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हर बच्चा पढ़े, तभी उज्ज्वल होगा उत्तर प्रदेश का भविष्य' : सीएम योगी

- 1 जुलाई से 'स्कूल चलो अभियान' का दूसरा चरण शुरू, 15 जुलाई तक 100 फीसदी नामांकन का लक्ष्य

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम अपनी 'पाती' के माध्यम से आह्वान किया है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि 1 जुलाई से 'स्कूल चलो अभियान' का दूसरा चरण शुरू होगा, जो 15 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान प्रदेश के सभी पात्र बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि "विद्या सर्वत्र पूज्यते" केवल एक श्लोक नहीं, बल्कि जीवन का मूल मंत्र है। शिक्षा ही व्यक्ति का सबसे बड़ा सम्मान, सबसे बड़ी शक्ति और सबसे मूल्यवान संपत्ति है। ज्ञान के पंख बच्चों को सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं, जबकि विद्यालय ज्ञान, संस्कार और चरित्र निर्माण की पहली पाठशाला होता है।

सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा विद्यालय से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चला रही है। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों में विद्यालय के प्रति रुचि विकसित करने तथा खेल-कूद, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सीखने का वातावरण बनाने की अपील की।

उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों का मूल्यांकन केवल अंकों से नहीं, बल्कि उनके प्रयास, प्रतिभा और हौसले से करें। साथ ही बच्चों की नियमित विद्यालय उपस्थिति सुनिश्चित करें तथा 3 से 6 वर्ष के बच्चों को बाल वाटिका में प्रवेश दिलाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में 'ऑपरेशन कायाकल्प' के माध्यम से आधारभूत सुविधाओं का व्यापक विकास हुआ है। 'मिशन प्रेरणा', 'मिशन निपुण' और 'प्रोजेक्ट अलंकार' के जरिए गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना बेटियों को बेहतर शैक्षिक अवसर उपलब्ध करा रही है। सरकारी विद्यालयों में बच्चों को रुचिकर एवं गर्म पका-पकाया मध्याह्न भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे पोषण और शिक्षा दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जा सके।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से 'स्कूल चलो अभियान' को जनभागीदारी का महाअभियान बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि उसके आसपास कोई भी बच्चा विद्यालय से बाहर न रहे। उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश का भविष्य तभी उज्ज्वल होगा, जब प्रदेश का हर बच्चा पढ़ेगा और आगे बढ़ेगा।"

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: आरोपियों की पैरवी से वकीलों का इनकार, आज कोर्ट में होगी पेशी

फैजाबाद बार एसोसिएशन की आमसभा में होगा अंतिम फैसला, तीन दिन की न्यायिक हिरासत आज हो रही समाप्त

अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों को स्थानीय अदालत में कानूनी सहायता मिलना मुश्किल हो सकता है। फैजाबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने आरोपियों की पैरवी नहीं करने का निर्णय लेने की बात कही है। इस संबंध में अंतिम फैसला सोमवार सुबह 11 बजे बार एसोसिएशन की आमसभा में लिया जाएगा।

उधर, इस बहुचर्चित मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों की तीन दिन की न्यायिक हिरासत सोमवार को समाप्त हो रही है। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा, जहां उनकी न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की कथित चोरी के मामले ने प्रदेशभर में व्यापक चर्चा बटोरी है। ऐसे में आरोपियों की पैरवी को लेकर अधिवक्ताओं के रुख पर भी सभी की नजरें टिकी हैं। यदि बार एसोसिएशन आमसभा में पैरवी से इनकार का प्रस्ताव पारित करती है, तो आरोपियों को कानूनी प्रतिनिधित्व के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है। फिलहाल, मामले की सुनवाई और बार एसोसिएशन के निर्णय को लेकर पूरे दिन न्यायालय परिसर में हलचल रहने की संभावना है।

 आरोपी लवकुश की पत्नी के नाम मिली जमीन, संपत्ति की जांच तेज

 राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच के दौरान अब आरोपियों की संपत्तियों की भी पड़ताल तेज हो गई है। जांच में आरोपी लवकुश की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम जमीन के दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में उक्त जमीन का बैनामा सुप्रिया मिश्रा के नाम कराया गया था। यह जमीन सोहावल तहसील के बनीपुर गांव में स्थित है, जहां दो मकानों का निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है। जांच एजेंसियां अब इस संपत्ति के वित्तीय स्रोत, खरीद-फरोख्त और निर्माण में इस्तेमाल धन की जांच कर रही हैं। दान गबन प्रकरण के संबंध में आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों का विवरण भी जुटाया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संपत्तियां वैध आय से अर्जित की गई हैं या नहीं। हालांकि, जांच एजेंसियों की ओर से अभी तक इस संपत्ति को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

आज़मगढ़ को नम्बर एक दिखाने के लिए IGRS पर लगाई जा रहीं फर्जी निस्तारण की रिपोर्ट !

- नहीं मिल पा रहा वास्तविक पीड़ितों को न्याय, सरकार की मंशा हो रही फेल

- पीड़ित अभिषेक ने न्याय न मिलने पर आमरण अनशन व आत्मदाह की दी चेतावनी

अम्बारी (आजमगढ़)। अहरौला थाना क्षेत्र के कंदरा गांव निवासी अभिषेक उपाध्याय ने फूलपुर तहसील के राजस्व कर्मचारियों, विशेषकर क्षेत्रीय लेखपाल पर आईजीआरएस पोर्टल पर गलत रिपोर्ट लगाने और जमीन की पैमाइश के बाद भी रकबा सार्वजनिक न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री, राजस्व परिषद, मंडलायुक्त एवं जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो वह आमरण अनशन और आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।

 अभिषेक उपाध्याय का आरोप है कि उनकी शिकायत पर क्षेत्रीय लेखपाल ने विपक्षियों के पक्ष में फर्जी रिपोर्ट लगाकर आईजीआरएस का निस्तारण कर दिया। उनका कहना है कि लेखपाल ने यह कहकर हस्ताक्षर करा लिए कि पहले आईजीआरएस को डिफाल्टर होने से बचाना है, बाद में पैमाइश कर विवाद का समाधान कर दिया जाएगा।

 पीड़ित के अनुसार, उनकी माता किरन और पिता अशोक कुमार के नाम कंदरा गांव में दो चक दर्ज हैं। कुछ लोगों ने भूमि का बैनामा कराया है और वे अपने हिस्से पर काबिज हैं, लेकिन करीब तीन से चार बीघा भूमि पर दबंगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। उनका आरोप है कि राजस्व टीम भी विपक्षियों के पक्ष में कार्य कर रही है।

 शिकायत के बाद उप जिलाधिकारी फूलपुर के निर्देश पर गठित राजस्व टीम ने 24 जून को मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश की, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद रकबा सार्वजनिक नहीं किया गया। अभिषेक का कहना है कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां भी मिल रही हैं। उन्होंने सक्षम अधिकारियों की मौजूदगी में दोबारा पैमाइश कराकर कब्जामुक्त भूमि दिलाने की मांग की है।

पक्ष :-

 उप जिलाधिकारी फूलपुर अशोक कुमार ने बताया कि मामला सहखातेदारों से जुड़ा और जटिल है। आईजीआरएस शिकायत के क्रम में भूमि की पैमाइश कराई गई है, लेकिन बंटवारा एवं बेदखली की कार्रवाई राजस्व न्यायालय के आदेश के बाद ही संभव होगी। इसलिए संबंधित पक्षों को न्यायालय की शरण लेनी होगी। और इसी के साथ एसडीएम ने अपना पल्लू झाड़ लिया।

हाथरस को ₹548 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात, मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष पर भी साधा निशाना

-  कहा- नौ वर्षों में प्रदेश में नहीं हुआ कोई दंगा या कर्फ्यू, हाथरस में बनेगा एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल ज़ोन और आलू प्रोसेसिंग सेंटर

हाथरस। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हाथरस में लगभग ₹548 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था, औद्योगिक विकास और किसानों के हितों को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, वहीं विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में न तो कोई दंगा हुआ है और न ही कहीं कर्फ्यू लगाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी धार्मिक पर्व और त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो रहे हैं तथा हाल ही में मुहर्रम का आयोजन भी पूरी शांति के साथ सम्पन्न हुआ।
उन्होंने कहा कि हाथरस में सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल ज़ोन विकसित किया जा रहा है, जहां युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में तेजी से उद्योग स्थापित हो रहे हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
किसानों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाथरस आलू उत्पादन का प्रमुख क्षेत्र है और यहां आलू प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष के हालिया बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष आज अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात करता है, जबकि अतीत में रामभक्तों पर गोली चलाने का आरोप उसी सरकार पर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या का भव्य विकास हुआ है और आज वह अपनी गौरवशाली पहचान को पुनः प्राप्त कर रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में धार्मिक आयोजनों पर प्रतिबंध लगाए गए थे, जबकि वर्तमान सरकार सभी धर्मों के पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
शराब की दुकान के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन, सपा नेता महेंद्र चौहान ने दिया समर्थन

महिलाओं ने ठेका निरस्त करने की उठाई मांग, दी चेतावनी—अनसुनी हुई आवाज तो होगा उग्र आंदोलन

मऊ। जनपद के मुहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र स्थित लरेवा चौहान बस्ती में प्रस्तावित शराब की दुकान का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और प्रशासन से शराब का ठेका निरस्त करने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के नेता महेंद्र चौहान भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। महेंद्र चौहान ने कहा कि गांव की जनता की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। यदि अधिकांश ग्रामीण शराब की दुकान के विरोध में हैं, तो प्रशासन को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए उचित निर्णय लेना चाहिए।

ग्रामीणों का कहना है कि बस्ती में शराब की दुकान खुलने से सामाजिक माहौल बिगड़ेगा और इसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव युवाओं तथा महिलाओं पर पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण: एसआईटी जांच में कई लोगों की भूमिका जांच के दायरे में, रिपोर्ट जल्द सौंपे जाने की संभावना

अयोध्या/लखनऊ। राम मंदिर में प्राप्त चढ़ावे के प्रबंधन और जमा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक पड़ताल में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कई व्यक्तियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है और उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, चढ़ावे की राशि के संग्रह, गणना और बैंक में जमा कराने की प्रक्रिया से जुड़े कुछ लोगों से विस्तृत पूछताछ की गई है। जांच एजेंसी ने इस दौरान विभिन्न कर्मचारियों, बैंक अधिकारियों तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए हैं।
13 जून को गठित एसआईटी ने 15 जून से अयोध्या में जांच शुरू की थी। लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज किरन एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन सहित टीम के सदस्यों ने कई दिनों तक रिकॉर्ड का परीक्षण करने के साथ संबंधित लोगों से पूछताछ की। बताया जा रहा है कि जांच रिपोर्ट जल्द ही राज्य सरकार को सौंपी जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान कुछ व्यक्तियों ने चढ़ावे की राशि के प्रबंधन से जुड़े मामलों पर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। जांच में मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों और प्रबंधन से संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष एसआईटी रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि करीब 150 लोगों से पूछताछ की गई, जबकि कई अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। कुछ मामलों में लापरवाही और प्रक्रियागत खामियों के संकेत मिलने की बात कही जा रही है।

-  राम मंदिर प्रबंधन व्यवस्था पर भी उठे सवाल
इस बीच राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेन्द्र मिश्रा ने एक साक्षात्कार में मंदिर प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर का संचालन अब बड़े संस्थान के रूप में विकसित हो चुका है और इसके लिए स्पष्ट प्रशासनिक ढांचा आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि कार्यों का स्पष्ट विभाजन, जिम्मेदारियों का निर्धारण तथा पेशेवर प्रबंधन व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए ताकि संचालन और निगरानी की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सके।
गौरतलब है कि मामले की जांच करने वाली एसआईटी टीम अयोध्या से लखनऊ लौट आई है और हो सकता है कि सोमवार को  एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दे। इसलिए अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी अथवा दोष तय किया जा सकेगा।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बोले सीएम योगी: योग ने दुनिया में भारत की पहचान को नई ऊंचाई दी

झांसी, उत्तर प्रदेश। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर झांसी के ऐतिहासिक किले में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने योग के माध्यम से भारत के युवाओं के लिए वैश्विक स्तर पर नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है और आज दुनिया के लगभग 200 देश योग के माध्यम से भारतीय संस्कृति एवं परंपरा का सम्मान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश अपनी समृद्ध विरासत पर गर्व का अनुभव कर रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को संस्थागत स्वरूप देते हुए आयुष मंत्रालय को सशक्त बनाया। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद आयुष विभाग के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ योगाभ्यास भी किया।
मुख्यमंत्री ने इस वर्ष की अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम "योगा फॉर हेल्दी एजिंग" को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि बदलती जीवनशैली और बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच योग स्वस्थ, संतुलित और दीर्घायु जीवन का प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से नियमित योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने वाली जीवन पद्धति है। योग व्यक्ति को निरोग, समाज को स्वस्थ और राष्ट्र को सशक्त बनाने का कार्य करता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया और स्वस्थ जीवन के लिए योग अपनाने का संकल्प लिया।
प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी से 55 लाख कर्मचारियों की नाराजगी का दावा, संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री से मांगा हस्तक्षेप

आठवें वेतन आयोग के समक्ष कर्मचारी संगठनों को प्रतिनिधित्व न मिलने पर उठे सवाल

2001 के बाद नियुक्त संविदा कर्मियों के नियमितीकरण और पुरानी पेंशन बहाली की मांग तेज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कर्मचारियों से जुड़े प्रमुख संगठन राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने राज्य सरकार की नौकरशाही पर कर्मचारियों की समस्याओं की उपेक्षा का आरोप लगाया है। परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में दावा किया है कि प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी के रवैये से लगभग 55 लाख कर्मचारी, पेंशनर, शिक्षक, पुलिसकर्मी और आउटसोर्स कर्मचारी प्रभावित हैं, जिससे उनके परिवारों सहित करोड़ों मतदाताओं में असंतोष बढ़ रहा है।

संयुक्त परिषद ने विशेष रूप से 22 और 23 जून को लखनऊ में प्रस्तावित आठवें वेतन आयोग की बैठक का मुद्दा उठाया है। परिषद का कहना है कि आयोग राज्य की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करने और कर्मचारियों का पक्ष जानने के लिए आ रहा है, लेकिन कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों को आयोग के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया जा रहा है।

- 22-23 जून को लखनऊ में आठवें वेतन आयोग की बैठक।

- कर्मचारी संगठनों को प्रतिनिधित्व न मिलने पर नाराजगी।

- 2001 के बाद नियुक्त संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की मांग।

- पुरानी पेंशन बहाली समेत कई लंबित मुद्दों पर आंदोलन की तैयारी।

- मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर समाधान कराने की अपील।

जे.एन. तिवारी ने आरोप लगाया कि वित्त एवं कार्मिक विभाग कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। उनका कहना है कि आयोग के समक्ष कर्मचारियों का पक्ष न रखे जाने से उसका वास्तविक उद्देश्य अधूरा रह जाएगा और पूरी प्रक्रिया केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी।

संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की मांग

संयुक्त परिषद ने वर्ष 2001 के बाद नियुक्त संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग को प्रमुखता से उठाया है। तिवारी के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय से इस संबंध में दो बार निर्देश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन कार्मिक विभाग स्तर पर मामले को आगे नहीं बढ़ाया गया। परिषद ने मांग की है कि "नियमितीकरण नियमावली-2026" शीघ्र जारी कर संविदा कर्मियों को राहत दी जाए।

महिला कर्मचारियों के मुद्दे भी उठाने की तैयारी

परिषद का कहना है कि आठवें वेतन आयोग के समक्ष महिला कर्मचारियों की सुविधाओं, सेवा शर्तों और अन्य कर्मचारी हितों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को रखा जाना आवश्यक है। इसके लिए कर्मचारी संगठनों को आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए।

संयुक्त आंदोलन की तैयारी

संयुक्त परिषद ने संकेत दिया है कि कर्मचारियों की साझा मांगों—पुरानी पेंशन बहाली, संविदा कर्मियों का नियमितीकरण, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती पर लगी रोक हटाने और वेतन विसंगतियों के समाधान—को लेकर जल्द ही लखनऊ में प्रदेश के बड़े कर्मचारी संगठनों की संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी। इसमें आगामी रणनीति और संभावित आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा होगी।

उप्र : 465 माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता रद्द, नए प्रवेश पर तत्काल रोक

दो वर्षों से बोर्ड परीक्षा में एक भी छात्र शामिल न होने पर यूपी बोर्ड की बड़ी कार्रवाई

- प्रयागराज के 25 विद्यालय भी सूची में शामिल, छात्रों के हितों की सुरक्षा के निर्देश

प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश ने नियमों का पालन न करने वाले प्रदेश के 465 मान्यता प्राप्त हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट विद्यालयों की मान्यता तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी है। इस व्यापक कार्रवाई में प्रयागराज जिले के 25 विद्यालय भी शामिल हैं। परिषद की जांच में सामने आया कि इन विद्यालयों से पिछले दो वर्षों के दौरान एक भी छात्र बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित नहीं हुआ था।

परिषद के सचिव भगवती सिंह ने समीक्षा के बाद मान्यता निरस्त किए गए विद्यालयों की आधिकारिक सूची जारी करते हुए बताया कि संबंधित संस्थानों को पूर्व में कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। निर्धारित अवधि के भीतर संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत न किए जाने पर उनकी मान्यता समाप्त करने का निर्णय लिया गया।

जांच के दौरान यह भी पाया गया कि ये विद्यालय उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय मान्यता नियमावली के तहत निर्धारित अनिवार्य शर्तों का पालन नहीं कर रहे थे। शासन एवं बोर्ड स्तर पर हुई आकस्मिक निरीक्षण और परीक्षण प्रक्रिया में कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं।

सचिव ने स्पष्ट किया कि जिन विद्यालयों की मान्यता रद्द की गई है, वे शैक्षिक सत्र 2025-26 से किसी भी कक्षा में नए विद्यार्थियों का प्रवेश नहीं ले सकेंगे। साथ ही सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) को निर्देश दिए गए हैं कि इन विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के शैक्षिक हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।

यूपी बोर्ड की इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

तीन ग्रहों की अद्भुत परेड: 17 जून से पश्चिमी आकाश में दिखेगा दुर्लभ ग्रहीय संरेखण।


खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल प्रेमियों के लिए जून 2026 का महीना एक शानदार आकाशीय दृश्य लेकर आया है। 17 जून के आसपास सूर्यास्त के तुरंत बाद पश्चिमी क्षितिज पर बुध, शुक्र और बृहस्पति ग्रह लगभग एक सीधी रेखा में दिखाई देंगे। यह दृश्य कई दिनों तक बना रहेगा और लगभग 23 जून तक इन ग्रहों की आकर्षक स्थिति थोड़ी आगे पीछे एवं ऊपर नीचे होते हुए देखी जा सकेगी। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यद्यपि ग्रह वास्तव में अंतरिक्ष में एक सीधी रेखा में नहीं होते, बल्कि आपस में करोड़ों किलोमीटर की दूरी पर होते हैं लेकिन कभी- कभी पृथ्वी से देखने पर वे सूर्य-पथ (Ecliptic) के साथ एक रेखीय संरेखण या “प्लैनेट परेड” का आभास देते हैं।

कब है भारत में देखने का सर्वोत्तम समय ?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 17 जून 2026 को इस दृश्य की सुंदरता और बढ़ जाएगी, जब पतला अर्धचंद्राकार बढ़ता हुआ चंद्रमा भी ग्रहों के निकट, शुक्र ग्रह और बृहस्पति ग्रह के बीच में दिखाई देगा। उस शाम ब्रहस्पति ग्रह और चंद्रमा भी एक-दूसरे के पास नजर आएंगे, जबकि बुध और बृहस्पति नीचे की ओर स्थित होंगे।

भारत में कैसे देखें?

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि वैसे तो इस शानदार लघु खगोलीय संरेखण नज़ारे को देखने के लिए आप सूर्यास्त के तुरंत बाद ही आकाश के पश्चिमी दिशा में देखना शुरू कर सकते हैं, हालांकि सूर्यास्त के लगभग 30 से 40 मिनट बाद पश्चिमी या पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में देखने पर और भी अधिक स्पष्ट एवं सर्वोत्तम अवलोकन कर सकते हैं।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ऐसा स्थान चुनें जहाँ पश्चिमी क्षितिज खुला हो और इमारतें या पेड़ बाधा न बनें।

कैसे दिखाई देगा यह खगोलीय संरेखण ?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि सबसे चमकीला ग्रह शुक्र होगा, उसके नीचे बृहस्पति ग्रह और क्षितिज के सबसे निकट बुध दिखाई देगा।

क्या यह साधारण आंखों से आसानी से दिखाई देगा?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि प्रकाश प्रदूषण से पूर्णतः दूर जाकर यह दृश्य नंगी/साधारण आँखों से बहुत ही आसानी से काफ़ी सुंदर रूप में देखा जा सकता है; लेकिन अगर आपके साथ कोई दूरबीन या विनोकुलर आदि मौजूद है तो आप इस शानदार खगोलीय नज़ारे को और भी अधिक स्पष्ट रूप में चंद्रमा एवं ग्रहों के विशेष डिटेल्स एवं फ़ीचर्स के साथ दूरबीन होने पर अनुभव और बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।

कितना होगा इनका मैग्नीट्यूड एवं कितने बजे से कितने बजे तक दिखाई देंगे यह सभी खगोलीय पिंड?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 17 जून 2026 को ब्रहस्पति ग्रह, मिथुन तारामंडल क्षेत्र में लगभग माइनस 1.68 मैग्नीट्यूड के साथ दिखाई देगा और शुक्र ग्रह,कर्क तारामंडल क्षेत्र में माइनस 3.91 मैग्नीट्यूड की चमक लिए दिखाई देगा एवं बुध ग्रह मिथुन तारामंडल में लगभग माइनस 0.77 मैग्नीट्यूड के साथ नज़र आयेगा, साथ ही बढ़ता हुआ अर्धचंद्राकार चंद्रमा इस रात कर्क तारामंडल दृश्य क्षेत्र में स्थित लगभग माइनस 8 मैग्नीट्यूड के साथ दिखाई देगा एवं 8 बजे के बाद बुध ग्रह पश्चिमी क्षितिज के नीचे जाना शुरू कर देगा एवं उसके बाद धीरे धीरे क्रमशः बाकी दोनों ग्रह, बृहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह भी लगभग आधे- आधे घंटे के अंतराल के बाद में पश्चिमी क्षितिज की ओर नीचे जाना शुरू कर देंगे।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि सूर्य ,पूरी तरह अस्त होने से पहले किसी भी ऑप्टिकल उपकरण का उपयोग न करें, जब सूर्यास्त हो जाए तभी किसी भी विशेष खगोलीय उपकरण का उपयोग करें।


खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार जून 2026 ग्रहों के अवलोकन के लिए विशेष महीना है। इन खगोलीय घटनाओं में अब बुध ग्रह के शामिल होने तथा चंद्रमा के साथ जुड़ने से यह सप्ताह वर्ष के सबसे सुंदर सांध्यकालीन आकाशीय दृश्यों में से एक बन गया है।