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लखनऊ में श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य शिविर, योजनाओं की दी गई जानकारी

-  ‘12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के’ अभियान के तहत आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम


लखनऊ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर चलाए जा रहे ‘12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के’ अभियान के तहत सोमवार को लखनऊ के नादरगंज स्थित आर्यन चैरिटेबल ट्रस्ट परिसर में श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य शिविर एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर श्रमायुक्त, लखनऊ ने की।
कार्यक्रम में श्रमिकों और उनके परिवारजनों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया, जिसमें 40 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परामर्श देने के साथ-साथ निःशुल्क दवाओं का भी वितरण किया।
शिविर में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष स्टॉल लगाए गए। साथ ही माल, मोहनलालगंज और काकोरी ब्लॉकों में भी कैंप आयोजित कर श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण एवं विभिन्न योजनाओं में आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराई गई।
श्रमिकों को ई-श्रम पोर्टल, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (पीएम-एसवाईएम), कौशल विकास, तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना (आरपीएल) सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। इसके अलावा कारखाना प्रभाग के अधिकारियों ने व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता-2020 के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया।
अपर श्रमायुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केंद्र सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं को पात्र श्रमिकों तक पहुंचाना तथा उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में श्रम प्रवर्तन अधिकारी यादवेंद्र सिंह एवं पंकज कुमार शुक्ला सहित विभागीय अधिकारियों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
श्रम विभाग ने श्रमिकों से अपील की है कि वे योजनाओं की अधिक जानकारी के लिए अपर श्रमायुक्त कार्यालय, ए.पी. सेन रोड, लखनऊ अथवा टोल फ्री नंबर 1800-180-5412 पर संपर्क कर सकते हैं।
लखनऊ: संदीप सिंह हत्याकांड में STF को बड़ी सफलता, ₹1 लाख का इनामी आरोपी गिरफ्तार


लखनऊ। राजधानी के चर्चित प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह हत्याकांड में उत्तर प्रदेश एसटीएफ को बड़ी कामयाबी मिली है। एसटीएफ ने मामले में फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी आरोपी गंगाराम यादव को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, एसटीएफ ने आरोपी को देर रात आलमबाग बस स्टेशन के पास से दबोचा। गिरफ्तार आरोपी अम्बेडकरनगर का निवासी है और हत्या की साजिश में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है।
गौरतलब है कि 27 मई 2026 को पीजीआई क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में थाना पीजीआई में मुकदमा संख्या 291/2026 दर्ज किया गया था। घटना के बाद से पुलिस और एसटीएफ लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।
जांच के दौरान एसटीएफ पहले ही मामले के मुख्य साजिशकर्ता समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पूछताछ में गंगाराम यादव ने शूटरों की व्यवस्था कराने में अपनी भूमिका स्वीकार की है। उसने बताया कि उसने दिनेश कुमार यादव और उसके चालक मुकर्रबीन उर्फ मुबीन के कहने पर आरोपियों की मदद की थी।
एसटीएफ ने गिरफ्तार आरोपी को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए पीजीआई पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस अब मामले में अन्य संभावित आरोपियों और साजिश के बाकी पहलुओं की जांच कर रही है।
मानसून से पहले जलनिकासी और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करें, लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त: एके शर्मा
-  वाराणसी में नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश


वाराणसी/लखनऊ। प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सोमवार को वाराणसी स्थित सर्किट हाउस सभागार में नगर विकास और ऊर्जा विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक में अधिकारियों को जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में तेजी लाने तथा जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मानसून से पहले जलनिकासी, सफाई और विद्युत व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त कर लिया जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
नगर विकास विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि बरसात के दौरान जलभराव की स्थिति किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं होगी। सभी नगर निकाय नालों और नालियों की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करें तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखें। उन्होंने सड़क किनारे और डिवाइडरों के आसपास फैली गंदगी हटाकर पौधरोपण एवं सौंदर्यीकरण अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता, हरियाली और बेहतर शहरी आधारभूत सुविधाएं किसी भी शहर की पहचान होती हैं। नगर निकाय नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य करें। साथ ही निर्माणाधीन विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान ए.के. शर्मा ने निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, खराब ट्रांसफार्मरों के त्वरित प्रतिस्थापन और विद्युत वितरण तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि गर्मी और मानसून के मौसम में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को विशेष रूप से सुदृढ़ रखा जाए। संभावित तकनीकी समस्याओं का पूर्व आकलन कर उनका समय रहते समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने 1912 हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण और नियमित समीक्षा के निर्देश देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग की सेवाएं सीधे आम जनता के जीवन से जुड़ी हैं, इसलिए सभी अधिकारी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करें। जनहित से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार सहित नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आस्था और पर्यटन से विकास को नई गति: यूपी में तेज़ी से आगे बढ़ रहीं धार्मिक एवं सांस्कृतिक परियोजनाएँ

-  पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया - आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय का 76% निर्माण पूरा, गोरखनाथ मंदिर में पर्यटक सुविधाओं के कार्य भी अंतिम चरण में


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों के विकास के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। इसी क्रम में जनपद आगरा में निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय का लगभग 76 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि लखनऊ के ऐशबाग स्थित रामलीला मैदान के सौंदर्यीकरण का कार्य 98 प्रतिशत पूर्ण हो गया है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को बताया कि उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम द्वारा संचालित विभिन्न पर्यटन एवं सांस्कृतिक परियोजनाओं में तेजी से प्रगति हो रही है। आगरा में लगभग 197 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय के लिए अब तक 144 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं और निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के अनुरूप आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि लखनऊ के ऐतिहासिक रामलीला मैदान के सौंदर्यीकरण हेतु स्वीकृत परियोजना का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है तथा शेष कार्य भी शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि वाराणसी के सारनाथ स्थित धमेक स्तूप पर अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो विकसित करने की योजना पर भी कार्य चल रहा है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से अनुमति प्राप्त होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए आरसीसी ट्रिमिक्स रोड, बाउंड्री वॉल, ड्रेनेज, लैंडस्केपिंग, साइनेज और टूरिस्ट सिक्योरिटी रोड सहित विभिन्न विकास कार्यों की लगभग 70 प्रतिशत प्रगति हो चुकी है। इसके अतिरिक्त मंदिर परिसर में टीएफसी भवन की छत पर यात्री निवास निर्माण की परियोजना भी शुरू कर दी गई है।
महोबा स्थित गोरखनाथ तपोस्थली में स्थापित होने वाली विशाल प्रतिमा के लिए पैडस्टल निर्माण कार्य जारी है। यहां 26 फीट ऊंचे नंदी की स्थापना भी प्रस्तावित है। वहीं बागपत के पुरा महादेव मंदिर के पर्यटन विकास से संबंधित परियोजना पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।
जयवीर सिंह ने बताया कि 31 मार्च 2026 तक प्रदेश के अधिकांश जनपदों में पर्यटन विकास एवं सांस्कृतिक विरासत संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं को स्वीकृति देकर प्रथम किश्त जारी की जा चुकी है। सभी कार्यदायी संस्थाओं को समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार "आस्था के साथ अर्थव्यवस्था" को जोड़ते हुए पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्नाव में पुलिस मुठभेड़ में एक लाख का इनामी बदमाश ढेर, हत्या का था आरोपी

- पुलिस पर की फायरिंग, एक उपनिरीक्षक की जैकेट पर लगी गोली और एसओजी सिपाही घायल; मौके से तमंचा व चाकू बरामद

उन्नाव। उन्नाव जिले के बांगरमऊ थाना क्षेत्र में सोमवार तड़के पुलिस और एसओजी टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। मृतक की पहचान इसराइल उर्फ इजराइल पुत्र शकूर, निवासी पूर्विया टोला, बांगरमऊ के रूप में हुई है। वह हाल ही में हुए चर्चित बाबा मिलनदास हत्याकांड में वांछित था।

पुलिस के अनुसार तड़के करीब 3:40 बजे थाना बांगरमऊ पुलिस और एसओजी टीम आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की हवाई पट्टी सर्विस रोड पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक लाख रुपये का इनामी अपराधी इसराइल उर्फ इजराइल ग्राम ताजपुर अंडरपास के पास अपने साथी का इंतजार कर रहा है।

सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग के दौरान एक गोली उपनिरीक्षक न्यूटन कुमार सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जबकि एसओजी के आरक्षी विकास भदौरिया के हाथ में गोली लगने से वह घायल हो गए। पुलिस के अनुसार आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में इसराइल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांगरमऊ ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक बदमाश के खिलाफ थाना बांगरमऊ में दर्ज बाबा मिलनदास हत्याकांड में मुकदमा संख्या 168/2026 के तहत मामला दर्ज था। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। घटनास्थल से पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त बताए जा रहे एक चाकू, एक तमंचा 315 बोर तथा दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और अन्य वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं घायल पुलिसकर्मी का उपचार कराया जा रहा है।

आईटीआई में शून्य ड्रॉपआउट और 100% प्रवेश का लक्ष्य, मंत्री कपिल देव अग्रवाल के सख्त निर्देश
-  वाराणसी में विभागीय समीक्षा बैठक, प्रशिक्षण गुणवत्ता सुधार और पीपीपी मॉडल के आईटीआई में नियमित प्रशिक्षण शुरू कराने पर जोर

वाराणसी/लखनऊ। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में शून्य ड्रॉपआउट और 100 प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संस्थानों को प्रशिक्षार्थियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
सर्किट हाउस, वाराणसी में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने सभी प्रधानाचार्यों को प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों की नियमित काउंसलिंग कराने तथा उनके अभिभावकों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आईटीआई ड्रॉपआउट दर को शून्य करने के लक्ष्य के साथ कार्य करे।
बैठक में वाराणसी मंडल के प्रशिक्षण एवं शिक्षुता कार्यक्रमों, कौशल विकास योजनाओं तथा संस्थानों की प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, संस्थानों के संचालन और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।पीपीपी मॉडल के अंतर्गत संचालित राजकीय आईटीआई पिंडरा (वाराणसी) और आईटीआई बदलापुर (जौनपुर) की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक संसाधन, मशीनें और कार्मिक उपलब्ध कराकर शैक्षणिक सत्र 2026-27 से नियमित प्रशिक्षण शुरू कराने के निर्देश दिए। साथ ही भारत सरकार से स्थायी संबंधन और एनसीवीटी मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।
कौशल विकास मिशन के तहत संचालित प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मंत्री ने अधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह निरीक्षण करने और प्रशिक्षार्थियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंडल के प्रत्येक जिले में संचालित निजी आईटीआई में से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 10 संस्थानों का चयन कर उन्हें प्रोत्साहित करने की कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा।
मंत्री ने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया कि आईटीआई में संचालित विभिन्न व्यवसायों और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आगामी प्रशिक्षण सत्र 2026-27 में सभी सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का मजबूत माध्यम है। इसलिए प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता और परिणामों में निरंतर सुधार प्राथमिकता होनी चाहिए।
जनपद रामपुर एवं सीतापुर के किसानों के लिए 15 जून से ऐप आधारित उर्वरक वितरण व्यवस्था लागू
-  'फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल' ऐप के माध्यम से पूर्व बुकिंग पर ही मिलेगा यूरिया, डीएपी और एनपीके

-  किरायेदार व बटाईदार किसानों को भी मिलेगा लाभ, घर बैठे होगी निकटतम उर्वरक विक्रेता की खोज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कृषि विभाग द्वारा जनपद रामपुर एवं सीतापुर के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना दी गई है। इन दोनों जनपदों में आगामी 15 जून, 2026 से यूरिया, डीएपी एवं एनपीके उर्वरकों का वितरण पूरी तरह से "फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल" ऐप के माध्यम से पूर्व बुकिंग के आधार पर किया जाएगा। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य 'हर किसान को सही उर्वरक का अधिकार' दिलाना है ताकि कोई भी किसान उर्वरक से वंचित न रहे। किसानों को उर्वरक प्राप्त करने के लिए सबसे पहले इस ऐप पर बुकिंग करनी होगी, जिसके बाद वे निर्धारित विक्रेता से अपनी खाद प्राप्त कर सकेंगे। इस ऐप के माध्यम से किसानों को समय पर और सुनिश्चित उर्वरक की उपलब्धता होगी, निकटतम विक्रेता की खोज आसान होगी और उनके समय व श्रम की भी बचत होगी। यह पूरी व्यवस्था क्यूआर कोड और टोकन आधारित होगी, जो पूरी तरह से पारदर्शी, सरल और सुगम है। इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इससे किरायेदार एवं बटाईदार किसानों को भी उर्वरक का पूरा लाभ मिल सकेगा और खाद का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित होगा।
इस व्यवस्था का लाभ उठाने के लिए किसानों को अपने एंड्रॉयड मोबाइल फोन के प्ले स्टोर से "फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल" ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप के भीतर बुकिंग की प्रक्रिया को 4 सरल चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में किसानों को "ऐड लैंड एंड क्रॉप डिटेल्स" विकल्प में जाकर अपनी भूमि और फसल का पूरा विवरण दर्ज करना होगा। दूसरे चरण में उन्हें आवश्यक उर्वरक जैसे यूरिया, डीएपी या एनपीके और उसकी मात्रा का चयन करना होगा। तीसरे चरण में ऐप पर संबंधित क्षेत्र के उपलब्ध उर्वरक विक्रेताओं की सूची दिखाई देगी, जिसमें से किसान अपनी सुविधा के अनुसार निकटतम विक्रेता को चुन सकते हैं। चौथे व अंतिम चरण में बुकिंग पूरी होते ही एक क्यूआर कोड या टोकन जनरेट हो जाएगा। किसान इस क्यूआर कोड या टोकन को विक्रेता को दिखाकर आसानी से अपना उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं।
इस व्यवस्था के अंतर्गत आवेदन के लिए 3 श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। प्रथम स्तर में आईडी धारक किसान शामिल हैं, जो अपनी किसान आईडी और आधार सत्यापन के माध्यम से आवेदन करेंगे। द्वितीय स्तर में आईडी विहीन किसान अपनी भूमि का विवरण दर्ज करके आवेदन कर सकते हैं। तृतीय स्तर में किरायेदार एवं बटाईदार किसानों को रखा गया है, जिनके लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं ताकि वे भी निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर आसानी से उर्वरक बुक कर सकें। सरकार ने किसानों की सहूलियत के लिए प्रतिनिधि द्वारा भी उर्वरक प्राप्ति की सुविधा दी है। यदि कोई किसान स्वयं उपस्थित होने में असमर्थ है, तो वह अपने परिवार के किसी सदस्य या अन्य अधिकृत व्यक्ति को आधार संख्या अथवा ओटीपी के माध्यम से अधिकृत कर सकता है और वह प्रतिनिधि किसान की ओर से उर्वरक प्राप्त कर सकेगा। किसान उर्वरक प्राप्त करने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करने, टोकन संख्या प्रस्तुत करने, आधार आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण या अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से खाद लेने के विकल्पों में से किसी 1 का चयन कर सकते हैं।
इस पूरी व्यवस्था के सुचारू संचालन और किसी भी प्रकार की तकनीकी या संचालन संबंधी समस्या के समाधान के लिए हेल्पडेस्क नंबर भी जारी किए गए हैं। किसान राष्ट्रीय हेल्पडेस्क के नंबरों 011-24014775 और 011-24014774 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा जिला स्तर पर सहायता के लिए जिला कृषि अधिकारी सीतापुर (+91 94522 06241) तथा जिला कृषि अधिकारी रामपुर (+91 94568 84920) से भी संपर्क किया जा सकता है। कृषि विभाग द्वारा सभी किसानों से अपील की गई है कि वे उर्वरक वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुगम और किसान हितैषी बनाने के लिए इस ऐप का बढ़-चढ़कर उपयोग करें।
विश्व रक्तदाता दिवस पर लखनऊ पुलिस मित्र परिवार का रक्तदान महायज्ञ सम्पन्न
लखनऊ, 14 जून 2026। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर लखनऊ पुलिस मित्र परिवार द्वारा डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर एवं रक्तदान महायज्ञ का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन टीम के संरक्षक श्री कवीन्द्र प्रताप सिंह, आईपीएस (रिटायर्ड) तथा संयोजक श्री जितेन्द्र सिंह के निर्देशन में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री एन.पी. ओझा प्रधान न्यायाधीश फैमिली कोर्ट ललित पुर एवं आर एम एल के डायरेक्टर श्री डॉ सी एम सिंह ने रिबन काटकर तथा रक्तदाताओं द्वारा राष्ट्रगान और रक्तदान गीत गाकर  रक्तदान महायज्ञ का शुभारम्भ किया।
अतिथिगण द्वारा अपने उद्बोधन में रक्तदान को मानवता की सर्वोच्च सेवा बताते हुए सभी स्वस्थ नागरिकों से नियमित रक्तदान का आह्वान किया।
शिविर में 57 से अधिक रक्तवीरों एवं रक्तवीरांगनाओं ने रक्तदान किया, जबकि लगभग 12 इच्छुक रक्तदाता चिकित्सकीय कारणों से रक्तदान नहीं कर सके।
इस अवसर पर ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. सुब्रत चंद्रा ने रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर अनेक मरीजों के जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर "समर्पित रक्तदाता सम्मान" से रक्तवीरंगना श्रीमती सुधा टंडन, श्रीमती नूतन वर्मा, श्रीमती रुचि मिश्रा एवं शैल वर्मा को सम्मानित किया गया।   जीवन का पहला रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं को भी सम्मानित किया गया।
शिविर के सफल आयोजन में टीम मार्गदर्शक/संस्थापक श्री जितेन्द्र सिंह एवं श्रीमती सरिता सिंह, वरिष्ठ फाउंडर मेंबर एवं सिविल डिफेंस सेक्टर वार्डन सुश्री ज्योति खरे, फाउंडर मेंबर श्रीमती नूतन वर्मा, श्री अजहर सिद्दीकी, श्री पवन सिंह, वरिष्ठ फाउंडर मेंबर श्री सत्यम पाण्डेय (डायरेक्टर प्रचार जंक्शन), कवि श्री कुलदीप कलस, श्री राम प्रताप यादव, निर्मल एजुकेशन वेलफेयर सोसायटी की उपाध्यक्ष एडवोकेट ऋचा मिश्रा, वरिष्ठ मैनेजर (BOB) श्री बी.के. सिन्हा, SDRF ट्रेनर श्री प्रशांत तिवारी ,श्री प्रशांत बाजपेई, श्री आशीष सिंह, श्री चंद्रशेखर सिंह, श्री अरुण कुमार गुप्ता,श्री सपनेश शुक्ला, श्री मती दीप्ती शर्मा, श्री राम मिलन यादव, श्री राहुल सिंह, श्री मती संगीता  जी, डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान की शिखा जी एवं शोभित चंद्रा जी सहित अनेक समाजसेवियों, मीडिया बंधुओं एवं स्वयंसेवकों का विशेष सहयोग रहा।
इस अवसर पर उप नि0श्री संजय सिंह, hc जीतेन्द्र कुमार यादव, उप नि 0राहुल नयन, उप नि 0योगेश सिंह, डॉ सुनील वर्मा, hc अरविन्द कुशवाहा,का 0सतेन्द्र सिंह अतुल सिंह, श्री मती सुधा टंडन सहित बहुत सारे रक्तवीरों ने रक्तदान कर रक्तदान महायज्ञ को सफल बनाया..... लखनऊ पुलिस मित्र परिवार द्वारा सभी देवतुल्य रक्तदानियों का हृदय से आभार व्यक्त किया गया।
महिला किसानों के सशक्तिकरण को बढ़ावा, 4.95 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत
-  अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग की महिलाओं को मिलेगा कौशल विकास, आधुनिक कृषि तकनीक और आर्थिक सहायता का लाभ

लखनऊ। प्रदेश की महिला किसानों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना (एमकेएसपी) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4 करोड़ 95 लाख 83 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की है।
यह परियोजना ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करते हुए उन्हें सशक्त किसान और सफल उद्यमी के रूप में विकसित करना है।
स्वीकृत धनराशि का लाभ विशेष रूप से अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की महिला किसानों को मिलेगा। परियोजना के तहत उन्हें कौशल विकास प्रशिक्षण, आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी, वित्तीय सहायता, आजीविका संवर्धन और बाजार से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार द्वारा जारी 2 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपये के केंद्रीय अंश तथा 1 करोड़ 98 लाख 33 हजार रुपये के राज्यांश सहित कुल 4 करोड़ 95 लाख 83 हजार रुपये की मंजूरी दी गई है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें बेहतर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि महिला किसानों की आर्थिक मजबूती से परिवार, गांव और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई शक्ति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना महिलाओं को केवल कृषि श्रमिक के रूप में नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाली सशक्त किसान और उद्यमी के रूप में स्थापित करने का माध्यम बनेगी। इससे महिला-प्रधान परिवारों और संसाधन-विहीन वर्ग की महिलाओं की आय बढ़ाने तथा उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में मदद मिलेगी।
प्रदेश सरकार का मानना है कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की कृषि गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने, खेती को अधिक लाभकारी बनाने और उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
निपुण भारत मिशन को मिलेगी नई गति, 58 जिलों के 232 मास्टर ट्रेनरों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
-  22 जून से 10 जुलाई तक लखनऊ में तीन चरणों में होगा आवासीय प्रशिक्षण

-  हजारों शिक्षकों तक पहुंचेगी एफएलएन और एनसीईआरटी आधारित शिक्षण पद्धति

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए निपुण भारत मिशन को नई धार देने जा रही है। इसके तहत प्रदेश के 58 जनपदों से चयनित 232 शैक्षणिक संदर्भदाताओं को राज्य स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह प्रशिक्षण फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) तथा एनसीईआरटी आधारित शिक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान (एसआईएचएफडब्ल्यू), इंदिरा नगर, लखनऊ में 22 जून से 10 जुलाई तक तीन चरणों में आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण में प्रत्येक जनपद से चार-चार संदर्भदाता शामिल होंगे। इनमें दो एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) और दो डायट मेंटर होंगे। प्रशिक्षित संदर्भदाता आगे ब्लॉक स्तर पर हजारों शिक्षकों एवं शिक्षा मित्रों को प्रशिक्षित कर निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को विद्यालयों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएंगे।

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य केवल विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि कक्षा-कक्ष में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करना भी है। इसी उद्देश्य से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रस्तावित शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने हेतु जिला स्तरीय संदर्भदाताओं का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कराया जा रहा है।
प्रशिक्षण का पहला चरण 22 से 26 जून, दूसरा चरण 29 जून से 3 जुलाई और तीसरा चरण 6 से 10 जुलाई तक आयोजित होगा। प्रशिक्षण में हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषयों के विशेषज्ञों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि शिक्षकों को विषयगत और व्यवहारिक दोनों स्तरों पर बेहतर मार्गदर्शन मिल सके।
राज्य स्तर पर प्रशिक्षित यह टीम आगे मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य करेगी और एफएलएन आधारित शिक्षण पद्धति, एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों की अवधारणाओं तथा निपुण लक्ष्यों को शिक्षकों तक पहुंचाने का कार्य करेगी। इससे प्रदेशभर में शिक्षण की गुणवत्ता और एकरूपता को बढ़ावा मिलेगा।
गौरतलब है कि निपुण भारत मिशन का उद्देश्य प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों में आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत बनाना है। योगी सरकार शिक्षक प्रशिक्षण, अकादमिक अनुश्रवण, निपुण मूल्यांकन और गतिविधि आधारित शिक्षण को लगातार बढ़ावा दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में सुधार और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।