सीमा पर शांति और स्थिरता द्विपक्षीय संबंधों के ले जरूरी शर्त’, पीएम मोदी और जिनपिंग मुलाकात में हुई ये बातें
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली में ब्रिक्स समिट से अलग चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय बैठक की। यह मीटिंग करीब 50 मिनट चली। मुलाकात के दौरान चीन के साथ संबंधों को लेकर भारत की चिंताओं को स्पष्ट रूप से सामने रखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के संबंध में विदेश मंत्रालय चीनी पक्ष की ओर से जारी बयान पर पूछे गए सवाल का जवाब दिया।
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पीएम मोदी ने कहा-एक-दूसरे के प्रति संवेदनशीलता जरूरी
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के साथ भारत के रिश्तों को लेकर अपनी चिंताएं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सामने रखीं। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे की मूल चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। विदेश मंत्रालय ने यह बयान चीन की ओर से जारी किए गए उस विवरण के जवाब में दिया, जिसमें कहा गया था कि पीएम मोदी ने तिब्बत और ताइवान को लेकर भारत की स्थिति में बदलाव नहीं होने की बात कही है। चीन के मुताबिक, मोदी ने यह भी कहा कि भारत अपनी जमीन पर किसी को चीन विरोधी गतिविधियां करने की अनुमति नहीं देता।
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रिश्ते आगे बढ़ाने की बुनियाद सीमा पर शांति-पीएम मोदी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने शी जिनपिंग के साथ बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता जरूरी है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों पक्षों को तीन पारस्परिक सिद्धांतों- आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता से निर्देशित होना चाहिए।
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ताइवान और तिब्बत पर भारत का रुख
तिब्बत और ताइवान को लेकर भारत की स्थिति लगातार एक जैसी रही है। भारत ने करीब 16 साल पहले सार्वजनिक रूप से अपनी ‘वन चाइना पॉलिसी’ को दोहराना बंद कर दिया था। ‘वन चाइना पॉलिसी’ का मतलब है कि दुनिया में एक ही संप्रभु चीन है और ताइवान को चीन का हिस्सा माना जाता है। भारत ताइवान के साथ व्यापार, निवेश, पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में संबंध बनाए रखता है। तिब्बत को लेकर भी भारत तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र को चीन का हिस्सा मानता है। 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान भारत और चीन के बीच संबंधों और सहयोग को लेकर एक समझौता हुआ था। इसमें भारत ने कहा था कि वह अपनी जमीन से चीन विरोधी गतिविधियों की अनुमति नहीं देगा।
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पीएम मोदी-शी जिनपिंग
पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात पिछले हफ्ते नई दिल्ली में हुए 18वें BRICS सम्मेलन से इतर हुई थी। शी जिनपिंग 12 सितंबर को भारत पहुंचे थे। जिनपिंग करीब 7 साल बाद भारत आए। गलवान घाटी में 2020 में हुई हिंसक झड़प के बाद यह उनकी पहली नई दिल्ली यात्रा थी। इसी दौरान पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। यह मीटिंग करीब 50 मिनट चली। जिसमें दोनों देसों के संबंधों पर बातचीत हुई।










4 hours ago
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