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300 करोड़ नकद और गिनती जारी.. कांग्रेस सांसद के ठिकानों से यह इतिहास की हो सकती है सबसे बड़ी जब्ती, हलफनामे में बताए थे मात्र 27 लाख कैश

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आयकर छापों में भारत की सबसे बड़ी नकदी बरामदगी की संभावना सामने आ रही है। कल से तीन राज्यों में छापों के दौरान अब तक कम से कम 300 करोड़ की नकदी बरामद की गई है। सूत्रों ने कहा कि राशि बढ़ेगी क्योंकि अभी और नकदी की गिनती बाकी है और अधिकारियों को और भी स्थानों के बारे में खुफिया जानकारी मिली है जहां नकदी छिपाई गई है। कर विभाग ने राज्य, झारखंड और पश्चिम बंगाल में ओडिशा स्थित डिस्टिलरी के कार्यालयों पर छापा मारा। कर विभाग के सूत्रों ने कहा कि तीनों स्थानों के सात कमरों और नौ लॉकरों की जांच बाकी है। नकदी अलमारियों और अन्य फर्नीचर के अंदर भरी मिली। कहा कि उन्हें अन्य स्थानों के बारे में जानकारी मिली है जहां अधिक नकदी और आभूषण मिल सकते हैं।

ओडिशा के पूर्व IT कमिश्नर शरत चंद्र दास ने कहा कि यह ओडिशा में विभाग द्वारा अब तक की सबसे बड़ी कैश की जब्ती हो सकती है। आयकर विभाग को यह रकम कांग्रेस सांसद धीरज साहू के परिवार की ओडिशा में स्थित शराब कंपनियों के कार्यालयों और करीबियों के आवासों पर छापेमारी के दौरान बरामद हुईं हैं। उनके ठिकानों से इतनी बड़ी मात्रा में नोट निकले थे कि, नोट गिनने वाली मशीनें तक खराब हो गई थीं। आज, बौध डिस्टिलरी और उससे जुड़े कार्यालयों पर छापेमारी की जा रही है। बलदेव साहू इंफ्रा, बौध डिस्टिलरी की एक समूह कंपनी है, और एक चावल मिल उसी डिस्टिलरी के स्वामित्व में है। झारखंड में कांग्रेस सांसद धीरज कुमार साहू की संपत्तियों से भी करोड़ों रुपये बरामद किये गये। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल लोगों को आश्वासन दिया कि जनता से लूटा गया पैसा वापस किया जाएगा। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था कि, "देशवासी इन नोटों के ढेर को देखें और फिर अपने नेताओं के ईमानदार 'भाषण' सुनें... जनता से जो भी लूटा गया है, उसका एक-एक पैसा वापस करना होगा, ये मोदी की गारंटी है।" बता दें कि, कांग्रेस सांसद ने अपने चुनावी हलफनामे में जानकारी दी थी कि, उनके पास मात्र 15 लाख नकदी है, जबकि उनकी पत्नी और आश्रितों को मिलाकर पूरे परिवार के पास केवल 27.50 लाख कैश हैं। उन्होंने बताया था कि, उनके व उनके आश्रितों के खातों में कुल 8 करोड़ 59 लाख 24106 रुपये जमा हैं। जबकि, उनके ठिकानों से इतनी बड़ी मात्रा में नकदी निकली है। 

 

भाजपा की ओडिशा इकाई ने एक संवाददाता सम्मेलन में मामले की CBI जांच की मांग की और सत्तारूढ़ BJD से स्पष्टीकरण मांगा है। भाजपा प्रवक्ता मनोज महापात्र ने ओडिशा के पश्चिमी क्षेत्र की एक महिला मंत्री की शराब व्यापारियों में से एक के साथ मंच साझा करते हुए कुछ तस्वीरें भी दिखाईं, जिनके परिसर पर छापेमारी की जा रही थी। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह कर चोरी स्थानीय नेताओं और राज्य सरकार के सक्रिय समर्थन और संरक्षण के बिना संभव नहीं हो सकती थी। भाजपा ने पुछा कि,"ओडिशा का उत्पाद शुल्क विभाग, सतर्कता विंग, खुफिया विंग और आर्थिक अपराध विंग राज्य में क्या कर रहे थे?"

बढ़ती मांग और कीमतों के कारण इतने समय के लिए केंद्र सरकार ने लगाया प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध, नोटिफिकेशन जारी

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केंद्र सरकार ने प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया है। देश में प्याज की बढ़ती मांग और बढ़ती कीमतों के चलते सरकार ने यह निर्णय कर लिया है। बता दें कि फिलहाल यह प्रतिबंध आने वाले वर्ष मार्च तक लगाया गया है। विदेशी व्यापार के डायरेक्टोरेट जनरल की तरफ से जारी नोटिफिकेशन में ये बताया गया है कि 31 मार्च 2024 तक प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। 

सरकार ने लगाई थी 40 प्रतिशत एक्सपोर्ट ड्यूटी

खबरों के मुताबिक डीजीएफटी के नोटिफिकेशन में ये भी कहा गया है कि देशों की मांग पर सेंट्रल गवर्नमेंट की इजाजत से प्याज का निर्यात किया जा सकता है। इतना ही नहीं देश में अभी प्याज खुदरा कीमत में 60 रुपये प्रति किलो की दर से बेची जा रही है।

अगस्त में गवर्नमेंट ने प्याज के निर्यात को कम करने के लिए इस पर 40 प्रतिशत एक्सपोर्ट ड्यूटी लग गई थी। यह आदेश 31 दिसंबर 2023 तक के लिए था। हालांकि सेंट्रल गवर्नमेंट ने 'बंगलूरू रोज' किस्म की प्याज को एक्सपोर्ट ड्यूटी से मुक्त रखा था। यह प्याज बंगलूरू और कर्नाटक क्षेत्र के आसपास उगाया जाता है और इसे 2015 में जीआई टैग भी मिल गया है।

*सोनिया गांधी आज मना रही हैं 77वां जन्मदिन, पीएम मोदी ने दी बधाई, बोले- ईश्वर उन्हें दीघार्यु और अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करें*

#soniagandhibirthday

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कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का आज 77वां जन्मदिन है। स मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी। एक्स पर पीएम मोदी ने सोनिया गांधी के जन्मदिन पर बधाई के अलावा लंबी उम्र और स्वस्थ जिंदगी की भी कामना की। पीएम मोदी के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन समेत तमाम नेताओं ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता को बधाई दी है।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘श्रीमती सोनिया गांधी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं. ईश्वर उन्हें दीघार्यु और अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करे। पीएम मोदी की शुभकामनाएं ऐसे समय में आई हैं, जब सबसे लंबे समय तक कांग्रेस अध्यक्ष रहीं सोनिया गांधी ने स्वास्थ्य कारणों से पिछले कुछ वर्षों में सक्रिय राजनीति से किनारा कर लिया है।

खड़गे ने कहा- शालीनता का प्रतीक

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस नेताओं ने भी सोनिया गांधी को उनके जन्मदिन की बधाई दी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 'एक्स' पर सोनिया गांधी को हाशिए पर मौजूद लोगों के अधिकारों की निरंतर वकालत करने वाली बताया। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी लोगों के अधिकारों की समर्थक, साहस, धैर्य और निस्वार्थ बलिदान के साथ विपरीत परिस्थितियों से लड़ते हुए वह अत्यंत शालीनता का प्रतीक रही हैं।

सीएम स्टालिन ने भी दी बधाई

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने भी दिग्गज कांग्रेस नेता को बधाई दी। उन्होंने ट्वीट किया, 'समर्पित सार्वजनिक जीवन की आदर्श कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी को जन्मदिन की बधाई।' स्टालिन ने उनके अच्छे स्वास्थ्य से भरे लंबे जीवन की कामना की। विपक्षी गठबंधन को मजबूत करने में सोनिया के योगदान के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा, 'उनकी गहरी दृष्टि और अनुभव का खजाना I.N.D.I.A. को निरंकुश ताकतों से बचाने के हमारे एकजुट प्रयास में एक मार्गदर्शक प्रकाश बना रहे।

अखिलेश यादव ने भी दी शुभकामनाएं

इसके अलावा समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सोनिया गांधी को जन्मदिन की बधाई देते हुए एक्स पर लिखा, श्रीमती सोनिया गांधी जी को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं। उनके अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करता हूं। वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख ने भी पोस्ट करते हुए लिखा, श्रीमती सोनिया गांधी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करता हूं।

*गाजा में युद्धविराम पर यूएन में आया प्रस्‍ताव खारिज, अमेरिका ने वीटो का इस्तेमाल कर दिया दोस्त का साथ, जानें भारत का रूख*

#us_vetoes_un_security_council_resolution_calling_for_gaza_ceasefire

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हमास-इजरायल के बीच गाजा में चल रही लड़ाई पिछले करीब दो महीने से जारी है। हमास के साथ युद्ध के बीच इजराइल के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका ढाल बन कर खड़ा है। इस बीच यूएस ने एक बार फिर अपनी दोस्ती निभाई है।दरअसल, पिछले 2 महीने से अधिक से जारी युद्ध के बीच एक हफ्ते के लिए युद्धविराम हुआ था। इसके बाद फिर जंग शुरू हो गई। इस बीच गाजा में युद्धविराम के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पेश किया गया।इस प्रस्‍ताव को अमे‍रिका की तरफ से खारिज कर दिया गया है।इसका मतलब साफ है कि अभी गाजा के आसमान में बम बरसते रहेंगे और मासूम लोगों को जान गंवानी पड़ेगी।

गाजा में युद्धविराम के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पेश किया गया।संयुक्त अरब अमीरात समर्थित प्रस्‍ताव के पक्ष में 13 देश थे जिसमें तीन स्‍थायी सदस्‍य रूस, चीन और फ्रांस भी शामिल हैं। यूके वोटिंग से गायब रहा। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक मुताबिक संयुक्त अरब अमीरात के उप राजदूत मोहम्मद अबूशाहब ने परिषद से कहा, अगर हम गाजा पर लगातार बमबारी रोकने के आह्वान के पीछे एकजुट नहीं हो सकते तो हम फिलिस्तीनियों को क्या संदेश दे रहे हैं? प्रस्ताव में तत्काल एक मानवीय युद्धविराम लागू किए जाने के साथ-साथ, तमाम बन्धकों की तत्काल व बिना शर्त रिहाई और मानवीय सहायता आपूर्ति के लिए सुलभता की मांग की गई थी।

सुरक्षा परिषद में अमेरिका ने इजरायल के पक्ष में अपनी वीटो पावर का इस्तेमाल किया। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी उप प्रतिनिधि रॉबर्ट वुड ने जोर देकर कहा कि प्रस्ताव वास्तविकता से अलग है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से हमारी लगभग सभी सिफारिशों को नजरअंदाज कर दिया गया। इसलिए वे वीटो का इस्तेमाल कर रहे हैं।

चीन और रूस ने अमेरिका ने इस फैसले की कड़ी निंदा की। रूस ने अमेरिका को हर्टलेस बताया। ब्राजील ने कहा कि अगर गाजा में तत्काल युद्धविराम नहीं हुआ तो काफी नुकसान होगा। वहीं, फिलिस्तीनी राजदूत ने प्रस्ताव की विफलता को विनाशकारी बताया। उन्होंने कहा कि गाजा पर इजराइली हमले से और अधिक अत्याचार, हत्याएं और विनाश होंगे।

यह प्रस्‍ताव तब आया जब यूएनएससी में महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पहली बार संयुक्त राष्‍ट्र चार्टर के अनुच्छेद 99 को लागू किया। यह वह नियम है जो संयुक्त राष्‍ट्र प्रमुख को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरे उठाने में सक्षम बनाता है। गुटारेसे ने गाजा में 'मानवीय तबाही' की चेतावनी दी थी। 

बता दें कि इससे पहले भी अमेरिका खुलकर इजरायल के पक्ष में यूएन में बोलता रहा है। इससे पहले भी पेश किए गए प्रस्ताव पर अमेरिका वीटो कर चुका है। इस तरह से अमेरिका एक बार फिर इजरायल के लिए ढाल बनकर खड़ा हो गया।

अकबरुद्दीन ओवैसी को बनाया गया तेलंगाना का प्रोटेम स्पीकर, भड़के बीजेपी विधायक टी राजा, बोले-हम नहीं लेंगे शपथ

#trajasinghonakbaruddinowaisiappointedtelanganaprotem_speaker

अकबरुद्दीन ओवैसी को तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ने विधानसभा का प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया है। तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन की ओर से नियुक्ति के बाद एआईएमआईएम विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर के तौर पर शपथ ली।उनकी नियुक्ति पर बीजेपी विधायक टी राजा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।उन्होंने कहा है कि जब तक वो जिंदा हैं वो ओवैसी के सामने शपथ नहीं लेंगे। दरअसल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 178 के तहत एक प्रोटेम स्पीकर विधिवत नया अध्यक्ष चुने जाने तक विधानसभा की कार्यवाही संचालित करता है। यानी, अकबरुद्दीन ओवैसी नवनियुक्त विधायकों को शपथ दिलाएंगे।ऐसे में बीजेपी ने नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है।

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ओवैसी को प्रोटेम स्पीकर बनाए जाने पर भाजपा विधायक टी राजा सिंह ने कहा कि नई सरकार, कांग्रेस के नए मुख्यमंत्री बनने के बाद रेवंत रेड्डी और कांग्रेस का असली चेहरा सामने आ गया है। रेवंत रेड्डी हर बार कहते थे कि भाजपा, बीआरएस और एआईएमआईएम एक है। आज पता चल गया कि कौन किसके साथ है। शनिवार को हम अकबरुद्दीन के सामने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगे और समारोह का बहिष्कार करेंगे।

एआईएमआईएम के सामने शपथ नहीं लेंगे

बीजेपी विधायक टी राजा ने एक वीडियो जारी कर कहा- कांग्रेस सरकार ने आदेश निकाला है कि कल अकबरुद्दीन ओवैसी के सामने सभी लोग शपथ समारोह में शामिल होंगे। ये राजा सिंह जब तक जिंदा है, एआईएमआईएम के सामने शपथ नहीं लेगा, अकबरुद्दीन ओवैसी के सामने शपथ नहीं लेगा।

टी राजा ने 2018 में भी शपथ नहीं ली थी

गोशामहल से बीजेपी विधायक टी राजा ने कहा- मैं मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से पूछना चाहता हूं कि क्या आप भी बीआरएस के रास्ते पर चलना चाहते हैं। 2018 में बीआरएस सरकार की तरफ से ओवैसी को प्रोटेम स्पीकर बनाकर बिठाया गया था, हमने तब भी शपथ नहीं ली थी। उन्होंने कहा कि उनका सरकारी जमीनों पर कब्जा है। वे तेलंगाना में रहकर हिंदुओं को मारने की बात करते हैं। क्या ऐसे शख्स के सामने शपथ लेंगे? रेवंत रेड्डी कहते थे कि बीआरएस, एआईएमआईएम और बीजेपी एक है, लेकिन अब बताइए कि एआईएमआईएम से आपका क्या रिश्ता है।

क्या होता है प्रोटेम स्पीकर?

भारत के संविधान के अनुच्छेद 188 के तहत निर्वाचित सदस्य प्रोटेम स्पीकर से शपथ लेते हैं और उस पर हस्ताक्षर करते हैं। देखा जाए तो प्रोटेम स्पीकर सदन का एक अस्थायी अधिकारी होता है जो सभी नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ लेने और एक आधिकारिक स्पीकर का चुनाव होने तक तक विधानसभा सत्र का संचालन करता है। एक बार विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने के बाद प्रोटेम स्पीकर का पद खत्म हो जाता है और आधिकारिक स्पीकर यह भूमिका संभाल लेता है।

ISIS मॉड्यूल पर एनआईए की बड़ी कार्रवाई, कर्नाटक-महाराष्ट्र में 44 लोकेशन पर रेड, कई हिरासत में

#nia_raids_across_several_places_in_maharashtra_karnataka

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नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया(आईएसआईएस) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। एनआईए ने शनिवार सुबह से ही कर्नाटक और महाराष्ट्र में लगभग 44 लोकेशन पर छापेमारी की है।समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, ये छापेमारी वैश्विक आतंकी समूह आईएसआईस के जरिए देशभर में आतंकी हमला करने की साजिश से जुड़े एक मामले में हो रही है।

एनआईए के अधिकारियों ने कर्नाटक में 1, पुणे में 2, ठाणे ग्रामीण में 31 और ठाणे शहर में 9 और भयंदर में एक स्थान पर छापेमारी की। इस दौरान अधिकारियों ने कई संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया।

बता दें कि इससे पहले एनआईए ने जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में छापेमारी की थी। एनआईए ने आतंकवाद रोधी मामले में जांच के तहत मंगलवार को कश्मीर घाटी के पांच जिलों में कई स्थानों पर छापेमारी की। यहां अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनआईए के अधिकारियों ने घाटी के बारामूला, गांदरबल, कुपवाड़ा, पुलवामा और शोपियां जिलों में छापे मारे।

*ISIS मॉड्यूल पर एनआईए की बड़ी कार्रवाई, कर्नाटक-महाराष्ट्र में 44 लोकेशन पर रेड, कई हिरासत में*

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नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया(आईएसआईएस) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। एनआईए ने शनिवार सुबह से ही कर्नाटक और महाराष्ट्र में लगभग 44 लोकेशन पर छापेमारी की है।समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, ये छापेमारी वैश्विक आतंकी समूह आईएसआईस के जरिए देशभर में आतंकी हमला करने की साजिश से जुड़े एक मामले में हो रही है।

एनआईए के अधिकारियों ने कर्नाटक में 1, पुणे में 2, ठाणे ग्रामीण में 31 और ठाणे शहर में 9 और भयंदर में एक स्थान पर छापेमारी की। इस दौरान अधिकारियों ने कई संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया।

बता दें कि इससे पहले एनआईए ने जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में छापेमारी की थी। एनआईए ने आतंकवाद रोधी मामले में जांच के तहत मंगलवार को कश्मीर घाटी के पांच जिलों में कई स्थानों पर छापेमारी की। यहां अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनआईए के अधिकारियों ने घाटी के बारामूला, गांदरबल, कुपवाड़ा, पुलवामा और शोपियां जिलों में छापे मारे।

नवाब मलिक पर गरमाई महाराष्ट्र की सियासत, फडणवीस और पवार आमने सामने

#fadnavisajitpawarfacetofaceonnawabmalik

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महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बखेड़ा खड़ा हो गया है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधायक नवाब मलिक के डिप्टी सीएम अजित पवार गुट के साथ नजर आए। जिसको लेकर बीजेपी नेता और उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खफा नजर आ रहे हैं। 

फडणवीस ने अजित पवार को पत्र लिखकर नवाब मलिक को राज्य की सत्तारूढ़ ‘महायुति’ या महागठबंधन में शामिल करने पर विरोध जताया है। नवाब मलिक के भाजपा नीत महायुति में शामिल होने के कयासों के बीच राज्य के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के दूसरे डिप्टी सीएम अजित पवार को पत्र लिखा। इस पत्र में फडणवीस ने सलाह दी कि अजित पवार को नवाब मलिक को अपनी पार्टी में शामिल नहीं करना चाहिए। फडणवीस ने पत्र में लिखा, 'आपकी पार्टी में कौन शामिल होगा, कौन नहीं, इसका फैसला करने का अधिकार आपका है लेकिन मुझे लगता है कि नवाब मलिका को पार्टी में शामिल करने से गठबंधन को नुकसान हो सकता है। 

इस मामले में शुक्रवार को नवाब मलिक के मुद्दे पर दो बड़ी बैठकें हुईं। उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राकांपा उप मुख्यमंत्री अजित पवार गुट के नेता प्रफुल्ल पटेल की आज मुलाकात हुई। सूत्रों ने जानकारी दी है कि इस बैठक में नवाब मलिक पर चर्चा हुई। देवेंद्र फडणवीस ने प्रफुल्ल पटेल को अपने पत्र के बारे में बताया। सूत्रों ने जानकारी दी है कि बैठक में फड़णवीस ने प्रफुल्ल पटेल से कहा कि आप आगे फैसला करें।

उधर, अजित पवार और नवाब मलिक की भी मुलाकात हुई है। दोनों नेताओं के बीच करीब 15 मिनट तक चर्चा हुई। इस मौके पर चल रहे विवाद पर भी चर्चा हुई। सूत्रों ने जानकारी दी है कि अजित पवार ने मलिक को देखो और इंतजार करो की नीति पर चलने की सलाह दी है। दिलचस्प बात यह है कि जब अजित पवार और नवाब मलिक की मुलाकात हुई तो एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल भी मौजूद थे।

क्यों शुरू हुआ विवाद?

नागपुर में शुरू शीतकालीन सत्र के पहले दिन एनसीपी विधायक विधान भवन परिसर में अजित पवार की अगुवाई वाले गुट के सदस्यों के बगल में पिछली पंक्ति की बेंचों पर बैठ नजर आए थे। नवाब मलिक जब जेल से बाहर आए थे। तब एनसीपी के दोनों गुटों के नेताओं ने मलिक से मुलाकात की थी। इतना ही नहीं 64 साल के नवाब मलिक का अजित के करीबी नेता अनिल पाटिल ने सभी स्वागत किया था। नवाब मलिक पर जो आरोप हैं अब उनको लेकर देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें महायुति (बीजेपी-शिवसेना और एनसीपी अजित गुट) का हिस्सा नहीं बनाने को कहा है। नवाब मलिक इससे पहले उद्धव सरकार में मंत्री थे। वे एनसीपी से पांचवीं बार विधायक बने हैं।

अगस्त महीने में जेल से बाहर आए नवाब मलिक

बता दें कि नवाब मलिक अगस्त महीने में जेल से बाहर आए हैं। इससे पहले ईडी ने पिछले साल फरवरी में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मलिक की गिरफ्तारी की थी। मलिक पर एजेंसियों का आरोप है कि उन्होंने मुंबई में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके साथियों के साथ कथित तौर पर पैसों का लेनदेन किया। मलिक पर यह भी आरोप है कि उन्होंने दाऊद इब्राहिम गैंग की जमीनें सस्ते दामों पर खरीदीं। 18 महीने जेल में रहने के बाद 23 अगस्त 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें खराब सेहत के आधार पर जमानत दी थी।

जब 18 साल पहले 11 सांसदों की गई थी सदस्यता, अब महुआ मोइत्रा पर गिरी गाज

#cash_for_query_case_2005_of_indian_parliament_when_11_mp_expelled

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कैश फॉर क्वेरी मामले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा पर गाज गिरी है। महुआ मोइत्रा की लोकसभा सदस्यता खत्म कर दी गई है। संसद के शीतकालीन सत्र के पांचवे दिन लोकसभा ने एथिक्स कमेटी की उस रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है जिसमें मोइत्रा को निष्कासित करने की सिफारिश की गई थी।महुआ मोइत्रा मामले में एथिक्स कमिटी की सिफारिश पर लोकसभा में चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने इस मामले में सरकार की तरफ से 'जल्दबाजी' का आरोप लगाया। इस पर संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी ने 2005 के कैश फॉर क्वेरी मामले का जिक्र किया, जब 11 सांसदों को बिना उनका पक्ष सुने ही निष्कासित कर दिया गया था।

महुआ मोइत्रा मामले में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने अपने फैसले में 18 साल पहले पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी के उस फैसले का हवाला दिया जिसमें नोट फॉर क्वेरी मामले में साल 2005 में सोमनाथ चटर्जी ने इसी तरह के आरोपों लेकर 11 सांसदों की सदस्यता रद्द कर दी थी।18 साल पहले 2005 में मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के पहले कार्यकाल के एक साल बाद, डिजिटल पोर्टल कोबरापोस्ट ने एक स्टिंग ऑपरेशन किया था। इसमें ऑपरेशन दुर्योधन के तहत सांसदों को फंसाया गया था, जिन्होंने कथित तौर पर पैसे के बदले में एक कंपनी को बढ़ावा देने और सदन में सवाल पूछने की इच्छा दिखाई थी और फिर उन सांसदों ने संसद में सवाल भी पूछे थे।

स्टिंग ऑपरेशन की तस्वीरें और वीडियो 12 दिसंबर 2005 को कई चैनल्स पर प्रसारित किए गए। इस प्रसारण ने देश में एक सनसनी मचा दी। लोकसभा और राज्यसभा ने घोटाले की जांच के लिए अलग-अलग समितियां बनाईं। इन समितियों ने अपने-अपने निष्कर्षों में सांसदों को दोषी पाया। लोकसभा ने 10 सांसदों को निष्कासित कर दिया, जबकि राज्यसभा ने एक सांसद को निष्कासित कर दिया। निष्कासित 11 सांसद किसी एक पार्टी के नहीं थे। इनमें से छह बीजेपी से, तीन बसपा से और एक-एक राजद और कांग्रेस से थे। बीजेपी से सांसद सुरेश चंदेल, अन्ना साहेब पाटिल, चंद्र प्रताप सिंह, छत्रपाल सिंह लोध, वाई जी महाजन और प्रदीप गांधी।

उस समय भी काफी बवाल मचा था। हालांकि उस समय विपक्ष के नेता रहे एलके आडवाणी ने कहा था कि सांसदों ने जो कुछ किया वह मूर्खता है। इसके लिए निष्कासन बहुत ही कठोर सजा होगी। आडवाणी ने निष्कासन की तुलना “मृत्युदंड” से की थी। इस मामले में जनवरी 2007 में सुप्रीम कोर्ट ने भी सांसदों के निष्कासन के फैसले को सही ठहराया था।

सांसदी जाने के बाद बौखलाईं महुआ, बोलीं-ये आपको अंत की शुरूआत

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कैश फॉर क्वेरी मामले में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता रद्द हो गई है। लोकसभा की एथिक्स कमिटी ने उनकी सदस्यता खत्म करने की सिफारिश की थी। शुक्रवार को कमिटी की रिपोर्ट पर लोकसभा में चर्चा हुई और संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद पटेल ने टीएमसी सांसद की सदस्यता रद्द करने का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव पास होने के बाद महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता रद्द हो गई।

इस रिपोर्ट पर बहस कराए जाने और महुआ मोइत्रा को लोकसभा में अपनी बात रखने की मांग को लोकसभा स्पीकर ने ये कहते हुए ठुकरा दिया कि उन्हें पैनल की बैठक के दौरान अपना पक्ष रखने का मौका मिल चुका है।महुआ मोइत्रा को सांसद से निलंबित किए जाने के बाद टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के साथ संसद की कार्यवाही का वॉकआउट किया। विपक्षी सदस्यों ने लोकसभा से बहिर्गमन किया। इस दौरान सभी विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि बीजेपी और केंद्र सरकार बदले की राजनीति कर रही है

लोकसभा से निष्कासित किए जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा ने मोदी सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। मोइत्रा ने कहा है कि एथिक्स कमेटी के पास उन्हें निष्कासित करने की सिफ़ारिश करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि इस कंगारू कोर्ट में जो कुछ हुआ, वो बताता है कि अदानी को बचाने के लिए मोदी सरकार क्या कुछ कर सकती है। महुआ मोइत्रा ने कहा, मैं 49 साल की हूं और मैं अगले 30 साल तक संसद के अंदर और बाहर आपके ख़िलाफ़ संघर्ष करूंगी। मैं गटर में लड़ूंगी, मैं सड़कों पर लड़ूंगी। 

महुआ मोइत्रा ने बांग्ला में कहा - लोग आपका अंत देखेंगे। आपके पास पंजाब नहीं है, सिंध हमारे पास नहीं है, द्रविड़ आपका नहीं है, उत्कल आपका नहीं है, बंगाल आपका नहीं है। आप कहां से हम पर राज करेंगे, आपको ये शक्तिशाली बहुमत कहां से मिलेगा? एथिक्स कमेटी के पास निष्कासित करने का अधिकार नहीं है. आपने अर्धन्यायिक अथॉरिटी की अधिकार लिए और मुझ पर कार्रवाई कर दी। आपने प्रक्रिया का दुरुपयोग किया है। ये आपके अंत की शुरुआत है। हम लौटेंगे और आपका अंत देखेंगे।

पूरे मामले को लेकर टीएमसी चीफ और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि हम महुआ मोइत्रा के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा, हम महुआ मोइत्रा के साथ हैं। ये गणतंत्र के अधिकारों का हनन है। मुझे लगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इस बात पर सही रवैया होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ये पूरी संसद के लिए दुख भरा दिन है।

बता दें कि महुआ मोइत्रा पर उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी से महंगे उपहार के एवज में उनकी तरफ से संसद में सवाल पूछने का आरोप है। इतना ही नहीं, उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने संसदीय लॉग इन आईडी और पासवर्ड को भी हीरानंदानी को बता रखा था ताकि वह सीधे सवाल पूछ सकें। बीजेपी सासंद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष को चिट्ठी भेजकर आरोप लगाया था कि महुआ ने दर्शन हीरानंदानी नाम के कारोबारी से रिश्वत लेकर अदानी समूह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने के लिए सवाल पूछे।