SIT रिपोर्ट के बाद पहली FIR पर बोले सीएम योगी: "रामभक्तों की आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं"
- कहा- रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शुरू, सबूत हैं तो SIT को दें; अयोध्या और भगवान राम पर राजनीति न करने की नसीहत
लखनऊ। अयोध्या में श्रीराम मंदिर से जुड़े मामले में एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर पहली एफआईआर दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी और अब कार्रवाई शुरू हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसलिए इस पर अनावश्यक आक्षेप नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "श्रीराम की मर्यादा का पालन करना सीखिए। सरकार ने पहले दिन ही कहा था कि दूध का दूध और पानी का पानी होगा।"
सीएम योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आज सवाल उठा रहे हैं, उनकी मंशा ठीक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग पहले भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, जबकि कुछ लोग जय श्रीराम के उद्घोष पर लाठी-गोली चलवाते थे और रामनवमी व कांवड़ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजनों पर प्रतिबंध लगाते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक बयानबाजी करने के बजाय एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने कहा, "रामभक्तों की अग्निपरीक्षा मत लो और उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ मत करो। यदि प्रमाण हैं तो उन्हें एसआईटी को सौंपिए, सरकार निष्पक्ष कार्रवाई करेगी।"

Jun 26 2026, 17:31
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