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यूपी में पीएम स्वनिधि योजना के लिए एक महीने का विशेष अभियान
-  30 जून तक चलेगा यह विशेष अभियान, 'सेंसस टाउन रिपोर्ट' के आधार पर तय होंगे लक्ष्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए चलाई जा रही 'पीएम स्वनिधि योजना' की रफ्तार बढ़ाने जा रही है। इसके तहत पूरे प्रदेश में 1 जून से 30 जून 2026   तक एक माह का विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम मे ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी द्वारा राज्य के सभी संबंधित मुख्य विकास अधिकारियों को एक आधिकारिक पत्र जारी कर इस अभियान को युद्धस्तर पर सफल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने जिलों के खण्ड विकास अधिकारियों को अपने स्तर से निर्देशित करें। इसका मुख्य उद्देश्य ‘सेंसस टाउन रिपोर्ट’ और विभाग द्वारा भेजी गई सूची के आधार पर तय लक्ष्यों को समय से पूरा करना है। राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा), उत्तर प्रदेश के मिशन निदेशक की अपेक्षा के क्रम में यह अभियान चलाया जा रहा है।
योजना के दायरे में आने वाले सभी पात्र लाभार्थियों की पहचान करना, उनसे आवश्यक समन्वय स्थापित करना और समयबद्ध तरीके से प्रक्रिया को पूरा करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। निर्देश दिये गये हैं तय लक्ष्यों को पूरा करते हुए प्रगति रिपोर्ट से ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय को भी लगातार अवगत कराया जाए, ताकि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई न हो।
यह आदेश उत्तर प्रदेश के तमाम प्रमुख जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों को भेजा गया है, जिनमें आगरा, अलीगढ़, अमेठी, आजमगढ़, बरेली, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर नगर, मेरठ, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रयागराज, सहारनपुर, वाराणसी, सीतापुर, और सुल्तानपुर सहित कई अन्य जिले शामिल हैं।
सरकार के इस कदम से उम्मीद जताई जा रही है कि जून महीने के अंत तक हजारों नए छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों को पीएम स्वनिधि योजना के तहत ऋण और अन्य सरकारी लाभ आसानी से मिल सकेंगे।
पिछड़ा वर्ग के विकास को नई रफ्तार: सरकार लाई 3 नई योजनाओं का प्रस्ताव

-  'मुख्यमंत्री डिजिटल प्रशिक्षण', 'छात्रावास निर्माण' और 'तकनीकी दक्षता प्रशिक्षण' योजनाएं जल्द हो सकती हैं शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए तीन नई महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू करने की तैयारी में है। पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने विभागीय समीक्षा बैठक में बताया कि 'मुख्यमंत्री डिजिटल प्रशिक्षण योजना', 'मुख्यमंत्री छात्रावास निर्माण योजना' और 'मुख्यमंत्री तकनीकी दक्षता प्रशिक्षण योजना' के संचालन का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।
विधानसभा स्थित कार्यालय में आयोजित बैठक में मंत्री ने लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर अग्निकांड के मद्देनजर प्रदेश के सभी पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांगजन छात्रावासों में फायर सेफ्टी सिस्टम का ऑडिट कराने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिछड़ा वर्ग शादी अनुदान योजना के तहत वर्ष 2026-27 में निर्धारित 1.05 लाख लाभार्थियों के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 5,032 लोगों को लाभान्वित किया जा चुका है। मंत्री ने दिव्यांग एवं कुष्ठावस्था पेंशन का भुगतान जुलाई के पहले सप्ताह में सुनिश्चित करने तथा पेंशन से वंचित दिव्यांगजनों की पहचान कर उन्हें लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में विभागीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए मंत्री ने अधिकारियों को सोशल मीडिया के सभी प्रमुख प्लेटफॉर्मों के माध्यम से योजनाओं की जानकारी व्यापक स्तर पर प्रसारित करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र व्यक्तियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा में बताया गया कि निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल योजना के तहत वर्ष 2026-27 में 1,125 ट्राइसाइकिल वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विभिन्न जिलों में अतिरिक्त ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है।
बैठक में प्रमुख सचिव पिछड़ा वर्ग कल्याण राजेश कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक दिव्यांगजन सशक्तिकरण अमित सिंह सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पिछड़ा वर्ग के विकास को नई रफ्तार: सरकार लाई 3 नई योजनाओं का प्रस्ताव

-  'मुख्यमंत्री डिजिटल प्रशिक्षण', 'छात्रावास निर्माण' और 'तकनीकी दक्षता प्रशिक्षण' योजनाएं जल्द हो सकती हैं शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए तीन नई महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू करने की तैयारी में है। पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने विभागीय समीक्षा बैठक में बताया कि 'मुख्यमंत्री डिजिटल प्रशिक्षण योजना', 'मुख्यमंत्री छात्रावास निर्माण योजना' और 'मुख्यमंत्री तकनीकी दक्षता प्रशिक्षण योजना' के संचालन का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।
विधानसभा स्थित कार्यालय में आयोजित बैठक में मंत्री ने लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर अग्निकांड के मद्देनजर प्रदेश के सभी पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांगजन छात्रावासों में फायर सेफ्टी सिस्टम का ऑडिट कराने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिछड़ा वर्ग शादी अनुदान योजना के तहत वर्ष 2026-27 में निर्धारित 1.05 लाख लाभार्थियों के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 5,032 लोगों को लाभान्वित किया जा चुका है। मंत्री ने दिव्यांग एवं कुष्ठावस्था पेंशन का भुगतान जुलाई के पहले सप्ताह में सुनिश्चित करने तथा पेंशन से वंचित दिव्यांगजनों की पहचान कर उन्हें लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में विभागीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए मंत्री ने अधिकारियों को सोशल मीडिया के सभी प्रमुख प्लेटफॉर्मों के माध्यम से योजनाओं की जानकारी व्यापक स्तर पर प्रसारित करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र व्यक्तियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा में बताया गया कि निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल योजना के तहत वर्ष 2026-27 में 1,125 ट्राइसाइकिल वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विभिन्न जिलों में अतिरिक्त ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है।
बैठक में प्रमुख सचिव पिछड़ा वर्ग कल्याण राजेश कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक दिव्यांगजन सशक्तिकरण अमित सिंह सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
लखनऊ आग हादसे में एसआईटी ने जांच शुरू की, केजीएमयू पहुंची टीम
लखनऊ। लखनऊ स्थित अलीगंज में एक कोचिंग सेंटर में लगी आग की जांच शुरू हो गई है। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को घटना स्थल की जांच कर साक्ष्य जुटाया। इसके बाद एसआईटी केजीएमयू पहुंचकर घायलों से मामले की जानकारी ली।इसके पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगंज अग्निकांड को लेकर देर रात उच्चस्तरीय बैठक की थी। उन्होंने दोषियों को चिह्नित कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित एसआईटी में संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ के एडीजी जोन प्रवीण कुमार सदस्य हैं। जांच दल सात दिन में रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगा। घटना के बाद मंगलवार को एसआईटी के साथ फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच चुकी है। फोरेंसिक टीम ने जांच के लिए पूरी इमारत को सील कर दिया है। टीम अंदर से सबूत जुटा रही है।

घटना के बाद पत्रकारों के सवाल जा जवाब देते हुए एडीजी लखनऊ जोन प्रवीण कुमार ने बताया कि फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। अस्पताल में घायलों का हालचाल लेकर जो भी निष्कर्ष निकलेगा उसकी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।

उल्लेखनीय है कि अलीगंज के पुरनियां में जिस बिल्डिंग में आग लगी है उसके प्रथम तल पर पेट शॉप और दूसरे तल पर कोचिंग सेंटर है। इसके अलावा लाईब्रेरी, गेमिंग जोन भी है। सोमवार दोपहर को आग पेट शॉप में लगी थी, जिसके बाद विकराल रूप लेकर दूसरे तल पर बनी कोचिंग सेंटर में फैल गई। आग और धुआं को फैलता देखकर कोचिंग में मौजूद छात्र-छात्राएं अपनी जान बचने के लिए बाथरूम और कमरों में छिप गये। कुछ लोगों ने तो दीवार से गुजर रही केबिल से उतरे तो कुछ छत से ही कूद गये, जिसमें उन्हें चोटें आई हैं। आग में हुई जनहानि के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी। वहीं, अलीगंज थाने में छह लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इनमें से चार को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिम्मेदार चार अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया हैं।

बोले अधिकारीलखनऊ के संयुक पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार ने मंगलवार को जारी अपने बयान में कहा कि अलीगंज थाना क्षेत्र में एक बिल्डिंग में हुई आगजनी की घटना में 15 लोगों की मौत हो गई है। इस मामले में अलीगंज थाना में मुकदमा दर्ज कर किया गया। ये एफआईआर बिल्डिंग के मालिक और इसमें चल रही प्रतिष्ठानों के ऑनर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पूछताछ कर जेल भेजा जा रहा हैं। इस मामले में जांच की जा रही जो भी दोषी होगा आगे की कार्रवाई की जा रही हैं ।
अलीगंज अग्निकांड में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत, प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल;

लखनऊ। राजधानी के अलीगंज क्षेत्र स्थित एक तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लगने से कोचिंग और एनीमेशन कोर्स कर रहे 15 छात्र-छात्राओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं। हादसे में घायल 9 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जिनमें कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है।

कई लोग जान बचाने के लिए बिल्डिंग से कूद गए

जानकारी के अनुसार, अलीगंज सेक्टर-डी स्थित इस इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप और वेयरहाउस था, जबकि दूसरी मंजिल पर 3D एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर और कोचिंग क्लासेज संचालित हो रही थीं। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट और एसी कंप्रेसर फटने को आग लगने का कारण माना जा रहा है।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर करीब ढाई बजे अचानक वेयरहाउस से आग भड़की और देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। दूसरी और तीसरी मंजिल पर मौजूद छात्र बाहर निकल नहीं सके और कई लोग जान बचाने के लिए बिल्डिंग से कूद गए, जिससे वे भी घायल हो गए।

करीब दो घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका

सूचना के बाद पुलिस, दमकल विभाग और एसडीआरएफ की टीमों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन करीब दो घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान 15 शव बरामद किए गए। मृतकों में लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, कानपुर और अन्य जिलों के छात्र शामिल हैं।हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ में चल रहे कार्यक्रम को बीच में छोड़कर लखनऊ लौट आए और सीधे घटनास्थल का निरीक्षण किया। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी दिल्ली से लखनऊ पहुंचकर केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर गए और घायलों का हालचाल जाना।

दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

सीएम योगी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चस्तरीय बैठक की और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया, जिसे सात दिन में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। साथ ही चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।पुलिस ने इस मामले में बिल्डिंग मालिक, पेट शॉप संचालक और कोचिंग/एनीमेशन सेंटर संचालक सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। एफआईआर में कुल छह लोगों को नामजद किया गया है।

करीब 40 मिनट की देरी से पहली गाड़ी मौके पर पहुंची

हादसे के बाद प्रशासनिक लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि दमकल विभाग को सूचना देने के बावजूद करीब 40 मिनट की देरी से पहली गाड़ी मौके पर पहुंची, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया। एंबुलेंस सेवाओं में भी देरी की शिकायतें सामने आई हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता की घोषणा की है।फिलहाल घटना की जांच जारी है और प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही है।
मोहर्रम जुलूस को लेकर लखनऊ में यातायात डायवर्जन, कई मार्गों पर प्रतिबंध लागू
लखनऊ। सातवीं मोहर्रम के अवसर पर 23 जून 2026 से लखनऊ में शाही जरी जुलूस निकाला जाएगा। यह जुलूस बड़ा इमामबाड़ा, चौक, रूमी गेट, घंटाघर और छोटा इमामबाड़ा मार्ग से होकर गुजरेगा। जुलूस को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने शहर में व्यापक यातायात डायवर्जन और प्रतिबंध लागू किए हैं।

जारी ट्रैफिक एडवाइजरी के अनुसार जुलूस के दौरान सीतापुर रोड, हरदोई रोड, कैसरबाग, हुसैनाबाद, चौक, मेडिकल क्रॉस, नीबू पार्क, शाहमीना तिराहा सहित कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रहेगी। कुछ मार्गों पर पूरी तरह से यातायात प्रतिबंधित किया गया है, जबकि कई स्थानों पर वैकल्पिक रूट से वाहन निकाले जाएंगे।

डायवर्जन व्यवस्था के तहत डालीगंज, आईटी चौराहा, कपूरथला, मड़ियांव, मेडिकल कॉलेज, कोनेश्वर और रकाबगंज जैसे मार्गों को वैकल्पिक रास्ते के रूप में प्रयोग किया जाएगा।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जुलूस मार्ग पर सुरक्षा और व्यवस्था के मद्देनजर यातायात पूरी तरह नियंत्रित रहेगा। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, शव वाहन और स्कूल वाहनों को आवश्यकतानुसार मार्ग उपलब्ध कराया जाएगा।

ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और किसी भी असुविधा से बचने के लिए पहले से योजना बनाकर यात्रा करें। यातायात संबंधी सहायता के लिए ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 पर संपर्क किया जा सकता है।
लखनऊ कोचिंग आग हादसे में पुलिस ने चार को किया गिरफ्तार, चार अफसर सस्पेंड
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके की एक इमारत में लगी आग से हुई जनहानि के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ताबड़तोड़ एक्शन के मूड में दिख रही है। इस प्रकरण में व्यावसायिक इमारत के मालिक सहित समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उनको गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही नगर निगम के दो और ऊर्जा विभाग व फायर के एक-एक अधिकारियों को निलंबित किया गया है।

अलीगंज पुलिस की ओर से देर रात को इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद अलीगंज सेक्टर डी निवासी रामकृष्ण उपाध्याय, सीतापुर रोड निवासी वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, ठाकुरगंज का रहने वाला तूशॉक कृष्णा जयसवाल और मड़ियाव के केशवनगर निवासी सुरेश कुमार साहू को गिरफ्तार किया है। इधर, मुख्यमंत्री के निर्देश पर बिजली विभाग के जानकीपुरम एक्सेन कलेक्शन गौरव कुमार, एफएसएसओ फायर विभाग इंदिरानगर के प्रभारी कमलेन्द्र कुमार सिंह, लखनऊ विकास प्राधिकरण के ऐई अनिल कुमार और जेई प्रमोद पांडे को सस्पेंड ंकर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने पाँच कालीदास मार्ग स्थित अपने आवास पर हाईलेवल मीटिंग आयोजित की जिसमें सभी बड़े और प्रमुख अफसर शामिल हुए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अमृत अभिजात, अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, धर्मार्थ और संस्कृति विभाग व प्रवीण कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ जोन के नेतृत्व में दो सदस्यीय विशेष जांच दल के गठन का निर्देश दिया। विशेष जांच दल को सात दिनों के अंदर अपनी जांच पूरी करके मुख्यमंत्री को सौंपना है। जांच के दायरे में कई बड़े अफसरों के आने की आशंका है। वहीं, एलडीए वीसी ने जांच के लिए टीम गठित की है।

2016 में निरस्त किया गया था बिल्डिंग के खिलाफ ध्वस्तीकरण का आदेश

अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब भवन से जुड़े पुराने दस्तावेज और प्राधिकरण की कार्रवाई गंभीर सवालों के घेरे में हैं। सोमवार को जिस भवन में आग लगने की यह दुःखद घटना हुई, उसके खिलाफ वर्ष 2016 में अवैध निर्माण को लेकर ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया था, लेकिन दो माह से कम समय में ही उस आदेश को निरस्त भी कर दिया गया।

1980 में हुआ था आवंटन

अलीगंज योजना के सेक्टर-डी स्थित भवन संख्या एमएस/102/डी मूल रूप से 11 जुलाई 1980 को लॉटरी प्रणाली के तहत विजय कुमार को किराया-क्रय पद्धति पर आवंटित किया गया था। 4 नवंबर 1980 को अनुबंध निष्पादित होने के बाद भवन का कब्जा आवंटी को सौंप दिया गया। 2005 में यह भवन विक्रय विलेख के जरिए विजय कुमार और उनकी पत्नी उषा के नाम दर्ज हुआ। वहीं 19 जनवरी 2013 को इन लोगों ने यह भवन वीरेन्द्र प्रताप शुक्ला और सुरेन्द्र प्रताप शुक्ला के नाम बेच दिया। 7 अगस्त 2014 को लखनऊ विकास प्राधिकरण ने वीरेन्द्र व सुरेन्द्र के पक्ष में नामांतरण की प्रक्रिया पूरी की। करीब 1992 वर्गफीट क्षेत्रफल वाले इस भवन का मानचित्र 20 अगस्त 2014 को स्वतः मानचित्र योजना के तहत आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत किया गया था।

ध्वस्तीकरण आदेश निरस्त होने पर उठे सवाल

हालांकि, बाद में भवन में अनधिकृत निर्माण की बात सामने आई। इसके बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण ने वीरेन्द्र प्रताप शुक्ला के खिलाफ मुकदमा संख्या-08/2016 दर्ज कराया। जांच के बाद विहित प्राधिकारी ने 10 मई 2016 को अनधिकृत निर्माण के विरुद्ध ध्वस्तीकरण आदेश पारित कर दिया। लेकिन, ध्वस्तीकरण आदेश जारी होने के दो माह के अंदर ही 5 जुलाई 2016 को इस आदेश को निरस्त भी कर दिया गया।
लखनऊ अग्निकांड: एनिमेशन सेंटर में भीषण आग, धुएं से मची अफरा-तफरी, छात्र जान बचाकर भागे
लखनऊ । राजधानी के अलीगंज क्षेत्र के पुरनिया में सोमवार को एक एनिमेशन सेंटर में भीषण आग लग गई। हादसे के बाद कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत धुएं से भर गई, जिससे अंदर मौजूद छात्रों में हड़कंप मच गया। कई छात्रों को सांस लेने में कठिनाई होने लगी और वे जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

प्रत्यक्षदर्शियों और बाहर निकले छात्रों के अनुसार, अचानक क्लासरूम में घना धुआं भर गया। कुछ छात्र घबराकर बाथरूम की ओर भागे, जबकि कई खिड़कियों और सीढ़ियों के रास्ते बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। कुछ ने ऊंचाई से छलांग लगाकर अपनी जान बचाने का प्रयास किया, जिससे वे घायल हो गए।

एक छात्र ने बताया कि स्थिति इतनी भयावह थी कि कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि बाहर निकलने का रास्ता कहां है। बाहर निकलने के बाद भी कई छात्र अपने साथियों को ढूंढते और रोते नजर आए। इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

बचाव कार्य के दौरान स्थानीय लोगों ने भी मदद की और जोखिम उठाकर छात्रों को बाहर निकालने का प्रयास किया। बगल की इमारत की छत से दीवार तोड़कर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की गई।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है और कई लोगों के अभी भी अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

मौके पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं कई शव देखे हैं। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।

प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हैं। इस हादसे के बाद इलाके में मातम का माहौल है और परिजन अपने बच्चों की तलाश में अस्पतालों और घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं।
लखनऊ अग्निकांड: कोचिंग संस्थान में भीषण आग, 15 की मौत; शव देखकर भावुक हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक

-  सीएम योगी ने लिया जायजा, घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे

-  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी दिल्ली से लखनऊ के लिए रवाना

लखनऊ। राजधानी में एक कोचिंग एवं एनीमेशन प्रशिक्षण संस्थान में लगी भीषण आग ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि कई अन्य के घायल होने की आशंका जताई जा रही है।
घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक हादसे की भयावहता देखकर भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी आंखों से 14 शव देखे हैं। अंदर चारों तरफ धुआं ही धुआं भरा हुआ था। फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीमें लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं। एक-एक सामान हटाकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कहीं कोई व्यक्ति अंदर फंसा न हो।”
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग एक एनीमेशन सेंटर में लगी। आग भड़कने के बाद छात्र-छात्राओं ने जान बचाने के लिए भवन के पिछले हिस्से की ओर भागने का प्रयास किया, लेकिन घने धुएं के कारण कई लोग बाहर नहीं निकल सके। बताया जा रहा है कि भवन के अंदर बड़ी मात्रा में फर्नीचर और अन्य सामान रखा था, जिससे धुआं तेजी से फैल गया और स्थिति और गंभीर हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम बीच में छोड़कर लखनऊ पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद वह घायलों का हालचाल जानने के लिए अस्पताल रवाना हो गए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने तथा घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
उधर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी नई दिल्ली से लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं। प्रशासन, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की संयुक्त टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हुई हैं।
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
इस हृदयविदारक घटना से पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। शासन-प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।
लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: सीएम योगी ने किया घटनास्थल निरीक्षण, राहत-बचाव कार्यों की ली जानकारी
सीएम और पीएम ने जताया शोक, घटना के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल

मायावती ने कोचिंग अग्निकांड पर संवेदनाएं व्यक्त की

लखनऊ । राजधानी के अलीगंज क्षेत्र स्थित पुरनिया में सोमवार को एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई, जिसने कुछ ही मिनटों में पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने के बाद इमारत में तेजी से धुआं भर गया, जिससे अंदर मौजूद छात्रों में अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। कई छात्रों को सांस लेने में कठिनाई होने लगी और वे जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि छात्रों को बाहर निकलने का सही रास्ता समझ नहीं आया।

कई छात्र बाथरूम और खिड़कियों की ओर भागे, जबकि कुछ ने जान बचाने के लिए ऊंचाई से छलांग लगा दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दर्दनाक हादसे में 14 बच्चों की मौत की सूचना है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने के साथ-साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। बगल की इमारत की छत से दीवार काटकर अंदर फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया गया। अब तक लगभग 10 लोगों को रेस्क्यू कर ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है, जबकि आशंका जताई जा रही है कि कुछ लोग अभी भी अंदर फंसे हो सकते हैं। मौके पर पुलिस, प्रशासन, फायर ब्रिगेड और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी  राजीव कृष्ण , प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक  ने भी घटनास्थल का दौरा किया और राहत कार्यों की निगरानी की। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपनी आंखों से कई शव देखे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा रद्द कर तत्काल लखनऊ लौटते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से पूरी घटना की जानकारी ली और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश देते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बचाव कार्य जारी है और केंद्र सरकार हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।स्थानीय लोगों के अनुसार, भवन से अचानक धुआं उठता देखा गया, जिसके बाद तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी गई।

देखते ही देखते आग ने भयावह रूप ले लिया और पूरा परिसर जलने लगा। कई लोगों ने बहादुरी दिखाते हुए अंदर फंसे छात्रों को बचाने का प्रयास किया। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है। परिजन अपने बच्चों की तलाश में अस्पतालों और घटनास्थल के चक्कर लगा रहे हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच जारी है और राहत-बचाव कार्य लगातार चल रहा है।बसपा सुप्रीमो मायावती ने कोचिंग अग्निकांड पर संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि यूपी की राजधानी लखनऊ के एक कोचिंग सेन्टर में आज दोपहर बाद हुई अग्निकाण्ड में अनेक लोगों की मौत तथा और भी कई लोगों के घायल हो जाने की घटना अति-दुखद। इस प्रकार की जानलेवा घटनाएं दिल को दहलाने वाली होती हैं तथा कितने ही परिवार की उम्मीदों को बिखेर देती हैं। ऐसी दुखद घटनाओं की रोकथाम के लिये सबको मिलकर सही से काम करने की ज़रूरत है। सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप से काम नहीं चलेगा।