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औराई पुलिस ने गांजा बेचते 2 आरोपी पकड़े: उनके पास से 1.076 किलो गांजा और 2,600 रुपए नकद मिले*



रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। थाना औराई पुलिस ने गांजा बेचने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 1.076 किलोग्राम अवैध गांजा और 2,600 रुपए नकद बरामद हुए हैं। यह कार्रवाई अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।

पुलिस को शुक्रवार को भरतपुर नहरा पुलिया के पास दो व्यक्तियों द्वारा अवैध गांजा बेचने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राजपति (55 वर्ष) पुत्र स्व. बंशी और सूरज कुमार (20 वर्ष) पुत्र राजपति के रूप में हुई है। दोनों सोनबरसा तारापुर, थाना औराई, जनपद भदोही के रहने वाले हैं।

राजपति के पास से प्लास्टिक के झोले में 1.076 किलोग्राम अवैध गांजा मिला, जबकि सूरज के पास से 2,600 रुपए नकद बरामद हुए। आरोपियों ने बताया कि यह पैसा उन्होंने गांजा बेचकर कमाया था।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अवैध तरीके से गांजा बेचकर अपना गुजारा करते थे। वे आज भी गांजा बेचने के लिए आए थे, तभी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

इस मामले में थाना औराई में मु0अ0सं0-0393/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक भदोही शुभम अग्रवाल की देखरेख में हुई। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक रामाश्रय यादव, हेड कांस्टेबल राकेश सिंह, हेड कांस्टेबल कैलाश भारती, हेड कांस्टेबल राजू कुमार राव, कांस्टेबल रितिक राजपूत और कांस्टेबल जयकरन शामिल थे।
प्रोजेक्ट अलंकार से 38 राजकीय स्कूलों की होगी मरम्मत*

*ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने शुरू किया सर्वे, इसके बाद बनेड़ा स्टीमेट*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के 33 राजकीय हाईस्कूल और पांच इंटर कॉलेजों की मरम्मत होगी। दो से ढाई दशक पुराने विद्यालयों में खिड़की, दरवाजे और जर्जर भवनों को चिह्नित कर दुरुस्त किया जाएगा। शासन के निर्देश पर ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की टीम ने सभी विद्यालयों का सर्वे शुरू कर दिया है। एक-एक विद्यालय की कमियों को चिह्नित कर सूची तैयार की जा रही है। इसके बाद स्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा। जिले में कुल 38 राजकीय हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कॉलेज हैं। इनमें 37 विद्यालय दो से ढाई दशक पुराने हैं, जबकि पीएम श्री विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज 100 साल से अधिक पुराना है। बारिश, ठंड और धूप का सामना करने से इन स्कूल भवनों की स्थिति धीरे-धीरे खराब हो रही है। कई विद्यालयों की खिड़की, दरवाजे और टाइल्स भी खराब हो चुके हैं। शासन के निर्देश पर शुरू हुए सर्वे में मरम्मत और निर्माण संबंधी कार्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। सभी विद्यालयों से आवश्यक कार्यों की सूची और उन पर होने वाले खर्च का ब्योरा संकलित किया जाएगा। इसके आधार पर बजट की मांग की जाएगी। बजट मिलने के बाद सुधार कार्य कराया जाएगा। प्रधानाचार्यों से भी विद्यालय में कराए जाने वाले कार्यों की जानकारी ली जा रही है।


अनुरक्षण कार्य के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि निर्माण संबंधी कार्यों का ब्योरा जुटाने का जिम्मा कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) को दिया गया है। विद्यालयों में मरम्मत, रंगाई-पुताई समेत अन्य छोटे कार्यों का ब्योरा जुटाकर उनके खर्च का आकलन कराया जा रहा है। वहीं, निर्माण कार्यों में बाउंड्रीवॉल समेत अन्य बड़े कार्य शामिल हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि प्रोजेक्ट अलंकार के तहत यह जानकारी जुटाई जा रही है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के जेई विद्यालयों का सर्वे कर रहे हैं। आकलन रिपोर्ट से पता चलेगा कि किस विद्यालय में क्या काम कराया जाना है और उस पर कितना खर्च आएगा। इसी के आधार पर विद्यालयवार बजट की मांग की जाएगी।
ई- विद्या पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ाएगी कस्तूरबा की छात्राएं

*बालिका विद्यालय में बढ़ेगा डिजिटल शिक्षा का दायरा मिला निर्देश*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में डिजिटल का दायरा और बढ़ाया जाएगा। स्कूल की स्मार्ट टीवी को डीटीएच से संबद्ध किया जाएगा। राज्य परियोजना कार्यालय से इसका निर्देश दिया गया है। इससे स्कूल टाइम के बाद छात्राएं शैक्षिक गतिविधि से जुड़े ई-विद्या के पांच निशुल्क चैनल देखकर अतिरिक्त ज्ञान प्राप्त कर सकती हैं।

बीएसए शिवम पांडेय ने बताया कि जिले में कुल छह कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। इसमें भदोही, ज्ञानपुर, औराई, डीघ और सुरियावां ब्लॉक शामिल है। इन विद्यालयों में 500 बालिकाएं पंजीकृत हैं। अब सभी डिजिटल कक्षाओं को डीटीएच से जोड़ा जाएगा। चैनलों के माध्यम से शिक्षा बेहतर करने के साथ छात्राओं के ज्ञान में वृद्धि होगी और वह नवाचार से परिचित हो सकेंगी
मान्यता को 18 % देनी होगी जीएसटी


*शिक्षा निदेशक का पत्र आते ही प्रभावी बनाने में जुटा विभाग*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। स्कूलों का मान्यता लेने के लिए अब संचालकों को 18 प्रतिशत जीएसटी देना होगा। गत दिनों शिक्षा निदेशक माध्यमिक प्रताप सिंह बघेल का पत्र आते ही विभागीय अमला इसे प्रभावी बनाने की तैयारी में जुट गई है। एक अप्रैल से स्कूलों की नवीन मान्यता के लिए पोर्टल पर आनलाइन आवेदन शुरू हो गया है।

जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि अब नया स्कूल खोलना या मान्यता नवीनीकरण कराना है तो 18 प्रतिशत जीएसटी देना होगा। माध्यमिक शिक्षा परिषद से मान्यता , सम्बद्धता प्राप्त करने के लिए स्कूलों को अब 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी भी देना पड़ेगा। शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) प्रताप सिंह बघेल का पत्र आने पर शिक्षा विभाग इसको प्रभावी बनाने में जुट गया है। बताया कि जिले में 38 राजकीय, 25 वित्तपोषित और 140 मान्यता प्राप्त विद्यालय हैं। हर साल तीन से चार विद्यालयों को हाईस्कूल या इंटर की मान्यता दी जाती है। एक अप्रैल 2026 से ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से नवीन मान्यता या संबद्धता के लिए आवेदन करने वाली संस्थाओं को निर्धारित शुल्क के साथ 18 प्रतिशत जीएसटी अलग से जमा करना होगा। परिषद की ओर से जीएसटी भुगतान की पुष्टि होने के बाद ही मान्यता प्रदान करने की संस्तुति की जाएगी। भविष्य में किए जाने वाले नए आवेदनों पर भी यही व्यवस्था लागू रहेगी। बिना जीएसटी भुगतान के आवेदनों को परिषद कार्यालय अग्रसारित न किया जाए। नई व्यवस्था के तहत मान्यता शुल्क राजकोष में जमा करने के बाद जीएसटी की राशि परिषद के निर्धारित बैंक खाते में अलग से जमा करनी होगी। भुगतान के बाद मिलने वाली रसीद या चालान की प्रमाणित प्रति ऑनलाइन आवेदन के समय पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसकी एक प्रमाणित प्रति संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय में भी जमा करनी होगी।
जिला अस्पताल के विशेष फ्लू वार्ड में दस बेड रिजर्व

विभाग का दावा, एचवन एनवन वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में है उपलब्ध

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही मौसम में आ रहे उतार-चढ़ाव से स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ता जा रहा है। बीमारी से बचाव को विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में दस बेड का विशेष फ्लू वार्ड बन गया है। इसमें मरीजों को भर्ती करने के साथ ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराया जाएगा। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अजय कुमार तिवारी ने वार्ड में जांच कर स्थिति का जायजा लिए।

इस दौरान सीएमएस ने बताया कि मौसम परिवर्तित होने से फ्लू बीमारी जैसे सर्दी, बुखार के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। शासन के निर्देशन में फ्लू फीवर क्लीनिक बनाया जा रहा है। फ्लू फीवर क्लीनिक में सिर्फ इन्हीं बीमारी से पीड़ित मरीजों का उपचार होगा। इसमें एक डाक्टर की तैनाती होगी जो मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ ही उचित स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराएंगे। सीरियस मरीजों के लिए दस बेड का विशेष वार्ड बनाया गया है। इस वार्ड में ऑक्सीजन पाइपलाइन का कनेक्शन पूर्व में हो चुका था। दस बेड लगा दी गई है। ऑक्सीजन प्लांट पूर्व में ही लगा था जिससे निरंतर आक्सीजन आपूर्ति बनी रहेगी। बड़ा एवं छोटा आक्सीजन सिलेंडर भी उपलब्ध रहेगा। वार्ड में आक्सीजन कंसनटेटर, सक्शन मशीन, नेबूलाइजर की भी व्यवस्थ रहेगा। शासन स्तर से जरूरी दवाइयों के साथ ही सिरप भी आ गई है।

मरीजों को लगाने के लिए एचवन-एनवन वैक्सीन भी मुहैया करा दी गई है। फ्लू का लक्षण अचानक तेज बुखार आना, खांसी और गले में खराश होने के साथ ही सिर और मांसपेशियों में तेज दर्द होना। कमजोररी के साथ ही थकान महशूस होना ही बीमार का मुख्य लक्षण है। किसी में फ्लू का लक्षण दिखता है तो उन्हें विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। साबुन से हाथ को बार-बार धोएं। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढंक लें। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। फ्लू के लक्षण दिखने पर डाक्टर से तत्काल उचित परामर्श लेकर इलाज कराएं। चिकित्सकों का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। बस वह जरूरी एहतियात बरतते रहें।

ज्ञानपुर पुलिस ने 1 किलो 100 ग्राम गांजे के साथ तस्कर पकड़ा:रायपुर पुलिया के पास से रवि कुमार गिरफ्तार, NDPS एक्ट में केस दर्ज

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही के ज्ञानपुर में पुलिस ने एक गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 1 किलो 100 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ है। पुलिस ने यह कार्रवाई रायपुर पुलिया के पास की।

ज्ञानपुर पुलिस टीम इलाके में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि परशुराम चौराहे से रायपुर जाने वाले रास्ते पर बनी पुलिया के पास एक व्यक्ति सफेद झोले में गांजा लेकर खड़ा है। वह भागने के लिए किसी साधन का इंतजार कर रहा था।

पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल की देखरेख में पुलिस टीम ने घेराबंदी की। शुक्रवार को रायपुर पुलिया के पास से रवि कुमार नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी की उम्र करीब 24 साल है और वह परशुरामपुर, ज्ञानपुर का रहने वाला है।

पुलिस ने आरोपी के सफेद झोले से 1 किलो 100 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया। ज्ञानपुर थाने में रवि कुमार के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 8/20 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

पूछताछ में रवि कुमार ने बताया कि वह बरामद गांजे को फुटकर में बेचकर पैसे कमाता था। इसी से वह अपना और अपने परिवार का गुजारा करता था।

इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक सत्येन्द्र कुमार राय और हेड कांस्टेबल आशुतोष द्विवेदी शामिल थे।

कृष्ण जन्माष्टमी पर 114 गुम मोबाइल फोन बरामद: भदोही पुलिस ने 18.81 लाख के फोन लौटाए, जनवरी से अब तक 812 फोन मिले


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही पुलिस ने कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर लोगों को खास तोहफा दिया है। पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर 114 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 18 लाख 81 हजार रुपये है। इन सभी फोनों को उनके मालिकों को सौंप दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, इस साल जनवरी से अब तक भदोही पुलिस कुल 812 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर चुकी है। इनकी कुल अनुमानित कीमत 1 करोड़ 37 लाख 86 हजार रुपये से ज्यादा है।

पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर जिले में गुम हुए मोबाइल फोन ढूंढने के लिए एक खास अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मकसद लोगों के खोए हुए फोन को तकनीकी तरीकों से ढूंढकर उन्हें वापस दिलाना है।

पुलिस ने बताया कि विभिन्न थानों के कंप्यूटर ऑपरेटरों ने CEIR पोर्टल, जनसुनवाई और डायल-112 पर मिली शिकायतों पर लगातार काम किया। इसी कोशिश से ये 114 मोबाइल फोन बरामद हुए।

बरामद किए गए 114 मोबाइल फोन में से थाना ज्ञानपुर से 22, गोपीगंज से 17, कोईरौना से 7, भदोही से 15, चौरी से 1, औराई से 23, ऊँज से 10, सुरियावां से 17 और दुर्गागंज से 2 फोन शामिल हैं।

गुरुवार को रिजर्व पुलिस लाइन्स, ज्ञानपुर के सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने इन बरामद मोबाइल फोन को उनके असली मालिकों को सौंपा।
50वें कारपेट एक्सपो के लिए अब तक 180 आयातकों ने कराया पंजीकरण

*इस बार ब्रिक्स देशों के आयातकों को भी जोड़ने के लिए किया जा रहा प्रयास*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। आगामी चार से सात अक्तूबर तक होने वाले इंडिया कारपेट एक्सपो में स्टॉल लगाने वाले निर्यातकों की संख्या 170 पहुंच गई है। वहीं, एक्सपो में शामिल होने के लिए पंजीकरण कराने वाले खरीदारों (बायर्स) की संख्या भी अब तक 180 हो चुकी है।



आयोजक कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) का कहना है कि अभी एक्सपो में करीब एक माह का समय है। ऐसे में स्टॉल लगाने वाले निर्यातकों और विदेशी खरीदारों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। सीईपीसी की ओर से आयोजित होने वाला यह 50वां कारपेट एक्सपो होगा। इसकी सफलता के लिए परिषद के पदाधिकारी तैयारियों में जुटे हैं।

इंडिया कारपेट एक्सपो देश-विदेश के कालीन उत्पादकों और खरीदारों को जोड़ने वाला एशिया का प्रमुख मंच है। सीईपीसी की ओर से इसका आयोजन वर्ष में दो बार किया जाता है। अब तक इसके 49 संस्करण हो चुके हैं। भदोही में आयोजित होने वाला एक्सपो 50वां संस्करण होगा।



इसे ऐतिहासिक बनाने के लिए सीईपीसी पदाधिकारी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।हाल ही में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच उत्पन्न तनाव के कारण इस वर्ष की शुरुआत में नई दिल्ली में प्रस्तावित एक्सपो रद्द करना पड़ा था। इसके बावजूद वैश्विक अर्थव्यवस्था पर तनाव का असर बना हुआ है।
परिषद के चेयरमैन कैप्टन मुकेश कुमार गोम्बर ने बताया कि मौजूदा परिस्थितियों के बीच अब तक 180 आयातकों ने पंजीकरण कराया है, जो संतोषजनक है।
इसी तरह 170 निर्यातकों ने स्टॉल लगाने के लिए बुकिंग कर ली है। उन्होंने कहा कि एक्सपो में अभी करीब एक माह का समय बाकी है, इसलिए आयातकों और निर्यातकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। चेयरमैन ने बताया कि इस बार ब्रिक्स देशों के आयातकों को भी जोड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।


ब्रिक्स में ब्राजील, रूस, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) समेत अन्य देश शामिल हैं। इन देशों से आयातक पहले भी एक्सपो में आते रहे हैं, लेकिन इस बार उनकी संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
ललही छठ पर महिलाओं ने रखा व्रत:पुत्रों की लंबी उम्र के लिए दिनभर व्रत कर की पूजा

नितेश श्रीवास्तव

भदोही । जनपद में ललही छठ का पर्व मनाया गया। इस मौके पर महिलाओं ने अपने बेटों की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा।
यह त्योहार कृष्ण पक्ष की षष्ठी को मनाया जाता है। व्रत रखने वाली महिलाएं दिनभर पूजा-आरती करती हैं। इसके बाद वे नदी या तालाब में उगने वाले बिना हल चलाए पैदा हुए चावल और दही खाकर व्रत खोलती हैं। जन्माष्टमी से पहले हर साल महिलाएं एक जगह इकट्ठा होकर छीउल और कूसा को जमीन में गाड़कर पूजा करती हैं। विवाहित महिलाएं बेटों की लंबी उम्र और पुत्र प्राप्ति के लिए यह व्रत रखती हैं।
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी को भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम का जन्म हुआ था। इसी वजह से इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं और कथा सुनती हैं।
पौराणिक कथा के अनुसार, जब कंस को पता चला कि वासुदेव और देवकी की संतानें उसकी मौत का कारण बनेंगी, तो उसने उन्हें जेल में डाल दिया। कंस ने उनकी छह संतानों को मार डाला था। जब देवकी का सातवां पुत्र होने वाला था, तब नारद मुनि ने उन्हें हलष्ठी माता का व्रत करने की सलाह दी। इससे उनका पुत्र कंस के गुस्से से सुरक्षित रह सके। देवकी ने यह व्रत किया। इसके प्रभाव से भगवान ने योगमाया से कहकर देवकी के गर्भ में पल रहे बच्चे को रानी रोहिणी के गर्भ में पहुंचा दिया। कंस को लगा कि देवकी का सातवां पुत्र जीवित नहीं है। इस तरह रोहिणी के गर्भ से बलराम का जन्म हुआ। बाद में देवकी को आठवें पुत्र के रूप में श्रीकृष्ण की प्राप्ति हुई। देवकी के व्रत से दोनों बेटों की रक्षा हुई। तभी से ललही छठ के त्योहार पर महिलाएं व्रत रखती हैं और यह कथा सुनती हैं।
जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल के लिए राजस्थानी-गुजराती परिधानों का क्रेज
बाजारों में जरी, गोटा और कढ़ाई वाली पोशाकों की मांग बढ़ी, मुकुट-बांसुरी जैसे आभूषण भी उपलब्ध*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। बाजारों में राधा-कृष्ण और लड्डू गोपाल की पोशाकों से दुकानें सज गई हैं। इस बार लोगों को राजस्थानी और गुजराती परिधान खूब पसंद आ रहे हैं। भगवान कृष्ण के श्रृंगार से जुड़ी सामग्री की बिक्री भी बढ़ गई है।

दुकानों पर छोटे से लेकर बड़े आकार के लड्डू गोपाल के लिए अलग-अलग डिजाइन की पोशाकें उपलब्ध हैं। इनमें जरी, गोटा, मोती और कढ़ाई से सजी पोशाकों की विशेष मांग है। हल्के कपड़ों की पोशाक के साथ ही आकर्षक प्रिंट वाली ड्रेस भी बाजार में हैं।

ज्ञानपुर के दुकानदार कृष्ण कुमार ने बताया कि इस बार राजस्थान और गुजरात की पारंपरिक डिजाइन वाली पोशाकें मंगाई गई हैं। कई दुकानों पर राधा-कृष्ण की जोड़ी के लिए एक जैसे डिजाइन की पोशाकें भी उपलब्ध हैं।

पोशाकों के साथ मुकुट, मोरपंख, बांसुरी, हार, कंठी, बाजूबंद, पायल और अन्य आभूषण भी उपलब्ध हैं। ग्राहक अपने घर के मंदिर के आकार और लड्डू गोपाल की प्रतिमा के अनुसार पोशाक और श्रृंगार सामग्री पसंद कर रहे हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी इस साल 4 सितंबर को मनाई जाएगी।