जहानाबाद डीएम ने किया 46वीं जूनियर बालक नेशनल हैंडबॉल ट्रॉफी का अनावरण
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जहानाबाद: 46वीं जूनियर बालक नेशनल हैंडबॉल प्रतियोगिता के उद्घाटन से पहले मंगलवार को समाहरणालय सभा कक्ष में प्रतियोगिता की ट्रॉफी का अनावरण किया गया। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जहानाबाद जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने प्रतियोगिता में दिए जाने वाली चमचमाती ट्रॉफी का अनावरण किया। इस मौके पर जूनियर हैंडबॉल टीम के खिलाड़ियों की जर्सी का भी लोकार्पण किया गया और बिहार टीम को सौंपा गया।
26 से 30 मार्च तक गांधी मैदान, जहानाबाद में आयोजित होने वाली इस राष्ट्रीय जूनियर बालक हैंडबॉल प्रतियोगिता के सफल आयोजन की शुभकामनाएं देते हुए डीएम अलंकृता पांडेय ने कहा कि यह आयोजन खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा मंच साबित होगा।
ट्रॉफी अनावरण समारोह में शामिल गणमान्य व्यक्ति
इस कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह, अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) विनय कुमार सिंह, जिला खेल पदाधिकारी पूनम कुमारी, आयोजन सचिव संतोष श्रीवास्तव, बिहार हैंडबॉल संघ के महासचिव ब्रजकिशोर शर्मा, आयोजन अध्यक्ष डॉ. एस. के. सुनील, उपाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र कुमार सिंह, कन्वेनर डॉ. निरंजन केशव प्रिंस, जिला एससी-एसटी कर्मचारी संघ अध्यक्ष डॉ. अरविंद चौधरी, गौतम प्रसाद, अरविंद कुमार आंजाश और जहानाबाद जिला हैंडबॉल सचिव आलोक कुमार प्रमुख रूप से शामिल हुए।
28 राज्यों के 600 से अधिक खिलाड़ी होंगे शामिल
बता दें कि 26 से 30 मार्च तक आयोजित इस राष्ट्रीय जूनियर हैंडबॉल प्रतियोगिता में देशभर के 28 राज्यों से 600 से अधिक खिलाड़ी और तकनीकी पदाधिकारी हिस्सा लेंगे। हैंडबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वाधान में बिहार हैंडबॉल संघ एवं जहानाबाद जिला हैंडबॉल संघ द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता को लेकर जिले में उत्साह का माहौल है।
जहानाबाद के आम जनता और खेल प्रेमियों के सहयोग से इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता को बेहतर और सफल आयोजन बनाने की तैयारी जोरों पर है।
Mar 26 2025, 09:50
प्रतियोगिता विजेताओं को किया गया सम्मानित
समापन समारोह में प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्राचार्य द्वारा मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षक अनिल कुमार और के. के. गौतम ने किया।
यह आयोजन न केवल बिहार के गौरवशाली अतीत को याद करने का अवसर था, बल्कि विद्यार्थियों में अपनी मातृभूमि के प्रति प्रेम और सम्मान की भावना विकसित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी रहा।