मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से CII झारखंड के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) झारखंड के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।

मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में सीआईआई झारखंड स्टेट काउंसिल के अध्यक्ष श्री दिलू पारिख एवं टाटा स्टील कॉरपोरेट सर्विस के उपाध्यक्ष श्री डी०बी० सुंदर रमन सहित सीआईआई ईस्टर्न रीजन के रीजनल डायरेक्टर श्री देव ज्योति तथा सीआईआई झारखंड हेड श्री प्रभात कुमार शामिल थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं सीआईआई के प्रतिनिधियों के बीच राज्य में औद्योगिक क्षेत्र के विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। मौके पर सीआईआई के प्रतिनिधियों ने दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच 2026 में झारखंड सरकार की भागीदारी एवं यूनाइटेड किंगडम की सफल यात्रा तथा राज्य को मिले मजबूत इन्वेस्टमेंट इंटेंशन हेतु शुभाकामनाएं एवं बधाई दी।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सीआईआई के प्रतिनिधियों से कहा कि दावोस में आयोजित वैश्विक आर्थिक मंच पर राज्य सरकार ने पूरे विश्व को संदेश दिया है कि झारखंड असीम संभावनाओं वाला राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड प्रदेश निवेश के लिए अनुकूल है। राज्य सरकार झारखंड में औद्योगिक विकास को गति मिले इस निमित्त बेहतर कार्य योजना बनाते हुए निरंतर आगे बढ़ रही है।*

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के समक्ष सीआईआई प्रतिनिधियों ने झारखंड को एक उभरता हुआ इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनाने और इन्वेस्टर का भरोसा बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से सीआईआई के प्रतिनिधियों ने राज्य की इंडस्ट्रियल पॉलिसी पर विस्तृत चर्चा की तथा औद्योगिक विकास में राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने की इच्छा जाहिर की। मुख्यमंत्री के समक्ष सीआईआई के प्रतिनिधियों ने पॉलिसी डेवलपमेंट प्रोसेस में नॉलेज और इंडस्ट्री पार्टनर के तौर पर भूमिका निभाने की बात कही।

सरकारी कब्रिस्तान की जमीन से अवैध कब्जा हटाया गया
गोंडा।जिले में सरकारी कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जे को को लेकर के बड़ी कार्रवाई की गई है। करनैलगंज तहसील और जिला प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर यहां पर अवैध कब्जा करके बनाए गए मकान और अस्थाई निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया है।यह कार्रवाई करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के सेहारिया कला गांव में की गई। इस दौरान तीन मकान और कुछ अस्थाई निर्माण ध्वस्त किए गए है। अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए करनैलगंज और जिला प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद थी।कौड़िया, खरगूपुर और इटियाथोक समेत तीन थानों की पुलिस फोर्स की मौजूदगी में यह पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। प्रशासन के अनुसार, अवैध कब्जा करने वालों को कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन उन्होंने कब्जा नहीं हटाया।इन लोगों ने सरकारी जमीन पर अवैध रूप से मकान बनाकर कब्जा कर रखा था और अस्थाई निर्माण भी किए थे। कब्रिस्तान पर अवैध कब्जा होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था कई बार शिकायत की गई थी जहां शिकायत के आधार पर ही यह कार्रवाई हुई है।एसडीएम करनैलगंज नेहा मिश्रा ने बताया कि यह कब्रिस्तान की जमीन थी, जिस पर अवैध कब्जा किया गया था। उन्होंने कहा कि नोटिस के बावजूद कब्जा न हटाने पर यह कार्रवाई की गई। मिश्रा ने चेतावनी दी कि यदि दोबारा अवैध कब्जा किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों से स्वतः कब्जा हटाने की अपील भी की।
20 मई 2026 को दिखेगी चंद्रमा और बृहस्पति की शानदार खगोलीय युति


खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया सूर्यास्त के बाद पश्चिमी आकाश में बनेगा अद्भुत नज़ारा, रात लगभग 10 बजे तक रहेगा दृश्य।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 20 मई 2026 की शाम, आकाश प्रेमियों और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए अत्यंत विशेष रहने वाली है। इस दिन पश्चिमी आकाश में चंद्रमा और सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति (Jupiter) की मनमोहक खगोलीय युति (Conjunction) देखने को मिलेगी। यह दृश्य सूर्यास्त के बाद से लेकर लगभग रात 10 बजे तक स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा, जिसके बाद दोनों खगोलीय पिंड पश्चिमी क्षितिज के नीचे चले जाएंगे। यह खगोलीय घटना बिना किसी दूरबीन के भी खुली आँखों से आसानी से देखी जा सकेगी।
खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, 20 मई की शाम पश्चिम दिशा में एक चमकीले अर्धचंद्राकार चंद्रमा के पास बृहस्पति ग्रह दिखाई देगा। दोनों खगोलीय पिंड आकाश में एक-दूसरे के अत्यंत निकट प्रतीत होंगे, जिससे यह दृश्य अत्यंत आकर्षक लगेगा। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल वैज्ञानिक दृष्टि से यह केवल दृष्टि-रेखा (Line of Sight) का प्रभाव होता है लेकिन वास्तव में चंद्रमा और बृहस्पति के बीच करोड़ों किलोमीटर की दूरी बनी रहती है।

*क्या होती है युति?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल विज्ञान में “युति” उस स्थिति को कहा जाता है जब पृथ्वी से देखने पर दो खगोलीय पिंड आकाश में एक-दूसरे के बहुत पास दिखाई देते हैं। इस घटना में चंद्रमा और बृहस्पति एक ही खगोलीय देशांतर (Celestial Longitude) अथवा लगभग समान राइट एसेन्शन (Right Ascension) के आसपास दिखाई देंगे। वैज्ञानिक रूप से इसे ही युति (Conjunction)  कहा जाता है।

*कितना होगा इस दौरान मैग्नीट्यूड?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस दौरान चंद्रमा का औसत प्रत्यक्ष मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 8.5 तथा बृहस्पति का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 1.78 के क़रीब रहेगा। खगोल विज्ञान में मैग्नीट्यूड किसी खगोलीय पिंड की चमक मापने की इकाई है। जितना अधिक ऋणात्मक (Negative) मैग्नीट्यूड का मान होता है, कोई भी खगोलीय पिण्ड उतना ही अधिक चमकीला दिखाई देता है। इसी कारण चंद्रमा अत्यधिक चमकीला और बृहस्पति उसके पास एक उज्ज्वल तारे जैसा दिखाई देगा।

*कितना होगा कोणीय अंतर (Angular Separation) ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोलीय गणनाओं के अनुसार 20 मई 2026 को चंद्रमा और बृहस्पति लगभग 3 डिग्री के कोणीय अंतर (Angular Separation) पर दिखाई देंगे। यह दूरी इतनी कम होगी कि दोनों को एक साथ साधारण आंखों से आसानी से देखा जा सकेगा। हालांकि यह दूरी इतनी कम नहीं होगी कि दोनों एक ही दूरबीन फ्रेम में उच्च आवर्धन पर दिखाई दें, लेकिन सामान्य दूरबीन और बाइनोक्युलर से यह दृश्य अत्यंत सुंदर दिखाई देगा।

*किस दिशा में और किस तारामण्डल में देखें?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह खगोलीय युति पश्चिमी आकाश में मिथुन (Gemini) तारामंडल के क्षेत्र में दिखाई देगी। इसी क्षेत्र में प्रसिद्ध तारे कैस्टर (Castor) और पोलक्स (Pollux) भी मौजूद हैं। जिस शानदार खगोलीय मिथुन तारामंडल क्षेत्र में इस नज़ारे जिसमें बृहस्पति ग्रह और चंद्रमा की युति होगी, और उसी मिथुन तारामंडल क्षेत्र में नीचे की तरफ ही आप शुक्र ग्रह को भी अपनी साधारण आंखों से ही देख सकते हैं ,और इसके बाद धीरे धीरे आगामी आने वाले दिनों में बृहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह भी एक-दूसरे के निकट आते दिखाई देंगे,और अगले माह 9 जून 2026 को बृहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह की भी युति मिथुन तारामंडल में ही घटित होगी उस दौरान बुद्ध ग्रह भी मिथुन तारामंडल में दिखाई देगा इसलिए यह पूरा महीना और आगामी दिनों में ग्रहों ,उपग्रहों नक्षत्रों आदि के खगोलीय अवलोकन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो रहा है।

*कैसे देखें इस शानदार खगोलीय नज़ारे को?।*

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस शानदार खगोलीय घटना को देखने के लिए आपको किसी विशेष खगोलीय उपकरण की आवश्यकता नहीं होगी। यदि मौसम साफ हो और पश्चिम दिशा का क्षितिज खुला हो, तो शहरों से भी यह दृश्य आसानी से देखा जा सकेगा। लेकिन ग्रामीण इलाकों में यह दृश्य और भी अधिक स्पष्ट रूप में नज़र आयेगा। वैसे तो सूर्यास्त के बाद से ही आप इस युति को देखना शुरू कर सकते हैं लेकिन और भी अधिक बेहतर परिणाम हेतु सूर्यास्त के लगभग 30 से 40 मिनट बाद आकाश पर्याप्त अंधकारमय होने लगेगा और तभी यह युति सबसे बेहतर दिखाई देगी। ख़ासकर ग्रामीण क्षेत्रों या कम प्रकाश प्रदूषण वाले स्थानों से यह दृश्य और अधिक स्पष्ट तथा आकर्षक दिखाई देगा। खगोलविद अमर पाल सिंह का कहना है कि बृहस्पति सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है और इसका व्यास पृथ्वी से लगभग 11 गुना अधिक है। इसके चार प्रमुख उपग्रह, आयो (Io), यूरोपा (Europa), गैनीमीड (Ganymede) और कैलिस्टो (Callisto) जोकि छोटी दूरबीन से देखे जा सकते हैं। लेकिन यदि आप कोई अच्छी सी बाइनोक्युलर या छोटी दूरबीन का उपयोग करे तो वह बृहस्पति के पास इन उपग्रहों को छोटे प्रकाश बिंदुओं के रूप में देख सकते हैं और इस युति का भी विशेष आनंद भी उठा सकते हैं।

*क्या होता है अर्थ शाइन और इस दौरान कैसे देखें ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अर्थशाइन (Earthshine) वह हल्की रोशनी होती है जो पृथ्वी से परावर्तित होकर चंद्रमा के अंधेरे भाग पर पड़ती है, जिससे चंद्रमा का धुंधला हिस्सा भी दिखाई देता है। इसे “चंद्रमा पर पृथ्वी की चमक” या अर्थ शाइन भी कहा जाता है। और 20 मई 2026 को दिखाई देने वाला चंद्रमा लगभग 4 दिन पुराना बढ़ता हुआ (Waxing Crescent) चंद्रमा होगा और इसकी प्रकाशित सतह लगभग 20 से 23 प्रतिशत के आसपास रहेगी। इसलिए चंद्रमा एक सुंदर पतले अर्धचंद्र के रूप में दिखाई देगा, इसी दौरान चंद्रमा पर आप अर्थ शाइन को भी देख सकते हैं जो इस दृश्य को और भी आकर्षक बनाएगा।

*क्या होगा, पृथ्वी पर इसका असर?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल विज्ञान में ऐसी युतियाँ केवल सुंदर दृश्य ही नहीं होतीं, बल्कि खगोल वैज्ञानिक अध्ययन के लिए भी महत्वपूर्ण होती हैं। इन घटनाओं की सहायता से ग्रहों की स्थिति, कक्षीय गति और खगोलीय यांत्रिकी (Celestial Mechanics) को समझने में मदद मिलती है। प्राचीन भारतीय खगोलविद भी ग्रहों और चंद्रमा की युतियों का विस्तृत अध्ययन करते थे और कैलेंडर (पंचांग) निर्माण में उनका उपयोग किया जाता था।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस प्रकार की घटनाएँ लोगों में विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न करती हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों और युवाओं को ऐसी घटनाओं का अवलोकन अवश्य करना चाहिए, क्योंकि यह उन्हें प्रत्यक्ष रूप से ब्रह्मांड की गतिशीलता को समझने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे 20 मई 2026 की शाम पश्चिम दिशा में खुला स्थान चुनकर इस अद्भुत खगोलीय दृश्य का आनंद लें। वैज्ञानिक दृष्टि से यह घटना पूर्णतः प्राकृतिक और सुरक्षित है। इसका पृथ्वी पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है ,यह केवल ग्रहों और चंद्रमा की नियमित कक्षीय गति का परिणाम है। अंतरिक्ष विज्ञान के अनुसार पृथ्वी, चंद्रमा और ग्रह निरंतर सूर्य की परिक्रमा करते रहते हैं, और समय-समय पर उनकी स्थिति ऐसी बनती है कि वे पृथ्वी से देखने पर एक-दूसरे के निकट दिखाई देते हैं। इस प्रकार 20 मई 2026 की शाम खगोलीय घटनाओं के प्रेमियों के लिए एक यादगार अवसर बनने जा रही है, जब आकाश में चंद्रमा और बृहस्पति की चमकदार युति पश्चिमी क्षितिज को अद्भुत सौंदर्य से भर देगी।
ईंट भट्ठों और मुसहर समाज के बच्चों का नामांकन:जिलाधिकारी के नेतृत्व में विशेष अभियान, 260 बच्चों को मिला प्रवेश

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही में शिक्षा से वंचित बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक विशेष नामांकन अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी के नेतृत्व में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), ज्ञानपुर में आयोजित इस अभियान में ईंट भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिक परिवारों और मुसहर समाज के 260 बच्चों का नामांकन कर उन्हें विद्यालयों में प्रवेश दिलाया गया।

इस कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और उनकी टीम, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा असिस्टेंट प्रोफेसर रमेश उपस्थित रहे। विभिन्न बस्तियों से 250 अभिभावकों के साथ बच्चों को बसों द्वारा नामांकन स्थल तक लाया गया। जिलाधिकारी ने स्वयं आकांक्षा, मनीषा और विशाल नामक तीन बच्चों का प्रवेश पंजिका में अंकन किया।

अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों के बच्चों को विद्यालयों से जोड़कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना और यह सुनिश्चित करना था कि 'कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे'। जिलाधिकारी ने मुसहर समाज और ईंट भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिकों के बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन का निर्देश दिया। भदोही जनपद बच्चों के नामांकन में प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, भदोही ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि जनपद में ईंट भट्ठों पर कार्यरत श्रमिक परिवारों और मुसहर समाज के बच्चों की पहचान कर विशेष प्रयासों से उन्हें नामांकित किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि बच्चों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म, मध्याह्न भोजन (एमडीएम) और अन्य शैक्षिक सुविधाएं डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि उनकी शिक्षा में कोई बाधा न आए।

जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है और प्रशासन का लक्ष्य है कि जनपद का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को ईंट भट्ठों, मुसहर बस्तियों और अन्य वंचित क्षेत्रों में लगातार संपर्क अभियान चलाकर शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि शिक्षा ही समाज के कमजोर वर्गों के बच्चों को सम्मानजनक भविष्य प्रदान कर सकती है।
सीसीएल की मनमानी के खिलाफ फूटा जनआक्रोश, सांसद मनीष जायसवाल के नेतृत्व में हजारों लोगों ने किया महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव

गिद्दी/अरगडा: सीसीएल अरगडा क्षेत्र में व्याप्त बिजली-पानी की घोर किल्लत, गिद्दी-ए अस्पताल की लचर व्यवस्था, सीसीएल कॉलोनियों की बदहाली और सीसीएल अधिकारियों की लालफीताशाही एवं मनमानी सहित अन्य जनसमस्याओं के खिलाफ मंगलवार को हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन सह महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया गया। सांसद मनीष जायसवाल के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन में अरगडा, सिरका, गिद्दी-ए, गिद्दी-सी, रेलीगढ़ा और गिद्दी वाश री क्षेत्र के कुल 14 पंचायतों से हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे सड़कों पर उतर आए। धरना-प्रदर्शन में उमड़े जनसैलाब में जनता के आक्रोश को देखते हुए सीसीएल प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए। विदित हो कि इस क्षेत्र की लगभग एक लाख से अधिक की आबादी बुनियादी सुविधाओं के लिए सीसीएल पर निर्भर है और पिछले करीब 25 दिनों से क्षेत्र में बिजली और पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप्प होने से जनता त्राहिमाम कर रही थी। स्थानीय लोगों के इस दर्द को समझते हुए क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने दो दिन पूर्व इस महाआंदोलन का बिगुल फूंका था, जो आज एक ऐतिहासिक प्रदर्शन में तब्दील हो गया।

प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'सीसीएल महाप्रबंधक हाय-हाय', 'बिजली-पानी देना होगा' और 'सांसद मनीष जायसवाल जिंदाबाद' के गगनभेदी नारे खूब लगाए और प्रबंधन की लापरवाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस धरने की अध्यक्षता स्थानीय डाडी भाजपा मंडल अध्यक्ष राजदीप प्रसाद ने की, जबकि संचालन रंजीत पांडेय व पुरुषोत्तम पाण्डेय ने किया। धरनास्थल पर उपस्थित विशाल भीड़ को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने सीसीएल प्रबंधन पर तीखे बाण चलाए और चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन पिछले 25 दिनों से आपूर्ति बंद करके आम जनता को दूषित पानी पीने पर मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीसीएल प्रबंधन के कुछ निरंकुश अधिकारी अपने दमनकारी नीति के तहत अपनी मनमानी से जनता को प्रताड़ित कर यहाँ की खनिज संपदा को लूटने में लगे हैं, जो बेहद शर्मनाक है।

सांसद मनीष जायसवाल ने प्रबंधन के दोहरे चरित्र को उजागर करते हुए कहा कि अपने अधिकारियों के लिए अलग और आम जनता के लिए अलग नीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कई बहाने बनाकर आम लोगों को बिजली और पानी देने से मना किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र की बदहाली का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए कहा कि गिद्दी-ए सीसीएल अस्पताल में 5 डॉक्टर पदस्थापित हैं, लेकिन पूरी डिस्पेंसरी में मात्र एक बीपी मशीन है, जिससे यहाँ स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह लचर हो चुकी है। इसके अलावा हमलोग के बड़ी मशक्कत के बाद पास हुआ गिद्दी पुल का निर्माण कार्य भी अब तक शुरू नहीं हो सका है। सीसीएल क्वार्टर और कॉलोनियों की हालत इतनी दयनीय है कि निचले तबके के कर्मचारी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन सालों से सीएसआर की राशि खर्च कर रहा है, लेकिन धरातल पर विकास शून्य है और जनजीवन बेहाल है। सांसद मनीष जायसवाल ने इस धरने को अंतिम चेतावनी बताते हुए कहा कि प्रबंधन समय रहते सुधर जाए, अन्यथा अगली बार जनता इनका बोरिया-बिस्तर बंधवा देगी।

सांसद मनीष जायसवाल के इस कड़े रुख और जनता के भारी आक्रोश के आगे आखिरकार सीसीएल प्रबंधन को घुटने टेकने पड़े। अरगडा क्षेत्र के महाप्रबंधक सत्यजीत कुमार अन्य आला अधिकारियों के साथ खुद धरना स्थल पर पहुंचे और सांसद मनीष जायसवाल की मांगों को जायज ठहराते हुए उन्हें जल्द सुधार करते हुए जनहित में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। महाप्रबंधक ने कहा कि क्षेत्र में बिजली और पानी की स्थिति को आज से ही सुधार लिया जा रहा है और आने वाले 10 महीनों के भीतर एक आधुनिक फिल्टरेशन प्लांट का निर्माण कराकर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने सीसीएल क्वार्टर और कॉलोनियों की दयनीय स्थिति में भी जल्द सुधार करने की बात कही। महाप्रबंधक द्वारा मांगों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का भरोसा दिए जाने के बाद सांसद मनीष जायसवाल ने एक ज्ञापन सौंपने के साथ इस ऐतिहासिक धरने को समाप्त करने की घोषणा की लेकिन उन्हें चेताते हुए कहा कि जनता को अपना मालिक समझें और जन-जरूरतों को पूरा करने में अपनी सकारात्मक ऊर्जा खपाएं अन्यथा जनता उग्र हुई तो कुर्सी में बैठने लायक नहीं रहिएगा ।

मौके पर विशेषरूप से हजारीबाग जिला परिषद अध्यक्ष उमेश प्रसाद मेहता, हजारीबाग भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह, रामगढ़ भाजपा जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बबला, हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह, सीसीएल कोयलांचल के सांसद प्रतिनिधि रंजीत पांडेय, रामगढ़ जिला सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल, बड़कागांव विधानसभा सांसद प्रतिनिधि पूनम साहू, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल मिश्रा, हजारीबाग भाजपा जिला महामंत्री जयनारायण प्रसाद, रामगढ़ जिला महामंत्री राजू चतुर्वेदी, पुरुषोत्तम पाण्डेय, करुण सिंह,जुगनू सिंह, सुशांत पाण्डेय, उमेश दांगी, विजय जायसवाल, राजू रंजन पांडेय, प्रो.संजय सिंह, अनमोल सिंह, शिबू मेहता, विजय यादव, भागीरथ ठाकुर, रीमा कुमार, योगेश कुशवाहा, महेंद्र सिंह, जवाहर प्रसाद, प्रमोद कुमार दास, भीम प्रजापति, मनोज गिरी, शंकर करमाली, सुरेंद्र करमाली, रूपा कुमारी, धनंजय कुमार पुटूस, दिलीप सिंह, अजय पासवान, विशाल वाल्मीकि, अजय पांडेय, पवन गुप्ता, विक्रमादित्य, शिव कुमार महतो, राजदीप प्रसाद, रंजन फौजी, बसंत प्रजापति, सिंकी पासवान, सेतराज पासवान, रामप्रसाद मल्लिक, लक्ष्मी देवी, भागीरथ ठाकुर, अशोक सोनी, विवेक गुप्ता, रेखा देवी, राजीव कुशवाहा, सतीश मोहन मिश्रा, गुंजन साव, दिनेश यादव, फलेंद्र राम, गुलशन साव, चंदन सिंह, गिरिजा सिंह, वृजकिशोर पाठक, रामसहाय वेदिया, ललन साव, विनोद सिंह, मिंटू सोनी, संतोष शर्मा, मीनू भगत, उत्तम सिन्हा, बिहारी प्रजापति, ऋषि कुमार, सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें ।

बेजुबान मिट्ठू’ की मौत के सदमे में युवक ने खाया जहर,
रितेश मिश्रा
हरदोई में इंसान और पक्षी के प्रेम की झकझोर देने वाली दास्तां
क्या कोई किसी बेजुबान के जाने के गम में अपनी जान दांव पर लगा सकता है? सोशल मीडिया की दुनिया में इंसानी बेरुखी के बीच हरदोई से एक ऐसी मर्मस्पर्शी और हैरान कर देने वाली खबर आई है, जिसे सुनकर आपकी आंखें नम हो जाएंगी। यहां सुरसा थाना क्षेत्र के ग्राम सौतेरा में रहने वाले 23 वर्षीय रजनीश यादव ने अपने चहेते पालतू तोते ‘मिट्ठू’ की मौत से आहत होकर जहरीला पदार्थ खा लिया। तोते की जुदाई का सदमा यह युवक बर्दाश्त नहीं कर सका और देखते ही देखते घर में कोहराम मच गया। आनन-फानन में परिजनों ने उसे मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया, जहां डॉक्टर उसे बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं।
यह अनोखी प्रेम कहानी महज चार महीने पहले शुरू हुई थी, जब रजनीश नैमिषारण्य के हत्याहरण तीर्थ से इस तोते को महज 150 रुपये में खरीदकर लाया था। परिवार ने प्यार से उसका नाम 'मिट्ठू' रखा था
लेकिन रविवार को इस हंसते-खेलते रिश्ते को किसी की नजर लग गई। रजनीश किसी काम से अपनी एक रिश्तेदारी में गया हुआ था, तभी पीछे से घर में मिट्ठू की सांसें थम गईं। जब रजनीश वापस लौटा और उसे पता चला कि उसका जिगर का टुकड़ा अब इस दुनिया में नहीं रहा, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। वह चीख-चीख कर रोने लगा और इसी गहरे सदमे व डिप्रेशन में आकर उसने कोई नशीला पदार्थ निगल लिया। कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और मुंह से झाग आने लगा। अस्पताल के डॉक्टर रूपेंद्र सिंह के मुताबिक,युवक की हालत गंभीर है और जहरीले पदार्थ के असर को देखते हुए उसका सघन इलाज किया जा रहा है।
अस्पताल के बेड पर जब रजनीश को थोड़ा होश आया, तो उसका दर्द आंसुओं के रूप में बह निकला।उसने रोते हुए आरोप लगाया कि "जब मैं रिश्तेदारी गया, तो घर वालों ने मेरे मिट्ठू का ठीक से ख्याल नहीं रखा, उसे समय पर पानी तक नहीं दिया और वह तड़पकर मर गया, रजनीश ने बताया कि उसने कुछ कबूतर भी पाल रखे हैं जो शाम को घर लौट आते हैं लेकिन मिट्ठू तो उसकी जान था।
आज के इस मतलबी दौर में, जहां इंसान इंसानों के खून का प्यासा है, वहीं एक बेजुबान पक्षी के प्यार में खुद को मौत के मुंह में धकेलने की यह भावुक दास्तां पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
पूर्व नगरसेवक सुरेश ठाकुर के निधन से वाकोला में शोक की लहर
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका में 2 बार नगरसेवक रहे सूर्यवंश ( सुरेश) ठाकुर का आज सुबह 75 वर्ष की उम्र में माहिम के रहेजा अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही सांताक्रूज़ पूर्व के वाकोला परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। सुरेश ठाकुर अपने पीछे अपने दो बेटों सुनील ठाकुर, अनिल ठाकुर और  पौत्र पौत्रियों से भरा पूरा परिवार छोड़ गए। उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि मैंने अपना एक पुराना साथी खो दिया। सुरेश ठाकुर अत्यंत विनम्र, शालीन और उदार होने के साथ-साथ सबके दुख सुख में खड़े रहने वाले इंसान थे। उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति और उनके परिवार को यह सदमा बर्दाश्त करने की ताकत दें। सुरेश ठाकुर के निधन पर पूर्व सांसद विनायक राऊत, नगरसेवक सदा परब, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, कृपाशंकर पाण्डेय, पूर्व नगरसेवक ब्रायन मिरांडा, शेखर सालियन, जीतू यादव, राम यादव जयप्रकाश विश्वकर्मा, रमाशंकर सिंह, जेपी सिंह, अजय सिंह, जगदीश सिंह, विनय शुक्ला, सुशील राय, विजई सिंह, डॉ मुकेश शुक्ला समेत अनेक लोगों ने गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।
आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, डॉग लवर्स की याचिका की खारिज, नहीं बदला अपना पुराना आदेश

#supremecourtdecisiononstreetdogsrefusestochangeitsprevious_order

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्‍तों पर अपने पूर्व के फैसलों को बदलने की मांग को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे और उनसे जुड़ी सार्वजनिक सुरक्षा चिंताओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अपने 25 नवंबर के आदेश में बदलाव करने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि वह जमीनी सच्चाइयों से आंखें बंद नहीं की जा सकती। अदालत ने सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सरकारों की जिम्मेदारी है कि नागरिकों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

नसबंदी के बाद पुरानी जगहों पर छोड़ने का निर्देश देने से इनकार

स्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने सुनवाई की। अदालत ने शैक्षणिक संस्थानों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों, खेल परिसरों, अस्पतालों आदि जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने पूर्व के निर्देशों को बदलने से इनकार कर दिया और कुत्तों को नसबंदी के बाद वापस पुरानी जगहों पर छोड़ने का निर्देश देने से इनकार कर दिया।

कुत्तों के काटने की घटना लगातार जारी

जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा, कुत्तों के काटने की घटना लगातार जारी है और यह दिखाता है कि संबंधित अथॉरिटी की लापरवाही है। डॉग बाइट की समस्या चिंता में डालने वाली है। राजस्थान के गंगानगर, सीकर, उदयपुर और भीलवाड़ा से हमें चौंकाने वाले आंकड़े मिले हैं। तमिलनाडु समेत दूसरे राज्यों से भी ऐसे ही आंकड़े सामने आए हैं। दिल्ली के IGI एयरपोर्ट में भी जनवरी से अब तक 31 डॉग बाइट की घटनाएं हुई हैं। विदेशी पर्यटकों को भी कुत्तों ने काटा है। देश भर में रैबीज से मौत की कई घटनाएं हुई हैं।

राइट टू लाइफ को लेकर राज्य सरकारों पर सख्त

शीर्ष अदालत ने कहा, "Animal Birth Control" नियमों को सही तरीके से लागू करने में गंभीर लापरवाही हुई है, जिसकी वजह से समस्या बढ़ी। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों का यह दायित्व है कि लोगों के जीवन की रक्षा करें। राइट टू लाइफ की रक्षा करना राज्य और यूटी की जिम्मेदारी है।सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि यदि राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों ने समय रहते दूरदर्शिता के साथ काम किया होता, तो आज स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मुद्दे पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को Animal Birth Control (ABC) गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित राज्यों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी, व्यवस्थित और वैज्ञानिक कदम उठाना बेहद जरूरी है। अदालत ने निर्देश दिया कि देश के हर जिले में कम से कम एक ABC सेंटर स्थापित किया जाए, जहां प्रशिक्षित पशु चिकित्सकों और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो। अदालत ने माना कि मौजूदा व्यवस्था कई स्थानों पर बेहद कमजोर है और इसका सीधा असर आम नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ रहा है।

बिजली कर्मचारियों का जन-जागरण अभियान तेज, निजीकरण और उत्पीड़न के खिलाफ खोला मोर्चा
लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर पूर्वांचल में बिजली कर्मचारियों ने जन-जागरण अभियान तेज कर दिया है। बस्ती और गोरखपुर से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब ओबरा और अनपरा जैसी बड़ी परियोजनाओं सहित कई जिलों में विरोध सभाएं आयोजित की जाएंगी।

संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि सरकार और ऊर्जा विभाग द्वारा कर्मचारियों पर लगातार दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है। कर्मचारियों, अभियंताओं और संविदा कर्मियों पर दर्ज एफआईआर, निलंबन, दूरस्थ स्थानों पर तबादले और अनुशासनात्मक कार्रवाइयों को लेकर कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।

विरोध सभा को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों जितेंद्र सिंह गुर्जर, महेंद्र राय, मोहम्मद वसीम और प्रेमनाथ राय ने कहा कि 3 दिसंबर 2022 को ऊर्जा मंत्री और शासन स्तर पर हुए लिखित समझौते को अब तक लागू नहीं किया गया। इससे बिजली कर्मियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

संघर्ष समिति ने मांग की कि मार्च 2023 के आंदोलन के बाद कर्मचारियों पर की गई सभी कार्रवाई तुरंत वापस ली जाए। साथ ही हटाए गए संविदा कर्मियों की बहाली, आउटसोर्स कर्मचारियों को उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम में समाहित करने और स्टेट विजिलेंस जांच समाप्त करने की मांग भी उठाई गई।

कर्मचारियों ने फेशियल अटेंडेंस के नाम पर वेतन कटौती, विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर तबादले, स्मार्ट मीटर लगाने के दबाव और ट्रांसफार्मर खराब होने पर अभियंताओं से वसूली जैसे आदेशों का भी विरोध किया।

संघर्ष समिति ने प्रदेश की जनता और उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि यह आंदोलन केवल कर्मचारियों का नहीं बल्कि सस्ती, सुलभ और विश्वसनीय बिजली व्यवस्था बचाने की लड़ाई है। समिति ने चेतावनी दी कि निजीकरण से बिजली महंगी होगी और सेवाओं की गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा।
पेट्रोल-डीजल आज फिर हो गया महंगा, एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े दाम

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देश में आम आदमी पर महंगाई की एक और मार पड़ी है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को फिर से बढ़ोतरी कर दी गई। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम में करीब 90 पैसे प्रति लीटर तक का इजाफा किया है। एक हफ्ते के भीतर ईंधन की कीमतों में यह दूसरी बढ़ोतरी है।

19 मई को सुबह-सुबह नए रेट जारी कर दिए गए हैं। देश के कई शहरों में आज पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव हुआ है। ऐसे में दिल्ली से लेकर मुंबई, जयपुर, पटना और हैदराबाद तक कई शहरों में नई कीमतें लागू हो गई हैं।

तीन दिन पहले ही बढ़े थे दाम

इस नई बढ़ोतरी से ठीक तीन दिन पहले, शुक्रवार को ही केंद्र सरकार ने देशभर में पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में तीन-तीन रुपये प्रति लीटर का भारी इजाफा किया था। उस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये हो गया था।

देश अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल का ताजा भाव

• दिल्ली में पेट्रोल ₹0.87 महंगा होकर ₹98.64 प्रति लीटर और डीजल ₹0.91 बढ़कर ₹91.58 प्रति लीटर हो गया है।

• मुंबई में पेट्रोल ₹0.91 बढ़कर ₹107.59 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 महंगा होकर ₹94.08 प्रति लीटर बिक रहा है।

• कोलकाता में पेट्रोल ₹1 बढ़कर ₹109.70 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 चढ़कर ₹96.07 प्रति लीटर पहुंच गया है।

• चेन्नई में पेट्रोल ₹0.79 महंगा होकर ₹104.46 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 बढ़कर ₹96.11 प्रति लीटर हो गया है।

• गुरुग्राम में पेट्रोल ₹0.82 बढ़कर ₹99.29 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 महंगा होकर ₹91.80 प्रति लीटर बिक रहा है।

• नोएडा में पेट्रोल ₹1.15 चढ़कर ₹98.91 प्रति लीटर और डीजल ₹1.22 बढ़कर ₹92.21 प्रति लीटर हो गया है।

• बेंगलुरु में पेट्रोल ₹0.95 महंगा होकर ₹107.12 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 बढ़कर ₹95.04 प्रति लीटर पहुंच गया है।

• भुवनेश्वर में पेट्रोल ₹0.52 बढ़कर ₹105.09 प्रति लीटर और डीजल ₹0.57 महंगा होकर ₹96.68 प्रति लीटर बिक रहा है।

• चंडीगढ़ में पेट्रोल ₹0.83 बढ़कर ₹98.10 प्रति लीटर और डीजल ₹0.84 चढ़कर ₹86.09 प्रति लीटर हो गया है।

• हैदराबाद में पेट्रोल ₹0.99 महंगा होकर ₹111.88 प्रति लीटर और डीजल ₹0.99 बढ़कर ₹99.95 प्रति लीटर पहुंच गया है.

• जयपुर में पेट्रोल ₹1.71 बढ़कर ₹109.32 प्रति लीटर और डीजल ₹1.60 महंगा होकर ₹94.50 प्रति लीटर बिक रहा है।

• लखनऊ में पेट्रोल ₹0.68 बढ़कर ₹98.40 प्रति लीटर और डीजल ₹0.72 चढ़कर ₹91.73 प्रति लीटर हो गया है।

• पटना में पेट्रोल ₹1.10 महंगा होकर ₹110.02 प्रति लीटर और डीजल ₹1.08 बढ़कर ₹96.05 प्रति लीटर पहुंच गया है।

पश्चिमी एशिया युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा संकट

पेट्रोल और डीजल के दामों में इस तरह की लगातार बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण बहुत बड़ी वजह हैं। दरअसल, पश्चिमी एशिया के देशों में चल रहे संघर्ष और युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा का बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इस विवाद के कारण समुद्री व्यापार के सबसे अहम रास्तों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट आ गई है। इसी साल 28 फरवरी से अमेरिका और इस्राइल का ईरान के साथ युद्ध शुरू हो गया था, जिसके बाद से ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास घूम रही है, हालांकि मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान इस इलाके में लंबे समय के युद्धविराम के लिए बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से CII झारखंड के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) झारखंड के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।

मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में सीआईआई झारखंड स्टेट काउंसिल के अध्यक्ष श्री दिलू पारिख एवं टाटा स्टील कॉरपोरेट सर्विस के उपाध्यक्ष श्री डी०बी० सुंदर रमन सहित सीआईआई ईस्टर्न रीजन के रीजनल डायरेक्टर श्री देव ज्योति तथा सीआईआई झारखंड हेड श्री प्रभात कुमार शामिल थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं सीआईआई के प्रतिनिधियों के बीच राज्य में औद्योगिक क्षेत्र के विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। मौके पर सीआईआई के प्रतिनिधियों ने दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच 2026 में झारखंड सरकार की भागीदारी एवं यूनाइटेड किंगडम की सफल यात्रा तथा राज्य को मिले मजबूत इन्वेस्टमेंट इंटेंशन हेतु शुभाकामनाएं एवं बधाई दी।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सीआईआई के प्रतिनिधियों से कहा कि दावोस में आयोजित वैश्विक आर्थिक मंच पर राज्य सरकार ने पूरे विश्व को संदेश दिया है कि झारखंड असीम संभावनाओं वाला राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड प्रदेश निवेश के लिए अनुकूल है। राज्य सरकार झारखंड में औद्योगिक विकास को गति मिले इस निमित्त बेहतर कार्य योजना बनाते हुए निरंतर आगे बढ़ रही है।*

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के समक्ष सीआईआई प्रतिनिधियों ने झारखंड को एक उभरता हुआ इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनाने और इन्वेस्टर का भरोसा बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से सीआईआई के प्रतिनिधियों ने राज्य की इंडस्ट्रियल पॉलिसी पर विस्तृत चर्चा की तथा औद्योगिक विकास में राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने की इच्छा जाहिर की। मुख्यमंत्री के समक्ष सीआईआई के प्रतिनिधियों ने पॉलिसी डेवलपमेंट प्रोसेस में नॉलेज और इंडस्ट्री पार्टनर के तौर पर भूमिका निभाने की बात कही।

सरकारी कब्रिस्तान की जमीन से अवैध कब्जा हटाया गया
गोंडा।जिले में सरकारी कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जे को को लेकर के बड़ी कार्रवाई की गई है। करनैलगंज तहसील और जिला प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर यहां पर अवैध कब्जा करके बनाए गए मकान और अस्थाई निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया है।यह कार्रवाई करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के सेहारिया कला गांव में की गई। इस दौरान तीन मकान और कुछ अस्थाई निर्माण ध्वस्त किए गए है। अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए करनैलगंज और जिला प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद थी।कौड़िया, खरगूपुर और इटियाथोक समेत तीन थानों की पुलिस फोर्स की मौजूदगी में यह पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। प्रशासन के अनुसार, अवैध कब्जा करने वालों को कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन उन्होंने कब्जा नहीं हटाया।इन लोगों ने सरकारी जमीन पर अवैध रूप से मकान बनाकर कब्जा कर रखा था और अस्थाई निर्माण भी किए थे। कब्रिस्तान पर अवैध कब्जा होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था कई बार शिकायत की गई थी जहां शिकायत के आधार पर ही यह कार्रवाई हुई है।एसडीएम करनैलगंज नेहा मिश्रा ने बताया कि यह कब्रिस्तान की जमीन थी, जिस पर अवैध कब्जा किया गया था। उन्होंने कहा कि नोटिस के बावजूद कब्जा न हटाने पर यह कार्रवाई की गई। मिश्रा ने चेतावनी दी कि यदि दोबारा अवैध कब्जा किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों से स्वतः कब्जा हटाने की अपील भी की।
20 मई 2026 को दिखेगी चंद्रमा और बृहस्पति की शानदार खगोलीय युति


खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया सूर्यास्त के बाद पश्चिमी आकाश में बनेगा अद्भुत नज़ारा, रात लगभग 10 बजे तक रहेगा दृश्य।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 20 मई 2026 की शाम, आकाश प्रेमियों और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए अत्यंत विशेष रहने वाली है। इस दिन पश्चिमी आकाश में चंद्रमा और सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति (Jupiter) की मनमोहक खगोलीय युति (Conjunction) देखने को मिलेगी। यह दृश्य सूर्यास्त के बाद से लेकर लगभग रात 10 बजे तक स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा, जिसके बाद दोनों खगोलीय पिंड पश्चिमी क्षितिज के नीचे चले जाएंगे। यह खगोलीय घटना बिना किसी दूरबीन के भी खुली आँखों से आसानी से देखी जा सकेगी।
खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, 20 मई की शाम पश्चिम दिशा में एक चमकीले अर्धचंद्राकार चंद्रमा के पास बृहस्पति ग्रह दिखाई देगा। दोनों खगोलीय पिंड आकाश में एक-दूसरे के अत्यंत निकट प्रतीत होंगे, जिससे यह दृश्य अत्यंत आकर्षक लगेगा। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल वैज्ञानिक दृष्टि से यह केवल दृष्टि-रेखा (Line of Sight) का प्रभाव होता है लेकिन वास्तव में चंद्रमा और बृहस्पति के बीच करोड़ों किलोमीटर की दूरी बनी रहती है।

*क्या होती है युति?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल विज्ञान में “युति” उस स्थिति को कहा जाता है जब पृथ्वी से देखने पर दो खगोलीय पिंड आकाश में एक-दूसरे के बहुत पास दिखाई देते हैं। इस घटना में चंद्रमा और बृहस्पति एक ही खगोलीय देशांतर (Celestial Longitude) अथवा लगभग समान राइट एसेन्शन (Right Ascension) के आसपास दिखाई देंगे। वैज्ञानिक रूप से इसे ही युति (Conjunction)  कहा जाता है।

*कितना होगा इस दौरान मैग्नीट्यूड?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस दौरान चंद्रमा का औसत प्रत्यक्ष मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 8.5 तथा बृहस्पति का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 1.78 के क़रीब रहेगा। खगोल विज्ञान में मैग्नीट्यूड किसी खगोलीय पिंड की चमक मापने की इकाई है। जितना अधिक ऋणात्मक (Negative) मैग्नीट्यूड का मान होता है, कोई भी खगोलीय पिण्ड उतना ही अधिक चमकीला दिखाई देता है। इसी कारण चंद्रमा अत्यधिक चमकीला और बृहस्पति उसके पास एक उज्ज्वल तारे जैसा दिखाई देगा।

*कितना होगा कोणीय अंतर (Angular Separation) ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोलीय गणनाओं के अनुसार 20 मई 2026 को चंद्रमा और बृहस्पति लगभग 3 डिग्री के कोणीय अंतर (Angular Separation) पर दिखाई देंगे। यह दूरी इतनी कम होगी कि दोनों को एक साथ साधारण आंखों से आसानी से देखा जा सकेगा। हालांकि यह दूरी इतनी कम नहीं होगी कि दोनों एक ही दूरबीन फ्रेम में उच्च आवर्धन पर दिखाई दें, लेकिन सामान्य दूरबीन और बाइनोक्युलर से यह दृश्य अत्यंत सुंदर दिखाई देगा।

*किस दिशा में और किस तारामण्डल में देखें?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह खगोलीय युति पश्चिमी आकाश में मिथुन (Gemini) तारामंडल के क्षेत्र में दिखाई देगी। इसी क्षेत्र में प्रसिद्ध तारे कैस्टर (Castor) और पोलक्स (Pollux) भी मौजूद हैं। जिस शानदार खगोलीय मिथुन तारामंडल क्षेत्र में इस नज़ारे जिसमें बृहस्पति ग्रह और चंद्रमा की युति होगी, और उसी मिथुन तारामंडल क्षेत्र में नीचे की तरफ ही आप शुक्र ग्रह को भी अपनी साधारण आंखों से ही देख सकते हैं ,और इसके बाद धीरे धीरे आगामी आने वाले दिनों में बृहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह भी एक-दूसरे के निकट आते दिखाई देंगे,और अगले माह 9 जून 2026 को बृहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह की भी युति मिथुन तारामंडल में ही घटित होगी उस दौरान बुद्ध ग्रह भी मिथुन तारामंडल में दिखाई देगा इसलिए यह पूरा महीना और आगामी दिनों में ग्रहों ,उपग्रहों नक्षत्रों आदि के खगोलीय अवलोकन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो रहा है।

*कैसे देखें इस शानदार खगोलीय नज़ारे को?।*

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस शानदार खगोलीय घटना को देखने के लिए आपको किसी विशेष खगोलीय उपकरण की आवश्यकता नहीं होगी। यदि मौसम साफ हो और पश्चिम दिशा का क्षितिज खुला हो, तो शहरों से भी यह दृश्य आसानी से देखा जा सकेगा। लेकिन ग्रामीण इलाकों में यह दृश्य और भी अधिक स्पष्ट रूप में नज़र आयेगा। वैसे तो सूर्यास्त के बाद से ही आप इस युति को देखना शुरू कर सकते हैं लेकिन और भी अधिक बेहतर परिणाम हेतु सूर्यास्त के लगभग 30 से 40 मिनट बाद आकाश पर्याप्त अंधकारमय होने लगेगा और तभी यह युति सबसे बेहतर दिखाई देगी। ख़ासकर ग्रामीण क्षेत्रों या कम प्रकाश प्रदूषण वाले स्थानों से यह दृश्य और अधिक स्पष्ट तथा आकर्षक दिखाई देगा। खगोलविद अमर पाल सिंह का कहना है कि बृहस्पति सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है और इसका व्यास पृथ्वी से लगभग 11 गुना अधिक है। इसके चार प्रमुख उपग्रह, आयो (Io), यूरोपा (Europa), गैनीमीड (Ganymede) और कैलिस्टो (Callisto) जोकि छोटी दूरबीन से देखे जा सकते हैं। लेकिन यदि आप कोई अच्छी सी बाइनोक्युलर या छोटी दूरबीन का उपयोग करे तो वह बृहस्पति के पास इन उपग्रहों को छोटे प्रकाश बिंदुओं के रूप में देख सकते हैं और इस युति का भी विशेष आनंद भी उठा सकते हैं।

*क्या होता है अर्थ शाइन और इस दौरान कैसे देखें ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अर्थशाइन (Earthshine) वह हल्की रोशनी होती है जो पृथ्वी से परावर्तित होकर चंद्रमा के अंधेरे भाग पर पड़ती है, जिससे चंद्रमा का धुंधला हिस्सा भी दिखाई देता है। इसे “चंद्रमा पर पृथ्वी की चमक” या अर्थ शाइन भी कहा जाता है। और 20 मई 2026 को दिखाई देने वाला चंद्रमा लगभग 4 दिन पुराना बढ़ता हुआ (Waxing Crescent) चंद्रमा होगा और इसकी प्रकाशित सतह लगभग 20 से 23 प्रतिशत के आसपास रहेगी। इसलिए चंद्रमा एक सुंदर पतले अर्धचंद्र के रूप में दिखाई देगा, इसी दौरान चंद्रमा पर आप अर्थ शाइन को भी देख सकते हैं जो इस दृश्य को और भी आकर्षक बनाएगा।

*क्या होगा, पृथ्वी पर इसका असर?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल विज्ञान में ऐसी युतियाँ केवल सुंदर दृश्य ही नहीं होतीं, बल्कि खगोल वैज्ञानिक अध्ययन के लिए भी महत्वपूर्ण होती हैं। इन घटनाओं की सहायता से ग्रहों की स्थिति, कक्षीय गति और खगोलीय यांत्रिकी (Celestial Mechanics) को समझने में मदद मिलती है। प्राचीन भारतीय खगोलविद भी ग्रहों और चंद्रमा की युतियों का विस्तृत अध्ययन करते थे और कैलेंडर (पंचांग) निर्माण में उनका उपयोग किया जाता था।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस प्रकार की घटनाएँ लोगों में विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न करती हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों और युवाओं को ऐसी घटनाओं का अवलोकन अवश्य करना चाहिए, क्योंकि यह उन्हें प्रत्यक्ष रूप से ब्रह्मांड की गतिशीलता को समझने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे 20 मई 2026 की शाम पश्चिम दिशा में खुला स्थान चुनकर इस अद्भुत खगोलीय दृश्य का आनंद लें। वैज्ञानिक दृष्टि से यह घटना पूर्णतः प्राकृतिक और सुरक्षित है। इसका पृथ्वी पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है ,यह केवल ग्रहों और चंद्रमा की नियमित कक्षीय गति का परिणाम है। अंतरिक्ष विज्ञान के अनुसार पृथ्वी, चंद्रमा और ग्रह निरंतर सूर्य की परिक्रमा करते रहते हैं, और समय-समय पर उनकी स्थिति ऐसी बनती है कि वे पृथ्वी से देखने पर एक-दूसरे के निकट दिखाई देते हैं। इस प्रकार 20 मई 2026 की शाम खगोलीय घटनाओं के प्रेमियों के लिए एक यादगार अवसर बनने जा रही है, जब आकाश में चंद्रमा और बृहस्पति की चमकदार युति पश्चिमी क्षितिज को अद्भुत सौंदर्य से भर देगी।
ईंट भट्ठों और मुसहर समाज के बच्चों का नामांकन:जिलाधिकारी के नेतृत्व में विशेष अभियान, 260 बच्चों को मिला प्रवेश

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही में शिक्षा से वंचित बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक विशेष नामांकन अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी के नेतृत्व में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), ज्ञानपुर में आयोजित इस अभियान में ईंट भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिक परिवारों और मुसहर समाज के 260 बच्चों का नामांकन कर उन्हें विद्यालयों में प्रवेश दिलाया गया।

इस कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और उनकी टीम, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा असिस्टेंट प्रोफेसर रमेश उपस्थित रहे। विभिन्न बस्तियों से 250 अभिभावकों के साथ बच्चों को बसों द्वारा नामांकन स्थल तक लाया गया। जिलाधिकारी ने स्वयं आकांक्षा, मनीषा और विशाल नामक तीन बच्चों का प्रवेश पंजिका में अंकन किया।

अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों के बच्चों को विद्यालयों से जोड़कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना और यह सुनिश्चित करना था कि 'कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे'। जिलाधिकारी ने मुसहर समाज और ईंट भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिकों के बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन का निर्देश दिया। भदोही जनपद बच्चों के नामांकन में प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, भदोही ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि जनपद में ईंट भट्ठों पर कार्यरत श्रमिक परिवारों और मुसहर समाज के बच्चों की पहचान कर विशेष प्रयासों से उन्हें नामांकित किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि बच्चों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म, मध्याह्न भोजन (एमडीएम) और अन्य शैक्षिक सुविधाएं डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि उनकी शिक्षा में कोई बाधा न आए।

जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है और प्रशासन का लक्ष्य है कि जनपद का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को ईंट भट्ठों, मुसहर बस्तियों और अन्य वंचित क्षेत्रों में लगातार संपर्क अभियान चलाकर शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि शिक्षा ही समाज के कमजोर वर्गों के बच्चों को सम्मानजनक भविष्य प्रदान कर सकती है।
सीसीएल की मनमानी के खिलाफ फूटा जनआक्रोश, सांसद मनीष जायसवाल के नेतृत्व में हजारों लोगों ने किया महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव

गिद्दी/अरगडा: सीसीएल अरगडा क्षेत्र में व्याप्त बिजली-पानी की घोर किल्लत, गिद्दी-ए अस्पताल की लचर व्यवस्था, सीसीएल कॉलोनियों की बदहाली और सीसीएल अधिकारियों की लालफीताशाही एवं मनमानी सहित अन्य जनसमस्याओं के खिलाफ मंगलवार को हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन सह महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया गया। सांसद मनीष जायसवाल के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन में अरगडा, सिरका, गिद्दी-ए, गिद्दी-सी, रेलीगढ़ा और गिद्दी वाश री क्षेत्र के कुल 14 पंचायतों से हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे सड़कों पर उतर आए। धरना-प्रदर्शन में उमड़े जनसैलाब में जनता के आक्रोश को देखते हुए सीसीएल प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए। विदित हो कि इस क्षेत्र की लगभग एक लाख से अधिक की आबादी बुनियादी सुविधाओं के लिए सीसीएल पर निर्भर है और पिछले करीब 25 दिनों से क्षेत्र में बिजली और पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप्प होने से जनता त्राहिमाम कर रही थी। स्थानीय लोगों के इस दर्द को समझते हुए क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने दो दिन पूर्व इस महाआंदोलन का बिगुल फूंका था, जो आज एक ऐतिहासिक प्रदर्शन में तब्दील हो गया।

प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'सीसीएल महाप्रबंधक हाय-हाय', 'बिजली-पानी देना होगा' और 'सांसद मनीष जायसवाल जिंदाबाद' के गगनभेदी नारे खूब लगाए और प्रबंधन की लापरवाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस धरने की अध्यक्षता स्थानीय डाडी भाजपा मंडल अध्यक्ष राजदीप प्रसाद ने की, जबकि संचालन रंजीत पांडेय व पुरुषोत्तम पाण्डेय ने किया। धरनास्थल पर उपस्थित विशाल भीड़ को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने सीसीएल प्रबंधन पर तीखे बाण चलाए और चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन पिछले 25 दिनों से आपूर्ति बंद करके आम जनता को दूषित पानी पीने पर मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीसीएल प्रबंधन के कुछ निरंकुश अधिकारी अपने दमनकारी नीति के तहत अपनी मनमानी से जनता को प्रताड़ित कर यहाँ की खनिज संपदा को लूटने में लगे हैं, जो बेहद शर्मनाक है।

सांसद मनीष जायसवाल ने प्रबंधन के दोहरे चरित्र को उजागर करते हुए कहा कि अपने अधिकारियों के लिए अलग और आम जनता के लिए अलग नीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कई बहाने बनाकर आम लोगों को बिजली और पानी देने से मना किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र की बदहाली का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए कहा कि गिद्दी-ए सीसीएल अस्पताल में 5 डॉक्टर पदस्थापित हैं, लेकिन पूरी डिस्पेंसरी में मात्र एक बीपी मशीन है, जिससे यहाँ स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह लचर हो चुकी है। इसके अलावा हमलोग के बड़ी मशक्कत के बाद पास हुआ गिद्दी पुल का निर्माण कार्य भी अब तक शुरू नहीं हो सका है। सीसीएल क्वार्टर और कॉलोनियों की हालत इतनी दयनीय है कि निचले तबके के कर्मचारी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन सालों से सीएसआर की राशि खर्च कर रहा है, लेकिन धरातल पर विकास शून्य है और जनजीवन बेहाल है। सांसद मनीष जायसवाल ने इस धरने को अंतिम चेतावनी बताते हुए कहा कि प्रबंधन समय रहते सुधर जाए, अन्यथा अगली बार जनता इनका बोरिया-बिस्तर बंधवा देगी।

सांसद मनीष जायसवाल के इस कड़े रुख और जनता के भारी आक्रोश के आगे आखिरकार सीसीएल प्रबंधन को घुटने टेकने पड़े। अरगडा क्षेत्र के महाप्रबंधक सत्यजीत कुमार अन्य आला अधिकारियों के साथ खुद धरना स्थल पर पहुंचे और सांसद मनीष जायसवाल की मांगों को जायज ठहराते हुए उन्हें जल्द सुधार करते हुए जनहित में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। महाप्रबंधक ने कहा कि क्षेत्र में बिजली और पानी की स्थिति को आज से ही सुधार लिया जा रहा है और आने वाले 10 महीनों के भीतर एक आधुनिक फिल्टरेशन प्लांट का निर्माण कराकर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने सीसीएल क्वार्टर और कॉलोनियों की दयनीय स्थिति में भी जल्द सुधार करने की बात कही। महाप्रबंधक द्वारा मांगों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का भरोसा दिए जाने के बाद सांसद मनीष जायसवाल ने एक ज्ञापन सौंपने के साथ इस ऐतिहासिक धरने को समाप्त करने की घोषणा की लेकिन उन्हें चेताते हुए कहा कि जनता को अपना मालिक समझें और जन-जरूरतों को पूरा करने में अपनी सकारात्मक ऊर्जा खपाएं अन्यथा जनता उग्र हुई तो कुर्सी में बैठने लायक नहीं रहिएगा ।

मौके पर विशेषरूप से हजारीबाग जिला परिषद अध्यक्ष उमेश प्रसाद मेहता, हजारीबाग भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह, रामगढ़ भाजपा जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बबला, हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह, सीसीएल कोयलांचल के सांसद प्रतिनिधि रंजीत पांडेय, रामगढ़ जिला सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल, बड़कागांव विधानसभा सांसद प्रतिनिधि पूनम साहू, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल मिश्रा, हजारीबाग भाजपा जिला महामंत्री जयनारायण प्रसाद, रामगढ़ जिला महामंत्री राजू चतुर्वेदी, पुरुषोत्तम पाण्डेय, करुण सिंह,जुगनू सिंह, सुशांत पाण्डेय, उमेश दांगी, विजय जायसवाल, राजू रंजन पांडेय, प्रो.संजय सिंह, अनमोल सिंह, शिबू मेहता, विजय यादव, भागीरथ ठाकुर, रीमा कुमार, योगेश कुशवाहा, महेंद्र सिंह, जवाहर प्रसाद, प्रमोद कुमार दास, भीम प्रजापति, मनोज गिरी, शंकर करमाली, सुरेंद्र करमाली, रूपा कुमारी, धनंजय कुमार पुटूस, दिलीप सिंह, अजय पासवान, विशाल वाल्मीकि, अजय पांडेय, पवन गुप्ता, विक्रमादित्य, शिव कुमार महतो, राजदीप प्रसाद, रंजन फौजी, बसंत प्रजापति, सिंकी पासवान, सेतराज पासवान, रामप्रसाद मल्लिक, लक्ष्मी देवी, भागीरथ ठाकुर, अशोक सोनी, विवेक गुप्ता, रेखा देवी, राजीव कुशवाहा, सतीश मोहन मिश्रा, गुंजन साव, दिनेश यादव, फलेंद्र राम, गुलशन साव, चंदन सिंह, गिरिजा सिंह, वृजकिशोर पाठक, रामसहाय वेदिया, ललन साव, विनोद सिंह, मिंटू सोनी, संतोष शर्मा, मीनू भगत, उत्तम सिन्हा, बिहारी प्रजापति, ऋषि कुमार, सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें ।

बेजुबान मिट्ठू’ की मौत के सदमे में युवक ने खाया जहर,
रितेश मिश्रा
हरदोई में इंसान और पक्षी के प्रेम की झकझोर देने वाली दास्तां
क्या कोई किसी बेजुबान के जाने के गम में अपनी जान दांव पर लगा सकता है? सोशल मीडिया की दुनिया में इंसानी बेरुखी के बीच हरदोई से एक ऐसी मर्मस्पर्शी और हैरान कर देने वाली खबर आई है, जिसे सुनकर आपकी आंखें नम हो जाएंगी। यहां सुरसा थाना क्षेत्र के ग्राम सौतेरा में रहने वाले 23 वर्षीय रजनीश यादव ने अपने चहेते पालतू तोते ‘मिट्ठू’ की मौत से आहत होकर जहरीला पदार्थ खा लिया। तोते की जुदाई का सदमा यह युवक बर्दाश्त नहीं कर सका और देखते ही देखते घर में कोहराम मच गया। आनन-फानन में परिजनों ने उसे मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया, जहां डॉक्टर उसे बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं।
यह अनोखी प्रेम कहानी महज चार महीने पहले शुरू हुई थी, जब रजनीश नैमिषारण्य के हत्याहरण तीर्थ से इस तोते को महज 150 रुपये में खरीदकर लाया था। परिवार ने प्यार से उसका नाम 'मिट्ठू' रखा था
लेकिन रविवार को इस हंसते-खेलते रिश्ते को किसी की नजर लग गई। रजनीश किसी काम से अपनी एक रिश्तेदारी में गया हुआ था, तभी पीछे से घर में मिट्ठू की सांसें थम गईं। जब रजनीश वापस लौटा और उसे पता चला कि उसका जिगर का टुकड़ा अब इस दुनिया में नहीं रहा, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। वह चीख-चीख कर रोने लगा और इसी गहरे सदमे व डिप्रेशन में आकर उसने कोई नशीला पदार्थ निगल लिया। कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और मुंह से झाग आने लगा। अस्पताल के डॉक्टर रूपेंद्र सिंह के मुताबिक,युवक की हालत गंभीर है और जहरीले पदार्थ के असर को देखते हुए उसका सघन इलाज किया जा रहा है।
अस्पताल के बेड पर जब रजनीश को थोड़ा होश आया, तो उसका दर्द आंसुओं के रूप में बह निकला।उसने रोते हुए आरोप लगाया कि "जब मैं रिश्तेदारी गया, तो घर वालों ने मेरे मिट्ठू का ठीक से ख्याल नहीं रखा, उसे समय पर पानी तक नहीं दिया और वह तड़पकर मर गया, रजनीश ने बताया कि उसने कुछ कबूतर भी पाल रखे हैं जो शाम को घर लौट आते हैं लेकिन मिट्ठू तो उसकी जान था।
आज के इस मतलबी दौर में, जहां इंसान इंसानों के खून का प्यासा है, वहीं एक बेजुबान पक्षी के प्यार में खुद को मौत के मुंह में धकेलने की यह भावुक दास्तां पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
पूर्व नगरसेवक सुरेश ठाकुर के निधन से वाकोला में शोक की लहर
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका में 2 बार नगरसेवक रहे सूर्यवंश ( सुरेश) ठाकुर का आज सुबह 75 वर्ष की उम्र में माहिम के रहेजा अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही सांताक्रूज़ पूर्व के वाकोला परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। सुरेश ठाकुर अपने पीछे अपने दो बेटों सुनील ठाकुर, अनिल ठाकुर और  पौत्र पौत्रियों से भरा पूरा परिवार छोड़ गए। उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि मैंने अपना एक पुराना साथी खो दिया। सुरेश ठाकुर अत्यंत विनम्र, शालीन और उदार होने के साथ-साथ सबके दुख सुख में खड़े रहने वाले इंसान थे। उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति और उनके परिवार को यह सदमा बर्दाश्त करने की ताकत दें। सुरेश ठाकुर के निधन पर पूर्व सांसद विनायक राऊत, नगरसेवक सदा परब, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, कृपाशंकर पाण्डेय, पूर्व नगरसेवक ब्रायन मिरांडा, शेखर सालियन, जीतू यादव, राम यादव जयप्रकाश विश्वकर्मा, रमाशंकर सिंह, जेपी सिंह, अजय सिंह, जगदीश सिंह, विनय शुक्ला, सुशील राय, विजई सिंह, डॉ मुकेश शुक्ला समेत अनेक लोगों ने गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।
आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, डॉग लवर्स की याचिका की खारिज, नहीं बदला अपना पुराना आदेश

#supremecourtdecisiononstreetdogsrefusestochangeitsprevious_order

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्‍तों पर अपने पूर्व के फैसलों को बदलने की मांग को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे और उनसे जुड़ी सार्वजनिक सुरक्षा चिंताओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अपने 25 नवंबर के आदेश में बदलाव करने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि वह जमीनी सच्चाइयों से आंखें बंद नहीं की जा सकती। अदालत ने सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सरकारों की जिम्मेदारी है कि नागरिकों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

नसबंदी के बाद पुरानी जगहों पर छोड़ने का निर्देश देने से इनकार

स्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने सुनवाई की। अदालत ने शैक्षणिक संस्थानों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों, खेल परिसरों, अस्पतालों आदि जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने पूर्व के निर्देशों को बदलने से इनकार कर दिया और कुत्तों को नसबंदी के बाद वापस पुरानी जगहों पर छोड़ने का निर्देश देने से इनकार कर दिया।

कुत्तों के काटने की घटना लगातार जारी

जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा, कुत्तों के काटने की घटना लगातार जारी है और यह दिखाता है कि संबंधित अथॉरिटी की लापरवाही है। डॉग बाइट की समस्या चिंता में डालने वाली है। राजस्थान के गंगानगर, सीकर, उदयपुर और भीलवाड़ा से हमें चौंकाने वाले आंकड़े मिले हैं। तमिलनाडु समेत दूसरे राज्यों से भी ऐसे ही आंकड़े सामने आए हैं। दिल्ली के IGI एयरपोर्ट में भी जनवरी से अब तक 31 डॉग बाइट की घटनाएं हुई हैं। विदेशी पर्यटकों को भी कुत्तों ने काटा है। देश भर में रैबीज से मौत की कई घटनाएं हुई हैं।

राइट टू लाइफ को लेकर राज्य सरकारों पर सख्त

शीर्ष अदालत ने कहा, "Animal Birth Control" नियमों को सही तरीके से लागू करने में गंभीर लापरवाही हुई है, जिसकी वजह से समस्या बढ़ी। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों का यह दायित्व है कि लोगों के जीवन की रक्षा करें। राइट टू लाइफ की रक्षा करना राज्य और यूटी की जिम्मेदारी है।सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि यदि राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों ने समय रहते दूरदर्शिता के साथ काम किया होता, तो आज स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मुद्दे पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को Animal Birth Control (ABC) गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित राज्यों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी, व्यवस्थित और वैज्ञानिक कदम उठाना बेहद जरूरी है। अदालत ने निर्देश दिया कि देश के हर जिले में कम से कम एक ABC सेंटर स्थापित किया जाए, जहां प्रशिक्षित पशु चिकित्सकों और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो। अदालत ने माना कि मौजूदा व्यवस्था कई स्थानों पर बेहद कमजोर है और इसका सीधा असर आम नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ रहा है।

बिजली कर्मचारियों का जन-जागरण अभियान तेज, निजीकरण और उत्पीड़न के खिलाफ खोला मोर्चा
लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर पूर्वांचल में बिजली कर्मचारियों ने जन-जागरण अभियान तेज कर दिया है। बस्ती और गोरखपुर से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब ओबरा और अनपरा जैसी बड़ी परियोजनाओं सहित कई जिलों में विरोध सभाएं आयोजित की जाएंगी।

संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि सरकार और ऊर्जा विभाग द्वारा कर्मचारियों पर लगातार दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है। कर्मचारियों, अभियंताओं और संविदा कर्मियों पर दर्ज एफआईआर, निलंबन, दूरस्थ स्थानों पर तबादले और अनुशासनात्मक कार्रवाइयों को लेकर कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।

विरोध सभा को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों जितेंद्र सिंह गुर्जर, महेंद्र राय, मोहम्मद वसीम और प्रेमनाथ राय ने कहा कि 3 दिसंबर 2022 को ऊर्जा मंत्री और शासन स्तर पर हुए लिखित समझौते को अब तक लागू नहीं किया गया। इससे बिजली कर्मियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

संघर्ष समिति ने मांग की कि मार्च 2023 के आंदोलन के बाद कर्मचारियों पर की गई सभी कार्रवाई तुरंत वापस ली जाए। साथ ही हटाए गए संविदा कर्मियों की बहाली, आउटसोर्स कर्मचारियों को उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम में समाहित करने और स्टेट विजिलेंस जांच समाप्त करने की मांग भी उठाई गई।

कर्मचारियों ने फेशियल अटेंडेंस के नाम पर वेतन कटौती, विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर तबादले, स्मार्ट मीटर लगाने के दबाव और ट्रांसफार्मर खराब होने पर अभियंताओं से वसूली जैसे आदेशों का भी विरोध किया।

संघर्ष समिति ने प्रदेश की जनता और उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि यह आंदोलन केवल कर्मचारियों का नहीं बल्कि सस्ती, सुलभ और विश्वसनीय बिजली व्यवस्था बचाने की लड़ाई है। समिति ने चेतावनी दी कि निजीकरण से बिजली महंगी होगी और सेवाओं की गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा।
पेट्रोल-डीजल आज फिर हो गया महंगा, एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े दाम

#petroldieselpriceshikedbyabout90paisea_litre

देश में आम आदमी पर महंगाई की एक और मार पड़ी है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को फिर से बढ़ोतरी कर दी गई। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम में करीब 90 पैसे प्रति लीटर तक का इजाफा किया है। एक हफ्ते के भीतर ईंधन की कीमतों में यह दूसरी बढ़ोतरी है।

19 मई को सुबह-सुबह नए रेट जारी कर दिए गए हैं। देश के कई शहरों में आज पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव हुआ है। ऐसे में दिल्ली से लेकर मुंबई, जयपुर, पटना और हैदराबाद तक कई शहरों में नई कीमतें लागू हो गई हैं।

तीन दिन पहले ही बढ़े थे दाम

इस नई बढ़ोतरी से ठीक तीन दिन पहले, शुक्रवार को ही केंद्र सरकार ने देशभर में पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में तीन-तीन रुपये प्रति लीटर का भारी इजाफा किया था। उस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये हो गया था।

देश अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल का ताजा भाव

• दिल्ली में पेट्रोल ₹0.87 महंगा होकर ₹98.64 प्रति लीटर और डीजल ₹0.91 बढ़कर ₹91.58 प्रति लीटर हो गया है।

• मुंबई में पेट्रोल ₹0.91 बढ़कर ₹107.59 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 महंगा होकर ₹94.08 प्रति लीटर बिक रहा है।

• कोलकाता में पेट्रोल ₹1 बढ़कर ₹109.70 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 चढ़कर ₹96.07 प्रति लीटर पहुंच गया है।

• चेन्नई में पेट्रोल ₹0.79 महंगा होकर ₹104.46 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 बढ़कर ₹96.11 प्रति लीटर हो गया है।

• गुरुग्राम में पेट्रोल ₹0.82 बढ़कर ₹99.29 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 महंगा होकर ₹91.80 प्रति लीटर बिक रहा है।

• नोएडा में पेट्रोल ₹1.15 चढ़कर ₹98.91 प्रति लीटर और डीजल ₹1.22 बढ़कर ₹92.21 प्रति लीटर हो गया है।

• बेंगलुरु में पेट्रोल ₹0.95 महंगा होकर ₹107.12 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 बढ़कर ₹95.04 प्रति लीटर पहुंच गया है।

• भुवनेश्वर में पेट्रोल ₹0.52 बढ़कर ₹105.09 प्रति लीटर और डीजल ₹0.57 महंगा होकर ₹96.68 प्रति लीटर बिक रहा है।

• चंडीगढ़ में पेट्रोल ₹0.83 बढ़कर ₹98.10 प्रति लीटर और डीजल ₹0.84 चढ़कर ₹86.09 प्रति लीटर हो गया है।

• हैदराबाद में पेट्रोल ₹0.99 महंगा होकर ₹111.88 प्रति लीटर और डीजल ₹0.99 बढ़कर ₹99.95 प्रति लीटर पहुंच गया है.

• जयपुर में पेट्रोल ₹1.71 बढ़कर ₹109.32 प्रति लीटर और डीजल ₹1.60 महंगा होकर ₹94.50 प्रति लीटर बिक रहा है।

• लखनऊ में पेट्रोल ₹0.68 बढ़कर ₹98.40 प्रति लीटर और डीजल ₹0.72 चढ़कर ₹91.73 प्रति लीटर हो गया है।

• पटना में पेट्रोल ₹1.10 महंगा होकर ₹110.02 प्रति लीटर और डीजल ₹1.08 बढ़कर ₹96.05 प्रति लीटर पहुंच गया है।

पश्चिमी एशिया युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा संकट

पेट्रोल और डीजल के दामों में इस तरह की लगातार बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण बहुत बड़ी वजह हैं। दरअसल, पश्चिमी एशिया के देशों में चल रहे संघर्ष और युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा का बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इस विवाद के कारण समुद्री व्यापार के सबसे अहम रास्तों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट आ गई है। इसी साल 28 फरवरी से अमेरिका और इस्राइल का ईरान के साथ युद्ध शुरू हो गया था, जिसके बाद से ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास घूम रही है, हालांकि मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान इस इलाके में लंबे समय के युद्धविराम के लिए बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं।