मौके पर समाधान: रांची के अंचलों में 'जनता दरबार' से राहत, सैकड़ों आवेदनों का त्वरित निष्पादन।

रांची: उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अनूठी पहल पर रांची जिले के विभिन्न अंचल कार्यालयों में प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाले जनता दरबार के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज आयोजित जनता दरबार में सैकड़ों राजस्व मामलों का निष्पादन किया गया, जिससे ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली।

अंचलों में दिखा सकारात्मक असर:

अरगोड़ा अंचल: यहां प्राप्त 84 आवेदनों में से 75 का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया।

राहे अंचल: कुल 71 मामलों का निष्पादन हुआ, जिसमें लगान रसीद और पारिवारिक सदस्यता जैसे अहम कार्य शामिल थे।

मांडर व खलारी: मांडर में 45 और खलारी में 20 आवेदनों का निष्पादन कर ग्रामीणों को तत्काल प्रमाण पत्र सौंपे गए।

सोनाहातु: यहां तुला देवी और मलिका कुमारी जैसी कई लाभार्थियों को पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

त्वरित और पारदर्शी राजस्व सेवाएं:

जनता दरबार के दौरान मुख्य रूप से पंजी-2 में सुधार, दाखिल-खारिज, लगान रसीद, आय, जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी गई। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि लोगों को उनके ब्लॉक और अंचल स्तर पर ही सरकारी सेवाओं का लाभ मिले और उन्हें जिला मुख्यालय न आना पड़े।

पावर प्लांट के जहरीले पानी से सैकड़ों एकड़ जमीन बंजर, ग्रामीणों में उबाल

विश्वनाथ प्रताप सिंह,प्रयागराज।PPGCL पावर प्लांट द्वारा छोड़े जा रहे केमिकलयुक्त दूषित जल से क्षेत्र की सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि बंजर में तब्दील हो गई है। वहीं भूजल भी प्रदूषित हो चुका है, जिससे ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

आरोप है कि प्लांट से लाखों लीटर जहरीला पानी खेतों में छोड़ा जा रहा है, जिससे फसलें नष्ट हो रही हैं और पीने का पानी भी सुरक्षित नहीं रह गया है। इसके चलते क्षेत्र में दमा, टीबी समेत कई गंभीर बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, जबकि कई लोगों की मौत तक हो चुकी है।

बताया जाता है कि पूर्व में प्रशासनिक जांच में स्थिति की पुष्टि हो चुकी है और नाले के निर्माण सहित कई निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन महीनों बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधूरा नाला आज भी किसानों के लिए अभिशाप बना हुआ है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी ने मुफ्त इलाज, बच्चों को निशुल्क शिक्षा और स्थायी रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन आज तक कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया। उल्टा, स्थानीय युवाओं को अस्थायी मजदूरी तक सीमित कर दिया गया है।सीएसआर फंड के उपयोग पर भी सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने कहा कि गांव के विकास के नाम पर एक भी ठोस काम नहीं किया गया। वहीं कुछ प्रशासनिक अधिकारियों पर भी कंपनी का पक्ष लेने और किसानों को दबाने के आरोप लगाए गए हैं।

जमुना-पार नवनिर्माण समिति ने उपमुख्यमंत्री से शिकायत कर पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। समिति का कहना है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में बड़ा आंदोलन खड़ा हो सकता है।

ऊपरी सेतु निर्माण से बदला त्रिकोण पथ, स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी

मिर्जापुर। विंध्याचल धाम के त्रिकोण पथ पर स्थित शिवपुर क्षेत्र में राष्ट्रवादी मंच की चौपाल आयोजित की गई, जिसमें स्थानीय नागरिकों ने उपरगामी सेतु (ओवरब्रिज) निर्माण के दौरान बरती गई लापरवाही को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। लोगों का कहना है कि सेतु निर्माण के कारण धाम का प्राचीन त्रिकोण पथ प्रभावित हो गया है, जिससे क्षेत्रवासियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

चौपाल में मौजूद लोगों ने बताया कि मार्ग बदल जाने से अति प्राचीन रामेश्वरम मंदिर, तारा मंदिर, बालिका विद्यालय तथा स्थानीय बाजार तक आने-जाने में लोगों को परेशानी हो रही है। इससे क्षेत्र के बाजार के अस्तित्व पर भी संकट खड़ा हो गया है।राष्ट्रवादी मंच के अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि जब समाज के लोग एक साथ बैठकर विचार-विमर्श करेंगे, तभी समस्याओं का समाधान निकल सकेगा। उन्होंने कहा कि ममता और समता के आधार पर समाज को एकजुट करने की आवश्यकता है। समाज में जो विभाजन की स्थिति बनी हुई है उसे समाप्त करना होगा।

उन्होंने कहा कि प्रश्न अनेक हैं, लेकिन समाधान एक है—आपसी संवाद और एकजुटता। समस्याओं के समाधान के लिए निष्काम भाव से बैठकर विचार करना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि जनहित की उपेक्षा करने वालों को सबक सिखाने के लिए समाज का एकजुट होना आवश्यक है और विकास के नाम पर विनाश किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।स्थानीय नागरिकों ने शिवपुर रेलवे फाटक बंद होने और ऊपरी सेतु निर्माण के दौरान सीढ़ियों की व्यवस्था न किए जाने पर भी आश्चर्य जताया। लोगों का कहना है कि यदि सेतु पर सीढ़ियां बना दी जातीं तो प्राचीन त्रिकोण पथ का मार्ग भी सुगम हो जाता, बाजार के अस्तित्व पर संकट नहीं आता और विद्यालय आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं को भी परेशानी नहीं होती।

चौपाल में मौजूद लोगों ने प्रशासन से इस समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।जय कुमार वर्मा, अमरदीप वर्मा , राजन गुप्ता , पुजारी अनिल द्विवेदी , एडवकेट संजय गोस्वामी, चंद्रभान सिंह, प्रहलाद शर्मा, कृष्ण कुमार शर्मा,जगन्नाथ श्रीवास्तव , संजय कुमार बनवाशी, श्याम कुमार गुप्ता, तौलन प्रसाद गुप्ता,छेदी लाल, बसंत लाल, रामेश्वर गुप्ता
प्राकृतिक सौंदर्य से संवरेगा झारखंड: सीएम हेमन्त सोरेन बोले— "इको टूरिज्म बनेगा राज्य में रोजगार का नया आधार"।

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार, 17 मार्च 2026 को झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में झारखंड इको टूरिज्म अथॉरिटी (JETA) के शासी निकाय की चौथी महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की प्राकृतिक सुंदरता को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने और स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया।

समन्वय से होगा विकास:

मुख्यमंत्री ने वन, पर्यटन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे आपस में बेहतर तालमेल बिठाकर इको टूरिज्म स्थलों का चयन करें। उन्होंने कहा कि झारखंड प्राकृतिक रूप से समृद्ध राज्य है और यहाँ पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इन परियोजनाओं के विकास के दौरान पर्यावरण संतुलन और प्रकृति की संरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

प्रमुख स्थलों का होगा कायाकल्प:

बैठक के दौरान मैथन, नेतरहाट, पतरातू, चाईबासा, दुमका और रांची सहित कई प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मसानजोर की तर्ज पर पतरातू में भी इको टूरिज्म की सुविधाएं विकसित की जाएं। उन्होंने अधिकारियों को समयसीमा तय कर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने और कार्ययोजना को ध

रामनवमी को लेकर हजारीबाग में तैयारी तेज, विधायक प्रदीप प्रसाद ने DC शशि प्रकाश सिंह से की अहम बैठक

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी महापर्व के मद्देनज़र हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने जिले के उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह से उनके कार्यालय कक्ष में शिष्टाचार भेंट कर विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की। 

इस दौरान शहर में साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श किया गया। 

विधायक प्रदीप प्रसाद ने विशेष रूप से कहा कि रामनवमी जैसे बड़े और आस्था से जुड़े पर्व में शहर की स्वच्छता और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने नगर क्षेत्र में व्यापक स्तर पर साफ-सफाई सुनिश्चित करने, भीड़-भाड़ वाले इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और प्रमुख मार्गों पर कड़ी निगरानी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पेयजल, बैरिकेडिंग, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा की गई। साथ ही, शहर के प्रमुख चौक-चौराहों एवं संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर सहमति बनी।

इस दौरान विधायक ने रामभक्तों की प्रमुख मांगों में शामिल ध्वनि यंत्र (डीजे) को लेकर भी उपायुक्त के समक्ष अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह आस्था और उत्साह से जुड़ा विषय है, इसलिए इस पर संतुलित और सकारात्मक निर्णय लिया जाना आवश्यक है, ताकि परंपरा और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच समन्वय बना रहे।

 कार्यालय कक्ष से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बातचीत में श्री प्रसाद ने कहा कि हजारीबाग की रामनवमी केवल स्थानीय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी है। हर वर्ष देश-विदेश से श्रद्धालु इस पर्व को देखने के लिए यहां पहुंचते हैं, जिसके कारण इसे इंटरनेशनल रामनवमी के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि उपायुक्त के साथ हुई बातचीत सार्थक रही है और उन्हें उम्मीद है कि जिला प्रशासन रामभक्तों की अपेक्षाओं के अनुरूप सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगा, जिससे यह महापर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और भव्य तरीके से संपन्न हो सके।

जमीन पैमाइश के दौरान लेखपाल से मारपीट, 9 के खिलाफ मुकदमा दर्ज
*ग्राम समाज की जमीन पर कट्टा दिखाकर खसरा फाड़ने का आरोप

गोंडा।जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र में ग्राम समाज की जमीन की पैमाइश करने गए लेखपाल मनीष कुमार और उसके सहयोगी अंकुर के साथ मारपीट व धक्का मुक्की की गई।आरोप है कि दीपक मिश्रा, जनक लाल तिवारी,रामप्रवेश तिवारी,ज्ञानेंद्र तिवारी व चार अन्य व्यक्तियों ने घटना को अंजाम दिया।लेखपालों ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों ने कट्टा दिखाकर खसरा फाड़ने का प्रयास किया।घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।खरगूपुर पुलिस ने पांच नामजद और चार अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ तहरीर के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दिया है।लेखपाल मनीष कुमार और अंकुर ने बताया कि वे ग्राम प्रधान की शिकायत पर जमीन की पैमाइश कर रहे थे कि इसी दौरान दीपक मिश्रा मौके पर पहुंचे और जनक लाल तिवारी, राम प्रवेश तिवारी,ज्ञानेंद्र तिवारी तथा चार अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर अवैध कब्जे को लेकर धमकी देने लगे।लेखपालों के अनुसार जब उन्होंने आरोपियों को रोका तो उन्होंने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारपीट किया।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने अवैध असलहों का डर दिखाकर खसरा फाड़ने का प्रयास किया।खरगूपुर थानाध्यक्ष शेष मणि पांडेय ने बताया कि लेखपाल मनीष कुमार और अंकुर ने एसडीएम से अनुमति लेकर तहरीर दिया है।पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते  हुए मामले की जांच कर रही है तथा मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नवरात्र स्थापना 19 को  माता का आगमन होगा पालकी पर

उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़:: देवीभागवत पुराण के अनुसार, गुरुवार को नवरात्र शुरू होने पर माता का डोली (पालकी) पर आगमन होता है, जिसे आर्थिक मंदी, बीमारियों या प्राकृतिक आपदाओं के संकेत के रूप में देखा जाता है,
वहीं 27 मार्च को माता का हाथी पर प्रस्थान करना बेहद शुभ माना जाता है, जो कृषि और खुशहाली में वृद्धि लाता है

19 मार्च को प्रातः 06.54 तक अमावस्या रहेगी उसके उपरांत प्रतिपदा तिथि में शुभ मुहूर्त में घटस्थापना करें। सामान्यतः
हमारी दिव्य सनातन परंपरा में नूतन संवतसरारंभ में शक्तिस्वरुपा जगदंबा दुर्गा पूजन नवरात्रि के रूप में किया जाता है, सायन गणना में सूर्य मेष राशि में आने से सूर्य उत्तर गोल में प्रवेश करते हैं इस समय सूर्य के विषुवत रेखा पर रहने के कारण रात्रि एवं दिन का कालमान बराबर हो जाता है तब ऋषियों  ने इस समय को शक्ति साधना के लिए उत्तम माना, भगवती दुर्गा भगवान श्री कृष्ण की आदिशक्ति महामाया है श्री कृष्ण पुरुष और दुर्गा प्रकृति है। चैत्र एवं आश्विन मास में साधना शक्ति रूप से होती है। 

इस बार संवत् 2083 में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को नवरात्रि प्रारंभ के समय प्रतिपदा तिथि का क्षय हो रहा है इसलिए अमायुक्त प्रतिपदा में ही किया जाना नवरात्र स्थापना किया शास्त्र विहित होगा, वैसे भगवती दुर्गा का आवाहन,विसर्जन आदि समस्त कर्म सूर्य की उदय होने वाली तिथि में ही करना चाहिए, अमायुक्त प्रतिपदा में नहीं करना चाहिए, जैसा कि मार्कंडेय पुराण का कथन है *पूर्व* *विद्धा तु  या शुक्ला भवेत्* *प्रतिपदाश्विनी।*
*नवरात्रं व्रतं तस्यां न कार्यं शुभमिच्छता* ।। मगर इस बार शक्ति स्वरूप सूर्य प्रतिपदा को स्पर्श नही *पर-दिने प्रतिपदो असत्वे* *अमायुक्तापिग्राह्या*
*अमायुक्तापि कर्तव्येति नृसिंह प्रसादोदाहृत* *वचनान्येत्द्विषयाणि*
अमावस्या का अंतिम भाग *कुहू* संज्ञक होता है जो पितृकार्य के लिए होती है, इसमें चंद्रमा की एक कला भी दृश्यमान नहीं होती, इस अमावस्या युक्त प्रतिपदा में नवरात्रा स्थापना नहीं होती, मगर शक्तिस्वरूप सूर्य के प्रतिपदा को स्पर्श नहीं करने के कारण 9 दिनों में 2700 घट्यात्मक रात्रिमान की साधना पूरी नहीं होती। इसलिए अमायुक्त प्रतिपदा को नवरात्र स्थापना करना आवश्यक हो जाता है प्रतिपदा तिथि के देवता अग्निदेव है, कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भगवती को सर्वस्व अर्पण करके अमायुक्त प्रतिपदा में प्रथमत: भगवान सूर्य का ध्यान अर्चन, स्मरण करके भगवती की साधना आरंभ करनी चाहिए।


ज्योतिष भूपेंद्रानन्द महाराज
सुप्रीम कोर्ट से सहारा को झटका, ‘सहारा शहर’ पर यूपी सरकार का कब्ज़ा बरकरार
दिल्ली/लखनऊ। सहारा इंडिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा शहर की लीज़ रद्द किए जाने के खिलाफ दाखिल सहारा की याचिका को खारिज कर दिया है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ स्थित ‘सहारा शहर’ की लीज़ रद्द करते हुए परिसर को अपने कब्ज़े में ले लिया था। इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए सहारा इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था।
मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सहारा की याचिका को खारिज कर दिया, जिसके बाद सहारा शहर पर उत्तर प्रदेश सरकार का कब्ज़ा बरकरार रहेगा। कोर्ट के इस फैसले को राज्य सरकार के पक्ष में एक कानूनी जीत माना जा रहा है।
इस्लामोफोबिया की मनगढ़ंत कहानियां गढ़ने में माहिर है हमारा पड़ोसी', यूएन में भारत ने पाकिस्तान को लताड़ा

#indiainunslampakistanoverislamofobia

भारत ने पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर जमकर लताड़ लगाई है। यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि परवथानेनी हरीश ने कहा, नई दिल्ली का पश्चिमी पड़ोसी अपनी धार्मिक पहचान को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है और अपने राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों का इस्तेमाल कर रहा है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस्लामोफोबिया से निपटने के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर बोलते हुए भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथनेनी हरीश ने कहा, 'भारत एक ऐसा देश है जहां दुनिया के लगभग सभी प्रमुख धर्मों को मानने वाले लोग शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व में रहते हैं। साथ ही, हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और सिख धर्म जैसे चार प्रमुख धर्मों की उत्पत्ति भी भारत में ही हुई है। ऐसे में भारत किसी भी अन्य देश की तुलना में धार्मिक भेदभाव से मुक्त दुनिया की जरूरत को ज्यादा बेहतर समझता है।'

“पाकिस्तान इस्लामोफोबिया की मनगढ़ंत कहानियां गढ़ने में माहिर”

हरीश ने कहा, 'भारत का पश्चिमी पड़ोसी इस्लामोफोबिया की काल्पनिक कहानियां गढ़ने का बेहतरीन उदाहरण है।' हरीश ने कहा कि यह सोचने वाली बात है कि पाकिस्तान अपने ही देश में अल्पसंख्यक अहमदिया समुदाय के साथ जो क्रूर व्यवहार करता है, या रमजान में दूसरों पर बमबारी करता है, तो उसे क्या कहा जाएगा?

ओआईसी इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करने का आरोप

भारत ने इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी को लेकर कहा कि पाकिस्तान इस मंच का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करता है और पाकिस्तान के मनगढ़ंत दावों के आधार पर इस मंच से भारत के खिलाफ झूठे और निराधार आरोप लगाए जाते हैं। पी. हरीश ने कहा कि भारत में सभी धर्मों के लोग अपना प्रतिनिधि खुद चुनते हैं और वे प्रतिनिधि उनकी आवाज बनते हैं। भारत ने यूएन से अपील की कि वे अपना समय और संसाधन समावेशी समाज के निर्माण में लगाएं, जहां हर धर्म के व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो।

भारतीय राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र को भी दिखाया आईना

भारतीय राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र को भी आईना दिखाते हुए कहा, 'संयुक्त राष्ट्र की परिकल्पना एक ऐसे संस्थान के रूप में की गई थी जो धर्म, संस्कृति और राजनीति से ऊपर उठकर काम करे। इसलिए हम ऐसे किसी भी ढांचे को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत पर जोर देते हैं, जो केवल एक धर्म पर ध्यान दे और धार्मिक भय (रिलिजियोफोबिया) की व्यापक समस्या पर ध्यान न दे।'

संयुक्त राष्ट्र को भारत की सलाह

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र को धार्मिक पहचान को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने और संकीर्ण राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए उसका गलत इस्तेमाल किए जाने के प्रति आगाह रहना चाहिए और इन खतरों की बढ़ती प्रवृत्ति पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।'

पाकिस्तान ने काबुल में एयर स्ट्राइक कर ले ली 400 निर्दोष लोगों की जान, हमले के बाद गुस्‍से में तालिबान

#pakistankilled400muslimsatonceduringattackingahospitalin_kabul

धू-धू कर उठती आग की लपटें और हर तरफ चीख-पुकार। ये मंजर दिखा अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में। जहां रमजान के महीने में पाकिस्तान ने 400 निर्दोष मुसलमानों एकसाथ मार दिया। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने एक नशा मुक्ति अस्पताल समेत 5 जगहों पर हमला किया गया। पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में 400 से ज़्यादा लोगों ने अपनी जान गंवा दी और 250 से ज़्यादा घायल हो गए।

पाकिस्तान की नापाक हरकत, आम लोगों को निशाना बनाया

अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान की सेना ने काबुल में जिस जगह को निशाना बनाया, वह नशा मुक्ति केंद्र था। अफगान तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा है कि पाकिस्तानी आर्मी ने अस्पताल में आम लोगों को निशाना बनाया है। इसमें 400 मौतें अब तक कंफर्म हो चुकी हैं और 250 से ज्यादा घायल हुए हैं। पाकिस्तानी की बमबारी में नशा मुक्ति अस्पताल तबाह हो गया है

नशा मुक्ति हॉस्पिटल पर हमला

तालिबान की सरकार के अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान ने सोमवार रात करीब 9 बजे काबुल में हवाई हमला किया। इस हमले में 2,000 बेड वाले उम्मीद नशा मुक्ति हॉस्पिटल को निशाना बनाया गया। तालिबान के उपप्रवक्ता मुल्ला हमदुल्ला फितरत ने बताया कि हमले में हॉस्पिटल की इमारत का ज्यादातर हिस्सा तबाह हो गया। फितरत ने बताया है कि मरने वालों की संख्या 400 के आंकड़े को पार कर गई है। राहत का काम जारी है, ऐसे में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि मरने वाले आम लोग थे। इनमे ज्यादातर संख्या यहां भर्ती नशे के मरीजों और मेडिकल स्टाफ की है।

इस हमले का जवाब देगा तालिबान

पाकिस्तान के काबुल में नशा मुक्ति अस्पताल पर हवाई हमले के बाद अफगान तालिबान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हमले में 400 से ज्यादा मौतें होने के बाद अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान ने कहा है कि अब बातचीत का कोई मतलब नहीं रह गया है, हम इस हमले का जवाब देंगे। तालिबान के शीर्ष अधिकारी सुहेल शाहीन ने पाकिस्तान के उन दावों को भी पूरी झूठा कहा है कि उसकी आर्मी ने अस्पताल नहीं बल्कि आतंकी ठिकाने पर बम गिराए हैं।

और बढ़ेगा तनाव

पाकिस्तान की इस एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच पहले से चला आ रहा तनाव और बढ़ गया है। पाकिस्तानी हमले के बाद अब आशंका जताई जा रही है कि तालिबान भी चुप नहीं बैठेगा और जल्द ही पाकिस्तान से इस हमले का बदला लेगा।

मौके पर समाधान: रांची के अंचलों में 'जनता दरबार' से राहत, सैकड़ों आवेदनों का त्वरित निष्पादन।

रांची: उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अनूठी पहल पर रांची जिले के विभिन्न अंचल कार्यालयों में प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाले जनता दरबार के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज आयोजित जनता दरबार में सैकड़ों राजस्व मामलों का निष्पादन किया गया, जिससे ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली।

अंचलों में दिखा सकारात्मक असर:

अरगोड़ा अंचल: यहां प्राप्त 84 आवेदनों में से 75 का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया।

राहे अंचल: कुल 71 मामलों का निष्पादन हुआ, जिसमें लगान रसीद और पारिवारिक सदस्यता जैसे अहम कार्य शामिल थे।

मांडर व खलारी: मांडर में 45 और खलारी में 20 आवेदनों का निष्पादन कर ग्रामीणों को तत्काल प्रमाण पत्र सौंपे गए।

सोनाहातु: यहां तुला देवी और मलिका कुमारी जैसी कई लाभार्थियों को पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

त्वरित और पारदर्शी राजस्व सेवाएं:

जनता दरबार के दौरान मुख्य रूप से पंजी-2 में सुधार, दाखिल-खारिज, लगान रसीद, आय, जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी गई। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि लोगों को उनके ब्लॉक और अंचल स्तर पर ही सरकारी सेवाओं का लाभ मिले और उन्हें जिला मुख्यालय न आना पड़े।

पावर प्लांट के जहरीले पानी से सैकड़ों एकड़ जमीन बंजर, ग्रामीणों में उबाल

विश्वनाथ प्रताप सिंह,प्रयागराज।PPGCL पावर प्लांट द्वारा छोड़े जा रहे केमिकलयुक्त दूषित जल से क्षेत्र की सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि बंजर में तब्दील हो गई है। वहीं भूजल भी प्रदूषित हो चुका है, जिससे ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

आरोप है कि प्लांट से लाखों लीटर जहरीला पानी खेतों में छोड़ा जा रहा है, जिससे फसलें नष्ट हो रही हैं और पीने का पानी भी सुरक्षित नहीं रह गया है। इसके चलते क्षेत्र में दमा, टीबी समेत कई गंभीर बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, जबकि कई लोगों की मौत तक हो चुकी है।

बताया जाता है कि पूर्व में प्रशासनिक जांच में स्थिति की पुष्टि हो चुकी है और नाले के निर्माण सहित कई निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन महीनों बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधूरा नाला आज भी किसानों के लिए अभिशाप बना हुआ है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी ने मुफ्त इलाज, बच्चों को निशुल्क शिक्षा और स्थायी रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन आज तक कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया। उल्टा, स्थानीय युवाओं को अस्थायी मजदूरी तक सीमित कर दिया गया है।सीएसआर फंड के उपयोग पर भी सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने कहा कि गांव के विकास के नाम पर एक भी ठोस काम नहीं किया गया। वहीं कुछ प्रशासनिक अधिकारियों पर भी कंपनी का पक्ष लेने और किसानों को दबाने के आरोप लगाए गए हैं।

जमुना-पार नवनिर्माण समिति ने उपमुख्यमंत्री से शिकायत कर पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। समिति का कहना है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में बड़ा आंदोलन खड़ा हो सकता है।

ऊपरी सेतु निर्माण से बदला त्रिकोण पथ, स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी

मिर्जापुर। विंध्याचल धाम के त्रिकोण पथ पर स्थित शिवपुर क्षेत्र में राष्ट्रवादी मंच की चौपाल आयोजित की गई, जिसमें स्थानीय नागरिकों ने उपरगामी सेतु (ओवरब्रिज) निर्माण के दौरान बरती गई लापरवाही को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। लोगों का कहना है कि सेतु निर्माण के कारण धाम का प्राचीन त्रिकोण पथ प्रभावित हो गया है, जिससे क्षेत्रवासियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

चौपाल में मौजूद लोगों ने बताया कि मार्ग बदल जाने से अति प्राचीन रामेश्वरम मंदिर, तारा मंदिर, बालिका विद्यालय तथा स्थानीय बाजार तक आने-जाने में लोगों को परेशानी हो रही है। इससे क्षेत्र के बाजार के अस्तित्व पर भी संकट खड़ा हो गया है।राष्ट्रवादी मंच के अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि जब समाज के लोग एक साथ बैठकर विचार-विमर्श करेंगे, तभी समस्याओं का समाधान निकल सकेगा। उन्होंने कहा कि ममता और समता के आधार पर समाज को एकजुट करने की आवश्यकता है। समाज में जो विभाजन की स्थिति बनी हुई है उसे समाप्त करना होगा।

उन्होंने कहा कि प्रश्न अनेक हैं, लेकिन समाधान एक है—आपसी संवाद और एकजुटता। समस्याओं के समाधान के लिए निष्काम भाव से बैठकर विचार करना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि जनहित की उपेक्षा करने वालों को सबक सिखाने के लिए समाज का एकजुट होना आवश्यक है और विकास के नाम पर विनाश किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।स्थानीय नागरिकों ने शिवपुर रेलवे फाटक बंद होने और ऊपरी सेतु निर्माण के दौरान सीढ़ियों की व्यवस्था न किए जाने पर भी आश्चर्य जताया। लोगों का कहना है कि यदि सेतु पर सीढ़ियां बना दी जातीं तो प्राचीन त्रिकोण पथ का मार्ग भी सुगम हो जाता, बाजार के अस्तित्व पर संकट नहीं आता और विद्यालय आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं को भी परेशानी नहीं होती।

चौपाल में मौजूद लोगों ने प्रशासन से इस समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।जय कुमार वर्मा, अमरदीप वर्मा , राजन गुप्ता , पुजारी अनिल द्विवेदी , एडवकेट संजय गोस्वामी, चंद्रभान सिंह, प्रहलाद शर्मा, कृष्ण कुमार शर्मा,जगन्नाथ श्रीवास्तव , संजय कुमार बनवाशी, श्याम कुमार गुप्ता, तौलन प्रसाद गुप्ता,छेदी लाल, बसंत लाल, रामेश्वर गुप्ता
प्राकृतिक सौंदर्य से संवरेगा झारखंड: सीएम हेमन्त सोरेन बोले— "इको टूरिज्म बनेगा राज्य में रोजगार का नया आधार"।

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार, 17 मार्च 2026 को झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में झारखंड इको टूरिज्म अथॉरिटी (JETA) के शासी निकाय की चौथी महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की प्राकृतिक सुंदरता को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने और स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया।

समन्वय से होगा विकास:

मुख्यमंत्री ने वन, पर्यटन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे आपस में बेहतर तालमेल बिठाकर इको टूरिज्म स्थलों का चयन करें। उन्होंने कहा कि झारखंड प्राकृतिक रूप से समृद्ध राज्य है और यहाँ पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इन परियोजनाओं के विकास के दौरान पर्यावरण संतुलन और प्रकृति की संरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

प्रमुख स्थलों का होगा कायाकल्प:

बैठक के दौरान मैथन, नेतरहाट, पतरातू, चाईबासा, दुमका और रांची सहित कई प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मसानजोर की तर्ज पर पतरातू में भी इको टूरिज्म की सुविधाएं विकसित की जाएं। उन्होंने अधिकारियों को समयसीमा तय कर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने और कार्ययोजना को ध

रामनवमी को लेकर हजारीबाग में तैयारी तेज, विधायक प्रदीप प्रसाद ने DC शशि प्रकाश सिंह से की अहम बैठक

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी महापर्व के मद्देनज़र हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने जिले के उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह से उनके कार्यालय कक्ष में शिष्टाचार भेंट कर विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की। 

इस दौरान शहर में साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श किया गया। 

विधायक प्रदीप प्रसाद ने विशेष रूप से कहा कि रामनवमी जैसे बड़े और आस्था से जुड़े पर्व में शहर की स्वच्छता और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने नगर क्षेत्र में व्यापक स्तर पर साफ-सफाई सुनिश्चित करने, भीड़-भाड़ वाले इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और प्रमुख मार्गों पर कड़ी निगरानी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पेयजल, बैरिकेडिंग, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा की गई। साथ ही, शहर के प्रमुख चौक-चौराहों एवं संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर सहमति बनी।

इस दौरान विधायक ने रामभक्तों की प्रमुख मांगों में शामिल ध्वनि यंत्र (डीजे) को लेकर भी उपायुक्त के समक्ष अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह आस्था और उत्साह से जुड़ा विषय है, इसलिए इस पर संतुलित और सकारात्मक निर्णय लिया जाना आवश्यक है, ताकि परंपरा और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच समन्वय बना रहे।

 कार्यालय कक्ष से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बातचीत में श्री प्रसाद ने कहा कि हजारीबाग की रामनवमी केवल स्थानीय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी है। हर वर्ष देश-विदेश से श्रद्धालु इस पर्व को देखने के लिए यहां पहुंचते हैं, जिसके कारण इसे इंटरनेशनल रामनवमी के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि उपायुक्त के साथ हुई बातचीत सार्थक रही है और उन्हें उम्मीद है कि जिला प्रशासन रामभक्तों की अपेक्षाओं के अनुरूप सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगा, जिससे यह महापर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और भव्य तरीके से संपन्न हो सके।

जमीन पैमाइश के दौरान लेखपाल से मारपीट, 9 के खिलाफ मुकदमा दर्ज
*ग्राम समाज की जमीन पर कट्टा दिखाकर खसरा फाड़ने का आरोप

गोंडा।जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र में ग्राम समाज की जमीन की पैमाइश करने गए लेखपाल मनीष कुमार और उसके सहयोगी अंकुर के साथ मारपीट व धक्का मुक्की की गई।आरोप है कि दीपक मिश्रा, जनक लाल तिवारी,रामप्रवेश तिवारी,ज्ञानेंद्र तिवारी व चार अन्य व्यक्तियों ने घटना को अंजाम दिया।लेखपालों ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों ने कट्टा दिखाकर खसरा फाड़ने का प्रयास किया।घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।खरगूपुर पुलिस ने पांच नामजद और चार अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ तहरीर के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दिया है।लेखपाल मनीष कुमार और अंकुर ने बताया कि वे ग्राम प्रधान की शिकायत पर जमीन की पैमाइश कर रहे थे कि इसी दौरान दीपक मिश्रा मौके पर पहुंचे और जनक लाल तिवारी, राम प्रवेश तिवारी,ज्ञानेंद्र तिवारी तथा चार अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर अवैध कब्जे को लेकर धमकी देने लगे।लेखपालों के अनुसार जब उन्होंने आरोपियों को रोका तो उन्होंने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारपीट किया।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने अवैध असलहों का डर दिखाकर खसरा फाड़ने का प्रयास किया।खरगूपुर थानाध्यक्ष शेष मणि पांडेय ने बताया कि लेखपाल मनीष कुमार और अंकुर ने एसडीएम से अनुमति लेकर तहरीर दिया है।पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते  हुए मामले की जांच कर रही है तथा मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नवरात्र स्थापना 19 को  माता का आगमन होगा पालकी पर

उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़:: देवीभागवत पुराण के अनुसार, गुरुवार को नवरात्र शुरू होने पर माता का डोली (पालकी) पर आगमन होता है, जिसे आर्थिक मंदी, बीमारियों या प्राकृतिक आपदाओं के संकेत के रूप में देखा जाता है,
वहीं 27 मार्च को माता का हाथी पर प्रस्थान करना बेहद शुभ माना जाता है, जो कृषि और खुशहाली में वृद्धि लाता है

19 मार्च को प्रातः 06.54 तक अमावस्या रहेगी उसके उपरांत प्रतिपदा तिथि में शुभ मुहूर्त में घटस्थापना करें। सामान्यतः
हमारी दिव्य सनातन परंपरा में नूतन संवतसरारंभ में शक्तिस्वरुपा जगदंबा दुर्गा पूजन नवरात्रि के रूप में किया जाता है, सायन गणना में सूर्य मेष राशि में आने से सूर्य उत्तर गोल में प्रवेश करते हैं इस समय सूर्य के विषुवत रेखा पर रहने के कारण रात्रि एवं दिन का कालमान बराबर हो जाता है तब ऋषियों  ने इस समय को शक्ति साधना के लिए उत्तम माना, भगवती दुर्गा भगवान श्री कृष्ण की आदिशक्ति महामाया है श्री कृष्ण पुरुष और दुर्गा प्रकृति है। चैत्र एवं आश्विन मास में साधना शक्ति रूप से होती है। 

इस बार संवत् 2083 में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को नवरात्रि प्रारंभ के समय प्रतिपदा तिथि का क्षय हो रहा है इसलिए अमायुक्त प्रतिपदा में ही किया जाना नवरात्र स्थापना किया शास्त्र विहित होगा, वैसे भगवती दुर्गा का आवाहन,विसर्जन आदि समस्त कर्म सूर्य की उदय होने वाली तिथि में ही करना चाहिए, अमायुक्त प्रतिपदा में नहीं करना चाहिए, जैसा कि मार्कंडेय पुराण का कथन है *पूर्व* *विद्धा तु  या शुक्ला भवेत्* *प्रतिपदाश्विनी।*
*नवरात्रं व्रतं तस्यां न कार्यं शुभमिच्छता* ।। मगर इस बार शक्ति स्वरूप सूर्य प्रतिपदा को स्पर्श नही *पर-दिने प्रतिपदो असत्वे* *अमायुक्तापिग्राह्या*
*अमायुक्तापि कर्तव्येति नृसिंह प्रसादोदाहृत* *वचनान्येत्द्विषयाणि*
अमावस्या का अंतिम भाग *कुहू* संज्ञक होता है जो पितृकार्य के लिए होती है, इसमें चंद्रमा की एक कला भी दृश्यमान नहीं होती, इस अमावस्या युक्त प्रतिपदा में नवरात्रा स्थापना नहीं होती, मगर शक्तिस्वरूप सूर्य के प्रतिपदा को स्पर्श नहीं करने के कारण 9 दिनों में 2700 घट्यात्मक रात्रिमान की साधना पूरी नहीं होती। इसलिए अमायुक्त प्रतिपदा को नवरात्र स्थापना करना आवश्यक हो जाता है प्रतिपदा तिथि के देवता अग्निदेव है, कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भगवती को सर्वस्व अर्पण करके अमायुक्त प्रतिपदा में प्रथमत: भगवान सूर्य का ध्यान अर्चन, स्मरण करके भगवती की साधना आरंभ करनी चाहिए।


ज्योतिष भूपेंद्रानन्द महाराज
सुप्रीम कोर्ट से सहारा को झटका, ‘सहारा शहर’ पर यूपी सरकार का कब्ज़ा बरकरार
दिल्ली/लखनऊ। सहारा इंडिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा शहर की लीज़ रद्द किए जाने के खिलाफ दाखिल सहारा की याचिका को खारिज कर दिया है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ स्थित ‘सहारा शहर’ की लीज़ रद्द करते हुए परिसर को अपने कब्ज़े में ले लिया था। इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए सहारा इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था।
मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सहारा की याचिका को खारिज कर दिया, जिसके बाद सहारा शहर पर उत्तर प्रदेश सरकार का कब्ज़ा बरकरार रहेगा। कोर्ट के इस फैसले को राज्य सरकार के पक्ष में एक कानूनी जीत माना जा रहा है।
इस्लामोफोबिया की मनगढ़ंत कहानियां गढ़ने में माहिर है हमारा पड़ोसी', यूएन में भारत ने पाकिस्तान को लताड़ा

#indiainunslampakistanoverislamofobia

भारत ने पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर जमकर लताड़ लगाई है। यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि परवथानेनी हरीश ने कहा, नई दिल्ली का पश्चिमी पड़ोसी अपनी धार्मिक पहचान को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है और अपने राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों का इस्तेमाल कर रहा है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस्लामोफोबिया से निपटने के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर बोलते हुए भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथनेनी हरीश ने कहा, 'भारत एक ऐसा देश है जहां दुनिया के लगभग सभी प्रमुख धर्मों को मानने वाले लोग शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व में रहते हैं। साथ ही, हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और सिख धर्म जैसे चार प्रमुख धर्मों की उत्पत्ति भी भारत में ही हुई है। ऐसे में भारत किसी भी अन्य देश की तुलना में धार्मिक भेदभाव से मुक्त दुनिया की जरूरत को ज्यादा बेहतर समझता है।'

“पाकिस्तान इस्लामोफोबिया की मनगढ़ंत कहानियां गढ़ने में माहिर”

हरीश ने कहा, 'भारत का पश्चिमी पड़ोसी इस्लामोफोबिया की काल्पनिक कहानियां गढ़ने का बेहतरीन उदाहरण है।' हरीश ने कहा कि यह सोचने वाली बात है कि पाकिस्तान अपने ही देश में अल्पसंख्यक अहमदिया समुदाय के साथ जो क्रूर व्यवहार करता है, या रमजान में दूसरों पर बमबारी करता है, तो उसे क्या कहा जाएगा?

ओआईसी इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करने का आरोप

भारत ने इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी को लेकर कहा कि पाकिस्तान इस मंच का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करता है और पाकिस्तान के मनगढ़ंत दावों के आधार पर इस मंच से भारत के खिलाफ झूठे और निराधार आरोप लगाए जाते हैं। पी. हरीश ने कहा कि भारत में सभी धर्मों के लोग अपना प्रतिनिधि खुद चुनते हैं और वे प्रतिनिधि उनकी आवाज बनते हैं। भारत ने यूएन से अपील की कि वे अपना समय और संसाधन समावेशी समाज के निर्माण में लगाएं, जहां हर धर्म के व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो।

भारतीय राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र को भी दिखाया आईना

भारतीय राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र को भी आईना दिखाते हुए कहा, 'संयुक्त राष्ट्र की परिकल्पना एक ऐसे संस्थान के रूप में की गई थी जो धर्म, संस्कृति और राजनीति से ऊपर उठकर काम करे। इसलिए हम ऐसे किसी भी ढांचे को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत पर जोर देते हैं, जो केवल एक धर्म पर ध्यान दे और धार्मिक भय (रिलिजियोफोबिया) की व्यापक समस्या पर ध्यान न दे।'

संयुक्त राष्ट्र को भारत की सलाह

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र को धार्मिक पहचान को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने और संकीर्ण राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए उसका गलत इस्तेमाल किए जाने के प्रति आगाह रहना चाहिए और इन खतरों की बढ़ती प्रवृत्ति पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।'

पाकिस्तान ने काबुल में एयर स्ट्राइक कर ले ली 400 निर्दोष लोगों की जान, हमले के बाद गुस्‍से में तालिबान

#pakistankilled400muslimsatonceduringattackingahospitalin_kabul

धू-धू कर उठती आग की लपटें और हर तरफ चीख-पुकार। ये मंजर दिखा अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में। जहां रमजान के महीने में पाकिस्तान ने 400 निर्दोष मुसलमानों एकसाथ मार दिया। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने एक नशा मुक्ति अस्पताल समेत 5 जगहों पर हमला किया गया। पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में 400 से ज़्यादा लोगों ने अपनी जान गंवा दी और 250 से ज़्यादा घायल हो गए।

पाकिस्तान की नापाक हरकत, आम लोगों को निशाना बनाया

अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान की सेना ने काबुल में जिस जगह को निशाना बनाया, वह नशा मुक्ति केंद्र था। अफगान तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा है कि पाकिस्तानी आर्मी ने अस्पताल में आम लोगों को निशाना बनाया है। इसमें 400 मौतें अब तक कंफर्म हो चुकी हैं और 250 से ज्यादा घायल हुए हैं। पाकिस्तानी की बमबारी में नशा मुक्ति अस्पताल तबाह हो गया है

नशा मुक्ति हॉस्पिटल पर हमला

तालिबान की सरकार के अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान ने सोमवार रात करीब 9 बजे काबुल में हवाई हमला किया। इस हमले में 2,000 बेड वाले उम्मीद नशा मुक्ति हॉस्पिटल को निशाना बनाया गया। तालिबान के उपप्रवक्ता मुल्ला हमदुल्ला फितरत ने बताया कि हमले में हॉस्पिटल की इमारत का ज्यादातर हिस्सा तबाह हो गया। फितरत ने बताया है कि मरने वालों की संख्या 400 के आंकड़े को पार कर गई है। राहत का काम जारी है, ऐसे में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि मरने वाले आम लोग थे। इनमे ज्यादातर संख्या यहां भर्ती नशे के मरीजों और मेडिकल स्टाफ की है।

इस हमले का जवाब देगा तालिबान

पाकिस्तान के काबुल में नशा मुक्ति अस्पताल पर हवाई हमले के बाद अफगान तालिबान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हमले में 400 से ज्यादा मौतें होने के बाद अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान ने कहा है कि अब बातचीत का कोई मतलब नहीं रह गया है, हम इस हमले का जवाब देंगे। तालिबान के शीर्ष अधिकारी सुहेल शाहीन ने पाकिस्तान के उन दावों को भी पूरी झूठा कहा है कि उसकी आर्मी ने अस्पताल नहीं बल्कि आतंकी ठिकाने पर बम गिराए हैं।

और बढ़ेगा तनाव

पाकिस्तान की इस एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच पहले से चला आ रहा तनाव और बढ़ गया है। पाकिस्तानी हमले के बाद अब आशंका जताई जा रही है कि तालिबान भी चुप नहीं बैठेगा और जल्द ही पाकिस्तान से इस हमले का बदला लेगा।