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प्रसव के बाद महिला की मौत, आक्रोशित घरवालों का पोस्टमार्टम हाउस में हंगामा; इलाज में लापरवाही का आरोप


Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज , शहर के करेली क्षेत्र स्थित नाज अस्पताल में प्रसव के बाद महिला मरीज की मौत हो गई। महिला के घरवालों ने इलाज में लापरवाही बरतने से महिला की मौत का आरोप लगाते हुए पोस्टमार्टम हाउस में शनिवार को हंगामा किया। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल कर रही है।

नैनी के चाका ब्लाक में पति संग रहती थी
जौनपुर जिले के सरपतहा थाना क्षेत्र स्थित नवादा पट्टी गांव निवासी 28 वर्षीय प्रतिभा मौर्य गर्भवती थी। वह अपने पति के साथ चाका ब्लाक के पास नैनी में रहती थी। पति दीनानाथ एक प्राइवेट टेलीकॉम कंपनी में काम करता है। वर्ष 2022 में उनकी शादी हुई थी।

बच्ची को जन्म देने के बाद बिगड़ी तबीयत
डिलीवरी कराने के लिए 17 जुलाई की शाम प्रतिभा को करेली स्थित नाज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां उसने एक बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद प्रतिभा की तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टर ने आईसीयू में भर्ती किया। आरोप है कि इस दौरान परिवार वालों को मिलने नहीं दिया गया। दबाव बनाने पर उन्होंने मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए कहा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर पुलिस करेगी कार्रवाई
घरवाले जब प्रतिभा को लेकर सिविल लाइंस स्थित दूसरे अस्पताल में पहुंचे तो पता चला की मौत हो चुकी है। इस पर परिवार वाले नाराज हो गए। पोस्टमार्टम हाउस पर घटना के विरोध में हंगामा किया। चौकी इंचार्ज राजरूपपुर जगदीश का कहना है कि मामले की अभी कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।

जौनपुर जिले की निवासी प्रतिभा मौर्य पति के साथ नैनी के चाका ब्लाक में रहती थी
इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन पंत छात्रावास खाली कराने पहुंचा, विरोध में उतरे अंतेवासी; कई थाने की फोर्स डटी


Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज , पंत छात्रावास को विश्वविद्यालय प्रशासन ने खाली कराने का निर्णय लिया है। यहां अकादमिक पढ़ाई के साथ प्रतियोगी छात्र भी रहते हैं। समाज कल्याण विभाग की ओर से चलने वाले इस छात्रावास में छात्राओं को रहकर तैयारी करने का अवसर दिया जाता है। कई वर्ष से यहाँ छात्र जमे है, हालांकि सभी अंतेवशी खुद को नियमित अंतेवासी बता रहे हैं।

अंतेवासियों ने लगाया आरोप
पंत छात्रावास के अंतेवासियों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन सभी छात्रों को बाहर कर हॉस्टल को बंद करना चाहता है। दूसरी तरफ विश्वविद्यालय प्रशासन और विभाग का कहना है कि छात्रावास को मरम्मतीकरण के लिए खाली कराया जा रहा है।

दोनों पक्षों में वार्ता हुई
छात्रावास में कई थानों की पुलिस मौजूद है। एसीपी छात्रों से वार्ता कर समझाने का प्रयास कर रहे हैं। इस प्रकरण में छात्रों का कहना है कि प्रॉक्टर से उनकी बात कराई जाए और स्थिति को स्पस्ट करें। नए सत्र में नए प्रवेश की प्रक्रिया शुरू करने का भी आश्वासन दिया जाए। दोनों पक्षों में बातचीत की प्रक्रिया जारी है।
पढ़ाई तभी सार्थक, जब जाति-पांति से ऊपर उठकर मानवता को अपनाएं: आनंदीबेन पटेल
-राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 18 मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए

प्रयागराज। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि समाज में मानवता, संवेदनशीलता और समानता के मूल्यों को स्थापित करना है।

उक्त बातें शुक्रवार को उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय (यूपीआरटीओयू) प्रयागराज के 21वें दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहीं। उन्होंने कहा कि हम आज इतने पढ़-लिख गए हैं, लेकिन जाति-पाति से बाहर नहीं निकल पाए हैं। विद्यार्थियों से उन्होंने आह्वान किया कि वे भेदभाव से ऊपर उठकर इंसानियत को सर्वोच्च स्थान दें और अपने ज्ञान का उपयोग समाज के सकारात्मक परिवर्तन के लिए करें।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में एक प्रेरक घटना साझा करते हुए बताया कि एक गरीब सब्जी विक्रेता ने झाड़ियों में लावारिस मिली नवजात बच्ची को बिना उसकी जाति या धर्म देखे अपनाया, उसका पालन-पोषण किया और पढ़ा-लिखाकर अधिकारी बनाया। उन्होंने कहा कि ऐसे उदाहरण समाज को यह संदेश देते हैं कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है और सभी को इसी भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

आनंदीबेन पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि यहां अधिकांश विश्वविद्यालयों का नाम देश के महान व्यक्तित्वों, विद्वानों और राष्ट्रनिर्माताओं के नाम पर रखा गया है। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि जिन महापुरुषों के नाम पर संस्थान हैं, उनके जीवन और विचारों पर व्याख्यान, निबंध, पेंटिंग एवं संवाद जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं, ताकि विद्यार्थी उनके आदर्शों को आत्मसात कर सकें। उन्होंने बताया कि इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं की अंतिम प्रतियोगिता राजभवन में आयोजित की जाएगी।

दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने 18 मेधावी छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किए, जिनमें 12 छात्राएं और 6 छात्र शामिल रहे। साथ ही 30,886 डिग्रियों को डिजिलॉकर पर अपलोड कर विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से उपाधियां उपलब्ध कराईं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

समारोह की मुख्य अतिथि पद्मश्री एवं अन्य लोकगायिका मालिनी अवस्थी ने कहा भारतीय भाषाओं, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर बल देते हुए विद्यार्थियों से अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिनकी राज्यपाल ने सराहना करते हुए उन्हें चॉकलेट देकर उत्साहवर्धन किया। कहानी लेखन एवं भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली प्राथमिक विद्यालय की छात्राएं आराध्या साहू और परी सिंह को भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत्यकाम, शिक्षक, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय का 21वां दीक्षांत समारोह शिक्षा, संस्कार, डिजिटल नवाचार और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ।
संजीवनी हरियाली अभियान के तहत कुकरहटा गांव में वृक्षारोपण एवं जागरूकता गोष्ठी आयोजित, 1850 पौधों का वितरण


Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,कुकरहटा गांव स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में  संजीवनी हरियाली अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जागरूकता गोष्ठी एवं पौध वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अभियान का लक्ष्य एक लाख पौधों का रोपण करना है।कार्यक्रम में लगभग 112 ग्रामीणों, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सक्षम आनुषांगिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ  कमलकांत पांडेय ने अपने संबोधन में प्रत्येक परिवार को अपने घर के आसपास तथा किचन गार्डन विकसित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि घर के आसपास फल एवं सब्जियों के पौधे लगाने से परिवार को पौष्टिक आहार उपलब्ध होता है, साथ ही पेड़ छाया, स्वच्छ वातावरण और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान संस्था के सचिव  उदित नारायण शुक्ल ने सभी अतिथियों एवं ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए प्रत्येक परिवार से लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का आग्रह किया। इस अवसर पर गांव के प्रत्येक परिवार को 3–4 पौधे वितरित किए गए। पूरे गांव में कुल 1,850 पौधों का वितरण किया गया, जिनमें सहजन (मोरिंगा), अमरूद, आंवला, शहतूत, कटहल, आम, नींबू सहित विभिन्न फलदार एवं उपयोगी प्रजातियों के पौधे शामिल थे।  प्रधान प्रतिनिधि ज्योति प्रकाश सिंह (बाबा)  ने भी ग्रामीणों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी सुरक्षा और संरक्षण का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में अरुणा द्विवेदी, प्रीतु सिंह, नीरज कुमारी  सौरभ शुक्ल सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे कार्यक्रम का समापन सभी ग्रामीणों द्वारा पौधों के संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन का सामूहिक संकल्प लेने के साथ हुआ। यह आयोजन संजीवनी हरियाली अभियान के अंतर्गत एक लाख पौधे लगाने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बारा तहसील में ऐतिहासिक धरोहरों पर भू-माफियाओं का कब्जा, किसान नेता दीपक तिवारी द्वारा जिलाधिकारी से मिलकर सौंपी गई शिकायत

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। जनपद की अमूल्य ऐतिहासिक और पर्यावरणीय धरोहरों को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने के लिए भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के मंडल अध्यक्ष बबलू दुबे जी के नेतृत्व में  वरिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष दीपक तिवारी के द्वारा अब सीधे जिलाधिकारी के स्तर पर बड़ी पहल शुरू हो गई है। ऐतिहासिक 'लोनी नदी' और पुरातत्व विभाग के अधीन आने वाले 'गढ़वा किला' परिसर के सदियों पुराने तालाब को बचाने के लिए सामाजिक स्तर पर आवाज बुलंद की गई है इस गंभीर मुद्दे को लेकर जिलाधिकारी प्रयागराज, श्री मनीष वर्मा जी से मुलाकात कर एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा गया और उन्हें जमीनी हकीकत से रूबरू कराया गया।_*
*जो इस प्रकार हैं __*
*_कटरा से होकर शिवराजपुर, कपारी, जोरवट और कल्याणपुर होते हुए देवरा टोंस नदी में मिलने वाली ऐतिहासिक 'लोनी नदी' का वजूद आज खतरे में भू-माफियाओं और अवैध वाशिंग प्लांट संचालकों ने नदी के बहाव क्षेत्र को पाटकर उस पर अवैध कब्जा कर लिया है। वही पुरातत्व विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए, ऐतिहासिक गढ़वा किला परिसर के सदियों पुराने संरक्षित तालाब को पाट दिया गया है और वहाँ धड़ल्ले से अवैध वाशिंग प्लांट चलाए जा रहे हैं।_*
*_मुलाकात के दौरान जिलाधिकारी महोदय को अवगत कराया गया कि यह न सिर्फ पर्यावरण के साथ खिलवाड़ है, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों की ऐतिहासिक धरोहरों को नष्ट करने की एक बड़ी साजिश है। जिलाधिकारी मनीष वर्मा जी ने पूरे मामले को बेहद गंभीरता से सुना और इस पर जनहित, पर्यावरण व देश की अमूल्य धरोहरों की रक्षा हेतु त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।_*
उप्र राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय का 21वां दीक्षांत समारोह 21 जुलाई को, रम्या सिंह को मिलेगा कुलाधिपति स्वर्ण पदक

विश्वविद्यालय में 17 को प्रदान किए जाएंगे 26 स्वर्ण पदक, तीस हजार से अधिक शिक्षार्थियों को प्रदान की जाएंगी उपाधि

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज का 21वां दीक्षांत समारोह 17 जुलाई को सुबह 10 बजे सरस्वती परिसर स्थित अटल प्रेक्षागृह में आयोजित होगा। समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल करेंगी, जबकि मुख्य अतिथि पद्मश्री मालिनी अवस्थी होंगी। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और राज्य मंत्री रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगी। यह जानकारी बुधवार को मीडिया से वार्ता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.सत्यकाम ने दी।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष विभिन्न विद्याशाखाओं के मेधावी विद्यार्थियों को 26 स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। इनमें 20 स्वर्ण पदक छात्राओं और 6 स्वर्ण पदक छात्रों को मिलेंगे। दीक्षांत समारोह में सत्र दिसंबर-2025 एवं जून-2026 की परीक्षाओं में सफल 30,886 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की जाएगी। इनमें 17,778 पुरुष और 13,098 महिला छात्र-छात्राएं शामिल हैं।

कुलपति ने बताया कि अम्बेडकरनगर स्थित देव इन्द्रावती महाविद्यालय की बीएससी छात्रा रस्या सिंह को कुलाधिपति स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने स्नातक एवं स्नातकोत्तर परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और उन्हें सर्वाधिक चार स्वर्ण पदक भी प्राप्त होंगे।

विश्वविद्यालय की ओर से विभिन्न विद्याशाखाओं के स्नातक एवं स्नातकोत्तर वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक तथा 12 प्रतिभाशाली छात्रों को दानदाता स्वर्ण पदक से भी सम्मानित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि स्नातक वर्ग में विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक इस बार विश्व विद्यालय के टापर्स को दिए जाएंगे। जिसमें मानविकी विद्याशाखा से स्वर्ण पदक अध्ययन केन्द्र सरदार पटेल स्मारक महाविद्यालय अम्बेडकरनगर के बीए की छात्रा सरिता वर्मा को, समाज विज्ञान विद्या शाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक अध्ययन केन्द्र डां. परशुराम दीनबंधु महाविद्यालय अम्बेडकरनगर के बीए की छात्रा आकृति पटेल को, प्रबंधन अध्ययन विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक अध्ययन केन्द्र रामलगन महाविद्यालय मऊ के बीकाम की छात्रा मरियम खानम शाहिद खान को, शिक्षा विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक शिक्षा शाख अध्ययन केन्द्र विश्ववविद्यालय मुख्य परिसर प्रयागराज के बी.एड.(विशिष्ट शिक्षा) के छात्र जितेन्द्र कुमार जायसवाल को, विज्ञान विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक अध्ययन केन्द्र देव इन्द्रावती महाविद्यालय अम्बेडकरनगर के बीएससी की छात्रा रम्या सिंह को, स्वस्थ्य विज्ञान विद्याशाखा से विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक अध्ययन केन्द्र डीवीएस कालेज आगरा के बीएससी के छात्र कुशाग्र सिंह को प्रदान किया जाएगा।

कुलपति प्रो. सत्यकाम ने बताया कि राज्यपाल के निर्देश पर दीक्षांत समारोह से पूर्व गोद लिए गए गांवों के विद्यालयों में खेलकूद, निबंध लेखन, भाषण, चित्रकला और कहानी-कथन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

प्रतियोगिताओं के विजेताओं को दीक्षांत समारोह में राज्यपाल के हाथों सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों को कुलाधिपति की ओर से किट वितरित की जाएगी तथा विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित प्रस्तुति भी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि दीक्षांत समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला प्रशासन के सहयोग से परिसर में सुरक्षा,पार्किंग और अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
उत्तर प्रदेश औद्योगिक कल्याण संघ की बैठक में औद्योगिक क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं एवं सुरक्षा व्यवस्था पर हुई गंभीर चर्चा
प्रयागराज ।उत्तर प्रदेश औद्योगिक कल्याण संघ के कार्यालय पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में औद्योगिक क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटों के न जलने, नियमित सफाई व्यवस्था की कमी, वृक्षारोपण, यातायात सुरक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत एवं गंभीर चर्चा की गई।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए संघ के अध्यक्ष  आशुतोष तिवारी ने औद्योगिक क्षेत्र में गैस टैंकरों की आवाजाही से उत्पन्न संभावित खतरे और औद्योगिक क्षेत्र से निकलते समय होने वाली यातायात संबंधी समस्याओं पर विशेष चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मिर्जापुर हाईवे पर गति सीमा के संकेतक (स्पीड लिमिट बोर्ड) एवं स्पीड बैरियर न होने के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएँ होती रहती हैं। जबकि रिलायंस एवं भारत पेट्रोलियम जैसी दो प्रमुख गैस कंपनियों के सैकड़ों गैस टैंकर प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी छोटी दुर्घटना का परिणाम अत्यंत गंभीर एवं विनाशकारी हो सकता है।

उन्होंने हाल ही में कौशाम्बी में गैस टैंकर की मामूली टक्कर के बाद हुए विस्फोट तथा चार दिन पूर्व रेमंड तिराहे पर हुई गैस रिसाव की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि ये घटनाएँ पूरे औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गंभीर चेतावनी हैं। उन्होंने रेमंड तिराहे पर तत्काल गति सीमा बैरियर एवं आवश्यक यातायात सुरक्षा उपाय लागू किए जाने की मांग की।

श्री तिवारी ने यह भी कहा कि रेमंड तिराहे पर हाईमास्ट लाइट स्थापित होने के बावजूद UPSIDA की लापरवाही के कारण उसे नियमित रूप से नहीं जलाया जाता, जिससे रात्रि में आवागमन करने वाले वाहन चालकों एवं कर्मचारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। साथ ही सड़क किनारे अनावश्यक भीड़ एवं अवैध रूप से खड़े वाहनों के कारण गैस टैंकर चालकों तथा अन्य वाहन चालकों की दृश्यता प्रभावित होती है, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

डी. एन. मिश्रा ने इस गंभीर विषय को राज्य स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक में प्रमुखता से उठाने तथा फायर विभाग से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में फायर स्टेशन का अभाव एक गंभीर कमी है और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं।

मनीष केसरवानी ने तीन दिन पूर्व हुई एक घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि स्ट्रीट लाइटें बंद होने के कारण अंधेरे में खड़े एक ट्रक चालक का मोबाइल फोन अराजक तत्वों द्वारा चोरी कर लिया गया। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट लाइटें स्थापित होने के बावजूद उनका नियमित संचालन न होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंताजनक है।

अंकिता गौर ने महिला कर्मचारियों की समस्या उठाते हुए बताया कि सिटी ट्रांसपोर्ट की बैटरी बसें रेमंड तिराहे से शहर के लिए शाम 6:00 बजे तक ही संचालित होती हैं, जबकि अनेक महिला कर्मचारी शाम 6:30 बजे एवं 7:00 बजे तक कार्य करती हैं। इसके कारण उन्हें सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं मिल पाती। साथ ही स्ट्रीट लाइटें बंद रहने के कारण उन्हें अंधेरे में रेमंड तिराहे अथवा मिर्जापुर मुख्य मार्ग तक पैदल जाना पड़ता है, जिससे उनकी सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा होता है। संगठन ने इस विषय को उद्योग बंधु की बैठक में आयुक्त महोदय एवं उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) के समक्ष उठाने का निर्णय लिया।

बैठक में औद्योगिक क्षेत्र में नियमित सफाई व्यवस्था, वृक्षारोपण तथा अन्य जनहित एवं औद्योगिक विकास से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया तथा संबंधित विभागों से शीघ्र आवश्यक कार्रवाई कराने का निर्णय लिया गया। बैठक में अविनाश द्विवेदी,  वी. एन. मिश्रा,  रितेश केशरवानी सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
लहवा पोखरी भगेसर  सड़क  दर्द की दास्तान: गड्ढों में समा गई उम्मीदें, डीएम साहब एक नजर इस पर भी

  विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र के कोरांव तहसील अंतर्गत ग्राम सभा लहवा भगेसर गांव से होते हुए पोखरी रोड तक जाने वाली यह मुख्य सड़क अब किसी कब्रगाह से कम नहीं लगती। यह वही सड़क है जो पूरे गांव के आवागमन की एकमात्र कड़ी है, लेकिन उसकी हालत देखकर यही सवाल उठता है — क्या यह सड़क कभी बनी भी थी या हमेशा से टूटी ही रही है? सड़क पर जगह-जगह इतने गहरे गड्ढे हैं कि बरसात के दिनों में यह रास्ता तालाब में तब्दील हो जाता है, और सूखे मौसम में धूल का गुबार लोगों की आंखों में चुभता है। पैदल चलना तो दूर, बाइक और साइकिल तक निकालना मुश्किल हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि “कई साल बीत गए, लेकिन सड़क आज भी विकास के इंतज़ार में है।” न खड़ंजा, न मोरम, न डामरीकरण — बस मिट्टी, कीचड़ और गड्ढों का साम्राज्य। पोखरी गांव के लोगों का सवाल है कि क्या यह गांव सरकार की सूची में दर्ज नहीं है? अगर दर्ज है तो क्या जिम्मेदार अधिकारी इस क्षेत्र में कभी पहुंचे नहीं? क्या किसी ने इस सड़क की दुर्दशा अपनी आंखों से नहीं देखी?गांव वालों की व्यथा साफ है — “सड़क नहीं, सजा मिली है हमारे। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, बीमार को ले जाना मुश्किल है, और किसान अपने खेत से फसल निकालते वक्त गिर पड़ते हैं।” यह सड़क अब सिर्फ रास्ता नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक बन चुकी है। फोटो और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सड़क नाम की चीज बची ही नहीं — सिर्फ मिट्टी और गड्ढे हैं, जो मानो कह रहे हों कि “हम भी कभी सड़क थे।”गांव के लोगों ने कई बार शिकायतें कीं, लेकिन हर बार आश्वासन मिला, निर्माण नहीं। अधिकारी आते हैं, देखते हैं, और फिर चले जाते हैं —ठीक वैसे ही जैसे बरसात के बाद पानी सूख जाता है लेकिन कीचड़ रह जाता है।--अब सवाल यह है — क्या प्रशासन तब जागेगा जब कोई हादसा हो जाएगा? क्या लहवा पोखरी भगेसर गांव के लोग इसी टूटी उम्मीदों की राह पर चलते रहेंगे? ग्रामीणों की यही पुकार है “सड़क बनवाइए,हमें भी इंसान समझिए।”अगर सक्षम अधिकारी अब भी नहीं जागे तो यह सड़क नहीं, पूरा गांव प्रशासनिक उदासीनता की चपेट में समा जाएगा।
प्रयागराज प्रेस क्लब की मुहिम लायी रंग, पत्रकारों को मिलेगा आशियाना

पीडीए वीसी ने २ बीएचके फ्लैट के लिए मांगा डिमांड फार्म, जुलाई के अंत तक ई-लाटरी निकालने का दिया आश्वासन

Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ प्रयागराज, १३ जुलाई

विश्वनाथ प्रताप सिंह

भूमाफियाओं से खाली करायी गयी जमीनों पर पत्रकारों को आवास आवण्टन के लिए प्रयागराज प्रेस क्लब की ओर से चलायी जा रही मुहिम रंग लायी है। सोमवार को क्लब के अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह के नेतृत्व में पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ऋषि राज से मुलाकात करके ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने कहा कि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज द्वारा प्रयागराज में की गयी जनसभाओं में भूमाफियाओं से खाली करायी गयी जमीनों पर पत्रकारों को भी आवास देने की घोषणा की गई थी। इसके क्रम में प्रयागराज में भूमाफियाओं से खाली करायी गयी जमीनों पर बनने वालों आवासों में जनपद के पत्रकारों को भी वरीयता देते हुए भूखण्ड/ फ्लैटों का आवंटन करने की मांग की। इससे पहले प्रयागराज प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने मंडलायुक्त श्रीमती सौम्या अग्रवाल और जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा को ज्ञापन सौंपकर पत्रकारों की आवासीय समस्याओं को दूर करने की मांग की
थी। पीडीए उपाध्यक्ष ऋषि राज ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप हम लोग पत्रकारों के आशियाने के सपने को साकार करने के लिए तैयार हैं। आप लोग अगले तीन दिनों में ५० रुपए शुल्क के साथ फार्म भरकर अपना मांगपत्र पीडीए कार्यालय में जमा करा दें। मांग के अनुरूप पीडीए इलाहाबाद पश्चिम क्षेत्र में हाईकोर्ट से महज १० मिनट की दूरी पर आवासीय योजना तैयार करने जा रहा है। पीडीए वीसी ने बताया कि २ बीएचके के ६५८ फ्लैट बनाए जायेंगे और मांग के अनुरूप प्राथमिकता के आधार पर पत्रकारों को आवास दिये जायेंगे। रेरा से अनुमति मिलने के बाद जुलाई माह के अंत तक ई-लाटरी निकाली जाएगी। ज्ञापन सौंपने वालों में क्लब के सचिव अचिन्त्य रंजन मिश्र, संयुक्त सचिव नवीन सारस्वत, आनंद राज, गगन जैन, विजेन्द्र आदि पत्रकार और छायाकार मौजूद रहे।
संजीवनी ट्रस्ट ने शुरू किया ‘हरियाली अभियान-सितंबर तक 1 लाख पौधे लगाने का संकल्प
प्रयागराज

Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह
12 जुलाई। पर्यावरण संरक्षण एवं ग्रामीण स्वास्थ्य संवर्धन की दिशा में कार्यरत संजीवनी ट्रस्ट ने ‘हरियाली अभियान-2026’ का शुभारंभ करते हुए 30 सितंबर, 2026 तक 1 लाख औषधीय एवं फलदार पौधे लगाने का संकल्प लिया है। यह अभियान प्रदेश सरकार के वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम “एक पेड़ माँ के नाम” के साथ समन्वय में संचालित किया जा रहा है ट्रस्ट द्वारा वर्ष 2021 से अब तक 3.27 लाख पौधों का रोपण किया जा चुका है। इस वर्ष अभियान के अंतर्गत प्रयागराज जनपद के कोरांव विकासखंड के 25 गांवों में 25 प्रजातियों के 1 लाख पौधे लगाए जाएंगे।अभियान का शुभारंभ 12 जुलाई को गजाधरपुर गांव में आयोजित कार्यक्रम से हुआ, जिसमें क्षेत्र के माननीय विधायक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कोरांव क्षेत्र में संजीवनी ट्रस्ट के निरंतर पर्यावरण संरक्षण कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल कर उन्हें विशाल वृक्ष बनाना भी सभी की जिम्मेदारी है।संजीवनी ट्रस्ट के संस्थापक सचिव उदित नारायण शुक्ल ने कहा कि संस्था का उद्देश्य प्रकृति संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करना है। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट प्रत्येक परिवार तक कम से कम दो पौधे सहजन (मोरिंगा), अमरूद, आंवला करौंदा, जामुन एवं नींबू पहुँचाने का प्रयास कर रहा है। उनके अनुसार ये पौधे पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने के साथ-साथ परिवारों को पौष्टिक एवं स्वास्थ्यवर्धक फल भी उपलब्ध कराएंगे।उद्घाटन समारोह में लगभग 240 ग्रामीणों ने भाग लिया। इसी गांव में आयोजित पौधा वितरण शिविर में 212 लोगों ने पंजीकरण कर पौधे प्राप्त किए। कार्यक्रम के दौरान कुल 3,295 पौधों का वितरण किया गया। ग्राम प्रधान बृजभूषण पांडेय ने ग्रामीणों से अधिक से अधिक औषधीय एवं फलदार पौधे लगाकर गजाधरपुर को हरित ग्राम बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों के स्वास्थ्य को भी लाभ मिलेगा।अभियान के अंतर्गत पौधों के वितरण एवं उनके संरक्षण की निगरानी की जिम्मेदारी  सुरेश तिवारी को सौंपी गई है| कार्यक्रम में सौरभ शुक्ल, अरुणा द्विवेदी, प्रीतू सिंह, नीरज मिश्रा, नीरज कुमारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।