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इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मनाया गया विमुक्ति दिवस, विमुक्त जातियों के कल्याण पर जोर
- मंत्री अनिल राजभर बोले- अंग्रेजों के क्रिमिनल एक्ट से मुक्ति दिलाने में सरदार पटेल की अहम भूमिका

लखनऊ। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सोमवार को विमुक्ति दिवस के अवसर पर कार्यक्रम और सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विमुक्त जातियों के इतिहास, उनके योगदान और सामाजिक-आर्थिक उत्थान से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
मुख्य अतिथि पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं संबंधित विभाग के मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि अंग्रेजी शासन के दौरान विमुक्त जातियों पर लगाए गए क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट से मुक्ति दिलाने में सरदार वल्लभभाई पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि विमुक्त समाज सरदार पटेल के योगदान को हमेशा याद रखेगा। अनिल राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार विमुक्त जातियों के कल्याण और उनके अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने विमुक्त जातियों के लिए आयोग के गठन की पहल को महत्वपूर्ण कदम बताया और इसके लिए प्रदेश सरकार के प्रति आभार जताया।

- विमुक्त समाज की देश की आजादी में रही भूमिका
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने कहा कि विमुक्त जातियों की आवाज को लगातार उठाने का काम अनिल राजभर करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि 31 अगस्त को विमुक्त दिवस के अवसर पर कई वर्षों से विभिन्न जिलों में कार्यक्रम और सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इन आयोजनों से समाज में जागरूकता बढ़ी है।उन्होंने कहा कि देश की आजादी के संघर्ष में विमुक्त जातियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके योगदान को सामने लाने और नई पीढ़ी को इससे परिचित कराने की जरूरत है।
कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य शिवमंगल बियार मौजूद रहे। संचालन भारत भीम जनार्दन चौहान ने किया। कार्यक्रम के आयोजन में मुन्ना प्रसाद राजभर, रानू प्रताप राजभर, राजेश राजभर, गुड्डू राजभर, भुनेश्वर राजभर, रामस्वर्थ राजभर, हरिकेश राजभर और बीना राजभर समेत अन्य लोगों की भूमिका रही।
विजिट माय स्टेट के तहत 'जेन-जी' बनेंगे कल्चरल एम्बेसडर, उत्तर प्रदेश पर्यटन की अनूठी पहल
- एक शहर, एक आवाज, 60 सेकंड: युवा रील्स के जरिए सुनाएंगे अपने शहर की कहानी, विरासत से लेकर खान-पान तक दिखेगा स्थानीय रंग


लखनऊ। अब उत्तर प्रदेश की संस्कृति और पर्यटन की कहानी युवा अपने अंदाज में दुनिया तक पहुंचाएंगे। पर्यटन विभाग ने प्रदेश के युवाओं को उनके शहर का ‘कल्चरल एम्बेसडर’ बनाने के लिए ‘विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश’ अभियान शुरू किया है। इसके तहत युवा अधिकतम 60 सेकंड की रील बनाकर अपने शहर की विरासत, खान-पान, परंपराओं और कम चर्चित पर्यटन स्थलों से लोगों को रूबरू करा सकेंगे।
अभियान के जरिए पर्यटन विभाग की कोशिश प्रदेश को स्थानीय लोगों की नजर से दुनिया के सामने पेश करने की है। इसके लिए किसी प्रसिद्ध स्मारक या पर्यटन स्थल की सामान्य जानकारी देने के बजाय युवाओं को अपने शहर से जुड़ी ऐसी कहानी बताने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसे वे व्यक्तिगत अनुभव और स्थानीय जानकारी के आधार पर बेहतर ढंग से प्रस्तुत कर सकें।

- कैमरे के सामने आकर सुनानी होगी कहानी
रील में प्रतिभागी का खुद कैमरे के सामने होना जरूरी होगा। चेहरा स्पष्ट और आवाज साफ होनी चाहिए। वीडियो किसी खुले स्थान पर शूट करना होगा और पीछे शहर का कोई प्रमुख पर्यटन स्थल या स्थानीय पहचान से जुड़ा स्थान दिखाई देना चाहिए। खास बात यह है कि प्रतिभागियों पर किसी निर्धारित स्क्रिप्ट का दबाव नहीं होगा। वे अपनी कहानी अपने शब्दों और अपने अंदाज में सुना सकेंगे। रील हिंदी या अंग्रेजी में बनाई जा सकती है। हालांकि प्रत्येक वीडियो के अंत में ‘विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश’ कहना अनिवार्य होगा।

- अल्पज्ञात स्थलों को भी मिलेगी पहचान
पर्यटन विभाग का मानना है कि आज की युवा पीढ़ी यात्रा से पहले सोशल मीडिया पर छोटे वीडियो और दूसरे यात्रियों के अनुभव देखना पसंद करती है। ऐसे में रील के जरिए सामने आने वाली स्थानीय कहानियां प्रदेश के उन पर्यटन स्थलों को भी पहचान दिला सकती हैं, जो अभी व्यापक स्तर पर चर्चित नहीं हैं। अभियान में स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प, त्योहार, रीति-रिवाज, ऐतिहासिक किस्से, पुराने मोहल्ले, प्राकृतिक स्थल और स्थानीय परंपराओं को भी कहानी का हिस्सा बनाया जा सकता है।

- जयवीर सिंह बोले- युवा अपनी आवाज से दुनिया तक पहुंचाएं प्रदेश की संस्कृति
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान केवल बड़े और प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं है। प्रदेश के हर जिले और क्षेत्र की अपनी अलग विरासत, परंपरा और जीवनशैली है। उन्होंने कहा कि ‘विजिट माय स्टेट’ के माध्यम से युवाओं को अपने शहर की विशेषताओं से दुनिया को परिचित कराने का अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा अपनी आवाज और अपने अनुभव के जरिए उत्तर प्रदेश को एक नए नजरिए से प्रस्तुत कर सकते हैं। इससे प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता के साथ स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

- 60 सेकंड में अपने शहर का ‘अपना अनुभव’
अपर मुख्य सचिव, पर्यटन अमृत अभिजात ने कहा कि अभियान का उद्देश्य स्थानीय लोगों को अपने शहर और आसपास के पर्यटन स्थलों की कहानी साझा करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि एक मिनट से भी कम समय में किसी स्थान की खासियत, स्थानीय अनुभव और व्यक्तिगत जुड़ाव को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि ऐसी छोटी-छोटी कहानियां मिलकर उत्तर प्रदेश की आस्था, विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, खान-पान और हस्तशिल्प की विविधता को देश-दुनिया तक पहुंचाने में मदद करेंगी।

- लखनऊ से ब्रज और बुंदेलखंड तक दिखेगा स्थानीय रंग
अभियान में लखनऊ का युवा शहर की चिकनकारी, खान-पान, पुराने इलाकों या सांस्कृतिक स्थलों को अपनी कहानी बना सकता है। इसी तरह ब्रज, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के युवा अपने-अपने क्षेत्रों की लोक परंपराओं, खान-पान, विरासत और कम चर्चित पर्यटन स्थलों को रील के जरिए सामने ला सकते हैं। प्रतिभागी ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से अपनी प्रविष्टियां भेज सकते हैं। अभियान से जुड़ी जानकारी और वीडियो उत्तर प्रदेश पर्यटन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध हैं।
अंकित बालियान हत्याकांड में बड़ा एक्शन, डीजीपी बोले- शूटरों के बाद अब पूरी आपराधिक कड़ी तक पहुंचेगी पुलिस
शामली एनकाउंटर में दो शूटर ढेर, राजीव कृष्ण ने कहा- हत्या के पीछे की साजिश और गैंग नेटवर्क भी खंगाला जाएगा
पुलिस ने ह्यूमन और टेक्निकल इंटेलिजेंस के आधार पर 29 अगस्त को हत्याकांड में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली थी
मुठभेड़ के बाद आरोपियों के कब्जे से हथियार और बड़ी संख्या में कारतूस तथा खोखे बरामद किए गए

लखनऊ । हरियाणवी गायक एवं अभिनेता अंकित बालियान हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मुख्य शूटरों को मुठभेड़ में मार गिराया। कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने स्पष्ट किया कि पुलिस की जांच केवल शूटरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हत्या की पूरी साजिश और उसके पीछे सक्रिय आपराधिक नेटवर्क की कड़ियां भी खंगाली जाएंगी। 
डीजीपी राजीव कृष्ण ने लखनऊ में कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि अंकित बालियान शामली कोतवाली थाना क्षेत्र के नाला पटरी इलाके में स्थित एक फिटनेस जिम से बाहर निकल रहे थे, तभी चार हथियारबंद अपराधियों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल अंकित की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक के पिता की तहरीर पर चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कई पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस के सामने दोहरी चुनौती थी—पहली, वारदात को अंजाम देने वाले शार्पशूटरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना और दूसरी, इस हत्या के पीछे की पूरी आपराधिक साजिश तथा गैंग नेटवर्क का पता लगाना। डीजीपी के मुताबिक, पुलिस ने ह्यूमन और टेक्निकल इंटेलिजेंस के आधार पर 29 अगस्त को हत्याकांड में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली थी। इसी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए सोमवार को पुलिस की मुठभेड़ में दो आरोपी मोहित और सुमित मारे गए। राजीव कृष्ण ने कहा कि पुलिस को हत्याकांड में शामिल बाकी अपराधियों और उनके नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य सिर्फ शूटरों तक पहुंचना नहीं है। हम साजिशकर्ताओं की पूरी कड़ी तक पहुंचना चाहते हैं। जिन्होंने संसाधन मुहैया कराए, हथियारों की सप्लाई की, रेकी की या अपराधियों को पनाह दी, उन सभी को कानून के दायरे में लाया जाएगा।” पुलिस के मुताबिक, सोमवार को आरोपियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। इस दौरान दो पुलिसकर्मी घायल हुए। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। मुठभेड़ के बाद आरोपियों के कब्जे से हथियार और बड़ी संख्या में कारतूस तथा खोखे बरामद किए गए हैं। पुलिस अब बरामद हथियारों और अन्य साक्ष्यों को हत्याकांड से जोड़कर भी जांच कर रही है। डीजीपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्याकांड में गोगी गैंग की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस इस पहलू की गहराई से जांच कर रही है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि हत्या से पहले अंकित की रेकी की गई थी और शूटरों को बाहर से हथियार उपलब्ध कराए गए थे। डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस कार्रवाई में शामिल शामली पुलिस और एसटीएफ की टीम को दो लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह अभियान यहीं समाप्त नहीं हुआ है। डीजीपी ने कहा, “मैं आपके माध्यम से सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई यहीं समाप्त नहीं होती। इस अपराध की साजिश में शामिल हर एक व्यक्ति की भूमिका तय की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने साफ संदेश देते हुए कहा कि अपराधी प्रदेश की सीमा से बाहर बैठकर भी खुद को कानून की पहुंच से बाहर न समझें। पुलिस जरूरत के मुताबिक केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी समन्वय कर रही है।
गौशालाओं की होगी सघन जांच, 10 सितंबर तक मुख्यालय भेजनी होगी रिपोर्ट
- धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को दिए निर्देश, चारा-पानी से लेकर स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था पर मांगी गई मौके की रिपोर्ट

लखनऊ। प्रदेश की गौशालाओं में गोवंश के लिए उपलब्ध सुविधाओं की अब व्यापक स्तर पर जांच होगी। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी गौशालाओं का स्थलीय निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए और 10 सितंबर तक मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
विधान भवन स्थित अपने कार्यालय में सोमवार को विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि निरीक्षण महज कागजी प्रक्रिया बनकर नहीं रहना चाहिए। अपर निदेशक स्तर के अधिकारी प्रत्येक मंडल में गौशालाओं का मौके पर जाकर निरीक्षण करें। चारा, भूसा, हरा चारा, स्वच्छ पेयजल, प्रकाश, छाया, गोवंश के बैठने की जगह, चरही, साफ-सफाई, उपचार और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं को प्रत्यक्ष रूप से देखा जाए। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं की तस्वीरें भी रिपोर्ट के साथ भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

- कमी मिलने पर तत्काल सुधार के निर्देश
धर्मपाल सिंह ने कहा कि जहां भी गौशालाओं में व्यवस्थाओं की कमी मिले, उसे तत्काल दूर कराया जाए और बाद में भी उसकी नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोवंश संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

- नस्ल सुधार और कृत्रिम गर्भाधान पर जोर
मंत्री ने गोवंश के संरक्षण के साथ पशुओं की गुणवत्ता सुधारने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान, बधियाकरण और संचारी रोगों की रोकथाम के अभियानों को तेज करने के निर्देश दिए। गांव-गांव तक इन सुविधाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने को भी कहा गया। उनका कहना था कि स्वस्थ पशुधन से दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा और इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

- दुग्ध समितियों को सक्रिय करने पर जोर
दुग्ध विकास विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं देने की जरूरत बताई। उन्होंने दुग्ध समितियों को अधिक सक्रिय करने, दुग्ध उत्पादकों को समय पर तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने तथा दुग्ध संग्रहण और विपणन की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।
धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में दुग्ध क्षेत्र की अहम भूमिका है। वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए दुग्ध उत्पादन और उससे जुड़े कारोबार को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने विभागीय योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों और पशुपालकों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए।

- महिलाओं को दुग्ध उत्पादन से जोड़ने पर जोर
राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने भी गौशालाओं के नियमित स्थलीय निरीक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई, चारा-पानी और गोवंश के स्वास्थ्य की स्थिति पर लगातार निगरानी होनी चाहिए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की अधिक से अधिक महिलाओं को दुग्ध उत्पादन से जोड़ने के प्रयास किए जाएं।
बैठक में विशेष सचिव राम सहाय यादव, पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक प्रकाश बिंदु, पशुपालन विभाग के निदेशक (प्रशासन एवं विकास) डॉ. राजेंद्र प्रसाद, निदेशक (रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र) डॉ. संगीता तिवारी और पशुधन विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. पी.के. सिंह समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
जनसुनवाई में ए.के शर्मा ने सुनीं फरियादें, अफसरों को समयबद्ध समाधान के निर्देश
- बिजली कनेक्शन और बिल सुधार से लेकर पेयजल व जलनिकासी की शिकायतें पहुंचीं मंत्री के पास

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सोमवार को अपने आवास पर जनसुनवाई के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं। बड़ी संख्या में आए फरियादियों ने बिजली कनेक्शन, विद्युत बिल में गड़बड़ी, पेयजल, जलनिकासी और नगर निकायों से जुड़ी समस्याएं मंत्री के सामने रखीं। मंत्री ने फरियादियों की शिकायतें सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र और प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के समाधान में सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि ऐसा प्रयास होना चाहिए जिससे संबंधित व्यक्ति को वास्तविक राहत मिल सके।

- बिजली संबंधी शिकायतों पर प्राथमिकता
विद्युत विभाग से जुड़ी शिकायतों को लेकर ए.के. शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि कनेक्शन, बिल संशोधन और उपभोक्ता सेवाओं से संबंधित मामलों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। पात्र उपभोक्ताओं को विभागीय योजनाओं और सुविधाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराने पर भी उन्होंने जोर दिया।

- जलभराव और निकासी पर विशेष ध्यान
पेयजल तथा जलनिकासी की शिकायतों पर मंत्री ने नगर निकायों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना और जलभराव की समस्या से राहत दिलाना प्राथमिकता में होना चाहिए। बारिश के दौरान जलनिकासी व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कदम उठाने को भी कहा गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसुनवाई में आने वाली प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और शिकायतकर्ता को समाधान के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का जोर सुशासन और जनकल्याण पर है। सरकारी योजनाओं और विभागीय सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक आसानी से पहुंचाना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
अंकित बालियान हत्याकांड में बड़ा एनकाउंटर, दो शूटर ढेर; 20 से ज्यादा गोलियां लगने की बात
लखनऊ/बागपत ।  हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड में सोमवार सुबह पुलिस ने बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। औद्योगिक क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में पुलिस ने 50-50 हजार रुपये के इनामी दो कथित शूटरों को मार गिराया। मारे गए बदमाशों की पहचान सोनीपत निवासी सुमित और मोहित के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों का संबंध गोगी गैंग से था और वे अंकित बालियान की हत्या में शामिल थे।

पुलिस के अनुसार, अंकित की हत्या के बाद दोनों आरोपी बागपत के रास्ते लोनी की तरफ भाग निकले थे। पुलिस लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। सोमवार सुबह दोनों औद्योगिक क्षेत्र से होते हुए सोनीपत जाने की कोशिश में थे। इसी दौरान पुलिस टीम ने उन्हें घेर लिया।

पुलिस का दावा है कि घिरने के बाद बदमाशों ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोलीबारी की। कुछ देर चली मुठभेड़ में दोनों बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस दोनों को तत्काल अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, दोनों के शरीर पर 20 से अधिक गोलियां लगने की जानकारी सामने आई है।

मौके से हथियार बरामद

एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, मुठभेड़ में मारे गए सुमित और मोहित अंकित बालियान हत्याकांड में शामिल थे। पुलिस ने घटनास्थल से हथियार और अन्य सामान बरामद किए हैं। बरामदगी की जांच की जा रही है और मुठभेड़ से जुड़े साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।

चार शूटरों में दो मारे गए, दो की तलाश जारी

पुलिस जांच में अब तक सामने आया है कि अंकित बालियान की हत्या में कथित तौर पर चार शूटर शामिल थे। इनमें सुमित और मोहित को मुठभेड़ में मार गिराने का पुलिस ने दावा किया है। अब पुलिस की नजर बाकी दो आरोपियों सत्यम और आर्यन पर है।

दोनों फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड की पूरी साजिश और हत्या के पीछे की वजह से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं।

CCTV से शुरू हुई थी शूटरों की तलाश

अंकित बालियान की हत्या के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया था। जांच के दौरान पुलिस को शूटरों के बागपत और लोनी की ओर भागने के सुराग मिले। इसके बाद संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ाई गई थी। इसी निगरानी के दौरान सोमवार सुबह औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस और कथित शूटरों का आमना-सामना हो गया।

फिलहाल पुलिस बाकी दो फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। साथ ही मुठभेड़ में मारे गए दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और अंकित बालियान हत्याकांड में उनकी भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है।
अखिलेश यादव को भेंट की गई काव्य पुस्तिका ‘काम बोलता है’

- कविताओं के जरिए सपा सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का ब्योरा, लोहिया के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की उम्मीद

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को रविवार को रामअधार राजभर ने अपनी काव्य पुस्तिका ‘काम बोलता है’ भेंट की। इस अवसर पर अखिलेश यादव ने उम्मीद जताई कि यह पुस्तक समाजवादी विचारधारा और डॉ. राममनोहर लोहिया के सिद्धांतों को आम लोगों तक पहुंचाने में उपयोगी साबित होगी।
पुस्तिका में कविताओं के माध्यम से समाजवादी सरकार के कार्यों और विभिन्न योजनाओं को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है। इसमें प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई क्षेत्रों को विषय बनाया गया है।

- कई क्षेत्रों पर केंद्रित हैं रचनाएं
‘काम बोलता है’ में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, हरित क्रांति, कृषि, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, चिकित्सा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा तथा बेसिक शिक्षा से जुड़े विषयों पर रचनाएं शामिल हैं।
इसके अलावा लोक निर्माण, श्रम एवं सेवायोजन, हथकरघा और उद्योग समेत अन्य क्षेत्रों को भी कविताओं के माध्यम से सामने रखा गया है।
अखिलेश यादव ने पुस्तिका की सराहना करते हुए कहा कि साहित्य और कविता के माध्यम से विचारों तथा नीतियों को सरल तरीके से लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह प्रयास समाजवादी विचारधारा और लोहिया के सामाजिक-राजनीतिक सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार में योगदान देगा।
पीएम-सेतु से यूपी में बदलेगी आईटीआई की तस्वीर, उद्योगों की जरूरत के हिसाब से तैयार होंगे युवा

- लखनऊ में उद्योग सम्मेलन में कौशल विकास और रोजगार के बीच साझेदारी मजबूत करने पर जोर; राजनाथ सिंह बोले- कुशल मानव संसाधन के बिना तकनीक का पूरा लाभ संभव नहीं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने और युवाओं को बेहतर रोजगार से जोड़ने की दिशा में पीएम-सेतु योजना को महत्वपूर्ण पहल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी उद्देश्य से लखनऊ के ताज पैलेस में पीएम-सेतु उद्योग सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में सरकार, उद्योग जगत और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच साझेदारी मजबूत करने तथा आईटीआई को आधुनिक उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में विकसित करने पर मंथन हुआ।
कार्यक्रम में रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह, केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल समेत केंद्र एवं प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, प्रमुख औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि और शिक्षण संस्थानों के अधिकारी शामिल हुए।

- कुशल मानव संसाधन विकास की सबसे बड़ी जरूरत
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी भी देश के विकास में मानव संसाधन की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। भारत को वैश्विक विनिर्माण और तकनीकी शक्ति बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक के साथ प्रशिक्षित और कुशल कार्यबल भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कोई देश अत्याधुनिक मशीनें खरीद सकता है, लेकिन उन्हें प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन का होना अनिवार्य है। रक्षा उत्पादन, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, ड्रोन, रोबोटिक्स, प्रिसिजन इंजीनियरिंग और ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में तेजी से बदलाव हो रहे हैं, इसलिए युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करना होगा।
राजनाथ सिंह ने कहा कि पीएम-सेतु के तहत सरकारी आईटीआई में आधुनिक सुविधाएं, प्रयोगशालाएं, डिजिटल लर्निंग और नवीनतम पाठ्यक्रम विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने उद्योगों और रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों से इस योजना में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि योजना की सफलता का पैमाना केवल मशीनें लगाना नहीं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार पैदा करना होना चाहिए।

- प्रशिक्षण से रोजगार तक बने स्पष्ट रास्ता
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि पीएम-सेतु सरकार, उद्योग और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच साझेदारी का नया मॉडल है। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण और रोजगार के बीच मौजूद अंतर को कम करना है।
उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि वे अपनी भूमिका केवल सीएसआर गतिविधियों तक सीमित न रखें, बल्कि आईटीआई क्लस्टरों के विकास, संचालन और प्रबंधन में सक्रिय भागीदारी करें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण ऐसा हो, जिसके बाद युवाओं के लिए अप्रेंटिसशिप और रोजगार तक पहुंच का स्पष्ट रास्ता तैयार हो।

- यूपी में 8 क्लस्टर, 32 आईटीआई होंगे विकसित
कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पीएम-सेतु के तहत 8 क्लस्टर और 32 आईटीआई चिन्हित किए गए हैं। इनमें से सात क्लस्टर उद्योगों की साझेदारी के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने के लिए हर संभव सहयोग करेगी।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़ा बाजार, विशाल युवा आबादी और तकनीकी रूप से सक्षम मानव संसाधन उपलब्ध है। उन्होंने सम्मेलन में शामिल उद्योगों को राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।

- रक्षा और विनिर्माण क्षेत्र में कुशल तकनीशियनों की बढ़ती मांग
सम्मेलन में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, भारत डायनेमिक्स लिमिटेड, ब्रह्मोस एयरोस्पेस, ट्रूप कम्फर्ट्स लिमिटेड, एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड, ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड, अशोक लेलैंड समेत प्रमुख औद्योगिक एवं रक्षा संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
उद्योग प्रतिनिधियों ने एयरोस्पेस, जहाज निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, प्रिसिजन इंजीनियरिंग, रक्षा उत्पादन, उन्नत वेल्डिंग, मेकाट्रॉनिक्स और ड्रोन तकनीक जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित तकनीशियनों की बढ़ती मांग पर जोर दिया।

- एक क्लस्टर पर 241 करोड़ तक का निवेश
पीएम-सेतु के तहत एक हब आईटीआई और चार स्पोक आईटीआई वाले क्लस्टर में 241 करोड़ रुपये तक का निवेश संभव है। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत, राज्य सरकार की 33 प्रतिशत और उद्योग साझेदारों का 17 प्रतिशत योगदान प्रस्तावित है।
क्लस्टर के संचालन के लिए प्रस्तावित एसपीवी व्यवस्था में एंकर इंडस्ट्री पार्टनर्स को 51 प्रतिशत हिस्सेदारी, जबकि केंद्र और राज्य सरकार को 24.5-24.5 प्रतिशत हिस्सेदारी दी जाएगी। सम्मेलन में बताया गया कि पांच राज्यों के सात क्लस्टरों में स्वीकृत उद्योग साझेदारी प्रस्ताव 1,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रतिनिधित्व करते हैं।

- 'शौर्य अकादमी’ के लिए एमओयू
कार्यक्रम के दौरान युवाओं को सशस्त्र बलों, पुलिस और अन्य वर्दीधारी सेवाओं में करियर के लिए तैयार करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) और लखनऊ छावनी बोर्ड के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत ‘शौर्य अकादमी’ की स्थापना की जाएगी।
सम्मेलन का मुख्य संदेश यही रहा कि आईटीआई में प्रशिक्षण और उद्योगों में रोजगार के बीच सीधा संबंध मजबूत किया जाए, ताकि प्रदेश के युवाओं को बदलती औद्योगिक अर्थव्यवस्था के अनुरूप कौशल मिले और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।
हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी की गोली मारकर हत्या


-सुशांत गोल्फ सिटी इलाके का मामला
-ड्राइवर पर विरोधियों के साथ मिलकर हत्या कराने का लगे आरोप 

लखनऊ। राजधानी के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके से लापता हुए हिंदूवादी नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या कर दी गई। रविवार को उनका शव दुबग्गा के पास एक नहर में मिला। परिजनों ने धीरेंद्र के ड्राइवर पर विरोधियों के साथ मिलकर हत्या कराने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और ड्राइवर समेत अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। जानकारी के मुताबिक़ धीरेंद्र पीजीआई इलाके में रह रहते थे। वह मूल रूप से उन्नाव के रहने वाले थे और हिंदू युवा वाहिनी के लखनऊ मंडल प्रभारी थे। शुरुआती जांच में जमीन की रंजिश में हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, आशंका है कि धीरेंद्र प्रताप सिंह को उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी में ही गोली मारी गई। इसके बाद शव को दुबग्गा के पास नहर में फेंक दिया गया। हालांकि, हत्या का सही कारण और वारदात का पूरा घटनाक्रम पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस जमीन से जुड़े विवाद और धीरेंद्र के संपर्क में रहने वाले लोगों की भी जानकारी जुटा रही है। सराय प्रेमराज नगर स्थित छोटी नहर में रविवार शाम को औंधे मुंह एक व्यक्ति का शव पड़ा था। वहां से गुजर रहे राहगीरों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकालकर उसकी शिनाख्त की कोशिश शुरू की। पुलिस ने शव की फोटो सोशल मीडिया और पुलिस ग्रुप में शेयर की। इसी दौरान सुशांत गोल्फ सिटी थाने में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट की जांच की गई, तो शव की पहचान धीरेंद्र के रूप में हुई।
दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद सियासी चर्चाएं तेज, क्या मिर्जापुर से चुनाव लड़ेंगी?

- 13 साल की सेवा के बाद दिया इस्तीफा; मिर्जापुर से जुड़ाव के बीच राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद इस्तीफा देने के साथ ही उनके अगले कदम को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। मिर्जापुर की पूर्व जिलाधिकारी रह चुकीं दिव्या मित्तल के इस्तीफे को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में उनके चुनावी राजनीति में उतरने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
कुछ सूत्रों के हवाले से यह चर्चा सामने आई है कि दिव्या मित्तल मिर्जापुर से विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं। हालांकि, इसकी अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, दिव्या मित्तल ने अपने इस्तीफे का कोई स्पष्ट राजनीतिक कारण सार्वजनिक नहीं किया है।

- मिर्जापुर से रहा खास जुड़ाव
दिव्या मित्तल का मिर्जापुर से जुड़ाव उनके प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान खासा चर्चित रहा। जिलाधिकारी के रूप में उनके कार्यकाल में हलिया ब्लॉक के दूरस्थ पहाड़ी गांव लहुरियादह में पहली बार पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचने की उपलब्धि चर्चा में रही थी। उन्होंने अपने विदाई संदेश में भी मिर्जापुर के अनुभवों का उल्लेख करते हुए वहां के कार्यकाल को अपनी सेवा यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
इसी दौरान स्थानीय स्तर पर उनके और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के बीच मतभेद की चर्चाएं भी सामने आई थीं। हालांकि, दिव्या मित्तल को मिर्जापुर से हटाए जाने या उनके तबादले को अनुप्रिया पटेल के हस्तक्षेप से जोड़ने संबंधी दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

- इस्तीफे की वजह पर अब भी सस्पेंस
30 अगस्त को दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए 13 साल की अपनी आईएएस यात्रा को विराम देने की जानकारी दी। उन्होंने अपनी शिक्षा, लंदन की नौकरी छोड़कर भारत लौटने और प्रशासनिक सेवा के अनुभवों को साझा किया, लेकिन इस्तीफे के पीछे किसी राजनीतिक दल या चुनाव का कारण नहीं बताया।
मीडिया रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि राजनीति में आने के सवाल पर दिव्या मित्तल ने इनकार किया है। ऐसे में फिलहाल मिर्जापुर से चुनाव लड़ने की चर्चा को अटकल के तौर पर ही देखा जा रहा है।
दिव्या मित्तल के अगले कदम पर अब सबकी नजर है। यदि वह सक्रिय राजनीति में उतरती हैं तो मिर्जापुर से उनके पुराने प्रशासनिक जुड़ाव के कारण आगामी विधानसभा चुनाव में यह एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम हो सकता है।