राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस' की पूर्व संध्या पर स्टार्टअप की अवधारणा की प्रगति, भविष्य में इसके दायरे और भारत में स्टार्टअप के 10 वर्षों के सफर



पटना मैनेजमेंट एसोसिएशन ने 'राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस' की पूर्व संध्या पर स्टार्टअप की अवधारणा की प्रगति, भविष्य में इसके दायरे और भारत में स्टार्टअप के 10 वर्षों के सफर पर गहन चर्चा के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का आयोजन भार्गव हाउस, रोड नंबर 6, राजेंद्रनगर, पटना 800016 (समाज कल्याण समिति के सामने) में दोपहर 3 बजे से हुआ। पीएमए के सचिव इंजीनियर एम. के. दास ने अतिथियों का स्वागत किया और पीएमए के अध्यक्ष अधिवक्ता बसंत कुमार सिन्हा ने विषय का परिचय दिया। 'लेडी फेयर' के श्री ऋषिरंजन कुमार ने बताया कि कैसे उनके स्टार्टअप ने बिहार भर की ब्यूटीशियनों को नेटवर्क से जोड़कर उनके लिए आजीविका के अवसर खोले हैं। श्री हर्ष कुमार ने अस्पताल प्रबंधन में अपने स्टार्टअप की सफलता की कहानी सुनाई। आई-ज्ञान एआई के निदेशक अक्षय श्रीवास्तव ने बताया कि कैसे उनका स्टार्टअप 'स्कूल शिक्षण' में एआई का उपयोग कर रहा है। पीएमए के प्रख्यात सदस्यों और अतिथियों, श्री राजीव भार्गव, डॉ. ए. के. वर्मा, डॉ. नीलेश नारायण, श्री शांतनु प्रसाद, डेयरी विशेषज्ञ श्री महेश्वर प्रसाद और डॉ. अनिल कुमार प्रसाद ने भारत में स्टार्टअप्स के 10 वर्षों के सफर और आगे की राह के बारे में सभा को संबोधित किया।
महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव की जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति बढ़ते विश्वास की जीत है....आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आज महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में भाजपा एनडीए की ऐतिहासिक जीत हुई। आज महाराष्ट्र की जनता ने राष्ट्रविरोधी , तुष्टीकरण की मानसिकता को पराजित किया है, और राष्ट्रवादी विकासोन्मुख सोच वाले लोगों को प्रचंड जीत दिलाई है।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आज जीत की खुशी में ढोल बाजों की थाप पर पटाखे छोड़ कर और मिठाइयां बांट कर खुशियां मनाई गई। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश और रांची महानगर के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।

मीडिया से बात करते हुए प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने महाराष्ट्र की जनता को और पार्टी के कार्यकर्ताओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

श्री साहू ने कहा कि यह जीत ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में विकसित भारत का रथ लगातार दौड़ रहा। विकसित भारत केलिए गांव और शहर दोनों को सजाने संवारने की जरूरत है।आज देश प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

कहा कि यह एतिहासिक जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति जनता के बढ़ते विश्वास की जीत है।

श्री साहू ने कहा कि विकास केलिए झारखंड की जनता तरस रही है। आनेवाले दिनों में भाजपा बंगाल और असम विधानसभा चुनाव को भी जीतेगी साथ ही झारखंड के निकाय चुनाव में भी भाजपा कार्यकर्ता ही परचम लहराएंगे।

कहा कि झारखंड नगर निकाय की जनता हेमंत सरकार से ऊब चुकी है।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि आज देश में जनता विकास चाहती है। विकास से ही विकसित भारत बनेगा।

कहा कि यह विकास का सपना भाजपा और एनडीए ही कर सकती है यह जनता समझ चुकी है।सबका साथ सबका विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है।

प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि पूरे देश में भगवा लहर है। जनता अब कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों को मौका नहीं देना चाहती है। जनता का भरोसा भाजपा पर लगातार बढ़ रहा है।

कार्यक्रम में पार्टी के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल,विधायक सीपी सिंह,प्रदेश मंत्री गणेश मिश्र, सरोज सिंह ,हेमंत दास, शिवपूजन पाठक,वरुण साहू,अशोक बड़ाइक ,सीमा सिंह,सत्यनारायण सिंह, मनोज मिश्रा, बलराम सिंह, जितेंद्र वर्मा, सुबोध सिंह गुड्डू, संदीप वर्मा, रमेश सिंह, मुकेश मुक्ता, कृपाशंकर सिंह, हरबिंदर सिंह बेदी, दिन दयाल वर्णवाल, राजेंद्र केशरी, ऊषा पांडेय, संजय जयसवाल, मदन सिंह, रोशनी खलखो, लक्ष्मी चंद्र दीक्षित, राजू सिंह, अनीता वर्मा, संजीव चौधरी, सुरेश प्रसाद, वीणा मिश्रा, पूनम जयसवाल, विकास रवि, देवेंद्र शर्मा, सोनू सिंह, विश्वजीत सिंह, तरुण जयसवाल, अश्विनी सीखुजा, नयन परमार, रोमित सिंह, पायल सोनी, प्रकाश साहू, राकेश शर्मा, रवि मुंडा ओम प्रकाश पांडे, अशोक मिश्रा, उमेश यादव, कुंदन सिंह, सुजीत शर्मा, विशाल अग्रवाल, अमित यादव, विशाल साहू, उमेश तिवारी, सुप्रिया दुबे, अशोक मुंडा, पवन पासवान सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।

सीता हरण का प्रसंग सुनकर श्रोता मंत्र मुग्ध हुए
फर्रुखाबाद। गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में हो रही नौ दिवसीय श्री रामकथा के अष्टम दिवस की कथा में आचार्य मनोज अवस्थी जी महाराज ने सीता हरण का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि रामायण में माता सीता का हरण केवल एक अपहरण की घटना नहीं थी, बल्कि इसी प्रसंग से धर्म और अधर्म के बीच होने वाले महासंग्राम की नींव पड़ी। आमतौर पर माना जाता है कि रावण ने यह कृत्य अपनी बहन शूर्पणखा के अपमान का बदला लेने के लिए किया था लेकिन वास्तविकता इससे कहीं अधिक गूढ़ और रहस्यमयी है। रावण केवल एक शक्तिशाली राजा ही नहीं, बल्कि महान विद्वान और भविष्य को भांपने वाला तपस्वी भी था। उसके निर्णयों के पीछे क्रोध के साथ-साथ मोक्ष की लालसा और अहंकार की छाया भी मौजूद थी। कथाओं के अनुसार, रावण ने कठोर तप कर भगवान शिव को प्रसन्न किया और उनसे वरदान में देवी पार्वती को मांग लिया। उसके मन में यह भाव था कि जब वह जगत पिता शिव का प्रिय बन सकता है, तो जगत माता की सेवा कर वह उनका भी कृपापात्र बन जाएगा। रावण का उद्देश्य देवी पार्वती को लंका ले जाकर वहां प्रतिष्ठित करना था।

भगवान शिव अपने वचन से बंधे हुए थे, इसलिए उन्होंने देवी पार्वती को रावण के साथ जाने की अनुमति दे दी। देवी पार्वती अनिच्छा से कैलाश से लंका की ओर चलीं और मार्ग में रावण को कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन अपनी हठ और लक्ष्य में डूबा रावण कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था।

जब देवी पार्वती को कोई उपाय न सूझा, तब उन्होंने भगवान विष्णु का स्मरण किया। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए भगवान विष्णु ने एक साधारण व्यक्ति का रूप धारण कर रावण से प्रश्न किया कि यदि वह वास्तव में जगत जननी हैं, तो क्या भगवान शिव उन्हें इतनी सहजता से सौंप देते। इस बात ने रावण के मन में संदेह पैदा कर दिया।

संदेह के कारण रावण देवी को वापस कैलाश ले गया और शिव से वास्तविक देवी की मांग की। शिव ने स्पष्ट किया कि जिसे वह ले गया था वही असली देवी थीं, लेकिन विष्णु की माया के कारण रावण सत्य को पहचान नहीं पाया। अंततः शिव ने उसे देवी पार्वती का एक छाया स्वरूप प्रदान किया। जब रावण उस छाया देवी को लंका ले गया और रात्रि में उनकी पूजा की, तब उसे अनुभव हुआ कि यह वास्तविक देवी नहीं हैं क्योंकि वे अदृश्य हो गईं। तब रावण को यह आभास हुआ कि उसके साथ छल हुआ है और ध्यान के माध्यम से उसने जान लिया कि यह लीला भगवान विष्णु की थी। इस छल से क्रोधित होकर रावण ने एक भयानक प्रतिज्ञा ली। उसने अपने तपोबल का उपयोग कर यह प्रण किया कि वह देवी शक्ति को तो लंका में स्थापित नहीं कर सका, लेकिन भविष्य में भगवान विष्णु के ही लक्ष्मी स्वरूप को लंका में अवश्य लाएगा। यही कारण था कि बाद में माता सीता, जो लक्ष्मी का अवतार थीं, कुछ समय के लिए रावण की लंका में विराजमान रहीं।

आज की कथा में मुख्य रूप से दिल्ली से पधारे समकालीन चौथी दुनिया के संम्पादक प्रवीण चौहान, प्रबंध संपादक डॉ अजिता भदौरिया, उप जिलाधिकारी भोगाव संध्या शर्मा, तहसीलदार भोगाव गौरव अग्रवाल  उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में जन जागरूकता कार्यक्रम हुआ आयोजित
फर्रुखाबाद l जिला गंगा समिति के तत्वाधान मे  मेला श्रीरामनगरिया के सांस्कृतिक पंडाल में गंगा गोष्ठी, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं जन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल के निर्देशन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महन्त ईश्वरदास महाराज जी ने की। कार्यक्रम में गंगा ग्राम से आये  युवाओं एवं अन्य युवाओं ने प्रतिभाग किया। युवाओं ने नुक्कड़ नाटक, नृत्य, गीत एवं भाषण के माध्यम से गंगा संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने कहा कि आधुनिक युग में हम सभी आगे बढ़ रहे हैं परंतु कहीं न कहीं हम प्रकृति का दोहन कर रहे हैं।हम सभी प्रतिदिन कई माध्यमों से प्रदूषण का उत्पादन करते हैं जिसके जरिए पर्यावरण को नुक़सान पहुंचता है। हम सभी को प्रयास करना चाहिए कि ऐसा उपयोग करना चाहिए जिससे प्रदूषण कम हो। पालिथीन का प्रयोग नही करना चाहिए। कपड़े व कागज के थैले का प्रयोग करना चाहिए। गंगा नदी में एवं अन्य नदियों में किसी भी प्रकार की अपशिष्ट वस्तुएं नहीं विसर्जित करनी चाहिए। मेला श्रीराम नगरिया में आए हुए श्रद्धालुओं को भी जागरूक किया। महंत ईश्वरदास महाराज जी ने जागरूक करते हुए कहा कि अपनी संस्कृति,अपना पर्यावरण को बचाने का प्रयास करना चाहिए।हमें अपने  जल,जगंल,जमीन को संरक्षित करना  चाहिए।अपनी आने वाली पीढ़ी  को भी इसके लिए शिक्षित करना चाहिए । कार्यक्रम में राष्ट्रपति सम्मान से पुरस्कृत भारती मिश्रा, जिला युवा अधिकारी शिखर रस्तोगी,जिला गंगा विचार मंच के संयोजक भूपेंद्र प्रताप सिंह, पर्यावरण सहायक गुंजा जैन आदि ने भी अपने विचार प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रस्तुति करने वाले  युवाओं को प्रमाण पत्र व स्मृति चिन्ह देकर पुरस्कार किया गया। कार्यक्रम में नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।

इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्र पाल सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी श्रीमती दीप्ति वत्स, प्रशिक्षक रोहित दीक्षित,जिला स्काउट मास्टर सुधीर कुशवाहा एवं अन्य अधिकारी गण उपस्थित रहे। संचालन वैभव सोमवंशी ने किया।कार्यक्रम में गंगा योद्धा सुमित कुमार, मीना कटियार,दीक्षा, दिव्या,अस्मित, रचना, घनश्याम,वैभव,विकास आदि ने सहयोग किया।
महानिदेशक रेलवे सुरक्षा बल ने किया झूसी प्रयागराज छिवकी एवं प्रयागराज जंक्शन का निरीक्षण।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।महानिदेशक रेलवे सुरक्षा बल रेलवे बोर्ड सोनाली मिश्रा ने माघ मेला -2026 के दृष्टिगत रेलवे परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था एवं भीड़ प्रबन्धन के दृष्टिगत झूसी प्रयागराज छिवकी एवं प्रयागराज जंक्शन का निरीक्षण किया।इस दौरान यात्रियो की सुरक्षा रेलवे संपत्ति की रक्षा तथा भीड़ प्रबन्धन से सम्बंधित व्यवस्थाओ का गहन मूल्यांकन किया गया।इस अवसर पर महानिरीक्षक-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त उत्तर मध्य रेलवे प्रदीप कुमार गुप्ता मण्डल रेल प्रबंधक प्रयागराज रजनीश अग्रवाल अपर मण्डल रेल प्रबन्धक सामान्य दीपक कुमार अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजकीय रेलवे पुलिस प्रकाश डी पुलिस महानिरीक्षक राजकीय रेलवे पुलिस एन.कोलान्ची पूर्वोत्तर रेलवे के महानिरीक्षक- सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त सत्य प्रकाश मुख्य सुरक्षा आयुक्त उत्तर रेलवे पंकज गंगवार स्टेशन निदेशक प्रयागराज जंक्शन वी.के.द्विवेदी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।महानिदेशक रेलवे सुरक्षा बल ने झूसी प्रयागराज छिवकी एवं प्रयागराज जंक्शन स्टेशनो के निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर प्लेटफॉर्म प्रवेश एवं निकास द्वार टिकट काउंटर क्षेत्र प्रतीक्षालय तथा सर्कुलेटिंग एरिया में सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। सीसीटीवी कैमरो की कार्यशीलता प्रकाश व्यवस्था एवं सुरक्षा कर्मियो की तैनाती की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियो को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यात्रियो से संवाद कर सुरक्षा संबंधी सुझाव एवं समस्याओ की जानकारी भी ली गई। स्टेशनो पर निरीक्षण के दौरान ट्रेनो के आगमन-प्रस्थान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था प्लेटफॉर्म ड्यूटी महिला यात्रियो की सुरक्षा सामान की निगरानी तथा संदिग्ध गतिविधियो पर सतर्क दृष्टि बनाए रखने के निर्देश दिए।उन्होने आरपीएफ एवं जी आर पी के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि संयुक्त प्रयासो से ही यात्रियो को सुरक्षित एवं निर्बाध यात्रा सुविधा प्रदान की जा सकती है।महानिदेशक रेलवे सुरक्षा बल ने स्नान पर्वों पर प्रभावी भीड़ प्रबन्धन तथा असामाजिक तत्वो पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए ।महानिदेशक रेलवे सुरक्षा बल सुश्री सोनाली मिश्रा ने प्रयागराज जंक्शन स्थित मेला कंट्रोल रूम के विस्तृत निरीक्षण के दौरान स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण गाड़ियो का आगमन-प्रस्थान सिविल प्रशासन के साथ समन्वय आपात स्थिति से निपटना यात्रियों की सहायता इत्यादि जैसे कार्यों का संचालन और समन्वय के विषय में जानकारी प्राप्त की।मेला कन्ट्रोल रूम के सीसीटीवी कक्ष में प्रयागराज क्षेत्र के स्टेशनो और सिविल एरिया के सीधे प्रसारण को देखकर नियंत्रण और निर्देश की प्रणाली स्थापित की गयी है। महानिदेशक रेलवे सुरक्षा बल ने सुरक्षा कर्मियो से कलर कोडिंग यूनिडायरेक्शनल मूवमेंट की जानकारी के साथ आपात स्थिति से निपटने के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की।

जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज के नई बिल्डिंग का किया औचक निरीक्षण, अधिकारियों को दिये आवश्यक नि र्देश
जिला अस्पताल की समस्त ओपीडी को मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में 15 दिवस के भीतर संचालित करने के दिये निर्देश जिलाधिकारी


मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के निर्देश- जिलाधिकारी

गोण्डा। 16 जनवरी,2026
जिलाधिकारी गोण्डा  प्रियंका निरंजन द्वारा मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग का व्यापक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मेडिकल कॉलेज की नई इमारत के प्रथम तल, द्वितीय तल, तृतीय तल तथा पंचम तल का गहन अवलोकन किया और वहां उपलब्ध एवं प्रस्तावित स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के अवसर पर जिलाधिकारी ने प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) जिला अस्पताल को स्पष्ट निर्देश दिये कि जिला अस्पताल की समस्त ओपीडी सेवाओं को आगामी 15 दिवस के भीतर मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में अनिवार्य रूप से संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि ओपीडी के स्थानांतरण से मरीजों को एक ही परिसर में बेहतर, आधुनिक एवं सुव्यवस्थित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे उपचार की गुणवत्ता में और अधिक सुधार होगा।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नई बिल्डिंग में ओपीडी संचालन से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएं। इसमें साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, मरीजों के बैठने की समुचित व्यवस्था, संकेतक बोर्ड, पंजीकरण काउंटर, दवा वितरण कक्ष एवं चिकित्सकीय उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मरीजों की सुविधा सर्वोपरि है, अतः किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ एवं अन्य कर्मचारी समय से उपस्थित रहें और मरीजों के साथ संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार करें।

जिलाधिकारी  प्रियंका निरंजन ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में ओपीडी संचालन से न केवल मरीजों को उन्नत सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि जिला अस्पताल पर भी दबाव कम होगा। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव, प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज, मुख्य चिकित्सा अधिकारीडॉक्टर संत लाल पटेल, सीएमएस जिला अस्पताल डॉक्टर अनिल तिवारी, डॉक्टर कुलदीप पाण्डेय, डॉक्टर डीएन सिंह सहित सभी अन्य संबंधित आधिकारिक उपस्थित रहे।
रोज अदरक पानी पीना सही है या नहीं? वजन घटाने से पहले जान लें इसके फायदे
आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में लोग तेजी से वजन घटाने और फिट रहने के आसान तरीकों की तलाश में रहते हैं। ऐसे में अदरक पानी एक ऐसा देसी नुस्खा बनकर उभरा है, जिसे लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे रोज़ाना पीने लगे हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या रोज अदरक पानी पीना वाकई फायदेमंद है या इसका जरूरत से ज्यादा सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है? अदरक पानी क्यों माना जाता है असरदार?अदरक में मौजूद जिंजरॉल और शोगाओल जैसे तत्व शरीर के मेटाबॉलिज़्म को तेज करते हैं। इससे पाचन बेहतर होता है और शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी धीरे-धीरे कम होने लगती है। अदरक पानी शरीर को अंदर से गर्म रखता है, जिससे सर्दियों में इम्युनिटी भी मजबूत होती है। अदरक पानी पीने का सही समयअदरक पानी पीने का सबसे अच्छा समय सुबह खाली पेट माना जाता है। इससे शरीर का डाइजेस्टिव सिस्टम एक्टिव होता है और दिनभर कैलोरी बर्न करने की क्षमता बढ़ती है। कुछ लोग इसे रात में भी पीते हैं, लेकिन रात में अदरक पानी पीने से कुछ लोगों को एसिडिटी या बेचैनी हो सकती है। अदरक पानी के प्रमुख फायदेअदरक पानी पाचन तंत्र को मजबूत करता है और गैस, अपच, कब्ज जैसी समस्याओं में राहत देता है। यह शरीर को डिटॉक्स करता है और टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है।
वजन घटाने के साथ-साथ अदरक पानी जोड़ों के दर्द और सूजन में भी राहत देता है। सर्दी-खांसी, गले में खराश और वायरल इंफेक्शन से बचाव में भी यह कारगर है। नियमित सेवन से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शरीर में आलस्य कम महसूस होता है। कितने दिन तक पीना चाहिए अदरक पानी?अदरक पानी को लगातार लंबे समय तक पीना सही नहीं माना जाता। अगर आप सामान्य स्वास्थ्य के लिए इसका सेवन कर रहे हैं, तो 15 से 20 दिन पर्याप्त हैं।
वजन घटाने के उद्देश्य से इसे 3 से 4 हफ्ते तक पिया जा सकता है। इसके बाद कम से कम एक हफ्ते का ब्रेक लेना जरूरी है, ताकि शरीर में अत्यधिक गर्मी न बढ़े।अदरक पानी के नुकसान भी जानना जरूरीअदरक की तासीर गर्म होती है। जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर पेट में जलन, एसिडिटी, मुंह में छाले या नींद की समस्या हो सकती है। जिन लोगों को पेट से जुड़ी गंभीर समस्या, हाई ब्लड प्रेशर या गर्भावस्था है, उन्हें अदरक पानी पीने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।अदरक पानी सेहत के लिए फायदेमंद जरूर है, लेकिन इसे चमत्कारी उपाय मानकर जरूरत से ज्यादा पीना सही नहीं है। सही मात्रा, सही समय और सीमित अवधि तक सेवन करने से ही इसका पूरा लाभ मिलता है।
शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स कंप्यूटर ऑपरेटर नियुक्ति पर बवाल, आरक्षण नियमों की अनदेखी का आरोप

हजारीबाग – शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आउटसोर्सिंग के माध्यम से की गई कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति को लेकर शुक्रवार को जबरदस्त विरोध देखने को मिला। पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह के निजी मीडिया प्रतिनिधि विक्की कुमार धान ने हजारीबाग के उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह (IAS) एवं शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन के माध्यम से विक्की कुमार धान ने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग एजेंसी राइडर सिक्योरिटी सर्विसेज द्वारा की गई नियुक्ति में आरक्षण नियमों की खुलेआम अवहेलना की गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक आदेशों और संवैधानिक प्रावधानों को दरकिनार कर मनमाने तरीके से नियुक्तियां की गईं। उपायुक्त द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद न तो आरक्षण रोस्टर का पालन किया गया और न ही कोई पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई, जिससे पूरी नियुक्ति प्रक्रिया संदेह के घेरे में है।

विक्की कुमार धान ने कहा कि यह केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि आरक्षित वर्ग के युवाओं के अधिकारों पर सीधा हमला है। मेडिकल कॉलेज जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण संस्थान में इस तरह की नियुक्तियां सामाजिक न्याय की अवधारणा को कमजोर करती हैं और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

उन्होंने मांग की कि उक्त अवैध नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए, संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसी पर सख्त कार्रवाई हो तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो यह मामला सड़कों से लेकर प्रशासनिक स्तर तक आंदोलन का रूप ले सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

ज्ञापन की प्रतिलिपि शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक एवं सिविल सर्जन हजारीबाग को भी सौंपी गई है।

हजारीबाग में वीबी-जी राम जी पर प्रेस वार्ता, सांसद मनीष जायसवाल ने बताया विकसित भारत रोजगार गारंटी का विजन

हजारीबाग - प्रोवेश रिसॉर्ट में सांसद मनीष जायसवाल जी द्वारा ,वीबी जी राम जी, विषय पर प्रेस वार्ता की गई। प्रेस वार्ता में विषय प्रवेश जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह द्वारा कराई गई। प्रेस को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा की

वीबी- जी राम जी, विकसित भारत रोजगार गारंटी आजीविका मिशन है ।जो मनरेगा की जगह लेने वाला एक नया सरकारी कानून है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिन के रोजगार की गारंटी देना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना ,वर्ष 2047 तक विकसित भारत के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप तैयार करने का एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है । गांवों में सड़क निर्माण ,जल संरक्षण ,ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास और आजीविका से संबंधित संसाधनों को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे रोजगार सृजन के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और अस्थाई विकास को बढ़ावा मिलेगी ।विधेयक में मजदूरी भुगतान को साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों के भीतर अनिवार्य किया गया है। भुगतान में देरी होने पर श्रमिकों को मुआवजा देने का भी प्रावधान है । आगे इन्होंने कहा की कृषि मौसम को ध्यान में रखते हुए राज्यों को 60 दिनों की विराम अवधि का विकल्प दिया गया है। ताकि श्रमिक बुवाई और कटाई के दौरान कृषि कार्यों के लिए उपलब्ध रह सके। केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 अनुपात की साझेदारी होगी। जबकि पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए यह अनुपात 90 :10 निर्धारित किया गया है। प्रशासनिक व्यय की सीमा को 6% से बढ़कर 9% किया गया है ।नए कानून देता है ग्रामीण परिवारों के प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिन मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी । नए कानून की प्रमुख विशेषता यह है, कि ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी, जो मनरेगा के तहत मिलने वाले 100 दिनों से, 25 दिन अधिक है ।केंद्र सरकार का दावा है ,कि इससे ग्रामीण परिवारों की आय सुरक्षा मजबूत होगी और वे राष्ट्रीय विकास में अधिक योगदान दे सकेंगे ।साथ ही इस बात पर प्रकाश डालता है कि विकसित भारत ग्राम एवं कृषि रोजगार गारंटी को बढ़ाकर स्थानीय नियोजन को शामिल करके ,श्रमिक सुरक्षा और कृषि उत्पादकता के बीच संतुलन बनाकर, योजनाओं का समन्वय करके ,अग्रिम पंक्ति की क्षमता को मजबूत करके और शासन व्यवस्था का आधुनिकरण करके ग्रामीण आजीविका को बदलने का लक्ष्य रखता है। विशेष कर किसानों के कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के नेतृत्व में खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, डेरी ,मत्स्य पालन, जल संसाधन, सहकारिता ,ऊर्जा, कुटीर ग्राम उद्योग ,लघु रोजगार आधारित विकास गतिविधियों के जरिए किसानों के कल्याण के लिए संयुक्त रूप से प्रभावी प्रयास करेंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ,अस्थाई आजीविका के अवसर पैदा करना ,बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देना और ग्रामीण परिवारों का सशक्त बनाना है आगे माननीय सांसद ने कहा की मनरेगा की संरचनात्मक और कार्यान्वयन संबंधी विफलताएं थी खराब गुणवत्ता, गहरा भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता ,नकली और डुप्लीकेट जॉब कार्ड ,बढ़ा चढ़ा कर मास्टर रोल तैयार करना ,श्रमिकों के अंश का भुगतान नहीं किया जाना। जबकि वीबी जी राम जी ,अधिनियम 2025, जिसका उद्देश्य सुनिश्चित और बेहतर आजीविका सुरक्षा देना ,टिकाऊ, उच्च गुणवत्ता वाली ग्रामीण संपत्तियों का सृजन करना ,तकनीकी आधारित पारदर्शिता के माध्यम से भ्रष्टाचार समाप्त करना।पत्रकार वार्ता में मुख्य रूप से बरही विधायक मनोज कुमार यादव, बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी,पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक यादव, प्रदेश कार्य समिति सदस्य अनिल मिश्रा ,हरीश श्रीवास्तव ,जिला पदाधिकारी रेणुका साहू ,जयनारायण प्रसाद, माननीय सांसद के लोकसभा मीडिया प्रभारी रंजन चौधरी ,इंद्र नारायण कुशवाहा, प्रकाश कुशवाहा, नारायण साहू वीरेंद्र कुमार वीरू राजेश यादव,नवीन मिश्रा,अशोक राणा उपस्थित थे।

देवघर-मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य योजना अंतर्गत प्रमंडलीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
देवघर: 16 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य योजना अंतर्गत प्रमंडलीय कार्यशाला पूर्वाह्न 11 बजे से में Hotel vioray inn में आहुत हुआ यह कार्यशाला झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक के पत्र के आलोक में राज्य मुख्यालय के प्रतिनिधि की उपस्थिति में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में दुमका,पाकुड़,गोड्डा,साहेबगंज,जामताड़ा,देवघर एवं गिरिडीह के सभी गैर सरकारी सूचीबद्ध अस्पताल के प्रबंधक एवं आयुष्मान मित्र जबकि सभी सरकारी अस्पताल के संबंधित जिले के सिविल सर्जन, उपाधीक्षक,नोडल पदाधिकारी(आयुष्मान)प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी,जिला कार्यक्रम समन्वयक(आयुष्मान) को इस कार्यशाला में उपस्थित रहे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है कि आयुष्मान लाभुकों को बेहतर और सुलभ तरीके से स्वास्थ्य लाभ उपलब्ध कराया जा सके और सूचीबद्ध सभी सरकारी एवं गैर सरकारी अस्पतालों को आयुष्मान के नए पोर्टल HEM 2.0 पोर्टल पर पंजीकृत कराया जा सके। अब तक राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों नए पोर्टल पर पंजीकृत कर दिया गया है जबकि सभी गैर सरकारी सूचीबद्ध अस्पतालों के पंजीकृत करने की प्रक्रिया जारी है।प्रभारी सिविल सर्जन देवघर डॉ बी के सिंह एवं उपाधीक्षक सदर अस्पताल डॉ सुषमा वर्मा द्वारा एक पत्र प्रेषित किया गया है जिसमें जिला नोडल पदाधिकारी डॉ शरद कुमार एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक(आयुष्मान योजना) मृगेंद्र को इस कार्यशाला को सफल एवं सुचारू रूप से संपन्न कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस कार्यशाला में प्रमंडल के विभिन्न जिलों के लगभग एक सौ साठ प्रतिनिधि शामिल हुए। झारखंड राज्य जन आरोग्य योजना के राज्य स्तरीय तीन पदाधिकारी अनुपमा सिंह,स्वेता एवं विश्वजीतस्तरीय पदाधिकारी 15 जनवरी के देर शाम तक देवघर पहुंच गए थे,उनके आवासन की व्यवस्था सर्किट हाउस में कराने हेतु सिविल सर्जन देवघर के माध्यम से जिला प्रशासन को पत्र प्रेषित किया जा चुका था। आज सुबह सबसे पहले राज्य से आए प्रतिनिधि ने शिव मंदिर में दर्शन एवं पूजा किया।इस योजना के तहद पहले लाभुकों को पहले 5 लाख की राशि तक उपचार की व्यवस्था थी जबकि अब अबुआ स्वास्थ्य योजना के तहद उसको बढ़ा कर 15 लाख तक कर दिया गया है,राज्य प्रतिनिधि अनुपमा सिंह,स्वेता एवं विश्वजीत द्वारा विस्तृत रूप से पूरी योजना के संबंध में जानकारी दी गई। नए अस्पताल को सूचीबद्ध करने के लिए जो नए नियम है उसकी भी जानकारी दी गई।राज्य से आए हुए प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि इस योजना को धरातल पर सुगम एवं सुचारू बनाने हेतु जिला के जिला कार्यक्रम समन्वय और जिला निढाल पदाधिकारी प्राधिकृत है।इस मौके पर साहेबगंज के सिविल सर्जन डॉ रामदेव पासवान,दुमका सिविल सर्जन डॉ एस के मिश्रा,जामताड़ा सिविल सर्जन डॉ आनंद मोहन सोरेन,सहित अन्य जिलों के उपाधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मौजूद थे। उपरोक्त कार्यक्रम की जानकारी आयुष्मान योजना के जिला नोडल पदाधिकारी सह वरीय दन्त चिकित्सा पदाधिकारी डॉ शरद कुमार द्वारा दी गई।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर किया गया जबकि सभी सिविल सर्जन एवं राज्य प्रतिनिधि को बुके दे कर स्वागत किया गया।
राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस' की पूर्व संध्या पर स्टार्टअप की अवधारणा की प्रगति, भविष्य में इसके दायरे और भारत में स्टार्टअप के 10 वर्षों के सफर



पटना मैनेजमेंट एसोसिएशन ने 'राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस' की पूर्व संध्या पर स्टार्टअप की अवधारणा की प्रगति, भविष्य में इसके दायरे और भारत में स्टार्टअप के 10 वर्षों के सफर पर गहन चर्चा के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का आयोजन भार्गव हाउस, रोड नंबर 6, राजेंद्रनगर, पटना 800016 (समाज कल्याण समिति के सामने) में दोपहर 3 बजे से हुआ। पीएमए के सचिव इंजीनियर एम. के. दास ने अतिथियों का स्वागत किया और पीएमए के अध्यक्ष अधिवक्ता बसंत कुमार सिन्हा ने विषय का परिचय दिया। 'लेडी फेयर' के श्री ऋषिरंजन कुमार ने बताया कि कैसे उनके स्टार्टअप ने बिहार भर की ब्यूटीशियनों को नेटवर्क से जोड़कर उनके लिए आजीविका के अवसर खोले हैं। श्री हर्ष कुमार ने अस्पताल प्रबंधन में अपने स्टार्टअप की सफलता की कहानी सुनाई। आई-ज्ञान एआई के निदेशक अक्षय श्रीवास्तव ने बताया कि कैसे उनका स्टार्टअप 'स्कूल शिक्षण' में एआई का उपयोग कर रहा है। पीएमए के प्रख्यात सदस्यों और अतिथियों, श्री राजीव भार्गव, डॉ. ए. के. वर्मा, डॉ. नीलेश नारायण, श्री शांतनु प्रसाद, डेयरी विशेषज्ञ श्री महेश्वर प्रसाद और डॉ. अनिल कुमार प्रसाद ने भारत में स्टार्टअप्स के 10 वर्षों के सफर और आगे की राह के बारे में सभा को संबोधित किया।
महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव की जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति बढ़ते विश्वास की जीत है....आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आज महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में भाजपा एनडीए की ऐतिहासिक जीत हुई। आज महाराष्ट्र की जनता ने राष्ट्रविरोधी , तुष्टीकरण की मानसिकता को पराजित किया है, और राष्ट्रवादी विकासोन्मुख सोच वाले लोगों को प्रचंड जीत दिलाई है।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आज जीत की खुशी में ढोल बाजों की थाप पर पटाखे छोड़ कर और मिठाइयां बांट कर खुशियां मनाई गई। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश और रांची महानगर के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।

मीडिया से बात करते हुए प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने महाराष्ट्र की जनता को और पार्टी के कार्यकर्ताओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

श्री साहू ने कहा कि यह जीत ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में विकसित भारत का रथ लगातार दौड़ रहा। विकसित भारत केलिए गांव और शहर दोनों को सजाने संवारने की जरूरत है।आज देश प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

कहा कि यह एतिहासिक जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति जनता के बढ़ते विश्वास की जीत है।

श्री साहू ने कहा कि विकास केलिए झारखंड की जनता तरस रही है। आनेवाले दिनों में भाजपा बंगाल और असम विधानसभा चुनाव को भी जीतेगी साथ ही झारखंड के निकाय चुनाव में भी भाजपा कार्यकर्ता ही परचम लहराएंगे।

कहा कि झारखंड नगर निकाय की जनता हेमंत सरकार से ऊब चुकी है।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि आज देश में जनता विकास चाहती है। विकास से ही विकसित भारत बनेगा।

कहा कि यह विकास का सपना भाजपा और एनडीए ही कर सकती है यह जनता समझ चुकी है।सबका साथ सबका विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है।

प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि पूरे देश में भगवा लहर है। जनता अब कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों को मौका नहीं देना चाहती है। जनता का भरोसा भाजपा पर लगातार बढ़ रहा है।

कार्यक्रम में पार्टी के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल,विधायक सीपी सिंह,प्रदेश मंत्री गणेश मिश्र, सरोज सिंह ,हेमंत दास, शिवपूजन पाठक,वरुण साहू,अशोक बड़ाइक ,सीमा सिंह,सत्यनारायण सिंह, मनोज मिश्रा, बलराम सिंह, जितेंद्र वर्मा, सुबोध सिंह गुड्डू, संदीप वर्मा, रमेश सिंह, मुकेश मुक्ता, कृपाशंकर सिंह, हरबिंदर सिंह बेदी, दिन दयाल वर्णवाल, राजेंद्र केशरी, ऊषा पांडेय, संजय जयसवाल, मदन सिंह, रोशनी खलखो, लक्ष्मी चंद्र दीक्षित, राजू सिंह, अनीता वर्मा, संजीव चौधरी, सुरेश प्रसाद, वीणा मिश्रा, पूनम जयसवाल, विकास रवि, देवेंद्र शर्मा, सोनू सिंह, विश्वजीत सिंह, तरुण जयसवाल, अश्विनी सीखुजा, नयन परमार, रोमित सिंह, पायल सोनी, प्रकाश साहू, राकेश शर्मा, रवि मुंडा ओम प्रकाश पांडे, अशोक मिश्रा, उमेश यादव, कुंदन सिंह, सुजीत शर्मा, विशाल अग्रवाल, अमित यादव, विशाल साहू, उमेश तिवारी, सुप्रिया दुबे, अशोक मुंडा, पवन पासवान सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।

सीता हरण का प्रसंग सुनकर श्रोता मंत्र मुग्ध हुए
फर्रुखाबाद। गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में हो रही नौ दिवसीय श्री रामकथा के अष्टम दिवस की कथा में आचार्य मनोज अवस्थी जी महाराज ने सीता हरण का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि रामायण में माता सीता का हरण केवल एक अपहरण की घटना नहीं थी, बल्कि इसी प्रसंग से धर्म और अधर्म के बीच होने वाले महासंग्राम की नींव पड़ी। आमतौर पर माना जाता है कि रावण ने यह कृत्य अपनी बहन शूर्पणखा के अपमान का बदला लेने के लिए किया था लेकिन वास्तविकता इससे कहीं अधिक गूढ़ और रहस्यमयी है। रावण केवल एक शक्तिशाली राजा ही नहीं, बल्कि महान विद्वान और भविष्य को भांपने वाला तपस्वी भी था। उसके निर्णयों के पीछे क्रोध के साथ-साथ मोक्ष की लालसा और अहंकार की छाया भी मौजूद थी। कथाओं के अनुसार, रावण ने कठोर तप कर भगवान शिव को प्रसन्न किया और उनसे वरदान में देवी पार्वती को मांग लिया। उसके मन में यह भाव था कि जब वह जगत पिता शिव का प्रिय बन सकता है, तो जगत माता की सेवा कर वह उनका भी कृपापात्र बन जाएगा। रावण का उद्देश्य देवी पार्वती को लंका ले जाकर वहां प्रतिष्ठित करना था।

भगवान शिव अपने वचन से बंधे हुए थे, इसलिए उन्होंने देवी पार्वती को रावण के साथ जाने की अनुमति दे दी। देवी पार्वती अनिच्छा से कैलाश से लंका की ओर चलीं और मार्ग में रावण को कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन अपनी हठ और लक्ष्य में डूबा रावण कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था।

जब देवी पार्वती को कोई उपाय न सूझा, तब उन्होंने भगवान विष्णु का स्मरण किया। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए भगवान विष्णु ने एक साधारण व्यक्ति का रूप धारण कर रावण से प्रश्न किया कि यदि वह वास्तव में जगत जननी हैं, तो क्या भगवान शिव उन्हें इतनी सहजता से सौंप देते। इस बात ने रावण के मन में संदेह पैदा कर दिया।

संदेह के कारण रावण देवी को वापस कैलाश ले गया और शिव से वास्तविक देवी की मांग की। शिव ने स्पष्ट किया कि जिसे वह ले गया था वही असली देवी थीं, लेकिन विष्णु की माया के कारण रावण सत्य को पहचान नहीं पाया। अंततः शिव ने उसे देवी पार्वती का एक छाया स्वरूप प्रदान किया। जब रावण उस छाया देवी को लंका ले गया और रात्रि में उनकी पूजा की, तब उसे अनुभव हुआ कि यह वास्तविक देवी नहीं हैं क्योंकि वे अदृश्य हो गईं। तब रावण को यह आभास हुआ कि उसके साथ छल हुआ है और ध्यान के माध्यम से उसने जान लिया कि यह लीला भगवान विष्णु की थी। इस छल से क्रोधित होकर रावण ने एक भयानक प्रतिज्ञा ली। उसने अपने तपोबल का उपयोग कर यह प्रण किया कि वह देवी शक्ति को तो लंका में स्थापित नहीं कर सका, लेकिन भविष्य में भगवान विष्णु के ही लक्ष्मी स्वरूप को लंका में अवश्य लाएगा। यही कारण था कि बाद में माता सीता, जो लक्ष्मी का अवतार थीं, कुछ समय के लिए रावण की लंका में विराजमान रहीं।

आज की कथा में मुख्य रूप से दिल्ली से पधारे समकालीन चौथी दुनिया के संम्पादक प्रवीण चौहान, प्रबंध संपादक डॉ अजिता भदौरिया, उप जिलाधिकारी भोगाव संध्या शर्मा, तहसीलदार भोगाव गौरव अग्रवाल  उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में जन जागरूकता कार्यक्रम हुआ आयोजित
फर्रुखाबाद l जिला गंगा समिति के तत्वाधान मे  मेला श्रीरामनगरिया के सांस्कृतिक पंडाल में गंगा गोष्ठी, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं जन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल के निर्देशन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महन्त ईश्वरदास महाराज जी ने की। कार्यक्रम में गंगा ग्राम से आये  युवाओं एवं अन्य युवाओं ने प्रतिभाग किया। युवाओं ने नुक्कड़ नाटक, नृत्य, गीत एवं भाषण के माध्यम से गंगा संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने कहा कि आधुनिक युग में हम सभी आगे बढ़ रहे हैं परंतु कहीं न कहीं हम प्रकृति का दोहन कर रहे हैं।हम सभी प्रतिदिन कई माध्यमों से प्रदूषण का उत्पादन करते हैं जिसके जरिए पर्यावरण को नुक़सान पहुंचता है। हम सभी को प्रयास करना चाहिए कि ऐसा उपयोग करना चाहिए जिससे प्रदूषण कम हो। पालिथीन का प्रयोग नही करना चाहिए। कपड़े व कागज के थैले का प्रयोग करना चाहिए। गंगा नदी में एवं अन्य नदियों में किसी भी प्रकार की अपशिष्ट वस्तुएं नहीं विसर्जित करनी चाहिए। मेला श्रीराम नगरिया में आए हुए श्रद्धालुओं को भी जागरूक किया। महंत ईश्वरदास महाराज जी ने जागरूक करते हुए कहा कि अपनी संस्कृति,अपना पर्यावरण को बचाने का प्रयास करना चाहिए।हमें अपने  जल,जगंल,जमीन को संरक्षित करना  चाहिए।अपनी आने वाली पीढ़ी  को भी इसके लिए शिक्षित करना चाहिए । कार्यक्रम में राष्ट्रपति सम्मान से पुरस्कृत भारती मिश्रा, जिला युवा अधिकारी शिखर रस्तोगी,जिला गंगा विचार मंच के संयोजक भूपेंद्र प्रताप सिंह, पर्यावरण सहायक गुंजा जैन आदि ने भी अपने विचार प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रस्तुति करने वाले  युवाओं को प्रमाण पत्र व स्मृति चिन्ह देकर पुरस्कार किया गया। कार्यक्रम में नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।

इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्र पाल सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी श्रीमती दीप्ति वत्स, प्रशिक्षक रोहित दीक्षित,जिला स्काउट मास्टर सुधीर कुशवाहा एवं अन्य अधिकारी गण उपस्थित रहे। संचालन वैभव सोमवंशी ने किया।कार्यक्रम में गंगा योद्धा सुमित कुमार, मीना कटियार,दीक्षा, दिव्या,अस्मित, रचना, घनश्याम,वैभव,विकास आदि ने सहयोग किया।
महानिदेशक रेलवे सुरक्षा बल ने किया झूसी प्रयागराज छिवकी एवं प्रयागराज जंक्शन का निरीक्षण।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।महानिदेशक रेलवे सुरक्षा बल रेलवे बोर्ड सोनाली मिश्रा ने माघ मेला -2026 के दृष्टिगत रेलवे परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था एवं भीड़ प्रबन्धन के दृष्टिगत झूसी प्रयागराज छिवकी एवं प्रयागराज जंक्शन का निरीक्षण किया।इस दौरान यात्रियो की सुरक्षा रेलवे संपत्ति की रक्षा तथा भीड़ प्रबन्धन से सम्बंधित व्यवस्थाओ का गहन मूल्यांकन किया गया।इस अवसर पर महानिरीक्षक-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त उत्तर मध्य रेलवे प्रदीप कुमार गुप्ता मण्डल रेल प्रबंधक प्रयागराज रजनीश अग्रवाल अपर मण्डल रेल प्रबन्धक सामान्य दीपक कुमार अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजकीय रेलवे पुलिस प्रकाश डी पुलिस महानिरीक्षक राजकीय रेलवे पुलिस एन.कोलान्ची पूर्वोत्तर रेलवे के महानिरीक्षक- सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त सत्य प्रकाश मुख्य सुरक्षा आयुक्त उत्तर रेलवे पंकज गंगवार स्टेशन निदेशक प्रयागराज जंक्शन वी.के.द्विवेदी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।महानिदेशक रेलवे सुरक्षा बल ने झूसी प्रयागराज छिवकी एवं प्रयागराज जंक्शन स्टेशनो के निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर प्लेटफॉर्म प्रवेश एवं निकास द्वार टिकट काउंटर क्षेत्र प्रतीक्षालय तथा सर्कुलेटिंग एरिया में सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। सीसीटीवी कैमरो की कार्यशीलता प्रकाश व्यवस्था एवं सुरक्षा कर्मियो की तैनाती की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियो को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यात्रियो से संवाद कर सुरक्षा संबंधी सुझाव एवं समस्याओ की जानकारी भी ली गई। स्टेशनो पर निरीक्षण के दौरान ट्रेनो के आगमन-प्रस्थान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था प्लेटफॉर्म ड्यूटी महिला यात्रियो की सुरक्षा सामान की निगरानी तथा संदिग्ध गतिविधियो पर सतर्क दृष्टि बनाए रखने के निर्देश दिए।उन्होने आरपीएफ एवं जी आर पी के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि संयुक्त प्रयासो से ही यात्रियो को सुरक्षित एवं निर्बाध यात्रा सुविधा प्रदान की जा सकती है।महानिदेशक रेलवे सुरक्षा बल ने स्नान पर्वों पर प्रभावी भीड़ प्रबन्धन तथा असामाजिक तत्वो पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए ।महानिदेशक रेलवे सुरक्षा बल सुश्री सोनाली मिश्रा ने प्रयागराज जंक्शन स्थित मेला कंट्रोल रूम के विस्तृत निरीक्षण के दौरान स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण गाड़ियो का आगमन-प्रस्थान सिविल प्रशासन के साथ समन्वय आपात स्थिति से निपटना यात्रियों की सहायता इत्यादि जैसे कार्यों का संचालन और समन्वय के विषय में जानकारी प्राप्त की।मेला कन्ट्रोल रूम के सीसीटीवी कक्ष में प्रयागराज क्षेत्र के स्टेशनो और सिविल एरिया के सीधे प्रसारण को देखकर नियंत्रण और निर्देश की प्रणाली स्थापित की गयी है। महानिदेशक रेलवे सुरक्षा बल ने सुरक्षा कर्मियो से कलर कोडिंग यूनिडायरेक्शनल मूवमेंट की जानकारी के साथ आपात स्थिति से निपटने के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की।

जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज के नई बिल्डिंग का किया औचक निरीक्षण, अधिकारियों को दिये आवश्यक नि र्देश
जिला अस्पताल की समस्त ओपीडी को मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में 15 दिवस के भीतर संचालित करने के दिये निर्देश जिलाधिकारी


मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के निर्देश- जिलाधिकारी

गोण्डा। 16 जनवरी,2026
जिलाधिकारी गोण्डा  प्रियंका निरंजन द्वारा मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग का व्यापक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मेडिकल कॉलेज की नई इमारत के प्रथम तल, द्वितीय तल, तृतीय तल तथा पंचम तल का गहन अवलोकन किया और वहां उपलब्ध एवं प्रस्तावित स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के अवसर पर जिलाधिकारी ने प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) जिला अस्पताल को स्पष्ट निर्देश दिये कि जिला अस्पताल की समस्त ओपीडी सेवाओं को आगामी 15 दिवस के भीतर मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में अनिवार्य रूप से संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि ओपीडी के स्थानांतरण से मरीजों को एक ही परिसर में बेहतर, आधुनिक एवं सुव्यवस्थित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे उपचार की गुणवत्ता में और अधिक सुधार होगा।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नई बिल्डिंग में ओपीडी संचालन से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएं। इसमें साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, मरीजों के बैठने की समुचित व्यवस्था, संकेतक बोर्ड, पंजीकरण काउंटर, दवा वितरण कक्ष एवं चिकित्सकीय उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मरीजों की सुविधा सर्वोपरि है, अतः किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ एवं अन्य कर्मचारी समय से उपस्थित रहें और मरीजों के साथ संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार करें।

जिलाधिकारी  प्रियंका निरंजन ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में ओपीडी संचालन से न केवल मरीजों को उन्नत सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि जिला अस्पताल पर भी दबाव कम होगा। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव, प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज, मुख्य चिकित्सा अधिकारीडॉक्टर संत लाल पटेल, सीएमएस जिला अस्पताल डॉक्टर अनिल तिवारी, डॉक्टर कुलदीप पाण्डेय, डॉक्टर डीएन सिंह सहित सभी अन्य संबंधित आधिकारिक उपस्थित रहे।
रोज अदरक पानी पीना सही है या नहीं? वजन घटाने से पहले जान लें इसके फायदे
आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में लोग तेजी से वजन घटाने और फिट रहने के आसान तरीकों की तलाश में रहते हैं। ऐसे में अदरक पानी एक ऐसा देसी नुस्खा बनकर उभरा है, जिसे लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे रोज़ाना पीने लगे हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या रोज अदरक पानी पीना वाकई फायदेमंद है या इसका जरूरत से ज्यादा सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है? अदरक पानी क्यों माना जाता है असरदार?अदरक में मौजूद जिंजरॉल और शोगाओल जैसे तत्व शरीर के मेटाबॉलिज़्म को तेज करते हैं। इससे पाचन बेहतर होता है और शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी धीरे-धीरे कम होने लगती है। अदरक पानी शरीर को अंदर से गर्म रखता है, जिससे सर्दियों में इम्युनिटी भी मजबूत होती है। अदरक पानी पीने का सही समयअदरक पानी पीने का सबसे अच्छा समय सुबह खाली पेट माना जाता है। इससे शरीर का डाइजेस्टिव सिस्टम एक्टिव होता है और दिनभर कैलोरी बर्न करने की क्षमता बढ़ती है। कुछ लोग इसे रात में भी पीते हैं, लेकिन रात में अदरक पानी पीने से कुछ लोगों को एसिडिटी या बेचैनी हो सकती है। अदरक पानी के प्रमुख फायदेअदरक पानी पाचन तंत्र को मजबूत करता है और गैस, अपच, कब्ज जैसी समस्याओं में राहत देता है। यह शरीर को डिटॉक्स करता है और टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है।
वजन घटाने के साथ-साथ अदरक पानी जोड़ों के दर्द और सूजन में भी राहत देता है। सर्दी-खांसी, गले में खराश और वायरल इंफेक्शन से बचाव में भी यह कारगर है। नियमित सेवन से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शरीर में आलस्य कम महसूस होता है। कितने दिन तक पीना चाहिए अदरक पानी?अदरक पानी को लगातार लंबे समय तक पीना सही नहीं माना जाता। अगर आप सामान्य स्वास्थ्य के लिए इसका सेवन कर रहे हैं, तो 15 से 20 दिन पर्याप्त हैं।
वजन घटाने के उद्देश्य से इसे 3 से 4 हफ्ते तक पिया जा सकता है। इसके बाद कम से कम एक हफ्ते का ब्रेक लेना जरूरी है, ताकि शरीर में अत्यधिक गर्मी न बढ़े।अदरक पानी के नुकसान भी जानना जरूरीअदरक की तासीर गर्म होती है। जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर पेट में जलन, एसिडिटी, मुंह में छाले या नींद की समस्या हो सकती है। जिन लोगों को पेट से जुड़ी गंभीर समस्या, हाई ब्लड प्रेशर या गर्भावस्था है, उन्हें अदरक पानी पीने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।अदरक पानी सेहत के लिए फायदेमंद जरूर है, लेकिन इसे चमत्कारी उपाय मानकर जरूरत से ज्यादा पीना सही नहीं है। सही मात्रा, सही समय और सीमित अवधि तक सेवन करने से ही इसका पूरा लाभ मिलता है।
शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स कंप्यूटर ऑपरेटर नियुक्ति पर बवाल, आरक्षण नियमों की अनदेखी का आरोप

हजारीबाग – शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आउटसोर्सिंग के माध्यम से की गई कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति को लेकर शुक्रवार को जबरदस्त विरोध देखने को मिला। पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह के निजी मीडिया प्रतिनिधि विक्की कुमार धान ने हजारीबाग के उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह (IAS) एवं शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन के माध्यम से विक्की कुमार धान ने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग एजेंसी राइडर सिक्योरिटी सर्विसेज द्वारा की गई नियुक्ति में आरक्षण नियमों की खुलेआम अवहेलना की गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक आदेशों और संवैधानिक प्रावधानों को दरकिनार कर मनमाने तरीके से नियुक्तियां की गईं। उपायुक्त द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद न तो आरक्षण रोस्टर का पालन किया गया और न ही कोई पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई, जिससे पूरी नियुक्ति प्रक्रिया संदेह के घेरे में है।

विक्की कुमार धान ने कहा कि यह केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि आरक्षित वर्ग के युवाओं के अधिकारों पर सीधा हमला है। मेडिकल कॉलेज जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण संस्थान में इस तरह की नियुक्तियां सामाजिक न्याय की अवधारणा को कमजोर करती हैं और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

उन्होंने मांग की कि उक्त अवैध नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए, संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसी पर सख्त कार्रवाई हो तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो यह मामला सड़कों से लेकर प्रशासनिक स्तर तक आंदोलन का रूप ले सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

ज्ञापन की प्रतिलिपि शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक एवं सिविल सर्जन हजारीबाग को भी सौंपी गई है।

हजारीबाग में वीबी-जी राम जी पर प्रेस वार्ता, सांसद मनीष जायसवाल ने बताया विकसित भारत रोजगार गारंटी का विजन

हजारीबाग - प्रोवेश रिसॉर्ट में सांसद मनीष जायसवाल जी द्वारा ,वीबी जी राम जी, विषय पर प्रेस वार्ता की गई। प्रेस वार्ता में विषय प्रवेश जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह द्वारा कराई गई। प्रेस को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा की

वीबी- जी राम जी, विकसित भारत रोजगार गारंटी आजीविका मिशन है ।जो मनरेगा की जगह लेने वाला एक नया सरकारी कानून है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिन के रोजगार की गारंटी देना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना ,वर्ष 2047 तक विकसित भारत के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप तैयार करने का एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है । गांवों में सड़क निर्माण ,जल संरक्षण ,ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास और आजीविका से संबंधित संसाधनों को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे रोजगार सृजन के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और अस्थाई विकास को बढ़ावा मिलेगी ।विधेयक में मजदूरी भुगतान को साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों के भीतर अनिवार्य किया गया है। भुगतान में देरी होने पर श्रमिकों को मुआवजा देने का भी प्रावधान है । आगे इन्होंने कहा की कृषि मौसम को ध्यान में रखते हुए राज्यों को 60 दिनों की विराम अवधि का विकल्प दिया गया है। ताकि श्रमिक बुवाई और कटाई के दौरान कृषि कार्यों के लिए उपलब्ध रह सके। केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 अनुपात की साझेदारी होगी। जबकि पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए यह अनुपात 90 :10 निर्धारित किया गया है। प्रशासनिक व्यय की सीमा को 6% से बढ़कर 9% किया गया है ।नए कानून देता है ग्रामीण परिवारों के प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिन मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी । नए कानून की प्रमुख विशेषता यह है, कि ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी, जो मनरेगा के तहत मिलने वाले 100 दिनों से, 25 दिन अधिक है ।केंद्र सरकार का दावा है ,कि इससे ग्रामीण परिवारों की आय सुरक्षा मजबूत होगी और वे राष्ट्रीय विकास में अधिक योगदान दे सकेंगे ।साथ ही इस बात पर प्रकाश डालता है कि विकसित भारत ग्राम एवं कृषि रोजगार गारंटी को बढ़ाकर स्थानीय नियोजन को शामिल करके ,श्रमिक सुरक्षा और कृषि उत्पादकता के बीच संतुलन बनाकर, योजनाओं का समन्वय करके ,अग्रिम पंक्ति की क्षमता को मजबूत करके और शासन व्यवस्था का आधुनिकरण करके ग्रामीण आजीविका को बदलने का लक्ष्य रखता है। विशेष कर किसानों के कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के नेतृत्व में खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, डेरी ,मत्स्य पालन, जल संसाधन, सहकारिता ,ऊर्जा, कुटीर ग्राम उद्योग ,लघु रोजगार आधारित विकास गतिविधियों के जरिए किसानों के कल्याण के लिए संयुक्त रूप से प्रभावी प्रयास करेंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ,अस्थाई आजीविका के अवसर पैदा करना ,बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देना और ग्रामीण परिवारों का सशक्त बनाना है आगे माननीय सांसद ने कहा की मनरेगा की संरचनात्मक और कार्यान्वयन संबंधी विफलताएं थी खराब गुणवत्ता, गहरा भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता ,नकली और डुप्लीकेट जॉब कार्ड ,बढ़ा चढ़ा कर मास्टर रोल तैयार करना ,श्रमिकों के अंश का भुगतान नहीं किया जाना। जबकि वीबी जी राम जी ,अधिनियम 2025, जिसका उद्देश्य सुनिश्चित और बेहतर आजीविका सुरक्षा देना ,टिकाऊ, उच्च गुणवत्ता वाली ग्रामीण संपत्तियों का सृजन करना ,तकनीकी आधारित पारदर्शिता के माध्यम से भ्रष्टाचार समाप्त करना।पत्रकार वार्ता में मुख्य रूप से बरही विधायक मनोज कुमार यादव, बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी,पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक यादव, प्रदेश कार्य समिति सदस्य अनिल मिश्रा ,हरीश श्रीवास्तव ,जिला पदाधिकारी रेणुका साहू ,जयनारायण प्रसाद, माननीय सांसद के लोकसभा मीडिया प्रभारी रंजन चौधरी ,इंद्र नारायण कुशवाहा, प्रकाश कुशवाहा, नारायण साहू वीरेंद्र कुमार वीरू राजेश यादव,नवीन मिश्रा,अशोक राणा उपस्थित थे।

देवघर-मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य योजना अंतर्गत प्रमंडलीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
देवघर: 16 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य योजना अंतर्गत प्रमंडलीय कार्यशाला पूर्वाह्न 11 बजे से में Hotel vioray inn में आहुत हुआ यह कार्यशाला झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक के पत्र के आलोक में राज्य मुख्यालय के प्रतिनिधि की उपस्थिति में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में दुमका,पाकुड़,गोड्डा,साहेबगंज,जामताड़ा,देवघर एवं गिरिडीह के सभी गैर सरकारी सूचीबद्ध अस्पताल के प्रबंधक एवं आयुष्मान मित्र जबकि सभी सरकारी अस्पताल के संबंधित जिले के सिविल सर्जन, उपाधीक्षक,नोडल पदाधिकारी(आयुष्मान)प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी,जिला कार्यक्रम समन्वयक(आयुष्मान) को इस कार्यशाला में उपस्थित रहे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है कि आयुष्मान लाभुकों को बेहतर और सुलभ तरीके से स्वास्थ्य लाभ उपलब्ध कराया जा सके और सूचीबद्ध सभी सरकारी एवं गैर सरकारी अस्पतालों को आयुष्मान के नए पोर्टल HEM 2.0 पोर्टल पर पंजीकृत कराया जा सके। अब तक राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों नए पोर्टल पर पंजीकृत कर दिया गया है जबकि सभी गैर सरकारी सूचीबद्ध अस्पतालों के पंजीकृत करने की प्रक्रिया जारी है।प्रभारी सिविल सर्जन देवघर डॉ बी के सिंह एवं उपाधीक्षक सदर अस्पताल डॉ सुषमा वर्मा द्वारा एक पत्र प्रेषित किया गया है जिसमें जिला नोडल पदाधिकारी डॉ शरद कुमार एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक(आयुष्मान योजना) मृगेंद्र को इस कार्यशाला को सफल एवं सुचारू रूप से संपन्न कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस कार्यशाला में प्रमंडल के विभिन्न जिलों के लगभग एक सौ साठ प्रतिनिधि शामिल हुए। झारखंड राज्य जन आरोग्य योजना के राज्य स्तरीय तीन पदाधिकारी अनुपमा सिंह,स्वेता एवं विश्वजीतस्तरीय पदाधिकारी 15 जनवरी के देर शाम तक देवघर पहुंच गए थे,उनके आवासन की व्यवस्था सर्किट हाउस में कराने हेतु सिविल सर्जन देवघर के माध्यम से जिला प्रशासन को पत्र प्रेषित किया जा चुका था। आज सुबह सबसे पहले राज्य से आए प्रतिनिधि ने शिव मंदिर में दर्शन एवं पूजा किया।इस योजना के तहद पहले लाभुकों को पहले 5 लाख की राशि तक उपचार की व्यवस्था थी जबकि अब अबुआ स्वास्थ्य योजना के तहद उसको बढ़ा कर 15 लाख तक कर दिया गया है,राज्य प्रतिनिधि अनुपमा सिंह,स्वेता एवं विश्वजीत द्वारा विस्तृत रूप से पूरी योजना के संबंध में जानकारी दी गई। नए अस्पताल को सूचीबद्ध करने के लिए जो नए नियम है उसकी भी जानकारी दी गई।राज्य से आए हुए प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि इस योजना को धरातल पर सुगम एवं सुचारू बनाने हेतु जिला के जिला कार्यक्रम समन्वय और जिला निढाल पदाधिकारी प्राधिकृत है।इस मौके पर साहेबगंज के सिविल सर्जन डॉ रामदेव पासवान,दुमका सिविल सर्जन डॉ एस के मिश्रा,जामताड़ा सिविल सर्जन डॉ आनंद मोहन सोरेन,सहित अन्य जिलों के उपाधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मौजूद थे। उपरोक्त कार्यक्रम की जानकारी आयुष्मान योजना के जिला नोडल पदाधिकारी सह वरीय दन्त चिकित्सा पदाधिकारी डॉ शरद कुमार द्वारा दी गई।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर किया गया जबकि सभी सिविल सर्जन एवं राज्य प्रतिनिधि को बुके दे कर स्वागत किया गया।