खर्ग पर कब्जा अमेरिका करेगा? ट्रंप के बयान ने मचाई खलबली

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अमेरिका और इज़रायल का ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध का आज 31वां दिन है। अमेरिका और इज़रायल जहाँ लगातार ईरान पर हमले कर रहे हैं, वहीं ईरान भी मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले कर रहा है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंपदावा कर रहे हैं कि युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत जारी है। 

ईरानी तेल पर कब्जे के संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के तेल पर कब्जे करने का संकेत दिया है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने ईरान के तेल को लेकर भी बड़ा बयान दिया। ट्रंप ने ईरान के तेल के प्रति रूचि जताते हुए कहा कि वह ईरान के तेल को अपने कब्ज़े में ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान के खर्ग द्वीप पर कब्जा कर सकती है। खर्ग द्वीप को ईरान की तेल आधारित अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है क्योंकि यहीं से देश का करीब 90 फीसदी तेल निर्यात किया जाता है।

मेरी सबसे पसंदीदा चीज ईरान का तेल लेना-ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को फाइनेंशियल टाइम्स के साथ इंटरव्यू में ईरान युद्ध पर कई कमेंट किए हैं। खर्ग पर कब्जे के सवाल पर उन्होंने कहा, 'सच कहूं तो मेरी सबसे पसंदीदा चीज ईरान का तेल लेना होगी। हालांकि अमेरिका में कुछ बेवकूफ लोग मुझे कहते हैं कि तुम ऐसा क्यों कर रहे हो। उनको चीजों की समझ नहीं है।'

ट्रंप ने कहा- हमारे पास कई विकल्प

ट्रंप ने कहा कि उनके लिए यह ऑप्शन खुला हुआ है। ट्रंप ने ईरान में अपने सैन्य अभियान पर कहा, 'यह हो सकता है हम खर्ग द्वीप को ईरान से अपने नियंत्रण में ले लें। हालांकि ये भी मुमकिन है कि हम ऐसा नहीं करें। दरअसल हमारे पास कई विकल्प हैं और हम कोई भी विकल्प चुन सकते हैं। हालांकि खर्ग पर कंट्रोल के लिए हमें वहां कुछ समय तक रहना पड़ेगा।'

खर्ग आइलैंड पर हमला कर चुका है यूएस

बता दें कि ट्रंप की नज़र ईरान के खर्ग आइलैंड पर है, जहाँ ईरान के तेल के कई भंडार हैं। ट्रंप चाहते हैं कि खर्ग आइलैंड पर अमेरिका का कब्ज़ा हो। कुछ दिन पहले अमेरिका ने खर्ग आइलैंड पर हमला भी किया था। हालांकि इस दौरान तेल के भंडारों को निशाना नहीं बनाया गया। इसके अलावा ट्रंप ईरान के कंट्रोल वाली होर्मुज स्ट्रेट पर कब्ज़े की इच्छा भी जता चुके हैं। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान मज़ाक-मज़ाक में उसे स्ट्रेट ऑफ ट्रंप बता दिया था।

सवर्ण युवा भी बराबर के हकदार है कानून में भेद भाव नहीं चलेगा : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रिय अध्यक्ष
लखनऊ । बस्ती के वशिष्ठ नगर में आयोजित सनातन धर्म संवाद जिसमें ज्योतिष्पीठाश्वर जगत गुरु महाराज अतिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी पूर्व आई पी एस जुगल किशोर तिवारी जी, पूर्व आई ए एस अलंकार अग्निहोत्री जी सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय संरक्षक एडवोकेट अनिल मिश्रा जी मंचासिन की उपस्थित में सवर्ण समाज की सभा को संबोधित करते हुए सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि यह सम्मेलन वर्तमान सामाजिक, धार्मिक और वैचारिक परिस्थितियों पर चिंतन मनन का एक गहरा दर्पण है। “सनातन धर्म संवाद” शीर्षक अपने आप में ही एक संकेत देता है कि आज का समय केवल आस्था का नहीं, बल्कि संवाद, चिंतन और पुनर्स्थापन का है।
यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक वैचारिक जागरण का प्रयास है। इसमें संतों, शंकराचार्यों और विद्वानों की परंपरा, ज्ञान और आध्यात्मिक नेतृत्व को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।
गौमाता  भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों की प्रतीक है।
वर्तमान परिस्थिति में गोरक्षा कैसे हो इस विषय पर भी गंभीर चिंतन करके समाधान निकालने की आवश्यकता है l
आज का समाज कई स्तरों पर संघर्ष कर रहा है—सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक अस्मिता, सामाजिक विभाजन और राजनीतिक ध्रुवीकरण। ऐसे समय में “संवाद”  अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।

आज बहुत से लोग धर्म के नाम पर केवल परंपराओं का पालन कर रहे हैं, परंतु उनके पीछे के ज्ञान और उद्देश्य से अनभिज्ञ हैं। इस प्रकार के आयोजन यदि सही दिशा में हों, तो वे धर्म को केवल कर्मकांड से निकालकर ज्ञान और विवेक की ओर ले जा सकते हैं।
वर्तमान में समाज जाति, वर्ग और विचारधारा के आधार पर बंटा हुआ है। ऐसे में यह प्रयास एक सकारात्मक पहल है l

आज की युवा पीढ़ी को इस अभियान से जोड़ने के लिए यह आवश्यक है कि इन विषयों को आधुनिक संदर्भ में समझाया जाए, अन्यथा यह केवल एक सीमित वर्ग तक ही सिमट सकता है।
आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है—धर्म का आचरण, ज्ञान का विस्तार और समाज में संतुलन की स्थापना।
यदि “सनातन धर्म संवाद” इस दिशा में एक सशक्त कदम बनता है, तो यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक परिवर्तन की शुरुआत सिद्ध होगा। सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि सवर्ण युवा भी बराबर के हकदार है,कानून में भेद भाव नहीं चलेगा कुर्सी पर बैठे नेता किसी भ्रम में न रहे सत्ता किसी के बाप की जागीर नहीं है
मेटा अलर्ट से बचीं दो जिंदगियां: बरेली और वाराणसी में आत्महत्या से पहले पुलिस ने पहुंचकर बचाया
लखनऊ । सोशल मीडिया के दौर में एक ओर जहां भावनात्मक तनाव तेजी से बढ़ रहा है, वहीं तकनीक और पुलिस की सतर्कता मिलकर जीवन बचाने का बड़ा माध्यम भी बन रही है। ऐसा ही एक संवेदनशील और प्रेरक मामला सामने आया है, जहां Meta Platforms के अलर्ट और यूपी पुलिस की फुर्ती से दो युवकों की जान बचा ली गई।यह दोनों घटनाएं Bareilly और Varanasi की हैं, जहां युवकों ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से जुड़े वीडियो पोस्ट कर अपनी जीवन लीला समाप्त करने की बात कही थी।

बरेली: 15 मिनट में पहुंची पुलिस, युवक को बचाया

28 मार्च 2026 को बरेली के आंवला क्षेत्र में एक 20 वर्षीय युवक ने “आज मेरा आखिरी दिन है” लिखकर इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया। शाम 4:18 बजे मेटा की ओर से अलर्ट मिलते ही पुलिस हरकत में आई और महज 15 मिनट के भीतर युवक के घर पहुंच गई।मौके पर युवक ने अपने हाथ पर ब्लेड से कट लगाए थे और कीटनाशक भी पी लिया था। पुलिस ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां समय रहते इलाज मिलने से उसकी जान बच गई। पूछताछ में युवक ने प्रेम प्रसंग में तनाव को इस कदम की वजह बताया।

वाराणसी: 17 मिनट में कार्रवाई, मौत के मुंह से खींचा बाहर

29 मार्च की रात 1:45 बजे वाराणसी के चोलापुर क्षेत्र में 19 वर्षीय युवक ने “आज आखिरी रात है” लिखकर इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया। अलर्ट मिलते ही पुलिस टीम 17 मिनट में उसके घर पहुंच गई।
पुलिस ने देखा कि युवक कीटनाशक घोलकर पीने ही वाला था। तत्परता दिखाते हुए पुलिसकर्मियों ने उसके हाथ से ग्लास छीन लिया और परिजनों के सहयोग से उसकी जान बचाई।

वजह: प्रेम संबंध और मानसिक तनाव

दोनों ही मामलों में सामने आया कि युवक प्रेम संबंधों में तनाव और भावनात्मक टूटन के कारण अवसाद में थे, जिसने उन्हें इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

पुलिस की भूमिका और काउंसलिंग

दोनों युवकों को बचाने के बाद पुलिस ने उनकी काउंसलिंग कर उन्हें समझाया और भविष्य में ऐसा कदम न उठाने की सलाह दी। युवकों ने भी दोबारा ऐसी गलती न करने का आश्वासन दिया।यह घटनाएं बताती हैं कि समय पर तकनीकी अलर्ट और पुलिस की सक्रियता से बड़ी त्रासदियों को रोका जा सकता है। साथ ही यह भी जरूरी है कि समाज, परिवार और मित्र समय रहते युवाओं की मानसिक स्थिति को समझें और उन्हें भावनात्मक सहारा दें।
आजमगढ़ : निजामाबाद में तीन दिवसीय गुरुमत समागम भंडारे के साथ हुआ समापन, सम्मानित लोगों को सरोपा भेंट कर किया गया सम्मानित
जमगढ़।निजामाबाद कस्बे के ऐतिहासिक गुरुद्वारा चरण पादुका साहिब द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सालाना गुरु मत समागम तीसरे दिन विशाल लंगर के बाद समाप्त हुआ । गुरु द्वारा चरण पादुका साहिब द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सालाना गुरूमत समागम में श्रद्धालुओ ने गुरु के दरबार में पहुंचकर मत्था टेके और विशाल लंगर में प्रसाद ग्रहण किए।तीन दिवसीय गुरुमत समागम का रविवार को देर शाम समापन हो गया । गुरु मत समागम में तीसरे दिन सुबह से दरबार साहिब एवं तमसा तट के गुरु नानक घाट गुरुद्वारा साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति हुई देश के विभिन्न भागों से आए सिख श्रद्धालुओं ने दरबार में हाजिरी लगाई प्रसाद वितरित करने के बाद संगतो एवं स्थानीय श्रद्धालुओं ने गुरु ग्रंथ साहिब को लेकर भजन कीर्तन करते हुए दीवान हाल में स्थित फूलों से सजी पालकी में रखा गया दीवान हाल में संतों ने प्रवचन और रागी जत्था ने कीर्तन गाकर लोगों का मन मोह लिया। दीवान हाल में रखे गुरु ग्रंथ साहिब के सामने मत्था टेकने वालों का तांता दिन भर लगा रहा। देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने गुरु महाराज के दरबार में हाजिरी लगाकर ऐतिहासिक स्थल के परिसर में स्थित अकाल बूंगा साहिब, दुख भंजन कुआ, गुरु नानक देव जी, गुरु तेग बहादुर सिंह ,बाबा श्री चंद जी महाराज की तपस्थली, हस्तलिखित गुरु ग्रंथ साहिब, गुरु साहिबान की खड़ाऊ, खुदाई में मिले प्राचीन अस्त्र-शस्त्र सहित अन्य धरोहरों का भी दर्शन किया। लंगर हाल में दिनभर गुरु का अटूट लंगर चलता रहा। जहां सभी श्रद्धालुओं ने पहुंचकर लंगर का प्रसाद छका तो वहीं आए लोगों ने गुरु द्वारा परिसर में लगे मेले से ब्लैक पॉटरी बर्तनों की भी खूब खरीददारी की।गुरु का ताल आगरा के संत बाबा प्रीतम सिंह और गुरु द्वारा के मुख्य ग्रंथि बाबा सतनाम सिंह ने आए हुए अतिथियों सिख संगठनों के प्रधान एवं समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वालों,सहित समाज के सम्मानित लोगो को सरोपा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किए ।गुरुद्वारा परिसर के लंगर हाल में दिनभर गुरु का अटूट लंगर चलता रहा। लंगर हाल में दिनभर गुरु प्रसाद की आवाज गूंजती रही ।गरीब अमीर जात पात को धता बताते हुए श्रद्धालु एक साथ जमीन पर बैठकर अटूट लंगर छका। प्रसाद का भागीदार बनने के लिए दिनभर श्रद्धालुओ का तांता लगा रहा। इस मौके पर जगह जगह पुलिस की गश्ते रही। थाना प्रभारी हिरेंद्र प्रताप सिंह, अपने हमराहियों सहित सुरक्षा में लगे रहे। इस अवसर पर आगरा के ताल संत बाबा प्रीतम सिंह जी सतनाम सिंह जी जगदीश सिंह जी गुरविंदर सिंह महंत हरपाल सिंह ज्ञानी केवलसिंह, जोगा सिंह,रंजीत सिंह जहाजी, सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। अंत में गुरुद्वारे के जत्थेदार बाबा सतनाम सिंह ने आए हुए सभीआगंतुकों के प्रति आभार प्रकट किया।
संविधान बनाम राज्य नियंत्रण: ट्रांस संशोधन विधेयक के खिलाफ लखनऊ में उभरा व्यापक जनप्रतिरोध

लखनऊ। ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ रविवार को लखनऊ की सड़कों पर क्वीयर समुदाय और नागरिक समाज का व्यापक और संगठित प्रतिरोध देखने को मिला। बेगम हज़रत महल पार्क गेट, परिवर्तन चौक से केडी सिंह बाबू स्टेडियम मेट्रो स्टेशन तक निकाले गए इस मार्च ने न केवल एक विधेयक का विरोध किया, बल्कि राज्य द्वारा पहचान, शरीर और अस्तित्व पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिशों को भी खुली चुनौती दी।
यह विरोध प्रदर्शन क्वीयर समुदाय और स्थानीय नागरिकों की संयुक्त पहल था, जिसका संचालन शांतम निधि ने किया। मार्च का नेतृत्व पायल, गुड्डन, प्रियंका, यादवेंद्र, आकाश और राजन सहित कई समुदाय प्रतिनिधियों ने किया। बड़ी संख्या में छात्र, युवा, महिलाएं और विभिन्न जनसंगठनों के कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, बापसा बीबीएयू, एपवा, जन संस्कृति मंच और सीटू जैसे संगठनों ने भी एकजुटता दिखाई।
पूरे मार्च के दौरान “ट्रांस राइट्स मानवाधिकार हैं”, “पहचान पर राज्य का नियंत्रण नहीं चलेगा” और “संविधान की रक्षा करो” जैसे नारे गूंजते रहे, जो इस आंदोलन के मूल स्वर को स्पष्ट करते हैं।

* “पहचान प्रमाणपत्र नहीं, अस्तित्व है”
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने विधेयक को नागरिक अधिकारों के ढांचे पर सीधा हमला बताया। पायल ने कहा कि यह प्रस्तावित कानून ट्रांस समुदाय की पहचान को व्यक्तिगत अधिकार से हटाकर राज्य के नियंत्रण में देना चाहता है। गुड्डन ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह के कदमों का विरोध नहीं किया गया, तो भविष्य में व्यापक नागरिक अधिकारों पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
प्रियंका ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक NALSA निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि यह विधेयक उस फैसले द्वारा दिए गए अधिकारों को कमजोर करता है। यादवेंद्र ने विधेयक को बिना पर्याप्त बहस और परामर्श के पारित किए जाने पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। आकाश और राजन ने भी इसे संविधान और नागरिक स्वतंत्रता के लिए गंभीर चुनौती करार दिया।

* राष्ट्रपति को सौंपा गया ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें विधेयक की कई संवैधानिक और व्यावहारिक खामियों को रेखांकित किया गया। ज्ञापन के अनुसार, प्रस्तावित संशोधन स्व-पहचान के अधिकार को समाप्त कर उसे चिकित्सा परीक्षण और प्रशासनिक स्वीकृति के अधीन करता है, जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 15 (भेदभाव के खिलाफ संरक्षण), अनुच्छेद 19 (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता) का उल्लंघन करता है। साथ ही, ‘अल्यूर्मेंट’ जैसे अस्पष्ट प्रावधानों के जरिए समुदाय और उसके सहयोगियों को अपराधी बनाए जाने की आशंका भी जताई गई।

* लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल
प्रदर्शनकारियों ने इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई कि विधेयक को बिना व्यापक बहस, संसदीय समिति को भेजे बिना और राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद से पर्याप्त परामर्श किए बिना पारित किया गया। इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अवमूल्यन के रूप में देखा जा रहा है।

* संघर्ष जारी रहेगा
यह विरोध केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक आंदोलन की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल एक विधेयक को वापस लेने की नहीं, बल्कि उस संवैधानिक सिद्धांत की रक्षा की है जिसके अनुसार व्यक्ति अपनी पहचान स्वयं निर्धारित करता है।
लखनऊ में उभरा यह जनप्रतिरोध संकेत देता है कि नागरिक समाज इस मुद्दे को लेकर न केवल सजग है, बल्कि लगातार और संगठित रूप से अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए तैयार भी है।
प्रयागराज के मांडा मे 4 बच्चों की डूबने से हुयी मृत्यु ने पूरे गांव को रुला दिया
विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज के यमुनापार मे मांडा थाना क्षेत्र अंतर्गत शुक्रवार की दोपहर ग्राम बामपुर निवासी गंगा स्नान करने गए 4 नाबालिग बच्चों की डूबने से गयी जान।
कुणाल पुत्र अनिल कुमार (उम्र लगभग 12 वर्ष),निहाल पुत्र अनिल कुमार (उम्र लगभग 10 वर्ष),ऋषभ पुत्र कमलेश (उम्र लगभग 10 वर्ष),दीपक कुमार पुत्र राजाराम (उम्र लगभग 17 वर्ष) की गंगा घाट पर हुए हृदयविदारक हादसे मे डूबने से असमय निधन अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है।

चार बच्चों को देख पूरे गांव की आंखें नम हो गई।

अत्यंत ही दुखद घटना
असम के चुनावी दंगल में उतरे हेमंत सोरेन; गोसाईंगांव में जेएमएम प्रत्याशी के लिए मांगा समर्थन, भाजपा पर साधा निशाना।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान का शंखनाद कर दिया है। कोकराझार जिले के गोसाईंगांव में जेएमएम प्रत्याशी फ्रेडरिक्सन हांसदा के पक्ष में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर प्रहार किया और आदिवासी व वंचित समाज को एकजुट होने का आह्वान किया।

भाजपा पर तीखा हमला

अपने संबोधन में हेमंत सोरेन ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि भाजपा वाले केवल 'लेने वाले' लोग हैं, 'देने वाले' नहीं। उन्होंने जनता को आगाह करते हुए कहा, "ये लोग चुनाव के समय आपके खातों में 500 या 1000 रुपये डालेंगे और चुनाव जीतने के बाद सिरिंज लगाकर आपका खून निकाल लेंगे।" उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल चुनाव के समय मीठी बातें कर जाल बिछाते हैं और सत्ता मिलते ही अपने वादे भूल जाते हैं।

चाय बागान मजदूरों का दर्द

सोरेन ने असम के चाय बागान मजदूरों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देने वाले इन मजदूरों को वर्षों से सिर्फ आश्वासन मिला है, हक नहीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जेएमएम उनके संघर्ष में उनके साथ खड़ी है।

शिक्षा और सशक्तिकरण का 'झारखंड मॉडल'

शिक्षा को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में सरकारी स्कूलों की स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं, जहाँ अब निजी स्कूलों से बच्चे वापस आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह असम में भी ऐसी ही व्यवस्था चाहते हैं जहाँ आदिवासी युवाओं की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च सरकार उठाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाली पीढ़ी को डॉक्टर, इंजीनियर और वकील बनाना ही वास्तविक सशक्तिकरण है।

संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप

हेमंत सोरेन ने केंद्र पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि पैसे के बल पर लोकतंत्र को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए झुकें नहीं, बल्कि डटकर मुकाबला करें।

अतरौलिया में तीन पुलिस सहायता केंद्रों का उद्घाटन, सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया बल। दूरदराज क्षेत्रों में बढ़ेगी पुलिस की पहुंच, साइबर अपराध औ
जनपद के सीमावर्ती अतरौलिया थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से शनिवार को तीन नए पुलिस सहायता केंद्रों (पुलिस बूथ) का उद्घाटन किया गया। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार एवं पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन के नेतृत्व में अतरैठ, लोहरा और बढ़या में इन केंद्रों का फीता काटकर शुभारंभ किया गया। उद्घाटन के दौरान पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इन सहायता केंद्रों के शुरू होने से क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ेगी और ग्रामीणों को अपनी शिकायतों के लिए थाने तक लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों पर तैनात पुलिसकर्मी आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे। प्रशासन की ओर से अतरैठ में उपनिरीक्षक पवन शुक्ला, लोहरा में देवी शरण पांडे तथा बढ़या में उपनिरीक्षक पवन कुमार सिंह को मौजूदा जिम्मेदारी सौंपी गई है। बढ़या में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सरोकारों को भी प्रमुखता दी गई। इस मौके पर पांच सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों—रामचेत (सेवानिवृत्त डिप्टी एसपी), रामसूरत यादव, फिरतु राम, रामजीत, रामनवल और फतेह बहादुर सिंह—को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही एसडी ग्लोबल स्कूल मदियापार के मेधावी छात्रों विद्यार्थियों को भी उनकी उपलब्धियों के लिए पुलिस अधीक्षक के द्वारा सम्मानित किया गया। थाना क्षेत्र के लगभग 51 चौकीदारों को बेहतर गश्त और सतर्कता के लिए सीटी और टॉर्च वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। पुलिस अधीक्षक डॉ अनिल कुमार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ये सहायता केंद्र अस्थायी रूप से संचालित होंगे। यदि ग्राम प्रधान और एसडीएम के माध्यम से उपयुक्त भूमि उपलब्ध होती है, तो भविष्य में इन्हें स्थायी पुलिस चौकियों के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां पुलिसकर्मियों के लिए बैरक और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। उन्होंने साइबर अपराध और गोकशी जैसे गंभीर मामलों पर कड़ी कार्रवाई की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि पेशेवर अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘मिशन शक्ति’ के तहत प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि वे खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी कौस्तुभ त्रिपाठी, समाजसेवी अखंड सिंह, मोहब्बत वसीम सत्येंद्र सिंह सोनू, राधेश्याम यादव, गणेश दत्त दुबे समेत थानाध्यक्ष देवेंद्र नाथ दुबे, सहित कई पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मसीही समाज को मिला प्रशासन का साथ, CDBE चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न

रायपुर- छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन (CDBE) के चुनाव आज रायपुर कलेक्टर कार्यालय में सफलतापूर्वक एवं शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुए।

इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में जिला प्रशासन की सक्रिय भूमिका और पारदर्शिता को सराहते हुए मसीही समाज ने राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।

चुनाव प्रक्रिया जिला कलेक्टर, एडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुई। इस दौरान बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में द राइट रेव. सुभमा कुमार पदेन ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया।

नवनिर्वाचित कार्यकारिणी में

नितिन लॉरेन्स – उपाध्यक्ष

जॉयदीप रोबिन्सन – सचिव

प्रवीण मसीह – कोषाध्यक्ष

सहित अन्य सदस्यों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं।

इस अवसर पर बोर्ड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं जिला प्रशासन का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार ने मसीही समाज की समस्याओं को समझते हुए निष्पक्ष और सहयोगात्मक भूमिका निभाई है।

बोर्ड पदाधिकारियों ने कहा कि यह सहयोग राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि लंबे समय से शैक्षणिक संस्थाओं के संचालन में आ रही समस्याओं के समाधान की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

समाज के प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा लगातार संस्थाओं की व्यवस्था को बाधित करने के प्रयास किए जा रहे थे, जिनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा की गई है।

प्रशासन द्वारा आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही सभी संस्थानों में सामान्य स्थिति बहाल की जाएगी तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध कब्जे के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अंत में, छत्तीसगढ़ डायोसिस के पदाधिकारियों ने सभी समाज के लोगों से अपील की कि वे एकजुट होकर शांति, शिक्षा और विकास के कार्यों में सहयोग करें।

निर्भया से भी ज्यादा जघन्य अपराध झारखंड की बेटी के साथ....आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता कर राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा। श्री साहू कल हजारीबाग जिला अंतर्गत विष्णुगढ़ प्रखंड के कुसुंबा गांव से लौटने के बाद आज प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। श्री साहू के साथ कुसुंबा जाने वालों में सांसद मनीष जायसवाल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ,विधायक नागेंद्र महतो,अमित यादव,रोशन लाल चौधरी,जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह शामिल थे।

श्री साहू ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही वे पार्टी के जनप्रतिनिधियों के साथ कुसुंबा गांव गए और जो जानकारी मिली वह पूरी तरह रोंगटे खड़ा करने वाली,हृदय बिदारक है।

कहा कि जब पूरे देश में रामनवमी की तैयारियां चल रही हो, चैत्र नवरात्र में देवी की आराधना चल रही हो इसी बीच मंगलवारी जुलूस देखने गई एक गरीब मजदूर की 12 वर्षीय बेटी को अपराधी ,दरिंदे पकड़ते हैं,अपहरण कर उसका दुष्कर्म करते हैं और फिर हत्या भी कर देते हैं।

कहा कि ग्रामीण जनता ने बताया कि एक बेटी के साथ कैसा जघन्य कु कृत्य हुआ है। अपराधियों ने दुष्कर्म और हत्या के बात दरिंदगी की पराकाष्ठा की है। बेटी की आँखें निकाली गई, दांत तोड़े गए, जीभ काट दिए गए।

कहा कि ऐसे हालात में पुलिस प्रशासन की संवेदनहीनता ने राज्य की विधि व्यवस्था को उजागर किया है। चार दिनों तक गरीब के घर जिला प्रशासन नहीं पहुंचा। और हद तो तब हो गई जब मृत बेटी के मजदूर पिता को जल्द गांव आने में प्रशासन ने कोई मदद नहीं की।भाजपा के सांसद विधायकों ने फ्लाइट टिकट की व्यवस्था की।

कहा कि बात बात पर ट्वीट करने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को झारखंड की बेटी, गरीब की पीड़ा ने आहत नहीं किया।मुख्यमंत्री ने ट्वीट पर भी संवेदना प्रकट नहीं की।

कहा कि आखिर राज्य कहां जा रहा है।राज्य की जनता कैसे सुरक्षित रहे।कैसे बहन बेटियां सुरक्षित रहें ये मुख्यमंत्री जी बताएं। वे असम में जाकर वोट मांगेंगे।उन्हें असम की जनता के बीच अपनी नाकामियों,विफलताओं को बताना चाहिए।

कहा कि राज्य की पुलिस केवल वसूली में लगी है,कोयला ,पत्थर चोरों को संरक्षण देकर अपराधियों का संरक्षण कर रही है। अपनी तिजोरी भरने में जुटी है।

कहा कि भाजपा झारखंड की जन्मदात्री है।हम राज्य को बर्बाद होते नहीं देख सकते।

उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी दी और कहा कि 24 घंटे में अपराधी नहीं पकड़े गए तो 29 मार्च को हजारीबाग के सभी प्रखंडों में भाजपा कार्यकर्ता मशाल जुलूस निकालकर विरोध दर्ज करेंगे।30 को पूरा हजारीबाग को ठप करेंगे,बंद करेंगे। साथ ही पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर पार्टी की महिला मोर्चा की बहने धरना प्रदर्शन करेंगी।

श्री साहू ने राज्य सरकार से मृतका के अपराधियों को फांसी की सजा दिलाने हेतु कार्रवाई की मांग की।साथ ही मजदूर पिता को सरकारी नौकरी ,परिवार को सुरक्षा और 50 लाख की सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की।

श्री साहू ने कहा कि सत्ताधारी झामुमो कांग्रेस,राजद को अनर्गल बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। अच्छा होगा ये नेता कुसुंबा जाकर स्थिति को देखें।

खर्ग पर कब्जा अमेरिका करेगा? ट्रंप के बयान ने मचाई खलबली

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अमेरिका और इज़रायल का ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध का आज 31वां दिन है। अमेरिका और इज़रायल जहाँ लगातार ईरान पर हमले कर रहे हैं, वहीं ईरान भी मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले कर रहा है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंपदावा कर रहे हैं कि युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत जारी है। 

ईरानी तेल पर कब्जे के संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के तेल पर कब्जे करने का संकेत दिया है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने ईरान के तेल को लेकर भी बड़ा बयान दिया। ट्रंप ने ईरान के तेल के प्रति रूचि जताते हुए कहा कि वह ईरान के तेल को अपने कब्ज़े में ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान के खर्ग द्वीप पर कब्जा कर सकती है। खर्ग द्वीप को ईरान की तेल आधारित अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है क्योंकि यहीं से देश का करीब 90 फीसदी तेल निर्यात किया जाता है।

मेरी सबसे पसंदीदा चीज ईरान का तेल लेना-ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को फाइनेंशियल टाइम्स के साथ इंटरव्यू में ईरान युद्ध पर कई कमेंट किए हैं। खर्ग पर कब्जे के सवाल पर उन्होंने कहा, 'सच कहूं तो मेरी सबसे पसंदीदा चीज ईरान का तेल लेना होगी। हालांकि अमेरिका में कुछ बेवकूफ लोग मुझे कहते हैं कि तुम ऐसा क्यों कर रहे हो। उनको चीजों की समझ नहीं है।'

ट्रंप ने कहा- हमारे पास कई विकल्प

ट्रंप ने कहा कि उनके लिए यह ऑप्शन खुला हुआ है। ट्रंप ने ईरान में अपने सैन्य अभियान पर कहा, 'यह हो सकता है हम खर्ग द्वीप को ईरान से अपने नियंत्रण में ले लें। हालांकि ये भी मुमकिन है कि हम ऐसा नहीं करें। दरअसल हमारे पास कई विकल्प हैं और हम कोई भी विकल्प चुन सकते हैं। हालांकि खर्ग पर कंट्रोल के लिए हमें वहां कुछ समय तक रहना पड़ेगा।'

खर्ग आइलैंड पर हमला कर चुका है यूएस

बता दें कि ट्रंप की नज़र ईरान के खर्ग आइलैंड पर है, जहाँ ईरान के तेल के कई भंडार हैं। ट्रंप चाहते हैं कि खर्ग आइलैंड पर अमेरिका का कब्ज़ा हो। कुछ दिन पहले अमेरिका ने खर्ग आइलैंड पर हमला भी किया था। हालांकि इस दौरान तेल के भंडारों को निशाना नहीं बनाया गया। इसके अलावा ट्रंप ईरान के कंट्रोल वाली होर्मुज स्ट्रेट पर कब्ज़े की इच्छा भी जता चुके हैं। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान मज़ाक-मज़ाक में उसे स्ट्रेट ऑफ ट्रंप बता दिया था।

सवर्ण युवा भी बराबर के हकदार है कानून में भेद भाव नहीं चलेगा : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रिय अध्यक्ष
लखनऊ । बस्ती के वशिष्ठ नगर में आयोजित सनातन धर्म संवाद जिसमें ज्योतिष्पीठाश्वर जगत गुरु महाराज अतिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी पूर्व आई पी एस जुगल किशोर तिवारी जी, पूर्व आई ए एस अलंकार अग्निहोत्री जी सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय संरक्षक एडवोकेट अनिल मिश्रा जी मंचासिन की उपस्थित में सवर्ण समाज की सभा को संबोधित करते हुए सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि यह सम्मेलन वर्तमान सामाजिक, धार्मिक और वैचारिक परिस्थितियों पर चिंतन मनन का एक गहरा दर्पण है। “सनातन धर्म संवाद” शीर्षक अपने आप में ही एक संकेत देता है कि आज का समय केवल आस्था का नहीं, बल्कि संवाद, चिंतन और पुनर्स्थापन का है।
यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक वैचारिक जागरण का प्रयास है। इसमें संतों, शंकराचार्यों और विद्वानों की परंपरा, ज्ञान और आध्यात्मिक नेतृत्व को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।
गौमाता  भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों की प्रतीक है।
वर्तमान परिस्थिति में गोरक्षा कैसे हो इस विषय पर भी गंभीर चिंतन करके समाधान निकालने की आवश्यकता है l
आज का समाज कई स्तरों पर संघर्ष कर रहा है—सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक अस्मिता, सामाजिक विभाजन और राजनीतिक ध्रुवीकरण। ऐसे समय में “संवाद”  अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।

आज बहुत से लोग धर्म के नाम पर केवल परंपराओं का पालन कर रहे हैं, परंतु उनके पीछे के ज्ञान और उद्देश्य से अनभिज्ञ हैं। इस प्रकार के आयोजन यदि सही दिशा में हों, तो वे धर्म को केवल कर्मकांड से निकालकर ज्ञान और विवेक की ओर ले जा सकते हैं।
वर्तमान में समाज जाति, वर्ग और विचारधारा के आधार पर बंटा हुआ है। ऐसे में यह प्रयास एक सकारात्मक पहल है l

आज की युवा पीढ़ी को इस अभियान से जोड़ने के लिए यह आवश्यक है कि इन विषयों को आधुनिक संदर्भ में समझाया जाए, अन्यथा यह केवल एक सीमित वर्ग तक ही सिमट सकता है।
आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है—धर्म का आचरण, ज्ञान का विस्तार और समाज में संतुलन की स्थापना।
यदि “सनातन धर्म संवाद” इस दिशा में एक सशक्त कदम बनता है, तो यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक परिवर्तन की शुरुआत सिद्ध होगा। सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि सवर्ण युवा भी बराबर के हकदार है,कानून में भेद भाव नहीं चलेगा कुर्सी पर बैठे नेता किसी भ्रम में न रहे सत्ता किसी के बाप की जागीर नहीं है
मेटा अलर्ट से बचीं दो जिंदगियां: बरेली और वाराणसी में आत्महत्या से पहले पुलिस ने पहुंचकर बचाया
लखनऊ । सोशल मीडिया के दौर में एक ओर जहां भावनात्मक तनाव तेजी से बढ़ रहा है, वहीं तकनीक और पुलिस की सतर्कता मिलकर जीवन बचाने का बड़ा माध्यम भी बन रही है। ऐसा ही एक संवेदनशील और प्रेरक मामला सामने आया है, जहां Meta Platforms के अलर्ट और यूपी पुलिस की फुर्ती से दो युवकों की जान बचा ली गई।यह दोनों घटनाएं Bareilly और Varanasi की हैं, जहां युवकों ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से जुड़े वीडियो पोस्ट कर अपनी जीवन लीला समाप्त करने की बात कही थी।

बरेली: 15 मिनट में पहुंची पुलिस, युवक को बचाया

28 मार्च 2026 को बरेली के आंवला क्षेत्र में एक 20 वर्षीय युवक ने “आज मेरा आखिरी दिन है” लिखकर इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया। शाम 4:18 बजे मेटा की ओर से अलर्ट मिलते ही पुलिस हरकत में आई और महज 15 मिनट के भीतर युवक के घर पहुंच गई।मौके पर युवक ने अपने हाथ पर ब्लेड से कट लगाए थे और कीटनाशक भी पी लिया था। पुलिस ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां समय रहते इलाज मिलने से उसकी जान बच गई। पूछताछ में युवक ने प्रेम प्रसंग में तनाव को इस कदम की वजह बताया।

वाराणसी: 17 मिनट में कार्रवाई, मौत के मुंह से खींचा बाहर

29 मार्च की रात 1:45 बजे वाराणसी के चोलापुर क्षेत्र में 19 वर्षीय युवक ने “आज आखिरी रात है” लिखकर इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया। अलर्ट मिलते ही पुलिस टीम 17 मिनट में उसके घर पहुंच गई।
पुलिस ने देखा कि युवक कीटनाशक घोलकर पीने ही वाला था। तत्परता दिखाते हुए पुलिसकर्मियों ने उसके हाथ से ग्लास छीन लिया और परिजनों के सहयोग से उसकी जान बचाई।

वजह: प्रेम संबंध और मानसिक तनाव

दोनों ही मामलों में सामने आया कि युवक प्रेम संबंधों में तनाव और भावनात्मक टूटन के कारण अवसाद में थे, जिसने उन्हें इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

पुलिस की भूमिका और काउंसलिंग

दोनों युवकों को बचाने के बाद पुलिस ने उनकी काउंसलिंग कर उन्हें समझाया और भविष्य में ऐसा कदम न उठाने की सलाह दी। युवकों ने भी दोबारा ऐसी गलती न करने का आश्वासन दिया।यह घटनाएं बताती हैं कि समय पर तकनीकी अलर्ट और पुलिस की सक्रियता से बड़ी त्रासदियों को रोका जा सकता है। साथ ही यह भी जरूरी है कि समाज, परिवार और मित्र समय रहते युवाओं की मानसिक स्थिति को समझें और उन्हें भावनात्मक सहारा दें।
आजमगढ़ : निजामाबाद में तीन दिवसीय गुरुमत समागम भंडारे के साथ हुआ समापन, सम्मानित लोगों को सरोपा भेंट कर किया गया सम्मानित
जमगढ़।निजामाबाद कस्बे के ऐतिहासिक गुरुद्वारा चरण पादुका साहिब द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सालाना गुरु मत समागम तीसरे दिन विशाल लंगर के बाद समाप्त हुआ । गुरु द्वारा चरण पादुका साहिब द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सालाना गुरूमत समागम में श्रद्धालुओ ने गुरु के दरबार में पहुंचकर मत्था टेके और विशाल लंगर में प्रसाद ग्रहण किए।तीन दिवसीय गुरुमत समागम का रविवार को देर शाम समापन हो गया । गुरु मत समागम में तीसरे दिन सुबह से दरबार साहिब एवं तमसा तट के गुरु नानक घाट गुरुद्वारा साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति हुई देश के विभिन्न भागों से आए सिख श्रद्धालुओं ने दरबार में हाजिरी लगाई प्रसाद वितरित करने के बाद संगतो एवं स्थानीय श्रद्धालुओं ने गुरु ग्रंथ साहिब को लेकर भजन कीर्तन करते हुए दीवान हाल में स्थित फूलों से सजी पालकी में रखा गया दीवान हाल में संतों ने प्रवचन और रागी जत्था ने कीर्तन गाकर लोगों का मन मोह लिया। दीवान हाल में रखे गुरु ग्रंथ साहिब के सामने मत्था टेकने वालों का तांता दिन भर लगा रहा। देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने गुरु महाराज के दरबार में हाजिरी लगाकर ऐतिहासिक स्थल के परिसर में स्थित अकाल बूंगा साहिब, दुख भंजन कुआ, गुरु नानक देव जी, गुरु तेग बहादुर सिंह ,बाबा श्री चंद जी महाराज की तपस्थली, हस्तलिखित गुरु ग्रंथ साहिब, गुरु साहिबान की खड़ाऊ, खुदाई में मिले प्राचीन अस्त्र-शस्त्र सहित अन्य धरोहरों का भी दर्शन किया। लंगर हाल में दिनभर गुरु का अटूट लंगर चलता रहा। जहां सभी श्रद्धालुओं ने पहुंचकर लंगर का प्रसाद छका तो वहीं आए लोगों ने गुरु द्वारा परिसर में लगे मेले से ब्लैक पॉटरी बर्तनों की भी खूब खरीददारी की।गुरु का ताल आगरा के संत बाबा प्रीतम सिंह और गुरु द्वारा के मुख्य ग्रंथि बाबा सतनाम सिंह ने आए हुए अतिथियों सिख संगठनों के प्रधान एवं समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वालों,सहित समाज के सम्मानित लोगो को सरोपा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किए ।गुरुद्वारा परिसर के लंगर हाल में दिनभर गुरु का अटूट लंगर चलता रहा। लंगर हाल में दिनभर गुरु प्रसाद की आवाज गूंजती रही ।गरीब अमीर जात पात को धता बताते हुए श्रद्धालु एक साथ जमीन पर बैठकर अटूट लंगर छका। प्रसाद का भागीदार बनने के लिए दिनभर श्रद्धालुओ का तांता लगा रहा। इस मौके पर जगह जगह पुलिस की गश्ते रही। थाना प्रभारी हिरेंद्र प्रताप सिंह, अपने हमराहियों सहित सुरक्षा में लगे रहे। इस अवसर पर आगरा के ताल संत बाबा प्रीतम सिंह जी सतनाम सिंह जी जगदीश सिंह जी गुरविंदर सिंह महंत हरपाल सिंह ज्ञानी केवलसिंह, जोगा सिंह,रंजीत सिंह जहाजी, सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। अंत में गुरुद्वारे के जत्थेदार बाबा सतनाम सिंह ने आए हुए सभीआगंतुकों के प्रति आभार प्रकट किया।
संविधान बनाम राज्य नियंत्रण: ट्रांस संशोधन विधेयक के खिलाफ लखनऊ में उभरा व्यापक जनप्रतिरोध

लखनऊ। ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ रविवार को लखनऊ की सड़कों पर क्वीयर समुदाय और नागरिक समाज का व्यापक और संगठित प्रतिरोध देखने को मिला। बेगम हज़रत महल पार्क गेट, परिवर्तन चौक से केडी सिंह बाबू स्टेडियम मेट्रो स्टेशन तक निकाले गए इस मार्च ने न केवल एक विधेयक का विरोध किया, बल्कि राज्य द्वारा पहचान, शरीर और अस्तित्व पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिशों को भी खुली चुनौती दी।
यह विरोध प्रदर्शन क्वीयर समुदाय और स्थानीय नागरिकों की संयुक्त पहल था, जिसका संचालन शांतम निधि ने किया। मार्च का नेतृत्व पायल, गुड्डन, प्रियंका, यादवेंद्र, आकाश और राजन सहित कई समुदाय प्रतिनिधियों ने किया। बड़ी संख्या में छात्र, युवा, महिलाएं और विभिन्न जनसंगठनों के कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, बापसा बीबीएयू, एपवा, जन संस्कृति मंच और सीटू जैसे संगठनों ने भी एकजुटता दिखाई।
पूरे मार्च के दौरान “ट्रांस राइट्स मानवाधिकार हैं”, “पहचान पर राज्य का नियंत्रण नहीं चलेगा” और “संविधान की रक्षा करो” जैसे नारे गूंजते रहे, जो इस आंदोलन के मूल स्वर को स्पष्ट करते हैं।

* “पहचान प्रमाणपत्र नहीं, अस्तित्व है”
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने विधेयक को नागरिक अधिकारों के ढांचे पर सीधा हमला बताया। पायल ने कहा कि यह प्रस्तावित कानून ट्रांस समुदाय की पहचान को व्यक्तिगत अधिकार से हटाकर राज्य के नियंत्रण में देना चाहता है। गुड्डन ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह के कदमों का विरोध नहीं किया गया, तो भविष्य में व्यापक नागरिक अधिकारों पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
प्रियंका ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक NALSA निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि यह विधेयक उस फैसले द्वारा दिए गए अधिकारों को कमजोर करता है। यादवेंद्र ने विधेयक को बिना पर्याप्त बहस और परामर्श के पारित किए जाने पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। आकाश और राजन ने भी इसे संविधान और नागरिक स्वतंत्रता के लिए गंभीर चुनौती करार दिया।

* राष्ट्रपति को सौंपा गया ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें विधेयक की कई संवैधानिक और व्यावहारिक खामियों को रेखांकित किया गया। ज्ञापन के अनुसार, प्रस्तावित संशोधन स्व-पहचान के अधिकार को समाप्त कर उसे चिकित्सा परीक्षण और प्रशासनिक स्वीकृति के अधीन करता है, जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 15 (भेदभाव के खिलाफ संरक्षण), अनुच्छेद 19 (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता) का उल्लंघन करता है। साथ ही, ‘अल्यूर्मेंट’ जैसे अस्पष्ट प्रावधानों के जरिए समुदाय और उसके सहयोगियों को अपराधी बनाए जाने की आशंका भी जताई गई।

* लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल
प्रदर्शनकारियों ने इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई कि विधेयक को बिना व्यापक बहस, संसदीय समिति को भेजे बिना और राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद से पर्याप्त परामर्श किए बिना पारित किया गया। इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अवमूल्यन के रूप में देखा जा रहा है।

* संघर्ष जारी रहेगा
यह विरोध केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक आंदोलन की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल एक विधेयक को वापस लेने की नहीं, बल्कि उस संवैधानिक सिद्धांत की रक्षा की है जिसके अनुसार व्यक्ति अपनी पहचान स्वयं निर्धारित करता है।
लखनऊ में उभरा यह जनप्रतिरोध संकेत देता है कि नागरिक समाज इस मुद्दे को लेकर न केवल सजग है, बल्कि लगातार और संगठित रूप से अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए तैयार भी है।
प्रयागराज के मांडा मे 4 बच्चों की डूबने से हुयी मृत्यु ने पूरे गांव को रुला दिया
विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज के यमुनापार मे मांडा थाना क्षेत्र अंतर्गत शुक्रवार की दोपहर ग्राम बामपुर निवासी गंगा स्नान करने गए 4 नाबालिग बच्चों की डूबने से गयी जान।
कुणाल पुत्र अनिल कुमार (उम्र लगभग 12 वर्ष),निहाल पुत्र अनिल कुमार (उम्र लगभग 10 वर्ष),ऋषभ पुत्र कमलेश (उम्र लगभग 10 वर्ष),दीपक कुमार पुत्र राजाराम (उम्र लगभग 17 वर्ष) की गंगा घाट पर हुए हृदयविदारक हादसे मे डूबने से असमय निधन अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है।

चार बच्चों को देख पूरे गांव की आंखें नम हो गई।

अत्यंत ही दुखद घटना
असम के चुनावी दंगल में उतरे हेमंत सोरेन; गोसाईंगांव में जेएमएम प्रत्याशी के लिए मांगा समर्थन, भाजपा पर साधा निशाना।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान का शंखनाद कर दिया है। कोकराझार जिले के गोसाईंगांव में जेएमएम प्रत्याशी फ्रेडरिक्सन हांसदा के पक्ष में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर प्रहार किया और आदिवासी व वंचित समाज को एकजुट होने का आह्वान किया।

भाजपा पर तीखा हमला

अपने संबोधन में हेमंत सोरेन ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि भाजपा वाले केवल 'लेने वाले' लोग हैं, 'देने वाले' नहीं। उन्होंने जनता को आगाह करते हुए कहा, "ये लोग चुनाव के समय आपके खातों में 500 या 1000 रुपये डालेंगे और चुनाव जीतने के बाद सिरिंज लगाकर आपका खून निकाल लेंगे।" उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल चुनाव के समय मीठी बातें कर जाल बिछाते हैं और सत्ता मिलते ही अपने वादे भूल जाते हैं।

चाय बागान मजदूरों का दर्द

सोरेन ने असम के चाय बागान मजदूरों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देने वाले इन मजदूरों को वर्षों से सिर्फ आश्वासन मिला है, हक नहीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जेएमएम उनके संघर्ष में उनके साथ खड़ी है।

शिक्षा और सशक्तिकरण का 'झारखंड मॉडल'

शिक्षा को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में सरकारी स्कूलों की स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं, जहाँ अब निजी स्कूलों से बच्चे वापस आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह असम में भी ऐसी ही व्यवस्था चाहते हैं जहाँ आदिवासी युवाओं की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च सरकार उठाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाली पीढ़ी को डॉक्टर, इंजीनियर और वकील बनाना ही वास्तविक सशक्तिकरण है।

संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप

हेमंत सोरेन ने केंद्र पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि पैसे के बल पर लोकतंत्र को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए झुकें नहीं, बल्कि डटकर मुकाबला करें।

अतरौलिया में तीन पुलिस सहायता केंद्रों का उद्घाटन, सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया बल। दूरदराज क्षेत्रों में बढ़ेगी पुलिस की पहुंच, साइबर अपराध औ
जनपद के सीमावर्ती अतरौलिया थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से शनिवार को तीन नए पुलिस सहायता केंद्रों (पुलिस बूथ) का उद्घाटन किया गया। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार एवं पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन के नेतृत्व में अतरैठ, लोहरा और बढ़या में इन केंद्रों का फीता काटकर शुभारंभ किया गया। उद्घाटन के दौरान पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इन सहायता केंद्रों के शुरू होने से क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ेगी और ग्रामीणों को अपनी शिकायतों के लिए थाने तक लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों पर तैनात पुलिसकर्मी आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे। प्रशासन की ओर से अतरैठ में उपनिरीक्षक पवन शुक्ला, लोहरा में देवी शरण पांडे तथा बढ़या में उपनिरीक्षक पवन कुमार सिंह को मौजूदा जिम्मेदारी सौंपी गई है। बढ़या में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सरोकारों को भी प्रमुखता दी गई। इस मौके पर पांच सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों—रामचेत (सेवानिवृत्त डिप्टी एसपी), रामसूरत यादव, फिरतु राम, रामजीत, रामनवल और फतेह बहादुर सिंह—को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही एसडी ग्लोबल स्कूल मदियापार के मेधावी छात्रों विद्यार्थियों को भी उनकी उपलब्धियों के लिए पुलिस अधीक्षक के द्वारा सम्मानित किया गया। थाना क्षेत्र के लगभग 51 चौकीदारों को बेहतर गश्त और सतर्कता के लिए सीटी और टॉर्च वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। पुलिस अधीक्षक डॉ अनिल कुमार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ये सहायता केंद्र अस्थायी रूप से संचालित होंगे। यदि ग्राम प्रधान और एसडीएम के माध्यम से उपयुक्त भूमि उपलब्ध होती है, तो भविष्य में इन्हें स्थायी पुलिस चौकियों के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां पुलिसकर्मियों के लिए बैरक और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। उन्होंने साइबर अपराध और गोकशी जैसे गंभीर मामलों पर कड़ी कार्रवाई की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि पेशेवर अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘मिशन शक्ति’ के तहत प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि वे खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी कौस्तुभ त्रिपाठी, समाजसेवी अखंड सिंह, मोहब्बत वसीम सत्येंद्र सिंह सोनू, राधेश्याम यादव, गणेश दत्त दुबे समेत थानाध्यक्ष देवेंद्र नाथ दुबे, सहित कई पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मसीही समाज को मिला प्रशासन का साथ, CDBE चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न

रायपुर- छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन (CDBE) के चुनाव आज रायपुर कलेक्टर कार्यालय में सफलतापूर्वक एवं शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुए।

इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में जिला प्रशासन की सक्रिय भूमिका और पारदर्शिता को सराहते हुए मसीही समाज ने राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।

चुनाव प्रक्रिया जिला कलेक्टर, एडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुई। इस दौरान बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में द राइट रेव. सुभमा कुमार पदेन ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया।

नवनिर्वाचित कार्यकारिणी में

नितिन लॉरेन्स – उपाध्यक्ष

जॉयदीप रोबिन्सन – सचिव

प्रवीण मसीह – कोषाध्यक्ष

सहित अन्य सदस्यों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं।

इस अवसर पर बोर्ड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं जिला प्रशासन का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार ने मसीही समाज की समस्याओं को समझते हुए निष्पक्ष और सहयोगात्मक भूमिका निभाई है।

बोर्ड पदाधिकारियों ने कहा कि यह सहयोग राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि लंबे समय से शैक्षणिक संस्थाओं के संचालन में आ रही समस्याओं के समाधान की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

समाज के प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा लगातार संस्थाओं की व्यवस्था को बाधित करने के प्रयास किए जा रहे थे, जिनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा की गई है।

प्रशासन द्वारा आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही सभी संस्थानों में सामान्य स्थिति बहाल की जाएगी तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध कब्जे के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अंत में, छत्तीसगढ़ डायोसिस के पदाधिकारियों ने सभी समाज के लोगों से अपील की कि वे एकजुट होकर शांति, शिक्षा और विकास के कार्यों में सहयोग करें।

निर्भया से भी ज्यादा जघन्य अपराध झारखंड की बेटी के साथ....आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता कर राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा। श्री साहू कल हजारीबाग जिला अंतर्गत विष्णुगढ़ प्रखंड के कुसुंबा गांव से लौटने के बाद आज प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। श्री साहू के साथ कुसुंबा जाने वालों में सांसद मनीष जायसवाल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ,विधायक नागेंद्र महतो,अमित यादव,रोशन लाल चौधरी,जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह शामिल थे।

श्री साहू ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही वे पार्टी के जनप्रतिनिधियों के साथ कुसुंबा गांव गए और जो जानकारी मिली वह पूरी तरह रोंगटे खड़ा करने वाली,हृदय बिदारक है।

कहा कि जब पूरे देश में रामनवमी की तैयारियां चल रही हो, चैत्र नवरात्र में देवी की आराधना चल रही हो इसी बीच मंगलवारी जुलूस देखने गई एक गरीब मजदूर की 12 वर्षीय बेटी को अपराधी ,दरिंदे पकड़ते हैं,अपहरण कर उसका दुष्कर्म करते हैं और फिर हत्या भी कर देते हैं।

कहा कि ग्रामीण जनता ने बताया कि एक बेटी के साथ कैसा जघन्य कु कृत्य हुआ है। अपराधियों ने दुष्कर्म और हत्या के बात दरिंदगी की पराकाष्ठा की है। बेटी की आँखें निकाली गई, दांत तोड़े गए, जीभ काट दिए गए।

कहा कि ऐसे हालात में पुलिस प्रशासन की संवेदनहीनता ने राज्य की विधि व्यवस्था को उजागर किया है। चार दिनों तक गरीब के घर जिला प्रशासन नहीं पहुंचा। और हद तो तब हो गई जब मृत बेटी के मजदूर पिता को जल्द गांव आने में प्रशासन ने कोई मदद नहीं की।भाजपा के सांसद विधायकों ने फ्लाइट टिकट की व्यवस्था की।

कहा कि बात बात पर ट्वीट करने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को झारखंड की बेटी, गरीब की पीड़ा ने आहत नहीं किया।मुख्यमंत्री ने ट्वीट पर भी संवेदना प्रकट नहीं की।

कहा कि आखिर राज्य कहां जा रहा है।राज्य की जनता कैसे सुरक्षित रहे।कैसे बहन बेटियां सुरक्षित रहें ये मुख्यमंत्री जी बताएं। वे असम में जाकर वोट मांगेंगे।उन्हें असम की जनता के बीच अपनी नाकामियों,विफलताओं को बताना चाहिए।

कहा कि राज्य की पुलिस केवल वसूली में लगी है,कोयला ,पत्थर चोरों को संरक्षण देकर अपराधियों का संरक्षण कर रही है। अपनी तिजोरी भरने में जुटी है।

कहा कि भाजपा झारखंड की जन्मदात्री है।हम राज्य को बर्बाद होते नहीं देख सकते।

उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी दी और कहा कि 24 घंटे में अपराधी नहीं पकड़े गए तो 29 मार्च को हजारीबाग के सभी प्रखंडों में भाजपा कार्यकर्ता मशाल जुलूस निकालकर विरोध दर्ज करेंगे।30 को पूरा हजारीबाग को ठप करेंगे,बंद करेंगे। साथ ही पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर पार्टी की महिला मोर्चा की बहने धरना प्रदर्शन करेंगी।

श्री साहू ने राज्य सरकार से मृतका के अपराधियों को फांसी की सजा दिलाने हेतु कार्रवाई की मांग की।साथ ही मजदूर पिता को सरकारी नौकरी ,परिवार को सुरक्षा और 50 लाख की सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की।

श्री साहू ने कहा कि सत्ताधारी झामुमो कांग्रेस,राजद को अनर्गल बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। अच्छा होगा ये नेता कुसुंबा जाकर स्थिति को देखें।