विद्यालय जमीन घोटाला: हाईकोर्ट सख्त, सरकार से दो हफ्ते में मांगा जवाब*

वैदिक विद्या मंदिर विद्यालय की जमीन बिक्री और व्यावसायिक उपयोग के आरोप*

हाईकोर्ट सख्त, जमीन बिक्री और दुरुपयोग पर सरकार से जवाब तलब*

रितेश मिश्रा
हरदोई । वैदिक विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से जुड़े गंभीर आरोपों पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। विद्यालय की भूमि के कथित अवैध विक्रय, संपत्ति के दुरुपयोग और परिसर में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सरकार को दो सप्ताह के भीतर स्पष्ट स्थिति बताने का निर्देश दिया है।

यह आदेश जनहित याचिका संख्या 325/2026 पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया, जिसे याची विजय कुमार पाण्डेय द्वारा दायर किया गया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे प्राथमिकता से सुनते हुए अगली सुनवाई की तिथि 28 अप्रैल निर्धारित की है।

आरोपों की प्रकृति: शिक्षा से व्यापार की ओर झुकाव
याचिका में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय की गाटा संख्या 66, 67 और 68 की भूमि का अवैध रूप से विक्रय किया गया है। इसके साथ ही विद्यालय की संपत्ति का शैक्षिक उद्देश्यों के बजाय व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि विद्यालय परिसर में दुकानों का संचालन, निजी संस्थानों की गतिविधियां और अन्य व्यापारिक कार्य हो रहे हैं, जिससे शिक्षा का वातावरण प्रभावित हो रहा है।

याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि इन गतिविधियों के चलते विद्यालय की मूल भावना और उद्देश्य पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए बनाए गए शैक्षणिक माहौल में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है, जो न केवल शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है बल्कि संस्थान के अस्तित्व पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

*न्यायालय की सख्त टिप्पणी*

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ द्वारा की गई। अदालत ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। राज्य सरकार की ओर से उपस्थित स्थायी अधिवक्ता ने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें इस मामले में संबंधित विभागों से आवश्यक निर्देश प्राप्त करने के लिए समय दिया जाए। इस पर न्यायालय ने दो सप्ताह का समय देते हुए स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई में सरकार को तथ्यों सहित अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

*प्रबंधन पर मनमानी के आरोप*


याचिका में विद्यालय के प्रबंधन तंत्र पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कहा गया है कि प्रबंधन द्वारा मनमाने तरीके से निर्णय लिए जा रहे हैं, जिससे संस्था की संपत्ति और संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है। यह भी आरोप है कि प्रबंधन ने नियमों की अनदेखी करते हुए विद्यालय की जमीन और परिसंपत्तियों का निजी लाभ के लिए उपयोग किया है। स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर लंबे समय से असंतोष बताया जा रहा है। अभिभावकों और क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि विद्यालय की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

*सरकारी तंत्र की भूमिका पर सवाल*

इस पूरे प्रकरण में सरकारी तंत्र की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों को इन गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे यह संकेत मिलता है कि या तो लापरवाही बरती गई या फिर जानबूझकर मामले को नजरअंदाज किया गया। सूत्रों  का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मामला अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी गलत उदाहरण बन सकता है। शिक्षा संस्थानों की संपत्ति का इस तरह से उपयोग शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है।

*शिक्षा पर पड़ता असर*

विद्यालय परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन से छात्रों के अध्ययन वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात भी सामने आई है। कक्षाओं के आसपास दुकानों और अन्य गतिविधियों के चलते शोर-शराबा और अव्यवस्था की स्थिति बनती है, जिससे विद्यार्थियों का ध्यान भंग होता है। इसके अलावा, संस्थान के संसाधनों का सही उपयोग न होने से शैक्षिक सुविधाओं में भी कमी आ सकती है। ऐसे में छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ना स्वाभाविक है।

*न्यायिक प्रक्रिया में अगला कदम*


अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह मामला गंभीर प्रकृति का है और इससे शिक्षा व्यवस्था जुड़ी हुई है। इसलिए इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। दो सप्ताह के भीतर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अगली सुनवाई 28 अप्रैल को निर्धारित की गई है, जिसमें यह देखा जाएगा कि सरकार ने क्या कदम उठाए हैं और क्या आरोपों में कोई सच्चाई पाई गई है।

*स्थानीय स्तर पर बढ़ी चिंता*

इस पूरे घटनाक्रम के बाद हरदोई क्षेत्र में चिंता का माहौल है। अभिभावक और स्थानीय नागरिक विद्यालय के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द ही सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यह संस्थान पूरी तरह से खत्म होने की कगार पर पहुंच सकता है।
जम्मू-कश्मीर में भीषण सड़क हादसा, उधमपुर में खाई में गिरी यात्री बस, 15 लोगों की मौत

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जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर जिले के रामनगर इलाके में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। यहां खगोट क्षेत्र में एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे 15 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई है। हादसे में 20 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

बस रामनगर से उधमपुर की ओर जा रही थी, तभी जालो क्षेत्र के पास अचानक यह हादसा हुआ। बस एक दूरदराज के गांव से उधमपुर की ओर जा रही थी, तभी एक मोड़ पर चालक का नियंत्रण खो गया और वाहन खाई में जा गिरा।

रैश और नेग्लीजेंट ड्राइविंग के कारण हादसा

चश्मदीदों के मुताबिक यह हादसा रैश और नेग्लीजेंट ड्राइविंग का है। एक मोड पर बस का टायर फट गया जिसके बाद तेजी से आ रही बस बेकाबू हो गई। घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। प्रशासन और पुलिस की टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

सीएम उमर अब्दुल्ला ने दुख जताया

हादसे पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी दुख जताया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार उन्होंने रामनगर से उधमपुर जा रही एक यात्री बस के साथ हुई दुखद सड़क दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार दुख की इस घड़ी में पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ पूरी दृढ़ता से खड़ी है, और उन्हें हर संभव आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जताई संवेदना

वहीं, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा, यह दुखद सड़क हादसा दिल दहला देने वाला है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर उन्हें शक्ति प्रदान करें। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं, मैंने जिला प्रशासन, पुलिस, SDRF और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि वे प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करें।

लूटपाट के दौरान हुई मारपीट में एक घायल, पुलिस व घायल ने लिखाया मुकदमा

गोंडा।जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित खनवापुर में शनिवार देर रात हुई लूटपाट के  प्रयास के दौरान हुई मारपीट में एक व्यक्ति की मौत हो गई,जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।घायल का लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।इस मामले में पुलिस ने दो अलग अलग मुकदमा दर्ज किया है।यह घटना तब हुई जब थ्रेसर मालिक हनुमान प्रसाद अपने खेत में भूसा बना रहे थ्रेसर को देखने पहुंचे थे।इसी दौरान एक कार्यक्रम से लौट रहे तीन युवक संजय चौबे, दीपक यादव और प्रशांत त्रिपाठी ने एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर हनुमान प्रसाद का मोबाइल छीनने का प्रयास किया और लूटपाट करने लगे।हनुमान प्रसाद किसी तरह वहाँ से भाग निकले और उन्होंने देवी प्रसाद तथा अपने ट्रैक्टर ड्राइवर कौशल को फोन कर घटना की सूचना दिया।सूचना पाकर मौके पर पहुंचे देवी प्रसाद और कौशल ने संजय चौबे को पकड़ा तो संजय चौबे ने अपने साथियों के साथ मिलकर मारपीट शुरू कर दिया।मारपीट के दौरान संजय चौबे ने अपने पास रखे चाकू से देवी प्रसाद के गले पर वार कर दिया,जिससे देवी प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गये।उन्हे इलाज के लिए लखनऊ भर्ती कराया गया है।इसी मारपीट में संजय चौबे (23) गंभीर रूप से घायल हो गये थे।स्थानीय लोगों द्वारा उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी मौत हो गई।खरगूपुर थाने की पुलिस ने मृतक संजय चौबे का पोस्टमार्टम कराया है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया है।घायल देवी प्रसाद ने इस पूरी घटना को लेकर मृतक संजय चौबे, दीपक यादव और प्रशांत तिवारी के खिलाफ चाकू से हमला करने और थ्रेसर मालिक हनुमान प्रसाद के साथ लूटपाट करने का मुकदमा दर्ज कराया है।वहीं मृतक संजय चौबे के परिजनों द्वारा कोई तहरीर न दिये जाने पर खरगूपुर थाने की पुलिस ने स्वयं वादि बनकर देवी प्रसाद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।मृतक की मां राजपति ने बताया कि बड़े बेटे अजय का 27 अप्रैल को तिलक व 5 मई को शादी तय थी।छोटे बेटे संजय की मौत से घर में खुशी का माहौल मातम में बदल गया।वहीं क्षेत्राधिकारी नगर आनंद राय ने बताया कि मृतक की पहचान चौखड़िया गांव के संजय चौबे (23) के रुप में हुई है।उनके साथियों की पहचान परसरामपुर अहिरनपुरवा गांव के दीपक यादव व खनवापुर के प्रशांत तिवारी के रूप में हुई है।
आजमगढ़: बाब साहब के विचारों को आत्मसात करने की जरूरत - पूर्व सांसद, तहबरपुुुुर में मनाई गई अम्बेडकर जयंती
आजमगढ़ । रविवार को तहबरपुुुुर ब्लाक परिसर में अम्बेडकर जयंती मनाई गयी। लोगों ने ब्लाक मुख्यालय स्थित अम्बेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण पुष्पांजलि अर्पित किया।तत्पश्चात एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद डाक्टर बलिराम ने कहा कि बाबा साहब डाक्टर भीमराव अम्बेडकर का स्पष्ट मानना था कि शिक्षा ही वह हथियार है जिसके बदौलत हम समाज की कुरीतियों जातिवाद और असमानता को मिटाकर भारत का नव निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने ने कहा कि वे एक ऐसे भारत का निर्माण करना चाहते थे जहां समता स्वतंत्रता प्रेम और बंधुत्व का वास हो। हरिश्चंद्र गौतम ने कहा कि आज हमें बाबा साहब को केवल याद करने की नहीं समझने जरूरत है। उन्होंने ने कहा कि शिक्षा का महत्व समझना चाहिए । शिक्षा के बदौलत ही बाबा साहब ने हमें समाज में सम्मान पूर्वक जीने का अधिकार दिलाया। हम सदैव उनके आभारी रहेंगे। हमें समाज में भेदभाव को मिटाकर सबको साथ लेकर चलने की जरूरत है। ओंमकार शास्त्री ने कहा कि हमें बाबा साहेब को पढ़ने की जरूरत है।हम सब मिलकर उनके विचारों को अपनाएं और एक सशक्त, शिक्षित और एकजुट भारत का निर्माण करें। इस अवसर पर विनोद चौहान, राम पूजन, सनातन पटेल, ज्वाला प्रसाद, डाक्टर बाबू राम, ओमप्रकाश प्रजापति, , सागर राम आदि ने अपने विचार व्यक्त किया। डा0 राकेश ,रामजनम मौर्या, मुकेश कुमार , विजय कुमार ,नन्हकू प्रसाद ,सुनील कुमार गौतम, डा0 हंसराज गौतम, मो साकिर प्रधान , दीपक , दयाराम यादव , त्रिलोकी बौद्ध मो नैयर बेग , शेरबहादुर बौद्ध ,बृजलाल , पवन कुमार ,अरविंद कुमार एडोकेट ,महेंद्र प्रसाद, छोटेलाल ,गोपीचंद ,मुन्नी लाल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन चन्द्र शेखर ने किया। अमृत लाल ने आभार व्यक्त किया।
आजमगढ़: बीना पारा गांव में छत के ऊपर रख कर विद्युत केबल ले जाने से परिजन भयभीत
आजमगढ़। जनपद के बीना पारा गांव में विद्युत केबल छत के ऊपर रख कर ले जाने से खतरा बना हुआ है। जिसको लेकर किसी अनहोनी को लेकर परिजन संशकित है। निजामाबाद तहसील के मिर्जापुर विकास खण्ड में पड़ने वाले बीना पारा गांव में विद्युत आपूर्ति विद्युत उपकेंद्र मजीद पट्टी से होती है। लगभग एक पखवारा पूर्व विद्युत कर्मी असफाक अहमद,सोहराब अहमद व अंसार अहमद के छत के ऊपर रख विद्युत केबल ले गये है। विद्युत केबल ले धारा प्रवाहित हो रही है। जिससे किसी अनहोनी को लेकर परिजन संशकित है। पास ही जुमा मस्जिद है। मस्जिद के पास विद्युत केबल लटका हुआ है। उसी रास्ते से गांव के बच्चे पढ़ने जाते हैं। जो किसी दुर्घटना का कारण बना हुआ है। कांग्रेस कमेटी के मिर्जापुर ब्लाक अध्यक्ष मोहम्मद अजमल व उपाध्यक्ष संतलाल त्यागी ने बताया कि शिकायत के बावजूद विद्युत कर्मी ध्यान नहीं दें रहे है। उन्होंने ने बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते विद्युत केबल छत को ऊपर से हटाने के साथ साथ लटके केबल को ठीक करायें जाने की मांग किया है।
मृदा स्वास्थ्य सुधारने को कृषि विभाग की पहल: हरी खाद अपनाएं किसान, 50% अनुदान पर मिलेंगे बीज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कृषि विभाग ने प्रदेश के किसानों से मिट्टी की उर्वरता और मृदा स्वास्थ्य बेहतर बनाने के लिए **हरी खाद के प्रयोग** को अपनाने की अपील की है। कृषि निदेशक **डॉ. पंकज त्रिपाठी** ने कहा कि फसलों से बेहतर उत्पादन के लिए मिट्टी में **जीवांश कार्बन** की पर्याप्त मात्रा बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश की मिट्टी में जीवांश कार्बन की मात्रा केवल **0.2 से 0.3 प्रतिशत** रह गई है, जबकि इसे बढ़ाकर **0.8 से 1 प्रतिशत** तक ले जाने की आवश्यकता है।

* रासायनिक उर्वरकों के अधिक प्रयोग से घट रही उर्वरता
कृषि निदेशक ने कहा कि यूरिया और डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग तथा गर्मियों में खेतों की जुताई न होने से मिट्टी के मित्र कीट और केंचुए समाप्त हो रहे हैं। इसका सीधा असर उत्पादन क्षमता और उर्वरकों की बढ़ती मांग पर पड़ रहा है।

* ढैंचा, सनई और लोबिया जैसी फसलें बनेंगी हरी खाद
डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि दलहनी और गैर-दलहनी फसलों को उनकी वानस्पतिक वृद्धि के समय मिट्टी में दबाना ही **हरी खाद** कहलाता है। इसके लिए **ढैंचा, सनई, लोबिया, ग्वार और मक्का** जैसी फसलों का चयन किया जा सकता है।
ये फसलें अपनी जड़ों में मौजूद जीवाणुओं के माध्यम से वातावरण की नाइट्रोजन को मिट्टी में स्थिर करती हैं, जिससे भूमि की उर्वरता बढ़ती है।

* 30 से 40 दिन में खेत में पलटें फसल
उन्होंने किसानों से अपील की कि वर्ष में कम से कम एक बार इन फसलों की बुवाई कर **30 से 40 दिन के भीतर इन्हें मिट्टी में पलट दें।** इससे मिट्टी में जैविक पदार्थों की मात्रा बढ़ेगी और नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश जैसे पोषक तत्वों की उपलब्धता भी बेहतर होगी।

* 50% अनुदान पर मिलेंगे बीज
कृषि विभाग किसानों की मदद के लिए **ढैंचा और मिश्रित हरी खाद के बीज 50 प्रतिशत अनुदान** पर उपलब्ध कराएगा। इच्छुक किसान कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कर इन बीजों का लाभ उठा सकते हैं।

* घटेगी लागत, बढ़ेगा उत्पादन
कृषि विभाग का कहना है कि हरी खाद अपनाने से न केवल रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी, बल्कि खेती की लागत में भी प्रभावी बचत होगी और दीर्घकाल में उत्पादन क्षमता बेहतर होगी।
*यमुना किनारे चला ‘खनन क्लीनअप ऑपरेशन’—घाट जमींदोज, मशीनें जब्त, करोड़ों की वसूली*
रोटी छिनी तो सड़कों पर उतरेंगे  प्रशासन की सख्ती से लाखों मजदूरों पर टूटा रोज़गार का पहाड़

विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज।यमुनापार /करछना,लालापुर/घूरपुर/बारा/नैनी: यमुना किनारे अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने ऐसा सख्त अभियान चलाया है कि पूरे इलाके की तस्वीर ही बदल गई है। जहां पहले दिन-रात बालू ढुलाई होती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है। घाटों को जेसीबी से खोदकर पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, रास्तों को काट दिया गया है और दर्जनों वाहन सीज कर दिए गए हैं। लेकिन इस कार्रवाई का सबसे बड़ा असर उन गरीब मजदूरों पर पड़ा है, जिनकी रोजी-रोटी सीधे यमुना की बालू पर टिकी थी।

करछना में छापा—बालू फिंकवाई, रास्ते बंद

करछना के कबरा घाट पर खनन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अवैध बालू को मौके पर ही फिंकवा दिया।घाट तक जाने वाले रास्तों को जेसीबी से खुदवाकर बंद कर दिया गया। मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई है।

लालापुर बना कार्रवाई का केंद्र—पंन्द्रह दिन में बड़ा प्रहार

लालापुर में बीते पंन्द्रह दिनों में प्रशासन ने सबसे बड़ा अभियान चलाया। यमुना किनारे के लगभग सभी अवैध घाटों को जमींदोज कर दिया गया।

दर्जनों ट्रैक्टर, जेसीबी और गाड़ियां सीज

खनन अधिनियम और बीएनएस के तहत मुकदमे दो करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना रात में दोगुनी पुलिस गश्त थाना प्रभारी का बयान साफ अब एक भी अवैध खनन बर्दाश्त नहीं होगा, हर हाल में कार्रवाई जारी रहेगी।" नैनी और घूरपुर में ‘स्पेशल टास्क’ का कहर नैनी और घूरपुर में एडीएम प्रशासन, राजस्व और खनन विभाग की स्पेशल टीम ने मिलकर कई वाहनों को सीज किया। रास्तों को काट दिया गया ताकि दोबारा खनन न हो सके। मुकदमे दर्ज कर सख्त संदेश दिया गया।

बारा में भी कार्रवाई—हर तरफ शिकंजा

बारा क्षेत्र में भी अवैध खनन से जुड़े वाहनों को सीज कर दिया गया है। पूरे यमुनापार में प्रशासनिक सख्ती का असर साफ दिख रहा है। लेकिन…सबसे बड़ा सवाल—इन मजदूरों का क्या होगा? प्रशासनिक कार्रवाई के बीच सबसे ज्यादा मार पड़ी है उन गरीब मजदूरों पर,जिनकी जिंदगी का एकमात्र सहारा यही काम था। यमुना किनारे बसे हजारों परिवार आज अचानक बेरोजगार हो गए हैं। एक मजदूर की आंखों में आंसू और आवाज में गुस्सा— "हम चोर नहीं हैं, मजदूर हैं…मेहनत करके पेट पालते थे, अब वो भी छिन गया।" दूसरे मजदूर ने कहा—"सुबह घर से निकलते हैं काम की तलाश में, लेकिन शाम को खाली हाथ लौटते हैं। बच्चों के लिए दाल-रोटी तक मुश्किल हो गई है।"

महिलाओं का दर्द बच्चों का भविष्य अंधेरे में

एक महिला मजदूर ने बताया बरसात आने वाली है, घर की छत डालनी थी। अब सब अधूरा रह जाएगा। बच्चे स्कूल छोड़ने की बात कर रहे हैं, फीस देने के पैसे नहीं हैं।यमुना, जिसे ये लोग मां की तरह पूजते हैं, वही आज इनके लिए मजबूरी और दर्द का कारण बन गई है।

मशीनें चलेंगी तो मजदूर भूखे मरेंगे

मजदूरों का आरोप है कि बड़े ठेकेदारों की मशीनें (जेसीबी/पोकलैंड) काम कर रही हैं, लेकिन गरीब मजदूरों को पूरी तरह बाहर कर दिया गया है। सरकार मशीनों से काम कराएगी तो हम जैसे मजदूर कहां जाएंगे

आंदोलन की चेतावनी अब चुप नहीं बैठेंगे

गुस्साए मजदूरों और उनके संगठनों ने साफ कहा है—या तो रोजगार दो या वैध खनन का पट्टा दो वरना वे जल्द ही सड़कों पर उतरकर डीएम आवास का घेराव करेंगे और बड़ा आंदोलन करेंगे।

जमीनी हकीकत: कानून बनाम भूख

एक तरफ प्रशासन अवैध खनन रोकने के अपने अभियान को बड़ी सफलता बता रहा है, तो दूसरी तरफ जमीन पर सच्चाई यह है कि—घाट बंद हुए, लेकिन हजारों घरों के चूल्हे भी ठंडे पड़ गए। यमुना किनारे इस समय अजीब सा सन्नाटा है—न मशीनों की आवाज, न मजदूरों की हलचल…बस भूख, बेरोजगारी और गुस्से की खामोशी। यह खबर जमीनी पड़ताल और स्थानीय मजदूरों की आवाज पर आधारित है, जहां सख्ती के बीच इंसानी संकट सबसे बड़ा सवाल बनकर खड़ा है।
प्रयागराज में आसमान से बरस रही आग, तापमान 44 डिग्री सेल्सियस; शरीर की त्वचा को तेज धूप से बचाने को करें यह उपाय डा ०  भूपेंद्र चौधरी
विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज ,संगम नगरी में आसमान से आग बरस रही है। दोपहर में 11 बजे के बाद सड़कों पर निकलना दूभर हो गया है। ऐसे में त्वचा संबंधी बीमारी से पीड़ित मरीजों की भीड़ तमाम अस्पतालों की ओपीडी में दिख रही है। डॉक्टर ऐसे मरीजों को शरीर की त्वचा को तेज धूप से बचाने की सलाह दे रहे हैं।

आज का तापमान
प्रयागराज में आज शनिवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, वहीं न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। धूप के तेवर कड़े होने से सिर और चेहरे पर गमछा लपेट कर चलने वाले राहगीरों को भी मौसम परेशान कर रहा है। सूरज की पराबैंगनी किरणें (अल्ट्रा वायलेट) प्रहार करने लगी हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों में विटामिन डी की कमी है ज्यादातर उन पर ही मौसम का दुष्प्रभाव पड़ रहा है।

हाथ में चकत्ते व त्वचा झुलसने के मरीज
शरीर की त्वचा तेज में झुलसने लगती है तो चेहरे और हाथ में चकत्ते निकलने की भी समस्या लोगों को हो रही है। चौधरी हेल्थ केयर सेन्टर कोरांव चिकित्सालय में डॉक्टरों के समक्ष इन दिनों चेचक, गलका और आंख की पलकों पर दाने की समस्या वाले मरीज भी आ रहे हैं।

रखें सावधानी ताकि न हो परेशानी- पानी भरपूर पीते रहें, ग्लूकॉन डी फायदेमंद रहेगा।- रास्ते में कहीं छांव दिखने पर कुछ देर ठहरें- तेज धूप में ज्यादा देर रहने से करें परहेज- त्वचा पर सनस्क्रीन लोशन लगाकर ही घर से निकलें नारियल का तेल भी त्वचा पर लगा सकते हैं lइन दिनों पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।

अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या
मौसमी दुष्प्रभाव से त्वचा के मरीजों की संख्या अस्पतालों में 10 प्रतिशत तक बढ़ गई है। सामान्य दिनों में केवल अस्पताल की ओपीडी में दाने, चकत्ते और गलका निकलने के लगभग 50 मरीज पहुंचते हैं, इन दिनों यह संख्या 56 से 60 के बीच है। चौधरी हेल्थ केयर सेन्टर कोरांव अस्पताल में त्वचा रोग की ओपीडी में तेज धूप से प्रभावित 20 मरीज  इलाज कराने पहुंचे।
रोटरी एकेडमीया व नाज़ ब्लड बैंक के प्रयास से 37 यूनिट ब्लड का हुआ संग्रह

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, रोटरी क्लब ऐकेडमीया व नाज़ ब्लड बैंक के संयुक्त तत्वाधान में करैला बाग़ स्थित बेनहर स्कूल एण्ड कालेज के जाहिदा ऑडीटोरियम में ब्लड इज़ लाइफ पास इट ऑन की थीम पर सैंतिस लोगों ने रक्तदान के महत्व को चरितार्थ किया।डोनर के उत्साहवर्धन को रोटेरियन तारिक़ खान,डॉ सैय्यद नाज़िम अहमद, डॉ नाज़ फात्मा, डॉ विश्वदीप केसरवानी,डॉ निहारीका केसरवानी डॉ आरिज़ क़ादरी,डॉ आशुतोष अग्रवाल, रिज़वान खान,असरा नवाज़,आफताब अहमद,अकबर खान,अहमद उल्ला आदि मौजूद रहे।रोटरी क्लब ऐकेडमीया व नाज़ ब्लड बैंक करैली की ओर से सभी ब्लड डोनर को गुलाब का फूल,मोमेंटो व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित भी किया गया।वहीं रक्तदान के महत्व को भी बताया गया।
एबीसी किड्स मोंटेसरी स्कूल में धूमधाम से मनाई गई परशुराम जयंती

संभल/ चंदौसी । एबीसी किड्स मोंटेसरी स्कूल में आज परशुराम जयंती का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय का वातावरण पूरी तरह से धार्मिक और उत्साहपूर्ण बना रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य नन्हे-मुन्ने बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं एवं महान व्यक्तित्वों के बारे में जागरूक करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद बच्चों को भगवान परशुराम के जीवन, उनके आदर्शों और उनके योगदान के बारे में सरल और रोचक तरीके से बताया गया, जिससे बच्चे आसानी से समझ सकें।
विद्यालय की संचालिका श्रीमती संगीता भार्गव जी ने बच्चों को संबोधित करते हुए बताया कि परशुराम जयंती हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि परशुराम जी का जन्म तृतीया तिथि के प्रदोष काल में हुआ था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उनका अवतार अधर्म, अन्याय और अत्याचार का अंत करने के लिए हुआ था।
उन्होंने आगे बताया कि परशुराम जी के पिता महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका थीं। वे बचपन से ही तेजस्वी, पराक्रमी और धर्मनिष्ठ थे। उनके जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि हमें सदैव सत्य और धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए तथा अन्याय के विरुद्ध आवाज उठानी चाहिए।

प्रिया मैम ने बच्चों को बताया कि प्राचीन ग्रंथों जैसे महाभारत और विष्णु पुराण के अनुसार परशुराम जी का मूल नाम “राम” था, लेकिन जब भगवान शिव ने उन्हें “परशु” नामक दिव्य अस्त्र प्रदान किया, तभी से उनका नाम परशुराम पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि परशुराम जी भगवान शिव के परम भक्त थे और उन्होंने अपने जीवन में कठोर तप और साधना की।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने “जय श्री राम” के जयकारे लगाए, जिससे पूरा विद्यालय परिसर भक्तिमय हो उठा। कुछ बच्चों ने भगवान परशुराम से जुड़ी छोटी-छोटी प्रस्तुतियां भी दीं, जिससे कार्यक्रम और भी आकर्षक बन गया।
अंत में संचालिका संगीता भार्गव जी ने बच्चों को संदेश दिया कि हमें भगवान परशुराम के जीवन से प्रेरणा लेकर सच्चाई, साहस और अनुशासन को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।

कार्यक्रम का समापन हर्ष और उल्लास के साथ किया गया। इस अवसर को सफल बनाने में विद्यालय की अध्यापिकाएं प्रिया, रूपाली, काजल, इशिता, मनप्रीत, शालू, निशा, संतोष, नीरज, सरिता, सोनल, दीक्षा, रक्षा शिल्पा सहित सभी स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।यह आयोजन बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा, जिसने उनके मन में संस्कृति और नैतिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत किया।
विद्यालय जमीन घोटाला: हाईकोर्ट सख्त, सरकार से दो हफ्ते में मांगा जवाब*

वैदिक विद्या मंदिर विद्यालय की जमीन बिक्री और व्यावसायिक उपयोग के आरोप*

हाईकोर्ट सख्त, जमीन बिक्री और दुरुपयोग पर सरकार से जवाब तलब*

रितेश मिश्रा
हरदोई । वैदिक विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से जुड़े गंभीर आरोपों पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। विद्यालय की भूमि के कथित अवैध विक्रय, संपत्ति के दुरुपयोग और परिसर में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सरकार को दो सप्ताह के भीतर स्पष्ट स्थिति बताने का निर्देश दिया है।

यह आदेश जनहित याचिका संख्या 325/2026 पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया, जिसे याची विजय कुमार पाण्डेय द्वारा दायर किया गया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे प्राथमिकता से सुनते हुए अगली सुनवाई की तिथि 28 अप्रैल निर्धारित की है।

आरोपों की प्रकृति: शिक्षा से व्यापार की ओर झुकाव
याचिका में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय की गाटा संख्या 66, 67 और 68 की भूमि का अवैध रूप से विक्रय किया गया है। इसके साथ ही विद्यालय की संपत्ति का शैक्षिक उद्देश्यों के बजाय व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि विद्यालय परिसर में दुकानों का संचालन, निजी संस्थानों की गतिविधियां और अन्य व्यापारिक कार्य हो रहे हैं, जिससे शिक्षा का वातावरण प्रभावित हो रहा है।

याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि इन गतिविधियों के चलते विद्यालय की मूल भावना और उद्देश्य पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए बनाए गए शैक्षणिक माहौल में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है, जो न केवल शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है बल्कि संस्थान के अस्तित्व पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

*न्यायालय की सख्त टिप्पणी*

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ द्वारा की गई। अदालत ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। राज्य सरकार की ओर से उपस्थित स्थायी अधिवक्ता ने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें इस मामले में संबंधित विभागों से आवश्यक निर्देश प्राप्त करने के लिए समय दिया जाए। इस पर न्यायालय ने दो सप्ताह का समय देते हुए स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई में सरकार को तथ्यों सहित अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

*प्रबंधन पर मनमानी के आरोप*


याचिका में विद्यालय के प्रबंधन तंत्र पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कहा गया है कि प्रबंधन द्वारा मनमाने तरीके से निर्णय लिए जा रहे हैं, जिससे संस्था की संपत्ति और संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है। यह भी आरोप है कि प्रबंधन ने नियमों की अनदेखी करते हुए विद्यालय की जमीन और परिसंपत्तियों का निजी लाभ के लिए उपयोग किया है। स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर लंबे समय से असंतोष बताया जा रहा है। अभिभावकों और क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि विद्यालय की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

*सरकारी तंत्र की भूमिका पर सवाल*

इस पूरे प्रकरण में सरकारी तंत्र की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों को इन गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे यह संकेत मिलता है कि या तो लापरवाही बरती गई या फिर जानबूझकर मामले को नजरअंदाज किया गया। सूत्रों  का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मामला अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी गलत उदाहरण बन सकता है। शिक्षा संस्थानों की संपत्ति का इस तरह से उपयोग शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है।

*शिक्षा पर पड़ता असर*

विद्यालय परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन से छात्रों के अध्ययन वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात भी सामने आई है। कक्षाओं के आसपास दुकानों और अन्य गतिविधियों के चलते शोर-शराबा और अव्यवस्था की स्थिति बनती है, जिससे विद्यार्थियों का ध्यान भंग होता है। इसके अलावा, संस्थान के संसाधनों का सही उपयोग न होने से शैक्षिक सुविधाओं में भी कमी आ सकती है। ऐसे में छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ना स्वाभाविक है।

*न्यायिक प्रक्रिया में अगला कदम*


अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह मामला गंभीर प्रकृति का है और इससे शिक्षा व्यवस्था जुड़ी हुई है। इसलिए इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। दो सप्ताह के भीतर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अगली सुनवाई 28 अप्रैल को निर्धारित की गई है, जिसमें यह देखा जाएगा कि सरकार ने क्या कदम उठाए हैं और क्या आरोपों में कोई सच्चाई पाई गई है।

*स्थानीय स्तर पर बढ़ी चिंता*

इस पूरे घटनाक्रम के बाद हरदोई क्षेत्र में चिंता का माहौल है। अभिभावक और स्थानीय नागरिक विद्यालय के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द ही सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यह संस्थान पूरी तरह से खत्म होने की कगार पर पहुंच सकता है।
जम्मू-कश्मीर में भीषण सड़क हादसा, उधमपुर में खाई में गिरी यात्री बस, 15 लोगों की मौत

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जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर जिले के रामनगर इलाके में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। यहां खगोट क्षेत्र में एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे 15 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई है। हादसे में 20 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

बस रामनगर से उधमपुर की ओर जा रही थी, तभी जालो क्षेत्र के पास अचानक यह हादसा हुआ। बस एक दूरदराज के गांव से उधमपुर की ओर जा रही थी, तभी एक मोड़ पर चालक का नियंत्रण खो गया और वाहन खाई में जा गिरा।

रैश और नेग्लीजेंट ड्राइविंग के कारण हादसा

चश्मदीदों के मुताबिक यह हादसा रैश और नेग्लीजेंट ड्राइविंग का है। एक मोड पर बस का टायर फट गया जिसके बाद तेजी से आ रही बस बेकाबू हो गई। घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। प्रशासन और पुलिस की टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

सीएम उमर अब्दुल्ला ने दुख जताया

हादसे पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी दुख जताया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार उन्होंने रामनगर से उधमपुर जा रही एक यात्री बस के साथ हुई दुखद सड़क दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार दुख की इस घड़ी में पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ पूरी दृढ़ता से खड़ी है, और उन्हें हर संभव आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जताई संवेदना

वहीं, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा, यह दुखद सड़क हादसा दिल दहला देने वाला है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर उन्हें शक्ति प्रदान करें। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं, मैंने जिला प्रशासन, पुलिस, SDRF और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि वे प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करें।

लूटपाट के दौरान हुई मारपीट में एक घायल, पुलिस व घायल ने लिखाया मुकदमा

गोंडा।जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित खनवापुर में शनिवार देर रात हुई लूटपाट के  प्रयास के दौरान हुई मारपीट में एक व्यक्ति की मौत हो गई,जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।घायल का लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।इस मामले में पुलिस ने दो अलग अलग मुकदमा दर्ज किया है।यह घटना तब हुई जब थ्रेसर मालिक हनुमान प्रसाद अपने खेत में भूसा बना रहे थ्रेसर को देखने पहुंचे थे।इसी दौरान एक कार्यक्रम से लौट रहे तीन युवक संजय चौबे, दीपक यादव और प्रशांत त्रिपाठी ने एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर हनुमान प्रसाद का मोबाइल छीनने का प्रयास किया और लूटपाट करने लगे।हनुमान प्रसाद किसी तरह वहाँ से भाग निकले और उन्होंने देवी प्रसाद तथा अपने ट्रैक्टर ड्राइवर कौशल को फोन कर घटना की सूचना दिया।सूचना पाकर मौके पर पहुंचे देवी प्रसाद और कौशल ने संजय चौबे को पकड़ा तो संजय चौबे ने अपने साथियों के साथ मिलकर मारपीट शुरू कर दिया।मारपीट के दौरान संजय चौबे ने अपने पास रखे चाकू से देवी प्रसाद के गले पर वार कर दिया,जिससे देवी प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गये।उन्हे इलाज के लिए लखनऊ भर्ती कराया गया है।इसी मारपीट में संजय चौबे (23) गंभीर रूप से घायल हो गये थे।स्थानीय लोगों द्वारा उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी मौत हो गई।खरगूपुर थाने की पुलिस ने मृतक संजय चौबे का पोस्टमार्टम कराया है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया है।घायल देवी प्रसाद ने इस पूरी घटना को लेकर मृतक संजय चौबे, दीपक यादव और प्रशांत तिवारी के खिलाफ चाकू से हमला करने और थ्रेसर मालिक हनुमान प्रसाद के साथ लूटपाट करने का मुकदमा दर्ज कराया है।वहीं मृतक संजय चौबे के परिजनों द्वारा कोई तहरीर न दिये जाने पर खरगूपुर थाने की पुलिस ने स्वयं वादि बनकर देवी प्रसाद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।मृतक की मां राजपति ने बताया कि बड़े बेटे अजय का 27 अप्रैल को तिलक व 5 मई को शादी तय थी।छोटे बेटे संजय की मौत से घर में खुशी का माहौल मातम में बदल गया।वहीं क्षेत्राधिकारी नगर आनंद राय ने बताया कि मृतक की पहचान चौखड़िया गांव के संजय चौबे (23) के रुप में हुई है।उनके साथियों की पहचान परसरामपुर अहिरनपुरवा गांव के दीपक यादव व खनवापुर के प्रशांत तिवारी के रूप में हुई है।
आजमगढ़: बाब साहब के विचारों को आत्मसात करने की जरूरत - पूर्व सांसद, तहबरपुुुुर में मनाई गई अम्बेडकर जयंती
आजमगढ़ । रविवार को तहबरपुुुुर ब्लाक परिसर में अम्बेडकर जयंती मनाई गयी। लोगों ने ब्लाक मुख्यालय स्थित अम्बेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण पुष्पांजलि अर्पित किया।तत्पश्चात एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद डाक्टर बलिराम ने कहा कि बाबा साहब डाक्टर भीमराव अम्बेडकर का स्पष्ट मानना था कि शिक्षा ही वह हथियार है जिसके बदौलत हम समाज की कुरीतियों जातिवाद और असमानता को मिटाकर भारत का नव निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने ने कहा कि वे एक ऐसे भारत का निर्माण करना चाहते थे जहां समता स्वतंत्रता प्रेम और बंधुत्व का वास हो। हरिश्चंद्र गौतम ने कहा कि आज हमें बाबा साहब को केवल याद करने की नहीं समझने जरूरत है। उन्होंने ने कहा कि शिक्षा का महत्व समझना चाहिए । शिक्षा के बदौलत ही बाबा साहब ने हमें समाज में सम्मान पूर्वक जीने का अधिकार दिलाया। हम सदैव उनके आभारी रहेंगे। हमें समाज में भेदभाव को मिटाकर सबको साथ लेकर चलने की जरूरत है। ओंमकार शास्त्री ने कहा कि हमें बाबा साहेब को पढ़ने की जरूरत है।हम सब मिलकर उनके विचारों को अपनाएं और एक सशक्त, शिक्षित और एकजुट भारत का निर्माण करें। इस अवसर पर विनोद चौहान, राम पूजन, सनातन पटेल, ज्वाला प्रसाद, डाक्टर बाबू राम, ओमप्रकाश प्रजापति, , सागर राम आदि ने अपने विचार व्यक्त किया। डा0 राकेश ,रामजनम मौर्या, मुकेश कुमार , विजय कुमार ,नन्हकू प्रसाद ,सुनील कुमार गौतम, डा0 हंसराज गौतम, मो साकिर प्रधान , दीपक , दयाराम यादव , त्रिलोकी बौद्ध मो नैयर बेग , शेरबहादुर बौद्ध ,बृजलाल , पवन कुमार ,अरविंद कुमार एडोकेट ,महेंद्र प्रसाद, छोटेलाल ,गोपीचंद ,मुन्नी लाल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन चन्द्र शेखर ने किया। अमृत लाल ने आभार व्यक्त किया।
आजमगढ़: बीना पारा गांव में छत के ऊपर रख कर विद्युत केबल ले जाने से परिजन भयभीत
आजमगढ़। जनपद के बीना पारा गांव में विद्युत केबल छत के ऊपर रख कर ले जाने से खतरा बना हुआ है। जिसको लेकर किसी अनहोनी को लेकर परिजन संशकित है। निजामाबाद तहसील के मिर्जापुर विकास खण्ड में पड़ने वाले बीना पारा गांव में विद्युत आपूर्ति विद्युत उपकेंद्र मजीद पट्टी से होती है। लगभग एक पखवारा पूर्व विद्युत कर्मी असफाक अहमद,सोहराब अहमद व अंसार अहमद के छत के ऊपर रख विद्युत केबल ले गये है। विद्युत केबल ले धारा प्रवाहित हो रही है। जिससे किसी अनहोनी को लेकर परिजन संशकित है। पास ही जुमा मस्जिद है। मस्जिद के पास विद्युत केबल लटका हुआ है। उसी रास्ते से गांव के बच्चे पढ़ने जाते हैं। जो किसी दुर्घटना का कारण बना हुआ है। कांग्रेस कमेटी के मिर्जापुर ब्लाक अध्यक्ष मोहम्मद अजमल व उपाध्यक्ष संतलाल त्यागी ने बताया कि शिकायत के बावजूद विद्युत कर्मी ध्यान नहीं दें रहे है। उन्होंने ने बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते विद्युत केबल छत को ऊपर से हटाने के साथ साथ लटके केबल को ठीक करायें जाने की मांग किया है।
मृदा स्वास्थ्य सुधारने को कृषि विभाग की पहल: हरी खाद अपनाएं किसान, 50% अनुदान पर मिलेंगे बीज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कृषि विभाग ने प्रदेश के किसानों से मिट्टी की उर्वरता और मृदा स्वास्थ्य बेहतर बनाने के लिए **हरी खाद के प्रयोग** को अपनाने की अपील की है। कृषि निदेशक **डॉ. पंकज त्रिपाठी** ने कहा कि फसलों से बेहतर उत्पादन के लिए मिट्टी में **जीवांश कार्बन** की पर्याप्त मात्रा बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश की मिट्टी में जीवांश कार्बन की मात्रा केवल **0.2 से 0.3 प्रतिशत** रह गई है, जबकि इसे बढ़ाकर **0.8 से 1 प्रतिशत** तक ले जाने की आवश्यकता है।

* रासायनिक उर्वरकों के अधिक प्रयोग से घट रही उर्वरता
कृषि निदेशक ने कहा कि यूरिया और डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग तथा गर्मियों में खेतों की जुताई न होने से मिट्टी के मित्र कीट और केंचुए समाप्त हो रहे हैं। इसका सीधा असर उत्पादन क्षमता और उर्वरकों की बढ़ती मांग पर पड़ रहा है।

* ढैंचा, सनई और लोबिया जैसी फसलें बनेंगी हरी खाद
डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि दलहनी और गैर-दलहनी फसलों को उनकी वानस्पतिक वृद्धि के समय मिट्टी में दबाना ही **हरी खाद** कहलाता है। इसके लिए **ढैंचा, सनई, लोबिया, ग्वार और मक्का** जैसी फसलों का चयन किया जा सकता है।
ये फसलें अपनी जड़ों में मौजूद जीवाणुओं के माध्यम से वातावरण की नाइट्रोजन को मिट्टी में स्थिर करती हैं, जिससे भूमि की उर्वरता बढ़ती है।

* 30 से 40 दिन में खेत में पलटें फसल
उन्होंने किसानों से अपील की कि वर्ष में कम से कम एक बार इन फसलों की बुवाई कर **30 से 40 दिन के भीतर इन्हें मिट्टी में पलट दें।** इससे मिट्टी में जैविक पदार्थों की मात्रा बढ़ेगी और नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश जैसे पोषक तत्वों की उपलब्धता भी बेहतर होगी।

* 50% अनुदान पर मिलेंगे बीज
कृषि विभाग किसानों की मदद के लिए **ढैंचा और मिश्रित हरी खाद के बीज 50 प्रतिशत अनुदान** पर उपलब्ध कराएगा। इच्छुक किसान कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कर इन बीजों का लाभ उठा सकते हैं।

* घटेगी लागत, बढ़ेगा उत्पादन
कृषि विभाग का कहना है कि हरी खाद अपनाने से न केवल रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी, बल्कि खेती की लागत में भी प्रभावी बचत होगी और दीर्घकाल में उत्पादन क्षमता बेहतर होगी।
*यमुना किनारे चला ‘खनन क्लीनअप ऑपरेशन’—घाट जमींदोज, मशीनें जब्त, करोड़ों की वसूली*
रोटी छिनी तो सड़कों पर उतरेंगे  प्रशासन की सख्ती से लाखों मजदूरों पर टूटा रोज़गार का पहाड़

विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज।यमुनापार /करछना,लालापुर/घूरपुर/बारा/नैनी: यमुना किनारे अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने ऐसा सख्त अभियान चलाया है कि पूरे इलाके की तस्वीर ही बदल गई है। जहां पहले दिन-रात बालू ढुलाई होती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है। घाटों को जेसीबी से खोदकर पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, रास्तों को काट दिया गया है और दर्जनों वाहन सीज कर दिए गए हैं। लेकिन इस कार्रवाई का सबसे बड़ा असर उन गरीब मजदूरों पर पड़ा है, जिनकी रोजी-रोटी सीधे यमुना की बालू पर टिकी थी।

करछना में छापा—बालू फिंकवाई, रास्ते बंद

करछना के कबरा घाट पर खनन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अवैध बालू को मौके पर ही फिंकवा दिया।घाट तक जाने वाले रास्तों को जेसीबी से खुदवाकर बंद कर दिया गया। मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई है।

लालापुर बना कार्रवाई का केंद्र—पंन्द्रह दिन में बड़ा प्रहार

लालापुर में बीते पंन्द्रह दिनों में प्रशासन ने सबसे बड़ा अभियान चलाया। यमुना किनारे के लगभग सभी अवैध घाटों को जमींदोज कर दिया गया।

दर्जनों ट्रैक्टर, जेसीबी और गाड़ियां सीज

खनन अधिनियम और बीएनएस के तहत मुकदमे दो करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना रात में दोगुनी पुलिस गश्त थाना प्रभारी का बयान साफ अब एक भी अवैध खनन बर्दाश्त नहीं होगा, हर हाल में कार्रवाई जारी रहेगी।" नैनी और घूरपुर में ‘स्पेशल टास्क’ का कहर नैनी और घूरपुर में एडीएम प्रशासन, राजस्व और खनन विभाग की स्पेशल टीम ने मिलकर कई वाहनों को सीज किया। रास्तों को काट दिया गया ताकि दोबारा खनन न हो सके। मुकदमे दर्ज कर सख्त संदेश दिया गया।

बारा में भी कार्रवाई—हर तरफ शिकंजा

बारा क्षेत्र में भी अवैध खनन से जुड़े वाहनों को सीज कर दिया गया है। पूरे यमुनापार में प्रशासनिक सख्ती का असर साफ दिख रहा है। लेकिन…सबसे बड़ा सवाल—इन मजदूरों का क्या होगा? प्रशासनिक कार्रवाई के बीच सबसे ज्यादा मार पड़ी है उन गरीब मजदूरों पर,जिनकी जिंदगी का एकमात्र सहारा यही काम था। यमुना किनारे बसे हजारों परिवार आज अचानक बेरोजगार हो गए हैं। एक मजदूर की आंखों में आंसू और आवाज में गुस्सा— "हम चोर नहीं हैं, मजदूर हैं…मेहनत करके पेट पालते थे, अब वो भी छिन गया।" दूसरे मजदूर ने कहा—"सुबह घर से निकलते हैं काम की तलाश में, लेकिन शाम को खाली हाथ लौटते हैं। बच्चों के लिए दाल-रोटी तक मुश्किल हो गई है।"

महिलाओं का दर्द बच्चों का भविष्य अंधेरे में

एक महिला मजदूर ने बताया बरसात आने वाली है, घर की छत डालनी थी। अब सब अधूरा रह जाएगा। बच्चे स्कूल छोड़ने की बात कर रहे हैं, फीस देने के पैसे नहीं हैं।यमुना, जिसे ये लोग मां की तरह पूजते हैं, वही आज इनके लिए मजबूरी और दर्द का कारण बन गई है।

मशीनें चलेंगी तो मजदूर भूखे मरेंगे

मजदूरों का आरोप है कि बड़े ठेकेदारों की मशीनें (जेसीबी/पोकलैंड) काम कर रही हैं, लेकिन गरीब मजदूरों को पूरी तरह बाहर कर दिया गया है। सरकार मशीनों से काम कराएगी तो हम जैसे मजदूर कहां जाएंगे

आंदोलन की चेतावनी अब चुप नहीं बैठेंगे

गुस्साए मजदूरों और उनके संगठनों ने साफ कहा है—या तो रोजगार दो या वैध खनन का पट्टा दो वरना वे जल्द ही सड़कों पर उतरकर डीएम आवास का घेराव करेंगे और बड़ा आंदोलन करेंगे।

जमीनी हकीकत: कानून बनाम भूख

एक तरफ प्रशासन अवैध खनन रोकने के अपने अभियान को बड़ी सफलता बता रहा है, तो दूसरी तरफ जमीन पर सच्चाई यह है कि—घाट बंद हुए, लेकिन हजारों घरों के चूल्हे भी ठंडे पड़ गए। यमुना किनारे इस समय अजीब सा सन्नाटा है—न मशीनों की आवाज, न मजदूरों की हलचल…बस भूख, बेरोजगारी और गुस्से की खामोशी। यह खबर जमीनी पड़ताल और स्थानीय मजदूरों की आवाज पर आधारित है, जहां सख्ती के बीच इंसानी संकट सबसे बड़ा सवाल बनकर खड़ा है।
प्रयागराज में आसमान से बरस रही आग, तापमान 44 डिग्री सेल्सियस; शरीर की त्वचा को तेज धूप से बचाने को करें यह उपाय डा ०  भूपेंद्र चौधरी
विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज ,संगम नगरी में आसमान से आग बरस रही है। दोपहर में 11 बजे के बाद सड़कों पर निकलना दूभर हो गया है। ऐसे में त्वचा संबंधी बीमारी से पीड़ित मरीजों की भीड़ तमाम अस्पतालों की ओपीडी में दिख रही है। डॉक्टर ऐसे मरीजों को शरीर की त्वचा को तेज धूप से बचाने की सलाह दे रहे हैं।

आज का तापमान
प्रयागराज में आज शनिवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, वहीं न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। धूप के तेवर कड़े होने से सिर और चेहरे पर गमछा लपेट कर चलने वाले राहगीरों को भी मौसम परेशान कर रहा है। सूरज की पराबैंगनी किरणें (अल्ट्रा वायलेट) प्रहार करने लगी हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों में विटामिन डी की कमी है ज्यादातर उन पर ही मौसम का दुष्प्रभाव पड़ रहा है।

हाथ में चकत्ते व त्वचा झुलसने के मरीज
शरीर की त्वचा तेज में झुलसने लगती है तो चेहरे और हाथ में चकत्ते निकलने की भी समस्या लोगों को हो रही है। चौधरी हेल्थ केयर सेन्टर कोरांव चिकित्सालय में डॉक्टरों के समक्ष इन दिनों चेचक, गलका और आंख की पलकों पर दाने की समस्या वाले मरीज भी आ रहे हैं।

रखें सावधानी ताकि न हो परेशानी- पानी भरपूर पीते रहें, ग्लूकॉन डी फायदेमंद रहेगा।- रास्ते में कहीं छांव दिखने पर कुछ देर ठहरें- तेज धूप में ज्यादा देर रहने से करें परहेज- त्वचा पर सनस्क्रीन लोशन लगाकर ही घर से निकलें नारियल का तेल भी त्वचा पर लगा सकते हैं lइन दिनों पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।

अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या
मौसमी दुष्प्रभाव से त्वचा के मरीजों की संख्या अस्पतालों में 10 प्रतिशत तक बढ़ गई है। सामान्य दिनों में केवल अस्पताल की ओपीडी में दाने, चकत्ते और गलका निकलने के लगभग 50 मरीज पहुंचते हैं, इन दिनों यह संख्या 56 से 60 के बीच है। चौधरी हेल्थ केयर सेन्टर कोरांव अस्पताल में त्वचा रोग की ओपीडी में तेज धूप से प्रभावित 20 मरीज  इलाज कराने पहुंचे।
रोटरी एकेडमीया व नाज़ ब्लड बैंक के प्रयास से 37 यूनिट ब्लड का हुआ संग्रह

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, रोटरी क्लब ऐकेडमीया व नाज़ ब्लड बैंक के संयुक्त तत्वाधान में करैला बाग़ स्थित बेनहर स्कूल एण्ड कालेज के जाहिदा ऑडीटोरियम में ब्लड इज़ लाइफ पास इट ऑन की थीम पर सैंतिस लोगों ने रक्तदान के महत्व को चरितार्थ किया।डोनर के उत्साहवर्धन को रोटेरियन तारिक़ खान,डॉ सैय्यद नाज़िम अहमद, डॉ नाज़ फात्मा, डॉ विश्वदीप केसरवानी,डॉ निहारीका केसरवानी डॉ आरिज़ क़ादरी,डॉ आशुतोष अग्रवाल, रिज़वान खान,असरा नवाज़,आफताब अहमद,अकबर खान,अहमद उल्ला आदि मौजूद रहे।रोटरी क्लब ऐकेडमीया व नाज़ ब्लड बैंक करैली की ओर से सभी ब्लड डोनर को गुलाब का फूल,मोमेंटो व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित भी किया गया।वहीं रक्तदान के महत्व को भी बताया गया।
एबीसी किड्स मोंटेसरी स्कूल में धूमधाम से मनाई गई परशुराम जयंती

संभल/ चंदौसी । एबीसी किड्स मोंटेसरी स्कूल में आज परशुराम जयंती का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय का वातावरण पूरी तरह से धार्मिक और उत्साहपूर्ण बना रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य नन्हे-मुन्ने बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं एवं महान व्यक्तित्वों के बारे में जागरूक करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद बच्चों को भगवान परशुराम के जीवन, उनके आदर्शों और उनके योगदान के बारे में सरल और रोचक तरीके से बताया गया, जिससे बच्चे आसानी से समझ सकें।
विद्यालय की संचालिका श्रीमती संगीता भार्गव जी ने बच्चों को संबोधित करते हुए बताया कि परशुराम जयंती हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि परशुराम जी का जन्म तृतीया तिथि के प्रदोष काल में हुआ था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उनका अवतार अधर्म, अन्याय और अत्याचार का अंत करने के लिए हुआ था।
उन्होंने आगे बताया कि परशुराम जी के पिता महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका थीं। वे बचपन से ही तेजस्वी, पराक्रमी और धर्मनिष्ठ थे। उनके जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि हमें सदैव सत्य और धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए तथा अन्याय के विरुद्ध आवाज उठानी चाहिए।

प्रिया मैम ने बच्चों को बताया कि प्राचीन ग्रंथों जैसे महाभारत और विष्णु पुराण के अनुसार परशुराम जी का मूल नाम “राम” था, लेकिन जब भगवान शिव ने उन्हें “परशु” नामक दिव्य अस्त्र प्रदान किया, तभी से उनका नाम परशुराम पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि परशुराम जी भगवान शिव के परम भक्त थे और उन्होंने अपने जीवन में कठोर तप और साधना की।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने “जय श्री राम” के जयकारे लगाए, जिससे पूरा विद्यालय परिसर भक्तिमय हो उठा। कुछ बच्चों ने भगवान परशुराम से जुड़ी छोटी-छोटी प्रस्तुतियां भी दीं, जिससे कार्यक्रम और भी आकर्षक बन गया।
अंत में संचालिका संगीता भार्गव जी ने बच्चों को संदेश दिया कि हमें भगवान परशुराम के जीवन से प्रेरणा लेकर सच्चाई, साहस और अनुशासन को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।

कार्यक्रम का समापन हर्ष और उल्लास के साथ किया गया। इस अवसर को सफल बनाने में विद्यालय की अध्यापिकाएं प्रिया, रूपाली, काजल, इशिता, मनप्रीत, शालू, निशा, संतोष, नीरज, सरिता, सोनल, दीक्षा, रक्षा शिल्पा सहित सभी स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।यह आयोजन बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा, जिसने उनके मन में संस्कृति और नैतिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत किया।