नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 के दौरान सामान्य जनता के लिए अपील

मतदाता की संतुष्टि के लिए नकदी, शराब या अन्य किसी वस्तु का वितरण रिश्वत है और यह एक दण्डनीय अपराध है। निर्वाचनों के दौरान नकदी, शराब या अन्य वस्तुओं के वितरण पर नजर रखने के लिए प्रत्येक पुलिस स्टेशन के अधीन उड़नदस्ते बनाए गए हैं।

सभी से यह अपील की जाती है कि उड़नदस्तों द्वारा जब्ती से बचने के लिए कोई भी व्यक्ति जो निर्वाचनों के दौरान किसी निर्वाचन क्षेत्र में बहुत बड़ी मात्रा में नकदी ले जा रहा है, तो उस धन के स्रोत और उसके अंतिम प्रयोग को दर्शाने वाले निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने चाहिए।

1. पैन कार्ड तथा उसकी प्रति, (यदि कोई हो तो)

2. व्यापार रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र की प्रति (यदि कोई हो तो)

3. नकदी की निकासी दर्शाती बैंक पास बुकध्बैंक विवरणी की प्रति

4. नियमित नकदी लेन-देन वाले व्यापार के मामले में कैश बुक की प्रति

5. विवाह के निमंत्रण पत्र तथा अस्पताल में दाखिला आदि जैसे मामलों में नकदी के अंतिम प्रयोग के प्रमाण।

भरोसे,भागीदारी और बराबरी का केंद्रीय बजट 2026-प्रो.अंग्रेज*
सुल्तानपुर,केंद्रीय बजट 2026 भारत के समग्र एवं समावेशी विकास की एक स्पष्ट और दूरदर्शी रूपरेखा प्रस्तुत करता है,जो रफ्तार,क्षमता और सबका साथ के तीन मूल विज़नों पर आधारित है।इस बजट में उत्पादकता में वृद्धि के माध्यम से आर्थिक विकास को गति देने,युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम बनाने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, दृश्य प्रभाव, एनीमेशन, गेमिंग एवं रचनात्मक क्षेत्र को प्रोत्साहन देने हेतु भारत-विस्तार कार्यक्रम,करियर पाथवे योजनाएँ तथा विद्यालयों और महाविद्यालयों में कंटेंट क्रिएटर प्रयोगशालाओं की स्थापना युवाओं के लिए नए एवं गुणवत्तापूर्ण रोजगार अवसर सृजित करेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों का उन्नयन,आघात उपचार केंद्रों का विस्तार,एक लाख विशेषज्ञ तथा डेढ़ लाख देखभाल कर्मियों का प्रशिक्षण,आवश्यक दवाओं की कीमतों में कमी तथा एम्स स्तर के तीन नए आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना जनकल्याण को सुदृढ़ बनाती है। वहीं ग्रामीण एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में शी- मार्ट्स,महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल,हथकरघा उद्योग तथा एक जिला-एक उत्पाद को प्रोत्साहन आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मजबूती प्रदान करता है। अवसंरचना विकास के अंतर्गत नए जलमार्गों और तीव्रगामी रेल गलियारों की घोषणा देश की आर्थिक एकीकरण प्रक्रिया को गति देगी। कुल मिलाकर,केंद्रीय बजट 2026 आर्थिक प्रगति और सामाजिक न्याय के संतुलन के साथ भारत को सतत एवं समावेशी विकास की दिशा में अग्रसर करने वाला बजट है; यद्यपि कर्मचारियों को कर-स्लैब में छूट की अपेक्षा थी, जिससे उनकी वास्तविक आय और क्रय-शक्ति को और अधिक मजबूती मिल सकती थी। प्रो.अंग्रेज सिंह,प्राचार्य अर्थशास्त्री गनपत सहाय पी.जी.कालेज सुलतानपुर
केंद्रीय बजट से कर्मचारी-शिक्षकों में निराशा, आठवें वेतन आयोग व पेंशन पर चुप्पी
लखनऊ। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट में कर्मचारी और शिक्षकों से जुड़ी प्रमुख मांगों की अनदेखी किए जाने पर असंतोष सामने आया है। बजट में न तो पेंशन व्यवस्था से संबंधित कोई उल्लेख किया गया और न ही आठवें वेतन आयोग को लेकर कोई प्रावधान किया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि चालू वर्ष में आठवें वेतन आयोग के गठन की संभावना नहीं है।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी ने कहा कि असंगठित क्षेत्र, मानदेय, आउटसोर्सिंग जैसे कमजोर वर्ग के कर्मचारियों के लिए ईपीएफओ के अंतर्गत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन को पिछले 12 वर्षों से 1000 रुपये से बढ़ाने तथा न्यूनतम वेतन में वृद्धि के लिए बजट में कोई व्यवस्था नहीं की गई, जो अत्यंत निराशाजनक है।

उन्होंने कहा कि यदि आठवां वेतन आयोग लागू किया जाना होता तो आयकर की सीमा बढ़ाने जैसे संकेत बजट में दिखाई देते, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे में दी जाने वाली रियायत, जिसे कोरोना काल में समाप्त कर दिया गया था, उसकी बहाली की मांग भी बजट में शामिल नहीं की गई।

श्री तिवारी ने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट कर्मचारी-शिक्षकों और पेंशनभोगियों की दृष्टि से अच्छा नहीं कहा जा सकता है।
माघी पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, रामनगरिया मेला के आज आखिरी दिन उमड़ी रही भीड़
फर्रुखाबाद lमाघी पूर्णिमा पर पांचाल घाट सहित सभी गंगा तटों पर आस्था का संगम उमड़ पड़ा। चारों तरफ श्रद्धालु हर-हर गंगे के जयकारों के साथ आस्था की डुबकी लगा रहे थे। स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से गंगा मैया का पूजन कर दान-दक्षिणा दी, माघी पूर्णिमा को देखते हुए देर रात से ही श्रद्धालुओं का पांचाल घाट पर पहुंचना शुरू हो गया कोई पैदल तो कोई टेंपो व अन्य वाहनों से पांचाल घाट जाता दिखाई दिया भोर से ही गंगा तटों पर श्रद्धालुओं का मेला उमड़ पड़ा घाटों पर पैर रखने तक की जगह नहीं दिखाई दे रही थी श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ गंगा में डुबकी लगाई भक्तों ने गंगा मैया को साड़ी की पहनावा भी चढ़ाई। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पांचाल घाट पुल पर जाम ना लगे उसके लिए प्रशासन की ओर से रूट का डायवर्सन भी किया गया था जिस किसी भी तरीके की व्यवस्था न हो, यातायात प्रभारी ने बताया बेरीकेटिंग कराकर भारी वाहनों को मेला में जाने से रोक दिया गया जिससे आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गईl दूर दराज से आए श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो जिससे किसी की तबीयत खराब होने पर तुरंत इलाज मिल सके।

पड़ोसी जिले से आए श्रद्धालुओं ने भी गंगा स्नान किया,
देर रात से ही पड़ोसी जनपद हरदोई, शाहजहांपुर, मैनपुरी, इटावा,कासगंज, बदायूं और एटा आदि जनपदों से श्रद्धालुओं का पांचाल घाट पर पहुंचना शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने परिवार समेत गंगा स्नान कर दान-पुण्य किया। स्नान करने के बाद कुष्ठ रोगियों को अनाज, फल व मिष्ठान आदि भी वितरित किया गया।
नकली असलहों से रील बनाने वाला गिरफ्तार,चार पुलिस के कब्जे में
*रौब जमाने के लिए किया,हथियार जब्त

गोंडा।जिले में नकली असलहों से सोशल मीडिया पर धमकी भरे गानों पर रील बनाना चार युवकों को महंगा पड़ गया।नवाबगंज थाने की पुलिस ने वीडियो वायरल होने के बाद तत्काल संज्ञान में लेते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है,साथ ही उनके कब्जे से नकली हथियार भी बरामद कर लिया है।यह घटना नवाबगंज थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव की है।शाहपुर गांव निवासी ताहिर ने अपने तीन अन्य साथियों बस्ती के अंश मिश्रा,मोहसिन और दिग्विजय पांडेय के साथ मिलकर एक बसपा नेता की गाड़ी के पास खड़े होकर फिल्मी गानों के पर नकली असलहों के साथ रील बनाई थी और उसके बाद इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था।पुलिस ने चारों आरोपियों के पास से दो नकली एयर गन और एक नकली प्लास्टिक का पिस्टल बरामद किया है।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने रौब जमाने और लोगों में दहशत फैलाने के लिए इस तरह की रील बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया था।बताया जा रहा है कि ये सभी आरोपी मनकापुर के बसपा नेता राजिक उस्मानी के यहां काम करते थे।उन्होंने उस्मानी के घर की एयर गन का इस्तेमाल कर यह वीडियो बनाया था।वीडियो में ना हम झगड़ा चाहित हय,जो जो हमसे ढेर बोलत हय सीधय बंदूक दागित हय,गाने का इस्तेमाल किया था।नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर शांति भंग की धाराओं के तहत कार्रवाई की गयी है।पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी हरकत करने पर उनके खिलाफ और कठोर कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि समाज में इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जायेंगे।
बजट 2026: रांची बनेगा देश का नया 'मेंटल हेल्थ हब'; बेंगलुरु के बाद अब यहाँ खुलेगा NIMHANS 2.0"

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संसद में पेश वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट में झारखंड की राजधानी रांची को मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है. केंद्र सरकार ने रांची के मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों के मॉडर्नाइजेशन और विस्तार की घोषणा की है. इसके तहत देश में दूसरा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान (NIMHANS 2.0) रांची में स्थापित किया जाएगा, साथ ही रांची और तेजपुर के संस्थानों को रीजनल एपेक्स संस्थान के रूप में डेवलप किया जाएगा.

उत्तर भारत में अब तक कोई राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान नहीं था, जिसे ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है. देश का पहला NIMHANS बेंगलुरु में स्थित है, जो मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी है.

रांची में पहले से ही दो प्रमुख संस्थान सक्रिय हैं. केंद्रीय शासन के अंतर्गत आने वाला सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकेट्री (सीआईपी) और राज्य सरकार के तहत रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो-साइकियाट्री एंड अलाइड साइंसेज (आरआईएनपीएएस). ये दोनों संस्थान सौ सालों से भी अधिक समय से मानसिक स्वास्थ्य की सेवा, रिसर्च और इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

CIP प्रशासन ने बजट में की गई घोषणाओं का स्वागत किया है. उन्होंने बताया कि लंबे समय से इसे NIMHANS जैसे स्तर पर एडवांस करने की मांग की जा रही थी. प्रस्ताव के अनुसार, CIP परिसर में 500 बेड का नया अस्पताल विकसित किया जाएगा, जिसमें न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी और बाल चिकित्सा विभाग सम्मिलित होंगे. यह परियोजना लगभग 220 एकड़ क्षेत्र में फैली होगी और आगामी वित्तीय साल में कार्य शुरू होने की संभावना है.

CIP की स्थापना 17 मई 1918 को ब्रिटिश शासन के दौरान रांची यूरोपीय पागलखाना के रूप में हुई थी. अब केंद्रीय बजट के जरिए रांची को मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक राष्ट्रीय और क्षेत्रीय केंद्र के रूप में सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जो इस क्षेत्र में नई उम्मीदों को जन्म देंगे

आयुष्मान कार्ड : अब प्रतिदिन सीएचओ बनाएंगे 25-25 कार्ड

*जनपद में 30489 कार्ड बनाने का है लक्ष्य,अब तक 15978 कार्ड 70 साल के बुजुर्ग का बना*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। अब जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) प्रतिदिन वरिष्ठ नागरिकों का 25-25 आयुष्मान कार्ड बनाएंगे। काम की प्रगति ठीक नहीं होने पर स्वास्थ्य विभाग ने नई पहल की है। इसमें लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी। जिले में 110 सीएचओ तैनात हैं। 70 साल से अधिक 30 हजार 489 वरिष्ठ नागरिकों (बुजुर्गों) की संख्या है। इसके सापेक्ष अब तक 15978 आयुष्मान कार्ड बने हैं। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निजी अस्पतालों में पांच लाख तक निशुल्क उपचार की सुविधा के लिए सरकार ने आयुष्मान कार्ड की सुविधा दी है। आठ महीने पहले 70 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों का आयुष्मान कार्ड बनाने का निर्देश शासन ने दिया है।

इसके लिए जिले को 30 हजार 489 का लक्ष्य मिला, लेकिन विभागीय उदासीनता से आंकड़ा 50 फीसदी तक ही पहुंच सका। पूर्व में मन मुताबिक ड्यूटी करने वाले सीएचओ पर विभाग की सख्ती बढ़ गई है। अभी तक इनके द्वारा आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए निरंतर ढिलाई बरती जा रही थी।

कभी एक कार्ड, तो कभी दो कार्ड बनाते थे। जो लाभार्थी केंद्र पर आ जाए, उन्हीं के कार्ड बनाने में रूचि रखी जाती थी। अब ऐसा नहीं होगा, रोजाना सीएचओ को 25-25 आयुष्मान कार्ड अनिवार्य रूप से बनाना होगा। यदि लाभार्थी को केंद्र तक लाने में आशाकर्मी उदासीनता बरतती हैं तो उनपर भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सीएचओ कितने कार्ड एक दिन में बना रहे हैं, रोजाना इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी। यह निर्देश बीते दिनों स्वास्थ्य समिति की बैठक में दी गई। जिले में करीब 30489 बुजुर्ग ऐसे हैं, जिनकी उम्र 70 साल से अधिक है। 15978 लोगों का कार्ड बना है। सीएमओ डॉ. एसके चक ने बताया कि कार्ड बनवाने में आधार लिंक की सबसे बड़ी दिक्कते सामने आ रही है। लाभार्थी के आधार कार्ड से दूसरा नंबर लिंक है। जो नंबर लाभार्थी लेकर आते हैं, उस पर ओटीपी आती नहीं है। बिना ओपीटी के कार्ड नहीं बनता है। इससे बड़ी दिक्कते होती है।

Budget 2026 का असर: बायबैक टैक्स के ऐलान से शेयर बाजार डगमगाया, जानिए सेंसेक्स-निफ्टी क्यों गिरे

केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होते ही शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बजट भाषण के दौरान जैसे ही वित्त मंत्री ने शेयर बायबैक टैक्स में बदलाव का ऐलान किया, निवेशकों में बेचैनी बढ़ गई। इसका सीधा असर बाजार पर पड़ा और सेंसेक्स कुछ ही समय में 2300 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया, जबकि निफ्टी भी फिसलकर 24,592.15 के स्तर तक पहुंच गया।

बायबैक टैक्स बना गिरावट की बड़ी वजह

सरकार ने बजट में शेयर बायबैक से जुड़े टैक्स नियमों में अहम बदलावों की घोषणा की। नए प्रस्ताव के अनुसार अब बायबैक से मिलने वाले लाभ को पूंजीगत लाभ के तौर पर टैक्स के दायरे में लाया जाएगा। कॉरपोरेट प्रवर्तकों पर 22 प्रतिशत और गैर-कॉरपोरेट प्रवर्तकों पर 30 प्रतिशत टैक्स लगाने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम टैक्स दुरुपयोग को रोकने और छोटे निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है।

हालांकि बाजार ने इस घोषणा को तुरंत नकारात्मक रूप में लिया। निवेशकों को आशंका है कि बढ़ा हुआ टैक्स कंपनियों की कैश डिस्ट्रीब्यूशन रणनीति को प्रभावित करेगा।

क्यों घबराए निवेशक?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अब तक कई कंपनियां डिविडेंड की जगह बायबैक को प्राथमिकता देती थीं क्योंकि यह टैक्स के लिहाज से ज्यादा फायदेमंद माना जाता था। लेकिन नए टैक्स स्ट्रक्चर के बाद बायबैक का आकर्षण कम हो सकता है। इसी डर के चलते बजट के दौरान निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया।

डेरिवेटिव ट्रेडर्स को भी झटका

बजट में वायदा सौदों (Futures) पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का एलान भी बाजार की गिरावट की एक अहम वजह बना। इससे डेरिवेटिव ट्रेडिंग की लागत बढ़ने की संभावना है, जिसका असर शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग वॉल्यूम पर पड़ सकता है।

गिरावट के बाद दिखी रिकवरी

हालांकि शुरुआती झटके के बाद बाजार में कुछ हद तक संभलाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 82,525.74 अंक तक रिकवर हुआ, जबकि निफ्टी भी 25,377.25 के स्तर पर लौट आया। इससे संकेत मिलता है कि दीर्घकालिक निवेशक फिलहाल बाजार को लेकर पूरी तरह निराश नहीं हैं और चुनिंदा शेयरों में खरीदारी जारी है।

रविवार को खुला बाजार बना चर्चा का विषय

इस बजट की एक खास बात यह भी रही कि रविवार के दिन एनएसई और बीएसई खुले रहे। बजट की अहमियत को देखते हुए विशेष लाइव ट्रेडिंग सत्र का आयोजन किया गया, ताकि नीतिगत घोषणाओं पर बाजार की तत्काल प्रतिक्रिया सामने आ सके। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बाजार बंद रहता, तो सोमवार को और ज्यादा अस्थिरता देखने को मिल सकती थी।

आगे क्या?

विशेषज्ञों के अनुसार, अल्पकाल में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन बजट के विकासोन्मुखी प्रावधान लंबी अवधि में सकारात्मक असर डाल सकते हैं। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी से बचें और सेक्टर-आधारित रणनीति के साथ निवेश करें।
एक वाट्सऐप ग्रुप, एक ट्रेडिंग ऐप और 2.07 करोड़ रुपये की ठगी; झारखंड के युवक को ठगों ने कैसे फंसाया?

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ऑनलाइन निवेश और ट्रेडिंग ऐप्स का इस्तेमाल करने वाले लोग सतर्क हो जाएं. ज्यादा मुनाफे का लालच दिखाकर साइबर अपराधी लोगों की जीवनभर की कमाई चंद मिनटों में साफ कर रहे हैं. झारखंड के लातेहार से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है. यहां फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया.

जानकारी के अनुसार, झारखंड के लातेहार जिले के एक कारोबारी को शातिर साइबर अपराधियों ने निशाना बनाया. ठगों ने पहले पीड़ित को DIGITAL ASSETS नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा, जहां निवेश और ट्रेडिंग से जुड़े आकर्षक ऑफर और भारी मुनाफे के दावे दिखाए जा रहे थे. ग्रुप में नकली ट्रेडिंग डेटा और फर्जी लाभ दिखाकर पीड़ित का विश्वास जीता गया. इसके बाद उसे GLOBIXVAULT नामक एक कथित निवेश और ट्रेडिंग ऐप से जोड़ा गया, जो असल में फर्जी प्लेटफॉर्म निकला.

2.07 करोड़ रुपये की ठगी

अपराधियों ने वित्तीय संस्थान के नाम का सहारा लेकर खुद को भरोसेमंद साबित किया और अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए. जब तक पीड़ित को धोखाधड़ी का एहसास हुआ, तब तक वह लगभग 2.07 करोड़ रुपये गंवा चुका था. पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाते हुए झारखंड अपराध अनुसंधान विभाग (CID) के अंतर्गत साइबर क्राइम थाना, रांची में शिकायत दर्ज कराई.

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

इस मामले में 16 दिसंबर 2025 को कांड संख्या 160/25 दर्ज किया गया, जिसके बाद CID की टीम ने जांच शुरू की. तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल ट्रेल के आधार पर जांच आगे बढ़ी और आखिरकार पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के घोला थाना क्षेत्र निवासी अभिषेक बेरा नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, तीन सिम कार्ड और पांच डेबिट कार्ड सहित कई संदिग्ध सामग्री बरामद की गई. जांच एजेंसियां अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं.

CID झारखंड ने आम लोगों को ऐसे साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सावधान रहने की सलाह दी है. व्हाट्सएप, टेलीग्राम या गूगल विज्ञापनों के जरिए मिलने वाले निवेश ऑफर के लिंक पर क्लिक करने से बचें. किसी अनजान बैंक खाते या UPI आईडी में निवेश के नाम पर पैसा जमा न करें. निवेश हमेशा सरकार द्वारा अधिकृत और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही करें तथा पूरी जानकारी हासिल करने के बाद ही कदम उठाएं. यदि कोई व्यक्ति ठगी का शिकार हो जाता है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर नजदीकी थाना या साइबर सेल को सूचित करें.

किशोरी की उपचार के दौरान मौत
मेरठ (बहसूमा): उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद अंतर्गत बहसूमा क्षेत्र में दरिंदगी का शिकार हुई किशोरी की उपचार के दौरान मौत हो गई। शुक्रवार शाम पीड़िता के दम तोड़ने के बाद क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है और बाहरी व्यक्तियों समेत मीडिया के प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी गई है।
वेंटिलेटर पर तीन दिन तक चला संघर्ष
जानकारी के अनुसार, पीड़िता पिछले तीन दिनों से अस्पताल में वेंटिलेटर पर थी और जीवन-मौत के बीच जूझ रही थी। शुक्रवार शाम उसकी मृत्यु की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। जैसे ही शव गांव पहुँचा, परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। करीब 40 मिनट तक चले भारी हंगामे के बाद, पुलिस अधिकारियों की सूझबूझ और काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
गांव की घेराबंदी और राजनीतिक नेताओं की नजरबंदी
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने गांव की ओर जाने वाले सभी मुख्य मार्गों पर नाकेबंदी कर दी है। इस दौरान कई राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया:
विजयपाल कश्यप (जिला अध्यक्ष, सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ) को सुबह उनके आवास से ही गिरफ्तार/नजरबंद कर लिया गया।
देवेंद्र कश्यप (राष्ट्रीय अध्यक्ष, सामाजिक न्याय पार्टी) को उनके समर्थकों के साथ रामराज थाने में रोक लिया गया।
स्थानीय नेताओं का विरोध: हरिओम कश्यप, जगरोशन कश्यप और महेश कश्यप बनारसी दास कश्यप सहित समाज के अन्य लोगों ने पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है।
प्रशासनिक रुख
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। सुरक्षा की दृष्टि से पीएसी और भारी पुलिस बल तैनात है।
नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 के दौरान सामान्य जनता के लिए अपील

मतदाता की संतुष्टि के लिए नकदी, शराब या अन्य किसी वस्तु का वितरण रिश्वत है और यह एक दण्डनीय अपराध है। निर्वाचनों के दौरान नकदी, शराब या अन्य वस्तुओं के वितरण पर नजर रखने के लिए प्रत्येक पुलिस स्टेशन के अधीन उड़नदस्ते बनाए गए हैं।

सभी से यह अपील की जाती है कि उड़नदस्तों द्वारा जब्ती से बचने के लिए कोई भी व्यक्ति जो निर्वाचनों के दौरान किसी निर्वाचन क्षेत्र में बहुत बड़ी मात्रा में नकदी ले जा रहा है, तो उस धन के स्रोत और उसके अंतिम प्रयोग को दर्शाने वाले निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने चाहिए।

1. पैन कार्ड तथा उसकी प्रति, (यदि कोई हो तो)

2. व्यापार रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र की प्रति (यदि कोई हो तो)

3. नकदी की निकासी दर्शाती बैंक पास बुकध्बैंक विवरणी की प्रति

4. नियमित नकदी लेन-देन वाले व्यापार के मामले में कैश बुक की प्रति

5. विवाह के निमंत्रण पत्र तथा अस्पताल में दाखिला आदि जैसे मामलों में नकदी के अंतिम प्रयोग के प्रमाण।

भरोसे,भागीदारी और बराबरी का केंद्रीय बजट 2026-प्रो.अंग्रेज*
सुल्तानपुर,केंद्रीय बजट 2026 भारत के समग्र एवं समावेशी विकास की एक स्पष्ट और दूरदर्शी रूपरेखा प्रस्तुत करता है,जो रफ्तार,क्षमता और सबका साथ के तीन मूल विज़नों पर आधारित है।इस बजट में उत्पादकता में वृद्धि के माध्यम से आर्थिक विकास को गति देने,युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम बनाने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, दृश्य प्रभाव, एनीमेशन, गेमिंग एवं रचनात्मक क्षेत्र को प्रोत्साहन देने हेतु भारत-विस्तार कार्यक्रम,करियर पाथवे योजनाएँ तथा विद्यालयों और महाविद्यालयों में कंटेंट क्रिएटर प्रयोगशालाओं की स्थापना युवाओं के लिए नए एवं गुणवत्तापूर्ण रोजगार अवसर सृजित करेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों का उन्नयन,आघात उपचार केंद्रों का विस्तार,एक लाख विशेषज्ञ तथा डेढ़ लाख देखभाल कर्मियों का प्रशिक्षण,आवश्यक दवाओं की कीमतों में कमी तथा एम्स स्तर के तीन नए आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना जनकल्याण को सुदृढ़ बनाती है। वहीं ग्रामीण एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में शी- मार्ट्स,महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल,हथकरघा उद्योग तथा एक जिला-एक उत्पाद को प्रोत्साहन आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मजबूती प्रदान करता है। अवसंरचना विकास के अंतर्गत नए जलमार्गों और तीव्रगामी रेल गलियारों की घोषणा देश की आर्थिक एकीकरण प्रक्रिया को गति देगी। कुल मिलाकर,केंद्रीय बजट 2026 आर्थिक प्रगति और सामाजिक न्याय के संतुलन के साथ भारत को सतत एवं समावेशी विकास की दिशा में अग्रसर करने वाला बजट है; यद्यपि कर्मचारियों को कर-स्लैब में छूट की अपेक्षा थी, जिससे उनकी वास्तविक आय और क्रय-शक्ति को और अधिक मजबूती मिल सकती थी। प्रो.अंग्रेज सिंह,प्राचार्य अर्थशास्त्री गनपत सहाय पी.जी.कालेज सुलतानपुर
केंद्रीय बजट से कर्मचारी-शिक्षकों में निराशा, आठवें वेतन आयोग व पेंशन पर चुप्पी
लखनऊ। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट में कर्मचारी और शिक्षकों से जुड़ी प्रमुख मांगों की अनदेखी किए जाने पर असंतोष सामने आया है। बजट में न तो पेंशन व्यवस्था से संबंधित कोई उल्लेख किया गया और न ही आठवें वेतन आयोग को लेकर कोई प्रावधान किया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि चालू वर्ष में आठवें वेतन आयोग के गठन की संभावना नहीं है।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी ने कहा कि असंगठित क्षेत्र, मानदेय, आउटसोर्सिंग जैसे कमजोर वर्ग के कर्मचारियों के लिए ईपीएफओ के अंतर्गत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन को पिछले 12 वर्षों से 1000 रुपये से बढ़ाने तथा न्यूनतम वेतन में वृद्धि के लिए बजट में कोई व्यवस्था नहीं की गई, जो अत्यंत निराशाजनक है।

उन्होंने कहा कि यदि आठवां वेतन आयोग लागू किया जाना होता तो आयकर की सीमा बढ़ाने जैसे संकेत बजट में दिखाई देते, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे में दी जाने वाली रियायत, जिसे कोरोना काल में समाप्त कर दिया गया था, उसकी बहाली की मांग भी बजट में शामिल नहीं की गई।

श्री तिवारी ने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट कर्मचारी-शिक्षकों और पेंशनभोगियों की दृष्टि से अच्छा नहीं कहा जा सकता है।
माघी पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, रामनगरिया मेला के आज आखिरी दिन उमड़ी रही भीड़
फर्रुखाबाद lमाघी पूर्णिमा पर पांचाल घाट सहित सभी गंगा तटों पर आस्था का संगम उमड़ पड़ा। चारों तरफ श्रद्धालु हर-हर गंगे के जयकारों के साथ आस्था की डुबकी लगा रहे थे। स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से गंगा मैया का पूजन कर दान-दक्षिणा दी, माघी पूर्णिमा को देखते हुए देर रात से ही श्रद्धालुओं का पांचाल घाट पर पहुंचना शुरू हो गया कोई पैदल तो कोई टेंपो व अन्य वाहनों से पांचाल घाट जाता दिखाई दिया भोर से ही गंगा तटों पर श्रद्धालुओं का मेला उमड़ पड़ा घाटों पर पैर रखने तक की जगह नहीं दिखाई दे रही थी श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ गंगा में डुबकी लगाई भक्तों ने गंगा मैया को साड़ी की पहनावा भी चढ़ाई। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पांचाल घाट पुल पर जाम ना लगे उसके लिए प्रशासन की ओर से रूट का डायवर्सन भी किया गया था जिस किसी भी तरीके की व्यवस्था न हो, यातायात प्रभारी ने बताया बेरीकेटिंग कराकर भारी वाहनों को मेला में जाने से रोक दिया गया जिससे आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गईl दूर दराज से आए श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो जिससे किसी की तबीयत खराब होने पर तुरंत इलाज मिल सके।

पड़ोसी जिले से आए श्रद्धालुओं ने भी गंगा स्नान किया,
देर रात से ही पड़ोसी जनपद हरदोई, शाहजहांपुर, मैनपुरी, इटावा,कासगंज, बदायूं और एटा आदि जनपदों से श्रद्धालुओं का पांचाल घाट पर पहुंचना शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने परिवार समेत गंगा स्नान कर दान-पुण्य किया। स्नान करने के बाद कुष्ठ रोगियों को अनाज, फल व मिष्ठान आदि भी वितरित किया गया।
नकली असलहों से रील बनाने वाला गिरफ्तार,चार पुलिस के कब्जे में
*रौब जमाने के लिए किया,हथियार जब्त

गोंडा।जिले में नकली असलहों से सोशल मीडिया पर धमकी भरे गानों पर रील बनाना चार युवकों को महंगा पड़ गया।नवाबगंज थाने की पुलिस ने वीडियो वायरल होने के बाद तत्काल संज्ञान में लेते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है,साथ ही उनके कब्जे से नकली हथियार भी बरामद कर लिया है।यह घटना नवाबगंज थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव की है।शाहपुर गांव निवासी ताहिर ने अपने तीन अन्य साथियों बस्ती के अंश मिश्रा,मोहसिन और दिग्विजय पांडेय के साथ मिलकर एक बसपा नेता की गाड़ी के पास खड़े होकर फिल्मी गानों के पर नकली असलहों के साथ रील बनाई थी और उसके बाद इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था।पुलिस ने चारों आरोपियों के पास से दो नकली एयर गन और एक नकली प्लास्टिक का पिस्टल बरामद किया है।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने रौब जमाने और लोगों में दहशत फैलाने के लिए इस तरह की रील बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया था।बताया जा रहा है कि ये सभी आरोपी मनकापुर के बसपा नेता राजिक उस्मानी के यहां काम करते थे।उन्होंने उस्मानी के घर की एयर गन का इस्तेमाल कर यह वीडियो बनाया था।वीडियो में ना हम झगड़ा चाहित हय,जो जो हमसे ढेर बोलत हय सीधय बंदूक दागित हय,गाने का इस्तेमाल किया था।नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर शांति भंग की धाराओं के तहत कार्रवाई की गयी है।पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी हरकत करने पर उनके खिलाफ और कठोर कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि समाज में इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जायेंगे।
बजट 2026: रांची बनेगा देश का नया 'मेंटल हेल्थ हब'; बेंगलुरु के बाद अब यहाँ खुलेगा NIMHANS 2.0"

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संसद में पेश वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट में झारखंड की राजधानी रांची को मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है. केंद्र सरकार ने रांची के मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों के मॉडर्नाइजेशन और विस्तार की घोषणा की है. इसके तहत देश में दूसरा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान (NIMHANS 2.0) रांची में स्थापित किया जाएगा, साथ ही रांची और तेजपुर के संस्थानों को रीजनल एपेक्स संस्थान के रूप में डेवलप किया जाएगा.

उत्तर भारत में अब तक कोई राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान नहीं था, जिसे ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है. देश का पहला NIMHANS बेंगलुरु में स्थित है, जो मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी है.

रांची में पहले से ही दो प्रमुख संस्थान सक्रिय हैं. केंद्रीय शासन के अंतर्गत आने वाला सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकेट्री (सीआईपी) और राज्य सरकार के तहत रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो-साइकियाट्री एंड अलाइड साइंसेज (आरआईएनपीएएस). ये दोनों संस्थान सौ सालों से भी अधिक समय से मानसिक स्वास्थ्य की सेवा, रिसर्च और इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

CIP प्रशासन ने बजट में की गई घोषणाओं का स्वागत किया है. उन्होंने बताया कि लंबे समय से इसे NIMHANS जैसे स्तर पर एडवांस करने की मांग की जा रही थी. प्रस्ताव के अनुसार, CIP परिसर में 500 बेड का नया अस्पताल विकसित किया जाएगा, जिसमें न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी और बाल चिकित्सा विभाग सम्मिलित होंगे. यह परियोजना लगभग 220 एकड़ क्षेत्र में फैली होगी और आगामी वित्तीय साल में कार्य शुरू होने की संभावना है.

CIP की स्थापना 17 मई 1918 को ब्रिटिश शासन के दौरान रांची यूरोपीय पागलखाना के रूप में हुई थी. अब केंद्रीय बजट के जरिए रांची को मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक राष्ट्रीय और क्षेत्रीय केंद्र के रूप में सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जो इस क्षेत्र में नई उम्मीदों को जन्म देंगे

आयुष्मान कार्ड : अब प्रतिदिन सीएचओ बनाएंगे 25-25 कार्ड

*जनपद में 30489 कार्ड बनाने का है लक्ष्य,अब तक 15978 कार्ड 70 साल के बुजुर्ग का बना*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। अब जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) प्रतिदिन वरिष्ठ नागरिकों का 25-25 आयुष्मान कार्ड बनाएंगे। काम की प्रगति ठीक नहीं होने पर स्वास्थ्य विभाग ने नई पहल की है। इसमें लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी। जिले में 110 सीएचओ तैनात हैं। 70 साल से अधिक 30 हजार 489 वरिष्ठ नागरिकों (बुजुर्गों) की संख्या है। इसके सापेक्ष अब तक 15978 आयुष्मान कार्ड बने हैं। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निजी अस्पतालों में पांच लाख तक निशुल्क उपचार की सुविधा के लिए सरकार ने आयुष्मान कार्ड की सुविधा दी है। आठ महीने पहले 70 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों का आयुष्मान कार्ड बनाने का निर्देश शासन ने दिया है।

इसके लिए जिले को 30 हजार 489 का लक्ष्य मिला, लेकिन विभागीय उदासीनता से आंकड़ा 50 फीसदी तक ही पहुंच सका। पूर्व में मन मुताबिक ड्यूटी करने वाले सीएचओ पर विभाग की सख्ती बढ़ गई है। अभी तक इनके द्वारा आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए निरंतर ढिलाई बरती जा रही थी।

कभी एक कार्ड, तो कभी दो कार्ड बनाते थे। जो लाभार्थी केंद्र पर आ जाए, उन्हीं के कार्ड बनाने में रूचि रखी जाती थी। अब ऐसा नहीं होगा, रोजाना सीएचओ को 25-25 आयुष्मान कार्ड अनिवार्य रूप से बनाना होगा। यदि लाभार्थी को केंद्र तक लाने में आशाकर्मी उदासीनता बरतती हैं तो उनपर भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सीएचओ कितने कार्ड एक दिन में बना रहे हैं, रोजाना इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी। यह निर्देश बीते दिनों स्वास्थ्य समिति की बैठक में दी गई। जिले में करीब 30489 बुजुर्ग ऐसे हैं, जिनकी उम्र 70 साल से अधिक है। 15978 लोगों का कार्ड बना है। सीएमओ डॉ. एसके चक ने बताया कि कार्ड बनवाने में आधार लिंक की सबसे बड़ी दिक्कते सामने आ रही है। लाभार्थी के आधार कार्ड से दूसरा नंबर लिंक है। जो नंबर लाभार्थी लेकर आते हैं, उस पर ओटीपी आती नहीं है। बिना ओपीटी के कार्ड नहीं बनता है। इससे बड़ी दिक्कते होती है।

Budget 2026 का असर: बायबैक टैक्स के ऐलान से शेयर बाजार डगमगाया, जानिए सेंसेक्स-निफ्टी क्यों गिरे

केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होते ही शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बजट भाषण के दौरान जैसे ही वित्त मंत्री ने शेयर बायबैक टैक्स में बदलाव का ऐलान किया, निवेशकों में बेचैनी बढ़ गई। इसका सीधा असर बाजार पर पड़ा और सेंसेक्स कुछ ही समय में 2300 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया, जबकि निफ्टी भी फिसलकर 24,592.15 के स्तर तक पहुंच गया।

बायबैक टैक्स बना गिरावट की बड़ी वजह

सरकार ने बजट में शेयर बायबैक से जुड़े टैक्स नियमों में अहम बदलावों की घोषणा की। नए प्रस्ताव के अनुसार अब बायबैक से मिलने वाले लाभ को पूंजीगत लाभ के तौर पर टैक्स के दायरे में लाया जाएगा। कॉरपोरेट प्रवर्तकों पर 22 प्रतिशत और गैर-कॉरपोरेट प्रवर्तकों पर 30 प्रतिशत टैक्स लगाने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम टैक्स दुरुपयोग को रोकने और छोटे निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है।

हालांकि बाजार ने इस घोषणा को तुरंत नकारात्मक रूप में लिया। निवेशकों को आशंका है कि बढ़ा हुआ टैक्स कंपनियों की कैश डिस्ट्रीब्यूशन रणनीति को प्रभावित करेगा।

क्यों घबराए निवेशक?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अब तक कई कंपनियां डिविडेंड की जगह बायबैक को प्राथमिकता देती थीं क्योंकि यह टैक्स के लिहाज से ज्यादा फायदेमंद माना जाता था। लेकिन नए टैक्स स्ट्रक्चर के बाद बायबैक का आकर्षण कम हो सकता है। इसी डर के चलते बजट के दौरान निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया।

डेरिवेटिव ट्रेडर्स को भी झटका

बजट में वायदा सौदों (Futures) पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का एलान भी बाजार की गिरावट की एक अहम वजह बना। इससे डेरिवेटिव ट्रेडिंग की लागत बढ़ने की संभावना है, जिसका असर शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग वॉल्यूम पर पड़ सकता है।

गिरावट के बाद दिखी रिकवरी

हालांकि शुरुआती झटके के बाद बाजार में कुछ हद तक संभलाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 82,525.74 अंक तक रिकवर हुआ, जबकि निफ्टी भी 25,377.25 के स्तर पर लौट आया। इससे संकेत मिलता है कि दीर्घकालिक निवेशक फिलहाल बाजार को लेकर पूरी तरह निराश नहीं हैं और चुनिंदा शेयरों में खरीदारी जारी है।

रविवार को खुला बाजार बना चर्चा का विषय

इस बजट की एक खास बात यह भी रही कि रविवार के दिन एनएसई और बीएसई खुले रहे। बजट की अहमियत को देखते हुए विशेष लाइव ट्रेडिंग सत्र का आयोजन किया गया, ताकि नीतिगत घोषणाओं पर बाजार की तत्काल प्रतिक्रिया सामने आ सके। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बाजार बंद रहता, तो सोमवार को और ज्यादा अस्थिरता देखने को मिल सकती थी।

आगे क्या?

विशेषज्ञों के अनुसार, अल्पकाल में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन बजट के विकासोन्मुखी प्रावधान लंबी अवधि में सकारात्मक असर डाल सकते हैं। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी से बचें और सेक्टर-आधारित रणनीति के साथ निवेश करें।
एक वाट्सऐप ग्रुप, एक ट्रेडिंग ऐप और 2.07 करोड़ रुपये की ठगी; झारखंड के युवक को ठगों ने कैसे फंसाया?

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ऑनलाइन निवेश और ट्रेडिंग ऐप्स का इस्तेमाल करने वाले लोग सतर्क हो जाएं. ज्यादा मुनाफे का लालच दिखाकर साइबर अपराधी लोगों की जीवनभर की कमाई चंद मिनटों में साफ कर रहे हैं. झारखंड के लातेहार से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है. यहां फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया.

जानकारी के अनुसार, झारखंड के लातेहार जिले के एक कारोबारी को शातिर साइबर अपराधियों ने निशाना बनाया. ठगों ने पहले पीड़ित को DIGITAL ASSETS नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा, जहां निवेश और ट्रेडिंग से जुड़े आकर्षक ऑफर और भारी मुनाफे के दावे दिखाए जा रहे थे. ग्रुप में नकली ट्रेडिंग डेटा और फर्जी लाभ दिखाकर पीड़ित का विश्वास जीता गया. इसके बाद उसे GLOBIXVAULT नामक एक कथित निवेश और ट्रेडिंग ऐप से जोड़ा गया, जो असल में फर्जी प्लेटफॉर्म निकला.

2.07 करोड़ रुपये की ठगी

अपराधियों ने वित्तीय संस्थान के नाम का सहारा लेकर खुद को भरोसेमंद साबित किया और अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए. जब तक पीड़ित को धोखाधड़ी का एहसास हुआ, तब तक वह लगभग 2.07 करोड़ रुपये गंवा चुका था. पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाते हुए झारखंड अपराध अनुसंधान विभाग (CID) के अंतर्गत साइबर क्राइम थाना, रांची में शिकायत दर्ज कराई.

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

इस मामले में 16 दिसंबर 2025 को कांड संख्या 160/25 दर्ज किया गया, जिसके बाद CID की टीम ने जांच शुरू की. तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल ट्रेल के आधार पर जांच आगे बढ़ी और आखिरकार पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के घोला थाना क्षेत्र निवासी अभिषेक बेरा नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, तीन सिम कार्ड और पांच डेबिट कार्ड सहित कई संदिग्ध सामग्री बरामद की गई. जांच एजेंसियां अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं.

CID झारखंड ने आम लोगों को ऐसे साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सावधान रहने की सलाह दी है. व्हाट्सएप, टेलीग्राम या गूगल विज्ञापनों के जरिए मिलने वाले निवेश ऑफर के लिंक पर क्लिक करने से बचें. किसी अनजान बैंक खाते या UPI आईडी में निवेश के नाम पर पैसा जमा न करें. निवेश हमेशा सरकार द्वारा अधिकृत और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही करें तथा पूरी जानकारी हासिल करने के बाद ही कदम उठाएं. यदि कोई व्यक्ति ठगी का शिकार हो जाता है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर नजदीकी थाना या साइबर सेल को सूचित करें.

किशोरी की उपचार के दौरान मौत
मेरठ (बहसूमा): उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद अंतर्गत बहसूमा क्षेत्र में दरिंदगी का शिकार हुई किशोरी की उपचार के दौरान मौत हो गई। शुक्रवार शाम पीड़िता के दम तोड़ने के बाद क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है और बाहरी व्यक्तियों समेत मीडिया के प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी गई है।
वेंटिलेटर पर तीन दिन तक चला संघर्ष
जानकारी के अनुसार, पीड़िता पिछले तीन दिनों से अस्पताल में वेंटिलेटर पर थी और जीवन-मौत के बीच जूझ रही थी। शुक्रवार शाम उसकी मृत्यु की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। जैसे ही शव गांव पहुँचा, परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। करीब 40 मिनट तक चले भारी हंगामे के बाद, पुलिस अधिकारियों की सूझबूझ और काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
गांव की घेराबंदी और राजनीतिक नेताओं की नजरबंदी
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने गांव की ओर जाने वाले सभी मुख्य मार्गों पर नाकेबंदी कर दी है। इस दौरान कई राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया:
विजयपाल कश्यप (जिला अध्यक्ष, सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ) को सुबह उनके आवास से ही गिरफ्तार/नजरबंद कर लिया गया।
देवेंद्र कश्यप (राष्ट्रीय अध्यक्ष, सामाजिक न्याय पार्टी) को उनके समर्थकों के साथ रामराज थाने में रोक लिया गया।
स्थानीय नेताओं का विरोध: हरिओम कश्यप, जगरोशन कश्यप और महेश कश्यप बनारसी दास कश्यप सहित समाज के अन्य लोगों ने पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है।
प्रशासनिक रुख
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। सुरक्षा की दृष्टि से पीएसी और भारी पुलिस बल तैनात है।