महाराष्ट्र में गजब का सियासी खेल! भाजपा ने कांग्रेस ने मिला लिया हाथ

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कहा जाता है राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है। महाराष्ट्र की सियासत में ऐसा ही कुछ देखा जा रहा है। कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा लगाने वाली भाजपा ने ठाणे में अंबरनाथ नगर परिषद में सीधे कांग्रेस से हाथ मिला लिया है। कांग्रेस से गठबंधन कर भाजपा ने अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता हासिल कर ली।

भाजपा और कांग्रेस का दुर्लभ गठबंधन

हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बाद अंबरनाथ नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस का एक दुर्लभ गठबंधन सामने आया है। इस गठबंधन ने राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्चर्यचकित कर दिया है। भाजपा ने कांग्रेस और अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के पार्षदों के साथ मिलकर अंबरनाथ विकास अघाड़ी का गठन किया है और मुंबई क्षेत्र की एक नगर परिषद पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। इस गठबंधन से शिवसेना सत्ता से बाहर हो गई है।

शिवसेना सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का साथ

भाजपा-कांग्रेस के इस सियासी खेल ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ में हाशिए पर धकेल दिया है। चौंकाने वाली बात है कि भाजपा ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का समर्थन लिया है।

किसे कितनी सीटें मिलीं

चुनाव पिछले महीने हुए थे, जिसमें शिवसेना और बीजेपी, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सहयोगी होने के बावजूद, अलग-अलग चुनाव लड़े थे। 60 सदस्यीय परिषद में, शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसने 27 सीटें जीतीं। लेकिन बहुमत से थोडा दूर रह गई। भाजपा को 14 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस ने 12 सीटें जीतीं। अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने चार सीटें जीतीं और दो निर्दलीय उम्मीदवार भी निर्वाचित हुए।

"अंबरनाथ विकास अघाड़ी" का गठन

शिवसेना को नगर निगम अध्यक्ष पद के चुनाव में झटका लगा, जहां उसकी उम्मीदवार मनीषा वालेकर भाजपा उम्मीदवार तेजश्री करंजुले पाटिल से हार गईं। शिंदे सेना सोच रही थी की बीजेपी उनके साथ मिलकर नगर परिषद में सरकार बनाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीजेपी ने शिंदे सेना के बजाय कांग्रेस से हाथ मिला लिया और नगर परिषद में सत्ता स्थापित कर ली। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के साथ मिलकर सत्ता स्थापित करना का फैसला लिया गया। इस गठबंधन को "अंबरनाथ विकास अघाड़ी" नाम दिया गया है।

ये है गठबंधन का गणित

अंबरनाथ में घोषित गठबंधन में 14 भाजपा पार्षद, भाजपा समर्थित नगर अध्यक्ष, 12 कांग्रेस पार्षद, चार एनसीपी (अजीत पवार गुट) पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद शामिल हैं। गठबंधन की कुल संख्या 32 हो गई है, जो 60 सदस्यीय परिषद में बहुमत का आंकड़ा पार कर जाती है।

शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में रोष

भाजपा की ओर से मिले इस झटके के बाद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में काफी रोष नजर आ रहा है। इस मामले पर शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि अंबरनाथ में भाजपा और कांग्रेस का गठबंधन हुआ है, तो इसका जवाब भी उनके ही नेताओं को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फैसला शिवसेना का नहीं है और न ही इस पर शिवसेना को सफाई देने की जरूरत है।

माघ मेला 2026 से पूर्व फ्लोटिंग रेस्टोरेंट फेज–02 का भव्य शुभारम्भ

प्रयागराज को मिला जल-पर्यटन और मनोरंजन का नया आयाम

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला 2026 के दृष्टिगत प्रयागराज में पर्यटन एवं मनोरंजन सुविधाओ को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट के फेज–02 का आज भव्य शुभारम्भ किया गया।इस अवसर पर मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा पुलिस आयुक्त जोगेन्द्र कुमार एवं नगर आयुक्त सीलम साई तेजा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट फेज–02 का उद्घाटन किया।प्रयागराज स्मार्ट सिटी प्रा.लि. नगर निगम प्रयागराज द्वारा विकसित इस फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट को नए कलेवर में तैयार किया गया है जहां श्रद्धालु एवं पर्यटक यमुना नदी की लहरो के बीच लजीज व्यंजनो के साथ नौका विहार और रोमांचक वाटर स्पोर्ट्स का दोहरा आनन्द ले सकेगे।यह सुविधा विशेष रूप से माघ मेला 2026 में आने वाले देश–विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण होगी।नगर आयुक्त सीलम साई तेजा ने बताया कि माघ मेले के दौरान श्रद्धालुओ को सुरक्षित सुव्यवस्थित एवं आधुनिक मनोरंजन सुविधाएं उपलब्ध कराना स्मार्ट सिटी लिमिटेड नगर निगम प्रयागराज की प्राथमिकता है।फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट में चरणबद्ध रूप से जेट स्कीइंग स्पीड बोट पांटून बोट और बनाना बोट राइड जैसी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।सुरक्षा के दृष्टिगत रेस्क्यू बोट्स प्रशिक्षित स्टाफ तथा सभी आवश्यक मानको का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया गया है।माघ मेला के दृष्टिगत अपर नगर आयुक्त दीपेन्द्र कुमार ने कहा कि माघ मेला 2026 में आने वाले लाखो श्रद्धालुओं की सुविधा सुरक्षा और मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट को विशेष रूप से तैयार किया गया है।भीड़ प्रबन्धन सुरक्षा व्यवस्था एवं ऑनलाइन बुकिंग जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है जिससे श्रद्धालुओ को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और वे सुरक्षित वातावरण में यमुना नदी का आनंद ले सकें।उन्होंने आगे बताया कि फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की ऑनलाइन बुकिंग 1 जनवरी 2026 से Book My Trip एवं Book My Shop जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रारम्भ की जा रही है जिससे देश– विदेश से आने वाले पर्यटक घर बैठे ही अपनी बुकिंग कर सकेंगे।अधिकारियो ने कहा कि नगर निगम प्रयागराज की यह पहल न केवल माघ मेला 2026 को और अधिक आकर्षक बनाएगी बल्कि प्रयागराज को जल-पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान भी दिलाएगी।आस्था स्वच्छता सुरक्षा और मनोरंजन—इन सभी को एक साथ जोड़ते हुए श्रद्धालुओ को यादगार अनुभव प्रदान करना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।

यूपी SIR: 75 जिलों में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम कटे, लखनऊ में सबसे अधिक 30.04% वोट डिलीट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। प्रदेश के 75 जिलों में बड़ी संख्या में वोट कटे हैं। राजधानी लखनऊ में सबसे अधिक 30.04 प्रतिशत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।

एनसीआर और बड़े शहरी जिलों में कटौती का प्रतिशत अपेक्षाकृत अधिक रहा। गाजियाबाद में 28.83 प्रतिशत, कानपुर नगर में 25.50 प्रतिशत, बलरामपुर में 25.98 प्रतिशत, मेरठ में 24.65 प्रतिशत, प्रयागराज में 24.64 प्रतिशत, गौतमबुद्ध नगर में 23.98 प्रतिशत और आगरा में 23.25 प्रतिशत वोट कटे हैं।

पश्चिमी यूपी की बात करें तो सहारनपुर में 16.37 प्रतिशत, मुजफ्फरनगर में 16.29 प्रतिशत, बुलंदशहर में 15.14 प्रतिशत, बागपत में 18.15 प्रतिशत, हापुड़ में 22.30 प्रतिशत, शामली में 16.75 प्रतिशत और संभल में 20.29 प्रतिशत वोट काटे गए हैं।

बुंदेलखंड क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम कटौती दर्ज की गई। ललितपुर में सबसे कम 9.95 प्रतिशत, हमीरपुर में 10.78 प्रतिशत, महोबा में 12.42 प्रतिशत, बांदा में 13 प्रतिशत और झांसी में 13.92 प्रतिशत वोट कटे।

पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में भी कई जिलों में 15 से 20 प्रतिशत तक नाम हटाए गए हैं। वाराणसी में 18.18 प्रतिशत, गोरखपुर में 17.61 प्रतिशत, बलिया में 18.16 प्रतिशत, आजमगढ़ में 15.25 प्रतिशत, जौनपुर में 16.51 प्रतिशत, बस्ती में 15.70 प्रतिशत, सिद्धार्थनगर में 20.33 प्रतिशत, संत कबीर नगर में 19.96 प्रतिशत, सीतापुर में 19.55 प्रतिशत, बहराइच में 20.44 प्रतिशत और गोंडा में 18.40 प्रतिशत वोट कटे हैं।

मतदाता सूची में इतनी बड़ी संख्या में नाम कटने को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल इस पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया फर्जी, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने के लिए की गई है।
कुल मिलाकर, यूपी SIR के आंकड़े आने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकते हैं।
लाख निर्देशों के बावजूद प्राइवेट शिक्षण संस्थान सुधरने का नाम नहीं ले रहे,छात्रों का भविष्य गर्त में सौंपा ज्ञापन*
योगी सरकार के लाख निर्देशों के बावजूद प्राइवेट शिक्षण संस्थान सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। सुल्तानपुर में हाल ये है कि बच्चों से ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स करवाने के नाम पर संस्थान ने फीस तो पूरी ले ली, लेकिन परीक्षा फॉर्म ही नहीं भरा, ऐसे में बच्चों के सामने परीक्षा न देने का संकट सामने आ गया। नाराज बच्चे आज जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और एडमिट कार्ड दिलवाने के साथ साथ साथ संस्थान पर कड़ी कार्यवाही की मांग कर डाली। दरअसल ये मामला है नगर सीताकुंड स्थित कर्मराजी इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर साइंस का। यही पर ओ लेवल के छात्र छात्राओं ने आवेदन किया था। एक सेमेस्टर की परीक्षा भी हो चुकी है। आगामी 10 जनवरी को पुनः इसकी परीक्षा होनी है, लेकिन अभी तक एडमिट कार्ड नहीं मिल सका है। छात्र छात्राओं ने पड़ताल की तो जो जानकारी लगी तो उनके होश उड़ गए। बताया गया कि इस सेमेस्टर के लिए परीक्षा फॉर्म ही नहीं भरा गया, जिससे बच्चों का भविष्य अंधकारमय नजर आने लगा। लिहाजा एसएफआई के बैनर तले नाराज बच्चे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंप कर संस्थान के प्रबंधक के खिलाफ कार्यवाही की मांग कर डाली, साथ ही एडमिट कार्ड जारी करवाने का अनुरोध किया ताकि उनका 6 माह का समय न बर्बाद हो सके। वहीं पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी की माने तो मामला संज्ञान में है, इसकी जांच करवा कर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। सुल्तानपुर गौरतलब हो कि उत्तर प्रदेश सरकार बेरोज़गार पिछड़ा वर्ग चयनित युवाओं के लिए ओ लेवल और ट्रिपल सी मुफ्त कंप्यूटर कोर्स चलाती हैं, कर्मराजी इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर साइंस संस्थान में भी ऐसे बच्चे थे, लेकिन उनका भी परीक्षा फीस नहीं जमा किया, ऐसे में संस्थान की लापरवाही साफ नजर आ रही है।
बांदा में इंसानियत को झकझोर देने वाले अपराध पर अदालत का सख्त फैसला, मासूम से दरिंदगी करने वाले को फांसी
लखनऊ /बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से न्याय व्यवस्था का एक बेहद कठोर और ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। जिला सत्र विशेष न्यायालय (पॉक्सो) ने छह वर्षीय बच्ची के साथ अमानवीय दुष्कर्म के मामले में दोषी 24 वर्षीय अमित रैकवार को मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने इस अपराध को समाज की आत्मा पर हमला करार देते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों के लिए किसी भी तरह की नरमी की गुंजाइश नहीं है।

दोषी को अंतिम सांस तक फांसी के फंदे पर लटकाए रखने का आदेश

मंगलवार सुबह विशेष न्यायाधीश प्रदीप कुमार मिश्रा ने 46 पन्नों का विस्तृत निर्णय सुनाते हुए दोषी को अंतिम सांस तक फांसी के फंदे पर लटकाए रखने का आदेश दिया। फैसला सुनाने के बाद न्यायाधीश ने कलम की निब तोड़ते हुए स्पष्ट संकेत दिया कि यह अपराध “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” की श्रेणी में आता है।

25 जुलाई 2025 को बच्ची के साथ हुई थी बर्बरता

यह दिल दहला देने वाली घटना 25 जुलाई 2025 को कालिंजर थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। अभियोजन के मुताबिक, आरोपी अमित रैकवार ने स्कूल से घर लौट रही मासूम बच्ची को गुटखा दिलाने का लालच दिया और उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ बर्बरता की सारी सीमाएं लांघ दीं।

बच्ची के शरीर पर दांतों से काटने के कई निशान पाए गए

मेडिकल जांच में बच्ची के शरीर पर दांतों से काटने के कई निशान पाए गए, वहीं गंभीर आंतरिक और बाहरी चोटों की पुष्टि हुई। इस जघन्य अपराध के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए देर रात मुठभेड़ के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया था। तीन दिन के भीतर उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने 7 अक्टूबर 2025 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की

मामले में कालिंजर पुलिस ने 7 अक्टूबर 2025 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की, जिसमें पॉक्सो एक्ट की धारा 6 और भारतीय नवीन दंड संहिता की कई गंभीर धाराएं शामिल की गईं। 12 नवंबर को आरोप तय होने के बाद नियमित सुनवाई शुरू हुई। करीब 56 दिनों तक चली सुनवाई में अदालत ने 10 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज किए। इनमें पीड़िता का इलाज करने वाले डॉक्टरों की टीम, फॉरेंसिक और डीएनए रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्य और बीएनएसएस की धाराओं के तहत दर्ज बयान शामिल थे। इन सभी साक्ष्यों ने आरोपी की संलिप्तता को निर्विवाद रूप से साबित कर दिया।

फैसला आने के बाद पीड़ित परिवार में राहत

बचाव पक्ष ने सबूतों पर सवाल उठाने की कोशिश की, लेकिन अदालत ने सभी दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया। सरकारी अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष दलील दी कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से मासूम को शिकार बनाया और अपराध की क्रूरता इस कदर थी कि केवल मौत की सजा ही न्याय के अनुरूप है।फैसला आने के बाद पीड़ित परिवार में राहत और भय दोनों के भाव दिखे। बच्ची की मां ने कहा कि असली चैन तभी मिलेगा, जब सजा पर अमल होगा। वहीं आरोपी के परिजनों की ओर से कथित धमकियों के चलते परिवार अब भी दहशत में है।यह फैसला न सिर्फ एक अपराधी को सजा है, बल्कि समाज को यह संदेश भी है कि मासूमों के खिलाफ दरिंदगी करने वालों को कानून किसी भी हाल में बख्शने वाला नहीं है।
ला पुलिस आपकी सुरक्षा में सदैव तत्पर

सुरक्षा आपका अधिकार. संकल्प हमारा

संजय द्विवेदी प्रयागराज।पुलिस अधीक्षक माघ मेला नीरज कुमार पाण्डेय के दिशा-निर्देशो पर मेला क्षेत्र में बढ़ती भीड़ एवं आगामी स्नान पर्व को दृष्टिगत रखते हुए मेला पुलिस द्वारा व्यापक सतर्कता अभियान चलाया जा रहा है।इसी क्रम में समस्त थाना प्रभारी एवं शाखा प्रभारियो द्वारा अपने-अपने क्षेत्रो में लगातार भ्रमण किया जा रहा है तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से संवाद कर उन्हें उनके दायित्वों के सम्बन्ध में आवश्यक रूप से ब्रीफ किया जा रहा है।मेला क्षेत्र के प्रमुख मार्गो स्नान घाटो चौराहो/तिराहो एवं संवेदनशील स्थलो पर सघन चेकिंग अभियान चलाते हुए सतर्क निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था अथवा अप्रिय स्थिति को समय रहते रोका जा सके।जल पुलिस द्वारा निरन्तर घाटो का भ्रमण कर जल की गहराई का आकलन किया जा रहा है तथा डीप वॉटर बैरिकेडिंग के माध्यम से स्नान घाटो की मजबूती सुनिश्चित की जा रही है।संगम घाट सहित अन्य जल क्षेत्रो में नौ-संचालको को नावो पर सवार प्रत्येक श्रद्धालु को लाइफ सेविंग जैकेट पहनाने एवं निर्धारित दर से अधिक किराया न वसूलने के लिए लगातार निर्देशित किया जा रहा है।थाना कल्पवासी झूंसी खाकचौक प्राचीन गंगा प्रयागवाल उत्तरी झूंसी एवं नागवासुकी के थाना प्रभारियो द्वारा पुलिस अधीक्षक माघ मेला के निर्देशो के क्रम में आपसी समन्वय स्थापित करते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मेला क्षेत्र में निवासरत कल्पवासियों एवं श्रद्धालुओ को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।माघ मेला–2026 के सफल सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण आयोजन हेतु मेला पुलिस पूर्ण निष्ठा अनुशासन एवं सतर्कता के साथ अपने कर्तव्यो का निर्वहन कर रही है।

भ्रष्टाचार : श्रम विभाग के खिलाफ कर करणी सेना ने खोला मोर्चा
*फर्जीवाड़ा में मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर दी आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

*फर्ज़ी दस्तावेजों के जरिए सरकारी योजना का हितलाभ लेने व दिलाने वाले बिचौलिए व दोषी अधिकारी व कर्मचारी के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करके कार्यवाही करने की मांग


मीरजापुर। जिले के श्रम विभाग में कूटरचित सरकारी दस्तावेजों के जरिए सरकारी योजना का हितलाभ लेने व दिलाने वाले बिचौलिए व दोषी अधिकारी व कर्मचारी के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करके कार्यवाही करने की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने एक बार पुनः जिलाधिकारी का दरवाजा खटखटाया है। आरोप लगाया है कि जब जांच दर जांच के बाद मामला सही पाया गया है तो फिर दोषी अफसरों, बिचौलियों पर मुक़दमा दर्ज करने में देर क्यों? करणी सेना के जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार ने जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में बताया है कि श्रम विभाग मीरजापुर कार्यालय से कुछ असंगठित गिरोह (बिचौलिए) द्वारा अपने निजी लाभ के लिए दुरभिसंधि कर निर्माण श्रमिकों, मजदूरों एवं सीधे-साधे लोगों को लुभावना प्रस्ताव देकर अपने जाल में फसातें हैं। फंसाने के बाद उनके बैंक खाते, आधार कार्ड व व्यक्तिगत दस्तावेज लेकर उनका दुरूपयोग करते हुए जान बूझकर कूटरचित दस्तावेज जैसे, बिना बच्चे के जन्मे, सरकारी अस्पताल का जन्म प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर नकल तथा बिना प्रसव के ही सरकारी अस्पताल का प्रसव प्रमाण पत्र आदि लगाकर श्रम विभाग की योजनाएं मसलन, मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना तथा पुत्री विवाह अनुदान योजना में लाभ दिलाया गया है। इस बात की पुष्टि श्रम विभाग के ही उच्चाधिकारियों की जांच टीम द्वारा की गयी है। उन्होंने बताया है कि पूर्व के दो जांचों में एक में 105 की जांच में 90 आवेदन में लगे कूटरचित दस्तावेज के आधार पर लाभ दिए गये हैं तथा इसके पूर्व की एक जांच में 12 आवेदनों की जांच में कुल 12 फर्जी पाये गये थे, जिसमें श्रम विभाग के उप श्रमायुक्त पंकज राणा ने अपने जांच रिपोर्ट और कार्यालय आदेश में विभिन्न सुसंगत धाराओं तत्कालिन भादवि की धारा-120 बी, 192, 197, 420, 464, 467, 468 तथा 471 के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत कराये जाने का आदेश दिया था। इस सम्बन्ध में दोषियों के विरूद्ध सर्व प्रथम प्राथमिकी दर्ज करने के लिए श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना द्वारा 15 दिसंबर 2025 को ज्ञापन दिया गया था जिसपर अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गयी। चूंकि मामले की जांच स्वयं विभाग के उच्चाधिकारी द्वारा पूर्व में की जा चुकी है, जिसमें 90 तथा 12 में 11 आवेदनों की पुनः जांच की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग किया है कि कूटरचित सरकारी दस्तावेज का दुरूपयोग कर सरकारी योजना में धनलाभ लेने व दिलाने वाले जैसे गंभीर मामले को देखते हुए सर्व प्रथम प्राथमिकी दर्ज कर मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराकर ज्ञात-अज्ञात अधिकारी, कर्मचारी एवं बिचौलिए एवं दोषी आवेदकों के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराकर दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध व वैद्यानिक कार्यवाही कराई जाएं, ताकि श्रमिकों के हक अधिकार सहित सरकारी धन को हज़म कर लाखों की सम्पत्ति खड़ी करने वालों को बेनकाब करते हुए उनसे इसकी रिकवरी भी सुनिश्चित हो सके।
मेजा ऊर्जा निगम द्वारा बालिका सशक्तिकरण अभियान के शीतकालीन सत्र के उद्घाटन समारोह का आयोजन

संजय द्विवेदी प्रयागराज।मेजा ऊर्जा निगम द्वारा नैगम सामाजिक दायित्व कार्यक्रम के अंतर्गत बालिका सशक्तिकरण अभियान के शीतकालीन सत्र 2025-26 के उद्घाटन समारोह का आयोजन सेंट जोसफ स्कूल के ऑडिटोरियम में किया गया।इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेजा ऊर्जा निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जी.श्री निवास राव रहे और उन्होने इस मौके पर सभी को शुभकामनाए दी और बालिकाओं को पढ़ने एवं जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि अपराजिता महिला समाज की अध्यक्षा कविता राव रही।कार्यक्रम का स्वागत भाषण मानव संसाधन विभागाध्यक्ष विवेक चन्द्रा द्वारा दिया गया।कार्यक्रम का समापन उप महाप्रबन्धक(मानव संसाधन) अजय सिंह के धन्यवाद प्रस्ताव से सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम के दौरान मेजा ऊर्जा निगम के वरिष्ठ अधिकारिगण अपराजिता महिला समाज की पदाधिकारी एसोसियसन एवं यूनियन के पदाधिकारी 40 बालिकाएँ एवं उनके अभिभावकगण उपस्थित रहे बालिका सशक्तिकरण अभियान से लाभान्वित दो बालिकाओ ने अपना अनुभव भी सबसे साझा किया।कार्यक्रम के दौरान सभी बालिकाओ के लिए स्कूल बैग का वितरण किया गया।इस एक सप्ताह की कार्यशाला का लक्ष्य बालिकाओ के रचनात्मक एवं कलात्मक प्रतिभा को उभार कर आत्मविश्वास बढ़ाना एवं सामाजिक समानता के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है। मेजा ऊर्जा निगम ने 2019 में बालिका सशक्तिकरण अभियान शुरू किया जो भारत सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पहल से प्रेरित है।मेजा ऊर्जा निगम द्वारा आयोजित बालिका सशक्तिकरण अभियान का उद्देश्य लड़कियो को अधिक अवसर प्रदान कर लैगिक असमानता को समाप्त करना है।इस अभियान के माध्यम से लड़कियो को शिक्षा स्वास्थ्य आत्मरक्षा और जीवन कौशल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रो में जागरूक किया जाता है।

देहरादून नगर निगम के विकास कार्यों की टेंडर सूची में गड़बड़ी, सभी टेंडर पर रोक


देहरादून, उत्तराखंड। देहरादून नगर निगम में विकास कार्यों के टेंडर को लेकर सामने आए विवाद के बाद अब प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। टेंडर सूची में गड़बड़ी की जांच रिपोर्ट में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद नगर आयुक्त नमामि बंसल ने सभी विकास कार्यों के टेंडर पर फिलहाल रोक लगा दी है। साथ ही प्रस्तावित कार्यों का भौतिक सत्यापन भी शुरू कर दिया गया है।

नगर निगम की ओर से कराई गई जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि कुछ विकास कार्य गलत तरीके से टेंडर सूची में शामिल किए गए थे। जांच रिपोर्ट के अनुसार, कुछ कार्य ऐसे थे जो अन्य विभागों द्वारा पहले ही पूरे किए जा चुके हैं, जबकि कुछ कार्य नगर निगम द्वारा पहले ही संपन्न किए जा चुके थे। इसके बावजूद उन्हें दोबारा टेंडर सूची में दर्शाया गया, जिससे गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह महापौर कोटे से नगर निगम के सभी 100 वार्डों में प्रस्तावित विकास कार्यों की टेंडर सूची जारी की गई थी। इसके बाद कई पार्षदों ने सूची पर आपत्ति जताई। पार्षदों का आरोप था कि कुछ वार्डों में जहां 20 से 22 लाख रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए हैं, वहीं कुछ वार्डों में 70 से 80 लाख रुपये तक के कार्य शामिल कर दिए गए, जिससे असमानता साफ झलकती है।

विवाद बढ़ने पर महापौर सौरभ थपलियाल और नगर आयुक्त नमामि बंसल ने शिकायतों का संज्ञान लेते हुए टेंडर सूची की जांच के आदेश दिए थे। जांच समिति की रिपोर्ट सामने आने के बाद गड़बड़ियों की पुष्टि हुई, जिसके चलते सभी विकास कार्यों के टेंडर पर रोक लगाने का फैसला किया गया।

नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन और पूरी जांच प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही नए सिरे से टेंडर जारी किए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी तरह की अनियमितता को रोकने के लिए यह कदम जरूरी था।
राजस्व विभाग एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ डिजिटल क्रॉप सर्वे के संबंध में जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक
*गोण्डा । कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी गोण्डा श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में राजस्व विभाग एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ डिजिटल क्रॉप सर्वे के संबंध में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की समीक्षा करना तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।

जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि डिजिटल क्रॉप सर्वे शासन की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका सीधा लाभ किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, फसल बीमा, मुआवजा एवं सहायता कार्यक्रमों में प्राप्त होता है। इसलिए सर्वे कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए समय से सर्वे पूर्ण करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि डिजिटल माध्यम से किए जा रहे फसल सर्वे से भूमि उपयोग एवं फसल पैटर्न की सटीक जानकारी उपलब्ध होती है, जिससे नीति निर्धारण एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आती है। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सर्वे के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों द्वारा सही एवं अद्यतन डेटा अपलोड किया जाए।

मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंकिता जैन ने प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने पर जोर दिया। मुख्य राजस्व अधिकारी श्री महेश प्रकाश ने राजस्व एवं कृषि विभाग के बीच समन्वय की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के सफल क्रियान्वयन के लिए टीम वर्क अत्यंत आवश्यक है।

बैठक में समस्त उपजिलाधिकारीगण, जिला विकास अधिकारी श्री सुशील कुमार श्रीवास्तव, जिला पंचायत अधिकारी श्री लालजी दुबे तथा उपनिदेशक कृषि श्री प्रेम कुमार ठाकुर ने अपने-अपने विभागों से संबंधित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने सर्वे कार्य में आ रही समस्याओं से भी जिलाधिकारी को अवगत कराया, जिनके समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा ग्राम स्तर तक सतत समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि समय से शत-प्रतिशत सर्वे पूर्ण कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिससे किसानों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।
महाराष्ट्र में गजब का सियासी खेल! भाजपा ने कांग्रेस ने मिला लिया हाथ

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कहा जाता है राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है। महाराष्ट्र की सियासत में ऐसा ही कुछ देखा जा रहा है। कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा लगाने वाली भाजपा ने ठाणे में अंबरनाथ नगर परिषद में सीधे कांग्रेस से हाथ मिला लिया है। कांग्रेस से गठबंधन कर भाजपा ने अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता हासिल कर ली।

भाजपा और कांग्रेस का दुर्लभ गठबंधन

हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बाद अंबरनाथ नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस का एक दुर्लभ गठबंधन सामने आया है। इस गठबंधन ने राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्चर्यचकित कर दिया है। भाजपा ने कांग्रेस और अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के पार्षदों के साथ मिलकर अंबरनाथ विकास अघाड़ी का गठन किया है और मुंबई क्षेत्र की एक नगर परिषद पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। इस गठबंधन से शिवसेना सत्ता से बाहर हो गई है।

शिवसेना सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का साथ

भाजपा-कांग्रेस के इस सियासी खेल ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ में हाशिए पर धकेल दिया है। चौंकाने वाली बात है कि भाजपा ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का समर्थन लिया है।

किसे कितनी सीटें मिलीं

चुनाव पिछले महीने हुए थे, जिसमें शिवसेना और बीजेपी, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सहयोगी होने के बावजूद, अलग-अलग चुनाव लड़े थे। 60 सदस्यीय परिषद में, शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसने 27 सीटें जीतीं। लेकिन बहुमत से थोडा दूर रह गई। भाजपा को 14 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस ने 12 सीटें जीतीं। अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने चार सीटें जीतीं और दो निर्दलीय उम्मीदवार भी निर्वाचित हुए।

"अंबरनाथ विकास अघाड़ी" का गठन

शिवसेना को नगर निगम अध्यक्ष पद के चुनाव में झटका लगा, जहां उसकी उम्मीदवार मनीषा वालेकर भाजपा उम्मीदवार तेजश्री करंजुले पाटिल से हार गईं। शिंदे सेना सोच रही थी की बीजेपी उनके साथ मिलकर नगर परिषद में सरकार बनाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीजेपी ने शिंदे सेना के बजाय कांग्रेस से हाथ मिला लिया और नगर परिषद में सत्ता स्थापित कर ली। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के साथ मिलकर सत्ता स्थापित करना का फैसला लिया गया। इस गठबंधन को "अंबरनाथ विकास अघाड़ी" नाम दिया गया है।

ये है गठबंधन का गणित

अंबरनाथ में घोषित गठबंधन में 14 भाजपा पार्षद, भाजपा समर्थित नगर अध्यक्ष, 12 कांग्रेस पार्षद, चार एनसीपी (अजीत पवार गुट) पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद शामिल हैं। गठबंधन की कुल संख्या 32 हो गई है, जो 60 सदस्यीय परिषद में बहुमत का आंकड़ा पार कर जाती है।

शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में रोष

भाजपा की ओर से मिले इस झटके के बाद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में काफी रोष नजर आ रहा है। इस मामले पर शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि अंबरनाथ में भाजपा और कांग्रेस का गठबंधन हुआ है, तो इसका जवाब भी उनके ही नेताओं को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फैसला शिवसेना का नहीं है और न ही इस पर शिवसेना को सफाई देने की जरूरत है।

माघ मेला 2026 से पूर्व फ्लोटिंग रेस्टोरेंट फेज–02 का भव्य शुभारम्भ

प्रयागराज को मिला जल-पर्यटन और मनोरंजन का नया आयाम

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला 2026 के दृष्टिगत प्रयागराज में पर्यटन एवं मनोरंजन सुविधाओ को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट के फेज–02 का आज भव्य शुभारम्भ किया गया।इस अवसर पर मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा पुलिस आयुक्त जोगेन्द्र कुमार एवं नगर आयुक्त सीलम साई तेजा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट फेज–02 का उद्घाटन किया।प्रयागराज स्मार्ट सिटी प्रा.लि. नगर निगम प्रयागराज द्वारा विकसित इस फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट को नए कलेवर में तैयार किया गया है जहां श्रद्धालु एवं पर्यटक यमुना नदी की लहरो के बीच लजीज व्यंजनो के साथ नौका विहार और रोमांचक वाटर स्पोर्ट्स का दोहरा आनन्द ले सकेगे।यह सुविधा विशेष रूप से माघ मेला 2026 में आने वाले देश–विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण होगी।नगर आयुक्त सीलम साई तेजा ने बताया कि माघ मेले के दौरान श्रद्धालुओ को सुरक्षित सुव्यवस्थित एवं आधुनिक मनोरंजन सुविधाएं उपलब्ध कराना स्मार्ट सिटी लिमिटेड नगर निगम प्रयागराज की प्राथमिकता है।फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट में चरणबद्ध रूप से जेट स्कीइंग स्पीड बोट पांटून बोट और बनाना बोट राइड जैसी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।सुरक्षा के दृष्टिगत रेस्क्यू बोट्स प्रशिक्षित स्टाफ तथा सभी आवश्यक मानको का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया गया है।माघ मेला के दृष्टिगत अपर नगर आयुक्त दीपेन्द्र कुमार ने कहा कि माघ मेला 2026 में आने वाले लाखो श्रद्धालुओं की सुविधा सुरक्षा और मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट को विशेष रूप से तैयार किया गया है।भीड़ प्रबन्धन सुरक्षा व्यवस्था एवं ऑनलाइन बुकिंग जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है जिससे श्रद्धालुओ को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और वे सुरक्षित वातावरण में यमुना नदी का आनंद ले सकें।उन्होंने आगे बताया कि फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की ऑनलाइन बुकिंग 1 जनवरी 2026 से Book My Trip एवं Book My Shop जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रारम्भ की जा रही है जिससे देश– विदेश से आने वाले पर्यटक घर बैठे ही अपनी बुकिंग कर सकेंगे।अधिकारियो ने कहा कि नगर निगम प्रयागराज की यह पहल न केवल माघ मेला 2026 को और अधिक आकर्षक बनाएगी बल्कि प्रयागराज को जल-पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान भी दिलाएगी।आस्था स्वच्छता सुरक्षा और मनोरंजन—इन सभी को एक साथ जोड़ते हुए श्रद्धालुओ को यादगार अनुभव प्रदान करना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।

यूपी SIR: 75 जिलों में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम कटे, लखनऊ में सबसे अधिक 30.04% वोट डिलीट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। प्रदेश के 75 जिलों में बड़ी संख्या में वोट कटे हैं। राजधानी लखनऊ में सबसे अधिक 30.04 प्रतिशत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।

एनसीआर और बड़े शहरी जिलों में कटौती का प्रतिशत अपेक्षाकृत अधिक रहा। गाजियाबाद में 28.83 प्रतिशत, कानपुर नगर में 25.50 प्रतिशत, बलरामपुर में 25.98 प्रतिशत, मेरठ में 24.65 प्रतिशत, प्रयागराज में 24.64 प्रतिशत, गौतमबुद्ध नगर में 23.98 प्रतिशत और आगरा में 23.25 प्रतिशत वोट कटे हैं।

पश्चिमी यूपी की बात करें तो सहारनपुर में 16.37 प्रतिशत, मुजफ्फरनगर में 16.29 प्रतिशत, बुलंदशहर में 15.14 प्रतिशत, बागपत में 18.15 प्रतिशत, हापुड़ में 22.30 प्रतिशत, शामली में 16.75 प्रतिशत और संभल में 20.29 प्रतिशत वोट काटे गए हैं।

बुंदेलखंड क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम कटौती दर्ज की गई। ललितपुर में सबसे कम 9.95 प्रतिशत, हमीरपुर में 10.78 प्रतिशत, महोबा में 12.42 प्रतिशत, बांदा में 13 प्रतिशत और झांसी में 13.92 प्रतिशत वोट कटे।

पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में भी कई जिलों में 15 से 20 प्रतिशत तक नाम हटाए गए हैं। वाराणसी में 18.18 प्रतिशत, गोरखपुर में 17.61 प्रतिशत, बलिया में 18.16 प्रतिशत, आजमगढ़ में 15.25 प्रतिशत, जौनपुर में 16.51 प्रतिशत, बस्ती में 15.70 प्रतिशत, सिद्धार्थनगर में 20.33 प्रतिशत, संत कबीर नगर में 19.96 प्रतिशत, सीतापुर में 19.55 प्रतिशत, बहराइच में 20.44 प्रतिशत और गोंडा में 18.40 प्रतिशत वोट कटे हैं।

मतदाता सूची में इतनी बड़ी संख्या में नाम कटने को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल इस पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया फर्जी, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने के लिए की गई है।
कुल मिलाकर, यूपी SIR के आंकड़े आने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकते हैं।
लाख निर्देशों के बावजूद प्राइवेट शिक्षण संस्थान सुधरने का नाम नहीं ले रहे,छात्रों का भविष्य गर्त में सौंपा ज्ञापन*
योगी सरकार के लाख निर्देशों के बावजूद प्राइवेट शिक्षण संस्थान सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। सुल्तानपुर में हाल ये है कि बच्चों से ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स करवाने के नाम पर संस्थान ने फीस तो पूरी ले ली, लेकिन परीक्षा फॉर्म ही नहीं भरा, ऐसे में बच्चों के सामने परीक्षा न देने का संकट सामने आ गया। नाराज बच्चे आज जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और एडमिट कार्ड दिलवाने के साथ साथ साथ संस्थान पर कड़ी कार्यवाही की मांग कर डाली। दरअसल ये मामला है नगर सीताकुंड स्थित कर्मराजी इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर साइंस का। यही पर ओ लेवल के छात्र छात्राओं ने आवेदन किया था। एक सेमेस्टर की परीक्षा भी हो चुकी है। आगामी 10 जनवरी को पुनः इसकी परीक्षा होनी है, लेकिन अभी तक एडमिट कार्ड नहीं मिल सका है। छात्र छात्राओं ने पड़ताल की तो जो जानकारी लगी तो उनके होश उड़ गए। बताया गया कि इस सेमेस्टर के लिए परीक्षा फॉर्म ही नहीं भरा गया, जिससे बच्चों का भविष्य अंधकारमय नजर आने लगा। लिहाजा एसएफआई के बैनर तले नाराज बच्चे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंप कर संस्थान के प्रबंधक के खिलाफ कार्यवाही की मांग कर डाली, साथ ही एडमिट कार्ड जारी करवाने का अनुरोध किया ताकि उनका 6 माह का समय न बर्बाद हो सके। वहीं पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी की माने तो मामला संज्ञान में है, इसकी जांच करवा कर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। सुल्तानपुर गौरतलब हो कि उत्तर प्रदेश सरकार बेरोज़गार पिछड़ा वर्ग चयनित युवाओं के लिए ओ लेवल और ट्रिपल सी मुफ्त कंप्यूटर कोर्स चलाती हैं, कर्मराजी इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर साइंस संस्थान में भी ऐसे बच्चे थे, लेकिन उनका भी परीक्षा फीस नहीं जमा किया, ऐसे में संस्थान की लापरवाही साफ नजर आ रही है।
बांदा में इंसानियत को झकझोर देने वाले अपराध पर अदालत का सख्त फैसला, मासूम से दरिंदगी करने वाले को फांसी
लखनऊ /बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से न्याय व्यवस्था का एक बेहद कठोर और ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। जिला सत्र विशेष न्यायालय (पॉक्सो) ने छह वर्षीय बच्ची के साथ अमानवीय दुष्कर्म के मामले में दोषी 24 वर्षीय अमित रैकवार को मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने इस अपराध को समाज की आत्मा पर हमला करार देते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों के लिए किसी भी तरह की नरमी की गुंजाइश नहीं है।

दोषी को अंतिम सांस तक फांसी के फंदे पर लटकाए रखने का आदेश

मंगलवार सुबह विशेष न्यायाधीश प्रदीप कुमार मिश्रा ने 46 पन्नों का विस्तृत निर्णय सुनाते हुए दोषी को अंतिम सांस तक फांसी के फंदे पर लटकाए रखने का आदेश दिया। फैसला सुनाने के बाद न्यायाधीश ने कलम की निब तोड़ते हुए स्पष्ट संकेत दिया कि यह अपराध “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” की श्रेणी में आता है।

25 जुलाई 2025 को बच्ची के साथ हुई थी बर्बरता

यह दिल दहला देने वाली घटना 25 जुलाई 2025 को कालिंजर थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। अभियोजन के मुताबिक, आरोपी अमित रैकवार ने स्कूल से घर लौट रही मासूम बच्ची को गुटखा दिलाने का लालच दिया और उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ बर्बरता की सारी सीमाएं लांघ दीं।

बच्ची के शरीर पर दांतों से काटने के कई निशान पाए गए

मेडिकल जांच में बच्ची के शरीर पर दांतों से काटने के कई निशान पाए गए, वहीं गंभीर आंतरिक और बाहरी चोटों की पुष्टि हुई। इस जघन्य अपराध के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए देर रात मुठभेड़ के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया था। तीन दिन के भीतर उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने 7 अक्टूबर 2025 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की

मामले में कालिंजर पुलिस ने 7 अक्टूबर 2025 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की, जिसमें पॉक्सो एक्ट की धारा 6 और भारतीय नवीन दंड संहिता की कई गंभीर धाराएं शामिल की गईं। 12 नवंबर को आरोप तय होने के बाद नियमित सुनवाई शुरू हुई। करीब 56 दिनों तक चली सुनवाई में अदालत ने 10 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज किए। इनमें पीड़िता का इलाज करने वाले डॉक्टरों की टीम, फॉरेंसिक और डीएनए रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्य और बीएनएसएस की धाराओं के तहत दर्ज बयान शामिल थे। इन सभी साक्ष्यों ने आरोपी की संलिप्तता को निर्विवाद रूप से साबित कर दिया।

फैसला आने के बाद पीड़ित परिवार में राहत

बचाव पक्ष ने सबूतों पर सवाल उठाने की कोशिश की, लेकिन अदालत ने सभी दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया। सरकारी अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष दलील दी कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से मासूम को शिकार बनाया और अपराध की क्रूरता इस कदर थी कि केवल मौत की सजा ही न्याय के अनुरूप है।फैसला आने के बाद पीड़ित परिवार में राहत और भय दोनों के भाव दिखे। बच्ची की मां ने कहा कि असली चैन तभी मिलेगा, जब सजा पर अमल होगा। वहीं आरोपी के परिजनों की ओर से कथित धमकियों के चलते परिवार अब भी दहशत में है।यह फैसला न सिर्फ एक अपराधी को सजा है, बल्कि समाज को यह संदेश भी है कि मासूमों के खिलाफ दरिंदगी करने वालों को कानून किसी भी हाल में बख्शने वाला नहीं है।
ला पुलिस आपकी सुरक्षा में सदैव तत्पर

सुरक्षा आपका अधिकार. संकल्प हमारा

संजय द्विवेदी प्रयागराज।पुलिस अधीक्षक माघ मेला नीरज कुमार पाण्डेय के दिशा-निर्देशो पर मेला क्षेत्र में बढ़ती भीड़ एवं आगामी स्नान पर्व को दृष्टिगत रखते हुए मेला पुलिस द्वारा व्यापक सतर्कता अभियान चलाया जा रहा है।इसी क्रम में समस्त थाना प्रभारी एवं शाखा प्रभारियो द्वारा अपने-अपने क्षेत्रो में लगातार भ्रमण किया जा रहा है तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से संवाद कर उन्हें उनके दायित्वों के सम्बन्ध में आवश्यक रूप से ब्रीफ किया जा रहा है।मेला क्षेत्र के प्रमुख मार्गो स्नान घाटो चौराहो/तिराहो एवं संवेदनशील स्थलो पर सघन चेकिंग अभियान चलाते हुए सतर्क निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था अथवा अप्रिय स्थिति को समय रहते रोका जा सके।जल पुलिस द्वारा निरन्तर घाटो का भ्रमण कर जल की गहराई का आकलन किया जा रहा है तथा डीप वॉटर बैरिकेडिंग के माध्यम से स्नान घाटो की मजबूती सुनिश्चित की जा रही है।संगम घाट सहित अन्य जल क्षेत्रो में नौ-संचालको को नावो पर सवार प्रत्येक श्रद्धालु को लाइफ सेविंग जैकेट पहनाने एवं निर्धारित दर से अधिक किराया न वसूलने के लिए लगातार निर्देशित किया जा रहा है।थाना कल्पवासी झूंसी खाकचौक प्राचीन गंगा प्रयागवाल उत्तरी झूंसी एवं नागवासुकी के थाना प्रभारियो द्वारा पुलिस अधीक्षक माघ मेला के निर्देशो के क्रम में आपसी समन्वय स्थापित करते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मेला क्षेत्र में निवासरत कल्पवासियों एवं श्रद्धालुओ को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।माघ मेला–2026 के सफल सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण आयोजन हेतु मेला पुलिस पूर्ण निष्ठा अनुशासन एवं सतर्कता के साथ अपने कर्तव्यो का निर्वहन कर रही है।

भ्रष्टाचार : श्रम विभाग के खिलाफ कर करणी सेना ने खोला मोर्चा
*फर्जीवाड़ा में मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर दी आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

*फर्ज़ी दस्तावेजों के जरिए सरकारी योजना का हितलाभ लेने व दिलाने वाले बिचौलिए व दोषी अधिकारी व कर्मचारी के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करके कार्यवाही करने की मांग


मीरजापुर। जिले के श्रम विभाग में कूटरचित सरकारी दस्तावेजों के जरिए सरकारी योजना का हितलाभ लेने व दिलाने वाले बिचौलिए व दोषी अधिकारी व कर्मचारी के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करके कार्यवाही करने की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने एक बार पुनः जिलाधिकारी का दरवाजा खटखटाया है। आरोप लगाया है कि जब जांच दर जांच के बाद मामला सही पाया गया है तो फिर दोषी अफसरों, बिचौलियों पर मुक़दमा दर्ज करने में देर क्यों? करणी सेना के जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार ने जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में बताया है कि श्रम विभाग मीरजापुर कार्यालय से कुछ असंगठित गिरोह (बिचौलिए) द्वारा अपने निजी लाभ के लिए दुरभिसंधि कर निर्माण श्रमिकों, मजदूरों एवं सीधे-साधे लोगों को लुभावना प्रस्ताव देकर अपने जाल में फसातें हैं। फंसाने के बाद उनके बैंक खाते, आधार कार्ड व व्यक्तिगत दस्तावेज लेकर उनका दुरूपयोग करते हुए जान बूझकर कूटरचित दस्तावेज जैसे, बिना बच्चे के जन्मे, सरकारी अस्पताल का जन्म प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर नकल तथा बिना प्रसव के ही सरकारी अस्पताल का प्रसव प्रमाण पत्र आदि लगाकर श्रम विभाग की योजनाएं मसलन, मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना तथा पुत्री विवाह अनुदान योजना में लाभ दिलाया गया है। इस बात की पुष्टि श्रम विभाग के ही उच्चाधिकारियों की जांच टीम द्वारा की गयी है। उन्होंने बताया है कि पूर्व के दो जांचों में एक में 105 की जांच में 90 आवेदन में लगे कूटरचित दस्तावेज के आधार पर लाभ दिए गये हैं तथा इसके पूर्व की एक जांच में 12 आवेदनों की जांच में कुल 12 फर्जी पाये गये थे, जिसमें श्रम विभाग के उप श्रमायुक्त पंकज राणा ने अपने जांच रिपोर्ट और कार्यालय आदेश में विभिन्न सुसंगत धाराओं तत्कालिन भादवि की धारा-120 बी, 192, 197, 420, 464, 467, 468 तथा 471 के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत कराये जाने का आदेश दिया था। इस सम्बन्ध में दोषियों के विरूद्ध सर्व प्रथम प्राथमिकी दर्ज करने के लिए श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना द्वारा 15 दिसंबर 2025 को ज्ञापन दिया गया था जिसपर अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गयी। चूंकि मामले की जांच स्वयं विभाग के उच्चाधिकारी द्वारा पूर्व में की जा चुकी है, जिसमें 90 तथा 12 में 11 आवेदनों की पुनः जांच की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग किया है कि कूटरचित सरकारी दस्तावेज का दुरूपयोग कर सरकारी योजना में धनलाभ लेने व दिलाने वाले जैसे गंभीर मामले को देखते हुए सर्व प्रथम प्राथमिकी दर्ज कर मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराकर ज्ञात-अज्ञात अधिकारी, कर्मचारी एवं बिचौलिए एवं दोषी आवेदकों के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराकर दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध व वैद्यानिक कार्यवाही कराई जाएं, ताकि श्रमिकों के हक अधिकार सहित सरकारी धन को हज़म कर लाखों की सम्पत्ति खड़ी करने वालों को बेनकाब करते हुए उनसे इसकी रिकवरी भी सुनिश्चित हो सके।
मेजा ऊर्जा निगम द्वारा बालिका सशक्तिकरण अभियान के शीतकालीन सत्र के उद्घाटन समारोह का आयोजन

संजय द्विवेदी प्रयागराज।मेजा ऊर्जा निगम द्वारा नैगम सामाजिक दायित्व कार्यक्रम के अंतर्गत बालिका सशक्तिकरण अभियान के शीतकालीन सत्र 2025-26 के उद्घाटन समारोह का आयोजन सेंट जोसफ स्कूल के ऑडिटोरियम में किया गया।इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेजा ऊर्जा निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जी.श्री निवास राव रहे और उन्होने इस मौके पर सभी को शुभकामनाए दी और बालिकाओं को पढ़ने एवं जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि अपराजिता महिला समाज की अध्यक्षा कविता राव रही।कार्यक्रम का स्वागत भाषण मानव संसाधन विभागाध्यक्ष विवेक चन्द्रा द्वारा दिया गया।कार्यक्रम का समापन उप महाप्रबन्धक(मानव संसाधन) अजय सिंह के धन्यवाद प्रस्ताव से सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम के दौरान मेजा ऊर्जा निगम के वरिष्ठ अधिकारिगण अपराजिता महिला समाज की पदाधिकारी एसोसियसन एवं यूनियन के पदाधिकारी 40 बालिकाएँ एवं उनके अभिभावकगण उपस्थित रहे बालिका सशक्तिकरण अभियान से लाभान्वित दो बालिकाओ ने अपना अनुभव भी सबसे साझा किया।कार्यक्रम के दौरान सभी बालिकाओ के लिए स्कूल बैग का वितरण किया गया।इस एक सप्ताह की कार्यशाला का लक्ष्य बालिकाओ के रचनात्मक एवं कलात्मक प्रतिभा को उभार कर आत्मविश्वास बढ़ाना एवं सामाजिक समानता के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है। मेजा ऊर्जा निगम ने 2019 में बालिका सशक्तिकरण अभियान शुरू किया जो भारत सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पहल से प्रेरित है।मेजा ऊर्जा निगम द्वारा आयोजित बालिका सशक्तिकरण अभियान का उद्देश्य लड़कियो को अधिक अवसर प्रदान कर लैगिक असमानता को समाप्त करना है।इस अभियान के माध्यम से लड़कियो को शिक्षा स्वास्थ्य आत्मरक्षा और जीवन कौशल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रो में जागरूक किया जाता है।

देहरादून नगर निगम के विकास कार्यों की टेंडर सूची में गड़बड़ी, सभी टेंडर पर रोक


देहरादून, उत्तराखंड। देहरादून नगर निगम में विकास कार्यों के टेंडर को लेकर सामने आए विवाद के बाद अब प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। टेंडर सूची में गड़बड़ी की जांच रिपोर्ट में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद नगर आयुक्त नमामि बंसल ने सभी विकास कार्यों के टेंडर पर फिलहाल रोक लगा दी है। साथ ही प्रस्तावित कार्यों का भौतिक सत्यापन भी शुरू कर दिया गया है।

नगर निगम की ओर से कराई गई जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि कुछ विकास कार्य गलत तरीके से टेंडर सूची में शामिल किए गए थे। जांच रिपोर्ट के अनुसार, कुछ कार्य ऐसे थे जो अन्य विभागों द्वारा पहले ही पूरे किए जा चुके हैं, जबकि कुछ कार्य नगर निगम द्वारा पहले ही संपन्न किए जा चुके थे। इसके बावजूद उन्हें दोबारा टेंडर सूची में दर्शाया गया, जिससे गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह महापौर कोटे से नगर निगम के सभी 100 वार्डों में प्रस्तावित विकास कार्यों की टेंडर सूची जारी की गई थी। इसके बाद कई पार्षदों ने सूची पर आपत्ति जताई। पार्षदों का आरोप था कि कुछ वार्डों में जहां 20 से 22 लाख रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए हैं, वहीं कुछ वार्डों में 70 से 80 लाख रुपये तक के कार्य शामिल कर दिए गए, जिससे असमानता साफ झलकती है।

विवाद बढ़ने पर महापौर सौरभ थपलियाल और नगर आयुक्त नमामि बंसल ने शिकायतों का संज्ञान लेते हुए टेंडर सूची की जांच के आदेश दिए थे। जांच समिति की रिपोर्ट सामने आने के बाद गड़बड़ियों की पुष्टि हुई, जिसके चलते सभी विकास कार्यों के टेंडर पर रोक लगाने का फैसला किया गया।

नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन और पूरी जांच प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही नए सिरे से टेंडर जारी किए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी तरह की अनियमितता को रोकने के लिए यह कदम जरूरी था।
राजस्व विभाग एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ डिजिटल क्रॉप सर्वे के संबंध में जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक
*गोण्डा । कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी गोण्डा श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में राजस्व विभाग एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ डिजिटल क्रॉप सर्वे के संबंध में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की समीक्षा करना तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।

जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि डिजिटल क्रॉप सर्वे शासन की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका सीधा लाभ किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, फसल बीमा, मुआवजा एवं सहायता कार्यक्रमों में प्राप्त होता है। इसलिए सर्वे कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए समय से सर्वे पूर्ण करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि डिजिटल माध्यम से किए जा रहे फसल सर्वे से भूमि उपयोग एवं फसल पैटर्न की सटीक जानकारी उपलब्ध होती है, जिससे नीति निर्धारण एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आती है। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सर्वे के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों द्वारा सही एवं अद्यतन डेटा अपलोड किया जाए।

मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंकिता जैन ने प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने पर जोर दिया। मुख्य राजस्व अधिकारी श्री महेश प्रकाश ने राजस्व एवं कृषि विभाग के बीच समन्वय की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के सफल क्रियान्वयन के लिए टीम वर्क अत्यंत आवश्यक है।

बैठक में समस्त उपजिलाधिकारीगण, जिला विकास अधिकारी श्री सुशील कुमार श्रीवास्तव, जिला पंचायत अधिकारी श्री लालजी दुबे तथा उपनिदेशक कृषि श्री प्रेम कुमार ठाकुर ने अपने-अपने विभागों से संबंधित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने सर्वे कार्य में आ रही समस्याओं से भी जिलाधिकारी को अवगत कराया, जिनके समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा ग्राम स्तर तक सतत समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि समय से शत-प्रतिशत सर्वे पूर्ण कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिससे किसानों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।