असम की धरती से हेमन्त सोरेन की हुंकार: "आदिवासी समाज की एकजुटता ही हमारी पहचान; असम के आदिवासियों के साथ खड़ा है पूरा झारखंड"

तिनसुकिया (असम)/राँची, 01 फरवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज असम के तिनसुकिया जिले में 'ऑल आदिवासी स्टूडेंट एसोसिएशन ऑफ आसाम' (AASAA) द्वारा आयोजित 21वीं आदिवासी महासभा-2026 को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने डेढ़ सौ वर्षों से असम में रह रहे आदिवासी समुदाय की व्यथा सुनते हुए उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया और अपनी एकजुटता को वैश्विक पहचान बताया।

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"हमारी एकजुटता पर हो रहा प्रहार"

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी, दलित और पिछड़े समाज के लोग आज भी हाशिए पर हैं। उन्होंने आगाह किया कि सामंती और बौद्धिक रूप से समृद्ध लोग आदिवासियों की एकजुटता को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

"आदिवासी समाज अगर आर्थिक और बौद्धिक रूप से मजबूत हो गया, तो वह अपने जल-जंगल-जमीन की बात करेगा, इसीलिए कुछ शक्तियां हमें पीछे धकेलने में जुटी हैं।" - हेमन्त सोरेन

झारखंड के विकास मॉडल का दुनिया मान रही लोहा

मुख्यमंत्री ने झारखंड सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि अब दूसरे राज्य झारखंड के 'विकास मॉडल' की कॉपी कर रहे हैं। मुख्य बिंदु:

महिला सशक्तिकरण: 'मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना' के तहत लगभग 55 लाख महिलाओं को हर महीने ₹2500 दिए जा रहे हैं।

शिक्षा की उड़ान: राज्य के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बिना किसी गारंटी के ₹15 लाख तक का एजुकेशन लोन दिया जा रहा है।

वैश्विक उपस्थिति: विश्व आर्थिक मंच (WEF) में पहली बार झारखंड ने एक आदिवासी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अपनी बात वैश्विक पटल पर रखी।

अर्थव्यवस्था में योगदान: श्री सोरेन ने गर्व से कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में झारखंड सबसे ज्यादा योगदान देने वाला राज्य है।

पूर्वजों के बलिदान को किया याद

भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू और तिलका मांझी जैसे वीर सपूतों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश आज़ादी का सपना भी नहीं देख रहा था, तब हमारे पूर्वज अंग्रेजों से लोहा ले रहे थे। उन्होंने असम के दिवंगत नेता प्रदीप नाग और प्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

इनकी रही मुख्य उपस्थिति

इस महासभा में मंत्री चमरा लिंडा, सांसद विजय हांसदा, विधायक एमटी राजा, AASAA के केंद्रीय अध्यक्ष रेजन होरो सहित असम के कोने-कोने से आए हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे।

केंद्र का बजट जनविरोधी, झारखंड की उपेक्षा का दस्तावेज : कुणाल यादव

हजारीबाग: केंद्र सरकार द्वारा आज पेश किए गए आम बजट को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। झामुमो के जिला प्रवक्ता कुणाल यादव ने इस बजट को जनविरोधी, राज्य विरोधी और कॉरपोरेट समर्थक करार देते हुए कहा कि यह बजट आम जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह से खरा नहीं उतरता है।

कुणाल यादव ने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा, आदिवासी, दलित और मध्यम वर्ग के साथ खुला अन्याय है। महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता से जूझ रही जनता को इस बजट से किसी भी प्रकार की राहत नहीं मिली है।

उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे खनिज संपन्न राज्य के साथ एक बार फिर सौतेला व्यवहार किया गया है। राज्य को उसका बकाया, रॉयल्टी और विशेष सहायता पैकेज देने को लेकर बजट पूरी तरह मौन है। यह केंद्र सरकार की झारखंड विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।

झामुमो प्रवक्ता ने किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के वादे एक बार फिर जुमले साबित हुए हैं। एमएसपी की कानूनी गारंटी, खाद-बीज और डीज़ल की बढ़ती कीमतों पर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई। इससे साफ है कि सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। युवाओं के रोजगार को लेकर भी बजट निराशाजनक है। कुणाल यादव ने कहा कि देश में बेरोजगारी चरम पर है, लेकिन बजट में स्थायी रोजगार सृजन के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं है। सिर्फ आंकड़ों और घोषणाओं से युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं किया जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों में अपेक्षित निवेश न होना यह साबित करता है कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता नहीं बल्कि बड़े उद्योगपति और कॉरपोरेट घराने हैं। कुणाल यादव ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा इस बजट का पुरजोर विरोध करता है और केंद्र सरकार से मांग करता है कि वह राज्य के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान करे, महंगाई पर नियंत्रण के ठोस कदम उठाए और किसानों व युवाओं के हित में वास्तविक और प्रभावी योजनाएं लाए।

बजट के बारे में जन सामान्य को भी कार्यकर्ता बताएं
फर्रुखाबाद l रविवार को भारत सरकार द्वारा केंद्रीय बजट 2026 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा भारतीय संसद में पेश किया गया इस दौरान भाजपा द्वारा बजट पर चर्चा कार्यक्रम माधव मैक्स अस्पताल में आयोजित हुआ इसकी अध्यक्षता भाजपा जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा ने की जिसमें भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रदेश प्रवक्ता कृष्ण मोहन पांडे एवं जिला संगठन प्रभारी श्री शिव महेश दुबे सहित जिला पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने लाइव स्क्रीन पर बजट कार्यक्रम को देखा। बजट कार्यक्रम के भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने पत्रकार बंधुओ को संबोधित करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की भाजपा सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार एक महिला के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए 9वाँ बजट पेश किया। 2047 के विकसित भारत लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने जन कल्याणकारी बजट पेश किया है जिसमें गांव गरीब किसान नौजवान व्यापारी दलित एवं महिला हर वर्ग के लोगों के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। पार्टी के निर्देश पर संगठन के माध्यम से प्रत्येक मंडलों एवं विधानसभा स्तर पर कार्यकर्ताओं एवं आम जनमानस की उपस्थिति में पूरे बजट कार्यक्रम को देखने का निर्णय लिया गया। बजट के उपरांत इस पर चर्चा भी की गई जो बजट केंद्र सरकार द्वारा आम जनमानस के लिए लाया गया है वह भविष्य में भारत को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए इस बजट में हर वर्ग को सम्मिलित किया गया है सरकार का फोकस डिफेंस सेक्टर किसानो की आय क्रिटिकल मिनरल्स डाटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर रोजगार और अर्थव्यवस्था पर है वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चित के बीच इस बजट में मिडिल क्लास उद्योग स्टारअप्स और निवेशकों को ध्यान में रखकर सुविधा देने का कार्य किया गया। सरकार ने बुनियादी ढांचे पर जोर देने का कार्य किया है विभिन्न क्षेत्रों में आसान नियम कम लागत टैक्स राहत और निर्यात शुल्क में छूट जैसी विभिन्न सुविधाएं दी है ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने छोटे-छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के कार्य किए हैं। भारत विश्व का सबसे ताकतवर देश बनेगा। जिला संगठन प्रभारी शिव महेश दुबे ने बताया भारत को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए 2014 से केंद्र की सरकार निरंतर कई ऐतिहासिक निर्णय ले रही है 2014 से पहले का भारत क्या था और वर्तमान का भारत क्या है इसमें बहुत भिन्नता हो गई है आज का भारत अपनी मजबूत उपस्थिति वैश्विक पटल पर दिख रहा है विकसित राष्ट्र के संकल्प को साकार करने के लिए 2026 के बजट में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। भाजपा जिला अध्यक्ष फतेह चंद्र वर्मा ने बताया पूरे जनपद में प्रत्येक बूथ सभी शक्ति केंद्रो विधानसभाओं एवं सभी मंडलों में पूरे बजट कार्यक्रम को कार्यकर्ताओं ने देखा है इसके उपरांत इस बजट को लेकर कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर सरकार के निर्णय की जानकारी देने का कार्य करेंगे यह बताएंगे कि सरकार ने आम जनमानस के लिए जो राहत देने का कार्य किया है यह आम जनमानस से वार्तालाप के माध्यम से प्रचारित करेंगे। इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा पूर्व जिला अध्यक्ष सत्यपाल सिंह आर्थिक प्रकोष्ठ जिला संयोजक जितेंद्र सिंह जिला महामंत्री हिमांशु गुप्ता जिला महामंत्री जीएस राठौर जिला मंत्री अमरदीप दीक्षित जिला मंत्री रश्मि दुबे जिला मंत्री धर्मेंद्र राजपूत जिला मंत्री अभिषेक बाथम जिला कोषाध्यक्ष संजीव गुप्ता जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र कठेरिया संजय सिंह जिला उपाध्यक्ष अशनील दिवाकर रजनीश मिश्रा जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी आदि लोग मौजूद रहे।
रविदास जयंती पर शांति व्यवस्था के लिए बहसूमा में प्रशासन का फ्लैग मार्च
बहसूमा। संत शिरोमणि रविदास जयंती के अवसर पर क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। इसी क्रम में मवाना के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) संतोष कुमार के नेतृत्व में बहसूमा कस्बे में भारी पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च निकाला गया। फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य जयंती कार्यक्रमों के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना, विवाद या अफवाह की संभावना को समाप्त करना रहा।

फ्लैग मार्च बहसूमा के प्रमुख मार्गों, बाजार क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरा। इस दौरान पुलिस बल, पीएसी तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवानों ने पैदल मार्च कर क्षेत्र का जायजा लिया। अधिकारियों ने आमजन से संवाद स्थापित करते हुए शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे बनाए रखने की अपील की। फ्लैग मार्च से जहां आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई, वहीं असामाजिक तत्वों को भी सख्त संदेश दिया गया।

एसडीएम संतोष कुमार ने बताया कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि संत रविदास जयंती का आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और गरिमामय वातावरण में संपन्न हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने, माहौल बिगाड़ने या कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि जुलूस मार्गों, कार्यक्रम स्थलों, प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।

फ्लैग मार्च के दौरान स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की। लोगों का कहना है कि ऐसे कदमों से क्षेत्र में विश्वास और सुरक्षा का माहौल बनता है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे शांति बनाए रखने में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की जानकारी तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें, ताकि पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। इस मौके पर कस्बा इंचार्ज राकेश कुमार कांस्टेबल गुलदीप कुमार आदि मौजूद रहे
नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 के दौरान सामान्य जनता के लिए अपील

मतदाता की संतुष्टि के लिए नकदी, शराब या अन्य किसी वस्तु का वितरण रिश्वत है और यह एक दण्डनीय अपराध है। निर्वाचनों के दौरान नकदी, शराब या अन्य वस्तुओं के वितरण पर नजर रखने के लिए प्रत्येक पुलिस स्टेशन के अधीन उड़नदस्ते बनाए गए हैं।

सभी से यह अपील की जाती है कि उड़नदस्तों द्वारा जब्ती से बचने के लिए कोई भी व्यक्ति जो निर्वाचनों के दौरान किसी निर्वाचन क्षेत्र में बहुत बड़ी मात्रा में नकदी ले जा रहा है, तो उस धन के स्रोत और उसके अंतिम प्रयोग को दर्शाने वाले निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने चाहिए।

1. पैन कार्ड तथा उसकी प्रति, (यदि कोई हो तो)

2. व्यापार रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र की प्रति (यदि कोई हो तो)

3. नकदी की निकासी दर्शाती बैंक पास बुकध्बैंक विवरणी की प्रति

4. नियमित नकदी लेन-देन वाले व्यापार के मामले में कैश बुक की प्रति

5. विवाह के निमंत्रण पत्र तथा अस्पताल में दाखिला आदि जैसे मामलों में नकदी के अंतिम प्रयोग के प्रमाण।

भरोसे,भागीदारी और बराबरी का केंद्रीय बजट 2026-प्रो.अंग्रेज*
सुल्तानपुर,केंद्रीय बजट 2026 भारत के समग्र एवं समावेशी विकास की एक स्पष्ट और दूरदर्शी रूपरेखा प्रस्तुत करता है,जो रफ्तार,क्षमता और सबका साथ के तीन मूल विज़नों पर आधारित है।इस बजट में उत्पादकता में वृद्धि के माध्यम से आर्थिक विकास को गति देने,युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम बनाने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, दृश्य प्रभाव, एनीमेशन, गेमिंग एवं रचनात्मक क्षेत्र को प्रोत्साहन देने हेतु भारत-विस्तार कार्यक्रम,करियर पाथवे योजनाएँ तथा विद्यालयों और महाविद्यालयों में कंटेंट क्रिएटर प्रयोगशालाओं की स्थापना युवाओं के लिए नए एवं गुणवत्तापूर्ण रोजगार अवसर सृजित करेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों का उन्नयन,आघात उपचार केंद्रों का विस्तार,एक लाख विशेषज्ञ तथा डेढ़ लाख देखभाल कर्मियों का प्रशिक्षण,आवश्यक दवाओं की कीमतों में कमी तथा एम्स स्तर के तीन नए आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना जनकल्याण को सुदृढ़ बनाती है। वहीं ग्रामीण एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में शी- मार्ट्स,महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल,हथकरघा उद्योग तथा एक जिला-एक उत्पाद को प्रोत्साहन आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मजबूती प्रदान करता है। अवसंरचना विकास के अंतर्गत नए जलमार्गों और तीव्रगामी रेल गलियारों की घोषणा देश की आर्थिक एकीकरण प्रक्रिया को गति देगी। कुल मिलाकर,केंद्रीय बजट 2026 आर्थिक प्रगति और सामाजिक न्याय के संतुलन के साथ भारत को सतत एवं समावेशी विकास की दिशा में अग्रसर करने वाला बजट है; यद्यपि कर्मचारियों को कर-स्लैब में छूट की अपेक्षा थी, जिससे उनकी वास्तविक आय और क्रय-शक्ति को और अधिक मजबूती मिल सकती थी। प्रो.अंग्रेज सिंह,प्राचार्य अर्थशास्त्री गनपत सहाय पी.जी.कालेज सुलतानपुर
केंद्रीय बजट से कर्मचारी-शिक्षकों में निराशा, आठवें वेतन आयोग व पेंशन पर चुप्पी
लखनऊ। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट में कर्मचारी और शिक्षकों से जुड़ी प्रमुख मांगों की अनदेखी किए जाने पर असंतोष सामने आया है। बजट में न तो पेंशन व्यवस्था से संबंधित कोई उल्लेख किया गया और न ही आठवें वेतन आयोग को लेकर कोई प्रावधान किया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि चालू वर्ष में आठवें वेतन आयोग के गठन की संभावना नहीं है।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी ने कहा कि असंगठित क्षेत्र, मानदेय, आउटसोर्सिंग जैसे कमजोर वर्ग के कर्मचारियों के लिए ईपीएफओ के अंतर्गत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन को पिछले 12 वर्षों से 1000 रुपये से बढ़ाने तथा न्यूनतम वेतन में वृद्धि के लिए बजट में कोई व्यवस्था नहीं की गई, जो अत्यंत निराशाजनक है।

उन्होंने कहा कि यदि आठवां वेतन आयोग लागू किया जाना होता तो आयकर की सीमा बढ़ाने जैसे संकेत बजट में दिखाई देते, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे में दी जाने वाली रियायत, जिसे कोरोना काल में समाप्त कर दिया गया था, उसकी बहाली की मांग भी बजट में शामिल नहीं की गई।

श्री तिवारी ने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट कर्मचारी-शिक्षकों और पेंशनभोगियों की दृष्टि से अच्छा नहीं कहा जा सकता है।
माघी पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, रामनगरिया मेला के आज आखिरी दिन उमड़ी रही भीड़
फर्रुखाबाद lमाघी पूर्णिमा पर पांचाल घाट सहित सभी गंगा तटों पर आस्था का संगम उमड़ पड़ा। चारों तरफ श्रद्धालु हर-हर गंगे के जयकारों के साथ आस्था की डुबकी लगा रहे थे। स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से गंगा मैया का पूजन कर दान-दक्षिणा दी, माघी पूर्णिमा को देखते हुए देर रात से ही श्रद्धालुओं का पांचाल घाट पर पहुंचना शुरू हो गया कोई पैदल तो कोई टेंपो व अन्य वाहनों से पांचाल घाट जाता दिखाई दिया भोर से ही गंगा तटों पर श्रद्धालुओं का मेला उमड़ पड़ा घाटों पर पैर रखने तक की जगह नहीं दिखाई दे रही थी श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ गंगा में डुबकी लगाई भक्तों ने गंगा मैया को साड़ी की पहनावा भी चढ़ाई। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पांचाल घाट पुल पर जाम ना लगे उसके लिए प्रशासन की ओर से रूट का डायवर्सन भी किया गया था जिस किसी भी तरीके की व्यवस्था न हो, यातायात प्रभारी ने बताया बेरीकेटिंग कराकर भारी वाहनों को मेला में जाने से रोक दिया गया जिससे आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गईl दूर दराज से आए श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो जिससे किसी की तबीयत खराब होने पर तुरंत इलाज मिल सके।

पड़ोसी जिले से आए श्रद्धालुओं ने भी गंगा स्नान किया,
देर रात से ही पड़ोसी जनपद हरदोई, शाहजहांपुर, मैनपुरी, इटावा,कासगंज, बदायूं और एटा आदि जनपदों से श्रद्धालुओं का पांचाल घाट पर पहुंचना शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने परिवार समेत गंगा स्नान कर दान-पुण्य किया। स्नान करने के बाद कुष्ठ रोगियों को अनाज, फल व मिष्ठान आदि भी वितरित किया गया।
नकली असलहों से रील बनाने वाला गिरफ्तार,चार पुलिस के कब्जे में
*रौब जमाने के लिए किया,हथियार जब्त

गोंडा।जिले में नकली असलहों से सोशल मीडिया पर धमकी भरे गानों पर रील बनाना चार युवकों को महंगा पड़ गया।नवाबगंज थाने की पुलिस ने वीडियो वायरल होने के बाद तत्काल संज्ञान में लेते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है,साथ ही उनके कब्जे से नकली हथियार भी बरामद कर लिया है।यह घटना नवाबगंज थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव की है।शाहपुर गांव निवासी ताहिर ने अपने तीन अन्य साथियों बस्ती के अंश मिश्रा,मोहसिन और दिग्विजय पांडेय के साथ मिलकर एक बसपा नेता की गाड़ी के पास खड़े होकर फिल्मी गानों के पर नकली असलहों के साथ रील बनाई थी और उसके बाद इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था।पुलिस ने चारों आरोपियों के पास से दो नकली एयर गन और एक नकली प्लास्टिक का पिस्टल बरामद किया है।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने रौब जमाने और लोगों में दहशत फैलाने के लिए इस तरह की रील बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया था।बताया जा रहा है कि ये सभी आरोपी मनकापुर के बसपा नेता राजिक उस्मानी के यहां काम करते थे।उन्होंने उस्मानी के घर की एयर गन का इस्तेमाल कर यह वीडियो बनाया था।वीडियो में ना हम झगड़ा चाहित हय,जो जो हमसे ढेर बोलत हय सीधय बंदूक दागित हय,गाने का इस्तेमाल किया था।नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर शांति भंग की धाराओं के तहत कार्रवाई की गयी है।पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी हरकत करने पर उनके खिलाफ और कठोर कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि समाज में इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जायेंगे।
बजट 2026: रांची बनेगा देश का नया 'मेंटल हेल्थ हब'; बेंगलुरु के बाद अब यहाँ खुलेगा NIMHANS 2.0"

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संसद में पेश वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट में झारखंड की राजधानी रांची को मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है. केंद्र सरकार ने रांची के मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों के मॉडर्नाइजेशन और विस्तार की घोषणा की है. इसके तहत देश में दूसरा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान (NIMHANS 2.0) रांची में स्थापित किया जाएगा, साथ ही रांची और तेजपुर के संस्थानों को रीजनल एपेक्स संस्थान के रूप में डेवलप किया जाएगा.

उत्तर भारत में अब तक कोई राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान नहीं था, जिसे ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है. देश का पहला NIMHANS बेंगलुरु में स्थित है, जो मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी है.

रांची में पहले से ही दो प्रमुख संस्थान सक्रिय हैं. केंद्रीय शासन के अंतर्गत आने वाला सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकेट्री (सीआईपी) और राज्य सरकार के तहत रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो-साइकियाट्री एंड अलाइड साइंसेज (आरआईएनपीएएस). ये दोनों संस्थान सौ सालों से भी अधिक समय से मानसिक स्वास्थ्य की सेवा, रिसर्च और इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

CIP प्रशासन ने बजट में की गई घोषणाओं का स्वागत किया है. उन्होंने बताया कि लंबे समय से इसे NIMHANS जैसे स्तर पर एडवांस करने की मांग की जा रही थी. प्रस्ताव के अनुसार, CIP परिसर में 500 बेड का नया अस्पताल विकसित किया जाएगा, जिसमें न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी और बाल चिकित्सा विभाग सम्मिलित होंगे. यह परियोजना लगभग 220 एकड़ क्षेत्र में फैली होगी और आगामी वित्तीय साल में कार्य शुरू होने की संभावना है.

CIP की स्थापना 17 मई 1918 को ब्रिटिश शासन के दौरान रांची यूरोपीय पागलखाना के रूप में हुई थी. अब केंद्रीय बजट के जरिए रांची को मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक राष्ट्रीय और क्षेत्रीय केंद्र के रूप में सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जो इस क्षेत्र में नई उम्मीदों को जन्म देंगे

असम की धरती से हेमन्त सोरेन की हुंकार: "आदिवासी समाज की एकजुटता ही हमारी पहचान; असम के आदिवासियों के साथ खड़ा है पूरा झारखंड"

तिनसुकिया (असम)/राँची, 01 फरवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज असम के तिनसुकिया जिले में 'ऑल आदिवासी स्टूडेंट एसोसिएशन ऑफ आसाम' (AASAA) द्वारा आयोजित 21वीं आदिवासी महासभा-2026 को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने डेढ़ सौ वर्षों से असम में रह रहे आदिवासी समुदाय की व्यथा सुनते हुए उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया और अपनी एकजुटता को वैश्विक पहचान बताया।

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"हमारी एकजुटता पर हो रहा प्रहार"

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी, दलित और पिछड़े समाज के लोग आज भी हाशिए पर हैं। उन्होंने आगाह किया कि सामंती और बौद्धिक रूप से समृद्ध लोग आदिवासियों की एकजुटता को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

"आदिवासी समाज अगर आर्थिक और बौद्धिक रूप से मजबूत हो गया, तो वह अपने जल-जंगल-जमीन की बात करेगा, इसीलिए कुछ शक्तियां हमें पीछे धकेलने में जुटी हैं।" - हेमन्त सोरेन

झारखंड के विकास मॉडल का दुनिया मान रही लोहा

मुख्यमंत्री ने झारखंड सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि अब दूसरे राज्य झारखंड के 'विकास मॉडल' की कॉपी कर रहे हैं। मुख्य बिंदु:

महिला सशक्तिकरण: 'मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना' के तहत लगभग 55 लाख महिलाओं को हर महीने ₹2500 दिए जा रहे हैं।

शिक्षा की उड़ान: राज्य के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बिना किसी गारंटी के ₹15 लाख तक का एजुकेशन लोन दिया जा रहा है।

वैश्विक उपस्थिति: विश्व आर्थिक मंच (WEF) में पहली बार झारखंड ने एक आदिवासी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अपनी बात वैश्विक पटल पर रखी।

अर्थव्यवस्था में योगदान: श्री सोरेन ने गर्व से कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में झारखंड सबसे ज्यादा योगदान देने वाला राज्य है।

पूर्वजों के बलिदान को किया याद

भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू और तिलका मांझी जैसे वीर सपूतों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश आज़ादी का सपना भी नहीं देख रहा था, तब हमारे पूर्वज अंग्रेजों से लोहा ले रहे थे। उन्होंने असम के दिवंगत नेता प्रदीप नाग और प्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

इनकी रही मुख्य उपस्थिति

इस महासभा में मंत्री चमरा लिंडा, सांसद विजय हांसदा, विधायक एमटी राजा, AASAA के केंद्रीय अध्यक्ष रेजन होरो सहित असम के कोने-कोने से आए हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे।

केंद्र का बजट जनविरोधी, झारखंड की उपेक्षा का दस्तावेज : कुणाल यादव

हजारीबाग: केंद्र सरकार द्वारा आज पेश किए गए आम बजट को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। झामुमो के जिला प्रवक्ता कुणाल यादव ने इस बजट को जनविरोधी, राज्य विरोधी और कॉरपोरेट समर्थक करार देते हुए कहा कि यह बजट आम जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह से खरा नहीं उतरता है।

कुणाल यादव ने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा, आदिवासी, दलित और मध्यम वर्ग के साथ खुला अन्याय है। महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता से जूझ रही जनता को इस बजट से किसी भी प्रकार की राहत नहीं मिली है।

उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे खनिज संपन्न राज्य के साथ एक बार फिर सौतेला व्यवहार किया गया है। राज्य को उसका बकाया, रॉयल्टी और विशेष सहायता पैकेज देने को लेकर बजट पूरी तरह मौन है। यह केंद्र सरकार की झारखंड विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।

झामुमो प्रवक्ता ने किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के वादे एक बार फिर जुमले साबित हुए हैं। एमएसपी की कानूनी गारंटी, खाद-बीज और डीज़ल की बढ़ती कीमतों पर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई। इससे साफ है कि सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। युवाओं के रोजगार को लेकर भी बजट निराशाजनक है। कुणाल यादव ने कहा कि देश में बेरोजगारी चरम पर है, लेकिन बजट में स्थायी रोजगार सृजन के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं है। सिर्फ आंकड़ों और घोषणाओं से युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं किया जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों में अपेक्षित निवेश न होना यह साबित करता है कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता नहीं बल्कि बड़े उद्योगपति और कॉरपोरेट घराने हैं। कुणाल यादव ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा इस बजट का पुरजोर विरोध करता है और केंद्र सरकार से मांग करता है कि वह राज्य के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान करे, महंगाई पर नियंत्रण के ठोस कदम उठाए और किसानों व युवाओं के हित में वास्तविक और प्रभावी योजनाएं लाए।

बजट के बारे में जन सामान्य को भी कार्यकर्ता बताएं
फर्रुखाबाद l रविवार को भारत सरकार द्वारा केंद्रीय बजट 2026 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा भारतीय संसद में पेश किया गया इस दौरान भाजपा द्वारा बजट पर चर्चा कार्यक्रम माधव मैक्स अस्पताल में आयोजित हुआ इसकी अध्यक्षता भाजपा जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा ने की जिसमें भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रदेश प्रवक्ता कृष्ण मोहन पांडे एवं जिला संगठन प्रभारी श्री शिव महेश दुबे सहित जिला पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने लाइव स्क्रीन पर बजट कार्यक्रम को देखा। बजट कार्यक्रम के भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने पत्रकार बंधुओ को संबोधित करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की भाजपा सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार एक महिला के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए 9वाँ बजट पेश किया। 2047 के विकसित भारत लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने जन कल्याणकारी बजट पेश किया है जिसमें गांव गरीब किसान नौजवान व्यापारी दलित एवं महिला हर वर्ग के लोगों के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। पार्टी के निर्देश पर संगठन के माध्यम से प्रत्येक मंडलों एवं विधानसभा स्तर पर कार्यकर्ताओं एवं आम जनमानस की उपस्थिति में पूरे बजट कार्यक्रम को देखने का निर्णय लिया गया। बजट के उपरांत इस पर चर्चा भी की गई जो बजट केंद्र सरकार द्वारा आम जनमानस के लिए लाया गया है वह भविष्य में भारत को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए इस बजट में हर वर्ग को सम्मिलित किया गया है सरकार का फोकस डिफेंस सेक्टर किसानो की आय क्रिटिकल मिनरल्स डाटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर रोजगार और अर्थव्यवस्था पर है वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चित के बीच इस बजट में मिडिल क्लास उद्योग स्टारअप्स और निवेशकों को ध्यान में रखकर सुविधा देने का कार्य किया गया। सरकार ने बुनियादी ढांचे पर जोर देने का कार्य किया है विभिन्न क्षेत्रों में आसान नियम कम लागत टैक्स राहत और निर्यात शुल्क में छूट जैसी विभिन्न सुविधाएं दी है ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने छोटे-छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के कार्य किए हैं। भारत विश्व का सबसे ताकतवर देश बनेगा। जिला संगठन प्रभारी शिव महेश दुबे ने बताया भारत को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए 2014 से केंद्र की सरकार निरंतर कई ऐतिहासिक निर्णय ले रही है 2014 से पहले का भारत क्या था और वर्तमान का भारत क्या है इसमें बहुत भिन्नता हो गई है आज का भारत अपनी मजबूत उपस्थिति वैश्विक पटल पर दिख रहा है विकसित राष्ट्र के संकल्प को साकार करने के लिए 2026 के बजट में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। भाजपा जिला अध्यक्ष फतेह चंद्र वर्मा ने बताया पूरे जनपद में प्रत्येक बूथ सभी शक्ति केंद्रो विधानसभाओं एवं सभी मंडलों में पूरे बजट कार्यक्रम को कार्यकर्ताओं ने देखा है इसके उपरांत इस बजट को लेकर कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर सरकार के निर्णय की जानकारी देने का कार्य करेंगे यह बताएंगे कि सरकार ने आम जनमानस के लिए जो राहत देने का कार्य किया है यह आम जनमानस से वार्तालाप के माध्यम से प्रचारित करेंगे। इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा पूर्व जिला अध्यक्ष सत्यपाल सिंह आर्थिक प्रकोष्ठ जिला संयोजक जितेंद्र सिंह जिला महामंत्री हिमांशु गुप्ता जिला महामंत्री जीएस राठौर जिला मंत्री अमरदीप दीक्षित जिला मंत्री रश्मि दुबे जिला मंत्री धर्मेंद्र राजपूत जिला मंत्री अभिषेक बाथम जिला कोषाध्यक्ष संजीव गुप्ता जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र कठेरिया संजय सिंह जिला उपाध्यक्ष अशनील दिवाकर रजनीश मिश्रा जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी आदि लोग मौजूद रहे।
रविदास जयंती पर शांति व्यवस्था के लिए बहसूमा में प्रशासन का फ्लैग मार्च
बहसूमा। संत शिरोमणि रविदास जयंती के अवसर पर क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। इसी क्रम में मवाना के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) संतोष कुमार के नेतृत्व में बहसूमा कस्बे में भारी पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च निकाला गया। फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य जयंती कार्यक्रमों के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना, विवाद या अफवाह की संभावना को समाप्त करना रहा।

फ्लैग मार्च बहसूमा के प्रमुख मार्गों, बाजार क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरा। इस दौरान पुलिस बल, पीएसी तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवानों ने पैदल मार्च कर क्षेत्र का जायजा लिया। अधिकारियों ने आमजन से संवाद स्थापित करते हुए शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे बनाए रखने की अपील की। फ्लैग मार्च से जहां आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई, वहीं असामाजिक तत्वों को भी सख्त संदेश दिया गया।

एसडीएम संतोष कुमार ने बताया कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि संत रविदास जयंती का आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और गरिमामय वातावरण में संपन्न हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने, माहौल बिगाड़ने या कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि जुलूस मार्गों, कार्यक्रम स्थलों, प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।

फ्लैग मार्च के दौरान स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की। लोगों का कहना है कि ऐसे कदमों से क्षेत्र में विश्वास और सुरक्षा का माहौल बनता है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे शांति बनाए रखने में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की जानकारी तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें, ताकि पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। इस मौके पर कस्बा इंचार्ज राकेश कुमार कांस्टेबल गुलदीप कुमार आदि मौजूद रहे
नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 के दौरान सामान्य जनता के लिए अपील

मतदाता की संतुष्टि के लिए नकदी, शराब या अन्य किसी वस्तु का वितरण रिश्वत है और यह एक दण्डनीय अपराध है। निर्वाचनों के दौरान नकदी, शराब या अन्य वस्तुओं के वितरण पर नजर रखने के लिए प्रत्येक पुलिस स्टेशन के अधीन उड़नदस्ते बनाए गए हैं।

सभी से यह अपील की जाती है कि उड़नदस्तों द्वारा जब्ती से बचने के लिए कोई भी व्यक्ति जो निर्वाचनों के दौरान किसी निर्वाचन क्षेत्र में बहुत बड़ी मात्रा में नकदी ले जा रहा है, तो उस धन के स्रोत और उसके अंतिम प्रयोग को दर्शाने वाले निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने चाहिए।

1. पैन कार्ड तथा उसकी प्रति, (यदि कोई हो तो)

2. व्यापार रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र की प्रति (यदि कोई हो तो)

3. नकदी की निकासी दर्शाती बैंक पास बुकध्बैंक विवरणी की प्रति

4. नियमित नकदी लेन-देन वाले व्यापार के मामले में कैश बुक की प्रति

5. विवाह के निमंत्रण पत्र तथा अस्पताल में दाखिला आदि जैसे मामलों में नकदी के अंतिम प्रयोग के प्रमाण।

भरोसे,भागीदारी और बराबरी का केंद्रीय बजट 2026-प्रो.अंग्रेज*
सुल्तानपुर,केंद्रीय बजट 2026 भारत के समग्र एवं समावेशी विकास की एक स्पष्ट और दूरदर्शी रूपरेखा प्रस्तुत करता है,जो रफ्तार,क्षमता और सबका साथ के तीन मूल विज़नों पर आधारित है।इस बजट में उत्पादकता में वृद्धि के माध्यम से आर्थिक विकास को गति देने,युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम बनाने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, दृश्य प्रभाव, एनीमेशन, गेमिंग एवं रचनात्मक क्षेत्र को प्रोत्साहन देने हेतु भारत-विस्तार कार्यक्रम,करियर पाथवे योजनाएँ तथा विद्यालयों और महाविद्यालयों में कंटेंट क्रिएटर प्रयोगशालाओं की स्थापना युवाओं के लिए नए एवं गुणवत्तापूर्ण रोजगार अवसर सृजित करेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों का उन्नयन,आघात उपचार केंद्रों का विस्तार,एक लाख विशेषज्ञ तथा डेढ़ लाख देखभाल कर्मियों का प्रशिक्षण,आवश्यक दवाओं की कीमतों में कमी तथा एम्स स्तर के तीन नए आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना जनकल्याण को सुदृढ़ बनाती है। वहीं ग्रामीण एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में शी- मार्ट्स,महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल,हथकरघा उद्योग तथा एक जिला-एक उत्पाद को प्रोत्साहन आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मजबूती प्रदान करता है। अवसंरचना विकास के अंतर्गत नए जलमार्गों और तीव्रगामी रेल गलियारों की घोषणा देश की आर्थिक एकीकरण प्रक्रिया को गति देगी। कुल मिलाकर,केंद्रीय बजट 2026 आर्थिक प्रगति और सामाजिक न्याय के संतुलन के साथ भारत को सतत एवं समावेशी विकास की दिशा में अग्रसर करने वाला बजट है; यद्यपि कर्मचारियों को कर-स्लैब में छूट की अपेक्षा थी, जिससे उनकी वास्तविक आय और क्रय-शक्ति को और अधिक मजबूती मिल सकती थी। प्रो.अंग्रेज सिंह,प्राचार्य अर्थशास्त्री गनपत सहाय पी.जी.कालेज सुलतानपुर
केंद्रीय बजट से कर्मचारी-शिक्षकों में निराशा, आठवें वेतन आयोग व पेंशन पर चुप्पी
लखनऊ। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट में कर्मचारी और शिक्षकों से जुड़ी प्रमुख मांगों की अनदेखी किए जाने पर असंतोष सामने आया है। बजट में न तो पेंशन व्यवस्था से संबंधित कोई उल्लेख किया गया और न ही आठवें वेतन आयोग को लेकर कोई प्रावधान किया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि चालू वर्ष में आठवें वेतन आयोग के गठन की संभावना नहीं है।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी ने कहा कि असंगठित क्षेत्र, मानदेय, आउटसोर्सिंग जैसे कमजोर वर्ग के कर्मचारियों के लिए ईपीएफओ के अंतर्गत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन को पिछले 12 वर्षों से 1000 रुपये से बढ़ाने तथा न्यूनतम वेतन में वृद्धि के लिए बजट में कोई व्यवस्था नहीं की गई, जो अत्यंत निराशाजनक है।

उन्होंने कहा कि यदि आठवां वेतन आयोग लागू किया जाना होता तो आयकर की सीमा बढ़ाने जैसे संकेत बजट में दिखाई देते, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे में दी जाने वाली रियायत, जिसे कोरोना काल में समाप्त कर दिया गया था, उसकी बहाली की मांग भी बजट में शामिल नहीं की गई।

श्री तिवारी ने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट कर्मचारी-शिक्षकों और पेंशनभोगियों की दृष्टि से अच्छा नहीं कहा जा सकता है।
माघी पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, रामनगरिया मेला के आज आखिरी दिन उमड़ी रही भीड़
फर्रुखाबाद lमाघी पूर्णिमा पर पांचाल घाट सहित सभी गंगा तटों पर आस्था का संगम उमड़ पड़ा। चारों तरफ श्रद्धालु हर-हर गंगे के जयकारों के साथ आस्था की डुबकी लगा रहे थे। स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से गंगा मैया का पूजन कर दान-दक्षिणा दी, माघी पूर्णिमा को देखते हुए देर रात से ही श्रद्धालुओं का पांचाल घाट पर पहुंचना शुरू हो गया कोई पैदल तो कोई टेंपो व अन्य वाहनों से पांचाल घाट जाता दिखाई दिया भोर से ही गंगा तटों पर श्रद्धालुओं का मेला उमड़ पड़ा घाटों पर पैर रखने तक की जगह नहीं दिखाई दे रही थी श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ गंगा में डुबकी लगाई भक्तों ने गंगा मैया को साड़ी की पहनावा भी चढ़ाई। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पांचाल घाट पुल पर जाम ना लगे उसके लिए प्रशासन की ओर से रूट का डायवर्सन भी किया गया था जिस किसी भी तरीके की व्यवस्था न हो, यातायात प्रभारी ने बताया बेरीकेटिंग कराकर भारी वाहनों को मेला में जाने से रोक दिया गया जिससे आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गईl दूर दराज से आए श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो जिससे किसी की तबीयत खराब होने पर तुरंत इलाज मिल सके।

पड़ोसी जिले से आए श्रद्धालुओं ने भी गंगा स्नान किया,
देर रात से ही पड़ोसी जनपद हरदोई, शाहजहांपुर, मैनपुरी, इटावा,कासगंज, बदायूं और एटा आदि जनपदों से श्रद्धालुओं का पांचाल घाट पर पहुंचना शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने परिवार समेत गंगा स्नान कर दान-पुण्य किया। स्नान करने के बाद कुष्ठ रोगियों को अनाज, फल व मिष्ठान आदि भी वितरित किया गया।
नकली असलहों से रील बनाने वाला गिरफ्तार,चार पुलिस के कब्जे में
*रौब जमाने के लिए किया,हथियार जब्त

गोंडा।जिले में नकली असलहों से सोशल मीडिया पर धमकी भरे गानों पर रील बनाना चार युवकों को महंगा पड़ गया।नवाबगंज थाने की पुलिस ने वीडियो वायरल होने के बाद तत्काल संज्ञान में लेते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है,साथ ही उनके कब्जे से नकली हथियार भी बरामद कर लिया है।यह घटना नवाबगंज थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव की है।शाहपुर गांव निवासी ताहिर ने अपने तीन अन्य साथियों बस्ती के अंश मिश्रा,मोहसिन और दिग्विजय पांडेय के साथ मिलकर एक बसपा नेता की गाड़ी के पास खड़े होकर फिल्मी गानों के पर नकली असलहों के साथ रील बनाई थी और उसके बाद इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था।पुलिस ने चारों आरोपियों के पास से दो नकली एयर गन और एक नकली प्लास्टिक का पिस्टल बरामद किया है।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने रौब जमाने और लोगों में दहशत फैलाने के लिए इस तरह की रील बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया था।बताया जा रहा है कि ये सभी आरोपी मनकापुर के बसपा नेता राजिक उस्मानी के यहां काम करते थे।उन्होंने उस्मानी के घर की एयर गन का इस्तेमाल कर यह वीडियो बनाया था।वीडियो में ना हम झगड़ा चाहित हय,जो जो हमसे ढेर बोलत हय सीधय बंदूक दागित हय,गाने का इस्तेमाल किया था।नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर शांति भंग की धाराओं के तहत कार्रवाई की गयी है।पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी हरकत करने पर उनके खिलाफ और कठोर कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि समाज में इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जायेंगे।
बजट 2026: रांची बनेगा देश का नया 'मेंटल हेल्थ हब'; बेंगलुरु के बाद अब यहाँ खुलेगा NIMHANS 2.0"

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संसद में पेश वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट में झारखंड की राजधानी रांची को मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है. केंद्र सरकार ने रांची के मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों के मॉडर्नाइजेशन और विस्तार की घोषणा की है. इसके तहत देश में दूसरा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान (NIMHANS 2.0) रांची में स्थापित किया जाएगा, साथ ही रांची और तेजपुर के संस्थानों को रीजनल एपेक्स संस्थान के रूप में डेवलप किया जाएगा.

उत्तर भारत में अब तक कोई राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान नहीं था, जिसे ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है. देश का पहला NIMHANS बेंगलुरु में स्थित है, जो मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी है.

रांची में पहले से ही दो प्रमुख संस्थान सक्रिय हैं. केंद्रीय शासन के अंतर्गत आने वाला सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकेट्री (सीआईपी) और राज्य सरकार के तहत रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो-साइकियाट्री एंड अलाइड साइंसेज (आरआईएनपीएएस). ये दोनों संस्थान सौ सालों से भी अधिक समय से मानसिक स्वास्थ्य की सेवा, रिसर्च और इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

CIP प्रशासन ने बजट में की गई घोषणाओं का स्वागत किया है. उन्होंने बताया कि लंबे समय से इसे NIMHANS जैसे स्तर पर एडवांस करने की मांग की जा रही थी. प्रस्ताव के अनुसार, CIP परिसर में 500 बेड का नया अस्पताल विकसित किया जाएगा, जिसमें न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी और बाल चिकित्सा विभाग सम्मिलित होंगे. यह परियोजना लगभग 220 एकड़ क्षेत्र में फैली होगी और आगामी वित्तीय साल में कार्य शुरू होने की संभावना है.

CIP की स्थापना 17 मई 1918 को ब्रिटिश शासन के दौरान रांची यूरोपीय पागलखाना के रूप में हुई थी. अब केंद्रीय बजट के जरिए रांची को मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक राष्ट्रीय और क्षेत्रीय केंद्र के रूप में सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जो इस क्षेत्र में नई उम्मीदों को जन्म देंगे