बलिया: केंद्र सरकार जनता पर बोझ डालने में व्यस्त, चौकीदार सो रहा है - सपा नेता कान्हजी
संजीव सिंह बलिया, 11 मई 2026: केंद्र की भाजपा सरकार अब देश चलाने में नहीं, बल्कि जनता पर बोझ डालने में व्यस्त हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के उपाध्यक्ष व प्रवक्ता सुशील पाण्डेय कान्हजी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरकार के मुखिया की हालिया अपील पर तीखा प्रहार किया है।कान्हजी ने कहा, "सरकार के मुखिया कहते हैं- सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, तेल-खाद कम खाओ, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। यह सलाह नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के 12 वर्षों की नाकाम नीतियों का खुला कबूलनामा है। अब साफ हो गया कि चौकीदार चौकीदारी नहीं कर रहा, बल्कि सो रहा है। प्रधान सेवक देश का सेवक नहीं, चंद पूंजीपतियों का सेवक है।"उन्होंने कहा कि जिस सरकार को महंगाई, बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था संभालनी थी, वह अब जनता को "कम खर्च करो, कम खाओ, कम घूमो, कम पहनो, कम जियो" का ज्ञान दे रही है। "हर बार अपनी विफलताओं का ठीकरा जनता के सिर फोड़ देना और हर समस्या का हल नागरिकों के पॉकेट में ढूंढना दुनिया की इकलौती सरकार का कमाल है। मन की बात कहना आसान है, लेकिन जन की बात सुनना इनके बस का नहीं।"कान्हजी ने चेतावनी दी कि देश आज ऐसे मोड़ पर है, जहां सरकार के पास समाधान नहीं, सिर्फ बहाने बचे हैं। "मुखिया का बयान लोगों में भय पैदा करने के लिए है, ताकि सवाल न उठें। देश कमजोर और अकर्मण्य हाथों में है, जो सिर्फ भाषण दे सकता है, काम नहीं। 18 घंटे जाग सकता है, फोटोशूट करा सकता है, लेकिन विवेक का प्रयोग नहीं कर सकता।"अंत में सुशील पांडेय कान्हजी ने कहा, "देश की असली समस्या भाजपा सरकार है। जनता सबसे पहले इसी समस्या से छुटकारा चाहती है।"
दो दर्जन कोचिंग सेंटरों को जारी की गई चेतावनी

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। बिन पंजीयन कोचिंग संचालन करने वालों के प्रति शिक्षा विभाग की सख्ती बढ़ती जा रही है। कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए ब्लॉकवार छह टीम का गठन जिला विद्यालय निरीक्षक अशुंमान द्वारा किया गया है। नामित अधिकारी ब्लॉक क्षेत्रों में चल रहे कोचिंग की जांच कर रिपोर्ट प्रेषित करेंगे। रिपोर्ट आने के एक सप्ताह में कोचिंग सेंटरों का पंजीन विभाग में नहीं हुआ तो विभागीय स्तर से सख्त कार्रवाई होना तय है। जबकि पूर्व में भी जांच रिपोर्ट पे्रषित की गई थी। ऐसे में करीब डेढ़ दर्जन कोचिंग संचालकों को सुधार एक्ट की नोटिस जारी कर दी गई है।डीआईओएस ने बताया कि कोचिंग संचालकों को यह भी निर्देशित किया गया है कि संचालन का जो मानक है वह भी शत-प्रतिशत पूर्ण होना चाहिए। जिले में करीब एक दर्जन कोचिंग सेंटर पंजीकृत होकर संचालित हो रही हैं। पूर्व में डेढ़ दर्जन कोचिंग सेंटर संचालकों को पंजीयन के लिए नोटिस जारी हुआ था। लेकिन इन संचालकों द्वारा पंजीयन को आवेदन नहीं किया गया है। ऐसे में मामले को गंभीरता से लेते हुए बंद कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जुर्माना लगाने के साथ ही कोचिंग सेंटर सीज भी हो सकता है। बिना पंजीयन कराए कोचिंग का संचालन कदापि नहीं होने दिया जाएगा। बिन पंजीयन कोचिंग की शिकायत मिलने पर स्थलीय जांच कर उचित कार्रवाई की जा रही है। दो पालिका परिषद, पांच नगर पंचायत समेत औराई, ज्ञानपुर, भदोही, सुरियावां, सर्रोई, उगापुर, असनाव, अभोली, कोइरौना, गोपीगंज, जंगीगंज, ऊंज समेत जिले भर में विभिन्न स्थलों पर कोचिंग का संचालित किए जा रहे हैं।
चेकिंग के दौरान मॉडिफाई साइलेंसर से अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले वाहनों को किया गया चिन्हित

*जनपद में चेकिंग के दौरान कुल 32 बुलेट मोटरसाइकिलों पर कार्यवाही तथा 3 को किया गया सीज*

*गोण्डा 11 मई,2026*।
जनपद में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एआरटीओ (प्रशासन) श्री आर.सी. भारतीय द्वारा चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों पर मॉडिफाई साइलेंसर लगाकर ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले बुलेट वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई।

चेकिंग अभियान के अंतर्गत कुल 32 बुलेट वाहनों पर कार्रवाई करते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार चालान की कार्यवाही की गई। इसके अतिरिक्त यातायात एवं परिवहन विभाग के नियमों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर 3 बुलेट मोटरसाइकिलों को सीज किया गया। कार्रवाई के दौरान मॉडिफाई साइलेंसर से अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले वाहनों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया, जिससे आमजन को होने वाली असुविधा एवं ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

एआरटीओ (प्रशासन) श्री आर.सी. भारतीय ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनपद में सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले तथा वाहन मानकों का उल्लंघन करने वाले किसी भी वाहन को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि मॉडिफाई साइलेंसर न केवल ध्वनि प्रदूषण को बढ़ावा देते हैं, बल्कि यह सड़क सुरक्षा मानकों के भी विपरीत हैं। ऐसे वाहनों के विरुद्ध परिवहन विभाग द्वारा निरंतर अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने वाहन स्वामियों से अपील की कि सभी लोग अपने वाहनों में मानक अनुरूप उपकरणों का ही प्रयोग करें तथा यातायात नियमों का पूर्ण पालन करें। साथ ही उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और नियमों का पालन कर ही सुरक्षित एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।
परिवहन विभाग द्वारा चलाया गया यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
यूपी की ऐतिहासिक धरोहरों को मिलेगा नया जीवन: 40 स्मारक और पुरास्थल होंगे संरक्षित

* योगी सरकार का बड़ा फैसला, खंडहर बन रहे प्राचीन स्मारकों का होगा संरक्षण और पर्यटन विकास

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 40 ऐतिहासिक स्मारकों और पुरास्थलों को संरक्षित घोषित करने का निर्णय लिया है। इनमें कई स्मारक ढाई हजार से तीन हजार वर्ष पुराने बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ स्थल कुषाण काल से संबंधित माने जा रहे हैं। इसके साथ ही तीन स्थलों को असंरक्षित घोषित किया गया है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की प्राचीन धरोहरें स्थापत्य कला, संस्कृति और इतिहास की अमूल्य विरासत हैं। समय के साथ कई स्मारक जीर्ण-शीर्ण होकर खंडहर में बदलते जा रहे हैं, इसलिए राज्य सरकार ने इन्हें संरक्षित कर नया स्वरूप देने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि इन स्मारकों के आसपास बुनियादी सुविधाएं विकसित कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि पर्यटक और श्रद्धालु बड़ी संख्या में इन स्थलों तक पहुंच सकें। साथ ही बाउंड्रीवाल और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं के जरिए अतिक्रमण रोकने की भी योजना बनाई गई है।

* कई जिलों के ऐतिहासिक स्थल सूची में शामिल
संरक्षित घोषित किए गए स्मारकों में सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी, कानपुर नगर, रायबरेली, लखनऊ, प्रतापगढ़, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, देवरिया, जालौन, ललितपुर, झांसी, महोबा, गाजीपुर, वाराणसी, आगरा, मैनपुरी, सहारनपुर और रामपुर के ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं।
इनमें प्राचीन शिव मंदिर, किले, बावलियां, समाधियां, टीले, मंदिर परिसर और ऐतिहासिक भवन प्रमुख रूप से शामिल हैं। लखनऊ स्थित ऐतिहासिक मूसाबाग भवन और कालाकांकर भवन को भी संरक्षण सूची में शामिल किया गया है।

* नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने की पहल
पर्यटन मंत्री ने कहा कि यह पहल केवल स्मारकों के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास भी है। उन्होंने कहा कि ये स्मारक भारतीय स्थापत्य कला और प्राचीन सभ्यता के दुर्लभ उदाहरण हैं, जिन्हें संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि सरकार इन स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में भी कार्य करेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
भूसा संग्रहण अभियान में तेजी लाने के निर्देश, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई : धर्मपाल सिंह

लखनऊ। धर्मपाल सिंह ने प्रदेश में संचालित “भूसा संग्रहण अभियान” की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गौआश्रय स्थलों में किसी भी गौवंश को भूखा-प्यासा नहीं रहने दिया जाए। उन्होंने कहा कि भूसा संग्रहण, पशु आहार प्रबंधन और गौआश्रय स्थलों के संचालन को मिशन मोड में संचालित किया जाए तथा लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विधान भवन स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने भूसा संग्रहण में न्यूनतम प्रदर्शन करने वाले जनपद हमीरपुर, वाराणसी, प्रतापगढ़, औरैया और अयोध्या को चेतावनी देते हुए अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गौ संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में भूसा संग्रहण का कुल लक्ष्य 1.37 करोड़ कुंतल निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक 1.11 करोड़ कुंतल भूसा संग्रहित किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गेहूं कटाई के मौजूदा मौसम का लाभ उठाकर अधिक से अधिक भूसा संग्रहित किया जाए। साथ ही भूसा एवं साइलेज टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा गोचर भूमि को कब्जामुक्त कर हरा चारा बोने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में गौआश्रय स्थलों पर गोवंशों के लिए भूसा, हरा चारा, स्वच्छ पेयजल, छायादार व्यवस्था, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने पशुओं की सुरक्षा के लिए समयबद्ध टीकाकरण अभियान चलाने तथा दवाइयों और वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
धर्मपाल सिंह ने गौशालाओं में गोबर गैस प्लांट स्थापित करने पर भी बल देते हुए कहा कि इससे गोबर का समुचित प्रबंधन होगा और गौआश्रय स्थल आत्मनिर्भर बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि गोबर गैस और जैविक खाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी सहायक होगी।
बैठक में मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनजीओ द्वारा संचालित गौआश्रय स्थलों का सत्यापन कर उनकी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं का संचालन व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्तमान में 7386 गौआश्रय स्थलों में 12,37,694 गोवंश संरक्षित हैं, जबकि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1,14,481 लाभार्थियों को 1,84,227 गोवंश सुपुर्द किए गए हैं। अभियान के तहत 1905 अस्थायी एवं 7285 स्थायी भूसा बैंक स्थापित किए जा चुके हैं। भूसा संग्रहण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनपदों में जालौन, मुजफ्फरनगर, नोएडा, मिर्जापुर और महोबा शामिल हैं।
कर्मचारी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिले हरिकिशोर तिवारी
* कैशलेस योजना और पेंशन मुद्दे पर उठाई आवाज

लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष इं. हरिकिशोर तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर प्रदेश के कर्मचारियों एवं शिक्षकों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कर्मचारी संगठनों और शासन स्तर पर लंबित बैठकों को लेकर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
इं. तिवारी ने कहा कि तत्कालीन अपर मुख्य सचिव कार्मिक देवेश चतुर्वेदी के दिल्ली स्थानांतरण के बाद से कर्मचारी संगठनों के साथ किसी भी स्तर पर नियमित बैठक नहीं हो सकी है, जिसके कारण कर्मचारियों की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान लंबित पड़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि शासनादेश जारी कर कर्मचारी संगठनों के साथ नियमित संवाद और बैठकें सुनिश्चित कराई जाएं।
बैठक में वर्ष 2016 की पं. दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा योजना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। परिषद की ओर से कहा गया कि लंबे आंदोलन और संघर्ष के बाद बनी यह नियमावली गंभीर बीमारियों—जैसे कैंसर, ब्रेन हेमरेज, लीवर ट्रांसप्लांट, घुटना प्रत्यारोपण आदि—के लिए असीमित इलाज की व्यवस्था प्रदान करती थी, लेकिन बाद में इसे आयुष्मान योजना से जोड़कर इलाज की सीमा मात्र पांच लाख रुपये तक सीमित कर दी गई। परिषद ने मूल नियमावली को पुनः लागू करने की मांग की।
लोक निर्माण विभाग में ऑनलाइन आगणन और स्वीकृति प्रक्रियाओं में हो रही देरी का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। परिषद ने कहा कि अधिकांश स्वीकृतियां वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों में जारी होने से कार्यों को जल्दबाजी में पूरा करना पड़ता है, जिससे गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। परिषद पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि वर्ष 2018 में कर्मचारी-शिक्षक आंदोलन के दौरान सरकार ने समिति बनाकर वार्ता कराई थी। इसी क्रम में सरकारी अंशदान को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया गया, जिसने नई पेंशन व्यवस्था की कमियों के आकलन और आगे चलकर यूपीएस (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) जैसे विकल्प तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परिषद ने कहा कि कर्मचारियों के हित में आगे भी संघर्ष जारी रहेगा।
इस अवसर पर परिषद के महामंत्री शिवबरन सिंह यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेम कुमार सिंह, कार्यवाहक अध्यक्ष इं. एन.डी. द्विवेदी, कार्यवाहक महामंत्री डॉ. नरेश, सुभाष पांडे, एच.एन. मिश्रा, अखिलेश अग्निहोत्री, आशुतोष तिवारी, प्रभात मिश्रा, संतोष तिवारी, अनुज शुक्ला और दिवाकर राय सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने मुख्यमंत्री से सकारात्मक कार्रवाई और आवश्यक आदेश जारी होने की उम्मीद जताई।
मदर्स डे पर आकाश प्रियदर्शी ने मां के त्याग को किया नमन, कहा- मां का कर्ज चुकाना असंभव

गया: मानपुर के जनकपुर निवासी विशाल प्राइवेट आईटीआई के ट्रस्टी सदस्य सह युवा समाजसेवी आकाश प्रियदर्शी उर्फ 'एपी' ने मातृ दिवस (मदर्स डे) के विशेष अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए मां की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया ! उन्होंने कहा कि इस संसार में मां का स्थान सर्वोपरि है और उनके द्वारा किए गए त्याग व उपकारों का कर्ज कोई भी संतान कभी पूरी तरह नहीं चुका सकती.

आकाश प्रियदर्शी ने भावुक होते हुए कहा कि दुनिया में केवल मां ही ऐसी शख्सियत होती है, जो स्वयं भूखी रहकर और अपना पेट काटकर भी अपने बच्चों का पेट भरती है ! उनका निःस्वार्थ प्रेम और समर्पण ही परिवार की असली शक्ति है ! उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी मां का सदैव सम्मान करें, क्योंकि मां के आशीर्वाद के बिना जीवन में सच्ची सफलता और सुख की प्राप्ति असंभव है ! माता का प्रेम ही इस सृष्टि का आधार है.

चोरी करने वाले बदमाशों से मुठभेड़, पुलिस ने की जवाबी फायरिंग  दो घायल
बबलू प्रजापति
पिहानी कोतवाली क्षेत्र में ग्राम गौखरिका में हुई ताबड़तोड़ चोरी की वारदातों का पुलिस ने मुठभेड़ के बाद खुलासा कर दिया। पुलिस ने दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दोनों बदमाश पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से घायल हो गए। पकड़े गए आरोपियों की पहचान शाहजहांपुर के मिर्जापुर थाना क्षेत्र निवासी बुधपाल और पिहानी के कोटकला निवासी आसिफ के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी के सोने-चांदी के जेवर, नगदी, अवैध तमंचे और बिना नंबर की बाइक बरामद की है।
घटना 8 और 9 मई की रात की है, जब बदमाशों ने गौखरिया गांव में एक के बाद एक तीन घरों को निशाना बनाया था। दीपक सिंह के घर से जेवर और 20 हजार रुपये नकद चोरी किए गए, जबकि सतीश सिंह के बंद पड़े मकान का ताला तोड़कर चोरों ने अलमारी और बक्सों में रखा सामान पार कर दिया। वहीं धर्मपाल सिंह के घर में पीछे की दीवार तोड़कर घुसे बदमाश करीब 97 हजार रुपये नकद और जेवरात चोरी कर ले गए। एक ही रात में तीन घरों में हुई चोरी से गांव में दहशत फैल गई थी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सर्विलांस और स्वाट टीम को जांच में लगाया था।
सीओ हरियावां अजीत चौहान ने बताया कि 10 मई की रात पिहानी पुलिस रसूलपुर तिराहे पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर की बाइक से आ रहे दो युवकों को रोकने का प्रयास किया गया तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और भागने लगे। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली लग गई। घायल अवस्था में दोनों को गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया।पुलिस के अनुसार बुधपाल बेहद शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ गैंगस्टर समेत चोरी के करीब 16 मुकदमे दर्ज हैं। 25 जनवरी को पशु चोरी के मामले में वाहन चेकिंग के दौरान सवायजपुर पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में उसके बाएं पैर में गोली लगी थी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और करीब एक माह पहले ही जेल से छूटकर बाहर आया था।
वहीं आसिफ दिल्ली में रहकर सिलाई का काम करता था, लेकिन वह लोनी में अपने ही दोस्त की हत्या के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस का कहना है कि करीब दस दिन पहले ही वह पिहानी लौटा था और बुधपाल के संपर्क में आने के बाद दोनों ने मिलकर गौखरिया में चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई में जुटी है।
देशहित के हर फैसले में राजनीति देख रही सपा : पंकज चौधरी
* प्रधानमंत्री मोदी का संसाधन बचत का आह्वान दूरदर्शी नेतृत्व की पहचान : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष

लखनऊ। भाजपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष देशहित से जुड़े हर फैसले में भी राजनीति तलाशने लगा है। सोमवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि जब देश वैश्विक चुनौतियों के बीच आत्मनिर्भरता, संसाधनों के संरक्षण और राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए आगे बढ़ रहा है, तब समाजवादी पार्टी जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि नरेंद्र मोदी द्वारा ऊर्जा बचत, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील किसी कमजोरी का नहीं, बल्कि जिम्मेदार और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी इस संदेश को भी राजनीतिक चश्मे से देखकर नकारात्मकता फैलाने में जुटे हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी, वैश्विक आर्थिक मंदी और अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। डिजिटल क्रांति, आधारभूत संरचना, रक्षा उत्पादन, रेलवे, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, मेट्रो और स्टार्टअप के क्षेत्र में भारत लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और दुनिया भारत के निर्णायक नेतृत्व की सराहना कर रही है।
पंकज चौधरी ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनके शासनकाल में उत्तर प्रदेश दंगों, भ्रष्टाचार, बिजली संकट और कानून व्यवस्था की बदहाली से जूझ रहा था, वे आज सुशासन का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा शासन में निवेशक प्रदेश आने से डरते थे और माफिया सत्ता संरक्षण में फलते-फूलते थे।
उन्होंने भाजपा सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीबों को मुफ्त राशन, किसानों को किसान सम्मान निधि, महिलाओं को उज्ज्वला योजना और युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर मजबूत पहचान बनाई है और दुनिया भारत की बात गंभीरता से सुन रही है। ऐसे समय में विपक्ष द्वारा देश की छवि खराब करने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का बयान राजनीतिक हताशा और निराशा का प्रतीक है। लगातार चुनावी पराजय के बाद समाजवादी पार्टी मुद्दाविहीन हो चुकी है और केवल सुर्खियां बटोरने के लिए बयानबाजी कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता विकास, सुरक्षा और स्थिर नेतृत्व के साथ खड़ी है और “मजबूत नेतृत्व, सुरक्षित भारत और विकसित भारत के लिए भाजपा ही विकल्प है।”
डॉ.ऋजुता ओमप्रकाश दुबे को मिला सुश्रुतरत्न पुरस्कार

वसई।  श्री नरसिंह के दुबे चॅरिटेबल  ट्रस्ट की विश्वस्त, नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज की स्त्री रोग प्रसुती तंत्र विभाग प्रमुख, पालघर जिले की प्रसिद्ध स्त्रीरोग प्रसूती विशेषज्ञ एवं आयुर्वेद तज्ञ डॉ. ऋजुता ओमप्रकाश दुबे इनको दिनांक 8 मई 2026 को डी.वाय.पाटील युनिव्हर्सिटी मुंबई मे आयोजित "अनुशल्य जिज्ञासा" इस राष्ट्रीय परिसंवाद (National Symposium of Parasurgical Procedures)मे "सुश्रुतरत्न"* पुरस्कार से सम्मानित किया गया l
मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ़ मेडिसिन (MARBISM) एवं नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ़ मेडिसिन (NCISM) के प्रेसिडेंट डॉ. मुकुल पटेल, डी. वाय. पाटील स्कूल ऑफ आयुर्वेद के डीन डॉ.महेश कुमार हारित, पोदार आयुर्वेद कॉलेज वरळी की डीन डॉ.संपदा संत,कार्यक्रम आयोजन के चेअरमन डॉ. अमरप्रकाश दिवेदी, डी. वाय. पाटील संस्था की व्यवस्थापक विश्वस्त राजलक्ष्मी पाटील, आयुर्वेद व्यासपीठ के  संस्थापक अध्यक्ष डॉ.विनय वेलणकर व अन्य मान्यवरोके उपस्थिती मे यह पुरस्कार प्रदान किया गया l पालघर जिले में आयुर्वेद शिक्षा, स्त्रीरोग प्रसुती (gynaec-obstetrics) और महिलाओ की आरोग्य सेवा क्षेत्र के योगदान, समर्पण एवम कार्य को ध्यान में रखते हुए उन्हे सम्मानित किया गया l नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज के लिए यह गर्व का क्षण है l उन्होने अपने चिकित्सकीय कालावधी मे किये हुए कार्य का यह एक सन्मान हैl महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ.ओमप्रकाश दुबे, संपूर्ण दुबे परिवार,नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या  डॉ. हेमलता शेंडे, सभी अध्यापक, विद्यार्थी अध्यापकेतर कर्मचारी एवं रुग्णालयीन कर्मचारी इन्होने डॉ. ऋजुता दुबे का मनःपूर्वक अभिनंदन किया है और उनके अग्रीम कार्य के लिये शुभकामनाये दीl
बलिया: केंद्र सरकार जनता पर बोझ डालने में व्यस्त, चौकीदार सो रहा है - सपा नेता कान्हजी
संजीव सिंह बलिया, 11 मई 2026: केंद्र की भाजपा सरकार अब देश चलाने में नहीं, बल्कि जनता पर बोझ डालने में व्यस्त हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के उपाध्यक्ष व प्रवक्ता सुशील पाण्डेय कान्हजी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरकार के मुखिया की हालिया अपील पर तीखा प्रहार किया है।कान्हजी ने कहा, "सरकार के मुखिया कहते हैं- सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, तेल-खाद कम खाओ, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। यह सलाह नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के 12 वर्षों की नाकाम नीतियों का खुला कबूलनामा है। अब साफ हो गया कि चौकीदार चौकीदारी नहीं कर रहा, बल्कि सो रहा है। प्रधान सेवक देश का सेवक नहीं, चंद पूंजीपतियों का सेवक है।"उन्होंने कहा कि जिस सरकार को महंगाई, बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था संभालनी थी, वह अब जनता को "कम खर्च करो, कम खाओ, कम घूमो, कम पहनो, कम जियो" का ज्ञान दे रही है। "हर बार अपनी विफलताओं का ठीकरा जनता के सिर फोड़ देना और हर समस्या का हल नागरिकों के पॉकेट में ढूंढना दुनिया की इकलौती सरकार का कमाल है। मन की बात कहना आसान है, लेकिन जन की बात सुनना इनके बस का नहीं।"कान्हजी ने चेतावनी दी कि देश आज ऐसे मोड़ पर है, जहां सरकार के पास समाधान नहीं, सिर्फ बहाने बचे हैं। "मुखिया का बयान लोगों में भय पैदा करने के लिए है, ताकि सवाल न उठें। देश कमजोर और अकर्मण्य हाथों में है, जो सिर्फ भाषण दे सकता है, काम नहीं। 18 घंटे जाग सकता है, फोटोशूट करा सकता है, लेकिन विवेक का प्रयोग नहीं कर सकता।"अंत में सुशील पांडेय कान्हजी ने कहा, "देश की असली समस्या भाजपा सरकार है। जनता सबसे पहले इसी समस्या से छुटकारा चाहती है।"
दो दर्जन कोचिंग सेंटरों को जारी की गई चेतावनी

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। बिन पंजीयन कोचिंग संचालन करने वालों के प्रति शिक्षा विभाग की सख्ती बढ़ती जा रही है। कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए ब्लॉकवार छह टीम का गठन जिला विद्यालय निरीक्षक अशुंमान द्वारा किया गया है। नामित अधिकारी ब्लॉक क्षेत्रों में चल रहे कोचिंग की जांच कर रिपोर्ट प्रेषित करेंगे। रिपोर्ट आने के एक सप्ताह में कोचिंग सेंटरों का पंजीन विभाग में नहीं हुआ तो विभागीय स्तर से सख्त कार्रवाई होना तय है। जबकि पूर्व में भी जांच रिपोर्ट पे्रषित की गई थी। ऐसे में करीब डेढ़ दर्जन कोचिंग संचालकों को सुधार एक्ट की नोटिस जारी कर दी गई है।डीआईओएस ने बताया कि कोचिंग संचालकों को यह भी निर्देशित किया गया है कि संचालन का जो मानक है वह भी शत-प्रतिशत पूर्ण होना चाहिए। जिले में करीब एक दर्जन कोचिंग सेंटर पंजीकृत होकर संचालित हो रही हैं। पूर्व में डेढ़ दर्जन कोचिंग सेंटर संचालकों को पंजीयन के लिए नोटिस जारी हुआ था। लेकिन इन संचालकों द्वारा पंजीयन को आवेदन नहीं किया गया है। ऐसे में मामले को गंभीरता से लेते हुए बंद कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जुर्माना लगाने के साथ ही कोचिंग सेंटर सीज भी हो सकता है। बिना पंजीयन कराए कोचिंग का संचालन कदापि नहीं होने दिया जाएगा। बिन पंजीयन कोचिंग की शिकायत मिलने पर स्थलीय जांच कर उचित कार्रवाई की जा रही है। दो पालिका परिषद, पांच नगर पंचायत समेत औराई, ज्ञानपुर, भदोही, सुरियावां, सर्रोई, उगापुर, असनाव, अभोली, कोइरौना, गोपीगंज, जंगीगंज, ऊंज समेत जिले भर में विभिन्न स्थलों पर कोचिंग का संचालित किए जा रहे हैं।
चेकिंग के दौरान मॉडिफाई साइलेंसर से अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले वाहनों को किया गया चिन्हित

*जनपद में चेकिंग के दौरान कुल 32 बुलेट मोटरसाइकिलों पर कार्यवाही तथा 3 को किया गया सीज*

*गोण्डा 11 मई,2026*।
जनपद में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एआरटीओ (प्रशासन) श्री आर.सी. भारतीय द्वारा चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों पर मॉडिफाई साइलेंसर लगाकर ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले बुलेट वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई।

चेकिंग अभियान के अंतर्गत कुल 32 बुलेट वाहनों पर कार्रवाई करते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार चालान की कार्यवाही की गई। इसके अतिरिक्त यातायात एवं परिवहन विभाग के नियमों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर 3 बुलेट मोटरसाइकिलों को सीज किया गया। कार्रवाई के दौरान मॉडिफाई साइलेंसर से अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले वाहनों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया, जिससे आमजन को होने वाली असुविधा एवं ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

एआरटीओ (प्रशासन) श्री आर.सी. भारतीय ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनपद में सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले तथा वाहन मानकों का उल्लंघन करने वाले किसी भी वाहन को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि मॉडिफाई साइलेंसर न केवल ध्वनि प्रदूषण को बढ़ावा देते हैं, बल्कि यह सड़क सुरक्षा मानकों के भी विपरीत हैं। ऐसे वाहनों के विरुद्ध परिवहन विभाग द्वारा निरंतर अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने वाहन स्वामियों से अपील की कि सभी लोग अपने वाहनों में मानक अनुरूप उपकरणों का ही प्रयोग करें तथा यातायात नियमों का पूर्ण पालन करें। साथ ही उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और नियमों का पालन कर ही सुरक्षित एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।
परिवहन विभाग द्वारा चलाया गया यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
यूपी की ऐतिहासिक धरोहरों को मिलेगा नया जीवन: 40 स्मारक और पुरास्थल होंगे संरक्षित

* योगी सरकार का बड़ा फैसला, खंडहर बन रहे प्राचीन स्मारकों का होगा संरक्षण और पर्यटन विकास

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 40 ऐतिहासिक स्मारकों और पुरास्थलों को संरक्षित घोषित करने का निर्णय लिया है। इनमें कई स्मारक ढाई हजार से तीन हजार वर्ष पुराने बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ स्थल कुषाण काल से संबंधित माने जा रहे हैं। इसके साथ ही तीन स्थलों को असंरक्षित घोषित किया गया है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की प्राचीन धरोहरें स्थापत्य कला, संस्कृति और इतिहास की अमूल्य विरासत हैं। समय के साथ कई स्मारक जीर्ण-शीर्ण होकर खंडहर में बदलते जा रहे हैं, इसलिए राज्य सरकार ने इन्हें संरक्षित कर नया स्वरूप देने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि इन स्मारकों के आसपास बुनियादी सुविधाएं विकसित कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि पर्यटक और श्रद्धालु बड़ी संख्या में इन स्थलों तक पहुंच सकें। साथ ही बाउंड्रीवाल और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं के जरिए अतिक्रमण रोकने की भी योजना बनाई गई है।

* कई जिलों के ऐतिहासिक स्थल सूची में शामिल
संरक्षित घोषित किए गए स्मारकों में सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी, कानपुर नगर, रायबरेली, लखनऊ, प्रतापगढ़, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, देवरिया, जालौन, ललितपुर, झांसी, महोबा, गाजीपुर, वाराणसी, आगरा, मैनपुरी, सहारनपुर और रामपुर के ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं।
इनमें प्राचीन शिव मंदिर, किले, बावलियां, समाधियां, टीले, मंदिर परिसर और ऐतिहासिक भवन प्रमुख रूप से शामिल हैं। लखनऊ स्थित ऐतिहासिक मूसाबाग भवन और कालाकांकर भवन को भी संरक्षण सूची में शामिल किया गया है।

* नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने की पहल
पर्यटन मंत्री ने कहा कि यह पहल केवल स्मारकों के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास भी है। उन्होंने कहा कि ये स्मारक भारतीय स्थापत्य कला और प्राचीन सभ्यता के दुर्लभ उदाहरण हैं, जिन्हें संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि सरकार इन स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में भी कार्य करेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
भूसा संग्रहण अभियान में तेजी लाने के निर्देश, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई : धर्मपाल सिंह

लखनऊ। धर्मपाल सिंह ने प्रदेश में संचालित “भूसा संग्रहण अभियान” की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गौआश्रय स्थलों में किसी भी गौवंश को भूखा-प्यासा नहीं रहने दिया जाए। उन्होंने कहा कि भूसा संग्रहण, पशु आहार प्रबंधन और गौआश्रय स्थलों के संचालन को मिशन मोड में संचालित किया जाए तथा लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विधान भवन स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने भूसा संग्रहण में न्यूनतम प्रदर्शन करने वाले जनपद हमीरपुर, वाराणसी, प्रतापगढ़, औरैया और अयोध्या को चेतावनी देते हुए अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गौ संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में भूसा संग्रहण का कुल लक्ष्य 1.37 करोड़ कुंतल निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक 1.11 करोड़ कुंतल भूसा संग्रहित किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गेहूं कटाई के मौजूदा मौसम का लाभ उठाकर अधिक से अधिक भूसा संग्रहित किया जाए। साथ ही भूसा एवं साइलेज टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा गोचर भूमि को कब्जामुक्त कर हरा चारा बोने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में गौआश्रय स्थलों पर गोवंशों के लिए भूसा, हरा चारा, स्वच्छ पेयजल, छायादार व्यवस्था, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने पशुओं की सुरक्षा के लिए समयबद्ध टीकाकरण अभियान चलाने तथा दवाइयों और वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
धर्मपाल सिंह ने गौशालाओं में गोबर गैस प्लांट स्थापित करने पर भी बल देते हुए कहा कि इससे गोबर का समुचित प्रबंधन होगा और गौआश्रय स्थल आत्मनिर्भर बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि गोबर गैस और जैविक खाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी सहायक होगी।
बैठक में मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनजीओ द्वारा संचालित गौआश्रय स्थलों का सत्यापन कर उनकी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं का संचालन व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्तमान में 7386 गौआश्रय स्थलों में 12,37,694 गोवंश संरक्षित हैं, जबकि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1,14,481 लाभार्थियों को 1,84,227 गोवंश सुपुर्द किए गए हैं। अभियान के तहत 1905 अस्थायी एवं 7285 स्थायी भूसा बैंक स्थापित किए जा चुके हैं। भूसा संग्रहण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनपदों में जालौन, मुजफ्फरनगर, नोएडा, मिर्जापुर और महोबा शामिल हैं।
कर्मचारी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिले हरिकिशोर तिवारी
* कैशलेस योजना और पेंशन मुद्दे पर उठाई आवाज

लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष इं. हरिकिशोर तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर प्रदेश के कर्मचारियों एवं शिक्षकों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कर्मचारी संगठनों और शासन स्तर पर लंबित बैठकों को लेकर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
इं. तिवारी ने कहा कि तत्कालीन अपर मुख्य सचिव कार्मिक देवेश चतुर्वेदी के दिल्ली स्थानांतरण के बाद से कर्मचारी संगठनों के साथ किसी भी स्तर पर नियमित बैठक नहीं हो सकी है, जिसके कारण कर्मचारियों की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान लंबित पड़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि शासनादेश जारी कर कर्मचारी संगठनों के साथ नियमित संवाद और बैठकें सुनिश्चित कराई जाएं।
बैठक में वर्ष 2016 की पं. दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा योजना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। परिषद की ओर से कहा गया कि लंबे आंदोलन और संघर्ष के बाद बनी यह नियमावली गंभीर बीमारियों—जैसे कैंसर, ब्रेन हेमरेज, लीवर ट्रांसप्लांट, घुटना प्रत्यारोपण आदि—के लिए असीमित इलाज की व्यवस्था प्रदान करती थी, लेकिन बाद में इसे आयुष्मान योजना से जोड़कर इलाज की सीमा मात्र पांच लाख रुपये तक सीमित कर दी गई। परिषद ने मूल नियमावली को पुनः लागू करने की मांग की।
लोक निर्माण विभाग में ऑनलाइन आगणन और स्वीकृति प्रक्रियाओं में हो रही देरी का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। परिषद ने कहा कि अधिकांश स्वीकृतियां वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों में जारी होने से कार्यों को जल्दबाजी में पूरा करना पड़ता है, जिससे गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। परिषद पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि वर्ष 2018 में कर्मचारी-शिक्षक आंदोलन के दौरान सरकार ने समिति बनाकर वार्ता कराई थी। इसी क्रम में सरकारी अंशदान को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया गया, जिसने नई पेंशन व्यवस्था की कमियों के आकलन और आगे चलकर यूपीएस (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) जैसे विकल्प तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परिषद ने कहा कि कर्मचारियों के हित में आगे भी संघर्ष जारी रहेगा।
इस अवसर पर परिषद के महामंत्री शिवबरन सिंह यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेम कुमार सिंह, कार्यवाहक अध्यक्ष इं. एन.डी. द्विवेदी, कार्यवाहक महामंत्री डॉ. नरेश, सुभाष पांडे, एच.एन. मिश्रा, अखिलेश अग्निहोत्री, आशुतोष तिवारी, प्रभात मिश्रा, संतोष तिवारी, अनुज शुक्ला और दिवाकर राय सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने मुख्यमंत्री से सकारात्मक कार्रवाई और आवश्यक आदेश जारी होने की उम्मीद जताई।
मदर्स डे पर आकाश प्रियदर्शी ने मां के त्याग को किया नमन, कहा- मां का कर्ज चुकाना असंभव

गया: मानपुर के जनकपुर निवासी विशाल प्राइवेट आईटीआई के ट्रस्टी सदस्य सह युवा समाजसेवी आकाश प्रियदर्शी उर्फ 'एपी' ने मातृ दिवस (मदर्स डे) के विशेष अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए मां की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया ! उन्होंने कहा कि इस संसार में मां का स्थान सर्वोपरि है और उनके द्वारा किए गए त्याग व उपकारों का कर्ज कोई भी संतान कभी पूरी तरह नहीं चुका सकती.

आकाश प्रियदर्शी ने भावुक होते हुए कहा कि दुनिया में केवल मां ही ऐसी शख्सियत होती है, जो स्वयं भूखी रहकर और अपना पेट काटकर भी अपने बच्चों का पेट भरती है ! उनका निःस्वार्थ प्रेम और समर्पण ही परिवार की असली शक्ति है ! उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी मां का सदैव सम्मान करें, क्योंकि मां के आशीर्वाद के बिना जीवन में सच्ची सफलता और सुख की प्राप्ति असंभव है ! माता का प्रेम ही इस सृष्टि का आधार है.

चोरी करने वाले बदमाशों से मुठभेड़, पुलिस ने की जवाबी फायरिंग  दो घायल
बबलू प्रजापति
पिहानी कोतवाली क्षेत्र में ग्राम गौखरिका में हुई ताबड़तोड़ चोरी की वारदातों का पुलिस ने मुठभेड़ के बाद खुलासा कर दिया। पुलिस ने दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दोनों बदमाश पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से घायल हो गए। पकड़े गए आरोपियों की पहचान शाहजहांपुर के मिर्जापुर थाना क्षेत्र निवासी बुधपाल और पिहानी के कोटकला निवासी आसिफ के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी के सोने-चांदी के जेवर, नगदी, अवैध तमंचे और बिना नंबर की बाइक बरामद की है।
घटना 8 और 9 मई की रात की है, जब बदमाशों ने गौखरिया गांव में एक के बाद एक तीन घरों को निशाना बनाया था। दीपक सिंह के घर से जेवर और 20 हजार रुपये नकद चोरी किए गए, जबकि सतीश सिंह के बंद पड़े मकान का ताला तोड़कर चोरों ने अलमारी और बक्सों में रखा सामान पार कर दिया। वहीं धर्मपाल सिंह के घर में पीछे की दीवार तोड़कर घुसे बदमाश करीब 97 हजार रुपये नकद और जेवरात चोरी कर ले गए। एक ही रात में तीन घरों में हुई चोरी से गांव में दहशत फैल गई थी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सर्विलांस और स्वाट टीम को जांच में लगाया था।
सीओ हरियावां अजीत चौहान ने बताया कि 10 मई की रात पिहानी पुलिस रसूलपुर तिराहे पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर की बाइक से आ रहे दो युवकों को रोकने का प्रयास किया गया तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और भागने लगे। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली लग गई। घायल अवस्था में दोनों को गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया।पुलिस के अनुसार बुधपाल बेहद शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ गैंगस्टर समेत चोरी के करीब 16 मुकदमे दर्ज हैं। 25 जनवरी को पशु चोरी के मामले में वाहन चेकिंग के दौरान सवायजपुर पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में उसके बाएं पैर में गोली लगी थी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और करीब एक माह पहले ही जेल से छूटकर बाहर आया था।
वहीं आसिफ दिल्ली में रहकर सिलाई का काम करता था, लेकिन वह लोनी में अपने ही दोस्त की हत्या के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस का कहना है कि करीब दस दिन पहले ही वह पिहानी लौटा था और बुधपाल के संपर्क में आने के बाद दोनों ने मिलकर गौखरिया में चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई में जुटी है।
देशहित के हर फैसले में राजनीति देख रही सपा : पंकज चौधरी
* प्रधानमंत्री मोदी का संसाधन बचत का आह्वान दूरदर्शी नेतृत्व की पहचान : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष

लखनऊ। भाजपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष देशहित से जुड़े हर फैसले में भी राजनीति तलाशने लगा है। सोमवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि जब देश वैश्विक चुनौतियों के बीच आत्मनिर्भरता, संसाधनों के संरक्षण और राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए आगे बढ़ रहा है, तब समाजवादी पार्टी जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि नरेंद्र मोदी द्वारा ऊर्जा बचत, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील किसी कमजोरी का नहीं, बल्कि जिम्मेदार और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी इस संदेश को भी राजनीतिक चश्मे से देखकर नकारात्मकता फैलाने में जुटे हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी, वैश्विक आर्थिक मंदी और अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। डिजिटल क्रांति, आधारभूत संरचना, रक्षा उत्पादन, रेलवे, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, मेट्रो और स्टार्टअप के क्षेत्र में भारत लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और दुनिया भारत के निर्णायक नेतृत्व की सराहना कर रही है।
पंकज चौधरी ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनके शासनकाल में उत्तर प्रदेश दंगों, भ्रष्टाचार, बिजली संकट और कानून व्यवस्था की बदहाली से जूझ रहा था, वे आज सुशासन का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा शासन में निवेशक प्रदेश आने से डरते थे और माफिया सत्ता संरक्षण में फलते-फूलते थे।
उन्होंने भाजपा सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीबों को मुफ्त राशन, किसानों को किसान सम्मान निधि, महिलाओं को उज्ज्वला योजना और युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर मजबूत पहचान बनाई है और दुनिया भारत की बात गंभीरता से सुन रही है। ऐसे समय में विपक्ष द्वारा देश की छवि खराब करने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का बयान राजनीतिक हताशा और निराशा का प्रतीक है। लगातार चुनावी पराजय के बाद समाजवादी पार्टी मुद्दाविहीन हो चुकी है और केवल सुर्खियां बटोरने के लिए बयानबाजी कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता विकास, सुरक्षा और स्थिर नेतृत्व के साथ खड़ी है और “मजबूत नेतृत्व, सुरक्षित भारत और विकसित भारत के लिए भाजपा ही विकल्प है।”
डॉ.ऋजुता ओमप्रकाश दुबे को मिला सुश्रुतरत्न पुरस्कार

वसई।  श्री नरसिंह के दुबे चॅरिटेबल  ट्रस्ट की विश्वस्त, नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज की स्त्री रोग प्रसुती तंत्र विभाग प्रमुख, पालघर जिले की प्रसिद्ध स्त्रीरोग प्रसूती विशेषज्ञ एवं आयुर्वेद तज्ञ डॉ. ऋजुता ओमप्रकाश दुबे इनको दिनांक 8 मई 2026 को डी.वाय.पाटील युनिव्हर्सिटी मुंबई मे आयोजित "अनुशल्य जिज्ञासा" इस राष्ट्रीय परिसंवाद (National Symposium of Parasurgical Procedures)मे "सुश्रुतरत्न"* पुरस्कार से सम्मानित किया गया l
मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ़ मेडिसिन (MARBISM) एवं नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ़ मेडिसिन (NCISM) के प्रेसिडेंट डॉ. मुकुल पटेल, डी. वाय. पाटील स्कूल ऑफ आयुर्वेद के डीन डॉ.महेश कुमार हारित, पोदार आयुर्वेद कॉलेज वरळी की डीन डॉ.संपदा संत,कार्यक्रम आयोजन के चेअरमन डॉ. अमरप्रकाश दिवेदी, डी. वाय. पाटील संस्था की व्यवस्थापक विश्वस्त राजलक्ष्मी पाटील, आयुर्वेद व्यासपीठ के  संस्थापक अध्यक्ष डॉ.विनय वेलणकर व अन्य मान्यवरोके उपस्थिती मे यह पुरस्कार प्रदान किया गया l पालघर जिले में आयुर्वेद शिक्षा, स्त्रीरोग प्रसुती (gynaec-obstetrics) और महिलाओ की आरोग्य सेवा क्षेत्र के योगदान, समर्पण एवम कार्य को ध्यान में रखते हुए उन्हे सम्मानित किया गया l नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज के लिए यह गर्व का क्षण है l उन्होने अपने चिकित्सकीय कालावधी मे किये हुए कार्य का यह एक सन्मान हैl महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ.ओमप्रकाश दुबे, संपूर्ण दुबे परिवार,नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या  डॉ. हेमलता शेंडे, सभी अध्यापक, विद्यार्थी अध्यापकेतर कर्मचारी एवं रुग्णालयीन कर्मचारी इन्होने डॉ. ऋजुता दुबे का मनःपूर्वक अभिनंदन किया है और उनके अग्रीम कार्य के लिये शुभकामनाये दीl