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दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी बेहद गंभीर, 'अनगिनत पत्रकारों' को रोकने के लिए सिस्टम बनाने की मांग

Lucknow News: दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश गिरीश कठपालिया ने यूट्यूब (YouTube) के स्वतंत्र पत्रकारों पर हमला करने के आरोपितों को जमानत देते हुए तल्ख टिप्पणियां कीं हैं। कोर्ट ने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र का स्तंभ है, लेकिन इसका उपयोग गैर-जिम्मेदाराना पत्रकारिता, डराने-धमकाने और सार्वजनिक व्यवस्था को खतरे में डालने की ढाल के रूप में नहीं किया जा सकता।
कोर्ट की इस तल्ख टिप्पणी के बाद रविवार को जर्नलिस्ट प्रोटेक्शन एसोसिएशन की एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत किया गया और केंद्र सरकार से 'पत्रकारिता करने के लिए न्यूनतम मानदंड व शैक्षिक अर्हता तय करने' की मांग की गई।

'स्वयंभू' पत्रकारों की बाढ़: दिल्ली हाईकोर्ट

जेपीए की बैठक में दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी से पत्रकारों को अवगत कराया गया। बताया गया कि दिल्ली हाईकोर्ट ने मीडिया के लिए एक नियामक ढांचे (regulatory framework) की आवश्यकता पर बल दिया है। कोर्ट ने टिप्पणी में कहा कि 'आज मोबाइल फोन और माइक लेकर कोई भी खुद को 'रिपोर्टर' घोषित कर सकता है, भले ही उनके पास कोई पत्रकारिता प्रशिक्षण, नैतिक आधार या जवाबदेही न हो।' बिना औपचारिक प्रशिक्षण के लोग 'भ्रामक नैरेटिव' बनाने के लिए लोगों से आक्रामक तरीके से सवाल पूछते हैं।

कानून की आवश्यकता: दिल्ली हाईकोर्ट

अदालत ने विधायिका से एक ऐसा ढांचा तैयार करने का आग्रह किया जो प्रेस की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखते हुए नैतिक मानकों और नागरिकों के अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करे। एक मामले का जिक्र करते हुए कोर्ट ने कहा कि वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान कथित पत्रकारों ने स्थानीय निवासियों को उकसाया, जिससे सामाजिक विभाजन और वैमनस्य बढ़ने का खतरा पैदा होता है।

कोर्ट की टिप्पणी के आधार पर पीएम को भेजा जाएगा पत्र

जेपीए बैठक में निर्णय लिया गया कि  सामूहिक हस्ताक्षर का एक पत्र भेजकर केंद्र सरकार से मांग की जाएगी कि पत्रकारिता के लिए 'न्यूनतम शैक्षिक अर्हता' और अधिमानी 'प्रशिक्षित अर्हता' निर्धारित की जाए। ताकि पत्रकारिता की नैतिकता व सम्मान बचा रह सके। शिवपुरी कालोनी कमता स्थित संगठन के प्रधान कार्यालय में आयोजित बैठक में संगठन के 17 दिसंबर के वार्षिक अधिवेशन पर भी चर्चा की गई। इस दौरान जेपीए चीफ विवेक प्रताप सिंह, कोषाध्यक्ष नरसिंह नारायण पांडे, संगठन मंत्री राम लायक यादव, कार्यकारी संगठन मंत्री प्रवीण सिंह, जिला अध्यक्ष सनी शाह, संरक्षक सदस्य संरक्षक सदस्य विवेक विश्व पांडे, उप प्रचार मंत्री सैयद फैजान उर्फ इकबाल, सह मीडिया प्रभारी सौरभ निगम, सदस्य रणजीत सिंह, संजय श्रीवास्तव, धनीष श्रीवास्तव, जिला सचिव फरहान इराकी समेत कई जर्नलिस्ट उपस्थित रहे।
इलाहाबाद गेस्ट हाउस एसोसिएशन व मेदांता हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वाधान में “ निशुल्क स्वास्थ परीक्षण शिविर” का आयोजन


Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,यह आयोजन शहरी क्षेत्र में वंचित व आर्थिक रूप से कमजोर समुदायों तक स्वास्थ्य सेवाओं के पहुँचाने का एक सफल प्रयास रहा जिसमे मेदांता हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों  द्वारा निःशुल्क रूप सामान्य रोग परामर्श और जांच कराया गया ।

इस अवसर पर ECG, ब्लड टेस्ट , बी पी चेक , सुगर चेक , बोनस बैलेंसिंग , आँखों की जाँच जैसी कई जांचें निशुल्क रूप से गई एवं उसके उपरांत विशेषज्ञों द्वारा मरीजों को उसके उपचार भी बताये गए। भारी संख्या में लोगों ने इस शिविर का लाभ उठाया।

मेदांता हॉस्पिटल लखनऊ के प्रसिद्ध डॉक्टर अमित शांडिल्य जी ने अपनी टीम अलका सिंह, ज्योतिर्मय रॉय, शीतल, मार्केटिंग हेड राहुल त्रिपाठी जी ने शिविर को संचालित किया।

इस अवसर पर प्रयाग व्यापार मंडल अध्यक्ष राणा चावला,इलाहाबाद गेस्ट हाउस असोसिएशन के अध्यक्ष गुफरान अहमद, उपाध्यक्ष विद्यासागर केशरी, प्रकाशन सचिव शाहिद कमाल, रवि जायसवाल ,अतिन गुप्ता,ओम प्रकाश जायसवाल, अकरम शगुन,विकास सिंह, आकाश जायसवाल, मोहम्मद आजम, दीपक केशरी , जतिंदर सिंह बब्बू जी , महमूद अहमद ख़ान , युवा अध्यक्ष साहिल अरोड़ा, युवा महामंत्री शुभम केसरवानी, प्रदीप सचदेवा, संदीप गुलाटी उपस्थित रहे।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रमाशीष राय को लेकर फैलाई जा रही अफवाहें निराधार: राष्ट्रीय लोकदल
* किसी अन्य दल में जाने की खबरों का RLD ने किया खंडन, कहा- पूर्व निर्धारित संगठनात्मक दौरे जारी


लखनऊ। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रमाशीष राय के किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होने अथवा इस संबंध में बातचीत चलने की खबरों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है।
पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मयंक त्रिवेदी ने रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि कुछ समाचार पत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में इस प्रकार की खबरें प्रसारित की जा रही हैं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। राष्ट्रीय लोकदल इन सभी खबरों का स्पष्ट रूप से खंडन करता है।
उन्होंने कहा कि डॉ. रमाशीष राय पूरी निष्ठा और सक्रियता के साथ संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं तथा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। उनके सभी पूर्व निर्धारित संगठनात्मक कार्यक्रम तय कार्यक्रम के अनुसार संचालित हो रहे हैं।
मयंक त्रिवेदी के अनुसार, वर्तमान में डॉ. रमाशीष राय का देवरिया सहित पूर्वांचल क्षेत्र का संगठनात्मक दौरा जारी है। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और मध्यांचल के विभिन्न जिलों में भी उनके कार्यक्रम पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लगातार आयोजित किए जाएंगे। इसी क्रम में 25 जुलाई को आजमगढ़ में उनका एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।

प्रदेश मीडिया प्रभारी ने मीडिया संस्थानों और आमजन से अपील की कि वे अपुष्ट एवं भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें तथा केवल राष्ट्रीय लोकदल द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी को ही प्रमाणिक मानें।
युवाओं और किसानों को फूड प्रोसेसिंग का प्रशिक्षण, स्वरोजगार के साथ बढ़ेगी आय

* यूपी के राजकीय प्रशिक्षण केंद्रों पर डिप्लोमा व अल्पकालिक पाठ्यक्रम संचालित, प्रशिक्षित युवाओं को यूनिट स्थापित करने के लिए अनुदान व सरकारी सुविधाओं का मिलेगा लाभ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार का उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग युवाओं, युवतियों और किसानों को खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) के क्षेत्र में प्रशिक्षित कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्रों और सामुदायिक फल संरक्षण एवं प्रशिक्षण केंद्रों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रशिक्षण की नियमित निगरानी करने और प्रशिक्षित युवाओं व किसानों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के प्रभावी प्रयास सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवक-युवतियां और किसान फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में स्वयं का उद्यम स्थापित कर अपनी आय बढ़ा सकेंगे। उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत अनुदान एवं अन्य सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
विभाग ने आगरा, अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, कानपुर, झांसी, प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या और गोरखपुर स्थित राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्रों के प्रधानाचार्यों तथा मिर्जापुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, सहारनपुर, चित्रकूट धाम के खाद्य प्रसंस्करण अधिकारियों एवं लखनऊ के फल संरक्षण अधिकारी को निर्धारित रोस्टर के अनुसार समयबद्ध प्रशिक्षण पूरा कराने के निर्देश जारी किए हैं।
विभाग की ओर से **बेकरी एवं कन्फेक्शनरी** तथा **कुकरी (पाक-कला)** में एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा इन्हीं विषयों में एक माह के अंशकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी उपलब्ध हैं। वहीं मंडल एवं जनपद स्तर पर संचालित राजकीय सामुदायिक फल संरक्षण एवं प्रशिक्षण केंद्रों में फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में 15 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाता है।
सरकार का उद्देश्य आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों से युवाओं और किसानों को दक्ष बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करना तथा कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है।
यूपी एएनटीएफ का बड़ा एक्शन! 1.30 करोड़ का प्रतिबंधित रसायन बरामद, चार तस्कर गिरफ्तार
लखनऊ /बरेली। उत्तर प्रदेश एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की बरेली यूनिट ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार सक्रिय तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 498.35 किलोग्राम एसिटिक एनहाइड्राइड प्रीकर्सर रसायन बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा दो वाहन, पांच मोबाइल फोन और 1,080 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।

यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध के मार्गदर्शन तथा पुलिस महानिरीक्षक एएनटीएफ के नेतृत्व में की गई।

चार तस्कर गिरफ्तार

एएनटीएफ ने जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार हुई है—

जोगेश उर्फ पिंकू निवासी मंडी धनौरा, अमरोहा
वासिद निवासी सहसवान, बदायूं
तेजपाल सिंह निवासी डिडौली, अमरोहा
अरुण कुमार निवासी जोया, अमरोहा

चारों आरोपियों को 18 जुलाई 2026 को बरेली के थाना शाही क्षेत्र में ग्राम जुनहाई बिजलीघर के सामने से गिरफ्तार किया गया।

मादक पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होता है रसायन

बरामद एसिटिक एनहाइड्राइड एक ऐसा प्रीकर्सर रसायन है, जिसका इस्तेमाल अवैध मादक पदार्थों के निर्माण में किया जाता है। इसकी तस्करी पर कानून के तहत सख्त प्रतिबंध है। एएनटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से दो वाहन, पांच मोबाइल फोन और नकदी भी जब्त की है।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी जोगेश ने बताया कि चारों आरोपी हरियाणा के मेवात क्षेत्र से यह रसायन खरीदकर लाए थे। जोगेश और वासिद एक कार से गए थे, जबकि अरुण और तेजपाल पिकअप वाहन लेकर पहुंचे थे। मेवात के एक व्यक्ति से रसायन लेकर उसे पिकअप में लादा गया और बदायूं में एक व्यक्ति को सौंपा जाना था। वहां से इसे पश्चिम बंगाल की एक पार्टी को भेजने की योजना थी।आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि इस अवैध कारोबार से होने वाले मुनाफे को वे आपस में बांट लेते थे।

एनडीपीएस अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज

इस मामले में थाना शाही, बरेली में एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों, रसायन के स्रोत और सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है।

संयुक्त टीम ने की कार्रवाई

इस कार्रवाई को एएनटीएफ बरेली यूनिट ने थाना शाही पुलिस और एएनटीएफ मुख्यालय की सर्विलांस टीम के सहयोग से अंजाम दिया। अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में मादक पदार्थों और उनसे जुड़े प्रीकर्सर रसायनों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कछुओं की तस्करी करने वाले गिरोह का एक सदस्य 171 कछुओं के साथ गिरफ्तार
लखनऊ । एसटीएफ उत्तर प्रदेश को अन्र्तराष्ट्रीय स्तर पर कछुओं की तस्कर करने वाले गिरोह के एक सदस्य को 171 कछुओं सहित जनपद कानपुर से गिरफ्तार करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई। गिरफ्तार अभियुक्त का नाम जाहिद अली पुत्र मो. अली निवासी ग्राम भटपुरा थाना कमालगंज, फतेहगढ़ है। इसके कब्जे से  171 अदद कछुआ (इंडियन रूफर्ड टर्टल), एक आधार कार्ड, एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। अभियुक्त को  हरबंश मोहाल, जनपद कानपुर ‌क्षेत्र अन्तर्गत रेलवे क्रॉसिंग के पास शनिवार की शाम को गिरफ्तार किया गया है।

शक्तिवर्धक दवाओं में इसका किया जाता है इस्तेमाल

वन्य जीव अपराध नियन्त्रण ब्यूरो भारत सरकार की पहल पर एसटीएफ ने पिछले कई वर्षों से उत्तर प्रदेश में कछुओं की तस्करी पर प्रभावी कार्यवाही की है। भारत में कछुओं की पाई जाने वाली 29 प्रजातियों में 15 प्रजातियाँ उत्तर प्रदेश में पाई जाती है। इनमें 11 प्रजातियों का अवैध व्यापार किया जाता है। यह अवैध व्यापार जीवित कछुओ के माँस अथवा पालने  (as pet) अथवा कछुओं की कैलिपी (झिल्ली) को सुखा कर शक्तिवर्धक दवाओं के लिए किया जाता है। कछुओं को SOFT SHELL (मुलायम कवच) तथा HARD SHELL(कठोर कवच) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। यमुना, चम्बल, गंगा, गोमती, घाघरा, गण्डक आदि नदियों, उनकी सहायक नदियों, तालाबों, आदि में यह कछुए बहुतायत में पाए जाते हैं।

बांग्लादेश, चीन व मलेशिया तक करते थे कछुओं की सप्लाई

विगत काफी दिनों से एसटीएफ  को प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की तस्करी करने वाले तस्करों के सक्रिय होने की सूचनाएं प्राप्त हो रहीं थी। इस सम्बन्ध में एसटीएफ की विभिन्न इकाईयों/टीमों को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था, जिसके अनुपालन में  अवनीश्वर चन्द्र श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ लखनऊ के पर्यवेक्षण में अभिसूचना संकलन के दौरान ज्ञात हुआ कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों के कछुआ तस्करों द्वारा बड़े स्तर पर विभिन्न प्रजातियों के कछुओ की तस्करी का कार्य किया जा रहा है। यह भी जानकारी हुई कि ऐसे व्यापारी माल बेचने के लिए पश्चिम बंगाल के व्यापारियों के संपर्क में रहते हैं, जहाँ से यह माल बंग्लादेश और म्यांमार के रास्ते चीन, हांगकांग, मलेशिया आदि देशो में भेजा जाता है।

एसटीएफ ने अभियुक्त को कानपुर से किया गिरफ्तार

उप निरीक्षक  फैजुद्दीन सिद्दीकी के नेतृत्व में एसटीएफ टीम जनपद कानपुर में भ्रमणशील थी। इस दौरान ज्ञात हुआ कि कुछ तस्कर भारी मात्रा में कछुओं की तस्करी के लिए कानपुर आने वाले है। इस सूचना को विकसित करते हुए वन विभाग कानपुर रेंज की टीम को साथ लेकर संयुक्त टीम द्वारा हरबंश मोहाल रेलवे क्रासिंग, जनपद कानपुर ‌के पास से एक तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया।गिरफ्तार अभियुक्त ने बताया कि वह जनपद फतेहगढ़ के आस पास के जनपदों के तालाबों एवं नदियों से स्थानीय कछुआ तस्करों के माध्यम से कछुए इकठ्ठा करता है, इसके पश्चात कानपुर के तस्करों के साथ मिलकर उन कछुओं की बिहार व पश्चिम बंगाल में सप्लाई करता है। 

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा

अभियुक्त के विरूद्ध वन रेंज कानपुर में केस नं0 10/2026-27 धारा 09, 39, 40, 48ए, 51, 57 वन्य जीव संरक्षण अधिनियम-1972 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कराया जा रहा है। आवष्यक विधिक कार्यवाही वन रेंज कानपुर द्वारा की जायेगी।
योगी सरकार में निपुण भारत मिशन के विस्तारीकरण को मिला रोडमैप, कक्षा-5 तक तय होंगे अधिगम लक्ष्य
-  बालवाटिका से कक्षा-5 तक मिशन का विस्तार, एनसीएफ, एनसीईआरटी और परख के अनुरूप विकसित होंगे कक्षावार लक्ष्य : मंत्री संदीप सिंह

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बुनियादी शिक्षा को और अधिक गुणवत्तापूर्ण, परिणामोन्मुख तथा दक्षता आधारित बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप निपुण भारत मिशन के विस्तारीकरण एवं लक्ष्य निर्धारण की व्यापक कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।
इस कार्ययोजना के अंतर्गत मिशन को बालवाटिका से कक्षा-5 तक प्रभावी रूप से लागू करते हुए प्रत्येक कक्षा के लिए स्पष्ट अधिगम लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे। इसके साथ ही बच्चों के सीखने के स्तर का नियमित आकलन, शिक्षक क्षमता संवर्धन, लर्निंग गैप की पहचान और सुधारात्मक शिक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि  योगी सरकार में बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप निपुण भारत मिशन को अब बालवाटिका से कक्षा-5 तक विस्तारित किया जा रहा है, ताकि हर बच्चे की मजबूत शैक्षणिक नींव तैयार हो सके।
हमारा लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा निर्धारित अधिगम लक्ष्यों से पीछे न रहे। इसके लिए हमने एनसीएफ और परख के अनुरूप कक्षावार लक्ष्य तय करने, शिक्षकों के क्षमता संवर्धन और सतत मूल्यांकन की ठोस कार्ययोजना बनाई है। योगी सरकार ने सरकारी स्कूलों को आधुनिक संसाधनों, प्रशिक्षित शिक्षकों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पद्धति से लैस किया है। यह रोडमैप प्रदेश में सीखने के परिणामों में ऐतिहासिक सुधार लाएगा और उत्तर प्रदेश बुनियादी शिक्षा में पूरे देश के लिए मॉडल बनेगा।
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को मिशन के विस्तारीकरण और निर्धारित लक्ष्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश जारी किए हैं। निपुण भारत मिशन के विस्तारीकरण की यह कार्ययोजना बुनियादी शिक्षा को नई दिशा देने वाली पहल मानी जा रही है। बालवाटिका से कक्षा-5 तक सीखने की एक सतत श्रृंखला विकसित कर प्रत्येक बच्चे को उसकी आयु और कक्षा के अनुरूप आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं दक्षताओं से सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्ययोजना के अनुसार कक्षा-3 से 5 तक हिंदी, अंग्रेजी, गणित एवं पर्यावरण अध्ययन के लिए विषयवार और कक्षावार अधिगम लक्ष्य एनसीएफ, एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों तथा परख (PARAKH) के मानकों के अनुरूप विकसित किए जाएंगे। इसके लिए विशेषज्ञों, एससीईआरटी, डायट तथा शिक्षकों के सहयोग से दक्षताओं का निर्धारण कर परामर्श कार्यशालाओं के माध्यम से उन्हें अंतिम रूप दिया जाएगा।
नई कार्ययोजना में पाठ्यक्रम पूरा कराने के साथ-साथ प्रत्येक बच्चे के वास्तविक सीखने के स्तर पर विशेष जोर दिया गया है। विद्यालय स्तर पर नियमित मूल्यांकन, फॉर्मेटिव असेसमेंट के माध्यम से बच्चों की प्रगति का निरंतर परीक्षण किया जाएगा और लर्निंग गैप वाले बच्चों के लिए कैच-अप शिक्षण और अतिरिक्त सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण, दक्षता आधारित शिक्षा, टीएलएम के प्रभावी उपयोग, डिजिटल संसाधनों तथा दीक्षा प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। बालवाटिका स्तर पर स्कूल रेडीनेस, विद्यालयों में पुस्तकालयों के प्रभावी उपयोग, पढ़ने की संस्कृति और अभिभावकों की सहभागिता पर भी विशेष बल दिया गया है। राज्य, जिला, विकासखंड और विद्यालय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग एवं समीक्षा व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।
अपडेट... उप्र: मेरठ में पत्नी ने प्रेमी संग रची खौफनाक साजिश, नशीला दूध पिलाकर जहरीले सांप से कराई पति की हत्या

लखनऊ/मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक बेहद सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक महिला पर अपने प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। आरोप है कि पहले पति को नशीला दूध पिलाकर बेहोश किया गया और फिर जहरीले सांप से कटवाकर उसकी हत्या कर दी गई।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, मृतक अतुल पंवार अपनी पत्नी दामिनी के साथ मिलकर एक स्कूल का संचालन करते थे। इसी दौरान स्कूल के ड्राइवर तुषार और दामिनी के बीच कथित प्रेम संबंध बन गए। आरोप है कि दोनों ने अतुल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
जांच में सामने आया है कि तुषार ने अपने दो साथियों सोनू और उदय की मदद से करैत प्रजाति का जहरीला सांप मंगवाया। आरोप है कि दामिनी ने इसके लिए तुषार को 15 हजार रुपये दिए थे। पुलिस का दावा है कि सांप को तीन दिन तक भूखा रखा गया, ताकि वह अधिक आक्रामक हो जाए।
इसके बाद कथित तौर पर दामिनी ने अतुल को दूध में नशीली गोलियां मिलाकर पिला दीं। जब वह बेहोश हो गया, तब बिस्तर पर जहरीला सांप छोड़ दिया गया। सांप के डसने से अतुल पंवार की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में दामिनी, उसके कथित प्रेमी तुषार और अन्य आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
मेरठ में एक वर्ष के भीतर जहरीले सांप का इस्तेमाल कर हत्या का यह दूसरा मामला बताया जा रहा है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
उप्र: मेरठ में पत्नी ने प्रेमी संग रची खौफनाक साजिश, नशीला दूध पिलाकर जहरीले सांप से कराई पति की हत्या का आरोप
लखनऊ/ मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक बेहद सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला ने अपने प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची। पुलिस के अनुसार, पहले पति को नशीला दूध पिलाकर बेहोश किया गया और फिर जहरीले सांप से कटवाकर उसकी जान ले ली गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी मिलकर एक स्कूल का संचालन करते थे। इसी दौरान स्कूल के ड्राइवर तुषार और पत्नी दामिनी के बीच कथित प्रेम संबंध बन गए। आरोप है कि तुषार ने अपने दो साथियों सोनू और उदय की मदद से एक जहरीले सांप का इंतजाम किया और उसे दामिनी को सौंप दिया।
पुलिस के मुताबिक, दामिनी ने पहले अपने पति को नशीला दूध पिलाया। जब वह बेहोश हो गया, तब बिस्तर में जहरीला सांप छोड़ दिया गया। सांप के डसने से उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और साजिश के हर पहलू की जांच की जा रही है। मेरठ में एक वर्ष के भीतर जहरीले सांप का इस्तेमाल कर हत्या का यह दूसरा मामला बताया जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
वर्किंग प्रोफेशनल डिप्लोमा प्रवेश 2026-27: 23 से 26 जुलाई तक करें विकल्प चयन, 28 से 31 जुलाई तक होगा अभिलेख सत्यापन

-  संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद ने जारी किया काउंसिलिंग कार्यक्रम, निर्धारित तिथि तक प्रक्रिया पूरी न करने पर आवेदन होगा निरस्त

लखनऊ। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद (JEECUP), उत्तर प्रदेश ने राज्य की तकनीकी संस्थाओं में संचालित वर्किंग प्रोफेशनल डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के प्रवेश सत्र 2026-27 के लिए विकल्प चयन (चॉइस फिलिंग) और अभिलेख सत्यापन का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है।
परिषद के सचिव संजीव कुमार सिंह ने बताया कि जिन अभ्यर्थियों ने परिषद के आधिकारिक पोर्टल jeecup.admissions.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन किया है, उन्हें 23 जुलाई से 26 जुलाई 2026 तक अनिवार्य रूप से ऑनलाइन विकल्प चयन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। निर्धारित अवधि में विकल्प चयन नहीं करने वाले अभ्यर्थियों का आवेदन स्वतः निरस्त माना जाएगा। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों को परिषद के पोर्टल पर लॉगिन कर संस्थानवार एवं पाठ्यक्रमवार अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार विकल्प दर्ज करने होंगे।
विकल्प चयन के बाद अभिलेखों का भौतिक सत्यापन 28 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक कराया जाएगा। इसके लिए अभ्यर्थियों को निर्धारित सत्यापन केंद्र राजकीय पॉलीटेक्निक, लखनऊ अथवा राजकीय महिला पॉलीटेक्निक, लखनऊ में स्वयं उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा।
परिषद ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे काउंसिलिंग से संबंधित दिशा-निर्देश, समय-सारिणी तथा अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं के लिए नियमित रूप से परिषद के आधिकारिक एनआईसी पोर्टल jeecup.admissions.nic.in का अवलोकन करते रहें।