डी मोनफोर अकादमी में पर्सनालिटी डेवलपमेंट और इंग्लिश कन्वर्सेशन वर्कशॉप आयोजित
मेरठ, बहसूमा। डी मोनफोर अकादमी में छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए ‘पर्सनालिटी डेवलपमेंट और इंग्लिश कन्वर्सेशन’ विषय पर एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाना, अंग्रेजी बोलचाल में सुधार करना तथा संवाद शैली को प्रभावशाली बनाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को आत्मविश्वास निर्माण (Build Confidence), अंग्रेजी बोलचाल (Improve Speaking) और बेहतर संवाद शैली (Enhance Communication) के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन डॉ. विकास लांबा एवं डॉ. शालिनी लांबा द्वारा किया गया। दोनों विशेषज्ञों ने अपने अनुभव और प्रभावशाली प्रशिक्षण शैली से छात्रों को सक्रिय रूप से जोड़े रखा तथा व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से महत्वपूर्ण बातें समझाईं।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान और मंच पर बोलने का साहस ही छात्र को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करता है।

विद्यालय की निदेशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के दौर में बेहतर कम्युनिकेशन स्किल्स ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने छात्रों को अपनी भाषा और बॉडी लैंग्वेज पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के निदेशक डॉ. के.के. शर्मा ने कहा कि विद्यालय का निरंतर प्रयास है कि छात्रों को ऐसा मंच प्रदान किया जाए, जहां वे अपनी झिझक छोड़कर एक आत्मविश्वासी व्यक्तित्व के रूप में उभर सकें। उन्होंने कहा कि अनुशासन और सही मार्गदर्शन से ही व्यक्तित्व निखरता है।

अंत में विद्यालय की उप-प्रधानाचार्या श्रीमती ऋतु चिकारा ने वर्कशॉप के प्रैक्टिकल सेशन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सत्रों से छात्रों की सीखने की क्षमता बढ़ती है और उनका मनोबल ऊंचा होता है।

वर्कशॉप में विद्यालय के छात्रों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और व्यवहारिक अभ्यास के माध्यम से महत्वपूर्ण कौशल सीखकर लाभ प्राप्त किया।
“हर किसान को स्लॉट, बिना भीड़ के उपार्जन” -कलेक्टर संजय जैन का निरीक्षण, व्यवस्थाओं को और पारदर्शी बनाने के निर्देश

मऊगंज। जिले में गेहूं उपार्जन को अधिक सुव्यवस्थित और किसान हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए राज्य शासन ने स्लॉट बुकिंग की अवधि 9 मई तक बढ़ा दी है। अब छोटे, मध्यम और बड़े सभी किसान स्लॉट बुक कर समर्थन मूल्य पर अपनी उपज का विक्रय कर सकेंगे।

कलेक्टर संजय कुमार जैन ने पन्नी उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने तौल प्रक्रिया, भंडारण, साफ-सफाई और किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्लॉट बुकिंग प्रणाली का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।

कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने तौल में पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। किसानों ने स्लॉट बुकिंग व्यवस्था को सुविधाजनक बताते हुए प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त सुझावों के आधार पर व्यवस्थाओं में लगातार सुधार किया जाए।

उल्लेखनीय है कि जिले में 26 उपार्जन केंद्रों पर पंजीकृत किसानों से स्लॉट बुकिंग के आधार पर गेहूं खरीदी की जा रही है। शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य 2585 रुपये तथा 40 रुपये बोनस सहित कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपार्जन किया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर पीके पांडेय, एसडीएम मऊगंज एपी द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

“रिसर्च और समीक्षा से ही सुधरेगी इलाज व्यवस्था”

  • एसीएस अशोक वर्णवाल की सख्त हिदायत, रीवा मेडिकल कॉलेज में गहन समीक्षा बैठक

रीवा। चिकित्सा शिक्षा और उपचार सेवाओं को अधिक प्रभावी, आधुनिक और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अशोक वर्णवाल ने रीवा मेडिकल कॉलेज सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। उन्होंने विभागाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने कार्यों की नियमित समीक्षा करें और कमियों को तत्काल दूर करें।

बैठक में एसीएस ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में रिसर्च वर्क को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विद्यार्थियों को मौलिक शोध के लिए प्रोत्साहित किया जाए तथा उनके शोधपत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रकाशित हों। उन्होंने कहा कि वर्तमान रिसर्च आउटपुट संतोषजनक नहीं है, इसमें व्यापक सुधार की आवश्यकता है।

उन्होंने प्रसूति एवं शिशु रोग विभाग में होने वाली मौतों को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि प्रत्येक मामले का प्रोटोकॉल के अनुसार ऑडिट कराया जाए और सामने आने वाली कमियों को दूर कर मृत्यु दर कम की जाए।

  • उपचार सुविधाओं के विस्तार पर जोर

अशोक वर्णवाल ने मेडिकल कॉलेज में उपचार सुविधाओं के विस्तार के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। इसमें मशीनरी, भवन, नर्सिंग स्टाफ और अन्य मानव संसाधनों की जरूरतों का स्पष्ट उल्लेख करने को कहा गया।

उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पतालों में वर्तमान में बेड उपलब्ध हैं। इसके अनुरूप नर्सिंग स्टाफ की भर्ती सुनिश्चित की जाए। साथ ही सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के कार्यों की सराहना करते हुए विशेष रूप से कार्डियोलॉजी विभाग की उपलब्धियों को सराहा। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल की आय को दोबारा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में लगाया जाए तथा डीएमएफ, सीएसआर और दानदाताओं के माध्यम से अतिरिक्त संसाधन जुटाए जाएं।

  • आंकड़ों की सटीकता पर भी सवाल

प्रसूति विभाग में 42,794 मरीजों के भर्ती होने और उनमें 30 प्रतिशत से अधिक मामलों में मेजर ऑपरेशन होने पर एसीएस ने चिंता जताई और आंकड़ों की सटीकता की समीक्षा के निर्देश दिए। पीडियाट्रिक विभाग के आंकड़ों को भी व्यवस्थित करने को कहा गया।

  • रेफरल व्यवस्था पर सख्त निर्देश

उन्होंने स्पष्ट कहा कि मेडिकल College से मरीजों को रेफर करने की नौबत कम से कम आए, ऐसी मजबूत व्यवस्था विकसित की जाए। जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी उपचार सेवाएं मजबूत करने पर जोर दिया गया, ताकि अनावश्यक रेफरल रोके जा सकें।

  • मेडिकल कॉलेज विस्तार की योजना

बैठक में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल ने बताया कि कॉलेज में एमबीबीएस सीटें 150 से बढ़ाकर 250 करने का प्रस्ताव तैयार है। साथ ही डेंटल कॉलेज स्थापना, कैंसर यूनिट में भर्ती और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल विस्तार पर भी कार्य जारी है।

बैठक में रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद, अधीक्षक डॉ. अक्षय श्रीवास्तव, डॉ. राहुल मिश्रा, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य डॉ. एसबी अवधिया, डॉ. यत्नेश त्रिपाठी सहित विभागाध्यक्ष एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

जगन्नाथपुर मंदिर हत्याकांड: भाजपा नेताओं ने परिजनों से मिलकर दिया सांत्वना , सरकार की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल।


भारतीय जनता पार्टी द्वारा आज प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर के गर्भगृह की रखवाली करने वाले दिवंगत गार्ड बिरसा मुंडा के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी गई।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि स्वयं को आदिवासी हितैषी बताने वाली हेमंत सरकार में आदिवासी समाज सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि राँची राजधानी में विधानसभा से कुछ ही दूरी पर स्थित मंदिर के गर्भगृह में तैनात एक आदिवासी गार्ड की हत्या होना राज्य की लचर कानून-व्यवस्था को उजागर करता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन असम और बंगाल घूम रहे है और झारखंड में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है, लगातार आपराधिक घटनाक्रम को अंजाम दिया जा रहा है। अपराधियों द्वारा राज्य में समानांतर सरकार चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री आदिवासियों की सरकार होने का दंभ भरते हैं लेकिन राजधानी में सरकार के नाक के नीचे खुलेआम हत्याएं हो रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के किसी प्रतिनिधि का मृतक के परिजनों से मिलने नहीं आना, राज्य सरकार के आदिवासी विरोधी चेहरा और संवेदनहीनता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि मंदिर के आसपास पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से अवैध नशे का कारोबार फल-फूल रहा है, जिससे यह क्षेत्र नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है और आपराधिक घटनाओं को बढ़ावा मिल रहा है।

श्री साहू ने कहा कि यहां ट्रांसफर पोस्टिंग में पैसे का खेल चल रहा है। इस कारण पुलिस का लॉ एंड ऑर्डर दुरुस्त रखने पर फोकस नहीं रहता बल्कि उन्हें अपनी लागत पूंजी की सूद सहित वापसी की चिंता ज्यादा सताती रहती है। यही कारण अपराध लगातार बढ़ रहा है।

मंदिर प्रबंधन को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि वर्षों से स्थानीय लोग मंदिर की सेवा-सत्कार में योगदान देते आए हैं, लेकिन मंदिर समिति में एक भी स्थानीय व्यक्ति को स्थान नहीं दिया गया है और पूरी समिति का कांग्रेसीकरण कर दिया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार से मांग किया कि मृतक के परिजनों को अविलंब 50 लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा तत्काल जीविकोपार्जन हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

श्री साहू ने मृतक के परिजनों को पार्टी की ओर से 50 हजार रुपये की सहयोग राशि प्रदान की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, मेयर रोशनी खलखो, वरुण साहू, नीरज कुमार, अशोक बड़ाईक, नीलम चौधरी, उमेश यादव, उमेश तिवारी, नीरज सिंह, देवराज सिंह, पंकज सिन्हा, ललित ओझा, जितेंद्र वर्मा, संकेत तिवारी सहित कई प्रमुख नेता एवं कार्यकर्ता शामिल थे।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भ्रम फैला रहा विपक्ष, महिलाओं के साथ किया विश्वासघात: पूर्णिमा साहू


भाजपा नेत्री एवं जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि 16-17 अप्रैल को संसद में देश की आधी आबादी को समान अधिकार और भागीदारी देने का एक ऐतिहासिक अवसर आया था। किंतु दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के दलों ने इसका विरोध कर महिलाओं के साथ विश्वासघात किया। श्रीमति साहू भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रही थी।

श्रीमती साहू ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में स्पष्ट कहा है कि महिलाओं को सम्मान, अधिकार और नीति-निर्माण में भागीदारी देना कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका स्वाभाविक अधिकार है।

उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने वर्षों तक न विधानसभा में और न ही लोकसभा में महिलाओं को पर्याप्त अवसर दिया। लेकिन जब महिलाओं को अधिकार देने का समय आया, तब उनका महिला-विरोधी चरित्र उजागर हो गया।

श्रीमती साहू ने आगे कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सदन में स्पष्ट किया है कि परिसीमन से किसी राज्य को नुकसान नहीं होगा, बल्कि इसका उद्देश्य जनसंख्या के आधार पर संतुलित और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। इसके बावजूद कांग्रेस और इंडी गठबंधन देशभर में भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं और महिलाओं को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” पहले से ही जनगणना और परिसीमन से जुड़ा हुआ है। वर्ष 2023 में जब यह अधिनियम सदन में प्रस्तुत किया गया था, तब किसी भी विपक्षी दल ने इसका विरोध नहीं किया। उस समय लोकसभा चुनाव नजदीक होने के कारण कांग्रेस ने जल्दबाजी में समर्थन दिया, लेकिन अब जब इसे लागू करने की बात आई है, तो वही दल आज विरोध कर रहे हैं।

श्रीमति साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं को अधिक से अधिक अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जबकि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के प्रति नकारात्मक रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर महिलाओं के प्रति अपमानजनक और असंवेदनशील बयान देने का आरोप भी लगाया।

उन्होंने कहा कि आज की महिलाएं मूकदर्शक नहीं, बल्कि सशक्त और जागरूक हैं। वे अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं और उन्हें पाने के लिए आवाज उठाने को पूरी तरह तैयार हैं।

प्रेस वार्ता में पूर्णिमा साहू ने जानकारी देते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन और इंडी गठबंधन के महिला विरोधी मानसिकता को लेकर 28 अप्रैल को संध्या 5 बजे हजारों महिलाओं द्वारा रांची में जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक एक विशाल मशाल जुलूस निकाला जाएगा, जो नारी शक्ति, सम्मान और अधिकारों की मजबूत अभिव्यक्ति होगा।

इस अवसर पर आरती कुजूर, सीमा सिंह, रफिया नाज़ एवं बबीता झा भी उपस्थित थीं।

CM हेमन्त सोरेन की बैठक: जगुआर कैंपस रांची में बनेगा दिशोम गुरु शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय, DPR तैयार


मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों के साथ जगुआर कैंपस, रिंग रोड रांची में प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय परिसर के निर्माण को लेकर बैठक की। मौके पर मुख्यमंत्री के समक्ष अधिकारियों ने प्रस्तावित स्कूल निर्माण से संबंधित बिंदुओं पर पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से योजना की रूपरेखा, निर्माण कार्य, उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं एवं भविष्य की कार्य योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय परिसर के निर्माण कार्य के लिए जगुआर कैंपस में ही जल्द से जल्द भूमि चिन्हितिकरण कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय परिसर के निर्माण हेतु डीपीआर तैयार कर लिया गया है तथा जमीन चिन्हितिकरण का कार्य प्रगति पर है।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता

बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि स्कूल निर्माण से जुड़े सभी कार्य जल्द से जल्द पूरा कर ससमय विद्यालय की स्थापना करें तथा स्कूल में कक्षाएं संचालित हो इस निमित्त पूरी तत्परता के साथ बेहतर कार्ययोजना बनाते हुए योजना को मूर्त रूप दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कर्तव्य के दौरान शहीद हुए पुलिस कर्मी सहित आर्मी एवं सीपीएमएफ में कार्यरत जवानों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने प्रस्तावित स्कूल के संदर्भ में क्वालिटी एजुकेशन, आधुनिक संसाधनों एवं बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने विद्यालय में स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी, आईसीटी लैब, प्ले ग्राउंड, एवं खेलकूद की अन्य सुविधाओं सहित अन्य फैसिलिटीज की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए।

सभी सुविधाएं बेहतर हो यह सुनिश्चित करें

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय का संचालन उत्कृष्ट विद्यालय के अनुरूप हो यह सुनिश्चित की जाए। स्कूल परिसर की सभी सुविधाएं आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए। कक्षा 6 से 12 तक में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए बेहतर रेजिडेंशियल सुविधा प्रदान की जाए।छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल्स के साथ-साथ पठन-पाठन की सभी सुविधाएं उच्चस्तरीय हों यह सुनिश्चित करें।

जैप-10 होटवार में संचालित होने वाले अस्पताल पर हुई चर्चा

बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं अधिकारियों के बीच पुलिस परिवारों के लिए जैप-10 होटवार, रांची में प्रस्तावित अस्पताल के संचालन पर चर्चा हुई। मौके पर मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि यह अस्पताल पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर संचालित की जाएगी। प्रारंभिक चरण में यह अस्पताल 50 शैय्या वाला होगा। आवश्यकता के अनुरूप अपग्रेड करते हुए अस्पताल में बेड की 100 तक की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि यहां इलाज कराने पहुंचे पुलिस परिवार के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ की जा सके।

बैठक में इनकी रही उपस्थिति..

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग श्रीमती वंदना दादेल, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग श्री अजय कुमार सिंह, डीजीपी श्रीमती तदाशा मिश्रा, सचिव स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग श्री उमाशंकर सिंह, एडीजी मुख्यालय-सह-सीआईडी श्री मनोज कौशिक, डीआईजी जगुआर श्री अनूप बिरथरे, डीआईजी बजट श्रीमती संध्या रानी मेहता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सागर के डायल-112 हीरोज: अचानक बीमार महिला को त्वरित सहायता, समय पर पहुंचाया अस्पताल

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा ने एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए सागर जिले में अचानक बीमार हुई महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाकर राहत पहुंचाई।

जानकारी के अनुसार सागर जिले के थाना देवरी क्षेत्र अंतर्गत पृथ्वी वार्ड में 40 वर्षीय महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवार के पास चिकित्सा वाहन या अन्य कोई साधन उपलब्ध नहीं था, जिसके चलते तत्काल सहायता के लिए डायल-112 पर सूचना दी गई। सूचना मिलते ही राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम, भोपाल द्वारा देवरी थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया। घटनास्थल पर पहुंचकर डायल-112 स्टाफ सैनिक अनिल एवं पायलट भैयालाल काछी ने स्थिति का जायजा लिया और बिना समय गंवाए महिला को परिजनों के साथ एफआरव्ही वाहन से शासकीय चिकित्सालय, देवरी पहुंचाया।

डायल-112 जवानों की त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई से महिला को समय पर उपचार मिल सका, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली। डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना साबित करती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में आमजन की सहायता के लिए सदैव सजग, संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।

पूर्व सांसद एवं सपा नेता बालकुमार ने ड्रमंडगंज हादसे के पीड़ित परिजनों का जाना हाल
बोले, हादसे में जान गंवाने वाले परिवारों के साथ सपा रहेगी सदैव साथ


मीरजापुर। ड्रमंडगंज घाटी में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 12 लोगों की मौत के बाद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे सपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद बालकुमार पटेल ने पीड़ित परिवारों के साथ सदैव खड़े रहने की बात कही है। उन्होंने कहां उनका परिवार (बालकुमार) और सपा संगठन सदैव गरीब पीड़ित, वंचित समाज के साथ खड़ा रहा है, जो आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा ड्रमंडगंज घाटी में 12 लोगों की वाहन में जलकर मौत होने की घटना असहनीय है, बल्कि भूले भी नहीं भूलने वाला है। इस दौरान उनके साथ सपा जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक यादव, आदर्श यादव सहित काफी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकता पदाधिकारी मौजूद रहे हैं।
वृक्षारोपण के नाम पर करोड़ों का 'हरियाली घोटाला'
: जेडीयू प्रबुद्ध प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश उपाध्याय ने दी आंदोलन की चेतावनी


लखनऊ/सुल्तानपुर। जनपद में वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण के नाम पर किए गए लाखों-करोड़ों रुपये के कथित गबन ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले को लेकर *जनता दल (यूनाइटेड) उत्तर प्रदेश के प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश उपाध्याय* ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों को जेल नहीं भेजा गया और लूटी गई पाई-पाई की वसूली नहीं हुई, तो वे एक 'प्रबल आंदोलन' के लिए विवश होंगे।

कागजों पर लहरा रहे जंगल, जमीन पर धूल और सूखा

शिकायतकर्ता संतराम (पुत्र मनीराम निषाद) द्वारा जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह को सौंपे गए दस्तावेजों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025–26 में वृक्षारोपण के नाम पर भारी-भरकम धनराशि का फर्जी भुगतान किया गया है। मौके पर स्थिति इसके उलट है:

दिखाया गया खर्च: विभिन्न मार्गों और ग्राम समाजों में ₹1.90 लाख से ₹1.92 लाख प्रति यूनिट का खर्च।

जमीनी हकीकत: शादीपुर, कबरी, धमौर-रवि मार्ग और गोपालपुर माइनर जैसे क्षेत्रों में न तो गड्ढे खोदे गए और न ही पौधे लगाए गए।

गड्ढा खुदाई का 'खेल': कुड़वार ब्लॉक में 35,000 गड्ढों का लक्ष्य कागजों पर पूरा दिखाया गया, लेकिन धरातल पर एक भी गड्ढा अस्तित्व में नहीं मिला।

मजदूरों के नाम पर लूट और भ्रष्टाचार

आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने अपने चहेतों के खातों में फर्जी तरीके से 'मजदूरों का भुगतान' ट्रांसफर किया। मास्टर रोल में ऐसे लोगों के नाम शामिल किए गए जिन्होंने कभी कार्यस्थल देखा तक नहीं। हद तो तब हो गई जब शिकायतकर्ता पर विभागीय कर्मचारियों द्वारा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जाने लगा।

भ्रष्टाचारियों की सही जगह जेल है" – ओमप्रकाश उपाध्याय

मामले की गंभीरता को देखते हुए *जेडीयू प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश उपाध्याय* ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा:
> "प्रदेश में मुख्यमंत्री की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के बावजूद वन विभाग के अधिकारी सरकारी धन पर डकैती डाल रहे हैं। विगत तीन वर्षों के वृक्षारोपण की निष्पक्ष जांच हो जाए तो जनपद का सबसे बड़ा घोटाला उजागर होगा। अधिकारी इस पर मिट्टी डालकर बैठे हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"

उन्होंने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया:

1. दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।
2. जनता के धन की लूट की एक-एक पाई की रिकवरी की जाए।
3. यदि जिला प्रशासन ने जल्द ही 'दूध का दूध और पानी का पानी' नहीं किया, तो भ्रष्टाचारियों को बेनकाब करने के लिए व्यापक जन-आंदोलन किया जाएगा।

नए डीएम पर टिकी निगाहें
नवनियुक्त जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह के लिए यह मामला एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इन रसूखदार भ्रष्टाचारियों पर नकेल कस पाता है या यह फाइल भी पिछली फाइलों की तरह ठंडे बस्ते में चली जाती है।
विश्व मलेरिया दिवस और विश्व पेंगुइन दिवस पर किया जागरूक
फर्रुखाबाद l आर्मी पब्लिक स्कूल फतेहगढ़ कैण्ट में विश्व मलेरिया दिवस और विश्व पेंगुइन दिवस को जागरूकता  दिवस के रूप में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया। इस दौरान विद्यालय के कक्षा  बारहवीं द के विद्यार्थियों द्वारा एक विशेष सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में छात्रा तनीज़ ने मलेरिया के कारणों , लक्षणों और उससे बचाव के उपायों पर अपने व्याख्यान के माध्यम से प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को स्वस्थता अपनाने के लिए प्रेरित किया। वहीं छात्रा रिया राठौर ने पर्यावरणीय महत्त्व, जलवायु परिवर्तन तथा प्रदूषण के कारण पेंगुइन के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरों के विषय में जानकारी दी। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत विद्यालय के कक्षा छ: के छात्रों द्वारा प्रतीकात्मक रूप से स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य नितिन चतुर्वेदी ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप लोग अपने घर में गन्दे पानी को न भरने दें, क्योंकि रुके हुए पानी में ही मलेरिया के मच्छर पनपते हैं। कूलर के पानी को भी बदलते रहें। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूर्णिमा अग्निहोत्री, डाॅ०अञ्जना चौहान, डाॅ० नैन्सी सहित कई शिक्षक - शिक्षिकाओं ने अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।
डी मोनफोर अकादमी में पर्सनालिटी डेवलपमेंट और इंग्लिश कन्वर्सेशन वर्कशॉप आयोजित
मेरठ, बहसूमा। डी मोनफोर अकादमी में छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए ‘पर्सनालिटी डेवलपमेंट और इंग्लिश कन्वर्सेशन’ विषय पर एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाना, अंग्रेजी बोलचाल में सुधार करना तथा संवाद शैली को प्रभावशाली बनाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को आत्मविश्वास निर्माण (Build Confidence), अंग्रेजी बोलचाल (Improve Speaking) और बेहतर संवाद शैली (Enhance Communication) के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन डॉ. विकास लांबा एवं डॉ. शालिनी लांबा द्वारा किया गया। दोनों विशेषज्ञों ने अपने अनुभव और प्रभावशाली प्रशिक्षण शैली से छात्रों को सक्रिय रूप से जोड़े रखा तथा व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से महत्वपूर्ण बातें समझाईं।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान और मंच पर बोलने का साहस ही छात्र को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करता है।

विद्यालय की निदेशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के दौर में बेहतर कम्युनिकेशन स्किल्स ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने छात्रों को अपनी भाषा और बॉडी लैंग्वेज पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के निदेशक डॉ. के.के. शर्मा ने कहा कि विद्यालय का निरंतर प्रयास है कि छात्रों को ऐसा मंच प्रदान किया जाए, जहां वे अपनी झिझक छोड़कर एक आत्मविश्वासी व्यक्तित्व के रूप में उभर सकें। उन्होंने कहा कि अनुशासन और सही मार्गदर्शन से ही व्यक्तित्व निखरता है।

अंत में विद्यालय की उप-प्रधानाचार्या श्रीमती ऋतु चिकारा ने वर्कशॉप के प्रैक्टिकल सेशन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सत्रों से छात्रों की सीखने की क्षमता बढ़ती है और उनका मनोबल ऊंचा होता है।

वर्कशॉप में विद्यालय के छात्रों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और व्यवहारिक अभ्यास के माध्यम से महत्वपूर्ण कौशल सीखकर लाभ प्राप्त किया।
“हर किसान को स्लॉट, बिना भीड़ के उपार्जन” -कलेक्टर संजय जैन का निरीक्षण, व्यवस्थाओं को और पारदर्शी बनाने के निर्देश

मऊगंज। जिले में गेहूं उपार्जन को अधिक सुव्यवस्थित और किसान हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए राज्य शासन ने स्लॉट बुकिंग की अवधि 9 मई तक बढ़ा दी है। अब छोटे, मध्यम और बड़े सभी किसान स्लॉट बुक कर समर्थन मूल्य पर अपनी उपज का विक्रय कर सकेंगे।

कलेक्टर संजय कुमार जैन ने पन्नी उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने तौल प्रक्रिया, भंडारण, साफ-सफाई और किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्लॉट बुकिंग प्रणाली का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।

कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने तौल में पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। किसानों ने स्लॉट बुकिंग व्यवस्था को सुविधाजनक बताते हुए प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त सुझावों के आधार पर व्यवस्थाओं में लगातार सुधार किया जाए।

उल्लेखनीय है कि जिले में 26 उपार्जन केंद्रों पर पंजीकृत किसानों से स्लॉट बुकिंग के आधार पर गेहूं खरीदी की जा रही है। शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य 2585 रुपये तथा 40 रुपये बोनस सहित कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपार्जन किया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर पीके पांडेय, एसडीएम मऊगंज एपी द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

“रिसर्च और समीक्षा से ही सुधरेगी इलाज व्यवस्था”

  • एसीएस अशोक वर्णवाल की सख्त हिदायत, रीवा मेडिकल कॉलेज में गहन समीक्षा बैठक

रीवा। चिकित्सा शिक्षा और उपचार सेवाओं को अधिक प्रभावी, आधुनिक और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अशोक वर्णवाल ने रीवा मेडिकल कॉलेज सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। उन्होंने विभागाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने कार्यों की नियमित समीक्षा करें और कमियों को तत्काल दूर करें।

बैठक में एसीएस ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में रिसर्च वर्क को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विद्यार्थियों को मौलिक शोध के लिए प्रोत्साहित किया जाए तथा उनके शोधपत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रकाशित हों। उन्होंने कहा कि वर्तमान रिसर्च आउटपुट संतोषजनक नहीं है, इसमें व्यापक सुधार की आवश्यकता है।

उन्होंने प्रसूति एवं शिशु रोग विभाग में होने वाली मौतों को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि प्रत्येक मामले का प्रोटोकॉल के अनुसार ऑडिट कराया जाए और सामने आने वाली कमियों को दूर कर मृत्यु दर कम की जाए।

  • उपचार सुविधाओं के विस्तार पर जोर

अशोक वर्णवाल ने मेडिकल कॉलेज में उपचार सुविधाओं के विस्तार के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। इसमें मशीनरी, भवन, नर्सिंग स्टाफ और अन्य मानव संसाधनों की जरूरतों का स्पष्ट उल्लेख करने को कहा गया।

उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पतालों में वर्तमान में बेड उपलब्ध हैं। इसके अनुरूप नर्सिंग स्टाफ की भर्ती सुनिश्चित की जाए। साथ ही सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के कार्यों की सराहना करते हुए विशेष रूप से कार्डियोलॉजी विभाग की उपलब्धियों को सराहा। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल की आय को दोबारा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में लगाया जाए तथा डीएमएफ, सीएसआर और दानदाताओं के माध्यम से अतिरिक्त संसाधन जुटाए जाएं।

  • आंकड़ों की सटीकता पर भी सवाल

प्रसूति विभाग में 42,794 मरीजों के भर्ती होने और उनमें 30 प्रतिशत से अधिक मामलों में मेजर ऑपरेशन होने पर एसीएस ने चिंता जताई और आंकड़ों की सटीकता की समीक्षा के निर्देश दिए। पीडियाट्रिक विभाग के आंकड़ों को भी व्यवस्थित करने को कहा गया।

  • रेफरल व्यवस्था पर सख्त निर्देश

उन्होंने स्पष्ट कहा कि मेडिकल College से मरीजों को रेफर करने की नौबत कम से कम आए, ऐसी मजबूत व्यवस्था विकसित की जाए। जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी उपचार सेवाएं मजबूत करने पर जोर दिया गया, ताकि अनावश्यक रेफरल रोके जा सकें।

  • मेडिकल कॉलेज विस्तार की योजना

बैठक में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल ने बताया कि कॉलेज में एमबीबीएस सीटें 150 से बढ़ाकर 250 करने का प्रस्ताव तैयार है। साथ ही डेंटल कॉलेज स्थापना, कैंसर यूनिट में भर्ती और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल विस्तार पर भी कार्य जारी है।

बैठक में रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद, अधीक्षक डॉ. अक्षय श्रीवास्तव, डॉ. राहुल मिश्रा, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य डॉ. एसबी अवधिया, डॉ. यत्नेश त्रिपाठी सहित विभागाध्यक्ष एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

जगन्नाथपुर मंदिर हत्याकांड: भाजपा नेताओं ने परिजनों से मिलकर दिया सांत्वना , सरकार की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल।


भारतीय जनता पार्टी द्वारा आज प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर के गर्भगृह की रखवाली करने वाले दिवंगत गार्ड बिरसा मुंडा के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी गई।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि स्वयं को आदिवासी हितैषी बताने वाली हेमंत सरकार में आदिवासी समाज सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि राँची राजधानी में विधानसभा से कुछ ही दूरी पर स्थित मंदिर के गर्भगृह में तैनात एक आदिवासी गार्ड की हत्या होना राज्य की लचर कानून-व्यवस्था को उजागर करता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन असम और बंगाल घूम रहे है और झारखंड में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है, लगातार आपराधिक घटनाक्रम को अंजाम दिया जा रहा है। अपराधियों द्वारा राज्य में समानांतर सरकार चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री आदिवासियों की सरकार होने का दंभ भरते हैं लेकिन राजधानी में सरकार के नाक के नीचे खुलेआम हत्याएं हो रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के किसी प्रतिनिधि का मृतक के परिजनों से मिलने नहीं आना, राज्य सरकार के आदिवासी विरोधी चेहरा और संवेदनहीनता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि मंदिर के आसपास पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से अवैध नशे का कारोबार फल-फूल रहा है, जिससे यह क्षेत्र नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है और आपराधिक घटनाओं को बढ़ावा मिल रहा है।

श्री साहू ने कहा कि यहां ट्रांसफर पोस्टिंग में पैसे का खेल चल रहा है। इस कारण पुलिस का लॉ एंड ऑर्डर दुरुस्त रखने पर फोकस नहीं रहता बल्कि उन्हें अपनी लागत पूंजी की सूद सहित वापसी की चिंता ज्यादा सताती रहती है। यही कारण अपराध लगातार बढ़ रहा है।

मंदिर प्रबंधन को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि वर्षों से स्थानीय लोग मंदिर की सेवा-सत्कार में योगदान देते आए हैं, लेकिन मंदिर समिति में एक भी स्थानीय व्यक्ति को स्थान नहीं दिया गया है और पूरी समिति का कांग्रेसीकरण कर दिया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार से मांग किया कि मृतक के परिजनों को अविलंब 50 लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा तत्काल जीविकोपार्जन हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

श्री साहू ने मृतक के परिजनों को पार्टी की ओर से 50 हजार रुपये की सहयोग राशि प्रदान की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, मेयर रोशनी खलखो, वरुण साहू, नीरज कुमार, अशोक बड़ाईक, नीलम चौधरी, उमेश यादव, उमेश तिवारी, नीरज सिंह, देवराज सिंह, पंकज सिन्हा, ललित ओझा, जितेंद्र वर्मा, संकेत तिवारी सहित कई प्रमुख नेता एवं कार्यकर्ता शामिल थे।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भ्रम फैला रहा विपक्ष, महिलाओं के साथ किया विश्वासघात: पूर्णिमा साहू


भाजपा नेत्री एवं जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि 16-17 अप्रैल को संसद में देश की आधी आबादी को समान अधिकार और भागीदारी देने का एक ऐतिहासिक अवसर आया था। किंतु दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के दलों ने इसका विरोध कर महिलाओं के साथ विश्वासघात किया। श्रीमति साहू भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रही थी।

श्रीमती साहू ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में स्पष्ट कहा है कि महिलाओं को सम्मान, अधिकार और नीति-निर्माण में भागीदारी देना कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका स्वाभाविक अधिकार है।

उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने वर्षों तक न विधानसभा में और न ही लोकसभा में महिलाओं को पर्याप्त अवसर दिया। लेकिन जब महिलाओं को अधिकार देने का समय आया, तब उनका महिला-विरोधी चरित्र उजागर हो गया।

श्रीमती साहू ने आगे कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सदन में स्पष्ट किया है कि परिसीमन से किसी राज्य को नुकसान नहीं होगा, बल्कि इसका उद्देश्य जनसंख्या के आधार पर संतुलित और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। इसके बावजूद कांग्रेस और इंडी गठबंधन देशभर में भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं और महिलाओं को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” पहले से ही जनगणना और परिसीमन से जुड़ा हुआ है। वर्ष 2023 में जब यह अधिनियम सदन में प्रस्तुत किया गया था, तब किसी भी विपक्षी दल ने इसका विरोध नहीं किया। उस समय लोकसभा चुनाव नजदीक होने के कारण कांग्रेस ने जल्दबाजी में समर्थन दिया, लेकिन अब जब इसे लागू करने की बात आई है, तो वही दल आज विरोध कर रहे हैं।

श्रीमति साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं को अधिक से अधिक अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जबकि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के प्रति नकारात्मक रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर महिलाओं के प्रति अपमानजनक और असंवेदनशील बयान देने का आरोप भी लगाया।

उन्होंने कहा कि आज की महिलाएं मूकदर्शक नहीं, बल्कि सशक्त और जागरूक हैं। वे अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं और उन्हें पाने के लिए आवाज उठाने को पूरी तरह तैयार हैं।

प्रेस वार्ता में पूर्णिमा साहू ने जानकारी देते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन और इंडी गठबंधन के महिला विरोधी मानसिकता को लेकर 28 अप्रैल को संध्या 5 बजे हजारों महिलाओं द्वारा रांची में जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक एक विशाल मशाल जुलूस निकाला जाएगा, जो नारी शक्ति, सम्मान और अधिकारों की मजबूत अभिव्यक्ति होगा।

इस अवसर पर आरती कुजूर, सीमा सिंह, रफिया नाज़ एवं बबीता झा भी उपस्थित थीं।

CM हेमन्त सोरेन की बैठक: जगुआर कैंपस रांची में बनेगा दिशोम गुरु शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय, DPR तैयार


मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों के साथ जगुआर कैंपस, रिंग रोड रांची में प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय परिसर के निर्माण को लेकर बैठक की। मौके पर मुख्यमंत्री के समक्ष अधिकारियों ने प्रस्तावित स्कूल निर्माण से संबंधित बिंदुओं पर पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से योजना की रूपरेखा, निर्माण कार्य, उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं एवं भविष्य की कार्य योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय परिसर के निर्माण कार्य के लिए जगुआर कैंपस में ही जल्द से जल्द भूमि चिन्हितिकरण कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय परिसर के निर्माण हेतु डीपीआर तैयार कर लिया गया है तथा जमीन चिन्हितिकरण का कार्य प्रगति पर है।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता

बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि स्कूल निर्माण से जुड़े सभी कार्य जल्द से जल्द पूरा कर ससमय विद्यालय की स्थापना करें तथा स्कूल में कक्षाएं संचालित हो इस निमित्त पूरी तत्परता के साथ बेहतर कार्ययोजना बनाते हुए योजना को मूर्त रूप दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कर्तव्य के दौरान शहीद हुए पुलिस कर्मी सहित आर्मी एवं सीपीएमएफ में कार्यरत जवानों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने प्रस्तावित स्कूल के संदर्भ में क्वालिटी एजुकेशन, आधुनिक संसाधनों एवं बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने विद्यालय में स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी, आईसीटी लैब, प्ले ग्राउंड, एवं खेलकूद की अन्य सुविधाओं सहित अन्य फैसिलिटीज की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए।

सभी सुविधाएं बेहतर हो यह सुनिश्चित करें

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय का संचालन उत्कृष्ट विद्यालय के अनुरूप हो यह सुनिश्चित की जाए। स्कूल परिसर की सभी सुविधाएं आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए। कक्षा 6 से 12 तक में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए बेहतर रेजिडेंशियल सुविधा प्रदान की जाए।छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल्स के साथ-साथ पठन-पाठन की सभी सुविधाएं उच्चस्तरीय हों यह सुनिश्चित करें।

जैप-10 होटवार में संचालित होने वाले अस्पताल पर हुई चर्चा

बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं अधिकारियों के बीच पुलिस परिवारों के लिए जैप-10 होटवार, रांची में प्रस्तावित अस्पताल के संचालन पर चर्चा हुई। मौके पर मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि यह अस्पताल पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर संचालित की जाएगी। प्रारंभिक चरण में यह अस्पताल 50 शैय्या वाला होगा। आवश्यकता के अनुरूप अपग्रेड करते हुए अस्पताल में बेड की 100 तक की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि यहां इलाज कराने पहुंचे पुलिस परिवार के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ की जा सके।

बैठक में इनकी रही उपस्थिति..

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग श्रीमती वंदना दादेल, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग श्री अजय कुमार सिंह, डीजीपी श्रीमती तदाशा मिश्रा, सचिव स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग श्री उमाशंकर सिंह, एडीजी मुख्यालय-सह-सीआईडी श्री मनोज कौशिक, डीआईजी जगुआर श्री अनूप बिरथरे, डीआईजी बजट श्रीमती संध्या रानी मेहता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सागर के डायल-112 हीरोज: अचानक बीमार महिला को त्वरित सहायता, समय पर पहुंचाया अस्पताल

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा ने एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए सागर जिले में अचानक बीमार हुई महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाकर राहत पहुंचाई।

जानकारी के अनुसार सागर जिले के थाना देवरी क्षेत्र अंतर्गत पृथ्वी वार्ड में 40 वर्षीय महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवार के पास चिकित्सा वाहन या अन्य कोई साधन उपलब्ध नहीं था, जिसके चलते तत्काल सहायता के लिए डायल-112 पर सूचना दी गई। सूचना मिलते ही राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम, भोपाल द्वारा देवरी थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया। घटनास्थल पर पहुंचकर डायल-112 स्टाफ सैनिक अनिल एवं पायलट भैयालाल काछी ने स्थिति का जायजा लिया और बिना समय गंवाए महिला को परिजनों के साथ एफआरव्ही वाहन से शासकीय चिकित्सालय, देवरी पहुंचाया।

डायल-112 जवानों की त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई से महिला को समय पर उपचार मिल सका, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली। डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना साबित करती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में आमजन की सहायता के लिए सदैव सजग, संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।

पूर्व सांसद एवं सपा नेता बालकुमार ने ड्रमंडगंज हादसे के पीड़ित परिजनों का जाना हाल
बोले, हादसे में जान गंवाने वाले परिवारों के साथ सपा रहेगी सदैव साथ


मीरजापुर। ड्रमंडगंज घाटी में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 12 लोगों की मौत के बाद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे सपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद बालकुमार पटेल ने पीड़ित परिवारों के साथ सदैव खड़े रहने की बात कही है। उन्होंने कहां उनका परिवार (बालकुमार) और सपा संगठन सदैव गरीब पीड़ित, वंचित समाज के साथ खड़ा रहा है, जो आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा ड्रमंडगंज घाटी में 12 लोगों की वाहन में जलकर मौत होने की घटना असहनीय है, बल्कि भूले भी नहीं भूलने वाला है। इस दौरान उनके साथ सपा जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक यादव, आदर्श यादव सहित काफी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकता पदाधिकारी मौजूद रहे हैं।
वृक्षारोपण के नाम पर करोड़ों का 'हरियाली घोटाला'
: जेडीयू प्रबुद्ध प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश उपाध्याय ने दी आंदोलन की चेतावनी


लखनऊ/सुल्तानपुर। जनपद में वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण के नाम पर किए गए लाखों-करोड़ों रुपये के कथित गबन ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले को लेकर *जनता दल (यूनाइटेड) उत्तर प्रदेश के प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश उपाध्याय* ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों को जेल नहीं भेजा गया और लूटी गई पाई-पाई की वसूली नहीं हुई, तो वे एक 'प्रबल आंदोलन' के लिए विवश होंगे।

कागजों पर लहरा रहे जंगल, जमीन पर धूल और सूखा

शिकायतकर्ता संतराम (पुत्र मनीराम निषाद) द्वारा जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह को सौंपे गए दस्तावेजों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025–26 में वृक्षारोपण के नाम पर भारी-भरकम धनराशि का फर्जी भुगतान किया गया है। मौके पर स्थिति इसके उलट है:

दिखाया गया खर्च: विभिन्न मार्गों और ग्राम समाजों में ₹1.90 लाख से ₹1.92 लाख प्रति यूनिट का खर्च।

जमीनी हकीकत: शादीपुर, कबरी, धमौर-रवि मार्ग और गोपालपुर माइनर जैसे क्षेत्रों में न तो गड्ढे खोदे गए और न ही पौधे लगाए गए।

गड्ढा खुदाई का 'खेल': कुड़वार ब्लॉक में 35,000 गड्ढों का लक्ष्य कागजों पर पूरा दिखाया गया, लेकिन धरातल पर एक भी गड्ढा अस्तित्व में नहीं मिला।

मजदूरों के नाम पर लूट और भ्रष्टाचार

आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने अपने चहेतों के खातों में फर्जी तरीके से 'मजदूरों का भुगतान' ट्रांसफर किया। मास्टर रोल में ऐसे लोगों के नाम शामिल किए गए जिन्होंने कभी कार्यस्थल देखा तक नहीं। हद तो तब हो गई जब शिकायतकर्ता पर विभागीय कर्मचारियों द्वारा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जाने लगा।

भ्रष्टाचारियों की सही जगह जेल है" – ओमप्रकाश उपाध्याय

मामले की गंभीरता को देखते हुए *जेडीयू प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश उपाध्याय* ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा:
> "प्रदेश में मुख्यमंत्री की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के बावजूद वन विभाग के अधिकारी सरकारी धन पर डकैती डाल रहे हैं। विगत तीन वर्षों के वृक्षारोपण की निष्पक्ष जांच हो जाए तो जनपद का सबसे बड़ा घोटाला उजागर होगा। अधिकारी इस पर मिट्टी डालकर बैठे हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"

उन्होंने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया:

1. दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।
2. जनता के धन की लूट की एक-एक पाई की रिकवरी की जाए।
3. यदि जिला प्रशासन ने जल्द ही 'दूध का दूध और पानी का पानी' नहीं किया, तो भ्रष्टाचारियों को बेनकाब करने के लिए व्यापक जन-आंदोलन किया जाएगा।

नए डीएम पर टिकी निगाहें
नवनियुक्त जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह के लिए यह मामला एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इन रसूखदार भ्रष्टाचारियों पर नकेल कस पाता है या यह फाइल भी पिछली फाइलों की तरह ठंडे बस्ते में चली जाती है।
विश्व मलेरिया दिवस और विश्व पेंगुइन दिवस पर किया जागरूक
फर्रुखाबाद l आर्मी पब्लिक स्कूल फतेहगढ़ कैण्ट में विश्व मलेरिया दिवस और विश्व पेंगुइन दिवस को जागरूकता  दिवस के रूप में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया। इस दौरान विद्यालय के कक्षा  बारहवीं द के विद्यार्थियों द्वारा एक विशेष सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में छात्रा तनीज़ ने मलेरिया के कारणों , लक्षणों और उससे बचाव के उपायों पर अपने व्याख्यान के माध्यम से प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को स्वस्थता अपनाने के लिए प्रेरित किया। वहीं छात्रा रिया राठौर ने पर्यावरणीय महत्त्व, जलवायु परिवर्तन तथा प्रदूषण के कारण पेंगुइन के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरों के विषय में जानकारी दी। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत विद्यालय के कक्षा छ: के छात्रों द्वारा प्रतीकात्मक रूप से स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य नितिन चतुर्वेदी ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप लोग अपने घर में गन्दे पानी को न भरने दें, क्योंकि रुके हुए पानी में ही मलेरिया के मच्छर पनपते हैं। कूलर के पानी को भी बदलते रहें। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूर्णिमा अग्निहोत्री, डाॅ०अञ्जना चौहान, डाॅ० नैन्सी सहित कई शिक्षक - शिक्षिकाओं ने अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।