पीएम मोदी को नॉर्वे के अखबार ने बताया 'संपेरा', जानें कैसे एक पत्रकार के एक सवाल से बढ़ा विवाद

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपने पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में इटली पहुंच चुके हैं। हालांकि, नॉर्वे दौरा लगातार चर्चा में बना हुआ है। ये चर्चा उस वक्त शुरू हुई, जब नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने एक महिला पत्रकार, हेले लिंग स्वेंडसन, ने अचानक प्रोटोकॉल तोड़कर चिल्लाते हुए एक तीखा सवाल पूछा। वहीं, वहीं अब नॉर्वे के एक अख़बार में पीएम मोदी पर छपा कार्टून सुर्ख़ियां बटोर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नॉर्वे दौरा उस वक्त विवादों में आ गया, जब वे नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे से मीटिंग के बाद जा रहे थे तब वहां की पत्रकार हेला लेंग ने उनसे सवाल पूछा था लेकिन पीएम बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में पत्रकार हेला लिंग को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "प्रधानमंत्री मोदी, आप दुनिया की सबसे स्वतंत्र प्रेस के सवालों को क्यों नहीं लेते?"

हेला लिंग ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया। मुझे इसकी उम्मीद भी नहीं थी। वर्ल्ड प्रेस फ़्रीडम इंडेक्स में नॉर्वे पहले स्थान पर है और भारत 157वें स्थान पर है।"

हेला लेंग के इस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद नॉर्वे में बारतीय दूतावास ने बयान जारी किया और भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आकर सवाल पूछने को कहा।प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उनकी और भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के बीच हुई तीखी बहस हो गई।

नॉर्वे की पत्रकार के तीखे सवाल

ओस्लो में भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में हेला लेंग ने सवाल पूछा, "भारत और नॉर्वे एक दूसरे के साथ मज़बूत साझेदारी कर रहे हैं। लेकिन हम आप पर भरोसा क्यों करें? क्या आप वादा करते हैं कि अपने देश में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन को रोकेंगे। आपके प्रधानमंत्री मुश्किल सवालों का जवाब देना कब शुरू करेंगे।" जब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि उन्होंने सवाल सुन लिया है और इसका जवाब देंगे, तो नॉर्वे की उस पत्रकार ने कहा कि उन्हें इसका जवाब फ़ौरन चाहिए।

भारतीय विदेश मंत्रालय में सचिव ने दिया जवाब

उसी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में भारत के विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सीबी जॉर्ज ने इस सवाल के जवाब में कहा, "भारत बेहद प्राचीन सभ्यता है। करीब पाँच हजार साल पुरानी सभ्यता। हमने जीरो का आविष्कार किया। हमने योग का आविष्कार किया।"

भारत ने बताया कैसे दुनिया ने किया विश्वास

जब सीबी जॉर्ज ये कह रहे थे, तब पत्रकार ने उन्हें फिर टोककर कहा कि आप सीधे मेरे सवाल का जवाब दीजिए। इस पर सीबी जॉर्ज ने कहा, "ये मेरी प्रेस कॉन्फ़्रेंस है। आपने सवाल किया है। अब आपको मेरा जवाब सुनने का धैर्य होना चाहिए।" पत्रकार ने फिर कहा कि आप योग वगैरह की बात ना करके सीधे सवाल का जवाब दें। सीबी जॉर्ज ने तब फिर कहा, "मैं भरोसे की ही बात कर रहा हूँ। जब पूरी दुनिया कोविड महामारी से जूझ रही थी। तब हमने दुनिया के 150 से ज़्यादा देशों को वैक्सीन और दवा दी। पूरी दुनिया को हमने संकट से उबारने में मदद की। दुनिया ने हम पर विश्वास जताया। ये होता है भरोसा।"

भारतीय अधिकारी ने बताया भारत पर भरोसे का मतलब

इस दौरान पत्रकार बार-बार टोकती रहीं कि मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में पूछे उनके सवाल का सीधा जवाब दिया जाए। सीबी जॉर्ज ने इसके जवाब में भारत में आयोजित जी20 समिट का ज़िक्र करते हुए कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे मुश्किल हालात में भारत की मेज़बानी में सभी देश एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर आए। उन्होंने कहा, "भारत ने सबको एक किया और पहली बार अफ़्रीकन यूनियन को हम जी20 का स्थाई सदस्य बनाने में सफल रहे। अफ़्रीकी देशों की चिंताओं को भारत ने मंच दिया। ये होता है भरोसा।" सीबी जॉर्ज के जवाब देने के दौरान ही वो पत्रकार प्रेस कॉन्फ़्रेंस छोड़कर चली गईं।

अब नॉर्वे के अखबार में पीएम मोदी पर कार्टून छपा

इस विवाद के बीच अब नॉर्वे के एक अख़बार में पीएम मोदी पर छपा कार्टून सुर्ख़ियां बटोर रहा है। नॉर्वे के सबसे बड़े और प्रभावशाली अख़बारों में से एक 'आफ़्टेनपोस्टेन' ने एक कार्टून प्रकाशित किया है। जिसमें उन्हें ‘संपेरे’ के रूप में दिखाया गया है और पेट्रोल पंप के पाइप को सांप की तरह दर्शाया गयाहै। यह कार्टून एक ओपिनियन लेख के साथ प्रकाशित हुआ था, जिसमें पीएम मोदी के लिए हेडलाइन दी गई है, ‘एक चालाक और थोड़ा खीज दिलाने वाला आदमी’।

भारत-नॉर्वे के रिश्ते पर पड़ेगा असर?

पीएम के दौरे और उससे पैदा हुए विवाद के बाद सवाल उठ रहें हैं कि क्या भारतच और नॉर्वे रे रिश्तों पर इसका असर पड़ेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि नॉर्वे के अखबार में छपे कार्टून के कारण दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों पर कोई निगेटिव प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। हालांकि, इतना जरूर है कि इस कार्टून विवाद के कारण भारत की आम जनता के बीच इस मुद्दे ने तूल जरूर पकड़ लिया है। एक बड़ी आबादी इसे देश के अपमान से जोड़कर देख रही हैं।

शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर सांसद प्रतिनिधि ने नए प्राचार्य से की मुलाकात

हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर गुरुवार को उनके लोकसभा क्षेत्र के सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज पहुंचकर यहां के नए प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार वर्मा से मुलाकात की। पौधा भेंटकर उनका हजारीबाग में स्वागत किया। इस दौरान सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की गंभीर जनसमस्याओं और व्यवस्थागत कमियों की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए उनसे तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। रंजन चौधरी ने प्राचार्य से कहा कि लगातार प्रबंधकीय लापरवाही के कारण यहां इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने उनसे आग्रह किया कि अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर जैसे आपातकालीन और संवेदनशील स्थान पर जूनियर रेजिडेंट्स के साथ 24 घंटे सातों दिन सीनियर फिजिशियन और सीनियर सर्जन की ड्यूटी अनिवार्य रूप से लगाई जानी चाहिए, ताकि मरीजों को बेवजह रेफर न करना पड़े और उनका यहीं सुव्यवस्थित इलाज सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल के पोस्टमार्टम विभाग को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसकी रिपोर्ट सीधे न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करती है, इसलिए इस विभाग की विशेष मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और शवों का समय पर पोस्टमार्टम कराया जाए ताकि पीड़ित परिवारों को राहत और उचित न्याय मिल सके।

सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अन्य गंभीर समस्याओं पर प्राचार्य का ध्यान आकृष्ट कराते हुए अस्पताल में खराब पड़े एक पीएसए ऑक्सीजन प्लांट को अविलंब दुरुस्त कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने सरकारी स्तर से अस्पताल में मिलने वाली दवाइयों के स्थान पर डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवाइयां अधिक लिखे जाने की शिकायत की और इस पर रोक लगाने को कहा। इसके अलावा वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए उन्होंने विभिन्न वार्डों में खराब पड़े एसी, वॉटर कूलर और पंखों को अविलंब बनवाने की आवश्यकता पर बल दिया। इन तमाम विषयों को सुनने के बाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार वर्मा ने सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी को आश्वस्त किया कि वे जल्द ही मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन के साथ सवार्ता करेंगे और मरीजों के व्यापक हित में अस्पताल की व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ कराएंगे ताकि मरीजों और उनके परिजनों को तत्काल राहत मिल सके।

हजारीबाग में पेयजल और बिजली समस्या पर विधायक प्रदीप प्रसाद ने उपायुक्त से की मुलाकात

हजारीबाग: हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने उपायुक्त श्री हेमंत सती से शिष्टाचार भेंट कर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्याप्त पेयजल और बिजली की समस्या सहित विभिन्न जनहित के मुद्दों पर विस्तार से सकारात्मक चर्चा की।

भेंट के दौरान विधायक प्रदीप प्रसाद ने क्षेत्र की जनता को हो रही असुविधाओं, विशेषकर भीषण गर्मी के मौसम में उत्पन्न पेयजल संकट, विद्युत आपूर्ति की अनियमितता तथा अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इन समस्याओं के शीघ्र समाधान हेतु प्रशासन से प्रभावी पहल करने का आग्रह किया।

उपायुक्त हेमंत सती ने सभी विषयों को गंभीरता से सुनते हुए उन पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की दिशा में सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।

उल्लेखनीय है कि पिछली मुलाकात के दौरान विधायक प्रदीप प्रसाद ने शहर में बड़ी संख्या में सूख चुके एवं जर्जर पेड़ों की समस्या से भी उपायुक्त को अवगत कराया था, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ था। इस संबंध में प्रशासन द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए शहर में सूखे पेड़ों की कटाई का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इसके लिए विधायक प्रदीप प्रसाद ने उपायुक्त का हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया है।

विधायक ने विश्वास जताया कि प्रशासन के सहयोग से जनहित से जुड़े इन सभी विषयों पर शीघ्र सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे और क्षेत्र के नागरिकों को राहत प्राप्त होगी।

डीपीएम पब्लिक स्कूल में नन्हे-मुन्ने बच्चों की पूल पार्टी, इंडोर गेम्स में भी दिखा उत्साह
मेरठ/बहसूमा। भीषण गर्मी के बीच डीपीएम पब्लिक स्कूल में बुधवार को नर्सरी से यूकेजी तक के नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए रंगारंग पूल पार्टी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों का उत्साह और खुशी देखते ही बन रही थी। बच्चों ने पानी में खेलते हुए जमकर मस्ती की तथा विभिन्न गीतों पर नृत्य कर आनंद उठाया।

विद्यालय प्रशासन की ओर से बच्चों के लिए फ्रूटी, मैंगो ड्रिंक, चिप्स एवं ताजे फलों की विशेष व्यवस्था की गई थी। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए बच्चों की सुरक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी सभी व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया।

इस सफल आयोजन का श्रेय विद्यालय के सचिव जगदीश त्यागी को दिया गया। उनके कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और बच्चों के प्रति स्नेहपूर्ण भावना के चलते कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं आकर्षक रूप से संपन्न हुआ। उन्होंने स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी करते हुए यह सुनिश्चित किया कि बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

विद्यालय प्रबंधन का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित, आनंदमय एवं शिक्षाप्रद वातावरण उपलब्ध कराना है। इसी सोच के तहत विद्यालय में समय-समय पर रचनात्मक एवं मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास को बढ़ावा मिल सके।

इसी अवसर पर कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए इंडोर गेम्स प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में लूडो, कैरम, टेबल टेनिस और शतरंज जैसे खेल शामिल रहे, जिनमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य ज़िया ज़ैदी ने बच्चों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई तक, बनी असमंजस की स्थिति*

*अभी तक उनका कार्यकाल बढ़ाने का आदेश शासन की तरफ से नहीं मिला है*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में 546 ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा। इसमें मात्र एक सप्ताह का समय बचा है। अभी तक शासन स्तर से प्रशासक की तैनाती का कोई आदेश भी जारी नहीं हुआ है। इसको लेकर असमंजश की स्थिति बनी हुई है।
ऐसे में ग्राम पंचायतों में होने वाले लाखों के विकास कार्य को समय से पूर्ण करा पाना विभाग के लिए बड़ी चुनौती होगी। जिले में कुल 546 ग्राम पंचायतें हैं। जिसमें हर साल 15वें वित्त, राज्य वित्त, टाइड, अनटाइड फंड संग स्वच्छ भारत मिशन से बजट शासन से जारी होता है। राज्य वित्त और 15वें वित्त के बजट से खड़ंजा, इंटरलाॅकिंग,जैसी सुविधाएं दी जाती है जबकि टाइड फंड सशर्त अनुदान है, जो प्रधान को केवल विशिष्ट कार्यों के लिए दिया जाता है।
इसका 50 फीसदी हिस्सा पेयजल आपूर्ति, जल संचयन और पुनर्चक्रण के लिए, जबकि शेष 50 फीसदी स्वच्छता और ओडीएफ स्थिति के रखरखाव के लिए अनिवार्य रूप से खर्च करना होता है। 2021 में निर्वाचित ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा।



26 म‌ई को प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। अभी तक उनका कार्यकाल बढ़ाने का आदेश शासन की तरफ से नहीं मिला है। ग्राम पंचायतों के संचालन के लिए प्रशासक नियुक्त होने की संभावना है। दो से तीन में शासन से इससे संबंधित पत्र मिल सकता है। जिसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

ज्ञान प्रकाश,प्रभारी डीपीआरओ भदोही
कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने सड़क दुर्घटना में दिखाई संवेदनशीलता
* योगी सरकार के मंत्री ने काफिला रोक बच्चों को तत्काल पहुंचाया अस्पताल

कानपुर देहात/लखनऊ। झांसी की ओर जाते समय प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने मानवता एवं संवेदनशीलता का परिचय देते हुए कानपुर देहात क्षेत्र में सड़क दुर्घटना का शिकार हुए स्कूली बच्चों की तत्काल सहायता की।
जनपद कानपुर देहात में सिंगूर नदी के पास मावर शरीफ गांव में एक स्कूली बस की आमने-सामने से एक ट्रक से टक्कर हो गई। उसी दौरान मंत्री दारा सिंह चौहान का काफिला वहां से गुजर रहा था। दुर्घटना को देखकर उन्होंने तुरंत अपना काफिला रुकवाया और स्वयं मौके पर पहुंचकर बच्चों का हाल-चाल जाना।
कारागार मंत्री ने अधिकारियों एवं स्थानीय प्रशासन को निर्देश देते हुए घायल बच्चों को तत्काल अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था कराई। उनकी तत्परता एवं संवेदनशीलता के चलते बच्चों को समय पर चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा सकी।सौभाग्यवश दुर्घटना में किसी भी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई।
जिले में पुराने जेल परिसर में नए मेडिकल कॉलेज के लिए तैैयारियाँ तेज, जून में शिलान्यास संभव
संजीव सिंह बलिया!जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मंगलवार को जिले के पुराने जेल परिसर का निरीक्षण कर प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज निर्माण की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में स्थित इस परिसर में नया मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। उन्होंने निर्माण सम्बन्धी नक्शों का अवलोकन किया और कार्यदायी संस्था से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने कहा कि जून माह में मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास प्रस्तावित है, इसलिए सभी तैयारी समय से पूरी कर ली जाएँ। उन्होंने निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही व ढिलाई बर्दाश्त नहीं करने के निर्देश दिए। प्रारम्भिक चरण में इस कॉलेज में 100 छात्रों का नामांकन (रजिस्ट्रेशन) किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कॉलेज की ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) क्षमता, अस्पताल सुविधा तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार संबंधी विस्तृत जानकारी भी ली। उन्होंने कार्यदायी संस्था से कहा कि निवेश व इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि भविष्य में बेहतर चिकित्सकीय शिक्षा व सेवाएं सुनिश्चित हो सकें। इसके अलावा जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि वर्तमान में उसी परिसर में संचालित सीएमओ कार्यालय के स्थानांतरण के लिए स्वास्थ्य विभाग से आवश्यक एनओसी शीघ्र प्राप्त की जाए, ताकि निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए। उन्होंने कहा कि परियोजना समयबद्ध तथा पारदर्शी तरीके से आगे बढ़े और स्थानीय जनता को गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ जल्द उपलब्ध हों।
समाज के माथे पर कलंक –“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो”
–डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार

आज सुबह जैसे ही हाथ में नवभारत टाइम्स का अखबार लिया, एक मार्मिक शीर्षक ने मन को भीतर तक झकझोर दिया —
“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो…”

यह केवल एक पंक्ति नहीं थी, यह उन असंख्य बेटियों की मौन चीख थी, जो दहेज जैसी कुप्रथा की भेंट चढ़ जाती हैं।
33 वर्षीय टि्वशा  शर्मा और 25 वर्षीय दीपिका…
दो नाम नहीं, दो अधूरे सपने थे।
दो जिंदगियाँ थीं, जिन्हें जीने का पूरा अधिकार था।
लेकिन दहेज की प्रताड़ना ने उन्हें इस हद तक तोड़ दिया कि उनकी जिंदगी खत्म हो गई।

यह हत्या थी या आत्महत्या — यह तो जांच का विषय है,
लेकिन इतना तय है कि जिन लोगों ने एक लड़की को अपने जीवन से हाथ धोने पर मजबूर कर दिया, वे किसी भी रूप में दोषी हैं।
ऐसे दरिंदों को कठोर से कठोर सजा मिलनी ही चाहिए।
क्योंकि किसी इंसान को मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित कर देना कि वह जीने की इच्छा ही खो दे, यह भी किसी हत्या से कम नहीं।

यह समाचार पढ़कर मन में एक ही प्रश्न उठता है —
क्या सचमुच हम 21वीं सदी में जी रहे हैं?

आज महिलाएँ युद्ध क्षेत्र में देश की रक्षा कर रही हैं, अंतरिक्ष में भारत का परचम फहरा रही हैं, विज्ञान, राजनीति, साहित्य, खेल और व्यापार हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं।
फिर भी, उसी समाज में एक बेटी को विवाह के बाद दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता है, जलाया जाता है, अपमानित किया जाता है।
यह केवल अपराध नहीं, मानवता की हार है।

सबसे दुखद बात यह है कि दहेज मांगने वाले घरों में भी बहनें और बेटियाँ होती हैं।
फिर क्यों किसी और की बेटी को केवल पैसों और सामान के लिए यातना दी जाती है?
क्या रिश्तों की कीमत अब रुपयों से तय होगी?
क्या बहू अब इंसान नहीं, बल्कि मायके से सामान और धन लाने वाली एक “बैंक” बनकर रह गई है?

दहेज कभी किसी का जीवन नहीं चला सकता।
जीवन चलता है संस्कारों से, प्रेम से, सम्मान से और परिश्रम से।
भगवान ने सबको हाथ-पैर दिए हैं, शिक्षा दी है, क्षमता दी है —
तो फिर किसी बेटी के पिता की मेहनत की कमाई पर अपना अधिकार क्यों?

आज आवश्यकता केवल कानून बनाने की नहीं, सोच बदलने की है।
माता-पिता को भी चाहिए कि वे केवल “अच्छा घर” या ऊँचा दिखावा देखकर जल्दबाजी में बेटी का विवाह न करें।
रिश्तों की चमक-दमक से ज्यादा जरूरी है उस परिवार की मानसिकता को समझना।
दहेज के लालचियों की पहचान अक्सर शादी से पहले ही हो जाती है ।
कभी महंगे उपहारों की अपेक्षा में,
कभी बार-बार की मांगों में,
तो कभी तानों और व्यवहार में।

ऐसे समय में डरना नहीं चाहिए।
जरूरत पड़े तो सगाई तोड़ देनी चाहिए।
और यदि विवाह मंडप तक बात पहुँच जाए, तब भी हिम्मत करके बारात लौटा देनी चाहिए।
क्योंकि एक टूटा रिश्ता फिर भी जीवन बचा सकता है,
लेकिन गलत घर में की गई शादी पूरी जिंदगी बर्बाद कर देती है।

समाज को यह समझना होगा कि बेटी कोई बोझ नहीं, वह घर की सबसे सुंदर रचना है।
जिस घर में बेटियों का सम्मान नहीं, वह घर कभी सुखी नहीं हो सकता।

आइए संकल्प लें —
न दहेज देंगे,
न दहेज लेंगे,
और न ही दहेज मांगने वालों का समर्थन करेंगे।

ताकि फिर कभी किसी अखबार की हेडिंग यह न कहे —
“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो…”।
पीएम मोदी-डोनाल्ड ट्रंप की हो सकती है मुलाकात, जी-7 समिट के दौरान होगी मीटिंग!

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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जल्द ही मुलाकात हो सकती है। ये मुलाकात भारत या अमेरिका में नहीं बल्कि फ्रांस में होने की संभावना है। दरअसल, फ्रांस में आगामी जून महीने में G-7 शिखर सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। फ्रांस में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बातचीत हो सकती है। अगर यह मुलाकात होती है तो करीब डेढ़ साल बाद मोदी और ट्रंप आमने-सामने बैठकर वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

ट्रंप G7 शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा

अमेरिकी मीडिया Axios की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी जी7 नेताओं की बैठक में शामिल होंगे। रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप जी7 बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वैश्विक व्यापार, अपराध नियंत्रण और चीन पर निर्भरता कम करने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाना चाहते हैं। अमेरिकी प्रशासन की कोशिश है कि अमेरिकी तकनीक आधारित एआई टूल्स को दुनिया भर में बढ़ावा दिया जाए और क्रिटिकल मिनरल सप्लाई चेन में चीन की पकड़ कमजोर की जाए।

मैक्रों के विशेष आमंत्रण पर फ्रांस जा सकते हैं पीएम मोदी

फ्रांस के एवियन-लेस-बैंस में 15 से 17 जून तक G7 शिखर सम्मेलन का आयोजन होगा। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी को इस बैठक में शामिल होने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया है। हालांकि भारत इस समूह का सदस्य नहीं है, फिर भी एक महत्वपूर्ण भागीदार देश के तौर पर भारत को बुलाया गया है।

करीब 16 महीने बाद ट्रंप-मोदी की मुलाकात

जी-7 की बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। यह इसलिए क्योंकि पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की यह संभावित मुलाकात करीब 16 महीने बाद होने वाली है। माना जा रहा है कि दोनों नेता व्यापार, तकनीक और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत कर सकते हैं। इससे पहले पीएम मोदी और ट्रंप के बीच आखिरी मुलाकात पिछले साल फरवरी में हुई थी, जब ट्रंप के विशेष आमंत्रण पर पीएम मोदी अमेरिका गए थे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई थी। इस दौरान टैरिफ, संबंध, व्यापार, आतंकवाद, रक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई थी।

देवघर के डिवाइन पब्लिक स्कूल 10+2 वार्षिक अभिभावक दिवस समारोह – 2026 का भव्य आयोजन।
देवघर: Divine Public School 10+2 द्वारा आयोजित “Annual Parent’s Day Celebration – 2026” का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ शिल्पग्राम ऑडिटोरियम में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के मध्य आपसी सहयोग, स्नेह एवं प्रतिभा को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार (IAS) व अन्य अतिथियों में रीता चौरसिया, प्रेम केशरी प्राइवेट स्कूल असोसिएशन के अध्यक्ष, किडविज़ पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल ज्ञानी मिश्रा, CA आशुतोष कुमार सिंह, फाउंडेशन विथ फन स्कूल की प्रिंसिपल अर्पणा सिन्हा व अर्चना सिन्हा भी सम्मिलित थीं। विद्यालय परिसर उत्साह, रंगारंग प्रस्तुतियों एवं आनंदमय वातावरण से सराबोर रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत भाषण एवं स्वागत गीत “Mann Ki Veena Se…” से हुआ, जिसे विद्यालय के choir group ने प्रस्तुत किया। तत्पश्चात दीप प्रज्वलन एवं मुख्य अतिथियों के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत “Ganesh Vandana” नृत्य ने उपस्थित सभी अतिथियों का मन मोह लिया। समारोह में विद्यालय के विद्यार्थियों की विभिन्न सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मानित किया गया। Taekwondo प्रदर्शन (Part–I एवं Part–II) ने दर्शकों को रोमांचित किया तथा विद्यार्थियों के आत्मविश्वास एवं अनुशासन का परिचय दिया। कार्यक्रम में विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों द्वारा समूह नृत्य एवं समूह गीत प्रस्तुत किए गए, जिनमें “Luka Chuppi…”, “Good for Nothing…”, “Itti Si Hansi Itti Si Khushi…”, तथा “Mamma…” जैसे गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियाँ शामिल रहीं। Bollywood Dance एवं संगीतमय प्रस्तुति “Papa Kehte Hai…” ने समारोह में विशेष आकर्षण जोड़ा। समारोह का मुख्य आकर्षण “Ramp Walk” रहा, जिसमें अभिभावकों ने अपने बच्चों एवं शिक्षकों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके अतिरिक्त अभिभावकों के लिए “Know Your Child Through Hand”, “Dumb Charades”, “Blind Hitting”, “Searching for Treasure”, “Shooting”, “Know Your Child Through Eyes” एवं “Musical Chair” जैसे मनोरंजक खेलों का आयोजन किया गया, जिससे कार्यक्रम में आनंद एवं सहभागिता का वातावरण बना रहा। विजेता अभिभावकों के बीच पुरुस्कार वितरित किये गए। विद्यालय कि प्राचार्या डॉ. ममता किरण ने सभी अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया तथा कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
पीएम मोदी को नॉर्वे के अखबार ने बताया 'संपेरा', जानें कैसे एक पत्रकार के एक सवाल से बढ़ा विवाद

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपने पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में इटली पहुंच चुके हैं। हालांकि, नॉर्वे दौरा लगातार चर्चा में बना हुआ है। ये चर्चा उस वक्त शुरू हुई, जब नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने एक महिला पत्रकार, हेले लिंग स्वेंडसन, ने अचानक प्रोटोकॉल तोड़कर चिल्लाते हुए एक तीखा सवाल पूछा। वहीं, वहीं अब नॉर्वे के एक अख़बार में पीएम मोदी पर छपा कार्टून सुर्ख़ियां बटोर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नॉर्वे दौरा उस वक्त विवादों में आ गया, जब वे नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे से मीटिंग के बाद जा रहे थे तब वहां की पत्रकार हेला लेंग ने उनसे सवाल पूछा था लेकिन पीएम बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में पत्रकार हेला लिंग को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "प्रधानमंत्री मोदी, आप दुनिया की सबसे स्वतंत्र प्रेस के सवालों को क्यों नहीं लेते?"

हेला लिंग ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया। मुझे इसकी उम्मीद भी नहीं थी। वर्ल्ड प्रेस फ़्रीडम इंडेक्स में नॉर्वे पहले स्थान पर है और भारत 157वें स्थान पर है।"

हेला लेंग के इस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद नॉर्वे में बारतीय दूतावास ने बयान जारी किया और भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आकर सवाल पूछने को कहा।प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उनकी और भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के बीच हुई तीखी बहस हो गई।

नॉर्वे की पत्रकार के तीखे सवाल

ओस्लो में भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में हेला लेंग ने सवाल पूछा, "भारत और नॉर्वे एक दूसरे के साथ मज़बूत साझेदारी कर रहे हैं। लेकिन हम आप पर भरोसा क्यों करें? क्या आप वादा करते हैं कि अपने देश में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन को रोकेंगे। आपके प्रधानमंत्री मुश्किल सवालों का जवाब देना कब शुरू करेंगे।" जब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि उन्होंने सवाल सुन लिया है और इसका जवाब देंगे, तो नॉर्वे की उस पत्रकार ने कहा कि उन्हें इसका जवाब फ़ौरन चाहिए।

भारतीय विदेश मंत्रालय में सचिव ने दिया जवाब

उसी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में भारत के विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सीबी जॉर्ज ने इस सवाल के जवाब में कहा, "भारत बेहद प्राचीन सभ्यता है। करीब पाँच हजार साल पुरानी सभ्यता। हमने जीरो का आविष्कार किया। हमने योग का आविष्कार किया।"

भारत ने बताया कैसे दुनिया ने किया विश्वास

जब सीबी जॉर्ज ये कह रहे थे, तब पत्रकार ने उन्हें फिर टोककर कहा कि आप सीधे मेरे सवाल का जवाब दीजिए। इस पर सीबी जॉर्ज ने कहा, "ये मेरी प्रेस कॉन्फ़्रेंस है। आपने सवाल किया है। अब आपको मेरा जवाब सुनने का धैर्य होना चाहिए।" पत्रकार ने फिर कहा कि आप योग वगैरह की बात ना करके सीधे सवाल का जवाब दें। सीबी जॉर्ज ने तब फिर कहा, "मैं भरोसे की ही बात कर रहा हूँ। जब पूरी दुनिया कोविड महामारी से जूझ रही थी। तब हमने दुनिया के 150 से ज़्यादा देशों को वैक्सीन और दवा दी। पूरी दुनिया को हमने संकट से उबारने में मदद की। दुनिया ने हम पर विश्वास जताया। ये होता है भरोसा।"

भारतीय अधिकारी ने बताया भारत पर भरोसे का मतलब

इस दौरान पत्रकार बार-बार टोकती रहीं कि मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में पूछे उनके सवाल का सीधा जवाब दिया जाए। सीबी जॉर्ज ने इसके जवाब में भारत में आयोजित जी20 समिट का ज़िक्र करते हुए कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे मुश्किल हालात में भारत की मेज़बानी में सभी देश एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर आए। उन्होंने कहा, "भारत ने सबको एक किया और पहली बार अफ़्रीकन यूनियन को हम जी20 का स्थाई सदस्य बनाने में सफल रहे। अफ़्रीकी देशों की चिंताओं को भारत ने मंच दिया। ये होता है भरोसा।" सीबी जॉर्ज के जवाब देने के दौरान ही वो पत्रकार प्रेस कॉन्फ़्रेंस छोड़कर चली गईं।

अब नॉर्वे के अखबार में पीएम मोदी पर कार्टून छपा

इस विवाद के बीच अब नॉर्वे के एक अख़बार में पीएम मोदी पर छपा कार्टून सुर्ख़ियां बटोर रहा है। नॉर्वे के सबसे बड़े और प्रभावशाली अख़बारों में से एक 'आफ़्टेनपोस्टेन' ने एक कार्टून प्रकाशित किया है। जिसमें उन्हें ‘संपेरे’ के रूप में दिखाया गया है और पेट्रोल पंप के पाइप को सांप की तरह दर्शाया गयाहै। यह कार्टून एक ओपिनियन लेख के साथ प्रकाशित हुआ था, जिसमें पीएम मोदी के लिए हेडलाइन दी गई है, ‘एक चालाक और थोड़ा खीज दिलाने वाला आदमी’।

भारत-नॉर्वे के रिश्ते पर पड़ेगा असर?

पीएम के दौरे और उससे पैदा हुए विवाद के बाद सवाल उठ रहें हैं कि क्या भारतच और नॉर्वे रे रिश्तों पर इसका असर पड़ेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि नॉर्वे के अखबार में छपे कार्टून के कारण दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों पर कोई निगेटिव प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। हालांकि, इतना जरूर है कि इस कार्टून विवाद के कारण भारत की आम जनता के बीच इस मुद्दे ने तूल जरूर पकड़ लिया है। एक बड़ी आबादी इसे देश के अपमान से जोड़कर देख रही हैं।

शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर सांसद प्रतिनिधि ने नए प्राचार्य से की मुलाकात

हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर गुरुवार को उनके लोकसभा क्षेत्र के सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज पहुंचकर यहां के नए प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार वर्मा से मुलाकात की। पौधा भेंटकर उनका हजारीबाग में स्वागत किया। इस दौरान सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की गंभीर जनसमस्याओं और व्यवस्थागत कमियों की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए उनसे तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। रंजन चौधरी ने प्राचार्य से कहा कि लगातार प्रबंधकीय लापरवाही के कारण यहां इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने उनसे आग्रह किया कि अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर जैसे आपातकालीन और संवेदनशील स्थान पर जूनियर रेजिडेंट्स के साथ 24 घंटे सातों दिन सीनियर फिजिशियन और सीनियर सर्जन की ड्यूटी अनिवार्य रूप से लगाई जानी चाहिए, ताकि मरीजों को बेवजह रेफर न करना पड़े और उनका यहीं सुव्यवस्थित इलाज सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल के पोस्टमार्टम विभाग को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसकी रिपोर्ट सीधे न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करती है, इसलिए इस विभाग की विशेष मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और शवों का समय पर पोस्टमार्टम कराया जाए ताकि पीड़ित परिवारों को राहत और उचित न्याय मिल सके।

सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अन्य गंभीर समस्याओं पर प्राचार्य का ध्यान आकृष्ट कराते हुए अस्पताल में खराब पड़े एक पीएसए ऑक्सीजन प्लांट को अविलंब दुरुस्त कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने सरकारी स्तर से अस्पताल में मिलने वाली दवाइयों के स्थान पर डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवाइयां अधिक लिखे जाने की शिकायत की और इस पर रोक लगाने को कहा। इसके अलावा वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए उन्होंने विभिन्न वार्डों में खराब पड़े एसी, वॉटर कूलर और पंखों को अविलंब बनवाने की आवश्यकता पर बल दिया। इन तमाम विषयों को सुनने के बाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार वर्मा ने सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी को आश्वस्त किया कि वे जल्द ही मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन के साथ सवार्ता करेंगे और मरीजों के व्यापक हित में अस्पताल की व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ कराएंगे ताकि मरीजों और उनके परिजनों को तत्काल राहत मिल सके।

हजारीबाग में पेयजल और बिजली समस्या पर विधायक प्रदीप प्रसाद ने उपायुक्त से की मुलाकात

हजारीबाग: हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने उपायुक्त श्री हेमंत सती से शिष्टाचार भेंट कर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्याप्त पेयजल और बिजली की समस्या सहित विभिन्न जनहित के मुद्दों पर विस्तार से सकारात्मक चर्चा की।

भेंट के दौरान विधायक प्रदीप प्रसाद ने क्षेत्र की जनता को हो रही असुविधाओं, विशेषकर भीषण गर्मी के मौसम में उत्पन्न पेयजल संकट, विद्युत आपूर्ति की अनियमितता तथा अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इन समस्याओं के शीघ्र समाधान हेतु प्रशासन से प्रभावी पहल करने का आग्रह किया।

उपायुक्त हेमंत सती ने सभी विषयों को गंभीरता से सुनते हुए उन पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की दिशा में सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।

उल्लेखनीय है कि पिछली मुलाकात के दौरान विधायक प्रदीप प्रसाद ने शहर में बड़ी संख्या में सूख चुके एवं जर्जर पेड़ों की समस्या से भी उपायुक्त को अवगत कराया था, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ था। इस संबंध में प्रशासन द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए शहर में सूखे पेड़ों की कटाई का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इसके लिए विधायक प्रदीप प्रसाद ने उपायुक्त का हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया है।

विधायक ने विश्वास जताया कि प्रशासन के सहयोग से जनहित से जुड़े इन सभी विषयों पर शीघ्र सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे और क्षेत्र के नागरिकों को राहत प्राप्त होगी।

डीपीएम पब्लिक स्कूल में नन्हे-मुन्ने बच्चों की पूल पार्टी, इंडोर गेम्स में भी दिखा उत्साह
मेरठ/बहसूमा। भीषण गर्मी के बीच डीपीएम पब्लिक स्कूल में बुधवार को नर्सरी से यूकेजी तक के नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए रंगारंग पूल पार्टी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों का उत्साह और खुशी देखते ही बन रही थी। बच्चों ने पानी में खेलते हुए जमकर मस्ती की तथा विभिन्न गीतों पर नृत्य कर आनंद उठाया।

विद्यालय प्रशासन की ओर से बच्चों के लिए फ्रूटी, मैंगो ड्रिंक, चिप्स एवं ताजे फलों की विशेष व्यवस्था की गई थी। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए बच्चों की सुरक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी सभी व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया।

इस सफल आयोजन का श्रेय विद्यालय के सचिव जगदीश त्यागी को दिया गया। उनके कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और बच्चों के प्रति स्नेहपूर्ण भावना के चलते कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं आकर्षक रूप से संपन्न हुआ। उन्होंने स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी करते हुए यह सुनिश्चित किया कि बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

विद्यालय प्रबंधन का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित, आनंदमय एवं शिक्षाप्रद वातावरण उपलब्ध कराना है। इसी सोच के तहत विद्यालय में समय-समय पर रचनात्मक एवं मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास को बढ़ावा मिल सके।

इसी अवसर पर कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए इंडोर गेम्स प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में लूडो, कैरम, टेबल टेनिस और शतरंज जैसे खेल शामिल रहे, जिनमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य ज़िया ज़ैदी ने बच्चों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई तक, बनी असमंजस की स्थिति*

*अभी तक उनका कार्यकाल बढ़ाने का आदेश शासन की तरफ से नहीं मिला है*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में 546 ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा। इसमें मात्र एक सप्ताह का समय बचा है। अभी तक शासन स्तर से प्रशासक की तैनाती का कोई आदेश भी जारी नहीं हुआ है। इसको लेकर असमंजश की स्थिति बनी हुई है।
ऐसे में ग्राम पंचायतों में होने वाले लाखों के विकास कार्य को समय से पूर्ण करा पाना विभाग के लिए बड़ी चुनौती होगी। जिले में कुल 546 ग्राम पंचायतें हैं। जिसमें हर साल 15वें वित्त, राज्य वित्त, टाइड, अनटाइड फंड संग स्वच्छ भारत मिशन से बजट शासन से जारी होता है। राज्य वित्त और 15वें वित्त के बजट से खड़ंजा, इंटरलाॅकिंग,जैसी सुविधाएं दी जाती है जबकि टाइड फंड सशर्त अनुदान है, जो प्रधान को केवल विशिष्ट कार्यों के लिए दिया जाता है।
इसका 50 फीसदी हिस्सा पेयजल आपूर्ति, जल संचयन और पुनर्चक्रण के लिए, जबकि शेष 50 फीसदी स्वच्छता और ओडीएफ स्थिति के रखरखाव के लिए अनिवार्य रूप से खर्च करना होता है। 2021 में निर्वाचित ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा।



26 म‌ई को प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। अभी तक उनका कार्यकाल बढ़ाने का आदेश शासन की तरफ से नहीं मिला है। ग्राम पंचायतों के संचालन के लिए प्रशासक नियुक्त होने की संभावना है। दो से तीन में शासन से इससे संबंधित पत्र मिल सकता है। जिसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

ज्ञान प्रकाश,प्रभारी डीपीआरओ भदोही
कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने सड़क दुर्घटना में दिखाई संवेदनशीलता
* योगी सरकार के मंत्री ने काफिला रोक बच्चों को तत्काल पहुंचाया अस्पताल

कानपुर देहात/लखनऊ। झांसी की ओर जाते समय प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने मानवता एवं संवेदनशीलता का परिचय देते हुए कानपुर देहात क्षेत्र में सड़क दुर्घटना का शिकार हुए स्कूली बच्चों की तत्काल सहायता की।
जनपद कानपुर देहात में सिंगूर नदी के पास मावर शरीफ गांव में एक स्कूली बस की आमने-सामने से एक ट्रक से टक्कर हो गई। उसी दौरान मंत्री दारा सिंह चौहान का काफिला वहां से गुजर रहा था। दुर्घटना को देखकर उन्होंने तुरंत अपना काफिला रुकवाया और स्वयं मौके पर पहुंचकर बच्चों का हाल-चाल जाना।
कारागार मंत्री ने अधिकारियों एवं स्थानीय प्रशासन को निर्देश देते हुए घायल बच्चों को तत्काल अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था कराई। उनकी तत्परता एवं संवेदनशीलता के चलते बच्चों को समय पर चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा सकी।सौभाग्यवश दुर्घटना में किसी भी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई।
जिले में पुराने जेल परिसर में नए मेडिकल कॉलेज के लिए तैैयारियाँ तेज, जून में शिलान्यास संभव
संजीव सिंह बलिया!जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मंगलवार को जिले के पुराने जेल परिसर का निरीक्षण कर प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज निर्माण की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में स्थित इस परिसर में नया मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। उन्होंने निर्माण सम्बन्धी नक्शों का अवलोकन किया और कार्यदायी संस्था से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने कहा कि जून माह में मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास प्रस्तावित है, इसलिए सभी तैयारी समय से पूरी कर ली जाएँ। उन्होंने निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही व ढिलाई बर्दाश्त नहीं करने के निर्देश दिए। प्रारम्भिक चरण में इस कॉलेज में 100 छात्रों का नामांकन (रजिस्ट्रेशन) किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कॉलेज की ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) क्षमता, अस्पताल सुविधा तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार संबंधी विस्तृत जानकारी भी ली। उन्होंने कार्यदायी संस्था से कहा कि निवेश व इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि भविष्य में बेहतर चिकित्सकीय शिक्षा व सेवाएं सुनिश्चित हो सकें। इसके अलावा जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि वर्तमान में उसी परिसर में संचालित सीएमओ कार्यालय के स्थानांतरण के लिए स्वास्थ्य विभाग से आवश्यक एनओसी शीघ्र प्राप्त की जाए, ताकि निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए। उन्होंने कहा कि परियोजना समयबद्ध तथा पारदर्शी तरीके से आगे बढ़े और स्थानीय जनता को गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ जल्द उपलब्ध हों।
समाज के माथे पर कलंक –“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो”
–डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार

आज सुबह जैसे ही हाथ में नवभारत टाइम्स का अखबार लिया, एक मार्मिक शीर्षक ने मन को भीतर तक झकझोर दिया —
“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो…”

यह केवल एक पंक्ति नहीं थी, यह उन असंख्य बेटियों की मौन चीख थी, जो दहेज जैसी कुप्रथा की भेंट चढ़ जाती हैं।
33 वर्षीय टि्वशा  शर्मा और 25 वर्षीय दीपिका…
दो नाम नहीं, दो अधूरे सपने थे।
दो जिंदगियाँ थीं, जिन्हें जीने का पूरा अधिकार था।
लेकिन दहेज की प्रताड़ना ने उन्हें इस हद तक तोड़ दिया कि उनकी जिंदगी खत्म हो गई।

यह हत्या थी या आत्महत्या — यह तो जांच का विषय है,
लेकिन इतना तय है कि जिन लोगों ने एक लड़की को अपने जीवन से हाथ धोने पर मजबूर कर दिया, वे किसी भी रूप में दोषी हैं।
ऐसे दरिंदों को कठोर से कठोर सजा मिलनी ही चाहिए।
क्योंकि किसी इंसान को मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित कर देना कि वह जीने की इच्छा ही खो दे, यह भी किसी हत्या से कम नहीं।

यह समाचार पढ़कर मन में एक ही प्रश्न उठता है —
क्या सचमुच हम 21वीं सदी में जी रहे हैं?

आज महिलाएँ युद्ध क्षेत्र में देश की रक्षा कर रही हैं, अंतरिक्ष में भारत का परचम फहरा रही हैं, विज्ञान, राजनीति, साहित्य, खेल और व्यापार हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं।
फिर भी, उसी समाज में एक बेटी को विवाह के बाद दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता है, जलाया जाता है, अपमानित किया जाता है।
यह केवल अपराध नहीं, मानवता की हार है।

सबसे दुखद बात यह है कि दहेज मांगने वाले घरों में भी बहनें और बेटियाँ होती हैं।
फिर क्यों किसी और की बेटी को केवल पैसों और सामान के लिए यातना दी जाती है?
क्या रिश्तों की कीमत अब रुपयों से तय होगी?
क्या बहू अब इंसान नहीं, बल्कि मायके से सामान और धन लाने वाली एक “बैंक” बनकर रह गई है?

दहेज कभी किसी का जीवन नहीं चला सकता।
जीवन चलता है संस्कारों से, प्रेम से, सम्मान से और परिश्रम से।
भगवान ने सबको हाथ-पैर दिए हैं, शिक्षा दी है, क्षमता दी है —
तो फिर किसी बेटी के पिता की मेहनत की कमाई पर अपना अधिकार क्यों?

आज आवश्यकता केवल कानून बनाने की नहीं, सोच बदलने की है।
माता-पिता को भी चाहिए कि वे केवल “अच्छा घर” या ऊँचा दिखावा देखकर जल्दबाजी में बेटी का विवाह न करें।
रिश्तों की चमक-दमक से ज्यादा जरूरी है उस परिवार की मानसिकता को समझना।
दहेज के लालचियों की पहचान अक्सर शादी से पहले ही हो जाती है ।
कभी महंगे उपहारों की अपेक्षा में,
कभी बार-बार की मांगों में,
तो कभी तानों और व्यवहार में।

ऐसे समय में डरना नहीं चाहिए।
जरूरत पड़े तो सगाई तोड़ देनी चाहिए।
और यदि विवाह मंडप तक बात पहुँच जाए, तब भी हिम्मत करके बारात लौटा देनी चाहिए।
क्योंकि एक टूटा रिश्ता फिर भी जीवन बचा सकता है,
लेकिन गलत घर में की गई शादी पूरी जिंदगी बर्बाद कर देती है।

समाज को यह समझना होगा कि बेटी कोई बोझ नहीं, वह घर की सबसे सुंदर रचना है।
जिस घर में बेटियों का सम्मान नहीं, वह घर कभी सुखी नहीं हो सकता।

आइए संकल्प लें —
न दहेज देंगे,
न दहेज लेंगे,
और न ही दहेज मांगने वालों का समर्थन करेंगे।

ताकि फिर कभी किसी अखबार की हेडिंग यह न कहे —
“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो…”।
पीएम मोदी-डोनाल्ड ट्रंप की हो सकती है मुलाकात, जी-7 समिट के दौरान होगी मीटिंग!

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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जल्द ही मुलाकात हो सकती है। ये मुलाकात भारत या अमेरिका में नहीं बल्कि फ्रांस में होने की संभावना है। दरअसल, फ्रांस में आगामी जून महीने में G-7 शिखर सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। फ्रांस में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बातचीत हो सकती है। अगर यह मुलाकात होती है तो करीब डेढ़ साल बाद मोदी और ट्रंप आमने-सामने बैठकर वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

ट्रंप G7 शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा

अमेरिकी मीडिया Axios की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी जी7 नेताओं की बैठक में शामिल होंगे। रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप जी7 बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वैश्विक व्यापार, अपराध नियंत्रण और चीन पर निर्भरता कम करने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाना चाहते हैं। अमेरिकी प्रशासन की कोशिश है कि अमेरिकी तकनीक आधारित एआई टूल्स को दुनिया भर में बढ़ावा दिया जाए और क्रिटिकल मिनरल सप्लाई चेन में चीन की पकड़ कमजोर की जाए।

मैक्रों के विशेष आमंत्रण पर फ्रांस जा सकते हैं पीएम मोदी

फ्रांस के एवियन-लेस-बैंस में 15 से 17 जून तक G7 शिखर सम्मेलन का आयोजन होगा। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी को इस बैठक में शामिल होने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया है। हालांकि भारत इस समूह का सदस्य नहीं है, फिर भी एक महत्वपूर्ण भागीदार देश के तौर पर भारत को बुलाया गया है।

करीब 16 महीने बाद ट्रंप-मोदी की मुलाकात

जी-7 की बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। यह इसलिए क्योंकि पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की यह संभावित मुलाकात करीब 16 महीने बाद होने वाली है। माना जा रहा है कि दोनों नेता व्यापार, तकनीक और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत कर सकते हैं। इससे पहले पीएम मोदी और ट्रंप के बीच आखिरी मुलाकात पिछले साल फरवरी में हुई थी, जब ट्रंप के विशेष आमंत्रण पर पीएम मोदी अमेरिका गए थे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई थी। इस दौरान टैरिफ, संबंध, व्यापार, आतंकवाद, रक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई थी।

देवघर के डिवाइन पब्लिक स्कूल 10+2 वार्षिक अभिभावक दिवस समारोह – 2026 का भव्य आयोजन।
देवघर: Divine Public School 10+2 द्वारा आयोजित “Annual Parent’s Day Celebration – 2026” का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ शिल्पग्राम ऑडिटोरियम में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के मध्य आपसी सहयोग, स्नेह एवं प्रतिभा को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार (IAS) व अन्य अतिथियों में रीता चौरसिया, प्रेम केशरी प्राइवेट स्कूल असोसिएशन के अध्यक्ष, किडविज़ पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल ज्ञानी मिश्रा, CA आशुतोष कुमार सिंह, फाउंडेशन विथ फन स्कूल की प्रिंसिपल अर्पणा सिन्हा व अर्चना सिन्हा भी सम्मिलित थीं। विद्यालय परिसर उत्साह, रंगारंग प्रस्तुतियों एवं आनंदमय वातावरण से सराबोर रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत भाषण एवं स्वागत गीत “Mann Ki Veena Se…” से हुआ, जिसे विद्यालय के choir group ने प्रस्तुत किया। तत्पश्चात दीप प्रज्वलन एवं मुख्य अतिथियों के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत “Ganesh Vandana” नृत्य ने उपस्थित सभी अतिथियों का मन मोह लिया। समारोह में विद्यालय के विद्यार्थियों की विभिन्न सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मानित किया गया। Taekwondo प्रदर्शन (Part–I एवं Part–II) ने दर्शकों को रोमांचित किया तथा विद्यार्थियों के आत्मविश्वास एवं अनुशासन का परिचय दिया। कार्यक्रम में विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों द्वारा समूह नृत्य एवं समूह गीत प्रस्तुत किए गए, जिनमें “Luka Chuppi…”, “Good for Nothing…”, “Itti Si Hansi Itti Si Khushi…”, तथा “Mamma…” जैसे गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियाँ शामिल रहीं। Bollywood Dance एवं संगीतमय प्रस्तुति “Papa Kehte Hai…” ने समारोह में विशेष आकर्षण जोड़ा। समारोह का मुख्य आकर्षण “Ramp Walk” रहा, जिसमें अभिभावकों ने अपने बच्चों एवं शिक्षकों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके अतिरिक्त अभिभावकों के लिए “Know Your Child Through Hand”, “Dumb Charades”, “Blind Hitting”, “Searching for Treasure”, “Shooting”, “Know Your Child Through Eyes” एवं “Musical Chair” जैसे मनोरंजक खेलों का आयोजन किया गया, जिससे कार्यक्रम में आनंद एवं सहभागिता का वातावरण बना रहा। विजेता अभिभावकों के बीच पुरुस्कार वितरित किये गए। विद्यालय कि प्राचार्या डॉ. ममता किरण ने सभी अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया तथा कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।