युजवेंद्र चहल ने क्रिकेट के इस फॉर्मेट से लिया संन्यास, इंस्टाग्राम पर लिखा भावुक मैसेज

#yuzvendrachahalannouncedhisretirementfromfirstclasscricket

भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल ने रेड बॉल क्रिकेट फॉर्मेट यानी फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास का एलान कर दिया है। चहल ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिये फर्स्ट क्लास क्रिकेट को अलविदा कहने की घोषणा की। हालांकि, उन्होंने भारत के लिए खेलने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने अपना आखिरी रेड-बॉल मैच हाल ही में लॉर्ड्स में नॉर्थम्पटनशायर के लिए खेला था। अब व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे।

युजवेंद्र चहल का भावुक पोस्ट

न्यास का ऐलान करते हुए युजवेंद्र चहल ने भावुक पोस्ट शेयर किया। चहल ने इंस्टाग्राम पोस्ट पर लिखते हुए कहा- मैंने जो पहली क्रिकेट बॉल पकड़ी थी, वह लाल रंग की थी। तब मैं 10 साल का था और मुझे अंदाजा भी नहीं था कि मुझे इस खेल से इतना गहरा लगाव हो जाएगा। मेरे लिए रेड-बॉल क्रिकेट कभी भी सिर्फ एक और फॉर्मेट नहीं था। इसी खेल ने मुझे सब्र, कैरेक्टर, मुश्किलों का सामना करने की हिम्मत और घंटों तक मैदान पर डटे रहकर हर रन और हर विकेट के लिए संघर्ष करने की असली खुशी का मतलब सिखाया।

मेरा सफर खत्म नहीं हुआ-चहल

उन्होंने आगे लिखा, मैंने अपना आखिरी प्रथम श्रेणी मैच लॉर्ड्स में खेला। यह कहते हुए भावुकता महसूस होती है क्योंकि टेस्ट कैप पाना हमेशा से मेरा सपना रहा था, जिसे मैंने कई वर्षों तक संजोकर रखा था। भले ही वह सपना पूरा न हो सका, लेकिन मैं अपने इस सफर से सचमुच संतुष्ट हूं और इस प्रारूप में मिले हर मौके के लिए बेहद शुक्रगुजार हूं। रेड बॉल ने मुझे मेरी जिंदगी की कुछ सबसे खूबसूरत यादें दी हैं और कोई भी मुझसे वे यादें कभी नहीं छीन सकता। लेकिन मेरा सफर अभी खत्म नहीं हुआ है।

एक भी टेस्ट खेलने का मौका नहीं मिला

वह लंबे समय से टीम इंडिया से भी बाहर चल रहे है। अगस्त 2023 में भारत के लिए आखिरी बार वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलते नजर आए थे। 36 साल के चहल ने भारत के लिए 72 वनडे और 80 टी-20 इंटरनेशनल खेले हैं, लेकिन उन्हें एक भी टेस्ट खेलने का मौका नहीं मिला। यानी रेड बॉल में उन्होंने कभी कोई इंटरनेशनल मैच नहीं खेला।

भारत के लिए कभी नहीं खेला टेस्ट

चहल ने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर नॉर्थम्प्टनशायर के लिए रेड बॉल प्रारूप में अपना आखिरी मैच खेला। चहल ने अपने करियर में 49 प्रथम श्रेणी मैच खेले, जिसमें उन्होंने 32.27 की औसत से 148 विकेट लिए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6/25 रहा। हाल ही में उन्होंने नॉर्थम्प्टनशायर के लिए काउंटी क्रिकेट खेला और लॉर्ड्स में मिडलसेक्स के खिलाफ अपने आखिरी मैच में दो विकेट लिए। 2026-27 सीजन में 36 वर्षीय खिलाड़ी ने काउंटी चैंपियनशिप में पांच मैच खेले और 21 विकेट लिए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन डरहम के खिलाफ रहा, जहां उन्होंने कुल नौ विकेट लिए जिसमें पहली पारी में पांच विकेट लेना भी शामिल था।

भारत ने एशियन गेम्स में दिन का तीसरा गोल्ड जीता, लवलीना के बाद परवीन हुड्‌डा का गोल्डन पंच

#Indiawonitsthirdgoldofthedayattheasian_games

भारत ने एशियन गेम्स में शुक्रवार को तीसरा गोल्ड जीत लिया है। एशियाई खेलों में आज चौदहवें दिन आर्चरी के बाद बॉक्सिंग में ये दिन का दूसरा स्वर्ण पदक है। स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने जन्मदिन पर गोल्ड दिलाया। उसके बाद परवीन हुड्‌डा महिलाओं की 65 किग्रा में एशियन चैंपियन बनी। एक गोल्ड मेडल तीरंदाजी में आया।

परवीन हुड्डा का पहला एशियन गेम्स मेडल

परवीन हुड्डा ने महिलाओं की 65 किलो वेट कैटेगरी के फाइनल में चाइनीज ताइपे की मुक्केबाज चिन नीन-चिन को कड़े मुकाबले में हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया, ये भारत को मिलने वाला कुल 13वां स्वर्ण पदक था। हरियाणा के रोहतक की 26 वर्षीय इस युवा बॉक्सर का यह पहला एशियन गेम्स मेडल है।

बॉक्सर लवलीना ने एशियन गेम्स में पहली बार जीता गोल्ड

इससे पहले भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल मुकाबले में चीन की बाओ जियाओजी को 5-0 के एकतरफा फैसले से शिकस्त देकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। जन्मदिन के खास मौके पर उतरी लवलीना ने पूरे मुकाबले के दौरान बेहतरीन संयम का परिचय दिया और बाओ को आगे बढ़ने का मौका देकर बेहद प्रभावी काउंटर-पंचों के जरिए अंक बटोरे। शुरुआती दो राउंड जीतने के बाद उन्होंने तीसरे और अंतिम राउंड में भी अपनी शानदार पकड़ बनाए रखी और इस तरह एक आसान व आधिपत्य भरी जीत दर्ज करते हुए देश के लिए यह स्वर्ण पदक पक्का किया।

भारत मेडल टैली के छठे स्थान पर

एशियन गेम्स में भारत मेडल टैली के छठे स्थान पर है। उसके पास 13 गोल्ड, 25 रजत और 35 कांस्य जीते हैं। भारत के कुल 73 मेडल हैं। वहीं, मुक्केबाजी में 5 मेडल आ चुके हैं। इनमें 3 ब्रॉन्ज भी शामिल हैं।

एशियन गेम्स में भारत को 12वां गोल्ड, लवलीना ने अपने जन्मदिन पर देश को दिया रिटर्न गिफ्ट

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एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए 2 अक्टूबर की शानदार शुरुआत हुई है। आर्चरी में गोल्ड और सिल्वर मेडल के बाद बॉक्सिंग ने लवलीना ने गोल्ड दिलाया है।लवलीना ने महिलाओं के 75 किलोग्राम भारवर्ग में चीन की खिलाड़ी को हरा कर गोल्ड जीता है।

बॉक्सर लवलीना ने एशियन गेम्स में पहली बार जीता गोल्ड

भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल मुकाबले में चीन की बाओ जियाओजी को 5-0 के एकतरफा फैसले से शिकस्त देकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। जन्मदिन के खास मौके पर भारतीय मुक्केबाज लवलीना ने पूरे देश को तोहफा दिया है।

देश के लिए जीता स्वर्ण पदक

सेमीफाइनल और फाइनल, दोनों मुकाबलों में लवलीना ने धीमी शुरुआत की और धीरे-धीरे अपनी लय हासिल की। सेमीफाइनल में उन्होंने मुकाबले के अंत में आक्रामक रुख अपनाते हुए कजाखस्तान की मुक्केबाज को पूरी तरह दबा दिया और फाइनल में जगह बनाई। हालांकि, स्वर्ण पदक का मुकाबला अलग रहा। आक्रामक अंदाज में खेल रहीं चीन की बाओ जियी के खिलाफ लवलीना ने क्लिंच का सहारा लिया, धैर्य बनाए रखा और सही समय का इंतजार करते हुए रणनीतिक तरीके से जवाबी पंच लगाए। मुकाबले के अंत तक लवलीना ने पर्याप्त बढ़त बना ली थी। इसके बाद उन्होंने बाओ के हमलों से बचते हुए समय निकाला और मुकाबला अपने नाम कर लिया।

जन्मदिन पर खास तोहफा

लवलीना के लिए दो अक्तूबर की तारीख अब उनके करियर की सबसे खास तारीखों में शामिल हो गई है। जिस दिन वह 29 साल की हुईं, उसी दिन उन्होंने एशियाई खेलों का सबसे बड़ा मुकाम हासिल किया। असम की इस मुक्केबाज ने रिंग में उतरने से पहले ही एक उपलब्धि अपने नाम कर ली थी। वह लगातार दो एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बनी थीं। 2023 के बजाय 2022 में आयोजित हांगझोउ एशियाई खेलों में उन्होंने रजत पदक जीता था, जबकि इस बार उन्होंने उस पदक का रंग बदल दिया।

आज जंतर मंतर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, 11 मेट्रो स्टेशन बंद, बढ़ाई गई सुरक्षा

#protestsagainstcecgyaneshkumaratjantar_mantar

दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आज से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने गांधी जयंती के मौके पर जंतर मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी है। प्रदर्शन से पहले ही जंतर-मंतर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। जंतर मंतर की ओर जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर बैरिकेड लगाए हैं। बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आज जंतर मंतर पर प्रदर्शन होना है। सीजेपी के साथ ही AISA, SFI और DYFI से जुड़े छात्र संगठनों ने चुनाव आयोग के काम करने के तरीके और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन बुलाया है। पुलिस सूत्रों ने अनुमान जताया है कि प्रदर्शन में करीब 3,000 से 4,000 लोग जुट सकते हैं। इस प्रदर्शन का सीधा फोकस एसआईआर और चुनावी मतदाता सूचियों को लेकर उठ रहे सवालों पर है। आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भी लोगों से सुबह 10 बजे जंतर मंतर पहुंचने की अपील की है।

छात्र संगठन निकालेंगे मार्च

स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर तक मार्च निकालेंगे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करेंगे। संगठन के एक सदस्य ने बताया कि प्रस्तावित मार्च के लिए दोनों संगठनों को अनुमति नहीं मिली है। इसके बावजूद वे बड़ी संख्या में जंतर-मंतर की ओर बढ़ेंगे। मार्च में करीब 1,500 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

पुलिस के साथ सीएपीएफ भी तैनात

इस दौरान किसी भी संभावित भीड़ से निपटने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों को भी तैनात किया गया है। जंतर मंतर को चारों तरफ बैरिकेडिंग की गई है। आसपास के मेट्रो स्टेशन पर भी जवानों को तैनात किया गया है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे से भी पूरे नई दिल्ली इलाके में नजर रखी जाएगी। पुलिस कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरे से भी लगातार निगरानी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस की कोशिश होगी कि प्रदर्शनकारियों को जंतर मंतर पर आने से पहले ही रोक लिया जाए।

11 मेट्रो स्टेशन बंद

जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने शुक्रवार को 11 स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और बाहर निकलने पर रोक लगा दी है। डीएमारसी के मुताबिक, अगले आदेश तक जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, आईएनए, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर एंट्री-एग्जिट बंद रहेगी. हालांकि राजीव चौक, मंडी हाउस, नई दिल्ली और केंद्रीय सचिवालय स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

त्यौहारी सीजन में रांची रेलमंडल ने यात्रियों को देगी 7 स्पेशल ट्रेनों की सौगात

त्योहारों के सीजन को देखते हुए रांची रेल मंडल ने यात्रियों की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। रांची से कुल सात पूजा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। रांची स्टेशन पर त्योहारों में यात्रियों के बढ़ते भीड़ के मद्देनजर 10 अक्टूबर से दक्षिणी गेट पर भी टिकट की सुविधा दी जायेगी। साथ ही रांची रेल मंडल के DRM करुणा निधि सिंह ने बताया कि यात्रियों को सुविधा और त्यौहारों में भीड़ को नियंत्रित करने पर ज्यादा ध्यान रहेगा।

पूजा स्पेशल ट्रेन

अजमेर–रांची–अजमेर साप्ताहिक पूजा स्पेशल

09619 अजमेर रांची का परिचालन 02 अक्टूबर से 27 नवंबर 2026 तक

हर शुक्रवार को किया जाएगा, (कुल 09 ट्रिप)

09620 रांची अजमेर का परिचालन 04 अक्टूबर से 29 नवंबर 2026 तक, हर रविवार को,

कुल 09 ट्रिप

रांची अलीपुरद्वार–रांची साप्ताहिक पूजा स्पेशल

08661 रांची–अलीपुरद्वार का परिचालन 12 अक्टूबर से 09 नवंबर 2026 तक, हर सोमवार को, कुल 05 ट्रिप

08662 अलीपुरद्वार–रांची का परिचालन 14 अक्टूबर से 11 नवंबर 2026 तक, हर बुधवार को, कुल 05 ट्रिप

रांची–आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल

02877 रांची आनंद विहार टर्मिनल का परिचालन 03 अक्टूबर से 28 नवंबर 2026 तक हर शनिवार को, कुल 09 ट्रिप

02878 आनंद विहार टर्मिनल–रांची का परिचालन 04 अक्टूबर से 29 नवंबर 2026 तक, हर रविवार को, कुल 09 ट्रिप

सांतरागाछी–अजमेर–सांतरागाछी साप्ताहिक स्पेशल

08611 सांतरागाछी–अजमेर का परिचालन रांची होकर, 12 अक्टूबर से 28 दिसंबर 2026 तक, हर सोमवार को, कुल 12 ट्रिप

08612 अजमेर–सांतरागाछी का परिचालन रांची होकर, 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक, हर गुरुवार को, कुल 12 ट्रिप

हटिया–लोकमान्य तिलक टर्मिनस–हटिया साप्ताहिक पूजा स्पेशल

08609 हटिया लोकमान्य तिलक टर्मिनस साप्ताहिक पूजा स्पेशल का परिचालन 12 अक्टूबर 2026 से 26 अक्टूबर 2026 तक, हर सोमवार को, कुल 03 ट्रिप

08610 लोकमान्य तिलक टर्मिनस हटिया साप्ताहिक पूजा स्पेशल का परिचालन 13 अक्टूबर 2026 से 27 अक्टूबर 2026 तक, हर मंगलवाहर को, कुल 03 ट्रिप

हटिया सर एम विश्वईश्वरैया, बेंगलुरु हटिया साप्ताहिक पूजा स्पेशल

08637 हटिया सर एम विश्वईश्वरैया, बेंगलुरु साप्ताहिक पूजा स्पेशल का परिचालन 14 अक्टूबर 2026 से 11 नवंबर 2026 तक, हर बुधवार को, कुल 05 ट्रिप

08638 सर एम विश्वईश्वरैया, बेंगलुरु हटिया साप्ताहिक पूजा स्पेशल का परिचालन 16 अक्टूबर 2026 से 13 नवंबर 2026 तक, हर शुक्रवार को, कुल 05 ट्रिप

पटना  चर्लपल्ली पटना (वाया रांची) द्वि-साप्ताहिक स्पेशल

पटना चर्लपल्ली द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ;(वाया  रांची), का परिचालन 21 सितंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक, हर सोमवार एवं बुधवार को, कुल 21 ट्रिप

03254/03255 चर्लपल्ली पटना  स्पेशल ;(वाया रांची), का परिचालन 23 सितंबर 2026 से 27 नवंबर 2026 तक, हर बुधवार एवं शुक्रवार को, कुल 21 ट्रिप

हटिया–बानो एवं बानो–हटिया अनारक्षित स्पेशल ट्रेनों का भी परिचालन

08631 हटिया–बानो अनारक्षित स्पेशल का परिचालन 01 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक, प्रतिदिन कुल 91 ट्रिप

08632 बानो–हटिया अनारक्षित स्पेशल का परिचालन भी 01 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक, कुल 91 ट्रिप

रांची से जयंत की रिपोर्ट

*कालाडीह में भाकपा माले में शामिल हुए दर्जनों लोग, विधायक चंद्रदेव रहे मौजूद

रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड श्री के. रवि कुमार ने कहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के तहत नोटिस प्राप्त मतदाताओं को सामान्यतः सुनवाई के लिए ईआरओ कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है। मतदाताओं की सुविधा के लिए नो मैपिंग अथवा तार्किक विसंगतियों के लिए मतदाताओं को प्राप्त नोटिस के आलोक में बीएलओ घर-घर जाकर आवश्यक दस्तावेज संकलित करेंगे और उन्हें ECINET पर अपलोड करेंगे, ताकि ईआरओ द्वारा उपलब्ध तथ्यों एवं दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार निर्णय लिया जा सके। नोटिस प्राप्त किसी मतदाता को सुनवाई हेतु, सुनवाई स्थल पर जाने की आवश्यकता नहीं है, फिर भी ऐसे मतदाता स्वयं ईआरओ कार्यालय अथवा नोटिस में निर्धारित सुनवाई स्थल पर उपस्थित होना चाहतें है, तो वहां भी संबंधित पदाधिकारी उपलब्ध रहेंगे।

श्री के. रवि कुमार ने कहा कि कई मतदाताओं द्वारा नोटिस के आलोक में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जा चुके हैं। वहीं कुछ ऐसे मतदाता भी हैं, जिनका नाम वर्ष 2024 की मतदाता सूची में दर्ज था और जिन्होंने इन्यूमरेशन फॉर्म भी भरा है, लेकिन किसी कारणवश सुनवाई की प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके हैं। ऐसे मतदाताओं को चिन्हित कर विशेष आउटरीच कार्यक्रम एवं कैंप आयोजित किए जाएं तथा उन तक पहुंचकर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जाएं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा पदाधिकारी इस बात का ध्यान रखे कि यदि किसी मतदाता को पूर्व में सुनवाई के लिए ईआरओ कार्यालय अथवा किसी अन्य निर्धारित स्थल पर उपस्थित होने का नोटिस दिया गया है और वह स्वयं वहां पहुंचते है, तो संबंधित पदाधिकारी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। नोटिस प्राप्त किसी मतदाता को सुनवाई हेतु सुनवाई स्थल पर जाने की कोई आवश्यकता नहीं है, फिर भी ऐसे मतदाता सुनवाई स्थल पर आते हैं, तो ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए कि कोई मतदाता सुनवाई के लिए निर्धारित स्थल पर पहुंचे और वहां संबंधित पदाधिकारी उपलब्ध न हों।

उन्होंने PVTG, दिव्यांगजन, जनजातीय समूह, वृद्ध मतदाता, श्रमिक, गरीब, बेघर तथा वैसे मतदाताओं, जिनके माता-पिता से संबंधित विवरण उपलब्ध नहीं हैं, पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। आवश्यकतानुसार विशेष कैंप एवं आउटरीच कार्यक्रम आयोजित कर ऐसे मतदाताओं तक पहुंच सुनिश्चित की जाए।

श्री के. रवि कुमार ने कहा कि प्रत्येक मामले में उपलब्ध तथ्यों एवं दस्तावेजों का परीक्षण करते हुए ठोस, स्पष्ट एवं कारणयुक्त Speaking Order पारित किया जाए। एसआईआर-2026 का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे तथा कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।

उन्होंने सभी मतदाताओं, बीएलओ, बीएलए तथा एसआईआर कार्य से जुड़े पदाधिकारियों एवं कर्मियों से इस प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग की अपील की। किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा संशय की स्थिति में मतदाता टोल फ्री नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं।

यासीन मलिक समेत 7 आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने का आदेश, पाकिस्तान से हुई टेरर फंडिंग

#chargestobeframedagainstyasinmalikandsixothersunderthepmla

जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों के लिए सीमा पार से होने वाली अवैध फंडिंग के मामले में पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने अलगाववादी नेता यासीन मलिक समेत सात आरोपियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत आरोप तय करने का निर्देश दिया है।

पाकिस्तान से हवाला के जरिए फंडिंग का आरोप

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के अनुसार, आरोपियों पर पाकिस्तानी प्रतिष्ठान से हवाला चैनलों के जरिए कथित तौर पर विदेशी फंड हासिल करने और उसका इस्तेमाल अलगाववादी गतिविधियों के लिए करने का आरोप है। अदालत ने मामले में 8,94,87,639 रुपये के कथित अपराध से अर्जित धन यानी ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ का उल्लेख किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि यह धन विभिन्न माध्यमों से आरोपियों तक पहुंचा, जिसके बाद इसे कथित तौर पर स्थानांतरित, छिपाया, अपने कब्जे में रखा और अलग-अलग गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया।

यासीन मलिक समेत इन आरोपियों पर कसा शिकंजा

यासीन मलिक के अलावा जिन अन्य प्रमुख आरोपियों पर शिकंजा कसा गया है, उनमें कश्मीरी कारोबारी जहूर अहमद शाह वताली, इंजीनियर रशीद (अब्दुल रशीद शेख), शब्बीर अहमद शाह, नवल किशोर कपूर, मसरत आलम भट और ट्राइसन फार्म्स एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड शामिल है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन आरोपियों पर पाकिस्तानी हुक्मरानों और खुफिया तंत्र से हवाला के गुप्त रास्तों के जरिए मोटी रकम हासिल करने का गंभीर आरोप है।

मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत

विशेष एनआईए जज प्रशांत शर्मा ने मामले में पेश किए गए दस्तावेजी और फोरेंसिक साक्ष्यों का संज्ञान लेते हुए यह आदेश जारी किया। कोर्ट ने माना कि आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की धाराओं में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं। मामले में आरोप स्वीकार या अस्वीकार करने के लिए आरोपियों की व्यक्तिगत उपस्थिति 30 सितंबर को होनी थी। हालांकि, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण कुछ आरोपियों को अदालत में पेश नहीं किया जा सका। अब अदालत ने ED को निर्देश दिया है कि न्यायिक हिरासत में मौजूद आरोपियों से आरोपों से संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए जाएं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।

कौन है यासीन मलिक?

यासीन मलिक जम्मू और कश्मीर का एक प्रमुख अलगाववादी नेता है। यासीन मलिक वर्तमान में नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। वह प्रतिबंधित संगठन जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) का अध्यक्ष रह चुका है, जो 1980 के दशक के अंत और 1990 के दशक की शुरुआत में कश्मीर घाटी में सशस्त्र उग्रवाद का नेतृत्व करने वाला पहला संगठन था। मई 2022 में, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने यासीन मलिक को आपराधिक साजिश, देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और कश्मीर में आतंकवादी व अलगाववादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

रूसी सेना में भर्ती को लेकर भारत सरकार ने जारी की एडवाइजरी, भारतीयों को दी सख्त चेतावनी

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रूस में नौकरी के नाम पर भारतीय नागरिकों के रूसी सेना में भर्ती होने को लेकर विदेश मंत्रालय ने कड़ी चेतावनी जारी की है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि रूसी सेना में भर्ती होना बेहद जोखिम भरा है। मंत्रालय ने भारतीयों से अपील की है कि वे विदेश में नौकरी के नाम पर मिलने वाले ऑफर के झांसे में न आएं।

पिछले दो सालों में कई मौकों पर दी सतर्कता की सलाह

विदेश मंत्रालय ने कहा कि पिछले दो सालों के दौरान सरकार ने कई मौकों पर रूस की सेना में शामिल होने से जुड़े जोखिम और खतरों को रेखांकित किया है। भारतीय नागरिकों को विदेश में नौकरी के अवसर तलाशते समय सावधानी बरतने और असत्यापित व्यक्तियों की ओर से दिए गए नौकरी के ऑफर के झांसे में नहीं आने की सलाह दी गई है।

मंत्रीलय ने कहा- कुछ भारतीय ऐसे ऑफर तलाश रहे

मंत्रालय के मुताबिक, कुछ भारतीय नागरिक ऐसे ऑफर खुद तलाश रहे हैं, क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि सेना में शामिल होने के बदले अच्छा पैसा मिलेगा और फिर भारत सरकार के दखल से वे वहां से निकल जाएंगे। सरकार ने इस सोच को खतरनाक बताते हुए भारतीय नागरिकों से ऐसे कदम से दूर रहने को कहा है।

भारतीय नागरिकता छोड़कर रूसी पासपोर्ट लेने की कोशिश

एडवाइजरी में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। मंत्रालय के मुताबिक, कुछ भारतीय नागरिकों ने भारतीय नागरिकता छोड़कर रूसी पासपोर्ट हासिल करने और उसके बाद रूसी सशस्त्र सेनाओं में भर्ती होने की कोशिश की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कुछ लोग आर्थिक फायदे के लालच में बिना भारतीय अधिकारियों से सलाह किए ऐसे कदम उठा चुके हैं। सरकार ने ऐसे लोगों को इस फैसले की गंभीरता समझने की सलाह दी है।

नौकरी के ऑफर स्वीकार करने से पहले सतर्कता बरतने की सलाह

विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि उसके संज्ञान में आया है कि गैर-सार्वजनिक संस्थाएं, जिनमें स्वैच्छिक समूह भी शामिल हैं, विदेशी नागरिकों को रूसी सेना में सेवा देने के लिए भर्ती कर रही हैं। मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को ऐसे एजेंटों से नौकरी के ऑफर स्वीकार करने से पहले पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है। ऐसे एजेंट जो विदेश मंत्रालय के साथ पंजीकृत नहीं हैं, उनके ऑफर को लेकर विशेष रूप से सावधानी बरतने को कहा गया है।

कौन हैं वह भारतीय पायलट जिसकी पीएम मोदी ही नहीं नेतन्याहू तक ने की तारीफ, जानें कैसी बचाई सैकड़ों की जान

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फ्लाईदुबई विमान में अपनी जान की बाजी लगाकर सैकड़ों यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय मूल के पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी की पूरी दुनिया कायल हो गई है। बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के विमान को हाईजैक कर क्रैश करने की कोशिश की गई। आरोपी सह-पायलट ही था, लेकिन विमान के भारतीय पायलट स्मित मच्छार ने आरोपी की साजिश को नाकाम कर दिया। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू तक ने कैप्टन मच्छार की तारीफ की है।

कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट किया है। उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छार की जमकर तारीफ की है। पीएम मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा ''कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं। बेहद खतरनाक हालात और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए जबरदस्त हिम्मत और अटूट संकल्प दिखाया। उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई। भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है। हम उनके जल्द ठीक होने, नई ताकत पाने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।''

नेतन्याहू ने की कैप्टन मच्छार की तारीफ

अपनी जान दांव पर लगाकर भारतीय पायलट ने पूरे 180 यात्रियों की जान बचाई। फ्लाईदुबई की फ्लाइट को सुरक्षित लैंड कराने वाले पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की जमकर तारीफ की जा रही है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू तक ने कैप्टन मच्छार की तारीफ की है। नेतन्याहू ने उन्हें सच्चा हीरो बताया है। नेतन्याहू ने कहा, ''मैं इन नायकों को सलाम करता हूं, जिन्होंने असाधारण सूझबूझ और साहस का परिचय दिया। उन्होंने कई लोगों की जान बचाई। उन्होंने एक बड़ी त्रासदी को होने से रोक दिया। वह एक सच्चे नायक हैं।'' भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन आजार ने भी भारतीय पायलट की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छार की सलामती की दुआ भी की है।

फ्लाइट में क्या हुआ था?

फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 ने बुधवार 30 सितम्बर को स्थानीय समयानुकार सुबह 6:49 बजे दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी। शुरुआत में ढाई घंटे तक सब कुछ सामान्य था और विमान सऊदी अरब के ऊपर पश्चिम की ओर बढ़ रहा था। इसके बाद कॉकपिट में एक पायलट ने दूसरे को चाकू मारा और विमान को क्रैश कराने की कोशिश की। और विमान के सिस्टम को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।

हालांकि मुश्किल हालात में भी कैप्टन स्मित मच्छार ने चाकू के कई वार झेलने के बावजूद गजब की हिम्मत दिखाते हुए विमान के कॉकपिट का दरवाजा खोला। जिसके बाद विमान में सवार दो ऑफ ड्यूटी इस्राइली पायलट और अन्य यात्रियों ने हमलावर को काबू किया और 174 यात्रियों को ले जा रहे विमान को क्रैश होने से बचा लिया। इस घटना में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका सऊदी अरब के ताबुक में एक अस्पताल में इलाज चल रहा है।

एशियन गेम्स में भारत को एक और पदक, विमेंस ट्रैप टीम ने जीता सिल्वर

#asiangames2026

एशियन गेम्स में आज 11वें दिन भारत की शानदार शुरुआत हुई। भारत ने महिलाओं की ट्रैप टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता। इस टीम में नीरू, आशिमा अहलावत और मनीषा कीर शामिल रहीं। नीरू धांडा की शानदार शूटिंग ने भारत को यह पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। चीन ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि कुवैत को कांस्य पदक मिला।

नीरू का शानदार प्रदर्शन

एशियन गेम्स के 10वें दिन भारतीय टीम ने शॉटगन शूटिंग के महिला ट्रैप इवेंट में भारत ने 328 अंक हासिल किए, जबकि चीन ने 346 अंक के साथ गोल्ड और कुवैत ने 325 अंक के साथ ब्रॉन्ज जीता। आशिमा ने 125 में से 106 और मनीषा ने 104 अंक बनाए। नीरू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 118 अंक हासिल किए और भारत को कुवैत से आगे रखने में अहम भूमिका निभाई। नीरू व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में कतर की रेय बासिल के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर रहीं। अब वह कुछ घंटे बाद व्यक्तिगत फाइनल में उतरेंगी।

भारत की कुल पदक संख्या 46

महिला ट्रैप टीम का रजत पदक भारत का शूटिंग में 14वां पदक है। इसके साथ ही भारत की कुल पदक संख्या 46 हो गई है। किसी अन्य खेल ने अब तक पदकों के मामले में शूटिंग के आंकड़े के करीब भी नहीं पहुंचा है। हालांकि, भारत को अब तक व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक नहीं मिला है। अब सभी की नजरें आज महिलाओं की ट्रैप स्पर्धा के फाइनल पर हैं, जहां नीरू धांडा भारत की पदक उम्मीद हैं। नीरू ने क्वालिफिकेशन में शानदार प्रदर्शन करते हुए संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान हासिल किया था।

पुरुष ट्रैप टीम स्पर्धा में भारत पदक से चूका

भारत को पुरुषों की ट्रैप टीम स्पर्धा में कोई पदक नहीं मिला। महिला टीम के रजत पदक के विपरीत पुरुष निशानेबाजों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। भारत 339 अंकों के साथ छठे स्थान पर रहा। कुवैत ने 355 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि कतर ने 349 अंकों के साथ रजत और कजाकिस्तान ने 348 अंकों के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

ईरान को हराकर क्वार्टर फाइनल में महिला स्क्वॉश टीम

इधर, भारतीय महिला स्क्वॉश टीम ने ग्रुप राउंड के अपने आखिरी मैच में ईरान को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। क्वार्टर फाइनल में भारत का सामना बुधवार को सिंगापुर से होगा। पहले एकल मैच में प्रतिद्वंद्वी के बीच में ही हटने के कारण तन्वी खन्ना को विजेता घोषित किया गया। इसके बाद व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीत चुकीं अनाहत सिंह ने फेरेश्तेह इघतेदारी को 3-0 से हराकर भारत को 2-0 की अजेय बढ़त दिला दी। अनुभवी जोशना चिनप्पा ने तीसरे एकल मुकाबले में नजमेह बौशेहरिजादेह को 3-0 (1-1, 11-3, 11-9) से मात देकर भारत की 3-0 की जीत पूरी की।