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लखनऊ में हैवानियत की हद: बेटे ने पिता के शव के किए चार टुकड़े, रीढ़ नहीं काट सका
लखनऊ। राजधानी  के आशियाना सेक्टर-एल में पैथोलॉजी संचालक और शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या के मामले में रोज नए चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने शव के चार टुकड़े किए थे। उसने पेट और पीठ को भी काटकर अलग करने की कोशिश की, लेकिन रीढ़ की हड्डी नहीं काट सका। रिपोर्ट में पेट और पीठ पर आठ-आठ इंच गहरे कट के निशान मिले हैं।

क्राइम सीन रीक्रिएट, आरोपी ने दोहराई पूरी वारदात

मंगलवार को पुलिस ने फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएट किया। आरोपी अक्षत को भी मौके पर ले जाया गया। उसने बताया कि 20 फरवरी की सुबह तीसरी मंजिल पर लाइसेंसी राइफल से पिता को गोली मारी। इसके बाद शव को घसीटकर भूतल पर लाया और शाम को बाथरूम में आरी और चाकू से टुकड़े किए। दुर्गंध छिपाने के लिए रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल करता रहा।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी राइफल बेड के नीचे से बरामद कर ली है। उसने दो चाकू और आरी भी खरीदी थी, जिन्हें जब्त कर लिया गया है।

धड़ ठिकाने लगाने से पहले खुला राज

पकड़े जाने के डर से अक्षत ड्रम में भरे धड़ को कार से ठिकाने लगाने जा रहा था, लेकिन शराब ठेके के मुनीम के घर पहुंचने से उसकी योजना विफल हो गई। दोनों हाथ और पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए गए थे, जबकि सिर सहित धड़ घर के अंदर नीले ड्रम में मिला।

‘लापता’ का नाटक और पेंट से सबूत मिटाने की कोशिश

हत्या के बाद अक्षत ने पिता की गुमशुदगी की अफवाह फैलाई। व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर दोस्तों को जोड़ता रहा और मैसेज करता रहा—“पापा, आप कहां हो…” ताकि शक न हो। कमरे में बिखरे खून के छींटों को छिपाने के लिए वह पेंट खरीदकर दीवारें रंगता रहा।

जांच कई एंगल से

डीसीपी मध्य Vikrant Veer के मुताबिक मामले की जांच कई पहलुओं पर की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि हत्या के पीछे सिर्फ नीट परीक्षा का दबाव था या कोई और कारण।

मानवेंद्र के पिता सुरेंद्र पाल सिंह, जो सेवानिवृत्त दरोगा हैं, जालौन से लखनऊ पहुंच चुके हैं। शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया गया और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी हुई।

यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों के टूटने और हैवानियत की पराकाष्ठा की कहानी बन गया है, जिसने पूरे शहर को सन्न कर दिया है।
लखनऊ में रिश्तों का कत्ल: बेटे ने की पिता की निर्मम हत्या, शव के टुकड़े कर ड्रम में छिपाया,नौ साल पुरानी दरार बनी खूनी अंजाम की वजह?
लखनऊ । लखनऊ के आशियाना सेक्टर-एल में शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। आरोप है कि उनके ही बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर हत्या की और फिर शव के टुकड़े कर अलग-अलग जगह फेंक दिए।
परिवारिक सूत्रों के मुताबिक पिता-पुत्र के रिश्तों में दरार करीब नौ साल पहले पड़ गई थी। वर्ष 2017 में अक्षत की मां ने पारिवारिक कलह में जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। बताया जाता है कि अक्षत मां की मौत के लिए पिता को जिम्मेदार मानता था। इसके बाद से उसके मन में गहरी नफरत पनप गई थी।

मानवेंद्र के करीबी लोगों का कहना है कि पिता की जीवनशैली, देर रात पार्टियां और एक महिला से नजदीकियों को लेकर भी घर में तनाव रहता था। अक्षत डॉक्टर नहीं बनना चाहता था, लेकिन पिता उस पर नीट परीक्षा पास करने का दबाव बना रहे थे। तीन साल पहले वह घर छोड़कर भी चला गया था और छह पन्नों का नोट लिखकर गया था।

हत्या की रात क्या हुआ?

डीसीपी मध्य Vikrant Veer के मुताबिक 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे पिता-पुत्र में नीट को लेकर विवाद हुआ। गुस्से में अक्षत ने लाइसेंसी राइफल से पिता को गोली मार दी। मानवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।

वारदात मकान के तीसरे तल पर हुई। आरोपी ने शव को घसीटकर नीचे लाया। पहले गोमती नदी में फेंकने की योजना बनाई, लेकिन वजन अधिक होने से असफल रहा। इसके बाद आरी खरीदकर शव के टुकड़े कर दिए। हाथ और पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए, जबकि सिर सहित धड़ को नीले ड्रम में घर के भीतर छिपा दिया।

बहन को दी जान से मारने की धमकी

घटना के वक्त छोटी बहन कृति अपने कमरे में थी। गोली की आवाज सुनकर पहुंची तो पिता का शव देखा। आरोप है कि अक्षत ने उसे जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया और चार दिन तक घर में बंद रखा।

‘लापता’ का नाटक

हत्या के बाद अक्षत ने पिता की गुमशुदगी की कहानी रची। व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर दोस्तों को जोड़ा और पिता की तलाश का नाटक करता रहा। 21 फरवरी को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई, लेकिन पुलिस पूछताछ में सच्चाई सामने आ गई।

मानवेंद्र के पिता सुरेंद्र पाल सिंह सेवानिवृत्त दरोगा हैं। पुलिस ने आरोपी को हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में गिरफ्तार कर लिया है। शव के टुकड़ों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि टूटते पारिवारिक रिश्तों, मानसिक दबाव और बिगड़ती परवरिश पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर गया है।
राकेश सचान ने एमएसएमई योजनाओं में तेजी के दिए निर्देश, मार्च तक लक्ष्य हासिल करने पर जोर
* विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान और एक जनपद एक उत्पाद की प्रगति की समीक्षा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने मंगलवार को निर्यात भवन, कैसरबाग, लखनऊ में विभागीय योजनाओं की व्यापक समीक्षा बैठक की। बैठक में एमएसएमई विभाग की प्रमुख योजनाओं तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट व्यय की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण में योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए और अधिकतम लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और चालू वित्तीय वर्ष में बजट व्यय एवं स्वीकृतियों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
बैठक में विशेष रूप से विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत पारंपरिक कारीगरों को टूलकिट वितरण, सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत ऋण एवं मार्जिन मनी सहायता तथा एक जनपद एक उत्पाद योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने पर जोर दिया गया। मंत्री सचान ने निर्देश दिया कि लंबित भुगतान, टूलकिट वितरण, प्रशिक्षण कार्यक्रम और उद्यम स्थापना से जुड़े कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण किए जाएं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं, कारीगरों और सूक्ष्म उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाते हुए रोजगार सृजन को गति देना है। लाभार्थियों के चयन, बैंक समन्वय और पोर्टल आधारित मॉनिटरिंग को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने योजनाओं की प्रगति, बजट व्यय, लंबित प्रस्तावों और आगामी लक्ष्यों की जानकारी प्रस्तुत की। मंत्री ने निर्देश दिया कि ग्राउंड मॉनिटरिंग बढ़ाई जाए और मार्च माह के भीतर अधिकतम लक्ष्य हासिल कर प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र को नई ऊंचाई दी जाए।
केशव प्रसाद मौर्य के जर्मनी दौरे से निवेश को नई गति, रक्षा व उन्नत विनिर्माण पर विशेष फोकस
* न्यूरेम्बर्ग में उच्चस्तरीय औद्योगिक संवाद, एयरोस्पेस व ड्रोन तकनीक में सहयोग की संभावनाएं मजबूत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं आईटी मंत्री सुनील कुमार शर्मा के नेतृत्व में जर्मनी दौरे पर गए राज्य प्रतिनिधिमंडल ने निवेश, रक्षा विनिर्माण, एयरोस्पेस सहयोग एवं औद्योगिक साझेदारी के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं।
जर्मनी के न्यूरेम्बर्ग में उप मुख्यमंत्री ने NürnbergMesse Group के सीईओ Peter Ottmann से भेंट कर उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं एवं औद्योगिक सहयोग पर विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश की निवेशक-अनुकूल नीतियों, विश्वस्तरीय अवसंरचना और कुशल मानव संसाधन की जानकारी देते हुए जर्मन उद्योग जगत को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
इसी क्रम में जर्मन–इजराइली कंपनी Quantum Technologies के साथ रणनीतिक बैठक आयोजित हुई। कंपनी मानव रहित ड्रोन तकनीक, रक्षा-स्तरीय टोही प्रणाली तथा 160 किमी तक की परिचालन क्षमता वाले उच्च-ऊंचाई प्लेटफॉर्म विकसित करने में विशेषज्ञ है। उत्तर प्रदेश सरकार ने कंपनी को राज्य में विनिर्माण एवं अनुसंधान एवं विकास (R&D) केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। बैठक में विनिर्माण, कौशल विकास एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग पर सहमति बनी।
प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी की प्रमुख रक्षा एवं हथियार निर्माण कंपनियों का भी दौरा कर उन्नत ड्रोन तकनीक, अगली पीढ़ी की हथियार प्रणालियां, प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग तथा अत्याधुनिक रडार प्रौद्योगिकी में निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। उत्तर प्रदेश को एयरोस्पेस एवं रक्षा निवेश के प्रमुख गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया गया।
न्यूरेम्बर्ग में भारत के राजदूत अजीत गुप्ते के साथ आयोजित रात्रि भोज में औद्योगिक विकास एवं निवेश अवसरों पर चर्चा हुई। साथ ही जर्मनी में भारत के कांसल जनरल शत्रुघ्न सिन्हा से भी द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करने पर विचार-विमर्श किया गया।
इससे पूर्व उप मुख्यमंत्री ने जर्मनी स्थित Motherson Sumi प्लांट का भ्रमण किया तथा फ्रैंकफर्ट में आयोजित इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं को प्रस्तुत किया।
‘Invest UP’ पहल के अंतर्गत फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट क्षेत्र के प्रतिनिधियों — Manfred Ockel (Mayor of Kelsterbach), David Rendel (Mayor of Raunheim) तथा Stephan Wittekind (CEO, Innovation RheinMain) — से भेंट कर लॉजिस्टिक्स, डाटा सेंटर, नवाचार एवं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा हुई। वार्ता का मुख्य केंद्र फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच संस्थागत सहयोग स्थापित करना रहा। दोनों पक्षों ने समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने का संकल्प व्यक्त किया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा एवं यमुना एक्सप्रेसवे जैसे विशाल एक्सप्रेसवे नेटवर्क, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, बहु-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के विस्तार के कारण एक मजबूत लॉजिस्टिक हब के रूप में उभर रहा है। राज्य में 70,000 एकड़ से अधिक भूमि बैंक निवेश के लिए उपलब्ध है तथा ‘निवेश मित्र’ सिंगल विंडो प्रणाली 40 से अधिक विभागों की 500 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने टेक्सटाइल, अपैरल, लेदर, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, मेडिकल डिवाइस पार्क, केमिकल एवं फार्मा पार्क तथा डिफेंस कॉरिडोर जैसे क्षेत्रों में जर्मन उद्योगों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सुदृढ़ आधारभूत संरचना, कुशल मानव संसाधन और पारदर्शी सुशासन मॉडल के बल पर उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में तेजी से उभर रहा है। इस दौरान अपर मुख्य सचिव (एमएसएमई एवं उद्योग) आलोक कुमार ने भी प्रदेश की औद्योगिक रणनीति एवं निवेश संवर्धन के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
मंत्री एके शर्मा ने की नगर विकास योजनाओं की समीक्षा, पीएम आवास योजना को दी सर्वोच्च प्राथमिकता

* संगम सभागार, लखनऊ में हुई बैठक में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने संगम सभागार, लखनऊ में नगर विकास विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को प्राथमिकता, पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि शहरी विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।

बैठक के दौरान मंत्री ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को समय से आवास उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता हो। लंबित आवासों का निर्माण शीघ्र पूरा किया जाए तथा जिन लाभार्थियों की किस्तें लंबित हैं, उनका भुगतान तत्काल सुनिश्चित किया जाए। अपात्र व्यक्तियों को सूची से हटाकर वास्तविक पात्रों को जोड़ा जाए और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखते हुए नियमित भौतिक सत्यापन कराया जाए।

उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना गरीबों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन जनपदों में सत्यापन कार्य लंबित है, वहां जिलाधिकारियों से समन्वय कर प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।

समीक्षा बैठक में आकांक्षी नगर योजना, सीएम ग्रिड योजना, कान्हा गौशाला योजना एवं सीएम वैश्विक नगरोदय योजना की प्रगति की भी जानकारी ली गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि चयनित नगरों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाए, शहरी अधोसंरचना को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाए, गौवंश संरक्षण की व्यवस्था मजबूत की जाए तथा शहरों को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए।

मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, जिला एवं नगर स्तर पर जवाबदेही तय करने और समयबद्ध प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, गुणवत्ता और गति—इन तीनों के समन्वय से ही प्रदेश के शहरी क्षेत्रों को सशक्त और सुव्यवस्थित बनाया जा सकता है।

बैठक में प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद, सचिव अनुज झा, रविंद्र कुमार प्रथम, विशेष सचिव प्रवीण लक्ष्यकार,  सत्य प्रकाश पटेल, महेंद्र कुमार सिंह तथा निदेशक सूडा श्रीमती अपूर्वा दुबे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
नीला ड्रम कांड : एक घर, जो चार दिन तक चुप रहा…, हत्या करने के बाद पिता के शव के टुकड़े कर लगाता रहा ठिकाने
लखनऊ । राजधानी Lucknow के आशियाना इलाके का वह मकान बाहर से बिल्कुल सामान्य दिखता था। दरवाजा बंद था, खिड़कियां भी रोज की तरह ही। लेकिन अंदर एक ऐसा सन्नाटा पसरा था, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।49 वर्षीय मानवेंद्र सिंह—एक पिता, एक कारोबारी, एक जिम्मेदार अभिभावक—अब इस दुनिया में नहीं थे। उनकी मौत किसी हादसे में नहीं, बल्कि उसी बेटे के हाथों हुई, जिसे उन्होंने सपने दिखाए थे।

सपनों का दबाव, रिश्तों की दरार

परिवार वालों और पुलिस के मुताबिक, पिता अपने 21 वर्षीय बेटे अक्षत प्रताप सिंह पर नीट की तैयारी का दबाव बना रहे थे। अक्षत बीबीए का छात्र था, लेकिन पिता चाहते थे कि वह डॉक्टर बने।20 फरवरी की सुबह घर की चारदीवारी के भीतर पिता-पुत्र के बीच बहस हुई। बहस इतनी बढ़ी कि गोलियों की आवाज ने एक परिवार को हमेशा के लिए तोड़ दिया।

बहन की आंखों में ठहर गया डर

गोली चलने की आवाज सुनकर छोटी बहन कृति कमरे में पहुंची। सामने पिता का निर्जीव शरीर पड़ा था। उस क्षण की दहशत उसकी आंखों में जम गई। बताया जाता है कि भाई ने उसे धमकाकर चुप करा दिया। चार दिन तक वह उसी घर में बंद रही—जहां एक तरफ पिता की लाश थी और दूसरी तरफ भाई का खौफ।

एक बेटे का भयावह फैसला

हत्या के बाद आरोपी ने जो किया, उसने इस घटना को और भी दर्दनाक बना दिया। शव को ठिकाने लगाने की कोशिश, टुकड़े करना, ड्रम में छिपाना—ये सब उस मानसिक उथल-पुथल की कहानी कहते हैं, जहां रिश्ते और संवेदनाएं कहीं पीछे छूट गईं।पड़ोसियों को बताया गया कि पिता दिल्ली गए हैं। गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई। लेकिन सीसीटीवी फुटेज ने सच्चाई की परतें खोल दीं।

सवाल जो रह गए

यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि उन अनकहे दबावों की भी कहानी है जो कई घरों में पल रहे होते हैं। सपनों का बोझ कब संवाद की जगह ले लेता है, और कब रिश्तों की डोर इतनी कमजोर हो जाती है कि एक पल का गुस्सा जिंदगी छीन लेता है—यह कोई नहीं जान पाता।आज वह घर पुलिस की जांच का हिस्सा है। एक पिता की चिता सजेगी, एक बेटा सलाखों के पीछे है, और एक बेटी की आंखों में हमेशा के लिए वह दृश्य कैद हो गया है।यह कहानी सिर्फ अपराध की नहीं, टूटते संवाद और बिखरते विश्वास की भी है।
लेखपाल भर्ती की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग तेज, अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
लखनऊ। लेखपाल भर्ती परीक्षा की आवेदन प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आवेदन की अंतिम तिथि 28 जनवरी निर्धारित थी, लेकिन अभ्यर्थियों का आरोप है कि 26, 27 और 28 जनवरी को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की वेबसाइट पूरी तरह ठप रही, जिससे हजारों अभ्यर्थी आवेदन करने से वंचित रह गए। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने सपा मुखिया अखिलेश यादव से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार और आयोग से न्याय दिलाने में विपक्ष को आगे आना चाहिए ताकि तकनीकी खामी का खामियाजा छात्रों को न भुगतना पड़े।

* कोर्ट की टिप्पणी, फिर भी समाधान नहीं
अभ्यर्थियों के मुताबिक 19 फरवरी को कोर्ट ने भी बच्चों के फॉर्म भरवाने की बात कही थी, लेकिन आयोग का तर्क है कि फीस जमा न हो पाने के पीछे बैंकिंग तकनीकी समस्या रही। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि बैंकिंग सिस्टम में दिक्कत थी तो इसकी सजा अभ्यर्थियों को क्यों मिले?

* आयोग कार्यालय के चक्कर, सोशल मीडिया पर अभियान
सर्वर डाउन और फीस जमा न हो पाने की समस्या को लेकर अभ्यर्थी आयोग कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर #UPSSSC_lekpal_form_apply_date_extend अभियान भी चलाया जा रहा है। अभ्यर्थी लिखित प्रार्थना पत्र देकर आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

* भविष्य को लेकर चिंता
अभ्यर्थियों का कहना है कि तकनीकी खामी की सजा उन्हें नहीं दी जानी चाहिए। फिलहाल सभी की निगाहें आयोग और सरकार के फैसले पर टिकी हैं। अंतिम तिथि बढ़ाने को लेकर सकारात्मक निर्णय की उम्मीद में छात्र इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि उनका भविष्य इस भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है।
लखनऊ से विशेष रिपोर्ट - विधानसभा चुनाव से पहले बसपा का बूथ फोकस, 15 हजार कमेटियों के गठन का लक्ष्य

लखनऊ। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी ने अपनी जमीनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी ने प्रदेशभर में 15 हजार बूथ कमेटियों के गठन का लक्ष्य तय किया है। संगठन को मजबूत बनाने के लिए यह अभियान 14 अप्रैल तक पूरा करने की तैयारी है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना ही इस बार की मुख्य रणनीति है। 14 अप्रैल को भीमराव आंबेडकर जयंती तक सभी बूथ कमेटियों का गठन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

* अप्रैल से आकाश आनंद के रोड शो
अप्रैल माह से पार्टी के युवा चेहरे आकाश आनंद प्रदेशभर में रोड शो और जन सभाएं करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी युवाओं और नए मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करेगी। माना जा रहा है कि आकाश आनंद की सभाएं संगठन में नई ऊर्जा भरने का काम करेंगी।

* कांशीराम जयंती पर बड़ा आयोजन
बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती पर पार्टी बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करेगी। इस आयोजन के माध्यम से पार्टी अपने कोर वोट बैंक को एकजुट करने और संगठनात्मक मजबूती का संदेश देने की तैयारी में है।

* प्रबुद्ध समाज को जोड़ने की रणनीति
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा को प्रबुद्ध समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, वे विभिन्न जिलों में कार्यक्रम कर समाज के प्रभावशाली वर्गों के साथ संवाद स्थापित करेंगे।
बसपा की यह सक्रियता संकेत दे रही है कि पार्टी इस बार बूथ स्तर की मजबूती और सामाजिक समीकरणों के सहारे चुनावी मैदान में मजबूती से उतरने की तैयारी में है।
सिंगापुर में निवेश का बड़ा धमाका! Yogi Adityanath के नेतृत्व में 19,877 करोड़ के एमओयू, 20 हजार नौकरियों का रास्ता साफ
लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के पहले ही दिन उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश का बड़ा तोहफा मिला। तीन प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने राज्य सरकार के साथ कुल 19,877 करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इन परियोजनाओं से करीब 20,000 नए रोजगार सृजित होने का अनुमान है।मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार पारदर्शी नीतिगत ढांचा, त्वरित स्वीकृतियां और विश्वस्तरीय बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Universal Success Group का मेगा प्लान

यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप ने उत्तर प्रदेश में 6,650 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है, जिसमें ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क और डेटा सेंटर जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

जेवर एयरपोर्ट के पास थीम टाउनशिप

स्थान: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र
भूमि: 100 एकड़
निवेश: 3,500 करोड़ रुपये
रोजगार: 12,000
शुरुआत: 2027

कानपुर-लखनऊ हाईवे पर लॉजिस्टिक्स पार्क

भूमि: 50 एकड़
निवेश: 650 करोड़ रुपये
रोजगार: 7,500
शुरुआत: अगले वर्ष

नोएडा/ग्रेटर नोएडा में हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क

भूमि: 10 एकड़
क्षमता: 40 मेगावाट आईटी पावर
निवेश: 2,500 करोड़ रुपये
रोजगार: 1,500
प्रस्तावित शुरुआत: 2028
इन परियोजनाओं से शहरी विकास, औद्योगिक गतिविधियों और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार मिलेगी।

Golden State Capital का 8,000 करोड़ का डेटा सेंटर निवेश

गोल्डन स्टेट कैपिटल (GSC) ने उत्तर प्रदेश में 100 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर की स्थापना के लिए 8,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है।बैठक के दौरान रूफटॉप सोलर, बैटरी स्टोरेज, ग्रिड सपोर्ट सॉल्यूशंस, ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन इंडस्ट्रियल पार्क जैसे स्वच्छ ऊर्जा आधारित प्रोजेक्ट्स पर भी चर्चा हुई।

ग्रीन एनर्जी पर फोकस

Private Infrastructure Development Group (PIDG) ने 2,500 करोड़ रुपये का एमओयू नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और एग्री-पीवी परियोजनाओं के लिए किया। AVPN Limited ने भी नवीकरणीय ऊर्जा और एग्री-पीवी क्षेत्र में 2,727 करोड़ रुपये के निवेश का समझौता किया।

कौशल विकास में अंतरराष्ट्रीय साझेदारी

तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (TVET) को मजबूत बनाने के लिए ITE Education Services (ITEES) के साथ सहयोग समझौता हुआ। इस साझेदारी के तहत:
शैक्षणिक विकास,बुनियादी ढांचे में सुधार,नेतृत्व और क्षमता निर्माण,ISQ प्रमाणन,क्वालिटी एश्योरेंस जैसे क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग मिलेगा, जिससे उत्तर प्रदेश की स्किल व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

निवेश से बदलेगी यूपी की तस्वीर

सिंगापुर दौरे के पहले दिन हुए इन समझौतों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि उत्तर प्रदेश अब वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में ये निवेश प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देंगे।
होली के रंग, स्वयं सहायता समूह की दीदियों के संग- ‘लखपति दीदी’ बनने की नई उड़ान

₹5 करोड़ बिक्री लक्ष्य के साथ यूपीएसआरएलएम का राज्यव्यापी अभियान

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) द्वारा होली पर्व के अवसर पर स्वयं सहायता समूह (SHG) की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों के विपणन एवं बिक्री को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष राज्यव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया है।

इस अभियान के अंतर्गत गुलाल/अबीर, पापड़, चिप्स, मिठाइयाँ, अगरबत्ती, हस्तशिल्प सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है। श्री मौर्य के निर्देशानुसार सभी जनपदों में विकास भवन, कलेक्ट्रेट, तहसील एवं अन्य शासकीय परिसरों में SHG उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री काउंटर स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही जिला प्रशासन, नगर निकायों एवं संबंधित विभागों के सहयोग से संस्थागत एवं सामूहिक खरीद को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

* 5 करोड़ रुपए की बिक्री का लक्ष्य
इस विशेष पहल के अंतर्गत राज्य स्तर पर ₹5 करोड़ की बिक्री का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे हजारों स्वयं सहायता समूह की दीदियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। सभी जनपदों को निर्देशित किया गया है कि वे उत्पादों का विवरण, बिक्री स्थल, संपर्क संख्या एवं प्रतिदिन की बिक्री प्रगति को गूगल शीट पर नियमित रूप से अपडेट करें, ताकि राज्य स्तर पर सतत निगरानी एवं समीक्षा सुनिश्चित की जा सके।

* हर्बल गुलाल से सुरक्षित होली
अभियान के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाएं प्राकृतिक संसाधनों से हर्बल गुलाल/अबीर तैयार कर रही हैं। इन रंगों को पलाश के फूल, चुकंदर, गेंदे के फूल, पालक के रस आदि प्राकृतिक तत्वों से बनाया जा रहा है। यह गुलाल पूर्णतः केमिकल-फ्री, त्वचा के लिए सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल है। SHG दीदियों द्वारा निर्मित यह उत्पाद सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक होली मनाने का संदेश भी देता है।

‘लखपति दीदी’ लक्ष्य की ओर मजबूत कदम
यह पहल स्वयं सहायता समूह की दीदियों को “लखपति दीदी” के लक्ष्य से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पर्व आधारित बिक्री, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग एवं संस्थागत विपणन के माध्यम से महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हों।

मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने कहा कि होली जैसे प्रमुख पर्व पर स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल है। यह अभियान “वोकल फॉर लोकल” की भावना को सशक्त करते हुए ग्रामीण उद्यमिता को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेगा।