एलआईसी बीमा सखी योजना से ग्रामीण महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का नया मंच

- प्रदेश में 1,000 से अधिक स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बनीं बीमा सखी, छह महीने में अर्जित किया ₹2.3 करोड़ से अधिक का कमीशन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एलआईसी बीमा सखी कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ रहा है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में संचालित इस पहल के तहत ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण देकर बीमा सेवाओं से जोड़ा जा रहा है। इससे महिलाओं को अतिरिक्त आय के साथ सम्मानजनक स्वरोजगार का अवसर भी मिल रहा है।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अनुसार, कार्यक्रम के लिए अब तक 5,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 1,000 से अधिक स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सफलतापूर्वक बीमा सखी के रूप में कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम में बीसी सखी, बैंक सखी और अन्य सामुदायिक कैडरों से जुड़ी महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। इन महिलाओं के स्थानीय स्तर पर मजबूत जुड़ाव और लोगों के बीच भरोसे का लाभ गांवों तक बीमा सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में मिल रहा है।

- छह महीने में ₹2.3 करोड़ से ज्यादा कमीशन
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार के मुताबिक, बीमा सखियों ने अपने कार्य और प्रयासों के दम पर महज छह महीने में ₹2.3 करोड़ से अधिक का सामूहिक कमीशन अर्जित किया है। इसे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक क्षमता और स्वरोजगार के अवसरों का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बीमा सखी कार्यक्रम से महिलाओं को अतिरिक्त आमदनी और सम्मानजनक रोजगार का अवसर मिलने के साथ ग्रामीण परिवारों तक बीमा और वित्तीय सुरक्षा की जानकारी भी पहुंच रही है। बीमा सखियां अपने गांवों में वित्तीय जागरूकता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी भूमिका निभा रही हैं।

- महिलाओं को लाभार्थी नहीं, विकास की भागीदार बनाने पर जोर
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाला वर्ग बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें आर्थिक विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार और नेतृत्वकर्ता बनाना है। उनके अनुसार, एलआईसी बीमा सखी कार्यक्रम इसी सोच के तहत ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने का माध्यम बन रहा है। सरकार का मानना है कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से न केवल ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि गांवों में वित्तीय जागरूकता और सामाजिक आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा।
हेजिंग डोम से,मुशहर से खटवे से अपनी बहन बेटियो की शादी करके दिखाओ दलितो के ठेकेदार जबकि वह  सभी दलित है :सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष

लखनऊ । प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में वाराणसी में शास्त्रीय घाट पर सवर्ण समाज का यूजीसी रेगुलेशन वापस हो, रिजर्वेशन रिफॉर्म करने एससीएसटी एक्ट का दुरुपयोग बंद करने हेतु धरने का आज छठा दिन है धरने पर आशुतोष उपाध्याय राष्ट्रीय अध्यक्ष आर्दश ब्राह्मण फाउंडेशन ,ब्रजेश मिश्र के साथ सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे धरने पर बैठे धरने पर बैठे लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि दलित के ठीकेदार कहते हैं कि बेटी रोटी का सम्बन्ध कायम करने पर आरक्षण समाप्त होगा चौबे ने कहा कि डोम से मुशहर,से खटवे से अपनी बहन बेटियो की शादी करके दिखाओ दलितो के ठीकेदार जबकि वह सभी  दलित है आगे कहा कि ब्राह्मण पत्नी से शादी करने और 9 बार सासद रहने के बाद भी बेचारे  राम विलास पासवान मरते दम तक दलित ही रहे,ब्राह्मण माता से जन्म लेकर और 3 बार सांसद रहने के बाद भी बेचारे  चिराग़ पासवान 6 कंपनियों के मालिक  दलित ही बने रहेंगे ये दलित के नाम पर धब्बा है कि नहीं सच्चाई यही है कि जाति का ठप्पा नेताओं के लिए चिपका है अब समय आ गया है कि जागो सोचो और अधिकार के लिए संगठित हो  अपना नेता खुद बनाओ अपना हक खुद पाओ वही जबकि सवर्णो का सभी जातियों से खान पान संस्कृत आदि का बहुत गहरा संबंध है,लेकिन केन्द्र एवं राज्य सरकार सवर्ण समाज के अस्तित्व को मिटाने का प्रयास कर रही है खुले मंच से  कह रहे हैं कि सवर्ण समाज देश के आजादी में अपने प्राणों की आहुति दी है आज उन्हीं के वंशज अपने अस्तित्व को लड़ाई लड़ रहा है सवर्ण सरकार बना सकता है तो गिरा भी सकता है सरकार को खुले शब्दों में कहना चाहते हैं कि यूजीसी काला कानून वापस ले रिजर्वेशन रिफॉर्म करे सवर्ण आयोग की स्थापना किया जाय तथा एससीएसटी एक्ट का दुरुपयोग बंद किया जाए।
2017 के बाद बदली मथुरा की तस्वीर: सीएम योगी

- 1,051 करोड़ रुपए की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, मुख्यमंत्री ने विरासत, सनातन और जवाहरबाग कांड का किया जिक्र


मथुरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में ₹1,051 करोड़ की लागत वाली 229 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और विकास के मुद्दे पर पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक विकास के नाम पर विरासत की उपेक्षा हुई और इतिहास के नायकों को भारतीय स्मृति से मिटाने के प्रयास किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं और बाद में अंग्रेजों के दौर में भारत की ऐतिहासिक धरोहरों को नुकसान पहुंचाया गया। उनके मुताबिक, इसके बाद प्रदेश में ऐसी सरकारें भी रहीं जिनके कार्यकाल में विरासत और सांस्कृतिक पहचान को अपेक्षित महत्व नहीं मिला। सीएम योगी ने कहा कि आज मथुरा-वृंदावन, बरसाना और गोवर्धन अपनी धार्मिक विरासत और भव्य आयोजनों के लिए पहचाने जा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या 2017 से पहले इस स्तर पर ऐसे आयोजन संभव थे?
उन्होंने जून 2016 के जवाहरबाग कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि उस घटना में 29 लोगों की जान गई थी और दो पुलिस अधिकारियों ने भी कर्तव्य निभाते हुए बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रदेश में इस तरह की अराजकता और उपद्रव की घटनाएं हों, वहां उत्सव और विकास की बात करना मुश्किल होता है।

- विरासत की बात हो तो इतिहास को भी समझना होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत की चर्चा केवल वर्तमान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसके पीछे के इतिहास को भी समझना जरूरी है। भारत का इतिहास केवल उपलब्धियों का इतिहास नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, पुनर्निर्माण और सनातन परंपरा की निरंतरता का भी इतिहास है। मथुरा को इसका उदाहरण बताते हुए उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र स्थित केशवदेव मंदिर ने कई दौर के आक्रमण और विध्वंस देखे। विदेशी आक्रांताओं ने मंदिरों को नुकसान पहुंचाया, लेकिन वे श्रीकृष्ण और राधारानी की स्मृतियों को समाप्त नहीं कर सके।

- यही सनातन की शक्ति और ब्रज की पहचान
सीएम योगी ने कहा कि तमाम प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद न तो श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन रुका और न ही गोवर्धन की परिक्रमा की परंपरा समाप्त हुई। उन्होंने कहा कि यही सनातन परंपरा की शक्ति है और यही ब्रज की पहचान है।मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ना जरूरी है। मथुरा सहित ब्रज क्षेत्र में विकास परियोजनाओं और धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार को इसी दिशा में उठाए जा रहे कदमों से जोड़कर देखा जा रहा है।
योगी सरकार में ‘सेवा संकल्प अभियान’ को प्रदेशभर में भव्य रूप से आयोजित करने की तैयारी तेज
- मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय बने उत्तर प्रदेश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के प्रभारी

- 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशभर में चलेगा अभियान


लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों की सेवा पूर्ण होने के अवसर पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा प्रदेशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का व्यापक आयोजन किया जाएगा। प्रधानमंत्री के जन्मदिवस 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर, 2026 तक चलने वाले इस अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय को उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया है। अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत से लेकर जिला मुख्यालय और महानगरों तक विभिन्न जनसेवा, सामाजिक सरोकार तथा राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
‘सेवा संकल्प अभियान’ का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन एवं जनसेवा के कार्यों से नागरिकों को अवगत कराने के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ना है। योगी सरकार की मंशा है कि अभियान का प्रभाव केवल जिला मुख्यालयों तक सीमित न रहे, बल्कि न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत और शहरों के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचे तथा व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित हो।
अभियान के प्रमुख कार्यक्रमों में ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘घर-घर से राष्ट्र तक रंगोली’, ‘इनोवेशन चैलेंज’ तथा ‘जनसेवा महाकुंभ’ शामिल हैं।
अभियान का शुभारंभ 17 सितम्बर, 2026 को ग्राम पंचायत स्तर से लेकर शहरों तक ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के माध्यम से किया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर जनभागीदारी के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरणों का वितरण भी किया जाएगा।
इसी क्रम में 07 अक्टूबर, 2026 को ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश के प्रत्येक जिले में यात्राएं निकाली जाएंगी, जिनमें नागरिकों को विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए सामूहिक संकल्प दिलाया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर बड़ी स्क्रीन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन का प्रसारण भी किया जाएगा।
‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के अंतर्गत स्वच्छता, वृक्षारोपण तथा घाटों, पार्कों, गौशालाओं आदि की सफाई एवं सौंदर्यीकरण के कार्य किए जाएंगे। इसके साथ ही रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में ‘आरोग्य मेलों’ का आयोजन कर नागरिकों को आवश्यक दवाओं के वितरण के साथ स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
‘नमो सेवा गाथा’ के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा इस अवधि में देश के विभिन्न क्षेत्रों में हुए बदलाव की कहानी जन-जन तक पहुंचाई जाएगी। वहीं बच्चों, युवाओं और नवाचार से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ने पर भी विशेष जोर रहेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री एवं प्रभारी, सेवा संकल्प अभियान उत्तर प्रदेश, योगेन्द्र उपाध्याय द्वारा अभियान की तैयारियों को गति देने के लिए शीघ्र ही संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में विभिन्न विभागों के दायित्व निर्धारित किए जाएंगे तथा कार्यक्रमों के प्रभावी, व्यापक और भव्य आयोजन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
योगी सरकार के नेतृत्व में आयोजित होने वाला यह अभियान सेवा, सहभागिता और राष्ट्र निर्माण की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के साथ ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को प्रदेश के प्रत्येक नागरिक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में आयोजित किया जाएगा।
मायावती का बड़ा फैसला: अब अकेले चुनाव लड़ेगी बसपा
- ऑल इंडिया बैठक में गठबंधन की अटकलों पर विराम, आकाश आनंद को फिलहाल नहीं मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की ऑल इंडिया बैठक में पार्टी सुप्रीमो मायावती ने चुनावी रणनीति को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मायावती ने स्पष्ट किया कि बसपा अब देश में होने वाले छोटे-बड़े सभी चुनाव अपने दम पर लड़ेगी। इसके साथ ही पार्टी की आगे की रणनीति को लेकर चल रही गठबंधन की चर्चाओं पर भी फिलहाल विराम लग गया है।
मायावती ने कहा कि बहुजन समाज के हितों की रक्षा और शोषित वर्ग को सत्ता में भागीदारी दिलाना बसपा का मूल मिशन है। उन्होंने कहा कि इस मिशन को आगे बढ़ाने और व्यवस्था में प्रभावी बदलाव के लिए सत्ता हासिल करना जरूरी है। पार्टी इसी उद्देश्य के साथ आगे चुनावी मैदान में उतरेगी।

- आकाश आनंद को लेकर भी मायावती का बड़ा बयान
बैठक में आकाश आनंद की भूमिका को लेकर भी मायावती ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद को पार्टी में काम करने की अनुमति है, लेकिन अभी उन्हें और परिपक्व होने की जरूरत है। जब तक वह पर्याप्त रूप से परिपक्व नहीं होते, तब तक उन्हें पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।
मायावती के इस रुख को आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य के लिहाज से अहम माना जा रहा है। बैठक में आकाश आनंद को शामिल नहीं किए जाने की भी चर्चा है। इस घटनाक्रम के बाद उनके समर्थक खेमे में भी मायूसी और खामोशी की स्थिति बताई जा रही है।
बसपा सुप्रीमो के ताजा फैसले से पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति और संगठन में जिम्मेदारियों को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। अब पार्टी के सामने अपने संगठन को मजबूत करते हुए बिना गठबंधन चुनावी मैदान में उतरने की चुनौती होगी।
यूपी में बारिश से नदियां उफान पर, 15 की मौत

- मंदाकिनी खतरे के निशान से ढाई मीटर ऊपर, चित्रकूट के 36 गांव प्रभावित; पांच जिलों में स्कूल बंद


लखनऊ, 3 सितंबर। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण चित्रकूट में मंदाकिनी नदी फिर उफान पर है। खतरे के निशान से नीचे आने के बाद नदी का जलस्तर दोबारा करीब ढाई मीटर ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ के कारण जिले के करीब 36 गांव प्रभावित हुए हैं।
प्रयागराज में भी गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। वहीं लखीमपुर खीरी में शारदा नदी खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश के कारण मकान और दीवारें गिरने की घटनाओं में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है।

- चित्रकूट समेत पांच जिलों में स्कूल बंद
चित्रकूट में लगातार तेज बारिश और बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने 3 सितंबर को कक्षा 12 तक के सभी स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए हैं। भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र और बलिया में भी बृहस्पतिवार को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

- सितंबर के पहले सप्ताह में जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल बारिश से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक सितंबर के पहले सप्ताह में बुंदेलखंड और दक्षिणी जिलों के साथ तराई तथा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। बुधवार को बुंदेलखंड, दक्षिणी जिलों, तराई और मध्यांचल के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई। मिर्जापुर में सर्वाधिक 161 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को ललितपुर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा बांदा, चित्रकूट, कानपुर देहात, कानपुर नगर, आगरा, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा और झांसी के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। नदियों के बढ़ते जलस्तर और लगातार बारिश को देखते हुए प्रभावित जिलों में प्रशासन को सतर्क रहने तथा संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
जन्माष्टमी पर ब्रज को योगी की 977 करोड़ की सौगात
- 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, आवास लाभार्थियों को 72 करोड़ से अधिक की सहायता

- आज 3 सितंबर को दो दिवसीय मथुरा दौरे पर पहुंचेंगे मुख्यमंत्री, 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्मभूमि में दर्शन-पूजन और गोसेवा
मथुरा / लखनऊ। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार से दो दिवसीय मथुरा दौरे पर रहेंगे। इस दौरान ब्रज क्षेत्र में विकास की कई बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी जाएगी। मुख्यमंत्री करीब 977 करोड़ रुपये की 229 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनमें 540 करोड़ रुपये से अधिक की 62 परियोजनाओं का लोकार्पण और 437 करोड़ रुपये से अधिक की 167 नई परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) और मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को 72 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि वितरित करेंगे। इसके अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, प्रमाण पत्र और ट्रैक्टर की चाबी भी सौंपी जाएगी।

- स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का उद्घाटन
मुख्यमंत्री का दो दिवसीय प्रवास विकास कार्यों के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से भी जुड़ा होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री 3 सितंबर को दोपहर में वृंदावन के पवनहंस हेलीपैड पहुंचेंगे। यहां से वे गीता शोध संस्थान जाएंगे और नवनिर्मित श्री स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का लोकार्पण करेंगे। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इस प्रेक्षागृह में करीब एक हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है। इसके बाद मुख्यमंत्री प्रो-पुअर परियोजना से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। वे वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल होने के साथ संतों से भेंट करेंगे और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराएंगे। विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र और चेक वितरित करने के बाद मुख्यमंत्री जनसभा को संबोधित करेंगे।

- ब्रज तीर्थ विकास परिषद के कार्यों की समीक्षा
मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की ओर से कराए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे। बैठक में ब्रज क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं, पर्यटन सुविधाओं और तीर्थ विकास से जुड़े कार्यों की स्थिति पर अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी। समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री वृंदावन स्थित होटल विवांता में आयोजित ‘पंचायत आज तक’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके पश्चात वे वृंदावन में विकसित ‘कान्हा भक्ति स्तम्भ मार्ग’ का भ्रमण कर वहां किए गए विकास कार्यों का अवलोकन करेंगे। दिनभर के कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री मथुरा स्थित पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय परिसर में बने अशोका अतिथि गृह में रात्रि विश्राम करेंगे।

- जन्मभूमि में दर्शन और गो पूजन
मुख्यमंत्री 4 सितंबर की सुबह श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर पहुंचेंगे। यहां वे गो पूजन करेंगे और इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। धार्मिक अनुष्ठान के बाद मुख्यमंत्री मथुरा से प्रस्थान करेंगे।
मुख्यमंत्री के दो दिवसीय प्रवास को लेकर ब्रज में व्यापक तैयारियां की गई हैं। जन्माष्टमी के मौके पर होने वाले इन कार्यक्रमों में धार्मिक आस्था के साथ विकास परियोजनाओं को प्रमुखता दिए जाने से मथुरा-वृंदावन में धर्म, संस्कृति, पर्यटन और विकास का संगम देखने को मिलेगा।
प्रतिभा को कूड़ेदान में रखने वाला राष्ट कभी भी विकसित नहीं हो सकता:  सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष
लखनऊ। रिजर्वेशन रिफॉर्म,संवैधानिक सवर्ण आयोग का गठन, यूजीसी काला कानून वापस हो के लिए सवर्ण समाज का धरना वाराणसी जो प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है में आज पांचवे दिन भी जारी रहा धरना स्थल वरुण नदी के शास्त्री घाट पर सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे भी आज पांचवे दिन भी धरना में शामिल हुए, उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि सवर्ण क्रांति की शुरुआत हो चुकी है आज पूरे देश में सवर्ण समाज   सड़क पर उतर गया है, चौबे ने कल अग्रव में शांति पूर्वक प्रदर्शन कर रहे सवर्ण समाज के ऊपर पुलिस इंस्पेक्टर द्वारा की गई लाठी चार्ज की निंदा करते हुए मांग की गई कि जब एसीपी आगरा मना कर रहे थे उसके बाद भी इंस्पेक्टर सवर्ण पर लाठियां वर्षा रहा था जबकि सवर्ण समाज के लोग शांति पूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे मांग करते हैं कि पुलिस इंस्पेक्टर को निलम्बित करते हुए बिना किसी कारण लाठी मारने पीटने को FIR दर्ज किया जाय चौबे ने आगे कहा कि दलित का शोषण नहीं होना चाहिए ये बात तो ठीक है।

लेकिन क्या ब्राह्मण इंसान नहीं है क्या सवर्ण इंसान नहीं है उनका भी तो  शोषण नहीं होना चाहिए, केंद्रीय सरकार राज्य की सरकार सामान्य वर्ग के लिए दमन कारी कानून ला रही है यूजीसी एक ऐसा कानून है जो सामान्य वर्ग के बच्चे को अपराधी एवं शोषण करता बता रहा है,सामान्य वर्ग के छात्र,छात्रा के साथ अत्याचार उत्पीड़न हो तो यह जातीय भेद भाव नहीं माना जाएगा केवल दलित ओबीसी के बच्चों के साथ ही जातीय भेद भाव यूजीसी के तहत माना जाएगा हमे समान अवसर योग्यता MERIT का सम्मान चाहिए बाप एससीएसटी एक्ट में जेल जाए बेटा यूजीसी में यह दमन कारी कानून वापस होना चाहिए। संविधान में आरक्षण इसलिए शुरू किया गया था ताकि दबे कुचले को ऊपर उठाव जा सके उन्हें विकाश की मुख्य धारा में लाया जा सके लेकिन आज DIG IG DM DGP SP गवर्नर मंत्री सांसद विधायक यहां तक की राष्ट्रपति के बच्चे भी इन फायदा का लाभ ले रहे हैं जो लोग आरक्षण का इस्तेमाल करके विकास की मुख्य धारा में आ चुके हैं उन्हें इससे बाहर किया जाना चाहिए। आरक्षण एक बार ही मिलना चाहिए पढ़ाई में आरक्षण एडमिशन में आरक्षण नौकरी में आरक्षण प्रमोशन में आरक्षण यह नहीं होना चाहिए।

कटअफ मार्क्स समान होना चाहिए यह नहीं होना चाहिए कि सवर्ण का बच्चे को 95 कटाफ हो दूसरे वर्ग के बच्चे का 30 हों इससे प्रतिभा की हत्या होती है उसी कारण से सवर्ण बच्चे कुंठा से ग्रसित हो कर आत्म हत्या तक कर रहे हैं प्रतिभा को कूड़े दान में रखने वाला राष्ट कभी भी विकसित नहीं हो सकता। सवर्ण समाज का धरना अनिश्चित कालीन धरना जब तक चलेगा तब तक सरकार दमन कारी कानून वापस नहीं लेती है सवर्ण होना गुनाह नहीं है सवर्ण भी इसी देश के नागरिक हैं सवर्ण के सहयोग से समर्थन से ही बीजेपी की सरकार बनी है आज उन्हीं के अस्तित्व को मिटाने का कुचक्र रचा जा रहा है न्याय पाना हमारा हक है इसे लेकर रहेंगे।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह भी स्वाइन फ्लू की चपेट में

- चार-पांच दिन से था बुखार, जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि; हल्के लक्षण, घर पर चल रहा इलाज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह भी स्वाइन फ्लू (H1N1) की चपेट में आ गए हैं। केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के मुताबिक, मंत्री को पिछले चार-पांच दिनों से बुखार था। जांच कराए जाने पर उनकी रिपोर्ट H1N1 पॉजिटिव आई है।
डॉक्टरों के अनुसार, मंत्री में स्वाइन फ्लू के लक्षण फिलहाल हल्के हैं। उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है और घर पर ही उनका इलाज चल रहा है।
प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब तक उत्तर प्रदेश में 685 मरीजों में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से संक्रमण को लेकर निगरानी और बचाव के उपायों पर जोर दिया जा रहा है।
यूपी में फिर सक्रिय मानसून, 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

- पूर्वांचल और मध्य यूपी में तेज बारिश के आसार, कई जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की चेतावनी


लखनऊ। सितंबर की शुरुआत के साथ उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के 21 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश में बारिश का जोर अधिक रहने की संभावना है, जबकि पश्चिमी यूपी के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।

- 5 सितंबर तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में पांच सितंबर तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने के आसार हैं। दक्षिणी और पूर्वी यूपी में अगले तीन से चार दिनों तक बारिश का जोर बना रह सकता है। वहीं, पश्चिमी और मध्य यूपी में बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।

- इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, रायबरेली, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

- कई जिलों में वज्रपात की भी चेतावनी
सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की आशंका जताई गई है।

- अगस्त में सामान्य से 24 फीसदी अधिक बारिश
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने सात निम्न दबाव क्षेत्रों के कारण अगस्त में मानसून लगातार सक्रिय रहा। प्रदेश में अगस्त के दौरान सामान्य 235.5 मिमी के मुकाबले 291.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य से करीब 24 फीसदी अधिक है। इससे पहले वर्ष 2018 में अगस्त में 293.1 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।