दिल्ली का भूजल ‘जहरीला’, 55% नमूने फेल: CAG रिपोर्ट में गंभीर खुलासा
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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में पीने के पानी की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिल्ली का लगभग आधा भूजल पीने योग्य नहीं है। यह रिपोर्ट 7 जनवरी को दिल्ली विधानसभा में पेश की गई। CAG की रिपोर्ट के अनुसार, 2017 से 2022 के बीच लिए गए 16,234 भूजल नमूनों में से 8,933 नमूने, यानी करीब 55 प्रतिशत, निर्धारित मानकों पर फेल पाए गए। कुछ वर्षों में यह आंकड़ा बढ़कर 63 प्रतिशत तक पहुँच गया। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि असुरक्षित भूजल की आपूर्ति सीधे तौर पर जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। ऑडिट में यह भी सामने आया कि दिल्ली में प्रतिदिन 80 से 90 मिलियन गैलन कच्चा और बिना शोधित पानी बोरवेल और रैनी वेल के माध्यम से सीधे जलाशयों और उपभोक्ताओं तक पहुँचाया जा रहा है। दिल्ली जल बोर्ड की प्रयोगशालाएँ संसाधनों और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी के कारण केवल 12 मापदंडों पर ही पानी की जांच कर पा रही हैं, जबकि भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अनुसार पानी की गुणवत्ता की जांच 43 मापदंडों पर किया जाना अनिवार्य है। रिपोर्ट में यह भी उजागर हुआ है कि पानी में मौजूद घातक रसायनों जैसे आर्सेनिक, सीसा, रेडियोधर्मी तत्व और अन्य जहरीले जैविक मापदंडों की जांच नहीं की जा रही है। इसके अलावा, निजी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांटों में अब भी प्रतिबंधित और कैंसरजनक ‘पॉलीइलेक्ट्रोलाइट्स’ का इस्तेमाल जारी है। जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया ने इस रिपोर्ट को गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बताते हुए सरकार से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। संस्था ने कच्चे पानी की आपूर्ति पर रोक लगाने, पानी की गुणवत्ता को 100 प्रतिशत BIS मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने, प्रयोगशालाओं में योग्य स्टाफ और आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराने तथा पानी की गुणवत्ता से संबंधित सभी आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की है।
देहरादून में जर्जर स्कूल बने ‘यमराज’: 100 स्कूलों की रिपोर्ट में 79 भवन निष्प्रोज्य, ध्वस्तीकरण के आदेश

* मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर डीएम सविन बंसल की सख्ती, बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला

देहरादून। देहरादून जिले में स्कूली बच्चों की जान के लिए खतरा बन चुकी जर्जर स्कूल इमारतों पर जिला प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल ने एक साथ 79 जर्जर स्कूल भवनों को ध्वस्त करने के आदेश जारी किए हैं। इन इमारतों में लंबे समय से शिक्षण कार्य संचालित हो रहा था, जिससे नौनिहालों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था।

डीएम की सख्ती के चलते महज 10 दिनों के भीतर जिले के 100 स्कूलों से संबंधित जर्जर भवनों की विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी गई। रिपोर्ट में देरी को लेकर जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को कड़ा संदेश दिया था, जिसके बाद तकनीकी आकलन और विद्यालयवार सूची के साथ रिपोर्ट तैयार की गई।

रिपोर्ट के अनुसार, देहरादून जनपद में कुल 79 विद्यालय भवन पूरी तरह निष्प्रोज्य पाए गए हैं। इनमें 13 माध्यमिक और 66 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। इनमें से 63 विद्यालयों में बच्चों के पठन-पाठन की वैकल्पिक व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित कर दी गई है, जबकि 16 विद्यालयों में अभी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो सकी है। इन विद्यालयों के लिए तत्काल सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा 17 विद्यालयों को आंशिक रूप से निष्प्रोज्य घोषित किया गया है, जहां भवन का कुछ हिस्सा असुरक्षित है। वहीं 8 विद्यालय ऐसे पाए गए हैं, जिन भवनों को फिलहाल सुरक्षित मानते हुए ध्वस्तीकरण की आवश्यकता नहीं बताई गई है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग को निष्प्रोज्य और आंशिक निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण और मरम्मत के लिए विस्तृत एस्टिमेट तैयार करने को कहा गया है। इस कार्य के लिए एक करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, ताकि सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी तरह निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों में तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। जहां वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था अभी नहीं है, वहां पहले बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा, उसके बाद भवन गिराए जाएंगे। आंशिक रूप से निष्प्रोज्य भवनों में मरम्मत, प्रतिबंध और आवश्यक एहतियाती उपाय लागू किए जाएंगे।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने दो टूक कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी परिस्थिति में जोखिमपूर्ण भवनों में शिक्षण कार्य संचालित नहीं होने दिया जाएगा। प्रशासन इस अभियान को समयबद्ध, पारदर्शी और पूरी जवाबदेही के साथ पूरा करेगा।
रांची में जमीन विवाद को लेकर खूनी संघर्ष: पिस्का मोड़ पर ताबड़तोड़ फायरिंग, जमीन कारोबारी समेत 3 को लगी गोली।

रांची: जिले में शनिवार की देर रात जमीन विवाद को लेकर ताबड़तोड़ फायरिंग हुई. इस फायरिंग में तीन लोगों को गोली लगी है. सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.

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क्या है पूरा मामला

रांची के पिस्का मोड़ तेलमिल गली में शनिवार की रात दो गुटों में ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना हुई. गोलीबारी की घटना में तीन लोग घायल हो गए. घायलों में एक जमीन कारोबारी विकास सिंह, उसके भाई आकाश सिंह उर्फ मोगली के अलावा दूसरे गुट के रवि नमक युवक शामिल हैं.

घायल विकास सिंह को छाती और हाथ में कुल तीन गोली लगी है. जबकि उसके भाई को हाथ में गोली लगी है. घायलों को आनन- फानन में सदर अस्पताल ले जाया गया. जहां प्रारंभिक इलाज के बाद निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया है. चिकित्सकों के अनुसार दोनों घायल खतरे से बाहर हैं.

कई थानों की पुलिस हुई रेस

घटना की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय, सुखदेव नगर थाना प्रभारी और पंडरा ओपी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस को घटनास्थल से कुछ खोखा भी मिला है. पुलिस की प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद और पैसे के लेनदेन को लेकर अपराधियों ने घटना को अंजाम देने की बात सामने आई है. पुलिस मामले में अपराधी संजय पांडेय समेत कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है.

बातचीत के लिए बुलाया और मार दी गोली

बताया जा रहा है कि जमीन कारोबारी विकास सिंह और उसके भाई आकाश और मोगली को शनिवार की शाम बातचीत करने के लिए संजय पांडे नामक अपराधी ने पिस्का मोड़ तेल गली में बुलाया था. दोनों भाई रात करीब 9.45 बजे तेल मिल गली पहुंचे. जहां पर पहले से अपराधी संजय पांडे अपने गुर्गो के साथ मौजूद था

बातचीत के दौरान संजय पांडे और उसके गुर्गो ने जमीन कारोबारी विकास पर गोली चलाना शुरू कर दिया. बताया जा रहा है कि अपराधियों ने विकास पर 5 से 6 राउंड फायरिंग की, जिसमें विकास को तीन और उसके भाई को एक गोली लगी. घटना के बाद संजय पांडे अपने गुर्गो के साथ मौके से फरार हो गया.

55 लाख रुपए के लेनदेन में हुई घटना

बताया जा रहा है कि सुकुरहुटू में एक चार एकड़ की जमीन है. जिस पर संजय पांडे और विकास काम कर रहे थे. काम में

विकास का संजय पांडे पर करीब 55 लाख रुपए बकाया हो गया. विकास लगातार संजय पांडे पर पैसा वापस करने का दबाव दे रहा था. इस बात को लेकर दोनों के बीच कुछ दिनों से विवाद चल रहा था.

पुलिस को आशंका है कि अपराधियों ने इसी की वजह से विकास की हत्या की नीयत से उस पर गोली चलाई है. रांची के कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय ने बताया कि गोलीबारी मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया गया है. घटना के पीछे जमीन विवाद है या फिर कुछ और इसकी जांच की जा रही है.

*मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़,सीताकुंड घाट पर पहुंचे लाखों भक्त लगाई आस्था की डुबकी*
मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुल्तानपुर शहर के ऐतिहासिक सीता कुंड धाम स्थित गोमती नदी घाट पर भी बड़ी संख्या में भक्त स्नान के लिए पहुंचे। इस अवसर पर गोमती मित्र मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता मदन सिंह ने घाट पर की गई व्यवस्थाओं और पर्व के महत्व पर जानकारी दी। गोमती मित्र मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता मदन सिंह ने बताया कि इस वर्ष सीता कुंड घाट पर एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। पिछले वर्षों में भी यह संख्या एक लाख से अधिक रही है। मंडल द्वारा घाट पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है और ठंड से बचाव के लिए अलाव की व्यवस्था भी की गई है। वृद्ध और असहाय श्रद्धालुओं की सहायता के लिए संस्था के स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की टीमें भी सुरक्षा और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने में सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं। मदन सिंह ने इस पर्व को आस्था का महापर्व बताया। उन्होंने कहा, "मान्यता है कि पवित्र नदियों में स्नान करने से अनजाने में हुए पाप पुण्य में बदल जाते हैं।" उन्होंने सभी जनपदवासियों से इस आस्था और विश्वास के साथ सनातन परंपरा का पालन करने की अपील की,ताकि बेहतर जीवन जीने की प्रेरणा मिल सके।
दावोस में गूंजेगा 'जोहार': झारखंड के पर्यटन में निवेश के लिए दुनिया को आमंत्रण, प्रकृति और आध्यात्म का वैश्विक हब बनेगा राज्य।

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट स्थान बनाने की ओर अग्रसर है। विश्व आर्थिक मंच (WEF) के मंच से झारखंड दुनिया को एक ऐसी यात्रा का निमंत्रण देगा, जो प्रकृति, संस्कृति, आध्यात्म और रोमांच का अद्भुत संगम है। राज्य सरकार का लक्ष्य निवेश के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र में रोजगार और विकास के नए अवसरों को सृजित करना है।

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विविध भौगोलिक पहचान और आकर्षण

छोटा नागपुर पठार की गोद में बसे झारखंड की भौगोलिक बनावट इसे एक बेजोड़ पर्यटन स्थल बनाती है।

झरनों का शहर: हुंडरू, दशम, जोन्हा और लोध जैसे भव्य जलप्रपात पर्यटकों को मंत्रमुग्ध करते हैं।

पहाड़ों की रानी: नेतरहाट की पहाड़ियाँ और सनसेट व्यू वैश्विक स्तर पर सराहे जा रहे हैं।

विशिष्ट धरोहर: 'मैक्लुस्कीगंज' जैसे गांव अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विशिष्टता के लिए जाने जाते हैं।

आदिवासी विरासत और कला का जीवंत अनुभव

झारखंड का पर्यटन इसकी आदिवासी संस्कृति में रचा-बसा है। सरहुल, करम और सोहराय जैसे त्योहारों के साथ-साथ डोकरा आर्ट, पैतकर पेंटिंग और छऊ नृत्य जैसे कला रूप पर्यटकों को एक गहरा अनुभव प्रदान करते हैं। इसके साथ ही देवघर का बैद्यनाथ धाम और मलूटी के मंदिर समूह राज्य के आध्यात्मिक महत्व को दर्शाते हैं।

एडवेंचर और वाइल्डलाइफ टूरिज्म में संभावनाएं

साहसिक खेलों के शौकीनों के लिए झारखंड अब पैराग्लाइडिंग, रॉक क्लाइम्बिंग और वॉटरफॉल रैपलिंग जैसे अवसर प्रदान कर रहा है। पलामू टाइगर रिजर्व और दलमा हाथी अभयारण्य जैसे वन्यजीव केंद्र इसे वन्यजीव प्रेमियों की पहली पसंद बना रहे हैं।

दावोस में 'जोहार' का संदेश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विश्व आर्थिक मंच में बताएंगे कि कैसे झारखंड का पर्यटन मॉडल "सहअस्तित्व और निरंतरता" पर आधारित है। राज्य सरकार निजी निवेशकों को ईको-टूरिज्म, वेलनेस सेंटर और एडवेंचर पार्क विकसित करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, ताकि स्थानीय समुदायों की आजीविका को भी मजबूती मिले।

रेलवे कार्यक्रम में बेइज्जती से आगबबूला सपा सांसद, बोले– अफसर काम नहीं करेंगे तो जूते पड़ेंगे, केस से नहीं डरता

बलिया।बलिया लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडेय रेलवे के एक कार्यक्रम में खुद को दरकिनार किए जाने से इस कदर भड़क गए कि उन्होंने खुले मंच से अफसरों को चेतावनी दे डाली। फेफना क्षेत्र में हुए रेलवे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि न बनाए जाने पर सांसद ने तीखा हमला बोलते हुए कहा— “अधिकारी अगर काम नहीं करेंगे तो जूते नहीं खाएंगे क्या? मुझ पर जितने मुकदमे करने हों कर लो, झेलने के लिए तैयार हूं।”
दरअसल, फेफना रेलवे स्टेशन पर दो ट्रेनों के ठहराव को लेकर शुक्रवार को एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के आयुष मंत्री और बलिया के प्रभारी मंत्री दयाशंकर दयालु को मुख्य अतिथि बनाया गया था। हालांकि वह अपरिहार्य कारणों से कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। इसके बाद भाजपा के राज्यसभा सांसद नीरज शेखर को मुख्य अतिथि के रूप में मंच पर बैठाया गया।
यहीं से सियासी तूफान खड़ा हो गया। कार्यक्रम में स्थानीय सांसद सनातन पांडेय को न बुलाए जाने से सपा सांसद बुरी तरह नाराज हो गए। अगले ही दिन फेफना क्षेत्र के बघेजी गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने सरकार, अफसरशाही और प्रोटोकॉल व्यवस्था पर जमकर हमला बोला।
सनातन पांडेय ने कहा कि देश में यह परंपरा रही है कि केंद्र सरकार की किसी भी परियोजना का मुख्य अतिथि वहां का सांसद होता है, चाहे वह सत्ता पक्ष से हो या विपक्ष से। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने जानबूझकर सांसद की अनदेखी कर लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार कर दिया।
भावुक और आक्रोशित अंदाज में सांसद ने कहा—
“मैं बूढ़ा जरूर हो गया हूं, लेकिन मेरे आत्मसम्मान की उम्र आज भी जवान है। मन करता था कि उस कार्यक्रम में जाकर कुर्सी उठाकर फेंक दूं।”
उन्होंने यह भी कहा कि अब लोग उन्हें झगड़ालू प्रवृत्ति का कहने लगे हैं, लेकिन वह इसे जनता के सम्मान की लड़ाई मानते हैं। सांसद के इस बयान के बाद बलिया की राजनीति में भूचाल आ गया है।
रेलवे कार्यक्रम को लेकर उठे इस विवाद ने न सिर्फ प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव को भी और तेज कर दिया है।
अब सवाल यही है—क्या सांसद की अनदेखी सियासी भूल थी या जानबूझकर किया गया अपमान?
नाबालिग को बंधक बनाकर छेड़खानी के आरोप में 65 वर्षीय बुजुर्ग पर मुकदमा दर्ज
अश्लील फोटो खींचने का किया प्रयास

गोंडा।जिले के तरबगंज थाना क्षेत्र में एक 12 वर्षीय नाबालिग के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है।आरोप है कि गांव के ही राजेन्द्र पांडेय (65) ने बालिका को बंधक बनाकर इस घटना को अंजाम दिया।पीड़िता ने बताया कि आरोपी राजेन्द्र पांडेय ने उसे अपने कमरे में बंधक बनाया और उसके अश्लील फोटो खींचने का प्रयास किया तो किसी तरह बालिका वहाँ से चिल्लाते हुए भागी और अपने घर पहुंच कर परिजनों को सारी घटना बताई।परिजनों ने जब राजेन्द्र पांडेय के घर जाकर शिकायत किया तो उन्हें गाली गलौज देते हुए भगा दिया गया।इसके बाद नाबालिग की मां ने तरबगंज थाने में तहरीर दिया।पीड़िता की मां ने तहरीर में बताया कि उनकी बेटी कल देर शाम 7 बजे दावत खाने जा रही थी कि तभी राजेन्द्र पांडेय बहला फुसला कर अपने घर ले गया और घर के अंदर हाथ बांधकर छेड़खानी किया तथा उसके कपड़े उतारकर अश्लील फोटो खींचने का प्रयास किया।हालांकि बालिका वहाँ से किसी तरह चिल्लाते हुए भाग निकली और घर पहुंचकर अपनी माँ को पूरी बात बताई।पीड़िता की शिकायत पर तरबगंज थाने की पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर 12 वर्षीय नाबालिग बालिका का जिला महिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसे जिला मुख्यालय स्थित वन स्टाफ सेंटर में रखा गया है।पुलिस बालिका का 164 का बयान दर्ज कराने में जुटी हुई है।प्रभारी निरीक्षक कमलाकांत त्रिपाठी ने बताया कि महिला की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर लिया गया है।
आजमगढ़: शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने किया गिरफतार, जाने कहां का है मामला
आजमगढ़। जिले के तहबरपुुुुर पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाला वांछित अभियुक्त को किशुनदास पुर अंडर पास के पास से गिरफ़्तार चालान कर दिया। तहबरपुुुुर पुलिस ने 16 जनवरी को पीड़िता के प्रार्थना पत्र के आधार पर एक अभियुक्त द्वारा शादी का झांसा देकर पीड़िता के साथ लंबे समय तक शारीरिक संबंध स्थापित करने तथा बाद में शादी से इनकार करने व शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा पंजीकृत किया था। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक लोकेश मणि त्रिपाठी कर रहे थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में मुकदमे में नामित अभियुक्त को किशुनदासपुर अंडरपास के पास से तौफीक पुत्र असरफ को गिरफ्तार कर चालान कर दिया।
मज़दूर भाई समस्या को लेकर यूनियन कार्यालय में मिल सकते हैं: अध्यक्ष

विंध्याचल मंडल। मिर्जापुर असंगठित कामगार यूनियन (माकू) अध्यक्ष राजेश कुमार दुबे एडवोकेट ने मीडिया/ सोशल मीडिया के माध्यम से श्रमिकों तक संदेश पहुंचाते हुए कहा कि,  "मज़दूर भाइयों आप सभी मजदूरी तथा योजनाओं से संबंधित अपनी अपनी समस्या को यूनियन कार्यालय में पहुंचकर या यूनियन नंबर 9140565658  पर संपर्क कर समस्याओं से संबंधित जानकारी एवं सलाह ले सकते हैं साथ ही योजनाएं एवं मजदूरी से संबंधित समस्याओं को साझा कर सकते हैं।जिसपर यूनियन आवश्यक कार्रवाई अपनाकर आपकी समस्याओं के निस्तारण का प्रयास करेगी।"

यूनियन अध्यक्ष ने कहा कि अटल आवासीय विद्यालय में निर्माण श्रमिकों के पुत्र पुत्रियों हेतु निःशुल्क कक्षा 6 और 9 के प्रवेश हेतु श्रम विभाग कार्यालयों में ऑफलाइन आवेदन स्वीकार किए जा रहें हैं जो नियमानुसार पात्र श्रमिक हो जिनके बच्चे वर्तमान में 5 व 8 में अध्यनरत हो उनके आगे की पढ़ाई के लिए योजना का लाभ उठाए। अंत में कहा कि योगी सरकार श्रमिकों के हितार्थ अनेक योजनाएं चला रही है आप स्थानीय श्रम कार्यालय से जानकारी प्राप्त कर योजना का लाभ उठाए।
एसपी देहात ने किया जानसठ थाने का औचक निरीक्षण, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण हेतु दिए कड़े निर्देश

जानसठ मुजफ्फरनगर । जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और थानों की कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस अधीक्षक ग्रामीण  आदित्य बंसल ने थाना जानसठ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस रिकॉर्ड्स के रखरखाव से लेकर महिला सुरक्षा तक के बिंदुओं पर बारीकी से जांच की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान एसपी देहात सबसे पहले थाना कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने महत्वपूर्ण अभिलेखों (रजिस्टरों) के रखरखाव की जांच की। उन्होंने कंप्यूटर कक्ष में जाकर डिजिटल डेटा की फीडिंग को देखा और तकनीकी कार्यों की समीक्षा की। विशेष रूप से महिला हेल्प डेस्क और साइबर हेल्प डेस्क पर पहुँचकर उन्होंने वहां आने वाली शिकायतों के निस्तारण की स्थिति जानी। उन्होंने निर्देश दिया कि पीड़ित महिलाओं और साइबर ठगी के शिकार लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उन पर तत्काल कार्रवाई  की जाए।

इसके पश्चात एसपी देहात ने थाना परिसर में विवेचकों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने विवेचनाओं में हो रही देरी पर असंतोष व्यक्त करते हुए सख्त लहजे में कहा कि लंबित विवेचनाओं का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और निष्पक्ष तरीके से जल्द से जल्द किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अपराधियों की धरपकड़ और सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए।  लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ अभियान चलाकर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए। महिला सुरक्षा को लेकर महिला संबंधी अपराधों और प्रार्थना पत्रों पर प्राथमिकता के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जाए। तथा थाने आने वाले हर फरियादी के साथ शालीन व्यवहार हो और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।

निरीक्षण के दौरान डीएसपी  रुपाली रॉय, थाना प्रभारी विनोद कुमार सहित थाने के समस्त उपनिरीक्षक और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। एसपी देहात के इस औचक निरीक्षण से थाना पुलिस में हड़कंप की स्थिति रही ।
दिल्ली का भूजल ‘जहरीला’, 55% नमूने फेल: CAG रिपोर्ट में गंभीर खुलासा
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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में पीने के पानी की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिल्ली का लगभग आधा भूजल पीने योग्य नहीं है। यह रिपोर्ट 7 जनवरी को दिल्ली विधानसभा में पेश की गई। CAG की रिपोर्ट के अनुसार, 2017 से 2022 के बीच लिए गए 16,234 भूजल नमूनों में से 8,933 नमूने, यानी करीब 55 प्रतिशत, निर्धारित मानकों पर फेल पाए गए। कुछ वर्षों में यह आंकड़ा बढ़कर 63 प्रतिशत तक पहुँच गया। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि असुरक्षित भूजल की आपूर्ति सीधे तौर पर जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। ऑडिट में यह भी सामने आया कि दिल्ली में प्रतिदिन 80 से 90 मिलियन गैलन कच्चा और बिना शोधित पानी बोरवेल और रैनी वेल के माध्यम से सीधे जलाशयों और उपभोक्ताओं तक पहुँचाया जा रहा है। दिल्ली जल बोर्ड की प्रयोगशालाएँ संसाधनों और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी के कारण केवल 12 मापदंडों पर ही पानी की जांच कर पा रही हैं, जबकि भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अनुसार पानी की गुणवत्ता की जांच 43 मापदंडों पर किया जाना अनिवार्य है। रिपोर्ट में यह भी उजागर हुआ है कि पानी में मौजूद घातक रसायनों जैसे आर्सेनिक, सीसा, रेडियोधर्मी तत्व और अन्य जहरीले जैविक मापदंडों की जांच नहीं की जा रही है। इसके अलावा, निजी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांटों में अब भी प्रतिबंधित और कैंसरजनक ‘पॉलीइलेक्ट्रोलाइट्स’ का इस्तेमाल जारी है। जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया ने इस रिपोर्ट को गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बताते हुए सरकार से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। संस्था ने कच्चे पानी की आपूर्ति पर रोक लगाने, पानी की गुणवत्ता को 100 प्रतिशत BIS मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने, प्रयोगशालाओं में योग्य स्टाफ और आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराने तथा पानी की गुणवत्ता से संबंधित सभी आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की है।
देहरादून में जर्जर स्कूल बने ‘यमराज’: 100 स्कूलों की रिपोर्ट में 79 भवन निष्प्रोज्य, ध्वस्तीकरण के आदेश

* मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर डीएम सविन बंसल की सख्ती, बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला

देहरादून। देहरादून जिले में स्कूली बच्चों की जान के लिए खतरा बन चुकी जर्जर स्कूल इमारतों पर जिला प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल ने एक साथ 79 जर्जर स्कूल भवनों को ध्वस्त करने के आदेश जारी किए हैं। इन इमारतों में लंबे समय से शिक्षण कार्य संचालित हो रहा था, जिससे नौनिहालों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था।

डीएम की सख्ती के चलते महज 10 दिनों के भीतर जिले के 100 स्कूलों से संबंधित जर्जर भवनों की विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी गई। रिपोर्ट में देरी को लेकर जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को कड़ा संदेश दिया था, जिसके बाद तकनीकी आकलन और विद्यालयवार सूची के साथ रिपोर्ट तैयार की गई।

रिपोर्ट के अनुसार, देहरादून जनपद में कुल 79 विद्यालय भवन पूरी तरह निष्प्रोज्य पाए गए हैं। इनमें 13 माध्यमिक और 66 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। इनमें से 63 विद्यालयों में बच्चों के पठन-पाठन की वैकल्पिक व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित कर दी गई है, जबकि 16 विद्यालयों में अभी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो सकी है। इन विद्यालयों के लिए तत्काल सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा 17 विद्यालयों को आंशिक रूप से निष्प्रोज्य घोषित किया गया है, जहां भवन का कुछ हिस्सा असुरक्षित है। वहीं 8 विद्यालय ऐसे पाए गए हैं, जिन भवनों को फिलहाल सुरक्षित मानते हुए ध्वस्तीकरण की आवश्यकता नहीं बताई गई है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग को निष्प्रोज्य और आंशिक निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण और मरम्मत के लिए विस्तृत एस्टिमेट तैयार करने को कहा गया है। इस कार्य के लिए एक करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, ताकि सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी तरह निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों में तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। जहां वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था अभी नहीं है, वहां पहले बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा, उसके बाद भवन गिराए जाएंगे। आंशिक रूप से निष्प्रोज्य भवनों में मरम्मत, प्रतिबंध और आवश्यक एहतियाती उपाय लागू किए जाएंगे।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने दो टूक कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी परिस्थिति में जोखिमपूर्ण भवनों में शिक्षण कार्य संचालित नहीं होने दिया जाएगा। प्रशासन इस अभियान को समयबद्ध, पारदर्शी और पूरी जवाबदेही के साथ पूरा करेगा।
रांची में जमीन विवाद को लेकर खूनी संघर्ष: पिस्का मोड़ पर ताबड़तोड़ फायरिंग, जमीन कारोबारी समेत 3 को लगी गोली।

रांची: जिले में शनिवार की देर रात जमीन विवाद को लेकर ताबड़तोड़ फायरिंग हुई. इस फायरिंग में तीन लोगों को गोली लगी है. सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.

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क्या है पूरा मामला

रांची के पिस्का मोड़ तेलमिल गली में शनिवार की रात दो गुटों में ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना हुई. गोलीबारी की घटना में तीन लोग घायल हो गए. घायलों में एक जमीन कारोबारी विकास सिंह, उसके भाई आकाश सिंह उर्फ मोगली के अलावा दूसरे गुट के रवि नमक युवक शामिल हैं.

घायल विकास सिंह को छाती और हाथ में कुल तीन गोली लगी है. जबकि उसके भाई को हाथ में गोली लगी है. घायलों को आनन- फानन में सदर अस्पताल ले जाया गया. जहां प्रारंभिक इलाज के बाद निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया है. चिकित्सकों के अनुसार दोनों घायल खतरे से बाहर हैं.

कई थानों की पुलिस हुई रेस

घटना की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय, सुखदेव नगर थाना प्रभारी और पंडरा ओपी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस को घटनास्थल से कुछ खोखा भी मिला है. पुलिस की प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद और पैसे के लेनदेन को लेकर अपराधियों ने घटना को अंजाम देने की बात सामने आई है. पुलिस मामले में अपराधी संजय पांडेय समेत कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है.

बातचीत के लिए बुलाया और मार दी गोली

बताया जा रहा है कि जमीन कारोबारी विकास सिंह और उसके भाई आकाश और मोगली को शनिवार की शाम बातचीत करने के लिए संजय पांडे नामक अपराधी ने पिस्का मोड़ तेल गली में बुलाया था. दोनों भाई रात करीब 9.45 बजे तेल मिल गली पहुंचे. जहां पर पहले से अपराधी संजय पांडे अपने गुर्गो के साथ मौजूद था

बातचीत के दौरान संजय पांडे और उसके गुर्गो ने जमीन कारोबारी विकास पर गोली चलाना शुरू कर दिया. बताया जा रहा है कि अपराधियों ने विकास पर 5 से 6 राउंड फायरिंग की, जिसमें विकास को तीन और उसके भाई को एक गोली लगी. घटना के बाद संजय पांडे अपने गुर्गो के साथ मौके से फरार हो गया.

55 लाख रुपए के लेनदेन में हुई घटना

बताया जा रहा है कि सुकुरहुटू में एक चार एकड़ की जमीन है. जिस पर संजय पांडे और विकास काम कर रहे थे. काम में

विकास का संजय पांडे पर करीब 55 लाख रुपए बकाया हो गया. विकास लगातार संजय पांडे पर पैसा वापस करने का दबाव दे रहा था. इस बात को लेकर दोनों के बीच कुछ दिनों से विवाद चल रहा था.

पुलिस को आशंका है कि अपराधियों ने इसी की वजह से विकास की हत्या की नीयत से उस पर गोली चलाई है. रांची के कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय ने बताया कि गोलीबारी मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया गया है. घटना के पीछे जमीन विवाद है या फिर कुछ और इसकी जांच की जा रही है.

*मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़,सीताकुंड घाट पर पहुंचे लाखों भक्त लगाई आस्था की डुबकी*
मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुल्तानपुर शहर के ऐतिहासिक सीता कुंड धाम स्थित गोमती नदी घाट पर भी बड़ी संख्या में भक्त स्नान के लिए पहुंचे। इस अवसर पर गोमती मित्र मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता मदन सिंह ने घाट पर की गई व्यवस्थाओं और पर्व के महत्व पर जानकारी दी। गोमती मित्र मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता मदन सिंह ने बताया कि इस वर्ष सीता कुंड घाट पर एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। पिछले वर्षों में भी यह संख्या एक लाख से अधिक रही है। मंडल द्वारा घाट पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है और ठंड से बचाव के लिए अलाव की व्यवस्था भी की गई है। वृद्ध और असहाय श्रद्धालुओं की सहायता के लिए संस्था के स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की टीमें भी सुरक्षा और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने में सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं। मदन सिंह ने इस पर्व को आस्था का महापर्व बताया। उन्होंने कहा, "मान्यता है कि पवित्र नदियों में स्नान करने से अनजाने में हुए पाप पुण्य में बदल जाते हैं।" उन्होंने सभी जनपदवासियों से इस आस्था और विश्वास के साथ सनातन परंपरा का पालन करने की अपील की,ताकि बेहतर जीवन जीने की प्रेरणा मिल सके।
दावोस में गूंजेगा 'जोहार': झारखंड के पर्यटन में निवेश के लिए दुनिया को आमंत्रण, प्रकृति और आध्यात्म का वैश्विक हब बनेगा राज्य।

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट स्थान बनाने की ओर अग्रसर है। विश्व आर्थिक मंच (WEF) के मंच से झारखंड दुनिया को एक ऐसी यात्रा का निमंत्रण देगा, जो प्रकृति, संस्कृति, आध्यात्म और रोमांच का अद्भुत संगम है। राज्य सरकार का लक्ष्य निवेश के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र में रोजगार और विकास के नए अवसरों को सृजित करना है।

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विविध भौगोलिक पहचान और आकर्षण

छोटा नागपुर पठार की गोद में बसे झारखंड की भौगोलिक बनावट इसे एक बेजोड़ पर्यटन स्थल बनाती है।

झरनों का शहर: हुंडरू, दशम, जोन्हा और लोध जैसे भव्य जलप्रपात पर्यटकों को मंत्रमुग्ध करते हैं।

पहाड़ों की रानी: नेतरहाट की पहाड़ियाँ और सनसेट व्यू वैश्विक स्तर पर सराहे जा रहे हैं।

विशिष्ट धरोहर: 'मैक्लुस्कीगंज' जैसे गांव अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विशिष्टता के लिए जाने जाते हैं।

आदिवासी विरासत और कला का जीवंत अनुभव

झारखंड का पर्यटन इसकी आदिवासी संस्कृति में रचा-बसा है। सरहुल, करम और सोहराय जैसे त्योहारों के साथ-साथ डोकरा आर्ट, पैतकर पेंटिंग और छऊ नृत्य जैसे कला रूप पर्यटकों को एक गहरा अनुभव प्रदान करते हैं। इसके साथ ही देवघर का बैद्यनाथ धाम और मलूटी के मंदिर समूह राज्य के आध्यात्मिक महत्व को दर्शाते हैं।

एडवेंचर और वाइल्डलाइफ टूरिज्म में संभावनाएं

साहसिक खेलों के शौकीनों के लिए झारखंड अब पैराग्लाइडिंग, रॉक क्लाइम्बिंग और वॉटरफॉल रैपलिंग जैसे अवसर प्रदान कर रहा है। पलामू टाइगर रिजर्व और दलमा हाथी अभयारण्य जैसे वन्यजीव केंद्र इसे वन्यजीव प्रेमियों की पहली पसंद बना रहे हैं।

दावोस में 'जोहार' का संदेश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विश्व आर्थिक मंच में बताएंगे कि कैसे झारखंड का पर्यटन मॉडल "सहअस्तित्व और निरंतरता" पर आधारित है। राज्य सरकार निजी निवेशकों को ईको-टूरिज्म, वेलनेस सेंटर और एडवेंचर पार्क विकसित करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, ताकि स्थानीय समुदायों की आजीविका को भी मजबूती मिले।

रेलवे कार्यक्रम में बेइज्जती से आगबबूला सपा सांसद, बोले– अफसर काम नहीं करेंगे तो जूते पड़ेंगे, केस से नहीं डरता

बलिया।बलिया लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडेय रेलवे के एक कार्यक्रम में खुद को दरकिनार किए जाने से इस कदर भड़क गए कि उन्होंने खुले मंच से अफसरों को चेतावनी दे डाली। फेफना क्षेत्र में हुए रेलवे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि न बनाए जाने पर सांसद ने तीखा हमला बोलते हुए कहा— “अधिकारी अगर काम नहीं करेंगे तो जूते नहीं खाएंगे क्या? मुझ पर जितने मुकदमे करने हों कर लो, झेलने के लिए तैयार हूं।”
दरअसल, फेफना रेलवे स्टेशन पर दो ट्रेनों के ठहराव को लेकर शुक्रवार को एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के आयुष मंत्री और बलिया के प्रभारी मंत्री दयाशंकर दयालु को मुख्य अतिथि बनाया गया था। हालांकि वह अपरिहार्य कारणों से कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। इसके बाद भाजपा के राज्यसभा सांसद नीरज शेखर को मुख्य अतिथि के रूप में मंच पर बैठाया गया।
यहीं से सियासी तूफान खड़ा हो गया। कार्यक्रम में स्थानीय सांसद सनातन पांडेय को न बुलाए जाने से सपा सांसद बुरी तरह नाराज हो गए। अगले ही दिन फेफना क्षेत्र के बघेजी गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने सरकार, अफसरशाही और प्रोटोकॉल व्यवस्था पर जमकर हमला बोला।
सनातन पांडेय ने कहा कि देश में यह परंपरा रही है कि केंद्र सरकार की किसी भी परियोजना का मुख्य अतिथि वहां का सांसद होता है, चाहे वह सत्ता पक्ष से हो या विपक्ष से। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने जानबूझकर सांसद की अनदेखी कर लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार कर दिया।
भावुक और आक्रोशित अंदाज में सांसद ने कहा—
“मैं बूढ़ा जरूर हो गया हूं, लेकिन मेरे आत्मसम्मान की उम्र आज भी जवान है। मन करता था कि उस कार्यक्रम में जाकर कुर्सी उठाकर फेंक दूं।”
उन्होंने यह भी कहा कि अब लोग उन्हें झगड़ालू प्रवृत्ति का कहने लगे हैं, लेकिन वह इसे जनता के सम्मान की लड़ाई मानते हैं। सांसद के इस बयान के बाद बलिया की राजनीति में भूचाल आ गया है।
रेलवे कार्यक्रम को लेकर उठे इस विवाद ने न सिर्फ प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव को भी और तेज कर दिया है।
अब सवाल यही है—क्या सांसद की अनदेखी सियासी भूल थी या जानबूझकर किया गया अपमान?
नाबालिग को बंधक बनाकर छेड़खानी के आरोप में 65 वर्षीय बुजुर्ग पर मुकदमा दर्ज
अश्लील फोटो खींचने का किया प्रयास

गोंडा।जिले के तरबगंज थाना क्षेत्र में एक 12 वर्षीय नाबालिग के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है।आरोप है कि गांव के ही राजेन्द्र पांडेय (65) ने बालिका को बंधक बनाकर इस घटना को अंजाम दिया।पीड़िता ने बताया कि आरोपी राजेन्द्र पांडेय ने उसे अपने कमरे में बंधक बनाया और उसके अश्लील फोटो खींचने का प्रयास किया तो किसी तरह बालिका वहाँ से चिल्लाते हुए भागी और अपने घर पहुंच कर परिजनों को सारी घटना बताई।परिजनों ने जब राजेन्द्र पांडेय के घर जाकर शिकायत किया तो उन्हें गाली गलौज देते हुए भगा दिया गया।इसके बाद नाबालिग की मां ने तरबगंज थाने में तहरीर दिया।पीड़िता की मां ने तहरीर में बताया कि उनकी बेटी कल देर शाम 7 बजे दावत खाने जा रही थी कि तभी राजेन्द्र पांडेय बहला फुसला कर अपने घर ले गया और घर के अंदर हाथ बांधकर छेड़खानी किया तथा उसके कपड़े उतारकर अश्लील फोटो खींचने का प्रयास किया।हालांकि बालिका वहाँ से किसी तरह चिल्लाते हुए भाग निकली और घर पहुंचकर अपनी माँ को पूरी बात बताई।पीड़िता की शिकायत पर तरबगंज थाने की पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर 12 वर्षीय नाबालिग बालिका का जिला महिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसे जिला मुख्यालय स्थित वन स्टाफ सेंटर में रखा गया है।पुलिस बालिका का 164 का बयान दर्ज कराने में जुटी हुई है।प्रभारी निरीक्षक कमलाकांत त्रिपाठी ने बताया कि महिला की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर लिया गया है।
आजमगढ़: शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने किया गिरफतार, जाने कहां का है मामला
आजमगढ़। जिले के तहबरपुुुुर पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाला वांछित अभियुक्त को किशुनदास पुर अंडर पास के पास से गिरफ़्तार चालान कर दिया। तहबरपुुुुर पुलिस ने 16 जनवरी को पीड़िता के प्रार्थना पत्र के आधार पर एक अभियुक्त द्वारा शादी का झांसा देकर पीड़िता के साथ लंबे समय तक शारीरिक संबंध स्थापित करने तथा बाद में शादी से इनकार करने व शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा पंजीकृत किया था। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक लोकेश मणि त्रिपाठी कर रहे थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में मुकदमे में नामित अभियुक्त को किशुनदासपुर अंडरपास के पास से तौफीक पुत्र असरफ को गिरफ्तार कर चालान कर दिया।
मज़दूर भाई समस्या को लेकर यूनियन कार्यालय में मिल सकते हैं: अध्यक्ष

विंध्याचल मंडल। मिर्जापुर असंगठित कामगार यूनियन (माकू) अध्यक्ष राजेश कुमार दुबे एडवोकेट ने मीडिया/ सोशल मीडिया के माध्यम से श्रमिकों तक संदेश पहुंचाते हुए कहा कि,  "मज़दूर भाइयों आप सभी मजदूरी तथा योजनाओं से संबंधित अपनी अपनी समस्या को यूनियन कार्यालय में पहुंचकर या यूनियन नंबर 9140565658  पर संपर्क कर समस्याओं से संबंधित जानकारी एवं सलाह ले सकते हैं साथ ही योजनाएं एवं मजदूरी से संबंधित समस्याओं को साझा कर सकते हैं।जिसपर यूनियन आवश्यक कार्रवाई अपनाकर आपकी समस्याओं के निस्तारण का प्रयास करेगी।"

यूनियन अध्यक्ष ने कहा कि अटल आवासीय विद्यालय में निर्माण श्रमिकों के पुत्र पुत्रियों हेतु निःशुल्क कक्षा 6 और 9 के प्रवेश हेतु श्रम विभाग कार्यालयों में ऑफलाइन आवेदन स्वीकार किए जा रहें हैं जो नियमानुसार पात्र श्रमिक हो जिनके बच्चे वर्तमान में 5 व 8 में अध्यनरत हो उनके आगे की पढ़ाई के लिए योजना का लाभ उठाए। अंत में कहा कि योगी सरकार श्रमिकों के हितार्थ अनेक योजनाएं चला रही है आप स्थानीय श्रम कार्यालय से जानकारी प्राप्त कर योजना का लाभ उठाए।
एसपी देहात ने किया जानसठ थाने का औचक निरीक्षण, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण हेतु दिए कड़े निर्देश

जानसठ मुजफ्फरनगर । जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और थानों की कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस अधीक्षक ग्रामीण  आदित्य बंसल ने थाना जानसठ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस रिकॉर्ड्स के रखरखाव से लेकर महिला सुरक्षा तक के बिंदुओं पर बारीकी से जांच की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान एसपी देहात सबसे पहले थाना कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने महत्वपूर्ण अभिलेखों (रजिस्टरों) के रखरखाव की जांच की। उन्होंने कंप्यूटर कक्ष में जाकर डिजिटल डेटा की फीडिंग को देखा और तकनीकी कार्यों की समीक्षा की। विशेष रूप से महिला हेल्प डेस्क और साइबर हेल्प डेस्क पर पहुँचकर उन्होंने वहां आने वाली शिकायतों के निस्तारण की स्थिति जानी। उन्होंने निर्देश दिया कि पीड़ित महिलाओं और साइबर ठगी के शिकार लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उन पर तत्काल कार्रवाई  की जाए।

इसके पश्चात एसपी देहात ने थाना परिसर में विवेचकों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने विवेचनाओं में हो रही देरी पर असंतोष व्यक्त करते हुए सख्त लहजे में कहा कि लंबित विवेचनाओं का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और निष्पक्ष तरीके से जल्द से जल्द किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अपराधियों की धरपकड़ और सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए।  लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ अभियान चलाकर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए। महिला सुरक्षा को लेकर महिला संबंधी अपराधों और प्रार्थना पत्रों पर प्राथमिकता के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जाए। तथा थाने आने वाले हर फरियादी के साथ शालीन व्यवहार हो और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।

निरीक्षण के दौरान डीएसपी  रुपाली रॉय, थाना प्रभारी विनोद कुमार सहित थाने के समस्त उपनिरीक्षक और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। एसपी देहात के इस औचक निरीक्षण से थाना पुलिस में हड़कंप की स्थिति रही ।