भारत-म्यांमार सीमा पर बड़ी साजिश नाकाम, मिजोरम में 23.72 करोड़ रुपये की मेथम्फेटामाइन की गोलियां जब्त

#indomyanmarborderinmizoramseizedmethamphetamine_tablets

भारत-म्यांमार सीमा के पास सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी नॉरकोटिक्स डिपार्टमेंट ने एक बड़े ऑपरेशन में 23.72 करोड़ रुपये की 7.907 किलो की मेथाएंफीटामाइन टैबलेट जब्त की हैं। यह ऑपरेशन सीमा के पास मिजोरम के चंफाई जिले में हुआ है। ऑपरेशन में असम रायफल्स और चंफाई पुलिस ने मिलकर कार्रवाई की।

लावारिस खड़े वाहन में मिली भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद

यह संयुक्त अभियान सीमा क्षेत्र के एक संवेदनशील मार्ग ह्मुनह्मेल्था रोड के पास चलाया गया। इस इलाके को तस्करी के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है, जहां से अक्सर अवैध गतिविधियों की सूचनाएं मिलती रहती हैं। इसी आधार पर सुरक्षाबलों ने सघन तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान टीम को मौके पर एक लावारिस वाहन संदिग्ध अवस्था में खड़ा मिला। जब सुरक्षा कर्मियों ने वाहन की बारीकी से जांच की, तो उसमें छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में मेथामफेटामाइन गोलियां बरामद हुईं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में 23.72 करोड़ कीमत

मेथामफेटामाइन गोलियां बरामद हुईं। कुल 7.907 किलोग्राम नशीला पदार्थ जब्त किया गया, जो हाल के समय में इस क्षेत्र की सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक माना जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि बरामद की गई मेथामफेटामाइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 23.72 करोड़ रुपए बताई जा रही है। यह खेप संभवतः अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के माध्यम से भारत में लाई जा रही थी, जिसे समय रहते पकड़ लिया गया।

क्या होती है मेथाएंफीटामाइन, जो भारत में बैन

मेथाएंफीटामाइन को शॉर्ट फॉर्म में मेथ भी कहते हैं। इसका इस्तेमाल अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) में किया जाता है। दवा के रूप में इसका इस्तेमाल फोकस बनाए रखने और इंपल्सिव बर्ताव को कमतर करने में किया जाता है। यह एक तरह का स्टीमुलेंट है, जो शरीर के सेंट्रल नर्वस सिस्टम की स्पीड बढ़ा देती है। यह डोपामाइन लेवल को भी बढ़ा देती है, जो एक ब्रेन केमिकल होता है और चलने-फिरने में अहम भूमिका निभाता है। डोपामाइन दिमाग को ऐसे सिग्नल भेजता है, जो आपको खुश महसूस कराने वाले बर्ताव को आपसे बार-बार कराता है।

अमोनिया संकट पर त्वरित कार्रवाई: शीतगृहों में सुरक्षित रहा आलू, किसानों को राहत
* उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने दी जानकारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने आलू के भंडारण, बाजार मूल्य एवं विपणन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रेस वार्ता की।
मंत्री ने शीतगृह संचालकों और आलू उत्पादक किसानों का स्वागत करते हुए पीएम मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में लिए गए निर्णयों की सराहना की। उन्होंने बताया कि आलू के बेहतर विपणन और भंडारण के लिए कई प्रयास किए गए, जिनमें ओडिशा सरकार के साथ 15 लाख मीट्रिक टन आलू खरीदने का समझौता भी शामिल है। उन्होंने बताया कि अचानक शीतगृहों में भंडारित आलू पर संकट उत्पन्न हो गया, जब अमोनिया गैस की कमी सामने आई। इस स्थिति में योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में राज्य स्तर पर त्वरित समाधान के प्रयास किए गए।
उन्होंने आगे बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने भारत सरकार के उर्वरक एवं रसायन मंत्री जे.पी. नड्डा तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से संपर्क किया। प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक के बाद दोनों मंत्रियों ने 24 घंटे के भीतर आवश्यक निर्देश जारी किए, जिससे शीतगृह संचालकों को अमोनिया गैस की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकी।
इस त्वरित कार्रवाई से राज्य के किसानों और शीतगृह संचालकों में खुशी की लहर दौड़ गई। मंत्री श्री सिंह ने प्रधानमंत्री एवं संबंधित मंत्रियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय ‘श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में सहायक होगा। उन्होंने शीतगृह एसोसिएशन की उपाध्यक्ष तृप्ति सिंह को भी उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि अमोनिया गैस की कमी का कारण वैश्विक परिस्थितियाँ थीं, लेकिन केंद्र सरकार के त्वरित हस्तक्षेप से आम जनता और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी गई।
मिडिल ईल्ट में जंग के बीच पीएम मोदी की 'डिप्लोमेसी', 5 देशों के नेताओं से की बात

#middleeastconflictpmnarendramodipeace_initiative

पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग और तेज होती जा रही है। युद्ध में अब ऊर्जा ठिकानों पर हमले हो रहे हैं, जिससे पूरी दुनिया में तेल और गैस की कीमतों में इजाफा होने का डर पैदा हो गया है। पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर, फ्रांस,जॉर्डन,ओमान और मलयेशिया के नेताओं से फोन पर बात की। प्रधानमंत्री ने ईरान युद्ध में ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाए जाने की निंदा की। 

पीएम मोदी ने संवाद और कूटनीति पर जोर दिया

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता तेज कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार 19 मार्च 2026 को कतर, फ्रांस, जॉर्डन, ओमान और मलेशिया के नेताओं से अलग-अलग फोन पर बातचीत कर क्षेत्र की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इन सभी वार्ताओं में एनर्जी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि ऐसे हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित करते हैं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी गंभीर असर डाल सकते हैं। उन्होंने खास तौर पर होर्मुज स्‍ट्रेट में सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है।

शांति और स्थिरता के लिए समन्वय को जारी रखने की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर हुई बातचीत की जानकारी एक्स हैंडल पर दी। पीएम मोदी ने लिखा " मैंने अपने प्रिय मित्र, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से पश्चिम एशिया की स्थिति और तनाव कम करने की तत्काल आवश्यकता के साथ-साथ संवाद और कूटनीति की ओर लौटने के बारे में बात की। हम इस क्षेत्र और उससे परे शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए अपने घनिष्ठ समन्वय को जारी रखने के लिए तत्पर हैं।"

कतर में ऊर्जा के बुनियादी ढांचों पर हमलों की कड़ी निंदा

कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी के साथ हुई बातचीत में पीएम मोदी ने कहा कि "भारत, कतर के साथ है और क्षेत्र में ऊर्जा के बुनियादी ढांचों पर हमलों की कड़ी निंदा करता है। पीएम मोदी ने कतर के अमीर को कतर में रहने वाले भारतीय समुदाय की देखभाल और समर्थन के लिए आभार जताया और क्षेत्र में शांति और स्थिरता की कामना की।" पीएम मोदी ने कतर के शासक को ईद की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं। 

ऊर्जा अवसंरचना पर हमले निंदनीय-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "मैंने फोन पर अपने भाई, जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय को ईद की शुभकामनाएं दीं। हमने पश्चिम एशिया में बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर बल दिया। पश्चिम एशिया में ऊर्जा अवसंरचना पर हमले निंदनीय हैं और इनसे अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है। भारत और जॉर्डन माल और ऊर्जा के निर्बाध पारगमन के लिए प्रतिबद्ध हैं। क्षेत्र में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी में जॉर्डन के प्रयासों की हम तहे दिल से सराहना करते हैं।"

पीएम मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री से भी की बात

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स हैंडल पर लिखा "मैंने अपने मित्र, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बात की और आगामी ईद-उल-फितर के अवसर पर उन्हें और मलेशिया की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। हमने पश्चिम एशिया की बेहद चिंताजनक स्थिति पर भी चर्चा की और संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से तनाव कम करने और शांति एवं स्थिरता की शीघ्र बहाली के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया।"

ओमान को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?

प्रधानमंत्री ने ओमान की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की भारत द्वारा की गई निंदा को दोहराया और भारतीय नागरिकों सहित हजारों लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा, "भारत और ओमान होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

ईरान-इजराइल के बीच संघर्ष भीषण होता जा रहा

बता दें, ईरान पर यूएस-इजरायल के संयुक्त हमले से शुरू हुआ संघर्ष दिन पर दिन भीषण होता जा रहा है। इसका असर वैश्विक बाजार और अर्थव्यवस्था पर गंभीर रूप में देखने को मिल सकता है। इन सबके बीच भारत अपनी सीक्रेट डिप्लोमेसी से ताजा हालात के दुष्प्रभाव को देश के लिए कम असरदार करने की सफल कोशिशों में लगा है।

बहसूमा में गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी सेवा फिर शुरू, भीड़ से बचने की अपील
मेरठ/बहसूमा। खराब मौसम और लगातार हो रही बूंदाबांदी के बीच आमजन को राहत देने के लिए बहसूमा व्यापार मंडल ने अहम कदम उठाया है। व्यापार मंडल के विशेष आग्रह पर नगर स्थित स्वरूप इंडियन गैस एजेंसी ने शुक्रवार (20 मार्च 2026) से गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी सेवा पुनः शुरू कर दी है।

व्यापार मंडल के पदाधिकारी आशीष सिंगल ने जानकारी देते हुए बताया कि बदलते मौसम और आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि क्षेत्रवासियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। अब उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी या गोदाम पर लंबी कतारों में खड़े होने की आवश्यकता नहीं होगी और वे घर बैठे ही सिलेंडर प्राप्त कर सकेंगे।

व्यापार मंडल की ओर से जारी अपील में नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे गैस एजेंसी पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और होम डिलीवरी सेवा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। साथ ही एजेंसी के कर्मचारियों और डिलीवरी कर्मियों का सहयोग करने की भी अपील की गई है, जिससे सेवा सुचारू रूप से संचालित हो सके।

इस संबंध में एजेंसी संचालक अनिल सागर ने बताया कि फिलहाल बहसूमा कस्बे में पहले की तरह होम डिलीवरी व्यवस्था शुरू कर दी गई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि अगले एक-दो दिनों में आसपास के क्षेत्रों में भी यह सुविधा बहाल कर दी जाएगी।

व्यापार मंडल का मानना है कि जनता के सहयोग से यह व्यवस्था सफल होगी और आने वाले समय में और बेहतर तरीके से संचालित की जा सकेगी।
खामनेई की शहादत पर शिया समुदाय में शोक, मौलाना जावेद हैदर जैदी ने दी सादगी से ईद मनाने की अपील
लखनऊ । ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामनेई की शहादत की खबर से दुनियाभर के शिया समुदाय में गहरा शोक व्याप्त है। इस दुखद घटना के बाद धार्मिक विद्वानों और उलेमाओं द्वारा समुदाय को संयम और धैर्य बनाए रखने की अपील की जा रही है।
इसी क्रम में प्रख्यात शिया धर्मगुरु जावेद हैदर जैदी ने एक अहम संदेश जारी करते हुए कहा कि खामनेई की शहादत निश्चित रूप से अपूरणीय क्षति है, लेकिन ऐसे समय में धार्मिक कर्तव्यों को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईद-उल-फ़ितर अल्लाह की बंदगी का दिन है और इसे सादगी, इबादत और ग़म के एहसास के साथ मनाना चाहिए।
मौलाना जैदी ने अपने संदेश में इस्लामी इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि 21 रमज़ान 40 हिजरी के बाद भी इमाम हसन (अलैहिस्सलाम) ने उसी वर्ष ईद की नमाज़ अदा की थी। उन्होंने कहा कि ईद केवल खुशी का पर्व नहीं, बल्कि आत्ममंथन, गुनाहों से दूर रहने और अल्लाह के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर भी है।
उन्होंने आगे कहा,
“हर वह दिन ईद है जिसमें इंसान गुनाह से दूर रहे। असल ईद वही है, जिसमें इंसान अपने कर्मों का आकलन करे और अल्लाह की राह पर चले।”
मौलाना ने ईद के बाद ‘ज़ियारत-ए-वारिसा’ की अहमियत पर भी जोर देते हुए बताया कि इसमें अहलुलबैत (अलैहिस्सलाम) की फज़ीलतों और उनकी मसीबतों का जिक्र किया जाता है, साथ ही अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश भी निहित होता है।
अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वर्ष भी ईद-उल-फितर मनाई जानी चाहिए, लेकिन अहलुलबैत के बताए रास्ते पर चलते हुए, सादगी और इबादत के साथ, ताकि शोक और श्रद्धा दोनों का संतुलन बना रहे।
ईद-उल-फितर पर लखनऊ में ट्रैफिक प्लान लागू, कई मार्गों पर डायवर्जन, सुबह 6 बजे से बदलेगा रूट
लखनऊ। राजधानी में ईद-उल-फितर के अवसर पर शहर की प्रमुख मस्जिदों में बड़ी संख्या में नमाजियों के जुटने की संभावना को देखते हुए यातायात पुलिस ने व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया है। यह व्यवस्था 20/21 मार्च 2026 को सुबह 6 बजे से नमाज समाप्ति तक प्रभावी रहेगी।

राजधानी इन प्रमुख इलाकों में रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार पक्का पुल, टीले वाली मस्जिद, बड़ा इमामबाड़ा, ऐशबाग ईदगाह, रूमी गेट, चौक, कोनेश्वर चौराहा, शाहमीना तिराहा, डालीगंज और सीतापुर रोड जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में यातायात प्रतिबंधित या डायवर्ट किया जाएगा।
सीतापुर रोड से आने वाले वाहन डालीगंज रेलवे क्रॉसिंग से पक्का पुल की ओर नहीं जा सकेंगे, उन्हें आईटी चौराहा और कपूरथला होकर जाना होगा।
खदरा और पक्का पुल क्षेत्र में सामान्य यातायात को बंधा रोड या नए पक्के पुल की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
हरदोई रोड और बालागंज से आने वाले भारी वाहन बड़ा इमामबाड़ा और टीले वाली मस्जिद की ओर नहीं जा सकेंगे, उन्हें चौक और मेडिकल कॉलेज रूट से भेजा जाएगा।
कोनेश्वर चौराहा, चौक और रूमी गेट क्षेत्र में भी यातायात पर रोक रहेगी और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना होगा।
नीबू पार्क, शाहमीना, मेडिकल क्रॉसिंग और डालीगंज पुल के आसपास भी कई मार्गों पर प्रतिबंध रहेगा।

ऐशबाग ईदगाह क्षेत्र में विशेष व्यवस्था

ऐशबाग ईदगाह के आसपास सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष ट्रैफिक कंट्रोल लागू रहेगा— नाका, यहियागंज, रकाबगंज, मोतीनगर, राजेंद्र नगर, अंजुमन चौराहा और पीली कॉलोनी से ईदगाह की ओर सामान्य वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। केवल नमाज में शामिल होने वाले लोगों के वाहनों को ही निर्धारित मार्गों से प्रवेश दिया जाएगा।

केवल आपातकालीन सेवाओं को मिलेगी छूट

ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, स्कूल वाहन और शव वाहन जैसी आपातकालीन सेवाओं को जरूरत पड़ने पर प्रतिबंधित मार्गों से भी गुजरने की अनुमति दी जाएगी। यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित मार्गों पर न जाएं और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। किसी भी असुविधा या जानकारी के लिए ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 पर संपर्क किया जा सकता है। यह विशेष ट्रैफिक प्लान शहर में शांति, सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किया गया है, ताकि ईद का त्योहार शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

नवरोज पर  ट्रैफिक डायवर्जन लागू, सुबह से दोपहर तक कई मार्ग रहेंगे बंद

लखनऊ में शिया समुदाय द्वारा 21 मार्च 2026 को मनाए जाने वाले नवरोज के मद्देनजर यातायात पुलिस ने विशेष ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया है। यह कार्यक्रम सुबह से लेकर लगभग दोपहर 2:30 बजे तक चलेगा, जिसके चलते शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित रहेगा।यातायात पुलिस के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान मेडिकल क्रॉस (चरक चौराहा), नक्खास, अकबरी गेट (मेफेयर), टुड़ियागंज और हैदरगंज जैसे क्षेत्रों में ट्रैफिक व्यवस्था बदली जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और यातायात सुचारु बना रहे।

डायवर्जन व्यवस्था इस प्रकार रहेगी

मेडिकल क्रॉस (चरक चौराहा) से सामान्य यातायात अकबरी गेट (मेफेयर) और नक्खास की ओर नहीं जा सकेगा। वाहन मेडिकल कॉलेज या चौक-कोनेश्वर मार्ग से अपने गंतव्य तक जाएंगे।
नक्खास तिराहा से अकबरी गेट और मेडिकल क्रॉस की ओर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। यहां से वाहन नादान महल रोड और रकाबगंज पुल होकर जा सकेंगे।
टुड़ियागंज (बिल्लौचपुरा) तिराहा से नक्खास या गिरधारी सिंह इंटर कॉलेज की ओर यातायात नहीं जाएगा। वाहन हैदरगंज (लालमाधव) मार्ग से डायवर्ट किए जाएंगे।
हैदरगंज (लालमाधव) से टुड़ियागंज और नक्खास की ओर जाने वाले वाहन ऐशबाग, नाका और बुलाकी अड्डा होकर अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे।

केवल आपातकालीन सेवाओं को छूट

ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, स्कूल वाहन और शव वाहन जैसी आवश्यक सेवाओं को स्थिति के अनुसार प्रतिबंधित मार्गों से भी गुजरने की अनुमति दी जाएगी।
यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित डायवर्जन प्लान का पालन करें और अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित मार्गों पर जाने से बचें। किसी भी आपात स्थिति में ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 पर संपर्क किया जा सकता है।नवरोज के इस पावन अवसर पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
नहीं नजर आया चांद, आज होगा तीसवां रोजा, कल 21 को होगी ईदुल फितर

  • तैयारियों को अंतिम रूप देने उमड़ा शहर
  • काजी ए शहर सैयद मुश्ताक अली नदवी पढ़ाएंगे ईदगाह में पहली नमाज 

भोपाल। रमजान महीने का 29वा रोजा रखने के बाद गुरुवार शाम को आसमान में चांद देखने के लिए शहर मोती मस्जिद में जमा हुआ। साफ आकाश के बीच भी चांद ने अपनी आमद देकर ईदुल फितर की खुशियों का ऐलान नहीं किया। रूआते हिलाल कमेटी ने आसपास के बड़े शहरों और छोटे गांवों से भी इसकी तस्दीक की, लेकिन कहीं से भी ऐसी कोई खबर नहीं आई। जिसके बाद काजी ए शहर सैयद मुश्ताक अली नदवी ने शनिवार को ईद का त्यौहार मनाए जाने का ऐलान कर दिया। 

मोती मस्जिद में जमा हुए उलेमाओं और लोगों ने इस बात की तस्दीक कर दी कि गुरुवार को ईद का चांद दिखाई नहीं दिया है। जिसके बाद जहां गुरुवार को नमाज ए ईशा के बाद तरावीह की आखिरी नमाज अदा की गई। शुक्रवार को जुमा की नमाज अदा की जाएगी, जिसे जुमातुल विदा के रूप में मनाया जाएगा। यह जुमा इसलिए भी खास हो गया है कि इस रमजान महीने में पड़ने वाला यह पांचवा जुमा होगा।

नहीं थे इमकानात 

रमजान महीने की शुरुआत 29वें चांद के साथ हुई थी, सऊदी अरब में भी बुधवार को चांद दिखाई नहीं दिया था। आमतौर पर सऊदी में ईद का त्यौहार भारत से एक दिन पहले मनाया जाता है। इन हालात को देखकर यह अंदाज लगाया जा रहा था कि भारत के आसमान पर भी ईद की खुशियों का पैगाम गुरुवार की बजाए शुक्रवार को ही नमूदार होगा। अब यहां शनिवार को चांद दिखाई नहीं देने पर भी ईद मना की जाएगी, कारण यह भी है कि शुक्रवार को महीने के 30 रोजे पूरे हो जाएंगे।

हुआ बाजारों का रुख

ईद की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए शहर का रुख बाजारों की तरफ बढ़ गया। शहर के चौक बाजार, नदीम रोड, लखेरापुरा, जुमेराती, लक्ष्मी टॉकीज, बुधवारा, इतवारा, छावनी, जहांगीराबाद आदि बाजारों में पैर न रखने जैसे हालात बन गए। बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस की यातायात विंग ने शहर में कई जगह बेरीकेटिंग भी कर दी, जिससे वाहनों की भीड़ से पैदल ग्राहकों को दिक्कत न हो।

अब क्षेत्रीय बाजारों का जोर

शहर के परम्परागत बाजारों के अलावा शहर में कई जगह नए बाजार भी आकार लेने लगे हैं। टीला जमालपुरा, सिंधी कॉलोनी चौराहा, निजामुद्दीन कालोनी, जहांगीराबाद और बाग के छोटे स्थाई बाजारों के अलावा शहर में कई जगह अस्थाई ईद बाजार भी इन दिनों सजे हुए हैं।

यह होगा नमाज का वक्त 

ईदगाह– सुबह 7:30 बजे

जामा मस्जिद–सुबह 7:45 बजे

ताज-उल-मसाजिद – सुबह 8:00 बजे

मोती मस्जिद – सुबह 8:15 बजे

मस्जिद रब्बानी, एमपी नगर – सुबह 9:00 बजे

  • मसाजिद कमेटी की शहर को ताकीद

मसाजिद कमेटी भोपाल ने ईद की नमाज को लेकर शहर के नाम कुछ ताकीद की हैं। कमेटी के प्रभारी सचिव सैयद उवैस अली द्वारा जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि ईदगाह से पहले किसी भी मस्जिद में नमाज ए ईद अदा नहीं की जाए।

  • काजी साहब या रूआते हिलाल कमेटी की तस्दीक के बिना शहर में कहीं भी ईद की खुशियों के गोले न दागे जाएं।
  • ईद की नमाज अदा करने से पहले सभी लोग अपना सदका ए फितर ₹70 प्रति व्यक्ति अदा करें।
  • ईदगाह में नमाज पढ़ने के लिए लोग समय से पहले पहुंचे।
  • अपने वाहन पार्किंग में निर्धारित स्थान पर लगाएं।
  • व्यवस्था में लगे पार्किंग वालेंटियर्स को सहयोग करें।
बलिया:दुबहड़ ब्लॉक के सवरूबाँध कंपोजिट विद्यालय की शिक्षामित्र शाहिदा खातून का हृदयाघात से असमय निधन, शिक्षा जगत शोकाकुल
संजीव सिंह बलिया। दुबहड़ ब्लॉक के सवरूबाँध कंपोजिट विद्यालय में लंबे समय से समर्पित सेवा दे रहीं शिक्षामित्र शाहिदा खातून का आज अचानक हृदयाघात से निधन हो गया। सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक गुलाब शेख की पत्नी शाहिदा खातून का असमय चले जाना स्थानीय शिक्षा जगत और समुदाय के लिए अपूरणीय क्षति है।वर्षों से प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में निष्ठा से कार्यरत शाहिदा खातून एसआईआर में बीएलओ के पद पर भी अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभा रही थीं। उनकी मेहनत और लगन ने कई पीढ़ियों को पढ़ा-लिखाकर नई दिशा प्रदान की। आज सुबह मऊ में इलाज कराते समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद वे बच न सकीं।इस दुखद घटना से परिवार, सहकर्मी और ग्रामीण क्षेत्र शोकाकुल है। शिक्षा मित्र समुदाय संगठन से राजेश साहनी, अखिलेश पांडेय, संजीव सिंह, भरत यादव, सरल यादव, दिलीप प्रसाद, पंकज सिंह, राकेश पांडेय, अमृत सिंह, लालजी वर्मा, मोहम्मद वसीम, डिम्पल सिंह, मंजूर हुसैन समेत कई स्थानीय लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने कहा कि उनका जाना शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ा आघात है। शाहिदा खातून का समर्पण हमें सिखाता है कि शिक्षा सेवा में निष्ठा ही असली धरोहर है। उनके योगदान को याद रखते हुए हम सब मिलकर शिक्षा को मजबूत बनाएं। ईश्वर उनकी पुण्यात्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति दें।
आजमगढ़ : तेज रफ्तार का कहर: आमने-सामने भिड़ीं दो बाइकें, एक की मौत, दो लोगो की हालत गंभीर
सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । जिले के दीदारगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा सरायमीर-दीदारगंज मार्ग पर पुष्प नगर स्थित श्री शंकर जी इंटर कॉलेज के सामने लगभग तीन बजे हुआ, जब दो मोटरसाइकिलें आमने-सामने टकरा गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए और बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। सूचना मिलते ही दीदारगंज प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश यादव पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और तत्काल राहत कार्य शुरू कराया। पुलिस ने बिना देरी किए एम्बुलेंस बुलाकर घायलों को ग्रामीणों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मार्टीनगंज भिजवाया। वहां मौजूद चिकित्सकों ने मनोज कश्यप पुत्र राधेश्याम कश्यप निवासी पुष्पनगर को मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल संतोष मिश्र पुत्र मर्याद मिश्र निवासी पुष्पनगर और रवि गौतम पुत्र योगी निवासी ग्राम हडवां की हालत को नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल जौनपुर के लिए रेफर कर दिया। दोनों घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिलों को कब्जे में ले लिया है तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, हालांकि प्रारंभिक रूप से तेज रफ्तार और लापरवाही को दुर्घटना की वजह माना जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। थानाध्यक्ष दीदारगंज जय प्रकाश यादव का कहना है दो बाइक के आमने सामने टक्कर में एक युवक की मौत हुई है । जबकि दो घायल हुए हैं । दोनो घायलों को स्थानीय डॉक्टरों ने जिला अस्पताल जौनपुर के लिए रेफर कर दिया है । मृत युवक के शव को आजमगढ़ जिला मुख्यालय के लिए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है
एन सी सी प्रयागराज ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर उपेन्द्र सिंह कांदिल ने किया ड्रोन ट्रेनिंग कैम्प का निरीक्षण।

 ड्रोन तकनीक से सशक्त हो रहे एनसीसी कैडेट्स, अनुशासन व आधुनिकता का संगम। 

संजय द्विवेदी प्रयागराज।एनसीसी निदेशालय उत्तर प्रदेश के अन्तर्गत एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के तत्वावधान में 16 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज द्वारा राम दुलारी बच्चू लाल जायसवाल पीजी कॉलेज नवाबगंज प्रयागराज में आयोजित 12 दिवसीय सीओसी ड्रोन प्रशिक्षण शिविर अपने उद्देश्यों की सफल पूर्ति की ओर अग्रसर है।यह शिविर 12 मार्च से प्रारम्भ होकर 23 मार्च तक संचालित किया जा रहा है,जिसमें प्रदेश के 8 एनसीसी ग्रुप मुख्यालयों के सीनियर डिवीजन (SD) एवं सीनियर विंग (SW) के कैडेट्स उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे है।शिविर का मुख्य उद्देश्य कैडेट्स को आधुनिक युद्धक एवं नागरिक उपयोग की उन्नत ड्रोन तकनीक से परिचित कराना है जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने हेतु तकनीकी रूप से दक्ष बन सकें।प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने ड्रोन डिजाइनिंग, असेम्बलिंग संचालन एवं उड़ान की जटिल प्रक्रियाओं को न केवल समझा बल्कि उन्हें व्यवहारिक रूप में आत्मसात भी किया।सीमित समय में ड्रोन असेंबल करने की दक्षता एवं ऑन-ग्राउंड परीक्षण के सफल निष्पादन ने कैडेट्स की तकनीकी क्षमता और तत्परता का परिचय दिया।प्रशिक्षण के अंतर्गत कैडेट्स को ड्रोन संचालन के सुरक्षा मानको निगरानी प्रणाली आपदा प्रबंधन तथा रक्षा क्षेत्र में इसके बहुआयामी उपयोगों की गहन जानकारी प्रदान की गई। साथ ही हथियार प्रशिक्षण के माध्यम से कैडेट्स की फायरिंग दक्षता को भी सुदृढ़ किया जा रहा है जो उनके सैन्य अनुशासन और आत्मविश्वास को और अधिक सशक्त बनाता है।शिविर के आठवें दिन एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर उपेन्द्र सिंह कंदील ने शिविर का निरीक्षण किया।इस अवसर पर कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत ड्रोन फ्लाइंग का सजीव एवं प्रभावशाली प्रदर्शन उनके आत्मविश्वास सटीकता और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। कैडेट्स के अनुशासित प्रदर्शन एवं तकनीकी प्रवीणता से प्रभावित होकर ग्रुप कमांडर ने उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि एन सी सी कैडेट्स भी ड्रोन एवं साइबर तकनीक से लैस होंगे तथा उन्हें भविष्य में और उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु प्रेरित किया।यह शिविर कैंप कमान्डेंट कर्नल निशांत बरियार एवं डिप्टी कैंप कमांडेंट कर्नल योगेन्द्र चिनवान के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। इस अवसर पर कर्नल निशांत बरियार ने अपने उद्बोधन में कहा कि आधुनिक तकनीक, विशेषकर ड्रोन भविष्य के सैन्य एवं रणनीतिक परिदृश्य का अभिन्न अंग है। इसका समुचित ज्ञान एवं दक्षता कैडेट्स की सैन्य क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।यह ड्रोन प्रशिक्षण शिविर न केवल कैडेट्स को तकनीकी रूप से सशक्त बना रहा है बल्कि उनमें अनुशासन नेतृत्व त्वरित निर्णय क्षमता एवं राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण की भावना को भी सुदृढ़ कर रहा है।निस्संदेह यह पहल राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सशक्त और दूरदर्शी कदम सिद्ध हो रही है।

भारत-म्यांमार सीमा पर बड़ी साजिश नाकाम, मिजोरम में 23.72 करोड़ रुपये की मेथम्फेटामाइन की गोलियां जब्त

#indomyanmarborderinmizoramseizedmethamphetamine_tablets

भारत-म्यांमार सीमा के पास सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी नॉरकोटिक्स डिपार्टमेंट ने एक बड़े ऑपरेशन में 23.72 करोड़ रुपये की 7.907 किलो की मेथाएंफीटामाइन टैबलेट जब्त की हैं। यह ऑपरेशन सीमा के पास मिजोरम के चंफाई जिले में हुआ है। ऑपरेशन में असम रायफल्स और चंफाई पुलिस ने मिलकर कार्रवाई की।

लावारिस खड़े वाहन में मिली भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद

यह संयुक्त अभियान सीमा क्षेत्र के एक संवेदनशील मार्ग ह्मुनह्मेल्था रोड के पास चलाया गया। इस इलाके को तस्करी के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है, जहां से अक्सर अवैध गतिविधियों की सूचनाएं मिलती रहती हैं। इसी आधार पर सुरक्षाबलों ने सघन तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान टीम को मौके पर एक लावारिस वाहन संदिग्ध अवस्था में खड़ा मिला। जब सुरक्षा कर्मियों ने वाहन की बारीकी से जांच की, तो उसमें छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में मेथामफेटामाइन गोलियां बरामद हुईं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में 23.72 करोड़ कीमत

मेथामफेटामाइन गोलियां बरामद हुईं। कुल 7.907 किलोग्राम नशीला पदार्थ जब्त किया गया, जो हाल के समय में इस क्षेत्र की सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक माना जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि बरामद की गई मेथामफेटामाइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 23.72 करोड़ रुपए बताई जा रही है। यह खेप संभवतः अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के माध्यम से भारत में लाई जा रही थी, जिसे समय रहते पकड़ लिया गया।

क्या होती है मेथाएंफीटामाइन, जो भारत में बैन

मेथाएंफीटामाइन को शॉर्ट फॉर्म में मेथ भी कहते हैं। इसका इस्तेमाल अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) में किया जाता है। दवा के रूप में इसका इस्तेमाल फोकस बनाए रखने और इंपल्सिव बर्ताव को कमतर करने में किया जाता है। यह एक तरह का स्टीमुलेंट है, जो शरीर के सेंट्रल नर्वस सिस्टम की स्पीड बढ़ा देती है। यह डोपामाइन लेवल को भी बढ़ा देती है, जो एक ब्रेन केमिकल होता है और चलने-फिरने में अहम भूमिका निभाता है। डोपामाइन दिमाग को ऐसे सिग्नल भेजता है, जो आपको खुश महसूस कराने वाले बर्ताव को आपसे बार-बार कराता है।

अमोनिया संकट पर त्वरित कार्रवाई: शीतगृहों में सुरक्षित रहा आलू, किसानों को राहत
* उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने दी जानकारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने आलू के भंडारण, बाजार मूल्य एवं विपणन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रेस वार्ता की।
मंत्री ने शीतगृह संचालकों और आलू उत्पादक किसानों का स्वागत करते हुए पीएम मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में लिए गए निर्णयों की सराहना की। उन्होंने बताया कि आलू के बेहतर विपणन और भंडारण के लिए कई प्रयास किए गए, जिनमें ओडिशा सरकार के साथ 15 लाख मीट्रिक टन आलू खरीदने का समझौता भी शामिल है। उन्होंने बताया कि अचानक शीतगृहों में भंडारित आलू पर संकट उत्पन्न हो गया, जब अमोनिया गैस की कमी सामने आई। इस स्थिति में योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में राज्य स्तर पर त्वरित समाधान के प्रयास किए गए।
उन्होंने आगे बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने भारत सरकार के उर्वरक एवं रसायन मंत्री जे.पी. नड्डा तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से संपर्क किया। प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक के बाद दोनों मंत्रियों ने 24 घंटे के भीतर आवश्यक निर्देश जारी किए, जिससे शीतगृह संचालकों को अमोनिया गैस की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकी।
इस त्वरित कार्रवाई से राज्य के किसानों और शीतगृह संचालकों में खुशी की लहर दौड़ गई। मंत्री श्री सिंह ने प्रधानमंत्री एवं संबंधित मंत्रियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय ‘श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में सहायक होगा। उन्होंने शीतगृह एसोसिएशन की उपाध्यक्ष तृप्ति सिंह को भी उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि अमोनिया गैस की कमी का कारण वैश्विक परिस्थितियाँ थीं, लेकिन केंद्र सरकार के त्वरित हस्तक्षेप से आम जनता और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी गई।
मिडिल ईल्ट में जंग के बीच पीएम मोदी की 'डिप्लोमेसी', 5 देशों के नेताओं से की बात

#middleeastconflictpmnarendramodipeace_initiative

पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग और तेज होती जा रही है। युद्ध में अब ऊर्जा ठिकानों पर हमले हो रहे हैं, जिससे पूरी दुनिया में तेल और गैस की कीमतों में इजाफा होने का डर पैदा हो गया है। पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर, फ्रांस,जॉर्डन,ओमान और मलयेशिया के नेताओं से फोन पर बात की। प्रधानमंत्री ने ईरान युद्ध में ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाए जाने की निंदा की। 

पीएम मोदी ने संवाद और कूटनीति पर जोर दिया

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता तेज कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार 19 मार्च 2026 को कतर, फ्रांस, जॉर्डन, ओमान और मलेशिया के नेताओं से अलग-अलग फोन पर बातचीत कर क्षेत्र की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इन सभी वार्ताओं में एनर्जी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि ऐसे हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित करते हैं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी गंभीर असर डाल सकते हैं। उन्होंने खास तौर पर होर्मुज स्‍ट्रेट में सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है।

शांति और स्थिरता के लिए समन्वय को जारी रखने की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर हुई बातचीत की जानकारी एक्स हैंडल पर दी। पीएम मोदी ने लिखा " मैंने अपने प्रिय मित्र, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से पश्चिम एशिया की स्थिति और तनाव कम करने की तत्काल आवश्यकता के साथ-साथ संवाद और कूटनीति की ओर लौटने के बारे में बात की। हम इस क्षेत्र और उससे परे शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए अपने घनिष्ठ समन्वय को जारी रखने के लिए तत्पर हैं।"

कतर में ऊर्जा के बुनियादी ढांचों पर हमलों की कड़ी निंदा

कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी के साथ हुई बातचीत में पीएम मोदी ने कहा कि "भारत, कतर के साथ है और क्षेत्र में ऊर्जा के बुनियादी ढांचों पर हमलों की कड़ी निंदा करता है। पीएम मोदी ने कतर के अमीर को कतर में रहने वाले भारतीय समुदाय की देखभाल और समर्थन के लिए आभार जताया और क्षेत्र में शांति और स्थिरता की कामना की।" पीएम मोदी ने कतर के शासक को ईद की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं। 

ऊर्जा अवसंरचना पर हमले निंदनीय-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "मैंने फोन पर अपने भाई, जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय को ईद की शुभकामनाएं दीं। हमने पश्चिम एशिया में बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर बल दिया। पश्चिम एशिया में ऊर्जा अवसंरचना पर हमले निंदनीय हैं और इनसे अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है। भारत और जॉर्डन माल और ऊर्जा के निर्बाध पारगमन के लिए प्रतिबद्ध हैं। क्षेत्र में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी में जॉर्डन के प्रयासों की हम तहे दिल से सराहना करते हैं।"

पीएम मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री से भी की बात

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स हैंडल पर लिखा "मैंने अपने मित्र, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बात की और आगामी ईद-उल-फितर के अवसर पर उन्हें और मलेशिया की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। हमने पश्चिम एशिया की बेहद चिंताजनक स्थिति पर भी चर्चा की और संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से तनाव कम करने और शांति एवं स्थिरता की शीघ्र बहाली के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया।"

ओमान को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?

प्रधानमंत्री ने ओमान की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की भारत द्वारा की गई निंदा को दोहराया और भारतीय नागरिकों सहित हजारों लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा, "भारत और ओमान होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

ईरान-इजराइल के बीच संघर्ष भीषण होता जा रहा

बता दें, ईरान पर यूएस-इजरायल के संयुक्त हमले से शुरू हुआ संघर्ष दिन पर दिन भीषण होता जा रहा है। इसका असर वैश्विक बाजार और अर्थव्यवस्था पर गंभीर रूप में देखने को मिल सकता है। इन सबके बीच भारत अपनी सीक्रेट डिप्लोमेसी से ताजा हालात के दुष्प्रभाव को देश के लिए कम असरदार करने की सफल कोशिशों में लगा है।

बहसूमा में गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी सेवा फिर शुरू, भीड़ से बचने की अपील
मेरठ/बहसूमा। खराब मौसम और लगातार हो रही बूंदाबांदी के बीच आमजन को राहत देने के लिए बहसूमा व्यापार मंडल ने अहम कदम उठाया है। व्यापार मंडल के विशेष आग्रह पर नगर स्थित स्वरूप इंडियन गैस एजेंसी ने शुक्रवार (20 मार्च 2026) से गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी सेवा पुनः शुरू कर दी है।

व्यापार मंडल के पदाधिकारी आशीष सिंगल ने जानकारी देते हुए बताया कि बदलते मौसम और आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि क्षेत्रवासियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। अब उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी या गोदाम पर लंबी कतारों में खड़े होने की आवश्यकता नहीं होगी और वे घर बैठे ही सिलेंडर प्राप्त कर सकेंगे।

व्यापार मंडल की ओर से जारी अपील में नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे गैस एजेंसी पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और होम डिलीवरी सेवा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। साथ ही एजेंसी के कर्मचारियों और डिलीवरी कर्मियों का सहयोग करने की भी अपील की गई है, जिससे सेवा सुचारू रूप से संचालित हो सके।

इस संबंध में एजेंसी संचालक अनिल सागर ने बताया कि फिलहाल बहसूमा कस्बे में पहले की तरह होम डिलीवरी व्यवस्था शुरू कर दी गई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि अगले एक-दो दिनों में आसपास के क्षेत्रों में भी यह सुविधा बहाल कर दी जाएगी।

व्यापार मंडल का मानना है कि जनता के सहयोग से यह व्यवस्था सफल होगी और आने वाले समय में और बेहतर तरीके से संचालित की जा सकेगी।
खामनेई की शहादत पर शिया समुदाय में शोक, मौलाना जावेद हैदर जैदी ने दी सादगी से ईद मनाने की अपील
लखनऊ । ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामनेई की शहादत की खबर से दुनियाभर के शिया समुदाय में गहरा शोक व्याप्त है। इस दुखद घटना के बाद धार्मिक विद्वानों और उलेमाओं द्वारा समुदाय को संयम और धैर्य बनाए रखने की अपील की जा रही है।
इसी क्रम में प्रख्यात शिया धर्मगुरु जावेद हैदर जैदी ने एक अहम संदेश जारी करते हुए कहा कि खामनेई की शहादत निश्चित रूप से अपूरणीय क्षति है, लेकिन ऐसे समय में धार्मिक कर्तव्यों को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईद-उल-फ़ितर अल्लाह की बंदगी का दिन है और इसे सादगी, इबादत और ग़म के एहसास के साथ मनाना चाहिए।
मौलाना जैदी ने अपने संदेश में इस्लामी इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि 21 रमज़ान 40 हिजरी के बाद भी इमाम हसन (अलैहिस्सलाम) ने उसी वर्ष ईद की नमाज़ अदा की थी। उन्होंने कहा कि ईद केवल खुशी का पर्व नहीं, बल्कि आत्ममंथन, गुनाहों से दूर रहने और अल्लाह के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर भी है।
उन्होंने आगे कहा,
“हर वह दिन ईद है जिसमें इंसान गुनाह से दूर रहे। असल ईद वही है, जिसमें इंसान अपने कर्मों का आकलन करे और अल्लाह की राह पर चले।”
मौलाना ने ईद के बाद ‘ज़ियारत-ए-वारिसा’ की अहमियत पर भी जोर देते हुए बताया कि इसमें अहलुलबैत (अलैहिस्सलाम) की फज़ीलतों और उनकी मसीबतों का जिक्र किया जाता है, साथ ही अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश भी निहित होता है।
अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वर्ष भी ईद-उल-फितर मनाई जानी चाहिए, लेकिन अहलुलबैत के बताए रास्ते पर चलते हुए, सादगी और इबादत के साथ, ताकि शोक और श्रद्धा दोनों का संतुलन बना रहे।
ईद-उल-फितर पर लखनऊ में ट्रैफिक प्लान लागू, कई मार्गों पर डायवर्जन, सुबह 6 बजे से बदलेगा रूट
लखनऊ। राजधानी में ईद-उल-फितर के अवसर पर शहर की प्रमुख मस्जिदों में बड़ी संख्या में नमाजियों के जुटने की संभावना को देखते हुए यातायात पुलिस ने व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया है। यह व्यवस्था 20/21 मार्च 2026 को सुबह 6 बजे से नमाज समाप्ति तक प्रभावी रहेगी।

राजधानी इन प्रमुख इलाकों में रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार पक्का पुल, टीले वाली मस्जिद, बड़ा इमामबाड़ा, ऐशबाग ईदगाह, रूमी गेट, चौक, कोनेश्वर चौराहा, शाहमीना तिराहा, डालीगंज और सीतापुर रोड जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में यातायात प्रतिबंधित या डायवर्ट किया जाएगा।
सीतापुर रोड से आने वाले वाहन डालीगंज रेलवे क्रॉसिंग से पक्का पुल की ओर नहीं जा सकेंगे, उन्हें आईटी चौराहा और कपूरथला होकर जाना होगा।
खदरा और पक्का पुल क्षेत्र में सामान्य यातायात को बंधा रोड या नए पक्के पुल की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
हरदोई रोड और बालागंज से आने वाले भारी वाहन बड़ा इमामबाड़ा और टीले वाली मस्जिद की ओर नहीं जा सकेंगे, उन्हें चौक और मेडिकल कॉलेज रूट से भेजा जाएगा।
कोनेश्वर चौराहा, चौक और रूमी गेट क्षेत्र में भी यातायात पर रोक रहेगी और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना होगा।
नीबू पार्क, शाहमीना, मेडिकल क्रॉसिंग और डालीगंज पुल के आसपास भी कई मार्गों पर प्रतिबंध रहेगा।

ऐशबाग ईदगाह क्षेत्र में विशेष व्यवस्था

ऐशबाग ईदगाह के आसपास सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष ट्रैफिक कंट्रोल लागू रहेगा— नाका, यहियागंज, रकाबगंज, मोतीनगर, राजेंद्र नगर, अंजुमन चौराहा और पीली कॉलोनी से ईदगाह की ओर सामान्य वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। केवल नमाज में शामिल होने वाले लोगों के वाहनों को ही निर्धारित मार्गों से प्रवेश दिया जाएगा।

केवल आपातकालीन सेवाओं को मिलेगी छूट

ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, स्कूल वाहन और शव वाहन जैसी आपातकालीन सेवाओं को जरूरत पड़ने पर प्रतिबंधित मार्गों से भी गुजरने की अनुमति दी जाएगी। यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित मार्गों पर न जाएं और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। किसी भी असुविधा या जानकारी के लिए ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 पर संपर्क किया जा सकता है। यह विशेष ट्रैफिक प्लान शहर में शांति, सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किया गया है, ताकि ईद का त्योहार शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

नवरोज पर  ट्रैफिक डायवर्जन लागू, सुबह से दोपहर तक कई मार्ग रहेंगे बंद

लखनऊ में शिया समुदाय द्वारा 21 मार्च 2026 को मनाए जाने वाले नवरोज के मद्देनजर यातायात पुलिस ने विशेष ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया है। यह कार्यक्रम सुबह से लेकर लगभग दोपहर 2:30 बजे तक चलेगा, जिसके चलते शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित रहेगा।यातायात पुलिस के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान मेडिकल क्रॉस (चरक चौराहा), नक्खास, अकबरी गेट (मेफेयर), टुड़ियागंज और हैदरगंज जैसे क्षेत्रों में ट्रैफिक व्यवस्था बदली जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और यातायात सुचारु बना रहे।

डायवर्जन व्यवस्था इस प्रकार रहेगी

मेडिकल क्रॉस (चरक चौराहा) से सामान्य यातायात अकबरी गेट (मेफेयर) और नक्खास की ओर नहीं जा सकेगा। वाहन मेडिकल कॉलेज या चौक-कोनेश्वर मार्ग से अपने गंतव्य तक जाएंगे।
नक्खास तिराहा से अकबरी गेट और मेडिकल क्रॉस की ओर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। यहां से वाहन नादान महल रोड और रकाबगंज पुल होकर जा सकेंगे।
टुड़ियागंज (बिल्लौचपुरा) तिराहा से नक्खास या गिरधारी सिंह इंटर कॉलेज की ओर यातायात नहीं जाएगा। वाहन हैदरगंज (लालमाधव) मार्ग से डायवर्ट किए जाएंगे।
हैदरगंज (लालमाधव) से टुड़ियागंज और नक्खास की ओर जाने वाले वाहन ऐशबाग, नाका और बुलाकी अड्डा होकर अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे।

केवल आपातकालीन सेवाओं को छूट

ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, स्कूल वाहन और शव वाहन जैसी आवश्यक सेवाओं को स्थिति के अनुसार प्रतिबंधित मार्गों से भी गुजरने की अनुमति दी जाएगी।
यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित डायवर्जन प्लान का पालन करें और अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित मार्गों पर जाने से बचें। किसी भी आपात स्थिति में ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 पर संपर्क किया जा सकता है।नवरोज के इस पावन अवसर पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
नहीं नजर आया चांद, आज होगा तीसवां रोजा, कल 21 को होगी ईदुल फितर

  • तैयारियों को अंतिम रूप देने उमड़ा शहर
  • काजी ए शहर सैयद मुश्ताक अली नदवी पढ़ाएंगे ईदगाह में पहली नमाज 

भोपाल। रमजान महीने का 29वा रोजा रखने के बाद गुरुवार शाम को आसमान में चांद देखने के लिए शहर मोती मस्जिद में जमा हुआ। साफ आकाश के बीच भी चांद ने अपनी आमद देकर ईदुल फितर की खुशियों का ऐलान नहीं किया। रूआते हिलाल कमेटी ने आसपास के बड़े शहरों और छोटे गांवों से भी इसकी तस्दीक की, लेकिन कहीं से भी ऐसी कोई खबर नहीं आई। जिसके बाद काजी ए शहर सैयद मुश्ताक अली नदवी ने शनिवार को ईद का त्यौहार मनाए जाने का ऐलान कर दिया। 

मोती मस्जिद में जमा हुए उलेमाओं और लोगों ने इस बात की तस्दीक कर दी कि गुरुवार को ईद का चांद दिखाई नहीं दिया है। जिसके बाद जहां गुरुवार को नमाज ए ईशा के बाद तरावीह की आखिरी नमाज अदा की गई। शुक्रवार को जुमा की नमाज अदा की जाएगी, जिसे जुमातुल विदा के रूप में मनाया जाएगा। यह जुमा इसलिए भी खास हो गया है कि इस रमजान महीने में पड़ने वाला यह पांचवा जुमा होगा।

नहीं थे इमकानात 

रमजान महीने की शुरुआत 29वें चांद के साथ हुई थी, सऊदी अरब में भी बुधवार को चांद दिखाई नहीं दिया था। आमतौर पर सऊदी में ईद का त्यौहार भारत से एक दिन पहले मनाया जाता है। इन हालात को देखकर यह अंदाज लगाया जा रहा था कि भारत के आसमान पर भी ईद की खुशियों का पैगाम गुरुवार की बजाए शुक्रवार को ही नमूदार होगा। अब यहां शनिवार को चांद दिखाई नहीं देने पर भी ईद मना की जाएगी, कारण यह भी है कि शुक्रवार को महीने के 30 रोजे पूरे हो जाएंगे।

हुआ बाजारों का रुख

ईद की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए शहर का रुख बाजारों की तरफ बढ़ गया। शहर के चौक बाजार, नदीम रोड, लखेरापुरा, जुमेराती, लक्ष्मी टॉकीज, बुधवारा, इतवारा, छावनी, जहांगीराबाद आदि बाजारों में पैर न रखने जैसे हालात बन गए। बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस की यातायात विंग ने शहर में कई जगह बेरीकेटिंग भी कर दी, जिससे वाहनों की भीड़ से पैदल ग्राहकों को दिक्कत न हो।

अब क्षेत्रीय बाजारों का जोर

शहर के परम्परागत बाजारों के अलावा शहर में कई जगह नए बाजार भी आकार लेने लगे हैं। टीला जमालपुरा, सिंधी कॉलोनी चौराहा, निजामुद्दीन कालोनी, जहांगीराबाद और बाग के छोटे स्थाई बाजारों के अलावा शहर में कई जगह अस्थाई ईद बाजार भी इन दिनों सजे हुए हैं।

यह होगा नमाज का वक्त 

ईदगाह– सुबह 7:30 बजे

जामा मस्जिद–सुबह 7:45 बजे

ताज-उल-मसाजिद – सुबह 8:00 बजे

मोती मस्जिद – सुबह 8:15 बजे

मस्जिद रब्बानी, एमपी नगर – सुबह 9:00 बजे

  • मसाजिद कमेटी की शहर को ताकीद

मसाजिद कमेटी भोपाल ने ईद की नमाज को लेकर शहर के नाम कुछ ताकीद की हैं। कमेटी के प्रभारी सचिव सैयद उवैस अली द्वारा जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि ईदगाह से पहले किसी भी मस्जिद में नमाज ए ईद अदा नहीं की जाए।

  • काजी साहब या रूआते हिलाल कमेटी की तस्दीक के बिना शहर में कहीं भी ईद की खुशियों के गोले न दागे जाएं।
  • ईद की नमाज अदा करने से पहले सभी लोग अपना सदका ए फितर ₹70 प्रति व्यक्ति अदा करें।
  • ईदगाह में नमाज पढ़ने के लिए लोग समय से पहले पहुंचे।
  • अपने वाहन पार्किंग में निर्धारित स्थान पर लगाएं।
  • व्यवस्था में लगे पार्किंग वालेंटियर्स को सहयोग करें।
बलिया:दुबहड़ ब्लॉक के सवरूबाँध कंपोजिट विद्यालय की शिक्षामित्र शाहिदा खातून का हृदयाघात से असमय निधन, शिक्षा जगत शोकाकुल
संजीव सिंह बलिया। दुबहड़ ब्लॉक के सवरूबाँध कंपोजिट विद्यालय में लंबे समय से समर्पित सेवा दे रहीं शिक्षामित्र शाहिदा खातून का आज अचानक हृदयाघात से निधन हो गया। सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक गुलाब शेख की पत्नी शाहिदा खातून का असमय चले जाना स्थानीय शिक्षा जगत और समुदाय के लिए अपूरणीय क्षति है।वर्षों से प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में निष्ठा से कार्यरत शाहिदा खातून एसआईआर में बीएलओ के पद पर भी अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभा रही थीं। उनकी मेहनत और लगन ने कई पीढ़ियों को पढ़ा-लिखाकर नई दिशा प्रदान की। आज सुबह मऊ में इलाज कराते समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद वे बच न सकीं।इस दुखद घटना से परिवार, सहकर्मी और ग्रामीण क्षेत्र शोकाकुल है। शिक्षा मित्र समुदाय संगठन से राजेश साहनी, अखिलेश पांडेय, संजीव सिंह, भरत यादव, सरल यादव, दिलीप प्रसाद, पंकज सिंह, राकेश पांडेय, अमृत सिंह, लालजी वर्मा, मोहम्मद वसीम, डिम्पल सिंह, मंजूर हुसैन समेत कई स्थानीय लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने कहा कि उनका जाना शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ा आघात है। शाहिदा खातून का समर्पण हमें सिखाता है कि शिक्षा सेवा में निष्ठा ही असली धरोहर है। उनके योगदान को याद रखते हुए हम सब मिलकर शिक्षा को मजबूत बनाएं। ईश्वर उनकी पुण्यात्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति दें।
आजमगढ़ : तेज रफ्तार का कहर: आमने-सामने भिड़ीं दो बाइकें, एक की मौत, दो लोगो की हालत गंभीर
सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । जिले के दीदारगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा सरायमीर-दीदारगंज मार्ग पर पुष्प नगर स्थित श्री शंकर जी इंटर कॉलेज के सामने लगभग तीन बजे हुआ, जब दो मोटरसाइकिलें आमने-सामने टकरा गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए और बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। सूचना मिलते ही दीदारगंज प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश यादव पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और तत्काल राहत कार्य शुरू कराया। पुलिस ने बिना देरी किए एम्बुलेंस बुलाकर घायलों को ग्रामीणों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मार्टीनगंज भिजवाया। वहां मौजूद चिकित्सकों ने मनोज कश्यप पुत्र राधेश्याम कश्यप निवासी पुष्पनगर को मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल संतोष मिश्र पुत्र मर्याद मिश्र निवासी पुष्पनगर और रवि गौतम पुत्र योगी निवासी ग्राम हडवां की हालत को नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल जौनपुर के लिए रेफर कर दिया। दोनों घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिलों को कब्जे में ले लिया है तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, हालांकि प्रारंभिक रूप से तेज रफ्तार और लापरवाही को दुर्घटना की वजह माना जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। थानाध्यक्ष दीदारगंज जय प्रकाश यादव का कहना है दो बाइक के आमने सामने टक्कर में एक युवक की मौत हुई है । जबकि दो घायल हुए हैं । दोनो घायलों को स्थानीय डॉक्टरों ने जिला अस्पताल जौनपुर के लिए रेफर कर दिया है । मृत युवक के शव को आजमगढ़ जिला मुख्यालय के लिए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है
एन सी सी प्रयागराज ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर उपेन्द्र सिंह कांदिल ने किया ड्रोन ट्रेनिंग कैम्प का निरीक्षण।

 ड्रोन तकनीक से सशक्त हो रहे एनसीसी कैडेट्स, अनुशासन व आधुनिकता का संगम। 

संजय द्विवेदी प्रयागराज।एनसीसी निदेशालय उत्तर प्रदेश के अन्तर्गत एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के तत्वावधान में 16 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज द्वारा राम दुलारी बच्चू लाल जायसवाल पीजी कॉलेज नवाबगंज प्रयागराज में आयोजित 12 दिवसीय सीओसी ड्रोन प्रशिक्षण शिविर अपने उद्देश्यों की सफल पूर्ति की ओर अग्रसर है।यह शिविर 12 मार्च से प्रारम्भ होकर 23 मार्च तक संचालित किया जा रहा है,जिसमें प्रदेश के 8 एनसीसी ग्रुप मुख्यालयों के सीनियर डिवीजन (SD) एवं सीनियर विंग (SW) के कैडेट्स उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे है।शिविर का मुख्य उद्देश्य कैडेट्स को आधुनिक युद्धक एवं नागरिक उपयोग की उन्नत ड्रोन तकनीक से परिचित कराना है जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने हेतु तकनीकी रूप से दक्ष बन सकें।प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने ड्रोन डिजाइनिंग, असेम्बलिंग संचालन एवं उड़ान की जटिल प्रक्रियाओं को न केवल समझा बल्कि उन्हें व्यवहारिक रूप में आत्मसात भी किया।सीमित समय में ड्रोन असेंबल करने की दक्षता एवं ऑन-ग्राउंड परीक्षण के सफल निष्पादन ने कैडेट्स की तकनीकी क्षमता और तत्परता का परिचय दिया।प्रशिक्षण के अंतर्गत कैडेट्स को ड्रोन संचालन के सुरक्षा मानको निगरानी प्रणाली आपदा प्रबंधन तथा रक्षा क्षेत्र में इसके बहुआयामी उपयोगों की गहन जानकारी प्रदान की गई। साथ ही हथियार प्रशिक्षण के माध्यम से कैडेट्स की फायरिंग दक्षता को भी सुदृढ़ किया जा रहा है जो उनके सैन्य अनुशासन और आत्मविश्वास को और अधिक सशक्त बनाता है।शिविर के आठवें दिन एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर उपेन्द्र सिंह कंदील ने शिविर का निरीक्षण किया।इस अवसर पर कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत ड्रोन फ्लाइंग का सजीव एवं प्रभावशाली प्रदर्शन उनके आत्मविश्वास सटीकता और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। कैडेट्स के अनुशासित प्रदर्शन एवं तकनीकी प्रवीणता से प्रभावित होकर ग्रुप कमांडर ने उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि एन सी सी कैडेट्स भी ड्रोन एवं साइबर तकनीक से लैस होंगे तथा उन्हें भविष्य में और उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु प्रेरित किया।यह शिविर कैंप कमान्डेंट कर्नल निशांत बरियार एवं डिप्टी कैंप कमांडेंट कर्नल योगेन्द्र चिनवान के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। इस अवसर पर कर्नल निशांत बरियार ने अपने उद्बोधन में कहा कि आधुनिक तकनीक, विशेषकर ड्रोन भविष्य के सैन्य एवं रणनीतिक परिदृश्य का अभिन्न अंग है। इसका समुचित ज्ञान एवं दक्षता कैडेट्स की सैन्य क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।यह ड्रोन प्रशिक्षण शिविर न केवल कैडेट्स को तकनीकी रूप से सशक्त बना रहा है बल्कि उनमें अनुशासन नेतृत्व त्वरित निर्णय क्षमता एवं राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण की भावना को भी सुदृढ़ कर रहा है।निस्संदेह यह पहल राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सशक्त और दूरदर्शी कदम सिद्ध हो रही है।