पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों संग बैठक आज, पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा में शामिल नहीं होंगे 5 राज्यों के सीएम
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पश्चिम एशिया में जंग जारी है। ईरान-अमेरिका और इजराइल के बीच जारी युद्द का पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन पर असर हो रहा है। भारत में भी पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर दिख रहा है। ऐसे में पश्चिम एशिया के हालातों से कैसे निपटा जाए, इसके लिए मोदी सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। मिडिल ईस्ट के हालात पर सरकार ने कल यानी गुरुवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। अब आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ हाई लेवल मीटिंग करेंगे।
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पश्चिम एशिया संघर्ष पर मंथन
आज शाम 6.30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम मोदी मुख्यमंत्रियो के साथ बातचीत करेंगे। बैठक में प्रधानमंत्री पश्चिम एशिया संघर्ष पर मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत करेंगे, ताकि राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की जा सके। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ‘टीम इंडिया’ की भावना के साथ प्रयासों में तालमेल सुनिश्चित करना होगा।
पांच राज्यों के मुख्यमंत्री बैठक में नहीं होंगे शामिल
इस मीटिंग के लिए पांच राज्यों के मुख्यमंत्रियों को शामिल नहीं किया गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पीएम मोदी की बैठक में शामिल नहीं होंगे। दरअसल, जिन राज्यों में चुनाव होने हैं, वहां के मुख्यमंत्री बैठक में शामिल नहीं होंगे। आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के चलते इस बातचीत में तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री शामिल नहीं होंगे। हालांकि, कैबिनेट सचिवालय इन राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ अलग से मीटिंग करेगा।
मिडिल ईस्ट पर पीएम मोदी लगातार सक्रिय
मिडिल ईस्ट के संकट को देखते हुए पीएम मोदी लगातार सक्रिय हैं और पश्चिम एशिया के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। इस मुद्दे पर उन्होंने संसद के दोनों सदनों को भी संबोधित किया। पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा था कि पिछले तीन सप्ताह से अधिक समय से पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के हालात ने भारत के सामने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं जो आर्थिक सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय सुरक्षा से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा, यह आवश्यक है कि भारत की संसद से इस संकट को लेकर एकमत और एकजुट आवाज में संदेश दुनिया में जाए।




नई दिल्ली। भारत का इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर अब शुरुआती तेज़ वृद्धि के दौर से निकलकर स्थिर और टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में वही कंपनियां टिकेंगी, जिनके पास मजबूत वित्तीय आधार, उन्नत तकनीक और भरोसेमंद सप्लाई चेन होगी। यह बात ज़ुपेरिया ऑटो के सीईओ आयुष लोहिया ने कही।
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की प्रस्तावित नई स्क्रैपेज-लिंक्ड प्रोत्साहन योजना राजधानी में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। इस योजना के तहत पुराने वाहनों को स्क्रैप कर नए इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने पर ₹1 लाख तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा।

2 hours and 58 min ago
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