/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif StreetBuzz बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 34177 लोगों को मिला उपचार uttar pradesh
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 34177 लोगों को मिला उपचार
फर्रुखाबाद।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी बरकरार, 34,177 लोगों को अब तक उपचार; 52 बाढ़ चौकियों के साथ मुख्यालय की दो रैपिड रिस्पांस टीमें भी सक्रिय
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार सक्रिय रखा गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में बाढ़ चौकियों, स्वास्थ्य टीमों और रैपिड रिस्पांस टीमों के माध्यम से प्रभावित लोगों को उपचार, स्वास्थ्य जांच एवं आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रतिदिन की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्य टीमों को सक्रिय किया जा रहा है।
13 सितंबर की फ्लड डेली रिपोर्ट के अनुसार एक दिन में 717 लोगों को उपचार उपलब्ध कराया गया, जबकि 435 लोगों ओo आरoएसo पैकेट का वितरण किया और 740 क्लोरीन टैबलेट वितरित की गईं। अब तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 34,177 लोगों का उपचार, 25,605 ऑक्सीजन जांच तथा 39,442 क्लोरीन टैबलेट का वितरण किया जा चुका है।
बाढ़ के दौरान किसी भी आकस्मिक स्वास्थ्य समस्या पर तत्काल कार्रवाई के लिए मुख्यालय स्तर पर दो रैपिड रिस्पांस टीमें गठित की गई हैं। टीम-ए में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरसी माथुर के साथ फार्मासिस्ट राजीव सहाय, एलटी श्री शिवम राजपूत एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रविंद्र यादव को शामिल किया गया है। वहीं टीम-बी में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक कटारिया, फार्मासिस्ट  विकास गुप्ता, एलटी महेंद्र एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी श्री संतोष शामिल हैं। यह टीमें आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए तैयार रखी गई हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कुल 52 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इनमें कमालगंज में 2, बरौन में 2, कायमगंज में 5, शमसाबाद में 10 तथा राजेपुर क्षेत्र में 33 बाढ़ चौकियां शामिल हैं। इन चौकियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की जा रही है तथा किसी भी बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी समस्या की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं स्वास्थ्य टीमों को निर्देशित किया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की कमी न आने पाए। उन्होंने साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, संक्रामक रोगों की रोकथाम, समय से उपचार तथा आवश्यक दवाओं की उपलब्धता पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
सीएमओ ने कहा कि बाढ़ के दौरान विभाग की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को उनके नजदीक ही समय से उपचार एवं आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए स्वास्थ्य टीमों को क्षेत्र में सक्रिय रखा गया है और प्रतिदिन की स्थिति की समीक्षा कर व्यवस्थाओं को आवश्यकता के अनुसार और मजबूत किया जा रहा है।
मऊ चंद्रशेखर आजाद से दुर्व्यवहार के आरोप पर मऊ में प्रदर्शन, हाईवे जाम कर बैठे कार्यकर्ता
मऊ में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने रविवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता वाराणसी-गोरखपुर हाईवे पर धरने पर बैठ गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्यकर्ताओं को समझाकर हाईवे से हटाया।

इसके बाद कार्यकर्ता मऊ कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरना स्थल पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। शाम 5:50 बजे तक कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे थे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया।

आजाद समाज पार्टी के घोसी विधानसभा अध्यक्ष रितिकु कुमार गौतम ने आरोप लगाया कि चंद्रशेखर आजाद रविवार को गोंडा में थे, जहां पुलिस ने उन्हें रोका और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने पुलिस के इस रवैये को गलत बताते हुए विरोध प्रदर्शन की बात कही।

कार्यकर्ताओं की मांग है कि गोंडा पुलिस चंद्रशेखर आजाद से माफी मांगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मांग पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।
सीएमओ ने खिमसेपुर-धीरपुर में परखी स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत,
दवा स्टॉक से लेकर रजिस्टर और साफ-सफाई तक की गहन जांच; हर व्यवस्था दुरुस्त रखने के दिए सख्त निर्देश


फर्रुखाबाद।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने आज पीएचसी खिमसेपुर एवं धीरपुर (मोहम्मदाबाद) का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति परखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सकीय सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई, अभिलेखों एवं मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की बारीकी से जांच की तथा संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए।

सीएमओ ने स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध दवाओं एवं दवा स्टॉक का निरीक्षण किया। उन्होंने आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, स्टॉक के रखरखाव एवं मरीजों को किए जा रहे दवा वितरण की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केंद्र पर आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और स्टॉक का नियमित सत्यापन करते हुए उसका रिकॉर्ड व्यवस्थित रखा जाए, ताकि मरीजों को उपचार के दौरान दवाओं के लिए परेशानी न हो।

निरीक्षण के दौरान डॉ. आनंद उपाध्याय ने स्वास्थ्य केंद्र परिसर, चिकित्सकीय कक्ष, मरीजों के बैठने के स्थान सहित अन्य स्थानों पर साफ-सफाई की स्थिति भी देखी। उन्होंने परिसर में नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखने तथा मरीजों को स्वच्छ एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

सीएमओ ने स्वास्थ्य केंद्रों के रजिस्टर एवं विभिन्न अभिलेखों की भी जांच की। उन्होंने ओपीडी से संबंधित रिकॉर्ड, दवा स्टॉक एवं वितरण से जुड़े रजिस्टर तथा स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित अभिलेखों को देखा और उनमें दर्ज सूचनाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी रजिस्टर समय से अपडेट किए जाएं और स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित प्रत्येक जानकारी का रिकॉर्ड व्यवस्थित एवं सही तरीके से दर्ज किया जाए।

निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सकीय जांच, परामर्श एवं उपचार सेवाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से मरीजों की संख्या, उनकी प्रमुख स्वास्थ्य समस्याओं तथा उन्हें उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

डॉ. आनंद उपाध्याय ने स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया कि मरीजों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले प्रत्येक मरीज को समय से चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक जांच एवं दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ संवेदनशीलता से व्यवहार करते हुए उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सुगमता से उपलब्ध कराया जाए।

सीएमओ ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्वास्थ्य केंद्र स्वास्थ्य विभाग की स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए इन केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता, स्वच्छता, अभिलेखों का सही रखरखाव और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय सेवाएं हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी मिलने पर तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए।

सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य केंद्रों पर व्यवस्थाओं को लेकर नियमित निगरानी जारी रहेगी। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए मरीजों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान दवा व्यवस्था, साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर रहा। सीएमओ के निरीक्षण से स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं को और अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक निर्देश दिए गए।
सैनिक सम्मेलन में पुलिस अधीक्षक ने सुनी समस्याएं
फर्रुखाबाद। पुलिस लाइन स्थित सभागार में पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की अध्यक्षता में सैनिक सम्मेलन/मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई।
*गोष्ठी में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण, महिला सम्बन्धी अपराधों की प्रभावी कार्यवाही, लंबित विवेचनाओं के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण एवं जनशिकायतों के समयबद्ध समाधान के सम्बन्ध में समीक्षा की गई। साथ ही बीट पुलिसिंग, यातायात व्यवस्था, वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी तथा गोष्ठी के अन्य महत्वपूर्ण एजेंडा बिन्दुओं की समीक्षा कर आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया।
*सम्मेलन में पुलिसकर्मियों की समस्याओं एवं सुझावों को सुनते हुए उनके समयबद्ध निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। साथ ही अनुशासन, ईमानदारी, संवेदनशीलता एवं जनसेवा की भावना के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करने हेतु प्रेरित किया गया।
एआई से 1980 की फोटो बना रहे हैं? सावधान! कहीं खोल न दें जेल का दरवाजा*
-अमरेश द्विवेदी-

आजकल सोशल मीडिया पर 1980 के दशक जैसी विंटेज फोटो बनाने का ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। लोग अपनी सामान्य तस्वीरों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से पुरानी फिल्मों, कैमरा क्वालिटी और उस दौर के फैशन के अंदाज में बदलकर इंस्टाग्राम, फेसबुक और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर कर रहे हैं। कुछ सेकंड में तैयार होने वाली ये तस्वीरें देखने में भले ही आकर्षक लगें, लेकिन इनके पीछे मौजूद डेटा प्राइवेसी और साइबर सिक्योरिटी के जोखिमों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
जरा सोचिए, आपने अपने मोबाइल से अपनी एक सामान्य फोटो चुनी और उसे किसी एआई ऐप या वेबसाइट पर अपलोड कर दिया। कुछ ही सेकंड में आपकी तस्वीर 1980 के दशक की पुरानी और विंटेज फोटो में बदल जाती है। तस्वीर पसंद आती है और आप उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर देते हैं। इसके बाद लाइक और कमेंट का इंतजार शुरू हो जाता है, लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि जिस फोटो को आपने कुछ सेकंड पहले किसी एआई ऐप या वेबसाइट पर अपलोड किया था, वह अब कहां है? क्या वह तस्वीर केवल आपके मोबाइल में वापस आई है या उस सर्वर पर भी स्टोर हुई है? क्या ऐप उसे कुछ समय बाद डिलीट करता है या लंबे समय तक अपने सिस्टम में रख सकता है? क्या उस फोटो का इस्तेमाल सेवा को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है? और सबसे अहम सवाल- आपकी फोटो के साथ आपकी निजी जानकारी कितनी सुरक्षित है?
*आपकी फोटो सिर्फ फोटो नहीं, डिजिटल पहचान का हिस्सा है*
आज के डिजिटल दौर में चेहरे की तस्वीर केवल एक तस्वीर नहीं रह गई है। यह आपकी डिजिटल पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है। चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक लगातार विकसित हो रही है और कई ऑनलाइन सेवाएं फोटो और अन्य व्यक्तिगत डेटा के साथ काम करती हैं। यही वजह है कि किसी अनजान एआई ऐप या वेबसाइट पर अपनी फोटो अपलोड करने से पहले उसकी प्राइवेसी पॉलिसी और डेटा इस्तेमाल करने की शर्तों को समझना जरूरी है। अगर किसी सेवा की शर्तों में यह स्पष्ट नहीं है कि अपलोड की गई तस्वीर कितने समय तक रखी जाएगी, उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से होगा या उसे किन पक्षों के साथ साझा किया जा सकता है, तो सावधानी बरतना बेहतर है।
*एआई फोटो से बढ़ सकता है डीपफेक का खतरा*
एआई तकनीक ने तस्वीरों और वीडियो को बदलना बेहद आसान बना दिया है। इसी तकनीक का गलत इस्तेमाल करके डीपफेक भी बनाए जा सकते हैं। किसी व्यक्ति के चेहरे को दूसरी तस्वीर या वीडियो में लगाकर ऐसी सामग्री तैयार की जा सकती है, जो देखने में वास्तविक लग सकती है। इसका मतलब यह नहीं है कि किसी एआई ऐप पर फोटो अपलोड करते ही आपकी तस्वीर डीपफेक बन जाएगी। लेकिन इंटरनेट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आपकी तस्वीरों की संख्या जितनी ज्यादा होगी, उनका गलत इस्तेमाल किए जाने का जोखिम भी बढ़ सकता है। खासकर ऐसी तस्वीरों को लेकर ज्यादा सावधानी जरूरी है जिनमें चेहरा साफ दिखाई देता हो।
*सिर्फ एआई ऐप ही नहीं, मोबाइल की परमिशन भी जांचें*
साइबर सुरक्षा का खतरा केवल फोटो अपलोड करने तक सीमित नहीं है। कई बार लोग सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे किसी ट्रेंड के पीछे भागते हुए अनजान लिंक पर क्लिक कर देते हैं और फिर किसी ऐप को जरूरत से ज्यादा परमिशन दे देते हैं। अगर कोई ऐप फोटो एडिट करने के नाम पर कैमरा, गैलरी, कॉन्टैक्ट्स या अन्य संवेदनशील जानकारी तक पहुंच मांग रहा है, तो एक बार जरूर सोचें कि उसे वास्तव में उस परमिशन की जरूरत क्यों है। हर परमिशन खतरनाक नहीं होती। उदाहरण के लिए, फोटो एडिटिंग ऐप को किसी तस्वीर तक पहुंच की जरूरत हो सकती है। लेकिन अगर किसी साधारण ऐप की मांग उसकी वास्तविक जरूरत से मेल नहीं खाती, तो परमिशन देने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।
*फर्जी वेबसाइट से बचना भी जरूरी*
साइबर अपराधी अक्सर वायरल ट्रेंड का फायदा उठाते हैं। किसी लोकप्रिय एआई फोटो ट्रेंड के नाम पर फर्जी वेबसाइट या ऐप तैयार किया जा सकता है और लोगों को वहां अपनी तस्वीर या व्यक्तिगत जानकारी अपलोड करने के लिए आकर्षित किया जा सकता है। कुछ मामलों में फर्जी वेबसाइटें यूजर से इंस्टाग्राम, फेसबुकया ईमेल का पासवर्ड डालने के लिए भी कह सकती हैं। यह बेहद खतरनाक हो सकता है। किसी एआई फोटो टूल को इस्तेमाल करने के लिए अगर आपसे सोशल मीडिया का पासवर्ड मांगा जा रहा है, तो तुरंत रुकें और वेबसाइट की विश्वसनीयता की जांच करें। अनजान लिंक पर लॉगिन जानकारी दर्ज करना साइबर अपराधियों को आपका अकाउंट सौंपने जैसा हो सकता है।
*एआई ट्रेंड अपनाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान*
1980 के दशक की विंटेज फोटो बनाना अपने आप में गलत नहीं है। एआई का इस्तेमाल मनोरंजन और क्रिएटिविटी के लिए किया जा सकता है। जरूरत सिर्फ इतनी है कि इसका इस्तेमाल समझदारी और सावधानी के साथ किया जाए। ऐप या वेबसाइट किस कंपनी की है, इसकी जानकारी जांचें। उसकी प्राइवेसी पॉलिसी जरूर पढ़ें। देखें कि आपकी फोटो कितने समय तक स्टोर की जा सकती है। यह समझें कि कंपनी आपके डेटा का इस्तेमाल किस उद्देश्य से करती है। अनजान या संदिग्ध ऐप को जरूरत से ज्यादा परमिशन न दें। फर्जी वेबसाइट पर इंस्टाग्राम, फेसबुक या ईमेल का पासवर्ड कभी न डालें। ऐप डाउनलोड करने से पहले उसके डेवलपर और रिव्यू की जांच करें। बेहद निजी या संवेदनशील तस्वीरें किसी अनजान एआई प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने से बचें। सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें सार्वजनिक करने से पहले प्राइवेसी सेटिंग्स की समीक्षा करें।
किसी भी वायरल लिंक पर आंख बंद करके क्लिक न करें।
*एक छोटी सी लापरवाही बन सकती है बड़ी समस्या*
डिजिटल दुनिया में सबसे बड़ा खतरा अक्सर तकनीक नहीं, बल्कि लापरवाही होती है। हम कई बार किसी ट्रेंड को देखकर बिना सोचे-समझे ऐप इंस्टॉल कर लेते हैं, फोटो अपलोड कर देते हैं या किसी लिंक पर क्लिक कर देते हैं। एक तस्वीर अपलोड करने से तुरंत कोई साइबर अपराध हो जाएगा, ऐसा जरूरी नहीं है। लेकिन अपनी डिजिटल पहचान और निजी डेटा को लेकर सावधानी बरतना आज पहले से कहीं ज्यादा जरूरी है।
एआई हमारे लिए एक उपयोगी और शक्तिशाली तकनीक है। यह तस्वीरों को नया रूप दे सकती है, पुराने दौर की यादें वापस ला सकती है और मनोरंजन के नए तरीके दे सकती है। लेकिन इसका इस्तेमाल करते समय यह याद रखना जरूरी है कि हर ऑनलाइन सुविधा के साथ डेटा सुरक्षा की जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है।
इसलिए अगली बार जब कोई 1980 की विंटेज फोटो वाला ट्रेंड आपके सामने आए, तो तस्वीर बनाने से पहले कुछ सेकंड रुककर जरूर सोचें—क्या यह ऐप भरोसेमंद है? मेरी फोटो कहां जाएगी? उसे कितने समय तक रखा जाएगा? और मैं अपनी निजी जानकारी किसके साथ साझा कर रहा हूं?
ट्रेंड कुछ दिनों में बदल जाएगा, लेकिन आपकी डिजिटल पहचान लंबे समय तक आपके साथ रहेगी। इसलिए एआई का इस्तेमाल करें, लेकिन अपनी प्राइवेसी और सुरक्षा को नजरअंदाज करके नहीं। याद रखें-डिजिटल दुनिया में आपकी पहचान ही आपकी सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति है।

(लेखक, हिन्दुस्थान समाचार से संबद्ध हैं।)
Mirzapur: साइकिल सवार छात्र सहित दो को ट्रक ने कुचला मौके पर मौत, आक्रोशित लोगों ने किया हाई-वे जाम

मीरजापुर। जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के बामी गांव में सोमवार की सुबह वाराणसी-रीवा राष्ट्रीय मार्ग पर एक ट्रक ने 12 वर्षीय छात्र और 55 वर्षीय अधेड़ को कुचल दिया। इस हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रक ड्राइवर घटनास्थल से थोड़ी दूर ट्रक खड़ा कर फरार हो गया। मृतकों की पहचान 12 वर्षीय छात्र प्रियांशु और 55 वर्षीय शिवनाथ निवासी बामी के रूप में हुई है। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने चक्का जाम कर दिया, जिसे अधिकारियों ने समझा-बुझाकर हटवाया।तब पुलिस ने शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
लहंगपुर पुलिस चौकी अंतर्गत बामी गांव के छात्र प्रियांशु और शिवनाथ सुबह घर से शौच के लिए तुलसी नाला की तरफ गए थे। वहां से लौटते समय वे बामी में इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास पहुंचे थे। तभी अचानक एक अनियंत्रित ट्रक पटरी पर चढ़ गया और साइकिल सवार शिवनाथ व प्रियांशु को कुचलते हुए आगे बढ़ गया। पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने शोर मचाया तो ट्रक ड्राइवर घटनास्थल से करीब 200 मीटर आगे कर्बला के सामने ट्रक खड़ा कर भाग गया। घटना की सूचना मिलते ही स्वजन मौके पर पहुंच गए। इस हादसे में किशोर समेत दो लोगों की मौत हो गई। लहंगपुर चौकी प्रभारी गुरु प्रसाद सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर हाइवे पर इकट्ठा भीड़ को नियंत्रित करते हुए शव कब्जे में लेना चाहें, तभी गुस्साए ग्रामीणों ने हाइवे पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे लालगंज एसडीएम अजीत कुमार और सीओ अमर बहादुर, तहसीलदार विशाल शर्मा व इंस्पेक्टर वेद प्रकाश पाण्डेय ने ग्रामीणों को समझाया। करीब एक घंटे बाद जाम खत्म हुआ और राष्ट्रीय मार्ग पर आवागमन फिर से चालू हो पाया। परिजनों ने बताया कि प्रियांशु अपने पिता बालमुकुंद का इकलौता बेटा था उसकी दो बहने हैं। वह अपने रिश्ते में लगने वाले बाबा शिवनाथ के साथ साइकिल से शौच के लिए घर से निकला था। शौच के बाद वापस लौटते समय हाइवे पर ट्रक ने उन्हें कुचल दिया।शिवनाथ को दो पुत्रियां 20 वर्षीया रेखा और 18 वर्षीया करिश्मा है परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। प्रभारी निरीक्षक वेद प्रकाश पांडे ने बताया कि ट्रक से कुचलने के कारण एक बच्चे समेत दो लोगों की मौत हुई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यूपी में कमजोर पड़ा मानसून, अगले 48 घंटे व्यापक बारिश के आसार कम -

लखनऊ समेत कई जिलों में बढ़ा तापमान, राजधानी में पारा 34 डिग्री पहुंचा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता फिलहाल सीमित रहने के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटे के दौरान किसी प्रभावी मौसम तंत्र के सक्रिय होने की संभावना नहीं है। ऐसे में प्रदेश में व्यापक बारिश के आसार कम हैं। हालांकि कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के अनुसार उत्तरी-पश्चिमी और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र पिछले 24 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है। दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तट को पार करने के बाद यह मौसम तंत्र अब दक्षिणी छत्तीसगढ़ के ऊपर केंद्रित है।
- लखनऊ में बढ़ा तापमान
मौसम तंत्र के मध्य भारत की ओर खिसकने का असर उत्तर प्रदेश के मौसम पर भी दिखाई देने लगा है। रविवार को लखनऊ समेत आसपास के कई जिलों में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.6 डिग्री अधिक रहा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी बारिश की गतिविधियां व्यापक न रहने पर तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि स्थानीय स्तर पर बनने वाले बादलों और मौसमीय परिस्थितियों के कारण कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
सीएम योगी की पाती : गणेशोत्सव सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण का पर्व
- बोले- भगवान गणेश का जीवन प्रकृति संरक्षण और संतुलन का संदेश देता है, ‘वोकल फॉर लोकल’ को व्यवहार में उतारने की जरूरत

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को गणेश चतुर्थी और विश्वकर्मा पूजा की शुभकामनाएं देते हुए दोनों पर्वों को सामाजिक एकता, प्रकृति संरक्षण और आत्मनिर्भरता के संकल्प से जोड़ने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने और राष्ट्र निर्माण के प्रति सामूहिक संकल्प को मजबूत करने का अवसर भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान गणेश का जीवन-दर्शन प्रकृति के साथ संतुलन और उसके संरक्षण का संदेश देता है। गणेश पूजन में प्रयुक्त होने वाले ‘एकविंशति पत्र’ यानी 21 प्रकार के पत्र औषधीय और उपयोगी वनस्पतियों के संरक्षण की भारतीय परंपरा की याद दिलाते हैं। उन्होंने पर्वों को प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ मनाने पर जोर दिया।
- लोकमान्य तिलक ने गणेशोत्सव को बनाया जनजागरण का माध्यम
सीएम योगी ने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने गणेशोत्सव को सार्वजनिक स्वरूप देकर इसे सामाजिक एकता और जनजागरण का माध्यम बनाया था। उस दौर में यह पर्व लोगों को जोड़ने और स्वतंत्रता आंदोलन के लिए जनशक्ति को संगठित करने का प्रभावी माध्यम बना। आज भी गणेशोत्सव समाज में एकता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने की क्षमता रखता है।
- विश्वकर्मा पूजा पर विकसित यूपी के संकल्प को मिलेगी नई मजबूती
मुख्यमंत्री ने 17 सितंबर को मनाए जाने वाले भगवान विश्वकर्मा पूजन दिवस को प्रदेश के विकास और निर्माण से जोड़ते हुए कहा कि यह दिन उत्तर प्रदेश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को और मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक क्षेत्रों और आधुनिक बुनियादी ढांचे का विस्तार नए उत्तर प्रदेश की बढ़ती आर्थिक क्षमता का प्रमाण है।उन्होंने कहा कि विकास का लाभ समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचाने के लिए कारीगरों, शिल्पकारों और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के साथ आधुनिक उपकरण, वित्तीय सहायता और बाजार उपलब्ध कराना जरूरी है। सरकार इसी दिशा में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से स्थानीय हुनर को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास कर रही है।
- स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर
सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से ‘वोकल फॉर लोकल’ को केवल नारा न बनाकर अपने व्यवहार का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने और कारीगरों के हुनर को सम्मान देने से उन्हें निरंतर काम मिलेगा, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की आत्मनिर्भरता केवल बड़े उद्योगों और निवेश से नहीं, बल्कि गांवों-कस्बों में मौजूद पारंपरिक हुनर, स्थानीय उत्पादों और मानव संसाधन की क्षमता को आगे बढ़ाने से भी तय होगी। प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और स्थानीय सामर्थ्य पर भरोसा ही आत्मनिर्भर एवं विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला बनेगा।
रिश्तेदारी जाने की बात कहकर निकला युवक नहीं लौटा

उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़। महराजगंज थाना क्षेत्र के ग्राम ससना विश्वनाथपुर से अपनी रिश्तेदारी जाने की बात कहकर निकला युवक घर नहीं लौटा, जिसे लेकर परिवार वालों की चिंता बढ़ गई है। भोजन से लेकर रातों की नींद मुश्किल हो गर्ई है। इस मामले में लापता 36 वर्षीय राहुल मिश्रा के पिता शिवप्रसाद मिश्रा ने महराजगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई है। बताया कि 11 सितंबर को सुबह लगभग 10 बजे राहुल घर से रिश्तेदार के यहां जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन न तो रिश्तेदार के घर पहुंचा और न ही अपने घर लौटा। उसके बाद अन्य रिश्तेदारियों व संभावित स्थानों पर तलाश की गई लेकिन कहीं पता नहीं चला। शिवप्रसाद मिश्रा ने पुलिस से बेटे का पता लगाने की गुहार के साथ अपने स्तर से पता लगाने के लिए बेटे के फोटो व विवरण के साथ पोस्टर चस्पा करना शुरू कर दिया है। हालांकि पुलिस ने राहुल को खोजने में मदद का भरोसा दिया है।
भंडरा और मिठनेपुर में भाजपा नेत्री मनीषा पांडेय ने लगाई जन चौपाल

*ग्रामीणों की जन समस्याओं पर संवाद, समाधान का दिया भरोसा..*

*रिपोर्ट-उदय प्रकाश मिश्रा..*

*कुड़वार-सुलतानपुर-* 187 इसौली विधान सभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भंडरा परशुरामपुर के लाला का पुरवा,मौहरिया और मिठनेपुर में रविवार को भाजपा नेत्री एवं समाज सेविका मनीषा पांडेय ने जन चौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया। महिला-पुरुषों से बात-चीत कर उन्होंने स्थानीय समस्याओं,मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों ने विभिन्न जन समस्याएं उनके सामने रखीं। भाजपा नेत्री मनीषा पांडेय ने संबंधित स्तर पर समस्याएं उठाकर समाधान के लिए हर-संभव प्रयास का भरोसा दिया। उन्होंने महिलाओं से नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान में आगे आने की अपील की।उन्होंने कहा कि राजनीति उनके लिए पद नहीं बल्कि जन-सेवा का माध्यम है। जनता की समस्याएं सुनना और उनके समाधान के लिए आवाज उठाना उनकी प्राथमिकता है। केंद्र व प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र लोगों से लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इसौली विधान सभा के सभी गांवों में पहुंचकर जनता की समस्याएं सुनने और उनके समाधान के लिए प्रयास करने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। इस दौरान मिठनेपुर ग्राम प्रधान राममूर्ति दूबे,पूर्व प्रधान भूती निषाद, बब्बन तिवारी,राम चन्दर निषाद,विनय गोस्वामी,महेश गोस्वामी, संजय निषाद,पवन कुमार मिश्रा,सूरज गुप्ता समेत सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।