छत्तीसगढ़: पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने, PWD के प्रमुख अभियंता पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप; PM मोदी को लिखा पत्र

रायपुर- छत्तीसगढ़ की राजनीति में अपनी बेबाक शैली के लिए प्रख्यात वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रमुख अभियंता (ई-इन-सी) विजय कुमार भतपहरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कंवर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की है।

भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति का आरोप

​ननकीराम कंवर ने अपने विस्तृत पत्र में आरोप लगाया है कि विजय कुमार भतपहरी ने विभाग में विभिन्न पदों पर रहते हुए नियमों को ताक पर रखकर चहेते ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया। उन्होंने प्रमुख अभियंता पर कमीशनखोरी और अपने रिश्तेदारों व बेनामी नामों पर करोड़ों की अवैध चल-अचल संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

पुराने मामलों में राजनीतिक संरक्षण का दावा

​पत्र में इस बात का भी उल्लेख है कि भतपहरी के खिलाफ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में वर्ष 2011 और 2015 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले दर्ज हुए थे। कंवर का दावा है कि राजनीतिक पहुंच के चलते इन मामलों में आज तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई और फाइलें ठंडे बस्ते में पड़ी रहीं।​

जांच के घेरे में मुख्य शिकायतें:

​पत्र में भ्रष्टाचार के कुछ विशिष्ट उदाहरण भी दिए गए हैं:

मानपुर-संबलपुर मार्ग: राजनांदगांव संभाग में 6.95 करोड़ रुपये की स्वीकृति के विरुद्ध लगभग 10 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) की जांच में भी वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने की बात कही गई है।

बिलासपुर मंडल: यहाँ एक निरस्त अनुबंध को पुनर्जीवित कर बिना किसी दंड के समयवृद्धि और 'एस्केलेशन' स्वीकृत कर ठेकेदार को लाखों का फायदा पहुंचाने का आरोप है, जिससे सरकारी खजाने को भारी क्षति हुई है।

पदोन्नति में अपारदर्शिता: आरोप है कि पदोन्नति के समय आयोग के सामने लंबित शिकायतों की पूरी जानकारी नहीं रखी गई, जिससे विभाग के अन्य ईमानदार अधिकारियों में असंतोष व्याप्त है।

 
​"यदि इतने गंभीर प्रकरणों के बाद भी अधिकारी उच्च पदों पर बैठे रहेंगे, तो यह प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। संबंधित अधिकारी को पद से हटाकर निष्पक्ष केंद्रीय जांच होनी चाहिए।"
ननकीराम कंवर, पूर्व गृहमंत्री

 

प्रशासनिक साख पर सवाल

​लोक निर्माण विभाग सरकार की बुनियादी संरचना और विकास का चेहरा होता है। ऐसे में प्रमुख अभियंता जैसे सर्वोच्च पद पर आसीन अधिकारी पर लगे ये आरोप मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं। विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार इन आरोपों पर क्या रुख अपनाती है और क्या वास्तव में इस मामले की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जाएगी।

देखें पत्र की कॉपी-

सरल एवं सादगी के प्रतिमूर्ति थे स्व. चौधरी अजीत सिंह : मिर्जा जावेद सुल्तान
जौनपुर। किसान मसीहा स्व. चौधरी अजीत सिंह का जन्मदिन मनाया गया। रालोद अर्बन कमेटी के सदस्य मिर्जा जावेद सुल्तान के कटघरा स्थित आवास पर किसान संगोष्ठी के आयोजन उपरांत मिर्जा जावेद सुल्तान के नेतृत्व में रालोद नेताओं के द्वारा सदर अस्पताल में मरीजों को फल वितरण किया गया। किसान संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मिर्जा जावेद सुल्तान ने कहा कि स्व. चौधरी अजीत सिंह सरल एवं सादगी के प्रतिमूर्ति थे। स्व. चौधरी ने औद्योगिक सुधारों का ड्राफ्ट तैयार किया, लाइसेंस राज को समाप्त किया। भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया। उन्होंने सदैव किसानों के अधिकार की आवाज को बुलन्द की और बिना थके, बिना झुके समाज के हित में कार्य करते रहे। उनका जीवन हमें संघर्ष, समर्पण और सेवा की प्रेरणा देता है। आज उनके जन्मदिन पर हम सभी संकल्प लेते हैं कि उनके आदर्शों पर चलकर समाज और देश की सेवा करेंगे। इस अवसर पर अशोक यादव प्रदेश सचिव, उपाध्यक्ष राम बदन सरोज, वरिष्ठ नेता सत्य नारायण यादव, जिला प्रवक्ता दयाशंकर यादव, हैदर मेहदी, साहिल आब्दी, मोहम्मद जलालुद्दीन, खिलाड़ी प्रसाद, रमी मिर्जा आदि लोग उपस्थित रहे।
झारखंड में कैंसर के इलाज के लिए बड़ी पहल: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिले डॉ. कलाम के सहयोगी और वरिष्ठ वैज्ञानिक

झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में वरिष्ठ वैज्ञानिक और 'पनाशिया लिमिटेड, बेंगलुरु' के प्रबंध निदेशक श्री जी.वी.के. सुब्रमण्यम ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने स्वदेशी तकनीक से निर्मित अपनी 'अत्याधुनिक कैंसर उपचार मशीन' के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

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डॉ. कलाम के सहयोगी रहे हैं श्री सुब्रमण्यम: बता दें कि श्री सुब्रमण्यम भारत के पूर्व राष्ट्रपति दिवंगत एपीजे अब्दुल कलाम के सहयोगी रह चुके हैं और उनके साथ कई बड़े शोध कार्यों का हिस्सा रहे हैं। उनके द्वारा बनाई गई कैंसर मशीन का उपयोग आज देश के साथ-साथ विदेशों के बड़े अस्पतालों में भी हो रहा है।

कैंसर मरीजों के लिए वरदान: मशीन की तकनीक को समझने के बाद मुख्यमंत्री ने इसे कैंसर रोगियों के लिए वरदान बताया। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी असाध्य बीमारी की बढ़ती संख्या चिंताजनक है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि झारखंड के कैंसर मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों या बड़े निजी अस्पतालों का रुख न करना पड़े, बल्कि उन्हें अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलें।

सरकार उठाएगी ठोस कदम: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की अत्याधुनिक तकनीकों को झारखंड के अस्पतालों में लाने के लिए सरकार हर आवश्यक कदम उठाने को तैयार है।

दून अस्पताल में मरीजों को बड़ी राहत: हर फ्लोर पर रजिस्ट्रेशन काउंटर शुरू, लंबी कतारों से मिलेगी निजात

देहरादून। उत्तराखंड के सबसे बड़े सरकारी दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई है। अब ओपीडी में पर्चा बनवाने के लिए मरीजों को लंबी कतारों में इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अस्पताल प्रशासन ने प्रत्येक फ्लोर पर नए रजिस्ट्रेशन काउंटर शुरू कर दिए हैं, जिससे पंजीकरण प्रक्रिया पहले से अधिक सरल और तेज हो गई है।
अब तक ओपीडी का रजिस्ट्रेशन केवल ग्राउंड फ्लोर पर होता था, जहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीजों की भीड़ लगती थी। लंबी लाइनों के कारण मरीजों और तीमारदारों को काफी समय तक इंतजार करना पड़ता था। 11 फरवरी से रजिस्ट्रेशन काउंटरों की संख्या बढ़ाते हुए अलग-अलग तल पर काउंटर संचालित किए जा रहे हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद मरीजों को काफी राहत मिली है।
अस्पताल प्रशासन ने आयुष्मान योजना के तहत भी सुविधाओं का विस्तार किया है। सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयुष्मान काउंटर संचालित किए जा रहे हैं। गेट नंबर 2 और गेट नंबर 5 के अलावा अब मुख्य रजिस्ट्रेशन काउंटर के पास भी नया आयुष्मान काउंटर खोला गया है। इससे मरीजों को भर्ती प्रक्रिया के लिए इमरजेंसी विभाग या दूर स्थित काउंटरों तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
पहले इमरजेंसी और ओपीडी भवन अलग-अलग होने के कारण मरीजों को काफी असुविधा होती थी, जिससे आपातकालीन विभाग पर अनावश्यक दबाव बढ़ जाता था। अब ओपीडी से ही भर्ती की सुविधा उपलब्ध होने से यह समस्या काफी हद तक कम हो गई है।
दून अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. एन. एस. बिष्ट ने बताया कि जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान सामने आई समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य के निर्देश पर त्वरित समाधान किया गया है। नई व्यवस्था से मरीजों के समय की बचत होगी और उन्हें समय पर उपचार मिल सकेगा।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और मरीजों के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नई व्यवस्था से गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में और अधिक तेजी से उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
दिवंगत शिक्षक के परिजनों को TSCT देगा 50 लाख का आर्थिक सहयोग

गोण्डा। टीचर्स सेल्फ केयर टीम संस्थापक प्रदेश अध्यक्ष विवेकानंद के निर्देश के क्रम में जिला संयोजक रणजीत सिंह के नेतृत्व में गत वर्ष 25 फरवरी 2025 को दुर्घटना के कारण दिवंगत हुए ब्लॉक मनकापुर के कम्पोजिट विद्यालय जोगापुर में कार्यरत शिक्षक स्वर्गीय सत्यदेव वर्मा के निवास स्थल ग्राम व पोस्ट तुर्काडीहा में TSCT एवं NSCT के जिला एवं ब्लॉक कार्यकारिणी द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया और आर्थिक सहयोग हेतु महत्त्वपूर्ण पत्रावली का अवलोकन किया गया।

दिवंगत शिक्षक की पत्नी मंजू वर्मा की TSCT के संस्थापक/प्रदेश अध्यक्ष से फोन पर वार्ता कराई गई, उनके द्वारा परिवार को सांत्वना दी गई और TSCT सहयोग प्रक्रिया के बारे में बताया गया। नामिनी मंजू वर्मा की किरन और रोशनी दो बेटियां तथा अभिषेक एवं प्रभात दो बेटे हैं, जो अपने पिता जी के दिवंगत होने से असहाय महसूस कर रहे हैं।
आपको बता दें टीचर सेल्फ केयर टीम से अब तक लगभग 4 लाख सदस्य जुड़ चुके हैं जिनके द्वारा अब तक 476 दिवंगत शिक्षकों के परिवारों को लगभग ₹207 करोड़, 46 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।

आगामी 15 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक गोंडा के दिवंगत शिक्षक साथी स्व० सत्यदेव वर्मा का सहयोग होना सुनिश्चित हुआ है इसके पूर्व जनपद गोंडा से सात दिवंगत शिक्षकों का सहयोग हो चुका है और यह आठवाँ सहयोग गतिमान होना है। स्थलीय निरीक्षण में जिलाध्यक्ष एवं संयोजक रणजीत सिंह, NSCT जिलाध्यक्ष डॉ अजय पाठक, NSCT जिला सचिव डॉ विष्णु शंकर तिवारी, TSCT जिला सहसंयोजक जगदम्बा प्रसाद चौरसिया, जिला सहसंयोजक अरविंद मौर्य, जिला सहसंयोजक रमापति पांडेय, जिला IT SELL प्रभारी अनिल कुमार चौरसिया,ब्लाक अध्यक्ष रविन्द्र कुमार वर्मा, सहसंयोजक दिनेश कुमार, हरीश चन्द्र वर्मा, राकेश यादव, सूर्य भान राम, रजनीश सिंह, शुभम वर्मा, ITCELL प्रभारी जितेश नन्द यादव,  व सक्रिय सदस्य नवनीत शुक्ला, अब्दुल रब, ब्लॉक वजीरगंज सहसंयोजक अशोक कुमार मौर्य, ब्लॉक परसपुर संरक्षक अरविंद कुमार सिंह आदि शिक्षक साथी  मौजूद रहे।
आजमगढ़:-रिसेंट इंटर कॉलेज के वार्षिकोत्सव में बच्चों ने प्रस्तुत किए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम

वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। फूलपुर तहसील के माहुल कोर्राघाटमपुर स्थित रिसेंट इंटर कॉलेज का वार्षिकोत्सव समारोह बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।   पुलिस चौकी प्रभारी यश सिंह पटेल ,ब्लाक प्रमुख शकील अहमद और प्रबन्धक असफाक अहमद  ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत किया ।  बच्चों ने  वार्षिकोत्सव का शुभारंभ स्वागत गीत और राष्ट्रीय गीत के साथ किया । इसके पश्चात विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, समूह नृत्य, नाटक तथा मोबाइल और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता पर आधारित प्रस्तुति देकर दर्शकों को जागरूक किया। बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।  इस अवसर पर प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में आए अतिथियों का स्वागत विद्यालय के प्रबंधक अशफाक अहमद एवं सैफुल्लाह द्वारा किया गया। समारोह में मुख्य रूप से कांग्रेस नेता आद्या प्रसाद सिंह, ब्लॉक प्रमुख शकील अहमद, संतोष सिंह बबलू, लाल मुहम्मद, मिथिलेश पाण्डेय ‘गुड्डू’, राम फेर यादव तथा बिजय प्रकाश यादव आदि लोग रहे ।  कार्यक्रम की अध्यक्षता राहुल सिंह ‘राही’  जबकि संचालन राहुल सिंह यादव, हाफिज आदिल एवं प्रधानाचार्या मरियम ने संयुक्त रूप से किया। समारोह के सफल आयोजन पर अभिभावकों एवं क्षेत्रवासियों ने विद्यालय परिवार की सराहना की। सभी का आभार प्रबन्धक असफाक अहमद ने किया ।
राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता होगी खत्म? निशिकांत दुबे ने निलंबित करने का दिया नोटिस

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बुधवार को लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के भाषण ने सियासत को और गर्मा दिया। उन्होंने राजनीति को मार्शल आर्ट से जोड़ते हुए कहा कि जैसे खेल में 'ग्रिप' और 'चोक' होती है, वैसे ही राजनीति में भी कई अदृश्य तकनीकें काम करती हैं- बस वे दिखाई नहीं देतीं। अब अब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ एक प्रस्‍ताव लाने का नोटिस दिया है।

आजीवन चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार 12 फरवरी को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ‘सब्सटेंटिव मोशन’ लाने का नोटिस दिया और उनकी संसद सदस्यता रद्द करने के साथ ही आजीवन चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग की है।

नोटिस में सोरोस फाउंडेशन जिक्र

संसद परिसर में भाजपा सांसद ने कहा कि उन्होंने अपने नोटिस में राहुल गांधी के विदेशी दौरों और कथित रूप से सोरोस फाउंडेशन, यूएसएआईडी और फोर्ड फाउंडेशन जैसी संस्थाओं से जुड़े लोगों के साथ संपर्क का उल्लेख किया है। दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी थाईलैंड, वियतनाम और कंबोडिया जैसे देशों की यात्राओं के दौरान ‘भारत विरोधी तत्वों’ के साथ मिलीभगत करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई विशेषाधिकार प्रस्ताव नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर प्रस्ताव यानी सब्सटेंटिव मोशन है, जिसका उद्देश्य सदन के समक्ष निर्णय या राय व्यक्त करना होता ।

पहले जा चुकी है राहुल गांधी की सदस्यता

साल 2023 में राहुल गांधी के 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के कोलार में दिए गए भाषण को लेकर सूरत की एक अदालत ने राहुल गांधी को दो साल की सज़ा सुनाई। इसके तुरंत बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद कर दी गई थी। हालांकि बाद राहुल गांधी की सदस्यता बहाल हो गई थी।

क्या राहुल गांधी का बयान

बुधवार को लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में सरकार ने देश के हितों से समझौता किया है। उन्होंने कहा कि सरकार खुद मानती है कि दुनिया इस समय अस्थिर दौर से गुजर रही है, जहां ऊर्जा और वित्त को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बावजूद, उनके मुताबिक, भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े अहम फैसलों में अमेरिका को ज्यादा प्रभाव दिया है। उन्होंने मार्शल आर्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले पकड़ बनाई जाती है, फिर गला दबाया जाता है और अंत में सामने वाला हार मान लेता है।

कानपुर लैंबॉर्गिनी कांड: 10 करोड़ की सुपरकार बनी हादसे की वजह, आरोपी शिवम मिश्रा गिरफ्तार

कानपुर। वीआईपी रोड पर हुए हाई-प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी हादसे के मामले में पुलिस ने आरोपी तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि 35 वर्षीय शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है।
यह हादसा रविवार दोपहर करीब तीन बजे ग्वालटोली क्षेत्र में हुआ था। बताया गया कि करीब 10 करोड़ रुपये कीमत की लैंबॉर्गिनी रेवुएल्टो कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ऑटो और बुलेट मोटरसाइकिल से टकरा गई। इसके बाद कार फुटपाथ पर चढ़ गई, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में ई-रिक्शा चालक मोहम्मद तौफीक, विशाल त्रिपाठी और सोनू त्रिपाठी समेत चार लोग घायल हुए।
घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए और कार को घेर लिया। इसी दौरान कार के साथ चल रहे सुरक्षाकर्मियों ने चालक को बाहर निकालने की कोशिश की। लोगों के विरोध के बीच कार का शीशा तोड़कर चालक को बाहर निकाला गया और निजी अस्पताल ले जाया गया। बताया गया कि चालक को दौरा आने के कारण वाहन अनियंत्रित हुआ, हालांकि पुलिस इस दावे की जांच कर रही है।
इस मामले में घायल ई-रिक्शा चालक मोहम्मद तौफीक की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है। वहीं, बुधवार को मामले में नया मोड़ तब आया जब मोहन नाम के एक व्यक्ति ने खुद को कार का चालक बताया, लेकिन पुलिस ने जांच के आधार पर इस दावे को खारिज कर दिया।
डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पांच टीमों का गठन कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। जांच में स्पष्ट हुआ है कि हादसे के समय कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
आज भारत बंद: जानें, किसान संगठनों और ट्रेड यूनियनों ने क्यों बुलाई हड़ताल

#bharatbandhtoday

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संयुक्त किसान मोर्चा समेत देश की 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते, केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और नए श्रम कानूनों के विरोध में 12 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया है।

10 सेंट्रल ट्रेड यूनियनों ने बुलाई हड़ताल

यह हड़ताल 10 सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के जॉइंट प्लेटफॉर्म ने बुलाई है, जिसमें AITUC, INTUC, CITU, HMS, TUCC, SEWA, AIUTUC, AICCTU शामिल हैं। हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम), कृषि श्रमिक संघों, छात्रों, युवा संघों और अन्य संगठनों का समर्थन प्राप्त है। किसान समूहों ने एमजीएनआरईजीए को बहाल करने और कृषि को प्रभावित करने वाली नीतियों का विरोध करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

हड़ताल में बैंकिंग यूनियनें भी शामिल

इस हड़ताल में बैंकिंग यूनियनें भी शामिल हैं। इस प्रकार, हड़ताल के बीच, बैंकिंग कार्यों पर अनिश्चितता छाई हुई है, और शहरों भर के ग्राहक इस बात को लेकर अनिश्चित हैं कि शाखाएं सामान्य रूप से काम करेंगी या उन्हें व्यवधानों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि कई बैंक यूनियन हड़ताल के आह्वान का समर्थन कर रहे हैं।

भारत बंद क्यों बुलाया गया?

भारत बंद उन नीतियों के विरोध में बुलाया गया है जिन्हें श्रमिक संघ "श्रमिक विरोधी, किसान विरोधी और निगम समर्थक" नीतियां बताते हैं। इनमें चार श्रम संहिताएं, बिजली विधेयक 2025, बीज विधेयक 2025, वीबी-जी रैम जी अधिनियम 2025 और हालिया मुक्त व्यापार समझौते जैसे विशिष्ट मुद्दे शामिल हैं।

किन सेवाओं पर पड़ेगा असर?

1. परिवहन सेवाएं

कई राज्यों में बस, ऑटो और लॉरी ड्राइवर्स यूनियनों के समर्थन के कारण सार्वजनिक व निजी परिवहन प्रभावित हो सकता है। बड़े शहरों में यातायात व्यवस्था में बाधा आने की संभावना है।

2. बैंकिंग सेवाएं

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में काउंटर सेवाएं धीमी रह सकती हैं। चेक क्लीयरेंस में देरी की आशंका बनी हुई है। हालांकि, बैंक बंद नहीं होंगे और ऑनलाइन लेन-देन व एटीएम सेवाएं सामान्य रहेंगी।

3. बाजार और व्यापार

कई व्यापारिक संगठनों और मंडियों ने हड़ताल को नैतिक समर्थन दिया है, जिससे बड़े शहरों में थोक और खुदरा बाजार आंशिक या पूर्ण रूप से बंद रह सकते हैं।

4. सरकारी कार्यालय

ट्रेड यूनियनों के अधिक प्रभाव वाले विभागों में कर्मचारियों की उपस्थिति कम रहने की संभावना, जिससे सरकारी कामकाज धीमा हो सकता है।

5. स्कूल और कॉलेज

सुरक्षा और परिवहन समस्याओं को देखते हुए, कुछ राज्यों में जिला प्रशासन स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी घोषित कर सकता है।

जो सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी

• एंबुलेंस, अस्पताल और अन्य आपातकालीन सेवाएं

• दमकल विभाग

• हवाई यात्रा और एयरपोर्ट संचालन

• डिजिटल बैंकिंग और एटीएम

रेलवे अफसर की सड़क हादसे में मौत,मंडल वाणिज्य अधीक्षक को ट्रैक्टर ट्रॉली ने मारी टक्कर
*स्टेशन से लौट रहे थे रेलवे अफसर

गोंडा।जिले में एक सड़क हादसे में रेलवे के मंडल वाणिज्य अधीक्षक अरविंद कुमार की मृत्यु हो गई है।यह दुर्घटना मोतीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत गोंडा मनकापुर मार्ग पर स्थित बजाज हिंदुस्तान शुगर लिमिटेड मिल के पास देर शाम हुआ है।उनकी स्कूटी को एक ट्रैक्टर ट्रॉली ने टक्कर मार दी थी,इसके बाद वह ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आ गए।सूचना मिलने पर मोतीगंज पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कराया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार,अरविंद कुमार सुबह रेलवे के काम से मनकापुर रेलवे स्टेशन गए थे।काम समाप्त कर वह देर शाम वापस लौटते समय उनकी स्कूटी बजाज हिंदुस्तान शुगर लिमिटेड मिल के पास ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आ गई,जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे।मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया,जहाँ से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें रिफर कर दिया गया जिसके बाद उन्हें रेलवे चिकित्सालय लाया गया जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।मृतक अरविंद कुमार गोंडा रेलवे स्टेशन पर मंडल वाणिज्य अधीक्षक के पद पर तैनात थे और वह मूल रूप से बिहार के गया जिले के निवासी थे।उनके परिवार में पत्नी और दो पुत्रियां हैं।मोतीगंज थानाध्यक्ष अरविंद यादव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है।परिजनों द्वारा तहरीर दिए जाने के बाद मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।पुलिस के अनुसार, परिजनों ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दिया है।
छत्तीसगढ़: पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने, PWD के प्रमुख अभियंता पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप; PM मोदी को लिखा पत्र

रायपुर- छत्तीसगढ़ की राजनीति में अपनी बेबाक शैली के लिए प्रख्यात वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रमुख अभियंता (ई-इन-सी) विजय कुमार भतपहरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कंवर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की है।

भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति का आरोप

​ननकीराम कंवर ने अपने विस्तृत पत्र में आरोप लगाया है कि विजय कुमार भतपहरी ने विभाग में विभिन्न पदों पर रहते हुए नियमों को ताक पर रखकर चहेते ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया। उन्होंने प्रमुख अभियंता पर कमीशनखोरी और अपने रिश्तेदारों व बेनामी नामों पर करोड़ों की अवैध चल-अचल संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

पुराने मामलों में राजनीतिक संरक्षण का दावा

​पत्र में इस बात का भी उल्लेख है कि भतपहरी के खिलाफ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में वर्ष 2011 और 2015 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले दर्ज हुए थे। कंवर का दावा है कि राजनीतिक पहुंच के चलते इन मामलों में आज तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई और फाइलें ठंडे बस्ते में पड़ी रहीं।​

जांच के घेरे में मुख्य शिकायतें:

​पत्र में भ्रष्टाचार के कुछ विशिष्ट उदाहरण भी दिए गए हैं:

मानपुर-संबलपुर मार्ग: राजनांदगांव संभाग में 6.95 करोड़ रुपये की स्वीकृति के विरुद्ध लगभग 10 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) की जांच में भी वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने की बात कही गई है।

बिलासपुर मंडल: यहाँ एक निरस्त अनुबंध को पुनर्जीवित कर बिना किसी दंड के समयवृद्धि और 'एस्केलेशन' स्वीकृत कर ठेकेदार को लाखों का फायदा पहुंचाने का आरोप है, जिससे सरकारी खजाने को भारी क्षति हुई है।

पदोन्नति में अपारदर्शिता: आरोप है कि पदोन्नति के समय आयोग के सामने लंबित शिकायतों की पूरी जानकारी नहीं रखी गई, जिससे विभाग के अन्य ईमानदार अधिकारियों में असंतोष व्याप्त है।

 
​"यदि इतने गंभीर प्रकरणों के बाद भी अधिकारी उच्च पदों पर बैठे रहेंगे, तो यह प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। संबंधित अधिकारी को पद से हटाकर निष्पक्ष केंद्रीय जांच होनी चाहिए।"
ननकीराम कंवर, पूर्व गृहमंत्री

 

प्रशासनिक साख पर सवाल

​लोक निर्माण विभाग सरकार की बुनियादी संरचना और विकास का चेहरा होता है। ऐसे में प्रमुख अभियंता जैसे सर्वोच्च पद पर आसीन अधिकारी पर लगे ये आरोप मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं। विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार इन आरोपों पर क्या रुख अपनाती है और क्या वास्तव में इस मामले की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जाएगी।

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सरल एवं सादगी के प्रतिमूर्ति थे स्व. चौधरी अजीत सिंह : मिर्जा जावेद सुल्तान
जौनपुर। किसान मसीहा स्व. चौधरी अजीत सिंह का जन्मदिन मनाया गया। रालोद अर्बन कमेटी के सदस्य मिर्जा जावेद सुल्तान के कटघरा स्थित आवास पर किसान संगोष्ठी के आयोजन उपरांत मिर्जा जावेद सुल्तान के नेतृत्व में रालोद नेताओं के द्वारा सदर अस्पताल में मरीजों को फल वितरण किया गया। किसान संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मिर्जा जावेद सुल्तान ने कहा कि स्व. चौधरी अजीत सिंह सरल एवं सादगी के प्रतिमूर्ति थे। स्व. चौधरी ने औद्योगिक सुधारों का ड्राफ्ट तैयार किया, लाइसेंस राज को समाप्त किया। भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया। उन्होंने सदैव किसानों के अधिकार की आवाज को बुलन्द की और बिना थके, बिना झुके समाज के हित में कार्य करते रहे। उनका जीवन हमें संघर्ष, समर्पण और सेवा की प्रेरणा देता है। आज उनके जन्मदिन पर हम सभी संकल्प लेते हैं कि उनके आदर्शों पर चलकर समाज और देश की सेवा करेंगे। इस अवसर पर अशोक यादव प्रदेश सचिव, उपाध्यक्ष राम बदन सरोज, वरिष्ठ नेता सत्य नारायण यादव, जिला प्रवक्ता दयाशंकर यादव, हैदर मेहदी, साहिल आब्दी, मोहम्मद जलालुद्दीन, खिलाड़ी प्रसाद, रमी मिर्जा आदि लोग उपस्थित रहे।
झारखंड में कैंसर के इलाज के लिए बड़ी पहल: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिले डॉ. कलाम के सहयोगी और वरिष्ठ वैज्ञानिक

झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में वरिष्ठ वैज्ञानिक और 'पनाशिया लिमिटेड, बेंगलुरु' के प्रबंध निदेशक श्री जी.वी.के. सुब्रमण्यम ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने स्वदेशी तकनीक से निर्मित अपनी 'अत्याधुनिक कैंसर उपचार मशीन' के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

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डॉ. कलाम के सहयोगी रहे हैं श्री सुब्रमण्यम: बता दें कि श्री सुब्रमण्यम भारत के पूर्व राष्ट्रपति दिवंगत एपीजे अब्दुल कलाम के सहयोगी रह चुके हैं और उनके साथ कई बड़े शोध कार्यों का हिस्सा रहे हैं। उनके द्वारा बनाई गई कैंसर मशीन का उपयोग आज देश के साथ-साथ विदेशों के बड़े अस्पतालों में भी हो रहा है।

कैंसर मरीजों के लिए वरदान: मशीन की तकनीक को समझने के बाद मुख्यमंत्री ने इसे कैंसर रोगियों के लिए वरदान बताया। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी असाध्य बीमारी की बढ़ती संख्या चिंताजनक है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि झारखंड के कैंसर मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों या बड़े निजी अस्पतालों का रुख न करना पड़े, बल्कि उन्हें अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलें।

सरकार उठाएगी ठोस कदम: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की अत्याधुनिक तकनीकों को झारखंड के अस्पतालों में लाने के लिए सरकार हर आवश्यक कदम उठाने को तैयार है।

दून अस्पताल में मरीजों को बड़ी राहत: हर फ्लोर पर रजिस्ट्रेशन काउंटर शुरू, लंबी कतारों से मिलेगी निजात

देहरादून। उत्तराखंड के सबसे बड़े सरकारी दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई है। अब ओपीडी में पर्चा बनवाने के लिए मरीजों को लंबी कतारों में इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अस्पताल प्रशासन ने प्रत्येक फ्लोर पर नए रजिस्ट्रेशन काउंटर शुरू कर दिए हैं, जिससे पंजीकरण प्रक्रिया पहले से अधिक सरल और तेज हो गई है।
अब तक ओपीडी का रजिस्ट्रेशन केवल ग्राउंड फ्लोर पर होता था, जहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीजों की भीड़ लगती थी। लंबी लाइनों के कारण मरीजों और तीमारदारों को काफी समय तक इंतजार करना पड़ता था। 11 फरवरी से रजिस्ट्रेशन काउंटरों की संख्या बढ़ाते हुए अलग-अलग तल पर काउंटर संचालित किए जा रहे हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद मरीजों को काफी राहत मिली है।
अस्पताल प्रशासन ने आयुष्मान योजना के तहत भी सुविधाओं का विस्तार किया है। सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयुष्मान काउंटर संचालित किए जा रहे हैं। गेट नंबर 2 और गेट नंबर 5 के अलावा अब मुख्य रजिस्ट्रेशन काउंटर के पास भी नया आयुष्मान काउंटर खोला गया है। इससे मरीजों को भर्ती प्रक्रिया के लिए इमरजेंसी विभाग या दूर स्थित काउंटरों तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
पहले इमरजेंसी और ओपीडी भवन अलग-अलग होने के कारण मरीजों को काफी असुविधा होती थी, जिससे आपातकालीन विभाग पर अनावश्यक दबाव बढ़ जाता था। अब ओपीडी से ही भर्ती की सुविधा उपलब्ध होने से यह समस्या काफी हद तक कम हो गई है।
दून अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. एन. एस. बिष्ट ने बताया कि जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान सामने आई समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य के निर्देश पर त्वरित समाधान किया गया है। नई व्यवस्था से मरीजों के समय की बचत होगी और उन्हें समय पर उपचार मिल सकेगा।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और मरीजों के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नई व्यवस्था से गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में और अधिक तेजी से उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
दिवंगत शिक्षक के परिजनों को TSCT देगा 50 लाख का आर्थिक सहयोग

गोण्डा। टीचर्स सेल्फ केयर टीम संस्थापक प्रदेश अध्यक्ष विवेकानंद के निर्देश के क्रम में जिला संयोजक रणजीत सिंह के नेतृत्व में गत वर्ष 25 फरवरी 2025 को दुर्घटना के कारण दिवंगत हुए ब्लॉक मनकापुर के कम्पोजिट विद्यालय जोगापुर में कार्यरत शिक्षक स्वर्गीय सत्यदेव वर्मा के निवास स्थल ग्राम व पोस्ट तुर्काडीहा में TSCT एवं NSCT के जिला एवं ब्लॉक कार्यकारिणी द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया और आर्थिक सहयोग हेतु महत्त्वपूर्ण पत्रावली का अवलोकन किया गया।

दिवंगत शिक्षक की पत्नी मंजू वर्मा की TSCT के संस्थापक/प्रदेश अध्यक्ष से फोन पर वार्ता कराई गई, उनके द्वारा परिवार को सांत्वना दी गई और TSCT सहयोग प्रक्रिया के बारे में बताया गया। नामिनी मंजू वर्मा की किरन और रोशनी दो बेटियां तथा अभिषेक एवं प्रभात दो बेटे हैं, जो अपने पिता जी के दिवंगत होने से असहाय महसूस कर रहे हैं।
आपको बता दें टीचर सेल्फ केयर टीम से अब तक लगभग 4 लाख सदस्य जुड़ चुके हैं जिनके द्वारा अब तक 476 दिवंगत शिक्षकों के परिवारों को लगभग ₹207 करोड़, 46 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।

आगामी 15 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक गोंडा के दिवंगत शिक्षक साथी स्व० सत्यदेव वर्मा का सहयोग होना सुनिश्चित हुआ है इसके पूर्व जनपद गोंडा से सात दिवंगत शिक्षकों का सहयोग हो चुका है और यह आठवाँ सहयोग गतिमान होना है। स्थलीय निरीक्षण में जिलाध्यक्ष एवं संयोजक रणजीत सिंह, NSCT जिलाध्यक्ष डॉ अजय पाठक, NSCT जिला सचिव डॉ विष्णु शंकर तिवारी, TSCT जिला सहसंयोजक जगदम्बा प्रसाद चौरसिया, जिला सहसंयोजक अरविंद मौर्य, जिला सहसंयोजक रमापति पांडेय, जिला IT SELL प्रभारी अनिल कुमार चौरसिया,ब्लाक अध्यक्ष रविन्द्र कुमार वर्मा, सहसंयोजक दिनेश कुमार, हरीश चन्द्र वर्मा, राकेश यादव, सूर्य भान राम, रजनीश सिंह, शुभम वर्मा, ITCELL प्रभारी जितेश नन्द यादव,  व सक्रिय सदस्य नवनीत शुक्ला, अब्दुल रब, ब्लॉक वजीरगंज सहसंयोजक अशोक कुमार मौर्य, ब्लॉक परसपुर संरक्षक अरविंद कुमार सिंह आदि शिक्षक साथी  मौजूद रहे।
आजमगढ़:-रिसेंट इंटर कॉलेज के वार्षिकोत्सव में बच्चों ने प्रस्तुत किए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम

वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। फूलपुर तहसील के माहुल कोर्राघाटमपुर स्थित रिसेंट इंटर कॉलेज का वार्षिकोत्सव समारोह बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।   पुलिस चौकी प्रभारी यश सिंह पटेल ,ब्लाक प्रमुख शकील अहमद और प्रबन्धक असफाक अहमद  ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत किया ।  बच्चों ने  वार्षिकोत्सव का शुभारंभ स्वागत गीत और राष्ट्रीय गीत के साथ किया । इसके पश्चात विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, समूह नृत्य, नाटक तथा मोबाइल और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता पर आधारित प्रस्तुति देकर दर्शकों को जागरूक किया। बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।  इस अवसर पर प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में आए अतिथियों का स्वागत विद्यालय के प्रबंधक अशफाक अहमद एवं सैफुल्लाह द्वारा किया गया। समारोह में मुख्य रूप से कांग्रेस नेता आद्या प्रसाद सिंह, ब्लॉक प्रमुख शकील अहमद, संतोष सिंह बबलू, लाल मुहम्मद, मिथिलेश पाण्डेय ‘गुड्डू’, राम फेर यादव तथा बिजय प्रकाश यादव आदि लोग रहे ।  कार्यक्रम की अध्यक्षता राहुल सिंह ‘राही’  जबकि संचालन राहुल सिंह यादव, हाफिज आदिल एवं प्रधानाचार्या मरियम ने संयुक्त रूप से किया। समारोह के सफल आयोजन पर अभिभावकों एवं क्षेत्रवासियों ने विद्यालय परिवार की सराहना की। सभी का आभार प्रबन्धक असफाक अहमद ने किया ।
राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता होगी खत्म? निशिकांत दुबे ने निलंबित करने का दिया नोटिस

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बुधवार को लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के भाषण ने सियासत को और गर्मा दिया। उन्होंने राजनीति को मार्शल आर्ट से जोड़ते हुए कहा कि जैसे खेल में 'ग्रिप' और 'चोक' होती है, वैसे ही राजनीति में भी कई अदृश्य तकनीकें काम करती हैं- बस वे दिखाई नहीं देतीं। अब अब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ एक प्रस्‍ताव लाने का नोटिस दिया है।

आजीवन चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार 12 फरवरी को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ‘सब्सटेंटिव मोशन’ लाने का नोटिस दिया और उनकी संसद सदस्यता रद्द करने के साथ ही आजीवन चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग की है।

नोटिस में सोरोस फाउंडेशन जिक्र

संसद परिसर में भाजपा सांसद ने कहा कि उन्होंने अपने नोटिस में राहुल गांधी के विदेशी दौरों और कथित रूप से सोरोस फाउंडेशन, यूएसएआईडी और फोर्ड फाउंडेशन जैसी संस्थाओं से जुड़े लोगों के साथ संपर्क का उल्लेख किया है। दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी थाईलैंड, वियतनाम और कंबोडिया जैसे देशों की यात्राओं के दौरान ‘भारत विरोधी तत्वों’ के साथ मिलीभगत करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई विशेषाधिकार प्रस्ताव नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर प्रस्ताव यानी सब्सटेंटिव मोशन है, जिसका उद्देश्य सदन के समक्ष निर्णय या राय व्यक्त करना होता ।

पहले जा चुकी है राहुल गांधी की सदस्यता

साल 2023 में राहुल गांधी के 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के कोलार में दिए गए भाषण को लेकर सूरत की एक अदालत ने राहुल गांधी को दो साल की सज़ा सुनाई। इसके तुरंत बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद कर दी गई थी। हालांकि बाद राहुल गांधी की सदस्यता बहाल हो गई थी।

क्या राहुल गांधी का बयान

बुधवार को लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में सरकार ने देश के हितों से समझौता किया है। उन्होंने कहा कि सरकार खुद मानती है कि दुनिया इस समय अस्थिर दौर से गुजर रही है, जहां ऊर्जा और वित्त को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बावजूद, उनके मुताबिक, भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े अहम फैसलों में अमेरिका को ज्यादा प्रभाव दिया है। उन्होंने मार्शल आर्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले पकड़ बनाई जाती है, फिर गला दबाया जाता है और अंत में सामने वाला हार मान लेता है।

कानपुर लैंबॉर्गिनी कांड: 10 करोड़ की सुपरकार बनी हादसे की वजह, आरोपी शिवम मिश्रा गिरफ्तार

कानपुर। वीआईपी रोड पर हुए हाई-प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी हादसे के मामले में पुलिस ने आरोपी तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि 35 वर्षीय शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है।
यह हादसा रविवार दोपहर करीब तीन बजे ग्वालटोली क्षेत्र में हुआ था। बताया गया कि करीब 10 करोड़ रुपये कीमत की लैंबॉर्गिनी रेवुएल्टो कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ऑटो और बुलेट मोटरसाइकिल से टकरा गई। इसके बाद कार फुटपाथ पर चढ़ गई, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में ई-रिक्शा चालक मोहम्मद तौफीक, विशाल त्रिपाठी और सोनू त्रिपाठी समेत चार लोग घायल हुए।
घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए और कार को घेर लिया। इसी दौरान कार के साथ चल रहे सुरक्षाकर्मियों ने चालक को बाहर निकालने की कोशिश की। लोगों के विरोध के बीच कार का शीशा तोड़कर चालक को बाहर निकाला गया और निजी अस्पताल ले जाया गया। बताया गया कि चालक को दौरा आने के कारण वाहन अनियंत्रित हुआ, हालांकि पुलिस इस दावे की जांच कर रही है।
इस मामले में घायल ई-रिक्शा चालक मोहम्मद तौफीक की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है। वहीं, बुधवार को मामले में नया मोड़ तब आया जब मोहन नाम के एक व्यक्ति ने खुद को कार का चालक बताया, लेकिन पुलिस ने जांच के आधार पर इस दावे को खारिज कर दिया।
डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पांच टीमों का गठन कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। जांच में स्पष्ट हुआ है कि हादसे के समय कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
आज भारत बंद: जानें, किसान संगठनों और ट्रेड यूनियनों ने क्यों बुलाई हड़ताल

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संयुक्त किसान मोर्चा समेत देश की 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते, केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और नए श्रम कानूनों के विरोध में 12 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया है।

10 सेंट्रल ट्रेड यूनियनों ने बुलाई हड़ताल

यह हड़ताल 10 सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के जॉइंट प्लेटफॉर्म ने बुलाई है, जिसमें AITUC, INTUC, CITU, HMS, TUCC, SEWA, AIUTUC, AICCTU शामिल हैं। हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम), कृषि श्रमिक संघों, छात्रों, युवा संघों और अन्य संगठनों का समर्थन प्राप्त है। किसान समूहों ने एमजीएनआरईजीए को बहाल करने और कृषि को प्रभावित करने वाली नीतियों का विरोध करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

हड़ताल में बैंकिंग यूनियनें भी शामिल

इस हड़ताल में बैंकिंग यूनियनें भी शामिल हैं। इस प्रकार, हड़ताल के बीच, बैंकिंग कार्यों पर अनिश्चितता छाई हुई है, और शहरों भर के ग्राहक इस बात को लेकर अनिश्चित हैं कि शाखाएं सामान्य रूप से काम करेंगी या उन्हें व्यवधानों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि कई बैंक यूनियन हड़ताल के आह्वान का समर्थन कर रहे हैं।

भारत बंद क्यों बुलाया गया?

भारत बंद उन नीतियों के विरोध में बुलाया गया है जिन्हें श्रमिक संघ "श्रमिक विरोधी, किसान विरोधी और निगम समर्थक" नीतियां बताते हैं। इनमें चार श्रम संहिताएं, बिजली विधेयक 2025, बीज विधेयक 2025, वीबी-जी रैम जी अधिनियम 2025 और हालिया मुक्त व्यापार समझौते जैसे विशिष्ट मुद्दे शामिल हैं।

किन सेवाओं पर पड़ेगा असर?

1. परिवहन सेवाएं

कई राज्यों में बस, ऑटो और लॉरी ड्राइवर्स यूनियनों के समर्थन के कारण सार्वजनिक व निजी परिवहन प्रभावित हो सकता है। बड़े शहरों में यातायात व्यवस्था में बाधा आने की संभावना है।

2. बैंकिंग सेवाएं

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में काउंटर सेवाएं धीमी रह सकती हैं। चेक क्लीयरेंस में देरी की आशंका बनी हुई है। हालांकि, बैंक बंद नहीं होंगे और ऑनलाइन लेन-देन व एटीएम सेवाएं सामान्य रहेंगी।

3. बाजार और व्यापार

कई व्यापारिक संगठनों और मंडियों ने हड़ताल को नैतिक समर्थन दिया है, जिससे बड़े शहरों में थोक और खुदरा बाजार आंशिक या पूर्ण रूप से बंद रह सकते हैं।

4. सरकारी कार्यालय

ट्रेड यूनियनों के अधिक प्रभाव वाले विभागों में कर्मचारियों की उपस्थिति कम रहने की संभावना, जिससे सरकारी कामकाज धीमा हो सकता है।

5. स्कूल और कॉलेज

सुरक्षा और परिवहन समस्याओं को देखते हुए, कुछ राज्यों में जिला प्रशासन स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी घोषित कर सकता है।

जो सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी

• एंबुलेंस, अस्पताल और अन्य आपातकालीन सेवाएं

• दमकल विभाग

• हवाई यात्रा और एयरपोर्ट संचालन

• डिजिटल बैंकिंग और एटीएम

रेलवे अफसर की सड़क हादसे में मौत,मंडल वाणिज्य अधीक्षक को ट्रैक्टर ट्रॉली ने मारी टक्कर
*स्टेशन से लौट रहे थे रेलवे अफसर

गोंडा।जिले में एक सड़क हादसे में रेलवे के मंडल वाणिज्य अधीक्षक अरविंद कुमार की मृत्यु हो गई है।यह दुर्घटना मोतीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत गोंडा मनकापुर मार्ग पर स्थित बजाज हिंदुस्तान शुगर लिमिटेड मिल के पास देर शाम हुआ है।उनकी स्कूटी को एक ट्रैक्टर ट्रॉली ने टक्कर मार दी थी,इसके बाद वह ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आ गए।सूचना मिलने पर मोतीगंज पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कराया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार,अरविंद कुमार सुबह रेलवे के काम से मनकापुर रेलवे स्टेशन गए थे।काम समाप्त कर वह देर शाम वापस लौटते समय उनकी स्कूटी बजाज हिंदुस्तान शुगर लिमिटेड मिल के पास ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आ गई,जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे।मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया,जहाँ से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें रिफर कर दिया गया जिसके बाद उन्हें रेलवे चिकित्सालय लाया गया जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।मृतक अरविंद कुमार गोंडा रेलवे स्टेशन पर मंडल वाणिज्य अधीक्षक के पद पर तैनात थे और वह मूल रूप से बिहार के गया जिले के निवासी थे।उनके परिवार में पत्नी और दो पुत्रियां हैं।मोतीगंज थानाध्यक्ष अरविंद यादव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है।परिजनों द्वारा तहरीर दिए जाने के बाद मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।पुलिस के अनुसार, परिजनों ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दिया है।