पश्चिम एशिया संकट का असर : हीलियम, एल्युमीनियम से लेकर मेडिकल उपकरण पर भी असर
अमरेश द्विवेदी

पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव और युद्ध जैसी स्थिति को शांत करने के लिए किए जा रहे सीजफायर प्रयासों में अभी भी बड़ा गतिरोध बना हुआ है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच बातचीत तो चल रही है, लेकिन कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है। स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ इसे “स्टैंडस्टिल” यानी ठहराव की स्थिति बता रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्यस्थ देशों (जैसे पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र) की कोशिशों से अमेरिका और ईरान के बीच एक अस्थायी सीजफायर प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें 45 दिन के युद्धविराम और रणनीतिक समुद्री रास्ते (जैसे होर्मुज जलडमरूमध्य) खोलने की बात शामिल थी।
हालांकि, ईरान ने इससे पहले कई छोटे और अस्थायी सीजफायर प्रस्तावों को भी खारिज कर दिया है और कहा है कि वह केवल दीर्घकालिक और ठोस समझौते पर ही बात करेगा।
इस संघर्ष का असर केवल राजनीतिक नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन पर भी गहराता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान से जुड़े तनाव के कारण तेल और गैस बाजार पहले ही प्रभावित हैं, लेकिन अब इसका असर कई महत्वपूर्ण औद्योगिक संसाधनों पर भी पड़ने लगा है।
ईरान से जुड़े तनाव और क्षेत्रीय संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र में उत्पादन और सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर हीलियम की आपूर्ति पर देखा जा रहा है।
कतर, जो दुनिया के सबसे बड़े हीलियम उत्पादकों में से एक है, ने कुछ औद्योगिक घटनाओं और हमलों के बाद उत्पादन में अस्थायी रोक की घोषणा की है। इससे वैश्विक हीलियम सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
हीलियम प्राकृतिक गैस प्रोसेसिंग का एक महत्वपूर्ण बाय-प्रोडक्ट है और इसका उपयोग कई अत्याधुनिक क्षेत्रों में होता है, जैसे - सेमीकंडक्टर चिप निर्माण, मेडिकल उपकरण (एमआरआई मशीन), स्पेस टेक्नोलॉजी और रॉकेट लॉन्चिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स कूलिंग सिस्टम आदि।
विशेषज्ञों का मानना है कि हीलियम की कमी से चिप निर्माण उद्योग प्रभावित हो सकता है, जिससे स्मार्टफोन, लैपटॉप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों की प्रगति धीमी पड़ सकती है।
इसके अलावा एल्युमीनियम सप्लाई पर भी दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। खाड़ी देशों का वैश्विक एल्युमीनियम उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान है और किसी भी प्रकार की रुकावट से इसकी कीमतों में वृद्धि हो सकती है। एल्युमीनियम का उपयोग बड़े पैमाने पर पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और निर्माण उद्योग में होता है। सप्लाई बाधित होने से इन सभी क्षेत्रों में लागत बढ़ सकती है और उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ सकता है।
तेल और गैस आपूर्ति में पहले से ही अस्थिरता बनी हुई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित है। गैसोलीन और ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो यह वैश्विक मुद्रास्फीति को और बढ़ा सकता है।
सेमीकंडक्टर और एआई इंडस्ट्री पहले से ही सप्लाई चेन चुनौतियों का सामना कर रही है। हीलियम और अन्य दुर्लभ गैसों की कमी से चिप निर्माण की गति धीमी हो सकती है। इसका असर सीधे तौर पर स्मार्टफोन निर्माण, इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि स्थिति जल्दी नहीं सुधरी, तो कई कंपनियों को अपने उत्पादन लक्ष्य में देरी करनी पड़ सकती है।
हीलियम की कमी का असर मेडिकल सेक्टर पर भी पड़ सकता है, क्योंकि एमआरआई मशीनों और अन्य हाई-टेक मेडिकल उपकरणों में इसका उपयोग जरूरी होता है। इसके अलावा स्पेस इंडस्ट्री में रॉकेट फ्यूल टैंक की सफाई और लॉन्चिंग प्रक्रियाओं में भी हीलियम का उपयोग होता है।
स्पेस कंपनियों के बढ़ते लॉन्च कार्यक्रमों के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे कमी की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में यह तनाव लंबे समय तक चलता है, तो इसका असर केवल ऊर्जा बाजार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह वैश्विक सप्लाई चेन को गहराई से प्रभावित करेगा। उनका कहना है कि कई कंपनियां पहले से ही संभावित कमी और कीमतों में वृद्धि को देखते हुए अपने प्रोडक्शन प्लान में बदलाव कर रही हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर वार्ता फिलहाल ठहराव की स्थिति में है। दोनों देशों के बीच राजनीतिक और रणनीतिक मतभेद अब तक दूर नहीं हो पाए हैं। इस बीच वैश्विक स्तर पर ऊर्जा, हीलियम, एल्युमीनियम और हाई-टेक उद्योगों पर असर बढ़ने की आशंका है।
स्थिति अगर जल्द नहीं सुधरी, तो इसका प्रभाव आने वाले महीनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था, उद्योग और आम उपभोक्ताओं तक महसूस किया जाएगा।
सीबीआई करेगी अस्मिता मिश्रा हत्याकांड की जांच, हाई कोर्ट ने दिया आदेश
मुंबई। मुंबई के प्रसिद्ध समाजसेवी अमर मिश्रा की बेटी अस्मिता मिश्रा की ‘हत्या’ के मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश द्वय सारंग कोतवाल और संदेश पाटिल की खंडपीठ ने 16 अप्रैल को इस आशय का आदेश सीबीआई को दिया। अमर मिश्रा मुंबई के उपनगर मालाड में रहते हैं। उनकी पुत्री अस्मिता मिश्रा (26) की शादी ठाणे जिले के मीरा रोड में रहने वाले मनीष मिश्रा के बेटे अभय मिश्रा के साथ 20 नवंबर 2021 को हुई थी। 12 मई 2022 को गौना हुआ था। गौने के बाद से ही मनीष मिश्रा अमर मिश्रा से उनके मीरा रोड के फ्लैट को अभय मिश्रा के नाम पर कर देने की ज़िद करने लगा। बहाने से 35 लाख रुपए कीमत का डायमंड भी मांगने लगा। इसको लेकर पूरा परिवार अस्मिता को प्रताड़ित करने लगा। अस्मिता का गर्भपात भी करवा दिया।
22 फरवरी 2023 को अस्मिता ने फ़ोन कर अमर मिश्रा को बताया कि ससुराल वालों ने उसकी पिटाई कर दी है। वे तलाक माँग रहे हैं। अमर मिश्रा ने पत्नी सहित अस्मिता से उसके ससुराल जाकर मुलाक़ात की तब माफी मांग कर शांत कर दिया। इस बीच 24 फरवरी 2023 को अभय मिश्रा ने अमर मिश्रा को सूचित किया कि अस्मिता ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। अस्मिता को वॉकहार्ट हॉस्पिट मीरा रोड लाया है,   पंडित भीमसेन जोशी जनरल अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ।अमर मिश्रा रिश्तेदारों के साथ अस्पताल पहुंचे तो अस्मिता के शरीर पर चोट के निशान दिखे। शव की फोटो लेने लगे तो पति अभय मिश्रा ने धमकाया कि इसका परिणाम बुरा होगा। इधर काशीमीरा पुलिस स्टेशन का सीनियर इंस्पेक्टर संदीप कदम ADR लिखकर शांत बैठ गया था। वह अमर मिश्रा का कोई तर्क सुन ही नहीं रहा था। सोशल मीडिया पर अपील कर अमर मिश्रा ने 27 फरवरी 2023 को काशीमीरा पुलिस स्टेशन पर मोर्चा निकाल दिया। तब संदीप कदम ने आईपीसी की धारा 304(बी), 306, 420, 406, 313, 323, 498(ए), 504, r/w 34, 3 और 4 के तहत एफआईआर (संख्या-147/2023) दर्ज कर ससुर मनीष मिश्रा, सास प्रेमलता मिश्रा, ननद पायल मिश्रा, ननद पूर्णिमा मिश्रा और देवर जयराज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। पति अभय मिश्रा को बॉम्बे हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पूर्व जमानत मिल गई।
अमर मिश्रा चाहते थे कि आरोपियों के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज हो। परिस्थितियाँ बताती थीं कि यह स्पष्ट रूप से हत्या है। जैसे कि परिवार ने बताया था कि वे दरवाज़ा तोड़कर कमरे में गए। परंतु दरवाज़ा टूटने का कोई प्रमाण नहीं मिला। अस्मिता ने जिस ओढ़नी से फाँसी लगाई थी वह पंखे पर लटकी मिली जबकि पंचनामा में पुलिस ने लिखा कि वह बेड पर थी। अस्मिता के शव का पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टर तेजश्री सोनवणे ने लिखा था कि उसने सुबह 9.30 बजे से 10.30 बजे के बीच पोस्टमॉर्टम किया, जबकि बायोमीट्रिक अटेंडेंस सुबह 9.51.04 बजे आई थी।
पूरे मामले में ऐसी बहुत सी विसंगतियां मिलीं। अमर मिश्रा ने एडवोकेट घनश्याम उपाध्याय (लॉ ज्यूरिस) के मार्फ़त मामले की सीबीआई जाँच करवाने की मांग को लेकर बॉम्बे हाई में पिटीशन दाख़िल कर दी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुरुआत में ऑर्डर पास किया कि मामले की जाँच जे.जे. अस्पताल के सीनियर डॉक्टर से करायें। जे. जे. अस्पताल ने सीनियर डॉक्टर के बजाय जूनियर डॉक्टर से जांच करवा दी। उधर डॉक्टर तेजश्री सोनवणे कहती रही कि वह पोस्टमार्टम करना नहीं जानती। जूनियर डॉक्टर ने जांच रिपोर्ट में बताया कि यह आत्महत्या का मामला है। वकील घनश्याम उपाध्याय के युक्तिवाद से प्रेरित बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले को सीबीआई के सुपुर्द कर दिया।
नेपाल में दूतावास खोलने वाला है तुर्की, पूर्व RAW एजेंट लक्की बिष्ट ने भारत को लेकर किया सतर्क

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तुर्की नेपाल में दूतावास खोलने जा रहा है। पूर्व NSG कमांडो और सोशल मीडिया पर सक्रिय लकी बिष्ट ने नेपाल में संभावित तुर्की दूतावास को लेकर गंभीर दावे किए हैं। उन्होंने इसे भारत की सुरक्षा को लेकर खतरा बताया है। उन्होंने इसे केवल कूटनीतिक कदम न मानकर इसके पीछे “छुपे हुए एजेंडे” की आशंका जताई है।

किस बड़े खेल की बात कर रहे बिष्ट?

पूर्व RAW एजेंट लक्की बिष्ट ने अपने अधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया है। बिष्ट का मानना है कि नेपाल के अंदर एंबेसी के आड़ में बहुत बड़ा खेल शुरू होने वाला है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है, “नेपाल के अंदर एंबेसी के आड़ में बहुत बड़ा खेल शुरू होने वाला है। अगर तुर्की की एंबेसी नेपाल में खुलती है, तो यह सिर्फ कूटनीति नहीं होगी यह धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा देने का दरवाजा होगा।

नेपाल में तुर्की के दूतावास से किस बात का डर

इतिहास गवाह है कि तुर्की ने उन संगठनों को समर्थन दिया है जो समाज में विभाजन और हिंसा फैलाते हैं। तुर्की ने ही इस्माइल हानिया को वीआईपी पासपोर्ट दिए, जब ISIS अपने चरम पर था तुर्की ने जिहादी रास्ते खोले और सीरिया को बर्बाद करने में भी इसकी भूमिका रही है। अगर आज नेपाल में यह तुर्की एंबेसी खुलती है, तो इसके पीछे छुपे एजेंडे को समझना जरूरी है यह सीधा हमला होगा नेपाल की पहचान, उसकी संस्कृति और उसके अस्तित्व पर।”

Sambhal बुलडोजर एक्शन पर सियासी संग्राम: “मुसलमानों को टारगेट कर रही सरकार” - AIMIM जिलाध्यक्ष का बड़ा हमला
सम्भल जिले के मुबारकपुर बंद और बिछौली में ईदगाह, मदरसा और मस्जिदों पर चले बुलडोजर को लेकर सियासत गरमा गई है। AIMIM जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्ला ने इस कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

असद अब्दुल्ला ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित देश के जिन राज्यों में बीजेपी या उसके सहयोगी दलों की सरकार है, वहां मुसलमानों को निशाना बनाकर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई को संविधान के खिलाफ बताते हुए कहा कि बिना पर्याप्त नोटिस और अदालत के फैसले का इंतजार किए धार्मिक स्थलों को गिराना एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केवल मस्जिद, मदरसे और इबादतगाह ही ग्राम समाज की जमीन पर हैं? अन्य धर्मों के स्थलों पर ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं होती? उनके मुताबिक, सरकार हिंदू-मुस्लिम के बीच विभाजन पैदा कर सियासत कर रही है। वहीं प्रशासन का दावा है कि सभी निर्माण कानूनी प्रक्रिया के तहत अवैध पाए जाने पर ही हटाए गए हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए AIMIM नेता ने कहा कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है। उन्होंने बेरोजगारी, किसानों की बदहाल स्थिति और हाल ही में आई आपदाओं को लेकर सरकार को घेरा। असद अब्दुल्ला ने दावा किया कि 2027 के चुनाव में जनता नफरत की राजनीति का जवाब देगी और एक सेक्युलर सरकार बनेगी। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि AIMIM सम्भल जिले की असमोली और सम्भल सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ेगी और “हिस्सेदारी की लड़ाई” जारी रखेगी। कुल मिलाकर, बुलडोजर कार्रवाई अब सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि बड़ा सियासी मुद्दा बन चुकी है, जिस पर आने वाले चुनावों में जोरदार घमासान तय माना जा रहा है।
*खान-पान एवं लू के कारण पेट मरीजों की संख्या बढ़ी*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन नगरी में इन दिनों हीटवेव के हालात बनने शुरू हो गए हैं। आगामी दिनों में राहत की उम्मीदें नहीं हैं। उधर, खान-पान एवं लू के कारण पेट मरीजों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में बचाव से ही खुद को बीमार होने से बचाया जा सकता है। उधर, सरकारी अस्पतालों में इन दिनों डायरिया, पेट के रोगियों की संख्या 30 फीसदी तक पहुंच गई है। डाक्टरों को इलाज करने में पसीने छूट जा रहे हैं। बता दें कि इन दिनों सूबे के साथ ही कालीन नगरी में गर्मी का प्रकोप जारी है। पुरवाई के बाद भी पारा दिन का करीब 43 डिग्री के पार जबकि रात का 30 डिग्री के नीचे नहीं आ रहा है।
उधर, इन दिनों शादियों की धूम है। इसके कारण लोग देर रात भोजन कर रहे हैं। अब ऐसे में पेट दर्द, डायरिया के मरीजों की संख्या ज्यादा देखी जा रही है। जिला अस्पताल ज्ञानपुर एवं महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल भदोही में इन दिनों मौसमी बीमारियों के मरीजों की भरमार नजर आ रही है। तेज धूप की तपिश से हवा भी झुलसा रही है। ऐसे में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। अचानक घर से बाहर पैदल एवं बाइक से निकलकर धूप में जाना खतरनाक साबित हो सकता है।डाक्टरों ने कहा कि हर घंटे पर एक गिलास पानी या फिर तरल पदार्थ का सेवन करते रहें। दोपहर में यदि निकलना बेहद जरूरी हो तो धूप से बचने के लिए छाता लगाकर निकलें या फिर गमछा आदि से सिर और चेहरे को पूरी तरह से ढककर गर्म हवा से सुरक्षित रखें।बीमारी से बचाव को यह करें-फल एवं गन्ने का जूस, नारियल पानी का प्रयोग करें कच्चे आम को भूनकर पना बनाकर पीएं धूप में निकलने से पहले सिर को अच्छी तरह से ढकें0 बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग धूप में निकलने से बचें दिन भर में कम से कम आठ से 10 गिलास पानी पीएं।शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखें और दोपहर में घर से निकलने से बचें गर्मी में बहुत ज्यादा कड़ी मेहनत करने से बचें। धूप से बचने के लिए छाता, गमछा, दुपट्टा एवं हैट का इस्तेमाल करें
बजट बोर्ड बैठक शांतिपूर्वक संपन्न, सभासदों ने उठाए जनहित के मुद्दे।
बबलू प्रजापति
पिहानी (हरदोई) नगर पालिका परिषद बोर्ड बैठक में साफ-सफाई, जल निकासी, अतिक्रमण हटाने व सड़कों की मरम्मत पर जोर, शीघ्र समाधान का आश्वासन lनगर पालिका परिषद की बजट बोर्ड बैठक सोमवार को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। बैठक में मनोनीत व निर्वाचित सभासदों ने नगर की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए उनके त्वरित समाधान की मांग की।
मनोनीत सभासद विमलेश गुप्ता ने नगर की साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ ही सरकारी जमीनों पर हो रहे अवैध निर्माण को तत्काल हटाने की मांग की। उन्होंने विशेष रूप से बंदर पार्क, परजाऊ तालाब एवं रामलीला मैदान के आसपास हो रहे अस्थायी अतिक्रमण को हटवाने पर जोर दिया।
वहीं, मनोनीत सभासद आदर्श सिंह ने आगामी बरसात को देखते हुए कस्बे में जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि समय रहते उचित प्रबंध नहीं किए गए तो पिहानी में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
सभासद पियूष शुक्ला ने नगर के प्याऊ को सुचारु रूप से संचालित करने तथा जर्जर सड़कों की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग उठाई। इसके अलावा जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को तेज और सरल बनाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक के दौरान अधिशासी अधिकारी अमित कुमार सिंह ने सभी सभासदों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चेयरपर्सन शाहीन बेगम ने की।
इस अवसर पर नगर पालिका के कई सभासद व अधिकारी उपस्थित रहे।
माँ विंध्यवासिनी धाम: भीषण गर्मी और भीड़ में श्रद्धालुओं की बढ़ी परेशानी

मिर्जापुर के माँ विंध्यवासिनी धाम में दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच श्रद्धालुओं को कड़ी धूप में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लंबी लाइनों में खड़े भक्तों के पांव गर्म फर्श के कारण जल रहे हैं, जिससे स्थिति और भी कठिन हो गई है।

खासकर गेट नंबर 2 और 3 -4 जाने वाले मार्ग पर धूप का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि घंटों लाइन में खड़े रहने के दौरान गर्म जमीन पर नंगे पैर रहना बेहद तकलीफदेह है। भक्तों ने मंदिर प्रशासन से मांग की है कि छाया की व्यवस्था, मैट बिछाने और पानी के छिड़काव जैसे इंतजाम किए जाएं, ताकि दर्शन के लिए आने वाले लोगों को राहत मिल सके।
विद्यालय जमीन घोटाला: हाईकोर्ट सख्त, सरकार से दो हफ्ते में मांगा जवाब*

वैदिक विद्या मंदिर विद्यालय की जमीन बिक्री और व्यावसायिक उपयोग के आरोप*

हाईकोर्ट सख्त, जमीन बिक्री और दुरुपयोग पर सरकार से जवाब तलब*

रितेश मिश्रा
हरदोई । वैदिक विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से जुड़े गंभीर आरोपों पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। विद्यालय की भूमि के कथित अवैध विक्रय, संपत्ति के दुरुपयोग और परिसर में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सरकार को दो सप्ताह के भीतर स्पष्ट स्थिति बताने का निर्देश दिया है।

यह आदेश जनहित याचिका संख्या 325/2026 पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया, जिसे याची विजय कुमार पाण्डेय द्वारा दायर किया गया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे प्राथमिकता से सुनते हुए अगली सुनवाई की तिथि 28 अप्रैल निर्धारित की है।

आरोपों की प्रकृति: शिक्षा से व्यापार की ओर झुकाव
याचिका में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय की गाटा संख्या 66, 67 और 68 की भूमि का अवैध रूप से विक्रय किया गया है। इसके साथ ही विद्यालय की संपत्ति का शैक्षिक उद्देश्यों के बजाय व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि विद्यालय परिसर में दुकानों का संचालन, निजी संस्थानों की गतिविधियां और अन्य व्यापारिक कार्य हो रहे हैं, जिससे शिक्षा का वातावरण प्रभावित हो रहा है।

याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि इन गतिविधियों के चलते विद्यालय की मूल भावना और उद्देश्य पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए बनाए गए शैक्षणिक माहौल में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है, जो न केवल शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है बल्कि संस्थान के अस्तित्व पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

*न्यायालय की सख्त टिप्पणी*

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ द्वारा की गई। अदालत ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। राज्य सरकार की ओर से उपस्थित स्थायी अधिवक्ता ने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें इस मामले में संबंधित विभागों से आवश्यक निर्देश प्राप्त करने के लिए समय दिया जाए। इस पर न्यायालय ने दो सप्ताह का समय देते हुए स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई में सरकार को तथ्यों सहित अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

*प्रबंधन पर मनमानी के आरोप*


याचिका में विद्यालय के प्रबंधन तंत्र पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कहा गया है कि प्रबंधन द्वारा मनमाने तरीके से निर्णय लिए जा रहे हैं, जिससे संस्था की संपत्ति और संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है। यह भी आरोप है कि प्रबंधन ने नियमों की अनदेखी करते हुए विद्यालय की जमीन और परिसंपत्तियों का निजी लाभ के लिए उपयोग किया है। स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर लंबे समय से असंतोष बताया जा रहा है। अभिभावकों और क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि विद्यालय की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

*सरकारी तंत्र की भूमिका पर सवाल*

इस पूरे प्रकरण में सरकारी तंत्र की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों को इन गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे यह संकेत मिलता है कि या तो लापरवाही बरती गई या फिर जानबूझकर मामले को नजरअंदाज किया गया। सूत्रों  का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मामला अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी गलत उदाहरण बन सकता है। शिक्षा संस्थानों की संपत्ति का इस तरह से उपयोग शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है।

*शिक्षा पर पड़ता असर*

विद्यालय परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन से छात्रों के अध्ययन वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात भी सामने आई है। कक्षाओं के आसपास दुकानों और अन्य गतिविधियों के चलते शोर-शराबा और अव्यवस्था की स्थिति बनती है, जिससे विद्यार्थियों का ध्यान भंग होता है। इसके अलावा, संस्थान के संसाधनों का सही उपयोग न होने से शैक्षिक सुविधाओं में भी कमी आ सकती है। ऐसे में छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ना स्वाभाविक है।

*न्यायिक प्रक्रिया में अगला कदम*


अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह मामला गंभीर प्रकृति का है और इससे शिक्षा व्यवस्था जुड़ी हुई है। इसलिए इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। दो सप्ताह के भीतर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अगली सुनवाई 28 अप्रैल को निर्धारित की गई है, जिसमें यह देखा जाएगा कि सरकार ने क्या कदम उठाए हैं और क्या आरोपों में कोई सच्चाई पाई गई है।

*स्थानीय स्तर पर बढ़ी चिंता*

इस पूरे घटनाक्रम के बाद हरदोई क्षेत्र में चिंता का माहौल है। अभिभावक और स्थानीय नागरिक विद्यालय के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द ही सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यह संस्थान पूरी तरह से खत्म होने की कगार पर पहुंच सकता है।
जम्मू-कश्मीर में भीषण सड़क हादसा, उधमपुर में खाई में गिरी यात्री बस, 15 लोगों की मौत

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जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर जिले के रामनगर इलाके में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। यहां खगोट क्षेत्र में एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे 15 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई है। हादसे में 20 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

बस रामनगर से उधमपुर की ओर जा रही थी, तभी जालो क्षेत्र के पास अचानक यह हादसा हुआ। बस एक दूरदराज के गांव से उधमपुर की ओर जा रही थी, तभी एक मोड़ पर चालक का नियंत्रण खो गया और वाहन खाई में जा गिरा।

रैश और नेग्लीजेंट ड्राइविंग के कारण हादसा

चश्मदीदों के मुताबिक यह हादसा रैश और नेग्लीजेंट ड्राइविंग का है। एक मोड पर बस का टायर फट गया जिसके बाद तेजी से आ रही बस बेकाबू हो गई। घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। प्रशासन और पुलिस की टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

सीएम उमर अब्दुल्ला ने दुख जताया

हादसे पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी दुख जताया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार उन्होंने रामनगर से उधमपुर जा रही एक यात्री बस के साथ हुई दुखद सड़क दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार दुख की इस घड़ी में पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ पूरी दृढ़ता से खड़ी है, और उन्हें हर संभव आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जताई संवेदना

वहीं, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा, यह दुखद सड़क हादसा दिल दहला देने वाला है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर उन्हें शक्ति प्रदान करें। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं, मैंने जिला प्रशासन, पुलिस, SDRF और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि वे प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करें।

लूटपाट के दौरान हुई मारपीट में एक घायल, पुलिस व घायल ने लिखाया मुकदमा

गोंडा।जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित खनवापुर में शनिवार देर रात हुई लूटपाट के  प्रयास के दौरान हुई मारपीट में एक व्यक्ति की मौत हो गई,जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।घायल का लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।इस मामले में पुलिस ने दो अलग अलग मुकदमा दर्ज किया है।यह घटना तब हुई जब थ्रेसर मालिक हनुमान प्रसाद अपने खेत में भूसा बना रहे थ्रेसर को देखने पहुंचे थे।इसी दौरान एक कार्यक्रम से लौट रहे तीन युवक संजय चौबे, दीपक यादव और प्रशांत त्रिपाठी ने एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर हनुमान प्रसाद का मोबाइल छीनने का प्रयास किया और लूटपाट करने लगे।हनुमान प्रसाद किसी तरह वहाँ से भाग निकले और उन्होंने देवी प्रसाद तथा अपने ट्रैक्टर ड्राइवर कौशल को फोन कर घटना की सूचना दिया।सूचना पाकर मौके पर पहुंचे देवी प्रसाद और कौशल ने संजय चौबे को पकड़ा तो संजय चौबे ने अपने साथियों के साथ मिलकर मारपीट शुरू कर दिया।मारपीट के दौरान संजय चौबे ने अपने पास रखे चाकू से देवी प्रसाद के गले पर वार कर दिया,जिससे देवी प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गये।उन्हे इलाज के लिए लखनऊ भर्ती कराया गया है।इसी मारपीट में संजय चौबे (23) गंभीर रूप से घायल हो गये थे।स्थानीय लोगों द्वारा उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी मौत हो गई।खरगूपुर थाने की पुलिस ने मृतक संजय चौबे का पोस्टमार्टम कराया है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया है।घायल देवी प्रसाद ने इस पूरी घटना को लेकर मृतक संजय चौबे, दीपक यादव और प्रशांत तिवारी के खिलाफ चाकू से हमला करने और थ्रेसर मालिक हनुमान प्रसाद के साथ लूटपाट करने का मुकदमा दर्ज कराया है।वहीं मृतक संजय चौबे के परिजनों द्वारा कोई तहरीर न दिये जाने पर खरगूपुर थाने की पुलिस ने स्वयं वादि बनकर देवी प्रसाद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।मृतक की मां राजपति ने बताया कि बड़े बेटे अजय का 27 अप्रैल को तिलक व 5 मई को शादी तय थी।छोटे बेटे संजय की मौत से घर में खुशी का माहौल मातम में बदल गया।वहीं क्षेत्राधिकारी नगर आनंद राय ने बताया कि मृतक की पहचान चौखड़िया गांव के संजय चौबे (23) के रुप में हुई है।उनके साथियों की पहचान परसरामपुर अहिरनपुरवा गांव के दीपक यादव व खनवापुर के प्रशांत तिवारी के रूप में हुई है।
पश्चिम एशिया संकट का असर : हीलियम, एल्युमीनियम से लेकर मेडिकल उपकरण पर भी असर
अमरेश द्विवेदी

पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव और युद्ध जैसी स्थिति को शांत करने के लिए किए जा रहे सीजफायर प्रयासों में अभी भी बड़ा गतिरोध बना हुआ है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच बातचीत तो चल रही है, लेकिन कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है। स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ इसे “स्टैंडस्टिल” यानी ठहराव की स्थिति बता रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्यस्थ देशों (जैसे पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र) की कोशिशों से अमेरिका और ईरान के बीच एक अस्थायी सीजफायर प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें 45 दिन के युद्धविराम और रणनीतिक समुद्री रास्ते (जैसे होर्मुज जलडमरूमध्य) खोलने की बात शामिल थी।
हालांकि, ईरान ने इससे पहले कई छोटे और अस्थायी सीजफायर प्रस्तावों को भी खारिज कर दिया है और कहा है कि वह केवल दीर्घकालिक और ठोस समझौते पर ही बात करेगा।
इस संघर्ष का असर केवल राजनीतिक नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन पर भी गहराता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान से जुड़े तनाव के कारण तेल और गैस बाजार पहले ही प्रभावित हैं, लेकिन अब इसका असर कई महत्वपूर्ण औद्योगिक संसाधनों पर भी पड़ने लगा है।
ईरान से जुड़े तनाव और क्षेत्रीय संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र में उत्पादन और सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर हीलियम की आपूर्ति पर देखा जा रहा है।
कतर, जो दुनिया के सबसे बड़े हीलियम उत्पादकों में से एक है, ने कुछ औद्योगिक घटनाओं और हमलों के बाद उत्पादन में अस्थायी रोक की घोषणा की है। इससे वैश्विक हीलियम सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
हीलियम प्राकृतिक गैस प्रोसेसिंग का एक महत्वपूर्ण बाय-प्रोडक्ट है और इसका उपयोग कई अत्याधुनिक क्षेत्रों में होता है, जैसे - सेमीकंडक्टर चिप निर्माण, मेडिकल उपकरण (एमआरआई मशीन), स्पेस टेक्नोलॉजी और रॉकेट लॉन्चिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स कूलिंग सिस्टम आदि।
विशेषज्ञों का मानना है कि हीलियम की कमी से चिप निर्माण उद्योग प्रभावित हो सकता है, जिससे स्मार्टफोन, लैपटॉप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों की प्रगति धीमी पड़ सकती है।
इसके अलावा एल्युमीनियम सप्लाई पर भी दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। खाड़ी देशों का वैश्विक एल्युमीनियम उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान है और किसी भी प्रकार की रुकावट से इसकी कीमतों में वृद्धि हो सकती है। एल्युमीनियम का उपयोग बड़े पैमाने पर पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और निर्माण उद्योग में होता है। सप्लाई बाधित होने से इन सभी क्षेत्रों में लागत बढ़ सकती है और उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ सकता है।
तेल और गैस आपूर्ति में पहले से ही अस्थिरता बनी हुई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित है। गैसोलीन और ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो यह वैश्विक मुद्रास्फीति को और बढ़ा सकता है।
सेमीकंडक्टर और एआई इंडस्ट्री पहले से ही सप्लाई चेन चुनौतियों का सामना कर रही है। हीलियम और अन्य दुर्लभ गैसों की कमी से चिप निर्माण की गति धीमी हो सकती है। इसका असर सीधे तौर पर स्मार्टफोन निर्माण, इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि स्थिति जल्दी नहीं सुधरी, तो कई कंपनियों को अपने उत्पादन लक्ष्य में देरी करनी पड़ सकती है।
हीलियम की कमी का असर मेडिकल सेक्टर पर भी पड़ सकता है, क्योंकि एमआरआई मशीनों और अन्य हाई-टेक मेडिकल उपकरणों में इसका उपयोग जरूरी होता है। इसके अलावा स्पेस इंडस्ट्री में रॉकेट फ्यूल टैंक की सफाई और लॉन्चिंग प्रक्रियाओं में भी हीलियम का उपयोग होता है।
स्पेस कंपनियों के बढ़ते लॉन्च कार्यक्रमों के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे कमी की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में यह तनाव लंबे समय तक चलता है, तो इसका असर केवल ऊर्जा बाजार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह वैश्विक सप्लाई चेन को गहराई से प्रभावित करेगा। उनका कहना है कि कई कंपनियां पहले से ही संभावित कमी और कीमतों में वृद्धि को देखते हुए अपने प्रोडक्शन प्लान में बदलाव कर रही हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर वार्ता फिलहाल ठहराव की स्थिति में है। दोनों देशों के बीच राजनीतिक और रणनीतिक मतभेद अब तक दूर नहीं हो पाए हैं। इस बीच वैश्विक स्तर पर ऊर्जा, हीलियम, एल्युमीनियम और हाई-टेक उद्योगों पर असर बढ़ने की आशंका है।
स्थिति अगर जल्द नहीं सुधरी, तो इसका प्रभाव आने वाले महीनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था, उद्योग और आम उपभोक्ताओं तक महसूस किया जाएगा।
सीबीआई करेगी अस्मिता मिश्रा हत्याकांड की जांच, हाई कोर्ट ने दिया आदेश
मुंबई। मुंबई के प्रसिद्ध समाजसेवी अमर मिश्रा की बेटी अस्मिता मिश्रा की ‘हत्या’ के मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश द्वय सारंग कोतवाल और संदेश पाटिल की खंडपीठ ने 16 अप्रैल को इस आशय का आदेश सीबीआई को दिया। अमर मिश्रा मुंबई के उपनगर मालाड में रहते हैं। उनकी पुत्री अस्मिता मिश्रा (26) की शादी ठाणे जिले के मीरा रोड में रहने वाले मनीष मिश्रा के बेटे अभय मिश्रा के साथ 20 नवंबर 2021 को हुई थी। 12 मई 2022 को गौना हुआ था। गौने के बाद से ही मनीष मिश्रा अमर मिश्रा से उनके मीरा रोड के फ्लैट को अभय मिश्रा के नाम पर कर देने की ज़िद करने लगा। बहाने से 35 लाख रुपए कीमत का डायमंड भी मांगने लगा। इसको लेकर पूरा परिवार अस्मिता को प्रताड़ित करने लगा। अस्मिता का गर्भपात भी करवा दिया।
22 फरवरी 2023 को अस्मिता ने फ़ोन कर अमर मिश्रा को बताया कि ससुराल वालों ने उसकी पिटाई कर दी है। वे तलाक माँग रहे हैं। अमर मिश्रा ने पत्नी सहित अस्मिता से उसके ससुराल जाकर मुलाक़ात की तब माफी मांग कर शांत कर दिया। इस बीच 24 फरवरी 2023 को अभय मिश्रा ने अमर मिश्रा को सूचित किया कि अस्मिता ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। अस्मिता को वॉकहार्ट हॉस्पिट मीरा रोड लाया है,   पंडित भीमसेन जोशी जनरल अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ।अमर मिश्रा रिश्तेदारों के साथ अस्पताल पहुंचे तो अस्मिता के शरीर पर चोट के निशान दिखे। शव की फोटो लेने लगे तो पति अभय मिश्रा ने धमकाया कि इसका परिणाम बुरा होगा। इधर काशीमीरा पुलिस स्टेशन का सीनियर इंस्पेक्टर संदीप कदम ADR लिखकर शांत बैठ गया था। वह अमर मिश्रा का कोई तर्क सुन ही नहीं रहा था। सोशल मीडिया पर अपील कर अमर मिश्रा ने 27 फरवरी 2023 को काशीमीरा पुलिस स्टेशन पर मोर्चा निकाल दिया। तब संदीप कदम ने आईपीसी की धारा 304(बी), 306, 420, 406, 313, 323, 498(ए), 504, r/w 34, 3 और 4 के तहत एफआईआर (संख्या-147/2023) दर्ज कर ससुर मनीष मिश्रा, सास प्रेमलता मिश्रा, ननद पायल मिश्रा, ननद पूर्णिमा मिश्रा और देवर जयराज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। पति अभय मिश्रा को बॉम्बे हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पूर्व जमानत मिल गई।
अमर मिश्रा चाहते थे कि आरोपियों के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज हो। परिस्थितियाँ बताती थीं कि यह स्पष्ट रूप से हत्या है। जैसे कि परिवार ने बताया था कि वे दरवाज़ा तोड़कर कमरे में गए। परंतु दरवाज़ा टूटने का कोई प्रमाण नहीं मिला। अस्मिता ने जिस ओढ़नी से फाँसी लगाई थी वह पंखे पर लटकी मिली जबकि पंचनामा में पुलिस ने लिखा कि वह बेड पर थी। अस्मिता के शव का पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टर तेजश्री सोनवणे ने लिखा था कि उसने सुबह 9.30 बजे से 10.30 बजे के बीच पोस्टमॉर्टम किया, जबकि बायोमीट्रिक अटेंडेंस सुबह 9.51.04 बजे आई थी।
पूरे मामले में ऐसी बहुत सी विसंगतियां मिलीं। अमर मिश्रा ने एडवोकेट घनश्याम उपाध्याय (लॉ ज्यूरिस) के मार्फ़त मामले की सीबीआई जाँच करवाने की मांग को लेकर बॉम्बे हाई में पिटीशन दाख़िल कर दी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुरुआत में ऑर्डर पास किया कि मामले की जाँच जे.जे. अस्पताल के सीनियर डॉक्टर से करायें। जे. जे. अस्पताल ने सीनियर डॉक्टर के बजाय जूनियर डॉक्टर से जांच करवा दी। उधर डॉक्टर तेजश्री सोनवणे कहती रही कि वह पोस्टमार्टम करना नहीं जानती। जूनियर डॉक्टर ने जांच रिपोर्ट में बताया कि यह आत्महत्या का मामला है। वकील घनश्याम उपाध्याय के युक्तिवाद से प्रेरित बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले को सीबीआई के सुपुर्द कर दिया।
नेपाल में दूतावास खोलने वाला है तुर्की, पूर्व RAW एजेंट लक्की बिष्ट ने भारत को लेकर किया सतर्क

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तुर्की नेपाल में दूतावास खोलने जा रहा है। पूर्व NSG कमांडो और सोशल मीडिया पर सक्रिय लकी बिष्ट ने नेपाल में संभावित तुर्की दूतावास को लेकर गंभीर दावे किए हैं। उन्होंने इसे भारत की सुरक्षा को लेकर खतरा बताया है। उन्होंने इसे केवल कूटनीतिक कदम न मानकर इसके पीछे “छुपे हुए एजेंडे” की आशंका जताई है।

किस बड़े खेल की बात कर रहे बिष्ट?

पूर्व RAW एजेंट लक्की बिष्ट ने अपने अधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया है। बिष्ट का मानना है कि नेपाल के अंदर एंबेसी के आड़ में बहुत बड़ा खेल शुरू होने वाला है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है, “नेपाल के अंदर एंबेसी के आड़ में बहुत बड़ा खेल शुरू होने वाला है। अगर तुर्की की एंबेसी नेपाल में खुलती है, तो यह सिर्फ कूटनीति नहीं होगी यह धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा देने का दरवाजा होगा।

नेपाल में तुर्की के दूतावास से किस बात का डर

इतिहास गवाह है कि तुर्की ने उन संगठनों को समर्थन दिया है जो समाज में विभाजन और हिंसा फैलाते हैं। तुर्की ने ही इस्माइल हानिया को वीआईपी पासपोर्ट दिए, जब ISIS अपने चरम पर था तुर्की ने जिहादी रास्ते खोले और सीरिया को बर्बाद करने में भी इसकी भूमिका रही है। अगर आज नेपाल में यह तुर्की एंबेसी खुलती है, तो इसके पीछे छुपे एजेंडे को समझना जरूरी है यह सीधा हमला होगा नेपाल की पहचान, उसकी संस्कृति और उसके अस्तित्व पर।”

Sambhal बुलडोजर एक्शन पर सियासी संग्राम: “मुसलमानों को टारगेट कर रही सरकार” - AIMIM जिलाध्यक्ष का बड़ा हमला
सम्भल जिले के मुबारकपुर बंद और बिछौली में ईदगाह, मदरसा और मस्जिदों पर चले बुलडोजर को लेकर सियासत गरमा गई है। AIMIM जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्ला ने इस कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

असद अब्दुल्ला ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित देश के जिन राज्यों में बीजेपी या उसके सहयोगी दलों की सरकार है, वहां मुसलमानों को निशाना बनाकर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई को संविधान के खिलाफ बताते हुए कहा कि बिना पर्याप्त नोटिस और अदालत के फैसले का इंतजार किए धार्मिक स्थलों को गिराना एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केवल मस्जिद, मदरसे और इबादतगाह ही ग्राम समाज की जमीन पर हैं? अन्य धर्मों के स्थलों पर ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं होती? उनके मुताबिक, सरकार हिंदू-मुस्लिम के बीच विभाजन पैदा कर सियासत कर रही है। वहीं प्रशासन का दावा है कि सभी निर्माण कानूनी प्रक्रिया के तहत अवैध पाए जाने पर ही हटाए गए हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए AIMIM नेता ने कहा कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है। उन्होंने बेरोजगारी, किसानों की बदहाल स्थिति और हाल ही में आई आपदाओं को लेकर सरकार को घेरा। असद अब्दुल्ला ने दावा किया कि 2027 के चुनाव में जनता नफरत की राजनीति का जवाब देगी और एक सेक्युलर सरकार बनेगी। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि AIMIM सम्भल जिले की असमोली और सम्भल सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ेगी और “हिस्सेदारी की लड़ाई” जारी रखेगी। कुल मिलाकर, बुलडोजर कार्रवाई अब सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि बड़ा सियासी मुद्दा बन चुकी है, जिस पर आने वाले चुनावों में जोरदार घमासान तय माना जा रहा है।
*खान-पान एवं लू के कारण पेट मरीजों की संख्या बढ़ी*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन नगरी में इन दिनों हीटवेव के हालात बनने शुरू हो गए हैं। आगामी दिनों में राहत की उम्मीदें नहीं हैं। उधर, खान-पान एवं लू के कारण पेट मरीजों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में बचाव से ही खुद को बीमार होने से बचाया जा सकता है। उधर, सरकारी अस्पतालों में इन दिनों डायरिया, पेट के रोगियों की संख्या 30 फीसदी तक पहुंच गई है। डाक्टरों को इलाज करने में पसीने छूट जा रहे हैं। बता दें कि इन दिनों सूबे के साथ ही कालीन नगरी में गर्मी का प्रकोप जारी है। पुरवाई के बाद भी पारा दिन का करीब 43 डिग्री के पार जबकि रात का 30 डिग्री के नीचे नहीं आ रहा है।
उधर, इन दिनों शादियों की धूम है। इसके कारण लोग देर रात भोजन कर रहे हैं। अब ऐसे में पेट दर्द, डायरिया के मरीजों की संख्या ज्यादा देखी जा रही है। जिला अस्पताल ज्ञानपुर एवं महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल भदोही में इन दिनों मौसमी बीमारियों के मरीजों की भरमार नजर आ रही है। तेज धूप की तपिश से हवा भी झुलसा रही है। ऐसे में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। अचानक घर से बाहर पैदल एवं बाइक से निकलकर धूप में जाना खतरनाक साबित हो सकता है।डाक्टरों ने कहा कि हर घंटे पर एक गिलास पानी या फिर तरल पदार्थ का सेवन करते रहें। दोपहर में यदि निकलना बेहद जरूरी हो तो धूप से बचने के लिए छाता लगाकर निकलें या फिर गमछा आदि से सिर और चेहरे को पूरी तरह से ढककर गर्म हवा से सुरक्षित रखें।बीमारी से बचाव को यह करें-फल एवं गन्ने का जूस, नारियल पानी का प्रयोग करें कच्चे आम को भूनकर पना बनाकर पीएं धूप में निकलने से पहले सिर को अच्छी तरह से ढकें0 बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग धूप में निकलने से बचें दिन भर में कम से कम आठ से 10 गिलास पानी पीएं।शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखें और दोपहर में घर से निकलने से बचें गर्मी में बहुत ज्यादा कड़ी मेहनत करने से बचें। धूप से बचने के लिए छाता, गमछा, दुपट्टा एवं हैट का इस्तेमाल करें
बजट बोर्ड बैठक शांतिपूर्वक संपन्न, सभासदों ने उठाए जनहित के मुद्दे।
बबलू प्रजापति
पिहानी (हरदोई) नगर पालिका परिषद बोर्ड बैठक में साफ-सफाई, जल निकासी, अतिक्रमण हटाने व सड़कों की मरम्मत पर जोर, शीघ्र समाधान का आश्वासन lनगर पालिका परिषद की बजट बोर्ड बैठक सोमवार को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। बैठक में मनोनीत व निर्वाचित सभासदों ने नगर की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए उनके त्वरित समाधान की मांग की।
मनोनीत सभासद विमलेश गुप्ता ने नगर की साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ ही सरकारी जमीनों पर हो रहे अवैध निर्माण को तत्काल हटाने की मांग की। उन्होंने विशेष रूप से बंदर पार्क, परजाऊ तालाब एवं रामलीला मैदान के आसपास हो रहे अस्थायी अतिक्रमण को हटवाने पर जोर दिया।
वहीं, मनोनीत सभासद आदर्श सिंह ने आगामी बरसात को देखते हुए कस्बे में जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि समय रहते उचित प्रबंध नहीं किए गए तो पिहानी में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
सभासद पियूष शुक्ला ने नगर के प्याऊ को सुचारु रूप से संचालित करने तथा जर्जर सड़कों की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग उठाई। इसके अलावा जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को तेज और सरल बनाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक के दौरान अधिशासी अधिकारी अमित कुमार सिंह ने सभी सभासदों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चेयरपर्सन शाहीन बेगम ने की।
इस अवसर पर नगर पालिका के कई सभासद व अधिकारी उपस्थित रहे।
माँ विंध्यवासिनी धाम: भीषण गर्मी और भीड़ में श्रद्धालुओं की बढ़ी परेशानी

मिर्जापुर के माँ विंध्यवासिनी धाम में दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच श्रद्धालुओं को कड़ी धूप में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लंबी लाइनों में खड़े भक्तों के पांव गर्म फर्श के कारण जल रहे हैं, जिससे स्थिति और भी कठिन हो गई है।

खासकर गेट नंबर 2 और 3 -4 जाने वाले मार्ग पर धूप का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि घंटों लाइन में खड़े रहने के दौरान गर्म जमीन पर नंगे पैर रहना बेहद तकलीफदेह है। भक्तों ने मंदिर प्रशासन से मांग की है कि छाया की व्यवस्था, मैट बिछाने और पानी के छिड़काव जैसे इंतजाम किए जाएं, ताकि दर्शन के लिए आने वाले लोगों को राहत मिल सके।
विद्यालय जमीन घोटाला: हाईकोर्ट सख्त, सरकार से दो हफ्ते में मांगा जवाब*

वैदिक विद्या मंदिर विद्यालय की जमीन बिक्री और व्यावसायिक उपयोग के आरोप*

हाईकोर्ट सख्त, जमीन बिक्री और दुरुपयोग पर सरकार से जवाब तलब*

रितेश मिश्रा
हरदोई । वैदिक विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से जुड़े गंभीर आरोपों पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। विद्यालय की भूमि के कथित अवैध विक्रय, संपत्ति के दुरुपयोग और परिसर में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सरकार को दो सप्ताह के भीतर स्पष्ट स्थिति बताने का निर्देश दिया है।

यह आदेश जनहित याचिका संख्या 325/2026 पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया, जिसे याची विजय कुमार पाण्डेय द्वारा दायर किया गया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे प्राथमिकता से सुनते हुए अगली सुनवाई की तिथि 28 अप्रैल निर्धारित की है।

आरोपों की प्रकृति: शिक्षा से व्यापार की ओर झुकाव
याचिका में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय की गाटा संख्या 66, 67 और 68 की भूमि का अवैध रूप से विक्रय किया गया है। इसके साथ ही विद्यालय की संपत्ति का शैक्षिक उद्देश्यों के बजाय व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि विद्यालय परिसर में दुकानों का संचालन, निजी संस्थानों की गतिविधियां और अन्य व्यापारिक कार्य हो रहे हैं, जिससे शिक्षा का वातावरण प्रभावित हो रहा है।

याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि इन गतिविधियों के चलते विद्यालय की मूल भावना और उद्देश्य पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए बनाए गए शैक्षणिक माहौल में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है, जो न केवल शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है बल्कि संस्थान के अस्तित्व पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

*न्यायालय की सख्त टिप्पणी*

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ द्वारा की गई। अदालत ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। राज्य सरकार की ओर से उपस्थित स्थायी अधिवक्ता ने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें इस मामले में संबंधित विभागों से आवश्यक निर्देश प्राप्त करने के लिए समय दिया जाए। इस पर न्यायालय ने दो सप्ताह का समय देते हुए स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई में सरकार को तथ्यों सहित अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

*प्रबंधन पर मनमानी के आरोप*


याचिका में विद्यालय के प्रबंधन तंत्र पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कहा गया है कि प्रबंधन द्वारा मनमाने तरीके से निर्णय लिए जा रहे हैं, जिससे संस्था की संपत्ति और संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है। यह भी आरोप है कि प्रबंधन ने नियमों की अनदेखी करते हुए विद्यालय की जमीन और परिसंपत्तियों का निजी लाभ के लिए उपयोग किया है। स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर लंबे समय से असंतोष बताया जा रहा है। अभिभावकों और क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि विद्यालय की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

*सरकारी तंत्र की भूमिका पर सवाल*

इस पूरे प्रकरण में सरकारी तंत्र की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों को इन गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे यह संकेत मिलता है कि या तो लापरवाही बरती गई या फिर जानबूझकर मामले को नजरअंदाज किया गया। सूत्रों  का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मामला अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी गलत उदाहरण बन सकता है। शिक्षा संस्थानों की संपत्ति का इस तरह से उपयोग शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है।

*शिक्षा पर पड़ता असर*

विद्यालय परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन से छात्रों के अध्ययन वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात भी सामने आई है। कक्षाओं के आसपास दुकानों और अन्य गतिविधियों के चलते शोर-शराबा और अव्यवस्था की स्थिति बनती है, जिससे विद्यार्थियों का ध्यान भंग होता है। इसके अलावा, संस्थान के संसाधनों का सही उपयोग न होने से शैक्षिक सुविधाओं में भी कमी आ सकती है। ऐसे में छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ना स्वाभाविक है।

*न्यायिक प्रक्रिया में अगला कदम*


अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह मामला गंभीर प्रकृति का है और इससे शिक्षा व्यवस्था जुड़ी हुई है। इसलिए इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। दो सप्ताह के भीतर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अगली सुनवाई 28 अप्रैल को निर्धारित की गई है, जिसमें यह देखा जाएगा कि सरकार ने क्या कदम उठाए हैं और क्या आरोपों में कोई सच्चाई पाई गई है।

*स्थानीय स्तर पर बढ़ी चिंता*

इस पूरे घटनाक्रम के बाद हरदोई क्षेत्र में चिंता का माहौल है। अभिभावक और स्थानीय नागरिक विद्यालय के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द ही सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यह संस्थान पूरी तरह से खत्म होने की कगार पर पहुंच सकता है।
जम्मू-कश्मीर में भीषण सड़क हादसा, उधमपुर में खाई में गिरी यात्री बस, 15 लोगों की मौत

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जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर जिले के रामनगर इलाके में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। यहां खगोट क्षेत्र में एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे 15 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई है। हादसे में 20 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

बस रामनगर से उधमपुर की ओर जा रही थी, तभी जालो क्षेत्र के पास अचानक यह हादसा हुआ। बस एक दूरदराज के गांव से उधमपुर की ओर जा रही थी, तभी एक मोड़ पर चालक का नियंत्रण खो गया और वाहन खाई में जा गिरा।

रैश और नेग्लीजेंट ड्राइविंग के कारण हादसा

चश्मदीदों के मुताबिक यह हादसा रैश और नेग्लीजेंट ड्राइविंग का है। एक मोड पर बस का टायर फट गया जिसके बाद तेजी से आ रही बस बेकाबू हो गई। घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। प्रशासन और पुलिस की टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

सीएम उमर अब्दुल्ला ने दुख जताया

हादसे पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी दुख जताया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार उन्होंने रामनगर से उधमपुर जा रही एक यात्री बस के साथ हुई दुखद सड़क दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार दुख की इस घड़ी में पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ पूरी दृढ़ता से खड़ी है, और उन्हें हर संभव आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जताई संवेदना

वहीं, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा, यह दुखद सड़क हादसा दिल दहला देने वाला है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर उन्हें शक्ति प्रदान करें। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं, मैंने जिला प्रशासन, पुलिस, SDRF और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि वे प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करें।

लूटपाट के दौरान हुई मारपीट में एक घायल, पुलिस व घायल ने लिखाया मुकदमा

गोंडा।जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित खनवापुर में शनिवार देर रात हुई लूटपाट के  प्रयास के दौरान हुई मारपीट में एक व्यक्ति की मौत हो गई,जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।घायल का लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।इस मामले में पुलिस ने दो अलग अलग मुकदमा दर्ज किया है।यह घटना तब हुई जब थ्रेसर मालिक हनुमान प्रसाद अपने खेत में भूसा बना रहे थ्रेसर को देखने पहुंचे थे।इसी दौरान एक कार्यक्रम से लौट रहे तीन युवक संजय चौबे, दीपक यादव और प्रशांत त्रिपाठी ने एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर हनुमान प्रसाद का मोबाइल छीनने का प्रयास किया और लूटपाट करने लगे।हनुमान प्रसाद किसी तरह वहाँ से भाग निकले और उन्होंने देवी प्रसाद तथा अपने ट्रैक्टर ड्राइवर कौशल को फोन कर घटना की सूचना दिया।सूचना पाकर मौके पर पहुंचे देवी प्रसाद और कौशल ने संजय चौबे को पकड़ा तो संजय चौबे ने अपने साथियों के साथ मिलकर मारपीट शुरू कर दिया।मारपीट के दौरान संजय चौबे ने अपने पास रखे चाकू से देवी प्रसाद के गले पर वार कर दिया,जिससे देवी प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गये।उन्हे इलाज के लिए लखनऊ भर्ती कराया गया है।इसी मारपीट में संजय चौबे (23) गंभीर रूप से घायल हो गये थे।स्थानीय लोगों द्वारा उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी मौत हो गई।खरगूपुर थाने की पुलिस ने मृतक संजय चौबे का पोस्टमार्टम कराया है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया है।घायल देवी प्रसाद ने इस पूरी घटना को लेकर मृतक संजय चौबे, दीपक यादव और प्रशांत तिवारी के खिलाफ चाकू से हमला करने और थ्रेसर मालिक हनुमान प्रसाद के साथ लूटपाट करने का मुकदमा दर्ज कराया है।वहीं मृतक संजय चौबे के परिजनों द्वारा कोई तहरीर न दिये जाने पर खरगूपुर थाने की पुलिस ने स्वयं वादि बनकर देवी प्रसाद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।मृतक की मां राजपति ने बताया कि बड़े बेटे अजय का 27 अप्रैल को तिलक व 5 मई को शादी तय थी।छोटे बेटे संजय की मौत से घर में खुशी का माहौल मातम में बदल गया।वहीं क्षेत्राधिकारी नगर आनंद राय ने बताया कि मृतक की पहचान चौखड़िया गांव के संजय चौबे (23) के रुप में हुई है।उनके साथियों की पहचान परसरामपुर अहिरनपुरवा गांव के दीपक यादव व खनवापुर के प्रशांत तिवारी के रूप में हुई है।