अंकित बालियान हत्याकांड में बड़ा एनकाउंटर, दो शूटर ढेर; 20 से ज्यादा गोलियां लगने की बात
लखनऊ/बागपत ।  हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड में सोमवार सुबह पुलिस ने बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। औद्योगिक क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में पुलिस ने 50-50 हजार रुपये के इनामी दो कथित शूटरों को मार गिराया। मारे गए बदमाशों की पहचान सोनीपत निवासी सुमित और मोहित के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों का संबंध गोगी गैंग से था और वे अंकित बालियान की हत्या में शामिल थे।

पुलिस के अनुसार, अंकित की हत्या के बाद दोनों आरोपी बागपत के रास्ते लोनी की तरफ भाग निकले थे। पुलिस लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। सोमवार सुबह दोनों औद्योगिक क्षेत्र से होते हुए सोनीपत जाने की कोशिश में थे। इसी दौरान पुलिस टीम ने उन्हें घेर लिया।

पुलिस का दावा है कि घिरने के बाद बदमाशों ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोलीबारी की। कुछ देर चली मुठभेड़ में दोनों बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस दोनों को तत्काल अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, दोनों के शरीर पर 20 से अधिक गोलियां लगने की जानकारी सामने आई है।

मौके से हथियार बरामद

एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, मुठभेड़ में मारे गए सुमित और मोहित अंकित बालियान हत्याकांड में शामिल थे। पुलिस ने घटनास्थल से हथियार और अन्य सामान बरामद किए हैं। बरामदगी की जांच की जा रही है और मुठभेड़ से जुड़े साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।

चार शूटरों में दो मारे गए, दो की तलाश जारी

पुलिस जांच में अब तक सामने आया है कि अंकित बालियान की हत्या में कथित तौर पर चार शूटर शामिल थे। इनमें सुमित और मोहित को मुठभेड़ में मार गिराने का पुलिस ने दावा किया है। अब पुलिस की नजर बाकी दो आरोपियों सत्यम और आर्यन पर है।

दोनों फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड की पूरी साजिश और हत्या के पीछे की वजह से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं।

CCTV से शुरू हुई थी शूटरों की तलाश

अंकित बालियान की हत्या के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया था। जांच के दौरान पुलिस को शूटरों के बागपत और लोनी की ओर भागने के सुराग मिले। इसके बाद संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ाई गई थी। इसी निगरानी के दौरान सोमवार सुबह औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस और कथित शूटरों का आमना-सामना हो गया।

फिलहाल पुलिस बाकी दो फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। साथ ही मुठभेड़ में मारे गए दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और अंकित बालियान हत्याकांड में उनकी भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है।
अखिलेश यादव को भेंट की गई काव्य पुस्तिका ‘काम बोलता है’

- कविताओं के जरिए सपा सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का ब्योरा, लोहिया के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की उम्मीद

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को रविवार को रामअधार राजभर ने अपनी काव्य पुस्तिका ‘काम बोलता है’ भेंट की। इस अवसर पर अखिलेश यादव ने उम्मीद जताई कि यह पुस्तक समाजवादी विचारधारा और डॉ. राममनोहर लोहिया के सिद्धांतों को आम लोगों तक पहुंचाने में उपयोगी साबित होगी।
पुस्तिका में कविताओं के माध्यम से समाजवादी सरकार के कार्यों और विभिन्न योजनाओं को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है। इसमें प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई क्षेत्रों को विषय बनाया गया है।

- कई क्षेत्रों पर केंद्रित हैं रचनाएं
‘काम बोलता है’ में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, हरित क्रांति, कृषि, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, चिकित्सा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा तथा बेसिक शिक्षा से जुड़े विषयों पर रचनाएं शामिल हैं।
इसके अलावा लोक निर्माण, श्रम एवं सेवायोजन, हथकरघा और उद्योग समेत अन्य क्षेत्रों को भी कविताओं के माध्यम से सामने रखा गया है।
अखिलेश यादव ने पुस्तिका की सराहना करते हुए कहा कि साहित्य और कविता के माध्यम से विचारों तथा नीतियों को सरल तरीके से लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह प्रयास समाजवादी विचारधारा और लोहिया के सामाजिक-राजनीतिक सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार में योगदान देगा।
पीएम-सेतु से यूपी में बदलेगी आईटीआई की तस्वीर, उद्योगों की जरूरत के हिसाब से तैयार होंगे युवा

- लखनऊ में उद्योग सम्मेलन में कौशल विकास और रोजगार के बीच साझेदारी मजबूत करने पर जोर; राजनाथ सिंह बोले- कुशल मानव संसाधन के बिना तकनीक का पूरा लाभ संभव नहीं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने और युवाओं को बेहतर रोजगार से जोड़ने की दिशा में पीएम-सेतु योजना को महत्वपूर्ण पहल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी उद्देश्य से लखनऊ के ताज पैलेस में पीएम-सेतु उद्योग सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में सरकार, उद्योग जगत और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच साझेदारी मजबूत करने तथा आईटीआई को आधुनिक उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में विकसित करने पर मंथन हुआ।
कार्यक्रम में रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह, केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल समेत केंद्र एवं प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, प्रमुख औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि और शिक्षण संस्थानों के अधिकारी शामिल हुए।

- कुशल मानव संसाधन विकास की सबसे बड़ी जरूरत
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी भी देश के विकास में मानव संसाधन की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। भारत को वैश्विक विनिर्माण और तकनीकी शक्ति बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक के साथ प्रशिक्षित और कुशल कार्यबल भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कोई देश अत्याधुनिक मशीनें खरीद सकता है, लेकिन उन्हें प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन का होना अनिवार्य है। रक्षा उत्पादन, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, ड्रोन, रोबोटिक्स, प्रिसिजन इंजीनियरिंग और ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में तेजी से बदलाव हो रहे हैं, इसलिए युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करना होगा।
राजनाथ सिंह ने कहा कि पीएम-सेतु के तहत सरकारी आईटीआई में आधुनिक सुविधाएं, प्रयोगशालाएं, डिजिटल लर्निंग और नवीनतम पाठ्यक्रम विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने उद्योगों और रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों से इस योजना में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि योजना की सफलता का पैमाना केवल मशीनें लगाना नहीं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार पैदा करना होना चाहिए।

- प्रशिक्षण से रोजगार तक बने स्पष्ट रास्ता
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि पीएम-सेतु सरकार, उद्योग और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच साझेदारी का नया मॉडल है। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण और रोजगार के बीच मौजूद अंतर को कम करना है।
उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि वे अपनी भूमिका केवल सीएसआर गतिविधियों तक सीमित न रखें, बल्कि आईटीआई क्लस्टरों के विकास, संचालन और प्रबंधन में सक्रिय भागीदारी करें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण ऐसा हो, जिसके बाद युवाओं के लिए अप्रेंटिसशिप और रोजगार तक पहुंच का स्पष्ट रास्ता तैयार हो।

- यूपी में 8 क्लस्टर, 32 आईटीआई होंगे विकसित
कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पीएम-सेतु के तहत 8 क्लस्टर और 32 आईटीआई चिन्हित किए गए हैं। इनमें से सात क्लस्टर उद्योगों की साझेदारी के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने के लिए हर संभव सहयोग करेगी।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़ा बाजार, विशाल युवा आबादी और तकनीकी रूप से सक्षम मानव संसाधन उपलब्ध है। उन्होंने सम्मेलन में शामिल उद्योगों को राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।

- रक्षा और विनिर्माण क्षेत्र में कुशल तकनीशियनों की बढ़ती मांग
सम्मेलन में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, भारत डायनेमिक्स लिमिटेड, ब्रह्मोस एयरोस्पेस, ट्रूप कम्फर्ट्स लिमिटेड, एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड, ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड, अशोक लेलैंड समेत प्रमुख औद्योगिक एवं रक्षा संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
उद्योग प्रतिनिधियों ने एयरोस्पेस, जहाज निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, प्रिसिजन इंजीनियरिंग, रक्षा उत्पादन, उन्नत वेल्डिंग, मेकाट्रॉनिक्स और ड्रोन तकनीक जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित तकनीशियनों की बढ़ती मांग पर जोर दिया।

- एक क्लस्टर पर 241 करोड़ तक का निवेश
पीएम-सेतु के तहत एक हब आईटीआई और चार स्पोक आईटीआई वाले क्लस्टर में 241 करोड़ रुपये तक का निवेश संभव है। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत, राज्य सरकार की 33 प्रतिशत और उद्योग साझेदारों का 17 प्रतिशत योगदान प्रस्तावित है।
क्लस्टर के संचालन के लिए प्रस्तावित एसपीवी व्यवस्था में एंकर इंडस्ट्री पार्टनर्स को 51 प्रतिशत हिस्सेदारी, जबकि केंद्र और राज्य सरकार को 24.5-24.5 प्रतिशत हिस्सेदारी दी जाएगी। सम्मेलन में बताया गया कि पांच राज्यों के सात क्लस्टरों में स्वीकृत उद्योग साझेदारी प्रस्ताव 1,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रतिनिधित्व करते हैं।

- 'शौर्य अकादमी’ के लिए एमओयू
कार्यक्रम के दौरान युवाओं को सशस्त्र बलों, पुलिस और अन्य वर्दीधारी सेवाओं में करियर के लिए तैयार करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) और लखनऊ छावनी बोर्ड के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत ‘शौर्य अकादमी’ की स्थापना की जाएगी।
सम्मेलन का मुख्य संदेश यही रहा कि आईटीआई में प्रशिक्षण और उद्योगों में रोजगार के बीच सीधा संबंध मजबूत किया जाए, ताकि प्रदेश के युवाओं को बदलती औद्योगिक अर्थव्यवस्था के अनुरूप कौशल मिले और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।
हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी की गोली मारकर हत्या


-सुशांत गोल्फ सिटी इलाके का मामला
-ड्राइवर पर विरोधियों के साथ मिलकर हत्या कराने का लगे आरोप 

लखनऊ। राजधानी के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके से लापता हुए हिंदूवादी नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या कर दी गई। रविवार को उनका शव दुबग्गा के पास एक नहर में मिला। परिजनों ने धीरेंद्र के ड्राइवर पर विरोधियों के साथ मिलकर हत्या कराने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और ड्राइवर समेत अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। जानकारी के मुताबिक़ धीरेंद्र पीजीआई इलाके में रह रहते थे। वह मूल रूप से उन्नाव के रहने वाले थे और हिंदू युवा वाहिनी के लखनऊ मंडल प्रभारी थे। शुरुआती जांच में जमीन की रंजिश में हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, आशंका है कि धीरेंद्र प्रताप सिंह को उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी में ही गोली मारी गई। इसके बाद शव को दुबग्गा के पास नहर में फेंक दिया गया। हालांकि, हत्या का सही कारण और वारदात का पूरा घटनाक्रम पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस जमीन से जुड़े विवाद और धीरेंद्र के संपर्क में रहने वाले लोगों की भी जानकारी जुटा रही है। सराय प्रेमराज नगर स्थित छोटी नहर में रविवार शाम को औंधे मुंह एक व्यक्ति का शव पड़ा था। वहां से गुजर रहे राहगीरों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकालकर उसकी शिनाख्त की कोशिश शुरू की। पुलिस ने शव की फोटो सोशल मीडिया और पुलिस ग्रुप में शेयर की। इसी दौरान सुशांत गोल्फ सिटी थाने में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट की जांच की गई, तो शव की पहचान धीरेंद्र के रूप में हुई।
दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद सियासी चर्चाएं तेज, क्या मिर्जापुर से चुनाव लड़ेंगी?

- 13 साल की सेवा के बाद दिया इस्तीफा; मिर्जापुर से जुड़ाव के बीच राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद इस्तीफा देने के साथ ही उनके अगले कदम को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। मिर्जापुर की पूर्व जिलाधिकारी रह चुकीं दिव्या मित्तल के इस्तीफे को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में उनके चुनावी राजनीति में उतरने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
कुछ सूत्रों के हवाले से यह चर्चा सामने आई है कि दिव्या मित्तल मिर्जापुर से विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं। हालांकि, इसकी अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, दिव्या मित्तल ने अपने इस्तीफे का कोई स्पष्ट राजनीतिक कारण सार्वजनिक नहीं किया है।

- मिर्जापुर से रहा खास जुड़ाव
दिव्या मित्तल का मिर्जापुर से जुड़ाव उनके प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान खासा चर्चित रहा। जिलाधिकारी के रूप में उनके कार्यकाल में हलिया ब्लॉक के दूरस्थ पहाड़ी गांव लहुरियादह में पहली बार पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचने की उपलब्धि चर्चा में रही थी। उन्होंने अपने विदाई संदेश में भी मिर्जापुर के अनुभवों का उल्लेख करते हुए वहां के कार्यकाल को अपनी सेवा यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
इसी दौरान स्थानीय स्तर पर उनके और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के बीच मतभेद की चर्चाएं भी सामने आई थीं। हालांकि, दिव्या मित्तल को मिर्जापुर से हटाए जाने या उनके तबादले को अनुप्रिया पटेल के हस्तक्षेप से जोड़ने संबंधी दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

- इस्तीफे की वजह पर अब भी सस्पेंस
30 अगस्त को दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए 13 साल की अपनी आईएएस यात्रा को विराम देने की जानकारी दी। उन्होंने अपनी शिक्षा, लंदन की नौकरी छोड़कर भारत लौटने और प्रशासनिक सेवा के अनुभवों को साझा किया, लेकिन इस्तीफे के पीछे किसी राजनीतिक दल या चुनाव का कारण नहीं बताया।
मीडिया रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि राजनीति में आने के सवाल पर दिव्या मित्तल ने इनकार किया है। ऐसे में फिलहाल मिर्जापुर से चुनाव लड़ने की चर्चा को अटकल के तौर पर ही देखा जा रहा है।
दिव्या मित्तल के अगले कदम पर अब सबकी नजर है। यदि वह सक्रिय राजनीति में उतरती हैं तो मिर्जापुर से उनके पुराने प्रशासनिक जुड़ाव के कारण आगामी विधानसभा चुनाव में यह एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम हो सकता है।
राष्ट्रीय महामंत्री बनने के बाद पहली बार लखनऊ पहुंचे हरीश द्विवेदी, भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत

- एयरपोर्ट से पार्टी मुख्यालय तक हुआ अभिनंदन, 2027 में भाजपा की जीत के लिए बूथ स्तर तक जुटने का आह्वान


लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी रविवार को नई जिम्मेदारी मिलने के बाद पहली बार लखनऊ पहुंचे। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। एयरपोर्ट से भाजपा प्रदेश मुख्यालय तक जगह-जगह कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा और माल्यार्पण कर उनका अभिनंदन किया।
पार्टी मुख्यालय पर हरीश द्विवेदी के साथ नवनियुक्त राष्ट्रीय मंत्री संगीता यादव का भी स्वागत किया गया। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह समेत पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

- नई जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाऊंगा
स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए हरीश द्विवेदी ने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे कार्यकर्ताओं के आशीर्वाद और नेतृत्व के मार्गदर्शन में पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया गया है और इसे पूरा करने में पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता अपनी भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि वह स्वयं संगठन की पृष्ठभूमि से आए हैं और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद तथा विचार परिवार से लंबे समय तक जुड़े रहे हैं। उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं से मिले स्नेह और सहयोग के लिए उन्होंने आभार जताया।
हरीश द्विवेदी ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीबों को खाद्यान्न, आवास, शौचालय, स्वच्छ पेयजल, उज्ज्वला कनेक्शन, किसान सम्मान निधि और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की प्रमुख आर्थिक शक्तियों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

- जाति और क्षेत्र के नाम पर बांटने की कोशिशों से रहें सतर्क
भाजपा नेता ने कहा कि भारत की बढ़ती शक्ति कुछ विदेशी ताकतों और देशविरोधी मानसिकता रखने वाले लोगों को स्वीकार नहीं हो रही है। समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा समेत अलग-अलग आधारों पर बांटने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से ऐसी कोशिशों का लोकतांत्रिक और वैचारिक तरीके से जवाब देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब उत्तर प्रदेश भी विकसित होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और प्रदेश में विकास को नई गति मिली है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के लिए बूथ स्तर तक सक्रिय होने की अपील की।

- संगीता यादव ने भी कार्यकर्ताओं का जताया आभार
नवनियुक्त राष्ट्रीय मंत्री संगीता यादव ने स्वागत के लिए प्रदेश नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भाजपा में सामान्य कार्यकर्ता भी अपनी मेहनत, निष्ठा और संगठन के प्रति समर्पण के बल पर बड़ी जिम्मेदारी हासिल कर सकता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंत्री के रूप में मिली जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ निभाएंगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी के राष्ट्रीय अभियानों और कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सक्रियता बढ़ाने का आह्वान किया।

- पंकज चौधरी बोले- राष्ट्रीय टीम में यूपी के कार्यकर्ताओं को सम्मान
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने हरीश द्विवेदी और संगीता यादव को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है, जहां संगठन के प्रति समर्पण और मेहनत के आधार पर सामान्य कार्यकर्ता भी बड़ी जिम्मेदारी तक पहुंच सकता है।
उन्होंने हरीश द्विवेदी के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और संगठन में लंबे अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि असम के प्रभारी और बिहार के सह-प्रभारी के रूप में उनके संगठनात्मक अनुभव का पार्टी को लाभ मिला है। संगीता यादव के संगठनात्मक योगदान की भी उन्होंने सराहना की।
पंकज चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना प्रदेश संगठन के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य 2027 में उत्तर प्रदेश में फिर से प्रचंड बहुमत हासिल करना है और इसके लिए कार्यकर्ता बूथ स्तर तक पूरी ताकत से जुटेंगे।
कार्यक्रम का संचालन भाजपा मुख्यालय प्रभारी गोविंद नारायण शुक्ला ने किया। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, रमेश सिंह, नीरज सिंह, प्रदेश महामंत्री दिलीप पटेल, संजय राय, उपेंद्र रावत, क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी, प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला और अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद अशोक रावत समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कैसरबाग में 58 अवैध चैंबरों पर चला बुलडोजर, नगर निगम की बड़ी कार्रवाई
- हाईकोर्ट और रजिस्ट्री कार्यालय के आसपास कार्रवाई; SC से राहत नहीं मिलने के बाद पुलिस-पीएसी की मौजूदगी में चला अभियान

लखनऊ। राजधानी में अवैध निर्माण के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। कैसरबाग क्षेत्र में हाईकोर्ट और रजिस्ट्री कार्यालय के आसपास बने 58 अवैध चैंबरों को बुलडोजर से ढहा दिया गया। कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस, पीएसी और नगर निगम की प्रवर्तन टीम (ETF) तैनात रही।
नगर निगम की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध चैंबरों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। बुलडोजर के जरिए एक-एक कर चैंबरों को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
बताया जा रहा है कि इन चैंबरों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर मामला न्यायालय तक पहुंचा था। सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद नगर निगम ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया था।
अवध और पूर्वांचल में विस्तार की तैयारी, RLD ने लखनऊ से बढ़ाई संगठनात्मक सक्रियता

- लखनऊ में जयंत चौधरी का जोरदार स्वागत, किसानों, युवाओं और शिक्षकों को संगठन से जोड़ने पर दिया जोर

लखनऊ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ के बाद राष्ट्रीय लोक दल (RLD) अब अवध और पूर्वांचल में संगठन के विस्तार की दिशा में सक्रियता बढ़ा रहा है। इसी क्रम में रविवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान स्थित मार्स ऑडिटोरियम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय कैबिनेट मंत्री जयंत चौधरी का स्वागत एवं अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मेजबानी शिक्षक नेता एवं पूर्व एमएलसी प्रत्याशी बी.के. शुक्ला ने की। समारोह में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जयंत चौधरी का स्वागत किया। बी.के. शुक्ला ने उन्हें चांदी का मुकुट, अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत RLD के संस्थापक एवं पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद दीप प्रज्वलित कर समारोह का औपचारिक शुभारंभ किया गया।

- अवध-पूर्वांचल में संगठन विस्तार पर फोकस
जयंत चौधरी ने कहा कि लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम पार्टी के कार्यकर्ताओं और संगठन से सीधे संवाद का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने और समाज के विभिन्न वर्गों से लगातार संवाद स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि RLD का मजबूत आधार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रहा है, लेकिन अब पार्टी अवध और पूर्वी उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक विस्तार और जनसंपर्क अभियान को गति देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। लखनऊ प्रदेश की राजधानी होने के साथ अवध और पूर्वांचल के सामाजिक एवं राजनीतिक संवाद का भी महत्वपूर्ण केंद्र है।
जयंत चौधरी ने किसानों, युवाओं, शिक्षकों और समाज के अन्य वर्गों को पार्टी से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे केवल राजनीतिक कार्यक्रमों तक सीमित न रहें, बल्कि जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझें और उनके समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।

- शिक्षक नेताओं और युवाओं को जोड़ने पर जोर
जयंत चौधरी ने बी.के. शुक्ला की ओर से आयोजित कार्यक्रम के लिए आभार जताते हुए कहा कि अनुभवी शिक्षक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं का पार्टी से जुड़ना संगठन को नई ऊर्जा देगा। उन्होंने संगठन को बूथ और स्थानीय स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया। अपने स्वागत संबोधन में बी.के. शुक्ला ने RLD के साथ अपनी नई राजनीतिक यात्रा का उल्लेख करते हुए किसान, युवा, शिक्षक और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि लखनऊ और अवध क्षेत्र में पार्टी के संगठन को मजबूत करने तथा उसके विचारों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम किया जाएगा।

- वरिष्ठ नेताओं ने भी कार्यकर्ताओं में भरा जोश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का उत्साह बढ़ाया तथा संगठन को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। RLD के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) त्रिलोक त्यागी ने जमीनी स्तर पर संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। प्रदेश अध्यक्ष ऐश्वर्य राज सिंह ने उत्तर प्रदेश में पार्टी की गतिविधियों और संगठन विस्तार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। वहीं प्रदेश अध्यक्ष (कार्यकारी) अनुपम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिए पूरी सक्रियता के साथ जुटने का आह्वान किया।जयंत चौधरी के संबोधन के दौरान सभागार में कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ उनका स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में बी.के. शुक्ला ने मुख्य अतिथि समेत सभी वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और अतिथियों के प्रति आभार जताया।

- यूपी की सियासत में जयंत का ‘एबीसीडी’ दांव, अखिलेश पर साधा निशाना
उत्तर प्रदेश की सियासत में समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के जवाब में राष्ट्रीय लोक दल ने ‘एबीसीडी’ का नया राजनीतिक संदेश सामने रखा है। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित सम्मान समारोह में RLD अध्यक्ष एवं केंद्रीय कैबिनेट मंत्री जयंत चौधरी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग हर विवाद को राजनीतिक नजरिए से देखते हैं और उसमें भी अपना राजनीतिक फायदा तलाशते हैं। जयंत चौधरी ने कहा कि “कुछ लोग झगड़ों को भी राजनीतिक चश्मे से देखते हैं और राजनीतिक रोटियां सेंकने की बात करते हैं।” उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने उन्हें सभी का सम्मान करना सिखाया था। वह जातिवाद की राजनीति के विरोधी थे और समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ाने की सोच रखते थे। RLD अध्यक्ष ने कहा कि राजनीति को जातीय खांचे में बांटने के बजाय समाज के सभी वर्गों के सम्मान और विकास पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि “बात अहंकार, भ्रष्टाचार, चोरी और धोखाधड़ी की है। यही एबीसीडी है।”
69000 शिक्षक भर्ती: आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने मंत्री संजय निषाद से की मुलाकात
- नियुक्ति की मांग को लेकर आवास के बाहर प्रदर्शन; अभ्यर्थियों ने सौंपा ज्ञापन, 8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

लखनऊ। 69000 सहायक अध्यापक भर्ती मामले में नियुक्ति की मांग को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने रविवार को कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर मंत्री ने अभ्यर्थियों को अंदर बुलाकर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा।
अभ्यर्थियों ने बताया कि 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों को लेकर शासन की ओर से 5 जनवरी 2022 को करीब 6,800 अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी की गई थी। अभ्यर्थी लंबे समय से इस सूची में शामिल लोगों की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि जब वे बेसिक शिक्षा विभाग के तत्कालीन निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी से मामले को लेकर मुलाकात करते हैं और सुप्रीम कोर्ट में 6,800 अभ्यर्थियों की चयन सूची के पक्ष में स्पष्ट रुख रखने की मांग करते हैं, तो उन्हें जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने वाला जवाब मिलता है। अभ्यर्थियों के मुताबिक, उनसे कहा जाता है कि सूची उनके कार्यकाल में जारी नहीं हुई थी और संबंधित अधिकारी से ही संपर्क किया जाए।
अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि जब उन्होंने चयन सूची मुख्यमंत्री के आदेश पर जारी होने की बात कही तो उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क करने की सलाह दी गई। इन दावों पर संबंधित पक्ष का पक्ष सामने नहीं आया है।

- 8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
अभ्यर्थियों के मुताबिक, 6,800 चयन सूची से जुड़ा मामला डायरी नंबर 38554/2024 समेत संबंधित प्रकरणों के साथ सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। मामले में अगली सुनवाई 8 सितंबर 2026 को निर्धारित है।
अभ्यर्थियों ने मंत्री संजय निषाद से मांग की कि आगामी सुनवाई से पहले शासन और बेसिक शिक्षा विभाग अपने शपथपत्र में 5 जनवरी 2022 को जारी 6,800 अभ्यर्थियों की सूची को लेकर स्पष्ट और समाधानात्मक प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करें, ताकि सूची में शामिल अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो सके।
मंत्री संजय निषाद ने अभ्यर्थियों की समस्याएं सुनीं और उनके ज्ञापन को लिया। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांग को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय के समक्ष प्रभावी पक्ष रखेगी।
उत्तर प्रदेश ने 9 वर्ष में तय की सुरक्षा, सुशासन की नई यात्रा : मुख्यमंत्री

-मुख्यमंत्री ने सुनाई लखनऊ के बदलाव की कहानी, कहा- सांसद राजनाथ सिंह के नेतृत्व में साकार हुए अटल जी के सपने

- ‘आदर्श’ बनकर विकास व जन-सुविधाओं का महत्वपूर्ण केंद्र होगी लखनऊ की छावनी परिषद : मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम इस वर्ष के अंत तक गोमती नदी को स्वच्छ बनाने में सफल होंगे। सेना की मध्य कमान ने गोमती नदी की अविरलता व स्वच्छता के लिए प्रदेश सरकार को पूरा सहयोग दिया है, जिससे यह कार्यक्रम युद्ध स्तर पर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने 9 वर्ष में सुरक्षा, सुशासन की नई यात्रा तय की है। 20 वर्ष पहले राजधानी में रेलवे स्टेशन पर एक बोर्ड लिखा होता था कि ‘मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं’, लेकिन ट्रैफिक जाम, संकरी गलियों व गंदगी को देखकर मुस्कुराने के बजाय लोग रोने को मजबूर होते थे। किंतु अब लखनऊ ने पुरानी विरासत के साथ आधुनिक स्मार्ट सिटी के रूप में नई पहचान बनाई है।

मुख्यमंत्री ने रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ 101 करोड़ की 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व भूमि पूजन किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य लखनऊ छावनी को मॉडल छावनी के रूप में विकसित करना है। एआई बेस्ड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अलावा यहां स्कूल में अभ्युदय कोचिंग की व्यवस्था भी प्रारंभ होने जा रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि लखनऊ की छावनी परिषद ‘आदर्श’ बनकर विकास व जन-सुविधाओं का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी। ‘ईज ऑफ लिविंग’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में अग्रसर होगी। सीएम ने कहा कि यह छावनी परिषद अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगी, जिससे सैन्यकर्मियों, पूर्व सैन्यकर्मियों व सिविलियन को यहां हर महत्वपूर्ण सेवा मिलेगी। बदलते हुए परिवेश में लखनऊ में इन सुविधाओं की आवश्यकता थी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी व रक्षा मंत्रालय की तरफ से ये प्राप्त हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने सुनाई लखनऊ के बदलाव की कहानी

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह जी के नेतृत्व में अटल जी के सपनों को साकार किया गया है। लखनऊ में संकरी गलियां हैं तो सीएम ग्रिड की स्मार्ट रोड भी है। किसान पथ जैसा आउटर रिंग रोड भी है। यहां ऊदा देवी पासी व महाराजा बिजली पासी के स्मारकों की धरोहर है तो दूसरी ओर लखनऊ भारत की रक्षा आवश्यकता व आत्मनिर्भरता की दृष्टि से ब्रह्मोस जैसी आधुनिक मिसाइलों का केंद्र भी बना है। यहां हस्तशिल्पियों की चिकनकारी की अद्भुत कला है तो यूनेस्को ने ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ के रूप में मान्यता देकर लखनऊ को नई ऊंचाई तक पहुंचाया है।

9 वर्ष में यूपी को नई दिशा देने का प्रयास

सीएम ने कहा कि 2017 के पहले जिस प्रदेश के सामने पहचान का संकट, अभाव, अराजकता, अव्यवस्था, उपद्रव था, आज वह प्रदेश इन सबसे उबर चुका है। हमने 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश को नई दिशा देने का प्रयास किया है। अब यूपी भारत की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू बनकर ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहा है। भारत की आत्मनिर्भरता के लिए यूपी में छह डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर भी स्थापित हो रहे हैं।

इन्फ्रास्ट्रक्चर भी बना यूपी की पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए भी जाना जा रहा है। देश में जितने भी एक्सप्रेसवे हैं, इनमें 60 फीसदी यूपी के पास हैं। यहां रेलवे का सबसे बड़ा नेटवर्क, सर्वाधिक मेट्रो भी हैं। सीएम ने भारत सरकार से मेट्रो के द्वितीय चरण की स्वीकृति दिलाने के लिए रक्षा मंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह कार्य भी बहुत जल्द आगे बढ़ने जा रहा है। देश की पहली रैपिड रेल, पहला वाटर-वे और सबसे बड़ा एयरकनेक्टिविटी नेटवर्क यूपी के पास है। यहां 17 घरेलू व 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट क्रियाशील हैं। यूपी से देश-दुनिया के सभी क्षेत्रों में एयर कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध है।

सैन्य बलों में यूपी की लीडिंग पोजिशन

मुख्यमंत्री ने कहा कि सैन्य बलों की सेवाओं में यूपी हमेशा लीडिंग पोजिशन में रहा है। देश में सैनिक स्कूलों की परंपरा की शुरुआत डॉ. संपूर्णानंद ने यूपी से की थी। यूपी में बने कई सैनिक स्कूल युवाओं को तैयार कर रहे हैं, जो वर्तमान के साथ ही भविष्य के भारत की सुरक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति में योगदान देंगे। हमारी सेना के अधिकारी व जवान 24 घंटे अनवरत भारत की रक्षा करते हैं। पहले उनकी सुविधा के लिए फंड की कमी आड़े आती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है।

इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, व्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिलदेव अग्रवाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, संजय सेठ, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, मुकेश शर्मा, विधायक डॉ. नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (मध्य कमान) लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, भारतीय रक्षा संपदा सेवा की महानिदेशक शोभा गुप्ता आदि की मौजूदगी रही।