लावारिस नवजात बच्ची के लिए देवदूत बना आरोग्यम अस्पताल, डॉक्टरों और नर्सों ने दिया नया जीवन

हजारीबाग - इंसानियत और सेवा भाव की मिसाल पेश करते हुए हजारीबाग के आरोग्यम अस्पताल ने एक लावारिस नवजात बच्ची को नया जीवन देने का सराहनीय कार्य किया है। जन्मजात कटे होंठ (क्लेफ्ट लिप) से पीड़ित इस मासूम बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की अथक मेहनत, संवेदनशीलता ने उसे जिंदगी की नई उम्मीद दी। बीते 7 मई की शाम लगभग 7:30 बजे सदर थाना पुलिस की गश्ती टीम को एक खाली ई-रिक्शा में नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली। बच्ची के पास एक पर्ची भी बरामद हुई, जिसमें उसे अनाथ आश्रम पहुंचाने की अपील की गई थी। लंबे समय तक खुले वातावरण में रहने के कारण बच्ची संक्रमण की चपेट में आ गई थी और उसे सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। जन्म से ही कटे होंठ की समस्या होने के कारण उसकी स्थिति काफी नाजुक बनी हुई थी। सदर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्ची को तुरंत हजारीबाग स्थित आरोग्यम अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसे एनआईसीयू में विशेष निगरानी में रखा गया। अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर हीरालाल राम एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रकाश चंद्र की देखरेख में बच्ची का इलाज प्रारंभ हुआ। डॉक्टरों ने बच्ची को ऑक्सीजन सपोर्ट, आवश्यक एंटीबायोटिक दवाएं और विशेष नवजात चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई। कटे होंठ की समस्या को ध्यान में रखते हुए उसके लिए विशेष फीडिंग प्रोटोकॉल तैयार किया गया।

अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने भी बच्ची की देखभाल पूरी ममता और संवेदनशीलता के साथ की। 24 घंटे निगरानी करते हुए नर्सों ने समय पर दवा देने, दूध पिलाने, साफ-सफाई बनाए रखने और लगातार नजर रखने का कार्य पूरी जिम्मेदारी से निभाया। अस्पताल की नर्सिंग टीम ने सिर्फ अपनी ड्यूटी नहीं निभाई, बल्कि उस मासूम को अपने बच्चे की तरह स्नेह और प्यार दिया। लगातार इलाज और देखभाल के बाद बच्ची की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। इलाज के दौरान वह हर तीन घंटे में 15 से 20 एमएल दूध लेने और उसे पचाने लगी। चिकित्सकों की सतत निगरानी और उपचार के बाद बच्ची को क्लिनिकली स्टेबल घोषित कर दिया गया। इसके बाद 22 मई को बाल कल्याण समिति हजारीबाग के आदेशानुसार सदर थाना पुलिस ने स्वस्थ बच्ची को सुरक्षित रूप से समिति को सौंप दिया। अस्पताल के निर्देशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवता और संवेदनशीलता से भी जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि बच्ची की स्थिति काफी नाजुक थी, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों और एनआईसीयू टीम की लगातार निगरानी एवं बेहतर उपचार से उसकी हालत में सुधार संभव हो सका। अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि आरोग्यम अस्पताल हमेशा मानव सेवा को अपनी प्राथमिकता मानता है। उन्होंने कहा कि जब यह नवजात बच्ची गंभीर हालत में अस्पताल लाई गई, तब डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मियों ने बिना समय गंवाए उसके इलाज में पूरी ताकत झोंक दी। उन्होंने कहा कि एक मासूम जिंदगी को बचाना अस्पताल परिवार के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी और पूरी टीम ने संवेदनशीलता एवं समर्पण के साथ अपना कर्तव्य निभाया। इस कार्य पर अस्पताल में मौजूद एक परिजन ने बताया कि आरोग्यम अस्पताल केवल उपचार का केंद्र नहीं, बल्कि मानवता, सेवा और संवेदनशीलता का भी प्रतीक बन गया है यहां डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने सिर्फ एक नवजात शिशु का इलाज नहीं किया, बल्कि एक मासूम जिंदगी को नया जीवन देने का कार्य किया। अस्पताल की नर्सिंग टीम की ममता, समर्पण और सेवा भावना ने यह संदेश दिया कि चिकित्सा सेवा केवल पेशा नहीं, बल्कि इंसानियत का सबसे बड़ा धर्म है।

बीजेपी और कांग्रेस को पछाड़ने वाली ‘कॉकरोच पार्टी’ क्या है, कौन हैं इसके संस्थापक अभिजीत दीपके?

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इंस्टाग्राम पर इन दिनों कॉकरोच जनता पार्टी नाम का अकाउंट तेजी से सुर्खियों में है। अब इसने एक और बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। पांच दिन से कम में इस अकाउंट को इंस्टाग्राम पर 1.7 करोड़ लोगों ने फॉलो किया है। इस अकाउंट ने पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इंस्टाग्राम हैंडल को पीछे छोड़ने के बाद अब इस अकाउंट ने कांग्रेस के ऑफिशियल हैंडल को भी फॉलोअर्स के मामले में पीछे छोड़ दिया है। यह पूरा घटनाक्रम बेहद तेजी से हुआ है, जिसने सोशल मीडिया की दुनिया में हलचल मचा दी है।

ऐसे अस्तित्व में आया 'कॉकरोच जनता पार्टी'

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकान्त की टिप्पणियों के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अचानक सुर्खियों में आ गया। एक सुनवाई के दौरान, सीजेआई ने कथित तौर पर बेरोजगार युवाओं, जो पत्रकारिता और एक्टिविज़्म की ओर बढ़ रहे हैं, की तुलना तिलचट्टों और परजीवियों से की। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इशारा विशेष रूप से 'फर्जी और बेहूदा डिग्री' वाले लोगों की ओर था, न कि व्यापक रूप से भारत के युवाओं की तरफ। लेकिन तब तक यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से फैल चुकी थी, जिससे गुस्सा, चुटकुले और एक 'मज़ेदार राजनीतिक विचार' के तौर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) जन्म ले चुकी थी।

किसका है ये आइडिया?

सीजेपी कोई औपचारिक राजनीतिक पार्टी नहीं है, बल्कि राजनीतिक व्यंग्य पर आधारित एक ऑनलाइन आंदोलन है। सुप्रीम कोर्ट की एक हालिया टिप्पणी के बाद शुरू हुए इस पेज ने लोकप्रियता के मामले में बड़े-बड़े दिग्गजों को धूल चटा दी है। इसकी सदस्यता शर्तों में बेरोज़गार होना, आलसी होना, हमेशा ऑनलाइन रहना और 'पेशेवर तरीके से भड़ास निकालने की क्षमता' होना शामिल है। पांच दिन में इंस्टाग्राम पर इसके 1.7 करोड़ से ज़्यादा फ़ॉलोअर हो चुके हैं। इसे अभिजीत दीपके ने बनाया, जो एक राजनीतिक संचार रणनीतिकार और बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र हैं।

सीजेपी का X अकाउंट भारत से ब्लॉक

इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी का X अकाउंट भारत में ब्लॉक हो चुका है। दरअसल कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो डाला है। इस वीडियो में वो स्क्रीनशॉट दिखा रहे हैं और बता रहे हैं कि उनकी पार्टी का X हैंडल भारत से सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि दूसरे देशों में ये हैंडल चालू है।

नए अकाउंट पर भी 1.50 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स

संगठन ने कुछ देर बाद नया अकाउंट बनाया। इसका नाम ‘कॉकरोच इज बैक’ रखा गया और बायो में लिखा- कॉकरोच डोंट डाय, यानी कॉकरोच मरते नहीं। नए अकाउंट से पहली पोस्ट कल दोपहर 2:29 बजे की गई थी। शुक्रवार दोपहर 1 बजे तक इसके X पर 1.50 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए हैं। अभिजीत ने पार्टी के इंस्टाग्राम अकाउंट हैक करने की कोशिश का आरोप भी लगाया है।

बीजेपी ने निकाला 'सोरोस' कनेक्शन

इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके को लेकर बीजेपी ने गंभीर आरोप लगाए है। बीजेपी का आरोप है कि अभिजीत दीपके आम आदमी पार्टी यानि अरविंद केजरीवाल के कार्यकर्ता हैं। इसके साथ ही बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने विदेश यात्रा के खर्च को लेकर भी सवाल किया है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल ने कहा, 'यह सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपको आम आदमी पार्टी यानि अरविंद केजरीवाल के कार्यकर्ता हैं।' उन्होंने मनीष सिसोदिया के साथ तस्वीर भी शेयर की। निशिकांत दुबे ने सवाल किया कि 'अभिजीत दीपके यह बोस्टन किसके पैसे से गया? क्या इसके रहने और खाने का खर्चा सोरोस फाउंडेशन दे रहा है? यह विपक्ष के लिए एक चेतावनी है,क्या आप देश तोड़ने के लिए विदेशी ताकतों की मदद लेंगे?'

सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क

इधर, 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम का सोशल मीडिया मूवमेंट अब सुरक्षा एजेंसियों की जांच के दायरे में आ गया है। सुरक्षा एजेंसियों को डर है कि यह डिजिटल गुस्सा कहीं जमीन पर उतरकर बड़ा आंदोलन न बन जाए। सबसे बड़ी चिंता इसकी तेजी से बढ़ती पहुंच और इसके पीछे काम कर रहे नेटवर्क को लेकर है। एजेंसियों का मानना है कि जिस रफ्तार से यह प्लेटफॉर्म बढ़ा, वह सामान्य सोशल मीडिया ट्रेंड जैसा नहीं दिखता। यही वजह है कि अब इसके विदेशी कनेक्शन, टेलीग्राम नेटवर्क और पुराने डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

*देखिए ‘दे दे प्यार दे 2’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर, इस रविवार 24 मई दोपहर 12 बजे, सिर्फ ज़ी सिनेमा पर*

*मुंबई, मई, 2026* : हँसी, प्यार और फैमिली एंटरटेनमेंट से भरे एक मजेदार सफर के लिए तैयार हो जाइए, क्योंकि ‘दे दे प्यार दे 2’ अब अपने वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर के साथ, इस रविवार, 24 मई को दोपहर 12 बजे, सिर्फ ज़ी सिनेमा पर आने वाली है। कॉमेडी और ड्रामा का स्तर और बढ़ाते हुए, यह सीक्वल एक हल्की-फुल्की और मनोरंजक प्यार की कहानी पेश करता है, जिसमें माता-पिता को मनाने और उनकी मंज़ूरी पाने की कोशिश के दौरान कई मजेदार और अप्रत्याशित परिस्थितियाँ सामने आती हैं। जब प्यार परिवार की उम्मीदों से टकराता है, तो कहानी में ढेर सारी उलझनें, हँसी और जज़्बाती पल देखने को मिलते हैं। कॉमेडी, रोमांस और फैमिली ड्रामे का यह शानदार मेल दर्शकों को घर बैठे एक मजेदार सिनेमाई अनुभव देने वाला है।
अंशुल शर्मा के निर्देशन में बनी ‘दे दे प्यार दे 2’ को टी-सीरीज़ के भूषण कुमार और कृष्ण कुमार, साथ ही लव फिल्म्स के लव रंजन और अंकुर गर्ग ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म में अजय देवगन, रकुल प्रीत सिंह, आर माधवन, मीज़ान जाफरी, जावेद जाफरी, इशिता दत्ता और गौतमी कपूर जैसे कलाकार नजर आएँगे। यह सीक्वल मूल फिल्म की खूबसूरती को बरकरार रखते हुए नए पहलू, नए टकराव और ढेर सारे मजेदार पलों को जोड़ता है, जो इसे एक बेहद दिलचस्प अनुभव बनाते हैं।
अजय देवगन ने कॉमेडी में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। अपने सहज अंदाज़, शानदार कॉमिक टाइमिंग और सधी हुई एक्टिंग से उन्होंने हमेशा दर्शकों को खूब एंटरटेन किया है। सालों से वे इस जॉनर में अपनी बहुमुखी प्रतिभा साबित करते आए हैं और ‘दे दे प्यार दे 2’ उनके इसी मजेदार सफर में एक और शानदार फिल्म जोड़ती है।
*फिल्म के बारे में बात करते हुए, अजय देवगन कहते हैं,* “दे दे प्यार दे 2 भावनाओं, रिश्तों, उलझनों और अप्रत्याशित परिस्थितियों से भरी हुई फिल्म है, जो बेहद मनोरंजक तरीके से सामने आती है। यह ऐसी फिल्म है, जिसका आप अपने परिवार के साथ बैठकर पूरा आनंद ले सकते हैं और मैं उत्साहित हूँ कि अब दर्शक ज़ी सिनेमा पर इसके वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर के साथ इसे एक साथ एंजॉय करेंगे।”
फिल्म के बारे में बात करते हुए, आर माधवन कहते हैं, “फिल्म में एक पिता के तौर पर मेरा किरदार अपनी बेटी को लेकर बहुत प्रोटेक्टिव है, खासकर तब जब उसकी लव लाइफ उसे कई तरह से चौंका देती है। मुझे सबसे ज्यादा मजा ऐसे किरदार को निभाने में आया, जो एक साथ जज़्बाती भी है, ड्रामेटिक भी और अनजाने में मजेदार भी। किरदारों के बीच की केमिस्ट्री और टकराव ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं और मैं चाहता हूं कि दर्शक इसे ज़ी सिनेमा पर जरूर देखें।”
*रकुल प्रीत सिंह ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा* , “मेरा किरदार दो ऐसे  लोगों के बीच फंस जाता है, जिन्हें लगता है कि वही उसके लिए सबसे सही फैसला ले सकते हैं और यहीं से पूरी मस्ती शुरू होती है। एक तरफ वह इंसान है जिससे वह प्यार करती है और दूसरी तरफ उसके पिता, लेकिन दोनों में से कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। मुझे इस फिल्म की सबसे खास बात यह लगी कि कॉमेडी के पीछे रिश्तों, जजमेंट और फैमिली एक्सेप्टेंस का एक बहुत रिलेटेबल जज़्बाती पहलू भी है। यह फिल्म मजेदार भी है, उलझनों से भरी भी और ऐसे पलों से भरी हुई है, जिनसे परिवार के लोग ज़ी सिनेमा पर देखते ही जुड़ाव महसूस करेंगे।“
मीज़ान जाफरी कहते हैं, “दे दे प्यार दे 2 को इतना मजेदार बनाने वाली चीज है इसका पूरा ड्रामा और वही फिल्म को अपनी अलग एनर्जी देता है। अजय देवगन सर और आर माधवन सर जैसे कलाकारों के साथ कॉन्फ्रंटेशन और कॉमेडी से भरे सीन्स करना मेरे लिए एक शानदार सीखने वाला अनुभव रहा। लेकिन, अपने पिता के साथ स्क्रीन शेयर करना इस अनुभव को और भी खास बना गया। परिवार के साथ काम करते वक्त एक अलग ही सहजता और मस्ती अपने आप आ जाती है और दर्शकों को हमारा साथ में डांस करना भी काफी पसंद आएगा। ज़ी सिनेमा पर दर्शकों के लिए यह पूरी तरह हँसी से भरा सफर होने वाला है।”
*जावेद जाफरी ने फिल्म के बारे में बात करते हुए कहा,* “अजय के साथ दोबारा काम करना बहुत अच्छा लगा। पहली फिल्म से जो सफर शुरू हुआ था, ‘दे दे प्यार दे 2’ उसे ह्यूमर, एंटरटेनमेंट और जज़्बातों के मामले में एक नए स्तर पर ले जाती है। सेट पर माहौल बेहद शानदार था और अजय के साथ काम करने में हमेशा एक अलग सहजता और आकर्षण महसूस होता है, जो स्क्रीन पर भी नजर आता है। यह फिल्म पहले से बड़ी, ज्यादा मजेदार और ज्यादा एंटरटेनिंग है। मीजान के साथ काम करना भी बहुत खास रहा। सिर्फ पिता और बेटे के तौर पर नहीं, बल्कि हम सच में साथ परफॉर्म करना एंजॉय करते हैं। उसके साथ डांस करना मेरे लिए खास पल था, जहां मेरा ओल्ड स्कूल अंदाज़ और उसका नया स्टाइल एक साथ देखने को मिलेगा।”
डायरेक्टर अंशुल शर्मा कहते हैं, “दे दे प्यार दे 2 के साथ हम यह दिखाना चाहते थे कि जब रिश्तों में परिवार, उनकी राय और पीढ़ियों के अंतर शामिल होते हैं, तो प्यार किस तरह बदलता है। फिल्म सिर्फ एज गैप वाले रिश्ते की कहानी नहीं है, बल्कि उन असुरक्षाओं, प्रोटेक्टिव नेचर और जज़्बाती बोझ की भी कहानी है, जो हर किरदार अपने साथ लेकर चलता है। अजय सर और माधवन सर के किरदार लगातार एक-दूसरे को चुनौती देते हैं और यही टकराव फिल्म में कॉमेडी और जज़्बाती गहराई दोनों लेकर आता है। फिल्म की सबसे खास बात यह है कि टकराव के बीच भी इसके किरदार बहुत असली और रिलेटेबल लगते हैं। हमें खुशी है कि दर्शक 24 मई को  दोपहर 12 बजे ज़ी सिनेमा पर इसका वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर देखकर इस पूरी मस्ती, ड्रामे और जज़्बातों से जुड़ पाएँगे।”
‘दे दे प्यार दे 2’ में अजय देवगन द्वारा निभाया गया 50 वर्षीय एनआरआई आशीष मेहरा, अपनी उम्र से काफी छोटी  गर्लफ्रेंड आयशा, यानी रकुल प्रीत सिंह के माता-पिता का दिल जीतने भारत आते हैं। लेकिन, हालात तब बिगड़ने लगते हैं, जब होने वाले ससुराल वाले दोनों की उम्र के बड़े अंतर से हैरान हो जाते हैं और इस रिश्ते को तोड़ने की कोशिश करने लगते हैं। जज़्बाती टकराव और उलझनें बढ़ने के बीच आशीष को यह साबित करना पड़ता है कि उनका प्यार सच्चा है। लेकिन तभी कहानी में एक ऐसा बड़ा ट्विस्ट आता है, जो आयशा के साथ उसके रिश्ते को खतरे में डाल देता है। अब आगे क्या होता है, यह जानने के लिए फिल्म जरूर देखें।

हँसी, मस्ती और हलचल से भरपूर इस फैमिली एंटरटेनर ‘दे दे प्यार दे 2’ के वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर के लिए देखना न भूलें इस रविवार, 24 मई को दोपहर 12 बजे, सिर्फ ज़ी सिनेमा पर।
भारत हमारा बेहतरीन दोस्त, जितना तेल चाहिए देने को तैयार', दिल्ली दौरे से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री का बड़ा बयान

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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत आ रहे हैं। मार्को रूबियो 23 मई को भारत आएंगे। अपने आगामी भारत दौरे से ठीक पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक बड़ा बयान दिया है। अपने दौरे से पहले मार्को रुबियो ने भारत की जमकर तारीफ की है। भारत को अमेरिका का एक बेहतरीन सहयोगी और साझेदार बताते हुए साफ किया है कि वाशिंगटन भारत को उतनी ऊर्जा (एनर्जी) बेचने के लिए तैयार है, जितनी नई दिल्ली खरीदने की इच्छा रखती है।

भारत को अमेरिका का बड़ा ऑफर

मियामी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रुबियो ने भारत की जमकर तारीफ की। उन्होंने भारत को एक 'महान सहयोगी और बेहतरीन साझेदार' बताया। ऊर्जा के मुद्दे पर उन्होंने एक बड़ी बात कही कि भारत जितना भी तेल और ऊर्जा खरीदना चाहेगा, अमेरिका उसे उतनी मात्रा में बेचने के लिए तैयार है। अमेरिका इस समय ऐतिहासिक स्तर पर ऊर्जा का उत्पादन और निर्यात कर रहा है।

वेनेजुएला के जरिए दोनों देशों के बीच व्यापार के बड़े मौके

रुबियो ने यह भी बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से भारत में तेल की कीमतें बढ़ी हैं, ऐसे में अमेरिका भारत के ऊर्जा पोर्टफोलियो का एक बड़ा हिस्सा बनना चाहता है। वेनेजुएला के तेल के जरिए भी दोनों देशों के बीच व्यापार के बड़े मौके हैं। असल में, मेरी जानकारी के अनुसार, वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति भी अगले हफ्ते भारत की यात्रा पर जा रही हैं। ऐसे में अवसर मौजूद हैं।

मार्को रुबियो का दिल्ली दौरा क्यों है खास?

मार्को रुबियो नई दिल्ली में 26 मई को 'क्वाड' (Quad) देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक की अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर करेंगे, जिसमें ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री मोतेगी तोशिमित्सु भी शामिल होंगे। अपनी इस यात्रा के दौरान रुबियो कोलकाता, आगरा, जयपुर और नई दिल्ली जाएंगे। खास बात यह है कि करीब 14 साल बाद कोई अमेरिकी विदेश मंत्री कोलकाता का दौरा कर रहा है; इससे पहले 2012 में हिलेरी क्लिंटन वहां गई थीं। कोलकाता में अमेरिका का दुनिया का दूसरा सबसे पुराना वाणिज्य दूतावास स्थित है।

देवघर-के कांग्रेस कार्यालय में आज भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 35 वीं पुण्यतिथि मनाई गई।
देवघर: कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र दास के अध्यक्षता में देवघर जिला कांग्रेस कार्यालय में भारत - रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की 35 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर देवघर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला कांग्रेस कार्यालय में श्रद्धांजलि सह शांतिसभा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेसजनों ने स्वर्गीय राजीव गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया तथा दो मिनट का मौन रखकर उनकी स्मृति को नमन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि राजीव गांधी ने आधुनिक भारत के निर्माण का जो सपना देखा था, आज वह देश के विकास की मजबूत नींव के रूप में दिखाई देता है। सूचना प्रौद्योगिकी, दूरसंचार क्रांति, पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त करने तथा युवाओं को देश निर्माण से जोड़ने में उनका योगदान अतुलनीय रहा है। उन्होंने भारत को 21वीं सदी की ओर ले जाने का कार्य किया। सभा में वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर भी चर्चा करते हुए जिला अध्यक्ष राजेंद्र दास ने कहा कि आज देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लगातार दबाव बढ़ रहा है तथा महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक सौहार्द जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार विफल साबित हो रही है। ऐसे समय में राजीव गांधी के विचार, उनकी दूरदृष्टि एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है। कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि राजीव गांधी के बताए मार्ग पर चलते हुए देश में भाईचारा, लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करते रहेंगे। इसके उपरांत सदर अस्पताल देवघर में भारी संख्या में कांग्रेस जनों के साथ जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में मरीजों और जरूरतमंद लोगों के बीच में फल एवं पानी वितरण किया गया । इस शांतिसभा कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रविंद्र नाथ मिश्रा उर्फ दादू जी , वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अशोक प्रसाद राय , कांग्रेसी नेता दिनेशानंद झा , पीसीसी कोऑर्डिनेटर मुकुंद दास ,वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अमरेंद्र कुमार सोना , कार्यालय प्रभारी गणेश दास , मीडिया चेयरमैन बृजभूषण राम , नगर अध्यक्ष रवि केसरी , स्वास्थ्य प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष डॉ अनूप , युवा नेता दीपक कुमार सिंह , सुधीर देव , संजीव कुमार झा , महेश मणि द्वारी , मकसूद आलम, राहुल राज,अब्दुल गफ्फार , सदाशिव राणा , अजय कृष्णा भारती , कुमार बाबा , मोहम्मद शमीम , नुनु खान , सिकंदर यादव , अजय पाठक , रमणिकांत ठाकुर , अनिल चंद्रवंशी , धर्मेंद्र सिंह , नटराज प्रदीप , सुनील कुमार महतो , रिया मिश्रा , आदि दर्जनों कांग्रेसी कार्यकर्ता एवं नेता उपस्थित रहे ।
यूपी के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में ड्रेस कोड होगा अनिवार्य
* योगी सरकार का बड़ा फैसला, समानता और अनुशासन को बढ़ावा देने की पहल
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुशासन और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने घोषणा की है कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल  के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ड्रेस कोड अनिवार्य किया जाएगा।
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि प्रत्येक शिक्षण संस्थान में यथासंभव एक समान ड्रेस कोड लागू किया जाएगा, जिससे छात्र-छात्राओं के बीच समानता, अनुशासन और सामाजिक समरसता की भावना को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि छात्र वर्ग एक समरूप वर्ग होता है, जहां किसी भी प्रकार का ऊंच-नीच या भेदभाव नहीं दिखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कई बार पहनावे के कारण सामाजिक और आर्थिक असमानता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जिससे कुछ छात्रों में हीन भावना और कुछ में श्रेष्ठता का भाव पैदा हो जाता है। ड्रेस कोड लागू होने से इस तरह की परिस्थितियों पर प्रभावी नियंत्रण होगा और सभी विद्यार्थियों को समान माहौल में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि योगी सरकार का उद्देश्य केवल शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि शिक्षण संस्थानों में सकारात्मक, अनुशासित और संस्कारित वातावरण तैयार करना भी है। ड्रेस कोड व्यवस्था से छात्रों का ध्यान पढ़ाई और व्यक्तित्व विकास पर अधिक केंद्रित रहेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा संस्थानों को आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने के लिए लगातार सुधारात्मक कदम उठा रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में एकरूपता के साथ बेहतर शैक्षणिक संस्कृति विकसित होगी, जो विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगी।
गोपीगंज पुलिस ने एक गैंगस्टर अभियुक्त को किया गिरफ्तार: बैंक को नकली आभूषण से धोखाधड़ी कर नुकसान पहुंचाने का आरोप

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने बैंक को नकली आभूषणों के माध्यम से धोखाधड़ी कर आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाले एक गिरोह के सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। गोपीगंज पुलिस ने 20 मई 2026 को आरोपी अजय कुमार को उसके घर से पकड़ा।
पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। आरोपी अजय कुमार, राजू सेठ के नेतृत्व वाले 21 सदस्यीय गिरोह का हिस्सा है। इस गिरोह पर नकली आभूषणों को असली बताकर बैंकों को जानबूझकर आर्थिक क्षति पहुंचाने, कूट रचना और धोखाधड़ी करने का आरोप है। इस संबंध में गोपीगंज थाने में धारा 3(1) गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 के तहत मुकदमा संख्या 176/2026 पंजीकृत किया गया था। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अजय कुमार पुत्र कमलेश कुमार (42 वर्ष), निवासी मकान संख्या 210, नारेपार ऊपरवार, थाना कोईरौना, जनपद भदोही के रूप में हुई है। उसके खिलाफ पहले भी गोपीगंज थाने में मुकदमा संख्या 150/25, धारा 419, 420, 120बी, 409, 467, 468, 471 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार चौहान, कांस्टेबल शिवम सिंह, रिजर्व कांस्टेबल रामजीवन और चालक हेड कांस्टेबल जयनारायण सिंह यादव शामिल थे।
गोपीगंज पुलिस ने एक गैंगस्टर अभियुक्त को किया गिरफ्तार: बैंक को नकली आभूषण से धोखाधड़ी कर नुकसान पहुंचाने का आरोप

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने बैंक को नकली आभूषणों के माध्यम से धोखाधड़ी कर आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाले एक गिरोह के सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। गोपीगंज पुलिस ने 20 मई 2026 को आरोपी अजय कुमार को उसके घर से पकड़ा।
पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। आरोपी अजय कुमार, राजू सेठ के नेतृत्व वाले 21 सदस्यीय गिरोह का हिस्सा है। इस गिरोह पर नकली आभूषणों को असली बताकर बैंकों को जानबूझकर आर्थिक क्षति पहुंचाने, कूट रचना और धोखाधड़ी करने का आरोप है। इस संबंध में गोपीगंज थाने में धारा 3(1) गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 के तहत मुकदमा संख्या 176/2026 पंजीकृत किया गया था। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अजय कुमार पुत्र कमलेश कुमार (42 वर्ष), निवासी मकान संख्या 210, नारेपार ऊपरवार, थाना कोईरौना, जनपद भदोही के रूप में हुई है। उसके खिलाफ पहले भी गोपीगंज थाने में मुकदमा संख्या 150/25, धारा 419, 420, 120बी, 409, 467, 468, 471 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार चौहान, कांस्टेबल शिवम सिंह, रिजर्व कांस्टेबल रामजीवन और चालक हेड कांस्टेबल जयनारायण सिंह यादव शामिल थे।
गोपीगंज पुलिस ने एक गैंगस्टर अभियुक्त को किया गिरफ्तार: बैंक को नकली आभूषण से धोखाधड़ी कर नुकसान पहुंचाने का आरोप

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने बैंक को नकली आभूषणों के माध्यम से धोखाधड़ी कर आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाले एक गिरोह के सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। गोपीगंज पुलिस ने 20 मई 2026 को आरोपी अजय कुमार को उसके घर से पकड़ा।
पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। आरोपी अजय कुमार, राजू सेठ के नेतृत्व वाले 21 सदस्यीय गिरोह का हिस्सा है। इस गिरोह पर नकली आभूषणों को असली बताकर बैंकों को जानबूझकर आर्थिक क्षति पहुंचाने, कूट रचना और धोखाधड़ी करने का आरोप है। इस संबंध में गोपीगंज थाने में धारा 3(1) गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 के तहत मुकदमा संख्या 176/2026 पंजीकृत किया गया था। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अजय कुमार पुत्र कमलेश कुमार (42 वर्ष), निवासी मकान संख्या 210, नारेपार ऊपरवार, थाना कोईरौना, जनपद भदोही के रूप में हुई है। उसके खिलाफ पहले भी गोपीगंज थाने में मुकदमा संख्या 150/25, धारा 419, 420, 120बी, 409, 467, 468, 471 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार चौहान, कांस्टेबल शिवम सिंह, रिजर्व कांस्टेबल रामजीवन और चालक हेड कांस्टेबल जयनारायण सिंह यादव शामिल थे।
भदोही में बोले मुकेश सहनी, आरक्षण नहीं मिला तो सरकार को उखाड़ फेंकेंगे, सत्ता की मलाई चाटने का आरोप लगाते हुए डॉ. संजय निषाद को दे डाला बड़ा ऑफर
नितेश श्रीवास्तव

भदोही । यूपी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज होती दिख रही है। भदोही पहुंचे वीआईपी प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने निषाद पार्टी प्रमुख डॉ. संजय निषाद और योगी-मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने समाज को आरक्षण दिलाने के लिए आंदोलन और 'संकल्प यात्रा' का ऐलान करते हुए कहा कि अगर समाज को उसका हक नहीं मिला तो मौजूदा सरकार को वोट नहीं दिया जाएगा। साथ ही राहुल गांधी और अखिलेश यादव से बातचीत कर इंडिया गठबंधन के साथ आगे बढ़ने के संकेत भी दिए।


भदोही के ज्ञानपुर नगर स्थित एक हॉल में आयोजित बैठक में विकासशील इंसान पार्टी प्रमुख मुकेश सहनी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए समाज से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बिंद, केवट, मल्लाह और निषाद समाज को लंबे समय से सिर्फ सपने दिखाए गए, लेकिन उनका हक नहीं मिला।

पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने निषाद पार्टी प्रमुख और यूपी सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद पर निशाना साधते हुए कहा कि वह केवल सत्ता की मलाई चाट रहे हैं और उनका उद्देश्य सिर्फ अपने परिवार को सेट करना और सत्ता में बने रहना है। उन्होंने आरोप लगाया कि डबल इंजन सरकार में कैबिनेट मंत्री रहते हुए भी समाज का कोई भला नहीं हुआ और आरक्षण का मुद्दा पूरी तरह भुला दिया गया।

उन्होंने कहा कि समाज को आरक्षण और हक-अधिकार दिलाने के लिए अब बड़ा आंदोलन किया जाएगा। मुकेश सहनी ने 25 जुलाई से यूपी में 'संकल्प यात्रा' निकालने का ऐलान करते हुए कहा कि समाज के नौजवान, बुजुर्ग, माताएं और बहनें हाथ में गंगाजल लेकर संकल्प लेंगी।


सहनी ने कहा कि अगर डॉ. संजय निषाद सच में समाज के हितैषी हैं तो वह योगी-मोदी सरकार से बात करके छह महीने के भीतर समाज को आरक्षण दिलाएं। अगर ऐसा नहीं होता है तो उन्हें सत्ता को लात मारकर बाहर आ जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि छह माह में संजय निषाद समाज को आरक्षण दिला देते हैं तो आगामी चुनाव में वह उनका पूरा समर्थन करेंगे, लेकिन यदि वह असफल रहते हैं तो समाज सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेगा।

मुकेश सहनी ने कहा कि अगर डॉ. संजय निषाद सरकार छोड़कर समाज के हक की लड़ाई में साथ आते हैं, तो साथ में राहुल गांधी और अखिलेश यादव से बातचीत कर इंडिया गठबंधन में उनका स्वागत कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि समाज अब जागरूक हो चुका है और अगर उसे उसका हक नहीं मिला तो लोग किसी लोडर नहीं, बल्कि अपने लीडर के साथ खड़े होंगे।

हमला जारी रखते हुए सहनी ने कहा कि खुद मंत्री रहते हुए संजय निषाद रोते हैं कि समाज की बहू-बेटियों के साथ दुराचार हो रहा है, वोट चोरी हो रहे हैं और झूठे मुकदमे लगाए जा रहे हैं।

जब सरकार में रहते हुए भी यह हाल है, तो ऐसी सरकार से बाहर निकल जाना चाहिए।

मुकेश सहनी ने जातिगत जनगणना की मांग दोहराते हुए कहा कि जिसकी जितनी संख्या है, उसे उतनी हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि एनडीए में बिहार सरकार में मंत्री रहते हुए उन्होंने यूपी में 55 सीटों पर चुनाव लड़ाया था, लेकिन बाद में भाजपा ने उनके विधायक अपने साथ ले लिए और उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया।

उन्होंने कहा कि वह लगातार अपने समाज के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं और आने वाले समय में यह आंदोलन और बड़ा होगा। फिलहाल, उन्होंने कहा कि वह छह महीने तक डॉ. संजय निषाद का इंतजार करेंगे, उसके बाद यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी पार्टी का अंतिम फैसला लेंगे
लावारिस नवजात बच्ची के लिए देवदूत बना आरोग्यम अस्पताल, डॉक्टरों और नर्सों ने दिया नया जीवन

हजारीबाग - इंसानियत और सेवा भाव की मिसाल पेश करते हुए हजारीबाग के आरोग्यम अस्पताल ने एक लावारिस नवजात बच्ची को नया जीवन देने का सराहनीय कार्य किया है। जन्मजात कटे होंठ (क्लेफ्ट लिप) से पीड़ित इस मासूम बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की अथक मेहनत, संवेदनशीलता ने उसे जिंदगी की नई उम्मीद दी। बीते 7 मई की शाम लगभग 7:30 बजे सदर थाना पुलिस की गश्ती टीम को एक खाली ई-रिक्शा में नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली। बच्ची के पास एक पर्ची भी बरामद हुई, जिसमें उसे अनाथ आश्रम पहुंचाने की अपील की गई थी। लंबे समय तक खुले वातावरण में रहने के कारण बच्ची संक्रमण की चपेट में आ गई थी और उसे सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। जन्म से ही कटे होंठ की समस्या होने के कारण उसकी स्थिति काफी नाजुक बनी हुई थी। सदर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्ची को तुरंत हजारीबाग स्थित आरोग्यम अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसे एनआईसीयू में विशेष निगरानी में रखा गया। अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर हीरालाल राम एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रकाश चंद्र की देखरेख में बच्ची का इलाज प्रारंभ हुआ। डॉक्टरों ने बच्ची को ऑक्सीजन सपोर्ट, आवश्यक एंटीबायोटिक दवाएं और विशेष नवजात चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई। कटे होंठ की समस्या को ध्यान में रखते हुए उसके लिए विशेष फीडिंग प्रोटोकॉल तैयार किया गया।

अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने भी बच्ची की देखभाल पूरी ममता और संवेदनशीलता के साथ की। 24 घंटे निगरानी करते हुए नर्सों ने समय पर दवा देने, दूध पिलाने, साफ-सफाई बनाए रखने और लगातार नजर रखने का कार्य पूरी जिम्मेदारी से निभाया। अस्पताल की नर्सिंग टीम ने सिर्फ अपनी ड्यूटी नहीं निभाई, बल्कि उस मासूम को अपने बच्चे की तरह स्नेह और प्यार दिया। लगातार इलाज और देखभाल के बाद बच्ची की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। इलाज के दौरान वह हर तीन घंटे में 15 से 20 एमएल दूध लेने और उसे पचाने लगी। चिकित्सकों की सतत निगरानी और उपचार के बाद बच्ची को क्लिनिकली स्टेबल घोषित कर दिया गया। इसके बाद 22 मई को बाल कल्याण समिति हजारीबाग के आदेशानुसार सदर थाना पुलिस ने स्वस्थ बच्ची को सुरक्षित रूप से समिति को सौंप दिया। अस्पताल के निर्देशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवता और संवेदनशीलता से भी जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि बच्ची की स्थिति काफी नाजुक थी, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों और एनआईसीयू टीम की लगातार निगरानी एवं बेहतर उपचार से उसकी हालत में सुधार संभव हो सका। अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि आरोग्यम अस्पताल हमेशा मानव सेवा को अपनी प्राथमिकता मानता है। उन्होंने कहा कि जब यह नवजात बच्ची गंभीर हालत में अस्पताल लाई गई, तब डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मियों ने बिना समय गंवाए उसके इलाज में पूरी ताकत झोंक दी। उन्होंने कहा कि एक मासूम जिंदगी को बचाना अस्पताल परिवार के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी और पूरी टीम ने संवेदनशीलता एवं समर्पण के साथ अपना कर्तव्य निभाया। इस कार्य पर अस्पताल में मौजूद एक परिजन ने बताया कि आरोग्यम अस्पताल केवल उपचार का केंद्र नहीं, बल्कि मानवता, सेवा और संवेदनशीलता का भी प्रतीक बन गया है यहां डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने सिर्फ एक नवजात शिशु का इलाज नहीं किया, बल्कि एक मासूम जिंदगी को नया जीवन देने का कार्य किया। अस्पताल की नर्सिंग टीम की ममता, समर्पण और सेवा भावना ने यह संदेश दिया कि चिकित्सा सेवा केवल पेशा नहीं, बल्कि इंसानियत का सबसे बड़ा धर्म है।

बीजेपी और कांग्रेस को पछाड़ने वाली ‘कॉकरोच पार्टी’ क्या है, कौन हैं इसके संस्थापक अभिजीत दीपके?

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इंस्टाग्राम पर इन दिनों कॉकरोच जनता पार्टी नाम का अकाउंट तेजी से सुर्खियों में है। अब इसने एक और बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। पांच दिन से कम में इस अकाउंट को इंस्टाग्राम पर 1.7 करोड़ लोगों ने फॉलो किया है। इस अकाउंट ने पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इंस्टाग्राम हैंडल को पीछे छोड़ने के बाद अब इस अकाउंट ने कांग्रेस के ऑफिशियल हैंडल को भी फॉलोअर्स के मामले में पीछे छोड़ दिया है। यह पूरा घटनाक्रम बेहद तेजी से हुआ है, जिसने सोशल मीडिया की दुनिया में हलचल मचा दी है।

ऐसे अस्तित्व में आया 'कॉकरोच जनता पार्टी'

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकान्त की टिप्पणियों के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अचानक सुर्खियों में आ गया। एक सुनवाई के दौरान, सीजेआई ने कथित तौर पर बेरोजगार युवाओं, जो पत्रकारिता और एक्टिविज़्म की ओर बढ़ रहे हैं, की तुलना तिलचट्टों और परजीवियों से की। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इशारा विशेष रूप से 'फर्जी और बेहूदा डिग्री' वाले लोगों की ओर था, न कि व्यापक रूप से भारत के युवाओं की तरफ। लेकिन तब तक यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से फैल चुकी थी, जिससे गुस्सा, चुटकुले और एक 'मज़ेदार राजनीतिक विचार' के तौर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) जन्म ले चुकी थी।

किसका है ये आइडिया?

सीजेपी कोई औपचारिक राजनीतिक पार्टी नहीं है, बल्कि राजनीतिक व्यंग्य पर आधारित एक ऑनलाइन आंदोलन है। सुप्रीम कोर्ट की एक हालिया टिप्पणी के बाद शुरू हुए इस पेज ने लोकप्रियता के मामले में बड़े-बड़े दिग्गजों को धूल चटा दी है। इसकी सदस्यता शर्तों में बेरोज़गार होना, आलसी होना, हमेशा ऑनलाइन रहना और 'पेशेवर तरीके से भड़ास निकालने की क्षमता' होना शामिल है। पांच दिन में इंस्टाग्राम पर इसके 1.7 करोड़ से ज़्यादा फ़ॉलोअर हो चुके हैं। इसे अभिजीत दीपके ने बनाया, जो एक राजनीतिक संचार रणनीतिकार और बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र हैं।

सीजेपी का X अकाउंट भारत से ब्लॉक

इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी का X अकाउंट भारत में ब्लॉक हो चुका है। दरअसल कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो डाला है। इस वीडियो में वो स्क्रीनशॉट दिखा रहे हैं और बता रहे हैं कि उनकी पार्टी का X हैंडल भारत से सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि दूसरे देशों में ये हैंडल चालू है।

नए अकाउंट पर भी 1.50 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स

संगठन ने कुछ देर बाद नया अकाउंट बनाया। इसका नाम ‘कॉकरोच इज बैक’ रखा गया और बायो में लिखा- कॉकरोच डोंट डाय, यानी कॉकरोच मरते नहीं। नए अकाउंट से पहली पोस्ट कल दोपहर 2:29 बजे की गई थी। शुक्रवार दोपहर 1 बजे तक इसके X पर 1.50 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए हैं। अभिजीत ने पार्टी के इंस्टाग्राम अकाउंट हैक करने की कोशिश का आरोप भी लगाया है।

बीजेपी ने निकाला 'सोरोस' कनेक्शन

इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके को लेकर बीजेपी ने गंभीर आरोप लगाए है। बीजेपी का आरोप है कि अभिजीत दीपके आम आदमी पार्टी यानि अरविंद केजरीवाल के कार्यकर्ता हैं। इसके साथ ही बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने विदेश यात्रा के खर्च को लेकर भी सवाल किया है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल ने कहा, 'यह सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपको आम आदमी पार्टी यानि अरविंद केजरीवाल के कार्यकर्ता हैं।' उन्होंने मनीष सिसोदिया के साथ तस्वीर भी शेयर की। निशिकांत दुबे ने सवाल किया कि 'अभिजीत दीपके यह बोस्टन किसके पैसे से गया? क्या इसके रहने और खाने का खर्चा सोरोस फाउंडेशन दे रहा है? यह विपक्ष के लिए एक चेतावनी है,क्या आप देश तोड़ने के लिए विदेशी ताकतों की मदद लेंगे?'

सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क

इधर, 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम का सोशल मीडिया मूवमेंट अब सुरक्षा एजेंसियों की जांच के दायरे में आ गया है। सुरक्षा एजेंसियों को डर है कि यह डिजिटल गुस्सा कहीं जमीन पर उतरकर बड़ा आंदोलन न बन जाए। सबसे बड़ी चिंता इसकी तेजी से बढ़ती पहुंच और इसके पीछे काम कर रहे नेटवर्क को लेकर है। एजेंसियों का मानना है कि जिस रफ्तार से यह प्लेटफॉर्म बढ़ा, वह सामान्य सोशल मीडिया ट्रेंड जैसा नहीं दिखता। यही वजह है कि अब इसके विदेशी कनेक्शन, टेलीग्राम नेटवर्क और पुराने डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

*देखिए ‘दे दे प्यार दे 2’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर, इस रविवार 24 मई दोपहर 12 बजे, सिर्फ ज़ी सिनेमा पर*

*मुंबई, मई, 2026* : हँसी, प्यार और फैमिली एंटरटेनमेंट से भरे एक मजेदार सफर के लिए तैयार हो जाइए, क्योंकि ‘दे दे प्यार दे 2’ अब अपने वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर के साथ, इस रविवार, 24 मई को दोपहर 12 बजे, सिर्फ ज़ी सिनेमा पर आने वाली है। कॉमेडी और ड्रामा का स्तर और बढ़ाते हुए, यह सीक्वल एक हल्की-फुल्की और मनोरंजक प्यार की कहानी पेश करता है, जिसमें माता-पिता को मनाने और उनकी मंज़ूरी पाने की कोशिश के दौरान कई मजेदार और अप्रत्याशित परिस्थितियाँ सामने आती हैं। जब प्यार परिवार की उम्मीदों से टकराता है, तो कहानी में ढेर सारी उलझनें, हँसी और जज़्बाती पल देखने को मिलते हैं। कॉमेडी, रोमांस और फैमिली ड्रामे का यह शानदार मेल दर्शकों को घर बैठे एक मजेदार सिनेमाई अनुभव देने वाला है।
अंशुल शर्मा के निर्देशन में बनी ‘दे दे प्यार दे 2’ को टी-सीरीज़ के भूषण कुमार और कृष्ण कुमार, साथ ही लव फिल्म्स के लव रंजन और अंकुर गर्ग ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म में अजय देवगन, रकुल प्रीत सिंह, आर माधवन, मीज़ान जाफरी, जावेद जाफरी, इशिता दत्ता और गौतमी कपूर जैसे कलाकार नजर आएँगे। यह सीक्वल मूल फिल्म की खूबसूरती को बरकरार रखते हुए नए पहलू, नए टकराव और ढेर सारे मजेदार पलों को जोड़ता है, जो इसे एक बेहद दिलचस्प अनुभव बनाते हैं।
अजय देवगन ने कॉमेडी में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। अपने सहज अंदाज़, शानदार कॉमिक टाइमिंग और सधी हुई एक्टिंग से उन्होंने हमेशा दर्शकों को खूब एंटरटेन किया है। सालों से वे इस जॉनर में अपनी बहुमुखी प्रतिभा साबित करते आए हैं और ‘दे दे प्यार दे 2’ उनके इसी मजेदार सफर में एक और शानदार फिल्म जोड़ती है।
*फिल्म के बारे में बात करते हुए, अजय देवगन कहते हैं,* “दे दे प्यार दे 2 भावनाओं, रिश्तों, उलझनों और अप्रत्याशित परिस्थितियों से भरी हुई फिल्म है, जो बेहद मनोरंजक तरीके से सामने आती है। यह ऐसी फिल्म है, जिसका आप अपने परिवार के साथ बैठकर पूरा आनंद ले सकते हैं और मैं उत्साहित हूँ कि अब दर्शक ज़ी सिनेमा पर इसके वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर के साथ इसे एक साथ एंजॉय करेंगे।”
फिल्म के बारे में बात करते हुए, आर माधवन कहते हैं, “फिल्म में एक पिता के तौर पर मेरा किरदार अपनी बेटी को लेकर बहुत प्रोटेक्टिव है, खासकर तब जब उसकी लव लाइफ उसे कई तरह से चौंका देती है। मुझे सबसे ज्यादा मजा ऐसे किरदार को निभाने में आया, जो एक साथ जज़्बाती भी है, ड्रामेटिक भी और अनजाने में मजेदार भी। किरदारों के बीच की केमिस्ट्री और टकराव ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं और मैं चाहता हूं कि दर्शक इसे ज़ी सिनेमा पर जरूर देखें।”
*रकुल प्रीत सिंह ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा* , “मेरा किरदार दो ऐसे  लोगों के बीच फंस जाता है, जिन्हें लगता है कि वही उसके लिए सबसे सही फैसला ले सकते हैं और यहीं से पूरी मस्ती शुरू होती है। एक तरफ वह इंसान है जिससे वह प्यार करती है और दूसरी तरफ उसके पिता, लेकिन दोनों में से कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। मुझे इस फिल्म की सबसे खास बात यह लगी कि कॉमेडी के पीछे रिश्तों, जजमेंट और फैमिली एक्सेप्टेंस का एक बहुत रिलेटेबल जज़्बाती पहलू भी है। यह फिल्म मजेदार भी है, उलझनों से भरी भी और ऐसे पलों से भरी हुई है, जिनसे परिवार के लोग ज़ी सिनेमा पर देखते ही जुड़ाव महसूस करेंगे।“
मीज़ान जाफरी कहते हैं, “दे दे प्यार दे 2 को इतना मजेदार बनाने वाली चीज है इसका पूरा ड्रामा और वही फिल्म को अपनी अलग एनर्जी देता है। अजय देवगन सर और आर माधवन सर जैसे कलाकारों के साथ कॉन्फ्रंटेशन और कॉमेडी से भरे सीन्स करना मेरे लिए एक शानदार सीखने वाला अनुभव रहा। लेकिन, अपने पिता के साथ स्क्रीन शेयर करना इस अनुभव को और भी खास बना गया। परिवार के साथ काम करते वक्त एक अलग ही सहजता और मस्ती अपने आप आ जाती है और दर्शकों को हमारा साथ में डांस करना भी काफी पसंद आएगा। ज़ी सिनेमा पर दर्शकों के लिए यह पूरी तरह हँसी से भरा सफर होने वाला है।”
*जावेद जाफरी ने फिल्म के बारे में बात करते हुए कहा,* “अजय के साथ दोबारा काम करना बहुत अच्छा लगा। पहली फिल्म से जो सफर शुरू हुआ था, ‘दे दे प्यार दे 2’ उसे ह्यूमर, एंटरटेनमेंट और जज़्बातों के मामले में एक नए स्तर पर ले जाती है। सेट पर माहौल बेहद शानदार था और अजय के साथ काम करने में हमेशा एक अलग सहजता और आकर्षण महसूस होता है, जो स्क्रीन पर भी नजर आता है। यह फिल्म पहले से बड़ी, ज्यादा मजेदार और ज्यादा एंटरटेनिंग है। मीजान के साथ काम करना भी बहुत खास रहा। सिर्फ पिता और बेटे के तौर पर नहीं, बल्कि हम सच में साथ परफॉर्म करना एंजॉय करते हैं। उसके साथ डांस करना मेरे लिए खास पल था, जहां मेरा ओल्ड स्कूल अंदाज़ और उसका नया स्टाइल एक साथ देखने को मिलेगा।”
डायरेक्टर अंशुल शर्मा कहते हैं, “दे दे प्यार दे 2 के साथ हम यह दिखाना चाहते थे कि जब रिश्तों में परिवार, उनकी राय और पीढ़ियों के अंतर शामिल होते हैं, तो प्यार किस तरह बदलता है। फिल्म सिर्फ एज गैप वाले रिश्ते की कहानी नहीं है, बल्कि उन असुरक्षाओं, प्रोटेक्टिव नेचर और जज़्बाती बोझ की भी कहानी है, जो हर किरदार अपने साथ लेकर चलता है। अजय सर और माधवन सर के किरदार लगातार एक-दूसरे को चुनौती देते हैं और यही टकराव फिल्म में कॉमेडी और जज़्बाती गहराई दोनों लेकर आता है। फिल्म की सबसे खास बात यह है कि टकराव के बीच भी इसके किरदार बहुत असली और रिलेटेबल लगते हैं। हमें खुशी है कि दर्शक 24 मई को  दोपहर 12 बजे ज़ी सिनेमा पर इसका वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर देखकर इस पूरी मस्ती, ड्रामे और जज़्बातों से जुड़ पाएँगे।”
‘दे दे प्यार दे 2’ में अजय देवगन द्वारा निभाया गया 50 वर्षीय एनआरआई आशीष मेहरा, अपनी उम्र से काफी छोटी  गर्लफ्रेंड आयशा, यानी रकुल प्रीत सिंह के माता-पिता का दिल जीतने भारत आते हैं। लेकिन, हालात तब बिगड़ने लगते हैं, जब होने वाले ससुराल वाले दोनों की उम्र के बड़े अंतर से हैरान हो जाते हैं और इस रिश्ते को तोड़ने की कोशिश करने लगते हैं। जज़्बाती टकराव और उलझनें बढ़ने के बीच आशीष को यह साबित करना पड़ता है कि उनका प्यार सच्चा है। लेकिन तभी कहानी में एक ऐसा बड़ा ट्विस्ट आता है, जो आयशा के साथ उसके रिश्ते को खतरे में डाल देता है। अब आगे क्या होता है, यह जानने के लिए फिल्म जरूर देखें।

हँसी, मस्ती और हलचल से भरपूर इस फैमिली एंटरटेनर ‘दे दे प्यार दे 2’ के वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर के लिए देखना न भूलें इस रविवार, 24 मई को दोपहर 12 बजे, सिर्फ ज़ी सिनेमा पर।
भारत हमारा बेहतरीन दोस्त, जितना तेल चाहिए देने को तैयार', दिल्ली दौरे से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री का बड़ा बयान

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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत आ रहे हैं। मार्को रूबियो 23 मई को भारत आएंगे। अपने आगामी भारत दौरे से ठीक पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक बड़ा बयान दिया है। अपने दौरे से पहले मार्को रुबियो ने भारत की जमकर तारीफ की है। भारत को अमेरिका का एक बेहतरीन सहयोगी और साझेदार बताते हुए साफ किया है कि वाशिंगटन भारत को उतनी ऊर्जा (एनर्जी) बेचने के लिए तैयार है, जितनी नई दिल्ली खरीदने की इच्छा रखती है।

भारत को अमेरिका का बड़ा ऑफर

मियामी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रुबियो ने भारत की जमकर तारीफ की। उन्होंने भारत को एक 'महान सहयोगी और बेहतरीन साझेदार' बताया। ऊर्जा के मुद्दे पर उन्होंने एक बड़ी बात कही कि भारत जितना भी तेल और ऊर्जा खरीदना चाहेगा, अमेरिका उसे उतनी मात्रा में बेचने के लिए तैयार है। अमेरिका इस समय ऐतिहासिक स्तर पर ऊर्जा का उत्पादन और निर्यात कर रहा है।

वेनेजुएला के जरिए दोनों देशों के बीच व्यापार के बड़े मौके

रुबियो ने यह भी बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से भारत में तेल की कीमतें बढ़ी हैं, ऐसे में अमेरिका भारत के ऊर्जा पोर्टफोलियो का एक बड़ा हिस्सा बनना चाहता है। वेनेजुएला के तेल के जरिए भी दोनों देशों के बीच व्यापार के बड़े मौके हैं। असल में, मेरी जानकारी के अनुसार, वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति भी अगले हफ्ते भारत की यात्रा पर जा रही हैं। ऐसे में अवसर मौजूद हैं।

मार्को रुबियो का दिल्ली दौरा क्यों है खास?

मार्को रुबियो नई दिल्ली में 26 मई को 'क्वाड' (Quad) देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक की अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर करेंगे, जिसमें ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री मोतेगी तोशिमित्सु भी शामिल होंगे। अपनी इस यात्रा के दौरान रुबियो कोलकाता, आगरा, जयपुर और नई दिल्ली जाएंगे। खास बात यह है कि करीब 14 साल बाद कोई अमेरिकी विदेश मंत्री कोलकाता का दौरा कर रहा है; इससे पहले 2012 में हिलेरी क्लिंटन वहां गई थीं। कोलकाता में अमेरिका का दुनिया का दूसरा सबसे पुराना वाणिज्य दूतावास स्थित है।

देवघर-के कांग्रेस कार्यालय में आज भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 35 वीं पुण्यतिथि मनाई गई।
देवघर: कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र दास के अध्यक्षता में देवघर जिला कांग्रेस कार्यालय में भारत - रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की 35 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर देवघर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला कांग्रेस कार्यालय में श्रद्धांजलि सह शांतिसभा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेसजनों ने स्वर्गीय राजीव गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया तथा दो मिनट का मौन रखकर उनकी स्मृति को नमन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि राजीव गांधी ने आधुनिक भारत के निर्माण का जो सपना देखा था, आज वह देश के विकास की मजबूत नींव के रूप में दिखाई देता है। सूचना प्रौद्योगिकी, दूरसंचार क्रांति, पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त करने तथा युवाओं को देश निर्माण से जोड़ने में उनका योगदान अतुलनीय रहा है। उन्होंने भारत को 21वीं सदी की ओर ले जाने का कार्य किया। सभा में वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर भी चर्चा करते हुए जिला अध्यक्ष राजेंद्र दास ने कहा कि आज देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लगातार दबाव बढ़ रहा है तथा महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक सौहार्द जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार विफल साबित हो रही है। ऐसे समय में राजीव गांधी के विचार, उनकी दूरदृष्टि एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है। कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि राजीव गांधी के बताए मार्ग पर चलते हुए देश में भाईचारा, लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करते रहेंगे। इसके उपरांत सदर अस्पताल देवघर में भारी संख्या में कांग्रेस जनों के साथ जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में मरीजों और जरूरतमंद लोगों के बीच में फल एवं पानी वितरण किया गया । इस शांतिसभा कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रविंद्र नाथ मिश्रा उर्फ दादू जी , वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अशोक प्रसाद राय , कांग्रेसी नेता दिनेशानंद झा , पीसीसी कोऑर्डिनेटर मुकुंद दास ,वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अमरेंद्र कुमार सोना , कार्यालय प्रभारी गणेश दास , मीडिया चेयरमैन बृजभूषण राम , नगर अध्यक्ष रवि केसरी , स्वास्थ्य प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष डॉ अनूप , युवा नेता दीपक कुमार सिंह , सुधीर देव , संजीव कुमार झा , महेश मणि द्वारी , मकसूद आलम, राहुल राज,अब्दुल गफ्फार , सदाशिव राणा , अजय कृष्णा भारती , कुमार बाबा , मोहम्मद शमीम , नुनु खान , सिकंदर यादव , अजय पाठक , रमणिकांत ठाकुर , अनिल चंद्रवंशी , धर्मेंद्र सिंह , नटराज प्रदीप , सुनील कुमार महतो , रिया मिश्रा , आदि दर्जनों कांग्रेसी कार्यकर्ता एवं नेता उपस्थित रहे ।
यूपी के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में ड्रेस कोड होगा अनिवार्य
* योगी सरकार का बड़ा फैसला, समानता और अनुशासन को बढ़ावा देने की पहल
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुशासन और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने घोषणा की है कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल  के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ड्रेस कोड अनिवार्य किया जाएगा।
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि प्रत्येक शिक्षण संस्थान में यथासंभव एक समान ड्रेस कोड लागू किया जाएगा, जिससे छात्र-छात्राओं के बीच समानता, अनुशासन और सामाजिक समरसता की भावना को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि छात्र वर्ग एक समरूप वर्ग होता है, जहां किसी भी प्रकार का ऊंच-नीच या भेदभाव नहीं दिखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कई बार पहनावे के कारण सामाजिक और आर्थिक असमानता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जिससे कुछ छात्रों में हीन भावना और कुछ में श्रेष्ठता का भाव पैदा हो जाता है। ड्रेस कोड लागू होने से इस तरह की परिस्थितियों पर प्रभावी नियंत्रण होगा और सभी विद्यार्थियों को समान माहौल में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि योगी सरकार का उद्देश्य केवल शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि शिक्षण संस्थानों में सकारात्मक, अनुशासित और संस्कारित वातावरण तैयार करना भी है। ड्रेस कोड व्यवस्था से छात्रों का ध्यान पढ़ाई और व्यक्तित्व विकास पर अधिक केंद्रित रहेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा संस्थानों को आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने के लिए लगातार सुधारात्मक कदम उठा रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में एकरूपता के साथ बेहतर शैक्षणिक संस्कृति विकसित होगी, जो विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगी।
गोपीगंज पुलिस ने एक गैंगस्टर अभियुक्त को किया गिरफ्तार: बैंक को नकली आभूषण से धोखाधड़ी कर नुकसान पहुंचाने का आरोप

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने बैंक को नकली आभूषणों के माध्यम से धोखाधड़ी कर आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाले एक गिरोह के सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। गोपीगंज पुलिस ने 20 मई 2026 को आरोपी अजय कुमार को उसके घर से पकड़ा।
पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। आरोपी अजय कुमार, राजू सेठ के नेतृत्व वाले 21 सदस्यीय गिरोह का हिस्सा है। इस गिरोह पर नकली आभूषणों को असली बताकर बैंकों को जानबूझकर आर्थिक क्षति पहुंचाने, कूट रचना और धोखाधड़ी करने का आरोप है। इस संबंध में गोपीगंज थाने में धारा 3(1) गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 के तहत मुकदमा संख्या 176/2026 पंजीकृत किया गया था। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अजय कुमार पुत्र कमलेश कुमार (42 वर्ष), निवासी मकान संख्या 210, नारेपार ऊपरवार, थाना कोईरौना, जनपद भदोही के रूप में हुई है। उसके खिलाफ पहले भी गोपीगंज थाने में मुकदमा संख्या 150/25, धारा 419, 420, 120बी, 409, 467, 468, 471 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार चौहान, कांस्टेबल शिवम सिंह, रिजर्व कांस्टेबल रामजीवन और चालक हेड कांस्टेबल जयनारायण सिंह यादव शामिल थे।
गोपीगंज पुलिस ने एक गैंगस्टर अभियुक्त को किया गिरफ्तार: बैंक को नकली आभूषण से धोखाधड़ी कर नुकसान पहुंचाने का आरोप

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने बैंक को नकली आभूषणों के माध्यम से धोखाधड़ी कर आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाले एक गिरोह के सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। गोपीगंज पुलिस ने 20 मई 2026 को आरोपी अजय कुमार को उसके घर से पकड़ा।
पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। आरोपी अजय कुमार, राजू सेठ के नेतृत्व वाले 21 सदस्यीय गिरोह का हिस्सा है। इस गिरोह पर नकली आभूषणों को असली बताकर बैंकों को जानबूझकर आर्थिक क्षति पहुंचाने, कूट रचना और धोखाधड़ी करने का आरोप है। इस संबंध में गोपीगंज थाने में धारा 3(1) गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 के तहत मुकदमा संख्या 176/2026 पंजीकृत किया गया था। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अजय कुमार पुत्र कमलेश कुमार (42 वर्ष), निवासी मकान संख्या 210, नारेपार ऊपरवार, थाना कोईरौना, जनपद भदोही के रूप में हुई है। उसके खिलाफ पहले भी गोपीगंज थाने में मुकदमा संख्या 150/25, धारा 419, 420, 120बी, 409, 467, 468, 471 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार चौहान, कांस्टेबल शिवम सिंह, रिजर्व कांस्टेबल रामजीवन और चालक हेड कांस्टेबल जयनारायण सिंह यादव शामिल थे।
गोपीगंज पुलिस ने एक गैंगस्टर अभियुक्त को किया गिरफ्तार: बैंक को नकली आभूषण से धोखाधड़ी कर नुकसान पहुंचाने का आरोप

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने बैंक को नकली आभूषणों के माध्यम से धोखाधड़ी कर आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाले एक गिरोह के सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। गोपीगंज पुलिस ने 20 मई 2026 को आरोपी अजय कुमार को उसके घर से पकड़ा।
पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। आरोपी अजय कुमार, राजू सेठ के नेतृत्व वाले 21 सदस्यीय गिरोह का हिस्सा है। इस गिरोह पर नकली आभूषणों को असली बताकर बैंकों को जानबूझकर आर्थिक क्षति पहुंचाने, कूट रचना और धोखाधड़ी करने का आरोप है। इस संबंध में गोपीगंज थाने में धारा 3(1) गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 के तहत मुकदमा संख्या 176/2026 पंजीकृत किया गया था। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अजय कुमार पुत्र कमलेश कुमार (42 वर्ष), निवासी मकान संख्या 210, नारेपार ऊपरवार, थाना कोईरौना, जनपद भदोही के रूप में हुई है। उसके खिलाफ पहले भी गोपीगंज थाने में मुकदमा संख्या 150/25, धारा 419, 420, 120बी, 409, 467, 468, 471 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार चौहान, कांस्टेबल शिवम सिंह, रिजर्व कांस्टेबल रामजीवन और चालक हेड कांस्टेबल जयनारायण सिंह यादव शामिल थे।
भदोही में बोले मुकेश सहनी, आरक्षण नहीं मिला तो सरकार को उखाड़ फेंकेंगे, सत्ता की मलाई चाटने का आरोप लगाते हुए डॉ. संजय निषाद को दे डाला बड़ा ऑफर
नितेश श्रीवास्तव

भदोही । यूपी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज होती दिख रही है। भदोही पहुंचे वीआईपी प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने निषाद पार्टी प्रमुख डॉ. संजय निषाद और योगी-मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने समाज को आरक्षण दिलाने के लिए आंदोलन और 'संकल्प यात्रा' का ऐलान करते हुए कहा कि अगर समाज को उसका हक नहीं मिला तो मौजूदा सरकार को वोट नहीं दिया जाएगा। साथ ही राहुल गांधी और अखिलेश यादव से बातचीत कर इंडिया गठबंधन के साथ आगे बढ़ने के संकेत भी दिए।


भदोही के ज्ञानपुर नगर स्थित एक हॉल में आयोजित बैठक में विकासशील इंसान पार्टी प्रमुख मुकेश सहनी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए समाज से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बिंद, केवट, मल्लाह और निषाद समाज को लंबे समय से सिर्फ सपने दिखाए गए, लेकिन उनका हक नहीं मिला।

पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने निषाद पार्टी प्रमुख और यूपी सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद पर निशाना साधते हुए कहा कि वह केवल सत्ता की मलाई चाट रहे हैं और उनका उद्देश्य सिर्फ अपने परिवार को सेट करना और सत्ता में बने रहना है। उन्होंने आरोप लगाया कि डबल इंजन सरकार में कैबिनेट मंत्री रहते हुए भी समाज का कोई भला नहीं हुआ और आरक्षण का मुद्दा पूरी तरह भुला दिया गया।

उन्होंने कहा कि समाज को आरक्षण और हक-अधिकार दिलाने के लिए अब बड़ा आंदोलन किया जाएगा। मुकेश सहनी ने 25 जुलाई से यूपी में 'संकल्प यात्रा' निकालने का ऐलान करते हुए कहा कि समाज के नौजवान, बुजुर्ग, माताएं और बहनें हाथ में गंगाजल लेकर संकल्प लेंगी।


सहनी ने कहा कि अगर डॉ. संजय निषाद सच में समाज के हितैषी हैं तो वह योगी-मोदी सरकार से बात करके छह महीने के भीतर समाज को आरक्षण दिलाएं। अगर ऐसा नहीं होता है तो उन्हें सत्ता को लात मारकर बाहर आ जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि छह माह में संजय निषाद समाज को आरक्षण दिला देते हैं तो आगामी चुनाव में वह उनका पूरा समर्थन करेंगे, लेकिन यदि वह असफल रहते हैं तो समाज सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेगा।

मुकेश सहनी ने कहा कि अगर डॉ. संजय निषाद सरकार छोड़कर समाज के हक की लड़ाई में साथ आते हैं, तो साथ में राहुल गांधी और अखिलेश यादव से बातचीत कर इंडिया गठबंधन में उनका स्वागत कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि समाज अब जागरूक हो चुका है और अगर उसे उसका हक नहीं मिला तो लोग किसी लोडर नहीं, बल्कि अपने लीडर के साथ खड़े होंगे।

हमला जारी रखते हुए सहनी ने कहा कि खुद मंत्री रहते हुए संजय निषाद रोते हैं कि समाज की बहू-बेटियों के साथ दुराचार हो रहा है, वोट चोरी हो रहे हैं और झूठे मुकदमे लगाए जा रहे हैं।

जब सरकार में रहते हुए भी यह हाल है, तो ऐसी सरकार से बाहर निकल जाना चाहिए।

मुकेश सहनी ने जातिगत जनगणना की मांग दोहराते हुए कहा कि जिसकी जितनी संख्या है, उसे उतनी हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि एनडीए में बिहार सरकार में मंत्री रहते हुए उन्होंने यूपी में 55 सीटों पर चुनाव लड़ाया था, लेकिन बाद में भाजपा ने उनके विधायक अपने साथ ले लिए और उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया।

उन्होंने कहा कि वह लगातार अपने समाज के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं और आने वाले समय में यह आंदोलन और बड़ा होगा। फिलहाल, उन्होंने कहा कि वह छह महीने तक डॉ. संजय निषाद का इंतजार करेंगे, उसके बाद यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी पार्टी का अंतिम फैसला लेंगे