भारत के लिए राहत की खबर, ईरान में होर्मुज से LPG लेकर सुरक्षित निकला शिवालिक
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मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव का असर अब एशिया के कई देशों में दिखाई देने लगा है। तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने से भारत समेत पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत तमाम एशियाई देशों में ईंधन की कमी और कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ गई है। इस बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। भारत के लोगों को अब एलपीजी गैस की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कुछ दिनों में शिवालिक जहाज भारत पहुंच जाएगा
ईरान के होर्मुज स्ट्रेट से 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी से लदा भारतीय जहाज, शिवालिक पार कर गया है। भारत के टैंकर शिवालिक ने होर्मुज़ स्ट्रेट को सुरक्षित पार कर लिया है। टैंकर शिवालिक पर 40 हज़ार मीट्रिक टन LPG लदी है और ये टैंकर अगले कुछ दिनों में भारत पहुंच जाएगा। इसके साथ ही एक और एलपीजी से भरा टैंकर भारत रवाना होगा, इसकी भी अनुमति मिल गई है। इस तरह से दो शिप भारत आएंगे।
पीएम मोदी के ईरानी राष्ट्रपति से बातचीत के बाद राहत
भारत के लोगों के लिए ये बड़ी राहत की खबर है। इससे पहले पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से इस मुद्दे पर बात की थी। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत सकारात्मक होने के बाद ही ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट पार करने की अनुमति दी है।
देश में गैस की किल्लत से सरकार का इनकार
बता दें कि पिछले एक सप्ताह से देश में एलपीजी गैस की किल्लत है। गैस एजेंसी के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतार भी देखी गई। अभी भी देश में कई अलग-अलग जगहों से गैस की किल्लत होन की खबर सामने आ रही है। हालांकि, भारत सरकार ने शुरू से ही गैस की किल्लत होने से इनकार किया है। सरकार ने लोगों को भरोसा दिया कि ऐसी कोई स्थिति नहीं आई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा है कि गलत सूचनाओं के कारण लोग घबराकर बुकिंग और जमाखोरी करने लगे हैं। घरेलू एलपीजी डिलीवरी का औसत चक्र लगभग ढाई दिन का है।



*चचेरे भाई के पेट में लगी गोली, लखनऊ रिफर


सुल्तानपुर,गौरैया आओ मेरे देश में कटका क्लब सामाजिक संस्था के द्वारा कटका बाजार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व बृजेन्द्र मिश्र ने किया। इस मौके पर शिक्षा प्रकोष्ठ अध्यक्ष शीतला प्रसाद पांडेय ने बताया कि ग्रामीण और शहरी इलाकों में बाग-बगीचे खत्म हो रहे हैं।
इसका सीधा असर इन पर दिख रहा है। गांवों में अब पक्के मकान बनाए जा रहे हैं। इसका कारण है कि मकानों में गौरैया को अपना घोंसला बनाने के लिए सुरक्षित जगह नहीं मिल रही है। वहीं वक्ता के रूप में लालजी तिवारी ने बताया कि कच्चे मकान गौरैया के लिए प्राकृतिक वातावरण और तापमान के लिहाज से अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराते थे। आधुनिक मकानों में यह सुविधा अब उपलब्ध नहीं होती है।
इस मौके पर संस्था अध्यक्ष डॉ सौरभ मिश्र विनम्र ने बताया कि गौरैया के संरक्षण के लिए सरकारों की तरफ से कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखती है। हालांकि, यूपी में 20 मार्च को गौरैया संरक्षण दिवस के रूप में रखा गया है। संस्था सभी से आग्रह करती है सभी पक्षियों के लिए जलपत्र, घोंसले और दान पानी कि व्यवस्था करें। कार्यक्रम का संचालन मोनू यादव ने किया। संगोष्ठी के दौरान चंद्र प्रकाश उपाध्याय, धर्मेंद्र शर्मा, अवधेश शर्मा, राम लाल पाल, हरिचंद्र निषाद, कमलेश तिवारी, अर्जुन पाल, राम तेज मिश्र, अवधेश तिवारी आदि लोग उपस्थित रहे।

जौनपुर। प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था केडीआर फाउंडेशन द्वारा बदलापुर बाजार के पास स्थित कठार गांव में केडीआर हाउस में निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के गांवों में रहने वाले 46 मरीजों ने लाभ उठाया। संस्था के अध्यक्ष विनोद सिंह ने बताया कि शिविर में जरूरतमंद मरीजों के नेत्र परीक्षण के साथ मोतियाबिंद परीक्षण अभी किया गया ।


लखनऊ । उत्तर प्रदेश के Bulandshahr और Gorakhpur में शुक्रवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में एक महिला और एक किशोर की मौत हो गई। दोनों घटनाओं के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
5 hours ago
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