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निगरानी ने एक चौकीदार को 9000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा, केस से नाम हटाने के नाम पर मांगे थे रुपए, एएसआई पर भी गिर सकती है गाज

गया: गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र में निगरानी की टीम ने बुधवार को एक चौकीदार को 9000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार चौकीदार की पहचान मनीष कुमार के रूप में की गई है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, क्योंकि इस घूसकांड के तार सीधे थाने के एक सहायक पुलिस अवर निरीक्षक (ASI) से जुड़े हुए हैं।

केस से नाम हटाने के एवज में मांगी थी घूस

निगरानी विभाग के डीएसपी समीर चंद्र झा ने मामले की

पुष्टि करते हुए बताया कि बेलागंज थाने में दर्ज कांड संख्या 689/23 एक जमीनी विवाद से जुड़ा हुआ है। इस मामले में परिवादी रविंद्र यादव ग्राम पनारी के बेटे का नाम केस से हटाने के एवज में 12,000 रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। इसमें से 3,000 पहले ही लिए जा चुके थे।

बाकी के 9,000 की रकम देने के लिए परिवादी ने इसकी लिखित शिकायत पटना निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से की थी। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें घूस मांगे जाने का आरोप पूरी तरह सही पाया गया। आरोप की पुष्टि होने के बाद निगरानी की एक विशेष टीम ने बेलागंज थाना के समीप स्थित अस्पताल परिसर में जाल बिछाया। जैसे ही परिवादी रविंद्र यादव ने चौकीदार मनीष कुमार को केमिकल लगे 9,000 दिए। वैसे ही घात लगाए बैठी विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। अचानक हुई इस छापेमारी से अस्पताल व थाना परिसर में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। अनुसंधानकर्ता ASI अशोक कुमार के इशारे पर हो रहा था खेल निगरानी डीएसपी समीर चंद्र झा ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि पकड़ा गया चौकीदार मनीष कुमार तो महज एक मोहरा था।

दरअसल, इस जमीन विवाद मामले के अनुसंधानकर्ता बेलागंज थाने के एएसआई अशोक कुमार हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि एएसआई अशोक कुमार के कहने और उनके इशारे पर ही चौकीदार द्वारा पैसे का यह लेन-देन किया जा रहा था। डीएसपी समीर चंद झा जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ है कि मामले के आईओ एएसआई अशोक कुमार के कहने पर ही चौकीदार पैसे ले रहा था। इस पूरे मामले में सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। आरोपी चौकीदार को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पटना ले जाया जा रहा है। इस मामले में संलिप्त और दोषियों को खिलाफ भी विधि सम्मत सख्त कार्रवाई की जाएगी.

सात फेरे के बाद दुल्हन फरार, परिजन भी गायब, राजस्थान की युवक ने बेलागंज थाने में दर्ज कराई ठगी की शिकायत

गया: गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव में शादी के कुछ घंटे बाद ही दुल्हन और उनके परिजन गायब हो गए. पीड़ित दूल्हे ने इस ठगी बताते हुए बेलागंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है. राजस्थान के टोंक जिले के निवासी संजय पटवा अपने परिवार के साथ दरियापुर गांव शादी करने पहुंचे थे. आरोप है की शादी से पहले दूल्हा और दुल्हन पांच के बीच पैसे का लेनदेन हुआ था. दूल्हे ने दुल्हन को मंगलसूत्र, अंगूठी, पायल और अन्य शादी का सामान दिए.

इसके अतिरिक्त दुल्हन पक्ष के एक मोबाइल नंबर पर 110000 पर ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए. रात में हिंदू रीति रिवाज के अनुसार विवाह की सभी रस में पूरी की गई. दोनों बच्चों की सहमति से दुल्हन की विदाई ताई हुई थी. शादी के बाद दूल्हा और उसके परिजनों को गांव में एक तय स्थान पर ठहराया गया था. जब विदाई की तैयारी शुरू हुई तो ग्रामीणों ने बताया कि दुल्हन के घर पर ताला लगा हुआ है. मौके पर पहुंचने पर दूल्हे और उसके परिजनों ने देखा कि घर के सभी सदस्य गायब थे. इसके बाद उन्होंने डायलॉग 112 पर सूचना दी और बेलागंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई.

गयाजी में टीवीएस रेडर की मेगा डिलीवरी, 51+ ग्राहकों को मिली नई मोटरसाइकिल

गयाजी। शहर के एक निजी होटल में एबी टीवीएस एवं मां मुंडेश्वरी टीवीएस के संयुक्त तत्वावधान में टीवीएस रेडर की मेगा डिलीवरी समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एक ही दिन में 51 से अधिक ग्राहकों को नई टीवीएस रेडर मोटरसाइकिल की चाबी सौंपकर वाहन डिलीवरी की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्राहकों एवं उनके परिजनों ने भाग लिया।

समारोह के दौरान कंपनी के टीएम अमन सिन्हा ने बताया कि टीवीएस रेडर अपने आकर्षक स्पोर्टी लुक, दमदार प्रदर्शन और आधुनिक तकनीक के कारण युवाओं की पसंदीदा मोटरसाइकिल बन गई है। यह बाइक स्टाइल, आराम और दैनिक उपयोगिता का बेहतरीन संतुलन प्रदान करती है, जिससे कम्यूटर मोटरसाइकिल श्रेणी में इसकी अलग पहचान बनी है।

अधिकारियों ने कहा कि गयाजी में आयोजित यह मेगा डिलीवरी कार्यक्रम टीवीएस रेडर की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है। बिहार में इस मोटरसाइकिल की मांग लगातार बढ़ रही है। इसका परिष्कृत इंजन, उन्नत फीचर्स और युवाओं को आकर्षित करने वाला डिजाइन ग्राहकों को खूब पसंद आ रहा है।

कार्यक्रम में मौजूद ग्राहकों ने नई बाइक प्राप्त कर खुशी व्यक्त की और टीवीएस की गुणवत्ता तथा सेवा की सराहना की। डिलीवरी के बाद ग्राहकों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें कंपनी के प्रतिनिधियों ने बाइक की विशेषताओं और रखरखाव से संबंधित जानकारी दी। इस अवसर पर ग्राहकों के लिए विशेष उपहार की भी व्यवस्था की गई थी। सभी बाइक खरीदने वाले ग्राहकों को उपहार स्वरूप वीआईपी सफारी का ट्रॉली बैग प्रदान किया गया, जिसे पाकर ग्राहकों में खासा उत्साह देखने को मिला।

कंपनी के अनुसार, टीवीएस रेडर बिहार में 83,567 रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध है। इस मेगा डिलीवरी कार्यक्रम के माध्यम से कंपनी ने क्षेत्र में अपने बढ़ते ग्राहक विश्वास और मजबूत बाजार उपस्थिति को रेखांकित किया। मां मुंडेश्वरी के प्रोपराइटर पीयूष सिंह, एबी टीवीएस के जनरल मैनेजर जितेंद कुमार सिन्हा उर्फ डब्लू, मुख्यातिथि तौर पर रामाधार सिंह, कलाकार गुलशन राजपूत आदि उपस्थित थे।

गया में रचा गया चिकित्सा इतिहास: मैगध क्षेत्र की पहली सफल Pancreatic Pseudocyst Surgery, मरीज पूरी तरह स्वस्थ

गया। मगध क्षेत्र के स्वास्थ्य जगत के लिए गर्व और उपलब्धि का एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रकाश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल गया में पहली बार Pancreatic Pseudocyst जैसी जटिल बीमारी का सफल ऑपरेशन कर चिकित्सा क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है। इस सफल सर्जरी के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और उसकी स्थिति संतोषजनक बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, Pancreatic Pseudocyst अग्न्याशय (पैंक्रियास) से जुड़ी एक गंभीर और जटिल बीमारी है, जिसका उपचार अत्यधिक विशेषज्ञता और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की मांग करता है। अब तक इस प्रकार की सर्जरी के लिए मरीजों को पटना, रांची, दिल्ली या अन्य बड़े शहरों के अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन गया में इस जटिल ऑपरेशन की सफलता ने मैगध क्षेत्र के मरीजों के लिए राहत का नया रास्ता खोल दिया है।

इस चुनौतीपूर्ण शल्य चिकित्सा का सफल नेतृत्व वरिष्ठ सर्जन डॉ. जे. पी. सिंह ने किया, जबकि एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी डॉ. सादाब ने संभाली। ऑपरेशन के दौरान अस्पताल की ओटी टीम, नर्सिंग स्टाफ तथा अन्य चिकित्सकों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चिकित्सकों की दक्षता और टीमवर्क के कारण यह जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न हो सकी।

इस अवसर पर डॉ. जे. पी. सिंह ने कहा कि प्रकाश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल का उद्देश्य मैगध क्षेत्र के लोगों को महानगरों जैसी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि अस्पताल लगातार अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सकों की मदद से जटिल सर्जरी के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है।

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि यहां आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों को विभिन्न प्रकार की सर्जरी और उपचार की निःशुल्क सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

प्रबंधन ने इस सफलता के लिए पूरी चिकित्सा टीम को बधाई देते हुए कहा कि भविष्य में भी अस्पताल क्षेत्र के लोगों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि न केवल प्रकाश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल बल्कि पूरे मैगध क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी और क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा प्रदान करेगी।

गया में रचा गया चिकित्सा इतिहास: मैगध क्षेत्र की पहली सफल Pancreatic Pseudocyst Surgery, मरीज पूरी तरह स्वस्थ

गया। मगध क्षेत्र के स्वास्थ्य जगत के लिए गर्व और उपलब्धि का एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रकाश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल गया में पहली बार Pancreatic Pseudocyst जैसी जटिल बीमारी का सफल ऑपरेशन कर चिकित्सा क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है। इस सफल सर्जरी के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और उसकी स्थिति संतोषजनक बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, Pancreatic Pseudocyst अग्न्याशय (पैंक्रियास) से जुड़ी एक गंभीर और जटिल बीमारी है, जिसका उपचार अत्यधिक विशेषज्ञता और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की मांग करता है। अब तक इस प्रकार की सर्जरी के लिए मरीजों को पटना, रांची, दिल्ली या अन्य बड़े शहरों के अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन गया में इस जटिल ऑपरेशन की सफलता ने मैगध क्षेत्र के मरीजों के लिए राहत का नया रास्ता खोल दिया है।

इस चुनौतीपूर्ण शल्य चिकित्सा का सफल नेतृत्व वरिष्ठ सर्जन डॉ. जे. पी. सिंह ने किया, जबकि एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी डॉ. सादाब ने संभाली। ऑपरेशन के दौरान अस्पताल की ओटी टीम, नर्सिंग स्टाफ तथा अन्य चिकित्सकों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चिकित्सकों की दक्षता और टीमवर्क के कारण यह जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न हो सकी।

इस अवसर पर डॉ. जे. पी. सिंह ने कहा कि प्रकाश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल का उद्देश्य मैगध क्षेत्र के लोगों को महानगरों जैसी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि अस्पताल लगातार अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सकों की मदद से जटिल सर्जरी के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है।

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि यहां आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों को विभिन्न प्रकार की सर्जरी और उपचार की निःशुल्क सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

प्रबंधन ने इस सफलता के लिए पूरी चिकित्सा टीम को बधाई देते हुए कहा कि भविष्य में भी अस्पताल क्षेत्र के लोगों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि न केवल प्रकाश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल बल्कि पूरे मैगध क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी और क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा प्रदान करेगी।

एमएलसी चुनाव 2026: अशरफ अंसारी को प्रत्याशी बनाए जाने पर उत्सव सेठ ने दी बधाई

गया: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अशरफ अंसारी को बिहार विधान परिषद (एमएलसी) द्विवार्षिक चुनाव-2026 के लिए पार्टी का प्रत्याशी बनाए जाने पर गया जिला कार्यकारी जिला अध्यक्ष युवा प्रकोष्ट के जिला अध्यक्ष उत्सव सेठ ने उनसे मुलाकात कर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

शनिवार को हुई इस मुलाकात के दौरान उत्सव सेठ ने कहा कि अशरफ अंसारी को पार्टी द्वारा एमएलसी चुनाव का उम्मीदवार बनाए जाना संगठन के कार्यकर्ताओं के लिए गर्व और उत्साह का विषय है। उन्होंने कहा कि अंसारी लंबे समय से पार्टी संगठन को मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं को जोड़ने तथा जनहित के मुद्दों को उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी संगठनात्मक क्षमता, संघर्षशीलता और पार्टी के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

उत्सव सेठ ने कहा कि अशरफ अंसारी ने अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा पार्टी की विचारधारा और राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के नेतृत्व को मजबूती प्रदान करने का कार्य किया है। यही कारण है कि पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताते हुए विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अशरफ अंसारी अपने अनुभव, नेतृत्व क्षमता और जनसंपर्क के बल पर चुनाव में शानदार सफलता प्राप्त करेंगे तथा विधान परिषद में पहुंचकर जनता, युवाओं, किसानों और समाज के सभी वर्गों की समस्याओं को मजबूती से उठाएंगे।

युवाओं की भागीदारी और संगठन सशक्तिकरण पर बड़ा मंथन, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के विजन को बताया प्रेरणास्रोत: उत्सव सेठ

गयाजी। युवा संगठन की मजबूती और युवाओं की सक्रिय भागीदारी को लेकर एक महत्वपूर्ण चर्चा आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न सामाजिक और संगठनात्मक मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान गया जी कार्यकारी जिलाध्यक्ष (युवा) उत्सव सेठ ने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को जोड़कर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि वे समाज और राष्ट्र निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकें।

गया जी कार्यकारी जिलाध्यक्ष (युवा) उत्सव सेठ ने बताया कि चर्चा के दौरान संगठन की संरचना को मजबूत करने, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन संवाद हुआ। उन्होंने कहा कि आज का युवा ही भविष्य का आधार है, और उनकी ऊर्जा को सही दिशा देना संगठन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनका दूरदर्शी विजन और युवाओं के प्रति उनकी सकारात्मक सोच समाज में नई प्रेरणा का स्रोत है। उत्सव सेठ ने कहा कि चिराग पासवान का विकासोन्मुखी दृष्टिकोण और युवाओं को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता वास्तव में प्रशंसनीय है।

उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री से मुलाकात के दौरान उनके विचारों को करीब से समझने का अवसर मिला, जिससे संगठन को नई दिशा और ऊर्जा प्राप्त हुई है। यह संवाद न केवल संगठन को मजबूत करेगा, बल्कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने में भी सहायक साबित होगा। कार्यक्रम के अंत में यह संकल्प लिया गया कि संगठन युवाओं को अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराएगा और उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करेगा, ताकि एक मजबूत और सशक्त समाज का निर्माण किया जा सके।

गया के ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल ने रचा इतिहास: जेईई एडवांस 2026 के ऑल इंडिया टॉपर शुभम कुमार समेत 18 छात्रों ने लहराया सफलता का परचम

गया। शिक्षा के क्षेत्र में गया जिले के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। जेईई एडवांस 2026 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर पूरे देश में बिहार का नाम रोशन करने वाले शुभम कुमार के सम्मान में गया शहर के बिसार तालाब स्थित ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जेईई एडवांस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले 18 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय बल्कि पूरे गया जिले को गौरवान्वित किया है।

कार्यक्रम के दौरान ऑल इंडिया टॉपर शुभम कुमार के अलावा आयुष कुमार (रैंक 5140), समीर राज (रैंक 737), सचिन प्रकाश (रैंक 1602), विनय कुमार (रैंक 2011), मुकेश कुमार (रैंक 2775) सहित अन्य सफल छात्रों को मंच पर सम्मानित किया गया। छात्रों की सफलता पर विद्यालय परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने इस उपलब्धि को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल बताया। विद्यालय के निदेशक भीमराज प्रसाद ने कहा कि यह सफलता किसी एक दिन की नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन, समर्पण और सही मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों से विद्यालय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर विशेष शैक्षणिक माहौल तैयार किया गया है, जिसका परिणाम अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे रहा है।

विद्यालय के निदेशक भीमराज प्रसाद ने शुभम कुमार की सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि जब शुभम नौवीं कक्षा में था, तब वह विद्यालय के सुपर-30 कार्यक्रम को दर्शक के रूप में देखा करता था। उसी दौरान उसकी बहन श्रेया कुमारी ने विद्यालय में नामांकन लिया था। श्रेया ने यहां दो वर्षों तक पढ़ाई करने के बाद आईआईटी में सफलता हासिल की। बहन की उपलब्धि से प्रेरित होकर शुभम ने भी इसी संस्थान में प्रवेश लिया और अपनी मेहनत के बल पर देशभर में पहला स्थान हासिल कर लिया

विद्यालय के निदेशक भीमराज प्रसाद ने बताया कि शुभम शुरू से ही एक असाधारण छात्र था। उसकी पढ़ाई के प्रति लगन, जिज्ञासा और कठिन परिश्रम ने उसे अन्य छात्रों से अलग पहचान दिलाई। विद्यालय के शिक्षकों ने उसकी क्षमता को पहचानते हुए उसे विशेष मार्गदर्शन और अतिरिक्त समय दिया। यही कारण है कि उसने जेईई एडवांस जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में इतिहास रचते हुए ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की। उन्होंने कहा कि विद्यालय से इस वर्ष कुल 46 छात्रों ने जेईई एडवांस परीक्षा दी थी, जिनमें से 18 छात्रों ने सफलता प्राप्त की है। यह सफलता दर्शाती है कि यदि छात्रों को सही दिशा, बेहतर संसाधन और समर्पित शिक्षक मिलें तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। 

विद्यालय के छात्र लगातार आईआईटी, नीट और अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। समारोह के दौरान सफल छात्रों ने भी अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और विद्यालय के सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण को दिया। छात्रों ने कहा कि यहां उन्हें सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि लक्ष्य निर्धारित करने और उसे हासिल करने की प्रेरणा भी मिली। नियमित टेस्ट, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और अनुशासित दिनचर्या ने उनकी तैयारी को मजबूत बनाया। 

विद्यालय के निदेशक भीमराज प्रसाद ने घोषणा की कि इस वर्ष से कक्षा 8 और 9 के विद्यार्थियों के लिए सुपर-30 कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। जुलाई माह से शुरू होने वाले इस विशेष कार्यक्रम के तहत चयनित छात्रों को छात्रवृत्ति के माध्यम से रहने, खाने और पढ़ाई की पूरी सुविधा पांच वर्षों तक निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है।

निदेशक भीमराज ने कहा कि अब वह समय आ गया है जब गया के छात्र देश के बड़े शैक्षणिक संस्थानों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। विद्यालय का लक्ष्य केवल परीक्षा में सफलता दिलाना नहीं, बल्कि ऐसे युवा तैयार करना है जो देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। जेईई एडवांस 2026 के परिणामों ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। यदि सही मंच और मार्गदर्शन मिले तो गया जैसे शहर से भी देश का नंबर-1 छात्र निकल सकता है। ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल की यह उपलब्धि आने वाले वर्षों में हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और बिहार की शैक्षणिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।

‘द इंडियन लेनिन बाबू जगदेव’ को मिल रहा दर्शकों का भरपूर प्यार, सफलता पर आयोजित हुई प्रेस वार्ता

गया। अमर शहीद बाबू जगदेव प्रसाद के संघर्षमय जीवन पर आधारित फिल्म ‘द इंडियन लेनिन बाबू जगदेव’ देशभर के सिनेमाघरों में दर्शकों का भरपूर समर्थन प्राप्त कर रही है। 29 मई को इस फिल्म को देश के लगभग पांच दर्जन प्रमुख सिनेमाघरों में एक साथ प्रीमियम रिलीज किया गया था। रिलीज के बाद से फिल्म को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

फिल्म की सफलता के उपलक्ष्य में गया स्थित एम्यूज अरीना सिनेमा हॉल के सभागार में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर फिल्म के निर्देशक प्रेम कुमार विद्यार्थी, निर्माता सिद्धार्थ कुमार, सुभाष दांगी, बाल कलाकार सचिन तिवारी सहित कई कलाकार एवं फिल्म से जुड़े अन्य लोग मौजूद रहे।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए निर्देशक प्रेम कुमार विद्यार्थी ने कहा कि यह फिल्म सामाजिक न्याय, समानता और स्वाभिमान के प्रतीक बाबू जगदेव प्रसाद के संघर्ष और विचारों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि फिल्म के माध्यम से नई पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेने और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए आगे बढ़ने का संदेश दिया गया है।

कार्यक्रम के दौरान एम्यूज अरीना सिनेमा हॉल के निदेशक मुकुल मोहित ने सभी कलाकारों और निर्माताओं को फूलों का गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने फिल्म की सफलता पर पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि ऐसी फिल्में समाज को नई दिशा देने का काम करती हैं।

प्रीमियर शो में बड़ी संख्या में दर्शकों ने फिल्म देखी और बाबू जगदेव प्रसाद के संघर्ष, त्याग एवं विचारों को याद किया। दर्शकों ने फिल्म की कहानी और प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे समाज में जागरूकता फैलाने वाली प्रेरणादायक फिल्म बताया। फिल्म के माध्यम से बाबू जगदेव प्रसाद के विचारों को देशभर तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है, जिसे लोगों का सकारात्मक समर्थन मिल रहा है।

गया में अवैध नर्सिंग होम का कथित खेल उजागर, वायरल वीडियो के बाद स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल

गया। जिले में अवैध नर्सिंग होमों के संचालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में पुराना जीबीएम कॉलेज के समीप स्थित एक दो मंजिला भवन में कथित रूप से बिना वैध अनुमति के नर्सिंग होम संचालित किए जाने का दावा किया गया है। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली और निगरानी व्यवस्था पर चर्चा तेज हो गई है।

वायरल वीडियो में भवन के बाहर अस्पताल का कोई स्पष्ट बोर्ड नहीं दिखाई दे रहा है। केवल एक अल्ट्रासाउंड सेंटर का बोर्ड लगा हुआ है, जबकि अंदर कई मरीज भर्ती होने और ऑपरेशन के बाद उपचाररत होने का दावा किया जा रहा है। वीडियो बनाने वाले लोगों का कहना है कि यह नर्सिंग होम बिना लाइसेंस संचालित किया जा रहा है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि गांव-देहात से आने वाले मरीजों और गर्भवती महिलाओं को बेहतर इलाज का भरोसा देकर यहां भर्ती कराया जाता है। इलाज शुरू होने के बाद मरीजों के परिजनों से भारी-भरकम राशि वसूले जाने की भी शिकायतें सामने आती रही हैं।

आरोप यह भी है कि कुछ बिचौलियों और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से मरीजों को यहां लाया जाता है।

गया शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई अवैध नर्सिंग होम संचालित होने की शिकायतें पहले भी उठती रही हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर जांच और कार्रवाई की बात कही जाती है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।

अब इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद लोगों की नजर जिला प्रशासन, सिविल सर्जन और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी है। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।