गरीबों के निवाले पर डाका: प्रशासन और चावल माफिया की मिलीभगत से सच हारा, इंसानियत हुई शर्मसार
रांची/धुर्वा: राजधानी और इसके आस-पास के इलाकों में गरीबों के हक के राशन की कालाबाजारी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरकारी तंत्र और रसूखदार चावल माफियाओं के गठजोड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि चंद रुपयों के लालच में प्रशासनिक ईमानदारी को कैसे ताक पर रख दिया जाता है। क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 22 मई को सिलसिलवार से ट्रको में सरकारी सील पैक बोरी चावल लोड होकर धुर्वा गोलचक्कर बस स्टैंड के पास जा रहे P.D.S. (जन वितरण प्रणाली) के सरकारी चावल को पकड़ा गया था। इस कार्रवाई को धुर्वा थाना और विधानसभा थाना ने संयुक्त रूप से मिलकर अंजाम दिया और छापेमारी की। इस रेड के दौरान लगभग 600 बोरा सरकारी चावल जब्त किया गया, जो सीधे तौर पर गरीबों का अनाज था और जिसे कालाबाजारी के उद्देश्य से बेचने के लिए ले जाया जा रहा था।
लेकिन कहानी में मोड़ तब आया जब इस जब्त अनाज को विधानसभा थाना में न ले जाकर, भी इसके बाद  25 मई तक अनाज को वहां रखने के बाद बिना किसी पुख्ता कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। मामले को दबाने के लिए न तो कोई F.I.R. दर्ज की गई, न ही किसी की गिरफ्तारी हुई। इसके बजाय कागजी खानापूर्ति करते हुए जब्ती सूची बनाकर चावल को कड़क I गोदाम में स्टॉक दिखा दिया गया। इस पूरे खेल के पीछे कौन हैं मुख्य किरदार?सूत्रों और स्थानीय दावों के अनुसार, इस पूरे काले कारोबार को एक सुनियोजित सिंडिकेट चला रहा है। इस पूरे प्रकरण में
सहायक गोदाम प्रबंधक:- मनोज कुमार
ठेकेदार:- अजीत कुमार, परमानंद प्रसाद, विकाश राय
दलाल (Brokers):- मुकेश यादव, रंजीत यादव, यशवंत यादव के नाम सामने आ रहे है
दावा है कि इन्हीं लोगों की मिलीभगत से लगभग 3000 से 5000 क्विंटल सरकारी अनाज का गबन कर उसे कालाबाजार में बेचा जाता है।
जानकारी मुताबिक राशन डीलर विकास गुप्ता हटिया में पीडीएस दुकान चलाते है जबकि सरकारी अनाज की कालाबाजारी की नीयत से धुर्वा इलाके में निजी गोदाम रखे हुए है ।
इस पूरी घटना का मुख्य सूत्रधार मुकेश यादव, रंजीत यादव और यशवंत यादव नाम के तीन दलालों को बताया जा रहा है, जो सारा राशन इन्हीं माध्यमों से बेचते हैं। इसी बीच दिनांक 22.05.2026 को कडरू II से 600 बोरियां चावल कालाबाजारी के लिए निकाला गया था।अधिकारियों पर 'मोटे रकम' लेकर केस रफा-दफा करने का आरोपअनाज पकड़े जाने और रेड होने के बावजूद इस मामले में कोई कानूनी केस दर्ज नहीं होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का सीधा आरोप है कि इस मामले को दबाने के लिए थाने से लेकर ऊपर तक पैसे मैनेज किए गए हैं।आरोप है कि M.O., SOR, DSO, SDO, DC, SP और DySP समेत कई बड़े अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर इस पूरे केस को रफा-दफा कर दिया। नतीजतन, इतने बड़े 'चावल माफिया' की जीत हो गई, सच्चाई हार गई और इंसानियत एक बार फिर शर्मसार हो गई। समाजसेवियों ने दागे तीखे सवाल, प्रशासन मौनइस पूरे घटनाक्रम से आक्रोशित कुछ समाजसेवियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के सामने कुछ बुनियादी सवाल उठाए हैं, जिनका जवाब देने से फिलहाल हर कोई बच रहा है:
1. चावल आखिर किस तरह और किसकी अनुमति से धुर्वा गया?
2. इस चावल को कौन लेकर गया था?
3. यह चावल किस गोदाम का था और इस चावल का असली मालिक कौन है?सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर यह चावल गलत नहीं था, तो इसे पहले जब्त क्यों किया गया? और अगर गलत था, तो इसकी उचित जब्ती सूची और F.I.R. क्यों नहीं बनी?
फिलहाल इन सवालों का जवाब न तो संबंधित विभाग के पास है और न ही स्थानीय प्रशासन के पास। कड़ी कार्रवाई की मांगसमाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि इस पूरे मामले पर प्रशासन और विभाग को तत्काल संज्ञान लेते हुए उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। जब तक ऐसे अधिकारियों और कालाबाजारियों के मनोबल को नहीं तोड़ा जाएगा, तब तक गरीबों के हक का अनाज उनके थाली तक नहीं पहुंच पाएगा। हालांकि  इस बाबत रांची जिला आपूर्ति पर अधिकारी रामगोपाल पांडेय ने कहा कि मामला बहुत ही संगीन है गरीबों के सरकारी अनाज पर इस तरह ढाका नहीं डाला जा सकता है दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विद्यार्थी जीवन तपस्या का जीवन – बाबा दुबे, टॉपर विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित
जौनपुर। बदलापुर तहसील के  शाहपुर स्थित टारगेट कोचिंग क्लासेज में कल 24 मई को सम्मान समारोह का कार्यक्रम बहुत ही हर्षोल्लास के साथ किया गया। मुख्य अतिथि बदलापुर के पूर्व विधायक ओमप्रकाश दुबे (बाबा) एवं श्री गणेश राम इंटर कालेज   बटाऊबीर के प्रधानाचार्य अनिल यादव के सानिध्य में इस वर्ष बोर्ड की परीक्षा में सभी सफल छात्र एवं छात्राओं को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।मेडल पाने वाले छात्र कक्षा 10 के जिला टॉपर राजशेखर सिंह एवं द्वितीय स्थान सविनय गुप्ता,महक,शिवांगी, प्रियांशी,अनामिका,कृतिका,आरुषि,उत्कर्ष, नितिन,विपिन,कृष्णा और अन्य छात्र एवं छात्राओं को दोनों अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन कोचिंग के प्रबंधक अखिलेश सर एवं प्रेमचंद सर द्वारा किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए बाबा दुबे ने कहा कि विद्यार्थी जीवन तपस्या का जीवन है। विद्यार्थी को किसी तपस्वी की तरह लगातार कठिन परिश्रम करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करना चाहिए। संघर्ष से मिली जीत असली जीत कहलाती है।  सम्मान समारोह कार्यक्रम में प्रधानाचार्य अनिल यादव द्वारा सभी छात्र एवं छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य एवं शिक्षा को एक नये शिखर पर ले जाने और जीवन मे निरन्तर आगे बढ़ने का शुभ आशिर्वाद प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए सचिन सर ने आये हुए सभी अतिथियों का आभार प्रकट किए। इस अवसर पर कोचिंग के टीचिंग स्टाफ अभिषेक सर,सन्तोष सर,सतीश सर ,एवं अन्य वरिष्ठ लोगो में समरनाथ एडवोकेट, बबलू, प्रवीण, अरुण ,अनिल, प्रभातजी आदि उपस्थित रहे।
सजी अदब और साहित्य की महफिल, मुशायरा एवं कवि सम्मेलन में देर रात तक गूंजे शेरो-शायरी के रंग*
रितेश मिश्रा
हरदोई !! बिलग्राम कस्बे के गांधी मैरिज हॉल में हरदोई पत्रकार एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित मुशायरा एवं कवि सम्मेलन साहित्यिक सौहार्द और सांस्कृतिक चेतना का शानदार उदाहरण बन गया। देर रात तक चले इस भव्य आयोजन में क्षेत्र सहित आसपास के जनपदों से पहुंचे शायरों और कवियों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में अदब, शायरी और कविता का ऐसा समागम देखने को मिला, जिसने उपस्थित साहित्य प्रेमियों को देर रात तक बांधे रखा।
मुशायरे में हुजूर बिलग्रामी, शादाब गुहर, एजाज रियाज़ बरहक, ऐजाज रहबर, नईम शाद, शाहनवाज अकरम, फखरुद्दीन नश्तर मल्लावांवी, असगर बिलग्रामी, कमर बिलग्रामी, इमरान बिलग्रामी, दिव निशेष बिलग्रामी, अंचल द्विवेदी, जय नारायण अवस्थी तथा हाफिज मज़हर बिलग्रामी समेत अनेक साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज, देशभक्ति, इंसानियत, भाईचारे और वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए। कवियों और शायरों की रचनाओं पर श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कवि राम नारायण शुक्ला ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि, “लड़खड़ाती हुई राजनीति को संभालना साहित्यकारों का मुख्य कार्य है। साहित्य समाज को दिशा देने का माध्यम है और कवि अपनी लेखनी से जनमानस को जागरूक करने का कार्य करते हैं।” उनके इस विचारपूर्ण वक्तव्य का उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियों से स्वागत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. कपिल देव त्रिपाठी ने की जबकि सफल संचालन असगर बिलग्रामी ने किया। आयोजन में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। प्रमुख रूप से एडवोकेट सुरेश चन्द्र तिवारी, डॉ. रसूल बिलग्रामी, गणेश नारायण कपूर, वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप यादव, सय्यद अनवर, एडवोकेट मन्नान, धर्मेंद्र यादव, अजयराज त्रिवेदी, सैफ अली जाफरी, नफीस अहमद फारूक़ क़ुरैशी, अतुल द्विवेदी, सुधीर अवस्थी, सहित एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डाक्टर कपिल देव त्रिपाठी ने अपने संदेश में कहा कि हरदोई पत्रकार एसोसिएशन संस्था का उद्देश्य साहित्य, संस्कृति और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। उन्होंने एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संवाद और रचनात्मक सोच को मजबूत करते हैं तथा नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने बिलग्राम की धरती को साहित्य से जुड़ी धरती बताया और कहा कि इस धरती पर रसलीन, मधनायक जैसे महान कवियों ने जन्म लिया है।
देर रात तक चले इस कार्यक्रम में श्रोताओं ने कवियों और शायरों की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया। आयोजन ने क्षेत्र के साहित्यिक और सांस्कृतिक वातावरण को नई ऊर्जा प्रदान की तथा अदबी माहौल को और अधिक मजबूती दी।
जनपद में चेकिंग के दौरान वाहन चालकों की ब्रीथ एनालाइजर मशीन से कराई गई जांच


*चेकिंग के दौरान सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों का उल्लंघन करते पाए गए कुल 7 वाहनों का किया गया चालान-एआरटीओ*


*गोण्डा 25 मई,2026*।
जनपद में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एआरटीओ (प्रशासन) गोण्डा श्री आर.सी. भारतीय के नेतृत्व में परिवहन विभाग  द्वारा अभियान चलाया गया। यह अभियान शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर संचालित किया गया, जिसमें शराब पीकर वाहन चलाने, यातायात नियमों का उल्लंघन करने तथा असुरक्षित तरीके से वाहन संचालन करने वालों के विरुद्ध सघन जांच की गई।

अभियान के दौरान एआरटीओ (प्रशासन) श्री आर.सी. भारतीय द्वारा वाहन चालकों की ब्रीथ एनालाइजर मशीन से जांच कराई गई तथा संदिग्ध वाहनों को रोककर आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच की गई। जांच के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करते पाए गए कुल 7 वाहनों का चालान किया गया। इनमें शराब पीकर वाहन चलाना, हेलमेट प्रयोग न करना तथा अन्य यातायात नियमों की अनदेखी करने जैसे मामले शामिल रहे।

इस अवसर पर एआरटीओ (प्रशासन) श्री आर.सी. भारतीय ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है तथा थोड़ी सी लापरवाही गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। उन्होंने वाहन चालकों से अपील करते हुए कहा कि वे यातायात नियमों का पालन करें, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें तथा शराब पीकर वाहन चलाने से पूरी तरह बचें।

अभियान के दौरान वाहन चालकों एवं आमजन को सड़क सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं। लोगों को हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य प्रयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा सड़क संकेतों का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इस प्रकार के अभियान आगे भी लगातार चलाए जाते रहेंगे।
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि हिंदुस्तान अपने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दे रहा

संभल।जनपद संभल पहुंचे प्रदेश सरकार के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि हिंदुस्तान अपने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दे रहा है।

उत्तर प्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक आज जनपद संभल पहुंचे जहां पर उन्होंने सबसे पहले असमोली विकासखंड एवं पंचायत असमोली के सचिवालय का निरीक्षण किया जिसके बाद वह संभल स्थित भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय पहुंचे और वहां पहुंचकर उन्होंने कार्यकर्ताओं एवं पार्टी पदाधिकारियों से मुलाकात की जिसके बाद वह जिला अस्पताल पहुंचे और वहां की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने के बाद बहजोई रोड स्थित सिंदूर वाटिका पहुंचे जहां पर उन्होंने लगाए गए राफेल फाइटर विमान का भी उद्घाटन किया।

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि संभल जनपद को नंबर एक पर लाना है गरीब जन कल्याणकारी योजनाएं जन-जन तक पहुंचे इस मामले में भी जनपद को नंबर एक पर लाना है डेवलपमेंट के मुद्दे पर संभल अव्वल दर्जे पर आए इसको हम जमीन पर उतार कर रहेंगे समीक्षा बैठक के उपरांत जो भी आवश्यकताएं सम्भलजनपद को हैं उसे हम जल्द से जल्द पूरा करेंगे आज यहां सिंदूर वाटिका जनता को लोकार्पित की गई है वहां जनता के मन के अनुरूप मैं हिंदुस्तान  जिस ढंग से मुँह तोड़ जवाब दे रहा है ऑपरेशन सिंदूर को याद दिलाने के लिए सिंदूर वाटिका का लोकार्पण हुआ वहां पर आपको एक फाइटर विमान भी देखने को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि 27 में प्रचंड बहुमत के साथ एक तरफा बीजेपी की सरकार बनेगी उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के गुंडाराज को अभी लोग भूले नहीं हैं कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने जिस ढंग से महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को रोकने का काम किया नारी शक्ति बंधन अधिनियम को, प्रदेश व देश की महिलाएं कभी भी समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को माफ नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के लिहाज से मैं कहता हूं कि उत्तर प्रदेश में भाजपा अपने सहयोगी जनों को साथ देकर एनडीए की प्रचंड बहुमत की सरकार बनाएगी।
पत्रकारों के सवाल कि अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं पर उन्होंने कहा कि आप अखिलेश जी से पूछिएगा कि हम लगातार  काम कर रहे हैं आप अपना भी जरा विचार करे सपा के शासनकाल में एक हफ्ता दिन में तो एक हफ्ता रात में बिजली आती थी ।
महोबा दलित छात्रा प्रकरण को लेकर कांग्रेसियों का जोरदार प्रदर्शन,सौंपा ज्ञापन*
सरकार बयानबाजी तक ही सीमित, बेटियों को सुरक्षा देने में नाकाम-अभिषेक सिंह राणा*

सुल्तानपुर,महोबा में नीट की तैयारी कर रही दलित छात्रा के साथ हुई अमानवीय घटना को लेकर सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने शहर अध्यक्ष शकील अंसारी की मौजूदगी में किया। कड़ी धूप व प्रचंड लू में कांग्रेस कार्यालय से भारी संख्या में कांग्रेसियों ने जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए लाल डिग्गी चौराहा, सुपर मार्केट और डाकखाना चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने दलित बिटिया को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। बाद में जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में आये सिटी मजिस्ट्रेट को महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि महोबा जनपद की एक दलित छात्रा, जो नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी, का कोचिंग से लौटते समय कथित रूप से अपहरण कर लिया गया। आरोप है कि उसे 16 दिनों तक बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया उसके गुप्तांगो पर जलती सिगरेट से दागा गया साथ ही मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर जबरन शादी कराने का प्रयास भी किया गया। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेसियों ने मांग की कि घटना में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी कर कठोरतम कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़िता एवं उसके परिवार को जानमाल की सुरक्षा तथा उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। कांग्रेसियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने की भी मांग उठाई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। बेटियां घर से बाहर निकलने में खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं और सरकार अपराध रोकने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि महोबा की दलित छात्रा के साथ हुई दरिंदगी ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। अगर सरकार दोषियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई नहीं करती है तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में दलित, महिलाएं और कमजोर वर्ग सबसे ज्यादा उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं, लेकिन सरकार केवल बयानबाजी तक सीमित है। कांग्रेस पार्टी पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए अंतिम समय तक संघर्ष करेगी। शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने कहा कि महिलाओं और दलित समाज के खिलाफ बढ़ते अपराध बेहद चिंताजनक हैं। सरकार को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना चाहिए। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता अनिल सिंह, रणजीत सिंह सलूजा, अतहर नवाब, विजय पाल, सुरेशचंद्र मिश्र,दिनेश मिश्र, मनोज तिवारी, सुब्रत सिंह सनी, आवेश अहमद, ममनून आलम, संतोष वर्मा, अरुण तिवारी, राम सरन गौतम,गुड्डु पांडेय, जयप्रकाश तिवारी,विनोद पांडेय, विवेक रफ्तार, राम किशोर गौतम, ओम प्रकाश दुबे, नंदलाल मौर्य, जमीदार यादव, मो अतीक, एकराम, चंद्रभान सिंह, देवेन्द तिवारी, इमरान अहमद,नफीस पठान,मनोज शुक्ल, हामिद राईन, मोहसीन सलीम, सलाहुद्दीन हाशमी आदि लोग मौजूद रहे। भवदीय अभिषेक सिंह राणा अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी सुल्तानपुर
गंगा दशहरा पर आस्था का सैलाब: लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी
फर्रुखाबाद l गंगा दशहरा पर जनपद के विभिन्न घाटों पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। लाखों की संख्या में श्रद्धालु मां गंगा के पावन जल में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे और पुण्य लाभ अर्जित किया। गंगा तटों पर दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने दान-दक्षिणा  अपने जीवन को पुण्य के लिए दिया।गंगा स्नान के लिए जिले के पांचालघाट, बरगदिया घाट , सिंगीरामपुर, ढाईघाट (शमशाबाद), दुर्वासा आश्रम जैसे प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। न केवल शहर के ही नहीं बल्कि बरेली, बदायूं, मैनपुरी, शिकोहाबाद, हरदोई आदि जनपदों से भी श्रद्धालु गंगा स्नान हेत पहुंचे।श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सभी प्रमुख घाटों पर पुलिस बल, पुलिस गोताखोरों की तैनाती की थी। बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, स्वास्थ्य शिविर और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
बताते है कि ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन राजा भगीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था।गंगा की तेज धारा को रोकने के लिए भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटाओं में समाहित किया और फिर धीरे-धीरे उन्हें धरती पर प्रवाहित किया। तभी से इस दिन को गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है। घाटों पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि गंगा दशहरा पर स्नान से न केवल शरीर और मन की शुद्धि होता है,बल्कि पूर्वजों की आत्मा को भी शांति मिलती है।भक्तों ने कहा कि गंगा मां केवल एक नदी नहीं, मोक्षदायिनी हैं जो समस्त दुखों का हरण करती हैं।

पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के निर्देश पर पुलिस द्वारा ज्येष्ठ गंगा दशहरा मेला पर्व के दृष्टिगत थाना कादरीगेट क्षेत्र के पांचाल घाट, थाना कमालगंज क्षेत्र के सिंघी रामपुर घाट व थाना शमसाबाद क्षेत्र के ढाई घाट पर गंगा स्नान एवं मेला का सकुशल संचालन कराया जा रहा है । घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है । सुरक्षा की दृष्टि से घाटों पर ड्रोन कैमरा के जरिये नजर रखी जा रही है तथा प्रत्येक घाट पर नाव एवं गोताखोर तैनात किये गये हैं लाउड स्पीकर के जरिये श्रद्दालुओं को गहरे पानी में न जाने की सलाह दी जा रही है ।
एक जीवित विश्वविद्यालय का स्वरूप है स्त्री
—  डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार


माना कि महिलाएँ आज भी
रसायन विज्ञान, भौतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र,
प्रबंधन, बैंकिंग और अनेक क्षेत्रों में
संख्या के आधार पर पुरुषों से कम दिखाई देती हैं…

लेकिन फिर भी
इन सभी क्षेत्रों के बड़े-बड़े वैज्ञानिकों,
अर्थशास्त्रियों, प्रबंधकों और विद्वानों की
पहली गुरु, पहली पाठशाला
और पहली प्रयोगशाला
एक स्त्री ही होती है —
माँ।

वह प्रयोगशाला
जहाँ इंसान गढ़े जाते हैं…
जहाँ संस्कारों की नींव रखी जाती है,
जहाँ प्रेम, त्याग, अनुशासन
और मानवता का निर्माण होता है।

स्त्रियाँ जन्मजात विदुषी होती हैं।
वह लक्ष्मी भी हैं,
अन्नपूर्णा भी हैं,
सरस्वती भी हैं…
और समय आने पर
दुर्गा भी बन जाती हैं।

जिसे दुनिया अक्सर
केवल “घर संभालना” कहकर
छोटा समझ लेती है,
असल में वही
सबसे बड़ा प्रबंधन है।

एक पुरुष शायद घर चला सकता है,
पर एक स्त्री
पूरे घर में जीवन भर देती है।
वह दीवारों को घर
और घर को परिवार बनाती है।

इतिहास गवाह है
कि संसार के बड़े-बड़े वीर,
महापुरुष और युग निर्माता भी
किसी स्त्री की गोद में ही
संस्कार पाकर महान बने।

वह माँ राजमाता जिजाबाई ही थीं
जिन्होंने बालक शिवा को
केवल पुत्र नहीं,
एक वीर, धर्मरक्षक और राष्ट्रनायक
छत्रपति शिवाजी महाराज बनाया।

वह माँ जयवंता बाई ही थीं
जिन्होंने अपने पुत्र में
स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रप्रेम के
ऐसे संस्कार डाले
कि वही बालक आगे चलकर
महाराणा प्रताप बना।

क्योंकि संसार की हर महान प्रतिभा की
पहली पाठशाला
एक माँ होती है।

एक स्त्री कितनी विदुषी होती है,
आइए उसके जीवन को ही
एक जीवित विश्वविद्यालय मानकर
उसकी अद्भुत विद्वता को समझने का प्रयास करें।

क्या कभी किसी ने
सच में समझा है
उस स्त्री की बुद्धिमत्ता को
जो दिन-रात
सिर्फ घर नहीं संभालती,
बल्कि जीवन सँवारती है?

हम डिग्रियों में ज्ञान ढूँढते हैं,
पद और पहचान में सम्मान ढूँढते हैं…
पर हर घर में
एक चलता-फिरता विश्वविद्यालय बसता है।

जहाँ बिना किसी किताब के
हर दिन जीवन का विज्ञान जन्म लेता है…
जहाँ अनुभव ही शिक्षा है,
और प्रेम ही सबसे बड़ी डिग्री।

जिसे दुनिया केवल घर समझती है,
वहीं से पीढ़ियाँ संस्कार सीखती हैं।
वहाँ केवल दिनचर्या नहीं चलती,
वहाँ रिश्ते, संवेदनाएँ
और सभ्यताएँ जन्म लेती हैं।

गणित वहाँ हर रोज़ मुस्कुराता है—

कितने लोगों की कितनी ज़रूरतें,
कहाँ कितना समय देना है,
कैसे सीमित साधनों में
सबकी इच्छाओं को संतुलित करना है।

बिना कॉपी-कलम के
हर हिसाब सही हो जाता है,
क्योंकि माँ के अनुभव में
ईश्वर का ज्ञान समा जाता है।

भौतिक विज्ञान भी वहीं बसता है—

कब धैर्य रखना है,
कब दृढ़ होना है,
कब मौन रहकर समझाना है,
और कब आवाज़ उठानी है।

जीवन की परिस्थितियों का
इतना सटीक संतुलन,
शायद किताबें भी
इतने प्रेम से न सिखा पाएँ।

रसायन विज्ञान का अद्भुत संसार—

वह टूटे मनों को जोड़ देती है,
क्रोध को प्रेम में बदल देती है,
उदासी में आशा घोल देती है,
और संघर्षों में साहस मिला देती है।

उसके स्पर्श में ऐसा जादू होता है
कि बिखरे हुए रिश्ते भी
फिर मुस्कुराने लगते हैं।

प्रबंधन कला की वह जीवित मिसाल है—

एक साथ चार काम करना,
सबको समय पर संभालना,
कम समय में सब व्यवस्थित करना।

यह किसी बड़ी कंपनी का
मैनेजमेंट नहीं तो और क्या है?

कॉरपोरेट की बड़ी-बड़ी बैठकों में
जिस “मैनेजमेंट स्किल” की बातें होती हैं,
उसका सबसे जीवंत रूप तो
सदियों से एक स्त्री के जीवन में दिखाई देता है।

मल्टीटास्किंग उसकी पहचान है—

एक तरफ चाय उबल रही है,
पूजा की थाली भी सज रही है,
पति और बच्चों का टिफिन भी भर रहा है,
बच्चों को उठाकर तैयार भी किया जा रहा है।

फोन भी उठा रही है,
दरवाज़ा भी खोल रही है,
और बारिश आ जाए तो
छत से कपड़े भी दौड़कर ला रही है।

खुद भी ऑफिस के लिए
तैयार हो रही है,
फिर भी चेहरे पर मुस्कान रहती है,
और घर व्यवस्थित चलता रहता है।

उसकी निरीक्षण शक्ति अद्भुत होती है—

दाल पकी या नहीं,
बच्चे का मन उदास है या नहीं,
पति की थकान चेहरे पर दिख रही है या नहीं,
घर में कौन चुपचाप किसी चिंता में है—

उसकी नज़र सब समझ जाती है।
वह शब्दों से पहले
चेहरों की भाषा पढ़ लेती है।

अर्थशास्त्र भी वही संभालती है—

सीमित बजट में घर चलाना,
भोजन तैयार करना,
बचे हुए संसाधनों का सदुपयोग करना,
मौसम के अनुसार आवश्यकताओं को चुनना।

तीज-त्योहार की तैयारी,
अतिथियों की आवभगत,
नेग और रिश्तों का निर्वाह—
घर की आर्थिक नीति
अक्सर उसी की समझ से चलती है।

मनोविज्ञान भी उसे भलीभाँति आता है—

किसका मन उदास है,
किसे प्रोत्साहन चाहिए,
कौन बिना कहे दर्द छिपा रहा है—

वह सब जानती है।

कभी वह
मदर टेरेसा सी ममता बन जाती है,
तो कभी अपने दुःख छिपाकर
सबके जीवन में उजाला भर देती है।

वह केवल परिवार नहीं संभालती,
पूरा संसार सँभालने की क्षमता रखती है।

वह स्त्री चाहे पढ़ी-लिखी हो या नहीं,
अंग्रेज़ी जानती हो या नहीं,
पर उसके अनुभव, धैर्य और प्रेम के आगे
बड़ी-बड़ी डिग्रियाँ भी छोटी लगती हैं।

वह केवल अन्नपूर्णा नहीं,
समय आने पर दुर्गा भी बन जाती है।
प्रेम दे तो गंगा सी निर्मल,
और अन्याय हो तो
चंडी सी प्रखर हो जाती है।

स्त्री को कम मत आँकिए,
क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक,
डॉक्टर, लेखक, सैनिक और उद्योगपति भी
सबसे पहले
एक माँ की गोद में ही गढ़े जाते हैं।

दुनिया की हर महान प्रतिभा की
पहली प्रयोगशाला,
एक स्त्री की ममता ही होती है।

क्योंकि
स्त्री केवल घर नहीं संभालती,
वह पीढ़ियाँ गढ़ती है,
संस्कार बोती है,
और प्रेम से संसार रचती है।

इसलिए अगली बार
जब वह चुपचाप
सबकी चिंता करती दिखाई दे,
तो उसे सामान्य मत समझिए…

एक पल रुककर
उस माँ, पत्नी, बहन या बेटी को
दिल से धन्यवाद ज़रूर कहिए,
जो अपने हिस्से की थकान छिपाकर भी
आपके जीवन को सहज बनाती है।

और केवल धन्यवाद ही नहीं…
कभी उसके लिए भी
थोड़ा समय निकालिए,
उसकी मुस्कान का कारण बनिए।

आइए नमन करें
उस महामानवी को,
जो अपने हाथों से
केवल कार्य नहीं करती,
बल्कि पूरे घर में
प्रेम, अपनापन और जीवन भर देती है।

जो हर परेशानी को
मुस्कान से हल्का कर देती है,
और अपने त्याग से
घर को सचमुच स्वर्ग बना देती है।
महंगाई का एक और झटका, पेट्रोल-डीजल की कीमत में उछाल, 10 दिन में चौथी बार बढ़े दाम

#dieselpricesriseagaincostlierby2point71rupeestoday

पेट्रोल और डीजल ने आम आदमी को फिर झटका दिया है। सरकार ने आज एक बार फिर तेल के दाम बढ़ा दिए हैं। पेट्रोल ₹2.61 बढ़े तो डीजल 2.71 रुपये महंगा हो गया है। पिछले दस दिनों में ईंधन की कीमतों में चौथी बार इजाफा किया गया है।

पेट्रोल के दाम जहां 102 रुपये के पार पहुंचा

10 दिन पहले 15 मई को पेट्रोल का रेट 94.77 रुपये के करीब था और डीजल भी लगभग 87.67 पैसे पर था। लेकिन हाल ही में एक बार फिर पेट्रोल में ₹2.61 और डीजल में ₹2.71 रुपये की बढ़ोत्तरी के साथ बीते 10 दिनों में पेट्रोल के दाम जहां 102 रुपये के पार पहुंच चुका हैं, वहीं डीजल भी अब ₹95+ हो गया है।

किन शहरों में कितना महंगा हुआ पेट्रोल?

नई दरों के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यहां 2.61 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया, जहां 2.87 रुपये की बढ़ोतरी हुई। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि चेन्नई में यह 107.77 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई।

डीजल के दाम में कितना इजाफा?

डीजल की कीमतों में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिल्ली में डीजल अब 95.20 रुपये प्रति लीटर बिकेगा, जहां 2.71 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। कोलकाता में डीजल की कीमत 99.82 रुपये प्रति लीटर हो गई है। मुंबई में डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। डीजल महंगा होने का असर ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई पर ज्यादा पड़ता है। यही वजह है कि बाजार में सामानों की कीमतें बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी?

इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।

2024 से स्थिर थे दाम

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी। हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया। सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं । पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है ।

बारात में दूल्हे की हत्या का बदला, एक लाख का इनामी रवि यादव पुलिस एनकाउंटर में ढेर
जौनपुर में STF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, गोलीबारी में इंस्पेक्टर घायल; फरार बदमाशों की तलाश तेज

जौनपुर । जौनपुर के चर्चित दूल्हा हत्याकांड में वांछित मुख्य आरोपी रवि यादव पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। देर रात खेतासराय थाना क्षेत्र में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। जिला अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के अनुसार खेतासराय थाना क्षेत्र के रानीमऊ मोड़ के पास सूचना मिली थी कि आरोपी रवि यादव इलाके में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस और एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी शुरू की। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से रवि यादव घायल हो गया।मुठभेड़ के दौरान लाइन बाजार थाना प्रभारी केके सिंह के बाएं हाथ में गोली लगी। वहीं खेतासराय थाना प्रभारी श्रीप्रकाश शुक्ला और एसओजी टीम के प्रवीण यादव की बुलेटप्रूफ जैकेट में भी गोली लगी, जिससे दोनों बाल-बाल बच गए। घायल पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

गौरतलब है कि एक मई को 25 वर्षीय आजाद बिंद की शादी के लिए बारात जाते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने मामले में सात लोगों को नामजद किया था। इनमें रवि यादव, प्रदीप बिंद और भोले राजभर पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।घटना के बाद से पुलिस और एसटीएफ की कई टीमें लगातार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही थीं। दिल्ली, Varanasi, Prayagraj, Sultanpur समेत कई जगहों पर छापेमारी की जा रही थी। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी प्रदीप बिंद और भोले राजभर की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी है।
गरीबों के निवाले पर डाका: प्रशासन और चावल माफिया की मिलीभगत से सच हारा, इंसानियत हुई शर्मसार
रांची/धुर्वा: राजधानी और इसके आस-पास के इलाकों में गरीबों के हक के राशन की कालाबाजारी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरकारी तंत्र और रसूखदार चावल माफियाओं के गठजोड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि चंद रुपयों के लालच में प्रशासनिक ईमानदारी को कैसे ताक पर रख दिया जाता है। क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 22 मई को सिलसिलवार से ट्रको में सरकारी सील पैक बोरी चावल लोड होकर धुर्वा गोलचक्कर बस स्टैंड के पास जा रहे P.D.S. (जन वितरण प्रणाली) के सरकारी चावल को पकड़ा गया था। इस कार्रवाई को धुर्वा थाना और विधानसभा थाना ने संयुक्त रूप से मिलकर अंजाम दिया और छापेमारी की। इस रेड के दौरान लगभग 600 बोरा सरकारी चावल जब्त किया गया, जो सीधे तौर पर गरीबों का अनाज था और जिसे कालाबाजारी के उद्देश्य से बेचने के लिए ले जाया जा रहा था।
लेकिन कहानी में मोड़ तब आया जब इस जब्त अनाज को विधानसभा थाना में न ले जाकर, भी इसके बाद  25 मई तक अनाज को वहां रखने के बाद बिना किसी पुख्ता कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। मामले को दबाने के लिए न तो कोई F.I.R. दर्ज की गई, न ही किसी की गिरफ्तारी हुई। इसके बजाय कागजी खानापूर्ति करते हुए जब्ती सूची बनाकर चावल को कड़क I गोदाम में स्टॉक दिखा दिया गया। इस पूरे खेल के पीछे कौन हैं मुख्य किरदार?सूत्रों और स्थानीय दावों के अनुसार, इस पूरे काले कारोबार को एक सुनियोजित सिंडिकेट चला रहा है। इस पूरे प्रकरण में
सहायक गोदाम प्रबंधक:- मनोज कुमार
ठेकेदार:- अजीत कुमार, परमानंद प्रसाद, विकाश राय
दलाल (Brokers):- मुकेश यादव, रंजीत यादव, यशवंत यादव के नाम सामने आ रहे है
दावा है कि इन्हीं लोगों की मिलीभगत से लगभग 3000 से 5000 क्विंटल सरकारी अनाज का गबन कर उसे कालाबाजार में बेचा जाता है।
जानकारी मुताबिक राशन डीलर विकास गुप्ता हटिया में पीडीएस दुकान चलाते है जबकि सरकारी अनाज की कालाबाजारी की नीयत से धुर्वा इलाके में निजी गोदाम रखे हुए है ।
इस पूरी घटना का मुख्य सूत्रधार मुकेश यादव, रंजीत यादव और यशवंत यादव नाम के तीन दलालों को बताया जा रहा है, जो सारा राशन इन्हीं माध्यमों से बेचते हैं। इसी बीच दिनांक 22.05.2026 को कडरू II से 600 बोरियां चावल कालाबाजारी के लिए निकाला गया था।अधिकारियों पर 'मोटे रकम' लेकर केस रफा-दफा करने का आरोपअनाज पकड़े जाने और रेड होने के बावजूद इस मामले में कोई कानूनी केस दर्ज नहीं होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का सीधा आरोप है कि इस मामले को दबाने के लिए थाने से लेकर ऊपर तक पैसे मैनेज किए गए हैं।आरोप है कि M.O., SOR, DSO, SDO, DC, SP और DySP समेत कई बड़े अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर इस पूरे केस को रफा-दफा कर दिया। नतीजतन, इतने बड़े 'चावल माफिया' की जीत हो गई, सच्चाई हार गई और इंसानियत एक बार फिर शर्मसार हो गई। समाजसेवियों ने दागे तीखे सवाल, प्रशासन मौनइस पूरे घटनाक्रम से आक्रोशित कुछ समाजसेवियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के सामने कुछ बुनियादी सवाल उठाए हैं, जिनका जवाब देने से फिलहाल हर कोई बच रहा है:
1. चावल आखिर किस तरह और किसकी अनुमति से धुर्वा गया?
2. इस चावल को कौन लेकर गया था?
3. यह चावल किस गोदाम का था और इस चावल का असली मालिक कौन है?सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर यह चावल गलत नहीं था, तो इसे पहले जब्त क्यों किया गया? और अगर गलत था, तो इसकी उचित जब्ती सूची और F.I.R. क्यों नहीं बनी?
फिलहाल इन सवालों का जवाब न तो संबंधित विभाग के पास है और न ही स्थानीय प्रशासन के पास। कड़ी कार्रवाई की मांगसमाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि इस पूरे मामले पर प्रशासन और विभाग को तत्काल संज्ञान लेते हुए उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। जब तक ऐसे अधिकारियों और कालाबाजारियों के मनोबल को नहीं तोड़ा जाएगा, तब तक गरीबों के हक का अनाज उनके थाली तक नहीं पहुंच पाएगा। हालांकि  इस बाबत रांची जिला आपूर्ति पर अधिकारी रामगोपाल पांडेय ने कहा कि मामला बहुत ही संगीन है गरीबों के सरकारी अनाज पर इस तरह ढाका नहीं डाला जा सकता है दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विद्यार्थी जीवन तपस्या का जीवन – बाबा दुबे, टॉपर विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित
जौनपुर। बदलापुर तहसील के  शाहपुर स्थित टारगेट कोचिंग क्लासेज में कल 24 मई को सम्मान समारोह का कार्यक्रम बहुत ही हर्षोल्लास के साथ किया गया। मुख्य अतिथि बदलापुर के पूर्व विधायक ओमप्रकाश दुबे (बाबा) एवं श्री गणेश राम इंटर कालेज   बटाऊबीर के प्रधानाचार्य अनिल यादव के सानिध्य में इस वर्ष बोर्ड की परीक्षा में सभी सफल छात्र एवं छात्राओं को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।मेडल पाने वाले छात्र कक्षा 10 के जिला टॉपर राजशेखर सिंह एवं द्वितीय स्थान सविनय गुप्ता,महक,शिवांगी, प्रियांशी,अनामिका,कृतिका,आरुषि,उत्कर्ष, नितिन,विपिन,कृष्णा और अन्य छात्र एवं छात्राओं को दोनों अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन कोचिंग के प्रबंधक अखिलेश सर एवं प्रेमचंद सर द्वारा किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए बाबा दुबे ने कहा कि विद्यार्थी जीवन तपस्या का जीवन है। विद्यार्थी को किसी तपस्वी की तरह लगातार कठिन परिश्रम करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करना चाहिए। संघर्ष से मिली जीत असली जीत कहलाती है।  सम्मान समारोह कार्यक्रम में प्रधानाचार्य अनिल यादव द्वारा सभी छात्र एवं छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य एवं शिक्षा को एक नये शिखर पर ले जाने और जीवन मे निरन्तर आगे बढ़ने का शुभ आशिर्वाद प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए सचिन सर ने आये हुए सभी अतिथियों का आभार प्रकट किए। इस अवसर पर कोचिंग के टीचिंग स्टाफ अभिषेक सर,सन्तोष सर,सतीश सर ,एवं अन्य वरिष्ठ लोगो में समरनाथ एडवोकेट, बबलू, प्रवीण, अरुण ,अनिल, प्रभातजी आदि उपस्थित रहे।
सजी अदब और साहित्य की महफिल, मुशायरा एवं कवि सम्मेलन में देर रात तक गूंजे शेरो-शायरी के रंग*
रितेश मिश्रा
हरदोई !! बिलग्राम कस्बे के गांधी मैरिज हॉल में हरदोई पत्रकार एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित मुशायरा एवं कवि सम्मेलन साहित्यिक सौहार्द और सांस्कृतिक चेतना का शानदार उदाहरण बन गया। देर रात तक चले इस भव्य आयोजन में क्षेत्र सहित आसपास के जनपदों से पहुंचे शायरों और कवियों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में अदब, शायरी और कविता का ऐसा समागम देखने को मिला, जिसने उपस्थित साहित्य प्रेमियों को देर रात तक बांधे रखा।
मुशायरे में हुजूर बिलग्रामी, शादाब गुहर, एजाज रियाज़ बरहक, ऐजाज रहबर, नईम शाद, शाहनवाज अकरम, फखरुद्दीन नश्तर मल्लावांवी, असगर बिलग्रामी, कमर बिलग्रामी, इमरान बिलग्रामी, दिव निशेष बिलग्रामी, अंचल द्विवेदी, जय नारायण अवस्थी तथा हाफिज मज़हर बिलग्रामी समेत अनेक साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज, देशभक्ति, इंसानियत, भाईचारे और वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए। कवियों और शायरों की रचनाओं पर श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कवि राम नारायण शुक्ला ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि, “लड़खड़ाती हुई राजनीति को संभालना साहित्यकारों का मुख्य कार्य है। साहित्य समाज को दिशा देने का माध्यम है और कवि अपनी लेखनी से जनमानस को जागरूक करने का कार्य करते हैं।” उनके इस विचारपूर्ण वक्तव्य का उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियों से स्वागत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. कपिल देव त्रिपाठी ने की जबकि सफल संचालन असगर बिलग्रामी ने किया। आयोजन में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। प्रमुख रूप से एडवोकेट सुरेश चन्द्र तिवारी, डॉ. रसूल बिलग्रामी, गणेश नारायण कपूर, वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप यादव, सय्यद अनवर, एडवोकेट मन्नान, धर्मेंद्र यादव, अजयराज त्रिवेदी, सैफ अली जाफरी, नफीस अहमद फारूक़ क़ुरैशी, अतुल द्विवेदी, सुधीर अवस्थी, सहित एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डाक्टर कपिल देव त्रिपाठी ने अपने संदेश में कहा कि हरदोई पत्रकार एसोसिएशन संस्था का उद्देश्य साहित्य, संस्कृति और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। उन्होंने एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संवाद और रचनात्मक सोच को मजबूत करते हैं तथा नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने बिलग्राम की धरती को साहित्य से जुड़ी धरती बताया और कहा कि इस धरती पर रसलीन, मधनायक जैसे महान कवियों ने जन्म लिया है।
देर रात तक चले इस कार्यक्रम में श्रोताओं ने कवियों और शायरों की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया। आयोजन ने क्षेत्र के साहित्यिक और सांस्कृतिक वातावरण को नई ऊर्जा प्रदान की तथा अदबी माहौल को और अधिक मजबूती दी।
जनपद में चेकिंग के दौरान वाहन चालकों की ब्रीथ एनालाइजर मशीन से कराई गई जांच


*चेकिंग के दौरान सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों का उल्लंघन करते पाए गए कुल 7 वाहनों का किया गया चालान-एआरटीओ*


*गोण्डा 25 मई,2026*।
जनपद में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एआरटीओ (प्रशासन) गोण्डा श्री आर.सी. भारतीय के नेतृत्व में परिवहन विभाग  द्वारा अभियान चलाया गया। यह अभियान शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर संचालित किया गया, जिसमें शराब पीकर वाहन चलाने, यातायात नियमों का उल्लंघन करने तथा असुरक्षित तरीके से वाहन संचालन करने वालों के विरुद्ध सघन जांच की गई।

अभियान के दौरान एआरटीओ (प्रशासन) श्री आर.सी. भारतीय द्वारा वाहन चालकों की ब्रीथ एनालाइजर मशीन से जांच कराई गई तथा संदिग्ध वाहनों को रोककर आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच की गई। जांच के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करते पाए गए कुल 7 वाहनों का चालान किया गया। इनमें शराब पीकर वाहन चलाना, हेलमेट प्रयोग न करना तथा अन्य यातायात नियमों की अनदेखी करने जैसे मामले शामिल रहे।

इस अवसर पर एआरटीओ (प्रशासन) श्री आर.सी. भारतीय ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है तथा थोड़ी सी लापरवाही गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। उन्होंने वाहन चालकों से अपील करते हुए कहा कि वे यातायात नियमों का पालन करें, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें तथा शराब पीकर वाहन चलाने से पूरी तरह बचें।

अभियान के दौरान वाहन चालकों एवं आमजन को सड़क सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं। लोगों को हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य प्रयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा सड़क संकेतों का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इस प्रकार के अभियान आगे भी लगातार चलाए जाते रहेंगे।
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि हिंदुस्तान अपने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दे रहा

संभल।जनपद संभल पहुंचे प्रदेश सरकार के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि हिंदुस्तान अपने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दे रहा है।

उत्तर प्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक आज जनपद संभल पहुंचे जहां पर उन्होंने सबसे पहले असमोली विकासखंड एवं पंचायत असमोली के सचिवालय का निरीक्षण किया जिसके बाद वह संभल स्थित भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय पहुंचे और वहां पहुंचकर उन्होंने कार्यकर्ताओं एवं पार्टी पदाधिकारियों से मुलाकात की जिसके बाद वह जिला अस्पताल पहुंचे और वहां की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने के बाद बहजोई रोड स्थित सिंदूर वाटिका पहुंचे जहां पर उन्होंने लगाए गए राफेल फाइटर विमान का भी उद्घाटन किया।

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि संभल जनपद को नंबर एक पर लाना है गरीब जन कल्याणकारी योजनाएं जन-जन तक पहुंचे इस मामले में भी जनपद को नंबर एक पर लाना है डेवलपमेंट के मुद्दे पर संभल अव्वल दर्जे पर आए इसको हम जमीन पर उतार कर रहेंगे समीक्षा बैठक के उपरांत जो भी आवश्यकताएं सम्भलजनपद को हैं उसे हम जल्द से जल्द पूरा करेंगे आज यहां सिंदूर वाटिका जनता को लोकार्पित की गई है वहां जनता के मन के अनुरूप मैं हिंदुस्तान  जिस ढंग से मुँह तोड़ जवाब दे रहा है ऑपरेशन सिंदूर को याद दिलाने के लिए सिंदूर वाटिका का लोकार्पण हुआ वहां पर आपको एक फाइटर विमान भी देखने को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि 27 में प्रचंड बहुमत के साथ एक तरफा बीजेपी की सरकार बनेगी उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के गुंडाराज को अभी लोग भूले नहीं हैं कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने जिस ढंग से महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को रोकने का काम किया नारी शक्ति बंधन अधिनियम को, प्रदेश व देश की महिलाएं कभी भी समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को माफ नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के लिहाज से मैं कहता हूं कि उत्तर प्रदेश में भाजपा अपने सहयोगी जनों को साथ देकर एनडीए की प्रचंड बहुमत की सरकार बनाएगी।
पत्रकारों के सवाल कि अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं पर उन्होंने कहा कि आप अखिलेश जी से पूछिएगा कि हम लगातार  काम कर रहे हैं आप अपना भी जरा विचार करे सपा के शासनकाल में एक हफ्ता दिन में तो एक हफ्ता रात में बिजली आती थी ।
महोबा दलित छात्रा प्रकरण को लेकर कांग्रेसियों का जोरदार प्रदर्शन,सौंपा ज्ञापन*
सरकार बयानबाजी तक ही सीमित, बेटियों को सुरक्षा देने में नाकाम-अभिषेक सिंह राणा*

सुल्तानपुर,महोबा में नीट की तैयारी कर रही दलित छात्रा के साथ हुई अमानवीय घटना को लेकर सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने शहर अध्यक्ष शकील अंसारी की मौजूदगी में किया। कड़ी धूप व प्रचंड लू में कांग्रेस कार्यालय से भारी संख्या में कांग्रेसियों ने जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए लाल डिग्गी चौराहा, सुपर मार्केट और डाकखाना चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने दलित बिटिया को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। बाद में जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में आये सिटी मजिस्ट्रेट को महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि महोबा जनपद की एक दलित छात्रा, जो नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी, का कोचिंग से लौटते समय कथित रूप से अपहरण कर लिया गया। आरोप है कि उसे 16 दिनों तक बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया उसके गुप्तांगो पर जलती सिगरेट से दागा गया साथ ही मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर जबरन शादी कराने का प्रयास भी किया गया। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेसियों ने मांग की कि घटना में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी कर कठोरतम कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़िता एवं उसके परिवार को जानमाल की सुरक्षा तथा उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। कांग्रेसियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने की भी मांग उठाई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। बेटियां घर से बाहर निकलने में खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं और सरकार अपराध रोकने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि महोबा की दलित छात्रा के साथ हुई दरिंदगी ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। अगर सरकार दोषियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई नहीं करती है तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में दलित, महिलाएं और कमजोर वर्ग सबसे ज्यादा उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं, लेकिन सरकार केवल बयानबाजी तक सीमित है। कांग्रेस पार्टी पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए अंतिम समय तक संघर्ष करेगी। शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने कहा कि महिलाओं और दलित समाज के खिलाफ बढ़ते अपराध बेहद चिंताजनक हैं। सरकार को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना चाहिए। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता अनिल सिंह, रणजीत सिंह सलूजा, अतहर नवाब, विजय पाल, सुरेशचंद्र मिश्र,दिनेश मिश्र, मनोज तिवारी, सुब्रत सिंह सनी, आवेश अहमद, ममनून आलम, संतोष वर्मा, अरुण तिवारी, राम सरन गौतम,गुड्डु पांडेय, जयप्रकाश तिवारी,विनोद पांडेय, विवेक रफ्तार, राम किशोर गौतम, ओम प्रकाश दुबे, नंदलाल मौर्य, जमीदार यादव, मो अतीक, एकराम, चंद्रभान सिंह, देवेन्द तिवारी, इमरान अहमद,नफीस पठान,मनोज शुक्ल, हामिद राईन, मोहसीन सलीम, सलाहुद्दीन हाशमी आदि लोग मौजूद रहे। भवदीय अभिषेक सिंह राणा अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी सुल्तानपुर
गंगा दशहरा पर आस्था का सैलाब: लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी
फर्रुखाबाद l गंगा दशहरा पर जनपद के विभिन्न घाटों पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। लाखों की संख्या में श्रद्धालु मां गंगा के पावन जल में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे और पुण्य लाभ अर्जित किया। गंगा तटों पर दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने दान-दक्षिणा  अपने जीवन को पुण्य के लिए दिया।गंगा स्नान के लिए जिले के पांचालघाट, बरगदिया घाट , सिंगीरामपुर, ढाईघाट (शमशाबाद), दुर्वासा आश्रम जैसे प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। न केवल शहर के ही नहीं बल्कि बरेली, बदायूं, मैनपुरी, शिकोहाबाद, हरदोई आदि जनपदों से भी श्रद्धालु गंगा स्नान हेत पहुंचे।श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सभी प्रमुख घाटों पर पुलिस बल, पुलिस गोताखोरों की तैनाती की थी। बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, स्वास्थ्य शिविर और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
बताते है कि ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन राजा भगीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था।गंगा की तेज धारा को रोकने के लिए भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटाओं में समाहित किया और फिर धीरे-धीरे उन्हें धरती पर प्रवाहित किया। तभी से इस दिन को गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है। घाटों पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि गंगा दशहरा पर स्नान से न केवल शरीर और मन की शुद्धि होता है,बल्कि पूर्वजों की आत्मा को भी शांति मिलती है।भक्तों ने कहा कि गंगा मां केवल एक नदी नहीं, मोक्षदायिनी हैं जो समस्त दुखों का हरण करती हैं।

पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के निर्देश पर पुलिस द्वारा ज्येष्ठ गंगा दशहरा मेला पर्व के दृष्टिगत थाना कादरीगेट क्षेत्र के पांचाल घाट, थाना कमालगंज क्षेत्र के सिंघी रामपुर घाट व थाना शमसाबाद क्षेत्र के ढाई घाट पर गंगा स्नान एवं मेला का सकुशल संचालन कराया जा रहा है । घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है । सुरक्षा की दृष्टि से घाटों पर ड्रोन कैमरा के जरिये नजर रखी जा रही है तथा प्रत्येक घाट पर नाव एवं गोताखोर तैनात किये गये हैं लाउड स्पीकर के जरिये श्रद्दालुओं को गहरे पानी में न जाने की सलाह दी जा रही है ।
एक जीवित विश्वविद्यालय का स्वरूप है स्त्री
—  डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार


माना कि महिलाएँ आज भी
रसायन विज्ञान, भौतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र,
प्रबंधन, बैंकिंग और अनेक क्षेत्रों में
संख्या के आधार पर पुरुषों से कम दिखाई देती हैं…

लेकिन फिर भी
इन सभी क्षेत्रों के बड़े-बड़े वैज्ञानिकों,
अर्थशास्त्रियों, प्रबंधकों और विद्वानों की
पहली गुरु, पहली पाठशाला
और पहली प्रयोगशाला
एक स्त्री ही होती है —
माँ।

वह प्रयोगशाला
जहाँ इंसान गढ़े जाते हैं…
जहाँ संस्कारों की नींव रखी जाती है,
जहाँ प्रेम, त्याग, अनुशासन
और मानवता का निर्माण होता है।

स्त्रियाँ जन्मजात विदुषी होती हैं।
वह लक्ष्मी भी हैं,
अन्नपूर्णा भी हैं,
सरस्वती भी हैं…
और समय आने पर
दुर्गा भी बन जाती हैं।

जिसे दुनिया अक्सर
केवल “घर संभालना” कहकर
छोटा समझ लेती है,
असल में वही
सबसे बड़ा प्रबंधन है।

एक पुरुष शायद घर चला सकता है,
पर एक स्त्री
पूरे घर में जीवन भर देती है।
वह दीवारों को घर
और घर को परिवार बनाती है।

इतिहास गवाह है
कि संसार के बड़े-बड़े वीर,
महापुरुष और युग निर्माता भी
किसी स्त्री की गोद में ही
संस्कार पाकर महान बने।

वह माँ राजमाता जिजाबाई ही थीं
जिन्होंने बालक शिवा को
केवल पुत्र नहीं,
एक वीर, धर्मरक्षक और राष्ट्रनायक
छत्रपति शिवाजी महाराज बनाया।

वह माँ जयवंता बाई ही थीं
जिन्होंने अपने पुत्र में
स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रप्रेम के
ऐसे संस्कार डाले
कि वही बालक आगे चलकर
महाराणा प्रताप बना।

क्योंकि संसार की हर महान प्रतिभा की
पहली पाठशाला
एक माँ होती है।

एक स्त्री कितनी विदुषी होती है,
आइए उसके जीवन को ही
एक जीवित विश्वविद्यालय मानकर
उसकी अद्भुत विद्वता को समझने का प्रयास करें।

क्या कभी किसी ने
सच में समझा है
उस स्त्री की बुद्धिमत्ता को
जो दिन-रात
सिर्फ घर नहीं संभालती,
बल्कि जीवन सँवारती है?

हम डिग्रियों में ज्ञान ढूँढते हैं,
पद और पहचान में सम्मान ढूँढते हैं…
पर हर घर में
एक चलता-फिरता विश्वविद्यालय बसता है।

जहाँ बिना किसी किताब के
हर दिन जीवन का विज्ञान जन्म लेता है…
जहाँ अनुभव ही शिक्षा है,
और प्रेम ही सबसे बड़ी डिग्री।

जिसे दुनिया केवल घर समझती है,
वहीं से पीढ़ियाँ संस्कार सीखती हैं।
वहाँ केवल दिनचर्या नहीं चलती,
वहाँ रिश्ते, संवेदनाएँ
और सभ्यताएँ जन्म लेती हैं।

गणित वहाँ हर रोज़ मुस्कुराता है—

कितने लोगों की कितनी ज़रूरतें,
कहाँ कितना समय देना है,
कैसे सीमित साधनों में
सबकी इच्छाओं को संतुलित करना है।

बिना कॉपी-कलम के
हर हिसाब सही हो जाता है,
क्योंकि माँ के अनुभव में
ईश्वर का ज्ञान समा जाता है।

भौतिक विज्ञान भी वहीं बसता है—

कब धैर्य रखना है,
कब दृढ़ होना है,
कब मौन रहकर समझाना है,
और कब आवाज़ उठानी है।

जीवन की परिस्थितियों का
इतना सटीक संतुलन,
शायद किताबें भी
इतने प्रेम से न सिखा पाएँ।

रसायन विज्ञान का अद्भुत संसार—

वह टूटे मनों को जोड़ देती है,
क्रोध को प्रेम में बदल देती है,
उदासी में आशा घोल देती है,
और संघर्षों में साहस मिला देती है।

उसके स्पर्श में ऐसा जादू होता है
कि बिखरे हुए रिश्ते भी
फिर मुस्कुराने लगते हैं।

प्रबंधन कला की वह जीवित मिसाल है—

एक साथ चार काम करना,
सबको समय पर संभालना,
कम समय में सब व्यवस्थित करना।

यह किसी बड़ी कंपनी का
मैनेजमेंट नहीं तो और क्या है?

कॉरपोरेट की बड़ी-बड़ी बैठकों में
जिस “मैनेजमेंट स्किल” की बातें होती हैं,
उसका सबसे जीवंत रूप तो
सदियों से एक स्त्री के जीवन में दिखाई देता है।

मल्टीटास्किंग उसकी पहचान है—

एक तरफ चाय उबल रही है,
पूजा की थाली भी सज रही है,
पति और बच्चों का टिफिन भी भर रहा है,
बच्चों को उठाकर तैयार भी किया जा रहा है।

फोन भी उठा रही है,
दरवाज़ा भी खोल रही है,
और बारिश आ जाए तो
छत से कपड़े भी दौड़कर ला रही है।

खुद भी ऑफिस के लिए
तैयार हो रही है,
फिर भी चेहरे पर मुस्कान रहती है,
और घर व्यवस्थित चलता रहता है।

उसकी निरीक्षण शक्ति अद्भुत होती है—

दाल पकी या नहीं,
बच्चे का मन उदास है या नहीं,
पति की थकान चेहरे पर दिख रही है या नहीं,
घर में कौन चुपचाप किसी चिंता में है—

उसकी नज़र सब समझ जाती है।
वह शब्दों से पहले
चेहरों की भाषा पढ़ लेती है।

अर्थशास्त्र भी वही संभालती है—

सीमित बजट में घर चलाना,
भोजन तैयार करना,
बचे हुए संसाधनों का सदुपयोग करना,
मौसम के अनुसार आवश्यकताओं को चुनना।

तीज-त्योहार की तैयारी,
अतिथियों की आवभगत,
नेग और रिश्तों का निर्वाह—
घर की आर्थिक नीति
अक्सर उसी की समझ से चलती है।

मनोविज्ञान भी उसे भलीभाँति आता है—

किसका मन उदास है,
किसे प्रोत्साहन चाहिए,
कौन बिना कहे दर्द छिपा रहा है—

वह सब जानती है।

कभी वह
मदर टेरेसा सी ममता बन जाती है,
तो कभी अपने दुःख छिपाकर
सबके जीवन में उजाला भर देती है।

वह केवल परिवार नहीं संभालती,
पूरा संसार सँभालने की क्षमता रखती है।

वह स्त्री चाहे पढ़ी-लिखी हो या नहीं,
अंग्रेज़ी जानती हो या नहीं,
पर उसके अनुभव, धैर्य और प्रेम के आगे
बड़ी-बड़ी डिग्रियाँ भी छोटी लगती हैं।

वह केवल अन्नपूर्णा नहीं,
समय आने पर दुर्गा भी बन जाती है।
प्रेम दे तो गंगा सी निर्मल,
और अन्याय हो तो
चंडी सी प्रखर हो जाती है।

स्त्री को कम मत आँकिए,
क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक,
डॉक्टर, लेखक, सैनिक और उद्योगपति भी
सबसे पहले
एक माँ की गोद में ही गढ़े जाते हैं।

दुनिया की हर महान प्रतिभा की
पहली प्रयोगशाला,
एक स्त्री की ममता ही होती है।

क्योंकि
स्त्री केवल घर नहीं संभालती,
वह पीढ़ियाँ गढ़ती है,
संस्कार बोती है,
और प्रेम से संसार रचती है।

इसलिए अगली बार
जब वह चुपचाप
सबकी चिंता करती दिखाई दे,
तो उसे सामान्य मत समझिए…

एक पल रुककर
उस माँ, पत्नी, बहन या बेटी को
दिल से धन्यवाद ज़रूर कहिए,
जो अपने हिस्से की थकान छिपाकर भी
आपके जीवन को सहज बनाती है।

और केवल धन्यवाद ही नहीं…
कभी उसके लिए भी
थोड़ा समय निकालिए,
उसकी मुस्कान का कारण बनिए।

आइए नमन करें
उस महामानवी को,
जो अपने हाथों से
केवल कार्य नहीं करती,
बल्कि पूरे घर में
प्रेम, अपनापन और जीवन भर देती है।

जो हर परेशानी को
मुस्कान से हल्का कर देती है,
और अपने त्याग से
घर को सचमुच स्वर्ग बना देती है।
महंगाई का एक और झटका, पेट्रोल-डीजल की कीमत में उछाल, 10 दिन में चौथी बार बढ़े दाम

#dieselpricesriseagaincostlierby2point71rupeestoday

पेट्रोल और डीजल ने आम आदमी को फिर झटका दिया है। सरकार ने आज एक बार फिर तेल के दाम बढ़ा दिए हैं। पेट्रोल ₹2.61 बढ़े तो डीजल 2.71 रुपये महंगा हो गया है। पिछले दस दिनों में ईंधन की कीमतों में चौथी बार इजाफा किया गया है।

पेट्रोल के दाम जहां 102 रुपये के पार पहुंचा

10 दिन पहले 15 मई को पेट्रोल का रेट 94.77 रुपये के करीब था और डीजल भी लगभग 87.67 पैसे पर था। लेकिन हाल ही में एक बार फिर पेट्रोल में ₹2.61 और डीजल में ₹2.71 रुपये की बढ़ोत्तरी के साथ बीते 10 दिनों में पेट्रोल के दाम जहां 102 रुपये के पार पहुंच चुका हैं, वहीं डीजल भी अब ₹95+ हो गया है।

किन शहरों में कितना महंगा हुआ पेट्रोल?

नई दरों के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यहां 2.61 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया, जहां 2.87 रुपये की बढ़ोतरी हुई। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि चेन्नई में यह 107.77 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई।

डीजल के दाम में कितना इजाफा?

डीजल की कीमतों में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिल्ली में डीजल अब 95.20 रुपये प्रति लीटर बिकेगा, जहां 2.71 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। कोलकाता में डीजल की कीमत 99.82 रुपये प्रति लीटर हो गई है। मुंबई में डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। डीजल महंगा होने का असर ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई पर ज्यादा पड़ता है। यही वजह है कि बाजार में सामानों की कीमतें बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी?

इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।

2024 से स्थिर थे दाम

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी। हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया। सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं । पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है ।

बारात में दूल्हे की हत्या का बदला, एक लाख का इनामी रवि यादव पुलिस एनकाउंटर में ढेर
जौनपुर में STF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, गोलीबारी में इंस्पेक्टर घायल; फरार बदमाशों की तलाश तेज

जौनपुर । जौनपुर के चर्चित दूल्हा हत्याकांड में वांछित मुख्य आरोपी रवि यादव पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। देर रात खेतासराय थाना क्षेत्र में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। जिला अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के अनुसार खेतासराय थाना क्षेत्र के रानीमऊ मोड़ के पास सूचना मिली थी कि आरोपी रवि यादव इलाके में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस और एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी शुरू की। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से रवि यादव घायल हो गया।मुठभेड़ के दौरान लाइन बाजार थाना प्रभारी केके सिंह के बाएं हाथ में गोली लगी। वहीं खेतासराय थाना प्रभारी श्रीप्रकाश शुक्ला और एसओजी टीम के प्रवीण यादव की बुलेटप्रूफ जैकेट में भी गोली लगी, जिससे दोनों बाल-बाल बच गए। घायल पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

गौरतलब है कि एक मई को 25 वर्षीय आजाद बिंद की शादी के लिए बारात जाते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने मामले में सात लोगों को नामजद किया था। इनमें रवि यादव, प्रदीप बिंद और भोले राजभर पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।घटना के बाद से पुलिस और एसटीएफ की कई टीमें लगातार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही थीं। दिल्ली, Varanasi, Prayagraj, Sultanpur समेत कई जगहों पर छापेमारी की जा रही थी। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी प्रदीप बिंद और भोले राजभर की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी है।