मायावती की अध्यक्षता में बसपा की ऑल इंडिया बैठक खत्म, संगठन और बहुजन मिशन पर जोर

- वरिष्ठ नेताओं के साथ पार्टी कार्यों की समीक्षा, पदाधिकारियों को दिए वार्षिक कार्यक्रमों के लिए दिशा-निर्देश

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय स्तर की ऑल इंडिया बैठक बसपा सुप्रीमो मायावती की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। स्वर्गीय बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के पुत्र प्रिंस युकेश सिंह भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक में मायावती ने पार्टी और बहुजन आंदोलन से जुड़े पिछले कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने संगठन में सामने आई कमियों को दूर करने और आगामी कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। पार्टी के छोटे-बड़े सभी पदाधिकारियों को वार्षिक कार्यक्रमों और संगठनात्मक कार्यों के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पूरी गंभीरता और ईमानदारी से पालन करने की हिदायत दी गई।

- बहुजन समाज का हित और अस्मिता सर्वोपरि: मायावती
मायावती ने कहा कि बहुजन समाज का हित, कल्याण और अस्मिता उनके लिए सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि मान्यवर कांशीराम के त्याग, तपस्या और समर्पण से जिस बहुजन मिशन को आगे बढ़ाया गया, उसी भावना के साथ पार्टी को अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना है।उन्होंने कहा कि शोषित और वंचित वर्ग को शासक वर्ग के रूप में स्थापित करना बसपा का मूल मिशन है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सत्ता में भागीदारी को भी उन्होंने जरूरी बताया।

- RSS को लेकर मायावती ने उठाए सवाल
बैठक में मायावती ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे के दौरान दिए गए बयानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है और इसी वजह से संगठन की विश्वसनीयता को लेकर लोगों में सवाल बने हुए हैं। मायावती ने कहा कि आरएसएस को बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के मानवतावादी और समतामूलक संविधान की भावना के अनुरूप पूरी ईमानदारी से कार्य करना चाहिए।

- देश-दुनिया के मुद्दों पर कार्यकर्ताओं का ध्यान खींचा
बैठक के दौरान मायावती ने देश और दुनिया के मौजूदा ज्वलंत मुद्दों पर भी पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने संगठन को मजबूत करने और बहुजन मिशन को आगे बढ़ाने के लिए कार्यकर्ताओं से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
गांवों में हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरी से युवाओं को मिल रही नई उड़ान
-  11,350 ग्राम पंचायतों में आधुनिक अध्ययन केंद्र, 80 हजार से अधिक डिजिटल कंटेंट से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मिलेगी मदद
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण युवाओं और विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षिक संसाधनों से जोड़ने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरियां विकसित कर रही है। पंचायती राज विभाग की इस पहल के तहत प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं। इसका उद्देश्य गांवों में ही प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास और डिजिटल शिक्षा के लिए बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

योजना के प्रथम चरण में 75 जिलों में पुस्तकों और 72 जिलों में फर्नीचर की आपूर्ति पूरी हो चुकी है। अब तक 11,350 ग्राम पंचायतों में पुस्तकों और 11,321 ग्राम पंचायतों में आधुनिक फर्नीचर की व्यवस्था की जा चुकी है। प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर करीब चार लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें पुस्तकें, आईटी उपकरण और आधुनिक फर्नीचर शामिल हैं।

- ई-बुक से वीडियो लेक्चर तक उपलब्ध होंगे संसाधन
डिजिटल लाइब्रेरियों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों और युवाओं के लिए 80 हजार से अधिक डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो कंटेंट, डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल और इंटरैक्टिव क्विज जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।

- डिजिटल लाइब्रेरी से निकली सफलता की कहानी
इस पहल के सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं। मथुरा की ग्राम पंचायत अडिंग स्थित डिजिटल लाइब्रेरी ‘ज्ञानम् ज्योतिः’ में अध्ययन करने वाले टिटू शर्मा और मनीष यादव का उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक पद पर चयन हुआ है। दोनों युवाओं को मुख्य विकास अधिकारी ने सम्मानित भी किया। यह सफलता ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर अध्ययन संसाधनों की उपयोगिता को दर्शाती है। सरकार का लक्ष्य है कि संसाधनों की कमी के कारण गांवों की प्रतिभाएं आगे बढ़ने से वंचित न रहें।

- गांव में ही मिलेगा आधुनिक पढ़ाई का माहौल
पंचायती राज विभाग के अनुसार, डिजिटल लाइब्रेरी को केवल पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय इसे ग्रामीण युवाओं के लिए आधुनिक अध्ययन और डिजिटल शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके जरिए विद्यार्थियों को गांव में ही गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास है। सरकार का मानना है कि आधुनिक शैक्षिक सुविधाओं की पहुंच गांव तक बढ़ने से ग्रामीण युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और वे अधिक आत्मनिर्भर तथा प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना ने पकड़ी रफ्तार, 17,758 जोड़ों का विवाह

- 2026-27 में 72,448 शादियों का लक्ष्य; पीलीभीत 1,271 विवाह के साथ प्रदेश में अव्वल, शाहजहांपुर दूसरे स्थान पर
लखनऊ। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत उत्तर प्रदेश में विवाह कार्यक्रमों की रफ्तार बढ़ी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 17,758 जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में कुल 72,448 सामूहिक विवाह कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

समाज कल्याण विभाग के अनुसार योजना के लिए अब तक 72,787 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जांच के बाद 20,042 आवेदन स्वीकृत किए गए, जबकि 7,245 आवेदन अपात्र पाए गए। विभाग का कहना है कि पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाया जा रहा है।

- पीलीभीत में सबसे ज्यादा विवाह
सामूहिक विवाह कराने के मामले में पीलीभीत प्रदेश में सबसे आगे है। जिले में अब तक 1,271 जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। 1,063 विवाहों के साथ शाहजहांपुर दूसरे स्थान पर है। इसके बाद सुल्तानपुर में 1,040 और रामपुर में 1,031 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया है।

- ई-केवाईसी और डिजिटल सत्यापन से बढ़ेगी पारदर्शिता
समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक कठिनाई किसी बेटी के सम्मानजनक विवाह में बाधा न बने। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ वास्तविक और पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए तकनीक आधारित सत्यापन व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। योजना में आवेदकों के सत्यापन के लिए ई-केवाईसी और आय व जाति प्रमाणपत्रों के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से डिजिटल सत्यापन की व्यवस्था लागू की गई है। जल्द ही आधार आधारित भुगतान व्यवस्था भी शुरू किए जाने की तैयारी है। इसके बाद अनुदान की राशि पात्र लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे भेजी जा सकेगी।

- हर जोड़े को एक लाख रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को कुल एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें 64 हजार रुपये गृहस्थी बसाने के लिए, 21 हजार रुपये वैवाहिक उपहार सामग्री के लिए और 15 हजार रुपये विवाह समारोह से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए निर्धारित हैं।सरकार के अनुसार, योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों के विवाह में आर्थिक सहारा देना और उन्हें सम्मानजनक ढंग से विवाह संपन्न कराने में मदद करना है।
एलआईसी बीमा सखी योजना से ग्रामीण महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का नया मंच

- प्रदेश में 1,000 से अधिक स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बनीं बीमा सखी, छह महीने में अर्जित किया ₹2.3 करोड़ से अधिक का कमीशन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एलआईसी बीमा सखी कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ रहा है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में संचालित इस पहल के तहत ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण देकर बीमा सेवाओं से जोड़ा जा रहा है। इससे महिलाओं को अतिरिक्त आय के साथ सम्मानजनक स्वरोजगार का अवसर भी मिल रहा है।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अनुसार, कार्यक्रम के लिए अब तक 5,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 1,000 से अधिक स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सफलतापूर्वक बीमा सखी के रूप में कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम में बीसी सखी, बैंक सखी और अन्य सामुदायिक कैडरों से जुड़ी महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। इन महिलाओं के स्थानीय स्तर पर मजबूत जुड़ाव और लोगों के बीच भरोसे का लाभ गांवों तक बीमा सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में मिल रहा है।

- छह महीने में ₹2.3 करोड़ से ज्यादा कमीशन
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार के मुताबिक, बीमा सखियों ने अपने कार्य और प्रयासों के दम पर महज छह महीने में ₹2.3 करोड़ से अधिक का सामूहिक कमीशन अर्जित किया है। इसे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक क्षमता और स्वरोजगार के अवसरों का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बीमा सखी कार्यक्रम से महिलाओं को अतिरिक्त आमदनी और सम्मानजनक रोजगार का अवसर मिलने के साथ ग्रामीण परिवारों तक बीमा और वित्तीय सुरक्षा की जानकारी भी पहुंच रही है। बीमा सखियां अपने गांवों में वित्तीय जागरूकता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी भूमिका निभा रही हैं।

- महिलाओं को लाभार्थी नहीं, विकास की भागीदार बनाने पर जोर
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाला वर्ग बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें आर्थिक विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार और नेतृत्वकर्ता बनाना है। उनके अनुसार, एलआईसी बीमा सखी कार्यक्रम इसी सोच के तहत ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने का माध्यम बन रहा है। सरकार का मानना है कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से न केवल ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि गांवों में वित्तीय जागरूकता और सामाजिक आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा।
हेजिंग डोम से,मुशहर से खटवे से अपनी बहन बेटियो की शादी करके दिखाओ दलितो के ठेकेदार जबकि वह  सभी दलित है :सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष

लखनऊ । प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में वाराणसी में शास्त्रीय घाट पर सवर्ण समाज का यूजीसी रेगुलेशन वापस हो, रिजर्वेशन रिफॉर्म करने एससीएसटी एक्ट का दुरुपयोग बंद करने हेतु धरने का आज छठा दिन है धरने पर आशुतोष उपाध्याय राष्ट्रीय अध्यक्ष आर्दश ब्राह्मण फाउंडेशन ,ब्रजेश मिश्र के साथ सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे धरने पर बैठे धरने पर बैठे लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि दलित के ठीकेदार कहते हैं कि बेटी रोटी का सम्बन्ध कायम करने पर आरक्षण समाप्त होगा चौबे ने कहा कि डोम से मुशहर,से खटवे से अपनी बहन बेटियो की शादी करके दिखाओ दलितो के ठीकेदार जबकि वह सभी  दलित है आगे कहा कि ब्राह्मण पत्नी से शादी करने और 9 बार सासद रहने के बाद भी बेचारे  राम विलास पासवान मरते दम तक दलित ही रहे,ब्राह्मण माता से जन्म लेकर और 3 बार सांसद रहने के बाद भी बेचारे  चिराग़ पासवान 6 कंपनियों के मालिक  दलित ही बने रहेंगे ये दलित के नाम पर धब्बा है कि नहीं सच्चाई यही है कि जाति का ठप्पा नेताओं के लिए चिपका है अब समय आ गया है कि जागो सोचो और अधिकार के लिए संगठित हो  अपना नेता खुद बनाओ अपना हक खुद पाओ वही जबकि सवर्णो का सभी जातियों से खान पान संस्कृत आदि का बहुत गहरा संबंध है,लेकिन केन्द्र एवं राज्य सरकार सवर्ण समाज के अस्तित्व को मिटाने का प्रयास कर रही है खुले मंच से  कह रहे हैं कि सवर्ण समाज देश के आजादी में अपने प्राणों की आहुति दी है आज उन्हीं के वंशज अपने अस्तित्व को लड़ाई लड़ रहा है सवर्ण सरकार बना सकता है तो गिरा भी सकता है सरकार को खुले शब्दों में कहना चाहते हैं कि यूजीसी काला कानून वापस ले रिजर्वेशन रिफॉर्म करे सवर्ण आयोग की स्थापना किया जाय तथा एससीएसटी एक्ट का दुरुपयोग बंद किया जाए।
2017 के बाद बदली मथुरा की तस्वीर: सीएम योगी

- 1,051 करोड़ रुपए की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, मुख्यमंत्री ने विरासत, सनातन और जवाहरबाग कांड का किया जिक्र


मथुरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में ₹1,051 करोड़ की लागत वाली 229 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और विकास के मुद्दे पर पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक विकास के नाम पर विरासत की उपेक्षा हुई और इतिहास के नायकों को भारतीय स्मृति से मिटाने के प्रयास किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं और बाद में अंग्रेजों के दौर में भारत की ऐतिहासिक धरोहरों को नुकसान पहुंचाया गया। उनके मुताबिक, इसके बाद प्रदेश में ऐसी सरकारें भी रहीं जिनके कार्यकाल में विरासत और सांस्कृतिक पहचान को अपेक्षित महत्व नहीं मिला। सीएम योगी ने कहा कि आज मथुरा-वृंदावन, बरसाना और गोवर्धन अपनी धार्मिक विरासत और भव्य आयोजनों के लिए पहचाने जा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या 2017 से पहले इस स्तर पर ऐसे आयोजन संभव थे?
उन्होंने जून 2016 के जवाहरबाग कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि उस घटना में 29 लोगों की जान गई थी और दो पुलिस अधिकारियों ने भी कर्तव्य निभाते हुए बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रदेश में इस तरह की अराजकता और उपद्रव की घटनाएं हों, वहां उत्सव और विकास की बात करना मुश्किल होता है।

- विरासत की बात हो तो इतिहास को भी समझना होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत की चर्चा केवल वर्तमान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसके पीछे के इतिहास को भी समझना जरूरी है। भारत का इतिहास केवल उपलब्धियों का इतिहास नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, पुनर्निर्माण और सनातन परंपरा की निरंतरता का भी इतिहास है। मथुरा को इसका उदाहरण बताते हुए उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र स्थित केशवदेव मंदिर ने कई दौर के आक्रमण और विध्वंस देखे। विदेशी आक्रांताओं ने मंदिरों को नुकसान पहुंचाया, लेकिन वे श्रीकृष्ण और राधारानी की स्मृतियों को समाप्त नहीं कर सके।

- यही सनातन की शक्ति और ब्रज की पहचान
सीएम योगी ने कहा कि तमाम प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद न तो श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन रुका और न ही गोवर्धन की परिक्रमा की परंपरा समाप्त हुई। उन्होंने कहा कि यही सनातन परंपरा की शक्ति है और यही ब्रज की पहचान है।मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ना जरूरी है। मथुरा सहित ब्रज क्षेत्र में विकास परियोजनाओं और धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार को इसी दिशा में उठाए जा रहे कदमों से जोड़कर देखा जा रहा है।
योगी सरकार में ‘सेवा संकल्प अभियान’ को प्रदेशभर में भव्य रूप से आयोजित करने की तैयारी तेज
- मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय बने उत्तर प्रदेश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के प्रभारी

- 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशभर में चलेगा अभियान


लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों की सेवा पूर्ण होने के अवसर पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा प्रदेशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का व्यापक आयोजन किया जाएगा। प्रधानमंत्री के जन्मदिवस 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर, 2026 तक चलने वाले इस अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय को उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया है। अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत से लेकर जिला मुख्यालय और महानगरों तक विभिन्न जनसेवा, सामाजिक सरोकार तथा राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
‘सेवा संकल्प अभियान’ का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन एवं जनसेवा के कार्यों से नागरिकों को अवगत कराने के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ना है। योगी सरकार की मंशा है कि अभियान का प्रभाव केवल जिला मुख्यालयों तक सीमित न रहे, बल्कि न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत और शहरों के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचे तथा व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित हो।
अभियान के प्रमुख कार्यक्रमों में ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘घर-घर से राष्ट्र तक रंगोली’, ‘इनोवेशन चैलेंज’ तथा ‘जनसेवा महाकुंभ’ शामिल हैं।
अभियान का शुभारंभ 17 सितम्बर, 2026 को ग्राम पंचायत स्तर से लेकर शहरों तक ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के माध्यम से किया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर जनभागीदारी के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरणों का वितरण भी किया जाएगा।
इसी क्रम में 07 अक्टूबर, 2026 को ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश के प्रत्येक जिले में यात्राएं निकाली जाएंगी, जिनमें नागरिकों को विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए सामूहिक संकल्प दिलाया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर बड़ी स्क्रीन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन का प्रसारण भी किया जाएगा।
‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के अंतर्गत स्वच्छता, वृक्षारोपण तथा घाटों, पार्कों, गौशालाओं आदि की सफाई एवं सौंदर्यीकरण के कार्य किए जाएंगे। इसके साथ ही रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में ‘आरोग्य मेलों’ का आयोजन कर नागरिकों को आवश्यक दवाओं के वितरण के साथ स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
‘नमो सेवा गाथा’ के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा इस अवधि में देश के विभिन्न क्षेत्रों में हुए बदलाव की कहानी जन-जन तक पहुंचाई जाएगी। वहीं बच्चों, युवाओं और नवाचार से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ने पर भी विशेष जोर रहेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री एवं प्रभारी, सेवा संकल्प अभियान उत्तर प्रदेश, योगेन्द्र उपाध्याय द्वारा अभियान की तैयारियों को गति देने के लिए शीघ्र ही संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में विभिन्न विभागों के दायित्व निर्धारित किए जाएंगे तथा कार्यक्रमों के प्रभावी, व्यापक और भव्य आयोजन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
योगी सरकार के नेतृत्व में आयोजित होने वाला यह अभियान सेवा, सहभागिता और राष्ट्र निर्माण की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के साथ ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को प्रदेश के प्रत्येक नागरिक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में आयोजित किया जाएगा।
मायावती का बड़ा फैसला: अब अकेले चुनाव लड़ेगी बसपा
- ऑल इंडिया बैठक में गठबंधन की अटकलों पर विराम, आकाश आनंद को फिलहाल नहीं मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की ऑल इंडिया बैठक में पार्टी सुप्रीमो मायावती ने चुनावी रणनीति को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मायावती ने स्पष्ट किया कि बसपा अब देश में होने वाले छोटे-बड़े सभी चुनाव अपने दम पर लड़ेगी। इसके साथ ही पार्टी की आगे की रणनीति को लेकर चल रही गठबंधन की चर्चाओं पर भी फिलहाल विराम लग गया है।
मायावती ने कहा कि बहुजन समाज के हितों की रक्षा और शोषित वर्ग को सत्ता में भागीदारी दिलाना बसपा का मूल मिशन है। उन्होंने कहा कि इस मिशन को आगे बढ़ाने और व्यवस्था में प्रभावी बदलाव के लिए सत्ता हासिल करना जरूरी है। पार्टी इसी उद्देश्य के साथ आगे चुनावी मैदान में उतरेगी।

- आकाश आनंद को लेकर भी मायावती का बड़ा बयान
बैठक में आकाश आनंद की भूमिका को लेकर भी मायावती ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद को पार्टी में काम करने की अनुमति है, लेकिन अभी उन्हें और परिपक्व होने की जरूरत है। जब तक वह पर्याप्त रूप से परिपक्व नहीं होते, तब तक उन्हें पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।
मायावती के इस रुख को आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य के लिहाज से अहम माना जा रहा है। बैठक में आकाश आनंद को शामिल नहीं किए जाने की भी चर्चा है। इस घटनाक्रम के बाद उनके समर्थक खेमे में भी मायूसी और खामोशी की स्थिति बताई जा रही है।
बसपा सुप्रीमो के ताजा फैसले से पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति और संगठन में जिम्मेदारियों को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। अब पार्टी के सामने अपने संगठन को मजबूत करते हुए बिना गठबंधन चुनावी मैदान में उतरने की चुनौती होगी।
यूपी में बारिश से नदियां उफान पर, 15 की मौत

- मंदाकिनी खतरे के निशान से ढाई मीटर ऊपर, चित्रकूट के 36 गांव प्रभावित; पांच जिलों में स्कूल बंद


लखनऊ, 3 सितंबर। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण चित्रकूट में मंदाकिनी नदी फिर उफान पर है। खतरे के निशान से नीचे आने के बाद नदी का जलस्तर दोबारा करीब ढाई मीटर ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ के कारण जिले के करीब 36 गांव प्रभावित हुए हैं।
प्रयागराज में भी गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। वहीं लखीमपुर खीरी में शारदा नदी खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश के कारण मकान और दीवारें गिरने की घटनाओं में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है।

- चित्रकूट समेत पांच जिलों में स्कूल बंद
चित्रकूट में लगातार तेज बारिश और बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने 3 सितंबर को कक्षा 12 तक के सभी स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए हैं। भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र और बलिया में भी बृहस्पतिवार को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

- सितंबर के पहले सप्ताह में जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल बारिश से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक सितंबर के पहले सप्ताह में बुंदेलखंड और दक्षिणी जिलों के साथ तराई तथा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। बुधवार को बुंदेलखंड, दक्षिणी जिलों, तराई और मध्यांचल के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई। मिर्जापुर में सर्वाधिक 161 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को ललितपुर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा बांदा, चित्रकूट, कानपुर देहात, कानपुर नगर, आगरा, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा और झांसी के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। नदियों के बढ़ते जलस्तर और लगातार बारिश को देखते हुए प्रभावित जिलों में प्रशासन को सतर्क रहने तथा संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
जन्माष्टमी पर ब्रज को योगी की 977 करोड़ की सौगात
- 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, आवास लाभार्थियों को 72 करोड़ से अधिक की सहायता

- आज 3 सितंबर को दो दिवसीय मथुरा दौरे पर पहुंचेंगे मुख्यमंत्री, 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्मभूमि में दर्शन-पूजन और गोसेवा
मथुरा / लखनऊ। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार से दो दिवसीय मथुरा दौरे पर रहेंगे। इस दौरान ब्रज क्षेत्र में विकास की कई बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी जाएगी। मुख्यमंत्री करीब 977 करोड़ रुपये की 229 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनमें 540 करोड़ रुपये से अधिक की 62 परियोजनाओं का लोकार्पण और 437 करोड़ रुपये से अधिक की 167 नई परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) और मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को 72 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि वितरित करेंगे। इसके अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, प्रमाण पत्र और ट्रैक्टर की चाबी भी सौंपी जाएगी।

- स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का उद्घाटन
मुख्यमंत्री का दो दिवसीय प्रवास विकास कार्यों के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से भी जुड़ा होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री 3 सितंबर को दोपहर में वृंदावन के पवनहंस हेलीपैड पहुंचेंगे। यहां से वे गीता शोध संस्थान जाएंगे और नवनिर्मित श्री स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का लोकार्पण करेंगे। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इस प्रेक्षागृह में करीब एक हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है। इसके बाद मुख्यमंत्री प्रो-पुअर परियोजना से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। वे वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल होने के साथ संतों से भेंट करेंगे और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराएंगे। विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र और चेक वितरित करने के बाद मुख्यमंत्री जनसभा को संबोधित करेंगे।

- ब्रज तीर्थ विकास परिषद के कार्यों की समीक्षा
मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की ओर से कराए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे। बैठक में ब्रज क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं, पर्यटन सुविधाओं और तीर्थ विकास से जुड़े कार्यों की स्थिति पर अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी। समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री वृंदावन स्थित होटल विवांता में आयोजित ‘पंचायत आज तक’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके पश्चात वे वृंदावन में विकसित ‘कान्हा भक्ति स्तम्भ मार्ग’ का भ्रमण कर वहां किए गए विकास कार्यों का अवलोकन करेंगे। दिनभर के कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री मथुरा स्थित पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय परिसर में बने अशोका अतिथि गृह में रात्रि विश्राम करेंगे।

- जन्मभूमि में दर्शन और गो पूजन
मुख्यमंत्री 4 सितंबर की सुबह श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर पहुंचेंगे। यहां वे गो पूजन करेंगे और इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। धार्मिक अनुष्ठान के बाद मुख्यमंत्री मथुरा से प्रस्थान करेंगे।
मुख्यमंत्री के दो दिवसीय प्रवास को लेकर ब्रज में व्यापक तैयारियां की गई हैं। जन्माष्टमी के मौके पर होने वाले इन कार्यक्रमों में धार्मिक आस्था के साथ विकास परियोजनाओं को प्रमुखता दिए जाने से मथुरा-वृंदावन में धर्म, संस्कृति, पर्यटन और विकास का संगम देखने को मिलेगा।