जिक्र में गुजरा पहला अशरा, रमजान की इबादतों में आई लज्जत

  • मुकम्मल हुआ 10 दिन की तरावीह का दौर
  • बाजार में बढ़ने लगी भीड़

भोपाल। तीन अशरो में बंटे माह ए रमजान के पहले 9 दिन पूरे हो गए हैं। इसके साथ ही शनिवार को पहले अशरे की इबादत मुकम्मल हो जाएगी। शहर की विभिन्न मस्जिदों में पढ़ाई जा रही 10 दिन की तरावीह का दौर भी पूरा हो गया है। इधर जरूरी खरीदारी के लिए लोगों ने बाजार का रुख करना शुरू कर दिया है, जिससे बाजारों में भीड़ बढ़ गई है। घरेलू भाषा में इसे जिक्र, फिक्र और घी शकर के तीन भाग कहा जाता था। लेकिन असल में रमजान के तीन अशरे रहमत, बरकत और जहन्नुम से खुलासी के होते हैं। गुरुवार से शुरू हुआ रमजान के पहले अशरे का दौर शनिवार को पूरा हो गया। इसके बाद अब रविवार से दूसरे दौर की इबादत शुरू होंगी। 

  • मुकम्मल हुई 10 दिन की तरावीह 

शहर में इबादतगुजारों की सहूलियत के लिहाज से अलग अलग अवधि की तरावीह पढ़ाई जाती है। मुकम्मल कुरान पढ़ने और सुनने का यह दौर 5 दिन से शुरु होकर 27 दिन की तरावीह तक चलता है। पहले असरे में 5 और 7 दिन अवधि की तरावीह मुकम्मल हो चुकी है। शनिवार शाम को शहर की कई मस्जिदों में 10 दिन की तरावीह पूरी हुई। इस दौरान पुराने शहर की मस्जिद सुल्तान सेठ में भी शनिवार को मुकम्मल तरावीह का आयोजन हुआ। मस्जिद के मुअज्जिन मोहम्मद नईम खान ने बताया कि इस दस दिन की तरावीह में मुहल्ले और शहर के अन्य क्षेत्रों के बाशिंदों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर मस्जिद में रोजा इफ्तार का आयोजन भी किया गया। तरावीह के बाद तबर्रुक भी बांटा गया। बड़ी तादाद में लोगों ने इसमें हिस्सा लिया।

  • तय हुआ फितरा

शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने रमजान में निकाली जाने वाली जकात और फितरे की राशि का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा इसकी अदायगी ईद की नमाज के पहले करना जरूरी है। जान का सदका कहे जाने वाले फितरा के बारे में उन्होंने बताया कि इसके लिए हर शख्स को 1 किलो, 630 ग्राम गेहूं किसी ऐसे व्यक्ति को दान करना है, जो इसके योग्य हो। कोई व्यक्ति गेहूं की इस मात्रा की बजाए नगद राशि 70 रूपये प्रति व्यक्ति भी दे सकता है। शहर काजी साहब ने जकात को लेकर बताया कि यह ऐसे व्यक्ति पर लागू है जिसके पास 612 ग्राम चांदी मौजूद है, जिसकी कीमत 1 लाख, 65 हजार रुपए आंकलित की गई है।

  • बढ़ने लगी बाजार में भीड़

रमजान का पहला अशरा पूरा होने के बाद अब लोगों ने ईद की तैयारियां शुरू कर दी हैं। सिलाई के कपड़ों, मैचिंग और तैयार किए जाने वाले खाद्य पदार्थों की खरीदारी इस दौरान की जा रही है। इसके चलते इब्राहिमपूरा, चौक बाजार, नदीम रोड, लखेरापुरा, जुमेराती, मंगलवारा, लक्ष्मी टॉकीज, जहांगीराबाद आदि बाजारों की रौनक बढ़ गई है। यहां बाजार देर रात तक सज रहे हैं।

  • दूसरे जुमे पर अकीदत के सजदे

रमजान का दूसरा जुमा अकीदत के साथ शहर में अदा किया गया। इस दौरान जामा मस्जिद, ताजुल मसाजिद, मोती मस्जिद, प्रेस कॉम्प्लेक्स आदि मस्जिदों में अकीदत के सजदे अदा किए गए।

कन्नौज में विशिष्ट आलू मंडी ठठिया में मंत्री असीम अरुण ने सुनी व्यापारियों की समस्याएं
कन्नौज में शुक्रवार दोपहर समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण विशिष्ट आलू मंडी ठठिया पहुंचे, जहां उन्होंने किसानों, व्यापारियों और कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मंत्री के आगमन पर मंडी अधिकारियों व कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान मंडी के व्यापारियों ने व्यापार में आ रही दिक्कतों को लेकर मंत्री को लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा और अपनी मांगें प्रमुखता से रखीं।

व्यापारियों ने आरोप लगाया कि मंडी प्रशासन की मिलीभगत से मंडी के बाहर आलू की बिक्री हो रही है, जिस पर तत्काल रोक लगाई जाए। व्यापारियों ने बताया कि मंडी परिसर में दुकान संख्या 1 से 60 तक का आवंटन तो कर दिया गया है, लेकिन उसकी समय-सीमा संबंधी कोई प्रति आढ़तियों को उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा उन्होंने मंडी परिसर में बैंक, कैंटीन, पेयजल, बिजली और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया।

व्यापारियों का कहना था कि वर्तमान परिस्थितियों में दुकानों का प्रीमियम और यूजर चार्ज एक साथ जमा कर पाना कठिन हो रहा है, इसलिए प्रशासन सहयोगात्मक रुख अपनाए। मंत्री असीम अरुण ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए और आश्वासन दिया कि व्यापारियों व किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।

इस मौके पर मंडी सचिव रघुराज प्रताप सिंह, प्रधान लिपिक देवेन्द्र कुमार निगम, मंडी प्रभारी आदिल खां सहित राजन अवस्थी मण्डल अध्यक्ष, विनय अवस्थी, सुरजीत यादव, अंकुर कटियार प्रखंड संयोजक उमर्दा बजरंग दल, शैलेंद्र तिवारी और वेद नारायण त्रिपाठी समेत बड़ी संख्या में व्यापारी व किसान मौजूद रहे।
"आसरा" के बुजुर्गों के बीच साहित्यिक प्रस्तुति, आज होगा "सद्गति" का मंचन

  • आयोजन से पहले सराहा जाने लगा प्रयास

भोपाल। संस्कृत‍ि मंत्रालय, भारत सरकार की “सांस्कृतिक समारोह एवं प्रस्तुति अनुदान योजना (CFPGS)” के अंतर्गत प्रख्यात साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी “सद्गति” पर आधारित नाटक का मंचन 28 फरवरी को आसरा वृद्धाश्रम, गोलघर के पास, शाहजहांनाबाद, भोपाल में किया जाएगा।

इस नाट्य प्रस्तुति का निर्देशन युवा रंगकर्मी अदनान खान द्वारा किया गया है। यह प्रस्तुति सामाजिक यथार्थ और मानवीय संवेदनाओं को केंद्र में रखकर तैयार की गई है, जिसमें गरीबी, असमानता और मानवीय गरिमा जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।

कार्यक्रम सेवन कलर्स कल्चरल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित किया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य साहित्य और रंगमंच के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक सार्थक सांस्कृतिक संवाद स्थापित करना है। वृद्धाश्रम में आयोजित इस विशेष मंचन के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के बीच सांस्कृतिक सरोकारों को साझा करने और सामाजिक चेतना को सशक्त करने का प्रयास किया जाएगा। संस्था ने शहर के रंगकर्मियों, साहित्य प्रेमियों एवं नागरिकों से इस प्रस्तुति में सहभागिता का आग्रह किया है।

जीआईसी में ही जांची की जाएगी हाईस्कूल और इंटर कॉलेज की कापियां
*शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर परिषद ने दी मंजूरी तैयारी शुरू हो गई*



रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कॉपियों का मूल्यांकन विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज में होगा। श्री इंद्र बहादुर सिंह नेशनल इंटर कॉलेज भदोही ने पांच साल बाद मूल्यांकन पर असहमति जताई। जिसके बाद शिक्षा विभाग की ओर से एक केंद्र का प्रस्ताव परिषद को भेजा गया। उक्त प्रस्ताव को परिषद से मंजूरी मिल गई है। मूल्यांकन की तिथि तय होने पर विभाग की ओर से परीक्षकों की तैनाती शुरू की जाएगी। जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से चल रही हैं। करीब 80 फीसदी परीक्षा समाप्त हो गई है। अब बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन की भी तैयारी शुरू हो गई है। परीक्षा खत्म होने के बाद कॉपियों का मूल्यांकन शुरू होगा। सूबे के अलग-अलग जिलों की कॉपियां मंडलवार क्षेत्रों में भेजी जाती हैं। कोविड से पहले हाईस्कूल और इंटर की कॉपियों का मूल्यांकन जीआईसी में होता था, लेकिन पांच साल से हाईस्कूल की कापियों के लिए नेशनल और इंटर के लिए जीआईसी को मूल्यांकन केंद्र बनाया जाता था। साल 2026 में मूल्यांकन केंद्र निर्धारण होने से पहले ही नेशनल इंटर कॉलेज ने केंद्र बनने से हाथ खींच लिया। इसके बाद विभाग ने जीआईसी ज्ञानपुर को ही मूल्यांकन केंद्र बनाने का प्रस्ताव भेजा। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि नेशनल इंटर कॉलेज ने इस बार मूल्यांकन न करने का निर्णय लिया। इससे विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज को ही मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। यहीं पर हाईस्कूल और इंटर की कापियां जांची जाएंगी। बताया कि मूल्यांकन सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगा। इससे पारदर्शिता कायम रहे। डीआईओएस ने बताया कि परीक्षा खत्म होने पर मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सौ शय्या अस्पताल में लेबर कक्ष तैयार,14 नर्सों की हुई तैनाती

*24 घंटे के लिए रोस्टर वाईज लगाई गई ड्यूटी*



रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही।सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल में धीरे-धीरे स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होने लगा है। यहां प्रसव सेवा की सुविधा शुरू हो गई है। प्रसव पीड़ता के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें दूर के अस्पतालों का चक्कर लगाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। ओपीडी भवन के भूतल मंजिला पर एक कक्ष में अभी प्रसव सेवा शुरू हुई है। सिर्फ नार्मल प्रसव कराए जाएंगे। सिजेरियन मरीज को जिला अस्पताल भेजा जाएगा। यहां 14 नर्सों की तैनाती है। जिनकी दो-दो नर्सों की ड्यूटी 24 घंटे प्रसव कराने के लिए रोस्टर वाइज लगाई गई है। अस्पताल में रोजाना 400 से 500 की ओपीडी होती है, जिन्हें जांच पड़ताल करके चिकित्सक दवा देते हैं। ज्यादातर यहां मौसमी बीमारी के मरीज आते हैं। प्रसव सेवा शुरू होने के बाद अब मरीजों की संख्या में और वृद्धि होगी। इससे मुख्यालय के सरपतहां, लखनों, कसियापुर, नंदापुर, कावल, गडेरियापुर आदि सहित दर्जनों गांव के प्रसव पीड़िता को जिला अस्पताल जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। उन्हें मुख्यालय पर ही बेहतर उपचार उपलब्ध होगा। यहां महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। ऑपरेशन की जरुरत पड़ने पर मरीज को रेफर किया जाएगा। परिसर में टीबी अस्पताल, डायलिसिस सेंटर, बर्न यूनिट, डिजिटल एक्सरे, सिटी स्कैन आदि सुविधा है। यहां रोजाना एक हजार से 1200 मरीज, तीमारदारों की भीड़ होती है। चार महीने से इमरजेंसी मेडिलक असफर (ईएमओ) तैनात किए गए है। डॉक्टरों को ड्यूटी में और सहूलियत हो गई है।

हाल ही में प्रसव सेवा शुरू किया गया है। दो-दो सिस्टर की ड्यूटी रोस्टर वाइज लगाई गई है। नार्मल प्रसव होगा, ऑपरेशन की जरूरत पड़ने पर मरीज को जिला अस्पताल भेजा जाएगा। - डॉ. सुनील कुमार पासवान, सीएमएस 10 बेड़ सरपतहां
स्वास्थ्य हमारा मिशन है और सेवा हमारी परंपरा: डॉ. मनसुख मांडविया

  • कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने अपने 75वें स्थापना वर्ष समारोह की शुरुआत की

भोपाल। ​कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने देशभर के श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए सात दशकों से अधिक की समर्पित सेवा के उपलक्ष्य में अपने '75वें सेवा वर्ष' समारोह की शुरुआत की। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस कार्यक्रम में मुख्य भाषण दिया।

​इस अवसर पर सांसद (लोकसभा) एनके प्रेमचंद्रन, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव वंदना गुरनानी, ईपीएफओ के केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त रमेश कृष्णमूर्ति, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की निदेशक मिचिको मियामोटो और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • विकास और सुधार की यात्रा:

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने संस्थान की यात्रा को राष्ट्र सेवा और सुधार का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि 1952 में लगभग 1.2 लाख लाभार्थियों और एक औषधालय से शुरू हुआ ईएसआईसी (ESIC) आज 166 अस्पतालों, 17 मेडिकल कॉलेजों और लगभग 1,600 औषधालयों के विशाल नेटवर्क के माध्यम से 15 करोड़ से अधिक लाभार्थियों की सेवा कर रहा है।

  • स्वास्थ्य ही सेवा है:

डॉ. मांडविया ने जोर देकर कहा कि "स्वास्थ्य ही सेवा है और सेवा ही हमारा संस्कार है।" उन्होंने चिकित्सा पेशेवरों से अनुशासन बनाए रखने और लोगों के भरोसे का सम्मान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ईएसआईसी के मानकों को एम्स (AIIMS) जैसे प्रमुख संस्थानों के बराबर होना चाहिए।

  • प्रमुख घोषणाएं और पहल:

​निशुल्क स्वास्थ्य जांच: श्रम संहिताओं के तहत 40 वर्ष से अधिक आयु के सभी श्रमिकों के लिए अनिवार्य और मुफ्त स्वास्थ्य जांच का प्रावधान किया गया है।

  • ​स्मारक सिक्का और पुस्तक: निगम की 75 वर्षों की यात्रा के प्रतीक के रूप में एक स्मारक सिक्का और कॉफी टेबल बुक जारी की गई।
  • स्वास्थ्य रथ: लाभार्थियों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए 'स्वास्थ्य रथ' पहल की शुरुआत की गई।
  • समझौता ज्ञापन (MoUs): ​ESIC और NHAआयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के साथ ईएसआई योजना के समन्वय के लिए।
  • ​ESIC और NABL: ईएसआईसी स्वास्थ्य सुविधाओं में गुणवत्ता आश्वासन और मान्यता (Accreditation) को बढ़ावा देने के लिए।
  • विशेष सेवा पखवाड़ा:

ईएसआईसी 24 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक देश भर में 'विशेष सेवा पखवाड़ा' मनाएगा। इस दौरान जागरूकता शिविर, स्वच्छता अभियान, योग शिविर और लंबित दावों के त्वरित निपटान के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

श्रम सचिव वंदना गुरनानी ने कहा कि ईएसआईसी न केवल बीमारियों का इलाज कर रहा है, बल्कि गरीबी को रोकने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दे रहा है। 75वां स्थापना दिवस ईएसआईसी की श्रमिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता और एक आधुनिक, संवेदनशील सामाजिक सुरक्षा संस्थान के रूप में इसके विकास को दोहराता है।

आजमगढ़ : गणित की परीक्षा देने जा रहे छात्र की सड़क हादसे में मौत, साथी छात्र गंभीर रूप से घायल
    सिद्धेश्वर पाण्डेय
    व्यूरो चीफ
आजमगढ़ जिले के फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव के पास लखनऊ–बलिया राजमार्ग पर शुक्रवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसे में यूपी बोर्ड हाईस्कूल की गणित परीक्षा देने जा रहे एक परीक्षार्थी की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल छात्र को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। मृत युवक मां बाप का इकलौती सन्तान था । युवक शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सूक्खीपुर थाना अहरौला निवासी समीर 20 वर्ष पुत्र नसीम और आकिब 19वर्ष पुत्र नसीर अहमद बाइक से परीक्षा केंद्र जा रहे थे। इसी दौरान इब्राहिमपुर के पास सामने से आ रही एक कार से उनकी बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फूलपुर पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने समीर को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल आकिब की हालत नाजुक देखते हुए उसे हायर सेंटर के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
दोनों छात्र रिसेंट पब्लिक इंटर कॉलेज गनवारा माहुल में कक्षा 10 के छात्र थे। उनका परीक्षा केंद्र जनता इंटर कॉलेज अम्बारी में निर्धारित था। शुक्रवार को हाईस्कूल की गणित की परीक्षा देने के लिए दोनों छात्र घर से निकले थे। घटना की सुचना मिलने पर रिसेंट पब्लिक इंटर कालेज गनवारा के प्रबंधक अशफाक अहमद भी मौके पर पहुँच गए । मृतक समीर अपने माता-पिता की इकलौती संतान था और उसकी एक बहन है। उसके पिता नसीम रोजी रोटी के चक्कर मे सऊदी अरब में रहकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। इकलौते बेटे की असमय मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
सूचना मिलते ही अम्बारी पुलिस चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल भेजवा दिया । पुलिस मामले की जांच में जुट गयी हैं । फूलपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सच्चिदानंद का कहना है कि मृतक छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है । कार और बाइक को कब्जे में ले लिया गया है ।
उन्नतिशील गन्ना प्रजातियां बोएं किसान बंधु : महाप्रबंधक
बजाज चीनी मिल कुन्दरखी ने निकाली कृषक जागरूकता रैली

गोंडा। बजाज हिन्दुस्थान शुगर मिल लिमिटेड कुन्दरखी के महाप्रबंधक ए.के. सिंह के निर्देशन में बसंतकालीन गन्ना बुवाई में अस्वीकृत अज्ञात गन्ना प्रजातियों की बुवाई नही करने के लिए एवं किसानों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से वृहद जागरूकता रैली निकाली गई।रैली को इकाई प्रमुख पी.एन. सिंह, जिला गन्ना अधिकारी सुनील कुमार सिंह व महाप्रबंधक ए.के. सिंह ने संयुक्त रूप से झंडी दिखाकर रवाना किया।कृषक जागरूकता रैली का मुख्य उद्देश्य किसानों को बसंतकालीन गन्ना बुवाई में उन्नतशील प्रजातियों जैसे को. 0118, 15023, को. लख. 14201, 16202, कोशा. 18231, 17231 तथा जलप्लावित क्षेत्र के लिए 94184, को. 98014, 13231 आदि की बुवाई के लिए प्रेरित करना है।

महाप्रबंधक ने समय से बुवाई कर पेड़ी गन्ने का अच्छा प्रबंधन करके अधिक लाभ प्राप्त करने की अपील किया। साथ आर.एमडी. एवं मलचर के प्रयोग पर जोर दिया व फ़सल स्वस्थ की दशा मे द्वितीय पेडी रखने जोर दिया।इकाई प्रमुख श्री सिंह ने रैली में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए बसंतकालीन गन्ना बुवाई के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने रैली के सफल क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किया।
रैली में गन्ना विभाग के प्रतिभागियों ने वाहनों पर झंडी लगाकर क्षेत्र के विभिन्न गांवों में भ्रमण किया।

रैली चीनी मिल गेट से निकल कर कहोबा, विद्यानगर, मलारी, महादेवा, इंद्रापुर, सालपुर, जोगापुर, खिरई खिरवा, खिरिया, मझगवां व तुर्काडीहा आदि ग्रामसभा होते हुए बंधवा सेंटर पहुंची, जहां किसान गोष्ठी आयोजित हुई। इसके उपरांत रैली डुमरिहाडीह, तरबगंज व दर्जीकुआं होते हुए  वापस चीनी मिल गेट पर पहुंच कर समाप्त हुई।किसान गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला गन्ना अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने किसानों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए दिए जाने वाले अनुदान के बारे में विस्तार से जानकारी दिया। उन्होंने कृषकों से उन्नतिशील गन्ना प्रजातियों को बोने की सलाह दिया तथा अस्वीकृत अज्ञात गन्ना प्रजातियों की बुवाई नही करने पर जोर दिया।

महाप्रबंधक ए.के. सिंह ने किसानों को बताया कि गन्ना सर्वेक्षण के दौरान गन्ने का जमाव न होने अथवा छोटी अवस्था में ठीक पहचान न होने अथवा मिश्रित गन्ना होने के कारण गन्ना प्रजाति को अंकित करने में त्रुटिया रही हैं, अपने सुपरवाइजर से मिलकर उसे  अभी ठीक करा लें। जिससे आगामी वर्ष पेडी गन्ने की आपूर्ति में कठिनाई न हो। आगामी वर्ष गन्ना प्रजाति को डीगरेड नही किया जायेगा। अतः जिस प्रजाति का गन्ना बोया गया है, उसी प्रजाति में सर्वे कराएं।  जिससे पेराई सत्र के दौरान गन्ना आपूर्ति मे परेशानी से बचा जा सके। समस्या के समाधान हेतु अपने क्षेत्र के गन्ना पर्वेक्षक अथवा चीनी मिल के अधिकारियों से संपर्क करें। रैली में प्रदीप कुमार, संतोष मिश्रा, दिनेश सिंह, शशिकांत दूबे, विष्णु प्रताप सिंह, अरविन्द सिंह, सुनील पाठक, उमापति तिवारी, रमेश प्रताप सिंह, सुधांशु शुक्ला, राकेश सिंह, पशुपति नाथ मिश्रा, ओम प्रकाश सिंह, हेमन्त पाठक, जय प्रकाश सिंह आदि शामिल रहे।
निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर में उमड़ी मरीजों की  भीड़

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। नगर के मोहल्ला पटकी टोला स्थित डॉक्टर ओम प्रकाश शुक्ला क्लिनिक पर आंख अस्पताल सीतापुर के सौजन्य से शुक्रवार को आयोजित किया गया एक निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर, शिविर में उमड़ी मरीजों की  भीड़। शुक्रवार को आयोजित इस नेत्र शिविर में क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों से आए हुए 114  नेत्र रोगियों ने इलाज हेतु अपना पंजीकरण कराया जिनकी सीतापुर  आंख अस्पताल के डॉ स्वप्निल व उनकी टीम  के द्वारा आंखों की जांच कर उन्हें उचित परामर्श दिया गया जांच के उपरांत नेत्र शिविर में 70  नेत्र रोगियों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के योग्य पाया गया जिन्हें मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए अस्पताल के वाहन से सीतापुर आंख अस्पताल ले जाया गया जहां उनका ऑपरेशन किया जाएगा।

इस शिविर में लहरपुर विद्यापीठ के कक्षा 6 के छात्र-छात्राओं ने विशेष सहयोग किया और आए हुए मरीजों व तीमारदारों को सहायता प्रदान की। निशुल्क नेत्र शिविर के आयोजक डॉक्टर आशुतोष शुक्ला ने बताया कि   शिविर में डॉ आकाश शुक्ला, डॉ अटल शुक्ला, राम जी तिवारी, भुजबल तिवारी, भोले कनौजिया ने विशेष सहयोग प्रदान किया। इस मौके भारी संख्या में मरीज व तीमारदार उपस्थित थे। शिविर के आयोजक डॉ आशुतोष शुक्ला ने बताया कि मरीजों की संख्या को देखते हुए आगामी 16 मार्च सोमवार को एक और नेत्र  शिविर  आयोजित किया जाएगा।
टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया का तीसरे चरण का आंदोलन सम्पन्न, प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन*
सुल्तानपुर,टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वाधान में टीईटी अनिवार्यता के विरोध में चल रहा चरणबद्ध आंदोलन बुधवार को तीसरे चरण में प्रवेश कर गया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार स्थानीय तिकोनिया पार्क में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। आंदोलन का नेतृत्व टीएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा के निर्देश पर किया गया। जनपदीय प्रवक्ता निजाम खान ने बताया कि कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार पाण्डेय, उच्च प्राथमिक जूनियर शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष देवेन्द्र त्रिपाठी तथा महिला शिक्षक संघ की जिला अध्यक्ष डॉ गायत्री सिंह ने की। धरना-प्रदर्शन के उपरांत शिक्षकों ने जुलूस निकालते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च किया और जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख मुद्दा टीईटी अनिवार्यता प्रकरण माननीय उच्चतम न्यायालय के दिनांक 01सितम्बर 2025 के निर्णय के द्वारा देश के सभी राज्यों में अधिनियम लागू होने की तिथि से पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को भी सेवा में बने रहने अथवा पदोन्नति हेतु टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया है जोकि पूर्व में नियुक्त शिक्षकों के सरासर अन्याय है। टी एफ आई ने देश के प्रधानमंत्री से अनुरोध किया माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश का संज्ञान लेते हुए शिक्षा अधिकार अधिनियम लागू होने की तिथि से पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट प्रदान करने हेतु अध्यादेश लाकर संसद द्वारा कानून पारित करा कर शिक्षकों को टीईटी से मुक्त किया जाए। प्रवक्ता निजाम खान ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के हालिया निर्णय के बाद देशभर के लाखों कार्यरत शिक्षकों के समक्ष सेवा-सुरक्षा एवं भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष दिलीप पाण्डेय का कहना है कि संगठनों का तर्क है कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति उस समय हुई थी जब टीईटी अनिवार्य नहीं था, उन पर पूर्वव्यापी रूप से यह शर्त लागू करना न्यायसंगत नहीं है। आंदोलनकारी शिक्षक सगठन जूनियर शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष देवेन्द्र त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि वे शिक्षा की गुणवत्ता के विरोधी नहीं हैं, बल्कि अपने अनुभव, पूर्व सेवा-नियमों और संवैधानिक अधिकारों के सम्मान की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों के स्तर पर इस विषय में स्पष्ट एवं एकरूप नीति का अभाव है, जिससे शिक्षकों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। संघ जिला मंत्री डॉ हृषिकेश भानु सिंह ने कहा कि चार चरणों में चल रहे इस आंदोलन का उद्देश्य सरकार का ध्यान आकर्षित कर मानवीय एवं व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित कराना है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेन्द्र नारायण मिश्र ने चेतावनी दी कि यदि सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। महिला शिक्षक संघ जिला अध्यक्ष डॉ गायत्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री से ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों ने मांग की है कि टीईटी अनिवार्यता संबंधी प्रावधानों में आवश्यक संशोधन कर कार्यरत शिक्षकों को राहत प्रदान की जाए। संयुक्त मंत्री प्रशांत पाण्डेय ने कहा शिक्षकों को उनकी सेवा-सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।इस मौके जिला कार्यकारिणी समेत ब्लॉकों के सभी अध्यक्ष मंत्री और हजारों शिक्षक शिक्षिका उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कादीपुर अध्यक्ष अनिल यादव ने किया।

प्राथमिक शिक्षक के ब्लॉक अध्यक्ष राम बहादुर मिश्रा,निजाम खान,विनोद यादव ,डॉ अंबिकेश सिंह ,डॉ विक्रम सिंह,असरार अहमद,मृदुल त्रिपाठी,विजय प्रताप यादव,जय प्रकाश वर्मा,अंजनी कुमार शर्मा,डॉ रीतेश सिंह,मैथिली मिश्र,केदार नाथ दुबे,अखिलेश सिंह ,राज बख्श मौर्य,गोमती मिश्रा,अनीता पाण्डे अर्चना सिंह, मंजू मिश्रा विनय पाण्डेय सिकंदर वर्मा आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन प्रदेश उपाध्यक्ष देवेन्द्र त्रिपाठी,हाजी मुज्तबा,हाजी फैज उल्लाह , लईक अहमद,शिव नारायण वर्मा,मंत्री हेमंत यादव,सुरेश यादव,उत्तर प्रदेशीय जू.हा.स्कूल शिक्षक संघ महामंत्री कलहू पाल,जिला मंत्री संतोष पांडेय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय सिंह,उपाध्यक्ष राजीव मिश्र,उपाध्यक्ष रमेश मिश्र,कोषाध्यक्ष सुरेश चंद्र यादव,राजेश मिश्र,सचिन सिंह,मुनीश पांडेय,विजय कुमार,नवीन पांडेय,दिनेश मिश्रा,तौहीद अहमद,योगेंद्र सिंह,मालती शुक्ला,मंजुलता राय,अल्ताफ अहमद,बृजेश द्विवेदी, अनिल कुमार,इत्यादि।
जिक्र में गुजरा पहला अशरा, रमजान की इबादतों में आई लज्जत

  • मुकम्मल हुआ 10 दिन की तरावीह का दौर
  • बाजार में बढ़ने लगी भीड़

भोपाल। तीन अशरो में बंटे माह ए रमजान के पहले 9 दिन पूरे हो गए हैं। इसके साथ ही शनिवार को पहले अशरे की इबादत मुकम्मल हो जाएगी। शहर की विभिन्न मस्जिदों में पढ़ाई जा रही 10 दिन की तरावीह का दौर भी पूरा हो गया है। इधर जरूरी खरीदारी के लिए लोगों ने बाजार का रुख करना शुरू कर दिया है, जिससे बाजारों में भीड़ बढ़ गई है। घरेलू भाषा में इसे जिक्र, फिक्र और घी शकर के तीन भाग कहा जाता था। लेकिन असल में रमजान के तीन अशरे रहमत, बरकत और जहन्नुम से खुलासी के होते हैं। गुरुवार से शुरू हुआ रमजान के पहले अशरे का दौर शनिवार को पूरा हो गया। इसके बाद अब रविवार से दूसरे दौर की इबादत शुरू होंगी। 

  • मुकम्मल हुई 10 दिन की तरावीह 

शहर में इबादतगुजारों की सहूलियत के लिहाज से अलग अलग अवधि की तरावीह पढ़ाई जाती है। मुकम्मल कुरान पढ़ने और सुनने का यह दौर 5 दिन से शुरु होकर 27 दिन की तरावीह तक चलता है। पहले असरे में 5 और 7 दिन अवधि की तरावीह मुकम्मल हो चुकी है। शनिवार शाम को शहर की कई मस्जिदों में 10 दिन की तरावीह पूरी हुई। इस दौरान पुराने शहर की मस्जिद सुल्तान सेठ में भी शनिवार को मुकम्मल तरावीह का आयोजन हुआ। मस्जिद के मुअज्जिन मोहम्मद नईम खान ने बताया कि इस दस दिन की तरावीह में मुहल्ले और शहर के अन्य क्षेत्रों के बाशिंदों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर मस्जिद में रोजा इफ्तार का आयोजन भी किया गया। तरावीह के बाद तबर्रुक भी बांटा गया। बड़ी तादाद में लोगों ने इसमें हिस्सा लिया।

  • तय हुआ फितरा

शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने रमजान में निकाली जाने वाली जकात और फितरे की राशि का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा इसकी अदायगी ईद की नमाज के पहले करना जरूरी है। जान का सदका कहे जाने वाले फितरा के बारे में उन्होंने बताया कि इसके लिए हर शख्स को 1 किलो, 630 ग्राम गेहूं किसी ऐसे व्यक्ति को दान करना है, जो इसके योग्य हो। कोई व्यक्ति गेहूं की इस मात्रा की बजाए नगद राशि 70 रूपये प्रति व्यक्ति भी दे सकता है। शहर काजी साहब ने जकात को लेकर बताया कि यह ऐसे व्यक्ति पर लागू है जिसके पास 612 ग्राम चांदी मौजूद है, जिसकी कीमत 1 लाख, 65 हजार रुपए आंकलित की गई है।

  • बढ़ने लगी बाजार में भीड़

रमजान का पहला अशरा पूरा होने के बाद अब लोगों ने ईद की तैयारियां शुरू कर दी हैं। सिलाई के कपड़ों, मैचिंग और तैयार किए जाने वाले खाद्य पदार्थों की खरीदारी इस दौरान की जा रही है। इसके चलते इब्राहिमपूरा, चौक बाजार, नदीम रोड, लखेरापुरा, जुमेराती, मंगलवारा, लक्ष्मी टॉकीज, जहांगीराबाद आदि बाजारों की रौनक बढ़ गई है। यहां बाजार देर रात तक सज रहे हैं।

  • दूसरे जुमे पर अकीदत के सजदे

रमजान का दूसरा जुमा अकीदत के साथ शहर में अदा किया गया। इस दौरान जामा मस्जिद, ताजुल मसाजिद, मोती मस्जिद, प्रेस कॉम्प्लेक्स आदि मस्जिदों में अकीदत के सजदे अदा किए गए।

कन्नौज में विशिष्ट आलू मंडी ठठिया में मंत्री असीम अरुण ने सुनी व्यापारियों की समस्याएं
कन्नौज में शुक्रवार दोपहर समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण विशिष्ट आलू मंडी ठठिया पहुंचे, जहां उन्होंने किसानों, व्यापारियों और कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मंत्री के आगमन पर मंडी अधिकारियों व कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान मंडी के व्यापारियों ने व्यापार में आ रही दिक्कतों को लेकर मंत्री को लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा और अपनी मांगें प्रमुखता से रखीं।

व्यापारियों ने आरोप लगाया कि मंडी प्रशासन की मिलीभगत से मंडी के बाहर आलू की बिक्री हो रही है, जिस पर तत्काल रोक लगाई जाए। व्यापारियों ने बताया कि मंडी परिसर में दुकान संख्या 1 से 60 तक का आवंटन तो कर दिया गया है, लेकिन उसकी समय-सीमा संबंधी कोई प्रति आढ़तियों को उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा उन्होंने मंडी परिसर में बैंक, कैंटीन, पेयजल, बिजली और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया।

व्यापारियों का कहना था कि वर्तमान परिस्थितियों में दुकानों का प्रीमियम और यूजर चार्ज एक साथ जमा कर पाना कठिन हो रहा है, इसलिए प्रशासन सहयोगात्मक रुख अपनाए। मंत्री असीम अरुण ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए और आश्वासन दिया कि व्यापारियों व किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।

इस मौके पर मंडी सचिव रघुराज प्रताप सिंह, प्रधान लिपिक देवेन्द्र कुमार निगम, मंडी प्रभारी आदिल खां सहित राजन अवस्थी मण्डल अध्यक्ष, विनय अवस्थी, सुरजीत यादव, अंकुर कटियार प्रखंड संयोजक उमर्दा बजरंग दल, शैलेंद्र तिवारी और वेद नारायण त्रिपाठी समेत बड़ी संख्या में व्यापारी व किसान मौजूद रहे।
"आसरा" के बुजुर्गों के बीच साहित्यिक प्रस्तुति, आज होगा "सद्गति" का मंचन

  • आयोजन से पहले सराहा जाने लगा प्रयास

भोपाल। संस्कृत‍ि मंत्रालय, भारत सरकार की “सांस्कृतिक समारोह एवं प्रस्तुति अनुदान योजना (CFPGS)” के अंतर्गत प्रख्यात साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी “सद्गति” पर आधारित नाटक का मंचन 28 फरवरी को आसरा वृद्धाश्रम, गोलघर के पास, शाहजहांनाबाद, भोपाल में किया जाएगा।

इस नाट्य प्रस्तुति का निर्देशन युवा रंगकर्मी अदनान खान द्वारा किया गया है। यह प्रस्तुति सामाजिक यथार्थ और मानवीय संवेदनाओं को केंद्र में रखकर तैयार की गई है, जिसमें गरीबी, असमानता और मानवीय गरिमा जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।

कार्यक्रम सेवन कलर्स कल्चरल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित किया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य साहित्य और रंगमंच के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक सार्थक सांस्कृतिक संवाद स्थापित करना है। वृद्धाश्रम में आयोजित इस विशेष मंचन के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के बीच सांस्कृतिक सरोकारों को साझा करने और सामाजिक चेतना को सशक्त करने का प्रयास किया जाएगा। संस्था ने शहर के रंगकर्मियों, साहित्य प्रेमियों एवं नागरिकों से इस प्रस्तुति में सहभागिता का आग्रह किया है।

जीआईसी में ही जांची की जाएगी हाईस्कूल और इंटर कॉलेज की कापियां
*शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर परिषद ने दी मंजूरी तैयारी शुरू हो गई*



रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कॉपियों का मूल्यांकन विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज में होगा। श्री इंद्र बहादुर सिंह नेशनल इंटर कॉलेज भदोही ने पांच साल बाद मूल्यांकन पर असहमति जताई। जिसके बाद शिक्षा विभाग की ओर से एक केंद्र का प्रस्ताव परिषद को भेजा गया। उक्त प्रस्ताव को परिषद से मंजूरी मिल गई है। मूल्यांकन की तिथि तय होने पर विभाग की ओर से परीक्षकों की तैनाती शुरू की जाएगी। जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से चल रही हैं। करीब 80 फीसदी परीक्षा समाप्त हो गई है। अब बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन की भी तैयारी शुरू हो गई है। परीक्षा खत्म होने के बाद कॉपियों का मूल्यांकन शुरू होगा। सूबे के अलग-अलग जिलों की कॉपियां मंडलवार क्षेत्रों में भेजी जाती हैं। कोविड से पहले हाईस्कूल और इंटर की कॉपियों का मूल्यांकन जीआईसी में होता था, लेकिन पांच साल से हाईस्कूल की कापियों के लिए नेशनल और इंटर के लिए जीआईसी को मूल्यांकन केंद्र बनाया जाता था। साल 2026 में मूल्यांकन केंद्र निर्धारण होने से पहले ही नेशनल इंटर कॉलेज ने केंद्र बनने से हाथ खींच लिया। इसके बाद विभाग ने जीआईसी ज्ञानपुर को ही मूल्यांकन केंद्र बनाने का प्रस्ताव भेजा। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि नेशनल इंटर कॉलेज ने इस बार मूल्यांकन न करने का निर्णय लिया। इससे विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज को ही मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। यहीं पर हाईस्कूल और इंटर की कापियां जांची जाएंगी। बताया कि मूल्यांकन सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगा। इससे पारदर्शिता कायम रहे। डीआईओएस ने बताया कि परीक्षा खत्म होने पर मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सौ शय्या अस्पताल में लेबर कक्ष तैयार,14 नर्सों की हुई तैनाती

*24 घंटे के लिए रोस्टर वाईज लगाई गई ड्यूटी*



रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही।सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल में धीरे-धीरे स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होने लगा है। यहां प्रसव सेवा की सुविधा शुरू हो गई है। प्रसव पीड़ता के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें दूर के अस्पतालों का चक्कर लगाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। ओपीडी भवन के भूतल मंजिला पर एक कक्ष में अभी प्रसव सेवा शुरू हुई है। सिर्फ नार्मल प्रसव कराए जाएंगे। सिजेरियन मरीज को जिला अस्पताल भेजा जाएगा। यहां 14 नर्सों की तैनाती है। जिनकी दो-दो नर्सों की ड्यूटी 24 घंटे प्रसव कराने के लिए रोस्टर वाइज लगाई गई है। अस्पताल में रोजाना 400 से 500 की ओपीडी होती है, जिन्हें जांच पड़ताल करके चिकित्सक दवा देते हैं। ज्यादातर यहां मौसमी बीमारी के मरीज आते हैं। प्रसव सेवा शुरू होने के बाद अब मरीजों की संख्या में और वृद्धि होगी। इससे मुख्यालय के सरपतहां, लखनों, कसियापुर, नंदापुर, कावल, गडेरियापुर आदि सहित दर्जनों गांव के प्रसव पीड़िता को जिला अस्पताल जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। उन्हें मुख्यालय पर ही बेहतर उपचार उपलब्ध होगा। यहां महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। ऑपरेशन की जरुरत पड़ने पर मरीज को रेफर किया जाएगा। परिसर में टीबी अस्पताल, डायलिसिस सेंटर, बर्न यूनिट, डिजिटल एक्सरे, सिटी स्कैन आदि सुविधा है। यहां रोजाना एक हजार से 1200 मरीज, तीमारदारों की भीड़ होती है। चार महीने से इमरजेंसी मेडिलक असफर (ईएमओ) तैनात किए गए है। डॉक्टरों को ड्यूटी में और सहूलियत हो गई है।

हाल ही में प्रसव सेवा शुरू किया गया है। दो-दो सिस्टर की ड्यूटी रोस्टर वाइज लगाई गई है। नार्मल प्रसव होगा, ऑपरेशन की जरूरत पड़ने पर मरीज को जिला अस्पताल भेजा जाएगा। - डॉ. सुनील कुमार पासवान, सीएमएस 10 बेड़ सरपतहां
स्वास्थ्य हमारा मिशन है और सेवा हमारी परंपरा: डॉ. मनसुख मांडविया

  • कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने अपने 75वें स्थापना वर्ष समारोह की शुरुआत की

भोपाल। ​कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने देशभर के श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए सात दशकों से अधिक की समर्पित सेवा के उपलक्ष्य में अपने '75वें सेवा वर्ष' समारोह की शुरुआत की। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस कार्यक्रम में मुख्य भाषण दिया।

​इस अवसर पर सांसद (लोकसभा) एनके प्रेमचंद्रन, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव वंदना गुरनानी, ईपीएफओ के केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त रमेश कृष्णमूर्ति, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की निदेशक मिचिको मियामोटो और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • विकास और सुधार की यात्रा:

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने संस्थान की यात्रा को राष्ट्र सेवा और सुधार का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि 1952 में लगभग 1.2 लाख लाभार्थियों और एक औषधालय से शुरू हुआ ईएसआईसी (ESIC) आज 166 अस्पतालों, 17 मेडिकल कॉलेजों और लगभग 1,600 औषधालयों के विशाल नेटवर्क के माध्यम से 15 करोड़ से अधिक लाभार्थियों की सेवा कर रहा है।

  • स्वास्थ्य ही सेवा है:

डॉ. मांडविया ने जोर देकर कहा कि "स्वास्थ्य ही सेवा है और सेवा ही हमारा संस्कार है।" उन्होंने चिकित्सा पेशेवरों से अनुशासन बनाए रखने और लोगों के भरोसे का सम्मान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ईएसआईसी के मानकों को एम्स (AIIMS) जैसे प्रमुख संस्थानों के बराबर होना चाहिए।

  • प्रमुख घोषणाएं और पहल:

​निशुल्क स्वास्थ्य जांच: श्रम संहिताओं के तहत 40 वर्ष से अधिक आयु के सभी श्रमिकों के लिए अनिवार्य और मुफ्त स्वास्थ्य जांच का प्रावधान किया गया है।

  • ​स्मारक सिक्का और पुस्तक: निगम की 75 वर्षों की यात्रा के प्रतीक के रूप में एक स्मारक सिक्का और कॉफी टेबल बुक जारी की गई।
  • स्वास्थ्य रथ: लाभार्थियों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए 'स्वास्थ्य रथ' पहल की शुरुआत की गई।
  • समझौता ज्ञापन (MoUs): ​ESIC और NHAआयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के साथ ईएसआई योजना के समन्वय के लिए।
  • ​ESIC और NABL: ईएसआईसी स्वास्थ्य सुविधाओं में गुणवत्ता आश्वासन और मान्यता (Accreditation) को बढ़ावा देने के लिए।
  • विशेष सेवा पखवाड़ा:

ईएसआईसी 24 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक देश भर में 'विशेष सेवा पखवाड़ा' मनाएगा। इस दौरान जागरूकता शिविर, स्वच्छता अभियान, योग शिविर और लंबित दावों के त्वरित निपटान के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

श्रम सचिव वंदना गुरनानी ने कहा कि ईएसआईसी न केवल बीमारियों का इलाज कर रहा है, बल्कि गरीबी को रोकने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दे रहा है। 75वां स्थापना दिवस ईएसआईसी की श्रमिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता और एक आधुनिक, संवेदनशील सामाजिक सुरक्षा संस्थान के रूप में इसके विकास को दोहराता है।

आजमगढ़ : गणित की परीक्षा देने जा रहे छात्र की सड़क हादसे में मौत, साथी छात्र गंभीर रूप से घायल
    सिद्धेश्वर पाण्डेय
    व्यूरो चीफ
आजमगढ़ जिले के फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव के पास लखनऊ–बलिया राजमार्ग पर शुक्रवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसे में यूपी बोर्ड हाईस्कूल की गणित परीक्षा देने जा रहे एक परीक्षार्थी की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल छात्र को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। मृत युवक मां बाप का इकलौती सन्तान था । युवक शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सूक्खीपुर थाना अहरौला निवासी समीर 20 वर्ष पुत्र नसीम और आकिब 19वर्ष पुत्र नसीर अहमद बाइक से परीक्षा केंद्र जा रहे थे। इसी दौरान इब्राहिमपुर के पास सामने से आ रही एक कार से उनकी बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फूलपुर पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने समीर को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल आकिब की हालत नाजुक देखते हुए उसे हायर सेंटर के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
दोनों छात्र रिसेंट पब्लिक इंटर कॉलेज गनवारा माहुल में कक्षा 10 के छात्र थे। उनका परीक्षा केंद्र जनता इंटर कॉलेज अम्बारी में निर्धारित था। शुक्रवार को हाईस्कूल की गणित की परीक्षा देने के लिए दोनों छात्र घर से निकले थे। घटना की सुचना मिलने पर रिसेंट पब्लिक इंटर कालेज गनवारा के प्रबंधक अशफाक अहमद भी मौके पर पहुँच गए । मृतक समीर अपने माता-पिता की इकलौती संतान था और उसकी एक बहन है। उसके पिता नसीम रोजी रोटी के चक्कर मे सऊदी अरब में रहकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। इकलौते बेटे की असमय मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
सूचना मिलते ही अम्बारी पुलिस चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल भेजवा दिया । पुलिस मामले की जांच में जुट गयी हैं । फूलपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सच्चिदानंद का कहना है कि मृतक छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है । कार और बाइक को कब्जे में ले लिया गया है ।
उन्नतिशील गन्ना प्रजातियां बोएं किसान बंधु : महाप्रबंधक
बजाज चीनी मिल कुन्दरखी ने निकाली कृषक जागरूकता रैली

गोंडा। बजाज हिन्दुस्थान शुगर मिल लिमिटेड कुन्दरखी के महाप्रबंधक ए.के. सिंह के निर्देशन में बसंतकालीन गन्ना बुवाई में अस्वीकृत अज्ञात गन्ना प्रजातियों की बुवाई नही करने के लिए एवं किसानों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से वृहद जागरूकता रैली निकाली गई।रैली को इकाई प्रमुख पी.एन. सिंह, जिला गन्ना अधिकारी सुनील कुमार सिंह व महाप्रबंधक ए.के. सिंह ने संयुक्त रूप से झंडी दिखाकर रवाना किया।कृषक जागरूकता रैली का मुख्य उद्देश्य किसानों को बसंतकालीन गन्ना बुवाई में उन्नतशील प्रजातियों जैसे को. 0118, 15023, को. लख. 14201, 16202, कोशा. 18231, 17231 तथा जलप्लावित क्षेत्र के लिए 94184, को. 98014, 13231 आदि की बुवाई के लिए प्रेरित करना है।

महाप्रबंधक ने समय से बुवाई कर पेड़ी गन्ने का अच्छा प्रबंधन करके अधिक लाभ प्राप्त करने की अपील किया। साथ आर.एमडी. एवं मलचर के प्रयोग पर जोर दिया व फ़सल स्वस्थ की दशा मे द्वितीय पेडी रखने जोर दिया।इकाई प्रमुख श्री सिंह ने रैली में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए बसंतकालीन गन्ना बुवाई के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने रैली के सफल क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किया।
रैली में गन्ना विभाग के प्रतिभागियों ने वाहनों पर झंडी लगाकर क्षेत्र के विभिन्न गांवों में भ्रमण किया।

रैली चीनी मिल गेट से निकल कर कहोबा, विद्यानगर, मलारी, महादेवा, इंद्रापुर, सालपुर, जोगापुर, खिरई खिरवा, खिरिया, मझगवां व तुर्काडीहा आदि ग्रामसभा होते हुए बंधवा सेंटर पहुंची, जहां किसान गोष्ठी आयोजित हुई। इसके उपरांत रैली डुमरिहाडीह, तरबगंज व दर्जीकुआं होते हुए  वापस चीनी मिल गेट पर पहुंच कर समाप्त हुई।किसान गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला गन्ना अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने किसानों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए दिए जाने वाले अनुदान के बारे में विस्तार से जानकारी दिया। उन्होंने कृषकों से उन्नतिशील गन्ना प्रजातियों को बोने की सलाह दिया तथा अस्वीकृत अज्ञात गन्ना प्रजातियों की बुवाई नही करने पर जोर दिया।

महाप्रबंधक ए.के. सिंह ने किसानों को बताया कि गन्ना सर्वेक्षण के दौरान गन्ने का जमाव न होने अथवा छोटी अवस्था में ठीक पहचान न होने अथवा मिश्रित गन्ना होने के कारण गन्ना प्रजाति को अंकित करने में त्रुटिया रही हैं, अपने सुपरवाइजर से मिलकर उसे  अभी ठीक करा लें। जिससे आगामी वर्ष पेडी गन्ने की आपूर्ति में कठिनाई न हो। आगामी वर्ष गन्ना प्रजाति को डीगरेड नही किया जायेगा। अतः जिस प्रजाति का गन्ना बोया गया है, उसी प्रजाति में सर्वे कराएं।  जिससे पेराई सत्र के दौरान गन्ना आपूर्ति मे परेशानी से बचा जा सके। समस्या के समाधान हेतु अपने क्षेत्र के गन्ना पर्वेक्षक अथवा चीनी मिल के अधिकारियों से संपर्क करें। रैली में प्रदीप कुमार, संतोष मिश्रा, दिनेश सिंह, शशिकांत दूबे, विष्णु प्रताप सिंह, अरविन्द सिंह, सुनील पाठक, उमापति तिवारी, रमेश प्रताप सिंह, सुधांशु शुक्ला, राकेश सिंह, पशुपति नाथ मिश्रा, ओम प्रकाश सिंह, हेमन्त पाठक, जय प्रकाश सिंह आदि शामिल रहे।
निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर में उमड़ी मरीजों की  भीड़

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। नगर के मोहल्ला पटकी टोला स्थित डॉक्टर ओम प्रकाश शुक्ला क्लिनिक पर आंख अस्पताल सीतापुर के सौजन्य से शुक्रवार को आयोजित किया गया एक निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर, शिविर में उमड़ी मरीजों की  भीड़। शुक्रवार को आयोजित इस नेत्र शिविर में क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों से आए हुए 114  नेत्र रोगियों ने इलाज हेतु अपना पंजीकरण कराया जिनकी सीतापुर  आंख अस्पताल के डॉ स्वप्निल व उनकी टीम  के द्वारा आंखों की जांच कर उन्हें उचित परामर्श दिया गया जांच के उपरांत नेत्र शिविर में 70  नेत्र रोगियों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के योग्य पाया गया जिन्हें मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए अस्पताल के वाहन से सीतापुर आंख अस्पताल ले जाया गया जहां उनका ऑपरेशन किया जाएगा।

इस शिविर में लहरपुर विद्यापीठ के कक्षा 6 के छात्र-छात्राओं ने विशेष सहयोग किया और आए हुए मरीजों व तीमारदारों को सहायता प्रदान की। निशुल्क नेत्र शिविर के आयोजक डॉक्टर आशुतोष शुक्ला ने बताया कि   शिविर में डॉ आकाश शुक्ला, डॉ अटल शुक्ला, राम जी तिवारी, भुजबल तिवारी, भोले कनौजिया ने विशेष सहयोग प्रदान किया। इस मौके भारी संख्या में मरीज व तीमारदार उपस्थित थे। शिविर के आयोजक डॉ आशुतोष शुक्ला ने बताया कि मरीजों की संख्या को देखते हुए आगामी 16 मार्च सोमवार को एक और नेत्र  शिविर  आयोजित किया जाएगा।
टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया का तीसरे चरण का आंदोलन सम्पन्न, प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन*
सुल्तानपुर,टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वाधान में टीईटी अनिवार्यता के विरोध में चल रहा चरणबद्ध आंदोलन बुधवार को तीसरे चरण में प्रवेश कर गया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार स्थानीय तिकोनिया पार्क में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। आंदोलन का नेतृत्व टीएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा के निर्देश पर किया गया। जनपदीय प्रवक्ता निजाम खान ने बताया कि कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार पाण्डेय, उच्च प्राथमिक जूनियर शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष देवेन्द्र त्रिपाठी तथा महिला शिक्षक संघ की जिला अध्यक्ष डॉ गायत्री सिंह ने की। धरना-प्रदर्शन के उपरांत शिक्षकों ने जुलूस निकालते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च किया और जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख मुद्दा टीईटी अनिवार्यता प्रकरण माननीय उच्चतम न्यायालय के दिनांक 01सितम्बर 2025 के निर्णय के द्वारा देश के सभी राज्यों में अधिनियम लागू होने की तिथि से पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को भी सेवा में बने रहने अथवा पदोन्नति हेतु टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया है जोकि पूर्व में नियुक्त शिक्षकों के सरासर अन्याय है। टी एफ आई ने देश के प्रधानमंत्री से अनुरोध किया माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश का संज्ञान लेते हुए शिक्षा अधिकार अधिनियम लागू होने की तिथि से पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट प्रदान करने हेतु अध्यादेश लाकर संसद द्वारा कानून पारित करा कर शिक्षकों को टीईटी से मुक्त किया जाए। प्रवक्ता निजाम खान ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के हालिया निर्णय के बाद देशभर के लाखों कार्यरत शिक्षकों के समक्ष सेवा-सुरक्षा एवं भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष दिलीप पाण्डेय का कहना है कि संगठनों का तर्क है कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति उस समय हुई थी जब टीईटी अनिवार्य नहीं था, उन पर पूर्वव्यापी रूप से यह शर्त लागू करना न्यायसंगत नहीं है। आंदोलनकारी शिक्षक सगठन जूनियर शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष देवेन्द्र त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि वे शिक्षा की गुणवत्ता के विरोधी नहीं हैं, बल्कि अपने अनुभव, पूर्व सेवा-नियमों और संवैधानिक अधिकारों के सम्मान की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों के स्तर पर इस विषय में स्पष्ट एवं एकरूप नीति का अभाव है, जिससे शिक्षकों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। संघ जिला मंत्री डॉ हृषिकेश भानु सिंह ने कहा कि चार चरणों में चल रहे इस आंदोलन का उद्देश्य सरकार का ध्यान आकर्षित कर मानवीय एवं व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित कराना है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेन्द्र नारायण मिश्र ने चेतावनी दी कि यदि सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। महिला शिक्षक संघ जिला अध्यक्ष डॉ गायत्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री से ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों ने मांग की है कि टीईटी अनिवार्यता संबंधी प्रावधानों में आवश्यक संशोधन कर कार्यरत शिक्षकों को राहत प्रदान की जाए। संयुक्त मंत्री प्रशांत पाण्डेय ने कहा शिक्षकों को उनकी सेवा-सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।इस मौके जिला कार्यकारिणी समेत ब्लॉकों के सभी अध्यक्ष मंत्री और हजारों शिक्षक शिक्षिका उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कादीपुर अध्यक्ष अनिल यादव ने किया।

प्राथमिक शिक्षक के ब्लॉक अध्यक्ष राम बहादुर मिश्रा,निजाम खान,विनोद यादव ,डॉ अंबिकेश सिंह ,डॉ विक्रम सिंह,असरार अहमद,मृदुल त्रिपाठी,विजय प्रताप यादव,जय प्रकाश वर्मा,अंजनी कुमार शर्मा,डॉ रीतेश सिंह,मैथिली मिश्र,केदार नाथ दुबे,अखिलेश सिंह ,राज बख्श मौर्य,गोमती मिश्रा,अनीता पाण्डे अर्चना सिंह, मंजू मिश्रा विनय पाण्डेय सिकंदर वर्मा आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन प्रदेश उपाध्यक्ष देवेन्द्र त्रिपाठी,हाजी मुज्तबा,हाजी फैज उल्लाह , लईक अहमद,शिव नारायण वर्मा,मंत्री हेमंत यादव,सुरेश यादव,उत्तर प्रदेशीय जू.हा.स्कूल शिक्षक संघ महामंत्री कलहू पाल,जिला मंत्री संतोष पांडेय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय सिंह,उपाध्यक्ष राजीव मिश्र,उपाध्यक्ष रमेश मिश्र,कोषाध्यक्ष सुरेश चंद्र यादव,राजेश मिश्र,सचिन सिंह,मुनीश पांडेय,विजय कुमार,नवीन पांडेय,दिनेश मिश्रा,तौहीद अहमद,योगेंद्र सिंह,मालती शुक्ला,मंजुलता राय,अल्ताफ अहमद,बृजेश द्विवेदी, अनिल कुमार,इत्यादि।