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समायोजन की मांग कर रहे बीएड सहायक शिक्षक, भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की वेशभूषा में निकाली रैली…

रायपुर- BEd सहायक शिक्षकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है. रविवार को भटगांव बस स्टैंड से भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव की वेशभूषा के साथ रैली निकालकर अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं.

लंबे समय से समायोजन की मांग कर रहे BEd सहायक शिक्षकों ने कुछ ही दिन पहले खून से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखा था. सहायक शिक्षक पुलिस प्रशासन से भगत सिंह चौक तक जाने देने की मांग कर रहे हैं.

बता दें कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने 10 दिसंबर, 2024 को दो सप्ताह के अंदर डीएड डिग्रीधारक को सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति का आदेश दिया था. जिसमें बीएड डिग्रीधारक सहायक शिक्षकों की नियुक्ति को रद्द करने की बात कही थी.

इसके साथ ही शुरू हुई साय सरकार की कार्रवाई के बाद से BEd सहायक शिक्षक सरकार से नौकरी वापस देने की मांग के अलावा सरकार से समायोजन की मांग कर रहे हैं.

जशपुर के गांजा तस्कर की 15,00,00,000 की संपत्ति फ्रीज, रायपुर पुलिस भी हुई एक्टिव

रायपुर-  पुलिस ने सफेमा (एसएएफईएमए) कोर्ट मुंबई के माध्यम से जशपुर के एक चर्चित गांजा तस्कर हीराधर यादव के मकान और पांच वाहन समेत डेढ़ करोड़ की संपत्ति को फ्रीज कराया है. जशपुर पुलिस को मिली इस सफलता की पुलिस महकमे में काफी चर्चा है.

इधर रायपुर पुलिस द्वारा गांजा एवं ड्रग्स की तस्करी के पुराने व सक्रिय आरोपियों के खिलाफ पिट एनडीपीएस के तहत जेल भेजने के लिए विधिवत कार्रवाई जारी है. वहीं आधा दर्जन से ज्यादा लोगों की संपत्ति की जांच शुरू कर दी गई है. अधिकारियों ने संपत्ति की जांच की पुष्टि करते हुए कहा कि कई आरोपियों के खिलाफ पिट एनडीपीएस के तहत कार्रवाई हेतु केस तैयार करके सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं. जबकि आधा दर्जन आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं. इधर जशपुर के कुख्यात गांजा तस्कर हीराधर यादव की संपत्ति फ्रीज करने की कार्रवाई को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह सीएम विष्णुदेव साय का गृह जिला है.

भोरमदेव महोत्सव की तैयारियां जोरों पर, प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, लोककला और परंपराओं का होगा भव्य प्रदर्शन

कवर्धा- भोरमदेव महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं. 26 और 27 मार्च को आयोजित महोत्सव में प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, लोककला और परंपराओं का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा. 

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भोरमदेव महोत्सव की तैयारियों का निरीक्षण किया. इस दौरान पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र छवाई, डीएफओ शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ अजय त्रिपाठी एवं प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे. भोरमदेव महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे.

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि भोरमदेव महोत्सव के शुभारंभ और समापन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा सहित सांसदों और अन्य जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाना प्रस्तावित है. महोत्सव के दोनों दिनों में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की उपस्थिति भी रहेगी. इस लिहाज से महोत्सव स्थल पर सुरक्षा एवं आवश्यक व्यवस्था की जा रही है.

जेल में शिक्षा की अलख जगा रहे कैदी : तिहाड़ के बाद रायपुर सेंट्रल जेल में सबसे ज्यादा बंदी कर रहे पढ़ाई

रायपुर- राजधानी रायपुर के सेंट्रल जेल में सैकड़ों कैदी शिक्षा की अलख जगा रहे. तिहाड़ जेल के बाद रायपुर में सबसे ज्यादा बंदी पढाई कर रहे. शिक्षा सत्र 2024-25 में पहली कक्षा से लेकर स्नातकोत्तर तक 291 कैदी पढ़ाई कर रहे हैं. इन सभी कक्षाओं की परीक्षा के लिए संबंधित शिक्षा संस्थानों, बोर्ड और विश्वविद्यालय ने रायपुर सेंट्रल जेल में परीक्षा केंद्र भी बनाया है. इस तरह से शिक्षा के क्षेत्र में रायपुर सेंट्रल जेल ने यह उपलब्धि हासिल की है. उम्मीद है कि यहां शिक्षा प्राप्त करने के बाद कैदियों में शायद ही अपराध करने की प्रवृत्ति दोबारा आएगी.

रायपुर सेंट्रल जेल में सैकड़ों बंदियों की जिंदगी को शिक्षा के माध्यम से बदलने का प्रयास किया जा रहा है. यहां भारत साक्षरता मिशन अंतर्गत (उल्लास) 39 बंदी परीक्षार्थी सम्मिलित हो रहे हैं. प्राथमिक व माध्यमिक कक्षा में 72 से ज्यादा कैदी पढ़ाई कर रहे हैं. छत्तीसगढ़ ओपन हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा में 68 बंदी परीक्षार्थी सम्मिलित हो रहे हैं. बीए और एमए में 100 से ज्यादा कैदी हैं. समाजशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, हिंदी साहित्य अंग्रेजी साहित्य, लोकप्रशासन सहित अनेक विषयों पर कैदी पीजी कर रहे।


कॉलेजों के प्राध्यापक और विषय विशेषज्ञों का मिल रहा मार्गदर्शन


68 कैदी संस्कृत के अनेक विषयों में पढ़ाई कर रहे हैं. इसी तरह इग्नू के अनेक पाठ्यक्रमों में सैकड़ों कैदी अध्ययनरत हैं. यहां इन कक्षाओं से संबंधित 11 हजार 663 पुस्तकें भी पुस्तकालय में रखी गई है. जेल शिक्षकों के अलावा विभिन्न महाविद्यालय के प्राध्यापक व समय-समय पर विषय विशेषज्ञ पाठ्यक्रम अनुसार कैदियों को मार्गदर्शन दे रहे हैं. साथ ही प्रत्येक बैरक में कैदियों को शिक्षा देने के लिए दो-दो कैदियों को सांकेतिक साक्षरता सेना (देखरेख) के रूप में नियुक्त किया गया है।

रायपुर जेल में ही बनाया गया स्थायी परीक्षा केंद्र

जेल अधीक्षक अमित शांडिल्य ने बताया कि जेल में कैदियों को शिक्षित करने के लिए अनेक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं. शिक्षा के क्षेत्र में रायपुर सेंट्रल जेल सतत् काम कर रही है. शिक्षा सुविधा के मामले में तिहाड़ के बाद रायपुर सेंट्रल जेल है, जहां सैकड़ों कैदी पीजी की पढ़ाई कर रहे हैं. जेल में अध्ययनरत कैदियों को परीक्षा देने बाहर नहीं जाना पड़े इसलिए चार शैक्षिक संस्थाओं ने रायपुर सेंट्रल को स्थायी परीक्षा केंद्र बनाया है. छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल एनआईओएस, छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम्, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से मान्यता मिली है..

हैं.

स्टोर में लगे आग से 400 पुराने ट्रांसफॉर्मर जले, हटाए गए एक्जीक्यूटिव इंजीनियर

रायगढ़- छत्तीसगढ़ राज्य पावर वितरण कंपनी के रायगढ़ स्थित स्टोर में आग लगने से 400 पुराने ट्रांसफॉर्मर आग में भस्म हो गए थे. घटना के बाद स्टोर के कार्यपालन यंत्री को हटाने के साथ घटना की जांच शुरू कर दी गई है. बड़ी बात यह है कि ट्रांसफॉर्मर एवं अन्य विद्युत उपकरणों का बीमा नहीं कराया गया था. 

रायगढ़ के स्टोर में लगी आग से पावर कंपनी को एक बार फिर लाखों रुपए की क्षति हुई है. गुढ़ियारी में आगजनी की वजह से 50 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है. गुढ़ियारी में घटना की जांच तत्कालीन कार्यपालक निदेशक ओएंडएम एवं वर्तमान में वितरण कंपनी के एमडी भीम सिंह की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय कमेटी ने की थी. कमेटी ने भविष्य में होने वाली घटना को रोकने के लिए सुझाव भी दिए हैं, परंतु सुझाव केवल फाइल तक सीमित रह गए हैं. सूत्रों की मानें तो गुढ़ियारी में घटना के बाद शुरुआत के दो-तीन माह तो स्टोर की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया परंतु अब फिर पुराने ढर्रे पर स्टोर संचालित हो रहे हैं.

रायगढ़ स्टोर इसका ताजा उदाहरण है. स्टोर के आसपास काफी संख्या में सूखी घास व छोटे-छोटे पेड़ थे. जिसकी सफाई नहीं कराई गई. रायगढ़ स्टोर में आगजनी से 400 पुराने ट्रांसफॉर्मर जल गए. इससे कंपनी को फिर लाखों की चपत लगी है. ज्यादातर ट्रांसफॉर्मर रिपेयर के लिए रखे गए थे. जिसका पुनः उपयोग किया जा सकता था. पुराने ट्रांसफॉर्मर के जलने को लेकर भी पावर कंपनी के गलियारे में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं. बताते हैं कि स्टोरों में फायर ऑडिट के निर्देशों का भी पालन नहीं किया जा रहा है.

आगजनी के बाद कंपनी प्रबंधन ने बिलासपुर के मुख्य अभियंता आलोक अम्बष्ट की जांच का जिम्मा सौंपा है. वहीं स्टोर के कार्यपालन यंत्री गुंजन शर्मा को तत्काल हटा दिया गया है. इधर, सीन ऑफ क्राइम मोबाइल यूनिट के वरिष्ठ वैज्ञानिक पीएस भगत ने भी पुलिस को अपनी रिपोर्ट दे दी है.

रिपोर्ट के अनुसार स्टोर के बाहर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा आते-जाते समय बीड़ी अथवा सिगरेट पीकर बचे हुए टुकड़े को बिना बुझाए फेंक दिया गया होगा. जिससे सूखी घास में आग लगी और उसकी चिंगारी स्टोर के भीतर केबल में गिरी. प्लास्टिक एवं ट्रांसफॉर्मर के ऑयल होने की वजह से आग तेजी से फैल गई. वहीं स्टोर से हटाए गए कार्यपालन यंत्री गुंजन शर्मा ने कहा कि आगजनी जहां हुई, वहां रिपेयर के लिए आए ट्रांसफॉर्मर ही रखे हुए थे. नए ट्रांसफॉर्मर सुरक्षित हैं. स्टोर में फायर सिस्टम लगा था, लेकिन तेज हवा की वजह से आग तेजी से फैल गई.

बीजापुर के सुदूर वनांचल में सुशासन का सूर्योदय: तिमेनार में पहली बार पहुंची बिजली

रायपुर- छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के अति सुदूर गांव तिमेनार में मुख्यमंत्री मजरा-टोला विद्युतीकरण योजना के तहत आजादी के 77 वर्षों बाद पहली बार बिजली पहुंची। यह ऐतिहासिक उपलब्धि माओवादी आतंक के अंधकार को चीरकर विकास, अमन और शांति के नए सबेरे की ओर कदम बढ़ाने का प्रतीक है।

तिमेनार में अब भय की जगह उजाला और आतंक की जगह उम्मीद ने ले ली है। गांव के 53 घरों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा कर लिया गया है, जिससे पूरे गांव में हर्ष और उल्लास का माहौल है।

विकास की रोशनी से दूर हो रहा भय और असुरक्षा

भैरमगढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत बेचापाल के आश्रित गांव तिमेनार के निवासियों ने पीढ़ियों तक बिजली की रोशनी नहीं देखी थी। अब, जब शासन-प्रशासन ने इन दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच बनाकर जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना शुरू किया है, तो ग्रामीणों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का सपना साकार हो रहा है।

ग्रामीणों की जुबानी – "अब डर नहीं लगता, खुशियों का उजियारा छाया है!"

गांव के निवासी मशराम, पंडरु कुंजाम, मंगली और प्रमिला वेको ने बताया कि गांव में पहली बार बिजली पहुंची है, अब रात के अंधेरे से डर नहीं लगता। जंगली जानवरों, सांप-बिच्छू के भय से भी मुक्ति मिली है। बच्चों की पढ़ाई लिखाई आसान हो गई है, और अब हम भी विकास की दौड़ में शामिल हो रहे हैं।"

ग्रामीणों का कहना है कि अब न केवल आतंक और भय का माहौल समाप्त हो रहा है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता भी सुधर रही है।

मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता – "हर गांव में विकास की किरण पहुंचेगी"

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार प्रदेश के हर मजरा-टोला को विद्युतीकरण से जोड़ने और नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की धारा प्रवाहित करने के लिए संकल्पबद्ध है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जहां कल तक नक्सली आतंक का साया था, वहां आज विकास की किरणें फैल रही हैं। यह परिवर्तन ही असली जीत है । तिमेनार में हुआ विद्युतीकरण बस्तर के दूरस्थ अंचलों में सुशासन और विकास के नए युग की शुरुआत का संकेत है। अब यह क्षेत्र माओवाद के डर से मुक्त होकर समृद्धि और उजाले की ओर अग्रसर हो रहा है।

गांवों में हो रहा बुनियादी सुविधाओं का विस्तार

तिमेनार में विद्युतीकरण के साथ-साथ सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी हो रहा है।

तिमेनार अब सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि बस्तर के बदलाव की जीवंत मिसाल बन गया है। जहाँ कभी अंधकार और आतंक का बोलबाला था, वहीं अब बिजली की रोशनी, बच्चों की मुस्कान और विकास की रफ्तार है। यह परिवर्तन केवल एक योजना की सफलता नहीं, बल्कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, प्रशासन की सक्रियता और जनता के विश्वास का प्रतिफल है। तिमेनार में सुशासन से हो रहे बदलाव की यह यात्रा बताती है कि जब इरादे मजबूत हों और नीति जन-केंद्रित हो, तो कोई भी दुर्गमता विकास के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।

छत्तीसगढ़ में पश्चिमी विक्षोभ का असर जारी, बदली-बारिश ने दी गर्मी से राहत, जानिए कैसा रहेगा आज मौसम का मिजाज…

रायपुर-  छत्तीसगढ़ में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के कारण बीते तीन दिनों से मौसम का मिजाज बदल गया है. गर्मी के मौसम में भी बरसात जैसा नजारा देखने को मिल रहा है. बदली-बारिश के चलते गर्मी से भी राहत मिली है. पिछले 24 घंटों में रायगढ़ जिले के कापू क्षेत्र में सबसे ज्यादा 51.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, वहीं 3 दिनों में बिजली गिरने से तीन लोगों की जान भी चली गई. मौसम विभाग ने आज बस्तर संभाग के कुछ जिलों और रायपुर में गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है.

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अब कम हो रहा है. अगले 24 घंटों तक प्रदेश का अधिकतम तापमान सामान्य रहेगा. लेकिन अगले चार दिनों में उत्तर छत्तीसगढ़, विशेषकर सरगुजा और आसपास के जिलों में दिन के तापमान में 5 से 6 डिग्री तक वृद्धि हो सकती है. वहीं, राज्य के अन्य हिस्सों में तापमान 2 से 4 डिग्री बढ़ने की संभावना है.

ऐसा रहा बीते दिन प्रदेश का मौसम

तापमान में बदलाव: शनिवार को राज्य का सबसे अधिक तापमान 37.5 डिग्री राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री अंबिकापुर में था. मौसम में बदलाव के कारण राज्य के अधिकतर हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से कम रहा.

बारिश: जशपुर, शंकरगढ़ में 50 मिमी, सूरजपुर में 40 मिमी, भैयाथान, अंतागढ़ और कोचली में 30 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है. इसके साथ ही कई क्षेत्रों में बारिश के साथ ओले भी गिरे.

राजधानी में ऐसा रहेगा मौसम

रायपुर में आज सुबह से बादल छाए हुए हैं और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है. यहां दिन का तापमान 37 डिग्री और रात का तापमान 23 डिग्री के आसपास रहने की उम्मीद है. शनिवार को रायपुर में दिन का तापमान 35 डिग्री और रात का तापमान 22.7 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री कम है. माना क्षेत्र में भी अधिकतम तापमान 34 डिग्री रहा, जो सामान्य से 3.5 डिग्री कम था, और न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.6 डिग्री कम था.

हड़ताली सचिवों ने दी आत्मदाह की चेतावनी : सरकार के अल्टीमेटम के बाद भी ग्राम पंचायत सचिव हड़ताल पर, नियमितीकरण के लिए उठा रहे आवाज

तखतपुर- मोदी की गारंटी पूरी नहीं होने पर प्रदेश पंचायत सचिव संघ के तत्वाधान में पिछले 5 दिनों प्रदेश के 11 हजार से अधिक सचिव काम बंद कलम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदेश सचिव संघ ने केंद्र सरकार के दो साल के भीतर नियमितीकरण के वादे को लेकर सरकार के खिलाफ धरना देकर आवाज उठा रहे. सरकार के अल्टीमेटम के बाद भी तखतपुर ब्लॉक सचिव संघ ने राज्य सरकार के आदेश की कॉपियां जलाई और अपनी मांगों को लेकर हड़ताल खत्म नहीं करने की बात कही। प्रदेश सचिव संघ के जिला अध्यक्ष श्याम कार्तिक जायसवाल समेत सचिवों ने मांग पूरी नहीं होने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी।

राज्य सरकार के आदेश की कॉपियों को आज तखतपुर सचिव संघ के धरना स्थल में जलाकर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर सचिवों ने अपना विरोध जताया। साथ ही चेतावनी दी कि अगर हमारी मांग एक अप्रैल तक पूरी नहीं होती है तो हम मंत्रालय का घेराव करेंगे। इसके बाद भी हमारी मांग पूरी नहीं होती तो आमरण अनशन करेंगे. आमरण अनशन में भी मांग पूरी नहीं होती है तो आत्मदाह करेंगे। हम सरकार की इस दमनकारी नीति के सामने घुटने टेकने वाले नहीं है।

ग्राम पंचायतों में काम ठप, योजनाओं का लाभ लेने भटक रहे ग्रामीण

सचिवों के हड़ताल के कारण केंद्र एवं राज्य सरकार की तमाम योजनाओं का क्रियान्वयन ठप हो गया है। पंचायतों में ग्रामीण जन्म, मृत्यु , प्रमाण पत्र, पेंशन, आवास, राशन कार्ड जैसे शासन की कई योजनाओं का लाभ लेने के लिए भटक रहे हैं। पंचायत सचिवों के काम बंद कलम बंद अनिश्चितकालीन हड़ताल से पंचायतों में सभी तरह के कार्य ठप पड़े हैं. ग्रामीणों को काम कराने सरकारी दफ्तरों का चक्कर काटना पड़ रहा है।

सरकार के आदेश की जलाई कॉपियां

पंचायत सचिवों के हड़ताल को लेकर राज्य सरकार हरकत में आई और सचिवों की मांग तो पूरी नहीं हुई लेकिन उनके इस हड़ताल को खत्म करने के लिए पत्र जारी किया गया है. पत्र में साफ तौर पर लिखा गया है कि प्रदेश के सभी सचिव 24 घंटे के भीतर काम पर वापस नहीं लौटते हैं तो उनके ऊपर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। प्रदेश सरकार की इस दमन कारी आदेश की कड़ी निंदा करते हुए प्रदेश सचिव संघ के जिला अध्यक्ष श्याम कार्तिक और तखतपुर ब्लॉक सचिव संघ ने राज्य सरकार के आदेश कॉपियां जलाई और अपनी मांगों को लेकर हड़ताल खत्म नहीं करने की बात कही।

29 विभाग के काम करते हैं ग्राम पंचायत : ब्लॉक अध्यक्ष

इस मामले में तखतपुर ब्लॉक सचिव संघ के ब्लॉक अध्यक्ष तुलसी ध्रुव ने बताया कि सचिव 29 विभाग के 200 से अधिक प्रकार के कार्य करते हैं। अगर सचिव का काम बंद करता है तो इसका प्रभाव ग्राम पंचायतों में साफ तौर पर दिखता है. ग्राम पंचायतों के मूलभूत राशन, पेंशन, जन्म, मृत्यु, आवास, निर्माण, पेयजल ऐसे अनगिनत कार्य सचिवों के हड़ताल से रुक जाते हैं। हम अपनी नियमतिकरण की मांग को लेकर प्रदेश के 11 हजार से अधिक सचिव हड़ताल पर हैं, जिसका सीधा असर ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में पड़ रहा है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की है।

धर्मांतरण का भंडाफोड़ : घर में बड़ी संख्या में महिलाएं कर रही थी प्रार्थना सभा, हिंदू संगठनों ने पुलिस के साथ मारा छापा

बिलासपुर- क्षेत्र में धर्मांतरण का खेल नहीं रूक रहा. बिलासपुर के बाद अब मस्तूरी में धर्मांतरण का भंडाफोड़ हुआ है. मस्तूरी के लवार में हिंदू संगठनों ने पुलिस के साथ दबिश दी, जहां रवि कैवर्त के घर में बड़ी संख्या में महिलाएं प्रार्थना सभा कर रही थीं. पुलिस रवि कैवर्त और उसके साथियों को गिरफ्तार कर जांच में जुटी है.

एडिशनल एसपी उदयन बेहार ने बताया, मस्तूरी में बीमार और गरीबों को पैसे का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन का गोरखधंधा चलाया जा रहा था. मस्तूरी पुलिस ने धर्मांतरण स्वातंत्र्य अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. रवि कैवर्त और उसके साथियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.

विधानसभा में गलत जानकारी देना पड़ा भारी, वन परिक्षेत्र अधिकारी समेत 5 निलंबित

रायपुर-  छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र 2025 के दौरान सदन में गलत जानकारी देने के मामले में वन मंत्री केदार कश्यप ने जांच के निर्देश दिए थे। जिसके बाद PCCF व्ही. श्रीनिवास राव की अध्यक्षता में कमिटी का गठन किया गया था। वहीं जांच रिपोर्ट के बाद वन परिक्षेत्र अधिकारी समेत 5 कर्मचारियों को निलंबित किया गया है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र 2025 के दौरान कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश ने इंदिरा निकुंज माना रोपणी में संचालित कुंवारादेव महिला स्व सहायता समूह के कार्य संचालन के संबंध में विभाग द्वारा सदन में गलत जानकारी प्रस्तुत करने की बात कही थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्री केदार कश्यप ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख को जांच करने के लिए निर्देश दिए थे।

वन मंत्री के निर्देश के बाद PCCF व्ही. श्रीनिवास राव की अध्यक्षता में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक नावेद शुजाउद्दीन और मुख्य वन संरक्षक रायपुर वृत्त, रायपुर, राजू अगासिमनी सदस्यों द्वारा तत्काल जांच समिति गठित किया गया. इसके बाद तथ्यों को छुपाने और गलत जानकारी प्रस्तुत करने वाले दोषी अधिकारी एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 5 अधिकारी-कर्मचारी को निलंबित किया गया. जिनमें रायपुर वनमंडल के रायपुर परिक्षेत्र अधिकारी सतीश मिश्रा, माना नर्सरी प्रभारी वनपाल तेजा सिंह साहू, वनमंडल कार्यालय के सहायक ग्रेड-02 अविनाश वाल्दे और प्रदीप तिवारी, परिक्षेत्र कार्यालय के लिपिक अजीत ड़डसेना को तत्काल प्रभाव से निंलबित किया गया।

इसके अलावा वनमंडलाधिकारी लोकनाथ पटेल एवं उप वनमंडलाधिकारी विश्वनाथ मुखर्जी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही शासन स्तर पर करने के लिए पत्राचार करने निर्देशित किया है। मंत्री केदार कश्यप ने वन विभाग के समस्त अधिकारियों को भविष्य में इस प्रकार की गलती दोबारा न करते हुए विधानसभा से संबंधित प्रश्नों की जानकारी सत्य एवं निष्ठापूर्व भेजने की हिदायत दी है।

वन मंत्री केदार कश्यप ने विभाग से संबंधित शासन स्तरीय पत्राचार, आडिट कंडिका एवं योजनाओं से संबंधित सभी जानकारी सत्यता के साथ समय सीमा में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं और कहा है कि विभाग में चल रही समस्त जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रदेश की अंतिम छोर प्रचार-प्रसार कर आम जनता तक पहुंचा के निर्देश दिए है जिससे जिससे शासन के प्रति जनता का विश्वास बना रहे।