कोहरे से जनजीवन अस्त-व्यस्त, ठंड बनी लोगों की परेशानी का कारण
मेरठ। बहसूमा। रामराज।
क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से लगातार पड़ रहे घने कोहरे और कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह से लेकर देर तक छाए रहने वाले कोहरे के कारण जहां दृश्यता बेहद कम हो गई है, वहीं ठंड के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लोगों को दैनिक कार्यों के निपटारे में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

मोहम्मदपुर सकिश्त गांव के ग्रामीणों ने बताया कि अधिक कोहरा पड़ने और ठंड बढ़ने से खेतों व अन्य कामकाज में दिक्कतें आ रही हैं। सुबह के समय तो स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कोहरा इतना घना होता है कि सामने कुछ भी दिखाई नहीं देता। इससे सड़कों पर आवागमन प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। वाहन चालकों को भी बेहद सतर्क होकर चलना पड़ रहा है।

ठंड का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों और छोटे बच्चों पर देखने को मिल रहा है। ठंड के कारण कई लोगों को सांस लेने में परेशानी, खांसी, जुकाम और सीने में जकड़न की शिकायत हो रही है। चिकित्सकों का कहना है कि अधिक ठंड और कोहरे में नमी के कारण सांस संबंधी रोगों का खतरा बढ़ जाता है, जिससे विशेषकर वृद्ध और बच्चे अधिक प्रभावित होते हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि ठंड की वजह से सुबह-शाम घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। मजदूर वर्ग के लोगों को काम पर जाने में परेशानी हो रही है, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर भी असर पड़ रहा है। वहीं छात्र-छात्राओं को स्कूल जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि कोहरे और ठंड को देखते हुए आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए। साथ ही जरूरतमंद लोगों के लिए अलाव और अन्य राहत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि ठंड से कुछ राहत मिल सके। फिलहाल क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि मौसम में सुधार होने के बाद ही जनजीवन सामान्य हो पाएगा।
आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने रचा अहम् चिकित्सकीय मुकाम, स्तन कैंसर मरीज की सफल सर्जरी

आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, स्तन कैंसर मरीज की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी की सफल सर्जरी की

*कोलकाता, जनवरी 2026* : आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने अपने आरजी इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस्ड ब्रेस्ट केयर के माध्यम से दाहिने स्तन के कैंसर से पीड़ित 68 वर्षीय महिला का सफल इलाज किया। वरिष्ठ ब्रेस्ट सर्जन डॉ. ताप्ती सेन के नेतृत्व में मरीज की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी के साथ बगल की लिम्फ नोड्स की सफाई (लेवल थ्री तक) की गई। यह सफल सर्जरी अस्पताल की ब्रेस्ट कैंसर के उन्नत इलाज में मजबूत विशेषज्ञता को दर्शाती है, जहाँ सटीक उपचार के साथ मरीज की जल्दी रिकवरी पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाता है।
प्रक्रिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता की ब्रेस्ट सर्जरी कंसल्टेंट डॉ. ताप्ती सेन ने कहा, "लिम्फ नोड्स से जुड़े स्तन कैंसर के मरीजों के लिए मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी आज भी एक अहम् उपचार विकल्प है। समय पर उचित जाँच, उपयुक्त सर्जरी और सर्जरी के बाद की व्यवस्थित देखभाल से बेहतर परिणाम मिलते हैं और साथ ही मरीज की जीवन गुणवत्ता में सुधार होता है।"
मरीज पिछले एक वर्ष से दाहिने स्तन में बिना दर्द की सूजन की शिकायत लेकर आई थीं, जिसका आकार धीरे-धीरे बढ़ रहा था। जाँच और इमेजिंग में स्तन के उनके निचले हिस्से में 3.3 x 3 सेमी की सख्त और अनियमित गाँठ पाई गई, जो त्वचा या अंदर की गहरी संरचनाओं तक नहीं फैली थी। मैमोग्राम और दाहिने स्तन से की गई ट्रू-कट बायोप्सी में कार्सिनोमा राइट ब्रेस्ट की पुष्टि हुई। पूरे शरीर की पीईटी-सीटी जाँच में बीमारी सिर्फ उसी क्षेत्र तक सीमित पाई गई और शरीर के अन्य हिस्सों में फैलाव नहीं दिखा।
इसके बाद आईएचसी जाँच के बाद मरीज की दाहिने स्तन की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी और बगल के लिम्फ नोड्स की सफाई की सर्जरी की गई। सर्जरी से पहले सभी जरूरी जाँचें और एनेस्थीसिया की अनुमति ली गई। ऑपरेशन से पहले मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट की राय भी ली गई। मरीज और उनके परिजनों को इलाज की पूरी प्रक्रिया और सर्जरी के बाद होने वाली सावधानियों, जैसे कि लिम्फ सूजन या घाव में संक्रमण से बचाव के बारे में विस्तार से समझाया गया। सर्जरी के 48 घंटे बाद ड्रेन के साथ मरीज को छुट्टी दे दी गई। फिलहाल मरीज की हालत अच्छी है। मेडिकल ऑन्कोलॉजी सहित पूरी मल्टीडिसिप्लिनरी टीम की देखरेख से बेहतर और लंबे समय तक अच्छे परिणाम सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
अमेरिका में मोटेल 6 और स्टूडियो 6 को सफल बनाने पर जी6 हॉस्पिटैलिटी ने गुजराती उद्यमियों को सराहा
*नवसारी, जनवरी 2026:* अमेरिका और कनाडा में मोटल 6 और स्टूडियो 6 ब्रांड की मूल कंपनी जी6 हॉस्पिटैलिटी ने मकर संक्रांति से पहले नवसारी में एक खास समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में गुजरात के फ्रेंचाइज़ी मालिकों को सराहा गया, जिन्होंने मोटल 6 और स्टूडियो 6 को उत्तरी अमेरिका के सबसे बड़े इकॉनमी होटल ब्रांड बनाने में अहम् भूमिका निभाई। आज इन दोनों ब्रांड्स के तहत 1,500 से ज्यादा होटल संचालित हो रहे हैं। 'गुजराती अस्मिता' नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में उन गुजराती उद्यमियों की मेहनत और जज़्बे को पहचान मिली, जिन्होंने बदलते बाजार और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री की चुनौतियों के बीच भी उत्तरी अमेरिका में सफल कारोबार स्थापित किया।
नवसारी में एकत्रित ये प्रतिष्ठित होटल कारोबारी, जिनमें से कई सूरत, नवसारी और बारडोली से जुड़े हैं, को उनके उत्कृष्ट काम के लिए सराहा गया। इन्हीं लोगों की मेहनत से मोटल 6 और स्टूडियो 6 अमेरिका में किफायती और भरोसेमंद ठहरने का जाना-पहचाना नाम बने हैं। वैश्विक महामारी जैसी कठिन परिस्थितियों से लेकर उसके बाद यात्रा क्षेत्र में आई तेजी तक, इन उद्यमियों ने धैर्य और समझदारी से हर चुनौती का सामना किया। उनकी मेहनत से न सिर्फ ब्रांड और मजबूत हुए, बल्कि रोजगार के नए अवसर बने, स्थानीय समुदायों से जुड़ाव बढ़ा और लाखों मेहमानों को लगातार बेहतर सेवा मिलती रही।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन गुजरात के जाने-माने उद्यमियों श्री सावजी ढोलकिया और श्री चंद्रकांत 'चान' पटेल ने किया। सावजी ढोलकिया देश के प्रसिद्ध हीरा कारोबारी, समाजसेवी और हरि कृष्णा एक्सपोर्ट्स के संस्थापक हैं। वे कारोबार में सफलता के साथ-साथ समाज के लिए उदार योगदान और जिम्मेदारी निभाने के लिए दुनियाभर में सम्मानित हैं। वहीं चान पटेल स्टेट बैंक ऑफ टेक्सास के संस्थापक और चेयरमैन हैं और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में गहरी पकड़ रखने वाले प्रमुख उद्यमी माने जाते हैं। वे अमेरिका में कई सफल हॉस्पिटैलिटी कारोबार स्थापित करने के साथ-साथ रणनीतिक वित्तीय नेतृत्व के जरिए नए उद्यमियों को आगे बढ़ने में सहयोग करते रहे हैं।
जी6 हॉस्पिटैलिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सोनल सिन्हा ने कहा, "गुजराती अस्मिता सबसे ज्यादा हमारे होटल मालिकों की कहानियों में दिखती है, जिन्होंने अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए दुनिया भर में पहचान बनाई है। हम इस साझेदारी को बेहद अहम् मानते हैं और जो कुछ भी हमने मिलकर बनाया है, हमें उस पर गर्व है। इनका उद्यमी जज़्बा और मुश्किल हालात में भी डटे रहने की क्षमता यह साबित करती है कि वैश्विक कारोबार में गुजराती क्यों सबसे आगे रहते हैं।"
सीकेपी हॉस्पिटैलिटी के प्रेसिडेंट और सीईओ हर्षद पटेल ने कहा, "गुजरात हमेशा से मेहनती और उद्यमी लोगों के लिए जाना जाता है। हमने मेहनत, ईमानदारी और धैर्य के बल पर अमेरिका में मजबूत कारोबार स्थापित किए हैं। अपने ही लोगों के बीच आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। इस वर्ष हमारा फोकस तकनीक के सहारे आगे बढ़ने और अपने कारोबार को और मजबूत करने पर है।"
जी6 हॉस्पिटैलिटी अमेरिका और कनाडा में मोटेल 6 और स्टूडियो 6 ब्रांड का संचालन करती है, जिनके 1,500 से अधिक होटल हैं। किफायती और भरोसेमंद स्टे के लिए पहचाने जाने वाले ये ब्रांड्स छुट्टियाँ मनाने और बिज़नेस के सिलसिले में आने वाले, दोनों ही तरह के यात्रियों को स्वच्छ और आरामदायक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
*सेवा दिवस के रूप में मनाई गई समाजसेवी अच्छेलाल सिंह जी की चौथी पुण्यतिथि,परिजनों ने वृद्धा आश्रम व मेडिकल कॉलेज में किया फल वितरण।*
सुल्तानपुर-जयसिंहपुर क्षेत्र के दरपीपुर निवासी दिवंगत समाज सेवी अच्छे लाल सिंह की आज चौथी पुण्यतिथि पर उनके परिजनों ने सेवा दिवास के रूप में मनाया है।उनके परिजनों ने शहर के तुराबखानी स्थित वृद्धा आश्रम पर मौजूद निराश्रित लोगों को फल वितरण किया और उनका हाल जाना।इसके बाद जिला मेडिकल कॉलेज के जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों व अस्पताल में सफाई करने वाले कर्मियों को भी फल वितरित किया है। स्व अच्छे लाल सिंह जी के पौत्र संदीप सिंह ने बताया की उनके बाबा हमेशा समाज के उन लोगों की मदद की है जिनकी कोई सुनने वाला नही होता था।उनके द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में जो बीड़ा उठाया गया था,उनके उस कार्य को आज उनकी ना मौजूदगी में उनके परिजन आगे बढ़ाने का काम कर रहे है।इसी कारण हर वर्ष की 13 जनवरी को होने वाली उनकी पुण्यतिथि पर लोगों की सेवा कर उसे सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान श्री सिंह के पौत्र संदीप सिंह सोनू ने बताया की आज के युवा अगर अपने पूर्वजों और परिवार के बड़े बूढ़े लोगों के दिखाए गए रास्तों पर चले या उनकी स्मृति को ध्यान में रखकर समाज के उन लोगों की सेवा करें जो जरूरतमंद है,अपने बड़े बुजुर्ग पूर्वजों को वही सच्ची श्रद्धांजलि है।हम पिछले कई सालों आए अपने बाबा जी के पद चिन्हों पर चलने की कोशिश करते हुए उनकी पुण्यतिथि को सेवा दिवस के रूप में मनाते है।इस दिन अस्पतालों में फल वितरण।जरूरतमंदों को कम्बल वितरण जैसे कार्य किये जाते है। बाइट - संदीप सिंह सोनू
भाजपा बताए—झारखंड और कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों : विनोद पांडेय

झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने बयान जारी कर कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी की विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा का बयान न केवल तथ्यहीन है, बल्कि भाजपा की जानी-पहचानी दोहरी मानसिकता और आदिवासी नेतृत्व के प्रति उसकी असहजता व सामंती सोच को भी उजागर करता है। सबसे पहले तो भाजपा मुख्यमंत्री के उस बयान पर गौर करे जिसमें उन्होंने कहा था कि इरादे नेक हों तो परिणाम सुखद होते हैं। सीजीएल परीक्षा को इसके उदाहरण स्वरूप देख सकते हैं। अब आगे प्रमाण के साथ भाजपा के दोहरे मापदंड को बेनकाब करते हैं। भाजपा का दोहरापन ही उसके असली चाल-चरित्र और चेहरे को उजागर करता है। झारखंड पहली बार दावोस जा रहा है, तो भाजपा रोज हेमंत सोरेन जी पर अनर्गल आरोप लगाती है। और दूसरी ओर कर्नाटक में वही भाजपा कांग्रेस से सवाल करती है कि वे दावोस क्यों नहीं जा रहे। एक ही मंच, दो मापदंड - यही भाजपा की असल राजनीति है।

सबसे पहले यह स्पष्ट कर देना जरूरी है कि मुख्यमंत्री जी की विदेश यात्राएं निजी सैर-सपाटा नहीं, बल्कि राज्य के दीर्घकालिक औद्योगिक, पर्यटन और निवेश हितों से जुड़ी रणनीतिक यात्राएं हैं। दुनिया भर में निवेश आकर्षित करने के लिए वैश्विक मंचों पर जाना आज किसी भी प्रगतिशील राज्य सरकार की आवश्यकता है। भाजपा इसे ‘शौक’ कहकर झारखंड के भविष्य का मजाक उड़ा रही है।

भाजपा बताए—कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों?

आज वही भाजपा, जो झारखंड में दावोस, स्वीडन या स्पेन जाने पर सवाल उठा रही है, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम – 2025 में शामिल न होने पर छाती पीट रही थी। कर्नाटक भाजपा स्वयं कह रही है कि दावोस जैसे मंच पर न जाना ‘राज्य के भविष्य से खिलवाड़’है। तो फिर झारखंड के मामले में भाजपा का यह पाखंड क्यों?

भाजपा नेताओं के अपने बयान बताते हैं कि तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र जैसे राज्य दावोस में निवेश के लिए जा रहे हैं और करोड़ों के एमओयू साइन हो रहे हैं। महाराष्ट्र के लिए भाजपा नेता गर्व से 15.70 लाख करोड़ के निवेश समझौतों का दावा करते हैं। अगर इन राज्यों के लिए दावोस जाना सही है, तो झारखंड के लिए गलत कैसे हो गया?

आदिवासी मुख्यमंत्री से भाजपा की परेशानी

भाजपा को असल तकलीफ यह है कि झारखंड का नेतृत्व एक आदिवासी मुख्यमंत्री कर रहा है, जो आत्मविश्वास के साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर झारखंड का पक्ष मजबूती से रखेंगे। जब-जब हेमंत सोरेन जी राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाने की कोशिश करते हैं, तब-तब भाजपा का सामंती चेहरा सामने आने लगता है। भाजपा यह भूल जाती है कि केंद्र में उसकी सरकार के प्रधानमंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्री लगातार विदेश यात्राएं करते रहे हैं। तब न तो श्वेत पत्र की मांग हुई, न ही ‘सैर-सपाटे’ का तंज कसा गया।

निवेश और जमीनी हकीकत

निवेश कोई जादू की छड़ी नहीं कि आज दौरा हो और कल फैक्ट्री लग जाए। यह एक सतत प्रक्रिया है—एमओयू, नीति, भूमि, आधारभूत संरचना और स्थानीय संसाधनों के विकास से जुड़ी हुई। हेमंत सरकार ने उद्योग नीति, पर्यटन नीति और स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता दी है। भाजपा के शासनकाल में झारखंड को सिर्फ खनन और लूट का मॉडल मिला, स्थानीय उद्योगों की दुर्दशा उसी दौर की देन है।

भाजपा करे आत्ममंथन

आज भाजपा को दूसरों से सवाल पूछने से पहले अपने ही नेताओं के बयानों और अपने शासित राज्यों के उदाहरणों को देखना चाहिए। कर्नाटक में दावोस न जाने पर हाय-तौबा मचाने वाली भाजपा, झारखंड में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाने को अपराध बताने का काम कर रही है।

झारखंड विरोधी भाजपा के दुष्प्रचार से राज्य की जनता भली-भांति परिचित है। हेमंत सोरेन सरकार राज्य के विकास, निवेश और रोजगार के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी राजनीतिक शोर-शराबे से विचलित होने वाली नहीं है

भाजपा को चाहिए कि वह नकारात्मक राजनीति छोड़कर झारखंड के हित में रचनात्मक भूमिका निभाए—यही लोकतंत्र और राज्य, दोनों के लिए बेहतर होगा।

Mirzapur: बस की टक्कर से झाड़ी में पलटी ऑटो, चालक समेत आठ यात्री घायल

मीरजापुर। मड़िहान थाना क्षेत्र के लालपुर गांव के सामने मंगलवार को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। रोज़मर्रा की तरह मेहनत-मजदूरी और इलाज की आस में घर से निकले लोग जब सड़क पर गिरे तो राहगीर सहम गए।

मड़िहान कस्बा निवासी दीपक यादव रोज़ की तरह अपने ऑटो में सवारियां लेकर राजगढ़ से मड़िहान की ओर आ रहे थे। जैसे ही ऑटो सोनभद्र मार्ग स्थित लालपुर गांव के सामने पहुंचा, पीछे से आ रही तेज रफ्तार बस ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयावह थी कि ऑटो असंतुलित होकर सड़क किनारे झाड़ियों में जा पलटा।

हादसे के बाद चालक बस लेकर मौके से फरार हो गया। ऑटो से उठती चीख-पुकार ने राहगीरों को रोक लिया। कोई घायल को संभाल रहा था, तो कोई बच्चों को सीने से लगाए रोते-बिलखते परिजनों को ढाढ़स बंधा रहा था। सड़क पर खून, ऑटो में घायल कराहते रहे।

हादसे में ऑटो चालक दीपक यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत मड़िहान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। परिजन घबराए हुए थे। जब की महिला तथा बच्चों समेत सात घायल यात्रियों को इलाज के लिए राजगढ़ अस्पताल भेज दिया गया। घायल यात्रियों में अरुण प्रभात पुत्र विजय कुमार26 वर्ष, पत्नी वंदना 24 वर्ष, पुत्र प्रचंड बहादुर4 वर्ष, आदित्य डेढ़ वर्ष, संतोष कुमार60 वर्ष, रोशन10 वर्ष, राजकुमार कोल50 वर्ष व चंपा पत्नी सालिक60 वर्ष थे।

मासूम बच्चों के खून से सने चेहरे और मांओं की चीखें देखकर हर किसी का कलेजा कांप उठा।
एसीबी जांच एजेंसी की तरह नहीं वसूली एजेंट की तरह काम कर रही....बाबूलाल मरांडी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड में एसीबी द्वारा की जा रही शराब घोटाले की जांच के नाम पर यहां 'घोटाले में भी घोटाला' हो रहा है।

कहा कि एसीबी द्वारा इस मामले में की जा रही गिरफ्तारी का असली मकसद आरोपियों के बीच सिर्फ डर पैदा करना और 'रेट' तय करना है। जैसे ही पर्दे के पीछे 'डील' पक्की होती है और पैसे पहुँच जाते हैं, वैसे ही जानबूझकर चार्जशीट रोक दी जाती है ताकि इन 'बड़ी मछलियों' को आसानी से जमानत मिल जाए।

कहा कि एसीबी अब जांच एजेंसी नहीं, बल्कि वसूली एजेंट की तरह काम कर रही है। जनता की आंखों में धूल झोंकने वाले इस खेल को अब सिर्फ केंद्रीय एजेंसियां ही रोक सकती हैं। लगता है कि अभी सबसे जरूरी तो शराब घोटाले की जांच में शामिल रहे लोगों के द्वारा 'किये गए जांच' की भी उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता है।

कहा कि माननीय न्यायालय संज्ञान ले और शराब घोटाले की जांच तुरंत सीबीआई और ईडी से कराने का आदेश दे, तभी झारखंड को लूटने वाले असली गुनाहगारों को सजा दिलाई जा सकती है।

21.47 करोड़ रुपए के लोन घोटाले में पूर्व शाखा प्रबंधक सहित 16 के विरुद्ध मुकदमा दर्ज


कोआपरेटिव बैंक के मुख्य प्रबंधक की शिकायत पर हुई कार्रवाई

गोंडा।जिले में ऋण वितरण के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और घोटाला सामने आया है।205 खाताधारकों के ऋण खातों और पांच आंतरिक खातों से कुल 2147.78 लाख रुपए की वित्तीय अनियमितता की गई है।इस मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक,प्रबंधक,तत्कालीन कैशियर और 12 खाताधारकों सहित 16 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।उत्तर प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड की महारानी गंज शाखा के मुख्य प्रबंधक भुवन चंद्र सती ने पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार जायसवाल से शिकायत किया था।आंतरिक जांच टीम की रिपोर्ट में घोटाले का खुलासा होने के बाद यह शिकायत की गई थी।शिकायत के आधार पर जांच में आरोप सही पाये जाने पर नगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

इस पूरे मामले की जांच नगर कोतवाली के इंस्पेक्टर क्राइम सभाजीत सिंह को सौंपी गई है और उन्होंने अपनी पड़ताल शुरू कर दिया है।भुवन चंद्र सती ने आरोप लगाया है कि ऋण वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितता और धोखाधड़ी किया गया है।आरोपियों ने एक गिरोह बनाकर फर्जीवाड़ा किया  तथा अनियमित रूप से ऋण वितरित कर धनराशि का दुरुपयोग किया।तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार ने स्वयं और अपने परिवार के सदस्यों को इस सिंडिकेट में शामिल कर बिना पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों के ऋण स्वीकृत कर दिये।

ऋण देने से पहले न तो आवश्यक दस्तावेज पूरे किए गए और न तो खाताधारकों का सत्यापन किया गया।फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे ऋण वितरण किया गया।आरोप है कि इस गिरोह में कई अन्य लोग भी शामिल हैं,जिन्होंने खाताधारकों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से बड़ा घोटाला किया।आरोपियों ने विभिन्न खाताधारकों के खातों से अपने और अपने करीबियों के खातों में पैसे ट्रांसफर किये।खाताधारकों के खातों का दुरुपयोग करते हुए इसके अतिरिक्त लोन की धनराशि का उपयोग किस्तों को जमा करने में किया गया है ताकि खाता एनपीए में न वर्गीकरण हो जाए और बैंक मुख्यालय की जानकारी में न आ सके।नगर कोतवाली पुलिस द्वारा तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल,तत्कालीन प्रबंधक अजय कुमार,तत्कालीन सहायक कैशियर सुशील कुमार गौतम,पवन कुमार और खाताधारक सुमित्रा पाल,संजना सिंह,राज प्रताप सिंह, जय प्रताप सिंह,फूल मोहम्मद, राघव राम,शिवाकांत वर्मा, रितैंद्र पाल,गिता देवी वर्मा,दुष्यंत प्रताप सिंह,मोहम्मद असलम,प्रतीक कुमार सिंह के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।वहीं नगर कोतवाली के क्राइम इंस्पेक्टर सभाजीत सिंह ने बताया कि जांच के दौरान आरोप की पुष्टि होने पर मुकदमा दर्ज किया गया है।मेरे द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले की जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
टीबी रोग से डरें नहीं डटकर नियमित दवा का करें सेवन

भारत को टीबी मुक्त बनाने के अभियान के तहत श्रमिकों को किया गया जागरूक

मीरजापुर,13 जनवरी 2026। भारत को टीबी मुक्त बनाने के अभियान अन्तर्गत मंगलवार को जिला क्षय रोग विभाग की टीम द्वारा जनपद के नरायनपुर विकास खंड अंतर्गत स्थित भरेठा गांव के उषा मार्का ईंट भट्टे पर कार्यरत श्रमिकों को टीबी रोग की संपूर्ण जानकारी देते हुए जागरूक करते हुए टीबी रोग के लक्षणों एवं बचाव के उपाय बताए गए।

इस दौरान क्षय रोग विभाग के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सतीश शंकर यादव ने ईंट भट्टा श्रमिकों को टीबी रोग के संपूर्ण लक्षणों से परिचित कराते हुए विभाग द्वारा दी जा रही नि:शुल्क सुविधाओं को भी विस्तार पूर्वक बताते हुए सभी को जागरूक किया। कहा आप अपने आस-पास के किसी भी परिचित-अपरचित को यदि टीबी रोग से जुड़े हुए लक्षणों से प्रभावित पाते हैं तो उन्हें नजदीकी सरकारी अस्पताल में ले जाकर जांच इलाज कराने का सुझाव देकर देश को टीबी मुक्त बनाने में अपना सराहनीय योगदान देने का प्रयास अवश्य करें, जिससे कि जल्द से जल्द टीबी रोग से पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव से आम जनमानस सुरक्षित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि इस रोग से घबराकर बैठने की जरुरत नहीं है, बल्कि डटकर नियमित दवा का सेवन कर इस रोग को दूर भगाने की जरूरत है। इस मौके पर भट्टा श्रमिकों के साथ आस-पास के ग्रामीण एवं क्षय रोग विभाग से अखिलेश कुमार, इफ्तिखार अहमद, भट्ठा मालिक महेंद्र कुमार आदि लोग उपस्थित रहे हैं।
भदोही का सेमराध-नाथ धाम कल्पवास मेला ड्रोन कैमरे में कैद:गंगा की रेती पर सजी तंबुओं की नगरी, गंगा में डुबकी लगाएंगे श्रद्धालु

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही के समराध नाथ धाम में मकर माघ कल्पवास मेला शुरू हो चुका है। काशी - विंध्य और प्रयाग के मध्य स्थित इस कल्पवास मेले का यह 31 वां वर्ष है। 3 जनवरी 2025 को मां गंगा पूजन,धर्म ध्वजारोहण एवं भूमि-पूजन के साथ गंगा की रेती पर मेले की तैयारियां शुरू की गई थी। उसके बाद से ही कल्पवासियों का आगमन शुरू हो चुका है। मेला सीमित के अध्यक्ष महंत करुणाशंकर दास ने बताया कि 14 जनवरी से मेले की रौनक और बढ़ेगी। कल्पवासियों की संख्या में तेजी से इजाफा होगा और गंगा की रेती पर बसी तंबुओं की नगरी पूरी तरह आबाद हो जाएगी। यह आध्यात्मिक आयोजन 1 फरवरी तक चलेगा। दूर - दराज के जिलों के साथ ही अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु सेमराध नाथ पहुंच रहें हैं।

कल्पवास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि सेमराध में कल्पवास करने से भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों की कृपा प्राप्त होती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण और काशी से जुड़ी घटनाओं के बाद जिस स्थान पर सुदर्शन चक्र और त्रिशूल का मिलन हुआ, वहीं स्थान समर - अधि कहलाया ,जो अपभ्रंश होकर सेमराध नाम से प्रसिद्ध हुआ। महंत करुणाशंकर दास ने बताया कि उनके गुरु ब्रह्मालीन स्वामी रामशंकर दास महाराज ने 14 जनवरी 1996 को सेमराध नाथ गंगा घाट पर 15-20 लोगों के साथ कल्पवास की शुरुआत की थी। तभी से यह परंपरा निरंतर चल रही है और आज सेमराध हरिद्वार, नासिक , उज्जैन और प्रयागराज के बाद प्रमुख कल्पवास स्थलों में अपनी पहचान बना चुका है।

प्रशासन और मेला सीमित की ओर से कल्पवास क्षेत्र में व्यापक व्यवस्थाएं की गई है। बिजली, पेजयल, शौचालय, स्नान घाट, आवागमन के लिए अस्थायी मार्ग और रेत पर चकर्ड प्लेट बिछाई गई है। ठंड को देखते हुए अलाव जलाने के लिए लकड़ियों की गई है। पूरे मेले की अवधि में भंडारे का संचालन भी किया जाएगा। खास बात यह है कल्पवासियों के लिए रहने हेतु लगाए जाने वाले तंबुओं का कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। मेले के दौरान अखंड हरिकीर्तन, विद्वानों के प्रवचन और रामकथा का आयोजन चल रहा है।
कोहरे से जनजीवन अस्त-व्यस्त, ठंड बनी लोगों की परेशानी का कारण
मेरठ। बहसूमा। रामराज।
क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से लगातार पड़ रहे घने कोहरे और कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह से लेकर देर तक छाए रहने वाले कोहरे के कारण जहां दृश्यता बेहद कम हो गई है, वहीं ठंड के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लोगों को दैनिक कार्यों के निपटारे में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

मोहम्मदपुर सकिश्त गांव के ग्रामीणों ने बताया कि अधिक कोहरा पड़ने और ठंड बढ़ने से खेतों व अन्य कामकाज में दिक्कतें आ रही हैं। सुबह के समय तो स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कोहरा इतना घना होता है कि सामने कुछ भी दिखाई नहीं देता। इससे सड़कों पर आवागमन प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। वाहन चालकों को भी बेहद सतर्क होकर चलना पड़ रहा है।

ठंड का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों और छोटे बच्चों पर देखने को मिल रहा है। ठंड के कारण कई लोगों को सांस लेने में परेशानी, खांसी, जुकाम और सीने में जकड़न की शिकायत हो रही है। चिकित्सकों का कहना है कि अधिक ठंड और कोहरे में नमी के कारण सांस संबंधी रोगों का खतरा बढ़ जाता है, जिससे विशेषकर वृद्ध और बच्चे अधिक प्रभावित होते हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि ठंड की वजह से सुबह-शाम घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। मजदूर वर्ग के लोगों को काम पर जाने में परेशानी हो रही है, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर भी असर पड़ रहा है। वहीं छात्र-छात्राओं को स्कूल जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि कोहरे और ठंड को देखते हुए आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए। साथ ही जरूरतमंद लोगों के लिए अलाव और अन्य राहत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि ठंड से कुछ राहत मिल सके। फिलहाल क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि मौसम में सुधार होने के बाद ही जनजीवन सामान्य हो पाएगा।
आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने रचा अहम् चिकित्सकीय मुकाम, स्तन कैंसर मरीज की सफल सर्जरी

आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, स्तन कैंसर मरीज की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी की सफल सर्जरी की

*कोलकाता, जनवरी 2026* : आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता ने अपने आरजी इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस्ड ब्रेस्ट केयर के माध्यम से दाहिने स्तन के कैंसर से पीड़ित 68 वर्षीय महिला का सफल इलाज किया। वरिष्ठ ब्रेस्ट सर्जन डॉ. ताप्ती सेन के नेतृत्व में मरीज की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी के साथ बगल की लिम्फ नोड्स की सफाई (लेवल थ्री तक) की गई। यह सफल सर्जरी अस्पताल की ब्रेस्ट कैंसर के उन्नत इलाज में मजबूत विशेषज्ञता को दर्शाती है, जहाँ सटीक उपचार के साथ मरीज की जल्दी रिकवरी पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाता है।
प्रक्रिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता की ब्रेस्ट सर्जरी कंसल्टेंट डॉ. ताप्ती सेन ने कहा, "लिम्फ नोड्स से जुड़े स्तन कैंसर के मरीजों के लिए मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी आज भी एक अहम् उपचार विकल्प है। समय पर उचित जाँच, उपयुक्त सर्जरी और सर्जरी के बाद की व्यवस्थित देखभाल से बेहतर परिणाम मिलते हैं और साथ ही मरीज की जीवन गुणवत्ता में सुधार होता है।"
मरीज पिछले एक वर्ष से दाहिने स्तन में बिना दर्द की सूजन की शिकायत लेकर आई थीं, जिसका आकार धीरे-धीरे बढ़ रहा था। जाँच और इमेजिंग में स्तन के उनके निचले हिस्से में 3.3 x 3 सेमी की सख्त और अनियमित गाँठ पाई गई, जो त्वचा या अंदर की गहरी संरचनाओं तक नहीं फैली थी। मैमोग्राम और दाहिने स्तन से की गई ट्रू-कट बायोप्सी में कार्सिनोमा राइट ब्रेस्ट की पुष्टि हुई। पूरे शरीर की पीईटी-सीटी जाँच में बीमारी सिर्फ उसी क्षेत्र तक सीमित पाई गई और शरीर के अन्य हिस्सों में फैलाव नहीं दिखा।
इसके बाद आईएचसी जाँच के बाद मरीज की दाहिने स्तन की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी और बगल के लिम्फ नोड्स की सफाई की सर्जरी की गई। सर्जरी से पहले सभी जरूरी जाँचें और एनेस्थीसिया की अनुमति ली गई। ऑपरेशन से पहले मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट की राय भी ली गई। मरीज और उनके परिजनों को इलाज की पूरी प्रक्रिया और सर्जरी के बाद होने वाली सावधानियों, जैसे कि लिम्फ सूजन या घाव में संक्रमण से बचाव के बारे में विस्तार से समझाया गया। सर्जरी के 48 घंटे बाद ड्रेन के साथ मरीज को छुट्टी दे दी गई। फिलहाल मरीज की हालत अच्छी है। मेडिकल ऑन्कोलॉजी सहित पूरी मल्टीडिसिप्लिनरी टीम की देखरेख से बेहतर और लंबे समय तक अच्छे परिणाम सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
अमेरिका में मोटेल 6 और स्टूडियो 6 को सफल बनाने पर जी6 हॉस्पिटैलिटी ने गुजराती उद्यमियों को सराहा
*नवसारी, जनवरी 2026:* अमेरिका और कनाडा में मोटल 6 और स्टूडियो 6 ब्रांड की मूल कंपनी जी6 हॉस्पिटैलिटी ने मकर संक्रांति से पहले नवसारी में एक खास समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में गुजरात के फ्रेंचाइज़ी मालिकों को सराहा गया, जिन्होंने मोटल 6 और स्टूडियो 6 को उत्तरी अमेरिका के सबसे बड़े इकॉनमी होटल ब्रांड बनाने में अहम् भूमिका निभाई। आज इन दोनों ब्रांड्स के तहत 1,500 से ज्यादा होटल संचालित हो रहे हैं। 'गुजराती अस्मिता' नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में उन गुजराती उद्यमियों की मेहनत और जज़्बे को पहचान मिली, जिन्होंने बदलते बाजार और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री की चुनौतियों के बीच भी उत्तरी अमेरिका में सफल कारोबार स्थापित किया।
नवसारी में एकत्रित ये प्रतिष्ठित होटल कारोबारी, जिनमें से कई सूरत, नवसारी और बारडोली से जुड़े हैं, को उनके उत्कृष्ट काम के लिए सराहा गया। इन्हीं लोगों की मेहनत से मोटल 6 और स्टूडियो 6 अमेरिका में किफायती और भरोसेमंद ठहरने का जाना-पहचाना नाम बने हैं। वैश्विक महामारी जैसी कठिन परिस्थितियों से लेकर उसके बाद यात्रा क्षेत्र में आई तेजी तक, इन उद्यमियों ने धैर्य और समझदारी से हर चुनौती का सामना किया। उनकी मेहनत से न सिर्फ ब्रांड और मजबूत हुए, बल्कि रोजगार के नए अवसर बने, स्थानीय समुदायों से जुड़ाव बढ़ा और लाखों मेहमानों को लगातार बेहतर सेवा मिलती रही।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन गुजरात के जाने-माने उद्यमियों श्री सावजी ढोलकिया और श्री चंद्रकांत 'चान' पटेल ने किया। सावजी ढोलकिया देश के प्रसिद्ध हीरा कारोबारी, समाजसेवी और हरि कृष्णा एक्सपोर्ट्स के संस्थापक हैं। वे कारोबार में सफलता के साथ-साथ समाज के लिए उदार योगदान और जिम्मेदारी निभाने के लिए दुनियाभर में सम्मानित हैं। वहीं चान पटेल स्टेट बैंक ऑफ टेक्सास के संस्थापक और चेयरमैन हैं और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में गहरी पकड़ रखने वाले प्रमुख उद्यमी माने जाते हैं। वे अमेरिका में कई सफल हॉस्पिटैलिटी कारोबार स्थापित करने के साथ-साथ रणनीतिक वित्तीय नेतृत्व के जरिए नए उद्यमियों को आगे बढ़ने में सहयोग करते रहे हैं।
जी6 हॉस्पिटैलिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सोनल सिन्हा ने कहा, "गुजराती अस्मिता सबसे ज्यादा हमारे होटल मालिकों की कहानियों में दिखती है, जिन्होंने अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए दुनिया भर में पहचान बनाई है। हम इस साझेदारी को बेहद अहम् मानते हैं और जो कुछ भी हमने मिलकर बनाया है, हमें उस पर गर्व है। इनका उद्यमी जज़्बा और मुश्किल हालात में भी डटे रहने की क्षमता यह साबित करती है कि वैश्विक कारोबार में गुजराती क्यों सबसे आगे रहते हैं।"
सीकेपी हॉस्पिटैलिटी के प्रेसिडेंट और सीईओ हर्षद पटेल ने कहा, "गुजरात हमेशा से मेहनती और उद्यमी लोगों के लिए जाना जाता है। हमने मेहनत, ईमानदारी और धैर्य के बल पर अमेरिका में मजबूत कारोबार स्थापित किए हैं। अपने ही लोगों के बीच आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। इस वर्ष हमारा फोकस तकनीक के सहारे आगे बढ़ने और अपने कारोबार को और मजबूत करने पर है।"
जी6 हॉस्पिटैलिटी अमेरिका और कनाडा में मोटेल 6 और स्टूडियो 6 ब्रांड का संचालन करती है, जिनके 1,500 से अधिक होटल हैं। किफायती और भरोसेमंद स्टे के लिए पहचाने जाने वाले ये ब्रांड्स छुट्टियाँ मनाने और बिज़नेस के सिलसिले में आने वाले, दोनों ही तरह के यात्रियों को स्वच्छ और आरामदायक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
*सेवा दिवस के रूप में मनाई गई समाजसेवी अच्छेलाल सिंह जी की चौथी पुण्यतिथि,परिजनों ने वृद्धा आश्रम व मेडिकल कॉलेज में किया फल वितरण।*
सुल्तानपुर-जयसिंहपुर क्षेत्र के दरपीपुर निवासी दिवंगत समाज सेवी अच्छे लाल सिंह की आज चौथी पुण्यतिथि पर उनके परिजनों ने सेवा दिवास के रूप में मनाया है।उनके परिजनों ने शहर के तुराबखानी स्थित वृद्धा आश्रम पर मौजूद निराश्रित लोगों को फल वितरण किया और उनका हाल जाना।इसके बाद जिला मेडिकल कॉलेज के जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों व अस्पताल में सफाई करने वाले कर्मियों को भी फल वितरित किया है। स्व अच्छे लाल सिंह जी के पौत्र संदीप सिंह ने बताया की उनके बाबा हमेशा समाज के उन लोगों की मदद की है जिनकी कोई सुनने वाला नही होता था।उनके द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में जो बीड़ा उठाया गया था,उनके उस कार्य को आज उनकी ना मौजूदगी में उनके परिजन आगे बढ़ाने का काम कर रहे है।इसी कारण हर वर्ष की 13 जनवरी को होने वाली उनकी पुण्यतिथि पर लोगों की सेवा कर उसे सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान श्री सिंह के पौत्र संदीप सिंह सोनू ने बताया की आज के युवा अगर अपने पूर्वजों और परिवार के बड़े बूढ़े लोगों के दिखाए गए रास्तों पर चले या उनकी स्मृति को ध्यान में रखकर समाज के उन लोगों की सेवा करें जो जरूरतमंद है,अपने बड़े बुजुर्ग पूर्वजों को वही सच्ची श्रद्धांजलि है।हम पिछले कई सालों आए अपने बाबा जी के पद चिन्हों पर चलने की कोशिश करते हुए उनकी पुण्यतिथि को सेवा दिवस के रूप में मनाते है।इस दिन अस्पतालों में फल वितरण।जरूरतमंदों को कम्बल वितरण जैसे कार्य किये जाते है। बाइट - संदीप सिंह सोनू
भाजपा बताए—झारखंड और कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों : विनोद पांडेय

झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने बयान जारी कर कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी की विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा का बयान न केवल तथ्यहीन है, बल्कि भाजपा की जानी-पहचानी दोहरी मानसिकता और आदिवासी नेतृत्व के प्रति उसकी असहजता व सामंती सोच को भी उजागर करता है। सबसे पहले तो भाजपा मुख्यमंत्री के उस बयान पर गौर करे जिसमें उन्होंने कहा था कि इरादे नेक हों तो परिणाम सुखद होते हैं। सीजीएल परीक्षा को इसके उदाहरण स्वरूप देख सकते हैं। अब आगे प्रमाण के साथ भाजपा के दोहरे मापदंड को बेनकाब करते हैं। भाजपा का दोहरापन ही उसके असली चाल-चरित्र और चेहरे को उजागर करता है। झारखंड पहली बार दावोस जा रहा है, तो भाजपा रोज हेमंत सोरेन जी पर अनर्गल आरोप लगाती है। और दूसरी ओर कर्नाटक में वही भाजपा कांग्रेस से सवाल करती है कि वे दावोस क्यों नहीं जा रहे। एक ही मंच, दो मापदंड - यही भाजपा की असल राजनीति है।

सबसे पहले यह स्पष्ट कर देना जरूरी है कि मुख्यमंत्री जी की विदेश यात्राएं निजी सैर-सपाटा नहीं, बल्कि राज्य के दीर्घकालिक औद्योगिक, पर्यटन और निवेश हितों से जुड़ी रणनीतिक यात्राएं हैं। दुनिया भर में निवेश आकर्षित करने के लिए वैश्विक मंचों पर जाना आज किसी भी प्रगतिशील राज्य सरकार की आवश्यकता है। भाजपा इसे ‘शौक’ कहकर झारखंड के भविष्य का मजाक उड़ा रही है।

भाजपा बताए—कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों?

आज वही भाजपा, जो झारखंड में दावोस, स्वीडन या स्पेन जाने पर सवाल उठा रही है, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम – 2025 में शामिल न होने पर छाती पीट रही थी। कर्नाटक भाजपा स्वयं कह रही है कि दावोस जैसे मंच पर न जाना ‘राज्य के भविष्य से खिलवाड़’है। तो फिर झारखंड के मामले में भाजपा का यह पाखंड क्यों?

भाजपा नेताओं के अपने बयान बताते हैं कि तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र जैसे राज्य दावोस में निवेश के लिए जा रहे हैं और करोड़ों के एमओयू साइन हो रहे हैं। महाराष्ट्र के लिए भाजपा नेता गर्व से 15.70 लाख करोड़ के निवेश समझौतों का दावा करते हैं। अगर इन राज्यों के लिए दावोस जाना सही है, तो झारखंड के लिए गलत कैसे हो गया?

आदिवासी मुख्यमंत्री से भाजपा की परेशानी

भाजपा को असल तकलीफ यह है कि झारखंड का नेतृत्व एक आदिवासी मुख्यमंत्री कर रहा है, जो आत्मविश्वास के साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर झारखंड का पक्ष मजबूती से रखेंगे। जब-जब हेमंत सोरेन जी राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाने की कोशिश करते हैं, तब-तब भाजपा का सामंती चेहरा सामने आने लगता है। भाजपा यह भूल जाती है कि केंद्र में उसकी सरकार के प्रधानमंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्री लगातार विदेश यात्राएं करते रहे हैं। तब न तो श्वेत पत्र की मांग हुई, न ही ‘सैर-सपाटे’ का तंज कसा गया।

निवेश और जमीनी हकीकत

निवेश कोई जादू की छड़ी नहीं कि आज दौरा हो और कल फैक्ट्री लग जाए। यह एक सतत प्रक्रिया है—एमओयू, नीति, भूमि, आधारभूत संरचना और स्थानीय संसाधनों के विकास से जुड़ी हुई। हेमंत सरकार ने उद्योग नीति, पर्यटन नीति और स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता दी है। भाजपा के शासनकाल में झारखंड को सिर्फ खनन और लूट का मॉडल मिला, स्थानीय उद्योगों की दुर्दशा उसी दौर की देन है।

भाजपा करे आत्ममंथन

आज भाजपा को दूसरों से सवाल पूछने से पहले अपने ही नेताओं के बयानों और अपने शासित राज्यों के उदाहरणों को देखना चाहिए। कर्नाटक में दावोस न जाने पर हाय-तौबा मचाने वाली भाजपा, झारखंड में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाने को अपराध बताने का काम कर रही है।

झारखंड विरोधी भाजपा के दुष्प्रचार से राज्य की जनता भली-भांति परिचित है। हेमंत सोरेन सरकार राज्य के विकास, निवेश और रोजगार के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी राजनीतिक शोर-शराबे से विचलित होने वाली नहीं है

भाजपा को चाहिए कि वह नकारात्मक राजनीति छोड़कर झारखंड के हित में रचनात्मक भूमिका निभाए—यही लोकतंत्र और राज्य, दोनों के लिए बेहतर होगा।

Mirzapur: बस की टक्कर से झाड़ी में पलटी ऑटो, चालक समेत आठ यात्री घायल

मीरजापुर। मड़िहान थाना क्षेत्र के लालपुर गांव के सामने मंगलवार को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। रोज़मर्रा की तरह मेहनत-मजदूरी और इलाज की आस में घर से निकले लोग जब सड़क पर गिरे तो राहगीर सहम गए।

मड़िहान कस्बा निवासी दीपक यादव रोज़ की तरह अपने ऑटो में सवारियां लेकर राजगढ़ से मड़िहान की ओर आ रहे थे। जैसे ही ऑटो सोनभद्र मार्ग स्थित लालपुर गांव के सामने पहुंचा, पीछे से आ रही तेज रफ्तार बस ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयावह थी कि ऑटो असंतुलित होकर सड़क किनारे झाड़ियों में जा पलटा।

हादसे के बाद चालक बस लेकर मौके से फरार हो गया। ऑटो से उठती चीख-पुकार ने राहगीरों को रोक लिया। कोई घायल को संभाल रहा था, तो कोई बच्चों को सीने से लगाए रोते-बिलखते परिजनों को ढाढ़स बंधा रहा था। सड़क पर खून, ऑटो में घायल कराहते रहे।

हादसे में ऑटो चालक दीपक यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत मड़िहान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। परिजन घबराए हुए थे। जब की महिला तथा बच्चों समेत सात घायल यात्रियों को इलाज के लिए राजगढ़ अस्पताल भेज दिया गया। घायल यात्रियों में अरुण प्रभात पुत्र विजय कुमार26 वर्ष, पत्नी वंदना 24 वर्ष, पुत्र प्रचंड बहादुर4 वर्ष, आदित्य डेढ़ वर्ष, संतोष कुमार60 वर्ष, रोशन10 वर्ष, राजकुमार कोल50 वर्ष व चंपा पत्नी सालिक60 वर्ष थे।

मासूम बच्चों के खून से सने चेहरे और मांओं की चीखें देखकर हर किसी का कलेजा कांप उठा।
एसीबी जांच एजेंसी की तरह नहीं वसूली एजेंट की तरह काम कर रही....बाबूलाल मरांडी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड में एसीबी द्वारा की जा रही शराब घोटाले की जांच के नाम पर यहां 'घोटाले में भी घोटाला' हो रहा है।

कहा कि एसीबी द्वारा इस मामले में की जा रही गिरफ्तारी का असली मकसद आरोपियों के बीच सिर्फ डर पैदा करना और 'रेट' तय करना है। जैसे ही पर्दे के पीछे 'डील' पक्की होती है और पैसे पहुँच जाते हैं, वैसे ही जानबूझकर चार्जशीट रोक दी जाती है ताकि इन 'बड़ी मछलियों' को आसानी से जमानत मिल जाए।

कहा कि एसीबी अब जांच एजेंसी नहीं, बल्कि वसूली एजेंट की तरह काम कर रही है। जनता की आंखों में धूल झोंकने वाले इस खेल को अब सिर्फ केंद्रीय एजेंसियां ही रोक सकती हैं। लगता है कि अभी सबसे जरूरी तो शराब घोटाले की जांच में शामिल रहे लोगों के द्वारा 'किये गए जांच' की भी उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता है।

कहा कि माननीय न्यायालय संज्ञान ले और शराब घोटाले की जांच तुरंत सीबीआई और ईडी से कराने का आदेश दे, तभी झारखंड को लूटने वाले असली गुनाहगारों को सजा दिलाई जा सकती है।

21.47 करोड़ रुपए के लोन घोटाले में पूर्व शाखा प्रबंधक सहित 16 के विरुद्ध मुकदमा दर्ज


कोआपरेटिव बैंक के मुख्य प्रबंधक की शिकायत पर हुई कार्रवाई

गोंडा।जिले में ऋण वितरण के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और घोटाला सामने आया है।205 खाताधारकों के ऋण खातों और पांच आंतरिक खातों से कुल 2147.78 लाख रुपए की वित्तीय अनियमितता की गई है।इस मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक,प्रबंधक,तत्कालीन कैशियर और 12 खाताधारकों सहित 16 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।उत्तर प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड की महारानी गंज शाखा के मुख्य प्रबंधक भुवन चंद्र सती ने पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार जायसवाल से शिकायत किया था।आंतरिक जांच टीम की रिपोर्ट में घोटाले का खुलासा होने के बाद यह शिकायत की गई थी।शिकायत के आधार पर जांच में आरोप सही पाये जाने पर नगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

इस पूरे मामले की जांच नगर कोतवाली के इंस्पेक्टर क्राइम सभाजीत सिंह को सौंपी गई है और उन्होंने अपनी पड़ताल शुरू कर दिया है।भुवन चंद्र सती ने आरोप लगाया है कि ऋण वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितता और धोखाधड़ी किया गया है।आरोपियों ने एक गिरोह बनाकर फर्जीवाड़ा किया  तथा अनियमित रूप से ऋण वितरित कर धनराशि का दुरुपयोग किया।तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार ने स्वयं और अपने परिवार के सदस्यों को इस सिंडिकेट में शामिल कर बिना पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों के ऋण स्वीकृत कर दिये।

ऋण देने से पहले न तो आवश्यक दस्तावेज पूरे किए गए और न तो खाताधारकों का सत्यापन किया गया।फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे ऋण वितरण किया गया।आरोप है कि इस गिरोह में कई अन्य लोग भी शामिल हैं,जिन्होंने खाताधारकों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से बड़ा घोटाला किया।आरोपियों ने विभिन्न खाताधारकों के खातों से अपने और अपने करीबियों के खातों में पैसे ट्रांसफर किये।खाताधारकों के खातों का दुरुपयोग करते हुए इसके अतिरिक्त लोन की धनराशि का उपयोग किस्तों को जमा करने में किया गया है ताकि खाता एनपीए में न वर्गीकरण हो जाए और बैंक मुख्यालय की जानकारी में न आ सके।नगर कोतवाली पुलिस द्वारा तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल,तत्कालीन प्रबंधक अजय कुमार,तत्कालीन सहायक कैशियर सुशील कुमार गौतम,पवन कुमार और खाताधारक सुमित्रा पाल,संजना सिंह,राज प्रताप सिंह, जय प्रताप सिंह,फूल मोहम्मद, राघव राम,शिवाकांत वर्मा, रितैंद्र पाल,गिता देवी वर्मा,दुष्यंत प्रताप सिंह,मोहम्मद असलम,प्रतीक कुमार सिंह के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।वहीं नगर कोतवाली के क्राइम इंस्पेक्टर सभाजीत सिंह ने बताया कि जांच के दौरान आरोप की पुष्टि होने पर मुकदमा दर्ज किया गया है।मेरे द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले की जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
टीबी रोग से डरें नहीं डटकर नियमित दवा का करें सेवन

भारत को टीबी मुक्त बनाने के अभियान के तहत श्रमिकों को किया गया जागरूक

मीरजापुर,13 जनवरी 2026। भारत को टीबी मुक्त बनाने के अभियान अन्तर्गत मंगलवार को जिला क्षय रोग विभाग की टीम द्वारा जनपद के नरायनपुर विकास खंड अंतर्गत स्थित भरेठा गांव के उषा मार्का ईंट भट्टे पर कार्यरत श्रमिकों को टीबी रोग की संपूर्ण जानकारी देते हुए जागरूक करते हुए टीबी रोग के लक्षणों एवं बचाव के उपाय बताए गए।

इस दौरान क्षय रोग विभाग के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सतीश शंकर यादव ने ईंट भट्टा श्रमिकों को टीबी रोग के संपूर्ण लक्षणों से परिचित कराते हुए विभाग द्वारा दी जा रही नि:शुल्क सुविधाओं को भी विस्तार पूर्वक बताते हुए सभी को जागरूक किया। कहा आप अपने आस-पास के किसी भी परिचित-अपरचित को यदि टीबी रोग से जुड़े हुए लक्षणों से प्रभावित पाते हैं तो उन्हें नजदीकी सरकारी अस्पताल में ले जाकर जांच इलाज कराने का सुझाव देकर देश को टीबी मुक्त बनाने में अपना सराहनीय योगदान देने का प्रयास अवश्य करें, जिससे कि जल्द से जल्द टीबी रोग से पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव से आम जनमानस सुरक्षित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि इस रोग से घबराकर बैठने की जरुरत नहीं है, बल्कि डटकर नियमित दवा का सेवन कर इस रोग को दूर भगाने की जरूरत है। इस मौके पर भट्टा श्रमिकों के साथ आस-पास के ग्रामीण एवं क्षय रोग विभाग से अखिलेश कुमार, इफ्तिखार अहमद, भट्ठा मालिक महेंद्र कुमार आदि लोग उपस्थित रहे हैं।
भदोही का सेमराध-नाथ धाम कल्पवास मेला ड्रोन कैमरे में कैद:गंगा की रेती पर सजी तंबुओं की नगरी, गंगा में डुबकी लगाएंगे श्रद्धालु

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही के समराध नाथ धाम में मकर माघ कल्पवास मेला शुरू हो चुका है। काशी - विंध्य और प्रयाग के मध्य स्थित इस कल्पवास मेले का यह 31 वां वर्ष है। 3 जनवरी 2025 को मां गंगा पूजन,धर्म ध्वजारोहण एवं भूमि-पूजन के साथ गंगा की रेती पर मेले की तैयारियां शुरू की गई थी। उसके बाद से ही कल्पवासियों का आगमन शुरू हो चुका है। मेला सीमित के अध्यक्ष महंत करुणाशंकर दास ने बताया कि 14 जनवरी से मेले की रौनक और बढ़ेगी। कल्पवासियों की संख्या में तेजी से इजाफा होगा और गंगा की रेती पर बसी तंबुओं की नगरी पूरी तरह आबाद हो जाएगी। यह आध्यात्मिक आयोजन 1 फरवरी तक चलेगा। दूर - दराज के जिलों के साथ ही अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु सेमराध नाथ पहुंच रहें हैं।

कल्पवास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि सेमराध में कल्पवास करने से भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों की कृपा प्राप्त होती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण और काशी से जुड़ी घटनाओं के बाद जिस स्थान पर सुदर्शन चक्र और त्रिशूल का मिलन हुआ, वहीं स्थान समर - अधि कहलाया ,जो अपभ्रंश होकर सेमराध नाम से प्रसिद्ध हुआ। महंत करुणाशंकर दास ने बताया कि उनके गुरु ब्रह्मालीन स्वामी रामशंकर दास महाराज ने 14 जनवरी 1996 को सेमराध नाथ गंगा घाट पर 15-20 लोगों के साथ कल्पवास की शुरुआत की थी। तभी से यह परंपरा निरंतर चल रही है और आज सेमराध हरिद्वार, नासिक , उज्जैन और प्रयागराज के बाद प्रमुख कल्पवास स्थलों में अपनी पहचान बना चुका है।

प्रशासन और मेला सीमित की ओर से कल्पवास क्षेत्र में व्यापक व्यवस्थाएं की गई है। बिजली, पेजयल, शौचालय, स्नान घाट, आवागमन के लिए अस्थायी मार्ग और रेत पर चकर्ड प्लेट बिछाई गई है। ठंड को देखते हुए अलाव जलाने के लिए लकड़ियों की गई है। पूरे मेले की अवधि में भंडारे का संचालन भी किया जाएगा। खास बात यह है कल्पवासियों के लिए रहने हेतु लगाए जाने वाले तंबुओं का कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। मेले के दौरान अखंड हरिकीर्तन, विद्वानों के प्रवचन और रामकथा का आयोजन चल रहा है।