अस्पतालों में इलाज के अभाव में मरीजों की हो रही मौतें राज्य सरकार की विफलता- अविनेश


भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह ने झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह बदहाल बताते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड का स्वास्थ्य महकमा खुद अस्वस्थ और आईसीयू में जा चुका है। इस विभाग को पहले खुद इलाज की जरूरत है।

श्री सिंह ने कहा कि झारखंड में ध्वस्त स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर हाल ही में केंद्रीय मंत्रालय द्वारा यहां के स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर विभाग की नाकामियों के संबंध में आईना दिखाया गया है। झारखंड के अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली जांच सुविधाएं तय मानक से काफी पीछे है।

श्री सिंह ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाएं, दवा घोटाले, डॉक्टरों की कमी और इलाज के अभाव में हो रही मौतें सरकार की विफलता को उजागर करती हैं। सरायकेला-खरसावां के राजनगर में मोबाइल की रोशनी में प्रसव के दौरान मां और नवजात शिशु की मौत की घटना को अत्यंत दुखद और शर्मनाक बताया। यह घटना राज्य की चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था का स्पष्ट उदाहरण है। यहां ग्रामीण अस्पतालों में न पर्याप्त बिजली व्यवस्था है, न डॉक्टर और न ही आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।

प्रदेश प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के कार्यकाल में स्वास्थ्य विभाग लगातार विवादों और कथित अनियमितताओं को लेकर चर्चा में बना हुआ है। दवा खरीद, आउटसोर्सिंग और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोपों के साथ-साथ आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े और निजी अस्पतालों की मिलीभगत की खबरों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

श्री सिंह ने कहा कि रांची के सदर अस्पताल से मिल रही खबरों के अनुसार दवा रहने के बावजूद भी रोगियों को दवा नहीं दी जा रही है। अगर डॉक्टर ने पांच दवा लिखी है तो रोगियों को सिर्फ दो दवा ही दी जा रही है। बाजार में दवाओं की कालाबाजारी किये जाने की भी शिकायत मिल रही है। इस मामले की सरकार जांच करवाये और दोषियों को सजा दे।

उन्होंने कहा कि राज्य की जनता इलाज के अभाव में परेशान है, जबकि सरकार केवल बयानबाजी में व्यस्त दिखाई दे रही है। राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति दिन-प्रतिदिन और खराब होती जा रही है, लेकिन सरकार संवेदनशीलता दिखाने के बजाय अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है।

उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं किया गया तो जनता के हित में पार्टी राज्यभर में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

आजमगढ़: पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर स्विप्ट डिजायर कार पार्सल वाहन में घुसी, 5 की मौत
आजमगढ़। कंधरापुर थानांतर्गत पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 238.5 के पास उस समय हुआ जब एक तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार आगे चल रहे पार्सल वाहन में पीछे से जा घुस गई। सूचना पर DM रविंद्र कुमार और SP डॉ अनिल कुमार भी अस्पताल और पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। जानकारी के अनुसार पार्सल वाहन संख्या RJ 09 GB 6297 गाजीपुर से लखनऊ की ओर जा रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रही स्विफ्ट डिजायर कार संख्या HR 51 CW 5271 अनियंत्रित होकर वाहन से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही कंधरापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पहचान कराने और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद कुछ समय के लिए एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित रहा, जिसे पुलिस ने बाद में सामान्य कराया। मामले की जांच जारी है। मृतकों में 1-मनीष कुमार श्रीवास्तव पुत्र प्रेम कुमार उम्र 43 वर्ष 2-कंचन देवी पत्नी मनीष कुमार श्रीवास्तव उम्र 40 वर्ष 3-आस्था कुमारी पुत्री मनीष कुमार श्रीवास्तव उम्र 16 वर्ष 4-अदिति पुत्री मनीष कुमार उम्र 11 वर्ष 5- इसके अतिरिक्त एक नाम पता अज्ञात पुरुष उम्र लगभग 20 वर्ष समस्तनिवासी गण ग्राम गयासपुर थाना सिसवन जिला सिवान बिहार
लेखपाल भर्ती परीक्षा के लिए जनपद में 19 परीक्षा केंद्र बने, सेक्टर एवं स्टेटिक्स परीक्षा केदो का निरीक्षण करें

बस अड्डा और रेलवे स्टेशन पर हेल्पडक्स बनाए जाएं


फर्रुखाबाद l
जनपद में 21 मई 2026 को आयोजित होने वाली लेखपाल भर्ती परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष एवं पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा आयोजन से संबंधित सुरक्षा, प्रशासनिक एवं व्यवस्थात्मक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशानुरूप परीक्षा को शांतिपूर्ण, नकलविहीन एवं पारदर्शी वातावरण में संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट परीक्षा दिवस पर प्रातः 07 बजे ट्रेजरी पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे तथा प्रश्नपत्रों के सुरक्षित वितरण एवं परीक्षा प्रक्रिया की सतत निगरानी सुनिश्चित करेंगे। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी, जो परीक्षा अवधि के दौरान केंद्र की समस्त व्यवस्थाओं पर सतर्क दृष्टि बनाए रखेंगे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, कागज के टुकड़े, प्लास्टिक पाउच, पर्स, स्मार्टबैंड, स्मार्टवॉच, सनग्लासेस, कैलकुलेटर एवं हैंडबैग सहित किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री ले जाना पूर्णतः वर्जित रहेगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा तथा ड्यूटी में लगाए गए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपना आईडी कार्ड अनिवार्य रूप से धारण करना होगा।
उन्होंने निर्देशित किया कि सभी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में स्थित फोटोकॉपी की दुकानें, साइबर कैफे एवं इलेक्ट्रॉनिक गैजेट से संबंधित दुकानें परीक्षा अवधि के दौरान पूर्णतः बंद रखी जाएं, जिससे किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी युक्त कंट्रोल रूम एवं स्ट्रॉन्ग रूम स्थापित किए जाएंगे तथा सीसीटीवी कैमरों की स्थापना समय से पूर्ण कर उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित की जाए।
अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर क्लॉक रूम की व्यवस्था की जाए, जहां अभ्यर्थी अपनी निजी वस्तुएं सुरक्षित रख सकें। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को केवल नीला अथवा काला पेन, प्रवेश पत्र एवं मूल पहचान पत्र के साथ ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट को निर्देशित किया कि वे परीक्षा पूर्व अपने-अपने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर परीक्षा कक्षों, शौचालयों एवं अन्य व्यवस्थाओं की जांच सुनिश्चित करें। सभी केंद्र व्यवस्थापक एवं सहायक केंद्र व्यवस्थापक से नो-रिलेशन प्रमाणपत्र प्राप्त किया जाए तथा ड्यूटी में लगाए गए शिक्षकों एवं कर्मचारियों के मोबाइल नंबरों की सूची उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी केंद्रों पर क्लॉक रूम, पेयजल एवं शौचालय संबंधी संकेतक (साइनेज) स्पष्ट रूप से लगाए जाएं तथा प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दीवार घड़ी अनिवार्य रूप से स्थापित की जाए। साथ ही परीक्षा केंद्रों के बाहर सिटिंग प्लान प्रदर्शित किया जाए ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने रोडवेज बस अड्डे पर हेल्प डेस्क स्थापित करने तथा अभ्यर्थियों से वाहनों द्वारा किसी प्रकार की ओवरचार्जिंग न किए जाने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त सभी परीक्षा केंद्रों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता व्यवस्था एवं पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को प्रदान किए गए।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने  कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी संवेदनशीलता एवं सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
जिलाधिकारी ने सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया कि वे शासन द्वारा जारी निर्देश पुस्तिका का भली-भांति अध्ययन कर लें तथा सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, अपर पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कमरों में लगे ऐसी बंद मिलने पर लगाई फटकार, इमरजेंसी वार्ड में गंदगी देखकर जताई नाराजगी
फर्रुखाबाद l डॉ राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय का रात्रि में जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल की इमरजेंसी, विभिन्न वार्डों, एन0आर0सी0 वार्ड एवं एस0एन0सी0यू0 वार्ड सहित अन्य व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी वार्ड में काफी गंदगी पाए जाने तथा डस्टबिन कलर कोडिंग के अनुसार न रखे जाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को साफ-सफाई व्यवस्था में तत्काल सुधार लाने के सख्त निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को स्वच्छ एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाना प्राथमिकता होनी चाहिए तथा सफाई व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल के बाथरूम भी गंदे पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर के प्रत्येक हिस्से में स्वच्छता मानकों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए।
जिलाधिकारी ने वार्डों में लगे एसी के बंद पाए जाने पर भी संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई तथा तत्काल एसी संचालित कराने के निर्देश दिए। साथ ही भर्ती मरीजों को समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी वार्डों में पर्याप्त संख्या में साफ चादर एवं तकिये उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से वार्ता कर उन्हें मिल रहे उपचार, दवाओं की उपलब्धता एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मरीजों से अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में फीडबैक लिया तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं और किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए।
जिलाधिकारी द्वारा एन0आर0सी0 वार्ड एवं एस0एन0सी0यू0 वार्ड का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां भर्ती बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं, साफ-सफाई व्यवस्था तथा चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाते हुए मरीजों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए l साथ ही नियमित रूप से अस्पताल की व्यवस्थाओं की निगरानी सुनिश्चित की जाए, जिससे मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
Mirzapur : 151 टीबी मरीजों को भेंट किया गया पोषक पोटली*


मीरजापुर। टीबी मुक्त भारत बनाने के क्रम में संचालित 100 दिवसीय सघन टीबी रोगी खोजी अभियान अंतर्गत कछवां बाजार स्थित एक हॉस्पिटल प्रागंण में 151 टीबी मरीजों को पोषण पोटली भेंट किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डाक्टर विश्राम अपर आयुक्त, विंध्याचल मंडल, मीरजापुर की उपस्थिति में  क्रिश्चियन हॉस्पिटल द्वारा 101, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष डॉक्टर पंन्धारी यादव द्वारा 13, रेडक्रास सोसायटी द्वारा 37 एवं स्वयं टीबी चैंपियन राकेश कुमार द्वारा 2 टीबी मरीजों को पोषण पोटली देते हुए गोद लिया गया। इस दौरान
मुख्य अतिथि डाक्टर विश्राम द्वारा मौजूद मरीजों को खान-पान एवं नियमित दवा सेवन करने पर विशेष ध्यान देने की अपील की गई।
उन्होंने लोगों से नशा से दूरी बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि नशे से किसी भी प्रकार का कोई शारीरिक लाभ तो नहीं संभव है, बल्कि इससे शारीरिक व मानसिक तथा आर्थिक क्षति की ही संभावना के अवसर ज्यादा होते हैं।
कहा टीबी रोग न पहले  असाध्य था ना आज है, बस पहले अज्ञानता थी जिस कारण इसका समाज में एक अलग भय था, लेकिन अब केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के लगातार नए-नए प्रयास व उच्च श्रेणी की सरकारी जांच व दवा आदि उपलब्धता से इस रोग को काफी हदतक समाप्ति वह भयमुक्त के दिशा में कारगर बताया गया।
कार्यक्रम में पूर्व जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर एलएस मिश्रा, कोऑर्डिनेटर सतीश शंकर यादव, डाक्टर सीबी पटेल के साथ-साथ क्षय विभाग के दुर्गेश कुमार रावत, अखिलेश कुमार पांडेय, रामपाल आदि मौजूद रहे।
जिन्दपीर चौराहे पर प्रतिमा लगने से पहले बढ़ा विवाद .
रितेश मिश्रा
हरदोई: शहर के जिंदपीर चौराहे पर बनने वाले नए चौराहे और वहां स्थापित की गई प्रतिमा को लेकर विवाद गहराने लगा है। शाम छह बजे प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रम से पहले ही विरोध के स्वर तेज हो गए। दोपहर के समय अचानक चौराहे पर बड़ी संख्या में भीम आर्मी और मदारी पासी जागृति मंच से जुड़े लोग पहुंच गए और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा।
दरअसल, पिछले कई दिनों से शहर में यह चर्चा चल रही थी कि जिंदपीर चौराहे पर किस महापुरुष की प्रतिमा स्थापित की गई है। प्रतिमा को अब तक कपड़े से ढंका रखा गया है, जिससे लोगों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। इसी बीच विरोध कर रहे संगठनों ने दावा किया कि इस स्थान पर मदारी पासी की प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए। उनका कहना था कि यदि किसी अन्य व्यक्ति की प्रतिमा लगाई गई तो उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
सड़क दुघर्टना में एक की मौत दो घायल
मीरजापुर। लालगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत लालगंज-दीपनगर मार्ग पर शनिवार को एक सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना कोलकम गांव के सामने हुई, जब तीन युवक एक अपाचे बाइक पर सवार होकर पिउरी गांव से लालगंज लौट रहे थे। मृतक की पहचान हलिया थाना क्षेत्र के मवई कला गांव निवासी 19 वर्षीय रमाशंकर के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार,लालगंज-दीपनगर मार्ग पर कोलकम गांव के सामने बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि रमाशंकर की मौके पर ही मृत्यु हो गई। बाइक पर सवार अन्य दो युवक, 20 वर्षीय सुनील और 18 वर्षीय आनंद, गंभीर रूप से घायल हो गए।
रमाशंकर अपने चचेरे भाई सुनील और आनंद के साथ संतनगर थाना क्षेत्र के पिउरी गांव में अपनी बहन के घर भांजे के जन्म पर आयोजित बधाव कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। घटना की सूचना मिलने पर संतनगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज पहुंचाया। मृतक के शव को पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज में प्राथमिक उपचार के बाद, चिकित्सक डॉ. पंकज ने सुनील और आनंद की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया।
संतनगर थाने के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और घटना की जांच पड़ताल की जा रही है। मृतक रमाशंकर अपने तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था।
पश्चिम एशिया संकट के बीच यूपी सरकार अलर्ट
* श्रम विभाग की बड़ी तैयारी: सप्ताह में 2 दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू करने के निर्देश
लखनऊ। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक परिस्थितियों के संभावित असर को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों और कर्मचारियों के हित में व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर की अध्यक्षता में श्रम विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेशभर के संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक आवागमन प्रभावित होने की आशंका और उसके चलते ऊर्जा संकट, उद्योगों पर बढ़ते खर्च तथा संभावित छंटनी जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। सरकार ने औद्योगिक इकाइयों, संस्थानों और बड़े कार्यालयों में कर्मचारियों के लिए सप्ताह में कम से कम दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने हेतु एडवाइजरी जारी करने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही कार्यालयों में अलग-अलग शिफ्ट में कामकाज (स्टैगर्ड टाइमिंग) लागू करने, कर्मचारियों को मेट्रो, बस और कार पूलिंग जैसे सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के लिए प्रेरित करने तथा स्टार्टअप्स और उद्योगों के साथ समन्वय बैठकें करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में ऊर्जा बचत और स्वास्थ्य सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई। श्रमिकों को कम तेल वाले भोजन और बेहतर पोषण अपनाने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया गया।
संभावित संकट से निपटने के लिए सरकार ने हेल्पडेस्क स्थापित करने, ई-श्रम पोर्टल के आंकड़ों का उपयोग कर श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने तथा अफवाहों पर तत्काल नियंत्रण के लिए अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।इसके अलावा श्रमिकों की अद्यतन मजदूरी दरों की जानकारी उपलब्ध कराने, निर्माण श्रमिकों के हितलाभ आवेदनों की मासिक समीक्षा करने और श्रम विभाग के निर्माणाधीन कार्यालयों के कार्यों में तेजी लाने पर भी बल दिया गया।
बैठक के अंत में मंत्री अनिल राजभर ने अधिकारियों से सरकार की सभी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा लाभों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करने का आह्वान किया।
182 करोड़ की 'जिहादी ड्रग' जब्त, जिसे खाते ही आतंकी बन जाते हैं खूंखार

#ncbmajorconsignmentcaptagondrugseizedfirsttimeinthecountry

देश की मोदी सरकार को ड्रग तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। सरकार ने ड्रग्स के खिलाफ अपनी सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए पहली बार ‘जिहादी ड्रग’ कहे जाने वाले ‘कैप्टागन’ की बड़ी खेप जब्त की है। मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी।

पहली बार कैप्टागन नामक ड्रग की बड़ी खेप जब्त

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज बताया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने पहली बार कैप्टागन नामक ड्रग की बड़ी खेप जब्त की है, जिसकी कीमत करीब 182 करोड़ रुपये आंकी गई है। गृह मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ड्रग-फ्री इंडिया के संकल्प के साथ लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन रेजपिल’ के तहत एजेंसियों ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

ड्रग्स के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस

अमित शाह ने कहा कि मध्य पूर्व जा रही ड्रग्स की खेप को जब्त करना और एक विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी ड्रग्स के प्रति हमारी शून्य सहिष्णुता की प्रतिबद्धता के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। मैं दोहराता हूं कि हम भारत में प्रवेश करने वाले या हमारे क्षेत्र को पारगमन मार्ग के रूप में उपयोग करके देश से बाहर जाने वाले हर ग्राम ड्रग्स पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। एनसीबी के बहादुर और सतर्क योद्धाओं को सलाम।

कैप्टागन को जिहादी ड्रग्स क्यों कहते हैं?

अब सवाल यह है कि आखिर कैप्टागन को जिहादी ड्रग्स क्यों कहा जाता है? इसका इस्तेमाल कौन करता है और भारत की नारकोटिक्स एजेंसियों ने कैसे इसका भंडाफोड़ किया। कैप्टागन असल में फेनेथिलिन नामक एम्फेटामिन आधारित ड्रग का रूप है। मिडिल ईस्ट के युद्धग्रस्त इलाकों और आतंकी संगठनों के लड़ाकों के बीच इसके इस्तेमाल की वजह से इसे ‘जिहादी ड्रग’ कहा जाता है। इस ड्रग का सेवन करने के बाद इंसान को दर्द, डर या थकान का एहसास कम हो जाता है। इसे लेने के बाद इंसान लंबे समय तक जाग सकता है, थकान महसूस नहीं होती, फोकस बढ़ जाता है और दिमाग में एक अलग तरह का जोश और खुशी महसूस होती है। यही वजह है कि इसे लड़ाई और हिंसक गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाता रहा है।

आर आई की खराब प्रगति पर एम ओ आई सी कायमगंज को कारण बताओ नोटिस, नौलखा के एम ओ आई सी का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश

फर्रूखाबाद l
जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की मासिक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं की ए0एन0सी0 जांच की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जनपद की सभी गर्भवती महिलाओं की समयबद्ध ए0एन0सी0 जांच सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने जनपद में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एच0आर0पी0) के कम चिन्हीकरण पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देशित किया कि सभी एच0आर0पी0 महिलाओं की पहचान कर उन्हें समय पर समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए। जिलाधिकारी ने यह भी जानकारी प्राप्त की कि कितनी एच0आर0पी0 महिलाओं को आयरन सुक्रोज दिया गया है तथा सभी एम0ओ0आई0सी0 को निर्देशित किया कि गंभीर एनीमिया से ग्रसित गर्भवती महिलाओं का समय से निदान कर उपचार सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत सी0एम0 डैशबोर्ड पर डी रैंक प्राप्त होने तथा केवल 40 प्रतिशत भुगतान होने पर असंतोष व्यक्त करते हुए व्यवस्था में त्वरित सुधार के निर्देश दिए।
हीटवेव की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी ने सभी पी0एच0सी0 एवं सी0एच0सी0 पर पंखे, कूलर, ए0सी0 एवं वाटर कूलर को क्रियाशील रखने, पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा ओ0आर0एस0 की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी एम0ओ0आई0सी0 को निर्देशित किया कि तीन दिवस के भीतर सभी आशा कार्यकर्ताओं की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आई0डी0 बनवाना सुनिश्चित करें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद में 18,639 बच्चों का चिन्हीकरण किया गया है। जिलाधिकारी ने 102 एम्बुलेंस सेवा की सी0एम0 डैशबोर्ड पर 55वीं रैंक आने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एम्बुलेंस सेवा का रिस्पॉन्स टाइम कम करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रस्तुत एच0आर0 निविदा एवं वाहन निविदा के समय विस्तार संबंधी प्रस्ताव को जिलाधिकारी द्वारा निरस्त कर दिया गया तथा निर्देश दिए गए कि नई निविदाएं पुनः आमंत्रित की जाएं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों के नवीनीकरण एवं वेतन वृद्धि संबंधी प्रस्ताव को स्थगित करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कर्मचारियों के कार्य प्रदर्शन का मूल्यांकन कर उसी के आधार पर नवीनीकरण एवं वेतन वृद्धि की कार्यवाही की जाए। वहीं रीजेंट क्रय संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
आर0आई0 कार्यक्रम में खराब प्रगति पाए जाने पर एम0ओ0आई0सी0 कायमगंज को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा एम0ओ0आई0सी0 नौलखा का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने यू-विन पोर्टल पर टीकाकरण संबंधी डाटा समय से अपलोड करने, सभी नवजात बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने तथा 0 से 9 माह तक के बच्चों का डाटा अपलोड करने में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
अस्पतालों में इलाज के अभाव में मरीजों की हो रही मौतें राज्य सरकार की विफलता- अविनेश


भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह ने झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह बदहाल बताते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड का स्वास्थ्य महकमा खुद अस्वस्थ और आईसीयू में जा चुका है। इस विभाग को पहले खुद इलाज की जरूरत है।

श्री सिंह ने कहा कि झारखंड में ध्वस्त स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर हाल ही में केंद्रीय मंत्रालय द्वारा यहां के स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर विभाग की नाकामियों के संबंध में आईना दिखाया गया है। झारखंड के अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली जांच सुविधाएं तय मानक से काफी पीछे है।

श्री सिंह ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाएं, दवा घोटाले, डॉक्टरों की कमी और इलाज के अभाव में हो रही मौतें सरकार की विफलता को उजागर करती हैं। सरायकेला-खरसावां के राजनगर में मोबाइल की रोशनी में प्रसव के दौरान मां और नवजात शिशु की मौत की घटना को अत्यंत दुखद और शर्मनाक बताया। यह घटना राज्य की चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था का स्पष्ट उदाहरण है। यहां ग्रामीण अस्पतालों में न पर्याप्त बिजली व्यवस्था है, न डॉक्टर और न ही आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।

प्रदेश प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के कार्यकाल में स्वास्थ्य विभाग लगातार विवादों और कथित अनियमितताओं को लेकर चर्चा में बना हुआ है। दवा खरीद, आउटसोर्सिंग और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोपों के साथ-साथ आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े और निजी अस्पतालों की मिलीभगत की खबरों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

श्री सिंह ने कहा कि रांची के सदर अस्पताल से मिल रही खबरों के अनुसार दवा रहने के बावजूद भी रोगियों को दवा नहीं दी जा रही है। अगर डॉक्टर ने पांच दवा लिखी है तो रोगियों को सिर्फ दो दवा ही दी जा रही है। बाजार में दवाओं की कालाबाजारी किये जाने की भी शिकायत मिल रही है। इस मामले की सरकार जांच करवाये और दोषियों को सजा दे।

उन्होंने कहा कि राज्य की जनता इलाज के अभाव में परेशान है, जबकि सरकार केवल बयानबाजी में व्यस्त दिखाई दे रही है। राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति दिन-प्रतिदिन और खराब होती जा रही है, लेकिन सरकार संवेदनशीलता दिखाने के बजाय अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है।

उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं किया गया तो जनता के हित में पार्टी राज्यभर में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

आजमगढ़: पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर स्विप्ट डिजायर कार पार्सल वाहन में घुसी, 5 की मौत
आजमगढ़। कंधरापुर थानांतर्गत पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 238.5 के पास उस समय हुआ जब एक तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार आगे चल रहे पार्सल वाहन में पीछे से जा घुस गई। सूचना पर DM रविंद्र कुमार और SP डॉ अनिल कुमार भी अस्पताल और पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। जानकारी के अनुसार पार्सल वाहन संख्या RJ 09 GB 6297 गाजीपुर से लखनऊ की ओर जा रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रही स्विफ्ट डिजायर कार संख्या HR 51 CW 5271 अनियंत्रित होकर वाहन से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही कंधरापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पहचान कराने और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद कुछ समय के लिए एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित रहा, जिसे पुलिस ने बाद में सामान्य कराया। मामले की जांच जारी है। मृतकों में 1-मनीष कुमार श्रीवास्तव पुत्र प्रेम कुमार उम्र 43 वर्ष 2-कंचन देवी पत्नी मनीष कुमार श्रीवास्तव उम्र 40 वर्ष 3-आस्था कुमारी पुत्री मनीष कुमार श्रीवास्तव उम्र 16 वर्ष 4-अदिति पुत्री मनीष कुमार उम्र 11 वर्ष 5- इसके अतिरिक्त एक नाम पता अज्ञात पुरुष उम्र लगभग 20 वर्ष समस्तनिवासी गण ग्राम गयासपुर थाना सिसवन जिला सिवान बिहार
लेखपाल भर्ती परीक्षा के लिए जनपद में 19 परीक्षा केंद्र बने, सेक्टर एवं स्टेटिक्स परीक्षा केदो का निरीक्षण करें

बस अड्डा और रेलवे स्टेशन पर हेल्पडक्स बनाए जाएं


फर्रुखाबाद l
जनपद में 21 मई 2026 को आयोजित होने वाली लेखपाल भर्ती परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष एवं पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा आयोजन से संबंधित सुरक्षा, प्रशासनिक एवं व्यवस्थात्मक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशानुरूप परीक्षा को शांतिपूर्ण, नकलविहीन एवं पारदर्शी वातावरण में संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट परीक्षा दिवस पर प्रातः 07 बजे ट्रेजरी पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे तथा प्रश्नपत्रों के सुरक्षित वितरण एवं परीक्षा प्रक्रिया की सतत निगरानी सुनिश्चित करेंगे। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी, जो परीक्षा अवधि के दौरान केंद्र की समस्त व्यवस्थाओं पर सतर्क दृष्टि बनाए रखेंगे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, कागज के टुकड़े, प्लास्टिक पाउच, पर्स, स्मार्टबैंड, स्मार्टवॉच, सनग्लासेस, कैलकुलेटर एवं हैंडबैग सहित किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री ले जाना पूर्णतः वर्जित रहेगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा तथा ड्यूटी में लगाए गए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपना आईडी कार्ड अनिवार्य रूप से धारण करना होगा।
उन्होंने निर्देशित किया कि सभी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में स्थित फोटोकॉपी की दुकानें, साइबर कैफे एवं इलेक्ट्रॉनिक गैजेट से संबंधित दुकानें परीक्षा अवधि के दौरान पूर्णतः बंद रखी जाएं, जिससे किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी युक्त कंट्रोल रूम एवं स्ट्रॉन्ग रूम स्थापित किए जाएंगे तथा सीसीटीवी कैमरों की स्थापना समय से पूर्ण कर उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित की जाए।
अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर क्लॉक रूम की व्यवस्था की जाए, जहां अभ्यर्थी अपनी निजी वस्तुएं सुरक्षित रख सकें। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को केवल नीला अथवा काला पेन, प्रवेश पत्र एवं मूल पहचान पत्र के साथ ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट को निर्देशित किया कि वे परीक्षा पूर्व अपने-अपने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर परीक्षा कक्षों, शौचालयों एवं अन्य व्यवस्थाओं की जांच सुनिश्चित करें। सभी केंद्र व्यवस्थापक एवं सहायक केंद्र व्यवस्थापक से नो-रिलेशन प्रमाणपत्र प्राप्त किया जाए तथा ड्यूटी में लगाए गए शिक्षकों एवं कर्मचारियों के मोबाइल नंबरों की सूची उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी केंद्रों पर क्लॉक रूम, पेयजल एवं शौचालय संबंधी संकेतक (साइनेज) स्पष्ट रूप से लगाए जाएं तथा प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दीवार घड़ी अनिवार्य रूप से स्थापित की जाए। साथ ही परीक्षा केंद्रों के बाहर सिटिंग प्लान प्रदर्शित किया जाए ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने रोडवेज बस अड्डे पर हेल्प डेस्क स्थापित करने तथा अभ्यर्थियों से वाहनों द्वारा किसी प्रकार की ओवरचार्जिंग न किए जाने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त सभी परीक्षा केंद्रों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता व्यवस्था एवं पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को प्रदान किए गए।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने  कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी संवेदनशीलता एवं सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
जिलाधिकारी ने सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया कि वे शासन द्वारा जारी निर्देश पुस्तिका का भली-भांति अध्ययन कर लें तथा सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, अपर पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कमरों में लगे ऐसी बंद मिलने पर लगाई फटकार, इमरजेंसी वार्ड में गंदगी देखकर जताई नाराजगी
फर्रुखाबाद l डॉ राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय का रात्रि में जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल की इमरजेंसी, विभिन्न वार्डों, एन0आर0सी0 वार्ड एवं एस0एन0सी0यू0 वार्ड सहित अन्य व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी वार्ड में काफी गंदगी पाए जाने तथा डस्टबिन कलर कोडिंग के अनुसार न रखे जाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को साफ-सफाई व्यवस्था में तत्काल सुधार लाने के सख्त निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को स्वच्छ एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाना प्राथमिकता होनी चाहिए तथा सफाई व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल के बाथरूम भी गंदे पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर के प्रत्येक हिस्से में स्वच्छता मानकों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए।
जिलाधिकारी ने वार्डों में लगे एसी के बंद पाए जाने पर भी संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई तथा तत्काल एसी संचालित कराने के निर्देश दिए। साथ ही भर्ती मरीजों को समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी वार्डों में पर्याप्त संख्या में साफ चादर एवं तकिये उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से वार्ता कर उन्हें मिल रहे उपचार, दवाओं की उपलब्धता एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मरीजों से अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में फीडबैक लिया तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं और किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए।
जिलाधिकारी द्वारा एन0आर0सी0 वार्ड एवं एस0एन0सी0यू0 वार्ड का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां भर्ती बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं, साफ-सफाई व्यवस्था तथा चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाते हुए मरीजों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए l साथ ही नियमित रूप से अस्पताल की व्यवस्थाओं की निगरानी सुनिश्चित की जाए, जिससे मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
Mirzapur : 151 टीबी मरीजों को भेंट किया गया पोषक पोटली*


मीरजापुर। टीबी मुक्त भारत बनाने के क्रम में संचालित 100 दिवसीय सघन टीबी रोगी खोजी अभियान अंतर्गत कछवां बाजार स्थित एक हॉस्पिटल प्रागंण में 151 टीबी मरीजों को पोषण पोटली भेंट किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डाक्टर विश्राम अपर आयुक्त, विंध्याचल मंडल, मीरजापुर की उपस्थिति में  क्रिश्चियन हॉस्पिटल द्वारा 101, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष डॉक्टर पंन्धारी यादव द्वारा 13, रेडक्रास सोसायटी द्वारा 37 एवं स्वयं टीबी चैंपियन राकेश कुमार द्वारा 2 टीबी मरीजों को पोषण पोटली देते हुए गोद लिया गया। इस दौरान
मुख्य अतिथि डाक्टर विश्राम द्वारा मौजूद मरीजों को खान-पान एवं नियमित दवा सेवन करने पर विशेष ध्यान देने की अपील की गई।
उन्होंने लोगों से नशा से दूरी बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि नशे से किसी भी प्रकार का कोई शारीरिक लाभ तो नहीं संभव है, बल्कि इससे शारीरिक व मानसिक तथा आर्थिक क्षति की ही संभावना के अवसर ज्यादा होते हैं।
कहा टीबी रोग न पहले  असाध्य था ना आज है, बस पहले अज्ञानता थी जिस कारण इसका समाज में एक अलग भय था, लेकिन अब केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के लगातार नए-नए प्रयास व उच्च श्रेणी की सरकारी जांच व दवा आदि उपलब्धता से इस रोग को काफी हदतक समाप्ति वह भयमुक्त के दिशा में कारगर बताया गया।
कार्यक्रम में पूर्व जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर एलएस मिश्रा, कोऑर्डिनेटर सतीश शंकर यादव, डाक्टर सीबी पटेल के साथ-साथ क्षय विभाग के दुर्गेश कुमार रावत, अखिलेश कुमार पांडेय, रामपाल आदि मौजूद रहे।
जिन्दपीर चौराहे पर प्रतिमा लगने से पहले बढ़ा विवाद .
रितेश मिश्रा
हरदोई: शहर के जिंदपीर चौराहे पर बनने वाले नए चौराहे और वहां स्थापित की गई प्रतिमा को लेकर विवाद गहराने लगा है। शाम छह बजे प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रम से पहले ही विरोध के स्वर तेज हो गए। दोपहर के समय अचानक चौराहे पर बड़ी संख्या में भीम आर्मी और मदारी पासी जागृति मंच से जुड़े लोग पहुंच गए और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा।
दरअसल, पिछले कई दिनों से शहर में यह चर्चा चल रही थी कि जिंदपीर चौराहे पर किस महापुरुष की प्रतिमा स्थापित की गई है। प्रतिमा को अब तक कपड़े से ढंका रखा गया है, जिससे लोगों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। इसी बीच विरोध कर रहे संगठनों ने दावा किया कि इस स्थान पर मदारी पासी की प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए। उनका कहना था कि यदि किसी अन्य व्यक्ति की प्रतिमा लगाई गई तो उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
सड़क दुघर्टना में एक की मौत दो घायल
मीरजापुर। लालगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत लालगंज-दीपनगर मार्ग पर शनिवार को एक सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना कोलकम गांव के सामने हुई, जब तीन युवक एक अपाचे बाइक पर सवार होकर पिउरी गांव से लालगंज लौट रहे थे। मृतक की पहचान हलिया थाना क्षेत्र के मवई कला गांव निवासी 19 वर्षीय रमाशंकर के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार,लालगंज-दीपनगर मार्ग पर कोलकम गांव के सामने बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि रमाशंकर की मौके पर ही मृत्यु हो गई। बाइक पर सवार अन्य दो युवक, 20 वर्षीय सुनील और 18 वर्षीय आनंद, गंभीर रूप से घायल हो गए।
रमाशंकर अपने चचेरे भाई सुनील और आनंद के साथ संतनगर थाना क्षेत्र के पिउरी गांव में अपनी बहन के घर भांजे के जन्म पर आयोजित बधाव कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। घटना की सूचना मिलने पर संतनगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज पहुंचाया। मृतक के शव को पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज में प्राथमिक उपचार के बाद, चिकित्सक डॉ. पंकज ने सुनील और आनंद की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया।
संतनगर थाने के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और घटना की जांच पड़ताल की जा रही है। मृतक रमाशंकर अपने तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था।
पश्चिम एशिया संकट के बीच यूपी सरकार अलर्ट
* श्रम विभाग की बड़ी तैयारी: सप्ताह में 2 दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू करने के निर्देश
लखनऊ। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक परिस्थितियों के संभावित असर को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों और कर्मचारियों के हित में व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर की अध्यक्षता में श्रम विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेशभर के संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक आवागमन प्रभावित होने की आशंका और उसके चलते ऊर्जा संकट, उद्योगों पर बढ़ते खर्च तथा संभावित छंटनी जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। सरकार ने औद्योगिक इकाइयों, संस्थानों और बड़े कार्यालयों में कर्मचारियों के लिए सप्ताह में कम से कम दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने हेतु एडवाइजरी जारी करने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही कार्यालयों में अलग-अलग शिफ्ट में कामकाज (स्टैगर्ड टाइमिंग) लागू करने, कर्मचारियों को मेट्रो, बस और कार पूलिंग जैसे सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के लिए प्रेरित करने तथा स्टार्टअप्स और उद्योगों के साथ समन्वय बैठकें करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में ऊर्जा बचत और स्वास्थ्य सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई। श्रमिकों को कम तेल वाले भोजन और बेहतर पोषण अपनाने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया गया।
संभावित संकट से निपटने के लिए सरकार ने हेल्पडेस्क स्थापित करने, ई-श्रम पोर्टल के आंकड़ों का उपयोग कर श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने तथा अफवाहों पर तत्काल नियंत्रण के लिए अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।इसके अलावा श्रमिकों की अद्यतन मजदूरी दरों की जानकारी उपलब्ध कराने, निर्माण श्रमिकों के हितलाभ आवेदनों की मासिक समीक्षा करने और श्रम विभाग के निर्माणाधीन कार्यालयों के कार्यों में तेजी लाने पर भी बल दिया गया।
बैठक के अंत में मंत्री अनिल राजभर ने अधिकारियों से सरकार की सभी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा लाभों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करने का आह्वान किया।
182 करोड़ की 'जिहादी ड्रग' जब्त, जिसे खाते ही आतंकी बन जाते हैं खूंखार

#ncbmajorconsignmentcaptagondrugseizedfirsttimeinthecountry

देश की मोदी सरकार को ड्रग तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। सरकार ने ड्रग्स के खिलाफ अपनी सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए पहली बार ‘जिहादी ड्रग’ कहे जाने वाले ‘कैप्टागन’ की बड़ी खेप जब्त की है। मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी।

पहली बार कैप्टागन नामक ड्रग की बड़ी खेप जब्त

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज बताया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने पहली बार कैप्टागन नामक ड्रग की बड़ी खेप जब्त की है, जिसकी कीमत करीब 182 करोड़ रुपये आंकी गई है। गृह मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ड्रग-फ्री इंडिया के संकल्प के साथ लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन रेजपिल’ के तहत एजेंसियों ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

ड्रग्स के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस

अमित शाह ने कहा कि मध्य पूर्व जा रही ड्रग्स की खेप को जब्त करना और एक विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी ड्रग्स के प्रति हमारी शून्य सहिष्णुता की प्रतिबद्धता के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। मैं दोहराता हूं कि हम भारत में प्रवेश करने वाले या हमारे क्षेत्र को पारगमन मार्ग के रूप में उपयोग करके देश से बाहर जाने वाले हर ग्राम ड्रग्स पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। एनसीबी के बहादुर और सतर्क योद्धाओं को सलाम।

कैप्टागन को जिहादी ड्रग्स क्यों कहते हैं?

अब सवाल यह है कि आखिर कैप्टागन को जिहादी ड्रग्स क्यों कहा जाता है? इसका इस्तेमाल कौन करता है और भारत की नारकोटिक्स एजेंसियों ने कैसे इसका भंडाफोड़ किया। कैप्टागन असल में फेनेथिलिन नामक एम्फेटामिन आधारित ड्रग का रूप है। मिडिल ईस्ट के युद्धग्रस्त इलाकों और आतंकी संगठनों के लड़ाकों के बीच इसके इस्तेमाल की वजह से इसे ‘जिहादी ड्रग’ कहा जाता है। इस ड्रग का सेवन करने के बाद इंसान को दर्द, डर या थकान का एहसास कम हो जाता है। इसे लेने के बाद इंसान लंबे समय तक जाग सकता है, थकान महसूस नहीं होती, फोकस बढ़ जाता है और दिमाग में एक अलग तरह का जोश और खुशी महसूस होती है। यही वजह है कि इसे लड़ाई और हिंसक गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाता रहा है।

आर आई की खराब प्रगति पर एम ओ आई सी कायमगंज को कारण बताओ नोटिस, नौलखा के एम ओ आई सी का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश

फर्रूखाबाद l
जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की मासिक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं की ए0एन0सी0 जांच की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जनपद की सभी गर्भवती महिलाओं की समयबद्ध ए0एन0सी0 जांच सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने जनपद में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एच0आर0पी0) के कम चिन्हीकरण पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देशित किया कि सभी एच0आर0पी0 महिलाओं की पहचान कर उन्हें समय पर समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए। जिलाधिकारी ने यह भी जानकारी प्राप्त की कि कितनी एच0आर0पी0 महिलाओं को आयरन सुक्रोज दिया गया है तथा सभी एम0ओ0आई0सी0 को निर्देशित किया कि गंभीर एनीमिया से ग्रसित गर्भवती महिलाओं का समय से निदान कर उपचार सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत सी0एम0 डैशबोर्ड पर डी रैंक प्राप्त होने तथा केवल 40 प्रतिशत भुगतान होने पर असंतोष व्यक्त करते हुए व्यवस्था में त्वरित सुधार के निर्देश दिए।
हीटवेव की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी ने सभी पी0एच0सी0 एवं सी0एच0सी0 पर पंखे, कूलर, ए0सी0 एवं वाटर कूलर को क्रियाशील रखने, पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा ओ0आर0एस0 की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी एम0ओ0आई0सी0 को निर्देशित किया कि तीन दिवस के भीतर सभी आशा कार्यकर्ताओं की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आई0डी0 बनवाना सुनिश्चित करें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद में 18,639 बच्चों का चिन्हीकरण किया गया है। जिलाधिकारी ने 102 एम्बुलेंस सेवा की सी0एम0 डैशबोर्ड पर 55वीं रैंक आने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एम्बुलेंस सेवा का रिस्पॉन्स टाइम कम करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रस्तुत एच0आर0 निविदा एवं वाहन निविदा के समय विस्तार संबंधी प्रस्ताव को जिलाधिकारी द्वारा निरस्त कर दिया गया तथा निर्देश दिए गए कि नई निविदाएं पुनः आमंत्रित की जाएं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों के नवीनीकरण एवं वेतन वृद्धि संबंधी प्रस्ताव को स्थगित करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कर्मचारियों के कार्य प्रदर्शन का मूल्यांकन कर उसी के आधार पर नवीनीकरण एवं वेतन वृद्धि की कार्यवाही की जाए। वहीं रीजेंट क्रय संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
आर0आई0 कार्यक्रम में खराब प्रगति पाए जाने पर एम0ओ0आई0सी0 कायमगंज को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा एम0ओ0आई0सी0 नौलखा का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने यू-विन पोर्टल पर टीकाकरण संबंधी डाटा समय से अपलोड करने, सभी नवजात बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने तथा 0 से 9 माह तक के बच्चों का डाटा अपलोड करने में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।