मेजा ऊर्जा निगम एवं ALIMCO के बीच दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिको के कल्याण हेतु MoU पर हस्ताक्षर।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।मेजा ऊर्जा निगम प्रा.लि. (MUNPL) ने अपने नैगम सामाजिक दायित्व (CSR)के अंतर्गत दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिको के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारत सरकार के उपक्रम ALIMCO (Artificial Limbs Manufacturing Corporation of India) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU)पर हस्ताक्षर किए।इस समझौते के अन्तर्गत परियोजना प्रभावित एवं आसपास के क्षेत्रो में निवासरत दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिको की पहचान कर उन्हें कृत्रिम अंग सहायक उपकरण एवं अन्य आवश्यक सहायक साधन उपलब्ध कराए जाएंगे जिससे उनकी दैनिक जीवन-शैली में सुधार हो सके तथा वे आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।यह हस्ताक्षर समारोह मेजा ऊर्जा निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जी श्रीनिवास राव की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित किया गया।

निगम की ओर से विवेक चन्द्रा अपर महाप्रबंधक (मा.स.)न अजय सिंह उप महाप्रबन्धक (मा.स.)डॉ.अरविन्द सिंह चिकित्सा अधिकारी (अस्पताल) तथा ALIMCO की ओर से ऋषि राज सहायक प्रबन्धक(एलिम्को) ने MoU पर हस्ताक्षर किए।इस अवसर पर अपने सम्बोधन में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जी श्रीनिवास राव ने कहा कि मेजा ऊर्जा निगम समाज के वंचित एवं विशेष आवश्यकता वाले वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ALIMCO के साथ यह साझेदारी दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिको को सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उनके आत्मसम्मान गतिशीलता एवं जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगी।यह पहल मेजा ऊर्जा निगम की “Health for All”तथा समावेशी विकास की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है और CSR के माध्यम से सामाजिक सरोकारो के प्रति निगम की संवेदनशीलता को दर्शाती है।

इस अवसर पर नरेन्द्र नाथ सिन्हा(महाप्रबन्धक प्रचालन एवं अनुरक्षण)अशोक कुमार सामल (महाप्रबन्धक अनुरक्षण) ए के चौधरी (मुख्य चिकित्सा अधिकारी) विवेक चन्द्र (अपर महाप्रबन्धक मानव संसाधन)सहित ALIMCO की ओर से अधिकृत प्रतिनिधियो उपस्थित रहे।

दिव्यांग महिला को अब तक नहीं मिला सरकारी आवास, प्रशासन से लगाई गुहार
आजमगढ़ जिले के बूढ़नपुर नगर पंचायत अंतर्गत शेरवा गांव निवासी एक दिव्यांग महिला को आज तक सरकारी आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है। पीड़िता शारीरिक रूप से दिव्यांग है और पैरों से खड़ी होने में असमर्थ है, ऐसे में उसके लिए पक्का आवास अत्यंत आवश्यक है।पीड़िता ने बताया कि उसने कई बार सरकारी आवास के लिए आवेदन पत्र भरा, लेकिन हर बार उसे निराशा ही हाथ लगी। आरोप है कि पूर्व ग्राम प्रधान द्वारा प्रभाव का इस्तेमाल कर जरूरतमंद दिव्यांग महिला का नाम आवास सूची से कटवा दिया गया, जिसके चलते वह योजना के लाभ से वंचित रह गई।दिव्यांग पीड़िता का कहना है कि उसके पास न तो रहने के लिए सुरक्षित मकान है और न ही कोई स्थायी सहारा। बारिश और ठंड के मौसम में उसकी परेशानी और भी बढ़ जाती है। इस मामले को लेकर पीड़िता ने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उसे शीघ्र सरकारी आवास उपलब्ध कराया जाए, ताकि वह सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जी सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी तत्परता दिखाता है और दिव्यांग महिला को कब तक उसका हक मिल पाता है।
मीरापुर पुलिस ने पकड़ा अंतर्राज्यीय ATM कार्ड बदलू गिरोह, 4 शातिर गिरफ्तार
जानसठ/मीरापुर। मीरापुर थाना पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 8 एटीएम कार्ड, अवैध असलहा, नकदी और वारदात में इस्तेमाल होने वाली आई-20 कार बरामद की है। पकड़े गए अभियुक्तों में से एक पर दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस के अनुसार, 17 दिसंबर 2025 को मीरापुर निवासी एक युवती सृष्टि का एटीएम कार्ड बदलकर उसके खाते से 13,500 रुपये निकाल लिए गए थे। पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर एसएसपी के निर्देशन में टीम गठित की गई। जांच के दौरान पता चला कि यह गिरोह एटीएम बूथों पर मदद के बहाने लोगों के कार्ड बदल देता था और बाद में उनके खातों से नकदी उड़ा लेता था। थाना प्रभारी राजीव शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने टूटी पुलिया के पास चेकिंग के दौरान एक आई-20 कार को रोककर चार युवकों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से विभिन्न बैंकों के 8 एटीएम, एक तमंचा, कारतूस, चाकू और 10,200 रुपये नकद बरामद हुए। इंस्पेक्टर राजीव शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त नीटू मुजफ्फरनगर इसके विरुद्ध लूट, चोरी और धोखाधड़ी के 23 मुकदमे दर्ज हैं। विकास का भी पहले से ही 6 मुकदमों का आपराधिक इतिहास है वही अरुण कुमार व बिजेन्द्र सहारनपुर ये दोनों भी गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। इस दौरान गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक मोहित कुमार, योगेश तेवतिया और अन्य कांस्टेबल शामिल रहे। पुलिस अब गिरोह के अन्य नेटवर्क और हाल ही में की गई अन्य वारदातों के बारे में पूछताछ करने  मे जुटी  है।
जानसठ मुजफ्फरपुर
रिपोर्टर ब्रह्म प्रकाश शर्मा
नाबालिग के साथ रेप के प्रयास का आरोपी गिरफ्तार,घर में घुसकर वारदात को दिया था अंजाम


आरोपी को छुड़ाने गये 4 अभी भी फरार

गोंडा।जिले के कटरा बाजार थाने की पुलिस ने दूसरे समुदाय की एक नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी मोहम्मद गोलू उर्फ़ सद्दाम हुसैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई की गई है,वहीं इस मामले में चार अन्य आरोपी क्रमशः अकबर अली,अब्बास अली, शब्बीर अली व मेराज की तलाश जारी है,जिन्होंने आरोपी को छुड़ाने के लिए पीड़ित परिवार के घर में घुसकर मारपीट किया था।घटना कटरा बाजार थाना क्षेत्र के एक गांव में 2 फरवरी की रात लगभग 11 बजे हुई थी।

पीड़िता के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी लड़की घर में अकेली थी,जबकि परिवार के अन्य सदस्य रिश्तेदारी में गये हुए थे।इसी दौरान मोहम्मद गोलू उर्फ़ सद्दाम हुसैन ने घर का दरवाजा खटखटाया और बेटी ने अपने पिता को समझकर दरवाजा खोल दिया कि तभी आरोपी मोहम्मद गोलू उर्फ़ सद्दाम हुसैन घर में घुस गया और नाबालिग लड़की को जमीन पर पटक कर उसके कपड़े फाड़ दिए,उसने लड़की के साथ अश्लील हरकत किया और दुष्कर्म का प्रयास किया।लड़की के चिल्लाने पर पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे और आरोपी को पकड़ लिया।आरोपी के पकड़े जाने के बाद उसके परिवार के सदस्य अकबर अली, अब्बास अली, शब्बीर अली व मेराज असलहा लेकर मौके पर पहुंचे।उन्होंने पीड़िता के साथ मारपीट भी किया और मोहम्मद गोलू को छुड़ाने का प्रयास किया।इस दौरान पूरे मुहल्ले के लोग इकट्ठा हो गये।कटरा बाजार पुलिस ने बालिका का चिकित्सकीय परीक्षण कराया है।

कटरा बाजार थाने के थानाध्यक्ष विवेक त्रिवेदी ने बताया कि मुख्य आरोपी मोहम्मद गोलू उर्फ़ सद्दाम हुसैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।घटना में शामिल चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और पुलिस गहनता से मामले की जांच कर रही है।फरार चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर भी कटरा बाजार थाने की पुलिस जांच कर रही है।
उत्तराखंड में 30 जून तक मदरसा बोर्ड  हो जाएगा समाप्त
* अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता अनिवार्य

देहरादून। उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। धामी सरकार द्वारा लाए गए अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक 2025 के तहत प्रदेश का मदरसा बोर्ड इस साल जून के अंत तक पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। 1 जुलाई 2026 से सभी मदरसों को उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता और उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से संबद्धता लेनी अनिवार्य होगी।
सरकार ने विधेयक को धरातल पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन कर दिया है। प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में बीएसएम पीजी कॉलेज रुड़की के सेवानिवृत्त प्राचार्य प्रो. सुरजीत सिंह गांधी को नियुक्त किया गया है।
दरअसल, धामी सरकार ने प्रदेश में संचालित सभी मदरसों और अन्य अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली से जोड़ने के उद्देश्य से यह विधेयक लाया था। अगस्त 2025 में विधानसभा से पारित होने के बाद 6 अक्टूबर 2025 को राज्यपाल की मंजूरी भी मिल गई थी। अब प्राधिकरण के गठन के साथ ही इसकी सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।
सरकारी निर्णय के अनुसार, 30 जून 2026 को उत्तराखंड मदरसा बोर्ड समाप्त हो जाएगा, जिसके बाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा लागू होगा। इसके साथ ही उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन जाएगा, जहां मदरसा बोर्ड को पूरी तरह खत्म किया जा रहा है।
प्राधिकरण की संरचना - अध्यक्ष: प्रो. सुरजीत सिंह गांधी, सदस्य - डॉ. राकेश कुमार जैन (हरिद्वार), डॉ. सैय्यद अली हमीद (अल्मोड़ा), प्रो. पेमा तेनजिन (चमोली), प्रो. गुरमीत सिंह (मुरादाबाद), डॉ. एल्बा मन्ड्रेले (बागेश्वर), प्रो. रोबिना अमन (अल्मोड़ा), चंद्रशेखर भट्ट (पूर्व सचिव), राजेंद्र सिंह बिष्ट (पिथौरागढ़), पदेन सदस्य - महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा एवं निदेशक, एससीईआरटी
पदेन सदस्य सचिव - निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण, उत्तराखंड
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है, ताकि वे भी राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबको शिक्षा का अधिकार” के संकल्प के अनुरूप उत्तराखंड सरकार शिक्षा सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है।
उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे अल्पसंख्यक बच्चों को मुख्यधारा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब ये बच्चे डॉक्टर, डीएम, एसएसपी जैसे बड़े पदों तक पहुंच सकेंगे। यह निर्णय अल्पसंख्यक बच्चों के भविष्य के लिए एक मिसाल है।
कुल मिलाकर, धामी सरकार का यह कदम उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश के शैक्षणिक परिदृश्य को नई दिशा देगा।
50 दिन धरना प्रदर्शन के बाद भी, नहीं हो रही सुनवाई

फर्रुखाबाद l जनपद में अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं का आंदोलन उग्र होता जा रहा है। पिछले 50 दिनों से जारी इस हड़ताल के कारण जिले की बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप पड़ गई हैं। एक बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी  कार्यालय पर धरना देकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रमुख सेवाएं बाधित
आशा कार्यकर्ताओं के कार्य बहिष्कार का सीधा असर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्वास्थ्य अभियानों पर पड़ा है। वर्तमान में निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं:

* टीकाकरण: गर्भवती महिलाओं और बच्चों का नियमित टीकाकरण रुक गया है।

* स्वास्थ्य अभियान: रूबेला टीकाकरण जैसे विशेष अभियान बाधित हैं।

* सरकारी योजनाएं: आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया में भारी रुकावट आई है।

* जांच: गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच का काम भी प्रभावित है।

मुख्य मांगें?
प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर यह हड़ताल 15 दिसंबर से शुरू की गई थी। कार्यकर्ताओं की मुख्य शिकायतें और मांगें इस प्रकार हैं:
* 14 सूत्रीय मांग पत्र: प्रदेश स्तर पर लंबित मांगों को जल्द पूरा किया जाए।

* बकाया भुगतान: स्थानीय स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं का लाखों रुपया मानदेय और प्रोत्साहन राशि के रूप में बकाया है।

* सुनवाई का अभाव: प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 50 दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन या शासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

आंदोलन को मिला बाहरी समर्थन
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं जिलाध्यक्ष मिथिलेश सोलंकी और सचिव सपना कटियार ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं और लंबित भुगतान नहीं किया जाता, तब तक यह हड़ताल और धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। विशेष बात यह है कि आशाओं के इस आंदोलन को अब किसान यूनियन ने भी अपना पूर्ण समर्थन दे दिया है, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ता दिख रहा है।
स्काउट गाइड शिविर का समापन

संभल, चंदौसी - नगर से सटे ग्राम पथरा स्थित डा. भीमराव अंबेडकर जूनियर हाईस्कूल में चल रहे स्काउट गाइड शिविर का तीसरे दिन समापन हुआ। बुधवार को स्काउट गाइड कमिश्नर संगीता भार्गव कैंप में पहुंची और शिविर का निरीक्षण किया। शिविर में बच्चों की अलग अलग टोली बनाकर उनसे टेंट लगवाए गए। संगीता भार्गव ने टैंटों का निरीक्षण किया और बच्चों से शिविर के दौरान सीखे गए कामों के बारे में जानकारी ली। बच्चे भी टैंटों के निरीक्षण के दौरान काफी उत्साहित दिखाई दिए। बच्चों द्वारा की गई मेहनत पर संगीता भार्गव ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। जिला संगठन आयुक्त मीनू राघव, सहायक नीलम कुमारी ने बच्चों को तीन दिन का प्रशिक्षण दिया। शिविर में बताया गया कि एक दूसरे की मदद से असंभव कार्य को भी संभव किया जा सकता है। साथ ही एकता बनाकर रखनी चाहिए। प्रधानाचार्या आशा गोस्वामी ने सभी बच्चों का उत्साहवर्धन किया । स्कूल संचालक महानंदन गौतम का शिविर में सहयोग रहा।
इस दौरान प्रधानाचार्या आशा गोस्वामी, नीरज शर्मा, प्रवीन कुमार, सत्येंद्र सिंह, सत्यपाल सिंह, अश्विनी शर्मा, रंजीत कुमार, रमन शर्मा, सीमा अग्रवाल, आभा रानी, क्षमता,शालू सुशीला, रेशमा,अनामिका यादव, खुशबू, वंशिका सक्सेना, रंजीत कौर,
दुर्गेशनंदिनी, आरती सिंह, योगेश, गीता, श्याम सिंह आदि उपस्थित रहे।
बसंतोत्सव में  जवाहरलाल निर्झर कोदिया गया शब्द साधक सम्मान
मुंबई । पूर्वांचल मानस मंडल द्वारा मुंबई के मलाड़ पूर्व में शारदा ज्ञानपीठ सभागार में आयोजित बसंतोत्सव 2026 राष्ट्रीय हिंदी साहित्य अधिवेशन रविवार 1 फरवरी 2026 को आयोजित किया गया।देश भर से कवियों साहित्यकारों की उपस्थिति देखी गई। उक्त अधिवेशन की अध्यक्षता हिंदी साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त  रामकृष्ण सहस्रबुद्धे ने किया।स्वागताध्यक्ष देवेन्द्र तिवारी के सानिध्य में महानगर के वरिष्ठ कवि जवाहरलाल निर्झर को महानगरीय साहित्य गोष्ठियों के योगदान हेतु शब्द साधक सम्मान से सम्मानित किया गया।राष्ट्रवाद के पर्याय ओज कवि योगेन्द्र शर्मा कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे, जिन्होंने प्रथम सत्र की अध्यक्षता भी की। महानगर के प्रतिष्ठित हास्य-व्यंग्य के हस्ताक्षर महेश दुबे के साथ साथ सुविख्यात हास्यकवि मंच संचालक सुरेश मिश्रा ने उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम में प्रथम सत्र की अध्यक्षता योगेन्द्र शर्मा और संचालन उमेश मिश्रा "प्रभाकर" ने किया। द्वितीय सत्र की अध्यक्षता निडर जौनपुरी व संचालन पंकज अंगार ने किया। त्रितीय सत्र की अध्यक्षता रामकृष्ण सहस्रबुद्धे व संचालन राजेश "अल्हड़ असरदार" ने किया।मुख्य अतिथि केवल कोठारी व विशिष्ट अतिथियों में स्थानिक नगरसेवक अधिवक्ता सिद्धार्थ शर्मा व संजय कांबले सहित विनय कुमार दुबे,प्रभाकर शुक्ला,राजेश गोहिल,प्रकाश राठोड़,शिव नारायण सोनी, संतोष राठोड़,लालचंद तिवारी,बंशीधर चौबे,राजेन्द्र चौबे तथा सौ. भारती श्रीवास्तव ने विभिन्न सत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वरिष्ठ साहित्यकार श्री राम सिंह,रेखा किंगर रोशनी,  कमलेश पाण्डेय तरूण,दिनेश बैसवारी और डाॅ. कनकलता तिवारी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई व काव्यपाठ किया।साहित्य अधिवेशन में उतर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु सहित महाराष्ट्र के नागपुर,सातारा मुंबई महानगर व उपनगरों के लगभग 70 कवियों ने काव्य पाठ किया।राकेश मणि त्रिपाठी, शारदा प्रसाद दुबे, सुजाता उदेशी, प्रकाश कुमार, संजीव द्विवेदी, श्रीधर मिश्रा, कविता झा, शिवकुमार सिंह, सुमित्रा गुप्ता, अमरनाथ द्विवेदी, मीना घुमे, लक्ष्मीकांत कमलनयन, किरन तिवारी, निरज शर्मा, कुसुम तिवारी, अरूण दुबे, शीतल देवयानी, राजीव मिश्रा, राजेश ऋतुपर्ण, माया मेहता, किरन मिश्रा, काजू निषाद, विनोद कुमार शुक्ल, रितेश गौड़, आनंद पांडेय, अनिल गौड़, इंदु मिश्रा, नीतू पाण्डेय आदि कवियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई व काव्यपाठ किया।
अखिल भारतीय साहित्य परिषद मुंबई, संगीत साहित्य मंच, हृदयांगन सामाजिक साहित्यिक संस्था, सुधा सामाजिक साहित्यिक संस्था, हस्ताक्षरम् सामाजिक साहित्यिक संस्था, बाबू शोभनाथ मेमोरियल ट्रस्ट आदि संस्थाओं के सहयोग से अन्नपूर्णा गुप्ता "सरगम", बिट्टू जैन "सना", संगीता पाण्डेय, सीमा त्रिवेदी, डॉ मृदुल तिवारी "महक", हिरालाल चौधरी, बिपीन दुबे, रिना धीमान "स्वर्ण" के संयोजन में रामजीत गुप्ता, विधु भूषण त्रिवेदी, सत्यभामा सिंह, वाचस्पति तिवारी, रजनी साहू, बसंत आर्य व रामकृष्ण गुप्ता द्वारा आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व राजेश दुबे "अल्हड़ असरदार" तथा सदाशिव चतुर्वेदी ने किया।
विकृत मानसिकता वाले करते हैं ऐसे अपराध, शिवानी हत्याकांड पर बोली एकता सिंह
राज्य महिला आयोग की सदस्य ने सुनी समस्या

गोंडा।एक दिवसीय दौरे पर पहुंची राज्य महिला आयोग की सदस्य एकता सिंह ने स्थानीय सर्किट हाउस में जनसुनवाई के दौरान महिलाओं से सम्बन्धित शिकायतों को सुनते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही का निर्देश दिया।जनसुनवाई के दौरान देहात कोतवाली क्षेत्र की एक बालिका ने यौन उत्पीड़न संबंधी लिखित शिकायती पत्र दिया और पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उक्त मामले में कोई कार्रवाई नहीं किया है।जिसके बाद एकता सिंह ने मौके पर मौजूद पुलिस के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल कार्यवाही करने का निर्देश दिया।जिले में हाल ही में हुए शिवानी पांडेय आनर किलिंग मामले पर एकता सिंह ने बड़ा बयान दिया।उन्होंने कहा कि ऐसे जघन्य अपराध विकृत मानसिकता वाले लोग ही कर सकते हैं।राज्य महिला आयोग की सदस्य ने आगे कहा कि जब पिता और भाई ने ही बेटी से जीने का अधिकार छीन लिया हो,तो इसमें पुलिस या महिला आयोग क्या कर सकता है।एकता सिंह ने भरोसा दिलाया कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।उन्होंने इस संबंध में पुलिस अधिकारियों से बात कर आवश्यक निर्देश दिया है।दरअसल इस पूरे घटनाक्रम का राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है और उन्होंने भी पूरे मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने समाज में जागरूकता की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बार बार जागरूक करने के बाद भी ऐसी घटनाएं समाज को सोचने पर मजबूर करती हैं।जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान लगभग 10 शिकायतें महिलाओं से संबंधित प्राप्त हुई।एकता सिंह ने अधिकारियों को अगली सुनवाई तक इन शिकायतों का समाधान करने के निर्देश दिए और उन्होंने यह भी कहा कि अगली जनसुनवाई में यह शिकायतें दोबारा नहीं आनी चाहिए।
गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग लत का खौफनाक अंत: 9वीं मंजिल से कूदकर तीन सगी बहनों ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- “मम्मी-पापा सॉरी”
गाजियाबाद । गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग खेलने से मना करने पर किशोर द्वारा मां की हत्या की घटना अभी लोगों के जेहन से उतरी भी नहीं थी कि अब उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां भारत सिटी सोसाइटी में रहने वाली तीन नाबालिग सगी बहनों ने एक साथ नौवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।

सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

मृतक बहनों की पहचान 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय आखी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। पुलिस ने तीनों को तत्काल जिला अस्पताल भिजवाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सुसाइड नोट बरामद, माता-पिता से मांगी माफी

पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है। नोट में तीनों बहनों ने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि वे जिस गेम को छुड़वाना चाहते थे, उससे उन्हें बहुत प्यार था।सुसाइड नोट में लिखा मिला—“मम्मी, पापा, सॉरी… जिस गेम को छुड़वाना चाहते थे, उससे हम लोग बहुत प्यार करते थे।”पुलिस का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और हर पहलू पर गहन जांच की जा रही है।

परिवार का परिचय और घटना की टाइमिंग

जानकारी के मुताबिक, भारत सिटी सोसाइटी में चेतन राम अपने परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में उनकी पत्नी और तीन बेटियां थीं। पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों बहनों को ऑनलाइन गेमिंग का शौक था और वे लगातार मोबाइल पर गेम खेलती रहती थीं।बताया जा रहा है कि जब पिता और मां ने बच्चियों को गेम खेलने से रोका, तो तीनों ने इसे दिल पर ले लिया और आत्महत्या जैसा खतरनाक कदम उठा लिया।
घटना बुधवार रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जब तीनों ने बिल्डिंग की नौवीं मंजिल से छलांग लगा दी।

ऑनलाइन गेमिंग की लत बन रही जानलेवा

यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि यह देश में बढ़ती ऑनलाइन गेमिंग की लत और बच्चों की मानसिक स्थिति पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।विशेषज्ञ मानते हैं कि मोबाइल, इंटरनेट और एआई जैसी तकनीक ने जीवन को तेज जरूर बनाया है, लेकिन इसके साथ बच्चों और युवाओं में डिजिटल एडिक्शन तेजी से बढ़ रहा है। गेम्स को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि लोग बार-बार खेलें—रिवॉर्ड सिस्टम, लेवल अप,वर्चुअल करेंसी, जीत-हार का दबाव, सोशल कनेक्शन इन सबका असर दिमाग के रिवार्ड सिस्टम पर पड़ता है और व्यक्ति धीरे-धीरे नियंत्रण खो देता है।

WHO ने भी माना “Gaming Disorder”

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने “Gaming Disorder” को मानसिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में मान्यता दी है। इसमें व्यक्ति गेमिंग पर नियंत्रण खो देता है और पढ़ाई, रिश्ते, सेहत और व्यवहार पर बुरा असर पड़ता है।रिपोर्ट्स के अनुसार, NCRB 2023 के आंकड़ों में भारत में 85 से अधिक आत्महत्या के मामले सीधे तौर पर ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े बताए गए हैं। इससे यह साफ है कि यह लत अब गंभीर सामाजिक संकट बनती जा रही है।

पहले भी सामने आए ऐसे मामले

देश में इससे पहले भी गेमिंग की वजह से आत्महत्या के कई मामले सामने आ चुके हैं, जैसे—इंदौर (अगस्त 2025): 2800 रुपये हारने पर 7वीं के छात्र ने फांसी लगाई, राजस्थान (जून 2025): कर्ज में डूबे युवक ने पत्नी संग आत्महत्या, बिजनौर: कारोबारी ने ऑनलाइन गेम में बड़ी रकम हारने के बाद जान दी, कुशीनगर: 18 वर्षीय छात्र ने गेमिंग की लत में आत्महत्या की।

पुलिस जांच जारी

गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि तीनों बहनों की मौत के पीछे की असली वजह, गेम का नाम, मोबाइल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री, इंटरनेट गतिविधि और परिवार के बयान—इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
मेजा ऊर्जा निगम एवं ALIMCO के बीच दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिको के कल्याण हेतु MoU पर हस्ताक्षर।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।मेजा ऊर्जा निगम प्रा.लि. (MUNPL) ने अपने नैगम सामाजिक दायित्व (CSR)के अंतर्गत दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिको के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारत सरकार के उपक्रम ALIMCO (Artificial Limbs Manufacturing Corporation of India) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU)पर हस्ताक्षर किए।इस समझौते के अन्तर्गत परियोजना प्रभावित एवं आसपास के क्षेत्रो में निवासरत दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिको की पहचान कर उन्हें कृत्रिम अंग सहायक उपकरण एवं अन्य आवश्यक सहायक साधन उपलब्ध कराए जाएंगे जिससे उनकी दैनिक जीवन-शैली में सुधार हो सके तथा वे आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।यह हस्ताक्षर समारोह मेजा ऊर्जा निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जी श्रीनिवास राव की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित किया गया।

निगम की ओर से विवेक चन्द्रा अपर महाप्रबंधक (मा.स.)न अजय सिंह उप महाप्रबन्धक (मा.स.)डॉ.अरविन्द सिंह चिकित्सा अधिकारी (अस्पताल) तथा ALIMCO की ओर से ऋषि राज सहायक प्रबन्धक(एलिम्को) ने MoU पर हस्ताक्षर किए।इस अवसर पर अपने सम्बोधन में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जी श्रीनिवास राव ने कहा कि मेजा ऊर्जा निगम समाज के वंचित एवं विशेष आवश्यकता वाले वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ALIMCO के साथ यह साझेदारी दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिको को सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उनके आत्मसम्मान गतिशीलता एवं जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगी।यह पहल मेजा ऊर्जा निगम की “Health for All”तथा समावेशी विकास की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है और CSR के माध्यम से सामाजिक सरोकारो के प्रति निगम की संवेदनशीलता को दर्शाती है।

इस अवसर पर नरेन्द्र नाथ सिन्हा(महाप्रबन्धक प्रचालन एवं अनुरक्षण)अशोक कुमार सामल (महाप्रबन्धक अनुरक्षण) ए के चौधरी (मुख्य चिकित्सा अधिकारी) विवेक चन्द्र (अपर महाप्रबन्धक मानव संसाधन)सहित ALIMCO की ओर से अधिकृत प्रतिनिधियो उपस्थित रहे।

दिव्यांग महिला को अब तक नहीं मिला सरकारी आवास, प्रशासन से लगाई गुहार
आजमगढ़ जिले के बूढ़नपुर नगर पंचायत अंतर्गत शेरवा गांव निवासी एक दिव्यांग महिला को आज तक सरकारी आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है। पीड़िता शारीरिक रूप से दिव्यांग है और पैरों से खड़ी होने में असमर्थ है, ऐसे में उसके लिए पक्का आवास अत्यंत आवश्यक है।पीड़िता ने बताया कि उसने कई बार सरकारी आवास के लिए आवेदन पत्र भरा, लेकिन हर बार उसे निराशा ही हाथ लगी। आरोप है कि पूर्व ग्राम प्रधान द्वारा प्रभाव का इस्तेमाल कर जरूरतमंद दिव्यांग महिला का नाम आवास सूची से कटवा दिया गया, जिसके चलते वह योजना के लाभ से वंचित रह गई।दिव्यांग पीड़िता का कहना है कि उसके पास न तो रहने के लिए सुरक्षित मकान है और न ही कोई स्थायी सहारा। बारिश और ठंड के मौसम में उसकी परेशानी और भी बढ़ जाती है। इस मामले को लेकर पीड़िता ने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उसे शीघ्र सरकारी आवास उपलब्ध कराया जाए, ताकि वह सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जी सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी तत्परता दिखाता है और दिव्यांग महिला को कब तक उसका हक मिल पाता है।
मीरापुर पुलिस ने पकड़ा अंतर्राज्यीय ATM कार्ड बदलू गिरोह, 4 शातिर गिरफ्तार
जानसठ/मीरापुर। मीरापुर थाना पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 8 एटीएम कार्ड, अवैध असलहा, नकदी और वारदात में इस्तेमाल होने वाली आई-20 कार बरामद की है। पकड़े गए अभियुक्तों में से एक पर दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस के अनुसार, 17 दिसंबर 2025 को मीरापुर निवासी एक युवती सृष्टि का एटीएम कार्ड बदलकर उसके खाते से 13,500 रुपये निकाल लिए गए थे। पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर एसएसपी के निर्देशन में टीम गठित की गई। जांच के दौरान पता चला कि यह गिरोह एटीएम बूथों पर मदद के बहाने लोगों के कार्ड बदल देता था और बाद में उनके खातों से नकदी उड़ा लेता था। थाना प्रभारी राजीव शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने टूटी पुलिया के पास चेकिंग के दौरान एक आई-20 कार को रोककर चार युवकों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से विभिन्न बैंकों के 8 एटीएम, एक तमंचा, कारतूस, चाकू और 10,200 रुपये नकद बरामद हुए। इंस्पेक्टर राजीव शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त नीटू मुजफ्फरनगर इसके विरुद्ध लूट, चोरी और धोखाधड़ी के 23 मुकदमे दर्ज हैं। विकास का भी पहले से ही 6 मुकदमों का आपराधिक इतिहास है वही अरुण कुमार व बिजेन्द्र सहारनपुर ये दोनों भी गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। इस दौरान गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक मोहित कुमार, योगेश तेवतिया और अन्य कांस्टेबल शामिल रहे। पुलिस अब गिरोह के अन्य नेटवर्क और हाल ही में की गई अन्य वारदातों के बारे में पूछताछ करने  मे जुटी  है।
जानसठ मुजफ्फरपुर
रिपोर्टर ब्रह्म प्रकाश शर्मा
नाबालिग के साथ रेप के प्रयास का आरोपी गिरफ्तार,घर में घुसकर वारदात को दिया था अंजाम


आरोपी को छुड़ाने गये 4 अभी भी फरार

गोंडा।जिले के कटरा बाजार थाने की पुलिस ने दूसरे समुदाय की एक नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी मोहम्मद गोलू उर्फ़ सद्दाम हुसैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई की गई है,वहीं इस मामले में चार अन्य आरोपी क्रमशः अकबर अली,अब्बास अली, शब्बीर अली व मेराज की तलाश जारी है,जिन्होंने आरोपी को छुड़ाने के लिए पीड़ित परिवार के घर में घुसकर मारपीट किया था।घटना कटरा बाजार थाना क्षेत्र के एक गांव में 2 फरवरी की रात लगभग 11 बजे हुई थी।

पीड़िता के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी लड़की घर में अकेली थी,जबकि परिवार के अन्य सदस्य रिश्तेदारी में गये हुए थे।इसी दौरान मोहम्मद गोलू उर्फ़ सद्दाम हुसैन ने घर का दरवाजा खटखटाया और बेटी ने अपने पिता को समझकर दरवाजा खोल दिया कि तभी आरोपी मोहम्मद गोलू उर्फ़ सद्दाम हुसैन घर में घुस गया और नाबालिग लड़की को जमीन पर पटक कर उसके कपड़े फाड़ दिए,उसने लड़की के साथ अश्लील हरकत किया और दुष्कर्म का प्रयास किया।लड़की के चिल्लाने पर पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे और आरोपी को पकड़ लिया।आरोपी के पकड़े जाने के बाद उसके परिवार के सदस्य अकबर अली, अब्बास अली, शब्बीर अली व मेराज असलहा लेकर मौके पर पहुंचे।उन्होंने पीड़िता के साथ मारपीट भी किया और मोहम्मद गोलू को छुड़ाने का प्रयास किया।इस दौरान पूरे मुहल्ले के लोग इकट्ठा हो गये।कटरा बाजार पुलिस ने बालिका का चिकित्सकीय परीक्षण कराया है।

कटरा बाजार थाने के थानाध्यक्ष विवेक त्रिवेदी ने बताया कि मुख्य आरोपी मोहम्मद गोलू उर्फ़ सद्दाम हुसैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।घटना में शामिल चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और पुलिस गहनता से मामले की जांच कर रही है।फरार चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर भी कटरा बाजार थाने की पुलिस जांच कर रही है।
उत्तराखंड में 30 जून तक मदरसा बोर्ड  हो जाएगा समाप्त
* अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता अनिवार्य

देहरादून। उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। धामी सरकार द्वारा लाए गए अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक 2025 के तहत प्रदेश का मदरसा बोर्ड इस साल जून के अंत तक पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। 1 जुलाई 2026 से सभी मदरसों को उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता और उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से संबद्धता लेनी अनिवार्य होगी।
सरकार ने विधेयक को धरातल पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन कर दिया है। प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में बीएसएम पीजी कॉलेज रुड़की के सेवानिवृत्त प्राचार्य प्रो. सुरजीत सिंह गांधी को नियुक्त किया गया है।
दरअसल, धामी सरकार ने प्रदेश में संचालित सभी मदरसों और अन्य अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली से जोड़ने के उद्देश्य से यह विधेयक लाया था। अगस्त 2025 में विधानसभा से पारित होने के बाद 6 अक्टूबर 2025 को राज्यपाल की मंजूरी भी मिल गई थी। अब प्राधिकरण के गठन के साथ ही इसकी सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।
सरकारी निर्णय के अनुसार, 30 जून 2026 को उत्तराखंड मदरसा बोर्ड समाप्त हो जाएगा, जिसके बाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा लागू होगा। इसके साथ ही उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन जाएगा, जहां मदरसा बोर्ड को पूरी तरह खत्म किया जा रहा है।
प्राधिकरण की संरचना - अध्यक्ष: प्रो. सुरजीत सिंह गांधी, सदस्य - डॉ. राकेश कुमार जैन (हरिद्वार), डॉ. सैय्यद अली हमीद (अल्मोड़ा), प्रो. पेमा तेनजिन (चमोली), प्रो. गुरमीत सिंह (मुरादाबाद), डॉ. एल्बा मन्ड्रेले (बागेश्वर), प्रो. रोबिना अमन (अल्मोड़ा), चंद्रशेखर भट्ट (पूर्व सचिव), राजेंद्र सिंह बिष्ट (पिथौरागढ़), पदेन सदस्य - महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा एवं निदेशक, एससीईआरटी
पदेन सदस्य सचिव - निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण, उत्तराखंड
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है, ताकि वे भी राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबको शिक्षा का अधिकार” के संकल्प के अनुरूप उत्तराखंड सरकार शिक्षा सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है।
उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे अल्पसंख्यक बच्चों को मुख्यधारा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब ये बच्चे डॉक्टर, डीएम, एसएसपी जैसे बड़े पदों तक पहुंच सकेंगे। यह निर्णय अल्पसंख्यक बच्चों के भविष्य के लिए एक मिसाल है।
कुल मिलाकर, धामी सरकार का यह कदम उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश के शैक्षणिक परिदृश्य को नई दिशा देगा।
50 दिन धरना प्रदर्शन के बाद भी, नहीं हो रही सुनवाई

फर्रुखाबाद l जनपद में अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं का आंदोलन उग्र होता जा रहा है। पिछले 50 दिनों से जारी इस हड़ताल के कारण जिले की बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप पड़ गई हैं। एक बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी  कार्यालय पर धरना देकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रमुख सेवाएं बाधित
आशा कार्यकर्ताओं के कार्य बहिष्कार का सीधा असर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्वास्थ्य अभियानों पर पड़ा है। वर्तमान में निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं:

* टीकाकरण: गर्भवती महिलाओं और बच्चों का नियमित टीकाकरण रुक गया है।

* स्वास्थ्य अभियान: रूबेला टीकाकरण जैसे विशेष अभियान बाधित हैं।

* सरकारी योजनाएं: आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया में भारी रुकावट आई है।

* जांच: गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच का काम भी प्रभावित है।

मुख्य मांगें?
प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर यह हड़ताल 15 दिसंबर से शुरू की गई थी। कार्यकर्ताओं की मुख्य शिकायतें और मांगें इस प्रकार हैं:
* 14 सूत्रीय मांग पत्र: प्रदेश स्तर पर लंबित मांगों को जल्द पूरा किया जाए।

* बकाया भुगतान: स्थानीय स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं का लाखों रुपया मानदेय और प्रोत्साहन राशि के रूप में बकाया है।

* सुनवाई का अभाव: प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 50 दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन या शासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

आंदोलन को मिला बाहरी समर्थन
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं जिलाध्यक्ष मिथिलेश सोलंकी और सचिव सपना कटियार ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं और लंबित भुगतान नहीं किया जाता, तब तक यह हड़ताल और धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। विशेष बात यह है कि आशाओं के इस आंदोलन को अब किसान यूनियन ने भी अपना पूर्ण समर्थन दे दिया है, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ता दिख रहा है।
स्काउट गाइड शिविर का समापन

संभल, चंदौसी - नगर से सटे ग्राम पथरा स्थित डा. भीमराव अंबेडकर जूनियर हाईस्कूल में चल रहे स्काउट गाइड शिविर का तीसरे दिन समापन हुआ। बुधवार को स्काउट गाइड कमिश्नर संगीता भार्गव कैंप में पहुंची और शिविर का निरीक्षण किया। शिविर में बच्चों की अलग अलग टोली बनाकर उनसे टेंट लगवाए गए। संगीता भार्गव ने टैंटों का निरीक्षण किया और बच्चों से शिविर के दौरान सीखे गए कामों के बारे में जानकारी ली। बच्चे भी टैंटों के निरीक्षण के दौरान काफी उत्साहित दिखाई दिए। बच्चों द्वारा की गई मेहनत पर संगीता भार्गव ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। जिला संगठन आयुक्त मीनू राघव, सहायक नीलम कुमारी ने बच्चों को तीन दिन का प्रशिक्षण दिया। शिविर में बताया गया कि एक दूसरे की मदद से असंभव कार्य को भी संभव किया जा सकता है। साथ ही एकता बनाकर रखनी चाहिए। प्रधानाचार्या आशा गोस्वामी ने सभी बच्चों का उत्साहवर्धन किया । स्कूल संचालक महानंदन गौतम का शिविर में सहयोग रहा।
इस दौरान प्रधानाचार्या आशा गोस्वामी, नीरज शर्मा, प्रवीन कुमार, सत्येंद्र सिंह, सत्यपाल सिंह, अश्विनी शर्मा, रंजीत कुमार, रमन शर्मा, सीमा अग्रवाल, आभा रानी, क्षमता,शालू सुशीला, रेशमा,अनामिका यादव, खुशबू, वंशिका सक्सेना, रंजीत कौर,
दुर्गेशनंदिनी, आरती सिंह, योगेश, गीता, श्याम सिंह आदि उपस्थित रहे।
बसंतोत्सव में  जवाहरलाल निर्झर कोदिया गया शब्द साधक सम्मान
मुंबई । पूर्वांचल मानस मंडल द्वारा मुंबई के मलाड़ पूर्व में शारदा ज्ञानपीठ सभागार में आयोजित बसंतोत्सव 2026 राष्ट्रीय हिंदी साहित्य अधिवेशन रविवार 1 फरवरी 2026 को आयोजित किया गया।देश भर से कवियों साहित्यकारों की उपस्थिति देखी गई। उक्त अधिवेशन की अध्यक्षता हिंदी साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त  रामकृष्ण सहस्रबुद्धे ने किया।स्वागताध्यक्ष देवेन्द्र तिवारी के सानिध्य में महानगर के वरिष्ठ कवि जवाहरलाल निर्झर को महानगरीय साहित्य गोष्ठियों के योगदान हेतु शब्द साधक सम्मान से सम्मानित किया गया।राष्ट्रवाद के पर्याय ओज कवि योगेन्द्र शर्मा कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे, जिन्होंने प्रथम सत्र की अध्यक्षता भी की। महानगर के प्रतिष्ठित हास्य-व्यंग्य के हस्ताक्षर महेश दुबे के साथ साथ सुविख्यात हास्यकवि मंच संचालक सुरेश मिश्रा ने उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम में प्रथम सत्र की अध्यक्षता योगेन्द्र शर्मा और संचालन उमेश मिश्रा "प्रभाकर" ने किया। द्वितीय सत्र की अध्यक्षता निडर जौनपुरी व संचालन पंकज अंगार ने किया। त्रितीय सत्र की अध्यक्षता रामकृष्ण सहस्रबुद्धे व संचालन राजेश "अल्हड़ असरदार" ने किया।मुख्य अतिथि केवल कोठारी व विशिष्ट अतिथियों में स्थानिक नगरसेवक अधिवक्ता सिद्धार्थ शर्मा व संजय कांबले सहित विनय कुमार दुबे,प्रभाकर शुक्ला,राजेश गोहिल,प्रकाश राठोड़,शिव नारायण सोनी, संतोष राठोड़,लालचंद तिवारी,बंशीधर चौबे,राजेन्द्र चौबे तथा सौ. भारती श्रीवास्तव ने विभिन्न सत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वरिष्ठ साहित्यकार श्री राम सिंह,रेखा किंगर रोशनी,  कमलेश पाण्डेय तरूण,दिनेश बैसवारी और डाॅ. कनकलता तिवारी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई व काव्यपाठ किया।साहित्य अधिवेशन में उतर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु सहित महाराष्ट्र के नागपुर,सातारा मुंबई महानगर व उपनगरों के लगभग 70 कवियों ने काव्य पाठ किया।राकेश मणि त्रिपाठी, शारदा प्रसाद दुबे, सुजाता उदेशी, प्रकाश कुमार, संजीव द्विवेदी, श्रीधर मिश्रा, कविता झा, शिवकुमार सिंह, सुमित्रा गुप्ता, अमरनाथ द्विवेदी, मीना घुमे, लक्ष्मीकांत कमलनयन, किरन तिवारी, निरज शर्मा, कुसुम तिवारी, अरूण दुबे, शीतल देवयानी, राजीव मिश्रा, राजेश ऋतुपर्ण, माया मेहता, किरन मिश्रा, काजू निषाद, विनोद कुमार शुक्ल, रितेश गौड़, आनंद पांडेय, अनिल गौड़, इंदु मिश्रा, नीतू पाण्डेय आदि कवियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई व काव्यपाठ किया।
अखिल भारतीय साहित्य परिषद मुंबई, संगीत साहित्य मंच, हृदयांगन सामाजिक साहित्यिक संस्था, सुधा सामाजिक साहित्यिक संस्था, हस्ताक्षरम् सामाजिक साहित्यिक संस्था, बाबू शोभनाथ मेमोरियल ट्रस्ट आदि संस्थाओं के सहयोग से अन्नपूर्णा गुप्ता "सरगम", बिट्टू जैन "सना", संगीता पाण्डेय, सीमा त्रिवेदी, डॉ मृदुल तिवारी "महक", हिरालाल चौधरी, बिपीन दुबे, रिना धीमान "स्वर्ण" के संयोजन में रामजीत गुप्ता, विधु भूषण त्रिवेदी, सत्यभामा सिंह, वाचस्पति तिवारी, रजनी साहू, बसंत आर्य व रामकृष्ण गुप्ता द्वारा आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व राजेश दुबे "अल्हड़ असरदार" तथा सदाशिव चतुर्वेदी ने किया।
विकृत मानसिकता वाले करते हैं ऐसे अपराध, शिवानी हत्याकांड पर बोली एकता सिंह
राज्य महिला आयोग की सदस्य ने सुनी समस्या

गोंडा।एक दिवसीय दौरे पर पहुंची राज्य महिला आयोग की सदस्य एकता सिंह ने स्थानीय सर्किट हाउस में जनसुनवाई के दौरान महिलाओं से सम्बन्धित शिकायतों को सुनते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही का निर्देश दिया।जनसुनवाई के दौरान देहात कोतवाली क्षेत्र की एक बालिका ने यौन उत्पीड़न संबंधी लिखित शिकायती पत्र दिया और पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उक्त मामले में कोई कार्रवाई नहीं किया है।जिसके बाद एकता सिंह ने मौके पर मौजूद पुलिस के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल कार्यवाही करने का निर्देश दिया।जिले में हाल ही में हुए शिवानी पांडेय आनर किलिंग मामले पर एकता सिंह ने बड़ा बयान दिया।उन्होंने कहा कि ऐसे जघन्य अपराध विकृत मानसिकता वाले लोग ही कर सकते हैं।राज्य महिला आयोग की सदस्य ने आगे कहा कि जब पिता और भाई ने ही बेटी से जीने का अधिकार छीन लिया हो,तो इसमें पुलिस या महिला आयोग क्या कर सकता है।एकता सिंह ने भरोसा दिलाया कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।उन्होंने इस संबंध में पुलिस अधिकारियों से बात कर आवश्यक निर्देश दिया है।दरअसल इस पूरे घटनाक्रम का राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है और उन्होंने भी पूरे मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने समाज में जागरूकता की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बार बार जागरूक करने के बाद भी ऐसी घटनाएं समाज को सोचने पर मजबूर करती हैं।जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान लगभग 10 शिकायतें महिलाओं से संबंधित प्राप्त हुई।एकता सिंह ने अधिकारियों को अगली सुनवाई तक इन शिकायतों का समाधान करने के निर्देश दिए और उन्होंने यह भी कहा कि अगली जनसुनवाई में यह शिकायतें दोबारा नहीं आनी चाहिए।
गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग लत का खौफनाक अंत: 9वीं मंजिल से कूदकर तीन सगी बहनों ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- “मम्मी-पापा सॉरी”
गाजियाबाद । गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग खेलने से मना करने पर किशोर द्वारा मां की हत्या की घटना अभी लोगों के जेहन से उतरी भी नहीं थी कि अब उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां भारत सिटी सोसाइटी में रहने वाली तीन नाबालिग सगी बहनों ने एक साथ नौवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।

सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

मृतक बहनों की पहचान 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय आखी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। पुलिस ने तीनों को तत्काल जिला अस्पताल भिजवाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सुसाइड नोट बरामद, माता-पिता से मांगी माफी

पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है। नोट में तीनों बहनों ने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि वे जिस गेम को छुड़वाना चाहते थे, उससे उन्हें बहुत प्यार था।सुसाइड नोट में लिखा मिला—“मम्मी, पापा, सॉरी… जिस गेम को छुड़वाना चाहते थे, उससे हम लोग बहुत प्यार करते थे।”पुलिस का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और हर पहलू पर गहन जांच की जा रही है।

परिवार का परिचय और घटना की टाइमिंग

जानकारी के मुताबिक, भारत सिटी सोसाइटी में चेतन राम अपने परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में उनकी पत्नी और तीन बेटियां थीं। पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों बहनों को ऑनलाइन गेमिंग का शौक था और वे लगातार मोबाइल पर गेम खेलती रहती थीं।बताया जा रहा है कि जब पिता और मां ने बच्चियों को गेम खेलने से रोका, तो तीनों ने इसे दिल पर ले लिया और आत्महत्या जैसा खतरनाक कदम उठा लिया।
घटना बुधवार रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जब तीनों ने बिल्डिंग की नौवीं मंजिल से छलांग लगा दी।

ऑनलाइन गेमिंग की लत बन रही जानलेवा

यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि यह देश में बढ़ती ऑनलाइन गेमिंग की लत और बच्चों की मानसिक स्थिति पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।विशेषज्ञ मानते हैं कि मोबाइल, इंटरनेट और एआई जैसी तकनीक ने जीवन को तेज जरूर बनाया है, लेकिन इसके साथ बच्चों और युवाओं में डिजिटल एडिक्शन तेजी से बढ़ रहा है। गेम्स को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि लोग बार-बार खेलें—रिवॉर्ड सिस्टम, लेवल अप,वर्चुअल करेंसी, जीत-हार का दबाव, सोशल कनेक्शन इन सबका असर दिमाग के रिवार्ड सिस्टम पर पड़ता है और व्यक्ति धीरे-धीरे नियंत्रण खो देता है।

WHO ने भी माना “Gaming Disorder”

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने “Gaming Disorder” को मानसिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में मान्यता दी है। इसमें व्यक्ति गेमिंग पर नियंत्रण खो देता है और पढ़ाई, रिश्ते, सेहत और व्यवहार पर बुरा असर पड़ता है।रिपोर्ट्स के अनुसार, NCRB 2023 के आंकड़ों में भारत में 85 से अधिक आत्महत्या के मामले सीधे तौर पर ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े बताए गए हैं। इससे यह साफ है कि यह लत अब गंभीर सामाजिक संकट बनती जा रही है।

पहले भी सामने आए ऐसे मामले

देश में इससे पहले भी गेमिंग की वजह से आत्महत्या के कई मामले सामने आ चुके हैं, जैसे—इंदौर (अगस्त 2025): 2800 रुपये हारने पर 7वीं के छात्र ने फांसी लगाई, राजस्थान (जून 2025): कर्ज में डूबे युवक ने पत्नी संग आत्महत्या, बिजनौर: कारोबारी ने ऑनलाइन गेम में बड़ी रकम हारने के बाद जान दी, कुशीनगर: 18 वर्षीय छात्र ने गेमिंग की लत में आत्महत्या की।

पुलिस जांच जारी

गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि तीनों बहनों की मौत के पीछे की असली वजह, गेम का नाम, मोबाइल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री, इंटरनेट गतिविधि और परिवार के बयान—इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।