बाबा बालखंडी नाथ मंदिर में भव्य शुरुआत; लाखों श्रद्धालुओं के बीच सात दिवसीय श्री अधिक मास शिव महापुराण कथा का उद्घाटन
संजीव सिंह बलिया, 9 जून 2026 — बाबा बालखंडी नाथ मंदिर परिसर में मंगलवार से शुरू हुई सात दिवसीय श्री अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) शिव महापुराण कथा का भव्य और भक्तिमय आयोजन पहले ही दिन श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति के साथ संपन्न हुआ। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा के प्रथम दिन अधिक मास की महिमा तथा भगवान शिव की आराधना के महत्व का विस्तृत वर्णन किया।
कथा का शुभारंभ परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, राज्यसभा सांसद नीरज शेखर तथा भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा द्वारा व्यासपीठ पूजन के साथ हुआ। इस मौके पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बलिया की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस पवित्र भूमि पर कथा आयोजन कराना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने महर्षि भृगु की तपोभूमि और वीरों की धरती बलिया का नमन करते हुए कहा कि अधिक मास भगवान की विशेष कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर है। उन्होंने बताया कि इस पवित्र मास में शिव की उपासना और जलाभिषेक से अनेक गुना पुण्य फल मिलता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” का जाप और एक लोटा जल अर्पित करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ सकता है। कथावचन के दौरान उन्होंने लिंग पुराण और स्कंद पुराण में बाबा बालेश्वर नाथ के वर्णन का संदर्भ भी दिया और श्रद्धालुओं से इन ग्रंथों का अध्ययन करने का आह्वान किया।
कथा के पहले दिन ही देश-प्रदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने पूरा परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गुंजायमान कर दिया। आयोजकों ने लगभग एक लाख लोगों की क्षमता वाला वॉटरप्रूफ पंडाल, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, पार्किंग, सुरक्षा एवं यातायात प्रबंध सहित व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सुरक्षा के कड़े प्रबंधों के तहत कई थानों की पुलिस फोर्स, यातायात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सतत मुस्तैद रहे। गर्मी को ध्यान में रखते हुए पानी व अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया।
आस्था, श्रद्धा और भक्ति के सम्मिलन से परिपूर्ण इस कथाक्रम का पहला दिन श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय रहा। कथा अगले छह दिनों तक चलने वाली है और आयोजन समिति ने आगे भी इसी प्रकार सुचारु व सुरक्षित व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन दिया है।
पैसों के लेन-देन में युवक की निर्मम हत्या
*आक्रोशित परिजनों ने शव हाईवे पर रख लगाया जाम
पुलिस प्रशासन पर लापरवाही और हीलाहवाली का गंभीर आरोप

* गोंडा-जरवल मार्ग पर करीब पौन घंटे तक ठप रहा वाहनों का आवागमन, राहगीर परेशान।

करनैलगंज (गोंडा)। कोतवाली क्षेत्र के सकरौरा ग्रामीण इलाके में पैसों के लेन-देन के पुराने विवाद को लेकर एक 22 वर्षीय युवक की निर्मम हत्या का आरोप लगा है। आरोप है कि वारदात के बाद हत्यारों ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद जब युवक का शव गांव पहुंचा, तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय पुलिस पर मामले में घोर लापरवाही और टालमटोल (हीलाहवाली) करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों व परिजनों ने शव को गोंडा-जरवल हाईवे पर  ब्रम्हचारी स्थान के निकट शव रखकर चक्का जाम कर दिया। करीब पौन घंटे तक चले इस भारी हंगामे के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाद में भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे उच्चाधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच और आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद ही जाम खुलवाया जा सका।
मौसी के लड़के पर लगा हत्या का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सकरौरा ग्रामीण निवासी राहुल कश्यप (22) पुत्र पप्पू कश्यप का अपने ही रिश्ते में मौसी के लड़के पंकज, निवासी डुडही असरना, के साथ पिछले काफी समय से पैसों के लेन-देन को लेकर गंभीर विवाद चल रहा था। परिजनों ने बताया कि सोमवार की रात पंकज ने राहुल को फोन करके किसी बहाने से अपने पास बुलाया था। राहुल जब देर रात तक वापस घर नहीं लौटा, तो परिजनों को अनहोनी की चिंता हुई और उन्होंने उसकी खोजबीन शुरू की। काफी तलाश के बाद मंगलवार की आधी रात्रि पिपरी पेट्रोल पंप के निकट, गोंडा-लखनऊ रेलवे ट्रैक के पास राहुल का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची स्थानीय कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। परिजनों का सीधा आरोप है कि पंकज ने अपने कुछ अन्य अज्ञात साथियों के साथ मिलकर साजिश के तहत राहुल की बेरहमी से हत्या की और इसे रेल दुर्घटना का रूप देने के उद्देश्य से शव को पिपरी के पास रेलवे ट्रैक के किनारे लिटा दिया था।मं गलवार दोपहर बाद जैसे ही राहुल का शव पोस्टमार्टम के बाद वापस गांव पहुंचा, वैसे ही परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। आक्रोशित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने पिपरी ब्रह्मचारी बाबा स्थान के पास शव को मुख्य गोंडा-जरवल हाईवे के बीचों-बीच रख दिया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। शाम करीब 5:15 बजे शुरू हुआ यह चक्का जाम शाम 6:00 बजे तक पूरी तरह प्रभावी रहा। इस दौरान लखनऊ, बहराइच और गोंडा की ओर आने-जाने वाले सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन जाम में फंस गए, जिससे भीषण गर्मी में राहगीरों और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
**पुलिस के ठोस आश्वासन पर खुला जाम
हाईवे जाम होने और हंगामे की संवेदनशीलता को देखते हुए करनैलगंज कोतवाल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने परिजनों को आश्वस्त किया कि मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है और नामजद आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस के इस ठोस आश्वासन और विधिक कार्रवाई के भरोसे के बाद शाम करीब 6:00 बजे परिजनों ने शव को हाईवे से हटाया, जिसके बाद पुलिस ने यातायात को सुचारू रूप से बहाल कराया।
सुपर अल नीनो से मानसून कमजोर: प्रशांत महासागर की सतह का तापमान बढ़ने से कम बारिश की आशंका

नितेश श्रीवास्तव

भदोही । सुपर अल नीनो वैश्विक जलवायु घटना के कारण तापमान में वृद्धि हो रही है। इससे खेती-किसानी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने के साथ ही इस बार मानसून में कम बारिश होने की आशंका है। छह साल पहले भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी। असामान्य तापमान वृद्धि के लिए सुपर अल नीनो को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। यह एक वैश्विक जलवायु घटना है जो प्रशांत महासागर की सतह का तापमान सामान्य से अधिक बढ़ने के कारण उत्पन्न होती है। भारत में इसका सीधा असर दक्षिण-पश्चिम मानसून के कमजोर होने और भीषण गर्मी के रूप में दिखाई देता है। सुपर अल नीनो के कारण मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं, जिससे सामान्य से कम बारिश होने की संभावना बढ़ जाती है। तापमान में अत्यधिक वृद्धि से भीषण लू चलने और मिट्टी की नमी तेजी से खत्म होने का खतरा रहता है।
अब जातीय आरक्षण एससीएसटी एक्ट, जातीय व्यवस्था स्वीकार नहीं : सुरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष

लखनऊ। राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा (RVM) कि जिला कार्यकारिणी गठन को  लेकर आयोजित बैठक में सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे मुख्य अतिथि जो रूप से शामिल हुए सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने अपने संबोधन में केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा सत्तालोलुप,जातिवादी,अथवा परिवारवाद को बढ़ावा देने वाली सोच का प्रतिधित्व नहीं करता, वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था के कारण समाज राष्ट और सामाजिक मूल्यों की हो रही छति  को देखते हुए व्यापक विचार विमर्श और परामर्श के पश्चात इसका गठन किया गया है, राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा कोई एक राजनीतिक दल नहीं है बल्कि विभिन्न राजनीतिक दलों,सामाजिक संगठनों और जनहित में कार्यरत समूहों का साझा मंच है इसका उद्देश्य आगामी चुनावों में जनता को एक ईमानदार पारदर्शी,जवाब देही तथा समरसता पूर्ण शासन का विकल्प प्रदान करना है जिसमे किसी भी नागरिक के साथ जाति, धर्म ,भाषा क्षेत्र या अन्य किसी भी आधार पर भेदभाव न किया जाय मोर्चा का मानना है कि प्रत्येक नागरिक प्रत्येक नागरिक समान सम्मान और अवसर का अधिकारी है किसी व्यक्ति के साथ केवल उसकी जाति,धर्म या जन्मगत पहचान के आधार पर भेदभाव किया जाना सामाजिक समरसता मानव गरिमा और प्राकृतिक न्याय के प्रतिकूल है।

इसलिए ऐसी नीतियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा का पक्षधर हु जो समाज के विभाजन ,वैमनस्व या असमानता को बढ़ावा देती है ,प्रदेश के सभी 403विधान सभा क्षेत्रों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सवर्ण आर्मी भारत के जिला अध्यक्ष पंकज कुमार शुक्ला ने कहा कि जल्द ही जिला ,तहसील ब्लॉक स्तर पर महिला मोर्चा युवा मोर्चा का गठन किया जाएगा ,प्रवेश पाठक ने सवर्ण समाज को संगठित होने पर बल देते हुए कहा कि वर्तवान राजनीत दलों की नीतियों से जनता ऊब चुकी है मदन मोहन मिश्रा ने संकल्प लिया कि सोनभद्र की चारो विधान सभा क्षेत्र में बूथ स्तर पर विकल्प मोर्चा का गठन करूंगा संतोष पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि इन राजनीतिक दलों के सवर्ण नेताओं सांसद विधायक का बहिष्कार किया जाएगा , शिवा मिश्रा मनीष त्रिपाठी जोगिन्दर दुबे आदि ने विचार व्यक्त किया।
पुलिस भर्ती परीक्षा के द्वितीय दिन डीएम-एसपी ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण, निष्पक्ष एवं नकलविहीन परीक्षा पर दिया जोर
*भदोही में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई पुलिस भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली, डीएम और एसपी ने परखी व्यवस्थाएं*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा के द्वितीय दिन जनपद में परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज ज्ञानपुर केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
             निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की प्रवेश जांच, सीसीटीवी निगरानी, व्यवस्था, पेयजल, शौचालय तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का गहन अवलोकन किया। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों, स्टेटिक मजिस्ट्रेटों एवं पुलिस अधिकारियों से परीक्षा संचालन संबंधी जानकारी प्राप्त करते हुए शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
            जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वारों पर अभ्यर्थियों की सघन तलाशी व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी अभ्यर्थी को प्रतिबंधित सामग्री के साथ परीक्षा कक्ष में प्रवेश न करने दिया जाए। अधिकारियों ने कहा कि भर्ती परीक्षा की शुचिता एवं विश्वसनीयता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा।
           जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने पेयजल, विद्युत, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने तथा परीक्षा संचालन में समयबद्धता और अनुशासन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। साथ ही सभी गतिविधियों की निरंतर निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।
         पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने परीक्षा केंद्रों पर तैनात पुलिस बल को सतर्क एवं मुस्तैद रहकर ड्यूटी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित करने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए। परीक्षा केंद्रों एवं उसके आसपास पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई है, जिससे अभ्यर्थियों को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण प्राप्त हो सके।
           अधिकारियों ने सीसीटीवी कैमरों एवं कंट्रोल रूम के माध्यम से की जा रही निगरानी व्यवस्था का भी निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को परीक्षा की प्रत्येक गतिविधि पर सतत नजर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप भर्ती परीक्षा को पूर्णतः नकलविहीन, पारदर्शी एवं निष्पक्ष वातावरण में संपन्न कराया जा रहा है।
         जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जनपद प्रशासन एवं पुलिस विभाग परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। निरीक्षण के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं तथा परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संचालित होती मिली।
         आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती–2025 की लिखित परीक्षा 09 जून 2026 को प्रथम पाली के समस्त केंद्रों पर अभ्यार्थियों की संख्या 2976, उपस्थित 2290, अनुपस्थित 686 रहे। द्वितीय पाली में अभ्यर्थियों की संख्या 2976, उपस्थित 2325, अनुपस्थित 651 रहे।
साधु बनकर सोने के गहने ठगने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किया जेवर

हजारीबाग, 09 जून 2026। हजारीबाग जिले के बड़ा बाजार ओपी क्षेत्र में साधु का भेष बनाकर लोगों को ठगने वाले तीन अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से ठगी कर ले जाए गए सोने के जेवर एवं अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 08 जून 2026 की सुबह लगभग 3:30 बजे हुरहुरू निवासी गुड़िया देवी के पति ने पुलिस को सूचना दी कि तीन व्यक्ति साधु के वेश में उनके घर पहुंचे और बहला-फुसलाकर सोने का जेवर (जीतिया) ठगकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर छापामारी दल गठित कर कार्रवाई शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि तीनों आरोपी साधु के भेष में घटना को अंजाम देकर भाग रहे हैं। पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों द्वारा बताए गए दिशा में खोजबीन शुरू की और शिशिर अस्पताल के समीप एक ऑटो में सवार तीन संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर पूछताछ की। तलाशी लेने पर उनके पास से गुड़िया देवी का ठगा गया सोने का जीतिया एवं अन्य लॉकेट बरामद किए गए। इसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मल्टी लैबोर, अखिलेश लैबोर एवं तितई लैबोर के रूप में हुई है। तीनों आरोपी बिहार के रोहतास जिले के अमझौर थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।

पुलिस ने आरोपियों के पास से एक सोने का जीतिया (मोती लगा माला सहित) तथा सोने जैसे दिखने वाले 7 छोटे लॉकेट बरामद किए हैं। मामले में बड़ा बाजार थाना कांड संख्या 146/26 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साधु, बाबा या किसी अन्य वेशभूषा में आने वाले अज्ञात व्यक्तियों के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर उपायुक्त ने अर्पित की श्रद्धांजलि

स्वतंत्रता संग्राम,आदिवासी समाज की अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर उनकी प्रतिमा पर उपायुक्त श्री हेमन्त सती ने माल्यार्पण कर अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। उपायुक्त ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन साहस, स्वाभिमान और बलिदान का प्रतीक है। ‘उलगुलान’ आंदोलन के माध्यम से अन्याय, अत्याचार और शोषण के विरुद्ध जो अलख उन्होंने जगाई थी,वह आज भी जनजातीय समाज और सम्पूर्ण भारतवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

इस दौरान उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह, नगर आयुक्त श्री ओम प्रकाश गुप्ता, डीपीआरओ श्री रोहित कुमार, सहायक नगर आयुक्त ने भी माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

रेडी टू फायर’ मोड में भारत, पहली बार 12 परमाणु हथियार किए तैनात, रिपोर्ट में खुलासा

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दुनिया में हथियारों पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने भारत में परमाणु हथियार को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। SIPRI ने अपनी ताजा रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत ने पहली बार 12 परमाणु हथियार ऑपरेशनल यानी तैयार स्थिति में तैनात किए हैं।

दशकों से चली आ रही नीति में बड़ा बदलाव

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह पहली बार है कि भारत के इन हथियारों को ऑपरेशनली डिप्लॉयड के तौर पर वर्गीकृत रखा गया है। यह दशकों से चली आ रही उस नीति से एक बड़ा बदलाव है, जिसके तहत परमाणु हथियारों और उन्हें पहुंचाने वाले सिस्टम को अलग-अलग जगहों पर रखा जाता था। भूमिगत मिसाइल भंडारगृहों और नई परमाणु पनडुब्बियों में दागने के लिए तैयार इन परमाणु हथियारों की तैनाती भारत की तैयारी का संकेत देती है।

परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर क्या है भारत की नीति?

भारत की परमाणु हथियारों के पहले इस्तेमाल न करने की नीति है। ऐतिहासिक रूप से भारत ने 'डी-मेटेड न्यूक्लियर पॉलिसी' अपनाई थी। इसका मतलब था कि शांति के समय परमाणु हथियारों को मिसाइल या विमान से अलग रखा जाता था और सिर्फ गंभीर संकट के समय ही मिसाइल या विमान में असेंबल किया जाता था। SIPRI की रिपोर्ट भारत की इस नीति में बदलाव की ओर इशारा करती है। इसलिए पहली बार परमाणु हथियारों की तैनाती शायद भारत के परमाणु शक्ति बनने के बाद से सबसे बड़ा बदलाव है।

भारत के पास कुल 190 परमाणु वॉरहेड

SIPRI की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पिछले साल भारत के परमाणु हथियारों के भंडार में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, साथ ही बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (SSBN) पर कुछ वॉरहेड तैनात किए गए हैं और डेटरेंस पेट्रोलिंग (रोकथाम के लिए गश्त) की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी 2026 तक भारत के पास कुल 190 परमाणु वॉरहेड हैं। इनमें से 12 परमाणु वॉरहेड मिसाइलों, पनडुब्बियों या लड़ाकू विमानों जैसे डिलीवरी सिस्टम के साथ जोड़े गए हैं या ऑपरेशनल फोर्स वाले ठिकानों पर तैनात किए गए हैं।

2024 से INS अरिघात और अरिदमन ऑपरेशनल

रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2024 से भारत ने परमाणु मिसाइल ले जाने वाली दो पनडुब्बियों INS अरिघात और INS अरिदमन को ऑपरेशनल कर दिया है। दोनों पनडुब्बियां परमाणु मिसाइल ले जाने में सक्षम हैं और उन्हें डेटरेंस पेट्रोल यानी सुरक्षा और जवाबी क्षमता बनाए रखने वाली गश्त के लिए मंजूरी मिल चुकी है। परमाणु मिसाइलों से लैस ऐसी पनडुब्बियों को लंबी दूरी की गश्त पर भेजा जाता है, जो कई महीनों तक समुद्र में रह सकती हैं। इस दौरान वे सैन्य नेतृत्व के साथ समय-समय पर संपर्क बनाए रखती हैं।

गोमती में मछलियों की मौत पर गौ रक्षा वाहिनी ने उठाई आवाज,दोषियों पर कार्रवाई व जलीय जीवों की सुरक्षा की मांग
सुल्तानपुर। पवित्र श्री सीताकुण्ड धाम स्थित आदि गंगा माँ गोमती में बड़ी संख्या में मछलियों के मृत मिलने की घटना पर गौ रक्षा वाहिनी ने गहरी चिंता और आक्रोश व्यक्त किया है। संगठन के प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह ने इसे पर्यावरण, जलीय जैव विविधता और जनआस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

सर्वेश कुमार सिंह ने कहा कि माँ गोमती केवल एक नदी नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। नदी में सैकड़ों मछलियों का मृत पाया जाना इस बात का संकेत है कि जल प्रदूषण, रासायनिक अपशिष्ट अथवा ऑक्सीजन की कमी जैसी गंभीर समस्या उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इसकी जांच और रोकथाम नहीं की गई तो नदी के अन्य जलीय जीवों का अस्तित्व भी खतरे में पड़ सकता है।
गौ रक्षा वाहिनी के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मत्स्य विभाग तथा संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि गोमती नदी के जल का तत्काल नमूना लेकर वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाए तथा मछलियों की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए। यदि किसी व्यक्ति, संस्था अथवा उद्योग द्वारा नदी में प्रदूषित अथवा जहरीले पदार्थ छोड़े गए हैं तो उनके विरुद्ध पर्यावरण संरक्षण अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाए।

प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह ने जलीय जीवों के संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। उन्होंने मांग की कि नदी में नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण कराया जाए, प्रदूषण फैलाने वाले नालों और स्रोतों की पहचान कर उन्हें बंद किया जाए, नदी तटों पर जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं तथा मत्स्य विभाग द्वारा जलीय जीवों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी दल गठित किया जाए। साथ ही नदी में ऑक्सीजन स्तर बनाए रखने और पारिस्थितिक संतुलन की रक्षा के लिए विशेषज्ञों की सलाह पर आवश्यक कदम उठाए जाएं।

उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48(क) एवं 51(क)(ग) के अनुसार पर्यावरण और वन्य जीवों का संरक्षण प्रत्येक नागरिक और सरकार की जिम्मेदारी है। इसलिए माँ गोमती और उसमें रहने वाले जलीय जीवों की रक्षा के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना चाहिए।

गौ रक्षा वाहिनी ने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तथा मछलियों एवं अन्य जलीय जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो संगठन विधिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनहित में व्यापक अभियान चलाने को बाध्य होगा। संगठन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे नदी में कचरा, प्लास्टिक या अन्य प्रदूषक पदार्थ न डालें और माँ गोमती को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने में अपना योगदान दें।
प्रतापगढ़ में शिक्षा का प्रकाश स्तंभ बना जेडी शिक्षा ग्राम, एजुकेशन फॉर ऑल का पैगाम
प्रतापगढ़। शिक्षा न केवल हमारे उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करती है, बल्कि समाज से अंधविश्वास और असमानता को मिटाकर एक मजबूत, प्रगतिशील राष्ट्र की नींव रखने में भी मदद करती हैं। यही कारण है कि हर समाज अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने की दिशा में लगातार प्रयत्नशील है। मुंबई के उद्योगपति और समाजसेवी दिनेश त्रिपाठी ने एजुकेशन फॉर ऑल की संकल्पना के साथ वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद स्थित कोहंडौर में राष्ट्रीय राजमार्ग के ठीक बगल जेडी शिक्षा ग्राम की स्थापना की। 43 एकड़ क्षेत्र में फैला यह शैक्षणिक संस्थान आज पूरी तरह से एजुकेशनल हब के रूप में तब्दील हो चुका है। फार्मेसी, इंजीनियरिंग, पैरामेडिकल, मेडिकल, लाइफ साइंस से लेकर आर्ट्स ,साइंस ,कॉमर्स, लॉ कॉलेज, प्री प्राइमरी, प्राइमरी, लिबरल साइंस जैसे अनेक स्कूल और कॉलेज एक ही शैक्षणिक संस्थान ग्रुप के बैनर तले संचालित किया जा रहे हैं। दिनेश त्रिपाठी के अनुसार भारत गांवों का देश है। कहते हैं कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। यही कारण है कि उन्होंने ग्रामीण शिक्षा को प्रभावशाली और गतिशील बनाने की दिशा में इसकी स्थापना की। उन्होंने कहा कि जेडी शिक्षा ग्राम  विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए संकल्पित है। यही कारण है कि यहां अच्छे और प्रभावशाली शिक्षक रखे गए हैं। यहां पर इंडियन मेडिसिन (आयुष) फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स अकैडमी, वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हसबेंडरी, एग्रीकल्चर साइंस, सॉफ्ट स्किल्स, स्पिरिचुअल हीलिंग जैसे पाठ्यक्रमों के भी सुविधा है। 4000 से अधिक विद्यार्थी यहां शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।  प्रिंसिपल्स के अलावा करीब डेढ़ सौ शिक्षक तथा 50 शिक्षणेत्तर कर्मचारी यहां कार्यरत हैं। मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने 8 जून को जेडी शिक्षा ग्राम को करीब से जाकर देखा। यहां का वाचनालय, प्रयोगशालाएं देखने लायक है। दिनेश त्रिपाठी के सुपुत्र ज्योतिरादित्य त्रिपाठी अमेरिका के न्यूयॉर्क में पढ़ाई कर रहे हैं। इन दिनों वे छुट्टियों पर घर आए हुए हैं। उनसे भी कॉलेज के कार्यालय में मुलाकात हुई। शिक्षा को लेकर उनके युवा मन में भी ढेर सारे सपने दिखाई दिए। इस अवसर पर रमेश बहादुर सिंह (प्रशासनिक अधिकारी), डॉ एच. एस. चौरसिया (प्रिंसिपल, फॉर्मेसी कॉलेज), डॉ विपुल शुक्ल (प्रिसिपल, इंजीनियरिंग कॉलेज),डॉ जे. पी. एल. श्रीवास्तव (प्रिंसिपल, लॉ कॉलेज),
विनय त्रिपाठी (हेड, साइंस एंड आर्ट डिग्री कॉलेज) से भी मुलाकात हुई। कुल मिलाकर जेडी शिक्षा ग्राम शिक्षा के एक प्रकाश स्तंभ की तरह ज्ञान की रोशनी बिखेर रहा है।
बाबा बालखंडी नाथ मंदिर में भव्य शुरुआत; लाखों श्रद्धालुओं के बीच सात दिवसीय श्री अधिक मास शिव महापुराण कथा का उद्घाटन
संजीव सिंह बलिया, 9 जून 2026 — बाबा बालखंडी नाथ मंदिर परिसर में मंगलवार से शुरू हुई सात दिवसीय श्री अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) शिव महापुराण कथा का भव्य और भक्तिमय आयोजन पहले ही दिन श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति के साथ संपन्न हुआ। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा के प्रथम दिन अधिक मास की महिमा तथा भगवान शिव की आराधना के महत्व का विस्तृत वर्णन किया।
कथा का शुभारंभ परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, राज्यसभा सांसद नीरज शेखर तथा भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा द्वारा व्यासपीठ पूजन के साथ हुआ। इस मौके पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बलिया की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस पवित्र भूमि पर कथा आयोजन कराना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने महर्षि भृगु की तपोभूमि और वीरों की धरती बलिया का नमन करते हुए कहा कि अधिक मास भगवान की विशेष कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर है। उन्होंने बताया कि इस पवित्र मास में शिव की उपासना और जलाभिषेक से अनेक गुना पुण्य फल मिलता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” का जाप और एक लोटा जल अर्पित करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ सकता है। कथावचन के दौरान उन्होंने लिंग पुराण और स्कंद पुराण में बाबा बालेश्वर नाथ के वर्णन का संदर्भ भी दिया और श्रद्धालुओं से इन ग्रंथों का अध्ययन करने का आह्वान किया।
कथा के पहले दिन ही देश-प्रदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने पूरा परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गुंजायमान कर दिया। आयोजकों ने लगभग एक लाख लोगों की क्षमता वाला वॉटरप्रूफ पंडाल, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, पार्किंग, सुरक्षा एवं यातायात प्रबंध सहित व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सुरक्षा के कड़े प्रबंधों के तहत कई थानों की पुलिस फोर्स, यातायात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सतत मुस्तैद रहे। गर्मी को ध्यान में रखते हुए पानी व अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया।
आस्था, श्रद्धा और भक्ति के सम्मिलन से परिपूर्ण इस कथाक्रम का पहला दिन श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय रहा। कथा अगले छह दिनों तक चलने वाली है और आयोजन समिति ने आगे भी इसी प्रकार सुचारु व सुरक्षित व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन दिया है।
पैसों के लेन-देन में युवक की निर्मम हत्या
*आक्रोशित परिजनों ने शव हाईवे पर रख लगाया जाम
पुलिस प्रशासन पर लापरवाही और हीलाहवाली का गंभीर आरोप

* गोंडा-जरवल मार्ग पर करीब पौन घंटे तक ठप रहा वाहनों का आवागमन, राहगीर परेशान।

करनैलगंज (गोंडा)। कोतवाली क्षेत्र के सकरौरा ग्रामीण इलाके में पैसों के लेन-देन के पुराने विवाद को लेकर एक 22 वर्षीय युवक की निर्मम हत्या का आरोप लगा है। आरोप है कि वारदात के बाद हत्यारों ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद जब युवक का शव गांव पहुंचा, तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय पुलिस पर मामले में घोर लापरवाही और टालमटोल (हीलाहवाली) करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों व परिजनों ने शव को गोंडा-जरवल हाईवे पर  ब्रम्हचारी स्थान के निकट शव रखकर चक्का जाम कर दिया। करीब पौन घंटे तक चले इस भारी हंगामे के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाद में भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे उच्चाधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच और आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद ही जाम खुलवाया जा सका।
मौसी के लड़के पर लगा हत्या का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सकरौरा ग्रामीण निवासी राहुल कश्यप (22) पुत्र पप्पू कश्यप का अपने ही रिश्ते में मौसी के लड़के पंकज, निवासी डुडही असरना, के साथ पिछले काफी समय से पैसों के लेन-देन को लेकर गंभीर विवाद चल रहा था। परिजनों ने बताया कि सोमवार की रात पंकज ने राहुल को फोन करके किसी बहाने से अपने पास बुलाया था। राहुल जब देर रात तक वापस घर नहीं लौटा, तो परिजनों को अनहोनी की चिंता हुई और उन्होंने उसकी खोजबीन शुरू की। काफी तलाश के बाद मंगलवार की आधी रात्रि पिपरी पेट्रोल पंप के निकट, गोंडा-लखनऊ रेलवे ट्रैक के पास राहुल का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची स्थानीय कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। परिजनों का सीधा आरोप है कि पंकज ने अपने कुछ अन्य अज्ञात साथियों के साथ मिलकर साजिश के तहत राहुल की बेरहमी से हत्या की और इसे रेल दुर्घटना का रूप देने के उद्देश्य से शव को पिपरी के पास रेलवे ट्रैक के किनारे लिटा दिया था।मं गलवार दोपहर बाद जैसे ही राहुल का शव पोस्टमार्टम के बाद वापस गांव पहुंचा, वैसे ही परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। आक्रोशित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने पिपरी ब्रह्मचारी बाबा स्थान के पास शव को मुख्य गोंडा-जरवल हाईवे के बीचों-बीच रख दिया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। शाम करीब 5:15 बजे शुरू हुआ यह चक्का जाम शाम 6:00 बजे तक पूरी तरह प्रभावी रहा। इस दौरान लखनऊ, बहराइच और गोंडा की ओर आने-जाने वाले सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन जाम में फंस गए, जिससे भीषण गर्मी में राहगीरों और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
**पुलिस के ठोस आश्वासन पर खुला जाम
हाईवे जाम होने और हंगामे की संवेदनशीलता को देखते हुए करनैलगंज कोतवाल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने परिजनों को आश्वस्त किया कि मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है और नामजद आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस के इस ठोस आश्वासन और विधिक कार्रवाई के भरोसे के बाद शाम करीब 6:00 बजे परिजनों ने शव को हाईवे से हटाया, जिसके बाद पुलिस ने यातायात को सुचारू रूप से बहाल कराया।
सुपर अल नीनो से मानसून कमजोर: प्रशांत महासागर की सतह का तापमान बढ़ने से कम बारिश की आशंका

नितेश श्रीवास्तव

भदोही । सुपर अल नीनो वैश्विक जलवायु घटना के कारण तापमान में वृद्धि हो रही है। इससे खेती-किसानी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने के साथ ही इस बार मानसून में कम बारिश होने की आशंका है। छह साल पहले भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी। असामान्य तापमान वृद्धि के लिए सुपर अल नीनो को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। यह एक वैश्विक जलवायु घटना है जो प्रशांत महासागर की सतह का तापमान सामान्य से अधिक बढ़ने के कारण उत्पन्न होती है। भारत में इसका सीधा असर दक्षिण-पश्चिम मानसून के कमजोर होने और भीषण गर्मी के रूप में दिखाई देता है। सुपर अल नीनो के कारण मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं, जिससे सामान्य से कम बारिश होने की संभावना बढ़ जाती है। तापमान में अत्यधिक वृद्धि से भीषण लू चलने और मिट्टी की नमी तेजी से खत्म होने का खतरा रहता है।
अब जातीय आरक्षण एससीएसटी एक्ट, जातीय व्यवस्था स्वीकार नहीं : सुरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष

लखनऊ। राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा (RVM) कि जिला कार्यकारिणी गठन को  लेकर आयोजित बैठक में सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे मुख्य अतिथि जो रूप से शामिल हुए सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने अपने संबोधन में केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा सत्तालोलुप,जातिवादी,अथवा परिवारवाद को बढ़ावा देने वाली सोच का प्रतिधित्व नहीं करता, वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था के कारण समाज राष्ट और सामाजिक मूल्यों की हो रही छति  को देखते हुए व्यापक विचार विमर्श और परामर्श के पश्चात इसका गठन किया गया है, राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा कोई एक राजनीतिक दल नहीं है बल्कि विभिन्न राजनीतिक दलों,सामाजिक संगठनों और जनहित में कार्यरत समूहों का साझा मंच है इसका उद्देश्य आगामी चुनावों में जनता को एक ईमानदार पारदर्शी,जवाब देही तथा समरसता पूर्ण शासन का विकल्प प्रदान करना है जिसमे किसी भी नागरिक के साथ जाति, धर्म ,भाषा क्षेत्र या अन्य किसी भी आधार पर भेदभाव न किया जाय मोर्चा का मानना है कि प्रत्येक नागरिक प्रत्येक नागरिक समान सम्मान और अवसर का अधिकारी है किसी व्यक्ति के साथ केवल उसकी जाति,धर्म या जन्मगत पहचान के आधार पर भेदभाव किया जाना सामाजिक समरसता मानव गरिमा और प्राकृतिक न्याय के प्रतिकूल है।

इसलिए ऐसी नीतियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा का पक्षधर हु जो समाज के विभाजन ,वैमनस्व या असमानता को बढ़ावा देती है ,प्रदेश के सभी 403विधान सभा क्षेत्रों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सवर्ण आर्मी भारत के जिला अध्यक्ष पंकज कुमार शुक्ला ने कहा कि जल्द ही जिला ,तहसील ब्लॉक स्तर पर महिला मोर्चा युवा मोर्चा का गठन किया जाएगा ,प्रवेश पाठक ने सवर्ण समाज को संगठित होने पर बल देते हुए कहा कि वर्तवान राजनीत दलों की नीतियों से जनता ऊब चुकी है मदन मोहन मिश्रा ने संकल्प लिया कि सोनभद्र की चारो विधान सभा क्षेत्र में बूथ स्तर पर विकल्प मोर्चा का गठन करूंगा संतोष पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि इन राजनीतिक दलों के सवर्ण नेताओं सांसद विधायक का बहिष्कार किया जाएगा , शिवा मिश्रा मनीष त्रिपाठी जोगिन्दर दुबे आदि ने विचार व्यक्त किया।
पुलिस भर्ती परीक्षा के द्वितीय दिन डीएम-एसपी ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण, निष्पक्ष एवं नकलविहीन परीक्षा पर दिया जोर
*भदोही में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई पुलिस भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली, डीएम और एसपी ने परखी व्यवस्थाएं*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा के द्वितीय दिन जनपद में परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज ज्ञानपुर केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
             निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की प्रवेश जांच, सीसीटीवी निगरानी, व्यवस्था, पेयजल, शौचालय तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का गहन अवलोकन किया। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों, स्टेटिक मजिस्ट्रेटों एवं पुलिस अधिकारियों से परीक्षा संचालन संबंधी जानकारी प्राप्त करते हुए शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
            जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वारों पर अभ्यर्थियों की सघन तलाशी व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी अभ्यर्थी को प्रतिबंधित सामग्री के साथ परीक्षा कक्ष में प्रवेश न करने दिया जाए। अधिकारियों ने कहा कि भर्ती परीक्षा की शुचिता एवं विश्वसनीयता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा।
           जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने पेयजल, विद्युत, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने तथा परीक्षा संचालन में समयबद्धता और अनुशासन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। साथ ही सभी गतिविधियों की निरंतर निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।
         पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने परीक्षा केंद्रों पर तैनात पुलिस बल को सतर्क एवं मुस्तैद रहकर ड्यूटी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित करने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए। परीक्षा केंद्रों एवं उसके आसपास पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई है, जिससे अभ्यर्थियों को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण प्राप्त हो सके।
           अधिकारियों ने सीसीटीवी कैमरों एवं कंट्रोल रूम के माध्यम से की जा रही निगरानी व्यवस्था का भी निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को परीक्षा की प्रत्येक गतिविधि पर सतत नजर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप भर्ती परीक्षा को पूर्णतः नकलविहीन, पारदर्शी एवं निष्पक्ष वातावरण में संपन्न कराया जा रहा है।
         जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जनपद प्रशासन एवं पुलिस विभाग परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। निरीक्षण के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं तथा परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संचालित होती मिली।
         आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती–2025 की लिखित परीक्षा 09 जून 2026 को प्रथम पाली के समस्त केंद्रों पर अभ्यार्थियों की संख्या 2976, उपस्थित 2290, अनुपस्थित 686 रहे। द्वितीय पाली में अभ्यर्थियों की संख्या 2976, उपस्थित 2325, अनुपस्थित 651 रहे।
साधु बनकर सोने के गहने ठगने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किया जेवर

हजारीबाग, 09 जून 2026। हजारीबाग जिले के बड़ा बाजार ओपी क्षेत्र में साधु का भेष बनाकर लोगों को ठगने वाले तीन अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से ठगी कर ले जाए गए सोने के जेवर एवं अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 08 जून 2026 की सुबह लगभग 3:30 बजे हुरहुरू निवासी गुड़िया देवी के पति ने पुलिस को सूचना दी कि तीन व्यक्ति साधु के वेश में उनके घर पहुंचे और बहला-फुसलाकर सोने का जेवर (जीतिया) ठगकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर छापामारी दल गठित कर कार्रवाई शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि तीनों आरोपी साधु के भेष में घटना को अंजाम देकर भाग रहे हैं। पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों द्वारा बताए गए दिशा में खोजबीन शुरू की और शिशिर अस्पताल के समीप एक ऑटो में सवार तीन संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर पूछताछ की। तलाशी लेने पर उनके पास से गुड़िया देवी का ठगा गया सोने का जीतिया एवं अन्य लॉकेट बरामद किए गए। इसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मल्टी लैबोर, अखिलेश लैबोर एवं तितई लैबोर के रूप में हुई है। तीनों आरोपी बिहार के रोहतास जिले के अमझौर थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।

पुलिस ने आरोपियों के पास से एक सोने का जीतिया (मोती लगा माला सहित) तथा सोने जैसे दिखने वाले 7 छोटे लॉकेट बरामद किए हैं। मामले में बड़ा बाजार थाना कांड संख्या 146/26 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साधु, बाबा या किसी अन्य वेशभूषा में आने वाले अज्ञात व्यक्तियों के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर उपायुक्त ने अर्पित की श्रद्धांजलि

स्वतंत्रता संग्राम,आदिवासी समाज की अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर उनकी प्रतिमा पर उपायुक्त श्री हेमन्त सती ने माल्यार्पण कर अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। उपायुक्त ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन साहस, स्वाभिमान और बलिदान का प्रतीक है। ‘उलगुलान’ आंदोलन के माध्यम से अन्याय, अत्याचार और शोषण के विरुद्ध जो अलख उन्होंने जगाई थी,वह आज भी जनजातीय समाज और सम्पूर्ण भारतवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

इस दौरान उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह, नगर आयुक्त श्री ओम प्रकाश गुप्ता, डीपीआरओ श्री रोहित कुमार, सहायक नगर आयुक्त ने भी माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

रेडी टू फायर’ मोड में भारत, पहली बार 12 परमाणु हथियार किए तैनात, रिपोर्ट में खुलासा

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दुनिया में हथियारों पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने भारत में परमाणु हथियार को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। SIPRI ने अपनी ताजा रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत ने पहली बार 12 परमाणु हथियार ऑपरेशनल यानी तैयार स्थिति में तैनात किए हैं।

दशकों से चली आ रही नीति में बड़ा बदलाव

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह पहली बार है कि भारत के इन हथियारों को ऑपरेशनली डिप्लॉयड के तौर पर वर्गीकृत रखा गया है। यह दशकों से चली आ रही उस नीति से एक बड़ा बदलाव है, जिसके तहत परमाणु हथियारों और उन्हें पहुंचाने वाले सिस्टम को अलग-अलग जगहों पर रखा जाता था। भूमिगत मिसाइल भंडारगृहों और नई परमाणु पनडुब्बियों में दागने के लिए तैयार इन परमाणु हथियारों की तैनाती भारत की तैयारी का संकेत देती है।

परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर क्या है भारत की नीति?

भारत की परमाणु हथियारों के पहले इस्तेमाल न करने की नीति है। ऐतिहासिक रूप से भारत ने 'डी-मेटेड न्यूक्लियर पॉलिसी' अपनाई थी। इसका मतलब था कि शांति के समय परमाणु हथियारों को मिसाइल या विमान से अलग रखा जाता था और सिर्फ गंभीर संकट के समय ही मिसाइल या विमान में असेंबल किया जाता था। SIPRI की रिपोर्ट भारत की इस नीति में बदलाव की ओर इशारा करती है। इसलिए पहली बार परमाणु हथियारों की तैनाती शायद भारत के परमाणु शक्ति बनने के बाद से सबसे बड़ा बदलाव है।

भारत के पास कुल 190 परमाणु वॉरहेड

SIPRI की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पिछले साल भारत के परमाणु हथियारों के भंडार में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, साथ ही बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (SSBN) पर कुछ वॉरहेड तैनात किए गए हैं और डेटरेंस पेट्रोलिंग (रोकथाम के लिए गश्त) की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी 2026 तक भारत के पास कुल 190 परमाणु वॉरहेड हैं। इनमें से 12 परमाणु वॉरहेड मिसाइलों, पनडुब्बियों या लड़ाकू विमानों जैसे डिलीवरी सिस्टम के साथ जोड़े गए हैं या ऑपरेशनल फोर्स वाले ठिकानों पर तैनात किए गए हैं।

2024 से INS अरिघात और अरिदमन ऑपरेशनल

रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2024 से भारत ने परमाणु मिसाइल ले जाने वाली दो पनडुब्बियों INS अरिघात और INS अरिदमन को ऑपरेशनल कर दिया है। दोनों पनडुब्बियां परमाणु मिसाइल ले जाने में सक्षम हैं और उन्हें डेटरेंस पेट्रोल यानी सुरक्षा और जवाबी क्षमता बनाए रखने वाली गश्त के लिए मंजूरी मिल चुकी है। परमाणु मिसाइलों से लैस ऐसी पनडुब्बियों को लंबी दूरी की गश्त पर भेजा जाता है, जो कई महीनों तक समुद्र में रह सकती हैं। इस दौरान वे सैन्य नेतृत्व के साथ समय-समय पर संपर्क बनाए रखती हैं।

गोमती में मछलियों की मौत पर गौ रक्षा वाहिनी ने उठाई आवाज,दोषियों पर कार्रवाई व जलीय जीवों की सुरक्षा की मांग
सुल्तानपुर। पवित्र श्री सीताकुण्ड धाम स्थित आदि गंगा माँ गोमती में बड़ी संख्या में मछलियों के मृत मिलने की घटना पर गौ रक्षा वाहिनी ने गहरी चिंता और आक्रोश व्यक्त किया है। संगठन के प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह ने इसे पर्यावरण, जलीय जैव विविधता और जनआस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

सर्वेश कुमार सिंह ने कहा कि माँ गोमती केवल एक नदी नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। नदी में सैकड़ों मछलियों का मृत पाया जाना इस बात का संकेत है कि जल प्रदूषण, रासायनिक अपशिष्ट अथवा ऑक्सीजन की कमी जैसी गंभीर समस्या उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इसकी जांच और रोकथाम नहीं की गई तो नदी के अन्य जलीय जीवों का अस्तित्व भी खतरे में पड़ सकता है।
गौ रक्षा वाहिनी के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मत्स्य विभाग तथा संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि गोमती नदी के जल का तत्काल नमूना लेकर वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाए तथा मछलियों की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए। यदि किसी व्यक्ति, संस्था अथवा उद्योग द्वारा नदी में प्रदूषित अथवा जहरीले पदार्थ छोड़े गए हैं तो उनके विरुद्ध पर्यावरण संरक्षण अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाए।

प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह ने जलीय जीवों के संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। उन्होंने मांग की कि नदी में नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण कराया जाए, प्रदूषण फैलाने वाले नालों और स्रोतों की पहचान कर उन्हें बंद किया जाए, नदी तटों पर जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं तथा मत्स्य विभाग द्वारा जलीय जीवों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी दल गठित किया जाए। साथ ही नदी में ऑक्सीजन स्तर बनाए रखने और पारिस्थितिक संतुलन की रक्षा के लिए विशेषज्ञों की सलाह पर आवश्यक कदम उठाए जाएं।

उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48(क) एवं 51(क)(ग) के अनुसार पर्यावरण और वन्य जीवों का संरक्षण प्रत्येक नागरिक और सरकार की जिम्मेदारी है। इसलिए माँ गोमती और उसमें रहने वाले जलीय जीवों की रक्षा के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना चाहिए।

गौ रक्षा वाहिनी ने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तथा मछलियों एवं अन्य जलीय जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो संगठन विधिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनहित में व्यापक अभियान चलाने को बाध्य होगा। संगठन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे नदी में कचरा, प्लास्टिक या अन्य प्रदूषक पदार्थ न डालें और माँ गोमती को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने में अपना योगदान दें।
प्रतापगढ़ में शिक्षा का प्रकाश स्तंभ बना जेडी शिक्षा ग्राम, एजुकेशन फॉर ऑल का पैगाम
प्रतापगढ़। शिक्षा न केवल हमारे उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करती है, बल्कि समाज से अंधविश्वास और असमानता को मिटाकर एक मजबूत, प्रगतिशील राष्ट्र की नींव रखने में भी मदद करती हैं। यही कारण है कि हर समाज अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने की दिशा में लगातार प्रयत्नशील है। मुंबई के उद्योगपति और समाजसेवी दिनेश त्रिपाठी ने एजुकेशन फॉर ऑल की संकल्पना के साथ वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद स्थित कोहंडौर में राष्ट्रीय राजमार्ग के ठीक बगल जेडी शिक्षा ग्राम की स्थापना की। 43 एकड़ क्षेत्र में फैला यह शैक्षणिक संस्थान आज पूरी तरह से एजुकेशनल हब के रूप में तब्दील हो चुका है। फार्मेसी, इंजीनियरिंग, पैरामेडिकल, मेडिकल, लाइफ साइंस से लेकर आर्ट्स ,साइंस ,कॉमर्स, लॉ कॉलेज, प्री प्राइमरी, प्राइमरी, लिबरल साइंस जैसे अनेक स्कूल और कॉलेज एक ही शैक्षणिक संस्थान ग्रुप के बैनर तले संचालित किया जा रहे हैं। दिनेश त्रिपाठी के अनुसार भारत गांवों का देश है। कहते हैं कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। यही कारण है कि उन्होंने ग्रामीण शिक्षा को प्रभावशाली और गतिशील बनाने की दिशा में इसकी स्थापना की। उन्होंने कहा कि जेडी शिक्षा ग्राम  विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए संकल्पित है। यही कारण है कि यहां अच्छे और प्रभावशाली शिक्षक रखे गए हैं। यहां पर इंडियन मेडिसिन (आयुष) फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स अकैडमी, वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हसबेंडरी, एग्रीकल्चर साइंस, सॉफ्ट स्किल्स, स्पिरिचुअल हीलिंग जैसे पाठ्यक्रमों के भी सुविधा है। 4000 से अधिक विद्यार्थी यहां शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।  प्रिंसिपल्स के अलावा करीब डेढ़ सौ शिक्षक तथा 50 शिक्षणेत्तर कर्मचारी यहां कार्यरत हैं। मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने 8 जून को जेडी शिक्षा ग्राम को करीब से जाकर देखा। यहां का वाचनालय, प्रयोगशालाएं देखने लायक है। दिनेश त्रिपाठी के सुपुत्र ज्योतिरादित्य त्रिपाठी अमेरिका के न्यूयॉर्क में पढ़ाई कर रहे हैं। इन दिनों वे छुट्टियों पर घर आए हुए हैं। उनसे भी कॉलेज के कार्यालय में मुलाकात हुई। शिक्षा को लेकर उनके युवा मन में भी ढेर सारे सपने दिखाई दिए। इस अवसर पर रमेश बहादुर सिंह (प्रशासनिक अधिकारी), डॉ एच. एस. चौरसिया (प्रिंसिपल, फॉर्मेसी कॉलेज), डॉ विपुल शुक्ल (प्रिसिपल, इंजीनियरिंग कॉलेज),डॉ जे. पी. एल. श्रीवास्तव (प्रिंसिपल, लॉ कॉलेज),
विनय त्रिपाठी (हेड, साइंस एंड आर्ट डिग्री कॉलेज) से भी मुलाकात हुई। कुल मिलाकर जेडी शिक्षा ग्राम शिक्षा के एक प्रकाश स्तंभ की तरह ज्ञान की रोशनी बिखेर रहा है।