देवघर-की इनर व्हील क्लब की ओर से सदर अस्पताल में 300 लोगों को निशुल्क भोजन कराया।
देवघर: के इनर व्हील क्लब की ओर से अध्यक्ष ज्ञानी मिश्रा के नेतृत्व में क्लब के नियमित प्रोजेक्ट “अन्नपूर्णा” के तहत सदर अस्पताल में एक सराहनीय सेवा कार्य आयोजित किया गया। इस अवसर पर क्लब की ओर से लगभग 300 मरीजों एवं उनके परिजनों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया गया। यह विशेष भोजन सेवा इनर व्हील क्लब की पूर्व अध्यक्ष सरिता अग्रवाल द्वारा उनके वर्षगांठ के अवसर पर दिए गए सहयोग से आयोजित की गई, जो एक अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायक पहल रही। इनर व्हील क्लब का अन्नपूर्णा प्रोजेक्ट एक नियमित सेवा कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत समय-समय पर जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन सेवा प्रदान की जाती है। इस कार्य में शील फाउंडेशन भोजन सेवा केन्द्र का निरंतर सहयोग सराहनीय रहा है। इस अवसर पर शील फाउंडेशन के राकेश कुमार वर्मा ने इनर व्हील क्लब की उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त हुए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे। मौके पर अध्यक्ष ज्ञानी मिश्रा सहित सचिव कंचन मूर्ति साह, सरिता अग्रवाल रूपा छवछारिया, सुरभि अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
PVUNL पतरातू में ‘GEM – गर्ल्स एम्पावरमेंट मिशन’ की शुरुआत, 50 छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण सम्पन्न

पतरातू, 24 अप्रैल 2026: पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (PVUNL) में ‘GEM – गर्ल्स एम्पावरमेंट मिशन’ की औपचारिक शुरुआत आज उत्साहपूर्वक की गई। इस पहल के तहत स्थानीय सरकारी विद्यालयों की 50 छात्राओं का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण पीटीपीएस अस्पताल में कराया गया।

कार्यक्रम के दौरान स्वर्णरेखा महिला समिति की अध्यक्षा श्रीमती रेनू सहगल ने छात्राओं से संवाद किया तथा उन्हें आत्मविश्वास, शिक्षा और स्वास्थ्य के महत्व के बारे में प्रेरित किया। उन्होंने बच्चियों को इस मिशन का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर छात्राओं के अभिभावक एवं शिक्षक भी उपस्थित रहे। सभी को GEM कार्यशाला के उद्देश्यों, गतिविधियों एवं इसके माध्यम से मिलने वाले समग्र विकास के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष जोर दिया गया। यह कार्यक्रम मई महीने में शुरू होगा।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दक्षिणी छोटानागपुर के मुखियाओं को किया सम्मानित, कहा – गांव के विकास से ही राज्य का विकास संभव

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य के समग्र विकास एवं ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है, आप सभी ऐसे लोग हैं जो ग्रामीणों के सबसे करीब रहते हैं। आप सभी लोग ग्राम-पंचायत व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं।

आपकी कार्य कुशलता से ही राज्य का सर्वांगीण विकास का रास्ता तय किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का विकास तभी होगा जब गांव का विकास होगा। गांव राज्य के जड़ हैं, जब जड़ मजबूत होगी तभी पेड़ मजबूत होगी। गांव को मजबूत करने की दिशा में हमारी सरकार निरंतर सकारात्मक कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राजधानी रांची या हेडक्वार्टर से नहीं बल्कि गाँवों से चलने वाली सरकार है, क्योंकि विकास की असली नींव गाँवों में ही निहित है। भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती गाँवों से शुरू होती है। गाँवों को सशक्त किए बिना राज्य और देश के विकास की कल्पना अधूरी है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ विकास की राह में खड़े समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। पहले जहाँ यह शिकायत मिलती थी कि सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक न तो सरकार की आवाज़ पहुँचती थी और न योजनाएँ, वहीं अब पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है और यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव, रांची में आयोजित "मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह-सह-मुखिया सम्मेलन 2026 (दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल)" को संबोधित कर रहे थे।

उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करना एक अच्छी पहल है

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में पंचायत सेवकों से लेकर उच्च अधिकारियों तक एक सशक्त प्रशासनिक ढांचा कार्य कर रहा है, वहीं पंचायत से लेकर मुख्यमंत्री तक जनप्रतिनिधियों की एक समानांतर व्यवस्था है। इन दोनों के समन्वय से ही विकास की गति तेज होगी। जनप्रतिनिधि सरकार की योजनाओं और संसाधनों को अपनी जिम्मेदारी समझें, तभी उनका सही उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के में राज्य सरकार द्वारा करोड़ों रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया गया है जो उत्कृष्ट कार्य करने वालों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और सम्मान का प्रतीक है। अच्छे कार्यों की पहचान किया जाना और बेहतर कार्य के लिए सम्मानित करना आवश्यक है, ताकि इस पहल से अन्य लोग भी प्रेरित हों और बेहतर कार्य करने की दिशा में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 'मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना' की शुरुआत की गई है। यह योजना केवल एक पुरस्कार योजना नहीं है बल्कि यह एक परिवर्तनकारी पहल है जिसका उद्देश्य ग्रामीण सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाना तथा पंचायतों को नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यो के लिए प्रेरित करना भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से विकास की गति को तेज किया जा सकता है। ग्रामीण स्तर पर सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

जनप्रतिनिधि जल संकट से उबरने की रखें पूरी तैयारी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि बीते वर्षों में राज्य में भूख से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभा रही है। समाज का एक बहुत बड़ा वर्ग कोई आपदा या संकट के समय सबसे अधिक प्रभावित होता है, ऐसे में सरकार को संवेदनशील निर्णय लेने होते हैं, जो हमारी सरकार निरन्तर करती रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी गर्मी का मौसम है। गर्मी के समय में अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरों में जल संकट की समस्या उत्पन्न होती है। इस समय पुराने तालाबों की सफाई और गहरीकरण कार्य किया जाए, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके। साथ ही चापाकलों के पास सोक पिट निर्माण को बढ़ावा दिया जाये। जिससे भूजल स्तर बना रहे और जल संकट से राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों में पानी की समस्याओं को देखना जनप्रतिनिधियों का कार्य है। चापकलों के समीप किस प्रकार सोक पीट बनाई जाए इस निमित्त विभाग लोगों को प्रशिक्षण दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को बड़ी राशि हस्तांतरित की गई है। यह संसाधन ग्राम पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जनप्रतिनिधि ग्रामीणों से बेहतर समन्वय बनाकर योजनाओं को चुने। जब आप आवश्यकता के अनुरूप योजनाओं का चुनाव कर उन्हें कार्यान्वित करें तभी बदलाव संभव हो सकेगा।

खेतों में सोलर पावर प्लांट लगाकर आय सृजन करें ग्रामीण

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि खेतों का उपयोग केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखते हुए खाली जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन किया जा सकता है, जिसे सरकार खरीदेगी। इससे ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे। राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए लिफ्ट इरिगेशन जैसी योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जिसमें संताल परगना में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। भविष्य में इन योजनाओं को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में वैसी भूमि जहां खेती का कार्य कम अवधि के लिए किया जाता है या खेत बंजर रह जाते हैं वहां सामूहिक रूप से ग्राम सभा कर सोलर पावर प्लांट लगाकर ग्रामीण समृद्ध हो सकते हैं।

जनप्रतिनिधि और आम जनमानस के बीच होनी चाहिए बेहतर समन्वय

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि पंचायत स्तर पर ही विभिन्न सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिसमें आधार (UID) से जुड़े कार्य भी शामिल हैं। इसके लिए एमओयू किया गया है, जिससे ग्रामीणों को गांव के ही कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में सुविधा मिलेगी और उन्हें बार-बार दूरस्थ स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधियों के बीच निरंतर संपर्क और संवाद बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, संपर्क बना रहने से योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव होता है और समस्याओं का समाधान भी तेजी से किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य जनप्रतिनिधि और जनता के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करना भी है।

आम जनमानस की अपेक्षाओं पर खरा उतरें

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें और आम जनमानस की अपेक्षाओं पर खरा उतरें। मुख्यमंत्री ने कहा सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे संसाधनों और जनप्रतिनिधियों के सक्रिय सहयोग से झारखण्ड के गांव निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ेंगे और आमजन की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

इनकी रही उपस्थिति..

इस अवसर पर मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक श्री सुरेश बैठा, विधायक श्रीमती ममता देवी, विधायक श्री राजेश कच्छप, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, निदेशक पंचायती राज श्रीमती बी० राजेश्वरी एवं निदेशक UIDAI, RO श्री नीरज कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों से पहुंचे जनप्रतिनिधि सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

Sambhal बिजली संकट पर भड़के किसान: फसलें सूख रहीं, स्मार्ट मीटर के खिलाफ बड़ा आंदोलन चेतावनी
सम्भल जनपद में बिजली संकट को लेकर किसानों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। भारतीय किसान यूनियन (असली) के बैनर तले किसानों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रदेश प्रवक्ता जयवीर सिंह यादव ने बताया कि सम्भल डिवीजन के हसनपुर मुंजबता क्षेत्र सहित कई गांवों में बिजली आपूर्ति बेहद खराब है, जिससे खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा और फसलें बर्बादी के कगार पर हैं।

किसानों का कहना है कि उन्हें तीन-तीन दिन बाद बिजली मिल रही है, जिससे मक्का की तैयार फसल झुलस रही है। पहले ही आलू की फसल में नुकसान झेल चुके किसान अब पूरी तरह टूटने की कगार पर हैं। उनका सवाल है कि अगर फसल ही नहीं बचेगी तो परिवार का पालन-पोषण कैसे होगा। वहीं, पल्था गांव में बिजली लाइन की समस्या को लेकर भी किसानों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि लंबे समय से शिकायत के बावजूद लाइन ठीक नहीं कराई गई, जिससे गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। इसके अलावा स्मार्ट मीटर को लेकर भी किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का आरोप है कि जबरन लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों से 15-15 दिन में 5 से 7 हजार रुपये तक के बिजली बिल आ रहे हैं, जिससे गरीब और मजदूर वर्ग की कमर टूट रही है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अधिशासी अभियंता के नाम ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि 30 अप्रैल तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने ई-रिक्शा पर गोली चलाई, बच्ची पैर में गोली लगने से गंभीर रूप घायल
रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई। मंझिला थाना क्षेत्र के लोकपुर गांव के निकट बाइक पर सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने ई रिक्शा पर गोली चला दी। ई रिक्शा में बैठी एक बच्ची के गोली पैर में लगी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। गोली कांड के बाद दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। चीख पुकार मच गई। तत्काल घायल किशोरी को सीएचसी पिहानी में भर्ती कराया गया। सूचना पाकर प्रभारी निरीक्षक और क्षेत्राधिकारी अस्पताल पहुंचे और घायल बच्ची के परिजनों से बातचीत की। फिलहाल घायल बच्ची खतरे से बाहर है। फर्रुखाबाद जनपद के कादरी गेट की रहने वाली आयुषी 10 वर्ष पुत्री गुड्डू अपने भाई और अपनी मां मैना देवी के साथ पारा गांव में अपने ननिहाल में एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने आई थी। शुक्रवार को पूर्वान्ह 11:00 बजे ई रिक्शा से सवार होकर करीब सात लोग वापस लौट रहे थे। लोकपुर गांव के पास एक बाइक पर सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने अचानक ई रिक्शा पर फायर कर दिया, जो बच्ची आयुषी के पैर में लगा। गोली पैर में लगने के बाद आर पार हो गई। फायर होने के बाद भगदड़ और चीख पुकार मच गई। घायल को तत्काल सीएचसी पिहानी में भर्ती कराया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है। प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार, क्षेत्राधिकारी शाहाबाद आलोक राज नारायण ने अस्पताल पहुंचकर घायल बच्ची के परिजनों से मुलाकात की और बदमाशों के हुलिया के बारे में जानकारी ली। अपर पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया आसपास के समस्त सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस जल्द ही घटना को अंजाम देने वाले युवकों तक पहुंच जाएगी। फिलहाल बच्ची खतरे से बाहर है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पुलिस ने घटना मे प्रयुक्त डंडा सहित अभियुक्त को किया गिरफ्तार  
                                 

रितेश मिश्रा
हरदोई !! सण्डीला पुलिस द्वारा मुकदमा संख्या 148/26 धारा 351(3),333/352 105 बी एन एस  से सम्बन्धित एक अभियुक्त को घटना मे प्रयुक्त एक अदद डंडा सहित गिरफ्तार किया है प्राप्त बिबरण मे 21,अप्रैल 2026 को रामेसुर निवासी ग्राम शम्भू खेडा के द्वारा थाना पर सूचना दी गई कि उसके भाई रामाकान्त को 16अप्रैल 2026 को गांव निवासी बिपक्षी सुनील कुमार  सहित अन्य 3 आरोपियो ने धक्का मुक्की कर के रामाकान्त चोटहिल कर  दिया जिनको इलाज के बास्ते   सण्डीला के एक अस्पताल मे भर्ती करवाया गया था जहां इलाज के दौरान उनकी म्रत्यु हो गई  जिसके सम्बन्ध मे सण्डीला  कोतवाली मे 3 आरोपियो के बिरूद्ध अभियोग पंजीक्रत किया गया है  उक्त प्रकरण के सम्बन्ध पुलिस ने एक अभियुक्त सुनील कुमार को डंडा सहित गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस ने घटना मे प्रयुक्त डंडा सहित अभियुक्त को किया गिरफ्तार  
                                 

रितेश मिश्रा
हरदोई !! सण्डीला पुलिस द्वारा मुकदमा संख्या 148/26 धारा 351(3),333/352 105 बी एन एस  से सम्बन्धित एक अभियुक्त को घटना मे प्रयुक्त एक अदद डंडा सहित गिरफ्तार किया है प्राप्त बिबरण मे 21,अप्रैल 2026 को रामेसुर निवासी ग्राम शम्भू खेडा के द्वारा थाना पर सूचना दी गई कि उसके भाई रामाकान्त को 16अप्रैल 2026 को गांव निवासी बिपक्षी सुनील कुमार  सहित अन्य 3 आरोपियो ने धक्का मुक्की कर के रामाकान्त चोटहिल कर  दिया जिनको इलाज के बास्ते   सण्डीला के एक अस्पताल मे भर्ती करवाया गया था जहां इलाज के दौरान उनकी म्रत्यु हो गई  जिसके सम्बन्ध मे सण्डीला  कोतवाली मे 3 आरोपियो के बिरूद्ध अभियोग पंजीक्रत किया गया है  उक्त प्रकरण के सम्बन्ध पुलिस ने एक अभियुक्त सुनील कुमार को डंडा सहित गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अभद्र व्यवहार के खिलाफ पत्रकारों का हल्लाबोल, सीओ को सौंपा ज्ञापन

मेरठ। बहसूमा।मवाना। मवाना थाना क्षेत्र में पत्रकारों के साथ लगातार हो रही अभद्रता और पुलिस के तानाशाही रवैये के विरोध में शुक्रवार को पत्रकारों का गुस्सा फूट पड़ा। संयुक्त पत्रकार महासभा के बैनर तले दर्जनों पत्रकारों ने तहसील परिसर में प्रदर्शन कर पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) पंकज लवानिया को ज्ञापन सौंपते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

संयुक्त पत्रकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरताज अहमद के नेतृत्व में पत्रकारों ने सीओ से वार्ता की। इस दौरान उन्होंने बस स्टैंड मवाना चौकी प्रभारी प्रशांत मिश्रा पर पत्रकारों और संपादकों के साथ लगातार अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया। पत्रकारों का कहना था कि हाल के दिनों में कई पत्रकारों के साथ बदसलूकी की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे पूरे पत्रकार जगत में गहरा रोष व्याप्त है।

ज्ञापन में बताया गया कि वरिष्ठ पत्रकार संचित अरोड़ा, अमित कांबोज और प्रिंस रस्तोगी के साथ हुई घटनाओं के संबंध में मवाना थाने में तहरीर दी गई थी, लेकिन पुलिस प्रशासन ने अब तक कोई ठोस संज्ञान नहीं लिया। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि समाचार संकलन के दौरान भी पुलिस का रवैया बेहद नकारात्मक और असहयोगपूर्ण रहता है।

सरताज अहमद ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और उनके साथ इस प्रकार का व्यवहार न केवल निंदनीय है, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार भी है। उन्होंने कहा कि यदि पत्रकारों की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया तो संगठन इसका पुरजोर विरोध करेगा।

पत्रकारों ने प्रशासन से मांग की कि बस स्टैंड चौकी प्रभारी प्रशांत मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए तथा भविष्य में पत्रकारों के साथ इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की जाए।

ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला उपाध्यक्ष प्रवेंद्र उर्फ जैन साहब ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही विभागीय कार्रवाई नहीं की गई तो तहसील और जिला मुख्यालय पर उग्र आंदोलन और व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा।

इस अवसर पर मवाना तहसील से सरताज अहमद (राष्ट्रीय अध्यक्ष), मोनू कुमार, ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला उपाध्यक्ष परविंदर जैन, संचित, रजनीश विश्वकर्मा, सोनू कुमार, अमरीश, आसिफ कुरैशी, रूपेश चौहान, प्रिंस रस्तोगी, अमित कांबोज, आरिफ कुरैशी, संचित अरोड़ा, रोहित दिलावर, रोहित, रामराज से अनस सैफी, जितेंद्र राठी, जिला अध्यक्ष दीपक कुमार, संगठन मंत्री डॉ. रईस अल्वी, संपादक पुनीत गोयल, शफीक, सत्येंद्र सैनी, नदीम, मीरापुर से रविंद्र कुमार, हस्तिनापुर से सत्येंद्र कुमार, शानू राजपूत, मनोज कुमार सहित दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे।
तापमान 43 डिग्री के पार, लोग बेहाल
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। मौसम की तल्खी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शुक्रवार को तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। इसके साथ तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अस्पताल आने वाले मरीजों, तीमारदारों को चिकित्सक बिना काम के धूप में घरों से बाहर न निकलने की सलाह दे रहे हैं। खास तौर पर सुबह 11 से शाम चार बजे तक घरों में रहने की सलाह दे रहे हैं।लू को लेकर स्वास्थ्य महकमा पहले से अलर्ट मोड में है। 28 अस्पतालों में 90 बेड लू से पीड़ित मरीजों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के अध्यक्ष व वैज्ञानिक डॉ. विश्वेंद्रु द्विवेदी ने बताया कि राजस्थान से गर्म हवाएं चल रही हैं। इसी बीच पश्चिमी विक्षोभ का असर कम हुआ है। इसके कारण तापमान में बढ़ोतरी के साथ लू की स्थिति बनी है। लापरवाही बरतने पर लोग बीमार पड़ रहे हैं। सुबह नौ बजे के बाद से मौसम तल्ख होने लगता है। यह सिलसिला शाम पांच बजे तक बना रहा है। तापमान में वृद्धि का यह सिलसिला जारी रहेगा। धूप और उमस भरी गर्मी से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। एक ओर आमजन गर्मी से राहत पाने के लिए शीतल पेय, गन्ने का रस और फलों का सहारा ले रहे हैं, वहीं प्यास बुझाने के लिए पशु, पक्षी भटक रहे हैं। भीषण गर्मी के कारण शाम पांच बजे के बाद ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। जिला अस्पताल में शुक्रवार को 762 ओपीडी रही। जिन्हें जांच पड़ताल करके दवाएं दी गईं। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि गर्मी के मौसम में पानी पीने में कोताही करेंगे तो निश्चित रूप से बीमार पड़ सकते हैं। लू को लेकर स्वास्थ्य महकमा में पहले से अलर्ट है। 28 अस्पतालों में 90 बेड आरक्षित कर दिए गए हैं।
प्रशासन की नाक के नीचे साइबर ठगी, जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत के बाद भी हाथ मल रहा पीड़ित

बलरामपुर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किया गया 'जनसुनवाई पोर्टल' (IGRS) जिले में साइबर ठगों के आगे बेअसर साबित हो रहा है। तुलसीपुर के एक युवक से सरकारी अधिकारी बनकर 40 हजार रुपये की ठगी कर ली गई, लेकिन पुलिस और पोर्टल पर शिकायत के बावजूद अब तक न तो अपराधियों का पता चला है और न ही पीड़ित के पैसे वापस मिल पाए हैं।
पोर्टल से उम्मीद टूटी, पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
ग्राम बेलीखुर्द निवासी सर्वजीत पासवान ने बताया कि ठगी का शिकार होने के तुरंत बाद उन्होंने न्याय की आस में मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (संदर्भ संख्या: 40018226006400) पर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। हैरानी की बात यह है कि साइबर अपराध जैसे गंभीर मामले में भी प्रशासन ने इसे फाइलों में दबा रखा है। पीड़ित का आरोप है कि शिकायत के कई दिन बीत जाने के बाद भी उसे केवल आश्वासन मिला है, जबकि ठग बेखौफ होकर घूम रहे हैं।
वर्दी का डर दिखाकर हुई ठगी
बता दें कि ठगों ने व्हाट्सएप पर पुलिस अधिकारी की फोटो लगाकर पीड़ित को झांसे में लिया था। खुद को सीएमओ ऑफिस का कर्मचारी बताकर और पुलिस का भय दिखाकर ठग ने करीब 40,000 रुपये दो ट्रांजेक्शन के जरिए ऐंठ लिए। पीड़ित ने ट्रांजेक्शन की आईडी और बैंक डिटेल्स भी पुलिस को सौंपी हैं, फिर भी कार्यवाही की रफ्तार सुस्त है।
आम जनता में बढ़ा रोष
तुलसीपुर और आस-पास के क्षेत्रों में इस घटना के बाद लोगों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जनसुनवाई पोर्टल और पुलिस अधीक्षक को सीधे शिकायत देने के बाद भी सुनवाई नहीं होगी, तो गरीब आदमी अपनी गुहार लेकर कहां जाएगा? जिले में सक्रिय यह संगठित गिरोह लगातार डिजिटल माध्यमों का सहारा लेकर लोगों को शिकार बना रहा है, लेकिन प्रशासन केवल 'जागरूकता' के नाम पर खानापूर्ति कर रहा है।
"प्रार्थी ने सभी साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध करा दिए हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। विपक्षी का फोन बंद है और पीड़ित आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान है।"
— पीड़ित का बयान
यह खबर प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए उपयुक्त है। क्या आप चाहते हैं कि मैं इस मामले में विभाग के किसी अधिकारी के लिए एक RTI (सूचना का अधिकार) ड्राफ्ट भी तैयार कर दूँ, ताकि यह पता चल सके कि शिकायत पर अब तक क्या प्रगति हुई है?
देवघर-की इनर व्हील क्लब की ओर से सदर अस्पताल में 300 लोगों को निशुल्क भोजन कराया।
देवघर: के इनर व्हील क्लब की ओर से अध्यक्ष ज्ञानी मिश्रा के नेतृत्व में क्लब के नियमित प्रोजेक्ट “अन्नपूर्णा” के तहत सदर अस्पताल में एक सराहनीय सेवा कार्य आयोजित किया गया। इस अवसर पर क्लब की ओर से लगभग 300 मरीजों एवं उनके परिजनों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया गया। यह विशेष भोजन सेवा इनर व्हील क्लब की पूर्व अध्यक्ष सरिता अग्रवाल द्वारा उनके वर्षगांठ के अवसर पर दिए गए सहयोग से आयोजित की गई, जो एक अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायक पहल रही। इनर व्हील क्लब का अन्नपूर्णा प्रोजेक्ट एक नियमित सेवा कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत समय-समय पर जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन सेवा प्रदान की जाती है। इस कार्य में शील फाउंडेशन भोजन सेवा केन्द्र का निरंतर सहयोग सराहनीय रहा है। इस अवसर पर शील फाउंडेशन के राकेश कुमार वर्मा ने इनर व्हील क्लब की उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त हुए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे। मौके पर अध्यक्ष ज्ञानी मिश्रा सहित सचिव कंचन मूर्ति साह, सरिता अग्रवाल रूपा छवछारिया, सुरभि अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
PVUNL पतरातू में ‘GEM – गर्ल्स एम्पावरमेंट मिशन’ की शुरुआत, 50 छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण सम्पन्न

पतरातू, 24 अप्रैल 2026: पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (PVUNL) में ‘GEM – गर्ल्स एम्पावरमेंट मिशन’ की औपचारिक शुरुआत आज उत्साहपूर्वक की गई। इस पहल के तहत स्थानीय सरकारी विद्यालयों की 50 छात्राओं का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण पीटीपीएस अस्पताल में कराया गया।

कार्यक्रम के दौरान स्वर्णरेखा महिला समिति की अध्यक्षा श्रीमती रेनू सहगल ने छात्राओं से संवाद किया तथा उन्हें आत्मविश्वास, शिक्षा और स्वास्थ्य के महत्व के बारे में प्रेरित किया। उन्होंने बच्चियों को इस मिशन का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर छात्राओं के अभिभावक एवं शिक्षक भी उपस्थित रहे। सभी को GEM कार्यशाला के उद्देश्यों, गतिविधियों एवं इसके माध्यम से मिलने वाले समग्र विकास के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष जोर दिया गया। यह कार्यक्रम मई महीने में शुरू होगा।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दक्षिणी छोटानागपुर के मुखियाओं को किया सम्मानित, कहा – गांव के विकास से ही राज्य का विकास संभव

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य के समग्र विकास एवं ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है, आप सभी ऐसे लोग हैं जो ग्रामीणों के सबसे करीब रहते हैं। आप सभी लोग ग्राम-पंचायत व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं।

आपकी कार्य कुशलता से ही राज्य का सर्वांगीण विकास का रास्ता तय किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का विकास तभी होगा जब गांव का विकास होगा। गांव राज्य के जड़ हैं, जब जड़ मजबूत होगी तभी पेड़ मजबूत होगी। गांव को मजबूत करने की दिशा में हमारी सरकार निरंतर सकारात्मक कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राजधानी रांची या हेडक्वार्टर से नहीं बल्कि गाँवों से चलने वाली सरकार है, क्योंकि विकास की असली नींव गाँवों में ही निहित है। भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती गाँवों से शुरू होती है। गाँवों को सशक्त किए बिना राज्य और देश के विकास की कल्पना अधूरी है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ विकास की राह में खड़े समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। पहले जहाँ यह शिकायत मिलती थी कि सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक न तो सरकार की आवाज़ पहुँचती थी और न योजनाएँ, वहीं अब पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है और यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव, रांची में आयोजित "मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह-सह-मुखिया सम्मेलन 2026 (दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल)" को संबोधित कर रहे थे।

उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करना एक अच्छी पहल है

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में पंचायत सेवकों से लेकर उच्च अधिकारियों तक एक सशक्त प्रशासनिक ढांचा कार्य कर रहा है, वहीं पंचायत से लेकर मुख्यमंत्री तक जनप्रतिनिधियों की एक समानांतर व्यवस्था है। इन दोनों के समन्वय से ही विकास की गति तेज होगी। जनप्रतिनिधि सरकार की योजनाओं और संसाधनों को अपनी जिम्मेदारी समझें, तभी उनका सही उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के में राज्य सरकार द्वारा करोड़ों रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया गया है जो उत्कृष्ट कार्य करने वालों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और सम्मान का प्रतीक है। अच्छे कार्यों की पहचान किया जाना और बेहतर कार्य के लिए सम्मानित करना आवश्यक है, ताकि इस पहल से अन्य लोग भी प्रेरित हों और बेहतर कार्य करने की दिशा में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 'मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना' की शुरुआत की गई है। यह योजना केवल एक पुरस्कार योजना नहीं है बल्कि यह एक परिवर्तनकारी पहल है जिसका उद्देश्य ग्रामीण सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाना तथा पंचायतों को नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यो के लिए प्रेरित करना भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से विकास की गति को तेज किया जा सकता है। ग्रामीण स्तर पर सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

जनप्रतिनिधि जल संकट से उबरने की रखें पूरी तैयारी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि बीते वर्षों में राज्य में भूख से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभा रही है। समाज का एक बहुत बड़ा वर्ग कोई आपदा या संकट के समय सबसे अधिक प्रभावित होता है, ऐसे में सरकार को संवेदनशील निर्णय लेने होते हैं, जो हमारी सरकार निरन्तर करती रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी गर्मी का मौसम है। गर्मी के समय में अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरों में जल संकट की समस्या उत्पन्न होती है। इस समय पुराने तालाबों की सफाई और गहरीकरण कार्य किया जाए, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके। साथ ही चापाकलों के पास सोक पिट निर्माण को बढ़ावा दिया जाये। जिससे भूजल स्तर बना रहे और जल संकट से राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों में पानी की समस्याओं को देखना जनप्रतिनिधियों का कार्य है। चापकलों के समीप किस प्रकार सोक पीट बनाई जाए इस निमित्त विभाग लोगों को प्रशिक्षण दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को बड़ी राशि हस्तांतरित की गई है। यह संसाधन ग्राम पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जनप्रतिनिधि ग्रामीणों से बेहतर समन्वय बनाकर योजनाओं को चुने। जब आप आवश्यकता के अनुरूप योजनाओं का चुनाव कर उन्हें कार्यान्वित करें तभी बदलाव संभव हो सकेगा।

खेतों में सोलर पावर प्लांट लगाकर आय सृजन करें ग्रामीण

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि खेतों का उपयोग केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखते हुए खाली जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन किया जा सकता है, जिसे सरकार खरीदेगी। इससे ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे। राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए लिफ्ट इरिगेशन जैसी योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जिसमें संताल परगना में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। भविष्य में इन योजनाओं को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में वैसी भूमि जहां खेती का कार्य कम अवधि के लिए किया जाता है या खेत बंजर रह जाते हैं वहां सामूहिक रूप से ग्राम सभा कर सोलर पावर प्लांट लगाकर ग्रामीण समृद्ध हो सकते हैं।

जनप्रतिनिधि और आम जनमानस के बीच होनी चाहिए बेहतर समन्वय

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि पंचायत स्तर पर ही विभिन्न सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिसमें आधार (UID) से जुड़े कार्य भी शामिल हैं। इसके लिए एमओयू किया गया है, जिससे ग्रामीणों को गांव के ही कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में सुविधा मिलेगी और उन्हें बार-बार दूरस्थ स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधियों के बीच निरंतर संपर्क और संवाद बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, संपर्क बना रहने से योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव होता है और समस्याओं का समाधान भी तेजी से किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य जनप्रतिनिधि और जनता के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करना भी है।

आम जनमानस की अपेक्षाओं पर खरा उतरें

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें और आम जनमानस की अपेक्षाओं पर खरा उतरें। मुख्यमंत्री ने कहा सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे संसाधनों और जनप्रतिनिधियों के सक्रिय सहयोग से झारखण्ड के गांव निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ेंगे और आमजन की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

इनकी रही उपस्थिति..

इस अवसर पर मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक श्री सुरेश बैठा, विधायक श्रीमती ममता देवी, विधायक श्री राजेश कच्छप, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, निदेशक पंचायती राज श्रीमती बी० राजेश्वरी एवं निदेशक UIDAI, RO श्री नीरज कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों से पहुंचे जनप्रतिनिधि सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

Sambhal बिजली संकट पर भड़के किसान: फसलें सूख रहीं, स्मार्ट मीटर के खिलाफ बड़ा आंदोलन चेतावनी
सम्भल जनपद में बिजली संकट को लेकर किसानों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। भारतीय किसान यूनियन (असली) के बैनर तले किसानों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रदेश प्रवक्ता जयवीर सिंह यादव ने बताया कि सम्भल डिवीजन के हसनपुर मुंजबता क्षेत्र सहित कई गांवों में बिजली आपूर्ति बेहद खराब है, जिससे खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा और फसलें बर्बादी के कगार पर हैं।

किसानों का कहना है कि उन्हें तीन-तीन दिन बाद बिजली मिल रही है, जिससे मक्का की तैयार फसल झुलस रही है। पहले ही आलू की फसल में नुकसान झेल चुके किसान अब पूरी तरह टूटने की कगार पर हैं। उनका सवाल है कि अगर फसल ही नहीं बचेगी तो परिवार का पालन-पोषण कैसे होगा। वहीं, पल्था गांव में बिजली लाइन की समस्या को लेकर भी किसानों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि लंबे समय से शिकायत के बावजूद लाइन ठीक नहीं कराई गई, जिससे गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। इसके अलावा स्मार्ट मीटर को लेकर भी किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का आरोप है कि जबरन लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों से 15-15 दिन में 5 से 7 हजार रुपये तक के बिजली बिल आ रहे हैं, जिससे गरीब और मजदूर वर्ग की कमर टूट रही है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अधिशासी अभियंता के नाम ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि 30 अप्रैल तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने ई-रिक्शा पर गोली चलाई, बच्ची पैर में गोली लगने से गंभीर रूप घायल
रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई। मंझिला थाना क्षेत्र के लोकपुर गांव के निकट बाइक पर सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने ई रिक्शा पर गोली चला दी। ई रिक्शा में बैठी एक बच्ची के गोली पैर में लगी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। गोली कांड के बाद दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। चीख पुकार मच गई। तत्काल घायल किशोरी को सीएचसी पिहानी में भर्ती कराया गया। सूचना पाकर प्रभारी निरीक्षक और क्षेत्राधिकारी अस्पताल पहुंचे और घायल बच्ची के परिजनों से बातचीत की। फिलहाल घायल बच्ची खतरे से बाहर है। फर्रुखाबाद जनपद के कादरी गेट की रहने वाली आयुषी 10 वर्ष पुत्री गुड्डू अपने भाई और अपनी मां मैना देवी के साथ पारा गांव में अपने ननिहाल में एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने आई थी। शुक्रवार को पूर्वान्ह 11:00 बजे ई रिक्शा से सवार होकर करीब सात लोग वापस लौट रहे थे। लोकपुर गांव के पास एक बाइक पर सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने अचानक ई रिक्शा पर फायर कर दिया, जो बच्ची आयुषी के पैर में लगा। गोली पैर में लगने के बाद आर पार हो गई। फायर होने के बाद भगदड़ और चीख पुकार मच गई। घायल को तत्काल सीएचसी पिहानी में भर्ती कराया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है। प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार, क्षेत्राधिकारी शाहाबाद आलोक राज नारायण ने अस्पताल पहुंचकर घायल बच्ची के परिजनों से मुलाकात की और बदमाशों के हुलिया के बारे में जानकारी ली। अपर पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया आसपास के समस्त सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस जल्द ही घटना को अंजाम देने वाले युवकों तक पहुंच जाएगी। फिलहाल बच्ची खतरे से बाहर है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पुलिस ने घटना मे प्रयुक्त डंडा सहित अभियुक्त को किया गिरफ्तार  
                                 

रितेश मिश्रा
हरदोई !! सण्डीला पुलिस द्वारा मुकदमा संख्या 148/26 धारा 351(3),333/352 105 बी एन एस  से सम्बन्धित एक अभियुक्त को घटना मे प्रयुक्त एक अदद डंडा सहित गिरफ्तार किया है प्राप्त बिबरण मे 21,अप्रैल 2026 को रामेसुर निवासी ग्राम शम्भू खेडा के द्वारा थाना पर सूचना दी गई कि उसके भाई रामाकान्त को 16अप्रैल 2026 को गांव निवासी बिपक्षी सुनील कुमार  सहित अन्य 3 आरोपियो ने धक्का मुक्की कर के रामाकान्त चोटहिल कर  दिया जिनको इलाज के बास्ते   सण्डीला के एक अस्पताल मे भर्ती करवाया गया था जहां इलाज के दौरान उनकी म्रत्यु हो गई  जिसके सम्बन्ध मे सण्डीला  कोतवाली मे 3 आरोपियो के बिरूद्ध अभियोग पंजीक्रत किया गया है  उक्त प्रकरण के सम्बन्ध पुलिस ने एक अभियुक्त सुनील कुमार को डंडा सहित गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस ने घटना मे प्रयुक्त डंडा सहित अभियुक्त को किया गिरफ्तार  
                                 

रितेश मिश्रा
हरदोई !! सण्डीला पुलिस द्वारा मुकदमा संख्या 148/26 धारा 351(3),333/352 105 बी एन एस  से सम्बन्धित एक अभियुक्त को घटना मे प्रयुक्त एक अदद डंडा सहित गिरफ्तार किया है प्राप्त बिबरण मे 21,अप्रैल 2026 को रामेसुर निवासी ग्राम शम्भू खेडा के द्वारा थाना पर सूचना दी गई कि उसके भाई रामाकान्त को 16अप्रैल 2026 को गांव निवासी बिपक्षी सुनील कुमार  सहित अन्य 3 आरोपियो ने धक्का मुक्की कर के रामाकान्त चोटहिल कर  दिया जिनको इलाज के बास्ते   सण्डीला के एक अस्पताल मे भर्ती करवाया गया था जहां इलाज के दौरान उनकी म्रत्यु हो गई  जिसके सम्बन्ध मे सण्डीला  कोतवाली मे 3 आरोपियो के बिरूद्ध अभियोग पंजीक्रत किया गया है  उक्त प्रकरण के सम्बन्ध पुलिस ने एक अभियुक्त सुनील कुमार को डंडा सहित गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अभद्र व्यवहार के खिलाफ पत्रकारों का हल्लाबोल, सीओ को सौंपा ज्ञापन

मेरठ। बहसूमा।मवाना। मवाना थाना क्षेत्र में पत्रकारों के साथ लगातार हो रही अभद्रता और पुलिस के तानाशाही रवैये के विरोध में शुक्रवार को पत्रकारों का गुस्सा फूट पड़ा। संयुक्त पत्रकार महासभा के बैनर तले दर्जनों पत्रकारों ने तहसील परिसर में प्रदर्शन कर पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) पंकज लवानिया को ज्ञापन सौंपते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

संयुक्त पत्रकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरताज अहमद के नेतृत्व में पत्रकारों ने सीओ से वार्ता की। इस दौरान उन्होंने बस स्टैंड मवाना चौकी प्रभारी प्रशांत मिश्रा पर पत्रकारों और संपादकों के साथ लगातार अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया। पत्रकारों का कहना था कि हाल के दिनों में कई पत्रकारों के साथ बदसलूकी की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे पूरे पत्रकार जगत में गहरा रोष व्याप्त है।

ज्ञापन में बताया गया कि वरिष्ठ पत्रकार संचित अरोड़ा, अमित कांबोज और प्रिंस रस्तोगी के साथ हुई घटनाओं के संबंध में मवाना थाने में तहरीर दी गई थी, लेकिन पुलिस प्रशासन ने अब तक कोई ठोस संज्ञान नहीं लिया। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि समाचार संकलन के दौरान भी पुलिस का रवैया बेहद नकारात्मक और असहयोगपूर्ण रहता है।

सरताज अहमद ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और उनके साथ इस प्रकार का व्यवहार न केवल निंदनीय है, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार भी है। उन्होंने कहा कि यदि पत्रकारों की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया तो संगठन इसका पुरजोर विरोध करेगा।

पत्रकारों ने प्रशासन से मांग की कि बस स्टैंड चौकी प्रभारी प्रशांत मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए तथा भविष्य में पत्रकारों के साथ इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की जाए।

ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला उपाध्यक्ष प्रवेंद्र उर्फ जैन साहब ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही विभागीय कार्रवाई नहीं की गई तो तहसील और जिला मुख्यालय पर उग्र आंदोलन और व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा।

इस अवसर पर मवाना तहसील से सरताज अहमद (राष्ट्रीय अध्यक्ष), मोनू कुमार, ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला उपाध्यक्ष परविंदर जैन, संचित, रजनीश विश्वकर्मा, सोनू कुमार, अमरीश, आसिफ कुरैशी, रूपेश चौहान, प्रिंस रस्तोगी, अमित कांबोज, आरिफ कुरैशी, संचित अरोड़ा, रोहित दिलावर, रोहित, रामराज से अनस सैफी, जितेंद्र राठी, जिला अध्यक्ष दीपक कुमार, संगठन मंत्री डॉ. रईस अल्वी, संपादक पुनीत गोयल, शफीक, सत्येंद्र सैनी, नदीम, मीरापुर से रविंद्र कुमार, हस्तिनापुर से सत्येंद्र कुमार, शानू राजपूत, मनोज कुमार सहित दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे।
तापमान 43 डिग्री के पार, लोग बेहाल
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। मौसम की तल्खी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शुक्रवार को तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। इसके साथ तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अस्पताल आने वाले मरीजों, तीमारदारों को चिकित्सक बिना काम के धूप में घरों से बाहर न निकलने की सलाह दे रहे हैं। खास तौर पर सुबह 11 से शाम चार बजे तक घरों में रहने की सलाह दे रहे हैं।लू को लेकर स्वास्थ्य महकमा पहले से अलर्ट मोड में है। 28 अस्पतालों में 90 बेड लू से पीड़ित मरीजों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के अध्यक्ष व वैज्ञानिक डॉ. विश्वेंद्रु द्विवेदी ने बताया कि राजस्थान से गर्म हवाएं चल रही हैं। इसी बीच पश्चिमी विक्षोभ का असर कम हुआ है। इसके कारण तापमान में बढ़ोतरी के साथ लू की स्थिति बनी है। लापरवाही बरतने पर लोग बीमार पड़ रहे हैं। सुबह नौ बजे के बाद से मौसम तल्ख होने लगता है। यह सिलसिला शाम पांच बजे तक बना रहा है। तापमान में वृद्धि का यह सिलसिला जारी रहेगा। धूप और उमस भरी गर्मी से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। एक ओर आमजन गर्मी से राहत पाने के लिए शीतल पेय, गन्ने का रस और फलों का सहारा ले रहे हैं, वहीं प्यास बुझाने के लिए पशु, पक्षी भटक रहे हैं। भीषण गर्मी के कारण शाम पांच बजे के बाद ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। जिला अस्पताल में शुक्रवार को 762 ओपीडी रही। जिन्हें जांच पड़ताल करके दवाएं दी गईं। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि गर्मी के मौसम में पानी पीने में कोताही करेंगे तो निश्चित रूप से बीमार पड़ सकते हैं। लू को लेकर स्वास्थ्य महकमा में पहले से अलर्ट है। 28 अस्पतालों में 90 बेड आरक्षित कर दिए गए हैं।
प्रशासन की नाक के नीचे साइबर ठगी, जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत के बाद भी हाथ मल रहा पीड़ित

बलरामपुर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किया गया 'जनसुनवाई पोर्टल' (IGRS) जिले में साइबर ठगों के आगे बेअसर साबित हो रहा है। तुलसीपुर के एक युवक से सरकारी अधिकारी बनकर 40 हजार रुपये की ठगी कर ली गई, लेकिन पुलिस और पोर्टल पर शिकायत के बावजूद अब तक न तो अपराधियों का पता चला है और न ही पीड़ित के पैसे वापस मिल पाए हैं।
पोर्टल से उम्मीद टूटी, पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
ग्राम बेलीखुर्द निवासी सर्वजीत पासवान ने बताया कि ठगी का शिकार होने के तुरंत बाद उन्होंने न्याय की आस में मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (संदर्भ संख्या: 40018226006400) पर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। हैरानी की बात यह है कि साइबर अपराध जैसे गंभीर मामले में भी प्रशासन ने इसे फाइलों में दबा रखा है। पीड़ित का आरोप है कि शिकायत के कई दिन बीत जाने के बाद भी उसे केवल आश्वासन मिला है, जबकि ठग बेखौफ होकर घूम रहे हैं।
वर्दी का डर दिखाकर हुई ठगी
बता दें कि ठगों ने व्हाट्सएप पर पुलिस अधिकारी की फोटो लगाकर पीड़ित को झांसे में लिया था। खुद को सीएमओ ऑफिस का कर्मचारी बताकर और पुलिस का भय दिखाकर ठग ने करीब 40,000 रुपये दो ट्रांजेक्शन के जरिए ऐंठ लिए। पीड़ित ने ट्रांजेक्शन की आईडी और बैंक डिटेल्स भी पुलिस को सौंपी हैं, फिर भी कार्यवाही की रफ्तार सुस्त है।
आम जनता में बढ़ा रोष
तुलसीपुर और आस-पास के क्षेत्रों में इस घटना के बाद लोगों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जनसुनवाई पोर्टल और पुलिस अधीक्षक को सीधे शिकायत देने के बाद भी सुनवाई नहीं होगी, तो गरीब आदमी अपनी गुहार लेकर कहां जाएगा? जिले में सक्रिय यह संगठित गिरोह लगातार डिजिटल माध्यमों का सहारा लेकर लोगों को शिकार बना रहा है, लेकिन प्रशासन केवल 'जागरूकता' के नाम पर खानापूर्ति कर रहा है।
"प्रार्थी ने सभी साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध करा दिए हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। विपक्षी का फोन बंद है और पीड़ित आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान है।"
— पीड़ित का बयान
यह खबर प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए उपयुक्त है। क्या आप चाहते हैं कि मैं इस मामले में विभाग के किसी अधिकारी के लिए एक RTI (सूचना का अधिकार) ड्राफ्ट भी तैयार कर दूँ, ताकि यह पता चल सके कि शिकायत पर अब तक क्या प्रगति हुई है?