आईपीएल 2026 से बांग्लादेश के मुस्तफिजुर रहमान बाहर, शाहरुख खान की टीम से छुट्टी

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बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ चल रही हिंसा के कारण भारत में भावनात्मक उबाल जोरों पर है। इसका असर क्रिकेट भी भी दिख रहा है। इंडियन प्रीमियर लीग में बांग्लादेशी क्रिकेटर के खेलने को लेकर लगातार चल रहे विरोध के बाद अब इस मामले में कार्रवाई की गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को अपने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने का आदेश दिया है।

बीसीसीआई का बड़ा फैसला

बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान आईपीएल 2026 नहीं खेलेंगे। कोलकाता नाइटराइडर्स ने उन्हें स्क्वॉड से रिलीज कर दिया है। दरअसल, भारत में भारी विरोध के बीच मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 से हटाने की मांगों के बीच बीसीसीआई ने बड़ा फैसला लिया था। बीसीसीआई सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने बताया कि बोर्ड ने शाहरुख खान की आईपीएल फ्रेंचाइजी केकेआर से मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने के आदेश दे दिए हैं।

केकेआर ने मुस्तफिजुर को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था

बता दें कि बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को केकेआर फ्रेंचाइजी ने आईपीएल 2026 की नीलामी में 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था। हालांकि, हाल ही में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा के बाद लगातार केकेआर और टीम के मालिक शाहरूख खान पर सवाल उठाए जा रहे थे। बीसीसीआई की भी आलोचना हो रही थी। विवाद को बढ़ता देख अब बीसीसीआई ने मामले में हस्तक्षेप किया और केकेआर को मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने का निर्देश दिया।

बांग्लादेश में हिंदूओं पर हिंसा को लेकर बढ़ा विवाद

मुस्तफिजुर रहमान पहले भी आईपीएल का हिस्सा रहे हैं और कई फ्रेंचाइजी के लिए खेल चुके हैं। लेकिन इस बार ही उनके खेलने पर बवाल हो रहा है। दरअसल, इसकी पूरी जड़ बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा की घटनाएं हैं। हाल के महीनों में बांग्लादेश से आई इन खबरों ने भारत में चिंता बढ़ाई है। इस कारण ही भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों में कुछ दिनों में टकरार देखने मिली है। इन्हीं घटनाओं का हवाला देते हुए भाजपा और शिवसेना के कई नेताओं ने आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ी को खेलने देने पर सवाल खड़े किए थे। मुस्तफिजुर को खरीदने पर राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली। जहां कुछ नेता इसे देशद्रोह से जोड़ रहे हैं, वहीं कई राजनीतिक दल और नेता शाहरुख खान के समर्थन में खुलकर सामने आए थे।

यूपी में ठंड का कहर तेज, गलन-कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें, 12वीं तक के स्कूल 5 जनवरी तक बंद
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में सर्दी ने शुक्रवार को और सख्त तेवर दिखा दिए। सर्द पछुआ हवाओं के साथ गलन इतनी बढ़ गई कि धूप निकलने के बावजूद लोगों को ठिठुरन से राहत नहीं मिली। प्रदेश के अधिकांश जिले इस समय शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की चेतावनी दी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया

बढ़ती ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने आईसीएसई, सीबीएसई और यूपी बोर्ड के कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों को 5 जनवरी तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले सोमवार से बृहस्पतिवार तक छुट्टियां घोषित की गई थीं और शुक्रवार को माध्यमिक विद्यालय खुले थे, लेकिन ठंड के प्रकोप को देखते हुए अब फिर से स्कूल बंद करने का आदेश जारी किया गया है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने कक्षा 9 से 12 तक के विद्यालयों के लिए आदेश जारी किया, वहीं बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने कक्षा 1 से 8 तक के सभी बोर्ड के स्कूलों में भी 5 जनवरी तक अवकाश घोषित कर दिया है।

लखनऊ समेत कई जिलों में शीत दिवस की आशंका

राजधानी लखनऊ में देर रात हल्की फुहारें पड़ीं, जिससे ठंड और बढ़ गई। मौसम विभाग ने शनिवार के लिए लखनऊ समेत प्रदेश के आठ जिलों में शीत दिवस की आशंका जताई है। शुक्रवार को दिन में 10 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली सर्द पछुआ हवाओं ने गलन को और तेज कर दिया।

प्रदेश में बाराबंकी और हरदोई सबसे ठंडे रहे, जहां न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बरेली में अधिकतम तापमान महज 13.3 डिग्री रहा, जो प्रदेश में सबसे ठंडा दिन रहा। घने कोहरे के कारण कानपुर, आगरा, गोरखपुर और अमेठी में दृश्यता शून्य तक पहुंच गई।

34 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ों से आ रही सर्द पछुआ हवाओं के कारण अगले तीन दिनों में प्रदेश के दिन और रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट हो सकती है। शनिवार के लिए 34 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

सीएम के निर्देश: अलाव और कंबल की व्यवस्था हो पुख्ता

ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाए जाएं और जरूरतमंदों को कंबल उपलब्ध कराए जाएं। सीएम ने कहा कि कोई भी व्यक्ति खुले में न सोए और सभी रैन बसेरों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

मौसम वैज्ञानिकों की चेतावनी

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने और सर्द पछुआ के असर से यूपी में रातों का तापमान तेजी से गिरेगा। अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है और शीतलहर का असर और बढ़ सकता है।कुल मिलाकर, प्रदेश में ठंड का यह दौर फिलहाल थमने वाला नहीं है और लोगों को अभी कुछ दिन और कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ेगा।
यूपी में ठंड का कहर तेज, गलन-कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें, 12वीं तक के स्कूल 5 जनवरी तक बंद
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में सर्दी ने शुक्रवार को और सख्त तेवर दिखा दिए। सर्द पछुआ हवाओं के साथ गलन इतनी बढ़ गई कि धूप निकलने के बावजूद लोगों को ठिठुरन से राहत नहीं मिली। प्रदेश के अधिकांश जिले इस समय शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की चेतावनी दी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया

बढ़ती ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने आईसीएसई, सीबीएसई और यूपी बोर्ड के कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों को 5 जनवरी तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले सोमवार से बृहस्पतिवार तक छुट्टियां घोषित की गई थीं और शुक्रवार को माध्यमिक विद्यालय खुले थे, लेकिन ठंड के प्रकोप को देखते हुए अब फिर से स्कूल बंद करने का आदेश जारी किया गया है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने कक्षा 9 से 12 तक के विद्यालयों के लिए आदेश जारी किया, वहीं बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने कक्षा 1 से 8 तक के सभी बोर्ड के स्कूलों में भी 5 जनवरी तक अवकाश घोषित कर दिया है।

लखनऊ समेत कई जिलों में शीत दिवस की आशंका

राजधानी लखनऊ में देर रात हल्की फुहारें पड़ीं, जिससे ठंड और बढ़ गई। मौसम विभाग ने शनिवार के लिए लखनऊ समेत प्रदेश के आठ जिलों में शीत दिवस की आशंका जताई है। शुक्रवार को दिन में 10 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली सर्द पछुआ हवाओं ने गलन को और तेज कर दिया।

प्रदेश में बाराबंकी और हरदोई सबसे ठंडे रहे, जहां न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बरेली में अधिकतम तापमान महज 13.3 डिग्री रहा, जो प्रदेश में सबसे ठंडा दिन रहा। घने कोहरे के कारण कानपुर, आगरा, गोरखपुर और अमेठी में दृश्यता शून्य तक पहुंच गई।

34 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ों से आ रही सर्द पछुआ हवाओं के कारण अगले तीन दिनों में प्रदेश के दिन और रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट हो सकती है। शनिवार के लिए 34 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

सीएम के निर्देश: अलाव और कंबल की व्यवस्था हो पुख्ता

ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाए जाएं और जरूरतमंदों को कंबल उपलब्ध कराए जाएं। सीएम ने कहा कि कोई भी व्यक्ति खुले में न सोए और सभी रैन बसेरों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

मौसम वैज्ञानिकों की चेतावनी

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने और सर्द पछुआ के असर से यूपी में रातों का तापमान तेजी से गिरेगा। अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है और शीतलहर का असर और बढ़ सकता है।कुल मिलाकर, प्रदेश में ठंड का यह दौर फिलहाल थमने वाला नहीं है और लोगों को अभी कुछ दिन और कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ेगा।
संगम की रेती पर आस्था का महोत्सव, दिव्यता और व्यवस्था का अनूठा संगम

संजय द्विवेदी,प्रयागराज । संगम की पावन रेती एक बार फिर श्रद्धा, साधना और सनातन परंपरा की साक्षी बन गई है। तंबुओं से सजी अस्थायी नगरी में माघ मेले का भव्य शुभारंभ हो चुका है। पहले मुख्य स्नान पर्व पौष पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा-यमुना के पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाई। हर-हर गंगे और जय सनातन के उद्घोष से संगम तट आध्यात्मिक ऊर्जा से गूंज उठा।

12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आगमन की संभावना

44 दिनों तक चलने वाला यह ऐतिहासिक मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा का जीवंत उत्सव भी है। मेला प्रशासन के अनुसार इस अवधि में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आगमन की संभावना है, जबकि करीब 20 लाख कल्पवासी तीन जनवरी से एक फरवरी तक कठोर नियमों के साथ कल्पवास कर साधना में लीन रहेंगे।

मेला क्षेत्र में 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर इस बार विशेष सतर्कता बरती गई है। मेला क्षेत्र में 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। पूरे माघ मेले को सात सेक्टरों में विभाजित किया गया है और इसे महाकुंभ मॉडल पर आधारित टेंट सिटी के रूप में विकसित किया गया है।

26 किलोमीटर लंबे मार्ग चेकर्ड प्लेट से तैयार किए गए

करीब 800 हेक्टेयर में फैले मेला क्षेत्र में 126 किलोमीटर लंबे मार्ग चेकर्ड प्लेट से तैयार किए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम हो सके। रात्रि के समय संगम की छटा और भी मनमोहक हो जाती है—नावों पर एलईडी लाइट से सजी रंगीन छतरियां, जल में सात रंगों की रोशनी छोड़ते फव्वारे और घाटों पर बनाए गए कलर-कोडेड चेंजिंग रूम श्रद्धालुओं को दिव्य अनुभूति कराते हैं।

पौष पूर्णिमा से ही कल्पवासियों का व्रत आरंभ

पौष पूर्णिमा से ही कल्पवासियों का व्रत आरंभ हो गया है। आचार्य चौक, दंडीवाड़ा, खाक चौक, तीर्थ पुरोहितों के शिविर और प्रमुख आध्यात्मिक संस्थाओं के आश्रम पूरी तरह सज-संवर चुके हैं। पहले पुण्य स्नान के साथ ही संगम तट पर आस्था, परंपरा और संस्कृति का अनुपम संगम देखने को मिला। माघ मेला आज भी सदियों पुरानी सनातन परंपरा का सशक्त प्रतीक बना हुआ है।

स्वच्छता बनाए रखने के लिए 3300 सफाईकर्मी तैनात

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला क्षेत्र से लेकर शहर तक रंग-बिरंगे संकेतक बोर्ड, हेल्प डेस्क और सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं। परिवहन व्यवस्था के तहत 3800 रोडवेज बसें, 75 ई-बसें और 500 से अधिक ई-रिक्शा मेला क्षेत्र में संचालित किए जा रहे हैं। अग्नि सुरक्षा के लिए 17 फायर स्टेशन, जबकि स्वच्छता बनाए रखने के लिए 3300 सफाईकर्मी चौबीसों घंटे तैनात हैं।

17 अस्थायी थाने और 42 पुलिस चौकियां स्थापित

मेला क्षेत्र में 17 अस्थायी थाने और 42 पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। एसपी मेला नीरज कुमार पांडेय के अनुसार, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है।महाकुंभ के अनुभवों से प्रेरित इस माघ मेले में संगम क्षेत्र को जोड़ने के लिए सात पांटून पुल, जबकि फाफामऊ क्षेत्र में दो अतिरिक्त पुल बनाए गए हैं।

सौंदर्य का भव्य संगम बन चुका है माघ मेला

सभी पुलों को दिशा-विशेष के अनुसार आरक्षित किया गया है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी अवरोध के पुण्य लाभ प्राप्त कर सकें। संगम की रेती पर बसी यह तंबुओं की नगरी इन दिनों आस्था, अनुशासन, सुरक्षा और सौंदर्य का भव्य संगम बन चुकी है।

साहिबगंज में दर्दनाक हादसा, दो वाहनों की भिड़ंत में 4 की मौत

साहिबगंज: ऑटो और टैंकर की भिड़ंत में 4 लोगों की मौत हो गई. जबकि 5 लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं. हादसा बरहेट-बरहड़वा मुख्य पथ पर छोटा रांगा डांड़ पुल मोड़ के पास हुआ है. घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है.

बता दें कि बरहेट-बरहड़वा मुख्य पथ पर छोटा रांगा डांड़ पुल मोड़ ऑटो और तेल टेंकर में भिड़ंत होने से यह हादसा हुआ है. ऑटो यात्री को लेकर बरहेट से बरहड़वा की तरफ जा रहा था. तेज रफ्तार से आ रहे तेल टैंकर से आमने सामने भीषण टक्कर हो गई. इस दुर्घटना में 4 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है. 5 जख्मी हैं. सभी का इलाज इलाज अलग-अलग जगहों पर चल रहा है.

मृतकों में रांगा थाना क्षेत्र के बड़ा रांगा गांव का 40 वर्षीय समरा साह, घटियारी की 30 वर्षीय रंदनी सोरेन, डाहूजोर की छह वर्षीय शांति हेम्ब्रम और ऑटो चालक बरहड़वा थाना क्षेत्र का बिशनपुर निवासी 34 वर्षीय अमल दत्ता शामिल है. वहीं घायलों में डाहूजोर निवासी 8 वर्षीय सगुन हांसदा और 8 वर्षीय नेहा मुर्मू, बड़ा रांगा निवासी 35 वर्षीय भोला साहा, अठगावां निवासी तालामय हेम्ब्रम और आठ वर्षीय बाबूराम शामिल हैं. घायलों की हालत नाजुक है.

बताया जा रहा है कि ऑटो बरहेट से बरहड़वा जा रहा था, जबकि तेल टैंकर बरहड़वा से तेल खाली कर बरहेट की ओर जा रहा था तभी यह घटना हुई. सभी यात्री डहुआजोड़ चौक पर उतरने वाले थे लेकिन उससे पूर्व ही हादसा हो गया. मरने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है.

घटना के बाद इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर कुछ लोगों ने रांगा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पतना में तोड़फोड़ भी की. बरहड़वा एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल ने घटना स्थल पर पहुंच मोर्चा को संभाला. बरहड़वा व रांगा थाने की पुलिस को भेजा गया. अस्पातल की स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां जुटे हुए हैं. पुलिस शवों को पाेस्टमार्टम के लिए ले जाना चाहती थी लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें रोक दिया है.

सीएस रामदेव पासवान भी पतना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच मोर्चा संभाले हुए हैं. सीएस ने बताया कि पुलिस की मदद से स्थिति को काबू में कर लिया गया है. उन्होंने बताया कि उन्हें तीन लोगों के मरने की जानकारी है. घायलों का इलाज चल रहा है.

मिशन 2026: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दी शुभकामनाएं, सुख-समृद्धि और शांति के वातावरण पर दिया जोर।

रांची: नए साल 2026 के स्वागत के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आज उत्सव का माहौल रहा। राज्य के तमाम वरीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें नववर्ष की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।

प्रशासनिक अधिकारियों की रही गौरवमयी उपस्थिति मुख्यमंत्री से मिलने वालों में प्रशासनिक सेवा के दिग्गज शामिल थे। इनमें प्रमुख रूप से कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीक, उद्योग सचिव श्री अरवा राजकमल, योजना सचिव श्री मुकेश कुमार, ग्रामीण कार्य सचिव श्री के श्रीनिवासन, और आईटी सचिव श्रीमती पूजा सिंघल शामिल रहीं। इनके अलावा धनबाद के उपायुक्त श्री आदित्य रंजन, गढ़वा के उपायुक्त श्री दिनेश कुमार यादव और रांची नगर आयुक्त श्री सुशांत गौरव सहित कई जिलों के डीडीसी और एसडीओ ने भी मुख्यमंत्री को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

पुलिस महकमे के आला अधिकारियों ने भी की भेंट सुरक्षा और कानून व्यवस्था के मोर्चे पर तैनात वरीय पुलिस अधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इसमें एसीबी एडीजी श्रीमती प्रिया दुबे, सीआईडी आईजी श्री असीम विक्रांत मिंज, आईजी मुख्यालय श्री सुदर्शन प्रसाद मंडल के साथ-साथ बोकारो और हजारीबाग के डीआईजी शामिल थे। रांची के सिटी, ग्रामीण और ट्रैफिक एसपी ने भी मुख्यमंत्री को नए साल की बधाई दी।

विभिन्न संस्थानों के प्रमुखों की शिरकत राजनीतिक और प्रशासनिक हस्तियों के अलावा सीसीएल के सीएमडी श्री एनके सिंह, महाधिवक्ता श्री राजीव रंजन, जेपीएससी सदस्य डॉ जमाल अहमद और एनएचएआई (NHAI) के क्षेत्रीय अधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री से मिलकर सौहार्दपूर्ण चर्चा की।

मुख्यमंत्री का संदेश: सबके साथ से सशक्त झारखंड अधिकारियों का अभिनंदन स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सभी को अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा, "आप सभी के सहयोग और सामूहिक प्रयासों से हम झारखंड को एक सशक्त और मजबूत राज्य बनाएंगे।" मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि वर्ष 2026 राज्य में सुख, समृद्धि, शांति और आपसी सद्भाव का संचार करेगा।

मुख्य बिंदु (Key Highlights)

भेंट का स्वरूप: शिष्टाचार मुलाकात (नववर्ष अभिनंदन)।

प्रमुख उपस्थिति: दर्जनों विभाग के सचिव, उपायुक्त, आईजी, डीआईजी और एसपी।

मुख्यमंत्री का विजन: सामूहिक प्रयासों से सशक्त झारखंड का निर्माण।

प्राथमिकता: राज्य में शांति, समृद्धि और विकास का वातावरण।

रंगमंच की गंगा कितनी पावन कितनी पतित विषयक गोष्ठी सपन्न

संजय द्विवेदी प्रयागराज।अभिनव सांस्कृतिक संगठन के तत्वावधान में अपने 48वे स्थापना दिवस पर कार्यालय कालादांडा प्रयागराज में रंगमंच की गंगा–कितनी पावन कितनी पतित विषय पर एक विचारोत्तेजक गोष्ठी का आयोजन सम्पन्न हुआ।गोष्ठी में रंगमंच की वर्तमान स्थिति उसकी वैचारिक शुचिता सामाजिक दायित्व और समकालीन चुनौतियो पर गम्भीर विमर्श किया गया।गोष्ठी में प्रख्यात अन्तर्राष्ट्रीय चित्रकार रवीन्द्र कुशवाहा ने रंगमंच की तुलना गंगा के प्रवाह से करते हुए कहा कि इसमें पवित्रता अत्यधिक और विकृतियाँ कम है थोड़ी सावधानी बरती जाए तो विकृतियां खत्म हो सकती हैं। वरिष्ठ निर्देशक अजय मुखर्जी ने रंगमंच की सामाजिक प्रतिबद्धता पर बल देते हुए कहा कि रंगकर्म तभी सार्थक है जब वह जनसरोकारों से जुड़ा रहे।वरिष्ठ रंगकर्मी सुबोध सिंह गुरुविंदर सिंह तथा राकेश वर्मा ने समकालीन रंगमंच में व्यावसायिक दबाव मौलिकता के संकट और दर्शक-संवेदना पर अपने विचार रखे।वक्ताओ ने चिंता व्यक्त की कि आज रंगमंच को अपनी पावन परंपरा और वैचारिक गरिमा को बनाए रखने के लिए निरन्तर संघर्ष करना पड़ रहा है।कार्यक्रम में ऋचा शुक्ला समृद्धि गौड़, शादमा खातून अभिषेक सिंह रेडियो कम्पेयर एवं रंगकर्मी तथा प्रमिल अस्थाना अभिनव के प्रथम सचिव अजय मुखर्जी विनोद रस्तोगी संस्थान से आलोक नगर द थर्ड बेल संस्था से राकेश वर्मा समयांतर संस्था से अभिनव संस्था की वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रतिमा श्रीवास्तव तथा संस्थापक सचिव प्रवीण अस्थाना सहित प्रयागराज के अनेक महत्वपूर्ण और सक्रिय रंगकर्मियों की उल्लेखनीय व्याख्यान रहे।गोष्ठी के दौरान खुली चर्चा में युवा कलाकारो ने भी सक्रिय सहभागिता की। गोष्ठी का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि रंगमंच की गंगा को वैचारिक रूप से निर्मल सामाजिक रूप से प्रासंगिक और सृजनात्मक रूप से जीवंत बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।

डीआईजी एवं डीएम ने विन्ध्याचल सहित रेलवे स्टेशन का किया निरीक्षण
पूर्णिमा पर्व एवं माघ मेला प्रयागराज के दौरान विन्ध्याचल में आने वाले तीर्थ यात्रियों के सुविधा के दृष्टिगत अधिकारियों ने परखी व्यवस्था

मीरजापुर। पूर्णिमा पर्व एवं प्रयागराज में आयोजित होने वाले माघ मेला के दौरान मां विन्ध्यवासिनी देवी के धाम विन्ध्याचल में आने वाले तीर्थ यात्रियों, विन्ध्याचल एवं मिर्जापुर चील्ह आदि के रास्ते प्रयागराज जाने वाले यात्रियों के सुविधा के दृष्टिगत जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार व उप पुलिस महानिरीक्षक सोमेन वर्मा ने शुक्रवार को मिर्जापुर रेलवे स्टेशन, विन्ध्याचल रेलवे स्टेशन, नटवा तिराहा, अटल चैराहा सहित गैपुरा के रास्ते जिगना के पास मिर्जापुर प्रयागराज मार्ग पर स्थित पाली बार्डर तक भ्रमण कर मार्गो व प्रमुख चौराहों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी व उप पुलिस महानिरीक्षक ने विन्ध्याचल मन्दिर सहित विभिन्न मार्गो का निरीक्षण कर आने वाले दर्शनार्थियों के लिए पार्किंग, पेयजल, शौचालय, घाटों व गलियों में प्रकाश व्यवस्था, अलाव व साफ सफाई की व्यवस्था आदि के दृष्टिगत निरीक्षण कर सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। तत्पश्चात विन्ध्याचल से जिगना पाली बार्डर तक भ्रमण कर निरीक्षण किया गया तथा प्रमुख चौराहो व मार्गो पर यातायात व्यवस्था के सम्बंध में सम्बन्धित अधिकारियो को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी व उप पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि पूर्णिमा पर्व पर आने वाले श्रद्धालुओं को विन्ध्याचल मां विन्ध्यवासिनी देवी के दर्शन हेतु किसी प्रकार की असुविधा न हो जिसकी जनुपयोगी व्यवस्था व सुरक्षा के लिए निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सदर गुलाब चंद्र, क्षेत्राधिकारी नगर विवेक जावला सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।
पत्रकार को मातृ शोक, साथियों ने अर्पित की श्रद्धांजलि

मीरजापुर। जनपद के वरिष्ठ पत्रकार रहे स्वर्गीय कोमल चंद्र वर्मा की पत्नी एवं पत्रकार सुजीत वर्मा की माता चिंता देवी का 82 वर्ष की अवस्था में निधन हो गया। पिछले कुछ वर्षों से वह अस्वस्थ चल रही थी, जिनका उनके शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत दुर्गा देवी मोहल्ला स्थित आवास पर ही उपचार चल रहा था। बुधवार को अचानक तबीयत बिगड़ने पर उनके बेटे सुजीत कुमार वर्मा उन्हें लेकर जिला मंडलीय अस्पताल पहुंचे थे जहां उपचार के दौरान सायं 6 बजे उन्होंने जीवन की अंतिम सांस ली है।

जिनका देर रात अंतिम दाह संस्कार चौबे घाट स्थित गंगा नदी तट पर पूरे विधि-विधान से किया गया। जिन्हें मुखाग्नि उनके बेटे सुजीत वर्मा ने दी है। इस दौरान तमाम पत्रकार नगर के गणमान्य जनों सहित मोहल्ले के लोग उपस्थित रहे हैं।
सम्भल में अधूरा पॉलिटेक्निक कॉलेज: शिक्षण कार्य शुरू कराने की मांग
सम्भल। वरिष्ठ बसपा और सामाजिक कार्यकर्ता मौहम्मद फिरोज खान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रार्थना पत्र लिखकर असगरीपुर ग्राम पंचायत, असमोली विकास क्षेत्र में बने पॉलिटेक्निक कॉलेज में शिक्षण कार्य 2026 सत्र से तुरंत शुरू कराने की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि यह कॉलेज वर्ष 2011/2012 में बहुजन समाज पार्टी की सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की स्वीकृति पर करोड़ों रुपए की लागत से बनकर तैयार हो गया था, लेकिन वर्ष 2012 में सत्ता परिवर्तन और समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद 32-असमोली से विधायक पिंकी यादव के द्वारा कॉलेज का उद्घाटन रोका गया और 2012 से 2017 तक शैक्षणिक कार्य शुरू नहीं हो सका।
फिरोज खान ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि पालिटेक्निक कॉलेज में शिक्षण कार्य सुचारु रूप से शुरू कराने के आदेश दिए जाएँ। साथ ही पत्र में यह भी मांग की गई है कि इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाए ताकि कॉलेज में देरी के कारण और जिम्मेदारों की भूमिका का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से अध्ययन हो सके।
पत्र में यह भी उल्लेख है कि यह कार्रवाई राष्ट्रहित और जनहित में न्यायोचित होगी और 32-असमोली विधायक के कामकाज का असली चेहरा मतदाताओं के सामने आएगा।
प्रतिलिपि आवश्यक कार्यवाही हेतु जिलाधिकारी, सम्भल को भी भेजी गई है।
आईपीएल 2026 से बांग्लादेश के मुस्तफिजुर रहमान बाहर, शाहरुख खान की टीम से छुट्टी

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बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ चल रही हिंसा के कारण भारत में भावनात्मक उबाल जोरों पर है। इसका असर क्रिकेट भी भी दिख रहा है। इंडियन प्रीमियर लीग में बांग्लादेशी क्रिकेटर के खेलने को लेकर लगातार चल रहे विरोध के बाद अब इस मामले में कार्रवाई की गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को अपने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने का आदेश दिया है।

बीसीसीआई का बड़ा फैसला

बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान आईपीएल 2026 नहीं खेलेंगे। कोलकाता नाइटराइडर्स ने उन्हें स्क्वॉड से रिलीज कर दिया है। दरअसल, भारत में भारी विरोध के बीच मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 से हटाने की मांगों के बीच बीसीसीआई ने बड़ा फैसला लिया था। बीसीसीआई सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने बताया कि बोर्ड ने शाहरुख खान की आईपीएल फ्रेंचाइजी केकेआर से मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने के आदेश दे दिए हैं।

केकेआर ने मुस्तफिजुर को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था

बता दें कि बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को केकेआर फ्रेंचाइजी ने आईपीएल 2026 की नीलामी में 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था। हालांकि, हाल ही में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा के बाद लगातार केकेआर और टीम के मालिक शाहरूख खान पर सवाल उठाए जा रहे थे। बीसीसीआई की भी आलोचना हो रही थी। विवाद को बढ़ता देख अब बीसीसीआई ने मामले में हस्तक्षेप किया और केकेआर को मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने का निर्देश दिया।

बांग्लादेश में हिंदूओं पर हिंसा को लेकर बढ़ा विवाद

मुस्तफिजुर रहमान पहले भी आईपीएल का हिस्सा रहे हैं और कई फ्रेंचाइजी के लिए खेल चुके हैं। लेकिन इस बार ही उनके खेलने पर बवाल हो रहा है। दरअसल, इसकी पूरी जड़ बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा की घटनाएं हैं। हाल के महीनों में बांग्लादेश से आई इन खबरों ने भारत में चिंता बढ़ाई है। इस कारण ही भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों में कुछ दिनों में टकरार देखने मिली है। इन्हीं घटनाओं का हवाला देते हुए भाजपा और शिवसेना के कई नेताओं ने आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ी को खेलने देने पर सवाल खड़े किए थे। मुस्तफिजुर को खरीदने पर राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली। जहां कुछ नेता इसे देशद्रोह से जोड़ रहे हैं, वहीं कई राजनीतिक दल और नेता शाहरुख खान के समर्थन में खुलकर सामने आए थे।

यूपी में ठंड का कहर तेज, गलन-कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें, 12वीं तक के स्कूल 5 जनवरी तक बंद
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में सर्दी ने शुक्रवार को और सख्त तेवर दिखा दिए। सर्द पछुआ हवाओं के साथ गलन इतनी बढ़ गई कि धूप निकलने के बावजूद लोगों को ठिठुरन से राहत नहीं मिली। प्रदेश के अधिकांश जिले इस समय शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की चेतावनी दी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया

बढ़ती ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने आईसीएसई, सीबीएसई और यूपी बोर्ड के कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों को 5 जनवरी तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले सोमवार से बृहस्पतिवार तक छुट्टियां घोषित की गई थीं और शुक्रवार को माध्यमिक विद्यालय खुले थे, लेकिन ठंड के प्रकोप को देखते हुए अब फिर से स्कूल बंद करने का आदेश जारी किया गया है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने कक्षा 9 से 12 तक के विद्यालयों के लिए आदेश जारी किया, वहीं बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने कक्षा 1 से 8 तक के सभी बोर्ड के स्कूलों में भी 5 जनवरी तक अवकाश घोषित कर दिया है।

लखनऊ समेत कई जिलों में शीत दिवस की आशंका

राजधानी लखनऊ में देर रात हल्की फुहारें पड़ीं, जिससे ठंड और बढ़ गई। मौसम विभाग ने शनिवार के लिए लखनऊ समेत प्रदेश के आठ जिलों में शीत दिवस की आशंका जताई है। शुक्रवार को दिन में 10 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली सर्द पछुआ हवाओं ने गलन को और तेज कर दिया।

प्रदेश में बाराबंकी और हरदोई सबसे ठंडे रहे, जहां न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बरेली में अधिकतम तापमान महज 13.3 डिग्री रहा, जो प्रदेश में सबसे ठंडा दिन रहा। घने कोहरे के कारण कानपुर, आगरा, गोरखपुर और अमेठी में दृश्यता शून्य तक पहुंच गई।

34 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ों से आ रही सर्द पछुआ हवाओं के कारण अगले तीन दिनों में प्रदेश के दिन और रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट हो सकती है। शनिवार के लिए 34 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

सीएम के निर्देश: अलाव और कंबल की व्यवस्था हो पुख्ता

ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाए जाएं और जरूरतमंदों को कंबल उपलब्ध कराए जाएं। सीएम ने कहा कि कोई भी व्यक्ति खुले में न सोए और सभी रैन बसेरों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

मौसम वैज्ञानिकों की चेतावनी

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने और सर्द पछुआ के असर से यूपी में रातों का तापमान तेजी से गिरेगा। अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है और शीतलहर का असर और बढ़ सकता है।कुल मिलाकर, प्रदेश में ठंड का यह दौर फिलहाल थमने वाला नहीं है और लोगों को अभी कुछ दिन और कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ेगा।
यूपी में ठंड का कहर तेज, गलन-कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें, 12वीं तक के स्कूल 5 जनवरी तक बंद
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में सर्दी ने शुक्रवार को और सख्त तेवर दिखा दिए। सर्द पछुआ हवाओं के साथ गलन इतनी बढ़ गई कि धूप निकलने के बावजूद लोगों को ठिठुरन से राहत नहीं मिली। प्रदेश के अधिकांश जिले इस समय शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की चेतावनी दी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया

बढ़ती ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने आईसीएसई, सीबीएसई और यूपी बोर्ड के कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों को 5 जनवरी तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले सोमवार से बृहस्पतिवार तक छुट्टियां घोषित की गई थीं और शुक्रवार को माध्यमिक विद्यालय खुले थे, लेकिन ठंड के प्रकोप को देखते हुए अब फिर से स्कूल बंद करने का आदेश जारी किया गया है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने कक्षा 9 से 12 तक के विद्यालयों के लिए आदेश जारी किया, वहीं बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने कक्षा 1 से 8 तक के सभी बोर्ड के स्कूलों में भी 5 जनवरी तक अवकाश घोषित कर दिया है।

लखनऊ समेत कई जिलों में शीत दिवस की आशंका

राजधानी लखनऊ में देर रात हल्की फुहारें पड़ीं, जिससे ठंड और बढ़ गई। मौसम विभाग ने शनिवार के लिए लखनऊ समेत प्रदेश के आठ जिलों में शीत दिवस की आशंका जताई है। शुक्रवार को दिन में 10 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली सर्द पछुआ हवाओं ने गलन को और तेज कर दिया।

प्रदेश में बाराबंकी और हरदोई सबसे ठंडे रहे, जहां न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बरेली में अधिकतम तापमान महज 13.3 डिग्री रहा, जो प्रदेश में सबसे ठंडा दिन रहा। घने कोहरे के कारण कानपुर, आगरा, गोरखपुर और अमेठी में दृश्यता शून्य तक पहुंच गई।

34 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ों से आ रही सर्द पछुआ हवाओं के कारण अगले तीन दिनों में प्रदेश के दिन और रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट हो सकती है। शनिवार के लिए 34 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

सीएम के निर्देश: अलाव और कंबल की व्यवस्था हो पुख्ता

ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाए जाएं और जरूरतमंदों को कंबल उपलब्ध कराए जाएं। सीएम ने कहा कि कोई भी व्यक्ति खुले में न सोए और सभी रैन बसेरों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

मौसम वैज्ञानिकों की चेतावनी

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने और सर्द पछुआ के असर से यूपी में रातों का तापमान तेजी से गिरेगा। अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है और शीतलहर का असर और बढ़ सकता है।कुल मिलाकर, प्रदेश में ठंड का यह दौर फिलहाल थमने वाला नहीं है और लोगों को अभी कुछ दिन और कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ेगा।
संगम की रेती पर आस्था का महोत्सव, दिव्यता और व्यवस्था का अनूठा संगम

संजय द्विवेदी,प्रयागराज । संगम की पावन रेती एक बार फिर श्रद्धा, साधना और सनातन परंपरा की साक्षी बन गई है। तंबुओं से सजी अस्थायी नगरी में माघ मेले का भव्य शुभारंभ हो चुका है। पहले मुख्य स्नान पर्व पौष पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा-यमुना के पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाई। हर-हर गंगे और जय सनातन के उद्घोष से संगम तट आध्यात्मिक ऊर्जा से गूंज उठा।

12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आगमन की संभावना

44 दिनों तक चलने वाला यह ऐतिहासिक मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा का जीवंत उत्सव भी है। मेला प्रशासन के अनुसार इस अवधि में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आगमन की संभावना है, जबकि करीब 20 लाख कल्पवासी तीन जनवरी से एक फरवरी तक कठोर नियमों के साथ कल्पवास कर साधना में लीन रहेंगे।

मेला क्षेत्र में 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर इस बार विशेष सतर्कता बरती गई है। मेला क्षेत्र में 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। पूरे माघ मेले को सात सेक्टरों में विभाजित किया गया है और इसे महाकुंभ मॉडल पर आधारित टेंट सिटी के रूप में विकसित किया गया है।

26 किलोमीटर लंबे मार्ग चेकर्ड प्लेट से तैयार किए गए

करीब 800 हेक्टेयर में फैले मेला क्षेत्र में 126 किलोमीटर लंबे मार्ग चेकर्ड प्लेट से तैयार किए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम हो सके। रात्रि के समय संगम की छटा और भी मनमोहक हो जाती है—नावों पर एलईडी लाइट से सजी रंगीन छतरियां, जल में सात रंगों की रोशनी छोड़ते फव्वारे और घाटों पर बनाए गए कलर-कोडेड चेंजिंग रूम श्रद्धालुओं को दिव्य अनुभूति कराते हैं।

पौष पूर्णिमा से ही कल्पवासियों का व्रत आरंभ

पौष पूर्णिमा से ही कल्पवासियों का व्रत आरंभ हो गया है। आचार्य चौक, दंडीवाड़ा, खाक चौक, तीर्थ पुरोहितों के शिविर और प्रमुख आध्यात्मिक संस्थाओं के आश्रम पूरी तरह सज-संवर चुके हैं। पहले पुण्य स्नान के साथ ही संगम तट पर आस्था, परंपरा और संस्कृति का अनुपम संगम देखने को मिला। माघ मेला आज भी सदियों पुरानी सनातन परंपरा का सशक्त प्रतीक बना हुआ है।

स्वच्छता बनाए रखने के लिए 3300 सफाईकर्मी तैनात

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला क्षेत्र से लेकर शहर तक रंग-बिरंगे संकेतक बोर्ड, हेल्प डेस्क और सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं। परिवहन व्यवस्था के तहत 3800 रोडवेज बसें, 75 ई-बसें और 500 से अधिक ई-रिक्शा मेला क्षेत्र में संचालित किए जा रहे हैं। अग्नि सुरक्षा के लिए 17 फायर स्टेशन, जबकि स्वच्छता बनाए रखने के लिए 3300 सफाईकर्मी चौबीसों घंटे तैनात हैं।

17 अस्थायी थाने और 42 पुलिस चौकियां स्थापित

मेला क्षेत्र में 17 अस्थायी थाने और 42 पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। एसपी मेला नीरज कुमार पांडेय के अनुसार, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है।महाकुंभ के अनुभवों से प्रेरित इस माघ मेले में संगम क्षेत्र को जोड़ने के लिए सात पांटून पुल, जबकि फाफामऊ क्षेत्र में दो अतिरिक्त पुल बनाए गए हैं।

सौंदर्य का भव्य संगम बन चुका है माघ मेला

सभी पुलों को दिशा-विशेष के अनुसार आरक्षित किया गया है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी अवरोध के पुण्य लाभ प्राप्त कर सकें। संगम की रेती पर बसी यह तंबुओं की नगरी इन दिनों आस्था, अनुशासन, सुरक्षा और सौंदर्य का भव्य संगम बन चुकी है।

साहिबगंज में दर्दनाक हादसा, दो वाहनों की भिड़ंत में 4 की मौत

साहिबगंज: ऑटो और टैंकर की भिड़ंत में 4 लोगों की मौत हो गई. जबकि 5 लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं. हादसा बरहेट-बरहड़वा मुख्य पथ पर छोटा रांगा डांड़ पुल मोड़ के पास हुआ है. घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है.

बता दें कि बरहेट-बरहड़वा मुख्य पथ पर छोटा रांगा डांड़ पुल मोड़ ऑटो और तेल टेंकर में भिड़ंत होने से यह हादसा हुआ है. ऑटो यात्री को लेकर बरहेट से बरहड़वा की तरफ जा रहा था. तेज रफ्तार से आ रहे तेल टैंकर से आमने सामने भीषण टक्कर हो गई. इस दुर्घटना में 4 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है. 5 जख्मी हैं. सभी का इलाज इलाज अलग-अलग जगहों पर चल रहा है.

मृतकों में रांगा थाना क्षेत्र के बड़ा रांगा गांव का 40 वर्षीय समरा साह, घटियारी की 30 वर्षीय रंदनी सोरेन, डाहूजोर की छह वर्षीय शांति हेम्ब्रम और ऑटो चालक बरहड़वा थाना क्षेत्र का बिशनपुर निवासी 34 वर्षीय अमल दत्ता शामिल है. वहीं घायलों में डाहूजोर निवासी 8 वर्षीय सगुन हांसदा और 8 वर्षीय नेहा मुर्मू, बड़ा रांगा निवासी 35 वर्षीय भोला साहा, अठगावां निवासी तालामय हेम्ब्रम और आठ वर्षीय बाबूराम शामिल हैं. घायलों की हालत नाजुक है.

बताया जा रहा है कि ऑटो बरहेट से बरहड़वा जा रहा था, जबकि तेल टैंकर बरहड़वा से तेल खाली कर बरहेट की ओर जा रहा था तभी यह घटना हुई. सभी यात्री डहुआजोड़ चौक पर उतरने वाले थे लेकिन उससे पूर्व ही हादसा हो गया. मरने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है.

घटना के बाद इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर कुछ लोगों ने रांगा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पतना में तोड़फोड़ भी की. बरहड़वा एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल ने घटना स्थल पर पहुंच मोर्चा को संभाला. बरहड़वा व रांगा थाने की पुलिस को भेजा गया. अस्पातल की स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां जुटे हुए हैं. पुलिस शवों को पाेस्टमार्टम के लिए ले जाना चाहती थी लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें रोक दिया है.

सीएस रामदेव पासवान भी पतना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच मोर्चा संभाले हुए हैं. सीएस ने बताया कि पुलिस की मदद से स्थिति को काबू में कर लिया गया है. उन्होंने बताया कि उन्हें तीन लोगों के मरने की जानकारी है. घायलों का इलाज चल रहा है.

मिशन 2026: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दी शुभकामनाएं, सुख-समृद्धि और शांति के वातावरण पर दिया जोर।

रांची: नए साल 2026 के स्वागत के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आज उत्सव का माहौल रहा। राज्य के तमाम वरीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें नववर्ष की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।

प्रशासनिक अधिकारियों की रही गौरवमयी उपस्थिति मुख्यमंत्री से मिलने वालों में प्रशासनिक सेवा के दिग्गज शामिल थे। इनमें प्रमुख रूप से कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीक, उद्योग सचिव श्री अरवा राजकमल, योजना सचिव श्री मुकेश कुमार, ग्रामीण कार्य सचिव श्री के श्रीनिवासन, और आईटी सचिव श्रीमती पूजा सिंघल शामिल रहीं। इनके अलावा धनबाद के उपायुक्त श्री आदित्य रंजन, गढ़वा के उपायुक्त श्री दिनेश कुमार यादव और रांची नगर आयुक्त श्री सुशांत गौरव सहित कई जिलों के डीडीसी और एसडीओ ने भी मुख्यमंत्री को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

पुलिस महकमे के आला अधिकारियों ने भी की भेंट सुरक्षा और कानून व्यवस्था के मोर्चे पर तैनात वरीय पुलिस अधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इसमें एसीबी एडीजी श्रीमती प्रिया दुबे, सीआईडी आईजी श्री असीम विक्रांत मिंज, आईजी मुख्यालय श्री सुदर्शन प्रसाद मंडल के साथ-साथ बोकारो और हजारीबाग के डीआईजी शामिल थे। रांची के सिटी, ग्रामीण और ट्रैफिक एसपी ने भी मुख्यमंत्री को नए साल की बधाई दी।

विभिन्न संस्थानों के प्रमुखों की शिरकत राजनीतिक और प्रशासनिक हस्तियों के अलावा सीसीएल के सीएमडी श्री एनके सिंह, महाधिवक्ता श्री राजीव रंजन, जेपीएससी सदस्य डॉ जमाल अहमद और एनएचएआई (NHAI) के क्षेत्रीय अधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री से मिलकर सौहार्दपूर्ण चर्चा की।

मुख्यमंत्री का संदेश: सबके साथ से सशक्त झारखंड अधिकारियों का अभिनंदन स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सभी को अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा, "आप सभी के सहयोग और सामूहिक प्रयासों से हम झारखंड को एक सशक्त और मजबूत राज्य बनाएंगे।" मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि वर्ष 2026 राज्य में सुख, समृद्धि, शांति और आपसी सद्भाव का संचार करेगा।

मुख्य बिंदु (Key Highlights)

भेंट का स्वरूप: शिष्टाचार मुलाकात (नववर्ष अभिनंदन)।

प्रमुख उपस्थिति: दर्जनों विभाग के सचिव, उपायुक्त, आईजी, डीआईजी और एसपी।

मुख्यमंत्री का विजन: सामूहिक प्रयासों से सशक्त झारखंड का निर्माण।

प्राथमिकता: राज्य में शांति, समृद्धि और विकास का वातावरण।

रंगमंच की गंगा कितनी पावन कितनी पतित विषयक गोष्ठी सपन्न

संजय द्विवेदी प्रयागराज।अभिनव सांस्कृतिक संगठन के तत्वावधान में अपने 48वे स्थापना दिवस पर कार्यालय कालादांडा प्रयागराज में रंगमंच की गंगा–कितनी पावन कितनी पतित विषय पर एक विचारोत्तेजक गोष्ठी का आयोजन सम्पन्न हुआ।गोष्ठी में रंगमंच की वर्तमान स्थिति उसकी वैचारिक शुचिता सामाजिक दायित्व और समकालीन चुनौतियो पर गम्भीर विमर्श किया गया।गोष्ठी में प्रख्यात अन्तर्राष्ट्रीय चित्रकार रवीन्द्र कुशवाहा ने रंगमंच की तुलना गंगा के प्रवाह से करते हुए कहा कि इसमें पवित्रता अत्यधिक और विकृतियाँ कम है थोड़ी सावधानी बरती जाए तो विकृतियां खत्म हो सकती हैं। वरिष्ठ निर्देशक अजय मुखर्जी ने रंगमंच की सामाजिक प्रतिबद्धता पर बल देते हुए कहा कि रंगकर्म तभी सार्थक है जब वह जनसरोकारों से जुड़ा रहे।वरिष्ठ रंगकर्मी सुबोध सिंह गुरुविंदर सिंह तथा राकेश वर्मा ने समकालीन रंगमंच में व्यावसायिक दबाव मौलिकता के संकट और दर्शक-संवेदना पर अपने विचार रखे।वक्ताओ ने चिंता व्यक्त की कि आज रंगमंच को अपनी पावन परंपरा और वैचारिक गरिमा को बनाए रखने के लिए निरन्तर संघर्ष करना पड़ रहा है।कार्यक्रम में ऋचा शुक्ला समृद्धि गौड़, शादमा खातून अभिषेक सिंह रेडियो कम्पेयर एवं रंगकर्मी तथा प्रमिल अस्थाना अभिनव के प्रथम सचिव अजय मुखर्जी विनोद रस्तोगी संस्थान से आलोक नगर द थर्ड बेल संस्था से राकेश वर्मा समयांतर संस्था से अभिनव संस्था की वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रतिमा श्रीवास्तव तथा संस्थापक सचिव प्रवीण अस्थाना सहित प्रयागराज के अनेक महत्वपूर्ण और सक्रिय रंगकर्मियों की उल्लेखनीय व्याख्यान रहे।गोष्ठी के दौरान खुली चर्चा में युवा कलाकारो ने भी सक्रिय सहभागिता की। गोष्ठी का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि रंगमंच की गंगा को वैचारिक रूप से निर्मल सामाजिक रूप से प्रासंगिक और सृजनात्मक रूप से जीवंत बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।

डीआईजी एवं डीएम ने विन्ध्याचल सहित रेलवे स्टेशन का किया निरीक्षण
पूर्णिमा पर्व एवं माघ मेला प्रयागराज के दौरान विन्ध्याचल में आने वाले तीर्थ यात्रियों के सुविधा के दृष्टिगत अधिकारियों ने परखी व्यवस्था

मीरजापुर। पूर्णिमा पर्व एवं प्रयागराज में आयोजित होने वाले माघ मेला के दौरान मां विन्ध्यवासिनी देवी के धाम विन्ध्याचल में आने वाले तीर्थ यात्रियों, विन्ध्याचल एवं मिर्जापुर चील्ह आदि के रास्ते प्रयागराज जाने वाले यात्रियों के सुविधा के दृष्टिगत जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार व उप पुलिस महानिरीक्षक सोमेन वर्मा ने शुक्रवार को मिर्जापुर रेलवे स्टेशन, विन्ध्याचल रेलवे स्टेशन, नटवा तिराहा, अटल चैराहा सहित गैपुरा के रास्ते जिगना के पास मिर्जापुर प्रयागराज मार्ग पर स्थित पाली बार्डर तक भ्रमण कर मार्गो व प्रमुख चौराहों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी व उप पुलिस महानिरीक्षक ने विन्ध्याचल मन्दिर सहित विभिन्न मार्गो का निरीक्षण कर आने वाले दर्शनार्थियों के लिए पार्किंग, पेयजल, शौचालय, घाटों व गलियों में प्रकाश व्यवस्था, अलाव व साफ सफाई की व्यवस्था आदि के दृष्टिगत निरीक्षण कर सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। तत्पश्चात विन्ध्याचल से जिगना पाली बार्डर तक भ्रमण कर निरीक्षण किया गया तथा प्रमुख चौराहो व मार्गो पर यातायात व्यवस्था के सम्बंध में सम्बन्धित अधिकारियो को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी व उप पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि पूर्णिमा पर्व पर आने वाले श्रद्धालुओं को विन्ध्याचल मां विन्ध्यवासिनी देवी के दर्शन हेतु किसी प्रकार की असुविधा न हो जिसकी जनुपयोगी व्यवस्था व सुरक्षा के लिए निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सदर गुलाब चंद्र, क्षेत्राधिकारी नगर विवेक जावला सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।
पत्रकार को मातृ शोक, साथियों ने अर्पित की श्रद्धांजलि

मीरजापुर। जनपद के वरिष्ठ पत्रकार रहे स्वर्गीय कोमल चंद्र वर्मा की पत्नी एवं पत्रकार सुजीत वर्मा की माता चिंता देवी का 82 वर्ष की अवस्था में निधन हो गया। पिछले कुछ वर्षों से वह अस्वस्थ चल रही थी, जिनका उनके शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत दुर्गा देवी मोहल्ला स्थित आवास पर ही उपचार चल रहा था। बुधवार को अचानक तबीयत बिगड़ने पर उनके बेटे सुजीत कुमार वर्मा उन्हें लेकर जिला मंडलीय अस्पताल पहुंचे थे जहां उपचार के दौरान सायं 6 बजे उन्होंने जीवन की अंतिम सांस ली है।

जिनका देर रात अंतिम दाह संस्कार चौबे घाट स्थित गंगा नदी तट पर पूरे विधि-विधान से किया गया। जिन्हें मुखाग्नि उनके बेटे सुजीत वर्मा ने दी है। इस दौरान तमाम पत्रकार नगर के गणमान्य जनों सहित मोहल्ले के लोग उपस्थित रहे हैं।
सम्भल में अधूरा पॉलिटेक्निक कॉलेज: शिक्षण कार्य शुरू कराने की मांग
सम्भल। वरिष्ठ बसपा और सामाजिक कार्यकर्ता मौहम्मद फिरोज खान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रार्थना पत्र लिखकर असगरीपुर ग्राम पंचायत, असमोली विकास क्षेत्र में बने पॉलिटेक्निक कॉलेज में शिक्षण कार्य 2026 सत्र से तुरंत शुरू कराने की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि यह कॉलेज वर्ष 2011/2012 में बहुजन समाज पार्टी की सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की स्वीकृति पर करोड़ों रुपए की लागत से बनकर तैयार हो गया था, लेकिन वर्ष 2012 में सत्ता परिवर्तन और समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद 32-असमोली से विधायक पिंकी यादव के द्वारा कॉलेज का उद्घाटन रोका गया और 2012 से 2017 तक शैक्षणिक कार्य शुरू नहीं हो सका।
फिरोज खान ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि पालिटेक्निक कॉलेज में शिक्षण कार्य सुचारु रूप से शुरू कराने के आदेश दिए जाएँ। साथ ही पत्र में यह भी मांग की गई है कि इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाए ताकि कॉलेज में देरी के कारण और जिम्मेदारों की भूमिका का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से अध्ययन हो सके।
पत्र में यह भी उल्लेख है कि यह कार्रवाई राष्ट्रहित और जनहित में न्यायोचित होगी और 32-असमोली विधायक के कामकाज का असली चेहरा मतदाताओं के सामने आएगा।
प्रतिलिपि आवश्यक कार्यवाही हेतु जिलाधिकारी, सम्भल को भी भेजी गई है।