झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी क्रांति: सभी 245 ब्लॉकों में खुलेंगे 'पब्लिक हेल्थ यूनिट', 203 करोड़ की योजना मंजूर

रांची, 21 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को गांव-गांव तक मजबूत करने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने घोषणा की है कि राज्य के सभी जिलों के विधानसभा क्षेत्रों में कुल 203 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत से 245 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (BPHU) स्थापित किए जाएंगे।

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क्या है ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (BPHU)?

यह इकाई ब्लॉक स्तर पर एक आधुनिक स्वास्थ्य सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करेगी। इसके तहत तीन प्रमुख स्तंभ होंगे:

ब्लॉक पब्लिक हेल्थ प्रयोगशाला (BPHL): जहां बीमारियों की सटीक और त्वरित जांच होगी।

ब्लॉक हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (HMIS) सेल: जो स्वास्थ्य संबंधी डेटा का प्रबंधन करेगा।

समन्वय केंद्र: जो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) या अनुमंडलीय अस्पताल के साथ मिलकर काम करेगा।

"बीमारी से पहले होगा नियंत्रण" - डॉ. इरफान अंसारी

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस पहल को राज्य के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा:

"हमारा उद्देश्य हर ब्लॉक तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाना है। BPHU के माध्यम से किसी भी महामारी या बीमारी को फैलने से पहले ही नियंत्रित किया जा सकेगा। विशेष रूप से हमारे आदिवासी और दूरदराज के क्षेत्रों के लिए यह वरदान साबित होगा। अब झारखंड देश के अग्रणी सार्वजनिक स्वास्थ्य मॉडल के रूप में उभरेगा।"

प्रमुख लाभ और उद्देश्य

त्वरित कार्रवाई: ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य जोखिमों की समय पर पहचान और वैज्ञानिक आधार पर तुरंत इलाज।

विकेन्द्रीकृत प्रणाली: अब स्वास्थ्य योजनाओं और निगरानी के लिए जिला मुख्यालय पर निर्भरता कम होगी।

वंचितों को प्राथमिकता: दुर्गम और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अब आधुनिक जांच और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए शहर नहीं भागना पड़ेगा।

फंडिंग और कार्यान्वयन

यह विशाल नेटवर्क प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) और 15वें वित्त आयोग के सहयोग से तैयार किया जा रहा है। कुल 245 इकाइयों की स्थापना से झारखंड का सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचा न केवल आधुनिक होगा, बल्कि भविष्य की चुनौतियों (जैसे नई महामारियां) से लड़ने के लिए पूरी तरह सक्षम बनेगा।

झारखंड के 'विजन 2050' के मुरीद हुए अज़ीम प्रेमजी: वैश्विक निवेशकों से कहा— 'झारखंड निवेश के लिए बेहतरीन जगह'

विश्व आर्थिक मंच (WEF), दावोस में झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य के विकास मॉडल की गूँज वैश्विक स्तर पर सुनाई दे रही है। विप्रो लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन और अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के संस्थापक श्री अज़ीम प्रेमजी ने झारखंड सरकार के "विजन 2050" और "प्रकृति के साथ सामंजस्य में विकास" की सोच की मुक्त कंठ से सराहना की है।

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निवेशकों के लिए अज़ीम प्रेमजी का संदेश

झारखंड सरकार के सक्रिय और सकारात्मक दृष्टिकोण से प्रभावित होकर श्री प्रेमजी ने वैश्विक मंच से कहा:

"झारखंड राज्य अपने विकास के लिए बहुत ही गंभीर और संगठित प्रयास कर रहा है। सरकार के साथ हमारा अनुभव अत्यंत अनुकूल और सुखद रहा है। मैं भारत और दुनिया भर के निवेशकों का आह्वान करता हूँ कि वे झारखंड में निवेश की संभावनाओं पर विचार करें।"

रांची के इटकी में बनेगा 'हेल्थ और एजुकेशन हब'

अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन झारखंड में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक विशाल निवेश कर रहा है। रांची के इटकी में निम्नलिखित परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है:

विश्वविद्यालय: उच्च शिक्षा के लिए एक आधुनिक परिसर।

1300 बेड का अस्पताल: राज्यवासियों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं।

मेडिकल कॉलेज और स्कूल: चिकित्सा शिक्षा और बुनियादी शिक्षा को सुदृढ़ करने की पहल।

प्रकृति और प्रगति का संतुलन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दावोस में जिस "ग्रीन और सस्टेनेबल" विकास की रूपरेखा पेश की है, उसे अज़ीम प्रेमजी ने भविष्य की जरूरत बताया। उन्होंने राज्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएँ भी प्रेषित कीं। यह सराहना झारखंड के लिए अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा जीतने में मील का पत्थर साबित होगी।

लोकतंत्र की आत्मा हैं न्याय, समता और बंधुता : मुख्यमंत्री योगी

* 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह में मुख्यमंत्री का संबोधन

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि न्याय, समता और बंधुता संविधान के ऐसे मूल शब्द हैं, जो भारतीय लोकतंत्र की आत्मा का निर्माण करते हैं। इन्हीं मूल्यों के आधार पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था सुदृढ़ बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश आए सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि विधायिका लोकतंत्र की आधारभूत इकाई है। संविधान की संरक्षक के रूप में विधायिका न केवल कानून निर्माण का कार्य करती है, बल्कि समग्र विकास की कार्ययोजना का भी सशक्त मंच होती है। न्याय कैसे प्राप्त हो, इसका कानूनी स्वरूप विधायिका में तय होता है। समतामूलक समाज की स्थापना के लिए सरकार की योजनाओं की दिशा भी यहीं से निकलती है। वहीं, विधायिका बंधुता का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करती है, जहां सहमति और असहमति के बीच भी संवाद और समन्वय बना रहता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था अत्यंत मजबूत है और पूरी दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत है। सदन के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज भी पूरी ताकत के साथ सुनी जाती है। संसद इस पूरी प्रक्रिया का केंद्रबिंदु है, जहां से देश की नीतियां और योजनाएं आकार लेती हैं। पांच बार लोकसभा सदस्य रह चुके मुख्यमंत्री ने अपने संसदीय अनुभव साझा करते हुए कहा कि संसद में रहकर उन्होंने सीखा कि किस प्रकार नियमों और मर्यादाओं के भीतर रहकर सरकार की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा और विधान परिषद संसद के नियमों और परंपराओं का अध्ययन और प्रशिक्षण ले लें, तो सदन संचालन और अधिक सहज हो सकता है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में प्रश्नकाल की व्यवस्था में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2022 में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के पदभार संभालने के बाद प्रश्नकाल को संसद की तर्ज पर और प्रभावी बनाया गया। अब सवा घंटे के प्रश्नकाल में 20 तारांकित प्रश्नों के साथ अनुपूरक प्रश्न भी पूछे जाते हैं, जिससे अधिक जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि संसद हमारे लिए प्रेरणा है और उसके प्रति श्रद्धा का भाव हर भारतवासी का दायित्व है। प्रधानमंत्री के कथन “भारत लोकतंत्र की जननी है” का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज की परिकल्पना गांवों के माध्यम से साकार हुई। देश में भले ही विविधताएं हों, लेकिन भारत एक भाव और एक भंगिमा के साथ सोचता और बोलता है। संसद इस साझा आस्था को जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में पारित छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों की सराहना करते हुए बताया कि ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ विषय पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के 300 से अधिक सदस्यों ने 24 घंटे तक चर्चा की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत केवल केंद्र सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। सीएम योगी ने वर्ष में कम से कम 30 बैठकों के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि यह संसद, विधानसभा ही नहीं, बल्कि नगर निकायों और पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि तकनीक के युग में ई-विधान जैसी पहल से उत्तर प्रदेश की विधानसभा, परिषद, कैबिनेट और बजट पूरी तरह पेपरलेस हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ के लिए पोर्टल पर 98 लाख लोगों के सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें आईआईटी कानपुर के सहयोग से एआई टूल के माध्यम से विजन डॉक्यूमेंट का रूप दिया जा रहा है। समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह सहित विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कांग्रेस ने की बिना किसी ठोस कारण के फॉर्म-6 वं फॉर्म-7 जमा किए जाएं,फॉर्म-6, 7 एवं 8 की संकलित सूची उपलब्ध कराए जाने की मांग की
फर्रुखाबाद l जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष शकुंतला ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंच कर अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है जिसमें कहा है कि
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा  विभिन्न राज्यों/कद्रशासित प्रदेशों सहित हमारे क्षेत्र में भी निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण आरंभ किया गया है।

प्रारुप निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जा चुकी है तथा दास एवं आपत्तियों दाखिल करने की अवधि अब समाप्ति की ओर है। इस अवधि के दौरान मतदाता एवं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) द्वारा फॉर्म-6 (नाम सम्मिलन), फॉर्म-7 (आपत्ति/विलोपन) तथा फॉर्म-8 (संशोधन) विधिवत सत्यापन एवं आवश्यक पोषणाओं के अधीन प्रस्तुत किए जाने का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि संज्ञान में आया है कि आपके अधिकार क्षेत्र में एसडीएम ईआरओ बीएलओ के समक्ष कई हजार फॉर्म-6 एवं फॉर्म-7 आवेदन जमा किए गए हैं। इनमें से अधिकांश फॉर्म पूर्व-मुद्रित हैं, जिनमें मतदाताओं का विवरण टाइप किया गया है तथा आपत्तिकर्ताओं का विवरण अस्पष्ट/अपठनीय है। यह भारत निर्वाचन आयोग के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। संबंधित अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर पूछताछ एवं इन कार्यालयों के भौतिक निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि इन फ़मों का एक बड़ा हिस्सा बिना सत्यापन के व्यक्तियों द्वारा जमा किया गया है। इन आवेदनों में गंभीर कमिया पाई गई है, जैसे आपत्तिकर्ता की पहचान का प्रमाण न होना, मोबाइल नंबर का अभाव, आपत्ति के लिए कोई विशिष्ट कारण या विवरण न दिया जाना, तथा जहाँ नाम हो वहाँ BLA-2 द्वारा आबस्यक पोषण/ का अभाव। तात्कालिक कार्यवाही किए जाने की मांग की हैं। गांव सिकन्दरपुर नहरोसा नबावगंज के सभी प्रस्तुत फॉमों की जांच सुनिश्चित की जाए, जिसमें BLA-2 के हस्ताक्षरों का अभिलेखों से मिलान तथा व्यक्तिगत आपत्तिकर्ताओं की पहचान संपर्क विवरण का सत्यापन शामिल हो।
विधि द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना, संबंधित मतदाताओं को नोटिस एवं सुनवाई का आवसर दिए बिना, किसी भी मतदाता का नाम न हटाया जाए।
आवश्यक विवरणों से रहित हजारों अपूर्ण फॉर्म स्वीकार किए जाने के संबंध में तत्काल जांच कराई जाए।भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों को प्रास सभी फॉर्म-6, 7 एवं 8 की संकलित कर तत्काल उपलब्ध कराए जाए।

यह सही कदम है और वास्तविक मतदाताओं के होने से बचाने तथा अंतिम निर्माती की पवित्रता एवं विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए मूल्यों के प्रति पूर्णतः प्रतिवद्ध है और यह निश्चित करने के लिए कार्रवाई कर का नाम निर्वाचक नामावली में सम्मिलित हो l
अग्निशमन केंद्र परिसर में ब्लैक आउट मार्क ड्रिल का होगा आयोजन
फर्रूखाबाद l  नागरिक सुरक्षा अनुभाग के निर्देश पर 23 जनवरी 2026 को सांय 6.00 बजें नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिवस पर जनपद में कार्यालय अग्निशमन केन्द्र, फतेहगढ परिसर में ब्लैक आउट मॉक ड्रिल का आयोजन किया जायेगा। इस दौरान
मॉकड्रिल की कार्यवाही की जायेगी हवाई हमलें की चेतावनी हेतु 02 मिनट तक ऊंची-नीची आवाज में सायरन ध्वनित किया जायेगा। सायरन ध्वनित होते ही कार्यालय अग्निशमन केन्द्र,फतेहगढ के आस पास क्षेत्रों की विधुत व्यवस्था बाधित कर ब्लैक आउट किया जायेगा।

सायरन ध्वनित होने पर नागरिकों द्वारा सुरक्षित स्थान पर शरण लिया जायेगा। हवाई हमला का खतरा समाप्त होने पर आल क्लियर ध्वनि में 02 मिनट तक ऊंची आवाज में सायरन ध्वनित किया जायेगा।हवाई हमलें की चेतावनी समाप्त होने के उपरान्त नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों द्वारा छोटी आग बुझानें हेतु फायर एक्सटिंगुशर का प्रयोग तथा फायर सर्विस द्वारा बडी आग बुझाने हेतु फायर टेंडर वेहिकल का प्रयोग किया जायेगा।

हमलें के दौरान घायल हुए लोगों को नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों द्वारा प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की जायेगी।ध्वस्त/क्षतिग्रस्त बिल्डिंगों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जायेगा। गंभीर रूप से घायल लोगों को एम्बुलेंस से अस्पताल पहॅूचाया जायेगा। मॉक ड्रिल समाप्ति की घोषणा की जायेगी।
यौन शोषण व धर्म परिवर्तन के आरोप में जिम संचालक समेत चार गिरफ्तार

मीरजापुर में चार जिम भी हुये सील,मचा हड़कंप


मीरजापुर। पुलिस ने एक जिम संचालक समेत चार को गिरफ्तार किया है. इन पर जिम जा रही दो युवतियों ने यौन शोषण व धर्म परिवर्तन के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराया था। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर जांच कर रही है। दरअसल, जिले की पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने दर्ज मुकदमा यौन शोषण, वसूली समेत धर्म परिवर्तन के मामले मे चार को गिरफ्तार किया है.गिरफ्तार चार आरोपियों में जिम संचालक और उसके सहयोगी है। पूरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के महुवरिया स्थित केजीएन जिम का है। दो अलग अलग युवतियों ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि पहले दोस्ती करते हैं फिर धर्म परिवर्तन कराने का कार्य करते हैं यौन शोषण वसूली भी करते हैं।

प्रकरण की गंभीरता से लेते हुए देहात कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर क्षेत्राधिकार सदर के नेतृत्व में एसओजी, थाना कटरा, नगर व और देहात सहित 4 टीमों का गठन कर 20 जनवरी को मोहम्मद शेख अली निवासी नटवां मिल्लत नगर थाना कटरा जनपद मिर्जापुर, फैजल खान निवासी गोसाई तालाब नियर मस्जिद थाना शहर जनपद मिर्जापुर को गिरफ्तार किया गया है। इनसे प्राप्त मोबाइल एवं अन्य डिजिटल एविडेंस एवं साक्ष्य संकलन करते हुए दो अन्य अभियुक्तों जहीर एवं सादाब को हिरासत में लिया गया है, विवेचना के दौरान यह भी ज्ञात हुआ कि अभियुक्त जहीर केजीएन-1 जिम का मालिक है इसके अलावा केजीएन-2, केजीएन-3 व आयरन फायर से भी अभियुक्त लगातार जुडे रहे है। पीड़ित युवतियां पहले केजीएन जिम में जाया करती थी।

पुलिस साक्ष्य संकलन के आधार पर इन सभी जिमों को सील करा दिया है। जिससे साक्ष्यों को सुरक्षित किया जा सकें। संचालक व ट्रेनर समेत सात लोगों पर देहात कोतवाली पुलिस ने जिम आने वाली लड़कियों से यौन शोषण व वसूली समेत धर्म परिवर्तन के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच में जुटी है। अपर पुलिस अधीक्षक नगर नितेश कुमार सिंह ने बताया कि दो अलग अलग युवतियों ने देहात कोतवाली में तहरीर देकर यौन शोषण, वसूली समेत धर्म परिवर्तन आरोप लगाया था.जिसको लेकर पुलिस ने चार को गिरफ्तार कर पूरे प्रकरण की गहनता से जांच की जा रही है। घटना मे जो भी अभियुक्त सम्मिलित पाये जायेंगें, उनके विरूद्ध कठोरतम विधिक कार्यवाही की जायेगी।
दावोस में रचा गया इतिहास: सीएम हेमन्त सोरेन को 'व्हाइट बैज' और कल्पना सोरेन को मिला 'WEF बैज'"

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स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 झारखंड के लिए उपलब्धियों का नया अध्याय लेकर आया है। भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में यह पहला अवसर है, जब किसी राज्य के दो निर्वाचित आदिवासी जनप्रतिनिधि—मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और गांडेय विधायक कल्पना मुर्मु सोरेन—एक साथ इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।

सर्वोच्च सम्मान से नवाजे गए नेता

इस बार दावोस का मंच झारखंड की शक्ति का साक्षी बना। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम द्वारा सर्वोच्च सम्मान 'व्हाइट बैज' (White Badge) प्रदान किया गया है। वहीं, झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष कल्पना मुर्मु सोरेन को भी 'WEF बैज' से सम्मानित किया गया।

आदिवासी अस्मिता और वैश्विक पहचान

यह उपलब्धि केवल झारखंड के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण आदिवासी समाज के लिए गर्व का विषय है। यह सम्मान दर्शाता है कि आदिवासी नेतृत्व अब केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक नीति-निर्धारण और आर्थिक संवादों में भी सशक्त भूमिका निभा रहा है।

'जोहार' की गूँज हुई बुलंद

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह सम्मान इस बात का प्रतीक है कि झारखंड अब केवल अपने प्राकृतिक संसाधनों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने सशक्त नेतृत्व और विजन के लिए दुनिया के सामने खड़ा है। इन सम्मानों ने विश्व पटल पर ’जोहार’ की गूँज को और अधिक प्रभावशाली बना दिया है।

विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026: फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र अनिवार्य, गोण्डा में जारी हुए निर्देश

*मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आयु व निवास प्रमाण जरूरी, मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अपील* *2003 की मतदाता सूची का विवरण देना अनिवार्य, गलत जानकारी पर जारी होगा नोटिस* *voters.eci.gov.in से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा, ऑफलाइन फार्म बीएलओ के पास जमा करें* *विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026: फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र अनिवार्य, आयु व निवास प्रमाणों को लेकर स्पष्ट निर्देश* *गोण्डा 21 जनवरी 2026* - विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के अंतर्गत मतदाता सूची में नाम जोड़ने हेतु फार्म-6 भरने वाले नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार अब फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र भरना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि फार्म-6 में आवेदक का नाम, सही व पूर्ण पता शुद्ध वर्तनी में, नवीनतम स्पष्ट फोटो तथा वर्तमान मोबाइल नंबर अंकित करना आवश्यक है। साथ ही आयु और निवास से संबंधित प्रमाण पत्र संलग्न करना भी अनिवार्य होगा। *आयु प्रमाण के लिए मान्य अभिलेख* आवेदक आयु प्रमाण हेतु जन्म प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, हाईस्कूल/इंटरमीडिएट प्रमाणपत्र (जन्म तिथि सहित), भारतीय पासपोर्ट अथवा उपलब्ध न होने की दशा में अन्य मान्य दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं। यदि 18 से 21 वर्ष आयु वर्ग के आवेदक के पास कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं है तो उन्हें माता-पिता/गुरु के हस्ताक्षरयुक्त शपथ पत्र के साथ बीएलओ/एईआरओ/ईआरओ के समक्ष उपस्थित होना होगा। 21 वर्ष या उससे अधिक आयु के आवेदक स्वयं उपस्थित होकर केवल अपना घोषणा पत्र भी प्रस्तुत कर सकते हैं। *निवास प्रमाण के लिए मान्य दस्तावेज* निवास के प्रमाण हेतु पानी, बिजली या गैस का कम से कम एक वर्ष पुराना बिल, आधार कार्ड, बैंक/डाकघर की पासबुक, भारतीय पासपोर्ट, राजस्व अभिलेख (किसान बही सहित), रजिस्टर्ड किरायानामा या विक्रय विलेख मान्य होंगे। अभिलेख उपलब्ध न होने पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा। *घोषणा पत्र में 2003 की मतदाता सूची का विवरण अनिवार्य* घोषणा पत्र में वर्ष 2003 की अंतिम मतदाता सूची में स्वयं अथवा माता-पिता/दादा-दादी/नाना-नानी में से किसी एक का विवरण, विधानसभा क्षेत्र संख्या, भाग संख्या और क्रम संख्या अंकित करना होगा। सही विवरण होने पर किसी प्रकार का नोटिस निर्गत नहीं किया जाएगा। विवरण उपलब्ध न होने या डेटा से मेल न खाने की स्थिति में नोटिस जारी किया जाएगा, जिसके जवाब में जन्म तिथि/जन्म स्थान से जुड़े अतिरिक्त प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे। *ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन की सुविधा* जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पात्र नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल voters.eci.gov.in पर जाकर ऑनलाइन फार्म-6 (घोषणा पत्र सहित) भर सकते हैं। वहीं ऑफलाइन फार्म-6 को घोषणा पत्र और आवश्यक अभिलेखों के साथ बीएलओ/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के पास जमा किया जा सकता है। जनपद गोण्डा में जिला निर्वाचन अधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते सही अभिलेखों के साथ आवेदन कर मतदाता सूची में अपना नाम सुनिश्चित करें, ताकि आगामी निर्वाचन प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मीरा रोड में श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का भव्य आयोजन
मीरा रोड। श्री शनि धाम पंचदेव इच्छापूर्ति मंदिर, मीरा रोड (पूर्व) द्वारा 22 जनवरी, गुरुवार को शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का भव्य आयोजन किया गया है। पिछले वर्ष भी यहां यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। मंदिर की संस्थापिका तथा नगरसेविका श्रीमती नीला सोंस तथा मंदिर के महंत शास्त्री सुरेश गुरु ओझा द्वारा यह जानकारी दी गई है। इस बारे में पत्रकारों से बात करते हुए श्रीमती नीला सोंस ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्री राम के भव्य मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दूसरे वर्ष  तथा माघी गणेश के पावन अवसर पर श्री राम भजन तथा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि ईश्वर की असीम कृपा, गुरुजनों के आशीर्वाद तथा जनता के विश्वास और सहयोग के कारण उन्हें पुनः नगरसेविका बनने का सौभाग्य मिला है। इस पावन आयोजन के माध्यम से सभी के प्रति हृदय से आभार एवं अभिनंदन प्रकट करना उनका विनम्र प्रयास है।
बांग्लादेश से संबंधों में और तल्खी, भारत ने राजनयिकों के परिवार को वापस बुलाया

#indiarecalledthefamilymembersofitsmissionofficialsfrombangladesh

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भारत ने बांग्लादेश में खराब होती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार ने वहां तैनात भारतीय राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाने का फैसला किया है।कूटनीतिक तनातनी के बीच भारत ने सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में डाल कर वहां विभिन्न मिशनों में तैनात राजनयिकों के परिवार के सदस्यों को वापस बुला लिया है।

भारत ने अगले महीने बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव के दौरान संभावित हिंसा के मद्देनजर यह फैसला किया है।राजनयिकों के परिवार के सभी सदस्य 15 जनवरी तक भारत वापस लौट चुके हैं। माना जा रहा है कि आम चुनाव के नतीजे आने के बाद भारत बांग्लादेश की स्थिति की समीक्षा कर अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा। बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं। इसी दिन जनमत संग्रह भी होना तय है।

इन देशों पर 'नॉन फैमिली' लागू

अब तक भारतीय विदेश मंत्रालय ने 'नॉन फैमिली' की यह श्रेणी सिर्फ़ कुछ ही देशों पर लागू की थी, जिनमें इराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दक्षिण सूडान शामिल हैं। इस ताजा फैसले के बाद अब बांग्लादेश को भी इस सूची में शामिल कर लिया गया है।

शेख हसीना के बाद बिगड़े संबंध

बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में अचानक या हड़बड़ी में शामिल नहीं किया गया है। दरअसल, शेख हसीना की सत्ता जाने के बाद से दोनों देशों में तल्खी बढ़ी है। भारत पहले ही बांग्लादेश के लिए वीजा सेवा बंद कर चुका है। हिंदुओं की लगातार हत्या के कारण भी तनातनी बढ़ी है।

राजनयिकों की सुरक्षा चिंता बढ़ी

बता दें हाल के वक्त में भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक असहजता भी देखने को मिली है। बीते दिनों छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग के सामने विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले । बांग्लादेश में भारतीय मिशन और राजनयिकों की सुरक्षा भारत के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इस मसले पर भारत ने दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह को तलब भी किया था।

झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी क्रांति: सभी 245 ब्लॉकों में खुलेंगे 'पब्लिक हेल्थ यूनिट', 203 करोड़ की योजना मंजूर

रांची, 21 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को गांव-गांव तक मजबूत करने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने घोषणा की है कि राज्य के सभी जिलों के विधानसभा क्षेत्रों में कुल 203 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत से 245 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (BPHU) स्थापित किए जाएंगे।

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क्या है ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (BPHU)?

यह इकाई ब्लॉक स्तर पर एक आधुनिक स्वास्थ्य सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करेगी। इसके तहत तीन प्रमुख स्तंभ होंगे:

ब्लॉक पब्लिक हेल्थ प्रयोगशाला (BPHL): जहां बीमारियों की सटीक और त्वरित जांच होगी।

ब्लॉक हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (HMIS) सेल: जो स्वास्थ्य संबंधी डेटा का प्रबंधन करेगा।

समन्वय केंद्र: जो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) या अनुमंडलीय अस्पताल के साथ मिलकर काम करेगा।

"बीमारी से पहले होगा नियंत्रण" - डॉ. इरफान अंसारी

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस पहल को राज्य के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा:

"हमारा उद्देश्य हर ब्लॉक तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाना है। BPHU के माध्यम से किसी भी महामारी या बीमारी को फैलने से पहले ही नियंत्रित किया जा सकेगा। विशेष रूप से हमारे आदिवासी और दूरदराज के क्षेत्रों के लिए यह वरदान साबित होगा। अब झारखंड देश के अग्रणी सार्वजनिक स्वास्थ्य मॉडल के रूप में उभरेगा।"

प्रमुख लाभ और उद्देश्य

त्वरित कार्रवाई: ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य जोखिमों की समय पर पहचान और वैज्ञानिक आधार पर तुरंत इलाज।

विकेन्द्रीकृत प्रणाली: अब स्वास्थ्य योजनाओं और निगरानी के लिए जिला मुख्यालय पर निर्भरता कम होगी।

वंचितों को प्राथमिकता: दुर्गम और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अब आधुनिक जांच और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए शहर नहीं भागना पड़ेगा।

फंडिंग और कार्यान्वयन

यह विशाल नेटवर्क प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) और 15वें वित्त आयोग के सहयोग से तैयार किया जा रहा है। कुल 245 इकाइयों की स्थापना से झारखंड का सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचा न केवल आधुनिक होगा, बल्कि भविष्य की चुनौतियों (जैसे नई महामारियां) से लड़ने के लिए पूरी तरह सक्षम बनेगा।

झारखंड के 'विजन 2050' के मुरीद हुए अज़ीम प्रेमजी: वैश्विक निवेशकों से कहा— 'झारखंड निवेश के लिए बेहतरीन जगह'

विश्व आर्थिक मंच (WEF), दावोस में झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य के विकास मॉडल की गूँज वैश्विक स्तर पर सुनाई दे रही है। विप्रो लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन और अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के संस्थापक श्री अज़ीम प्रेमजी ने झारखंड सरकार के "विजन 2050" और "प्रकृति के साथ सामंजस्य में विकास" की सोच की मुक्त कंठ से सराहना की है।

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निवेशकों के लिए अज़ीम प्रेमजी का संदेश

झारखंड सरकार के सक्रिय और सकारात्मक दृष्टिकोण से प्रभावित होकर श्री प्रेमजी ने वैश्विक मंच से कहा:

"झारखंड राज्य अपने विकास के लिए बहुत ही गंभीर और संगठित प्रयास कर रहा है। सरकार के साथ हमारा अनुभव अत्यंत अनुकूल और सुखद रहा है। मैं भारत और दुनिया भर के निवेशकों का आह्वान करता हूँ कि वे झारखंड में निवेश की संभावनाओं पर विचार करें।"

रांची के इटकी में बनेगा 'हेल्थ और एजुकेशन हब'

अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन झारखंड में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक विशाल निवेश कर रहा है। रांची के इटकी में निम्नलिखित परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है:

विश्वविद्यालय: उच्च शिक्षा के लिए एक आधुनिक परिसर।

1300 बेड का अस्पताल: राज्यवासियों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं।

मेडिकल कॉलेज और स्कूल: चिकित्सा शिक्षा और बुनियादी शिक्षा को सुदृढ़ करने की पहल।

प्रकृति और प्रगति का संतुलन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दावोस में जिस "ग्रीन और सस्टेनेबल" विकास की रूपरेखा पेश की है, उसे अज़ीम प्रेमजी ने भविष्य की जरूरत बताया। उन्होंने राज्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएँ भी प्रेषित कीं। यह सराहना झारखंड के लिए अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा जीतने में मील का पत्थर साबित होगी।

लोकतंत्र की आत्मा हैं न्याय, समता और बंधुता : मुख्यमंत्री योगी

* 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह में मुख्यमंत्री का संबोधन

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि न्याय, समता और बंधुता संविधान के ऐसे मूल शब्द हैं, जो भारतीय लोकतंत्र की आत्मा का निर्माण करते हैं। इन्हीं मूल्यों के आधार पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था सुदृढ़ बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश आए सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि विधायिका लोकतंत्र की आधारभूत इकाई है। संविधान की संरक्षक के रूप में विधायिका न केवल कानून निर्माण का कार्य करती है, बल्कि समग्र विकास की कार्ययोजना का भी सशक्त मंच होती है। न्याय कैसे प्राप्त हो, इसका कानूनी स्वरूप विधायिका में तय होता है। समतामूलक समाज की स्थापना के लिए सरकार की योजनाओं की दिशा भी यहीं से निकलती है। वहीं, विधायिका बंधुता का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करती है, जहां सहमति और असहमति के बीच भी संवाद और समन्वय बना रहता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था अत्यंत मजबूत है और पूरी दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत है। सदन के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज भी पूरी ताकत के साथ सुनी जाती है। संसद इस पूरी प्रक्रिया का केंद्रबिंदु है, जहां से देश की नीतियां और योजनाएं आकार लेती हैं। पांच बार लोकसभा सदस्य रह चुके मुख्यमंत्री ने अपने संसदीय अनुभव साझा करते हुए कहा कि संसद में रहकर उन्होंने सीखा कि किस प्रकार नियमों और मर्यादाओं के भीतर रहकर सरकार की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा और विधान परिषद संसद के नियमों और परंपराओं का अध्ययन और प्रशिक्षण ले लें, तो सदन संचालन और अधिक सहज हो सकता है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में प्रश्नकाल की व्यवस्था में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2022 में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के पदभार संभालने के बाद प्रश्नकाल को संसद की तर्ज पर और प्रभावी बनाया गया। अब सवा घंटे के प्रश्नकाल में 20 तारांकित प्रश्नों के साथ अनुपूरक प्रश्न भी पूछे जाते हैं, जिससे अधिक जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि संसद हमारे लिए प्रेरणा है और उसके प्रति श्रद्धा का भाव हर भारतवासी का दायित्व है। प्रधानमंत्री के कथन “भारत लोकतंत्र की जननी है” का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज की परिकल्पना गांवों के माध्यम से साकार हुई। देश में भले ही विविधताएं हों, लेकिन भारत एक भाव और एक भंगिमा के साथ सोचता और बोलता है। संसद इस साझा आस्था को जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में पारित छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों की सराहना करते हुए बताया कि ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ विषय पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के 300 से अधिक सदस्यों ने 24 घंटे तक चर्चा की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत केवल केंद्र सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। सीएम योगी ने वर्ष में कम से कम 30 बैठकों के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि यह संसद, विधानसभा ही नहीं, बल्कि नगर निकायों और पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि तकनीक के युग में ई-विधान जैसी पहल से उत्तर प्रदेश की विधानसभा, परिषद, कैबिनेट और बजट पूरी तरह पेपरलेस हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ के लिए पोर्टल पर 98 लाख लोगों के सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें आईआईटी कानपुर के सहयोग से एआई टूल के माध्यम से विजन डॉक्यूमेंट का रूप दिया जा रहा है। समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह सहित विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कांग्रेस ने की बिना किसी ठोस कारण के फॉर्म-6 वं फॉर्म-7 जमा किए जाएं,फॉर्म-6, 7 एवं 8 की संकलित सूची उपलब्ध कराए जाने की मांग की
फर्रुखाबाद l जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष शकुंतला ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंच कर अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है जिसमें कहा है कि
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा  विभिन्न राज्यों/कद्रशासित प्रदेशों सहित हमारे क्षेत्र में भी निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण आरंभ किया गया है।

प्रारुप निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जा चुकी है तथा दास एवं आपत्तियों दाखिल करने की अवधि अब समाप्ति की ओर है। इस अवधि के दौरान मतदाता एवं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) द्वारा फॉर्म-6 (नाम सम्मिलन), फॉर्म-7 (आपत्ति/विलोपन) तथा फॉर्म-8 (संशोधन) विधिवत सत्यापन एवं आवश्यक पोषणाओं के अधीन प्रस्तुत किए जाने का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि संज्ञान में आया है कि आपके अधिकार क्षेत्र में एसडीएम ईआरओ बीएलओ के समक्ष कई हजार फॉर्म-6 एवं फॉर्म-7 आवेदन जमा किए गए हैं। इनमें से अधिकांश फॉर्म पूर्व-मुद्रित हैं, जिनमें मतदाताओं का विवरण टाइप किया गया है तथा आपत्तिकर्ताओं का विवरण अस्पष्ट/अपठनीय है। यह भारत निर्वाचन आयोग के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। संबंधित अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर पूछताछ एवं इन कार्यालयों के भौतिक निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि इन फ़मों का एक बड़ा हिस्सा बिना सत्यापन के व्यक्तियों द्वारा जमा किया गया है। इन आवेदनों में गंभीर कमिया पाई गई है, जैसे आपत्तिकर्ता की पहचान का प्रमाण न होना, मोबाइल नंबर का अभाव, आपत्ति के लिए कोई विशिष्ट कारण या विवरण न दिया जाना, तथा जहाँ नाम हो वहाँ BLA-2 द्वारा आबस्यक पोषण/ का अभाव। तात्कालिक कार्यवाही किए जाने की मांग की हैं। गांव सिकन्दरपुर नहरोसा नबावगंज के सभी प्रस्तुत फॉमों की जांच सुनिश्चित की जाए, जिसमें BLA-2 के हस्ताक्षरों का अभिलेखों से मिलान तथा व्यक्तिगत आपत्तिकर्ताओं की पहचान संपर्क विवरण का सत्यापन शामिल हो।
विधि द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना, संबंधित मतदाताओं को नोटिस एवं सुनवाई का आवसर दिए बिना, किसी भी मतदाता का नाम न हटाया जाए।
आवश्यक विवरणों से रहित हजारों अपूर्ण फॉर्म स्वीकार किए जाने के संबंध में तत्काल जांच कराई जाए।भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों को प्रास सभी फॉर्म-6, 7 एवं 8 की संकलित कर तत्काल उपलब्ध कराए जाए।

यह सही कदम है और वास्तविक मतदाताओं के होने से बचाने तथा अंतिम निर्माती की पवित्रता एवं विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए मूल्यों के प्रति पूर्णतः प्रतिवद्ध है और यह निश्चित करने के लिए कार्रवाई कर का नाम निर्वाचक नामावली में सम्मिलित हो l
अग्निशमन केंद्र परिसर में ब्लैक आउट मार्क ड्रिल का होगा आयोजन
फर्रूखाबाद l  नागरिक सुरक्षा अनुभाग के निर्देश पर 23 जनवरी 2026 को सांय 6.00 बजें नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिवस पर जनपद में कार्यालय अग्निशमन केन्द्र, फतेहगढ परिसर में ब्लैक आउट मॉक ड्रिल का आयोजन किया जायेगा। इस दौरान
मॉकड्रिल की कार्यवाही की जायेगी हवाई हमलें की चेतावनी हेतु 02 मिनट तक ऊंची-नीची आवाज में सायरन ध्वनित किया जायेगा। सायरन ध्वनित होते ही कार्यालय अग्निशमन केन्द्र,फतेहगढ के आस पास क्षेत्रों की विधुत व्यवस्था बाधित कर ब्लैक आउट किया जायेगा।

सायरन ध्वनित होने पर नागरिकों द्वारा सुरक्षित स्थान पर शरण लिया जायेगा। हवाई हमला का खतरा समाप्त होने पर आल क्लियर ध्वनि में 02 मिनट तक ऊंची आवाज में सायरन ध्वनित किया जायेगा।हवाई हमलें की चेतावनी समाप्त होने के उपरान्त नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों द्वारा छोटी आग बुझानें हेतु फायर एक्सटिंगुशर का प्रयोग तथा फायर सर्विस द्वारा बडी आग बुझाने हेतु फायर टेंडर वेहिकल का प्रयोग किया जायेगा।

हमलें के दौरान घायल हुए लोगों को नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों द्वारा प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की जायेगी।ध्वस्त/क्षतिग्रस्त बिल्डिंगों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जायेगा। गंभीर रूप से घायल लोगों को एम्बुलेंस से अस्पताल पहॅूचाया जायेगा। मॉक ड्रिल समाप्ति की घोषणा की जायेगी।
यौन शोषण व धर्म परिवर्तन के आरोप में जिम संचालक समेत चार गिरफ्तार

मीरजापुर में चार जिम भी हुये सील,मचा हड़कंप


मीरजापुर। पुलिस ने एक जिम संचालक समेत चार को गिरफ्तार किया है. इन पर जिम जा रही दो युवतियों ने यौन शोषण व धर्म परिवर्तन के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराया था। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर जांच कर रही है। दरअसल, जिले की पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने दर्ज मुकदमा यौन शोषण, वसूली समेत धर्म परिवर्तन के मामले मे चार को गिरफ्तार किया है.गिरफ्तार चार आरोपियों में जिम संचालक और उसके सहयोगी है। पूरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के महुवरिया स्थित केजीएन जिम का है। दो अलग अलग युवतियों ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि पहले दोस्ती करते हैं फिर धर्म परिवर्तन कराने का कार्य करते हैं यौन शोषण वसूली भी करते हैं।

प्रकरण की गंभीरता से लेते हुए देहात कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर क्षेत्राधिकार सदर के नेतृत्व में एसओजी, थाना कटरा, नगर व और देहात सहित 4 टीमों का गठन कर 20 जनवरी को मोहम्मद शेख अली निवासी नटवां मिल्लत नगर थाना कटरा जनपद मिर्जापुर, फैजल खान निवासी गोसाई तालाब नियर मस्जिद थाना शहर जनपद मिर्जापुर को गिरफ्तार किया गया है। इनसे प्राप्त मोबाइल एवं अन्य डिजिटल एविडेंस एवं साक्ष्य संकलन करते हुए दो अन्य अभियुक्तों जहीर एवं सादाब को हिरासत में लिया गया है, विवेचना के दौरान यह भी ज्ञात हुआ कि अभियुक्त जहीर केजीएन-1 जिम का मालिक है इसके अलावा केजीएन-2, केजीएन-3 व आयरन फायर से भी अभियुक्त लगातार जुडे रहे है। पीड़ित युवतियां पहले केजीएन जिम में जाया करती थी।

पुलिस साक्ष्य संकलन के आधार पर इन सभी जिमों को सील करा दिया है। जिससे साक्ष्यों को सुरक्षित किया जा सकें। संचालक व ट्रेनर समेत सात लोगों पर देहात कोतवाली पुलिस ने जिम आने वाली लड़कियों से यौन शोषण व वसूली समेत धर्म परिवर्तन के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच में जुटी है। अपर पुलिस अधीक्षक नगर नितेश कुमार सिंह ने बताया कि दो अलग अलग युवतियों ने देहात कोतवाली में तहरीर देकर यौन शोषण, वसूली समेत धर्म परिवर्तन आरोप लगाया था.जिसको लेकर पुलिस ने चार को गिरफ्तार कर पूरे प्रकरण की गहनता से जांच की जा रही है। घटना मे जो भी अभियुक्त सम्मिलित पाये जायेंगें, उनके विरूद्ध कठोरतम विधिक कार्यवाही की जायेगी।
दावोस में रचा गया इतिहास: सीएम हेमन्त सोरेन को 'व्हाइट बैज' और कल्पना सोरेन को मिला 'WEF बैज'"

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स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 झारखंड के लिए उपलब्धियों का नया अध्याय लेकर आया है। भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में यह पहला अवसर है, जब किसी राज्य के दो निर्वाचित आदिवासी जनप्रतिनिधि—मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और गांडेय विधायक कल्पना मुर्मु सोरेन—एक साथ इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।

सर्वोच्च सम्मान से नवाजे गए नेता

इस बार दावोस का मंच झारखंड की शक्ति का साक्षी बना। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम द्वारा सर्वोच्च सम्मान 'व्हाइट बैज' (White Badge) प्रदान किया गया है। वहीं, झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष कल्पना मुर्मु सोरेन को भी 'WEF बैज' से सम्मानित किया गया।

आदिवासी अस्मिता और वैश्विक पहचान

यह उपलब्धि केवल झारखंड के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण आदिवासी समाज के लिए गर्व का विषय है। यह सम्मान दर्शाता है कि आदिवासी नेतृत्व अब केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक नीति-निर्धारण और आर्थिक संवादों में भी सशक्त भूमिका निभा रहा है।

'जोहार' की गूँज हुई बुलंद

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह सम्मान इस बात का प्रतीक है कि झारखंड अब केवल अपने प्राकृतिक संसाधनों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने सशक्त नेतृत्व और विजन के लिए दुनिया के सामने खड़ा है। इन सम्मानों ने विश्व पटल पर ’जोहार’ की गूँज को और अधिक प्रभावशाली बना दिया है।

विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026: फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र अनिवार्य, गोण्डा में जारी हुए निर्देश

*मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आयु व निवास प्रमाण जरूरी, मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अपील* *2003 की मतदाता सूची का विवरण देना अनिवार्य, गलत जानकारी पर जारी होगा नोटिस* *voters.eci.gov.in से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा, ऑफलाइन फार्म बीएलओ के पास जमा करें* *विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026: फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र अनिवार्य, आयु व निवास प्रमाणों को लेकर स्पष्ट निर्देश* *गोण्डा 21 जनवरी 2026* - विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के अंतर्गत मतदाता सूची में नाम जोड़ने हेतु फार्म-6 भरने वाले नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार अब फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र भरना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि फार्म-6 में आवेदक का नाम, सही व पूर्ण पता शुद्ध वर्तनी में, नवीनतम स्पष्ट फोटो तथा वर्तमान मोबाइल नंबर अंकित करना आवश्यक है। साथ ही आयु और निवास से संबंधित प्रमाण पत्र संलग्न करना भी अनिवार्य होगा। *आयु प्रमाण के लिए मान्य अभिलेख* आवेदक आयु प्रमाण हेतु जन्म प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, हाईस्कूल/इंटरमीडिएट प्रमाणपत्र (जन्म तिथि सहित), भारतीय पासपोर्ट अथवा उपलब्ध न होने की दशा में अन्य मान्य दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं। यदि 18 से 21 वर्ष आयु वर्ग के आवेदक के पास कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं है तो उन्हें माता-पिता/गुरु के हस्ताक्षरयुक्त शपथ पत्र के साथ बीएलओ/एईआरओ/ईआरओ के समक्ष उपस्थित होना होगा। 21 वर्ष या उससे अधिक आयु के आवेदक स्वयं उपस्थित होकर केवल अपना घोषणा पत्र भी प्रस्तुत कर सकते हैं। *निवास प्रमाण के लिए मान्य दस्तावेज* निवास के प्रमाण हेतु पानी, बिजली या गैस का कम से कम एक वर्ष पुराना बिल, आधार कार्ड, बैंक/डाकघर की पासबुक, भारतीय पासपोर्ट, राजस्व अभिलेख (किसान बही सहित), रजिस्टर्ड किरायानामा या विक्रय विलेख मान्य होंगे। अभिलेख उपलब्ध न होने पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा। *घोषणा पत्र में 2003 की मतदाता सूची का विवरण अनिवार्य* घोषणा पत्र में वर्ष 2003 की अंतिम मतदाता सूची में स्वयं अथवा माता-पिता/दादा-दादी/नाना-नानी में से किसी एक का विवरण, विधानसभा क्षेत्र संख्या, भाग संख्या और क्रम संख्या अंकित करना होगा। सही विवरण होने पर किसी प्रकार का नोटिस निर्गत नहीं किया जाएगा। विवरण उपलब्ध न होने या डेटा से मेल न खाने की स्थिति में नोटिस जारी किया जाएगा, जिसके जवाब में जन्म तिथि/जन्म स्थान से जुड़े अतिरिक्त प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे। *ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन की सुविधा* जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पात्र नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल voters.eci.gov.in पर जाकर ऑनलाइन फार्म-6 (घोषणा पत्र सहित) भर सकते हैं। वहीं ऑफलाइन फार्म-6 को घोषणा पत्र और आवश्यक अभिलेखों के साथ बीएलओ/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के पास जमा किया जा सकता है। जनपद गोण्डा में जिला निर्वाचन अधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते सही अभिलेखों के साथ आवेदन कर मतदाता सूची में अपना नाम सुनिश्चित करें, ताकि आगामी निर्वाचन प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मीरा रोड में श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का भव्य आयोजन
मीरा रोड। श्री शनि धाम पंचदेव इच्छापूर्ति मंदिर, मीरा रोड (पूर्व) द्वारा 22 जनवरी, गुरुवार को शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का भव्य आयोजन किया गया है। पिछले वर्ष भी यहां यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। मंदिर की संस्थापिका तथा नगरसेविका श्रीमती नीला सोंस तथा मंदिर के महंत शास्त्री सुरेश गुरु ओझा द्वारा यह जानकारी दी गई है। इस बारे में पत्रकारों से बात करते हुए श्रीमती नीला सोंस ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्री राम के भव्य मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दूसरे वर्ष  तथा माघी गणेश के पावन अवसर पर श्री राम भजन तथा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि ईश्वर की असीम कृपा, गुरुजनों के आशीर्वाद तथा जनता के विश्वास और सहयोग के कारण उन्हें पुनः नगरसेविका बनने का सौभाग्य मिला है। इस पावन आयोजन के माध्यम से सभी के प्रति हृदय से आभार एवं अभिनंदन प्रकट करना उनका विनम्र प्रयास है।
बांग्लादेश से संबंधों में और तल्खी, भारत ने राजनयिकों के परिवार को वापस बुलाया

#indiarecalledthefamilymembersofitsmissionofficialsfrombangladesh

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भारत ने बांग्लादेश में खराब होती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार ने वहां तैनात भारतीय राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाने का फैसला किया है।कूटनीतिक तनातनी के बीच भारत ने सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में डाल कर वहां विभिन्न मिशनों में तैनात राजनयिकों के परिवार के सदस्यों को वापस बुला लिया है।

भारत ने अगले महीने बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव के दौरान संभावित हिंसा के मद्देनजर यह फैसला किया है।राजनयिकों के परिवार के सभी सदस्य 15 जनवरी तक भारत वापस लौट चुके हैं। माना जा रहा है कि आम चुनाव के नतीजे आने के बाद भारत बांग्लादेश की स्थिति की समीक्षा कर अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा। बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं। इसी दिन जनमत संग्रह भी होना तय है।

इन देशों पर 'नॉन फैमिली' लागू

अब तक भारतीय विदेश मंत्रालय ने 'नॉन फैमिली' की यह श्रेणी सिर्फ़ कुछ ही देशों पर लागू की थी, जिनमें इराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दक्षिण सूडान शामिल हैं। इस ताजा फैसले के बाद अब बांग्लादेश को भी इस सूची में शामिल कर लिया गया है।

शेख हसीना के बाद बिगड़े संबंध

बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में अचानक या हड़बड़ी में शामिल नहीं किया गया है। दरअसल, शेख हसीना की सत्ता जाने के बाद से दोनों देशों में तल्खी बढ़ी है। भारत पहले ही बांग्लादेश के लिए वीजा सेवा बंद कर चुका है। हिंदुओं की लगातार हत्या के कारण भी तनातनी बढ़ी है।

राजनयिकों की सुरक्षा चिंता बढ़ी

बता दें हाल के वक्त में भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक असहजता भी देखने को मिली है। बीते दिनों छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग के सामने विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले । बांग्लादेश में भारतीय मिशन और राजनयिकों की सुरक्षा भारत के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इस मसले पर भारत ने दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह को तलब भी किया था।