भोपाल स्लॉटर हाउस मामले में बड़ा खुलासा

  • धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और भ्रष्टाचार पर सरकार जवाब दे : अमित शर्मा

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव श्री अमित शर्मा ने आज पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भोपाल स्लॉटर हाउस का मामला केवल एक प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, सनातन परंपराओं, धार्मिक भावनाओं तथा शासन-प्रशासन की जवाबदेही से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है।

उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से भोपाल के जहांगीराबाद स्थित मॉडर्न स्लॉटर हाउस को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं। इस मामले में असलम चमड़ा एवं उसके ड्राइवर की गिरफ्तारी हुई, बाद में उन्हें जमानत भी मिल गई, लेकिन प्रश्न यह है कि क्या इतना बड़ा अवैध कारोबार केवल एक व्यक्ति के भरोसे संचालित हो सकता है?

श्री शर्मा ने कहा कि भोपाल की महापौर, एमआईसी सदस्य तथा संबंधित अधिकारियों ने लगातार यह कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं थी, लेकिन आज प्रस्तुत दस्तावेज स्पष्ट करते हैं कि यह दावा पूरी तरह असत्य है।

उन्होंने पत्रकारों को दस्तावेज दिखाते हुए बताया कि दिनांक 24 अक्टूबर 2025 की एमआईसी बैठक में प्रस्ताव क्रमांक 6 के अंतर्गत जहांगीराबाद स्थित मॉडर्न स्लॉटर हाउस के कार्य को पूर्ण करने हेतु 8 अक्टूबर 2025 तक मात्र 6 माह की अवधि विस्तार का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। किन्तु बाद में उसी प्रक्रिया में संशोधन कर बिना पेनल्टी समयावधि बढ़ाते हुए संचालन एवं संधारण का अनुबंध 20 वर्षों के लिए दे दिया गया। यह गंभीर अनियमितता है।

श्री शर्मा ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की पेनल्टी, जो संबंधित पक्ष पर लगाई गई थी, उसे भी माफ कर दिया गया। पहले दंड लगाया गया और बाद में मिलीभगत से उसे समाप्त कर दिया गया। यह सीधे-सीधे भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का मामला है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्हें जानकारी नहीं थी, उनके हस्ताक्षर दस्तावेजों पर मौजूद हैं। इनमें महापौर श्रीमती मालती राय सहित कई एमआईसी सदस्यों के हस्ताक्षर दर्ज हैं। इससे स्पष्ट है कि जनता को गुमराह किया गया।

श्री शर्मा ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी केवल खानापूर्ति साबित हुई है। मूल दस्तावेजों को जांच से दूर रखा गया और पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गौ संरक्षण, सनातन संस्कृति और धार्मिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है, तो फिर इस मामले पर भाजपा के बड़े नेता और स्वयंभू धर्म रक्षक मौन क्यों हैं?

श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए, सभी दोषी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संरक्षण देने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा जनता के सामने सत्य रखा जाए। उन्होंने कहा कि कल असलम चमड़ा को जमानत मिलना यह स्पष्ट करता है कि मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़े संरक्षणकर्ताओं की भूमिका है, जिनकी पहचान उजागर होना आवश्यक है। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को जनता की आवाज बनाकर लगातार उठाएगी और धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ तथा भ्रष्टाचार करने वालों को बेनकाब करेगी।

एमएसपी फर्जीवाड़ा और किसान उत्पीड़न से घिरी मोहन सरकार जवाब दे : जीतू पटवारी

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र( जीतू) पटवारी ने कहा है कि प्रदेश में गेहूं खरीदी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। मोहन सरकार पहले खरीदी की तारीख बढ़ाती रही और अब स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ाकर किसानों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। वास्तविकता यह है कि सरकार का पूरा खरीदी तंत्र विफल हो चुका है और किसान भारी परेशानी झेल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पहले ही चेताया था कि जिस धीमी गति से खरीदी चल रही है, उस हिसाब से सरकार को अपने ही घोषित 100 लाख मीट्रिक टन खरीदी लक्ष्य को पूरा करने में लगभग 140 दिन लगेंगे। प्रदेश में अनुमानित 245 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के बावजूद सरकार ने 50 प्रतिशत से भी कम खरीदी का लक्ष्य रखा है, जो किसानों के साथ अन्याय है।

श्री पटवारी ने कहा कि किसान लगातार स्लॉट बुकिंग में दिक्कत झेल रहे हैं, पुनः सत्यापन के संदेश आ रहे हैं, सर्वर धीमा पड़ रहा है, वेबसाइट बंद हो रही है और छोटे किसानों की भी समय पर तुलाई नहीं हो पा रही है। सरकार की लापरवाही का खामियाजा अन्नदाता भुगत रहा है। उन्होंने कहा कि इसी बीच समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा भी सामने आया है। भिंड, मुरैना और राजगढ़ जिलों में ऐसे लोगों के नाम पर पंजीयन कर दिया गया, जिनके पास स्वयं जमीन तक नहीं है, जबकि असली किसानों की जमीन का उपयोग कर फर्जी किसान बनाए गए। यह किसानों के हक पर सीधा डाका है।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रही है, जबकि बाजार भाव 2000 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल है। इसी अंतर का लाभ उठाकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई। यह बिना प्रशासनिक संरक्षण और मिलीभगत के संभव नहीं हो सकता। जबकि खरीदी में देरी के चलते किसानों के साथ हो रही अवस्थाओं के चलते बाजार भाव लगातार नीचे है मंडी में किसानों के साथ खुली लुटाई हो रही है सरकार जानबूझकर किसानों का शोषण कर रही है जितनी देर से खरीदी होगी उतना ही किसानों को नुकसान होगा ,सरकार भले ही स्लॉट बुकिंग की तिथि बढ़ा ले लेकिन यह तथ्य किसी से नहीं छुपा है कि किसान ज्यादा दिनों तक अपने खलियान में अनाज रख नहीं सकता क्योंकि उसके पास भंडारण की व्यवस्था नहीं है जिसके चलते मजबूरी है उसे मंडी में ही अपना माल बेचना पड़ रहा है जहां उसे केवल 1800 से 2000 का दाम मिल रहा है 

उन्होंने कहा कि सरकार ने अभी तक मूंग खरीदी को लेकर भी कोई स्पष्ट नीति घोषित नहीं की है। तीसरी फसल के रूप में मूंग किसानों की अतिरिक्त आय का महत्वपूर्ण साधन है, लेकिन सरकार लगातार मूंग उत्पादक किसानों की उपेक्षा कर रही है।

 श्री पटवारी ने कहा कि दूसरी ओर विदिशा जिले में किसान गोविंद गुर्जर का शव रेलवे पटरियों पर मिलना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। मृतक किसान द्वारा बनाए गए वीडियो में पूर्व विधायक एवं बीजेपी नेता पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह दर्शाता है कि भाजपा शासन में सत्ता से जुड़े लोगों में कानून का भय समाप्त हो चुका है।

उन्होंने मांग की कि गेहूं खरीदी व्यवस्था तत्काल सुचारु की जाए, स्लॉट बुकिंग प्रणाली दुरुस्त की जाए, छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाए, मूंग खरीदी पर तत्काल निर्णय लिया जाए, एमएसपी फर्जीवाड़े की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर आपराधिक कार्रवाई हो तथा किसान गोविंद गुर्जर प्रकरण की न्यायिक जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय, सुरक्षा और आर्थिक सहायता दी जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के सम्मान, अधिकार और न्याय की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी और किसानों के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।

रांची में AHPI झारखंड की नई कार्यकारिणी का गठन, डॉक्टर राजेश अध्यक्ष और डॉक्टर शंभु प्रसाद सिंह बने सचिव

रांची के रानी अस्पताल में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य सेवा प्रदाता संघ (AHPI) झारखंड प्रकोष्ठ की नई कार्यकारिणी समिति का गठन किया गया। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से नई टीम का चयन करते हुए संगठन को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने का संकल्प लिया।

नवगठित कार्यकारिणी में डॉक्टर राजेश को अध्यक्ष तथा डॉक्टर शंभु प्रसाद सिंह को सचिव चुना गया है। वहीं उपाध्यक्ष पद पर सिद्धांत जैन के साथ हर्ष अजमेरा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कोषाध्यक्ष के रूप में साहिल गंभीर तथा संयुक्त सचिव पद पर डॉक्टर दिनेश कुमार और डॉक्टर रामनेश कुमार को नियुक्त किया गया है।

बैठक में संगठन के पूर्व अध्यक्ष सईद अहमद अंसारी, संरक्षक योगेश गंभीर एवं डॉक्टर अजय कुमार सिंह भी उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने नई कार्यकारिणी के प्रति विश्वास जताते हुए संगठन को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

उपाध्यक्ष बनाए जाने पर हर्ष अजमेरा ने कहा कि वे संगठन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा।

नई कार्यकारिणी से उम्मीद जताई जा रही है कि यह टीम झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने के साथ आम लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वहीं, हजारीबाग में हर्ष अजमेरा को उपाध्यक्ष बनाए जाने पर खुशी की लहर देखी जा रही है, जहां विभिन्न निजी समूहों और संगठनों के माध्यम से उन्हें लगातार बधाई एवं शुभकामनाएं दी जा रही हैं।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय उद्योग बन्धु समिति एवं एम0ओ0यू0 क्रियान्वयन तथा व्यापार बन्धु की बैठक हुई आयोजित

सुलतानपुर,जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में जनपद स्तरीय उद्योग बन्धु समिति एवं एम0ओ0यू0 क्रियान्वयन तथा व्यापार बन्धु की बैठक संबंधित उद्यमियों,व्यापारियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति  में आयोजित की गयी। उक्त बैठक में उद्यमियों व व्यापारियों द्वारा उठाए गए मुद्दे जैसे - इंडस्ट्री लगाने में भूमि विवाद, रास्ते की समस्या, नाली की समस्या, व्यापार की दृष्टि से सुरक्षा की समस्या, रोड सेफ्टी , बिजली की समस्या, स्ट्रीट लाइट की समस्या, भूमि की उपलब्धता सहित अन्य समस्त आधारभूत समस्याओं के सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गयी तथा उनकी समस्याओं को सुना गया। 

1.उक्त बैठक में जिलाधिकारी द्वारा उद्यमियों से कहा गया कि सभी उद्यमी अपनी समस्याओं को बतायें। तत्क्रम में रवीन्द्र त्रिपाठी द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि जनपद के विभाजन के दौरान उनका औद्योगिक क्षेत्र जनपद अमेठी में चला गया। परिणाम स्वरूप जनपद में औद्योगिक क्षेत्र नही रह गया जिस कारण उद्योग हेतु भूमि नहीं मिल पा रही है। जिस कारण उद्योग स्थापित करना कठिन हो रहा है। जिलाधिकारी द्वारा सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि उद्योग का आधार भूमि है ऐसे में यदि उद्योग हेतु भूमि समय पर उपलब्ध नहीं करायी जायेगी तो व्यापार प्रारम्भ करना सम्भव नहीं हो सकता है। अतः जनपद में भूमि को चिन्हित कर जल्द से जल्द उसे उद्यमियों को उपलब्ध कराया जाय।

2.उन्होंने सभी उद्यमियों/व्यापारियों  से कहा कि वह बैठक से  पहले अपनी समस्याओं को बता दें जिससे उन पर चर्चा कर उनका त्वरित निस्तारण किया जा सके।

3.बैठक में उद्यमी विनोद जायसवाल द्वारा बताया गया कि उनका एक रिजार्ट है जो कि अभी निर्माणाधीन है तथा उसके लिये बिजली कनेक्शन की समस्या तथा वेस्टेज निकालने हेतु नाली की समस्या आ रही है। जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिशासी अभियन्ता को निर्देशित किया कि इनकी समस्या का संज्ञान लेते हुये जल्द से जल्द इसका निराकरण किया जाय।

4.बैठक में एक उद्यमी द्वारा अवगत कराया गया कि कादीपुर से बेलवाई बाजार पुलिया के पास रोड पर  02 गढ़ढे है। जिससे आये दिन दुर्घटना होती रहती है कई बार शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं हुआ। जिलाधिकारी महोदय द्वारा लोनिवि के सम्बन्धित अधिकारी को निर्देशित किया गया कि ठेकेदार को बोलकर गढ़ढों को भरा जाये यदि वह नहीं करता है तो उसको ब्लैक लिस्ट किया जाये। उन्होने निर्देशित किया कि यदि 03 दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सम्बन्धित के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।

5.बैठक में उद्यमी मोइन द्वारा अवगत कराया गया कि लॉक डाउन से पहले वह कोल्ड ड्रिक्स का व्यापार करता थे परन्तु लॉक डाउन में उसका बहुत नुकसान हो गया। अब उसने पुनः व्यापार को प्रारम्भ किया है परन्तु बैंक से सी0सी0 स्वीकृत होने के बाद भी उसे लिमिट के प्रयोग में बाधा आ रही है। जिलाधिकारी द्वारा LDM को निर्देशित करते हुये कहा गया कि सम्बन्धित केनरा बैंक शाखा से सम्पर्क कर नियमानुसार समस्या का निस्तारण करें तथा जनपद में व्यापार को बढ़ाने हेतु सहयोग करें।

6.सूरापुर व्यापार मण्डल के अध्यक्ष ने अवगत कराया कि उनकी 02 करोड़ की जमीन है उस पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। उन्होने निवेश मित्र को  निर्देशित किया कि एक रिपोर्ट बना कर हमे प्रस्तुत करें जिससे संबंधित उपजिलाधिकारी को अवगत करते हुए समस्या का निस्तारण कराया जा सकें।उन्होंने सभी उद्यमियों एवं व्यापारियों से कहा कि यदि किसी और की इस प्रकार की समस्या है तो उसे लिखित में अवगत करा दें।

7.उद्यमी अजमत खान ,नगर अध्यक्ष द्वारा अवगत कराया गया कि इटकौली चौराहे से सेंट जोसेफ स्कूल तक ट्रैफिक के वन वे हो जाने के कारण दूसरी तरफ से आने वाले वाहन व ग्राहकों को उनकी दुकान तक आने में समस्या हो रही है जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि रूट डाइवर्जन जनपद से ट्रैफिक जाम की समस्या को समाप्त करने के लिये किया गया है अभी मेरे द्वारा दिए गए निर्देश पर नगर पालिका और लखनऊ से आई सर्वे टीम द्वारा ड्रोन सर्वे किया जा रहा है। सर्वे रिर्पोट आने के बाद जल्द ही समस्या का निस्तारण कर दिया जायेगा।

8 उद्यमी संतोष बरनवाल द्वारा अवगत कराया गया कि हाइवे से हनुमानगंज बाजार जाने वाली सड़क पर अंधेरा रहता है तथा रोडवेज भी आगे नहीं जाती है। जिससे असुरक्षा का माहौल रहता है। जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि मार्ग पर प्रकाश की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जाये तथा अगली बैठक में ए0आर0एम0 रोडवेज को भी बुलाया जाये।

9 बैठक में श्री आनन्द पाण्डेय, नगर अध्यक्ष व्यापार मण्डल तथा सुन्दरलाल व्यापारी कल्याण एवं सेवा समिति सुलतानपुर द्वारा सुपर मार्केट में अतिक्रमण, दुकानों के मरम्मत तथा सुरक्षा हेतु अवगत कराया गया। जिलाधिकारी द्वारा नगर पालिका को सुपर मार्केट के व्यापारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुये अतिक्रमण को हटाने तथा पार्किंग की व्यवस्था हेतु निर्देशित किया गया। बैठक में हनुमानगंज बाजार के अवर बसों के न जाने पर ए०आर०एम० रोडवेज सुलतानपुर को बस को अंदर जाने हेतु निर्देश जारी किये गये। बैठक में व्यापारियों द्वारा सूरापुर में जाम की समस्या तथा नगर पचायल दोस्तपुर में शाही पुल के जर्जर होने व जाम की समस्या के सम्बंध में अवगत कराया गया। जिस पर अध्यक्ष द्वारा अगली बैठक में सम्बधित अधिकारियों शिकायत से सम्बंधित कार्ययोजना के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिये गये।
       
जिलाधिकारी द्वारा उपयुक्त उद्योग को निर्देशित किया गया कि अगली बैठक हेतु LED स्क्रीन पर पीपीटी प्रेजेन्टेशन के माध्यम से कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी महोदय द्वारा  सोलर ऊर्जा के क्षे़त्र में व्यापारियों को निवेश करने हेतु प्रोत्साहित किया गया। उन्होने बताया कि सोलर के क्षेत्र में असीम सम्भावनाएं हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अर्न्तगत ऋण लेकर स्वरोजगार के नये अवसर प्रदान किया जाय। सभी व्यापारियों  व उद्यमियों ने समस्याओं को इतनी गहराई से सुनने व समय देने के लिए जिलाधिकारी महोदय का आभार व्यक्त किया।

बैठक में डीसी एन.आर.एल.एम सहित अन्य समस्त उद्यमी व व्यापारी बंधु उपस्थित रहे।
देवघर-अस्मिता सिटी लीग में खेल प्रतिभाओं का शानदार प्रदर्शन, दीप प्रज्वलन में बच्चियों की भागीदारी बनी आकर्षण का केंद्र।
देवघर: जिले के इन्डोर स्टेडियम एवं केकेएन स्टेडियम में आयोजित अस्मिता सिटी लीग अंडर-14 एवं अंडर-17 प्रतियोगिता का आयोजन बेहद उत्साह और खेल भावना के साथ संपन्न हुआ। इस बहु-खेल प्रतियोगिता में एथलेटिक्स, ताइक्वांडो, कबड्डी, वॉलीबॉल और बैडमिंटन जैसे पांच प्रमुख खेलों का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के युवा महिला खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला उप विकास आयुक्त पीयूष सिंहा एवं विशिष्ट अतिथि अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार,जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार और जिला खेल प्राधिकरण के सचिव आशीष झा की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर एक खास पहल देखने को मिली, जहां मुख्य अतिथि द्वारा छोटी बच्चियों के साथ दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। यह दृश्य न केवल प्रेरणादायक था, बल्कि बेटियों के सम्मान और उनकी भागीदारी को बढ़ावा देने का एक सकारात्मक संदेश भी दे गया। कार्यक्रम की शुरुआत में जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार ने सभी अतिथियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। इसके बाद प्रतियोगिताओं का विधिवत आरंभ हुआ। बैडमिंटन परिणाम (U-14): डबल्स विजेता: आरोही एवं सौम्या उपविजेता: अनुशा एवं सौम्या सिंगल्स विजेता: आरोही उपविजेता: आन्या बैडमिंटन परिणाम (U-17): डबल्स विजेता: लाड़ली एवं सृष्टि उपविजेता: लावण्या एवं नेहा सिंगल्स विजेता: लाड़ली उपविजेता: सृष्टि वॉलीबॉल परिणाम: U-17 विजेता: DAV उपविजेता: सेंट मेरी U-14 विजेता: सेंट मेरी A उपविजेता: सेंट मेरी B कबड्डी (U-14): विजेता: भारती विद्यापीठ उपविजेता: लीला नंद पागल बाबा इस आयोजन में जिला खेल प्राधिकरण के सचिव आशीष झा, जिला ओलंपिक संघ के कोषाध्यक्ष नवीन शर्मा, बैडमिंटन सचिव कनिष्क कश्यप, संयुक्त सचिव अंकेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसके साथ ही कोच सोनाली दुबे, राहुल साहा, अभिषेक, हर्ष, गिरधारी, प्रवीर राय, नीतेश पंडित समेत बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेल प्रेमी मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान खिलाड़ियों का उत्साह और खेल के प्रति समर्पण देखने लायक रहा। इस प्रतियोगिता ने न केवल युवा प्रतिभाओं को मंच दिया, बल्कि खेलों के प्रति जागरूकता और प्रेरणा भी बढ़ाई।
इश्क में धोखा, टावर पर चढ़ी विवाहिता

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। जहां अपने पति को छोड़कर प्रेमी के साथ भागी विवाहिता को जब धोखा मिला तो वह बुधवार की सुबह-सुबह अपने धोखेबाज प्रेमी के गांव में मौजूद एक टावर पर चढ़कर हाई प्रोफाइल ड्रामा करने लगी। देखते ही देखते मौके पर काफी भीड़ जमा हो गयी थी। विवाहिता अपने पहले पति के घर से 17 लाख के आभूषण व 1 लाख नगद लेकर भागी थी। पति को छोड़ विवाहिता ने प्रेमी से कोर्ट मैरिज भी किया है। प्रेमी से धोखा मिलने के बाद विवाहिता अब अपने पहले पति को पाने के लिए सुबह-सुबह टावर पर चढ़कर हंगामा करते हुए पति को बुलाने की जिद पर अड़ गयी। विवाहिता के टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही औराई पुलिस के साथ फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंची थी। साथ ही तमाशबीनों की भीड़ भी जमा हो गयी थी। इंस्टाग्राम के जरिये एक युवक से विवाहिता प्यार कर बैठी। और एक दिन पहले पति को छोड़ 3 बजे भोर 17 लाख के जेवर व 1 लाख नगद लेकर फरार हो गयी। विवाहिता के लापता होने पर ससुराल के लोगों ने थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था।
दरअसल यह पूरा मामला है औराई थाना इलाके के घमहापुर पियरोपुर गांव का है। जहां जगदीश प्रजापति के बेटे अजय कुमार प्रजापति की शादी 5 साल पहले हड़िया के जयतापुर निवासी जवाहरलाल की पुत्री सीमा देवी के साथ हुई थी। 25 वर्षीय सीमा देवी पति के घर घमहापुर पियरोपुर में रह रही थी। उसका पति अजय कुमार प्रजापति दिल्ली में रहकर आॅल इंडिया परमिट की ट्रक चलाता है। सीमा देवी व्हाट्सएप्प, इंस्टाग्राम, फेसबुक पर सक्रिय रहती थी। इंस्टाग्राम के जरिये ही औराई के जेठूपुर निवासी कमलेश गौतम नामक एक युवक से प्यार कर बैठी। प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि सीमा देवी अपने प्रेमी कमलेश गौतम के साथ 7 फरवरी की भोर लगभग 4 बजे फरार हो गयी। और जाते-जाते अपने ससुराल से 17 लाख के कीमती आभूषण व 1 लाख नगद लेकर फरार हो गयी थी। ससुराल व मायके वाले तलाश करते रहें। इसी बीच पता चला कि सीमा देवी की पूरी करतूत घमहापुर पियरोपुर गांव के एक मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। जहां वह किसी लड़के के साथ जाते हुए नजर आयी थी। ससुर जगदीश प्रजापति की तहरीर पर औराई पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवाहिता की तलाश में जुट गई थी।
अपने पहले पति अजय कुमार प्रजापति को छोड़कर प्रेमी कमलेश गौतम के साथ जेवर व नगदी लेकर भागी सीमा देवी को पुलिस ने 22 दिन बाद यानि 28 फरवरी को राजकोट से बरामद किया, और पुलिस औराई लेकर चली आयी। इस दौरान सीमा देवी ने अपने बयान में कहा था कि वह अपने प्रेमी कमलेश गौतम के साथ कोर्ट मैरिज कर ली है। और उसी के साथ रहेगी। सीमा देवी अपने प्रेमी कमलेश गौतम के गांव जेठूपुर रहने लगी। लेकिन, 29 अप्रैल बुधवार की सुबह-सुबह सीमा देवी अपने प्रेमी के गांव में मौजूद एक टेलीफोन के टावर पर चढ़ गयी। और पहले पति अजय कुमार प्रजापति के साथ रहने की जिद पर अड़ गयी। सीमा देवी का आरोप है कि उसके प्रेमी कमलेश गौतम ने बहला-फुसलाकर उसकी हत्या करने की बात कहकर उसे लेकर भागा था। विवाहिता सीमा देवी लगातार अपने पति अजय कुमार प्रजापति व सास मुन्नी देवी को भी टावर के पास बुलाने की जिद पर अड़ी रही। हालांकि आनन-फानन में पुलिस पति अजय कुमार प्रजापति व उसकी सास मुन्नी देवी को वाहन में लादकर टावर के पास लेकर पहुंची थी। सास व पति को देखते ही सीमा देवी नीचे उतरी। जिसे पुलिस लेकर औराई थाने चली गई थी।
इंस्टाग्राम के जरिये पांच साल की दुल्हन सीमा देवी अपने ससुराल से लगभग 7 किलोमीटर जेठूपुर के रहने वाले कमलेश गौतम के साथ प्यार कर बैठी। और पूरी जिंदगी अपनी बर्बाद कर ली। अब उसके मायके वाले भी उससे किनारा कस रहे हैं। पति अजय कुमार प्रजापति भी सीमा देवी को कुबूल नहीं कर रहा है। औराई के घमहापुर पियरोपुर निवासी सीमा देवी के ससुर जगदीश प्रजापति ने बताया कि उसकी बहू ने घर को बर्बाद कर दिया। मुकदमा दर्ज होने के बाद सीमा देवी जो जेवर लेकर भागी थी पुलिस ने उसे बरामद करा दिया था। लेकिन नगद 1 लाख रूपया प्रेमी कमलेश गौतम व सीमा देवी ने मिलकर खर्च कर डाले। जेवर व पैसा जाने के बाद अब प्रेमी कमलेश गौतम सीमा देवी से पीछा छुड़ा रहा है। जबकि, दोनो ने आपस में कोर्ट मैरिज भी किया है। सीमा देवी का पहला पति अजय कुमार प्रजापति अपनी पत्नी को अब स्वीकार करने को तैयार नहीं है। उसे कोई भी बच्चा नहीं है। सीमा देवी के मायके वालों को भी टावर पर चढ़ने की सूचना दी गई। लेकिन बेटी की इस बेवफाई को देख मायके वाले भी हड़िया से औराई आने को तैयार नहीं है।
डिप्टी सीएम केशव मौर्य और बृजेश पाठक ने पूर्व मंत्री नरेंद्र कुमार सिंह गौर का जाना हालचाल

* केजीएमयू पहुंचकर स्वास्थ्य की जानकारी ली, बेहतर इलाज के दिए निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक के साथ किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ पहुंचकर भर्ती पूर्व मंत्री नरेंद्र कुमार सिंह गौर से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।
दोनों उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से श्री गौर के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा उपचार संबंधी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से कहा कि मरीज को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और इलाज में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए।
इस दौरान केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक ने पूर्व मंत्री श्री गौर के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही परिजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हरसंभव सहयोग और सहायता के लिए तत्पर है।
भाजपा द्वारा पानी-बिजली के ज्वलंत मुद्दे पर 6-12 मई तक जिलावार प्रदर्शन का ऐलान

बीते 17 अप्रैल को बिजली के मुद्दे पर राज्यव्यापी आंदोलन करने के बाद झारखंड भाजपा ने एक बार फिर पानी की घोर किल्लत एवं बिजली कटौती को लेकर जोरदार आंदोलन करने का ऐलान कर दिया है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने 6 से लेकर 12 मई तक यानि 6 दिनों तक भाजपा द्वारा इस गंभीर मुद्दे पर विभिन्न जिलों में जोरदार प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

प्रेस वार्ता के दौरान श्री साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पानी बिजली संकट से त्राहिमाम कर रही झारखंड की जनता के बीच व्याप्त भारी आक्रोश को आंदोलन के माध्यम से स्वर देने का निर्णय लिया है। इसी निमित्त भारतीय जनता पार्टी द्वारा 6 मई से लेकर 12 मई तक यानि 6 दिनों तक जिलावार जन प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। आंदोलन की तैयार रूपरेखा के अनुसार 6 मई को गढ़वा, पलामू एवं लातेहार, 7 मई को चाईबासा, जमशेदपुर एवं सरायकेला-खरसावां, 8 मई को हजारीबाग, चतरा, कोडरमा एवं रामगढ़, 9 मई को दुमका, पाकुड़, साहिबगंज, गोड्डा, देवघर एवं जामताड़ा, 11 मई को गिरिडीह, धनबाद एवं बोकारो और 12 मई को रांची, लोहरदगा, सिमडेगा, गुमला एवं खूंटी में भारतीय जनता पार्टी का एक एक कार्यकर्ता सिर पर घड़ा, डेकची सहित पानी ढोने वाले अन्य बर्तन को लेकर प्रदर्शन करेंगे। हमारी पार्टी आँखें मूंदकर नहीं बैठ सकती है। हमारे एक एक कार्यकर्ता इस जनविरोधी सरकार को कुंभकर्णी निद्रा से जगाने का काम करेंगे।

श्री साहू ने कहा कि पूरा झारखंड पेयजल की घोर किल्लत से त्राहिमाम कर रहा है। प्रदेश भर में लगभग 80000 चापानल खराब पड़े हैं। 72 घंटे में खराब पड़े चापानल को बनाने का सरकारी दावा फिसड्डी साबित हुआ है। सरकार द्वारा जारी टोल फ्री नंबर भी किसी काम का नहीं है। राज्य भर में लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। जनता की यह पीड़ा राज्य सरकार को महसूस नहीं होती है। काफी दुख का विषय है कि सरकार की रुचि जनसमस्याओं को दूर करने की बजाय पूरी कैबिनेट के साथ दूसरे प्रदेशों में चुनावी दौरा कर पिकनिक मनाने में अधिक है। लगता है, सीएम का फोकस पॉइंट झारखंड की बजाय पड़ोसी राज्य हो गया है। हेमंत सरकार को भले ही आम लोगों की यह पीड़ा महसूस नहीं होती परन्तु भाजपा का एक एक कार्यकर्ता आम लोगों की इस पीड़ा को महसूस कर रहा है।

श्री साहू ने कहा कि देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर घर को स्वच्छ जल मिले, इसके लिए नल जल योजना के रूप में महत्वाकांक्षी योजना चलाई, इसमें सफलता भी मिली। लेकिन दुखद बात यह है कि 12764 करोड़ रुपए झारखंड में खर्च होने के बावजूद यहां पर यह योजना धरातल पर प्रभावी नहीं दिख रही है। अधिकांश जगहों पर जलापूर्ति कागजों तक ही सीमित है, नल सूखे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि वे केवल सुनी सुनाई बातों को नहीं कह रहे हैं बल्कि इस योजना का भुक्तभोगी वे खुद हैं और उदाहरण के तौर पर उनका गांव है, जहां नल तो लगा है, पाइप भी बिछाया गया है लेकिन पानी का एक बूंद आज तक नहीं मिल पाया है। हेमंत सरकार ने इस योजना में भ्रष्टाचार करने का काम किया है। आज भी राज्य में 45% परिवार इस योजना से वंचित हैं। इस योजना की झारखंड में स्थिति यह है कि यह योजना राष्ट्रीय औसत से लगभग 25% पीछे है। देशभर में नीचे से यह दूसरे स्थान पर है।

श्री साहू ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2019 से 2025 के बीच झारखंड को 12982 करोड रुपए आवंटित किए। जिसमें से 6010 करोड़ यानी 46.30% ही राज्य सरकार खर्च कर पाई। 7000 से अधिक की राशि पड़ी हुई है। राज्य सरकार दोषारोपण करती है कि केंद्र सरकार भेदभाव करती है, गैर बीजेपी शासित प्रदेश को मदद नहीं करती। इससे प्रमाणित होता है कि यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और राजनीतिक है। दरअसल केंद्र के पैसे को झारखंड सरकार खर्च ही नहीं कर पाती। आज अगर नल जल योजना को सही से जमीन पर उतारा जाता तो लोगों को पानी की इतनी भयावह स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। माताएं बहने कई किलोमीटर से माथे पर बर्तन लेकर चुआ तालाब से पानी लाने को विवश हैं। राज्य सरकार केवल बड़ी-बड़ी बातें करती है, प्रलोभन देना, ठगना ही इस सरकार का एकमात्र काम रह गया है।

श्री साहू ने कहा कि पानी की किल्लत और बिजली कटौती के विरोध में भाजपा का यह आंदोलन राज्य सरकार की नींद हराम कर देगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पानी बिजली के मुद्दे पर सरकार गंभीरता दिखाएं। लोगों को पानी की कमी नहीं हो। खराब पड़े चापानलों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। अब तो केंद्र ने भी पंचायत को पैसा दे दिया है, उसका इन कार्यों में सदुपयोग हो। प्रदेश अध्यक्ष ने चुटकी लेते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सरकार कितनी गंभीर होगी, सरकार ही जाने। लेकिन इतना तय है कि जमीनी हकीकत से कोसों दूर सरकार की तरफ से अखबारों में खंडन जरूर किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार को सुझाव दिया कि सरकार अपनी ऊर्जा इन सब चीजों की बजाय जनता की समस्याओं के समाधान की दिशा में लगावे तो ज्यादा बेहतर होगा।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व सांसद आभा महतो, भानु प्रताप शाही, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाऊरी एवं प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह भी मौजूद थे।

आदिवासी अस्मिता बचाने दुमका कूच करेगी सीपीआईएम, मई में विशाल प्रदर्शन


आदिवासी अस्मिता और जल-जंगल-ज़मीन पर षड्यंत्र एवं प्रहार बर्दाश्त नहीं: सीपीआईएम ने फूंका आंदोलन का बिगुल

मई में दुमका आयुक्त कार्यालय पर होगा आदिवासियों का विशाल महाजुटाान

दुमका: संताल परगना के जनजातीय क्षेत्रों में कॉरपोरेट-राज्य गठजोड़ द्वारा किए जा रहे सुनियोजित भूमि अधिग्रहण और संवैधानिक अधिकारों के दमन के खिलाफ सीपीआईएम (भारत की कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी) ने आर-पार के संघर्ष का ऐलान कर दिया है। कल ही में पार्टी के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित गाँवों का दौरा किया, जिसमें राज्य सचिव कॉम प्रकाश विप्लव, राज्य सचिव मंडल सदस्य सुरजीत सिन्हा, राज्य कमेटी सदस्य सुभाष हेम्ब्रम, अमल आज़ाद और जिला सचिव देवी सिंह पहाड़िया शामिल थे।

इस दौरान द्वारा उजागर हुए मुख्य तथ्य:

संवैधानिक ढाँचे का उल्लंघन: टीम ने पाया कि जिला प्रशासन और एमडीओ (MDO) स्थानीय दलाल तत्वों के साथ मिलकर वनाधिकार अधिनियम (FRA), पेसा (PESA) और संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम (SPT Act) का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन कर रहे हैं। बिना ग्राम सभा की अनुमति के किए जा रहे सर्वेक्षण और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रियाएँ पूरी तरह असंवैधानिक और अवैध हैं।

प्रशासनिक अवरोध और पट्टा दावे: क्षेत्र में वनाधिकार के दर्जनों आवेदन वर्षों से लंबित हैं। सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद, लंबित दावों (विशेषकर PVTG समूहों के) का निपटारा किए बिना जबरन विस्थापन की तैयारी की जा रही है, जो कानूनी रूप से अनुचित है।

राम सभाओं की अनदेखी: प्रशासन ने पेसा (PESA) के तहत ग्राम सभाओं की सर्वोच्चता को दरकिनार कर दिया है। ग्रामीणों में व्याप्त अज्ञानता का लाभ उठाकर डराने-धमकाने और दबाव की राजनीति की जा रही है।

गाँवों का सामूहिक संकल्प और आगामी रणनीति:

1. ग्राम सभा का गठन: प्रभावित गाँवों के ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर स्थानीय प्रधानो को 10 दिनों के भीतर औपचारिक ग्राम सभा बुलाने का अल्टीमेटम दिया है, ताकि 'वन अधिकार समिति' का गठन और नए दावों का पंजीकरण हो सके।

2. दस्तावेजी प्रमाण: ग्राम सभा की कार्यवाही और प्रस्तावों को राज्यपाल, भारत के राष्ट्रपति और उच्च न्यायालय को साक्ष्य के रूप में भेजा जाएगा।

3. संगठनात्मक लामबंदी: एक विशेष उपसमिति का गठन किया गया है जो ग्राम सभाओं के सशक्तिकरण और कानूनी लड़ाई की निगरानी करेगी।

4. विशाल प्रदर्शन: इस लूट और दमन के विरोध में मई 2026 के तीसरे सप्ताह में दुमका आयुक्त कार्यालय के समक्ष बड़ी संख्या में ग्रामीणों की प्रत्यक्ष भागीदारी के साथ विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। इसकी अंतिम रूपरेखा 10 मई को होने वाली जिला कमेटी की बैठक में तय होगी।

नेतृत्व का वक्तव्य:

पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि "आदिवासियों को उनकी पैतृक ज़मीन से बेदखल करने की किसी भी साजिश का मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा। यह केवल कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि आदिवासियों के अस्तित्व की रक्षा का जन-आंदोलन है। जब तक अंतिम व्यक्ति का वनाधिकार दावा सुरक्षित नहीं होता, एमडीओ का एक भी पहिया आगे बढ़ने नहीं दिया जाएगा।"

उत्तर प्रदेश के विकास की नई जीवन रेखा बनेगा गंगा एक्सप्रेस-वे: नरेन्द्र मोदी
- प्रधानमंत्री मोदी ने उप्र के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का किया लोकार्पण- प्रधानमंत्री का ऐलान- अब मेरठ से आगे हरिद्वार तक जाएगा गंगा एक्सप्रेसवे

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद में प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जैसे मां गंगा हजारों वर्ष से उत्तर प्रदेश की और इस देश की जीवन रेखा रही है, वैसे ही आधुनिक प्रगति के इस दौर में उनके समीप से गुजरता यह गंगा एक्सप्रेस-वे राज्य के विकास की नई जीवन रेखा बनेगा।

गंगा एक्सप्रेसवे के लाेकार्पण के माैके पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी ने कहा कि यह भी संयोग है कि पिछले चार-पांच दिन से मां गंगा के सानिध्या में रहा। आज सुबह ही काशी में दर्शन किया। अब मां गंगा के नाम पर बने इस एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण का अवसर मिला है। मुझे खुशी है कि यूपी सरकार ने इस एक्सप्रेस-वे का नाम मां गंगा के नाम पर रखा है। इसमें विकास का विजन झलकता है और विरासत की झलक भी दिखती है। मै यूपी के करोड़ों लोगों को गंगा एक्सप्रेसवे की बधाई देता हूं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज लोकतंत्र के उत्सव का अहम दिन है। बंगाल में दूसरे चरण का मतदान हो रहा है। जो खबरें आ रही हैं, उससे पता चलता है कि बंगाल में भारी मतदान हो रहा है। पहले चरण की तरह ही जनता वोट देने के लिए बड़ी संख्या में घरों से निकल रही है। लंबी-लंबी कतारों की तस्वीरें सोशल मीडिया में छाई हुई है। पिछले पांच छह दशक में जो नहीं हुआ, वह आज हो रहा है। लोग भयमुक्त होकर मतदान कर रहे हैं। यह देश के संविधान और देश के मजबूत होते लोकतंत्र का पुण्य प्रतीक है। मै बंगाल की जनता का आभार प्रकट करता हूं। अभी वोटिंग में कई घंटे बाकी हैं। बंगाल की जनता से अपील करता हूं कि ऐसे ही वे उत्साह से लोकतंत्र के इस पर्व में भागीदारी करें।

उन्हाेंने कहाकि कुछ समय पहले बिहार में जब चुनाव हुए तब भाजपा एनडीए ने चुनाव में इतिहास रच दिया था। अभी-अभी कल ही गुजरात में निकाय और पंचायत चुनावों के रिजल्ट आए हैं। आपको जानकर खुशी होगी कि भाजपा ने 80 फीसदी निकाय और पंचायत चुनाव जीत लिए हैं। मोदी के इन शब्दाें के दाैरान भारी जनसमूह ने मोदी-मोदी के नारे लगाए। माेदीे ने कहा कि मुझे विश्वास है कि भाजपा इन पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में हैट्रिक लगाने जा रही है। चुनाव परिणाम 4 मई काे विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करेंगे। देश के विकास की गति को नयी ऊर्जा से भरेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के विकास लिए तेजी से हमें इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करना है। दिसंबर 2021 में गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करने मैं शाहजहांपुर आया था। अभी पांच साल से भी कम समय हुआ है। देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे में शुमार यह गंगा एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो गया है। आज हरदोई से इसका लोकार्पण हो रहा है। यही नहीं, एक ओर गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा हुआ है, साथ ही इसके विस्तार की योजना पर कार्य शुरू हो गया है। जल्द ही यह गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से बढ़कर हरिद्वार तक जाएगा। यह डबल इंजन सरकार का कार्य। यह है भाजपा सरकार के कार्य करने का विजन और तरीका।

माेदी ने कहा कि कुछ दिन पहले दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण करने का मौका मिला था। तब मैने कहा था कि यह एक्सप्रेसवे विकसित भारत की हस्तरेखाएं हैं। अब वह दौर चला गया जब एक सड़क के लिए दशकों तक इंतजार करना पड़ता था। शिलान्यास हो जाता था। चुनाव के लिए पत्थर लग जाते थे। सरकारें आती-जाती रहती थीं। फिर वह योजना फाइलों में दब कर रह जाती थी। आज डबल इंजन की सरकार में शिलान्यास होता है तो लोकार्पण भी होता है। यह एक्सप्रेसवे जिन क्षेत्रों से होकर गुजर रहा है, यहां की जमीन वरदान के रूप में है, लेकिन पहले की सरकारों ने कार्य नहीं किया। कोल्ड स्टोरेज की कमी थी। बड़े बाजारों तक पहुंच नहीं थी। किसानों को काई अवसर नहीं मिलते थे।

मोदी ने कहा कि अब किसान अपने उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचा सकेंगे। औद्योगिक कोरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। सभी 12 जिलों में उद्योग के नये अवसर पैदा होंगे। बेहतर कनेक्टविटी से स्थानीय उद्योगों के लिए नए रास्ते खुलेंगे। लाखों परिवारों की इससे आमदनी बढ़ेगी। पुरानी सरकारों में हरदोई और उन्नाव जैसे जिलों में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की कोई कल्पना कर सकता था क्या ? पहले उप्र को पिछड़ा कहा जाता था। आज एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी विजन को लेकर बीते कुछ वर्षों से कार्य हो रहा है। अब यूपी में हजारों करोड़ का निवेश हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में जितना मोबाइल बन रहा है, उसमें से आधे मोबाइल यहीं यूपी में बन रहे हैं। उप्र का औद्योगिक विकास आज सामरिक ताकत बन रहा है। ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें आज यूपी में बन रही हैं। रक्षा उपकरणों को बनाने का कार्य एमएसएमई इकाइयों को मिलता है। सड़कें नहीं होती थीं। आज एक्सप्रेसवे का जाल बिछा है। पहले पड़ोसी जिलों में जाने में कठिनाई होती थी। आज हवाई अड्डे बन रहे हैं। उन्हाेंने कहा कि पहले यूपी के माफियाओं पर फिल्में बनती थी। आज कानून व्यवस्था का उदाहरण दिया जाता है। सपा को यह विकास पंसद नहीं आ रहा है। सपा विकास विरोधी तो है ही, नारी विरोधी भी है। संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण के लिए संशोधन बिल लाया जा रहा था, जिसका इन्होंने विरोध किया। यह हमेशा महिला विरोधी राजनीति करेंगे। यह विकास विरोधी हैं।

इस मौके पर उप्र की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री व उप्र भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, केन्द्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, मंत्री सुरेश खन्ना, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, असीम अरुण सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
भोपाल स्लॉटर हाउस मामले में बड़ा खुलासा

  • धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और भ्रष्टाचार पर सरकार जवाब दे : अमित शर्मा

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव श्री अमित शर्मा ने आज पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भोपाल स्लॉटर हाउस का मामला केवल एक प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, सनातन परंपराओं, धार्मिक भावनाओं तथा शासन-प्रशासन की जवाबदेही से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है।

उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से भोपाल के जहांगीराबाद स्थित मॉडर्न स्लॉटर हाउस को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं। इस मामले में असलम चमड़ा एवं उसके ड्राइवर की गिरफ्तारी हुई, बाद में उन्हें जमानत भी मिल गई, लेकिन प्रश्न यह है कि क्या इतना बड़ा अवैध कारोबार केवल एक व्यक्ति के भरोसे संचालित हो सकता है?

श्री शर्मा ने कहा कि भोपाल की महापौर, एमआईसी सदस्य तथा संबंधित अधिकारियों ने लगातार यह कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं थी, लेकिन आज प्रस्तुत दस्तावेज स्पष्ट करते हैं कि यह दावा पूरी तरह असत्य है।

उन्होंने पत्रकारों को दस्तावेज दिखाते हुए बताया कि दिनांक 24 अक्टूबर 2025 की एमआईसी बैठक में प्रस्ताव क्रमांक 6 के अंतर्गत जहांगीराबाद स्थित मॉडर्न स्लॉटर हाउस के कार्य को पूर्ण करने हेतु 8 अक्टूबर 2025 तक मात्र 6 माह की अवधि विस्तार का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। किन्तु बाद में उसी प्रक्रिया में संशोधन कर बिना पेनल्टी समयावधि बढ़ाते हुए संचालन एवं संधारण का अनुबंध 20 वर्षों के लिए दे दिया गया। यह गंभीर अनियमितता है।

श्री शर्मा ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की पेनल्टी, जो संबंधित पक्ष पर लगाई गई थी, उसे भी माफ कर दिया गया। पहले दंड लगाया गया और बाद में मिलीभगत से उसे समाप्त कर दिया गया। यह सीधे-सीधे भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का मामला है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्हें जानकारी नहीं थी, उनके हस्ताक्षर दस्तावेजों पर मौजूद हैं। इनमें महापौर श्रीमती मालती राय सहित कई एमआईसी सदस्यों के हस्ताक्षर दर्ज हैं। इससे स्पष्ट है कि जनता को गुमराह किया गया।

श्री शर्मा ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी केवल खानापूर्ति साबित हुई है। मूल दस्तावेजों को जांच से दूर रखा गया और पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गौ संरक्षण, सनातन संस्कृति और धार्मिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है, तो फिर इस मामले पर भाजपा के बड़े नेता और स्वयंभू धर्म रक्षक मौन क्यों हैं?

श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए, सभी दोषी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संरक्षण देने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा जनता के सामने सत्य रखा जाए। उन्होंने कहा कि कल असलम चमड़ा को जमानत मिलना यह स्पष्ट करता है कि मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़े संरक्षणकर्ताओं की भूमिका है, जिनकी पहचान उजागर होना आवश्यक है। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को जनता की आवाज बनाकर लगातार उठाएगी और धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ तथा भ्रष्टाचार करने वालों को बेनकाब करेगी।

एमएसपी फर्जीवाड़ा और किसान उत्पीड़न से घिरी मोहन सरकार जवाब दे : जीतू पटवारी

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र( जीतू) पटवारी ने कहा है कि प्रदेश में गेहूं खरीदी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। मोहन सरकार पहले खरीदी की तारीख बढ़ाती रही और अब स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ाकर किसानों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। वास्तविकता यह है कि सरकार का पूरा खरीदी तंत्र विफल हो चुका है और किसान भारी परेशानी झेल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पहले ही चेताया था कि जिस धीमी गति से खरीदी चल रही है, उस हिसाब से सरकार को अपने ही घोषित 100 लाख मीट्रिक टन खरीदी लक्ष्य को पूरा करने में लगभग 140 दिन लगेंगे। प्रदेश में अनुमानित 245 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के बावजूद सरकार ने 50 प्रतिशत से भी कम खरीदी का लक्ष्य रखा है, जो किसानों के साथ अन्याय है।

श्री पटवारी ने कहा कि किसान लगातार स्लॉट बुकिंग में दिक्कत झेल रहे हैं, पुनः सत्यापन के संदेश आ रहे हैं, सर्वर धीमा पड़ रहा है, वेबसाइट बंद हो रही है और छोटे किसानों की भी समय पर तुलाई नहीं हो पा रही है। सरकार की लापरवाही का खामियाजा अन्नदाता भुगत रहा है। उन्होंने कहा कि इसी बीच समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा भी सामने आया है। भिंड, मुरैना और राजगढ़ जिलों में ऐसे लोगों के नाम पर पंजीयन कर दिया गया, जिनके पास स्वयं जमीन तक नहीं है, जबकि असली किसानों की जमीन का उपयोग कर फर्जी किसान बनाए गए। यह किसानों के हक पर सीधा डाका है।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रही है, जबकि बाजार भाव 2000 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल है। इसी अंतर का लाभ उठाकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई। यह बिना प्रशासनिक संरक्षण और मिलीभगत के संभव नहीं हो सकता। जबकि खरीदी में देरी के चलते किसानों के साथ हो रही अवस्थाओं के चलते बाजार भाव लगातार नीचे है मंडी में किसानों के साथ खुली लुटाई हो रही है सरकार जानबूझकर किसानों का शोषण कर रही है जितनी देर से खरीदी होगी उतना ही किसानों को नुकसान होगा ,सरकार भले ही स्लॉट बुकिंग की तिथि बढ़ा ले लेकिन यह तथ्य किसी से नहीं छुपा है कि किसान ज्यादा दिनों तक अपने खलियान में अनाज रख नहीं सकता क्योंकि उसके पास भंडारण की व्यवस्था नहीं है जिसके चलते मजबूरी है उसे मंडी में ही अपना माल बेचना पड़ रहा है जहां उसे केवल 1800 से 2000 का दाम मिल रहा है 

उन्होंने कहा कि सरकार ने अभी तक मूंग खरीदी को लेकर भी कोई स्पष्ट नीति घोषित नहीं की है। तीसरी फसल के रूप में मूंग किसानों की अतिरिक्त आय का महत्वपूर्ण साधन है, लेकिन सरकार लगातार मूंग उत्पादक किसानों की उपेक्षा कर रही है।

 श्री पटवारी ने कहा कि दूसरी ओर विदिशा जिले में किसान गोविंद गुर्जर का शव रेलवे पटरियों पर मिलना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। मृतक किसान द्वारा बनाए गए वीडियो में पूर्व विधायक एवं बीजेपी नेता पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह दर्शाता है कि भाजपा शासन में सत्ता से जुड़े लोगों में कानून का भय समाप्त हो चुका है।

उन्होंने मांग की कि गेहूं खरीदी व्यवस्था तत्काल सुचारु की जाए, स्लॉट बुकिंग प्रणाली दुरुस्त की जाए, छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाए, मूंग खरीदी पर तत्काल निर्णय लिया जाए, एमएसपी फर्जीवाड़े की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर आपराधिक कार्रवाई हो तथा किसान गोविंद गुर्जर प्रकरण की न्यायिक जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय, सुरक्षा और आर्थिक सहायता दी जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के सम्मान, अधिकार और न्याय की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी और किसानों के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।

रांची में AHPI झारखंड की नई कार्यकारिणी का गठन, डॉक्टर राजेश अध्यक्ष और डॉक्टर शंभु प्रसाद सिंह बने सचिव

रांची के रानी अस्पताल में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य सेवा प्रदाता संघ (AHPI) झारखंड प्रकोष्ठ की नई कार्यकारिणी समिति का गठन किया गया। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से नई टीम का चयन करते हुए संगठन को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने का संकल्प लिया।

नवगठित कार्यकारिणी में डॉक्टर राजेश को अध्यक्ष तथा डॉक्टर शंभु प्रसाद सिंह को सचिव चुना गया है। वहीं उपाध्यक्ष पद पर सिद्धांत जैन के साथ हर्ष अजमेरा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कोषाध्यक्ष के रूप में साहिल गंभीर तथा संयुक्त सचिव पद पर डॉक्टर दिनेश कुमार और डॉक्टर रामनेश कुमार को नियुक्त किया गया है।

बैठक में संगठन के पूर्व अध्यक्ष सईद अहमद अंसारी, संरक्षक योगेश गंभीर एवं डॉक्टर अजय कुमार सिंह भी उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने नई कार्यकारिणी के प्रति विश्वास जताते हुए संगठन को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

उपाध्यक्ष बनाए जाने पर हर्ष अजमेरा ने कहा कि वे संगठन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा।

नई कार्यकारिणी से उम्मीद जताई जा रही है कि यह टीम झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने के साथ आम लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वहीं, हजारीबाग में हर्ष अजमेरा को उपाध्यक्ष बनाए जाने पर खुशी की लहर देखी जा रही है, जहां विभिन्न निजी समूहों और संगठनों के माध्यम से उन्हें लगातार बधाई एवं शुभकामनाएं दी जा रही हैं।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय उद्योग बन्धु समिति एवं एम0ओ0यू0 क्रियान्वयन तथा व्यापार बन्धु की बैठक हुई आयोजित

सुलतानपुर,जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में जनपद स्तरीय उद्योग बन्धु समिति एवं एम0ओ0यू0 क्रियान्वयन तथा व्यापार बन्धु की बैठक संबंधित उद्यमियों,व्यापारियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति  में आयोजित की गयी। उक्त बैठक में उद्यमियों व व्यापारियों द्वारा उठाए गए मुद्दे जैसे - इंडस्ट्री लगाने में भूमि विवाद, रास्ते की समस्या, नाली की समस्या, व्यापार की दृष्टि से सुरक्षा की समस्या, रोड सेफ्टी , बिजली की समस्या, स्ट्रीट लाइट की समस्या, भूमि की उपलब्धता सहित अन्य समस्त आधारभूत समस्याओं के सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गयी तथा उनकी समस्याओं को सुना गया। 

1.उक्त बैठक में जिलाधिकारी द्वारा उद्यमियों से कहा गया कि सभी उद्यमी अपनी समस्याओं को बतायें। तत्क्रम में रवीन्द्र त्रिपाठी द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि जनपद के विभाजन के दौरान उनका औद्योगिक क्षेत्र जनपद अमेठी में चला गया। परिणाम स्वरूप जनपद में औद्योगिक क्षेत्र नही रह गया जिस कारण उद्योग हेतु भूमि नहीं मिल पा रही है। जिस कारण उद्योग स्थापित करना कठिन हो रहा है। जिलाधिकारी द्वारा सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि उद्योग का आधार भूमि है ऐसे में यदि उद्योग हेतु भूमि समय पर उपलब्ध नहीं करायी जायेगी तो व्यापार प्रारम्भ करना सम्भव नहीं हो सकता है। अतः जनपद में भूमि को चिन्हित कर जल्द से जल्द उसे उद्यमियों को उपलब्ध कराया जाय।

2.उन्होंने सभी उद्यमियों/व्यापारियों  से कहा कि वह बैठक से  पहले अपनी समस्याओं को बता दें जिससे उन पर चर्चा कर उनका त्वरित निस्तारण किया जा सके।

3.बैठक में उद्यमी विनोद जायसवाल द्वारा बताया गया कि उनका एक रिजार्ट है जो कि अभी निर्माणाधीन है तथा उसके लिये बिजली कनेक्शन की समस्या तथा वेस्टेज निकालने हेतु नाली की समस्या आ रही है। जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिशासी अभियन्ता को निर्देशित किया कि इनकी समस्या का संज्ञान लेते हुये जल्द से जल्द इसका निराकरण किया जाय।

4.बैठक में एक उद्यमी द्वारा अवगत कराया गया कि कादीपुर से बेलवाई बाजार पुलिया के पास रोड पर  02 गढ़ढे है। जिससे आये दिन दुर्घटना होती रहती है कई बार शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं हुआ। जिलाधिकारी महोदय द्वारा लोनिवि के सम्बन्धित अधिकारी को निर्देशित किया गया कि ठेकेदार को बोलकर गढ़ढों को भरा जाये यदि वह नहीं करता है तो उसको ब्लैक लिस्ट किया जाये। उन्होने निर्देशित किया कि यदि 03 दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सम्बन्धित के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।

5.बैठक में उद्यमी मोइन द्वारा अवगत कराया गया कि लॉक डाउन से पहले वह कोल्ड ड्रिक्स का व्यापार करता थे परन्तु लॉक डाउन में उसका बहुत नुकसान हो गया। अब उसने पुनः व्यापार को प्रारम्भ किया है परन्तु बैंक से सी0सी0 स्वीकृत होने के बाद भी उसे लिमिट के प्रयोग में बाधा आ रही है। जिलाधिकारी द्वारा LDM को निर्देशित करते हुये कहा गया कि सम्बन्धित केनरा बैंक शाखा से सम्पर्क कर नियमानुसार समस्या का निस्तारण करें तथा जनपद में व्यापार को बढ़ाने हेतु सहयोग करें।

6.सूरापुर व्यापार मण्डल के अध्यक्ष ने अवगत कराया कि उनकी 02 करोड़ की जमीन है उस पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। उन्होने निवेश मित्र को  निर्देशित किया कि एक रिपोर्ट बना कर हमे प्रस्तुत करें जिससे संबंधित उपजिलाधिकारी को अवगत करते हुए समस्या का निस्तारण कराया जा सकें।उन्होंने सभी उद्यमियों एवं व्यापारियों से कहा कि यदि किसी और की इस प्रकार की समस्या है तो उसे लिखित में अवगत करा दें।

7.उद्यमी अजमत खान ,नगर अध्यक्ष द्वारा अवगत कराया गया कि इटकौली चौराहे से सेंट जोसेफ स्कूल तक ट्रैफिक के वन वे हो जाने के कारण दूसरी तरफ से आने वाले वाहन व ग्राहकों को उनकी दुकान तक आने में समस्या हो रही है जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि रूट डाइवर्जन जनपद से ट्रैफिक जाम की समस्या को समाप्त करने के लिये किया गया है अभी मेरे द्वारा दिए गए निर्देश पर नगर पालिका और लखनऊ से आई सर्वे टीम द्वारा ड्रोन सर्वे किया जा रहा है। सर्वे रिर्पोट आने के बाद जल्द ही समस्या का निस्तारण कर दिया जायेगा।

8 उद्यमी संतोष बरनवाल द्वारा अवगत कराया गया कि हाइवे से हनुमानगंज बाजार जाने वाली सड़क पर अंधेरा रहता है तथा रोडवेज भी आगे नहीं जाती है। जिससे असुरक्षा का माहौल रहता है। जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि मार्ग पर प्रकाश की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जाये तथा अगली बैठक में ए0आर0एम0 रोडवेज को भी बुलाया जाये।

9 बैठक में श्री आनन्द पाण्डेय, नगर अध्यक्ष व्यापार मण्डल तथा सुन्दरलाल व्यापारी कल्याण एवं सेवा समिति सुलतानपुर द्वारा सुपर मार्केट में अतिक्रमण, दुकानों के मरम्मत तथा सुरक्षा हेतु अवगत कराया गया। जिलाधिकारी द्वारा नगर पालिका को सुपर मार्केट के व्यापारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुये अतिक्रमण को हटाने तथा पार्किंग की व्यवस्था हेतु निर्देशित किया गया। बैठक में हनुमानगंज बाजार के अवर बसों के न जाने पर ए०आर०एम० रोडवेज सुलतानपुर को बस को अंदर जाने हेतु निर्देश जारी किये गये। बैठक में व्यापारियों द्वारा सूरापुर में जाम की समस्या तथा नगर पचायल दोस्तपुर में शाही पुल के जर्जर होने व जाम की समस्या के सम्बंध में अवगत कराया गया। जिस पर अध्यक्ष द्वारा अगली बैठक में सम्बधित अधिकारियों शिकायत से सम्बंधित कार्ययोजना के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिये गये।
       
जिलाधिकारी द्वारा उपयुक्त उद्योग को निर्देशित किया गया कि अगली बैठक हेतु LED स्क्रीन पर पीपीटी प्रेजेन्टेशन के माध्यम से कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी महोदय द्वारा  सोलर ऊर्जा के क्षे़त्र में व्यापारियों को निवेश करने हेतु प्रोत्साहित किया गया। उन्होने बताया कि सोलर के क्षेत्र में असीम सम्भावनाएं हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अर्न्तगत ऋण लेकर स्वरोजगार के नये अवसर प्रदान किया जाय। सभी व्यापारियों  व उद्यमियों ने समस्याओं को इतनी गहराई से सुनने व समय देने के लिए जिलाधिकारी महोदय का आभार व्यक्त किया।

बैठक में डीसी एन.आर.एल.एम सहित अन्य समस्त उद्यमी व व्यापारी बंधु उपस्थित रहे।
देवघर-अस्मिता सिटी लीग में खेल प्रतिभाओं का शानदार प्रदर्शन, दीप प्रज्वलन में बच्चियों की भागीदारी बनी आकर्षण का केंद्र।
देवघर: जिले के इन्डोर स्टेडियम एवं केकेएन स्टेडियम में आयोजित अस्मिता सिटी लीग अंडर-14 एवं अंडर-17 प्रतियोगिता का आयोजन बेहद उत्साह और खेल भावना के साथ संपन्न हुआ। इस बहु-खेल प्रतियोगिता में एथलेटिक्स, ताइक्वांडो, कबड्डी, वॉलीबॉल और बैडमिंटन जैसे पांच प्रमुख खेलों का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के युवा महिला खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला उप विकास आयुक्त पीयूष सिंहा एवं विशिष्ट अतिथि अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार,जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार और जिला खेल प्राधिकरण के सचिव आशीष झा की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर एक खास पहल देखने को मिली, जहां मुख्य अतिथि द्वारा छोटी बच्चियों के साथ दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। यह दृश्य न केवल प्रेरणादायक था, बल्कि बेटियों के सम्मान और उनकी भागीदारी को बढ़ावा देने का एक सकारात्मक संदेश भी दे गया। कार्यक्रम की शुरुआत में जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार ने सभी अतिथियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। इसके बाद प्रतियोगिताओं का विधिवत आरंभ हुआ। बैडमिंटन परिणाम (U-14): डबल्स विजेता: आरोही एवं सौम्या उपविजेता: अनुशा एवं सौम्या सिंगल्स विजेता: आरोही उपविजेता: आन्या बैडमिंटन परिणाम (U-17): डबल्स विजेता: लाड़ली एवं सृष्टि उपविजेता: लावण्या एवं नेहा सिंगल्स विजेता: लाड़ली उपविजेता: सृष्टि वॉलीबॉल परिणाम: U-17 विजेता: DAV उपविजेता: सेंट मेरी U-14 विजेता: सेंट मेरी A उपविजेता: सेंट मेरी B कबड्डी (U-14): विजेता: भारती विद्यापीठ उपविजेता: लीला नंद पागल बाबा इस आयोजन में जिला खेल प्राधिकरण के सचिव आशीष झा, जिला ओलंपिक संघ के कोषाध्यक्ष नवीन शर्मा, बैडमिंटन सचिव कनिष्क कश्यप, संयुक्त सचिव अंकेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसके साथ ही कोच सोनाली दुबे, राहुल साहा, अभिषेक, हर्ष, गिरधारी, प्रवीर राय, नीतेश पंडित समेत बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेल प्रेमी मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान खिलाड़ियों का उत्साह और खेल के प्रति समर्पण देखने लायक रहा। इस प्रतियोगिता ने न केवल युवा प्रतिभाओं को मंच दिया, बल्कि खेलों के प्रति जागरूकता और प्रेरणा भी बढ़ाई।
इश्क में धोखा, टावर पर चढ़ी विवाहिता

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। जहां अपने पति को छोड़कर प्रेमी के साथ भागी विवाहिता को जब धोखा मिला तो वह बुधवार की सुबह-सुबह अपने धोखेबाज प्रेमी के गांव में मौजूद एक टावर पर चढ़कर हाई प्रोफाइल ड्रामा करने लगी। देखते ही देखते मौके पर काफी भीड़ जमा हो गयी थी। विवाहिता अपने पहले पति के घर से 17 लाख के आभूषण व 1 लाख नगद लेकर भागी थी। पति को छोड़ विवाहिता ने प्रेमी से कोर्ट मैरिज भी किया है। प्रेमी से धोखा मिलने के बाद विवाहिता अब अपने पहले पति को पाने के लिए सुबह-सुबह टावर पर चढ़कर हंगामा करते हुए पति को बुलाने की जिद पर अड़ गयी। विवाहिता के टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही औराई पुलिस के साथ फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंची थी। साथ ही तमाशबीनों की भीड़ भी जमा हो गयी थी। इंस्टाग्राम के जरिये एक युवक से विवाहिता प्यार कर बैठी। और एक दिन पहले पति को छोड़ 3 बजे भोर 17 लाख के जेवर व 1 लाख नगद लेकर फरार हो गयी। विवाहिता के लापता होने पर ससुराल के लोगों ने थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था।
दरअसल यह पूरा मामला है औराई थाना इलाके के घमहापुर पियरोपुर गांव का है। जहां जगदीश प्रजापति के बेटे अजय कुमार प्रजापति की शादी 5 साल पहले हड़िया के जयतापुर निवासी जवाहरलाल की पुत्री सीमा देवी के साथ हुई थी। 25 वर्षीय सीमा देवी पति के घर घमहापुर पियरोपुर में रह रही थी। उसका पति अजय कुमार प्रजापति दिल्ली में रहकर आॅल इंडिया परमिट की ट्रक चलाता है। सीमा देवी व्हाट्सएप्प, इंस्टाग्राम, फेसबुक पर सक्रिय रहती थी। इंस्टाग्राम के जरिये ही औराई के जेठूपुर निवासी कमलेश गौतम नामक एक युवक से प्यार कर बैठी। प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि सीमा देवी अपने प्रेमी कमलेश गौतम के साथ 7 फरवरी की भोर लगभग 4 बजे फरार हो गयी। और जाते-जाते अपने ससुराल से 17 लाख के कीमती आभूषण व 1 लाख नगद लेकर फरार हो गयी थी। ससुराल व मायके वाले तलाश करते रहें। इसी बीच पता चला कि सीमा देवी की पूरी करतूत घमहापुर पियरोपुर गांव के एक मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। जहां वह किसी लड़के के साथ जाते हुए नजर आयी थी। ससुर जगदीश प्रजापति की तहरीर पर औराई पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवाहिता की तलाश में जुट गई थी।
अपने पहले पति अजय कुमार प्रजापति को छोड़कर प्रेमी कमलेश गौतम के साथ जेवर व नगदी लेकर भागी सीमा देवी को पुलिस ने 22 दिन बाद यानि 28 फरवरी को राजकोट से बरामद किया, और पुलिस औराई लेकर चली आयी। इस दौरान सीमा देवी ने अपने बयान में कहा था कि वह अपने प्रेमी कमलेश गौतम के साथ कोर्ट मैरिज कर ली है। और उसी के साथ रहेगी। सीमा देवी अपने प्रेमी कमलेश गौतम के गांव जेठूपुर रहने लगी। लेकिन, 29 अप्रैल बुधवार की सुबह-सुबह सीमा देवी अपने प्रेमी के गांव में मौजूद एक टेलीफोन के टावर पर चढ़ गयी। और पहले पति अजय कुमार प्रजापति के साथ रहने की जिद पर अड़ गयी। सीमा देवी का आरोप है कि उसके प्रेमी कमलेश गौतम ने बहला-फुसलाकर उसकी हत्या करने की बात कहकर उसे लेकर भागा था। विवाहिता सीमा देवी लगातार अपने पति अजय कुमार प्रजापति व सास मुन्नी देवी को भी टावर के पास बुलाने की जिद पर अड़ी रही। हालांकि आनन-फानन में पुलिस पति अजय कुमार प्रजापति व उसकी सास मुन्नी देवी को वाहन में लादकर टावर के पास लेकर पहुंची थी। सास व पति को देखते ही सीमा देवी नीचे उतरी। जिसे पुलिस लेकर औराई थाने चली गई थी।
इंस्टाग्राम के जरिये पांच साल की दुल्हन सीमा देवी अपने ससुराल से लगभग 7 किलोमीटर जेठूपुर के रहने वाले कमलेश गौतम के साथ प्यार कर बैठी। और पूरी जिंदगी अपनी बर्बाद कर ली। अब उसके मायके वाले भी उससे किनारा कस रहे हैं। पति अजय कुमार प्रजापति भी सीमा देवी को कुबूल नहीं कर रहा है। औराई के घमहापुर पियरोपुर निवासी सीमा देवी के ससुर जगदीश प्रजापति ने बताया कि उसकी बहू ने घर को बर्बाद कर दिया। मुकदमा दर्ज होने के बाद सीमा देवी जो जेवर लेकर भागी थी पुलिस ने उसे बरामद करा दिया था। लेकिन नगद 1 लाख रूपया प्रेमी कमलेश गौतम व सीमा देवी ने मिलकर खर्च कर डाले। जेवर व पैसा जाने के बाद अब प्रेमी कमलेश गौतम सीमा देवी से पीछा छुड़ा रहा है। जबकि, दोनो ने आपस में कोर्ट मैरिज भी किया है। सीमा देवी का पहला पति अजय कुमार प्रजापति अपनी पत्नी को अब स्वीकार करने को तैयार नहीं है। उसे कोई भी बच्चा नहीं है। सीमा देवी के मायके वालों को भी टावर पर चढ़ने की सूचना दी गई। लेकिन बेटी की इस बेवफाई को देख मायके वाले भी हड़िया से औराई आने को तैयार नहीं है।
डिप्टी सीएम केशव मौर्य और बृजेश पाठक ने पूर्व मंत्री नरेंद्र कुमार सिंह गौर का जाना हालचाल

* केजीएमयू पहुंचकर स्वास्थ्य की जानकारी ली, बेहतर इलाज के दिए निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक के साथ किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ पहुंचकर भर्ती पूर्व मंत्री नरेंद्र कुमार सिंह गौर से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।
दोनों उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से श्री गौर के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा उपचार संबंधी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से कहा कि मरीज को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और इलाज में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए।
इस दौरान केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक ने पूर्व मंत्री श्री गौर के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही परिजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हरसंभव सहयोग और सहायता के लिए तत्पर है।
भाजपा द्वारा पानी-बिजली के ज्वलंत मुद्दे पर 6-12 मई तक जिलावार प्रदर्शन का ऐलान

बीते 17 अप्रैल को बिजली के मुद्दे पर राज्यव्यापी आंदोलन करने के बाद झारखंड भाजपा ने एक बार फिर पानी की घोर किल्लत एवं बिजली कटौती को लेकर जोरदार आंदोलन करने का ऐलान कर दिया है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने 6 से लेकर 12 मई तक यानि 6 दिनों तक भाजपा द्वारा इस गंभीर मुद्दे पर विभिन्न जिलों में जोरदार प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

प्रेस वार्ता के दौरान श्री साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पानी बिजली संकट से त्राहिमाम कर रही झारखंड की जनता के बीच व्याप्त भारी आक्रोश को आंदोलन के माध्यम से स्वर देने का निर्णय लिया है। इसी निमित्त भारतीय जनता पार्टी द्वारा 6 मई से लेकर 12 मई तक यानि 6 दिनों तक जिलावार जन प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। आंदोलन की तैयार रूपरेखा के अनुसार 6 मई को गढ़वा, पलामू एवं लातेहार, 7 मई को चाईबासा, जमशेदपुर एवं सरायकेला-खरसावां, 8 मई को हजारीबाग, चतरा, कोडरमा एवं रामगढ़, 9 मई को दुमका, पाकुड़, साहिबगंज, गोड्डा, देवघर एवं जामताड़ा, 11 मई को गिरिडीह, धनबाद एवं बोकारो और 12 मई को रांची, लोहरदगा, सिमडेगा, गुमला एवं खूंटी में भारतीय जनता पार्टी का एक एक कार्यकर्ता सिर पर घड़ा, डेकची सहित पानी ढोने वाले अन्य बर्तन को लेकर प्रदर्शन करेंगे। हमारी पार्टी आँखें मूंदकर नहीं बैठ सकती है। हमारे एक एक कार्यकर्ता इस जनविरोधी सरकार को कुंभकर्णी निद्रा से जगाने का काम करेंगे।

श्री साहू ने कहा कि पूरा झारखंड पेयजल की घोर किल्लत से त्राहिमाम कर रहा है। प्रदेश भर में लगभग 80000 चापानल खराब पड़े हैं। 72 घंटे में खराब पड़े चापानल को बनाने का सरकारी दावा फिसड्डी साबित हुआ है। सरकार द्वारा जारी टोल फ्री नंबर भी किसी काम का नहीं है। राज्य भर में लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। जनता की यह पीड़ा राज्य सरकार को महसूस नहीं होती है। काफी दुख का विषय है कि सरकार की रुचि जनसमस्याओं को दूर करने की बजाय पूरी कैबिनेट के साथ दूसरे प्रदेशों में चुनावी दौरा कर पिकनिक मनाने में अधिक है। लगता है, सीएम का फोकस पॉइंट झारखंड की बजाय पड़ोसी राज्य हो गया है। हेमंत सरकार को भले ही आम लोगों की यह पीड़ा महसूस नहीं होती परन्तु भाजपा का एक एक कार्यकर्ता आम लोगों की इस पीड़ा को महसूस कर रहा है।

श्री साहू ने कहा कि देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर घर को स्वच्छ जल मिले, इसके लिए नल जल योजना के रूप में महत्वाकांक्षी योजना चलाई, इसमें सफलता भी मिली। लेकिन दुखद बात यह है कि 12764 करोड़ रुपए झारखंड में खर्च होने के बावजूद यहां पर यह योजना धरातल पर प्रभावी नहीं दिख रही है। अधिकांश जगहों पर जलापूर्ति कागजों तक ही सीमित है, नल सूखे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि वे केवल सुनी सुनाई बातों को नहीं कह रहे हैं बल्कि इस योजना का भुक्तभोगी वे खुद हैं और उदाहरण के तौर पर उनका गांव है, जहां नल तो लगा है, पाइप भी बिछाया गया है लेकिन पानी का एक बूंद आज तक नहीं मिल पाया है। हेमंत सरकार ने इस योजना में भ्रष्टाचार करने का काम किया है। आज भी राज्य में 45% परिवार इस योजना से वंचित हैं। इस योजना की झारखंड में स्थिति यह है कि यह योजना राष्ट्रीय औसत से लगभग 25% पीछे है। देशभर में नीचे से यह दूसरे स्थान पर है।

श्री साहू ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2019 से 2025 के बीच झारखंड को 12982 करोड रुपए आवंटित किए। जिसमें से 6010 करोड़ यानी 46.30% ही राज्य सरकार खर्च कर पाई। 7000 से अधिक की राशि पड़ी हुई है। राज्य सरकार दोषारोपण करती है कि केंद्र सरकार भेदभाव करती है, गैर बीजेपी शासित प्रदेश को मदद नहीं करती। इससे प्रमाणित होता है कि यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और राजनीतिक है। दरअसल केंद्र के पैसे को झारखंड सरकार खर्च ही नहीं कर पाती। आज अगर नल जल योजना को सही से जमीन पर उतारा जाता तो लोगों को पानी की इतनी भयावह स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। माताएं बहने कई किलोमीटर से माथे पर बर्तन लेकर चुआ तालाब से पानी लाने को विवश हैं। राज्य सरकार केवल बड़ी-बड़ी बातें करती है, प्रलोभन देना, ठगना ही इस सरकार का एकमात्र काम रह गया है।

श्री साहू ने कहा कि पानी की किल्लत और बिजली कटौती के विरोध में भाजपा का यह आंदोलन राज्य सरकार की नींद हराम कर देगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पानी बिजली के मुद्दे पर सरकार गंभीरता दिखाएं। लोगों को पानी की कमी नहीं हो। खराब पड़े चापानलों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। अब तो केंद्र ने भी पंचायत को पैसा दे दिया है, उसका इन कार्यों में सदुपयोग हो। प्रदेश अध्यक्ष ने चुटकी लेते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सरकार कितनी गंभीर होगी, सरकार ही जाने। लेकिन इतना तय है कि जमीनी हकीकत से कोसों दूर सरकार की तरफ से अखबारों में खंडन जरूर किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार को सुझाव दिया कि सरकार अपनी ऊर्जा इन सब चीजों की बजाय जनता की समस्याओं के समाधान की दिशा में लगावे तो ज्यादा बेहतर होगा।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व सांसद आभा महतो, भानु प्रताप शाही, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाऊरी एवं प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह भी मौजूद थे।

आदिवासी अस्मिता बचाने दुमका कूच करेगी सीपीआईएम, मई में विशाल प्रदर्शन


आदिवासी अस्मिता और जल-जंगल-ज़मीन पर षड्यंत्र एवं प्रहार बर्दाश्त नहीं: सीपीआईएम ने फूंका आंदोलन का बिगुल

मई में दुमका आयुक्त कार्यालय पर होगा आदिवासियों का विशाल महाजुटाान

दुमका: संताल परगना के जनजातीय क्षेत्रों में कॉरपोरेट-राज्य गठजोड़ द्वारा किए जा रहे सुनियोजित भूमि अधिग्रहण और संवैधानिक अधिकारों के दमन के खिलाफ सीपीआईएम (भारत की कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी) ने आर-पार के संघर्ष का ऐलान कर दिया है। कल ही में पार्टी के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित गाँवों का दौरा किया, जिसमें राज्य सचिव कॉम प्रकाश विप्लव, राज्य सचिव मंडल सदस्य सुरजीत सिन्हा, राज्य कमेटी सदस्य सुभाष हेम्ब्रम, अमल आज़ाद और जिला सचिव देवी सिंह पहाड़िया शामिल थे।

इस दौरान द्वारा उजागर हुए मुख्य तथ्य:

संवैधानिक ढाँचे का उल्लंघन: टीम ने पाया कि जिला प्रशासन और एमडीओ (MDO) स्थानीय दलाल तत्वों के साथ मिलकर वनाधिकार अधिनियम (FRA), पेसा (PESA) और संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम (SPT Act) का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन कर रहे हैं। बिना ग्राम सभा की अनुमति के किए जा रहे सर्वेक्षण और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रियाएँ पूरी तरह असंवैधानिक और अवैध हैं।

प्रशासनिक अवरोध और पट्टा दावे: क्षेत्र में वनाधिकार के दर्जनों आवेदन वर्षों से लंबित हैं। सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद, लंबित दावों (विशेषकर PVTG समूहों के) का निपटारा किए बिना जबरन विस्थापन की तैयारी की जा रही है, जो कानूनी रूप से अनुचित है।

राम सभाओं की अनदेखी: प्रशासन ने पेसा (PESA) के तहत ग्राम सभाओं की सर्वोच्चता को दरकिनार कर दिया है। ग्रामीणों में व्याप्त अज्ञानता का लाभ उठाकर डराने-धमकाने और दबाव की राजनीति की जा रही है।

गाँवों का सामूहिक संकल्प और आगामी रणनीति:

1. ग्राम सभा का गठन: प्रभावित गाँवों के ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर स्थानीय प्रधानो को 10 दिनों के भीतर औपचारिक ग्राम सभा बुलाने का अल्टीमेटम दिया है, ताकि 'वन अधिकार समिति' का गठन और नए दावों का पंजीकरण हो सके।

2. दस्तावेजी प्रमाण: ग्राम सभा की कार्यवाही और प्रस्तावों को राज्यपाल, भारत के राष्ट्रपति और उच्च न्यायालय को साक्ष्य के रूप में भेजा जाएगा।

3. संगठनात्मक लामबंदी: एक विशेष उपसमिति का गठन किया गया है जो ग्राम सभाओं के सशक्तिकरण और कानूनी लड़ाई की निगरानी करेगी।

4. विशाल प्रदर्शन: इस लूट और दमन के विरोध में मई 2026 के तीसरे सप्ताह में दुमका आयुक्त कार्यालय के समक्ष बड़ी संख्या में ग्रामीणों की प्रत्यक्ष भागीदारी के साथ विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। इसकी अंतिम रूपरेखा 10 मई को होने वाली जिला कमेटी की बैठक में तय होगी।

नेतृत्व का वक्तव्य:

पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि "आदिवासियों को उनकी पैतृक ज़मीन से बेदखल करने की किसी भी साजिश का मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा। यह केवल कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि आदिवासियों के अस्तित्व की रक्षा का जन-आंदोलन है। जब तक अंतिम व्यक्ति का वनाधिकार दावा सुरक्षित नहीं होता, एमडीओ का एक भी पहिया आगे बढ़ने नहीं दिया जाएगा।"

उत्तर प्रदेश के विकास की नई जीवन रेखा बनेगा गंगा एक्सप्रेस-वे: नरेन्द्र मोदी
- प्रधानमंत्री मोदी ने उप्र के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का किया लोकार्पण- प्रधानमंत्री का ऐलान- अब मेरठ से आगे हरिद्वार तक जाएगा गंगा एक्सप्रेसवे

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद में प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जैसे मां गंगा हजारों वर्ष से उत्तर प्रदेश की और इस देश की जीवन रेखा रही है, वैसे ही आधुनिक प्रगति के इस दौर में उनके समीप से गुजरता यह गंगा एक्सप्रेस-वे राज्य के विकास की नई जीवन रेखा बनेगा।

गंगा एक्सप्रेसवे के लाेकार्पण के माैके पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी ने कहा कि यह भी संयोग है कि पिछले चार-पांच दिन से मां गंगा के सानिध्या में रहा। आज सुबह ही काशी में दर्शन किया। अब मां गंगा के नाम पर बने इस एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण का अवसर मिला है। मुझे खुशी है कि यूपी सरकार ने इस एक्सप्रेस-वे का नाम मां गंगा के नाम पर रखा है। इसमें विकास का विजन झलकता है और विरासत की झलक भी दिखती है। मै यूपी के करोड़ों लोगों को गंगा एक्सप्रेसवे की बधाई देता हूं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज लोकतंत्र के उत्सव का अहम दिन है। बंगाल में दूसरे चरण का मतदान हो रहा है। जो खबरें आ रही हैं, उससे पता चलता है कि बंगाल में भारी मतदान हो रहा है। पहले चरण की तरह ही जनता वोट देने के लिए बड़ी संख्या में घरों से निकल रही है। लंबी-लंबी कतारों की तस्वीरें सोशल मीडिया में छाई हुई है। पिछले पांच छह दशक में जो नहीं हुआ, वह आज हो रहा है। लोग भयमुक्त होकर मतदान कर रहे हैं। यह देश के संविधान और देश के मजबूत होते लोकतंत्र का पुण्य प्रतीक है। मै बंगाल की जनता का आभार प्रकट करता हूं। अभी वोटिंग में कई घंटे बाकी हैं। बंगाल की जनता से अपील करता हूं कि ऐसे ही वे उत्साह से लोकतंत्र के इस पर्व में भागीदारी करें।

उन्हाेंने कहाकि कुछ समय पहले बिहार में जब चुनाव हुए तब भाजपा एनडीए ने चुनाव में इतिहास रच दिया था। अभी-अभी कल ही गुजरात में निकाय और पंचायत चुनावों के रिजल्ट आए हैं। आपको जानकर खुशी होगी कि भाजपा ने 80 फीसदी निकाय और पंचायत चुनाव जीत लिए हैं। मोदी के इन शब्दाें के दाैरान भारी जनसमूह ने मोदी-मोदी के नारे लगाए। माेदीे ने कहा कि मुझे विश्वास है कि भाजपा इन पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में हैट्रिक लगाने जा रही है। चुनाव परिणाम 4 मई काे विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करेंगे। देश के विकास की गति को नयी ऊर्जा से भरेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के विकास लिए तेजी से हमें इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करना है। दिसंबर 2021 में गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करने मैं शाहजहांपुर आया था। अभी पांच साल से भी कम समय हुआ है। देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे में शुमार यह गंगा एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो गया है। आज हरदोई से इसका लोकार्पण हो रहा है। यही नहीं, एक ओर गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा हुआ है, साथ ही इसके विस्तार की योजना पर कार्य शुरू हो गया है। जल्द ही यह गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से बढ़कर हरिद्वार तक जाएगा। यह डबल इंजन सरकार का कार्य। यह है भाजपा सरकार के कार्य करने का विजन और तरीका।

माेदी ने कहा कि कुछ दिन पहले दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण करने का मौका मिला था। तब मैने कहा था कि यह एक्सप्रेसवे विकसित भारत की हस्तरेखाएं हैं। अब वह दौर चला गया जब एक सड़क के लिए दशकों तक इंतजार करना पड़ता था। शिलान्यास हो जाता था। चुनाव के लिए पत्थर लग जाते थे। सरकारें आती-जाती रहती थीं। फिर वह योजना फाइलों में दब कर रह जाती थी। आज डबल इंजन की सरकार में शिलान्यास होता है तो लोकार्पण भी होता है। यह एक्सप्रेसवे जिन क्षेत्रों से होकर गुजर रहा है, यहां की जमीन वरदान के रूप में है, लेकिन पहले की सरकारों ने कार्य नहीं किया। कोल्ड स्टोरेज की कमी थी। बड़े बाजारों तक पहुंच नहीं थी। किसानों को काई अवसर नहीं मिलते थे।

मोदी ने कहा कि अब किसान अपने उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचा सकेंगे। औद्योगिक कोरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। सभी 12 जिलों में उद्योग के नये अवसर पैदा होंगे। बेहतर कनेक्टविटी से स्थानीय उद्योगों के लिए नए रास्ते खुलेंगे। लाखों परिवारों की इससे आमदनी बढ़ेगी। पुरानी सरकारों में हरदोई और उन्नाव जैसे जिलों में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की कोई कल्पना कर सकता था क्या ? पहले उप्र को पिछड़ा कहा जाता था। आज एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी विजन को लेकर बीते कुछ वर्षों से कार्य हो रहा है। अब यूपी में हजारों करोड़ का निवेश हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में जितना मोबाइल बन रहा है, उसमें से आधे मोबाइल यहीं यूपी में बन रहे हैं। उप्र का औद्योगिक विकास आज सामरिक ताकत बन रहा है। ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें आज यूपी में बन रही हैं। रक्षा उपकरणों को बनाने का कार्य एमएसएमई इकाइयों को मिलता है। सड़कें नहीं होती थीं। आज एक्सप्रेसवे का जाल बिछा है। पहले पड़ोसी जिलों में जाने में कठिनाई होती थी। आज हवाई अड्डे बन रहे हैं। उन्हाेंने कहा कि पहले यूपी के माफियाओं पर फिल्में बनती थी। आज कानून व्यवस्था का उदाहरण दिया जाता है। सपा को यह विकास पंसद नहीं आ रहा है। सपा विकास विरोधी तो है ही, नारी विरोधी भी है। संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण के लिए संशोधन बिल लाया जा रहा था, जिसका इन्होंने विरोध किया। यह हमेशा महिला विरोधी राजनीति करेंगे। यह विकास विरोधी हैं।

इस मौके पर उप्र की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री व उप्र भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, केन्द्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, मंत्री सुरेश खन्ना, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, असीम अरुण सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।