*सेवा दिवस के रूप में मनाई गई समाजसेवी अच्छेलाल सिंह जी की चौथी पुण्यतिथि,परिजनों ने वृद्धा आश्रम व मेडिकल कॉलेज में किया फल वितरण।*
सुल्तानपुर-जयसिंहपुर क्षेत्र के दरपीपुर निवासी दिवंगत समाज सेवी अच्छे लाल सिंह की आज चौथी पुण्यतिथि पर उनके परिजनों ने सेवा दिवास के रूप में मनाया है।उनके परिजनों ने शहर के तुराबखानी स्थित वृद्धा आश्रम पर मौजूद निराश्रित लोगों को फल वितरण किया और उनका हाल जाना।इसके बाद जिला मेडिकल कॉलेज के जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों व अस्पताल में सफाई करने वाले कर्मियों को भी फल वितरित किया है। स्व अच्छे लाल सिंह जी के पौत्र संदीप सिंह ने बताया की उनके बाबा हमेशा समाज के उन लोगों की मदद की है जिनकी कोई सुनने वाला नही होता था।उनके द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में जो बीड़ा उठाया गया था,उनके उस कार्य को आज उनकी ना मौजूदगी में उनके परिजन आगे बढ़ाने का काम कर रहे है।इसी कारण हर वर्ष की 13 जनवरी को होने वाली उनकी पुण्यतिथि पर लोगों की सेवा कर उसे सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान श्री सिंह के पौत्र संदीप सिंह सोनू ने बताया की आज के युवा अगर अपने पूर्वजों और परिवार के बड़े बूढ़े लोगों के दिखाए गए रास्तों पर चले या उनकी स्मृति को ध्यान में रखकर समाज के उन लोगों की सेवा करें जो जरूरतमंद है,अपने बड़े बुजुर्ग पूर्वजों को वही सच्ची श्रद्धांजलि है।हम पिछले कई सालों आए अपने बाबा जी के पद चिन्हों पर चलने की कोशिश करते हुए उनकी पुण्यतिथि को सेवा दिवस के रूप में मनाते है।इस दिन अस्पतालों में फल वितरण।जरूरतमंदों को कम्बल वितरण जैसे कार्य किये जाते है। बाइट - संदीप सिंह सोनू
भाजपा बताए—झारखंड और कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों : विनोद पांडेय

झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने बयान जारी कर कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी की विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा का बयान न केवल तथ्यहीन है, बल्कि भाजपा की जानी-पहचानी दोहरी मानसिकता और आदिवासी नेतृत्व के प्रति उसकी असहजता व सामंती सोच को भी उजागर करता है। सबसे पहले तो भाजपा मुख्यमंत्री के उस बयान पर गौर करे जिसमें उन्होंने कहा था कि इरादे नेक हों तो परिणाम सुखद होते हैं। सीजीएल परीक्षा को इसके उदाहरण स्वरूप देख सकते हैं। अब आगे प्रमाण के साथ भाजपा के दोहरे मापदंड को बेनकाब करते हैं। भाजपा का दोहरापन ही उसके असली चाल-चरित्र और चेहरे को उजागर करता है। झारखंड पहली बार दावोस जा रहा है, तो भाजपा रोज हेमंत सोरेन जी पर अनर्गल आरोप लगाती है। और दूसरी ओर कर्नाटक में वही भाजपा कांग्रेस से सवाल करती है कि वे दावोस क्यों नहीं जा रहे। एक ही मंच, दो मापदंड - यही भाजपा की असल राजनीति है।

सबसे पहले यह स्पष्ट कर देना जरूरी है कि मुख्यमंत्री जी की विदेश यात्राएं निजी सैर-सपाटा नहीं, बल्कि राज्य के दीर्घकालिक औद्योगिक, पर्यटन और निवेश हितों से जुड़ी रणनीतिक यात्राएं हैं। दुनिया भर में निवेश आकर्षित करने के लिए वैश्विक मंचों पर जाना आज किसी भी प्रगतिशील राज्य सरकार की आवश्यकता है। भाजपा इसे ‘शौक’ कहकर झारखंड के भविष्य का मजाक उड़ा रही है।

भाजपा बताए—कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों?

आज वही भाजपा, जो झारखंड में दावोस, स्वीडन या स्पेन जाने पर सवाल उठा रही है, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम – 2025 में शामिल न होने पर छाती पीट रही थी। कर्नाटक भाजपा स्वयं कह रही है कि दावोस जैसे मंच पर न जाना ‘राज्य के भविष्य से खिलवाड़’है। तो फिर झारखंड के मामले में भाजपा का यह पाखंड क्यों?

भाजपा नेताओं के अपने बयान बताते हैं कि तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र जैसे राज्य दावोस में निवेश के लिए जा रहे हैं और करोड़ों के एमओयू साइन हो रहे हैं। महाराष्ट्र के लिए भाजपा नेता गर्व से 15.70 लाख करोड़ के निवेश समझौतों का दावा करते हैं। अगर इन राज्यों के लिए दावोस जाना सही है, तो झारखंड के लिए गलत कैसे हो गया?

आदिवासी मुख्यमंत्री से भाजपा की परेशानी

भाजपा को असल तकलीफ यह है कि झारखंड का नेतृत्व एक आदिवासी मुख्यमंत्री कर रहा है, जो आत्मविश्वास के साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर झारखंड का पक्ष मजबूती से रखेंगे। जब-जब हेमंत सोरेन जी राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाने की कोशिश करते हैं, तब-तब भाजपा का सामंती चेहरा सामने आने लगता है। भाजपा यह भूल जाती है कि केंद्र में उसकी सरकार के प्रधानमंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्री लगातार विदेश यात्राएं करते रहे हैं। तब न तो श्वेत पत्र की मांग हुई, न ही ‘सैर-सपाटे’ का तंज कसा गया।

निवेश और जमीनी हकीकत

निवेश कोई जादू की छड़ी नहीं कि आज दौरा हो और कल फैक्ट्री लग जाए। यह एक सतत प्रक्रिया है—एमओयू, नीति, भूमि, आधारभूत संरचना और स्थानीय संसाधनों के विकास से जुड़ी हुई। हेमंत सरकार ने उद्योग नीति, पर्यटन नीति और स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता दी है। भाजपा के शासनकाल में झारखंड को सिर्फ खनन और लूट का मॉडल मिला, स्थानीय उद्योगों की दुर्दशा उसी दौर की देन है।

भाजपा करे आत्ममंथन

आज भाजपा को दूसरों से सवाल पूछने से पहले अपने ही नेताओं के बयानों और अपने शासित राज्यों के उदाहरणों को देखना चाहिए। कर्नाटक में दावोस न जाने पर हाय-तौबा मचाने वाली भाजपा, झारखंड में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाने को अपराध बताने का काम कर रही है।

झारखंड विरोधी भाजपा के दुष्प्रचार से राज्य की जनता भली-भांति परिचित है। हेमंत सोरेन सरकार राज्य के विकास, निवेश और रोजगार के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी राजनीतिक शोर-शराबे से विचलित होने वाली नहीं है

भाजपा को चाहिए कि वह नकारात्मक राजनीति छोड़कर झारखंड के हित में रचनात्मक भूमिका निभाए—यही लोकतंत्र और राज्य, दोनों के लिए बेहतर होगा।

Mirzapur: बस की टक्कर से झाड़ी में पलटी ऑटो, चालक समेत आठ यात्री घायल

मीरजापुर। मड़िहान थाना क्षेत्र के लालपुर गांव के सामने मंगलवार को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। रोज़मर्रा की तरह मेहनत-मजदूरी और इलाज की आस में घर से निकले लोग जब सड़क पर गिरे तो राहगीर सहम गए।

मड़िहान कस्बा निवासी दीपक यादव रोज़ की तरह अपने ऑटो में सवारियां लेकर राजगढ़ से मड़िहान की ओर आ रहे थे। जैसे ही ऑटो सोनभद्र मार्ग स्थित लालपुर गांव के सामने पहुंचा, पीछे से आ रही तेज रफ्तार बस ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयावह थी कि ऑटो असंतुलित होकर सड़क किनारे झाड़ियों में जा पलटा।

हादसे के बाद चालक बस लेकर मौके से फरार हो गया। ऑटो से उठती चीख-पुकार ने राहगीरों को रोक लिया। कोई घायल को संभाल रहा था, तो कोई बच्चों को सीने से लगाए रोते-बिलखते परिजनों को ढाढ़स बंधा रहा था। सड़क पर खून, ऑटो में घायल कराहते रहे।

हादसे में ऑटो चालक दीपक यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत मड़िहान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। परिजन घबराए हुए थे। जब की महिला तथा बच्चों समेत सात घायल यात्रियों को इलाज के लिए राजगढ़ अस्पताल भेज दिया गया। घायल यात्रियों में अरुण प्रभात पुत्र विजय कुमार26 वर्ष, पत्नी वंदना 24 वर्ष, पुत्र प्रचंड बहादुर4 वर्ष, आदित्य डेढ़ वर्ष, संतोष कुमार60 वर्ष, रोशन10 वर्ष, राजकुमार कोल50 वर्ष व चंपा पत्नी सालिक60 वर्ष थे।

मासूम बच्चों के खून से सने चेहरे और मांओं की चीखें देखकर हर किसी का कलेजा कांप उठा।
एसीबी जांच एजेंसी की तरह नहीं वसूली एजेंट की तरह काम कर रही....बाबूलाल मरांडी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड में एसीबी द्वारा की जा रही शराब घोटाले की जांच के नाम पर यहां 'घोटाले में भी घोटाला' हो रहा है।

कहा कि एसीबी द्वारा इस मामले में की जा रही गिरफ्तारी का असली मकसद आरोपियों के बीच सिर्फ डर पैदा करना और 'रेट' तय करना है। जैसे ही पर्दे के पीछे 'डील' पक्की होती है और पैसे पहुँच जाते हैं, वैसे ही जानबूझकर चार्जशीट रोक दी जाती है ताकि इन 'बड़ी मछलियों' को आसानी से जमानत मिल जाए।

कहा कि एसीबी अब जांच एजेंसी नहीं, बल्कि वसूली एजेंट की तरह काम कर रही है। जनता की आंखों में धूल झोंकने वाले इस खेल को अब सिर्फ केंद्रीय एजेंसियां ही रोक सकती हैं। लगता है कि अभी सबसे जरूरी तो शराब घोटाले की जांच में शामिल रहे लोगों के द्वारा 'किये गए जांच' की भी उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता है।

कहा कि माननीय न्यायालय संज्ञान ले और शराब घोटाले की जांच तुरंत सीबीआई और ईडी से कराने का आदेश दे, तभी झारखंड को लूटने वाले असली गुनाहगारों को सजा दिलाई जा सकती है।

21.47 करोड़ रुपए के लोन घोटाले में पूर्व शाखा प्रबंधक सहित 16 के विरुद्ध मुकदमा दर्ज


कोआपरेटिव बैंक के मुख्य प्रबंधक की शिकायत पर हुई कार्रवाई

गोंडा।जिले में ऋण वितरण के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और घोटाला सामने आया है।205 खाताधारकों के ऋण खातों और पांच आंतरिक खातों से कुल 2147.78 लाख रुपए की वित्तीय अनियमितता की गई है।इस मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक,प्रबंधक,तत्कालीन कैशियर और 12 खाताधारकों सहित 16 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।उत्तर प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड की महारानी गंज शाखा के मुख्य प्रबंधक भुवन चंद्र सती ने पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार जायसवाल से शिकायत किया था।आंतरिक जांच टीम की रिपोर्ट में घोटाले का खुलासा होने के बाद यह शिकायत की गई थी।शिकायत के आधार पर जांच में आरोप सही पाये जाने पर नगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

इस पूरे मामले की जांच नगर कोतवाली के इंस्पेक्टर क्राइम सभाजीत सिंह को सौंपी गई है और उन्होंने अपनी पड़ताल शुरू कर दिया है।भुवन चंद्र सती ने आरोप लगाया है कि ऋण वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितता और धोखाधड़ी किया गया है।आरोपियों ने एक गिरोह बनाकर फर्जीवाड़ा किया  तथा अनियमित रूप से ऋण वितरित कर धनराशि का दुरुपयोग किया।तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार ने स्वयं और अपने परिवार के सदस्यों को इस सिंडिकेट में शामिल कर बिना पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों के ऋण स्वीकृत कर दिये।

ऋण देने से पहले न तो आवश्यक दस्तावेज पूरे किए गए और न तो खाताधारकों का सत्यापन किया गया।फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे ऋण वितरण किया गया।आरोप है कि इस गिरोह में कई अन्य लोग भी शामिल हैं,जिन्होंने खाताधारकों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से बड़ा घोटाला किया।आरोपियों ने विभिन्न खाताधारकों के खातों से अपने और अपने करीबियों के खातों में पैसे ट्रांसफर किये।खाताधारकों के खातों का दुरुपयोग करते हुए इसके अतिरिक्त लोन की धनराशि का उपयोग किस्तों को जमा करने में किया गया है ताकि खाता एनपीए में न वर्गीकरण हो जाए और बैंक मुख्यालय की जानकारी में न आ सके।नगर कोतवाली पुलिस द्वारा तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल,तत्कालीन प्रबंधक अजय कुमार,तत्कालीन सहायक कैशियर सुशील कुमार गौतम,पवन कुमार और खाताधारक सुमित्रा पाल,संजना सिंह,राज प्रताप सिंह, जय प्रताप सिंह,फूल मोहम्मद, राघव राम,शिवाकांत वर्मा, रितैंद्र पाल,गिता देवी वर्मा,दुष्यंत प्रताप सिंह,मोहम्मद असलम,प्रतीक कुमार सिंह के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।वहीं नगर कोतवाली के क्राइम इंस्पेक्टर सभाजीत सिंह ने बताया कि जांच के दौरान आरोप की पुष्टि होने पर मुकदमा दर्ज किया गया है।मेरे द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले की जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
टीबी रोग से डरें नहीं डटकर नियमित दवा का करें सेवन

भारत को टीबी मुक्त बनाने के अभियान के तहत श्रमिकों को किया गया जागरूक

मीरजापुर,13 जनवरी 2026। भारत को टीबी मुक्त बनाने के अभियान अन्तर्गत मंगलवार को जिला क्षय रोग विभाग की टीम द्वारा जनपद के नरायनपुर विकास खंड अंतर्गत स्थित भरेठा गांव के उषा मार्का ईंट भट्टे पर कार्यरत श्रमिकों को टीबी रोग की संपूर्ण जानकारी देते हुए जागरूक करते हुए टीबी रोग के लक्षणों एवं बचाव के उपाय बताए गए।

इस दौरान क्षय रोग विभाग के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सतीश शंकर यादव ने ईंट भट्टा श्रमिकों को टीबी रोग के संपूर्ण लक्षणों से परिचित कराते हुए विभाग द्वारा दी जा रही नि:शुल्क सुविधाओं को भी विस्तार पूर्वक बताते हुए सभी को जागरूक किया। कहा आप अपने आस-पास के किसी भी परिचित-अपरचित को यदि टीबी रोग से जुड़े हुए लक्षणों से प्रभावित पाते हैं तो उन्हें नजदीकी सरकारी अस्पताल में ले जाकर जांच इलाज कराने का सुझाव देकर देश को टीबी मुक्त बनाने में अपना सराहनीय योगदान देने का प्रयास अवश्य करें, जिससे कि जल्द से जल्द टीबी रोग से पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव से आम जनमानस सुरक्षित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि इस रोग से घबराकर बैठने की जरुरत नहीं है, बल्कि डटकर नियमित दवा का सेवन कर इस रोग को दूर भगाने की जरूरत है। इस मौके पर भट्टा श्रमिकों के साथ आस-पास के ग्रामीण एवं क्षय रोग विभाग से अखिलेश कुमार, इफ्तिखार अहमद, भट्ठा मालिक महेंद्र कुमार आदि लोग उपस्थित रहे हैं।
भदोही का सेमराध-नाथ धाम कल्पवास मेला ड्रोन कैमरे में कैद:गंगा की रेती पर सजी तंबुओं की नगरी, गंगा में डुबकी लगाएंगे श्रद्धालु

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही के समराध नाथ धाम में मकर माघ कल्पवास मेला शुरू हो चुका है। काशी - विंध्य और प्रयाग के मध्य स्थित इस कल्पवास मेले का यह 31 वां वर्ष है। 3 जनवरी 2025 को मां गंगा पूजन,धर्म ध्वजारोहण एवं भूमि-पूजन के साथ गंगा की रेती पर मेले की तैयारियां शुरू की गई थी। उसके बाद से ही कल्पवासियों का आगमन शुरू हो चुका है। मेला सीमित के अध्यक्ष महंत करुणाशंकर दास ने बताया कि 14 जनवरी से मेले की रौनक और बढ़ेगी। कल्पवासियों की संख्या में तेजी से इजाफा होगा और गंगा की रेती पर बसी तंबुओं की नगरी पूरी तरह आबाद हो जाएगी। यह आध्यात्मिक आयोजन 1 फरवरी तक चलेगा। दूर - दराज के जिलों के साथ ही अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु सेमराध नाथ पहुंच रहें हैं।

कल्पवास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि सेमराध में कल्पवास करने से भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों की कृपा प्राप्त होती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण और काशी से जुड़ी घटनाओं के बाद जिस स्थान पर सुदर्शन चक्र और त्रिशूल का मिलन हुआ, वहीं स्थान समर - अधि कहलाया ,जो अपभ्रंश होकर सेमराध नाम से प्रसिद्ध हुआ। महंत करुणाशंकर दास ने बताया कि उनके गुरु ब्रह्मालीन स्वामी रामशंकर दास महाराज ने 14 जनवरी 1996 को सेमराध नाथ गंगा घाट पर 15-20 लोगों के साथ कल्पवास की शुरुआत की थी। तभी से यह परंपरा निरंतर चल रही है और आज सेमराध हरिद्वार, नासिक , उज्जैन और प्रयागराज के बाद प्रमुख कल्पवास स्थलों में अपनी पहचान बना चुका है।

प्रशासन और मेला सीमित की ओर से कल्पवास क्षेत्र में व्यापक व्यवस्थाएं की गई है। बिजली, पेजयल, शौचालय, स्नान घाट, आवागमन के लिए अस्थायी मार्ग और रेत पर चकर्ड प्लेट बिछाई गई है। ठंड को देखते हुए अलाव जलाने के लिए लकड़ियों की गई है। पूरे मेले की अवधि में भंडारे का संचालन भी किया जाएगा। खास बात यह है कल्पवासियों के लिए रहने हेतु लगाए जाने वाले तंबुओं का कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। मेले के दौरान अखंड हरिकीर्तन, विद्वानों के प्रवचन और रामकथा का आयोजन चल रहा है।
डिजिटल शिक्षा से आत्मनिर्भर बनेंगी छात्राएं

– समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच हुआ एमओयू, दो बालिका विद्यालयों को दिए टैबलेट

– पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में गोरखपुर और महाराजगंज के सर्वाेदय बालिका विद्यालयों से पहल की शुरुआत

लखनऊ। छात्राओं के समावेशी विकास, डिजिटल साक्षरता और तकनीकी सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी क्रम में मंगलवार को गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में मदद फाउंडेशन के सहयोग से समन्वय बैठक और टैबलेट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण और मदद फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजेश मणि उपस्थित रहे। 

हर बालिका विद्यालयों को 20-20 टैबलेट
कार्यक्रम के दौरान जय प्रकाश नारायण सर्वाेदय बालिका विद्यालय, गोरखपुर और महराजगंज जनपदों के प्रधानाचार्यों को कुल 40 टैबलेट प्रदान किए गए, जो संबंधित विद्यालयों की छात्राओं के शैक्षणिक उपयोग हेतु उपलब्ध कराए जाएंगे। हर विद्यालय को 20-20 टैबलेट दिए गए हैं। यह पहल पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में शुरू की गई है, जिसकी सफलता के आधार पर भविष्य में अन्य विद्यालयों को भी टैबलेट उपलब्ध करवाए जाने की योजना है।

‘डिजिटल शिक्षा समय की अनिवार्य आवश्यकता’
कार्यक्रम में राज्य मंत्री श्री असीम अरुण ने टैबलेट वितरित करते हुए कहा कि डिजिटल शिक्षा आज के समय की अनिवार्य आवश्यकता है। तकनीकी संसाधनों के माध्यम से छात्राओं को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बन सकेंगी। उन्होंने इस पहल को बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय और दूरदर्शी कदम बताया।

‘शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास’
कार्यक्रम में उपस्थित मदद फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजेश मणि ने समाज कल्याण विभाग के साथ इस सहयोग को सामाजिक उत्थान और शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास बताया। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग निदेशक श्री संजीव सिंह, उपनिदेशक श्री आनंद कुमार सिंह, श्री जे राम सहित विभागीय अधिकारी और मदद फाउंडेशन की टीम मौजूद रही।
डिजिटल शिक्षा से आत्मनिर्भर बनेंगी छात्राएं

समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच हुआ एमओयू, दो बालिका विद्यालयों को दिए टैबलेट

पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में गोरखपुर और महाराजगंज के सर्वाेदय बालिका विद्यालयों से पहल की शुरुआत

लखनऊ। छात्राओं के समावेशी विकास, डिजिटल साक्षरता और तकनीकी सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी क्रम में मंगलवार को गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में मदद फाउंडेशन के सहयोग से समन्वय बैठक और टैबलेट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण और मदद फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजेश मणि उपस्थित रहे। 

हर बालिका विद्यालयों को 20-20 टैबलेट
कार्यक्रम के दौरान जय प्रकाश नारायण सर्वाेदय बालिका विद्यालय, गोरखपुर और महराजगंज जनपदों के प्रधानाचार्यों को कुल 40 टैबलेट प्रदान किए गए, जो संबंधित विद्यालयों की छात्राओं के शैक्षणिक उपयोग हेतु उपलब्ध कराए जाएंगे। हर विद्यालय को 20-20 टैबलेट दिए गए हैं। यह पहल पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में शुरू की गई है, जिसकी सफलता के आधार पर भविष्य में अन्य विद्यालयों को भी टैबलेट उपलब्ध करवाए जाने की योजना है।

‘डिजिटल शिक्षा समय की अनिवार्य आवश्यकता’
कार्यक्रम में राज्य मंत्री श्री असीम अरुण ने टैबलेट वितरित करते हुए कहा कि डिजिटल शिक्षा आज के समय की अनिवार्य आवश्यकता है। तकनीकी संसाधनों के माध्यम से छात्राओं को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बन सकेंगी। उन्होंने इस पहल को बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय और दूरदर्शी कदम बताया।

‘शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास’
कार्यक्रम में उपस्थित मदद फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजेश मणि ने समाज कल्याण विभाग के साथ इस सहयोग को सामाजिक उत्थान और शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास बताया। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग निदेशक श्री संजीव सिंह, उपनिदेशक श्री आनंद कुमार सिंह, श्री जे राम सहित विभागीय अधिकारी और मदद फाउंडेशन की टीम मौजूद रही।
असहाय परिवार का सहारा बना NSCT – प्रदीप कुमार वर्मा 'नन्दवंशी'

प्रयागराज । जनपद के साथ उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में जन्म लेकर आज संपूर्ण भारत के प्रदेशों में पैर फैलाती राष्ट्रीय संस्था नंदवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट गरीब,असहाय, निर्बल परिवार के विपत्ति में सहारा बनकर खड़ी हो रही है। संस्था के संस्थापक/ राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप कुमार वर्मा नंदवंशी ने कहा कि हमारे सम्मानित समस्त पदाधिकारीगण एवं एडमिन पैनल नन्दवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट (NSCT) को लोगों तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य कर रहें हैं।निःसंदेह यह पावन और पारदर्शी मंच NSCT अपने प्रत्येक रजिस्टर्ड,वैधानिक दिवंगत साथी के असहाय परिवार के आँसू पोंछने का कार्य कर रहा है।इस पुनीत अभियान में समाज के असंख्य दानवीर साथी निष्काम भाव से अपना योगदान दे रहे हैं।यह कार्य जमीनी स्तर पर होने वाली सच्ची सेवा है— जहाँ केवल आत्म संतोष मिलता है,पुण्य मिलता है,पर यहाँ राजनीतिक महत्वाकांक्षा,मंच,माला और माइक का कोई स्थान नहीं।इसी भावभूमि को सुदृढ़ करने के लिए आप सभी से विनम्र किंतु दृढ़ आग्रह है कि आप NSCT की मूल भावना,उद्देश्य और सामाजिक सुरक्षा कवच अपने परिवार, सगे-सम्बन्धियों,नातेदारों और प्रत्येक मिलने वाले समाजबंधु तक पहुंचाएं और निरंतर संवाद और चर्चा के माध्यम से साझा करें।किन्तु जब तक उनकी स्पष्ट सहमति न हो, किसी को भी‌ संस्था,समूह में न जोड़ा जाए।क्योंकि यह मंच संख्या नहीं,संकल्प से चलता है।अंत में एक सत्य- जिस समाज के उत्थान के लिए आप दिन-रात पवित्र मन से जुटे हैं,वह समाज सोया नहीं है…वह केवल जागने की प्रतीक्षा में है।जिस समाज का नेतृत्व स्वार्थ से मुक्त,त्याग से युक्त और उद्देश्य के प्रति समर्पित हाथों में होता है,वहाँ सैकड़ों संगठन भी एक दिशा,एक लक्ष्य और एक भावना में जुड़ जाते हैं।NSCT वही चेतना,NSCT वही संकल्प, NSCT समाज की सामूहिक सुरक्षा है।नंदवंशी ने कहा सहयोग की निरंतरता बनी हुई है,सहयोग अलर्ट 09 वां मानवीय संवेदना हेतु आपके सहयोग हेतु अपेक्षित है।यह सहयोग स्वर्गीय -मदन कुमार (NSCT0304)पंजिकरण तिथि 09 अप्रैल 2021है जो गृह जनपद -अलीगढ (उत्तर प्रदेश)के रहने वाले हैं जिनकी मृत्यु तिथि -05 दिसंबर 2025 को हुआ।

मृत्यु का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया।उत्तराधिकारी पत्नी श्रीमती पिंकी हैं जिनके बैंक खाते में सीधे सहयोग दिया जा रहा है।

*सेवा दिवस के रूप में मनाई गई समाजसेवी अच्छेलाल सिंह जी की चौथी पुण्यतिथि,परिजनों ने वृद्धा आश्रम व मेडिकल कॉलेज में किया फल वितरण।*
सुल्तानपुर-जयसिंहपुर क्षेत्र के दरपीपुर निवासी दिवंगत समाज सेवी अच्छे लाल सिंह की आज चौथी पुण्यतिथि पर उनके परिजनों ने सेवा दिवास के रूप में मनाया है।उनके परिजनों ने शहर के तुराबखानी स्थित वृद्धा आश्रम पर मौजूद निराश्रित लोगों को फल वितरण किया और उनका हाल जाना।इसके बाद जिला मेडिकल कॉलेज के जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों व अस्पताल में सफाई करने वाले कर्मियों को भी फल वितरित किया है। स्व अच्छे लाल सिंह जी के पौत्र संदीप सिंह ने बताया की उनके बाबा हमेशा समाज के उन लोगों की मदद की है जिनकी कोई सुनने वाला नही होता था।उनके द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में जो बीड़ा उठाया गया था,उनके उस कार्य को आज उनकी ना मौजूदगी में उनके परिजन आगे बढ़ाने का काम कर रहे है।इसी कारण हर वर्ष की 13 जनवरी को होने वाली उनकी पुण्यतिथि पर लोगों की सेवा कर उसे सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान श्री सिंह के पौत्र संदीप सिंह सोनू ने बताया की आज के युवा अगर अपने पूर्वजों और परिवार के बड़े बूढ़े लोगों के दिखाए गए रास्तों पर चले या उनकी स्मृति को ध्यान में रखकर समाज के उन लोगों की सेवा करें जो जरूरतमंद है,अपने बड़े बुजुर्ग पूर्वजों को वही सच्ची श्रद्धांजलि है।हम पिछले कई सालों आए अपने बाबा जी के पद चिन्हों पर चलने की कोशिश करते हुए उनकी पुण्यतिथि को सेवा दिवस के रूप में मनाते है।इस दिन अस्पतालों में फल वितरण।जरूरतमंदों को कम्बल वितरण जैसे कार्य किये जाते है। बाइट - संदीप सिंह सोनू
भाजपा बताए—झारखंड और कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों : विनोद पांडेय

झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने बयान जारी कर कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी की विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा का बयान न केवल तथ्यहीन है, बल्कि भाजपा की जानी-पहचानी दोहरी मानसिकता और आदिवासी नेतृत्व के प्रति उसकी असहजता व सामंती सोच को भी उजागर करता है। सबसे पहले तो भाजपा मुख्यमंत्री के उस बयान पर गौर करे जिसमें उन्होंने कहा था कि इरादे नेक हों तो परिणाम सुखद होते हैं। सीजीएल परीक्षा को इसके उदाहरण स्वरूप देख सकते हैं। अब आगे प्रमाण के साथ भाजपा के दोहरे मापदंड को बेनकाब करते हैं। भाजपा का दोहरापन ही उसके असली चाल-चरित्र और चेहरे को उजागर करता है। झारखंड पहली बार दावोस जा रहा है, तो भाजपा रोज हेमंत सोरेन जी पर अनर्गल आरोप लगाती है। और दूसरी ओर कर्नाटक में वही भाजपा कांग्रेस से सवाल करती है कि वे दावोस क्यों नहीं जा रहे। एक ही मंच, दो मापदंड - यही भाजपा की असल राजनीति है।

सबसे पहले यह स्पष्ट कर देना जरूरी है कि मुख्यमंत्री जी की विदेश यात्राएं निजी सैर-सपाटा नहीं, बल्कि राज्य के दीर्घकालिक औद्योगिक, पर्यटन और निवेश हितों से जुड़ी रणनीतिक यात्राएं हैं। दुनिया भर में निवेश आकर्षित करने के लिए वैश्विक मंचों पर जाना आज किसी भी प्रगतिशील राज्य सरकार की आवश्यकता है। भाजपा इसे ‘शौक’ कहकर झारखंड के भविष्य का मजाक उड़ा रही है।

भाजपा बताए—कर्नाटक में उसका दोहरा चरित्र क्यों?

आज वही भाजपा, जो झारखंड में दावोस, स्वीडन या स्पेन जाने पर सवाल उठा रही है, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम – 2025 में शामिल न होने पर छाती पीट रही थी। कर्नाटक भाजपा स्वयं कह रही है कि दावोस जैसे मंच पर न जाना ‘राज्य के भविष्य से खिलवाड़’है। तो फिर झारखंड के मामले में भाजपा का यह पाखंड क्यों?

भाजपा नेताओं के अपने बयान बताते हैं कि तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र जैसे राज्य दावोस में निवेश के लिए जा रहे हैं और करोड़ों के एमओयू साइन हो रहे हैं। महाराष्ट्र के लिए भाजपा नेता गर्व से 15.70 लाख करोड़ के निवेश समझौतों का दावा करते हैं। अगर इन राज्यों के लिए दावोस जाना सही है, तो झारखंड के लिए गलत कैसे हो गया?

आदिवासी मुख्यमंत्री से भाजपा की परेशानी

भाजपा को असल तकलीफ यह है कि झारखंड का नेतृत्व एक आदिवासी मुख्यमंत्री कर रहा है, जो आत्मविश्वास के साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर झारखंड का पक्ष मजबूती से रखेंगे। जब-जब हेमंत सोरेन जी राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाने की कोशिश करते हैं, तब-तब भाजपा का सामंती चेहरा सामने आने लगता है। भाजपा यह भूल जाती है कि केंद्र में उसकी सरकार के प्रधानमंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्री लगातार विदेश यात्राएं करते रहे हैं। तब न तो श्वेत पत्र की मांग हुई, न ही ‘सैर-सपाटे’ का तंज कसा गया।

निवेश और जमीनी हकीकत

निवेश कोई जादू की छड़ी नहीं कि आज दौरा हो और कल फैक्ट्री लग जाए। यह एक सतत प्रक्रिया है—एमओयू, नीति, भूमि, आधारभूत संरचना और स्थानीय संसाधनों के विकास से जुड़ी हुई। हेमंत सरकार ने उद्योग नीति, पर्यटन नीति और स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता दी है। भाजपा के शासनकाल में झारखंड को सिर्फ खनन और लूट का मॉडल मिला, स्थानीय उद्योगों की दुर्दशा उसी दौर की देन है।

भाजपा करे आत्ममंथन

आज भाजपा को दूसरों से सवाल पूछने से पहले अपने ही नेताओं के बयानों और अपने शासित राज्यों के उदाहरणों को देखना चाहिए। कर्नाटक में दावोस न जाने पर हाय-तौबा मचाने वाली भाजपा, झारखंड में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाने को अपराध बताने का काम कर रही है।

झारखंड विरोधी भाजपा के दुष्प्रचार से राज्य की जनता भली-भांति परिचित है। हेमंत सोरेन सरकार राज्य के विकास, निवेश और रोजगार के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी राजनीतिक शोर-शराबे से विचलित होने वाली नहीं है

भाजपा को चाहिए कि वह नकारात्मक राजनीति छोड़कर झारखंड के हित में रचनात्मक भूमिका निभाए—यही लोकतंत्र और राज्य, दोनों के लिए बेहतर होगा।

Mirzapur: बस की टक्कर से झाड़ी में पलटी ऑटो, चालक समेत आठ यात्री घायल

मीरजापुर। मड़िहान थाना क्षेत्र के लालपुर गांव के सामने मंगलवार को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। रोज़मर्रा की तरह मेहनत-मजदूरी और इलाज की आस में घर से निकले लोग जब सड़क पर गिरे तो राहगीर सहम गए।

मड़िहान कस्बा निवासी दीपक यादव रोज़ की तरह अपने ऑटो में सवारियां लेकर राजगढ़ से मड़िहान की ओर आ रहे थे। जैसे ही ऑटो सोनभद्र मार्ग स्थित लालपुर गांव के सामने पहुंचा, पीछे से आ रही तेज रफ्तार बस ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयावह थी कि ऑटो असंतुलित होकर सड़क किनारे झाड़ियों में जा पलटा।

हादसे के बाद चालक बस लेकर मौके से फरार हो गया। ऑटो से उठती चीख-पुकार ने राहगीरों को रोक लिया। कोई घायल को संभाल रहा था, तो कोई बच्चों को सीने से लगाए रोते-बिलखते परिजनों को ढाढ़स बंधा रहा था। सड़क पर खून, ऑटो में घायल कराहते रहे।

हादसे में ऑटो चालक दीपक यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत मड़िहान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। परिजन घबराए हुए थे। जब की महिला तथा बच्चों समेत सात घायल यात्रियों को इलाज के लिए राजगढ़ अस्पताल भेज दिया गया। घायल यात्रियों में अरुण प्रभात पुत्र विजय कुमार26 वर्ष, पत्नी वंदना 24 वर्ष, पुत्र प्रचंड बहादुर4 वर्ष, आदित्य डेढ़ वर्ष, संतोष कुमार60 वर्ष, रोशन10 वर्ष, राजकुमार कोल50 वर्ष व चंपा पत्नी सालिक60 वर्ष थे।

मासूम बच्चों के खून से सने चेहरे और मांओं की चीखें देखकर हर किसी का कलेजा कांप उठा।
एसीबी जांच एजेंसी की तरह नहीं वसूली एजेंट की तरह काम कर रही....बाबूलाल मरांडी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड में एसीबी द्वारा की जा रही शराब घोटाले की जांच के नाम पर यहां 'घोटाले में भी घोटाला' हो रहा है।

कहा कि एसीबी द्वारा इस मामले में की जा रही गिरफ्तारी का असली मकसद आरोपियों के बीच सिर्फ डर पैदा करना और 'रेट' तय करना है। जैसे ही पर्दे के पीछे 'डील' पक्की होती है और पैसे पहुँच जाते हैं, वैसे ही जानबूझकर चार्जशीट रोक दी जाती है ताकि इन 'बड़ी मछलियों' को आसानी से जमानत मिल जाए।

कहा कि एसीबी अब जांच एजेंसी नहीं, बल्कि वसूली एजेंट की तरह काम कर रही है। जनता की आंखों में धूल झोंकने वाले इस खेल को अब सिर्फ केंद्रीय एजेंसियां ही रोक सकती हैं। लगता है कि अभी सबसे जरूरी तो शराब घोटाले की जांच में शामिल रहे लोगों के द्वारा 'किये गए जांच' की भी उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता है।

कहा कि माननीय न्यायालय संज्ञान ले और शराब घोटाले की जांच तुरंत सीबीआई और ईडी से कराने का आदेश दे, तभी झारखंड को लूटने वाले असली गुनाहगारों को सजा दिलाई जा सकती है।

21.47 करोड़ रुपए के लोन घोटाले में पूर्व शाखा प्रबंधक सहित 16 के विरुद्ध मुकदमा दर्ज


कोआपरेटिव बैंक के मुख्य प्रबंधक की शिकायत पर हुई कार्रवाई

गोंडा।जिले में ऋण वितरण के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और घोटाला सामने आया है।205 खाताधारकों के ऋण खातों और पांच आंतरिक खातों से कुल 2147.78 लाख रुपए की वित्तीय अनियमितता की गई है।इस मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक,प्रबंधक,तत्कालीन कैशियर और 12 खाताधारकों सहित 16 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।उत्तर प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड की महारानी गंज शाखा के मुख्य प्रबंधक भुवन चंद्र सती ने पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार जायसवाल से शिकायत किया था।आंतरिक जांच टीम की रिपोर्ट में घोटाले का खुलासा होने के बाद यह शिकायत की गई थी।शिकायत के आधार पर जांच में आरोप सही पाये जाने पर नगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

इस पूरे मामले की जांच नगर कोतवाली के इंस्पेक्टर क्राइम सभाजीत सिंह को सौंपी गई है और उन्होंने अपनी पड़ताल शुरू कर दिया है।भुवन चंद्र सती ने आरोप लगाया है कि ऋण वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितता और धोखाधड़ी किया गया है।आरोपियों ने एक गिरोह बनाकर फर्जीवाड़ा किया  तथा अनियमित रूप से ऋण वितरित कर धनराशि का दुरुपयोग किया।तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार ने स्वयं और अपने परिवार के सदस्यों को इस सिंडिकेट में शामिल कर बिना पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों के ऋण स्वीकृत कर दिये।

ऋण देने से पहले न तो आवश्यक दस्तावेज पूरे किए गए और न तो खाताधारकों का सत्यापन किया गया।फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे ऋण वितरण किया गया।आरोप है कि इस गिरोह में कई अन्य लोग भी शामिल हैं,जिन्होंने खाताधारकों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से बड़ा घोटाला किया।आरोपियों ने विभिन्न खाताधारकों के खातों से अपने और अपने करीबियों के खातों में पैसे ट्रांसफर किये।खाताधारकों के खातों का दुरुपयोग करते हुए इसके अतिरिक्त लोन की धनराशि का उपयोग किस्तों को जमा करने में किया गया है ताकि खाता एनपीए में न वर्गीकरण हो जाए और बैंक मुख्यालय की जानकारी में न आ सके।नगर कोतवाली पुलिस द्वारा तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल,तत्कालीन प्रबंधक अजय कुमार,तत्कालीन सहायक कैशियर सुशील कुमार गौतम,पवन कुमार और खाताधारक सुमित्रा पाल,संजना सिंह,राज प्रताप सिंह, जय प्रताप सिंह,फूल मोहम्मद, राघव राम,शिवाकांत वर्मा, रितैंद्र पाल,गिता देवी वर्मा,दुष्यंत प्रताप सिंह,मोहम्मद असलम,प्रतीक कुमार सिंह के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।वहीं नगर कोतवाली के क्राइम इंस्पेक्टर सभाजीत सिंह ने बताया कि जांच के दौरान आरोप की पुष्टि होने पर मुकदमा दर्ज किया गया है।मेरे द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले की जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
टीबी रोग से डरें नहीं डटकर नियमित दवा का करें सेवन

भारत को टीबी मुक्त बनाने के अभियान के तहत श्रमिकों को किया गया जागरूक

मीरजापुर,13 जनवरी 2026। भारत को टीबी मुक्त बनाने के अभियान अन्तर्गत मंगलवार को जिला क्षय रोग विभाग की टीम द्वारा जनपद के नरायनपुर विकास खंड अंतर्गत स्थित भरेठा गांव के उषा मार्का ईंट भट्टे पर कार्यरत श्रमिकों को टीबी रोग की संपूर्ण जानकारी देते हुए जागरूक करते हुए टीबी रोग के लक्षणों एवं बचाव के उपाय बताए गए।

इस दौरान क्षय रोग विभाग के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सतीश शंकर यादव ने ईंट भट्टा श्रमिकों को टीबी रोग के संपूर्ण लक्षणों से परिचित कराते हुए विभाग द्वारा दी जा रही नि:शुल्क सुविधाओं को भी विस्तार पूर्वक बताते हुए सभी को जागरूक किया। कहा आप अपने आस-पास के किसी भी परिचित-अपरचित को यदि टीबी रोग से जुड़े हुए लक्षणों से प्रभावित पाते हैं तो उन्हें नजदीकी सरकारी अस्पताल में ले जाकर जांच इलाज कराने का सुझाव देकर देश को टीबी मुक्त बनाने में अपना सराहनीय योगदान देने का प्रयास अवश्य करें, जिससे कि जल्द से जल्द टीबी रोग से पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव से आम जनमानस सुरक्षित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि इस रोग से घबराकर बैठने की जरुरत नहीं है, बल्कि डटकर नियमित दवा का सेवन कर इस रोग को दूर भगाने की जरूरत है। इस मौके पर भट्टा श्रमिकों के साथ आस-पास के ग्रामीण एवं क्षय रोग विभाग से अखिलेश कुमार, इफ्तिखार अहमद, भट्ठा मालिक महेंद्र कुमार आदि लोग उपस्थित रहे हैं।
भदोही का सेमराध-नाथ धाम कल्पवास मेला ड्रोन कैमरे में कैद:गंगा की रेती पर सजी तंबुओं की नगरी, गंगा में डुबकी लगाएंगे श्रद्धालु

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही के समराध नाथ धाम में मकर माघ कल्पवास मेला शुरू हो चुका है। काशी - विंध्य और प्रयाग के मध्य स्थित इस कल्पवास मेले का यह 31 वां वर्ष है। 3 जनवरी 2025 को मां गंगा पूजन,धर्म ध्वजारोहण एवं भूमि-पूजन के साथ गंगा की रेती पर मेले की तैयारियां शुरू की गई थी। उसके बाद से ही कल्पवासियों का आगमन शुरू हो चुका है। मेला सीमित के अध्यक्ष महंत करुणाशंकर दास ने बताया कि 14 जनवरी से मेले की रौनक और बढ़ेगी। कल्पवासियों की संख्या में तेजी से इजाफा होगा और गंगा की रेती पर बसी तंबुओं की नगरी पूरी तरह आबाद हो जाएगी। यह आध्यात्मिक आयोजन 1 फरवरी तक चलेगा। दूर - दराज के जिलों के साथ ही अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु सेमराध नाथ पहुंच रहें हैं।

कल्पवास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि सेमराध में कल्पवास करने से भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों की कृपा प्राप्त होती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण और काशी से जुड़ी घटनाओं के बाद जिस स्थान पर सुदर्शन चक्र और त्रिशूल का मिलन हुआ, वहीं स्थान समर - अधि कहलाया ,जो अपभ्रंश होकर सेमराध नाम से प्रसिद्ध हुआ। महंत करुणाशंकर दास ने बताया कि उनके गुरु ब्रह्मालीन स्वामी रामशंकर दास महाराज ने 14 जनवरी 1996 को सेमराध नाथ गंगा घाट पर 15-20 लोगों के साथ कल्पवास की शुरुआत की थी। तभी से यह परंपरा निरंतर चल रही है और आज सेमराध हरिद्वार, नासिक , उज्जैन और प्रयागराज के बाद प्रमुख कल्पवास स्थलों में अपनी पहचान बना चुका है।

प्रशासन और मेला सीमित की ओर से कल्पवास क्षेत्र में व्यापक व्यवस्थाएं की गई है। बिजली, पेजयल, शौचालय, स्नान घाट, आवागमन के लिए अस्थायी मार्ग और रेत पर चकर्ड प्लेट बिछाई गई है। ठंड को देखते हुए अलाव जलाने के लिए लकड़ियों की गई है। पूरे मेले की अवधि में भंडारे का संचालन भी किया जाएगा। खास बात यह है कल्पवासियों के लिए रहने हेतु लगाए जाने वाले तंबुओं का कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। मेले के दौरान अखंड हरिकीर्तन, विद्वानों के प्रवचन और रामकथा का आयोजन चल रहा है।
डिजिटल शिक्षा से आत्मनिर्भर बनेंगी छात्राएं

– समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच हुआ एमओयू, दो बालिका विद्यालयों को दिए टैबलेट

– पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में गोरखपुर और महाराजगंज के सर्वाेदय बालिका विद्यालयों से पहल की शुरुआत

लखनऊ। छात्राओं के समावेशी विकास, डिजिटल साक्षरता और तकनीकी सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी क्रम में मंगलवार को गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में मदद फाउंडेशन के सहयोग से समन्वय बैठक और टैबलेट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण और मदद फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजेश मणि उपस्थित रहे। 

हर बालिका विद्यालयों को 20-20 टैबलेट
कार्यक्रम के दौरान जय प्रकाश नारायण सर्वाेदय बालिका विद्यालय, गोरखपुर और महराजगंज जनपदों के प्रधानाचार्यों को कुल 40 टैबलेट प्रदान किए गए, जो संबंधित विद्यालयों की छात्राओं के शैक्षणिक उपयोग हेतु उपलब्ध कराए जाएंगे। हर विद्यालय को 20-20 टैबलेट दिए गए हैं। यह पहल पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में शुरू की गई है, जिसकी सफलता के आधार पर भविष्य में अन्य विद्यालयों को भी टैबलेट उपलब्ध करवाए जाने की योजना है।

‘डिजिटल शिक्षा समय की अनिवार्य आवश्यकता’
कार्यक्रम में राज्य मंत्री श्री असीम अरुण ने टैबलेट वितरित करते हुए कहा कि डिजिटल शिक्षा आज के समय की अनिवार्य आवश्यकता है। तकनीकी संसाधनों के माध्यम से छात्राओं को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बन सकेंगी। उन्होंने इस पहल को बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय और दूरदर्शी कदम बताया।

‘शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास’
कार्यक्रम में उपस्थित मदद फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजेश मणि ने समाज कल्याण विभाग के साथ इस सहयोग को सामाजिक उत्थान और शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास बताया। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग निदेशक श्री संजीव सिंह, उपनिदेशक श्री आनंद कुमार सिंह, श्री जे राम सहित विभागीय अधिकारी और मदद फाउंडेशन की टीम मौजूद रही।
डिजिटल शिक्षा से आत्मनिर्भर बनेंगी छात्राएं

समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच हुआ एमओयू, दो बालिका विद्यालयों को दिए टैबलेट

पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में गोरखपुर और महाराजगंज के सर्वाेदय बालिका विद्यालयों से पहल की शुरुआत

लखनऊ। छात्राओं के समावेशी विकास, डिजिटल साक्षरता और तकनीकी सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी क्रम में मंगलवार को गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में मदद फाउंडेशन के सहयोग से समन्वय बैठक और टैबलेट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण और मदद फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजेश मणि उपस्थित रहे। 

हर बालिका विद्यालयों को 20-20 टैबलेट
कार्यक्रम के दौरान जय प्रकाश नारायण सर्वाेदय बालिका विद्यालय, गोरखपुर और महराजगंज जनपदों के प्रधानाचार्यों को कुल 40 टैबलेट प्रदान किए गए, जो संबंधित विद्यालयों की छात्राओं के शैक्षणिक उपयोग हेतु उपलब्ध कराए जाएंगे। हर विद्यालय को 20-20 टैबलेट दिए गए हैं। यह पहल पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में शुरू की गई है, जिसकी सफलता के आधार पर भविष्य में अन्य विद्यालयों को भी टैबलेट उपलब्ध करवाए जाने की योजना है।

‘डिजिटल शिक्षा समय की अनिवार्य आवश्यकता’
कार्यक्रम में राज्य मंत्री श्री असीम अरुण ने टैबलेट वितरित करते हुए कहा कि डिजिटल शिक्षा आज के समय की अनिवार्य आवश्यकता है। तकनीकी संसाधनों के माध्यम से छात्राओं को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बन सकेंगी। उन्होंने इस पहल को बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय और दूरदर्शी कदम बताया।

‘शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास’
कार्यक्रम में उपस्थित मदद फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजेश मणि ने समाज कल्याण विभाग के साथ इस सहयोग को सामाजिक उत्थान और शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास बताया। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग निदेशक श्री संजीव सिंह, उपनिदेशक श्री आनंद कुमार सिंह, श्री जे राम सहित विभागीय अधिकारी और मदद फाउंडेशन की टीम मौजूद रही।
असहाय परिवार का सहारा बना NSCT – प्रदीप कुमार वर्मा 'नन्दवंशी'

प्रयागराज । जनपद के साथ उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में जन्म लेकर आज संपूर्ण भारत के प्रदेशों में पैर फैलाती राष्ट्रीय संस्था नंदवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट गरीब,असहाय, निर्बल परिवार के विपत्ति में सहारा बनकर खड़ी हो रही है। संस्था के संस्थापक/ राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप कुमार वर्मा नंदवंशी ने कहा कि हमारे सम्मानित समस्त पदाधिकारीगण एवं एडमिन पैनल नन्दवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट (NSCT) को लोगों तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य कर रहें हैं।निःसंदेह यह पावन और पारदर्शी मंच NSCT अपने प्रत्येक रजिस्टर्ड,वैधानिक दिवंगत साथी के असहाय परिवार के आँसू पोंछने का कार्य कर रहा है।इस पुनीत अभियान में समाज के असंख्य दानवीर साथी निष्काम भाव से अपना योगदान दे रहे हैं।यह कार्य जमीनी स्तर पर होने वाली सच्ची सेवा है— जहाँ केवल आत्म संतोष मिलता है,पुण्य मिलता है,पर यहाँ राजनीतिक महत्वाकांक्षा,मंच,माला और माइक का कोई स्थान नहीं।इसी भावभूमि को सुदृढ़ करने के लिए आप सभी से विनम्र किंतु दृढ़ आग्रह है कि आप NSCT की मूल भावना,उद्देश्य और सामाजिक सुरक्षा कवच अपने परिवार, सगे-सम्बन्धियों,नातेदारों और प्रत्येक मिलने वाले समाजबंधु तक पहुंचाएं और निरंतर संवाद और चर्चा के माध्यम से साझा करें।किन्तु जब तक उनकी स्पष्ट सहमति न हो, किसी को भी‌ संस्था,समूह में न जोड़ा जाए।क्योंकि यह मंच संख्या नहीं,संकल्प से चलता है।अंत में एक सत्य- जिस समाज के उत्थान के लिए आप दिन-रात पवित्र मन से जुटे हैं,वह समाज सोया नहीं है…वह केवल जागने की प्रतीक्षा में है।जिस समाज का नेतृत्व स्वार्थ से मुक्त,त्याग से युक्त और उद्देश्य के प्रति समर्पित हाथों में होता है,वहाँ सैकड़ों संगठन भी एक दिशा,एक लक्ष्य और एक भावना में जुड़ जाते हैं।NSCT वही चेतना,NSCT वही संकल्प, NSCT समाज की सामूहिक सुरक्षा है।नंदवंशी ने कहा सहयोग की निरंतरता बनी हुई है,सहयोग अलर्ट 09 वां मानवीय संवेदना हेतु आपके सहयोग हेतु अपेक्षित है।यह सहयोग स्वर्गीय -मदन कुमार (NSCT0304)पंजिकरण तिथि 09 अप्रैल 2021है जो गृह जनपद -अलीगढ (उत्तर प्रदेश)के रहने वाले हैं जिनकी मृत्यु तिथि -05 दिसंबर 2025 को हुआ।

मृत्यु का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया।उत्तराधिकारी पत्नी श्रीमती पिंकी हैं जिनके बैंक खाते में सीधे सहयोग दिया जा रहा है।