गया में अवैध नर्सिंग होम का कथित खेल उजागर, वायरल वीडियो के बाद स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल

गया। जिले में अवैध नर्सिंग होमों के संचालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में पुराना जीबीएम कॉलेज के समीप स्थित एक दो मंजिला भवन में कथित रूप से बिना वैध अनुमति के नर्सिंग होम संचालित किए जाने का दावा किया गया है। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली और निगरानी व्यवस्था पर चर्चा तेज हो गई है।

वायरल वीडियो में भवन के बाहर अस्पताल का कोई स्पष्ट बोर्ड नहीं दिखाई दे रहा है। केवल एक अल्ट्रासाउंड सेंटर का बोर्ड लगा हुआ है, जबकि अंदर कई मरीज भर्ती होने और ऑपरेशन के बाद उपचाररत होने का दावा किया जा रहा है। वीडियो बनाने वाले लोगों का कहना है कि यह नर्सिंग होम बिना लाइसेंस संचालित किया जा रहा है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि गांव-देहात से आने वाले मरीजों और गर्भवती महिलाओं को बेहतर इलाज का भरोसा देकर यहां भर्ती कराया जाता है। इलाज शुरू होने के बाद मरीजों के परिजनों से भारी-भरकम राशि वसूले जाने की भी शिकायतें सामने आती रही हैं।

आरोप यह भी है कि कुछ बिचौलियों और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से मरीजों को यहां लाया जाता है।

गया शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई अवैध नर्सिंग होम संचालित होने की शिकायतें पहले भी उठती रही हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर जांच और कार्रवाई की बात कही जाती है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।

अब इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद लोगों की नजर जिला प्रशासन, सिविल सर्जन और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी है। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

आजमगढ़: जमालपुर काजी बाजार में बाइक-कार की आमने-सामने टक्कर, युवक की मौत, दो गंभीर रूप से घायल
आजमगढ़। तहबरपुर थाना क्षेत्र के जमालपुर काजी बाजार में आज रविवार सुबह करीब 11 बजे हुए सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक पर सवार दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुपर स्प्लेंडर बाइक (UP50CD5642) पर तीन लोग सवार होकर जा रहे थे। जमालपुर काजी बाजार के पास उनकी बाइक की आमने-सामने टक्कर ऑल्टो K10 कार (UP62AU5010) से हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाइक की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके कारण टक्कर इतनी भीषण हुई कि बाइक सवार सड़क पर दूर-दूर जा गिरे। हादसे में बाइक चालक केशव कुमार (28 वर्ष), पुत्र बिहारी निवासी, ग्राम दासोपट्टी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बाइक पर सवार अवनीश कुमार (32 वर्ष), पुत्र लाल बहादुर, निवासी दासोपट्टी तथा सुभाष पासवान उर्फ (शोभई) उम्र 60 वर्ष पुत्र तुड़ई गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। बताया गया कि कार चालक उमाकांत यादव, पुत्र त्रिलोकी यादव, निवासी पटखौली कार चला रहा था। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। इस हादसे से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
संदिग्ध हालत में अधेड़ महिला की मौत..
खेत पर काम करते समय बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत*

पीयूष तिवारी
बेनीगंज- कोतवाली क्षेत्र मे
खेत मे अपने पति को खाना देने गयी खेत मे महिला कीटनाशक दवाई के सम्पर्क मे आने से स्थिति खराब हो गयी।परिजन तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोथावा को लाये। जहा पर चिकत्सको ने महिला की हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया। जहा इलाज के दौरान महिला की मौत हो गयी। बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के बहादुरपुर गांव निवासी होरीलाल शनिवार शाम खेत मे लगी उड़द की फसल में कीटनाशक दवाई का छिड़काव कर रहे थे।इस दौरान होरीलाल की पत्नी श्यामा 53 वर्ष घर से खाना बनाकर खेत पर गई हुई थी। कि श्यामा कीटनाशक दवाई के संपर्क में आने से तबीयत खराब हो गई परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोथावा ले गए।जहा पर चिकत्सको ने महिला की हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया। जहा इलाज के दौरान महिला की मौत हो गयी। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
बेरमो की गर्भवती महिला अनीता देवी हत्याकांड के मुख्य सरगना की हो अविलंब गिरफ्तारी : अमर कुमार बाऊरी

बोकारो जिले के बेरमो की 4 माह की एक गर्भवती महिला अनीता देवी की निर्मम हत्याकांड को लेकर झारखंड भाजपा के तेवर काफी तल्ख हैं। भारतीय जनता पार्टी इस मामले को लेकर काफी गंभीर है और प्रदेश भाजपा इस मामले को अंजाम तक पहुंचाने को लेकर प्रतिबद्ध दिख रही है। इसी मामले को लेकर पार्टी के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने पार्टी के प्रदेश कार्यालय रांची में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा है कि उक्त मामले में भारतीय जनता पार्टी के दबाव में आनन फानन में पुलिस द्वारा 6 लोगों की गिरफ्तारी हुई है जो नाकाफी है। राज्य सरकार, स्थानीय डीसी, एसपी, स्थानीय कांग्रेस विधायक के इशारे पर मामले को मैनेज करने का हरसंभव प्रयास किया गया और जब भाजपा ने बोकारो चक्का जाम का अल्टीमेटम दिया तब स्थानीय पुलिस कुछ नामजद लोगों की गिरफ्तारी दिखाकर अपना दामन बचाने का असफल प्रयास कर रही है।

श्री बाउरी ने कहा कि इस मामले में शामिल मुख्य सरगना को अविलंब गिरफ्तार करने, पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपए मुआवजा देने, इस घटना में शामिल दोषी पुलिस अधिकारी एवं निष्पक्ष पोस्टमार्टम प्रक्रिया को खराब करने, उसमें बाधक बनने वाले मेडिकल कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग भाजपा करती है। साथ ही भाजपा ने बोकारो के डीसी, एसपी, स्थानीय थानों की भूमिका की जांच की भी मांग की है। कहा कि यहां के पूरे तंत्र और संगठित गिरोह की जांच होनी चाहिए जो कांग्रेस पार्टी और उनके विधायक के संरक्षण में राज्य सरकार की देख रेख में फल फूल रहा है।

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि बीजेपी इस पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पूरी ताकत के साथ खड़ी है। पार्टी के लोग एक जून को फिर पीड़ित परिवार से मिलने जाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने साफ कहा है कि इस लड़ाई को अंजाम तक लेकर जाएंगे और जरूरत पड़ी तो अनुसूचित जाति आयोग को भी लिखित रूप से सूचित किया जाएगा।

श्री बाउरी ने कहा कि बोकारो में सरकार और पुलिस प्रशासन के संरक्षण में एक संगठित गिरोह चल रहा है जिसमें कई सफेदपोश भी शामिल हैं। इस गिरोह के लोग गरीबों को मोहरा बनाकर अपनी रोटी सेंकने का काम कर रहे हैं। बेरमो की यह घटना उसी का वीभत्स चेहरा है।

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि फुसरो में भुईंया समाज की चार माह की एक गर्भवती महिला की निर्मम हत्या केवल एक महिला भर का हत्या नहीं है बल्कि उसके पेट में पल रहे एक शिशु की हत्या का भी मामला है। हेमंत सरकार में अपराधियों को कैसे संरक्षण मिला हुआ है, यह घटना इसका उदाहरण है। कोयला माफियाओं ने महिला को पहले लोगों के बीच में उनके पति के सामने पीट-पीट कर हत्या कर दी। फिर जो अपराधी हत्या करते हैं वही लोग शव को लेकर पोस्टमार्टम हाउस जाते हैं और मृतका के पति से जबरन हस्ताक्षर कराकर पोस्टमार्टम भी करवा देते हैं। फिर परिजनों पर शव के अंतिम संस्कार का दबाव भी डालते हैं। मानवता को शर्मसार करने वाली यह खबर धीरे-धीरे समाज के बीच फैल जाती है और दिन चढ़ते चढ़ते हजारों लोगों के रूप में जनाक्रोश सड़कों पर उतर जाता है। लोग शव को लेकर सड़क जाम कर देते हैं। भारतीय जनता पार्टी को भी इसकी खबर मिलती है। जिले के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र राज, वार्ड पार्षद अर्चना, सांसद ढुल्लू महतो भी घटना स्थल पर पहुंचते हैं। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू खुद लगातार मामले की फोन पर पल पल जानकारी लेते रहे और भावी आंदोलन को लेकर मार्गदर्शन देते रहे। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी राज्य के मुख्य सचिव से मामले को लेकर बात करते हैं। बावजूद पुलिस प्रशासन का रवैया काफी दुखद रहा। पुलिस प्रशासन पीड़ित को न्याय दिलाने की बजाय सरकार के इशारों के अनुपालन और मामले को मैनेज करने में जुटा रहा। इतनी बड़ी घटना के बाद, बीजेपी के द्वारा मामले को प्रमुखता से उठाने के बाद भी राज्य सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंगती है। अंत में जब प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशानुसार अल्टीमेटम दिया गया कि दोषी गिरफ्तार नहीं होते हैं तो बोकारो का चक्का जाम किया जाएगा तो प्रशासन को लगा कि बीजेपी पीछे नहीं हटने वाली है। तब आनन फानन में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया। फिर प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशानुसार पार्टी द्वारा चक्का जाम कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया।

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि स्थानीय विधायक और कांग्रेस पार्टी दलित के हितैषी होने का दिन भर राग अलापती रहती है लेकिन इतनी बड़ी घटना के बाद भी कांग्रेस के स्थानीय विधायक वहां झांकने तक नहीं जाते हैं। सच्चाई यह है कि जिन गुर्गो ने घटना को अंजाम दिया है इन लोगों का पूरा संरक्षण मिला हुआ है। घटना के मुख्य सरगना को बचाने के लिए कांग्रेस विधायक पूरी ताकत से लगे हुए हैं। सरगना को सरकार का संरक्षण भी प्राप्त है। निष्पक्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट अब भी बोकारो प्रशासन के लिए चुनौती है। इसे प्रभावित करने और पीड़ित परिवार को प्रलोभन देने के लिए सरकार और प्रशासन पूरी ताकत लगाएंगे, इससे इनकार नहीं किया जा सकता है।

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि राज्य के डीसी और एसपी तो मानो राज्य सरकार के बंधुआ मजदूर बन चुके हैं। यहां ये लोग कानून संविधान से नहीं बल्कि अपने सत्ता पक्ष के आकाओं को खुश करने के लिए ही काम करते हैं। बोकारो जिला तो पूरी तरह पंगु बना हुआ है। बोकारो में लगातार इस प्रकार की घटनाएं घट रही है जो दर्शाती है कि यहां के पुलिस प्रशासन पूरी तरह निष्क्रिय हो चुके हैं और राज्य सरकार के इशारे पर चलते हैं। पिंडराजोरा थाना की घटना इसका उदाहरण है। बाद में उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप से पूरा का पूरा थाना सस्पेंड हुआ, एसपी हटाए गए, इसके बाद भी पुलिस की कार्यशैली में कोई बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है। सरकार के संरक्षण में पुलिस काम कर रही है। चास इलाके में एक घटना घटित होती है तो सरकार के मंत्री इरफान अंसारी अपराधियों के पक्ष में खड़े हो जाते हैं और कहते हैं कि आपके घबराने की जरूरत नहीं है, सरकार आपके साथ खड़ी है। कहने और बतलाने का तात्पर्य है कि सरकार और उनके तंत्र किस प्रकार काम कर कर रहे हैं। अब ऐसे में सिस्टम पर आम लोगों का भरोसा कैसे कायम रह पाएगा।

इस दौरान प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह, प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज एवं एससी मोर्चा के प्रवक्ता राकेश भी प्रेसवार्ता के दौरान मौजूद थे।

वीर सावरकर का राष्ट्र प्रथम विचार युवाओं के लिए प्रेरणा : अपर पुलिस उपायुक्त जितेंद्र कुमार दुबे
लखनऊ। गोमती नगर के छत्रपति शाहूजी महाराज भागीदारी भवन में शनिवार को 'माय होम इंडिया' संस्था के तत्वावधान में 'स्वातंत्र्यवीर सावरकर जयंती महोत्सव 2026' का आयोजन हुआ।क्रांतिसूर्य स्वातंत्र्यवीर सावरकर की जयंती पर आयोजित इस वैचारिक संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि के रूप में अपर पुलिस उपायुक्त जितेंद्र कुमार दुबे उपस्थित रहे। उन्होंने सावरकर के राष्ट्र प्रथम के विचारों को आज के युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताया और कहा कि सावरकर का जीवन संघर्ष, त्याग और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण की मिसाल है। एडीसीपी दुबे ने मातृभूमि की सेवा को सर्वोच्च कर्तव्य बताते हुए उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सावरकर ने काला पानी की यातनाओं को सहकर भी देश की आजादी का सपना नहीं छोड़ा। उनका सामाजिक समरसता और अखंड भारत का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण रहे। अध्यक्षता महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह ने की। मुख्य वक्ता 'माय होम इंडिया' के संस्थापक सुनील देवधर ने सावरकर के जीवन दर्शन को विस्तार से साझा किया। पूर्व बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. सतीश द्विवेदी भी मंच पर मौजूद रहे। सायं 5 बजे शुरू हुए इस गरिमामय आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों ने सपरिवार हिस्सा लिया और राष्ट्र निर्माण का संकल्प दोहराया। वक्ताओं ने सावरकर के हिंदुत्व, इतिहास लेखन और समाज सुधार के योगदान को याद किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में राम प्रताप सिंह, आलोक रंजन सिंह और अखिल चतुर्वेदी की अहम भूमिका रही।
कानपुर में B.Ed प्रवेश परीक्षा के दौरान बड़ा हादसा, नाले का स्लैब टूटा; कई अभ्यर्थी नाले में गिरे

कानपुर। बीएड प्रवेश परीक्षा के दौरान कानपुर के कर्नलगंज क्षेत्र में बड़ा हादसा हो गया। परीक्षा केंद्र के पास बने ढके नाले का स्लैब अचानक टूट जाने से कई अभ्यर्थी नाले में गिर पड़े। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, परीक्षा देने पहुंचे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र के बाहर नाले के ऊपर बने स्लैब पर खड़े थे। इसी दौरान स्लैब अचानक भरभराकर टूट गया, जिससे वहां मौजूद कई अभ्यर्थी सीधे नाले में जा गिरे। हादसे में कई लोगों के घायल होने की सूचना है।

घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। लोगों की मदद से नाले में गिरे अभ्यर्थियों को बाहर निकाला गया और घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया।
सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा हालात का जायजा लिया। हादसे के बाद परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा इंतजाम और सार्वजनिक निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
हिंदी पत्रकारिता दिवस पर भव्य सम्मेलन का किया गया आयोजन
कवियों ने अपने साहित्यों से बांधा समा, तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजा तहसील सभागार।

बलरामपुर जनपद के श्रावस्ती में हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर तहसील भिनगा में पत्रकार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन पूर्व जिलाध्यक्ष जीपीए बृजेश गुप्ता ,पत्रकार प्रदीप गुप्ता व वरिष्ठ पत्रकार/कवि जीपी मिश्र मधुकर किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री/जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्रा व विशिष्ट अतिथि विधायक भिनगा श्रीमती इंद्राणी वर्मा, उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल संगठन अध्यक्ष सुभाष सत्या एवं जिला पंचायत सदस्य अशोक यादव रहे। मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित व मां सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। पत्रकारों ने अतिथियों का माल्यार्पण कर व राम दरबार, भगवान बुद्ध का चित्र व अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया।

मुख्य अतिथि ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकारिता कोई व्यवसाय नही है बल्कि एक समाज सेवा का पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा कि कार्यपालिका, विधायका व न्याय पालिका के बाद पत्रकारिता ही राष्ट्र का मजबूत स्तंभ है इस लिए लोग इसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मानते है। सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को जो हम गरीब पिछड़े, वंचित, दलित तक नही पहुँचा पाते वह कार्य पत्रकार पूरा करता है। उन्होंने कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा कि जब पूरा देश लॉक डाउन से जूझ रहा था उस समय निडरता के साथ पत्रकार अपने घरों से निकलकर अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभा रहा था। साथ ही उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के एक पोस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि एक तरफ मासूम बच्ची पड़ी थी वहीं दूसरी तरफ एक गिद्ध उस मासूम बच्ची के मरने का इंतजार कर रहा था उन्होंने उस फोटो को ट्यूट करके वाह वाही लूटी परंतु उस व्यक्ति ने अपने मानवता धर्म का पालन नही किया। वही विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद भिनगा विधायक श्रीमती इंद्राणी वर्मा ने इस बात पर खेद प्रकट किया कि जहाँ सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करती है परंतु इस सभागार में एक भी महिला पत्रकार नजर नही आ रही है जबकि महिलाओं को भी बढ़ चढ़कर पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। कार्यक्रम के शुभारंभ में कवियों ने अपनी रचना को पढ़कर लोगों को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया। वहीं उत्त्तर प्रदेश व्यापार मंडल संगठन जिलाध्यक्ष सुभाष सत्या ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सभी पत्रकारों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पत्रकार अपनी लेखनी को कमजोर न होने दें अगर शासन या प्रशासन के विरुद्ध कोई खबर प्रकाशित होती है तो उसको संज्ञान में लेकर अधिकारियों को उसकी कमी को दूर करना चाहिए। वही परियोजना निदेशक अश्वनी कुमार सोनकर ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में आकर मुझे ऐसा लगा कि मैं श्रावस्ती जिले में हूँ जहां ऐसे हुनर कवि व समाज को आइना दिखाने वाले पत्रकार है जिन्होंने ऐसे आयोजन कर समाज में एक संदेश देने का काम किया है जिससे श्रावस्ती जिला साक्षरता की ओर बढ़ेगा। उन्होंने भगवान बुद्ध का उदाहरण देते हुए कहा की जिन्होंने 14 वर्ष यहां तपस्या कर लोगों को ज्ञान दिया परंतु शिक्षा के क्षेत्र में आज भी श्रावस्ती काफी पिछड़ा हुआ है। उन्होंने अपील की कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आप सभी पत्रकार जन जन तक पहुंचाए उन्होंने कहा कि जिले में अभी भी बहुत ऐसे गरीब, असहाय परिवार है जिनके सर पर छत नही है उन्हें प्रशासन की जानकारी में लाने का काम करे जिससे उन गरीब परिवार तक सरकार की योजनाएं पहुंच सके। इस अवसर पर कार्यक्रम में आये हुए कवियों के द्वारा पढ़ी गई साहित्य को सराहा साथ ही उन्हें मंच देने के लिए उनका आवाहन किया और उन्हें माल्यर्पण कर शुभकामनाएं दी। तत्पश्चात कार्यक्रम में मौजूद पत्रकारों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। वही परियोजना निदेशक ने वरिष्ठ कवि जीपी मिश्र मधुकर व कार्यक्रम में मौजूद समस्त पत्रकारों का माल्यार्पण कर व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार राधेश्याम तिवारी, राजीव टंडन, मदन मोहन सिंह, शिव नंदन गुप्ता,मेराज , मुकेश गुप्ता व बाबू राम पाठक, नन्द कुमार गुप्ता, मोहित गुप्ता, प्रदीप त्रिपाठी, संदीप त्रिपाठी शिव शंकर तिवारी तिवारी, ओंकार वर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।
31 मई 2026 की रात्रि में होगा माइक्रो ब्लू मून/ पूर्ण चंद्रमा (Full Moon) का दीदार

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि रविवार, 31 मई 2026 की रात्रि को माइक्रो ब्लू मून का दीदार होगा,

क्या होता है माइक्रो ब्लू मून?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चांद, तारों के शौकीन खगोल प्रेमियों के लिए अलविदा होती हुई मई 2026 एक और शानदार खगोलीय नज़ारे को देकर जा रही है तो आपको भरपूर लुत्फ़ उठाने के लिए तैयार हो जाना चाहिए क्योंकि इस बार दिखाई देगा शानदार खगोलीय ब्लू मून।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ब्लू मून (Blue Moon) किसी कैलेंडर माह में दिखाई देने वाली दूसरी पूर्णिमा (Full Moon) को कहा जाता है। क्योंकि इस वर्ष, मई महीने में पहली पूर्णिमा 1 मई 2026 को वैशाख पूर्णिमा के रूप में दिखाई दी थी और दूसरी पूर्णिमा जोकि ब्लू मून भी होगी वह 31 मई 2026 को ज्येष्ठ अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) की पूर्णिमा है यह 31 मई 2026 की दूसरी पूर्णिमा भी इसी मई माह में दिखाई दे रही है इसीली इसको ब्लू मून कहा जायेगा लेकिन इसका चंद्रमा के वास्तविक नीले रंग से कोई लेना-देना नहीं होता है, यह एक सामान्य पूर्णिमा की तरह ही दिखाई देती है, और शाम को सूर्यास्त के ठीक बाद पूर्वी क्षितिज पर इसका दीदार सबसे खूबसूरत होगा, लेकिन 31 मई की शाम को जब चंद्रमा उदय होगा, तब तक तकनीकी रूप से पूर्णिमा की तिथि समाप्त हो चुकी होगी, (यह पंचांगीय तिथि के समाप्त होने की बात है, परंतु खगोलीय और दृश्यात्मक रूप से यह रात भर पूर्ण चंद्रमा (Full Moon) के रूप में ही चमकेगा।) या कुछ यूं कहें कि मानवीय आँखों को यह तब भी पूरी तरह गोल और भव्य ही दिखाई देगा,इस बार के ब्लू मून की खास विशेषताएँ बताते हुए खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोलविज्ञान के नजरिए से यह केवल एक साधारण "कैलेंडर ब्लू मून" (एक ही महीने में दो पूर्णिमा) नहीं है, बल्कि इसमें कुछ और भी दिलचस्प बिंदु शामिल हैं जैसे कि यह माइक्रो ब्लू मून (Micro Blue Moon) का चंद्रमा अपने अपोजी (Apogee पृथ्वी से सबसे दूर का बिंदु) के बेहद करीब होगा (लगभग 2,52,360 मील दूर)। इस वजह से यह आकार में आम पूर्णिमा के मुक़ाबले करीब 6 से 7% प्रतिशत छोटा और थोड़ा कम चमकदार भी दिखेगा, या कुछ यूं कहें कि यह किसी भी औसत पूर्णिमा से लगभग 5–7% छोटा और सुपरमून की तुलना में लगभग 12–14% छोटा होगा जिसे हम माइक्रो मून भी कहते हैं। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि साथ ही 31 मई 2026 की रात अंटारेस (Antares)  जोकि एक चमकीला तारा है उसके साथ चंद्रमा की युति 31 मई की रात को ही घटित होगी जब आप इसे देखेंगे, तो यह वृश्चिक राशि (Scorpius) के सबसे चमकीले लाल तारे अंटारेस (ज्येष्ठा नक्षत्र) के बेहद करीब से गुजरता हुआ दिखाई देगा, एंटारेस (Antares), जिसे भारतीय खगोल विज्ञान में ज्येष्ठा तारा भी कहा जाता है, वृश्चिक तारामंडल (Scorpius constellation) का सबसे चमकीला तारा है ,यह रात्रि आकाश का 15वां सबसे चमकीला तारा है, नंगी आँखों से देखने पर यह लाल रंग का दिखाई देता है,जो दृश्यात्मक रूप से काफी सुंदर संयोजन बनाएगा।

कैसे बनता है ब्लू मून ?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि एक कैलेंडर माह में आमतौर पर केवल एक ही पूर्णिमा होती है। लेकिन, एक चंद्र चक्र का समय लगभग
29.5 दिन होता है। इस अंतर के कारण लगभग हर 2.5 से 3 साल में किसी एक महीने में दो पूर्णिमाएँ आ जाती हैं। ऐसी स्थिति में महीने की दूसरी पूर्णिमा को ब्लू मून कहते हैं। एवं पारंपरिक खगोलीय मौसम (ऋतु) में जब सामान्य से अधिक यानी 4 पूर्णिमाएँ होती हैं, तो उस मौसम की तीसरी पूर्णिमा को भी ब्लू मून माना जाता है।

क्या चांद सच में नीला होता है?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चांद अपने सामान्य सुनहरे, पीले या सफेद रंग में ही दिखता है। हालाँकि, बहुत ही दुर्लभ परिस्थितियों में (जैसे भीषण जंगलों की आग या ज्वालामुखी के विस्फोट के समय) आसमान में मौजूद धूल और धुएँ के कणों के कारण चाँद का रंग हल्का नीला जरूर दिखाई दे सकता है। साथ ही ब्लू मून की घटना कोई बहुत ही दुर्लभ खगोलीय घटना नहीं है। लेकिन इसका अंग्रेजी मुहावरा "once in a blue moon" अक्सर बहुत कम या कभी-कभार होने वाली घटनाओं को दर्शाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

क्या होगा इसका चरम समय समय?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 31 मई 2026 में ब्लू मून की सबसे सटीक चरम अवस्था भारतीय समयानुसार 31 मई 2026 को दोपहर 2:15 (IST) बजे होगी। उस दौरान भारत में दिन का समय होगा जोकि एक समय विशेष पर ही घटित होती है,लेकिन साधारण आंखों से पूर्णिमा को देखने पर आप लगभग एक दिन पहले और एक दिन बाद में भी अपने गोल स्वरूप में ही देख सकते हैं, इसीलिए ब्लू मून को देखने के लिए आपको भारत के हिसाब से 31 मई 2026 की रात्रि का समय ही सबसे उपयुक्त होगा।

कैसे और किस दिशा में देखें?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इसे देखने के लिए आपको किसी विशेष खगोलीय उपकरण की आवश्यकता नहीं है इसे आप अपनी नग्न आंखों( साधारण आँखों) से देख सकते हैं शाम होते ही यह दिखाई देना शुरू हो जायेगा और पूरी रात खूबसूरत दिखाई देगा और खूबसूरत देखने और पूर्ण चंद्रोदय (Moonrise) का अद्भुत नज़ारा लेने का सबसे उत्तम समय 31 मई की शाम को सूर्यास्त के बाद का होगा। और भी अधिक सर्वोत्तम समय, शाम 06:30 बजे से रात 08:45 बजे के बीच होगा अगर दृश्यता की बात करें तो पाते हैं कि यह पूरे भारत में दिखाई देगा। आसमान साफ होने पर इसे बिना किसी दूरबीन के आसानी से देखा जा सकता है और माइक्रो मून (Micromoon)/ ब्लू मून होने के साथ-साथ इस साल का  छोटा और सबसे दूर स्थित पूर्ण चंद्रमा भी है, जो सामान्य से थोड़ा छोटा और कम चमकीला दिखाई देगा और इस घटना का नाम तो 'ब्लू मून' है, लेकिन इसका रंग सामान्य सफेद या हल्का नारंगी (चंद्रोदय के समय) ही रहेगा।

किस तारामण्डल में दिखाई देगा माइक्रो ब्लू मून ?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि उस सटीक समय पर चंद्रमा पृथ्वी से लगभग 406,135.2 किलोमीटर (252,361.3 मील) दूर होगा तथा भारत से देखने पर यह वृश्चिक (Scorpius) तारामंडल में दिखाई देगा इस दौरान चंद्रमा की चमक का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 12.52 के क़रीब होगा। जोकि पूरब और दक्षिणी आकाश में नज़र आयेगा।

क्या होता है माइक्रोमून?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 31 मई 2026 की रात्रि की यह पूर्णिमा “माइक्रोमून” होगी। और यह घटना तब होती है जब पूर्ण चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी से सबसे अधिक दूरी वाले बिंदु, अर्थात “अपोजी” (Apogee), के निकट होता है। इसके परिणामस्वरूप चंद्रमा आकाश में सामान्य पूर्णिमा की तुलना में थोड़ा छोटा दिखाई देता है। उस समय इसका प्रत्यक्ष आकार लगभग 0.49° होगा।

क्या होता है पूर्णिमा का खगोलविज्ञान ?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि पूर्ण चंद्रमा तब होता है जब पृथ्वी की ओर वाला चंद्रमा का भाग सूर्य के प्रकाश से लगभग 100% प्रकाशित दिखाई देता है। और यह स्थिति तब बनती है जब पृथ्वी लगभग सूर्य और चंद्रमा के बीच स्थित होती है। अर्थात, चंद्रमा पृथ्वी के उस पार होता है जो सूर्य के विपरीत दिशा में होता है। एवं आकाश में चंद्रमा की गति सूर्य के सापेक्ष इस ज्यामितीय स्थिति (जिसे “Opposition” भी कहा जाता है) के कारण पूर्ण चंद्रमा सामान्यतः सूर्यास्त के समय उदित होता है, और आधी रात के आसपास आकाश में अपनी सबसे अधिक ऊँचाई पर पहुँचता है और सूर्योदय के समय अस्त होता है।
साथ ही यह भी जानना आवश्यक है कि पूर्णिमा की एक और रोचक विशेषता यह है कि 24 घंटों के दौरान आकाश में उसकी गति लगभग सूर्य के विपरीत ऋतु वाले मार्ग का अनुसरण करती है। अर्थात:
सर्दियों में पूर्णिमा आकाश में अधिक ऊँचाई तक पहुँचती है, जैसे गर्मियों में सूर्य पहुँचता है।
वहीं गर्मियों में पूर्णिमा अपेक्षाकृत नीचे दिखाई देती है।
इसी कारण सर्दियों की पूर्णिमाएँ आकाश में अधिक ऊँची और चमकीली प्रतीत होती हैं।

दो पूर्णिमाओं के बीच का अंतराल कितना होता है?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि दो पूर्ण चंद्रमाओं के बीच का औसत अंतराल लगभग 29.53 दिन होता है, अर्थात 29 दिन, 12 घंटे और 43 मिनट। इस समय अवधि को खगोलविज्ञान की भाषा में “सिनोडिक महीना” (Synodic Month) या “ल्यूनेशन” (Lunation) कहा जाता है। हालाँकि यह एक औसत मान है; वास्तविक अंतराल कुछ घंटों तक कम या अधिक हो सकता है। इसका मुख्य कारण यह है कि चंद्रमा की पृथ्वी के चारों ओर की कक्षा पूर्णतः वृत्ताकार नहीं होती, बल्कि यह अंडाकार या ओवल या दीर्घवृत्ताकार होती है,तथा पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर की कक्षा भी दीर्घवृत्ताकार (Elliptical) होती है।

प्रत्येक पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण क्यों नहीं होता है?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि प्रत्येक पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण नहीं होता है क्योंकि चन्द्रमा की कक्षा,पृथ्वी के सापेक्ष 5 डिग्री झुकी हुई होती है या कुछ यूं कहें कि चंद्रमा की कक्षा, पृथ्वी की कक्षा के तल से लगभग 5° झुकी हुई है, इसलिए अधिकांश पूर्णिमाओं पर ग्रहण नहीं बनता।यह कभी-कभी पूर्णिमा के समय ही चंद्रमा ,पृथ्वी की अंतरिक्ष में पड़ने वाली छाया से होकर गुजरता है। ऐसी स्थिति में “चंद्र ग्रहण” (Lunar Eclipse) घटित होता है,लेकिन हर पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण नहीं होता, क्योंकि चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर की कक्षा की तुलना में थोड़ी झुकी हुई होती है। इसी कारण अधिकांश समय पूर्ण चंद्रमा, पृथ्वी की छाया के ऊपर या नीचे से निकल जाता है और ग्रहण नहीं बनता।
             
माय होम इंडिया के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में काबीना मंत्री बेबी रानी मौर्या व राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने किया सम्मानित*
गोमती मित्र मंडल समिति हुई लखनऊ में सम्मानित।

सुल्तानपुर,माय होम इंडिया परिवार द्वारा 30 मई दिन शनिवार को देर शाम लखनऊ के छत्रपति शाहूजी महाराज भागीदारी भवन में आयोजित हुए स्वातंत्र्यवीर सावरकर जयंती महोत्सव में पर्यावरण एवं गोमती स्वच्छता के लिए किए गए व किये जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए विशिष्ठ अतिथि पूर्व बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार प्रो.डॉक्टर सतीश द्विवेदी,मुख्य वक्ता पूर्व राष्ट्रीय सचिव भाजपा एवं संस्थापक माय होम इंडिया सुनील देवधर व कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कृपा शंकर सिंह पूर्व गृह राज्य मंत्री महाराष्ट्र की उपस्थिति में पूर्व राज्यपाल उत्तराखंड व वर्तमान में काबीना मंत्री महिला कल्याण,बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग उ.प्र.सरकार तथा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार समाज कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश सरकार असीम अरुण ने किया। गोमती मित्र मंडल समिति कुशभवनपुर के प्रदेश अध्यक्ष रूद्र प्रताप सिंह मदन को सम्मानित,माय होम इंडिया के उत्तरप्रदेश संयोजक आलोक रंजन द्वारा आयोजक मंडल को गोमती मित्र मंडल द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से चर्चा करने के बाद आयोजक मंडल ने यह निर्णय लिया। सम्मान प्राप्त करने के बाद गोमती मित्रों संरक्षक रतन कसौधन,प्रबंधक राजेंद्र शर्मा,आरती सह-संयोजक राकेश सिंह दद्दू,युवा मण्डल अध्यक्ष अजय वर्मा,मुन्ना सोनी व आलोक तिवारी के साथ उपस्थित रहे। गोमती मित्र मंडल के प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह मदन ने अनौपचारिक वार्तालाप में आयोजक मण्डल के प्रति ह्रदय से आभार प्रेषित करते हुये कहा की यह गोमती मित्रों व प्रत्येक नगरवासी का सम्मान है। गोमती मित्र मण्डल के प्रदेश प्रवक्ता व मीडिया प्रभारी रमेश माहेश्वरी ने कहा की इस सम्मान के असली हक़दार जनपद के सम्मानित पत्रकार बंधु हैं जिन्होंने समिति के कार्यों को हमेशा अपनी ख़बरों में प्रमुख स्थान दिया है।
अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद एक्शन में शुभेन्दु सरकार, 5 आरोपी गिरफ्तार

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तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ कथित दुर्व्यवहार और हमले के मामले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अभिषेक बनर्जी शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिलने गए थे। इसी दौरान कथित तौर पर एक भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और राज्य की राजनीति गरमा गई।

पुलिस ने पांच लोगों को किया गिरफ्तार

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद बंगाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने कहा कि वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनमें से दो लोगों की पहचान तपन मैती और आकाश के रूप में हुई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और पकड़े गए पांचों लोगों से पूछताछ की जा रही है।

ममता ने हमले के लिए भाजपा को ठहराया जिम्मेदार

टीएमसी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हमले के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी को चिकित्सा सुविधा मिलने से रोकने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा, सत्ता में बैठे लोग अस्पतालों और संबंधित अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं ताकि अभिषेक बनर्जी को भर्ती न किया जाए, क्योंकि वे नहीं चाहते कि उनका इलाज हो। उन्होंने पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।

हमले के विरोध में टीएमसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे

उधर, अभिषेक बनर्जी के कथित हमले के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। हुगली जिले के चुंचुड़ा में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व तृणमूल विधायक असित मजूमदार ने पिपुलपाती मोड़ पर सड़क जाम कर धरना दिया। प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। असित मजूमदार ने कहा कि अत्याचार का सामना कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्थन में जाने पर अभिषेक बनर्जी को कथित रूप से अपमानित किया गया।उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ऊपर अंडे और जूते फेंके गए, जिसके विरोध में तृणमूल कांग्रेस सड़क पर उतरी है।

गया में अवैध नर्सिंग होम का कथित खेल उजागर, वायरल वीडियो के बाद स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल

गया। जिले में अवैध नर्सिंग होमों के संचालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में पुराना जीबीएम कॉलेज के समीप स्थित एक दो मंजिला भवन में कथित रूप से बिना वैध अनुमति के नर्सिंग होम संचालित किए जाने का दावा किया गया है। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली और निगरानी व्यवस्था पर चर्चा तेज हो गई है।

वायरल वीडियो में भवन के बाहर अस्पताल का कोई स्पष्ट बोर्ड नहीं दिखाई दे रहा है। केवल एक अल्ट्रासाउंड सेंटर का बोर्ड लगा हुआ है, जबकि अंदर कई मरीज भर्ती होने और ऑपरेशन के बाद उपचाररत होने का दावा किया जा रहा है। वीडियो बनाने वाले लोगों का कहना है कि यह नर्सिंग होम बिना लाइसेंस संचालित किया जा रहा है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि गांव-देहात से आने वाले मरीजों और गर्भवती महिलाओं को बेहतर इलाज का भरोसा देकर यहां भर्ती कराया जाता है। इलाज शुरू होने के बाद मरीजों के परिजनों से भारी-भरकम राशि वसूले जाने की भी शिकायतें सामने आती रही हैं।

आरोप यह भी है कि कुछ बिचौलियों और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से मरीजों को यहां लाया जाता है।

गया शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई अवैध नर्सिंग होम संचालित होने की शिकायतें पहले भी उठती रही हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर जांच और कार्रवाई की बात कही जाती है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।

अब इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद लोगों की नजर जिला प्रशासन, सिविल सर्जन और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी है। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

आजमगढ़: जमालपुर काजी बाजार में बाइक-कार की आमने-सामने टक्कर, युवक की मौत, दो गंभीर रूप से घायल
आजमगढ़। तहबरपुर थाना क्षेत्र के जमालपुर काजी बाजार में आज रविवार सुबह करीब 11 बजे हुए सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक पर सवार दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुपर स्प्लेंडर बाइक (UP50CD5642) पर तीन लोग सवार होकर जा रहे थे। जमालपुर काजी बाजार के पास उनकी बाइक की आमने-सामने टक्कर ऑल्टो K10 कार (UP62AU5010) से हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाइक की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके कारण टक्कर इतनी भीषण हुई कि बाइक सवार सड़क पर दूर-दूर जा गिरे। हादसे में बाइक चालक केशव कुमार (28 वर्ष), पुत्र बिहारी निवासी, ग्राम दासोपट्टी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बाइक पर सवार अवनीश कुमार (32 वर्ष), पुत्र लाल बहादुर, निवासी दासोपट्टी तथा सुभाष पासवान उर्फ (शोभई) उम्र 60 वर्ष पुत्र तुड़ई गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। बताया गया कि कार चालक उमाकांत यादव, पुत्र त्रिलोकी यादव, निवासी पटखौली कार चला रहा था। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। इस हादसे से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
संदिग्ध हालत में अधेड़ महिला की मौत..
खेत पर काम करते समय बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत*

पीयूष तिवारी
बेनीगंज- कोतवाली क्षेत्र मे
खेत मे अपने पति को खाना देने गयी खेत मे महिला कीटनाशक दवाई के सम्पर्क मे आने से स्थिति खराब हो गयी।परिजन तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोथावा को लाये। जहा पर चिकत्सको ने महिला की हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया। जहा इलाज के दौरान महिला की मौत हो गयी। बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के बहादुरपुर गांव निवासी होरीलाल शनिवार शाम खेत मे लगी उड़द की फसल में कीटनाशक दवाई का छिड़काव कर रहे थे।इस दौरान होरीलाल की पत्नी श्यामा 53 वर्ष घर से खाना बनाकर खेत पर गई हुई थी। कि श्यामा कीटनाशक दवाई के संपर्क में आने से तबीयत खराब हो गई परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोथावा ले गए।जहा पर चिकत्सको ने महिला की हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया। जहा इलाज के दौरान महिला की मौत हो गयी। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
बेरमो की गर्भवती महिला अनीता देवी हत्याकांड के मुख्य सरगना की हो अविलंब गिरफ्तारी : अमर कुमार बाऊरी

बोकारो जिले के बेरमो की 4 माह की एक गर्भवती महिला अनीता देवी की निर्मम हत्याकांड को लेकर झारखंड भाजपा के तेवर काफी तल्ख हैं। भारतीय जनता पार्टी इस मामले को लेकर काफी गंभीर है और प्रदेश भाजपा इस मामले को अंजाम तक पहुंचाने को लेकर प्रतिबद्ध दिख रही है। इसी मामले को लेकर पार्टी के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने पार्टी के प्रदेश कार्यालय रांची में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा है कि उक्त मामले में भारतीय जनता पार्टी के दबाव में आनन फानन में पुलिस द्वारा 6 लोगों की गिरफ्तारी हुई है जो नाकाफी है। राज्य सरकार, स्थानीय डीसी, एसपी, स्थानीय कांग्रेस विधायक के इशारे पर मामले को मैनेज करने का हरसंभव प्रयास किया गया और जब भाजपा ने बोकारो चक्का जाम का अल्टीमेटम दिया तब स्थानीय पुलिस कुछ नामजद लोगों की गिरफ्तारी दिखाकर अपना दामन बचाने का असफल प्रयास कर रही है।

श्री बाउरी ने कहा कि इस मामले में शामिल मुख्य सरगना को अविलंब गिरफ्तार करने, पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपए मुआवजा देने, इस घटना में शामिल दोषी पुलिस अधिकारी एवं निष्पक्ष पोस्टमार्टम प्रक्रिया को खराब करने, उसमें बाधक बनने वाले मेडिकल कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग भाजपा करती है। साथ ही भाजपा ने बोकारो के डीसी, एसपी, स्थानीय थानों की भूमिका की जांच की भी मांग की है। कहा कि यहां के पूरे तंत्र और संगठित गिरोह की जांच होनी चाहिए जो कांग्रेस पार्टी और उनके विधायक के संरक्षण में राज्य सरकार की देख रेख में फल फूल रहा है।

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि बीजेपी इस पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पूरी ताकत के साथ खड़ी है। पार्टी के लोग एक जून को फिर पीड़ित परिवार से मिलने जाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने साफ कहा है कि इस लड़ाई को अंजाम तक लेकर जाएंगे और जरूरत पड़ी तो अनुसूचित जाति आयोग को भी लिखित रूप से सूचित किया जाएगा।

श्री बाउरी ने कहा कि बोकारो में सरकार और पुलिस प्रशासन के संरक्षण में एक संगठित गिरोह चल रहा है जिसमें कई सफेदपोश भी शामिल हैं। इस गिरोह के लोग गरीबों को मोहरा बनाकर अपनी रोटी सेंकने का काम कर रहे हैं। बेरमो की यह घटना उसी का वीभत्स चेहरा है।

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि फुसरो में भुईंया समाज की चार माह की एक गर्भवती महिला की निर्मम हत्या केवल एक महिला भर का हत्या नहीं है बल्कि उसके पेट में पल रहे एक शिशु की हत्या का भी मामला है। हेमंत सरकार में अपराधियों को कैसे संरक्षण मिला हुआ है, यह घटना इसका उदाहरण है। कोयला माफियाओं ने महिला को पहले लोगों के बीच में उनके पति के सामने पीट-पीट कर हत्या कर दी। फिर जो अपराधी हत्या करते हैं वही लोग शव को लेकर पोस्टमार्टम हाउस जाते हैं और मृतका के पति से जबरन हस्ताक्षर कराकर पोस्टमार्टम भी करवा देते हैं। फिर परिजनों पर शव के अंतिम संस्कार का दबाव भी डालते हैं। मानवता को शर्मसार करने वाली यह खबर धीरे-धीरे समाज के बीच फैल जाती है और दिन चढ़ते चढ़ते हजारों लोगों के रूप में जनाक्रोश सड़कों पर उतर जाता है। लोग शव को लेकर सड़क जाम कर देते हैं। भारतीय जनता पार्टी को भी इसकी खबर मिलती है। जिले के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र राज, वार्ड पार्षद अर्चना, सांसद ढुल्लू महतो भी घटना स्थल पर पहुंचते हैं। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू खुद लगातार मामले की फोन पर पल पल जानकारी लेते रहे और भावी आंदोलन को लेकर मार्गदर्शन देते रहे। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी राज्य के मुख्य सचिव से मामले को लेकर बात करते हैं। बावजूद पुलिस प्रशासन का रवैया काफी दुखद रहा। पुलिस प्रशासन पीड़ित को न्याय दिलाने की बजाय सरकार के इशारों के अनुपालन और मामले को मैनेज करने में जुटा रहा। इतनी बड़ी घटना के बाद, बीजेपी के द्वारा मामले को प्रमुखता से उठाने के बाद भी राज्य सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंगती है। अंत में जब प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशानुसार अल्टीमेटम दिया गया कि दोषी गिरफ्तार नहीं होते हैं तो बोकारो का चक्का जाम किया जाएगा तो प्रशासन को लगा कि बीजेपी पीछे नहीं हटने वाली है। तब आनन फानन में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया। फिर प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशानुसार पार्टी द्वारा चक्का जाम कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया।

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि स्थानीय विधायक और कांग्रेस पार्टी दलित के हितैषी होने का दिन भर राग अलापती रहती है लेकिन इतनी बड़ी घटना के बाद भी कांग्रेस के स्थानीय विधायक वहां झांकने तक नहीं जाते हैं। सच्चाई यह है कि जिन गुर्गो ने घटना को अंजाम दिया है इन लोगों का पूरा संरक्षण मिला हुआ है। घटना के मुख्य सरगना को बचाने के लिए कांग्रेस विधायक पूरी ताकत से लगे हुए हैं। सरगना को सरकार का संरक्षण भी प्राप्त है। निष्पक्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट अब भी बोकारो प्रशासन के लिए चुनौती है। इसे प्रभावित करने और पीड़ित परिवार को प्रलोभन देने के लिए सरकार और प्रशासन पूरी ताकत लगाएंगे, इससे इनकार नहीं किया जा सकता है।

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि राज्य के डीसी और एसपी तो मानो राज्य सरकार के बंधुआ मजदूर बन चुके हैं। यहां ये लोग कानून संविधान से नहीं बल्कि अपने सत्ता पक्ष के आकाओं को खुश करने के लिए ही काम करते हैं। बोकारो जिला तो पूरी तरह पंगु बना हुआ है। बोकारो में लगातार इस प्रकार की घटनाएं घट रही है जो दर्शाती है कि यहां के पुलिस प्रशासन पूरी तरह निष्क्रिय हो चुके हैं और राज्य सरकार के इशारे पर चलते हैं। पिंडराजोरा थाना की घटना इसका उदाहरण है। बाद में उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप से पूरा का पूरा थाना सस्पेंड हुआ, एसपी हटाए गए, इसके बाद भी पुलिस की कार्यशैली में कोई बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है। सरकार के संरक्षण में पुलिस काम कर रही है। चास इलाके में एक घटना घटित होती है तो सरकार के मंत्री इरफान अंसारी अपराधियों के पक्ष में खड़े हो जाते हैं और कहते हैं कि आपके घबराने की जरूरत नहीं है, सरकार आपके साथ खड़ी है। कहने और बतलाने का तात्पर्य है कि सरकार और उनके तंत्र किस प्रकार काम कर कर रहे हैं। अब ऐसे में सिस्टम पर आम लोगों का भरोसा कैसे कायम रह पाएगा।

इस दौरान प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह, प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज एवं एससी मोर्चा के प्रवक्ता राकेश भी प्रेसवार्ता के दौरान मौजूद थे।

वीर सावरकर का राष्ट्र प्रथम विचार युवाओं के लिए प्रेरणा : अपर पुलिस उपायुक्त जितेंद्र कुमार दुबे
लखनऊ। गोमती नगर के छत्रपति शाहूजी महाराज भागीदारी भवन में शनिवार को 'माय होम इंडिया' संस्था के तत्वावधान में 'स्वातंत्र्यवीर सावरकर जयंती महोत्सव 2026' का आयोजन हुआ।क्रांतिसूर्य स्वातंत्र्यवीर सावरकर की जयंती पर आयोजित इस वैचारिक संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि के रूप में अपर पुलिस उपायुक्त जितेंद्र कुमार दुबे उपस्थित रहे। उन्होंने सावरकर के राष्ट्र प्रथम के विचारों को आज के युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताया और कहा कि सावरकर का जीवन संघर्ष, त्याग और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण की मिसाल है। एडीसीपी दुबे ने मातृभूमि की सेवा को सर्वोच्च कर्तव्य बताते हुए उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सावरकर ने काला पानी की यातनाओं को सहकर भी देश की आजादी का सपना नहीं छोड़ा। उनका सामाजिक समरसता और अखंड भारत का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण रहे। अध्यक्षता महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह ने की। मुख्य वक्ता 'माय होम इंडिया' के संस्थापक सुनील देवधर ने सावरकर के जीवन दर्शन को विस्तार से साझा किया। पूर्व बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. सतीश द्विवेदी भी मंच पर मौजूद रहे। सायं 5 बजे शुरू हुए इस गरिमामय आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों ने सपरिवार हिस्सा लिया और राष्ट्र निर्माण का संकल्प दोहराया। वक्ताओं ने सावरकर के हिंदुत्व, इतिहास लेखन और समाज सुधार के योगदान को याद किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में राम प्रताप सिंह, आलोक रंजन सिंह और अखिल चतुर्वेदी की अहम भूमिका रही।
कानपुर में B.Ed प्रवेश परीक्षा के दौरान बड़ा हादसा, नाले का स्लैब टूटा; कई अभ्यर्थी नाले में गिरे

कानपुर। बीएड प्रवेश परीक्षा के दौरान कानपुर के कर्नलगंज क्षेत्र में बड़ा हादसा हो गया। परीक्षा केंद्र के पास बने ढके नाले का स्लैब अचानक टूट जाने से कई अभ्यर्थी नाले में गिर पड़े। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, परीक्षा देने पहुंचे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र के बाहर नाले के ऊपर बने स्लैब पर खड़े थे। इसी दौरान स्लैब अचानक भरभराकर टूट गया, जिससे वहां मौजूद कई अभ्यर्थी सीधे नाले में जा गिरे। हादसे में कई लोगों के घायल होने की सूचना है।

घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। लोगों की मदद से नाले में गिरे अभ्यर्थियों को बाहर निकाला गया और घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया।
सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा हालात का जायजा लिया। हादसे के बाद परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा इंतजाम और सार्वजनिक निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
हिंदी पत्रकारिता दिवस पर भव्य सम्मेलन का किया गया आयोजन
कवियों ने अपने साहित्यों से बांधा समा, तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजा तहसील सभागार।

बलरामपुर जनपद के श्रावस्ती में हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर तहसील भिनगा में पत्रकार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन पूर्व जिलाध्यक्ष जीपीए बृजेश गुप्ता ,पत्रकार प्रदीप गुप्ता व वरिष्ठ पत्रकार/कवि जीपी मिश्र मधुकर किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री/जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्रा व विशिष्ट अतिथि विधायक भिनगा श्रीमती इंद्राणी वर्मा, उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल संगठन अध्यक्ष सुभाष सत्या एवं जिला पंचायत सदस्य अशोक यादव रहे। मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित व मां सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। पत्रकारों ने अतिथियों का माल्यार्पण कर व राम दरबार, भगवान बुद्ध का चित्र व अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया।

मुख्य अतिथि ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकारिता कोई व्यवसाय नही है बल्कि एक समाज सेवा का पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा कि कार्यपालिका, विधायका व न्याय पालिका के बाद पत्रकारिता ही राष्ट्र का मजबूत स्तंभ है इस लिए लोग इसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मानते है। सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को जो हम गरीब पिछड़े, वंचित, दलित तक नही पहुँचा पाते वह कार्य पत्रकार पूरा करता है। उन्होंने कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा कि जब पूरा देश लॉक डाउन से जूझ रहा था उस समय निडरता के साथ पत्रकार अपने घरों से निकलकर अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभा रहा था। साथ ही उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के एक पोस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि एक तरफ मासूम बच्ची पड़ी थी वहीं दूसरी तरफ एक गिद्ध उस मासूम बच्ची के मरने का इंतजार कर रहा था उन्होंने उस फोटो को ट्यूट करके वाह वाही लूटी परंतु उस व्यक्ति ने अपने मानवता धर्म का पालन नही किया। वही विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद भिनगा विधायक श्रीमती इंद्राणी वर्मा ने इस बात पर खेद प्रकट किया कि जहाँ सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करती है परंतु इस सभागार में एक भी महिला पत्रकार नजर नही आ रही है जबकि महिलाओं को भी बढ़ चढ़कर पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। कार्यक्रम के शुभारंभ में कवियों ने अपनी रचना को पढ़कर लोगों को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया। वहीं उत्त्तर प्रदेश व्यापार मंडल संगठन जिलाध्यक्ष सुभाष सत्या ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सभी पत्रकारों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पत्रकार अपनी लेखनी को कमजोर न होने दें अगर शासन या प्रशासन के विरुद्ध कोई खबर प्रकाशित होती है तो उसको संज्ञान में लेकर अधिकारियों को उसकी कमी को दूर करना चाहिए। वही परियोजना निदेशक अश्वनी कुमार सोनकर ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में आकर मुझे ऐसा लगा कि मैं श्रावस्ती जिले में हूँ जहां ऐसे हुनर कवि व समाज को आइना दिखाने वाले पत्रकार है जिन्होंने ऐसे आयोजन कर समाज में एक संदेश देने का काम किया है जिससे श्रावस्ती जिला साक्षरता की ओर बढ़ेगा। उन्होंने भगवान बुद्ध का उदाहरण देते हुए कहा की जिन्होंने 14 वर्ष यहां तपस्या कर लोगों को ज्ञान दिया परंतु शिक्षा के क्षेत्र में आज भी श्रावस्ती काफी पिछड़ा हुआ है। उन्होंने अपील की कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आप सभी पत्रकार जन जन तक पहुंचाए उन्होंने कहा कि जिले में अभी भी बहुत ऐसे गरीब, असहाय परिवार है जिनके सर पर छत नही है उन्हें प्रशासन की जानकारी में लाने का काम करे जिससे उन गरीब परिवार तक सरकार की योजनाएं पहुंच सके। इस अवसर पर कार्यक्रम में आये हुए कवियों के द्वारा पढ़ी गई साहित्य को सराहा साथ ही उन्हें मंच देने के लिए उनका आवाहन किया और उन्हें माल्यर्पण कर शुभकामनाएं दी। तत्पश्चात कार्यक्रम में मौजूद पत्रकारों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। वही परियोजना निदेशक ने वरिष्ठ कवि जीपी मिश्र मधुकर व कार्यक्रम में मौजूद समस्त पत्रकारों का माल्यार्पण कर व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार राधेश्याम तिवारी, राजीव टंडन, मदन मोहन सिंह, शिव नंदन गुप्ता,मेराज , मुकेश गुप्ता व बाबू राम पाठक, नन्द कुमार गुप्ता, मोहित गुप्ता, प्रदीप त्रिपाठी, संदीप त्रिपाठी शिव शंकर तिवारी तिवारी, ओंकार वर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।
31 मई 2026 की रात्रि में होगा माइक्रो ब्लू मून/ पूर्ण चंद्रमा (Full Moon) का दीदार

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि रविवार, 31 मई 2026 की रात्रि को माइक्रो ब्लू मून का दीदार होगा,

क्या होता है माइक्रो ब्लू मून?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चांद, तारों के शौकीन खगोल प्रेमियों के लिए अलविदा होती हुई मई 2026 एक और शानदार खगोलीय नज़ारे को देकर जा रही है तो आपको भरपूर लुत्फ़ उठाने के लिए तैयार हो जाना चाहिए क्योंकि इस बार दिखाई देगा शानदार खगोलीय ब्लू मून।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ब्लू मून (Blue Moon) किसी कैलेंडर माह में दिखाई देने वाली दूसरी पूर्णिमा (Full Moon) को कहा जाता है। क्योंकि इस वर्ष, मई महीने में पहली पूर्णिमा 1 मई 2026 को वैशाख पूर्णिमा के रूप में दिखाई दी थी और दूसरी पूर्णिमा जोकि ब्लू मून भी होगी वह 31 मई 2026 को ज्येष्ठ अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) की पूर्णिमा है यह 31 मई 2026 की दूसरी पूर्णिमा भी इसी मई माह में दिखाई दे रही है इसीली इसको ब्लू मून कहा जायेगा लेकिन इसका चंद्रमा के वास्तविक नीले रंग से कोई लेना-देना नहीं होता है, यह एक सामान्य पूर्णिमा की तरह ही दिखाई देती है, और शाम को सूर्यास्त के ठीक बाद पूर्वी क्षितिज पर इसका दीदार सबसे खूबसूरत होगा, लेकिन 31 मई की शाम को जब चंद्रमा उदय होगा, तब तक तकनीकी रूप से पूर्णिमा की तिथि समाप्त हो चुकी होगी, (यह पंचांगीय तिथि के समाप्त होने की बात है, परंतु खगोलीय और दृश्यात्मक रूप से यह रात भर पूर्ण चंद्रमा (Full Moon) के रूप में ही चमकेगा।) या कुछ यूं कहें कि मानवीय आँखों को यह तब भी पूरी तरह गोल और भव्य ही दिखाई देगा,इस बार के ब्लू मून की खास विशेषताएँ बताते हुए खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोलविज्ञान के नजरिए से यह केवल एक साधारण "कैलेंडर ब्लू मून" (एक ही महीने में दो पूर्णिमा) नहीं है, बल्कि इसमें कुछ और भी दिलचस्प बिंदु शामिल हैं जैसे कि यह माइक्रो ब्लू मून (Micro Blue Moon) का चंद्रमा अपने अपोजी (Apogee पृथ्वी से सबसे दूर का बिंदु) के बेहद करीब होगा (लगभग 2,52,360 मील दूर)। इस वजह से यह आकार में आम पूर्णिमा के मुक़ाबले करीब 6 से 7% प्रतिशत छोटा और थोड़ा कम चमकदार भी दिखेगा, या कुछ यूं कहें कि यह किसी भी औसत पूर्णिमा से लगभग 5–7% छोटा और सुपरमून की तुलना में लगभग 12–14% छोटा होगा जिसे हम माइक्रो मून भी कहते हैं। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि साथ ही 31 मई 2026 की रात अंटारेस (Antares)  जोकि एक चमकीला तारा है उसके साथ चंद्रमा की युति 31 मई की रात को ही घटित होगी जब आप इसे देखेंगे, तो यह वृश्चिक राशि (Scorpius) के सबसे चमकीले लाल तारे अंटारेस (ज्येष्ठा नक्षत्र) के बेहद करीब से गुजरता हुआ दिखाई देगा, एंटारेस (Antares), जिसे भारतीय खगोल विज्ञान में ज्येष्ठा तारा भी कहा जाता है, वृश्चिक तारामंडल (Scorpius constellation) का सबसे चमकीला तारा है ,यह रात्रि आकाश का 15वां सबसे चमकीला तारा है, नंगी आँखों से देखने पर यह लाल रंग का दिखाई देता है,जो दृश्यात्मक रूप से काफी सुंदर संयोजन बनाएगा।

कैसे बनता है ब्लू मून ?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि एक कैलेंडर माह में आमतौर पर केवल एक ही पूर्णिमा होती है। लेकिन, एक चंद्र चक्र का समय लगभग
29.5 दिन होता है। इस अंतर के कारण लगभग हर 2.5 से 3 साल में किसी एक महीने में दो पूर्णिमाएँ आ जाती हैं। ऐसी स्थिति में महीने की दूसरी पूर्णिमा को ब्लू मून कहते हैं। एवं पारंपरिक खगोलीय मौसम (ऋतु) में जब सामान्य से अधिक यानी 4 पूर्णिमाएँ होती हैं, तो उस मौसम की तीसरी पूर्णिमा को भी ब्लू मून माना जाता है।

क्या चांद सच में नीला होता है?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चांद अपने सामान्य सुनहरे, पीले या सफेद रंग में ही दिखता है। हालाँकि, बहुत ही दुर्लभ परिस्थितियों में (जैसे भीषण जंगलों की आग या ज्वालामुखी के विस्फोट के समय) आसमान में मौजूद धूल और धुएँ के कणों के कारण चाँद का रंग हल्का नीला जरूर दिखाई दे सकता है। साथ ही ब्लू मून की घटना कोई बहुत ही दुर्लभ खगोलीय घटना नहीं है। लेकिन इसका अंग्रेजी मुहावरा "once in a blue moon" अक्सर बहुत कम या कभी-कभार होने वाली घटनाओं को दर्शाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

क्या होगा इसका चरम समय समय?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 31 मई 2026 में ब्लू मून की सबसे सटीक चरम अवस्था भारतीय समयानुसार 31 मई 2026 को दोपहर 2:15 (IST) बजे होगी। उस दौरान भारत में दिन का समय होगा जोकि एक समय विशेष पर ही घटित होती है,लेकिन साधारण आंखों से पूर्णिमा को देखने पर आप लगभग एक दिन पहले और एक दिन बाद में भी अपने गोल स्वरूप में ही देख सकते हैं, इसीलिए ब्लू मून को देखने के लिए आपको भारत के हिसाब से 31 मई 2026 की रात्रि का समय ही सबसे उपयुक्त होगा।

कैसे और किस दिशा में देखें?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इसे देखने के लिए आपको किसी विशेष खगोलीय उपकरण की आवश्यकता नहीं है इसे आप अपनी नग्न आंखों( साधारण आँखों) से देख सकते हैं शाम होते ही यह दिखाई देना शुरू हो जायेगा और पूरी रात खूबसूरत दिखाई देगा और खूबसूरत देखने और पूर्ण चंद्रोदय (Moonrise) का अद्भुत नज़ारा लेने का सबसे उत्तम समय 31 मई की शाम को सूर्यास्त के बाद का होगा। और भी अधिक सर्वोत्तम समय, शाम 06:30 बजे से रात 08:45 बजे के बीच होगा अगर दृश्यता की बात करें तो पाते हैं कि यह पूरे भारत में दिखाई देगा। आसमान साफ होने पर इसे बिना किसी दूरबीन के आसानी से देखा जा सकता है और माइक्रो मून (Micromoon)/ ब्लू मून होने के साथ-साथ इस साल का  छोटा और सबसे दूर स्थित पूर्ण चंद्रमा भी है, जो सामान्य से थोड़ा छोटा और कम चमकीला दिखाई देगा और इस घटना का नाम तो 'ब्लू मून' है, लेकिन इसका रंग सामान्य सफेद या हल्का नारंगी (चंद्रोदय के समय) ही रहेगा।

किस तारामण्डल में दिखाई देगा माइक्रो ब्लू मून ?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि उस सटीक समय पर चंद्रमा पृथ्वी से लगभग 406,135.2 किलोमीटर (252,361.3 मील) दूर होगा तथा भारत से देखने पर यह वृश्चिक (Scorpius) तारामंडल में दिखाई देगा इस दौरान चंद्रमा की चमक का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 12.52 के क़रीब होगा। जोकि पूरब और दक्षिणी आकाश में नज़र आयेगा।

क्या होता है माइक्रोमून?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 31 मई 2026 की रात्रि की यह पूर्णिमा “माइक्रोमून” होगी। और यह घटना तब होती है जब पूर्ण चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी से सबसे अधिक दूरी वाले बिंदु, अर्थात “अपोजी” (Apogee), के निकट होता है। इसके परिणामस्वरूप चंद्रमा आकाश में सामान्य पूर्णिमा की तुलना में थोड़ा छोटा दिखाई देता है। उस समय इसका प्रत्यक्ष आकार लगभग 0.49° होगा।

क्या होता है पूर्णिमा का खगोलविज्ञान ?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि पूर्ण चंद्रमा तब होता है जब पृथ्वी की ओर वाला चंद्रमा का भाग सूर्य के प्रकाश से लगभग 100% प्रकाशित दिखाई देता है। और यह स्थिति तब बनती है जब पृथ्वी लगभग सूर्य और चंद्रमा के बीच स्थित होती है। अर्थात, चंद्रमा पृथ्वी के उस पार होता है जो सूर्य के विपरीत दिशा में होता है। एवं आकाश में चंद्रमा की गति सूर्य के सापेक्ष इस ज्यामितीय स्थिति (जिसे “Opposition” भी कहा जाता है) के कारण पूर्ण चंद्रमा सामान्यतः सूर्यास्त के समय उदित होता है, और आधी रात के आसपास आकाश में अपनी सबसे अधिक ऊँचाई पर पहुँचता है और सूर्योदय के समय अस्त होता है।
साथ ही यह भी जानना आवश्यक है कि पूर्णिमा की एक और रोचक विशेषता यह है कि 24 घंटों के दौरान आकाश में उसकी गति लगभग सूर्य के विपरीत ऋतु वाले मार्ग का अनुसरण करती है। अर्थात:
सर्दियों में पूर्णिमा आकाश में अधिक ऊँचाई तक पहुँचती है, जैसे गर्मियों में सूर्य पहुँचता है।
वहीं गर्मियों में पूर्णिमा अपेक्षाकृत नीचे दिखाई देती है।
इसी कारण सर्दियों की पूर्णिमाएँ आकाश में अधिक ऊँची और चमकीली प्रतीत होती हैं।

दो पूर्णिमाओं के बीच का अंतराल कितना होता है?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि दो पूर्ण चंद्रमाओं के बीच का औसत अंतराल लगभग 29.53 दिन होता है, अर्थात 29 दिन, 12 घंटे और 43 मिनट। इस समय अवधि को खगोलविज्ञान की भाषा में “सिनोडिक महीना” (Synodic Month) या “ल्यूनेशन” (Lunation) कहा जाता है। हालाँकि यह एक औसत मान है; वास्तविक अंतराल कुछ घंटों तक कम या अधिक हो सकता है। इसका मुख्य कारण यह है कि चंद्रमा की पृथ्वी के चारों ओर की कक्षा पूर्णतः वृत्ताकार नहीं होती, बल्कि यह अंडाकार या ओवल या दीर्घवृत्ताकार होती है,तथा पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर की कक्षा भी दीर्घवृत्ताकार (Elliptical) होती है।

प्रत्येक पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण क्यों नहीं होता है?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि प्रत्येक पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण नहीं होता है क्योंकि चन्द्रमा की कक्षा,पृथ्वी के सापेक्ष 5 डिग्री झुकी हुई होती है या कुछ यूं कहें कि चंद्रमा की कक्षा, पृथ्वी की कक्षा के तल से लगभग 5° झुकी हुई है, इसलिए अधिकांश पूर्णिमाओं पर ग्रहण नहीं बनता।यह कभी-कभी पूर्णिमा के समय ही चंद्रमा ,पृथ्वी की अंतरिक्ष में पड़ने वाली छाया से होकर गुजरता है। ऐसी स्थिति में “चंद्र ग्रहण” (Lunar Eclipse) घटित होता है,लेकिन हर पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण नहीं होता, क्योंकि चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर की कक्षा की तुलना में थोड़ी झुकी हुई होती है। इसी कारण अधिकांश समय पूर्ण चंद्रमा, पृथ्वी की छाया के ऊपर या नीचे से निकल जाता है और ग्रहण नहीं बनता।
             
माय होम इंडिया के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में काबीना मंत्री बेबी रानी मौर्या व राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने किया सम्मानित*
गोमती मित्र मंडल समिति हुई लखनऊ में सम्मानित।

सुल्तानपुर,माय होम इंडिया परिवार द्वारा 30 मई दिन शनिवार को देर शाम लखनऊ के छत्रपति शाहूजी महाराज भागीदारी भवन में आयोजित हुए स्वातंत्र्यवीर सावरकर जयंती महोत्सव में पर्यावरण एवं गोमती स्वच्छता के लिए किए गए व किये जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए विशिष्ठ अतिथि पूर्व बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार प्रो.डॉक्टर सतीश द्विवेदी,मुख्य वक्ता पूर्व राष्ट्रीय सचिव भाजपा एवं संस्थापक माय होम इंडिया सुनील देवधर व कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कृपा शंकर सिंह पूर्व गृह राज्य मंत्री महाराष्ट्र की उपस्थिति में पूर्व राज्यपाल उत्तराखंड व वर्तमान में काबीना मंत्री महिला कल्याण,बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग उ.प्र.सरकार तथा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार समाज कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश सरकार असीम अरुण ने किया। गोमती मित्र मंडल समिति कुशभवनपुर के प्रदेश अध्यक्ष रूद्र प्रताप सिंह मदन को सम्मानित,माय होम इंडिया के उत्तरप्रदेश संयोजक आलोक रंजन द्वारा आयोजक मंडल को गोमती मित्र मंडल द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से चर्चा करने के बाद आयोजक मंडल ने यह निर्णय लिया। सम्मान प्राप्त करने के बाद गोमती मित्रों संरक्षक रतन कसौधन,प्रबंधक राजेंद्र शर्मा,आरती सह-संयोजक राकेश सिंह दद्दू,युवा मण्डल अध्यक्ष अजय वर्मा,मुन्ना सोनी व आलोक तिवारी के साथ उपस्थित रहे। गोमती मित्र मंडल के प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह मदन ने अनौपचारिक वार्तालाप में आयोजक मण्डल के प्रति ह्रदय से आभार प्रेषित करते हुये कहा की यह गोमती मित्रों व प्रत्येक नगरवासी का सम्मान है। गोमती मित्र मण्डल के प्रदेश प्रवक्ता व मीडिया प्रभारी रमेश माहेश्वरी ने कहा की इस सम्मान के असली हक़दार जनपद के सम्मानित पत्रकार बंधु हैं जिन्होंने समिति के कार्यों को हमेशा अपनी ख़बरों में प्रमुख स्थान दिया है।
अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद एक्शन में शुभेन्दु सरकार, 5 आरोपी गिरफ्तार

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तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ कथित दुर्व्यवहार और हमले के मामले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अभिषेक बनर्जी शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिलने गए थे। इसी दौरान कथित तौर पर एक भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और राज्य की राजनीति गरमा गई।

पुलिस ने पांच लोगों को किया गिरफ्तार

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद बंगाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने कहा कि वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनमें से दो लोगों की पहचान तपन मैती और आकाश के रूप में हुई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और पकड़े गए पांचों लोगों से पूछताछ की जा रही है।

ममता ने हमले के लिए भाजपा को ठहराया जिम्मेदार

टीएमसी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हमले के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी को चिकित्सा सुविधा मिलने से रोकने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा, सत्ता में बैठे लोग अस्पतालों और संबंधित अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं ताकि अभिषेक बनर्जी को भर्ती न किया जाए, क्योंकि वे नहीं चाहते कि उनका इलाज हो। उन्होंने पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।

हमले के विरोध में टीएमसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे

उधर, अभिषेक बनर्जी के कथित हमले के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। हुगली जिले के चुंचुड़ा में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व तृणमूल विधायक असित मजूमदार ने पिपुलपाती मोड़ पर सड़क जाम कर धरना दिया। प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। असित मजूमदार ने कहा कि अत्याचार का सामना कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्थन में जाने पर अभिषेक बनर्जी को कथित रूप से अपमानित किया गया।उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ऊपर अंडे और जूते फेंके गए, जिसके विरोध में तृणमूल कांग्रेस सड़क पर उतरी है।