क्या है बिम्सटेक, जिसके समिट में शामिल होने बैंकॉक पहुंचे पीएम मोदी, भारत के लिए क्यों जरूरी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक पहुंचे। पीएम मोदी बंगाल इनिशिएटिव फॉर सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन यानि बिम्सटेक के शिखर सम्मेलन में शामिल होंने बैंकॉक पहुंचे हैं।कल यह सम्मेलन होना है।वहीं, विदेश मंत्री एस जयशंकर पहले से ही बैंकॉक में हैं। उन्होंने आज 20वीं बिम्सटेक मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया। ऐसे में सवाल उठता है कि बिम्सटेक क्या है और यह भारत के लिए क्यों इतना जरूरी है कि पीएम मोदी और एस जयशंकर इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए बैंकॉक पहुंचे हैं।
बिम्सटेक क्या है?
बिम्सटेक यानी बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल है। यह एक क्षेत्रीय संगठन है जिसमें बंगाल की खाड़ी के आसपास स्थित सात सदस्य देश शामिल हैं। इस उप-क्षेत्रीय संगठन की स्थापना 6 जून 1997 को बैंकॉक घोषणा के माध्यम से की गई थी। सात सदस्य देशों में दक्षिण एशिया के पांच देश- बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल और श्रीलंका- और दक्षिण-पूर्व एशिया के दो देश- म्यांमार और थाईलैंड शामिल हैं। मूल रूप से, इस ब्लॉक की शुरुआत चार सदस्य देशों के साथ हुई थी, जिसका नाम 'BIST-EC' (बांग्लादेश, भारत, श्रीलंका और थाईलैंड आर्थिक सहयोग) था।
क्या है संगठन का मुख्य उद्देश्य?
संगठन का मुख्य उद्देश्य बंगाल की खाड़ी से जुड़े देशों की आर्थिक तरक्की, आपसी सहयोग, क्षेत्रीय चुनौतियों से मिलकर निपटने की नीति, आपसी हितों पर विचार-विमर्श करना आदि था। सहयोग और समानता की भावना पैदा करने के साथ ही शिक्षा, विज्ञान-तकनीक के क्षेत्र में एक-दूसरे की खुलकर मदद करना भी इसके उद्देश्यों में शामिल है। समान संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता, राजनीतिक स्वतंत्रता, आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना, शांतिपूर्ण श-अस्तित्व, पारस्परिक लाभ, सदस्य देशों के बीच अन्य द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं बहुपक्षीय सहयोग जैसे मुद्दे भी इस महत्वपूर्ण संगठन के प्रमुख सिद्धांतों में शामिल किये गए हैं।
दुनिया के लिए क्यों महत्वपूर्ण है बिम्सटेक?
दुनिया के लिए भी यह बेहद महत्वपूर्ण है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो दुनिया की कुल आबादी का 22 फीसदी से ज्यादा हिस्सा इन्हीं सात देशों में निवास करता है। दुनिया के कुल व्यापार का एक चौथाई से ज्यादा हिस्सा बंगाल की खाड़ी से होकर गुजरता है। सदस्य देशों की संयुक्त जीडीपी लगभग 4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर बताई जाती है।ये आंकड़े यह बताने को काफी हैं कि दुनिया के लिए यह संगठन और इसके सदस्य देश कितने महत्वपूर्ण हैं।
बिम्सटेक की पहल पर कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम हुआ, जिसका सीधा लाभ सदस्य देशों को मिल रहा है। इनमें भारत और म्यांमार को जोड़ने वाली कलादान मल्टी मॉडल परियोजना, म्यांमार से होकर भारत और थाईलैंड को जोड़ने वाली एशियाई त्रिपक्षीय राजमार्ग तथा यात्री एवं माल परिवहन के सुगम प्रवाह हेतु बांग्लादेश-भारत-भूटान-नेपाल मोटर वाहन समझौता शामिल है।
Apr 03 2025, 20:15