दुनिया में इस बार सुपर एल-नीनो बढ़ाएगा मुश्किल, 150 साल का टूटेगा रिकॉर्ड, भारत पर कितना होगा असर?

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देश के अधिकांश हिस्सों में पारा 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। आने वाले दिनों में इस भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। मौसम का ये असर भारत ही नहीं पूरी दुनिया के लिए 2 बेहद चिंता बढ़ाने वाला है।

शक्तिशाली 'सुपर एल-नीनो' आकार ले रहा

इस साल कहीं रिकॉर्ड गर्मी तो कहीं कमजोर मानसून, कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं देखने को मिल सकती हैं। दरअसल, वैज्ञानिकों की मानें तो भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में एक शक्तिशाली 'सुपर एल-नीनो' आकार ले रहा है, जो 1877 के बाद की सबसे विनाशकारी मौसम संबंधी घटना साबित हो सकता है। अक्टूबर 2026 से फरवरी 2027 तक 'सुपर' अलनीनो की सबसे अधिक संभावना है।

हो सकता है अब तक के सबसे शक्तिशाली अलनीनो

अलनीनो प्राकृतिक अलनीनो-दक्षिणी दोलन (ENSO) जलवायु चक्र का गर्म चरण है, जो उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर के जल में एक से ज्यादा बार होने वाला मौसमी बदलाव है, जो पूरी दुनिया के तापमान को बेहद बढ़ा देता है, जिससे विश्व भर में मौसम के पैटर्न और फसलों पर प्रभाव पड़ता है। यदि सुपर अलनीनो आता है, तो यह अब तक के सबसे शक्तिशाली अलनीनो के बराबर हो सकता है। 1877 का वह विनाशकारी अलनीनो जिसने 1876 से 1878 तक वैश्विक अकाल को जन्म दिया था। इस अकाल में 5 करोड़ से अधिक लोग मारे गए थे, जो उस समय विश्व की जनसंख्या का 3% था।

क्या होता है अल नीनो?

'अल नीनो' स्पेनिश भाषा का शब्द है, जिसका मतलब होता है 'छोटा बच्चा' या 'बालक'। यह नाम मौसम में होने वाले एक बड़े बदलाव को दिया गया है, जो हर कुछ साल में प्रशांत महासागर में दिखाई देता है। अल नीनो का असर दक्षिण अमेरिका के पास प्रशांत महासागर में शुरू होता है, लेकिन इसका प्रभाव हजारों किलोमीटर दूर भारत तक महसूस किया जाता है. सामान्य परिस्थितियों में दक्षिण अमेरिका के पास समुद्र का पानी ठंडा रहता है, जबकि इंडोनेशिया और फिलीपींस की ओर पानी ज्यादा गर्म होता है. इस दौरान पूर्व से पश्चिम की ओर चलने वाली हवाएं, जिन्हें ट्रेड विंड्स कहा जाता है, गर्म पानी को एशिया की तरफ धकेलती रहती हैं। इससे दक्षिण अमेरिका की ओर ठंडा पानी ऊपर आता रहता है और एशिया की तरफ गर्म पानी जमा रहता है। हर 2 से 7 साल में कभी-कभी ये ट्रेड विंड्स कमजोर पड़ जाती हैं। तब प्रशांत महासागर का गर्म पानी वापस दक्षिण अमेरिका की ओर बहने लगता है। इस दौरान महासागर का तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा बढ़ जाता है। इसी स्थिति को अल नीनो कहा जाता है। समुद्र का पानी गर्म होने से वहां बादल ज्यादा बनते हैं और भारी बारिश दक्षिण अमेरिका की तरफ होने लगती है, जबकि एशिया की ओर बादल कम पहुंचते हैं।

भट्टी बन जाएगी धरती

विशेषज्ञों के अनुसार इस साल अल नीनो और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है. इसे 'सुपर अल नीनो' कहा जाता है। दरअसल, धरती के पानी के नीचे बहुत ज्यादा गर्म पानी का बड़ा भंडार बन गया है। ये ऊपर आ रहा है और हवा के साथ मिलकर हवा को और गर्म कर रहा हैष पूरी पृथ्वी पहले से ही ग्लोबल वॉर्मिंग से गर्म हो रही है। इसलिए जब एल नीन्यो आता है, तो उसका असर और तेज हो जाता है। कुछ विशेषज्ञ कह रहे हैं कि इस साल वाला 150 साल में सबसे मजबूत एल नीन्यो हो सकता है। अगर इस साल का एल नीन्यो, सुपर एल नीन्यो बन गया तो मॉनसून और भी कमजोर हो सकता है यानी बहुत कम बारिश हो सकती है, सूखा पड़ सकता है। गर्मी और हीटवेव की लहरें और लंबी और तेज चलेंगी। और उत्तर भारत पर, मध्य भारत पर और पश्चिम भारत पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा ऐसा हुआ तो। सुपर एल नीन्यो अगर हो गया तो भट्टी बन जाएगी धरती।

बिजली-पानी संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा, पारा में मोहान रोड जाम

* घंटों ठप रहा यातायात, महिलाओं-युवाओं ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
 
लखनऊ। राजधानी के पारा इलाके में लगातार बनी बिजली कटौती और पानी की समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। आक्रोशित स्थानीय नागरिकों ने मोहान रोड जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। सड़क पर प्रदर्शन के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
 
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और स्थानीय निवासी शामिल हुए। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई दिनों से बिजली और पानी का गंभीर संकट बना हुआ है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।
 
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बिजली कटौती से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, जिससे आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी के बीच हालात और खराब हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
 
रोड जाम की सूचना मिलने के बावजूद मौके पर पुलिस और प्रशासन की देरी से पहुंचने को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली। काफी देर तक चले प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा।
बिजली-पानी संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा, पारा में मोहान रोड जाम

* घंटों ठप रहा यातायात, महिलाओं-युवाओं ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
लखनऊ। राजधानी के पारा इलाके में लगातार बनी बिजली कटौती और पानी की समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। आक्रोशित स्थानीय नागरिकों ने मोहान रोड जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। सड़क पर प्रदर्शन के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और स्थानीय निवासी शामिल हुए। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई दिनों से बिजली और पानी का गंभीर संकट बना हुआ है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बिजली कटौती से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, जिससे आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी के बीच हालात और खराब हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
रोड जाम की सूचना मिलने के बावजूद मौके पर पुलिस और प्रशासन की देरी से पहुंचने को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली। काफी देर तक चले प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा।
बिजली-पानी संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा, पारा में मोहान रोड जाम
* घंटों ठप रहा यातायात, महिलाओं-युवाओं ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
लखनऊ। राजधानी के पारा इलाके में लगातार बनी बिजली कटौती और पानी की समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। आक्रोशित स्थानीय नागरिकों ने मोहान रोड जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। सड़क पर प्रदर्शन के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और स्थानीय निवासी शामिल हुए। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई दिनों से बिजली और पानी का गंभीर संकट बना हुआ है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बिजली कटौती से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, जिससे आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी के बीच हालात और खराब हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
रोड जाम की सूचना मिलने के बावजूद मौके पर पुलिस और प्रशासन की देरी से पहुंचने को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली। काफी देर तक चले प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा।
दवा विक्रेताओ ने मांगो को लेकर एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल रखी

फर्रुखाबाद l अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री, जनस्वास्थ्य पर उत्पन्न गंभीर खतरे तथा छोटे केमिस्टों के संरक्षण हेतु तत्काल हस्तक्षेप किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया l बाद में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी को दिया l
बुधवार को जनपद भर के सभी दवा दुकानें एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल में बंद रखी है। यह कदम लंबे समय से संबंधित प्राधिकरणों से लगातार चल रहा है l उन्होंने कहा कि इंटरनेट माध्यम से हो रही अवैध दवा बिक्री पर कोई प्रभावी कार्यवाही न होने के विरोध स्वरूप यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि
देशभर के लाखों केमिस्ट एवं दवा विक्रेताओं में व्याप्त गहरे असंतोष के कारण, ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड इगिस्टस तथा उत्तर प्रदेश राज्य केमिस्ट एंड इगिस्टस एसोसिएशन के आह्वान पर जिले के सभी केमिस्ट एवं दवा विक्रेताओं ने सयुक्त एवं सर्वसम्मति से इस आंदोलन में भाग लिया है। स्थानीय प्रशासन / शासन को ज्ञापन प्रस्तुत कर ध्यान जनस्वास्थ्य एवं मरीजों की सुरक्षा से जड़े अत्यंत गंभीर विषयों की ओर आकर्षि करना चाहते हैं। बिना किसी स्पष्ट वैधानिक प्रावधान के ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की बिक्री, फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन, बि वैध चिकित्सकीय परामर्श के घर-घर दवा वितरण तथा अत्यधिक छूट  जैसी गतिविधियाँ करो मरीजों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। साथ ही ये देशभर के लाखौं लाइसेंसधारी छोटे केमिस्ट ए ऑनलाइन दवा बिकी का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के बावजूद विभिन्न ऑनलाइन कंपनियों वर्षों से दवाओं की विन दवा व्यापारियों के अस्तित्व पर भी सीधा संकट उत्पन्न कर रही है।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर चर्चा की गई


फर्रुखाबाद l जिला गंगा समिति,वन विभाग के तत्वाधान में पर्यावरण संरक्षण हेतु जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन केशव शरण कांति देवी इंटर कॉलेज शमशाबाद में किया गया।कार्यक्रम के अंतर्गत मिशन लाइफ कार्यक्रम को बढ़ावा देते हुए विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल के द्वारा पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विभिन्न पहलुओं जैसे- जल संरक्षण,वृक्षारोपण, प्लास्टिक मुक्त अभियान, वन्य जीव संरक्षण आदि पर विशेष रूप से चर्चा की गई।

युवाओं को अपने जीवन में पर्यावरण संरक्षण हेतु विभिन्न स्तरों से का कार्य करने के लिए जागरूक किया।उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि वर्तमान समय में हमारा पर्यावरण असंतुलित होता  जा रहा है जिसका कारण है प्रतिदिन होने वाला प्रदूषण। हम जाने अनजाने में पर्यावरण को प्रदूषित करते जा रहे हैं। अनावश्यक जल का प्रयोग कर रहे हैं‌, पॉलिथीन का प्रयोग कर रहे हैं, वन्यजीवों का संरक्षण नहीं हो पा रहा है एवं ऐसे विभिन्न कार्य है जो हम अपने दिनचर्या में करते हैं जिसके वजह से पर्यावरण असंतुलित हो रहा है फल स्वरुप हम देख रहे हैं कि अत्यधिक गर्मी, अत्यधिक सर्दी,  बिना मौसम बरसात आदि का सामना कर रहे हैं जो की न सिर्फ प्राकृतिक आपदा का संकेत है बल्कि हमें इससे कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है। यदि समय रहते हम सभी इसके लिए प्रयास नहीं करेंगे तो आने वाले समय में इससे भी अधिक भीषण परिणाम देखने को मिल सकते हैं। इसलिए समय रहते हम सभी को अपने जिम्मेदारी समझनी चाहिए एवं पर्यावरण को बचाने के लिए अपने स्तर से जो भी हो सके वह प्रयास करना चाहिए।

प्रशिक्षक रोहित दीक्षित जी ने बताया कि प्रत्येक युवा यदि सप्ताह में एक दिन पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करें एवं वह अन्य लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें तो हम पर्यावरण संरक्षण करने में सहायक हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त उपस्थित युवाओं को पर्यावरण संरक्षण से संबंधित पंपलेट व पोस्टर भी वितरण किए गए एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई।

इस मौके पर प्रबंधक सोमेश कुमार गंगवार,प्रधानाचार्य सतपाल सिंह गंगवार,शिक्षक गण चंद्र प्रकाश,धीरेंद्र,बृजेश, सर्वेश,मीनू,दिव्यांशी,वैष्णवी, प्रिया एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
हिंदू समुदाय पर अन्याय करने वालों को करारा जवाब दिया जाएगा :  कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा
मुंबई। मालवणी क्षेत्र में स्थानीय नगरसेवक और विधायक के संरक्षण में अवैध निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा स्थानीय लोगों पर दबाव बनाकर बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को आश्रय दिया जा रहा है, ऐसा आरोप कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने लगाया है। भू-माफिया और अवैध निर्माण करने वाले हिंदू समुदाय पर अन्याय कर रहे हैं और अब यह अन्याय किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें करारा जवाब दिया जाएगा, ऐसा मंत्री लोढ़ा ने स्पष्ट किया। उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं और इनके खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।
मालवणी क्षेत्र स्थित सावरिया मस्जिद परिसर में रहने वाली रागिनी रामाशंकर चौरसिया नामक महिला के घर का दरवाजा बंद कर अवैध निर्माण किया गया है। पीड़ित महिला से मुलाकात करने के बाद मंत्री लोढ़ा पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
मालवणी के अब्बासिया कंपाउंड में रहने वाली रागिनी रामाशंकर चौरसिया के घर से सटे क्षेत्र में शौकत हुसैन आबिद हुसैन सैय्यद द्वारा अवैध निर्माण किया गया। इतना ही नहीं, चौरसिया परिवार को घर का दरवाजा बंद करने के लिए मजबूर किया गया। स्थानीय हिंदू संगठनों ने इस मामले को लेकर आवाज उठाई थी, लेकिन आबिद और हुसैन ने इसे नजरअंदाज करते हुए निर्माण को वैध बताया। हालांकि मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि निर्माण अवैध है। कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित महिला से मुलाकात की तथा मालवणी पुलिस थाने में वरिष्ठ अधिकारियों से कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार किया है। वहीं राज्य में माननीय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में गृह विभाग प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है। राज्य में हिंदू समुदाय पर अत्याचार किसी भी हालत में सहन नहीं किया जाएगा और आरोपियों पर ऐसी कड़ी कार्रवाई होगी कि भविष्य में कोई भी हिंदू समाज पर अन्याय करने का साहस नहीं करेगा, ऐसा चेतावनी स्वरूप वक्तव्य मंत्री लोढ़ा ने दिया। स्थानीय विधायक असलम शेख के नगरसेवक पुत्र ने अब्बासिया कंपाउंड में सड़क पर अवैध छबील (प्याऊ) निर्माण का उद्घाटन किया था। बिना किसी अनुमति के 6 फुट बाय 12 फुट क्षेत्रफल का सीमेंट और ईंटों का निर्माण लगभग 14 फुट ऊंचाई तक किया गया है। इसके लिए 6 लोहे के खंभे भी लगाए गए हैं। इस मामले में अब महानगरपालिका द्वारा कार्रवाई की जा रही है तथा अवैध निर्माण करने वालों पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा, ऐसी जानकारी पुलिस ने दी है।
संडीला में पहली बार सफल घुटना प्रत्यारोपण, डॉक्टर शोएब आरिफ एवं हाईवे हॉस्पिटल की टीम ने किया सफल आपरेशन
रितेश मिश्रा
संडीला क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। नगर स्थित हाईवे हॉस्पिटल एवं ऑर्थो केयर सेंटर में 16 मई को पहली बार सफल घुटने का प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) किया गया। यह सफल ऑपरेशन वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. शोएब आरिफ एवं उनकी विशेषज्ञ टीम द्वारा संपन्न किया गया।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार मरीज लंबे समय से घुटनों की गंभीर समस्या और असहनीय दर्द से परेशान था। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति सामान्य बताई जा रही है तथा तेजी से स्वास्थ्य लाभ हो रहा है।

इस सफल सर्जरी के बाद अब संडीला और आसपास के मरीजों को घुटना प्रत्यारोपण जैसी जटिल सर्जरी के लिए बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने से क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।

डॉ. शोएब आरिफ ने बताया कि आधुनिक तकनीक और अनुभवी टीम की मदद से ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी मरीजों को बेहतर ऑर्थोपेडिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
पीएम मोदी को नॉर्वे के अखबार ने बताया 'संपेरा', जानें कैसे एक पत्रकार के एक सवाल से बढ़ा विवाद

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपने पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में इटली पहुंच चुके हैं। हालांकि, नॉर्वे दौरा लगातार चर्चा में बना हुआ है। ये चर्चा उस वक्त शुरू हुई, जब नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने एक महिला पत्रकार, हेले लिंग स्वेंडसन, ने अचानक प्रोटोकॉल तोड़कर चिल्लाते हुए एक तीखा सवाल पूछा। वहीं, वहीं अब नॉर्वे के एक अख़बार में पीएम मोदी पर छपा कार्टून सुर्ख़ियां बटोर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नॉर्वे दौरा उस वक्त विवादों में आ गया, जब वे नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे से मीटिंग के बाद जा रहे थे तब वहां की पत्रकार हेला लेंग ने उनसे सवाल पूछा था लेकिन पीएम बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में पत्रकार हेला लिंग को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "प्रधानमंत्री मोदी, आप दुनिया की सबसे स्वतंत्र प्रेस के सवालों को क्यों नहीं लेते?"

हेला लिंग ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया। मुझे इसकी उम्मीद भी नहीं थी। वर्ल्ड प्रेस फ़्रीडम इंडेक्स में नॉर्वे पहले स्थान पर है और भारत 157वें स्थान पर है।"

हेला लेंग के इस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद नॉर्वे में बारतीय दूतावास ने बयान जारी किया और भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आकर सवाल पूछने को कहा।प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उनकी और भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के बीच हुई तीखी बहस हो गई।

नॉर्वे की पत्रकार के तीखे सवाल

ओस्लो में भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में हेला लेंग ने सवाल पूछा, "भारत और नॉर्वे एक दूसरे के साथ मज़बूत साझेदारी कर रहे हैं। लेकिन हम आप पर भरोसा क्यों करें? क्या आप वादा करते हैं कि अपने देश में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन को रोकेंगे। आपके प्रधानमंत्री मुश्किल सवालों का जवाब देना कब शुरू करेंगे।" जब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि उन्होंने सवाल सुन लिया है और इसका जवाब देंगे, तो नॉर्वे की उस पत्रकार ने कहा कि उन्हें इसका जवाब फ़ौरन चाहिए।

भारतीय विदेश मंत्रालय में सचिव ने दिया जवाब

उसी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में भारत के विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सीबी जॉर्ज ने इस सवाल के जवाब में कहा, "भारत बेहद प्राचीन सभ्यता है। करीब पाँच हजार साल पुरानी सभ्यता। हमने जीरो का आविष्कार किया। हमने योग का आविष्कार किया।"

भारत ने बताया कैसे दुनिया ने किया विश्वास

जब सीबी जॉर्ज ये कह रहे थे, तब पत्रकार ने उन्हें फिर टोककर कहा कि आप सीधे मेरे सवाल का जवाब दीजिए। इस पर सीबी जॉर्ज ने कहा, "ये मेरी प्रेस कॉन्फ़्रेंस है। आपने सवाल किया है। अब आपको मेरा जवाब सुनने का धैर्य होना चाहिए।" पत्रकार ने फिर कहा कि आप योग वगैरह की बात ना करके सीधे सवाल का जवाब दें। सीबी जॉर्ज ने तब फिर कहा, "मैं भरोसे की ही बात कर रहा हूँ। जब पूरी दुनिया कोविड महामारी से जूझ रही थी। तब हमने दुनिया के 150 से ज़्यादा देशों को वैक्सीन और दवा दी। पूरी दुनिया को हमने संकट से उबारने में मदद की। दुनिया ने हम पर विश्वास जताया। ये होता है भरोसा।"

भारतीय अधिकारी ने बताया भारत पर भरोसे का मतलब

इस दौरान पत्रकार बार-बार टोकती रहीं कि मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में पूछे उनके सवाल का सीधा जवाब दिया जाए। सीबी जॉर्ज ने इसके जवाब में भारत में आयोजित जी20 समिट का ज़िक्र करते हुए कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे मुश्किल हालात में भारत की मेज़बानी में सभी देश एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर आए। उन्होंने कहा, "भारत ने सबको एक किया और पहली बार अफ़्रीकन यूनियन को हम जी20 का स्थाई सदस्य बनाने में सफल रहे। अफ़्रीकी देशों की चिंताओं को भारत ने मंच दिया। ये होता है भरोसा।" सीबी जॉर्ज के जवाब देने के दौरान ही वो पत्रकार प्रेस कॉन्फ़्रेंस छोड़कर चली गईं।

अब नॉर्वे के अखबार में पीएम मोदी पर कार्टून छपा

इस विवाद के बीच अब नॉर्वे के एक अख़बार में पीएम मोदी पर छपा कार्टून सुर्ख़ियां बटोर रहा है। नॉर्वे के सबसे बड़े और प्रभावशाली अख़बारों में से एक 'आफ़्टेनपोस्टेन' ने एक कार्टून प्रकाशित किया है। जिसमें उन्हें ‘संपेरे’ के रूप में दिखाया गया है और पेट्रोल पंप के पाइप को सांप की तरह दर्शाया गयाहै। यह कार्टून एक ओपिनियन लेख के साथ प्रकाशित हुआ था, जिसमें पीएम मोदी के लिए हेडलाइन दी गई है, ‘एक चालाक और थोड़ा खीज दिलाने वाला आदमी’।

भारत-नॉर्वे के रिश्ते पर पड़ेगा असर?

पीएम के दौरे और उससे पैदा हुए विवाद के बाद सवाल उठ रहें हैं कि क्या भारतच और नॉर्वे रे रिश्तों पर इसका असर पड़ेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि नॉर्वे के अखबार में छपे कार्टून के कारण दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों पर कोई निगेटिव प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। हालांकि, इतना जरूर है कि इस कार्टून विवाद के कारण भारत की आम जनता के बीच इस मुद्दे ने तूल जरूर पकड़ लिया है। एक बड़ी आबादी इसे देश के अपमान से जोड़कर देख रही हैं।

शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर सांसद प्रतिनिधि ने नए प्राचार्य से की मुलाकात

हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर गुरुवार को उनके लोकसभा क्षेत्र के सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज पहुंचकर यहां के नए प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार वर्मा से मुलाकात की। पौधा भेंटकर उनका हजारीबाग में स्वागत किया। इस दौरान सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की गंभीर जनसमस्याओं और व्यवस्थागत कमियों की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए उनसे तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। रंजन चौधरी ने प्राचार्य से कहा कि लगातार प्रबंधकीय लापरवाही के कारण यहां इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने उनसे आग्रह किया कि अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर जैसे आपातकालीन और संवेदनशील स्थान पर जूनियर रेजिडेंट्स के साथ 24 घंटे सातों दिन सीनियर फिजिशियन और सीनियर सर्जन की ड्यूटी अनिवार्य रूप से लगाई जानी चाहिए, ताकि मरीजों को बेवजह रेफर न करना पड़े और उनका यहीं सुव्यवस्थित इलाज सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल के पोस्टमार्टम विभाग को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसकी रिपोर्ट सीधे न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करती है, इसलिए इस विभाग की विशेष मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और शवों का समय पर पोस्टमार्टम कराया जाए ताकि पीड़ित परिवारों को राहत और उचित न्याय मिल सके।

सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अन्य गंभीर समस्याओं पर प्राचार्य का ध्यान आकृष्ट कराते हुए अस्पताल में खराब पड़े एक पीएसए ऑक्सीजन प्लांट को अविलंब दुरुस्त कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने सरकारी स्तर से अस्पताल में मिलने वाली दवाइयों के स्थान पर डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवाइयां अधिक लिखे जाने की शिकायत की और इस पर रोक लगाने को कहा। इसके अलावा वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए उन्होंने विभिन्न वार्डों में खराब पड़े एसी, वॉटर कूलर और पंखों को अविलंब बनवाने की आवश्यकता पर बल दिया। इन तमाम विषयों को सुनने के बाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार वर्मा ने सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी को आश्वस्त किया कि वे जल्द ही मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन के साथ सवार्ता करेंगे और मरीजों के व्यापक हित में अस्पताल की व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ कराएंगे ताकि मरीजों और उनके परिजनों को तत्काल राहत मिल सके।

दुनिया में इस बार सुपर एल-नीनो बढ़ाएगा मुश्किल, 150 साल का टूटेगा रिकॉर्ड, भारत पर कितना होगा असर?

#superelnino2026startsinmayheatwaveweakmonsoondroughtor_floods

देश के अधिकांश हिस्सों में पारा 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। आने वाले दिनों में इस भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। मौसम का ये असर भारत ही नहीं पूरी दुनिया के लिए 2 बेहद चिंता बढ़ाने वाला है।

शक्तिशाली 'सुपर एल-नीनो' आकार ले रहा

इस साल कहीं रिकॉर्ड गर्मी तो कहीं कमजोर मानसून, कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं देखने को मिल सकती हैं। दरअसल, वैज्ञानिकों की मानें तो भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में एक शक्तिशाली 'सुपर एल-नीनो' आकार ले रहा है, जो 1877 के बाद की सबसे विनाशकारी मौसम संबंधी घटना साबित हो सकता है। अक्टूबर 2026 से फरवरी 2027 तक 'सुपर' अलनीनो की सबसे अधिक संभावना है।

हो सकता है अब तक के सबसे शक्तिशाली अलनीनो

अलनीनो प्राकृतिक अलनीनो-दक्षिणी दोलन (ENSO) जलवायु चक्र का गर्म चरण है, जो उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर के जल में एक से ज्यादा बार होने वाला मौसमी बदलाव है, जो पूरी दुनिया के तापमान को बेहद बढ़ा देता है, जिससे विश्व भर में मौसम के पैटर्न और फसलों पर प्रभाव पड़ता है। यदि सुपर अलनीनो आता है, तो यह अब तक के सबसे शक्तिशाली अलनीनो के बराबर हो सकता है। 1877 का वह विनाशकारी अलनीनो जिसने 1876 से 1878 तक वैश्विक अकाल को जन्म दिया था। इस अकाल में 5 करोड़ से अधिक लोग मारे गए थे, जो उस समय विश्व की जनसंख्या का 3% था।

क्या होता है अल नीनो?

'अल नीनो' स्पेनिश भाषा का शब्द है, जिसका मतलब होता है 'छोटा बच्चा' या 'बालक'। यह नाम मौसम में होने वाले एक बड़े बदलाव को दिया गया है, जो हर कुछ साल में प्रशांत महासागर में दिखाई देता है। अल नीनो का असर दक्षिण अमेरिका के पास प्रशांत महासागर में शुरू होता है, लेकिन इसका प्रभाव हजारों किलोमीटर दूर भारत तक महसूस किया जाता है. सामान्य परिस्थितियों में दक्षिण अमेरिका के पास समुद्र का पानी ठंडा रहता है, जबकि इंडोनेशिया और फिलीपींस की ओर पानी ज्यादा गर्म होता है. इस दौरान पूर्व से पश्चिम की ओर चलने वाली हवाएं, जिन्हें ट्रेड विंड्स कहा जाता है, गर्म पानी को एशिया की तरफ धकेलती रहती हैं। इससे दक्षिण अमेरिका की ओर ठंडा पानी ऊपर आता रहता है और एशिया की तरफ गर्म पानी जमा रहता है। हर 2 से 7 साल में कभी-कभी ये ट्रेड विंड्स कमजोर पड़ जाती हैं। तब प्रशांत महासागर का गर्म पानी वापस दक्षिण अमेरिका की ओर बहने लगता है। इस दौरान महासागर का तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा बढ़ जाता है। इसी स्थिति को अल नीनो कहा जाता है। समुद्र का पानी गर्म होने से वहां बादल ज्यादा बनते हैं और भारी बारिश दक्षिण अमेरिका की तरफ होने लगती है, जबकि एशिया की ओर बादल कम पहुंचते हैं।

भट्टी बन जाएगी धरती

विशेषज्ञों के अनुसार इस साल अल नीनो और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है. इसे 'सुपर अल नीनो' कहा जाता है। दरअसल, धरती के पानी के नीचे बहुत ज्यादा गर्म पानी का बड़ा भंडार बन गया है। ये ऊपर आ रहा है और हवा के साथ मिलकर हवा को और गर्म कर रहा हैष पूरी पृथ्वी पहले से ही ग्लोबल वॉर्मिंग से गर्म हो रही है। इसलिए जब एल नीन्यो आता है, तो उसका असर और तेज हो जाता है। कुछ विशेषज्ञ कह रहे हैं कि इस साल वाला 150 साल में सबसे मजबूत एल नीन्यो हो सकता है। अगर इस साल का एल नीन्यो, सुपर एल नीन्यो बन गया तो मॉनसून और भी कमजोर हो सकता है यानी बहुत कम बारिश हो सकती है, सूखा पड़ सकता है। गर्मी और हीटवेव की लहरें और लंबी और तेज चलेंगी। और उत्तर भारत पर, मध्य भारत पर और पश्चिम भारत पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा ऐसा हुआ तो। सुपर एल नीन्यो अगर हो गया तो भट्टी बन जाएगी धरती।

बिजली-पानी संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा, पारा में मोहान रोड जाम

* घंटों ठप रहा यातायात, महिलाओं-युवाओं ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
 
लखनऊ। राजधानी के पारा इलाके में लगातार बनी बिजली कटौती और पानी की समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। आक्रोशित स्थानीय नागरिकों ने मोहान रोड जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। सड़क पर प्रदर्शन के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
 
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और स्थानीय निवासी शामिल हुए। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई दिनों से बिजली और पानी का गंभीर संकट बना हुआ है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।
 
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बिजली कटौती से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, जिससे आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी के बीच हालात और खराब हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
 
रोड जाम की सूचना मिलने के बावजूद मौके पर पुलिस और प्रशासन की देरी से पहुंचने को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली। काफी देर तक चले प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा।
बिजली-पानी संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा, पारा में मोहान रोड जाम

* घंटों ठप रहा यातायात, महिलाओं-युवाओं ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
लखनऊ। राजधानी के पारा इलाके में लगातार बनी बिजली कटौती और पानी की समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। आक्रोशित स्थानीय नागरिकों ने मोहान रोड जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। सड़क पर प्रदर्शन के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और स्थानीय निवासी शामिल हुए। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई दिनों से बिजली और पानी का गंभीर संकट बना हुआ है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बिजली कटौती से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, जिससे आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी के बीच हालात और खराब हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
रोड जाम की सूचना मिलने के बावजूद मौके पर पुलिस और प्रशासन की देरी से पहुंचने को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली। काफी देर तक चले प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा।
बिजली-पानी संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा, पारा में मोहान रोड जाम
* घंटों ठप रहा यातायात, महिलाओं-युवाओं ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
लखनऊ। राजधानी के पारा इलाके में लगातार बनी बिजली कटौती और पानी की समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। आक्रोशित स्थानीय नागरिकों ने मोहान रोड जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। सड़क पर प्रदर्शन के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और स्थानीय निवासी शामिल हुए। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई दिनों से बिजली और पानी का गंभीर संकट बना हुआ है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बिजली कटौती से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, जिससे आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी के बीच हालात और खराब हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
रोड जाम की सूचना मिलने के बावजूद मौके पर पुलिस और प्रशासन की देरी से पहुंचने को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली। काफी देर तक चले प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा।
दवा विक्रेताओ ने मांगो को लेकर एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल रखी

फर्रुखाबाद l अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री, जनस्वास्थ्य पर उत्पन्न गंभीर खतरे तथा छोटे केमिस्टों के संरक्षण हेतु तत्काल हस्तक्षेप किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया l बाद में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी को दिया l
बुधवार को जनपद भर के सभी दवा दुकानें एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल में बंद रखी है। यह कदम लंबे समय से संबंधित प्राधिकरणों से लगातार चल रहा है l उन्होंने कहा कि इंटरनेट माध्यम से हो रही अवैध दवा बिक्री पर कोई प्रभावी कार्यवाही न होने के विरोध स्वरूप यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि
देशभर के लाखों केमिस्ट एवं दवा विक्रेताओं में व्याप्त गहरे असंतोष के कारण, ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड इगिस्टस तथा उत्तर प्रदेश राज्य केमिस्ट एंड इगिस्टस एसोसिएशन के आह्वान पर जिले के सभी केमिस्ट एवं दवा विक्रेताओं ने सयुक्त एवं सर्वसम्मति से इस आंदोलन में भाग लिया है। स्थानीय प्रशासन / शासन को ज्ञापन प्रस्तुत कर ध्यान जनस्वास्थ्य एवं मरीजों की सुरक्षा से जड़े अत्यंत गंभीर विषयों की ओर आकर्षि करना चाहते हैं। बिना किसी स्पष्ट वैधानिक प्रावधान के ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की बिक्री, फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन, बि वैध चिकित्सकीय परामर्श के घर-घर दवा वितरण तथा अत्यधिक छूट  जैसी गतिविधियाँ करो मरीजों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। साथ ही ये देशभर के लाखौं लाइसेंसधारी छोटे केमिस्ट ए ऑनलाइन दवा बिकी का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के बावजूद विभिन्न ऑनलाइन कंपनियों वर्षों से दवाओं की विन दवा व्यापारियों के अस्तित्व पर भी सीधा संकट उत्पन्न कर रही है।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर चर्चा की गई


फर्रुखाबाद l जिला गंगा समिति,वन विभाग के तत्वाधान में पर्यावरण संरक्षण हेतु जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन केशव शरण कांति देवी इंटर कॉलेज शमशाबाद में किया गया।कार्यक्रम के अंतर्गत मिशन लाइफ कार्यक्रम को बढ़ावा देते हुए विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल के द्वारा पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विभिन्न पहलुओं जैसे- जल संरक्षण,वृक्षारोपण, प्लास्टिक मुक्त अभियान, वन्य जीव संरक्षण आदि पर विशेष रूप से चर्चा की गई।

युवाओं को अपने जीवन में पर्यावरण संरक्षण हेतु विभिन्न स्तरों से का कार्य करने के लिए जागरूक किया।उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि वर्तमान समय में हमारा पर्यावरण असंतुलित होता  जा रहा है जिसका कारण है प्रतिदिन होने वाला प्रदूषण। हम जाने अनजाने में पर्यावरण को प्रदूषित करते जा रहे हैं। अनावश्यक जल का प्रयोग कर रहे हैं‌, पॉलिथीन का प्रयोग कर रहे हैं, वन्यजीवों का संरक्षण नहीं हो पा रहा है एवं ऐसे विभिन्न कार्य है जो हम अपने दिनचर्या में करते हैं जिसके वजह से पर्यावरण असंतुलित हो रहा है फल स्वरुप हम देख रहे हैं कि अत्यधिक गर्मी, अत्यधिक सर्दी,  बिना मौसम बरसात आदि का सामना कर रहे हैं जो की न सिर्फ प्राकृतिक आपदा का संकेत है बल्कि हमें इससे कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है। यदि समय रहते हम सभी इसके लिए प्रयास नहीं करेंगे तो आने वाले समय में इससे भी अधिक भीषण परिणाम देखने को मिल सकते हैं। इसलिए समय रहते हम सभी को अपने जिम्मेदारी समझनी चाहिए एवं पर्यावरण को बचाने के लिए अपने स्तर से जो भी हो सके वह प्रयास करना चाहिए।

प्रशिक्षक रोहित दीक्षित जी ने बताया कि प्रत्येक युवा यदि सप्ताह में एक दिन पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करें एवं वह अन्य लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें तो हम पर्यावरण संरक्षण करने में सहायक हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त उपस्थित युवाओं को पर्यावरण संरक्षण से संबंधित पंपलेट व पोस्टर भी वितरण किए गए एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई।

इस मौके पर प्रबंधक सोमेश कुमार गंगवार,प्रधानाचार्य सतपाल सिंह गंगवार,शिक्षक गण चंद्र प्रकाश,धीरेंद्र,बृजेश, सर्वेश,मीनू,दिव्यांशी,वैष्णवी, प्रिया एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
हिंदू समुदाय पर अन्याय करने वालों को करारा जवाब दिया जाएगा :  कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा
मुंबई। मालवणी क्षेत्र में स्थानीय नगरसेवक और विधायक के संरक्षण में अवैध निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा स्थानीय लोगों पर दबाव बनाकर बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को आश्रय दिया जा रहा है, ऐसा आरोप कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने लगाया है। भू-माफिया और अवैध निर्माण करने वाले हिंदू समुदाय पर अन्याय कर रहे हैं और अब यह अन्याय किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें करारा जवाब दिया जाएगा, ऐसा मंत्री लोढ़ा ने स्पष्ट किया। उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं और इनके खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।
मालवणी क्षेत्र स्थित सावरिया मस्जिद परिसर में रहने वाली रागिनी रामाशंकर चौरसिया नामक महिला के घर का दरवाजा बंद कर अवैध निर्माण किया गया है। पीड़ित महिला से मुलाकात करने के बाद मंत्री लोढ़ा पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
मालवणी के अब्बासिया कंपाउंड में रहने वाली रागिनी रामाशंकर चौरसिया के घर से सटे क्षेत्र में शौकत हुसैन आबिद हुसैन सैय्यद द्वारा अवैध निर्माण किया गया। इतना ही नहीं, चौरसिया परिवार को घर का दरवाजा बंद करने के लिए मजबूर किया गया। स्थानीय हिंदू संगठनों ने इस मामले को लेकर आवाज उठाई थी, लेकिन आबिद और हुसैन ने इसे नजरअंदाज करते हुए निर्माण को वैध बताया। हालांकि मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि निर्माण अवैध है। कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित महिला से मुलाकात की तथा मालवणी पुलिस थाने में वरिष्ठ अधिकारियों से कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार किया है। वहीं राज्य में माननीय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में गृह विभाग प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है। राज्य में हिंदू समुदाय पर अत्याचार किसी भी हालत में सहन नहीं किया जाएगा और आरोपियों पर ऐसी कड़ी कार्रवाई होगी कि भविष्य में कोई भी हिंदू समाज पर अन्याय करने का साहस नहीं करेगा, ऐसा चेतावनी स्वरूप वक्तव्य मंत्री लोढ़ा ने दिया। स्थानीय विधायक असलम शेख के नगरसेवक पुत्र ने अब्बासिया कंपाउंड में सड़क पर अवैध छबील (प्याऊ) निर्माण का उद्घाटन किया था। बिना किसी अनुमति के 6 फुट बाय 12 फुट क्षेत्रफल का सीमेंट और ईंटों का निर्माण लगभग 14 फुट ऊंचाई तक किया गया है। इसके लिए 6 लोहे के खंभे भी लगाए गए हैं। इस मामले में अब महानगरपालिका द्वारा कार्रवाई की जा रही है तथा अवैध निर्माण करने वालों पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा, ऐसी जानकारी पुलिस ने दी है।
संडीला में पहली बार सफल घुटना प्रत्यारोपण, डॉक्टर शोएब आरिफ एवं हाईवे हॉस्पिटल की टीम ने किया सफल आपरेशन
रितेश मिश्रा
संडीला क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। नगर स्थित हाईवे हॉस्पिटल एवं ऑर्थो केयर सेंटर में 16 मई को पहली बार सफल घुटने का प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) किया गया। यह सफल ऑपरेशन वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. शोएब आरिफ एवं उनकी विशेषज्ञ टीम द्वारा संपन्न किया गया।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार मरीज लंबे समय से घुटनों की गंभीर समस्या और असहनीय दर्द से परेशान था। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति सामान्य बताई जा रही है तथा तेजी से स्वास्थ्य लाभ हो रहा है।

इस सफल सर्जरी के बाद अब संडीला और आसपास के मरीजों को घुटना प्रत्यारोपण जैसी जटिल सर्जरी के लिए बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने से क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।

डॉ. शोएब आरिफ ने बताया कि आधुनिक तकनीक और अनुभवी टीम की मदद से ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी मरीजों को बेहतर ऑर्थोपेडिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
पीएम मोदी को नॉर्वे के अखबार ने बताया 'संपेरा', जानें कैसे एक पत्रकार के एक सवाल से बढ़ा विवाद

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपने पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में इटली पहुंच चुके हैं। हालांकि, नॉर्वे दौरा लगातार चर्चा में बना हुआ है। ये चर्चा उस वक्त शुरू हुई, जब नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने एक महिला पत्रकार, हेले लिंग स्वेंडसन, ने अचानक प्रोटोकॉल तोड़कर चिल्लाते हुए एक तीखा सवाल पूछा। वहीं, वहीं अब नॉर्वे के एक अख़बार में पीएम मोदी पर छपा कार्टून सुर्ख़ियां बटोर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नॉर्वे दौरा उस वक्त विवादों में आ गया, जब वे नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे से मीटिंग के बाद जा रहे थे तब वहां की पत्रकार हेला लेंग ने उनसे सवाल पूछा था लेकिन पीएम बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में पत्रकार हेला लिंग को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "प्रधानमंत्री मोदी, आप दुनिया की सबसे स्वतंत्र प्रेस के सवालों को क्यों नहीं लेते?"

हेला लिंग ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया। मुझे इसकी उम्मीद भी नहीं थी। वर्ल्ड प्रेस फ़्रीडम इंडेक्स में नॉर्वे पहले स्थान पर है और भारत 157वें स्थान पर है।"

हेला लेंग के इस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद नॉर्वे में बारतीय दूतावास ने बयान जारी किया और भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आकर सवाल पूछने को कहा।प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उनकी और भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के बीच हुई तीखी बहस हो गई।

नॉर्वे की पत्रकार के तीखे सवाल

ओस्लो में भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में हेला लेंग ने सवाल पूछा, "भारत और नॉर्वे एक दूसरे के साथ मज़बूत साझेदारी कर रहे हैं। लेकिन हम आप पर भरोसा क्यों करें? क्या आप वादा करते हैं कि अपने देश में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन को रोकेंगे। आपके प्रधानमंत्री मुश्किल सवालों का जवाब देना कब शुरू करेंगे।" जब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि उन्होंने सवाल सुन लिया है और इसका जवाब देंगे, तो नॉर्वे की उस पत्रकार ने कहा कि उन्हें इसका जवाब फ़ौरन चाहिए।

भारतीय विदेश मंत्रालय में सचिव ने दिया जवाब

उसी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में भारत के विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सीबी जॉर्ज ने इस सवाल के जवाब में कहा, "भारत बेहद प्राचीन सभ्यता है। करीब पाँच हजार साल पुरानी सभ्यता। हमने जीरो का आविष्कार किया। हमने योग का आविष्कार किया।"

भारत ने बताया कैसे दुनिया ने किया विश्वास

जब सीबी जॉर्ज ये कह रहे थे, तब पत्रकार ने उन्हें फिर टोककर कहा कि आप सीधे मेरे सवाल का जवाब दीजिए। इस पर सीबी जॉर्ज ने कहा, "ये मेरी प्रेस कॉन्फ़्रेंस है। आपने सवाल किया है। अब आपको मेरा जवाब सुनने का धैर्य होना चाहिए।" पत्रकार ने फिर कहा कि आप योग वगैरह की बात ना करके सीधे सवाल का जवाब दें। सीबी जॉर्ज ने तब फिर कहा, "मैं भरोसे की ही बात कर रहा हूँ। जब पूरी दुनिया कोविड महामारी से जूझ रही थी। तब हमने दुनिया के 150 से ज़्यादा देशों को वैक्सीन और दवा दी। पूरी दुनिया को हमने संकट से उबारने में मदद की। दुनिया ने हम पर विश्वास जताया। ये होता है भरोसा।"

भारतीय अधिकारी ने बताया भारत पर भरोसे का मतलब

इस दौरान पत्रकार बार-बार टोकती रहीं कि मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में पूछे उनके सवाल का सीधा जवाब दिया जाए। सीबी जॉर्ज ने इसके जवाब में भारत में आयोजित जी20 समिट का ज़िक्र करते हुए कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे मुश्किल हालात में भारत की मेज़बानी में सभी देश एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर आए। उन्होंने कहा, "भारत ने सबको एक किया और पहली बार अफ़्रीकन यूनियन को हम जी20 का स्थाई सदस्य बनाने में सफल रहे। अफ़्रीकी देशों की चिंताओं को भारत ने मंच दिया। ये होता है भरोसा।" सीबी जॉर्ज के जवाब देने के दौरान ही वो पत्रकार प्रेस कॉन्फ़्रेंस छोड़कर चली गईं।

अब नॉर्वे के अखबार में पीएम मोदी पर कार्टून छपा

इस विवाद के बीच अब नॉर्वे के एक अख़बार में पीएम मोदी पर छपा कार्टून सुर्ख़ियां बटोर रहा है। नॉर्वे के सबसे बड़े और प्रभावशाली अख़बारों में से एक 'आफ़्टेनपोस्टेन' ने एक कार्टून प्रकाशित किया है। जिसमें उन्हें ‘संपेरे’ के रूप में दिखाया गया है और पेट्रोल पंप के पाइप को सांप की तरह दर्शाया गयाहै। यह कार्टून एक ओपिनियन लेख के साथ प्रकाशित हुआ था, जिसमें पीएम मोदी के लिए हेडलाइन दी गई है, ‘एक चालाक और थोड़ा खीज दिलाने वाला आदमी’।

भारत-नॉर्वे के रिश्ते पर पड़ेगा असर?

पीएम के दौरे और उससे पैदा हुए विवाद के बाद सवाल उठ रहें हैं कि क्या भारतच और नॉर्वे रे रिश्तों पर इसका असर पड़ेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि नॉर्वे के अखबार में छपे कार्टून के कारण दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों पर कोई निगेटिव प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। हालांकि, इतना जरूर है कि इस कार्टून विवाद के कारण भारत की आम जनता के बीच इस मुद्दे ने तूल जरूर पकड़ लिया है। एक बड़ी आबादी इसे देश के अपमान से जोड़कर देख रही हैं।

शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर सांसद प्रतिनिधि ने नए प्राचार्य से की मुलाकात

हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर गुरुवार को उनके लोकसभा क्षेत्र के सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज पहुंचकर यहां के नए प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार वर्मा से मुलाकात की। पौधा भेंटकर उनका हजारीबाग में स्वागत किया। इस दौरान सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की गंभीर जनसमस्याओं और व्यवस्थागत कमियों की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए उनसे तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। रंजन चौधरी ने प्राचार्य से कहा कि लगातार प्रबंधकीय लापरवाही के कारण यहां इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने उनसे आग्रह किया कि अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर जैसे आपातकालीन और संवेदनशील स्थान पर जूनियर रेजिडेंट्स के साथ 24 घंटे सातों दिन सीनियर फिजिशियन और सीनियर सर्जन की ड्यूटी अनिवार्य रूप से लगाई जानी चाहिए, ताकि मरीजों को बेवजह रेफर न करना पड़े और उनका यहीं सुव्यवस्थित इलाज सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल के पोस्टमार्टम विभाग को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसकी रिपोर्ट सीधे न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करती है, इसलिए इस विभाग की विशेष मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और शवों का समय पर पोस्टमार्टम कराया जाए ताकि पीड़ित परिवारों को राहत और उचित न्याय मिल सके।

सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अन्य गंभीर समस्याओं पर प्राचार्य का ध्यान आकृष्ट कराते हुए अस्पताल में खराब पड़े एक पीएसए ऑक्सीजन प्लांट को अविलंब दुरुस्त कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने सरकारी स्तर से अस्पताल में मिलने वाली दवाइयों के स्थान पर डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवाइयां अधिक लिखे जाने की शिकायत की और इस पर रोक लगाने को कहा। इसके अलावा वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए उन्होंने विभिन्न वार्डों में खराब पड़े एसी, वॉटर कूलर और पंखों को अविलंब बनवाने की आवश्यकता पर बल दिया। इन तमाम विषयों को सुनने के बाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार वर्मा ने सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी को आश्वस्त किया कि वे जल्द ही मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन के साथ सवार्ता करेंगे और मरीजों के व्यापक हित में अस्पताल की व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ कराएंगे ताकि मरीजों और उनके परिजनों को तत्काल राहत मिल सके।