दादी-पोते की एक साथ उठी अर्थी
* पोते की मौत के सदमे से दादी ने तोड़ा दम,दो दिन पूर्व सूखे तालाब में मिला था शव

सुल्तानपुर। सुल्तानपुर में पोते की मौत के सदमे से दादी की भी जान चली गई। शनिवार दोपहर को दादी और पोते की अर्थी एक साथ उठी, जिससे पूरे गांव में शोक का माहौल छा गया। कादीपुर विधायक राजेश गौतम ने पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की और 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।
दोस्तपुर के बभनझ्या पश्चिम निवासी 39 वर्षीय गुड्डू गौतम 2 जनवरी की सुबह 7 बजे से लापता थे। परिजनों ने दोस्तपुर थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने गुड्डू की तलाश में पोस्टर भी जारी किए थे, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।
गुरुवार को गुड्डू का शव घर से लगभग दो सौ मीटर दूर एक सूखे तालाब में मिला। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शुक्रवार शाम पोस्टमार्टम के बाद गुड्डू का शव घर पहुंचा। अंधेरा होने के कारण परिजनों ने शनिवार को अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। रात भर परिजन शव के पास बैठे रहे। इसी दौरान, मृतक की 75 वर्षीय दादी द्रोपदी देवी रात को सोईं और सुबह नहीं उठ पाईं। परिजनों का मानना है कि पोते की मौत के सदमे से ही उनकी जान गई है।
विधायक राजेश गौतम ने घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। दोपहर में दोनों शवों को ऊष्मा घाट ले जाया गया, जहां मृतक गुड्डू के भतीजे राम कुमार ने दादी और पोते दोनों को मुखाग्नि दी। इस दौरान पूर्व नगर पंचायत सभासद राजेश त्रिपाठी, नगर सपा पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रमाशंकर पाठक, भीम आर्मी जिला अध्यक्ष रमेश सोनकर, सब इंस्पेक्टर अनूप सिंह, सब इंस्पेक्टर सियाराम और कांस्टेबल आनंद सिंह व योगेंद्र सहित कई लोग मौजूद रहे।
मृतक गुड्डू कस्बे में ठेले पर सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी असामयिक मृत्यु से उनकी पत्नी किरण, बेटियों खुशी, दीपांशी, तान्या और बेटे आकृत का बुरा हाल है।
एनएच-33 पर 'महाजाम': बुंडू टोल प्लाजा पर 5 घंटे तक फंसी रहीं हजारों गाड़ियां, पानी-भोजन को तरसे यात्री।

रांची: आदिवासी नेता सोमा मुंडा की हत्या के खिलाफ आदिवासी संगठनों के झारखंड बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला है. खूंटी और चाईबासा में सुबह होते ही बंद समर्थक सड़कों पर उतर गये और ट्रैफिक सिस्टम को ठप कर दिया. वहीं दिन चढ़ते ही कई अन्य जिलों में भी बंद समर्थक सड़कों पर आ गये. इसकी वजह से आम यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. सबसे ज्यादा खराब स्थिति जमशेदपुर-रांची एनएच पर दिखी. इसकी वजह से टोल प्लाजा के दोनों ओर एनएच पर हजारों गाड़ियां जाम में फंस गई. एनएच पर जाम का सिलसिला करीब 5 घंटे तक चला. सुबह करीब 11 बजे प्रदर्शनकारी टोल प्लाजा पहुंचे और प्रदर्शन कर लगे. इसकी वजह से जाम लग गया.

बुंडू टोल प्लाजा की घेराबंदी से यात्री रहे परेशान

इस दौरान बुंडू के एसडीएम, डीएसपी, सीओ और थाना प्रभारी लोगों को समझाते रहे. अंत में करीब 5 घंटे बाद 3 बजकर 20 मिनट के करीब प्रदर्शनकारी टोल प्लाजा से हट गये. अब एनएच पर गाड़ियों का आवाजाही शुरु हो गई है. लेकिन पांच घंटे तक जाम की वजह से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. आम यात्री पानी और भोजन के लिए तरसते रहे. क्योंकि बुंडू नगर पंचायत की दुकानें बंद थीं. हालांकि इस दौरान सिर्फ एंबुलेंस और सेना की गाड़ी को जाने दिया जा रहा था.

एक महिला यह कहकर जाने देने की दरख्वास्त करती रहीं कि उनके ससुर की मृत्यु हो गई है. उनको घर पहुंचना बेहद जरूरी है. लेकिन प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नहीं थे. इस दौरान एक महिला सड़क पर ही रोने लगीं. उनको रांची में फ्लाइट पकड़ना था. काफी मनुहार के बाद उन्हें जाने दिया गया. प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कहा कि उनके पड़हा राजा की दिनदहाड़े हत्या हुई है. आदिवासी अस्मिता खतरे में है. अभी तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई है. पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला है. इसलिए यात्रियों की परेशानी से वाकिफ होने के बावजूद ऐसा करना पड़ रहा है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिना रोड जाम किए हमारी आवाज सरकार तक नहीं पहुंचेगी.

प्रशासन जाम हटाने के लिए करता रहा आग्रह

बुंडू टोल प्लाजा पर जाम लगते ही बुंडू के एसडीएम क्रिस्टोफर कुमार बेसरा, बुंडू के डीएसपी ओमप्रकाश, थाना प्रभारी रामकुमार वर्मा, अंचल अधिकारी हंस हेंब्रम पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंच गये थे. इस दौरान बंद समर्थकों को लगातार समझाने की कोशिश की जाती रही. लोगों को समझाने में करीब 5 घंटे लग गये. तबतक यात्री जाम में फंसे रहे. एसडीएन ने बताया कि ग्रामीणों ने एक ज्ञापन दिया है. सोमा मुंडा के परिवार को सरकारी नौकरी देने, फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए अपराधियों को सजा दिलाने, पांच करोड़ रु. बतौर मुआवजा देने की मांग की गई है. उन्होंने बताया कि मांगों से सरकार को अवगत कराया जाएगा.

दरअसल, 7 जनवरी को खूंटी में जमुवादाग के पास आदिवासी नेता सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों ने 8 जनवरी को खूंटी बंद किया था, जिसका व्यापक असर दिखा था. खूंटी पुलिस इस मामले सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. पुलिस ने हत्या के पीछे जमीन विवाद को कारण बताया था. लेकिन आदिवासी संगठनों का कहना है कि अबतक शूटर और मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है.

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में दबंगों से परेशान  पीड़ित ने एस पी से लगाई गुहार

विपक्षी पर कट्टा और चाकू के साथ घर पर चढ़ाई करने का लगा आरोप


मिर्जापुर। विंध्याचल मंडल के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र अंतर्गत दूबेपुर चिन्दलिख गांव में एक ही परिवार के दो लोग खेत की मेड को लेकर इस तरह भिड़े की मामला कचहरी- कोतवाली के बाद अब घर पर चढ़कर अपराधिक गतिविधियों के आरोप तक जा पहुंचा।
घटनाक्रम की शुरुआत बीते जुलाई माह से आरंभ होकर लगातार जारी है। स्थानीय थाना पुलिस ने भी पैसे वालों की मदद करते हुए चार दिन बाद सिर्फ एक पक्षीय कार्रवाई कर मामले को बढ़ाने का काम किया। मजे की बात यह है कि पुलिस के अधिकारी ने उसपर कार्यवाही की, जिसने सबसे पहले थाने में पहुंचकर घटना की सूचना दी थी, जिसका साक्ष्य पीड़ित अरविन्द अपने झोले में लेकर रोज थाना - कचहरी दौड़ रहा है। शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर पीड़ित ने जो कुछ मीडिया से कहा उसे सुनने वाले का मन भर आया। पीड़ित अरविन्द ने बताया कि उसके और उसके परिवार के साथ बीते 13 जुलाई 25 की सुबह आठ बजे,   18 जुलाई 25 को दोपहर तथा अभी पांच दिन पूर्व  बीते शुक्रवार 9 जनवरी को एक बड़ी घटना होते होते टल गया,  जैसा कि आरोप है। पीड़ित अरविंद कुमार पुत्र रमाशंकर दुवे ने प्रभारी निरीक्षक व  पुलिस अधीक्षक को लिखे प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि बीते 9 जनवरी 2026 को शाम लगभग 6 बजे विपक्षी संख्या एक चाकू लेकर पीड़ित के घर चढ़ आया, गालियां देते हुए बाहर बुलाया, बाहर न निकलने पर  गला काटकर जान से मारने की धमकी दी, जिसकी सूचना पर डॉयल 112 की टीम मौके पर गई। पुलिस के जाने के बाद  विपक्षी संख्या एक के एक अन्य भाई  विपक्षी संख्या 2 भी गुस्से में जा पहुचे, आरोप है कि उसके हाथ में असलहा था और जान से मारने की धमकी देने लगा। इसी बीच उनके दो अन्य भाई भी गाली गलौज करते  पीड़ित के दरवाजे आ धमके जिसके चलते पीड़ित के घर भय व्याप्त हो गया लेकिन भला हो उनके पिता का जिन्होंने मौके की नज़ाकत को समझा और अपने तीनों बच्चों को यह कहकर वहां से ले गए कि इसे यहाँ नही बाहर मारना है। इस प्रकार एक बड़ी घटना होते-होते टल गई। पीड़ित ने अपने विजुअल बयान में ये बाते मीडिया के सामने रखी। पीड़ित  अरविंद ने यह भी बताया कि विपक्षी परिवार में  दबंग किस्म के लोग हैं, आस पास के लोग गवाही देने से डरते हैं और बताया कि विपक्षी संख्या एक  अपने को पेशे से अधिवक्ता बताते है, उनके पिता जी पर  थाना देहात कोतवाली में सन् 2018 में एक मुकदमा घर में घुसकर महिला से मारपीट सहित जान से मारने का केस संख्या 0369 सन् 2018 तत्कालीन आई पी सी की धारा 323, 504, 506, 452 दर्ज है। यह प्रकरण शनिवार को तहसील दिवस में भी पहुंचा, जहां मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसील सदर में अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन ने जांच के आदेश दिए।
भंभुआ चौराहे के निकट सड़क हादसा: बाईक सवार दो लोग घायल,जिला अस्पताल रेफर
जिला पंचायत सदस्य विवेक सिंह कलहंस ने दिखाई तत्परता, साथियों के सहयोग से घायलों को एंबुलेंस से पहुंचाया अस्पताल

गोण्डा(करनैलगंज)। कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत शुक्रवार की शाम भंभुआ चौराहे से कुछ दूरी पहले एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जाता है कि उनकी बाइक डिवाइडर से टकरा गई,जिससे दोनों के सिर में गंभीर चोटें आईं है। घटना की सूचना मिलते ही जिला पंचायत सदस्य विवेक सिंह कलहंस, जो उसी समय एक निमंत्रण कार्यक्रम में जा रहे थे, वह तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना समय गंवाए अपने सहयोगी शिवम सिंह समाजसेवी, प्रदीप सिंह, संजय सिंह व अन्य लोगों के सहयोग से घायलों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) करनैलगंज पहुंचाया, जहां स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सक ने दोनों घायलों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें गोंडा जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घायलों की पहचान छोटू पुत्र धर्मेंद्र सिंह तथा राहुल पुत्र इकबाल बहादुर सिंह, निवासी मुंडेरवा के रूप में हुई है। बताया गया कि छोटू अपनी नानी की तेरहवीं में शामिल होने के लिए चंगेरिया जा रहा था, तभी यह हादसा हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि विवेक सिंह कलहंस पूर्व में भी कई बार सड़क हादसों में घायलों की मदद कर चुके हैं। लगातार मानव सेवा में सक्रिय रहने के कारण क्षेत्र में उनके इस संवेदनशील और तत्पर प्रयास की काफी सराहना की जा रही है
प्रतियोगिता में 35 से अधिक छात्र छात्राओं ने  प्रतिभाग किया

Sambhal एमजीएम कॉलेज संभल में सड़क सुरक्षा माह के अंर्तगत कार्यक्रमों की श्रृंखला में पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन चित्रकला विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर प्रीति सिंह के संयोजन में किया गया।प्राचार्य प्रोफेसर डॉ योगेंद्र सिंह के कुशल मार्गदर्शन में इस प्रतियोगिता में 35 से अधिक छात्र छात्राओं ने  प्रतिभाग किया।प्रतियोगिता में फ़ारेहा ने प्रथम स्थान यश भारती ने द्वितीय स्थान और आकांक्षा सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। संयोजिका ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं से छात्र छात्राओं की छिपी हुई प्रतिभा उजागर होती है तथा उनके व्यक्तित्व का विकास होता है।सड़क सुरक्षा अभियान प्रभारी डा फहीम अहमद ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करना समाज के प्रत्येक वर्ग  के लिए अनिवार्य है।सड़क पर निकलते समय यातायात के सभी नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत महाविद्यालय में आगामी दिनों में भाषण और क्विज  प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम में डा जोहरा जबीं, डॉ विजयलक्ष्मी शर्मा सहित समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं और छात्र छात्राओं ने प्रतिभागिता की।
मवेशी को बचाने में डिवाइडर में भिड़ा प्याज लादकर जा रहा ट्रक टकराया,चालक खलासी घायल

ड्रमंड गंज मिर्जापुर ।क्षेत्र के मीरजापुर रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग ड्रमंडगंज घाटी में शुक्रवार की देर रात मवेशी को बचाने में प्याज लादकर जा रहा ट्रक अनियंत्रित होकर डिवाइडर में टकरा गया। हादसे में ट्रक चालक व खलासी घायल हो गए और ट्रक क्षतिग्रस्त हो गया। नासिक से प्याज लादकर पटना जा रहा ट्रक ड्रमंडगंज घाटी में नीचे उतरते समय जैसे ही जालिम मोड़ के आगे पहुंचा तो सामने आए मवेशी बैल को बचाने में अनियंत्रित होकर डिवाइडर में टकरा गया।

हादसे में 35 वर्षीय ट्रक चालक कमलेश यादव व 26 वर्षीय खलासी प्रतीक निवासी परसूपुर थाना प्रतापगढ़ घायल हो गए। ट्रक पर लदे प्याज की कुछ गिर पड़ी जिससे प्याज हाइवे पर बिखरकर नष्ट हो गया।सूचना पर पहुंचे एसआइ शिवाकांत पांडेय ने घटना की जांच कर घायल चालक व खलासी को उपचार हेतु अस्पताल भेजा। चालक व खलासी का क्षेत्र के नैड़ी कठारी गांव स्थित निजी अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। दोनों की हालत सामान्य है।एसआइ शिवाकांत पांडेय ने बताया कि देर रात ड्रमंडगंज घाटी में मवेशी को बचाने के चक्कर में प्याज लादकर जा रहा ट्रक डिवाइडर में जाकर टकरा गया गया।घायल चालक व खलासी का उपचार चल रहा है हालत सामान्य है।
जेल में बंदी की संदिग्ध मौत परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप,जेल प्रशासन ने हार्ट अटैक बताया*
सुल्तानपुर जिला कारागार में बंद अमेठी के एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जेल प्रशासन ने जहां उसकी मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है, वहीं परिजनों ने इस घटना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोतवाली नगर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक बंदी शैलेंद्र सिंह के रिश्ते के भाई आशीष सिंह ने बताया कि शैलेंद्र पिछले 10 महीनों से सुल्तानपुर जिला कारागार में बंद थे। उन्हें आज सुबह एसएचओ (धम्मौर) द्वारा शैलेंद्र की मौत की सूचना मिली। आशीष सिंह ने बताया कि जब उन्होंने मौत के कारण के बारे में पूछा, तो उन्हें बताया गया कि इसकी जानकारी जेलर ही दे पाएंगे। अस्पताल पहुंचने पर उन्हें पता चला कि शैलेंद्र को जब वहां लाया गया था, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनकी मृत्यु जेल के अंदर ही हुई। आशीष सिंह ने यह भी बताया कि वह खुद महीने में 2-3 बार शैलेंद्र से मिलने जाते थे, और उनकी पत्नी भी हफ्ते में दो दिन उनसे मिलने जाती थीं। उनके अनुसार, शैलेंद्र को कोई बीमारी नहीं थी और वह पूरी तरह से स्वस्थ थे। पेशी पर आने पर भी शैलेंद्र हमेशा अपनी अच्छी सेहत की बात कहते थे। शैलेंद्र सिंह करीब 20 साल पुराने हत्या के प्रयास के एक मामले में जेल में बंद थे। इस मामले में उन्हें अभी तक कोई सजा नहीं हुई थी और मुकदमा विचाराधीन था। उनकी अगली पेशी 19 तारीख को होनी थी। वह 27 मार्च से जेल में थे और अपने मित्र पोनी की पत्नी से जुड़े एक मामले में निरुद्ध थे। परिजनों का दावा है कि बीती रात शैलेंद्र ने अपनी पत्नी से फोन पर बात की थी और उस समय उन्हें कोई दिक्कत नहीं थी। मृतक शैलेंद्र के तीन बच्चे हैं, जिनमें संस्कार सिंह (10), काव्य सिंह (7) और अखंड सिंह (3) शामिल हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। शैलेंद्र का विवाह वर्ष 2015 में मध्य प्रदेश की सोनी सिंह से हुआ था। वह अपनी तीन बहनों में इकलौते भाई थे।
देश को मिली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी, बोले-विकसित भारत का आईना

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देश को आज वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात मिल गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ट्रेन की शुरुआत की है। उन्होंने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी के बीच चलेगी। यह देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन है।

पश्चिम बंगाल के हावड़ा से असम के गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलने वाली यह ट्रेन 958 किलोमीटर की दूरी को महज 14 घंटे में तय कर लेगी, जबकि अभी यह दूरी तय करने में करीब 17 घंटे लग जाते हैं। इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल होगा। इस ट्रेन का किराया राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा ज्यादा है। गुवाहाटी से हावड़ा तक थर्ड एसी का किराया करीब 2,300 के आसपास है।

पूर्वी भारत के लोगों का विश्वास भाजपा के नाम-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा, हमारा देश 2047 तक विकसित होने पर काम कर रहा है। इसलिए लिए पूर्वी भारत का विकास होना जरूरी है। पूर्वी भारत को दशकों तक नफरत करने वालों ने जकड़ रखा था। भाजपा ने नफरत की राजनीति करने वालों से पूर्वी भारत को मुक्त किया है। पूर्वी भारत के लोगों का विश्वास भाजपा के नाम है। उनका विश्वास भाजपा के साथ है।

भारतीय रेल आधुनिक होने के साथ आत्मनिर्भर हो रही-पीएम मोदी

भारतीय रेलवे में हो रहे अभूतपूर्व बदलावों पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, आज भारतीय रेल आधुनिक होने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भी हो रही है। अब विदेशों से आने वाले लोग भी भारत की प्रगति पर वीडियो बना रहे हैं और इसकी सराहना कर रहे हैं। यह राज्य के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक बड़ा कदम है। देशभर में इस समय 150 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं।

देश को जोड़ना ही सरकार का मिशन-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने इसके साथ ही कहा, उत्तर-पूर्व से लेकर देश के दक्षिणी हिस्सों तक कनेक्टिविटी को मजबूत किया गया है, जिससे आम नागरिकों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल सेवाएं मिल रही हैं। देश को जोड़ना ही सरकार का मिशन है।

5 साल से खड़ी 46 लाख की कार्डिएक एम्बुलेंस हुई फिर चालू, सांसद प्रतिनिधि के हस्तक्षेप से जागा मेडिकल कॉलेज प्रशासन

हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में संसाधनों के रख-रखाव को लेकर व्याप्त घोर लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। सरकारी तंत्र की उदासीनता का आलम यह था कि करीब पांच साल पहले डीएमएफटी मद से लगभग 46 लाख की लागत से खरीदी गई एक बेशकीमती एम्बुलेंस कबाड़ में तब्दील होने की ओर बढ़ रही थी। विशेष रूप से हृदय रोगियों (कार्डिएक पेशेंट्स) को आपातकालीन सेवाएं देने के उद्देश्य से आई यह एम्बुलेंस पिछले काफी समय से अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के बाहर खड़ी धूल फांक रही थी। लाखों की लागत वाले संसाधनों का उपयोग न होना न केवल वित्तीय हानि है, बल्कि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रबंधन की संवेदनहीनता को भी बखूबी दर्शाता है।

इस गंभीर स्थिति पर तब संज्ञान लिया गया जब हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी की नजर इस बदहाल एम्बुलेंस पर पड़ी। उन्होंने इस स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया और जनहित में इसे बचाने एवं सुचारु करने की दिशा में तत्काल सक्रिय पहल की। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने इस मामले को लेकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अनुकरण पूर्ति से मुलाकात की और उन्हें एम्बुलेंस की मौजूदा दयनीय स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग किया कि आपातकालीन मरीजों की सेवा के लिए इस एम्बुलेंस को अविलंब सुचारू किया जाए ताकि जनता को इसका लाभ मिल सके।

अस्पताल अधीक्षक डॉ.अनुकरण पूर्ति से वार्ता के दौरान रंजन चौधरी ने अस्पताल के आर्थो वार्ड में व्याप्त अव्यवस्थाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने बताया कि किस प्रकार चिकित्सीय मनमानी के कारण आर्थो वार्ड में भर्ती मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की इस लचर व्यवस्था पर उन्होंने अस्पताल अधीक्षक से इसमें तत्काल सुधार की मांग की। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी के सकारात्मक हस्तक्षेप का असर यह हुआ कि अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनुकरण पूर्ति ने इस पर त्वरित पहल की। उन्होंने संबंधित एम्बुलेंस के इंचार्ज और चालक को एम्बुलेंस की साफ-सफाई कर उसे तुरंत जरूरतमंद मरीजों के हितार्थ इसे परिचालन में लाने का निर्देश जारी दिया और आर्थो वार्ड की व्यवस्था में सुधार का सकारात्मक भरोसा भी दिलाया। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी के इस सार्थक प्रयास से न केवल एक महत्वपूर्ण जीवनरक्षक संसाधन बेशकीमती एम्बुलेंस को कबाड़ होने से बचा लिया गया, बल्कि अस्पताल प्रशासन को उसकी जिम्मेदारियों के प्रति सजग भी किया गया।

मलप हरसेनपुर निवासी शिक्षक संजीव कुमार सिंह (दारा) की पूज्यनीय माता महेश्वरी देवी जी की तेरहवीं संस्कार संपन्न, श्रद्धांजलि अर्पित
संजीव सिंह बलिया! नगरा क्षेत्र के मलप हरसेनपुर गांव निवासी स्वर्गीय नरेंद्रनाथ सिंह की धर्मपत्नी एवं क्षेत्र की सम्मानित महिला श्रीमती महेश्वरी देवी की तेरहवीं (ब्रह्मभोज) का कार्यक्रम दिनांक 16 जनवरी 2026, शुक्रवार को शांतिपूर्ण एवं विधि-विधान के साथ संपन्न हो गया। ज्ञात हो कि श्रीमती महेश्वरी देवी का आकस्मिक निधन 03 जनवरी 2026, शनिवार को हो गया था। उनके असामयिक निधन से पूरे गांव एवं क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। वे अपने सरल स्वभाव, धार्मिक आस्था और पारिवारिक मूल्यों के लिए जानी जाती थीं। तेरहवीं कार्यक्रम के अवसर पर गांव के गणमान्य नागरिकों, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों एवं आसपास के क्षेत्रों से आए लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। ब्रह्मभोज में उपस्थित लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। इस अवसर पर शोकाकुल परिवार के सदस्य सतीश कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह एवं प्रदीप कुमार सिंह सहित अन्य परिजन उपस्थित रहे। वहीं हरिनारायण सिंह एवं प्रख्यात शिक्षक संजीव कुमार सिंह (दारा) सहित अनेक सम्मानित अतिथियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। तेरहवीं संस्कार का आयोजन पूरी तरह से धार्मिक रीति-रिवाजों एवं सामाजिक मर्यादाओं के अनुरूप किया गया। कार्यक्रम के समापन पर परिजनों ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। क्षेत्र में श्रीमती महेश्वरी देवी के निधन को एक अपूरणीय क्षति बताते हुए लोगों ने उनके व्यक्तित्व को स्मरण किया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। ॐ शांति।
दादी-पोते की एक साथ उठी अर्थी
* पोते की मौत के सदमे से दादी ने तोड़ा दम,दो दिन पूर्व सूखे तालाब में मिला था शव

सुल्तानपुर। सुल्तानपुर में पोते की मौत के सदमे से दादी की भी जान चली गई। शनिवार दोपहर को दादी और पोते की अर्थी एक साथ उठी, जिससे पूरे गांव में शोक का माहौल छा गया। कादीपुर विधायक राजेश गौतम ने पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की और 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।
दोस्तपुर के बभनझ्या पश्चिम निवासी 39 वर्षीय गुड्डू गौतम 2 जनवरी की सुबह 7 बजे से लापता थे। परिजनों ने दोस्तपुर थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने गुड्डू की तलाश में पोस्टर भी जारी किए थे, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।
गुरुवार को गुड्डू का शव घर से लगभग दो सौ मीटर दूर एक सूखे तालाब में मिला। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शुक्रवार शाम पोस्टमार्टम के बाद गुड्डू का शव घर पहुंचा। अंधेरा होने के कारण परिजनों ने शनिवार को अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। रात भर परिजन शव के पास बैठे रहे। इसी दौरान, मृतक की 75 वर्षीय दादी द्रोपदी देवी रात को सोईं और सुबह नहीं उठ पाईं। परिजनों का मानना है कि पोते की मौत के सदमे से ही उनकी जान गई है।
विधायक राजेश गौतम ने घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। दोपहर में दोनों शवों को ऊष्मा घाट ले जाया गया, जहां मृतक गुड्डू के भतीजे राम कुमार ने दादी और पोते दोनों को मुखाग्नि दी। इस दौरान पूर्व नगर पंचायत सभासद राजेश त्रिपाठी, नगर सपा पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रमाशंकर पाठक, भीम आर्मी जिला अध्यक्ष रमेश सोनकर, सब इंस्पेक्टर अनूप सिंह, सब इंस्पेक्टर सियाराम और कांस्टेबल आनंद सिंह व योगेंद्र सहित कई लोग मौजूद रहे।
मृतक गुड्डू कस्बे में ठेले पर सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी असामयिक मृत्यु से उनकी पत्नी किरण, बेटियों खुशी, दीपांशी, तान्या और बेटे आकृत का बुरा हाल है।
एनएच-33 पर 'महाजाम': बुंडू टोल प्लाजा पर 5 घंटे तक फंसी रहीं हजारों गाड़ियां, पानी-भोजन को तरसे यात्री।

रांची: आदिवासी नेता सोमा मुंडा की हत्या के खिलाफ आदिवासी संगठनों के झारखंड बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला है. खूंटी और चाईबासा में सुबह होते ही बंद समर्थक सड़कों पर उतर गये और ट्रैफिक सिस्टम को ठप कर दिया. वहीं दिन चढ़ते ही कई अन्य जिलों में भी बंद समर्थक सड़कों पर आ गये. इसकी वजह से आम यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. सबसे ज्यादा खराब स्थिति जमशेदपुर-रांची एनएच पर दिखी. इसकी वजह से टोल प्लाजा के दोनों ओर एनएच पर हजारों गाड़ियां जाम में फंस गई. एनएच पर जाम का सिलसिला करीब 5 घंटे तक चला. सुबह करीब 11 बजे प्रदर्शनकारी टोल प्लाजा पहुंचे और प्रदर्शन कर लगे. इसकी वजह से जाम लग गया.

बुंडू टोल प्लाजा की घेराबंदी से यात्री रहे परेशान

इस दौरान बुंडू के एसडीएम, डीएसपी, सीओ और थाना प्रभारी लोगों को समझाते रहे. अंत में करीब 5 घंटे बाद 3 बजकर 20 मिनट के करीब प्रदर्शनकारी टोल प्लाजा से हट गये. अब एनएच पर गाड़ियों का आवाजाही शुरु हो गई है. लेकिन पांच घंटे तक जाम की वजह से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. आम यात्री पानी और भोजन के लिए तरसते रहे. क्योंकि बुंडू नगर पंचायत की दुकानें बंद थीं. हालांकि इस दौरान सिर्फ एंबुलेंस और सेना की गाड़ी को जाने दिया जा रहा था.

एक महिला यह कहकर जाने देने की दरख्वास्त करती रहीं कि उनके ससुर की मृत्यु हो गई है. उनको घर पहुंचना बेहद जरूरी है. लेकिन प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नहीं थे. इस दौरान एक महिला सड़क पर ही रोने लगीं. उनको रांची में फ्लाइट पकड़ना था. काफी मनुहार के बाद उन्हें जाने दिया गया. प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कहा कि उनके पड़हा राजा की दिनदहाड़े हत्या हुई है. आदिवासी अस्मिता खतरे में है. अभी तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई है. पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला है. इसलिए यात्रियों की परेशानी से वाकिफ होने के बावजूद ऐसा करना पड़ रहा है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिना रोड जाम किए हमारी आवाज सरकार तक नहीं पहुंचेगी.

प्रशासन जाम हटाने के लिए करता रहा आग्रह

बुंडू टोल प्लाजा पर जाम लगते ही बुंडू के एसडीएम क्रिस्टोफर कुमार बेसरा, बुंडू के डीएसपी ओमप्रकाश, थाना प्रभारी रामकुमार वर्मा, अंचल अधिकारी हंस हेंब्रम पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंच गये थे. इस दौरान बंद समर्थकों को लगातार समझाने की कोशिश की जाती रही. लोगों को समझाने में करीब 5 घंटे लग गये. तबतक यात्री जाम में फंसे रहे. एसडीएन ने बताया कि ग्रामीणों ने एक ज्ञापन दिया है. सोमा मुंडा के परिवार को सरकारी नौकरी देने, फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए अपराधियों को सजा दिलाने, पांच करोड़ रु. बतौर मुआवजा देने की मांग की गई है. उन्होंने बताया कि मांगों से सरकार को अवगत कराया जाएगा.

दरअसल, 7 जनवरी को खूंटी में जमुवादाग के पास आदिवासी नेता सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों ने 8 जनवरी को खूंटी बंद किया था, जिसका व्यापक असर दिखा था. खूंटी पुलिस इस मामले सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. पुलिस ने हत्या के पीछे जमीन विवाद को कारण बताया था. लेकिन आदिवासी संगठनों का कहना है कि अबतक शूटर और मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है.

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में दबंगों से परेशान  पीड़ित ने एस पी से लगाई गुहार

विपक्षी पर कट्टा और चाकू के साथ घर पर चढ़ाई करने का लगा आरोप


मिर्जापुर। विंध्याचल मंडल के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र अंतर्गत दूबेपुर चिन्दलिख गांव में एक ही परिवार के दो लोग खेत की मेड को लेकर इस तरह भिड़े की मामला कचहरी- कोतवाली के बाद अब घर पर चढ़कर अपराधिक गतिविधियों के आरोप तक जा पहुंचा।
घटनाक्रम की शुरुआत बीते जुलाई माह से आरंभ होकर लगातार जारी है। स्थानीय थाना पुलिस ने भी पैसे वालों की मदद करते हुए चार दिन बाद सिर्फ एक पक्षीय कार्रवाई कर मामले को बढ़ाने का काम किया। मजे की बात यह है कि पुलिस के अधिकारी ने उसपर कार्यवाही की, जिसने सबसे पहले थाने में पहुंचकर घटना की सूचना दी थी, जिसका साक्ष्य पीड़ित अरविन्द अपने झोले में लेकर रोज थाना - कचहरी दौड़ रहा है। शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर पीड़ित ने जो कुछ मीडिया से कहा उसे सुनने वाले का मन भर आया। पीड़ित अरविन्द ने बताया कि उसके और उसके परिवार के साथ बीते 13 जुलाई 25 की सुबह आठ बजे,   18 जुलाई 25 को दोपहर तथा अभी पांच दिन पूर्व  बीते शुक्रवार 9 जनवरी को एक बड़ी घटना होते होते टल गया,  जैसा कि आरोप है। पीड़ित अरविंद कुमार पुत्र रमाशंकर दुवे ने प्रभारी निरीक्षक व  पुलिस अधीक्षक को लिखे प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि बीते 9 जनवरी 2026 को शाम लगभग 6 बजे विपक्षी संख्या एक चाकू लेकर पीड़ित के घर चढ़ आया, गालियां देते हुए बाहर बुलाया, बाहर न निकलने पर  गला काटकर जान से मारने की धमकी दी, जिसकी सूचना पर डॉयल 112 की टीम मौके पर गई। पुलिस के जाने के बाद  विपक्षी संख्या एक के एक अन्य भाई  विपक्षी संख्या 2 भी गुस्से में जा पहुचे, आरोप है कि उसके हाथ में असलहा था और जान से मारने की धमकी देने लगा। इसी बीच उनके दो अन्य भाई भी गाली गलौज करते  पीड़ित के दरवाजे आ धमके जिसके चलते पीड़ित के घर भय व्याप्त हो गया लेकिन भला हो उनके पिता का जिन्होंने मौके की नज़ाकत को समझा और अपने तीनों बच्चों को यह कहकर वहां से ले गए कि इसे यहाँ नही बाहर मारना है। इस प्रकार एक बड़ी घटना होते-होते टल गई। पीड़ित ने अपने विजुअल बयान में ये बाते मीडिया के सामने रखी। पीड़ित  अरविंद ने यह भी बताया कि विपक्षी परिवार में  दबंग किस्म के लोग हैं, आस पास के लोग गवाही देने से डरते हैं और बताया कि विपक्षी संख्या एक  अपने को पेशे से अधिवक्ता बताते है, उनके पिता जी पर  थाना देहात कोतवाली में सन् 2018 में एक मुकदमा घर में घुसकर महिला से मारपीट सहित जान से मारने का केस संख्या 0369 सन् 2018 तत्कालीन आई पी सी की धारा 323, 504, 506, 452 दर्ज है। यह प्रकरण शनिवार को तहसील दिवस में भी पहुंचा, जहां मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसील सदर में अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन ने जांच के आदेश दिए।
भंभुआ चौराहे के निकट सड़क हादसा: बाईक सवार दो लोग घायल,जिला अस्पताल रेफर
जिला पंचायत सदस्य विवेक सिंह कलहंस ने दिखाई तत्परता, साथियों के सहयोग से घायलों को एंबुलेंस से पहुंचाया अस्पताल

गोण्डा(करनैलगंज)। कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत शुक्रवार की शाम भंभुआ चौराहे से कुछ दूरी पहले एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जाता है कि उनकी बाइक डिवाइडर से टकरा गई,जिससे दोनों के सिर में गंभीर चोटें आईं है। घटना की सूचना मिलते ही जिला पंचायत सदस्य विवेक सिंह कलहंस, जो उसी समय एक निमंत्रण कार्यक्रम में जा रहे थे, वह तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना समय गंवाए अपने सहयोगी शिवम सिंह समाजसेवी, प्रदीप सिंह, संजय सिंह व अन्य लोगों के सहयोग से घायलों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) करनैलगंज पहुंचाया, जहां स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सक ने दोनों घायलों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें गोंडा जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घायलों की पहचान छोटू पुत्र धर्मेंद्र सिंह तथा राहुल पुत्र इकबाल बहादुर सिंह, निवासी मुंडेरवा के रूप में हुई है। बताया गया कि छोटू अपनी नानी की तेरहवीं में शामिल होने के लिए चंगेरिया जा रहा था, तभी यह हादसा हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि विवेक सिंह कलहंस पूर्व में भी कई बार सड़क हादसों में घायलों की मदद कर चुके हैं। लगातार मानव सेवा में सक्रिय रहने के कारण क्षेत्र में उनके इस संवेदनशील और तत्पर प्रयास की काफी सराहना की जा रही है
प्रतियोगिता में 35 से अधिक छात्र छात्राओं ने  प्रतिभाग किया

Sambhal एमजीएम कॉलेज संभल में सड़क सुरक्षा माह के अंर्तगत कार्यक्रमों की श्रृंखला में पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन चित्रकला विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर प्रीति सिंह के संयोजन में किया गया।प्राचार्य प्रोफेसर डॉ योगेंद्र सिंह के कुशल मार्गदर्शन में इस प्रतियोगिता में 35 से अधिक छात्र छात्राओं ने  प्रतिभाग किया।प्रतियोगिता में फ़ारेहा ने प्रथम स्थान यश भारती ने द्वितीय स्थान और आकांक्षा सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। संयोजिका ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं से छात्र छात्राओं की छिपी हुई प्रतिभा उजागर होती है तथा उनके व्यक्तित्व का विकास होता है।सड़क सुरक्षा अभियान प्रभारी डा फहीम अहमद ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करना समाज के प्रत्येक वर्ग  के लिए अनिवार्य है।सड़क पर निकलते समय यातायात के सभी नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत महाविद्यालय में आगामी दिनों में भाषण और क्विज  प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम में डा जोहरा जबीं, डॉ विजयलक्ष्मी शर्मा सहित समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं और छात्र छात्राओं ने प्रतिभागिता की।
मवेशी को बचाने में डिवाइडर में भिड़ा प्याज लादकर जा रहा ट्रक टकराया,चालक खलासी घायल

ड्रमंड गंज मिर्जापुर ।क्षेत्र के मीरजापुर रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग ड्रमंडगंज घाटी में शुक्रवार की देर रात मवेशी को बचाने में प्याज लादकर जा रहा ट्रक अनियंत्रित होकर डिवाइडर में टकरा गया। हादसे में ट्रक चालक व खलासी घायल हो गए और ट्रक क्षतिग्रस्त हो गया। नासिक से प्याज लादकर पटना जा रहा ट्रक ड्रमंडगंज घाटी में नीचे उतरते समय जैसे ही जालिम मोड़ के आगे पहुंचा तो सामने आए मवेशी बैल को बचाने में अनियंत्रित होकर डिवाइडर में टकरा गया।

हादसे में 35 वर्षीय ट्रक चालक कमलेश यादव व 26 वर्षीय खलासी प्रतीक निवासी परसूपुर थाना प्रतापगढ़ घायल हो गए। ट्रक पर लदे प्याज की कुछ गिर पड़ी जिससे प्याज हाइवे पर बिखरकर नष्ट हो गया।सूचना पर पहुंचे एसआइ शिवाकांत पांडेय ने घटना की जांच कर घायल चालक व खलासी को उपचार हेतु अस्पताल भेजा। चालक व खलासी का क्षेत्र के नैड़ी कठारी गांव स्थित निजी अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। दोनों की हालत सामान्य है।एसआइ शिवाकांत पांडेय ने बताया कि देर रात ड्रमंडगंज घाटी में मवेशी को बचाने के चक्कर में प्याज लादकर जा रहा ट्रक डिवाइडर में जाकर टकरा गया गया।घायल चालक व खलासी का उपचार चल रहा है हालत सामान्य है।
जेल में बंदी की संदिग्ध मौत परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप,जेल प्रशासन ने हार्ट अटैक बताया*
सुल्तानपुर जिला कारागार में बंद अमेठी के एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जेल प्रशासन ने जहां उसकी मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है, वहीं परिजनों ने इस घटना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोतवाली नगर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक बंदी शैलेंद्र सिंह के रिश्ते के भाई आशीष सिंह ने बताया कि शैलेंद्र पिछले 10 महीनों से सुल्तानपुर जिला कारागार में बंद थे। उन्हें आज सुबह एसएचओ (धम्मौर) द्वारा शैलेंद्र की मौत की सूचना मिली। आशीष सिंह ने बताया कि जब उन्होंने मौत के कारण के बारे में पूछा, तो उन्हें बताया गया कि इसकी जानकारी जेलर ही दे पाएंगे। अस्पताल पहुंचने पर उन्हें पता चला कि शैलेंद्र को जब वहां लाया गया था, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनकी मृत्यु जेल के अंदर ही हुई। आशीष सिंह ने यह भी बताया कि वह खुद महीने में 2-3 बार शैलेंद्र से मिलने जाते थे, और उनकी पत्नी भी हफ्ते में दो दिन उनसे मिलने जाती थीं। उनके अनुसार, शैलेंद्र को कोई बीमारी नहीं थी और वह पूरी तरह से स्वस्थ थे। पेशी पर आने पर भी शैलेंद्र हमेशा अपनी अच्छी सेहत की बात कहते थे। शैलेंद्र सिंह करीब 20 साल पुराने हत्या के प्रयास के एक मामले में जेल में बंद थे। इस मामले में उन्हें अभी तक कोई सजा नहीं हुई थी और मुकदमा विचाराधीन था। उनकी अगली पेशी 19 तारीख को होनी थी। वह 27 मार्च से जेल में थे और अपने मित्र पोनी की पत्नी से जुड़े एक मामले में निरुद्ध थे। परिजनों का दावा है कि बीती रात शैलेंद्र ने अपनी पत्नी से फोन पर बात की थी और उस समय उन्हें कोई दिक्कत नहीं थी। मृतक शैलेंद्र के तीन बच्चे हैं, जिनमें संस्कार सिंह (10), काव्य सिंह (7) और अखंड सिंह (3) शामिल हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। शैलेंद्र का विवाह वर्ष 2015 में मध्य प्रदेश की सोनी सिंह से हुआ था। वह अपनी तीन बहनों में इकलौते भाई थे।
देश को मिली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी, बोले-विकसित भारत का आईना

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देश को आज वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात मिल गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ट्रेन की शुरुआत की है। उन्होंने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी के बीच चलेगी। यह देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन है।

पश्चिम बंगाल के हावड़ा से असम के गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलने वाली यह ट्रेन 958 किलोमीटर की दूरी को महज 14 घंटे में तय कर लेगी, जबकि अभी यह दूरी तय करने में करीब 17 घंटे लग जाते हैं। इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल होगा। इस ट्रेन का किराया राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा ज्यादा है। गुवाहाटी से हावड़ा तक थर्ड एसी का किराया करीब 2,300 के आसपास है।

पूर्वी भारत के लोगों का विश्वास भाजपा के नाम-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा, हमारा देश 2047 तक विकसित होने पर काम कर रहा है। इसलिए लिए पूर्वी भारत का विकास होना जरूरी है। पूर्वी भारत को दशकों तक नफरत करने वालों ने जकड़ रखा था। भाजपा ने नफरत की राजनीति करने वालों से पूर्वी भारत को मुक्त किया है। पूर्वी भारत के लोगों का विश्वास भाजपा के नाम है। उनका विश्वास भाजपा के साथ है।

भारतीय रेल आधुनिक होने के साथ आत्मनिर्भर हो रही-पीएम मोदी

भारतीय रेलवे में हो रहे अभूतपूर्व बदलावों पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, आज भारतीय रेल आधुनिक होने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भी हो रही है। अब विदेशों से आने वाले लोग भी भारत की प्रगति पर वीडियो बना रहे हैं और इसकी सराहना कर रहे हैं। यह राज्य के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक बड़ा कदम है। देशभर में इस समय 150 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं।

देश को जोड़ना ही सरकार का मिशन-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने इसके साथ ही कहा, उत्तर-पूर्व से लेकर देश के दक्षिणी हिस्सों तक कनेक्टिविटी को मजबूत किया गया है, जिससे आम नागरिकों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल सेवाएं मिल रही हैं। देश को जोड़ना ही सरकार का मिशन है।

5 साल से खड़ी 46 लाख की कार्डिएक एम्बुलेंस हुई फिर चालू, सांसद प्रतिनिधि के हस्तक्षेप से जागा मेडिकल कॉलेज प्रशासन

हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में संसाधनों के रख-रखाव को लेकर व्याप्त घोर लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। सरकारी तंत्र की उदासीनता का आलम यह था कि करीब पांच साल पहले डीएमएफटी मद से लगभग 46 लाख की लागत से खरीदी गई एक बेशकीमती एम्बुलेंस कबाड़ में तब्दील होने की ओर बढ़ रही थी। विशेष रूप से हृदय रोगियों (कार्डिएक पेशेंट्स) को आपातकालीन सेवाएं देने के उद्देश्य से आई यह एम्बुलेंस पिछले काफी समय से अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के बाहर खड़ी धूल फांक रही थी। लाखों की लागत वाले संसाधनों का उपयोग न होना न केवल वित्तीय हानि है, बल्कि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रबंधन की संवेदनहीनता को भी बखूबी दर्शाता है।

इस गंभीर स्थिति पर तब संज्ञान लिया गया जब हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी की नजर इस बदहाल एम्बुलेंस पर पड़ी। उन्होंने इस स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया और जनहित में इसे बचाने एवं सुचारु करने की दिशा में तत्काल सक्रिय पहल की। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने इस मामले को लेकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अनुकरण पूर्ति से मुलाकात की और उन्हें एम्बुलेंस की मौजूदा दयनीय स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग किया कि आपातकालीन मरीजों की सेवा के लिए इस एम्बुलेंस को अविलंब सुचारू किया जाए ताकि जनता को इसका लाभ मिल सके।

अस्पताल अधीक्षक डॉ.अनुकरण पूर्ति से वार्ता के दौरान रंजन चौधरी ने अस्पताल के आर्थो वार्ड में व्याप्त अव्यवस्थाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने बताया कि किस प्रकार चिकित्सीय मनमानी के कारण आर्थो वार्ड में भर्ती मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की इस लचर व्यवस्था पर उन्होंने अस्पताल अधीक्षक से इसमें तत्काल सुधार की मांग की। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी के सकारात्मक हस्तक्षेप का असर यह हुआ कि अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनुकरण पूर्ति ने इस पर त्वरित पहल की। उन्होंने संबंधित एम्बुलेंस के इंचार्ज और चालक को एम्बुलेंस की साफ-सफाई कर उसे तुरंत जरूरतमंद मरीजों के हितार्थ इसे परिचालन में लाने का निर्देश जारी दिया और आर्थो वार्ड की व्यवस्था में सुधार का सकारात्मक भरोसा भी दिलाया। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी के इस सार्थक प्रयास से न केवल एक महत्वपूर्ण जीवनरक्षक संसाधन बेशकीमती एम्बुलेंस को कबाड़ होने से बचा लिया गया, बल्कि अस्पताल प्रशासन को उसकी जिम्मेदारियों के प्रति सजग भी किया गया।

मलप हरसेनपुर निवासी शिक्षक संजीव कुमार सिंह (दारा) की पूज्यनीय माता महेश्वरी देवी जी की तेरहवीं संस्कार संपन्न, श्रद्धांजलि अर्पित
संजीव सिंह बलिया! नगरा क्षेत्र के मलप हरसेनपुर गांव निवासी स्वर्गीय नरेंद्रनाथ सिंह की धर्मपत्नी एवं क्षेत्र की सम्मानित महिला श्रीमती महेश्वरी देवी की तेरहवीं (ब्रह्मभोज) का कार्यक्रम दिनांक 16 जनवरी 2026, शुक्रवार को शांतिपूर्ण एवं विधि-विधान के साथ संपन्न हो गया। ज्ञात हो कि श्रीमती महेश्वरी देवी का आकस्मिक निधन 03 जनवरी 2026, शनिवार को हो गया था। उनके असामयिक निधन से पूरे गांव एवं क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। वे अपने सरल स्वभाव, धार्मिक आस्था और पारिवारिक मूल्यों के लिए जानी जाती थीं। तेरहवीं कार्यक्रम के अवसर पर गांव के गणमान्य नागरिकों, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों एवं आसपास के क्षेत्रों से आए लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। ब्रह्मभोज में उपस्थित लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। इस अवसर पर शोकाकुल परिवार के सदस्य सतीश कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह एवं प्रदीप कुमार सिंह सहित अन्य परिजन उपस्थित रहे। वहीं हरिनारायण सिंह एवं प्रख्यात शिक्षक संजीव कुमार सिंह (दारा) सहित अनेक सम्मानित अतिथियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। तेरहवीं संस्कार का आयोजन पूरी तरह से धार्मिक रीति-रिवाजों एवं सामाजिक मर्यादाओं के अनुरूप किया गया। कार्यक्रम के समापन पर परिजनों ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। क्षेत्र में श्रीमती महेश्वरी देवी के निधन को एक अपूरणीय क्षति बताते हुए लोगों ने उनके व्यक्तित्व को स्मरण किया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। ॐ शांति।