मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौत की कामना पर सियासी बवाल, रेजिनगर में गरजे सीएम - "फैसला जनता करेगी"*
कोलकाता: कुछ दिन पहले नौदा के विधायक हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौत की कामना कर घृणित राजनीति का निंदनीय उदाहरण पेश किया था। अब मुख्यमंत्री ने हुमायूं के फैसले की जिम्मेदारी रेजिनगर की जनता पर छोड़ दी है। आज उपचुनाव के प्रचार में रेजिनगर पहुंचे मुख्यमंत्री ने हुमायूं कबीर पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, "राजनीति के मैदान में लड़ाई होती है, लेकिन इस तरह की भाषा कोई इस्तेमाल नहीं करता... मैं फैसले की जिम्मेदारी रेजिनगर के जन-देवता के हाथों में सौंप कर जा रहा हूं।"
कुछ दिन पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुमायूं कबीर ने कहा था, "हमारा अपमान करोगे तो सत्ता से हटना पड़ेगा। मैं चाहता हूं मुख्यमंत्री से वो पूर्व मुख्यमंत्री बन जाएं। शुक्रवार को नमाज पढ़ूंगा और कहूंगा कि जितनी जल्दी ये दुनिया से विदा हो, ऊपरवाला इसका टिकट काट दे। छत्तीसगढ़ के एक कांग्रेस मुख्यमंत्री की कैसे मौत हुई? महाराष्ट्र में शरद पवार के भतीजे अजित पवार की कैसे मौत हुई? इंदिरा गांधी-राजीव गांधी को कैसे जाना पड़ा? इतना अहंकार? अहंकार का पतन होगा। इसी तरह दुनिया छोड़कर जाना पड़ेगा।"
रेजिनगर उपचुनाव प्रचार में शुभेंदु अधिकारी ने साफ संदेश दिया, "शाखारव सरकार की जीत कोई नहीं रोक सकता।" उन्होंने दावा किया कि रेजिनगर में सीपीएम, कांग्रेस या तृणमूल को जरा भी जमीन नहीं मिलेगी। इसके बाद हुमायूं का जिक्र करते हुए बोले, "बाकी बचा एक शख्स। वो कह रहा है अजित पवार प्लेन हादसे में मरा, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी हत्यारों के हाथों मारे गए, मैं हर शुक्रवार ऊपरवाले से दुआ करूंगा कि बंगाल के मुख्यमंत्री को दुनिया से उठा ले। क्या ऐसे आदमी को वोट देंगे? हम दुश्मन होने पर भी ऐसी बात मुंह पर नहीं लाते। राजनीति के मैदान में लड़ाई होगी, बहस होगी, आलोचना होगी, एक जीतेगा, दूसरे हारेंगे। और हुमायूं साहब कह रहे हैं मैं हर शुक्रवार दुआ कर रहा हूं कि ऊपरवाला जल्दी मुख्यमंत्री को अजित पवार की तरह उठा ले। मैं फैसले की जिम्मेदारी रेजिनगर की जनता को देकर जा रहा हूं।"
हुमायूं पर हमला जारी रखते हुए सीएम ने कहा, "आपके लोग ही आपसे दूर हो गए हैं। आपने अधीर चौधरी को धोखा देकर कांग्रेस को छुरा घोंपा। जब आप मंत्री थे, ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल ने पूछा था विधायक चाहिए या मंत्री, तब रेजिनगर की जनता ने आपको हराया था। आपको मुकुल रॉय ने शरण दी थी। आपने बीजेपी के साथ भी विश्वासघात किया। आखिरी शरण तृणमूल थी। आपने धार्मिक स्थल को सामने रखकर विभाजन की राजनीति की है। विधानसभा में आप नौदा से गए हैं। इन पांच महीनों में नौदा को एक ईंट भी नहीं दे पाए। आने वाले 55 महीनों में भी नहीं दे पाएंगे। फिर वोट क्यों देंगे?"
सीएम ने पांच महीने में बीजेपी सरकार के कामों का लेखा-जोखा भी पेश किया और आवास से लेकर अन्नपूर्णा योजना तक की सुविधाओं का जिक्र किया।
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48 min ago
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