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नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए किया नामांकन, अमित शाह की मौजूदगी में भरा पर्चा

#biharcmnitishkumarfilesnominationforrajyasabha

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्य की सत्ता छोड़कर दिल्ली जाने के लिए तैयार हैं। नीतीश कुमार ने आज राज्य सभा चुनाव के लिए अपना नॉमिनेशन पेपर फाइल कर दिया है। नीतीश कुमार के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी नामांकन पर्चा दाखिल किया है। इस पूरी प्रक्रिया में शामिल होने के लिए खुद देश के गृह मंत्री अमित शाह भी पटना पहुंचे थे।

एक ही गाड़ी से विधानसभा पहुंचे

पटना स्थित विधानमंडल परिसर में उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नामांकन दाखिल किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा नामांकन के मौके पर तीनों दिग्गज नेता एक साथ नजर आए। खास बात यह रही कि अमित शाह, नीतीश कुमार और नितिन नवीन एक ही गाड़ी से बिहार विधानसभा पहुंचे, जिससे राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें तेज हो गई हैं। इस दौरान जदयू और सहयोगी दलों के कई वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहे।

नामांकन से पहले अमित शाह के साथ बैठक

राज्य सभा चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में पहले से ही हलचल थी। ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह का पटना दौरा इस चर्चा को और तेज कर गया। गुरुवार सुबह अमित शाह सीधे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, जहां नीतीश कुमार ने उनका स्वागत किया और उन्हें शॉल भेंट किया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच अहम बैठक हुई, जिसमें भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में राज्य सभा चुनाव के साथ-साथ बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

भाजपा-जेडीयू के बीच नए राजनीतिक फॉर्मूले पर मंथन

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। एनडीए के अंदर नए सत्ता समीकरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि भाजपा और जेडीयू के बीच नए राजनीतिक फॉर्मूले पर विचार चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक अमित शाह, नीतीश कुमार और नितिन नवीन की बैठक में बिहार की भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर भी बातचीत हुई है। हालांकि इस बैठक में क्या फैसला हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

नीतीश कुमार ने खुद दी राज्यसभा वाली जानकारी

इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज घोषणा की कि वो राज्यसभा चुनाव लड़ेंगे। कुमार ने राज्य के लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपने संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वह बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें। साथ ही उन्होंने ये बी भरोसा दिलाया कि राज्य में नए मुख्यमंत्री और राज्य की नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा।

यूएस हमले में डूबा 'आइरिस डेना', ईरान ने चेताया, कहा-भारतीय नौसेना का मेहमान था, पछताएगा अमेरिका

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अमेरिका और ईरान के बीच की लड़ाई अब एक बेहद खतरनाक और खूनी मोड़ पर पहुंच गई है। हवा में छिड़ी जंग अब समुद्र की गहराइयों तक पहुंच गई है। युद्ध का दायरा मिडिल ईस्ट की हदों से बाहर पहुंचता जा रहा है। इस बीच हिंद महासागर के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी है।

श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास हमला

अमेरिका की एक पनडुब्बी ने बिना किसी पूर्व चेतावनी के ईरानी युद्धपोत 'आइरिस डेना' पर अचानक टॉरपीडो से हमला कर दिया और उसे समंदर में डुबो दिया। इस विनाशकारी हमले में जहाज पर सवार कम से कम 87 ईरानी नाविकों की दर्दनाक मौत हो गई है। ये हमला उस वक्त हुआ जब, ईरानी युद्धपोत 'आइरिस डेना' श्रीलंका के दक्षिणी तट से गुजर रहा था।

श्रीलंकाई नौसेना ने बताया-जहाज से मदद के लिए संदेश आया

श्रीलंकाई नौसेना और रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह हमला पनडुब्बी से छोड़े गए टॉरपीडो से किया गया। गुरुवार सुबह लगभग 5 बजकर 08 मिनट से 5 बजकर 30 मिनट के बीच जहाज से मदद के लिए संदेश भेजा गया। संदेश में बताया गया कि समुद्र के अंदर एक बड़ा विस्फोट हुआ, जिससे जहाज को भारी नुकसान हुआ और उसमें तेजी से पानी भरने लगा। कुछ ही मिनटों में जहाज रडार से गायब हो गया और डूब गया।

अमेरिकी सेना ने जारी किया हमले का वीडियो

यह अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध के दौरान गहरे समुद्र में हुई पहली बड़ी नौसैनिक घटना मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार इससे यह संकेत मिलता है कि युद्ध अब भारत के समुद्री क्षेत्र के आसपास भी फैल सकता है। अमेरिकी सेना ने हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत आइरिस डेना पर हुए हमले का वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में विध्वसंक जहाज आइरिस डेना को अमेरिकी सेना ने पलक झपकते नेस्तनाबूद कर दिया।

ईरान हुआ आगबबूला

इस हमले के बाद ईरान आगबबूला हो गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने अमेरिका की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए उन्होंने लिखा, "अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में लगभग 130 नाविकों को ले जा रहे और भारतीय नौसेना के अतिथि रहे फ्रिगेट 'देना' पर बिना किसी चेतावनी के हमला हुआ।" उन्होंने बताया कि यह जहाज हाल ही में भारत की नौसेना के कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहा था और इसमें करीब 130 नाविक सवार थे। अराघची ने चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाई का अमेरिका को "कड़ा परिणाम भुगतना पड़ेगा।"

राज्यसभा जा रहे नीतीश कुमार, खुद ट्वीट कर किया कन्फर्म, बोले- नई सरकार को मेरा सहयोग रहेगा

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बिहार की सियासत आज एक ऐतिहासिक मोड़ पर हैं। पिछले दो दशक तक बिहार की सत्ता का केन्द्र रहे नीतीश कुमार ने दिल्ली रूख करने का मन बना लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का ऐलान कर दिया है। इसके साथ बिहार में अब बड़ा राजनीतिक बदलाव होने जा रहा है।

नीतीश कुमार ने का राज्यसभा जाने का ऐलान

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद अपने ट्विटर अकाउंट के माध्यम से राज्यसभा जाने की पुष्टि कर दी। उन्होंने कहा कि “पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है।”

राज्यसभा जाने की जताई इच्छा

अपने संसदीय जीवन की शुरुआत को याद करते हुए नीतीश ने कहा, “राजनीति में आने के समय से ही उनके मन में एक इच्छा थी कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें। इसी क्रम में इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं।”

बिहार के विकास और प्रगति का संकल्प जारी रहेगा-नीतीश

नीतीश कुमार ने अपने पोस्ट में यह भी भरोसा दिलाया कि राज्यसभा जाने के बाद भी जनता के साथ उनका संबंध पहले की तरह बना रहेगा। उन्होंने कहा कि “बिहार के विकास और प्रगति के लिए उनका संकल्प पहले की तरह जारी रहेगा और राज्य की जनता के साथ मिलकर विकसित बिहार के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जाएगा।”

नई सरकार में सहयोग का दिया भरोसा

नीतीश कुमार ने आगे कहा कि “बिहार में जो नई सरकार बनेगी, उसे उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहेगा।” उनके इस ऐलान के बाद बिहार की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि उनके राज्यसभा जाने के फैसले से राज्य की सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।”

नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा? बिहार को मिल सकता है पहला भाजपाई सीएम

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बिहार की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। पिछले 21 वर्षों से सूबे की सत्ता के केंद्र रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का मन बना लिया है।बिहार के सीएम नीतीश कमार आज सुबह 11 बजे राज्यसभा के लिए नामांकन करेंगे। हालांकि, अभी पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

नीतीश का दिल्ली जाना लगभग तय

बुधवार शाम को मुख्यमंत्री आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई, जिसमें जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और कद्दावर नेता विजय चौधरी मौजूद रहे। बैठक के बाद विजय चौधरी ने कहा कि अंतिम फैसला नीतीश कुमार को ही लेना है, लेकिन उनका दिल्ली जाना लगभग तय माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री आवास पर जुटने लगे समर्थक

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर फैलते ही पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास के बाहर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। अपने नेता के दिल्ली जाने की चर्चाओं से व्याकुल और भावुक कार्यकर्ता धीरे-धीरे मुख्यमंत्री आवास पर जुटने लगे हैं, जिसके चलते इलाके में हलचल और पुलिस की चौकसी दोनों बढ़ गई है। हुए प्रशासन ने ‘एक अणे मार्ग’ के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनी रहे। 

पटना पहुंचे विधायक और बड़े नेता

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों ने जेडीयू के भीतर भारी हलचल पैदा कर दी है। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक गलियारों में मंथन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। जिसके चलते पार्टी के तमाम विधायक और बड़े नेताओं को आपात स्थिति में पटना तलब किया गया है।

बिहार में अगला मुख्यमंत्री बीजेपी का होगा?

नीतीश कुमार अगर राज्यसभा जाते हैं, तो सबसे बड़ा प्रश्न ये होगा कि बाहिर का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? सूत्रों के मुताबिक अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जबकि जदयू से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का फॉर्मूला भी चर्चा में है।

बदलेगी बीजेपी और जदयू की भूमिका?

बिहार में सियासी सरगर्मी के बीच वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के वक्त ही सबकुछ तय हो चुका था। लेकिन चुनाव में नीतीश कुमार के नाम पर ही एनडीए को बड़ी सफलता मिली थी, इसलिए उन्हें 10वीं बार सीएम के रूप में शपथ दिलाई गई। लेकिन अब पावर ट्रांसफर की तैयारी पूरी हो चुकी है।नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए जाने के बाद बिहार में बीजेपी और जदयू की भूमिका पूरी तरह से बदल सकती है। अभी नीतीश कुमार की सरकार में बीजेपी कोटे से दो उपमुख्यमंत्री हैं, लेकिन किसी बीजेपी नेता के सीएम बनने पर नई सरकार में जदयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं।

UAE स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर भीषण हमला, CIA स्टेशन को बनाया गया निशाना

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ईरान लगातार मध्य-पूर्व में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है। अब दुबई स्थित अमेरिका के वाणिज्य दूतावास पर ड्रोन हमला हुआ है। इसके बाद दूतावास परिसर में आग लग गई, जिस पर तुरंत काबू पा लिया गया। ईरान ने सउदी अरब के रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास परिसर में मौजूद सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) के स्टेशन को निशाना बनाया। इससे पहले ईरान ने कुवैत और सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी दूतावासों को निशाना बनाया था।

ड्रोन हमले में CIA के स्टेशन को उड़ाया

ईरान ने एक ड्रोन हमले में सऊदी अरब स्थित अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के स्टेशन को उड़ा दिया है। CIA का स्टेशन रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास में मौजूद था। संदिग्ध ड्रोन ने सोमवार को CIA स्टेशन पर हमला किया। यह हमला ऐसे समय में किया गया है जब पता चला है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी ईरान में विद्रोह भड़काने के लिए कुर्द लड़ाकों को हथियार देने की योजना बना रही है। हमले से ठीक दो दिन पहले अमेरिकी और इजरायल हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इस हमले के लिए लोकेशन CIA ने जुटाई थी।

CIA स्टेशन का एक हिस्सा गिरा

ड्रोन हमले में CIA स्टेशन का एक हिस्सा गिर गया और परिसर धुएं से भर गया। स्टेशन को ढांचागत नुकसान भी हुआ है। अमेरिका और सऊदी अरब ने बताया कि दो ड्रोन ने दूतावास कॉम्प्लेक्स पर हमला किया लेकिन यह नहीं बताया कि CIA स्टेशन पर कोई असर पड़ा था।

अमेरिका की अपने नागरिकों से अपील- UAE छोड़ दें

अमेरिकी विदेश विभाग ने यूएई में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को ओमान और सऊदी अरब के साथ भूमि सीमाओं के माध्यम से देश छोड़ने को कहा है। अमेरिका ने कहा, "हम अमेरिकियों को सलाह देते हैं कि यदि उन्हें लगता है कि वे सुरक्षित रूप से UAE छोड़ सकते हैं, तो ऐसा करें। UAE से कुछ उड़ानें रवाना हो रही हैं। ओमान और सऊदी अरब के साथ जमीनी सीमाएं भी खुली हैं।"

खामेनेई की मौत से भड़का ईरान

बता दें कि शनिवार को इजरायल और अमेरिका के हमले में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान भड़का हुआ है। तेहरान ने इजरायल और मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सहयोगियों के खिलाफ लगातार हमले कर रहा है। मंगलवार को ऐसे ही एक ड्रोन हमले में दुबई में अमेरिकी कॉन्सुलेट हिल गया, जब एक बड़े धमाके से वहां आग लग गई। इसके पहले कुवैत में अमेरिकी बेस पर हमले में 6 सैनिक मारे गए थे।

देशभर में होली की धूम, गली-गली उड़ रहा गुलाल, राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी ने दी बधाई

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आज देशभर में रंगों का त्योहार होली खुशी और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाकर बधाई दे रहे हैं। सुबह होते ही शहर-शहर रंग और गुलाल से सराबोर नजर आ रहे हैं। हर तरफ रंगों की छटा और त्योहार की रौनक दिखाई दे रही है।

देश की सियासी गलियां भी होली के खुमार से अछूती नहीं हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को होली की शुभकामनाएं दी हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित दिल्ली, मध्य प्रदेश, हरियाणा और बिहार के मुख्यमंत्रियों ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए नेताओं ने रंगों के इस पर्व पर सुख, समृद्धि और सामाजिक समरसता की कामना की।

राष्ट्रपति ने दी होली की शुभकामनाएं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने होली 2026 के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि रंगों का यह त्योहार लोगों के जीवन में प्रेम और आशा का संचार करता है तथा आपसी एकता और भाईचारे को मजबूत बनाता है। राष्ट्रपति ने कामना की कि यह पर्व सभी के जीवन में खुशियां लेकर आए और हम सब मिलकर एक विकसित राष्ट्र के निर्माण में योगदान दें।

पीएम मोदी ने देशवासियों को दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने होली के अवसर पर एक्स पर पोस्ट कर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह त्योहार पूरे वातावरण में नई ऊर्जा भर देता है और इसकी यही सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने कहा कि चारों ओर बिखरे खुशियों के रंग हर किसी को उल्लास और आनंद से भर देते हैं। अपने संदेश में उन्होंने संस्कृत की पंक्तियों के माध्यम से प्रकृति के रंग, फूलों की महक और उत्सव की उमंग का भी उल्लेख किया, जो होली के आनंद और उत्साह को जीवंत रूप में दर्शाती हैं।

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने खेली होली

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होली के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में फूलों और गुलाल से होली खेली। वहीं सीएम योगी ने ‘एक्स’ पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए लिखा कि रंग, उमंग और सामाजिक समरसता के पावन पर्व होली की हार्दिक शुभकामनाएं. उन्होंने प्रभु श्री राम से प्रार्थना की कि यह रंगोत्सव सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और नई ऊर्जा लेकर आए.

लालू यादव बोले-सबसे सच्चा रंग मानवता के प्रति समर्पण

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने होली की शुभकामनाएं देते हुए लिखा, होली के पावन अवसर पर पावन रंगों में रंगे अपने जीवन के अनुभव और सेवा का संकल्प आपके चरणों में अर्पित करता हूं। संघर्ष की धूप में तपकर जो कुछ भी मैंने सीखा, वह यह है कि इंसान का सबसे सच्चा रंग उसका मानवता के प्रति समर्पण होता है। आइए, इस होली हम समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने का वचन दोहराएं। रिश्तों, नातों, भाईचारे और भविष्य के उज्जवल सपनों और मानवता की भलाई वाले रंग अपनाएं तथा एक दूसरे पर बस यही एक रंग चढ़ाएं।’ उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में आगे लिखा, ‘मेरी कामना है कि आपके घर में खुशियों का रंग बरसे, समाज में सेवा, सद्भाव और सुख का रंग कभी फीका न पड़े। आप सभी को होली की हृदय से शुभकामनाएं।’

खामेनेई को निशाना बनाना आसान नहीं था, इजरायल ने सालों तक ट्रैफिक कैमरों और फोन नेटवर्क किया हैक

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इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के खिलाफ जो कार्रवाई की, उससे ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो गई। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद एक बड़ा सवाल उठ रहा है कि अमेरिका और इजरायल ने आख़िर कैसे इतना सटीक निशाना लगाया और खामेनेई के साथ तमाम टॉप लीडरशिप पर बॉम्बिंग कर दी। ऐसे में एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है कि खामेनेई की लोकेशन पता करने के लिए इजरायल ने सालों तक ईरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक किया था।

इजराइल सालों तक खामेनेई की गतिविधियों पर नजर रखी

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के लिए इडराइल ने काफी बड़ी योजना बनाई और सालों तक ईरान में खामेनेई की गतिविधियों पर नजर रखी। यह खुलासा फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में हुआ है। उसने बताया कि इजरायल ने कई सालों तक ईरान के ट्रैफिक कैमरा नेटवर्क और मोबाइल फोन सिस्टम में घुसपैठ की थी। इजरायल निगरानी के जरिए खामेनेई की सुरक्षा दल की गतिविधियों पर नजर रख रहा था।

फुटेज को एन्क्रिप्ट करके तेल अवीव भेजा जाता था

फाइनेंशियल टाइम्स ने मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों के हवाले से बताया है कि इजरायली इंटेलिजेंस ने तेहरान के लगभग सभी ट्रैफिक कैमरों को सालों से हैक कर लिया था। उसकी तस्वीरें एन्क्रिप्ट करके तेल अवीव और दक्षिणी इजरायल के सर्वर पर भेजी जा रही थीं। इसमें एक कैमरे का एंगल बहुत काम का साबित हुआ, जिससे पाश्चर स्ट्रीट में खामेनेई के कड़े सुरक्षा वाले कंपाउंड के आम हिस्सा की झलक मिली।

क्या-क्या मिलती थी जानकारी

रिपोर्ट में बताया गया कि विशेष कैमरा एंगल से यह निर्धारित करने में मदद मिली कि अंगरक्षक अपने निजी वाहन कहां खड़ा करते थे। उससे तेहरान में पाश्चर स्ट्रीट के पास परिसर के अंदर की दैनिक दिनचर्या की जानकारी मिलती थी। अमेरिकी और इजरायली खुफिया अधिकारी खामेनेई के रहने, मिलने, संवाद और शरण लेने की संभावित जगह का अध्ययन करते थे। वे खामेनेई से मिलने वाले अन्य वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य नेताओं पर भी नजर रख रहे थे।

ऑपरेशन में एआई की भी मदद ली गई

इस ऑपरेशन में आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस की भी मदद ली गई, जिसके एल्गोदिरम ने इन सिक्योरिटी गार्ड के पते, ड्यूटी के घंटे, काम पर जाने के रास्ते के साथ ही यह भी पता लगाया कि उन्हें किसकी सुरक्षा और ट्रांसपोर्ट का काम सौंपा गया था।

पहले रात में थी हमले की योजना

रिपोर्ट के मुताबिक, 86 वर्षीय खामेनेई से मिलने वाले अधिकारी कभी भी एक जगह एक साथ नहीं मिलते थे। रविवार को खामेनेई की हत्या से पहले शीर्ष ईरानी अधिकारियों की शनिवार सुबह तेहरान परिसर के भीतर अलग-अलग स्थानों पर बैठक होनी थी, जहां सर्वोच्च नेता, राष्ट्रपति कार्यालय और राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र का कार्यालय है। पहले रात में हमले की योजना थी, जिसे बदलकर दिन में बदला गया। सुबह 6 बजे लड़ाकू विमानों ने परिसर पर सटीक निर्देशित गोलाबारी की थी।

60 सेकेंड में 3 ठिकानों को बनाया गया निशाना

एक इजरायली सैन्य अधिकारी ने बताया कि हवाई हमलों में 60 सेकंड के भीतर 3 ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें खामेनेई और क्रांतिकारी गार्ड के प्रमुख सहित लगभग 40 वरिष्ठ अधिकारी मारे गए। उन्होंने कहा कि दिनदहाड़े हमला करने से अप्रत्याशित प्रतिक्रिया मिली। हमले में खामेनेई की पत्नी, बेटी, बहु और पोता भी मारे गए हैं।

खामेनेई की मौत पर प्रदर्शन को लेकर भारत में हाई अलर्ट, गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एक निर्देश

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अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई। खामेनेई की मौत से पूरी दुनिया के मुस्लिम कम्यूनिटी में शोक की लहर है। भारत के कई शहरों में भी खामेनेई की मौत को लेकर अमेरिका और इजरायल के विरोध में प्रदर्शन किए गए। देशभर में प्रदर्शनों को लेकर गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह से सतर्क रहने को कहा है।

केन्द्र का कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश

गृह मंत्रालय ने देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को एक सख्त पत्र लिखा है। इस पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि मध्य पूर्व एशिया में चल रहे युद्ध और खामेनेई की मौत का बहाना बनाकर देश के अंदर कोई भी माहौल खराब करने की कोशिश कर सकता है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

दूतावासों के बाहर सुरक्षा बढ़ाई जाए

राज्यों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि वे ईरान समर्थक और ईरान विरोधी समूहों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखें। विशेष रूप से ईरानी, अमेरिकी और इजरायली दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों के आसपास सुरक्षा घेरा मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

आतंकी संगठनों की ओर से संभावित खतरों की चेतावनी

गृह मंत्रालय ने शिया मिलिशिया के साथ-साथ इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा जैसे आतंकी संगठनों से उत्पन्न संभावित खतरों की ओर भी इशारा किया है। खुफिया इनपुट के अनुसार, आतंकी समूह इस तनावपूर्ण माहौल का फायदा उठाकर अशांति फैलाने की कोशिश कर सकते हैं।

पर्यटक स्थलों और संवेदनशील जगहों पर नजर

दरअसल, मंत्रालय को खुफिया इनपुट मिला है। अलर्ट में प्रमुख पर्यटन स्थलों, यहूदी संस्थानों और पश्चिमी देशों से जुड़े प्रतिष्ठानों को भी संभावित निशाना बताया गया है। केंद्र सरकार ने राज्यों को संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

हम शांति के पक्षधर”, पश्चिमी एशिया में तनाव पर पीएम मोदी का बड़ा बयान, बोले-बातचीत से निकले हम

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पश्चिमी एशिया में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया को बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने हालात को चिंताजनक बताते हुए शांति और संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति ‘गहरी चिंता’ की बात है। पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए झगड़ों को सुलझाने का समर्थन करता है।

शांति और स्थिरता बनाए रखने का आह्वान

नई दिल्ली में सोमवार को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर अपना पक्षा रखा। उन्होंने कहा, वर्तमान में चल रहे अनेक तनावों को लेकर भारत की सोच स्पष्ट है। हमने सदैव शांति और स्थिरता बनाए रखने का आह्वान किया, जब दो लोकतंत्र एक साथ खड़े होते हैं तो वह और भी सशक्त हो जाते हैं।

पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति गहरी चिंता का विषय-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति हमारे के लिए गहरी चिंता का विषय है। भारत डायलॉग और डिप्लोमेसी के माध्यम से सभी प्रकार के विवादों के समाधान का समर्थन करता है।

भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर हर संभव कदम उठाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत सभी संबंधित देशों के साथ संपर्क में है और शांति बहाली के लिए रचनात्मक भूमिका निभाने को तैयार है।

भारत-कनाडा समझौते पर भी बोले पीएम मोदी

भारत और कनाडा के बीच हुए समझौतों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हम डिफेंस इंडस्ट्रीज, मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस और मिलिट्री एक्सचेंज बढ़ाने पर काम करेंगे। इसी उद्देश्य से आज हमने इंडिया-कनाडा डिफेंस डायलॉग की स्थापना करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि हम सहमत हैं कि आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ दोनों देशों के लिए ही नहीं, पूरी मानवता के लिए साझा और गंभीर चुनौतियां हैं। इनके विरुद्ध हमारा करीबी सहयोग वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति और इजराइली पीएम को लगाया फोन, जानें क्या हुई बात?

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इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। इजराइल-अमेरिका का बदला लेने के लिए कुवैत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई, बहरीन, कतर पर ईरान ताबड़तोड़ हमले कर रहा है। इसी बीच में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और फिर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की। इस बात की जानकारी खुद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दी।

लड़ाई जल्द खत्म करने की जरूरत पर जोर

प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा कि अभी के इलाके के हालात पर बात करने के लिए पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात हुई। हाल के घटनाक्रम पर भारत की चिंताएं बताईं और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। भारत लड़ाई जल्द खत्म करने की जरूरत पर फिर से जोर देता है।

यूएई के राष्ट्रपति से की बातचीत

पीएम मोदी ने अपने एक पोस्ट में संयुक्त अरब अमीरात का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि यूनाइटेड अरब अमीरात के प्रेसिडेंट शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की और यूएई पर हाल ही में हुए हमलों की कड़ी निंदा की। बातचीत में जानमाल के नुकसान पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि भारत इस कठिन समय में यूएई के साथ मजबूती से खड़ा है।

ईरान ने यूएई पर भी किए हमले

बता दें कि ईरान और इजरायल के अटैक के बीच ईरान ने मिडिल ईस्ट खासकर यूएई में भी हमले किए। दुब के लग्जरी होटल बुर्ज अल अरब पर भी अटैक हुआ था, जिसके बाद बिल्डिंग से आग की लपटें उठती दिखी थीं। इसके अलावा ईरान ने द पाम होटल और इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया। दुबई के मीडिया ऑफिस ने एक्स पर लिखा कि दुबई इंटरनेशनल के एक कॉन्कोर्स को एक घटना में मामूली नुकसान हुआ, जिस पर जल्दी से काबू कर लिया गया। बताया गया कि घटना में 4 लोग घायल हुए। बता दें कि दुबई मिडिल ईस्ट का सबसे बड़ा टूरिज्म और ट्रेड हब है और इसका एयरपोर्ट दुनिया के सबसे बिजी ट्रैवल हब में से एक

मिडिल ईस्ट बिगड़ते हालात

दरअसल, मिडिल ईस्ट में हालात तब और बिगड़ गए, जब अमेरिका और इजरायल ने एक साथ मिलकर ईरान को निशाना बनाया। इसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की मौत हो गई है। इसके अलावा कई अन्य नेताओं की भी मारे जाने की खबर है। जिसमें डिफेंस मिनिस्टर तक शामिल हैं। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और खाड़ी क्षेत्र के कुछ अन्य देशों की ओर मिसाइलें दागीं है। ईरान की इस कार्रवाई के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में बड़े युद्ध की आशंका बढ़ गई है।