अयोध्या-प्रयागराज हाइवे पर रोडवेज बस ने बाइक को मारी टक्कर,नाना-नाती की मौत*
सुल्तानपुर में बुधवार दोपहर प्रयागराज-अयोध्या हाइवे पर हुए एक सड़क हादसे में नाना और उनके नवासे की मौत हो गई। एक तेज रफ्तार रोडवेज बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी,जिससे दोनों की मौके पर ही जान चली गई। स्थानीय लोग उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज ले गए,जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। दरअसल यह घटना कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के अहिमाने बाजार के पास की है। तिवारीपुर निवासी अरविंद श्रीवास्तव अपने नवासे श्रेयांस श्रीवास्तव उर्फ चाहत के साथ अहिमाने बाजार जा रहे थे। श्रेयांस अमेठी जिले के पूरे लाला राम प्रसाद के रहने वाले थे। जानकारी के अनुसार,जब वे दोनों हाइवे पर प्राइमरी स्कूल के पास पहुंचे,तभी पीछे से आ रही एक रोडवेज बस ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों सड़क पर दूर जा गिरे। दोनों ने हेलमेट नहीं पहना था,जिसके कारण उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें एक निजी वाहन से राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाया,लेकिन इमरजेंसी में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में शोक छा गया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। कोतवाली देहात के एसओ धर्मवीर सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
गया में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने शराबबंदी पर बड़ा बयान दिया, कहा- महंगी शराब बाहर से राज्य में आ रही, गरीब लोग फंस रहे, सरकार को राजस्व

गया: बिहार में शराबबंदी नीति को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। आरएलएम विधायक माधव आनंद द्वारा नीति की समीक्षा की मांग के बाद, गया में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को शराबबंदी की मौजूदा स्थिति का गंभीरता से आकलन करना चाहिए और आवश्यकता हो तो इसमें संशोधन पर विचार करना चाहिए।

मांझी ने कहा कि शराबबंदी का उद्देश्य सामाजिक सुधार था, लेकिन वर्तमान हालात यह संकेत देते हैं कि नीति पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पा रही है। उनके अनुसार, अवैध रूप से शराब की आपूर्ति जारी है और कई स्थानों पर होम डिलीवरी जैसी गतिविधियों की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बाहर से महंगी शराब राज्य में लाई जा रही है, जिससे न केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती बढ़ रही है बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपील करते हुए कहा कि सरकार को राजस्व नुकसान और जमीनी हकीकत दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर नीति की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी नीति का उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा और उससे आर्थिक क्षति भी हो रही है, तो उस पर पुनर्विचार लोकतांत्रिक व्यवस्था का स्वाभाविक हिस्सा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शराबबंदी बिहार की प्रमुख नीतियों में से एक रही है, इसलिए इस पर उठ रहे सवाल आने वाले समय में राज्य की राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल, सरकार की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

12वीं की एक छात्रा ने घर में फांसी के फंदे पर लटककर दी अपनी जान,जानें पूरा मामला*
सुल्तानपुर,12वीं की एक छात्रा ने घर में फांसी के फंदे पर लटककर अपनी जान दे दी। बताया जा रहा है कि आज से उसका इंटरमीडिएट का पेपर था, और इस परीक्षा को लेकर वो बड़े तनाव में थी, लिहाजा उसने अपनी जान दे दी। दरअसल ये मामला है हलियापुर थानाक्षेत्र के रामपुर बाबुआन गांव का। इसी गांव के रहने वाले जग नारायण यादव की 17 वर्षीय बेटी लक्ष्मी सेन 12वीं की छात्रा थी। लक्ष्मी अयोध्या जिले के कुमारगंज थानाक्षेत्र के शिवनाथगंज स्थित गायत्री विद्या मंदिर से इंटरमीडिएट कर रही थी। आज से उसका 12वीं की परीक्षा थी। इसी परीक्षा को लेकर लक्ष्मी पिछले कुछ दिनों से तनाव में थी। लिहाजा उसने वो कदम उठा लिया जिसे उसके घर वालों ने सपने में भी नहीं सोचा था। बीती रात लक्ष्मी ने पढ़ाई के बहाने कमरे में चली गई। घंटों बाद जब वो कमरे से नहीं निकली, तो घर वालों ने दरवाजा खोला तो उनके होश उड़ गए। अंदर लक्ष्मी फंदे से लटक कर अपनी जान दे चुकी थी। आनन फानन में पुलिस बुलाई गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस की माने तो परिजनों के अनुसा वो परीक्षा को लेकर बेहद तनाव में थी, शायद यही वजह रही तो उसने ये कदम उठा लिया।
दिल्ली राज्य पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सम्मानित हुए एड. विनय कुमार दुबे
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नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित तीसरी दिल्ली राज्य पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025–26 का तीन दिवसीय भव्य शुभारंभ दिव्यांगजनों के उत्थान और खेल प्रतिभा को समर्पित एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में दर्ज हुआ। यह राज्य-स्तरीय आयोजन दिवंगत कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति में आयोजित किया गया, जिनका जीवन सेवा, संवेदना और सामाजिक सरोकारों का प्रतीक रहा है। इस गरिमामयी उद्घाटन समारोह की शोभा बढ़ाई वीकेडीएल एनपीए एडवाइजरी काउंसिल के चेयरमैन, भारत सरकार के गृह मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य एवं प्रख्यात समाजसेवी भाजपा नेता एडवोकेट विनय कुमार दुबे की विशिष्ट उपस्थिति ने i उनके साथ अनेक विशिष्ट अतिथियों की प्रेरणादायी मौजूदगी ने आयोजन को और अधिक गौरवपूर्ण बना दिया। उद्घाटन अवसर पर दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दिवेश चंद्र श्रीवास्तव, बीएसएफ एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह, दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री रविंदर इंद्रराज सिंह, भारतीय फिल्म निर्माता, निर्देशक और नोएडा फिल्म सिटी तथा मारवाह स्टूडियोज के संस्थापक डॉ. संदीप मारवाह, डीसीपी द्वारका आईपीएस अंकित सिंह, विधायक नीरज बसोया, CNN News 18 की वरिष्ठ पत्रकार संपादक (गृह मामले) अरुणिमा तथा भारतीय पैरालंपिक समिति के निदेशक सत्य बाबू सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। कार्यक्रम में दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली की अध्यक्षा पारुल सिंह ने सभी अतिथियों का सम्मान करते हुए उनके सहयोग और प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया।
अपने प्रेरक संबोधन में एडवोकेट विनय कुमार दुबे ने दिव्यांग खिलाड़ियों के अदम्य साहस, संघर्षशीलता और आत्मविश्वास की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि ये खिलाड़ी केवल खेल मैदान के विजेता नहीं हैं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में प्रेरणा के प्रतीक हैं। इन्होंने सिद्ध कर दिया है कि सीमाएँ शरीर में नहीं, बल्कि सोच में होती हैं। हर बच्चे में एक भारत बसता है और यही भारत का भविष्य है।”
उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा अपनी बहन कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति को नमन करते हुए भावनात्मक शब्दों में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर श्री दुबे ने कुमारी ममता देवी चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से पैरा-एथलीटों को हरसंभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, खेल सामग्री, आवश्यक संसाधन एवं मंच प्रदान कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने में सहयोग करना है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा दिव्यांगजनों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की सराहना करते हुए सरकार और समाज के साझा प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। समाज के प्रति उनके निरंतर योगदान और सेवा भावना को दृष्टिगत रखते हुए दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली की ओर से दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दिवेश चंद्र श्रीवास्तव द्वारा एडवोकेट विनय कुमार दुबे को शाल एवं स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। केंद्र एवं राज्य से पधारे सभी अतिथियों ने उनके सामाजिक कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
उल्लेखनीय है कि कुमारी ममता देवी चैरिटेबल ट्रस्ट महाराष्ट्र, दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्धन परिवारों की सहायता और गरीब कन्याओं के विवाह जैसे अनेक जनकल्याणकारी कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। समाज के वंचित वर्गों के उत्थान हेतु ट्रस्ट की सतत सेवाओं के कारण उसे व्यापक सम्मान और जनविश्वास प्राप्त हुआ है। दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय चैंपियनशिप में 1,000 से अधिक पैरा-एथलीट भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में अंडर-12, अंडर-17 (सब-जूनियर), अंडर-19 (जूनियर) एवं सीनियर वर्गों में विविध ट्रैक और फील्ड स्पर्धाएँ आयोजित की जा रही हैं। एडवोकेट विनय कुमार दुबे अनेक सामाजिक एवं सेवा संगठनों ब्राह्मण इंटरनेशनल बिज़नेस ओरिएंटेसन (बीबो फाउंडेशन), ज्ञानोदय सेवा समिति, ब्राह्मण एकता मंच चैरिटेबल ट्रस्ट, केएनएस ग्रुप और किसान क्रांति मोर्चा के संस्थापक एवं संरक्षक भी हैं। ये सभी संस्थाएँ शिक्षा, स्वास्थ्य, गौ-सेवा और रोजगार सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। वे प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत अभियान संघठन के विधि विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैi उनकी केएनएस संस्था ने हाल ही में उत्तर प्रदेश में हजारों ग़रीब और असहाय महिलाओं को रोजगार प्रदान करने का कार्य किया i कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में उन्होंने महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में हजारों जरूरतमंद परिवारों की सहायता कर मानवता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया, जिनमे कोविड से बचने के लिए हज़ारों परिवारों को महाराष्ट्र से उत्तर प्रदेश उनके घर वापसी की व्यवस्था तथा हज़ारों लोगो को कई महीने तक भोजन व्यवस्था शामिल थी जिसके लिए उन्हें विभिन्न मंचों से सम्मानित भी किया गया। कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति में आयोजित यह राज्य-स्तरीय पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि समान अवसर, सम्मान और सशक्तिकरण का जीवंत संदेश है। दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास से परिपूर्ण ये खिलाड़ी पदकों के साथ-साथ एक समावेशी और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प भी मैदान पर उतारते हैं।
इस चैंपियनशिप में खिलाड़ीयो ने राज्य-स्तरीय सम्मान और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चयन के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। खेल, समर्पण और सामाजिक सहयोग का यह संगम समाज में सकारात्मक परिवर्तन और सशक्तिकरण का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।
बाबूलाल मरांडी के ट्वीट पर भड़के इरफान अंसारी, कहा- "उन्हें बहुत हल्के में लेता हूँ, उनका काम सिर्फ ट्वीट करना है"

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बोकारोः बाबूलाल मरांडी द्वारा एक्स पर किए गए पोस्ट पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि बाबूलाल जी को बहुत हल्के में लेता हूं मैं. बाबूलाल मरांडी का काम ही है ट्वीट करना. उससे कोई फर्क नहीं पड़ता. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मैंने कई जानें बचाई हैं, लेकिन बाबूलाल जी को यह नहीं दिखता. अगर कोई मशीन खराब हो जाती है, तो वह उसका मुद्दा बनाते हैं, खुद बाबूलाल जी ने 20 साल तक क्या किया.

महिला मरीज की मौत पर बाबूलाल मरांडी का पोस्ट

दरअसल, घटना बीते कई दिन पहले की है. जहां झारखंड के मुख्यमंत्री का पैतृक गांव नेमरा में स्वास्थ्य विभाग की एम्बुलेंस खराब हो गई थी और उसे ठीक करने में काफी देर लग गई, जिसके कारण एम्बुलेंस में ले जा रही एक महिला मरीज की मौत हो गई थी. इस घटना को लेकर भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने अपने एक्स हैंडल से ट्वीट किया है और इस हादसे का जिक्र करते हुए सवाल खड़े किए हैं. साथ ही कहा कि स्वास्थ्य मंत्री की संवेदनहीनता ने ग्रामीणों को खटारा एम्बुलेंस के भरोसे छोड़ दिया है.

हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था काफी अच्छी है- स्वास्थ्य मंत्री

इस बीच बोकारो आए स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से इस बात को लेकर जब पूछा गया तो उन्होंने पहले तो यह कहा कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है. वहीं बाबूलाल मरांडी के ट्वीट पर कहा कि बाबूलाल मरांडी का काम ही है ट्वीट करना. उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है. इरफान अंसारी ने कहा कि गाड़ी काफी पुरानी हो चुकी है. उसे मेंटेनेंस की जरूरत है. मशीन है तो खराब भी हो सकती है. नया टेंडर होगा तो उसे दुरुस्त किया जाएगा. हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था काफी अच्छी है.

राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव की घोषणा, जानें कब वोटिंग और रिजल्ट?

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राज्यसभा चुनाव 2026 की तारीकों का ऐलान हो गया है। चुनाव आयोग ने आज यानी बुधवार को 10 राज्यों की राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी। राज्यसभा की ये सीटें अप्रैल 2026 में खाली होने वाली हैं और 10 राज्यों से जुड़ी हैं। मतदान 16 मार्च को होगा और उसी शाम मतगणना की जाएगी।

चुनाव 16 मार्च को

चुनाव आयोग की ओर से बताया गया है कि 10 राज्यों में खाली हो रही 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव 16 मार्च को होंगे। 37 सीटों के लिए 26 फरवरी को नोटिफिकेशन जारी होगा। अप्रैल महीने की अलग-अलग तारीखों पर कई सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। 5 मार्च नामांकन भरने की आखिरी तारीख होगी। 9 मार्च तक कैंडिडेट अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। 16 मार्च को सुबह 9 से 4 के बीच वोटों की गिनती होगी और उसी दिन शाम 5 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी।

किन राज्यों की है ये सीटें?

बता दें कि 10 राज्यों से राज्यसभा की कुल 37 सीटें खाली हो रही है। जिसमें सबसे ज्यादा महाराष्ट्र की सात है। वहीं तमिलनाडु की 6, ओडिशा की 4, पश्चिम बंगाल की 5, असम की 3, बिहार की 5, छत्तीसगढ़ की 2, तेलंगाना की 2 और हिमाचल प्रदेश की एक सीट खाली हो रही है।

किस पार्टी के पास कितनी सीट?

छत्तीसगढ़ में जो सीट खाली हो रही है उसमें 1-1 बीजेपी और कांग्रेस के पास है। वहीं बिहार में 2 राजद, 1 जदयू और 1 राष्ट्रीय लोक मोर्चा के पास है। हरियाणा की दोनों सीटों बीजेपी के पास हैं। उधर, महाराष्ट्र में शिवसेना यूबीटी से 1, एनसीपी 1, कांग्रेस से 1, शरद गुट वाली एनसीपी से 1 और आरपीआई के पास 1 सीट है। इसके साथ ही हिमाचल में खाली हो रही सीट बीजेपी के पास है।

2020 में एनडीए का रहा दबदबा

2020 में जब इन सीटों पर चुनाव हुआ था तब बीजेपी और उसके सहयोगियों ने असम, बिहार, हरियाणा और हिमाचल जैसे राज्यों में अच्छी बढ़त हासिल की थी। महाराष्ट्र में सीटें अविभाजित शिवसेना, अविभाजित एनसीपी, बीजेपी और कांग्रेस के बीच बंटी थीं। तमिलनाडु में डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अधिकतर सीटें जीतीं। वहीं बंगाल में टीएमसी का दबदबा बना रहा। इस बार समीकरण अलग हैं और कई सांसदों के भविष्य पर सवालिया निशान है। शरद पवार ने पहले संन्यास के संकेत दिए थे लेकिन अब माना जा रहा है कि वह दोबारा राज्यसभा का चुनाव लड़ेंगे। वहीं प्रियंका चतुर्वेदी को लेकर भी सवाल है। ओडिशा में बीजू जनता दल के कमजोर होने के बाद अलग समीकरण हैं।

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर पेश करेंगे वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट; 17 दिनों तक चलेगा सत्र

झारखंड विधानसभा का बहुप्रतीक्षित बजट सत्र (2026) आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत परंपरा के अनुरूप राज्यपाल के अभिभाषण के साथ हुई。 इस बार के बजट को राज्य सरकार ने 'अबुआ दिशोम बजट' का नाम दिया है, जो झारखंड की अस्मिता और विकास की नई सोच को प्रदर्शित करता है。

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सत्र का विस्तृत कार्यक्रम:

कार्य दिवस: 18 फरवरी से शुरू होकर यह सत्र 19 मार्च तक चलेगा, जिसमें कुल 17 कार्य दिवस निर्धारित हैं。

धन्यवाद प्रस्ताव: 19 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया जाएगा, जिस पर सदन में चर्चा और वाद-विवाद होगा。

अनुपूरक बजट: 20 फरवरी का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दिन वित्तीय वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा。

आर्थिक सर्वेक्षण: इसी दिन (20 फरवरी) राज्य सरकार द्वारा आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखे जाने की पूरी संभावना है。

बजट की महत्ता:

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करेंगे。 मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में यह बजट ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और आदिवासी कल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है。

अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को मारी टक्कर, बेहतर इलाज के लिए रेफर


तिसरी,गिरीडीह
तिसरी थाना क्षेत्र के बगलरवा, के समीप मुख्य मार्ग पर अज्ञात वाहन ने एक बाइक सवार को धक्का मार दिया जिससे देवरी थाना क्षेत्र के असको निवासी कैलाश साव के पुत्र छोटू साव,लताकी निवासी फिरंगी यादव का पुत्र कांग्रेस यादव, दोनों गंभीर रूप से घायल हो गया। मिली जानकारी के अनुसार बता दें दोनों राज मिस्त्री का काम करता है, जो अपने निजी काम के लिए चंदौरी से जमुआ की और जा रहा था।जैसे ही बागरलवा के पास आया कि सामने से अज्ञात वाहन ने धक्का मार दिया और फरार हो गया। वहीं घायलों को तिसरी पुलिस ने अपनी वाहन से तिसरी स्वास्थ्य केन्द्र इलाज के लिए पहुंचाया,जहां डॉक्टर ज्ञानेंद्र और उनके सहयोगी चंदन कुमार ने प्राथमिक इलाज कर बेहतर इलाज के लिए गिरिडीह रेफर कर दिया, वहीं तिसरी पुलिस आगे की कारवाई में जुट गई।
यूपी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगाए जाने से नाराज डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने किया विरोध प्रदर्शन
*परीक्षा ड्यूटी से मुक्त किए जाने की मांग

गोंडा।उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के बैनर तले सैकड़ों इंजीनियरों ने बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया।उन्होंने काली पट्टी बांधकर कलेक्ट्रेट और कमिश्नर कार्यालय तक मार्च किया,जहाँ राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा को सौंपा।महासंघ की मुख्य मांग है कि सभी इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से परीक्षा ड्यूटी से मुक्त किया जाए।उनका कहना है कि शासनादेश के अनुसार इंजीनियरों की ड्यूटी नहीं लगानी चाहिए उसके बाद भी उन्हें मजिस्ट्रेट के दायित्वों का निर्वहन करने के लिए नियुक्त किया जा रहा है,जिससे उन्हें काफी दिक्कतें आ रही हैं।महासंघ के देवीपाटन मंडल अध्यक्ष इंजीनियर रवि कुमार यादव के नेतृत्व में सौंपे गये ज्ञापन में बताया गया कि शासन के गृह (पुलिस) अनुभाग 9 द्वारा 28 जनवरी 2026 को एक स्पष्ट शासनादेश जारी किया गया था।इस आदेश में माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए नामित अधिकारियों को कार्यपालक मजिस्ट्रेट की शक्तियां प्रदान की गई हैं।महासंघ का आरोप है कि शासनादेश में सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को इस ड्यूटी से छूट दी गई है।इसके बावजूद देवीपाटन मंडल के विभिन्न जिलों में प्रशासन द्वारा इन विभागों के अभियंताओं की जबरन ड्यूटी लगाई जा रही है।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नियम विरुद्ध ड्यूटी लगाने से तकनीकी कर्मचारियों के मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और उनमें गहरा असंतोष है।मंडल अध्यक्ष रवि कुमार यादव ने कहा कि जब शासन ने हमें इस कार्य से मुक्त कर रखा है तो स्थानीय प्रशासन नियमों की अवहेलना क्यों कर रहा है?यह सीधे तौर पर शासनादेश की गरिमा के प्रतिकूल है।सिंचाई और लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों को बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी से तत्काल कार्यमुक्त किया जाए।28 जनवरी 2026 के शासनादेश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित हो।नियम विरुद्ध आदेश जारी करने वाले उत्तरदाई अधिकारियों पर संज्ञान लिया जाए।प्रदर्शन के दौरान महासंघ ने चेतावनी दिया है कि यदि जल्द ही इन गलत ड्यूटियों को निरस्त नहीं किया गया तो संगठन उग्र आंदोलन और कार्य बहिष्कार के लिए बाध्य होगा।ज्ञापन देते समय मंडल के विभिन्न जनपदों से आए भारी संख्या में डिप्लोमा इंजीनियर और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कोशिश द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा संपन्न

जौनपुर। कोशिश साहित्यिक संस्था के 24वें वार्षिकोत्सव तिलकधारी महिला कालेज परिसर में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का श्री गणेश दीप प्रज्ज्वलन एवं डॉ. नरेंद्र पाठक के सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर अहमद निसार ने किया तथा डॉ. अरुण सिंह पूर्व प्राचार्य टी.डी. कॉलेज मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में कोशिश संस्था द्वारा प्रकाशित मंजरी नामक काव्य संग्रह का विमोचन हुआ जो उपस्थित श्रोताओं के लिए कौतूहल का विषय रहा। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ कवि जनार्दन प्रसाद अस्थाना के कहानी संग्रह प्रायश्चित एवं आनन्द राय द्वारा रचित रूठ गया स्नेहल संचित मन नामक काव्य संग्रह का भी विमोचन हुआ। आमंत्रित कवियों एवं उपस्थित श्रोताओं का स्वागत प्रो. आर.एन. सिंह ने किया। संस्था के उद्देश्यों पर संस्थाध्यक्ष जनार्दन प्रसाद अस्थाना ने प्रकाश डाला एवं अतिथियों के सम्मान में अशोक मिश्रा ने अपने उद्गार व्यक्त किया।विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठजन डा. एम.पी. सिंह, डॉ. एस.बी. सिंह, डा. अंबिकेश्वर सिंह, डॉ. राममोहन सिंह, डॉ, ओम प्रकाश सिंह, डॉ, अजय दुबे, रामकृष्ण त्रिपाठी, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह आदि को सम्मानित भी किया गया। प्रारंभिक सत्र के पश्चात गीत, गजल एवं कविताओं का जो प्रवाह प्रारंभ हुआ, वह सायंकाल तक चलता रहा। मिर्जापुर से पधारे लल्लू तिवारी का शेर 'प्यार कच्चा घड़ा नहीं होता, कोई छोटा बड़ा नहीं होता, पर खूब तालियां बजीं। मऊ से पधारे कवि डॉ. ईश्वर चंद्र त्रिपाठी की रचना 'जीत जाता हूं हार जाता हूं, रोज करने शिकार जाता हूं, सुनकर पूरा हाल वाह-वाह करता रहा। मुक्तेश्वर पाराशर की पंक्तियां 'अकेली यात्राओं में भी मन के गीत पाएंगे', लोगों को खूब पसंद आई। सांप्रदायिक सौहार्द पर पुष्पेंद्र अस्थाना की रचना 'यूं तो जन्नत नहीं जहन्नुम मिलेगा तुमको, नाम मजहब के खून बहाने वालों', बहुत सराही गई। लोक गीतों के महाकवि जगदीश पंथी ने जब कहां की 'बड़ा निक लागे ननद तोरा गंवुआं तो पूरा सभागार मस्ती में झूम उठा और तालियां की गड़गड़ाहट से पूरा हाल गूंजता रहा।काशी हिंदू विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष प्रो. अनूप वशिष्ठ का शेर 'बड़े दिख रहे हैं वे कंधों पर चढ़कर, जो सचमुच बड़े हैं वो झुक कर खड़े हैं', लोगों के मन को छू गया और और बड़े ही सहज भाव में बड़प्पन को रेखांकित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ अरुण सिंह पूर्व प्राचार्य ने साहित्य एवं कविता की प्रासंगिकता को रेखांकित किया और इसके योगदान में कोशिश मंच के प्रयासों को खूब सराहा। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे मशहूर शायर अहमद निसार का शेर, ''बहुत संभाल के धरती पर पांव रखिएगा, हमारे शहर के जर्रे में भी दिल धड़कता है', तहे दिल से साराहा गया और खूब वाहवाही बटोरी।कवि सम्मेलन के बीच-बीच में कोशिश संस्था से जुड़े तमाम कवियों एवं शायरों में जनार्दन प्रसाद अस्थाना, प्रखर जौनपुरी, अशोक मिश्रा, गिरीश श्रीवास्तव, फूलचन्द भारती, एस.बी. उपाध्याय, डा. संजय सिंह सागर, रमेश चंद्र सेठ, अंसार जौनपुरी, अनिल उपाध्याय, नन्द लाल समीर, राजेश पांडेय, सुमति श्रीवास्तव, ओ.पी. खरे, ओंकार यादव, रामजीत मिश्रा, पहलवान, बृजेश राय, मंजू पांडेय, रूपेश साथी ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मन जीतने में सफल रहे और सृजन के क्षेत्र में जौनपुर के योगदान का सार्थक परिचय दिया। इसके अतिरिक्त काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कई शोध छात्रों ने गीत और गजलों के सृजन में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया जो श्रोताओं द्वारा बहुत पसंद किया गया।डॉ विमला सिंह, डॉ राम अवतार सिंह, संजय सेठ, संजय उपाध्याय, डॉ सुभाष सिंह प्रधानाचार्य, डॉ शुभ्रा सिंह, डॉ संतोष सरोज, प्रेम गुप्ता, डॉ सुधा सिंह, अनिल विश्वकर्मा, आर.पी. सिंह एडवोकेट, अश्वनी तिवारी सहित अन्य अनेक संभ्रांत नागरिकों ने कार्यक्रम की गरिमा में चार चांद लगाया। कवि सम्मेलन का संचालन सभाजीत द्विवेदी प्रखर ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डा. अंबिकेश्वर सिंह ने किया।
अयोध्या-प्रयागराज हाइवे पर रोडवेज बस ने बाइक को मारी टक्कर,नाना-नाती की मौत*
सुल्तानपुर में बुधवार दोपहर प्रयागराज-अयोध्या हाइवे पर हुए एक सड़क हादसे में नाना और उनके नवासे की मौत हो गई। एक तेज रफ्तार रोडवेज बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी,जिससे दोनों की मौके पर ही जान चली गई। स्थानीय लोग उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज ले गए,जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। दरअसल यह घटना कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के अहिमाने बाजार के पास की है। तिवारीपुर निवासी अरविंद श्रीवास्तव अपने नवासे श्रेयांस श्रीवास्तव उर्फ चाहत के साथ अहिमाने बाजार जा रहे थे। श्रेयांस अमेठी जिले के पूरे लाला राम प्रसाद के रहने वाले थे। जानकारी के अनुसार,जब वे दोनों हाइवे पर प्राइमरी स्कूल के पास पहुंचे,तभी पीछे से आ रही एक रोडवेज बस ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों सड़क पर दूर जा गिरे। दोनों ने हेलमेट नहीं पहना था,जिसके कारण उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें एक निजी वाहन से राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाया,लेकिन इमरजेंसी में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में शोक छा गया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। कोतवाली देहात के एसओ धर्मवीर सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
गया में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने शराबबंदी पर बड़ा बयान दिया, कहा- महंगी शराब बाहर से राज्य में आ रही, गरीब लोग फंस रहे, सरकार को राजस्व

गया: बिहार में शराबबंदी नीति को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। आरएलएम विधायक माधव आनंद द्वारा नीति की समीक्षा की मांग के बाद, गया में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को शराबबंदी की मौजूदा स्थिति का गंभीरता से आकलन करना चाहिए और आवश्यकता हो तो इसमें संशोधन पर विचार करना चाहिए।

मांझी ने कहा कि शराबबंदी का उद्देश्य सामाजिक सुधार था, लेकिन वर्तमान हालात यह संकेत देते हैं कि नीति पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पा रही है। उनके अनुसार, अवैध रूप से शराब की आपूर्ति जारी है और कई स्थानों पर होम डिलीवरी जैसी गतिविधियों की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बाहर से महंगी शराब राज्य में लाई जा रही है, जिससे न केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती बढ़ रही है बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपील करते हुए कहा कि सरकार को राजस्व नुकसान और जमीनी हकीकत दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर नीति की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी नीति का उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा और उससे आर्थिक क्षति भी हो रही है, तो उस पर पुनर्विचार लोकतांत्रिक व्यवस्था का स्वाभाविक हिस्सा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शराबबंदी बिहार की प्रमुख नीतियों में से एक रही है, इसलिए इस पर उठ रहे सवाल आने वाले समय में राज्य की राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल, सरकार की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

12वीं की एक छात्रा ने घर में फांसी के फंदे पर लटककर दी अपनी जान,जानें पूरा मामला*
सुल्तानपुर,12वीं की एक छात्रा ने घर में फांसी के फंदे पर लटककर अपनी जान दे दी। बताया जा रहा है कि आज से उसका इंटरमीडिएट का पेपर था, और इस परीक्षा को लेकर वो बड़े तनाव में थी, लिहाजा उसने अपनी जान दे दी। दरअसल ये मामला है हलियापुर थानाक्षेत्र के रामपुर बाबुआन गांव का। इसी गांव के रहने वाले जग नारायण यादव की 17 वर्षीय बेटी लक्ष्मी सेन 12वीं की छात्रा थी। लक्ष्मी अयोध्या जिले के कुमारगंज थानाक्षेत्र के शिवनाथगंज स्थित गायत्री विद्या मंदिर से इंटरमीडिएट कर रही थी। आज से उसका 12वीं की परीक्षा थी। इसी परीक्षा को लेकर लक्ष्मी पिछले कुछ दिनों से तनाव में थी। लिहाजा उसने वो कदम उठा लिया जिसे उसके घर वालों ने सपने में भी नहीं सोचा था। बीती रात लक्ष्मी ने पढ़ाई के बहाने कमरे में चली गई। घंटों बाद जब वो कमरे से नहीं निकली, तो घर वालों ने दरवाजा खोला तो उनके होश उड़ गए। अंदर लक्ष्मी फंदे से लटक कर अपनी जान दे चुकी थी। आनन फानन में पुलिस बुलाई गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस की माने तो परिजनों के अनुसा वो परीक्षा को लेकर बेहद तनाव में थी, शायद यही वजह रही तो उसने ये कदम उठा लिया।
दिल्ली राज्य पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सम्मानित हुए एड. विनय कुमार दुबे
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नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित तीसरी दिल्ली राज्य पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025–26 का तीन दिवसीय भव्य शुभारंभ दिव्यांगजनों के उत्थान और खेल प्रतिभा को समर्पित एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में दर्ज हुआ। यह राज्य-स्तरीय आयोजन दिवंगत कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति में आयोजित किया गया, जिनका जीवन सेवा, संवेदना और सामाजिक सरोकारों का प्रतीक रहा है। इस गरिमामयी उद्घाटन समारोह की शोभा बढ़ाई वीकेडीएल एनपीए एडवाइजरी काउंसिल के चेयरमैन, भारत सरकार के गृह मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य एवं प्रख्यात समाजसेवी भाजपा नेता एडवोकेट विनय कुमार दुबे की विशिष्ट उपस्थिति ने i उनके साथ अनेक विशिष्ट अतिथियों की प्रेरणादायी मौजूदगी ने आयोजन को और अधिक गौरवपूर्ण बना दिया। उद्घाटन अवसर पर दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दिवेश चंद्र श्रीवास्तव, बीएसएफ एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह, दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री रविंदर इंद्रराज सिंह, भारतीय फिल्म निर्माता, निर्देशक और नोएडा फिल्म सिटी तथा मारवाह स्टूडियोज के संस्थापक डॉ. संदीप मारवाह, डीसीपी द्वारका आईपीएस अंकित सिंह, विधायक नीरज बसोया, CNN News 18 की वरिष्ठ पत्रकार संपादक (गृह मामले) अरुणिमा तथा भारतीय पैरालंपिक समिति के निदेशक सत्य बाबू सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। कार्यक्रम में दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली की अध्यक्षा पारुल सिंह ने सभी अतिथियों का सम्मान करते हुए उनके सहयोग और प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया।
अपने प्रेरक संबोधन में एडवोकेट विनय कुमार दुबे ने दिव्यांग खिलाड़ियों के अदम्य साहस, संघर्षशीलता और आत्मविश्वास की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि ये खिलाड़ी केवल खेल मैदान के विजेता नहीं हैं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में प्रेरणा के प्रतीक हैं। इन्होंने सिद्ध कर दिया है कि सीमाएँ शरीर में नहीं, बल्कि सोच में होती हैं। हर बच्चे में एक भारत बसता है और यही भारत का भविष्य है।”
उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा अपनी बहन कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति को नमन करते हुए भावनात्मक शब्दों में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर श्री दुबे ने कुमारी ममता देवी चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से पैरा-एथलीटों को हरसंभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, खेल सामग्री, आवश्यक संसाधन एवं मंच प्रदान कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने में सहयोग करना है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा दिव्यांगजनों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की सराहना करते हुए सरकार और समाज के साझा प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। समाज के प्रति उनके निरंतर योगदान और सेवा भावना को दृष्टिगत रखते हुए दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली की ओर से दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दिवेश चंद्र श्रीवास्तव द्वारा एडवोकेट विनय कुमार दुबे को शाल एवं स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। केंद्र एवं राज्य से पधारे सभी अतिथियों ने उनके सामाजिक कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
उल्लेखनीय है कि कुमारी ममता देवी चैरिटेबल ट्रस्ट महाराष्ट्र, दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्धन परिवारों की सहायता और गरीब कन्याओं के विवाह जैसे अनेक जनकल्याणकारी कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। समाज के वंचित वर्गों के उत्थान हेतु ट्रस्ट की सतत सेवाओं के कारण उसे व्यापक सम्मान और जनविश्वास प्राप्त हुआ है। दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय चैंपियनशिप में 1,000 से अधिक पैरा-एथलीट भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में अंडर-12, अंडर-17 (सब-जूनियर), अंडर-19 (जूनियर) एवं सीनियर वर्गों में विविध ट्रैक और फील्ड स्पर्धाएँ आयोजित की जा रही हैं। एडवोकेट विनय कुमार दुबे अनेक सामाजिक एवं सेवा संगठनों ब्राह्मण इंटरनेशनल बिज़नेस ओरिएंटेसन (बीबो फाउंडेशन), ज्ञानोदय सेवा समिति, ब्राह्मण एकता मंच चैरिटेबल ट्रस्ट, केएनएस ग्रुप और किसान क्रांति मोर्चा के संस्थापक एवं संरक्षक भी हैं। ये सभी संस्थाएँ शिक्षा, स्वास्थ्य, गौ-सेवा और रोजगार सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। वे प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत अभियान संघठन के विधि विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैi उनकी केएनएस संस्था ने हाल ही में उत्तर प्रदेश में हजारों ग़रीब और असहाय महिलाओं को रोजगार प्रदान करने का कार्य किया i कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में उन्होंने महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में हजारों जरूरतमंद परिवारों की सहायता कर मानवता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया, जिनमे कोविड से बचने के लिए हज़ारों परिवारों को महाराष्ट्र से उत्तर प्रदेश उनके घर वापसी की व्यवस्था तथा हज़ारों लोगो को कई महीने तक भोजन व्यवस्था शामिल थी जिसके लिए उन्हें विभिन्न मंचों से सम्मानित भी किया गया। कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति में आयोजित यह राज्य-स्तरीय पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि समान अवसर, सम्मान और सशक्तिकरण का जीवंत संदेश है। दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास से परिपूर्ण ये खिलाड़ी पदकों के साथ-साथ एक समावेशी और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प भी मैदान पर उतारते हैं।
इस चैंपियनशिप में खिलाड़ीयो ने राज्य-स्तरीय सम्मान और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चयन के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। खेल, समर्पण और सामाजिक सहयोग का यह संगम समाज में सकारात्मक परिवर्तन और सशक्तिकरण का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।
बाबूलाल मरांडी के ट्वीट पर भड़के इरफान अंसारी, कहा- "उन्हें बहुत हल्के में लेता हूँ, उनका काम सिर्फ ट्वीट करना है"

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बोकारोः बाबूलाल मरांडी द्वारा एक्स पर किए गए पोस्ट पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि बाबूलाल जी को बहुत हल्के में लेता हूं मैं. बाबूलाल मरांडी का काम ही है ट्वीट करना. उससे कोई फर्क नहीं पड़ता. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मैंने कई जानें बचाई हैं, लेकिन बाबूलाल जी को यह नहीं दिखता. अगर कोई मशीन खराब हो जाती है, तो वह उसका मुद्दा बनाते हैं, खुद बाबूलाल जी ने 20 साल तक क्या किया.

महिला मरीज की मौत पर बाबूलाल मरांडी का पोस्ट

दरअसल, घटना बीते कई दिन पहले की है. जहां झारखंड के मुख्यमंत्री का पैतृक गांव नेमरा में स्वास्थ्य विभाग की एम्बुलेंस खराब हो गई थी और उसे ठीक करने में काफी देर लग गई, जिसके कारण एम्बुलेंस में ले जा रही एक महिला मरीज की मौत हो गई थी. इस घटना को लेकर भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने अपने एक्स हैंडल से ट्वीट किया है और इस हादसे का जिक्र करते हुए सवाल खड़े किए हैं. साथ ही कहा कि स्वास्थ्य मंत्री की संवेदनहीनता ने ग्रामीणों को खटारा एम्बुलेंस के भरोसे छोड़ दिया है.

हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था काफी अच्छी है- स्वास्थ्य मंत्री

इस बीच बोकारो आए स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से इस बात को लेकर जब पूछा गया तो उन्होंने पहले तो यह कहा कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है. वहीं बाबूलाल मरांडी के ट्वीट पर कहा कि बाबूलाल मरांडी का काम ही है ट्वीट करना. उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है. इरफान अंसारी ने कहा कि गाड़ी काफी पुरानी हो चुकी है. उसे मेंटेनेंस की जरूरत है. मशीन है तो खराब भी हो सकती है. नया टेंडर होगा तो उसे दुरुस्त किया जाएगा. हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था काफी अच्छी है.

राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव की घोषणा, जानें कब वोटिंग और रिजल्ट?

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राज्यसभा चुनाव 2026 की तारीकों का ऐलान हो गया है। चुनाव आयोग ने आज यानी बुधवार को 10 राज्यों की राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी। राज्यसभा की ये सीटें अप्रैल 2026 में खाली होने वाली हैं और 10 राज्यों से जुड़ी हैं। मतदान 16 मार्च को होगा और उसी शाम मतगणना की जाएगी।

चुनाव 16 मार्च को

चुनाव आयोग की ओर से बताया गया है कि 10 राज्यों में खाली हो रही 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव 16 मार्च को होंगे। 37 सीटों के लिए 26 फरवरी को नोटिफिकेशन जारी होगा। अप्रैल महीने की अलग-अलग तारीखों पर कई सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। 5 मार्च नामांकन भरने की आखिरी तारीख होगी। 9 मार्च तक कैंडिडेट अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। 16 मार्च को सुबह 9 से 4 के बीच वोटों की गिनती होगी और उसी दिन शाम 5 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी।

किन राज्यों की है ये सीटें?

बता दें कि 10 राज्यों से राज्यसभा की कुल 37 सीटें खाली हो रही है। जिसमें सबसे ज्यादा महाराष्ट्र की सात है। वहीं तमिलनाडु की 6, ओडिशा की 4, पश्चिम बंगाल की 5, असम की 3, बिहार की 5, छत्तीसगढ़ की 2, तेलंगाना की 2 और हिमाचल प्रदेश की एक सीट खाली हो रही है।

किस पार्टी के पास कितनी सीट?

छत्तीसगढ़ में जो सीट खाली हो रही है उसमें 1-1 बीजेपी और कांग्रेस के पास है। वहीं बिहार में 2 राजद, 1 जदयू और 1 राष्ट्रीय लोक मोर्चा के पास है। हरियाणा की दोनों सीटों बीजेपी के पास हैं। उधर, महाराष्ट्र में शिवसेना यूबीटी से 1, एनसीपी 1, कांग्रेस से 1, शरद गुट वाली एनसीपी से 1 और आरपीआई के पास 1 सीट है। इसके साथ ही हिमाचल में खाली हो रही सीट बीजेपी के पास है।

2020 में एनडीए का रहा दबदबा

2020 में जब इन सीटों पर चुनाव हुआ था तब बीजेपी और उसके सहयोगियों ने असम, बिहार, हरियाणा और हिमाचल जैसे राज्यों में अच्छी बढ़त हासिल की थी। महाराष्ट्र में सीटें अविभाजित शिवसेना, अविभाजित एनसीपी, बीजेपी और कांग्रेस के बीच बंटी थीं। तमिलनाडु में डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अधिकतर सीटें जीतीं। वहीं बंगाल में टीएमसी का दबदबा बना रहा। इस बार समीकरण अलग हैं और कई सांसदों के भविष्य पर सवालिया निशान है। शरद पवार ने पहले संन्यास के संकेत दिए थे लेकिन अब माना जा रहा है कि वह दोबारा राज्यसभा का चुनाव लड़ेंगे। वहीं प्रियंका चतुर्वेदी को लेकर भी सवाल है। ओडिशा में बीजू जनता दल के कमजोर होने के बाद अलग समीकरण हैं।

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर पेश करेंगे वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट; 17 दिनों तक चलेगा सत्र

झारखंड विधानसभा का बहुप्रतीक्षित बजट सत्र (2026) आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत परंपरा के अनुरूप राज्यपाल के अभिभाषण के साथ हुई。 इस बार के बजट को राज्य सरकार ने 'अबुआ दिशोम बजट' का नाम दिया है, जो झारखंड की अस्मिता और विकास की नई सोच को प्रदर्शित करता है。

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सत्र का विस्तृत कार्यक्रम:

कार्य दिवस: 18 फरवरी से शुरू होकर यह सत्र 19 मार्च तक चलेगा, जिसमें कुल 17 कार्य दिवस निर्धारित हैं。

धन्यवाद प्रस्ताव: 19 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया जाएगा, जिस पर सदन में चर्चा और वाद-विवाद होगा。

अनुपूरक बजट: 20 फरवरी का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दिन वित्तीय वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा。

आर्थिक सर्वेक्षण: इसी दिन (20 फरवरी) राज्य सरकार द्वारा आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखे जाने की पूरी संभावना है。

बजट की महत्ता:

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करेंगे。 मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में यह बजट ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और आदिवासी कल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है。

अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को मारी टक्कर, बेहतर इलाज के लिए रेफर


तिसरी,गिरीडीह
तिसरी थाना क्षेत्र के बगलरवा, के समीप मुख्य मार्ग पर अज्ञात वाहन ने एक बाइक सवार को धक्का मार दिया जिससे देवरी थाना क्षेत्र के असको निवासी कैलाश साव के पुत्र छोटू साव,लताकी निवासी फिरंगी यादव का पुत्र कांग्रेस यादव, दोनों गंभीर रूप से घायल हो गया। मिली जानकारी के अनुसार बता दें दोनों राज मिस्त्री का काम करता है, जो अपने निजी काम के लिए चंदौरी से जमुआ की और जा रहा था।जैसे ही बागरलवा के पास आया कि सामने से अज्ञात वाहन ने धक्का मार दिया और फरार हो गया। वहीं घायलों को तिसरी पुलिस ने अपनी वाहन से तिसरी स्वास्थ्य केन्द्र इलाज के लिए पहुंचाया,जहां डॉक्टर ज्ञानेंद्र और उनके सहयोगी चंदन कुमार ने प्राथमिक इलाज कर बेहतर इलाज के लिए गिरिडीह रेफर कर दिया, वहीं तिसरी पुलिस आगे की कारवाई में जुट गई।
यूपी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगाए जाने से नाराज डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने किया विरोध प्रदर्शन
*परीक्षा ड्यूटी से मुक्त किए जाने की मांग

गोंडा।उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के बैनर तले सैकड़ों इंजीनियरों ने बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया।उन्होंने काली पट्टी बांधकर कलेक्ट्रेट और कमिश्नर कार्यालय तक मार्च किया,जहाँ राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा को सौंपा।महासंघ की मुख्य मांग है कि सभी इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से परीक्षा ड्यूटी से मुक्त किया जाए।उनका कहना है कि शासनादेश के अनुसार इंजीनियरों की ड्यूटी नहीं लगानी चाहिए उसके बाद भी उन्हें मजिस्ट्रेट के दायित्वों का निर्वहन करने के लिए नियुक्त किया जा रहा है,जिससे उन्हें काफी दिक्कतें आ रही हैं।महासंघ के देवीपाटन मंडल अध्यक्ष इंजीनियर रवि कुमार यादव के नेतृत्व में सौंपे गये ज्ञापन में बताया गया कि शासन के गृह (पुलिस) अनुभाग 9 द्वारा 28 जनवरी 2026 को एक स्पष्ट शासनादेश जारी किया गया था।इस आदेश में माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए नामित अधिकारियों को कार्यपालक मजिस्ट्रेट की शक्तियां प्रदान की गई हैं।महासंघ का आरोप है कि शासनादेश में सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को इस ड्यूटी से छूट दी गई है।इसके बावजूद देवीपाटन मंडल के विभिन्न जिलों में प्रशासन द्वारा इन विभागों के अभियंताओं की जबरन ड्यूटी लगाई जा रही है।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नियम विरुद्ध ड्यूटी लगाने से तकनीकी कर्मचारियों के मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और उनमें गहरा असंतोष है।मंडल अध्यक्ष रवि कुमार यादव ने कहा कि जब शासन ने हमें इस कार्य से मुक्त कर रखा है तो स्थानीय प्रशासन नियमों की अवहेलना क्यों कर रहा है?यह सीधे तौर पर शासनादेश की गरिमा के प्रतिकूल है।सिंचाई और लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों को बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी से तत्काल कार्यमुक्त किया जाए।28 जनवरी 2026 के शासनादेश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित हो।नियम विरुद्ध आदेश जारी करने वाले उत्तरदाई अधिकारियों पर संज्ञान लिया जाए।प्रदर्शन के दौरान महासंघ ने चेतावनी दिया है कि यदि जल्द ही इन गलत ड्यूटियों को निरस्त नहीं किया गया तो संगठन उग्र आंदोलन और कार्य बहिष्कार के लिए बाध्य होगा।ज्ञापन देते समय मंडल के विभिन्न जनपदों से आए भारी संख्या में डिप्लोमा इंजीनियर और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कोशिश द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा संपन्न

जौनपुर। कोशिश साहित्यिक संस्था के 24वें वार्षिकोत्सव तिलकधारी महिला कालेज परिसर में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का श्री गणेश दीप प्रज्ज्वलन एवं डॉ. नरेंद्र पाठक के सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर अहमद निसार ने किया तथा डॉ. अरुण सिंह पूर्व प्राचार्य टी.डी. कॉलेज मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में कोशिश संस्था द्वारा प्रकाशित मंजरी नामक काव्य संग्रह का विमोचन हुआ जो उपस्थित श्रोताओं के लिए कौतूहल का विषय रहा। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ कवि जनार्दन प्रसाद अस्थाना के कहानी संग्रह प्रायश्चित एवं आनन्द राय द्वारा रचित रूठ गया स्नेहल संचित मन नामक काव्य संग्रह का भी विमोचन हुआ। आमंत्रित कवियों एवं उपस्थित श्रोताओं का स्वागत प्रो. आर.एन. सिंह ने किया। संस्था के उद्देश्यों पर संस्थाध्यक्ष जनार्दन प्रसाद अस्थाना ने प्रकाश डाला एवं अतिथियों के सम्मान में अशोक मिश्रा ने अपने उद्गार व्यक्त किया।विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठजन डा. एम.पी. सिंह, डॉ. एस.बी. सिंह, डा. अंबिकेश्वर सिंह, डॉ. राममोहन सिंह, डॉ, ओम प्रकाश सिंह, डॉ, अजय दुबे, रामकृष्ण त्रिपाठी, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह आदि को सम्मानित भी किया गया। प्रारंभिक सत्र के पश्चात गीत, गजल एवं कविताओं का जो प्रवाह प्रारंभ हुआ, वह सायंकाल तक चलता रहा। मिर्जापुर से पधारे लल्लू तिवारी का शेर 'प्यार कच्चा घड़ा नहीं होता, कोई छोटा बड़ा नहीं होता, पर खूब तालियां बजीं। मऊ से पधारे कवि डॉ. ईश्वर चंद्र त्रिपाठी की रचना 'जीत जाता हूं हार जाता हूं, रोज करने शिकार जाता हूं, सुनकर पूरा हाल वाह-वाह करता रहा। मुक्तेश्वर पाराशर की पंक्तियां 'अकेली यात्राओं में भी मन के गीत पाएंगे', लोगों को खूब पसंद आई। सांप्रदायिक सौहार्द पर पुष्पेंद्र अस्थाना की रचना 'यूं तो जन्नत नहीं जहन्नुम मिलेगा तुमको, नाम मजहब के खून बहाने वालों', बहुत सराही गई। लोक गीतों के महाकवि जगदीश पंथी ने जब कहां की 'बड़ा निक लागे ननद तोरा गंवुआं तो पूरा सभागार मस्ती में झूम उठा और तालियां की गड़गड़ाहट से पूरा हाल गूंजता रहा।काशी हिंदू विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष प्रो. अनूप वशिष्ठ का शेर 'बड़े दिख रहे हैं वे कंधों पर चढ़कर, जो सचमुच बड़े हैं वो झुक कर खड़े हैं', लोगों के मन को छू गया और और बड़े ही सहज भाव में बड़प्पन को रेखांकित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ अरुण सिंह पूर्व प्राचार्य ने साहित्य एवं कविता की प्रासंगिकता को रेखांकित किया और इसके योगदान में कोशिश मंच के प्रयासों को खूब सराहा। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे मशहूर शायर अहमद निसार का शेर, ''बहुत संभाल के धरती पर पांव रखिएगा, हमारे शहर के जर्रे में भी दिल धड़कता है', तहे दिल से साराहा गया और खूब वाहवाही बटोरी।कवि सम्मेलन के बीच-बीच में कोशिश संस्था से जुड़े तमाम कवियों एवं शायरों में जनार्दन प्रसाद अस्थाना, प्रखर जौनपुरी, अशोक मिश्रा, गिरीश श्रीवास्तव, फूलचन्द भारती, एस.बी. उपाध्याय, डा. संजय सिंह सागर, रमेश चंद्र सेठ, अंसार जौनपुरी, अनिल उपाध्याय, नन्द लाल समीर, राजेश पांडेय, सुमति श्रीवास्तव, ओ.पी. खरे, ओंकार यादव, रामजीत मिश्रा, पहलवान, बृजेश राय, मंजू पांडेय, रूपेश साथी ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मन जीतने में सफल रहे और सृजन के क्षेत्र में जौनपुर के योगदान का सार्थक परिचय दिया। इसके अतिरिक्त काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कई शोध छात्रों ने गीत और गजलों के सृजन में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया जो श्रोताओं द्वारा बहुत पसंद किया गया।डॉ विमला सिंह, डॉ राम अवतार सिंह, संजय सेठ, संजय उपाध्याय, डॉ सुभाष सिंह प्रधानाचार्य, डॉ शुभ्रा सिंह, डॉ संतोष सरोज, प्रेम गुप्ता, डॉ सुधा सिंह, अनिल विश्वकर्मा, आर.पी. सिंह एडवोकेट, अश्वनी तिवारी सहित अन्य अनेक संभ्रांत नागरिकों ने कार्यक्रम की गरिमा में चार चांद लगाया। कवि सम्मेलन का संचालन सभाजीत द्विवेदी प्रखर ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डा. अंबिकेश्वर सिंह ने किया।