मुख्यमंत्री का बलिया बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण, राहत-रिलief और पुनर्वास पर जोर
संजीव सिंह बलिया 29 अगस्त — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बाढ़-प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने बलिया जिले की बांसडीह, बैरिया और बलिया सदर विधानसभा क्षेत्रों में जलस्तर और कटान से उत्पन्न आपदा की गंभीरता पर चिंता व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 26 जनपद बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 1.71 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। 251 गांव बाढ़ग्रस्त हैं और एक लाख से अधिक लोगों को अस्थायी बाढ़ शरणालयों में स्थानांतरित किया गया है। राहत एवं बचाव कार्य सुगम करने के लिए 447 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावितों को राहत और आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने में कोई लापरवाही न हो। प्राथमिकता—जीवन रक्षक कदम व पशु सुरक्षा मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में पशुओं के टीकाकरण, भूसा, चारा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी बल दिया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं को राशन और अन्य अनिवार्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। कृषक दुर्घटना बीमा व आवास प्रावधान आकाशीय बिजली या बाढ़ से मृत्यु होने पर कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत प्रभावितों को पाँच लाख रुपये तक सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, बाढ़ के कारण यदि किसी गरीब व्यक्ति का घर ध्वस्त हो जाता है तो उसे तत्काल भूमि का पट्टा और आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्नि दुर्घटना में झोपड़ी नष्ट होने पर भी प्रभावितों को तुरंत आवास दिलाया जाएगा। बलिया के विकास का आश्वासन मुख्यमंत्री ने बलिया के विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जिले में भृगु बाबा के नाम पर मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा और भृगु मंदिर कॉरिडोर का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने बलिया के स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करते हुए कहा कि जिले की क्रांन्तिकारी विरासत के विकास के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सुदृढ़ बाढ़-प्रतिरोधी तटबंध की योजना उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश के 36–40 जिलों में बाढ़ आती थी जबकि इस बार 26 जिलों में स्थिति बनी है। बाढ़ से जन और फसल क्षति कम करने के लिए मजबूत बाढ़ तटबंधों का निर्माण व सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाएगी ताकि प्रभावित परिवारों को राहत और पुनर्वास के लिए भटकना न पड़े। चिकित्सा किट वितरण और स्थानीय नेतृत्व की मौजूदगी जिला चिकित्सा विभाग द्वारा अब तक 1300 बाढ़ प्रभावितों को 10 प्रकार की आवश्यक दवाइयों वाले चिकित्सा किट वितरित किए गए हैं। कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्री स्वतन्त्रदेव सिंह, प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, मंत्री दानिश आजाद अंसारी, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह विधायक केतकी सिंह, जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, डीआईजी आजमगढ़ सुनील कुमार सिंह, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री फेफना उपेंद्र तिवारी, नारद राय, एमएलसी रवि शंकर उर्फ पप्पू, सुनीता श्रीवास्तव, विधायक हंसू राम, पूर्व सांसद भरत सिंह, पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला, जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह समेत कई राजकीय और स्थानीय प्रतिनिधि मौजूद रहे। स्थानीय चुनौतियाँ और आगे का रास्ता स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि राहत कार्य में तेजी लाई जाए और कटान प्रभावित क्षेत्रों में तात्कालिक बचाव के साथ दीर्घकालिक बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं पर भी शीघ्र काम शुरू किया जाए। सरकार ने आश्वासन दिया है कि बलिया के लोगों को विकास हेतु भटकना नहीं पड़ेगा और प्रदेश सरकार हर संकट की घड़ी में उनके साथ खड़ी है
Sep 02 2026, 11:23
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