हिमंत बिस्व सरमा दूसरी बार बने असम के सीएम, 4 मंत्रियों ने भी ली शपथ

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असम विधानसभा चुनाव में एनडीए की जबरदस्त जीत के बाद आज हिमंता बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। हिमंत सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बने हैं। उनके बाद 4 अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत पार्टी के कई सीनियर नेता, केंद्रीय मंत्री और कई राज्यों के सीएम शामिल हुए।

इन 4 नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ

1. रामेश्वर तेली (बीजेपी नेता और मोदी सरकार में पूर्व राज्य मंत्री)

2. अजंता नियोग (पिछली सरकार में वित्त मंत्री)

3. अतुल बोरा (असम गण परिषद के अध्यक्ष और पिछली 2 सरकारों में मंत्री)

4. चरण बोरो (बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के नेता, पिछली सरकार में भी मंत्री)

विधानसभा चुनाव में भाजपा की शानदार जीत

असम में भाजपा ने लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की है। इस चुनाव में भाजपा नीत एनडीए ने राज्य में शानदार प्रदर्शन करते हुए 126 में से 102 सीटों पर कब्जा किया है। भाजपा ने अकेले 82 सीटें जीतकर अपनी पकड़ मजबूत की है। इस प्रचंड बहुमत के साथ हिमंत बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालेंगे। उनकी लोकप्रियता और कुशल रणनीतियों ने गठबंधन को इस ऐतिहासिक सफलता तक पहुंचाया है।

दूसरी बार सीएम बनेंगे हिमंत बिस्वा सरमा, 4 विधायक भी लेंगे मंत्री पद की शपथ

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अमस में हिमंत बिस्वा सरमा आज राज्‍य के मुख्‍यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। हिमंता दूसरी बार मुख्‍यमंत्री बनने जा रहे हैं। गुवाहाटी के केंद्रपाड़ा के वेटिनरी कॉलेज फील्ड में मंच तैयार है, जहां मंगलवार सुबह 11:40 बजे हिमंत बिस्वा सरमा दूसरी बार शपथ लेंगे। हिमंता के साथ केवल चार मंत्री शपथ लेंगे। उनके साथ भाजपा के दो वरिष्ठ नेता और सहयोगी दलों असम गण परिषद तथा बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के एक-एक नेता शामिल हैं।

ये चार विधायक लेंगे मंत्री पद की शपथ

मुख्यमंत्री सरमा के साथ चार विधायक भी मंत्री पद की शपथ लेंगे। हिमंत सरमा ने सोमवार रात चार नेताओं के नामों का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यह घोषणा करते हुए मुझे खुशी हो रही है कि मेरे चार सहयोगी – रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नियोग, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामय उपस्थिति में मेरे साथ मंत्री पद की शपथ लेंगे। बोरा, असम गण परिषद (एजीपी) के अध्यक्ष हैं और बोरो, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) से विधायक हैं। और दोनों एनडीए नीत पूर्व सरकार में मंत्री रह चुके हैं। नियोग पिछली सरकार में भी मंत्री थीं। तेली पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रहे हैं, जिन्होंने 2026 के चुनाव में राज्य की राजनीति में वापसी की।

पीएम मोदी-अमित शाह समेत दिग्गजों का जमावड़ा

खानापारा के पशु चिकित्सा महाविद्यालय मैदान में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ-साथ राजग शासित राज्यों के 40 से अधिक मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों के उपस्थित रहने की संभावना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे गुवाहाटी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम में बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए की तीसरी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से पहले सोमवार रात गुवाहाटी पहुंचे। मुख्यमंत्री पद के लिए नामित हिमंत बिस्वा सरमा और अन्य बीजेपी नेताओं ने गुवाहाटी में लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयर पोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत किया।

मोदी की ‘सोना न खरीदने’ की अपील पर सराफा कारोबारियों में नाराजगी, लखनऊ में एक दिन बंद रहेगा बाजार

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देशवासियों से एक वर्ष तक सोना न खरीदने की अपील के बाद सराफा कारोबारियों में नाराजगी बढ़ गई है। विरोध स्वरूप लखनऊ महानगर सराफा एसोसिएशन ने शहर में एक दिवसीय व्यापार बंद का आह्वान किया है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि सराफा बाजार पहले से ही मंदी के दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में सोना न खरीदने की अपील व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने इस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे लाखों छोटे व्यापारियों, कारीगरों और इस व्यवसाय से जुड़े परिवारों पर सीधा असर पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि सराफा व्यापार देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार का बड़ा हिस्सा है। यदि लोग लंबे समय तक सोने की खरीदारी से दूरी बनाते हैं तो बाजार में भारी गिरावट आ सकती है। एसोसिएशन ने देशभर के सराफा व्यापारियों से एकजुट होकर विरोध दर्ज कराने और इस मुहिम में शामिल होने की अपील की है।

व्यापारियों का कहना है कि सरकार को आयात नियंत्रण और विदेशी मुद्रा संतुलन के लिए अन्य विकल्पों पर विचार करना चाहिए, न कि सीधे तौर पर सोने की खरीदारी को हतोत्साहित करना चाहिए। वहीं, बाजार बंद के ऐलान के बाद लखनऊ के सराफा कारोबारियों में हलचल तेज हो गई है।

बलिया: केंद्र सरकार जनता पर बोझ डालने में व्यस्त, चौकीदार सो रहा है - सपा नेता कान्हजी
संजीव सिंह बलिया, 11 मई 2026: केंद्र की भाजपा सरकार अब देश चलाने में नहीं, बल्कि जनता पर बोझ डालने में व्यस्त हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के उपाध्यक्ष व प्रवक्ता सुशील पाण्डेय कान्हजी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरकार के मुखिया की हालिया अपील पर तीखा प्रहार किया है।कान्हजी ने कहा, "सरकार के मुखिया कहते हैं- सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, तेल-खाद कम खाओ, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। यह सलाह नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के 12 वर्षों की नाकाम नीतियों का खुला कबूलनामा है। अब साफ हो गया कि चौकीदार चौकीदारी नहीं कर रहा, बल्कि सो रहा है। प्रधान सेवक देश का सेवक नहीं, चंद पूंजीपतियों का सेवक है।"उन्होंने कहा कि जिस सरकार को महंगाई, बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था संभालनी थी, वह अब जनता को "कम खर्च करो, कम खाओ, कम घूमो, कम पहनो, कम जियो" का ज्ञान दे रही है। "हर बार अपनी विफलताओं का ठीकरा जनता के सिर फोड़ देना और हर समस्या का हल नागरिकों के पॉकेट में ढूंढना दुनिया की इकलौती सरकार का कमाल है। मन की बात कहना आसान है, लेकिन जन की बात सुनना इनके बस का नहीं।"कान्हजी ने चेतावनी दी कि देश आज ऐसे मोड़ पर है, जहां सरकार के पास समाधान नहीं, सिर्फ बहाने बचे हैं। "मुखिया का बयान लोगों में भय पैदा करने के लिए है, ताकि सवाल न उठें। देश कमजोर और अकर्मण्य हाथों में है, जो सिर्फ भाषण दे सकता है, काम नहीं। 18 घंटे जाग सकता है, फोटोशूट करा सकता है, लेकिन विवेक का प्रयोग नहीं कर सकता।"अंत में सुशील पांडेय कान्हजी ने कहा, "देश की असली समस्या भाजपा सरकार है। जनता सबसे पहले इसी समस्या से छुटकारा चाहती है।"
दो दर्जन कोचिंग सेंटरों को जारी की गई चेतावनी

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। बिन पंजीयन कोचिंग संचालन करने वालों के प्रति शिक्षा विभाग की सख्ती बढ़ती जा रही है। कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए ब्लॉकवार छह टीम का गठन जिला विद्यालय निरीक्षक अशुंमान द्वारा किया गया है। नामित अधिकारी ब्लॉक क्षेत्रों में चल रहे कोचिंग की जांच कर रिपोर्ट प्रेषित करेंगे। रिपोर्ट आने के एक सप्ताह में कोचिंग सेंटरों का पंजीन विभाग में नहीं हुआ तो विभागीय स्तर से सख्त कार्रवाई होना तय है। जबकि पूर्व में भी जांच रिपोर्ट पे्रषित की गई थी। ऐसे में करीब डेढ़ दर्जन कोचिंग संचालकों को सुधार एक्ट की नोटिस जारी कर दी गई है।डीआईओएस ने बताया कि कोचिंग संचालकों को यह भी निर्देशित किया गया है कि संचालन का जो मानक है वह भी शत-प्रतिशत पूर्ण होना चाहिए। जिले में करीब एक दर्जन कोचिंग सेंटर पंजीकृत होकर संचालित हो रही हैं। पूर्व में डेढ़ दर्जन कोचिंग सेंटर संचालकों को पंजीयन के लिए नोटिस जारी हुआ था। लेकिन इन संचालकों द्वारा पंजीयन को आवेदन नहीं किया गया है। ऐसे में मामले को गंभीरता से लेते हुए बंद कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जुर्माना लगाने के साथ ही कोचिंग सेंटर सीज भी हो सकता है। बिना पंजीयन कराए कोचिंग का संचालन कदापि नहीं होने दिया जाएगा। बिन पंजीयन कोचिंग की शिकायत मिलने पर स्थलीय जांच कर उचित कार्रवाई की जा रही है। दो पालिका परिषद, पांच नगर पंचायत समेत औराई, ज्ञानपुर, भदोही, सुरियावां, सर्रोई, उगापुर, असनाव, अभोली, कोइरौना, गोपीगंज, जंगीगंज, ऊंज समेत जिले भर में विभिन्न स्थलों पर कोचिंग का संचालित किए जा रहे हैं।
चेकिंग के दौरान मॉडिफाई साइलेंसर से अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले वाहनों को किया गया चिन्हित

*जनपद में चेकिंग के दौरान कुल 32 बुलेट मोटरसाइकिलों पर कार्यवाही तथा 3 को किया गया सीज*

*गोण्डा 11 मई,2026*।
जनपद में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एआरटीओ (प्रशासन) श्री आर.सी. भारतीय द्वारा चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों पर मॉडिफाई साइलेंसर लगाकर ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले बुलेट वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई।

चेकिंग अभियान के अंतर्गत कुल 32 बुलेट वाहनों पर कार्रवाई करते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार चालान की कार्यवाही की गई। इसके अतिरिक्त यातायात एवं परिवहन विभाग के नियमों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर 3 बुलेट मोटरसाइकिलों को सीज किया गया। कार्रवाई के दौरान मॉडिफाई साइलेंसर से अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले वाहनों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया, जिससे आमजन को होने वाली असुविधा एवं ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

एआरटीओ (प्रशासन) श्री आर.सी. भारतीय ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनपद में सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले तथा वाहन मानकों का उल्लंघन करने वाले किसी भी वाहन को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि मॉडिफाई साइलेंसर न केवल ध्वनि प्रदूषण को बढ़ावा देते हैं, बल्कि यह सड़क सुरक्षा मानकों के भी विपरीत हैं। ऐसे वाहनों के विरुद्ध परिवहन विभाग द्वारा निरंतर अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने वाहन स्वामियों से अपील की कि सभी लोग अपने वाहनों में मानक अनुरूप उपकरणों का ही प्रयोग करें तथा यातायात नियमों का पूर्ण पालन करें। साथ ही उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और नियमों का पालन कर ही सुरक्षित एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।
परिवहन विभाग द्वारा चलाया गया यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
यूपी की ऐतिहासिक धरोहरों को मिलेगा नया जीवन: 40 स्मारक और पुरास्थल होंगे संरक्षित

* योगी सरकार का बड़ा फैसला, खंडहर बन रहे प्राचीन स्मारकों का होगा संरक्षण और पर्यटन विकास

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 40 ऐतिहासिक स्मारकों और पुरास्थलों को संरक्षित घोषित करने का निर्णय लिया है। इनमें कई स्मारक ढाई हजार से तीन हजार वर्ष पुराने बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ स्थल कुषाण काल से संबंधित माने जा रहे हैं। इसके साथ ही तीन स्थलों को असंरक्षित घोषित किया गया है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की प्राचीन धरोहरें स्थापत्य कला, संस्कृति और इतिहास की अमूल्य विरासत हैं। समय के साथ कई स्मारक जीर्ण-शीर्ण होकर खंडहर में बदलते जा रहे हैं, इसलिए राज्य सरकार ने इन्हें संरक्षित कर नया स्वरूप देने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि इन स्मारकों के आसपास बुनियादी सुविधाएं विकसित कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि पर्यटक और श्रद्धालु बड़ी संख्या में इन स्थलों तक पहुंच सकें। साथ ही बाउंड्रीवाल और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं के जरिए अतिक्रमण रोकने की भी योजना बनाई गई है।

* कई जिलों के ऐतिहासिक स्थल सूची में शामिल
संरक्षित घोषित किए गए स्मारकों में सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी, कानपुर नगर, रायबरेली, लखनऊ, प्रतापगढ़, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, देवरिया, जालौन, ललितपुर, झांसी, महोबा, गाजीपुर, वाराणसी, आगरा, मैनपुरी, सहारनपुर और रामपुर के ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं।
इनमें प्राचीन शिव मंदिर, किले, बावलियां, समाधियां, टीले, मंदिर परिसर और ऐतिहासिक भवन प्रमुख रूप से शामिल हैं। लखनऊ स्थित ऐतिहासिक मूसाबाग भवन और कालाकांकर भवन को भी संरक्षण सूची में शामिल किया गया है।

* नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने की पहल
पर्यटन मंत्री ने कहा कि यह पहल केवल स्मारकों के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास भी है। उन्होंने कहा कि ये स्मारक भारतीय स्थापत्य कला और प्राचीन सभ्यता के दुर्लभ उदाहरण हैं, जिन्हें संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि सरकार इन स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में भी कार्य करेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
भूसा संग्रहण अभियान में तेजी लाने के निर्देश, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई : धर्मपाल सिंह

लखनऊ। धर्मपाल सिंह ने प्रदेश में संचालित “भूसा संग्रहण अभियान” की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गौआश्रय स्थलों में किसी भी गौवंश को भूखा-प्यासा नहीं रहने दिया जाए। उन्होंने कहा कि भूसा संग्रहण, पशु आहार प्रबंधन और गौआश्रय स्थलों के संचालन को मिशन मोड में संचालित किया जाए तथा लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विधान भवन स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने भूसा संग्रहण में न्यूनतम प्रदर्शन करने वाले जनपद हमीरपुर, वाराणसी, प्रतापगढ़, औरैया और अयोध्या को चेतावनी देते हुए अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गौ संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में भूसा संग्रहण का कुल लक्ष्य 1.37 करोड़ कुंतल निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक 1.11 करोड़ कुंतल भूसा संग्रहित किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गेहूं कटाई के मौजूदा मौसम का लाभ उठाकर अधिक से अधिक भूसा संग्रहित किया जाए। साथ ही भूसा एवं साइलेज टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा गोचर भूमि को कब्जामुक्त कर हरा चारा बोने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में गौआश्रय स्थलों पर गोवंशों के लिए भूसा, हरा चारा, स्वच्छ पेयजल, छायादार व्यवस्था, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने पशुओं की सुरक्षा के लिए समयबद्ध टीकाकरण अभियान चलाने तथा दवाइयों और वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
धर्मपाल सिंह ने गौशालाओं में गोबर गैस प्लांट स्थापित करने पर भी बल देते हुए कहा कि इससे गोबर का समुचित प्रबंधन होगा और गौआश्रय स्थल आत्मनिर्भर बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि गोबर गैस और जैविक खाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी सहायक होगी।
बैठक में मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनजीओ द्वारा संचालित गौआश्रय स्थलों का सत्यापन कर उनकी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं का संचालन व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्तमान में 7386 गौआश्रय स्थलों में 12,37,694 गोवंश संरक्षित हैं, जबकि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1,14,481 लाभार्थियों को 1,84,227 गोवंश सुपुर्द किए गए हैं। अभियान के तहत 1905 अस्थायी एवं 7285 स्थायी भूसा बैंक स्थापित किए जा चुके हैं। भूसा संग्रहण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनपदों में जालौन, मुजफ्फरनगर, नोएडा, मिर्जापुर और महोबा शामिल हैं।
कर्मचारी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिले हरिकिशोर तिवारी
* कैशलेस योजना और पेंशन मुद्दे पर उठाई आवाज

लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष इं. हरिकिशोर तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर प्रदेश के कर्मचारियों एवं शिक्षकों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कर्मचारी संगठनों और शासन स्तर पर लंबित बैठकों को लेकर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
इं. तिवारी ने कहा कि तत्कालीन अपर मुख्य सचिव कार्मिक देवेश चतुर्वेदी के दिल्ली स्थानांतरण के बाद से कर्मचारी संगठनों के साथ किसी भी स्तर पर नियमित बैठक नहीं हो सकी है, जिसके कारण कर्मचारियों की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान लंबित पड़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि शासनादेश जारी कर कर्मचारी संगठनों के साथ नियमित संवाद और बैठकें सुनिश्चित कराई जाएं।
बैठक में वर्ष 2016 की पं. दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा योजना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। परिषद की ओर से कहा गया कि लंबे आंदोलन और संघर्ष के बाद बनी यह नियमावली गंभीर बीमारियों—जैसे कैंसर, ब्रेन हेमरेज, लीवर ट्रांसप्लांट, घुटना प्रत्यारोपण आदि—के लिए असीमित इलाज की व्यवस्था प्रदान करती थी, लेकिन बाद में इसे आयुष्मान योजना से जोड़कर इलाज की सीमा मात्र पांच लाख रुपये तक सीमित कर दी गई। परिषद ने मूल नियमावली को पुनः लागू करने की मांग की।
लोक निर्माण विभाग में ऑनलाइन आगणन और स्वीकृति प्रक्रियाओं में हो रही देरी का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। परिषद ने कहा कि अधिकांश स्वीकृतियां वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों में जारी होने से कार्यों को जल्दबाजी में पूरा करना पड़ता है, जिससे गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। परिषद पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि वर्ष 2018 में कर्मचारी-शिक्षक आंदोलन के दौरान सरकार ने समिति बनाकर वार्ता कराई थी। इसी क्रम में सरकारी अंशदान को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया गया, जिसने नई पेंशन व्यवस्था की कमियों के आकलन और आगे चलकर यूपीएस (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) जैसे विकल्प तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परिषद ने कहा कि कर्मचारियों के हित में आगे भी संघर्ष जारी रहेगा।
इस अवसर पर परिषद के महामंत्री शिवबरन सिंह यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेम कुमार सिंह, कार्यवाहक अध्यक्ष इं. एन.डी. द्विवेदी, कार्यवाहक महामंत्री डॉ. नरेश, सुभाष पांडे, एच.एन. मिश्रा, अखिलेश अग्निहोत्री, आशुतोष तिवारी, प्रभात मिश्रा, संतोष तिवारी, अनुज शुक्ला और दिवाकर राय सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने मुख्यमंत्री से सकारात्मक कार्रवाई और आवश्यक आदेश जारी होने की उम्मीद जताई।
मदर्स डे पर आकाश प्रियदर्शी ने मां के त्याग को किया नमन, कहा- मां का कर्ज चुकाना असंभव

गया: मानपुर के जनकपुर निवासी विशाल प्राइवेट आईटीआई के ट्रस्टी सदस्य सह युवा समाजसेवी आकाश प्रियदर्शी उर्फ 'एपी' ने मातृ दिवस (मदर्स डे) के विशेष अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए मां की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया ! उन्होंने कहा कि इस संसार में मां का स्थान सर्वोपरि है और उनके द्वारा किए गए त्याग व उपकारों का कर्ज कोई भी संतान कभी पूरी तरह नहीं चुका सकती.

आकाश प्रियदर्शी ने भावुक होते हुए कहा कि दुनिया में केवल मां ही ऐसी शख्सियत होती है, जो स्वयं भूखी रहकर और अपना पेट काटकर भी अपने बच्चों का पेट भरती है ! उनका निःस्वार्थ प्रेम और समर्पण ही परिवार की असली शक्ति है ! उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी मां का सदैव सम्मान करें, क्योंकि मां के आशीर्वाद के बिना जीवन में सच्ची सफलता और सुख की प्राप्ति असंभव है ! माता का प्रेम ही इस सृष्टि का आधार है.

हिमंत बिस्व सरमा दूसरी बार बने असम के सीएम, 4 मंत्रियों ने भी ली शपथ

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असम विधानसभा चुनाव में एनडीए की जबरदस्त जीत के बाद आज हिमंता बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। हिमंत सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बने हैं। उनके बाद 4 अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत पार्टी के कई सीनियर नेता, केंद्रीय मंत्री और कई राज्यों के सीएम शामिल हुए।

इन 4 नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ

1. रामेश्वर तेली (बीजेपी नेता और मोदी सरकार में पूर्व राज्य मंत्री)

2. अजंता नियोग (पिछली सरकार में वित्त मंत्री)

3. अतुल बोरा (असम गण परिषद के अध्यक्ष और पिछली 2 सरकारों में मंत्री)

4. चरण बोरो (बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के नेता, पिछली सरकार में भी मंत्री)

विधानसभा चुनाव में भाजपा की शानदार जीत

असम में भाजपा ने लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की है। इस चुनाव में भाजपा नीत एनडीए ने राज्य में शानदार प्रदर्शन करते हुए 126 में से 102 सीटों पर कब्जा किया है। भाजपा ने अकेले 82 सीटें जीतकर अपनी पकड़ मजबूत की है। इस प्रचंड बहुमत के साथ हिमंत बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालेंगे। उनकी लोकप्रियता और कुशल रणनीतियों ने गठबंधन को इस ऐतिहासिक सफलता तक पहुंचाया है।

दूसरी बार सीएम बनेंगे हिमंत बिस्वा सरमा, 4 विधायक भी लेंगे मंत्री पद की शपथ

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अमस में हिमंत बिस्वा सरमा आज राज्‍य के मुख्‍यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। हिमंता दूसरी बार मुख्‍यमंत्री बनने जा रहे हैं। गुवाहाटी के केंद्रपाड़ा के वेटिनरी कॉलेज फील्ड में मंच तैयार है, जहां मंगलवार सुबह 11:40 बजे हिमंत बिस्वा सरमा दूसरी बार शपथ लेंगे। हिमंता के साथ केवल चार मंत्री शपथ लेंगे। उनके साथ भाजपा के दो वरिष्ठ नेता और सहयोगी दलों असम गण परिषद तथा बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के एक-एक नेता शामिल हैं।

ये चार विधायक लेंगे मंत्री पद की शपथ

मुख्यमंत्री सरमा के साथ चार विधायक भी मंत्री पद की शपथ लेंगे। हिमंत सरमा ने सोमवार रात चार नेताओं के नामों का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यह घोषणा करते हुए मुझे खुशी हो रही है कि मेरे चार सहयोगी – रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नियोग, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामय उपस्थिति में मेरे साथ मंत्री पद की शपथ लेंगे। बोरा, असम गण परिषद (एजीपी) के अध्यक्ष हैं और बोरो, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) से विधायक हैं। और दोनों एनडीए नीत पूर्व सरकार में मंत्री रह चुके हैं। नियोग पिछली सरकार में भी मंत्री थीं। तेली पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रहे हैं, जिन्होंने 2026 के चुनाव में राज्य की राजनीति में वापसी की।

पीएम मोदी-अमित शाह समेत दिग्गजों का जमावड़ा

खानापारा के पशु चिकित्सा महाविद्यालय मैदान में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ-साथ राजग शासित राज्यों के 40 से अधिक मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों के उपस्थित रहने की संभावना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे गुवाहाटी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम में बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए की तीसरी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से पहले सोमवार रात गुवाहाटी पहुंचे। मुख्यमंत्री पद के लिए नामित हिमंत बिस्वा सरमा और अन्य बीजेपी नेताओं ने गुवाहाटी में लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयर पोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत किया।

मोदी की ‘सोना न खरीदने’ की अपील पर सराफा कारोबारियों में नाराजगी, लखनऊ में एक दिन बंद रहेगा बाजार

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देशवासियों से एक वर्ष तक सोना न खरीदने की अपील के बाद सराफा कारोबारियों में नाराजगी बढ़ गई है। विरोध स्वरूप लखनऊ महानगर सराफा एसोसिएशन ने शहर में एक दिवसीय व्यापार बंद का आह्वान किया है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि सराफा बाजार पहले से ही मंदी के दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में सोना न खरीदने की अपील व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने इस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे लाखों छोटे व्यापारियों, कारीगरों और इस व्यवसाय से जुड़े परिवारों पर सीधा असर पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि सराफा व्यापार देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार का बड़ा हिस्सा है। यदि लोग लंबे समय तक सोने की खरीदारी से दूरी बनाते हैं तो बाजार में भारी गिरावट आ सकती है। एसोसिएशन ने देशभर के सराफा व्यापारियों से एकजुट होकर विरोध दर्ज कराने और इस मुहिम में शामिल होने की अपील की है।

व्यापारियों का कहना है कि सरकार को आयात नियंत्रण और विदेशी मुद्रा संतुलन के लिए अन्य विकल्पों पर विचार करना चाहिए, न कि सीधे तौर पर सोने की खरीदारी को हतोत्साहित करना चाहिए। वहीं, बाजार बंद के ऐलान के बाद लखनऊ के सराफा कारोबारियों में हलचल तेज हो गई है।

बलिया: केंद्र सरकार जनता पर बोझ डालने में व्यस्त, चौकीदार सो रहा है - सपा नेता कान्हजी
संजीव सिंह बलिया, 11 मई 2026: केंद्र की भाजपा सरकार अब देश चलाने में नहीं, बल्कि जनता पर बोझ डालने में व्यस्त हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के उपाध्यक्ष व प्रवक्ता सुशील पाण्डेय कान्हजी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरकार के मुखिया की हालिया अपील पर तीखा प्रहार किया है।कान्हजी ने कहा, "सरकार के मुखिया कहते हैं- सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, तेल-खाद कम खाओ, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। यह सलाह नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के 12 वर्षों की नाकाम नीतियों का खुला कबूलनामा है। अब साफ हो गया कि चौकीदार चौकीदारी नहीं कर रहा, बल्कि सो रहा है। प्रधान सेवक देश का सेवक नहीं, चंद पूंजीपतियों का सेवक है।"उन्होंने कहा कि जिस सरकार को महंगाई, बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था संभालनी थी, वह अब जनता को "कम खर्च करो, कम खाओ, कम घूमो, कम पहनो, कम जियो" का ज्ञान दे रही है। "हर बार अपनी विफलताओं का ठीकरा जनता के सिर फोड़ देना और हर समस्या का हल नागरिकों के पॉकेट में ढूंढना दुनिया की इकलौती सरकार का कमाल है। मन की बात कहना आसान है, लेकिन जन की बात सुनना इनके बस का नहीं।"कान्हजी ने चेतावनी दी कि देश आज ऐसे मोड़ पर है, जहां सरकार के पास समाधान नहीं, सिर्फ बहाने बचे हैं। "मुखिया का बयान लोगों में भय पैदा करने के लिए है, ताकि सवाल न उठें। देश कमजोर और अकर्मण्य हाथों में है, जो सिर्फ भाषण दे सकता है, काम नहीं। 18 घंटे जाग सकता है, फोटोशूट करा सकता है, लेकिन विवेक का प्रयोग नहीं कर सकता।"अंत में सुशील पांडेय कान्हजी ने कहा, "देश की असली समस्या भाजपा सरकार है। जनता सबसे पहले इसी समस्या से छुटकारा चाहती है।"
दो दर्जन कोचिंग सेंटरों को जारी की गई चेतावनी

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। बिन पंजीयन कोचिंग संचालन करने वालों के प्रति शिक्षा विभाग की सख्ती बढ़ती जा रही है। कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए ब्लॉकवार छह टीम का गठन जिला विद्यालय निरीक्षक अशुंमान द्वारा किया गया है। नामित अधिकारी ब्लॉक क्षेत्रों में चल रहे कोचिंग की जांच कर रिपोर्ट प्रेषित करेंगे। रिपोर्ट आने के एक सप्ताह में कोचिंग सेंटरों का पंजीन विभाग में नहीं हुआ तो विभागीय स्तर से सख्त कार्रवाई होना तय है। जबकि पूर्व में भी जांच रिपोर्ट पे्रषित की गई थी। ऐसे में करीब डेढ़ दर्जन कोचिंग संचालकों को सुधार एक्ट की नोटिस जारी कर दी गई है।डीआईओएस ने बताया कि कोचिंग संचालकों को यह भी निर्देशित किया गया है कि संचालन का जो मानक है वह भी शत-प्रतिशत पूर्ण होना चाहिए। जिले में करीब एक दर्जन कोचिंग सेंटर पंजीकृत होकर संचालित हो रही हैं। पूर्व में डेढ़ दर्जन कोचिंग सेंटर संचालकों को पंजीयन के लिए नोटिस जारी हुआ था। लेकिन इन संचालकों द्वारा पंजीयन को आवेदन नहीं किया गया है। ऐसे में मामले को गंभीरता से लेते हुए बंद कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जुर्माना लगाने के साथ ही कोचिंग सेंटर सीज भी हो सकता है। बिना पंजीयन कराए कोचिंग का संचालन कदापि नहीं होने दिया जाएगा। बिन पंजीयन कोचिंग की शिकायत मिलने पर स्थलीय जांच कर उचित कार्रवाई की जा रही है। दो पालिका परिषद, पांच नगर पंचायत समेत औराई, ज्ञानपुर, भदोही, सुरियावां, सर्रोई, उगापुर, असनाव, अभोली, कोइरौना, गोपीगंज, जंगीगंज, ऊंज समेत जिले भर में विभिन्न स्थलों पर कोचिंग का संचालित किए जा रहे हैं।
चेकिंग के दौरान मॉडिफाई साइलेंसर से अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले वाहनों को किया गया चिन्हित

*जनपद में चेकिंग के दौरान कुल 32 बुलेट मोटरसाइकिलों पर कार्यवाही तथा 3 को किया गया सीज*

*गोण्डा 11 मई,2026*।
जनपद में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एआरटीओ (प्रशासन) श्री आर.सी. भारतीय द्वारा चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों पर मॉडिफाई साइलेंसर लगाकर ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले बुलेट वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई।

चेकिंग अभियान के अंतर्गत कुल 32 बुलेट वाहनों पर कार्रवाई करते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार चालान की कार्यवाही की गई। इसके अतिरिक्त यातायात एवं परिवहन विभाग के नियमों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर 3 बुलेट मोटरसाइकिलों को सीज किया गया। कार्रवाई के दौरान मॉडिफाई साइलेंसर से अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले वाहनों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया, जिससे आमजन को होने वाली असुविधा एवं ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

एआरटीओ (प्रशासन) श्री आर.सी. भारतीय ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनपद में सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले तथा वाहन मानकों का उल्लंघन करने वाले किसी भी वाहन को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि मॉडिफाई साइलेंसर न केवल ध्वनि प्रदूषण को बढ़ावा देते हैं, बल्कि यह सड़क सुरक्षा मानकों के भी विपरीत हैं। ऐसे वाहनों के विरुद्ध परिवहन विभाग द्वारा निरंतर अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने वाहन स्वामियों से अपील की कि सभी लोग अपने वाहनों में मानक अनुरूप उपकरणों का ही प्रयोग करें तथा यातायात नियमों का पूर्ण पालन करें। साथ ही उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और नियमों का पालन कर ही सुरक्षित एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।
परिवहन विभाग द्वारा चलाया गया यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
यूपी की ऐतिहासिक धरोहरों को मिलेगा नया जीवन: 40 स्मारक और पुरास्थल होंगे संरक्षित

* योगी सरकार का बड़ा फैसला, खंडहर बन रहे प्राचीन स्मारकों का होगा संरक्षण और पर्यटन विकास

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 40 ऐतिहासिक स्मारकों और पुरास्थलों को संरक्षित घोषित करने का निर्णय लिया है। इनमें कई स्मारक ढाई हजार से तीन हजार वर्ष पुराने बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ स्थल कुषाण काल से संबंधित माने जा रहे हैं। इसके साथ ही तीन स्थलों को असंरक्षित घोषित किया गया है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की प्राचीन धरोहरें स्थापत्य कला, संस्कृति और इतिहास की अमूल्य विरासत हैं। समय के साथ कई स्मारक जीर्ण-शीर्ण होकर खंडहर में बदलते जा रहे हैं, इसलिए राज्य सरकार ने इन्हें संरक्षित कर नया स्वरूप देने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि इन स्मारकों के आसपास बुनियादी सुविधाएं विकसित कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि पर्यटक और श्रद्धालु बड़ी संख्या में इन स्थलों तक पहुंच सकें। साथ ही बाउंड्रीवाल और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं के जरिए अतिक्रमण रोकने की भी योजना बनाई गई है।

* कई जिलों के ऐतिहासिक स्थल सूची में शामिल
संरक्षित घोषित किए गए स्मारकों में सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी, कानपुर नगर, रायबरेली, लखनऊ, प्रतापगढ़, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, देवरिया, जालौन, ललितपुर, झांसी, महोबा, गाजीपुर, वाराणसी, आगरा, मैनपुरी, सहारनपुर और रामपुर के ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं।
इनमें प्राचीन शिव मंदिर, किले, बावलियां, समाधियां, टीले, मंदिर परिसर और ऐतिहासिक भवन प्रमुख रूप से शामिल हैं। लखनऊ स्थित ऐतिहासिक मूसाबाग भवन और कालाकांकर भवन को भी संरक्षण सूची में शामिल किया गया है।

* नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने की पहल
पर्यटन मंत्री ने कहा कि यह पहल केवल स्मारकों के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास भी है। उन्होंने कहा कि ये स्मारक भारतीय स्थापत्य कला और प्राचीन सभ्यता के दुर्लभ उदाहरण हैं, जिन्हें संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि सरकार इन स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में भी कार्य करेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
भूसा संग्रहण अभियान में तेजी लाने के निर्देश, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई : धर्मपाल सिंह

लखनऊ। धर्मपाल सिंह ने प्रदेश में संचालित “भूसा संग्रहण अभियान” की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गौआश्रय स्थलों में किसी भी गौवंश को भूखा-प्यासा नहीं रहने दिया जाए। उन्होंने कहा कि भूसा संग्रहण, पशु आहार प्रबंधन और गौआश्रय स्थलों के संचालन को मिशन मोड में संचालित किया जाए तथा लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विधान भवन स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने भूसा संग्रहण में न्यूनतम प्रदर्शन करने वाले जनपद हमीरपुर, वाराणसी, प्रतापगढ़, औरैया और अयोध्या को चेतावनी देते हुए अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गौ संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में भूसा संग्रहण का कुल लक्ष्य 1.37 करोड़ कुंतल निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक 1.11 करोड़ कुंतल भूसा संग्रहित किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गेहूं कटाई के मौजूदा मौसम का लाभ उठाकर अधिक से अधिक भूसा संग्रहित किया जाए। साथ ही भूसा एवं साइलेज टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा गोचर भूमि को कब्जामुक्त कर हरा चारा बोने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में गौआश्रय स्थलों पर गोवंशों के लिए भूसा, हरा चारा, स्वच्छ पेयजल, छायादार व्यवस्था, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने पशुओं की सुरक्षा के लिए समयबद्ध टीकाकरण अभियान चलाने तथा दवाइयों और वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
धर्मपाल सिंह ने गौशालाओं में गोबर गैस प्लांट स्थापित करने पर भी बल देते हुए कहा कि इससे गोबर का समुचित प्रबंधन होगा और गौआश्रय स्थल आत्मनिर्भर बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि गोबर गैस और जैविक खाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी सहायक होगी।
बैठक में मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनजीओ द्वारा संचालित गौआश्रय स्थलों का सत्यापन कर उनकी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं का संचालन व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्तमान में 7386 गौआश्रय स्थलों में 12,37,694 गोवंश संरक्षित हैं, जबकि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1,14,481 लाभार्थियों को 1,84,227 गोवंश सुपुर्द किए गए हैं। अभियान के तहत 1905 अस्थायी एवं 7285 स्थायी भूसा बैंक स्थापित किए जा चुके हैं। भूसा संग्रहण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनपदों में जालौन, मुजफ्फरनगर, नोएडा, मिर्जापुर और महोबा शामिल हैं।
कर्मचारी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिले हरिकिशोर तिवारी
* कैशलेस योजना और पेंशन मुद्दे पर उठाई आवाज

लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष इं. हरिकिशोर तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर प्रदेश के कर्मचारियों एवं शिक्षकों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कर्मचारी संगठनों और शासन स्तर पर लंबित बैठकों को लेकर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
इं. तिवारी ने कहा कि तत्कालीन अपर मुख्य सचिव कार्मिक देवेश चतुर्वेदी के दिल्ली स्थानांतरण के बाद से कर्मचारी संगठनों के साथ किसी भी स्तर पर नियमित बैठक नहीं हो सकी है, जिसके कारण कर्मचारियों की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान लंबित पड़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि शासनादेश जारी कर कर्मचारी संगठनों के साथ नियमित संवाद और बैठकें सुनिश्चित कराई जाएं।
बैठक में वर्ष 2016 की पं. दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा योजना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। परिषद की ओर से कहा गया कि लंबे आंदोलन और संघर्ष के बाद बनी यह नियमावली गंभीर बीमारियों—जैसे कैंसर, ब्रेन हेमरेज, लीवर ट्रांसप्लांट, घुटना प्रत्यारोपण आदि—के लिए असीमित इलाज की व्यवस्था प्रदान करती थी, लेकिन बाद में इसे आयुष्मान योजना से जोड़कर इलाज की सीमा मात्र पांच लाख रुपये तक सीमित कर दी गई। परिषद ने मूल नियमावली को पुनः लागू करने की मांग की।
लोक निर्माण विभाग में ऑनलाइन आगणन और स्वीकृति प्रक्रियाओं में हो रही देरी का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। परिषद ने कहा कि अधिकांश स्वीकृतियां वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों में जारी होने से कार्यों को जल्दबाजी में पूरा करना पड़ता है, जिससे गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। परिषद पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि वर्ष 2018 में कर्मचारी-शिक्षक आंदोलन के दौरान सरकार ने समिति बनाकर वार्ता कराई थी। इसी क्रम में सरकारी अंशदान को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया गया, जिसने नई पेंशन व्यवस्था की कमियों के आकलन और आगे चलकर यूपीएस (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) जैसे विकल्प तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परिषद ने कहा कि कर्मचारियों के हित में आगे भी संघर्ष जारी रहेगा।
इस अवसर पर परिषद के महामंत्री शिवबरन सिंह यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेम कुमार सिंह, कार्यवाहक अध्यक्ष इं. एन.डी. द्विवेदी, कार्यवाहक महामंत्री डॉ. नरेश, सुभाष पांडे, एच.एन. मिश्रा, अखिलेश अग्निहोत्री, आशुतोष तिवारी, प्रभात मिश्रा, संतोष तिवारी, अनुज शुक्ला और दिवाकर राय सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने मुख्यमंत्री से सकारात्मक कार्रवाई और आवश्यक आदेश जारी होने की उम्मीद जताई।
मदर्स डे पर आकाश प्रियदर्शी ने मां के त्याग को किया नमन, कहा- मां का कर्ज चुकाना असंभव

गया: मानपुर के जनकपुर निवासी विशाल प्राइवेट आईटीआई के ट्रस्टी सदस्य सह युवा समाजसेवी आकाश प्रियदर्शी उर्फ 'एपी' ने मातृ दिवस (मदर्स डे) के विशेष अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए मां की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया ! उन्होंने कहा कि इस संसार में मां का स्थान सर्वोपरि है और उनके द्वारा किए गए त्याग व उपकारों का कर्ज कोई भी संतान कभी पूरी तरह नहीं चुका सकती.

आकाश प्रियदर्शी ने भावुक होते हुए कहा कि दुनिया में केवल मां ही ऐसी शख्सियत होती है, जो स्वयं भूखी रहकर और अपना पेट काटकर भी अपने बच्चों का पेट भरती है ! उनका निःस्वार्थ प्रेम और समर्पण ही परिवार की असली शक्ति है ! उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी मां का सदैव सम्मान करें, क्योंकि मां के आशीर्वाद के बिना जीवन में सच्ची सफलता और सुख की प्राप्ति असंभव है ! माता का प्रेम ही इस सृष्टि का आधार है.