देवघर-डीएवी भंडारकोला के विद्यार्थियों का एम्स देवघर में शैक्षणिक भ्रमण।
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देवघर: गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल भंडारकोला के बारहवीं कक्षा के जीव विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, देवघर में शैक्षणिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को चिकित्सा विज्ञान, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं तथा अनुसंधान के क्षेत्र में हो रहे नवीन कार्यों से अवगत कराना था। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न विभागों, प्रयोगशालाओं एवं चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।भर्ती रोगी विभाग,बाह्य रोगी विभाग,गहन चिकित्सा इकाई,कान, नाक एवं गला रोग विभाग, शारीरिक चिकित्सा एवं पुनर्वास विभाग,प्रसव कक्ष,कैथ लैब / हृदय कैथेटराइजेशन प्रयोगशाला ,एमआरआई जाँच केंद्र ,सीटी स्कैन केंद्र, एंडोस्कोपी विभाग, व्याख्यान कक्ष,दंत चिकित्सा विभाग,मानसिक रोग विभाग,अस्थि रोग विभाग, जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट (चिकित्सा कचरा)नवजात शिशु वार्ड,नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई का भ्रमण किया। विशेषज्ञ डॉक्टरों एवं प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को चिकित्सा क्षेत्र में करियर की संभावनाओं, आधुनिक तकनीकों तथा मानव सेवा के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य सेवाओं में अनुशासन, समर्पण एवं करुणा की भूमिका को भी समझा। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने में सहायक होते हैं। और उन्हें अपने भविष्य के लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित करते हैं। विद्यार्थियों ने इस भ्रमण को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं रोचक बताया। विद्यालय प्रबंधन ने एम्स प्रशासन का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने विद्यार्थियों को इस महत्वपूर्ण संस्थान के कार्यों से परिचित होने का अवसर प्रदान किया। इसकी जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
कैंसर से डरने की नहीं, सभी को मिलकर लड़ने की ज़रूरत है - पारस एचएमआरआई*
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पटना। विश्व कैंसर दिवस पर पारस एचएमआरआई, पटना में शनिवार 31 जनवरी को कैंसर के प्रति जागरूकता हेल्थ टॉक एंव कैंसर सर्वाइवर मीट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पद्मश्री विमल कुमार जैन, डॉ. ए.ए. हई, राधेश्याम बंसल, अभय प्रकाश डीआईजी एंव जोनल डायरेक्टर अनिल कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुरुआत किया। इस दौरान एक हेल्थ टॉक “उम्मीद के सितारे” का भी आयजोन किया गया, जिसमें कैंसर से जंग जीत चुके लगभग 50 मरीजों एंव उनके परिवार के लोग ने अपना अनुभव सांझा किया। उन्होंने शुरुआती चरण में बीमारी के लक्षण पता नहीं चलने की बात पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि जब उन्हें इसका पता चला तब तक काफी देर हो चुकी थी, लेकिन पारस एचएमआरआई के डॉक्टरों ने उन्हें बेहतरीन इलाज से बचा लिया। उन्होंने बताया कि कैंसर के बारे में अगर उन्हें भी पहले पता होता तो इलाज जल्द हो जाता। एक सर्वाइवर ने बताया कि कैंसर अब लाइलाज नहीं रहा। इससे लड़ने के लिए ना सिर्फ इलाज बल्कि डॉक्टर से मिल रहे मोटिवेशन की भी जरूरत होती है। पारस एचएमआरआई के डॉक्टर मरीजों को इस बीमारी से जंग जीतने के लिए मोटिवेट करके इलाज करते हैं, जो सबसे ज्यादा जरूरी है। इस दौरान हॉस्पिटल प्रबंधन की ओर से 25 सरवाइवर्स को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पारस एचएमआरआई के *डायरेक्टर जेनेरल सर्जरी डॉ. एए हई* ने कहा कि एक रिपोर्ट के अनुसार 1 साल में लगभग 15 लाख लोग कैंसर की चपेट में आते हैं। खानपान और दिनचर्या में सुधार लाकर और अल्कोहल जैसी चीजों से दूरी बनाकर कैंसर के 50 प्रतिशत तक मामलों को रोका जा सकता है। इस मौके पर *डायरेक्टर हेमेटोओन्कोलॉजी डॉ. अविनाश कुमार सिंह* ने कहा कि कैंसर से बचने के लिए यह जरूरी है कि गुटखा, बीड़ी, सिगरेट या अल्कोहल जैसी किसी भी तरह की नशीली पदार्थ का सेवन न करें। आज मुँह और गले का कैंसर, स्तन के कैंसर और बच्चेदानी के कैंसर से लोग ज्यादा पीड़ित होते हैं। फेफड़े और पित्ताशय के कैंसर के मरीज़ों की संख्या भी कम नहीं है। बच्चेदानी के कैंसर से बचने के लिए वैक्सीन उपलब्ध है जो ९-४५ वर्ष की बच्चियाँ और महिलाओं को उचित सलाह के बाद अवश्य लगवानी चाहिए। कैंसर कोई छूआछूत की बीमारी नहीं है और ना कि इसका इलाज संभव नहीं है। ज़रूरत है सही समय पर डायग्नोसिस और विशेषज्ञ से मिलकर उचित इलाज। सही लाइफस्टाइल, हेल्थ चेक अप, स्क्रीनिंग व प्रारंभिक लक्षणों को पहचान कर कैंसर को होने से रोका जा सकता है । पारस हेल्थ के *जोनल डायरेक्टर अनिल कुमार* ने बताया कि “ हमारा मकसद है कि ज्यादा – से- ज्यादा और दूर-दराज के लोगों तक कैंसर से जुड़े जागरूकता संदेशों को पहुंचाया जाय”। इसलिए इस कार्यक्रम में अन्य सामाजिक संगठनों को भी आमंत्रित किया गया। पारस एचएमआरआई कैंसर रोग के समुचित निदान के लिए जाना जाता है। यहां अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से कैंसर का इलाज किया जाता है। 24 घंटे यहां कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मौजूद रहती है। इस कार्यक्रम में डायरेक्टर व एचओडी मेडिकल ओन्कोलॉजी डॉ. अभिषेक आनंद, सीनियर कंसल्टेंट व डायरेक्टर रेडिएशन ओन्कोलॉजी डॉ. शेखर कुमार केशरी, मुख्य कंसल्टेंट मेडिकल ऑनकोलॉजी डॉ. आर.एन. टैगोर ने भी अपने विचार रखे। वहीं सीनियर कंसल्टेंट हेड एंड नेक सर्जरी ओन्कोलॉजी डॉ. मिताली दांडेकर लाल, कंसलटेंट ऑनकोसर्जन डॉ. वेद प्रकाश, डॉ. मोसर्रत शाहीन, डॉ. हरिहर नाथ तिवारी, डॉ. चिन्मय बिसवाल, डॉ. केतन चन्द्र नथानी एंव डॉ. मोफिजुर रहमान, एनसीसी के कैडेट्स, अलय फातिमा हई नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं, गुरुदेव पारा मेडिकल कॉलेज के छात्र, सीआरपीएफ के जवान और आंगनबाड़ी सेविकाएं आदि भी शामिल रहीं। *पारस एचएमआरआई के बारे में* पारस एचएमआरआई पटना ने 2013 में परिचालन शुरू किया। यह बिहार का पहला कॉर्पोरेट अस्पताल है जिसके पास परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड द्वारा लाइसेंस प्राप्त कैंसर उपचार केंद्र है। जून 2024 में एक्सेस किए गए एनएबीएच पोर्टल के अनुसार, पारस एचएमआरआई अस्पताल, पटना 2016 में एनएबीएच मान्यता प्राप्त करने वाला बिहार का पहला अस्पताल था। इस अस्पताल की बेड क्षमता 400 से ज्यादा की है, जिसमें 80 आईसीयू बेड शामिल हैं साथ ही 2 LINAC मशीन एंव PET-CT की सुविधा भी उपलब्ध है।
जहानाबाद सदर अस्पताल परिसर स्थित GNM स्कूल भवन में चिकित्सा पदाधिकारियों के लिए IDSP का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित
जहानाबाद सदर अस्पताल परिसर स्थित GNM स्कूल भवन, जहानाबाद में जिले के सभी चिकित्सा पदाधिकारियों, प्रभारी अधीक्षक तथा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (24×7) के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें जिले में संचालित रोग सर्विलेंस प्रणाली की विस्तृत जानकारी प्रतिभागियों को दी गई। प्रशिक्षण सत्र के दौरान क्षेत्र में फैलने वाली प्रमुख संक्रामक बीमारियों—जापानी इंसेफेलाइटिस, टाइफाइड, डायरिया, खसरा (मीजल्स), चिकन पॉक्स आदि—के लक्षण, पहचान, रिपोर्टिंग प्रक्रिया एवं रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसके साथ ही क्षेत्र में संभावित एवं वर्तमान आउटब्रेक की स्थिति पर भी जानकारी साझा की गई, ताकि समय रहते रोग की पहचान कर जिला स्तर तक सूचना प्रेषित की जा सके और आवश्यक निरोधात्मक एवं उपचारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रभारी अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को यह भी बताया गया कि अपने-अपने संस्थानों एवं क्षेत्रों में चल रहे रोग निगरानी कार्यक्रम का दैनिक ऑनलाइन प्रतिवेदन IDSP के IHIP पोर्टल के माध्यम से कैसे किया जाए तथा इसकी नियमित ऑनलाइन मॉनिटरिंग कैसे की जाए।
कार्यक्रम में राज्य, जिला एवं प्रखंड स्तर की रैंकिंग, रिपोर्टिंग की समयबद्धता तथा आंकड़ों की गुणवत्ता पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इस अवसर पर सिविल सर्जन, जहानाबाद डॉ. हरीश चंद्र चौधरी ने उपस्थित प्रतिभागियों को निर्देशित किया कि वे रोग निगरानी कार्यक्रम के अंतर्गत दर्ज होने वाले मामलों की गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ऑनलाइन एंट्री सुनिश्चित करें तथा अपने-अपने संस्थानों में इसकी नियमित अनुश्रवण व्यवस्था लागू करें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी फील्ड मॉनिटर एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक मो. खालिद हुसैन भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन सिविल सर्जन, जहानाबाद के निर्देशानुसार किया गया। प्रशिक्षक के रूप में आलोक कुमार, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट एवं डॉ. प्रमोद कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। वहीं सहयोगी के रूप में अजय कुमार सिन्हा (DEO–IDSP), आद्री संस्था के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले में रोग निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा समय पर रोग नियंत्रण एवं रोकथाम सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जहानाबाद इंडिया अस्मिता रग्बी लीग राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अंशु व सुमन का चयन, बिहार टीम का करेंगी प्रतिनिधित्व
जहानाबाद जिले के लिए यह गर्व और खुशी का क्षण है। शकुराबाद क्षेत्र की दो होनहार रग्बी खिलाड़ी अंशु कुमारी एवं सुमन कुमारी का चयन खेलो इंडिया अस्मिता रग्बी लीग राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए बिहार टीम में किया गया है। दोनों खिलाड़ी बिहार टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए 31 जनवरी से 1 फरवरी तक उड़ीसा के भुवनेश्वर स्थित कलिंगा स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय रग्बी प्रतियोगिता में अपना दमखम दिखाएंगी। इन दोनों खिलाड़ियों के चयन से न केवल उनके परिवारों में, बल्कि पूरे जहानाबाद जिले में हर्ष का माहौल है। स्थानीय खेल प्रेमियों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद अंशु और सुमन ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। दोनों खिलाड़ियों ने जिला, राज्य एवं अन्य प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है। इस उपलब्धि पर बिहार रग्बी एसोसिएशन के सचिव डॉ. पंकज कुमार ज्योति, जहानाबाद रग्बी एसोसिएशन के सचिव गौतम कुमार, अध्यक्ष सचिन कुमार, सह सचिव प्रदीप प्रकाश, कोच विकास कुमार, प्रकाश कुमार, विक्रम कुमार सहित कई खेल पदाधिकारियों, प्रशिक्षकों एवं खेल प्रेमियों ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पदाधिकारियों ने कहा कि यह चयन जहानाबाद में रग्बी खेल के बढ़ते स्तर और बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था का स्पष्ट प्रमाण है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी अंशु कुमारी एवं सुमन कुमारी ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी फुर्ती, तकनीक और टीम भावना की लगातार सराहना होती रही है।
इस बार भी दोनों खिलाड़ियों से उत्कृष्ट प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि बिहार टीम एकजुट होकर बेहतर खेल का प्रदर्शन करे और प्रतियोगिता में सफलता हासिल कर सके। वहीं, यह उपलब्धि स्थानीय युवाओं—खासतौर पर लड़कियों—के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनकर उभरी है। उम्मीद की जा रही है कि इससे जहानाबाद जिले में खेलों के प्रति रुचि और बढ़ेगी तथा आने वाले समय में जिले के और खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे।
पतरातू NTPC-PVUNL प्लांट में बड़ा हादसा: यूनिट-2 के डक्ट की सील फटने से 12 श्रमिक घायल, तकनीकी जांच के आदेश

रामगढ़/पतरातू: पतरातू स्थित PVUNL (पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड) की निर्माणाधीन सुपर थर्मल पावर परियोजना में बुधवार को एक गंभीर तकनीकी खराबी के कारण हादसा हो गया। यूनिट-2 के एयर कूल्ड कंडेंसर (ACC) में परीक्षण के दौरान हुए इस हादसे में 12 श्रमिक घायल हो गए हैं।

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कैसे हुआ हादसा?

हादसा उस समय हुआ जब BHEL (भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड) द्वारा डक्ट इरेक्शन एवं परीक्षण का कार्य किया जा रहा था। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, एयर कूल्ड कंडेंसर (ACC) के डक्ट में लगी इन-प्लेट सील अचानक दबाव झेल नहीं पाई और टूट गई। सील टूटने से डक्ट के भीतर जमा 'प्रेशराइज्ड डस्ट' (दबावयुक्त धूल) तेजी से बाहर निकली, जिसकी चपेट में वहां काम कर रहे मजदूर आ गए।

घायलों की स्थिति और उपचार

हादसे में घायल हुए 12 श्रमिकों में से 9 मैसर्स आरपीपी इंफ्रास्ट्रक्चर के हैं और 3 BHEL के कर्मचारी हैं। सभी घायलों को तत्काल पीटीपीएस अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार:

सभी श्रमिकों को हल्की चोटें आई हैं।

प्राथमिक उपचार के बाद सभी की स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है।

घटना के बाद PVUNL प्रबंधन ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित कर लिया।

प्रबंधन का कड़ा रुख: गठित हुई तकनीकी टीम

PVUNL प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए एक विशेष तकनीकी जांच टीम का गठन किया है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि:

सुरक्षा मानकों की दोबारा समीक्षा की जाएगी।

जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि कोई लापरवाही पाई गई, तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई जाएगी।

विधायक ने जाना हाल-चाल

हादसे की खबर मिलते ही बड़कागांव विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि अस्पताल पहुँचे। उन्होंने घायल श्रमिकों से मुलाकात की और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ प्रबंधन से सुरक्षा उपायों में ढिलाई न बरतने की बात कही।

औरंगाबाद में मेडिकल स्टोर संचालक की गोली मारकर हत्या, जमीन विवाद में बदमाशों का तांडव

,औरंगाबाद जिले में शुक्रवार देर रात बेखौफ अपराधियों ने एक मेडिकल स्टोर संचालक की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी। घटना नवाडीह मोड़ के पास रात करीब 11 बजे की है। मृतक की पहचान नवाडीह निवासी मो. खलील अहमद के 40 वर्षीय बेटे मो. जुनैद के रूप में हुई है।

बताया जा रहा है कि जुनैद दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान वे पास की दुकान पर पान खाने रुके थे, तभी बाइक पर सवार दो अपराधी वहां पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अपराधियों ने चार से पांच राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें दो गोलियां जुनैद को लगीं—एक सीने में और दूसरी पीठ में। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

इलाज के दौरान रास्ते में मौत

स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से गंभीर रूप से घायल जुनैद को सदर अस्पताल लाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर किया। परिजन उन्हें जमुहार मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे, लेकिन डिहरी ऑन सोन पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई। इसके बाद शव को वापस सदर अस्पताल लाया गया, जहां शनिवार सुबह करीब 3 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

जमीन विवाद में हत्या की आशंका

पुलिस के अनुसार हत्या का कारण पुराना जमीन विवाद बताया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि यह विवाद करीब एक साल पुराना है। मृतक के भाई शकील अहमद ने बताया कि पड़ोसी दानिश और वसन के साथ सड़क पर पाइप हटाने को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद उनके घर पर 50-60 लोगों ने हमला किया था। इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी और केस कोर्ट में चल रहा है।

परिजनों का आरोप है कि इसी रंजिश में हत्या की गई है। शकील अहमद के अनुसार, आरोपियों ने पहले भी जान से मारने की धमकी दी थी, यहां तक कि डीएसपी कार्यालय में भी धमकी दी गई थी।

पहले भी हो चुका है जानलेवा हमला

मृतक के मौसेरे भाई मिनहाज ने बताया कि चार महीने पहले उन्हीं अपराधियों ने उन्हें भी गोली मारी थी, लेकिन वे बच गए थे। उस मामले में दो आरोपी जेल में हैं, जबकि एक को बेल मिल चुकी है। परिजनों का आरोप है कि बेल पर छूटने के बाद ही दूसरी वारदात को अंजाम दिया गया।

पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल

परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पहले की घटनाओं में नामजद शिकायत देने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे अपराधियों का मनोबल बढ़ा और वे दोबारा हत्या जैसी वारदात को अंजाम देने में सफल रहे।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ-1 संजय कुमार पांडेय, सर्किल इंस्पेक्टर फहीम आजाद खान और नगर थाना प्रभारी प्रशांत कुमार सदर अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के शरीर से 9 एमएम की दो गोलियां बरामद की गई हैं।

एसपी अम्बरीष राहुल ने घटनास्थल का निरीक्षण कर इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

परिवार में मातम, इलाके में आक्रोश

जुनैद की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। वे अपने पीछे पत्नी, 9 और 5 साल के दो बेटे और 4 महीने की एक बेटी को छोड़ गए हैं। दवा विक्रेता संघ और स्थानीय लोगों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों ने अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है।

औरंगाबाद से धीरेन्द्र पाण्डेय

दवा व्यवसाई हत्याकांड में एक गिरफ्तार, आपसी रंजिश में साजिशन हत्या का खुलासा

औरंगाबाद: नगर थाना क्षेत्र के नावाडीह मोहल्ला निवासी दवा व्यवसाई जुनैद अहमद की गोली मारकर की गई हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान नवाडीह चौक निवासी मो. नौसाद के रूप में की गई है। पुलिस के अनुसार यह वारदात आपसी रंजिश और पूर्व से चले आ रहे विवाद का नतीजा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की रात करीब 10:30 बजे जुनैद अहमद अपनी मेडिकल दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान महावीर मंदिर के समीप पहले से घात लगाए बाइक सवार अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ चार गोलियां चला दीं। गोली लगते ही जुनैद गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े, जबकि अपराधी मौके से फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायल जुनैद को सदर अस्पताल पहुंचाया गया। वहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल, जमुहार रेफर कर दिया, जहां जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद शव को सदर अस्पताल लाया गया, आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया।

सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संजय कुमार पांडे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक और अभियुक्तों के बीच पूर्व से आपसी विवाद को लेकर न्यायालय में मुकदमा चल रहा था। इसी रंजिश के तहत साजिश रचकर हत्या कराई गई है।

मृतक के भाई जुबैर अहमद ने इस मामले में सात नामजद अभियुक्तों के खिलाफ साजिशन हत्या का आरोप लगाया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अम्बरीष राहुल के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और आसूचना के आधार पर एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी संलिप्त अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

आगरा में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार कंटेनर ने दो ऑटो को रौंदा, जगन्नाथ यात्रा से लौट रहे 5 श्रद्धालुओं की मौत, 3 की हालत नाजुक

लखनऊ । आगरा के थाना खंदौली क्षेत्र में शनिवार को एक भीषण और दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार कंटेनर ने सड़क पर आगे चल रहे दो ऑटो को कुचल दिया, जिससे पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।यह सभी लोग जगन्नाथ पुरी यात्रा से लौट रहे थे और ट्रेन से आगरा कैंट स्टेशन उतरने के बाद ऑटो से अपने गांव जा रहे थे। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार, अफरा-तफरी और मातम का माहौल बन गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों ऑटो एक ही दिशा में चल रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार कंटेनर ने पहले एक ऑटो में जोरदार टक्कर मारी और फिर दूसरे ऑटो को भी अपनी चपेट में ले लिया।टक्कर इतनी भीषण थी कि—दोनों ऑटो बुरी तरह पिचक गए,यात्रियों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी,कुछ लोग ऑटो के भीतर ही फंस गए।

जानकारी के मुताबिक, थाना सहपऊ क्षेत्र के गांव भादउ के रहने वाले 7 लोग 20 जनवरी को जगन्नाथ पुरी दर्शन के लिए निकले थे। दर्शन के बाद शनिवार को ये लोग जबलपुर से आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे। स्टेशन से गांव लौटने के लिए इन्होंने ऑटो बुक कराया और दो ऑटो में सवार होकर निकल पड़े, लेकिन रास्ते में यह भयावह हादसा हो गया।हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान इस प्रकार बताई गई—बीजो, लख्मीचंद, रणवीर सिंह (रिटायर्ड दारोगा), बिल्ला मिस्त्री, शाहिद (ऑटो चालक, शाहिद खान)के रूप में हुई। पांचों के शव एसएन मेडिकल कॉलेज लाए गए हैं, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है।हादसे में गंभीर रूप से घायल—धनप्रसाद को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है।

विजय सिंह और उदय सिंह को यमुना पार स्थित अम्बे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।चिकित्सकों के अनुसार घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने कंटेनर चालक को मौके पर ही दबोच लिया। गुस्साए लोगों ने उसके साथ मारपीट भी की। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और चालक को अपने कब्जे में ले लिया।सूचना मिलते ही थाना खंदौली पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस का कहना है कि हादसे के संबंध में कानूनी कार्रवाई की जा रही है, कंटेनर को कब्जे में लिया गया है और चालक से पूछताछ जारी है।
हिंदू लड़कियों का बुर्के में डांस वीडियो पर कार्रवाई,दोबारा ऐसा न हो-डीआईओएस की चेतावनी

*स्कूल प्रबंधक व प्रिंसिपल को शोकाज

गोंडा।जिले के गुरु चरण श्रीवास्तव एआर इंटर कॉलेज में हिंदू लड़कियों के बुर्का पहनकर डांस करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ रामचंद्र ने जांच किया है और उसके बाद विद्यालय के प्रबंधक व प्रिंसिपल से स्पष्टीकरण तलब किया था।विद्यालय के प्रिंसिपल राजू श्रीवास्तव ने डीआईओएस को भेजे स्पष्टीकरण में वायरल वीडियो और कार्यक्रम के लिए माफी मांगी है तथा आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं किया जाएगा।प्रिंसिपल ने बताया कि बुर्का पहनने वाली लड़कियां कहीं और से नहीं थीं बल्कि विद्यालय में पढ़ने वाली मुस्लिम छात्राएं ही थीं जिन्होनें अपने बुर्के दिए।जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ रामचंद्र ने बताया कि 26 जनवरी को विद्यालय में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था,इसमें भूतों की टोली नामक एक प्रस्तुति थी,जिसके लिए वेशभूषा की आवश्यकता थी।विद्यालय में पढ़ने वाली मुस्लिम छात्राओ ने अपने बुर्के और नकाब दिए थे,जिनका उपयोग इस कार्यक्रम में किया गया था।यह वीडियो सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा एडिट करके वायरल किया गया जिससे धार्मिक भावनाएं आहत होने की शिकायतें मिली।जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि पुलिस और उन्होंने इस मामले का संज्ञान लिया है।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा होती है,तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।जिन लोगों ने वीडियो वायरल किया था उन्होंने थाने पर पहुंच करके अपना माफीनामा दिया है और हमने भी तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है।उन्होंने लिखा है कि अगर किसी की भावनाएं आहत हुई हों तो हम उनसे क्षमा चाहते हैं और इस तरह का कार्यक्रम हम दोबारा नहीं करेंगे।यह हिंदू समाज की ही लड़कियां थीं जिन्होने वहाँ पर कार्यक्रम किया है।प्रबंधक ने हमको लिखित रूप से दिया है कि इस तरीके का कोई भी कार्यक्रम हम दोबारा नहीं करेंगे।दरअसल हिंदू व मुस्लिम दोनों समाज के लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर खूब कार्रवाई की मांग की थी।
एमपी-एमएलए कोर्ट ने विदेश राज्यमंत्री का निगरानी वाद किया खारिज,लगातार अनुपस्थित रहने के कारण खारिज हुआ वाद
*11 अगस्त को दिया था मुकदमे का आदेश

गोंडा।अपर सत्र न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट राजेश कुमार तृतीय की अदालत ने विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया के निगरानी वाद और स्थगन प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है।यह फैसला निगरानीकर्ता की लगातार अनुपस्थिति के कारण लिया गया है।न्यायालय द्वारा बार बार उपस्थित होने के कहा जा रहा था परन्तु वह उपस्थित नहीं हो रहे थे।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि निगरानीकर्ता लगातार अनुपस्थित चल रहे थे जबकि विपक्षी अजय सिंह लगातार कोर्ट में उपस्थित हो रहे थे।बार बार पुकारने के बावजूद निगरानीकर्ता की तरफ से कोई उपस्थित नहीं हुआ।विपक्षी के अधिवक्ता ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि निगरानीकर्ता विभिन्न तारीखों से बार बार स्थगन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं और सुनवाई नहीं चाहते।

दरअसल बीते 12 अगस्त को एमपी एमएलए कोर्ट ने मनकापुर भिटौरा निवासी अजय सिंह के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए मनकापुर कोतवाली को निर्देश दिया था कि विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया,उनके निजी सचिव राजेश सिंह, पिंकू,सहदेव यादव और क्रांति सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।इस आदेश को चुनौती देते हुए विदेश राज्यमंत्री ने ऊपरी अदालत में यह निगरानी वाद दायर किया था।

अजय सिंह ने आरोप लगाया था कि विदेश राज्यमंत्री ने अपने निजी सचिव राजेश सिंह, पिंकू,सहदेव यादव और क्रांति के साथ मिलकर एक महिला की जमीन को धोखाधड़ी से किसी और को बेंच दिया।अजय सिंह के अनुसार जब उनकी पत्नी मनीषा ने इस जालसाजी की शिकायत किया तो आरोपियों ने उन्हें सुलह करने की धमकी दिया और जब वे नहीं माने तो आरोपियों ने अपने निजी सचिव के माध्यम से उनके ऊपर झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया है।वहीं कोर्ट द्वारा निगरानी वाद खारिज किए जाने पर विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया के विपक्षी अजय सिंह ने कहा कि 2012 में हमने मनकापुर गांव में जमीन लिखवाया था और उसी जमीन को हड़पने के लिए विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया, उनके प्रतिनिधि राजेश सिंह,सहदेव, पिंकू और क्रांति ने योजनाबद्ध तरीके से मेरी जमीन को हड़प लेना चाहते हैं।इसी पर हमने शिकायत किया था तो एमपी एमएलए कोर्ट ने 11 अगस्त को इन सभी लोगों के ऊपर भारतीय न्याय संहिता की धारा 173(4) के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था और इस मुकदमे को रोकने के लिए इन लोगों ने जनपद न्यायाधीश के यहां निगरानी वाद दायर किया था,जिसे जिला जज के यहां से एमपी एमएलए कोर्ट राजेश कुमार तृतीय के यहां भेज दिया गया तथा इसी अदालत पर लगातार सुनवाई चल रही थी परन्तु यह लोग निरंतर मौका दरख्वास्त देकर भाग रहे थे।आज इस निगरानी वाद को एमपी एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश राजेश कुमार तृतीय ने खारिज कर दिया है।हम चाहते हैं कि न्यायालय ने जो आदेश दिया था वह मुकदमा दर्ज किया जाए और पुलिस इस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच करे।
देवघर-डीएवी भंडारकोला के विद्यार्थियों का एम्स देवघर में शैक्षणिक भ्रमण।
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देवघर: गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल भंडारकोला के बारहवीं कक्षा के जीव विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, देवघर में शैक्षणिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को चिकित्सा विज्ञान, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं तथा अनुसंधान के क्षेत्र में हो रहे नवीन कार्यों से अवगत कराना था। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न विभागों, प्रयोगशालाओं एवं चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।भर्ती रोगी विभाग,बाह्य रोगी विभाग,गहन चिकित्सा इकाई,कान, नाक एवं गला रोग विभाग, शारीरिक चिकित्सा एवं पुनर्वास विभाग,प्रसव कक्ष,कैथ लैब / हृदय कैथेटराइजेशन प्रयोगशाला ,एमआरआई जाँच केंद्र ,सीटी स्कैन केंद्र, एंडोस्कोपी विभाग, व्याख्यान कक्ष,दंत चिकित्सा विभाग,मानसिक रोग विभाग,अस्थि रोग विभाग, जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट (चिकित्सा कचरा)नवजात शिशु वार्ड,नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई का भ्रमण किया। विशेषज्ञ डॉक्टरों एवं प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को चिकित्सा क्षेत्र में करियर की संभावनाओं, आधुनिक तकनीकों तथा मानव सेवा के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य सेवाओं में अनुशासन, समर्पण एवं करुणा की भूमिका को भी समझा। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने में सहायक होते हैं। और उन्हें अपने भविष्य के लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित करते हैं। विद्यार्थियों ने इस भ्रमण को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं रोचक बताया। विद्यालय प्रबंधन ने एम्स प्रशासन का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने विद्यार्थियों को इस महत्वपूर्ण संस्थान के कार्यों से परिचित होने का अवसर प्रदान किया। इसकी जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
कैंसर से डरने की नहीं, सभी को मिलकर लड़ने की ज़रूरत है - पारस एचएमआरआई*
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पटना। विश्व कैंसर दिवस पर पारस एचएमआरआई, पटना में शनिवार 31 जनवरी को कैंसर के प्रति जागरूकता हेल्थ टॉक एंव कैंसर सर्वाइवर मीट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पद्मश्री विमल कुमार जैन, डॉ. ए.ए. हई, राधेश्याम बंसल, अभय प्रकाश डीआईजी एंव जोनल डायरेक्टर अनिल कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुरुआत किया। इस दौरान एक हेल्थ टॉक “उम्मीद के सितारे” का भी आयजोन किया गया, जिसमें कैंसर से जंग जीत चुके लगभग 50 मरीजों एंव उनके परिवार के लोग ने अपना अनुभव सांझा किया। उन्होंने शुरुआती चरण में बीमारी के लक्षण पता नहीं चलने की बात पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि जब उन्हें इसका पता चला तब तक काफी देर हो चुकी थी, लेकिन पारस एचएमआरआई के डॉक्टरों ने उन्हें बेहतरीन इलाज से बचा लिया। उन्होंने बताया कि कैंसर के बारे में अगर उन्हें भी पहले पता होता तो इलाज जल्द हो जाता। एक सर्वाइवर ने बताया कि कैंसर अब लाइलाज नहीं रहा। इससे लड़ने के लिए ना सिर्फ इलाज बल्कि डॉक्टर से मिल रहे मोटिवेशन की भी जरूरत होती है। पारस एचएमआरआई के डॉक्टर मरीजों को इस बीमारी से जंग जीतने के लिए मोटिवेट करके इलाज करते हैं, जो सबसे ज्यादा जरूरी है। इस दौरान हॉस्पिटल प्रबंधन की ओर से 25 सरवाइवर्स को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पारस एचएमआरआई के *डायरेक्टर जेनेरल सर्जरी डॉ. एए हई* ने कहा कि एक रिपोर्ट के अनुसार 1 साल में लगभग 15 लाख लोग कैंसर की चपेट में आते हैं। खानपान और दिनचर्या में सुधार लाकर और अल्कोहल जैसी चीजों से दूरी बनाकर कैंसर के 50 प्रतिशत तक मामलों को रोका जा सकता है। इस मौके पर *डायरेक्टर हेमेटोओन्कोलॉजी डॉ. अविनाश कुमार सिंह* ने कहा कि कैंसर से बचने के लिए यह जरूरी है कि गुटखा, बीड़ी, सिगरेट या अल्कोहल जैसी किसी भी तरह की नशीली पदार्थ का सेवन न करें। आज मुँह और गले का कैंसर, स्तन के कैंसर और बच्चेदानी के कैंसर से लोग ज्यादा पीड़ित होते हैं। फेफड़े और पित्ताशय के कैंसर के मरीज़ों की संख्या भी कम नहीं है। बच्चेदानी के कैंसर से बचने के लिए वैक्सीन उपलब्ध है जो ९-४५ वर्ष की बच्चियाँ और महिलाओं को उचित सलाह के बाद अवश्य लगवानी चाहिए। कैंसर कोई छूआछूत की बीमारी नहीं है और ना कि इसका इलाज संभव नहीं है। ज़रूरत है सही समय पर डायग्नोसिस और विशेषज्ञ से मिलकर उचित इलाज। सही लाइफस्टाइल, हेल्थ चेक अप, स्क्रीनिंग व प्रारंभिक लक्षणों को पहचान कर कैंसर को होने से रोका जा सकता है । पारस हेल्थ के *जोनल डायरेक्टर अनिल कुमार* ने बताया कि “ हमारा मकसद है कि ज्यादा – से- ज्यादा और दूर-दराज के लोगों तक कैंसर से जुड़े जागरूकता संदेशों को पहुंचाया जाय”। इसलिए इस कार्यक्रम में अन्य सामाजिक संगठनों को भी आमंत्रित किया गया। पारस एचएमआरआई कैंसर रोग के समुचित निदान के लिए जाना जाता है। यहां अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से कैंसर का इलाज किया जाता है। 24 घंटे यहां कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मौजूद रहती है। इस कार्यक्रम में डायरेक्टर व एचओडी मेडिकल ओन्कोलॉजी डॉ. अभिषेक आनंद, सीनियर कंसल्टेंट व डायरेक्टर रेडिएशन ओन्कोलॉजी डॉ. शेखर कुमार केशरी, मुख्य कंसल्टेंट मेडिकल ऑनकोलॉजी डॉ. आर.एन. टैगोर ने भी अपने विचार रखे। वहीं सीनियर कंसल्टेंट हेड एंड नेक सर्जरी ओन्कोलॉजी डॉ. मिताली दांडेकर लाल, कंसलटेंट ऑनकोसर्जन डॉ. वेद प्रकाश, डॉ. मोसर्रत शाहीन, डॉ. हरिहर नाथ तिवारी, डॉ. चिन्मय बिसवाल, डॉ. केतन चन्द्र नथानी एंव डॉ. मोफिजुर रहमान, एनसीसी के कैडेट्स, अलय फातिमा हई नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं, गुरुदेव पारा मेडिकल कॉलेज के छात्र, सीआरपीएफ के जवान और आंगनबाड़ी सेविकाएं आदि भी शामिल रहीं। *पारस एचएमआरआई के बारे में* पारस एचएमआरआई पटना ने 2013 में परिचालन शुरू किया। यह बिहार का पहला कॉर्पोरेट अस्पताल है जिसके पास परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड द्वारा लाइसेंस प्राप्त कैंसर उपचार केंद्र है। जून 2024 में एक्सेस किए गए एनएबीएच पोर्टल के अनुसार, पारस एचएमआरआई अस्पताल, पटना 2016 में एनएबीएच मान्यता प्राप्त करने वाला बिहार का पहला अस्पताल था। इस अस्पताल की बेड क्षमता 400 से ज्यादा की है, जिसमें 80 आईसीयू बेड शामिल हैं साथ ही 2 LINAC मशीन एंव PET-CT की सुविधा भी उपलब्ध है।
जहानाबाद सदर अस्पताल परिसर स्थित GNM स्कूल भवन में चिकित्सा पदाधिकारियों के लिए IDSP का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित
जहानाबाद सदर अस्पताल परिसर स्थित GNM स्कूल भवन, जहानाबाद में जिले के सभी चिकित्सा पदाधिकारियों, प्रभारी अधीक्षक तथा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (24×7) के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें जिले में संचालित रोग सर्विलेंस प्रणाली की विस्तृत जानकारी प्रतिभागियों को दी गई। प्रशिक्षण सत्र के दौरान क्षेत्र में फैलने वाली प्रमुख संक्रामक बीमारियों—जापानी इंसेफेलाइटिस, टाइफाइड, डायरिया, खसरा (मीजल्स), चिकन पॉक्स आदि—के लक्षण, पहचान, रिपोर्टिंग प्रक्रिया एवं रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसके साथ ही क्षेत्र में संभावित एवं वर्तमान आउटब्रेक की स्थिति पर भी जानकारी साझा की गई, ताकि समय रहते रोग की पहचान कर जिला स्तर तक सूचना प्रेषित की जा सके और आवश्यक निरोधात्मक एवं उपचारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रभारी अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को यह भी बताया गया कि अपने-अपने संस्थानों एवं क्षेत्रों में चल रहे रोग निगरानी कार्यक्रम का दैनिक ऑनलाइन प्रतिवेदन IDSP के IHIP पोर्टल के माध्यम से कैसे किया जाए तथा इसकी नियमित ऑनलाइन मॉनिटरिंग कैसे की जाए।
कार्यक्रम में राज्य, जिला एवं प्रखंड स्तर की रैंकिंग, रिपोर्टिंग की समयबद्धता तथा आंकड़ों की गुणवत्ता पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इस अवसर पर सिविल सर्जन, जहानाबाद डॉ. हरीश चंद्र चौधरी ने उपस्थित प्रतिभागियों को निर्देशित किया कि वे रोग निगरानी कार्यक्रम के अंतर्गत दर्ज होने वाले मामलों की गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ऑनलाइन एंट्री सुनिश्चित करें तथा अपने-अपने संस्थानों में इसकी नियमित अनुश्रवण व्यवस्था लागू करें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी फील्ड मॉनिटर एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक मो. खालिद हुसैन भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन सिविल सर्जन, जहानाबाद के निर्देशानुसार किया गया। प्रशिक्षक के रूप में आलोक कुमार, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट एवं डॉ. प्रमोद कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। वहीं सहयोगी के रूप में अजय कुमार सिन्हा (DEO–IDSP), आद्री संस्था के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले में रोग निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा समय पर रोग नियंत्रण एवं रोकथाम सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जहानाबाद इंडिया अस्मिता रग्बी लीग राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अंशु व सुमन का चयन, बिहार टीम का करेंगी प्रतिनिधित्व
जहानाबाद जिले के लिए यह गर्व और खुशी का क्षण है। शकुराबाद क्षेत्र की दो होनहार रग्बी खिलाड़ी अंशु कुमारी एवं सुमन कुमारी का चयन खेलो इंडिया अस्मिता रग्बी लीग राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए बिहार टीम में किया गया है। दोनों खिलाड़ी बिहार टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए 31 जनवरी से 1 फरवरी तक उड़ीसा के भुवनेश्वर स्थित कलिंगा स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय रग्बी प्रतियोगिता में अपना दमखम दिखाएंगी। इन दोनों खिलाड़ियों के चयन से न केवल उनके परिवारों में, बल्कि पूरे जहानाबाद जिले में हर्ष का माहौल है। स्थानीय खेल प्रेमियों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद अंशु और सुमन ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। दोनों खिलाड़ियों ने जिला, राज्य एवं अन्य प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है। इस उपलब्धि पर बिहार रग्बी एसोसिएशन के सचिव डॉ. पंकज कुमार ज्योति, जहानाबाद रग्बी एसोसिएशन के सचिव गौतम कुमार, अध्यक्ष सचिन कुमार, सह सचिव प्रदीप प्रकाश, कोच विकास कुमार, प्रकाश कुमार, विक्रम कुमार सहित कई खेल पदाधिकारियों, प्रशिक्षकों एवं खेल प्रेमियों ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पदाधिकारियों ने कहा कि यह चयन जहानाबाद में रग्बी खेल के बढ़ते स्तर और बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था का स्पष्ट प्रमाण है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी अंशु कुमारी एवं सुमन कुमारी ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी फुर्ती, तकनीक और टीम भावना की लगातार सराहना होती रही है।
इस बार भी दोनों खिलाड़ियों से उत्कृष्ट प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि बिहार टीम एकजुट होकर बेहतर खेल का प्रदर्शन करे और प्रतियोगिता में सफलता हासिल कर सके। वहीं, यह उपलब्धि स्थानीय युवाओं—खासतौर पर लड़कियों—के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनकर उभरी है। उम्मीद की जा रही है कि इससे जहानाबाद जिले में खेलों के प्रति रुचि और बढ़ेगी तथा आने वाले समय में जिले के और खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे।
पतरातू NTPC-PVUNL प्लांट में बड़ा हादसा: यूनिट-2 के डक्ट की सील फटने से 12 श्रमिक घायल, तकनीकी जांच के आदेश

रामगढ़/पतरातू: पतरातू स्थित PVUNL (पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड) की निर्माणाधीन सुपर थर्मल पावर परियोजना में बुधवार को एक गंभीर तकनीकी खराबी के कारण हादसा हो गया। यूनिट-2 के एयर कूल्ड कंडेंसर (ACC) में परीक्षण के दौरान हुए इस हादसे में 12 श्रमिक घायल हो गए हैं।

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कैसे हुआ हादसा?

हादसा उस समय हुआ जब BHEL (भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड) द्वारा डक्ट इरेक्शन एवं परीक्षण का कार्य किया जा रहा था। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, एयर कूल्ड कंडेंसर (ACC) के डक्ट में लगी इन-प्लेट सील अचानक दबाव झेल नहीं पाई और टूट गई। सील टूटने से डक्ट के भीतर जमा 'प्रेशराइज्ड डस्ट' (दबावयुक्त धूल) तेजी से बाहर निकली, जिसकी चपेट में वहां काम कर रहे मजदूर आ गए।

घायलों की स्थिति और उपचार

हादसे में घायल हुए 12 श्रमिकों में से 9 मैसर्स आरपीपी इंफ्रास्ट्रक्चर के हैं और 3 BHEL के कर्मचारी हैं। सभी घायलों को तत्काल पीटीपीएस अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार:

सभी श्रमिकों को हल्की चोटें आई हैं।

प्राथमिक उपचार के बाद सभी की स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है।

घटना के बाद PVUNL प्रबंधन ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित कर लिया।

प्रबंधन का कड़ा रुख: गठित हुई तकनीकी टीम

PVUNL प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए एक विशेष तकनीकी जांच टीम का गठन किया है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि:

सुरक्षा मानकों की दोबारा समीक्षा की जाएगी।

जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि कोई लापरवाही पाई गई, तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई जाएगी।

विधायक ने जाना हाल-चाल

हादसे की खबर मिलते ही बड़कागांव विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि अस्पताल पहुँचे। उन्होंने घायल श्रमिकों से मुलाकात की और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ प्रबंधन से सुरक्षा उपायों में ढिलाई न बरतने की बात कही।

औरंगाबाद में मेडिकल स्टोर संचालक की गोली मारकर हत्या, जमीन विवाद में बदमाशों का तांडव

,औरंगाबाद जिले में शुक्रवार देर रात बेखौफ अपराधियों ने एक मेडिकल स्टोर संचालक की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी। घटना नवाडीह मोड़ के पास रात करीब 11 बजे की है। मृतक की पहचान नवाडीह निवासी मो. खलील अहमद के 40 वर्षीय बेटे मो. जुनैद के रूप में हुई है।

बताया जा रहा है कि जुनैद दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान वे पास की दुकान पर पान खाने रुके थे, तभी बाइक पर सवार दो अपराधी वहां पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अपराधियों ने चार से पांच राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें दो गोलियां जुनैद को लगीं—एक सीने में और दूसरी पीठ में। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

इलाज के दौरान रास्ते में मौत

स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से गंभीर रूप से घायल जुनैद को सदर अस्पताल लाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर किया। परिजन उन्हें जमुहार मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे, लेकिन डिहरी ऑन सोन पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई। इसके बाद शव को वापस सदर अस्पताल लाया गया, जहां शनिवार सुबह करीब 3 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

जमीन विवाद में हत्या की आशंका

पुलिस के अनुसार हत्या का कारण पुराना जमीन विवाद बताया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि यह विवाद करीब एक साल पुराना है। मृतक के भाई शकील अहमद ने बताया कि पड़ोसी दानिश और वसन के साथ सड़क पर पाइप हटाने को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद उनके घर पर 50-60 लोगों ने हमला किया था। इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी और केस कोर्ट में चल रहा है।

परिजनों का आरोप है कि इसी रंजिश में हत्या की गई है। शकील अहमद के अनुसार, आरोपियों ने पहले भी जान से मारने की धमकी दी थी, यहां तक कि डीएसपी कार्यालय में भी धमकी दी गई थी।

पहले भी हो चुका है जानलेवा हमला

मृतक के मौसेरे भाई मिनहाज ने बताया कि चार महीने पहले उन्हीं अपराधियों ने उन्हें भी गोली मारी थी, लेकिन वे बच गए थे। उस मामले में दो आरोपी जेल में हैं, जबकि एक को बेल मिल चुकी है। परिजनों का आरोप है कि बेल पर छूटने के बाद ही दूसरी वारदात को अंजाम दिया गया।

पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल

परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पहले की घटनाओं में नामजद शिकायत देने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे अपराधियों का मनोबल बढ़ा और वे दोबारा हत्या जैसी वारदात को अंजाम देने में सफल रहे।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ-1 संजय कुमार पांडेय, सर्किल इंस्पेक्टर फहीम आजाद खान और नगर थाना प्रभारी प्रशांत कुमार सदर अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के शरीर से 9 एमएम की दो गोलियां बरामद की गई हैं।

एसपी अम्बरीष राहुल ने घटनास्थल का निरीक्षण कर इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

परिवार में मातम, इलाके में आक्रोश

जुनैद की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। वे अपने पीछे पत्नी, 9 और 5 साल के दो बेटे और 4 महीने की एक बेटी को छोड़ गए हैं। दवा विक्रेता संघ और स्थानीय लोगों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों ने अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है।

औरंगाबाद से धीरेन्द्र पाण्डेय

दवा व्यवसाई हत्याकांड में एक गिरफ्तार, आपसी रंजिश में साजिशन हत्या का खुलासा

औरंगाबाद: नगर थाना क्षेत्र के नावाडीह मोहल्ला निवासी दवा व्यवसाई जुनैद अहमद की गोली मारकर की गई हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान नवाडीह चौक निवासी मो. नौसाद के रूप में की गई है। पुलिस के अनुसार यह वारदात आपसी रंजिश और पूर्व से चले आ रहे विवाद का नतीजा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की रात करीब 10:30 बजे जुनैद अहमद अपनी मेडिकल दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान महावीर मंदिर के समीप पहले से घात लगाए बाइक सवार अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ चार गोलियां चला दीं। गोली लगते ही जुनैद गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े, जबकि अपराधी मौके से फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायल जुनैद को सदर अस्पताल पहुंचाया गया। वहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल, जमुहार रेफर कर दिया, जहां जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद शव को सदर अस्पताल लाया गया, आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया।

सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संजय कुमार पांडे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक और अभियुक्तों के बीच पूर्व से आपसी विवाद को लेकर न्यायालय में मुकदमा चल रहा था। इसी रंजिश के तहत साजिश रचकर हत्या कराई गई है।

मृतक के भाई जुबैर अहमद ने इस मामले में सात नामजद अभियुक्तों के खिलाफ साजिशन हत्या का आरोप लगाया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अम्बरीष राहुल के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और आसूचना के आधार पर एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी संलिप्त अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

आगरा में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार कंटेनर ने दो ऑटो को रौंदा, जगन्नाथ यात्रा से लौट रहे 5 श्रद्धालुओं की मौत, 3 की हालत नाजुक

लखनऊ । आगरा के थाना खंदौली क्षेत्र में शनिवार को एक भीषण और दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार कंटेनर ने सड़क पर आगे चल रहे दो ऑटो को कुचल दिया, जिससे पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।यह सभी लोग जगन्नाथ पुरी यात्रा से लौट रहे थे और ट्रेन से आगरा कैंट स्टेशन उतरने के बाद ऑटो से अपने गांव जा रहे थे। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार, अफरा-तफरी और मातम का माहौल बन गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों ऑटो एक ही दिशा में चल रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार कंटेनर ने पहले एक ऑटो में जोरदार टक्कर मारी और फिर दूसरे ऑटो को भी अपनी चपेट में ले लिया।टक्कर इतनी भीषण थी कि—दोनों ऑटो बुरी तरह पिचक गए,यात्रियों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी,कुछ लोग ऑटो के भीतर ही फंस गए।

जानकारी के मुताबिक, थाना सहपऊ क्षेत्र के गांव भादउ के रहने वाले 7 लोग 20 जनवरी को जगन्नाथ पुरी दर्शन के लिए निकले थे। दर्शन के बाद शनिवार को ये लोग जबलपुर से आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे। स्टेशन से गांव लौटने के लिए इन्होंने ऑटो बुक कराया और दो ऑटो में सवार होकर निकल पड़े, लेकिन रास्ते में यह भयावह हादसा हो गया।हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान इस प्रकार बताई गई—बीजो, लख्मीचंद, रणवीर सिंह (रिटायर्ड दारोगा), बिल्ला मिस्त्री, शाहिद (ऑटो चालक, शाहिद खान)के रूप में हुई। पांचों के शव एसएन मेडिकल कॉलेज लाए गए हैं, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है।हादसे में गंभीर रूप से घायल—धनप्रसाद को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है।

विजय सिंह और उदय सिंह को यमुना पार स्थित अम्बे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।चिकित्सकों के अनुसार घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने कंटेनर चालक को मौके पर ही दबोच लिया। गुस्साए लोगों ने उसके साथ मारपीट भी की। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और चालक को अपने कब्जे में ले लिया।सूचना मिलते ही थाना खंदौली पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस का कहना है कि हादसे के संबंध में कानूनी कार्रवाई की जा रही है, कंटेनर को कब्जे में लिया गया है और चालक से पूछताछ जारी है।
हिंदू लड़कियों का बुर्के में डांस वीडियो पर कार्रवाई,दोबारा ऐसा न हो-डीआईओएस की चेतावनी

*स्कूल प्रबंधक व प्रिंसिपल को शोकाज

गोंडा।जिले के गुरु चरण श्रीवास्तव एआर इंटर कॉलेज में हिंदू लड़कियों के बुर्का पहनकर डांस करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ रामचंद्र ने जांच किया है और उसके बाद विद्यालय के प्रबंधक व प्रिंसिपल से स्पष्टीकरण तलब किया था।विद्यालय के प्रिंसिपल राजू श्रीवास्तव ने डीआईओएस को भेजे स्पष्टीकरण में वायरल वीडियो और कार्यक्रम के लिए माफी मांगी है तथा आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं किया जाएगा।प्रिंसिपल ने बताया कि बुर्का पहनने वाली लड़कियां कहीं और से नहीं थीं बल्कि विद्यालय में पढ़ने वाली मुस्लिम छात्राएं ही थीं जिन्होनें अपने बुर्के दिए।जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ रामचंद्र ने बताया कि 26 जनवरी को विद्यालय में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था,इसमें भूतों की टोली नामक एक प्रस्तुति थी,जिसके लिए वेशभूषा की आवश्यकता थी।विद्यालय में पढ़ने वाली मुस्लिम छात्राओ ने अपने बुर्के और नकाब दिए थे,जिनका उपयोग इस कार्यक्रम में किया गया था।यह वीडियो सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा एडिट करके वायरल किया गया जिससे धार्मिक भावनाएं आहत होने की शिकायतें मिली।जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि पुलिस और उन्होंने इस मामले का संज्ञान लिया है।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा होती है,तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।जिन लोगों ने वीडियो वायरल किया था उन्होंने थाने पर पहुंच करके अपना माफीनामा दिया है और हमने भी तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है।उन्होंने लिखा है कि अगर किसी की भावनाएं आहत हुई हों तो हम उनसे क्षमा चाहते हैं और इस तरह का कार्यक्रम हम दोबारा नहीं करेंगे।यह हिंदू समाज की ही लड़कियां थीं जिन्होने वहाँ पर कार्यक्रम किया है।प्रबंधक ने हमको लिखित रूप से दिया है कि इस तरीके का कोई भी कार्यक्रम हम दोबारा नहीं करेंगे।दरअसल हिंदू व मुस्लिम दोनों समाज के लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर खूब कार्रवाई की मांग की थी।
एमपी-एमएलए कोर्ट ने विदेश राज्यमंत्री का निगरानी वाद किया खारिज,लगातार अनुपस्थित रहने के कारण खारिज हुआ वाद
*11 अगस्त को दिया था मुकदमे का आदेश

गोंडा।अपर सत्र न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट राजेश कुमार तृतीय की अदालत ने विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया के निगरानी वाद और स्थगन प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है।यह फैसला निगरानीकर्ता की लगातार अनुपस्थिति के कारण लिया गया है।न्यायालय द्वारा बार बार उपस्थित होने के कहा जा रहा था परन्तु वह उपस्थित नहीं हो रहे थे।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि निगरानीकर्ता लगातार अनुपस्थित चल रहे थे जबकि विपक्षी अजय सिंह लगातार कोर्ट में उपस्थित हो रहे थे।बार बार पुकारने के बावजूद निगरानीकर्ता की तरफ से कोई उपस्थित नहीं हुआ।विपक्षी के अधिवक्ता ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि निगरानीकर्ता विभिन्न तारीखों से बार बार स्थगन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं और सुनवाई नहीं चाहते।

दरअसल बीते 12 अगस्त को एमपी एमएलए कोर्ट ने मनकापुर भिटौरा निवासी अजय सिंह के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए मनकापुर कोतवाली को निर्देश दिया था कि विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया,उनके निजी सचिव राजेश सिंह, पिंकू,सहदेव यादव और क्रांति सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।इस आदेश को चुनौती देते हुए विदेश राज्यमंत्री ने ऊपरी अदालत में यह निगरानी वाद दायर किया था।

अजय सिंह ने आरोप लगाया था कि विदेश राज्यमंत्री ने अपने निजी सचिव राजेश सिंह, पिंकू,सहदेव यादव और क्रांति के साथ मिलकर एक महिला की जमीन को धोखाधड़ी से किसी और को बेंच दिया।अजय सिंह के अनुसार जब उनकी पत्नी मनीषा ने इस जालसाजी की शिकायत किया तो आरोपियों ने उन्हें सुलह करने की धमकी दिया और जब वे नहीं माने तो आरोपियों ने अपने निजी सचिव के माध्यम से उनके ऊपर झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया है।वहीं कोर्ट द्वारा निगरानी वाद खारिज किए जाने पर विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया के विपक्षी अजय सिंह ने कहा कि 2012 में हमने मनकापुर गांव में जमीन लिखवाया था और उसी जमीन को हड़पने के लिए विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया, उनके प्रतिनिधि राजेश सिंह,सहदेव, पिंकू और क्रांति ने योजनाबद्ध तरीके से मेरी जमीन को हड़प लेना चाहते हैं।इसी पर हमने शिकायत किया था तो एमपी एमएलए कोर्ट ने 11 अगस्त को इन सभी लोगों के ऊपर भारतीय न्याय संहिता की धारा 173(4) के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था और इस मुकदमे को रोकने के लिए इन लोगों ने जनपद न्यायाधीश के यहां निगरानी वाद दायर किया था,जिसे जिला जज के यहां से एमपी एमएलए कोर्ट राजेश कुमार तृतीय के यहां भेज दिया गया तथा इसी अदालत पर लगातार सुनवाई चल रही थी परन्तु यह लोग निरंतर मौका दरख्वास्त देकर भाग रहे थे।आज इस निगरानी वाद को एमपी एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश राजेश कुमार तृतीय ने खारिज कर दिया है।हम चाहते हैं कि न्यायालय ने जो आदेश दिया था वह मुकदमा दर्ज किया जाए और पुलिस इस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच करे।