मनपा सीबीएसई स्कूल के विद्यार्थियों ने मंच पर साकार किया महाराष्ट्र की लोकसंस्कृति
मुंबई। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन स्कूल, मुंबई पब्लिक स्कूल, M. G. क्रॉस रोड नंबर 1, CBSE, कांदिवली के वार्षिक समारोह का शानदार आयोजन 9 फरवरी, 2026 को प्रबोधनकर ठाकरे थिएटर में बड़े जोश के साथ हुआ। प्रोग्राम का कॉन्सेप्ट “महाराष्ट्र की लोककथा” है और स्टूडेंट्स ने महाराष्ट्र की समृद्ध लोक संस्कृति को असरदार तरीके से पेश किया।
यह प्रोग्राम स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के लिए गर्व की बात थी क्योंकि म्युनिसिपल CBSE स्कूल के स्टूडेंट्स को पहली बार इतने बड़े और शानदार स्टेज पर अपनी कला दिखाने का मौका मिला। यह थिएटर शिक्षण विभाग की उपायुक्त डॉ. प्राची जांभेकर की इजाज़त से फ्री में उपलब्ध कराया गया था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षणाधिकारी सुजाता खरे ने की। अपने प्रेसिडेंशियल भाषण में, उन्होंने म्युनिसिपैलिटी के स्कूलों में होने वाली अलग-अलग एजुकेशनल एक्टिविटीज़ के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर ममता राव डिप्टी एजुकेशनल ऑफिसर स्कूल SRSC/CBSC सेल, दीपिका पाटिल डिप्टी एजुकेशनल ऑफिसर (वेस्ट सबअर्बन) और अशफाक अहमद शाह एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर (R/साउथ डिवीज़न) मौजूद थे। स्टूडेंट्स ने फोक डांस, लेज़िम, ड्रामा एक्सपेरिमेंट और अलग-अलग कल्चरल परफॉर्मेंस से दर्शकों का दिल जीत लिया। प्रोग्राम को वहां मौजूद पेरेंट्स से तुरंत रिस्पॉन्स मिला। प्रधानाध्यापक संदीपन घुले के मार्गदर्शन और टीचर्स और स्टाफ की कड़ी मेहनत से प्रोग्राम सफल रहा। इस मौके पर, आइडियल टीचर अवॉर्ड सुशील कोडलिंगे को दिया गया, जबकि एक्सीलेंट स्टूडेंट अवॉर्ड छठी कक्षा के छात्र देवांश नितिन बेलोसे को दिया गया। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ शिक्षक मयूर तंगड़ी ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट होगा पेश: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बजट 2026 को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के इतिहास का आंकड़ों के लिहाज से सबसे बड़ा बजट पेश होने जा रहा है। यह बजट राज्य के समग्र विकास को नई गति देगा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष फोकस करेगा।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि पानी, बिजली, सड़क, स्कूल और अस्पताल जैसे बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने के लिए बजट में ठोस प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार का यह बजट आम जनता की मूलभूत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बजट में किए गए प्रावधान प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
ब्रजेश पाठक ने आगे कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला होगा और उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगा।
मृत व्यक्ति को दे दी ई-रिक्शा ट्रेनिंग! बुलंदशहर में ड्राइविंग स्कूल का बड़ा खेल उजागर
लखनऊ /बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में ड्राइविंग ट्रेनिंग के नाम पर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। स्याना क्षेत्र के कर उप परिवहन आयुक्त, मेरठ मंडल से मान्यता प्राप्त राजा मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल ने एक ऐसे व्यक्ति के नाम ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जारी कर दिया, जिसकी महीनों पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी।

जानकारी के अनुसार, शेखुपुर रौरा निवासी सुखवीर के नाम 10 अगस्त 2025 को ई-रिक्शा की 10 दिवसीय ट्रेनिंग का प्रमाणपत्र जारी किया गया। सर्टिफिकेट में उल्लेख है कि उन्होंने 01 अगस्त से 10 अगस्त 2025 तक प्रशिक्षण प्राप्त किया। जारीकर्ता इमरान ने प्रमाणपत्र में यह भी लिखा कि वह प्रशिक्षार्थी की ड्राइविंग क्षमता और शारीरिक फिटनेस से संतुष्ट हैं।

हालांकि रिकॉर्ड के मुताबिक सुखवीर की 01 मार्च 2025 को सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी थी। इसके बाद 21 अप्रैल 2025 को जिला अस्पताल द्वारा उनका मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी किया जा चुका है।

उठ रहे हैं गंभीर सवाल

अब सवाल यह है कि जो व्यक्ति पांच महीने पहले ही मृत हो चुका था, उसे प्रशिक्षण कैसे दिया गया? प्रमाणपत्र किस आधार पर जारी हुआ? और आरटीओ (ट्रेनिंग) मेरठ द्वारा काउंटर साइन किन दस्तावेजों के आधार पर किए गए?

कार्रवाई की तैयारी

मामला सामने आने के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। एआरटीओ बुलंदशहर ने संबंधित ड्राइविंग स्कूल प्रबंधक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। अधिकारियों का कहना है कि जवाब मिलने के बाद नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आजमगढ़: डिप्टी कमिश्नर ने ब्लाक व स्वास्थ्य केंद्र का किया निरीक्षण , जाने क्या हैं मामला
आजमगढ़। उपनिदेशक मत्स्य और अपर निदेशक स्वास्थ्य ने ब्लाक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तहबरपुुुुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अफरा तफरी का माहौल रहा। मंडलायुक्त के निर्देश पर उप निदेशक मत्स्य वी एन गौड़ ने तहबरपुुुुर ब्लाक का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपनिदेशक ने ब्लाक में स्थापना ,एन आर एल एम, मनरेगा,लेखा, पंचायत विभाग के पत्रावलियों का अवलोकन किया तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूंछ - ताछ किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। इस दौरान अफरा तफरी का माहौल रहा। तत्पश्चात उप निदेशक ने स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में ओटी,प्रसव कक्ष,लैब आदि का निरीक्षण किया। उपनिदेशक निरीक्षण के दौरान खुश नजर आए। इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डाक्टर सुशील अग्रहरी, दंत चिकित्सक डाक्टर पवन यादव, खण्ड विकास अधिकारी अखिलेश गुप्ता, सहायक विकास अधिकारी दुर्गा प्रसाद राय, पंचायत मनोज कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक स्वास्थ्य डाक्टर बी के सिंह ने स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की साफ सफाई, उपस्थित रजिस्टर, ओटी, लैब आदि का निरीक्षण किया। अपर निदेशक ने क्रीम नाशक दवा खिलायें जाने की जानकारी ली।सभी कर्मचारी उपस्थित रहे ।
गौराचौकी मार्ग को जोड़ने वाले बाईपास मार्ग मरम्मत निर्माण कार्य मे भारी अनियमिता,सांसद से शिकायत
 

*मानक विहीन मसकनवां- गौराचौकी बाईपास सड़क निर्माण कार्य की व्यापारियों ने की शिकायत 

*निर्माण कार्य की होगी जांच और अनियमितता मिलने पर सम्बन्धित पर होगी कार्रवाई : प्रिंस मल्ल 

गोण्डा। मसकनवां -मनकापुर रोड से संगम मैरेज हाल होते हुए गौराचौकी मार्ग को जोडने वाला एक मात्र बाईपास सड़क मार्ग के मरम्मत निमार्ण कार्य मे भारी अनियमितता मामूली गिट्टी डालकर किये जा रहे लेपन को लेकर कस्बे के व्यापारियो ने विरोध करते हुए क्षेत्रीय सांसद के प्रतिनिधि से शिकायत कर मानक अनुरूप कार्य कराये जाने की मांग की है।बताते चलें कि मसकनवां कस्बे के मनकापुर रोड से गौराचौकी रोड को जोडने वाला एक मात्र बाईपास सड़क काफी जर्जर था। जिसको लेकर कस्बे के व्यापारियों ने कई बार क्षेत्रीय सांसद से उक्त बाईपास सड़क मार्ग को ठीक कराने की मांग कर चुके थे। उसके उपरांत लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड गोण्डा द्वारा मनकापुर रोड से संगम मैरिज हाल-पशुपालन हास्पिटल होते गौराचौकी मार्ग के जोड़ने वाले बाईपास पर 750 मीटर सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। विभाग की मानें तो उक्त कार्य मरम्मत कार्य है। मात्र एक ट्रक गिट्टी गिरा जैसे तैसे किसी तरह गड्ढे को भरकर लेपन कार्य शुरू किया गया है। लेपन कार्य इस तरह हो रहा है की मामूली दबाव मे गिट्टी उखड़ जा रही है। जबकि उक्त बाईपास पर सैकड़ों की संख्या मे छोटे बडे़ वाहन गुजरते हैं जिससे सड़क पर काफी दबाव रहता है। इस संबंध मे कस्बे के व्यापारी विनय कुमार गुप्ता, श्याम सुंदर गुप्ता, सन्तोष गुप्ता,रवि गुप्ता, राम कुमार गुप्ता, व्यापार मण्डल अध्यक्ष विनोद कुमार मोदनवाल सहित कस्बे के सैकड़ों व्यापारियों ने गोण्डा सांसद केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री के प्रतिनिधि कमलेश पांडेय से लिखित शिकायत कर मानक विहीन किये जा रहे सड़क निर्माण को तत्काल प्रभाव से कार्य रोकते हुए कार्रवाई कराये जाने की मांग की है। प्रिंस मल्ल असिस्टेंट इन्जीनियर लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड गोण्डा से मानक विहीन बाईपास मार्ग निर्माण कार्य के सम्बन्ध मे जानकारी करने पर उनके द्वारा बताया गया कि उक्त निर्माण कार्य मरम्मत कार्य है। 750 मीटर सड़क निर्माण के लिए साढे़ आठ लाख रूपए की स्वीकृत है। मात्र दो सेंटीमीटर लेपन कार्य किया जाना एवं सड़क पर बने गड्ढे को भरा जाना है। शिकायत मिली है, निर्माण कार्य का निरीक्षण किया जायेगा,अगर मानक के अनुरूप कार्य नही हो रहा है सम्बन्धित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। 
करनैलगंज रेलवे स्टेशन पर कर्मचारियों की लापरवाही से यात्री परेशान,हो सकती है बड़ी घटना


गोण्डा। करनैलगंज रेलवे स्टेशन पर रेलवे कर्मचारियों की गंभीर लापरवाही यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है। आरोप है कि यहां ट्रेनों के प्लेटफॉर्म परिवर्तन की सूचना ट्रेन के आने से महज़ 1 या 2 मिनट पहले की जाती है,जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच जाती है। यात्रियों का कहना है कि समय पर सही जानकारी न मिलने के कारण उन्हें भारी सामान के साथ प्लेटफॉर्म बदलने के लिए दौड़ना पड़ता है। इस दौरान बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार यात्री जल्दबाज़ी में ट्रैक पार करने की कोशिश करते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है।

स्थानीय यात्रियों के अनुसार, स्टेशन पर पहले से प्लेटफॉर्म तय होने के बावजूद अंतिम समय में घोषणा की जाती है, जो रेलवे नियमों और सुरक्षा मानकों के विपरीत है। यात्रियों ने आरोप लगाया कि यह स्थिति रोज़ की बन चुकी है, लेकिन रेलवे प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। रेलवे की इस लापरवाही से न केवल यात्रियों की असुविधा बढ़ रही है, बल्कि भविष्य में किसी बड़े हादसे से भी इनकार नहीं किया जा सकता। सवाल यह है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो किसी अनहोनी की ज़िम्मेदारी कौन लेगा? यात्रियों और स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि
प्लेटफॉर्म परिवर्तन की सूचना समय से पहले दी जाए, अनाउंसमेंट सिस्टम को दुरुस्त किया जाए और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।

अब देखना यह है कि रेलवे अधिकारी इस गंभीर मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेते हैं या फिर किसी बड़ी घटना के बाद ही जागेंगे।
प्राथमिक स्कूल में लापरवाही का ताला! बिना अनुमति विदेश यात्राएं, स्कूल में पढ़ाई ठप
रूपईडीह के नव्वागांव प्राथमिक विद्यालय पर उठे गंभीर सवाल

गोंडा। जिले के शिक्षा क्षेत्र रूपईडीह अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय नव्वागांव इन दिनों शिक्षा के लिए नहीं, बल्कि अव्यवस्था और घोर लापरवाही के कारण चर्चा में है। विद्यालय में तैनात एक सहायक अध्यापक पर आरोप है कि वे बिना किसी अवकाश स्वीकृति और विभागीय अनुमति के बार-बार विदेश (नेपाल) भ्रमण कर रहे हैं, जबकि विद्यालय में पढ़ने वाले मासूम बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है।

सरकार की मंशा के अनुरूप सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालयों को भवन, फर्नीचर, पाठ्य पुस्तकें, मिड-डे मील और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। लेकिन नव्वागांव विद्यालय की स्थिति इन दावों को आईना दिखा रही है, जहां कुछ गैर-जिम्मेदार शिक्षकों की मनमानी से शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतरती नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि विद्यालय में प्रधानाध्यापक का पद लंबे समय से रिक्त है। इसी का फायदा उठाकर सहायक अध्यापकों की मनमानी बढ़ गई है।

अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षक समय से विद्यालय नहीं आते, नियमित पढ़ाई नहीं होती और बच्चों का भविष्य अंधकार की ओर धकेला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक धर्मेन्द्र तिवारी को अस्थायी रूप से प्रधानाध्यापक का प्रभार सौंपा गया है। लेकिन वे विद्यालय में उपस्थित रहकर बच्चों को पढ़ाने के बजाय बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) में अधिक समय बिताते हैं, जिससे शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इतना ही नहीं, सूत्र यह भी बताते हैं कि श्री तिवारी अक्सर नेपाल की यात्राओं पर निकल जाते हैं, जिनसे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या विभागीय अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ना नियमों की खुली अवहेलना नहीं है? विभागीय नियम स्पष्ट हैं कि कोई भी शिक्षक बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकता, इसके बावजूद बार-बार विदेश भ्रमण होना न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाता है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।

इस पूरे मामले में जब बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, “मुझे इस प्रकरण की फिलहाल जानकारी नहीं है। यदि बिना अनुमति विदेश यात्रा की गई है, तो जांच कराकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।” अब सवाल यह है कि क्या बच्चों की शिक्षा से ज्यादा जरूरी विदेश भ्रमण हो गया है? क्या विभागीय निगरानी सिर्फ कागजों तक सीमित है? और कब तक मासूम बच्चों का भविष्य इस तरह लापरवाही की भेंट चढ़ता रहेगा? यह मामला केवल एक शिक्षक का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की जवाबदेही का है। यदि समय रहते ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका सीधा खामियाजा उन नौनिहालों को भुगतना पड़ेगा, जिनके हाथों में आज किताब की जगह अनिश्चित भविष्य थमा दिया गया है।
शादी का झांसा देकर रेप करने वाला गिरफ्तार,मुंबई की महिला का 7 साल तक किया शोषण
*घर पहुंचने पर फिर किया दुष्कर्म

गोंडा।जिले के कटरा बाजार पुलिस ने शादी का झांसा देकर एक महिला का शारीरिक शोषण और रेप करने के आरोपी रामबाबू को गिरफ्तार कर लिया है।गिरफ्तारी के बाद आरोपी को चिकित्सकीय परीक्षण के पश्चात न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।मामला मुंबई की एक महिला से जुड़ा है,जिसने गोंडा आ कर मुकदमा दर्ज कराया था।आरोप है कि कटरा बाजार थाना क्षेत्र के चरेरा चहलवां गांव निवासी रामबाबू लगभग 7 साल पहले मुंबई में मजदूरी करने गया था और वहीं उसकी पहचान एक महिला से हुई।जिसके बाद धीरे धीरे दोनों बातचीत करने लगे और साथ रहने लगे।रामबाबू ने महिला से शादी का वादा किया था और उसके बाद लगातार 7 वर्षों तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाकर उसका शोषण करता रहा।जब महिला ने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी रामबाबू लगभग चार महीने पहले अचानक अपने घर गोंडा भाग आया और शादी से इंकार कर दिया।महिला को किसी तरह से रामबाबू का दूसरा मोबाइल नंबर और पता मिला।जिसके बाद वह 5 फरवरी को गोंडा पहुंची तथा दो दिन तक रामबाबू के घर पर रही,इस दौरान भी रामबाबू ने महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए।7 फरवरी को जब महिला ने एक बार फिर शादी की बात कही तो आरोपी ने इंकार कर दिया और महिला को घर से भगा दिया।इसके बाद महिला ने कटरा बाजार थाने में तहरीर दिया,जिसके बाद कटरा बाजार पुलिस ने तत्काल आरोपी रामबाबू के खिलाफ दुष्कर्म सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दिया।जिसके बाद पुलिस ने पूर्वान्ह आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।पीड़ित महिला का जिला महिला अस्पताल गोंडा में मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है।पुलिस धारा 164 के तहत पीड़िता का बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया में है।कटरा बाजार थाने के प्रभारी निरीक्षक विवेक त्रिवेदी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है।उन्होंने बताया कि महिला और रामबाबू ने शादी के लिए बात किया परन्तु रामबाबू बार बार शादी से मना कर रहा था,जिसके कारण महिला ने मुकदमा दर्ज कराया है और पुलिस ने कार्रवाई किया है।
“गोरखपुर में अंतरिक्ष कार्यशाला: नासा साइन्टिस्ट डॉ. हाशिमा हसन के साथ विद्यार्थियों को मिली प्रेरणा”
गोरखपुर । राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर, संस्कृति विभाग, उ0प्र0 एवं सुष्मिता सिंह बक्की, स्पेस आर्टिस्ट, उ0प्र0 के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 10 फरवरी, 2026 को अन्तरिक्ष में मानव विषयक एक दिवसीय कार्यशाला सह प्रतियोगिता सम्पन्न हुई। उक्त कार्यक्रम में  मुख्य अतिथि डाॅ0 हाशिमा हसन, नासा साइन्टिस्ट (भारतीय मूल) रहीं। विशिष्ट अतिथि खगोलविद् अमर पाल सिंह, नक्षत्रशाला (तारामण्डल), गोरखपुर भी उपस्थित रहें। उक्त कार्यक्रम में तीन विद्यालयों-सरमाउण्ट इण्टरनेशनल स्कूल, गौतम बुद्धा एकेडमी तथा एन0पी0ए0 एकेडमी, गोरखपुर के कुल 80 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। जिसमें से सफल प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि के हाथों प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय सहित दो सान्त्वना पुरस्कार/प्रतीक चिन्ह एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त प्रतियोगिता में अच्छा प्रयास करने वाले 38 छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया। प्रथम पुरस्कार अनुष्का यादव, द्वितीय पुरस्कार रितिका मार्य, एन0पी0ए0 एकेडमी तथा तृतीय एवं सान्त्वना पुरस्कार सरमाउण्ट इण्टरनेशनल स्कूल के अश्विन पाण्डेय व आदित्य त्रिपाठी को प्राप्त हुआ। दूसरा सान्त्वना पुरस्कार गौतम बुद्ध एकेडमी दिव्यनगर, खोराबार के कुमार चैतन्य को प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम संयोजक एवं स्पेस आर्टिस्ट  सुष्मिता सिंह बक्की ने कहा कि मुख्य अतिथि नासा साइन्टिस्ट डाॅ0 हाशिमा हसन, नासा के स्पेस सेन्टर से चलकर दिनांक 09 फरवरी, 2026 को सीधे गोरखपुर पहुॅंची और आज बौद्ध संग्रहालय द्वारा आयोजित उक्त कार्यक्रम सम्मिलित हुईं। जोकि हम सबके लिए बड़े ही सौभाग्य की बात है। सुश्री बक्की ने कार्यक्रम एवं मुख्य अतिथि का सक्षिप्त परिचय एवं रूप-रेखा भी प्रस्तुत किया।

उक्त अवसर पर मुख्य अतिथि डाॅ0 हाशिमा हसन, नासा साइन्टिस्ट ने जीवन संघर्षों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि मैनें जिस दौर में पढ़ाई की, जिसमें लड़कियों को घर से बाहर निकलना मुश्किल था। फिर भी मैंने अपने सपनों को साकार करने के लिए निरन्तर प्रयासरत रही एवं अपने सपनों को हमेशा अपने अन्दर जीवन्त रखा। आज जो कुछ भी है, मेरे हिम्मत और लगन तथा आत्मविश्वास का ही परिणाम है। इसलिए आज की विद्यार्थियों एवं युवा पीढ़ी को यह संदेश है कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए कभी हौसले को कम न होने दें। आपको अपनी मंजिल अवश्य मिलेगी। हमेशा सकारात्मक प्रयास करें। असफलताओं से घबराये नहीं।

कार्यक्रम संयोजक सुष्मिता सिंह बक्की की योग्यता एक कंप्युटर साइंस इंजीनियर हैं। जबकि इनका मुख्य रूचि स्पेस आर्ट में होने के कारण एक स्पेस आर्टिस्ट हैं। जो भारत के उत्तर प्रदेश के खलीलाबाद, संतकबीर नगर से हैं। इनके द्वारा बनाई गई स्पेस आर्ट ‘‘इसरो‘‘ में भी प्रदर्शित है सुष्मिता पिछले सात सालों से एक स्पेस आर्टिस्ट के तौर पर सक्रिय हैं। इस बार सुष्मिता एक ऐसी रोचक सीरीज पर काम कर रही हैं जो  अंतरिक्ष में भारत के योगदान को दुनिया के सामने रखता है।

सुष्मिता सिंह बक्की द्वारा उक्त अवसर पर संग्रहालय में स्पेस आर्ट से सम्बन्धित चित्रों का भी प्रदर्शन किया गया। उक्त आयोजन के इस सीरीज में बनाई गई पहली पेंटिंग दस महाविद्या और ब्रम्ह्माण्ड की ऊर्जा को बताती है। ये पेंटिंग हाल ही मे कुछ कला प्रदर्शनियों का हिस्सा रही है। वहीं इस श्रृंखला की दूसरी पेंटिंग डॉ0 क्षितिज के ब्रम्हाण्ड का हिस्सा बनने जा रही है, जो आधुनिक बिग बैंग थ्योरी और पौराणिक हिरण्यगर्भ जैसे विषय पर बन रही है।

इसी दौरान नक्षत्रशाला के खगोलविद् अमर पाल सिंह ने कहा कि ब्रहमाण्ड सभी के लिए है और डाॅ0 हाशिमा हसन जैसे व्यक्तित्व की लगन, समर्पण और रिसर्च से प्रेरणा लेकर के विद्यार्थियों को भावी भविष्य के वैज्ञानिक बनने के लिए एक मार्गदर्शक के तौर पर उनका व्यक्तित्व एवं कृतित्व अपने आप में बहुत कुछ सीखने, जानने एवं समझने योग्य है। जैसे कि उन्होंने हबल स्पेस टेलीस्कोप एवं जेम्स बेव स्पेस टेलीस्कोप जैसे प्रोजेक्ट में बतौर सीनियर साइन्टिस्ट कार्य करते हुए जे.डब्ल्यू. एस.टी. से प्राप्त अन्तरिक्ष की तस्वीरों आदि को अन्वेषित करके दुनिया को वह दिखाया है जो शायद हम कभी नहीं देख पाते।

कार्यक्रम के अन्त में संग्रहालय के उप निदेशक डाॅ0 यशवन्त सिंह राठौर ने कहा कि संग्रहालय विद्यार्थियों के लिए समय-समय पर विविध शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है। इसी कड़ी में सुष्मिता सिंह बक्की के प्रयासों से आज नासा की साइन्टिस्ट डाॅ0 हाशिमा हसन से समन्वय स्थापित कर बौद्ध संग्रहालय में अन्तरिक्ष में मानव से सम्बन्धित विषय पर इस तरह ही कार्यशाला का आयोजन में मुख्य अतिथि के तौर पर बुलवाना अपने आप में एक अद्वितीय एवं सराहनीय प्रयास रहा है। जो निश्चय ही खासकर छात्राओं के लिए एक प्रेरणात्मक पहल है। डाॅ0 राठौर ने कहा कि डाॅ0 हाशिमा हसन जैसी प्रतिभाओं का नासा से गोरखपुर बौद्ध संग्रहालय में आना और छात्र-छात्राओं के मध्य  सीधा संवाद करना तथा अन्तरिक्ष सम्बन्धी प्रश्नों से सम्बन्धित जिज्ञासाओं को शांत करना निश्चित तौर पर हम सब अन्तरिक्ष पे्रमियों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम का संचालन श्री शिवनाथ एवं श्री प्रभाकर शुक्ला द्वारा किया गया। उक्त अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के अध्यापकों सहयोग उल्लेखनीय रहा।
सांसद पप्पू यादव को पटना कोर्ट से जमानत, 31 साल पुराने मामले में हुई थी गिरफ्तारी

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पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को गर्दनीबाग मामले में कोर्ट से जमानत मिल गई है। न्यायालय में जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद उन्हें राहत दे दी गई। पप्पू यादव को 31 साल पुराने जमीन विवाद में शुक्रवार देर रात गिरफ्तार किया गया था और वे पटना की बेऊर जेल में बंद थे।

तीन दशक पुराने केस में हुई थी गिरफ्तारी

दरअसल, करीब तीन दशक पुराने एक मामले में गिरफ्तारी के बाद से सांसद पप्पू यादव पटना के बेऊर जेल में कैद थे। धोखाधड़ी से मकान किराए पर लेने और कब्जा करने के मामले में मकान मालिक ने गर्दनीबाग थाने में केस किया था। इसी मामले में तीन दिन पहले (शुक्रवार की देर रात) गिरफ्तारी हुई थी।

सोमवार को ही होनी थी सुनवाई

पप्पू यादव की जमानत याचिका पर कोर्ट में सोमवार को ही सुनवाई होनी थी। लेकिन अचानक पटना सिविल कोर्ट में बम रखने जाने की सूचना ईमेल से आई, जिसके बाद वहां अफरातफरी का माहौल हो गया। पटना पुलिस इसकी जांच-पड़ताल में जुट गई। कोर्ट परिसार को खाली करवा कर चेकिंग की गई थी। इससे न्यायिक कामकाज भी बाधित हुए। जिसके चलते पप्पू यादव की याचिका पर भी सुनवाई नहीं हो पाई। जेल से बाहर आने के लिए सांसद पप्पू यादव का इंतजार बढ़ गया था। मगर, आज का उन्हें राहत मिल गई।

क्या है मामला?

ये मामला साल 1995 का है, जो पटना के गर्दनीबाग थाने में दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया था कि पप्पू यादव और उनके सहयोगियों ने उनका मकान व्यक्तिगत उपयोग के नाम पर किराए पर लिया था, लेकिन बाद में उसका इस्तेमाल धोखे से सांसद के कार्यालय के रूप में किया जाने लगा। इस मामले में धारा 467 (दस्तावेजों की जालसाजी) समेत अन्य गंभीर धाराएं लगी थीं।

मनपा सीबीएसई स्कूल के विद्यार्थियों ने मंच पर साकार किया महाराष्ट्र की लोकसंस्कृति
मुंबई। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन स्कूल, मुंबई पब्लिक स्कूल, M. G. क्रॉस रोड नंबर 1, CBSE, कांदिवली के वार्षिक समारोह का शानदार आयोजन 9 फरवरी, 2026 को प्रबोधनकर ठाकरे थिएटर में बड़े जोश के साथ हुआ। प्रोग्राम का कॉन्सेप्ट “महाराष्ट्र की लोककथा” है और स्टूडेंट्स ने महाराष्ट्र की समृद्ध लोक संस्कृति को असरदार तरीके से पेश किया।
यह प्रोग्राम स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के लिए गर्व की बात थी क्योंकि म्युनिसिपल CBSE स्कूल के स्टूडेंट्स को पहली बार इतने बड़े और शानदार स्टेज पर अपनी कला दिखाने का मौका मिला। यह थिएटर शिक्षण विभाग की उपायुक्त डॉ. प्राची जांभेकर की इजाज़त से फ्री में उपलब्ध कराया गया था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षणाधिकारी सुजाता खरे ने की। अपने प्रेसिडेंशियल भाषण में, उन्होंने म्युनिसिपैलिटी के स्कूलों में होने वाली अलग-अलग एजुकेशनल एक्टिविटीज़ के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर ममता राव डिप्टी एजुकेशनल ऑफिसर स्कूल SRSC/CBSC सेल, दीपिका पाटिल डिप्टी एजुकेशनल ऑफिसर (वेस्ट सबअर्बन) और अशफाक अहमद शाह एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर (R/साउथ डिवीज़न) मौजूद थे। स्टूडेंट्स ने फोक डांस, लेज़िम, ड्रामा एक्सपेरिमेंट और अलग-अलग कल्चरल परफॉर्मेंस से दर्शकों का दिल जीत लिया। प्रोग्राम को वहां मौजूद पेरेंट्स से तुरंत रिस्पॉन्स मिला। प्रधानाध्यापक संदीपन घुले के मार्गदर्शन और टीचर्स और स्टाफ की कड़ी मेहनत से प्रोग्राम सफल रहा। इस मौके पर, आइडियल टीचर अवॉर्ड सुशील कोडलिंगे को दिया गया, जबकि एक्सीलेंट स्टूडेंट अवॉर्ड छठी कक्षा के छात्र देवांश नितिन बेलोसे को दिया गया। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ शिक्षक मयूर तंगड़ी ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट होगा पेश: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बजट 2026 को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के इतिहास का आंकड़ों के लिहाज से सबसे बड़ा बजट पेश होने जा रहा है। यह बजट राज्य के समग्र विकास को नई गति देगा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष फोकस करेगा।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि पानी, बिजली, सड़क, स्कूल और अस्पताल जैसे बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने के लिए बजट में ठोस प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार का यह बजट आम जनता की मूलभूत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बजट में किए गए प्रावधान प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
ब्रजेश पाठक ने आगे कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला होगा और उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगा।
मृत व्यक्ति को दे दी ई-रिक्शा ट्रेनिंग! बुलंदशहर में ड्राइविंग स्कूल का बड़ा खेल उजागर
लखनऊ /बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में ड्राइविंग ट्रेनिंग के नाम पर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। स्याना क्षेत्र के कर उप परिवहन आयुक्त, मेरठ मंडल से मान्यता प्राप्त राजा मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल ने एक ऐसे व्यक्ति के नाम ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जारी कर दिया, जिसकी महीनों पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी।

जानकारी के अनुसार, शेखुपुर रौरा निवासी सुखवीर के नाम 10 अगस्त 2025 को ई-रिक्शा की 10 दिवसीय ट्रेनिंग का प्रमाणपत्र जारी किया गया। सर्टिफिकेट में उल्लेख है कि उन्होंने 01 अगस्त से 10 अगस्त 2025 तक प्रशिक्षण प्राप्त किया। जारीकर्ता इमरान ने प्रमाणपत्र में यह भी लिखा कि वह प्रशिक्षार्थी की ड्राइविंग क्षमता और शारीरिक फिटनेस से संतुष्ट हैं।

हालांकि रिकॉर्ड के मुताबिक सुखवीर की 01 मार्च 2025 को सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी थी। इसके बाद 21 अप्रैल 2025 को जिला अस्पताल द्वारा उनका मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी किया जा चुका है।

उठ रहे हैं गंभीर सवाल

अब सवाल यह है कि जो व्यक्ति पांच महीने पहले ही मृत हो चुका था, उसे प्रशिक्षण कैसे दिया गया? प्रमाणपत्र किस आधार पर जारी हुआ? और आरटीओ (ट्रेनिंग) मेरठ द्वारा काउंटर साइन किन दस्तावेजों के आधार पर किए गए?

कार्रवाई की तैयारी

मामला सामने आने के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। एआरटीओ बुलंदशहर ने संबंधित ड्राइविंग स्कूल प्रबंधक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। अधिकारियों का कहना है कि जवाब मिलने के बाद नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आजमगढ़: डिप्टी कमिश्नर ने ब्लाक व स्वास्थ्य केंद्र का किया निरीक्षण , जाने क्या हैं मामला
आजमगढ़। उपनिदेशक मत्स्य और अपर निदेशक स्वास्थ्य ने ब्लाक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तहबरपुुुुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अफरा तफरी का माहौल रहा। मंडलायुक्त के निर्देश पर उप निदेशक मत्स्य वी एन गौड़ ने तहबरपुुुुर ब्लाक का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपनिदेशक ने ब्लाक में स्थापना ,एन आर एल एम, मनरेगा,लेखा, पंचायत विभाग के पत्रावलियों का अवलोकन किया तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूंछ - ताछ किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। इस दौरान अफरा तफरी का माहौल रहा। तत्पश्चात उप निदेशक ने स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में ओटी,प्रसव कक्ष,लैब आदि का निरीक्षण किया। उपनिदेशक निरीक्षण के दौरान खुश नजर आए। इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डाक्टर सुशील अग्रहरी, दंत चिकित्सक डाक्टर पवन यादव, खण्ड विकास अधिकारी अखिलेश गुप्ता, सहायक विकास अधिकारी दुर्गा प्रसाद राय, पंचायत मनोज कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक स्वास्थ्य डाक्टर बी के सिंह ने स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की साफ सफाई, उपस्थित रजिस्टर, ओटी, लैब आदि का निरीक्षण किया। अपर निदेशक ने क्रीम नाशक दवा खिलायें जाने की जानकारी ली।सभी कर्मचारी उपस्थित रहे ।
गौराचौकी मार्ग को जोड़ने वाले बाईपास मार्ग मरम्मत निर्माण कार्य मे भारी अनियमिता,सांसद से शिकायत
 

*मानक विहीन मसकनवां- गौराचौकी बाईपास सड़क निर्माण कार्य की व्यापारियों ने की शिकायत 

*निर्माण कार्य की होगी जांच और अनियमितता मिलने पर सम्बन्धित पर होगी कार्रवाई : प्रिंस मल्ल 

गोण्डा। मसकनवां -मनकापुर रोड से संगम मैरेज हाल होते हुए गौराचौकी मार्ग को जोडने वाला एक मात्र बाईपास सड़क मार्ग के मरम्मत निमार्ण कार्य मे भारी अनियमितता मामूली गिट्टी डालकर किये जा रहे लेपन को लेकर कस्बे के व्यापारियो ने विरोध करते हुए क्षेत्रीय सांसद के प्रतिनिधि से शिकायत कर मानक अनुरूप कार्य कराये जाने की मांग की है।बताते चलें कि मसकनवां कस्बे के मनकापुर रोड से गौराचौकी रोड को जोडने वाला एक मात्र बाईपास सड़क काफी जर्जर था। जिसको लेकर कस्बे के व्यापारियों ने कई बार क्षेत्रीय सांसद से उक्त बाईपास सड़क मार्ग को ठीक कराने की मांग कर चुके थे। उसके उपरांत लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड गोण्डा द्वारा मनकापुर रोड से संगम मैरिज हाल-पशुपालन हास्पिटल होते गौराचौकी मार्ग के जोड़ने वाले बाईपास पर 750 मीटर सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। विभाग की मानें तो उक्त कार्य मरम्मत कार्य है। मात्र एक ट्रक गिट्टी गिरा जैसे तैसे किसी तरह गड्ढे को भरकर लेपन कार्य शुरू किया गया है। लेपन कार्य इस तरह हो रहा है की मामूली दबाव मे गिट्टी उखड़ जा रही है। जबकि उक्त बाईपास पर सैकड़ों की संख्या मे छोटे बडे़ वाहन गुजरते हैं जिससे सड़क पर काफी दबाव रहता है। इस संबंध मे कस्बे के व्यापारी विनय कुमार गुप्ता, श्याम सुंदर गुप्ता, सन्तोष गुप्ता,रवि गुप्ता, राम कुमार गुप्ता, व्यापार मण्डल अध्यक्ष विनोद कुमार मोदनवाल सहित कस्बे के सैकड़ों व्यापारियों ने गोण्डा सांसद केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री के प्रतिनिधि कमलेश पांडेय से लिखित शिकायत कर मानक विहीन किये जा रहे सड़क निर्माण को तत्काल प्रभाव से कार्य रोकते हुए कार्रवाई कराये जाने की मांग की है। प्रिंस मल्ल असिस्टेंट इन्जीनियर लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड गोण्डा से मानक विहीन बाईपास मार्ग निर्माण कार्य के सम्बन्ध मे जानकारी करने पर उनके द्वारा बताया गया कि उक्त निर्माण कार्य मरम्मत कार्य है। 750 मीटर सड़क निर्माण के लिए साढे़ आठ लाख रूपए की स्वीकृत है। मात्र दो सेंटीमीटर लेपन कार्य किया जाना एवं सड़क पर बने गड्ढे को भरा जाना है। शिकायत मिली है, निर्माण कार्य का निरीक्षण किया जायेगा,अगर मानक के अनुरूप कार्य नही हो रहा है सम्बन्धित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। 
करनैलगंज रेलवे स्टेशन पर कर्मचारियों की लापरवाही से यात्री परेशान,हो सकती है बड़ी घटना


गोण्डा। करनैलगंज रेलवे स्टेशन पर रेलवे कर्मचारियों की गंभीर लापरवाही यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है। आरोप है कि यहां ट्रेनों के प्लेटफॉर्म परिवर्तन की सूचना ट्रेन के आने से महज़ 1 या 2 मिनट पहले की जाती है,जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच जाती है। यात्रियों का कहना है कि समय पर सही जानकारी न मिलने के कारण उन्हें भारी सामान के साथ प्लेटफॉर्म बदलने के लिए दौड़ना पड़ता है। इस दौरान बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार यात्री जल्दबाज़ी में ट्रैक पार करने की कोशिश करते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है।

स्थानीय यात्रियों के अनुसार, स्टेशन पर पहले से प्लेटफॉर्म तय होने के बावजूद अंतिम समय में घोषणा की जाती है, जो रेलवे नियमों और सुरक्षा मानकों के विपरीत है। यात्रियों ने आरोप लगाया कि यह स्थिति रोज़ की बन चुकी है, लेकिन रेलवे प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। रेलवे की इस लापरवाही से न केवल यात्रियों की असुविधा बढ़ रही है, बल्कि भविष्य में किसी बड़े हादसे से भी इनकार नहीं किया जा सकता। सवाल यह है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो किसी अनहोनी की ज़िम्मेदारी कौन लेगा? यात्रियों और स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि
प्लेटफॉर्म परिवर्तन की सूचना समय से पहले दी जाए, अनाउंसमेंट सिस्टम को दुरुस्त किया जाए और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।

अब देखना यह है कि रेलवे अधिकारी इस गंभीर मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेते हैं या फिर किसी बड़ी घटना के बाद ही जागेंगे।
प्राथमिक स्कूल में लापरवाही का ताला! बिना अनुमति विदेश यात्राएं, स्कूल में पढ़ाई ठप
रूपईडीह के नव्वागांव प्राथमिक विद्यालय पर उठे गंभीर सवाल

गोंडा। जिले के शिक्षा क्षेत्र रूपईडीह अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय नव्वागांव इन दिनों शिक्षा के लिए नहीं, बल्कि अव्यवस्था और घोर लापरवाही के कारण चर्चा में है। विद्यालय में तैनात एक सहायक अध्यापक पर आरोप है कि वे बिना किसी अवकाश स्वीकृति और विभागीय अनुमति के बार-बार विदेश (नेपाल) भ्रमण कर रहे हैं, जबकि विद्यालय में पढ़ने वाले मासूम बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है।

सरकार की मंशा के अनुरूप सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालयों को भवन, फर्नीचर, पाठ्य पुस्तकें, मिड-डे मील और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। लेकिन नव्वागांव विद्यालय की स्थिति इन दावों को आईना दिखा रही है, जहां कुछ गैर-जिम्मेदार शिक्षकों की मनमानी से शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतरती नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि विद्यालय में प्रधानाध्यापक का पद लंबे समय से रिक्त है। इसी का फायदा उठाकर सहायक अध्यापकों की मनमानी बढ़ गई है।

अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षक समय से विद्यालय नहीं आते, नियमित पढ़ाई नहीं होती और बच्चों का भविष्य अंधकार की ओर धकेला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक धर्मेन्द्र तिवारी को अस्थायी रूप से प्रधानाध्यापक का प्रभार सौंपा गया है। लेकिन वे विद्यालय में उपस्थित रहकर बच्चों को पढ़ाने के बजाय बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) में अधिक समय बिताते हैं, जिससे शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इतना ही नहीं, सूत्र यह भी बताते हैं कि श्री तिवारी अक्सर नेपाल की यात्राओं पर निकल जाते हैं, जिनसे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या विभागीय अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ना नियमों की खुली अवहेलना नहीं है? विभागीय नियम स्पष्ट हैं कि कोई भी शिक्षक बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकता, इसके बावजूद बार-बार विदेश भ्रमण होना न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाता है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।

इस पूरे मामले में जब बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, “मुझे इस प्रकरण की फिलहाल जानकारी नहीं है। यदि बिना अनुमति विदेश यात्रा की गई है, तो जांच कराकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।” अब सवाल यह है कि क्या बच्चों की शिक्षा से ज्यादा जरूरी विदेश भ्रमण हो गया है? क्या विभागीय निगरानी सिर्फ कागजों तक सीमित है? और कब तक मासूम बच्चों का भविष्य इस तरह लापरवाही की भेंट चढ़ता रहेगा? यह मामला केवल एक शिक्षक का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की जवाबदेही का है। यदि समय रहते ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका सीधा खामियाजा उन नौनिहालों को भुगतना पड़ेगा, जिनके हाथों में आज किताब की जगह अनिश्चित भविष्य थमा दिया गया है।
शादी का झांसा देकर रेप करने वाला गिरफ्तार,मुंबई की महिला का 7 साल तक किया शोषण
*घर पहुंचने पर फिर किया दुष्कर्म

गोंडा।जिले के कटरा बाजार पुलिस ने शादी का झांसा देकर एक महिला का शारीरिक शोषण और रेप करने के आरोपी रामबाबू को गिरफ्तार कर लिया है।गिरफ्तारी के बाद आरोपी को चिकित्सकीय परीक्षण के पश्चात न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।मामला मुंबई की एक महिला से जुड़ा है,जिसने गोंडा आ कर मुकदमा दर्ज कराया था।आरोप है कि कटरा बाजार थाना क्षेत्र के चरेरा चहलवां गांव निवासी रामबाबू लगभग 7 साल पहले मुंबई में मजदूरी करने गया था और वहीं उसकी पहचान एक महिला से हुई।जिसके बाद धीरे धीरे दोनों बातचीत करने लगे और साथ रहने लगे।रामबाबू ने महिला से शादी का वादा किया था और उसके बाद लगातार 7 वर्षों तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाकर उसका शोषण करता रहा।जब महिला ने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी रामबाबू लगभग चार महीने पहले अचानक अपने घर गोंडा भाग आया और शादी से इंकार कर दिया।महिला को किसी तरह से रामबाबू का दूसरा मोबाइल नंबर और पता मिला।जिसके बाद वह 5 फरवरी को गोंडा पहुंची तथा दो दिन तक रामबाबू के घर पर रही,इस दौरान भी रामबाबू ने महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए।7 फरवरी को जब महिला ने एक बार फिर शादी की बात कही तो आरोपी ने इंकार कर दिया और महिला को घर से भगा दिया।इसके बाद महिला ने कटरा बाजार थाने में तहरीर दिया,जिसके बाद कटरा बाजार पुलिस ने तत्काल आरोपी रामबाबू के खिलाफ दुष्कर्म सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दिया।जिसके बाद पुलिस ने पूर्वान्ह आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।पीड़ित महिला का जिला महिला अस्पताल गोंडा में मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है।पुलिस धारा 164 के तहत पीड़िता का बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया में है।कटरा बाजार थाने के प्रभारी निरीक्षक विवेक त्रिवेदी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है।उन्होंने बताया कि महिला और रामबाबू ने शादी के लिए बात किया परन्तु रामबाबू बार बार शादी से मना कर रहा था,जिसके कारण महिला ने मुकदमा दर्ज कराया है और पुलिस ने कार्रवाई किया है।
“गोरखपुर में अंतरिक्ष कार्यशाला: नासा साइन्टिस्ट डॉ. हाशिमा हसन के साथ विद्यार्थियों को मिली प्रेरणा”
गोरखपुर । राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर, संस्कृति विभाग, उ0प्र0 एवं सुष्मिता सिंह बक्की, स्पेस आर्टिस्ट, उ0प्र0 के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 10 फरवरी, 2026 को अन्तरिक्ष में मानव विषयक एक दिवसीय कार्यशाला सह प्रतियोगिता सम्पन्न हुई। उक्त कार्यक्रम में  मुख्य अतिथि डाॅ0 हाशिमा हसन, नासा साइन्टिस्ट (भारतीय मूल) रहीं। विशिष्ट अतिथि खगोलविद् अमर पाल सिंह, नक्षत्रशाला (तारामण्डल), गोरखपुर भी उपस्थित रहें। उक्त कार्यक्रम में तीन विद्यालयों-सरमाउण्ट इण्टरनेशनल स्कूल, गौतम बुद्धा एकेडमी तथा एन0पी0ए0 एकेडमी, गोरखपुर के कुल 80 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। जिसमें से सफल प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि के हाथों प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय सहित दो सान्त्वना पुरस्कार/प्रतीक चिन्ह एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त प्रतियोगिता में अच्छा प्रयास करने वाले 38 छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया। प्रथम पुरस्कार अनुष्का यादव, द्वितीय पुरस्कार रितिका मार्य, एन0पी0ए0 एकेडमी तथा तृतीय एवं सान्त्वना पुरस्कार सरमाउण्ट इण्टरनेशनल स्कूल के अश्विन पाण्डेय व आदित्य त्रिपाठी को प्राप्त हुआ। दूसरा सान्त्वना पुरस्कार गौतम बुद्ध एकेडमी दिव्यनगर, खोराबार के कुमार चैतन्य को प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम संयोजक एवं स्पेस आर्टिस्ट  सुष्मिता सिंह बक्की ने कहा कि मुख्य अतिथि नासा साइन्टिस्ट डाॅ0 हाशिमा हसन, नासा के स्पेस सेन्टर से चलकर दिनांक 09 फरवरी, 2026 को सीधे गोरखपुर पहुॅंची और आज बौद्ध संग्रहालय द्वारा आयोजित उक्त कार्यक्रम सम्मिलित हुईं। जोकि हम सबके लिए बड़े ही सौभाग्य की बात है। सुश्री बक्की ने कार्यक्रम एवं मुख्य अतिथि का सक्षिप्त परिचय एवं रूप-रेखा भी प्रस्तुत किया।

उक्त अवसर पर मुख्य अतिथि डाॅ0 हाशिमा हसन, नासा साइन्टिस्ट ने जीवन संघर्षों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि मैनें जिस दौर में पढ़ाई की, जिसमें लड़कियों को घर से बाहर निकलना मुश्किल था। फिर भी मैंने अपने सपनों को साकार करने के लिए निरन्तर प्रयासरत रही एवं अपने सपनों को हमेशा अपने अन्दर जीवन्त रखा। आज जो कुछ भी है, मेरे हिम्मत और लगन तथा आत्मविश्वास का ही परिणाम है। इसलिए आज की विद्यार्थियों एवं युवा पीढ़ी को यह संदेश है कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए कभी हौसले को कम न होने दें। आपको अपनी मंजिल अवश्य मिलेगी। हमेशा सकारात्मक प्रयास करें। असफलताओं से घबराये नहीं।

कार्यक्रम संयोजक सुष्मिता सिंह बक्की की योग्यता एक कंप्युटर साइंस इंजीनियर हैं। जबकि इनका मुख्य रूचि स्पेस आर्ट में होने के कारण एक स्पेस आर्टिस्ट हैं। जो भारत के उत्तर प्रदेश के खलीलाबाद, संतकबीर नगर से हैं। इनके द्वारा बनाई गई स्पेस आर्ट ‘‘इसरो‘‘ में भी प्रदर्शित है सुष्मिता पिछले सात सालों से एक स्पेस आर्टिस्ट के तौर पर सक्रिय हैं। इस बार सुष्मिता एक ऐसी रोचक सीरीज पर काम कर रही हैं जो  अंतरिक्ष में भारत के योगदान को दुनिया के सामने रखता है।

सुष्मिता सिंह बक्की द्वारा उक्त अवसर पर संग्रहालय में स्पेस आर्ट से सम्बन्धित चित्रों का भी प्रदर्शन किया गया। उक्त आयोजन के इस सीरीज में बनाई गई पहली पेंटिंग दस महाविद्या और ब्रम्ह्माण्ड की ऊर्जा को बताती है। ये पेंटिंग हाल ही मे कुछ कला प्रदर्शनियों का हिस्सा रही है। वहीं इस श्रृंखला की दूसरी पेंटिंग डॉ0 क्षितिज के ब्रम्हाण्ड का हिस्सा बनने जा रही है, जो आधुनिक बिग बैंग थ्योरी और पौराणिक हिरण्यगर्भ जैसे विषय पर बन रही है।

इसी दौरान नक्षत्रशाला के खगोलविद् अमर पाल सिंह ने कहा कि ब्रहमाण्ड सभी के लिए है और डाॅ0 हाशिमा हसन जैसे व्यक्तित्व की लगन, समर्पण और रिसर्च से प्रेरणा लेकर के विद्यार्थियों को भावी भविष्य के वैज्ञानिक बनने के लिए एक मार्गदर्शक के तौर पर उनका व्यक्तित्व एवं कृतित्व अपने आप में बहुत कुछ सीखने, जानने एवं समझने योग्य है। जैसे कि उन्होंने हबल स्पेस टेलीस्कोप एवं जेम्स बेव स्पेस टेलीस्कोप जैसे प्रोजेक्ट में बतौर सीनियर साइन्टिस्ट कार्य करते हुए जे.डब्ल्यू. एस.टी. से प्राप्त अन्तरिक्ष की तस्वीरों आदि को अन्वेषित करके दुनिया को वह दिखाया है जो शायद हम कभी नहीं देख पाते।

कार्यक्रम के अन्त में संग्रहालय के उप निदेशक डाॅ0 यशवन्त सिंह राठौर ने कहा कि संग्रहालय विद्यार्थियों के लिए समय-समय पर विविध शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है। इसी कड़ी में सुष्मिता सिंह बक्की के प्रयासों से आज नासा की साइन्टिस्ट डाॅ0 हाशिमा हसन से समन्वय स्थापित कर बौद्ध संग्रहालय में अन्तरिक्ष में मानव से सम्बन्धित विषय पर इस तरह ही कार्यशाला का आयोजन में मुख्य अतिथि के तौर पर बुलवाना अपने आप में एक अद्वितीय एवं सराहनीय प्रयास रहा है। जो निश्चय ही खासकर छात्राओं के लिए एक प्रेरणात्मक पहल है। डाॅ0 राठौर ने कहा कि डाॅ0 हाशिमा हसन जैसी प्रतिभाओं का नासा से गोरखपुर बौद्ध संग्रहालय में आना और छात्र-छात्राओं के मध्य  सीधा संवाद करना तथा अन्तरिक्ष सम्बन्धी प्रश्नों से सम्बन्धित जिज्ञासाओं को शांत करना निश्चित तौर पर हम सब अन्तरिक्ष पे्रमियों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम का संचालन श्री शिवनाथ एवं श्री प्रभाकर शुक्ला द्वारा किया गया। उक्त अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के अध्यापकों सहयोग उल्लेखनीय रहा।
सांसद पप्पू यादव को पटना कोर्ट से जमानत, 31 साल पुराने मामले में हुई थी गिरफ्तारी

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पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को गर्दनीबाग मामले में कोर्ट से जमानत मिल गई है। न्यायालय में जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद उन्हें राहत दे दी गई। पप्पू यादव को 31 साल पुराने जमीन विवाद में शुक्रवार देर रात गिरफ्तार किया गया था और वे पटना की बेऊर जेल में बंद थे।

तीन दशक पुराने केस में हुई थी गिरफ्तारी

दरअसल, करीब तीन दशक पुराने एक मामले में गिरफ्तारी के बाद से सांसद पप्पू यादव पटना के बेऊर जेल में कैद थे। धोखाधड़ी से मकान किराए पर लेने और कब्जा करने के मामले में मकान मालिक ने गर्दनीबाग थाने में केस किया था। इसी मामले में तीन दिन पहले (शुक्रवार की देर रात) गिरफ्तारी हुई थी।

सोमवार को ही होनी थी सुनवाई

पप्पू यादव की जमानत याचिका पर कोर्ट में सोमवार को ही सुनवाई होनी थी। लेकिन अचानक पटना सिविल कोर्ट में बम रखने जाने की सूचना ईमेल से आई, जिसके बाद वहां अफरातफरी का माहौल हो गया। पटना पुलिस इसकी जांच-पड़ताल में जुट गई। कोर्ट परिसार को खाली करवा कर चेकिंग की गई थी। इससे न्यायिक कामकाज भी बाधित हुए। जिसके चलते पप्पू यादव की याचिका पर भी सुनवाई नहीं हो पाई। जेल से बाहर आने के लिए सांसद पप्पू यादव का इंतजार बढ़ गया था। मगर, आज का उन्हें राहत मिल गई।

क्या है मामला?

ये मामला साल 1995 का है, जो पटना के गर्दनीबाग थाने में दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया था कि पप्पू यादव और उनके सहयोगियों ने उनका मकान व्यक्तिगत उपयोग के नाम पर किराए पर लिया था, लेकिन बाद में उसका इस्तेमाल धोखे से सांसद के कार्यालय के रूप में किया जाने लगा। इस मामले में धारा 467 (दस्तावेजों की जालसाजी) समेत अन्य गंभीर धाराएं लगी थीं।