बेल्थरा रोड में मनोनित सभासद अमित जायसवाल का हुआ पन्ना लाल कटरा में भव्य स्वागत,
बेल्थरा रोड (बलिया)। नगर पंचायत बेल्थरा रोड में शासन द्वारा मनोनित सभासदों को जिम्मेदारी मिलने के साथ ही पूरे नगर में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने जोरदार स्वागत कर यह विश्वास जताया कि अब नगर के विकास कार्यों को नई रफ्तार मिलेगी।
शासन द्वारा , तथा को नगर पंचायत की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को पन्नालाल कटरा, बेल्थरा रोड में अमित जायसवाल के सम्मान में एक भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया।
समारोह के दौरान नगर के गणमान्य नागरिकों ने फूल-मालाओं से नव-मनोनित सभासद का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। इस अवसर पर , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , तथा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि योग्य और सक्रिय व्यक्तियों को जिम्मेदारी दिए जाने से नगर पंचायत के विकास कार्यों में तेजी आएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि साफ-सफाई, पेयजल, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं में जल्द ही सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
वहीं नव-मनोनित सभासदों ने नगर के सर्वांगीण विकास का संकल्प लेते हुए भरोसा दिलाया कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
समारोह का समापन आपसी सहयोग, एकता और नगर के समग्र विकास के संकल्प के साथ हुआ।
समारोह के दौरान नगर के गणमान्य नागरिकों ने फूल-मालाओं से नव-मनोनित सभासद का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। इस अवसर पर डॉ. शेषमणि सिंह, मनीष सिंह, विवेक पांडेय, डॉ. विष्णु प्रसाद, विजय चौरसिया, रघुवंश सिंह, जितेंद्र प्रसाद, विष्णु वर्मा, विशाल सिंह, भगवती ठठेरा, संजय जायसवाल, मनीष मिश्रा, पवन जायसवाल, पिंटू सिंह, बबलू वर्मा, विश्वामित्र जी, अच्छे लाल गुप्ता, असलम गुड्डू, रंजीत कुशवाहा, आशीष जायसवाल, अनुपम वरनवाल, संतोष राजभर तथा विनय वर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।








जनपद न्यायालय गोण्डा में दुकानों की नीलामी 24 मार्च को

सुल्तानपुर के प्रधान डाकघर में बुधवार दोपहर करीब 11 बजे बम रखे होने की धमकी का एक ईमेल मिलने से हड़कंप मच गया। पोस्टमास्टर ने तत्काल पुलिस को सूचना दी,जिसके बाद बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड के साथ साथ पुलिस बल भी मौके पर पहुंची।
दरअसल सुल्तानपुर सीओ सिटी सौरभ सामंत के नेतृत्व में कोतवाली नगर पुलिस प्रधान डाकघर पहुंची और पूरी बिल्डिंग व परिसर को खाली कराया गया। पुलिस टीम ने बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड के साथ मिलकर डाकघर के हर कमरे और पूरे परिसर की गहनता के साथ तलाशी ली। इस दौरान डाक कर्मियों और आम लोगों में दहशत का माहौल रहा। करीब आधे घंटे तक चले इस व्यापक तलाशी अभियान में डाक परिसर में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद सभी ने राहत की सांस ली।
सीओ सिटी सौरभ सामंत ने बताया कि मौके पर कानून व्यवस्था सामान्य है और जांच के दौरान कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। पोस्टमास्टर सुरेंद्र कुमार चौबे के अनुसार, धमकी भरा ईमेल सुबह करीब 11 बजे प्राप्त हुआ था। सूचना मिलते ही पुलिस को सूचित किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने लगभग डेढ़ घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों को आश्वस्त किया है कि डरने वाली कोई बात नहीं है।
मुंबई।आज के समय में जहाँ लोगों का ध्यान तेजी से बदलता है और सामग्री क्षण भर में आगे बढ़ जाती है, वहीं कविता आज भी अपनी शांत और गहरी प्रभावशीलता बनाए हुए है। इसी कड़ी में एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में डॉ. मंजू लोढ़ा ने 500 कविताएँ लिखकर एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया है, जो समकालीन साहित्य में एक महत्वपूर्ण योगदान है।यह उपलब्धि केवल एक संख्या नहीं, बल्कि वर्षों की साधना, अनुशासन और भाषा के प्रति गहरे जुड़ाव का परिणाम है। प्रत्येक कविता एक विचार, अनुभव या भावना का प्रतिबिंब है, जिसे शब्दों में संवेदनशीलता के साथ पिरोया गया है। इन 500 कविताओं का संग्रह उनके साहित्यिक समर्पण और रचनात्मकता का सशक्त प्रमाण है। भारत में कविता सदियों से सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण माध्यम रही है—प्राचीन ग्रंथों से लेकर आधुनिक रचनाओं तक। ऐसे में इस प्रकार की उपलब्धियाँ न केवल व्यक्तिगत प्रयास का सम्मान करती हैं, बल्कि साहित्यिक परंपरा को जीवित और प्रासंगिक बनाए रखने में भी योगदान देती हैं। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को मान्यता देते हुए ACE बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने डॉ. मंजू लोढ़ा को राष्ट्रीय रिकॉर्ड से सम्मानित किया है। यह सम्मान केवल उनकी रचनाओं की संख्या का नहीं, बल्कि उनके निरंतर प्रयास, समर्पण और सृजनात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। ACE बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, जो कला, शिक्षा, खेल और सामाजिक क्षेत्रों में अनूठी उपलब्धियों को दर्ज करने के लिए जाना जाता है, ऐसे प्रेरणादायक कार्यों को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह संस्था उन व्यक्तियों को पहचान देती है, जो अपने क्षेत्र में सीमाओं को पार करते हुए नई मिसाल कायम करते हैं। इस सम्मान की खास बात यह है कि यह वास्तविक मानवीय कहानियों को महत्व देता है—संघर्ष, निरंतरता और जुनून की कहानियाँ। डॉ. लोढ़ा की यह यात्रा भी शब्दों के माध्यम से एक अद्भुत साहित्यिक मुकाम तक पहुँचने की कहानी है।
57 min ago
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