भाजपा की प्रचंड जीत पर पिहानी कार्यालय में मनाया गया जश्न ।
बबलू प्रजापति
पिहानी हरदोई।बंगाल, असम सहित कई राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत की खुशी में नगर स्थित भाजपा कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ जश्न मनाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कर खुशी जाहिर की और जीत को पार्टी की नीतियों व संगठन की मेहनत का परिणाम बताया।
कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष गौरव गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपाई मौजूद रहे। इस मौके पर महामंत्री नीरज सिंह, निवर्तमान नगर अध्यक्ष आदर्श सिंह, पूर्व नगर अध्यक्ष पीयूष शुक्ला, विमलेश गुप्ता, ब्रजेश गुप्ता, डॉ. मुजाविर हुसैन जैदी, अभिषेक वैश्य (रिशु), उपाध्यक्ष रीतेश सिंह, विमलेश तिवारी, मंत्री भानू मिश्रा, अर्जुन शिव सिंह, दिनेश अर्कवंशी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की।
अमित शाह चुनेंगे पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री, बनाए गए पर्यवेक्षक, जेपी नड्‌डा को असम की जिम्मेदारी

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पश्चिम बंगाल और असम में नई सरकार के गठन के लिए भारतीय जनता पार्टी ने कवायद शुरू कर दी है। पश्चिम बंगाल और असम में विधायक दल का नेता चुनने के लिए भाजपा ने अपने केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है। पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को दी गई है। वहीं, असम में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पर्यवेक्षक बनाया गया है।

जल्द कोलकाता जाएंगे शाह

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल की है। पार्टी को 206 सीटें हासिल हुई है, जबकि टीएमसी को 82 सीटें मिली हैं। अब बीजेपी सरकार बनाने की तैयारी में जुट गई है। इसी क्रम में पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए गए हैं। पश्चिम बंगाल जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील और महत्वपूर्ण राज्य में यह बड़ी जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दी गई है। अमित शाह अगले 2-3 तीनों में कोलकाता जाएंगे और विधायकों से बातचीत करेंगे। पश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को होगा।

नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक कर चुनेंगे नेता

वहीं, पूर्वोत्तर के सबसे अहम राज्य असम के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। यह दोनों वरिष्ठ नेता असम जाकर सभी नवनिर्वाचित विधायकों के साथ सीधी बैठक करेंगे और उनकी राय जानने के बाद ही विधायक दल के नेता के नाम पर अंतिम मुहर लगाएंगे। इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया से पार्टी के भीतर किसी भी तरह की गुटबाजी को रोकने में मदद मिलेगी।

उपायुक्त हेमंत सती ने किया शेख़ भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निरीक्षण

उपायुक्त हेमंत सती ने आज 5 मई को शेख़ भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिसर का भ्रमण करते हुए पार्किंग व्यवस्था, एम्बुलेंस की उपलब्धता एवं उनकी संख्या की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने परिसर के अंदर सुव्यवस्थित पार्किंग सुनिश्चित करने हेतु नगर निगम को इसके संचालन की जिम्मेदारी सौंपने का निर्देश दिया।

अस्पताल में मरीजों की अधिक संख्या को देखते हुए उपायुक्त ने संचालित जन औषधि केंद्र एवं दवा काउंटर की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि मरीजों को समय पर एवं सहज रूप से दवाएं उपलब्ध हो सकें।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने कोल्ड चेन, विद्युत आपूर्ति सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को कार्यरत कर्मियों, एमपीडब्ल्यू (MPW) एवं रिक्त पदों की अद्यतन सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, जिससे संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

उपायुक्त ने नेत्र विभाग का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने उपलब्ध मशीनों की जानकारी ली तथा मौके पर अपनी आंखों की जांच भी कराई। उन्होंने संबंधित चिकित्सकों से मोतियाबिंद के मरीजों के ऑपरेशन की प्रक्रिया एवं संख्या के बारे में जानकारी प्राप्त की।

इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने आयुष्मान केंद्र, मेडिसिन ओपीडी, मनोरोग वार्ड, स्किन वार्ड, शिशु वार्ड, ईएनटी वार्ड, कार्डियोलॉजी वार्ड तथा डे-केयर कक्ष का सूक्ष्मता से निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं सेवाओं की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अस्पताल प्रबंधन को मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।

इस दौरान सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री आदित्य पांडेय, सिविल सर्जन,मेडिकल सुपरिटेंडेंट व अन्य चिकित्सक मौजूद थे।

देवघर-के कांग्रेस नेता डॉ मुनम्म संजय को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महासचिव बनाया गया। कांग्रेस ने एक बड़ी जिम्मेदारी दी।
देवघर: कांग्रेस के जुझारू, बेबाक और जमीनी नेता डॉ. मुनम्म संजय का है—एक ऐसा नाम, जो संघर्ष की आग में तपकर राजनीति की असली पहचान बना है। आज जब उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महासचिव बनाया गया है, तो यह केवल एक पद नहीं, बल्कि वर्षों की तपस्या, त्याग और अडिग निष्ठा का सम्मान है। डॉ. संजय का राजनीतिक जीवन किसी आरामदायक रास्ते से नहीं, बल्कि संघर्षों के तूफान से होकर निकला है। छात्र जीवन से ही उन्होंने सत्ता के खिलाफ आवाज उठाई। देवघर का टावर चौक उनकी लड़ाइयों का साक्षी रहा है—जहां उन्होंने धरना दिया, अनशन किया, सड़कें जाम कीं, पुतला दहन किया और हर उस मुद्दे पर डटकर खड़े हुए, जहां आम जनता की आवाज दबाई जा रही थी। सैकड़ों बार गिरफ्तारियां झेलना उनके लिए डर का कारण नहीं, बल्कि संघर्ष का तमगा बन गया। सबसे बड़ी बात—जब कई लोग सत्ता के लालच में रास्ता बदल लेते हैं, तब डॉ. संजय ने कभी कांग्रेस का दामन नहीं छोड़ा। पार्टी के सबसे कठिन दौर में भी वे चट्टान की तरह डटे रहे। लेकिन डॉ. संजय ने अद्भुत धैर्य और साहस का परिचय दिया। उन्होंने साफ तौर पर ठान लिया कि किसी भी कीमत पर झुकना नहीं है—और अडिग होकर हर दबाव का मुकाबला किया। उन्होंने न कभी कांग्रेस से समझौता किया, न ही कांग्रेस की विचारधारा के साथ किसी प्रकार की सौदेबाजी की। गांधी परिवार के प्रति उनकी निष्ठा और कांग्रेस विचारधारा के प्रति उनका समर्पण कभी डगमगाया नहीं। यही कारण है कि पार्टी ने हर मोड़ पर उन पर भरोसा जताया। एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष से लेकर युवा कांग्रेस के नेतृत्व तक, और फिर करीब 14-15 वर्षों तक देवघर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर खड़ा किया। विरोध, साजिश और अंदरूनी खींचतान के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी—बल्कि हर चुनौती को अपनी ताकत बना लिया। बीस सूत्री कार्यक्रम के जिला उपाध्यक्ष के रूप में उन्होंने जो काम किया, वह सिर्फ पद संभालना नहीं था, बल्कि व्यवस्था को आईना दिखाना था। उन्होंने यह साबित किया कि अगर नीयत साफ हो, तो सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि गरीबों के घर तक पहुंचती हैं। उन्होंने प्रशासन को जवाबदेह बनाया, अधिकारियों को सक्रिय किया और आम जनता के हक के लिए लड़ाई लड़ी। डॉ. संजय की पहचान सिर्फ एक नेता की नहीं, बल्कि एक लड़ाकू सिपाही की है—जो हर वक्त जनता के बीच खड़ा रहता है। उनकी पकड़ प्रशासन पर भी रही है और जनता के दिलों पर भी। कई बार प्रशासन से टकराव हुआ, लेकिन हर बार उन्होंने अपने हक की लड़ाई को मजबूती से रखा और समाधान भी निकाला। उनका स्वभाव जितना सरल है, उनकी राजनीति उतनी ही धारदार। युवाओं में उनकी जबरदस्त पकड़ है—क्योंकि वे सिर्फ भाषण नहीं देते, बल्कि साथ लेकर चलते हैं। यही वजह है कि उनके साथ हमेशा युवाओं की एक मजबूत फौज खड़ी रहती है। पार्टी ने उन्हें कई जिलों में प्रभारी और ऑब्जर्वर बनाकर उनकी क्षमता का उपयोग किया है। अब प्रदेश महासचिव के रूप में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपने अनुभव, संघर्ष और जमीनी समझ से संगठन को किस ऊंचाई तक ले जाते हैं। आज उनके इस नए दायित्व से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा, नया जोश और नई उम्मीद जगी है। आम कांग्रेसियों से लेकर बुद्धिजीवियों तक, हर कोई यह मान रहा है कि पार्टी ने इस बार एक ऐसे योद्धा को जिम्मेदारी दी है, जो सिर्फ कुर्सी नहीं, बल्कि विचार और संघर्ष की राजनीति को आगे बढ़ाएगा।
भीषण गर्मी पर CM हेमंत सोरेन सख्त: पेयजल-बिजली-स्वास्थ्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के वरीय पदाधिकारियों एवं सभी उपायुक्तों के साथ बैठक कर भीषण गर्मी तथा बढ़ते तापमान की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी के इस मौसम में आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि अपने‑अपने जिलों में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी क्षेत्र में जल‑संकट की स्थिति उत्पन्न न हो। जलापूर्ति योजनाओं, चापाकलों, टैंकरों और अन्य वैकल्पिक जल‑स्रोतों की नियमित निगरानी की जाए तथा जहां भी समस्या की सूचना मिले, वहां त्वरित कार्रवाई की जाए।

बिजली एवं स्वास्थ्य सेवाओं में ढिलाई बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था की भी समीक्षा करते हुए कहा कि गर्मी के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला प्रशासन संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर बिजली कटौती, ट्रांसफॉर्मर की खराबी तथा आपूर्ति बाधित होने जैसी शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करे। स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में मुख्यमंत्री ने सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा अन्य चिकित्सा संस्थानों में हीटवेव और लू से प्रभावित लोगों के उपचार की समुचित व्यवस्था रहे। आवश्यक दवाइयों, ओ.आर.एस., पेयजल, चिकित्सा उपकरणों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

सीधे संवाद से ही होगा समाधान : मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को क्षेत्र भ्रमण और जनसुनवाई का दिया सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण करें और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का भौतिक निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने भ्रमण की जानकारी मुख्यालय को साझा करें, जहां भी जाएं, वहां की तस्वीरें भी भेजें। साथ ही, स्थानीय लोगों से अनिवार्य रूप से मिलकर उनकी समस्याएं सुनें। उन्होंने कहा कि जनता से सीधा संवाद प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करता है और समस्याओं के त्वरित समाधान में सहायक होता है।

प्रशासनिक तत्परता और आपसी समन्वय से सुनिश्चित हो जन‑सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी की इस स्थिति में प्रशासनिक तत्परता, सतत निगरानी और मानवीय संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी नागरिक को पानी, बिजली या स्वास्थ्य‑सुविधाओं के अभाव में कठिनाई का सामना न करना पड़े। बैठक में विभिन्न जिलों की स्थिति की समीक्षा की गई और अधिकारियों को आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि सभी उपायुक्त राज्य सरकार के निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन करते हुए आवश्यक राहत एवं देय सुविधाओं को प्रभावी रूप से प्रबंधित करेंगे।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग श्री अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग श्रीमती वंदना दादेल, विभिन्न विभागों के सचिव, सभी जिलों के उपायुक्त एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

जंगल महल की जीत से साकार होगा 'सोनार बांग्ला' का सपना, चंपाई सोरेन ने जताया जनता का आभार


झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने पश्चिम बंगाल के जंगल महल क्षेत्र में बीजेपी के अभूतपूर्व जीत के लिए जंगल महल क्षेत्र के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए जंगल महल धन्यवाद कहा है.

एक्स पर किया पोस्ट

पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने सोशल साइड X पर ट्वीट करते हुए आगे कहा है कि ” इन चुनावों में 40 में से 38 विधानसभा सीटें भाजपा की झोली में डाल कर आपने जो विश्वास हम पर दिखाया है, वह अभूतपूर्व है. भाजपा परिवार का एक सदस्य होने के नाते आपको आश्वस्त करना चाहूंगा कि हमारे सभी विधायक आपके हर सुख-दुख में सदैव शामिल रहेंगे और पश्चिम बंगाल में बनने जा रही

भाजपा सरकार क्षेत्र के कायाकल्प के लिए रात-दिन एक कर देगी. माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में बंगाल अब विकास की नई गाथा लिखेगा. अब डर, भय और प्रतिशोध नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच के साथ हर नागरिक के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास होगा. अंत्योदय, उन्नयन, महिला सुरक्षा एवं सांस्कृतिक अस्मिता को आगे रखते हुए “सोनार बांग्ला” का सपना साकार होगा.

पांच विधानसभा चुनावों में किसने कहां मारी बाजी, पूरे देश से लेफ्ट सरकार का सुपड़ा साफ

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पश्चिम बंगाल से लेकर असम, केरल और तमिलनाडु सहित पांच राज्यों के चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की। बंगाल में टीएमसी को हराकर भाजपा पहली बार सत्ता में आई। पार्टी दस साल में 3 सीटों से 206 सीटों पर पहुंच गई है। तमिलनाडु में एक्टर थलपति विजय की पार्टी टीवीके ने सबसे ज्यादा सीटें लाकर चौंका दिया। 59 साल में पहली बार राज्य में ऐसी सरकार बनने जा रही है, जिसमें डीएमके या एआईएडीएमके नहीं होगी।

बंगाल में 15 साल बाद ममता का राज खत्म

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में इस बार बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने सत्ता का शिखर छू लिया। ममता बनर्जी की टीएमसी को एकतरफा हराकर भाजपा ने सबसे मुश्किल किला यानी बंगाल फतह कर लिया। बंगाल में भाजपा ने 206 सीटें जीती हैं। जबकि तृणमूल कांग्रेस 100 का आंकड़ा भी नहीं छू सकी, पार्टी 80 सीट पर जीत दर्ज की।

तमिलनाडु के नतीजों ने किया हैरान

सबसे अधिस हैरानी तमिलनाडु में हुई। तमिलनाडु की सियासत में पहली बार किस्मत आजमा रहे थलापति विजय ने अपनी पार्टी टीवीके को जबरदस्त जीत दिलाई। चुनावी राजनीति में शानदार आगाज से विजय ने तमिलनाडु की सियासत में लंबे समय से दबदबा रखने वाले द्रमुक और अन्नाद्रमुक को बहुत पीछे छोड़ दिया है। अपने पहले ही चुनाव में उन्होंने राज्य के राजनीतिक समीकरण को हिलाकर रख दिया है। विजय की पार्टी टीवीके ने 100 सीटों का आंकड़ा पार करते हुए 108 सीटों पर कब्जा जमाया है। मगर 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटें हासिल करने से चूक गई। सरकार बनाने के लिए टीवीके को कम से कम 10 सीटों की दरकार होगी।

असम में तीसरी बार भाजपा सरकार

असम में भी हिमंता सरकार की वापसी हुई है। भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। BJP ने यहां अकेले ही 82 सीटें जीतीं, जो बहुमत के आंकड़े से 18 ज्यादा है। असम में 126 सीटों पर चुनाव हुआ। भाजपा ने 89 पर चुनाव लड़ा और 82 सीटें जीतीं। मौजूदा भाजपा सरकार का कोई भी मंत्री चुनाव नहीं हारा। ऐसा देश में पहली बार हुआ। उसकी जीत का स्ट्राइक रेट सबसे ज्यादा 92.1% रहा।

10 साल बाद कांग्रेस सरकार की वापसी

केरलम में 10 साल बाद कांग्रेस सरकार की वापसी हुई है। केरलम में कांग्रेस ने 114 में से 63 सीटें अपने नाम की है। हालांकि सीएम पिनाराई विजयन अपनी सीट धरमदम से जीत गए, लेकिन राज्य में एलडीएफ की करारी हार हुई। एलडीएफ सरकार के 21 में से 13 मंत्री चुनाव हारे हैं। इनमें स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज, परिवहन मंत्री के बी गणेश कुमार, उद्योग मंत्री पी राजीव, उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदु, खेल मंत्री वी अब्दुरहीमान और देवस्वोम मंत्री वी एन वासवन शामिल हैं।

पुडुचेरी में रंगासामी पांचवीं बार सीएम बनेंगे

एन. रंगासामी 5वीं बार पुडुचेरी के सीएम बनेंगे। उनकी पार्टी AINRC ने 12 सीटें जीतीं। वो पहली बार 2001 में सीएम बने थे। उनकी सरकार के 2 मंत्रियों लक्ष्मीनारायणन और चंद्रा प्रियंगा को हार का सामना करना पड़ा है।

लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर पर सजेगा ‘तेजस’, शहर को मिलेगी नई पहचान

15 फीट लंबा एयरक्राफ्ट मॉडल बनेगा आकर्षण का केंद्र, ‘तेजस चौराहा’ के रूप में विकसित होगी रोटरी

लखनऊ। राजधानी लखनऊ की खूबसूरती में जल्द ही एक नया आयाम जुड़ने जा रहा है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा नव निर्मित ग्रीन कॉरिडोर पर स्वदेशी लड़ाकू विमान HAL Tejas का आकर्षक मॉडल स्थापित किया जाएगा, जो शहर में सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक बनेगा।

एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि यह पहल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन में की जा रही है। उनकी अनुशंसा पर Hindustan Aeronautics Limited द्वारा ‘तेजस’ का मॉडल बेंगलुरु से मंगाया गया है। वर्तमान में इसे जनेश्वर मिश्र पार्क में सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने बताया कि समतामूलक चौराहे के पास ग्रीन कॉरिडोर के प्रवेश द्वार पर इस मॉडल को स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही इस रोटरी को ‘तेजस चौराहा’ नाम दिया जाएगा, जो आने वाले समय में शहर का प्रमुख आकर्षण बनेगा।

15 दिन में होगा स्थापना कार्य पूरा

एलडीए उपाध्यक्ष के अनुसार, मॉडल की स्थापना के लिए स्थल पर फाउंडेशन और सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। लगभग 15 दिनों के भीतर यह कार्य पूर्ण कर मॉडल को पार्क से ग्रीन कॉरिडोर की रोटरी पर स्थापित कर दिया जाएगा।

आकर्षक और वास्तविक आकार का मॉडल

यह मॉडल 15 फीट लंबा और लगभग 9.5 फीट चौड़ा होगा, जिसका वजन करीब 200 किलोग्राम है। इसे वास्तविक तेजस विमान की तरह डिजाइन किया गया है, जिससे यह देखने में बिल्कुल असली जैसा प्रतीत होगा। यह पहल न केवल लखनऊ की सुंदरता को बढ़ाएगी, बल्कि युवाओं को भारतीय वायुसेना और देश की रक्षा शक्ति के प्रति प्रेरित भी करेगी।

तीन राज्यों में भाजपा की प्रचंड जीत पर गया में जश्न, टावर चौक पर उमड़ा उत्साह, भाजपा नेता मनोज कुमार ने कहा- मौजूदा सरकार से असंतुष्ट थी जनता

गया। पश्चिम बंगाल सहित तीन राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रचंड जीत के बाद गया जी शहर में जश्न का माहौल देखने को मिला। शहर के प्रमुख स्थल टावर चौक पर सोमवार को बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक एकत्र हुए और जीत की खुशी मनाई।

इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को झालमुड़ी और मिठाई खिलाकर बधाई दी तथा ढोल-नगाड़ों और नारेबाजी के साथ अपनी खुशी का इजहार किया। जश्न में शामिल कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। सभी ने पार्टी के झंडे लहराए और “भारत माता की जय” तथा “भाजपा जिंदाबाद” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। इस अवसर पर स्थानीय भाजपा नेता मनोज कुमार ने कहा कि यह जीत केवल भाजपा की नहीं, बल्कि आम जनता की जीत है। उन्होंने कहा कि लोगों ने विकास, सुशासन और मजबूत नेतृत्व पर भरोसा जताया है।

भाजपा नेता मनोज कुमार ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में जनता लंबे समय से बदलाव चाहती थी और मौजूदा सरकार से असंतुष्ट थी। इसी कारण इस बार मतदाताओं ने भाजपा को बहुमत देकर स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की ताकत का प्रतीक बताते हुए कहा कि जनता ने अपने मताधिकार का सही इस्तेमाल किया है। कार्यक्रम में मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं ने भी पार्टी की इस जीत को ऐतिहासिक बताया और कहा कि आने वाले समय में भाजपा और भी मजबूती के साथ जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरेगी।

असम की जनता को हेमंत सोरेन का 'जोहार': बिना गठबंधन के झामुमो ने दिखाया दम!

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झामुमो के असम में शानदार प्रदर्शन से गदगद हैं. उन्होंने चुनाव परिणाम के बाद वहां की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपने संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया है. पार्टी ने बेहद सीमित समय और संसाधनों के बावजूद राज्य की 16 महत्वपूर्ण सीटों पर चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक पकड़ का अहसास कराया. झारखड के सीएम का कहना है कि बिना किसी बड़े गठबंधन के पहली ही कोशिश में 2 सीटों पर दूसरे स्थान पर रहना और 7 सीटों पर 15 हजार से अधिक मत प्राप्त करना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पार्टी की विचारधारा ने जनता के बीच पैठ बनानी शुरू कर दी है.

अस्तित्व और अधिकारों की लड़ाई

हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया के जरिये पोस्ट कर झामुमो के चुनाव लड़ने की वजह को भी बता दिया है. उन्होंने कहा कि JMM का फैसला केवल राजनीतिक विस्तार तक सीमित नहीं था, बल्कि पार्टी का मुख्य उद्देश्य वहां के आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक समाज की दयनीय स्थिति को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना था. JMM ने आदिवासियों को ST का दर्जा न मिलना, चाय बागान मजदूरों को उचित मजदूरी का अभाव और जमीन के अधिकारों से वंचित रहने जैसे गंभीर मुद्दों को अपने संघर्ष की नींव बनाया है. झारखंड के मुख्यमंत्री का मानना है कि आने वाले समय में संगठन और भी मजबूत होकर उभरेगा.

जनता का मिला अभूतपूर्व सहयोग

झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम की जनता को ‘जोहार’ कहते हुए उनके विश्वास और सक्रिय भागीदारी के लिए हृदय से आभार प्रकट किया है. सीएम ने कहा कि इस संघर्ष में जिस तरह से लोगों ने साथ दिया, वह अत्यंत हौसला बढ़ाने वाला और नई ऊर्जा का स्रोत है. यह परिणाम स्पष्ट करते हैं कि आदिवासी समाज के मुद्दों को अब और अधिक मजबूती के साथ उठाया जाना आवश्यक है.

निरंतर जारी रहेगा संघर्ष

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि यह केवल एक चुनावी प्रयास नहीं था, बल्कि यह अस्तित्व और अधिकारों की एक लंबी लड़ाई है, पार्टी ने प्रतिबद्धता दोहराई है कि आदिवासियों के सम्मान और पहचान के लिए उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा. असम के चुनावी परिणाम बताते हैं कि भविष्य में JMM वहां एक निर्णायक राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित होने की दिशा में अग्रसर है.

भाजपा की प्रचंड जीत पर पिहानी कार्यालय में मनाया गया जश्न ।
बबलू प्रजापति
पिहानी हरदोई।बंगाल, असम सहित कई राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत की खुशी में नगर स्थित भाजपा कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ जश्न मनाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कर खुशी जाहिर की और जीत को पार्टी की नीतियों व संगठन की मेहनत का परिणाम बताया।
कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष गौरव गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपाई मौजूद रहे। इस मौके पर महामंत्री नीरज सिंह, निवर्तमान नगर अध्यक्ष आदर्श सिंह, पूर्व नगर अध्यक्ष पीयूष शुक्ला, विमलेश गुप्ता, ब्रजेश गुप्ता, डॉ. मुजाविर हुसैन जैदी, अभिषेक वैश्य (रिशु), उपाध्यक्ष रीतेश सिंह, विमलेश तिवारी, मंत्री भानू मिश्रा, अर्जुन शिव सिंह, दिनेश अर्कवंशी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की।
अमित शाह चुनेंगे पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री, बनाए गए पर्यवेक्षक, जेपी नड्‌डा को असम की जिम्मेदारी

#amitshahappointedobserverforwestbengal

पश्चिम बंगाल और असम में नई सरकार के गठन के लिए भारतीय जनता पार्टी ने कवायद शुरू कर दी है। पश्चिम बंगाल और असम में विधायक दल का नेता चुनने के लिए भाजपा ने अपने केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है। पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को दी गई है। वहीं, असम में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पर्यवेक्षक बनाया गया है।

जल्द कोलकाता जाएंगे शाह

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल की है। पार्टी को 206 सीटें हासिल हुई है, जबकि टीएमसी को 82 सीटें मिली हैं। अब बीजेपी सरकार बनाने की तैयारी में जुट गई है। इसी क्रम में पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए गए हैं। पश्चिम बंगाल जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील और महत्वपूर्ण राज्य में यह बड़ी जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दी गई है। अमित शाह अगले 2-3 तीनों में कोलकाता जाएंगे और विधायकों से बातचीत करेंगे। पश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को होगा।

नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक कर चुनेंगे नेता

वहीं, पूर्वोत्तर के सबसे अहम राज्य असम के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। यह दोनों वरिष्ठ नेता असम जाकर सभी नवनिर्वाचित विधायकों के साथ सीधी बैठक करेंगे और उनकी राय जानने के बाद ही विधायक दल के नेता के नाम पर अंतिम मुहर लगाएंगे। इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया से पार्टी के भीतर किसी भी तरह की गुटबाजी को रोकने में मदद मिलेगी।

उपायुक्त हेमंत सती ने किया शेख़ भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निरीक्षण

उपायुक्त हेमंत सती ने आज 5 मई को शेख़ भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिसर का भ्रमण करते हुए पार्किंग व्यवस्था, एम्बुलेंस की उपलब्धता एवं उनकी संख्या की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने परिसर के अंदर सुव्यवस्थित पार्किंग सुनिश्चित करने हेतु नगर निगम को इसके संचालन की जिम्मेदारी सौंपने का निर्देश दिया।

अस्पताल में मरीजों की अधिक संख्या को देखते हुए उपायुक्त ने संचालित जन औषधि केंद्र एवं दवा काउंटर की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि मरीजों को समय पर एवं सहज रूप से दवाएं उपलब्ध हो सकें।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने कोल्ड चेन, विद्युत आपूर्ति सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को कार्यरत कर्मियों, एमपीडब्ल्यू (MPW) एवं रिक्त पदों की अद्यतन सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, जिससे संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

उपायुक्त ने नेत्र विभाग का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने उपलब्ध मशीनों की जानकारी ली तथा मौके पर अपनी आंखों की जांच भी कराई। उन्होंने संबंधित चिकित्सकों से मोतियाबिंद के मरीजों के ऑपरेशन की प्रक्रिया एवं संख्या के बारे में जानकारी प्राप्त की।

इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने आयुष्मान केंद्र, मेडिसिन ओपीडी, मनोरोग वार्ड, स्किन वार्ड, शिशु वार्ड, ईएनटी वार्ड, कार्डियोलॉजी वार्ड तथा डे-केयर कक्ष का सूक्ष्मता से निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं सेवाओं की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अस्पताल प्रबंधन को मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।

इस दौरान सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री आदित्य पांडेय, सिविल सर्जन,मेडिकल सुपरिटेंडेंट व अन्य चिकित्सक मौजूद थे।

देवघर-के कांग्रेस नेता डॉ मुनम्म संजय को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महासचिव बनाया गया। कांग्रेस ने एक बड़ी जिम्मेदारी दी।
देवघर: कांग्रेस के जुझारू, बेबाक और जमीनी नेता डॉ. मुनम्म संजय का है—एक ऐसा नाम, जो संघर्ष की आग में तपकर राजनीति की असली पहचान बना है। आज जब उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महासचिव बनाया गया है, तो यह केवल एक पद नहीं, बल्कि वर्षों की तपस्या, त्याग और अडिग निष्ठा का सम्मान है। डॉ. संजय का राजनीतिक जीवन किसी आरामदायक रास्ते से नहीं, बल्कि संघर्षों के तूफान से होकर निकला है। छात्र जीवन से ही उन्होंने सत्ता के खिलाफ आवाज उठाई। देवघर का टावर चौक उनकी लड़ाइयों का साक्षी रहा है—जहां उन्होंने धरना दिया, अनशन किया, सड़कें जाम कीं, पुतला दहन किया और हर उस मुद्दे पर डटकर खड़े हुए, जहां आम जनता की आवाज दबाई जा रही थी। सैकड़ों बार गिरफ्तारियां झेलना उनके लिए डर का कारण नहीं, बल्कि संघर्ष का तमगा बन गया। सबसे बड़ी बात—जब कई लोग सत्ता के लालच में रास्ता बदल लेते हैं, तब डॉ. संजय ने कभी कांग्रेस का दामन नहीं छोड़ा। पार्टी के सबसे कठिन दौर में भी वे चट्टान की तरह डटे रहे। लेकिन डॉ. संजय ने अद्भुत धैर्य और साहस का परिचय दिया। उन्होंने साफ तौर पर ठान लिया कि किसी भी कीमत पर झुकना नहीं है—और अडिग होकर हर दबाव का मुकाबला किया। उन्होंने न कभी कांग्रेस से समझौता किया, न ही कांग्रेस की विचारधारा के साथ किसी प्रकार की सौदेबाजी की। गांधी परिवार के प्रति उनकी निष्ठा और कांग्रेस विचारधारा के प्रति उनका समर्पण कभी डगमगाया नहीं। यही कारण है कि पार्टी ने हर मोड़ पर उन पर भरोसा जताया। एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष से लेकर युवा कांग्रेस के नेतृत्व तक, और फिर करीब 14-15 वर्षों तक देवघर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर खड़ा किया। विरोध, साजिश और अंदरूनी खींचतान के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी—बल्कि हर चुनौती को अपनी ताकत बना लिया। बीस सूत्री कार्यक्रम के जिला उपाध्यक्ष के रूप में उन्होंने जो काम किया, वह सिर्फ पद संभालना नहीं था, बल्कि व्यवस्था को आईना दिखाना था। उन्होंने यह साबित किया कि अगर नीयत साफ हो, तो सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि गरीबों के घर तक पहुंचती हैं। उन्होंने प्रशासन को जवाबदेह बनाया, अधिकारियों को सक्रिय किया और आम जनता के हक के लिए लड़ाई लड़ी। डॉ. संजय की पहचान सिर्फ एक नेता की नहीं, बल्कि एक लड़ाकू सिपाही की है—जो हर वक्त जनता के बीच खड़ा रहता है। उनकी पकड़ प्रशासन पर भी रही है और जनता के दिलों पर भी। कई बार प्रशासन से टकराव हुआ, लेकिन हर बार उन्होंने अपने हक की लड़ाई को मजबूती से रखा और समाधान भी निकाला। उनका स्वभाव जितना सरल है, उनकी राजनीति उतनी ही धारदार। युवाओं में उनकी जबरदस्त पकड़ है—क्योंकि वे सिर्फ भाषण नहीं देते, बल्कि साथ लेकर चलते हैं। यही वजह है कि उनके साथ हमेशा युवाओं की एक मजबूत फौज खड़ी रहती है। पार्टी ने उन्हें कई जिलों में प्रभारी और ऑब्जर्वर बनाकर उनकी क्षमता का उपयोग किया है। अब प्रदेश महासचिव के रूप में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपने अनुभव, संघर्ष और जमीनी समझ से संगठन को किस ऊंचाई तक ले जाते हैं। आज उनके इस नए दायित्व से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा, नया जोश और नई उम्मीद जगी है। आम कांग्रेसियों से लेकर बुद्धिजीवियों तक, हर कोई यह मान रहा है कि पार्टी ने इस बार एक ऐसे योद्धा को जिम्मेदारी दी है, जो सिर्फ कुर्सी नहीं, बल्कि विचार और संघर्ष की राजनीति को आगे बढ़ाएगा।
भीषण गर्मी पर CM हेमंत सोरेन सख्त: पेयजल-बिजली-स्वास्थ्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के वरीय पदाधिकारियों एवं सभी उपायुक्तों के साथ बैठक कर भीषण गर्मी तथा बढ़ते तापमान की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी के इस मौसम में आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि अपने‑अपने जिलों में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी क्षेत्र में जल‑संकट की स्थिति उत्पन्न न हो। जलापूर्ति योजनाओं, चापाकलों, टैंकरों और अन्य वैकल्पिक जल‑स्रोतों की नियमित निगरानी की जाए तथा जहां भी समस्या की सूचना मिले, वहां त्वरित कार्रवाई की जाए।

बिजली एवं स्वास्थ्य सेवाओं में ढिलाई बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था की भी समीक्षा करते हुए कहा कि गर्मी के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला प्रशासन संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर बिजली कटौती, ट्रांसफॉर्मर की खराबी तथा आपूर्ति बाधित होने जैसी शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करे। स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में मुख्यमंत्री ने सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा अन्य चिकित्सा संस्थानों में हीटवेव और लू से प्रभावित लोगों के उपचार की समुचित व्यवस्था रहे। आवश्यक दवाइयों, ओ.आर.एस., पेयजल, चिकित्सा उपकरणों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

सीधे संवाद से ही होगा समाधान : मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को क्षेत्र भ्रमण और जनसुनवाई का दिया सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण करें और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का भौतिक निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने भ्रमण की जानकारी मुख्यालय को साझा करें, जहां भी जाएं, वहां की तस्वीरें भी भेजें। साथ ही, स्थानीय लोगों से अनिवार्य रूप से मिलकर उनकी समस्याएं सुनें। उन्होंने कहा कि जनता से सीधा संवाद प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करता है और समस्याओं के त्वरित समाधान में सहायक होता है।

प्रशासनिक तत्परता और आपसी समन्वय से सुनिश्चित हो जन‑सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी की इस स्थिति में प्रशासनिक तत्परता, सतत निगरानी और मानवीय संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी नागरिक को पानी, बिजली या स्वास्थ्य‑सुविधाओं के अभाव में कठिनाई का सामना न करना पड़े। बैठक में विभिन्न जिलों की स्थिति की समीक्षा की गई और अधिकारियों को आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि सभी उपायुक्त राज्य सरकार के निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन करते हुए आवश्यक राहत एवं देय सुविधाओं को प्रभावी रूप से प्रबंधित करेंगे।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग श्री अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग श्रीमती वंदना दादेल, विभिन्न विभागों के सचिव, सभी जिलों के उपायुक्त एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

जंगल महल की जीत से साकार होगा 'सोनार बांग्ला' का सपना, चंपाई सोरेन ने जताया जनता का आभार


झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने पश्चिम बंगाल के जंगल महल क्षेत्र में बीजेपी के अभूतपूर्व जीत के लिए जंगल महल क्षेत्र के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए जंगल महल धन्यवाद कहा है.

एक्स पर किया पोस्ट

पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने सोशल साइड X पर ट्वीट करते हुए आगे कहा है कि ” इन चुनावों में 40 में से 38 विधानसभा सीटें भाजपा की झोली में डाल कर आपने जो विश्वास हम पर दिखाया है, वह अभूतपूर्व है. भाजपा परिवार का एक सदस्य होने के नाते आपको आश्वस्त करना चाहूंगा कि हमारे सभी विधायक आपके हर सुख-दुख में सदैव शामिल रहेंगे और पश्चिम बंगाल में बनने जा रही

भाजपा सरकार क्षेत्र के कायाकल्प के लिए रात-दिन एक कर देगी. माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में बंगाल अब विकास की नई गाथा लिखेगा. अब डर, भय और प्रतिशोध नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच के साथ हर नागरिक के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास होगा. अंत्योदय, उन्नयन, महिला सुरक्षा एवं सांस्कृतिक अस्मिता को आगे रखते हुए “सोनार बांग्ला” का सपना साकार होगा.

पांच विधानसभा चुनावों में किसने कहां मारी बाजी, पूरे देश से लेफ्ट सरकार का सुपड़ा साफ

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पश्चिम बंगाल से लेकर असम, केरल और तमिलनाडु सहित पांच राज्यों के चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की। बंगाल में टीएमसी को हराकर भाजपा पहली बार सत्ता में आई। पार्टी दस साल में 3 सीटों से 206 सीटों पर पहुंच गई है। तमिलनाडु में एक्टर थलपति विजय की पार्टी टीवीके ने सबसे ज्यादा सीटें लाकर चौंका दिया। 59 साल में पहली बार राज्य में ऐसी सरकार बनने जा रही है, जिसमें डीएमके या एआईएडीएमके नहीं होगी।

बंगाल में 15 साल बाद ममता का राज खत्म

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में इस बार बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने सत्ता का शिखर छू लिया। ममता बनर्जी की टीएमसी को एकतरफा हराकर भाजपा ने सबसे मुश्किल किला यानी बंगाल फतह कर लिया। बंगाल में भाजपा ने 206 सीटें जीती हैं। जबकि तृणमूल कांग्रेस 100 का आंकड़ा भी नहीं छू सकी, पार्टी 80 सीट पर जीत दर्ज की।

तमिलनाडु के नतीजों ने किया हैरान

सबसे अधिस हैरानी तमिलनाडु में हुई। तमिलनाडु की सियासत में पहली बार किस्मत आजमा रहे थलापति विजय ने अपनी पार्टी टीवीके को जबरदस्त जीत दिलाई। चुनावी राजनीति में शानदार आगाज से विजय ने तमिलनाडु की सियासत में लंबे समय से दबदबा रखने वाले द्रमुक और अन्नाद्रमुक को बहुत पीछे छोड़ दिया है। अपने पहले ही चुनाव में उन्होंने राज्य के राजनीतिक समीकरण को हिलाकर रख दिया है। विजय की पार्टी टीवीके ने 100 सीटों का आंकड़ा पार करते हुए 108 सीटों पर कब्जा जमाया है। मगर 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटें हासिल करने से चूक गई। सरकार बनाने के लिए टीवीके को कम से कम 10 सीटों की दरकार होगी।

असम में तीसरी बार भाजपा सरकार

असम में भी हिमंता सरकार की वापसी हुई है। भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। BJP ने यहां अकेले ही 82 सीटें जीतीं, जो बहुमत के आंकड़े से 18 ज्यादा है। असम में 126 सीटों पर चुनाव हुआ। भाजपा ने 89 पर चुनाव लड़ा और 82 सीटें जीतीं। मौजूदा भाजपा सरकार का कोई भी मंत्री चुनाव नहीं हारा। ऐसा देश में पहली बार हुआ। उसकी जीत का स्ट्राइक रेट सबसे ज्यादा 92.1% रहा।

10 साल बाद कांग्रेस सरकार की वापसी

केरलम में 10 साल बाद कांग्रेस सरकार की वापसी हुई है। केरलम में कांग्रेस ने 114 में से 63 सीटें अपने नाम की है। हालांकि सीएम पिनाराई विजयन अपनी सीट धरमदम से जीत गए, लेकिन राज्य में एलडीएफ की करारी हार हुई। एलडीएफ सरकार के 21 में से 13 मंत्री चुनाव हारे हैं। इनमें स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज, परिवहन मंत्री के बी गणेश कुमार, उद्योग मंत्री पी राजीव, उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदु, खेल मंत्री वी अब्दुरहीमान और देवस्वोम मंत्री वी एन वासवन शामिल हैं।

पुडुचेरी में रंगासामी पांचवीं बार सीएम बनेंगे

एन. रंगासामी 5वीं बार पुडुचेरी के सीएम बनेंगे। उनकी पार्टी AINRC ने 12 सीटें जीतीं। वो पहली बार 2001 में सीएम बने थे। उनकी सरकार के 2 मंत्रियों लक्ष्मीनारायणन और चंद्रा प्रियंगा को हार का सामना करना पड़ा है।

लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर पर सजेगा ‘तेजस’, शहर को मिलेगी नई पहचान

15 फीट लंबा एयरक्राफ्ट मॉडल बनेगा आकर्षण का केंद्र, ‘तेजस चौराहा’ के रूप में विकसित होगी रोटरी

लखनऊ। राजधानी लखनऊ की खूबसूरती में जल्द ही एक नया आयाम जुड़ने जा रहा है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा नव निर्मित ग्रीन कॉरिडोर पर स्वदेशी लड़ाकू विमान HAL Tejas का आकर्षक मॉडल स्थापित किया जाएगा, जो शहर में सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक बनेगा।

एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि यह पहल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन में की जा रही है। उनकी अनुशंसा पर Hindustan Aeronautics Limited द्वारा ‘तेजस’ का मॉडल बेंगलुरु से मंगाया गया है। वर्तमान में इसे जनेश्वर मिश्र पार्क में सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने बताया कि समतामूलक चौराहे के पास ग्रीन कॉरिडोर के प्रवेश द्वार पर इस मॉडल को स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही इस रोटरी को ‘तेजस चौराहा’ नाम दिया जाएगा, जो आने वाले समय में शहर का प्रमुख आकर्षण बनेगा।

15 दिन में होगा स्थापना कार्य पूरा

एलडीए उपाध्यक्ष के अनुसार, मॉडल की स्थापना के लिए स्थल पर फाउंडेशन और सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। लगभग 15 दिनों के भीतर यह कार्य पूर्ण कर मॉडल को पार्क से ग्रीन कॉरिडोर की रोटरी पर स्थापित कर दिया जाएगा।

आकर्षक और वास्तविक आकार का मॉडल

यह मॉडल 15 फीट लंबा और लगभग 9.5 फीट चौड़ा होगा, जिसका वजन करीब 200 किलोग्राम है। इसे वास्तविक तेजस विमान की तरह डिजाइन किया गया है, जिससे यह देखने में बिल्कुल असली जैसा प्रतीत होगा। यह पहल न केवल लखनऊ की सुंदरता को बढ़ाएगी, बल्कि युवाओं को भारतीय वायुसेना और देश की रक्षा शक्ति के प्रति प्रेरित भी करेगी।

तीन राज्यों में भाजपा की प्रचंड जीत पर गया में जश्न, टावर चौक पर उमड़ा उत्साह, भाजपा नेता मनोज कुमार ने कहा- मौजूदा सरकार से असंतुष्ट थी जनता

गया। पश्चिम बंगाल सहित तीन राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रचंड जीत के बाद गया जी शहर में जश्न का माहौल देखने को मिला। शहर के प्रमुख स्थल टावर चौक पर सोमवार को बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक एकत्र हुए और जीत की खुशी मनाई।

इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को झालमुड़ी और मिठाई खिलाकर बधाई दी तथा ढोल-नगाड़ों और नारेबाजी के साथ अपनी खुशी का इजहार किया। जश्न में शामिल कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। सभी ने पार्टी के झंडे लहराए और “भारत माता की जय” तथा “भाजपा जिंदाबाद” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। इस अवसर पर स्थानीय भाजपा नेता मनोज कुमार ने कहा कि यह जीत केवल भाजपा की नहीं, बल्कि आम जनता की जीत है। उन्होंने कहा कि लोगों ने विकास, सुशासन और मजबूत नेतृत्व पर भरोसा जताया है।

भाजपा नेता मनोज कुमार ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में जनता लंबे समय से बदलाव चाहती थी और मौजूदा सरकार से असंतुष्ट थी। इसी कारण इस बार मतदाताओं ने भाजपा को बहुमत देकर स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की ताकत का प्रतीक बताते हुए कहा कि जनता ने अपने मताधिकार का सही इस्तेमाल किया है। कार्यक्रम में मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं ने भी पार्टी की इस जीत को ऐतिहासिक बताया और कहा कि आने वाले समय में भाजपा और भी मजबूती के साथ जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरेगी।

असम की जनता को हेमंत सोरेन का 'जोहार': बिना गठबंधन के झामुमो ने दिखाया दम!

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झामुमो के असम में शानदार प्रदर्शन से गदगद हैं. उन्होंने चुनाव परिणाम के बाद वहां की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपने संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया है. पार्टी ने बेहद सीमित समय और संसाधनों के बावजूद राज्य की 16 महत्वपूर्ण सीटों पर चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक पकड़ का अहसास कराया. झारखड के सीएम का कहना है कि बिना किसी बड़े गठबंधन के पहली ही कोशिश में 2 सीटों पर दूसरे स्थान पर रहना और 7 सीटों पर 15 हजार से अधिक मत प्राप्त करना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पार्टी की विचारधारा ने जनता के बीच पैठ बनानी शुरू कर दी है.

अस्तित्व और अधिकारों की लड़ाई

हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया के जरिये पोस्ट कर झामुमो के चुनाव लड़ने की वजह को भी बता दिया है. उन्होंने कहा कि JMM का फैसला केवल राजनीतिक विस्तार तक सीमित नहीं था, बल्कि पार्टी का मुख्य उद्देश्य वहां के आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक समाज की दयनीय स्थिति को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना था. JMM ने आदिवासियों को ST का दर्जा न मिलना, चाय बागान मजदूरों को उचित मजदूरी का अभाव और जमीन के अधिकारों से वंचित रहने जैसे गंभीर मुद्दों को अपने संघर्ष की नींव बनाया है. झारखंड के मुख्यमंत्री का मानना है कि आने वाले समय में संगठन और भी मजबूत होकर उभरेगा.

जनता का मिला अभूतपूर्व सहयोग

झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम की जनता को ‘जोहार’ कहते हुए उनके विश्वास और सक्रिय भागीदारी के लिए हृदय से आभार प्रकट किया है. सीएम ने कहा कि इस संघर्ष में जिस तरह से लोगों ने साथ दिया, वह अत्यंत हौसला बढ़ाने वाला और नई ऊर्जा का स्रोत है. यह परिणाम स्पष्ट करते हैं कि आदिवासी समाज के मुद्दों को अब और अधिक मजबूती के साथ उठाया जाना आवश्यक है.

निरंतर जारी रहेगा संघर्ष

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि यह केवल एक चुनावी प्रयास नहीं था, बल्कि यह अस्तित्व और अधिकारों की एक लंबी लड़ाई है, पार्टी ने प्रतिबद्धता दोहराई है कि आदिवासियों के सम्मान और पहचान के लिए उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा. असम के चुनावी परिणाम बताते हैं कि भविष्य में JMM वहां एक निर्णायक राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित होने की दिशा में अग्रसर है.