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पद्म विभूषण तीजनबाई का निधन, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को विश्व पटल पर दिलाई ख्याति

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छत्तीसगढ़ की लोक कला पंडवानी को देश और दुनिया में पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का रविवार तड़के निधन हो गया। वह 70 वर्ष की थीं। तीजन बाई ने रविवार सुबह करीब 3.15 बजे एम्स रायपुर में अंतिम सांस ली। वह पिछले कुछ समय से बीमार थीं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।

पडंवानी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई

छत्तीसगढ़ के भिलाई के गनियारी गांव में जन्मीं तीजन बाई ने कम उम्र में ही पंडवानी गायन शुरू कर दिया था। महाभारत की कथाओं को अपनी दमदार आवाज, अभिनय और अनूठी प्रस्तुति के साथ मंच पर जीवंत करने की उनकी शैली ने इस लोक कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।

पहली बार 13 साल की उम्र में 10 रुपए के लिए गाया

तीजन का जन्म 8 अगस्त 1956 को भिलाई के पास के गनियारी गांव में हुआ था। साल 1988 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। तीजन बाई को साल 2003 में पद्म भूषण और 2019 में पद्म विभुषण से सम्मानित किया गया था। उन्होंने 13 की उम्र में पहली बार 10 रुपए के लिए गाया था। उन्होंने कापालिक शैली में पांडवानी गाई थी।

तीजन बाई ने परंपराओं को तोड़ बनाई अलग पहचान

महिलाओं के लिए उस दौर में पंडवानी की 'कापालिक शैली' में प्रस्तुति देना वर्जित माना जाता था, लेकिन तीजन बाई ने इस परंपरा को तोड़ते हुए मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई। तीजन बाई ने भारत के साथ-साथ अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, रूस, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी समेत अनेक देशों में पंडवानी की प्रस्तुति देकर छत्तीसगढ़ की लोककला का डंका बजाया

छत्तीसगढ़ में सियासी भूचाल, पूर्व सीएम भूपेश बघेल का बेटा चैतन्य गिरफ्तार, शराब घोटाले में ईडी का एक्शन

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार कर लिया है। चैतन्य को शराब घोटाले मामले में गिरफ्तार किया गया है। ये गिरफ्तारी शुक्रवार सुबह भिलाई वाले घर पर हुई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम की छापेमारी के बाद हुई है।

ईडी ने शुक्रवार की सुबह रायपुर में पूर्व सीएम भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ शराब घोटाले को लेकर कार्रवाई की। भूपेश बघेल के आवास समेत कई ठिकानों पर रेड की गई। इस दौरान ईडी ने धरना घोटाले से जुड़े अहम दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए और चैतन्य बघेल से पूछताछ की। ईडी सूत्रों के मुताबिक कोई स्पष्ट जवाब ना मिलने के कारण चैतन्य कों हिरासत के लेकर पूछताछ करना बेहद जरूरी था जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी कर की गई।

ईडी की कार्रवाई पर भूपेश बघेल का पोस्ट

घर में चल रही ईडी की कार्रवाई के बीच पूर्व सीएम भूपेश बघेल विधानसभा के लिए रवाना हो गए थे। इससे पहले ईडी के घर पहुंचने पर भूपेश बघेल ने एक्स पर पोस्ट साझा कर जानकारी देते हुए लिखा था कि ईडी आ गई है। आज विधानसभा सत्र का अंतिम दिन है। अदाणी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठना था। भिलाई निवास में 'साहेब' ने ईडी भेज दी है।

राज्य में एक संगठित शराब सिंडिकेट काम कर रहा

ईडी की जांच में सामने आया है कि राज्य में एक संगठित शराब सिंडिकेट काम कर रहा था, जिसमें अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा और कई अन्य लोग शामिल थे। इस घोटाले से करीब 2161 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई। ईडी की जांच में यह भी पता चला है कि कवासी लखमा, जो तत्कालीन आबकारी मंत्री थे, उन्हें इस घोटाले से हर महीने मोटी नकद रकम दी जाती थी। यह रकम घोटाले से होने वाली कमाई से दी जाती थी।

अबूझमाड़ में दो महिला नक्सली ढेर, मुठभेड़ में बरामद हुए हथियार


नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ इलाके में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच बड़ी मुठभेड़ हुई। इस ऑपरेशन में दो महिला नक्सली मारी गईं। संयुक्त ऑपरेशन डीआरजी (DRG), एसटीएफ (STF) और कोंडागांव पुलिस की टीम ने मिलकर चलाया था।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस को कोहकामेटा थाना क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद नारायणपुर से DRG और कोंडागांव से STF की टीमें माओवादियों की तलाश में जंगलों की ओर निकलीं। बुधवार रात जब जवान नक्सलियों के ठिकाने के पास पहुंचे तो माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की।

गुरुवार सुबह सर्च ऑपरेशन के दौरान दो महिला माओवादी के शव बरामद किए गए। मुठभेड़ स्थल से 315 बोर की राइफल और अन्य हथियार भी बरामद हुए हैं। पुलिस को आशंका है कि मारे गए नक्सली माड़ डिवीजन के बड़े कैडर से जुड़े हो सकते हैं।

फिलहाल इलाके में तलाशी अभियान जारी है और सुरक्षाबल मौके पर मौजूद हैं। सुबह भी कुछ देर के लिए फायरिंग हुई थी।

https://news4u36.in/chhattisgarh/two-women-naxalites-killed-in-abujhmad/


केंद्र सरकार ने आयकर विभाग में किया बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त बने नवरतन सोनी, देखें लिस्ट…

रायपुर- केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने आयकर विभाग में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए आधा दर्जन प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त और मुख्य आयुक्तों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस फेरबदल के तहत आईआरएस अधिकारी नव रतन सोनी को मुख्य आयकर आयुक्त, एमपी और छत्तीसगढ़, रायपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। फिलहाल नव रतन सोनी मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त के पद पर भोपाल में कार्यरत हैं। यह आदेश 1 जून 2025 से प्रभाव में आएगा और अगले आदेश तक लागू रहेगा।

जारी आदेश के अनुसार, जिन अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है। उसमें शामिल नाम इस प्रकार हैं-

नव रतन सोनी (Pr.CCIT, MP & Chhattisgarh, Bhopal)

नया प्रभार: मुख्य आयकर आयुक्त, रायपुर

अपर्णा करण (Pr.CCIT, UP(West) & Uttarakhand, Kanpur)

नया प्रभार: प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, यूपी (पूर्व), लखनऊ

अपर्णा अग्रवाल (CCIT-TDS, गुजरात, अहमदाबाद)

नया प्रभार: सीसीआईटी-2, गुजरात, अहमदाबाद

प्रीति जैन दास (CCIT-8, मुंबई)

नया प्रभार: सीसीआईटी-7, मुंबई

एस. नय्यर अली नजमी (CCIT, गुजरात, वडोदरा)

नया प्रभार: सीसीआईटी-1, गुजरात, अहमदाबाद

सिरिपुरापु पद्मजा (CCIT-3, तमिलनाडु और पुडुचेरी, चेन्नई)

नया प्रभार: सीसीआईटी-4, तमिलनाडु और पुडुचेरी, चेन्नई

माओवाद के समूल नाश और बस्तर के समग्र विकास के लिए देश के बुद्धिजीवियों का आह्वान

रायपुर- बस्तर क्षेत्र में माओवादी हिंसा के उन्मूलन की मांग को लेकर आज रायपुर में एक महत्त्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस वार्ता को प्रो. एस.के. पांडे (पूर्व कुलपति), अनुराग पांडे (सेवानिवृत्त IAS), बी. गोपा कुमार (पूर्व उप-सॉलिसिटर जनरल) और शैलेन्द्र शुक्ला (पूर्व निदेशक, क्रेडा) ने संबोधित किया।

इन चार वक्ताओं द्वारा अपने वक्तव्य में बस्तर के नागरिकों की दशकों पुरानी पीड़ा, माओवादी हिंसा का वास्तविक स्वरूप, और तथाकथित 'बुद्धिजीवी' वर्ग द्वारा माओवाद के वैचारिक महिमामंडन पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।

प्रो. एस.के. पांडे ने कहा कि बस्तर पिछले चार दशकों से माओवादी हिंसा की चपेट में है, जिसमें हजारों निर्दोष आदिवासी नागरिक, सुरक्षाकर्मी, शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और ग्राम प्रतिनिधि मारे जा चुके हैं। South Asia Terrorism Portal के आँकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि केवल छत्तीसगढ़ में माओवादी हिंसा से 1000 से अधिक आम नागरिकों की जान जा चुकी है, जिनमें बहुसंख्यक बस्तर के आदिवासी हैं।

अनुराग पांडे ने कहा कि ‘शांति वार्ता’ की बात तभी स्वीकार्य हो सकती है जब माओवादी हिंसा और हथियारों का त्याग करें। इसके साथ ही जो संगठन और व्यक्ति माओवादियों के फ्रंटल समूहों के रूप में कार्य कर रहे हैं, उनकी पहचान कर उन पर भी वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि सलवा जुडूम को बार-बार निशाने पर लेना माओवादी आतंक को नैतिक छूट देने का प्रयास है, जबकि बस्तर की जनता स्वयं इस हिंसा का सबसे बड़ा शिकार है।

प्रेस को सम्बोधित करते हुए बी. गोपा कुमार ने कहा कि जो लोग ‘शांति’ की बात कर रहे हैं, उन्हें पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि माओवादी हिंसा पूरी तरह बंद हो। अन्यथा यह सब केवल रणनीतिक प्रचार (propaganda) का हिस्सा मात्र है। उन्होंने कहा कि 2004 की वार्ताओं के बाद जिस प्रकार 2010 में ताड़मेटला में नरसंहार हुआ, वह एक ऐतिहासिक चेतावनी है, जिसे नहीं भूलना चाहिए।

वार्ता के अंत में शैलेन्द्र शुक्ला ने यह स्पष्ट किया गया है कि शांति, विकास और न्याय – ये तीनों केवल तभी संभव हैं जब माओवाद को निर्णायक रूप से समाप्त किया जाए। सरकार से यह अपेक्षा की गई है कि वह माओवादी आतंकवाद के विरुद्ध अपनी कार्रवाई को सतत और सशक्त बनाए रखे, और माओवादी समर्थक संगठनों को वैधानिक रूप से चिन्हित कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

मुख्य मांगे-

  •  सरकार नक्सल आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखे, और सुरक्षा बलों के प्रयासों को और भी मजबूत बनाए। कार्रवाइयाँ और अधिक सशक्त और सतत रहें।
  •  माओवादी और उनके समर्थक संगठनों को शांति वार्ता के लिए तभी शामिल किया जाए, जब वे हिंसा और हथियारों को छोड़ने के लिए तैयार हों।
  •  नक्सलवाद और उनके फ्रंटल संगठनों का समर्थन करने वाले व्यक्तियों और संगठनों पर उचित कार्रवाई की जाए।
  •  बस्तर की शांति और विकास के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि इस क्षेत्र को नक्सल आतंकवाद से मुक्त किया जा सके।

पत्रकार वार्ता के दौरान एक सार्वजनिक पत्र भी जारी किया गया, जो निम्नलिखित संस्थाओं एवं प्रमुख व्यक्तित्वों द्वारा हस्ताक्षरित है:

Intellectual Forum of Chhattisgarh, Bharat Lawyers Forum, Society For Policy and Strategic Research, Center For Janjatiya Studies and Research, Forum For Awareness of National Security, Bastar Shanti Samiti, Shakti Vigyan Bharti, Call For Justice, The 4th Pillar, Writers For The Nation, Chhattisgarh Civil Society, Janjati Suraksha Manch, Avsar Foundation, बस्तर सांस्कृतिक सुरक्षा मंच सहित कुल 15+ मंच।

पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले प्रमुख व्यक्तित्वों में शामिल हैं:

Justice Rakesh Saksena, Major General Mrinal Suman, Brig. Rakesh Sharma, Dr. T.D. Dogra, Mr. Rakesh Chaturvedi (Rtd. IFS), Dr. Varnika Sharma, Prof. B.K. Sthapak, Shyam Singh Kumre (Retd. IAS), और अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा नीति विशेषज्ञों का एक विस्तृत समूह, जिनमें Adv. Sangharsh Pandey, Adv. Kaustubh Shukla, Smt. Kiran Sushma Khoya, Prof. Dinesh Parihar, Mr. Vikrant Kumre जैसे नाम उल्लेखनीय हैं।

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों पर बड़ा एक्शन, एनकाउंटर में 26 ढेर, 1 करोड़ के इनामी वसवा राजू के मारे जाने की खबर

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छत्तीसगढ़ में नक्सलियों पर बड़ी कार्रवाई की खबर है। नारायणपुर जिले में डीआरजी के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। इस मुठभड़े में 28 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि मारे गए नक्सलियों की संख्या और बढ़ सकती है। कई नक्सलियों के शव और भारी संख्या में हथियार बरामद होने की खबर है। मुठभेड़ में एक जवान के बलिदान होने और एक जवान घायल होने की भी खबर है।

नारायणपुर जिले के पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने बताया कि जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के माड़ डिवीजन में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पर जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) नारायणपुर, डीआरजी दंतेवाड़ा, डीआरजी बीजापुर और डीआरजी कोंडागांव के संयुक्त दल को नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना किया गया।

बढ़ सकती है मारे गए नक्सलियों की संख्या

माड़ के इलाके में सुबह से फायरिंग हो रही है। बताया जा रहा है कि डीआरजी के जवानों ने नक्सली लीडर रुपेश और विकल्प भी समेत कई बड़े नक्सली लीडर्स को घेर लिया है। दोनों तरफ से गोलीबारी जारी है। 28 से ज्यादा नक्ललियों के मारे जाने खबर सामने आ रही है, मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ भी सकती है।

1 करोड़ के इनामी नक्सली लीडर के मारे जाने की खबर

मिली जानकारी के मुताबिक मुठभेड़ में नक्सल संगठन के जनरल सेक्रेटरी वसवा राजू के मारे जाने की भी खबर सामने आ रही है। वसवा राजू काफी उम्रदराज नक्सली लीडर है। ये दंडकारण्य में नक्सल संगठन की बुनियाद रखने वालों में से एक है। पिछले कई सालों से माड़ में पनाह लिया हुआ था। इस पर इंटरस्टेट 1 करोड़ का इनाम है।

50 घंटों से सर्च ऑपरेशन जारी

सरकार की तरफ से इन इलाकों को नक्सल मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया है। ऐसे में यहां पर लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। सेना की तरफ से बड़ी कार्रवाई जारी है। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 50 घंटों से सर्च ऑपरेशन चल रहा था। जिसमें मुठभेड़ हुई और 26 से ज्यादा नक्सली मारे गए हैं। कुछ बडे़ कैडर की भी इसमें शामिल होने की संभावना है। अभी सर्च अभियान जारी है। जिसके बाद स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। मुठभेड़ में एक जवान घायल हुआ है, लेकिन वह खतरे से बाहर है। हमारे एक जवान ने मुठभेड़ के दौरान अपनी जान गंवा दी।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर सीबीआई का शिकंजा, करीबियों के घर भी छापा

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कांग्रेस के महासचिव और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने दबिश दी है। बताया जा है कि सीबीआई की टीम रायपुर और भिलाई में जांच करने पहुंची है। इससे पहले ईडी की टीम ने भूपेश बघेल के आवास पर छापेमारी की थी।

जानकारी के मुताबिक 5-6 अधिकारियों की टीम भिलाई और रायपुर पहुंचे हैं। माना जा रहा है कि महादेव सट्टा एप, कोयला और शराब घोटाले के लेकर ये कार्रवाई की जा रही है। इतना ही नहीं इस कार्रवाई को पीएससी घोटाले से भी जोड़कर देखा जा रहा है. दोनों ही मामले में राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी.

इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा की मोदी सरकार ने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर पर सीबीआई को भेजा है. इतना ही नहीं जानकारी मिल रही है कि भूपेश बघेल के करीबी के घर पर भी अधिकारी जांच कर रहे हैं.

10 मार्च को ED ने की थी छापेमारी

इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने 10 मार्च को इसी मामले के सिलसिले में दुर्ग जिले में 14 स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें भूपेश बघेल के आवास और उनके बेटे चैतन्य बघेल के आवास पर की गई छापेमारी भी शामिल थी. धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए ईडी ने लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल से जुड़े स्थानों की भी तलाशी ली थी, जिन्हें चैतन्य बघेल का करीबी सहयोगी बताया गया है.

छत्तीसगढ़ के बीजापुर-दंतेवाड़ा में नक्सलियों पर बड़ा प्रहार, मुठभेड़ में 20 से ज्यादा नक्सली ढेर

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छत्तीसगढ़ के बीजापुर और कांकेर जिले में नक्सलियों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। अलग-अलग मुठभेड़ में 22 नक्सली मारे गए। वहीं, एक जवान बलिदान हो गया है। इस दौरान भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक सामग्री बरामद किए गए हैं। बीजापुर पुलिस ने इस बात की जानकारी दी है।

बीजापुर पुलिस ने बताया कि बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा पर गंगालूर पुलिस थाने के अंतर्गत वन क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान 18 नक्सली मारे गए हैं। वहीं चार नक्सलियों को कांकेर में मार गिराया गया।हालांकि इसमें एक जवान भी शहीद हो गए। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने पुष्टि की है।

जिला बीजापुर और दंतेवाड़ा के सरहदी में थाना गंगालूर क्षेत्रान्तर्गत माओवादी विरोधी अभियान पर संयुक्त टीम निकली थी।अभियान के दौरान आज सुबह 7 बजे माओवादियों ने हमला कर दिया. फिर माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि बीजापुर के गंगालूर इलाके के एंड्री के जंगलों में ये मुठभेड़ हुई है।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मुठभेड़ उस समय शुरू हुई जब सुरक्षाबलों का एक संयुक्त दल गंगालूर थाना क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान पर था।

एडीजी नक्सल विवेकानंद सिन्हा ने बताया कि मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद के साथ 22 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। मुठभेड़ में बीजापुर डीआरजी का एक जवान शहीद हो गया। बताया जा रहा है कि शहीद जवान का नाम राजू ओयामी है। फिलहाल, क्षेत्र में मुठभेड़ और सर्चिंग जारी है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘नक्सलमुक्त भारत अभियान’ की दिशा में आज हमारे जवानों ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर और कांकेर में हमारे सुरक्षाबलों के दो अलग-अलग ऑपरेशन्स में 22 नक्सली मारे गए। मोदी सरकार नक्सलियों के खिलाफ रुथलेस अप्रोच से आगे बढ़ रही है और समर्पण से लेकर समावेशन की तमाम सुविधाओं के बावजूद जो नक्सली आत्मसमर्पण नहीं कर रहे, उनके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। अगले साल 31 मार्च से पहले देश नक्सलमुक्त होने वाला है।

चेंबर चुनाव 2025 : पुराने संविधान के तहत 10 चरण में होगा चुनाव, जानिए पूरा शेड्यूल

रायपुर- सीसीसीआई (Chhattisgarh Chamber of Commerce & Industries) के चुनाव को लेकर आज चुनाव समिति की अहम बैठक हुई. जिसमें पुराने संविधान के अनुसार चेंबर चुनाव 2025 को संपन्न किए जाने का फैसला लिया गया है. रायपुर समेत 26 जिलों में 10 चरणों में चुनाव होगा. रायपुर में 8 उपाध्यक्ष और 8 मंत्री का चुनाव होगा. इसके अलावा अन्य जिलों में 1 उपाध्यक्ष और 1 मंत्री के पद का निर्वाचन होगा. अध्यक्ष, महामंत्री, कोषाध्यक्ष के चुनाव में कुल 27,480 मतदाता मतदान करेंगे.

निर्वाचन अधिकारी प्रकाशचंद गोलछा ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के उप सचिव रेना जमील के हस्ताक्षरयुक्त आदेश के बाद निर्वाचन समिति ने निर्णय लिया की पुराने संविधान के अनुसार ही वर्तमान चेंबर चुनाव 2025 को संपन्न किया जाएगा. वर्तमान प्रक्रिया के तहत प्रदेश अध्यक्ष, महामंत्री एवं कोषाध्यक्ष के साथ रायपुर सहित 26 जिलों के लिए 10 चरण में निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न होगी जिसमें भिलाई और रायपुर जिले में दो दिवसीय मतदान प्रक्रिया संपन्न करवाई जाएगी.

रायपुर जिले के लिए 8 उपाध्यक्ष एवं 8 मंत्री तथा निम्न जिलों सरगुजा, सूरजपुर, मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर, गौरेला–पेंड्रा–मारवाही, धमतरी, दंतेवाड़ा, कांकेर, रायगढ़, जशपुर, सारंगढ़–बिलाईगढ़, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, कबीरधाम, बालोद, बिलासपुर, सक्ति, कोरबा, जांजगीर–चांपा, मुंगेली, बेमेतरा महासमुंद, गरियाबंद, बलोदाबाजार–भाटापारा जिलों में 1 उपाध्यक्ष एवं 1 मंत्री के पद हेतु मतदान होगा साथ ही प्रदेश के तीन पद अध्यक्ष, महामंत्री, कोषाध्यक्ष के लिए समस्त 27480 मतदाता मतदान करेंगे.

नाम निर्देशन पत्र 17, 18 और 19 मार्च को 11:00 बजे से 2:00 बजे तक दिए जाएंगे और जमा करने का समय दोपहर 3:00 से शाम 6:00 बजे तक रहेगा. नाम निर्देशन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 20 मार्च को सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 तक रहेगा, नाम निर्देशन पत्र शुल्क प्रदेश अध्यक्ष, महामंत्री और कोषाध्यक्ष पद के लिए 31,000, प्रदेश उपाध्यक्ष और मंत्री पद के प्रत्याशियों के लिए 15,000 सुनिश्चित किया गया है. साथ ही ये चुनाव की सभी प्रक्रिया चेंबर भवन में संपन्न की जाएगी.

CM सचिव पी. दयानंद पहुंचे प्रयागराज, छत्तीसगढ़ पवेलियन का लिया जायजा, श्रद्धालुओं से की बात, बेहतर से बेहतर व्यवस्था के दिए निर्देश…
रायपुर-   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सचिव पी. दयानंद आज प्रयागराज महाकुंभ पहुंचे. इस दौरान उन्होंने वहां स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम का भी जायजा लिया. उन्होंने वहां मौजूद श्रद्धालुओं से बातचीत की और सुविधाओं को लेकर जानकारी ली. वहां छत्तीसगढ़ से जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए उन्होंने मंडपम में तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को भी व्यवस्था दुरुस्त बनाए रखने के निर्देश दिए.

बता दें, प्रयागराज महाकुंभ 2025 में त्रिवेणी संगम में स्नान करने रोज करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. लोग संगम में आस्था की डुबकी लगाने के साथ ही संत-महात्माओं के दर्शन कर रहे हैं. 144 साल बाद बने इस अद्भुत संयोग का लाभ हर कोई लेना चाहता है. महाकुंभ में केंद्र सरकार और यू.पी सरकार ने पूरी व्यवस्था बनाई हुई है. वहीं छत्तीसगढ़ से महाकुंभ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर प्रयागराज महाकुंभ में राज्य के स्थानीय लोगों के लिए छत्तीसगढ़ पवेलियन (Chhattisgarh Pavilion) तैयार किया गया है, जिसमें राज्य के लोगों के लिए ठहरने और भोजन करने की निःशुल्क व्यवस्था की है.

कैसे पहुंचे छत्तीसगढ़ पवेलियन

छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. छत्तीसगढ़ पवेलियन (Chhattisgarh Pavilion) महाकुंभ मेला के सेक्टर 6 में स्थित है. यह ठीक बघाड़ा मेला के पास स्थित है जहां आने के लिए लक्ष्मी द्वार से प्रवेश करना है. यहां से निकटतम रेलवे स्टेशन प्रयाग है. सड़क या हवाई मार्ग से आने वाले श्रद्धालु इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के रास्ते यमुना ब्रिज क्रॉस करके यहां पहुंच सकते हैं.

पवेलियन में दिखेगा मिनी छत्तीसगढ़

करीब 4.5 एकड़ में फैले इस पवेलियन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति को दिखाया गया है. जिससे यहां पर आने वाले सभी श्रद्धालु, यहां तक की देश के कोने-कोने से आए लोग छत्तीसगढ़ प्रदेश को जान सकें. पवेलियन में प्रदेश के धार्मिक स्थलों, ऐतिहासिक स्थलों, पर्यटन स्थलों की जानकारी दी गई है. साथ ही प्रदेश की संस्कृति, कला, खान-पान, रहन-सहन से भी लोगों को रूबरू कराया जा रहा है. यहां श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन की भी व्यवस्था की गई है.

29 जनवरी को होगा तीसरा शाही स्नान

प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का आयोजन 13 जनवरी 2025 (पौष पूर्णिमा) से शुरू हो चुका है और इसका समापन 26 फरवरी 2025 को होगा. महाकुंभ में श्रद्धालु अब तक दो शाही स्नान (पौष पूर्णिमा और मकर संक्रांति) कर चुके हैं. आगामी तीसरा शाही स्नान 29 जनवरी 2025 (मौनी अमावस्या) को आयोजित होगा.

पद्म विभूषण तीजनबाई का निधन, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को विश्व पटल पर दिलाई ख्याति

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छत्तीसगढ़ की लोक कला पंडवानी को देश और दुनिया में पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का रविवार तड़के निधन हो गया। वह 70 वर्ष की थीं। तीजन बाई ने रविवार सुबह करीब 3.15 बजे एम्स रायपुर में अंतिम सांस ली। वह पिछले कुछ समय से बीमार थीं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।

पडंवानी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई

छत्तीसगढ़ के भिलाई के गनियारी गांव में जन्मीं तीजन बाई ने कम उम्र में ही पंडवानी गायन शुरू कर दिया था। महाभारत की कथाओं को अपनी दमदार आवाज, अभिनय और अनूठी प्रस्तुति के साथ मंच पर जीवंत करने की उनकी शैली ने इस लोक कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।

पहली बार 13 साल की उम्र में 10 रुपए के लिए गाया

तीजन का जन्म 8 अगस्त 1956 को भिलाई के पास के गनियारी गांव में हुआ था। साल 1988 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। तीजन बाई को साल 2003 में पद्म भूषण और 2019 में पद्म विभुषण से सम्मानित किया गया था। उन्होंने 13 की उम्र में पहली बार 10 रुपए के लिए गाया था। उन्होंने कापालिक शैली में पांडवानी गाई थी।

तीजन बाई ने परंपराओं को तोड़ बनाई अलग पहचान

महिलाओं के लिए उस दौर में पंडवानी की 'कापालिक शैली' में प्रस्तुति देना वर्जित माना जाता था, लेकिन तीजन बाई ने इस परंपरा को तोड़ते हुए मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई। तीजन बाई ने भारत के साथ-साथ अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, रूस, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी समेत अनेक देशों में पंडवानी की प्रस्तुति देकर छत्तीसगढ़ की लोककला का डंका बजाया

छत्तीसगढ़ में सियासी भूचाल, पूर्व सीएम भूपेश बघेल का बेटा चैतन्य गिरफ्तार, शराब घोटाले में ईडी का एक्शन

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार कर लिया है। चैतन्य को शराब घोटाले मामले में गिरफ्तार किया गया है। ये गिरफ्तारी शुक्रवार सुबह भिलाई वाले घर पर हुई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम की छापेमारी के बाद हुई है।

ईडी ने शुक्रवार की सुबह रायपुर में पूर्व सीएम भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ शराब घोटाले को लेकर कार्रवाई की। भूपेश बघेल के आवास समेत कई ठिकानों पर रेड की गई। इस दौरान ईडी ने धरना घोटाले से जुड़े अहम दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए और चैतन्य बघेल से पूछताछ की। ईडी सूत्रों के मुताबिक कोई स्पष्ट जवाब ना मिलने के कारण चैतन्य कों हिरासत के लेकर पूछताछ करना बेहद जरूरी था जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी कर की गई।

ईडी की कार्रवाई पर भूपेश बघेल का पोस्ट

घर में चल रही ईडी की कार्रवाई के बीच पूर्व सीएम भूपेश बघेल विधानसभा के लिए रवाना हो गए थे। इससे पहले ईडी के घर पहुंचने पर भूपेश बघेल ने एक्स पर पोस्ट साझा कर जानकारी देते हुए लिखा था कि ईडी आ गई है। आज विधानसभा सत्र का अंतिम दिन है। अदाणी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठना था। भिलाई निवास में 'साहेब' ने ईडी भेज दी है।

राज्य में एक संगठित शराब सिंडिकेट काम कर रहा

ईडी की जांच में सामने आया है कि राज्य में एक संगठित शराब सिंडिकेट काम कर रहा था, जिसमें अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा और कई अन्य लोग शामिल थे। इस घोटाले से करीब 2161 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई। ईडी की जांच में यह भी पता चला है कि कवासी लखमा, जो तत्कालीन आबकारी मंत्री थे, उन्हें इस घोटाले से हर महीने मोटी नकद रकम दी जाती थी। यह रकम घोटाले से होने वाली कमाई से दी जाती थी।

अबूझमाड़ में दो महिला नक्सली ढेर, मुठभेड़ में बरामद हुए हथियार


नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ इलाके में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच बड़ी मुठभेड़ हुई। इस ऑपरेशन में दो महिला नक्सली मारी गईं। संयुक्त ऑपरेशन डीआरजी (DRG), एसटीएफ (STF) और कोंडागांव पुलिस की टीम ने मिलकर चलाया था।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस को कोहकामेटा थाना क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद नारायणपुर से DRG और कोंडागांव से STF की टीमें माओवादियों की तलाश में जंगलों की ओर निकलीं। बुधवार रात जब जवान नक्सलियों के ठिकाने के पास पहुंचे तो माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की।

गुरुवार सुबह सर्च ऑपरेशन के दौरान दो महिला माओवादी के शव बरामद किए गए। मुठभेड़ स्थल से 315 बोर की राइफल और अन्य हथियार भी बरामद हुए हैं। पुलिस को आशंका है कि मारे गए नक्सली माड़ डिवीजन के बड़े कैडर से जुड़े हो सकते हैं।

फिलहाल इलाके में तलाशी अभियान जारी है और सुरक्षाबल मौके पर मौजूद हैं। सुबह भी कुछ देर के लिए फायरिंग हुई थी।

https://news4u36.in/chhattisgarh/two-women-naxalites-killed-in-abujhmad/


केंद्र सरकार ने आयकर विभाग में किया बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त बने नवरतन सोनी, देखें लिस्ट…

रायपुर- केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने आयकर विभाग में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए आधा दर्जन प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त और मुख्य आयुक्तों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस फेरबदल के तहत आईआरएस अधिकारी नव रतन सोनी को मुख्य आयकर आयुक्त, एमपी और छत्तीसगढ़, रायपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। फिलहाल नव रतन सोनी मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त के पद पर भोपाल में कार्यरत हैं। यह आदेश 1 जून 2025 से प्रभाव में आएगा और अगले आदेश तक लागू रहेगा।

जारी आदेश के अनुसार, जिन अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है। उसमें शामिल नाम इस प्रकार हैं-

नव रतन सोनी (Pr.CCIT, MP & Chhattisgarh, Bhopal)

नया प्रभार: मुख्य आयकर आयुक्त, रायपुर

अपर्णा करण (Pr.CCIT, UP(West) & Uttarakhand, Kanpur)

नया प्रभार: प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, यूपी (पूर्व), लखनऊ

अपर्णा अग्रवाल (CCIT-TDS, गुजरात, अहमदाबाद)

नया प्रभार: सीसीआईटी-2, गुजरात, अहमदाबाद

प्रीति जैन दास (CCIT-8, मुंबई)

नया प्रभार: सीसीआईटी-7, मुंबई

एस. नय्यर अली नजमी (CCIT, गुजरात, वडोदरा)

नया प्रभार: सीसीआईटी-1, गुजरात, अहमदाबाद

सिरिपुरापु पद्मजा (CCIT-3, तमिलनाडु और पुडुचेरी, चेन्नई)

नया प्रभार: सीसीआईटी-4, तमिलनाडु और पुडुचेरी, चेन्नई

माओवाद के समूल नाश और बस्तर के समग्र विकास के लिए देश के बुद्धिजीवियों का आह्वान

रायपुर- बस्तर क्षेत्र में माओवादी हिंसा के उन्मूलन की मांग को लेकर आज रायपुर में एक महत्त्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस वार्ता को प्रो. एस.के. पांडे (पूर्व कुलपति), अनुराग पांडे (सेवानिवृत्त IAS), बी. गोपा कुमार (पूर्व उप-सॉलिसिटर जनरल) और शैलेन्द्र शुक्ला (पूर्व निदेशक, क्रेडा) ने संबोधित किया।

इन चार वक्ताओं द्वारा अपने वक्तव्य में बस्तर के नागरिकों की दशकों पुरानी पीड़ा, माओवादी हिंसा का वास्तविक स्वरूप, और तथाकथित 'बुद्धिजीवी' वर्ग द्वारा माओवाद के वैचारिक महिमामंडन पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।

प्रो. एस.के. पांडे ने कहा कि बस्तर पिछले चार दशकों से माओवादी हिंसा की चपेट में है, जिसमें हजारों निर्दोष आदिवासी नागरिक, सुरक्षाकर्मी, शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और ग्राम प्रतिनिधि मारे जा चुके हैं। South Asia Terrorism Portal के आँकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि केवल छत्तीसगढ़ में माओवादी हिंसा से 1000 से अधिक आम नागरिकों की जान जा चुकी है, जिनमें बहुसंख्यक बस्तर के आदिवासी हैं।

अनुराग पांडे ने कहा कि ‘शांति वार्ता’ की बात तभी स्वीकार्य हो सकती है जब माओवादी हिंसा और हथियारों का त्याग करें। इसके साथ ही जो संगठन और व्यक्ति माओवादियों के फ्रंटल समूहों के रूप में कार्य कर रहे हैं, उनकी पहचान कर उन पर भी वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि सलवा जुडूम को बार-बार निशाने पर लेना माओवादी आतंक को नैतिक छूट देने का प्रयास है, जबकि बस्तर की जनता स्वयं इस हिंसा का सबसे बड़ा शिकार है।

प्रेस को सम्बोधित करते हुए बी. गोपा कुमार ने कहा कि जो लोग ‘शांति’ की बात कर रहे हैं, उन्हें पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि माओवादी हिंसा पूरी तरह बंद हो। अन्यथा यह सब केवल रणनीतिक प्रचार (propaganda) का हिस्सा मात्र है। उन्होंने कहा कि 2004 की वार्ताओं के बाद जिस प्रकार 2010 में ताड़मेटला में नरसंहार हुआ, वह एक ऐतिहासिक चेतावनी है, जिसे नहीं भूलना चाहिए।

वार्ता के अंत में शैलेन्द्र शुक्ला ने यह स्पष्ट किया गया है कि शांति, विकास और न्याय – ये तीनों केवल तभी संभव हैं जब माओवाद को निर्णायक रूप से समाप्त किया जाए। सरकार से यह अपेक्षा की गई है कि वह माओवादी आतंकवाद के विरुद्ध अपनी कार्रवाई को सतत और सशक्त बनाए रखे, और माओवादी समर्थक संगठनों को वैधानिक रूप से चिन्हित कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

मुख्य मांगे-

  •  सरकार नक्सल आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखे, और सुरक्षा बलों के प्रयासों को और भी मजबूत बनाए। कार्रवाइयाँ और अधिक सशक्त और सतत रहें।
  •  माओवादी और उनके समर्थक संगठनों को शांति वार्ता के लिए तभी शामिल किया जाए, जब वे हिंसा और हथियारों को छोड़ने के लिए तैयार हों।
  •  नक्सलवाद और उनके फ्रंटल संगठनों का समर्थन करने वाले व्यक्तियों और संगठनों पर उचित कार्रवाई की जाए।
  •  बस्तर की शांति और विकास के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि इस क्षेत्र को नक्सल आतंकवाद से मुक्त किया जा सके।

पत्रकार वार्ता के दौरान एक सार्वजनिक पत्र भी जारी किया गया, जो निम्नलिखित संस्थाओं एवं प्रमुख व्यक्तित्वों द्वारा हस्ताक्षरित है:

Intellectual Forum of Chhattisgarh, Bharat Lawyers Forum, Society For Policy and Strategic Research, Center For Janjatiya Studies and Research, Forum For Awareness of National Security, Bastar Shanti Samiti, Shakti Vigyan Bharti, Call For Justice, The 4th Pillar, Writers For The Nation, Chhattisgarh Civil Society, Janjati Suraksha Manch, Avsar Foundation, बस्तर सांस्कृतिक सुरक्षा मंच सहित कुल 15+ मंच।

पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले प्रमुख व्यक्तित्वों में शामिल हैं:

Justice Rakesh Saksena, Major General Mrinal Suman, Brig. Rakesh Sharma, Dr. T.D. Dogra, Mr. Rakesh Chaturvedi (Rtd. IFS), Dr. Varnika Sharma, Prof. B.K. Sthapak, Shyam Singh Kumre (Retd. IAS), और अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा नीति विशेषज्ञों का एक विस्तृत समूह, जिनमें Adv. Sangharsh Pandey, Adv. Kaustubh Shukla, Smt. Kiran Sushma Khoya, Prof. Dinesh Parihar, Mr. Vikrant Kumre जैसे नाम उल्लेखनीय हैं।

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों पर बड़ा एक्शन, एनकाउंटर में 26 ढेर, 1 करोड़ के इनामी वसवा राजू के मारे जाने की खबर

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छत्तीसगढ़ में नक्सलियों पर बड़ी कार्रवाई की खबर है। नारायणपुर जिले में डीआरजी के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। इस मुठभड़े में 28 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि मारे गए नक्सलियों की संख्या और बढ़ सकती है। कई नक्सलियों के शव और भारी संख्या में हथियार बरामद होने की खबर है। मुठभेड़ में एक जवान के बलिदान होने और एक जवान घायल होने की भी खबर है।

नारायणपुर जिले के पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने बताया कि जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के माड़ डिवीजन में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पर जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) नारायणपुर, डीआरजी दंतेवाड़ा, डीआरजी बीजापुर और डीआरजी कोंडागांव के संयुक्त दल को नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना किया गया।

बढ़ सकती है मारे गए नक्सलियों की संख्या

माड़ के इलाके में सुबह से फायरिंग हो रही है। बताया जा रहा है कि डीआरजी के जवानों ने नक्सली लीडर रुपेश और विकल्प भी समेत कई बड़े नक्सली लीडर्स को घेर लिया है। दोनों तरफ से गोलीबारी जारी है। 28 से ज्यादा नक्ललियों के मारे जाने खबर सामने आ रही है, मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ भी सकती है।

1 करोड़ के इनामी नक्सली लीडर के मारे जाने की खबर

मिली जानकारी के मुताबिक मुठभेड़ में नक्सल संगठन के जनरल सेक्रेटरी वसवा राजू के मारे जाने की भी खबर सामने आ रही है। वसवा राजू काफी उम्रदराज नक्सली लीडर है। ये दंडकारण्य में नक्सल संगठन की बुनियाद रखने वालों में से एक है। पिछले कई सालों से माड़ में पनाह लिया हुआ था। इस पर इंटरस्टेट 1 करोड़ का इनाम है।

50 घंटों से सर्च ऑपरेशन जारी

सरकार की तरफ से इन इलाकों को नक्सल मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया है। ऐसे में यहां पर लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। सेना की तरफ से बड़ी कार्रवाई जारी है। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 50 घंटों से सर्च ऑपरेशन चल रहा था। जिसमें मुठभेड़ हुई और 26 से ज्यादा नक्सली मारे गए हैं। कुछ बडे़ कैडर की भी इसमें शामिल होने की संभावना है। अभी सर्च अभियान जारी है। जिसके बाद स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। मुठभेड़ में एक जवान घायल हुआ है, लेकिन वह खतरे से बाहर है। हमारे एक जवान ने मुठभेड़ के दौरान अपनी जान गंवा दी।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर सीबीआई का शिकंजा, करीबियों के घर भी छापा

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कांग्रेस के महासचिव और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने दबिश दी है। बताया जा है कि सीबीआई की टीम रायपुर और भिलाई में जांच करने पहुंची है। इससे पहले ईडी की टीम ने भूपेश बघेल के आवास पर छापेमारी की थी।

जानकारी के मुताबिक 5-6 अधिकारियों की टीम भिलाई और रायपुर पहुंचे हैं। माना जा रहा है कि महादेव सट्टा एप, कोयला और शराब घोटाले के लेकर ये कार्रवाई की जा रही है। इतना ही नहीं इस कार्रवाई को पीएससी घोटाले से भी जोड़कर देखा जा रहा है. दोनों ही मामले में राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी.

इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा की मोदी सरकार ने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर पर सीबीआई को भेजा है. इतना ही नहीं जानकारी मिल रही है कि भूपेश बघेल के करीबी के घर पर भी अधिकारी जांच कर रहे हैं.

10 मार्च को ED ने की थी छापेमारी

इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने 10 मार्च को इसी मामले के सिलसिले में दुर्ग जिले में 14 स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें भूपेश बघेल के आवास और उनके बेटे चैतन्य बघेल के आवास पर की गई छापेमारी भी शामिल थी. धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए ईडी ने लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल से जुड़े स्थानों की भी तलाशी ली थी, जिन्हें चैतन्य बघेल का करीबी सहयोगी बताया गया है.

छत्तीसगढ़ के बीजापुर-दंतेवाड़ा में नक्सलियों पर बड़ा प्रहार, मुठभेड़ में 20 से ज्यादा नक्सली ढेर

#chhattisgarh_naxalites_killed_bijapur

छत्तीसगढ़ के बीजापुर और कांकेर जिले में नक्सलियों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। अलग-अलग मुठभेड़ में 22 नक्सली मारे गए। वहीं, एक जवान बलिदान हो गया है। इस दौरान भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक सामग्री बरामद किए गए हैं। बीजापुर पुलिस ने इस बात की जानकारी दी है।

बीजापुर पुलिस ने बताया कि बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा पर गंगालूर पुलिस थाने के अंतर्गत वन क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान 18 नक्सली मारे गए हैं। वहीं चार नक्सलियों को कांकेर में मार गिराया गया।हालांकि इसमें एक जवान भी शहीद हो गए। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने पुष्टि की है।

जिला बीजापुर और दंतेवाड़ा के सरहदी में थाना गंगालूर क्षेत्रान्तर्गत माओवादी विरोधी अभियान पर संयुक्त टीम निकली थी।अभियान के दौरान आज सुबह 7 बजे माओवादियों ने हमला कर दिया. फिर माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि बीजापुर के गंगालूर इलाके के एंड्री के जंगलों में ये मुठभेड़ हुई है।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मुठभेड़ उस समय शुरू हुई जब सुरक्षाबलों का एक संयुक्त दल गंगालूर थाना क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान पर था।

एडीजी नक्सल विवेकानंद सिन्हा ने बताया कि मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद के साथ 22 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। मुठभेड़ में बीजापुर डीआरजी का एक जवान शहीद हो गया। बताया जा रहा है कि शहीद जवान का नाम राजू ओयामी है। फिलहाल, क्षेत्र में मुठभेड़ और सर्चिंग जारी है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘नक्सलमुक्त भारत अभियान’ की दिशा में आज हमारे जवानों ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर और कांकेर में हमारे सुरक्षाबलों के दो अलग-अलग ऑपरेशन्स में 22 नक्सली मारे गए। मोदी सरकार नक्सलियों के खिलाफ रुथलेस अप्रोच से आगे बढ़ रही है और समर्पण से लेकर समावेशन की तमाम सुविधाओं के बावजूद जो नक्सली आत्मसमर्पण नहीं कर रहे, उनके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। अगले साल 31 मार्च से पहले देश नक्सलमुक्त होने वाला है।

चेंबर चुनाव 2025 : पुराने संविधान के तहत 10 चरण में होगा चुनाव, जानिए पूरा शेड्यूल

रायपुर- सीसीसीआई (Chhattisgarh Chamber of Commerce & Industries) के चुनाव को लेकर आज चुनाव समिति की अहम बैठक हुई. जिसमें पुराने संविधान के अनुसार चेंबर चुनाव 2025 को संपन्न किए जाने का फैसला लिया गया है. रायपुर समेत 26 जिलों में 10 चरणों में चुनाव होगा. रायपुर में 8 उपाध्यक्ष और 8 मंत्री का चुनाव होगा. इसके अलावा अन्य जिलों में 1 उपाध्यक्ष और 1 मंत्री के पद का निर्वाचन होगा. अध्यक्ष, महामंत्री, कोषाध्यक्ष के चुनाव में कुल 27,480 मतदाता मतदान करेंगे.

निर्वाचन अधिकारी प्रकाशचंद गोलछा ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के उप सचिव रेना जमील के हस्ताक्षरयुक्त आदेश के बाद निर्वाचन समिति ने निर्णय लिया की पुराने संविधान के अनुसार ही वर्तमान चेंबर चुनाव 2025 को संपन्न किया जाएगा. वर्तमान प्रक्रिया के तहत प्रदेश अध्यक्ष, महामंत्री एवं कोषाध्यक्ष के साथ रायपुर सहित 26 जिलों के लिए 10 चरण में निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न होगी जिसमें भिलाई और रायपुर जिले में दो दिवसीय मतदान प्रक्रिया संपन्न करवाई जाएगी.

रायपुर जिले के लिए 8 उपाध्यक्ष एवं 8 मंत्री तथा निम्न जिलों सरगुजा, सूरजपुर, मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर, गौरेला–पेंड्रा–मारवाही, धमतरी, दंतेवाड़ा, कांकेर, रायगढ़, जशपुर, सारंगढ़–बिलाईगढ़, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, कबीरधाम, बालोद, बिलासपुर, सक्ति, कोरबा, जांजगीर–चांपा, मुंगेली, बेमेतरा महासमुंद, गरियाबंद, बलोदाबाजार–भाटापारा जिलों में 1 उपाध्यक्ष एवं 1 मंत्री के पद हेतु मतदान होगा साथ ही प्रदेश के तीन पद अध्यक्ष, महामंत्री, कोषाध्यक्ष के लिए समस्त 27480 मतदाता मतदान करेंगे.

नाम निर्देशन पत्र 17, 18 और 19 मार्च को 11:00 बजे से 2:00 बजे तक दिए जाएंगे और जमा करने का समय दोपहर 3:00 से शाम 6:00 बजे तक रहेगा. नाम निर्देशन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 20 मार्च को सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 तक रहेगा, नाम निर्देशन पत्र शुल्क प्रदेश अध्यक्ष, महामंत्री और कोषाध्यक्ष पद के लिए 31,000, प्रदेश उपाध्यक्ष और मंत्री पद के प्रत्याशियों के लिए 15,000 सुनिश्चित किया गया है. साथ ही ये चुनाव की सभी प्रक्रिया चेंबर भवन में संपन्न की जाएगी.

CM सचिव पी. दयानंद पहुंचे प्रयागराज, छत्तीसगढ़ पवेलियन का लिया जायजा, श्रद्धालुओं से की बात, बेहतर से बेहतर व्यवस्था के दिए निर्देश…
रायपुर-   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सचिव पी. दयानंद आज प्रयागराज महाकुंभ पहुंचे. इस दौरान उन्होंने वहां स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम का भी जायजा लिया. उन्होंने वहां मौजूद श्रद्धालुओं से बातचीत की और सुविधाओं को लेकर जानकारी ली. वहां छत्तीसगढ़ से जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए उन्होंने मंडपम में तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को भी व्यवस्था दुरुस्त बनाए रखने के निर्देश दिए.

बता दें, प्रयागराज महाकुंभ 2025 में त्रिवेणी संगम में स्नान करने रोज करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. लोग संगम में आस्था की डुबकी लगाने के साथ ही संत-महात्माओं के दर्शन कर रहे हैं. 144 साल बाद बने इस अद्भुत संयोग का लाभ हर कोई लेना चाहता है. महाकुंभ में केंद्र सरकार और यू.पी सरकार ने पूरी व्यवस्था बनाई हुई है. वहीं छत्तीसगढ़ से महाकुंभ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर प्रयागराज महाकुंभ में राज्य के स्थानीय लोगों के लिए छत्तीसगढ़ पवेलियन (Chhattisgarh Pavilion) तैयार किया गया है, जिसमें राज्य के लोगों के लिए ठहरने और भोजन करने की निःशुल्क व्यवस्था की है.

कैसे पहुंचे छत्तीसगढ़ पवेलियन

छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. छत्तीसगढ़ पवेलियन (Chhattisgarh Pavilion) महाकुंभ मेला के सेक्टर 6 में स्थित है. यह ठीक बघाड़ा मेला के पास स्थित है जहां आने के लिए लक्ष्मी द्वार से प्रवेश करना है. यहां से निकटतम रेलवे स्टेशन प्रयाग है. सड़क या हवाई मार्ग से आने वाले श्रद्धालु इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के रास्ते यमुना ब्रिज क्रॉस करके यहां पहुंच सकते हैं.

पवेलियन में दिखेगा मिनी छत्तीसगढ़

करीब 4.5 एकड़ में फैले इस पवेलियन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति को दिखाया गया है. जिससे यहां पर आने वाले सभी श्रद्धालु, यहां तक की देश के कोने-कोने से आए लोग छत्तीसगढ़ प्रदेश को जान सकें. पवेलियन में प्रदेश के धार्मिक स्थलों, ऐतिहासिक स्थलों, पर्यटन स्थलों की जानकारी दी गई है. साथ ही प्रदेश की संस्कृति, कला, खान-पान, रहन-सहन से भी लोगों को रूबरू कराया जा रहा है. यहां श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन की भी व्यवस्था की गई है.

29 जनवरी को होगा तीसरा शाही स्नान

प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का आयोजन 13 जनवरी 2025 (पौष पूर्णिमा) से शुरू हो चुका है और इसका समापन 26 फरवरी 2025 को होगा. महाकुंभ में श्रद्धालु अब तक दो शाही स्नान (पौष पूर्णिमा और मकर संक्रांति) कर चुके हैं. आगामी तीसरा शाही स्नान 29 जनवरी 2025 (मौनी अमावस्या) को आयोजित होगा.