अब्राहम' समझौते पर पाकिस्तान ने ट्रंप की अपील ठुकराई, शहबाज के रक्षामंत्री ने दिखाई आंख

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पाकिस्तान ने अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने और इजरायल को औपचारिक मान्यता देने के अमेरिकी दबाव को पूरी तरह ठुकरा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुस्लिम देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने की मांग की थी। जिसके बाद पाकिस्तान ने अब्राहम समझौते में शामिल होने से इनकार कर दिया। रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने कहा कि इस्लामाबाद किसी भी ऐसे समझौते का समर्थन नहीं करेगा जो देश की मौलिक विचारधाराओं के खिलाफ हो।

ट्रंप की मांग पाक को किसी भी हाल में मंजूर नहीं

दरअसल, सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान समेत मुस्लिम बहुल देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने और इजराइल को औपचारिक रूप से मान्यता देने की मांग की थी। जिसके बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने समा टीवी के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि हम इजरायल के साथ जाने का विकल्प नहीं चुन सकते हैं। यह अपनी मूल विचारधारा से समझौता करने जैसा होगा, जो किसी भी हाल में मंजूर नहीं है।

ख्वाजा आसिफ बोले- एक दिन के लिए भी भरोसा नहीं

आसिफ ने कहा कि इजरायल को लेकर पाकिस्तान का बीते करीब आठ दशक से एक मजबूत रुख रहा है, जिसे छोड़कर वह 'अब्राहम समझौते' में शामिल नहीं हो सकता। आप उन लोगों (इजरायलियों) के साथ कैसे बैठ सकते हैं, जिनकी बात पर एक दिन के लिए भी भरोसा नहीं किया जा सकता है। बता दें कि पाकिस्तान ने अपने 78 साल के इतिहास में कभी-भी इजरायल को मान्यता नहीं दी है।

डोनाल्ड ट्रंप क्या चाहते हैं?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब, पाकिस्तान, तुर्की और कतर जैसे देशों को ईरान समझौते का हिस्सा बनने के लिए अब्राहम अकॉर्ड्स पर दस्तखत करने को कहा है। ट्रंप ने मुस्लिम देशों के नेताओं से कहा कि ईरान में शांति के लिए उनको अब्राहम एकॉर्ड या अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करना चाहिए। उनको इजरायल से रिश्ते कायम करने चाहिए।

क्या है अब्राहम समझौता?

अब्राहम एकॉर्ड या अब्राहम समझौता अमेरिका की मध्यस्थता से 2020 में शुरू किया गया था। यह इजरायल और अरब देशों के बीच कूटनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को सामान्य बनाने के लिए शुरू किया गया था। यह एक ऐसी दुविधा है जिससे ज्यादातर मुस्लिम देश दूर ही रहना चाहते हैं। कई मुस्लिम देशों की मुसीबत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि ट्रंप ने कहा है कि अगर इस पहल का समर्थन नहीं किया गया तो अमेरिका के साथ संबंधों पर असर पड़ सकता है। अब्राहम समझौते पर सबसे पहले 15 सितंबर, 2020 को इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल-बहरीन के बीच हस्ताक्षर हुए थे। बाद में इस ढांचे का विस्तार करके इसमें मोरक्को और सूडान को भी शामिल किया गया। 2025 में औपचारिक रूप से इस समूह में कज़ाकिस्तान भी शामिल हुआ।

ग्लोबल हॉस्पिटल के चिकित्सक ने गलत ढंग से किया ऑपरेशन, मास में बन गई गांठ, पड़ गया मवाद
अल्ट्रासाउंड में उजागर हुई चिकित्सक की लापरवाही, महिला ने डीएम से चिकित्सक के खिलाफ की कार्रवाई करने की गुहार

फर्रुखाबाद l नगर के मुख्य मार्ग पर स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल में एक गर्भवती महिला चेकअप कराने आई और चिकित्सक पति-पत्नी ने जांच के बाद महिला का ऑपरेशन कर शिशु को जन्म दिया जन्म के बाद पेट में गांठ बन जाने से गहरा घाव हो गया है जिससे उसके पेट में दर्द होने पर डॉक्टर को बताया तो डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड करने के बाद कहा सब ठीक है लेकिन कुछ दिन बाद फिर दर्द होने पर वह आगरा की एक निजी अस्पताल में दिखाया तो डॉक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऑपरेशन के दौरान मांस में गांठ बन गई  और उसमें मवाद पड़ गया है परिवार के लोग घबरा गए और तत्काल ऑपरेशन कराया उसके बाद पीड़ित महिला ने पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को डाक से जांच के संबंध में पत्र भेजा था लेकिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गोल-गोल जांच की, जांच रिपोर्ट सही ना आने पर थाना शमसाबाद क्षेत्र के गांव तराई निवासी शबीना पत्नी अफसार ने मंगलवार को कलेक्ट पहुंच कर जिला अधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर को शिकायती पत्र दिया है l उन्होंने महिला को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: डबल डेकर बस पलटी, दरोगा-बंदी समेत 6 की मौत, 21 घायल
उन्नाव। उन्नाव जिले के औरास थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में उपनिरीक्षक (दरोगा) और बंदी समेत 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में तीन पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
यह हादसा मंगलवार तड़के करीब 4 बजे एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 262 पर हुआ, जब एक डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में पलट गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, चालक को नींद की झपकी आने से वह बस पर नियंत्रण खो बैठा, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ।

* राहत-बचाव में जुटी पुलिस और यूपीडा टीम
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही यूपीडा और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। घायलों को निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।

* दरोगा और बंदी की भी गई जान
हादसे में मृतकों में उपनिरीक्षक रामजी राम और बंदी छत्रपाल सिंह तोमर भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि बिहार के सिवान पुलिस लाइन के पुलिसकर्मी बंदी छत्रपाल सिंह तोमर को गवाही के सिलसिले में गुरुग्राम लेकर गए थे और वापस सिवान लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में यह हादसा हो गया। घायलों में शामिल तीनों पुलिसकर्मियों की हालत भी गंभीर बताई जा रही है।

* मृतकों की हुई पहचान
पुलिस के अनुसार हादसे में मृतकों की पहचान विजय गुप्ता, रवि वरन, सूरज जमालाल, पल्लव कुमार, उपनिरीक्षक रामजी राम और छत्रपाल सिंह तोमर के रूप में हुई है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए उन्नाव शवगृह भेज दिया गया है। वहीं, हादसे में घायल 21 यात्रियों का इलाज जारी है। एक महिला यात्री बिंदु देवी को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

* बस में थे बिहार के अधिकतर यात्री
जानकारी के मुताबिक, डबल डेकर बस में 30 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें अधिकांश बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। औरास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. अनूप तिवारी ने हादसे में 6 मौतों और 21 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। पुलिस हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है।
बाराबंकी एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा: ट्रेलर में घुसी इनोवा, 4 दोस्तों की मौत, 3 गंभीर

बाराबंकी। बाराबंकी में सुल्तानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में चार दोस्तों की मौत हो गई, जबकि तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी युवक उत्तराखंड स्थित कैंची धाम दर्शन के लिए जा रहे थे।हादसा रात करीब 2:50 बजे भिखरा गांव के पास हुआ। पुलिस के अनुसार, सुल्तानपुर से लखनऊ की ओर जा रहे एक ट्रेलर में पीछे से तेज रफ्तार इनोवा कार अनियंत्रित होकर जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। उस समय इनोवा में कुल सात लोग सवार थे।
* चार युवकों की मौके पर मौत
हादसे में राहुल कुमार (29) निवासी चंदौली, राहुल सिंह (30) निवासी गाजीपुर, सत्यम सिंह (30) निवासी बलिया और सूरज मिश्रा (31) निवासी सुल्तानपुर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, पंकज (मिर्जापुर), प्रशांत (बलिया) और चंदन सिंह (मिर्जापुर) गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को हालत नाजुक होने पर केजीएमयू, लखनऊ रेफर किया गया है।

* झपकी और तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह!
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को क्षतिग्रस्त कार से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने चार युवकों को मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और चालक को झपकी आना हादसे की संभावित वजह मानी जा रही है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे से मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
सदर अस्पताल में ब्लड बैंक बहाल करने की मांग को लेकर जेएलकेएम का धरना, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी

कोडरमा: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा की ओर से मंगलवार को कोडरमा सदर अस्पताल परिसर में एक दिवसीय धरना आयोजित कर बंद पड़े ब्लड बैंक को अविलंब चालू करने की मांग उठाई गई। संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से सदर अस्पताल का ब्लड बैंक केवल स्टोर सेंटर बनकर रह गया है, जिसके कारण दुर्घटना और गंभीर मरीजों को समय पर रक्त नहीं मिल पा रहा है।
धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं, ग्रामीण और संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए। जेकेएलएम के बरही  विधानसभा के उम्मीदवार कृष्णा यादव ने कहा कि कोडरमा जिला बिहार सीमा से जुड़ा और दुर्घटना संभावित क्षेत्र है, ऐसे में सदर अस्पताल में हर ग्रुप का ब्लड उपलब्ध रहना बेहद जरूरी है। जेएलकेएम नेता रविशंकर ने कहा कि कोडरमा सदर अस्पताल में प्रतिदिन 1200 से 1500 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन यहां ब्लड बैंक की सुविधा नहीं होना स्वास्थ्य विभाग की बड़ी विफलता है। उन्होंने कहा कि सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर भवन और मशीनें तो लगा रही है, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर, तकनीशियन और ब्लड बैंक जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि मरीजों को मामूली जांच और ब्लड ग्रुपिंग तक के लिए हजारीबाग भेजा जाता है। “जब मंत्री और बड़े अधिकारी अस्पताल का दौरा करते हैं तो इसे मॉडल अस्पताल बताया जाता है, लेकिन अंदर की सच्चाई कुछ और है। इलाज के नाम पर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है,” उन्होंने कहा।धरने को संबोधित करते हुए जेएलकेएम नेता मनोज यादव ने कहा कि कोडरमा दो राज्यों को जोड़ने वाला जिला है और यहां रोज सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इसके बावजूद ब्लड बैंक का लाइसेंस निरस्त हो जाना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और दुर्घटना पीड़ितों के लिए ब्लड सबसे जरूरी आवश्यकता है।नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर ब्लड बैंक की व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो जेएलकेएम चरणबद्ध आंदोलन चलाएगा, सड़क जाम करेगा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। धरना के दौरान वक्ताओं ने सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपकरण और आईसीयू जैसी सुविधाएं होने के बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित तकनीशियनों की कमी के कारण मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और जिला प्रशासन से अविलंब कार्रवाई करते हुए कोडरमा सदर अस्पताल में ब्लड बैंक को फिर से चालू करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने की मांग की।
उत्तर भारतीय समाज ने किया एड. राजकुमार मिश्रा का सम्मान
भायंदर। मीरा भायंदर की प्रतिष्ठित उत्तर भारतीय समाज द्वारा आज परिवहन समिति के सभापति एडवोकेट राजकुमार मिश्रा का सम्मान किया गया। वरिष्ठ समाजसेवी रत्नाकर मिश्रा के इंद्रलोक स्थित आवास पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि श्री मिश्रा के सभापति बनने से पूरा समाज गौरवान्वित हुआ है। उपस्थित लोगों ने विधायक नरेंद्र मेहता के साथ साथ राहुल एजुकेशन  के चेयरमैन लल्लन तिवारी के प्रति भी आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों में रत्नाकर मिश्रा के अलावा वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, भाजपा जिला महामंत्री बृजेश तिवारी, पत्रकार महेंद्र पांडे, उत्तर भारतीय मोर्चा के जिला महामंत्री कमलेश दुबे, मानस अस्पताल के संचालक संदीप तिवारी, मनीष मिश्रा, स्वामीनाथ पांडे, विजय दुबे समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
स्वर्गीय प्रतीक यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी
मोनू भाटी, मवाना। सोमवार को समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के पुत्र, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav के छोटे भाई स्वर्गीय प्रतीक यादव की शोकसभा एवं श्रद्धांजलि सभा उनके आवास विक्रमादित्य मार्ग, Lucknow में अत्यंत भावुक वातावरण में आयोजित की गई। स्वर्गीय प्रतीक यादव की धर्मपत्नी एवं उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष Aparna Yadav भी इस दौरान उपस्थित रहीं।
शोकसभा में उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक हस्तिनापुर माननीय प्रभु दयाल वाल्मीकि तथा माध्यमिक शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ शिक्षक नेता चौधरी नरेश पाल सिंह सहित बड़ी संख्या में राजनीतिक, सामाजिक एवं शैक्षिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोगों ने पहुंचकर स्वर्गीय प्रतीक यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना की तथा ईश्वर से कामना की कि वे स्वर्गीय प्रतीक यादव की पुण्य आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। श्रद्धांजलि सभा के दौरान वातावरण अत्यंत गमगीन बना रहा और उपस्थित लोगों की आंखें नम दिखाई दीं।
इसके उपरांत पूर्व मंत्री प्रभु दयाल वाल्मीकि एवं शिक्षक नेता चौधरी नरेश पाल सिंह ने स्वर्गीय प्रतीक यादव की पत्नी श्रीमती अर्पणा यादव एवं अन्य परिवारजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। दोनों नेताओं ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा समाज एवं समाजवादी परिवार उनके साथ खड़ा है।
इस अवसर पर विभिन्न जनपदों से पहुंचे समाजवादी पार्टी के नेता, कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, पारिवारिक सदस्य एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने स्वर्गीय प्रतीक यादव के व्यक्तित्व एवं उनके सरल स्वभाव को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। शोकसभा के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए पुनः प्रार्थना की और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यात्रियों से भरी डबल डेकर स्लीपर बस अनियंत्रित होकर पलटी, छह की मौत, 24  घायल
लखनऊ /उन्नाव। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। दिल्ली से गोरखपुर जा रही यात्रियों से भरी डबल डेकर स्लीपर बस औरास थाना क्षेत्र में अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और कई बार पलटती चली गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण हादसे में छह यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 24 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 262 पर नींभाखेड़ा गांव के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस बेहद तेज रफ्तार में थी। आशंका है कि चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई, जिसके चलते बस सीधे डिवाइडर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस पलट गई, शीशे चकनाचूर हो गए और कई यात्री बस से बाहर सड़क पर जा गिरे।
हादसे के बाद चारों तरफ चीखें गूंजने लगीं। कई यात्री बस के अंदर फंस गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और यूपीडा की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में मदद की। किसी तरह बस में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। हादसे के बाद कुछ देर तक एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित रहा।
प्रारंभिक जांच में चालक की लापरवाही और नींद की झपकी को हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
बाराबंकी में भीषण सड़क हादसा , 4 युवकों की दर्दनाक मौत
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में मंगलवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। कैंची धाम में दर्शन करने निकले युवक शायद ही जानते थे कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। भोर के अंधेरे में लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर दौड़ रही इनोवा अचानक खड़े ट्रक से जा टकराई और कुछ ही सेकंड में चीख-पुकार मच गई। हादसे में चार युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

यह भीषण हादसा हैदरगढ़ क्षेत्र के भिखरा गांव के पास तड़के करीब तीन बजे हुआ। बताया जा रहा है कि वाराणसी और आसपास के जिलों के युवक इनोवा से कैंची धाम दर्शन करने जा रहे थे। रास्ते में अचानक तेज रफ्तार इनोवा सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से घुस गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें बैठे लोग बुरी तरह फंस गए।हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने दौड़कर कार में फंसे युवकों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल तीन युवकों को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया है।

मृतकों में गाजीपुर के गैबीपुर निवासी राहुल सिंह (35), चंदौली के मुगलसराय निवासी राहुल कुमार (36), बलिया के रामपुर रसड़ा निवासी सत्यम (38) और ट्रक खलासी गाजीपुर निवासी सूरज यादव (30) शामिल हैं। वहीं मिर्जापुर के चुनार निवासी चंदन सिंह (35), पंकज सिंह (34) और बलिया के बेला निवासी प्रशांत गंभीर रूप से घायल हैं।

घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल पहुंचते ही परिवार के लोग रो-रोकर बेसुध हो गए। गांवों में मातम का माहौल है। लोग यही कहते नजर आए कि जो युवक सुबह मंदिर में माथा टेकने वाले थे, अब उनके घरों में अंतिम यात्रा की तैयारी हो रही है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में चालक को झपकी आने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
3 करोड़ रूपया लेकर वोट को बेचने वालों को हर जगह भ्रष्टाचार दिखता है-प्रतुल शाह देव


भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि झामुमो के सांसदों ने नरसिम्हा राव सरकार को बचाने के लिए 3 करोड़ की रिश्वत ली थी।इसलिए उनको हर कदम पर भ्रष्टाचार ही दिखता है।

प्रतुल ने कहा कि वह संसदीय इतिहास का सबसे काला अध्याय था जब 75-75 लाख रुपयों लेकर झामुमो सांसदों ने अपने वोट को बेच दिया था और पैसे को बैंक में जमा भी कर दिया था।

अब झामुमो अपने ही विधायकों की निष्ठा पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।वैसे भी झारखंड मुक्ति मोर्चा का इतिहास रहा है कि उसने थैलीशाहों को झारखंड के रास्ते राज्यसभा भेजा है।

जिस गठबंधन के नेता स्वयं दावा करते हैं कि उनके पास पूर्ण बहुमत है, वही अब राज्यसभा चुनाव से पहले भय, खरीद-फरोख्त और अस्थिरता की आशंका जता रहा है। यह साफ संकेत है कि गठबंधन के भीतर भारी अंतर्विरोध और अविश्वास व्याप्त है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखने वाली पार्टी है। राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारना हर राजनीतिक दल का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। यदि भाजपा उम्मीदवार उतारने की घोषणा करती है तो झामुमो को इसमें “लोकतंत्र पर खतरा” क्यों दिखाई देने लगता है? क्या झामुमो यह मान चुका है कि उसके विधायक स्वेच्छा से भी उसके खिलाफ मतदान कर सकते हैं?उन्होंने कहा कि झामुमो का पूरा पत्र डर, भ्रम और राजनीतिक हताशा से भरा हुआ है। सत्ता में बैठे लोग आज केंद्रीय एजेंसियों और चुनाव आयोग को पत्र लिखकर माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सच यह है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और अंदरूनी कलह से घिरी हुई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा आज उन्हीं संस्थाओं से हस्तक्षेप करने का गुहार लगा रही है जिनको वह रोज पानी पी कर गाली देने से परहेज नहीं करती रही है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि यदि गठबंधन इतना ही मजबूत है तो उन्हें भाजपा के उम्मीदवार उतारने से डर क्यों लग रहा है? लोकतंत्र में चुनाव प्रतिस्पर्धा का विषय होता है, भय और बहानों का नहीं। झामुमो को पहले अपने घर को संभालना चाहिए, क्योंकि खतरा भाजपा से नहीं बल्कि उनके अपने असंतुष्ट विधायकों से है।

अब्राहम' समझौते पर पाकिस्तान ने ट्रंप की अपील ठुकराई, शहबाज के रक्षामंत्री ने दिखाई आंख

#pakistankhawajaasifrejectdonaldtrumproposalofjoinabrahamaccords

पाकिस्तान ने अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने और इजरायल को औपचारिक मान्यता देने के अमेरिकी दबाव को पूरी तरह ठुकरा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुस्लिम देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने की मांग की थी। जिसके बाद पाकिस्तान ने अब्राहम समझौते में शामिल होने से इनकार कर दिया। रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने कहा कि इस्लामाबाद किसी भी ऐसे समझौते का समर्थन नहीं करेगा जो देश की मौलिक विचारधाराओं के खिलाफ हो।

ट्रंप की मांग पाक को किसी भी हाल में मंजूर नहीं

दरअसल, सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान समेत मुस्लिम बहुल देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने और इजराइल को औपचारिक रूप से मान्यता देने की मांग की थी। जिसके बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने समा टीवी के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि हम इजरायल के साथ जाने का विकल्प नहीं चुन सकते हैं। यह अपनी मूल विचारधारा से समझौता करने जैसा होगा, जो किसी भी हाल में मंजूर नहीं है।

ख्वाजा आसिफ बोले- एक दिन के लिए भी भरोसा नहीं

आसिफ ने कहा कि इजरायल को लेकर पाकिस्तान का बीते करीब आठ दशक से एक मजबूत रुख रहा है, जिसे छोड़कर वह 'अब्राहम समझौते' में शामिल नहीं हो सकता। आप उन लोगों (इजरायलियों) के साथ कैसे बैठ सकते हैं, जिनकी बात पर एक दिन के लिए भी भरोसा नहीं किया जा सकता है। बता दें कि पाकिस्तान ने अपने 78 साल के इतिहास में कभी-भी इजरायल को मान्यता नहीं दी है।

डोनाल्ड ट्रंप क्या चाहते हैं?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब, पाकिस्तान, तुर्की और कतर जैसे देशों को ईरान समझौते का हिस्सा बनने के लिए अब्राहम अकॉर्ड्स पर दस्तखत करने को कहा है। ट्रंप ने मुस्लिम देशों के नेताओं से कहा कि ईरान में शांति के लिए उनको अब्राहम एकॉर्ड या अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करना चाहिए। उनको इजरायल से रिश्ते कायम करने चाहिए।

क्या है अब्राहम समझौता?

अब्राहम एकॉर्ड या अब्राहम समझौता अमेरिका की मध्यस्थता से 2020 में शुरू किया गया था। यह इजरायल और अरब देशों के बीच कूटनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को सामान्य बनाने के लिए शुरू किया गया था। यह एक ऐसी दुविधा है जिससे ज्यादातर मुस्लिम देश दूर ही रहना चाहते हैं। कई मुस्लिम देशों की मुसीबत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि ट्रंप ने कहा है कि अगर इस पहल का समर्थन नहीं किया गया तो अमेरिका के साथ संबंधों पर असर पड़ सकता है। अब्राहम समझौते पर सबसे पहले 15 सितंबर, 2020 को इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल-बहरीन के बीच हस्ताक्षर हुए थे। बाद में इस ढांचे का विस्तार करके इसमें मोरक्को और सूडान को भी शामिल किया गया। 2025 में औपचारिक रूप से इस समूह में कज़ाकिस्तान भी शामिल हुआ।

ग्लोबल हॉस्पिटल के चिकित्सक ने गलत ढंग से किया ऑपरेशन, मास में बन गई गांठ, पड़ गया मवाद
अल्ट्रासाउंड में उजागर हुई चिकित्सक की लापरवाही, महिला ने डीएम से चिकित्सक के खिलाफ की कार्रवाई करने की गुहार

फर्रुखाबाद l नगर के मुख्य मार्ग पर स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल में एक गर्भवती महिला चेकअप कराने आई और चिकित्सक पति-पत्नी ने जांच के बाद महिला का ऑपरेशन कर शिशु को जन्म दिया जन्म के बाद पेट में गांठ बन जाने से गहरा घाव हो गया है जिससे उसके पेट में दर्द होने पर डॉक्टर को बताया तो डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड करने के बाद कहा सब ठीक है लेकिन कुछ दिन बाद फिर दर्द होने पर वह आगरा की एक निजी अस्पताल में दिखाया तो डॉक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऑपरेशन के दौरान मांस में गांठ बन गई  और उसमें मवाद पड़ गया है परिवार के लोग घबरा गए और तत्काल ऑपरेशन कराया उसके बाद पीड़ित महिला ने पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को डाक से जांच के संबंध में पत्र भेजा था लेकिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गोल-गोल जांच की, जांच रिपोर्ट सही ना आने पर थाना शमसाबाद क्षेत्र के गांव तराई निवासी शबीना पत्नी अफसार ने मंगलवार को कलेक्ट पहुंच कर जिला अधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर को शिकायती पत्र दिया है l उन्होंने महिला को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: डबल डेकर बस पलटी, दरोगा-बंदी समेत 6 की मौत, 21 घायल
उन्नाव। उन्नाव जिले के औरास थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में उपनिरीक्षक (दरोगा) और बंदी समेत 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में तीन पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
यह हादसा मंगलवार तड़के करीब 4 बजे एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 262 पर हुआ, जब एक डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में पलट गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, चालक को नींद की झपकी आने से वह बस पर नियंत्रण खो बैठा, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ।

* राहत-बचाव में जुटी पुलिस और यूपीडा टीम
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही यूपीडा और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। घायलों को निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।

* दरोगा और बंदी की भी गई जान
हादसे में मृतकों में उपनिरीक्षक रामजी राम और बंदी छत्रपाल सिंह तोमर भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि बिहार के सिवान पुलिस लाइन के पुलिसकर्मी बंदी छत्रपाल सिंह तोमर को गवाही के सिलसिले में गुरुग्राम लेकर गए थे और वापस सिवान लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में यह हादसा हो गया। घायलों में शामिल तीनों पुलिसकर्मियों की हालत भी गंभीर बताई जा रही है।

* मृतकों की हुई पहचान
पुलिस के अनुसार हादसे में मृतकों की पहचान विजय गुप्ता, रवि वरन, सूरज जमालाल, पल्लव कुमार, उपनिरीक्षक रामजी राम और छत्रपाल सिंह तोमर के रूप में हुई है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए उन्नाव शवगृह भेज दिया गया है। वहीं, हादसे में घायल 21 यात्रियों का इलाज जारी है। एक महिला यात्री बिंदु देवी को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

* बस में थे बिहार के अधिकतर यात्री
जानकारी के मुताबिक, डबल डेकर बस में 30 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें अधिकांश बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। औरास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. अनूप तिवारी ने हादसे में 6 मौतों और 21 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। पुलिस हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है।
बाराबंकी एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा: ट्रेलर में घुसी इनोवा, 4 दोस्तों की मौत, 3 गंभीर

बाराबंकी। बाराबंकी में सुल्तानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में चार दोस्तों की मौत हो गई, जबकि तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी युवक उत्तराखंड स्थित कैंची धाम दर्शन के लिए जा रहे थे।हादसा रात करीब 2:50 बजे भिखरा गांव के पास हुआ। पुलिस के अनुसार, सुल्तानपुर से लखनऊ की ओर जा रहे एक ट्रेलर में पीछे से तेज रफ्तार इनोवा कार अनियंत्रित होकर जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। उस समय इनोवा में कुल सात लोग सवार थे।
* चार युवकों की मौके पर मौत
हादसे में राहुल कुमार (29) निवासी चंदौली, राहुल सिंह (30) निवासी गाजीपुर, सत्यम सिंह (30) निवासी बलिया और सूरज मिश्रा (31) निवासी सुल्तानपुर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, पंकज (मिर्जापुर), प्रशांत (बलिया) और चंदन सिंह (मिर्जापुर) गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को हालत नाजुक होने पर केजीएमयू, लखनऊ रेफर किया गया है।

* झपकी और तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह!
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को क्षतिग्रस्त कार से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने चार युवकों को मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और चालक को झपकी आना हादसे की संभावित वजह मानी जा रही है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे से मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
सदर अस्पताल में ब्लड बैंक बहाल करने की मांग को लेकर जेएलकेएम का धरना, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी

कोडरमा: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा की ओर से मंगलवार को कोडरमा सदर अस्पताल परिसर में एक दिवसीय धरना आयोजित कर बंद पड़े ब्लड बैंक को अविलंब चालू करने की मांग उठाई गई। संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से सदर अस्पताल का ब्लड बैंक केवल स्टोर सेंटर बनकर रह गया है, जिसके कारण दुर्घटना और गंभीर मरीजों को समय पर रक्त नहीं मिल पा रहा है।
धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं, ग्रामीण और संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए। जेकेएलएम के बरही  विधानसभा के उम्मीदवार कृष्णा यादव ने कहा कि कोडरमा जिला बिहार सीमा से जुड़ा और दुर्घटना संभावित क्षेत्र है, ऐसे में सदर अस्पताल में हर ग्रुप का ब्लड उपलब्ध रहना बेहद जरूरी है। जेएलकेएम नेता रविशंकर ने कहा कि कोडरमा सदर अस्पताल में प्रतिदिन 1200 से 1500 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन यहां ब्लड बैंक की सुविधा नहीं होना स्वास्थ्य विभाग की बड़ी विफलता है। उन्होंने कहा कि सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर भवन और मशीनें तो लगा रही है, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर, तकनीशियन और ब्लड बैंक जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि मरीजों को मामूली जांच और ब्लड ग्रुपिंग तक के लिए हजारीबाग भेजा जाता है। “जब मंत्री और बड़े अधिकारी अस्पताल का दौरा करते हैं तो इसे मॉडल अस्पताल बताया जाता है, लेकिन अंदर की सच्चाई कुछ और है। इलाज के नाम पर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है,” उन्होंने कहा।धरने को संबोधित करते हुए जेएलकेएम नेता मनोज यादव ने कहा कि कोडरमा दो राज्यों को जोड़ने वाला जिला है और यहां रोज सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इसके बावजूद ब्लड बैंक का लाइसेंस निरस्त हो जाना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और दुर्घटना पीड़ितों के लिए ब्लड सबसे जरूरी आवश्यकता है।नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर ब्लड बैंक की व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो जेएलकेएम चरणबद्ध आंदोलन चलाएगा, सड़क जाम करेगा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। धरना के दौरान वक्ताओं ने सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपकरण और आईसीयू जैसी सुविधाएं होने के बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित तकनीशियनों की कमी के कारण मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और जिला प्रशासन से अविलंब कार्रवाई करते हुए कोडरमा सदर अस्पताल में ब्लड बैंक को फिर से चालू करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने की मांग की।
उत्तर भारतीय समाज ने किया एड. राजकुमार मिश्रा का सम्मान
भायंदर। मीरा भायंदर की प्रतिष्ठित उत्तर भारतीय समाज द्वारा आज परिवहन समिति के सभापति एडवोकेट राजकुमार मिश्रा का सम्मान किया गया। वरिष्ठ समाजसेवी रत्नाकर मिश्रा के इंद्रलोक स्थित आवास पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि श्री मिश्रा के सभापति बनने से पूरा समाज गौरवान्वित हुआ है। उपस्थित लोगों ने विधायक नरेंद्र मेहता के साथ साथ राहुल एजुकेशन  के चेयरमैन लल्लन तिवारी के प्रति भी आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों में रत्नाकर मिश्रा के अलावा वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, भाजपा जिला महामंत्री बृजेश तिवारी, पत्रकार महेंद्र पांडे, उत्तर भारतीय मोर्चा के जिला महामंत्री कमलेश दुबे, मानस अस्पताल के संचालक संदीप तिवारी, मनीष मिश्रा, स्वामीनाथ पांडे, विजय दुबे समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
स्वर्गीय प्रतीक यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी
मोनू भाटी, मवाना। सोमवार को समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के पुत्र, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav के छोटे भाई स्वर्गीय प्रतीक यादव की शोकसभा एवं श्रद्धांजलि सभा उनके आवास विक्रमादित्य मार्ग, Lucknow में अत्यंत भावुक वातावरण में आयोजित की गई। स्वर्गीय प्रतीक यादव की धर्मपत्नी एवं उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष Aparna Yadav भी इस दौरान उपस्थित रहीं।
शोकसभा में उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक हस्तिनापुर माननीय प्रभु दयाल वाल्मीकि तथा माध्यमिक शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ शिक्षक नेता चौधरी नरेश पाल सिंह सहित बड़ी संख्या में राजनीतिक, सामाजिक एवं शैक्षिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोगों ने पहुंचकर स्वर्गीय प्रतीक यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना की तथा ईश्वर से कामना की कि वे स्वर्गीय प्रतीक यादव की पुण्य आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। श्रद्धांजलि सभा के दौरान वातावरण अत्यंत गमगीन बना रहा और उपस्थित लोगों की आंखें नम दिखाई दीं।
इसके उपरांत पूर्व मंत्री प्रभु दयाल वाल्मीकि एवं शिक्षक नेता चौधरी नरेश पाल सिंह ने स्वर्गीय प्रतीक यादव की पत्नी श्रीमती अर्पणा यादव एवं अन्य परिवारजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। दोनों नेताओं ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा समाज एवं समाजवादी परिवार उनके साथ खड़ा है।
इस अवसर पर विभिन्न जनपदों से पहुंचे समाजवादी पार्टी के नेता, कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, पारिवारिक सदस्य एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने स्वर्गीय प्रतीक यादव के व्यक्तित्व एवं उनके सरल स्वभाव को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। शोकसभा के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए पुनः प्रार्थना की और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यात्रियों से भरी डबल डेकर स्लीपर बस अनियंत्रित होकर पलटी, छह की मौत, 24  घायल
लखनऊ /उन्नाव। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। दिल्ली से गोरखपुर जा रही यात्रियों से भरी डबल डेकर स्लीपर बस औरास थाना क्षेत्र में अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और कई बार पलटती चली गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण हादसे में छह यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 24 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 262 पर नींभाखेड़ा गांव के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस बेहद तेज रफ्तार में थी। आशंका है कि चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई, जिसके चलते बस सीधे डिवाइडर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस पलट गई, शीशे चकनाचूर हो गए और कई यात्री बस से बाहर सड़क पर जा गिरे।
हादसे के बाद चारों तरफ चीखें गूंजने लगीं। कई यात्री बस के अंदर फंस गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और यूपीडा की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में मदद की। किसी तरह बस में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। हादसे के बाद कुछ देर तक एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित रहा।
प्रारंभिक जांच में चालक की लापरवाही और नींद की झपकी को हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
बाराबंकी में भीषण सड़क हादसा , 4 युवकों की दर्दनाक मौत
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में मंगलवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। कैंची धाम में दर्शन करने निकले युवक शायद ही जानते थे कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। भोर के अंधेरे में लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर दौड़ रही इनोवा अचानक खड़े ट्रक से जा टकराई और कुछ ही सेकंड में चीख-पुकार मच गई। हादसे में चार युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

यह भीषण हादसा हैदरगढ़ क्षेत्र के भिखरा गांव के पास तड़के करीब तीन बजे हुआ। बताया जा रहा है कि वाराणसी और आसपास के जिलों के युवक इनोवा से कैंची धाम दर्शन करने जा रहे थे। रास्ते में अचानक तेज रफ्तार इनोवा सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से घुस गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें बैठे लोग बुरी तरह फंस गए।हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने दौड़कर कार में फंसे युवकों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल तीन युवकों को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया है।

मृतकों में गाजीपुर के गैबीपुर निवासी राहुल सिंह (35), चंदौली के मुगलसराय निवासी राहुल कुमार (36), बलिया के रामपुर रसड़ा निवासी सत्यम (38) और ट्रक खलासी गाजीपुर निवासी सूरज यादव (30) शामिल हैं। वहीं मिर्जापुर के चुनार निवासी चंदन सिंह (35), पंकज सिंह (34) और बलिया के बेला निवासी प्रशांत गंभीर रूप से घायल हैं।

घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल पहुंचते ही परिवार के लोग रो-रोकर बेसुध हो गए। गांवों में मातम का माहौल है। लोग यही कहते नजर आए कि जो युवक सुबह मंदिर में माथा टेकने वाले थे, अब उनके घरों में अंतिम यात्रा की तैयारी हो रही है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में चालक को झपकी आने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
3 करोड़ रूपया लेकर वोट को बेचने वालों को हर जगह भ्रष्टाचार दिखता है-प्रतुल शाह देव


भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि झामुमो के सांसदों ने नरसिम्हा राव सरकार को बचाने के लिए 3 करोड़ की रिश्वत ली थी।इसलिए उनको हर कदम पर भ्रष्टाचार ही दिखता है।

प्रतुल ने कहा कि वह संसदीय इतिहास का सबसे काला अध्याय था जब 75-75 लाख रुपयों लेकर झामुमो सांसदों ने अपने वोट को बेच दिया था और पैसे को बैंक में जमा भी कर दिया था।

अब झामुमो अपने ही विधायकों की निष्ठा पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।वैसे भी झारखंड मुक्ति मोर्चा का इतिहास रहा है कि उसने थैलीशाहों को झारखंड के रास्ते राज्यसभा भेजा है।

जिस गठबंधन के नेता स्वयं दावा करते हैं कि उनके पास पूर्ण बहुमत है, वही अब राज्यसभा चुनाव से पहले भय, खरीद-फरोख्त और अस्थिरता की आशंका जता रहा है। यह साफ संकेत है कि गठबंधन के भीतर भारी अंतर्विरोध और अविश्वास व्याप्त है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखने वाली पार्टी है। राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारना हर राजनीतिक दल का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। यदि भाजपा उम्मीदवार उतारने की घोषणा करती है तो झामुमो को इसमें “लोकतंत्र पर खतरा” क्यों दिखाई देने लगता है? क्या झामुमो यह मान चुका है कि उसके विधायक स्वेच्छा से भी उसके खिलाफ मतदान कर सकते हैं?उन्होंने कहा कि झामुमो का पूरा पत्र डर, भ्रम और राजनीतिक हताशा से भरा हुआ है। सत्ता में बैठे लोग आज केंद्रीय एजेंसियों और चुनाव आयोग को पत्र लिखकर माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सच यह है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और अंदरूनी कलह से घिरी हुई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा आज उन्हीं संस्थाओं से हस्तक्षेप करने का गुहार लगा रही है जिनको वह रोज पानी पी कर गाली देने से परहेज नहीं करती रही है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि यदि गठबंधन इतना ही मजबूत है तो उन्हें भाजपा के उम्मीदवार उतारने से डर क्यों लग रहा है? लोकतंत्र में चुनाव प्रतिस्पर्धा का विषय होता है, भय और बहानों का नहीं। झामुमो को पहले अपने घर को संभालना चाहिए, क्योंकि खतरा भाजपा से नहीं बल्कि उनके अपने असंतुष्ट विधायकों से है।