‘दुग्ध शक्ति’ से बदल रही ग्रामीण महिलाओं की तकदीर
-  यूपी की 3.25 लाख महिला दुग्ध उत्पादक बनीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ताकत, 31 जिलों में महिला नेतृत्व वाला दुग्ध मॉडल
-  98 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’, रोजाना 12.5 लाख लीटर दूध का संग्रहण
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महिला नेतृत्व वाली मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां नई मिसाल कायम कर रही हैं। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल और मार्गदर्शन में संचालित इस मॉडल से प्रदेश के 31 जिलों की करीब 3.25 लाख महिला दुग्ध उत्पादक संगठित रूप से जुड़ी हैं। इन कंपनियों के माध्यम से प्रतिदिन करीब 12.5 लाख लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है। खास बात यह है कि अब तक 1.12 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को दुग्ध उत्पादन से जोड़कर उन्हें बेहतर बाजार, पारदर्शी मूल्य और नियमित आय का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे महिलाएं महज दुग्ध उत्पादक नहीं, बल्कि संगठित आर्थिक गतिविधियों की सक्रिय भागीदार और उद्यमी के रूप में आगे बढ़ रही हैं।

-  पांच कंपनियां, 3.25 लाख महिला किसान
प्रदेश में महिला नेतृत्व वाली पांच मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां इस बदलाव की प्रमुख आधार बनी हैं।

बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी बुंदेलखंड के सात जिलों के 1,217 गांवों में कार्यरत है। इससे 98,010 महिला किसान जुड़ी हैं और प्रतिदिन करीब 3.20 लाख लीटर दूध खरीदा जा रहा है। कंपनी का अब तक करीब 2,447 करोड़ रुपये का कारोबार और 53.43 करोड़ रुपये का लाभ रहा है। इससे जुड़ी 49,571 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी पूर्वांचल के सात जिलों के 1,014 गांवों में संचालित है। इससे 49,317 महिला किसान जुड़ी हैं और प्रतिदिन करीब 2 लाख लीटर दूध खरीदा जा रहा है। कंपनी का अब तक करीब 749.80 करोड़ रुपये का कारोबार और 21.77 करोड़ रुपये का लाभ रहा है। इसके साथ 11,715 महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं।

सामर्थ्य मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी मध्य क्षेत्र के सात जिलों के 1,555 गांवों में कार्यरत है। इससे 1,12,508 महिला किसान जुड़ी हैं और प्रतिदिन करीब 3.75 लाख लीटर दूध खरीदा जाता है। कंपनी ने अब तक करीब 1,783.80 करोड़ रुपये का कारोबार किया है और 43.60 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है। इससे जुड़ी 32,848 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी गोरखपुर क्षेत्र के चार जिलों के 1,087 गांवों में संचालित है। इससे 66,057 महिला किसान जुड़ी हैं और प्रतिदिन करीब 1.55 लाख लीटर दूध खरीदा जा रहा है। कंपनी का अब तक करीब 320.24 करोड़ रुपये का कारोबार और 5.18 करोड़ रुपये का लाभ रहा है। यहां 10,546 महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं।

सृजनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी तराई क्षेत्र के छह जिलों के 1,685 गांवों में काम कर रही है। इससे 60,122 महिला किसान जुड़ी हैं और करीब 2 लाख लीटर दूध प्रतिदिन खरीदा जाता है। कंपनी ने अब तक करीब 415.42 करोड़ रुपये का कारोबार और 8.97 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है। इससे जुड़ी 7,932 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

-  सीधे बैंक खाते में भुगतान, हर 10 दिन में पैसा
महिला दुग्ध उत्पादकों को उनके दूध का पारदर्शी मूल्य दिलाने के लिए फैट और एसएनएफ आधारित मूल्य निर्धारण प्रणाली लागू है। दूध का भुगतान सीधे महिलाओं के बैंक खातों में किया जाता है। कंपनियों की ओर से प्रत्येक माह की 3, 13 और 23 तारीख को भुगतान की व्यवस्था की गई है। इससे महिलाओं को अपनी मेहनत का उचित मूल्य मिलने के साथ नियमित और सुनिश्चित आय का आधार मिला है।

-  दूध से घी-पनीर तक महिलाओं की भागीदारी
बलिनी और सामर्थ्य मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां दूध खरीदने के साथ घी और पनीर जैसे उत्पादों का प्रसंस्करण भी कर रही हैं। वहीं काशी, श्री बाबा गोरखनाथ कृपा और सृजनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां दूध का संग्रहण कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत मदर डेयरी को उपलब्ध करा रही हैं।

इससे दूध उत्पादन से लेकर संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है और गांवों में स्थानीय आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो रहा है।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि महिला नेतृत्व वाला यह दुग्ध मूल्य श्रृंखला मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के अवसर बढ़ाने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रहा है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अब उत्पादन से लेकर संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन तक संगठित आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने कहा कि नियमित बैंक भुगतान, पारदर्शी मूल्य निर्धारण और संगठित दुग्ध बाजार ने इस मॉडल को ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनाया है। यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
यूपी में अब 8 कमरों तक का होम-स्टे, ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

-  बीएंडबी एवं होम-स्टे नीति-2025 की एसओपी में संशोधन, भवन स्वामी 16 शैय्या तक कर सकेंगे किराए पर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों के लिए आय एवं रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से ब्रेड एण्ड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) एवं होम-स्टे नीति-2025 की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। अब भवन स्वामी अपने आवासीय भवन के अधिकतम 8 कमरे यानी 16 शैय्या तक पर्यटकों को किराए पर दे सकेंगे। पहले यह सीमा अधिकतम 6 कमरे और 12 शैय्या थी।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि संशोधित व्यवस्था का उद्देश्य देशी-विदेशी पर्यटकों को ग्रामीण परिवेश में ठहरने, स्थानीय भोजन और ग्रामीण जीवनशैली का अनुभव उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही अधिक से अधिक भवन स्वामियों को होम-स्टे योजना से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
संशोधित एसओपी के अनुसार, योजना के तहत भवन स्वामी अपने आवासीय भवन के कम से कम एक और अधिकतम आठ कमरों को किराए पर दे सकेंगे। इन कमरों में अधिकतम 16 शैय्या की व्यवस्था की जा सकेगी। रूरल होम-स्टे में स्नानागार, शौचालय, पानी, बिजली और सामान्य फर्नीचर जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
मंत्री ने बताया कि यह व्यवस्था नगर निगम की सीमा से बाहर आने वाली इकाइयों के लिए लागू होगी। यानी प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित पात्र आवासीय इकाइयां इस श्रेणी में आवेदन कर सकेंगी। आवेदन प्रक्रिया में पुलिस विभाग द्वारा निर्धारित प्रारूप के अनुसार चरित्र संबंधी स्व-प्रमाणन की व्यवस्था भी की गई है।

-  6 से बढ़ाकर 8 हुई कमरों की सीमा
सरकार ने पहले भवन स्वामियों को अधिकतम 6 कमरे (12 शैय्या) तक किराए पर देने की अनुमति दी थी। संशोधन के बाद अब यह सीमा बढ़ाकर 8 कमरे (16 शैय्या) कर दी गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक संख्या में आवासीय इकाइयों के होम-स्टे के रूप में विकसित होने का रास्ता साफ होगा।
जयवीर सिंह ने कहा कि एसओपी में किए गए संशोधन से अधिक से अधिक भवन स्वामी बीएंडबी एवं होम-स्टे योजना का लाभ उठा सकेंगे। इससे एक ओर भवन स्वामियों को अतिरिक्त आमदनी का स्रोत मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। ग्रामीण पर्यटन के विस्तार से स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प और अन्य सेवाओं को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर दो डंपरों की भिड़ंत के बाद लगी आग, चालक घायल
टक्कर इतनी जोरदार थी कि डंपर में तत्काल आग लग गई

कुछ समय के लिए एक्सप्रेस-वे पर यातायात भी बाधित रहा

लखनऊ । उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार तड़के दो डंपरों की भिड़ंत के बाद एक डंपर में भीषण आग लग गई। हादसे में डंपर चालक घायल हो गया। आग की लपटें उठने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कुछ समय के लिए एक्सप्रेस-वे पर यातायात भी बाधित रहा।

हादसा अछल्दा थाना क्षेत्र के नगला धुंधे गांव के सामने इटैली चौकी क्षेत्र में मंगलवार सुबह करीब चार बजे किमी संख्या 277 पर हुआ। बताया गया कि झांसी से इटावा की ओर जा रहा डंपर अनियंत्रित होकर आगे खड़े दूसरे डंपर में पीछे से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि डंपर में तत्काल आग लग गई।डंपर में आग लगते ही चालक ने किसी तरह वाहन से कूदकर अपनी जान बचाई। कुछ ही देर में डंपर धू-धूकर जलने लगा। आग और धुएं का गुबार देखकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को घटना की सूचना दी।

सूचना मिलते ही अछल्दा थाना प्रभारी सुरेशचंद्र सिंह, इटैली चौकी प्रभारी विपिन पाल और यूपीडा सीएसओ विजय सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद डंपर में लगी आग पर काबू पाया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु कराया।हादसे में घायल चालक की पहचान अमेठी निवासी मोहम्मद जमीर पुत्र समीर अहमद के रूप में हुई है। उसके सिर में चोट आई है। पुलिस ने 108 एंबुलेंस की मदद से घायल चालक को भरथना सीएचसी में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार चल रहा है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
हर हर महादेव के नारों से गूंजाय मान हुआ नोएडा, ढाई हजार पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात, ड्रोन से रखी जा रही है नजर
लखनऊ /नोएडा। सावन की शिवरात्रि पर मंगलवार को सुबह से ही जनपद के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। लोग मंदिरों में जलाभिषेक कर रहे हैं। पूरा शहर हर -हर महादेव के जयकारे से गुंजायमान हो गया है। हर तरफ शिव भक्त कांवड़िये बम- बम बोल के जयकारे करते हुए डीजे पर भजन के साथ-साथ नृत्य करते हुए जलाभिषेक करने के लिए मंदिरों पर पहुंच रहे हैं। उनके साथ उनके परिवार के लोग, गांव -समाज के लोग और रिश्तेदार भी मंदिरों पर पहुंच रहे हैं। शिव भक्त कांवड़ियों की आवाजाही को देखते हुए नोएडा पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किये हैं।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था के लिए करीब 2500 पुलिसकर्मी तैनात है। मंदिरों के अलावा कांवड़ मार्गों पर भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। यातायात विभाग को विशेष रूप से अलर्ट किया गया है।

अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि धार्मिक स्थलों पर भीड़ को व्यवस्थित रखने और किसी तरह की अव्यवस्था रोकना प्राथमिकता है। पुलिसकर्मियों को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ श्रद्धालुओं की मदद करने के निर्देश दिए गए हैं। मंगलवार को मंदिरों और कांवड़ मार्ग पर 3000 सीसीटीवी कैमरों और 30 ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है। एआई आधारित कैमरों से भीड़ का आकलन और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान की जा रही है। पुलिस सोशल मीडिया पर भी नजर रख रही है। भीड़ के बीच सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी तैनात है।

वही डीएम मेधा रूपम और पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कांवड़ यात्रा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। यहां के सभी मंदिरों में सुबह से ही जल चढ़ाना शुरू हो गया है। शिव भक्त मंदिरों पर काफी संख्या में पहुंच कर जलाभिषेक कर रहे हैं। शिव भक्तों और कावड़ियो के आगमन से पूरा शहर शिवमय हो गया है।
परशुरामेश्वर महादेव मंदिर में 15 लाख ने किया जलाभिषेक
लखनऊ /बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत में श्रावण मास के पावन अवसर पर जनपद के बालैनी पुरा गांव स्थित परशुरामेश्वर महादेव मंदिर में मंगलवार तड़के 3 बजे के बाद पूजा-अर्चना और झंडारोहण के साथ जलाभिषेक का शुभारंभ हुआ। शिव चतुर्दशी के अवसर पर जैसे ही जलाभिषेक शुरू हुआ, वैसे ही लाखों शिवभक्तों की आस्था मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर में हर-हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे और श्रद्धालु लंबी कतारों में लगकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते नजर आए।

मंदिर के मुख्य पुजारी जय भगवान शर्मा ने बताया कि अब तक करीब 15 लाख कांवड़िये जलाभिषेक कर चुके हैं और शाम तक यह संख्या और बढ़ने की संभावना है। आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। तीन दिवसीय कांवड़ मेले का समापन मंगलवार शाम को होगा।

मेले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया। सोमवार रात एडीजी भानु भास्कर और एसपी बागपत ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मेले में लगभग तीन हजार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू रूप से संभाल रहे हैं। जगह-जगह बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी और पुलिस की मुस्तैदी से व्यवस्था चाक-चौबंद रही।

वहीं, प्रशासन द्वारा स्वच्छता अभियान भी चलाया गया, जिससे मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र साफ-सुथरा बना रहा। इस बार बागपत के युवा अमन कुमार द्वारा तैयार किया गया कांवड़ ऐप भी श्रद्धालुओं के लिए काफी उपयोगी साबित हुआ। अब तक 25 हजार से अधिक कांवड़ियों ने इस ऐप का इस्तेमाल किया है, जिससे उन्हें मार्गदर्शन और सुविधाएं प्राप्त हुईं। लाखों कांवड़ियों को इस ऐप से लाभ मिला।

जिलाधिकारी बागपत अस्मिता लाल सुबह झंडा पूजन के बाद से मंदिर परिसर में ही रुकी हुई है। एसपी बागपत सूरज कुमार राय उनके साथ है जलाभिषेक के समय वह खुद व्यवस्थाओं को संभाले हुए हैं।
श्रावण मास की शिवरात्रि पर गंगा किनारे गूंजा राष्ट्रभक्ति का संदेश, श्रद्धालुओं ने सेवा-स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
लखनऊ /वाराणसी। श्रावण मास के शिवरात्रि पर मंगलवार को उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में दशाश्वमेधघाट पर नमामि गंगे ने उपस्थित श्रद्धालुओं को राष्ट्रभक्ति, सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया।

कार्यक्रम संयोजक गंगा सेवक राजेश शुक्ला के नेतृत्व में राष्ट्रध्वज लेकर 'हर-घर तिरंगा अभियान' के अंतर्गत मां गंगा की आरती उतारी गई। लोगों से आह्वान किया गया कि श्रावण माह को सेवा, स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और सामाजिक सहभागिता का माह बनाने का संकल्प लें। प्रत्येक बूंद का सम्मान तथा प्रत्येक पौधे का संरक्षण करें। प्रकृति से जितना लें, उतना उसे लौटाने का भी संकल्प लें। यही श्रावण का वास्तविक संदेश है और समृद्ध, सुरक्षित तथा विकसित भारत की आधारशिला भी है।

श्रवण की शिवरात्रि पर गंगा स्नान और गंगाजल कावड़ में भरने के लिए उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने संदेश दिया कि देवाधिदेव महादेव स्वयं प्रकृति बोध के देवता हैं। उनकी जटाओं में प्रवाहित गंगा, मस्तक पर सुशोभित चंद्रमा, कंठ का सर्प, नंदी जी और उनके गण, हमें प्रकृति के साथ सहअस्तित्व का संदेश देते हैं। सनातन संस्कृति में प्रकृति का यही नवोन्मेष शिव-आराधना से जुड़कर जीवन को संयम, सेवा और समरसता का मार्ग दिखाता है। आयोजन में कांवड़ियों ने भी पूरे उत्साह से भागीदारी की।
उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत से तीसरी बार बनेगी भाजपा सरकार: केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस 2027 में चाहे जितनी भी सियासी खिचड़ी पका लें, लेकिन जनता उनके झांसे में आने वाली नहीं है। उत्तर प्रदेश की जनता इस बेमेल और अवसरवादी गठबंधन का कड़वा स्वाद पहले ही चख चुकी है। अखिलेश यादव, मायावती और राहुल गांधी अपना पूरा जोर लगा लें, फिर भी वे भाजपा को तीसरी बार सरकार बनाने से नहीं रोक पाएंगे। उप मुख्यमंत्री ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि साल 2027 में विपक्ष के सारे सियासी मंसूबे फिर धरे रह जाएंगे और उत्तर प्रदेश में तीसरी बार प्रचंड बहुमत से भाजपा सरकार बनेगी।

केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में 'विकसित भारत' के संकल्प को सिद्ध करने के लिए उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में डबल इंजन की सरकारें विकास की नई इबारत लिख रही हैं। भाजपा जहां एक बार सरकार बनाती है, वहां अपने सुशासन के बल पर जनता का अटूट विश्वास और बार-बार प्रचंड जनादेश हासिल करती है। जिन राज्यों में आज भाजपा की सरकार नहीं है, वहां भी जनता अब कमल खिलाने को पूरी तरह तैयार बैठी है।
नोएडा में युवती की चाकू से गोदकर हत्या, पड़ोसी युवक के कमरे में मिला शव
असम की रहने वाली 18 वर्षीय युवती 8 अगस्त की रात पड़ोसी के कमरे में गई थी; दो दिन बाद लहूलुहान हालत में मिला शव, पुलिस जांच में जुटी

लखनऊ । नोएडा  जिले में थाना सेक्टर 49 क्षेत्र स्थित बरौला गांव में पीजी में रहने वाली पूर्वोत्तर राज्य असम निवासी एक युवती का लहूलुहान शव उसके पड़ोस में रहने वाले एक युवक के कमरे में मिला है। उसकी चाकू से गोदकर हत्या की गई। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पीजी मालिक की शिकायत पर पुलिस ने हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। लोगों में चर्चा है की युवती के साथ गलत काम करने के बाद उसकी हत्या की है।

थाना सेक्टर 49 के प्रभारी राम प्रकाश शर्मा ने बताया कि असम के डिब्रूगढ़ जिला निवासी महक अहमद (18) मौजूदा समय में सार्थक बंसल की बरौला गांव में स्थित पीजी में रहती थी। उनके साथ एक अन्य युवती संजना भी असम से दिल्ली नौकरी करने के लिए आई थी। वह भी महक के साथ पीजी में रहती है।

उन्होंने बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाले बिहार के जनपद कटिहार निवासी अब्दुल रहमान से महक अहमद की बातचीत शुरू हुई। उन्होंने बताया कि 8 अगस्त की रात को महक अब्दुल रहमान के कमरे में गई थी। लेकिन वह अपनी पीजी में नहीं आई। उसकी सहेली संजना को जब वह दो दिन नहीं मिली तो उसने बीती रात को उसकी तलाश की। अंतिम समय महक अब्दुल रहमान के कमरे में जाती हुई दिखाई दी थी।

उन्होंने बताया कि संजना ने पीजी मालिक को सूचना दी। वह मौके पर आए। अब्दुल रहमान का कमरा बंद था। उन्हे उसके कमरे से बदबू आई। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कमरे का ताला तोड़ कर देखा तो महक कमरे में लहूलुहान अवस्था पर पड़ी थी। उसकी मौत हो चुकी थी।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने बताया कि आज शव का पोस्टमार्टम हो रहा है। पुलिस ने डॉक्टरों को लिखा है कि इस बात की भी जांच की जाएगी की कहीं युवती के साथ कोई गलत काम तो नहीं हुआ है।

उन्होंने बताया कि पीजी संचालक सार्थक की शिकायत पर पुलिस ने हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि मृतका की सहेली संजना से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह तथा महक दोनों असम से दिल्ली में अपना कैरियर बनाने आई थी। संजना ने पुलिस को यह भी बताया कि कई बार महक डेटिंग एप के माध्यम से दोस्ती करके घर से कुछ दिनों के लिए चली जाती थी। इसलिए उसे लगा कि वह वापस आ जाएगी।उन्होंने बताया कि आरोपित फरार है, उसकी तलाश के लिए पुलिस की चार टीमें गठित की गई है, जल्द ही उसकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
यूपी में पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार, 575 परियोजनाओं पर 1198 करोड़ रुपये से काम शुरू

-  आगरा से कन्नौज और वाराणसी से मथुरा तक पर्यटन स्थलों का होगा विकास, फसाड लाइटिंग से लेकर संग्रहालय और सुविधाओं का निर्माण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं को विस्तार देने के लिए राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर विकास कार्य शुरू कराए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य सेक्टर के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों के पर्यटन स्थलों के विकास और पर्यटक सुविधाओं के सृजन के लिए 1198.41 करोड़ रुपये की लागत वाली 575 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन योजनाओं पर विभिन्न जिलों में निर्माण एवं विकास कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि योजनाओं का उद्देश्य प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों पर आधुनिक सुविधाएं विकसित करना और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाना है। इन परियोजनाओं में आगरा, लखनऊ, फर्रुखाबाद, महोबा, सीतापुर, वाराणसी, हापुड़, फिरोजाबाद, बलिया, बदायूं, बस्ती, बिजनौर, कन्नौज, कासगंज, मथुरा, मेरठ और संतकबीरनगर समेत कई जिले शामिल हैं।

-  संग्रहालय और ध्यान केंद्रों को मिलेगा नया स्वरूप
आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय के क्यूरेशन का कार्य कराया जा रहा है। लखनऊ स्थित नौसेना शौर्य संग्रहालय में भी क्यूरेशन कार्य शुरू किया गया है। फर्रुखाबाद के संकिसा में विपश्यना ध्यान केंद्र और पर्यटक सुविधा केंद्र विकसित किया जा रहा है।
महोबा के सूर्य मंदिर इंटरप्रिटेशन सेंटर में प्लेनेटोरियम तैयार किया जा रहा है। वहीं सीतापुर के नैमिषारण्य धाम में वेदारण्य की स्थापना का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है।

-  वाराणसी के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर फसाड लाइटिंग
वाराणसी के प्रमुख मंदिरों और पर्यटन स्थलों को आकर्षक स्वरूप देने के लिए फसाड लाइटिंग कराई जा रही है। इसमें भारत माता मंदिर, दुर्गा मंदिर, काल भैरव मंदिर, संकटमोचन मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर के साथ अस्सी घाट, पंचगंगा घाट और दशाश्वमेध घाट समेत अन्य प्रमुख स्थल शामिल हैं।
हापुड़ के ब्रजघाट में वेडिंग जोन, फूड प्लाजा और सामुदायिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। फिरोजाबाद के सामौर बाबा धाम करहरा में पार्किंग, पर्यटक सुविधा केंद्र सहित अन्य सुविधाओं का निर्माण कराया जाएगा। बलिया में महर्षि भृगु आश्रम का पर्यटन विकास भी प्रस्तावित है।

-  धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर भी फोकस
बदायूं के कछला में गंगा नदी के दोनों तटों पर आधारभूत पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा। बस्ती के भदेश्वरनाथ स्थित शिव धाम, बिजनौर के विदुर कुटी, कन्नौज के मेंहदीघाट और कासगंज के सोरों तीर्थ में भी विभिन्न विकास कार्य कराए जा रहे हैं।
मथुरा के वृंदावन परिक्रमा मार्ग पर भवनों के साइनेज विकसित किए जाएंगे। मेरठ के हस्तिनापुर में समेकित पर्यटन विकास की योजना पर काम होगा, जबकि संतकबीरनगर के तामेश्वरनाथ मंदिर का भी पर्यटन विकास कराया जाएगा।

-  गुणवत्ता से समझौता नहीं : जयवीर सिंह
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित कार्यदायी संस्थाओं और विभागीय अधिकारियों को दिए गए हैं। अधिकारियों को समय-समय पर निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर प्रगति और गुणवत्ता की जांच करने को कहा गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटन विकास से जुड़ी परियोजनाओं में निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि पर्यटन स्थलों पर बेहतर आधारभूत सुविधाओं के साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को सुविधाजनक और आकर्षक अनुभव उपलब्ध कराया जा सके।
चकबंदी प्रक्रिया में तेजी, 11 गांवों को प्रक्रिया से किया गया बाहर

-  लंबे समय से अटकी चकबंदी के मामलों में सरकार का बड़ा कदम, तीन गांवों में प्रक्रिया पूरी; किसानों को योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता साफ


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लंबे समय से लंबित चकबंदी मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के लिए शासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर चकबंदी प्रक्रिया में अड़चनों वाले गांवों को प्रक्रिया से अलग करने के साथ कई गांवों में चकबंदी का काम तेजी से पूरा कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों को समय से सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना और भूमि संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाना है।
चकबंदी आयुक्त डा. हृषिकेश भास्कर यशोद ने बताया कि प्रदेश के कुछ गांवों में विकास योजनाओं, नदी कटान, 40 प्रतिशत से कम चकबंदी योग्य क्षेत्रफल, औद्योगिक क्षेत्र में शामिल होने और स्थानीय गुटबंदी जैसी वजहों से चकबंदी की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही थी। ऐसे मामलों के निस्तारण के लिए जोत चकबंदी अधिनियम की धारा 6(1) के तहत सात जिलों के 11 गांवों को चकबंदी प्रक्रिया से पृथक किया गया है।
इनमें चित्रकूट के अगरहुंडा, औरा, पिलखिनी और तेरा बुजुर्ग में करीब 12 वर्षों से प्रक्रिया लंबित थी। रायबरेली के अटौरा बुजुर्ग और हापुड़ के इकलैडी में 11 वर्षों से, जबकि संतकबीरनगर के जसोवर, तप्पा-फिदाईपुर, सलाहाबाद और तप्पा-तरयापार में करीब 10 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया लंबित थी। एटा के बरिगवां और प्रतापगढ़ के जगदीशपुर में नौ वर्षों से तथा गोरखपुर के टडवा श्रीराम में दो वर्षों से प्रक्रिया लंबित बताई गई।

-  तीन गांवों में पूरी हुई चकबंदी
विभाग के विशेष प्रयासों से प्रदेश के तीन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया पूरी करा ली गई है। इनमें अंबेडकरनगर के पीठापुर आशाजीतपुर, ललितपुर के बरोदी नकीब और लखनऊ के शाहपुर राजा शामिल हैं। इन गांवों में धारा 52(1) के तहत चकबंदी प्रक्रिया पूरी की गई।
लखनऊ के शाहपुर राजा में चकबंदी का कार्य महज दो वर्ष में पूरा किया गया। विभाग ने इस उपलब्धि का श्रेय जनपद स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किए गए विशेष प्रयासों को दिया है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, चकबंदी प्रक्रिया के समयबद्ध निस्तारण से किसानों को भूमि संबंधी कार्यों में सुविधा मिलेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ भी अधिक सुगमता से उपलब्ध कराया जा सकेगा। लंबे समय से लंबित मामलों को कम करने के लिए ऐसे गांवों की लगातार समीक्षा की जा रही है।