हरदोई-शिक्षा के मंदिर में ‘अस्मत’ और ‘अपमान’ की जंग, शिक्षिकाओं के तीखे पलटवार से सनबीम स्कूल विवाद में आया नया भूचाल
रितेश मिश्रा
हरदोई। न्यू सनबीम पब्लिक स्कूल से उठा विवाद अब महज एक प्रशासनिक खींचतान नहीं रह गया है, बल्कि यह आरोपों के उस दलदल में तब्दील हो चुका है जहाँ हर पक्ष दूसरे के चरित्र पर हमलावर है। कल तक जो मामला एक महिला अभिभावक के साथ बदसलूकी और दलित उत्पीड़न के इर्द-गिर्द घूम रहा था, आज स्कूल की तीन शिक्षिकाओं के 'स्त्री सम्मान' वाले पलटवार ने पूरे घटनाक्रम की चूलें हिला दी हैं। शिक्षिकाओं ने एक छात्रा के पिता पर चरित्रहीनता और छेड़खानी के सनसनीखेज आरोप लगाकर मामले को आर-पार की लड़ाई में बदल दिया है।
शिक्षिकाओं ने बेहद तल्ख लहजे में अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि संबंधित अभिभावक विद्यालय परिसर को अपनी 'अय्याशी' का अड्डा समझने की भूल कर रहा था। उनका सीधा आरोप है कि उक्त व्यक्ति केवल गंदी नीयत से उन्हें देखता ही नहीं था, बल्कि कई बार अनुचित तरीके से छूने और अभद्र व्यवहार करने की सीमाएं भी लांघ चुका है। शिक्षिकाओं का कहना है कि वे अब इस मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना को और बर्दाश्त नहीं करेंगी और इस मामले में पुलिस के पास जाकर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगी।
इधर, स्कूल की प्रबंधक ममता मिश्रा ने भी तेवर कड़े करते हुए कहा है कि वायरल वीडियो वाले दिन यानी 24 अप्रैल को विवाद की असली जड़ एक अभिभावक द्वारा किए गए अश्लील इशारे ही थे। प्रबंधन का दावा है कि जब इन हरकतों पर सख्ती दिखाई गई, तो मामले को दूसरा रंग देने की कोशिश की गई। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि उस दौरान आवेश में आकर महिला अभिभावक के लिए कुछ अनुचित शब्दों का प्रयोग हुआ था, जिसके लिए प्रबंधन ने तत्काल माफी भी मांग ली थी, लेकिन उस बात को आधार बनाकर पूरे स्कूल की साख को दांव पर लगाना सरासर गलत है।
दूसरी ओर, कानूनी कार्रवाई का पहिया भी तेजी से घूम रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश के बाद प्रबंधक और प्रधानाचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी हो चुके हैं। वहीं, पीड़िता नीलम वर्मा ने दलित उत्पीड़न और अभद्रता की धाराओं में केस दर्ज कराकर स्कूल प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब मुकाबला दो तरफा एफआईआर और संगीन आरोपों के बीच है।
सवाल यह उठता है कि क्या वाकई शिक्षा के इस आंगन में महिला कर्मचारियों की अस्मत सुरक्षित नहीं थी? या फिर स्कूल प्रशासन पर दर्ज हुए मुकदमों के जवाब में शिक्षिकाओं के इन आरोपों को एक 'सुरक्षा कवच' के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है? हरदोई पुलिस की जांच अब इसी गुत्थी को सुलझाने की कोशिश करेगी कि इस पूरे विवाद में 'पीड़ित' कौन है और 'साजिशकर्ता' कौन।
आजमगढ़ : नगर पंचायत फूलपुर में अव्यवस्थाओं का अंबार, समाधान की मांग को लेकर सभासदों ने एसडीएम को सौंपा प्रार्थना पत्र
सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़।  आजमगढ़ जिले के आदर्श नगर पंचायत फूलपुर की बदहाल व्यवस्थाओं से परेशान सभासदों ने एकजुट होकर उप जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग उठाई है। प्रार्थना पत्र में नगर की साफ-सफाई, पेयजल, विकास कार्यों और प्रशासनिक लापरवाही जैसे कई गंभीर मुद्दों को उजागर किया गया है। सभासदों ने चेतावनी दिया है कि अगर एक हफ्ते के अंदर समस्याओं का समाधान नही होता है तो नगर वासियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे । 
सभासदों  का आरोप है कि नगर में नियमित साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा रहता है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी प्रभावी ढंग से नहीं किया जा रहा, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि नगर पंचायत द्वारा विकास कार्यों के लिए ठोस पहल नहीं की जा रही है और बोर्ड की बैठकें भी नियमित रूप से आयोजित नहीं हो रही हैं, जिससे विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इसके अलावा, पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और कई स्थानों पर मोटर व हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिससे भीषण गर्मी में लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है।
सामुदायिक शौचालयों की स्थिति भी दयनीय बताई गई है। कई स्थानों पर शौचालय टूट-फूट गए हैं और उनके आसपास गंदगी फैली हुई है, जिससे लोगों को काफी असुविधा हो रही है। वहीं, नगर में आवारा पशुओं का आतंक भी बढ़ता जा रहा है, जो सड़कों और बाजारों में घूमते रहते हैं और गंदगी फैलाने के साथ दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
नागरिकों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और नगर अध्यक्ष फूलपुर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वार्डों में स्पष्ट कार्य विभाजन का अभाव है और समस्याओं के समाधान में भेदभाव भी किया जा रहा है।
अनवरी ,मोहम्मद रिजवान, गुड़िया देवी ,मोहम्मद आबिद ,इफ्तेखार अहमद ,मीरा देवी आदि सभासदों  ने प्रशासन से मांग की है कि इन सभी समस्याओं की निष्पक्ष जांच कराकर जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि नगर में साफ-सुथरी व्यवस्था और विकास कार्यों को गति मिल सके। अगर नगर वासियों के ज्वलंत समस्याओं का निस्तारण एक हफ्ते के अन्दर नही किया जाता है । हम सभी सभासद नगर वासियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे ।

आजमगढ़ : नगर पंचायत फूलपुर में अव्यवस्थाओं का अंबार, समाधान की मांग को लेकर सभासदों ने एसडीएम को सौंपा प्रार्थना पत्र
सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़।  आजमगढ़ जिले के आदर्श नगर पंचायत फूलपुर की बदहाल व्यवस्थाओं से परेशान सभासदों ने एकजुट होकर उप जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग उठाई है। प्रार्थना पत्र में नगर की साफ-सफाई, पेयजल, विकास कार्यों और प्रशासनिक लापरवाही जैसे कई गंभीर मुद्दों को उजागर किया गया है। सभासदों ने चेतावनी दिया है कि अगर एक हफ्ते के अंदर समस्याओं का समाधान नही होता है तो नगर वासियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे । 
सभासदों  का आरोप है कि नगर में नियमित साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा रहता है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी प्रभावी ढंग से नहीं किया जा रहा, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि नगर पंचायत द्वारा विकास कार्यों के लिए ठोस पहल नहीं की जा रही है और बोर्ड की बैठकें भी नियमित रूप से आयोजित नहीं हो रही हैं, जिससे विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इसके अलावा, पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और कई स्थानों पर मोटर व हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिससे भीषण गर्मी में लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है।
सामुदायिक शौचालयों की स्थिति भी दयनीय बताई गई है। कई स्थानों पर शौचालय टूट-फूट गए हैं और उनके आसपास गंदगी फैली हुई है, जिससे लोगों को काफी असुविधा हो रही है। वहीं, नगर में आवारा पशुओं का आतंक भी बढ़ता जा रहा है, जो सड़कों और बाजारों में घूमते रहते हैं और गंदगी फैलाने के साथ दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
नागरिकों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और नगर अध्यक्ष फूलपुर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वार्डों में स्पष्ट कार्य विभाजन का अभाव है और समस्याओं के समाधान में भेदभाव भी किया जा रहा है।
अनवरी ,मोहम्मद रिजवान, गुड़िया देवी ,मोहम्मद आबिद ,इफ्तेखार अहमद ,मीरा देवी आदि सभासदों  ने प्रशासन से मांग की है कि इन सभी समस्याओं की निष्पक्ष जांच कराकर जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि नगर में साफ-सुथरी व्यवस्था और विकास कार्यों को गति मिल सके। अगर नगर वासियों के ज्वलंत समस्याओं का निस्तारण एक हफ्ते के अन्दर नही किया जाता है । हम सभी सभासद नगर वासियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे ।

...और खूबसूरत हुई एमपी की वाइल्ड लाइफ

- कान्हा टाइगर रिजर्व में 150 साल बाद लौटा जंगली भैंसा, सीएम डॉ. मोहन यादव ने छोड़ीं 4 वन भैंसें

- बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र में हुआ कार्यक्रम, टूरिज्म पर होगा सकारात्मक असर

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फिर समृद्ध हो रहे जंगल



भोपाल/बालाघाट। मध्यप्रदेश की वन्यजीव संपदा और पर्यावरण संरक्षण के लिए 28 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक बन गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व में चार जंगली भैंसों को वन क्षेत्र में छोड़ा। इनमें एक नर और तीन मादा शामिल हैं। इन वन भैंसों को असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से लाया गया है।

करीब 150 वर्षों बाद मध्यप्रदेश की धरती पर जंगली भैंसों की वापसी को वन्यजीव संरक्षण की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे प्रदेश के ईको-सिस्टम को मजबूती मिलेगी, जैव विविधता बढ़ेगी और पर्यटन को भी नया आकर्षण मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। जंगली भैंसों की वापसी से प्रदेश का पारिस्थितिक तंत्र मजबूत होगा और जंगलों की समृद्धि बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विलुप्त और संकटग्रस्त वन्यजीवों के पुनर्वास की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं।

उन्होंने असम सरकार और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच वन्यजीव संरक्षण को लेकर सहयोग का नया अध्याय शुरू हुआ है। भविष्य में गैंडे जैसे अन्य वन्यजीवों के पुनर्वास की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।

पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि कान्हा टाइगर रिजर्व पहले से ही देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। जंगली भैंसों के आने से पर्यटन गतिविधियों को और गति मिलेगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

* वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी बन रहा मध्यप्रदेश

डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज चीता, तेंदुआ, मगरमच्छ, घड़ियाल, भेड़िया और गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन चुका है। अब जंगली भैंसों की वापसी से प्रदेश की वन्यजीव विरासत और समृद्ध होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को भी इस पहल का लाभ मिलेगा और मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में नया इतिहास रच रहा है।

वाग्धारा’ की राष्ट्रीय संगोष्ठी में गूंजा विश्व शांति और मानवता का पैगाम
मुंबई। वैश्विक परिदृश्य में युद्ध की आशंकाओं से घिरे समय में मुंबई के बुद्धिजीवियों ने एक स्वर में शांति, संवाद और सह-अस्तित्व का संदेश दिया। ‘वाग्धारा’ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी “युद्ध नहीं, बुद्ध” में वैचारिक चर्चा के साथ मानवता के पक्ष में सशक्त आवाज भी उठी।
फिल्मकार-साहित्यकार डाॅ वागीश सारस्वत के संयोजन में हुई इस सामयिक संगोष्ठी में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि मन और विचारों में भी लड़ा जाता है और उसी स्तर पर शांति की शुरुआत भी संभव है। भारत की संतुलित और दूरदर्शी कूटनीति, विशेषकर ईरान और इज़रायल जैसे संवेदनशील मुद्दों पर, विशेष चर्चा में रही। वर्तमान भारतीय कूटनीति को वैश्विक अस्थिरता के बीच विवेकपूर्ण और जिम्मेदार रुख बताया गया।
मुख्य अतिथि फिल्मकार रूमी जाफरी ने जीवन को एक सतत संघर्ष बताते हुए कहा कि “सबसे बड़ा युद्ध इंसान का अपने भीतर होता है।” संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे आध्यात्मिक प्रवक्ता वीरेंद्र याग्निक ने कहा कि जीवन का प्रत्येक क्षण आत्मसंघर्ष और आत्मविजय की प्रक्रिया है। जीवन का हर दिन युद्ध है। नौसेना के सेवानिवृत्त कमांडर भूषण दीवान ने अपने सैन्य अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्पष्टता और दृढ़ता किसी भी संघर्ष में विजय के मूल तत्व हैं। मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. करुणा शंकर उपाध्याय ने रक्षा तंत्र और सैन्य संरचना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए भारत की सुरक्षा नीति की गहराई को रेखांकित किया। प्रस्तावना रखते हुए डॉ. वागीश सारस्वत ने भारत की नीति को दो टूक शब्दों में व्यक्त किया—“हम किसी को छेड़ते नहीं, पर यदि कोई छेड़े, तो उसे छोड़ते भी नहीं।” समाजसेवी शिवजी सिंह, मनीषा जोशी, एडवोकेट भार्गव तिवारी, रंगकर्मी सगीर ख़ान, वरिष्ठ पत्रकार शैलेन्द्र श्रीवास्तव, टीवी जर्नलिस्ट सुनील सिंह और लेखक विवेक अग्रवाल ने भी अपने विचारों से संगोष्ठी को समृद्ध किया। मंच संचालन अभिनेता रवि यादव ने  प्रभावशाली ढंग से किया। संगोष्ठी में साहित्य और कला का प्रभावी समावेश देखने को मिला। पत्रकार व कवि ओमप्रकाश तिवारी के गीतों को अभिनेत्री विनीता टंडन यादव ने स्वर दिए, वहीं महान कवि गोपाल दास नीरज की प्रसिद्ध कविता “अगर तीसरा युद्ध हुआ तो…” का मार्मिक पाठ अमर त्रिपाठी ने किया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनों को भावनात्मक रूप से झकझोरते हुए शांति के महत्व को और गहराई से स्थापित किया।
कार्यक्रम में नंदिता माजी शर्मा, शिखा गोस्वामी, मीनू मदान और विशु सहित अनेक रचनाकारों ने युद्ध और शांति पर अपनी कविताएँ प्रस्तुत कीं। इस अवसर पर प्रियंका सिंह, गोपी कृष्ण बुबना, एडवोकेट अनीस, एडवोकेट प्रभात, निर्देशक कमर हाजीपुरी और पत्रकार अनवर जैदी की सक्रिय उपस्थिति ने आयोजन को व्यापक आयाम प्रदान किया। इस संगोष्ठी का निष्कर्ष एक स्पष्ट संदेश के रूप में सामने आया “युद्ध मानवता का अंत है, जबकि बुद्ध का मार्ग ही शांति, करुणा और सह-अस्तित्व की ओर ले जाता है।”
मुंबई से उठी यह आवाज केवल एक शहर तक सीमित नहीं, बल्कि विश्व समुदाय के लिए एक विचारशील संदेश है कि शांति हथियारों से नहीं, विचारों से ही स्थायी शांति संभव है।
Sambhal भीषण गर्मी में इंसानियत की मिसाल- सईद अख्तर ने परिंदों और राहगीरों के लिए बढ़ाया मदद का हाथ
भीषण गर्मी के इस दौर में जहां लोग घरों से निकलने में भी परेशान हैं, वहीं सम्भल के सईद अख्तर इंसानियत की एक मिसाल बनकर सामने आए हैं। तापमान लगातार बढ़ने से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, बच्चे स्कूल जाने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं और सड़कों पर निकलना तक मुश्किल हो गया है। ऐसे हालात में सईद अख्तर ने न सिर्फ इंसानों बल्कि बेजुबान परिंदों का भी ख्याल रखने की अनोखी पहल की है।

उन्होंने अपने घर की छत पर परिंदों के लिए पानी और दाने का इंतजाम किया है, ताकि इस तपती गर्मी में उन्हें भी राहत मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे भी अपने घरों, दुकानों और मकानों की छतों पर पानी और दाना रखें, जिससे परिंदों की जान बचाई जा सके। सईद अख्तर ने शहरवासियों से यह भी अनुरोध किया है कि वे अपने आसपास के इलाकों में राहगीरों के लिए ठंडे पानी और शरबत का इंतजाम करें। उनका कहना है कि इस भीषण गर्मी में एक घूंट ठंडा पानी भी किसी के लिए बड़ी राहत बन सकता है और यह एक नेक काम के साथ-साथ पुण्य कमाने का भी जरिया है। उनकी यह पहल समाज में एक सकारात्मक संदेश दे रही है कि मुश्किल समय में इंसानियत और आपसी सहयोग ही सबसे बड़ी ताकत होती है।
*स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर डीएम सख्त, नोटिस और सेवा समाप्ति के दिए निर्देश*
*डीएम शैलेष कुमार का कड़ा रुख, गैरहाजिरी व ढिलाई पर कार्रवाई, अवैध अस्पतालों की जांच के आदेश*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आहूत की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग से संबंधित सभी कार्य एवं वित्तीय प्रस्ताव समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं, जिससे पारदर्शिता एवं समयबद्ध स्वीकृति सुनिश्चित हो सके। जिलाधिकारी ने एमसीएस ज्ञानपुर के द्वारा टोटल ई-प्रिक्रिप्सन डॉक्टर डेस्क में अपेक्षित प्रगति न होने व कार्य में लापरवाही बरतने पर एमसीएस अधीक्षक ज्ञानपुर को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश सम्बन्धित अधिकारी को दिया। साथ ही अवैध चल रहे चिकित्सालयों का निरीक्षण करने के लिए सम्बन्धित एमओआईसी को निर्देश दिया। साथ ही जनऔषधि केन्द्रों की जॉच करने के लिए सम्बन्धित अधिकारी को निर्देश दिया।
          डी०आई०ओ० द्वारा समिति को अवगत कराया गया कि एच०पी०वी० वैक्सिन एक महत्वपूर्ण टीका है जो ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से बचाता है, जो मुख्य रूप से सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) का कारण बनता है, यह टीका 09 से 14 वर्ष लड़कियों के लिए प्रभावी है। परन्तु दिशा-निर्देश के अनुसार अभियान के रूप में जनपद स्तर पर यह वैक्सिन 14 वर्ष की किशोरियों को निःशुल्क लगाया जाना है। यह अभियान 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक चलाया जायेगा। 03 माह के पश्चात यह वैक्सीन प्रत्येक वी०एच०एन०डी० सत्र पर निःशुल्क लगाया जायेगा। जिस कम में समिति द्वारा निर्णय लिया गया कि समस्त अधीक्षक उक्त अभियान के अन्तर्गत अपने अपने क्षेत्रों में 14 वर्ष कि किशारियों का डयूलिस्ट बनाकर शत-प्रतिशत टीकाकरण कराना सुनिश्चित करें। डी०टी०ओ० द्वारा समिति को अवगत कराया गया कि रजनीश कुमार, एकाउन्टेन्ट टी०बी० कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नोटिस देने के उपरांत भी अपने कार्याे में कोई सुधार नही किया गया तथा निःक्षय पोर्टल पर डी०बी०टी० के फीडिंग का कार्य पूर्ण नही हो पा रहा है। जिस पर जिला कार्यकम प्रबन्धक द्वारा एन०एच०एम० के एच०आर० पालिसी पर चर्चा की गयी। उक्त के कम में अध्यक्ष जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि उपरोक्त कर्मी द्वारा कार्य में लापरवाही किये जाने के दृष्टिगत सेवा समाप्ति की कार्यवाही की गई।
बैठक में सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग आमजन से सीधे जुड़ा हुआ विभाग है, इसलिए सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करें। ेउन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी डॉक्टर समय से उपस्थित रहकर मरीजों का समुचित उपचार सुनिश्चित करें , किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने यू0पी0 हेल्थ डैशबोर्ड के विभिन्न बिन्दुओं की समीक्षा की गयी। स्वास्थ्य विभाग के हर कार्यक्रम की कंपोजिट रिपोर्ट अगले बैठक में प्रस्तुत किया जाए। सभी एमओआईसी, आशा व एएनएम की हफ्ते में बैठक कर सघन समीक्षा करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बैठक की कार्यवृत्ति में सभी बिन्दुओं की समीक्षा अगले दिन तक अवश्य उनके समक्ष प्रस्तुत किया जाए। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने क्वालिटी एश्योंरेस कार्यक्रम के अन्तर्गत आयुष्मान आरोग्य मन्दिर में लैब स्लैब एवं बेसिंग उपलब्धता पर बल दिया। स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत डॉक्टरों के उपस्थिति की चेकिंग एवं कार्य के प्रति उनकी दक्षता का सतत् मूल्यांकन हो। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में व्यक्तिगत व टीम बेस्ड इंटेंसिव बढ़ाने व सुधार करने का जिलाधिकारी ने निर्देश दिया। सभी पीएचसी, सीएचसी पर ड्यूटीरूम सहित सभी जगह साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित हो।
जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने सभी एमओआईसी को निर्देशित किया कि संस्थागत प्रसव को बढ़ाये, इस सन्दर्भ में आशा व एएनएम को प्रेरित करें। प्रसूता को कम से कम 48 घण्टे अस्पताल में रूकने हेतु प्रेरित किया जाय। जिलाधिकारी ने जनपद में कार्यरत सभी कम्युनिटी आफिसर को निर्देशित किया कि आयुष्मान आरोग्य मन्दिर की प्रभावी क्रियाशीलता हेतु अटेन्डेंस के माध्यम से नियमित करें, लापरवाही न बरते। आयुष चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि जितने भी पंजीकृत आयुष चिकित्सालय है। 15 दिन के भीतर टीम बनाकर मजिस्टेªट के साथ जॉचकर रिपोर्ट उपलब्ध कराना सुनिश्चित कराये।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष कुमार ने सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
पंथवारी देवी मंदिर पर एंटी रोमियो टीम की चेकिंग अभियान*
विशाल वाजपेई
हरदोई पाली थाना  क्षेत्र में स्थित पंथवारी देवी मंदिर परिसर में आज एंटी रोमियो टीम द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया।इस दौरान महिला पुलिस कर्मियों ने मंदिर परिसर में मौजूद लोगों से पूछताछ की और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया। टीम ने युवाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए और महिलाओं एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतने की अपील की।चेकिंग अभियान में महिला कांस्टेबल प्रियंका उपाध्याय, महिला कांस्टेबल रिया गुप्ता, महिला कांस्टेबल प्रीति गौतम एवं महिला कांस्टेबल साक्षी साहू (थाना पाली, हरदोई) मौजूद रहीं। टीम ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए इसे सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक बताया।
*औचक निरीक्षण में सख्त दिखीं आयुक्त: खराब वेंटिलेटर और ICU तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश*
*बाबू ईश्वर शरण अस्पताल में व्यवस्थाओं पर कड़ा रुख, मरीजों की सुविधाओं को प्राथमिकता*

*साफ-सफाई, पेयजल और उपचार व्यवस्था सुधारने के निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी*

*गोंडा, 28 अप्रैल 2026* – मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध चिकित्सालय बाबू ईश्वर शरण अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में संचालित विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

आयुक्त ने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड, ओपीडी तथा वार्डों की साफ-सफाई व्यवस्था की जांच की। इस दौरान उन्होंने मरीजों के बेड पर बिछी चादरों की स्थिति देखी और निर्देश दिया कि सभी मरीजों को स्वच्छ एवं नियमित रूप से बदली जाने वाली चादरें उपलब्ध कराई जाएं। अस्पताल में सभी वार्डों में लगे कूलरों को क्रियाशील करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई को और बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने वेंटिलेटर मशीनों की स्थिति भी देखी। कुछ वेंटिलेटर खराब पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) को निर्देश दिया कि खराब पड़े सभी वेंटिलेटर मशीनों व अन्य चिकित्सा उपकरणों को तत्काल ठीक कराया जाए तथा ICU को युद्धस्तर पर पूर्ण रूप से क्रियाशील किया जाए, ताकि गंभीर मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

इसके अलावा उन्होंने मरीजों के लिए शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज और उनके तीमारदारों को मूलभूत सुविधाएं आसानी से मिलनी चाहिए।

आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने स्पष्ट कहा कि मरीजों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि व्यवस्थाओं में सुधार लाते हुए मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
‘शशि थरूर ने स्वीकार किया कांग्रेस महिला विरोधी’, रिजिजू का बड़ा दावा

#shashitharoorinawayacceptedcongressisantiwomenkiren_rijiju

महिला आरक्षण को लेकर हाल के दिनों में संसद से लेकर सड़कों तक सियासी घमासान देखने को मिला। सरकार ने महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा में पेश किया था, लेकिन विपक्ष के तीखे विरोध के कारण यह विधेयक पारित नहीं हो सका। इस पूरे मुद्दे पर अब केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक बार फिर कांग्रेस पर हमला बोला है। रिजिजू ने दावा किया था कि संसद सत्र के बाद थरूर ने दावा किया था कि कांग्रेस महिला विरोधी है।

थरूर व्यक्तिगत रूप से महिला विरोधी नहीं-रिजिजू

किरेन रिजिजू ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि संसद सत्र के बाद उनकी और थरूर की मुलाकात हुई थी। रिजिजू ने कहा कि फोटो सेशन के दौरान शशि थरूर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि कांग्रेस भले ही एंटी-वूमन हो सकती है, लेकिन कोई उन्हें व्यक्तिगत रूप से महिला विरोधी नहीं मान सकता। रिजिजू ने आगे कहा कि उन्होंने भी इस बात से सहमति जताई कि थरूर की छवि महिला विरोधी नहीं है, लेकिन उनकी पार्टी पर सवाल उठते हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है।

रिजिजू के दावे पर शशि थरूर ने क्या कहा?

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के इस दावे पर शशि थरूर ने अपना रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा, मैंने ऐसी कोई बात नहीं कही है और न ही ऐसा कोई संकेत दिया है। थरूर ने कहा, कि फोटो में 7 लोग है, जो असलियत बता सकते हैं। शशि थरूर ने कहा, सोनिया गांधी के नेतृत्व में एक सशक्त महिला राष्ट्रपति के रूप में हमने महिलाओं के अधिकारों और आरक्षण के लिए आवाज उठाई है। महिला आरक्षण विधेयक की पहल की, इसे हमारे कार्यकाल में राज्यसभा में पारित कराया और 2023 में भारत सरकार द्वारा लोकसभा में लाए जाने पर इसका समर्थन किया।

थरूर के सोशल मीडिया पोस्ट से जोड़ा जा रहा विवाद

इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में 18 अप्रैल को शशि थरूर द्वारा साझा की गई एक तस्वीर भी है। इस तस्वीर में उन्होंने किरेन रिजिजू के साथ बातचीत का जिक्र करते हुए लिखा था कि जब रिजिजू ने विपक्ष को महिला विरोधी बताया, तब उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी उन्हें ऐसा नहीं कह सकता। इस पोस्ट में थरूर ने हल्के-फुल्के अंदाज में रिजिजू को चार्मिंग भी बताया था।

हरदोई-शिक्षा के मंदिर में ‘अस्मत’ और ‘अपमान’ की जंग, शिक्षिकाओं के तीखे पलटवार से सनबीम स्कूल विवाद में आया नया भूचाल
रितेश मिश्रा
हरदोई। न्यू सनबीम पब्लिक स्कूल से उठा विवाद अब महज एक प्रशासनिक खींचतान नहीं रह गया है, बल्कि यह आरोपों के उस दलदल में तब्दील हो चुका है जहाँ हर पक्ष दूसरे के चरित्र पर हमलावर है। कल तक जो मामला एक महिला अभिभावक के साथ बदसलूकी और दलित उत्पीड़न के इर्द-गिर्द घूम रहा था, आज स्कूल की तीन शिक्षिकाओं के 'स्त्री सम्मान' वाले पलटवार ने पूरे घटनाक्रम की चूलें हिला दी हैं। शिक्षिकाओं ने एक छात्रा के पिता पर चरित्रहीनता और छेड़खानी के सनसनीखेज आरोप लगाकर मामले को आर-पार की लड़ाई में बदल दिया है।
शिक्षिकाओं ने बेहद तल्ख लहजे में अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि संबंधित अभिभावक विद्यालय परिसर को अपनी 'अय्याशी' का अड्डा समझने की भूल कर रहा था। उनका सीधा आरोप है कि उक्त व्यक्ति केवल गंदी नीयत से उन्हें देखता ही नहीं था, बल्कि कई बार अनुचित तरीके से छूने और अभद्र व्यवहार करने की सीमाएं भी लांघ चुका है। शिक्षिकाओं का कहना है कि वे अब इस मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना को और बर्दाश्त नहीं करेंगी और इस मामले में पुलिस के पास जाकर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगी।
इधर, स्कूल की प्रबंधक ममता मिश्रा ने भी तेवर कड़े करते हुए कहा है कि वायरल वीडियो वाले दिन यानी 24 अप्रैल को विवाद की असली जड़ एक अभिभावक द्वारा किए गए अश्लील इशारे ही थे। प्रबंधन का दावा है कि जब इन हरकतों पर सख्ती दिखाई गई, तो मामले को दूसरा रंग देने की कोशिश की गई। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि उस दौरान आवेश में आकर महिला अभिभावक के लिए कुछ अनुचित शब्दों का प्रयोग हुआ था, जिसके लिए प्रबंधन ने तत्काल माफी भी मांग ली थी, लेकिन उस बात को आधार बनाकर पूरे स्कूल की साख को दांव पर लगाना सरासर गलत है।
दूसरी ओर, कानूनी कार्रवाई का पहिया भी तेजी से घूम रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश के बाद प्रबंधक और प्रधानाचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी हो चुके हैं। वहीं, पीड़िता नीलम वर्मा ने दलित उत्पीड़न और अभद्रता की धाराओं में केस दर्ज कराकर स्कूल प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब मुकाबला दो तरफा एफआईआर और संगीन आरोपों के बीच है।
सवाल यह उठता है कि क्या वाकई शिक्षा के इस आंगन में महिला कर्मचारियों की अस्मत सुरक्षित नहीं थी? या फिर स्कूल प्रशासन पर दर्ज हुए मुकदमों के जवाब में शिक्षिकाओं के इन आरोपों को एक 'सुरक्षा कवच' के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है? हरदोई पुलिस की जांच अब इसी गुत्थी को सुलझाने की कोशिश करेगी कि इस पूरे विवाद में 'पीड़ित' कौन है और 'साजिशकर्ता' कौन।
आजमगढ़ : नगर पंचायत फूलपुर में अव्यवस्थाओं का अंबार, समाधान की मांग को लेकर सभासदों ने एसडीएम को सौंपा प्रार्थना पत्र
सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़।  आजमगढ़ जिले के आदर्श नगर पंचायत फूलपुर की बदहाल व्यवस्थाओं से परेशान सभासदों ने एकजुट होकर उप जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग उठाई है। प्रार्थना पत्र में नगर की साफ-सफाई, पेयजल, विकास कार्यों और प्रशासनिक लापरवाही जैसे कई गंभीर मुद्दों को उजागर किया गया है। सभासदों ने चेतावनी दिया है कि अगर एक हफ्ते के अंदर समस्याओं का समाधान नही होता है तो नगर वासियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे । 
सभासदों  का आरोप है कि नगर में नियमित साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा रहता है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी प्रभावी ढंग से नहीं किया जा रहा, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि नगर पंचायत द्वारा विकास कार्यों के लिए ठोस पहल नहीं की जा रही है और बोर्ड की बैठकें भी नियमित रूप से आयोजित नहीं हो रही हैं, जिससे विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इसके अलावा, पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और कई स्थानों पर मोटर व हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिससे भीषण गर्मी में लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है।
सामुदायिक शौचालयों की स्थिति भी दयनीय बताई गई है। कई स्थानों पर शौचालय टूट-फूट गए हैं और उनके आसपास गंदगी फैली हुई है, जिससे लोगों को काफी असुविधा हो रही है। वहीं, नगर में आवारा पशुओं का आतंक भी बढ़ता जा रहा है, जो सड़कों और बाजारों में घूमते रहते हैं और गंदगी फैलाने के साथ दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
नागरिकों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और नगर अध्यक्ष फूलपुर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वार्डों में स्पष्ट कार्य विभाजन का अभाव है और समस्याओं के समाधान में भेदभाव भी किया जा रहा है।
अनवरी ,मोहम्मद रिजवान, गुड़िया देवी ,मोहम्मद आबिद ,इफ्तेखार अहमद ,मीरा देवी आदि सभासदों  ने प्रशासन से मांग की है कि इन सभी समस्याओं की निष्पक्ष जांच कराकर जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि नगर में साफ-सुथरी व्यवस्था और विकास कार्यों को गति मिल सके। अगर नगर वासियों के ज्वलंत समस्याओं का निस्तारण एक हफ्ते के अन्दर नही किया जाता है । हम सभी सभासद नगर वासियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे ।

आजमगढ़ : नगर पंचायत फूलपुर में अव्यवस्थाओं का अंबार, समाधान की मांग को लेकर सभासदों ने एसडीएम को सौंपा प्रार्थना पत्र
सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़।  आजमगढ़ जिले के आदर्श नगर पंचायत फूलपुर की बदहाल व्यवस्थाओं से परेशान सभासदों ने एकजुट होकर उप जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग उठाई है। प्रार्थना पत्र में नगर की साफ-सफाई, पेयजल, विकास कार्यों और प्रशासनिक लापरवाही जैसे कई गंभीर मुद्दों को उजागर किया गया है। सभासदों ने चेतावनी दिया है कि अगर एक हफ्ते के अंदर समस्याओं का समाधान नही होता है तो नगर वासियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे । 
सभासदों  का आरोप है कि नगर में नियमित साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा रहता है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी प्रभावी ढंग से नहीं किया जा रहा, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि नगर पंचायत द्वारा विकास कार्यों के लिए ठोस पहल नहीं की जा रही है और बोर्ड की बैठकें भी नियमित रूप से आयोजित नहीं हो रही हैं, जिससे विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इसके अलावा, पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और कई स्थानों पर मोटर व हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिससे भीषण गर्मी में लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है।
सामुदायिक शौचालयों की स्थिति भी दयनीय बताई गई है। कई स्थानों पर शौचालय टूट-फूट गए हैं और उनके आसपास गंदगी फैली हुई है, जिससे लोगों को काफी असुविधा हो रही है। वहीं, नगर में आवारा पशुओं का आतंक भी बढ़ता जा रहा है, जो सड़कों और बाजारों में घूमते रहते हैं और गंदगी फैलाने के साथ दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
नागरिकों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और नगर अध्यक्ष फूलपुर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वार्डों में स्पष्ट कार्य विभाजन का अभाव है और समस्याओं के समाधान में भेदभाव भी किया जा रहा है।
अनवरी ,मोहम्मद रिजवान, गुड़िया देवी ,मोहम्मद आबिद ,इफ्तेखार अहमद ,मीरा देवी आदि सभासदों  ने प्रशासन से मांग की है कि इन सभी समस्याओं की निष्पक्ष जांच कराकर जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि नगर में साफ-सुथरी व्यवस्था और विकास कार्यों को गति मिल सके। अगर नगर वासियों के ज्वलंत समस्याओं का निस्तारण एक हफ्ते के अन्दर नही किया जाता है । हम सभी सभासद नगर वासियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे ।

...और खूबसूरत हुई एमपी की वाइल्ड लाइफ

- कान्हा टाइगर रिजर्व में 150 साल बाद लौटा जंगली भैंसा, सीएम डॉ. मोहन यादव ने छोड़ीं 4 वन भैंसें

- बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र में हुआ कार्यक्रम, टूरिज्म पर होगा सकारात्मक असर

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फिर समृद्ध हो रहे जंगल



भोपाल/बालाघाट। मध्यप्रदेश की वन्यजीव संपदा और पर्यावरण संरक्षण के लिए 28 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक बन गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व में चार जंगली भैंसों को वन क्षेत्र में छोड़ा। इनमें एक नर और तीन मादा शामिल हैं। इन वन भैंसों को असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से लाया गया है।

करीब 150 वर्षों बाद मध्यप्रदेश की धरती पर जंगली भैंसों की वापसी को वन्यजीव संरक्षण की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे प्रदेश के ईको-सिस्टम को मजबूती मिलेगी, जैव विविधता बढ़ेगी और पर्यटन को भी नया आकर्षण मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। जंगली भैंसों की वापसी से प्रदेश का पारिस्थितिक तंत्र मजबूत होगा और जंगलों की समृद्धि बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विलुप्त और संकटग्रस्त वन्यजीवों के पुनर्वास की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं।

उन्होंने असम सरकार और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच वन्यजीव संरक्षण को लेकर सहयोग का नया अध्याय शुरू हुआ है। भविष्य में गैंडे जैसे अन्य वन्यजीवों के पुनर्वास की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।

पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि कान्हा टाइगर रिजर्व पहले से ही देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। जंगली भैंसों के आने से पर्यटन गतिविधियों को और गति मिलेगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

* वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी बन रहा मध्यप्रदेश

डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज चीता, तेंदुआ, मगरमच्छ, घड़ियाल, भेड़िया और गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन चुका है। अब जंगली भैंसों की वापसी से प्रदेश की वन्यजीव विरासत और समृद्ध होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को भी इस पहल का लाभ मिलेगा और मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में नया इतिहास रच रहा है।

वाग्धारा’ की राष्ट्रीय संगोष्ठी में गूंजा विश्व शांति और मानवता का पैगाम
मुंबई। वैश्विक परिदृश्य में युद्ध की आशंकाओं से घिरे समय में मुंबई के बुद्धिजीवियों ने एक स्वर में शांति, संवाद और सह-अस्तित्व का संदेश दिया। ‘वाग्धारा’ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी “युद्ध नहीं, बुद्ध” में वैचारिक चर्चा के साथ मानवता के पक्ष में सशक्त आवाज भी उठी।
फिल्मकार-साहित्यकार डाॅ वागीश सारस्वत के संयोजन में हुई इस सामयिक संगोष्ठी में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि मन और विचारों में भी लड़ा जाता है और उसी स्तर पर शांति की शुरुआत भी संभव है। भारत की संतुलित और दूरदर्शी कूटनीति, विशेषकर ईरान और इज़रायल जैसे संवेदनशील मुद्दों पर, विशेष चर्चा में रही। वर्तमान भारतीय कूटनीति को वैश्विक अस्थिरता के बीच विवेकपूर्ण और जिम्मेदार रुख बताया गया।
मुख्य अतिथि फिल्मकार रूमी जाफरी ने जीवन को एक सतत संघर्ष बताते हुए कहा कि “सबसे बड़ा युद्ध इंसान का अपने भीतर होता है।” संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे आध्यात्मिक प्रवक्ता वीरेंद्र याग्निक ने कहा कि जीवन का प्रत्येक क्षण आत्मसंघर्ष और आत्मविजय की प्रक्रिया है। जीवन का हर दिन युद्ध है। नौसेना के सेवानिवृत्त कमांडर भूषण दीवान ने अपने सैन्य अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्पष्टता और दृढ़ता किसी भी संघर्ष में विजय के मूल तत्व हैं। मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. करुणा शंकर उपाध्याय ने रक्षा तंत्र और सैन्य संरचना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए भारत की सुरक्षा नीति की गहराई को रेखांकित किया। प्रस्तावना रखते हुए डॉ. वागीश सारस्वत ने भारत की नीति को दो टूक शब्दों में व्यक्त किया—“हम किसी को छेड़ते नहीं, पर यदि कोई छेड़े, तो उसे छोड़ते भी नहीं।” समाजसेवी शिवजी सिंह, मनीषा जोशी, एडवोकेट भार्गव तिवारी, रंगकर्मी सगीर ख़ान, वरिष्ठ पत्रकार शैलेन्द्र श्रीवास्तव, टीवी जर्नलिस्ट सुनील सिंह और लेखक विवेक अग्रवाल ने भी अपने विचारों से संगोष्ठी को समृद्ध किया। मंच संचालन अभिनेता रवि यादव ने  प्रभावशाली ढंग से किया। संगोष्ठी में साहित्य और कला का प्रभावी समावेश देखने को मिला। पत्रकार व कवि ओमप्रकाश तिवारी के गीतों को अभिनेत्री विनीता टंडन यादव ने स्वर दिए, वहीं महान कवि गोपाल दास नीरज की प्रसिद्ध कविता “अगर तीसरा युद्ध हुआ तो…” का मार्मिक पाठ अमर त्रिपाठी ने किया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनों को भावनात्मक रूप से झकझोरते हुए शांति के महत्व को और गहराई से स्थापित किया।
कार्यक्रम में नंदिता माजी शर्मा, शिखा गोस्वामी, मीनू मदान और विशु सहित अनेक रचनाकारों ने युद्ध और शांति पर अपनी कविताएँ प्रस्तुत कीं। इस अवसर पर प्रियंका सिंह, गोपी कृष्ण बुबना, एडवोकेट अनीस, एडवोकेट प्रभात, निर्देशक कमर हाजीपुरी और पत्रकार अनवर जैदी की सक्रिय उपस्थिति ने आयोजन को व्यापक आयाम प्रदान किया। इस संगोष्ठी का निष्कर्ष एक स्पष्ट संदेश के रूप में सामने आया “युद्ध मानवता का अंत है, जबकि बुद्ध का मार्ग ही शांति, करुणा और सह-अस्तित्व की ओर ले जाता है।”
मुंबई से उठी यह आवाज केवल एक शहर तक सीमित नहीं, बल्कि विश्व समुदाय के लिए एक विचारशील संदेश है कि शांति हथियारों से नहीं, विचारों से ही स्थायी शांति संभव है।
Sambhal भीषण गर्मी में इंसानियत की मिसाल- सईद अख्तर ने परिंदों और राहगीरों के लिए बढ़ाया मदद का हाथ
भीषण गर्मी के इस दौर में जहां लोग घरों से निकलने में भी परेशान हैं, वहीं सम्भल के सईद अख्तर इंसानियत की एक मिसाल बनकर सामने आए हैं। तापमान लगातार बढ़ने से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, बच्चे स्कूल जाने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं और सड़कों पर निकलना तक मुश्किल हो गया है। ऐसे हालात में सईद अख्तर ने न सिर्फ इंसानों बल्कि बेजुबान परिंदों का भी ख्याल रखने की अनोखी पहल की है।

उन्होंने अपने घर की छत पर परिंदों के लिए पानी और दाने का इंतजाम किया है, ताकि इस तपती गर्मी में उन्हें भी राहत मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे भी अपने घरों, दुकानों और मकानों की छतों पर पानी और दाना रखें, जिससे परिंदों की जान बचाई जा सके। सईद अख्तर ने शहरवासियों से यह भी अनुरोध किया है कि वे अपने आसपास के इलाकों में राहगीरों के लिए ठंडे पानी और शरबत का इंतजाम करें। उनका कहना है कि इस भीषण गर्मी में एक घूंट ठंडा पानी भी किसी के लिए बड़ी राहत बन सकता है और यह एक नेक काम के साथ-साथ पुण्य कमाने का भी जरिया है। उनकी यह पहल समाज में एक सकारात्मक संदेश दे रही है कि मुश्किल समय में इंसानियत और आपसी सहयोग ही सबसे बड़ी ताकत होती है।
*स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर डीएम सख्त, नोटिस और सेवा समाप्ति के दिए निर्देश*
*डीएम शैलेष कुमार का कड़ा रुख, गैरहाजिरी व ढिलाई पर कार्रवाई, अवैध अस्पतालों की जांच के आदेश*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आहूत की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग से संबंधित सभी कार्य एवं वित्तीय प्रस्ताव समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं, जिससे पारदर्शिता एवं समयबद्ध स्वीकृति सुनिश्चित हो सके। जिलाधिकारी ने एमसीएस ज्ञानपुर के द्वारा टोटल ई-प्रिक्रिप्सन डॉक्टर डेस्क में अपेक्षित प्रगति न होने व कार्य में लापरवाही बरतने पर एमसीएस अधीक्षक ज्ञानपुर को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश सम्बन्धित अधिकारी को दिया। साथ ही अवैध चल रहे चिकित्सालयों का निरीक्षण करने के लिए सम्बन्धित एमओआईसी को निर्देश दिया। साथ ही जनऔषधि केन्द्रों की जॉच करने के लिए सम्बन्धित अधिकारी को निर्देश दिया।
          डी०आई०ओ० द्वारा समिति को अवगत कराया गया कि एच०पी०वी० वैक्सिन एक महत्वपूर्ण टीका है जो ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से बचाता है, जो मुख्य रूप से सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) का कारण बनता है, यह टीका 09 से 14 वर्ष लड़कियों के लिए प्रभावी है। परन्तु दिशा-निर्देश के अनुसार अभियान के रूप में जनपद स्तर पर यह वैक्सिन 14 वर्ष की किशोरियों को निःशुल्क लगाया जाना है। यह अभियान 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक चलाया जायेगा। 03 माह के पश्चात यह वैक्सीन प्रत्येक वी०एच०एन०डी० सत्र पर निःशुल्क लगाया जायेगा। जिस कम में समिति द्वारा निर्णय लिया गया कि समस्त अधीक्षक उक्त अभियान के अन्तर्गत अपने अपने क्षेत्रों में 14 वर्ष कि किशारियों का डयूलिस्ट बनाकर शत-प्रतिशत टीकाकरण कराना सुनिश्चित करें। डी०टी०ओ० द्वारा समिति को अवगत कराया गया कि रजनीश कुमार, एकाउन्टेन्ट टी०बी० कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नोटिस देने के उपरांत भी अपने कार्याे में कोई सुधार नही किया गया तथा निःक्षय पोर्टल पर डी०बी०टी० के फीडिंग का कार्य पूर्ण नही हो पा रहा है। जिस पर जिला कार्यकम प्रबन्धक द्वारा एन०एच०एम० के एच०आर० पालिसी पर चर्चा की गयी। उक्त के कम में अध्यक्ष जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि उपरोक्त कर्मी द्वारा कार्य में लापरवाही किये जाने के दृष्टिगत सेवा समाप्ति की कार्यवाही की गई।
बैठक में सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग आमजन से सीधे जुड़ा हुआ विभाग है, इसलिए सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करें। ेउन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी डॉक्टर समय से उपस्थित रहकर मरीजों का समुचित उपचार सुनिश्चित करें , किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने यू0पी0 हेल्थ डैशबोर्ड के विभिन्न बिन्दुओं की समीक्षा की गयी। स्वास्थ्य विभाग के हर कार्यक्रम की कंपोजिट रिपोर्ट अगले बैठक में प्रस्तुत किया जाए। सभी एमओआईसी, आशा व एएनएम की हफ्ते में बैठक कर सघन समीक्षा करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बैठक की कार्यवृत्ति में सभी बिन्दुओं की समीक्षा अगले दिन तक अवश्य उनके समक्ष प्रस्तुत किया जाए। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने क्वालिटी एश्योंरेस कार्यक्रम के अन्तर्गत आयुष्मान आरोग्य मन्दिर में लैब स्लैब एवं बेसिंग उपलब्धता पर बल दिया। स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत डॉक्टरों के उपस्थिति की चेकिंग एवं कार्य के प्रति उनकी दक्षता का सतत् मूल्यांकन हो। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में व्यक्तिगत व टीम बेस्ड इंटेंसिव बढ़ाने व सुधार करने का जिलाधिकारी ने निर्देश दिया। सभी पीएचसी, सीएचसी पर ड्यूटीरूम सहित सभी जगह साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित हो।
जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने सभी एमओआईसी को निर्देशित किया कि संस्थागत प्रसव को बढ़ाये, इस सन्दर्भ में आशा व एएनएम को प्रेरित करें। प्रसूता को कम से कम 48 घण्टे अस्पताल में रूकने हेतु प्रेरित किया जाय। जिलाधिकारी ने जनपद में कार्यरत सभी कम्युनिटी आफिसर को निर्देशित किया कि आयुष्मान आरोग्य मन्दिर की प्रभावी क्रियाशीलता हेतु अटेन्डेंस के माध्यम से नियमित करें, लापरवाही न बरते। आयुष चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि जितने भी पंजीकृत आयुष चिकित्सालय है। 15 दिन के भीतर टीम बनाकर मजिस्टेªट के साथ जॉचकर रिपोर्ट उपलब्ध कराना सुनिश्चित कराये।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष कुमार ने सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
पंथवारी देवी मंदिर पर एंटी रोमियो टीम की चेकिंग अभियान*
विशाल वाजपेई
हरदोई पाली थाना  क्षेत्र में स्थित पंथवारी देवी मंदिर परिसर में आज एंटी रोमियो टीम द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया।इस दौरान महिला पुलिस कर्मियों ने मंदिर परिसर में मौजूद लोगों से पूछताछ की और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया। टीम ने युवाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए और महिलाओं एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतने की अपील की।चेकिंग अभियान में महिला कांस्टेबल प्रियंका उपाध्याय, महिला कांस्टेबल रिया गुप्ता, महिला कांस्टेबल प्रीति गौतम एवं महिला कांस्टेबल साक्षी साहू (थाना पाली, हरदोई) मौजूद रहीं। टीम ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए इसे सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक बताया।
*औचक निरीक्षण में सख्त दिखीं आयुक्त: खराब वेंटिलेटर और ICU तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश*
*बाबू ईश्वर शरण अस्पताल में व्यवस्थाओं पर कड़ा रुख, मरीजों की सुविधाओं को प्राथमिकता*

*साफ-सफाई, पेयजल और उपचार व्यवस्था सुधारने के निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी*

*गोंडा, 28 अप्रैल 2026* – मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध चिकित्सालय बाबू ईश्वर शरण अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में संचालित विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

आयुक्त ने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड, ओपीडी तथा वार्डों की साफ-सफाई व्यवस्था की जांच की। इस दौरान उन्होंने मरीजों के बेड पर बिछी चादरों की स्थिति देखी और निर्देश दिया कि सभी मरीजों को स्वच्छ एवं नियमित रूप से बदली जाने वाली चादरें उपलब्ध कराई जाएं। अस्पताल में सभी वार्डों में लगे कूलरों को क्रियाशील करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई को और बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने वेंटिलेटर मशीनों की स्थिति भी देखी। कुछ वेंटिलेटर खराब पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) को निर्देश दिया कि खराब पड़े सभी वेंटिलेटर मशीनों व अन्य चिकित्सा उपकरणों को तत्काल ठीक कराया जाए तथा ICU को युद्धस्तर पर पूर्ण रूप से क्रियाशील किया जाए, ताकि गंभीर मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

इसके अलावा उन्होंने मरीजों के लिए शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज और उनके तीमारदारों को मूलभूत सुविधाएं आसानी से मिलनी चाहिए।

आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने स्पष्ट कहा कि मरीजों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि व्यवस्थाओं में सुधार लाते हुए मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
‘शशि थरूर ने स्वीकार किया कांग्रेस महिला विरोधी’, रिजिजू का बड़ा दावा

#shashitharoorinawayacceptedcongressisantiwomenkiren_rijiju

महिला आरक्षण को लेकर हाल के दिनों में संसद से लेकर सड़कों तक सियासी घमासान देखने को मिला। सरकार ने महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा में पेश किया था, लेकिन विपक्ष के तीखे विरोध के कारण यह विधेयक पारित नहीं हो सका। इस पूरे मुद्दे पर अब केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक बार फिर कांग्रेस पर हमला बोला है। रिजिजू ने दावा किया था कि संसद सत्र के बाद थरूर ने दावा किया था कि कांग्रेस महिला विरोधी है।

थरूर व्यक्तिगत रूप से महिला विरोधी नहीं-रिजिजू

किरेन रिजिजू ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि संसद सत्र के बाद उनकी और थरूर की मुलाकात हुई थी। रिजिजू ने कहा कि फोटो सेशन के दौरान शशि थरूर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि कांग्रेस भले ही एंटी-वूमन हो सकती है, लेकिन कोई उन्हें व्यक्तिगत रूप से महिला विरोधी नहीं मान सकता। रिजिजू ने आगे कहा कि उन्होंने भी इस बात से सहमति जताई कि थरूर की छवि महिला विरोधी नहीं है, लेकिन उनकी पार्टी पर सवाल उठते हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है।

रिजिजू के दावे पर शशि थरूर ने क्या कहा?

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के इस दावे पर शशि थरूर ने अपना रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा, मैंने ऐसी कोई बात नहीं कही है और न ही ऐसा कोई संकेत दिया है। थरूर ने कहा, कि फोटो में 7 लोग है, जो असलियत बता सकते हैं। शशि थरूर ने कहा, सोनिया गांधी के नेतृत्व में एक सशक्त महिला राष्ट्रपति के रूप में हमने महिलाओं के अधिकारों और आरक्षण के लिए आवाज उठाई है। महिला आरक्षण विधेयक की पहल की, इसे हमारे कार्यकाल में राज्यसभा में पारित कराया और 2023 में भारत सरकार द्वारा लोकसभा में लाए जाने पर इसका समर्थन किया।

थरूर के सोशल मीडिया पोस्ट से जोड़ा जा रहा विवाद

इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में 18 अप्रैल को शशि थरूर द्वारा साझा की गई एक तस्वीर भी है। इस तस्वीर में उन्होंने किरेन रिजिजू के साथ बातचीत का जिक्र करते हुए लिखा था कि जब रिजिजू ने विपक्ष को महिला विरोधी बताया, तब उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी उन्हें ऐसा नहीं कह सकता। इस पोस्ट में थरूर ने हल्के-फुल्के अंदाज में रिजिजू को चार्मिंग भी बताया था।