई की कैंटीन में ‘जंक फूड कल्चर’ पर उठे सवाल

मरीजों और तीमारदारों के बीच मैगी व प्रोसेस्ड फूड की भरमार, हेल्दी फूड व्यवस्था की मांग तेज

लखनऊ। संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के (पीजीआई) की कैंटीन में खुलेआम बिक रहे मैगी और अन्य प्रोसेस्ड फूड को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल परिसर स्थित एक कॉफी कॉर्नर में वेज, चीज, बटर, तंदूरी और डबल मसाला मैगी समेत कई वैरायटी का मेन्यू सामने आने के बाद तीमारदारों और स्वास्थ्य जागरूक लोगों ने नाराजगी जताई है।

लोगों का कहना है कि जहां डॉक्टर मरीजों को संतुलित और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह देते हैं, वहीं अस्पताल परिसर में जंक फूड और इंस्टेंट फूड को बढ़ावा दिया जाना विरोधाभासी स्थिति पैदा करता है। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के बीच ऐसे खाद्य पदार्थों की उपलब्धता को लेकर कई लोगों ने सवाल खड़े किए हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अत्यधिक प्रोसेस्ड और हाई-सोडियम वाले खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसके बावजूद अस्पताल कैंटीनों में हेल्दी विकल्पों की तुलना में इंस्टेंट फूड की अधिक उपलब्धता चिंता का विषय मानी जा रही है।

तीमारदारों का कहना है कि पीजीआई जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में सस्ती पौष्टिक थाली, ताजे फल, सलाद और हेल्दी स्नैक्स जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अस्पताल प्रशासन से कैंटीन नीति की समीक्षा करने और “हेल्दी फूड सिस्टम” लागू करने की मांग की है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प उपलब्ध कराए जा सकें।

अस्पतालों में इलाज के अभाव में मरीजों की हो रही मौतें राज्य सरकार की विफलता- अविनेश


भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह ने झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह बदहाल बताते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड का स्वास्थ्य महकमा खुद अस्वस्थ और आईसीयू में जा चुका है। इस विभाग को पहले खुद इलाज की जरूरत है।

श्री सिंह ने कहा कि झारखंड में ध्वस्त स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर हाल ही में केंद्रीय मंत्रालय द्वारा यहां के स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर विभाग की नाकामियों के संबंध में आईना दिखाया गया है। झारखंड के अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली जांच सुविधाएं तय मानक से काफी पीछे है।

श्री सिंह ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाएं, दवा घोटाले, डॉक्टरों की कमी और इलाज के अभाव में हो रही मौतें सरकार की विफलता को उजागर करती हैं। सरायकेला-खरसावां के राजनगर में मोबाइल की रोशनी में प्रसव के दौरान मां और नवजात शिशु की मौत की घटना को अत्यंत दुखद और शर्मनाक बताया। यह घटना राज्य की चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था का स्पष्ट उदाहरण है। यहां ग्रामीण अस्पतालों में न पर्याप्त बिजली व्यवस्था है, न डॉक्टर और न ही आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।

प्रदेश प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के कार्यकाल में स्वास्थ्य विभाग लगातार विवादों और कथित अनियमितताओं को लेकर चर्चा में बना हुआ है। दवा खरीद, आउटसोर्सिंग और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोपों के साथ-साथ आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े और निजी अस्पतालों की मिलीभगत की खबरों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

श्री सिंह ने कहा कि रांची के सदर अस्पताल से मिल रही खबरों के अनुसार दवा रहने के बावजूद भी रोगियों को दवा नहीं दी जा रही है। अगर डॉक्टर ने पांच दवा लिखी है तो रोगियों को सिर्फ दो दवा ही दी जा रही है। बाजार में दवाओं की कालाबाजारी किये जाने की भी शिकायत मिल रही है। इस मामले की सरकार जांच करवाये और दोषियों को सजा दे।

उन्होंने कहा कि राज्य की जनता इलाज के अभाव में परेशान है, जबकि सरकार केवल बयानबाजी में व्यस्त दिखाई दे रही है। राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति दिन-प्रतिदिन और खराब होती जा रही है, लेकिन सरकार संवेदनशीलता दिखाने के बजाय अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है।

उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं किया गया तो जनता के हित में पार्टी राज्यभर में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

आजमगढ़: पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर स्विप्ट डिजायर कार पार्सल वाहन में घुसी, 5 की मौत
आजमगढ़। कंधरापुर थानांतर्गत पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 238.5 के पास उस समय हुआ जब एक तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार आगे चल रहे पार्सल वाहन में पीछे से जा घुस गई। सूचना पर DM रविंद्र कुमार और SP डॉ अनिल कुमार भी अस्पताल और पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। जानकारी के अनुसार पार्सल वाहन संख्या RJ 09 GB 6297 गाजीपुर से लखनऊ की ओर जा रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रही स्विफ्ट डिजायर कार संख्या HR 51 CW 5271 अनियंत्रित होकर वाहन से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही कंधरापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पहचान कराने और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद कुछ समय के लिए एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित रहा, जिसे पुलिस ने बाद में सामान्य कराया। मामले की जांच जारी है। मृतकों में 1-मनीष कुमार श्रीवास्तव पुत्र प्रेम कुमार उम्र 43 वर्ष 2-कंचन देवी पत्नी मनीष कुमार श्रीवास्तव उम्र 40 वर्ष 3-आस्था कुमारी पुत्री मनीष कुमार श्रीवास्तव उम्र 16 वर्ष 4-अदिति पुत्री मनीष कुमार उम्र 11 वर्ष 5- इसके अतिरिक्त एक नाम पता अज्ञात पुरुष उम्र लगभग 20 वर्ष समस्तनिवासी गण ग्राम गयासपुर थाना सिसवन जिला सिवान बिहार
लेखपाल भर्ती परीक्षा के लिए जनपद में 19 परीक्षा केंद्र बने, सेक्टर एवं स्टेटिक्स परीक्षा केदो का निरीक्षण करें

बस अड्डा और रेलवे स्टेशन पर हेल्पडक्स बनाए जाएं


फर्रुखाबाद l
जनपद में 21 मई 2026 को आयोजित होने वाली लेखपाल भर्ती परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष एवं पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा आयोजन से संबंधित सुरक्षा, प्रशासनिक एवं व्यवस्थात्मक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशानुरूप परीक्षा को शांतिपूर्ण, नकलविहीन एवं पारदर्शी वातावरण में संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट परीक्षा दिवस पर प्रातः 07 बजे ट्रेजरी पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे तथा प्रश्नपत्रों के सुरक्षित वितरण एवं परीक्षा प्रक्रिया की सतत निगरानी सुनिश्चित करेंगे। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी, जो परीक्षा अवधि के दौरान केंद्र की समस्त व्यवस्थाओं पर सतर्क दृष्टि बनाए रखेंगे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, कागज के टुकड़े, प्लास्टिक पाउच, पर्स, स्मार्टबैंड, स्मार्टवॉच, सनग्लासेस, कैलकुलेटर एवं हैंडबैग सहित किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री ले जाना पूर्णतः वर्जित रहेगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा तथा ड्यूटी में लगाए गए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपना आईडी कार्ड अनिवार्य रूप से धारण करना होगा।
उन्होंने निर्देशित किया कि सभी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में स्थित फोटोकॉपी की दुकानें, साइबर कैफे एवं इलेक्ट्रॉनिक गैजेट से संबंधित दुकानें परीक्षा अवधि के दौरान पूर्णतः बंद रखी जाएं, जिससे किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी युक्त कंट्रोल रूम एवं स्ट्रॉन्ग रूम स्थापित किए जाएंगे तथा सीसीटीवी कैमरों की स्थापना समय से पूर्ण कर उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित की जाए।
अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर क्लॉक रूम की व्यवस्था की जाए, जहां अभ्यर्थी अपनी निजी वस्तुएं सुरक्षित रख सकें। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को केवल नीला अथवा काला पेन, प्रवेश पत्र एवं मूल पहचान पत्र के साथ ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट को निर्देशित किया कि वे परीक्षा पूर्व अपने-अपने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर परीक्षा कक्षों, शौचालयों एवं अन्य व्यवस्थाओं की जांच सुनिश्चित करें। सभी केंद्र व्यवस्थापक एवं सहायक केंद्र व्यवस्थापक से नो-रिलेशन प्रमाणपत्र प्राप्त किया जाए तथा ड्यूटी में लगाए गए शिक्षकों एवं कर्मचारियों के मोबाइल नंबरों की सूची उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी केंद्रों पर क्लॉक रूम, पेयजल एवं शौचालय संबंधी संकेतक (साइनेज) स्पष्ट रूप से लगाए जाएं तथा प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दीवार घड़ी अनिवार्य रूप से स्थापित की जाए। साथ ही परीक्षा केंद्रों के बाहर सिटिंग प्लान प्रदर्शित किया जाए ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने रोडवेज बस अड्डे पर हेल्प डेस्क स्थापित करने तथा अभ्यर्थियों से वाहनों द्वारा किसी प्रकार की ओवरचार्जिंग न किए जाने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त सभी परीक्षा केंद्रों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता व्यवस्था एवं पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को प्रदान किए गए।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने  कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी संवेदनशीलता एवं सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
जिलाधिकारी ने सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया कि वे शासन द्वारा जारी निर्देश पुस्तिका का भली-भांति अध्ययन कर लें तथा सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, अपर पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।