जंतर मंतर पर चल रहे भूख हड़ताल को समर्थन देने के लिए इलाहाबाद आइसा और आरवाईए के साथियों ने की एक दिवसीय भूख हड़ताल।
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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NTA को खत्म करने की मांग को समर्थन दिया
आइसा आरवाईए के तरफ से दो दिवसीय भूख हड़ताल दिवस घोषित किया गया हैं
प्रयागराज , जंतर मंतर पर चल रहे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को समर्थन देने के लिए ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा), RYA की तरफ से अखिल भारतीय प्रतिवाद दिवस के तहत एक दिवसीय भूख हड़ताल इलाहाबाद में की गई। शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक को रोकने में नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी है। इस हड़ताल में जाने माने पर्यावरणविद और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के साथ आइसा के 6 साथी जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड नेहा, जेएनयूएसयू की सह सचिव कामरेड दानिश, आइसा उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार, ऋषिकेश,आमीन और दीपक शामिल हैं। 20 जून से शुरू हुआ यह आंदोलन आज 10 वें दिन जारी है। दूसरे दिन की भूख में देश के अलग अलग हिस्से से समर्थन देने के लिए लोग धरने में शामिल होने लगे हैं।
इलाहाबाद में जारी भूख हड़ताल में आइसा उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष कॉम. विवेक, RYA उत्तर प्रदेश सहसचिव कॉम. सोनू सहित मानवेन्द्र, प्रदीप, अमित, हिमांशु, आदित्य, निखिल, आर्यन ने सामूहिक उपवास किया।
कॉम. सोनू ने बात रखते हुए कहा कि NTA कोई स्वायत्त संस्था नहीं है, इस संस्था का कोई स्थाई ढांचा नहीं है। परीक्षा कराने वाली सबसे सस्ती एजेंसी को ठेके पर हायर किया जाता है। जिसकी कोई जवाबदेही और पारदर्शिता नहीं है। इसलिए NTA जैसी भ्रष्ट संस्था को रद्द किया जाए और पेपर लीक की जिम्मेदारी लेते हुए धर्मेन्द्र प्रधान अपना इस्तीफ़ा दें।
कॉम. विवेक ने कहा कि जंतर मंतर पर चल रहा आंदोलन शिक्षा–रोजगार को बचाने के लिए, परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करवाने के लिए चल रहा है। भाजपा सरकार लगातार शिक्षा को महंगी करती जा रही है जिससे दलित, मजदूर वर्ग से आने वाले छात्र दूर होते जा रहे हैं, इस महंगी शिक्षा का सबसे बड़ा दमन हमारे देश की आधी आबादी झेल रही है। आज के समय में इसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षामंत्री की है लेकिन वे अपनी जवाबदेही से लगातार बच रहे हैं। इसलिए बतौर गैर जिम्मेदार शिक्षामंत्री उनको पद पर रहने का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है, अतः उन्हें अपने पद से तुरंत इस्तीफ़ा देना होगा।
आइसा इलाहाबाद के सहसचिव कॉम. मानवेन्द्र ने कहा कि जंतर मंतर पर चल रहे आन्दोलन के समर्थन में सामूहिक उपवास केवल इलाहाबाद तक सीमित नहीं है। NTA और धर्मेन्द्र प्रधान के खिलाफ़ यह आंदोलन पूरे देश में फैल रहा है। भाजपा सरकार की नाकामियां पूरे देश को पता चल चुकीं हैं। इसलिए आज हमारे साथ इस लड़ाई में न केवल छात्र शामिल हैं बल्कि शिक्षक, किसान, मजदूर, महिलाएं सभी शामिल होकर इस आंदोलन को तेज कर रहे हैं और धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफ़े के लिए एकजुट हो रहे हैं।
कार्यक्रम का संचालन आर्यन ने किया। कार्यक्रम में नीरज, आशीष, आदित्य, निखिल, अवशेष सहित तमाम छात्र और पंत छात्रावास के अंतः वासी शामिल रहे।![]()



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Jun 30 2026, 18:51
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