पुलिस उप निरीक्षक परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न
फर्रूखाबाद l   उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती की लिखित परीक्षा के दृष्टिगत जनपद  में बनाए गए परीक्षा केन्द्रों का जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदीने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक आरती सिंह भी उनके साथ उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने राजकीय  इंटर कॉलेज फतेहगढ़, म्युनिसिपल इंटर कॉलेज फतेहगढ़, राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज फतेहगढ़ व के0 आर0 रस्तोगी इंटर कॉलेज फर्रूखाबाद का निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी द्वारा परीक्षा केन्द्रों पर अभ्यर्थियों की प्रवेश व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा तथा कक्ष निरीक्षकों की उपस्थिति सहित अन्य व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने केन्द्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिया कि परीक्षा को पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जाए तथा बोर्ड द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा के दौरान सतर्कता बनाए रखें तथा अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए। इस अवसर पर संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा परीक्षा केन्द्रों के प्रभारी भी उपस्थित रहे।
फितरा किसे नहीं दिया जा सकता : मौलाना फैज़ान अशरफ


सम्भल , सदक़ा फ़ितर हर उस आज़ाद मुसलमान पर ज़रूरी है जो साहिहे निसाब  हो,मतलब उसके पास अपने कर्ज़ और बुनियादी ज़रूरतों (घर, कपड़े, रोज़मर्रा की ज़रूरतें, गाड़ियाँ, वगैरह) के अलावा इतना पैसा या सामान हो कि उसकी कीमत साढ़े बावन तोला चाँदी (लगभग ज़कात का निसाब) या उससे ज़्यादा हो। इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि यह पैसा कमर्शियल है या नॉन-कमर्शियल, और इस पर एक साल बीत चुका है या नहीं।

यह समझदार बालिग होने की शर्त नहीं है - यहाँ तक कि नाबालिग, पागल लोग, या बच्चे जो साहिबे निसाब हैं, उन पर भी यह ज़रूरी है (उनके वालिदैन को उनके पैसे से पेमेंट करना चाहिए)।

मर्द, औरत, जवान, बूढ़े, आज़ाद, और गुलाम (इब्न उमर की हदीस में साफ़-साफ़ कहा गया है)।

घर का मुखिया (मर्द) आम तौर पर अपनी तरफ़ से, अपनी बीवी की तरफ़ से, और नाबालिग बच्चों की तरफ़ से अदा करता है। अगर बड़े बच्चे अमीर हैं, तो उनका फितरा उन पर या उनकी इजाज़त से दिया जा सकता है।
एक अमीर औरत के लिए अपनी ज़कात अल-फितर देना ज़रूरी है। यह उसके शोहर या वालिद के लिए ज़रूरी नहीं है, लेकिन अगर वह इसे दे तो यह जायज़ है।
अगर किसी के पास निसाब नहीं है, तो उस पर फितरा ज़रूरी नहीं है।
फितरा कब देना चाहिए?
फितरा का समय: ईद-उल-फितर के दिन सुबह होते ही (सुबह होने का समय) यह ज़रूरी हो जाता है।
ईद की नमाज़ से पहले इसे देना सुन्नत और मुस्तहब है। अगर इसे ईद की नमाज़ से पहले अदा किया जाए तो यह कुबूल ज़कात है और अगर इसे बाद में अदा किया जाए तो इसे आम ज़कात माना जाता है ( हज़रत इब्न अब्बास  की हदीस)।
अगर इसे रमज़ान में ईद से पहले अदा किया जाए तो यह जाइज़ और बेहतर है (गरीबों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए)। कुछ उलामा के मुताबिक यह रमज़ान से पहले भी जाइज़ है, लेकिन इसे रमज़ान के दौरान अदा करना बेहतर है।
अगर इसे अदा नहीं किया जाता है, तो यह जिन्दगी भर अनिवार्य रहेगा, इसे माफ़ नहीं किया जाएगा (यह कज़ा नहीं, बल्कि अदा है)।
फ़ित्रा किसे देना चाहिए?
सदक़ा-फ़ित्र का मकसद ज़कात जैसा ही है, यानी कुरान पाक की आयत का मकसद (सूरह अत-तौबा: 60):
इसे गरीब और ज़रूरतमंद मुसलमानों को देना बेहतर और सही है।

जिनके पास ज़कात की रकम (ज़रूरत से ज़्यादा) नहीं है ज़िंदगी की ज़रूरतों के लिए) और बनू हाशिम (सैय्यद, अब्बासिद, वगैरह) से नहीं हैं।

कुछ जानकारों के मुताबिक यह गरीब गैर-मुस्लिमों के लिए भी जायज़ है (क्योंकि यह खाने के रूप में होता है)।

इसे नहीं दिया जा सकता:
मस्जिदों, मदरसों, अस्पतालों, सड़कों, या दूसरे कंस्ट्रक्शन के कामों में।

अपने वालिदैन, बच्चों, या उन लोगों को जिनका गुज़ारा करना आप पर ज़रूरी है (जैसे आपकी बीवी, नाबालिग बच्चे)।

इसका मकसद रोज़ा रखने वाले को बेकार और गंदी बातों से दूर करना और गरीबों के साथ ईद की खुशी बांटना है।
आज की कीमत के हिसाब से सदका फित्र 65/₹ फी आदमी है
मात्रा: यह चार चीज़ों से तय होती है — गेहूं/आटा: आधा सा’ (लगभग 1.9 से 2 किलोग्राम), जौ/खजूर/किशमिश: एक सा’ (लगभग 3.8 किलोग्राम)। आजकल, ज़्यादातर लोग इन चीज़ों की कीमत (लोकल मार्केट प्राइस के हिसाब से) के बराबर कैश देते हैं।
कि कीमत को दूसरी चीज़ों (जैसे चावल) में भी देखा जाना चाहिए।
ये कानून हैं हनफ़ी फ़तवों के आधार पर। क्योंकि निसाब की कीमत अलग-अलग होती है।
अल्लाह हम सबको ज़कात व सदका फ़ित्र सही तरीके से देने और उसे कबूल करने की ताकत दे। आमीन।
विकसित भारत : दो दिवसीय संगोष्ठी, समेटे गए कई विषय

भोपाल। शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में विकसित भारत 2047 ज्ञान संस्कृति और सततता पर अन्तर्विषयी दृष्टिकोण विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार अग्रवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।

इस अवसर पर अनुपम राजन ने संतुलित आर्थिक विकास पर जोर देते हुए कहा कि प्रगति ऐसी हो जिसमें पर्यावरण, विरासत और संस्कृति का समन्वय बना रहे। विशिष्ट वक्ता मनोज श्रीवास्तव ने धर्म और संस्कृति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति हमेशा से वन हेल्थ "मानव और प्रकृति का सह अस्तित्व" की पक्षधर रही है। डॉ. आरआर रश्मि ने ग्लोबल वार्मिंग नेट जीरो उत्सर्जन की चुनौतियों पर बात की।

दूसरे सत्र के वक्ता डॉ. उदयन बाजपेयी ने राष्ट्र और साहित्य के अन्तर संबंधों को स्पष्ट किया तथा मानवेतर जगत के अस्तित्व की अनिवार्यता पर बल दिया। राष्ट्रीय संगोष्ठी के द्वितीय दिवस में प्रातः काल सर्वप्रथम 14 किलोमीटर की मोटरसाइकिल यात्रा करने वाली क्वींस ऑन व्हील्स का महाविद्यालय के प्राचार्य तथा अन्य प्राध्यापकों व छात्रों के द्वारा स्वागत किया गया यात्रा पर आधारित एक वीडियो भी दिखाया गया। इसके संयोजक अमोल थाटे ने इस यात्रा का पूरा विवरण बताया। विकसित भारत 2047 विषय पर प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य छात्रों शिक्षकों तथा आगंतुकों को भारत के समृद्ध ऐतिहासिक सांस्कृतिक तथा पुरातात्विक विरासत से परिचय करना था। यह कार्यक्रम भारतीय इतिहास के गौरवशाली स्वरूप को उजागर करने वाला रहा।

आयोजन के दूसरे दिन अनुराग श्रीवास्तव, लोकेंद्र ठक्कर, डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी आदि आमंत्रित वक्ता थे। जिन्होंने चर्चा में भाग लिया। इस दौरान डॉ. अदिति चतुर्वेदी ने शिक्षा के क्षेत्र में आगामी परिदृश्य पर बात की। इसके पश्चात् चेंज मेकर कार्यक्रम में समीर सागर तथा डॉ. अलका शर्मा से उनके व्यवसाय तथा उसकी सफलता के बारे में बातचीत की गई।  राष्ट्रीय संगोष्ठी में कुल 285 रजिस्ट्रेशन हुए 181 शोधपत्र प्राप्त हुए एवं 102 शोध पत्र प्राप्त हुए। कुल 73 शोध पत्रों का वाचन किया गया। इसमें संस्कृति, इतिहास, विज्ञान, जैव विविधता इत्यादि विषयों पर शोधार्थियों ने अपने पत्र प्रस्तुत किया।

जमीनी विवाद में बेखौफ दबंगों ने किया हमला,4 लोग गंभीर रूप से घायल
सुल्तानपुर में जमीनी विवाद में बेखौफ दबंगों ने आज घर में घुस कर हमला बोल दिया। लाठी डंडो और पिस्टल से लैस इन दबंगों ने जमकर बवाल मचाया। इस घटना में 4 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें इलाज के लिए अम्बेडकर नगर मेडिकल कालजे रेफर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि कल भी विपक्षों पूर्व मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह सहित दर्जनों लोगों को लेकर जमीन कब्जाने पहुंचे थे,पीड़ित ने पुलिस को तहरीर भी दी थी, लेकिन कोई कार्यवाही न होने के चलते आज दबंगों ने हमला कर दिया। वहीं सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक चारु निगम सहित तमाम पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे हुए हैं और मामल की पड़ताल की जा रही है।

दरअसल ये मामला है अखंड नगर थानाक्षेत्र के कल्याणपुर गांव का। इसी गांव में सुरेश यादव का अपने पट्टीदारों संजीत यादव, आनंद यादव सहित तमाम लोगों से जमीनी विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि शनिवार यानि 14 मार्च को सुबह करीब 11 बजे विपक्षी पूर्व मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह, सहित तमाम लोगों को लेकर मौके पर पहुंचा और जमीन कब्जाने का प्रयास किया था। जिसपर पीड़ित द्वारा  अखंड नगर थाने में कार्यवाही को लेकर शिकायती पत्र दिया गया था। लेकिन कोई ठोस कार्यवाही न हुई। लिहाजा आज विपक्षी पूरे लाव लश्कर के साथ लाठी, डंडों और पिस्टल से लैस होकर मौके पर पहुंचे और घर में घुसकर जमकर बवाल मचाया। इस दौरान विपक्षियों द्वारा खुलेआम फायरिंग भी की गई। इस घटना में पीड़ित परिवार के चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जिसमें एक व्यक्ति को गोली भी लगी है।आनन फानन उन्हें सीएचसी ले जाया गया, जहां हालत गंभीर देख इन चारों को पड़ोसी जनपद अंबेडकर नगर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया ।
जयमाल के दौरान भरभराकर गिरा छज्जा, दो की मौत, 25 घायल

औरंगाबाद। जिले के दाउदनगर थाना क्षेत्र के मंझियावां गांव में रविवार को एक शादी समारोह उस समय मातम में बदल गया, जब जयमाल कार्यक्रम के दौरान अचानक मकान का छज्जा (पोर्टिको) भरभराकर गिर पड़ा। इस दर्दनाक हादसे में मलबे के नीचे दबकर दो लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 25 लोग घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर विभिन्न अस्पतालों में पहुंचाया। घायलों का इलाज दाउदनगर और ओबरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को हायर सेंटर रेफर किया गया है। मृतकों की पहचान सत्यनारायण सिंह और अखिलेश्वर यादव के रूप में हुई है। बताया जाता है कि अखिलेश्वर यादव झारखंड के धनबाद में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे, जबकि सत्यनारायण सिंह खेती-किसानी करते थे। दोनों मृतक रिश्ते में दुल्हन के भाई बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार मंझियावां गांव निवासी रामव्यास सिंह की बेटी की शादी थी। बारात गोह थाना क्षेत्र के पकड़ी गांव से आई थी। द्वारपूजा के बाद जयमाल का कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें बड़ी संख्या में गांव के लोग मौजूद थे। इसी दौरान कार्यक्रम स्थल के पास बना छज्जा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। छज्जा गिरने से नीचे बैठे कई लोग मलबे में दब गए।

घटना होते ही वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए तुरंत मलबा हटाना शुरू किया और घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। शादी समारोह में शामिल कुणाल प्रताप सिंह और अभिमन्यु यादव ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस हादसे के बाद शादी की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं।

मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवारिक जानकारी के अनुसार अखिलेश्वर यादव अपने भाइयों में दूसरे स्थान पर थे। उनकी एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि एक बेटी और बेटे की शादी अभी बाकी थी। वहीं सत्यनारायण सिंह की दो बेटियों की शादी हो चुकी है।

घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और लोग इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच और पीड़ित परिवारों को सहायता देने की मांग की है।

हिंदू मुस्लिम एकता ही हमारे देश की खूबसूरती : इमरान प्रतापगढ़ी

फरहान आजमी द्वारा रोजा इफ्तार पार्टी का भव्य आयोजन

मुंबई। कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के मुंबई प्रदेश अध्यक्ष फरहान आजमी द्वारा आज हज हाउस में इफ्तार पार्टी का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, मुंबई कांग्रेस की अध्यक्षा सांसद वर्षा गायकवाड, प्रदेश अल्पसंख्यक विभाग के प्रभारी अहमद खान, विधायक अमीन पटेल, विधायक पूर्व मंत्री असलम शेख, पूर्व विधायक अशोक भाऊ जाधव, मुंबई यूथ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव, हरगुन सिंह सबरवाल, नगरसेवक सुफियान वनु, जिलाध्यक्ष अरशद आजमी, यूथ कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष जीनत सबरीन, यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष निखिल रूपारेल, निजामुद्दीन राईन, अवनीश तीर्थराज सिंह समेत कांग्रेस पार्टी के हजारों कार्यकर्ता इस इफ्तार पार्टी में शामिल हुए।

राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने इस शानदार इफ्तार पार्टी के लिए कांग्रेस पार्टी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष फरहान आजमी को बधाई देते हुए कहा कि आज इफ्तार पार्टी में जितने मुस्लिम समाज के लोग दिख रहे हैं, उनसे ज्यादा हमारे हिंदू भाई बहने हैं। यही हमारे हिंदुस्तान की खूबसूरती है। हिंदू मुस्लिम एकता का जो परिचय आज इफ्तार पार्टी में देखने को मिल रहा है, यही गंगा जमुनी तहजीब और भाईचारा इस देश में भी बनाने की जरूरत है ।

उन्होंने कहा कि हम सभी हिंदू मुस्लिम एक होकर इस देश की तरक्की में अपना योगदान दे और देश को मजबूत बनाएं। इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि भारत विविधताओं का देश है। भिन्न-भिन्न धर्म और जातियों के बावजूद हम सभी एक होकर देश को अखंड और शक्तिशाली बनाते हैं। अंत में कार्यक्रम के आयोजक फरहान आज़मी द्वारा समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

देवघर-के पुराना मीना बाजार बस स्टैंड में 10 दिवसीय राजकीय खादी ग्रामोद्योग मेला 2026 का आयोजन।
देवघर: के पुराना मीना बाजार बस स्टैंड में राज्य स्तरीय 10 दिवसीय खादी ग्रामोद्योग 2026 मेला लगाया गया है।जो वर्तमान परिप्रेक्ष्य में युवा पीढ़ी हृदय से खादी को अपना सके, इसी सोच को आगे रखते हुए देवघर में राज्य स्तरीय खादी प्रर्दशनी सह बिक्री कार्यक्रम आयोजित की गई है। जो वर्तमान में देश की मांग भी है। एवं देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा खादी को अपनाने पर बल दिया जाता रहा है। इसी सोच को अमलीजामा पहनाने के उद्देश्य से खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC), सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (भारत सरकार) के  अध्यक्ष, मनोज कुमार के कुशल नेतृत्व में आयोग द्वारा खादी एवं स्वदेश निर्मित ग्रामोद्योग का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। ताकि देश आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सके और वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा दिया जा सके। झारखण्ड की सांस्कृतिक राजधानी देवघर में आयोजित में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC), सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (भारत सरकार), राज्य कार्यालय, रांची द्वारा आयोजित भव्य राज्य स्तरीय खादी प्रदर्शनी (विपणन), 2025-26 का आज पांचवां दिन है एवं देवघर की जनता स्वदेशी प्रेमी है, यह प्रदर्शनी में उमड़ी भीड़ को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रदर्शनी सह विक्री के विशेष आकर्षण :- स्वदेशी उत्पाद जैसे- सूती, रेशमी, ऊनी एवं पोलीवस्त्र के खादी कपड़े की उपलब्धता। खासकर सिल्क में झारखंड का मशहूर तसर सिल्क, तसर कटिया, पोली कटिया, सिल्क मटका, सिल्क मलबरी साड़ी, तसर साड़ी, गरड़ साड़ी, सिल्क बलकल, सिल्क अंगवस्त्र, तसर शॉल, रेडीमेड रेशमी बंडी, रेशमी कुर्ता-कुर्ती, रेशमी सर्ट-पैंट की पुरजोर बिक्री। सूती खादी में सूती थान, सूती धोती, साड़ी, गमछा, चादर, रेडीमेड कुर्ता-पाजामा, सुती बंडी, सुती अंगवस्त्र प्रदर्शन एवं बिक्री हेतु उपलब्ध। मसलीन खादी में-- मसलीन थान, रेडीमेड कुर्ता-पाजामा मशहूर मलमल जो बहुत ही बारीक एवं फाईन हाते हैं, विशेष आकर्षण के केन्द्र। महिलाओं के लिए विशेष आर्कषण बिहार के मधुबनी पिंट की साड़ी, ब्लाक प्रिंट, स्क्रीन प्रिंट, कत्था स्टीप, रिवर्स कत्था, झारखंड का मशहूर सोहराई प्रिंट की साड़ी, असम की वाटिका प्रिंट की साड़ियों वाले स्टॉल पर महिलाओं की भीड़। शहद, अगरबत्ती, हर्बल उत्पाद तथा हस्तनिर्मित वस्तुओं की उपलब्धता। उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए खाद्य उत्पाद एवं हस्तशिल्प आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र। प्रदर्शनी में लगे विभिन्न स्टॉलों पर कारीगरों द्वारा उत्पादों के निर्माण की प्रक्रिया की जानकारी भी दी जा रही है। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ एवं नई पीढ़ी के युवा कर रहे प्रदर्शनी का अवलोकन । कारीगरों और उद्यमियों के लिए उत्पादों के प्रदर्शन एवं विपणन का बेहतर अवसर है यह प्रदर्शनी। प्रतिदिन होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बन रहा पूरा वातावरण उत्सवमय। स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत गीत-संगीत एवं नृत्य कार्यक्रमों का दर्शकों ने लिया भरपूर आनंद। बच्चों एवं कला-प्रेमियों के लिए प्रदर्शनी बना आकर्षण एवं मनोरंजन का केन्द्र । आगंतुकों को खादी के महत्व तथा ग्रामोद्योग योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। आयोजकों ने आम जनता से प्रदर्शनी में अधिक से अधिक संख्या में जनता से आने की अपील की। इस प्रदर्शनी की समाप्ति में सिर्फ पांच दिन शेष हैं। अतः देवघर एवं उसके आसपास की संताल परगना की आम जनता से अपील है कि प्रदर्शनी में आकर स्वदेशी उत्पाद खरीदकर महात्मा गांधी जी के स्वराज के सपने को साकार करने की दिशा में पहल करें। इससे न सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि स्वदेशी का प्रचार-प्रसार होगा एवं देश की पूंजी देश में रहेगी एवं बेरोजगारों एवं ग्रामीण कारीगरों को रोजगार का अवसर मिलेगा एवं प्रधानमंत्री के "2047 तक भारत को विकसित एवं आत्मनिर्भर देश बनाने" के स्वप्न को साकार करने की दिशा में एक सार्थक पहल होगी।
गैस लाइन में खड़े बुजुर्ग की मौत
फर्रुखाबाद l गैस की मारामारी के बीच गैस लेने के लिए लाइन में लगे 75 वर्ष के बुजुर्ग की शुक्रवार को हालत खराब हो गई थी, उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां डॉक्टर ने बुजुर्ग को मृत घोषित कर दिया l
सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गढ़ी कोना निवासी मुख़्तार अंसारी लाल सराय पानी टंकी के निकट स्थित भारत पैट्रोलियम के शोरूम के बाहर 75 साल के बुजुर्ग भारत गैस सिलेंडर बुकिंग के बाद लेने के लिए गया था l
सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़ा तभी बुजुर्ग को अचानक चक्कर आया और बेहोश होकर लाइन में खड़े खड़े जमीन पर गिर गया, जमीन पर गिरते ही लाइन में खड़े लोगों ने बुजुर्ग के हार्ड को हाथों से दबाया लेकिन बुजुर्ग को राहत ना मिलने पर परिजनो ने एक निजी अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया जहां अस्पताल के डॉक्टर ने देखने के बाद बुजुर्ग को मृत घोषित कर दिया ।
रांची में JSSC परीक्षा को लेकर सख्ती: 12 केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू, जमघट पर पाबंदी।

दिनांक 18 मार्च से 19 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाली इस कंप्यूटर आधारित परीक्षा के लिए रांची के 12 केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, रांची द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-163 (पूर्व में धारा 144) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।

क्या रहेंगे प्रतिबंध?

परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में यह निषेधाज्ञा सुबह 07:00 बजे से रात 08:00 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत:

पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर पाबंदी रहेगी।

ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) के उपयोग पर रोक होगी।

लाठी-डंडा, तीर-धनुष या किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा (ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को छोड़कर)।

किसी भी प्रकार की सभा या बैठक आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी।

प्रशासन की अपील:

उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक के संयुक्तादेश पर केंद्रों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रशासन ने परीक्षार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा संचालन में सहयोग करें।

बारुण–नवीनगर पथ पर भारी वाहनों के लिए अस्थायी मार्ग परिवर्तन


औरंगाबाद, समाहरणालय और जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बारुण–नवीनगर पथ के केशव विगहा मोड़ (NH-2) से एनीकट तक पथ निर्माण विभाग द्वारा मरम्मति कार्य कराए जाने के कारण मार्ग पर यातायात में अस्थायी बदलाव किया गया है। पथ मरम्मति कार्य के दौरान दिनांक 15 मार्च से 18 मार्च 2026 तक बारुण–नवीनगर पथ पर हाइवा, बस और अन्य भारी वाहनों के परिचालन पर अस्थायी प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं। बारुण से नवीनगर की ओर जाने वाले वाहन अब औरंगाबाद–अम्बा मार्ग से होकर नवीनगर पहुँचेंगे, जबकि नवीनगर से बारुण की ओर आने वाले भारी वाहन अम्बा या नवीनगर–चतरा मार्ग से होकर बारुण पहुँचेंगे। जिला प्रशासन ने बताया कि संबंधित मार्गों पर यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रशासन ने आमजन और वाहन चालकों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित वैकल्पिक मार्ग का पालन करें और मरम्मति कार्य के दौरान सहयोग दें।

साथ ही, पथ निर्माण विभाग ने जनता से अपील की है कि वे कार्य क्षेत्र में सुरक्षा नियमों का पालन करें और मार्ग परिवर्तन के कारण होने वाली असुविधा को धैर्यपूर्वक सहन करें। प्रशासन ने यह भी कहा कि मरम्मति कार्य के बाद मार्ग पूरी तरह चालू हो जाएगा और यातायात सामान्य स्थिति में लौट आएगा। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा जताई है, ताकि मरम्मति कार्य समय पर पूरा हो और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।

पुलिस उप निरीक्षक परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न
फर्रूखाबाद l   उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती की लिखित परीक्षा के दृष्टिगत जनपद  में बनाए गए परीक्षा केन्द्रों का जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदीने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक आरती सिंह भी उनके साथ उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने राजकीय  इंटर कॉलेज फतेहगढ़, म्युनिसिपल इंटर कॉलेज फतेहगढ़, राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज फतेहगढ़ व के0 आर0 रस्तोगी इंटर कॉलेज फर्रूखाबाद का निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी द्वारा परीक्षा केन्द्रों पर अभ्यर्थियों की प्रवेश व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा तथा कक्ष निरीक्षकों की उपस्थिति सहित अन्य व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने केन्द्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिया कि परीक्षा को पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जाए तथा बोर्ड द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा के दौरान सतर्कता बनाए रखें तथा अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए। इस अवसर पर संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा परीक्षा केन्द्रों के प्रभारी भी उपस्थित रहे।
फितरा किसे नहीं दिया जा सकता : मौलाना फैज़ान अशरफ


सम्भल , सदक़ा फ़ितर हर उस आज़ाद मुसलमान पर ज़रूरी है जो साहिहे निसाब  हो,मतलब उसके पास अपने कर्ज़ और बुनियादी ज़रूरतों (घर, कपड़े, रोज़मर्रा की ज़रूरतें, गाड़ियाँ, वगैरह) के अलावा इतना पैसा या सामान हो कि उसकी कीमत साढ़े बावन तोला चाँदी (लगभग ज़कात का निसाब) या उससे ज़्यादा हो। इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि यह पैसा कमर्शियल है या नॉन-कमर्शियल, और इस पर एक साल बीत चुका है या नहीं।

यह समझदार बालिग होने की शर्त नहीं है - यहाँ तक कि नाबालिग, पागल लोग, या बच्चे जो साहिबे निसाब हैं, उन पर भी यह ज़रूरी है (उनके वालिदैन को उनके पैसे से पेमेंट करना चाहिए)।

मर्द, औरत, जवान, बूढ़े, आज़ाद, और गुलाम (इब्न उमर की हदीस में साफ़-साफ़ कहा गया है)।

घर का मुखिया (मर्द) आम तौर पर अपनी तरफ़ से, अपनी बीवी की तरफ़ से, और नाबालिग बच्चों की तरफ़ से अदा करता है। अगर बड़े बच्चे अमीर हैं, तो उनका फितरा उन पर या उनकी इजाज़त से दिया जा सकता है।
एक अमीर औरत के लिए अपनी ज़कात अल-फितर देना ज़रूरी है। यह उसके शोहर या वालिद के लिए ज़रूरी नहीं है, लेकिन अगर वह इसे दे तो यह जायज़ है।
अगर किसी के पास निसाब नहीं है, तो उस पर फितरा ज़रूरी नहीं है।
फितरा कब देना चाहिए?
फितरा का समय: ईद-उल-फितर के दिन सुबह होते ही (सुबह होने का समय) यह ज़रूरी हो जाता है।
ईद की नमाज़ से पहले इसे देना सुन्नत और मुस्तहब है। अगर इसे ईद की नमाज़ से पहले अदा किया जाए तो यह कुबूल ज़कात है और अगर इसे बाद में अदा किया जाए तो इसे आम ज़कात माना जाता है ( हज़रत इब्न अब्बास  की हदीस)।
अगर इसे रमज़ान में ईद से पहले अदा किया जाए तो यह जाइज़ और बेहतर है (गरीबों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए)। कुछ उलामा के मुताबिक यह रमज़ान से पहले भी जाइज़ है, लेकिन इसे रमज़ान के दौरान अदा करना बेहतर है।
अगर इसे अदा नहीं किया जाता है, तो यह जिन्दगी भर अनिवार्य रहेगा, इसे माफ़ नहीं किया जाएगा (यह कज़ा नहीं, बल्कि अदा है)।
फ़ित्रा किसे देना चाहिए?
सदक़ा-फ़ित्र का मकसद ज़कात जैसा ही है, यानी कुरान पाक की आयत का मकसद (सूरह अत-तौबा: 60):
इसे गरीब और ज़रूरतमंद मुसलमानों को देना बेहतर और सही है।

जिनके पास ज़कात की रकम (ज़रूरत से ज़्यादा) नहीं है ज़िंदगी की ज़रूरतों के लिए) और बनू हाशिम (सैय्यद, अब्बासिद, वगैरह) से नहीं हैं।

कुछ जानकारों के मुताबिक यह गरीब गैर-मुस्लिमों के लिए भी जायज़ है (क्योंकि यह खाने के रूप में होता है)।

इसे नहीं दिया जा सकता:
मस्जिदों, मदरसों, अस्पतालों, सड़कों, या दूसरे कंस्ट्रक्शन के कामों में।

अपने वालिदैन, बच्चों, या उन लोगों को जिनका गुज़ारा करना आप पर ज़रूरी है (जैसे आपकी बीवी, नाबालिग बच्चे)।

इसका मकसद रोज़ा रखने वाले को बेकार और गंदी बातों से दूर करना और गरीबों के साथ ईद की खुशी बांटना है।
आज की कीमत के हिसाब से सदका फित्र 65/₹ फी आदमी है
मात्रा: यह चार चीज़ों से तय होती है — गेहूं/आटा: आधा सा’ (लगभग 1.9 से 2 किलोग्राम), जौ/खजूर/किशमिश: एक सा’ (लगभग 3.8 किलोग्राम)। आजकल, ज़्यादातर लोग इन चीज़ों की कीमत (लोकल मार्केट प्राइस के हिसाब से) के बराबर कैश देते हैं।
कि कीमत को दूसरी चीज़ों (जैसे चावल) में भी देखा जाना चाहिए।
ये कानून हैं हनफ़ी फ़तवों के आधार पर। क्योंकि निसाब की कीमत अलग-अलग होती है।
अल्लाह हम सबको ज़कात व सदका फ़ित्र सही तरीके से देने और उसे कबूल करने की ताकत दे। आमीन।
विकसित भारत : दो दिवसीय संगोष्ठी, समेटे गए कई विषय

भोपाल। शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में विकसित भारत 2047 ज्ञान संस्कृति और सततता पर अन्तर्विषयी दृष्टिकोण विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार अग्रवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।

इस अवसर पर अनुपम राजन ने संतुलित आर्थिक विकास पर जोर देते हुए कहा कि प्रगति ऐसी हो जिसमें पर्यावरण, विरासत और संस्कृति का समन्वय बना रहे। विशिष्ट वक्ता मनोज श्रीवास्तव ने धर्म और संस्कृति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति हमेशा से वन हेल्थ "मानव और प्रकृति का सह अस्तित्व" की पक्षधर रही है। डॉ. आरआर रश्मि ने ग्लोबल वार्मिंग नेट जीरो उत्सर्जन की चुनौतियों पर बात की।

दूसरे सत्र के वक्ता डॉ. उदयन बाजपेयी ने राष्ट्र और साहित्य के अन्तर संबंधों को स्पष्ट किया तथा मानवेतर जगत के अस्तित्व की अनिवार्यता पर बल दिया। राष्ट्रीय संगोष्ठी के द्वितीय दिवस में प्रातः काल सर्वप्रथम 14 किलोमीटर की मोटरसाइकिल यात्रा करने वाली क्वींस ऑन व्हील्स का महाविद्यालय के प्राचार्य तथा अन्य प्राध्यापकों व छात्रों के द्वारा स्वागत किया गया यात्रा पर आधारित एक वीडियो भी दिखाया गया। इसके संयोजक अमोल थाटे ने इस यात्रा का पूरा विवरण बताया। विकसित भारत 2047 विषय पर प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य छात्रों शिक्षकों तथा आगंतुकों को भारत के समृद्ध ऐतिहासिक सांस्कृतिक तथा पुरातात्विक विरासत से परिचय करना था। यह कार्यक्रम भारतीय इतिहास के गौरवशाली स्वरूप को उजागर करने वाला रहा।

आयोजन के दूसरे दिन अनुराग श्रीवास्तव, लोकेंद्र ठक्कर, डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी आदि आमंत्रित वक्ता थे। जिन्होंने चर्चा में भाग लिया। इस दौरान डॉ. अदिति चतुर्वेदी ने शिक्षा के क्षेत्र में आगामी परिदृश्य पर बात की। इसके पश्चात् चेंज मेकर कार्यक्रम में समीर सागर तथा डॉ. अलका शर्मा से उनके व्यवसाय तथा उसकी सफलता के बारे में बातचीत की गई।  राष्ट्रीय संगोष्ठी में कुल 285 रजिस्ट्रेशन हुए 181 शोधपत्र प्राप्त हुए एवं 102 शोध पत्र प्राप्त हुए। कुल 73 शोध पत्रों का वाचन किया गया। इसमें संस्कृति, इतिहास, विज्ञान, जैव विविधता इत्यादि विषयों पर शोधार्थियों ने अपने पत्र प्रस्तुत किया।

जमीनी विवाद में बेखौफ दबंगों ने किया हमला,4 लोग गंभीर रूप से घायल
सुल्तानपुर में जमीनी विवाद में बेखौफ दबंगों ने आज घर में घुस कर हमला बोल दिया। लाठी डंडो और पिस्टल से लैस इन दबंगों ने जमकर बवाल मचाया। इस घटना में 4 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें इलाज के लिए अम्बेडकर नगर मेडिकल कालजे रेफर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि कल भी विपक्षों पूर्व मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह सहित दर्जनों लोगों को लेकर जमीन कब्जाने पहुंचे थे,पीड़ित ने पुलिस को तहरीर भी दी थी, लेकिन कोई कार्यवाही न होने के चलते आज दबंगों ने हमला कर दिया। वहीं सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक चारु निगम सहित तमाम पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे हुए हैं और मामल की पड़ताल की जा रही है।

दरअसल ये मामला है अखंड नगर थानाक्षेत्र के कल्याणपुर गांव का। इसी गांव में सुरेश यादव का अपने पट्टीदारों संजीत यादव, आनंद यादव सहित तमाम लोगों से जमीनी विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि शनिवार यानि 14 मार्च को सुबह करीब 11 बजे विपक्षी पूर्व मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह, सहित तमाम लोगों को लेकर मौके पर पहुंचा और जमीन कब्जाने का प्रयास किया था। जिसपर पीड़ित द्वारा  अखंड नगर थाने में कार्यवाही को लेकर शिकायती पत्र दिया गया था। लेकिन कोई ठोस कार्यवाही न हुई। लिहाजा आज विपक्षी पूरे लाव लश्कर के साथ लाठी, डंडों और पिस्टल से लैस होकर मौके पर पहुंचे और घर में घुसकर जमकर बवाल मचाया। इस दौरान विपक्षियों द्वारा खुलेआम फायरिंग भी की गई। इस घटना में पीड़ित परिवार के चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जिसमें एक व्यक्ति को गोली भी लगी है।आनन फानन उन्हें सीएचसी ले जाया गया, जहां हालत गंभीर देख इन चारों को पड़ोसी जनपद अंबेडकर नगर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया ।
जयमाल के दौरान भरभराकर गिरा छज्जा, दो की मौत, 25 घायल

औरंगाबाद। जिले के दाउदनगर थाना क्षेत्र के मंझियावां गांव में रविवार को एक शादी समारोह उस समय मातम में बदल गया, जब जयमाल कार्यक्रम के दौरान अचानक मकान का छज्जा (पोर्टिको) भरभराकर गिर पड़ा। इस दर्दनाक हादसे में मलबे के नीचे दबकर दो लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 25 लोग घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर विभिन्न अस्पतालों में पहुंचाया। घायलों का इलाज दाउदनगर और ओबरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को हायर सेंटर रेफर किया गया है। मृतकों की पहचान सत्यनारायण सिंह और अखिलेश्वर यादव के रूप में हुई है। बताया जाता है कि अखिलेश्वर यादव झारखंड के धनबाद में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे, जबकि सत्यनारायण सिंह खेती-किसानी करते थे। दोनों मृतक रिश्ते में दुल्हन के भाई बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार मंझियावां गांव निवासी रामव्यास सिंह की बेटी की शादी थी। बारात गोह थाना क्षेत्र के पकड़ी गांव से आई थी। द्वारपूजा के बाद जयमाल का कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें बड़ी संख्या में गांव के लोग मौजूद थे। इसी दौरान कार्यक्रम स्थल के पास बना छज्जा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। छज्जा गिरने से नीचे बैठे कई लोग मलबे में दब गए।

घटना होते ही वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए तुरंत मलबा हटाना शुरू किया और घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। शादी समारोह में शामिल कुणाल प्रताप सिंह और अभिमन्यु यादव ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस हादसे के बाद शादी की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं।

मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवारिक जानकारी के अनुसार अखिलेश्वर यादव अपने भाइयों में दूसरे स्थान पर थे। उनकी एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि एक बेटी और बेटे की शादी अभी बाकी थी। वहीं सत्यनारायण सिंह की दो बेटियों की शादी हो चुकी है।

घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और लोग इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच और पीड़ित परिवारों को सहायता देने की मांग की है।

हिंदू मुस्लिम एकता ही हमारे देश की खूबसूरती : इमरान प्रतापगढ़ी

फरहान आजमी द्वारा रोजा इफ्तार पार्टी का भव्य आयोजन

मुंबई। कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के मुंबई प्रदेश अध्यक्ष फरहान आजमी द्वारा आज हज हाउस में इफ्तार पार्टी का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, मुंबई कांग्रेस की अध्यक्षा सांसद वर्षा गायकवाड, प्रदेश अल्पसंख्यक विभाग के प्रभारी अहमद खान, विधायक अमीन पटेल, विधायक पूर्व मंत्री असलम शेख, पूर्व विधायक अशोक भाऊ जाधव, मुंबई यूथ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव, हरगुन सिंह सबरवाल, नगरसेवक सुफियान वनु, जिलाध्यक्ष अरशद आजमी, यूथ कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष जीनत सबरीन, यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष निखिल रूपारेल, निजामुद्दीन राईन, अवनीश तीर्थराज सिंह समेत कांग्रेस पार्टी के हजारों कार्यकर्ता इस इफ्तार पार्टी में शामिल हुए।

राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने इस शानदार इफ्तार पार्टी के लिए कांग्रेस पार्टी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष फरहान आजमी को बधाई देते हुए कहा कि आज इफ्तार पार्टी में जितने मुस्लिम समाज के लोग दिख रहे हैं, उनसे ज्यादा हमारे हिंदू भाई बहने हैं। यही हमारे हिंदुस्तान की खूबसूरती है। हिंदू मुस्लिम एकता का जो परिचय आज इफ्तार पार्टी में देखने को मिल रहा है, यही गंगा जमुनी तहजीब और भाईचारा इस देश में भी बनाने की जरूरत है ।

उन्होंने कहा कि हम सभी हिंदू मुस्लिम एक होकर इस देश की तरक्की में अपना योगदान दे और देश को मजबूत बनाएं। इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि भारत विविधताओं का देश है। भिन्न-भिन्न धर्म और जातियों के बावजूद हम सभी एक होकर देश को अखंड और शक्तिशाली बनाते हैं। अंत में कार्यक्रम के आयोजक फरहान आज़मी द्वारा समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

देवघर-के पुराना मीना बाजार बस स्टैंड में 10 दिवसीय राजकीय खादी ग्रामोद्योग मेला 2026 का आयोजन।
देवघर: के पुराना मीना बाजार बस स्टैंड में राज्य स्तरीय 10 दिवसीय खादी ग्रामोद्योग 2026 मेला लगाया गया है।जो वर्तमान परिप्रेक्ष्य में युवा पीढ़ी हृदय से खादी को अपना सके, इसी सोच को आगे रखते हुए देवघर में राज्य स्तरीय खादी प्रर्दशनी सह बिक्री कार्यक्रम आयोजित की गई है। जो वर्तमान में देश की मांग भी है। एवं देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा खादी को अपनाने पर बल दिया जाता रहा है। इसी सोच को अमलीजामा पहनाने के उद्देश्य से खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC), सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (भारत सरकार) के  अध्यक्ष, मनोज कुमार के कुशल नेतृत्व में आयोग द्वारा खादी एवं स्वदेश निर्मित ग्रामोद्योग का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। ताकि देश आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सके और वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा दिया जा सके। झारखण्ड की सांस्कृतिक राजधानी देवघर में आयोजित में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC), सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (भारत सरकार), राज्य कार्यालय, रांची द्वारा आयोजित भव्य राज्य स्तरीय खादी प्रदर्शनी (विपणन), 2025-26 का आज पांचवां दिन है एवं देवघर की जनता स्वदेशी प्रेमी है, यह प्रदर्शनी में उमड़ी भीड़ को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रदर्शनी सह विक्री के विशेष आकर्षण :- स्वदेशी उत्पाद जैसे- सूती, रेशमी, ऊनी एवं पोलीवस्त्र के खादी कपड़े की उपलब्धता। खासकर सिल्क में झारखंड का मशहूर तसर सिल्क, तसर कटिया, पोली कटिया, सिल्क मटका, सिल्क मलबरी साड़ी, तसर साड़ी, गरड़ साड़ी, सिल्क बलकल, सिल्क अंगवस्त्र, तसर शॉल, रेडीमेड रेशमी बंडी, रेशमी कुर्ता-कुर्ती, रेशमी सर्ट-पैंट की पुरजोर बिक्री। सूती खादी में सूती थान, सूती धोती, साड़ी, गमछा, चादर, रेडीमेड कुर्ता-पाजामा, सुती बंडी, सुती अंगवस्त्र प्रदर्शन एवं बिक्री हेतु उपलब्ध। मसलीन खादी में-- मसलीन थान, रेडीमेड कुर्ता-पाजामा मशहूर मलमल जो बहुत ही बारीक एवं फाईन हाते हैं, विशेष आकर्षण के केन्द्र। महिलाओं के लिए विशेष आर्कषण बिहार के मधुबनी पिंट की साड़ी, ब्लाक प्रिंट, स्क्रीन प्रिंट, कत्था स्टीप, रिवर्स कत्था, झारखंड का मशहूर सोहराई प्रिंट की साड़ी, असम की वाटिका प्रिंट की साड़ियों वाले स्टॉल पर महिलाओं की भीड़। शहद, अगरबत्ती, हर्बल उत्पाद तथा हस्तनिर्मित वस्तुओं की उपलब्धता। उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए खाद्य उत्पाद एवं हस्तशिल्प आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र। प्रदर्शनी में लगे विभिन्न स्टॉलों पर कारीगरों द्वारा उत्पादों के निर्माण की प्रक्रिया की जानकारी भी दी जा रही है। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ एवं नई पीढ़ी के युवा कर रहे प्रदर्शनी का अवलोकन । कारीगरों और उद्यमियों के लिए उत्पादों के प्रदर्शन एवं विपणन का बेहतर अवसर है यह प्रदर्शनी। प्रतिदिन होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बन रहा पूरा वातावरण उत्सवमय। स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत गीत-संगीत एवं नृत्य कार्यक्रमों का दर्शकों ने लिया भरपूर आनंद। बच्चों एवं कला-प्रेमियों के लिए प्रदर्शनी बना आकर्षण एवं मनोरंजन का केन्द्र । आगंतुकों को खादी के महत्व तथा ग्रामोद्योग योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। आयोजकों ने आम जनता से प्रदर्शनी में अधिक से अधिक संख्या में जनता से आने की अपील की। इस प्रदर्शनी की समाप्ति में सिर्फ पांच दिन शेष हैं। अतः देवघर एवं उसके आसपास की संताल परगना की आम जनता से अपील है कि प्रदर्शनी में आकर स्वदेशी उत्पाद खरीदकर महात्मा गांधी जी के स्वराज के सपने को साकार करने की दिशा में पहल करें। इससे न सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि स्वदेशी का प्रचार-प्रसार होगा एवं देश की पूंजी देश में रहेगी एवं बेरोजगारों एवं ग्रामीण कारीगरों को रोजगार का अवसर मिलेगा एवं प्रधानमंत्री के "2047 तक भारत को विकसित एवं आत्मनिर्भर देश बनाने" के स्वप्न को साकार करने की दिशा में एक सार्थक पहल होगी।
गैस लाइन में खड़े बुजुर्ग की मौत
फर्रुखाबाद l गैस की मारामारी के बीच गैस लेने के लिए लाइन में लगे 75 वर्ष के बुजुर्ग की शुक्रवार को हालत खराब हो गई थी, उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां डॉक्टर ने बुजुर्ग को मृत घोषित कर दिया l
सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गढ़ी कोना निवासी मुख़्तार अंसारी लाल सराय पानी टंकी के निकट स्थित भारत पैट्रोलियम के शोरूम के बाहर 75 साल के बुजुर्ग भारत गैस सिलेंडर बुकिंग के बाद लेने के लिए गया था l
सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़ा तभी बुजुर्ग को अचानक चक्कर आया और बेहोश होकर लाइन में खड़े खड़े जमीन पर गिर गया, जमीन पर गिरते ही लाइन में खड़े लोगों ने बुजुर्ग के हार्ड को हाथों से दबाया लेकिन बुजुर्ग को राहत ना मिलने पर परिजनो ने एक निजी अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया जहां अस्पताल के डॉक्टर ने देखने के बाद बुजुर्ग को मृत घोषित कर दिया ।
रांची में JSSC परीक्षा को लेकर सख्ती: 12 केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू, जमघट पर पाबंदी।

दिनांक 18 मार्च से 19 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाली इस कंप्यूटर आधारित परीक्षा के लिए रांची के 12 केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, रांची द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-163 (पूर्व में धारा 144) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।

क्या रहेंगे प्रतिबंध?

परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में यह निषेधाज्ञा सुबह 07:00 बजे से रात 08:00 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत:

पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर पाबंदी रहेगी।

ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) के उपयोग पर रोक होगी।

लाठी-डंडा, तीर-धनुष या किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा (ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को छोड़कर)।

किसी भी प्रकार की सभा या बैठक आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी।

प्रशासन की अपील:

उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक के संयुक्तादेश पर केंद्रों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रशासन ने परीक्षार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा संचालन में सहयोग करें।

बारुण–नवीनगर पथ पर भारी वाहनों के लिए अस्थायी मार्ग परिवर्तन


औरंगाबाद, समाहरणालय और जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बारुण–नवीनगर पथ के केशव विगहा मोड़ (NH-2) से एनीकट तक पथ निर्माण विभाग द्वारा मरम्मति कार्य कराए जाने के कारण मार्ग पर यातायात में अस्थायी बदलाव किया गया है। पथ मरम्मति कार्य के दौरान दिनांक 15 मार्च से 18 मार्च 2026 तक बारुण–नवीनगर पथ पर हाइवा, बस और अन्य भारी वाहनों के परिचालन पर अस्थायी प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं। बारुण से नवीनगर की ओर जाने वाले वाहन अब औरंगाबाद–अम्बा मार्ग से होकर नवीनगर पहुँचेंगे, जबकि नवीनगर से बारुण की ओर आने वाले भारी वाहन अम्बा या नवीनगर–चतरा मार्ग से होकर बारुण पहुँचेंगे। जिला प्रशासन ने बताया कि संबंधित मार्गों पर यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रशासन ने आमजन और वाहन चालकों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित वैकल्पिक मार्ग का पालन करें और मरम्मति कार्य के दौरान सहयोग दें।

साथ ही, पथ निर्माण विभाग ने जनता से अपील की है कि वे कार्य क्षेत्र में सुरक्षा नियमों का पालन करें और मार्ग परिवर्तन के कारण होने वाली असुविधा को धैर्यपूर्वक सहन करें। प्रशासन ने यह भी कहा कि मरम्मति कार्य के बाद मार्ग पूरी तरह चालू हो जाएगा और यातायात सामान्य स्थिति में लौट आएगा। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा जताई है, ताकि मरम्मति कार्य समय पर पूरा हो और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।