खतरनाक स्थिति में पहुंची मिडिल ईस्ट में चल रही जंग, अब सऊदी अरब ने दी ईरान को खुली चेतावनी

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मिडिल ईस्ट में चल रही जंग अब खतरनाक स्थिति में पहुंच गई है। ईरान कई देशों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले कर रहा है और गैस-तेल के ठिकानों को निशाना बना रहा है। ईरान ने सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात को उनके बड़े तेल और गैस ठिकाने खाली करने की चेतावनी दी है। इससे पूरे क्षेत्र में डर और तनाव बढ़ गया है। खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों के बीच सऊदी अरब ने तेहरान को चेतावनी दी है।

सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कहा कि ईरान को अपने पड़ोसियों पर किए गए हमलों के परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि अगर ईरान को लगता है कि खाड़ी देश जवाब देने में असमर्थ हैं, तो तेहरान गलत है। उन्होंने ईरान पर हद पार करने का आरोप लगाया और कहा कि जरूरत पड़ने पर खाड़ी देशों के पास सैन्य कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि ईरान के आगे न तो ब्लैकमेल होंगे और न ही डरेंगे।

रियाद में अरब विदेश मंत्रियों की बैठक

प्रिंस फैसल ने रियाद में अरब और इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों की आपात बैठक के बाद ये बात कही है। उन्होंने कहा कि ईरान को अपने रवैये पर फिर से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान की कार्रवाइयों का उसे राजनीतिक और नैतिक रूप से उल्टा असर झेलना पड़ेगा। प्रिंस फैसल ने कहा कि ईरान के बार-बार के हमलों से उस पर से भरोसा टूट गया है। खास बात है कि जब बैठक चल रही थी, उसी दौरान ईरान ने रियाद और कतर के रास लफान इंडस्टिरयल सिटी पर हमला कर दिया।

क्या सीधे जंग में उतरेगा सऊदी अरब?

हाल के दिनों में सऊदी अरब पहले ही ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर चुका है। रियाद में अमेरिकी दूतावास, प्रिंस सुल्तान एयरबेस और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में यह बहस तेज हो गई है कि सऊदी अमेरिका का कितना साथ देगा और क्या वह सीधे जंग में उतरेगा।

पाकिस्तान की भी होगी एंट्री!

सऊदी अरब के तेल को अगर टार्गेट किया गया तो वह इस युद्ध में खुलकर उतर सकता है। अगर ऐसा हुआ तो पाकिस्तान को भी इसमें शामिल होना पड़ेगा। इसका कारण है सऊदी और पाकिस्तान के बीच हुआ रक्षा समझौता। इस युद्ध के बाद से ही पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर कई बार सऊदी का दौरा कर चुके हैं। यह दिखाता है कि ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच पर्दे के पीछे नया खेल चल रहा है।

डॉ .मंजू लोढ़ा को साहित्यिक योगदान के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान
मुंबई।आज के समय में जहाँ लोगों का ध्यान तेजी से बदलता है और सामग्री क्षण भर में आगे बढ़ जाती है, वहीं कविता आज भी अपनी शांत और गहरी प्रभावशीलता बनाए हुए है। इसी कड़ी में एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में डॉ. मंजू लोढ़ा ने 500 कविताएँ लिखकर एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया है, जो समकालीन साहित्य में एक महत्वपूर्ण योगदान है।यह उपलब्धि केवल एक संख्या नहीं, बल्कि वर्षों की साधना, अनुशासन और भाषा के प्रति गहरे जुड़ाव का परिणाम है। प्रत्येक कविता एक विचार, अनुभव या भावना का प्रतिबिंब है, जिसे शब्दों में संवेदनशीलता के साथ पिरोया गया है। इन 500 कविताओं का संग्रह उनके साहित्यिक समर्पण और रचनात्मकता का सशक्त प्रमाण है। भारत में कविता सदियों से सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण माध्यम रही है—प्राचीन ग्रंथों से लेकर आधुनिक रचनाओं तक। ऐसे में इस प्रकार की उपलब्धियाँ न केवल व्यक्तिगत प्रयास का सम्मान करती हैं, बल्कि साहित्यिक परंपरा को जीवित और प्रासंगिक बनाए रखने में भी योगदान देती हैं। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को मान्यता देते हुए ACE बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने डॉ. मंजू लोढ़ा को राष्ट्रीय रिकॉर्ड से सम्मानित किया है। यह सम्मान केवल उनकी रचनाओं की संख्या का नहीं, बल्कि उनके निरंतर प्रयास, समर्पण और सृजनात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। ACE बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, जो कला, शिक्षा, खेल और सामाजिक क्षेत्रों में अनूठी उपलब्धियों को दर्ज करने के लिए जाना जाता है, ऐसे प्रेरणादायक कार्यों को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह संस्था उन व्यक्तियों को पहचान देती है, जो अपने क्षेत्र में सीमाओं को पार करते हुए नई मिसाल कायम करते हैं। इस सम्मान की खास बात यह है कि यह वास्तविक मानवीय कहानियों को महत्व देता है—संघर्ष, निरंतरता और जुनून की कहानियाँ। डॉ. लोढ़ा की यह यात्रा भी शब्दों के माध्यम से एक अद्भुत साहित्यिक मुकाम तक पहुँचने की कहानी है।
साहित्य विशेषज्ञों के अनुसार, एक लेखक की असली परीक्षा उसकी निरंतरता में होती है। प्रेरणा शुरुआत कर सकती है, लेकिन निरंतर प्रयास ही उस यात्रा को आगे बढ़ाता है। 500 कविताएँ लिखना केवल रचनात्मकता नहीं, बल्कि लंबे समय तक समर्पित रहने की क्षमता को दर्शाता है। डिजिटल युग में जहाँ लेखन के स्वरूप बदल रहे हैं, ऐसी उपलब्धियाँ यह याद दिलाती हैं कि लेखन का मूल तत्व आज भी वही है—अभिव्यक्ति, जुड़ाव और पाठकों को भावनात्मक रूप से स्पर्श करने की शक्ति। डॉ. मंजू लोढ़ा की यह उपलब्धि उभरते लेखकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह संदेश देती है कि निरंतर प्रयास और समर्पण से जुनून को पहचान और सम्मान में बदला जा सकता है। साथ ही, यह एसीई बुक ऑफ रिकॉर्ड्स जैसे मंचों के महत्व को भी रेखांकित करती है, जो सार्थक योगदानों को पहचान देते हैं। यह केवल एक रिकॉर्ड की कहानी नहीं, बल्कि समर्पण, सृजनात्मकता और शब्दों की अमर शक्ति की कहानी है।
बेल्थरा रोड में मनोनित सभासद अमित जायसवाल का हुआ पन्ना लाल कटरा में भव्य स्वागत,

बेल्थरा रोड (बलिया)। नगर पंचायत बेल्थरा रोड में शासन द्वारा मनोनित सभासदों को जिम्मेदारी मिलने के साथ ही पूरे नगर में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने जोरदार स्वागत कर यह विश्वास जताया कि अब नगर के विकास कार्यों को नई रफ्तार मिलेगी।

शासन द्वारा , तथा को नगर पंचायत की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को पन्नालाल कटरा, बेल्थरा रोड में अमित जायसवाल के सम्मान में एक भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया।

समारोह के दौरान नगर के गणमान्य नागरिकों ने फूल-मालाओं से नव-मनोनित सभासद का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। इस अवसर पर , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , तथा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि योग्य और सक्रिय व्यक्तियों को जिम्मेदारी दिए जाने से नगर पंचायत के विकास कार्यों में तेजी आएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि साफ-सफाई, पेयजल, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं में जल्द ही सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

वहीं नव-मनोनित सभासदों ने नगर के सर्वांगीण विकास का संकल्प लेते हुए भरोसा दिलाया कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास किया जाएगा।

समारोह का समापन आपसी सहयोग, एकता और नगर के समग्र विकास के संकल्प के साथ हुआ।
समारोह के दौरान नगर के गणमान्य नागरिकों ने फूल-मालाओं से नव-मनोनित सभासद का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। इस अवसर पर डॉ. शेषमणि सिंह, मनीष सिंह, विवेक पांडेय, डॉ. विष्णु प्रसाद, विजय चौरसिया, रघुवंश सिंह, जितेंद्र प्रसाद, विष्णु वर्मा, विशाल सिंह, भगवती ठठेरा, संजय जायसवाल, मनीष मिश्रा, पवन जायसवाल, पिंटू सिंह, बबलू वर्मा, विश्वामित्र जी, अच्छे लाल गुप्ता, असलम गुड्डू, रंजीत कुशवाहा, आशीष जायसवाल, अनुपम वरनवाल, संतोष राजभर तथा विनय वर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

रांची समाहरणालय में कल गूंजेगा 'शपथ' का स्वर: प्रशासन ने लागू की निषेधाज्ञा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम


रांची, 18 मार्च 2026: राजधानी रांची के समाहरणालय भवन में कल यानी 19 मार्च को नगर सरकार का औपचारिक आगाज होने जा रहा है। रांची नगर निगम के नवनिर्वाचित महापौर और पार्षदों के साथ-साथ बुंडू नगर पंचायत के अध्यक्ष और सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।

शपथ ग्रहण और चुनाव का पूरा कार्यक्रम

जिला जनसंपर्क कार्यालय के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह पूर्वाह्न 10:30 बजे से समाहरणालय भवन के ब्लॉक-A (कमरा संख्या 207 और 608) में शुरू होगा। शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद उपमहापौर (रांची नगर निगम) और उपाध्यक्ष (बुंडू नगर पंचायत) के पदों के लिए चुनाव संपन्न कराए जाएंगे।

समाहरणालय परिसर में निषेधाज्ञा (Section 163) लागू

समारोह के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सदर अनुमंडल दण्डाधिकारी ने समाहरणालय भवन परिसर में बीएनएसएस की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की है। यह आदेश 19 मार्च को सुबह 06:00 बजे से रात 08:00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

निषेधाज्ञा के प्रमुख बिंदु:

भीड़ पर रोक: परिसर में 5 या 5 से अधिक व्यक्तियों के जमा होने या साथ चलने पर पाबंदी है (सरकारी कर्मचारियों को छोड़कर)।

हथियारों पर प्रतिबंध: किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र, लाठी-डंडा, तीर-धनुष या विस्फोटक लेकर चलना वर्जित है।

प्रदर्शन पर रोक: परिसर में किसी भी प्रकार का धरना, जुलूस, रैली या आमसभा आयोजित नहीं की जा सकेगी।

ध्वनि विस्तारक यंत्र: लाउडस्पीकर या किसी भी ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

जिला प्रशासन की अपील

रांची जिला प्रशासन ने आम नागरिकों और समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। किसी भी प्रकार की जन शिकायत के लिए प्रशासन ने अपना आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर 9430328080 (अबुआ साथी) भी जारी किया है।

आशुतोष ब्रह्मचारी की चोट का प्रयागराज में मेडिकल परीक्षण, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर ट्रेन में हमला कराने का है आरोप

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर ट्रेन में हमला कराने का गंभीर आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी का एक सप्ताह में दोबारा मेडिकल परीक्षण आज शनिवार को हुआ। पुलिस की सुरक्षा में आशुतोष ब्रह्मचारी मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय 'काल्विन' पहुंचे। छह डॉक्टरों के पैनल ने उनकी स्वास्थ्य जांच की।

आंख, हड्डी का भी डॉक्टरों ने किया परीक्षण

आशुतोष ब्रह्मचारी कॉल्विन अस्पताल में स्वास्थ्य जांच के दौरान करीब दो घंटे तक मौजूद रहे। उन्हें लगी चोट की जांच के अलावा डॉक्टरों की टीम ने उनकी आंख का परीक्षण, हड्डी में घाव का परीक्षण किया। इसके अलावा एक्सरे के साथ ही सिटी स्कैन भी कराया गया।

डीएम के निर्देश पर दोबारा मेडिकल परीक्षण

आशुतोष ब्रह्मचारी का मेडिकल परीक्षा इससे पहले काॅल्विन अस्पताल में बीते रविवार को हुआ था। तब तीन डॉक्टरों के पैनल ने उनकी जांच की थी। इस पैनल ने जो रिपोर्ट बना कर दी, आशुतोष ब्रह्मचारी का कहना था कि रिपोर्ट सही नहीं बनी है। इस संबंध में ज्ञापन डीएम को दिया था। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर मेडिकल परीक्षण दोबारा हुआ है। इस बार छह डॉक्टरों का पैनल आशुतोष ब्रह्मचारी के शरीर की जांच में लगाया गया था।

स्वास्थ्य परीक्षण की हुई वीडियोग्राफी

आशुतोष ब्रह्मचारी के स्वास्थ्य का परीक्षण जब मेडिकल बोर्ड कर रहा था तो उसकी वीडियो फोटोग्राफी भी कराई गई है। इसके लिए पुलिस लाइन से वीडियो फोटोग्राफी एक्सपर्ट को टीम के साथ भेजा गया था।

क्या कहते हैं सीएमओ

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉक्टर अरुण कुमार तिवारी का कहना है कि जिलाधिकारी के निर्देश पर आशुतोष ब्रह्मचारी की मेडिकल जांच दोबारा छह डॉक्टरों का बोर्ड बनाकर कराई गई है। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।

जनपद न्यायालय गोण्डा में दुकानों की नीलामी 24 मार्च को
जनपद न्यायालय गोण्डा में दुकानों की नीलामी 24 मार्च को

चाय, पान व फोटोस्टेट दुकानों के ठेकों के लिए न्यूनतम बोली तय

नीलामी में भाग लेने हेतु जमानत राशि व हैसियत प्रमाण पत्र अनिवार्य

अंतिम निर्णय का अधिकार जनपद न्यायाधीश के पास सुरक्षित


गोण्डा। 18 मार्च 2026 - जनपद न्यायालय गोण्डा के नजारत अनुभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए न्यायालय परिसर में स्थित चाय-नमकीन, पान एवं फोटो/फोटोस्टेट दुकानों के ठेकों की सार्वजनिक नीलामी की घोषणा की गई है। यह नीलामी 24 मार्च 2026 को अपराह्न 4:00 बजे न्यायालय के मीटिंग हाल में नीलामी समिति की उपस्थिति में सम्पन्न होगी।

सूचना के अनुसार, विभिन्न दुकानों के लिए न्यूनतम बोली राशि निर्धारित की गई है। चाय-नमकीन दुकानों के लिए 3.90 लाख रुपये से 5.33 लाख रुपये तक, पान दुकानों के लिए 77 हजार रुपये से 1.65 लाख रुपये तक तथा फोटो/फोटोस्टेट दुकान के लिए 3.75 लाख रुपये न्यूनतम बोली तय की गई है।

नीलामी में भाग लेने वाले इच्छुक व्यक्तियों को पूर्व में निर्धारित जमानत राशि जमा करना अनिवार्य होगा। चाय-नमकीन एवं फोटोस्टेट दुकानों के लिए 30 हजार रुपये तथा पान दुकानों के लिए 15 हजार रुपये अग्रिम जमा करने होंगे। साथ ही, बोलीदाता को अपनी हैसियत प्रमाण पत्र संबंधित तहसीलदार से प्रमाणित कराकर प्रस्तुत करना होगा।

अंतिम रूप से चयनित बोलीदाता को कुल धनराशि का 25 प्रतिशत तत्काल एवं शेष 75 प्रतिशत तीन सप्ताह के भीतर जमा करना होगा। नीलामी की स्वीकृति अथवा अस्वीकृति का अंतिम अधिकार जनपद न्यायाधीश गोण्डा के पास सुरक्षित रहेगा।
रामगढ़ में अब मिनटों में मिलेगी जीवनदायिनी मदद: पीवीयूएनएल ने दी अत्याधुनिक ALS एम्बुलेंस

रामगढ़ स्वास्थ्य विभाग की आपातकालीन सेवाओं को आज एक बड़ा संबल मिला है। पीवीयूएनएल (PVUNL) ने अपनी सामुदायिक विकास पहल के तहत स्वास्थ्य विभाग को एक पूरी तरह से सुसज्जित एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस सौंपी है। यह एम्बुलेंस आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस है, जो गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही जीवनरक्षक प्राथमिक उपचार देने में सक्षम है।

इस एम्बुलेंस का हस्तांतरण पीवीयूएनएल के श्री जियाउर रहमान होहर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्री तनमोय मिश्रा की उपस्थिति में किया गया। इस मौके पर रामगढ़ के सिविल सर्जन ने कहा कि यह अत्याधुनिक एम्बुलेंस जिले की आपातकालीन चिकित्सा क्षमता को दोगुना कर देगी और गंभीर स्थिति में मरीजों को समय पर सही इलाज मिलने से उनकी जान बचाई जा सकेगी। उन्होंने इस सहयोग के लिए पीवीयूएनएल के प्रति आभार व्यक्त किया। यह पहल रामगढ़ और आसपास के क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के स्तर को ऊपर उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सुल्तानपुर में दीवानी के बाद डाकघर को बम की धमकी का मेल मिला,सर्च ऑपरेशन में कुछ नहीं मिला,निकला अफवाह*
सुल्तानपुर के प्रधान डाकघर में बुधवार दोपहर करीब 11 बजे बम रखे होने की धमकी का एक ईमेल मिलने से हड़कंप मच गया। पोस्टमास्टर ने तत्काल पुलिस को सूचना दी,जिसके बाद बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड के साथ साथ पुलिस बल भी मौके पर पहुंची। दरअसल सुल्तानपुर सीओ सिटी सौरभ सामंत के नेतृत्व में कोतवाली नगर पुलिस प्रधान डाकघर पहुंची और पूरी बिल्डिंग व परिसर को खाली कराया गया। पुलिस टीम ने बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड के साथ मिलकर डाकघर के हर कमरे और पूरे परिसर की गहनता के साथ तलाशी ली। इस दौरान डाक कर्मियों और आम लोगों में दहशत का माहौल रहा। करीब आधे घंटे तक चले इस व्यापक तलाशी अभियान में डाक परिसर में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद सभी ने राहत की सांस ली। सीओ सिटी सौरभ सामंत ने बताया कि मौके पर कानून व्यवस्था सामान्य है और जांच के दौरान कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। पोस्टमास्टर सुरेंद्र कुमार चौबे के अनुसार, धमकी भरा ईमेल सुबह करीब 11 बजे प्राप्त हुआ था। सूचना मिलते ही पुलिस को सूचित किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने लगभग डेढ़ घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को आश्वस्त किया है कि डरने वाली कोई बात नहीं है।
मैनपुरी में बड़ा हादसा : रात में कच्ची दीवार गिरने से मां और दो बच्चों की मृत्यु, पिता समेत दो बेटियां घायल

लखनऊ ।  उत्तर प्रदेश के जनपद मैनपुरी में बीती रात टीन शेड कच्ची दीवार और ऊपर लगी टीन शेड के गिरने से नीचे साे रही मां रूबी और दो बच्चों की मौत हो गई जबकि पिता ब्रजेश व दाे बेटियां गंभीर रूप से घायल हैं। घायलाें काे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मैनपुरी के थानाक्षेत्र कुरावली अंतर्गत ग्राम अठ पुरा में मंगलवार को देर रात्रि करीब 12 बजे ब्रजेश (50) पुत्र लाल सिंह के घर की कच्ची दीवार व टीनशेड अचानक गिर गयी । तीन शेड के नीचे बृजेश, बृजेश की पत्नी और चार छोटे बच्चे सो रहे थे। कच्ची दीवार और तीन शेड अचानक गिरने से गहरी नींद में सो रहे परिवार को संभलने का मौका नहीं मिला और दीवार व टीनशेड के नीचे दबकर ब्रजेश की पत्नी रूबी (40) , बेटा दिलीप (08) और बेटी देवी (13) की मौके पर मौत हो गई। चीख पुकार से ग्रामीण व पड़ोसी ब्रजेश के घर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।

हादसे में घायल ब्रजेश , गुडिया (15 ) एवं पल्लवी (05 वर्ष) काे पुलिस द्वारा मौके पर पहुॅचकर घायलों को इलाज हेतु जिला चिकित्सालय भेजा गया । मृतकों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस द्वारा विधिक कार्यवाही की जा रही हैं। गाँव में एक ही परिवार के तीन लोगों की एक साथ मृत्यु हो जाने के बाद गांव में माहौल बहुत गमगीन है। पीड़ित परिवार के पड़ोसियों ने बताया कि बृजेश के घर में पुरानी कच्ची दीवार पर टीन शेड पड़ा हुआ था। इस दीवार को पक्की बनाने के लिए कच्ची दीवार के निकट ही नींव खोदी गई थी,जिसमें पानी भरा था। इस पानी की सीलन के चलते ही दीवार गिरने की बात कही जा रही है।

इंस्पेक्टर कुरावली ललित भाटी ने बताया कि एक ही परिवार में एक महिला व उसके दो बच्चों की दीवार में दबने से मृत्यु हो गई है मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम हेतु मोर्चरी भेज दिया गया है।घायलों को अस्पताल में भर्ती कर दिया है जहां उनका इलाज चल रहा है।
इजराइली हमले में मारे गए अली लारिजानी, कमांडर सुलेमानी की भी मौत

#iranconfirmskillingofalilarijanibasijforceheadgholamreza_soleimani

ईरान और इजरायल के बीच चल रहा युद्ध अब 19वें दिन में पहुंच गया है और संकट और भी ज्यादा गहरा गया है। ईरान-अमेरिका युद्ध के 18वें दिन इजरायल ने तेहरान में जो कार्रवाई की, उसमें ईरान के दो सबसे वरिष्ठ लीडर भी मारे गए। ईरान के सुरक्षा प्रमुख और खामेनेई के करीबी अली लारिजानी और बसीज बलों के कमांडर गुलारजा सुलेमानी इजरायली हवाई हमले में मारे गए हैं।

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने मंगलवार को अली लारीजानी की मौत की पुष्टि कर दी है। लारीजानी सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव थे और कहा जाता था कि पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के मारे जाने के बाद पर्दे के पीछे से वही ईरान को चला रहे थे। इसके पहले इजरायल ने कहा था कि उसने अली लारीजानी को एक हमले में मार दिया है।

खामेनेई की मौत के बाद थी अहम भूमिका

लारीजानी को ईरान के सबसे ताकतवर शख्स माना जाता है, खासकर सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई थी। लारीजानी पूर्व में संसद अध्यक्ष और वरिष्ठ नीति सलाहकार भी रह चुके थे। परमाणु वार्ता में भी उनकी भूमिका रही थी। जनरल सुलेमानी पर अमेरिका, यूरोपीय संघ और अन्य देशों द्वारा प्रतिबंध लगाए गए थे, क्योंकि उन पर वर्षों से विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका निभाने का आरोप था।

अली लारीजानी के साथ उनके बेटे की भी मौत

ईरान के सरकारी टीवी और सुरक्षा परिषद के अनुसार अली लारीजानी की उनके बेटे मोर्तेजा और एक सहयोगी के साथ हत्या कर दी गई। ईरान के कई नेताओं ने इस हत्या की निंदा की है। विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि इससे सिस्टम पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह संस्थाओं पर आधारित है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि लारिजानी की जगह कौन लेगा, क्या सईद जलीली या फिर नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई कोई नई नियुक्ति करेंगे।

इजरायल ने किया मारे जाने का दावा

इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने सबसे पहले लारीजानी के मारे जाने का ऐलान किया था। इजरायली सेना ने बताया कि सोमवार देर रात हुए हवाई हमले में अली लारीजानी और ईरान की एलीट बासिज फोर्स के कमांडर को मार दिया गया। मंगलवार शाम के इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी लारीजानी के मारे जाने घोषणा करते हुए कहा कि इन हमलों का मकसद ईरान के नेतृत्व कमजोर करना था, ताकि ईरानी लोगों को उसे हटाने का मौका मिल सके।

गुलाम रज़ा सुलेमानी की भी मौत

रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने पुष्टि की है कि बसिज संगठन के कमांडर गुलाम रजा सुलेमानी भी इजराइली हमले में मारे गए। गोलम रजा सुलेमानी आईआरजीसी के एक उच्च पदस्थ कमांडर थे। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के पहले दिन कमांडर-इन-चीफ समेत कई सैन्य कमांडरों की मौत के बाद, सुलेमानी की मौत युद्ध की सबसे महत्वपूर्ण खबरों में से एक है। बसिज, जो कि रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की एक संगठनात्मक सहायक संस्था है, ईरानी सरकार की सुरक्षा शाखाओं में से एक है और आंतरिक संकटों के प्रबंधन और विरोध प्रदर्शनों को दबाने और नियंत्रित करने में निर्णायक भूमिका निभाती है।

खतरनाक स्थिति में पहुंची मिडिल ईस्ट में चल रही जंग, अब सऊदी अरब ने दी ईरान को खुली चेतावनी

#saudiarabiawarnsirantoconsequencesof_attacks

मिडिल ईस्ट में चल रही जंग अब खतरनाक स्थिति में पहुंच गई है। ईरान कई देशों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले कर रहा है और गैस-तेल के ठिकानों को निशाना बना रहा है। ईरान ने सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात को उनके बड़े तेल और गैस ठिकाने खाली करने की चेतावनी दी है। इससे पूरे क्षेत्र में डर और तनाव बढ़ गया है। खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों के बीच सऊदी अरब ने तेहरान को चेतावनी दी है।

सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कहा कि ईरान को अपने पड़ोसियों पर किए गए हमलों के परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि अगर ईरान को लगता है कि खाड़ी देश जवाब देने में असमर्थ हैं, तो तेहरान गलत है। उन्होंने ईरान पर हद पार करने का आरोप लगाया और कहा कि जरूरत पड़ने पर खाड़ी देशों के पास सैन्य कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि ईरान के आगे न तो ब्लैकमेल होंगे और न ही डरेंगे।

रियाद में अरब विदेश मंत्रियों की बैठक

प्रिंस फैसल ने रियाद में अरब और इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों की आपात बैठक के बाद ये बात कही है। उन्होंने कहा कि ईरान को अपने रवैये पर फिर से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान की कार्रवाइयों का उसे राजनीतिक और नैतिक रूप से उल्टा असर झेलना पड़ेगा। प्रिंस फैसल ने कहा कि ईरान के बार-बार के हमलों से उस पर से भरोसा टूट गया है। खास बात है कि जब बैठक चल रही थी, उसी दौरान ईरान ने रियाद और कतर के रास लफान इंडस्टिरयल सिटी पर हमला कर दिया।

क्या सीधे जंग में उतरेगा सऊदी अरब?

हाल के दिनों में सऊदी अरब पहले ही ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर चुका है। रियाद में अमेरिकी दूतावास, प्रिंस सुल्तान एयरबेस और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में यह बहस तेज हो गई है कि सऊदी अमेरिका का कितना साथ देगा और क्या वह सीधे जंग में उतरेगा।

पाकिस्तान की भी होगी एंट्री!

सऊदी अरब के तेल को अगर टार्गेट किया गया तो वह इस युद्ध में खुलकर उतर सकता है। अगर ऐसा हुआ तो पाकिस्तान को भी इसमें शामिल होना पड़ेगा। इसका कारण है सऊदी और पाकिस्तान के बीच हुआ रक्षा समझौता। इस युद्ध के बाद से ही पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर कई बार सऊदी का दौरा कर चुके हैं। यह दिखाता है कि ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच पर्दे के पीछे नया खेल चल रहा है।

डॉ .मंजू लोढ़ा को साहित्यिक योगदान के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान
मुंबई।आज के समय में जहाँ लोगों का ध्यान तेजी से बदलता है और सामग्री क्षण भर में आगे बढ़ जाती है, वहीं कविता आज भी अपनी शांत और गहरी प्रभावशीलता बनाए हुए है। इसी कड़ी में एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में डॉ. मंजू लोढ़ा ने 500 कविताएँ लिखकर एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया है, जो समकालीन साहित्य में एक महत्वपूर्ण योगदान है।यह उपलब्धि केवल एक संख्या नहीं, बल्कि वर्षों की साधना, अनुशासन और भाषा के प्रति गहरे जुड़ाव का परिणाम है। प्रत्येक कविता एक विचार, अनुभव या भावना का प्रतिबिंब है, जिसे शब्दों में संवेदनशीलता के साथ पिरोया गया है। इन 500 कविताओं का संग्रह उनके साहित्यिक समर्पण और रचनात्मकता का सशक्त प्रमाण है। भारत में कविता सदियों से सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण माध्यम रही है—प्राचीन ग्रंथों से लेकर आधुनिक रचनाओं तक। ऐसे में इस प्रकार की उपलब्धियाँ न केवल व्यक्तिगत प्रयास का सम्मान करती हैं, बल्कि साहित्यिक परंपरा को जीवित और प्रासंगिक बनाए रखने में भी योगदान देती हैं। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को मान्यता देते हुए ACE बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने डॉ. मंजू लोढ़ा को राष्ट्रीय रिकॉर्ड से सम्मानित किया है। यह सम्मान केवल उनकी रचनाओं की संख्या का नहीं, बल्कि उनके निरंतर प्रयास, समर्पण और सृजनात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। ACE बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, जो कला, शिक्षा, खेल और सामाजिक क्षेत्रों में अनूठी उपलब्धियों को दर्ज करने के लिए जाना जाता है, ऐसे प्रेरणादायक कार्यों को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह संस्था उन व्यक्तियों को पहचान देती है, जो अपने क्षेत्र में सीमाओं को पार करते हुए नई मिसाल कायम करते हैं। इस सम्मान की खास बात यह है कि यह वास्तविक मानवीय कहानियों को महत्व देता है—संघर्ष, निरंतरता और जुनून की कहानियाँ। डॉ. लोढ़ा की यह यात्रा भी शब्दों के माध्यम से एक अद्भुत साहित्यिक मुकाम तक पहुँचने की कहानी है।
साहित्य विशेषज्ञों के अनुसार, एक लेखक की असली परीक्षा उसकी निरंतरता में होती है। प्रेरणा शुरुआत कर सकती है, लेकिन निरंतर प्रयास ही उस यात्रा को आगे बढ़ाता है। 500 कविताएँ लिखना केवल रचनात्मकता नहीं, बल्कि लंबे समय तक समर्पित रहने की क्षमता को दर्शाता है। डिजिटल युग में जहाँ लेखन के स्वरूप बदल रहे हैं, ऐसी उपलब्धियाँ यह याद दिलाती हैं कि लेखन का मूल तत्व आज भी वही है—अभिव्यक्ति, जुड़ाव और पाठकों को भावनात्मक रूप से स्पर्श करने की शक्ति। डॉ. मंजू लोढ़ा की यह उपलब्धि उभरते लेखकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह संदेश देती है कि निरंतर प्रयास और समर्पण से जुनून को पहचान और सम्मान में बदला जा सकता है। साथ ही, यह एसीई बुक ऑफ रिकॉर्ड्स जैसे मंचों के महत्व को भी रेखांकित करती है, जो सार्थक योगदानों को पहचान देते हैं। यह केवल एक रिकॉर्ड की कहानी नहीं, बल्कि समर्पण, सृजनात्मकता और शब्दों की अमर शक्ति की कहानी है।
बेल्थरा रोड में मनोनित सभासद अमित जायसवाल का हुआ पन्ना लाल कटरा में भव्य स्वागत,

बेल्थरा रोड (बलिया)। नगर पंचायत बेल्थरा रोड में शासन द्वारा मनोनित सभासदों को जिम्मेदारी मिलने के साथ ही पूरे नगर में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने जोरदार स्वागत कर यह विश्वास जताया कि अब नगर के विकास कार्यों को नई रफ्तार मिलेगी।

शासन द्वारा , तथा को नगर पंचायत की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को पन्नालाल कटरा, बेल्थरा रोड में अमित जायसवाल के सम्मान में एक भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया।

समारोह के दौरान नगर के गणमान्य नागरिकों ने फूल-मालाओं से नव-मनोनित सभासद का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। इस अवसर पर , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , तथा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि योग्य और सक्रिय व्यक्तियों को जिम्मेदारी दिए जाने से नगर पंचायत के विकास कार्यों में तेजी आएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि साफ-सफाई, पेयजल, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं में जल्द ही सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

वहीं नव-मनोनित सभासदों ने नगर के सर्वांगीण विकास का संकल्प लेते हुए भरोसा दिलाया कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास किया जाएगा।

समारोह का समापन आपसी सहयोग, एकता और नगर के समग्र विकास के संकल्प के साथ हुआ।
समारोह के दौरान नगर के गणमान्य नागरिकों ने फूल-मालाओं से नव-मनोनित सभासद का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। इस अवसर पर डॉ. शेषमणि सिंह, मनीष सिंह, विवेक पांडेय, डॉ. विष्णु प्रसाद, विजय चौरसिया, रघुवंश सिंह, जितेंद्र प्रसाद, विष्णु वर्मा, विशाल सिंह, भगवती ठठेरा, संजय जायसवाल, मनीष मिश्रा, पवन जायसवाल, पिंटू सिंह, बबलू वर्मा, विश्वामित्र जी, अच्छे लाल गुप्ता, असलम गुड्डू, रंजीत कुशवाहा, आशीष जायसवाल, अनुपम वरनवाल, संतोष राजभर तथा विनय वर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

रांची समाहरणालय में कल गूंजेगा 'शपथ' का स्वर: प्रशासन ने लागू की निषेधाज्ञा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम


रांची, 18 मार्च 2026: राजधानी रांची के समाहरणालय भवन में कल यानी 19 मार्च को नगर सरकार का औपचारिक आगाज होने जा रहा है। रांची नगर निगम के नवनिर्वाचित महापौर और पार्षदों के साथ-साथ बुंडू नगर पंचायत के अध्यक्ष और सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।

शपथ ग्रहण और चुनाव का पूरा कार्यक्रम

जिला जनसंपर्क कार्यालय के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह पूर्वाह्न 10:30 बजे से समाहरणालय भवन के ब्लॉक-A (कमरा संख्या 207 और 608) में शुरू होगा। शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद उपमहापौर (रांची नगर निगम) और उपाध्यक्ष (बुंडू नगर पंचायत) के पदों के लिए चुनाव संपन्न कराए जाएंगे।

समाहरणालय परिसर में निषेधाज्ञा (Section 163) लागू

समारोह के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सदर अनुमंडल दण्डाधिकारी ने समाहरणालय भवन परिसर में बीएनएसएस की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की है। यह आदेश 19 मार्च को सुबह 06:00 बजे से रात 08:00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

निषेधाज्ञा के प्रमुख बिंदु:

भीड़ पर रोक: परिसर में 5 या 5 से अधिक व्यक्तियों के जमा होने या साथ चलने पर पाबंदी है (सरकारी कर्मचारियों को छोड़कर)।

हथियारों पर प्रतिबंध: किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र, लाठी-डंडा, तीर-धनुष या विस्फोटक लेकर चलना वर्जित है।

प्रदर्शन पर रोक: परिसर में किसी भी प्रकार का धरना, जुलूस, रैली या आमसभा आयोजित नहीं की जा सकेगी।

ध्वनि विस्तारक यंत्र: लाउडस्पीकर या किसी भी ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

जिला प्रशासन की अपील

रांची जिला प्रशासन ने आम नागरिकों और समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। किसी भी प्रकार की जन शिकायत के लिए प्रशासन ने अपना आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर 9430328080 (अबुआ साथी) भी जारी किया है।

आशुतोष ब्रह्मचारी की चोट का प्रयागराज में मेडिकल परीक्षण, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर ट्रेन में हमला कराने का है आरोप

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर ट्रेन में हमला कराने का गंभीर आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी का एक सप्ताह में दोबारा मेडिकल परीक्षण आज शनिवार को हुआ। पुलिस की सुरक्षा में आशुतोष ब्रह्मचारी मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय 'काल्विन' पहुंचे। छह डॉक्टरों के पैनल ने उनकी स्वास्थ्य जांच की।

आंख, हड्डी का भी डॉक्टरों ने किया परीक्षण

आशुतोष ब्रह्मचारी कॉल्विन अस्पताल में स्वास्थ्य जांच के दौरान करीब दो घंटे तक मौजूद रहे। उन्हें लगी चोट की जांच के अलावा डॉक्टरों की टीम ने उनकी आंख का परीक्षण, हड्डी में घाव का परीक्षण किया। इसके अलावा एक्सरे के साथ ही सिटी स्कैन भी कराया गया।

डीएम के निर्देश पर दोबारा मेडिकल परीक्षण

आशुतोष ब्रह्मचारी का मेडिकल परीक्षा इससे पहले काॅल्विन अस्पताल में बीते रविवार को हुआ था। तब तीन डॉक्टरों के पैनल ने उनकी जांच की थी। इस पैनल ने जो रिपोर्ट बना कर दी, आशुतोष ब्रह्मचारी का कहना था कि रिपोर्ट सही नहीं बनी है। इस संबंध में ज्ञापन डीएम को दिया था। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर मेडिकल परीक्षण दोबारा हुआ है। इस बार छह डॉक्टरों का पैनल आशुतोष ब्रह्मचारी के शरीर की जांच में लगाया गया था।

स्वास्थ्य परीक्षण की हुई वीडियोग्राफी

आशुतोष ब्रह्मचारी के स्वास्थ्य का परीक्षण जब मेडिकल बोर्ड कर रहा था तो उसकी वीडियो फोटोग्राफी भी कराई गई है। इसके लिए पुलिस लाइन से वीडियो फोटोग्राफी एक्सपर्ट को टीम के साथ भेजा गया था।

क्या कहते हैं सीएमओ

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉक्टर अरुण कुमार तिवारी का कहना है कि जिलाधिकारी के निर्देश पर आशुतोष ब्रह्मचारी की मेडिकल जांच दोबारा छह डॉक्टरों का बोर्ड बनाकर कराई गई है। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।

जनपद न्यायालय गोण्डा में दुकानों की नीलामी 24 मार्च को
जनपद न्यायालय गोण्डा में दुकानों की नीलामी 24 मार्च को

चाय, पान व फोटोस्टेट दुकानों के ठेकों के लिए न्यूनतम बोली तय

नीलामी में भाग लेने हेतु जमानत राशि व हैसियत प्रमाण पत्र अनिवार्य

अंतिम निर्णय का अधिकार जनपद न्यायाधीश के पास सुरक्षित


गोण्डा। 18 मार्च 2026 - जनपद न्यायालय गोण्डा के नजारत अनुभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए न्यायालय परिसर में स्थित चाय-नमकीन, पान एवं फोटो/फोटोस्टेट दुकानों के ठेकों की सार्वजनिक नीलामी की घोषणा की गई है। यह नीलामी 24 मार्च 2026 को अपराह्न 4:00 बजे न्यायालय के मीटिंग हाल में नीलामी समिति की उपस्थिति में सम्पन्न होगी।

सूचना के अनुसार, विभिन्न दुकानों के लिए न्यूनतम बोली राशि निर्धारित की गई है। चाय-नमकीन दुकानों के लिए 3.90 लाख रुपये से 5.33 लाख रुपये तक, पान दुकानों के लिए 77 हजार रुपये से 1.65 लाख रुपये तक तथा फोटो/फोटोस्टेट दुकान के लिए 3.75 लाख रुपये न्यूनतम बोली तय की गई है।

नीलामी में भाग लेने वाले इच्छुक व्यक्तियों को पूर्व में निर्धारित जमानत राशि जमा करना अनिवार्य होगा। चाय-नमकीन एवं फोटोस्टेट दुकानों के लिए 30 हजार रुपये तथा पान दुकानों के लिए 15 हजार रुपये अग्रिम जमा करने होंगे। साथ ही, बोलीदाता को अपनी हैसियत प्रमाण पत्र संबंधित तहसीलदार से प्रमाणित कराकर प्रस्तुत करना होगा।

अंतिम रूप से चयनित बोलीदाता को कुल धनराशि का 25 प्रतिशत तत्काल एवं शेष 75 प्रतिशत तीन सप्ताह के भीतर जमा करना होगा। नीलामी की स्वीकृति अथवा अस्वीकृति का अंतिम अधिकार जनपद न्यायाधीश गोण्डा के पास सुरक्षित रहेगा।
रामगढ़ में अब मिनटों में मिलेगी जीवनदायिनी मदद: पीवीयूएनएल ने दी अत्याधुनिक ALS एम्बुलेंस

रामगढ़ स्वास्थ्य विभाग की आपातकालीन सेवाओं को आज एक बड़ा संबल मिला है। पीवीयूएनएल (PVUNL) ने अपनी सामुदायिक विकास पहल के तहत स्वास्थ्य विभाग को एक पूरी तरह से सुसज्जित एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस सौंपी है। यह एम्बुलेंस आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस है, जो गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही जीवनरक्षक प्राथमिक उपचार देने में सक्षम है।

इस एम्बुलेंस का हस्तांतरण पीवीयूएनएल के श्री जियाउर रहमान होहर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्री तनमोय मिश्रा की उपस्थिति में किया गया। इस मौके पर रामगढ़ के सिविल सर्जन ने कहा कि यह अत्याधुनिक एम्बुलेंस जिले की आपातकालीन चिकित्सा क्षमता को दोगुना कर देगी और गंभीर स्थिति में मरीजों को समय पर सही इलाज मिलने से उनकी जान बचाई जा सकेगी। उन्होंने इस सहयोग के लिए पीवीयूएनएल के प्रति आभार व्यक्त किया। यह पहल रामगढ़ और आसपास के क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के स्तर को ऊपर उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सुल्तानपुर में दीवानी के बाद डाकघर को बम की धमकी का मेल मिला,सर्च ऑपरेशन में कुछ नहीं मिला,निकला अफवाह*
सुल्तानपुर के प्रधान डाकघर में बुधवार दोपहर करीब 11 बजे बम रखे होने की धमकी का एक ईमेल मिलने से हड़कंप मच गया। पोस्टमास्टर ने तत्काल पुलिस को सूचना दी,जिसके बाद बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड के साथ साथ पुलिस बल भी मौके पर पहुंची। दरअसल सुल्तानपुर सीओ सिटी सौरभ सामंत के नेतृत्व में कोतवाली नगर पुलिस प्रधान डाकघर पहुंची और पूरी बिल्डिंग व परिसर को खाली कराया गया। पुलिस टीम ने बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड के साथ मिलकर डाकघर के हर कमरे और पूरे परिसर की गहनता के साथ तलाशी ली। इस दौरान डाक कर्मियों और आम लोगों में दहशत का माहौल रहा। करीब आधे घंटे तक चले इस व्यापक तलाशी अभियान में डाक परिसर में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद सभी ने राहत की सांस ली। सीओ सिटी सौरभ सामंत ने बताया कि मौके पर कानून व्यवस्था सामान्य है और जांच के दौरान कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। पोस्टमास्टर सुरेंद्र कुमार चौबे के अनुसार, धमकी भरा ईमेल सुबह करीब 11 बजे प्राप्त हुआ था। सूचना मिलते ही पुलिस को सूचित किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने लगभग डेढ़ घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को आश्वस्त किया है कि डरने वाली कोई बात नहीं है।
मैनपुरी में बड़ा हादसा : रात में कच्ची दीवार गिरने से मां और दो बच्चों की मृत्यु, पिता समेत दो बेटियां घायल

लखनऊ ।  उत्तर प्रदेश के जनपद मैनपुरी में बीती रात टीन शेड कच्ची दीवार और ऊपर लगी टीन शेड के गिरने से नीचे साे रही मां रूबी और दो बच्चों की मौत हो गई जबकि पिता ब्रजेश व दाे बेटियां गंभीर रूप से घायल हैं। घायलाें काे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मैनपुरी के थानाक्षेत्र कुरावली अंतर्गत ग्राम अठ पुरा में मंगलवार को देर रात्रि करीब 12 बजे ब्रजेश (50) पुत्र लाल सिंह के घर की कच्ची दीवार व टीनशेड अचानक गिर गयी । तीन शेड के नीचे बृजेश, बृजेश की पत्नी और चार छोटे बच्चे सो रहे थे। कच्ची दीवार और तीन शेड अचानक गिरने से गहरी नींद में सो रहे परिवार को संभलने का मौका नहीं मिला और दीवार व टीनशेड के नीचे दबकर ब्रजेश की पत्नी रूबी (40) , बेटा दिलीप (08) और बेटी देवी (13) की मौके पर मौत हो गई। चीख पुकार से ग्रामीण व पड़ोसी ब्रजेश के घर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।

हादसे में घायल ब्रजेश , गुडिया (15 ) एवं पल्लवी (05 वर्ष) काे पुलिस द्वारा मौके पर पहुॅचकर घायलों को इलाज हेतु जिला चिकित्सालय भेजा गया । मृतकों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस द्वारा विधिक कार्यवाही की जा रही हैं। गाँव में एक ही परिवार के तीन लोगों की एक साथ मृत्यु हो जाने के बाद गांव में माहौल बहुत गमगीन है। पीड़ित परिवार के पड़ोसियों ने बताया कि बृजेश के घर में पुरानी कच्ची दीवार पर टीन शेड पड़ा हुआ था। इस दीवार को पक्की बनाने के लिए कच्ची दीवार के निकट ही नींव खोदी गई थी,जिसमें पानी भरा था। इस पानी की सीलन के चलते ही दीवार गिरने की बात कही जा रही है।

इंस्पेक्टर कुरावली ललित भाटी ने बताया कि एक ही परिवार में एक महिला व उसके दो बच्चों की दीवार में दबने से मृत्यु हो गई है मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम हेतु मोर्चरी भेज दिया गया है।घायलों को अस्पताल में भर्ती कर दिया है जहां उनका इलाज चल रहा है।
इजराइली हमले में मारे गए अली लारिजानी, कमांडर सुलेमानी की भी मौत

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ईरान और इजरायल के बीच चल रहा युद्ध अब 19वें दिन में पहुंच गया है और संकट और भी ज्यादा गहरा गया है। ईरान-अमेरिका युद्ध के 18वें दिन इजरायल ने तेहरान में जो कार्रवाई की, उसमें ईरान के दो सबसे वरिष्ठ लीडर भी मारे गए। ईरान के सुरक्षा प्रमुख और खामेनेई के करीबी अली लारिजानी और बसीज बलों के कमांडर गुलारजा सुलेमानी इजरायली हवाई हमले में मारे गए हैं।

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने मंगलवार को अली लारीजानी की मौत की पुष्टि कर दी है। लारीजानी सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव थे और कहा जाता था कि पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के मारे जाने के बाद पर्दे के पीछे से वही ईरान को चला रहे थे। इसके पहले इजरायल ने कहा था कि उसने अली लारीजानी को एक हमले में मार दिया है।

खामेनेई की मौत के बाद थी अहम भूमिका

लारीजानी को ईरान के सबसे ताकतवर शख्स माना जाता है, खासकर सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई थी। लारीजानी पूर्व में संसद अध्यक्ष और वरिष्ठ नीति सलाहकार भी रह चुके थे। परमाणु वार्ता में भी उनकी भूमिका रही थी। जनरल सुलेमानी पर अमेरिका, यूरोपीय संघ और अन्य देशों द्वारा प्रतिबंध लगाए गए थे, क्योंकि उन पर वर्षों से विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका निभाने का आरोप था।

अली लारीजानी के साथ उनके बेटे की भी मौत

ईरान के सरकारी टीवी और सुरक्षा परिषद के अनुसार अली लारीजानी की उनके बेटे मोर्तेजा और एक सहयोगी के साथ हत्या कर दी गई। ईरान के कई नेताओं ने इस हत्या की निंदा की है। विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि इससे सिस्टम पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह संस्थाओं पर आधारित है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि लारिजानी की जगह कौन लेगा, क्या सईद जलीली या फिर नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई कोई नई नियुक्ति करेंगे।

इजरायल ने किया मारे जाने का दावा

इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने सबसे पहले लारीजानी के मारे जाने का ऐलान किया था। इजरायली सेना ने बताया कि सोमवार देर रात हुए हवाई हमले में अली लारीजानी और ईरान की एलीट बासिज फोर्स के कमांडर को मार दिया गया। मंगलवार शाम के इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी लारीजानी के मारे जाने घोषणा करते हुए कहा कि इन हमलों का मकसद ईरान के नेतृत्व कमजोर करना था, ताकि ईरानी लोगों को उसे हटाने का मौका मिल सके।

गुलाम रज़ा सुलेमानी की भी मौत

रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने पुष्टि की है कि बसिज संगठन के कमांडर गुलाम रजा सुलेमानी भी इजराइली हमले में मारे गए। गोलम रजा सुलेमानी आईआरजीसी के एक उच्च पदस्थ कमांडर थे। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के पहले दिन कमांडर-इन-चीफ समेत कई सैन्य कमांडरों की मौत के बाद, सुलेमानी की मौत युद्ध की सबसे महत्वपूर्ण खबरों में से एक है। बसिज, जो कि रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की एक संगठनात्मक सहायक संस्था है, ईरानी सरकार की सुरक्षा शाखाओं में से एक है और आंतरिक संकटों के प्रबंधन और विरोध प्रदर्शनों को दबाने और नियंत्रित करने में निर्णायक भूमिका निभाती है।