‘गाण्डीव के पार’ का हरिद्वार में भव्य लोकार्पण, बलिया के विद्वान डॉ. विद्यासागर उपाध्याय को मिली बधाई
संजीव सिंह बलिया! सेवा मिशन, हरिद्वार के तत्वावधान में अवधूत मंडल आश्रम में आयोजित द्वितीय अंतरराष्ट्रीय दिव्य गंगा महोत्सव एवं साहित्यिक कुंभ में बलिया निवासी प्रकांड विद्वान डॉ. विद्यासागर उपाध्याय के खंडकाव्य ‘गाण्डीव के पार’ का भव्य लोकार्पण हुआ। कार्यक्रम में देश-विदेश से आए साहित्यकारों, विद्वानों, शोधार्थियों, संतों और संस्कृति चिंतकों की उपस्थिति रही। कृति का लोकार्पण उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, रामभद्राचार्य राज्य विश्वविद्यालय चित्रकूट के कुलपति प्रो. शिशिर पांडेय, उत्तराखंड हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश लोकपाल वर्मा, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा बिहार के पूर्व कुलपति आचार्य धर्मेंद्र, त्रिभुवन विश्वविद्यालय काठमांडू नेपाल के प्रो. गोपाल अधिकारी, नेपाल के डॉ. हरि तिमिलसेना तथा उत्तराखंड के पूर्व मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. विद्याशंकर चतुर्वेदी ने संयुक्त रूप से किया। कृति की विशेषता अठारह छंदों से छः अनुवाक व अठारह पर्व में रचित मौलिक खंडकाव्य ‘गाण्डीव के पार’ में गत-प्रत्यागत, अनुलोम-विलोम, शार्दूलविक्रीड़ित, मंदाक्रांता, चंडवृष्टिप्रयात दंडक, भुजंगप्रयात, घनाक्षरी, सवैया, दोहा, कुंडलिया, वीर, चौपाई आदि छंदों का प्रयोग किया गया है। विद्वानों ने इस कृति को भारतीय इतिहास, महाभारत परंपरा और समकालीन साहित्यिक विमर्श की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। यह ग्रंथ महाभारत के युद्ध प्रसंग के उपरांत वानप्रस्थ होते वृद्ध अर्जुन और उनके प्रपौत्र परीक्षित का एक रात्रि में घटित संवाद है, जो श्रीमद्भगवद्गीता की अभिनव व्याख्या प्रस्तुत करता है। डॉ. उपाध्याय का व्याख्यान महोत्सव के प्रथम उद्घाटन सह बौद्धिक सत्र में ‘भारत की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना के विकास में गंगा का महत्व’ विषय पर विशिष्ट अतिथि के रूप में व्याख्यान देते हुए डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने कहा कि भारतीय परंपरा में गंगा केवल भौगोलिक जलधारा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक स्मृति, आध्यात्मिक चेतना और सभ्यतागत निरंतरता की प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि गंगा को बचाने का प्रश्न केवल नदी और पर्यावरण के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की उस सांस्कृतिक दृष्टि की रक्षा का प्रश्न भी है, जिसमें प्रकृति को जीवन और चेतना से पृथक नहीं माना गया। सम्मान समारोह कार्यक्रम में साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अनेक रचनाकारों और विद्वानों को ‘गंगा सेवी सम्मान’ और ‘टीजीटी सम्मान’ से सम्मानित किया गया। अंतिम सत्र में शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप जी महाराज मुख्य अतिथि रहे, जबकि हर्ष प्रसाद काला, रामभद्राचार्य राज्य विश्वविद्यालय चित्रकूट के शिक्षा संकाय के विभागाध्यक्ष प्रो. अशोक शुक्ला विशिष्ट अतिथि रहे। बलिया में हर्ष डॉ. विद्यासागर उपाध्याय के इस आध्यात्मिक खंडकाव्य का आध्यात्मिक नगरी हरिद्वार में लोकार्पण होने पर बलिया के विद्वानों में हर्ष व्याप्त है। महामंडलेश्वर कौशलेन्द्र गिरी, संत बालक नाथ, स्वामी आनंद स्वरूप, डॉ. मणिकर्णिका, करुणानिधि तिवारी, हरेंद्र नाथ मिश्रा, संतोष कुमार दीक्षित, पंडित विजय नारायण शरण, डॉ. गणेश पाठक, लल्लन पाण्डेय, कौशल कुमार उपाध्याय, विजय प्रताप आर्य आदि ने बधाई दी है। कार्यक्रम का कुशल संचालन मनीष श्रीवास्तव एवं मनीषा आवले चौगांवकर ने संयुक्त रूप से किया। अंत में समस्त अभ्यगतों के प्रति दिव्य गंगा सेवा मिशन के संस्थापक एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय ने आभार व्यक्त किया।
बलिया के विकासखंड मुरली छपरा के उच्च प्राथमिक विद्यालय इब्राहिमाबाद में सहायक अध्यापक पद पर तैनात अजीत कुमार श्रीवास्तव को राज्य अध्यापक अवॉर्ड
संजीव सिंह बलिया। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 61 शिक्षक-शिक्षिकाओं को राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया जाएगा। इसमें बलिया जिले के विकासखंड मुरली छपरा के उच्च प्राथमिक विद्यालय इब्राहिमाबाद में सहायक अध्यापक पद पर तैनात अजीत कुमार श्रीवास्तव का नाम भी शामिल है। शासन की ओर से 31 अगस्त 2026 को जारी पत्र में पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों की सूची सार्वजनिक की गई है, जिसमें अजीत कुमार श्रीवास्तव का नाम आठवें क्रम पर है। राज्य स्तरीय चयन समिति की 13, 14, 18 और 19 अगस्त 2025 को हुई बैठकों में की गई संस्तुति के आधार पर प्रदेश के कुल 61 शिक्षकों को यह सम्मान दिए जाने की स्वीकृति दी गई है। अजीत कुमार श्रीवास्तव को नवाचार के माध्यम से बच्चों को पढ़ाने के उत्कृष्ट कार्य के लिए चुना गया है। विद्यालय में पाठ्यक्रम को रचनात्मक और नवाचारी तरीके से बच्चों तक पहुंचाने के उनके प्रयासों को सराहा गया है। राज्य स्तरीय सम्मान के लिए चयनित होने की जानकारी मिलते ही जिले के शिक्षकों और उनके सहकर्मियों में खुशी का माहौल है। शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय में पाठयक्रम को नवाचार के जरिये बच्चों को पढ़ाने के लिए यह पुरस्कार मिलेगा। इसकी जानकारी होने पर शिक्षकों ने उन्हें बधाई दी है। पुरस्कार का विवरण राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के तहत चयनित शिक्षकों को 25 हजार रुपये नगद, प्रशस्ति पत्र और दो साल का सेवा विस्तार दिया जाएगा। यह सम्मान शिक्षक दिवस (5 सितंबर) के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ में प्रदान किया जाएगा। सोशल मीडिया/व्हाट्सऐप के लिए संक्षिप्त संस्करण बलिया की गर्वगाथा: मुरली छपरा ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय इब्राहिमाबाद के सहायक अध्यापक अजीत कुमार श्रीवास्तव को उत्तर प्रदेश राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए चयनित किया गया है। नवाचारपूर्ण शिक्षण विधियों के लिए मिले इस सम्मान पर जिले में खुशी का माहौल है। शिक्षक दिवस (5 सितंबर) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में करेंगे सम्मानित।
एक पैर पर स्कूल जाने का जज्बा: बलिया की 7 साल की रागिनी की कहानी ने झकझोरा, DM ने ट्राईसाइकिल देने के निर्देश दिए
संजीव सिंह बलिया! बलिया जिले के मनियर ब्लॉक अंतर्गत दिघेड़ा ग्रामसभा के रानीपुर गांव की 7 वर्षीय रागिनी एक पैर से जिंदगी की मुश्किलों से जूझ रही है, लेकिन उसके हौसले ने सबको हैरान कर दिया है। रागिनी प्राथमिक विद्यालय दिघेड़ा में कक्षा एक की छात्रा है और एक पैर के सहारे रोज 400 मीटर की दूरी तय कर स्कूल पहुंचती है। हादसे में खोया एक पैर, लेकिन नहीं टूटा हौसला रागिनी की मां बबीता देवी ने बताया कि जब वह छह महीने की थी, तब दवा लेने जाते समय हुए हादसे में उसका एक पैर बुरी तरह घायल हो गया था। कई जगह इलाज कराने के बाद भी पैर ठीक नहीं हो सका और परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण महंगा इलाज कराना संभव नहीं हुआ। अब रागिनी एक पैर के सहारे ही रोजमर्रा के काम करती है। उसका स्कूल घर से करीब 400 मीटर दूर है, लेकिन यह दूरी तय करना उसके लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। कभी परिवार का कोई सदस्य उसे स्कूल छोड़ने जाता है तो कभी वह खुद एक पैर से कूदते हुए स्कूल पहुंचती है, रास्ते में कई बार रुकना पड़ता है। पिता मजदूर, परिवार की आर्थिक तंगी रागिनी के पिता मजदूरी करते हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे उसके लिए कृत्रिम पैर या कोई सहायक उपकरण खरीद सकें। परिवार को अब उम्मीद है कि सरकारी मदद से रागिनी को कृत्रिम पैर या ट्राईसाइकिल मिल सकेगी, जिससे वह आसानी से स्कूल आ-जा सके। वीडियो वायरल होने के बाद DM ने लिया संज्ञान रागिनी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिलाधिकारी (DM) ने संज्ञान लिया है और उसे ट्राईसाइकिल देने के निर्देश दिए हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक अजीत पाल ने बताया कि रागिनी कक्षा एक की मेहनती छात्रा है और एक पैर ठीक न होने के कारण उसे स्कूल आने-जाने में काफी परेशानी होती है। उन्होंने सरकार और संबंधित अधिकारियों से रागिनी को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। स्कूल प्रभारी प्रधानाध्यापक का बयान स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक अजीत पाल यादव ने बताया कि रागिनी का पैर पूरी तरह से डैमेज है और उसे पढ़ने आने-जाने में काफी परेशानी होती है। उसकी सरकार से मदद मिलनी चाहिए। अभी योजना आई थी, लेकिन रागिनी का एडमिशन थोड़ा लेट से हुआ था।
शिक्षा क्षेत्र हनुमानगंज: धर्मपुरा के प्रधानाध्यापक एवं पूर्व ए आर पी का व्यक्तित्व शिक्षण और सृजन का अनूठा उदाहरण
संजीव सिंह बलिया।शिक्षण के साथ साहित्य साधना में भी रचा-बसा है धर्मपुरा के प्रधानाध्यापक का व्यक्तित्व शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं, बल्कि साहित्य और सृजन के माध्यम से समाज को दिशा देने का भी माध्यम है। इसी भावना को आत्मसात किए हुए हैं प्राथमिक विद्यालय धर्मपुरा , शिक्षा क्षेत्र हनुमानगंज के प्रधानाध्यापक एवं पूर्व ए आर पी  शिक्षा क्षेत्र हनुमानगंज। हिंदी साहित्य के प्रति गहरा अनुराग शिक्षण के साथ हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। हिंदी के प्रति उनका लगाव केवल अध्ययन और अध्यापन तक सीमित नहीं है। वे स्वयं हिंदी में रचनाएं एवं कविताएं लिखते हैं और साहित्यिक हिंदी को अपने प्रिय विषय के रूप में देखते हैं। भाषा की बारीकियों, शब्दों की सुंदरता और साहित्य की संवेदनशीलता के प्रति उनका विशेष अनुराग उनकी रचनात्मक अभिव्यक्ति में भी दिखाई देता है। पिता से मिली साहित्यिक विरासत साहित्य के प्रति यह अनुराग उन्हें विरासत में भी मिला है। उनके पिताजी भी हिंदी के विद्वान और साहित्य के प्रति गहरी रुचि रखने वाले व्यक्तित्व थे। पिता से मिली साहित्यिक संस्कारों की विरासत को उन्होंने अपने जीवन में आगे बढ़ाया और हिंदी भाषा के प्रति अपनी रुचि को निरंतर समृद्ध किया। बच्चों में जगाते हैं भाषा प्रेम प्रधानाध्यापक के रूप में विद्यालय में बच्चों को शिक्षा देने के साथ-साथ वे भाषा और साहित्य के प्रति प्रेम जगाने को भी महत्वपूर्ण मानते हैं। उनका मानना है कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि हमारी संवेदना, संस्कृति और विचारों की सशक्त अभिव्यक्ति है। शिक्षा, साहित्य और सृजन के त्रिवेणी संगम के रूप में उनका व्यक्तित्व नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी है। स्थानीय साहित्य जगत में सम्मान धर्मपुरा के इस प्रधानाध्यापक का व्यक्तित्व न केवल शिक्षा जगत में बल्कि साहित्यिक वृत्त में भी सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। उनकी रचनाएं स्थानीय स्तर पर पाठकों तक पहुंच रही हैं और युवा पीढ़ी को हिंदी साहित्य की ओर आकर्षित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री का बलिया बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण, राहत-रिलief और पुनर्वास पर जोर
संजीव सिंह बलिया 29 अगस्त — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बाढ़-प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने बलिया जिले की बांसडीह, बैरिया और बलिया सदर विधानसभा क्षेत्रों में जलस्तर और कटान से उत्पन्न आपदा की गंभीरता पर चिंता व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 26 जनपद बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 1.71 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। 251 गांव बाढ़ग्रस्त हैं और एक लाख से अधिक लोगों को अस्थायी बाढ़ शरणालयों में स्थानांतरित किया गया है। राहत एवं बचाव कार्य सुगम करने के लिए 447 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावितों को राहत और आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने में कोई लापरवाही न हो। प्राथमिकता—जीवन रक्षक कदम व पशु सुरक्षा मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में पशुओं के टीकाकरण, भूसा, चारा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी बल दिया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं को राशन और अन्य अनिवार्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। कृषक दुर्घटना बीमा व आवास प्रावधान आकाशीय बिजली या बाढ़ से मृत्यु होने पर कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत प्रभावितों को पाँच लाख रुपये तक सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, बाढ़ के कारण यदि किसी गरीब व्यक्ति का घर ध्वस्त हो जाता है तो उसे तत्काल भूमि का पट्टा और आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्नि दुर्घटना में झोपड़ी नष्ट होने पर भी प्रभावितों को तुरंत आवास दिलाया जाएगा। बलिया के विकास का आश्वासन मुख्यमंत्री ने बलिया के विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जिले में भृगु बाबा के नाम पर मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा और भृगु मंदिर कॉरिडोर का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने बलिया के स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करते हुए कहा कि जिले की क्रांन्तिकारी विरासत के विकास के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सुदृढ़ बाढ़-प्रतिरोधी तटबंध की योजना उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश के 36–40 जिलों में बाढ़ आती थी जबकि इस बार 26 जिलों में स्थिति बनी है। बाढ़ से जन और फसल क्षति कम करने के लिए मजबूत बाढ़ तटबंधों का निर्माण व सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाएगी ताकि प्रभावित परिवारों को राहत और पुनर्वास के लिए भटकना न पड़े। चिकित्सा किट वितरण और स्थानीय नेतृत्व की मौजूदगी जिला चिकित्सा विभाग द्वारा अब तक 1300 बाढ़ प्रभावितों को 10 प्रकार की आवश्यक दवाइयों वाले चिकित्सा किट वितरित किए गए हैं। कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्री स्वतन्त्रदेव सिंह, प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, मंत्री दानिश आजाद अंसारी, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह विधायक केतकी सिंह, जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, डीआईजी आजमगढ़ सुनील कुमार सिंह, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री फेफना उपेंद्र तिवारी, नारद राय, एमएलसी रवि शंकर उर्फ पप्पू, सुनीता श्रीवास्तव, विधायक हंसू राम, पूर्व सांसद भरत सिंह, पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला, जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह समेत कई राजकीय और स्थानीय प्रतिनिधि मौजूद रहे। स्थानीय चुनौतियाँ और आगे का रास्ता स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि राहत कार्य में तेजी लाई जाए और कटान प्रभावित क्षेत्रों में तात्कालिक बचाव के साथ दीर्घकालिक बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं पर भी शीघ्र काम शुरू किया जाए। सरकार ने आश्वासन दिया है कि बलिया के लोगों को विकास हेतु भटकना नहीं पड़ेगा और प्रदेश सरकार हर संकट की घड़ी में उनके साथ खड़ी है
तिजोरियों में पैसा, बच्चों की थालियाँ खाली — बलिया मिड-डे मील की व्यवस्था पर भरोसा कैसे लौटे?
संजीव सिंह बलिया (बांसडीह)। ताजपुर मुड़ियारी कॉलेज में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना की ऐसी खुलासे ने शिक्षा और भ्रष्टाचार दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि दो साल तक सरकार का रिकॉर्ड “भोजन वितरित” दिखाता रहा, जबकि बच्चों की थालियाँ खाली रहीं। मामला बच्चों की लिखी चिट्ठी से उजागर हुआ, जिसने जिलाधिकारी का ध्यान खींचा और जांच की लाजिमी करवायी गई। बच्चों ने इंटरनेट के माध्यम से जिला मजिस्ट्रेट का पता ढूंढकर निजी पहचान छिपाने की गुहार के साथ शिकायत भेजी। डर के कारण उन्होंने अपना नाम सार्वजनिक न करने की अपील की और गुप्त जांच की मांग की। शिकायत मिलने पर डीएम ने तुरंत बीएसए और डीपीआरओ से जांच कराई, जिनकी रिपोर्टों में लगभग 14 लाख रुपये की अनियमितता की बात सामने आई है। जांच में पाया गया कि मिड-डे मील के लिए सरकार द्वारा हर महीने जारी की जा रही धनराशि का लेखा-जोखा कागजों पर सही दिखता रहा, पर स्कूलों में वास्तविक खाद्य वितरण नहीं हुआ। इससे स्पष्ट होता है कि प्रणालीगत निगरानी में कमी और जवाबदेही तंत्र की खामियाँ बच्चों तक भोजन न पहुँचने का कारण बनीं। प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर मिड-डे मील के प्रभारी अजीत पाठक पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शिक्षा विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा और जिन स्कूलों/अधिकारियों की भूमिका पायी जाएगी, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि प्रभावित बच्चों को तुरंत मिड-डे मील उपलब्ध करायी जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था कड़क की जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि अकेले एक कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं होगी; मिड-डे मील वितरण, ऑडिट, भुगतान सत्यापन और सामुदायिक निगरानी के बहुआयामी सुधार की आवश्यकता है। यदि स्थानीय अभिभावक, पंचायत और स्कूल प्रबंधन मिलकर नियमित निगरानी करें और भुगतान का पारदर्शी मिलान (कोई तीसरे पक्ष का सत्यापन) हो, तो धन के दुरुपयोग की संभावनाएँ घटेंगी। मामले ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि अंतिम जांच किस हद तक पारदर्शी होगी और पाई गई अनियमितताओं की पूरी सूची कब सार्वजनिक होगी। साथ ही यह भी देखने की बात होगी कि शिक्षा विभाग बच्चों के आहार और पोषण सुनिश्चित करने के लिए कितने जल्दी ठोस कदम उठाता है।
रक्षाबंधन पर सेठ एम. आर. जयपुरिया स्कूल, ने वृक्षों को बाँधी रक्षा, पर्यावरण की शपथ ली
संजीव सिंह रसड़ा, बलिया। सेठ एम. आर. जयपुरिया स्कूल, रसड़ा के प्रांगण में आज रक्षाबंधन बड़े हर्षोल्लास और पर्यावरण प्रेम के साथ मनाया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री संजीव सिंह चौहान ने रक्षाबंधन को केवल भाई-बहन के बंधन तक सीमित न रखकर पर्यावरण और प्रकृति की रक्षा के रूप में देखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति हमारी असली रक्षक है और हमें इसे सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। समारोह में विद्यालय के सभी शिक्षक, छात्र तथा कर्मचारियों ने वृक्षों को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ राखी बाँधी और पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। मुख्य कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय के विभिन्न वर्गों में रक्षाबंधन से संबंधित बहुविध प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिनमें रंगोली, राखी निर्माण, निबंध लेखन व भाषण प्रतियोगिता प्रमुख थे। प्रतियोगिताओं में बच्चों ने न केवल रचनात्मकता दिखाई बल्कि पर्यावरण संरक्षण के संदेश भी जोरदार तरीके से व्यक्त किए। प्रधानाचार्य संजीव सिंह चौहान ने उपस्थित सभी को रक्षाबंधन की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पर्व प्रेम, सौहार्द और प्रकृति से जुड़ने का प्रतीक है। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और संरक्षण की भावना विकसित करने के लिए ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करें। विद्यालय प्रबंधक व अन्य अतिथि गणों ने भी कार्यक्रम की सराहना की और बच्चों तथा आयोजकों को प्रेरित किया। कार्यक्रम के समापन पर विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और सभी ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
अनुदेशिका अनिता देवी का करंट से असामयिक निधन; शिक्षा समुदाय में शोक
संज़ीव सिंह बलिया। नगरा के गौवापार स्थित सीयर कंपोजिट विद्यालय की अनुदेशिका श्रीमती अनीता देवी (42) का सोमवार, 24 अगस्त 2026 को विद्युत आघात से असामयिक निधन हो गया। उभांव थाना क्षेत्र के भुअरा खूँट (कैथी खतीमपूर मालीपुर) निवासी अनिता यादव, पत्नी संजय यादव, रविवार को टेबल फैन बंद करते समय अचानक करंट की चपेट में आ गईं, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अनिता देवी सीयर के कंपोजिट विद्यालय गौवापार में अनुदेशक के पद पर कार्यरत थीं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रति समर्पित रहीं। उनके निधन से विद्यालय परिवार और क्षेत्र के लोगों में शोक की लहर फैल गई है। वे पीछे एक पुत्र व एक पुत्री सहित पूरा परिवार छोड़ गईं। मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को उनके घर पर अनुदेशक संघ के अध्यक्ष पंकज कुमार, बच्‍चालाल, नागेन्द्र कुमार, विनय कुमार, अमित कुमार सिंह, हीरालाल, संतोष यादव, प्रीतम कुमार, शिवकुमार, राजनाथ यादव, विनोद कुमार, नूतन देवी, प्रिंस, लता यादव तथा अनेक गणमान्य नागरिक व सहकर्मी पहुंचे और परिजनों को सांत्वना व सहयोग दिया। सहकर्मी व शिक्षण संघों ने अनिता देवी के निधन को शिक्षा क्षेत्र की अपूरणीय क्षति बताया और परिजनों को धैर्य रखने की प्रेरणा दी।
विद्युत आघात से अनुदेशिका अनीता देवी का आकस्मिक निधन, शिक्षा जगत में शोक
संजीव सिंह बलिया।  शिक्षा क्षेत्र नगरा के गौवापार स्थित कम्पोजिट विद्यालय की अनुदेशिका श्रीमती अनीता देवी का सोमवार, 24 अगस्त 2026 को विद्युत आघात से अचानक निधन हो गया। समाचार मिलते ही विद्यालय परिवार, सहकर्मी और क्षेत्रवासी शोक की लहर में डूब गए। श्रीमती अनीता देवी को उनके समर्पण, विनम्र स्वभाव और शिष्यों के प्रति गहरे स्नेह के लिए जाना जाता था। वे विद्यालय के शिक्षण कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाती रहीं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध थीं। उनके असामयिक निधन से शिक्षा क्षेत्र को अपूरणीय क्षति पहुंची है। विद्यालय के प्रधानाचार्य तथा सहकर्मियों ने कहा कि उनकी शिक्षा के प्रति निष्ठा और संवेदनशीलता हमेशा याद रखी जाएगी। शोक व्यक्त करते हुए सहकर्मी व शिक्षण संघों ने अनिता देवी के निधन को बड़ी क्षति बताया एवं परिजनों को धैर्य रखने का सांत्वना दी। घटनास्थल पर उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिजनों को यह असहनीय दुख सहन करने की शक्ति देने की कामना की। BEO पंकज सिंह, प्राथमिक शिक्षक संघ, प्राथमिक शिक्षामित्र संघ, अनुदेशक संघ तथा कई गणमान्य नागरिकों ने भी शोक व्यक्त किया और विद्यालय परिवार ने नम आँखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शोक संदेश: “ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक-संतप्त परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य, साहस एवं संबल प्रदान करें। ॐ शांति।”
मुख्यमंत्री निर्देश पर रसोइयों के मानदेय, कैशलेस चिकित्सा व बीमा में वृद्धि; बलिया में सम्मान समारोह आयोजित
संजीव सिंह बलिया, 23 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशानुसार रसोइयों के आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा के उपायों को लेकर आज जनपद बलिया के गंगा बहुद्देशीय सभागार में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री एवं नगर विधायक दयाशंकर सिंह थे, जबकि भारतीय जनता पार्टी के बलिया अध्यक्ष संजय मिश्रा और राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्तव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। समारोह में लगभग 800 रसोइयों को अंगवस्त्र, बढ़ी हुई मानदेय राशि का प्रतीकात्मक चेक और मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा कार्ड प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दौरान मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि जनपद में लगभग 6,300 रसोइयों के सामाजिक सुरक्षा तथा स्वास्थ्य की बेहतर व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद अर्पित करते हैं। उन्होंने रसोइयों के उच्च स्तर की देखभाल और उनके सम्मान को सुनिश्चित करने पर बल दिया। बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि रसोइयों के मानदेय में प्रति माह ₹1,000 की वृद्धि कर उन्हें अब कुल ₹3,000 मानदेय निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही दुर्घटना बीम्मा के लिए भारतीय स्टेट बैंक द्वारा ₹2,00,000 तक का अनुबंध किया गया है तथा मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा कार्ड के तहत ₹5,00,000 तक का कवरेज सुनिश्चित किया गया है। रसोइयों के गणवेश (परिधान) के लिए वार्षिक सहायता अब ₹1,000 प्रति वर्ष निर्धारित की गई है, जो पहले ₹500 थी। विशिष्ट अतिथि संजय मिश्रा ने कहा कि रसोइयों द्वारा प्राथमिक स्तर पर बच्चों को स्वच्छ और पोषक भोजन उपलब्ध कराने से स्वस्थ भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान हो रहा है। राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्तव ने मातृशक्ति और महिलाओं के योगदान की सराहना की। अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि राज्य सरकार रसोइयों के भविष्य और कल्याण के प्रति सजग है तथा समय-समय पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार ने इस योजना के दूरगामी सकारात्मक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए रसोइयों द्वारा स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन देने के कार्य की प्रशंसा की। कार्यक्रम के संचालन का दायित्व डॉक्टर शशि भूषण मिश्रा ने संभाला। कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारियों दुबहर व रेवती राकेश कुमार सिंह, हनुमानगंज के माधवेंद्र पांडे, गड़वार के विशाल यादव और नगर क्षेत्र के रमेश श्रीवास्तव सहित अनेक अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। जिला समन्वयक मध्यान भोजन योजना अजीत कुमार पाठक ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि जिला समन्वयक ओमप्रकाश सिंह एवं अमित सुमन ने व्यवस्थापकीय सहयोग दिया। एकेडमिक रिसोर्स पर्सन लालजी यादव, ब्रजेश बिहारी सिंह, शिक्षक प्रवीण पांडे तथा प्रधानाध्यापक, अध्यापकगण, शिक्षामित्र और अनुदेशक मौजूद रहे। समारोह के अंत में अतिथियों ने रसोइयों के उज्जवल भविष्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और कार्यक्रम की सफल व्यवस्था के लिए सभी सहयोगियों का धन्यवाद व्यक्त किया गया