बिहार बजट सत्र : सदन में आज केन्द्र सरकार पर जमकर बरसे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को बता गए नासमझ
डेस्क : दो दिनों की छुट्टी के बाद आज एक बार फिर से विधानसभा में रौनक लौट आई है। सुबह 11 बजे से विधानसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है। जबकि 12 बजे से विधान परिषद की कार्यवाही शुरू हुई। आज दोनो ही सदनो में विपक्ष द्वारा सरकार के कामकाज के साथ-साथ केन्द्र सरकार पर जमकर हंगामा बोला जा रहा है।
विधान सभा में विनियोग विधेयक पर बोलते हुए तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर बिहार से साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार 20 साल से लगातार बजट पेश किया जा रहा है। अपनी उपलब्धि गिनाते हैं। बजट का आकार बढ़ाने के दावे किये जाते है। लेकिन मामला उलटा है।
उन्होंने नीति आयोग की रिपोर्ट का आधार देते हुए कहा कि 11 साल में बिहार हर मामले में फिसड्डी साबित होता रहा है। फिर चाहे शिक्षा हो, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और रोजगार देने का मामला है। वहीं अपराध और भ्रष्टाचार में इनके शासनकाल में कोई तुलना नहीं की जा सकती है। तेजस्वी ने कहा कि उन्हें आत्मचिंतन करने की जरुरत है। सिर्फ रटा-रटाए बाते दोहराते रहते हैं। इस दौरान उन्होंने शायरी के जरिए बिहार के शासन में बदलाव की जरुरत है।
वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने वित्त बजट पेश करनेवाले सम्राट चौधरी पर जमकर निशाना साधते हुए उन्हें नासमक्ष तक कह डाला। तेजस्वी ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि मैंने जो आंकड़े सदन में प्रस्तुत किया वह उन्हें समझ में आया होगा। सीएम जी ने उनका मुरेठा तो निकलवा लिया, लेकिन उनकी दिमाग की बत्ती जली नहीं।
तेजस्वी ने कहा कि मैनें साक्षरता दर पर बात करते हुए बताया था कि 3.2 स्कूल ड्रॉप आउट की बात कही थी। जो 1989 में 11.4 था। आज स्कूल ड्राप आउट 41 परसेंट है। लेकिन वह कुछ और ही बोले रहे थे। 1961 में साक्षरता दर में बिहार सबसे फिसड्डी था। आज 2025 साक्षरता दर में बिहार सबसे नीचे है। 1961 में प्रति व्यक्ति आय सबसे कम थी, 2025 में भी सबसे कम है।
नेता प्रतिपक्ष ने वित्त मंत्री सम्राट चौधरी के बजट भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने लौंडा नाच का जिक्र किया था। यह उसी कैटगरी में शामिल हैं, जो ताली पिटते हैं। तेजस्वी ने लौंडा नाच को बिहार की सांस्कृतिक विरासत बताते हुए कहा कि इसके जनक भिखारी ठाकुर हमारे धरोहर हैं। उन्हें शेक्सपीयर ऑफ भोजपुरी कहा गया। उनके नाम पर उनका मखौल उड़ाया गया।
तेजस्वी ने सम्राट पर आरोप लगाया कि बाप-बेटी के रिश्ते के बारे में असभ्य बयान दिया। हमारे पिता और हमारी बहन जिन्होंने किडनी दिया, उनके लिए उन्होंने क्या बयान दिया कि टिकट के लिए किडनी दिया। इस तरह की छोटी सोच की मानसिकता के लोगों से क्या उम्मीद की जा सकती है। ऐसे लोग हर चीज में जात धर्म जोड़ते हैं। जनता द्वारा रिजेक्टेड हैं।
Mar 25 2025, 10:14