विद्यार्थी केवल परीक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि अपने कैरियर को लेकर स्पष्ट दृष्टि बनाए- शिवम सिंह
“मंथन” में 931 परीक्षार्थियों को मिला परीक्षा और कैरियर मार्गदर्शन*

अमेठी,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा अमेठी जनपद में यूपी बोर्ड एवं सीबीएसई बोर्ड के हाई स्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा में सम्मिलित होने जा रहे विद्यार्थियों के लिए “मंथन " कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह मंच विद्यार्थियों की परीक्षा संबंधी जिज्ञासाओं, मानसिक तनाव और कैरियर विकल्पों पर समाधान प्रदान करने हेतु समर्पित रहा। कार्यक्रम में अमेठी जनपद के 931 परीक्षार्थी शामिल हुए। विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान उप जिलाधिकारी अमेठी पंकज मिश्र, प्रान्त मंत्री शिवम सिंह तथा प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश द्वारा किया गया। प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश ने प्रास्ताविकी रखते हुए कहा कि आज विद्यार्थियों की आँखों में जो उत्सुकता, जिज्ञासा और आत्मविश्वास झलक रहा है, वह इस बात का प्रमाण है कि भारत का भविष्य जागरूक, कर्मठ और लक्ष्यबद्ध है। “मंथन” नाम स्वयं में सार्थक है। मंथन से अमृत निकलता है, और आज यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा का अमृत खोजने का प्रयास है। परीक्षा का समय हर विद्यार्थी के जीवन में निर्णायक पड़ाव होता है। यह केवल पाठ्यपुस्तकों की परीक्षा नहीं, बल्कि समय-प्रबंधन, धैर्य, मनोबल और आत्मअनुशासन की भी परीक्षा है। कई बार विद्यार्थी तनाव, भ्रम और भय से घिर जाते हैं। ऐसे समय में सही मार्गदर्शन दीपक की भाँति रास्ता दिखाता है। “मंथन” उसी दीपक को प्रज्वलित करने का मंच है। आज का युग प्रतिस्पर्धा का है, परंतु प्रतिस्पर्धा में वही सफल होता है जो स्वयं से प्रतिस्पर्धा करना सीखता है। अंक महत्त्वपूर्ण हैं, किंतु उससे भी अधिक महत्त्वपूर्ण है दृष्टि, दिशा और दृढ़ संकल्प। यही कारण है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद निरंतर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती रही है। याद रखिए, परीक्षा जीवन का पड़ाव है, मंज़िल नहीं। असफलता अंत नहीं, अनुभव है। परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। अपने भीतर छिपी क्षमता को पहचानिए। लक्ष्य तय कीजिए। विद्यार्थी नियमित अभ्यास को जीवन का संस्कार बनायें और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य का भाव सदैव जागृत रखिए। मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी पंकज मिश्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मअनुशासन, धैर्य और समय-प्रबंधन की परीक्षा भी है। नियमित अध्ययन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। विद्यार्थी तनाव से मुक्त होकर अपनी क्षमता पर विश्वास रखें। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि उनका मनोबल बढ़ाएँ। मुख्य वक्ता प्रान्त मंत्री शिवम सिंह ने परीक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कि आज का विद्यार्थी केवल परीक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि अपने कैरियर को लेकर स्पष्ट दृष्टि बनाए। विज्ञान, वाणिज्य, कला के साथ-साथ तकनीकी और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएँ हैं। सही मार्गदर्शन और परिश्रम से विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य तय कर निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। प्रश्न –उत्तर सत्र के महत्वपूर्ण प्रश्न में, प्रश्न 1 परीक्षा में तनाव कैसे कम करें? उत्तर- समय-सारणी बनाकर पढ़ाई करें, पर्याप्त नींद लें और स्वयं पर विश्वास रखें। प्रश्न 2 यदि अपेक्षित अंक न आएँ तो क्या करें? उत्तर- आत्मविश्लेषण करें, हार न मानें, आगे बेहतर प्रयास करें। जीवन में अनेक अवसर उपलब्ध हैं। प्रश्न 3 बोर्ड परीक्षा के बाद कैरियर चयन कैसे करें? उत्तर- अपनी रुचि, क्षमता और उपलब्ध अवसरों का मूल्यांकन कर मार्गदर्शन लेकर निर्णय लें। प्रश्न 4 परीक्षा में समय प्रबंधन कैसे करें? उत्तर- प्रश्न पत्र पढ़कर उत्तर लिखने की प्राथमिकता तय करें और निर्धारित समय में संतुलन बनाए रखें।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा-सफलता के साथ कैरियर-दृष्टि और आत्मविश्वास प्रदान करना रहा। “मंथन” कार्यक्रम वास्तव में जिज्ञासा, समाधान और प्रेरणा का सशक्त मंच सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में विभाग संगठन मंत्री कौतुक, प्रान्त सह मंत्री युवराज, प्रान्त कार्यसमिति सदस्य सुबोध, जिला प्रमुख डॉ. धनंजय सिंह, तेजस्व पाण्डेय, जिला संयोजक आदित्य सिंह, देवांश तिवारी, शिखर पाठक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
जहानाबाद को मिली बड़ी सौगात, कुर्मा संस्कृति मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का हुआ भव्य उद्घाटन
बिहार के जहानाबाद जिले को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिली है। बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कुर्मा संस्कृति मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का विधिवत उद्घाटन किया। ग्रामीण क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की शुरुआत से न केवल जहानाबाद, बल्कि पूरे मगध प्रमंडल के लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। उद्घाटन समारोह में बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजय पासवान सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला और इसे क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया गया। पूरे मगध प्रमंडल के लिए गर्व का क्षण : मंगल पांडे
सभा को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि कुर्मा संस्कृति मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का उद्घाटन केवल जहानाबाद जिले के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे मगध प्रमंडल के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की लंबे समय से आवश्यकता थी, जिसे अब साकार किया गया है।
मेडिकल कॉलेज की स्थापना से इलाज के साथ-साथ मेडिकल शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के युवाओं को अपने ही जिले में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
आयुष्मान भारत योजना से जोड़े जाने पर सरकार देगी पूरा सहयोग स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार इस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से आग्रह किया कि इसे शीघ्र आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाए, ताकि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त इलाज का लाभ मिल सके।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार की ओर से पूरा समर्थन रहेगा, जिससे मरीजों को निःशुल्क उपचार मिलेगा और अस्पताल को भी सरकारी भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाएगा।
फ्री मेडिकल कैंप में 500 मरीजों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
उद्घाटन समारोह के अवसर पर मेडिकल कॉलेज परिसर में फ्री हेल्थ कैंप का भी आयोजन किया गया। इस कैंप में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए करीब 500 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से मरीजों को मुफ्त दवाइयाँ और आवश्यक जांच सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर—दोनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार निजी क्षेत्र के सहयोग से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। जटिल प्रक्रियाओं को सरल बनाकर हर वर्ष नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति दी जा रही है, ताकि राज्य में डॉक्टरों की मजबूत टीम तैयार हो सके और आम लोगों को इलाज में अधिक सहूलियत मिल सके। स्वास्थ्य क्रांति की शुरुआत
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया और उपलब्ध अत्याधुनिक सुविधाओं की सराहना की। स्थानीय लोगों ने इस पहल को जहानाबाद और पूरे मगध प्रमंडल के लिए स्वास्थ्य क्रांति की शुरुआत बताया।
धर्मेंद्र प्रताप सिंह (पप्पू मड़हा) का आकस्मिक निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

गोंडा। करनैलगंज तहसील क्षेत्र के परसपुर विकासखंड अंतर्गत आंटा गांव निवासी तथा पूरे जनपद में पप्पू मड़हा के नाम से चर्चित धर्मेंद्र प्रताप सिंह (54 वर्ष) का हार्ट अटैक से आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके असामयिक निधन से परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों में गहरा शोक व्याप्त है। धर्मेंद्र प्रताप सिंह सरल स्वभाव, मिलनसार और खुशमिजाज व्यक्तित्व के धनी थे। वे कर्नलगंज विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी रह चुके थे तथा परसपुर के पूर्व ब्लाक प्रमुख के रूप में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दी थीं। सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण वे क्षेत्र में व्यापक रूप से लोकप्रिय थे।

उनके निधन पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनपदवासियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की, साथ ही शोकाकुल परिवार को इस असीम पीड़ा को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। धर्मेंद्र प्रताप सिंह (पप्पू मड़हा) का जाना क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
ब्लैकआउट कर मार्क ड्रिल का हुआ प्रदर्शन, डीएम एसपी रहे मौजूद
फर्रूखाबाद l अग्निशमन कार्यालय में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी व पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की उपस्थिति में नागरिक सुरक्षा द्वारा मॉकड्रिल का आयोजन किया गया।

सर्वप्रथम  06:00 pm पर सायरन बजते ही ब्लैकआउट हुआ तत्पश्चात 02 मिनिट बाद पुनः सायरन बजने पर मॉकड्रिल शुरू हुई, मॉकड्रिल में सर्वप्रथम फायर टेंडर द्वारा लगी हुई आग को बुझाया  गया, इसके बाद घायलों का रेस्क्यू कर उनको प्राथमिक उपचार दिया गया, छत पर मौजूद घायलों को रस्सी के सहारे उतारकर उपचार देकर अस्पताल ले जाया गया।

इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक, नगर मजिस्ट्रेट, क्षेत्राधिकारी सदर,क्षेत्राधिकारी मोहम्दाबाद, चिकित्सा विभाग के अधिकारी व डॉक्टर व सभी अधिकारी,आपदा विशेषज्ञ, होमगार्ड, पी0आर0डी0जवान, आपदा मित्र उपस्थिति रहे।
भदोही पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल, DM-SP ने किया निरीक्षण: नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर आपातकालीन बचाव का अभ्यास

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही पुलिस लाइन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 'पराक्रम दिवस' के अवसर पर एक नागरिक सुरक्षा/सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों से बचाव और जन-जागरूकता बढ़ाना था। जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने मॉक ड्रिल का निरीक्षण किया, जिसमें पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। मॉक ड्रिल के तहत शाम 6 बजे पुलिस लाइन में दो मिनट तक चेतावनी सायरन बजाकर आपात स्थिति का अलर्ट जारी किया गया।

इसके तुरंत बाद, विद्युत विभाग ने चिह्नित क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी। नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों ने काल्पनिक क्षति का आकलन कर नियंत्रण कक्ष को सूचना दी। इस दौरान, नागरिकों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली, जबकि अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने काल्पनिक आग पर त्वरित नियंत्रण पाया। नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों ने काल्पनिक घायलों को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान कर अस्पताल पहुँचाया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने घटनास्थल पर पहुँचकर राहत एवं बचाव कार्यों का सफलतापूर्वक अभ्यास किया।


इस संयुक्त अभ्यास में नागरिक सुरक्षा, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नगर निकाय और पुलिस विभाग का समन्वित प्रयास सराहनीय रहा।

जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देश पर हवाई हमलों से बचाव के लिए पुलिस लाइन क्षेत्र में 10 मिनट का ब्लैक आउट भी किया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने आपात स्थिति और आपदाओं से बचाव के लिए विभिन्न मॉक ड्रिल गतिविधियाँ संचालित कीं।
परमात्मा के मिलन का सरल मार्ग है भक्ति : नीरज शास्त्री
- बेलसर नगर पंचायत में श्रीमद्भागवत कथा का द्वितीय दिवस
-बेलसर। नगर पंचायत बेलसर में चेयरमैन प्रतिनिधि अमित कुमार सिंह उर्फ गोलू सिंह के श्यामू सिंह हाता स्थित आवास पर चल रही  सायं श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस भागवत कथा में भक्ति के महात्मय का वर्णन किया गया।
अयोध्या के युवा कथा मनीषी  नीरज दास शास्त्री ने कहा कि परमात्मा के मिलन का सबसे सरल मार्ग भक्ति है। मानव का शरीर परमात्मा की असीम अनुकम्पा से मिलता है। हमें जीवन के एक एक पल का सद्पयोग करते हुए प्रभु का भजन करना चाहिए। जीवन का बहुमूल्य समय विषय भोग में व्यर्थ गंवाने से अंत में केवल पछतावा ही हाथ आता है।श्रद्धालुओं को भक्ति की ज्ञान गंगा में अभिसिंचित करते हुए कथा व्यास ने कहा कि भक्त प्रह्लाद व ध्रुव जैसे भक्तों ने वाल्यावस्था में ही प्रभु का शरण ग्रहण किया तो प्रभु श्री राम से मिलन के लिए शबरी ने अपना पूरा जीवन लगा दिया।कथा में   शिक्षक नेता अजीत सिंह, मोनू सिंह, सूरज सिंह  संतोष कुमार सिंह, कृष्णपाल सिंह, पंकज सिंह व नगरवासी व्यापारीगण मौजूद रहे।
धर्मेंद्र प्रताप सिंह (पप्पू मड़हा) का आकस्मिक निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

गोंडा। करनैलगंज तहसील क्षेत्र के परसपुर विकासखंड अंतर्गत आंटा गांव निवासी तथा पूरे जनपद में पप्पू मड़हा के नाम से चर्चित धर्मेंद्र प्रताप सिंह (54 वर्ष) का हार्ट अटैक से आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके असामयिक निधन से परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों में गहरा शोक व्याप्त है। धर्मेंद्र प्रताप सिंह सरल स्वभाव, मिलनसार और खुशमिजाज व्यक्तित्व के धनी थे। वे कर्नलगंज विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी रह चुके थे तथा परसपुर के पूर्व ब्लाक प्रमुख के रूप में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दी थीं। सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण वे क्षेत्र में व्यापक रूप से लोकप्रिय थे।

उनके निधन पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनपदवासियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की, साथ ही शोकाकुल परिवार को इस असीम पीड़ा को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। धर्मेंद्र प्रताप सिंह (पप्पू मड़हा) का जाना क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
एचजेडबी आरोग्यम नर्सिंग संस्थान में दो दिवसीय सरस्वती पूजा का भव्य शुभारंभ, श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ प्रथम दिन का आयोजन

हजारीबाग - एचजेडबी आरोग्यम नर्सिंग संस्थान परिसर में दो दिवसीय मां सरस्वती पूजा का शुभारंभ गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लासपूर्ण वातावरण के बीच किया गया। माघ शुक्ल पंचमी के पावन अवसर पर विद्या की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा की आकर्षक स्थापना कर विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। प्रथम दिन के पूजा कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं, आरोग्यम अस्पताल के नर्सिंग कर्मी एवं चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी श्रद्धालुओं ने मां सरस्वती से ज्ञान, विवेक, अनुशासन एवं उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूजा-अर्चना वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधि-विधान के साथ संपन्न हुई, जिससे संपूर्ण संस्थान परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया। धूप-दीप, पुष्प अर्पण एवं आरती के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था स्पष्ट रूप से झलकती रही। इस पावन अवसर पर आरोग्यम अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा एवं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहीं। दोनों ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास की कामना की। अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा ने अपने वक्तव्य में कहा कि मां सरस्वती केवल ज्ञान की ही नहीं, बल्कि विवेक और संस्कार की भी देवी हैं। नर्सिंग शिक्षा से जुड़े छात्र-छात्राओं के लिए विद्या के साथ-साथ सेवा, करुणा और नैतिक मूल्यों का होना अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि सरस्वती पूजा जैसे आयोजनों से विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे न केवल शैक्षणिक विकास होता है, बल्कि नैतिकता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों की भावना भी मजबूत होती है। हम सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं। कार्यक्रम के दौरान संस्थान परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया था। पूजा के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन को सफल बनाने में संस्थान के शिक्षकगण, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता सराहनीय रही।

वेदांता पब्लिक स्कूल में भक्ति और देशभक्ति का संगम ,धूमधाम से मनाई गई बसंत पंचमी और नेताजी की जयंती

जानसठ/सिखेड़ा। शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों और राष्ट्रीय चेतना को जगाने के उद्देश्य से, सिखेड़ा स्थित वेदांता पब्लिक स्कूल में 'बसंत पंचमी' और 'पराक्रम दिवस' (नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती) का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमा के साथ किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस दोहरे उत्सव ने विद्यार्थियों में ज्ञान की देवी के प्रति श्रद्धा और राष्ट्र नायकों के प्रति कृतज्ञता का संचार किया।

उत्सव का आरंभ विद्यालय प्रबंधन द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर और पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत, विद्यालय प्रांगण में एक सामूहिक हवन का आयोजन हुआ, जिसमें आहुति देकर सभी के उज्जवल भविष्य और सुख-समृद्धि की कामना की गई। पूरा परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और 'जय हिंद' के नारों से गुंजायमान रहा।

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य विवेक चौधरी ने बसंत पंचमी के आध्यात्मिक और शैक्षणिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा-
"बसंत पंचमी केवल एक ऋतु परिवर्तन नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुशासन और संस्कारों के प्रति जागृत होने का पर्व है। शिक्षा का असली उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि उसे जीवन को सार्थक बनाने का माध्यम बनाना है।"

विद्यालय की कोऑर्डिनेटर सुनीता सैनी ने पर्व की प्रासंगिकता बताते हुए कहा कि बसंत का आगमन प्रकृति में नव-जीवन का संचार करता है। यह हमारे भीतर रचनात्मक ऊर्जा भरने और अपनी संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश देता है। इस अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद करते हुए विद्यालय के प्रबंधक सुशील सिंह आर्य ने उनके बलिदान और अदम्य साहस की चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज का दिन नेताजी के सपनों के भारत को साकार करने का संकल्प लेने का है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने भक्ति और देशभक्ति से ओत-प्रोत विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आनंद लिया। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में समस्त 'वेदांता परिवार' के सदस्यों और शिक्षकों का विशेष योगदान रहा। अनुशासन और उत्साह के बीच यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।
परीक्षा सिर्फ पाठ्य पुस्तक की ही नहीं बल्कि समय-प्रबंधन,धैर्य,मनोबल और आत्मअनुशासन की भी होती है-डॉ संतोष अंश*
एबीवीपी के “मंथन” में 931 परीक्षार्थियों को मिला परीक्षा और कैरियर मार्गदर्शन*

सुल्तानपुर/अमेठी,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा अमेठी जनपद में यूपी बोर्ड एवं सीबीएसई बोर्ड के हाई स्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा में सम्मिलित होने जा रहे विद्यार्थियों के लिए “मंथन " कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह मंच विद्यार्थियों की परीक्षा संबंधी जिज्ञासाओं, मानसिक तनाव और कैरियर विकल्पों पर समाधान प्रदान करने हेतु समर्पित रहा। कार्यक्रम में अमेठी जनपद के 931 परीक्षार्थी शामिल हुए। विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान उप जिलाधिकारी अमेठी पंकज मिश्र, प्रान्त मंत्री शिवम सिंह तथा प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश द्वारा किया गया। प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश ने प्रास्ताविकी रखते हुए कहा कि आज विद्यार्थियों की आँखों में जो उत्सुकता, जिज्ञासा और आत्मविश्वास झलक रहा है, वह इस बात का प्रमाण है कि भारत का भविष्य जागरूक, कर्मठ और लक्ष्यबद्ध है। “मंथन” नाम स्वयं में सार्थक है। मंथन से अमृत निकलता है, और आज यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा का अमृत खोजने का प्रयास है। परीक्षा का समय हर विद्यार्थी के जीवन में निर्णायक पड़ाव होता है। यह केवल पाठ्यपुस्तकों की परीक्षा नहीं, बल्कि समय-प्रबंधन, धैर्य, मनोबल और आत्मअनुशासन की भी परीक्षा है। कई बार विद्यार्थी तनाव, भ्रम और भय से घिर जाते हैं। ऐसे समय में सही मार्गदर्शन दीपक की भाँति रास्ता दिखाता है। “मंथन” उसी दीपक को प्रज्वलित करने का मंच है। आज का युग प्रतिस्पर्धा का है, परंतु प्रतिस्पर्धा में वही सफल होता है जो स्वयं से प्रतिस्पर्धा करना सीखता है। अंक महत्त्वपूर्ण हैं, किंतु उससे भी अधिक महत्त्वपूर्ण है दृष्टि, दिशा और दृढ़ संकल्प। यही कारण है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद निरंतर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती रही है। याद रखिए, परीक्षा जीवन का पड़ाव है, मंज़िल नहीं। असफलता अंत नहीं, अनुभव है। परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। अपने भीतर छिपी क्षमता को पहचानिए। लक्ष्य तय कीजिए। विद्यार्थी नियमित अभ्यास को जीवन का संस्कार बनायें और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य का भाव सदैव जागृत रखिए।आज का यह आयोजन केवल मार्गदर्शन का मंच नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला रखने का प्रयास है। क्योंकि जब विद्यार्थी जागरूक होता है, तभी समाज सशक्त होता है और राष्ट्र प्रगति करता है। परीक्षा जीवन का पड़ाव है, पड़ाव को ही मंज़िल न मानें। असफलता भी सफलता की सीढ़ी होती है। आत्म मूल्यांकन कर आगे बढ़े।नियमित अभ्यास सफलता की कुंजी है। सेवा भाव से किया गया अध्ययन ही वास्तविक शिक्षा है। विद्यार्थी अपने भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानें और समाज व राष्ट्र के लिए समर्पित बनें। उन्होंने परीक्षा के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखने के सूत्र भी बताए। मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी पंकज मिश्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मअनुशासन, धैर्य और समय-प्रबंधन की परीक्षा भी है। नियमित अध्ययन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। विद्यार्थी तनाव से मुक्त होकर अपनी क्षमता पर विश्वास रखें। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि उनका मनोबल बढ़ाएँ। मुख्य वक्ता प्रान्त मंत्री शिवम सिंह ने परीक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कि आज का विद्यार्थी केवल परीक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि अपने कैरियर को लेकर स्पष्ट दृष्टि बनाए। विज्ञान, वाणिज्य, कला के साथ-साथ तकनीकी और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएँ हैं। सही मार्गदर्शन और परिश्रम से विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य तय कर निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। प्रश्न –उत्तर सत्र के महत्वपूर्ण प्रश्न में, प्रश्न 1 परीक्षा में तनाव कैसे कम करें? उत्तर- समय-सारणी बनाकर पढ़ाई करें, पर्याप्त नींद लें और स्वयं पर विश्वास रखें। प्रश्न 2 यदि अपेक्षित अंक न आएँ तो क्या करें? उत्तर- आत्मविश्लेषण करें, हार न मानें, आगे बेहतर प्रयास करें। जीवन में अनेक अवसर उपलब्ध हैं। प्रश्न 3 बोर्ड परीक्षा के बाद कैरियर चयन कैसे करें? उत्तर- अपनी रुचि, क्षमता और उपलब्ध अवसरों का मूल्यांकन कर मार्गदर्शन लेकर निर्णय लें। प्रश्न 4 परीक्षा में समय प्रबंधन कैसे करें? उत्तर- प्रश्न पत्र पढ़कर उत्तर लिखने की प्राथमिकता तय करें और निर्धारित समय में संतुलन बनाए रखें।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा-सफलता के साथ कैरियर-दृष्टि और आत्मविश्वास प्रदान करना रहा। “मंथन” कार्यक्रम वास्तव में जिज्ञासा, समाधान और प्रेरणा का सशक्त मंच सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में विभाग संगठन मंत्री कौतुक, प्रान्त सह मंत्री युवराज, प्रान्त कार्यसमिति सदस्य सुबोध, जिला प्रमुख डॉ. धनंजय सिंह, तेजस्व पाण्डेय, जिला संयोजक आदित्य सिंह, देवांश तिवारी, शिखर पाठक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
विद्यार्थी केवल परीक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि अपने कैरियर को लेकर स्पष्ट दृष्टि बनाए- शिवम सिंह
“मंथन” में 931 परीक्षार्थियों को मिला परीक्षा और कैरियर मार्गदर्शन*

अमेठी,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा अमेठी जनपद में यूपी बोर्ड एवं सीबीएसई बोर्ड के हाई स्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा में सम्मिलित होने जा रहे विद्यार्थियों के लिए “मंथन " कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह मंच विद्यार्थियों की परीक्षा संबंधी जिज्ञासाओं, मानसिक तनाव और कैरियर विकल्पों पर समाधान प्रदान करने हेतु समर्पित रहा। कार्यक्रम में अमेठी जनपद के 931 परीक्षार्थी शामिल हुए। विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान उप जिलाधिकारी अमेठी पंकज मिश्र, प्रान्त मंत्री शिवम सिंह तथा प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश द्वारा किया गया। प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश ने प्रास्ताविकी रखते हुए कहा कि आज विद्यार्थियों की आँखों में जो उत्सुकता, जिज्ञासा और आत्मविश्वास झलक रहा है, वह इस बात का प्रमाण है कि भारत का भविष्य जागरूक, कर्मठ और लक्ष्यबद्ध है। “मंथन” नाम स्वयं में सार्थक है। मंथन से अमृत निकलता है, और आज यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा का अमृत खोजने का प्रयास है। परीक्षा का समय हर विद्यार्थी के जीवन में निर्णायक पड़ाव होता है। यह केवल पाठ्यपुस्तकों की परीक्षा नहीं, बल्कि समय-प्रबंधन, धैर्य, मनोबल और आत्मअनुशासन की भी परीक्षा है। कई बार विद्यार्थी तनाव, भ्रम और भय से घिर जाते हैं। ऐसे समय में सही मार्गदर्शन दीपक की भाँति रास्ता दिखाता है। “मंथन” उसी दीपक को प्रज्वलित करने का मंच है। आज का युग प्रतिस्पर्धा का है, परंतु प्रतिस्पर्धा में वही सफल होता है जो स्वयं से प्रतिस्पर्धा करना सीखता है। अंक महत्त्वपूर्ण हैं, किंतु उससे भी अधिक महत्त्वपूर्ण है दृष्टि, दिशा और दृढ़ संकल्प। यही कारण है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद निरंतर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती रही है। याद रखिए, परीक्षा जीवन का पड़ाव है, मंज़िल नहीं। असफलता अंत नहीं, अनुभव है। परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। अपने भीतर छिपी क्षमता को पहचानिए। लक्ष्य तय कीजिए। विद्यार्थी नियमित अभ्यास को जीवन का संस्कार बनायें और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य का भाव सदैव जागृत रखिए। मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी पंकज मिश्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मअनुशासन, धैर्य और समय-प्रबंधन की परीक्षा भी है। नियमित अध्ययन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। विद्यार्थी तनाव से मुक्त होकर अपनी क्षमता पर विश्वास रखें। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि उनका मनोबल बढ़ाएँ। मुख्य वक्ता प्रान्त मंत्री शिवम सिंह ने परीक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कि आज का विद्यार्थी केवल परीक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि अपने कैरियर को लेकर स्पष्ट दृष्टि बनाए। विज्ञान, वाणिज्य, कला के साथ-साथ तकनीकी और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएँ हैं। सही मार्गदर्शन और परिश्रम से विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य तय कर निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। प्रश्न –उत्तर सत्र के महत्वपूर्ण प्रश्न में, प्रश्न 1 परीक्षा में तनाव कैसे कम करें? उत्तर- समय-सारणी बनाकर पढ़ाई करें, पर्याप्त नींद लें और स्वयं पर विश्वास रखें। प्रश्न 2 यदि अपेक्षित अंक न आएँ तो क्या करें? उत्तर- आत्मविश्लेषण करें, हार न मानें, आगे बेहतर प्रयास करें। जीवन में अनेक अवसर उपलब्ध हैं। प्रश्न 3 बोर्ड परीक्षा के बाद कैरियर चयन कैसे करें? उत्तर- अपनी रुचि, क्षमता और उपलब्ध अवसरों का मूल्यांकन कर मार्गदर्शन लेकर निर्णय लें। प्रश्न 4 परीक्षा में समय प्रबंधन कैसे करें? उत्तर- प्रश्न पत्र पढ़कर उत्तर लिखने की प्राथमिकता तय करें और निर्धारित समय में संतुलन बनाए रखें।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा-सफलता के साथ कैरियर-दृष्टि और आत्मविश्वास प्रदान करना रहा। “मंथन” कार्यक्रम वास्तव में जिज्ञासा, समाधान और प्रेरणा का सशक्त मंच सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में विभाग संगठन मंत्री कौतुक, प्रान्त सह मंत्री युवराज, प्रान्त कार्यसमिति सदस्य सुबोध, जिला प्रमुख डॉ. धनंजय सिंह, तेजस्व पाण्डेय, जिला संयोजक आदित्य सिंह, देवांश तिवारी, शिखर पाठक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
जहानाबाद को मिली बड़ी सौगात, कुर्मा संस्कृति मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का हुआ भव्य उद्घाटन
बिहार के जहानाबाद जिले को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिली है। बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कुर्मा संस्कृति मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का विधिवत उद्घाटन किया। ग्रामीण क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की शुरुआत से न केवल जहानाबाद, बल्कि पूरे मगध प्रमंडल के लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। उद्घाटन समारोह में बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजय पासवान सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला और इसे क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया गया। पूरे मगध प्रमंडल के लिए गर्व का क्षण : मंगल पांडे
सभा को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि कुर्मा संस्कृति मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का उद्घाटन केवल जहानाबाद जिले के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे मगध प्रमंडल के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की लंबे समय से आवश्यकता थी, जिसे अब साकार किया गया है।
मेडिकल कॉलेज की स्थापना से इलाज के साथ-साथ मेडिकल शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के युवाओं को अपने ही जिले में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
आयुष्मान भारत योजना से जोड़े जाने पर सरकार देगी पूरा सहयोग स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार इस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से आग्रह किया कि इसे शीघ्र आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाए, ताकि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त इलाज का लाभ मिल सके।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार की ओर से पूरा समर्थन रहेगा, जिससे मरीजों को निःशुल्क उपचार मिलेगा और अस्पताल को भी सरकारी भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाएगा।
फ्री मेडिकल कैंप में 500 मरीजों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
उद्घाटन समारोह के अवसर पर मेडिकल कॉलेज परिसर में फ्री हेल्थ कैंप का भी आयोजन किया गया। इस कैंप में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए करीब 500 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से मरीजों को मुफ्त दवाइयाँ और आवश्यक जांच सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर—दोनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार निजी क्षेत्र के सहयोग से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। जटिल प्रक्रियाओं को सरल बनाकर हर वर्ष नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति दी जा रही है, ताकि राज्य में डॉक्टरों की मजबूत टीम तैयार हो सके और आम लोगों को इलाज में अधिक सहूलियत मिल सके। स्वास्थ्य क्रांति की शुरुआत
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया और उपलब्ध अत्याधुनिक सुविधाओं की सराहना की। स्थानीय लोगों ने इस पहल को जहानाबाद और पूरे मगध प्रमंडल के लिए स्वास्थ्य क्रांति की शुरुआत बताया।
धर्मेंद्र प्रताप सिंह (पप्पू मड़हा) का आकस्मिक निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

गोंडा। करनैलगंज तहसील क्षेत्र के परसपुर विकासखंड अंतर्गत आंटा गांव निवासी तथा पूरे जनपद में पप्पू मड़हा के नाम से चर्चित धर्मेंद्र प्रताप सिंह (54 वर्ष) का हार्ट अटैक से आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके असामयिक निधन से परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों में गहरा शोक व्याप्त है। धर्मेंद्र प्रताप सिंह सरल स्वभाव, मिलनसार और खुशमिजाज व्यक्तित्व के धनी थे। वे कर्नलगंज विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी रह चुके थे तथा परसपुर के पूर्व ब्लाक प्रमुख के रूप में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दी थीं। सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण वे क्षेत्र में व्यापक रूप से लोकप्रिय थे।

उनके निधन पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनपदवासियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की, साथ ही शोकाकुल परिवार को इस असीम पीड़ा को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। धर्मेंद्र प्रताप सिंह (पप्पू मड़हा) का जाना क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
ब्लैकआउट कर मार्क ड्रिल का हुआ प्रदर्शन, डीएम एसपी रहे मौजूद
फर्रूखाबाद l अग्निशमन कार्यालय में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी व पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की उपस्थिति में नागरिक सुरक्षा द्वारा मॉकड्रिल का आयोजन किया गया।

सर्वप्रथम  06:00 pm पर सायरन बजते ही ब्लैकआउट हुआ तत्पश्चात 02 मिनिट बाद पुनः सायरन बजने पर मॉकड्रिल शुरू हुई, मॉकड्रिल में सर्वप्रथम फायर टेंडर द्वारा लगी हुई आग को बुझाया  गया, इसके बाद घायलों का रेस्क्यू कर उनको प्राथमिक उपचार दिया गया, छत पर मौजूद घायलों को रस्सी के सहारे उतारकर उपचार देकर अस्पताल ले जाया गया।

इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक, नगर मजिस्ट्रेट, क्षेत्राधिकारी सदर,क्षेत्राधिकारी मोहम्दाबाद, चिकित्सा विभाग के अधिकारी व डॉक्टर व सभी अधिकारी,आपदा विशेषज्ञ, होमगार्ड, पी0आर0डी0जवान, आपदा मित्र उपस्थिति रहे।
भदोही पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल, DM-SP ने किया निरीक्षण: नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर आपातकालीन बचाव का अभ्यास

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही पुलिस लाइन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 'पराक्रम दिवस' के अवसर पर एक नागरिक सुरक्षा/सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों से बचाव और जन-जागरूकता बढ़ाना था। जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने मॉक ड्रिल का निरीक्षण किया, जिसमें पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। मॉक ड्रिल के तहत शाम 6 बजे पुलिस लाइन में दो मिनट तक चेतावनी सायरन बजाकर आपात स्थिति का अलर्ट जारी किया गया।

इसके तुरंत बाद, विद्युत विभाग ने चिह्नित क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी। नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों ने काल्पनिक क्षति का आकलन कर नियंत्रण कक्ष को सूचना दी। इस दौरान, नागरिकों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली, जबकि अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने काल्पनिक आग पर त्वरित नियंत्रण पाया। नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों ने काल्पनिक घायलों को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान कर अस्पताल पहुँचाया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने घटनास्थल पर पहुँचकर राहत एवं बचाव कार्यों का सफलतापूर्वक अभ्यास किया।


इस संयुक्त अभ्यास में नागरिक सुरक्षा, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नगर निकाय और पुलिस विभाग का समन्वित प्रयास सराहनीय रहा।

जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देश पर हवाई हमलों से बचाव के लिए पुलिस लाइन क्षेत्र में 10 मिनट का ब्लैक आउट भी किया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने आपात स्थिति और आपदाओं से बचाव के लिए विभिन्न मॉक ड्रिल गतिविधियाँ संचालित कीं।
परमात्मा के मिलन का सरल मार्ग है भक्ति : नीरज शास्त्री
- बेलसर नगर पंचायत में श्रीमद्भागवत कथा का द्वितीय दिवस
-बेलसर। नगर पंचायत बेलसर में चेयरमैन प्रतिनिधि अमित कुमार सिंह उर्फ गोलू सिंह के श्यामू सिंह हाता स्थित आवास पर चल रही  सायं श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस भागवत कथा में भक्ति के महात्मय का वर्णन किया गया।
अयोध्या के युवा कथा मनीषी  नीरज दास शास्त्री ने कहा कि परमात्मा के मिलन का सबसे सरल मार्ग भक्ति है। मानव का शरीर परमात्मा की असीम अनुकम्पा से मिलता है। हमें जीवन के एक एक पल का सद्पयोग करते हुए प्रभु का भजन करना चाहिए। जीवन का बहुमूल्य समय विषय भोग में व्यर्थ गंवाने से अंत में केवल पछतावा ही हाथ आता है।श्रद्धालुओं को भक्ति की ज्ञान गंगा में अभिसिंचित करते हुए कथा व्यास ने कहा कि भक्त प्रह्लाद व ध्रुव जैसे भक्तों ने वाल्यावस्था में ही प्रभु का शरण ग्रहण किया तो प्रभु श्री राम से मिलन के लिए शबरी ने अपना पूरा जीवन लगा दिया।कथा में   शिक्षक नेता अजीत सिंह, मोनू सिंह, सूरज सिंह  संतोष कुमार सिंह, कृष्णपाल सिंह, पंकज सिंह व नगरवासी व्यापारीगण मौजूद रहे।
धर्मेंद्र प्रताप सिंह (पप्पू मड़हा) का आकस्मिक निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

गोंडा। करनैलगंज तहसील क्षेत्र के परसपुर विकासखंड अंतर्गत आंटा गांव निवासी तथा पूरे जनपद में पप्पू मड़हा के नाम से चर्चित धर्मेंद्र प्रताप सिंह (54 वर्ष) का हार्ट अटैक से आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके असामयिक निधन से परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों में गहरा शोक व्याप्त है। धर्मेंद्र प्रताप सिंह सरल स्वभाव, मिलनसार और खुशमिजाज व्यक्तित्व के धनी थे। वे कर्नलगंज विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी रह चुके थे तथा परसपुर के पूर्व ब्लाक प्रमुख के रूप में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दी थीं। सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण वे क्षेत्र में व्यापक रूप से लोकप्रिय थे।

उनके निधन पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनपदवासियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की, साथ ही शोकाकुल परिवार को इस असीम पीड़ा को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। धर्मेंद्र प्रताप सिंह (पप्पू मड़हा) का जाना क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
एचजेडबी आरोग्यम नर्सिंग संस्थान में दो दिवसीय सरस्वती पूजा का भव्य शुभारंभ, श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ प्रथम दिन का आयोजन

हजारीबाग - एचजेडबी आरोग्यम नर्सिंग संस्थान परिसर में दो दिवसीय मां सरस्वती पूजा का शुभारंभ गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लासपूर्ण वातावरण के बीच किया गया। माघ शुक्ल पंचमी के पावन अवसर पर विद्या की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा की आकर्षक स्थापना कर विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। प्रथम दिन के पूजा कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं, आरोग्यम अस्पताल के नर्सिंग कर्मी एवं चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी श्रद्धालुओं ने मां सरस्वती से ज्ञान, विवेक, अनुशासन एवं उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूजा-अर्चना वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधि-विधान के साथ संपन्न हुई, जिससे संपूर्ण संस्थान परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया। धूप-दीप, पुष्प अर्पण एवं आरती के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था स्पष्ट रूप से झलकती रही। इस पावन अवसर पर आरोग्यम अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा एवं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहीं। दोनों ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास की कामना की। अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा ने अपने वक्तव्य में कहा कि मां सरस्वती केवल ज्ञान की ही नहीं, बल्कि विवेक और संस्कार की भी देवी हैं। नर्सिंग शिक्षा से जुड़े छात्र-छात्राओं के लिए विद्या के साथ-साथ सेवा, करुणा और नैतिक मूल्यों का होना अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि सरस्वती पूजा जैसे आयोजनों से विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे न केवल शैक्षणिक विकास होता है, बल्कि नैतिकता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों की भावना भी मजबूत होती है। हम सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं। कार्यक्रम के दौरान संस्थान परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया था। पूजा के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन को सफल बनाने में संस्थान के शिक्षकगण, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता सराहनीय रही।

वेदांता पब्लिक स्कूल में भक्ति और देशभक्ति का संगम ,धूमधाम से मनाई गई बसंत पंचमी और नेताजी की जयंती

जानसठ/सिखेड़ा। शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों और राष्ट्रीय चेतना को जगाने के उद्देश्य से, सिखेड़ा स्थित वेदांता पब्लिक स्कूल में 'बसंत पंचमी' और 'पराक्रम दिवस' (नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती) का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमा के साथ किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस दोहरे उत्सव ने विद्यार्थियों में ज्ञान की देवी के प्रति श्रद्धा और राष्ट्र नायकों के प्रति कृतज्ञता का संचार किया।

उत्सव का आरंभ विद्यालय प्रबंधन द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर और पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत, विद्यालय प्रांगण में एक सामूहिक हवन का आयोजन हुआ, जिसमें आहुति देकर सभी के उज्जवल भविष्य और सुख-समृद्धि की कामना की गई। पूरा परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और 'जय हिंद' के नारों से गुंजायमान रहा।

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य विवेक चौधरी ने बसंत पंचमी के आध्यात्मिक और शैक्षणिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा-
"बसंत पंचमी केवल एक ऋतु परिवर्तन नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुशासन और संस्कारों के प्रति जागृत होने का पर्व है। शिक्षा का असली उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि उसे जीवन को सार्थक बनाने का माध्यम बनाना है।"

विद्यालय की कोऑर्डिनेटर सुनीता सैनी ने पर्व की प्रासंगिकता बताते हुए कहा कि बसंत का आगमन प्रकृति में नव-जीवन का संचार करता है। यह हमारे भीतर रचनात्मक ऊर्जा भरने और अपनी संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश देता है। इस अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद करते हुए विद्यालय के प्रबंधक सुशील सिंह आर्य ने उनके बलिदान और अदम्य साहस की चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज का दिन नेताजी के सपनों के भारत को साकार करने का संकल्प लेने का है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने भक्ति और देशभक्ति से ओत-प्रोत विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आनंद लिया। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में समस्त 'वेदांता परिवार' के सदस्यों और शिक्षकों का विशेष योगदान रहा। अनुशासन और उत्साह के बीच यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।
परीक्षा सिर्फ पाठ्य पुस्तक की ही नहीं बल्कि समय-प्रबंधन,धैर्य,मनोबल और आत्मअनुशासन की भी होती है-डॉ संतोष अंश*
एबीवीपी के “मंथन” में 931 परीक्षार्थियों को मिला परीक्षा और कैरियर मार्गदर्शन*

सुल्तानपुर/अमेठी,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा अमेठी जनपद में यूपी बोर्ड एवं सीबीएसई बोर्ड के हाई स्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा में सम्मिलित होने जा रहे विद्यार्थियों के लिए “मंथन " कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह मंच विद्यार्थियों की परीक्षा संबंधी जिज्ञासाओं, मानसिक तनाव और कैरियर विकल्पों पर समाधान प्रदान करने हेतु समर्पित रहा। कार्यक्रम में अमेठी जनपद के 931 परीक्षार्थी शामिल हुए। विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान उप जिलाधिकारी अमेठी पंकज मिश्र, प्रान्त मंत्री शिवम सिंह तथा प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश द्वारा किया गया। प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश ने प्रास्ताविकी रखते हुए कहा कि आज विद्यार्थियों की आँखों में जो उत्सुकता, जिज्ञासा और आत्मविश्वास झलक रहा है, वह इस बात का प्रमाण है कि भारत का भविष्य जागरूक, कर्मठ और लक्ष्यबद्ध है। “मंथन” नाम स्वयं में सार्थक है। मंथन से अमृत निकलता है, और आज यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा का अमृत खोजने का प्रयास है। परीक्षा का समय हर विद्यार्थी के जीवन में निर्णायक पड़ाव होता है। यह केवल पाठ्यपुस्तकों की परीक्षा नहीं, बल्कि समय-प्रबंधन, धैर्य, मनोबल और आत्मअनुशासन की भी परीक्षा है। कई बार विद्यार्थी तनाव, भ्रम और भय से घिर जाते हैं। ऐसे समय में सही मार्गदर्शन दीपक की भाँति रास्ता दिखाता है। “मंथन” उसी दीपक को प्रज्वलित करने का मंच है। आज का युग प्रतिस्पर्धा का है, परंतु प्रतिस्पर्धा में वही सफल होता है जो स्वयं से प्रतिस्पर्धा करना सीखता है। अंक महत्त्वपूर्ण हैं, किंतु उससे भी अधिक महत्त्वपूर्ण है दृष्टि, दिशा और दृढ़ संकल्प। यही कारण है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद निरंतर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती रही है। याद रखिए, परीक्षा जीवन का पड़ाव है, मंज़िल नहीं। असफलता अंत नहीं, अनुभव है। परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। अपने भीतर छिपी क्षमता को पहचानिए। लक्ष्य तय कीजिए। विद्यार्थी नियमित अभ्यास को जीवन का संस्कार बनायें और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य का भाव सदैव जागृत रखिए।आज का यह आयोजन केवल मार्गदर्शन का मंच नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला रखने का प्रयास है। क्योंकि जब विद्यार्थी जागरूक होता है, तभी समाज सशक्त होता है और राष्ट्र प्रगति करता है। परीक्षा जीवन का पड़ाव है, पड़ाव को ही मंज़िल न मानें। असफलता भी सफलता की सीढ़ी होती है। आत्म मूल्यांकन कर आगे बढ़े।नियमित अभ्यास सफलता की कुंजी है। सेवा भाव से किया गया अध्ययन ही वास्तविक शिक्षा है। विद्यार्थी अपने भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानें और समाज व राष्ट्र के लिए समर्पित बनें। उन्होंने परीक्षा के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखने के सूत्र भी बताए। मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी पंकज मिश्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मअनुशासन, धैर्य और समय-प्रबंधन की परीक्षा भी है। नियमित अध्ययन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। विद्यार्थी तनाव से मुक्त होकर अपनी क्षमता पर विश्वास रखें। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि उनका मनोबल बढ़ाएँ। मुख्य वक्ता प्रान्त मंत्री शिवम सिंह ने परीक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कि आज का विद्यार्थी केवल परीक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि अपने कैरियर को लेकर स्पष्ट दृष्टि बनाए। विज्ञान, वाणिज्य, कला के साथ-साथ तकनीकी और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएँ हैं। सही मार्गदर्शन और परिश्रम से विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य तय कर निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। प्रश्न –उत्तर सत्र के महत्वपूर्ण प्रश्न में, प्रश्न 1 परीक्षा में तनाव कैसे कम करें? उत्तर- समय-सारणी बनाकर पढ़ाई करें, पर्याप्त नींद लें और स्वयं पर विश्वास रखें। प्रश्न 2 यदि अपेक्षित अंक न आएँ तो क्या करें? उत्तर- आत्मविश्लेषण करें, हार न मानें, आगे बेहतर प्रयास करें। जीवन में अनेक अवसर उपलब्ध हैं। प्रश्न 3 बोर्ड परीक्षा के बाद कैरियर चयन कैसे करें? उत्तर- अपनी रुचि, क्षमता और उपलब्ध अवसरों का मूल्यांकन कर मार्गदर्शन लेकर निर्णय लें। प्रश्न 4 परीक्षा में समय प्रबंधन कैसे करें? उत्तर- प्रश्न पत्र पढ़कर उत्तर लिखने की प्राथमिकता तय करें और निर्धारित समय में संतुलन बनाए रखें।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा-सफलता के साथ कैरियर-दृष्टि और आत्मविश्वास प्रदान करना रहा। “मंथन” कार्यक्रम वास्तव में जिज्ञासा, समाधान और प्रेरणा का सशक्त मंच सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में विभाग संगठन मंत्री कौतुक, प्रान्त सह मंत्री युवराज, प्रान्त कार्यसमिति सदस्य सुबोध, जिला प्रमुख डॉ. धनंजय सिंह, तेजस्व पाण्डेय, जिला संयोजक आदित्य सिंह, देवांश तिवारी, शिखर पाठक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व विद्यार्थी उपस्थित रहे।