झारखंड की सियासत गरमाई: विधायक से 'अहंकारी' बर्ताव पर बाबूलाल मरांडी का पलटवार
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार के व्यवहार पर तीखा हमला बोला है। मामला जमुआ से भाजपा विधायक मंजू कुमारी का है।
क्या हुआ था?
विधायक मंजू कुमारी क्षेत्र की सड़क समस्याओं को लेकर प्रधान सचिव सुनील कुमार से मिलने उनके कार्यालय गई थीं। आरोप है कि मुलाकात के दौरान अधिकारी का रवैया अमर्यादित और अहंकार भरा था।
बाबूलाल मरांडी ने X पर क्या कहा - 5 बड़े बिंदु:
1. 'सत्ता पोषित घमंड': मरांडी ने घटना की तस्वीर को 'व्यवस्था की सड़ांध का प्रमाण' बताया। कहा - विधायक के साथ फरियादी जैसा बर्ताव हुआ।
2. लोकतंत्र पर सवाल: "पीएम मोदी आम नागरिक को पास बैठाकर सम्मान देते हैं, तो राज्य के अधिकारी किस घमंड में हैं? जो विधायक की गरिमा नहीं समझता, वो जनता को क्या समझेगा।"
3. महिला विधायक का अपमान: इसे सिर्फ व्यक्ति नहीं, 'पूरे लोकतंत्र का अपमान' बताया। कहा कि पथ निर्माण विभाग पहले से भ्रष्टाचार के दागों से सना है, अब अधिकारी जनप्रतिनिधियों को 'दरबारी' समझ रहे।
4. सीएम हेमंत सोरेन से मांग: ऐसे 'कमाऊ, बेलगाम और मनबढू' अधिकारियों को औकात बताएं। चेताया कि कार्रवाई नहीं हुई तो संदेश जाएगा कि झारखंड में असली सत्ता विवादास्पद अधिकारी हैं, जनप्रतिनिधि सिर्फ नाम के।
5. कड़ी चेतावनी: "अहंकार और भ्रष्टाचार का अंत जेल, बेल और उम्रभर की बदनामी है।" सीएम को याद दिलाया कि सत्ता से बाहर होने पर यही अधिकारी उन्हें भी औकात बता देंगे।
कोर मुद्दा: नौकरशाही बनाम जनप्रतिनिधि। मरांडी का आरोप है कि झारखंड में कुछ अधिकारियों का रवैया 'तानाशाह' जैसा हो गया है और वे खुद को 'सेवक नहीं, शासक' समझने लगे हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में भ्रष्टाचार और अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है।
क्या आप इस मामले पर ताजा अपडेट या विधायक मंजू कुमारी का पक्ष जानना चाहते हैं?
4 hours ago
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