छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: भाजपा नेता सत्येंद्र नाथ तिवारी ने राज्यपाल संतोष गंगवार को सौंपा ज्ञापन।

राँची/गढ़वा: गढ़वा के विधायक और वरिष्ठ भाजपा नेता श्री सत्येंद्र नाथ तिवारी ने आज राजभवन में राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने गढ़वा, पलामू और लातेहार जिलों के साथ राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कथित 'सौतेले व्यवहार' और मंडल डैम विस्थापितों के पुनर्वास में हो रही अनियमितताओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा और हस्तक्षेप की मांग की।
भाषा विवाद: छात्रों के भविष्य पर संकट
विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने राज्यपाल को अवगत कराया कि पलामू प्रमंडल (गढ़वा, पलामू, लातेहार) की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान भोजपुरी, मगही और हिंदी से जुड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार आगामी झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) में इन भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा के रूप में शामिल न करके स्थानीय युवाओं के साथ विश्वासघात कर रही है।
उन्होंने कहा, "जिस भाषा में यहां के विद्यार्थी वर्षों से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, उसे परीक्षा से बाहर रखना मेधावी छात्रों के रोजगार के अवसरों को छीनने जैसा है। क्षेत्रीय भाषा में क्वालीफाई करने की बाध्यता के कारण हमारे क्षेत्र के युवा पिछड़ जाएंगे।"
मंडल डैम विस्थापन: रंका में तनावपूर्ण स्थिति
श्री तिवारी ने रंका प्रखंड के विश्रामपुर और बलीगढ़ के जंगलों में मंडल डैम के 780 विस्थापित परिवारों को जबरन बसाने के जिला प्रशासन के निर्णय पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने राज्यपाल के समक्ष प्रमुख बिंदु रखे:
रोजगार का संकट: जिस 1000 एकड़ जंगल पर विस्थापितों को बसाया जा रहा है, वह करीब 20 गांवों के स्थानीय आदिवासियों के भरण-पोषण (महुआ, बीड़ी पत्ता, जड़ी-बूटी) का एकमात्र साधन है।
पुलिसिया बर्बरता: विधायक ने आरोप लगाया कि 8 दिसंबर को पुलिस ने बिना ग्राम सभा की अनुमति के महिलाओं पर लाठियां बरसाईं और ग्रामीणों की आवाज दबाने का प्रयास किया।
संवैधानिक पेसा (PESA) एक्ट का उल्लंघन: विस्थापित परिवार 5वीं अनुसूची और पेसा एक्ट के तहत आते हैं, जबकि उन्हें सामान्य पंचायत में बसाया जा रहा है, जिससे उन्हें मिलने वाले संवैधानिक संरक्षण का लाभ नहीं मिल पाएगा।
राज्यपाल से मांग
विधायक ने महामहिम से मांग की है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा में भोजपुरी, मगही और हिंदी को तुरंत शामिल कराया जाए। साथ ही, मंडल डैम के विस्थापितों को स्थानीय ग्रामीणों की सहमति के बिना उनके रोजगार वाले जंगलों में न बसाकर कहीं अन्यत्र सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित किया जाए।
"हेमंत सरकार पलामू प्रमंडल की अस्मिता और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। प्रशासन की तानाशाही और छात्रों के साथ हो रहा अन्याय भाजपा बर्दाश्त नहीं करेगी।"
— सत्येंद्र नाथ तिवारी, विधायक (गढ़वा)
5 hours ago
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