नेमरा में सीएम हेमंत सोरेन से मिले पूर्व सीएम रघुवर दास, भूपेश बघेल समेत कई नेता, स्व. रूपी सोरेन को दी श्रद्धांजलि

रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के पैतृक आवास पर आज झारखंड के सूचना आयुक्त श्री शिवपुजन पाठक एवं श्री तनूज खत्री, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास, छतीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री श्री योगेंद्र प्रसाद, पूर्व मंत्री श्री आलमगीर आलम, पूर्व मंत्री श्री बादल, बिहार राज्य के पूर्णिया सांसद श्री पप्पू यादव,

झारखंड के गिरीडीह सांसद श्री चन्द्र प्रकाश चौधरी, खूंटी सांसद श्री काली चरण मुण्डा, विधायक श्री अनूप सिंह, विधायक श्रीमती ममता देवी, पूर्व विधायक श्रीमती पूर्णिमा नीरज सिंह, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी श्री के. राजू, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्री केशव महतो

कमलेश सहित अन्य सांसदगण, विधायकगण, जनप्रतिनिधि एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारीगणों ने मुलाकात की। साथ ही मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की दिवंगत माताजी स्व. रूपी सोरेन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वहीं मुख्यमंत्री एवं उनके परिवारजनों से मुलाकात कर दुख की इस घड़ी में ढाढ़स बंधाया।

महिला सम्मान पर कांग्रेस का दोहरा चरित्र बेनकाब, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जवाब दें : सीमा सिंह

जेएनयू प्रकरण को लेकर भाजपा महिला मोर्चा ने किया कांग्रेस भवन का घेराव, सैकड़ों महिला कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार प्रदर्शन

जेएनयू के प्रोफेसर एवं कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम से जुड़े यौन उत्पीड़न प्रकरण को लेकर भाजपा महिला मोर्चा, के द्वारा कांग्रेस भवन, रांची के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सीमा सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों महिला कार्यकर्ता जिला स्कूल मैदान, शहीद चौक से हाथों में तख्तियां एवं पार्टी के झंडे लेकर जुलूस के रूप में निकलीं। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “कांग्रेस चुप्पी तोड़ो, जेएनयू की घटना पर जवाब दो” और “राहुल गांधी शर्म करो” जैसे नारे लगाते हुए कांग्रेस नेतृत्व से जवाबदेही की मांग की।

कांग्रेस भवन पहुंचने पर प्रदर्शनकारी महिला कार्यकर्ताओं ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेडिंग के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बैरिकेडिंग पार करने के प्रयास के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ नोक-झोंक भी हुई। इसके बाद महिला कार्यकर्ता धरने पर बैठ गईं और घंटों नारेबाजी करते हुए कांग्रेस पार्टी एवं राहुल गांधी के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सीमा सिंह ने कहा कि राहुल गांधी देशभर में पितृसत्तात्मक व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाते हैं और प्रियंका गांधी का नारा है— “लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ!” लेकिन सवाल यह है कि जब महिलाओं के सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला सामने आता है, तो कांग्रेस नेतृत्व की आवाज धीमी क्यों पड़ जाती है?

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को दूसरों को महिला सम्मान और समानता का पाठ पढ़ाने से पहले अपनी पार्टी से जुड़े गंभीर मामलों पर भी स्पष्ट रुख दिखाना चाहिए। प्रियंका गांधी द्वारा ‘लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ’ का नारा दिलाने वाली कांग्रेस बताए कि महिला सम्मान के सवाल पर उसकी जवाबदेही कहां है?

श्रीमती सिंह ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा का विषय किसी राजनीतिक दल के लिए केवल नारेबाजी का माध्यम नहीं हो सकता। कांग्रेस नेतृत्व को इस प्रकरण पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। महिला सम्मान पर दोहरा मापदंड नहीं चलेगा। महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और न्याय के मुद्दे पर भाजपा महिला मोर्चा अपनी आवाज लगातार बुलंद करता रहेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी एवं राहुल गांधी JNU प्रकरण पर बेनकाब हो चुकी है।

मौके पर रांची विधायक सीपी सिंह ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी महिलाओं के अधिकारों और समानता की बात करते हैं, ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व को इस मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। महिला सम्मान पर बड़ी-बड़ी बातें करना और जवाबदेही के समय मौन साध लेना, आखिर यह दोहरा रवैया कब तक चलेगा?

इस घेराव सह विरोध प्रदर्शन में भाजपा ,महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आरती सिंह, पायल सोनी, अनीता वर्मा, कुमुद झा, निशि जयसवाल,रंजिता सिंह, सुप्रिया दुबे, दिव्या साहू, गीता गुप्ता, लवली पाठक, मंजू चौरसिया, बबीता साहू, डोली जयसवाल, सुनीता सोनी, रेनू सिंह, किरण देवी, बलराम सिंह, जितेंद्र वर्मा, राजू सिंह, संकेत तिवारी, नीरज चौधरी, सहित सैकड़ों महिला एवं दर्जनों पुरुष कार्यकर्ता उपस्थित रहें।

देशहित की बजाय परिवार की चिंता में लगी है कांग्रेस : अमरपाल मौर्य

भाजपा प्रदेश कार्यालय में ओबीसी मोर्चा की कार्यकारिणी बैठक प्रदेश अध्यक्ष मनोज महतो की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस दौरान मुख्य रूप से भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद अमरपाल मौर्य उपस्थित रहे। ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरपाल मौर्य के रांची प्रवास से भाजपा कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिला।

बैठक में संगठन की मजबूती, सामाजिक समरसता, पिछड़े वर्गों के सशक्तीकरण और जनसेवा के माध्यम से पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। इस दौरान आगामी चुनावों के मद्देनजर ओबीसी समाज के बीच संगठन को मजबूत बनाने और जनसमर्थन बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मौर्य ने कहा कि कांग्रेस आज भी देशहित की बजाय परिवार की चिंता में ही लगी हुई है।

अपने संबोधन के शुरुआत में पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में उपचुनाव में भारी जीत पर सभी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में मुस्लिम बाहुल्य रेजीनगर विधानसभा सीट पर बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की। यह जीत इस बात का द्योतक है कि "बंगाल की जनता ने धर्म की राजनीति करने वाली विपक्षी पार्टियों को अपने वोट के जरिए करारा जवाब दिया है।

उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियां धर्म और जाति के नाम पर लोगों को गुमराह करने का काम करती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार जो भी योजना लाती है। उसका लाभ सभी को समान रूप से बिना किसी भेदभाव के मिलता है। भले ही वह किसी भी जाति या धर्म का हो, बीजेपी किसी भी धर्म या पंथ की राजनीति कतई नहीं करती। देश की जनता का विश्वास आज भी नरेंद्र मोदी के साथ है।

श्री मौर्य ने कांग्रेस, झामुमो और अन्य विपक्षी दलों पर परिवारवाद की राजनीति को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि विरासत में मिली सत्ता व्यक्ति के व्यक्तित्व का निर्माण नहीं कर सकती। कांग्रेस आज भी देशहित की बजाय परिवार की चिंता में लगी हुई है।

कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश गरीब, वंचित, पिछड़े और जरूरतमंद वर्गों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ रहा है। मोदी ने शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष के माध्यम से देश की संस्कृति, समृद्धि और विकास को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार ने ही ओबीसी आयोग को सैद्धान्तिक मान्यता दी है, कांग्रेस ने तो 67 सालों से ओबीसी जाति को सिर्फ और सिर्फ ठगने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए किए गए कार्यों तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी ओबीसी मोर्चा के सभी कार्यकर्ताओं पर है। उन्होंने बैठक में ओबीसी मोर्चा की संगठनात्मक भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने और समाज के सभी जातियां को साथ लेकर संगठन की मजबूती पर विशेष बल दिया।

प्रदेश महामंत्री श्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक मजबूत संगठन है, जिसकी असली ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। राष्ट्रीय नेतृत्व का झारखंड प्रवास कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करता है। उन्होंने कहा कि भाजपा अंत्योदय के सिद्धांत पर चलते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी पिछड़े, वंचित और जरूरतमंद वर्गों के सम्मान एवं अधिकारों के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने ओबोसी मोर्चा के कार्यकर्ताओ को आह्वान करते हुए कहा कि मोर्चा ओबीसी जाति के सभी वर्गों को संगठन से जोड़े, आज इसकी बहुत जरूरत है वरना कांग्रेस और झामुमो जिस प्रकार से देश में अराजकता की स्थिति उत्पन्न कर रही है, किसी से छुपा हुआ नहीं है।

भाजपा ओबीसी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष मनोज महतो ने कहा कि झारखंड़ का पिछड़ा वर्ग हमेशा भाजपा का साथ देती आयी है और आगे भी देती रहेगी। उन्होंने कहा कि ओबीसी मोर्चा को पार्टी के अग्रिम दस्ते के रूप में काम करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि भाजपा गरीबों, पिछड़ों और वंचितों के लिए प्राथमिकता से काम करती है। केंद्र सरकार की योजनाओं और लाभों को जनता तक पहुंचाने में मोर्चा के कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

इसके पूर्व ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के झारखंड़ आगमन पर रांची एयरपोर्ट पर गाजे बाजे, ढोल नगाड़े और पुष्पवर्षा के साथ भव्य स्वागत किया गया। वहीं प्रदेश कार्यालय में भी उनका भव्य स्वागत किया गया।

मंच संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष उमेश रंजन साहू ने किया।

जबकि बैठक में मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, प्रदेश मंत्री अमरदीप यादव, पवन साहू, विधायक शशिभूषण मेहता, आलोक चौरसिया, मनोज यादव, बिरंची नारायण, योगेश्वर महतो बाटुल, बजरंगी यादव, ईश्वर प्रजापति, चौधरी महतो, इंद्रजीत यादव , अमित अग्रवाल, सुधीर यादव , संतोष गोप एवं प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी कार्यसमिति के कार्यकर्ता आदि उपस्थित रहे।

12 अक्टूबर को भाजपा महिला मोर्चा सभी जिलों में कांग्रेस कार्यालयों पर करेगी धरना-प्रदर्शन: अमर कुमार बाउरी


जेएनयू के प्रोफेसर सह कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम पर छात्राओं के यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले को लेकर भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने घोषणा किया है कि 12 अक्टूबर को झारखंड के सभी जिलों में कांग्रेस कार्यालयों पर भाजपा महिला मोर्चा द्वारा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

उन्होंने कांग्रेस पर महिला सुरक्षा के सवाल पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपी सांसद के इस्तीफे की मांग को लेकर भाजपा का आंदोलन अलग-अलग स्वरूपों में जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि 12 अक्टूबर को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस कार्यालयों पर होने वाला प्रदर्शन इसी आंदोलन की महत्वपूर्ण कड़ी होगा। भाजपा महिला मोर्चा के कार्यकर्ता इस प्रदर्शन के माध्यम से महिला सम्मान, सुरक्षा और राजनीतिक जवाबदेही का मुद्दा उठाएंगे। जब तक आरोपी सांसद का इस्तीफा नहीं हो जाता है तब तक इस मामले को लेकर भाजपा महिला मोर्चा का चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।

श्री बाउरी ने कहा कि इनर मणिपुर से कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम के खिलाफ छात्राओं के यौन उत्पीड़न से संबंधित मामला सामने आने के बाद कांग्रेस नेतृत्व की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस एक ओर महिला सम्मान और सुरक्षा की बात करती है, वहीं अपने सांसद से जुड़े इस मामले पर पार्टी नेतृत्व की चुप्पी कई सवाल खड़ी कर रही है।

प्रदेश महामंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि राहुल गांधी देशभर में पितृसत्तात्मक व्यवस्था समाप्त करने की बात करते हैं, जबकि प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस के अन्य नेता भी महिला सम्मान की बात करते रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस सांसद पर इस तरह के गंभीर आरोप लगे हैं, तो पार्टी नेतृत्व की जुबान चुप क्यों है, इस मुद्दे पर वह खुलकर अपनी बात क्यों नहीं रख रहा है।

श्री बाउरी ने कहा कि भाजपा के लिए महिला सुरक्षा और उनका सम्मान महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। इस मुद्दे पर भाजपा चुप बैठने वाली नहीं है।

सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर 3000 लोगों पर कार्रवाई, ममता और केजरीवाल भी हिरासत में

#cjpprotestjantar_mantar

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में काफी बवाल देका गया। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके और नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरते ही हिरासत में ले लिया गया। वहीं टीएमसी सुप्रीम ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल सहित संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और दुर्गेश पाठक को भी विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

विरोध प्रदर्शन के दौरान 3000 से ज्यादा लोग हिरासत में

सीजेपी के बुलाए गए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने 3,000 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, राजधानी के अलग-अलग इलाकों में यह कार्रवाई की गई। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध जताने के लिए जुटे थे। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की।

6 पुलिसकर्मी घायल

3000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के दौरान छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। इनमें पिंक फोर्स की एक महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आकाशवाणी भवन और कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर के पास पथराव की घटनाएं हुईं। महिला पुलिसकर्मी सुमन ने बताया कि हनुमान मंदिर के पास प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेते समय कुछ महिलाओं ने उनकी उंगली मोड़ दी, जिससे फ्रैक्चर हो गया। वहीं, आकाशवाणी भवन के पास इम्तियाज अली मार्ग पर प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग गिराकर पुलिस पर पत्थर फेंके। यह कार्रवाई चुनाव आयोग के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के आह्वान के बाद हुई। पुलिस ने कानून-व्यवस्था की स्थिति और निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। सुरक्षा के लिए नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया था और ड्रोन से निगरानी की गई।

अब कल इंडिया गठबंधन का हल्ला बोल

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी इंडिया गठबंधन का सोमवार को बड़े प्रोटेस्ट मार्च का ऐलान किया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शनिवार शाम एक्स पर पोस्ट करके कहा, ‘हम उन सभी भारतीयों से अपील करते हैं जो भारतीय लोकतंत्र को बचाने को लेकर चिंतित हैं कि वे सोमवार को दिल्ली में होने वाले बड़े विरोध मार्च में हमारे साथ शामिल हों – यह मार्च मोदी-शाह सरकार द्वारा देश भर में किए गए ‘वोट चोरी’ के खिलाफ है।’

सोनम वांगचुक ने और क्या चेतवानी दी?

लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर भारत को ‘अघोषित आपातकाल’ की स्थिति में बताया। वांगचुक ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शन से पहले एकता और शांति बनाए रखने की अपील की थी, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में ऐसे हालात देखने को मिलेंगे। वांगचुक ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि कई नेता आंदोलन का नेतृत्व करेंगे, लेकिन अब उन्हें पता चला है कि सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हिरासत में लिए गए लोगों को जल्द रिहा किया जाएगा। वांगचुक ने चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शनकारियों को रविवार तक रिहा नहीं किया गया, तो वह अनशन या पदयात्रा करने पर विचार करने को मजबूर होंगे।

'मैंने 8 युद्ध समाप्त किए', नोबेल शांति पुरस्कार पर ट्रंप का रोना, बोले-यह पुरस्कार उनका हक था

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कितनी शिद्दत से नोबेल शांति पुरस्तार हासिल करना चाहते हैं, ये बात पूरी दुनिया जानती है। पिछले साल भी ट्रंप को पूरी आशा थी कि नोबेल शांति पुरस्तार उन्हें ही मिलेगा। लेकिन, उन्हें सिवा निराशा के कुछ भी हाथ नहीं लगा। इस बार भी उनका सपना चूर-चूर हो गया है। ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर एक बार फिर नाराजगी जताई है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने आठ युद्ध सुलझाए हैं, इसलिए नोबेल शांति पुरस्कार पर उनका हक था।

नोबेल पीस प्राइज के फैसले को बताया शर्मनाक और निंदनीय

न्यूयॉर्क के सिरैक्यूज़ में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार के फैसले पर काफी देर तक चर्चा की और तर्क दिया कि यह सम्मान उन्हें दिया जाना चाहिए था। ट्रंप ने कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका, जिसका प्रतिनिधित्व मैं आपके राष्ट्रपति के रूप में करता हूं, को नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था, लेकिन नहीं मिला। और यह नॉर्वे देश और उन लोगों पर एक अमिट धब्बा है जिन्होंने इतना शर्मनाक और निंदनीय निर्णय लिया।" उन्होंने पुरस्कार के आयोजकों की आलोचना जारी रखते हुए उन पर पुरस्कार की विश्वसनीयता को कम करने का आरोप लगाया।

नोबेल पुरस्कार की साख हमेशा के लिए खत्म हो गई-ट्रंप

ट्रंप ने कहा कि कुछ कट्टरपंथी विचारधारा वाले लोगों ने नोबेल शांति पुरस्कार की साख हमेशा के लिए खत्म कर दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका यह नहीं भूलेगा कि नॉर्वे ने उसे यह पुरस्कार नहीं दिया। ट्रंप ने अपने रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए कहा कि आठ युद्ध सुलझाने के लिए उन्हें आठ नोबेल शांति पुरस्कार मिलने चाहिए थे।

भारत-पाकिस्तान युद्ध रोकने का फिर दावा

ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाया था। उन्होंने कहा कि परमाणु हथियार रखने वाले दोनों देशों को युद्ध से रोककर उन्होंने 5 करोड़ लोगों की जान बचाई। ट्रंप ने कहा कि वह ईरान और रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। उनके मुताबिक, अमेरिका को नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके लिए अमेरिका नॉर्वे को कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका। अगर ऐसा नहीं होता, तो पूरे मिडिल-ईस्ट के साथ यूरोप और अमेरिका तक तबाही फैल सकती थी। उन्होंने कहा, ‘मैंने इतिहास में किसी भी दूसरे व्यक्ति से ज्यादा लोगों की जान बचाई है।’

लगातार नोबेल पीस प्राइज का दावा कर रहे ट्रंप

ट्रंप पहली बार नोबेल प्राइज की मांग नहीं कर रहे हैं। पिछले कुछ सालों में वे लगातार नोबेल पीस प्राइज के लिए दावा कर चुके हैं। सबसे पहले अक्टूबर 2018 में एक कार्यक्रम में ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्हें शायद यह पुरस्कार कभी नहीं मिलेगा, भले ही ने कोरिया और सीरिया में शांति कायम करने की कोशिश कर रहे हों। इसके बाद फरवरी 2019 में उन्होंने खुलकर अपनी दावेदारी रखी। उन्होंने कहा कि जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने उन्हें नोबेल के लिए नामित किया है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि इसे कभी नहीं जीत पाऊंगा। 2019 में ही एक पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल के जवाब में ट्रम्प ने कहा कि उन्हें लगता है कि उन्हें कई चीजों के लिए नोबेल मिलेगा, अगर पुरस्कार निष्पक्ष तरीके से दिया जाए। 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भी ट्रंप ने नोबेल का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से अपनी तुलना करते हुए कहा था कि अगर ओबामा को यह पुरस्कार मिल सकता है तो उन्हें भी मिलना चाहिए।

ये सरकार जाएगी, फिर शुरू होगी लोकतंत्र की मरम्मत', राहुल गांधी का हमला

#congressmprahulgandhislamscecgyaneshkumarandmodigovt

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर देश का सियासी पारा हाई है। विपक्ष लगातार सीईसी पर हमलावर है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी राजनीतिक टकराव के बीच विपक्षी गठबंधन लगातार हमलावर है।इसी बीच लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए एक बार फिर ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉम एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'ज्ञानेश कुमार जाएंगे। यह सरकार जाएगी। फिर शुरू होगी लोकतंत्र की मरम्मत।' राहुल गांधी का यह बयान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष के जारी विरोध प्रदर्शन के बीच आया है।

मौजूदा सरकार को हटाना जरूरी-राहुल गांधी

इससे पहले शुक्रवार को राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त कुमार से भी कहीं ज़्यादा गंभीर समस्या है और इसके लिए मौजूदा सरकार को हटाना जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर विपक्ष ने पिछले कुछ दिनों की तरह ही दबाव बनाना जारी रखा, तो सरकार गिर जाएगी। गांधी ने संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में इंडिया ब्लॉक के सांसदों से कहा था कि विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों ने इस सरकार की नींव हिला दी है और अब वह डरी हुई है।

राष्ट्रपति से मिला विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल

वहीं, शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका से जुड़ी अपनी चिंताओं को उठाया।

अभिजीत दीपके हिरासत में, रांका और सौरभ भी किए गए डिटेन, प्रोटेस्ट को लेकर दिल्ली पहुंचते ही एक्शन

#abhijitdipkelandedatdelhiairportdetained

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट से पहले ही दिल्ली पुलिस एक्शन मोड में है। फेमस यूट्यूबर ध्रुव राठी सहित अब तक 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा चुका है। अब दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशतोष रांका को हिरासत में ले लिया है। अहम बात यह है कि वे फ्लाइट उतर तक नहीं पाए थे और पुलिस ने डिटेन कर लिया।

एयरपोर्ट पर लैंड करते ही हिरासत में

दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके, सौरव दास और उनके साथियों को हिरासत में लिया। दिल्ली पुलिस के सूत्रों की मानें तो आईजीआई एयरपोर्ट पर अभिजीत दीपके और उनके साथियों को पहले समझाया गया कि वो नई दिल्ली के इलाके में न जाएं। मगर उन्होंने बात नहीं मानी। मजबूरन पुलिस को अभिजीत दीपके और उनके साथियों को हिरासत में लिया गया।

जंतर-मंतर जाने से रोक रही पुलिस

दिल्ली पुलिस इस बात का खासतौर पर ध्यान रख रही है कि किसी भी हालत में प्रदर्शनकारी दिल्ली के जंतर-मंतर तक न पहुंच सकें। दिल्ली से लगने वाली सभी बॉर्डर पर भी भारी तादाद में पुलिसकर्मी तैनात हैं। गाड़ियों की रोक-रोक कर तलाशी ली जा रही है, जो भी वाहनकर्मी संदिग्ध लग रहा है उसे डिटेन किया जा रहा है।

सीएम हेमंत सोरेन ने नेमरा में मां स्व. रूपी सोरेन के श्राद्ध की पारंपरिक रस्म निभाई

*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज सुबह रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित अपने पैतृक आवास पर अपनी पुजनीय माता स्व. रूपी सोरेन की स्मृति में उन्हें दातून,

पानी और भोजन परोसने की पारंपरिक संस्कार रस्म निभाई। स्थानीय परंपरा के अनुरूप यह संस्कार रस्म दिवंगत व्यक्ति की याद में सुबह और शाम में किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने परिवारजनों के साथ यह पारिवारिक रस्म स्थानीय परंपराओं एवं रीति-रिवाजों के अनुरूप निभाई।

सीजेपी के प्रदर्शन को नहीं मिला सोनम वांगचुक का साथ, बोले-और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा

#sonamwangchukisskippingcjpdelhiprotest_today

कॉकरोच जनता पार्टी आज दिल्ली की सड़कों पर है। सीजेपी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन है। ये प्रोटेस्ट चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर है। इधर सोनम वांगचुक ने इस प्रोटेस्ट से खुद को अलग कर लिया है। पिछले सीजेपी प्रोटेस्ट का अहम चेहरा रहे सोनम वांगचुक आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे। वांगुचक ने इसको लेकर पोस्ट शेयर की है और कारण बताया है।

आज के आंदलोन से क्यों नहीं जुड़ेंगे सोनम?

पर्यावरण और एजुकेशन पर काम करने वाले एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कहा कि वह 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि वह आने वाली सर्दियों की तैयारियों में व्यस्त हैं। सोनम वांगचुक ने एक्स पर लिखा-'मैं दिल्ली में आप सबके साथ क्यों नहीं जुड़ पाऊंगा...! सरकार की तरफ से हमारे काम में रुकावट डालने और उसे नुकसान पहुंचाने की तमाम कोशिशों के बावजूद हम देश की सुरक्षा के लिए काम करते रहेंगे...और आने वाली सर्दियों के लिए तैयारियां कर रहे हैं। इसमें पानी की सुरक्षा के लिए कृत्रिम ग्लेशियर बनाना और GLOF (ग्लेशियर झील में बाढ़) से सुरक्षा के लिए प्रयोग करना शामिल है...ताकि ऊंचे हिमालय में मौजूद 200 से ज्यादा 'टिकिंग वॉटर बॉम्ब' (कभी भी फटने को तैयार पानी के खतरनाक भंडार) के खतरे को कम किया जा सके।'

फैज साहब के लिखे शब्दों का लिया सहारा

वांगचुक ने फैज साहब के लिखे शब्दों के माध्यम से कहा कि 'और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा, राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा। मैं सभी को अपनी शुभकामनाएं देता हूं और अलग-अलग समूहों के नेताओं से एकजुट रहने और समझदारी दिखाने की अपील करता हूं। मैं GenZ के सभी दोस्तों से आग्रह करता हूं कि वे हर हाल में पूरी तरह शांति बनाए रखें। यह बापू का दिया हुआ तोहफा था, जिसे मैं जून में जंतर-मंतर ले जाने की कोशिश कर रहा था। मुझे उम्मीद है कि हम बापू को निराश नहीं करेंगे।'

नीट पेपर लीक मामले में वांगचुक ने की भी भूख हड़ताल

बता दें कि इससे पहले वांगचुक सीजेपी के जुलाई वाले विरोध प्रदर्शन का मुख्य चेहरा थे। इस आंदोलन में परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई थी। प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में वे जंतर-मंतर पर 26 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे रहे। उन्होंने 23 जुलाई को गुरुग्राम के एक अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म की। उन्होंने कहा कि कई शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को देखते हुए उन्होंने अपना अनशन तोड़ा।