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रसोइया माताएं-बहनें ‘पीएम पोषण’ की आधारशक्ति, सम्मान से स्वास्थ्य-सुरक्षा तक सरकार प्रतिबद्ध : सीएम योगी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विद्यालयों की रसोई में जलता चूल्हा केवल भोजन नहीं पकाता, बल्कि लाखों बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य को ऊर्जा देता है। उन्होंने कहा कि अपने श्रम और ममत्व से इस पुनीत दायित्व को निभाने वाली रसोइया माताएं-बहनें ‘पीएम पोषण’ योजना की वास्तविक आधारशक्ति हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 3.54 लाख मिड-डे मील रसोइयों के लिए कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण का शुभारंभ सम्मान से स्वास्थ्य-सुरक्षा तक सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। 

मुख्यमंत्री योगी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा है विद्यालय की रसोई में जलता चूल्हा केवल भोजन नहीं पकाता, वह लाखों बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य को ऊर्जा देता है। इस पुनीत दायित्व को अपने श्रम और ममत्व से निभाने वाली हमारी रसोइया माताएं-बहनें 'पीएम पोषण' की वास्तविक आधारशक्ति हैं। उन्होंने आगे लिखा कि आज इन कर्मयोगी रसोइयों के सम्मान के साथ प्रदेश की 3.54 लाख मिड-डे मील रसोइयों के लिए कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण का शुभारंभ होगा।

योगी ने कहा कि सम्मान से स्वास्थ्य-सुरक्षा तक की यह पहल हमारी रसोइया माताओं-बहनों के श्रम के प्रति 'डबल इंजन सरकार' की कृतज्ञता और उनके सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन के प्रति प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति है। ज्ञात हो कि पीएम पोषण योजना से जुड़े रसोइयों के योगदान को केंद्र में रखते हुए आज लखनऊ में सम्मान समारोह एवं कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में प्रस्तावित इस कार्यक्रम में उनके हाथों मंच पर 11 रसोइयों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि प्रदेशभर से 1500 रसोइयों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।

खास बात यह है कि इसी दिन जनपद एवं तहसील स्तर पर भी जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में रसोइया सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रदेशभर में रसोइयों के सम्मान का संदेश एक साथ पहुंचेगा। यह पहल पीएम पोषण योजना को जमीन पर प्रभावी ढंग से पहुंचाने वाले रसोइयों के योगदान को सार्वजनिक पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में प्रदेश के राजकीय, परिषदीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के अंतर्गत कार्यरत रसोइयों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।

विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले इन रसोइयों को सम्मान देने के लिए राज्य से लेकर स्थानीय स्तर तक व्यापक तैयारियां की गई हैं। राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ 23 अगस्त को जनपद एवं तहसील स्तर पर भी रसोइया सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। इनमें सांसद, मंत्री, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन को उपलब्ध सभागारों का उपयोग करते हुए कार्यक्रम आयोजित करने तथा रसोइयों के सम्मान की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों मंच पर 11 रसोइयों को सम्मानित किया जाएगा। प्रदेश के विभिन्न जनपदों से 1500 रसोइयों को कार्यक्रम में सहभागी बनाया जाएगा।
मायावती का कांग्रेस पर निशाना, कहा- जंतर-मंतर पर आरक्षण विरोधी धरने से दूरी ने खोली कांग्रेस की मानसिकता
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन को आरक्षण विरोधी करार देते हुए कहा कि एससी, एसटी और ओबीसी समाज को संविधान में मिले आरक्षण को खत्म करने की कोशिश देशहित में नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस दिन राहुल गांधी एक पीड़ित के लिए एफआईआर दर्ज कराने को लेकर धरने पर बैठे थे, उसी दिन जंतर-मंतर पर दलित और शोषित वर्गों के आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा था, लेकिन राहुल गांधी या कोई कांग्रेसी नेता वहां प्रदर्शनकारियों को समझाने तक नहीं गया। 

इससे इन वर्गों के प्रति कांग्रेस की आरक्षण विरोधी मानसिकता साफ झलकती है। बसपा मुखिया मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा है कि दिल्ली के जंतर मंतर पर संविधान में एस.सी., एस.टी. व ओ.बी.सी. समाज को दिये गये आरक्षण के विरुद्ध अभी हाल ही में जमा हुये कुछ लोगों द्वारा आर्थिक आधार पर आरक्षण को लागू करने की उठाई गई यह नई माँग कतई भी उचित व देशहित में नहीं है। उन्हें आरक्षण के सम्बंध में ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिये जिससे समतामूलक समाज, विकसित व सम्मानित देश बनाने के संवैधानिक कार्यों को आघात पहुंचे।

उन्होंने कहा कि वैसे भी देश में सदियों से जातिवाद की अमानवीयता का शिकार रहे एस.सी., एस.टी. व ओबीसी समाज के लोगों हेतु संविधान में की गई आरक्षण की व्यवस्था के बारे में परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का यह कहना था कि ’जातिवाद का परित्याग ही सबसे बड़ी देशभक्ति है’। अतः लोग सही देशभक्ति का परिचय ज्यादा दें तो यही उचित होगा। मायावती ने कहा कि जहां तक आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की बात है, तो केन्द्र व राज्य सरकारों द्वारा भी गरीबी उन्मूलन के एक नहीं बल्कि अनेकों कार्यक्रमों पर काफी सरकारी धन हर वर्ष ख़र्च किया जाता है लेकिन उसमें व्याप्त भ्रष्टाचार आदि के कारण इसका सही लाभ अगर देश के लोगों को नहीं मिलता है तो यह तो सरकारी व्यवस्था का सीधा-सीधा दोष है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा, आर्थिक आधार पर आरक्षण की नई व्यवस्था भी देश में लागू है, जिसका भी सही लाभ अपरकास्ट समाज के ग़रीब परिवारों को नहीं मिल पा रहा है बल्कि इसमें छलावा अधिक है। मायावती ने कहा कि वास्तव में ख़ासकर यही वह भ्रष्ट व जातिवादी सरकारी व्यवस्था है जिसने आरक्षण के संवैधानिक रचनात्मक प्रावधान को कभी सही से ज़मीन पर लागू ही नहीं होने दिया है, जिस कारण एससी, एसटी व ओबीसी समाज के लोग, आज़ादी के इतने लम्बे अरसे के बाद आज तक भी गरीबी, जातिवादी द्वेष, शोषण, अत्याचार व जातिवाद के ज़हर का दंश हर दिन हर स्तर पर लगातार झेलते रहते हैं।

उन्होंने कहा कि सभी सरकारें भी आरक्षण विरोधी तत्वों को शरण व संरक्षण बिल्कुल भी ना दें तो यह व्यापक देश व जनहित में होगा। लोगों से भी अपील है कि वे आरक्षण जैसे अहम् एवं संवेदनशील मुद्दे पर सस्ती राजनीति ना करें और ना ही होने दें। बसपा प्रमुख ने कहा कि उसी दिन पार्लियामेन्ट थाने के बाहर एक पीड़ित व्यक्ति के मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी कई घन्टों तक धरने पर बैठे रहे, जिसका पार्टी को कोई ऐतराज नहीं है। हालांकि उसके बग़ल में जंतर-मंतर पर दलित व शोषितों के जातीय आधार पर दिये जाने वाले आरक्षण को खत्म करवाने के लिए धरना-प्रदर्शन भी चल रहा था, वहां पर वे व उनका कोई भी कांग्रेसी साथी उन्हें समझाने तक के लिये भी नहीं गये, जिससे इन वर्गों के प्रति इनकी आरक्षण विरोधी मानसिकता अभी भी साफ झलकती है।
रक्षाबंधन पर महिलाओं को सीएम योगी का तोहफा, 27-28 अगस्त को बस में फ्री सफर कर सकेंगी महिलाएं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के अवसर पर माताओं, बहनों और बेटियों को विशेष उपहार देते हुए राज्य परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने की घोषणा की है। इसके तहत 27 अगस्त की रात से 28 अगस्त की रात तक महिला यात्री तथा उनके साथ एक सहयोगी मुफ्त यात्रा कर सकेंगे।



मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, जलभराव, बाढ़ राहत, शिक्षा व्यवस्था और चीनी की उपलब्धता समेत विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह का पर्व है और इस अवसर पर महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने नि:शुल्क बस यात्रा की व्यवस्था की है। उन्होंने परिवहन विभाग को निर्देश दिया कि इस दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

प्रदेश में हो रही बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री ने जलभराव की समस्या वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पंपिंग स्टेशन लगाने और नालों की तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल निकासी की व्यवस्था प्रभावी होनी चाहिए ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री योगी ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित हर परिवार तक राहत सामग्री और सरकारी सहायता समय पर पहुंचाई जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की चीनी मिलों में वर्तमान में 179.38 लाख क्विंटल चीनी का भंडार उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख क्विंटल, निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख क्विंटल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख क्विंटल चीनी उपलब्ध है। इसके अलावा जून और जुलाई के दौरान 235 लाख क्विंटल चीनी की बिक्री की जा चुकी है, जिसका बड़ा हिस्सा अभी भी खुले बाजार में उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि आवश्यकता पड़ने पर 15 अक्टूबर से चीनी मिलों का संचालन शुरू कराया जाए ताकि बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे।

सीएम योगी ने अधिकारियों को चीनी की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चीनी की कमी को लेकर अफवाह फैलाने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जाए।

उन्होंने निर्देश दिया कि कोई भी डीलर 30 दिनों से अधिक का स्टॉक नहीं रखेगा और एक समय में 400 टन से ज्यादा चीनी का भंडारण नहीं करेगा। वहीं, बड़े उपभोक्ताओं को भी 15 दिनों से अधिक का स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को थोक और खुदरा विक्रेताओं तथा चीनी मिलों के गोदामों का सत्यापन कर वास्तविक स्टॉक की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि जिलाधिकारी विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर सुविधाएं, स्वच्छ वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और अफवाहें फैलाकर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समाज में भ्रम और अशांति फैलाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जमीन विवाद को लेकर टावर पर चढ़ी महिला, पुलिस के समझाने के बाद नीचे उतरी

- बाजारखाला थाना क्षेत्र में मचा हड़कंप, सूचना पर पहुंची पुलिस; मामले की जांच जारी


लखनऊ। बाजारखाला थाना क्षेत्र में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला जमीन विवाद को लेकर कथित तौर पर मोबाइल टावर पर चढ़ गई। महिला के टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित नीचे उतारने के लिए समझाने-बुझाने का प्रयास शुरू किया।
थाना प्रभारी बृजेश सिंह ने महिला से बातचीत कर उसे शांत कराया। पुलिसकर्मियों ने काफी देर तक समझाने के बाद महिला को नीचे उतरने के लिए राजी कर लिया। इसके बाद वह सुरक्षित टावर से नीचे उतर आई।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, महिला के टावर पर चढ़ने की वजह जमीन से जुड़ा विवाद बताई जा रही है। हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह और पूरे घटनाक्रम की पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अमीनाबाद में कथित नकली दवा नेटवर्क का खुलासा, 39.20 लाख Zoryl-M1 टैबलेट पर उठे सवाल

-  FSDA की जांच में फर्जी बिलिंग और क्रॉस-बिलिंग का आरोप; चार कारोबारियों के खिलाफ FIR, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल


लखनऊ। राजधानी के अमीनाबाद में कथित नकली दवा नेटवर्क की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की जांच के मुताबिक, कुछ दवा फर्मों के बीच वास्तविक दवा की आपूर्ति के बिना फर्जी बिलिंग, क्रॉस-बिलिंग और कागजी लेनदेन किए जाने की आशंका है।
विभागीय जांच में एक फर्म की ओर से वित्तीय वर्ष 2026 में करीब 8.87 करोड़ रुपये की दवाओं की खरीद दर्शाए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच का एक अहम बिंदु 39.20 लाख Zoryl-M1 टैबलेट का स्टॉक और उनके लेनदेन से जुड़ा रिकॉर्ड है, जिसका पूरा हिसाब विभागीय जांच में नहीं मिल सका।

-  कंपनियों ने बिक्री से किया इनकार
FSDA के अनुसार, संबंधित दवा कंपनियों से दवाओं और बैचों का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान कंपनियों की ओर से इन दवाओं की बिक्री किए जाने से इनकार किया गया। विभाग के मुताबिक, जांच में संबंधित बैचों को कथित तौर पर काउंटरफिट बताया गया है।

-  चार कारोबारियों के खिलाफ FIR
FSDA की शिकायत के आधार पर अमीनाबाद थाने में चार कारोबारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। मामले में Health Plus, MK Pharma, Ram Pharma और सहारनपुर की Patient Care Surgical House से जुड़े लोगों को आरोपी बनाया गया है।
विभाग के अनुसार, जांच अभी जारी है। फर्जी बिलिंग, दवाओं की खरीद-बिक्री और कथित काउंटरफिट दवाओं के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और फर्मों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ : जेन-जी छात्रों के समर्थन में कांग्रेस का प्रदर्शन


-  राजभवन कूच के दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक


लखनऊ। जेन-जी छात्रों के समर्थन और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने शनिवार को लखनऊ में जोरदार प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के नेतृत्व में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने परिवर्तन चौक से राजभवन तक मार्च निकाला। प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष दीपक शिवहरे ने मार्च की कमान संभाली।
प्रदर्शन में सैकड़ों युवा कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर कथित अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। राजभवन घेराव के ऐलान के बाद कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए राजभवन की ओर बढ़े।
मार्च में यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, जगदीश चंद्र जांगीड़ और पूर्व एमएलसी दीपक सिंह समेत कई नेता मौजूद रहे। राजभवन कूच के दौरान पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया, जिसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक हुई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उन्हें ईको गार्डन भेज दिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को उनकी मांगों पर संवाद करना चाहिए।
चीनी की कालाबाजारी पर सख्ती, 30 दिन से ज्यादा स्टॉक रखने पर कार्रवाई

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में चीनी की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए चीनी की कालाबाजारी एवं अनधिकृत भंडारण पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर चीनी की कृत्रिम कमी पैदा कर कीमतों को प्रभावित करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रदेश की चीनी मिलों में वर्तमान में कुल 179.38 लाख क्विंटल चीनी उपलब्ध है। इसमें सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख क्विंटल, निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख क्विंटल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख क्विंटल चीनी का भंडार शामिल है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कोई भी व्यापारी या डीलर 30 दिनों से अधिक समय तक चीनी का स्टॉक भंडारित नहीं कर सकेगा। वहीं, एक समय में किसी भी डीलर के पास 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कालाबाजारी या जमाखोरी में संलिप्त लोगों के खिलाफ एस्मा के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।

-  48 लाख किसानों को 3,217 करोड़ रुपये का भुगतान
समीक्षा के दौरान प्रदेश में गन्ना किसानों को किए गए भुगतान की भी जानकारी दी गई। सरकार के अनुसार करीब 48 लाख किसानों को 3,217 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान किया गया है। सरकार का दावा है कि प्रदेश में किसानों को रिकॉर्ड स्तर पर गन्ना भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है।

- 15 अक्टूबर से शुरू होगा नया पेराई सत्र
प्रदेश में गन्ने का नया पेराई सत्र 15 अक्टूबर से शुरू होने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चीनी की उपलब्धता, वितरण और गन्ना पेराई सत्र की तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
जापानी तकनीक और यूपी के एमएसएमई का संगम बनेगा नए औद्योगिक विकास का आधार
- जापान-यूपी एमएसएमई पार्टनरशिप फोरम में निवेश, तकनीकी हस्तांतरण, निर्यात और रोजगार पर मंथन; जेवर के पास 500 एकड़ में विकसित होगी       'जापान सिटी’

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विशाल एमएसएमई नेटवर्क को जापान की अत्याधुनिक तकनीक, गुणवत्ता मानकों और औद्योगिक विशेषज्ञता से जोड़कर प्रदेश में नया औद्योगिक ग्रोथ कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में पहल तेज हो गई है। शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मरकरी हॉल में आयोजित ‘जापान-यूपी एमएसएमई पार्टनरशिप फोरम : को-क्रिएटिंग द नेक्स्ट ग्रोथ कॉरिडोर’ में दोनों पक्षों के बीच निवेश, तकनीकी हस्तांतरण, निर्यात, स्टार्टअप, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, रोबोटिक्स और रोजगार के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम में एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी, प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल सुशील, सचिव एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन प्रांजल यादव समेत जापानी प्रतिनिधिमंडल, उद्यमी, शिक्षाविद और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

- 90 लाख से अधिक एमएसएमई, जापानी तकनीक से मिलेगा विस्तार
एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 90 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां सक्रिय हैं, जो देश की कुल एमएसएमई इकाइयों का करीब 14 प्रतिशत हैं। सरकार उत्पादन और रोजगार में 15 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े उपभोक्ता बाजार के कारण उत्तर प्रदेश जापानी कंपनियों के लिए निवेश का आकर्षक केंद्र बन रहा है। गौतमबुद्ध नगर में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास करीब 500 एकड़ में ‘जापान सिटी’ विकसित की जा रही है। इसे ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और प्रिसिजन इंजीनियरिंग जैसे आधुनिक क्षेत्रों के लिए प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

- Kaizen और 5S से सुधरेगी एमएसएमई की कार्यक्षमता
मंत्री ने कहा कि जापान की उत्पादन प्रणाली और गुणवत्ता सुधार की पद्धतियों Kaizen, 5S और Green Manufacturing को प्रदेश की एमएसएमई इकाइयों में प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ाने, लागत और वेस्टेज घटाने तथा यूपी के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि ODOP के जरिए प्रदेश के सभी 75 जिलों के विशिष्ट उत्पादों को बाजार और पहचान मिल रही है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के जरिए युवाओं और पारंपरिक कारीगरों को उद्यमिता से जोड़ा जा रहा है।

- पहली तिमाही में एमएसएमई को 1.40 लाख करोड़ का ऋण
प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में ही प्रदेश की एमएसएमई इकाइयों को करीब 1.40 लाख करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में यह आंकड़ा करीब तीन लाख करोड़ रुपये रहा था।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब एक करोड़ एमएसएमई इकाइयों से तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है। उत्तर प्रदेश का कुल निर्यात दो लाख करोड़ रुपये से अधिक है, जिसमें एमएसएमई क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 45 प्रतिशत है।
सीएम युवा अभियान के तहत अब तक करीब दो लाख युवाओं को आठ हजार करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा चुका है। अगले 10 वर्षों में 10 लाख युवाओं को उद्यम स्थापित करने के लिए ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

- जापानी कंपनियों और यूपी के एमएसएमई के बीच पहले से कारोबारी संबंध
सचिव एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन प्रांजल यादव ने कहा कि जापान की कई प्रमुख कंपनियां पहले से उत्तर प्रदेश में निवेश कर रही हैं। कुबोटा, एस्कॉर्ट्स कुबोटा और मिंडा कॉरपोरेशन जैसी कंपनियों की मौजूदगी प्रदेश में जापानी उद्योगों के भरोसे को दर्शाती है।
उन्होंने बताया कि गाजियाबाद की अल्बर्ट पिस्टन एंड रिंग्स और रेडनिक ऑटो एक्सपोर्ट्स जैसी एमएसएमई इकाइयां ऑटो पार्ट्स का उत्पादन कर होंडा और यामाहा जैसी जापानी कंपनियों को निर्यात कर रही हैं। कई स्थानीय इकाइयां इमिटेशन ज्वेलरी और इंजीनियरिंग उत्पाद भी जापान को भेज रही हैं।
प्रांजल यादव ने कहा कि जापानी उत्पादन तकनीक और गुणवत्ता प्रणालियों को अपनाकर यूपी की एमएसएमई इकाइयां उत्पादकता, गुणवत्ता और निर्यात क्षमता को और मजबूत कर सकती हैं।

-  बरेली का हुनर पहुंचा 200 से अधिक देशों में
राजगढ़िया एक्सपोर्ट्स, बरेली के सीईओ सुधीर राजगढ़िया ने बताया कि बरेली की जरी-जरदोजी कला को डिजिटल तकनीक के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ा गया है। वर्ष 2018 में तीन लोगों से शुरू हुई कंपनी अब 200 से अधिक देशों में अपने उत्पाद निर्यात कर रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और ODOP जैसे प्रयासों ने छोटे शहरों के पारंपरिक हुनर को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

-  स्टार्टअप और रोबोटिक्स में भी सहयोग की संभावनाएं
एकेटीयू इनोवेशन हब के सीईओ डॉ. महिप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 20 हजार से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप और 80 से अधिक इनक्यूबेशन सेंटर हैं। एआई, साइबर सिक्योरिटी और रोबोटिक्स के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जा रहे हैं। जापानी विश्वविद्यालयों और उद्योगों के साथ स्टूडेंट एक्सचेंज, संयुक्त शोध और सेमीकंडक्टर-रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं।
आईआईएम लखनऊ एंटरप्राइज इनक्यूबेशन सेंटर की एमडी यामिनी भूषण पांडे ने जापानी एमएसएमई और स्टार्टअप के लिए उत्तर प्रदेश में ‘सॉफ्ट लैंडिंग प्लेटफॉर्म’ विकसित करने का सुझाव दिया। इससे जापानी उद्यमियों को भारतीय बाजार समझने और स्थानीय साझेदार तलाशने में मदद मिल सकती है।

- नोएडा से टेक्सटाइल निर्यात बढ़ाने पर जोर
नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर के अध्यक्ष ललित ठुकराल ने कहा कि नोएडा के गारमेंट उद्योग से करीब 10 लाख लोग जुड़े हैं और यहां से 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात होता है। उन्होंने जापान के रेडीमेड कपड़ा बाजार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया।
फोरम में इस बात पर सहमति बनी कि जेवर के पास प्रस्तावित ‘जापान सिटी’ और प्रदेश का विशाल एमएसएमई आधार मिलकर उत्तर प्रदेश-जापान औद्योगिक सहयोग को नई दिशा दे सकते हैं। जापानी तकनीक, यूपी के हुनर और मजबूत औद्योगिक ढांचे के मेल से वैश्विक सप्लाई चेन में प्रदेश की भूमिका बढ़ाने के साथ रोजगार और निर्यात के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
जापानी तकनीक और कृषि उत्पादों का मेल बनाएगा यूपी को फूड प्रोसेसिंग हब: केशव मौर्य

- जापान-भारत व्यापार नेटवर्किंग कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ने निवेशकों को दिया न्योता, बोले- किसानों की आय, रोजगार और निर्यात बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा खाद्य प्रसंस्करण


लखनऊ। उत्तर प्रदेश को देश का बड़ा खाद्य प्रसंस्करण केंद्र बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने जापानी निवेशकों के साथ साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जापान की अत्याधुनिक तकनीक, गुणवत्ता और विशेषज्ञता को उत्तर प्रदेश के विशाल कृषि आधार और विविध कृषि उत्पादों से जोड़ा जाए तो प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिल सकती है।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में इन्वेस्ट यूपी की ओर से आयोजित जापान-भारत व्यापार नेटवर्किंग कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने जापानी निवेशकों से उत्तर प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जापानी कंपनियों और प्रदेश के उद्यमियों के बीच साझेदारी से किसानों की आय बढ़ाने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने की व्यापक संभावनाएं हैं।

- बुद्ध की विरासत से जुड़े हैं भारत-जापान के संबंध
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भारत और जापान के संबंध केवल व्यापार और निवेश तक सीमित नहीं हैं। भगवान बुद्ध की करुणा, शांति, मानव कल्याण और ज्ञान की शिक्षाओं ने दोनों देशों के बीच सदियों पुराना सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंध बनाया है। उत्तर प्रदेश में भगवान बुद्ध से जुड़े प्रमुख स्थलों और जापान की समृद्ध बौद्ध परंपरा के बीच भी गहरा जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत-जापान के रणनीतिक और आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे के दौरान प्रदेश में निवेश के लिए जापानी उद्यमियों को आमंत्रित किया गया था। अब लखनऊ में दोनों देशों के निवेशकों और उद्यमियों का एक मंच पर आना इसी सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

- कृषि उत्पादों को मिलेगा बेहतर बाजार
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की करीब 65 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है और 2.33 करोड़ सूचीबद्ध किसान राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग किसानों से कृषि उत्पाद खरीदकर उन्हें मूल्यवर्धित उत्पादों में बदल सकते हैं। इससे किसानों को उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ उत्पादों को देश और विदेश के बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए पहले से अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। वर्ष 2017 में खाद्य प्रसंस्करण नीति लागू की गई थी, जबकि इसके बाद खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 लाई गई। इसके तहत निवेशकों को सब्सिडी समेत कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

- जापानी निवेशकों के लिए यूपी में बेहतर माहौल
केशव मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेशकों के लिए बेहतर कानून-व्यवस्था, पर्याप्त लैंड बैंक और सड़क, रेल व हवाई संपर्क जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। लखनऊ, वाराणसी, जेवर और कुशीनगर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे राज्य की वैश्विक कनेक्टिविटी को और मजबूत कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में युवा उपलब्ध हैं और उन्हें उद्योगों की जरूरत के अनुसार कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर भी सरकार का विशेष ध्यान है, ताकि निवेश के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें।

- महिला स्वयं सहायता समूहों को भी मिलेगा लाभ
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एक करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में इन समूहों की महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ाया जा सकता है। महिलाओं के नाम पर खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने वालों को सोलर सब्सिडी समेत अन्य प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। उन्होंने उद्यमियों से सरकार की नीतियों और सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।

- काला नमक चावल जैसे उत्पादों को मिलेगी वैश्विक पहचान
केशव मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश के कई विशिष्ट कृषि उत्पादों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की बड़ी संभावनाएं हैं। काला नमक चावल जैसे स्थानीय उत्पादों को आधुनिक प्रसंस्करण, आकर्षक पैकेजिंग और प्रभावी मार्केटिंग के जरिए वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तर प्रदेश में निवेश केवल उद्योग लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, युवाओं को रोजगार देना और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देना है।
कार्यक्रम में भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची समेत जापान और भारत के अनेक निवेशक, उद्यमी और गणमान्यजन मौजूद रहे।
कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ को पुण्यतिथि पर केशव मौर्य ने दी श्रद्धांजलि

-  बोले- संघर्षशील और जुझारू जननेता थे बाबूजी, वंचितों और पिछड़ों के उत्थान के लिए समर्पित रहा जीवन


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पूर्व मुख्यमंत्री, राजस्थान एवं हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल और पद्म विभूषण से सम्मानित स्वर्गीय कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ की पांचवीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने कैम्प कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग पर कल्याण सिंह के स्मृति चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि श्रद्धेय कल्याण सिंह ऐसे जननायक थे, जिनका जीवन गरीबों, वंचितों और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उत्तर प्रदेश के विकास के लिए उनके द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णय और किए गए कार्य आज भी प्रेरणा देते हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ एक जुझारू और संघर्षशील जनप्रतिनिधि थे। उन्हें राष्ट्रवादी विचारधारा के दृढ़ राजनेता के रूप में जाना जाता है। उनका राजनीतिक जीवन लंबे संघर्षों से भरा रहा, लेकिन उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।
उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह का व्यक्तित्व और कृतित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। समाज और राष्ट्र की निस्वार्थ सेवा के लिए बाबूजी को हमेशा याद किया जाएगा।
केशव मौर्य ने इस दौरान कल्याण सिंह से जुड़े अपने संस्मरणों को भी साझा किया और उनके सार्वजनिक जीवन, संघर्ष तथा समाज के कमजोर वर्गों के लिए किए गए कार्यों को याद किया। उन्होंने कहा कि बाबूजी ने अपने पूरे जीवन में जनसेवा को प्राथमिकता दी और उत्तर प्रदेश की राजनीति एवं विकास यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।