डॉ.नाजफात्मा ने अपने जन्मदिन पर किया ऐलान दस कन्याओ का कराएंगे विवाह

क्षेत्रीय लोगो ने नाजफात्मा को शुभकामनाएं एवं बधाई दी

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।फात्मा वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष व प्रख्यात गाई नोलाजिस्ट डॉ नाज़ फात्मा ने अपने जन्मदिन पर जहां केक काट कर जश्न मनाया वहीं ग़रीब बेसहारा और झोपड़पट्टी में रह रहे लोगो को भोजन के पैकेट कम्बल व गर्म वस्त्र आदि का वितरण भी किया।बच्चो को जीन्स शर्ट तो बच्चीयो को फ्राक और चॉकलेट भी दिए।करैली के पहलवान जूस चौराहा करैली साठ फिट रोड सिविल लाइन्स के गिरजाघर आदि क्षेत्रो में घूम घूम कर ज़रुरतमन्दो को ढ़ूड ढ़ूड कर सभी चीज़े दी गई।

 पत्रकार बन्धुओ के सवाल पर उन्होंने पांच से छै गरीब कन्याओ की शादी कराने का भी ऐलान किया।कहा नाज़ हास्पिटल के स्थापना दिवस पर पांच से छै कन्याओ का धूम धाम से गेस्ट हाउस में विवाह सम्पन्न कराया जाएगा।उन्होने यह भी बताया की किसी भी धर्म वर्ग का जो ज़रुरतमन्द होगा वह रिश्ता तय करने के उपरान्त आकर सभी बाते बता दे।सभी औप चारिकताएं पूर्ण करने के बाद ही विवाह कराया जायेगा।उन्होने यह भी कहा की वैसे दहेज एक कू रीति है लेकिन फात्मा वेलफेयर सोसायटी ग़रीब परिवार की बेटी को ऐसे विदा करेगी की जैसे बड़े बड़े पैसे वाले करते है।

 बधाई देने वालो में डॉ सैय्यद नाज़िम डायरेक्टर अमित यादव डॉ जमशेद अली डॉ नावेद शेख डॉ तारिक़ आलम मोहम्मद परवेज़ डॉ सारा सैय्यद मोहम्मद अस्करी शिवम् यादव समेत बड़ी संख्या में शुभ चिन्तक उपस्थित रहे।इस कार्य को लेकर लोगो ने नाजफात्मा की सराहना किया।

मेंहदी का रंग सूखने से पहले उजड़ गया सुहाग: सड़क हादसे में नवविवाहित की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम

औरंगाबाद। खुशियों से भरे घर में अभी तक शादी की रस्मों की महक बसी ही थी कि किस्मत ने ऐसा क्रूर खेल खेला कि पूरा परिवार मातम में डूब गया। मदनपुर थाना क्षेत्र के झीकटिया मोड़ पर शनिवार देर रात हुए सड़क हादसे में नवविवाहित युवक प्रमोद रिकियासन की मौत से इलाके में शोक छा गया है। कुछ महीनों पहले ही सात फेरे लेने वाले इस दंपति की जिंदगी में खुशी का रंग अभी गहरा भी नहीं पड़ा था कि मौत ने दरवाज़ा खटखटा दिया।

जानकारी के अनुसार, चांदपुर निवासी बिगन भुइयां का 26 वर्षीय पुत्र प्रमोद शनिवार की रात अपना निजी काम निपटाकर मदनपुर बाज़ार से घर लौट रहा था। झीकटिया मोड़ के पास सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से उसकी बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि प्रमोद सड़क पर गिरते ही गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद मदनपुर थाना के एसआई सुरेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। घायल अवस्था में उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

हादसे की जानकारी मिलते ही प्रमोद के घर में कोहराम मच गया। वृद्ध पिता बिगन भुइयां का रो-रोकर बुरा हाल है। वे बार-बार बस यही कह रहे थे कि “बाबू अभी शादी के कुछ महीने ही तो हुए थे… घर की दीवारों पर अभी भी रस्मों की खुशबू बाकी है।” बुज़ुर्ग पिता की यह बात सुनते ही मौजूद लोगों की आंखें नम हो उठीं। नवविवाहिता पत्नी पर तो मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मेंहदी का रंग गहराने से पहले ही उसका सुहाग छिन गया। रिश्तेदारों और गांववालों की सिसकियों के बीच घर का हर कोना मातम में डूबा है।

थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया है और चालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर छापेमारी की जा रही है। जल्द ही उसकी गिरफ्तारी की उम्मीद है।

चांदपुर गांव में इस हादसे के बाद शोक की लहर दौड़ गई है। गांववालों का कहना है कि तेज़ रफ्तार और लापरवाही ने एक नहीं, कई सपनों को उजाड़ दिया। सड़क पर बिखरे मलबे ने मानो एक परिवार की टूट चुकी उम्मीदों की गवाही दी।

नवविवाहिता की हथेलियों की मेंहदी का रंग अभी पूरी तरह सूखा भी नहीं था, लेकिन किस्मत ने उसके जीवन से सुहाग का चिराग बुझा दिया। यह हादसा न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि क्षेत्र में सड़क सुरक्षा पर बड़े सवाल भी खड़े करता है।

औरंगाबाद में मासूम की दर्दनाक मौत: पानी भरे गड्ढे में डूबकर चार साल की बच्ची ने गंवाई जान, निर्माण एजेंसी पर लापरवाही के आरोप

 ,औरंगाबाद जिले के अंबा थाना क्षेत्र के भलुआड़ी बरवाडीह गांव में शनिवार की शाम एक हृदयविदारक हादसा सामने आया, जिसमें चार साल की मासूम बच्ची राधा प्रिया की मौत हो गई। पानी से भरे गड्ढे में गिरकर डूबने के कारण उसकी जान चली गई। गांव में पसरा मातम और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल इस हादसे की गंभीरता को बयां करता है। बताया जाता है कि गांव के पास सड़क निर्माण कार्य के दौरान संबंधित एजेंसी ने जेसीबी से मिट्टी काटकर एक गहरा गड्ढा बनाया था। गड्ढे में बारिश और नाली का पानी भर गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, ग्रामीणों की सुरक्षा की कोई व्यवस्था किए बिना इसे खुला छोड़ दिया गया था। इसी बीच, शनिवार शाम राधा अन्य बच्चों की तरह घर के पास खेल रही थी। खेल-खेल में वह पानी से भरे उसी गड्ढे की ओर चली गई और अनजाने में उसमें गिर पड़ी। काफी देर तक घर न लौटने पर परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। खोज के दौरान जब बच्ची पानी भरे गड्ढे में मिली, तो परिजन उसे तुरंत सदर अस्पताल ले गए। उन्होंने उसे जिंदा समझकर इलाज की उम्मीद में दौड़ लगाई, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई।

निर्माण एजेंसी पर आरोप, कर्मी मौके से फरार

ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए भारत माला परियोजना के तहत वाराणसी–कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य में लगी पीएनसी कंपनी पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि गांव से निकलने वाली नाली का पानी सड़क किनारे न बह सके, इसके लिए घर के पास ही अस्थायी गड्ढा खोदा गया था, जिसकी कोई सुरक्षा घेराबंदी नहीं की गई थी। लगातार पानी भरने से यह दुर्घटना का कारण बना। घटना के बाद निर्माण कार्य में लगे सभी कर्मी मौके से फरार हो गए। इससे ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक निर्माण एजेंसी सुरक्षित कार्य नहीं करेगी, ग्रामीण काम बंद कराने को मजबूर होंगे। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कंपनी के वाहन चालक भी बिना किसी नियम-कानून की परवाह किए तेज रफ्तार में वाहनों का संचालन करते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। 

पुलिस की कार्रवाई जारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया। अंबा थानाध्यक्ष राहुल राज ने बताया कि परिजनों को लिखित आवेदन देने को कहा गया है। आवेदन मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कर मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई पूरी गंभीरता से की जाएगी। राधा प्रिया की मौत न सिर्फ एक परिवार का उजड़ना है, बल्कि यह निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की बड़ी कीमत भी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कंपनी समय रहते सुरक्षा इंतजाम करती, तो यह मासूम आज जीवित होती। अब गांव के लोग न्याय की मांग कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि प्रशासन इस लापरवाही पर सख्त कदम उठाएगा।

तुलसीपुर में चार दिनों से आवागवन बाधित

बलरामपुर। तुलसीपुर- विगत चार दिनों से स्थानीय हनुमानगढ़ी तिराहे पर रिसाव के कारण पाइपलाइन मरम्मत के कारण आज फिर रास्ता बाधित कर दिए जाने के कारण सहालग के दिनों में मुख्य बाजार में व्यापार पूरी तरह से चौपट हो गया है जिस पर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों ने रोष व्यक्त किया है।

अध्यक्ष श्याम बिहारी अग्रहरि ने कहा कि पिछले 3- 4 दिनों से सड़क खोदे जाने से रास्ता बाधित है तथा नागरिकों को पेयजल भी बड़ी मुश्किल से मिल रहा है और स्थानीय निकाय व जल निगम की आपसी खींचतान का खामियाजा पेयजल संकट के साथ बाज़ार पर भी असर देखा जा सकता है।महामन्त्री रूप चन्द्र गुप्ता ने कहा कि पेयजल की आपूर्ति सुचारू रूप से हो यह नगर पंचायत का दायित्व है लेकिन स्थानीय निकाय मात्र जल निगम पर दोषारोपण ही कर रहा है।इस व्यवधान के लिए जवाबदेही दोनों संस्थाओं व उनके प्रबंधकों की है।

आज जल कल सुपरवाइजर ने बताया है कि खराब पाइपलाइन को हटाकर उसकी जगह दूसरी पाइप डाली जा रही है जिसे जल्द ही पूरा कर पेयजल की आपूर्ति निर्बाध रूप से की जाएगी।राधेश्याम चौरसिया,रिज़वान बबलू,अरविंद गुप्ता,अफ़ज़ाल,जय सिंह,विक्की गुप्ता,शिव कुमार,अमित गुप्ता आदि ने पेयजल संकट के निदान की मांग की है।

झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही के कारण महिला एवं नवजात बच्चे की गई जान

परिजनों के हंगामे के बाद स्थानीय विधायक और पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचे।

रफीगंज के महादेव हॉस्पिटल में महिला एवं नवजात के मृत्यु के बाद परिजनों हंगामा खड़ा कर दिया। सूचना पाकर स्थानीय विधायक एवं पुलिस प्रशासन के लोग मौके पर पहुंच मामले को शांत करवाया। इस मामले में मृतक महिला के पति महुआइन गाँव निवासी अखिलेश चौधरी द्वारा रफीगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है। दिए गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि मैं अपनी पत्नी शोभा देवी (उम्र लगभग 27 वर्ष) को प्रसव के लिए 27 नवंबर 2025 को दोपहर रफीगंज के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था। सरकारी अस्पताल में डॉक्टर लालजी यादव और एक ANM द्वारा जाँच के बाद बताया गया कि मरीज की स्थिति ठीक' है, और प्रसव सामान्य हो जाएगा, जिसमें थोड़ा समय लगेगा। इसी बीच ललीता देवी ने उन्हें सरकारी अस्पताल में प्रसव ठीक से न होने की बात कहकर 'महादेव अस्पताल' जाने की सलाह दी।पति अखिलेश चौधरी का कहना है कि उन्होंने 27 नवंबर की पूरी रात सरकारी अस्पताल में इंतजार किया, लेकिन वहाँ किसी डॉक्टर या नर्स ने उनकी पत्नी को कोई इलाज नहीं दिया। आशा कार्यकर्ता की सलाह पर परिवार ने अपनी मरीज को 28 नवंबर 2025 को दोपहर महादेव अस्पताल में भर्ती कराया। महादेव अस्पताल में डॉ. महादेव यादव और अवकाश प्राप्त ANM राधा देवी ने कथित तौर पर परिजनों को बताया कि मरीज की स्थिति ठीक नहीं है और जितनी जल्दी हो सके, ऑपरेशन कराना होगा। ऑपरेशन से पहले उनसे ₹30,000 जमा करने के लिए कहा गया।परिजनों ने तुरंत ₹30,000 जमा कर दिए, जिसके बाद शोभा देवी का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के थोड़ी देर बाद डॉक्टर ने परिजनों को बताया कि महिला और नवजात दोनों सीरियस हैं।

डॉ महादेव द्वारा कासमा रोड स्थित मां बच्चा अस्पताल में हमारे बच्चे को साथ ले जाकर भर्ती करवाया गया। जहां बच्चा अस्पताल के डॉ विकास कुमार द्वारा बताया गया कि बच्चा सीरियस है 20 हजार रुपए जमा करें। इसके कुछ देर बाद बताया गया कि बच्चे की स्थिति ठीक नहीं है रेफर करना होगा। जब बच्चे को देखा तो वो मृत अवस्था में पड़ा हुआ था। दूसरी तरफ डॉ महादेव के द्वारा एंबुलेंस बुलाकर हमारे परिजन के साथ मेरी पत्नी को गयाजी के किसी अस्पताल में भेज दिया गया तथा डॉ महादेव एवं स्टाफ सभी अस्पताल छोड़कर फरार हो गए।

सूत्रों के अनुसार महिला और नवजात की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने डॉक्टर और आशा कार्यकर्ता पर लापरवाही और गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सूचना पाकर रफीगंज विधायक प्रमोद कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने औरंगाबाद डीएम श्रीकांत शास्त्री से फोन पर बातचीत कर रफीगंज में चल रहा है अवैध क्लिनिको पर छापा मारने की बात कही। तथा इस मामले में निष्पक्ष जांच करते हुए डॉक्टर पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने कि बात कही।

29 पुराने श्रम कानूनों का एकीकरण, देशभर में लागू हुई चार संहिताएँ

* श्रम मंत्री अनिल राजभर ने दी नई श्रम संहिताओं की विस्तृत जानकारी * 1228 धाराएँ घटकर 480, श्रम कानूनों में ऐतिहासिक सरलीकरण * निरीक्षण व्यवस्था ऑनलाइन, रैंडमाइज्ड सिस्टम से इंस्पेक्टर राज समाप्त * न्यूनतम वेतन सभी क्षेत्रों पर लागू, वेतन भुगतान दो दिन में अनिवार्य * 300+ कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में बंदी/छंटनी के लिए राज्य की अनुमति अनिवार्य लखनऊ। लोक भवन स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि भारत सरकार द्वारा 29 पुराने श्रम अधिनियमों को एकीकृत करते हुए मजदूरी संहिता 2019, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020, औद्योगिक संबंध संहिता 2020 तथा उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता 2020 को लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह सुधार देश की श्रम व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और आधुनिक बनाते हुए श्रमिकों को सुरक्षा, सम्मान और समयबद्ध सेवाएँ उपलब्ध कराएंगे। नई संहिताएं 21 नवम्बर 2025 से पूरे देश में प्रभावी हो चुकी हैं। मंत्री राजभर ने बताया कि इन सुधारों से श्रम कानूनों की जटिलता में ऐतिहासिक रूप से कमी आई है। पहले जहाँ 1228 धाराएँ थीं, अब उनकी संख्या घटाकर 480 की गई है। 1436 नियमों के स्थान पर केवल 351 नियम लागू किए गए हैं। 84 रजिस्टरों की जगह मात्र 8 रजिस्टर और 31 रिटर्न के स्थान पर एकल रिटर्न की व्यवस्था कर दी गई है। इससे नियोक्ताओं का अनुपालन बोझ कम होगा और श्रमिकों के हितों का संरक्षण अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि ये संहिताएँ युवाओं, महिलाओं, गिग वर्कर्स और सभी श्रमिकों के जीवन में स्थिरता व सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी और आर्थिक वृद्धि को नई गति देंगी। उन्होंने बताया कि पारदर्शिता बढ़ाने के लिए निरीक्षण व्यवस्था को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। रैंडमाइज्ड निरीक्षण प्रणाली से अब इंस्पेक्टर राज की अवधारणा समाप्त होगी और निरीक्षक की भूमिका सुविधा प्रदाता के रूप में विकसित होगी। किसी भी प्रथम उल्लंघन की स्थिति में नियोक्ता अधिकतम जुर्माने के 50 प्रतिशत का भुगतान कर उपशमन प्राप्त कर सकते हैं, जिससे अनावश्यक अभियोजन नहीं होगा। इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा और उद्योगों को अनावश्यक विवादों से राहत मिलेगी। मजदूरी संहिता की चर्चा करते हुए मंत्री राजभर ने कहा कि वेतन की परिभाषा को एकीकृत किया गया है और न्यूनतम वेतन अब सभी संगठित और असंगठित क्षेत्रों पर लागू होगा। वेतन भुगतान की समय-सीमा को अनिवार्य किया गया है और सेवा समाप्ति या त्यागपत्र की स्थिति में दो दिनों के भीतर सभी देयक का भुगतान सुनिश्चित किया गया है। ओवरटाइम के लिए दोगुने वेतन का प्रावधान, वेतन से कटौती की अधिकतम सीमा 50 प्रतिशत, तथा सभी कर्मचारियों को वेज-स्लिप देना अब अनिवार्य किया गया है, जिससे वेतन व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी बनेगी। सामाजिक सुरक्षा संहिता की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को वैधानिक रूप से परिभाषित कर सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। इनके कल्याण के लिए कोष का निर्माण किया जाएगा, जिसमें सरकार के साथ एग्रीगेटर्स भी अपने टर्नओवर का 1–2 प्रतिशत योगदान करेंगे। फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारियों के समान लाभ तथा एक वर्ष की सेवा पर ग्रेच्युटी का अधिकार मिलेगा। श्रमजीवी पत्रकारों के लिए ग्रेच्युटी पात्रता अवधि पाँच वर्ष से घटाकर तीन वर्ष की गई है। सामान्य नागरिकों को राहत देते हुए निजी आवास निर्माण सीमा को बढ़ाकर 50 लाख किया गया है। औद्योगिक संबंध संहिता के बारे में मंत्री राजभर ने बताया कि इसमें तीन अधिनियमों को मिलाकर एक आधुनिक और स्पष्ट व्यवस्था बनाई गई है। 300 से अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में छंटनी या बंदी हेतु राज्य सरकार की अनुमति अनिवार्य होगी। सामूहिक अवकाश को भी हड़ताल की परिभाषा में शामिल कर दिया गया है और 14 दिन की पूर्व सूचना के बिना किसी भी प्रकार की हड़ताल, तालाबंदी या अवकाश प्रतिषिद्ध होगा। उद्योगों और श्रमिकों के बीच समन्वय बढ़ाने हेतु शिकायत परितोष समिति, वार्ताकारी परिषद तथा दो सदस्यीय औद्योगिक अधिकरण का गठन किया गया है। उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता की चर्चा करते हुए मंत्री राजभर ने बताया कि 13 पुराने कानूनों को समाप्त कर एक व्यापक और एकीकृत ढांचा तैयार किया गया है। इसमें कारखाने, बागान, खदान, पत्रकारिता, भवन निर्माण तथा सेवा क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, कार्य घंटों और कार्यस्थल की उपयुक्तता संबंधी सभी प्रावधानों को आधुनिक रूप में लागू किया गया है। सभी प्रतिष्ठानों को अपने श्रमिकों का वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण कराना और उसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है। मंत्री राजभर ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय स्तर पर करियर केंद्र स्थापित करेगी, जहाँ रोजगार चाहने वाले युवाओं का डेटा संकलन, परामर्श, काउंसलिंग और रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे। सम्पूर्ण पंजीकरण, आवेदन और पत्राचारथ प्रक्रिया अब पूर्णतः इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये सुधार उद्योगों के विकास, रोजगार विस्तार और श्रमिक कल्याण इन तीनों को एक साथ नई दिशा देंगे। इस अवसर पर डॉ एमके शन्मुगा सुंदरम, प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन, उत्तर प्रदेश। कुणाल सिल्कू, विशेष सचिव, श्रम एवं सेवायोजन, उत्तर प्रदेश। संदीप गुप्ता, निदेशक बॉयलर, उत्तर प्रदेश। कल्पना श्रीवास्तव, अपर श्रम आयुक्त, लखनऊ क्षेत्र। शमीम अख्तर, उप श्रम आयुक्त उत्तर प्रदेश। पंकज राणा, उप श्रमायुक्त, उत्तर प्रदेश। अजय मिश्रा, उप श्रम आयुक्त, उत्तर प्रदेश आदि अधिकारी मौजूद रहे।

48 घंटे में हत्या का खुलासा: तीन आरोपी गिरफ्तार, टाटा सफारी बरामद

दोस्तों के बीच शराबखोरी के बाद विवाद, गाड़ी चढ़ाकर की हत्या; कोतवाली नगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

गोण्डा। कोतवाली नगर पुलिस ने 48 घंटे के भीतर युवक की हत्या का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने नशे में हुए विवाद के बाद अपने ही दोस्त पर गाड़ी चढ़ाकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त सफेद रंग की टाटा सफारी (UP32GC0622) भी बरामद की है।

घटना कैसे हुई?

रानीजोत बड़गांव निवासी शंकर दयाल मिश्रा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनका पुत्र नितिन मिश्रा और उसका दोस्त अरुण मिश्रा, 26 नवंबर की रात करीब 11:30 बजे रेलवे स्टेशन पर एक व्यक्ति को छोड़ने गए थे। स्टेशन के बाहर कुछ लोगों से कहासुनी हुई। तभी सफेद सफारी सवार युवकों ने तेज रफ्तार में कार चढ़ाकर नितिन और अरुण को घायल कर दिया।

दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से नितिन को गंभीर हालत में लखनऊ रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। अरुण का इलाज चल रहा है।

परिजनों ने शक जताया कि पुरानी रंजिश के चलते साजिशन हत्या की गई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

तकनीकी जांच से पुलिस ने खोला पूरा मामला

एएसपी पूर्वी मनोज कुमार रावत और सीओ नगर आनंद कुमार राय के निर्देशन में कोतवाली नगर पुलिस ने तकनीकी व मैनुअल साक्ष्यों की मदद से 48 घंटे में तीन आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी

अभय तिवारी पुत्र ज्ञानेन्द्र कुमार तिवारी — पुरनिया चौराहा, लखनऊ से गिरफ्तार

अतुल पांडे पुत्र अजय पांडे — रोडवेज बस स्टैंड गोण्डा से गिरफ्तार

अंशुमान सिंह पुत्र जनार्दन सिंह — रोडवेज बस स्टैंड गोण्डा से गिरफ्तार

पूछताछ में निकली चौंकाने वाली कहानी

पूछताछ में तीनों ने स्वीकार किया कि वे और मृतक नितिन एक-दूसरे के दोस्त थे।

सब लोग रेलवे स्टेशन से साथ निकले और सूरज होटल में बैठकर शराब पी।

वापस लौटते समय किसी बात पर विवाद हुआ।

गाड़ी से उतरने के बाद नितिन और अरुण आगे जाकर खड़े हो गए।

तभी अभय तिवारी, अतुल पांडे, अभय दुबे आदि ने गाड़ी चढ़ाकर दोनों को कुचल दिया और मौके से फरार हो गए।

बरामदगी

घटना में प्रयुक्त टाटा सफारी

UP32GC0622 — सफेद रंग

पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

Mirzapur: चोरों की आहट से भेड़ पालकों की उड़ी नींद

(अनिल कुमार) 

मड़िहान, मीरजापुर। मड़िहान तहसील क्षेत्र में इन दिनों चोरों की आहट बढ़ने से ग्रामीणों की नींद उड़ गई है। ख़ासकर पशुपालकों का और भी बुरा हाल हो उठा है। चोरों के निशाने पर पशु हैं। बताया जा रहा है कि संतनगर थाना क्षेत्र के कुशियरा गांव में बीती रात आधा दर्जन बदमाशों ने असलहे के बल पर चार दर्जन भेड़ उठा ले गए। सूचना होने पर पुलिस जांच में जुटी हुई है। बताते चलें की कुशियारा मजरा गांव निवासी शिवनाथ पाल पुत्र थारसू पाल व शिव बली पाल पुत्र महाबली पाल ने बताया कि बीते शुक्रवार/शनिवार की रात भेड़ों के पास वह मड़हा लगाकर सोए थे कि रात तकरीबन 2 बजे के करीब वाहनों के साथ आधा दर्जन बदमाशों ने जाली के अंदर घुसकर भेड़ों को वाहन पर लादने लगें, विरोध करने पर असलहा लहराने के साथ चुप रहने की धमकी देते हुए उन्हें चारपाई से बंधक बना दिये और भेड़ों को लाद कर चलते बने हैं।

 बदमाशों के जाने के बाद शोर मचाने पर गांव के लोग मौके पर पहुंचकर उन्हें बंधक से मुक्त कराया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची संतनगर पुलिस जांच में जुटी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि बीते दो हफ्तों से लगातार भेड़ चोरी की घटनाएं हो रही है। पशु चोरों की बढ़ती सक्रियता से ग्रामीणों और पशुपालकों में दहशत देखा जा रहा है। संतनगर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया की आस-पास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं, भेड़ चोरों का बहुत जल्द पर्दाफाश होगा।

IND vs SA: रोहित-विराट की जोड़ी बनेगी नंबर-1, भारतीय क्रिकेट के इतिहास में पहली बार होगा ऐसा

रांची के JSCA स्टेडियम में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेला जाने वाला वनडे सीरीज का पहला मैच रोहित शर्मा और विराट कोहली के लिए काफी खास होगा. जब दोनों टीमों के बीच मुकाबला शुरू होगा, तब मैदान पर सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, इतिहास भी बनेगा. भारतीय क्रिकेट के दिग्गज रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे ही इस मैच में एक साथ उतरेंगे, तो वह एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे. ये पल हर एक क्रिकेट फैन के लिए काफी खास रहने वाला है.

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जोड़ी नंबर-1 बनने से एक कदम दूर रोहित-विराट

याद कीजिए, 18 अगस्त 2008 का दिन. दांबुला में श्रीलंका के खिलाफ वनडे मैच में 20 साल के रोहित शर्मा और 19 साल के युवा विराट कोहली पहली बार भारतीय टीम के साथ मैदान पर उतरे थे. उस दिन किसी ने नहीं सोचा था कि यही दो लड़के 17 साल बाद भारतीय क्रिकेट की सबसे लंबे समय तक साथ चलने वाली जोड़े बन जाएंगी. दरअसल, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे ही रांची के मैदान में एक साथ उतरेंगे, तो वह भारत के लिए सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेलने वाली जोड़ी बन जाएंगी.

यह दोनों खिलाड़ियों का एक साथ 392वां मैच होगा, जिसके साथ वह सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ की मशहूर जोड़ी के 391 मैचों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे. सचिन-द्रविड़ की जोड़ी ने 1996 से 2012 तक 391 मैच साथ खेले थे. उस दौर में उन्होंने न सिर्फ रन बनाए बल्कि भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ बने. अब रोहित और कोहली ने उस महान रिकॉर्ड को अपने नाम करने जा रहे हैं. खास बात यह है कि यह जोड़ी अभी भी सक्रिय है और आने वाले समय में 400 मैचों का आंकड़ा भी छू सकती है.

9 महीने बाद होगी वापसी

रोहित शर्मा और विराट कोहली के लिए ये मैच कई मायनों में खास है. ये दोनों खिलाड़ी टेस्ट और टी20I से संन्यास ले चुके हैं और सिर्फ भारतीय वनडे टीम का हिस्सा हैं. जिसके चलते वह टीम इंडिया की जर्सी ने 9 महीने के लंबे इंतजार के बाद भारत में खेलने उतरेंगे. इन दोनों खिलाड़ियों ने भारत में आखिरी मैच साल की शुरुआत में अहमदाबाद में इंग्लैंड की टीम के खिलाफ खेला था. यानी फैंस को ये लंबा इंतजार भी आज खत्म हो जाएगा.

पारा में नाले में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव,मचा हड़कंप
लखनऊ । राजधानी में आज सुबह सात बजे थाना पारा को मिली सूचना ने इलाके में सनसनी फैला दी। तिकोनिया से नहर तिराहा जाने वाली रोड के किनारे, कुल्हण कट्टा मोड़ के पास नाले में एक व्यक्ति का शव पड़ा मिला।
मौके पर पहुंची पुलिस ने बताया कि शव की उम्र लगभग 40-45 वर्ष है और शरीर पर किसी भी तरह के चोट या घाव के निशान नहीं हैं। आसपास के लोग और स्थानीय निवासी भी मृतक की पहचान नहीं कर पाए।

तलाशी में मिले मोबाइल फोन से परिजनों से संपर्क किया

पुलिस ने मृतक की तलाशी में मिले मोबाइल फोन से परिजनों से संपर्क किया। जांच में शव की पहचान रामसागर, पुत्र लठ्ठा, निवासी टड़ियावां, हरदोई के रूप में हुई। वह पारा में विजय श्रीवास्तव के यहां काम करते थे।परिजनों ने बताया कि रामसागर शराब के आदी थे। फिलहाल, पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घटनास्थल पर परिजन भी पहुंचे हैं और पुलिस इस रहस्यमय मौत की गहन जांच कर रही है।

बिजनौर में सड़क हादसा, युवक गंभीर रूप से घायल

बिजनौर थाना क्षेत्र के चंद्रावल में रात के समय विनीत सिंह (30) पर अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। विनीत स्कोडा वर्कशॉप से घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। घायल को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे के बाद वाहन चालक फरार हो गया। पुलिस अज्ञात वाहन की पहचान और चालक की गिरफ्तारी के लिए जांच कर रही है। हादसे के कारणों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।

युवक ट्रेन से कटकर मौत, पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा गया

लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र में शनिवार को एक युवक ट्रेन से कटकर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिससे उसकी मौत हो गई। सूचना पॉइंट मैन अवधेश कुमार ने हरौनी रेलवे स्टेशन से दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक की पहचान राम प्रकाश, पुत्र लक्ष्मण, उम्र लगभग 57 वर्ष, निवासी बंथरा बाजार के रूप में की। परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई। पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव को बॉडी कीट बैग में पैक कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने बताया कि मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए फोर्स तैनात है और मामले की जांच जारी है।
डॉ.नाजफात्मा ने अपने जन्मदिन पर किया ऐलान दस कन्याओ का कराएंगे विवाह

क्षेत्रीय लोगो ने नाजफात्मा को शुभकामनाएं एवं बधाई दी

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।फात्मा वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष व प्रख्यात गाई नोलाजिस्ट डॉ नाज़ फात्मा ने अपने जन्मदिन पर जहां केक काट कर जश्न मनाया वहीं ग़रीब बेसहारा और झोपड़पट्टी में रह रहे लोगो को भोजन के पैकेट कम्बल व गर्म वस्त्र आदि का वितरण भी किया।बच्चो को जीन्स शर्ट तो बच्चीयो को फ्राक और चॉकलेट भी दिए।करैली के पहलवान जूस चौराहा करैली साठ फिट रोड सिविल लाइन्स के गिरजाघर आदि क्षेत्रो में घूम घूम कर ज़रुरतमन्दो को ढ़ूड ढ़ूड कर सभी चीज़े दी गई।

 पत्रकार बन्धुओ के सवाल पर उन्होंने पांच से छै गरीब कन्याओ की शादी कराने का भी ऐलान किया।कहा नाज़ हास्पिटल के स्थापना दिवस पर पांच से छै कन्याओ का धूम धाम से गेस्ट हाउस में विवाह सम्पन्न कराया जाएगा।उन्होने यह भी बताया की किसी भी धर्म वर्ग का जो ज़रुरतमन्द होगा वह रिश्ता तय करने के उपरान्त आकर सभी बाते बता दे।सभी औप चारिकताएं पूर्ण करने के बाद ही विवाह कराया जायेगा।उन्होने यह भी कहा की वैसे दहेज एक कू रीति है लेकिन फात्मा वेलफेयर सोसायटी ग़रीब परिवार की बेटी को ऐसे विदा करेगी की जैसे बड़े बड़े पैसे वाले करते है।

 बधाई देने वालो में डॉ सैय्यद नाज़िम डायरेक्टर अमित यादव डॉ जमशेद अली डॉ नावेद शेख डॉ तारिक़ आलम मोहम्मद परवेज़ डॉ सारा सैय्यद मोहम्मद अस्करी शिवम् यादव समेत बड़ी संख्या में शुभ चिन्तक उपस्थित रहे।इस कार्य को लेकर लोगो ने नाजफात्मा की सराहना किया।

मेंहदी का रंग सूखने से पहले उजड़ गया सुहाग: सड़क हादसे में नवविवाहित की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम

औरंगाबाद। खुशियों से भरे घर में अभी तक शादी की रस्मों की महक बसी ही थी कि किस्मत ने ऐसा क्रूर खेल खेला कि पूरा परिवार मातम में डूब गया। मदनपुर थाना क्षेत्र के झीकटिया मोड़ पर शनिवार देर रात हुए सड़क हादसे में नवविवाहित युवक प्रमोद रिकियासन की मौत से इलाके में शोक छा गया है। कुछ महीनों पहले ही सात फेरे लेने वाले इस दंपति की जिंदगी में खुशी का रंग अभी गहरा भी नहीं पड़ा था कि मौत ने दरवाज़ा खटखटा दिया।

जानकारी के अनुसार, चांदपुर निवासी बिगन भुइयां का 26 वर्षीय पुत्र प्रमोद शनिवार की रात अपना निजी काम निपटाकर मदनपुर बाज़ार से घर लौट रहा था। झीकटिया मोड़ के पास सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से उसकी बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि प्रमोद सड़क पर गिरते ही गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद मदनपुर थाना के एसआई सुरेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। घायल अवस्था में उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

हादसे की जानकारी मिलते ही प्रमोद के घर में कोहराम मच गया। वृद्ध पिता बिगन भुइयां का रो-रोकर बुरा हाल है। वे बार-बार बस यही कह रहे थे कि “बाबू अभी शादी के कुछ महीने ही तो हुए थे… घर की दीवारों पर अभी भी रस्मों की खुशबू बाकी है।” बुज़ुर्ग पिता की यह बात सुनते ही मौजूद लोगों की आंखें नम हो उठीं। नवविवाहिता पत्नी पर तो मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मेंहदी का रंग गहराने से पहले ही उसका सुहाग छिन गया। रिश्तेदारों और गांववालों की सिसकियों के बीच घर का हर कोना मातम में डूबा है।

थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया है और चालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर छापेमारी की जा रही है। जल्द ही उसकी गिरफ्तारी की उम्मीद है।

चांदपुर गांव में इस हादसे के बाद शोक की लहर दौड़ गई है। गांववालों का कहना है कि तेज़ रफ्तार और लापरवाही ने एक नहीं, कई सपनों को उजाड़ दिया। सड़क पर बिखरे मलबे ने मानो एक परिवार की टूट चुकी उम्मीदों की गवाही दी।

नवविवाहिता की हथेलियों की मेंहदी का रंग अभी पूरी तरह सूखा भी नहीं था, लेकिन किस्मत ने उसके जीवन से सुहाग का चिराग बुझा दिया। यह हादसा न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि क्षेत्र में सड़क सुरक्षा पर बड़े सवाल भी खड़े करता है।

औरंगाबाद में मासूम की दर्दनाक मौत: पानी भरे गड्ढे में डूबकर चार साल की बच्ची ने गंवाई जान, निर्माण एजेंसी पर लापरवाही के आरोप

 ,औरंगाबाद जिले के अंबा थाना क्षेत्र के भलुआड़ी बरवाडीह गांव में शनिवार की शाम एक हृदयविदारक हादसा सामने आया, जिसमें चार साल की मासूम बच्ची राधा प्रिया की मौत हो गई। पानी से भरे गड्ढे में गिरकर डूबने के कारण उसकी जान चली गई। गांव में पसरा मातम और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल इस हादसे की गंभीरता को बयां करता है। बताया जाता है कि गांव के पास सड़क निर्माण कार्य के दौरान संबंधित एजेंसी ने जेसीबी से मिट्टी काटकर एक गहरा गड्ढा बनाया था। गड्ढे में बारिश और नाली का पानी भर गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, ग्रामीणों की सुरक्षा की कोई व्यवस्था किए बिना इसे खुला छोड़ दिया गया था। इसी बीच, शनिवार शाम राधा अन्य बच्चों की तरह घर के पास खेल रही थी। खेल-खेल में वह पानी से भरे उसी गड्ढे की ओर चली गई और अनजाने में उसमें गिर पड़ी। काफी देर तक घर न लौटने पर परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। खोज के दौरान जब बच्ची पानी भरे गड्ढे में मिली, तो परिजन उसे तुरंत सदर अस्पताल ले गए। उन्होंने उसे जिंदा समझकर इलाज की उम्मीद में दौड़ लगाई, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई।

निर्माण एजेंसी पर आरोप, कर्मी मौके से फरार

ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए भारत माला परियोजना के तहत वाराणसी–कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य में लगी पीएनसी कंपनी पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि गांव से निकलने वाली नाली का पानी सड़क किनारे न बह सके, इसके लिए घर के पास ही अस्थायी गड्ढा खोदा गया था, जिसकी कोई सुरक्षा घेराबंदी नहीं की गई थी। लगातार पानी भरने से यह दुर्घटना का कारण बना। घटना के बाद निर्माण कार्य में लगे सभी कर्मी मौके से फरार हो गए। इससे ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक निर्माण एजेंसी सुरक्षित कार्य नहीं करेगी, ग्रामीण काम बंद कराने को मजबूर होंगे। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कंपनी के वाहन चालक भी बिना किसी नियम-कानून की परवाह किए तेज रफ्तार में वाहनों का संचालन करते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। 

पुलिस की कार्रवाई जारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया। अंबा थानाध्यक्ष राहुल राज ने बताया कि परिजनों को लिखित आवेदन देने को कहा गया है। आवेदन मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कर मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई पूरी गंभीरता से की जाएगी। राधा प्रिया की मौत न सिर्फ एक परिवार का उजड़ना है, बल्कि यह निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की बड़ी कीमत भी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कंपनी समय रहते सुरक्षा इंतजाम करती, तो यह मासूम आज जीवित होती। अब गांव के लोग न्याय की मांग कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि प्रशासन इस लापरवाही पर सख्त कदम उठाएगा।

तुलसीपुर में चार दिनों से आवागवन बाधित

बलरामपुर। तुलसीपुर- विगत चार दिनों से स्थानीय हनुमानगढ़ी तिराहे पर रिसाव के कारण पाइपलाइन मरम्मत के कारण आज फिर रास्ता बाधित कर दिए जाने के कारण सहालग के दिनों में मुख्य बाजार में व्यापार पूरी तरह से चौपट हो गया है जिस पर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों ने रोष व्यक्त किया है।

अध्यक्ष श्याम बिहारी अग्रहरि ने कहा कि पिछले 3- 4 दिनों से सड़क खोदे जाने से रास्ता बाधित है तथा नागरिकों को पेयजल भी बड़ी मुश्किल से मिल रहा है और स्थानीय निकाय व जल निगम की आपसी खींचतान का खामियाजा पेयजल संकट के साथ बाज़ार पर भी असर देखा जा सकता है।महामन्त्री रूप चन्द्र गुप्ता ने कहा कि पेयजल की आपूर्ति सुचारू रूप से हो यह नगर पंचायत का दायित्व है लेकिन स्थानीय निकाय मात्र जल निगम पर दोषारोपण ही कर रहा है।इस व्यवधान के लिए जवाबदेही दोनों संस्थाओं व उनके प्रबंधकों की है।

आज जल कल सुपरवाइजर ने बताया है कि खराब पाइपलाइन को हटाकर उसकी जगह दूसरी पाइप डाली जा रही है जिसे जल्द ही पूरा कर पेयजल की आपूर्ति निर्बाध रूप से की जाएगी।राधेश्याम चौरसिया,रिज़वान बबलू,अरविंद गुप्ता,अफ़ज़ाल,जय सिंह,विक्की गुप्ता,शिव कुमार,अमित गुप्ता आदि ने पेयजल संकट के निदान की मांग की है।

झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही के कारण महिला एवं नवजात बच्चे की गई जान

परिजनों के हंगामे के बाद स्थानीय विधायक और पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचे।

रफीगंज के महादेव हॉस्पिटल में महिला एवं नवजात के मृत्यु के बाद परिजनों हंगामा खड़ा कर दिया। सूचना पाकर स्थानीय विधायक एवं पुलिस प्रशासन के लोग मौके पर पहुंच मामले को शांत करवाया। इस मामले में मृतक महिला के पति महुआइन गाँव निवासी अखिलेश चौधरी द्वारा रफीगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है। दिए गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि मैं अपनी पत्नी शोभा देवी (उम्र लगभग 27 वर्ष) को प्रसव के लिए 27 नवंबर 2025 को दोपहर रफीगंज के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था। सरकारी अस्पताल में डॉक्टर लालजी यादव और एक ANM द्वारा जाँच के बाद बताया गया कि मरीज की स्थिति ठीक' है, और प्रसव सामान्य हो जाएगा, जिसमें थोड़ा समय लगेगा। इसी बीच ललीता देवी ने उन्हें सरकारी अस्पताल में प्रसव ठीक से न होने की बात कहकर 'महादेव अस्पताल' जाने की सलाह दी।पति अखिलेश चौधरी का कहना है कि उन्होंने 27 नवंबर की पूरी रात सरकारी अस्पताल में इंतजार किया, लेकिन वहाँ किसी डॉक्टर या नर्स ने उनकी पत्नी को कोई इलाज नहीं दिया। आशा कार्यकर्ता की सलाह पर परिवार ने अपनी मरीज को 28 नवंबर 2025 को दोपहर महादेव अस्पताल में भर्ती कराया। महादेव अस्पताल में डॉ. महादेव यादव और अवकाश प्राप्त ANM राधा देवी ने कथित तौर पर परिजनों को बताया कि मरीज की स्थिति ठीक नहीं है और जितनी जल्दी हो सके, ऑपरेशन कराना होगा। ऑपरेशन से पहले उनसे ₹30,000 जमा करने के लिए कहा गया।परिजनों ने तुरंत ₹30,000 जमा कर दिए, जिसके बाद शोभा देवी का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के थोड़ी देर बाद डॉक्टर ने परिजनों को बताया कि महिला और नवजात दोनों सीरियस हैं।

डॉ महादेव द्वारा कासमा रोड स्थित मां बच्चा अस्पताल में हमारे बच्चे को साथ ले जाकर भर्ती करवाया गया। जहां बच्चा अस्पताल के डॉ विकास कुमार द्वारा बताया गया कि बच्चा सीरियस है 20 हजार रुपए जमा करें। इसके कुछ देर बाद बताया गया कि बच्चे की स्थिति ठीक नहीं है रेफर करना होगा। जब बच्चे को देखा तो वो मृत अवस्था में पड़ा हुआ था। दूसरी तरफ डॉ महादेव के द्वारा एंबुलेंस बुलाकर हमारे परिजन के साथ मेरी पत्नी को गयाजी के किसी अस्पताल में भेज दिया गया तथा डॉ महादेव एवं स्टाफ सभी अस्पताल छोड़कर फरार हो गए।

सूत्रों के अनुसार महिला और नवजात की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने डॉक्टर और आशा कार्यकर्ता पर लापरवाही और गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सूचना पाकर रफीगंज विधायक प्रमोद कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने औरंगाबाद डीएम श्रीकांत शास्त्री से फोन पर बातचीत कर रफीगंज में चल रहा है अवैध क्लिनिको पर छापा मारने की बात कही। तथा इस मामले में निष्पक्ष जांच करते हुए डॉक्टर पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने कि बात कही।

29 पुराने श्रम कानूनों का एकीकरण, देशभर में लागू हुई चार संहिताएँ

* श्रम मंत्री अनिल राजभर ने दी नई श्रम संहिताओं की विस्तृत जानकारी * 1228 धाराएँ घटकर 480, श्रम कानूनों में ऐतिहासिक सरलीकरण * निरीक्षण व्यवस्था ऑनलाइन, रैंडमाइज्ड सिस्टम से इंस्पेक्टर राज समाप्त * न्यूनतम वेतन सभी क्षेत्रों पर लागू, वेतन भुगतान दो दिन में अनिवार्य * 300+ कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में बंदी/छंटनी के लिए राज्य की अनुमति अनिवार्य लखनऊ। लोक भवन स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि भारत सरकार द्वारा 29 पुराने श्रम अधिनियमों को एकीकृत करते हुए मजदूरी संहिता 2019, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020, औद्योगिक संबंध संहिता 2020 तथा उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता 2020 को लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह सुधार देश की श्रम व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और आधुनिक बनाते हुए श्रमिकों को सुरक्षा, सम्मान और समयबद्ध सेवाएँ उपलब्ध कराएंगे। नई संहिताएं 21 नवम्बर 2025 से पूरे देश में प्रभावी हो चुकी हैं। मंत्री राजभर ने बताया कि इन सुधारों से श्रम कानूनों की जटिलता में ऐतिहासिक रूप से कमी आई है। पहले जहाँ 1228 धाराएँ थीं, अब उनकी संख्या घटाकर 480 की गई है। 1436 नियमों के स्थान पर केवल 351 नियम लागू किए गए हैं। 84 रजिस्टरों की जगह मात्र 8 रजिस्टर और 31 रिटर्न के स्थान पर एकल रिटर्न की व्यवस्था कर दी गई है। इससे नियोक्ताओं का अनुपालन बोझ कम होगा और श्रमिकों के हितों का संरक्षण अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि ये संहिताएँ युवाओं, महिलाओं, गिग वर्कर्स और सभी श्रमिकों के जीवन में स्थिरता व सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी और आर्थिक वृद्धि को नई गति देंगी। उन्होंने बताया कि पारदर्शिता बढ़ाने के लिए निरीक्षण व्यवस्था को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। रैंडमाइज्ड निरीक्षण प्रणाली से अब इंस्पेक्टर राज की अवधारणा समाप्त होगी और निरीक्षक की भूमिका सुविधा प्रदाता के रूप में विकसित होगी। किसी भी प्रथम उल्लंघन की स्थिति में नियोक्ता अधिकतम जुर्माने के 50 प्रतिशत का भुगतान कर उपशमन प्राप्त कर सकते हैं, जिससे अनावश्यक अभियोजन नहीं होगा। इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा और उद्योगों को अनावश्यक विवादों से राहत मिलेगी। मजदूरी संहिता की चर्चा करते हुए मंत्री राजभर ने कहा कि वेतन की परिभाषा को एकीकृत किया गया है और न्यूनतम वेतन अब सभी संगठित और असंगठित क्षेत्रों पर लागू होगा। वेतन भुगतान की समय-सीमा को अनिवार्य किया गया है और सेवा समाप्ति या त्यागपत्र की स्थिति में दो दिनों के भीतर सभी देयक का भुगतान सुनिश्चित किया गया है। ओवरटाइम के लिए दोगुने वेतन का प्रावधान, वेतन से कटौती की अधिकतम सीमा 50 प्रतिशत, तथा सभी कर्मचारियों को वेज-स्लिप देना अब अनिवार्य किया गया है, जिससे वेतन व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी बनेगी। सामाजिक सुरक्षा संहिता की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को वैधानिक रूप से परिभाषित कर सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। इनके कल्याण के लिए कोष का निर्माण किया जाएगा, जिसमें सरकार के साथ एग्रीगेटर्स भी अपने टर्नओवर का 1–2 प्रतिशत योगदान करेंगे। फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारियों के समान लाभ तथा एक वर्ष की सेवा पर ग्रेच्युटी का अधिकार मिलेगा। श्रमजीवी पत्रकारों के लिए ग्रेच्युटी पात्रता अवधि पाँच वर्ष से घटाकर तीन वर्ष की गई है। सामान्य नागरिकों को राहत देते हुए निजी आवास निर्माण सीमा को बढ़ाकर 50 लाख किया गया है। औद्योगिक संबंध संहिता के बारे में मंत्री राजभर ने बताया कि इसमें तीन अधिनियमों को मिलाकर एक आधुनिक और स्पष्ट व्यवस्था बनाई गई है। 300 से अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में छंटनी या बंदी हेतु राज्य सरकार की अनुमति अनिवार्य होगी। सामूहिक अवकाश को भी हड़ताल की परिभाषा में शामिल कर दिया गया है और 14 दिन की पूर्व सूचना के बिना किसी भी प्रकार की हड़ताल, तालाबंदी या अवकाश प्रतिषिद्ध होगा। उद्योगों और श्रमिकों के बीच समन्वय बढ़ाने हेतु शिकायत परितोष समिति, वार्ताकारी परिषद तथा दो सदस्यीय औद्योगिक अधिकरण का गठन किया गया है। उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता की चर्चा करते हुए मंत्री राजभर ने बताया कि 13 पुराने कानूनों को समाप्त कर एक व्यापक और एकीकृत ढांचा तैयार किया गया है। इसमें कारखाने, बागान, खदान, पत्रकारिता, भवन निर्माण तथा सेवा क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, कार्य घंटों और कार्यस्थल की उपयुक्तता संबंधी सभी प्रावधानों को आधुनिक रूप में लागू किया गया है। सभी प्रतिष्ठानों को अपने श्रमिकों का वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण कराना और उसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है। मंत्री राजभर ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय स्तर पर करियर केंद्र स्थापित करेगी, जहाँ रोजगार चाहने वाले युवाओं का डेटा संकलन, परामर्श, काउंसलिंग और रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे। सम्पूर्ण पंजीकरण, आवेदन और पत्राचारथ प्रक्रिया अब पूर्णतः इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये सुधार उद्योगों के विकास, रोजगार विस्तार और श्रमिक कल्याण इन तीनों को एक साथ नई दिशा देंगे। इस अवसर पर डॉ एमके शन्मुगा सुंदरम, प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन, उत्तर प्रदेश। कुणाल सिल्कू, विशेष सचिव, श्रम एवं सेवायोजन, उत्तर प्रदेश। संदीप गुप्ता, निदेशक बॉयलर, उत्तर प्रदेश। कल्पना श्रीवास्तव, अपर श्रम आयुक्त, लखनऊ क्षेत्र। शमीम अख्तर, उप श्रम आयुक्त उत्तर प्रदेश। पंकज राणा, उप श्रमायुक्त, उत्तर प्रदेश। अजय मिश्रा, उप श्रम आयुक्त, उत्तर प्रदेश आदि अधिकारी मौजूद रहे।

48 घंटे में हत्या का खुलासा: तीन आरोपी गिरफ्तार, टाटा सफारी बरामद

दोस्तों के बीच शराबखोरी के बाद विवाद, गाड़ी चढ़ाकर की हत्या; कोतवाली नगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

गोण्डा। कोतवाली नगर पुलिस ने 48 घंटे के भीतर युवक की हत्या का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने नशे में हुए विवाद के बाद अपने ही दोस्त पर गाड़ी चढ़ाकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त सफेद रंग की टाटा सफारी (UP32GC0622) भी बरामद की है।

घटना कैसे हुई?

रानीजोत बड़गांव निवासी शंकर दयाल मिश्रा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनका पुत्र नितिन मिश्रा और उसका दोस्त अरुण मिश्रा, 26 नवंबर की रात करीब 11:30 बजे रेलवे स्टेशन पर एक व्यक्ति को छोड़ने गए थे। स्टेशन के बाहर कुछ लोगों से कहासुनी हुई। तभी सफेद सफारी सवार युवकों ने तेज रफ्तार में कार चढ़ाकर नितिन और अरुण को घायल कर दिया।

दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से नितिन को गंभीर हालत में लखनऊ रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। अरुण का इलाज चल रहा है।

परिजनों ने शक जताया कि पुरानी रंजिश के चलते साजिशन हत्या की गई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

तकनीकी जांच से पुलिस ने खोला पूरा मामला

एएसपी पूर्वी मनोज कुमार रावत और सीओ नगर आनंद कुमार राय के निर्देशन में कोतवाली नगर पुलिस ने तकनीकी व मैनुअल साक्ष्यों की मदद से 48 घंटे में तीन आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी

अभय तिवारी पुत्र ज्ञानेन्द्र कुमार तिवारी — पुरनिया चौराहा, लखनऊ से गिरफ्तार

अतुल पांडे पुत्र अजय पांडे — रोडवेज बस स्टैंड गोण्डा से गिरफ्तार

अंशुमान सिंह पुत्र जनार्दन सिंह — रोडवेज बस स्टैंड गोण्डा से गिरफ्तार

पूछताछ में निकली चौंकाने वाली कहानी

पूछताछ में तीनों ने स्वीकार किया कि वे और मृतक नितिन एक-दूसरे के दोस्त थे।

सब लोग रेलवे स्टेशन से साथ निकले और सूरज होटल में बैठकर शराब पी।

वापस लौटते समय किसी बात पर विवाद हुआ।

गाड़ी से उतरने के बाद नितिन और अरुण आगे जाकर खड़े हो गए।

तभी अभय तिवारी, अतुल पांडे, अभय दुबे आदि ने गाड़ी चढ़ाकर दोनों को कुचल दिया और मौके से फरार हो गए।

बरामदगी

घटना में प्रयुक्त टाटा सफारी

UP32GC0622 — सफेद रंग

पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

Mirzapur: चोरों की आहट से भेड़ पालकों की उड़ी नींद

(अनिल कुमार) 

मड़िहान, मीरजापुर। मड़िहान तहसील क्षेत्र में इन दिनों चोरों की आहट बढ़ने से ग्रामीणों की नींद उड़ गई है। ख़ासकर पशुपालकों का और भी बुरा हाल हो उठा है। चोरों के निशाने पर पशु हैं। बताया जा रहा है कि संतनगर थाना क्षेत्र के कुशियरा गांव में बीती रात आधा दर्जन बदमाशों ने असलहे के बल पर चार दर्जन भेड़ उठा ले गए। सूचना होने पर पुलिस जांच में जुटी हुई है। बताते चलें की कुशियारा मजरा गांव निवासी शिवनाथ पाल पुत्र थारसू पाल व शिव बली पाल पुत्र महाबली पाल ने बताया कि बीते शुक्रवार/शनिवार की रात भेड़ों के पास वह मड़हा लगाकर सोए थे कि रात तकरीबन 2 बजे के करीब वाहनों के साथ आधा दर्जन बदमाशों ने जाली के अंदर घुसकर भेड़ों को वाहन पर लादने लगें, विरोध करने पर असलहा लहराने के साथ चुप रहने की धमकी देते हुए उन्हें चारपाई से बंधक बना दिये और भेड़ों को लाद कर चलते बने हैं।

 बदमाशों के जाने के बाद शोर मचाने पर गांव के लोग मौके पर पहुंचकर उन्हें बंधक से मुक्त कराया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची संतनगर पुलिस जांच में जुटी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि बीते दो हफ्तों से लगातार भेड़ चोरी की घटनाएं हो रही है। पशु चोरों की बढ़ती सक्रियता से ग्रामीणों और पशुपालकों में दहशत देखा जा रहा है। संतनगर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया की आस-पास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं, भेड़ चोरों का बहुत जल्द पर्दाफाश होगा।

IND vs SA: रोहित-विराट की जोड़ी बनेगी नंबर-1, भारतीय क्रिकेट के इतिहास में पहली बार होगा ऐसा

रांची के JSCA स्टेडियम में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेला जाने वाला वनडे सीरीज का पहला मैच रोहित शर्मा और विराट कोहली के लिए काफी खास होगा. जब दोनों टीमों के बीच मुकाबला शुरू होगा, तब मैदान पर सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, इतिहास भी बनेगा. भारतीय क्रिकेट के दिग्गज रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे ही इस मैच में एक साथ उतरेंगे, तो वह एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे. ये पल हर एक क्रिकेट फैन के लिए काफी खास रहने वाला है.

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जोड़ी नंबर-1 बनने से एक कदम दूर रोहित-विराट

याद कीजिए, 18 अगस्त 2008 का दिन. दांबुला में श्रीलंका के खिलाफ वनडे मैच में 20 साल के रोहित शर्मा और 19 साल के युवा विराट कोहली पहली बार भारतीय टीम के साथ मैदान पर उतरे थे. उस दिन किसी ने नहीं सोचा था कि यही दो लड़के 17 साल बाद भारतीय क्रिकेट की सबसे लंबे समय तक साथ चलने वाली जोड़े बन जाएंगी. दरअसल, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे ही रांची के मैदान में एक साथ उतरेंगे, तो वह भारत के लिए सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेलने वाली जोड़ी बन जाएंगी.

यह दोनों खिलाड़ियों का एक साथ 392वां मैच होगा, जिसके साथ वह सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ की मशहूर जोड़ी के 391 मैचों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे. सचिन-द्रविड़ की जोड़ी ने 1996 से 2012 तक 391 मैच साथ खेले थे. उस दौर में उन्होंने न सिर्फ रन बनाए बल्कि भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ बने. अब रोहित और कोहली ने उस महान रिकॉर्ड को अपने नाम करने जा रहे हैं. खास बात यह है कि यह जोड़ी अभी भी सक्रिय है और आने वाले समय में 400 मैचों का आंकड़ा भी छू सकती है.

9 महीने बाद होगी वापसी

रोहित शर्मा और विराट कोहली के लिए ये मैच कई मायनों में खास है. ये दोनों खिलाड़ी टेस्ट और टी20I से संन्यास ले चुके हैं और सिर्फ भारतीय वनडे टीम का हिस्सा हैं. जिसके चलते वह टीम इंडिया की जर्सी ने 9 महीने के लंबे इंतजार के बाद भारत में खेलने उतरेंगे. इन दोनों खिलाड़ियों ने भारत में आखिरी मैच साल की शुरुआत में अहमदाबाद में इंग्लैंड की टीम के खिलाफ खेला था. यानी फैंस को ये लंबा इंतजार भी आज खत्म हो जाएगा.

पारा में नाले में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव,मचा हड़कंप
लखनऊ । राजधानी में आज सुबह सात बजे थाना पारा को मिली सूचना ने इलाके में सनसनी फैला दी। तिकोनिया से नहर तिराहा जाने वाली रोड के किनारे, कुल्हण कट्टा मोड़ के पास नाले में एक व्यक्ति का शव पड़ा मिला।
मौके पर पहुंची पुलिस ने बताया कि शव की उम्र लगभग 40-45 वर्ष है और शरीर पर किसी भी तरह के चोट या घाव के निशान नहीं हैं। आसपास के लोग और स्थानीय निवासी भी मृतक की पहचान नहीं कर पाए।

तलाशी में मिले मोबाइल फोन से परिजनों से संपर्क किया

पुलिस ने मृतक की तलाशी में मिले मोबाइल फोन से परिजनों से संपर्क किया। जांच में शव की पहचान रामसागर, पुत्र लठ्ठा, निवासी टड़ियावां, हरदोई के रूप में हुई। वह पारा में विजय श्रीवास्तव के यहां काम करते थे।परिजनों ने बताया कि रामसागर शराब के आदी थे। फिलहाल, पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घटनास्थल पर परिजन भी पहुंचे हैं और पुलिस इस रहस्यमय मौत की गहन जांच कर रही है।

बिजनौर में सड़क हादसा, युवक गंभीर रूप से घायल

बिजनौर थाना क्षेत्र के चंद्रावल में रात के समय विनीत सिंह (30) पर अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। विनीत स्कोडा वर्कशॉप से घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। घायल को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे के बाद वाहन चालक फरार हो गया। पुलिस अज्ञात वाहन की पहचान और चालक की गिरफ्तारी के लिए जांच कर रही है। हादसे के कारणों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।

युवक ट्रेन से कटकर मौत, पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा गया

लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र में शनिवार को एक युवक ट्रेन से कटकर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिससे उसकी मौत हो गई। सूचना पॉइंट मैन अवधेश कुमार ने हरौनी रेलवे स्टेशन से दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक की पहचान राम प्रकाश, पुत्र लक्ष्मण, उम्र लगभग 57 वर्ष, निवासी बंथरा बाजार के रूप में की। परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई। पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव को बॉडी कीट बैग में पैक कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने बताया कि मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए फोर्स तैनात है और मामले की जांच जारी है।