JPSC परीक्षा को लेकर राँची जिला प्रशासन अलर्ट: उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने तैयारियों की समीक्षा की।

झारखण्ड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित झारखण्ड संयुक्त असैनिक सेवा (सीधी भर्ती) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा-2025 19 अप्रैल 2026 (रविवार) को दो पालियों में विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।

पहली पाली सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेगी। राँची जिले में इस परीक्षा के सुचारू संचालन एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज समाहरणालय ब्लॉक - बी के सभागार में सभी संबंधित दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों तथा केंद्र अधीक्षकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में अपर जिला दंडाधिकारी राँची, श्री राजेश्वर नाथ आलोक, पुलिस अधीक्षक नगर राँची, श्री पारस राणा, अनुमंडल पदाधिकारी सदर राँची, श्री कुमार रजत, झारखण्ड लोक सेवा आयोग के प्रतिनिधि एवं परीक्षा से जुड़े सभी सम्बंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में परीक्षा से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए, जिसमें परीक्षा केंद्रों पर सख्त सुरक्षा व्यवस्था, नकल रोकथाम, अभ्यर्थियों की सुविधा तथा किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।

परीक्षा का आयोजन

परीक्षा का आयोजन 96 उप-केंद्रों पर प्रथम पाली एवं द्वितीय पाली में किया जा रहा है। इन केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ जैसे पर्याप्त बैठने की क्षमता, पेयजल, शौचालय, प्रकाश एवं विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

बैठक में दिए गए प्रमुख दिशा-निर्देश

श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने बैठक में निम्नलिखित प्रमुख निर्देश दिए:

- सभी केंद्र अधीक्षक परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्रों का निरीक्षण सुनिश्चित करें तथा किसी भी प्रकार की कमी को तुरंत दूर करें।

- परीक्षा केंद्रों के आसपास 100-200 मीटर तक निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया जाएगा, जिसमें मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या किसी भी प्रकार की प्रतिलिपि सामग्री ले जाना सख्ती से प्रतिबंधित रहेगा।

- पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती के साथ फ्लाइंग स्क्वॉड, स्टैटिक ड्यूटी तथा वाहन चेकिंग व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

- अभ्यर्थियों को समय से पहले केंद्र पर पहुंचने के लिए जागरूक किया जाए तथा प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) के साथ मूल पहचान पत्र अनिवार्य रूप से साथ लाने का निर्देश दिया जाए।

- किसी भी प्रकार की अनियमितता या शिकायत पर तत्काल कार्रवाई के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।

- महिला अभ्यर्थियों की सुरक्षा एवं सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए जाएंगे।

- परीक्षा केंद्र में प्रतिनियुक्त सभी अधिकारी पदाधिकारी को परीक्षा हेतु दिए पहचान पत्र रखना अनिवार्य।

उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया झारखण्ड लोक सेवा आयोग के निर्देशानुसार कि परीक्षा पूर्ण रूप से निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो, यह सुनिश्चित करना हमारा सामूहिक दायित्व है।

सभी अभ्यर्थियों से अपील की वे परीक्षा संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें तथा परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचें

राँची जिला प्रशासन सभी अभ्यर्थियों से अपील करता है कि वे परीक्षा संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें तथा परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचें। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर निकटतम पुलिस अधिकारी या कंट्रोल रूम से संपर्क करें।

संगम नगरी में 43 डिग्री पारा, अगले 7 दिनों तक गर्मी से राहत नहीं; लू चलने की संभावना

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज,गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और फिलहाल लोगों को इससे राहत मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। मौसम विभाग ने आगामी सात दिनों तक प्रचंड गर्मी पड़ने की आशंका जताई है।

सुबह 10 बजे अधिकतम तापमान 39 डिग्री रहा

Prayagraj Weather Update गुरुवार 16 अप्रैल की सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। सुबह 10 बजे ही अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन चढ़ने के साथ तापमान 43 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। सुबह के समय ही तापमान में इतनी तेजी से वृद्धि ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

लू चलने के भी आसार

Prayagraj Weather Update मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में रात का तापमान भी बढ़कर 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे दिन के साथ रात में भी उमस और गर्मी लोगों को परेशान करेगी। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले सात दिनों तक तापमान में विशेष गिरावट की संभावना नहीं है। इस दौरान लू चलने के भी आसार हैं।

गर्मी से बचने की सलाह

मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। तेज गर्मी का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है और बाजारों में भी भीड़ घटने लगी है। चिकित्सकों ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

प्रत्येक वर्ष 12 हजार आवारा कुत्तों की नलबंदी करेगा प्रयागराज नगर निगम, गली-सड़क पर घूमते खुंखार हो चुके

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,शहर में आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। संख्या में लगातार हो रही वृद्धि के कारण यह कुत्ते खूंखार होते रहे है। राह चलते लोगों को काटते हैं। इनकी संख्या पर नियंत्रण करने के लिए नगर निगम की ओर से इनका बधियाकरण किया जा रहा है।

नगर निगम की योजना

हालांकि आवारा कुत्तों के बधियाकरण का व्यापक असर देखने को नहीं मिल पा रहा है। नगर निगम की ओर से इनकी बढ़ती संख्या पर नियंत्रित करने के लिए योजना बनाई है। इसके तहत अब प्रति वर्ष 12 हजार आवारा कुत्तों की नलबंदी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

अब तक 24 हजार कुत्तों की नलबंदी हुई

आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाने के लिए नगर निगम की ओर से ढाई वर्ष पूर्व इनकी नलबंदी शुरू कराई गई थी। 24 हजार कुत्तों की नलबंदी की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष से 12 हजार आवारा कुत्तों की नलबंदी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रति माह एक हजार आवारा कुत्तों की नलबंदी की जाएगी। वर्तमान में 500 से 700 कुत्तों की नलबंदी प्रतिमाह की जा रही है।

दो -तीन अन्य स्थानों पर नलबंदी की व्यवस्था

बताया जाता है कि शहर के 100 वार्डों में आवारा कुत्तों की संख्या 1.50 लाख के पार हो चुकी है। आने वाले दिनों में दो से तीन और स्थानों पर आवारा कुत्तों की नलबंदी की व्यवस्था की जाएगी। चालू वित्तीय वर्ष में 1080 रुपये प्रत्येक कुत्ते की नलबंदी पर खर्च किया जाएगा।

नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी बोले

इस संबंध में प्रयागराज नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डाॅ. विजय अमृतराज ने बताया कि पहले सात से आठ हजार आवारा कुत्तों का बधियाकरण एक वर्ष में किया जाता था। अब संख्या बढ़ाकर 12 हजार किया जाएगा।

4 वर्षीय नन्हीं 'जलपरी' का कमाल, गहरी यमुना नदी को मात्र 21 मिनट 28 सेकेंड में तैरकर किया पार

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, कल्पना कीजिए एक ऐसी नन्हीं बच्ची की, जिसके कदम अभी जमीन पर पूरी तरह जमे भी नहीं हैं। इसके लिए यमुना नदी का विशाल पाट किसी समंदर से कम नहीं है। जहां बड़े-बड़े तैराकों के हौसले लहरों का शोर सुनकर डगमगा जाते हैं, वहां चार वर्ष की एक मासूम ने पानी पर अपनी जीत की इबारत लिख दी है।

नन्हीं जलपरी सत्या भारती का कमाल

यह कहानी किसी परीकथा की नहीं, बल्कि प्रयागराज की उस 'जलपरी' सत्या भारती की है, जिसने अपने चौथे जन्मदिन पर खिलौनों के बजाय तूफानी लहरों से खेलकर दुनिया को दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया।

कुशल डाल्फिन की तरह यमुना को किया पार

शहर के नैनी महेवा की रहने वाली सत्या भारती ने जब सुबह 7:24 पर यमुना की गहराई में छलांग लगाई, तो किनारे पर खड़े हर शख्स की धड़कनें थमी हुई थीं। 900 मीटर का वो सफर, जो किसी अनुभवी तैराक के लिए भी परीक्षा जैसा होता है, उसे सत्या ने 'ब्रेस्टस्ट्रोक' स्टाइल में किसी कुशल डाल्फिन की तरह महज 21 मिनट 28 सेकंड में तय कर लिया। जैसे-जैसे उनके छोटे-छोटे हाथ पानी को पीछे धकेल रहे थे, यमुना का लहरें सत्या के अटूट हौसले के आगे नतमस्तक हो रहा था।

माता-पिता को बेटी के विश्वविजेता बनने का अटूट विश्वास

कोच त्रिभुवन निषाद के मार्गदर्शन में तैर रही सत्या की एकाग्रता देखने लायक थी। घाट पर मौजूद भीड़ का शोर और 'सत्या जिंदाबाद' के नारों ने मानों उसे ऊर्जा की एक नई लहर दे दी थी। माता-पिता और दादी की आँखों में डर नहीं, बल्कि अपनी बेटी के विश्वविजेता बनने का अटूट विश्वास चमक रहा था।

यमुना नदी की 900 मीटर दूरी पार की

गुरुवार सुबह 7:45:28 बजे जब सत्या ने दूसरे छोर को छुआ तो प्रयागराज की माटी ने एक इतिहास बनते देखा। यह सिर्फ 900 मीटर की दूरी नहीं थी, बल्कि एक चार साल की बच्ची का वो संकल्प था जिसने असंभव शब्द की परिभाषा बदल दी। आज पूरा देश इस नन्हीं चैंपियन की ओर देख रहा है, जिसके सपनों में अभी से ओलंपिक के पदक चमकने लगे हैं।

क्या कहते हैं नन्हीं जलपरी के कोच?

कोच त्रिभुवन निषाद कहते हैं कि सत्या की यह जीत महज एक रिकार्ड नहीं, बल्कि उन करोड़ों माता-पिता के लिए एक संदेश है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। आज यमुना की लहरें शांत हैं पर सत्या के हौसले की गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। यह नन्हीं जलपरी कल जब बड़ी होगी, तो शायद समंदर भी छोटे पड़ जाएंगे, क्योंकि उसके सीने में धड़कता दिल किसी साधारण बच्ची का नहीं, बल्कि एक भविष्य की महाविजेता का है। लहरों ने तो सिर्फ रास्ता दिया था, इतिहास तो सत्या के हौसलों ने रचा है।

माता-पिता और दादी के साथ पहुंची थी सत्या

सत्या का एडमिशन भी भारतीय विद्यापीठ स्कूल में इस वर्ष हुआ है। यमुना पार करने के लिए वह अपने पिता देवेंद्र कुमार, माता शिवानी भारतीय और दादी नीलम भारतीय के साथ महेवा घाट पर पहुंची तो वहां पहले से मौजूद दर्शकों ने ताली बजाकर उत्साह बढ़ाया। कोच कमला निषाद बताती हैं कि परिवार व रिश्तेदार सभी लोग दर्जनों नाव पर बैठकर मीरापुर सिंधु सागर घाट (बरगद घाट) की ओर पहुंचे । वहां सृष्टि निषाद, मानस निषाद व त्रिभुवन निषाद के साथ सत्या दूसरे नाव पर सवार हुई।

प्रशिक्षक का इशारा पाकर यमुना में कूद गई सत्या भारती

सुबह 7:24 पर अपने प्रशिक्षक के इशारा पाते ही यमुना नदी में कूद गई और मछली के तरीके तैरना शुरू कर दिया साथ। दर्जनों नाव पर सवार दर्शकों ने गंगा मैया की जय, जमुना मैया की जय का उद्घोष किया। पूरी सुरक्षा के बीच सत्या भारती ने मात्र 21 मिनट 28 सेकंड में यमुना नदी को पार किया।

देवघर,-टेकिनोवा 2026 में डीएवी भंडारकोला के विद्यार्थियों ने दिया ए आई स्मार्ट हेलमेट का सुझाव।
देवघर: टेकिनोवा 2026 में डीएवी भंडारकोला के विद्यार्थियों ने दिया ए आई स्मार्ट हेलमेट का सुझाव:जीता कैश प्राइज नवाचार को बढ़ावा देने, स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने तथा क्षेत्र में तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित करने के लिए टेकिनोवा 2026 का आयोजन स्थानीय होटल के सभागार में आयोजित किया गया। इस आयोजन में शहर के विभिन्न विद्यालयों के अलावा बीआईटी मेसरा और बीआईटी देवघर के प्रतिभागियों ने भी भाग लिया। यह कार्यक्रम मुख्य रूप से आधुनिक युग में प्रौद्योगिकी के महत्व को उजागर करने तथा युवाओं को प्रेरित करने पर केंद्रित था। सभी प्रतिभागियों के ग्रुप ने अपने सुझाव दिए। गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल भंडारकोला के विद्यार्थियों ने ए आई स्मार्ट हेलमेट का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि इस हेलमेट की खासियत होगी कि सड़क दुर्घटना होने पर ए आई तकनीक के माध्यम से नजदीकी अस्पताल, पुलिस स्टेशन और दुर्घटना ग्रस्त व्यक्ति के संबंधी को उसकी सूचना चली जाएगी और समय पर उसका इलाज संभव हो पाएगा। इस प्रतियोगिता में साक्षी कुमारी, अनन्या एंजल ,अनुप्रिया सिंह, वैष्णवी और आयुषी कुमारी के ग्रुप को फर्स्ट रनर अप का खिताब मिला और साथ ही साथ सात हजार रुपए का इनाम भी मिला। यह कार्यक्रम एक बूट कैंप शैली का आयोजन था, जिसमें विचारों को वास्तविकता में बदलने में सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया था। यह कार्यक्रम झारखंड में स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसमें एसटीपीआई देवघर क्षेत्र में आईटी/आईटीईएस विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विद्यालय के प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद ने कहा कि विज्ञान की नवीन तकनीकों का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पुरस्कार प्राप्त करने पर मैं बच्चों को हार्दिक बधाई देता हूँ ।आपने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और रचनात्मक सोच से यह सिद्ध कर दिया है कि नई तकनीकों का सही उपयोग हमारे भविष्य को और अधिक उज्ज्वल बना सकता है। आपने अपने प्रोजेक्ट्स के माध्यम से यह दर्शाया है कि विज्ञान केवल ज्ञान का विषय नहीं, बल्कि नवाचार और समाज की उन्नति का माध्यम है। मुझे विश्वास है कि आप इसी तरह निरंतर सीखते रहेंगे, नए प्रयोग करेंगे और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। विद्यालय परिवार को आप पर गर्व है। इसकी जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
बलिया के बागी शेर चंद्रशेखर जी की 99वीं जयंती: सादगी, साहस और समाजवाद का प्रतीक:रामगोविंद चौधरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष,
संजीव सिंह बलिया, 17 अप्रैल 2026: भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष, 'युवा तुर्क' के नाम से विख्यात और समाजवाद एवं लोकतंत्र के नायक, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय चंद्रशेखर जी की 99वीं जयंती पर पूरे देश में श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। बलिया की पावन धरती से निकले इस महान समाजवादी योद्धा को पूर्व नेता प्रतिपक्ष उत्तर प्रदेश रामगोविंद चौधरी ने सादर नमन किया है।जननायक और वैचारिक प्रखरता का प्रतीकचंद्रशेखर जी केवल राजनेता नहीं, बल्कि सच्चे जननायक थे। बलिया की मिट्टी से निकलकर देश के प्रधानमंत्री बने उनका सफर कड़ी मेहनत और जनसेवा का जीवंत प्रमाण है। 1983 की ऐतिहासिक 'कन्याकुमारी से दिल्ली पदयात्रा' ने उन्हें जनमानस से जोड़ा। इस यात्रा का मकसद कुपोषण, पेयजल संकट और सामाजिक असमानता जैसी बुनियादी समस्याओं को उजागर करना था।निर्भीक वक्ता और संसदीय शेरसंसद में उनकी बेबाक आवाज पक्ष-विपक्ष दोनों को मंत्रमुग्ध कर देती थी। निर्भीक टिप्पणियों और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए वे विख्यात रहे।सादगी व शुचिता का जीवन दर्शनसत्ता के शिखर पर रहते हुए भी उनकी ग्रामीण सादगी बरकरार रही। "राजनीति मेरे लिए पेशा नहीं, राष्ट्र सेवा का माध्यम है"—यह उनका जीवन-दर्शन था, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।रामगोविंद चौधरी ने कहा, "आज उनकी जयंती पर हम सत्य, साहस और सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं। उनके आशीर्वाद से मार्गदर्शन मिलता रहे। शत-शत नमन!"जय चंद्रशेखर! जय बलिया! जय भारत!(रामगोविंद चौधरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष, उत्तर प्रदेश
असली नकली पाठ पुस्तकों की पहचान के लिए मुदित किए गए नंबर
फर्रुखाबाद l
पीएम श्री महीयसी महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में  पुस्तक जागरूकता एवं सुलभता शिविर पुस्तक मेला का आयोजन किया गया।जिसमें विद्यार्थियों को एन सी ई आर टी की पुस्तकों के प्रकाशन, नाम व मूल्य के बारे में जानकारी दी गई। माध्यमिक परिषद द्वारा कक्षा 9 से 12 तक कुल 34 विषयों के अंतर्गत 70 एन सी.ई.आर.टी. पाठ्य पुस्तकें अधिकृत प्रकाशकों के माध्यम से मुद्रित की गई हैं, ताकि अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के अध्ययन हेतु सरल दरों पर उच्च गुणवत्ता युक्त पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध हो सकें।प्रधानाचार्य दीपिका राजपूत ने  सभी पुस्तकों के पब्लिकेशन, मूल्य और उपयोगिता के बारे में बताया गया। साथ ही अधिकृत पुस्तकें ही  क्रय करने हेतु निर्देश दिए गए।इस वर्ष मुद्रित पाठ्य पुस्तकों की असली नक़ली पहचान हेतु पाठ्यपुस्तक के आवरण पृष्ठ पर सात अंकों का अल्ट्रावायलेट फ्लोरोसेंट लाल रंग में सीरियल नंबर मुद्रित कराया गया है जिन पुस्तकों पर यह नंबर नहीं है वे अनाधिकृत हैं।विद्यालय की शिक्षिकाएं ऋचा तिवारी, निर्मला सिंह, शैलजा मिश्रा, ज्योति, अर्चना गुप्ता, गीता देवी, मोनी आदि उपस्थित रहे।
तिलक समारोह में हर्ष फायरिंग की गोली दूल्हे के भाई को लगी घायल, कानपुर रेफर, पुलिस ने लिखाई रिपोर्ट

फर्रुखाबाद l तिलकोत्सव समारोह में हर्ष फायरिंग की गोली लगने से दूल्हे का भाई विपिन कुमार राजपूत गंभीर रूप से घायल हो गया। थाना राजेपुर के ग्राम चाचूपुर जटपुरा में बीती रात आदित्य राजपूत का तिलकोत्सव कार्यक्रम चल रहा था और गांव के लोग खाना खा रहे थे उसी समय तमंचे से हर्ष फायरिंग की गई। गोली सीने में लगने से विपिन कुमार राजपूत गंभीर रूप से घायल हो गए। फायरिंग होते ही तिलक समारोह में अपरा तफरी मच गई। घायल विपिन कुमार को तत्काल लोहिया अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टर नवनीत ने विपिन का प्राथमिक उपचार करने के बाद कानपुर के लिए रेफर कर दिया। बताते हैं कि ऑपरेशन करने के बाद डॉक्टरो ने विपिन के शरीर से गोली को बाहर निकाल दिया है।
दरोगा श्याम बाबू ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल की उसके बाद फायरिंग करने वाले के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। दर्ज कराई रिपोर्ट में दरोगा श्याम बाबू ने लिखाया है कि ग्राम चाचूपुर जटपुरा में रामसनेही पुत्र नन्हूं लाल के यहां बीती रात्रि में तिलकोत्सव समारोह चल रहा था। कार्यक्रम के दौरान भोला उर्फ सुदीप पुत्र रामसनेही द्वारा नाजायज तमंचे से हर्ष फायर किया । तमंचे से चलाई गई गोली पास में खड़े 36 वर्षीय विपिन पुत्र रामसनेही के सीने में गोली लग गई। गोली लगने से विपिन गम्भीर रूप से घायल हो गया। परिजनों द्वारा उसे चुपचाप कानपुर नगर के एसआईएस  अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसका उपचार चल रहा है। गांव के लोगों से इस बात की जानकारी मिली है।
राजेपुर थानाध्यक्ष सुदेश कुमार विश्वकर्मा ने बताया की गोली चलाने वाला भाग गया है उसे तलाश किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कानपुर में ऑपरेशन के दौरान उस के शरीर से गोली निकाली गई है।
योगी के बयान पर मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी की कड़ी आपत्ति
‘उपद्रवी, माफिया के साथ ‘मौलाना’ शब्द को जोड़ना नितांत अनुचित और आपत्तिजनक’

लखनऊ/कोलकाता। पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए हालिया बयान पर प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी क्रम में प्रख्यात शिया इस्लामिक विद्वान एवं वक्ता मौलाना जावेद हैदर जैदी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर उक्त टिप्पणी की *कड़ी निंदा* की है।

जारी बयान में मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी ने कहा कि “उपद्रवी” और “माफिया” जैसे आपराधिक संदर्भों के साथ “मौलाना” शब्द को जोड़ना न केवल भाषाई दृष्टि से अनुचित है, बल्कि यह एक सम्मानित धार्मिक पदवी की गरिमा के विपरीत भी है। उन्होंने कहा कि “मौलाना” शब्द उन विद्वानों के लिए प्रयुक्त होता है, जो समाज में नैतिकता, शिक्षा और सद्भाव का संदेश देते हैं।

मौलाना ज़ैदी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में उच्च संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों से संतुलित, संयमित और जिम्मेदार अभिव्यक्ति की अपेक्षा की जाती है। इस प्रकार की टिप्पणियां सार्वजनिक संवाद के स्तर को प्रभावित करती हैं और सामाजिक सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं।

उन्होंने आगे कहा कि भारत की बहुलतावादी परंपरा और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवश्यक है कि किसी भी समुदाय, वर्ग या धार्मिक पहचान के प्रति सम्मानजनक भाषा का प्रयोग किया जाए। “ऐसी बयानबाज़ी से परहेज़ किया जाना चाहिए, जिससे समाज में अनावश्यक विभाजन या असहजता उत्पन्न हो,” उन्होंने जोड़ा।

मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी ने सभी राजनीतिक दलों एवं नेताओं से अपील की कि वे चुनावी प्रक्रिया के दौरान जनहित के मुद्दों—जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास—को प्राथमिकता दें तथा संवाद की गरिमा बनाए रखें।अंत में उन्होंने कहा कि देश में शांति, आपसी सम्मान और सामाजिक एकता को बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है, और इसके लिए जिम्मेदार व मर्यादित भाषा का प्रयोग अत्यंत आवश्यक है।
इंसाफ मांगने थाने गए बुजुर्ग को मिलीं गालियां और धक्का,वीडियो वायरल होने पर दरोगा सस्पेंड

रितेश मिश्रा
हरदोई के कछौना थाने में दरोगा शिवबाबू ने वर्दी की धौंस में मर्यादा और नैतिकता की धज्जियां उड़ा दीं।जमीनी विवाद में हुई कहासुनी के बाद इंसाफ की आस लेकर थाना पहुंचे मडिया निवासी बुजुर्ग फरियादी राजेश के साथ दरोगा का व्यवहार किसी लोकसेवक जैसा नहीं,बल्कि एक निरंकुश तानाशाह जैसा रहा।बुजुर्ग को न्याय देने के बजाय उन्हें अपमानित करना,धक्के देना और चप्पल उतारकर जमीन पर बैठने को मजबूर करना सीधे तौर पर 'खाकी' के संरक्षण में की गई मानसिक क्रूरता है। एक बुजुर्ग की लाचारी का उपहास उड़ाकर दरोगा ने न केवल अपनी संवेदनहीनता दिखाई, बल्कि पुलिस के 'मित्र' होने के दावों को भी सरेआम नीलाम कर दिया।
वायरल वीडियो ने दरोगा शिवबाबू की उस सामंती सोच को बेनकाब किया है, जहाँ फरियादी को इंसान नहीं बल्कि कीड़ा-मकोड़ा समझा जाता है। अपनी वर्दी का रौब एक असहाय बुजुर्ग पर झाड़ना और अंत में अपनी दबंगई छिपाने के लिए पीड़ित का ही 'शांति भंग' में चालान काट देना, न्याय का गला घोंटने जैसा कृत्य है। यह कृत्य दर्शाता है कि दरोगा के लिए कानून कोई सेवा का माध्यम नहीं, बल्कि अपनी सनक पूरी करने का हथियार है। इस शर्मनाक आचरण ने पूरे पुलिस महकमे को जनता की अदालत में कटघरे में खड़ा कर दिया है।

प्रशासनिक स्तर पर एसपी अशोक कुमार मीणा ने बेलगाम दरोगा को सस्पेंड कर त्वरित संदेश तो दिया है, लेकिन क्या महज निलंबन इस अहंकारी मानसिकता का इलाज है? जनता के मन में पुलिस के प्रति गिरते विश्वास को बहाल करने के लिए ऐसे अफसरों के खिलाफ कठोरतम नजीर पेश करना अनिवार्य है।अब देखना यह है कि जांच की आंच इस घमंडी दरोगा को कानून का असली पाठ पढ़ा पाती है या नहीं।
JPSC परीक्षा को लेकर राँची जिला प्रशासन अलर्ट: उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने तैयारियों की समीक्षा की।

झारखण्ड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित झारखण्ड संयुक्त असैनिक सेवा (सीधी भर्ती) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा-2025 19 अप्रैल 2026 (रविवार) को दो पालियों में विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।

पहली पाली सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेगी। राँची जिले में इस परीक्षा के सुचारू संचालन एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज समाहरणालय ब्लॉक - बी के सभागार में सभी संबंधित दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों तथा केंद्र अधीक्षकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में अपर जिला दंडाधिकारी राँची, श्री राजेश्वर नाथ आलोक, पुलिस अधीक्षक नगर राँची, श्री पारस राणा, अनुमंडल पदाधिकारी सदर राँची, श्री कुमार रजत, झारखण्ड लोक सेवा आयोग के प्रतिनिधि एवं परीक्षा से जुड़े सभी सम्बंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में परीक्षा से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए, जिसमें परीक्षा केंद्रों पर सख्त सुरक्षा व्यवस्था, नकल रोकथाम, अभ्यर्थियों की सुविधा तथा किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।

परीक्षा का आयोजन

परीक्षा का आयोजन 96 उप-केंद्रों पर प्रथम पाली एवं द्वितीय पाली में किया जा रहा है। इन केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ जैसे पर्याप्त बैठने की क्षमता, पेयजल, शौचालय, प्रकाश एवं विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

बैठक में दिए गए प्रमुख दिशा-निर्देश

श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने बैठक में निम्नलिखित प्रमुख निर्देश दिए:

- सभी केंद्र अधीक्षक परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्रों का निरीक्षण सुनिश्चित करें तथा किसी भी प्रकार की कमी को तुरंत दूर करें।

- परीक्षा केंद्रों के आसपास 100-200 मीटर तक निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया जाएगा, जिसमें मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या किसी भी प्रकार की प्रतिलिपि सामग्री ले जाना सख्ती से प्रतिबंधित रहेगा।

- पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती के साथ फ्लाइंग स्क्वॉड, स्टैटिक ड्यूटी तथा वाहन चेकिंग व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

- अभ्यर्थियों को समय से पहले केंद्र पर पहुंचने के लिए जागरूक किया जाए तथा प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) के साथ मूल पहचान पत्र अनिवार्य रूप से साथ लाने का निर्देश दिया जाए।

- किसी भी प्रकार की अनियमितता या शिकायत पर तत्काल कार्रवाई के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।

- महिला अभ्यर्थियों की सुरक्षा एवं सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए जाएंगे।

- परीक्षा केंद्र में प्रतिनियुक्त सभी अधिकारी पदाधिकारी को परीक्षा हेतु दिए पहचान पत्र रखना अनिवार्य।

उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया झारखण्ड लोक सेवा आयोग के निर्देशानुसार कि परीक्षा पूर्ण रूप से निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो, यह सुनिश्चित करना हमारा सामूहिक दायित्व है।

सभी अभ्यर्थियों से अपील की वे परीक्षा संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें तथा परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचें

राँची जिला प्रशासन सभी अभ्यर्थियों से अपील करता है कि वे परीक्षा संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें तथा परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचें। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर निकटतम पुलिस अधिकारी या कंट्रोल रूम से संपर्क करें।

संगम नगरी में 43 डिग्री पारा, अगले 7 दिनों तक गर्मी से राहत नहीं; लू चलने की संभावना

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज,गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और फिलहाल लोगों को इससे राहत मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। मौसम विभाग ने आगामी सात दिनों तक प्रचंड गर्मी पड़ने की आशंका जताई है।

सुबह 10 बजे अधिकतम तापमान 39 डिग्री रहा

Prayagraj Weather Update गुरुवार 16 अप्रैल की सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। सुबह 10 बजे ही अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन चढ़ने के साथ तापमान 43 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। सुबह के समय ही तापमान में इतनी तेजी से वृद्धि ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

लू चलने के भी आसार

Prayagraj Weather Update मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में रात का तापमान भी बढ़कर 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे दिन के साथ रात में भी उमस और गर्मी लोगों को परेशान करेगी। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले सात दिनों तक तापमान में विशेष गिरावट की संभावना नहीं है। इस दौरान लू चलने के भी आसार हैं।

गर्मी से बचने की सलाह

मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। तेज गर्मी का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है और बाजारों में भी भीड़ घटने लगी है। चिकित्सकों ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

प्रत्येक वर्ष 12 हजार आवारा कुत्तों की नलबंदी करेगा प्रयागराज नगर निगम, गली-सड़क पर घूमते खुंखार हो चुके

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,शहर में आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। संख्या में लगातार हो रही वृद्धि के कारण यह कुत्ते खूंखार होते रहे है। राह चलते लोगों को काटते हैं। इनकी संख्या पर नियंत्रण करने के लिए नगर निगम की ओर से इनका बधियाकरण किया जा रहा है।

नगर निगम की योजना

हालांकि आवारा कुत्तों के बधियाकरण का व्यापक असर देखने को नहीं मिल पा रहा है। नगर निगम की ओर से इनकी बढ़ती संख्या पर नियंत्रित करने के लिए योजना बनाई है। इसके तहत अब प्रति वर्ष 12 हजार आवारा कुत्तों की नलबंदी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

अब तक 24 हजार कुत्तों की नलबंदी हुई

आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाने के लिए नगर निगम की ओर से ढाई वर्ष पूर्व इनकी नलबंदी शुरू कराई गई थी। 24 हजार कुत्तों की नलबंदी की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष से 12 हजार आवारा कुत्तों की नलबंदी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रति माह एक हजार आवारा कुत्तों की नलबंदी की जाएगी। वर्तमान में 500 से 700 कुत्तों की नलबंदी प्रतिमाह की जा रही है।

दो -तीन अन्य स्थानों पर नलबंदी की व्यवस्था

बताया जाता है कि शहर के 100 वार्डों में आवारा कुत्तों की संख्या 1.50 लाख के पार हो चुकी है। आने वाले दिनों में दो से तीन और स्थानों पर आवारा कुत्तों की नलबंदी की व्यवस्था की जाएगी। चालू वित्तीय वर्ष में 1080 रुपये प्रत्येक कुत्ते की नलबंदी पर खर्च किया जाएगा।

नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी बोले

इस संबंध में प्रयागराज नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डाॅ. विजय अमृतराज ने बताया कि पहले सात से आठ हजार आवारा कुत्तों का बधियाकरण एक वर्ष में किया जाता था। अब संख्या बढ़ाकर 12 हजार किया जाएगा।

4 वर्षीय नन्हीं 'जलपरी' का कमाल, गहरी यमुना नदी को मात्र 21 मिनट 28 सेकेंड में तैरकर किया पार

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, कल्पना कीजिए एक ऐसी नन्हीं बच्ची की, जिसके कदम अभी जमीन पर पूरी तरह जमे भी नहीं हैं। इसके लिए यमुना नदी का विशाल पाट किसी समंदर से कम नहीं है। जहां बड़े-बड़े तैराकों के हौसले लहरों का शोर सुनकर डगमगा जाते हैं, वहां चार वर्ष की एक मासूम ने पानी पर अपनी जीत की इबारत लिख दी है।

नन्हीं जलपरी सत्या भारती का कमाल

यह कहानी किसी परीकथा की नहीं, बल्कि प्रयागराज की उस 'जलपरी' सत्या भारती की है, जिसने अपने चौथे जन्मदिन पर खिलौनों के बजाय तूफानी लहरों से खेलकर दुनिया को दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया।

कुशल डाल्फिन की तरह यमुना को किया पार

शहर के नैनी महेवा की रहने वाली सत्या भारती ने जब सुबह 7:24 पर यमुना की गहराई में छलांग लगाई, तो किनारे पर खड़े हर शख्स की धड़कनें थमी हुई थीं। 900 मीटर का वो सफर, जो किसी अनुभवी तैराक के लिए भी परीक्षा जैसा होता है, उसे सत्या ने 'ब्रेस्टस्ट्रोक' स्टाइल में किसी कुशल डाल्फिन की तरह महज 21 मिनट 28 सेकंड में तय कर लिया। जैसे-जैसे उनके छोटे-छोटे हाथ पानी को पीछे धकेल रहे थे, यमुना का लहरें सत्या के अटूट हौसले के आगे नतमस्तक हो रहा था।

माता-पिता को बेटी के विश्वविजेता बनने का अटूट विश्वास

कोच त्रिभुवन निषाद के मार्गदर्शन में तैर रही सत्या की एकाग्रता देखने लायक थी। घाट पर मौजूद भीड़ का शोर और 'सत्या जिंदाबाद' के नारों ने मानों उसे ऊर्जा की एक नई लहर दे दी थी। माता-पिता और दादी की आँखों में डर नहीं, बल्कि अपनी बेटी के विश्वविजेता बनने का अटूट विश्वास चमक रहा था।

यमुना नदी की 900 मीटर दूरी पार की

गुरुवार सुबह 7:45:28 बजे जब सत्या ने दूसरे छोर को छुआ तो प्रयागराज की माटी ने एक इतिहास बनते देखा। यह सिर्फ 900 मीटर की दूरी नहीं थी, बल्कि एक चार साल की बच्ची का वो संकल्प था जिसने असंभव शब्द की परिभाषा बदल दी। आज पूरा देश इस नन्हीं चैंपियन की ओर देख रहा है, जिसके सपनों में अभी से ओलंपिक के पदक चमकने लगे हैं।

क्या कहते हैं नन्हीं जलपरी के कोच?

कोच त्रिभुवन निषाद कहते हैं कि सत्या की यह जीत महज एक रिकार्ड नहीं, बल्कि उन करोड़ों माता-पिता के लिए एक संदेश है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। आज यमुना की लहरें शांत हैं पर सत्या के हौसले की गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। यह नन्हीं जलपरी कल जब बड़ी होगी, तो शायद समंदर भी छोटे पड़ जाएंगे, क्योंकि उसके सीने में धड़कता दिल किसी साधारण बच्ची का नहीं, बल्कि एक भविष्य की महाविजेता का है। लहरों ने तो सिर्फ रास्ता दिया था, इतिहास तो सत्या के हौसलों ने रचा है।

माता-पिता और दादी के साथ पहुंची थी सत्या

सत्या का एडमिशन भी भारतीय विद्यापीठ स्कूल में इस वर्ष हुआ है। यमुना पार करने के लिए वह अपने पिता देवेंद्र कुमार, माता शिवानी भारतीय और दादी नीलम भारतीय के साथ महेवा घाट पर पहुंची तो वहां पहले से मौजूद दर्शकों ने ताली बजाकर उत्साह बढ़ाया। कोच कमला निषाद बताती हैं कि परिवार व रिश्तेदार सभी लोग दर्जनों नाव पर बैठकर मीरापुर सिंधु सागर घाट (बरगद घाट) की ओर पहुंचे । वहां सृष्टि निषाद, मानस निषाद व त्रिभुवन निषाद के साथ सत्या दूसरे नाव पर सवार हुई।

प्रशिक्षक का इशारा पाकर यमुना में कूद गई सत्या भारती

सुबह 7:24 पर अपने प्रशिक्षक के इशारा पाते ही यमुना नदी में कूद गई और मछली के तरीके तैरना शुरू कर दिया साथ। दर्जनों नाव पर सवार दर्शकों ने गंगा मैया की जय, जमुना मैया की जय का उद्घोष किया। पूरी सुरक्षा के बीच सत्या भारती ने मात्र 21 मिनट 28 सेकंड में यमुना नदी को पार किया।

देवघर,-टेकिनोवा 2026 में डीएवी भंडारकोला के विद्यार्थियों ने दिया ए आई स्मार्ट हेलमेट का सुझाव।
देवघर: टेकिनोवा 2026 में डीएवी भंडारकोला के विद्यार्थियों ने दिया ए आई स्मार्ट हेलमेट का सुझाव:जीता कैश प्राइज नवाचार को बढ़ावा देने, स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने तथा क्षेत्र में तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित करने के लिए टेकिनोवा 2026 का आयोजन स्थानीय होटल के सभागार में आयोजित किया गया। इस आयोजन में शहर के विभिन्न विद्यालयों के अलावा बीआईटी मेसरा और बीआईटी देवघर के प्रतिभागियों ने भी भाग लिया। यह कार्यक्रम मुख्य रूप से आधुनिक युग में प्रौद्योगिकी के महत्व को उजागर करने तथा युवाओं को प्रेरित करने पर केंद्रित था। सभी प्रतिभागियों के ग्रुप ने अपने सुझाव दिए। गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल भंडारकोला के विद्यार्थियों ने ए आई स्मार्ट हेलमेट का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि इस हेलमेट की खासियत होगी कि सड़क दुर्घटना होने पर ए आई तकनीक के माध्यम से नजदीकी अस्पताल, पुलिस स्टेशन और दुर्घटना ग्रस्त व्यक्ति के संबंधी को उसकी सूचना चली जाएगी और समय पर उसका इलाज संभव हो पाएगा। इस प्रतियोगिता में साक्षी कुमारी, अनन्या एंजल ,अनुप्रिया सिंह, वैष्णवी और आयुषी कुमारी के ग्रुप को फर्स्ट रनर अप का खिताब मिला और साथ ही साथ सात हजार रुपए का इनाम भी मिला। यह कार्यक्रम एक बूट कैंप शैली का आयोजन था, जिसमें विचारों को वास्तविकता में बदलने में सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया था। यह कार्यक्रम झारखंड में स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसमें एसटीपीआई देवघर क्षेत्र में आईटी/आईटीईएस विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विद्यालय के प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद ने कहा कि विज्ञान की नवीन तकनीकों का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पुरस्कार प्राप्त करने पर मैं बच्चों को हार्दिक बधाई देता हूँ ।आपने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और रचनात्मक सोच से यह सिद्ध कर दिया है कि नई तकनीकों का सही उपयोग हमारे भविष्य को और अधिक उज्ज्वल बना सकता है। आपने अपने प्रोजेक्ट्स के माध्यम से यह दर्शाया है कि विज्ञान केवल ज्ञान का विषय नहीं, बल्कि नवाचार और समाज की उन्नति का माध्यम है। मुझे विश्वास है कि आप इसी तरह निरंतर सीखते रहेंगे, नए प्रयोग करेंगे और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। विद्यालय परिवार को आप पर गर्व है। इसकी जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
बलिया के बागी शेर चंद्रशेखर जी की 99वीं जयंती: सादगी, साहस और समाजवाद का प्रतीक:रामगोविंद चौधरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष,
संजीव सिंह बलिया, 17 अप्रैल 2026: भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष, 'युवा तुर्क' के नाम से विख्यात और समाजवाद एवं लोकतंत्र के नायक, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय चंद्रशेखर जी की 99वीं जयंती पर पूरे देश में श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। बलिया की पावन धरती से निकले इस महान समाजवादी योद्धा को पूर्व नेता प्रतिपक्ष उत्तर प्रदेश रामगोविंद चौधरी ने सादर नमन किया है।जननायक और वैचारिक प्रखरता का प्रतीकचंद्रशेखर जी केवल राजनेता नहीं, बल्कि सच्चे जननायक थे। बलिया की मिट्टी से निकलकर देश के प्रधानमंत्री बने उनका सफर कड़ी मेहनत और जनसेवा का जीवंत प्रमाण है। 1983 की ऐतिहासिक 'कन्याकुमारी से दिल्ली पदयात्रा' ने उन्हें जनमानस से जोड़ा। इस यात्रा का मकसद कुपोषण, पेयजल संकट और सामाजिक असमानता जैसी बुनियादी समस्याओं को उजागर करना था।निर्भीक वक्ता और संसदीय शेरसंसद में उनकी बेबाक आवाज पक्ष-विपक्ष दोनों को मंत्रमुग्ध कर देती थी। निर्भीक टिप्पणियों और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए वे विख्यात रहे।सादगी व शुचिता का जीवन दर्शनसत्ता के शिखर पर रहते हुए भी उनकी ग्रामीण सादगी बरकरार रही। "राजनीति मेरे लिए पेशा नहीं, राष्ट्र सेवा का माध्यम है"—यह उनका जीवन-दर्शन था, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।रामगोविंद चौधरी ने कहा, "आज उनकी जयंती पर हम सत्य, साहस और सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं। उनके आशीर्वाद से मार्गदर्शन मिलता रहे। शत-शत नमन!"जय चंद्रशेखर! जय बलिया! जय भारत!(रामगोविंद चौधरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष, उत्तर प्रदेश
असली नकली पाठ पुस्तकों की पहचान के लिए मुदित किए गए नंबर
फर्रुखाबाद l
पीएम श्री महीयसी महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में  पुस्तक जागरूकता एवं सुलभता शिविर पुस्तक मेला का आयोजन किया गया।जिसमें विद्यार्थियों को एन सी ई आर टी की पुस्तकों के प्रकाशन, नाम व मूल्य के बारे में जानकारी दी गई। माध्यमिक परिषद द्वारा कक्षा 9 से 12 तक कुल 34 विषयों के अंतर्गत 70 एन सी.ई.आर.टी. पाठ्य पुस्तकें अधिकृत प्रकाशकों के माध्यम से मुद्रित की गई हैं, ताकि अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के अध्ययन हेतु सरल दरों पर उच्च गुणवत्ता युक्त पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध हो सकें।प्रधानाचार्य दीपिका राजपूत ने  सभी पुस्तकों के पब्लिकेशन, मूल्य और उपयोगिता के बारे में बताया गया। साथ ही अधिकृत पुस्तकें ही  क्रय करने हेतु निर्देश दिए गए।इस वर्ष मुद्रित पाठ्य पुस्तकों की असली नक़ली पहचान हेतु पाठ्यपुस्तक के आवरण पृष्ठ पर सात अंकों का अल्ट्रावायलेट फ्लोरोसेंट लाल रंग में सीरियल नंबर मुद्रित कराया गया है जिन पुस्तकों पर यह नंबर नहीं है वे अनाधिकृत हैं।विद्यालय की शिक्षिकाएं ऋचा तिवारी, निर्मला सिंह, शैलजा मिश्रा, ज्योति, अर्चना गुप्ता, गीता देवी, मोनी आदि उपस्थित रहे।
तिलक समारोह में हर्ष फायरिंग की गोली दूल्हे के भाई को लगी घायल, कानपुर रेफर, पुलिस ने लिखाई रिपोर्ट

फर्रुखाबाद l तिलकोत्सव समारोह में हर्ष फायरिंग की गोली लगने से दूल्हे का भाई विपिन कुमार राजपूत गंभीर रूप से घायल हो गया। थाना राजेपुर के ग्राम चाचूपुर जटपुरा में बीती रात आदित्य राजपूत का तिलकोत्सव कार्यक्रम चल रहा था और गांव के लोग खाना खा रहे थे उसी समय तमंचे से हर्ष फायरिंग की गई। गोली सीने में लगने से विपिन कुमार राजपूत गंभीर रूप से घायल हो गए। फायरिंग होते ही तिलक समारोह में अपरा तफरी मच गई। घायल विपिन कुमार को तत्काल लोहिया अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टर नवनीत ने विपिन का प्राथमिक उपचार करने के बाद कानपुर के लिए रेफर कर दिया। बताते हैं कि ऑपरेशन करने के बाद डॉक्टरो ने विपिन के शरीर से गोली को बाहर निकाल दिया है।
दरोगा श्याम बाबू ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल की उसके बाद फायरिंग करने वाले के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। दर्ज कराई रिपोर्ट में दरोगा श्याम बाबू ने लिखाया है कि ग्राम चाचूपुर जटपुरा में रामसनेही पुत्र नन्हूं लाल के यहां बीती रात्रि में तिलकोत्सव समारोह चल रहा था। कार्यक्रम के दौरान भोला उर्फ सुदीप पुत्र रामसनेही द्वारा नाजायज तमंचे से हर्ष फायर किया । तमंचे से चलाई गई गोली पास में खड़े 36 वर्षीय विपिन पुत्र रामसनेही के सीने में गोली लग गई। गोली लगने से विपिन गम्भीर रूप से घायल हो गया। परिजनों द्वारा उसे चुपचाप कानपुर नगर के एसआईएस  अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसका उपचार चल रहा है। गांव के लोगों से इस बात की जानकारी मिली है।
राजेपुर थानाध्यक्ष सुदेश कुमार विश्वकर्मा ने बताया की गोली चलाने वाला भाग गया है उसे तलाश किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कानपुर में ऑपरेशन के दौरान उस के शरीर से गोली निकाली गई है।
योगी के बयान पर मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी की कड़ी आपत्ति
‘उपद्रवी, माफिया के साथ ‘मौलाना’ शब्द को जोड़ना नितांत अनुचित और आपत्तिजनक’

लखनऊ/कोलकाता। पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए हालिया बयान पर प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी क्रम में प्रख्यात शिया इस्लामिक विद्वान एवं वक्ता मौलाना जावेद हैदर जैदी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर उक्त टिप्पणी की *कड़ी निंदा* की है।

जारी बयान में मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी ने कहा कि “उपद्रवी” और “माफिया” जैसे आपराधिक संदर्भों के साथ “मौलाना” शब्द को जोड़ना न केवल भाषाई दृष्टि से अनुचित है, बल्कि यह एक सम्मानित धार्मिक पदवी की गरिमा के विपरीत भी है। उन्होंने कहा कि “मौलाना” शब्द उन विद्वानों के लिए प्रयुक्त होता है, जो समाज में नैतिकता, शिक्षा और सद्भाव का संदेश देते हैं।

मौलाना ज़ैदी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में उच्च संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों से संतुलित, संयमित और जिम्मेदार अभिव्यक्ति की अपेक्षा की जाती है। इस प्रकार की टिप्पणियां सार्वजनिक संवाद के स्तर को प्रभावित करती हैं और सामाजिक सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं।

उन्होंने आगे कहा कि भारत की बहुलतावादी परंपरा और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवश्यक है कि किसी भी समुदाय, वर्ग या धार्मिक पहचान के प्रति सम्मानजनक भाषा का प्रयोग किया जाए। “ऐसी बयानबाज़ी से परहेज़ किया जाना चाहिए, जिससे समाज में अनावश्यक विभाजन या असहजता उत्पन्न हो,” उन्होंने जोड़ा।

मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी ने सभी राजनीतिक दलों एवं नेताओं से अपील की कि वे चुनावी प्रक्रिया के दौरान जनहित के मुद्दों—जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास—को प्राथमिकता दें तथा संवाद की गरिमा बनाए रखें।अंत में उन्होंने कहा कि देश में शांति, आपसी सम्मान और सामाजिक एकता को बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है, और इसके लिए जिम्मेदार व मर्यादित भाषा का प्रयोग अत्यंत आवश्यक है।
इंसाफ मांगने थाने गए बुजुर्ग को मिलीं गालियां और धक्का,वीडियो वायरल होने पर दरोगा सस्पेंड

रितेश मिश्रा
हरदोई के कछौना थाने में दरोगा शिवबाबू ने वर्दी की धौंस में मर्यादा और नैतिकता की धज्जियां उड़ा दीं।जमीनी विवाद में हुई कहासुनी के बाद इंसाफ की आस लेकर थाना पहुंचे मडिया निवासी बुजुर्ग फरियादी राजेश के साथ दरोगा का व्यवहार किसी लोकसेवक जैसा नहीं,बल्कि एक निरंकुश तानाशाह जैसा रहा।बुजुर्ग को न्याय देने के बजाय उन्हें अपमानित करना,धक्के देना और चप्पल उतारकर जमीन पर बैठने को मजबूर करना सीधे तौर पर 'खाकी' के संरक्षण में की गई मानसिक क्रूरता है। एक बुजुर्ग की लाचारी का उपहास उड़ाकर दरोगा ने न केवल अपनी संवेदनहीनता दिखाई, बल्कि पुलिस के 'मित्र' होने के दावों को भी सरेआम नीलाम कर दिया।
वायरल वीडियो ने दरोगा शिवबाबू की उस सामंती सोच को बेनकाब किया है, जहाँ फरियादी को इंसान नहीं बल्कि कीड़ा-मकोड़ा समझा जाता है। अपनी वर्दी का रौब एक असहाय बुजुर्ग पर झाड़ना और अंत में अपनी दबंगई छिपाने के लिए पीड़ित का ही 'शांति भंग' में चालान काट देना, न्याय का गला घोंटने जैसा कृत्य है। यह कृत्य दर्शाता है कि दरोगा के लिए कानून कोई सेवा का माध्यम नहीं, बल्कि अपनी सनक पूरी करने का हथियार है। इस शर्मनाक आचरण ने पूरे पुलिस महकमे को जनता की अदालत में कटघरे में खड़ा कर दिया है।

प्रशासनिक स्तर पर एसपी अशोक कुमार मीणा ने बेलगाम दरोगा को सस्पेंड कर त्वरित संदेश तो दिया है, लेकिन क्या महज निलंबन इस अहंकारी मानसिकता का इलाज है? जनता के मन में पुलिस के प्रति गिरते विश्वास को बहाल करने के लिए ऐसे अफसरों के खिलाफ कठोरतम नजीर पेश करना अनिवार्य है।अब देखना यह है कि जांच की आंच इस घमंडी दरोगा को कानून का असली पाठ पढ़ा पाती है या नहीं।