यूपी में फिर सक्रिय मानसून, 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

- पूर्वांचल और मध्य यूपी में तेज बारिश के आसार, कई जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की चेतावनी


लखनऊ। सितंबर की शुरुआत के साथ उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के 21 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश में बारिश का जोर अधिक रहने की संभावना है, जबकि पश्चिमी यूपी के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।

- 5 सितंबर तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में पांच सितंबर तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने के आसार हैं। दक्षिणी और पूर्वी यूपी में अगले तीन से चार दिनों तक बारिश का जोर बना रह सकता है। वहीं, पश्चिमी और मध्य यूपी में बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।

- इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, रायबरेली, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

- कई जिलों में वज्रपात की भी चेतावनी
सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की आशंका जताई गई है।

- अगस्त में सामान्य से 24 फीसदी अधिक बारिश
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने सात निम्न दबाव क्षेत्रों के कारण अगस्त में मानसून लगातार सक्रिय रहा। प्रदेश में अगस्त के दौरान सामान्य 235.5 मिमी के मुकाबले 291.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य से करीब 24 फीसदी अधिक है। इससे पहले वर्ष 2018 में अगस्त में 293.1 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।
3284 जूनियर असिस्टेंट अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, डिप्टी सीएम आवास का घेराव
-  PET-2023 भर्ती में देरी से नाराज अभ्यर्थियों ने जल्द परिणाम और टाइपिंग परीक्षा कराने की उठाई मांग

लखनऊ। PET-2023 के आधार पर 3284 जूनियर असिस्टेंट पदों पर भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर बुधवार को सैकड़ों अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास का घेराव करने पहुंचे। हाथों में पोस्टर लेकर अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी कराने और परिणाम जारी करने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द परिणाम जारी कर टाइपिंग परीक्षा की प्रक्रिया शुरू कराई जाए, ताकि भर्ती को निर्धारित समय में पूरा किया जा सके।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया के संबंध में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान डिप्टी सीएम ने आयोग के अध्यक्ष से भी अभ्यर्थियों की बातचीत कराई। अभ्यर्थियों ने आयोग से जल्द परिणाम घोषित करने और टाइपिंग परीक्षा कराने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि चुनाव से पहले 3284 जूनियर असिस्टेंट पदों की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर नियुक्ति की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
किसी भी थर्मामीटर में ओ क्षमता नहीं है जो सवर्ण का तेवर नाप सके हम सभी लोग अपना खून पसीना  बहाने को तैयार है अपने समाज के लिए : सूरज प्रसाद चौबे
लखनऊ । रिजर्वेशन रिफॉर्म, यूजीसी काला कानून वापस हो, SCSTACT का दुरुपयोग बंद हो सवर्ण आयोग का गठन हो को लेकर सवर्ण समाज प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में अनिश्चित कालीन धरना दे रहा है धरने का आज चौथा दिन है । सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे दो दिन से अपनी पूरी टीम के साथ धरने पर बैठे धरने पर बोलते हुए सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि अब वर्षो का संघर्ष सफल हो रहा है ।

देश में सवर्ण क्रांति की शुरुआत हो गई है अब सवर्ण शांत नहीं बैठने वाला है उसे न्याय चाहिए उन्होंने ने कहा कि संविधान निर्माण से लेकर आज तक देश भर के परम राष्ट भक्त सवर्ण समाज को सरकारी राजनीतिक सामाजिक क्षुद्रता को कूटनीतिक वाले एक सामोहिक साजिश का शिकार बना दिया गया । राज्य की सरकार , केन्द्र की सरकार सवर्ण को कानून बजट योजनाओं में बराबरी का हक नहीं दी जा रही है । दुर्भाग्य सवर्ण समाज के संसद मंत्री विधायक और जनप्रतिनिधि सवर्ण नेता सवर्ण हित के विषयों पर डब्बू बिकाऊ डरपोक साबित हो रहे हैं जबकि केंद्र एवं राज्यों में सरकार सवर्ण के वोट से बनी हुई है फिर भी वह सवर्ण विरोधी ,बिनासक बन गई ।

चौबे ने आगे कहा कि आरक्षण सुधार की मांग राष्ट हित में सभी वर्ग के लोगों के लिए है इससे सवर्ण समाज से जोड़ कर नहीं देखा जाय आरक्षित वर्ग के लोग जो आई ए एस, आई पी एस मंत्री सांसद विधायक हो गए हैं वह अब न शोषित है न ही वंचित है भीमराव अम्बेडकर का सपना था कि जो समाज के मुख्य धारा में नहीं है आर्थिक रूप से कमजोर है उन्हें आरक्षण के द्वारा मुक्त धारा से जोड़ा जाय यही सवर्ण समाज मांग कर रहा है कि आरक्षण उसे दिया जाय जिसे वास्तव में जरूरत हो आरक्षण आर्थिक आधार पर हों यूजीसी काला कानून जो सवर्ण समाज के बच्चों को जन्म जाती अपराधी एवं शोषण करता बता रहा है उसे वापस किया जाना चाहिए यह एक वर्ग सामान्य वर्ग के बच्चों को उच्च शिक्षा से बंचित करने वाला कानून है एससीएसटी एक्ट का दुरुपयोग बड़े पैमाने पर हो रहा है।

इसे आय का साधन बना लिया गया है जिससे समाज में स्थापित भाई चारा समाप्त हो रहा है इसे हर हाल में वापस होना चाहिए,हर वर्ग के लिए आयोग है तो सवर्ण के लिए सवर्ण आयोग संवैधानिक बनाया जाय जिससे सवर्ण के साथ कोई अन्याय हो तो उचित फोरम में अपनी बात कह सके । धरना स्थल पर आज एसीपी वाराणसी प्रज्ञा पाठक ,सिटी मजिस्ट्रेट वाराणसी मय पुलिस फर्श के साथ धरने पर आए उन्होंने कहा कि ज्ञापन दे दीजिए और धरना समाप्त कर दे सवर्ण समाज के लोगों ने कहा कि ज्ञापन तो बहुत दिया जा चुका है अब धरना तभी समाप्त होगा जब वाराणसी के सांसद उनके प्रतिनिधि या केंद्रीय मंत्री आए वार्ता करे  एक प्रतिनिधि बनाया गया है जो वार्ता करेगा ।
धरना अनिश्चित कालीन जारी रहेगा सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने का कि किसी भी थर्मा मीटर में ओ क्षमता नहीं है जो सवर्ण का तेवर नाप सके हम सभी लोग अपना खून पसीना बहाने को तैयार है अपने समाज के लिए।
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा, 10 नई परियोजनाओं को मंजूरी की सिफारिश
- 12 निवेश प्रस्तावों पर हुआ विचार, किसानों की उपज को मिलेगा बेहतर बाजार और युवाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

लखनऊ। प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को गति देने की दिशा में सरकार ने एक और कदम बढ़ाया है। उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत गठित एप्रेजल समिति ने 12 नए निवेश प्रस्तावों पर विचार किया, जिनमें से 10 परियोजनाओं को जरूरी शर्तें पूरी होने पर स्वीकृति देने की संस्तुति की गई है।
सोमवार को खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय में अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बीएल मीणा की अध्यक्षता में हुई समिति की बैठक में पोर्टल के माध्यम से प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण किया गया। संस्तुत परियोजनाओं में कैटल फीड, अनाज व रिफाइंड मसाले, मूंगफली प्रसंस्करण, फ्रोजन खाद्य पदार्थ, रेडी-टू-कुक उत्पाद, तेल, आटा, दाल व बेसन निर्माण, दाल मिल तथा फ्रोजन फल-सब्जी प्रसंस्करण से जुड़ी इकाइयां शामिल हैं। कुछ परियोजनाओं में बिजली की जरूरत पूरी करने के लिए सोलर पावर प्लांट लगाने का भी प्रस्ताव है।

- किसानों से कच्चा माल खरीदने की शर्त
समिति ने परियोजनाओं को मंजूरी की सिफारिश करते हुए स्थानीय किसानों से कच्चे माल की खरीद सहित कई शर्तें रखी हैं। संबंधित इकाइयों को प्लांट मैप, फायर और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े प्रमाण-पत्र, उत्पादन क्षमता के इस्तेमाल, विद्युत बिल और अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। शर्तों का पालन सुनिश्चित होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी होगी। बैठक में एक प्रस्ताव को पात्रता पूरी नहीं होने के कारण खारिज कर दिया गया। वहीं, एक अन्य प्रस्ताव पर प्लांट और मशीनरी से जुड़े आवश्यक विवरण मिलने के बाद अगली एप्रेजल समिति की बैठक में विचार करने का फैसला लिया गया।

- दूसरी किस्त से पहले उत्पाद परीक्षण जरूरी
समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि नीति के तहत पहली किस्त प्राप्त कर चुकी इकाइयों को दूसरी किस्त जारी करने पर तभी विचार किया जाएगा, जब वे आरओएफसी के माध्यम से अपने उत्पाद का परीक्षण कराकर उसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगी।

- निवेश से किसानों और युवाओं को फायदा : केशव प्रसाद मौर्य
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में किसानों, उद्यमियों और युवाओं के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में निवेश बढ़ने से कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन होगा, किसानों को उनकी उपज का बेहतर बाजार मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 में उपलब्ध अनुदान, सुविधाओं और प्रोत्साहनों की जानकारी व्यापक स्तर पर पहुंचाने के निर्देश दिए। उनका कहना है कि अधिक से अधिक उद्यमियों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करने से प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बैठक का प्रमुख उद्देश्य प्रदेश में नए निवेश को बढ़ावा देने के साथ कृषि उपज का मूल्य संवर्धन, किसानों के लिए बेहतर बाजार और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। विभाग के स्तर पर नीति-2023 के तहत प्राप्त निवेश प्रस्तावों के परीक्षण और अनुमोदन की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मनाया गया विमुक्ति दिवस, विमुक्त जातियों के कल्याण पर जोर
- मंत्री अनिल राजभर बोले- अंग्रेजों के क्रिमिनल एक्ट से मुक्ति दिलाने में सरदार पटेल की अहम भूमिका

लखनऊ। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सोमवार को विमुक्ति दिवस के अवसर पर कार्यक्रम और सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विमुक्त जातियों के इतिहास, उनके योगदान और सामाजिक-आर्थिक उत्थान से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
मुख्य अतिथि पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं संबंधित विभाग के मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि अंग्रेजी शासन के दौरान विमुक्त जातियों पर लगाए गए क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट से मुक्ति दिलाने में सरदार वल्लभभाई पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि विमुक्त समाज सरदार पटेल के योगदान को हमेशा याद रखेगा। अनिल राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार विमुक्त जातियों के कल्याण और उनके अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने विमुक्त जातियों के लिए आयोग के गठन की पहल को महत्वपूर्ण कदम बताया और इसके लिए प्रदेश सरकार के प्रति आभार जताया।

- विमुक्त समाज की देश की आजादी में रही भूमिका
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने कहा कि विमुक्त जातियों की आवाज को लगातार उठाने का काम अनिल राजभर करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि 31 अगस्त को विमुक्त दिवस के अवसर पर कई वर्षों से विभिन्न जिलों में कार्यक्रम और सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इन आयोजनों से समाज में जागरूकता बढ़ी है।उन्होंने कहा कि देश की आजादी के संघर्ष में विमुक्त जातियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके योगदान को सामने लाने और नई पीढ़ी को इससे परिचित कराने की जरूरत है।
कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य शिवमंगल बियार मौजूद रहे। संचालन भारत भीम जनार्दन चौहान ने किया। कार्यक्रम के आयोजन में मुन्ना प्रसाद राजभर, रानू प्रताप राजभर, राजेश राजभर, गुड्डू राजभर, भुनेश्वर राजभर, रामस्वर्थ राजभर, हरिकेश राजभर और बीना राजभर समेत अन्य लोगों की भूमिका रही।
विजिट माय स्टेट के तहत 'जेन-जी' बनेंगे कल्चरल एम्बेसडर, उत्तर प्रदेश पर्यटन की अनूठी पहल
- एक शहर, एक आवाज, 60 सेकंड: युवा रील्स के जरिए सुनाएंगे अपने शहर की कहानी, विरासत से लेकर खान-पान तक दिखेगा स्थानीय रंग


लखनऊ। अब उत्तर प्रदेश की संस्कृति और पर्यटन की कहानी युवा अपने अंदाज में दुनिया तक पहुंचाएंगे। पर्यटन विभाग ने प्रदेश के युवाओं को उनके शहर का ‘कल्चरल एम्बेसडर’ बनाने के लिए ‘विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश’ अभियान शुरू किया है। इसके तहत युवा अधिकतम 60 सेकंड की रील बनाकर अपने शहर की विरासत, खान-पान, परंपराओं और कम चर्चित पर्यटन स्थलों से लोगों को रूबरू करा सकेंगे।
अभियान के जरिए पर्यटन विभाग की कोशिश प्रदेश को स्थानीय लोगों की नजर से दुनिया के सामने पेश करने की है। इसके लिए किसी प्रसिद्ध स्मारक या पर्यटन स्थल की सामान्य जानकारी देने के बजाय युवाओं को अपने शहर से जुड़ी ऐसी कहानी बताने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसे वे व्यक्तिगत अनुभव और स्थानीय जानकारी के आधार पर बेहतर ढंग से प्रस्तुत कर सकें।

- कैमरे के सामने आकर सुनानी होगी कहानी
रील में प्रतिभागी का खुद कैमरे के सामने होना जरूरी होगा। चेहरा स्पष्ट और आवाज साफ होनी चाहिए। वीडियो किसी खुले स्थान पर शूट करना होगा और पीछे शहर का कोई प्रमुख पर्यटन स्थल या स्थानीय पहचान से जुड़ा स्थान दिखाई देना चाहिए। खास बात यह है कि प्रतिभागियों पर किसी निर्धारित स्क्रिप्ट का दबाव नहीं होगा। वे अपनी कहानी अपने शब्दों और अपने अंदाज में सुना सकेंगे। रील हिंदी या अंग्रेजी में बनाई जा सकती है। हालांकि प्रत्येक वीडियो के अंत में ‘विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश’ कहना अनिवार्य होगा।

- अल्पज्ञात स्थलों को भी मिलेगी पहचान
पर्यटन विभाग का मानना है कि आज की युवा पीढ़ी यात्रा से पहले सोशल मीडिया पर छोटे वीडियो और दूसरे यात्रियों के अनुभव देखना पसंद करती है। ऐसे में रील के जरिए सामने आने वाली स्थानीय कहानियां प्रदेश के उन पर्यटन स्थलों को भी पहचान दिला सकती हैं, जो अभी व्यापक स्तर पर चर्चित नहीं हैं। अभियान में स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प, त्योहार, रीति-रिवाज, ऐतिहासिक किस्से, पुराने मोहल्ले, प्राकृतिक स्थल और स्थानीय परंपराओं को भी कहानी का हिस्सा बनाया जा सकता है।

- जयवीर सिंह बोले- युवा अपनी आवाज से दुनिया तक पहुंचाएं प्रदेश की संस्कृति
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान केवल बड़े और प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं है। प्रदेश के हर जिले और क्षेत्र की अपनी अलग विरासत, परंपरा और जीवनशैली है। उन्होंने कहा कि ‘विजिट माय स्टेट’ के माध्यम से युवाओं को अपने शहर की विशेषताओं से दुनिया को परिचित कराने का अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा अपनी आवाज और अपने अनुभव के जरिए उत्तर प्रदेश को एक नए नजरिए से प्रस्तुत कर सकते हैं। इससे प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता के साथ स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

- 60 सेकंड में अपने शहर का ‘अपना अनुभव’
अपर मुख्य सचिव, पर्यटन अमृत अभिजात ने कहा कि अभियान का उद्देश्य स्थानीय लोगों को अपने शहर और आसपास के पर्यटन स्थलों की कहानी साझा करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि एक मिनट से भी कम समय में किसी स्थान की खासियत, स्थानीय अनुभव और व्यक्तिगत जुड़ाव को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि ऐसी छोटी-छोटी कहानियां मिलकर उत्तर प्रदेश की आस्था, विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, खान-पान और हस्तशिल्प की विविधता को देश-दुनिया तक पहुंचाने में मदद करेंगी।

- लखनऊ से ब्रज और बुंदेलखंड तक दिखेगा स्थानीय रंग
अभियान में लखनऊ का युवा शहर की चिकनकारी, खान-पान, पुराने इलाकों या सांस्कृतिक स्थलों को अपनी कहानी बना सकता है। इसी तरह ब्रज, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के युवा अपने-अपने क्षेत्रों की लोक परंपराओं, खान-पान, विरासत और कम चर्चित पर्यटन स्थलों को रील के जरिए सामने ला सकते हैं। प्रतिभागी ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से अपनी प्रविष्टियां भेज सकते हैं। अभियान से जुड़ी जानकारी और वीडियो उत्तर प्रदेश पर्यटन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध हैं।
अंकित बालियान हत्याकांड में बड़ा एक्शन, डीजीपी बोले- शूटरों के बाद अब पूरी आपराधिक कड़ी तक पहुंचेगी पुलिस
शामली एनकाउंटर में दो शूटर ढेर, राजीव कृष्ण ने कहा- हत्या के पीछे की साजिश और गैंग नेटवर्क भी खंगाला जाएगा
पुलिस ने ह्यूमन और टेक्निकल इंटेलिजेंस के आधार पर 29 अगस्त को हत्याकांड में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली थी
मुठभेड़ के बाद आरोपियों के कब्जे से हथियार और बड़ी संख्या में कारतूस तथा खोखे बरामद किए गए

लखनऊ । हरियाणवी गायक एवं अभिनेता अंकित बालियान हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मुख्य शूटरों को मुठभेड़ में मार गिराया। कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने स्पष्ट किया कि पुलिस की जांच केवल शूटरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हत्या की पूरी साजिश और उसके पीछे सक्रिय आपराधिक नेटवर्क की कड़ियां भी खंगाली जाएंगी। 
डीजीपी राजीव कृष्ण ने लखनऊ में कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि अंकित बालियान शामली कोतवाली थाना क्षेत्र के नाला पटरी इलाके में स्थित एक फिटनेस जिम से बाहर निकल रहे थे, तभी चार हथियारबंद अपराधियों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल अंकित की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक के पिता की तहरीर पर चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कई पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस के सामने दोहरी चुनौती थी—पहली, वारदात को अंजाम देने वाले शार्पशूटरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना और दूसरी, इस हत्या के पीछे की पूरी आपराधिक साजिश तथा गैंग नेटवर्क का पता लगाना। डीजीपी के मुताबिक, पुलिस ने ह्यूमन और टेक्निकल इंटेलिजेंस के आधार पर 29 अगस्त को हत्याकांड में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली थी। इसी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए सोमवार को पुलिस की मुठभेड़ में दो आरोपी मोहित और सुमित मारे गए। राजीव कृष्ण ने कहा कि पुलिस को हत्याकांड में शामिल बाकी अपराधियों और उनके नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य सिर्फ शूटरों तक पहुंचना नहीं है। हम साजिशकर्ताओं की पूरी कड़ी तक पहुंचना चाहते हैं। जिन्होंने संसाधन मुहैया कराए, हथियारों की सप्लाई की, रेकी की या अपराधियों को पनाह दी, उन सभी को कानून के दायरे में लाया जाएगा।” पुलिस के मुताबिक, सोमवार को आरोपियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। इस दौरान दो पुलिसकर्मी घायल हुए। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। मुठभेड़ के बाद आरोपियों के कब्जे से हथियार और बड़ी संख्या में कारतूस तथा खोखे बरामद किए गए हैं। पुलिस अब बरामद हथियारों और अन्य साक्ष्यों को हत्याकांड से जोड़कर भी जांच कर रही है। डीजीपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्याकांड में गोगी गैंग की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस इस पहलू की गहराई से जांच कर रही है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि हत्या से पहले अंकित की रेकी की गई थी और शूटरों को बाहर से हथियार उपलब्ध कराए गए थे। डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस कार्रवाई में शामिल शामली पुलिस और एसटीएफ की टीम को दो लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह अभियान यहीं समाप्त नहीं हुआ है। डीजीपी ने कहा, “मैं आपके माध्यम से सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई यहीं समाप्त नहीं होती। इस अपराध की साजिश में शामिल हर एक व्यक्ति की भूमिका तय की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने साफ संदेश देते हुए कहा कि अपराधी प्रदेश की सीमा से बाहर बैठकर भी खुद को कानून की पहुंच से बाहर न समझें। पुलिस जरूरत के मुताबिक केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी समन्वय कर रही है।
गौशालाओं की होगी सघन जांच, 10 सितंबर तक मुख्यालय भेजनी होगी रिपोर्ट
- धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को दिए निर्देश, चारा-पानी से लेकर स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था पर मांगी गई मौके की रिपोर्ट

लखनऊ। प्रदेश की गौशालाओं में गोवंश के लिए उपलब्ध सुविधाओं की अब व्यापक स्तर पर जांच होगी। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी गौशालाओं का स्थलीय निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए और 10 सितंबर तक मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
विधान भवन स्थित अपने कार्यालय में सोमवार को विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि निरीक्षण महज कागजी प्रक्रिया बनकर नहीं रहना चाहिए। अपर निदेशक स्तर के अधिकारी प्रत्येक मंडल में गौशालाओं का मौके पर जाकर निरीक्षण करें। चारा, भूसा, हरा चारा, स्वच्छ पेयजल, प्रकाश, छाया, गोवंश के बैठने की जगह, चरही, साफ-सफाई, उपचार और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं को प्रत्यक्ष रूप से देखा जाए। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं की तस्वीरें भी रिपोर्ट के साथ भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

- कमी मिलने पर तत्काल सुधार के निर्देश
धर्मपाल सिंह ने कहा कि जहां भी गौशालाओं में व्यवस्थाओं की कमी मिले, उसे तत्काल दूर कराया जाए और बाद में भी उसकी नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोवंश संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

- नस्ल सुधार और कृत्रिम गर्भाधान पर जोर
मंत्री ने गोवंश के संरक्षण के साथ पशुओं की गुणवत्ता सुधारने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान, बधियाकरण और संचारी रोगों की रोकथाम के अभियानों को तेज करने के निर्देश दिए। गांव-गांव तक इन सुविधाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने को भी कहा गया। उनका कहना था कि स्वस्थ पशुधन से दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा और इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

- दुग्ध समितियों को सक्रिय करने पर जोर
दुग्ध विकास विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं देने की जरूरत बताई। उन्होंने दुग्ध समितियों को अधिक सक्रिय करने, दुग्ध उत्पादकों को समय पर तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने तथा दुग्ध संग्रहण और विपणन की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।
धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में दुग्ध क्षेत्र की अहम भूमिका है। वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए दुग्ध उत्पादन और उससे जुड़े कारोबार को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने विभागीय योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों और पशुपालकों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए।

- महिलाओं को दुग्ध उत्पादन से जोड़ने पर जोर
राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने भी गौशालाओं के नियमित स्थलीय निरीक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई, चारा-पानी और गोवंश के स्वास्थ्य की स्थिति पर लगातार निगरानी होनी चाहिए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की अधिक से अधिक महिलाओं को दुग्ध उत्पादन से जोड़ने के प्रयास किए जाएं।
बैठक में विशेष सचिव राम सहाय यादव, पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक प्रकाश बिंदु, पशुपालन विभाग के निदेशक (प्रशासन एवं विकास) डॉ. राजेंद्र प्रसाद, निदेशक (रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र) डॉ. संगीता तिवारी और पशुधन विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. पी.के. सिंह समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
जनसुनवाई में ए.के शर्मा ने सुनीं फरियादें, अफसरों को समयबद्ध समाधान के निर्देश
- बिजली कनेक्शन और बिल सुधार से लेकर पेयजल व जलनिकासी की शिकायतें पहुंचीं मंत्री के पास

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सोमवार को अपने आवास पर जनसुनवाई के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं। बड़ी संख्या में आए फरियादियों ने बिजली कनेक्शन, विद्युत बिल में गड़बड़ी, पेयजल, जलनिकासी और नगर निकायों से जुड़ी समस्याएं मंत्री के सामने रखीं। मंत्री ने फरियादियों की शिकायतें सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र और प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के समाधान में सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि ऐसा प्रयास होना चाहिए जिससे संबंधित व्यक्ति को वास्तविक राहत मिल सके।

- बिजली संबंधी शिकायतों पर प्राथमिकता
विद्युत विभाग से जुड़ी शिकायतों को लेकर ए.के. शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि कनेक्शन, बिल संशोधन और उपभोक्ता सेवाओं से संबंधित मामलों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। पात्र उपभोक्ताओं को विभागीय योजनाओं और सुविधाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराने पर भी उन्होंने जोर दिया।

- जलभराव और निकासी पर विशेष ध्यान
पेयजल तथा जलनिकासी की शिकायतों पर मंत्री ने नगर निकायों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना और जलभराव की समस्या से राहत दिलाना प्राथमिकता में होना चाहिए। बारिश के दौरान जलनिकासी व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कदम उठाने को भी कहा गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसुनवाई में आने वाली प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और शिकायतकर्ता को समाधान के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का जोर सुशासन और जनकल्याण पर है। सरकारी योजनाओं और विभागीय सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक आसानी से पहुंचाना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
अंकित बालियान हत्याकांड में बड़ा एनकाउंटर, दो शूटर ढेर; 20 से ज्यादा गोलियां लगने की बात
लखनऊ/बागपत ।  हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड में सोमवार सुबह पुलिस ने बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। औद्योगिक क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में पुलिस ने 50-50 हजार रुपये के इनामी दो कथित शूटरों को मार गिराया। मारे गए बदमाशों की पहचान सोनीपत निवासी सुमित और मोहित के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों का संबंध गोगी गैंग से था और वे अंकित बालियान की हत्या में शामिल थे।

पुलिस के अनुसार, अंकित की हत्या के बाद दोनों आरोपी बागपत के रास्ते लोनी की तरफ भाग निकले थे। पुलिस लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। सोमवार सुबह दोनों औद्योगिक क्षेत्र से होते हुए सोनीपत जाने की कोशिश में थे। इसी दौरान पुलिस टीम ने उन्हें घेर लिया।

पुलिस का दावा है कि घिरने के बाद बदमाशों ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोलीबारी की। कुछ देर चली मुठभेड़ में दोनों बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस दोनों को तत्काल अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, दोनों के शरीर पर 20 से अधिक गोलियां लगने की जानकारी सामने आई है।

मौके से हथियार बरामद

एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, मुठभेड़ में मारे गए सुमित और मोहित अंकित बालियान हत्याकांड में शामिल थे। पुलिस ने घटनास्थल से हथियार और अन्य सामान बरामद किए हैं। बरामदगी की जांच की जा रही है और मुठभेड़ से जुड़े साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।

चार शूटरों में दो मारे गए, दो की तलाश जारी

पुलिस जांच में अब तक सामने आया है कि अंकित बालियान की हत्या में कथित तौर पर चार शूटर शामिल थे। इनमें सुमित और मोहित को मुठभेड़ में मार गिराने का पुलिस ने दावा किया है। अब पुलिस की नजर बाकी दो आरोपियों सत्यम और आर्यन पर है।

दोनों फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड की पूरी साजिश और हत्या के पीछे की वजह से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं।

CCTV से शुरू हुई थी शूटरों की तलाश

अंकित बालियान की हत्या के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया था। जांच के दौरान पुलिस को शूटरों के बागपत और लोनी की ओर भागने के सुराग मिले। इसके बाद संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ाई गई थी। इसी निगरानी के दौरान सोमवार सुबह औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस और कथित शूटरों का आमना-सामना हो गया।

फिलहाल पुलिस बाकी दो फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। साथ ही मुठभेड़ में मारे गए दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और अंकित बालियान हत्याकांड में उनकी भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है।