ड्रमंडगंज घाटी के रोड डिजाइन पर सवाल, नए सिरे से निर्माण की मांग तेज
तहसील पर अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, विशेषज्ञों से तकनीकी ऑडिट कराने की उठी आवाज
लालगंज (मिर्जापुर)। राष्ट्रीय राजमार्ग 135 के रीवा मार्ग स्थित ड्रमंडगंज घाटी में लगातार हो रहे सड़क हादसों ने अब सड़क निर्माण की गुणवत्ता और डिजाइन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुवार को अधिवक्ताओं ने तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन कर घाटी की सड़क को नए सिरे से डिजाइन कराए जाने की मांग उठाई। अधिवक्ताओं ने जॉइंट मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि घाटी में बने फोरलेन मार्ग के मोड़ और ढलान तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं हैं। यही कारण है कि भारी वाहन संतुलन खोकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। हाल ही में हुई 11 लोगों की मौत ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है।अधिवक्ताओं ने मांग की कि सड़क के पूरे स्ट्रेच का उच्च स्तरीय तकनीकी ऑडिट कराया जाए। विशेषज्ञों की टीम द्वारा जांच के बाद जहां भी खामियां सामने आएं वहां आंशिक सुधार के बजाय पुनः डिजाइन कर निर्माण कराया जाए। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि बीते कुछ वर्षों में इस मार्ग पर लगातार हादसे हो रहे हैं लेकिन जिम्मेदार विभाग स्थायी समाधान के बजाय अस्थायी मरम्मत तक सीमित है। इससे दुर्घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।तहसील मुख्य द्वार पर हुए प्रदर्शन में अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया। इस दौरान उपरौध अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष राजेंद्र मौर्य,अनिल मौर्य, धनेश्वर गौतम, विपिन तिवारी, श्यामधर पांडे, प्रभुनाथ दुबे, मनोज दुबे, कमलेश गौतम, उमाशंकर पटेल, अशोक मिश्रा, सुरेश कुमार पटेल, राजकुमार पांडे, अरुण त्रिपाठी, आलोक पाल, जगत शास्त्री, बालेंद्र यादव समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
3 hours ago
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