मदरसा शिक्षकों पर दोहरी जिम्मेदारी का बोझ, जनगणना ड्यूटीll और पठन-पाठन एक साथ करना
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ऑल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया के राष्ट्रीय महामंत्री  वहीदुल्लाह खान सईदी ने मदरसा शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मदरसों के शिक्षकों को एक साथ जनगणना कार्य और मदरसों में पठन-पाठन की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे शिक्षकों के साथ-साथ विद्यार्थियों का भविष्य भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि जनगणना ड्यूटी के आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मदरसा शिक्षक केवल जनगणना कार्य करेंगे या उन्हें मदरसों में उपस्थित होकर बच्चों को पढ़ाना भी अनिवार्य होगा। इसी अस्पष्टता के कारण शिक्षक भारी मानसिक और शारीरिक दबाव में काम करने को मजबूर हैं। वहीदुल्लाह खान सईदी ने कहा कि भीषण गर्मी, तपती लू और लगातार बढ़ते तापमान के बीच जनगणना का कार्य करना पहले से ही चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में शिक्षकों से यह अपेक्षा करना कि वे दिनभर जनगणना ड्यूटी निभाने के बाद मदरसों में उपस्थित होकर नियमित पठन-पाठन भी कराएं, व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। इससे शिक्षकों के बीमार होने और लू लगने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, जिलाधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, रजिस्ट्रार तथा जनगणना निदेशक सहित संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर समाधान की मांग की गई है। बावजूद इसके अब तक प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। एसोसिएशन का कहना है कि बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकांश विद्यालयों में जून माह में ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है, जिससे वहां के शिक्षक अपनी सुविधा अनुसार जनगणना कार्य कर पा रहे हैं। जबकि मदरसों में गर्मी की छुट्टियां पहले रमजान के दौरान दी जा चुकी हैं, इसलिए वर्तमान समय में नियमित कक्षाएं संचालित हो रही हैं। ऐसे में मदरसा शिक्षकों पर दोहरी जिम्मेदारी डालना उनके साथ अन्याय जैसा है। उन्होंने शासन और प्रशासन से मांग की है कि मदरसा शिक्षकों की स्थिति को गंभीरता से देखते हुए तत्काल स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं, ताकि या तो उन्हें जनगणना कार्य से अस्थायी राहत दी जाए या फिर पठन-पाठन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य पर पड़ेगा।
बड़े मंगल पर नगर में हुए जगह जगह भंडारे

रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।ज्येष्ठ के बड़े चौथे बड़े मंगल पर नगर में जगह जगह भंडारे का आयोजन किया गया जिसमे राहगीरों ने बड़ी संख्या में प्रसाद ग्रहण किया और आयोजको को साधुवाद दिया।
      आपको बता दें कलियुग में हनुमान जी को जल्द मनोकामना पूर्ण करने वाले भगवान के रूप में पूजा जाता है। वैसे तो हर मंगलवार को हनुमान जी का पूजन किया जाता है लेकिन ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले मंगल को बड़े मंगल के रूप में पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया जाता है इस दिन भक्तगण एकत्र होकर पूड़ी सब्जी, शरबत, सव्जी चावल आदि का वितरण किया करते हैँ आज ज्येष्ठ के चौथे मंगलवार को नगर के गुलाब बैंड चौराहा, चौक, बड़ी बाजार, अल्लाहपूर तिराहा,अम्बेडकर मैदान गेट सहित कई स्थानों पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। कस्बे के मोहल्ला गिलजई में अस्पताल के पीछे दिलेरगंज के सभासद प्रतिनिधि रचित गुप्ता,गोविंदा, पप्पू, लाला, रामू पंडित, मंगल, सर्वेश, मनोज, शब्बू आदि ने पूरे उत्साह के साथ हनुमान जी को भोग लगाकर सब्जी और चावल का वितरण किया। नगर में आयोजित भण्डारों में तेज धुप और गर्म हवाओ के बीच राहगीरों ने प्रसाद ग्रहण कर शीतल जल से अपनी प्यास बुझाई। प्रसाद ग्रहण करने वालों ने आयोजको की भूरि भूरि प्रशांसा करते हुए उन्हें साधुवाद दिया।
लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर एलपीजी से भरा टैंकर अनियंत्रित होकर पलटा*
सुल्तानपुर जिले के लखनऊ वाराणसी हाईवे पर दिन मंगलवार को एलपीजी से भरा टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। टैंकर डिवाइडर पारकर सुल्तानपुर लेन पर पहुंच गया। गनीमत रही कि चालक की जान बच गई। टैंकर में एलपीजी गैस होने से दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड व पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। दोपहर बाद टैंकर को क्रेन की मदद से सीधा करा कर वाराणसी को रवाना किया गया।

दरअसल प्रतापगढ़ निवासी चालक शैलेंद्र गाजियाबाद से एलपीजी टैंकर लेकर वाराणसी जा रहा था। चालक अनुसार वह दियरा रोड पर लंभुआ कस्बे के पास पहुंचे थे, तभी पीछे से आ रहे एक ट्रेलर ने तेज रफ्तार में ओवरटेक किया। ट्रेलर से बचने के चक्कर में टैंकर अनियंत्रित हो गया और डिवाइडर पारकर सड़क की दूसरी लेन पर जाकर पलट गया। सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और हादसे की जगह की घेराबंदी कर कार्यक्रम को अंजाम दिया।
कल्याण विभाग की योजनाओं एवं छात्रावासों की स्थिति की उपायुक्त ने की समीक्षा

उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में कल्याण विभाग द्वारा संचालित बालक एवं बालिका छात्रावासों की संख्या, उनकी वर्तमान स्थिति तथा विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में संचालित छात्रावासों का नियमित भ्रमण कर उनकी अद्यतन स्थिति का प्रतिवेदन समर्पित करें। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं, विशेषकर बालिकाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसे ध्यान में रखते हुए छात्रावासों में प्रकाश व्यवस्था, बाउंड्रीवाल, शौचालय, स्वच्छता एवं रखरखाव आदि का गहन निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।

उपायुक्त ने जिले के सभी असंचालित छात्रावासों को शीघ्र क्रियाशील करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जो प्रखंड कल्याण पदाधिकारी अपने क्षेत्र के असंचालित छात्रावासों को पुनः संचालित कराने में सफल होंगे, उन्हें आगामी 15 अगस्त के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।

बैठक में आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यकतानुसार अतिरिक्त शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

समीक्षा बैठक में साइकिल वितरण योजना, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों का भ्रमण करें तथा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना से संबंधित आवेदन प्रपत्र जरूरतमंद एवं गरीब नागरिकों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि अधिकाधिक लाभुक योजना से लाभान्वित हो सकें।

इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने जिले के पीवीटीजी बहुल क्षेत्रों में आधार कार्ड निर्माण हेतु विशेष आधार शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पात्र व्यक्तियों को आधार पंजीकरण की सुविधा सुलभ हो सके।

बैठक में उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह, सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री आदित्य पांडेय,जिला कल्याण पदाधिकारी श्रीमती मां देव प्रिया मौजूद थी।

आयुष इलाज भी होगा कैशलेस योजना में शामिल : सीएम योगी
* स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, तकनीक और जवाबदेही पर जोर



लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का असर सीधे आम आदमी को दिखना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में इलाज, जांच, दवाओं और आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर बनाई जाए तथा स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन से जोड़ा जाए।
मुख्यमंत्री ने बड़ा निर्णय लेते हुए दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना में आयुष पद्धतियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए। अब आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी की आईपीडी सेवाओं को भी योजना के दायरे में लाया जाएगा।

* आयुष्मान योजना गरीबों का बड़ा सहारा
सीएम योगी ने कहा कि आयुष्मान योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सबसे बड़ा सहारा बन रही है। उन्होंने अस्पतालों के क्लेम दावों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा में बताया गया कि प्रदेश में 6480 अस्पताल योजना से जुड़े हैं और अब तक 96.75 लाख से अधिक मरीजों को नि:शुल्क उपचार मिल चुका है।

* मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य ढांचे का तेजी से विस्तार
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्ष 2016-17 की तुलना में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 44 से बढ़कर 83 हो गई है। वहीं एमबीबीएस सीटें 5390 से बढ़कर 12,800, जबकि पीजी सीटें 1344 से बढ़कर 5067 हो गई हैं। प्रदेश में वर्तमान में 108 जिला चिकित्सालय, 106 विशिष्ट चिकित्सालय, 976 सीएचसी, 3757 पीएचसी और 27,668 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हैं। वर्ष 2025-26 में सरकारी अस्पतालों में 26.41 करोड़ ओपीडी, 1.23 करोड़ आईपीडी सेवाएं और 24.33 करोड़ पैथोलॉजी जांचें की गईं।

* कोविड काल के स्वास्थ्य कर्मियों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत कोविड काल में सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों का प्राथमिकता के आधार पर समायोजन किया जाए। साथ ही, आशा कार्यकर्ताओं का भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित न रखने के निर्देश भी दिए।

* एम्बुलेंस रिस्पॉन्स टाइम और घटाने के निर्देश
सीएम योगी ने कहा कि आपात स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है, इसलिए 108 एम्बुलेंस और एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम और कम किया जाए। वर्तमान में प्रदेश में 375 एएलएस एम्बुलेंस संचालित हैं, जिनके जरिए अब तक 9.38 लाख मरीजों को रेफर किया जा चुका है।

* अस्पतालों में एक्सपायरी दवाओं पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सख्त निर्देश देते हुए कहा कि तीन माह से कम एक्सपायरी अवधि वाली दवाएं अस्पतालों में नहीं रहनी चाहिए। उनकी जगह समय रहते नई दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

* मातृ-शिशु स्वास्थ्य, रिसर्च और डिजिटल हेल्थ पर फोकस
मुख्यमंत्री ने मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में और कमी लाने के लिए सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही रिसर्च, मेडटेक और डिजिटल हेल्थ पहल को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। सीएम योगी ने कैंसर, ट्रॉमा, आईसीयू और इमरजेंसी सेवाओं को प्राथमिकता से विकसित करने के निर्देश दिए। समीक्षा में UPTEN, CARE-UP मिशन, प्रोजेक्ट सुश्रुत और यूपी राज्य कैंसर मिशन की प्रगति पर चर्चा हुई।
बैठक में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज का गर्ल्स हॉस्टल, अयोध्या मेडिकल कॉलेज का 110 बेड ट्रॉमा सेंटर, सहारनपुर मेडिकल कॉलेज का बीएससी नर्सिंग कॉलेज और कानपुर मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग एवं डी-एडिक्शन वार्ड विस्तार जैसी परियोजनाओं की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक, जवाबदेही और संवेदनशीलता तीनों साथ दिखाई देनी चाहिए, तभी आम लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।
क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी के चलते जहां आम जनजीवन अस्त-व्यस्त
कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी के चलते जहां आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है वहीं पशु पक्षी भी बेहाल है भीषण गर्मी के लोगों को राहत देने के लिए पालिका परिषद द्वारा टैंकरों की सहायता से नगर के मुख्य मार्गों पर पानी का छिड़काव कर राहत देने का प्रयास किया गया, इस संबंध में पालिका परिषद अध्यक्ष हाजी जावेद अहमद ने बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए नगर वासियों व राहगीरों के लिए विभिन्न चौराहों पर शीतल पेयजल प्याऊ लगाए गए हैं और पशु पक्षियों को राहत देने के लिए नगर के 25 मुख्य स्थानों पर पशुओं को पानी पिलाने के लिए ड्रम रखे जा रहे हैं, उन्होंने इस मौके पर नगर वासियों से अपील की कि भीषण गर्मी को देखते हुए आवश्यक कार्य से ही घर से बाहर निकलें वह धूप से बचाव करें। इस मौके पर प्रमुख रूप से नीरज गौड़, प्राजंल मिश्रा, मोहम्मद अकरम, निसार अहमद, समीर राईन, सभासद संजीत अवस्थी, उस्मान खान आदि  उपस्थित थे।
मटवारी के कुम्हारटोली दुर्गा मंडप में नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर, 250 महिलाओं व 100 बच्चों की हुई जांच

हजारीबाग शहर के मटवारी स्थित कुम्हारटोली दुर्गा मंडप में मंगलवार को “एचजेडबी आरोग्यम कुणाल महिला एवं शिशु अस्पताल” की ओर से नि:शुल्क स्त्री रोग एवं बाल रोग स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में महिलाओं एवं बच्चों ने पहुंचकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया। इस दौरान लगभग 250 महिलाओं एवं 100 बच्चों की नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच की गई। साथ ही मरीजों के बीच मुफ्त दवाइयों का भी वितरण किया गया।

शिविर में महिलाओं एवं बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक किया गया। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुधा भेंगरा ने महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक चिकित्सीय परामर्श दिया। वहीं नवजात एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रकाश चंद्रा ने बच्चों की जांच कर उचित उपचार एवं देखभाल संबंधी सलाह दी।

कार्यक्रम का आयोजन वार्ड संख्या 6 के वार्ड पार्षद रिंकू वर्मा के सौजन्य से किया गया। शिविर में नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों के साथ ग्रामीण इलाकों से भी लोग पहुंचे। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर जरूरतमंद लोगों के लिए काफी लाभदायक साबित हो रहे हैं।

अस्पताल के निर्देशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि “एचजेडबी आरोग्यम कुणाल महिला एवं शिशु अस्पताल” का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बेहद जरूरी है और आगे भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर लगातार आयोजित किए जाएंगे।

अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि कई लोग आर्थिक अभाव के कारण समय पर स्वास्थ्य जांच नहीं करा पाते हैं। ऐसे में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लोगों को समय रहते उचित जांच एवं उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन हमेशा जनसेवा के कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है।

वार्ड पार्षद रिंकू वर्मा ने कहा कि समाज के जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि “एचजेडबी आरोग्यम कुणाल महिला एवं शिशु अस्पताल” द्वारा आयोजित यह शिविर क्षेत्र की महिलाओं एवं बच्चों के लिए काफी लाभकारी साबित हुआ। भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन जारी रखा जाएगा। कार्यक्रम के सफल आयोजन में अस्पताल प्रबंधन एवं स्थानीय सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

अब्राहम' समझौते पर पाकिस्तान ने ट्रंप की अपील ठुकराई, शहबाज के रक्षामंत्री ने दिखाई आंख

#pakistankhawajaasifrejectdonaldtrumproposalofjoinabrahamaccords

पाकिस्तान ने अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने और इजरायल को औपचारिक मान्यता देने के अमेरिकी दबाव को पूरी तरह ठुकरा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुस्लिम देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने की मांग की थी। जिसके बाद पाकिस्तान ने अब्राहम समझौते में शामिल होने से इनकार कर दिया। रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने कहा कि इस्लामाबाद किसी भी ऐसे समझौते का समर्थन नहीं करेगा जो देश की मौलिक विचारधाराओं के खिलाफ हो।

ट्रंप की मांग पाक को किसी भी हाल में मंजूर नहीं

दरअसल, सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान समेत मुस्लिम बहुल देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने और इजराइल को औपचारिक रूप से मान्यता देने की मांग की थी। जिसके बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने समा टीवी के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि हम इजरायल के साथ जाने का विकल्प नहीं चुन सकते हैं। यह अपनी मूल विचारधारा से समझौता करने जैसा होगा, जो किसी भी हाल में मंजूर नहीं है।

ख्वाजा आसिफ बोले- एक दिन के लिए भी भरोसा नहीं

आसिफ ने कहा कि इजरायल को लेकर पाकिस्तान का बीते करीब आठ दशक से एक मजबूत रुख रहा है, जिसे छोड़कर वह 'अब्राहम समझौते' में शामिल नहीं हो सकता। आप उन लोगों (इजरायलियों) के साथ कैसे बैठ सकते हैं, जिनकी बात पर एक दिन के लिए भी भरोसा नहीं किया जा सकता है। बता दें कि पाकिस्तान ने अपने 78 साल के इतिहास में कभी-भी इजरायल को मान्यता नहीं दी है।

डोनाल्ड ट्रंप क्या चाहते हैं?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब, पाकिस्तान, तुर्की और कतर जैसे देशों को ईरान समझौते का हिस्सा बनने के लिए अब्राहम अकॉर्ड्स पर दस्तखत करने को कहा है। ट्रंप ने मुस्लिम देशों के नेताओं से कहा कि ईरान में शांति के लिए उनको अब्राहम एकॉर्ड या अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करना चाहिए। उनको इजरायल से रिश्ते कायम करने चाहिए।

क्या है अब्राहम समझौता?

अब्राहम एकॉर्ड या अब्राहम समझौता अमेरिका की मध्यस्थता से 2020 में शुरू किया गया था। यह इजरायल और अरब देशों के बीच कूटनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को सामान्य बनाने के लिए शुरू किया गया था। यह एक ऐसी दुविधा है जिससे ज्यादातर मुस्लिम देश दूर ही रहना चाहते हैं। कई मुस्लिम देशों की मुसीबत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि ट्रंप ने कहा है कि अगर इस पहल का समर्थन नहीं किया गया तो अमेरिका के साथ संबंधों पर असर पड़ सकता है। अब्राहम समझौते पर सबसे पहले 15 सितंबर, 2020 को इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल-बहरीन के बीच हस्ताक्षर हुए थे। बाद में इस ढांचे का विस्तार करके इसमें मोरक्को और सूडान को भी शामिल किया गया। 2025 में औपचारिक रूप से इस समूह में कज़ाकिस्तान भी शामिल हुआ।

ग्लोबल हॉस्पिटल के चिकित्सक ने गलत ढंग से किया ऑपरेशन, मास में बन गई गांठ, पड़ गया मवाद
अल्ट्रासाउंड में उजागर हुई चिकित्सक की लापरवाही, महिला ने डीएम से चिकित्सक के खिलाफ की कार्रवाई करने की गुहार

फर्रुखाबाद l नगर के मुख्य मार्ग पर स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल में एक गर्भवती महिला चेकअप कराने आई और चिकित्सक पति-पत्नी ने जांच के बाद महिला का ऑपरेशन कर शिशु को जन्म दिया जन्म के बाद पेट में गांठ बन जाने से गहरा घाव हो गया है जिससे उसके पेट में दर्द होने पर डॉक्टर को बताया तो डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड करने के बाद कहा सब ठीक है लेकिन कुछ दिन बाद फिर दर्द होने पर वह आगरा की एक निजी अस्पताल में दिखाया तो डॉक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऑपरेशन के दौरान मांस में गांठ बन गई  और उसमें मवाद पड़ गया है परिवार के लोग घबरा गए और तत्काल ऑपरेशन कराया उसके बाद पीड़ित महिला ने पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को डाक से जांच के संबंध में पत्र भेजा था लेकिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गोल-गोल जांच की, जांच रिपोर्ट सही ना आने पर थाना शमसाबाद क्षेत्र के गांव तराई निवासी शबीना पत्नी अफसार ने मंगलवार को कलेक्ट पहुंच कर जिला अधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर को शिकायती पत्र दिया है l उन्होंने महिला को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: डबल डेकर बस पलटी, दरोगा-बंदी समेत 6 की मौत, 21 घायल
उन्नाव। उन्नाव जिले के औरास थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में उपनिरीक्षक (दरोगा) और बंदी समेत 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में तीन पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
यह हादसा मंगलवार तड़के करीब 4 बजे एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 262 पर हुआ, जब एक डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में पलट गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, चालक को नींद की झपकी आने से वह बस पर नियंत्रण खो बैठा, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ।

* राहत-बचाव में जुटी पुलिस और यूपीडा टीम
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही यूपीडा और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। घायलों को निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।

* दरोगा और बंदी की भी गई जान
हादसे में मृतकों में उपनिरीक्षक रामजी राम और बंदी छत्रपाल सिंह तोमर भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि बिहार के सिवान पुलिस लाइन के पुलिसकर्मी बंदी छत्रपाल सिंह तोमर को गवाही के सिलसिले में गुरुग्राम लेकर गए थे और वापस सिवान लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में यह हादसा हो गया। घायलों में शामिल तीनों पुलिसकर्मियों की हालत भी गंभीर बताई जा रही है।

* मृतकों की हुई पहचान
पुलिस के अनुसार हादसे में मृतकों की पहचान विजय गुप्ता, रवि वरन, सूरज जमालाल, पल्लव कुमार, उपनिरीक्षक रामजी राम और छत्रपाल सिंह तोमर के रूप में हुई है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए उन्नाव शवगृह भेज दिया गया है। वहीं, हादसे में घायल 21 यात्रियों का इलाज जारी है। एक महिला यात्री बिंदु देवी को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

* बस में थे बिहार के अधिकतर यात्री
जानकारी के मुताबिक, डबल डेकर बस में 30 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें अधिकांश बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। औरास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. अनूप तिवारी ने हादसे में 6 मौतों और 21 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। पुलिस हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है।
मदरसा शिक्षकों पर दोहरी जिम्मेदारी का बोझ, जनगणना ड्यूटीll और पठन-पाठन एक साथ करना
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ऑल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया के राष्ट्रीय महामंत्री  वहीदुल्लाह खान सईदी ने मदरसा शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मदरसों के शिक्षकों को एक साथ जनगणना कार्य और मदरसों में पठन-पाठन की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे शिक्षकों के साथ-साथ विद्यार्थियों का भविष्य भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि जनगणना ड्यूटी के आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मदरसा शिक्षक केवल जनगणना कार्य करेंगे या उन्हें मदरसों में उपस्थित होकर बच्चों को पढ़ाना भी अनिवार्य होगा। इसी अस्पष्टता के कारण शिक्षक भारी मानसिक और शारीरिक दबाव में काम करने को मजबूर हैं। वहीदुल्लाह खान सईदी ने कहा कि भीषण गर्मी, तपती लू और लगातार बढ़ते तापमान के बीच जनगणना का कार्य करना पहले से ही चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में शिक्षकों से यह अपेक्षा करना कि वे दिनभर जनगणना ड्यूटी निभाने के बाद मदरसों में उपस्थित होकर नियमित पठन-पाठन भी कराएं, व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। इससे शिक्षकों के बीमार होने और लू लगने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, जिलाधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, रजिस्ट्रार तथा जनगणना निदेशक सहित संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर समाधान की मांग की गई है। बावजूद इसके अब तक प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। एसोसिएशन का कहना है कि बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकांश विद्यालयों में जून माह में ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है, जिससे वहां के शिक्षक अपनी सुविधा अनुसार जनगणना कार्य कर पा रहे हैं। जबकि मदरसों में गर्मी की छुट्टियां पहले रमजान के दौरान दी जा चुकी हैं, इसलिए वर्तमान समय में नियमित कक्षाएं संचालित हो रही हैं। ऐसे में मदरसा शिक्षकों पर दोहरी जिम्मेदारी डालना उनके साथ अन्याय जैसा है। उन्होंने शासन और प्रशासन से मांग की है कि मदरसा शिक्षकों की स्थिति को गंभीरता से देखते हुए तत्काल स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं, ताकि या तो उन्हें जनगणना कार्य से अस्थायी राहत दी जाए या फिर पठन-पाठन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य पर पड़ेगा।
बड़े मंगल पर नगर में हुए जगह जगह भंडारे

रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।ज्येष्ठ के बड़े चौथे बड़े मंगल पर नगर में जगह जगह भंडारे का आयोजन किया गया जिसमे राहगीरों ने बड़ी संख्या में प्रसाद ग्रहण किया और आयोजको को साधुवाद दिया।
      आपको बता दें कलियुग में हनुमान जी को जल्द मनोकामना पूर्ण करने वाले भगवान के रूप में पूजा जाता है। वैसे तो हर मंगलवार को हनुमान जी का पूजन किया जाता है लेकिन ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले मंगल को बड़े मंगल के रूप में पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया जाता है इस दिन भक्तगण एकत्र होकर पूड़ी सब्जी, शरबत, सव्जी चावल आदि का वितरण किया करते हैँ आज ज्येष्ठ के चौथे मंगलवार को नगर के गुलाब बैंड चौराहा, चौक, बड़ी बाजार, अल्लाहपूर तिराहा,अम्बेडकर मैदान गेट सहित कई स्थानों पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। कस्बे के मोहल्ला गिलजई में अस्पताल के पीछे दिलेरगंज के सभासद प्रतिनिधि रचित गुप्ता,गोविंदा, पप्पू, लाला, रामू पंडित, मंगल, सर्वेश, मनोज, शब्बू आदि ने पूरे उत्साह के साथ हनुमान जी को भोग लगाकर सब्जी और चावल का वितरण किया। नगर में आयोजित भण्डारों में तेज धुप और गर्म हवाओ के बीच राहगीरों ने प्रसाद ग्रहण कर शीतल जल से अपनी प्यास बुझाई। प्रसाद ग्रहण करने वालों ने आयोजको की भूरि भूरि प्रशांसा करते हुए उन्हें साधुवाद दिया।
लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर एलपीजी से भरा टैंकर अनियंत्रित होकर पलटा*
सुल्तानपुर जिले के लखनऊ वाराणसी हाईवे पर दिन मंगलवार को एलपीजी से भरा टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। टैंकर डिवाइडर पारकर सुल्तानपुर लेन पर पहुंच गया। गनीमत रही कि चालक की जान बच गई। टैंकर में एलपीजी गैस होने से दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड व पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। दोपहर बाद टैंकर को क्रेन की मदद से सीधा करा कर वाराणसी को रवाना किया गया।

दरअसल प्रतापगढ़ निवासी चालक शैलेंद्र गाजियाबाद से एलपीजी टैंकर लेकर वाराणसी जा रहा था। चालक अनुसार वह दियरा रोड पर लंभुआ कस्बे के पास पहुंचे थे, तभी पीछे से आ रहे एक ट्रेलर ने तेज रफ्तार में ओवरटेक किया। ट्रेलर से बचने के चक्कर में टैंकर अनियंत्रित हो गया और डिवाइडर पारकर सड़क की दूसरी लेन पर जाकर पलट गया। सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और हादसे की जगह की घेराबंदी कर कार्यक्रम को अंजाम दिया।
कल्याण विभाग की योजनाओं एवं छात्रावासों की स्थिति की उपायुक्त ने की समीक्षा

उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में कल्याण विभाग द्वारा संचालित बालक एवं बालिका छात्रावासों की संख्या, उनकी वर्तमान स्थिति तथा विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में संचालित छात्रावासों का नियमित भ्रमण कर उनकी अद्यतन स्थिति का प्रतिवेदन समर्पित करें। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं, विशेषकर बालिकाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसे ध्यान में रखते हुए छात्रावासों में प्रकाश व्यवस्था, बाउंड्रीवाल, शौचालय, स्वच्छता एवं रखरखाव आदि का गहन निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।

उपायुक्त ने जिले के सभी असंचालित छात्रावासों को शीघ्र क्रियाशील करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जो प्रखंड कल्याण पदाधिकारी अपने क्षेत्र के असंचालित छात्रावासों को पुनः संचालित कराने में सफल होंगे, उन्हें आगामी 15 अगस्त के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।

बैठक में आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यकतानुसार अतिरिक्त शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

समीक्षा बैठक में साइकिल वितरण योजना, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों का भ्रमण करें तथा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना से संबंधित आवेदन प्रपत्र जरूरतमंद एवं गरीब नागरिकों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि अधिकाधिक लाभुक योजना से लाभान्वित हो सकें।

इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने जिले के पीवीटीजी बहुल क्षेत्रों में आधार कार्ड निर्माण हेतु विशेष आधार शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पात्र व्यक्तियों को आधार पंजीकरण की सुविधा सुलभ हो सके।

बैठक में उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह, सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री आदित्य पांडेय,जिला कल्याण पदाधिकारी श्रीमती मां देव प्रिया मौजूद थी।

आयुष इलाज भी होगा कैशलेस योजना में शामिल : सीएम योगी
* स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, तकनीक और जवाबदेही पर जोर



लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का असर सीधे आम आदमी को दिखना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में इलाज, जांच, दवाओं और आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर बनाई जाए तथा स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन से जोड़ा जाए।
मुख्यमंत्री ने बड़ा निर्णय लेते हुए दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना में आयुष पद्धतियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए। अब आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी की आईपीडी सेवाओं को भी योजना के दायरे में लाया जाएगा।

* आयुष्मान योजना गरीबों का बड़ा सहारा
सीएम योगी ने कहा कि आयुष्मान योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सबसे बड़ा सहारा बन रही है। उन्होंने अस्पतालों के क्लेम दावों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा में बताया गया कि प्रदेश में 6480 अस्पताल योजना से जुड़े हैं और अब तक 96.75 लाख से अधिक मरीजों को नि:शुल्क उपचार मिल चुका है।

* मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य ढांचे का तेजी से विस्तार
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्ष 2016-17 की तुलना में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 44 से बढ़कर 83 हो गई है। वहीं एमबीबीएस सीटें 5390 से बढ़कर 12,800, जबकि पीजी सीटें 1344 से बढ़कर 5067 हो गई हैं। प्रदेश में वर्तमान में 108 जिला चिकित्सालय, 106 विशिष्ट चिकित्सालय, 976 सीएचसी, 3757 पीएचसी और 27,668 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हैं। वर्ष 2025-26 में सरकारी अस्पतालों में 26.41 करोड़ ओपीडी, 1.23 करोड़ आईपीडी सेवाएं और 24.33 करोड़ पैथोलॉजी जांचें की गईं।

* कोविड काल के स्वास्थ्य कर्मियों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत कोविड काल में सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों का प्राथमिकता के आधार पर समायोजन किया जाए। साथ ही, आशा कार्यकर्ताओं का भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित न रखने के निर्देश भी दिए।

* एम्बुलेंस रिस्पॉन्स टाइम और घटाने के निर्देश
सीएम योगी ने कहा कि आपात स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है, इसलिए 108 एम्बुलेंस और एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम और कम किया जाए। वर्तमान में प्रदेश में 375 एएलएस एम्बुलेंस संचालित हैं, जिनके जरिए अब तक 9.38 लाख मरीजों को रेफर किया जा चुका है।

* अस्पतालों में एक्सपायरी दवाओं पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सख्त निर्देश देते हुए कहा कि तीन माह से कम एक्सपायरी अवधि वाली दवाएं अस्पतालों में नहीं रहनी चाहिए। उनकी जगह समय रहते नई दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

* मातृ-शिशु स्वास्थ्य, रिसर्च और डिजिटल हेल्थ पर फोकस
मुख्यमंत्री ने मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में और कमी लाने के लिए सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही रिसर्च, मेडटेक और डिजिटल हेल्थ पहल को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। सीएम योगी ने कैंसर, ट्रॉमा, आईसीयू और इमरजेंसी सेवाओं को प्राथमिकता से विकसित करने के निर्देश दिए। समीक्षा में UPTEN, CARE-UP मिशन, प्रोजेक्ट सुश्रुत और यूपी राज्य कैंसर मिशन की प्रगति पर चर्चा हुई।
बैठक में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज का गर्ल्स हॉस्टल, अयोध्या मेडिकल कॉलेज का 110 बेड ट्रॉमा सेंटर, सहारनपुर मेडिकल कॉलेज का बीएससी नर्सिंग कॉलेज और कानपुर मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग एवं डी-एडिक्शन वार्ड विस्तार जैसी परियोजनाओं की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक, जवाबदेही और संवेदनशीलता तीनों साथ दिखाई देनी चाहिए, तभी आम लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।
क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी के चलते जहां आम जनजीवन अस्त-व्यस्त
कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी के चलते जहां आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है वहीं पशु पक्षी भी बेहाल है भीषण गर्मी के लोगों को राहत देने के लिए पालिका परिषद द्वारा टैंकरों की सहायता से नगर के मुख्य मार्गों पर पानी का छिड़काव कर राहत देने का प्रयास किया गया, इस संबंध में पालिका परिषद अध्यक्ष हाजी जावेद अहमद ने बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए नगर वासियों व राहगीरों के लिए विभिन्न चौराहों पर शीतल पेयजल प्याऊ लगाए गए हैं और पशु पक्षियों को राहत देने के लिए नगर के 25 मुख्य स्थानों पर पशुओं को पानी पिलाने के लिए ड्रम रखे जा रहे हैं, उन्होंने इस मौके पर नगर वासियों से अपील की कि भीषण गर्मी को देखते हुए आवश्यक कार्य से ही घर से बाहर निकलें वह धूप से बचाव करें। इस मौके पर प्रमुख रूप से नीरज गौड़, प्राजंल मिश्रा, मोहम्मद अकरम, निसार अहमद, समीर राईन, सभासद संजीत अवस्थी, उस्मान खान आदि  उपस्थित थे।
मटवारी के कुम्हारटोली दुर्गा मंडप में नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर, 250 महिलाओं व 100 बच्चों की हुई जांच

हजारीबाग शहर के मटवारी स्थित कुम्हारटोली दुर्गा मंडप में मंगलवार को “एचजेडबी आरोग्यम कुणाल महिला एवं शिशु अस्पताल” की ओर से नि:शुल्क स्त्री रोग एवं बाल रोग स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में महिलाओं एवं बच्चों ने पहुंचकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया। इस दौरान लगभग 250 महिलाओं एवं 100 बच्चों की नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच की गई। साथ ही मरीजों के बीच मुफ्त दवाइयों का भी वितरण किया गया।

शिविर में महिलाओं एवं बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक किया गया। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुधा भेंगरा ने महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक चिकित्सीय परामर्श दिया। वहीं नवजात एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रकाश चंद्रा ने बच्चों की जांच कर उचित उपचार एवं देखभाल संबंधी सलाह दी।

कार्यक्रम का आयोजन वार्ड संख्या 6 के वार्ड पार्षद रिंकू वर्मा के सौजन्य से किया गया। शिविर में नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों के साथ ग्रामीण इलाकों से भी लोग पहुंचे। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर जरूरतमंद लोगों के लिए काफी लाभदायक साबित हो रहे हैं।

अस्पताल के निर्देशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि “एचजेडबी आरोग्यम कुणाल महिला एवं शिशु अस्पताल” का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बेहद जरूरी है और आगे भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर लगातार आयोजित किए जाएंगे।

अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि कई लोग आर्थिक अभाव के कारण समय पर स्वास्थ्य जांच नहीं करा पाते हैं। ऐसे में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लोगों को समय रहते उचित जांच एवं उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन हमेशा जनसेवा के कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है।

वार्ड पार्षद रिंकू वर्मा ने कहा कि समाज के जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि “एचजेडबी आरोग्यम कुणाल महिला एवं शिशु अस्पताल” द्वारा आयोजित यह शिविर क्षेत्र की महिलाओं एवं बच्चों के लिए काफी लाभकारी साबित हुआ। भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन जारी रखा जाएगा। कार्यक्रम के सफल आयोजन में अस्पताल प्रबंधन एवं स्थानीय सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

अब्राहम' समझौते पर पाकिस्तान ने ट्रंप की अपील ठुकराई, शहबाज के रक्षामंत्री ने दिखाई आंख

#pakistankhawajaasifrejectdonaldtrumproposalofjoinabrahamaccords

पाकिस्तान ने अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने और इजरायल को औपचारिक मान्यता देने के अमेरिकी दबाव को पूरी तरह ठुकरा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुस्लिम देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने की मांग की थी। जिसके बाद पाकिस्तान ने अब्राहम समझौते में शामिल होने से इनकार कर दिया। रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने कहा कि इस्लामाबाद किसी भी ऐसे समझौते का समर्थन नहीं करेगा जो देश की मौलिक विचारधाराओं के खिलाफ हो।

ट्रंप की मांग पाक को किसी भी हाल में मंजूर नहीं

दरअसल, सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान समेत मुस्लिम बहुल देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने और इजराइल को औपचारिक रूप से मान्यता देने की मांग की थी। जिसके बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने समा टीवी के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि हम इजरायल के साथ जाने का विकल्प नहीं चुन सकते हैं। यह अपनी मूल विचारधारा से समझौता करने जैसा होगा, जो किसी भी हाल में मंजूर नहीं है।

ख्वाजा आसिफ बोले- एक दिन के लिए भी भरोसा नहीं

आसिफ ने कहा कि इजरायल को लेकर पाकिस्तान का बीते करीब आठ दशक से एक मजबूत रुख रहा है, जिसे छोड़कर वह 'अब्राहम समझौते' में शामिल नहीं हो सकता। आप उन लोगों (इजरायलियों) के साथ कैसे बैठ सकते हैं, जिनकी बात पर एक दिन के लिए भी भरोसा नहीं किया जा सकता है। बता दें कि पाकिस्तान ने अपने 78 साल के इतिहास में कभी-भी इजरायल को मान्यता नहीं दी है।

डोनाल्ड ट्रंप क्या चाहते हैं?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब, पाकिस्तान, तुर्की और कतर जैसे देशों को ईरान समझौते का हिस्सा बनने के लिए अब्राहम अकॉर्ड्स पर दस्तखत करने को कहा है। ट्रंप ने मुस्लिम देशों के नेताओं से कहा कि ईरान में शांति के लिए उनको अब्राहम एकॉर्ड या अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करना चाहिए। उनको इजरायल से रिश्ते कायम करने चाहिए।

क्या है अब्राहम समझौता?

अब्राहम एकॉर्ड या अब्राहम समझौता अमेरिका की मध्यस्थता से 2020 में शुरू किया गया था। यह इजरायल और अरब देशों के बीच कूटनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को सामान्य बनाने के लिए शुरू किया गया था। यह एक ऐसी दुविधा है जिससे ज्यादातर मुस्लिम देश दूर ही रहना चाहते हैं। कई मुस्लिम देशों की मुसीबत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि ट्रंप ने कहा है कि अगर इस पहल का समर्थन नहीं किया गया तो अमेरिका के साथ संबंधों पर असर पड़ सकता है। अब्राहम समझौते पर सबसे पहले 15 सितंबर, 2020 को इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल-बहरीन के बीच हस्ताक्षर हुए थे। बाद में इस ढांचे का विस्तार करके इसमें मोरक्को और सूडान को भी शामिल किया गया। 2025 में औपचारिक रूप से इस समूह में कज़ाकिस्तान भी शामिल हुआ।

ग्लोबल हॉस्पिटल के चिकित्सक ने गलत ढंग से किया ऑपरेशन, मास में बन गई गांठ, पड़ गया मवाद
अल्ट्रासाउंड में उजागर हुई चिकित्सक की लापरवाही, महिला ने डीएम से चिकित्सक के खिलाफ की कार्रवाई करने की गुहार

फर्रुखाबाद l नगर के मुख्य मार्ग पर स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल में एक गर्भवती महिला चेकअप कराने आई और चिकित्सक पति-पत्नी ने जांच के बाद महिला का ऑपरेशन कर शिशु को जन्म दिया जन्म के बाद पेट में गांठ बन जाने से गहरा घाव हो गया है जिससे उसके पेट में दर्द होने पर डॉक्टर को बताया तो डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड करने के बाद कहा सब ठीक है लेकिन कुछ दिन बाद फिर दर्द होने पर वह आगरा की एक निजी अस्पताल में दिखाया तो डॉक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऑपरेशन के दौरान मांस में गांठ बन गई  और उसमें मवाद पड़ गया है परिवार के लोग घबरा गए और तत्काल ऑपरेशन कराया उसके बाद पीड़ित महिला ने पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को डाक से जांच के संबंध में पत्र भेजा था लेकिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गोल-गोल जांच की, जांच रिपोर्ट सही ना आने पर थाना शमसाबाद क्षेत्र के गांव तराई निवासी शबीना पत्नी अफसार ने मंगलवार को कलेक्ट पहुंच कर जिला अधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर को शिकायती पत्र दिया है l उन्होंने महिला को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: डबल डेकर बस पलटी, दरोगा-बंदी समेत 6 की मौत, 21 घायल
उन्नाव। उन्नाव जिले के औरास थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में उपनिरीक्षक (दरोगा) और बंदी समेत 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में तीन पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
यह हादसा मंगलवार तड़के करीब 4 बजे एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 262 पर हुआ, जब एक डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में पलट गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, चालक को नींद की झपकी आने से वह बस पर नियंत्रण खो बैठा, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ।

* राहत-बचाव में जुटी पुलिस और यूपीडा टीम
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही यूपीडा और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। घायलों को निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।

* दरोगा और बंदी की भी गई जान
हादसे में मृतकों में उपनिरीक्षक रामजी राम और बंदी छत्रपाल सिंह तोमर भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि बिहार के सिवान पुलिस लाइन के पुलिसकर्मी बंदी छत्रपाल सिंह तोमर को गवाही के सिलसिले में गुरुग्राम लेकर गए थे और वापस सिवान लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में यह हादसा हो गया। घायलों में शामिल तीनों पुलिसकर्मियों की हालत भी गंभीर बताई जा रही है।

* मृतकों की हुई पहचान
पुलिस के अनुसार हादसे में मृतकों की पहचान विजय गुप्ता, रवि वरन, सूरज जमालाल, पल्लव कुमार, उपनिरीक्षक रामजी राम और छत्रपाल सिंह तोमर के रूप में हुई है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए उन्नाव शवगृह भेज दिया गया है। वहीं, हादसे में घायल 21 यात्रियों का इलाज जारी है। एक महिला यात्री बिंदु देवी को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

* बस में थे बिहार के अधिकतर यात्री
जानकारी के मुताबिक, डबल डेकर बस में 30 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें अधिकांश बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। औरास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. अनूप तिवारी ने हादसे में 6 मौतों और 21 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। पुलिस हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है।