चामुंडेश्वरी माता से निकली 20 हजार किमी की सनातन पदयात्रा रायपुर पहुँची

रायपुर- मैसूर (कर्नाटक) के चामुंडेश्वरी माता मंदिर से 26 अक्टूबर 2025 को प्रारंभ हुई लगभग 20 हजार किलोमीटर लंबी सनातन धर्म पदयात्रा रायपुर पहुँच चुकी है। लोक कल्याण, सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, गौ-रक्षा और सामाजिक चेतना के उद्देश्य से निकले ये पदयात्री प्रतिदिन करीब 50 से 55 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा कर रहे हैं। अपने दैनिक उपयोग का सामान एक साइकिल में रखकर यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है।

अब तक यह पदयात्रा देश के 7 राज्यों के 329 जिलों से होकर गुजर चुकी है। विशेष बात यह है कि सनातन संस्कृति के संदेश को लेकर इनकी यात्रा भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि श्रीलंका में भी पदयात्रा कर वहां भारतीय संस्कृति और धर्म के मूल्यों का प्रचार किया गया।

यात्रा का नेतृत्व कर रहे गुरुजी अंजनेयुलू यादव, निवासी श्रीशेलम (हैदराबाद) एवं उनके साथ बी. आर. गीता माताजी, बेंगलुरु ने बताया कि इस पदयात्रा का उद्देश्य समाज में सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों, गौ-संरक्षण, सेवा, समरसता और लोक कल्याण के भाव को मजबूत करना है।

छत्तीसगढ़ प्रवास के बाद यह पदयात्रा ओड़िशा, कोलकाता, बिहार, असम, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश होते हुए जम्मू-कश्मीर में जाकर संपन्न होगी। रायपुर में श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने पदयात्रियों का स्वागत करते हुए उनके संकल्प और साहस की सराहना की।

मकर संक्रांति के पावन पर्व पर श्रद्धा का सैलाब शाम 4 बजे तक 91 लाख श्रद्धालुओ ने लगाई आस्था की डुबकी।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।तीर्थराज प्रयाग में मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला।बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त से ही संगम और विभिन्न घाटो पर श्रद्धालुओ की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था पर मौसम का कोई असर नही दिखा।प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार आज शाम 4 बजे तक लगभग 91 लाख श्रद्धालुओ ने संगम सहित विभिन्न स्नान घाटो पर आस्था की डुबकी लगाई।मकर संक्रांति को सनातन परम्परा में विशेष महत्व प्राप्त है।इस दिन सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही पुण्यकाल आरम्भ माना जाता है।इसी मान्यता के चलते देश के कोने-कोने से श्रद्धालु तीर्थराज प्रयाग पहुंचे।संगम पर हर-हर गंगे और जय गंगा मैया के जयघोष के बीच श्रद्धालुओ ने पवित्र स्नान कर दान-पुण्य किया।श्रद्धालुओ ने तिल गुड़ वस्त्र और अन्न का दान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम रही।कई स्थानो पर 15 से 20 मीटर तक ही दिखाई दे रहा था जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।बावजूद इसके श्रद्धालुओ का उत्साह कम नही हुआ। बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे भी पूरी श्रद्धा के साथ घाटों तक पहुंचे और स्नान किया।श्रद्धालुओ की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।पुलिस पीएसी और होमगार्ड के जवानों को घाटों, मार्गों और मेला क्षेत्र में तैनात किया गया।ड्रोन कैमरो और सीसीटीवी के माध्यम से भीड़ पर नजर रखी गई।यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए थे जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा घाटों के पास अस्थायी चिकित्सा शिविर लगाए गए जहां ठंड से प्रभावित श्रद्धालुओ का प्राथमिक उपचार किया गया। साथ ही स्वच्छता कर्मियो की टीम दिनभर घाटो और मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बनाए रखने में जुटी रही।मकर संक्रांति के इस महास्नान ने माघ मेले की रौनक को और बढ़ा दिया है।प्रशासन का अनुमान है कि देर शाम और रात तक स्नान करने वालों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।आस्था परम्परा और अनुशासन के संगम ने एक बार फिर तीर्थराज प्रयाग को विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में अग्रणी बना दिया।

सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने दी शाकिर हुसैन‘तशना’ को श्रद्धांजलि“तशना सम्मान”की घोषणा।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने उर्दू अदब के वरिष्ठ पत्रकार उस्ताद शायर एवं कुशल मुशायरा– निज़ामतकार स्व0 शाकिर हुसैन‘तशना’ को उनके करेली स्थित आवास पर पहुँचकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उर्दू साहित्य शेरो–शायरी एवं ग़ज़ल की समृद्ध परम्परा के संरक्षण और संवर्धन हेतु विश्व जनचेतना ट्रस्ट भारत द्वारा प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मान तशना सम्मान”की स्थापना की घोषणा की गई।यह सम्मान स्वर्गीय शाकिर हुसैन ‘तशना’की पुण्य स्मृति में स्थापित किया जा रहा है जिन्होने पत्रकारिता को जीवन–धर्म मानते हुए उर्दू अदब की निस्वार्थ सेवा की और अपने संवेदनशील सादगीपूर्ण तथा प्रभावशाली व्यक्तित्व से साहित्यिक जगत में विशिष्ट पहचान बनाई।इस अवसर पर समाजसेवी असरार नियाज़ी ने कहा कि शाकिर हुसैन‘तशना’उर्दू अदब और पत्रकारिता दोनो के सशक्त स्तंभ थे जिनकी सेवाओं को यह सम्मान सच्ची श्रद्धांजलि है।

स्वर्गीय तशना साहब के सुपुत्र अमजद हुसैन ‘रावी’ने कहा कि“तशना सम्मान”उनके पिता की साहित्यिक साधना विचारधारा और मूल्यो को चिरस्थायी बनाए रखने का सार्थक प्रयास है।एडवोकेट बख़्तियार यूसुफ ने तशना साहब के उर्दू एवं हिन्दी भाषाओ पर समान अधिकार की सराहना करते हुए उनके व्यक्तित्व को साहित्यिक सौहार्द का प्रतीक बताया।

विश्व जन चेतना ट्रस्ट भारत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ.राहुल शुक्ल ‘साहिल’ ने कहा कि संस्था की उर्दू शाखा बज़्म–ए–अहबाब के माध्यम से निरंतर मुशायरे एवं शेरो–शायरी के भव्य आयोजन कर उर्दू अदब को नई दिशा दी जाएगी।कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में महमूद मो.अकबर अली मोइन हबीबी मोहम्मद शाहब तलत महमूद कौशर रिज़वी एस.एम.रिज़वी मो.दानिश यासीन एडवोकेट फरहान आलम सुहैल अख्तर अवसाफ निसार सैफ अली असद हुसैन ताबी असद कुरैशी मोहम्मद कादिर शरिक सिद्दीकी कौसर सहित अनेक साहित्यप्रेमी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

आयोजको ने विश्वास व्यक्त किया कि“तशना सम्मान”न केवल स्वर्गीय शाकिर हुसैन‘तशना’की साहित्यिक विरासत को चिर स्थायी बनाए रखेगा बल्कि उर्दू अदब की परम्परा शालीनता और अदबी गरिमा को आने वाली पीढ़ियो तक सशक्त रूप से पहुँचाएगा।

खेल प्रतियोगिताओ से युवाओ को मिलता है अवसर-मिश्र।

ग्राम प्रधान पैतिहा सद्दाम अहमद ने मकर संक्रान्ति पर्व पर ग्राम वासियो को शुभकामनाएं।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत विकास खण्ड कोरांव क्षेत्र के हनुमानगंज पैतीहा में आयोजित हो रहे शानदार क्रिकेट टूर्नामेंट हनुमानगंज प्रीमीयम लीग का शानदार उद्घाटन किया गया जिसमें क्षेत्रीय युवाओ को अपनी प्रतिभा को दिखाने का सुनहरा अवसर मिलता है उक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप मे आयोजन समिति के अशरफ शेख अली अहमद नवीन होडा इमाम मुद्दन जावेद अहमद आदि युवा साथियो द्वारा सांसद कुंवर उज्ज्वल रमण सिंह को आमंत्रण दिया गया था विषम परिस्थितियो में सम्मिलित न हो पाने के कारण सांसद अपने समाजसेवी प्रमोद मिश्र पयासी को भेजकर वीडियो काल से खेल प्रेमियो और ग्राम वासियो क्रिकेट टूर्नामेन्ट आयोजक को सम्बोधित कर उनको शुभकामनाएं एवं बधाई दिया।

क्रिकेट टूर्नामेन्ट कराने के लिए आयोजन समिति की सराहना किया एवं भविष्य में सम्मिलित होने के लिए आश्वासन दिया उद्घाटन करते हुए प्रमोद मिश्र पयासी ने सम्बोधित करते हुए कहा की ऐसे क्रिकेट टूर्नामेन्ट से युवा खिलाडियो को अच्छा प्लेटफार्म मिलता है जिससे राष्ट्रीय प्रदेश स्तर तक अपनी प्रतिभा को दिखाने का अवसर मिलता है इस दौरान ग्राम प्रधान सद्दाम अहमद ने संयुक्त रूप से क्रिकेट टूर्नामेन्ट का उद्घाटन करके युवाओ को सम्बोधित किया और ग्राम प्रधान सद्दाम अहमद ने ग्राम वासियो को मकर संक्रान्ति के पर्व पर शुभकामनाएं देते हुए ग्राम वासियो से कहा कि हम आपके हर सुख दुःख में साथ में हूं किसी परिस्थितियो में आपके साथ खड़े रहेंगे।

ग्राम प्रधान पैतिहा ने जनमानस से अपील करते हुए कहा कि आपके गांव में हमारे द्वारा विकास किया गया है सरकार द्वारा चलाए जा रहे जनकल्याणकारी योजनाओ को गरीब मजदूर विकलांग असहाय परिवारो तक पहुंच रहा है।मैं आपका बेटा हूं बेटा बनकर ग्राम सभा में कार्य कर रहा हूं।आप सब लोगो ने मेहनत करके अपने बेटा को आशीर्वाद दिया उसी लगन से ग्राम सभा पैतिहा में विकास की धारा प्रवाहित हो रही।वही ग्राम प्रधान पैतिहा ने आए हुए अतिथियो का स्वागत किया।

अघोरपीठ बाबा सत्यनाथ मठ पर हुआ तीन दिवसीय अवधूत देशना पर्व का समापन, राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश के विद्वानों ने अपने अपने विचार रखे*
सुलतानपुर,अघोर पीठ बाबा सत्यनाथ मठ अल्देमऊ नूरपुर में आयोजित तीन दिवसीय अवधूत देशना पर्व के समापन अवसर पर संगोष्ठी आयोजित की गई। मठ के पीठाधीश्वर अवधूत उग्र चण्डेश्वर कपाली बाबा के सानिध्य में समाज में अघोर परम्परा का योगदान विषयक इस संगोष्ठी में देश के विद्वानों ने अपने अपने विचार रखे । मुख्य अतिथि समाजसेवी हनुमान सिंह ने कहा कि जब समाज में कुरीतियां पनपती हैं तो अघोर परम्परा समाज को जागृत करती है। विशिष्ट अतिथि पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य घनश्याम चौहान ने कहा कि अघोर पंथ समदर्शी है। समाजसेवा में इनके द्वारा विभिन्न कार्य किये जा रहे हैं। प्रमोद मिश्र मुन्ना ने कहा कि अघोर परम्परा का काम जातियों को समाप्त करना है । बांके बिहारी पाण्डेय ने कहा अगर हम आज नहीं चेते तो भविष्य संकट में होगा। विषय प्रवर्तन करते हुए सत्यनाथ विद्वत परिषद के मंत्री श्याम चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित व संरक्षित करने के लिए अघोर परम्परा अपनाना जरूरी है। यह परम्परा सामाजिक भेदभाव को समाप्त करती है। राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि ने कहा कि समाज में समन्वय और समरसता स्थापित करने में अघोर परम्परा ने अग्रणी भूमिका निभाई है। अहंकार को समाप्त कर सामाजिक वर्जनाओं को तोड़कर और मृत्यु व जन्म के द्वैत से परे जाकर आत्म ज्ञान प्राप्त करना तथा समस्त सृष्टि की एकता को समझना ही अघोर परम्परा का लक्ष्य है। संत तुलसीदास पीजी कालेज के पूर्व प्राचार्य डॉ इन्दुशेखर उपाध्याय ने कहा कि अघोर परम्परा का पालन आवश्यक है।अगर हम आज नहीं चेते तो भविष्य संकट में होगा । नसीराबाद स्टेट रायबरेली के राय अभिषेक ने कहा नई पीढ़ी में सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता तभी आयेगी जब वे अघोर परम्परा से जुड़ेंगे। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ सुशील कुमार पाण्डेय साहित्येन्दु व संचालन मथुरा प्रसाद सिंह जटायु ने किया। संगोष्ठी में एडवोकेट समर बहादुर सिंह, विजय बहादुर सिंह दिवाकर, पवन कुमार सिंह आदि ने भी अपने विचार रखे। इससे पूर्व फौजदार सिंह ने आल्हा सुनाकर लोगों को वीररस से ओतप्रोत कर दिया। आचार्य नीरज मिश्र ने स्वस्ति वाचन कर कार्यक्रम की शुरुआत की । इस अवसर पर एम एल सी रामसूरत राजभर, विधायक राजेश गौतम, पूर्व विधायक राम चंद्र चौधरी, पूर्व चेयरमैन विजयभान सिंह, हरिकृपाल सिंह , इंद्र नारायण तिवारी, समर बहादुर सिंह एडवोकेट, दिवाकर सिंह एडवोकेट,अंगद सिंह, शुभम् सिंह शुभ,सुरेंद्र सिंह,अजय बहादुर सिंह,अजीत सिंह बरवारीपुर समेत अनेक प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे।
भीषण शीतलहर में 'भैरव फाउंडेशन' ने फैलाई मानवता की गर्माहट, चल रहे सेवा शिविर  संपन्न

मुज़फ्फरनगर।मकर संक्रांति के पावन पर्व पर केनरा बैंक के समीप राहगीरों को वितरित की गई गर्मागर्म चाय और खिचड़ी

मुजफ्फरनगर।जानसठ । कड़ाके की ठंड और हाड़ कंपा देने वाली शीतलहर के बीच जहाँ आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है, वहीं 'भैरव फाउंडेशन रिलिजियस एंड चैरिटेबल ट्रस्ट' ने मानवता की सेवा का बीड़ा उठाकर समाज के सामने एक अनूठी मिसाल पेश की है। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर ट्रस्ट द्वारा  केनरा बैंक के समीप आयोजित 'पञ्च दिवसीय शिशिर ऋतु सेवा कार्यक्रम' का आज गुरुवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ।


बुधवार को की दिनेश से निरंतर शिविर का समापन हुआ जबकि घने कोहरे और कड़कड़ाती ठंड के बावजूद फाउंडेशन के सेवादार प्रतिदिन सुबह 8:00 बजे ही मोर्चे पर तैनात हो जाते थे। मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों, मेहनत-कश रिक्शा चालकों और असहाय लोगों को गर्मागर्म चाय और मकर संक्रांति के पारंपरिक प्रसाद 'खिचड़ी' का वितरण किया गया।

इस सेवा यज्ञ में क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों ने शिरकत कर पुण्य लाभ कमाया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से नाहर सिंह, प्रवेंद्र भड़ाना, चंद्रमुकुट शर्मा, योगेश भेटवाल, रेशु गोयल , निकुंज वालिया और सोहित कांबोज सहित अन्य अतिथियों ने अपने कर-कमलों से प्रसाद वितरित किया। अतिथियों ने फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजन आपसी भाईचारे और सेवा भाव को सुदृढ़ करते हैं। कार्यक्रम की सफलता में फाउंडेशन के समर्पित कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा। सूरज भाई, आशुतोष, रईस, विनय, आलोक, राजबीर और पप्पन ने पूरी तन्मयता के साथ 'प्रभु इच्छा' तक आने वाले हर व्यक्ति को जलपान और भोजन कराया। सेवादारों के चेहरे पर थकान के बजाय संतुष्टि के भाव स्पष्ट नजर आ रहे थे।

भैरव फाउंडेशन अध्यक्ष ने कहा कि
ट्रस्ट का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान करना ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़कर पीड़ित मानवता की सेवा करना है। मकर संक्रांति दान और पुण्य का पर्व है, इसीलिए हमने यह पांच दिवसीय एशिविर लगाया ताकि इस भीषण ठंड में कोई भूखा न रहे।

राहगीरों के लिए बना वरदान ।।
ठंड से ठिठुरते हुए राहगीरों के लिए यह शिविर किसी वरदान से कम साबित नहीं हुआ। लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों ने बताया कि रास्ते में इस तरह की नि:स्वार्थ सेवा मिलना ईश्वर की कृपा जैसा है। ट्रस्ट के इस कदम की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना की जा रही है।
भीषण शीतलहर में 'भैरव फाउंडेशन' ने फैलाई मानवता की गर्माहट, चल रहे सेवा शिविर  संपन्न

मुज़फ्फरनगर।मकर संक्रांति के पावन पर्व पर केनरा बैंक के समीप राहगीरों को वितरित की गई गर्मागर्म चाय और खिचड़ी

मुजफ्फरनगर।जानसठ । कड़ाके की ठंड और हाड़ कंपा देने वाली शीतलहर के बीच जहाँ आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है, वहीं 'भैरव फाउंडेशन रिलिजियस एंड चैरिटेबल ट्रस्ट' ने मानवता की सेवा का बीड़ा उठाकर समाज के सामने एक अनूठी मिसाल पेश की है। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर ट्रस्ट द्वारा  केनरा बैंक के समीप आयोजित 'पञ्च दिवसीय शिशिर ऋतु सेवा कार्यक्रम' का आज गुरुवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ।


बुधवार को की दिनेश से निरंतर शिविर का समापन हुआ जबकि घने कोहरे और कड़कड़ाती ठंड के बावजूद फाउंडेशन के सेवादार प्रतिदिन सुबह 8:00 बजे ही मोर्चे पर तैनात हो जाते थे। मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों, मेहनत-कश रिक्शा चालकों और असहाय लोगों को गर्मागर्म चाय और मकर संक्रांति के पारंपरिक प्रसाद 'खिचड़ी' का वितरण किया गया।

इस सेवा यज्ञ में क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों ने शिरकत कर पुण्य लाभ कमाया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से नाहर सिंह, प्रवेंद्र भड़ाना, चंद्रमुकुट शर्मा, योगेश भेटवाल, रेशु गोयल , निकुंज वालिया और सोहित कांबोज सहित अन्य अतिथियों ने अपने कर-कमलों से प्रसाद वितरित किया। अतिथियों ने फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजन आपसी भाईचारे और सेवा भाव को सुदृढ़ करते हैं। कार्यक्रम की सफलता में फाउंडेशन के समर्पित कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा। सूरज भाई, आशुतोष, रईस, विनय, आलोक, राजबीर और पप्पन ने पूरी तन्मयता के साथ 'प्रभु इच्छा' तक आने वाले हर व्यक्ति को जलपान और भोजन कराया। सेवादारों के चेहरे पर थकान के बजाय संतुष्टि के भाव स्पष्ट नजर आ रहे थे।

भैरव फाउंडेशन अध्यक्ष ने कहा कि
ट्रस्ट का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान करना ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़कर पीड़ित मानवता की सेवा करना है। मकर संक्रांति दान और पुण्य का पर्व है, इसीलिए हमने यह पांच दिवसीय एशिविर लगाया ताकि इस भीषण ठंड में कोई भूखा न रहे।

राहगीरों के लिए बना वरदान ।।
ठंड से ठिठुरते हुए राहगीरों के लिए यह शिविर किसी वरदान से कम साबित नहीं हुआ। लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों ने बताया कि रास्ते में इस तरह की नि:स्वार्थ सेवा मिलना ईश्वर की कृपा जैसा है। ट्रस्ट के इस कदम की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना की जा रही है।
मूषक राज को देखकर स्वास्थ्य मंत्री को कहीं खांसी न आ जाए- अखिलेश यादव
*मेडिकल कॉलेज में चूहों की वीडियो पर राजनीति तेज

गोंडा।मेडिकल कालेज के आर्थो वार्ड में चूहों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में हड़कम्प मच गया है।मरीजों के वार्ड में चूहों की मौज देख विपक्षी पार्टियों ने राज्य सरकार व स्वास्थ्य मंत्री पर जमकर निशाना साधा।समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने अपने एक्स (ट्विटर) एकाउंट पर लिखा कि उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में मूषकराज देखकर स्वास्थ्य मंत्री जी को कहीं खांसी न आ जाए,लेकिन खांसने से पहले सोच लें कि कहीं कोई गलती से उनको अपने खास लोगों का बनाया,सीरप न पीने को दे दें।उन्होंने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए विभागीय मंत्री बृजेश पाठक को भी घेरा।कांग्रेस नेता रागिनी नायक और सुप्रिया श्रीनेत ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि गोंडा मेडिकल कॉलेज का यह वार्ड इंसानों के लिए नहीं,चूहों के लिए है।संक्रमण और गंभीर बीमारियों का खतरा मंड़रा रहा है लेकिन प्रशासन गंभीर नहीं।आम आदमी पार्टी ने भी ट्वीट कर कहा कि गोंडा में चूहे इतने सक्षम हो गये हैं कि अब डाक्टरों की जगह  मरीजों का इलाज कर रहे हैं।कौशांबी सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने लिखा,गोंडा आर्थो वार्ड में कूदफांद रहे हैं,संक्रमण और असमय मौतें भी इन्हीं कारणों से होती है।नौ साल के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में स्वास्थ्य विभाग का यही वास्तविक चेहरा है।मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉक्टर अनिल कुमार तिवारी ने बताया कि वार्ड में दवा का छिड़काव कराया गया और चूहे गायब हो गए हैं।उन्होंने कर्मचारियों को नोटिस देकर सफाई पर सख्ती करने के निर्देश दिए।सीएमएस ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों का का सवाल उठाना है और हमारा काम काम करना है।उनके सवालों का जवाब देना हमारा काम नहीं।
50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं  ने लगाई आस्था की डुबकी
सरयू और पसका घाटों पर उमड़ी भीड़, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

गोंडा।जिले में मकर संक्रांति का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है।जिले के करनैलगंज व पसका घाट पर सरयू नदी में लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई है।सुबह 4 बजे से ही घाटों पर भारी भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी।अब तक 50000 से अधिक लोग इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हो चुके हैं।श्रद्धालु सूर्य देवता की पूजा अर्चना कर पुण्य लाभ के लिए स्नान कर रहे हैं।

दूर दूर से लोग इन घाटों पर पहुंच रहे हैं।श्रद्धालुओं का मानना है कि मकर संक्रांति पर सरयू में स्नान करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और पुण्य मिलता है।हिन्दू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि इसे सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का दिन माना जाता है।इस आयोजन के सफल और सुरक्षित संचालन के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है।

एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को नदी के किनारे तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें भी घाटों पर लगातार चौकसी बरत रही हैं।श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नदियों के किनारे विशेष रैंप और मार्ग बनाए गए हैं।घाटों पर साफ सफाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी व्यवस्था की है कि इस धार्मिक अवसर पर कोई अप्रिय घटना न घटे और श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।
छबेलवा वन बना पर्यावरण संरक्षण का केंद्र: चूड़ा-दही भोज में एकजुट हुआ समाज

इचाक (हजारीबाग): इचाक प्रखंड स्थित छबेलवा वन अब केवल हरियाली का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और पर्यावरण संरक्षण का एक सशक्त प्रतीक बनकर उभर रहा है। इसी कड़ी में, यहाँ एक भव्य 'चूड़ा-दही मिलन समारोह' का आगाज किया गया, जिसने आपसी भाईचारे की नई मिसाल पेश की है।

गौतम जी ने इस अवसर पर कहा कि छबेलवा वन अब पर्यावरण संरक्षण की मुहिम का चेहरा बन चुका है। जंगल के सुरम्य वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए बरकट्ठा, इचाक, बड़कागांव और दारू समेत आसपास के कई क्षेत्रों से गणमान्य लोग उपस्थित हुए। इसमें प्रमुख शिक्षाविद, राजनीतिक व गैर-राजनीतिक हस्तियों के साथ-साथ वरिष्ठ समाजसेवियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी विचारधाराओं के लोगों का एक मंच पर आना सामाजिक समरसता का अद्भुत उदाहरण रहा।

इस आयोजन की सफलता की असली नींव यहाँ के युवाओं ने रखी। स्थानीय युवाओं की कड़ी मेहनत, समर्पण और अनुशासित व्यवस्था ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। युवाओं ने न केवल आगंतुकों का स्वागत किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि वे अपनी लोक-संस्कृति और 'जल-जंगल-जमीन' के संरक्षण के लिए संकल्पित हैं। छबेलवा वन की यह पहल निश्चित रूप से भविष्य में भी समाज को प्रकृति प्रेम के लिए प्रेरित करती रहेगी। 

चामुंडेश्वरी माता से निकली 20 हजार किमी की सनातन पदयात्रा रायपुर पहुँची

रायपुर- मैसूर (कर्नाटक) के चामुंडेश्वरी माता मंदिर से 26 अक्टूबर 2025 को प्रारंभ हुई लगभग 20 हजार किलोमीटर लंबी सनातन धर्म पदयात्रा रायपुर पहुँच चुकी है। लोक कल्याण, सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, गौ-रक्षा और सामाजिक चेतना के उद्देश्य से निकले ये पदयात्री प्रतिदिन करीब 50 से 55 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा कर रहे हैं। अपने दैनिक उपयोग का सामान एक साइकिल में रखकर यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है।

अब तक यह पदयात्रा देश के 7 राज्यों के 329 जिलों से होकर गुजर चुकी है। विशेष बात यह है कि सनातन संस्कृति के संदेश को लेकर इनकी यात्रा भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि श्रीलंका में भी पदयात्रा कर वहां भारतीय संस्कृति और धर्म के मूल्यों का प्रचार किया गया।

यात्रा का नेतृत्व कर रहे गुरुजी अंजनेयुलू यादव, निवासी श्रीशेलम (हैदराबाद) एवं उनके साथ बी. आर. गीता माताजी, बेंगलुरु ने बताया कि इस पदयात्रा का उद्देश्य समाज में सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों, गौ-संरक्षण, सेवा, समरसता और लोक कल्याण के भाव को मजबूत करना है।

छत्तीसगढ़ प्रवास के बाद यह पदयात्रा ओड़िशा, कोलकाता, बिहार, असम, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश होते हुए जम्मू-कश्मीर में जाकर संपन्न होगी। रायपुर में श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने पदयात्रियों का स्वागत करते हुए उनके संकल्प और साहस की सराहना की।

मकर संक्रांति के पावन पर्व पर श्रद्धा का सैलाब शाम 4 बजे तक 91 लाख श्रद्धालुओ ने लगाई आस्था की डुबकी।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।तीर्थराज प्रयाग में मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला।बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त से ही संगम और विभिन्न घाटो पर श्रद्धालुओ की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था पर मौसम का कोई असर नही दिखा।प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार आज शाम 4 बजे तक लगभग 91 लाख श्रद्धालुओ ने संगम सहित विभिन्न स्नान घाटो पर आस्था की डुबकी लगाई।मकर संक्रांति को सनातन परम्परा में विशेष महत्व प्राप्त है।इस दिन सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही पुण्यकाल आरम्भ माना जाता है।इसी मान्यता के चलते देश के कोने-कोने से श्रद्धालु तीर्थराज प्रयाग पहुंचे।संगम पर हर-हर गंगे और जय गंगा मैया के जयघोष के बीच श्रद्धालुओ ने पवित्र स्नान कर दान-पुण्य किया।श्रद्धालुओ ने तिल गुड़ वस्त्र और अन्न का दान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम रही।कई स्थानो पर 15 से 20 मीटर तक ही दिखाई दे रहा था जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।बावजूद इसके श्रद्धालुओ का उत्साह कम नही हुआ। बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे भी पूरी श्रद्धा के साथ घाटों तक पहुंचे और स्नान किया।श्रद्धालुओ की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।पुलिस पीएसी और होमगार्ड के जवानों को घाटों, मार्गों और मेला क्षेत्र में तैनात किया गया।ड्रोन कैमरो और सीसीटीवी के माध्यम से भीड़ पर नजर रखी गई।यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए थे जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा घाटों के पास अस्थायी चिकित्सा शिविर लगाए गए जहां ठंड से प्रभावित श्रद्धालुओ का प्राथमिक उपचार किया गया। साथ ही स्वच्छता कर्मियो की टीम दिनभर घाटो और मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बनाए रखने में जुटी रही।मकर संक्रांति के इस महास्नान ने माघ मेले की रौनक को और बढ़ा दिया है।प्रशासन का अनुमान है कि देर शाम और रात तक स्नान करने वालों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।आस्था परम्परा और अनुशासन के संगम ने एक बार फिर तीर्थराज प्रयाग को विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में अग्रणी बना दिया।

सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने दी शाकिर हुसैन‘तशना’ को श्रद्धांजलि“तशना सम्मान”की घोषणा।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने उर्दू अदब के वरिष्ठ पत्रकार उस्ताद शायर एवं कुशल मुशायरा– निज़ामतकार स्व0 शाकिर हुसैन‘तशना’ को उनके करेली स्थित आवास पर पहुँचकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उर्दू साहित्य शेरो–शायरी एवं ग़ज़ल की समृद्ध परम्परा के संरक्षण और संवर्धन हेतु विश्व जनचेतना ट्रस्ट भारत द्वारा प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मान तशना सम्मान”की स्थापना की घोषणा की गई।यह सम्मान स्वर्गीय शाकिर हुसैन ‘तशना’की पुण्य स्मृति में स्थापित किया जा रहा है जिन्होने पत्रकारिता को जीवन–धर्म मानते हुए उर्दू अदब की निस्वार्थ सेवा की और अपने संवेदनशील सादगीपूर्ण तथा प्रभावशाली व्यक्तित्व से साहित्यिक जगत में विशिष्ट पहचान बनाई।इस अवसर पर समाजसेवी असरार नियाज़ी ने कहा कि शाकिर हुसैन‘तशना’उर्दू अदब और पत्रकारिता दोनो के सशक्त स्तंभ थे जिनकी सेवाओं को यह सम्मान सच्ची श्रद्धांजलि है।

स्वर्गीय तशना साहब के सुपुत्र अमजद हुसैन ‘रावी’ने कहा कि“तशना सम्मान”उनके पिता की साहित्यिक साधना विचारधारा और मूल्यो को चिरस्थायी बनाए रखने का सार्थक प्रयास है।एडवोकेट बख़्तियार यूसुफ ने तशना साहब के उर्दू एवं हिन्दी भाषाओ पर समान अधिकार की सराहना करते हुए उनके व्यक्तित्व को साहित्यिक सौहार्द का प्रतीक बताया।

विश्व जन चेतना ट्रस्ट भारत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ.राहुल शुक्ल ‘साहिल’ ने कहा कि संस्था की उर्दू शाखा बज़्म–ए–अहबाब के माध्यम से निरंतर मुशायरे एवं शेरो–शायरी के भव्य आयोजन कर उर्दू अदब को नई दिशा दी जाएगी।कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में महमूद मो.अकबर अली मोइन हबीबी मोहम्मद शाहब तलत महमूद कौशर रिज़वी एस.एम.रिज़वी मो.दानिश यासीन एडवोकेट फरहान आलम सुहैल अख्तर अवसाफ निसार सैफ अली असद हुसैन ताबी असद कुरैशी मोहम्मद कादिर शरिक सिद्दीकी कौसर सहित अनेक साहित्यप्रेमी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

आयोजको ने विश्वास व्यक्त किया कि“तशना सम्मान”न केवल स्वर्गीय शाकिर हुसैन‘तशना’की साहित्यिक विरासत को चिर स्थायी बनाए रखेगा बल्कि उर्दू अदब की परम्परा शालीनता और अदबी गरिमा को आने वाली पीढ़ियो तक सशक्त रूप से पहुँचाएगा।

खेल प्रतियोगिताओ से युवाओ को मिलता है अवसर-मिश्र।

ग्राम प्रधान पैतिहा सद्दाम अहमद ने मकर संक्रान्ति पर्व पर ग्राम वासियो को शुभकामनाएं।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत विकास खण्ड कोरांव क्षेत्र के हनुमानगंज पैतीहा में आयोजित हो रहे शानदार क्रिकेट टूर्नामेंट हनुमानगंज प्रीमीयम लीग का शानदार उद्घाटन किया गया जिसमें क्षेत्रीय युवाओ को अपनी प्रतिभा को दिखाने का सुनहरा अवसर मिलता है उक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप मे आयोजन समिति के अशरफ शेख अली अहमद नवीन होडा इमाम मुद्दन जावेद अहमद आदि युवा साथियो द्वारा सांसद कुंवर उज्ज्वल रमण सिंह को आमंत्रण दिया गया था विषम परिस्थितियो में सम्मिलित न हो पाने के कारण सांसद अपने समाजसेवी प्रमोद मिश्र पयासी को भेजकर वीडियो काल से खेल प्रेमियो और ग्राम वासियो क्रिकेट टूर्नामेन्ट आयोजक को सम्बोधित कर उनको शुभकामनाएं एवं बधाई दिया।

क्रिकेट टूर्नामेन्ट कराने के लिए आयोजन समिति की सराहना किया एवं भविष्य में सम्मिलित होने के लिए आश्वासन दिया उद्घाटन करते हुए प्रमोद मिश्र पयासी ने सम्बोधित करते हुए कहा की ऐसे क्रिकेट टूर्नामेन्ट से युवा खिलाडियो को अच्छा प्लेटफार्म मिलता है जिससे राष्ट्रीय प्रदेश स्तर तक अपनी प्रतिभा को दिखाने का अवसर मिलता है इस दौरान ग्राम प्रधान सद्दाम अहमद ने संयुक्त रूप से क्रिकेट टूर्नामेन्ट का उद्घाटन करके युवाओ को सम्बोधित किया और ग्राम प्रधान सद्दाम अहमद ने ग्राम वासियो को मकर संक्रान्ति के पर्व पर शुभकामनाएं देते हुए ग्राम वासियो से कहा कि हम आपके हर सुख दुःख में साथ में हूं किसी परिस्थितियो में आपके साथ खड़े रहेंगे।

ग्राम प्रधान पैतिहा ने जनमानस से अपील करते हुए कहा कि आपके गांव में हमारे द्वारा विकास किया गया है सरकार द्वारा चलाए जा रहे जनकल्याणकारी योजनाओ को गरीब मजदूर विकलांग असहाय परिवारो तक पहुंच रहा है।मैं आपका बेटा हूं बेटा बनकर ग्राम सभा में कार्य कर रहा हूं।आप सब लोगो ने मेहनत करके अपने बेटा को आशीर्वाद दिया उसी लगन से ग्राम सभा पैतिहा में विकास की धारा प्रवाहित हो रही।वही ग्राम प्रधान पैतिहा ने आए हुए अतिथियो का स्वागत किया।

अघोरपीठ बाबा सत्यनाथ मठ पर हुआ तीन दिवसीय अवधूत देशना पर्व का समापन, राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश के विद्वानों ने अपने अपने विचार रखे*
सुलतानपुर,अघोर पीठ बाबा सत्यनाथ मठ अल्देमऊ नूरपुर में आयोजित तीन दिवसीय अवधूत देशना पर्व के समापन अवसर पर संगोष्ठी आयोजित की गई। मठ के पीठाधीश्वर अवधूत उग्र चण्डेश्वर कपाली बाबा के सानिध्य में समाज में अघोर परम्परा का योगदान विषयक इस संगोष्ठी में देश के विद्वानों ने अपने अपने विचार रखे । मुख्य अतिथि समाजसेवी हनुमान सिंह ने कहा कि जब समाज में कुरीतियां पनपती हैं तो अघोर परम्परा समाज को जागृत करती है। विशिष्ट अतिथि पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य घनश्याम चौहान ने कहा कि अघोर पंथ समदर्शी है। समाजसेवा में इनके द्वारा विभिन्न कार्य किये जा रहे हैं। प्रमोद मिश्र मुन्ना ने कहा कि अघोर परम्परा का काम जातियों को समाप्त करना है । बांके बिहारी पाण्डेय ने कहा अगर हम आज नहीं चेते तो भविष्य संकट में होगा। विषय प्रवर्तन करते हुए सत्यनाथ विद्वत परिषद के मंत्री श्याम चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित व संरक्षित करने के लिए अघोर परम्परा अपनाना जरूरी है। यह परम्परा सामाजिक भेदभाव को समाप्त करती है। राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि ने कहा कि समाज में समन्वय और समरसता स्थापित करने में अघोर परम्परा ने अग्रणी भूमिका निभाई है। अहंकार को समाप्त कर सामाजिक वर्जनाओं को तोड़कर और मृत्यु व जन्म के द्वैत से परे जाकर आत्म ज्ञान प्राप्त करना तथा समस्त सृष्टि की एकता को समझना ही अघोर परम्परा का लक्ष्य है। संत तुलसीदास पीजी कालेज के पूर्व प्राचार्य डॉ इन्दुशेखर उपाध्याय ने कहा कि अघोर परम्परा का पालन आवश्यक है।अगर हम आज नहीं चेते तो भविष्य संकट में होगा । नसीराबाद स्टेट रायबरेली के राय अभिषेक ने कहा नई पीढ़ी में सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता तभी आयेगी जब वे अघोर परम्परा से जुड़ेंगे। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ सुशील कुमार पाण्डेय साहित्येन्दु व संचालन मथुरा प्रसाद सिंह जटायु ने किया। संगोष्ठी में एडवोकेट समर बहादुर सिंह, विजय बहादुर सिंह दिवाकर, पवन कुमार सिंह आदि ने भी अपने विचार रखे। इससे पूर्व फौजदार सिंह ने आल्हा सुनाकर लोगों को वीररस से ओतप्रोत कर दिया। आचार्य नीरज मिश्र ने स्वस्ति वाचन कर कार्यक्रम की शुरुआत की । इस अवसर पर एम एल सी रामसूरत राजभर, विधायक राजेश गौतम, पूर्व विधायक राम चंद्र चौधरी, पूर्व चेयरमैन विजयभान सिंह, हरिकृपाल सिंह , इंद्र नारायण तिवारी, समर बहादुर सिंह एडवोकेट, दिवाकर सिंह एडवोकेट,अंगद सिंह, शुभम् सिंह शुभ,सुरेंद्र सिंह,अजय बहादुर सिंह,अजीत सिंह बरवारीपुर समेत अनेक प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे।
भीषण शीतलहर में 'भैरव फाउंडेशन' ने फैलाई मानवता की गर्माहट, चल रहे सेवा शिविर  संपन्न

मुज़फ्फरनगर।मकर संक्रांति के पावन पर्व पर केनरा बैंक के समीप राहगीरों को वितरित की गई गर्मागर्म चाय और खिचड़ी

मुजफ्फरनगर।जानसठ । कड़ाके की ठंड और हाड़ कंपा देने वाली शीतलहर के बीच जहाँ आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है, वहीं 'भैरव फाउंडेशन रिलिजियस एंड चैरिटेबल ट्रस्ट' ने मानवता की सेवा का बीड़ा उठाकर समाज के सामने एक अनूठी मिसाल पेश की है। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर ट्रस्ट द्वारा  केनरा बैंक के समीप आयोजित 'पञ्च दिवसीय शिशिर ऋतु सेवा कार्यक्रम' का आज गुरुवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ।


बुधवार को की दिनेश से निरंतर शिविर का समापन हुआ जबकि घने कोहरे और कड़कड़ाती ठंड के बावजूद फाउंडेशन के सेवादार प्रतिदिन सुबह 8:00 बजे ही मोर्चे पर तैनात हो जाते थे। मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों, मेहनत-कश रिक्शा चालकों और असहाय लोगों को गर्मागर्म चाय और मकर संक्रांति के पारंपरिक प्रसाद 'खिचड़ी' का वितरण किया गया।

इस सेवा यज्ञ में क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों ने शिरकत कर पुण्य लाभ कमाया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से नाहर सिंह, प्रवेंद्र भड़ाना, चंद्रमुकुट शर्मा, योगेश भेटवाल, रेशु गोयल , निकुंज वालिया और सोहित कांबोज सहित अन्य अतिथियों ने अपने कर-कमलों से प्रसाद वितरित किया। अतिथियों ने फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजन आपसी भाईचारे और सेवा भाव को सुदृढ़ करते हैं। कार्यक्रम की सफलता में फाउंडेशन के समर्पित कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा। सूरज भाई, आशुतोष, रईस, विनय, आलोक, राजबीर और पप्पन ने पूरी तन्मयता के साथ 'प्रभु इच्छा' तक आने वाले हर व्यक्ति को जलपान और भोजन कराया। सेवादारों के चेहरे पर थकान के बजाय संतुष्टि के भाव स्पष्ट नजर आ रहे थे।

भैरव फाउंडेशन अध्यक्ष ने कहा कि
ट्रस्ट का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान करना ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़कर पीड़ित मानवता की सेवा करना है। मकर संक्रांति दान और पुण्य का पर्व है, इसीलिए हमने यह पांच दिवसीय एशिविर लगाया ताकि इस भीषण ठंड में कोई भूखा न रहे।

राहगीरों के लिए बना वरदान ।।
ठंड से ठिठुरते हुए राहगीरों के लिए यह शिविर किसी वरदान से कम साबित नहीं हुआ। लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों ने बताया कि रास्ते में इस तरह की नि:स्वार्थ सेवा मिलना ईश्वर की कृपा जैसा है। ट्रस्ट के इस कदम की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना की जा रही है।
भीषण शीतलहर में 'भैरव फाउंडेशन' ने फैलाई मानवता की गर्माहट, चल रहे सेवा शिविर  संपन्न

मुज़फ्फरनगर।मकर संक्रांति के पावन पर्व पर केनरा बैंक के समीप राहगीरों को वितरित की गई गर्मागर्म चाय और खिचड़ी

मुजफ्फरनगर।जानसठ । कड़ाके की ठंड और हाड़ कंपा देने वाली शीतलहर के बीच जहाँ आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है, वहीं 'भैरव फाउंडेशन रिलिजियस एंड चैरिटेबल ट्रस्ट' ने मानवता की सेवा का बीड़ा उठाकर समाज के सामने एक अनूठी मिसाल पेश की है। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर ट्रस्ट द्वारा  केनरा बैंक के समीप आयोजित 'पञ्च दिवसीय शिशिर ऋतु सेवा कार्यक्रम' का आज गुरुवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ।


बुधवार को की दिनेश से निरंतर शिविर का समापन हुआ जबकि घने कोहरे और कड़कड़ाती ठंड के बावजूद फाउंडेशन के सेवादार प्रतिदिन सुबह 8:00 बजे ही मोर्चे पर तैनात हो जाते थे। मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों, मेहनत-कश रिक्शा चालकों और असहाय लोगों को गर्मागर्म चाय और मकर संक्रांति के पारंपरिक प्रसाद 'खिचड़ी' का वितरण किया गया।

इस सेवा यज्ञ में क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों ने शिरकत कर पुण्य लाभ कमाया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से नाहर सिंह, प्रवेंद्र भड़ाना, चंद्रमुकुट शर्मा, योगेश भेटवाल, रेशु गोयल , निकुंज वालिया और सोहित कांबोज सहित अन्य अतिथियों ने अपने कर-कमलों से प्रसाद वितरित किया। अतिथियों ने फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजन आपसी भाईचारे और सेवा भाव को सुदृढ़ करते हैं। कार्यक्रम की सफलता में फाउंडेशन के समर्पित कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा। सूरज भाई, आशुतोष, रईस, विनय, आलोक, राजबीर और पप्पन ने पूरी तन्मयता के साथ 'प्रभु इच्छा' तक आने वाले हर व्यक्ति को जलपान और भोजन कराया। सेवादारों के चेहरे पर थकान के बजाय संतुष्टि के भाव स्पष्ट नजर आ रहे थे।

भैरव फाउंडेशन अध्यक्ष ने कहा कि
ट्रस्ट का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान करना ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़कर पीड़ित मानवता की सेवा करना है। मकर संक्रांति दान और पुण्य का पर्व है, इसीलिए हमने यह पांच दिवसीय एशिविर लगाया ताकि इस भीषण ठंड में कोई भूखा न रहे।

राहगीरों के लिए बना वरदान ।।
ठंड से ठिठुरते हुए राहगीरों के लिए यह शिविर किसी वरदान से कम साबित नहीं हुआ। लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों ने बताया कि रास्ते में इस तरह की नि:स्वार्थ सेवा मिलना ईश्वर की कृपा जैसा है। ट्रस्ट के इस कदम की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना की जा रही है।
मूषक राज को देखकर स्वास्थ्य मंत्री को कहीं खांसी न आ जाए- अखिलेश यादव
*मेडिकल कॉलेज में चूहों की वीडियो पर राजनीति तेज

गोंडा।मेडिकल कालेज के आर्थो वार्ड में चूहों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में हड़कम्प मच गया है।मरीजों के वार्ड में चूहों की मौज देख विपक्षी पार्टियों ने राज्य सरकार व स्वास्थ्य मंत्री पर जमकर निशाना साधा।समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने अपने एक्स (ट्विटर) एकाउंट पर लिखा कि उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में मूषकराज देखकर स्वास्थ्य मंत्री जी को कहीं खांसी न आ जाए,लेकिन खांसने से पहले सोच लें कि कहीं कोई गलती से उनको अपने खास लोगों का बनाया,सीरप न पीने को दे दें।उन्होंने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए विभागीय मंत्री बृजेश पाठक को भी घेरा।कांग्रेस नेता रागिनी नायक और सुप्रिया श्रीनेत ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि गोंडा मेडिकल कॉलेज का यह वार्ड इंसानों के लिए नहीं,चूहों के लिए है।संक्रमण और गंभीर बीमारियों का खतरा मंड़रा रहा है लेकिन प्रशासन गंभीर नहीं।आम आदमी पार्टी ने भी ट्वीट कर कहा कि गोंडा में चूहे इतने सक्षम हो गये हैं कि अब डाक्टरों की जगह  मरीजों का इलाज कर रहे हैं।कौशांबी सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने लिखा,गोंडा आर्थो वार्ड में कूदफांद रहे हैं,संक्रमण और असमय मौतें भी इन्हीं कारणों से होती है।नौ साल के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में स्वास्थ्य विभाग का यही वास्तविक चेहरा है।मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉक्टर अनिल कुमार तिवारी ने बताया कि वार्ड में दवा का छिड़काव कराया गया और चूहे गायब हो गए हैं।उन्होंने कर्मचारियों को नोटिस देकर सफाई पर सख्ती करने के निर्देश दिए।सीएमएस ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों का का सवाल उठाना है और हमारा काम काम करना है।उनके सवालों का जवाब देना हमारा काम नहीं।
50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं  ने लगाई आस्था की डुबकी
सरयू और पसका घाटों पर उमड़ी भीड़, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

गोंडा।जिले में मकर संक्रांति का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है।जिले के करनैलगंज व पसका घाट पर सरयू नदी में लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई है।सुबह 4 बजे से ही घाटों पर भारी भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी।अब तक 50000 से अधिक लोग इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हो चुके हैं।श्रद्धालु सूर्य देवता की पूजा अर्चना कर पुण्य लाभ के लिए स्नान कर रहे हैं।

दूर दूर से लोग इन घाटों पर पहुंच रहे हैं।श्रद्धालुओं का मानना है कि मकर संक्रांति पर सरयू में स्नान करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और पुण्य मिलता है।हिन्दू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि इसे सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का दिन माना जाता है।इस आयोजन के सफल और सुरक्षित संचालन के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है।

एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को नदी के किनारे तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें भी घाटों पर लगातार चौकसी बरत रही हैं।श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नदियों के किनारे विशेष रैंप और मार्ग बनाए गए हैं।घाटों पर साफ सफाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी व्यवस्था की है कि इस धार्मिक अवसर पर कोई अप्रिय घटना न घटे और श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।
छबेलवा वन बना पर्यावरण संरक्षण का केंद्र: चूड़ा-दही भोज में एकजुट हुआ समाज

इचाक (हजारीबाग): इचाक प्रखंड स्थित छबेलवा वन अब केवल हरियाली का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और पर्यावरण संरक्षण का एक सशक्त प्रतीक बनकर उभर रहा है। इसी कड़ी में, यहाँ एक भव्य 'चूड़ा-दही मिलन समारोह' का आगाज किया गया, जिसने आपसी भाईचारे की नई मिसाल पेश की है।

गौतम जी ने इस अवसर पर कहा कि छबेलवा वन अब पर्यावरण संरक्षण की मुहिम का चेहरा बन चुका है। जंगल के सुरम्य वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए बरकट्ठा, इचाक, बड़कागांव और दारू समेत आसपास के कई क्षेत्रों से गणमान्य लोग उपस्थित हुए। इसमें प्रमुख शिक्षाविद, राजनीतिक व गैर-राजनीतिक हस्तियों के साथ-साथ वरिष्ठ समाजसेवियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी विचारधाराओं के लोगों का एक मंच पर आना सामाजिक समरसता का अद्भुत उदाहरण रहा।

इस आयोजन की सफलता की असली नींव यहाँ के युवाओं ने रखी। स्थानीय युवाओं की कड़ी मेहनत, समर्पण और अनुशासित व्यवस्था ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। युवाओं ने न केवल आगंतुकों का स्वागत किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि वे अपनी लोक-संस्कृति और 'जल-जंगल-जमीन' के संरक्षण के लिए संकल्पित हैं। छबेलवा वन की यह पहल निश्चित रूप से भविष्य में भी समाज को प्रकृति प्रेम के लिए प्रेरित करती रहेगी।