एक ही विभाग की दो अलग अलग जांच रिपोर्ट,करंट के मौत पर रिपोर्टों में विरोधाभास
*दोनों ने कहा अचानक तार टूटकर गिरने से हुई मौत

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत पथवलिया गांव निवासी अधिवक्ता व पत्रकार रंजीत तिवारी (37) की करंट लगने से हुई मौत अब सवालों के घेरे में है।जिसका कारण बिजली विभाग की दो अलग अलग जांच रिपोर्ट,जिसमें घटना का कारण अलग अलग बताया गया है।एक ही विभाग की दो रिपोर्टों ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके को उलझन में डाल दिया है कि आखिर सच क्या है?मुख्य अभियंता की जांच रिपोर्ट के मुताबिक घटना के समय रंजीत तिवारी अपने घर के पास विद्युत लाइन में हो रहे स्पार्किंग की वीडियो बना रहे थे कि तभी तार टूटकर उनके ऊपर गिर गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई तो वहीं दूसरी तरफ तीन अधिकारियों की जांच रिपोर्ट में पूरी कहानी कुछ अलग है।इस रिपोर्ट के अनुसार रंजीत तिवारी घटना के समय अपने घर से दायित्वों के निर्वहन हेतु निकल रहे थे कि तभी तेज हवा के कारण बिजली का तार टूटकर उनके ऊपर गिर गया और विद्युत स्पर्शाघात से उनकी जान चली गई।अर्थात विभाग की एक रिपोर्ट रंजीत तिवारी को मौके पर खड़ा बता रही है तो दूसरी रिपोर्ट में उन्हें रास्ते पर चलते हुए बताया गया है।मुख्य अभियंता की रिपोर्ट में घटना की तकनीकी वजह भी विस्तार से बताई गई है।जिसमें बताया गया है कि रंजीत तिवारी के घर के सामने से लगभग 30 साल पुरानी 11 हजार केवि एचटी लाइन गुजरती है और घर के पास एक जंगल जलेबी का पेड़ है जिसकी दूरी तार से बेहद कम है,तेज हवा के कारण तार पेड़ के तने से टकराया और स्पार्किंग होने लगी।इसी दौरान तार टूटकर नीचे गिर गया तथा रंजीत तिवारी उसकी चपेट में आ गए।हालांकि विभाग ने यह भी दावा किया कि लाइन की उंचाई और सिस्टम मानकों के अनुसार सही था और हाल ही में पेड़ों की छंटाई भी कराई गई थी।यहाँ गौरतलब है कि दोनों रिपोर्ट में एक बात समान है कि किसी भी बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारी को दोषी नहीं ठहराया गया है।वहीं इसके उलट रंजीत तिवारी के पड़ोसी को जिम्मेदार ठहराया गया है।रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस जंगल जलेबी के पेड़ से तार टकराया वह पड़ोसी की जमीन पर था और उसने पेड़ कटवाने का विरोध किया था।विभाग का दावा है कि कई बार कोशिश करने के बावजूद पेड़ की कटाई नहीं हो सकी,जबकि वही पेड़ हादसे की मुख्य वजह बना।अब सवाल उठ रहा है कि यदि खतरा इतना बड़ा था तो विभाग द्वारा वैकल्पिक उपाय क्यों नहीं किया गया।तीन अधिकारियों की संयुक्त रिपोर्ट में मृतक की पत्नी पूजा तिवारी को विभागीय नियमों के तहत मुआवजा देने की सिफारिश की गई है।परन्तु इस पूरे मामले में बड़ा सवाल अभी भी बरकरार है कि क्या यह सिर्फ एक हादसा था या विभागीय लापरवाही?मामले की दो अलग अलग रिपोर्टों ने घटना को और उलझा दिया है।एक ही विभाग के अंदर सच्चाई के दो संस्करण सामने आने से लोगों का भरोसा भी डगमगाया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पेड़ अथवा लाइन को लेकर ठोस कदम उठाए जाते तो संभवतः एक जान बचाई जा सकती थी।वहीं अब सबकी नजर इस पर है कि प्रशासन इस विरोधाभास को सुलझाकर असली जिम्मेदार तय करता है अथवा रह मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा।
संसद में पीएम मोदी और राहुल गांधी की मुलाकात, काफी देर तक हुई बातचीत

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संवाद लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है। सियासत में वैचारिक मतभेद का मतलब संवाद की कमी नहीं होनी चाहिए। हालांकि, ऐसा होता नहीं है। इसलिए तो आज देश की संसद के अंदर से आई एक तस्वीर चर्चा का विषय बन गई है। ये तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात की है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज संसद परिसर में अचानक ही आमने-सामने आ गए। इस दौरान राहुल गांधी ने हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री का अभिवादन किया। पीएम मोदी ने भी हाथ जोड़कर उनके अभिवादन को स्वीकार किया। यही नहीं दोनों ही नेताओं के बीच फिर काफी देर तक बातचीत होती रही।

दरअसल, आज महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती है। इस मौके पर संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर खास आयोजन रखा गया। इसी मौके पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद और लोकसभा स्पीकर समेत सियासी दिग्गज पहुंचे थे। इसी समारोह में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात हुई।

इस मुलाकात का एक वीडियो खूब सुर्खियां बटोर रहा है। 1 मिनट 34 सेकेंड के इस वीडियो में पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। पहले तो पीएम ने बाकी खड़े सांसदों का अभिवादन किया फिर पीछे मुड़कर राहुल गांधी के पास आए। इसके बाद काफी देर तक आपस में बातचीत करते दिखे।

झारखंड की सियासत गरमाई: विधायक से 'अहंकारी' बर्ताव पर बाबूलाल मरांडी का पलटवार

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार के व्यवहार पर तीखा हमला बोला है। मामला जमुआ से भाजपा विधायक मंजू कुमारी का है।

क्या हुआ था?

विधायक मंजू कुमारी क्षेत्र की सड़क समस्याओं को लेकर प्रधान सचिव सुनील कुमार से मिलने उनके कार्यालय गई थीं। आरोप है कि मुलाकात के दौरान अधिकारी का रवैया अमर्यादित और अहंकार भरा था।

बाबूलाल मरांडी ने X पर क्या कहा - 5 बड़े बिंदु:

1. 'सत्ता पोषित घमंड': मरांडी ने घटना की तस्वीर को 'व्यवस्था की सड़ांध का प्रमाण' बताया। कहा - विधायक के साथ फरियादी जैसा बर्ताव हुआ।

2. लोकतंत्र पर सवाल: "पीएम मोदी आम नागरिक को पास बैठाकर सम्मान देते हैं, तो राज्य के अधिकारी किस घमंड में हैं? जो विधायक की गरिमा नहीं समझता, वो जनता को क्या समझेगा।"

3. महिला विधायक का अपमान: इसे सिर्फ व्यक्ति नहीं, 'पूरे लोकतंत्र का अपमान' बताया। कहा कि पथ निर्माण विभाग पहले से भ्रष्टाचार के दागों से सना है, अब अधिकारी जनप्रतिनिधियों को 'दरबारी' समझ रहे।

4. सीएम हेमंत सोरेन से मांग: ऐसे 'कमाऊ, बेलगाम और मनबढू' अधिकारियों को औकात बताएं। चेताया कि कार्रवाई नहीं हुई तो संदेश जाएगा कि झारखंड में असली सत्ता विवादास्पद अधिकारी हैं, जनप्रतिनिधि सिर्फ नाम के।

5. कड़ी चेतावनी: "अहंकार और भ्रष्टाचार का अंत जेल, बेल और उम्रभर की बदनामी है।" सीएम को याद दिलाया कि सत्ता से बाहर होने पर यही अधिकारी उन्हें भी औकात बता देंगे।

कोर मुद्दा: नौकरशाही बनाम जनप्रतिनिधि। मरांडी का आरोप है कि झारखंड में कुछ अधिकारियों का रवैया 'तानाशाह' जैसा हो गया है और वे खुद को 'सेवक नहीं, शासक' समझने लगे हैं।

यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में भ्रष्टाचार और अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है।

क्या आप इस मामले पर ताजा अपडेट या विधायक मंजू कुमारी का पक्ष जानना चाहते हैं?

युवक की मौत के बाद डंपर सहित चालक गिरफ्तार
युवक के अंतिम संस्कार तक क्षेत्रीय पुलिस प्रशासन रात दिन रहा अलर्ट

पीयूष तिवारी

हरदोई बेनीगंज - युवक की मौत के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आते ही रातों-रात डंपर सहित चालक को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है कोतवाली क्षेत्र प्रताप नगर चौराहा पर उस समय माहौल गरमागया जब सुबह के समय डंपर चालक की लापरवाही से डंपर की चपेट में युवक के आ जाने से मौत के काल में समा गया। इस इस दुखद घटना के समय चारों सड़क मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया घंटो जाम लगा रहा। घंटो के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को प्रथम उपचार के लिए कोथावां सीएससी भेजा जहां पर युवक की हालत नाजुक देखते हुए चिकित्सकों ने लखनऊ ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया लखनऊ ट्रामा सेंटर अस्पताल पहुंचते ही युवक ने दम तोड़ दिया वहां के चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। परिजनों सहित आसपास क्षेत्र के लोगों ने पुलिस प्रशासन पर  नाराजगी जाहिर करते हुए गाड़ी चालकों सहित पुलिस चौकी इंचार्ज वहां के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
बता दे प्रताप नगर चौराहा पर सुबह करीब 6:30 बजे के समय अफड़ा तफड़ी मच गई जब बघौली रोड से आ रहे लोडर डंफर और हरदोई की ओर से आ रही सवारी भरी डबल डेकर बस की भिड़ंत मेंन चौराहे पर हो गई इसी को लेकर आपस में दोनों गाड़ी चालकों की कहा सुनी होने लगी। इस दरमियान आसपास के लोगों का वहां पर जमावड़ा लग गया। लड़ाई झगड़े के दौरान प्रताप नगर चौराहा निवासी कौशिक शुक्ला उर्फ सन्नू पुत्र देश दीपक शुक्ला उम्र करीब 27 वर्ष मौके पर बीच बचाव करने पहुंचा वहीं डंपर चालक गाड़ी लेकर सीतापुर रोड मार्ग की ओर जल्दबाजी में भागने की कोशिश किया इस गाड़ी चालक की लापरवाही के चलते युवक गाड़ी के पिछले पहिए के हिस्से में चपेट में आ जाने से युवक के दोनों पैर खून से लथपथ हो गए। सूचना पर पहुंचे घंटोे बाद कोतवाली प्रभारी ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच कर युवक को प्रथम उपचार के लिए सीएससी कोथावां भेजा। जहां पर चिकित्सक द्वारा हालत नाजुक देखते हुए युवक को लखनऊ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया  लखनऊ ट्रामा सेंटर अस्पताल पहुंचते ही युवक ने दम तोड़ दिया वहां के चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित कर दिया।
क्षेत्रिय लोगों ने बताया आयदिन यहां पर एक्सीडेंट अक्सर हुआ करते हैं पुलिस प्रशासन की ओर जो होमगार्ड ड्यूटी पर लगाए जाते हैं वह केवल खानापूर्ति के लिए हैं।
एस.डी.एम के आश्वाशन के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त    
                  

हरदोई ! बिलग्राम तहसील क्षेत्र के परौली स ई नदी पुल पर बिगत 10 दिन से कुरसठ बुजुर्ग देहात क्षेत्र के पट्टा धारको द्वारा अपने पट्टा पर कब्जा पाने के लिए किए जा रहे धरना प्रदर्शन के 11वे दिन  शुक्रबार को एस डी एम हरेराम, नायब तहसीलदार अनेक सिंह ,कानून गो अहिबरन लाल कानून गो शिवसिंह ,लेखपाल कपिल  लेखपाल नीरज अस्थाना   क्षेत्रीय लेखपाल जमाल अहमद एवं बडी तादात मे  राजस्व  एव़  पुलिस बल के साथ मौके पर पहमंचकर पट्टा धारक  रामस्वरूप पुत्र छुट्टा, अशोक पुत्र रामखेलावन,फकीरे पुत्र मटरे (दो पट्टे) , बाबू पुत्र महादीन,तिलक पुत्र बेचेलाल सहित छः पट्टे धारकों के समक्ष उपजिला अधिकारी ने पुलिस एवं राजस्व कर्मियो को उनकी भूमि से अबैध कब्जा हटबाने के निर्देश दिए और उन्होने  से कहा कि पैमाइश कराकर मेडबंदी करा कर पट्टे धारकों को कब्जा दिलाया जाए इस मौके पर  रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता संदीप पाण्डेय, समाजसेवी -अभिषेक पटेल, भाकियू इंडिया जिलाध्यक्ष रेखा दीक्षित, अखिल भारतीय किसान महासभा उत्तर प्रदेश संयोजक के ओमप्रकाश, किसान अधिकार पंचायत जिला संयोजक देवीचरण पटेल आदि मौजूद रहे !!
कृषि विज्ञान कांग्रेस का समापन, 30 विशेषज्ञों को सम्मान; डिजिटल खेती और नवाचार पर जोर
* विकसित भारत के लक्ष्य के साथ कृषि के भविष्य पर मंथन, राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने किया सम्मानित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय छठवीं उ.प्र. कृषि विज्ञान कांग्रेस का राष्ट्रीय गन्ना संस्थान में भव्य समापन हुआ। "विकसित कृषि, विकसित भारत थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र में नवाचार, डिजिटल कृषि और टिकाऊ विकास पर व्यापक चर्चा की गई।
समापन सत्र के मुख्य अतिथि उद्यान एवं कृषि विपणन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने कृषि शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 30 विशेषज्ञों एवं संस्थानों को सम्मानित किया। इनमें 14 एकेडमी अवार्डी, 9 फेलो अवार्डी और 7 ऑनरेरी फेलो शामिल रहे।
कार्यक्रम में भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान (झांसी), रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय (झांसी) और असारा बायोटेक प्रोड्यूसर्स कंपनी लिमिटेड (बाराबंकी) को उत्कृष्ट कृषि विज्ञान संस्थान/विश्वविद्यालय के रूप में सम्मानित किया गया।
कांग्रेस के अंतिम दिन आयोजित तकनीकी सत्रों में आजीविका सुरक्षा, डेयरी, पशुपालन, पोल्ट्री, मत्स्य पालन और डिजिटल कृषि जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। वैज्ञानिकों ने कृषि क्षेत्र की चुनौतियों जैसे पशुधन की कम उत्पादकता, चारे की कमी, एंटीबायोटिक प्रतिरोध और घटते मृदा कार्बन पर चिंता व्यक्त की।
विशेषज्ञों ने टिकाऊ कृषि के लिए जैविक खाद, फसल चक्र और प्राकृतिक खेती को अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में देशभर के वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे कृषि के दीर्घकालिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।
यूपी में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन: 84 लाख से अधिक नए मतदाता जुड़े

* विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 सफल, युवाओं और महिला मतदाताओं की भागीदारी बढ़ी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन को लेकर प्रेस वार्ता की। उन्होंने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक चले 166 दिनों के इस व्यापक अभियान में 75 जिलों के अधिकारियों और 5.82 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंटों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में कुल 12.55 करोड़ मतदाता थे, जो अंतिम प्रकाशन (10 अप्रैल 2026) में बढ़कर 13.39 करोड़ हो गए। इस प्रकार कुल 84.28 लाख मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 7.30 करोड़, महिला मतदाता 6.09 करोड़ और तृतीय लिंग के मतदाता 4206 हैं।
विशेष रूप से 18-19 आयु वर्ग के मतदाताओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो 3.33 लाख से बढ़कर 17.63 लाख हो गई। जेंडर रेशियो भी 824 से बढ़कर 834 पहुंच गया, जो महिला मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
जिलों में सर्वाधिक मतदाता वृद्धि प्रयागराज, लखनऊ, बरेली, गाजियाबाद और जौनपुर में दर्ज की गई। वहीं विधानसभा क्षेत्रों में साहिबाबाद, जौनपुर, लखनऊ पश्चिम, लोनी और फिरोजाबाद शीर्ष पर रहे।
उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण के दौरान 1.04 करोड़ मतदाताओं का मिलान नहीं हुआ तथा 2.22 करोड़ मामलों में तार्किक विसंगतियां पाई गईं, जिन पर शत-प्रतिशत नोटिस जारी कर 27 मार्च 2026 तक सभी का निस्तारण किया गया। स्पष्ट किया गया कि मसौदा सूची से बिना नोटिस और उचित प्रक्रिया के किसी भी मतदाता का नाम नहीं हटाया गया।
राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर 5 तथा जिला स्तर पर 3090 बैठकें आयोजित की गईं। दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान चार विशेष अभियान दिवस भी चलाए गए, जिससे अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को सूची में शामिल किया जा सके।
शिकायत निस्तारण में उत्तर प्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल (NGSP) और ‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ सुविधा में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। 1.08 लाख से अधिक शिकायतों में 99.8% का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया गया, जबकि हेल्पलाइन पर प्राप्त हजारों कॉल्स का भी समाधान किया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अपील प्रक्रिया के तहत असंतुष्ट व्यक्ति 15 दिनों के भीतर जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रथम अपील और 30 दिनों के भीतर उनके निर्णय के खिलाफ मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष द्वितीय अपील कर सकता है।
नाली निर्माण मे भ्रष्टाचार चरम पर,  जिम्मेदार गांधारी बने
        
देवरिया,  M N Pandey l.        देवरिया के उमा नगर मे राजेंद्र चौक के पास नाली का निमार्ण कार्य  नगर पालिका  द्वारा कराया जा रहा है । जिसमे ठेकेदार द्वारा दोयम दर्जे का काम कराया जा रहा है ।  नाली निर्माण  मे मानक के विपरीत घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है जिसपर अस्थानिय लोगो मे भी भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है ।  जब इस विषय मे ई ओ नगर पालिका से बात करने का प्रयास हुआ तो ई ओ नगरपालिका द्वारा नम्बर ब्लाक कर दिया गया ।
असम के मुख्यमंत्री के विवादित बयान पर भड़की कांग्रेस, प्रदर्शन के दौरान फूंका पुतला
*ये कांग्रेस नेतृत्व का अपमान नहीं, बल्कि पूरे लोकतंत्र की गरिमा पर सीधा हमला है : अभिषेक सिंह राणा*

सुल्तानपुर। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्वा सरमा द्वारा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एवं पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा के खिलाफ अभद्र अमर्यादित टिप्पणी को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा के नेतृत्व मे कांग्रेसियों ने कलेक्ट्रेट व विकास भवन के सामने स्थित राजीव गांधी तिकोनिया पार्क में जोरदार विरोध प्रदर्शन कर पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए पुलिस को चकमा देकर पार्क के अंदर असम के मुख्यमंत्री का पुतला लाकर फूंक दिया और बाहर खड़ी पुलिस देखती रह गई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने सत्तारूढ़ दल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा के नेताओं की भाषा दिन-ब-दिन गिरती जा रही है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कांग्रेस नेतृत्व का अपमान नहीं बल्कि पूरे दलित समाज का अपमान है, देश के लोकतंत्र की गरिमा पर सीधा हमला है। भाजपा के लोग सत्ता के अहंकार में मर्यादा भूल चुके हैं। अगर इसी तरह हमारे नेताओं का अपमान किया गया तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर हर स्तर पर जवाब देंगे।शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने भी कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि हिमंत विश्वा सरमा को अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए। यह देश लोकतंत्र से चलता है, न कि गाली-गलौज की राजनीति से। कांग्रेस इसका मुंहतोड़ जवाब देना जानती है। आने वाले समय में भाजपा को जनता खुद जवाब देगी। वही कांग्रेस नेता राजेश तिवारी व सुब्रत सिंह सनी ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की बयानबाजी पर तत्काल रोक नहीं लगी, तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा। इस मौके पर अतहर नवाब,रणजीत सिंह सलूजा,मोहित तिवारी,मानस तिवारी, अम्बरीष पाठक,हामिद राईन, अनवर शाही,जनेश्वर उपाध्याय, सुरेश चंद्र मिश्रा, अखण्ड मिश्रा, विवेक श्रीवास्तव, दिनेश तिवारी,अजय मिश्रा, शीतला साहू समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे।
जनगणना 2027 : प्रयागराज के सैन्य व प्रतिबंधित क्षेत्रों में दूसरे चरण में होगी जनगणना, केंद्रीय व जिला जेलों में भी बाद में

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। सैन्य क्षेत्र समेत केंद्रीय व जिला कारागारों समेत अन्य प्रतिबंधित इलाकों में दूसरे चरण के दौरान जनगणना होगी। वहीं शैक्षिक संस्थानों स्कूल-काॅलेज, विश्वविद्यालय, अस्पताल समेत अन्य सरकारी कालोनियों में रहने वाले लोगों की जनगणना के लिए उनके कर्मचारियों को ही लगाया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए ब्लाकों का गठन होगा। वहीं, पहले चरण की गणना में दूसरे चरण की जनगणना का फ्रेेम भी तैयार किया जाएगा।

पहली बार डिजिटल रूप में होगी जनगणना
पहली बार डिजिटल रूप में होने जा रही जनगणना के दौरान आबादी, घरों की गणना, वाहन, भोजन, रसोंई, शौचालय आदि का ब्यौरा तो लिया ही जाएगा, साथ ही तालाब-पोखरे, बाग-बगीचे, मुख्य सड़क, चकमार्ग, जल निगम की टंकी, हैंडपंप, नाली व सीवर का ब्यौरा दर्ज किया जाएगा। घर में कौन सी गाड़ियां हैं, कौन सा अनाज खाते हैं और इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं या नहीं, यह भी पूछा जाएगा।

जीवनशैली और सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा दर्ज होगा 
सरकार न केवल परिवार के सदस्यों की संख्या और मुखिया की जानकारी ले रही है, बल्कि लोगों की जीवनशैली और सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा दर्ज किया जाएगा। इसमें घर की छत और दीवार किस सामग्री से बनी है, पीने के पानी और शौचालय की क्या व्यवस्था है, से लेकर मौजूद गैजेट्स (लैपटाप, स्मार्टफोन) की भी जानकारी ली जाएगी।

घर-घर जाकर प्रगणक पूछेंगे 33 सवाल
केंद्र सरकार ने 33 सवालों की पूरी सूची जारी कर दी है, जो प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर पूछे जाएंगे। जेलों में बंद कैदियों की गणना वहां के कर्मचारी ही करेंगे, जो प्रशासन को रिपोर्ट देंगे। इसी तरह रेलवे, आयकर, दूरसंचार, एयरपोर्ट, जीएसटी, पीडब्ल्यूडी, जल निगम, स्वास्थ्य विभाग की कालोनियों में वहां के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है।

शीघ्र ही उपलब्ध कराएं कर्मचारियों की सूची
जनगणना की तैयारियों की बुधवार को मुख्य सचिव ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण से लेकर गणना ब्लाकों के गठन के निर्देश दिए। डीआइओएस व बीएसए को निर्देशित किया कि वे जनगणना कार्यक्रम में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों की शीघ्र ही सूची उपलब्ध करा दें। डीएम मनीष कुमार वर्मा व एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह भी जुड़ी रहीं।
एक ही विभाग की दो अलग अलग जांच रिपोर्ट,करंट के मौत पर रिपोर्टों में विरोधाभास
*दोनों ने कहा अचानक तार टूटकर गिरने से हुई मौत

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत पथवलिया गांव निवासी अधिवक्ता व पत्रकार रंजीत तिवारी (37) की करंट लगने से हुई मौत अब सवालों के घेरे में है।जिसका कारण बिजली विभाग की दो अलग अलग जांच रिपोर्ट,जिसमें घटना का कारण अलग अलग बताया गया है।एक ही विभाग की दो रिपोर्टों ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके को उलझन में डाल दिया है कि आखिर सच क्या है?मुख्य अभियंता की जांच रिपोर्ट के मुताबिक घटना के समय रंजीत तिवारी अपने घर के पास विद्युत लाइन में हो रहे स्पार्किंग की वीडियो बना रहे थे कि तभी तार टूटकर उनके ऊपर गिर गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई तो वहीं दूसरी तरफ तीन अधिकारियों की जांच रिपोर्ट में पूरी कहानी कुछ अलग है।इस रिपोर्ट के अनुसार रंजीत तिवारी घटना के समय अपने घर से दायित्वों के निर्वहन हेतु निकल रहे थे कि तभी तेज हवा के कारण बिजली का तार टूटकर उनके ऊपर गिर गया और विद्युत स्पर्शाघात से उनकी जान चली गई।अर्थात विभाग की एक रिपोर्ट रंजीत तिवारी को मौके पर खड़ा बता रही है तो दूसरी रिपोर्ट में उन्हें रास्ते पर चलते हुए बताया गया है।मुख्य अभियंता की रिपोर्ट में घटना की तकनीकी वजह भी विस्तार से बताई गई है।जिसमें बताया गया है कि रंजीत तिवारी के घर के सामने से लगभग 30 साल पुरानी 11 हजार केवि एचटी लाइन गुजरती है और घर के पास एक जंगल जलेबी का पेड़ है जिसकी दूरी तार से बेहद कम है,तेज हवा के कारण तार पेड़ के तने से टकराया और स्पार्किंग होने लगी।इसी दौरान तार टूटकर नीचे गिर गया तथा रंजीत तिवारी उसकी चपेट में आ गए।हालांकि विभाग ने यह भी दावा किया कि लाइन की उंचाई और सिस्टम मानकों के अनुसार सही था और हाल ही में पेड़ों की छंटाई भी कराई गई थी।यहाँ गौरतलब है कि दोनों रिपोर्ट में एक बात समान है कि किसी भी बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारी को दोषी नहीं ठहराया गया है।वहीं इसके उलट रंजीत तिवारी के पड़ोसी को जिम्मेदार ठहराया गया है।रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस जंगल जलेबी के पेड़ से तार टकराया वह पड़ोसी की जमीन पर था और उसने पेड़ कटवाने का विरोध किया था।विभाग का दावा है कि कई बार कोशिश करने के बावजूद पेड़ की कटाई नहीं हो सकी,जबकि वही पेड़ हादसे की मुख्य वजह बना।अब सवाल उठ रहा है कि यदि खतरा इतना बड़ा था तो विभाग द्वारा वैकल्पिक उपाय क्यों नहीं किया गया।तीन अधिकारियों की संयुक्त रिपोर्ट में मृतक की पत्नी पूजा तिवारी को विभागीय नियमों के तहत मुआवजा देने की सिफारिश की गई है।परन्तु इस पूरे मामले में बड़ा सवाल अभी भी बरकरार है कि क्या यह सिर्फ एक हादसा था या विभागीय लापरवाही?मामले की दो अलग अलग रिपोर्टों ने घटना को और उलझा दिया है।एक ही विभाग के अंदर सच्चाई के दो संस्करण सामने आने से लोगों का भरोसा भी डगमगाया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पेड़ अथवा लाइन को लेकर ठोस कदम उठाए जाते तो संभवतः एक जान बचाई जा सकती थी।वहीं अब सबकी नजर इस पर है कि प्रशासन इस विरोधाभास को सुलझाकर असली जिम्मेदार तय करता है अथवा रह मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा।
संसद में पीएम मोदी और राहुल गांधी की मुलाकात, काफी देर तक हुई बातचीत

#mp_rahul_gandhi_met_pm_modi_inside_parliament

संवाद लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है। सियासत में वैचारिक मतभेद का मतलब संवाद की कमी नहीं होनी चाहिए। हालांकि, ऐसा होता नहीं है। इसलिए तो आज देश की संसद के अंदर से आई एक तस्वीर चर्चा का विषय बन गई है। ये तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात की है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज संसद परिसर में अचानक ही आमने-सामने आ गए। इस दौरान राहुल गांधी ने हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री का अभिवादन किया। पीएम मोदी ने भी हाथ जोड़कर उनके अभिवादन को स्वीकार किया। यही नहीं दोनों ही नेताओं के बीच फिर काफी देर तक बातचीत होती रही।

दरअसल, आज महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती है। इस मौके पर संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर खास आयोजन रखा गया। इसी मौके पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद और लोकसभा स्पीकर समेत सियासी दिग्गज पहुंचे थे। इसी समारोह में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात हुई।

इस मुलाकात का एक वीडियो खूब सुर्खियां बटोर रहा है। 1 मिनट 34 सेकेंड के इस वीडियो में पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। पहले तो पीएम ने बाकी खड़े सांसदों का अभिवादन किया फिर पीछे मुड़कर राहुल गांधी के पास आए। इसके बाद काफी देर तक आपस में बातचीत करते दिखे।

झारखंड की सियासत गरमाई: विधायक से 'अहंकारी' बर्ताव पर बाबूलाल मरांडी का पलटवार

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार के व्यवहार पर तीखा हमला बोला है। मामला जमुआ से भाजपा विधायक मंजू कुमारी का है।

क्या हुआ था?

विधायक मंजू कुमारी क्षेत्र की सड़क समस्याओं को लेकर प्रधान सचिव सुनील कुमार से मिलने उनके कार्यालय गई थीं। आरोप है कि मुलाकात के दौरान अधिकारी का रवैया अमर्यादित और अहंकार भरा था।

बाबूलाल मरांडी ने X पर क्या कहा - 5 बड़े बिंदु:

1. 'सत्ता पोषित घमंड': मरांडी ने घटना की तस्वीर को 'व्यवस्था की सड़ांध का प्रमाण' बताया। कहा - विधायक के साथ फरियादी जैसा बर्ताव हुआ।

2. लोकतंत्र पर सवाल: "पीएम मोदी आम नागरिक को पास बैठाकर सम्मान देते हैं, तो राज्य के अधिकारी किस घमंड में हैं? जो विधायक की गरिमा नहीं समझता, वो जनता को क्या समझेगा।"

3. महिला विधायक का अपमान: इसे सिर्फ व्यक्ति नहीं, 'पूरे लोकतंत्र का अपमान' बताया। कहा कि पथ निर्माण विभाग पहले से भ्रष्टाचार के दागों से सना है, अब अधिकारी जनप्रतिनिधियों को 'दरबारी' समझ रहे।

4. सीएम हेमंत सोरेन से मांग: ऐसे 'कमाऊ, बेलगाम और मनबढू' अधिकारियों को औकात बताएं। चेताया कि कार्रवाई नहीं हुई तो संदेश जाएगा कि झारखंड में असली सत्ता विवादास्पद अधिकारी हैं, जनप्रतिनिधि सिर्फ नाम के।

5. कड़ी चेतावनी: "अहंकार और भ्रष्टाचार का अंत जेल, बेल और उम्रभर की बदनामी है।" सीएम को याद दिलाया कि सत्ता से बाहर होने पर यही अधिकारी उन्हें भी औकात बता देंगे।

कोर मुद्दा: नौकरशाही बनाम जनप्रतिनिधि। मरांडी का आरोप है कि झारखंड में कुछ अधिकारियों का रवैया 'तानाशाह' जैसा हो गया है और वे खुद को 'सेवक नहीं, शासक' समझने लगे हैं।

यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में भ्रष्टाचार और अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है।

क्या आप इस मामले पर ताजा अपडेट या विधायक मंजू कुमारी का पक्ष जानना चाहते हैं?

युवक की मौत के बाद डंपर सहित चालक गिरफ्तार
युवक के अंतिम संस्कार तक क्षेत्रीय पुलिस प्रशासन रात दिन रहा अलर्ट

पीयूष तिवारी

हरदोई बेनीगंज - युवक की मौत के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आते ही रातों-रात डंपर सहित चालक को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है कोतवाली क्षेत्र प्रताप नगर चौराहा पर उस समय माहौल गरमागया जब सुबह के समय डंपर चालक की लापरवाही से डंपर की चपेट में युवक के आ जाने से मौत के काल में समा गया। इस इस दुखद घटना के समय चारों सड़क मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया घंटो जाम लगा रहा। घंटो के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को प्रथम उपचार के लिए कोथावां सीएससी भेजा जहां पर युवक की हालत नाजुक देखते हुए चिकित्सकों ने लखनऊ ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया लखनऊ ट्रामा सेंटर अस्पताल पहुंचते ही युवक ने दम तोड़ दिया वहां के चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। परिजनों सहित आसपास क्षेत्र के लोगों ने पुलिस प्रशासन पर  नाराजगी जाहिर करते हुए गाड़ी चालकों सहित पुलिस चौकी इंचार्ज वहां के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
बता दे प्रताप नगर चौराहा पर सुबह करीब 6:30 बजे के समय अफड़ा तफड़ी मच गई जब बघौली रोड से आ रहे लोडर डंफर और हरदोई की ओर से आ रही सवारी भरी डबल डेकर बस की भिड़ंत मेंन चौराहे पर हो गई इसी को लेकर आपस में दोनों गाड़ी चालकों की कहा सुनी होने लगी। इस दरमियान आसपास के लोगों का वहां पर जमावड़ा लग गया। लड़ाई झगड़े के दौरान प्रताप नगर चौराहा निवासी कौशिक शुक्ला उर्फ सन्नू पुत्र देश दीपक शुक्ला उम्र करीब 27 वर्ष मौके पर बीच बचाव करने पहुंचा वहीं डंपर चालक गाड़ी लेकर सीतापुर रोड मार्ग की ओर जल्दबाजी में भागने की कोशिश किया इस गाड़ी चालक की लापरवाही के चलते युवक गाड़ी के पिछले पहिए के हिस्से में चपेट में आ जाने से युवक के दोनों पैर खून से लथपथ हो गए। सूचना पर पहुंचे घंटोे बाद कोतवाली प्रभारी ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच कर युवक को प्रथम उपचार के लिए सीएससी कोथावां भेजा। जहां पर चिकित्सक द्वारा हालत नाजुक देखते हुए युवक को लखनऊ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया  लखनऊ ट्रामा सेंटर अस्पताल पहुंचते ही युवक ने दम तोड़ दिया वहां के चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित कर दिया।
क्षेत्रिय लोगों ने बताया आयदिन यहां पर एक्सीडेंट अक्सर हुआ करते हैं पुलिस प्रशासन की ओर जो होमगार्ड ड्यूटी पर लगाए जाते हैं वह केवल खानापूर्ति के लिए हैं।
एस.डी.एम के आश्वाशन के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त    
                  

हरदोई ! बिलग्राम तहसील क्षेत्र के परौली स ई नदी पुल पर बिगत 10 दिन से कुरसठ बुजुर्ग देहात क्षेत्र के पट्टा धारको द्वारा अपने पट्टा पर कब्जा पाने के लिए किए जा रहे धरना प्रदर्शन के 11वे दिन  शुक्रबार को एस डी एम हरेराम, नायब तहसीलदार अनेक सिंह ,कानून गो अहिबरन लाल कानून गो शिवसिंह ,लेखपाल कपिल  लेखपाल नीरज अस्थाना   क्षेत्रीय लेखपाल जमाल अहमद एवं बडी तादात मे  राजस्व  एव़  पुलिस बल के साथ मौके पर पहमंचकर पट्टा धारक  रामस्वरूप पुत्र छुट्टा, अशोक पुत्र रामखेलावन,फकीरे पुत्र मटरे (दो पट्टे) , बाबू पुत्र महादीन,तिलक पुत्र बेचेलाल सहित छः पट्टे धारकों के समक्ष उपजिला अधिकारी ने पुलिस एवं राजस्व कर्मियो को उनकी भूमि से अबैध कब्जा हटबाने के निर्देश दिए और उन्होने  से कहा कि पैमाइश कराकर मेडबंदी करा कर पट्टे धारकों को कब्जा दिलाया जाए इस मौके पर  रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता संदीप पाण्डेय, समाजसेवी -अभिषेक पटेल, भाकियू इंडिया जिलाध्यक्ष रेखा दीक्षित, अखिल भारतीय किसान महासभा उत्तर प्रदेश संयोजक के ओमप्रकाश, किसान अधिकार पंचायत जिला संयोजक देवीचरण पटेल आदि मौजूद रहे !!
कृषि विज्ञान कांग्रेस का समापन, 30 विशेषज्ञों को सम्मान; डिजिटल खेती और नवाचार पर जोर
* विकसित भारत के लक्ष्य के साथ कृषि के भविष्य पर मंथन, राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने किया सम्मानित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय छठवीं उ.प्र. कृषि विज्ञान कांग्रेस का राष्ट्रीय गन्ना संस्थान में भव्य समापन हुआ। "विकसित कृषि, विकसित भारत थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र में नवाचार, डिजिटल कृषि और टिकाऊ विकास पर व्यापक चर्चा की गई।
समापन सत्र के मुख्य अतिथि उद्यान एवं कृषि विपणन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने कृषि शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 30 विशेषज्ञों एवं संस्थानों को सम्मानित किया। इनमें 14 एकेडमी अवार्डी, 9 फेलो अवार्डी और 7 ऑनरेरी फेलो शामिल रहे।
कार्यक्रम में भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान (झांसी), रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय (झांसी) और असारा बायोटेक प्रोड्यूसर्स कंपनी लिमिटेड (बाराबंकी) को उत्कृष्ट कृषि विज्ञान संस्थान/विश्वविद्यालय के रूप में सम्मानित किया गया।
कांग्रेस के अंतिम दिन आयोजित तकनीकी सत्रों में आजीविका सुरक्षा, डेयरी, पशुपालन, पोल्ट्री, मत्स्य पालन और डिजिटल कृषि जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। वैज्ञानिकों ने कृषि क्षेत्र की चुनौतियों जैसे पशुधन की कम उत्पादकता, चारे की कमी, एंटीबायोटिक प्रतिरोध और घटते मृदा कार्बन पर चिंता व्यक्त की।
विशेषज्ञों ने टिकाऊ कृषि के लिए जैविक खाद, फसल चक्र और प्राकृतिक खेती को अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में देशभर के वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे कृषि के दीर्घकालिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।
यूपी में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन: 84 लाख से अधिक नए मतदाता जुड़े

* विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 सफल, युवाओं और महिला मतदाताओं की भागीदारी बढ़ी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन को लेकर प्रेस वार्ता की। उन्होंने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक चले 166 दिनों के इस व्यापक अभियान में 75 जिलों के अधिकारियों और 5.82 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंटों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में कुल 12.55 करोड़ मतदाता थे, जो अंतिम प्रकाशन (10 अप्रैल 2026) में बढ़कर 13.39 करोड़ हो गए। इस प्रकार कुल 84.28 लाख मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 7.30 करोड़, महिला मतदाता 6.09 करोड़ और तृतीय लिंग के मतदाता 4206 हैं।
विशेष रूप से 18-19 आयु वर्ग के मतदाताओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो 3.33 लाख से बढ़कर 17.63 लाख हो गई। जेंडर रेशियो भी 824 से बढ़कर 834 पहुंच गया, जो महिला मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
जिलों में सर्वाधिक मतदाता वृद्धि प्रयागराज, लखनऊ, बरेली, गाजियाबाद और जौनपुर में दर्ज की गई। वहीं विधानसभा क्षेत्रों में साहिबाबाद, जौनपुर, लखनऊ पश्चिम, लोनी और फिरोजाबाद शीर्ष पर रहे।
उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण के दौरान 1.04 करोड़ मतदाताओं का मिलान नहीं हुआ तथा 2.22 करोड़ मामलों में तार्किक विसंगतियां पाई गईं, जिन पर शत-प्रतिशत नोटिस जारी कर 27 मार्च 2026 तक सभी का निस्तारण किया गया। स्पष्ट किया गया कि मसौदा सूची से बिना नोटिस और उचित प्रक्रिया के किसी भी मतदाता का नाम नहीं हटाया गया।
राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर 5 तथा जिला स्तर पर 3090 बैठकें आयोजित की गईं। दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान चार विशेष अभियान दिवस भी चलाए गए, जिससे अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को सूची में शामिल किया जा सके।
शिकायत निस्तारण में उत्तर प्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल (NGSP) और ‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ सुविधा में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। 1.08 लाख से अधिक शिकायतों में 99.8% का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया गया, जबकि हेल्पलाइन पर प्राप्त हजारों कॉल्स का भी समाधान किया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अपील प्रक्रिया के तहत असंतुष्ट व्यक्ति 15 दिनों के भीतर जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रथम अपील और 30 दिनों के भीतर उनके निर्णय के खिलाफ मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष द्वितीय अपील कर सकता है।
नाली निर्माण मे भ्रष्टाचार चरम पर,  जिम्मेदार गांधारी बने
        
देवरिया,  M N Pandey l.        देवरिया के उमा नगर मे राजेंद्र चौक के पास नाली का निमार्ण कार्य  नगर पालिका  द्वारा कराया जा रहा है । जिसमे ठेकेदार द्वारा दोयम दर्जे का काम कराया जा रहा है ।  नाली निर्माण  मे मानक के विपरीत घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है जिसपर अस्थानिय लोगो मे भी भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है ।  जब इस विषय मे ई ओ नगर पालिका से बात करने का प्रयास हुआ तो ई ओ नगरपालिका द्वारा नम्बर ब्लाक कर दिया गया ।
असम के मुख्यमंत्री के विवादित बयान पर भड़की कांग्रेस, प्रदर्शन के दौरान फूंका पुतला
*ये कांग्रेस नेतृत्व का अपमान नहीं, बल्कि पूरे लोकतंत्र की गरिमा पर सीधा हमला है : अभिषेक सिंह राणा*

सुल्तानपुर। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्वा सरमा द्वारा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एवं पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा के खिलाफ अभद्र अमर्यादित टिप्पणी को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा के नेतृत्व मे कांग्रेसियों ने कलेक्ट्रेट व विकास भवन के सामने स्थित राजीव गांधी तिकोनिया पार्क में जोरदार विरोध प्रदर्शन कर पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए पुलिस को चकमा देकर पार्क के अंदर असम के मुख्यमंत्री का पुतला लाकर फूंक दिया और बाहर खड़ी पुलिस देखती रह गई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने सत्तारूढ़ दल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा के नेताओं की भाषा दिन-ब-दिन गिरती जा रही है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कांग्रेस नेतृत्व का अपमान नहीं बल्कि पूरे दलित समाज का अपमान है, देश के लोकतंत्र की गरिमा पर सीधा हमला है। भाजपा के लोग सत्ता के अहंकार में मर्यादा भूल चुके हैं। अगर इसी तरह हमारे नेताओं का अपमान किया गया तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर हर स्तर पर जवाब देंगे।शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने भी कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि हिमंत विश्वा सरमा को अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए। यह देश लोकतंत्र से चलता है, न कि गाली-गलौज की राजनीति से। कांग्रेस इसका मुंहतोड़ जवाब देना जानती है। आने वाले समय में भाजपा को जनता खुद जवाब देगी। वही कांग्रेस नेता राजेश तिवारी व सुब्रत सिंह सनी ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की बयानबाजी पर तत्काल रोक नहीं लगी, तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा। इस मौके पर अतहर नवाब,रणजीत सिंह सलूजा,मोहित तिवारी,मानस तिवारी, अम्बरीष पाठक,हामिद राईन, अनवर शाही,जनेश्वर उपाध्याय, सुरेश चंद्र मिश्रा, अखण्ड मिश्रा, विवेक श्रीवास्तव, दिनेश तिवारी,अजय मिश्रा, शीतला साहू समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे।
जनगणना 2027 : प्रयागराज के सैन्य व प्रतिबंधित क्षेत्रों में दूसरे चरण में होगी जनगणना, केंद्रीय व जिला जेलों में भी बाद में

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। सैन्य क्षेत्र समेत केंद्रीय व जिला कारागारों समेत अन्य प्रतिबंधित इलाकों में दूसरे चरण के दौरान जनगणना होगी। वहीं शैक्षिक संस्थानों स्कूल-काॅलेज, विश्वविद्यालय, अस्पताल समेत अन्य सरकारी कालोनियों में रहने वाले लोगों की जनगणना के लिए उनके कर्मचारियों को ही लगाया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए ब्लाकों का गठन होगा। वहीं, पहले चरण की गणना में दूसरे चरण की जनगणना का फ्रेेम भी तैयार किया जाएगा।

पहली बार डिजिटल रूप में होगी जनगणना
पहली बार डिजिटल रूप में होने जा रही जनगणना के दौरान आबादी, घरों की गणना, वाहन, भोजन, रसोंई, शौचालय आदि का ब्यौरा तो लिया ही जाएगा, साथ ही तालाब-पोखरे, बाग-बगीचे, मुख्य सड़क, चकमार्ग, जल निगम की टंकी, हैंडपंप, नाली व सीवर का ब्यौरा दर्ज किया जाएगा। घर में कौन सी गाड़ियां हैं, कौन सा अनाज खाते हैं और इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं या नहीं, यह भी पूछा जाएगा।

जीवनशैली और सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा दर्ज होगा 
सरकार न केवल परिवार के सदस्यों की संख्या और मुखिया की जानकारी ले रही है, बल्कि लोगों की जीवनशैली और सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा दर्ज किया जाएगा। इसमें घर की छत और दीवार किस सामग्री से बनी है, पीने के पानी और शौचालय की क्या व्यवस्था है, से लेकर मौजूद गैजेट्स (लैपटाप, स्मार्टफोन) की भी जानकारी ली जाएगी।

घर-घर जाकर प्रगणक पूछेंगे 33 सवाल
केंद्र सरकार ने 33 सवालों की पूरी सूची जारी कर दी है, जो प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर पूछे जाएंगे। जेलों में बंद कैदियों की गणना वहां के कर्मचारी ही करेंगे, जो प्रशासन को रिपोर्ट देंगे। इसी तरह रेलवे, आयकर, दूरसंचार, एयरपोर्ट, जीएसटी, पीडब्ल्यूडी, जल निगम, स्वास्थ्य विभाग की कालोनियों में वहां के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है।

शीघ्र ही उपलब्ध कराएं कर्मचारियों की सूची
जनगणना की तैयारियों की बुधवार को मुख्य सचिव ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण से लेकर गणना ब्लाकों के गठन के निर्देश दिए। डीआइओएस व बीएसए को निर्देशित किया कि वे जनगणना कार्यक्रम में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों की शीघ्र ही सूची उपलब्ध करा दें। डीएम मनीष कुमार वर्मा व एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह भी जुड़ी रहीं।