देहरादून में युवक का पुलिस पर मारपीट का आरोप, पुलिस ने बताया बेबुनियाद
* मोबाइल छीनने और लॉकअप में रखने का दावा; पुलिस बोली—अभद्रता पर की गई कार्रवाई

देहरादून, उत्तराखंड। देहरादून में एक युवक ने पुलिस पर मारपीट और टॉर्चर के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर हलचल भी देखी गई।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक सागर का कहना है कि शुक्रवार रात करीब 10-11 बजे वह अपने दोस्त के साथ स्कूटी से दवाई लेकर लौट रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे रोककर जांच शुरू की। युवक का दावा है कि उसने दवाई और पर्चा दिखाया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस स्कूटी को अपने साथ ले जाने लगी।
सागर के मुताबिक, जब उसने इस कार्रवाई का वीडियो बनाना शुरू किया, तो पुलिस ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसे चौकी ले गई। युवक का आरोप है कि चौकी में मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रभारी ने उसके साथ मारपीट की, चालान किया और पूरी रात लॉकअप में बंद रखा।
युवक ने बताया कि उस पर धारा 151 के तहत शांति भंग करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की गई। उसने यह भी कहा कि खराब तबीयत का हवाला देने के बावजूद पुलिस ने उसे नहीं छोड़ा, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
अगले दिन जब वह चौकी पहुंचा और मारपीट का कारण पूछा, तो कथित तौर पर उसे धमकी दी गई। युवक का कहना है कि पूरा विवाद उसके मोबाइल फोन को लेकर हुआ, जिसे अब तक वापस नहीं किया गया है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली और कई लोग युवक के समर्थन में चौकी पहुंचे, जहां पुलिस और लोगों के बीच कहासुनी भी हुई। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
वहीं, कोतवाली प्रभारी हरिओम चौहान ने युवक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्रवाई “ऑपरेशन प्रहार” के तहत की गई थी। उनके अनुसार, युवक रात में बिना कागजात के वाहन चला रहा था, जिस कारण स्कूटी सीज की गई। पुलिस का यह भी कहना है कि युवक ने कार्रवाई के दौरान अभद्र व्यवहार किया, जिसके चलते उसे हिरासत में लिया गया।
फिलहाल, युवक ने मामले में न्याय की मांग की है, जबकि पुलिस अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रही है।
बीजेपी का हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता, राहुल गांधी का गंभीर आरोप, हरियाणा सरकार को बताया घुसपैठिया

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कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर चुनावी प्रक्रिया में धांधली का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में भाजपा के हर छठे सांसद ने वोट चोरी के जरिए जीत हासिल की है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर देश में निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं तो बीजेपी 140 सीटें भी नहीं जीत पाएगी।

राहुल ने पूछा- क्या उन्हें ‘घुसपैठिए’ कहें?

राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार। लोकसभा के 240 बीजेपी सांसदों में से मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। पहचानना मुश्किल नहीं। क्या उन्हें बीजेपी की भाषा में ‘घुसपैठिए’ कहें? और हरियाणा? वहां तो पूरी सरकार ही ‘घुसपैठिया’ है। जो संस्थाएं अपनी जेब में रखते हैं, जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ देते हैं। वो ख़ुद “remote controlled” हैं। उन्हें असली डर सच्चाई का है। क्योंकि निष्पक्ष चुनाव हो जाएं, तो आज ये 140 के पास भी नहीं जीत सकते।’

बंगाल और असम के नतीजों पर भी बोला हमला

राहुल गांधी ने इससे पहले पश्चिम बंगाल और असम के नतीजों के बाद भी बीजेपी पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि असम और पश्चिम बंगाल में 'जनादेश की चोरी' देश के लोकतंत्र को नष्ट करने के भारतीय जनता पार्टी के 'मिशन' के तहत उठाया गया बड़ा कदम है। कांग्रेस के 'कुछ लोगों' और उन दूसरे लोगों को अच्छी तरह समझने की जरूरत है जो पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार से खुश हो रहे हैं। राहुल गांधी ने आगे कहा था कि क्षुद्र राजनीति को किनारे रखें, यह किसी एक पार्टी या दूसरी पार्टी के बारे में नहीं है, यह भारत के बारे में है।

2 बाइकों की टक्कर में दो की मौत,महिला और बच्चा समेत तीन गंभीर रूप से घायल,किसी ने भी हेलमेट पहना नहीं था
सुल्तानपुर के बल्दीराय थानाक्षेत्र में मंगलवार शाम दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला, एक बच्चा और एक अन्य बाइक चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा पूरे चंद्रिका मिश्रा नहर पटरी पर हुआ।

हादसे में एक बाइक चालक और दूसरी बाइक पर पीछे बैठे एक बुजुर्ग व्यक्ति की जान चली गई। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बल्दीराय ले जाया गया, जहां से एक घायल को सुल्तानपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरे और घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल भिजवाया और शवों को कब्जे में लिया।

पुलिस के अनुसार, हादसे की मुख्य वजह लापरवाही मानी जा रही है। बताया गया है कि दोनों बाइक चालकों ने हेलमेट नहीं पहना था, जिसके कारण सिर में गंभीर चोटें आईं और दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतकों की पहचान अयोध्या निवासी सुरेशचंद्र मिश्रा (45) और अमेठी निवासी राम पटेसर (65) के रूप में हुई है। घायलों में अमेठी निवासी तिलकराज (43) और हिमांशी पाठक (16) शामिल हैं। तिलकराज को सुल्तानपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
पश्चिम बंगाल,असम और पांडुचेरी में जीत पर जमकर आतिशबाजी,बलरामपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न    
                   
  बलरामपुर। पश्चिम बंगाल,असम और पांडुचेरी में मिली चुनावी जीत के बाद पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह का माहौल है। इसी क्रम में बलरामपुर नगर में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने भव्य तरीके से जीत का जश्न मनाया।
आदर्श नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ के नेतृत्व में,भाजपा जिला अध्यक्ष रवि मिश्र की अगुवाई में वीर विनय चौराहे पर जोरदार आतिशबाजी की गई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की और पार्टी की जीत पर हर्ष व्यक्त किया।
कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री के नेतृत्व और जनहितकारी नीतियों का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी पार्टी इसी तरह जनता का भरोसा जीतती रहेगी।
जश्न के दौरान पूरे चौराहे पर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। ढोल-नगाड़ों की धुन पर कार्यकर्ता थिरकते नजर आए और “भारत माता की जय” तथा “वंदे मातरम्” के नारों से वातावरण गूंज उठा।
इस अवसर पर नगर के कई प्रमुख कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे,जिन्होंने इस जीत को ऐतिहासिक बताते हुए खुशी जाहिर की।
मेडिकल कॉलेज में बीमार पिता के साथ जूझती नाबालिग बच्ची, समाजसेवी मुकेश पाण्डेय बने सहारा .
रितेश मिश्रा
हरदोई के राजकीय मेडिकल कॉलेज (जिला अस्पताल) में सोमवार देर रात एक मार्मिक और चिंताजनक मामला सामने आया, जहां एक नाबालिग बच्ची अपने गंभीर रूप से बीमार पिता की देखभाल करते हुए अकेली नजर आई। घटना ने अस्पताल में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। जानकारी के अनुसार, करीब 54 वर्षीय मनोज कुमार को अचानक तबीयत बिगड़ने पर उनकी लगभग 10 वर्षीय बेटी जिला अस्पताल लेकर पहुंची। प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों ने मरीज में उच्च रक्तचाप के कारण ब्रेन स्ट्रोक (CVA) के लक्षण बताए। हालत गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया था।
हालांकि, अस्पताल में मरीज के साथ कोई वयस्क अटेंडेंट मौजूद न होने के कारण बच्ची अकेले ही पिता की देखभाल करती रही। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मरीज बार-बार बेड से गिरने की स्थिति में आ रहे थे, जिन्हें संभालने की कोशिश में बच्ची लगातार संघर्ष कर रही थी।
इसी दौरान मौके पर पहुंचे समाजसेवी मुकेश पाण्डेय ने स्थिति को समझते हुए तुरंत मदद का जिम्मा उठाया। उन्होंने डॉक्टरों से समन्वय स्थापित किया, आवश्यक जांच जैसे सीटी स्कैन करवाने में सहयोग किया और आसपास मौजूद लोगों को भी सहायता के लिए प्रेरित किया। उनकी पहल पर मरीज को भर्ती कर इलाज शुरू कराया गया और बच्ची को भी आवश्यक सहारा मिला। जांच में ब्रेन में ब्लीडिंग की पुष्टि हुई, जिसके बाद डॉक्टरों ने मरीज के वाइटल्स पर नजर रखते हुए इलाज जारी रखा।
देर रात तक मुकेश पाण्डेय और अन्य सहयोगियों ने मौके पर रहकर पूरी स्थिति संभाली। बातचीत में बच्ची ने बताया कि उसकी मां साथ नहीं रहती हैं और घर पर उसके छोटे भाई-बहन भी अकेले हैं। यह जानकारी सामने आने के बाद मौजूद लोगों ने आगे भी सहयोग का भरोसा दिया। यह घटना न सिर्फ स्वास्थ्य व्यवस्था में चुनौतियों को दर्शाती है, बल्कि समाज में मौजूद संवेदनशीलता और मानवता की मिसाल भी पेश करती है, जहां समय पर एक समाजसेवी के प्रयास से एक परिवार को सहारा मिल सका।
गोंडा में लूटकांड का पर्दाफाश, मुठभेड़ में एक बदमाश घायल, तीन गिरफ्तार
गोंडा पुलिस और SOG/सर्विलांस टीम ने कर्नलगंज क्षेत्र में हुई लूट की बड़ी घटना का सफल अनावरण करते हुए तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी घायल हो गया।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में बृजेश शुक्ला, अमर शुक्ला उर्फ नन्के और बाबूराम शामिल हैं। मुठभेड़ में बृजेश शुक्ला के पैर में गोली लगी, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूट के सोने-चांदी के आभूषण, नकदी, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पीठ्ठू बैग, अवैध तमंचा, कारतूस और बिना नंबर प्लेट की पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की है।

घटना 28 अप्रैल 2026 को हुई थी, जब पीड़ित व्यक्ति को रास्ते में रोककर असलहे के बल पर उसका बैग लूट लिया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह अन्य जिलों में भी लूट की घटनाओं में शामिल रहा है।

गोंडा पुलिस अधीक्षक ने सफल कार्रवाई करने वाली टीम को ₹25,000 का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
भाजपा की प्रचंड जीत पर पिहानी कार्यालय में मनाया गया जश्न ।
बबलू प्रजापति
पिहानी हरदोई।बंगाल, असम सहित कई राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत की खुशी में नगर स्थित भाजपा कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ जश्न मनाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कर खुशी जाहिर की और जीत को पार्टी की नीतियों व संगठन की मेहनत का परिणाम बताया।
कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष गौरव गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपाई मौजूद रहे। इस मौके पर महामंत्री नीरज सिंह, निवर्तमान नगर अध्यक्ष आदर्श सिंह, पूर्व नगर अध्यक्ष पीयूष शुक्ला, विमलेश गुप्ता, ब्रजेश गुप्ता, डॉ. मुजाविर हुसैन जैदी, अभिषेक वैश्य (रिशु), उपाध्यक्ष रीतेश सिंह, विमलेश तिवारी, मंत्री भानू मिश्रा, अर्जुन शिव सिंह, दिनेश अर्कवंशी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की।
अमित शाह चुनेंगे पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री, बनाए गए पर्यवेक्षक, जेपी नड्‌डा को असम की जिम्मेदारी

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पश्चिम बंगाल और असम में नई सरकार के गठन के लिए भारतीय जनता पार्टी ने कवायद शुरू कर दी है। पश्चिम बंगाल और असम में विधायक दल का नेता चुनने के लिए भाजपा ने अपने केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है। पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को दी गई है। वहीं, असम में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पर्यवेक्षक बनाया गया है।

जल्द कोलकाता जाएंगे शाह

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल की है। पार्टी को 206 सीटें हासिल हुई है, जबकि टीएमसी को 82 सीटें मिली हैं। अब बीजेपी सरकार बनाने की तैयारी में जुट गई है। इसी क्रम में पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए गए हैं। पश्चिम बंगाल जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील और महत्वपूर्ण राज्य में यह बड़ी जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दी गई है। अमित शाह अगले 2-3 तीनों में कोलकाता जाएंगे और विधायकों से बातचीत करेंगे। पश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को होगा।

नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक कर चुनेंगे नेता

वहीं, पूर्वोत्तर के सबसे अहम राज्य असम के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। यह दोनों वरिष्ठ नेता असम जाकर सभी नवनिर्वाचित विधायकों के साथ सीधी बैठक करेंगे और उनकी राय जानने के बाद ही विधायक दल के नेता के नाम पर अंतिम मुहर लगाएंगे। इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया से पार्टी के भीतर किसी भी तरह की गुटबाजी को रोकने में मदद मिलेगी।

उपायुक्त हेमंत सती ने किया शेख़ भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निरीक्षण

उपायुक्त हेमंत सती ने आज 5 मई को शेख़ भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिसर का भ्रमण करते हुए पार्किंग व्यवस्था, एम्बुलेंस की उपलब्धता एवं उनकी संख्या की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने परिसर के अंदर सुव्यवस्थित पार्किंग सुनिश्चित करने हेतु नगर निगम को इसके संचालन की जिम्मेदारी सौंपने का निर्देश दिया।

अस्पताल में मरीजों की अधिक संख्या को देखते हुए उपायुक्त ने संचालित जन औषधि केंद्र एवं दवा काउंटर की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि मरीजों को समय पर एवं सहज रूप से दवाएं उपलब्ध हो सकें।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने कोल्ड चेन, विद्युत आपूर्ति सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को कार्यरत कर्मियों, एमपीडब्ल्यू (MPW) एवं रिक्त पदों की अद्यतन सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, जिससे संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

उपायुक्त ने नेत्र विभाग का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने उपलब्ध मशीनों की जानकारी ली तथा मौके पर अपनी आंखों की जांच भी कराई। उन्होंने संबंधित चिकित्सकों से मोतियाबिंद के मरीजों के ऑपरेशन की प्रक्रिया एवं संख्या के बारे में जानकारी प्राप्त की।

इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने आयुष्मान केंद्र, मेडिसिन ओपीडी, मनोरोग वार्ड, स्किन वार्ड, शिशु वार्ड, ईएनटी वार्ड, कार्डियोलॉजी वार्ड तथा डे-केयर कक्ष का सूक्ष्मता से निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं सेवाओं की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अस्पताल प्रबंधन को मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।

इस दौरान सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री आदित्य पांडेय, सिविल सर्जन,मेडिकल सुपरिटेंडेंट व अन्य चिकित्सक मौजूद थे।

देवघर-के कांग्रेस नेता डॉ मुनम्म संजय को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महासचिव बनाया गया। कांग्रेस ने एक बड़ी जिम्मेदारी दी।
देवघर: कांग्रेस के जुझारू, बेबाक और जमीनी नेता डॉ. मुनम्म संजय का है—एक ऐसा नाम, जो संघर्ष की आग में तपकर राजनीति की असली पहचान बना है। आज जब उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महासचिव बनाया गया है, तो यह केवल एक पद नहीं, बल्कि वर्षों की तपस्या, त्याग और अडिग निष्ठा का सम्मान है। डॉ. संजय का राजनीतिक जीवन किसी आरामदायक रास्ते से नहीं, बल्कि संघर्षों के तूफान से होकर निकला है। छात्र जीवन से ही उन्होंने सत्ता के खिलाफ आवाज उठाई। देवघर का टावर चौक उनकी लड़ाइयों का साक्षी रहा है—जहां उन्होंने धरना दिया, अनशन किया, सड़कें जाम कीं, पुतला दहन किया और हर उस मुद्दे पर डटकर खड़े हुए, जहां आम जनता की आवाज दबाई जा रही थी। सैकड़ों बार गिरफ्तारियां झेलना उनके लिए डर का कारण नहीं, बल्कि संघर्ष का तमगा बन गया। सबसे बड़ी बात—जब कई लोग सत्ता के लालच में रास्ता बदल लेते हैं, तब डॉ. संजय ने कभी कांग्रेस का दामन नहीं छोड़ा। पार्टी के सबसे कठिन दौर में भी वे चट्टान की तरह डटे रहे। लेकिन डॉ. संजय ने अद्भुत धैर्य और साहस का परिचय दिया। उन्होंने साफ तौर पर ठान लिया कि किसी भी कीमत पर झुकना नहीं है—और अडिग होकर हर दबाव का मुकाबला किया। उन्होंने न कभी कांग्रेस से समझौता किया, न ही कांग्रेस की विचारधारा के साथ किसी प्रकार की सौदेबाजी की। गांधी परिवार के प्रति उनकी निष्ठा और कांग्रेस विचारधारा के प्रति उनका समर्पण कभी डगमगाया नहीं। यही कारण है कि पार्टी ने हर मोड़ पर उन पर भरोसा जताया। एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष से लेकर युवा कांग्रेस के नेतृत्व तक, और फिर करीब 14-15 वर्षों तक देवघर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर खड़ा किया। विरोध, साजिश और अंदरूनी खींचतान के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी—बल्कि हर चुनौती को अपनी ताकत बना लिया। बीस सूत्री कार्यक्रम के जिला उपाध्यक्ष के रूप में उन्होंने जो काम किया, वह सिर्फ पद संभालना नहीं था, बल्कि व्यवस्था को आईना दिखाना था। उन्होंने यह साबित किया कि अगर नीयत साफ हो, तो सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि गरीबों के घर तक पहुंचती हैं। उन्होंने प्रशासन को जवाबदेह बनाया, अधिकारियों को सक्रिय किया और आम जनता के हक के लिए लड़ाई लड़ी। डॉ. संजय की पहचान सिर्फ एक नेता की नहीं, बल्कि एक लड़ाकू सिपाही की है—जो हर वक्त जनता के बीच खड़ा रहता है। उनकी पकड़ प्रशासन पर भी रही है और जनता के दिलों पर भी। कई बार प्रशासन से टकराव हुआ, लेकिन हर बार उन्होंने अपने हक की लड़ाई को मजबूती से रखा और समाधान भी निकाला। उनका स्वभाव जितना सरल है, उनकी राजनीति उतनी ही धारदार। युवाओं में उनकी जबरदस्त पकड़ है—क्योंकि वे सिर्फ भाषण नहीं देते, बल्कि साथ लेकर चलते हैं। यही वजह है कि उनके साथ हमेशा युवाओं की एक मजबूत फौज खड़ी रहती है। पार्टी ने उन्हें कई जिलों में प्रभारी और ऑब्जर्वर बनाकर उनकी क्षमता का उपयोग किया है। अब प्रदेश महासचिव के रूप में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपने अनुभव, संघर्ष और जमीनी समझ से संगठन को किस ऊंचाई तक ले जाते हैं। आज उनके इस नए दायित्व से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा, नया जोश और नई उम्मीद जगी है। आम कांग्रेसियों से लेकर बुद्धिजीवियों तक, हर कोई यह मान रहा है कि पार्टी ने इस बार एक ऐसे योद्धा को जिम्मेदारी दी है, जो सिर्फ कुर्सी नहीं, बल्कि विचार और संघर्ष की राजनीति को आगे बढ़ाएगा।
देहरादून में युवक का पुलिस पर मारपीट का आरोप, पुलिस ने बताया बेबुनियाद
* मोबाइल छीनने और लॉकअप में रखने का दावा; पुलिस बोली—अभद्रता पर की गई कार्रवाई

देहरादून, उत्तराखंड। देहरादून में एक युवक ने पुलिस पर मारपीट और टॉर्चर के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर हलचल भी देखी गई।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक सागर का कहना है कि शुक्रवार रात करीब 10-11 बजे वह अपने दोस्त के साथ स्कूटी से दवाई लेकर लौट रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे रोककर जांच शुरू की। युवक का दावा है कि उसने दवाई और पर्चा दिखाया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस स्कूटी को अपने साथ ले जाने लगी।
सागर के मुताबिक, जब उसने इस कार्रवाई का वीडियो बनाना शुरू किया, तो पुलिस ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसे चौकी ले गई। युवक का आरोप है कि चौकी में मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रभारी ने उसके साथ मारपीट की, चालान किया और पूरी रात लॉकअप में बंद रखा।
युवक ने बताया कि उस पर धारा 151 के तहत शांति भंग करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की गई। उसने यह भी कहा कि खराब तबीयत का हवाला देने के बावजूद पुलिस ने उसे नहीं छोड़ा, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
अगले दिन जब वह चौकी पहुंचा और मारपीट का कारण पूछा, तो कथित तौर पर उसे धमकी दी गई। युवक का कहना है कि पूरा विवाद उसके मोबाइल फोन को लेकर हुआ, जिसे अब तक वापस नहीं किया गया है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली और कई लोग युवक के समर्थन में चौकी पहुंचे, जहां पुलिस और लोगों के बीच कहासुनी भी हुई। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
वहीं, कोतवाली प्रभारी हरिओम चौहान ने युवक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्रवाई “ऑपरेशन प्रहार” के तहत की गई थी। उनके अनुसार, युवक रात में बिना कागजात के वाहन चला रहा था, जिस कारण स्कूटी सीज की गई। पुलिस का यह भी कहना है कि युवक ने कार्रवाई के दौरान अभद्र व्यवहार किया, जिसके चलते उसे हिरासत में लिया गया।
फिलहाल, युवक ने मामले में न्याय की मांग की है, जबकि पुलिस अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रही है।
बीजेपी का हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता, राहुल गांधी का गंभीर आरोप, हरियाणा सरकार को बताया घुसपैठिया

#everysixthbjpmpwonbyvotetheftrahulgandhisbigattack

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर चुनावी प्रक्रिया में धांधली का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में भाजपा के हर छठे सांसद ने वोट चोरी के जरिए जीत हासिल की है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर देश में निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं तो बीजेपी 140 सीटें भी नहीं जीत पाएगी।

राहुल ने पूछा- क्या उन्हें ‘घुसपैठिए’ कहें?

राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार। लोकसभा के 240 बीजेपी सांसदों में से मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। पहचानना मुश्किल नहीं। क्या उन्हें बीजेपी की भाषा में ‘घुसपैठिए’ कहें? और हरियाणा? वहां तो पूरी सरकार ही ‘घुसपैठिया’ है। जो संस्थाएं अपनी जेब में रखते हैं, जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ देते हैं। वो ख़ुद “remote controlled” हैं। उन्हें असली डर सच्चाई का है। क्योंकि निष्पक्ष चुनाव हो जाएं, तो आज ये 140 के पास भी नहीं जीत सकते।’

बंगाल और असम के नतीजों पर भी बोला हमला

राहुल गांधी ने इससे पहले पश्चिम बंगाल और असम के नतीजों के बाद भी बीजेपी पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि असम और पश्चिम बंगाल में 'जनादेश की चोरी' देश के लोकतंत्र को नष्ट करने के भारतीय जनता पार्टी के 'मिशन' के तहत उठाया गया बड़ा कदम है। कांग्रेस के 'कुछ लोगों' और उन दूसरे लोगों को अच्छी तरह समझने की जरूरत है जो पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार से खुश हो रहे हैं। राहुल गांधी ने आगे कहा था कि क्षुद्र राजनीति को किनारे रखें, यह किसी एक पार्टी या दूसरी पार्टी के बारे में नहीं है, यह भारत के बारे में है।

2 बाइकों की टक्कर में दो की मौत,महिला और बच्चा समेत तीन गंभीर रूप से घायल,किसी ने भी हेलमेट पहना नहीं था
सुल्तानपुर के बल्दीराय थानाक्षेत्र में मंगलवार शाम दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला, एक बच्चा और एक अन्य बाइक चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा पूरे चंद्रिका मिश्रा नहर पटरी पर हुआ।

हादसे में एक बाइक चालक और दूसरी बाइक पर पीछे बैठे एक बुजुर्ग व्यक्ति की जान चली गई। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बल्दीराय ले जाया गया, जहां से एक घायल को सुल्तानपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरे और घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल भिजवाया और शवों को कब्जे में लिया।

पुलिस के अनुसार, हादसे की मुख्य वजह लापरवाही मानी जा रही है। बताया गया है कि दोनों बाइक चालकों ने हेलमेट नहीं पहना था, जिसके कारण सिर में गंभीर चोटें आईं और दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतकों की पहचान अयोध्या निवासी सुरेशचंद्र मिश्रा (45) और अमेठी निवासी राम पटेसर (65) के रूप में हुई है। घायलों में अमेठी निवासी तिलकराज (43) और हिमांशी पाठक (16) शामिल हैं। तिलकराज को सुल्तानपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
पश्चिम बंगाल,असम और पांडुचेरी में जीत पर जमकर आतिशबाजी,बलरामपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न    
                   
  बलरामपुर। पश्चिम बंगाल,असम और पांडुचेरी में मिली चुनावी जीत के बाद पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह का माहौल है। इसी क्रम में बलरामपुर नगर में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने भव्य तरीके से जीत का जश्न मनाया।
आदर्श नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ के नेतृत्व में,भाजपा जिला अध्यक्ष रवि मिश्र की अगुवाई में वीर विनय चौराहे पर जोरदार आतिशबाजी की गई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की और पार्टी की जीत पर हर्ष व्यक्त किया।
कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री के नेतृत्व और जनहितकारी नीतियों का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी पार्टी इसी तरह जनता का भरोसा जीतती रहेगी।
जश्न के दौरान पूरे चौराहे पर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। ढोल-नगाड़ों की धुन पर कार्यकर्ता थिरकते नजर आए और “भारत माता की जय” तथा “वंदे मातरम्” के नारों से वातावरण गूंज उठा।
इस अवसर पर नगर के कई प्रमुख कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे,जिन्होंने इस जीत को ऐतिहासिक बताते हुए खुशी जाहिर की।
मेडिकल कॉलेज में बीमार पिता के साथ जूझती नाबालिग बच्ची, समाजसेवी मुकेश पाण्डेय बने सहारा .
रितेश मिश्रा
हरदोई के राजकीय मेडिकल कॉलेज (जिला अस्पताल) में सोमवार देर रात एक मार्मिक और चिंताजनक मामला सामने आया, जहां एक नाबालिग बच्ची अपने गंभीर रूप से बीमार पिता की देखभाल करते हुए अकेली नजर आई। घटना ने अस्पताल में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। जानकारी के अनुसार, करीब 54 वर्षीय मनोज कुमार को अचानक तबीयत बिगड़ने पर उनकी लगभग 10 वर्षीय बेटी जिला अस्पताल लेकर पहुंची। प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों ने मरीज में उच्च रक्तचाप के कारण ब्रेन स्ट्रोक (CVA) के लक्षण बताए। हालत गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया था।
हालांकि, अस्पताल में मरीज के साथ कोई वयस्क अटेंडेंट मौजूद न होने के कारण बच्ची अकेले ही पिता की देखभाल करती रही। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मरीज बार-बार बेड से गिरने की स्थिति में आ रहे थे, जिन्हें संभालने की कोशिश में बच्ची लगातार संघर्ष कर रही थी।
इसी दौरान मौके पर पहुंचे समाजसेवी मुकेश पाण्डेय ने स्थिति को समझते हुए तुरंत मदद का जिम्मा उठाया। उन्होंने डॉक्टरों से समन्वय स्थापित किया, आवश्यक जांच जैसे सीटी स्कैन करवाने में सहयोग किया और आसपास मौजूद लोगों को भी सहायता के लिए प्रेरित किया। उनकी पहल पर मरीज को भर्ती कर इलाज शुरू कराया गया और बच्ची को भी आवश्यक सहारा मिला। जांच में ब्रेन में ब्लीडिंग की पुष्टि हुई, जिसके बाद डॉक्टरों ने मरीज के वाइटल्स पर नजर रखते हुए इलाज जारी रखा।
देर रात तक मुकेश पाण्डेय और अन्य सहयोगियों ने मौके पर रहकर पूरी स्थिति संभाली। बातचीत में बच्ची ने बताया कि उसकी मां साथ नहीं रहती हैं और घर पर उसके छोटे भाई-बहन भी अकेले हैं। यह जानकारी सामने आने के बाद मौजूद लोगों ने आगे भी सहयोग का भरोसा दिया। यह घटना न सिर्फ स्वास्थ्य व्यवस्था में चुनौतियों को दर्शाती है, बल्कि समाज में मौजूद संवेदनशीलता और मानवता की मिसाल भी पेश करती है, जहां समय पर एक समाजसेवी के प्रयास से एक परिवार को सहारा मिल सका।
गोंडा में लूटकांड का पर्दाफाश, मुठभेड़ में एक बदमाश घायल, तीन गिरफ्तार
गोंडा पुलिस और SOG/सर्विलांस टीम ने कर्नलगंज क्षेत्र में हुई लूट की बड़ी घटना का सफल अनावरण करते हुए तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी घायल हो गया।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में बृजेश शुक्ला, अमर शुक्ला उर्फ नन्के और बाबूराम शामिल हैं। मुठभेड़ में बृजेश शुक्ला के पैर में गोली लगी, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूट के सोने-चांदी के आभूषण, नकदी, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पीठ्ठू बैग, अवैध तमंचा, कारतूस और बिना नंबर प्लेट की पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की है।

घटना 28 अप्रैल 2026 को हुई थी, जब पीड़ित व्यक्ति को रास्ते में रोककर असलहे के बल पर उसका बैग लूट लिया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह अन्य जिलों में भी लूट की घटनाओं में शामिल रहा है।

गोंडा पुलिस अधीक्षक ने सफल कार्रवाई करने वाली टीम को ₹25,000 का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
भाजपा की प्रचंड जीत पर पिहानी कार्यालय में मनाया गया जश्न ।
बबलू प्रजापति
पिहानी हरदोई।बंगाल, असम सहित कई राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत की खुशी में नगर स्थित भाजपा कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ जश्न मनाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कर खुशी जाहिर की और जीत को पार्टी की नीतियों व संगठन की मेहनत का परिणाम बताया।
कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष गौरव गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपाई मौजूद रहे। इस मौके पर महामंत्री नीरज सिंह, निवर्तमान नगर अध्यक्ष आदर्श सिंह, पूर्व नगर अध्यक्ष पीयूष शुक्ला, विमलेश गुप्ता, ब्रजेश गुप्ता, डॉ. मुजाविर हुसैन जैदी, अभिषेक वैश्य (रिशु), उपाध्यक्ष रीतेश सिंह, विमलेश तिवारी, मंत्री भानू मिश्रा, अर्जुन शिव सिंह, दिनेश अर्कवंशी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की।
अमित शाह चुनेंगे पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री, बनाए गए पर्यवेक्षक, जेपी नड्‌डा को असम की जिम्मेदारी

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पश्चिम बंगाल और असम में नई सरकार के गठन के लिए भारतीय जनता पार्टी ने कवायद शुरू कर दी है। पश्चिम बंगाल और असम में विधायक दल का नेता चुनने के लिए भाजपा ने अपने केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है। पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को दी गई है। वहीं, असम में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पर्यवेक्षक बनाया गया है।

जल्द कोलकाता जाएंगे शाह

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल की है। पार्टी को 206 सीटें हासिल हुई है, जबकि टीएमसी को 82 सीटें मिली हैं। अब बीजेपी सरकार बनाने की तैयारी में जुट गई है। इसी क्रम में पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए गए हैं। पश्चिम बंगाल जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील और महत्वपूर्ण राज्य में यह बड़ी जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दी गई है। अमित शाह अगले 2-3 तीनों में कोलकाता जाएंगे और विधायकों से बातचीत करेंगे। पश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को होगा।

नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक कर चुनेंगे नेता

वहीं, पूर्वोत्तर के सबसे अहम राज्य असम के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। यह दोनों वरिष्ठ नेता असम जाकर सभी नवनिर्वाचित विधायकों के साथ सीधी बैठक करेंगे और उनकी राय जानने के बाद ही विधायक दल के नेता के नाम पर अंतिम मुहर लगाएंगे। इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया से पार्टी के भीतर किसी भी तरह की गुटबाजी को रोकने में मदद मिलेगी।

उपायुक्त हेमंत सती ने किया शेख़ भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निरीक्षण

उपायुक्त हेमंत सती ने आज 5 मई को शेख़ भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिसर का भ्रमण करते हुए पार्किंग व्यवस्था, एम्बुलेंस की उपलब्धता एवं उनकी संख्या की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने परिसर के अंदर सुव्यवस्थित पार्किंग सुनिश्चित करने हेतु नगर निगम को इसके संचालन की जिम्मेदारी सौंपने का निर्देश दिया।

अस्पताल में मरीजों की अधिक संख्या को देखते हुए उपायुक्त ने संचालित जन औषधि केंद्र एवं दवा काउंटर की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि मरीजों को समय पर एवं सहज रूप से दवाएं उपलब्ध हो सकें।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने कोल्ड चेन, विद्युत आपूर्ति सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को कार्यरत कर्मियों, एमपीडब्ल्यू (MPW) एवं रिक्त पदों की अद्यतन सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, जिससे संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

उपायुक्त ने नेत्र विभाग का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने उपलब्ध मशीनों की जानकारी ली तथा मौके पर अपनी आंखों की जांच भी कराई। उन्होंने संबंधित चिकित्सकों से मोतियाबिंद के मरीजों के ऑपरेशन की प्रक्रिया एवं संख्या के बारे में जानकारी प्राप्त की।

इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने आयुष्मान केंद्र, मेडिसिन ओपीडी, मनोरोग वार्ड, स्किन वार्ड, शिशु वार्ड, ईएनटी वार्ड, कार्डियोलॉजी वार्ड तथा डे-केयर कक्ष का सूक्ष्मता से निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं सेवाओं की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अस्पताल प्रबंधन को मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।

इस दौरान सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री आदित्य पांडेय, सिविल सर्जन,मेडिकल सुपरिटेंडेंट व अन्य चिकित्सक मौजूद थे।

देवघर-के कांग्रेस नेता डॉ मुनम्म संजय को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महासचिव बनाया गया। कांग्रेस ने एक बड़ी जिम्मेदारी दी।
देवघर: कांग्रेस के जुझारू, बेबाक और जमीनी नेता डॉ. मुनम्म संजय का है—एक ऐसा नाम, जो संघर्ष की आग में तपकर राजनीति की असली पहचान बना है। आज जब उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महासचिव बनाया गया है, तो यह केवल एक पद नहीं, बल्कि वर्षों की तपस्या, त्याग और अडिग निष्ठा का सम्मान है। डॉ. संजय का राजनीतिक जीवन किसी आरामदायक रास्ते से नहीं, बल्कि संघर्षों के तूफान से होकर निकला है। छात्र जीवन से ही उन्होंने सत्ता के खिलाफ आवाज उठाई। देवघर का टावर चौक उनकी लड़ाइयों का साक्षी रहा है—जहां उन्होंने धरना दिया, अनशन किया, सड़कें जाम कीं, पुतला दहन किया और हर उस मुद्दे पर डटकर खड़े हुए, जहां आम जनता की आवाज दबाई जा रही थी। सैकड़ों बार गिरफ्तारियां झेलना उनके लिए डर का कारण नहीं, बल्कि संघर्ष का तमगा बन गया। सबसे बड़ी बात—जब कई लोग सत्ता के लालच में रास्ता बदल लेते हैं, तब डॉ. संजय ने कभी कांग्रेस का दामन नहीं छोड़ा। पार्टी के सबसे कठिन दौर में भी वे चट्टान की तरह डटे रहे। लेकिन डॉ. संजय ने अद्भुत धैर्य और साहस का परिचय दिया। उन्होंने साफ तौर पर ठान लिया कि किसी भी कीमत पर झुकना नहीं है—और अडिग होकर हर दबाव का मुकाबला किया। उन्होंने न कभी कांग्रेस से समझौता किया, न ही कांग्रेस की विचारधारा के साथ किसी प्रकार की सौदेबाजी की। गांधी परिवार के प्रति उनकी निष्ठा और कांग्रेस विचारधारा के प्रति उनका समर्पण कभी डगमगाया नहीं। यही कारण है कि पार्टी ने हर मोड़ पर उन पर भरोसा जताया। एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष से लेकर युवा कांग्रेस के नेतृत्व तक, और फिर करीब 14-15 वर्षों तक देवघर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर खड़ा किया। विरोध, साजिश और अंदरूनी खींचतान के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी—बल्कि हर चुनौती को अपनी ताकत बना लिया। बीस सूत्री कार्यक्रम के जिला उपाध्यक्ष के रूप में उन्होंने जो काम किया, वह सिर्फ पद संभालना नहीं था, बल्कि व्यवस्था को आईना दिखाना था। उन्होंने यह साबित किया कि अगर नीयत साफ हो, तो सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि गरीबों के घर तक पहुंचती हैं। उन्होंने प्रशासन को जवाबदेह बनाया, अधिकारियों को सक्रिय किया और आम जनता के हक के लिए लड़ाई लड़ी। डॉ. संजय की पहचान सिर्फ एक नेता की नहीं, बल्कि एक लड़ाकू सिपाही की है—जो हर वक्त जनता के बीच खड़ा रहता है। उनकी पकड़ प्रशासन पर भी रही है और जनता के दिलों पर भी। कई बार प्रशासन से टकराव हुआ, लेकिन हर बार उन्होंने अपने हक की लड़ाई को मजबूती से रखा और समाधान भी निकाला। उनका स्वभाव जितना सरल है, उनकी राजनीति उतनी ही धारदार। युवाओं में उनकी जबरदस्त पकड़ है—क्योंकि वे सिर्फ भाषण नहीं देते, बल्कि साथ लेकर चलते हैं। यही वजह है कि उनके साथ हमेशा युवाओं की एक मजबूत फौज खड़ी रहती है। पार्टी ने उन्हें कई जिलों में प्रभारी और ऑब्जर्वर बनाकर उनकी क्षमता का उपयोग किया है। अब प्रदेश महासचिव के रूप में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपने अनुभव, संघर्ष और जमीनी समझ से संगठन को किस ऊंचाई तक ले जाते हैं। आज उनके इस नए दायित्व से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा, नया जोश और नई उम्मीद जगी है। आम कांग्रेसियों से लेकर बुद्धिजीवियों तक, हर कोई यह मान रहा है कि पार्टी ने इस बार एक ऐसे योद्धा को जिम्मेदारी दी है, जो सिर्फ कुर्सी नहीं, बल्कि विचार और संघर्ष की राजनीति को आगे बढ़ाएगा।