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समाज के उत्थान को लेकर समाजसेवियों की परिचर्चा

सिलवासा । महानगर मुंबई के समाजसेवी विगत सप्ताह 6 सितंबर 2026 को सामाजिक विकास युग पुरुष श्रीप्रसाद शर्मा ए आई एम सी ई‌ ए मंडल एडिटर वाराणसी से उनके निजी निवास स्थान दादरा,नगर हवेली दमन,सिलवासा जाकर समाज उत्थान से संदर्भित ज्वलंत मुद्दों पर परिचर्चा हेतु औपचारिक मुलाकात किया, जिन्होंने सैन, सविता,श्रीवास नन्दवंशी समाज संग उत्तर भारतीय समाज को अनेकानेक सुकृत्य सम्मान संग रोजगार मुहैया कराई है। हरिकेश शर्मा नंदवंशी ने बताया कि सामाजिक सरोकार के क्षेत्र में काम करने वाले ब्यक्तिगत राष्ट्रीय सँगठनो या ट्रस्टों का शीर्ष नेतृत्व अनवरत शिक्षा,स्वास्थ्य,सुरक्षा,सहयोग एवं मानव उत्कर्ष के द्वारा अनेक क्षेत्रों में अपनी महती भूमिका निभाने वाली शख्शियतो से, व्यक्तिगत, सामाजिक एवं सामुदायिक कार्यक्रमो में मुलाकातें करते रहने से विकास संभव है।किसी ने सच ही कहा है कि "तस्वीरें लेना भी जरूरी है साहब!क्योंकि आइने गुजरे वक्त के सुकृत्यों की गवाही नही दिया करते हैं। महानगर मुंबई के सामाजिक प्रहरी सैन हरिकेश शर्मा नन्दवंशी,सन्तोष निरंकार शर्मा,अधिवक्ता एवं कवि अनिल शर्मा भारत सरकार नोटरी,मनोज कुमार शर्मा,प्रदीप कुमार शर्मा नन्दवंशी के साथ स्थानीय मुकेश शर्मा,प्रदीप कुमार श्रीप्रसाद शर्मा,रंजीत शर्मा, संदीप शर्मा,विकास कुमार पाण्डेय,एविक घोष,भविष्य के निर्माता नौनिहालों ने पिता श्रीप्रसाद शर्मा का माला और अंगवस्त्र अर्पित कर सौभाग्यवर्द्धक आशीष प्राप्त किया। श्री प्रसाद शर्मा ने उपस्थित सभी समाजसेवियों का सम्मान अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ हार से किया। सामाजिक परिचर्चा पश्चात अपरंच श्रीप्रसाद शर्मा ए आई एम सी ई‌ ए मंडल एडिटर ने सामाजिक संगठन से जुड़ने के लिए प्रेरित किया और शीर्ष नेतृत्व से दूर ध्वनि यंत्र से संवाद करवाया।तत्पश्चात फास्ट रीलीफ चेरिटेबल टीम ट्रस्ट के कार्यो एवं उद्देश्यों को सैन प्रदीप कुमार नन्दवंशी ने सभी के समक्ष रखा।श्रीप्रसाद शर्मा ने कहा कि मानव सेवा में उत्तम कार्यो एवं महते सुकृत्यों की फास्ट रीलीफ चेरिटेबल टीम ट्रस्ट की सरस् मंशा सराहनीय कदम है और उन्होंने संगठन के उन्नत कार्यो की मौन मीमांसा की भूरी भूरी प्रशंसा किया।

कल्याण की सामाजिक संस्था ने किया कृपाशंकर सिंह का सम्मान

मुंबई। मां झिनका फाउंडेशन, म्हारलगांव, कल्याण के संस्थापक अध्यक्ष दिनेश हरिलाल अग्रहरि ने आज अपनी संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह से बांद्रा पश्चिम स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। उन्होंने अनेक सामाजिक विषयों पर कृपाशंकर से चर्चा की तथा संस्था की तरफ से अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह से उनका सम्मान किया। इस अवसर पर संस्था के उपाध्यक्ष महेश किशोरीलाल यादव,अतुल यादव समेत अन्य लोग उपस्थित रहे। कृपाशंकर सिंह ने सम्मान के लिए संस्था के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपनी शुभकामनाएं प्रकट की।

वेस्टर्न एक्सप्रेस हायवेवे पर बनाए जाएं आधुनिक AC और पिंक टॉयलेट : रानी द्विवेदी

मुंबई। बांद्रा और दहिसर के बीच वेस्टर्न एक्सप्रेस हायवे पर पर्याप्त, साफ, सुरक्षित और AC टॉयलेट न होने से नागरिकों को बहुत परेशानी हो रही है। इस गंभीर मुद्दे की ओर ध्यान दिलाते हुए, भाजपा नगरसेविका रानी द्विवेदी (निघूट) ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए मनपा की महासभा में आधुनिक AC तथा पिंक टॉयलेट के साथ ही सर्व सुविधायुक्त एमेनिटी सेंटर बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि वेस्टर्न एक्सप्रेस हायवे पर हर दिन लाखों गाड़ियां चलती हैं। महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और डायबिटीज जैसी बीमारियों से पीड़ित नागरिकों के लिए यात्रा के दौरान टॉयलेट की उपलब्धता बहुत जरूरी है। हालांकि, अभी जो टॉयलेट हैं, उनमें से कई गंदे, बदबूदार और इस्तेमाल करने लायक नहीं हैं। कुछ जगहों पर 'AC टॉयलेट' का जिक्र होने के बावजूद, असल में एयर कंडीशनिंग सिस्टम बंद है या खराब है। कुछ टॉयलेट में अनधिकृत कब्जे से यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। नगरसेविका रानी द्विवेदी (निघूट) ने कहा कि मनपा प्रशासन हायवे पर शौचालय के लिए जगह उपलब्ध न होने की बातें करता है, तो फिर 

'वर्टिकल' या उन्नत शौचालय बनाने के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गई, इस पर भी महासभा में 

उन्होंने सफाई मांगी। उन्होंने आरोप लगाया कि हायवे पर यात्रियों को इस अहम मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मनपा प्रशासन की ओर से बस बहानेबाजी की जा रही है। उन्होंने मुंबई के

प्रवेशद्वार दहिसर चेक नाका पर अच्छी सुविधाओं वाले सुविधा केंद्र तथा वातानुकूलित विश्रामालय बनाने के बारे में पहले किए गए वादों की मौजूदा स्थिति पर भी सफाई मांगी। उनकी इस मांग का सत्ताधारी तथा विरोधी पार्टियों के नगरसेवकों ने समर्थन किया, जिसमें महिलाओं के लिए अलग और सुरक्षित पिंक शौचालय, स्वच्छतागृह, पीने के पानी, नियमित साफ-सफाई और सुरक्षा के इंतजाम की मांग की गई। नगरसेविका रानी द्विवेदी (निघूट) ने कहा कि मुंबई को ठाणे, कल्याण-डोंबिवली, नवी मुंबई और पनवेल से जोड़ने वाले ईस्टर्न एक्सप्रेसवे और वेस्टर्न एक्सप्रेसवे पर हर दिन लाखों गाड़ियां चलती हैं। इसलिए, नागरिकों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए, दोनों एक्सप्रेसवे पर काफी संख्या में आधुनिक टॉयलेट बनाना जरूरी है। गौरतलब हो कि मुंबई महानगरपालिका ने वर्ष 2012 में 'हायवे टॉयलेट' की संकल्पना को मंजूरी दी थी। वाहन चालकों तथा यात्रियों की सुविधा के लिए इस सुविधा के निर्माण का फैसला किया गया था। यह संकल्पना ईस्टर्न एक्सप्रेसवे पर घाटकोपर और विक्रोली-नाहुर के बीच लागू की गई थी; लेकिन, ईस्टर्न एक्सप्रेसवे और वेस्टर्न एक्सप्रेसवे पर दूसरी जगहों पर इसे बढ़ाने में काफी देरी हुई। उस समय के तत्कालीन मनपा आयुक्त ने भी माना था कि 'हाईवे टॉयलेट' का कॉन्सेप्ट रुका हुआ था। इस दौरान अतिरिक्त मनपा आयुक्त विपिन शर्मा ने माना कि ईस्टर्न और वेस्टर्न एक्सप्रेसवे पर टॉयलेट की कमी है। उन्होंने कहा कि सर्वदलीय नगरसेवकों से चर्चा कर नई जगहों का सर्वेक्षण किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि फंड मिलते ही सही जगहों पर टॉयलेट बनाने का काम शुरू किया जाएगा।

नगरसेविका रानी द्विवेदी (निघूट) ने पुराने टॉयलेट को तुरंत ठीक करने, नए आधुनिक सुविधा केंद्र बनाने, बंद पड़े AC सिस्टम को चालू करने और महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट बनाने के लिए तय समयसीमा की घोषणा करने की पुरजोर मांग

महासभा में की है। उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई के मुख्य प्रवेशद्वार पर लोगों को मूलभूत स्वच्छता सुविधा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी मनपा प्रशासन की है, लिहाजा प्रशासन से महज आश्वासन न देते हुए इस मामले पर ठोस कार्रवाई किए जाने की उम्मीद हम करते हैं।

पर्युषण महापर्व के अवसर पर दादर में चोवीहार हाउस का भव्य शुभारंभ

मुंबई। पवित्र पर्युषण महापर्व के अवसर पर दादर स्थित अटलांटिक प्लाजा में जैन श्रावक-श्राविकाओं के लिए पिछले पांच वर्षों से सेवाकार्य के रूप में संचालित चोवीहार हाउस का पांचवें वर्ष में भव्य शुभारंभ किया गया। चोवीहार हाउस का उद्घाटन दादर के विधायक कालिदास कोलंबकर, श्री वर्धमान श्रुतगंगा के अध्यक्ष-ट्रस्टी संजय जीवनलाल शाह, जैन अल्पसंख्यक सेवा संस्था के महिला विभाग की अध्यक्षा अल्पा संजय शाह, अटलांटिक प्लाजा के चेयरमैन भावेश कोटक तथा विनोद गोशालिया सहित गणमान्य लोगों की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर समिति की ओर से संजय शाह तथा अल्पा संजय शाह का सम्मान भी किया गया। चोवीहार हाउस के पांचवें वर्ष के मुख्य लाभार्थी के रूप में विनोदभाई गोशालिया परिवार (निर्वाण फैब) ने सहयोग प्रदान किया है। पर्युषण महापर्व के दौरान रात्रिभोजन का त्याग कर चोवीहार का पालन करने वाले जैन श्रद्धालुओं के लिए यहां एकासण, बियासण तथा उबले हुए पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। प्रतिदिन लगभग 800 से 900 जैन श्रद्धालु इस सेवाकार्य का लाभ लेते हैं। उपवास करने वाले श्रद्धालुओं का भी प्रभावना स्वरूप सम्मान किया जाता है।

चोवीहार हाउस केवल धार्मिक सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि पशु-पक्षियों के पांजरापोल को सहायता देने तथा विभिन्न सामाजिक सेवाकार्यों से भी जुड़ा हुआ है। चोवीहार हाउस रविवार और संवत्सरी के दिन बंद रहेगा। इस अवसर पर समाजसेवा और जीवदया के क्षेत्र में कार्यरत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इनमें प्रवीण मोरबिया, प्रवीण गाला, सुनील छेड़ा, गिरीश सत्रा, मुकेश कोटक, निखिल एरा और वीरभाई (हंसा) सहित प्रमुख लोग तथा सेवाभावी कार्यकर्ता शामिल थे। चोवीहार हाउस की सफलता के पीछे अटलांटिक प्लाजा के अध्यक्ष हरेश पटेल, चेयरमैन भावेश कोटक, मुकेश कोटक (परी), संदीप दोशी, खिलन सत्रा, मनीष रांभिया, धीरज मोरबिया, नितिन शेठ, विनोद वीरा और किशोर जोशी सहित समिति के सदस्यों की सेवाभावी मेहनत महत्वपूर्ण रही है। इस अवसर पर संजय शाह ने भावेश कोटक तथा पूरी टीम को ऐसे सेवाभावी और धार्मिक कार्य निरंतर करते रहने के लिए बधाई देते हुए कहा, “धर्म, जीवदया और समाजसेवा के ऐसे निरंतर कार्यों में हमारा सहयोग हमेशा बना रहेगा।”अटलांटिक प्लाजा के व्यापारियों, समिति के सदस्यों तथा चोवीहार का लाभ लेने वाले श्रद्धालुओं के सहयोग से यह सेवाकार्य लगातार विस्तार पा रहा है। पर्युषण महापर्व की आराधना को अधिक भावपूर्ण और सेवामय बनाने वाला यह चोवीहार हाउस जैन समाज के लिए पांचवें वर्ष में प्रवेश का एक सुंदर और प्रेरणादायी सेवाकार्य बन गया है।

डॉ. हृदय नारायण मिश्र की धर्मपत्नी धनवंती मिश्रा का निधन

मुंबई। सुप्रसिद्ध समाजसेवी तथा भारतीय सद्विचार मंच के सलाहकार समिति सदस्य डॉ हृदय नारायण मिश्र की धर्मपत्नी धनवंती मिश्रा का आज आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही चारों तरफ शोक की लहर दौड़ गई। श्रीमती धनवंती मिश्रा अत्यंत दयालु और धार्मिक स्वभाव की महिला थी। उनके निधन पर राहुल एजुकेशन के चेयरमैन लल्लन तिवारी, महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह, विधायक संजय उपाध्याय, प्रख्यात समाजसेवी और वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञान प्रकाश सिंह, भारतीय सद्विचार मंच के संस्थापक डॉ राधेश्याम तिवारी, समरस फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. किशोर सिंह, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, पत्रकार राजेश उपाध्याय, मीरा भायंदर परिवहन समिति के सभापति एडवोकेट राजकुमार मिश्र, समाजसेवी इंद्रमणि दुबे, बीजेपी नेता अखिलेश चौबे, वरिष्ठ सीए डी.पी.त्रिपाठी, डॉ.विनोद तिवारी, श्रीनिवासानंद महाराज, समाजसेवी हरिशंकर दुबे, पत्रकार महेन्द्र पाण्डेय, समाजसेवी रत्नाकर मिश्रा, वरिष्ठ शिक्षक श्रीनिवासन दुबे, भारतीय सदविचार मंच के अध्यक्ष डॉ. शिवश्याम तिवारी, महामंत्री नागेन्द्र मिश्रा,आधार फाउंडेशन के अध्यक्ष मनोज चतुर्वेदी, ब्राह्मण सेवा फाउंडेशन के अध्यक्ष राजन मिश्रा, लोक गायक मुकेश त्रिपाठी समेत अनेक लोगों ने गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।

श्रीमती धनवंती मिश्रा की मृत्यु से जुड़े सारे कार्यक्रम उनके गांव मिसिरपुर, जफराबाद,जौनपुर में सम्पन्न होंगे।

संजय जीवणलाल शाह और अल्पा संजय शाह के हाथों गौमाता प्रतिमा का अनावरण

मुंबई। अगाशी तीर्थधाम श्री समवसरण महामंदिर के प्रेरणादाता, लब्धिधारी प.पू. आचार्यश्री विजय दक्षसूरिश्वरजी महाराज साहेब की पावन परंपरा के पट्टालंकार, लोकप्रिय श्रमण सम्राट, सुप्रसिद्ध प्रवचनकार, ज्योतिषविशारद तथा श्री सूरिमंत्र–पार्श्व–पद्मावती महादेवी के साधक प.पू. आचार्यश्री विजय प्रभाकर सूरिश्वरजी महाराज साहेब की पावन निश्रा में गौसेवा, जीवदया और भारतीय संस्कृति के पवित्र संदेश को उजागर करने वाला भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्री दक्ष कामधेनु गोकुल गौशाला, समवसरण महामंदिर, चलापेठ रोड, पार्श्व नगर, अगाशी तीर्थ, वाया विरार, जिला पालघर, मुंबई, महाराष्ट्र में भव्य गौमाता प्रतिमा का अनावरण किया गया। भव्य गौमाता प्रतिमा का अनावरण श्री वर्धमान श्रुतगंगा के अध्यक्ष-ट्रस्टी संजय जीवनलाल शाह तथा जैन अल्पसंख्यक सेवा संस्था के महिला विभाग की अध्यक्षा अल्पा संजय शाह के हाथों किया गया। इस अवसर पर पू. मुनिप्रवर श्री महापद्मविजयजी महाराज साहेब, पू. मुनिराज श्री श्रीपद्मविजयजी महाराज साहेब तथा पू. साध्वीजी श्री तत्त्वदर्शनाश्रीजी म.सा. सहित संतवृंद की पावन उपस्थिति रही। संतवृंद की उपस्थिति से संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक, पवित्र और भक्तिमय बन गया। धार्मिक श्रद्धा, भक्तिभाव और भारतीय संस्कृति के शाश्वत मूल्यों के साथ आयोजित इस समारोह में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं तथा गणमान्य अतिथियों ने गौमाता के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। गौसेवा और जीवदया के संदेश को समाजजीवन में और अधिक सुदृढ़ बनाने के संकल्प के साथ आयोजित यह आयोजन सभी के लिए प्रेरणादायी बना।संतवृंद ने गौसेवा, जीवदया और करुणाभाव को भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि जीवमात्र के प्रति करुणा, सेवा और संरक्षण की भावना ही सच्चे अर्थों में मानवता की पहचान है। गौमाता का सम्मान केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, पर्यावरण, जीवदया और भारतीय संस्कृति के मूल्यों से जुड़ा पवित्र संदेश है।

संजय जीवनलाल शाह ने कहा कि गौसेवा और जीवदया भारतीय संस्कृति की प्राचीन एवं सनातन परंपरा है। गौमाता के प्रति सम्मान और जीवमात्र के प्रति करुणा की भावना नई पीढ़ी में भी जागृत रहे, इसके लिए ऐसे आध्यात्मिक और सेवाभावी आयोजनों का निरंतर आयोजन समय की आवश्यकता है। भव्य गौमाता प्रतिमा का अनावरण केवल धार्मिक समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गौसेवा, जीवदया, करुणा और भारतीय संस्कृति के शाश्वत संस्कारों को समाज तक पहुंचाने वाला प्रेरणादायी अभियान बन गया। इस अवसर पर गाय को भारत की संस्कृति और समृद्धि का आधार बताते हुए गौसेवा को महान सेवा के रूप में सराहा गया। संतवृंद की पावन निश्रा, धार्मिक भावना और श्रद्धालुओं की उपस्थिति से संपूर्ण कार्यक्रम भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।

लोकसंस्कृति और कजरी के रंग में रंगी दिवा की जनता

ठाणे। शिवसेवा श्रावण मास पारायण मंडल, दिवा के तत्वावधान में आयोजित पारंपरिक कजरी गीत महोत्सव भक्तिमय एवं सांस्कृतिक वातावरण में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में कजरी गीतों की पारंपरिक प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को पूर्वांचल की लोकसंस्कृति और संगीत की समृद्ध विरासत से जोड़ा।

कार्यक्रम में प्रसिद्ध कजरी लोकगायिका सुप्रसिद्ध कजरी गायिका सुषमा पटेल जी की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। वहीं गायक कलाकार नाना मिश्रा सहित कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। कार्यक्रम के मास पारायण अध्यक्ष श्री सचिन चौबे ने आयोजन किया । उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रीय परशुराम सेना, दिवा अध्यक्ष श्री संतोष तिवारी की उपस्थिति में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।

कार्यक्रम में सुशील पांडे, के.के. शुक्ला, संजय शर्मा, राजेश पांडेय, अविनाश पांडेय, अखिलेश तिवारी, पाल, आरके मिश्रा, अनुराग चौबे, देवराज तिवारी, भूपेंद्र मिश्रा, राहुल दुबे, विनायक सिंह, विनोद दुबे, श्याम सुंदर मिश्रा, संजय पांडे एवं संतोष पांडे , मुन्ना तिवारी, विजय मिश्रा ,सहित यजमानों ने धार्मिक आयोजन में सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने कजरी गीतों का आनंद लेने के साथ भारतीय लोकपरंपरा, संस्कृति और धार्मिक भावनाओं को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।

उपस्थित गणमान्यजनों एवं कार्यकर्ताओं में राष्ट्रीय परशुराम सेना, दिवा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, शिवसेवा श्रावण मास पारायण मंडल के सदस्य, श्रद्धालु एवं बड़ी संख्या में कजरी प्रेमी उपस्थित रहे।

काव्यसृजन की गोष्ठी में शिक्षकों का किया गया सम्मान

मुम्बई । साहित्यिक, सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था काव्य-सृजन न्यास के तत्वावधान में रविवार 6 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस को मद्देनजर रखते हुए महानगर के शिक्षकों का सम्मान मासिक काव्यगोष्ठी में किया गया। संस्था ने अपनी मासिक काव्य-गोष्ठी के दौरान मुंबई महानगर और उसके आसपास के कुल 19 शिक्षकों का अंगवस्त्र व पुष्पगुच्छ से सामूहिक सम्मान किया।

इस भव्य सम्मान समारोह में सम्मानित होने वाले शिक्षकों मेें हौंसिला प्रसाद 'अन्वेषी', प्रो. उमेश चन्द्र शुक्ल, प्रो. मदन मोहन मिश्र, प्रो. विजय नाथ मिश्र, डॉ. नीलिमा पाण्डेय, श्याम भूषण पाठक, सुरेंद्र तिवारी, राकेश मिश्र, प्रा. अंजनीकुमार द्विवेदी 'अनमोल',ओम प्रकाश तिवारी, डॉ. शारदा प्रसाद दुबे 'शरदचंद्र', अनिल पोटेकर, किरण चौबे, विनोद कुमार मिश्र, शिवनारायण यादव, सजनलाल यादव, राजेश त्रिपाठी,रीमा यादव, संगीता शुक्ला जी आदि रहीं।उल्लेखनीय है कि इन शिक्षकों मेें से अधिकांश शिक्षक कवि भी हैं।मुंबई महानगर के इस अभूतपूर्व और अविस्मरणीय कार्यक्रम में वक्ताओं ने समाज में शिक्षकों की महत्ता और उनकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला।काव्य सृजन न्यास के संस्थापक शिवप्रकाश पाण्डेय जमदग्निपुरी, अध्यक्ष आत्मिक श्रीधर मिश्र, उप सचिव आनन्द पाण्डेय 'केवल' आदि ने संस्था की ओर से सभी शिक्षकों का सम्मान किया।शिक्षकों की ओर से शिवनारायण यादव ने काव्य-सृजन न्यास के इन पदाधिकारियों सहित श्याम तिवारी,गगन तिवारी,डॉ प्रमोद पल्लवित, पं.नरोत्तम, शिखा गोस्वामी आदि का स्नेह-सम्मान किया गया।इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधानाचार्य और वरिष्ठ साहित्यकार आ. हौंसिला प्रसाद 'अन्वेषी' ने किया। मुख्य अतिथि रहे एम. डी. कालेज के उप प्राचार्य और वहां के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. उमेश चन्द्र शुक्ल। प्रो. मदन मोहन मिश्र और प्रो. विजय नाथ मिश्र ने विशिष्ट अतिथि के रूप मेें शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम का सुघड़ संचालन संस्था के सचिव प्रा. अंजनी कुमार द्विवेदी ने किया। आभार ज्ञापन संस्थापक अध्यक्ष पं. जमदग्निपुरी ने किया।सभी के प्रिय कृतायन पाण्डेय ने सुंदर वीडियो और फोटोग्राफी से सबका मन मोहा।मंचासीन अतिथियों और संस्था के पदाधिकारियों ने प्रिय कृतायन पाण्डेय का स्नेह-सम्मान किया।राष्ट्रगान के उपरांत आयोजन सुसंपन्न हुआ।

ग्रामीण संस्कृति हमारी पहचान और जड़ों की ताकत–डॉ मंजू लोढ़ा

जालौर। नांदिया के तत्वावधान में दो दिवसीय नमामि मात नांदिया महोत्सव-2026’ का भव्य आयोजन किया गया। जन्माष्टमी एवं विसर्जन दिवस के अवसर पर आयोजित महोत्सव में धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं ग्रामीण परंपराओं से जुड़े विविध कार्यक्रमों ने लोगों को आकर्षित किया।

महोत्सव की मुख्य अतिथि सफल उद्यमी, कवयित्री एवं समाजसेवी मंजू लोढ़ा रहीं। नांदिया पहुंचकर उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता की और ग्रामीण संस्कृति, लोक परंपराओं तथा सामाजिक एकजुटता पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे महोत्सव हमें अपनी मिट्टी, संस्कृति और जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। मंजू लोढ़ा ने कहा कि “ग्रामीण संस्कृति केवल परंपराओं का संग्रह नहीं, बल्कि हमारी पहचान और हमारी जड़ों की ताकत है।” गांवों में आज भी आपसी प्रेम, भाईचारा, सामूहिकता और लोक परंपराओं की जो भावना देखने को मिलती है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि नांदिया आकर उन्हें विशेष आत्मीयता का अनुभव हुआ। जिस उत्साह और अपनत्व के साथ ग्रामीणों ने अपनी संस्कृति, परंपराओं और मातृभूमि के प्रति सम्मान को प्रस्तुत किया, वह मन को छू लेने वाला है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी अपनी मिट्टी और संस्कृति से जुड़ती है। ग्रामीण विरासत को सहेजकर आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। लोक कलाकारों ने बांधा समां

महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में लोक गायक जमीन खान एवं गायिका रिंकल ने शानदार प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया। लोकगीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों पर दर्शक झूम उठे तथा तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। महोत्सव में सामूहिक स्वच्छता अभियान के बाद शोभायात्रा, दीपोत्सव, सांस्कृतिक संध्या, कृष्ण लीला, सामूहिक गरबा गायन, लोकनृत्य एवं मटकी फोड़ प्रतियोगिता सहित अनेक कार्यक्रम हुए। विसर्जन दिवस पर मूर्ति स्थापना एवं अतिथि स्वागत के साथ ऊंट दौड़, पारंपरिक ग्रामीण खेल, गैर, गरबा एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण रहीं।

आयोजन में मातृशक्ति सम्मान, मातृभूमि वंदन, पर्यावरण संरक्षण एवं ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे सामाजिक संदेशों को भी प्रमुखता दी गई। ग्रामीण मेले में झूले, हाट-बाजार एवं बाल मनोरंजन की व्यवस्था रही। पारंपरिक, जैविक एवं आधुनिक कृषि से जुड़ी जानकारी के साथ ग्रामीण जीवन और कृषि संस्कृति को भी प्रदर्शित किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं का सम्मान किया गया।

आयोजक सरपंच हिंगलाजदान चारण एवं समस्त ग्रामवासियों ने मुख्य अतिथि मंजू लोढ़ा, लोक कलाकारों, अतिथियों एवं सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मुंबई से मंजू लोढ़ा के साथ उनकी चार सखियाँ—विमला बाफना, मालती जैन, अनुजा झवेरी एवं माधवी वोरा—भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

बेस्टी एजुकेशन द्वारा कृष्ण जन्माष्टमी एवं शिक्षक दिवस पर कविगोष्ठी

मुंबई। अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संस्था बेस्टी एजुकेशन एंड चेरिटेबल ट्रस्ट दोहा कतर की मुंबई इकाई ने 4 सितंबर 2026 को कृष्ण जन्माष्टमी एवं शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर अंतरराष्ट्रीय कविगोष्ठी का आयोजन किया। जिसका आयोजन मुंबई इकाई अध्यक्ष कवि विनय शर्मा दीप, संयोजन एवं संचालन संस्थापक डॉ बैजनाथ शर्मा मिंटू ने किया। कविगोष्ठी का मार्गदर्शन अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अफसाना सैयद ने किया। उक्त अंतरराष्ट्रीय कविगोष्ठी की अध्यक्षता रायबरेली से वरिष्ठ साहित्यकार शिक्षाविद् सुखराम शर्मा सागर ने किया जहां मुख्य अतिथि की भूमिका में मुंबई से उत्कृष्ट लेखिका रीना धीमान उपस्थित थी।आनलाइन कविगोष्ठी का शुभारंभ गाजियाबाद की कवियत्री डॉ मधु स्वामी के सरस्वती वंदना से हुआ तत्पश्चात डॉ बैजनाथ शर्मा ने प्रवीण कुमार प्रेमी जौनपुर, कविता ए झा मुंबई, राजेश कुमार पाण्डेय जौनपुर, तुलेश्वर कुमार सेन छत्तीसगढ़, लक्ष्मी यादव ओजस्विनी डोंबिवली ठाणे, रमेशचंद्र नंदवंशी सुल्तानपुर,के आर स्नेही जौनपुर, प्रथमेश प्रवीण नाईक मुंबई, सत्यभामा सिंह ज़िया ठाणे,बीनू त्रिपाठी विभु कल्याण, नरसिंह हैरान जौनपुरी मुंबई एवं गीतकार रविन्द्र कुमार शर्मा दीप जौनपुर को आमंत्रित किया। उपस्थित सभी साहित्यकारों ने शिक्षक दिवस तथा कृष्ण जन्माष्टमी से संदर्भित रचनाओं को सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।अंत में आयोजक कवि एवं पत्रकार तथा मुंबई इकाई अध्यक्ष दीप ने उपस्थित सभी साहित्यकारों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।