असम के आदिवासियों के न्याय का मुद्दा राजनीति से ऊपर: हेमंत सोरेन

झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने रविवार को एक्स पोस्ट के जरिए कहा - असम की धरती पर एक ऐसा सच दबा दिया गया है, जिसे जितना कहा जाए, सबको बताया जाए, उतना कम है।

असम के चाय बागानों में पीढ़ियों से रह रहे आदिवासी समाज को आज तक एसटी का संवैधानिक दर्जा नहीं मिला। यह सामान्य चूक नहीं है, यह राष्ट्रीय स्तर का अन्याय है। एक ऐसा अन्याय, जिसे इतिहास कभी माफ़ नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि सोचिए, जिन लोगों को अंग्रेज़ों ने उनके घरों से दूर लाकर इस मिट्टी से बांध दिया, जिन्होंने अपने खून-पसीने से असम की अर्थव्यवस्था खड़ी की, उन्हीं को आज तक उनके अस्तित्व की मान्यता नहीं दी गई।

आजादी के बाद भी दशकों तक सरकारें बदलती रहीं, नेतृत्व बदलता रहा, लेकिन इस समाज का दर्द नहीं बदला। सबसे पीड़ादायक बात यह है कि जिन्होंने बड़े-बड़े वादे किए, उन्होंने भी इस मुद्दे को अपनी प्राथमिकता नहीं बनाया। यहां तक कि सत्ता में बैठी पार्टियों ने भी इसे अपने घोषणापत्र तक में जगह नहीं दी।

मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने कहा क्या यह सवाल नहीं उठना चाहिए कि आख़िर एक पूरे समाज को उसके संवैधानिक अधिकार से वंचित क्यों रखा गया?

जब तक न्याय अधूरा है, तब तक लोकतंत्र भी अधूरा है

मैं यह स्पष्ट कहना चाहता हूं - यह मुद्दा राजनीति से ऊपर है। यह न्याय, सम्मान और पहचान का सवाल है। असम के आदिवासी समाज को अब और इंतज़ार नहीं कराया जा सकता।

उन्हें उनका अधिकार मिलना ही चाहिए - पूरा अधिकार, संवैधानिक अधिकार, और सम्मान के साथ। अब समय आ गया है कि देश इस अन्याय को स्वीकार करे और उसे ठीक करे।

क्योंकि जब तक न्याय अधूरा है, तब तक लोकतंत्र भी अधूरा है।

भाजपा विचारधारा आधारित पार्टी, युवा भारत की ताकत : आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह कार्यक्रम में हटिया विधानसभा अन्तर्गत रांची ग्रामीण पश्चिमी जिला से युवा समाजसेवी सुमित साहू के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। प्रदेश अध्यक्ष श्री आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष श्री बाबूलाल मरांडी ने भाजपा में शामिल होने वाले सभी लोगों का पार्टी का पट्टा पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया।

इस मौके पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा विचारधारा आधारित पार्टी है। युवा भारत की ताकत हैं, भविष्य हैं। देश और राज्य को सजाने-संवारने की जिम्मेवारी आप पर ही है। युवा और समाज का हर तबका भारतीय जनता पार्टी को जितना मजबूत करेगा, उनका भविष्य उतना ही उज्जवल होगा। समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचें, उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेरी जाय, भाजपा का यही मूलमंत्र है। गरीब परिवार में जन्म लेने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसी मूलमंत्र को आत्मसात करते हुए 11 वर्षा से अधिक समय से देश के 140 करोड़ जनता की सेवा करते आ रहे हैं।

श्री साहू ने हेमंत सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि अभी झारखंड में हाहाकार मचा हुआ है और मुख्यमंत्री सहित पूरी सरकार असम में बैठी हुई है। हेमंत सरकार झारखंड के आदिवासियों का कल्याण तो नहीं कर पायें और असम के आदिवासी समाज के उत्थान की झूठी डीेंगे हांक रहे हैं। सरकार और पुलिस का फोकस कानून व्यवस्था में सुधार करने की बजाय वसूली पर है। जेएमएम, कांग्रेस के लोग भला गरीबों की पीड़ा क्या समझेंगे ?

श्री साहू ने कहा कि नरेन्द्र मोदी की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर वर्ग को मिला है। नरेन्द्र मोदी जैसे विराट व्यक्तित्व के नेतृत्व में सेवा करने का अवसर हम भाजपा कार्यकर्ताओं को मिला है, यह सौभाग्य की बात है। भाजपा की विचारधारा को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता संकल्पित है।

वहीं मौके पर नेता प्रतिपक्ष श्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पार्टी के स्थापना दिवस के ठीक एक दिन पूर्व इतनी बड़ी संख्या में युवाओं के द्वारा पार्टी में शामिल होना काफी महत्वपूर्ण है। यह दर्शाता है कि पार्टी लगातार मजबूत हो रही है और आगे बढ़ रही है। इन युवाओं के योगदान से पार्टी को मजबूती मिलेगी।

श्री मरांडी ने कहा कि झारखंड में जब भी भाजपा की सरकार रही, विकास के नये आयाम स्थापित हुए। सड़क, पुल-पुलिया, बिजली हो, सभी क्षेत्र में काम हुए। देश में जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बने तब उन्होंने गांवों, किसानों, मजदूरों, युवाओं की, महिलाओं यानि सभी वर्गो की चिंता की। वहीं इस प्रदेश में जो वर्तमान सरकार है वह हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। झारखंड में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। पुलिस वसूली में लगी हुई है। हेमंत सरकार काम करने की बजाय केवल कमाने और राज्य को लूटने में व्यस्त है।

विधानसभा में मुख्य सचेतक सह हटिया विधायक श्री नवीन जयसवाल ने कहा कि भाजपा देश ही नहीं पूरी दुनियां की सबसे बड़ी पार्टी है। देश के युवाओं का रूझान इस दल के प्रति होना स्वाभाविक है। इन युवाओं के पार्टी में शामिल होने से केवल हटिया विधानसभा में ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में पार्टी को मजबूती मिलेगी।

वहीं पार्टी की सदस्यता लेने वाले सुमित साहू ने कहा कि भाजपा में शामिल होना सौभाग्य की बात है। भाजपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो राष्ट्रहित और देशहित की बात करती है।

पार्टी की सदस्यता लेने वालों में निशांत, गौरव मोनू, बिक्कू, राज, राजेश सिंह, अमित, जीतू, शशि स्मिथ, शिवम चौबे, रोहित, रवि, शुभम, मनीष सिंह, शिव लखन प्रसाद, राम लखन प्रसाद, अमन, इंद्रजीत, प्रिंस, सचिन, शुभम, आदित्य, उदित, अभिषेक, कोमल, श्रेष्ठ , विनायक, उत्तम, अभिनंदन, राज पाठक, शिवम पांडे, यश, हर्ष, मनी, सिद्धू, रमन, हर्षित, कृष, विवेक, युवराज, सौरव, हरि ओम, रवि रंजन, मुकेश ठाकुर सहित अन्य नाम शामिल हैं।

कार्यक्रम का संचालन पार्टी के प्रदेश मीडिया सह प्रभारी श्री योगेन्द्र प्रताप सिंह ने किया। जबकि इस मौके पर रांची ग्रामीण पश्चिमी के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष सुबोध साहू, रवि उरांव, शिवम पांडे, इन्द्रजीत सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

मंत्री ए.के. शर्मा के प्रयासों से मऊ जिला अस्पताल को बड़ी सौगात, 62 लाख से विकसित होंगी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं
* एनटीपीसी के सहयोग से अत्याधुनिक उपकरणों की स्थापना, स्थानीय स्तर पर मिलेगा बेहतर इलाज

लखनऊ/ मऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा के प्रयासों से जनपद मऊ में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। उनके विशेष प्रयासों के फलस्वरूप NTPC Limited के सहयोग से जिला अस्पताल मऊ में 62.10 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इस योजना के तहत अस्पताल में इको मशीन, सी-आर्म मशीन, लेप्रोस्कोपी उपकरण और वेंटिलेटर सहित कई आधुनिक चिकित्सा उपकरण स्थापित किए जाएंगे। इन सुविधाओं के उपलब्ध होने से मरीजों को अब जटिल ऑपरेशन और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलने से समय और धन दोनों की बचत होगी, साथ ही मरीजों को त्वरित राहत भी मिल सकेगी।
मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हर नागरिक को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने विश्वास जताया कि मऊ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की यह पहल मील का पत्थर साबित होगी और आमजन को सीधा लाभ पहुंचाएगी।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय को इस उपलब्धि का प्रमुख कारण बताते हुए कहा कि इसी के चलते जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर उतर रही हैं। एनटीपीसी द्वारा दिया गया सहयोग सामाजिक दायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देगा।
मंत्री श्री शर्मा ने इस कार्य के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा एनटीपीसी प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन और सहयोग से ही इस प्रकार के विकास कार्य संभव हो पा रहे हैं, जो आम जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सहायक हैं।
समता दिवस पे गोमती मित्रों की अपील,दूर करें जातिवाद,छुआछूत और असमानता

सुल्तानपुर :-गोमती मित्र मंडल ने 5 अप्रैल दिन रविवार को अपने साप्ताहिक श्रमदान के दिन समता दिवस के अवसर पर एक ऐसे समाज की स्थापना का संकल्प लिया जिसमें जातिवाद,असमानता और छुआछूत के लिए दूर-दूर तक कोई स्थान ना हो,,प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह ने इस दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए गोमती मित्रों से कहा की यह दिवस समाज में भेदभाव मुक्त वातावरण को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। आरती सहसंयोजक राकेश सिंह दद्दू ने बताया कि हर रविवार शाम होने वाली गोमती आरती में भी समाज के सभी वर्गों को समान रूप से अवसर प्रदान किया जाता है।
श्रमदान प्रातः 6:00 बजे से शुरू होकर पूरे धाम, श्राद्ध स्थल, तट व सीता उपवन की साफ सफाई के साथ 9:00 बजे समाप्त किया गया,श्रमदान में प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह”मदन”,मीडिया प्रभारी रमेश माहेश्वरी,मुन्ना सोनी,राजेश पाठक,राकेश कुमार मिश्र,अजय प्रताप सिंह,जयनाथ यादव,रामू सोनी,राकेश सिंह”दद्दू”,डॅा.कुंवर दिनकर प्रताप सिंह,आलोक कुमार तिवारी,अर्जुन यादव,श्याम मौर्य,अरुण अग्रहरि,अभय मिश्र,दीपू आदि उपस्थित रहे।
सूदखोरों की दबंगई, 20 गुना बढ़ा कर्ज,जमीन बेचने का दबाव
*मूलधन चुकाने के बाद भी युवक से लाखों की वसूली

गोंडा।जिले में सूदखोरों के आतंक का एक मामला सामने आया है,जहाँ एक युवक को अगवा कर लाखों रुपए की रंगदारी वसूली गई है।आरोप है कि जालसाजी कर उसके बैंक खाते से बड़ी रकम भी निकाल ली गई।पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।यह मामला नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बूढ़ादेवर गांव का है।पीड़ित संजय यादव पुत्र गोली ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी पारिवारिक जरूरतों के लिए दिनेश कुमार मिश्रा उर्फ बब्लू से 50000 रुपए उधार लिया था।संजय का दावा है कि उसने जुलाई 2025 में अपनी जमीन बेंचकर दिनेश कुमार को ब्याज समेत कुल 70000 रुपए नगद वापस कर अपना हिसाब बराबर कर लिया था।घटना में मोड़ तब आया जब संजय के खाते में जमीन बिक्री के 4,90000 रुपए आए।इसकी भनक लगते ही विपक्षी बब्लू मिश्रा अपने दो अज्ञात साथियों के साथ 2 अप्रैल 2026 को नानपारा रेलवे ऑफिस पहुंचा।यहां से संजय को जबरन एक फ्राक्स कार में बैठा लिया और दबंगो ने पुराने कर्ज पर चक्रवृद्धि ब्याज का दबाव बनाते हुए दस लाख रुपये की मांग शुरू कर दिया।यहाँ यह भी आरोप है कि दबंगों ने संजय की जेब से 20000 रुपए का एक हस्ताक्षरित चेक और मोबाइल छीन लिया और चेक में हेराफेरी कर उसे चार लाख का बनाने की कोशिश की गई,परन्तु बैंक कर्मियों द्वारा कटिंग पकडे जाने पर भुगतान नहीं हो सका।इसके बाद आरोपियों ने संजय को असलहे की नोक पर डराकर नई चेकबुक जारी करवाया और सादे कागजों व स्टांप पर जबरन हस्ताक्षर करवा लिया।4 अप्रैल 2026 को आरोपियों ने संजय के खाते से 4,20000 रुपए नगद निकाल लिया।पीड़ित का आरोप है कि अब आरोपी उसकी 11 बिस्वा बेशकीमती जमीन भी अपने नाम लिखवाने की धमकी दे रहे हैं और जान से मारने की सुपारी देने की बात कह रहे हैं।पीड़ित संजय यादव ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर अपने जानमाल के सुरक्षा की गुहार लगाई है।उसने दोषियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने और लूटी गई रकम वापस दिलाने की अपील किया है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।नगर कोतवाली पुलिस संजय यादव द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए  पूरे मामले की जांच शुरू कर दिया है।मामले में नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।जांच में जो भी निकल कर आएगा उसके आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
संदिग्ध हालात में पेड़ से लटकता मिला युवक का शव, इलाके में मचा हड़कंप

– हत्या या आत्महत्या? पुलिस जांच में जुटी

मिर्जापुर।जनपद के लालगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत महुलार में रविवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब घोरी डैम और अस्थाई गौ आश्रय स्थल के पास एक युवक का शव नीम के पेड़ से लटकता हुआ मिला। इस दिल दहला देने वाली घटना को देखकर ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों का माहौल बन गया।
सुबह-सुबह स्थानीय ग्रामीणों और गौ आश्रय स्थल के कर्मियों की नजर जैसे ही पेड़ से लटकते शव पर पड़ी, पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई और तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कई ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यह मामला आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या कर शव को लटकाने का हो सकता है।
घटना की सूचना मिलते ही लालगंज कोतवाली प्रभारी अभय कुमार सिंह व पुलिस चौकी दुबार कला की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करते हुए शव को पेड़ से उतरवाया और पहचान की प्रक्रिया शुरू की।
शव की पहचान पचोखर ग्राम पंचायत के बैरहर निवासी 30 वर्षीय मनोराम पटेल पुत्र रामसागर पटेल के रूप में हुई। सूचना मिलते ही मृतक के परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
पुलिस ने परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
थाना प्रभारी अभय कुमार सिंह ने बताया कि घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि मृतक के परिवार में पत्नी के अलावा एक 8 वर्षीय बेटी और 5 वर्षीय बेटा है, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है मामला लालगंज थाना क्षेत्र का है।
साइट फॉर ऑल कॉन्क्लेव 2026” में जुटे देशभर के नेत्र-विशेषज्ञ


ग्रामीण भारत में नेत्र-चिकित्सा की पहुँच बढ़ाने पर मंथन गरीबों के लिए निःशुल्क रीडिंग चश्मा वितरण हेतु Restoring Vision, USA के साथ एमओयू अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, मस्तीचक स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस परिसर में रविवार को “साइट फॉर ऑल कॉन्क्लेव 2026” का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय स्तर के कॉन्क्लेव का आयोजन अखंड ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिटी ऑप्थैल्मोलॉजी (AJICO) द्वारा किया गया। इसमें देश के विभिन्न भागों से आए नेत्र-विशेषज्ञ, नेत्र-अस्पतालों के प्रमुख विशेषज्ञों ने भाग लिया। इसमें 30 से अधिक नेत्र संस्थानों के 300 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। इस कॉन्क्लेव का विषय था- “कम्युनिटी केयर ऐज़ मार्केट इंटेलिजेंस: एन्हैंसिंग पेशेंट एक्विज़िशन इन आई केयर सिस्टम”। इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि ग्रामीण और वंचित समुदायों में नेत्र-स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता कैसे बढ़ाई जाए, लोगों में समय पर इलाज कराने की प्रवृत्ति कैसे विकसित की जाए और उन्हें सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती नेत्र-चिकित्सा सेवाओं से बेहतर ढंग से कैसे जोड़ा जाए। कार्यक्रम में एम्स नई दिल्ली, शंकर नेत्रालय, अरविंद आई केयर सिस्टम, संकरा आई फाउंडेशन इंडिया, सीतापुर आई हॉस्पिटल तथा अन्य अनेक अग्रणी नेत्र-संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल थे। इनमें कॉन्क्लेव में उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में डॉ. राजवर्धन आज़ाद- चेयरमैन, क्लिनिकल एंड रिसर्च एडवाइजरी बोर्ड, अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, प्रो. जी.वी.एस. मूर्ति- प्रेसिडेंट, PRASHO Foundation; श्री थुल्सीराज रविल्ला- डायरेक्टर-ऑपरेशंस, अरविंद आई केयर सिस्टम एवं एडवाइज़र-LAICO; डॉ. पार्थ बिस्वास- इमीडिएट पास्ट प्रेसिडेंट, AIOS; कर्नल डॉ. मधु भदौरिया- डायरेक्टर एवं चीफ मेडिकल ऑफिसर, सीतापुर आई हॉस्पिटल; डॉ. कौशिक मुरली- प्रेसिडेंट मेडिकल एडमिनिस्ट्रेशन, क्वालिटी एवं एजुकेशन, संकरा आई फाउंडेशन इंडिया; डॉ. प्रवीण वशिष्ठ- प्रोफेसर एवं ऑफिसर-इन-चार्ज, कम्युनिटी ऑप्थैल्मोलॉजी, डॉ. आर.पी. सेंटर, एम्स; डॉ. आर.आर. सुधीर- हेड, प्रिवेंटिव ऑप्थैल्मोलॉजी, शंकर नेत्रालय समेत कई शामिल रहे। Restoring Vision, USA के साथ हुआ एमओयू इस अवसर पर Restoring Vision, USA और और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गये। अखंड ज्योति की ओर से मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अजीत पोद्दार और Restoring Vision, USA की ओर से सीईओ इयान राॅजर्स के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। एमओयू के तहत बिहार के गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क रीडिंग चश्मों का वितरण करने में सहयोग दिया जाएगा। यह पहल विशेष रूप से उन लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगी जो उम्र बढ़ने के साथ निकट दृष्टि संबंधी समस्या से जूझते हैं, लेकिन आर्थिक या भौगोलिक कारणों से समय पर चश्मा नहीं प्राप्त कर पाते। यह समझौता बिहार में रिफ्रैक्टिव एरर और निकट दृष्टि समस्या से पीड़ित गरीब जनता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समुदाय में जाकर जागरूकता और काम करने की जरूरत कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि नेत्र-सेवा प्रणाली को केवल अस्पताल तक सीमित नहीं रखा जा सकता। यदि लोगों को समय पर उपचार दिलाना है तो अस्पतालों और संस्थानों को समुदाय के बीच जाकर काम करना होगा, जागरूकता फैलानी होगी, लोगों की झिझक और डर कम करना होगा और उन्हें यह समझाना होगा कि समय पर जाँच और उपचार से अंधत्व एवं दृष्टिबाधा की गंभीरता को काफी हद तक कम किया जा सकता है। विशेषज्ञों ने इस बात पर भी जोर दिया कि रोगी जागरूकता और हेल्थ सीकिंग बिहेवियर को बढ़ाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है, विशेषकर ग्रामीण बिहार जैसे क्षेत्रों में, जहाँ बड़ी संख्या में लोग केवल जानकारी के अभाव, दूरी, डर, या आर्थिक आशंका के कारण समय पर अस्पताल तक नहीं पहुँच पाते।
झारखंड में 'असम' की आंच: सरयू राय ने हेमंत सोरेन को दिया 'बिना शर्त' समर्थन का ऑफर, क्या कांग्रेस से नाता तोड़ेगी झामुमो?

रांचीः असम चुनाव ने झारखंड में सियासी तनाव बढ़ा दिया है. खासकर, झामुमो के असम चुनाव में ताल ठोकने के बाद. आलम यह है कि सत्ताधारी दल झामुमो और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग शुरु हो गई है.

झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य कांग्रेस की तुलना विषैले सांप से कर चुके हैं. इसके जवाब में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के. राजू ने अपनी ही सरकार को हर मोर्चे पर फेल करार देते हुए कई सवाल खड़े कर चुके हैं.

इस बीच जदयू विधायक सरयू राय ने एक बयान देकर झारखंड की राजनीति को नई हवा दे दी है. उन्होंने सुझाव दिया है कि झामुमो को कांग्रेस और भाजपा से अलग सरकार बना लेनी चाहिए. ऐसा होता है तो वे सरकार को बिना शर्त समर्थन देने को तैयार हैं. लिहाजा, हेमंत सोरेन को हिम्मत दिखानी चाहिए.

क्या है सरयू राय का फॉर्मूला और सुझाव

जदयू विधायक सरयू राय ने 3 अप्रैल को धनबाद में कहा है कि झामुमो के पास 34 विधायक हैं. अगर कांग्रेस को हटा दें तो झामुमो को राजद के 04 विधायकों और भाकपा माले के 02 विधायकों का समर्थन हासिल है. यह आंकड़ा 40 हो जाता है. 81 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरुरत है. अगर झामुमो ऐसा करता है तो वे खुद बिना शर्त सरकार को समर्थन देने को तैयार हैं.

जदयू विधायक ने कहा कि कांग्रेस ने असम चुनाव में झामुमो को हिस्सेदारी नहीं दी. बिहार चुनाव में भी ऐसा ही हुआ था. ऐसे में झामुमो को नये विकल्प पर विचार करना चाहिए. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हवा का रुख कब बदल जाए, यह कहना मुश्किल है. ऐसा नहीं होना चाहिए कि असम चुनाव के बाद सीएम फिर कांग्रेस नेताओं से मिलें और कह दें कि अब हमारी सारी गलतफहमी दूर हो गई है.

उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस प्रभारी के. राजू यह कह रहे हैं कि झारखंड के अफसर माइनिंग माफिया के दबाव में काम कर रहे हैं तो यह सीधे तौर पर हेमंत सोरेन पर हमला है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि असम में झामुमो के चुनाव लड़ने से भाजपा को टी-ट्राइब वोट का नुकसान होगा.

सरयू राय के सुझाव पर वरिष्ठ पत्रकार मधुकर का तर्क

वरिष्ठ पत्रकार मधुकर का मानना है कि भाजपा किसी न किसी रुप में झामुमो को कांग्रेस से अलग करना चाहती है. अगर कांग्रेस से हटकर झामुमो सरकार बनाती है तो चुनौतियां और बढ़ जाएंगी. क्योंकि ज्यादा लोगों को संतुष्ट करना होगा. लिहाजा, ऐसी सरकार को चलाना मुश्किल हो जाएगा.

इसलिए कांग्रेस के बगैर झामुमो को सरकार चलाना मुश्किल होगा. यह भी समझना चाहिए कि झामुमो और भाजपा का वोट बैंक अलग है. वहीं झामुमो और कांग्रेस का वोट बैंक एक है. इससे दोनों को फायदा होगा. आगे चलकर फिर सीबीआई और ईडी की इंट्री हो तो अलग बात होगी.

वरिष्ठ पत्रकार मधुकर के मुताबिक भाजपा हर हाल में सरकार के करीब जाना चाहती है. क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में हेमंत सोरेन बहुत मजबूत हुए हैं. हेमंत सोरेन को इस बात की अच्छी समझ होगी कि बिहार में नीतीश कुमार के साथ क्या हुआ. रही बात सुप्रियो और के. राजू के बयान की तो ऐसी बयानबाजी चलती रहती है.

बिहार में भाजपा और जदयू के बीच भी बयानबाजी होती थी लेकिन सरकार चलती रही. क्योंकि वहां विकल्प ही नहीं था. ऐसे में सरयू राय के ऑफर के बावजूद झामुमो इस लोभ में आएगा, ऐसा नहीं लगता. रही बात असम कि तो खाता खुलना या ना खुलना अलग मैटर है लेकिन वहां झामुमो की पैठ बनेगी. मधुकर के मुताबिक हालिया बयानबाजी के प्रेशर पॉलिटिक्स के रुप में देखना चाहिए और कुछ नहीं.

वरिष्ठ पत्रकार चंदन मिश्रा का आकलन

सरयू राय के सुझाव पर ईटीवी भारत की टीम ने वरिष्ठ पत्रकार चंदन मिश्रा का पक्ष लिया. उन्होंने दो टूक कहा कि क्या सरयू राय पार्टी लाइन से अलग होकर झामुमो सरकार को समर्थन दे सकते हैं. वे कौन होते हैं ऐसा कहने वाले. वे तो जदयू के विधायक हैं. वे फैसला नहीं ले सकते. क्या झारखंड जदयू अध्यक्ष खीरू महतो ऐसा कह रहे है. खास बात है कि कांग्रेस और झामुमो में संबंध विच्छेद तो हुआ नहीं है. फिर कहां से नई सरकार की बात आ रही है. यह अलग बात है कि कांग्रेस और झामुमो के बीच जुबानी जंग हुई है. यह भी देखना चाहिए कि इस मैटर पर टॉप लीडर कुछ नहीं बोल रहा है.

चंदन मिश्रा का कहना है कि राजद ने बिहार में झामुमो को सहयोग नहीं दिया था. फिर भी राजद यहां की सरकार में शामिल है. उस वक्त कहा गया था राजद के खिलाफ कार्रवाई होगी लेकिन हुआ कुछ नहीं. क्योंकि झामुमो का सामने मजबूरी थी. चंदन मिश्रा ने कहा कि क्या हेमंत बोल सकते हैं कि उनको कांग्रेस का समर्थन नहीं चाहिए. मुझे लगता है कि सिर्फ असम चुनाव तक दोनों पार्टियां एक दूसरे पर थोड़ी छिंटाकशी करेंगी. फिर सबकुछ शांत हो जाएगा. यह भी समझना होगा कि हेमंत सोरेन को हिमंता विस्वा से चिढ़ थी. क्योंकि झारखंड चुनाव में हिमंता सक्रिय थे. इसलिए हेमंत सोरेन अब असम में अपनी ताकत दिखा रहे हैं. अगर झामुमो को जीतने की चाहत होती तो कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ते.

कांग्रेस प्रभारी ने क्या आरोप लगाए

पिछले दिनों कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के. राजू ने कहा था कि राज्य के सरकारी स्कूलों में 70 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं. सोनुआ में आदिवासी समाज के बच्चे सरकारी स्कूलों के बजाए प्राइवेट स्कूलों का रुख कर रहे हैं. सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था लचर हो गई है. माइनिंग लॉ की आड़ में लोगों पर अन्याय हो रहा है. अधिकारी मनमानी कर रहे हैं. कांग्रेस नेता का घर तोड़ दिया गया. कोल बियरिंग एक्ट के तहत जमीन अधिग्रहण का मुआवजा नहीं मिल रहा है. हर जिला में कांग्रेस कार्यकर्ता लोगों की समस्याओं से प्रशासन को अवगत करा रहे हैं. इस काम को कांग्रेस गंभीरता से आगे लेकर जाएगी.

झामुमो ने कांग्रेस को दिया था ये सुझाव

कांग्रेस प्रभारी द्वारा अपनी ही सरकार के खिलाफ बयानबाजी पर झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि गठबंधन में रहकर इस तरह के बयान से जनता के बीच गलत संदेश जाता है. इस गठबंधन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. उन्हें सीएम से मिलकर अपनी बात रखनी चाहिए. तब कांग्रेस ने कहा था कि कांग्रेस तो सिर्फ जमीन अधिग्रहण कानून, 2013 का सही तरीके से डीसी के स्तर पर पालन नहीं कराया जाता है तो कांग्रेस की जिम्मेदारी है कि आंदोलन कर इन बातों से सरकार को अवगत कराएं.

बड़े घर की बेटी हूं बोल शीला ने अरुण किया था प्यार, चार साल में लिया डेढ़ लाख रूपए
*इलेक्ट्रीशियन मैकेनिक का काम कर देता था पैसे

गोंडा।जिले के देहात कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत भीटी भटवल गांव में हुए 25 वर्षीय शीला हत्याकांड के खुलासे के बाद अब प्रेम संबंधों और पैसे की गुत्थी भी सामने आई है।25 वर्षीय शीला ने इंस्टाग्राम पर कम फॉलोअर्स होने के बावजूद बिहार के अरुण कुमार से संपर्क किया और स्वयं को बड़े घर की बेटी बताकर उसकी दोस्ती और फिर प्यार जीत लिया।दिसंबर 2022 में शीला ने पहली बार अरुण कुमार से कहा कि कुछ पैसों की जरूरत है।अरुण कुमार ने अपने दोस्तों और अन्य स्रोतों से जुटाकर बीस हजार रूपए शीला को दिया।शीला ने यह देखकर महसूस किया कि अरुण अब उसका एटीएम मशीन बन गया है।पिता आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण शीला के शौक पूरे नहीं कर पा रहे थे,इसलिए शीला ने धीरे धीरे अरुण से बार बार पैसे लेने शुरू कर दिया।पांच महीने बाद शीला ने पहले 25000 रुपये, उसके बाद 30000 रुपये और फिर 11000 रुपये की मांग की।इस तरह उसने चार साल में डेढ़ लाख रूपए नगद व आनलाइन के माध्यम से ऐंठ लिया।जांच में यह भी सामने आया है कि जब अरुण बिहार से गोंडा आता तो शीला और अरुण किसी होटल में मिलते।मुलाकात के दौरान शीला मीठी मीठी बातें करके अरुण से पैसा ले लेती थी और अरुण प्यार में फंसकर पैसे दे देता था।अरुण अपने ही मोबाइल की दुकान पर मैकेनिक का काम करता और बचत जमा करता तथा इसके साथ ही छोटे घरों में इलेक्ट्रीशियन व मैकेनिक के काम करके भी पैसा इकट्ठा करता था।वह यह पैसा शीला को देता ताकि वह अपनी शौक व जरूरत पूरी कर सके।कई बार रात में फोन पर बात न होने के कारण दोनों में झगड़ा भी हुआ।जब अरुण शीला से मिलने गोंडा आता तो शीला अपने परिवार को बताती कि वह अपने दोस्त के यहां जा रही है।वे होटल में किराए पर कमरा लेकर मिलते थे,अरुण कई बार चाहता कि शीला उसे घर ले जाए,परन्तु शीला अपनी सच्चाई छिपाती रही।अंततः अरुण ने एक बार घर जाकर देखा कि फोन पर कही गई लंबी बातें असलियत में सही नहीं थीं।
पारस हेल्थ में कैंसर मरीजों के लिए समर्पित हेल्पलाइन नंबर व किफायती स्क्रीनिंग पैकेज लॉन्च*
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पटना। पारस हेल्थ, पटना में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कैंसर मरीजों की सुविधा के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर 9262261111 का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस हेल्पलाइन के माध्यम से मरीज कैंसर से संबंधित जानकारी, अपॉइंटमेंट, जांच, उपचार प्रक्रिया एवं विशेषज्ञ परामर्श से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी आसानी से निःशुल्क प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही किफायती कैंसर स्क्रीनिंग पैकेज भी लॉन्च किए गए। पुरुषों के लिए रु. 8865/- की जांच अब मात्र रु. 3999/- में तथा महिलाओं के लिए रु. 12126/- की जांच मात्र रु. 5999/- में उपलब्ध कराई गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग समय रहते अपनी जांच करवा सकें और कैंसर का प्रारंभिक अवस्था में ही पता लगाया जा सके। प्रेस वार्ता में *जोनल डायरेक्टर श्री अनिल कुमार* ने कहा कि यह पहल कैंसर मरीजों को त्वरित, सुलभ एवं विश्वसनीय मार्गदर्शन प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि पारस हेल्थ भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा। साथ ही बताया कि कैंसर मरीज आयुष्मान भारत कार्ड के माध्यम से पूरी तरह कैशलेस इलाज करा सकते हैं। उन्होंने सभी मीडिया प्रतिनिधियों एवं चिकित्सा टीम का आभार व्यक्त करते हुए आमजन से स्वास्थ्य के प्रति सजग और जागरूक रहने की अपील की। इस अवसर पर डायरेक्टर एवं एचओडी- मेडिकल ऑन्कोलॉजी *डॉ. अभिषेक आनंद* , सीनियर कंसल्टेंट- मेडिकल ऑन्कोलॉजी *डॉ. अविनाश उपाध्याय* एवं सीनियर कंसल्टेंट- मेडिकल ऑन्कोलॉजी *डॉ. शशांक शेखर दास* उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने बताया कि कैंसर की समय पर जांच ही बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है और नियमित स्क्रीनिंग से रोग का शीघ्र पता लगाकर सफल उपचार संभव है। *पारस हेल्थ पटना के बारे में* पारस हेल्थ पटना ने 2013 में परिचालन शुरू किया। यह बिहार का पहला कॉर्पोरेट अस्पताल है जिसके पास परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड द्वारा लाइसेंस प्राप्त कैंसर उपचार केंद्र है। जून 2024 में एक्सेस किए गए एनएबीएच पोर्टल के अनुसार, पारस एचएमआरआई अस्पताल, पटना 2016 में एनएबीएच मान्यता प्राप्त करने वाला बिहार का पहला अस्पताल था। इस अस्पताल की बेड क्षमता 400 से ज्यादा की है, जिसमें 80 आईसीयू बेड शामिल हैं साथ ही 2 LINAC मशीन एंव PET-CT की सुविधा भी उपलब्ध है।
असम के आदिवासियों के न्याय का मुद्दा राजनीति से ऊपर: हेमंत सोरेन

झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने रविवार को एक्स पोस्ट के जरिए कहा - असम की धरती पर एक ऐसा सच दबा दिया गया है, जिसे जितना कहा जाए, सबको बताया जाए, उतना कम है।

असम के चाय बागानों में पीढ़ियों से रह रहे आदिवासी समाज को आज तक एसटी का संवैधानिक दर्जा नहीं मिला। यह सामान्य चूक नहीं है, यह राष्ट्रीय स्तर का अन्याय है। एक ऐसा अन्याय, जिसे इतिहास कभी माफ़ नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि सोचिए, जिन लोगों को अंग्रेज़ों ने उनके घरों से दूर लाकर इस मिट्टी से बांध दिया, जिन्होंने अपने खून-पसीने से असम की अर्थव्यवस्था खड़ी की, उन्हीं को आज तक उनके अस्तित्व की मान्यता नहीं दी गई।

आजादी के बाद भी दशकों तक सरकारें बदलती रहीं, नेतृत्व बदलता रहा, लेकिन इस समाज का दर्द नहीं बदला। सबसे पीड़ादायक बात यह है कि जिन्होंने बड़े-बड़े वादे किए, उन्होंने भी इस मुद्दे को अपनी प्राथमिकता नहीं बनाया। यहां तक कि सत्ता में बैठी पार्टियों ने भी इसे अपने घोषणापत्र तक में जगह नहीं दी।

मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने कहा क्या यह सवाल नहीं उठना चाहिए कि आख़िर एक पूरे समाज को उसके संवैधानिक अधिकार से वंचित क्यों रखा गया?

जब तक न्याय अधूरा है, तब तक लोकतंत्र भी अधूरा है

मैं यह स्पष्ट कहना चाहता हूं - यह मुद्दा राजनीति से ऊपर है। यह न्याय, सम्मान और पहचान का सवाल है। असम के आदिवासी समाज को अब और इंतज़ार नहीं कराया जा सकता।

उन्हें उनका अधिकार मिलना ही चाहिए - पूरा अधिकार, संवैधानिक अधिकार, और सम्मान के साथ। अब समय आ गया है कि देश इस अन्याय को स्वीकार करे और उसे ठीक करे।

क्योंकि जब तक न्याय अधूरा है, तब तक लोकतंत्र भी अधूरा है।

भाजपा विचारधारा आधारित पार्टी, युवा भारत की ताकत : आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह कार्यक्रम में हटिया विधानसभा अन्तर्गत रांची ग्रामीण पश्चिमी जिला से युवा समाजसेवी सुमित साहू के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। प्रदेश अध्यक्ष श्री आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष श्री बाबूलाल मरांडी ने भाजपा में शामिल होने वाले सभी लोगों का पार्टी का पट्टा पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया।

इस मौके पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा विचारधारा आधारित पार्टी है। युवा भारत की ताकत हैं, भविष्य हैं। देश और राज्य को सजाने-संवारने की जिम्मेवारी आप पर ही है। युवा और समाज का हर तबका भारतीय जनता पार्टी को जितना मजबूत करेगा, उनका भविष्य उतना ही उज्जवल होगा। समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचें, उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेरी जाय, भाजपा का यही मूलमंत्र है। गरीब परिवार में जन्म लेने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसी मूलमंत्र को आत्मसात करते हुए 11 वर्षा से अधिक समय से देश के 140 करोड़ जनता की सेवा करते आ रहे हैं।

श्री साहू ने हेमंत सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि अभी झारखंड में हाहाकार मचा हुआ है और मुख्यमंत्री सहित पूरी सरकार असम में बैठी हुई है। हेमंत सरकार झारखंड के आदिवासियों का कल्याण तो नहीं कर पायें और असम के आदिवासी समाज के उत्थान की झूठी डीेंगे हांक रहे हैं। सरकार और पुलिस का फोकस कानून व्यवस्था में सुधार करने की बजाय वसूली पर है। जेएमएम, कांग्रेस के लोग भला गरीबों की पीड़ा क्या समझेंगे ?

श्री साहू ने कहा कि नरेन्द्र मोदी की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर वर्ग को मिला है। नरेन्द्र मोदी जैसे विराट व्यक्तित्व के नेतृत्व में सेवा करने का अवसर हम भाजपा कार्यकर्ताओं को मिला है, यह सौभाग्य की बात है। भाजपा की विचारधारा को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता संकल्पित है।

वहीं मौके पर नेता प्रतिपक्ष श्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पार्टी के स्थापना दिवस के ठीक एक दिन पूर्व इतनी बड़ी संख्या में युवाओं के द्वारा पार्टी में शामिल होना काफी महत्वपूर्ण है। यह दर्शाता है कि पार्टी लगातार मजबूत हो रही है और आगे बढ़ रही है। इन युवाओं के योगदान से पार्टी को मजबूती मिलेगी।

श्री मरांडी ने कहा कि झारखंड में जब भी भाजपा की सरकार रही, विकास के नये आयाम स्थापित हुए। सड़क, पुल-पुलिया, बिजली हो, सभी क्षेत्र में काम हुए। देश में जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बने तब उन्होंने गांवों, किसानों, मजदूरों, युवाओं की, महिलाओं यानि सभी वर्गो की चिंता की। वहीं इस प्रदेश में जो वर्तमान सरकार है वह हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। झारखंड में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। पुलिस वसूली में लगी हुई है। हेमंत सरकार काम करने की बजाय केवल कमाने और राज्य को लूटने में व्यस्त है।

विधानसभा में मुख्य सचेतक सह हटिया विधायक श्री नवीन जयसवाल ने कहा कि भाजपा देश ही नहीं पूरी दुनियां की सबसे बड़ी पार्टी है। देश के युवाओं का रूझान इस दल के प्रति होना स्वाभाविक है। इन युवाओं के पार्टी में शामिल होने से केवल हटिया विधानसभा में ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में पार्टी को मजबूती मिलेगी।

वहीं पार्टी की सदस्यता लेने वाले सुमित साहू ने कहा कि भाजपा में शामिल होना सौभाग्य की बात है। भाजपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो राष्ट्रहित और देशहित की बात करती है।

पार्टी की सदस्यता लेने वालों में निशांत, गौरव मोनू, बिक्कू, राज, राजेश सिंह, अमित, जीतू, शशि स्मिथ, शिवम चौबे, रोहित, रवि, शुभम, मनीष सिंह, शिव लखन प्रसाद, राम लखन प्रसाद, अमन, इंद्रजीत, प्रिंस, सचिन, शुभम, आदित्य, उदित, अभिषेक, कोमल, श्रेष्ठ , विनायक, उत्तम, अभिनंदन, राज पाठक, शिवम पांडे, यश, हर्ष, मनी, सिद्धू, रमन, हर्षित, कृष, विवेक, युवराज, सौरव, हरि ओम, रवि रंजन, मुकेश ठाकुर सहित अन्य नाम शामिल हैं।

कार्यक्रम का संचालन पार्टी के प्रदेश मीडिया सह प्रभारी श्री योगेन्द्र प्रताप सिंह ने किया। जबकि इस मौके पर रांची ग्रामीण पश्चिमी के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष सुबोध साहू, रवि उरांव, शिवम पांडे, इन्द्रजीत सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

मंत्री ए.के. शर्मा के प्रयासों से मऊ जिला अस्पताल को बड़ी सौगात, 62 लाख से विकसित होंगी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं
* एनटीपीसी के सहयोग से अत्याधुनिक उपकरणों की स्थापना, स्थानीय स्तर पर मिलेगा बेहतर इलाज

लखनऊ/ मऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा के प्रयासों से जनपद मऊ में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। उनके विशेष प्रयासों के फलस्वरूप NTPC Limited के सहयोग से जिला अस्पताल मऊ में 62.10 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इस योजना के तहत अस्पताल में इको मशीन, सी-आर्म मशीन, लेप्रोस्कोपी उपकरण और वेंटिलेटर सहित कई आधुनिक चिकित्सा उपकरण स्थापित किए जाएंगे। इन सुविधाओं के उपलब्ध होने से मरीजों को अब जटिल ऑपरेशन और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलने से समय और धन दोनों की बचत होगी, साथ ही मरीजों को त्वरित राहत भी मिल सकेगी।
मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हर नागरिक को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने विश्वास जताया कि मऊ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की यह पहल मील का पत्थर साबित होगी और आमजन को सीधा लाभ पहुंचाएगी।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय को इस उपलब्धि का प्रमुख कारण बताते हुए कहा कि इसी के चलते जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर उतर रही हैं। एनटीपीसी द्वारा दिया गया सहयोग सामाजिक दायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देगा।
मंत्री श्री शर्मा ने इस कार्य के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा एनटीपीसी प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन और सहयोग से ही इस प्रकार के विकास कार्य संभव हो पा रहे हैं, जो आम जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सहायक हैं।
समता दिवस पे गोमती मित्रों की अपील,दूर करें जातिवाद,छुआछूत और असमानता

सुल्तानपुर :-गोमती मित्र मंडल ने 5 अप्रैल दिन रविवार को अपने साप्ताहिक श्रमदान के दिन समता दिवस के अवसर पर एक ऐसे समाज की स्थापना का संकल्प लिया जिसमें जातिवाद,असमानता और छुआछूत के लिए दूर-दूर तक कोई स्थान ना हो,,प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह ने इस दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए गोमती मित्रों से कहा की यह दिवस समाज में भेदभाव मुक्त वातावरण को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। आरती सहसंयोजक राकेश सिंह दद्दू ने बताया कि हर रविवार शाम होने वाली गोमती आरती में भी समाज के सभी वर्गों को समान रूप से अवसर प्रदान किया जाता है।
श्रमदान प्रातः 6:00 बजे से शुरू होकर पूरे धाम, श्राद्ध स्थल, तट व सीता उपवन की साफ सफाई के साथ 9:00 बजे समाप्त किया गया,श्रमदान में प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह”मदन”,मीडिया प्रभारी रमेश माहेश्वरी,मुन्ना सोनी,राजेश पाठक,राकेश कुमार मिश्र,अजय प्रताप सिंह,जयनाथ यादव,रामू सोनी,राकेश सिंह”दद्दू”,डॅा.कुंवर दिनकर प्रताप सिंह,आलोक कुमार तिवारी,अर्जुन यादव,श्याम मौर्य,अरुण अग्रहरि,अभय मिश्र,दीपू आदि उपस्थित रहे।
सूदखोरों की दबंगई, 20 गुना बढ़ा कर्ज,जमीन बेचने का दबाव
*मूलधन चुकाने के बाद भी युवक से लाखों की वसूली

गोंडा।जिले में सूदखोरों के आतंक का एक मामला सामने आया है,जहाँ एक युवक को अगवा कर लाखों रुपए की रंगदारी वसूली गई है।आरोप है कि जालसाजी कर उसके बैंक खाते से बड़ी रकम भी निकाल ली गई।पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।यह मामला नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बूढ़ादेवर गांव का है।पीड़ित संजय यादव पुत्र गोली ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी पारिवारिक जरूरतों के लिए दिनेश कुमार मिश्रा उर्फ बब्लू से 50000 रुपए उधार लिया था।संजय का दावा है कि उसने जुलाई 2025 में अपनी जमीन बेंचकर दिनेश कुमार को ब्याज समेत कुल 70000 रुपए नगद वापस कर अपना हिसाब बराबर कर लिया था।घटना में मोड़ तब आया जब संजय के खाते में जमीन बिक्री के 4,90000 रुपए आए।इसकी भनक लगते ही विपक्षी बब्लू मिश्रा अपने दो अज्ञात साथियों के साथ 2 अप्रैल 2026 को नानपारा रेलवे ऑफिस पहुंचा।यहां से संजय को जबरन एक फ्राक्स कार में बैठा लिया और दबंगो ने पुराने कर्ज पर चक्रवृद्धि ब्याज का दबाव बनाते हुए दस लाख रुपये की मांग शुरू कर दिया।यहाँ यह भी आरोप है कि दबंगों ने संजय की जेब से 20000 रुपए का एक हस्ताक्षरित चेक और मोबाइल छीन लिया और चेक में हेराफेरी कर उसे चार लाख का बनाने की कोशिश की गई,परन्तु बैंक कर्मियों द्वारा कटिंग पकडे जाने पर भुगतान नहीं हो सका।इसके बाद आरोपियों ने संजय को असलहे की नोक पर डराकर नई चेकबुक जारी करवाया और सादे कागजों व स्टांप पर जबरन हस्ताक्षर करवा लिया।4 अप्रैल 2026 को आरोपियों ने संजय के खाते से 4,20000 रुपए नगद निकाल लिया।पीड़ित का आरोप है कि अब आरोपी उसकी 11 बिस्वा बेशकीमती जमीन भी अपने नाम लिखवाने की धमकी दे रहे हैं और जान से मारने की सुपारी देने की बात कह रहे हैं।पीड़ित संजय यादव ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर अपने जानमाल के सुरक्षा की गुहार लगाई है।उसने दोषियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने और लूटी गई रकम वापस दिलाने की अपील किया है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।नगर कोतवाली पुलिस संजय यादव द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए  पूरे मामले की जांच शुरू कर दिया है।मामले में नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।जांच में जो भी निकल कर आएगा उसके आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
संदिग्ध हालात में पेड़ से लटकता मिला युवक का शव, इलाके में मचा हड़कंप

– हत्या या आत्महत्या? पुलिस जांच में जुटी

मिर्जापुर।जनपद के लालगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत महुलार में रविवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब घोरी डैम और अस्थाई गौ आश्रय स्थल के पास एक युवक का शव नीम के पेड़ से लटकता हुआ मिला। इस दिल दहला देने वाली घटना को देखकर ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों का माहौल बन गया।
सुबह-सुबह स्थानीय ग्रामीणों और गौ आश्रय स्थल के कर्मियों की नजर जैसे ही पेड़ से लटकते शव पर पड़ी, पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई और तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कई ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यह मामला आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या कर शव को लटकाने का हो सकता है।
घटना की सूचना मिलते ही लालगंज कोतवाली प्रभारी अभय कुमार सिंह व पुलिस चौकी दुबार कला की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करते हुए शव को पेड़ से उतरवाया और पहचान की प्रक्रिया शुरू की।
शव की पहचान पचोखर ग्राम पंचायत के बैरहर निवासी 30 वर्षीय मनोराम पटेल पुत्र रामसागर पटेल के रूप में हुई। सूचना मिलते ही मृतक के परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
पुलिस ने परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
थाना प्रभारी अभय कुमार सिंह ने बताया कि घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि मृतक के परिवार में पत्नी के अलावा एक 8 वर्षीय बेटी और 5 वर्षीय बेटा है, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है मामला लालगंज थाना क्षेत्र का है।
साइट फॉर ऑल कॉन्क्लेव 2026” में जुटे देशभर के नेत्र-विशेषज्ञ


ग्रामीण भारत में नेत्र-चिकित्सा की पहुँच बढ़ाने पर मंथन गरीबों के लिए निःशुल्क रीडिंग चश्मा वितरण हेतु Restoring Vision, USA के साथ एमओयू अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, मस्तीचक स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस परिसर में रविवार को “साइट फॉर ऑल कॉन्क्लेव 2026” का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय स्तर के कॉन्क्लेव का आयोजन अखंड ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिटी ऑप्थैल्मोलॉजी (AJICO) द्वारा किया गया। इसमें देश के विभिन्न भागों से आए नेत्र-विशेषज्ञ, नेत्र-अस्पतालों के प्रमुख विशेषज्ञों ने भाग लिया। इसमें 30 से अधिक नेत्र संस्थानों के 300 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। इस कॉन्क्लेव का विषय था- “कम्युनिटी केयर ऐज़ मार्केट इंटेलिजेंस: एन्हैंसिंग पेशेंट एक्विज़िशन इन आई केयर सिस्टम”। इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि ग्रामीण और वंचित समुदायों में नेत्र-स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता कैसे बढ़ाई जाए, लोगों में समय पर इलाज कराने की प्रवृत्ति कैसे विकसित की जाए और उन्हें सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती नेत्र-चिकित्सा सेवाओं से बेहतर ढंग से कैसे जोड़ा जाए। कार्यक्रम में एम्स नई दिल्ली, शंकर नेत्रालय, अरविंद आई केयर सिस्टम, संकरा आई फाउंडेशन इंडिया, सीतापुर आई हॉस्पिटल तथा अन्य अनेक अग्रणी नेत्र-संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल थे। इनमें कॉन्क्लेव में उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में डॉ. राजवर्धन आज़ाद- चेयरमैन, क्लिनिकल एंड रिसर्च एडवाइजरी बोर्ड, अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, प्रो. जी.वी.एस. मूर्ति- प्रेसिडेंट, PRASHO Foundation; श्री थुल्सीराज रविल्ला- डायरेक्टर-ऑपरेशंस, अरविंद आई केयर सिस्टम एवं एडवाइज़र-LAICO; डॉ. पार्थ बिस्वास- इमीडिएट पास्ट प्रेसिडेंट, AIOS; कर्नल डॉ. मधु भदौरिया- डायरेक्टर एवं चीफ मेडिकल ऑफिसर, सीतापुर आई हॉस्पिटल; डॉ. कौशिक मुरली- प्रेसिडेंट मेडिकल एडमिनिस्ट्रेशन, क्वालिटी एवं एजुकेशन, संकरा आई फाउंडेशन इंडिया; डॉ. प्रवीण वशिष्ठ- प्रोफेसर एवं ऑफिसर-इन-चार्ज, कम्युनिटी ऑप्थैल्मोलॉजी, डॉ. आर.पी. सेंटर, एम्स; डॉ. आर.आर. सुधीर- हेड, प्रिवेंटिव ऑप्थैल्मोलॉजी, शंकर नेत्रालय समेत कई शामिल रहे। Restoring Vision, USA के साथ हुआ एमओयू इस अवसर पर Restoring Vision, USA और और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गये। अखंड ज्योति की ओर से मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अजीत पोद्दार और Restoring Vision, USA की ओर से सीईओ इयान राॅजर्स के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। एमओयू के तहत बिहार के गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क रीडिंग चश्मों का वितरण करने में सहयोग दिया जाएगा। यह पहल विशेष रूप से उन लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगी जो उम्र बढ़ने के साथ निकट दृष्टि संबंधी समस्या से जूझते हैं, लेकिन आर्थिक या भौगोलिक कारणों से समय पर चश्मा नहीं प्राप्त कर पाते। यह समझौता बिहार में रिफ्रैक्टिव एरर और निकट दृष्टि समस्या से पीड़ित गरीब जनता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समुदाय में जाकर जागरूकता और काम करने की जरूरत कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि नेत्र-सेवा प्रणाली को केवल अस्पताल तक सीमित नहीं रखा जा सकता। यदि लोगों को समय पर उपचार दिलाना है तो अस्पतालों और संस्थानों को समुदाय के बीच जाकर काम करना होगा, जागरूकता फैलानी होगी, लोगों की झिझक और डर कम करना होगा और उन्हें यह समझाना होगा कि समय पर जाँच और उपचार से अंधत्व एवं दृष्टिबाधा की गंभीरता को काफी हद तक कम किया जा सकता है। विशेषज्ञों ने इस बात पर भी जोर दिया कि रोगी जागरूकता और हेल्थ सीकिंग बिहेवियर को बढ़ाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है, विशेषकर ग्रामीण बिहार जैसे क्षेत्रों में, जहाँ बड़ी संख्या में लोग केवल जानकारी के अभाव, दूरी, डर, या आर्थिक आशंका के कारण समय पर अस्पताल तक नहीं पहुँच पाते।
झारखंड में 'असम' की आंच: सरयू राय ने हेमंत सोरेन को दिया 'बिना शर्त' समर्थन का ऑफर, क्या कांग्रेस से नाता तोड़ेगी झामुमो?

रांचीः असम चुनाव ने झारखंड में सियासी तनाव बढ़ा दिया है. खासकर, झामुमो के असम चुनाव में ताल ठोकने के बाद. आलम यह है कि सत्ताधारी दल झामुमो और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग शुरु हो गई है.

झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य कांग्रेस की तुलना विषैले सांप से कर चुके हैं. इसके जवाब में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के. राजू ने अपनी ही सरकार को हर मोर्चे पर फेल करार देते हुए कई सवाल खड़े कर चुके हैं.

इस बीच जदयू विधायक सरयू राय ने एक बयान देकर झारखंड की राजनीति को नई हवा दे दी है. उन्होंने सुझाव दिया है कि झामुमो को कांग्रेस और भाजपा से अलग सरकार बना लेनी चाहिए. ऐसा होता है तो वे सरकार को बिना शर्त समर्थन देने को तैयार हैं. लिहाजा, हेमंत सोरेन को हिम्मत दिखानी चाहिए.

क्या है सरयू राय का फॉर्मूला और सुझाव

जदयू विधायक सरयू राय ने 3 अप्रैल को धनबाद में कहा है कि झामुमो के पास 34 विधायक हैं. अगर कांग्रेस को हटा दें तो झामुमो को राजद के 04 विधायकों और भाकपा माले के 02 विधायकों का समर्थन हासिल है. यह आंकड़ा 40 हो जाता है. 81 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरुरत है. अगर झामुमो ऐसा करता है तो वे खुद बिना शर्त सरकार को समर्थन देने को तैयार हैं.

जदयू विधायक ने कहा कि कांग्रेस ने असम चुनाव में झामुमो को हिस्सेदारी नहीं दी. बिहार चुनाव में भी ऐसा ही हुआ था. ऐसे में झामुमो को नये विकल्प पर विचार करना चाहिए. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हवा का रुख कब बदल जाए, यह कहना मुश्किल है. ऐसा नहीं होना चाहिए कि असम चुनाव के बाद सीएम फिर कांग्रेस नेताओं से मिलें और कह दें कि अब हमारी सारी गलतफहमी दूर हो गई है.

उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस प्रभारी के. राजू यह कह रहे हैं कि झारखंड के अफसर माइनिंग माफिया के दबाव में काम कर रहे हैं तो यह सीधे तौर पर हेमंत सोरेन पर हमला है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि असम में झामुमो के चुनाव लड़ने से भाजपा को टी-ट्राइब वोट का नुकसान होगा.

सरयू राय के सुझाव पर वरिष्ठ पत्रकार मधुकर का तर्क

वरिष्ठ पत्रकार मधुकर का मानना है कि भाजपा किसी न किसी रुप में झामुमो को कांग्रेस से अलग करना चाहती है. अगर कांग्रेस से हटकर झामुमो सरकार बनाती है तो चुनौतियां और बढ़ जाएंगी. क्योंकि ज्यादा लोगों को संतुष्ट करना होगा. लिहाजा, ऐसी सरकार को चलाना मुश्किल हो जाएगा.

इसलिए कांग्रेस के बगैर झामुमो को सरकार चलाना मुश्किल होगा. यह भी समझना चाहिए कि झामुमो और भाजपा का वोट बैंक अलग है. वहीं झामुमो और कांग्रेस का वोट बैंक एक है. इससे दोनों को फायदा होगा. आगे चलकर फिर सीबीआई और ईडी की इंट्री हो तो अलग बात होगी.

वरिष्ठ पत्रकार मधुकर के मुताबिक भाजपा हर हाल में सरकार के करीब जाना चाहती है. क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में हेमंत सोरेन बहुत मजबूत हुए हैं. हेमंत सोरेन को इस बात की अच्छी समझ होगी कि बिहार में नीतीश कुमार के साथ क्या हुआ. रही बात सुप्रियो और के. राजू के बयान की तो ऐसी बयानबाजी चलती रहती है.

बिहार में भाजपा और जदयू के बीच भी बयानबाजी होती थी लेकिन सरकार चलती रही. क्योंकि वहां विकल्प ही नहीं था. ऐसे में सरयू राय के ऑफर के बावजूद झामुमो इस लोभ में आएगा, ऐसा नहीं लगता. रही बात असम कि तो खाता खुलना या ना खुलना अलग मैटर है लेकिन वहां झामुमो की पैठ बनेगी. मधुकर के मुताबिक हालिया बयानबाजी के प्रेशर पॉलिटिक्स के रुप में देखना चाहिए और कुछ नहीं.

वरिष्ठ पत्रकार चंदन मिश्रा का आकलन

सरयू राय के सुझाव पर ईटीवी भारत की टीम ने वरिष्ठ पत्रकार चंदन मिश्रा का पक्ष लिया. उन्होंने दो टूक कहा कि क्या सरयू राय पार्टी लाइन से अलग होकर झामुमो सरकार को समर्थन दे सकते हैं. वे कौन होते हैं ऐसा कहने वाले. वे तो जदयू के विधायक हैं. वे फैसला नहीं ले सकते. क्या झारखंड जदयू अध्यक्ष खीरू महतो ऐसा कह रहे है. खास बात है कि कांग्रेस और झामुमो में संबंध विच्छेद तो हुआ नहीं है. फिर कहां से नई सरकार की बात आ रही है. यह अलग बात है कि कांग्रेस और झामुमो के बीच जुबानी जंग हुई है. यह भी देखना चाहिए कि इस मैटर पर टॉप लीडर कुछ नहीं बोल रहा है.

चंदन मिश्रा का कहना है कि राजद ने बिहार में झामुमो को सहयोग नहीं दिया था. फिर भी राजद यहां की सरकार में शामिल है. उस वक्त कहा गया था राजद के खिलाफ कार्रवाई होगी लेकिन हुआ कुछ नहीं. क्योंकि झामुमो का सामने मजबूरी थी. चंदन मिश्रा ने कहा कि क्या हेमंत बोल सकते हैं कि उनको कांग्रेस का समर्थन नहीं चाहिए. मुझे लगता है कि सिर्फ असम चुनाव तक दोनों पार्टियां एक दूसरे पर थोड़ी छिंटाकशी करेंगी. फिर सबकुछ शांत हो जाएगा. यह भी समझना होगा कि हेमंत सोरेन को हिमंता विस्वा से चिढ़ थी. क्योंकि झारखंड चुनाव में हिमंता सक्रिय थे. इसलिए हेमंत सोरेन अब असम में अपनी ताकत दिखा रहे हैं. अगर झामुमो को जीतने की चाहत होती तो कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ते.

कांग्रेस प्रभारी ने क्या आरोप लगाए

पिछले दिनों कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के. राजू ने कहा था कि राज्य के सरकारी स्कूलों में 70 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं. सोनुआ में आदिवासी समाज के बच्चे सरकारी स्कूलों के बजाए प्राइवेट स्कूलों का रुख कर रहे हैं. सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था लचर हो गई है. माइनिंग लॉ की आड़ में लोगों पर अन्याय हो रहा है. अधिकारी मनमानी कर रहे हैं. कांग्रेस नेता का घर तोड़ दिया गया. कोल बियरिंग एक्ट के तहत जमीन अधिग्रहण का मुआवजा नहीं मिल रहा है. हर जिला में कांग्रेस कार्यकर्ता लोगों की समस्याओं से प्रशासन को अवगत करा रहे हैं. इस काम को कांग्रेस गंभीरता से आगे लेकर जाएगी.

झामुमो ने कांग्रेस को दिया था ये सुझाव

कांग्रेस प्रभारी द्वारा अपनी ही सरकार के खिलाफ बयानबाजी पर झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि गठबंधन में रहकर इस तरह के बयान से जनता के बीच गलत संदेश जाता है. इस गठबंधन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. उन्हें सीएम से मिलकर अपनी बात रखनी चाहिए. तब कांग्रेस ने कहा था कि कांग्रेस तो सिर्फ जमीन अधिग्रहण कानून, 2013 का सही तरीके से डीसी के स्तर पर पालन नहीं कराया जाता है तो कांग्रेस की जिम्मेदारी है कि आंदोलन कर इन बातों से सरकार को अवगत कराएं.

बड़े घर की बेटी हूं बोल शीला ने अरुण किया था प्यार, चार साल में लिया डेढ़ लाख रूपए
*इलेक्ट्रीशियन मैकेनिक का काम कर देता था पैसे

गोंडा।जिले के देहात कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत भीटी भटवल गांव में हुए 25 वर्षीय शीला हत्याकांड के खुलासे के बाद अब प्रेम संबंधों और पैसे की गुत्थी भी सामने आई है।25 वर्षीय शीला ने इंस्टाग्राम पर कम फॉलोअर्स होने के बावजूद बिहार के अरुण कुमार से संपर्क किया और स्वयं को बड़े घर की बेटी बताकर उसकी दोस्ती और फिर प्यार जीत लिया।दिसंबर 2022 में शीला ने पहली बार अरुण कुमार से कहा कि कुछ पैसों की जरूरत है।अरुण कुमार ने अपने दोस्तों और अन्य स्रोतों से जुटाकर बीस हजार रूपए शीला को दिया।शीला ने यह देखकर महसूस किया कि अरुण अब उसका एटीएम मशीन बन गया है।पिता आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण शीला के शौक पूरे नहीं कर पा रहे थे,इसलिए शीला ने धीरे धीरे अरुण से बार बार पैसे लेने शुरू कर दिया।पांच महीने बाद शीला ने पहले 25000 रुपये, उसके बाद 30000 रुपये और फिर 11000 रुपये की मांग की।इस तरह उसने चार साल में डेढ़ लाख रूपए नगद व आनलाइन के माध्यम से ऐंठ लिया।जांच में यह भी सामने आया है कि जब अरुण बिहार से गोंडा आता तो शीला और अरुण किसी होटल में मिलते।मुलाकात के दौरान शीला मीठी मीठी बातें करके अरुण से पैसा ले लेती थी और अरुण प्यार में फंसकर पैसे दे देता था।अरुण अपने ही मोबाइल की दुकान पर मैकेनिक का काम करता और बचत जमा करता तथा इसके साथ ही छोटे घरों में इलेक्ट्रीशियन व मैकेनिक के काम करके भी पैसा इकट्ठा करता था।वह यह पैसा शीला को देता ताकि वह अपनी शौक व जरूरत पूरी कर सके।कई बार रात में फोन पर बात न होने के कारण दोनों में झगड़ा भी हुआ।जब अरुण शीला से मिलने गोंडा आता तो शीला अपने परिवार को बताती कि वह अपने दोस्त के यहां जा रही है।वे होटल में किराए पर कमरा लेकर मिलते थे,अरुण कई बार चाहता कि शीला उसे घर ले जाए,परन्तु शीला अपनी सच्चाई छिपाती रही।अंततः अरुण ने एक बार घर जाकर देखा कि फोन पर कही गई लंबी बातें असलियत में सही नहीं थीं।
पारस हेल्थ में कैंसर मरीजों के लिए समर्पित हेल्पलाइन नंबर व किफायती स्क्रीनिंग पैकेज लॉन्च*
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पटना। पारस हेल्थ, पटना में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कैंसर मरीजों की सुविधा के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर 9262261111 का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस हेल्पलाइन के माध्यम से मरीज कैंसर से संबंधित जानकारी, अपॉइंटमेंट, जांच, उपचार प्रक्रिया एवं विशेषज्ञ परामर्श से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी आसानी से निःशुल्क प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही किफायती कैंसर स्क्रीनिंग पैकेज भी लॉन्च किए गए। पुरुषों के लिए रु. 8865/- की जांच अब मात्र रु. 3999/- में तथा महिलाओं के लिए रु. 12126/- की जांच मात्र रु. 5999/- में उपलब्ध कराई गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग समय रहते अपनी जांच करवा सकें और कैंसर का प्रारंभिक अवस्था में ही पता लगाया जा सके। प्रेस वार्ता में *जोनल डायरेक्टर श्री अनिल कुमार* ने कहा कि यह पहल कैंसर मरीजों को त्वरित, सुलभ एवं विश्वसनीय मार्गदर्शन प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि पारस हेल्थ भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा। साथ ही बताया कि कैंसर मरीज आयुष्मान भारत कार्ड के माध्यम से पूरी तरह कैशलेस इलाज करा सकते हैं। उन्होंने सभी मीडिया प्रतिनिधियों एवं चिकित्सा टीम का आभार व्यक्त करते हुए आमजन से स्वास्थ्य के प्रति सजग और जागरूक रहने की अपील की। इस अवसर पर डायरेक्टर एवं एचओडी- मेडिकल ऑन्कोलॉजी *डॉ. अभिषेक आनंद* , सीनियर कंसल्टेंट- मेडिकल ऑन्कोलॉजी *डॉ. अविनाश उपाध्याय* एवं सीनियर कंसल्टेंट- मेडिकल ऑन्कोलॉजी *डॉ. शशांक शेखर दास* उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने बताया कि कैंसर की समय पर जांच ही बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है और नियमित स्क्रीनिंग से रोग का शीघ्र पता लगाकर सफल उपचार संभव है। *पारस हेल्थ पटना के बारे में* पारस हेल्थ पटना ने 2013 में परिचालन शुरू किया। यह बिहार का पहला कॉर्पोरेट अस्पताल है जिसके पास परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड द्वारा लाइसेंस प्राप्त कैंसर उपचार केंद्र है। जून 2024 में एक्सेस किए गए एनएबीएच पोर्टल के अनुसार, पारस एचएमआरआई अस्पताल, पटना 2016 में एनएबीएच मान्यता प्राप्त करने वाला बिहार का पहला अस्पताल था। इस अस्पताल की बेड क्षमता 400 से ज्यादा की है, जिसमें 80 आईसीयू बेड शामिल हैं साथ ही 2 LINAC मशीन एंव PET-CT की सुविधा भी उपलब्ध है।