आक्रोश की गूँज: मशाल जुलूस से दी गई आंदोलन की चेतावनी; सोमा मुंडा हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़े आदिवासी संगठन।
खूंटी: आदिवासी नेता सह पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों द्वारा आहूत 'एक दिवसीय झारखंड बंद' को लेकर खूंटी जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। बंद के मद्देनजर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंडों तक सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं।
मशाल जुलूस से बंद की शुरुआत
बंद से पूर्व शुक्रवार देर शाम खूंटी की सड़कों पर मशाल जुलूस निकाला गया। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए न्याय की मांग की। संगठनों ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा।
42 दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति
खूंटी एसडीओ ने कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कुल 42 दंडाधिकारियों की तैनाती की है। ये अधिकारी शनिवार सुबह 8 बजे से ही अपने-अपने मोर्चा संभाल चुके हैं।
मुख्य फोकस क्षेत्र: हुटार, बिरहू, तमाड़ मोड़, कर्रा रोड, और चुकरु मोड़ जैसे संवेदनशील इलाकों में विशेष चौकसी बरती जा रही है।
प्रखंडों में निगरानी: मुरहू, कर्रा, तोरपा, रनिया और अड़की के प्रमुख चौराहों पर भी प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है।
प्रशासनिक सतर्कता और निर्देश
जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अग्निशमन विभाग (Fire Brigade) को किसी भी अप्रिय घटना (जैसे सड़क पर टायर जलाना या आगजनी) के लिए अलर्ट रहने को कहा है। साथ ही, सिविल सर्जन को आपातकालीन चिकित्सा दल तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।










Jan 17 2026, 18:32
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