यूपी में दो दर्दनाक सड़क हादसे, बुलंदशहर में महिला और गोरखपुर में किशोर की मौत
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के Bulandshahr और Gorakhpur में शुक्रवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में एक महिला और एक किशोर की मौत हो गई। दोनों घटनाओं के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
बुलंदशहर के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित डीएवी तिराहे के पास शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जानकारी के मुताबिक फराह नाम की महिला अपने पति के साथ मोटरसाइकिल से गैस सिलिंडर भरवाने जा रही थी। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह बाइक से गिरकर सड़क पर जा गिरी। तभी पीछे से आ रहा एक मालवाहक वाहन उसे कुचलते हुए निकल गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा भरकर उसे जिला अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया। पुलिस ने मालवाहक वाहन के चालक को हिरासत में ले लिया है और वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे परिवार में मातम छा गया।
वहीं दूसरी घटना गोरखपुर जिले के Bansgaon थाना क्षेत्र के करहल गांव में हुई। यहां सड़क हादसे में 14 वर्षीय किशोर आयुष साहनी की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि आयुष गैस सिलिंडर लेने के लिए सुदामा गैस एजेंसी गया था। एजेंसी पर ओटीपी जांच की प्रक्रिया चल रही थी और वह अपना मोबाइल घर पर भूल गया था। मोबाइल लेने के लिए घर लौटते समय रास्ते में एक अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
स्थानीय लोगों ने उसे तत्काल बांसगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक के बाबा चौथी साहनी ने बताया कि आयुष के पिता बिहारी साहनी बंगलूरू में काम करते हैं। परिवार में उसकी मां सीमा और छोटा भाई पीयूष है। आयुष एक निजी कॉलेज में छठवीं कक्षा का छात्र था। उसकी अचानक मौत से पूरे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।
थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि अज्ञात वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है और मामले की जांच जारी है।
भारत के लिए राहत की खबर, ईरान में होर्मुज से LPG लेकर सुरक्षित निकला शिवालिक

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मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव का असर अब एशिया के कई देशों में दिखाई देने लगा है। तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने से भारत समेत पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत तमाम एशियाई देशों में ईंधन की कमी और कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ गई है। इस बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। भारत के लोगों को अब एलपीजी गैस की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। 

कुछ दिनों में शिवालिक जहाज भारत पहुंच जाएगा

ईरान के होर्मुज स्ट्रेट से 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी से लदा भारतीय जहाज, शिवालिक पार कर गया है। भारत के टैंकर शिवालिक ने होर्मुज़ स्ट्रेट को सुरक्षित पार कर लिया है। टैंकर शिवालिक पर 40 हज़ार मीट्रिक टन LPG लदी है और ये टैंकर अगले कुछ दिनों में भारत पहुंच जाएगा। इसके साथ ही एक और एलपीजी से भरा टैंकर भारत रवाना होगा, इसकी भी अनुमति मिल गई है। इस तरह से दो शिप भारत आएंगे।

पीएम मोदी के ईरानी राष्ट्रपति से बातचीत के बाद राहत

भारत के लोगों के लिए ये बड़ी राहत की खबर है। इससे पहले पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से इस मुद्दे पर बात की थी। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत सकारात्मक होने के बाद ही ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट पार करने की अनुमति दी है।

देश में गैस की किल्लत से सरकार का इनकार

बता दें कि पिछले एक सप्ताह से देश में एलपीजी गैस की किल्लत है। गैस एजेंसी के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतार भी देखी गई। अभी भी देश में कई अलग-अलग जगहों से गैस की किल्लत होन की खबर सामने आ रही है। हालांकि, भारत सरकार ने शुरू से ही गैस की किल्लत होने से इनकार किया है। सरकार ने लोगों को भरोसा दिया कि ऐसी कोई स्थिति नहीं आई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा है कि गलत सूचनाओं के कारण लोग घबराकर बुकिंग और जमाखोरी करने लगे हैं। घरेलू एलपीजी डिलीवरी का औसत चक्र लगभग ढाई दिन का है।

डीएम आवास से 20 मीटर की दूरी पर चली गोली,संपत्ति विवाद में शिक्षक ने चलाई गोली
*चचेरे भाई के पेट में लगी गोली, लखनऊ रिफर

गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित जिलाधिकारी आवास से मात्र 20 मीटर की दूरी पर स्थित एक जूनियर हाईस्कूल के सहायक अध्यापक के घर पर गोलीबारी हुई।संपत्ति विवाद को लेकर दो भाइयों के बीच हुई कहासुनी के बाद अध्यापक राम सिंह ने फायरिंग कर दिया,जिससे उनके चचेरे भाई सुजीत सिंह घायल हो गये।उन्हे गंभीर हालत में लखनऊ रिफर कर दिया गया है।तह घटना नगर कोतवाली क्षेत्र में शाम लगभग 6.30 बजे हुई।अध्यापक राम सिंह व उनके भाई अजीत सिंह के मध्य संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।इसी विवाद के दौरान दोनों भाइयों में कहासुनी और गाली गलौज हुई,जिसमें अजीत सिंह की तरफ से उनके चचेरे भाई सुजीत सिंह भी मौजूद थे।विवाद बढ़ने पर राम सिंह ने आवेश में आकर अपनी दुनाली बंदूक से अजीत सिंह पर गोली चला दिया।हालांकि गोली अजीत सिंह को न लगकर उनके चचेरे भाई सुजीत सिंह के पेट के बगल में जा लगी।स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सुजीत सिंह को तत्काल जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज ले जाया गया।जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद सुजीत सिंह की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रिफर कर दिया गया है।शहर के अतिसुरक्षित माने जाने वाले वीवीआईपी इलाके में सरेशाम हुई इस गोलीबारी से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।घटना की सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस टीम और आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।पुलिस ने आरोपी अध्यापक राम सिंह को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दिया है।मौके पर पुलिस के उच्चाधिकारियों द्वारा पहुंच कर पूरे मामले को लेकर के जांच की जा रही है।आरोपी राम सिंह के कब्जे से उनके बंदूक को भी कब्जे में ले लिया गया है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि आरोपी राम सिंह को पुलिस हिरासत में लेकर बंदूक को कब्जे में ले लिया गया है और इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पूछताछ की जा रही है।घायल को गोंडा मेडिकल कॉलेज भेजा गया है,इन लोगों का आपस में संपत्ति को लेकर विवाद है और इसी विवाद के दौरान राम सिंह ने अपनी लाइसेंसी बन्दूक से फायर किया है जिसमें अजीत सिंह के चचेरे भाई सुजीत सिंह को गोली लगी है।जो घायल हुए हैं,यह घटनास्थल जिलाधिकारी आवास से कुछ दूरी पर स्थित है।जिला मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल के डाक्टर के अनुसार,किसी ने बहुत ही नजदीक से 12 बोर के बंदूक से फायर किया है।गोली पेट में बायीं तरफ सीने के नीचे वाले हिस्से में लगी है और गोली अंदर जाकर आंतों को पंचर कर दिया है।क्योंकि ऐसे मामलों में गैस्ट्रो सर्जन की भी जरूरत रहती है।ऐसे में उन्हें बेहतर उपचार के लिए लखनऊ रिफर किया गया है।
मानवता के पक्ष में जानसठ की हुंकार ,, शिया-सुन्नी समाज ने एकजुट होकर साम्राज्यवादी ताकतों और नरसंहार के विरुद्ध बुलंद की आवाज़

शिया सुन्नी मुस्लिम समुदाय ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम व सीओ कों सौंपा



जानसठ । विश्व में बढ़ती अशांति, निर्दोषों की हत्याओं और साम्राज्यवादी नीतियों के विरोध में शुक्रवार को नमाज़ के बाद जानसठ कस्बे के शिया-सुन्नी समुदायों सहित समस्त मानवता प्रेमियों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। 'कुद्स दिवस' के अवसर पर आयोजित इस सभा में वक्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे मानवाधिकारों के हनन और निर्दोषों के रक्तपात पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।

शुक्रवार को विशेष सभा को संबोधित करते हुए मौलाना सैय्यद अमीर हैदर कहा कि  पिछले 45 वर्षों से जारी उत्पीड़न और वर्तमान में ईरान व मध्य-पूर्व में हो रही हिंसक घटनाओं जीक्र करते कड़े शब्दों में निंदा की। सभा में विशेष रूप से ईरान में पवित्र रमजान मास के दौरान हुए हमलों और 165 मासूम स्कूली बच्चियों की निर्मम हत्या को 'मानवता के माथे पर कलंक' करार दिया गया। अन्य वक्ताओं व प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शांति वार्ता के बीच किए गए कायरतापूर्ण हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हैं, जो विश्व को तीसरे विश्व युद्ध की ओर धकेलने की साजिश है।


साम्राज्यवाद और 'फूट डालो-राज करो' की नीति पर प्रहार-
प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया कि मुट्ठी भर पूंजीवादी और साम्राज्यवादी ताकतें प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करने के लिए दुनिया में नफरत फैला रही हैं। वक्ताओं ने दो टूक कहा, "आज दुनिया दो हिस्सों में बंट गई है—एक तरफ मासूमों का रक्त बहाने वाली नरभक्षी शक्तियां हैं, तो दूसरी तरफ 'ना जुल्म करेंगे, ना जुल्म सहेंगे' के सिद्धांत पर चलने वाले शांतिप्रिय लोग।"

मुस्लिम समाज ने फिलिस्तीन में जारी विध्वंस और महिलाओं-बच्चों की शहादत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए 'बैतुल मुक़द्दस' (प्रथम क़िब्ला) की आज़ादी की मांग को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अवैध अधिग्रहण खत्म नहीं होगा, विश्व शांति की कल्पना असंभव है। मुस्लिम समाज ने एसडीएम जानसठ राजकुमार भारती और सीओ रूपाली राय चौधरी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से बताया और मांग की है कि विश्व भर में निर्दोषों के नरसंहार पर तत्काल रोक लगाई जाए।

अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने वाले और मानवता के हत्यारों पर कठोर दंड सुनिश्चित हो। देश के भीतर भी कट्टरपंथ और नफरत फैलाने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए।मौलाना ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को अंधकारमय होने से बचाना है और वे इस दिशा में भारत सरकार के प्रभावी हस्तक्षेप की आशा करते हैं। इस अवसर पर मुख्य रूप से इंस्पेक्टर विनोद कुमार सिंह, महिला उपनिरीक्षक अर्पणा यादव सहित भारी संख्या में पुलिस बल के अलावा अब्बास अली,हशकद अली,शबाव अली नबाव अली,हसन अली शहजाद अली,आहाद अली,समझ अली,हसन रजा,मोवीन बल्लू चौधरी, आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कोई नौकरी नहीं देगा, उनका करियर खत्म हो जाएगा', पीरियड्स लीव पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी

#supremecourtrefusedtohearpilseekingpolicymenstrual_leave

सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं कर्मचारियों और छात्राओं के लिए देशभर में मासिक धर्म अवकाश नीति की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा, ऐसा करने से अनजाने में रूढ़िवादिता को बढ़ावा मिलेगा, इससे महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं।

सीजेआई सूर्यकांत की अहम टिप्पणी

देशभर में महिला छात्रों और कामकाजी महिलाओं को पीरियड्स में पेड लीव देने की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि ऐसी याचिकाएं अनजाने में महिलाओं के बारे में बनी रूढ़ियों को और मजबूत कर सकती हैं। ये याचिकाएं डर पैदा करने के लिए, महिलाओं को हीन दिखाने के लिए, यह जताने के लिए दायर की जाती हैं कि पीरियड्स उनके साथ होने वाली कोई बुरी चीज है।

पीरियड्स लीव को अनिवार्य बनाने को लेकर चेताया

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक याचिकाकर्ता की ओर से पेश होते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एम.आर. शमशाद ने दलील दी कि कुछ राज्य सरकारों और संगठनों ने इस दिशा में पहले ही कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि केरल ने स्कूलों में ऐसी छूट दी है और कई निजी कंपनियों ने स्वेच्छा से मासिक धर्म अवकाश नीतियां लागू की हैं। इस दलील के जवाब में, सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि नियोक्ताओं द्वारा स्वैच्छिक उपाय स्वागत योग्य हैं। हालांकि, शीर्ष अदालत ने आगाह किया कि कानून के माध्यम से मासिक धर्म अवकाश को अनिवार्य बनाने के अनपेक्षित परिणाम हो सकते हैं।

महिलाओं के विकास क्या होगा असर?

सीजेआई ने कहा, स्वेच्छा से अवकाश दिया जाना बहुत अच्छी बात है लेकिन जैसे ही आप कहेंगे कि यह कानून के तहत अनिवार्य है तो कोई उन्हें नौकरी नहीं देगा। उन्हें न्यायपालिका या सरकारी नौकरियों में कोई नहीं लेगा; उनका करियर खत्म हो जाएगा। पीठ ने ऐसी व्यवस्थाओं के कार्यस्थल पर प्रभाव और महिलाओं की पेशेवर प्रगति पर पड़ने वाले संभावित असर को भी रेखांकित किया।

इंडेन गैस उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर: सर्वर अपग्रेड होने तक अब 'मैन्युअल' होगी सिलेंडर बुकिंग

रांची: IOCL (इंडेन गैस) के सर्वर में तकनीकी अपग्रेडेशन के चलते ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया फिलहाल बाधित है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कंपनी ने रांची के विभिन्न वितरकों (Distributors) के लिए मैन्युअल बुकिंग नंबर जारी किए हैं।

रांची में लगभग डेढ़ लाख इंडेन उपभोक्ता हैं, जिन्हें किसी भी तरह की असुविधा से बचाने के लिए यह वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। अधिकारियों के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 10,500 सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य रूप से की जा रही है और गैस की कोई कमी नहीं है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे घबराकर 'पैनिक बुकिंग' न करें। सर्वर अपग्रेड होते ही ऑनलाइन सेवाएं पुनः बहाल कर दी जाएंगी। किसी भी जन शिकायत के लिए रांची जिला प्रशासन के व्हाट्सएप नंबर 9430328080 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

महत्वपूर्ण बुकिंग नंबर्स (Quick List for Thumbnail)

वितरक का नाम मोबाइल नंबर

Aditi Indane 7762920033

Shantanu Indane 9431357871

Ranchi Gas 9708788000

Anand Gas 9603045000

Indraprastha Gas 9835149400

गौरैया आओ मेरे देश में कटका क्लब सामाजिक संस्था के द्वारा कटका बाजार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया*
सुल्तानपुर,गौरैया आओ मेरे देश में कटका क्लब सामाजिक संस्था के द्वारा कटका बाजार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व बृजेन्द्र मिश्र ने किया। इस मौके पर शिक्षा प्रकोष्ठ अध्यक्ष शीतला प्रसाद पांडेय ने बताया कि ग्रामीण और शहरी इलाकों में बाग-बगीचे खत्म हो रहे हैं। इसका सीधा असर इन पर दिख रहा है। गांवों में अब पक्के मकान बनाए जा रहे हैं। इसका कारण है कि मकानों में गौरैया को अपना घोंसला बनाने के लिए सुरक्षित जगह नहीं मिल रही है। वहीं वक्ता के रूप में लालजी तिवारी ने बताया कि कच्चे मकान गौरैया के लिए प्राकृतिक वातावरण और तापमान के लिहाज से अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराते थे। आधुनिक मकानों में यह सुविधा अब उपलब्ध नहीं होती है। इस मौके पर संस्था अध्यक्ष डॉ सौरभ मिश्र विनम्र ने बताया कि गौरैया के संरक्षण के लिए सरकारों की तरफ से कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखती है। हालांकि, यूपी में 20 मार्च को गौरैया संरक्षण दिवस के रूप में रखा गया है। संस्था सभी से आग्रह करती है सभी पक्षियों के लिए जलपत्र, घोंसले और दान पानी कि व्यवस्था करें। कार्यक्रम का संचालन मोनू यादव ने किया। संगोष्ठी के दौरान चंद्र प्रकाश उपाध्याय, धर्मेंद्र शर्मा, अवधेश शर्मा, राम लाल पाल, हरिचंद्र निषाद, कमलेश तिवारी, अर्जुन पाल, राम तेज मिश्र, अवधेश तिवारी आदि लोग उपस्थित रहे।
पीएम मोदी के मुरीद हुए पूर्व ऑस्ट्रेलियाई पीएम, बोले-एक दशक से ज्यादा समय से सत्ता में, फिर भी अहंकार नहीं

#australiaexpmtonyabbottpraisedpm_modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक लोकप्रियता लगातार शिखर पर है। पीएम मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता के रूप में उभरे हैं। मोदी जितने आम जनता के बीच पसंद किए उतने ही वैश्विक स्तर के नेताओं के बीच भी उन्होंने अपना स्थान बनाया है। अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि 10 साल से ज्यादा समय तक सत्ता में रहने के बावजूद, पीएम मोदी ने खुद को ‘सत्ता के अहंकार’ (घमंड) से दूर रखा है।

मोदी के नेतृत्व की सराहना

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने दिल्ली में होने वाले 'रायसीना डायलॉग' और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह कार्यक्रम साल 2016 से हर मार्च में आयोजित हो रहा है। यह एक सोच का शानदार नतीजा है। एबॉट ने इसकी तुलना दुनिया के अन्य बड़े मंचों से की। उन्होंने इसे स्विट्जरलैंड के दावोस और चीन के बोआओ फोरम से बेहतर बताया।

'रायसीना डायलॉग' को बताया दावोस से बेहतर

एबॉट ने कहा, “2016 से हर मार्च में दिल्ली में रायसीना डायलॉग होता आ रहा है। यह नरेंद्र मोदी के लंबे समय तक विदेश मंत्री रहे सुब्रह्मण्यम जयशंकर का विचार है। दूसरे ग्लोबल जमावड़ों की तरह, यह राजनीतिक नेताओं, वरिष्ठ सैन्य कमांडर्स, जाने-माने बिजनेसमैन, जाने-माने पत्रकारों और थिंक टैंक प्रमुखों को जरूरी मुद्दों पर बात करने के लिए एक साथ लाता है; लेकिन यह दावोस से बेहतर है क्योंकि यह असल में मेजबानी करने वाली सरकार की सराहना करने का अभियान नहीं है।”

मोदी में दूसरों को सुनने का बड़ा गुण- एबॉट

प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए एबॉट ने कहा, मोदी दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक हैं। इसके बावजूद उनमें दूसरों को सुनने का बड़ा गुण है। वे हर साल मुख्य अतिथि को सुनने के लिए कार्यक्रम में बैठते हैं, लेकिन खुद भाषण नहीं देते। पिछले साल उन्होंने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री और इस साल फिनलैंड के राष्ट्रपति को पूरे धैर्य के साथ सुना। एबॉट ने कहा कि शायद एक हिंदू संन्यासी के रूप में बिताए समय की वजह से मोदी में सत्ता का अहंकार नहीं आया है। वे एक दशक से ज्यादा समय से सत्ता में हैं, फिर भी बहुत विनम्र हैं।

भारत के कम लोकतांत्रिक होने के दावे को किया खारिज

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम ने कुछ इंटरनेशनल ऑब्जर्वर की इस आलोचना को भी पूरी तरह से खारिज कर दिया कि भारतीय जनता पार्टी सरकार के तहत भारत कम लोकतांत्रिक हो गया है। उन्होंने कहा, “जहां तक इस सोच की बात है कि भाजपा के राज में भारत किसी तरह एक तानाशाही देश बन गया है, यह पूरी तरह से बकवास है। जिस देश में आजाद और निष्पक्ष चुनाव, पूरी तरह से आजाद मीडिया और मजबूती से आजाद न्यायपालिका हो, वहां तानाशाही का गंभीर खतरा नहीं है। और कोई भी तानाशाही ऐसी ग्लोबल कॉन्फ्रेंस नहीं करेगी जहां कुछ भी मना न हो और किसी को चुप न कराया जाए। आखिरकार, इस साल की बातचीत में इजरायली विदेश मंत्री (वर्चुअली) और ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री दोनों ने हिस्सा लिया।”

केडीआर फाउंडेशन द्वारा आयोजित निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर संपन्न
जौनपुर। प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था केडीआर फाउंडेशन द्वारा बदलापुर बाजार के पास स्थित कठार गांव में केडीआर हाउस में निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के गांवों में रहने वाले 46 मरीजों ने लाभ उठाया। संस्था के अध्यक्ष विनोद सिंह ने बताया कि शिविर में जरूरतमंद मरीजों के नेत्र परीक्षण के साथ मोतियाबिंद परीक्षण अभी किया गया ।

चयनित मरीजों का लेंस प्रत्यारोपण आरजे शंकरा आई हॉस्पिटल के कुशल चिकित्सककों द्वारा किया जाएगा चयनित मरीजों को अस्पताल ले जाने और ले आने के लिए बस सेवा तथा भोजन पानी की भी व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारी अशोक सिंह तथा ठाकुर अमरधारी सिंह उपस्थित रहे। सिर्फ संस्था द्वारा पिछले अनेक वर्षों से आंख के मरीजों के लिए निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिल रहा है।
बारा तहसील में अधिवक्ताओं का हंगामा, एसडीएम- तहसीलदार पर भूमाफियाओं को संरक्षण देने का आरोप

अनिश्चितकालीन धरना शुरू, न्यायिक बहिष्कार की चेतावनी — भ्रष्टाचार, अवैध कब्जे और लंबित मुकदमों पर फूटा गुस्सा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील परिसर में बुधवार को उस समय पूरी तरह गरमा गया जब बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने एसडीएम और तहसील प्रशासन के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। गुरुवार को प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करते हुए तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी। पूरे परिसर में “एसडीएम गो बैक”, “भ्रष्टाचार बंद करो” और “भूमाफिया पर कार्रवाई करो” के नारे गूंजते रहे। बार एसोसिएशन के मंत्री अनिल द्विवेदी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्र हुए और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि तहसील में न्यायिक व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि मुकदमों के निस्तारण में जानबूझकर देरी की जा रही है, जिससे वादकारी महीनों नहीं बल्कि वर्षों तक चक्कर काटने को मजबूर हैं।

प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन पर सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में तालाब, खलिहान और ग्राम समाज की जमीनों पर अवैध कब्जों का खेल तेजी से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। अधिवक्ताओं का कहना था कि भूमाफिया खुलेआम प्लाटिंग कर रहे हैं और बिना प्रशासनिक संरक्षण के यह संभव नहीं है। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि एसडीएम और तहसीलदार की अदालतों में सैकड़ों मुकदमे लंबित पड़े हैं, जबकि कुछ मामलों को विशेष प्राथमिकता देकर निपटाया जाता है। इस भेदभावपूर्ण रवैये से वादकारियों में भारी असंतोष है और न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी दौरान तहसील पहुंचे क्षेत्रीय विधायक डा. वाचस्पति के सामने भी अधिवक्ताओं ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई। अधिवक्ताओं ने विधायक को बताया कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद तहसील में शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और भ्रष्टाचार चरम पर है।

विधायक डा. वाचस्पति ने अधिवक्ताओं को भरोसा दिलाया कि वह पूरे प्रकरण को उच्च स्तर तक पहुंचाएंगे और मुख्यमंत्री से मिलकर समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि अधिवक्ताओं के लिए चैंबर और अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु लगभग 50 लाख रुपये की योजना स्वीकृत कराई जा चुकी है, जिसे जल्द शुरू कराया जाएगा। हालांकि आश्वासन के बाद भी अधिवक्ता अपने रुख पर कायम रहे। बार एसोसिएशन के मंत्री अनिल द्विवेदी ने साफ चेतावनी दी कि जब तक एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई तथा स्थानांतरण नहीं होता, तब तक न्यायिक कार्यों का बहिष्कार और धरना जारी रहेगा। प्रदर्शन में अभिलाष त्रिपाठी, अजय तिवारी, चंदन साहू, संजीव सिंह, दल बहादुर सिंह, बृजेश द्विवेदी, बृजेंद्र सिंह, अमरीश शर्मा, जय शुक्ला, प्रदीप द्विवेदी, पुष्पराज सिंह, अभिषेक पांडे, ऋषभ मिश्रा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

यूपी में दो दर्दनाक सड़क हादसे, बुलंदशहर में महिला और गोरखपुर में किशोर की मौत
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के Bulandshahr और Gorakhpur में शुक्रवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में एक महिला और एक किशोर की मौत हो गई। दोनों घटनाओं के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
बुलंदशहर के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित डीएवी तिराहे के पास शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जानकारी के मुताबिक फराह नाम की महिला अपने पति के साथ मोटरसाइकिल से गैस सिलिंडर भरवाने जा रही थी। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह बाइक से गिरकर सड़क पर जा गिरी। तभी पीछे से आ रहा एक मालवाहक वाहन उसे कुचलते हुए निकल गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा भरकर उसे जिला अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया। पुलिस ने मालवाहक वाहन के चालक को हिरासत में ले लिया है और वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे परिवार में मातम छा गया।
वहीं दूसरी घटना गोरखपुर जिले के Bansgaon थाना क्षेत्र के करहल गांव में हुई। यहां सड़क हादसे में 14 वर्षीय किशोर आयुष साहनी की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि आयुष गैस सिलिंडर लेने के लिए सुदामा गैस एजेंसी गया था। एजेंसी पर ओटीपी जांच की प्रक्रिया चल रही थी और वह अपना मोबाइल घर पर भूल गया था। मोबाइल लेने के लिए घर लौटते समय रास्ते में एक अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
स्थानीय लोगों ने उसे तत्काल बांसगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक के बाबा चौथी साहनी ने बताया कि आयुष के पिता बिहारी साहनी बंगलूरू में काम करते हैं। परिवार में उसकी मां सीमा और छोटा भाई पीयूष है। आयुष एक निजी कॉलेज में छठवीं कक्षा का छात्र था। उसकी अचानक मौत से पूरे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।
थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि अज्ञात वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है और मामले की जांच जारी है।
भारत के लिए राहत की खबर, ईरान में होर्मुज से LPG लेकर सुरक्षित निकला शिवालिक

#indianvesselshivalikloadedwith40,000metrictonneslpgcrossesstraitofhormuz

मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव का असर अब एशिया के कई देशों में दिखाई देने लगा है। तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने से भारत समेत पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत तमाम एशियाई देशों में ईंधन की कमी और कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ गई है। इस बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। भारत के लोगों को अब एलपीजी गैस की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। 

कुछ दिनों में शिवालिक जहाज भारत पहुंच जाएगा

ईरान के होर्मुज स्ट्रेट से 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी से लदा भारतीय जहाज, शिवालिक पार कर गया है। भारत के टैंकर शिवालिक ने होर्मुज़ स्ट्रेट को सुरक्षित पार कर लिया है। टैंकर शिवालिक पर 40 हज़ार मीट्रिक टन LPG लदी है और ये टैंकर अगले कुछ दिनों में भारत पहुंच जाएगा। इसके साथ ही एक और एलपीजी से भरा टैंकर भारत रवाना होगा, इसकी भी अनुमति मिल गई है। इस तरह से दो शिप भारत आएंगे।

पीएम मोदी के ईरानी राष्ट्रपति से बातचीत के बाद राहत

भारत के लोगों के लिए ये बड़ी राहत की खबर है। इससे पहले पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से इस मुद्दे पर बात की थी। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत सकारात्मक होने के बाद ही ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट पार करने की अनुमति दी है।

देश में गैस की किल्लत से सरकार का इनकार

बता दें कि पिछले एक सप्ताह से देश में एलपीजी गैस की किल्लत है। गैस एजेंसी के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतार भी देखी गई। अभी भी देश में कई अलग-अलग जगहों से गैस की किल्लत होन की खबर सामने आ रही है। हालांकि, भारत सरकार ने शुरू से ही गैस की किल्लत होने से इनकार किया है। सरकार ने लोगों को भरोसा दिया कि ऐसी कोई स्थिति नहीं आई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा है कि गलत सूचनाओं के कारण लोग घबराकर बुकिंग और जमाखोरी करने लगे हैं। घरेलू एलपीजी डिलीवरी का औसत चक्र लगभग ढाई दिन का है।

डीएम आवास से 20 मीटर की दूरी पर चली गोली,संपत्ति विवाद में शिक्षक ने चलाई गोली
*चचेरे भाई के पेट में लगी गोली, लखनऊ रिफर

गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित जिलाधिकारी आवास से मात्र 20 मीटर की दूरी पर स्थित एक जूनियर हाईस्कूल के सहायक अध्यापक के घर पर गोलीबारी हुई।संपत्ति विवाद को लेकर दो भाइयों के बीच हुई कहासुनी के बाद अध्यापक राम सिंह ने फायरिंग कर दिया,जिससे उनके चचेरे भाई सुजीत सिंह घायल हो गये।उन्हे गंभीर हालत में लखनऊ रिफर कर दिया गया है।तह घटना नगर कोतवाली क्षेत्र में शाम लगभग 6.30 बजे हुई।अध्यापक राम सिंह व उनके भाई अजीत सिंह के मध्य संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।इसी विवाद के दौरान दोनों भाइयों में कहासुनी और गाली गलौज हुई,जिसमें अजीत सिंह की तरफ से उनके चचेरे भाई सुजीत सिंह भी मौजूद थे।विवाद बढ़ने पर राम सिंह ने आवेश में आकर अपनी दुनाली बंदूक से अजीत सिंह पर गोली चला दिया।हालांकि गोली अजीत सिंह को न लगकर उनके चचेरे भाई सुजीत सिंह के पेट के बगल में जा लगी।स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सुजीत सिंह को तत्काल जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज ले जाया गया।जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद सुजीत सिंह की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रिफर कर दिया गया है।शहर के अतिसुरक्षित माने जाने वाले वीवीआईपी इलाके में सरेशाम हुई इस गोलीबारी से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।घटना की सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस टीम और आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।पुलिस ने आरोपी अध्यापक राम सिंह को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दिया है।मौके पर पुलिस के उच्चाधिकारियों द्वारा पहुंच कर पूरे मामले को लेकर के जांच की जा रही है।आरोपी राम सिंह के कब्जे से उनके बंदूक को भी कब्जे में ले लिया गया है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि आरोपी राम सिंह को पुलिस हिरासत में लेकर बंदूक को कब्जे में ले लिया गया है और इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पूछताछ की जा रही है।घायल को गोंडा मेडिकल कॉलेज भेजा गया है,इन लोगों का आपस में संपत्ति को लेकर विवाद है और इसी विवाद के दौरान राम सिंह ने अपनी लाइसेंसी बन्दूक से फायर किया है जिसमें अजीत सिंह के चचेरे भाई सुजीत सिंह को गोली लगी है।जो घायल हुए हैं,यह घटनास्थल जिलाधिकारी आवास से कुछ दूरी पर स्थित है।जिला मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल के डाक्टर के अनुसार,किसी ने बहुत ही नजदीक से 12 बोर के बंदूक से फायर किया है।गोली पेट में बायीं तरफ सीने के नीचे वाले हिस्से में लगी है और गोली अंदर जाकर आंतों को पंचर कर दिया है।क्योंकि ऐसे मामलों में गैस्ट्रो सर्जन की भी जरूरत रहती है।ऐसे में उन्हें बेहतर उपचार के लिए लखनऊ रिफर किया गया है।
मानवता के पक्ष में जानसठ की हुंकार ,, शिया-सुन्नी समाज ने एकजुट होकर साम्राज्यवादी ताकतों और नरसंहार के विरुद्ध बुलंद की आवाज़

शिया सुन्नी मुस्लिम समुदाय ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम व सीओ कों सौंपा



जानसठ । विश्व में बढ़ती अशांति, निर्दोषों की हत्याओं और साम्राज्यवादी नीतियों के विरोध में शुक्रवार को नमाज़ के बाद जानसठ कस्बे के शिया-सुन्नी समुदायों सहित समस्त मानवता प्रेमियों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। 'कुद्स दिवस' के अवसर पर आयोजित इस सभा में वक्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे मानवाधिकारों के हनन और निर्दोषों के रक्तपात पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।

शुक्रवार को विशेष सभा को संबोधित करते हुए मौलाना सैय्यद अमीर हैदर कहा कि  पिछले 45 वर्षों से जारी उत्पीड़न और वर्तमान में ईरान व मध्य-पूर्व में हो रही हिंसक घटनाओं जीक्र करते कड़े शब्दों में निंदा की। सभा में विशेष रूप से ईरान में पवित्र रमजान मास के दौरान हुए हमलों और 165 मासूम स्कूली बच्चियों की निर्मम हत्या को 'मानवता के माथे पर कलंक' करार दिया गया। अन्य वक्ताओं व प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शांति वार्ता के बीच किए गए कायरतापूर्ण हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हैं, जो विश्व को तीसरे विश्व युद्ध की ओर धकेलने की साजिश है।


साम्राज्यवाद और 'फूट डालो-राज करो' की नीति पर प्रहार-
प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया कि मुट्ठी भर पूंजीवादी और साम्राज्यवादी ताकतें प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करने के लिए दुनिया में नफरत फैला रही हैं। वक्ताओं ने दो टूक कहा, "आज दुनिया दो हिस्सों में बंट गई है—एक तरफ मासूमों का रक्त बहाने वाली नरभक्षी शक्तियां हैं, तो दूसरी तरफ 'ना जुल्म करेंगे, ना जुल्म सहेंगे' के सिद्धांत पर चलने वाले शांतिप्रिय लोग।"

मुस्लिम समाज ने फिलिस्तीन में जारी विध्वंस और महिलाओं-बच्चों की शहादत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए 'बैतुल मुक़द्दस' (प्रथम क़िब्ला) की आज़ादी की मांग को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अवैध अधिग्रहण खत्म नहीं होगा, विश्व शांति की कल्पना असंभव है। मुस्लिम समाज ने एसडीएम जानसठ राजकुमार भारती और सीओ रूपाली राय चौधरी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से बताया और मांग की है कि विश्व भर में निर्दोषों के नरसंहार पर तत्काल रोक लगाई जाए।

अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने वाले और मानवता के हत्यारों पर कठोर दंड सुनिश्चित हो। देश के भीतर भी कट्टरपंथ और नफरत फैलाने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए।मौलाना ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को अंधकारमय होने से बचाना है और वे इस दिशा में भारत सरकार के प्रभावी हस्तक्षेप की आशा करते हैं। इस अवसर पर मुख्य रूप से इंस्पेक्टर विनोद कुमार सिंह, महिला उपनिरीक्षक अर्पणा यादव सहित भारी संख्या में पुलिस बल के अलावा अब्बास अली,हशकद अली,शबाव अली नबाव अली,हसन अली शहजाद अली,आहाद अली,समझ अली,हसन रजा,मोवीन बल्लू चौधरी, आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कोई नौकरी नहीं देगा, उनका करियर खत्म हो जाएगा', पीरियड्स लीव पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी

#supremecourtrefusedtohearpilseekingpolicymenstrual_leave

सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं कर्मचारियों और छात्राओं के लिए देशभर में मासिक धर्म अवकाश नीति की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा, ऐसा करने से अनजाने में रूढ़िवादिता को बढ़ावा मिलेगा, इससे महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं।

सीजेआई सूर्यकांत की अहम टिप्पणी

देशभर में महिला छात्रों और कामकाजी महिलाओं को पीरियड्स में पेड लीव देने की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि ऐसी याचिकाएं अनजाने में महिलाओं के बारे में बनी रूढ़ियों को और मजबूत कर सकती हैं। ये याचिकाएं डर पैदा करने के लिए, महिलाओं को हीन दिखाने के लिए, यह जताने के लिए दायर की जाती हैं कि पीरियड्स उनके साथ होने वाली कोई बुरी चीज है।

पीरियड्स लीव को अनिवार्य बनाने को लेकर चेताया

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक याचिकाकर्ता की ओर से पेश होते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एम.आर. शमशाद ने दलील दी कि कुछ राज्य सरकारों और संगठनों ने इस दिशा में पहले ही कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि केरल ने स्कूलों में ऐसी छूट दी है और कई निजी कंपनियों ने स्वेच्छा से मासिक धर्म अवकाश नीतियां लागू की हैं। इस दलील के जवाब में, सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि नियोक्ताओं द्वारा स्वैच्छिक उपाय स्वागत योग्य हैं। हालांकि, शीर्ष अदालत ने आगाह किया कि कानून के माध्यम से मासिक धर्म अवकाश को अनिवार्य बनाने के अनपेक्षित परिणाम हो सकते हैं।

महिलाओं के विकास क्या होगा असर?

सीजेआई ने कहा, स्वेच्छा से अवकाश दिया जाना बहुत अच्छी बात है लेकिन जैसे ही आप कहेंगे कि यह कानून के तहत अनिवार्य है तो कोई उन्हें नौकरी नहीं देगा। उन्हें न्यायपालिका या सरकारी नौकरियों में कोई नहीं लेगा; उनका करियर खत्म हो जाएगा। पीठ ने ऐसी व्यवस्थाओं के कार्यस्थल पर प्रभाव और महिलाओं की पेशेवर प्रगति पर पड़ने वाले संभावित असर को भी रेखांकित किया।

इंडेन गैस उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर: सर्वर अपग्रेड होने तक अब 'मैन्युअल' होगी सिलेंडर बुकिंग

रांची: IOCL (इंडेन गैस) के सर्वर में तकनीकी अपग्रेडेशन के चलते ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया फिलहाल बाधित है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कंपनी ने रांची के विभिन्न वितरकों (Distributors) के लिए मैन्युअल बुकिंग नंबर जारी किए हैं।

रांची में लगभग डेढ़ लाख इंडेन उपभोक्ता हैं, जिन्हें किसी भी तरह की असुविधा से बचाने के लिए यह वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। अधिकारियों के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 10,500 सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य रूप से की जा रही है और गैस की कोई कमी नहीं है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे घबराकर 'पैनिक बुकिंग' न करें। सर्वर अपग्रेड होते ही ऑनलाइन सेवाएं पुनः बहाल कर दी जाएंगी। किसी भी जन शिकायत के लिए रांची जिला प्रशासन के व्हाट्सएप नंबर 9430328080 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

महत्वपूर्ण बुकिंग नंबर्स (Quick List for Thumbnail)

वितरक का नाम मोबाइल नंबर

Aditi Indane 7762920033

Shantanu Indane 9431357871

Ranchi Gas 9708788000

Anand Gas 9603045000

Indraprastha Gas 9835149400

गौरैया आओ मेरे देश में कटका क्लब सामाजिक संस्था के द्वारा कटका बाजार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया*
सुल्तानपुर,गौरैया आओ मेरे देश में कटका क्लब सामाजिक संस्था के द्वारा कटका बाजार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व बृजेन्द्र मिश्र ने किया। इस मौके पर शिक्षा प्रकोष्ठ अध्यक्ष शीतला प्रसाद पांडेय ने बताया कि ग्रामीण और शहरी इलाकों में बाग-बगीचे खत्म हो रहे हैं। इसका सीधा असर इन पर दिख रहा है। गांवों में अब पक्के मकान बनाए जा रहे हैं। इसका कारण है कि मकानों में गौरैया को अपना घोंसला बनाने के लिए सुरक्षित जगह नहीं मिल रही है। वहीं वक्ता के रूप में लालजी तिवारी ने बताया कि कच्चे मकान गौरैया के लिए प्राकृतिक वातावरण और तापमान के लिहाज से अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराते थे। आधुनिक मकानों में यह सुविधा अब उपलब्ध नहीं होती है। इस मौके पर संस्था अध्यक्ष डॉ सौरभ मिश्र विनम्र ने बताया कि गौरैया के संरक्षण के लिए सरकारों की तरफ से कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखती है। हालांकि, यूपी में 20 मार्च को गौरैया संरक्षण दिवस के रूप में रखा गया है। संस्था सभी से आग्रह करती है सभी पक्षियों के लिए जलपत्र, घोंसले और दान पानी कि व्यवस्था करें। कार्यक्रम का संचालन मोनू यादव ने किया। संगोष्ठी के दौरान चंद्र प्रकाश उपाध्याय, धर्मेंद्र शर्मा, अवधेश शर्मा, राम लाल पाल, हरिचंद्र निषाद, कमलेश तिवारी, अर्जुन पाल, राम तेज मिश्र, अवधेश तिवारी आदि लोग उपस्थित रहे।
पीएम मोदी के मुरीद हुए पूर्व ऑस्ट्रेलियाई पीएम, बोले-एक दशक से ज्यादा समय से सत्ता में, फिर भी अहंकार नहीं

#australiaexpmtonyabbottpraisedpm_modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक लोकप्रियता लगातार शिखर पर है। पीएम मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता के रूप में उभरे हैं। मोदी जितने आम जनता के बीच पसंद किए उतने ही वैश्विक स्तर के नेताओं के बीच भी उन्होंने अपना स्थान बनाया है। अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि 10 साल से ज्यादा समय तक सत्ता में रहने के बावजूद, पीएम मोदी ने खुद को ‘सत्ता के अहंकार’ (घमंड) से दूर रखा है।

मोदी के नेतृत्व की सराहना

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने दिल्ली में होने वाले 'रायसीना डायलॉग' और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह कार्यक्रम साल 2016 से हर मार्च में आयोजित हो रहा है। यह एक सोच का शानदार नतीजा है। एबॉट ने इसकी तुलना दुनिया के अन्य बड़े मंचों से की। उन्होंने इसे स्विट्जरलैंड के दावोस और चीन के बोआओ फोरम से बेहतर बताया।

'रायसीना डायलॉग' को बताया दावोस से बेहतर

एबॉट ने कहा, “2016 से हर मार्च में दिल्ली में रायसीना डायलॉग होता आ रहा है। यह नरेंद्र मोदी के लंबे समय तक विदेश मंत्री रहे सुब्रह्मण्यम जयशंकर का विचार है। दूसरे ग्लोबल जमावड़ों की तरह, यह राजनीतिक नेताओं, वरिष्ठ सैन्य कमांडर्स, जाने-माने बिजनेसमैन, जाने-माने पत्रकारों और थिंक टैंक प्रमुखों को जरूरी मुद्दों पर बात करने के लिए एक साथ लाता है; लेकिन यह दावोस से बेहतर है क्योंकि यह असल में मेजबानी करने वाली सरकार की सराहना करने का अभियान नहीं है।”

मोदी में दूसरों को सुनने का बड़ा गुण- एबॉट

प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए एबॉट ने कहा, मोदी दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक हैं। इसके बावजूद उनमें दूसरों को सुनने का बड़ा गुण है। वे हर साल मुख्य अतिथि को सुनने के लिए कार्यक्रम में बैठते हैं, लेकिन खुद भाषण नहीं देते। पिछले साल उन्होंने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री और इस साल फिनलैंड के राष्ट्रपति को पूरे धैर्य के साथ सुना। एबॉट ने कहा कि शायद एक हिंदू संन्यासी के रूप में बिताए समय की वजह से मोदी में सत्ता का अहंकार नहीं आया है। वे एक दशक से ज्यादा समय से सत्ता में हैं, फिर भी बहुत विनम्र हैं।

भारत के कम लोकतांत्रिक होने के दावे को किया खारिज

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम ने कुछ इंटरनेशनल ऑब्जर्वर की इस आलोचना को भी पूरी तरह से खारिज कर दिया कि भारतीय जनता पार्टी सरकार के तहत भारत कम लोकतांत्रिक हो गया है। उन्होंने कहा, “जहां तक इस सोच की बात है कि भाजपा के राज में भारत किसी तरह एक तानाशाही देश बन गया है, यह पूरी तरह से बकवास है। जिस देश में आजाद और निष्पक्ष चुनाव, पूरी तरह से आजाद मीडिया और मजबूती से आजाद न्यायपालिका हो, वहां तानाशाही का गंभीर खतरा नहीं है। और कोई भी तानाशाही ऐसी ग्लोबल कॉन्फ्रेंस नहीं करेगी जहां कुछ भी मना न हो और किसी को चुप न कराया जाए। आखिरकार, इस साल की बातचीत में इजरायली विदेश मंत्री (वर्चुअली) और ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री दोनों ने हिस्सा लिया।”

केडीआर फाउंडेशन द्वारा आयोजित निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर संपन्न
जौनपुर। प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था केडीआर फाउंडेशन द्वारा बदलापुर बाजार के पास स्थित कठार गांव में केडीआर हाउस में निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के गांवों में रहने वाले 46 मरीजों ने लाभ उठाया। संस्था के अध्यक्ष विनोद सिंह ने बताया कि शिविर में जरूरतमंद मरीजों के नेत्र परीक्षण के साथ मोतियाबिंद परीक्षण अभी किया गया ।

चयनित मरीजों का लेंस प्रत्यारोपण आरजे शंकरा आई हॉस्पिटल के कुशल चिकित्सककों द्वारा किया जाएगा चयनित मरीजों को अस्पताल ले जाने और ले आने के लिए बस सेवा तथा भोजन पानी की भी व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारी अशोक सिंह तथा ठाकुर अमरधारी सिंह उपस्थित रहे। सिर्फ संस्था द्वारा पिछले अनेक वर्षों से आंख के मरीजों के लिए निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिल रहा है।
बारा तहसील में अधिवक्ताओं का हंगामा, एसडीएम- तहसीलदार पर भूमाफियाओं को संरक्षण देने का आरोप

अनिश्चितकालीन धरना शुरू, न्यायिक बहिष्कार की चेतावनी — भ्रष्टाचार, अवैध कब्जे और लंबित मुकदमों पर फूटा गुस्सा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील परिसर में बुधवार को उस समय पूरी तरह गरमा गया जब बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने एसडीएम और तहसील प्रशासन के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। गुरुवार को प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करते हुए तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी। पूरे परिसर में “एसडीएम गो बैक”, “भ्रष्टाचार बंद करो” और “भूमाफिया पर कार्रवाई करो” के नारे गूंजते रहे। बार एसोसिएशन के मंत्री अनिल द्विवेदी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्र हुए और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि तहसील में न्यायिक व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि मुकदमों के निस्तारण में जानबूझकर देरी की जा रही है, जिससे वादकारी महीनों नहीं बल्कि वर्षों तक चक्कर काटने को मजबूर हैं।

प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन पर सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में तालाब, खलिहान और ग्राम समाज की जमीनों पर अवैध कब्जों का खेल तेजी से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। अधिवक्ताओं का कहना था कि भूमाफिया खुलेआम प्लाटिंग कर रहे हैं और बिना प्रशासनिक संरक्षण के यह संभव नहीं है। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि एसडीएम और तहसीलदार की अदालतों में सैकड़ों मुकदमे लंबित पड़े हैं, जबकि कुछ मामलों को विशेष प्राथमिकता देकर निपटाया जाता है। इस भेदभावपूर्ण रवैये से वादकारियों में भारी असंतोष है और न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी दौरान तहसील पहुंचे क्षेत्रीय विधायक डा. वाचस्पति के सामने भी अधिवक्ताओं ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई। अधिवक्ताओं ने विधायक को बताया कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद तहसील में शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और भ्रष्टाचार चरम पर है।

विधायक डा. वाचस्पति ने अधिवक्ताओं को भरोसा दिलाया कि वह पूरे प्रकरण को उच्च स्तर तक पहुंचाएंगे और मुख्यमंत्री से मिलकर समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि अधिवक्ताओं के लिए चैंबर और अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु लगभग 50 लाख रुपये की योजना स्वीकृत कराई जा चुकी है, जिसे जल्द शुरू कराया जाएगा। हालांकि आश्वासन के बाद भी अधिवक्ता अपने रुख पर कायम रहे। बार एसोसिएशन के मंत्री अनिल द्विवेदी ने साफ चेतावनी दी कि जब तक एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई तथा स्थानांतरण नहीं होता, तब तक न्यायिक कार्यों का बहिष्कार और धरना जारी रहेगा। प्रदर्शन में अभिलाष त्रिपाठी, अजय तिवारी, चंदन साहू, संजीव सिंह, दल बहादुर सिंह, बृजेश द्विवेदी, बृजेंद्र सिंह, अमरीश शर्मा, जय शुक्ला, प्रदीप द्विवेदी, पुष्पराज सिंह, अभिषेक पांडे, ऋषभ मिश्रा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।