कृषि विभाग ने प्रयागराज में लागू की नई व्यवस्था, कीटनाशक कितना आया और कितना बिका; आनलाइन होगा पूरा डाटा
प्रयागराज । यूरिया और डीएपी की तरह अब जिले की सरकारी व प्राइवेट दुकानाें में बिकने वाले कीटनाशकों का भी पूरा रिकार्ड कृषि विभाग की वेबसाइट पर होगा। इससे कीटनाशकों की खरीद-फरोख्त और खपत की निगरानी में आसानी होगी। जिले से लेकर लखनऊ तक के अधिकारी किसी भी वक्त कहीं पर भी बैठकर इसकी समीक्षा कर सकेंगे।
जिले के प्रत्येक ब्लाक में कृषि रक्षा इकाइयां
जिले के सभी 23 ब्लाकों में कृषि विभाग की एक-एक कृषि रक्षा इकाइयां हैं, जहां से किसानों को कीटनाशक उपलब्ध कराए जाते हैं। ताकि, वह अपनी फसलों को कीटों व रोगों से बचा सकें। इसके अलावा लगभग 800 प्राइवेट दुकानें पंजीकृत हैं। अभी तक इन कृषि रक्षा इकाइयों व दुकानों में कीटनाशकों की आमद व वितरण का लेखा-जोखा आफलाइन रखा जाता है। आने वाले दिनों में यह व्यवस्था आनलाइन हो जाएगी।
कीटनाशक विक्रेताओं को कराना होगा पंजीकरण
जिला कृषि रक्षा अधिकारी डाॅ. मुकेश कुमार ने बताया कि अब सभी कीटनाशक विक्रेताओं को इंट्रीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। लगभग 300 दुकानदार पंजीकरण करा भी चुके हैं। इसी पोर्टल के माध्यम से यह दुकानदार थोक विक्रेताओं को अपनी डिमांड भेजेंगे। आनलाइन ही थोक विक्रेता उसे स्वीकृत करेंगे। आपूर्ति का डाटा भी अपलोड करेंगे।
दुकानों का कीटनाशक विवरण भी आनलाइन होगा
इसी तरह दुकानों से कीटनाशक का वितरण भी आनलाइन ही होगा। इससे कीटनाशक की आपूर्ति व खपत की निगरानी आसान होगी। किसी भी वक्त, कहीं भी बैठे-बैठे कीटनाशक की खरीद-फरोख्त व आपूर्ति की प्रगति देखी जा सकेगी। जिले में कीटनाशक की जरूरत का सही अनुमान लगेगा। इससे जुड़ी तैयारियों में सहूलियत होगी।








Apr 12 2026, 17:28
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