दुकान में बैठे अधेड़ की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर की हत्या,हत्यारे की तलाश के लिए टीमें गठित*
सुल्तानपुर में देर शाम उस समय हड़कंप मच गया जब दुकान में बैठे अधेड़ की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद बाइक सवार बदमाश मौके से फरार हो गए। वहीं सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है साथ ही हत्यारों की तलाश में टीम गठित कर दी गई है। दरअसल ये मामला है कुड़वार थानाक्षेत्र के स्थानीय बाजार का। यही पर 55 वर्षीय माता प्रसाद पाण्डेय दुकान में बैठे हुए थे। इसी दरम्यान बाइक सवार दो बदमाश मौके पर पहुंचे और उन्हें गोली मार दी। गोली मारने के बाद बाइक सवार बदमाश मौके से फरार हो गए। गोली लगने से घायल माता प्रसाद पाण्डेय को आनन फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया गया,जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं सूचना पर पुलिस के आलाधिकारी अस्पताल पहुंचे। जहाँ पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया,साथ ही हत्यारों को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई,पुलिस जल्द ही खुलासे का दावा कर रही है। बताया जा रहा है मृतक माता प्रसाद पाण्डेय प्रापर्टी डीलर का कार्य करते थे। फिलहाल परिजनों द्वारा प्राप्त तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया जाएगा और कड़ी कार्यवाही किए जाने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि माता प्रसाद कुड़वार थाने के हिस्ट्रीशीटर थे और इनपर करीब आधा दर्जन मुकदमे पहले से दर्ज थे, और अभी हाल में ही ये जेल से बाहर आए थे। फिलहाल पुलिस हर पहलुओं पर जांच पड़ताल कर रही है।
बलिया की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सपा नेता का तीखा प्रहार: 'उपमुख्यमंत्री बड़े दावे करते हैं, जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल'
संजीव सिंह बलिया। जनपद की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय “कान्हजी” ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री बड़े-बड़े दावे करने में तो माहिर हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कान्हजी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाला बलिया आज अपनी जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण आंसू बहाने को मजबूर है। हर दिन स्वास्थ्य संबंधी दुखद घटनाएं यहां के लोगों को झकझोर रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है।उन्होंने आरोप लगाया कि बलिया का जिला अस्पताल अब मात्र रेफरल सेंटर बनकर रह गया है, जहां से मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। निजी अस्पतालों में आम जनता का खुलेआम शोषण हो रहा है और लोग अपनी जान गंवाने को मजबूर हैं। बावजूद इसके शासन-प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, जो अत्यंत निंदनीय है।कान्हजी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा का श्रेय लेने की होड़ में लगी सत्ताधारी पार्टी के नेता केवल धन उगाही और विपक्ष को प्रताड़ित करने में व्यस्त हैं। उन्हें जनपद की जनता के स्वास्थ्य और जीवन से कोई सरोकार नहीं है। बलिया की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए यही लोग सबसे बड़े जिम्मेदार हैं।उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज कब बनेगा, यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यदि जिला अस्पताल को ही सुदृढ़ कर दिया जाए, तो आम जनता को तत्काल राहत मिल सकती है। समाजवादी पार्टी की सरकार में बने ट्रामा सेंटर को यदि व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करती है, धरातल पर कोई काम नहीं दिखता।अंत में कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को मंत्रिमंडल विस्तार कर एक “घोषणा मंत्री” की नियुक्ति कर देनी चाहिए, जो प्रतिदिन केवल नई घोषणाएं करता रहे, इससे अन्य मंत्रियों का बोझ भी कम हो जाएगा।बलिया में निर्माणाधीन पुल के गिरने से 2 मज़दूरों की मौत का समाचार बेहद दुखद है। सवाल ये है कि इस हादसे का कारण भ्रष्टाचार है या अनुभवहीनता। जाँच हो और आगामी ‘महा-उद्घाटन’ की भी अच्छे से पड़ताल हो जाए।
सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी सपा प्रवक्ता बलिया
बलिया की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सपा नेता का तीखा प्रहार: 'उपमुख्यमंत्री बड़े दावे करते हैं, जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल'
संजीव सिंह बलिया। जनपद की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय “कान्हजी” ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री बड़े-बड़े दावे करने में तो माहिर हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कान्हजी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाला बलिया आज अपनी जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण आंसू बहाने को मजबूर है। हर दिन स्वास्थ्य संबंधी दुखद घटनाएं यहां के लोगों को झकझोर रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है।उन्होंने आरोप लगाया कि बलिया का जिला अस्पताल अब मात्र रेफरल सेंटर बनकर रह गया है, जहां से मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। निजी अस्पतालों में आम जनता का खुलेआम शोषण हो रहा है और लोग अपनी जान गंवाने को मजबूर हैं। बावजूद इसके शासन-प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, जो अत्यंत निंदनीय है।कान्हजी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा का श्रेय लेने की होड़ में लगी सत्ताधारी पार्टी के नेता केवल धन उगाही और विपक्ष को प्रताड़ित करने में व्यस्त हैं। उन्हें जनपद की जनता के स्वास्थ्य और जीवन से कोई सरोकार नहीं है। बलिया की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए यही लोग सबसे बड़े जिम्मेदार हैं।उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज कब बनेगा, यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यदि जिला अस्पताल को ही सुदृढ़ कर दिया जाए, तो आम जनता को तत्काल राहत मिल सकती है। समाजवादी पार्टी की सरकार में बने ट्रामा सेंटर को यदि व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करती है, धरातल पर कोई काम नहीं दिखता।अंत में कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को मंत्रिमंडल विस्तार कर एक “घोषणा मंत्री” की नियुक्ति कर देनी चाहिए, जो प्रतिदिन केवल नई घोषणाएं करता रहे, इससे अन्य मंत्रियों का बोझ भी कम हो जाएगा।बलिया में निर्माणाधीन पुल के गिरने से 2 मज़दूरों की मौत का समाचार बेहद दुखद है। सवाल ये है कि इस हादसे का कारण भ्रष्टाचार है या अनुभवहीनता। जाँच हो और आगामी ‘महा-उद्घाटन’ की भी अच्छे से पड़ताल हो जाए।
सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी सपा प्रवक्ता बलिया
जनपद में डीजल एवं पेट्रोल कि नहीं है कोई कमी, पर्याप्त मात्रा में है डीजल एवं पेट्रोल की उपलब्धता

जनपद के समस्त पेट्रोल पंप एसोसिएशन एवं पेट्रोल व डीजल पम्प प्रोपराइटर एवं प्रबंधकों के साथ की गई बैठक दिए गए आवश्यक निर्देश


गोण्डा। 25 मार्च,2026।
जनपद में पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं सक्रिय है। जिलाधिकारी, गोण्डा  प्रियंका निरंजन के निर्देशानुसार कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी  आलोक कुमार ने की, जिसमें आनंद कुमार राय (पुलिस क्षेत्राधिकारी सिटी) तथा कुँवर दिनेश प्रताप सिंह (जिला पूर्ति अधिकारी) सहित जनपद के समस्त पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधि एवं पेट्रोल व डीजल पम्प प्रोपराइटर तथा प्रबंधक उपस्थित रहे।

बैठक में Indian Oil Corporation Limited, Bharat Petroleum Corporation Limited तथा Hindustan Petroleum Corporation Limited के सेल्स ऑफिसर्स के साथ विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही, पेट्रोल व डीजल पम्प प्रोपराइटर एवं प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे शासन द्वारा निर्धारित नियमों एवं मानकों के अनुसार ही पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित करें।

अपर जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि जनपद में पेट्रोल एवं डीजल की किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। सभी तेल कंपनियों के पास पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है तथा उसकी आपूर्ति भी नियमित रूप से की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जानबूझकर अफवाहें फैलाकर आमजन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न की जा रही है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पुलिस क्षेत्राधिकारी सिटी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति या समूह ईंधन की कमी को लेकर भ्रामक सूचना फैलाता हुआ पाया गया, तो उसके विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी पेट्रोल व डीजल पम्प प्रोपराइटर एवं प्रबंधकों को निर्देशित किया कि वे उपभोक्ताओं को सुचारु एवं पारदर्शी तरीके से ईंधन उपलब्ध कराएं तथा किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अनियमितता से बचें।

जनपद वासियों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। प्रशासन द्वारा स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

बैठक के दौरान एआरओ शिव प्रकाश जनपद के समस्त पूर्ति निरीक्षक तथा पेट्रोल व डीजल पम्प प्रोपराइटर एवं प्रबंधकों सहित अन्य सभी संबंधित आधिकारी उपस्थित रहे।
पत्रकार संजय कुमार दुबे के चाचा राजनाथ दुबे का आकस्मिक निधन
जौनपुर। दैनिक जागरण, महाराजगंज से पत्रकार संजय कुमार दुबे के चाचा का बीती रात असामयिक मौत हो जाने से शोक की लहर फैल गई है।चाचा राजनाथ दुबे लखनऊ में निवास करते थे और काफी दिनों से स्वास्थ ठीक नहीं था।पूर्व में राजकीय सेवा में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में कार्यरत थे ।उनको एक पुत्र अजय कुमार दुबे है जो वोल्टास कंपनी में रीजनल मैनेजर उत्तर प्रदेश और उत्तरा खंड प्रांत में तैनात है।इनका दाह संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया गया। सांसद सीमा द्विवेदी, पूर्व विधायक बाबा दुबे, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, पत्रकार प्रमोद पांडे, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अनिल यादव, ब्लॉक अध्यक्ष उमेश मिश्रा, पत्रकार अमित पांडे,राजीव दुबे ,श्रेयांस दुबे ,अथर्व दुबे,स्वतंत्र कुमार दुबे, अंकित दुबे समेत अनेक लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को रामनवमी शोभायात्रा का आमंत्रण: विभिन्न महावीर मंडलों ने की शिष्टाचार भेंट

रांची | 25 मार्च 2026: आगामी रामनवमी महोत्सव को लेकर राजधानी रांची में उत्साह का माहौल है। इसी कड़ी में बुधवार को मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन से उनके कांके रोड स्थित आवासीय कार्यालय में विभिन्न रामनवमी समितियों और महावीर मंडलों के प्रतिनिधिमंडलों ने शिष्टाचार भेंट की।

भव्य शोभायात्रा के लिए सपरिवार आमंत्रण

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को आगामी 27 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली भव्य रामनवमी शोभायात्रा में सपरिवार सम्मिलित होने के लिए सादर आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने सभी आमंत्रणों को हर्षपूर्वक स्वीकार किया और आयोजन समितियों को महापर्व की अग्रिम शुभकामनाएँ दीं।

भाईचारे और शांति की अपील

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने समाज के सभी वर्गों से रामनवमी का त्योहार आपसी भाईचारे, सौहार्द और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। उन्होंने उपस्थित पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों से कहा:

"रामनवमी का पर्व हमारी साझा संस्कृति और अटूट आस्था का प्रतीक है। इसे पूरी गरिमा और सद्भाव के साथ मनाया जाए। उत्सव के दौरान असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जाए ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे और कोई अप्रिय घटना न हो।"

प्रशासनिक मुस्तैदी के निर्देश

बैठक के दौरान रांची के उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री और वरिष्ट पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री राकेश रंजन भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और जुलूस मार्ग पर विशेष निगरानी रखने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इन समितियों की रही उपस्थिति

आमंत्रण देने वालों में श्री महावीर मंडल महानगर समिति (अध्यक्ष कुणाल अजमानी), श्री महावीर मंडल केंद्रीय समिति (अध्यक्ष सागर वर्मा), श्री रामनवमी श्रृंगार समिति महावीर चौक (अध्यक्ष बबलू यादव), श्री श्री महावीर मंडल तपोवन मंदिर (अध्यक्ष सुशील दुबे), डोरंडा महावीर मंडल (अध्यक्ष आलोक दुबे) और केंद्रीय शांति समिति के सदस्य मुख्य रूप से शामिल थे।

बिरसा जैविक उद्यान में गूँजी नन्हीं शेरनी की दहाड़: 4 माह की हुई शावक, अब दर्शक TV पर कर सकेंगे दीदार

रांची | 25 मार्च 2026: रांची के ओरमांझी स्थित भगवान बिरसा जैविक उद्यान के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। उद्यान प्रबंधन ने आधिकारिक तौर पर एक नन्ही एशियाई शेरनी (शावक) के जन्म और उसके स्वस्थ होने की जानकारी साझा की है। लगभग 4 माह की हो चुकी इस शावक का आज प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री संजीव कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में भव्य स्वागत किया गया।

खाली पड़े शेर के बाड़े में लौटी रौनउद्यान के निदेशक श्री जब्बार सिंह ने बताया कि पूर्व में मौजूद शेरों की वृद्धावस्था के कारण मृत्यु हो जाने से बाड़ा रिक्त हो गया था। इसके बाद विशेष प्रयासों के तहत 16 जून 2025 को छत्तीसगढ़ (रायपुर) के नंदनवन जू से एशियाई शेर का जोड़‘अभय’ (नर) और ‘सबरी’ (मादा) को पशु आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत रांची लाया गया था।

मौत को मात देकर स्वस्थ हुई नन्हीं शावक

जानकारी के अनुसार, मादा शेरनी 'सबरी' ने 28 नवंबर 2025 को इस मादा शावक को जन्म दिया था। हालांकि, जन्म के 10 दिन बाद ही शावक की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई थी।

  • विशेष देखभाल: शावक को उसकी माँ से अलग कर जंतु अस्पताल के विशेष कक्ष में रखा गया।
  • टीम का प्रयास: उद्यान के सहायक वन संरक्षक, पशु चिकित्सक, जीव वैज्ञानिक और वन रक्षियों की दिन-रात की मेहनत के बाद अब शावक पूरी तरह स्वस्थ है और 4 माह की हो चुकी है।

नर्सरी में शिफ्टिंग और लाइव दीदार की व्यवस्था

चूंकि शावक अब बड़ी हो रही है, उसे उसकी माँ के समीप स्थित विशेष नर्सर में शिफ्ट किया गया है, जहाँ उसकी निरंतर निगरानी की जाएगी।

  • दर्शकों के लिए तोहफा: शावक की सुरक्षा और संक्रमण से बचाव के लिए उसे सीधे बाड़े में नहीं छोड़ा गया है। दर्शकों के लिए उद्यान में एबड़ा टीवी लगाया गया है, जिसमें सीसीटीवी (CCTV) के माध्यम से लोग इस नन्हीं शावक की अठखेलियों का सीधा दीदार कर सकेंगे।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति


इस खुशी के मौके पर एचओएफएफ (HoFF) श्री संजीव कुमार सहित वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। उद्यान प्रबंधन ने इसे वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी सफलता बताया है।


झारखंड स्वास्थ्य सेवा में बड़ा कदम: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

रांची | 24 मार्च 2026: विश्व यक्ष्मा (टीबी) दिवस के अवसर पर मंगलवार को नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में एक भव्य नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संविदा पर चयनित 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

1250 डॉक्टरों की जल्द होगी बहाली, स्वास्थ्य ढांचे में सुधार

समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए जल्द ही JPSC के माध्यम से 1250 नियमित डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। डॉ. अंसारी ने कहा, "चिकित्सकों का योगदान समाज में अमूल्य है। पिछले एक वर्ष में 8 नए मेडिकल कॉलेज और राज्य की पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।"

आधुनिक तकनीक और सुविधाओं पर जोर

मंत्री ने बताया कि राज्य के प्रमुख अस्पतालों को सीटी स्कैन, एमआरआई और एआई (AI) जैसी रोबोटिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है ताकि मरीजों को दूसरे राज्यों में रेफर न करना पड़े। इसके अलावा:

ब्लड सप्लाई सिस्टम: जरूरतमंदों के लिए टोल फ्री नंबर आधारित नई व्यवस्था शुरू की जा रही है।

गंभीर बीमारियाँ: सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया की पहचान के लिए राज्यव्यापी जांच अभियान चलेगा।

मिशन 2030: टीबी मुक्त झारखंड का लक्ष्य

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि सरकार ने इस वर्ष 12 लाख लोगों की टीबी जांच का लक्ष्य रखा है। पिछले वर्ष के 9.5 लाख के आंकड़े को पार करने के लिए संसाधनों में वृद्धि की गई है। अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि आगामी 100 दिनों में पंचायत स्तर तक टीबी स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान को तेज किया जाएगा। साथ ही, टीबी मरीजों की प्रोत्साहन राशि का लंबित भुगतान भी जल्द निपटाया जाएगा।

जागरूकता वाहनों को दिखाई हरी झंडी

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों में टीबी उन्मूलन का संदेश फैलाने वाले विशेष जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने नवनियुक्त डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे न केवल मरीजों का इलाज करें, बल्कि अस्पतालों की व्यवस्थागत कमियों की रिपोर्ट भी सरकार को दें ताकि जमीनी स्तर पर सुधार हो सके।

कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति

समारोह में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अभियान निदेशक (NHM) शशि प्रकाश झा, निदेशक प्रमुख (स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

रामनवमी को लेकर रांची जिला प्रशासन अलर्ट: उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने खुद संभाली कमान, रूट मैप का लिया जायजा

रांची | 24 मार्च 2026: आगामी रामनवमी महापर्व को देखते हुए रांची जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। विधि-व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करने के उद्देश्य से मंगलवार को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने जिले के वरीय पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ शहर के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों और जुलूस मार्गों का सघन भ्रमण किया।

जुलूस मार्गों और मंदिरों का स्थलीय निरीक्षण

उपायुक्त ने अपनी टीम के साथ तपोवन मंदिर, महावीर चौक (अपर बाजार), मेडिकल चौक मंदिर, शिव मंडप पूजा समिति (गाड़ी होटवार) और डोरंडा जैसे प्रमुख स्थलों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अखाड़ेधारियों और मंदिर समिति के सदस्यों से सीधी बातचीत की।

सुरक्षा और बैरिकेडिंग: तपोवन मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष बैरिकेडिंग के निर्देश दिए गए।

बुनियादी सुविधाएँ: जुलूस मार्ग में बिजली के लटकते तार, पेयजल की उपलब्धता, सीसीटीवी निगरानी और साफ-सफाई को लेकर संबंधित विभागों को कड़े निर्देश जारी किए गए।

सुगम यातायात: उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जुलूस के आगमन और प्रस्थान के रास्ते पूरी तरह सुगम होने चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल: सेंट्रल मुहर्रम कमिटी ने किया स्वागत

निरीक्षण के दौरान एक सुखद तस्वीर सेंट्रल मुहर्रम कमिटी, डोरंडा की ओर से देखने को मिली। कमिटी के सदस्यों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि रामनवमी के जुलूस का वे पूरे उत्साह के साथ स्वागत और आगवानी करेंगे। सदस्यों ने कहा कि रांची में रामनवमी आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाई जाएगी, जो शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूत करेगा।

हड़ताली राजस्व अधिकारियों पर सरकार सख्त, 25 मार्च तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम





पटना
उपमुख्यमंत्री बोले, जनहित से समझौता नहीं, समयसीमा के बाद सेवा टूट समेत होगी कड़ी कार्रवाई पटना : राज्य में हड़ताली राजस्व अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए सामूहिक अवकाश को अवैध करार दिया है। इस संबंध में विभाग के अपर सचिव श्री आजीव वत्सराज द्वारा जारी विभागीय पत्र के आधार पर माननीय उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा 25 मार्च तक कार्य पर नहीं लौटने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार राजस्व सेवा के कुछ पदाधिकारियों द्वारा 9 मार्च 2026 से घोषित सामूहिक अवकाश न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि इससे आम जनता के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार जनहित और प्रशासनिक व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा तथा उनके नेतृत्व में आयोजित होने वाले भूमि सुधार जनकल्याण संवाद जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के मद्देनज़र राजस्व पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ऐसे समय में कार्य से अनुपस्थित रहना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित पदाधिकारियों को 25 मार्च 2026 की संध्या 5:00 बजे तक हर हाल में अपने पद पर योगदान देना होगा। निर्धारित समयसीमा के बाद अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ सेवा टूट, वेतन कटौती और अन्य कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जो पदाधिकारी निर्धारित अवधि के भीतर कार्य पर लौट आते हैं, उनके मामले में अवकाश अवधि के समायोजन पर नियमों के अनुसार सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने अंत में सभी अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि वे हड़ताल समाप्त कर शीघ्र अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
दुकान में बैठे अधेड़ की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर की हत्या,हत्यारे की तलाश के लिए टीमें गठित*
सुल्तानपुर में देर शाम उस समय हड़कंप मच गया जब दुकान में बैठे अधेड़ की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद बाइक सवार बदमाश मौके से फरार हो गए। वहीं सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है साथ ही हत्यारों की तलाश में टीम गठित कर दी गई है। दरअसल ये मामला है कुड़वार थानाक्षेत्र के स्थानीय बाजार का। यही पर 55 वर्षीय माता प्रसाद पाण्डेय दुकान में बैठे हुए थे। इसी दरम्यान बाइक सवार दो बदमाश मौके पर पहुंचे और उन्हें गोली मार दी। गोली मारने के बाद बाइक सवार बदमाश मौके से फरार हो गए। गोली लगने से घायल माता प्रसाद पाण्डेय को आनन फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया गया,जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं सूचना पर पुलिस के आलाधिकारी अस्पताल पहुंचे। जहाँ पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया,साथ ही हत्यारों को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई,पुलिस जल्द ही खुलासे का दावा कर रही है। बताया जा रहा है मृतक माता प्रसाद पाण्डेय प्रापर्टी डीलर का कार्य करते थे। फिलहाल परिजनों द्वारा प्राप्त तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया जाएगा और कड़ी कार्यवाही किए जाने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि माता प्रसाद कुड़वार थाने के हिस्ट्रीशीटर थे और इनपर करीब आधा दर्जन मुकदमे पहले से दर्ज थे, और अभी हाल में ही ये जेल से बाहर आए थे। फिलहाल पुलिस हर पहलुओं पर जांच पड़ताल कर रही है।
बलिया की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सपा नेता का तीखा प्रहार: 'उपमुख्यमंत्री बड़े दावे करते हैं, जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल'
संजीव सिंह बलिया। जनपद की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय “कान्हजी” ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री बड़े-बड़े दावे करने में तो माहिर हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कान्हजी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाला बलिया आज अपनी जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण आंसू बहाने को मजबूर है। हर दिन स्वास्थ्य संबंधी दुखद घटनाएं यहां के लोगों को झकझोर रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है।उन्होंने आरोप लगाया कि बलिया का जिला अस्पताल अब मात्र रेफरल सेंटर बनकर रह गया है, जहां से मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। निजी अस्पतालों में आम जनता का खुलेआम शोषण हो रहा है और लोग अपनी जान गंवाने को मजबूर हैं। बावजूद इसके शासन-प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, जो अत्यंत निंदनीय है।कान्हजी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा का श्रेय लेने की होड़ में लगी सत्ताधारी पार्टी के नेता केवल धन उगाही और विपक्ष को प्रताड़ित करने में व्यस्त हैं। उन्हें जनपद की जनता के स्वास्थ्य और जीवन से कोई सरोकार नहीं है। बलिया की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए यही लोग सबसे बड़े जिम्मेदार हैं।उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज कब बनेगा, यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यदि जिला अस्पताल को ही सुदृढ़ कर दिया जाए, तो आम जनता को तत्काल राहत मिल सकती है। समाजवादी पार्टी की सरकार में बने ट्रामा सेंटर को यदि व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करती है, धरातल पर कोई काम नहीं दिखता।अंत में कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को मंत्रिमंडल विस्तार कर एक “घोषणा मंत्री” की नियुक्ति कर देनी चाहिए, जो प्रतिदिन केवल नई घोषणाएं करता रहे, इससे अन्य मंत्रियों का बोझ भी कम हो जाएगा।बलिया में निर्माणाधीन पुल के गिरने से 2 मज़दूरों की मौत का समाचार बेहद दुखद है। सवाल ये है कि इस हादसे का कारण भ्रष्टाचार है या अनुभवहीनता। जाँच हो और आगामी ‘महा-उद्घाटन’ की भी अच्छे से पड़ताल हो जाए।
सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी सपा प्रवक्ता बलिया
बलिया की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सपा नेता का तीखा प्रहार: 'उपमुख्यमंत्री बड़े दावे करते हैं, जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल'
संजीव सिंह बलिया। जनपद की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय “कान्हजी” ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री बड़े-बड़े दावे करने में तो माहिर हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कान्हजी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाला बलिया आज अपनी जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण आंसू बहाने को मजबूर है। हर दिन स्वास्थ्य संबंधी दुखद घटनाएं यहां के लोगों को झकझोर रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है।उन्होंने आरोप लगाया कि बलिया का जिला अस्पताल अब मात्र रेफरल सेंटर बनकर रह गया है, जहां से मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। निजी अस्पतालों में आम जनता का खुलेआम शोषण हो रहा है और लोग अपनी जान गंवाने को मजबूर हैं। बावजूद इसके शासन-प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, जो अत्यंत निंदनीय है।कान्हजी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा का श्रेय लेने की होड़ में लगी सत्ताधारी पार्टी के नेता केवल धन उगाही और विपक्ष को प्रताड़ित करने में व्यस्त हैं। उन्हें जनपद की जनता के स्वास्थ्य और जीवन से कोई सरोकार नहीं है। बलिया की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए यही लोग सबसे बड़े जिम्मेदार हैं।उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज कब बनेगा, यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यदि जिला अस्पताल को ही सुदृढ़ कर दिया जाए, तो आम जनता को तत्काल राहत मिल सकती है। समाजवादी पार्टी की सरकार में बने ट्रामा सेंटर को यदि व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करती है, धरातल पर कोई काम नहीं दिखता।अंत में कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को मंत्रिमंडल विस्तार कर एक “घोषणा मंत्री” की नियुक्ति कर देनी चाहिए, जो प्रतिदिन केवल नई घोषणाएं करता रहे, इससे अन्य मंत्रियों का बोझ भी कम हो जाएगा।बलिया में निर्माणाधीन पुल के गिरने से 2 मज़दूरों की मौत का समाचार बेहद दुखद है। सवाल ये है कि इस हादसे का कारण भ्रष्टाचार है या अनुभवहीनता। जाँच हो और आगामी ‘महा-उद्घाटन’ की भी अच्छे से पड़ताल हो जाए।
सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी सपा प्रवक्ता बलिया
जनपद में डीजल एवं पेट्रोल कि नहीं है कोई कमी, पर्याप्त मात्रा में है डीजल एवं पेट्रोल की उपलब्धता

जनपद के समस्त पेट्रोल पंप एसोसिएशन एवं पेट्रोल व डीजल पम्प प्रोपराइटर एवं प्रबंधकों के साथ की गई बैठक दिए गए आवश्यक निर्देश


गोण्डा। 25 मार्च,2026।
जनपद में पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं सक्रिय है। जिलाधिकारी, गोण्डा  प्रियंका निरंजन के निर्देशानुसार कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी  आलोक कुमार ने की, जिसमें आनंद कुमार राय (पुलिस क्षेत्राधिकारी सिटी) तथा कुँवर दिनेश प्रताप सिंह (जिला पूर्ति अधिकारी) सहित जनपद के समस्त पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधि एवं पेट्रोल व डीजल पम्प प्रोपराइटर तथा प्रबंधक उपस्थित रहे।

बैठक में Indian Oil Corporation Limited, Bharat Petroleum Corporation Limited तथा Hindustan Petroleum Corporation Limited के सेल्स ऑफिसर्स के साथ विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही, पेट्रोल व डीजल पम्प प्रोपराइटर एवं प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे शासन द्वारा निर्धारित नियमों एवं मानकों के अनुसार ही पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित करें।

अपर जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि जनपद में पेट्रोल एवं डीजल की किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। सभी तेल कंपनियों के पास पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है तथा उसकी आपूर्ति भी नियमित रूप से की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जानबूझकर अफवाहें फैलाकर आमजन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न की जा रही है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पुलिस क्षेत्राधिकारी सिटी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति या समूह ईंधन की कमी को लेकर भ्रामक सूचना फैलाता हुआ पाया गया, तो उसके विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी पेट्रोल व डीजल पम्प प्रोपराइटर एवं प्रबंधकों को निर्देशित किया कि वे उपभोक्ताओं को सुचारु एवं पारदर्शी तरीके से ईंधन उपलब्ध कराएं तथा किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अनियमितता से बचें।

जनपद वासियों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। प्रशासन द्वारा स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

बैठक के दौरान एआरओ शिव प्रकाश जनपद के समस्त पूर्ति निरीक्षक तथा पेट्रोल व डीजल पम्प प्रोपराइटर एवं प्रबंधकों सहित अन्य सभी संबंधित आधिकारी उपस्थित रहे।
पत्रकार संजय कुमार दुबे के चाचा राजनाथ दुबे का आकस्मिक निधन
जौनपुर। दैनिक जागरण, महाराजगंज से पत्रकार संजय कुमार दुबे के चाचा का बीती रात असामयिक मौत हो जाने से शोक की लहर फैल गई है।चाचा राजनाथ दुबे लखनऊ में निवास करते थे और काफी दिनों से स्वास्थ ठीक नहीं था।पूर्व में राजकीय सेवा में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में कार्यरत थे ।उनको एक पुत्र अजय कुमार दुबे है जो वोल्टास कंपनी में रीजनल मैनेजर उत्तर प्रदेश और उत्तरा खंड प्रांत में तैनात है।इनका दाह संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया गया। सांसद सीमा द्विवेदी, पूर्व विधायक बाबा दुबे, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, पत्रकार प्रमोद पांडे, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अनिल यादव, ब्लॉक अध्यक्ष उमेश मिश्रा, पत्रकार अमित पांडे,राजीव दुबे ,श्रेयांस दुबे ,अथर्व दुबे,स्वतंत्र कुमार दुबे, अंकित दुबे समेत अनेक लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को रामनवमी शोभायात्रा का आमंत्रण: विभिन्न महावीर मंडलों ने की शिष्टाचार भेंट

रांची | 25 मार्च 2026: आगामी रामनवमी महोत्सव को लेकर राजधानी रांची में उत्साह का माहौल है। इसी कड़ी में बुधवार को मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन से उनके कांके रोड स्थित आवासीय कार्यालय में विभिन्न रामनवमी समितियों और महावीर मंडलों के प्रतिनिधिमंडलों ने शिष्टाचार भेंट की।

भव्य शोभायात्रा के लिए सपरिवार आमंत्रण

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को आगामी 27 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली भव्य रामनवमी शोभायात्रा में सपरिवार सम्मिलित होने के लिए सादर आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने सभी आमंत्रणों को हर्षपूर्वक स्वीकार किया और आयोजन समितियों को महापर्व की अग्रिम शुभकामनाएँ दीं।

भाईचारे और शांति की अपील

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने समाज के सभी वर्गों से रामनवमी का त्योहार आपसी भाईचारे, सौहार्द और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। उन्होंने उपस्थित पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों से कहा:

"रामनवमी का पर्व हमारी साझा संस्कृति और अटूट आस्था का प्रतीक है। इसे पूरी गरिमा और सद्भाव के साथ मनाया जाए। उत्सव के दौरान असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जाए ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे और कोई अप्रिय घटना न हो।"

प्रशासनिक मुस्तैदी के निर्देश

बैठक के दौरान रांची के उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री और वरिष्ट पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री राकेश रंजन भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और जुलूस मार्ग पर विशेष निगरानी रखने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इन समितियों की रही उपस्थिति

आमंत्रण देने वालों में श्री महावीर मंडल महानगर समिति (अध्यक्ष कुणाल अजमानी), श्री महावीर मंडल केंद्रीय समिति (अध्यक्ष सागर वर्मा), श्री रामनवमी श्रृंगार समिति महावीर चौक (अध्यक्ष बबलू यादव), श्री श्री महावीर मंडल तपोवन मंदिर (अध्यक्ष सुशील दुबे), डोरंडा महावीर मंडल (अध्यक्ष आलोक दुबे) और केंद्रीय शांति समिति के सदस्य मुख्य रूप से शामिल थे।

बिरसा जैविक उद्यान में गूँजी नन्हीं शेरनी की दहाड़: 4 माह की हुई शावक, अब दर्शक TV पर कर सकेंगे दीदार

रांची | 25 मार्च 2026: रांची के ओरमांझी स्थित भगवान बिरसा जैविक उद्यान के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। उद्यान प्रबंधन ने आधिकारिक तौर पर एक नन्ही एशियाई शेरनी (शावक) के जन्म और उसके स्वस्थ होने की जानकारी साझा की है। लगभग 4 माह की हो चुकी इस शावक का आज प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री संजीव कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में भव्य स्वागत किया गया।

खाली पड़े शेर के बाड़े में लौटी रौनउद्यान के निदेशक श्री जब्बार सिंह ने बताया कि पूर्व में मौजूद शेरों की वृद्धावस्था के कारण मृत्यु हो जाने से बाड़ा रिक्त हो गया था। इसके बाद विशेष प्रयासों के तहत 16 जून 2025 को छत्तीसगढ़ (रायपुर) के नंदनवन जू से एशियाई शेर का जोड़‘अभय’ (नर) और ‘सबरी’ (मादा) को पशु आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत रांची लाया गया था।

मौत को मात देकर स्वस्थ हुई नन्हीं शावक

जानकारी के अनुसार, मादा शेरनी 'सबरी' ने 28 नवंबर 2025 को इस मादा शावक को जन्म दिया था। हालांकि, जन्म के 10 दिन बाद ही शावक की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई थी।

  • विशेष देखभाल: शावक को उसकी माँ से अलग कर जंतु अस्पताल के विशेष कक्ष में रखा गया।
  • टीम का प्रयास: उद्यान के सहायक वन संरक्षक, पशु चिकित्सक, जीव वैज्ञानिक और वन रक्षियों की दिन-रात की मेहनत के बाद अब शावक पूरी तरह स्वस्थ है और 4 माह की हो चुकी है।

नर्सरी में शिफ्टिंग और लाइव दीदार की व्यवस्था

चूंकि शावक अब बड़ी हो रही है, उसे उसकी माँ के समीप स्थित विशेष नर्सर में शिफ्ट किया गया है, जहाँ उसकी निरंतर निगरानी की जाएगी।

  • दर्शकों के लिए तोहफा: शावक की सुरक्षा और संक्रमण से बचाव के लिए उसे सीधे बाड़े में नहीं छोड़ा गया है। दर्शकों के लिए उद्यान में एबड़ा टीवी लगाया गया है, जिसमें सीसीटीवी (CCTV) के माध्यम से लोग इस नन्हीं शावक की अठखेलियों का सीधा दीदार कर सकेंगे।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति


इस खुशी के मौके पर एचओएफएफ (HoFF) श्री संजीव कुमार सहित वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। उद्यान प्रबंधन ने इसे वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी सफलता बताया है।


झारखंड स्वास्थ्य सेवा में बड़ा कदम: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

रांची | 24 मार्च 2026: विश्व यक्ष्मा (टीबी) दिवस के अवसर पर मंगलवार को नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में एक भव्य नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संविदा पर चयनित 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

1250 डॉक्टरों की जल्द होगी बहाली, स्वास्थ्य ढांचे में सुधार

समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए जल्द ही JPSC के माध्यम से 1250 नियमित डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। डॉ. अंसारी ने कहा, "चिकित्सकों का योगदान समाज में अमूल्य है। पिछले एक वर्ष में 8 नए मेडिकल कॉलेज और राज्य की पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।"

आधुनिक तकनीक और सुविधाओं पर जोर

मंत्री ने बताया कि राज्य के प्रमुख अस्पतालों को सीटी स्कैन, एमआरआई और एआई (AI) जैसी रोबोटिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है ताकि मरीजों को दूसरे राज्यों में रेफर न करना पड़े। इसके अलावा:

ब्लड सप्लाई सिस्टम: जरूरतमंदों के लिए टोल फ्री नंबर आधारित नई व्यवस्था शुरू की जा रही है।

गंभीर बीमारियाँ: सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया की पहचान के लिए राज्यव्यापी जांच अभियान चलेगा।

मिशन 2030: टीबी मुक्त झारखंड का लक्ष्य

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि सरकार ने इस वर्ष 12 लाख लोगों की टीबी जांच का लक्ष्य रखा है। पिछले वर्ष के 9.5 लाख के आंकड़े को पार करने के लिए संसाधनों में वृद्धि की गई है। अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि आगामी 100 दिनों में पंचायत स्तर तक टीबी स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान को तेज किया जाएगा। साथ ही, टीबी मरीजों की प्रोत्साहन राशि का लंबित भुगतान भी जल्द निपटाया जाएगा।

जागरूकता वाहनों को दिखाई हरी झंडी

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों में टीबी उन्मूलन का संदेश फैलाने वाले विशेष जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने नवनियुक्त डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे न केवल मरीजों का इलाज करें, बल्कि अस्पतालों की व्यवस्थागत कमियों की रिपोर्ट भी सरकार को दें ताकि जमीनी स्तर पर सुधार हो सके।

कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति

समारोह में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अभियान निदेशक (NHM) शशि प्रकाश झा, निदेशक प्रमुख (स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

रामनवमी को लेकर रांची जिला प्रशासन अलर्ट: उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने खुद संभाली कमान, रूट मैप का लिया जायजा

रांची | 24 मार्च 2026: आगामी रामनवमी महापर्व को देखते हुए रांची जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। विधि-व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करने के उद्देश्य से मंगलवार को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने जिले के वरीय पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ शहर के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों और जुलूस मार्गों का सघन भ्रमण किया।

जुलूस मार्गों और मंदिरों का स्थलीय निरीक्षण

उपायुक्त ने अपनी टीम के साथ तपोवन मंदिर, महावीर चौक (अपर बाजार), मेडिकल चौक मंदिर, शिव मंडप पूजा समिति (गाड़ी होटवार) और डोरंडा जैसे प्रमुख स्थलों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अखाड़ेधारियों और मंदिर समिति के सदस्यों से सीधी बातचीत की।

सुरक्षा और बैरिकेडिंग: तपोवन मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष बैरिकेडिंग के निर्देश दिए गए।

बुनियादी सुविधाएँ: जुलूस मार्ग में बिजली के लटकते तार, पेयजल की उपलब्धता, सीसीटीवी निगरानी और साफ-सफाई को लेकर संबंधित विभागों को कड़े निर्देश जारी किए गए।

सुगम यातायात: उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जुलूस के आगमन और प्रस्थान के रास्ते पूरी तरह सुगम होने चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल: सेंट्रल मुहर्रम कमिटी ने किया स्वागत

निरीक्षण के दौरान एक सुखद तस्वीर सेंट्रल मुहर्रम कमिटी, डोरंडा की ओर से देखने को मिली। कमिटी के सदस्यों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि रामनवमी के जुलूस का वे पूरे उत्साह के साथ स्वागत और आगवानी करेंगे। सदस्यों ने कहा कि रांची में रामनवमी आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाई जाएगी, जो शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूत करेगा।

हड़ताली राजस्व अधिकारियों पर सरकार सख्त, 25 मार्च तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम





पटना
उपमुख्यमंत्री बोले, जनहित से समझौता नहीं, समयसीमा के बाद सेवा टूट समेत होगी कड़ी कार्रवाई पटना : राज्य में हड़ताली राजस्व अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए सामूहिक अवकाश को अवैध करार दिया है। इस संबंध में विभाग के अपर सचिव श्री आजीव वत्सराज द्वारा जारी विभागीय पत्र के आधार पर माननीय उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा 25 मार्च तक कार्य पर नहीं लौटने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार राजस्व सेवा के कुछ पदाधिकारियों द्वारा 9 मार्च 2026 से घोषित सामूहिक अवकाश न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि इससे आम जनता के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार जनहित और प्रशासनिक व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा तथा उनके नेतृत्व में आयोजित होने वाले भूमि सुधार जनकल्याण संवाद जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के मद्देनज़र राजस्व पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ऐसे समय में कार्य से अनुपस्थित रहना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित पदाधिकारियों को 25 मार्च 2026 की संध्या 5:00 बजे तक हर हाल में अपने पद पर योगदान देना होगा। निर्धारित समयसीमा के बाद अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ सेवा टूट, वेतन कटौती और अन्य कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जो पदाधिकारी निर्धारित अवधि के भीतर कार्य पर लौट आते हैं, उनके मामले में अवकाश अवधि के समायोजन पर नियमों के अनुसार सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने अंत में सभी अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि वे हड़ताल समाप्त कर शीघ्र अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।