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उत्तराखंड: ’15 दिनों में जवाब दो, नहीं तो…’ 114 होटलों को क्यों भेजा गया नोटिस? जानें पूरा मामला

उत्तराखंड में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बड़े एक्शन की तैयारी कर रहा है. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कुमाऊं के पांच जिलों के 114 होटलों को नोटिस भेजा है. ये नोटिस मानकों को पूरा ना करने और लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने के मामले में भेजा है. बोर्ड की तरफ से कहा गया कि इनमें से कुछ होटल ऐसे हैं जो पिछले एक-दो सालों में खुले हैं और अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है. वहीं ये भी कहा गया कि जो होटल पहले से खुले हैं उनकी एनओसी पूरी हो चुकी है लेकिन उन्होंने रिन्युअल नहीं कराया है.

उत्तराखंड में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कुमाऊं जिलों के 114 होटलों को नोटिस भेजकर 15 दिनों में जवाब मांगा है. दरअसल, इन घोटलों में लापरवाही और मानकों को पूरा नहीं किया जा रहा है. जिसके बाद बोर्ड इनके खिलाफ एक्शन की तैयारी में है. बोर्ड ने कहा कि इनमें से अधिकांश होटल ऐसे हैं जिनकी एनओसी पूरी हो चुकी है लेकिन रिन्युअल नहीं कराया है.

इन जिलों के होटलों को मिला नोटिस

बोर्ड द्वारा नोटिस भेजकर मांगे गए जवाब में नैनीताल के 68, अल्मोड़ा के 32, पिथौरागढ़ के 12 और चंपावत बागेश्वर के दो होटल शामिल हैं. वहीं जवाब नहीं देने पर होटलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना वसूला जाएगा. वहीं बोर्ड के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि कुमाऊं में ऐसे 800 से अधिक होटल हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे होटलों को चिंहित किया जा रहा है.

15 दिन में देना होगा जवाब

वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अनुराग नेगी ने कहा कि जिन होटलों को नोटिस भेजा गया है. नोटिसा का 15 दिन में जवाब देना है. इन होटलों में अनियमितताएं पाई गई थीं. जिसके बाद ये कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने ये भी कहा कि अगर नोटिस का जवाब समय रहते नहीं भेजा जाता है तो होटल के खिलाफ जुर्माने के कार्रवाई की जाएगी. लोगों के स्वास्थ्य को लेकर बोर्ड चिंतित है. लापरवाही और मानकों को पूरा नहीं करने वाले होटलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

साल का पहला सूर्य ग्रहण कल, इस दौरान भूलकर भी न करें ये काम, वरना होगा भारी नुकसान

पंचांग के अनुसार, इस बार शनि अमावस्या के दिन कर्म शनिदेव मीन राशि में गोचर कर रहें हैं साथ ही साल का पहला सूर्य ग्रहण भी इसी दिन लगने जा रहा है. ज्योतिष शास्त्र के दृष्टी से यह दिन बहुत ही खास हैं. यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण है जोकि भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन इसके प्रभाव से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी बहुत ही जरूरी होती है. शास्त्रों मे ग्रहण के दौरान कुछ कार्यों की सख्त मनाही होती है. कहते हैं ग्रहण के दौरान की गई गलतियों के कारण व्यक्ति को तमाम कष्टों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में ये जान लेना बहुत जरूरी है कि ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या नहीं.

ग्रहण में क्या न करें?

ग्रहण के दौरान भूलकर भी मंदिर या भगवान की मूर्तियों को स्पर्श ना करें, इसलिए ही ग्रहण को दौरान सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं.

ग्रहण में भोजन पकाने तथा खाने से बचें. कहते हैं इससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है.

सूर्य ग्रहण शनि अमावस्या को है, इस दिन बाल, नाखून काटना अच्छा नहीं माना जाता है. ऐसा करने से परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

ग्रहण के दौरान मांस और शराब के सात किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन का सेवन करने से बचना चाहिए.

ग्रहण के दौरान महिलाएं ग्रहण के दौरान श्रृंगार न करें

हण के समय नुकीली व धारदार चीजों जैसे कैंची, चाकू और सुई आदि का प्रयोग भूल से भी न करें.

ग्रहण में गर्भवती महिलाएं घर में ही रहें, साथ ही किसी किसी नकारात्मक जगहों पर जाने से बचें.

ग्रहण के दौरान क्या करें?

ग्रहण के दौरान क्या करें?

सूतक काल शुरू होने से पहले घर में रखी सभी खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते या कुशा डाल दें, तकि वह दुषित न हो.

ग्रहण को दौरान धर्मिक ग्रंथों का पाठ मंत्र पजा करें. मान्यता है कि ऐसा करने स ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव कम होता है.

ग्रहण के बाद मंदिर की साफ-सफाई और पूजा करने से बाद दान अवश्य करें.

ग्रहण समाप्त होने का बाद स्नान अवश्य करना चाहिए.

डिस्क्लेमर इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. हम इसकी पुष्टि नहीं करता है.*

महाराष्ट्र: ड्रम नहीं,इलेक्ट्रिक पंप बॉक्स में मिली लाश, सनकी पति ने गला घोंटा,और काटे हाथ पैर,ऐसे खुली पोल

कहते हैं कि नशा आदमी को बर्बाद कर देता है. ऐसे कई मामले आपने सुने होंगे, लेकिन महाराष्ट्र के सांगली में पति ने नशे में पत्नी का गला घोंटकर उसे हमेशा हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया. बर्बरता की हद तो देखिये, हत्या के बाद पति ने पत्नी के शव को इलेक्ट्रिक पंप बॉक्स में ठूंस दिया.

मामला शिराला तालुका के मंगले इलाके की है. मृतक महिला का नाम प्राजक्ता मंगेश कांबले (उम्र 28) था. वहीं, उसके कातिल पति का नाम मंगेश चंद्रकांत कांबले है. हत्या के बाद मंगेश कांबले को गिरफ्तार कर लिया गया है.

जानकारी के मुताबिक, मंगेश का भाई नीलेश और उसकी मां पिछले पंद्रह वर्षों से मंगले में रह रहे हैं. वो यहां वारनानगर रोड पर ज्योतिबा मंदिर के सामने रामचंद्र वाघ के कौलारू घर में किराए पर रहते हैं. चार दिन पहले मंगेश, उसकी पत्नी प्राजक्ता, छह वर्षीय बेटा शिवम और तीन वर्षीय बेटी शिवन्या मुंबई से अपनी मां और भाई के पास रहने आए थे.चार दिन बाद नीलेश और प्राजक्ता के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई. बहस इस कदर बढ़ी कि मंगेश ने रस्सी से प्राजक्ता का गला घोंटकर उसे मार डाला.

इलेक्ट्रिक पंप के बॉक्स में मिला कटा शव

प्राजक्ता की हत्या करने के बाद मंगेश कांबले ने उसके शरीर को काटा. फिर कटे हाथ पैर सहित शव को नीलेश के मकान मालिक के घर पर रखे इलेक्ट्रिक पंप बॉक्स में डाला. ऊपर से फिर पंप को ढक दिया. इसके बाद मंगेश ने कमरे को भी बाहर से बंद कर दिया. फिर उसने अपने भाई नीलेश को फोन करके बताया कि वह शिराला जा रहा है. नीलेश की मानें तो- उसने मुझसे कार लाने को कहा था. इसके बाद वो कार से शिराला के लिए निकल गया.

बेटे ने उगला चाचा के सामने पापा का राज

इस बीच, मंगेश का छह वर्षीय बेटा शिवम दरवाजे पर रो रहा था. तभी नीलेश ने उससे सवाल किया कि क्या हो गया. छह वर्षीय शिवम ने उसे बताया कि उसके माता-पिता के बीच झगड़ा हुआ था. उसके पापा ने उसकी मां को पीटा था. उसे अपने कमरे में बंद कर दिया था. बस यहीं से पूरे मामले का खुलासा हुआ. मामला पुलिस तक पहुंचा. पुलिस ने फिर मंगेश को गिरफ्तार कर लिया. मामले में आगामी कार्रवाई जारी है.

दिल्ली से पटना जाने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी, अप्रैल से चल सकती है वंदे भारत, क्या मिलेगी सुविधा?

बिहार की राजधानी पटना और दिल्ली के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है. अप्रैल से इस रूट पर वंदे भारत ट्रेन चलेगी. इससे यात्रियों का सफर तेज़, आरामदायक और सुविधाजनक हो जाएगा. लग्जरी सुविधाएं पसंद करने वाले यात्रियों को अब राजधानी या तेजस जैसी ट्रेनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.

पूर्व मध्य रेलवे ने वंदे भारत ट्रेन की रैक के लिए नॉर्दर्न रेलवे और रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजा है. उम्मीद की जा रही है कि अगले सप्ताह तक इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी. वंदे भारत ट्रेन में एसी चेयर कार और एक्जीक्यूटिव चेयर कार कोच की सुविधा होती है. यात्रियों को टिकट के साथ ही ट्रेन के अंदर ही भोजन और नाश्ते की सुविधा भी मिल जाती है.

ट्रेन में ही मिलेगी खास सुविधा

यात्रियों को ट्रेन में ही पानी, चाय और चिप्स मिलता है. इसके लिए यात्रियों को सीट के अलावा खाने के लिए भी पैसे देने पड़ते हैं. हालांकि, जिन यात्रियों को ये खाने की सुविधा नहीं चाहिए, वो इसे नहीं ले सकते हैं. अभी इस वंदे भारत ट्रेन के टाइमिंग और स्टेशनों के ठहराव को लेकर कोई रेलवे की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. लेकिन माना जा रहा है कि ये ट्रेन दिल्ली से चलकर कानपुर होते हुए पंडित दिनदयाल, बक्सर, आरा होते हुए पटना जाएगी. इस ट्रेन का किराया कितना होगा, इसकी अभी जानकारी सामने नहीं आई है.

यात्रियों को मिलेंगी अधिक सेवाएं

वंदे भारत ट्रेन में आरामदायक सीटें, आधुनिक इंटीरियर, बेहतर साफ-सफाई, और ऑन-बोर्ड इंफोटेनमेंट जैसी सुविधाएं होंगी. साथ ही, यात्रियों को तेज़ गति से सफर पूरा करने का लाभ मिलेगा. इससे दिल्ली और पटना के बीच यात्रा का समय भी कम हो जाएगा. रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और कुशल रेलवे सेवा प्रदान करना है. इन सबसे उनकी यात्रा न केवल तेज़ बल्कि अधिक आरामदायक और अचछी हो जाएगी.

10वीं पास के लिए खुशखबरी, रोडवेज में कंडक्टर पदों पर निकली भर्तियां, इस डेट तक करें अप्लाई

10वीं पास कर सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी है. राजस्थान के अधीनस्थ और मंत्रिस्तरीय सेवा चयन बोर्ड (RSMSSB) ने राजस्थान रोडवेज में कंडक्टर पदों की भर्तियां निकाली हैं. इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. इच्छुक अभ्यर्थी चयन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rssb.rajasthan.gov.in पर जाकर 25 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं. एप्लीकेशन प्रोसेस 27 मार्च से ही शुरू है.

चयन बोर्ड इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए रोडवेज कंडक्टर के कुल 500 पदों को भरा जाएगा. कुल पदों में 456 पोस्ट गैर-टीएसपी क्षेत्र के लिए हैं, जबकि 44 पद टीएसपी क्षेत्र के लिए आरक्षित हैं. अभ्यर्थी निर्धारित लास्ट डेट या उससे पहले आवेदन कर सकते हैं. आइए जानते हैं आवेदन करने वाले कैंडिडेट की उम्र कितनी होनी चाहिए और आवेदकों का चयन कैसे किया जाएगा.

क्या मांगी गई योग्यता?

आवेदन करने वाले कैंडिडेट का किसी भी मान्यता बोर्ड से 10वीं पास होना अनिवार्य है.वहीं कैंडिडेट की उम्र 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए. आरक्षित कैटेगरी के अभ्यर्थियों को अधिकतम उम्र सीमा में सरकार के नियमानुसार छूट भी दी गई है.

कितनी है एप्लीकेशन फीस?

जनरल और ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन फीस 600 रुपए निर्धारित की गई है. वहीं एससी, एसटी और दिव्यांग श्रेणी के कैंडिडेट्स को 400 रुपए आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा.

ऐसे करें अप्लाई

चयन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट

rssb.rajasthan.gov.in पर जाएं.

होम पेज पर दिए गए अप्लाई टैब पर क्लिक करें.

डिटेल दर्ज कर रजिस्ट्रेशन करें और फाॅर्म भरें.

मांगे गए डाक्यूुमेंट्स को अपलोड करें.

फीस जमा करें और सबमिट करें.

कैसे होगा चयन?

रोडवेज परिचालक पदों पर आवेदकों का चयन लिखित परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा. एग्जाम का आयोजन 55 नवंबर 2025 के लिए निर्धारित है और नतीजे 23 फरवरी 2026 को जारी किए जाएंगे. इस भर्ती से संबंधित अधिक जानकारी के लिए चयन बोर्ड की ओर से आधिकारिक भर्ती विज्ञापन को चेक कर सकते हैं.

सीमा हैदर ने अपनी बेटी का नाम रखा मीरा, जानें क्यों?

सीमा हैदर और सचिन मीणा ने बेटी का नाम भगवान कृष्ण की भक्त पर रखा है. हालांकि, ये अभी निक नेम है. दंपति ने कहा- असली नाम पंडित की सलाह से रखेंगे. सीमा के पहले पति से 4 बच्चे हैं. उनके नाम भी उसने मुस्लिम से हिंदू नामों में बदल दिए हैं

दो साल पहले पाकिस्तान से भागकर भारत आई सीमा हैदर हाल ही में 5वीं बार मां बनी है. सीमा ने प्रेमी सचिन मीणा की बच्ची को जन्म दिया है. खुद को अब हिंदू बताने वाली सीमा हैदर ने अपनी बेटी के लिए महान कृष्णभक्त मीरा का नाम अपनाया है. हालांकि, अभी असली नामकरण होना बाकी है.

सीमा और सचिन ने एक यूट्यूब वीडियो में बताया कि उन्होंने अपनी बेटी का नाम मीरा रखा है. उन्होंने उसे प्यार से बुलाने के लिए यह नाम दिया है. अभी असली नाम पंडित जी तय करेंगे. सीमा ने कहा- मैं अब हिंदू बन चुकी हूं और भगवान कृष्ण को बहुत मानती हूं. इसीलिए उनकी सबसे बड़ी भक्त मीरा पर अपनी बेटी का नाम रखा है.

इससे पहले सीमा हैदर अपने चार बच्चों का नाम भी बदल चुकी है और उन्हें हिंदू पहचान दे चुकी है. हालांकि, सीमा ने अपने नाम में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है. उसका कहना था कि सीमा नाम हिंदू में भी होता है. इसलिए अपना नाम नहीं बदला.

कौन है सीमा हैदर?

सीमा हैदर मई 2023 में अवैध तरीके से भारत में घुस गई थी. पबजी गेम खेलते हुए सचिन मीणा से उसे प्यार हो गया था। सीमा बिना वीजा-पासपोर्ट के ही नेपाल के रास्ते भारत में दाखिल हो गई थी. राज खुलने पर उसे जुलाई 2023 में गिरफ्तार कर लिया गया था। वह अभी जमानत पर बाहर है. सीमा हैदर का दावा है कि वह सचिन मीणा से शादी कर चुकी है और वह जिंदगीभर अब हिन्दुस्तान में ही रहेगी. हालांकि, सीमा हैदर और उसके बच्चों पर अभी नागरिकता को लेकर सस्पेंस बना हुआ है.

पहले पति ने निकाली भड़ास

उधर, सीमा हैदर का पाकिस्तानी पति गुलाम हैदर अपने चार बच्चों को वापस पाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहा हैय वह सीमा के पांचवीं बार मां बनने के बाद से काफी गुस्से में है. गुलाम हैदर हर दिन यूट्यूब पर नए वीडियो डालकर अपनी भड़ास निकाल रहा है. वह अपने चार बच्चों को वापस भेजने की गुहार लगा रहा है.

बिहार: शुद्ध पेयजल में एक कदम आगे, 15 जिलों की पानी प्रयोगशाला को मिला NABL सर्टिफिकेट

बिहार सरकार की हर घर नल जल योजना के जरिए मिलने वाले शुद्ध पेयजल की गुणवत्ता की जांच कराने के लिए राज्य में 115 जल जांच प्रयोगशालाएं हैं. इनमें पानी की हर तरह की गुणवत्ता की जांच कराई जा सकती है. इनमें 15 जिला स्तरीय जल जांच प्रयोगशालाओं को नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेटरीज (एनएबीएल) को सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ है.

15 जिलों की प्रयोगशालाएं हुईं प्रमाणित

बिहार के जिन 15 जिलों की जल जांच प्रयोगशालाओं को एनएबीएल सर्टिफिकेट मिला है, इनमें भागलपुर, आरा, सासाराम, बांका, गया, सहरसा, छपरा, मुजफ्फरपुर, मुंगेर, बिहारशरीफ, पूर्णिया, पटना, बेगूसराय, शेखपुरा और अररिया की जल जांच प्रयोगशालाओं को एनएबीएल का प्रमाण-पत्र मिला है. वहीं, बक्सर, जहानाबाद और अरवल जिलों की प्रयोगशालाओं का मूल्यांकन जारी है, जबकि बाकी प्रयोगशालाओं को प्रमाणित करने की भी प्रक्रिया चल रही है.

16 मानकों पर पानी की जांच

गौरतलब है कि प्रमाणित प्रयोगशालाओं में निर्धारित 16 मानकों पर पानी की गुणवत्ता की जांच होती है. बिहार की राजधानी पटना स्थित राज्यस्तरीय छज्जूबाग प्रयोगशाला, 38 जिलास्तरीय और अवर प्रमंडलीय 76 प्रयोगशालाओं में कई मानकों पर जांच होती है. इनमें पीएच स्तर, टीडीएस, कंडक्टिविटी, टर्बिडिटी, टोटल हार्डनेस, कुल क्षारीयता, क्लोराइड, सल्फेट, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, फ्लोराइड, आर्सेनिक, नाइट्रेट, मैगनीज और कुल बैक्टीरिया की जांच होती है.

एनएबीएल सर्टिफिकेट के फायदे

एनएबीएल सर्टिफिकेट भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी किया जाता है.इसके तहत प्रयोगशालाओं को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मान्यता दी जाती है.गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में 1 लाख 46 हजार 487 जलस्रोतों, 34 हजार 379 स्कूलों और 44 हजार 052 आंगनबाड़ी केन्द्रों में पानी की गुणवत्ता की जांच की गई थी.

शुद्ध पेयजल की ओर एक बड़ा कदम

बिहार सरकार की इस पहल से न केवल पेयजल की गुणवत्ता बेहतर होगी बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.जल्द ही बाकी जिलों की जल जांच प्रयोगशालाओं को भी एनएबीएल सर्टिफिकेट दिलाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, जिससे हर नागरिक को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल मुहैया हो सके.

सौरभ हत्याकांड:- रेखा जैन लड़ेंगी मुस्कान-साहिल का केस, कोर्ट ने दिया सरकारी वकील

मेरठ में हुए सौरभ हत्याकांड के आरोप में जेल में बंद मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने मेरठ जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक के माध्यम से सरकारी वकील की मांग की थी. इस अनुरोध के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए अपर जिला न्यायाधीश/ सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दीवानी न्यायालय, मेरठ ने सरकारी वकील रेखा जैन को नियुक्त किया है.

अब इस मामले में सरकारी वकील के रूप में अधिवक्ता रेखा जैन को नामित किया गया है, जो मुस्कान और साहिल की पैरवी करेंगी. इस संबंध में अपर जिला न्यायाधीश/ सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दीवानी न्यायालय, मेरठ के उदयवीर सिंह ने जानकारी दी कि विधिक सहायता के तहत आरोपियों को सरकारी वकील प्रदान करना कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है.

मुस्कान-साहिल को मिला सरकारी वकील

सौरभ हत्याकांड मेरठ में एक सनसनीखेज मामला बन चुका है, जिसमें प्रेम-प्रसंग और साजिश के पहलू सामने आए हैं. अब इस मामले में सरकारी वकील की नियुक्ति के बाद कानूनी लड़ाई की दिशा स्पष्ट हो गई है. मुस्कान और साहिल की ओर से अब रेखा जैन न्यायालय में उनकी रक्षा के लिए दलीलेंपेशकरेंगी

जानकारी के मुताबिक, मुस्कान और साहिल दोनों के परिजनों ने पैरवी करने से मना कर दिया था. दोनों में किसी के परिजन उनसे जेल में मिलने नहीं गए. हालांकि मुस्कान ने पहले भी पैरवी के लिए सरकारी वकील मांग की थी. इसके लिए मुस्कान ने जेल अधीक्षक को प्रार्थना पत्र लिखा था.

जेल अधीक्षक को लिखा था पत्र

जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया था कि पैरोकारी की मांग की थी. वहीं दोनों आरोपियों के प्रार्थना पत्र को अदालत में भिजवा दिया गया था. प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों को सरकारी वकील मिले हैं. दोनों की स्थिति सामान्य हो रही है. दोनों को निगरानी में रखा गया है. योग और नशा मुक्ति केंद्र में उनकी काउंसलिंग कराई जा रही है, ताकि वो नशे की गिरफ्त से बाहर आ सकें.

डॉक्टरों ने 9 साल के बच्चे का जोड़ा कटा हाथ, 7 घंटे चला ऑपरेशन

मध्य प्रदेश के रीवा में डॉक्टरों की टीम ने एक ऐसा कमाल कर दिया कि उनकी चारों तरफ खूब चर्चा हो रही है. दरअसल, एक नौ साल के बच्चे का चारा मशीन में हाथ आने से पंजा कट कर अलग हो गया था. इस बात की जानकारी होते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई. परिजन बच्चे को लेकर नजदीकी अस्पताल में पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने 7 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद बच्चे के हाथ का पंजा पूरी तरह से जोड़ दिया. सफल ऑपरेशन के बाद से ही परिवार के लोग काफी खुश और वह डॉक्टरों की तारीफ करते हुए थक नहीं रहे हैं.

रीवा जिले के सेमरिया बरों गांव में चारा काटने वाली मशीन से 9 साल के अनुराग पांडे के हाथ का पंजा कट कर अलग हो गया था. यह देखकर परिजनों के होश उड़ गए. बच्चे को आनन-फानन में परिजन संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल की केजुअल्टी में लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों एक टीम उसे तुरंत ऑपरेशन थियेटर में ले गई. यहां जरूरी जांच के बाद सर्जन डॉ अजय पाठक की नेतृत्व में ऑपरेशन शुरू किया गया.

7 घंटे के ऑपरेशन के बाद जुड़ा बच्चे का हाथ

हाथ पूरी तरह से कट गया था और काफी ब्लड भी निकल चुका था. हाथ और पंजे की एक-एक नश बखूबी जोड़नी थी. करीब 7 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद डॉक्टर हाथ और पंजे की नशों को जोड़ने में सफल हो गए. इसके बाद डॉक्टरों ने राहत की सांस ली. पूरा ऑपरेशन रात 9 बजे से सुबह साढ़े तीन बजे तक चला था. ऑपरेशन के बाद बच्चे के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है. फिलहाल बच्चा अभी आईसीयू में डॉक्टर की निगरानी में है.

नहीं होगा कटे हुए हाथ का एहसास’

डॉक्टर अजय पाठक ने बताया कि ऑपरेशन जटिल था फिर भी टीम ने कर दिखाया. हाथ में दोबारा मूवमेंट आ गई है. अभी एक सप्ताह तक रिस्पांस देखा जाएगा. उम्मीद है कि बच्चे को कटे हाथ का अहसास नहीं होगा. वह अपने इसी हाथ से सारे काम कर पाएगा. संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल में डॉ अजय पाठक की ज्वाइनिंग के बाद कटे हाथ जोड़ कर नया जीवन दान देने का सिलसिला शुरू हुआ है. ऑपरेशन सफल होने के बाद मासूम के चेहरे और परिजनों में मुस्कान लौट आई है.

प्लेटफार्म पर खड़ी थी ट्रेन, बाप-बेटी चढ़ने ही वाले थे की सिरफिरे ने मार दी गोली, खुद की भी ले ली जान

बिहार के आरा जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. आरा रेलवे स्टेशन पर एक युवक ने किशोरी और उसके पिता की गोली मारकर हत्या कर दी. दोनों की मौत के बाद युवक ने खुद को गोली मारकर अपनी भी जान ले ली. इस खौफनाक वारदात से इलाके में सन्नाटा पसर गया है. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया. पुलिस इस घटना की जांच में जुट गई है.

जानकारी के मुताबिक, घटना आरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म 3 और 4 के पास ओवरब्रिज पर हुई. मृतकों की पहचान 24 वर्षीय अमन और किशोरी जिया के रूप में हुई है. वहां मौजूद लोगों के अनुसार, आरोपी अमन ने पहले जिया को गोली मारी उसके बाद लड़की के पिता पर गोली चलाई. दोनों की मौके पर ही मौत हो गई. अंत में आरोपी अमन ने खुद को गोली मारकर अपनी भी जीवन लीला समाप्त कर ली. घटना के समय स्टेशन पर भारी भीड़ थी. अचानक हुई इस गोलीबारी से यात्री दहशत में आ गए और अफरा-तफरी का माहौल मच गया. सूचना मिलते ही पुलिस और आरपीएफ मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया.

गोलीबारी की घटना से मची अफरा-तफरी

आरपीएफ के सीनियर कमांडेंट प्रकाश पांडा के अनुसार, मृतक जिया कुमारी अपने पिता के साथ दिल्ली जाने के लिए रेलवे स्टेशन आई थी. घटना के समय रेलवे स्टेशन पर सामान्य भीड़ थी. गोलीबारी की आवाज सुनते ही वहां मौजूद यात्रियों के बीच अफरा तफरी मच गई. जानकारी मिलते ही पुलिस व आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और वहां की स्थिति को काबू में किया.

सीनियर कमांडेंट प्रकाश पांडा ने बताया कि इस घटना की कड़ी जांच चल रही है. रेलवे स्टेशन पर लगभग 40 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं. अब इस घटना के बाद ओवरब्रिज पर भी कैमरे लगाए जाएंगे. इस खौफनाक घटना में इस्तेमाल किया गया हथियार पुलिस ने जब्त कर लिया है. पुलिस जांच कर रही है कि अमन कुमार का जिया और उसके पिता के साथ क्या संबन्ध था.

क्या है घटना के पीछे का कारण

फिलहाल पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अमन ने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया. शुरूआत जांच में मामला प्रेम प्रसंग का प्रतीत हो रहा है. लेकिन पुलिस इस हत्याकांड के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है. पुलिस ने मृतकों के परिवार वालों से भी पूछताछ शुरू कर दी है ताकि घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सके. इस घटना से इलाके के लोगों में भारी आक्रोश और डर का माहौल है. लोगों का कहना है कि रेलवे स्टेशन जैसी सार्वजनिक जगह पर इस तरह की वारदात का होना सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़ा करता है.