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विश्व पर्यावरण दिवस पर अथर्वन फाउंडेशन द्वारा पर्यावरण-अनुकूल शर्बत वितरण

प्रयागराज। विश्व पर्यावरण दिवस के क्रम में 6 जून को अथर्वन फाउंडेशन ने इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन (एएमए) के सहयोग से भीषण गर्मी एवं उमस से राहत प्रदान करने हेतु शर्बत वितरण कार्यक्रम आयोजित किया।इस अवसर पर पूर्णतया स्वच्छता एवं स्वास्थ्य मानकों का पालन करते हुए पर्यावरण-अनुकूल स्टील के गिलासों में शर्बत वितरण किया गया।यह पहल अथर्वन फाउंडेशन की सतत विकास की अवधारणा को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से संचालित की गई। वर्तमान समय में अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संगठन गर्मी से राहत देने के लिए सड़कों पर शर्बत एवं शीतल पेय पदार्थ वितरित करते हैं, जो निस्संदेह एक अत्यंत सराहनीय एवं मानवीय सेवा है। किंतु प्रायः इस सेवा में एकल-उपयोग प्लास्टिक के गिलासों का प्रयोग किया जाता है, जो पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती उत्पन्न करते हैं।अथर्वन फाउंडेशन का यह प्रयास इस सेवा भाव को पर्यावरण से जोड़ने और स्टील के गिलासों को उपलब्ध कराने की अनूठी पहल प्रारम्भ की है, ताकि शर्बत सेवा जैसे पुण्य कार्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज सेवा का भी आदर्श उदाहरण बन सकें।इस अवसर पर संस्था का उत्साहवर्धन हेतु राजापुर और सिविल लाइंस पार्षद भोला तिवारी और बबलू रघुवंशी की गरिमामयी उपस्थिति सहित इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन की ओर से सचिव डॉ. आशुतोष गुप्ता उपस्थित रहे। अथर्वन फाउंडेशन की ओर से अध्यक्ष ब्रजेश मिश्रा, सचिव डॉ. कंचन मिश्रा, उपाध्यक्ष डॉ. रश्मि भार्गव, शैलेन्द्र सिंह सहित फाउंडेशन के अन्य सदस्य तथा एमएमए के पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
चार लाशें, बंद मकान और रहस्यमयी संदेश! प्रयागराज हत्याकांड में 'बंटी-बबली' की एंट्री से उलझी जांच
प्रयागराज। शहर के साउथ मलाका इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्यों की हत्या के मामले ने नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। बंद मकान के भीतर कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटे और बेटी के खून से लथपथ शव मिलने के बाद अब घटनास्थल से मिला एक रहस्यमयी संदेश पुलिस जांच का केंद्र बन गया है। एक गत्ते पर लिखे शब्द— "बंटी बबली बहू ने मारा है"—ने पूरे मामले को और पेचीदा बना दिया है।

पुलिस को आशंका है कि यह संदेश असली सुराग भी हो सकता है और जांच को भटकाने की साजिश भी। यही वजह है कि फोरेंसिक विशेषज्ञ गत्ते पर लिखी लिखावट, फिंगरप्रिंट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रहे हैं।

बंद मकान में मिला था मौत का मंजर

साउथ मलाका के व्यस्त इलाके में स्थित मकान से दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी थी। जब पुलिस ने घर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो पूरा दृश्य रोंगटे खड़े कर देने वाला था। घर के अलग-अलग कमरों में 70 वर्षीय कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी पत्नी अनीता, बेटी मीनाक्षी और बेटे अभिषेक के शव पड़े मिले। चारों के सिर पर गंभीर चोटों के निशान थे, जिससे साफ था कि हत्यारों ने बेहद बेरहमी से वारदात को अंजाम दिया।

पुराना पारिवारिक विवाद जांच के घेरे में

जांच के दौरान पुलिस का ध्यान परिवार के छोटे बेटे अश्विनी और उसकी पत्नी रितु की ओर भी गया है। जानकारी के अनुसार, अश्विनी ने वर्षों पहले प्रेम विवाह किया था और बाद में पारिवारिक रिश्तों में तनाव बढ़ गया। बताया जा रहा है कि संपत्ति को लेकर मतभेद के चलते उसे परिवार से अलग कर दिया गया था।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अश्विनी और उसकी पत्नी पहले भी कथित धोखाधड़ी के मामलों में कानूनी कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी को इस हत्याकांड में आरोपी नहीं ठहराया है और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।

360 डिग्री कैमरों की फुटेज खंगाल रही पुलिस

वारदात स्थल के आसपास लगे कई सीसीटीवी कैमरे जांच एजेंसियों के लिए अहम साबित हो सकते हैं। पुलिस और एसओजी की टीमें घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वारदात के समय कौन लोग इलाके में आए या गए थे।

इसके अलावा पुलिस स्थानीय दुकानदारों, किरायेदारों, पड़ोसियों, दूध सप्लाई करने वालों और अखबार वितरकों से भी पूछताछ कर रही है। जांचकर्ता यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि वारदात से पहले किसी संदिग्ध गतिविधि को किसी ने देखा था या नहीं।

संपत्ति, रंजिश या लूट? कई एंगल पर जांच

करीब 200 वर्ग गज में बने इस मकान के भूतल पर कई दुकानें हैं, जिनसे हर महीने अच्छी-खासी किराये की आय होती थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हाल के दिनों में कुछ दुकानों की बिक्री और संपत्ति से जुड़े लेन-देन का इस हत्याकांड से कोई संबंध तो नहीं है।

फिलहाल पुलिस किसी एक निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही हत्याकांड की असली वजह सामने आ सकेगी।

चार हत्याओं और रहस्यमयी संदेश ने प्रयागराज को झकझोर दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर इस सामूहिक हत्याकांड के पीछे कौन है और "बंटी-बबली" वाला संदेश सच है या महज एक भटकाने वाली चाल।