सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं से लैस है गया शहर के गोवल बीघा का डायमंड हॉस्पिटल, 15 फरवरी को होगा भव्य उद्घाटन

गया: गया में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल जैसी सुविधाओं से लैस डायमंड हॉस्पिटल का भव्य उद्घाटन 15 फरवरी को होगा. इसका उद्घाटन बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार करेंगे. इस संबंध में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के संचालक डा. नीरज लाल यादव ने बताया कि हमारा जो डायमंड हॉस्पिटल है, उसे सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनाया है.

इसका उद्घाटन 15 फरवरी को बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार के द्वारा किया जाएगा. इस डायमंड हॉस्पिटल में सबसे बड़ी बात यह है कि गया के लोगों के लिए सभी इमरजेंसी सेवा 24 × 7 उपलब्ध है. हमारे यहां फुली लोडेड आईसीयू है. 10 बेड का आईसीयू फैसिलिटी और वेंटीलेटर है. किसी भी इमरजेंसी हालात में जैसे हार्ट अटैक हो या दुर्घटना हो, हम लोग ट्रीटमेंट करने में सक्षम है. मैं खुद क्रिटिकल केस का स्पेशलिस्ट हूं. इसके अलावा इस अस्पताल में न्यूरोसर्जन डॉ सत्येंद्र प्रसाद, गैस्ट्रोलाॅजिस्ट डॉक्टर गुलाम-ए-मुस्तफा, हमारे पास आर्थोपेडिक, जनरल, गायनिक विशेषज्ञ हैं. छह डाक्टरों की एक अच्छी टीम और स्टाफ है.

हर व्यवस्था है. हम चाहते हैं कि गया के लोगों को जब भी किसी भी प्रकार की दिक्कते हो, वह एसएसपी आवास के ठीक सामने डायमंड हॉस्पिटल में आए. यहां कम खर्चे में ही बेहतर इलाज संभव है. सबसे बड़ी बात है कि हम लोग पैसे को लेकर किसी को मरीज को वापस जाने नहीं देंगे. हर मजबूर मध्यम वर्गीय परिवार या गरीब परिवार यहां से कभी निराश नहीं लौटेंगे. हमारे यहां पैसे की कमी के कारण किसी का ट्रीटमेंट न हो, ऐसा नहीं हो सकता है. मैं डाक्टर नीरज लाल यादव वही करता हूं, जो ईश्वर को पसंद है. ईश्वर को यही पसंद है कि इमरजेंसी में इलाज करें. मुझे जो भी जोखिम उठाना पड़े, मैं उठाने को तैयार हूं.

गढ़वा मे करणी सेना भारत परिवार द्वारा हुआ भव्य खिचड़ी वितरण :- राहुल प्रताप सिंह।

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गढ़वा :- गढ़वा जिला मुख्यालय स्थित करणी सेना भारत परिवार के द्वारा भव्य खिचड़ी वितरण कार्यकर्ताओं की अध्यक्षता में रंका मोड घंटा घर हनुमान जी मंदिर के पास खिचड़ी प्रसाद वितरण का कार्यक्रम संपन्न कराया गया। वहीं जिसमे झारखंड राज्य प्रभारी श्री राहुल प्रताप सिंह के नेतृत्व में व युवा जिला अध्यक्ष शुभम सिंह व जिले की समस्त टीम के कार्यकर्ताओं की अध्यक्षता मे जिसमें मुख्य रूप से उपस्थित झारखंड प्रभारी राहुल प्रताप सिंह जी ने कहा की संगठन का उद्देश्य प्रत्येक समुदाय,धर्म,समाज के समस्त असहाय और निर्धन परिवार का सहयोग और सेवा करना है।

वहीं शुभम सिंह ने कहा कि हम तन मन धन के साथ गढ़वा के प्रत्येक समस्या के साथ अपना सहयोग देते हुए उसका निराकरण कराने का प्रयास करेंगे।

करणी सेना भारत परिवार आने वाले समय में प्रभारी महोदय के नेतृत्व में ऐसे ही कार्य करती रहेगी।

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित कार्यकर्ता भाई डॉक्टर देवेंद्र जी, शिवम जी, विशाल जी, प्रियांशु जी, रोहित जी, लक्की जी, मनीष जी, वैभव जी, गौतम जी, अयूब आदि लोग उपस्थित थे।

तंबुओं के शहर पांचाल घाट में रहने वाले  कल्पवासी अब अपने घरों को लौट रहे, धीरे-धीरे उजाड़ रही मेले की रौनक

फर्रुखाबाद l  पांचाल घाट पर 3 जनवरी से शुरू हुआ ऐतिहासिक 'मेला श्री राम नगरिया' अब अपने समापन की ओर है। माघी पूर्णिमा के स्नान के बाद से ही यहां बसा तंबुओं का अस्थाई शहर उजड़ने लगा है। हजारों की संख्या में कल्पवास के लिए पहुंचे संत और श्रद्धालु माँ गंगा से सलामती की दुआ मांगकर अपने आश्रमों और घरों की ओर प्रस्थान कर रहे हैं।

लगभग 3000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस विशाल मेले में अब दूर-दूर तक खाली स्थान दिखाई देने लगा है। जहां कुछ दिन पहले तक धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और श्रद्धालुओं की भारी चहल-पहल थी, वहां अब सन्नाटा पसरने लगा है। शेष बचे कल्पवासी भी अपना सामान समेट रहे हैं और अनुमान है कि 5 फरवरी को यहां से प्रस्थान कर जाएंगे।

प्रयागराज के बाद सबसे महत्वपूर्ण माघ मेला

धार्मिक दृष्टि से प्रयागराज के कुंभ/माघ मेले के बाद फर्रुखाबाद का यह मेला विशेष महत्व रखता है। जिला प्रशासन द्वारा कल्पवास के लिए आने वाले संतों और श्रद्धालुओं के लिए एक माह तक बिजली, पानी और सुरक्षा की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। इस वर्ष यह मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 1 फरवरी (माघी पूर्णिमा) तक चला।

दुकानदारों में निराशा ।

मेला श्री राम नगरिया में इस वर्ष लगभग 700 दुकानें लगाई गई थीं, जिनमें से अधिकांश अभी भी मौजूद हैं। दुकानदारों का कहना है कि वे भी अगले एक-दो दिनों में अपनी दुकानें समेट लेंगे। कन्नौज से आए दुकानदार अमित ने बताया कि इस बार उम्मीद के मुताबिक बिक्री नहीं हुई है, जिससे व्यापारियों में निराशा है।

मनोरंजन क्षेत्र में रौनक
भले ही कल्पवासी लौट रहे हों, लेकिन मेला क्षेत्र में अभी भी रौनक है। यहां लगाए गए विभिन्न प्रकार के झूले और अन्य मनोरंजन के साधन अभी भी संचालित हैं, जिनका आनंद लेने के लिए स्थानीय लोग पहुंच रहे हैं।
अजय राय की टिप्पणी से गरमाई प्रदेश की राजनीति, डॉ. राजेश्वर सिंह के समर्थन में सड़क पर उतरे समर्थक
* लखनऊ में विरोध प्रदर्शन, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से सार्वजनिक माफी की मांग
लखनऊ। सरोजनीनगर से भाजपा विधायक एवं पूर्व वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. राजेश्वर सिंह को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय द्वारा की गई टिप्पणी के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में तीखी हलचल देखने को मिल रही है। अजय राय ने एक सार्वजनिक बयान में डॉ. राजेश्वर सिंह पर प्रदेश और देश को “लूटने” जैसे गंभीर आरोप लगाए, जिसे भाजपा नेताओं और समर्थकों ने पूरी तरह निराधार, आपत्तिजनक और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया है।

अजय राय ने अपने बयान में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को लेकर भी टिप्पणी करते हुए उसके दुरुपयोग का आरोप लगाया। साथ ही डॉ. राजेश्वर सिंह की पूर्व सेवाओं से जुड़ी एजेंसियों पर भी बिना ठोस प्रमाण के सवाल खड़े किए। भाजपा ने इन आरोपों को न केवल एक जनप्रतिनिधि की छवि धूमिल करने का प्रयास बताया, बल्कि इसे संवैधानिक संस्थाओं और प्रशासनिक सेवाओं का अपमान करार दिया है।

* ईमानदार छवि से घबराई कांग्रेस: भाजपा
भाजपा नेताओं का कहना है कि डॉ. राजेश्वर सिंह अपने सेवाकाल में ईमानदारी, सख्ती और कानून के राज के लिए जाने जाते रहे हैं। उनके कार्यकाल में आर्थिक अपराधों, माफिया नेटवर्क और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई, जिससे अपराधियों और उनके राजनीतिक संरक्षकों में असहजता स्वाभाविक है। भाजपा का आरोप है कि इसी साफ-सुथरी छवि और बढ़ते जनसमर्थन से घबराकर कांग्रेस तथ्यहीन आरोपों का सहारा ले रही है।

* लखनऊ में विरोध प्रदर्शन, माफी की मांग
अजय राय के बयान के विरोध में डॉ. राजेश्वर सिंह के समर्थकों ने लखनऊ के शहीद पथ तिराहा, कानपुर रोड स्थित होटल हॉलिडे इन के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सुबह 11 बजे से ही बड़ी संख्या में समर्थक मौके पर जुटने लगे और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने अजय राय की टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए उनसे तत्काल सार्वजनिक माफी की मांग की। उनका कहना था कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की भाषा और आरोपों से बचना चाहिए।
एनकाउंटर पर सीएम योगी का जवाब: बोले– कानून तोड़ेंगे तो कार्रवाई तय… पुलिस को पिस्तौल यूं ही नहीं दी

लखनऊ। राजधानी में आयोजित यूपी फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था और एनकाउंटर को लेकर उठने वाले सवालों पर कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कानून से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्ती बेहद जरूरी है और उत्तर प्रदेश में अब कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है, जिसके चलते निवेश में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

सीएम योगी ने स्पष्ट कहा कि अगर अपना व्यक्ति भी कानून तोड़ेगा तो उसके खिलाफ भी वही कार्रवाई होगी, जो माफिया और अपराधियों पर होती है। उन्होंने कहा कि कई बार लोग सवाल करते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों चलाई, लेकिन जब अपराधी कानून से डरना बंद कर देते हैं, तब कानून को अपने दायरे में लाकर उसे समझाना तात्कालिक आवश्यकता बन जाती है।

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। कॉन्क्लेव के दौरान सरकार ने 11 कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों के तहत मेडिकल डिवाइस और नई दवाओं के क्षेत्र में संयुक्त रूप से शोध कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में अराजकता और असुरक्षा का माहौल था, लेकिन अब वह अतीत की बात हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश को अब तक 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं और बेरोजगारी दर न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है। उन्होंने यह भी बताया कि ललितपुर में प्रदेश के पहले फार्मा पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण किया गया है और उसके विकास का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
संत रविदास जयन्ती पर मानवता की मिसाल

प्रज्ञा हॉस्पिटल शंकरगढ़ की पहल मरीजों में बांटे फल व कम्बल

संजय द्विवेदी।प्रयागराज।यमुनानगर क्षेत्र के शंकरगढ़ स्थित प्रज्ञा हॉस्पिटल के डायरेक्टर की मां कुसुम सिंह ने संत शिरोमणि रविदास जयंती के अवसर पर मरीजों में फल और कंबल का वितरण करते हुए उनके जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई। इस अवसर पर कुसुम सिंह ने कहा कि संत रविदास जी ने समाज में व्याप्त जाति के आधार पर शोषण भेदभाव और जन्म आधारित श्रेष्ठता को नकारा था। उनकी शिक्षाएं हमें मानवता की सेवा और सामाजिक समरसता की ओर प्रेरित करती है।संत रविदास जी के वचनों को आत्मसात करते हुए मानव सेवा के उद्देश्य से कार्य करना चाहिए। उनके द्वारा संत रविदास जी के जीवन और शिक्षाओं पर चर्चा की गई, समाज में समरसता और भाईचारे का संदेश दिया गया।इस अवसर पर अस्पताल के डायरेक्टर डॉक्टर प्रभाकर सिंह ने कहा कि संत रविदास एक महान समाज सुधारक थे। देश में व्याप्त अंधविश्वास, जातिवाद और पाखंड के खिलाफ समाज के निर्माण में अतुलनीय योगदान है। उनका मानना था कि व्यक्ति का आधार एवं सम्मान कर्म के आधार पर करनी चाहिए जन्म के आधार पर कोई पूज्यनीय नहीं होता है। जाति एक ऐसा रोग है जिसने भारतीयों के मनुष्यता को नाश कर दिया है, जाति इंसान को इंसान नहीं रहने देती उसे ऊंच-नीच में बांट देती है। इस मौके पर मौजूद उग्रसेन द्विवेदी ने कहा कि एक आदर्श एवं समता मूलक समाज को महापुरुषों के विचारों को समाज में स्थापित करने से ही होगा। जब तक सभी वर्गों से बिना भेदभाव के भारत के विकास में भागीदारी सुनिश्चित नहीं किया जाएगा तब तक देश का विकास देश की एकता, एकजुटता और अखंडता सुनिश्चित नहीं हो सकती है। कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से उग्रसेन द्विवेदी, वीरेंद्र प्रजापति, दिवाकर, प्रमोद, शमशाद, रेखा सिंह, प्रियांशु सिंह, संगीता पाल, सुलेखा सिंह एवं अस्पताल के समस्त स्टाफ मौजूद रहे।
रांची: मैट्रिक परीक्षा को लेकर 75 केंद्रों पर निषेधाज्ञा लागू; 200 मीटर की परिधि में 5 से अधिक व्यक्तियों के जुटने पर पाबंदी

रांची, 02 फरवरी 2026: झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) द्वारा आयोजित माध्यमिक वार्षिक परीक्षा-2026 के सफल और कदाचार मुक्त संचालन को लेकर रांची जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। रांची के विभिन्न 75 परीक्षा केंद्रों के आसपास विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी (SDO), सदर द्वारा BNSS की धारा-163 (पूर्व में धारा-144) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।

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परीक्षा की समय-सारणी और सुरक्षा घेरा

यह निषेधाज्ञा 03 फरवरी 2026 से 17 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में प्रतिदिन सुबह 06:45 बजे से रात 08:20 बजे तक यह आदेश लागू रहेगा। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

इन गतिविधियों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध:

निषेधाज्ञा के दौरान परीक्षा केंद्रों के पास निम्नलिखित कार्यों पर रोक रहेगी:

भीड़ पर रोक: 5 या उससे अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना वर्जित है (सरकारी कर्मियों और शवयात्रा को छोड़कर)।

लाउडस्पीकर पर पाबंदी: किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र (Loudspeaker) का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा।

हथियार ले जाने पर रोक: लाठी-डंडा, तीर-धनुष, भाला या किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र (बंदूक, रिवॉल्वर, बम-बारूद) लेकर चलने पर प्रतिबंध है।

सभा पर रोक: किसी भी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन प्रतिबंधित रहेगा।

छात्रों और अभिभावकों से अपील

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। छात्रों को तनावमुक्त माहौल देने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है।

कांटाटोली–सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर: उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने दिए निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश; एक हफ्ते में शिफ्ट होंगे चिन्हित

राँची, 02 फरवरी 2026: राँची के उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज कांटाटोली–सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर के निर्माण कार्य की प्रगति को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समाहरणालय में आयोजित इस बैठक में परियोजना की वर्तमान स्थिति, भू-अर्जन और यातायात प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

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समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करना प्राथमिकता

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि यह फ्लाईओवर राँची शहर की ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए एक "लाइफलाइन" साबित होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि परियोजना को हर हाल में निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। बैठक के दौरान उन्होंने कार्य में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय (Coordination) के साथ काम करने को कहा।

12 भवनों की शिफ्टिंग और यूटिलिटी कार्य

समीक्षा के दौरान नगर निगम के अंतर्गत आने वाले 12 भवनों के वैल्यूएशन और शिफ्टिंग की स्थिति पर चर्चा हुई। संबंधित अधिकारियों ने उपायुक्त को आश्वस्त किया कि इन भवनों को एक सप्ताह के भीतर शिफ्ट कर दिया जाएगा, ताकि निर्माण कार्य निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके। इसके अलावा यूटिलिटी शिफ्टिंग (बिजली के खंभे, पाइपलाइन आदि) को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।

ट्रैफिक प्रबंधन पर विशेष जोर

फ्लाईओवर निर्माण के दौरान आम जनता को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए उपायुक्त ने ट्रैफिक पुलिस और संबंधित अधिकारियों को बेहतर ट्रैफिक डायवर्जन प्लान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में नगर प्रशासक सुशांत गौरव, सिटी एसपी पारस राणा, ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह और एसडीओ सदर कुमार रजत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

एसआरएन अस्पताल के युवा कार्डियोलॉजिस्टो ने तीन मरीजो को दिया नया जीवन।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।एसआरएन अस्पताल के युवा कार्डियोलॉजिस्ट डॉ.विमल निषाद डॉ.वैभव श्रीवास्तव और डॉ.ऋषिका पटेल ने जटिल हृदय रोगों से पीड़ित तीन मरीजों का सफल इलाज कर उन्हें नया जीवन दिया।

पहला मरीज 58 वर्षीय पुरुष है जो कोरांव के निवासी है।वे ब्लैडर आउटलेट ऑब्स्ट्रक्शन से पीड़ित थे, लेकिन हृदय में 32 मिमी के छेद (एएसडी) के कारण कोई भी सर्जन उन्हें ऑपरेशन के लिए तैयार नहीं था, क्योंकि मरीज हाई कार्डियक रिस्क में था।पिछले एक वर्ष से वे लगातार परेशान थे। डॉक्टरों की टीम ने बिना किसी सर्जिकल चीड़-फाड़ के 40 मिमी के डिवाइस से हृदय का छेद सफलतापूर्वक बंद किया। अब एएसडी क्लोज़र हो जाने के बाद तीन महीने के भीतर मरीज का ब्लैडर आउटलेट ऑब्स्ट्रक्शन का ऑपरेशन सुरक्षित रूप से किया जा सकेगा।दूसरी मरीज फूलपुर की 52 वर्षीय महिला हैं, जिनके हृदय में 31 मिमी का छेद था। इसके कारण उनका दाहिना हृदय फेल हो चुका था और लीवर में कंजेशन की वजह से गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं। डॉक्टरों ने दाहिनी जांघ की मोटी नस के माध्यम से 38 मिमी के डिवाइस से बिना चीड़-फाड़ के हृदय का छेद बंद किया। दोनों मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ हैं। चिकित्सकों के अनुसार 3 से 6 महीनों में राइट हार्ट फेल्योर और लीवर की स्थिति में भी स्पष्ट सुधार होगा।इसके अलावा 25 वर्षीय युवक जो जारी का निवासी है पिछले तीन वर्षों से सांस फूलने और दिल की धड़कन से परेशान था तथा पिछले तीन महीनों से टीबी की दवाएं ले रहा था।कुम्भ मेले में अपनी मां के साथ कल्पवास के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे हार्ट फेल्योर की स्थिति में एस आर एन अस्पताल लाया गया।जांच में टीबी की पुष्टि नहीं हुई, बल्कि मरीज में गम्भीर माइट्रल स्टेनोसिस पाई गई,जिससे हृदय का बायां वाल्व सिकुड़ गया था।मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.वी.के. पांडेय ने आर्थिक सहायता प्रदान कर मरीज का बैलून माइट्रल वॉल्वोटॉमी निःशुल्क कराया। सफल उपचार के बाद युवक की हालत में तेजी से सुधार हुआ।वर्तमान में तीनों मरीज स्वस्थ हैं और चिकित्सकीय निगरानी में हैं।

जिज्ञासा कप सीजन-1 का फाइनल: असरफी ने एनजेएस तेलीबाग को हराकर ट्रॉफी पर जमाया कब्ज़ा
लखनऊ। जिज्ञासा कप सीजन-1 का फाइनल मुकाबला आज एनजेएस तेलीबाग और असरफी टीम के बीच खेला गया। रोमांच से भरपूर इस मुकाबले में असरफी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया।

टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी असरफी की टीम ने कसी हुई गेंदबाजी का शानदार नमूना पेश किया। असरफी के गेंदबाजों के आगे एनजेएस तेलीबाग की पूरी टीम 135 रन पर सिमट गई। एनजेएस तेलीबाग की ओर से आशुतोष पांडे ने 28 गेंदों में 37 रन और आयुष पासवान ने 23 गेंदों में 25 रन की अहम पारी खेली।

असरफी की गेंदबाजी में आशुतोष सिंह ने घातक प्रदर्शन करते हुए 4 विकेट झटके, जबकि मो. वैस ने भी 2 विकेट हासिल कर विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी असरफी की टीम ने संघर्षपूर्ण अंदाज में खेलते हुए 9 विकेट खोकर 136 रन बनाए और मुकाबला जीतकर जिज्ञासा कप सीजन-1 की चैंपियन बनी।

*मैन ऑफ द मैच*

आशुतोष सिंह
(शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन – 4 विकेट)
सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं से लैस है गया शहर के गोवल बीघा का डायमंड हॉस्पिटल, 15 फरवरी को होगा भव्य उद्घाटन

गया: गया में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल जैसी सुविधाओं से लैस डायमंड हॉस्पिटल का भव्य उद्घाटन 15 फरवरी को होगा. इसका उद्घाटन बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार करेंगे. इस संबंध में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के संचालक डा. नीरज लाल यादव ने बताया कि हमारा जो डायमंड हॉस्पिटल है, उसे सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनाया है.

इसका उद्घाटन 15 फरवरी को बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार के द्वारा किया जाएगा. इस डायमंड हॉस्पिटल में सबसे बड़ी बात यह है कि गया के लोगों के लिए सभी इमरजेंसी सेवा 24 × 7 उपलब्ध है. हमारे यहां फुली लोडेड आईसीयू है. 10 बेड का आईसीयू फैसिलिटी और वेंटीलेटर है. किसी भी इमरजेंसी हालात में जैसे हार्ट अटैक हो या दुर्घटना हो, हम लोग ट्रीटमेंट करने में सक्षम है. मैं खुद क्रिटिकल केस का स्पेशलिस्ट हूं. इसके अलावा इस अस्पताल में न्यूरोसर्जन डॉ सत्येंद्र प्रसाद, गैस्ट्रोलाॅजिस्ट डॉक्टर गुलाम-ए-मुस्तफा, हमारे पास आर्थोपेडिक, जनरल, गायनिक विशेषज्ञ हैं. छह डाक्टरों की एक अच्छी टीम और स्टाफ है.

हर व्यवस्था है. हम चाहते हैं कि गया के लोगों को जब भी किसी भी प्रकार की दिक्कते हो, वह एसएसपी आवास के ठीक सामने डायमंड हॉस्पिटल में आए. यहां कम खर्चे में ही बेहतर इलाज संभव है. सबसे बड़ी बात है कि हम लोग पैसे को लेकर किसी को मरीज को वापस जाने नहीं देंगे. हर मजबूर मध्यम वर्गीय परिवार या गरीब परिवार यहां से कभी निराश नहीं लौटेंगे. हमारे यहां पैसे की कमी के कारण किसी का ट्रीटमेंट न हो, ऐसा नहीं हो सकता है. मैं डाक्टर नीरज लाल यादव वही करता हूं, जो ईश्वर को पसंद है. ईश्वर को यही पसंद है कि इमरजेंसी में इलाज करें. मुझे जो भी जोखिम उठाना पड़े, मैं उठाने को तैयार हूं.

गढ़वा मे करणी सेना भारत परिवार द्वारा हुआ भव्य खिचड़ी वितरण :- राहुल प्रताप सिंह।

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गढ़वा :- गढ़वा जिला मुख्यालय स्थित करणी सेना भारत परिवार के द्वारा भव्य खिचड़ी वितरण कार्यकर्ताओं की अध्यक्षता में रंका मोड घंटा घर हनुमान जी मंदिर के पास खिचड़ी प्रसाद वितरण का कार्यक्रम संपन्न कराया गया। वहीं जिसमे झारखंड राज्य प्रभारी श्री राहुल प्रताप सिंह के नेतृत्व में व युवा जिला अध्यक्ष शुभम सिंह व जिले की समस्त टीम के कार्यकर्ताओं की अध्यक्षता मे जिसमें मुख्य रूप से उपस्थित झारखंड प्रभारी राहुल प्रताप सिंह जी ने कहा की संगठन का उद्देश्य प्रत्येक समुदाय,धर्म,समाज के समस्त असहाय और निर्धन परिवार का सहयोग और सेवा करना है।

वहीं शुभम सिंह ने कहा कि हम तन मन धन के साथ गढ़वा के प्रत्येक समस्या के साथ अपना सहयोग देते हुए उसका निराकरण कराने का प्रयास करेंगे।

करणी सेना भारत परिवार आने वाले समय में प्रभारी महोदय के नेतृत्व में ऐसे ही कार्य करती रहेगी।

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित कार्यकर्ता भाई डॉक्टर देवेंद्र जी, शिवम जी, विशाल जी, प्रियांशु जी, रोहित जी, लक्की जी, मनीष जी, वैभव जी, गौतम जी, अयूब आदि लोग उपस्थित थे।

तंबुओं के शहर पांचाल घाट में रहने वाले  कल्पवासी अब अपने घरों को लौट रहे, धीरे-धीरे उजाड़ रही मेले की रौनक

फर्रुखाबाद l  पांचाल घाट पर 3 जनवरी से शुरू हुआ ऐतिहासिक 'मेला श्री राम नगरिया' अब अपने समापन की ओर है। माघी पूर्णिमा के स्नान के बाद से ही यहां बसा तंबुओं का अस्थाई शहर उजड़ने लगा है। हजारों की संख्या में कल्पवास के लिए पहुंचे संत और श्रद्धालु माँ गंगा से सलामती की दुआ मांगकर अपने आश्रमों और घरों की ओर प्रस्थान कर रहे हैं।

लगभग 3000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस विशाल मेले में अब दूर-दूर तक खाली स्थान दिखाई देने लगा है। जहां कुछ दिन पहले तक धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और श्रद्धालुओं की भारी चहल-पहल थी, वहां अब सन्नाटा पसरने लगा है। शेष बचे कल्पवासी भी अपना सामान समेट रहे हैं और अनुमान है कि 5 फरवरी को यहां से प्रस्थान कर जाएंगे।

प्रयागराज के बाद सबसे महत्वपूर्ण माघ मेला

धार्मिक दृष्टि से प्रयागराज के कुंभ/माघ मेले के बाद फर्रुखाबाद का यह मेला विशेष महत्व रखता है। जिला प्रशासन द्वारा कल्पवास के लिए आने वाले संतों और श्रद्धालुओं के लिए एक माह तक बिजली, पानी और सुरक्षा की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। इस वर्ष यह मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 1 फरवरी (माघी पूर्णिमा) तक चला।

दुकानदारों में निराशा ।

मेला श्री राम नगरिया में इस वर्ष लगभग 700 दुकानें लगाई गई थीं, जिनमें से अधिकांश अभी भी मौजूद हैं। दुकानदारों का कहना है कि वे भी अगले एक-दो दिनों में अपनी दुकानें समेट लेंगे। कन्नौज से आए दुकानदार अमित ने बताया कि इस बार उम्मीद के मुताबिक बिक्री नहीं हुई है, जिससे व्यापारियों में निराशा है।

मनोरंजन क्षेत्र में रौनक
भले ही कल्पवासी लौट रहे हों, लेकिन मेला क्षेत्र में अभी भी रौनक है। यहां लगाए गए विभिन्न प्रकार के झूले और अन्य मनोरंजन के साधन अभी भी संचालित हैं, जिनका आनंद लेने के लिए स्थानीय लोग पहुंच रहे हैं।
अजय राय की टिप्पणी से गरमाई प्रदेश की राजनीति, डॉ. राजेश्वर सिंह के समर्थन में सड़क पर उतरे समर्थक
* लखनऊ में विरोध प्रदर्शन, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से सार्वजनिक माफी की मांग
लखनऊ। सरोजनीनगर से भाजपा विधायक एवं पूर्व वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. राजेश्वर सिंह को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय द्वारा की गई टिप्पणी के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में तीखी हलचल देखने को मिल रही है। अजय राय ने एक सार्वजनिक बयान में डॉ. राजेश्वर सिंह पर प्रदेश और देश को “लूटने” जैसे गंभीर आरोप लगाए, जिसे भाजपा नेताओं और समर्थकों ने पूरी तरह निराधार, आपत्तिजनक और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया है।

अजय राय ने अपने बयान में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को लेकर भी टिप्पणी करते हुए उसके दुरुपयोग का आरोप लगाया। साथ ही डॉ. राजेश्वर सिंह की पूर्व सेवाओं से जुड़ी एजेंसियों पर भी बिना ठोस प्रमाण के सवाल खड़े किए। भाजपा ने इन आरोपों को न केवल एक जनप्रतिनिधि की छवि धूमिल करने का प्रयास बताया, बल्कि इसे संवैधानिक संस्थाओं और प्रशासनिक सेवाओं का अपमान करार दिया है।

* ईमानदार छवि से घबराई कांग्रेस: भाजपा
भाजपा नेताओं का कहना है कि डॉ. राजेश्वर सिंह अपने सेवाकाल में ईमानदारी, सख्ती और कानून के राज के लिए जाने जाते रहे हैं। उनके कार्यकाल में आर्थिक अपराधों, माफिया नेटवर्क और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई, जिससे अपराधियों और उनके राजनीतिक संरक्षकों में असहजता स्वाभाविक है। भाजपा का आरोप है कि इसी साफ-सुथरी छवि और बढ़ते जनसमर्थन से घबराकर कांग्रेस तथ्यहीन आरोपों का सहारा ले रही है।

* लखनऊ में विरोध प्रदर्शन, माफी की मांग
अजय राय के बयान के विरोध में डॉ. राजेश्वर सिंह के समर्थकों ने लखनऊ के शहीद पथ तिराहा, कानपुर रोड स्थित होटल हॉलिडे इन के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सुबह 11 बजे से ही बड़ी संख्या में समर्थक मौके पर जुटने लगे और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने अजय राय की टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए उनसे तत्काल सार्वजनिक माफी की मांग की। उनका कहना था कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की भाषा और आरोपों से बचना चाहिए।
एनकाउंटर पर सीएम योगी का जवाब: बोले– कानून तोड़ेंगे तो कार्रवाई तय… पुलिस को पिस्तौल यूं ही नहीं दी

लखनऊ। राजधानी में आयोजित यूपी फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था और एनकाउंटर को लेकर उठने वाले सवालों पर कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कानून से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्ती बेहद जरूरी है और उत्तर प्रदेश में अब कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है, जिसके चलते निवेश में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

सीएम योगी ने स्पष्ट कहा कि अगर अपना व्यक्ति भी कानून तोड़ेगा तो उसके खिलाफ भी वही कार्रवाई होगी, जो माफिया और अपराधियों पर होती है। उन्होंने कहा कि कई बार लोग सवाल करते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों चलाई, लेकिन जब अपराधी कानून से डरना बंद कर देते हैं, तब कानून को अपने दायरे में लाकर उसे समझाना तात्कालिक आवश्यकता बन जाती है।

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। कॉन्क्लेव के दौरान सरकार ने 11 कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों के तहत मेडिकल डिवाइस और नई दवाओं के क्षेत्र में संयुक्त रूप से शोध कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में अराजकता और असुरक्षा का माहौल था, लेकिन अब वह अतीत की बात हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश को अब तक 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं और बेरोजगारी दर न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है। उन्होंने यह भी बताया कि ललितपुर में प्रदेश के पहले फार्मा पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण किया गया है और उसके विकास का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
संत रविदास जयन्ती पर मानवता की मिसाल

प्रज्ञा हॉस्पिटल शंकरगढ़ की पहल मरीजों में बांटे फल व कम्बल

संजय द्विवेदी।प्रयागराज।यमुनानगर क्षेत्र के शंकरगढ़ स्थित प्रज्ञा हॉस्पिटल के डायरेक्टर की मां कुसुम सिंह ने संत शिरोमणि रविदास जयंती के अवसर पर मरीजों में फल और कंबल का वितरण करते हुए उनके जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई। इस अवसर पर कुसुम सिंह ने कहा कि संत रविदास जी ने समाज में व्याप्त जाति के आधार पर शोषण भेदभाव और जन्म आधारित श्रेष्ठता को नकारा था। उनकी शिक्षाएं हमें मानवता की सेवा और सामाजिक समरसता की ओर प्रेरित करती है।संत रविदास जी के वचनों को आत्मसात करते हुए मानव सेवा के उद्देश्य से कार्य करना चाहिए। उनके द्वारा संत रविदास जी के जीवन और शिक्षाओं पर चर्चा की गई, समाज में समरसता और भाईचारे का संदेश दिया गया।इस अवसर पर अस्पताल के डायरेक्टर डॉक्टर प्रभाकर सिंह ने कहा कि संत रविदास एक महान समाज सुधारक थे। देश में व्याप्त अंधविश्वास, जातिवाद और पाखंड के खिलाफ समाज के निर्माण में अतुलनीय योगदान है। उनका मानना था कि व्यक्ति का आधार एवं सम्मान कर्म के आधार पर करनी चाहिए जन्म के आधार पर कोई पूज्यनीय नहीं होता है। जाति एक ऐसा रोग है जिसने भारतीयों के मनुष्यता को नाश कर दिया है, जाति इंसान को इंसान नहीं रहने देती उसे ऊंच-नीच में बांट देती है। इस मौके पर मौजूद उग्रसेन द्विवेदी ने कहा कि एक आदर्श एवं समता मूलक समाज को महापुरुषों के विचारों को समाज में स्थापित करने से ही होगा। जब तक सभी वर्गों से बिना भेदभाव के भारत के विकास में भागीदारी सुनिश्चित नहीं किया जाएगा तब तक देश का विकास देश की एकता, एकजुटता और अखंडता सुनिश्चित नहीं हो सकती है। कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से उग्रसेन द्विवेदी, वीरेंद्र प्रजापति, दिवाकर, प्रमोद, शमशाद, रेखा सिंह, प्रियांशु सिंह, संगीता पाल, सुलेखा सिंह एवं अस्पताल के समस्त स्टाफ मौजूद रहे।
रांची: मैट्रिक परीक्षा को लेकर 75 केंद्रों पर निषेधाज्ञा लागू; 200 मीटर की परिधि में 5 से अधिक व्यक्तियों के जुटने पर पाबंदी

रांची, 02 फरवरी 2026: झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) द्वारा आयोजित माध्यमिक वार्षिक परीक्षा-2026 के सफल और कदाचार मुक्त संचालन को लेकर रांची जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। रांची के विभिन्न 75 परीक्षा केंद्रों के आसपास विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी (SDO), सदर द्वारा BNSS की धारा-163 (पूर्व में धारा-144) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।

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परीक्षा की समय-सारणी और सुरक्षा घेरा

यह निषेधाज्ञा 03 फरवरी 2026 से 17 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में प्रतिदिन सुबह 06:45 बजे से रात 08:20 बजे तक यह आदेश लागू रहेगा। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

इन गतिविधियों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध:

निषेधाज्ञा के दौरान परीक्षा केंद्रों के पास निम्नलिखित कार्यों पर रोक रहेगी:

भीड़ पर रोक: 5 या उससे अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना वर्जित है (सरकारी कर्मियों और शवयात्रा को छोड़कर)।

लाउडस्पीकर पर पाबंदी: किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र (Loudspeaker) का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा।

हथियार ले जाने पर रोक: लाठी-डंडा, तीर-धनुष, भाला या किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र (बंदूक, रिवॉल्वर, बम-बारूद) लेकर चलने पर प्रतिबंध है।

सभा पर रोक: किसी भी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन प्रतिबंधित रहेगा।

छात्रों और अभिभावकों से अपील

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। छात्रों को तनावमुक्त माहौल देने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है।

कांटाटोली–सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर: उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने दिए निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश; एक हफ्ते में शिफ्ट होंगे चिन्हित

राँची, 02 फरवरी 2026: राँची के उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज कांटाटोली–सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर के निर्माण कार्य की प्रगति को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समाहरणालय में आयोजित इस बैठक में परियोजना की वर्तमान स्थिति, भू-अर्जन और यातायात प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

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समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करना प्राथमिकता

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि यह फ्लाईओवर राँची शहर की ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए एक "लाइफलाइन" साबित होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि परियोजना को हर हाल में निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। बैठक के दौरान उन्होंने कार्य में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय (Coordination) के साथ काम करने को कहा।

12 भवनों की शिफ्टिंग और यूटिलिटी कार्य

समीक्षा के दौरान नगर निगम के अंतर्गत आने वाले 12 भवनों के वैल्यूएशन और शिफ्टिंग की स्थिति पर चर्चा हुई। संबंधित अधिकारियों ने उपायुक्त को आश्वस्त किया कि इन भवनों को एक सप्ताह के भीतर शिफ्ट कर दिया जाएगा, ताकि निर्माण कार्य निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके। इसके अलावा यूटिलिटी शिफ्टिंग (बिजली के खंभे, पाइपलाइन आदि) को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।

ट्रैफिक प्रबंधन पर विशेष जोर

फ्लाईओवर निर्माण के दौरान आम जनता को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए उपायुक्त ने ट्रैफिक पुलिस और संबंधित अधिकारियों को बेहतर ट्रैफिक डायवर्जन प्लान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में नगर प्रशासक सुशांत गौरव, सिटी एसपी पारस राणा, ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह और एसडीओ सदर कुमार रजत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

एसआरएन अस्पताल के युवा कार्डियोलॉजिस्टो ने तीन मरीजो को दिया नया जीवन।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।एसआरएन अस्पताल के युवा कार्डियोलॉजिस्ट डॉ.विमल निषाद डॉ.वैभव श्रीवास्तव और डॉ.ऋषिका पटेल ने जटिल हृदय रोगों से पीड़ित तीन मरीजों का सफल इलाज कर उन्हें नया जीवन दिया।

पहला मरीज 58 वर्षीय पुरुष है जो कोरांव के निवासी है।वे ब्लैडर आउटलेट ऑब्स्ट्रक्शन से पीड़ित थे, लेकिन हृदय में 32 मिमी के छेद (एएसडी) के कारण कोई भी सर्जन उन्हें ऑपरेशन के लिए तैयार नहीं था, क्योंकि मरीज हाई कार्डियक रिस्क में था।पिछले एक वर्ष से वे लगातार परेशान थे। डॉक्टरों की टीम ने बिना किसी सर्जिकल चीड़-फाड़ के 40 मिमी के डिवाइस से हृदय का छेद सफलतापूर्वक बंद किया। अब एएसडी क्लोज़र हो जाने के बाद तीन महीने के भीतर मरीज का ब्लैडर आउटलेट ऑब्स्ट्रक्शन का ऑपरेशन सुरक्षित रूप से किया जा सकेगा।दूसरी मरीज फूलपुर की 52 वर्षीय महिला हैं, जिनके हृदय में 31 मिमी का छेद था। इसके कारण उनका दाहिना हृदय फेल हो चुका था और लीवर में कंजेशन की वजह से गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं। डॉक्टरों ने दाहिनी जांघ की मोटी नस के माध्यम से 38 मिमी के डिवाइस से बिना चीड़-फाड़ के हृदय का छेद बंद किया। दोनों मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ हैं। चिकित्सकों के अनुसार 3 से 6 महीनों में राइट हार्ट फेल्योर और लीवर की स्थिति में भी स्पष्ट सुधार होगा।इसके अलावा 25 वर्षीय युवक जो जारी का निवासी है पिछले तीन वर्षों से सांस फूलने और दिल की धड़कन से परेशान था तथा पिछले तीन महीनों से टीबी की दवाएं ले रहा था।कुम्भ मेले में अपनी मां के साथ कल्पवास के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे हार्ट फेल्योर की स्थिति में एस आर एन अस्पताल लाया गया।जांच में टीबी की पुष्टि नहीं हुई, बल्कि मरीज में गम्भीर माइट्रल स्टेनोसिस पाई गई,जिससे हृदय का बायां वाल्व सिकुड़ गया था।मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.वी.के. पांडेय ने आर्थिक सहायता प्रदान कर मरीज का बैलून माइट्रल वॉल्वोटॉमी निःशुल्क कराया। सफल उपचार के बाद युवक की हालत में तेजी से सुधार हुआ।वर्तमान में तीनों मरीज स्वस्थ हैं और चिकित्सकीय निगरानी में हैं।

जिज्ञासा कप सीजन-1 का फाइनल: असरफी ने एनजेएस तेलीबाग को हराकर ट्रॉफी पर जमाया कब्ज़ा
लखनऊ। जिज्ञासा कप सीजन-1 का फाइनल मुकाबला आज एनजेएस तेलीबाग और असरफी टीम के बीच खेला गया। रोमांच से भरपूर इस मुकाबले में असरफी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया।

टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी असरफी की टीम ने कसी हुई गेंदबाजी का शानदार नमूना पेश किया। असरफी के गेंदबाजों के आगे एनजेएस तेलीबाग की पूरी टीम 135 रन पर सिमट गई। एनजेएस तेलीबाग की ओर से आशुतोष पांडे ने 28 गेंदों में 37 रन और आयुष पासवान ने 23 गेंदों में 25 रन की अहम पारी खेली।

असरफी की गेंदबाजी में आशुतोष सिंह ने घातक प्रदर्शन करते हुए 4 विकेट झटके, जबकि मो. वैस ने भी 2 विकेट हासिल कर विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी असरफी की टीम ने संघर्षपूर्ण अंदाज में खेलते हुए 9 विकेट खोकर 136 रन बनाए और मुकाबला जीतकर जिज्ञासा कप सीजन-1 की चैंपियन बनी।

*मैन ऑफ द मैच*

आशुतोष सिंह
(शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन – 4 विकेट)