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योगी सरकार का बड़ा फैसला: शासकीय भूमि से जुड़े मामलों की सुनवाई अब तीन सदस्यीय विशेष पीठ करेगी

सीएम योगी के निर्देश पर नई व्यवस्था तत्काल लागू, लखनऊ और प्रयागराज में गठित विशेष बेंच; हर बुधवार होगी नियमित सुनवाई

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राजस्व न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक अहम निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राजस्व परिषद ने शासकीय एवं सार्वजनिक महत्व की भूमि से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई के लिए तीन सदस्यीय विशेष पीठ (थ्री मेंबर बेंच) गठित करने का फैसला किया है। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

नई व्यवस्था के तहत आरक्षित श्रेणी की भूमि, शासकीय भूमि, ग्राम सभा, नजूल, निष्क्रांत संपत्ति तथा शत्रु संपत्ति (यदि कोई हो) से जुड़े सभी लंबित और नए वाद अब केवल तीन सदस्यीय विशेष पीठ के समक्ष ही सुने जाएंगे। इन मामलों की सुनवाई अब एकल पीठ या सर्किट कोर्ट में नहीं होगी।

राजस्व परिषद की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने, भूमि विवादों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने और राजस्व न्याय प्रणाली को अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा-9 के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है।

-  हर बुधवार होगी विशेष पीठ की सुनवाई
राजस्व परिषद ने लखनऊ और प्रयागराज स्थित न्यायालयों में अलग-अलग तीन सदस्यीय विशेष पीठों का गठन किया है। ये विशेष पीठ प्रत्येक बुधवार को नियमित रूप से संबंधित मामलों की सुनवाई करेंगी। परिषद ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस श्रेणी के सभी लंबित एवं नए वादों को चिह्नित कर विशेष पीठ के समक्ष सूचीबद्ध कराया जाए, ताकि मामलों का त्वरित और व्यवस्थित निस्तारण सुनिश्चित हो सके।

-  पारदर्शिता और एकरूपता को मिलेगा बढ़ावा
नई व्यवस्था के तहत सामूहिक निर्णय प्रणाली अपनाए जाने से न्यायिक प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी। साथ ही समान प्रकृति के मामलों में एकरूप निर्णय आने से भविष्य में कानूनी विवाद और असमंजस की स्थिति भी कम होगी।

-  राजस्व सुधारों की कड़ी में एक और कदम
योगी सरकार पहले ही डिजिटल भू-अभिलेख, ऑनलाइन नामांतरण, आधुनिक तकनीक से भूमि पैमाइश, पारदर्शी राजस्व सेवाओं और सरकारी भूमि की सुरक्षा जैसे कई सुधार लागू कर चुकी है। तीन सदस्यीय विशेष पीठ का गठन इन्हीं सुधारों की श्रृंखला का नया और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे प्रदेश की राजस्व न्याय व्यवस्था को और अधिक प्रभावी तथा आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का लखनऊ में भव्य स्वागत, मुख्यमंत्री योगी ने एयरपोर्ट पर किया अभिनंदन
-  पहली बार उत्तर प्रदेश आगमन पर पुष्पगुच्छ व भगवा अंगवस्त्र से किया सम्मान, मंत्रियों और संगठन पदाधिकारियों से कराया परिचय

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद नितिन नबीन के पहली बार लखनऊ आगमन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एयरपोर्ट पहुंचकर उनका भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने पुष्पगुच्छ भेंट कर और भगवा अंगवस्त्र पहनाकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष का प्रदेश सरकार के मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों से परिचय भी कराया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर स्वागत संदेश साझा करते हुए लिखा कि "प्रभु श्रीराम एवं लीलाधारी भगवान श्रीकृष्ण के चरणरज से पावन हुई संस्कृति, संस्कार और सृजन की साधना स्थली उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन जी का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन।"
एयरपोर्ट पर स्वागत के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, केंद्रीय राज्यमंत्री कमलेश पासवान, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना, सूर्य प्रताप शाही, स्वतंत्र देव सिंह, भूपेंद्र चौधरी, ए.के. शर्मा, धर्मपाल सिंह, नंद गोपाल गुप्ता 'नन्दी', संजय निषाद, दारा सिंह चौहान, जेपीएस राठौर, राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा, संजय सेठ, ब्रजलाल, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल सहित अनेक मंत्री, जनप्रतिनिधि और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रथम उत्तर प्रदेश आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। एयरपोर्ट पर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन लखनऊ पहुंचे, योगी ने किया स्वागत
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दो दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरे पर शनिवार को लखनऊ पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप्र भाजपा अध्यक्ष व केन्द्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी समेत भाजपा के अन्य नेताओं ने उनका अमौसी हवाई अड्डे पर स्वागत किया। उनके स्वागत काे लेकर राजधानी लखनऊ को भव्य तरीके से सजाया गया है।

योगी आदित्यनाथ सरकार के सभी मंत्रियों, भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों ने होर्डिंग लगाकर नितिन नवीन का स्वागत कर रहे हैं। कृष्णा नगर मोड़ से यूपी बीजेपी ऑफिस तक होगा भव्य रोड शो शुरू हो गया है। आज भाजपा अध्यक्ष उप्र भाजपा की नवगठित टीम का मार्गदर्शन करेंगे।

नितिन नवीन मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री, भाजपा सांसद एवं विधायकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इसके अलावा, राष्ट्रीय अध्यक्ष की उपस्थिति में उप्र की कोर कमेटी की बैठक भी होगी। आगामी 2027 के विधान सभा चुनाव को लेकर विस्तार से चर्चा कर रणनीति बनेगी। इसके साथ ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन कई प्रमुख हस्तियों से भी मुलाकात करेंगे।
काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट पर पीएसी जवान की कार्बाइन से चली गोली, तीन दुकानदार घायल
ड्यूटी के दौरान हाथ से फिसलकर गिरी लोडेड कार्बाइन, पत्थर से टकराकर उड़े छर्रे और गिट्टियां, घायलों का प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी

लखनऊ/वाराणसी  । उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर-4बी के पास शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। ड्यूटी पर तैनात पीएसी के एक जवान की लोडेड कार्बाइन हाथ से फिसलकर जमीन पर गिर गई। कार्बाइन गिरते ही उससे अचानक फायर हो गया। गोली सीधे किसी व्यक्ति को नहीं लगी, लेकिन सड़क और पत्थर से टकराने के बाद उसके छर्रे व गिट्टियां आसपास मौजूद लोगों पर जा गिरीं, जिससे तीन लोग घायल हो गए। घटना के बाद मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना शनिवार सुबह करीब सात बजे की है। उस समय मंदिर के गेट नंबर-4बी के बाहर श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो चुकी थी और फूल-माला की दुकानें भी खुली थीं। इसी दौरान पीएसी जवान की कार्बाइन हाथ से फिसलकर जमीन पर गिर गई और उससे अचानक गोली चल गई। गोली सड़क पर लगी, जिससे पत्थर और गिट्टियां उछलकर आसपास खड़े लोगों को लगीं।

इस हादसे में फूल-माला की दुकान लगाने वाले निक्की गुप्ता, रामबाबू और विकास यादव घायल हो गए। तीनों को मामूली चोटें आईं। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घायलों को तत्काल मंडलीय चिकित्सालय, कबीरचौरा भेजा गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों की हालत सामान्य बताते हुए उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी।

गोली चलने की आवाज सुनते ही मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं में कुछ देर के लिए दहशत फैल गई। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित कर लिया, जिससे किसी प्रकार की भगदड़ नहीं मची और हालात जल्द सामान्य हो गए।

घटना की सूचना पर वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद एहतियात के तौर पर गेट नंबर-4बी और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया।

पुलिस ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए हैं और संबंधित पीएसी जवान से पूछताछ भी की जा रही है। प्रारंभिक जांच में मामला आकस्मिक फायरिंग का प्रतीत हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि गोली किन परिस्थितियों में चली और क्या सुरक्षा मानकों के पालन में किसी प्रकार की लापरवाही हुई है।

पुलिस के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घटना के बाद मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सामान्य है और श्रद्धालुओं का दर्शन-पूजन सुचारु रूप से जारी है।
राजस्व परिषद की बड़ी पहल: अब प्रमाणित स्कैन कॉपी से होगी न्यायिक कार्यवाही, मूल अभिलेख रहेंगे सुरक्षित
-  डिजिटल व्यवस्था से न्यायिक प्रक्रिया होगी तेज, पारदर्शी और समयबद्ध; विशेष परिस्थितियों में ही तलब होंगे मूल अभिलेख


लखनऊ। उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने न्यायिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, दक्ष और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब राजस्व परिषद के न्यायालयों में विचाराधीन मामलों में सामान्यतः मूल अभिलेखों के स्थान पर अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रमाणित पूर्ण स्कैन प्रति (Certified Complete Scanned Copy) के आधार पर ही न्यायिक कार्यवाही की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य मूल अभिलेखों का सुरक्षित संरक्षण सुनिश्चित करने के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।
राजस्व परिषद की अध्यक्ष श्रीमती अर्चना अग्रवाल के निर्देश पर यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। नई प्रणाली लागू होने से मूल अभिलेखों को बार-बार एक स्थान से दूसरे स्थान भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे उनके क्षतिग्रस्त होने, गुम होने अथवा समय पर उपलब्ध न हो पाने जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
नई व्यवस्था के तहत अधीनस्थ न्यायालयों को वाद से संबंधित प्रत्येक दस्तावेज, परिशिष्ट, मानचित्र, नोटशीट, आदेश पत्रक तथा अन्य सभी संलग्न अभिलेखों की क्रमवार एवं स्पष्ट स्कैन प्रति उपलब्ध करानी होगी। प्रत्येक स्कैन प्रति के साथ संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर (RRK) द्वारा विधिवत प्रमाणित प्रमाण-पत्र संलग्न करना भी अनिवार्य होगा।
राजस्व परिषद ने स्पष्ट किया है कि केवल विशेष परिस्थितियों में, जब न्यायालय लिखित कारण दर्ज करते हुए मूल अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश देगा, तभी मूल पत्रावली मंगाई जाएगी। अन्य सभी मामलों में प्रमाणित स्कैन प्रतियों के आधार पर ही सुनवाई और अन्य न्यायिक कार्यवाही संपन्न होगी।
व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि किसी स्तर पर अपूर्ण, अस्पष्ट या अप्रमाणित स्कैन प्रति भेजी जाती है तो संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर (RRK) को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार मानते हुए उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व परिषद ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नई व्यवस्था से तत्काल अवगत कराते हुए इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही, न्यायालयों द्वारा मांगी गई प्रमाणित स्कैन प्रतियां निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
राजस्व परिषद का मानना है कि यह पहल डिजिटल अभिलेख प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने, मूल अभिलेखों के दीर्घकालिक संरक्षण तथा न्यायिक कार्यप्रणाली को आधुनिक तकनीक के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। भविष्य में CCMS पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन संचालित करने की भी तैयारी की जा रही है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया और अधिक सरल, पारदर्शी तथा प्रभावी बन सकेगी।
राजस्व परिषद की बड़ी पहल: अब प्रमाणित स्कैन कॉपी से होगी न्यायिक कार्यवाही, मूल अभिलेख रहेंगे सुरक्षित
-  डिजिटल व्यवस्था से न्यायिक प्रक्रिया होगी तेज, पारदर्शी और समयबद्ध; विशेष परिस्थितियों में ही तलब होंगे मूल अभिलेख


लखनऊ। उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने न्यायिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, दक्ष और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब राजस्व परिषद के न्यायालयों में विचाराधीन मामलों में सामान्यतः मूल अभिलेखों के स्थान पर अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रमाणित पूर्ण स्कैन प्रति (Certified Complete Scanned Copy) के आधार पर ही न्यायिक कार्यवाही की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य मूल अभिलेखों का सुरक्षित संरक्षण सुनिश्चित करने के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।
राजस्व परिषद की अध्यक्ष श्रीमती अर्चना अग्रवाल के निर्देश पर यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। नई प्रणाली लागू होने से मूल अभिलेखों को बार-बार एक स्थान से दूसरे स्थान भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे उनके क्षतिग्रस्त होने, गुम होने अथवा समय पर उपलब्ध न हो पाने जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
नई व्यवस्था के तहत अधीनस्थ न्यायालयों को वाद से संबंधित प्रत्येक दस्तावेज, परिशिष्ट, मानचित्र, नोटशीट, आदेश पत्रक तथा अन्य सभी संलग्न अभिलेखों की क्रमवार एवं स्पष्ट स्कैन प्रति उपलब्ध करानी होगी। प्रत्येक स्कैन प्रति के साथ संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर (RRK) द्वारा विधिवत प्रमाणित प्रमाण-पत्र संलग्न करना भी अनिवार्य होगा।
राजस्व परिषद ने स्पष्ट किया है कि केवल विशेष परिस्थितियों में, जब न्यायालय लिखित कारण दर्ज करते हुए मूल अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश देगा, तभी मूल पत्रावली मंगाई जाएगी। अन्य सभी मामलों में प्रमाणित स्कैन प्रतियों के आधार पर ही सुनवाई और अन्य न्यायिक कार्यवाही संपन्न होगी।
व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि किसी स्तर पर अपूर्ण, अस्पष्ट या अप्रमाणित स्कैन प्रति भेजी जाती है तो संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर (RRK) को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार मानते हुए उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व परिषद ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नई व्यवस्था से तत्काल अवगत कराते हुए इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही, न्यायालयों द्वारा मांगी गई प्रमाणित स्कैन प्रतियां निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
राजस्व परिषद का मानना है कि यह पहल डिजिटल अभिलेख प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने, मूल अभिलेखों के दीर्घकालिक संरक्षण तथा न्यायिक कार्यप्रणाली को आधुनिक तकनीक के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। भविष्य में CCMS पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन संचालित करने की भी तैयारी की जा रही है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया और अधिक सरल, पारदर्शी तथा प्रभावी बन सकेगी।
लखनऊ में 28 पुलिस अधिकारियों की पिपिंग सेरेमनी, PPS से IPS पदोन्नति पर डीजीपी ने दी बधाई
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय, गोमती नगर विस्तार में शुक्रवार को प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) से भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में पदोन्नत हुए अधिकारियों के लिए पिपिंग सेरेमनी (Pipping Ceremony) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने पदोन्नत अधिकारियों को रैंक लगाकर सम्मानित किया और उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर कुल 28 अधिकारियों को पदोन्नति प्रदान की गई, जिनमें प्रमुख रूप से कमल किशोर, सुरेश चन्द्र रावत, शुएब इकबाल, राहुल मिठास, आलोक कुमार शर्मा, राजकुमार, महेश सिंह अत्रि, जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, शशि शेखर सिंह, कुलदीप सिंह, ज्ञानेन्द्र नाथ प्रसाद, हरेन्द्र प्रताप यादव, बंशराज सिंह यादव, डॉ. कृष्ण गोपाल, मधुबन कुमार सिंह, कपिलदेव सिंह, बलवंत कुमार चौधरी, राहुल श्रीवास्तव, प्रीति बाला गुप्ता, विकास चन्द्र त्रिपाठी, पूर्णेन्दु सिंह, हरेन्द्र कुमार, मार्तण्ड प्रकाश सिंह, अभयनाथ त्रिपाठी, और पवित्र मोहन त्रिपाठी शामिल रहे।

डीजीपी राजीव कृष्ण ने सभी पदोन्नत अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस सेवा एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण और जिम्मेदारीपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी जहां भी तैनात हों, वहां पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस की एक गौरवशाली परंपरा रही है, जिसे आगे बढ़ाना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। डीजीपी ने उम्मीद जताई कि सभी पदोन्नत अधिकारी अपने कार्यों से विभाग की प्रतिष्ठा को और मजबूत करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। समारोह में पदोन्नत अधिकारियों के परिवारजन भी मौजूद रहे और उन्होंने इस उपलब्धि पर खुशी जताई।
सपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र चौधरी को हार्ट अटैक, सिविल अस्पताल में भर्ती; अखिलेश यादव और ब्रजेश पाठक ने जाना हालचाल

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने की सूचना है। गंभीर अवस्था में उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।
राजेंद्र चौधरी के अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सिविल अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के साथ उनका हालचाल जाना।
वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से राजेंद्र चौधरी की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
फिलहाल राजेंद्र चौधरी का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में जारी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पार्टी नेताओं और समर्थकों में उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।
प्राविधिक शिक्षा के कार्मिकों की समस्याओं के निराकरण हेतु उच्च स्तरीय बैठक

लखनऊ । प्राविधिक शिक्षा विभाग के कार्मिकों के सेवा संबंधी लंबित मामलों और विभाग के सुदृढ़ीकरण को लेकर प्रमुख सचिव, प्राविधिक शिक्षा  एम.के. सुंदरम की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार का देर सायं आयोजित की गयी।बैठक में निदेशालय के उच्च अधिकारियों के साथ विशेष सचिव  विनोद कुमार की उपस्थिति विशेष रही ।  बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रतिनिधियों, जिनमें अध्यक्ष  एस.पी. तिवारी, सतीश श्रीवास्तव, उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा सेवा संघ के अध्यक्ष  विवेक कुमार श्रीवास्तव, सदस्य डॉ प्रियंका यादव और उपाध्यक्ष स्तुति श्रीवास्तव, वर्कशॉप इंस्ट्रक्टर संघ के अध्यक्ष  संजीव श्रीवास्तव , महामंत्री  धर्मेंद्र सिंह, यशवंत नियोगी , ने अपनी समस्याओं को प्रमुखता से रखा।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कार्मिकों के वेतन निर्धारण संबंधी लंबित मामलों को एक निश्चित समय-सीमा के भीतर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करते हुए
प्रशासनिक सेवा नियमावली के प्रख्यापन की प्रक्रिया में तेजी लाने पर चर्चा हुई।  प्राविधिक शिक्षा नियमावली में आवश्यक संशोधन करने पर सहमति बनी, ताकि कर्मचारियों के लिए पदोन्नति के स्पष्ट और बेहतर विकल्प सुनिश्चित किए जा सकें। बैठक का एक मुख्य आकर्षण वर्कशॉप इंस्ट्रक्टर संवर्ग रहा, जिनके लिए पदोन्नति के नए मार्ग खोलने तथा उनके पदनाम परिवर्तन के प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार किया गया।
प्रदेश की अनुदानित शिक्षण संस्थाओं में कार्यरत कार्मिकों के पदों की निरंतरता बनाए रखने और उनके नियमितीकरण के संबंध में ठोस नीति बनाने पर भी चर्चा हुई।
विभाग में लंबे समय से लंबित अन्य प्रशासनिक प्रकरणों और बंधन समाप्ति संबंधी मामलों के शीघ्र समाधान हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
विभाग के प्रतिनिधियों ने इस चर्चा को अत्यंत सकारात्मक बताते हुए आशा व्यक्त की है कि इन निर्णयों के क्रियान्वयन से विभाग के कार्मिकों का मनोबल बढ़ेगा और प्राविधिक शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण सुधार आएगा। सभी के प्रति आभार उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष एसपी तिवारी ने व्यक्त किया।
सपा के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र चौधरी की तबीयत बिगड़ी, सिविल अस्पताल में भर्ती
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र चौधरी की अचानक तबीयत बिगड़ गयी। आनन फानन में उन्हें लखनऊ में हजरतगंज स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल पहुंचाया गया। उनका इलाज शुरू हो गया है। सपा मुखिया अखिलेश यादव समेत पार्टी के कई नेता अस्पताल पहुंचे हैं।