दिल्ली में आज से ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक, मध्य एशिया संकट के बीच महमंथन

#bricsforeignministermeeting2026

भारत की अध्यक्षता में 'ब्रिक्स' देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक आज से नई दिल्ली में शुरू होने जा रही है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस जयशंकर करेंगे।

पश्चिम एशिया संकट पर होगी चर्चा

ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर पड़ रहे असर को लेकर मुख्य रूप से चर्चा हो सकती है। ईरान ने ब्रिक्स के मौजूदा अध्यक्ष भारत से आग्रह किया था कि वह संघर्ष रोकने में अपनी स्वतंत्र भूमिका का उपयोग करे। इस बैठक के लिए ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची दिल्ली पहुंच चुके हैं। अमेरिका-इजराइल से युद्ध छिड़ने के बाद उनकी यह पहली भारत यात्रा है।

इन प्रमुख मुद्दों पर भी होगा फोकस

विदेश मंत्रालय के अनुसार, चर्चाओं का मुख्य केंद्र प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रम, सदस्य देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करना, और बदलती भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को देखते हुए अंतर्राष्ट्रीय शासन संरचनाओं में सुधार को आगे बढ़ाना होगा। मंत्रालय ने कहा कि भाग लेने वाले देश अपने-अपने प्रतिनिधित्व का स्तर स्वयं तय करेंगे।

शिखर सम्मेलन का एजेंडा तय करेगी बैठक

भारत इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। सितंबर में इसका वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित होना है। उससे पहले विदेश मंत्रियों का ये सम्मेलन हो रहा है। माना जा रहा है कि यह बैठक इस साल अंत में होने वाले ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन के एजेंडे को तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। नई दिल्ली में आयोजित साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय (एमईए) ने पुष्टि की कि भाग लेने वाले देशों के वरिष्ठ राजनयिक इस बैठक में शामिल होंगे। मंत्रालय ने दो दिवसीय बैठक के दौरान होने वाली चर्चाओं की व्यापक रूपरेखा भी बताई।

भारत ने हाल में ही जारी किया था ब्रिक्स 2026 का लोगो

भारत ने हाल ही में अपनी 'ब्रिक्स 2026' अध्यक्षता के लिए आधिकारिक लोगो और वेबसाइट का अनावरण किया। अधिकारियों ने बताया कि इस बार 'ब्रिक्स' समिट की थीम भारत के 'मानवता सबसे पहले' और जन-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 में रियो डी जेनेरियो में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान विशेष जोर दिया था। यह चौथा अवसर होगा जब भारत ब्रिक्स के शिखर स्तर के किसी आयोजन की मेजबानी करेगा, जो इस ग्रुप के भीतर और वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच नई दिल्ली की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

कक्षा बारहवीं का परिणाम घोषित — डीपीएम पब्लिक स्कूल ने क्षेत्र में किया अभूतपूर्व प्रदर्शन
मोनू भाटी

मेरठ | 13 मई 2026 — केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आज घोषित कक्षा बारहवीं के परिणाम में डी०पी०एम० पब्लिक स्कूल, बहसूमा, मेरठ के विद्यार्थियों ने शानदार एवं अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। विद्यालय ने पूरे क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस वर्ष विद्यालय का परिणाम अत्यंत उत्कृष्ट रहा, जिसमें अधिकांश विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए और कई विद्यार्थियों ने अच्छे अधिक अंक प्राप्त करके विद्यालय का नाम पूरे मेरठ क्षेत्र में रोशन किया है।
विज्ञान संकाय में विद्यालय का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा:
प्रथम स्थान: सरण्या सिंह — 92.60%    द्वितीय स्थान- देव चौधरी — 89.04%   तृतीय स्थान रिया सोलंकी — 87.60%
                                       
वाणिज्य संकाय में भी शानदार परिणाम:
प्रथम स्थान -  सिम्बुल — 85.02%  द्वितीय स्थान - आस्था सिरोही —82.02%   तृतीय स्थान अंश — 80.01%
विद्यालय के सम्मानित सचिव जगदीश त्यागी जी ने इस ऐतिहासिक सफलता पर पूरे विद्यालय परिवार को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों को मिठाई खिलाकर उनका स्वागत किया और भावपूर्ण अभिनंदन किया।
सचिव महोदय ने अपने संबोधन में कहा, “यह उपलब्धि हमारे विद्यालय डी०पी०एम० पब्लिक स्कूल की शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन, समर्पण और निरंतर प्रयासों का जीवंत प्रमाण है। हमारे विद्यार्थियों ने न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बल्कि पूरे क्षेत्र में विद्यालय का परचम लहराया है। मैं पूरे गर्व के साथ कह सकता हूँ कि हमारा विद्यालय आज मेरठ क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला विद्यालय सिद्ध हुआ है। यह सफलता विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के अटूट सहयोग का अद्भुत संगम है।”
श्री जगदीश त्यागी जी ने विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके माता-पिता का भी विशेष रूप से अभिनंदन किया और कहा कि “अभिभावकों का विश्वास और निरंतर प्रोत्साहन ही इस उपलब्धि की असली नींव है।”
विद्यालय के प्रधानाचार्य  जिया जैदी जी ने भी सभी विद्यार्थियों का हार्दिक अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर पूरा विद्यालय गर्व से भरा हुआ है और शिक्षकों की मेहनत व समर्पण अत्यंत सराहनीय रहा है।
इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा अभिभावकों ने एक-दूसरे का उत्साहपूर्वक अभिनंदन किया। विद्यालय परिसर में खुशी और उत्साह का माहौल छाया रहा।
डी०पी०एम० पब्लिक स्कूल, बहसूमा, मेरठ का पूरा परिवार समस्त सफल विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएँ देता है। ईश्वर सभी को और भी बड़ी ऊँचाइयों तक पहुँचाए। मेरठ
यूपी में आंधी-बारिश का कहर: 96 लोगों की मौत, कई जिलों में तबाही, रेल और बिजली व्यवस्था चरमराई
लखनऊ। Uttar Pradesh में बुधवार को मौसम ने ऐसा कहर बरपाया कि कई जिलों में जिंदगी थम सी गई। तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली ने प्रदेशभर में भारी तबाही मचाई, जिसमें अब तक 96 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। गांवों से लेकर शहरों तक हर तरफ तबाही का मंजर देखने को मिला।
सबसे ज्यादा असर पूर्वांचल और मध्य यूपी के जिलों में देखने को मिला। Prayagraj, Varanasi, Bhadohi, Mirzapur और फतेहपुर सहित कई जिलों में तेज हवाओं ने पेड़ों और बिजली के खंभों को धराशायी कर दिया। कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकान और टीनशेड उड़ गए।
भदोही में सबसे अधिक 18 लोगों की मौत हुई, जबकि प्रयागराज में 17 और मिर्जापुर में 15 लोगों ने जान गंवाई। फतेहपुर में 10, उन्नाव और बदायूं में 6-6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके अलावा रायबरेली, सीतापुर, चंदौली, हरदोई, संभल और अन्य जिलों में भी जानमाल का भारी नुकसान हुआ है।
आंधी-तूफान का असर रेलवे सेवाओं पर भी पड़ा। फतेहपुर में पेड़ गिरने से ओएचई लाइन टूट गई, जिससे दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग करीब डेढ़ घंटे तक प्रभावित रहा। कानपुर होकर गुजरने वाली 22 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। वहीं प्रयागराज-जौनपुर रेलखंड पर रेलवे ट्रैक पर विशाल पेड़ गिरने से ट्रेनों की आवाजाही ठप हो गई।
प्रदेश में अचानक बदले मौसम ने किसानों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। खेतों में तैयार खड़ी फसलें तेज बारिश और हवाओं की चपेट में आकर बर्बाद हो गईं। कई इलाकों में सड़कें जाम रहीं और यातायात बाधित रहा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अधिकारियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा दिया जाए और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
“बूथ जीतो,चुनाव जीतो” मंत्र हर बूथ पर होंगा लागू - सुशील त्रिपाठी
*2027 की तैयारी में भाजपा, बूथों को अभेद्य बनाने पर मंथन*

*2027 मिशन के लिए भाजपा ने कसी कमर, हर बूथ जीतने का लक्ष्य तय*

*बंगाल-असम जीत से उत्साहित भाजपा,अब 2027 पर फोकस*

*2156 बूथों का सत्यापन पूरा,372 शक्ति केंद्रों पर होंगी बैठकें*

सुलतानपुर।पश्चिम बंगाल और असम में मिली प्रचंड जीत से उत्साहित भारतीय जनता पार्टी ने अब मिशन-2027 की तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को पयागीपुर स्थित भाजपा जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित कोर कमेटी की बैठक में हर बूथ जीतने का लक्ष्य तय किया गया।बैठक में जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने कहा कि “बूथ जीतो, चुनाव जीतो” का मंत्र प्रत्येक बूथ पर पूरी ताकत के साथ लागू किया जाएगा। बूथों के सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए रणनीति तैयार की जाएगी और संगठन को जमीनी स्तर तक और मजबूत बनाया जाएगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि मई के दूसरे पखवाड़े में जिले की पांचों विधानसभाओं में बूथ सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। भाजपा जिला मीडिया प्रमुख विजय रघुवंशी ने बताया कि जिले की सभी 2156 बूथ समितियों का सत्यापन पूरा कर लिया गया है। आगामी 24 मई को जिले के सभी 372 शक्ति केंद्रों पर संगठनात्मक बैठकें होंगी, जबकि 31 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के बाद सभी बूथों पर बूथ समिति की बैठक आयोजित की जाएगी।
इन बैठकों में कार्यकर्ताओं को की-वोटर्स तथा समाज के प्रभावशाली लोगों से सतत संपर्क और संवाद बनाए रखने की रणनीति पर विशेष रूप से काम करने के निर्देश दिए जाएंगे।बैठक में एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. आरए वर्मा, विधायक सीताराम वर्मा, विधायक राजेश गौतम, ओम प्रकाश पाण्डेय ‘बजरंगी’, संदीप सिंह, विजय प्रताप त्रिपाठी, अयोध्या प्रसाद वर्मा सहित कोर कमेटी के सदस्य मौजूद रहे।
शिक्षामित्रों के मानदेय वृद्धि पर हर्ष: बलिया में बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर में आज दिनांक 14-5-2026 को सामूहिक रुद्राभिषेक और भंडारा का आयोजन

संजीव सिंह बलिया। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के सहयोग से उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि का शुभ कार्य संपन्न हो गया है। यह समाचार समस्त शिक्षक बंधुओं के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है। उम्मीद है कि शीघ्र ही स्थाईकरण का भी सुखद समाचार प्राप्त होगा।इस पावन उपलब्धि की सफलता में श्री बाबा बालेश्वर नाथ जी महादेव की असीम कृपा, अनुकंपा और आशीर्वाद का विशेष योगदान रहा है। इसी दिव्य कृपा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने हेतु उ.प्र. प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ, बलिया द्वारा निम्नलिखित कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है:दिनांक: 14 मई 2026 (गुरुवार)
स्थान: श्री बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर, बलिया सामूहिक रुद्राभिषेक: दोपहर 2:00 बजेप्रसाद वितरण (भंडारा): सायं 5:00 बजे से इस पुण्य अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग के समस्त सम्मानित अधिकारीगण, कर्मचारी, शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया आदि सादर आमंत्रित हैं। आप सभी से विनम्र निवेदन है कि उपस्थित होकर बाबा भोलेनाथ का

आशीर्वाद प्राप्त करें।
सादर निवेदक,
उ.प्र. प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ, बलिया
डोभी को मिली आधुनिक सौगात: गरीबों के बजट में मिलेगा लग्जरी सुविधा का आनंद, जहानाबाद सांसद ने किया “होटल राज रिजॉर्ट” का उद्घाटन

गया: गया-डोभी रोड स्थित बजौरा में संत मलिक बी.एड कॉलेज के सामने बने “होटल राज रिजॉर्ट” का भव्य उद्घाटन जहानाबाद सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव ने फीता काटकर किया। उद्घाटन समारोह में बोधगया विधायक कुमार सर्वजीत, एमएलसी रिंकू यादव, बाराचट्टी पूर्व विधायिक समता देवी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। रिजॉर्ट के शुरू होने से अब डोभी एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शादी-विवाह और अन्य कार्यक्रमों के लिए गया शहर नहीं जाना पड़ेगा।

उद्घाटन के बाद सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि होटल राज रिजॉर्ट शानदार और बेहतरीन तरीके से बनाया गया है। इसमें गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि बड़े शहरों में बड़े-बड़े होटल जरूर हैं, लेकिन वहां आम लोग आसानी से कार्यक्रम नहीं कर पाते। यह रिजॉर्ट कम खर्च में बेहतर सुविधा देने वाला साबित होगा। सांसद ने कहा कि शादी-विवाह जैसे आयोजनों में लोगों को काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब डोभी क्षेत्र के लोगों को अपने ही इलाके में आधुनिक सुविधा मिल सकेगी।

होटल राज रिजॉर्ट के प्रोपराइटर राजीव कुमार यादव उर्फ राजू यादव ने बताया कि क्षेत्र के लोगों को पहले शादी-विवाह के लिए गया शहर जाना पड़ता था, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता था। इसी परेशानी को देखते हुए उन्होंने रिजॉर्ट बनाने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि यह रिजॉर्ट खासकर गरीब और जरूरतमंद परिवारों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि होटल राज रिजॉर्ट में बैंक्वेट हॉल, मैरिज हॉल, एसी और नॉन-एसी कमरे, 24 घंटे साउंड प्रूफ जनरेटर, पार्किंग और रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। रिजॉर्ट में कुल 25 कमरे बनाए गए हैं। इसके अलावा 4000 स्क्वायर फीट का हॉल, 3800 स्क्वायर फीट का रेस्टोरेंट और 1800 स्क्वायर फीट का रिसेप्शन एरिया भी तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि शादी के लिए बुकिंग कराने वाले परिवारों को विशेष छूट दी जाएगी तथा असहाय गरीब परिवारों को हर संभव मदद की जाएगी।

इस मौके पर जन अधिकार पार्टी के नेता संतोष लाल यादव ने कहा कि डोभी क्षेत्र में इस तरह का आधुनिक रिजॉर्ट खुलना लोगों के लिए बड़ी सौगात है। उन्होंने राजू यादव की मेहनत और सोच की सराहना करते हुए कहा कि एक किसान परिवार से निकलकर उन्होंने क्षेत्र के लोगों को नई सुविधा देने का काम किया है।

*भोगनीपुर लैंड स्कैम ने निजी कंपनियों का असली चरित्र उजागर किया : बिजली कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध :पूर्वांचल व दक्षिणांचल डिस्कॉ


भोगनीपुर में सामने आए लगभग 400 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि निजी कंपनियों को सार्वजनिक संसाधनों और जनहित से जुड़े क्षेत्रों का नियंत्रण सौंपना कितना खतरनाक हो सकता है। सरकारी जमीन के दुरुपयोग, नियमों की खुलेआम अनदेखी, बैंक अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की कथित मिलीभगत तथा चीटिंग, फर्जीवाड़ा और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप निजीकरण मॉडल की वास्तविकता को उजागर करते हैं।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने कहा है कि जब निजी कंपनियां सरकारी जमीन और सार्वजनिक संसाधनों के साथ इस प्रकार की अनियमितताओं में लिप्त पाई जा रही हैं, तब प्रदेश के बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपना जनता, किसानों और कर्मचारियों — तीनों के हितों के खिलाफ होगा।

संघर्ष समिति ने मांग की है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का प्रस्ताव तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। साथ ही पनकी तथा जवाहरपुर ताप बिजलीघरों के परिचालन एवं अनुरक्षण का कार्य 25 वर्षों के लिए निजी कंपनियों को देने का निर्णय भी सिरे से खारिज किया जाए।

संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली व्यवस्था कोई व्यावसायिक उत्पाद नहीं बल्कि जनता को दी जाने वाली मूलभूत सार्वजनिक सेवा है। निजी कंपनियों का मुख्य उद्देश्य अधिकतम लाभ कमाना होता है, जबकि सरकारी बिजली संस्थानों का उद्देश्य प्रदेश की जनता को सुरक्षित, सस्ती और निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है।

आज प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों, बिजलीघरों और परियोजनाओं में बिजली कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों तथा अभियंताओं ने पूरे दिन काली पट्टी बांधकर कार्य किया तथा कार्यालय समय के उपरांत व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित किए। विरोध कार्यक्रमों में पनकी और जवाहरपुर ताप बिजली घरों के निजीकरण, आउटसोर्सिंग और संविदा कर्मियों की छंटनी के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई गई।
संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि भोगनीपुर लैंड स्कैम में जिस प्रकार हिमावत पावर कंपनी एवं लैंको अनपरा पावर कंपनी पर चीटिंग, फर्जीवाड़ा और क्रिमिनल कांस्पिरेसी के आरोप सामने आए हैं, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि उत्तर प्रदेश के पावर सेक्टर में निजी क्षेत्र का असली चरित्र क्या है और उनका वास्तविक उद्देश्य केवल निजी लाभ अर्जित करना है।

उन्होंने निजी कंपनियों, बैंक अधिकारियों तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई प्रारंभ किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री से अपील की कि निजी कंपनियों के इस चरित्र के उजागर होने के बाद उत्तर प्रदेश के बिजली क्षेत्र में निजीकरण संबंधी किसी भी प्रस्ताव को आगे न बढ़ाया जाए।

संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह निजीकरण की नीति पर पुनर्विचार करे, सरकारी बिजली संस्थानों को मजबूत बनाए, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करे तथा सार्वजनिक क्षेत्र की जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए।

निजीकरण और उत्पीड़न के विरोध में चल रहे जनजागरण अभियान के अंतर्गत आज संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने सीतापुर और हरदोई में विरोध सभा की । विरोध सभा को संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारी मुख्यतया जितेन्द्र सिंह गुर्जर और महेन्द्र राय ने संबोधित किया।
     उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां के विरोध में 14 मई को लखनऊ में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्यालय पर अपराह्न 2:00 बजे  से शाम 5:00 बजे तक विरोध सभा होगी।

शैलेन्द्र दुबे
संयोजक
9425006225
*भोगनीपुर लैंड स्कैम ने निजी कंपनियों का असली चरित्र उजागर किया : बिजली कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध :पूर्वांचल व दक्षिणांचल डिस्कॉ


भोगनीपुर में सामने आए लगभग 400 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि निजी कंपनियों को सार्वजनिक संसाधनों और जनहित से जुड़े क्षेत्रों का नियंत्रण सौंपना कितना खतरनाक हो सकता है। सरकारी जमीन के दुरुपयोग, नियमों की खुलेआम अनदेखी, बैंक अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की कथित मिलीभगत तथा चीटिंग, फर्जीवाड़ा और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप निजीकरण मॉडल की वास्तविकता को उजागर करते हैं।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने कहा है कि जब निजी कंपनियां सरकारी जमीन और सार्वजनिक संसाधनों के साथ इस प्रकार की अनियमितताओं में लिप्त पाई जा रही हैं, तब प्रदेश के बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपना जनता, किसानों और कर्मचारियों — तीनों के हितों के खिलाफ होगा।

संघर्ष समिति ने मांग की है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का प्रस्ताव तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। साथ ही पनकी तथा जवाहरपुर ताप बिजलीघरों के परिचालन एवं अनुरक्षण का कार्य 25 वर्षों के लिए निजी कंपनियों को देने का निर्णय भी सिरे से खारिज किया जाए।

संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली व्यवस्था कोई व्यावसायिक उत्पाद नहीं बल्कि जनता को दी जाने वाली मूलभूत सार्वजनिक सेवा है। निजी कंपनियों का मुख्य उद्देश्य अधिकतम लाभ कमाना होता है, जबकि सरकारी बिजली संस्थानों का उद्देश्य प्रदेश की जनता को सुरक्षित, सस्ती और निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है।

आज प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों, बिजलीघरों और परियोजनाओं में बिजली कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों तथा अभियंताओं ने पूरे दिन काली पट्टी बांधकर कार्य किया तथा कार्यालय समय के उपरांत व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित किए। विरोध कार्यक्रमों में पनकी और जवाहरपुर ताप बिजली घरों के निजीकरण, आउटसोर्सिंग और संविदा कर्मियों की छंटनी के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई गई।
संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि भोगनीपुर लैंड स्कैम में जिस प्रकार हिमावत पावर कंपनी एवं लैंको अनपरा पावर कंपनी पर चीटिंग, फर्जीवाड़ा और क्रिमिनल कांस्पिरेसी के आरोप सामने आए हैं, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि उत्तर प्रदेश के पावर सेक्टर में निजी क्षेत्र का असली चरित्र क्या है और उनका वास्तविक उद्देश्य केवल निजी लाभ अर्जित करना है।

उन्होंने निजी कंपनियों, बैंक अधिकारियों तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई प्रारंभ किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री से अपील की कि निजी कंपनियों के इस चरित्र के उजागर होने के बाद उत्तर प्रदेश के बिजली क्षेत्र में निजीकरण संबंधी किसी भी प्रस्ताव को आगे न बढ़ाया जाए।

संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह निजीकरण की नीति पर पुनर्विचार करे, सरकारी बिजली संस्थानों को मजबूत बनाए, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करे तथा सार्वजनिक क्षेत्र की जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए।

निजीकरण और उत्पीड़न के विरोध में चल रहे जनजागरण अभियान के अंतर्गत आज संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने सीतापुर और हरदोई में विरोध सभा की । विरोध सभा को संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारी मुख्यतया जितेन्द्र सिंह गुर्जर और महेन्द्र राय ने संबोधित किया।
     उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां के विरोध में 14 मई को लखनऊ में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्यालय पर अपराह्न 2:00 बजे  से शाम 5:00 बजे तक विरोध सभा होगी।

शैलेन्द्र दुबे
संयोजक
9425006225
देवघर के डीएवी भंडारकोला के विद्यार्थियों ने बारहवीं की सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शत प्रतिशत सफलता प्राप्त कर लहराया परचम।
देवघर: गीता देवी डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, भंडारकोला, के विद्यार्थियों ने सीबीएसई की बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रौशन किया। विद्यार्थियों की शानदार सफलता से विद्यालय परिसर में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण व्याप्त है। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विज्ञान एवं वाणिज्य कला संकाय में बेहतरीन अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। विज्ञान संकाय में 91.4 प्रतिशत अंक के साथ सुंदरम प्रथम स्थान, 85 प्रतिशत अंक के साथ प्रथम राज दूसरे और 84 प्रतिशत अंक के साथ मो असजद अंसारी तीसरे स्थान पर रहे। वाणिज्य संकाय में 90.6 प्रतिशत अंक के साथ ओम भारद्वाज प्रथम, 86.6 प्रतिशत अंक के साथ ऋचा सिंह दूसरे और 83.6 प्रतिशत अंक के साथ क्रमशः श्रेयश कुमार और निधि कुमारी तीसरे स्थान पर रहे। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि का श्रेय उनके कठिन परिश्रम, शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं अभिभावकों के सहयोग को दिया गया। विद्यालय के प्राचार्य ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन एवं शिक्षकों की समर्पित शिक्षण पद्धति का प्रतिफल है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
पीएम के आह्वान पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने पेश की मिसाल, पैदल जाएंगे कार्यालय कुलपति ने की ईधन बचाने की अपील

प्रयागराज, 13 मई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीज़ल की खपत कम करने की अपील का असर उ.प्र. राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में व्यापक रूप से दिखा है। कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने लीड बाय एक्जाम्पल  की भावना से खुद पैदल कार्यालय जाने का फैसला लिया है और साथ ही विश्वविद्यालय के सभी 12 क्षेत्रीय केंद्रों के समन्वयकों व समस्त शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों से भी ईंधन बचाने की अपील की है। इस अवसर पर कुलपति प्रो. सत्यकाम ने घोषणा की कि वे प्रतिदिन आवास से गंगा परिसर स्थित कार्यालय तक पैदल आएंगे।
कुलपति प्रो. सत्यकाम ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का आह्वान राष्ट्र निर्माण का संकल्प है। मैंने अपने सभी क्षेत्रीय केंद्रों के निदेशकों, समन्वयकों एवं शिक्षक साथियों से अनुरोध किया है कि वे भी सप्ताह में कम से कम एक दिन पैदल या साइकिल से कार्यालय आएं। जब 12 केंद्रों का परिवार एक साथ यह कदम उठाएगा, तो हजारों लीटर ईंधन बचेगा और लाखों छात्रों तक पर्यावरण का संदेश जाएगा। यह एक भारत श्रेष्ठ भारत की सच्ची भावना है।
मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों से पेट्रोल एवं डीज़ल जैसे जीवाश्म ईंधनों की खपत कम करने तथा भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने हेतु निरंतर प्रेरित किया जा रहा है। यह केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास एवं भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक राष्ट्रीय दायित्व भी है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों से आग्रह किया कि कि वे ऊर्जा संरक्षण एवं ईंधन बचत को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएं तथा छोटी दूरी की यात्रा हेतु साइकिल अथवा पैदल चलने को प्राथमिकता दें। यथासंभव सार्वजनिक परिवहन, बस का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने परिवार एवं समाज को भी जागरूक करें। मुक्त विश्वविद्यालय सदैव सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरणीय चेतना एवं राष्ट्र निर्माण के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहा है। आज आवश्यकता है कि हम सभी मिलकर स्वच्छ, हरित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने आह्वान किया कि हम सभी ऊर्जा संरक्षण का संकल्प लेकर राष्ट्रहित में अपना योगदान दें।

  डॉ प्रभात चंद्र मिश्र
जनसंपर्क अधिकारी
दिल्ली में आज से ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक, मध्य एशिया संकट के बीच महमंथन

#bricsforeignministermeeting2026

भारत की अध्यक्षता में 'ब्रिक्स' देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक आज से नई दिल्ली में शुरू होने जा रही है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस जयशंकर करेंगे।

पश्चिम एशिया संकट पर होगी चर्चा

ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर पड़ रहे असर को लेकर मुख्य रूप से चर्चा हो सकती है। ईरान ने ब्रिक्स के मौजूदा अध्यक्ष भारत से आग्रह किया था कि वह संघर्ष रोकने में अपनी स्वतंत्र भूमिका का उपयोग करे। इस बैठक के लिए ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची दिल्ली पहुंच चुके हैं। अमेरिका-इजराइल से युद्ध छिड़ने के बाद उनकी यह पहली भारत यात्रा है।

इन प्रमुख मुद्दों पर भी होगा फोकस

विदेश मंत्रालय के अनुसार, चर्चाओं का मुख्य केंद्र प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रम, सदस्य देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करना, और बदलती भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को देखते हुए अंतर्राष्ट्रीय शासन संरचनाओं में सुधार को आगे बढ़ाना होगा। मंत्रालय ने कहा कि भाग लेने वाले देश अपने-अपने प्रतिनिधित्व का स्तर स्वयं तय करेंगे।

शिखर सम्मेलन का एजेंडा तय करेगी बैठक

भारत इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। सितंबर में इसका वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित होना है। उससे पहले विदेश मंत्रियों का ये सम्मेलन हो रहा है। माना जा रहा है कि यह बैठक इस साल अंत में होने वाले ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन के एजेंडे को तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। नई दिल्ली में आयोजित साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय (एमईए) ने पुष्टि की कि भाग लेने वाले देशों के वरिष्ठ राजनयिक इस बैठक में शामिल होंगे। मंत्रालय ने दो दिवसीय बैठक के दौरान होने वाली चर्चाओं की व्यापक रूपरेखा भी बताई।

भारत ने हाल में ही जारी किया था ब्रिक्स 2026 का लोगो

भारत ने हाल ही में अपनी 'ब्रिक्स 2026' अध्यक्षता के लिए आधिकारिक लोगो और वेबसाइट का अनावरण किया। अधिकारियों ने बताया कि इस बार 'ब्रिक्स' समिट की थीम भारत के 'मानवता सबसे पहले' और जन-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 में रियो डी जेनेरियो में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान विशेष जोर दिया था। यह चौथा अवसर होगा जब भारत ब्रिक्स के शिखर स्तर के किसी आयोजन की मेजबानी करेगा, जो इस ग्रुप के भीतर और वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच नई दिल्ली की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

कक्षा बारहवीं का परिणाम घोषित — डीपीएम पब्लिक स्कूल ने क्षेत्र में किया अभूतपूर्व प्रदर्शन
मोनू भाटी

मेरठ | 13 मई 2026 — केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आज घोषित कक्षा बारहवीं के परिणाम में डी०पी०एम० पब्लिक स्कूल, बहसूमा, मेरठ के विद्यार्थियों ने शानदार एवं अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। विद्यालय ने पूरे क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस वर्ष विद्यालय का परिणाम अत्यंत उत्कृष्ट रहा, जिसमें अधिकांश विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए और कई विद्यार्थियों ने अच्छे अधिक अंक प्राप्त करके विद्यालय का नाम पूरे मेरठ क्षेत्र में रोशन किया है।
विज्ञान संकाय में विद्यालय का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा:
प्रथम स्थान: सरण्या सिंह — 92.60%    द्वितीय स्थान- देव चौधरी — 89.04%   तृतीय स्थान रिया सोलंकी — 87.60%
                                       
वाणिज्य संकाय में भी शानदार परिणाम:
प्रथम स्थान -  सिम्बुल — 85.02%  द्वितीय स्थान - आस्था सिरोही —82.02%   तृतीय स्थान अंश — 80.01%
विद्यालय के सम्मानित सचिव जगदीश त्यागी जी ने इस ऐतिहासिक सफलता पर पूरे विद्यालय परिवार को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों को मिठाई खिलाकर उनका स्वागत किया और भावपूर्ण अभिनंदन किया।
सचिव महोदय ने अपने संबोधन में कहा, “यह उपलब्धि हमारे विद्यालय डी०पी०एम० पब्लिक स्कूल की शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन, समर्पण और निरंतर प्रयासों का जीवंत प्रमाण है। हमारे विद्यार्थियों ने न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बल्कि पूरे क्षेत्र में विद्यालय का परचम लहराया है। मैं पूरे गर्व के साथ कह सकता हूँ कि हमारा विद्यालय आज मेरठ क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला विद्यालय सिद्ध हुआ है। यह सफलता विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के अटूट सहयोग का अद्भुत संगम है।”
श्री जगदीश त्यागी जी ने विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके माता-पिता का भी विशेष रूप से अभिनंदन किया और कहा कि “अभिभावकों का विश्वास और निरंतर प्रोत्साहन ही इस उपलब्धि की असली नींव है।”
विद्यालय के प्रधानाचार्य  जिया जैदी जी ने भी सभी विद्यार्थियों का हार्दिक अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर पूरा विद्यालय गर्व से भरा हुआ है और शिक्षकों की मेहनत व समर्पण अत्यंत सराहनीय रहा है।
इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा अभिभावकों ने एक-दूसरे का उत्साहपूर्वक अभिनंदन किया। विद्यालय परिसर में खुशी और उत्साह का माहौल छाया रहा।
डी०पी०एम० पब्लिक स्कूल, बहसूमा, मेरठ का पूरा परिवार समस्त सफल विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएँ देता है। ईश्वर सभी को और भी बड़ी ऊँचाइयों तक पहुँचाए। मेरठ
यूपी में आंधी-बारिश का कहर: 96 लोगों की मौत, कई जिलों में तबाही, रेल और बिजली व्यवस्था चरमराई
लखनऊ। Uttar Pradesh में बुधवार को मौसम ने ऐसा कहर बरपाया कि कई जिलों में जिंदगी थम सी गई। तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली ने प्रदेशभर में भारी तबाही मचाई, जिसमें अब तक 96 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। गांवों से लेकर शहरों तक हर तरफ तबाही का मंजर देखने को मिला।
सबसे ज्यादा असर पूर्वांचल और मध्य यूपी के जिलों में देखने को मिला। Prayagraj, Varanasi, Bhadohi, Mirzapur और फतेहपुर सहित कई जिलों में तेज हवाओं ने पेड़ों और बिजली के खंभों को धराशायी कर दिया। कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकान और टीनशेड उड़ गए।
भदोही में सबसे अधिक 18 लोगों की मौत हुई, जबकि प्रयागराज में 17 और मिर्जापुर में 15 लोगों ने जान गंवाई। फतेहपुर में 10, उन्नाव और बदायूं में 6-6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके अलावा रायबरेली, सीतापुर, चंदौली, हरदोई, संभल और अन्य जिलों में भी जानमाल का भारी नुकसान हुआ है।
आंधी-तूफान का असर रेलवे सेवाओं पर भी पड़ा। फतेहपुर में पेड़ गिरने से ओएचई लाइन टूट गई, जिससे दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग करीब डेढ़ घंटे तक प्रभावित रहा। कानपुर होकर गुजरने वाली 22 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। वहीं प्रयागराज-जौनपुर रेलखंड पर रेलवे ट्रैक पर विशाल पेड़ गिरने से ट्रेनों की आवाजाही ठप हो गई।
प्रदेश में अचानक बदले मौसम ने किसानों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। खेतों में तैयार खड़ी फसलें तेज बारिश और हवाओं की चपेट में आकर बर्बाद हो गईं। कई इलाकों में सड़कें जाम रहीं और यातायात बाधित रहा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अधिकारियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा दिया जाए और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
“बूथ जीतो,चुनाव जीतो” मंत्र हर बूथ पर होंगा लागू - सुशील त्रिपाठी
*2027 की तैयारी में भाजपा, बूथों को अभेद्य बनाने पर मंथन*

*2027 मिशन के लिए भाजपा ने कसी कमर, हर बूथ जीतने का लक्ष्य तय*

*बंगाल-असम जीत से उत्साहित भाजपा,अब 2027 पर फोकस*

*2156 बूथों का सत्यापन पूरा,372 शक्ति केंद्रों पर होंगी बैठकें*

सुलतानपुर।पश्चिम बंगाल और असम में मिली प्रचंड जीत से उत्साहित भारतीय जनता पार्टी ने अब मिशन-2027 की तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को पयागीपुर स्थित भाजपा जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित कोर कमेटी की बैठक में हर बूथ जीतने का लक्ष्य तय किया गया।बैठक में जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने कहा कि “बूथ जीतो, चुनाव जीतो” का मंत्र प्रत्येक बूथ पर पूरी ताकत के साथ लागू किया जाएगा। बूथों के सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए रणनीति तैयार की जाएगी और संगठन को जमीनी स्तर तक और मजबूत बनाया जाएगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि मई के दूसरे पखवाड़े में जिले की पांचों विधानसभाओं में बूथ सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। भाजपा जिला मीडिया प्रमुख विजय रघुवंशी ने बताया कि जिले की सभी 2156 बूथ समितियों का सत्यापन पूरा कर लिया गया है। आगामी 24 मई को जिले के सभी 372 शक्ति केंद्रों पर संगठनात्मक बैठकें होंगी, जबकि 31 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के बाद सभी बूथों पर बूथ समिति की बैठक आयोजित की जाएगी।
इन बैठकों में कार्यकर्ताओं को की-वोटर्स तथा समाज के प्रभावशाली लोगों से सतत संपर्क और संवाद बनाए रखने की रणनीति पर विशेष रूप से काम करने के निर्देश दिए जाएंगे।बैठक में एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. आरए वर्मा, विधायक सीताराम वर्मा, विधायक राजेश गौतम, ओम प्रकाश पाण्डेय ‘बजरंगी’, संदीप सिंह, विजय प्रताप त्रिपाठी, अयोध्या प्रसाद वर्मा सहित कोर कमेटी के सदस्य मौजूद रहे।
शिक्षामित्रों के मानदेय वृद्धि पर हर्ष: बलिया में बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर में आज दिनांक 14-5-2026 को सामूहिक रुद्राभिषेक और भंडारा का आयोजन

संजीव सिंह बलिया। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के सहयोग से उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि का शुभ कार्य संपन्न हो गया है। यह समाचार समस्त शिक्षक बंधुओं के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है। उम्मीद है कि शीघ्र ही स्थाईकरण का भी सुखद समाचार प्राप्त होगा।इस पावन उपलब्धि की सफलता में श्री बाबा बालेश्वर नाथ जी महादेव की असीम कृपा, अनुकंपा और आशीर्वाद का विशेष योगदान रहा है। इसी दिव्य कृपा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने हेतु उ.प्र. प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ, बलिया द्वारा निम्नलिखित कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है:दिनांक: 14 मई 2026 (गुरुवार)
स्थान: श्री बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर, बलिया सामूहिक रुद्राभिषेक: दोपहर 2:00 बजेप्रसाद वितरण (भंडारा): सायं 5:00 बजे से इस पुण्य अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग के समस्त सम्मानित अधिकारीगण, कर्मचारी, शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया आदि सादर आमंत्रित हैं। आप सभी से विनम्र निवेदन है कि उपस्थित होकर बाबा भोलेनाथ का

आशीर्वाद प्राप्त करें।
सादर निवेदक,
उ.प्र. प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ, बलिया
डोभी को मिली आधुनिक सौगात: गरीबों के बजट में मिलेगा लग्जरी सुविधा का आनंद, जहानाबाद सांसद ने किया “होटल राज रिजॉर्ट” का उद्घाटन

गया: गया-डोभी रोड स्थित बजौरा में संत मलिक बी.एड कॉलेज के सामने बने “होटल राज रिजॉर्ट” का भव्य उद्घाटन जहानाबाद सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव ने फीता काटकर किया। उद्घाटन समारोह में बोधगया विधायक कुमार सर्वजीत, एमएलसी रिंकू यादव, बाराचट्टी पूर्व विधायिक समता देवी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। रिजॉर्ट के शुरू होने से अब डोभी एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शादी-विवाह और अन्य कार्यक्रमों के लिए गया शहर नहीं जाना पड़ेगा।

उद्घाटन के बाद सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि होटल राज रिजॉर्ट शानदार और बेहतरीन तरीके से बनाया गया है। इसमें गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि बड़े शहरों में बड़े-बड़े होटल जरूर हैं, लेकिन वहां आम लोग आसानी से कार्यक्रम नहीं कर पाते। यह रिजॉर्ट कम खर्च में बेहतर सुविधा देने वाला साबित होगा। सांसद ने कहा कि शादी-विवाह जैसे आयोजनों में लोगों को काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब डोभी क्षेत्र के लोगों को अपने ही इलाके में आधुनिक सुविधा मिल सकेगी।

होटल राज रिजॉर्ट के प्रोपराइटर राजीव कुमार यादव उर्फ राजू यादव ने बताया कि क्षेत्र के लोगों को पहले शादी-विवाह के लिए गया शहर जाना पड़ता था, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता था। इसी परेशानी को देखते हुए उन्होंने रिजॉर्ट बनाने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि यह रिजॉर्ट खासकर गरीब और जरूरतमंद परिवारों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि होटल राज रिजॉर्ट में बैंक्वेट हॉल, मैरिज हॉल, एसी और नॉन-एसी कमरे, 24 घंटे साउंड प्रूफ जनरेटर, पार्किंग और रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। रिजॉर्ट में कुल 25 कमरे बनाए गए हैं। इसके अलावा 4000 स्क्वायर फीट का हॉल, 3800 स्क्वायर फीट का रेस्टोरेंट और 1800 स्क्वायर फीट का रिसेप्शन एरिया भी तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि शादी के लिए बुकिंग कराने वाले परिवारों को विशेष छूट दी जाएगी तथा असहाय गरीब परिवारों को हर संभव मदद की जाएगी।

इस मौके पर जन अधिकार पार्टी के नेता संतोष लाल यादव ने कहा कि डोभी क्षेत्र में इस तरह का आधुनिक रिजॉर्ट खुलना लोगों के लिए बड़ी सौगात है। उन्होंने राजू यादव की मेहनत और सोच की सराहना करते हुए कहा कि एक किसान परिवार से निकलकर उन्होंने क्षेत्र के लोगों को नई सुविधा देने का काम किया है।

*भोगनीपुर लैंड स्कैम ने निजी कंपनियों का असली चरित्र उजागर किया : बिजली कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध :पूर्वांचल व दक्षिणांचल डिस्कॉ


भोगनीपुर में सामने आए लगभग 400 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि निजी कंपनियों को सार्वजनिक संसाधनों और जनहित से जुड़े क्षेत्रों का नियंत्रण सौंपना कितना खतरनाक हो सकता है। सरकारी जमीन के दुरुपयोग, नियमों की खुलेआम अनदेखी, बैंक अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की कथित मिलीभगत तथा चीटिंग, फर्जीवाड़ा और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप निजीकरण मॉडल की वास्तविकता को उजागर करते हैं।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने कहा है कि जब निजी कंपनियां सरकारी जमीन और सार्वजनिक संसाधनों के साथ इस प्रकार की अनियमितताओं में लिप्त पाई जा रही हैं, तब प्रदेश के बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपना जनता, किसानों और कर्मचारियों — तीनों के हितों के खिलाफ होगा।

संघर्ष समिति ने मांग की है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का प्रस्ताव तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। साथ ही पनकी तथा जवाहरपुर ताप बिजलीघरों के परिचालन एवं अनुरक्षण का कार्य 25 वर्षों के लिए निजी कंपनियों को देने का निर्णय भी सिरे से खारिज किया जाए।

संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली व्यवस्था कोई व्यावसायिक उत्पाद नहीं बल्कि जनता को दी जाने वाली मूलभूत सार्वजनिक सेवा है। निजी कंपनियों का मुख्य उद्देश्य अधिकतम लाभ कमाना होता है, जबकि सरकारी बिजली संस्थानों का उद्देश्य प्रदेश की जनता को सुरक्षित, सस्ती और निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है।

आज प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों, बिजलीघरों और परियोजनाओं में बिजली कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों तथा अभियंताओं ने पूरे दिन काली पट्टी बांधकर कार्य किया तथा कार्यालय समय के उपरांत व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित किए। विरोध कार्यक्रमों में पनकी और जवाहरपुर ताप बिजली घरों के निजीकरण, आउटसोर्सिंग और संविदा कर्मियों की छंटनी के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई गई।
संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि भोगनीपुर लैंड स्कैम में जिस प्रकार हिमावत पावर कंपनी एवं लैंको अनपरा पावर कंपनी पर चीटिंग, फर्जीवाड़ा और क्रिमिनल कांस्पिरेसी के आरोप सामने आए हैं, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि उत्तर प्रदेश के पावर सेक्टर में निजी क्षेत्र का असली चरित्र क्या है और उनका वास्तविक उद्देश्य केवल निजी लाभ अर्जित करना है।

उन्होंने निजी कंपनियों, बैंक अधिकारियों तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई प्रारंभ किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री से अपील की कि निजी कंपनियों के इस चरित्र के उजागर होने के बाद उत्तर प्रदेश के बिजली क्षेत्र में निजीकरण संबंधी किसी भी प्रस्ताव को आगे न बढ़ाया जाए।

संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह निजीकरण की नीति पर पुनर्विचार करे, सरकारी बिजली संस्थानों को मजबूत बनाए, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करे तथा सार्वजनिक क्षेत्र की जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए।

निजीकरण और उत्पीड़न के विरोध में चल रहे जनजागरण अभियान के अंतर्गत आज संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने सीतापुर और हरदोई में विरोध सभा की । विरोध सभा को संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारी मुख्यतया जितेन्द्र सिंह गुर्जर और महेन्द्र राय ने संबोधित किया।
     उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां के विरोध में 14 मई को लखनऊ में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्यालय पर अपराह्न 2:00 बजे  से शाम 5:00 बजे तक विरोध सभा होगी।

शैलेन्द्र दुबे
संयोजक
9425006225
*भोगनीपुर लैंड स्कैम ने निजी कंपनियों का असली चरित्र उजागर किया : बिजली कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध :पूर्वांचल व दक्षिणांचल डिस्कॉ


भोगनीपुर में सामने आए लगभग 400 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि निजी कंपनियों को सार्वजनिक संसाधनों और जनहित से जुड़े क्षेत्रों का नियंत्रण सौंपना कितना खतरनाक हो सकता है। सरकारी जमीन के दुरुपयोग, नियमों की खुलेआम अनदेखी, बैंक अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की कथित मिलीभगत तथा चीटिंग, फर्जीवाड़ा और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप निजीकरण मॉडल की वास्तविकता को उजागर करते हैं।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने कहा है कि जब निजी कंपनियां सरकारी जमीन और सार्वजनिक संसाधनों के साथ इस प्रकार की अनियमितताओं में लिप्त पाई जा रही हैं, तब प्रदेश के बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपना जनता, किसानों और कर्मचारियों — तीनों के हितों के खिलाफ होगा।

संघर्ष समिति ने मांग की है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का प्रस्ताव तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। साथ ही पनकी तथा जवाहरपुर ताप बिजलीघरों के परिचालन एवं अनुरक्षण का कार्य 25 वर्षों के लिए निजी कंपनियों को देने का निर्णय भी सिरे से खारिज किया जाए।

संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली व्यवस्था कोई व्यावसायिक उत्पाद नहीं बल्कि जनता को दी जाने वाली मूलभूत सार्वजनिक सेवा है। निजी कंपनियों का मुख्य उद्देश्य अधिकतम लाभ कमाना होता है, जबकि सरकारी बिजली संस्थानों का उद्देश्य प्रदेश की जनता को सुरक्षित, सस्ती और निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है।

आज प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों, बिजलीघरों और परियोजनाओं में बिजली कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों तथा अभियंताओं ने पूरे दिन काली पट्टी बांधकर कार्य किया तथा कार्यालय समय के उपरांत व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित किए। विरोध कार्यक्रमों में पनकी और जवाहरपुर ताप बिजली घरों के निजीकरण, आउटसोर्सिंग और संविदा कर्मियों की छंटनी के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई गई।
संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि भोगनीपुर लैंड स्कैम में जिस प्रकार हिमावत पावर कंपनी एवं लैंको अनपरा पावर कंपनी पर चीटिंग, फर्जीवाड़ा और क्रिमिनल कांस्पिरेसी के आरोप सामने आए हैं, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि उत्तर प्रदेश के पावर सेक्टर में निजी क्षेत्र का असली चरित्र क्या है और उनका वास्तविक उद्देश्य केवल निजी लाभ अर्जित करना है।

उन्होंने निजी कंपनियों, बैंक अधिकारियों तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई प्रारंभ किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री से अपील की कि निजी कंपनियों के इस चरित्र के उजागर होने के बाद उत्तर प्रदेश के बिजली क्षेत्र में निजीकरण संबंधी किसी भी प्रस्ताव को आगे न बढ़ाया जाए।

संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह निजीकरण की नीति पर पुनर्विचार करे, सरकारी बिजली संस्थानों को मजबूत बनाए, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करे तथा सार्वजनिक क्षेत्र की जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए।

निजीकरण और उत्पीड़न के विरोध में चल रहे जनजागरण अभियान के अंतर्गत आज संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने सीतापुर और हरदोई में विरोध सभा की । विरोध सभा को संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारी मुख्यतया जितेन्द्र सिंह गुर्जर और महेन्द्र राय ने संबोधित किया।
     उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां के विरोध में 14 मई को लखनऊ में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्यालय पर अपराह्न 2:00 बजे  से शाम 5:00 बजे तक विरोध सभा होगी।

शैलेन्द्र दुबे
संयोजक
9425006225
देवघर के डीएवी भंडारकोला के विद्यार्थियों ने बारहवीं की सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शत प्रतिशत सफलता प्राप्त कर लहराया परचम।
देवघर: गीता देवी डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, भंडारकोला, के विद्यार्थियों ने सीबीएसई की बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रौशन किया। विद्यार्थियों की शानदार सफलता से विद्यालय परिसर में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण व्याप्त है। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विज्ञान एवं वाणिज्य कला संकाय में बेहतरीन अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। विज्ञान संकाय में 91.4 प्रतिशत अंक के साथ सुंदरम प्रथम स्थान, 85 प्रतिशत अंक के साथ प्रथम राज दूसरे और 84 प्रतिशत अंक के साथ मो असजद अंसारी तीसरे स्थान पर रहे। वाणिज्य संकाय में 90.6 प्रतिशत अंक के साथ ओम भारद्वाज प्रथम, 86.6 प्रतिशत अंक के साथ ऋचा सिंह दूसरे और 83.6 प्रतिशत अंक के साथ क्रमशः श्रेयश कुमार और निधि कुमारी तीसरे स्थान पर रहे। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि का श्रेय उनके कठिन परिश्रम, शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं अभिभावकों के सहयोग को दिया गया। विद्यालय के प्राचार्य ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन एवं शिक्षकों की समर्पित शिक्षण पद्धति का प्रतिफल है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
पीएम के आह्वान पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने पेश की मिसाल, पैदल जाएंगे कार्यालय कुलपति ने की ईधन बचाने की अपील

प्रयागराज, 13 मई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीज़ल की खपत कम करने की अपील का असर उ.प्र. राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में व्यापक रूप से दिखा है। कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने लीड बाय एक्जाम्पल  की भावना से खुद पैदल कार्यालय जाने का फैसला लिया है और साथ ही विश्वविद्यालय के सभी 12 क्षेत्रीय केंद्रों के समन्वयकों व समस्त शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों से भी ईंधन बचाने की अपील की है। इस अवसर पर कुलपति प्रो. सत्यकाम ने घोषणा की कि वे प्रतिदिन आवास से गंगा परिसर स्थित कार्यालय तक पैदल आएंगे।
कुलपति प्रो. सत्यकाम ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का आह्वान राष्ट्र निर्माण का संकल्प है। मैंने अपने सभी क्षेत्रीय केंद्रों के निदेशकों, समन्वयकों एवं शिक्षक साथियों से अनुरोध किया है कि वे भी सप्ताह में कम से कम एक दिन पैदल या साइकिल से कार्यालय आएं। जब 12 केंद्रों का परिवार एक साथ यह कदम उठाएगा, तो हजारों लीटर ईंधन बचेगा और लाखों छात्रों तक पर्यावरण का संदेश जाएगा। यह एक भारत श्रेष्ठ भारत की सच्ची भावना है।
मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों से पेट्रोल एवं डीज़ल जैसे जीवाश्म ईंधनों की खपत कम करने तथा भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने हेतु निरंतर प्रेरित किया जा रहा है। यह केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास एवं भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक राष्ट्रीय दायित्व भी है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों से आग्रह किया कि कि वे ऊर्जा संरक्षण एवं ईंधन बचत को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएं तथा छोटी दूरी की यात्रा हेतु साइकिल अथवा पैदल चलने को प्राथमिकता दें। यथासंभव सार्वजनिक परिवहन, बस का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने परिवार एवं समाज को भी जागरूक करें। मुक्त विश्वविद्यालय सदैव सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरणीय चेतना एवं राष्ट्र निर्माण के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहा है। आज आवश्यकता है कि हम सभी मिलकर स्वच्छ, हरित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने आह्वान किया कि हम सभी ऊर्जा संरक्षण का संकल्प लेकर राष्ट्रहित में अपना योगदान दें।

  डॉ प्रभात चंद्र मिश्र
जनसंपर्क अधिकारी