हर हर महादेव के नारों से गूंजाय मान हुआ नोएडा, ढाई हजार पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात, ड्रोन से रखी जा रही है नजर
लखनऊ /नोएडा। सावन की शिवरात्रि पर मंगलवार को सुबह से ही जनपद के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। लोग मंदिरों में जलाभिषेक कर रहे हैं। पूरा शहर हर -हर महादेव के जयकारे से गुंजायमान हो गया है। हर तरफ शिव भक्त कांवड़िये बम- बम बोल के जयकारे करते हुए डीजे पर भजन के साथ-साथ नृत्य करते हुए जलाभिषेक करने के लिए मंदिरों पर पहुंच रहे हैं। उनके साथ उनके परिवार के लोग, गांव -समाज के लोग और रिश्तेदार भी मंदिरों पर पहुंच रहे हैं। शिव भक्त कांवड़ियों की आवाजाही को देखते हुए नोएडा पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किये हैं।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था के लिए करीब 2500 पुलिसकर्मी तैनात है। मंदिरों के अलावा कांवड़ मार्गों पर भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। यातायात विभाग को विशेष रूप से अलर्ट किया गया है।

अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि धार्मिक स्थलों पर भीड़ को व्यवस्थित रखने और किसी तरह की अव्यवस्था रोकना प्राथमिकता है। पुलिसकर्मियों को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ श्रद्धालुओं की मदद करने के निर्देश दिए गए हैं। मंगलवार को मंदिरों और कांवड़ मार्ग पर 3000 सीसीटीवी कैमरों और 30 ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है। एआई आधारित कैमरों से भीड़ का आकलन और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान की जा रही है। पुलिस सोशल मीडिया पर भी नजर रख रही है। भीड़ के बीच सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी तैनात है।

वही डीएम मेधा रूपम और पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कांवड़ यात्रा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। यहां के सभी मंदिरों में सुबह से ही जल चढ़ाना शुरू हो गया है। शिव भक्त मंदिरों पर काफी संख्या में पहुंच कर जलाभिषेक कर रहे हैं। शिव भक्तों और कावड़ियो के आगमन से पूरा शहर शिवमय हो गया है।
परशुरामेश्वर महादेव मंदिर में 15 लाख ने किया जलाभिषेक
लखनऊ /बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत में श्रावण मास के पावन अवसर पर जनपद के बालैनी पुरा गांव स्थित परशुरामेश्वर महादेव मंदिर में मंगलवार तड़के 3 बजे के बाद पूजा-अर्चना और झंडारोहण के साथ जलाभिषेक का शुभारंभ हुआ। शिव चतुर्दशी के अवसर पर जैसे ही जलाभिषेक शुरू हुआ, वैसे ही लाखों शिवभक्तों की आस्था मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर में हर-हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे और श्रद्धालु लंबी कतारों में लगकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते नजर आए।

मंदिर के मुख्य पुजारी जय भगवान शर्मा ने बताया कि अब तक करीब 15 लाख कांवड़िये जलाभिषेक कर चुके हैं और शाम तक यह संख्या और बढ़ने की संभावना है। आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। तीन दिवसीय कांवड़ मेले का समापन मंगलवार शाम को होगा।

मेले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया। सोमवार रात एडीजी भानु भास्कर और एसपी बागपत ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मेले में लगभग तीन हजार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू रूप से संभाल रहे हैं। जगह-जगह बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी और पुलिस की मुस्तैदी से व्यवस्था चाक-चौबंद रही।

वहीं, प्रशासन द्वारा स्वच्छता अभियान भी चलाया गया, जिससे मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र साफ-सुथरा बना रहा। इस बार बागपत के युवा अमन कुमार द्वारा तैयार किया गया कांवड़ ऐप भी श्रद्धालुओं के लिए काफी उपयोगी साबित हुआ। अब तक 25 हजार से अधिक कांवड़ियों ने इस ऐप का इस्तेमाल किया है, जिससे उन्हें मार्गदर्शन और सुविधाएं प्राप्त हुईं। लाखों कांवड़ियों को इस ऐप से लाभ मिला।

जिलाधिकारी बागपत अस्मिता लाल सुबह झंडा पूजन के बाद से मंदिर परिसर में ही रुकी हुई है। एसपी बागपत सूरज कुमार राय उनके साथ है जलाभिषेक के समय वह खुद व्यवस्थाओं को संभाले हुए हैं।
श्रावण मास की शिवरात्रि पर गंगा किनारे गूंजा राष्ट्रभक्ति का संदेश, श्रद्धालुओं ने सेवा-स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
लखनऊ /वाराणसी। श्रावण मास के शिवरात्रि पर मंगलवार को उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में दशाश्वमेधघाट पर नमामि गंगे ने उपस्थित श्रद्धालुओं को राष्ट्रभक्ति, सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया।

कार्यक्रम संयोजक गंगा सेवक राजेश शुक्ला के नेतृत्व में राष्ट्रध्वज लेकर 'हर-घर तिरंगा अभियान' के अंतर्गत मां गंगा की आरती उतारी गई। लोगों से आह्वान किया गया कि श्रावण माह को सेवा, स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और सामाजिक सहभागिता का माह बनाने का संकल्प लें। प्रत्येक बूंद का सम्मान तथा प्रत्येक पौधे का संरक्षण करें। प्रकृति से जितना लें, उतना उसे लौटाने का भी संकल्प लें। यही श्रावण का वास्तविक संदेश है और समृद्ध, सुरक्षित तथा विकसित भारत की आधारशिला भी है।

श्रवण की शिवरात्रि पर गंगा स्नान और गंगाजल कावड़ में भरने के लिए उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने संदेश दिया कि देवाधिदेव महादेव स्वयं प्रकृति बोध के देवता हैं। उनकी जटाओं में प्रवाहित गंगा, मस्तक पर सुशोभित चंद्रमा, कंठ का सर्प, नंदी जी और उनके गण, हमें प्रकृति के साथ सहअस्तित्व का संदेश देते हैं। सनातन संस्कृति में प्रकृति का यही नवोन्मेष शिव-आराधना से जुड़कर जीवन को संयम, सेवा और समरसता का मार्ग दिखाता है। आयोजन में कांवड़ियों ने भी पूरे उत्साह से भागीदारी की।
उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत से तीसरी बार बनेगी भाजपा सरकार: केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस 2027 में चाहे जितनी भी सियासी खिचड़ी पका लें, लेकिन जनता उनके झांसे में आने वाली नहीं है। उत्तर प्रदेश की जनता इस बेमेल और अवसरवादी गठबंधन का कड़वा स्वाद पहले ही चख चुकी है। अखिलेश यादव, मायावती और राहुल गांधी अपना पूरा जोर लगा लें, फिर भी वे भाजपा को तीसरी बार सरकार बनाने से नहीं रोक पाएंगे। उप मुख्यमंत्री ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि साल 2027 में विपक्ष के सारे सियासी मंसूबे फिर धरे रह जाएंगे और उत्तर प्रदेश में तीसरी बार प्रचंड बहुमत से भाजपा सरकार बनेगी।

केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में 'विकसित भारत' के संकल्प को सिद्ध करने के लिए उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में डबल इंजन की सरकारें विकास की नई इबारत लिख रही हैं। भाजपा जहां एक बार सरकार बनाती है, वहां अपने सुशासन के बल पर जनता का अटूट विश्वास और बार-बार प्रचंड जनादेश हासिल करती है। जिन राज्यों में आज भाजपा की सरकार नहीं है, वहां भी जनता अब कमल खिलाने को पूरी तरह तैयार बैठी है।
नोएडा में युवती की चाकू से गोदकर हत्या, पड़ोसी युवक के कमरे में मिला शव
असम की रहने वाली 18 वर्षीय युवती 8 अगस्त की रात पड़ोसी के कमरे में गई थी; दो दिन बाद लहूलुहान हालत में मिला शव, पुलिस जांच में जुटी

लखनऊ । नोएडा  जिले में थाना सेक्टर 49 क्षेत्र स्थित बरौला गांव में पीजी में रहने वाली पूर्वोत्तर राज्य असम निवासी एक युवती का लहूलुहान शव उसके पड़ोस में रहने वाले एक युवक के कमरे में मिला है। उसकी चाकू से गोदकर हत्या की गई। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पीजी मालिक की शिकायत पर पुलिस ने हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। लोगों में चर्चा है की युवती के साथ गलत काम करने के बाद उसकी हत्या की है।

थाना सेक्टर 49 के प्रभारी राम प्रकाश शर्मा ने बताया कि असम के डिब्रूगढ़ जिला निवासी महक अहमद (18) मौजूदा समय में सार्थक बंसल की बरौला गांव में स्थित पीजी में रहती थी। उनके साथ एक अन्य युवती संजना भी असम से दिल्ली नौकरी करने के लिए आई थी। वह भी महक के साथ पीजी में रहती है।

उन्होंने बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाले बिहार के जनपद कटिहार निवासी अब्दुल रहमान से महक अहमद की बातचीत शुरू हुई। उन्होंने बताया कि 8 अगस्त की रात को महक अब्दुल रहमान के कमरे में गई थी। लेकिन वह अपनी पीजी में नहीं आई। उसकी सहेली संजना को जब वह दो दिन नहीं मिली तो उसने बीती रात को उसकी तलाश की। अंतिम समय महक अब्दुल रहमान के कमरे में जाती हुई दिखाई दी थी।

उन्होंने बताया कि संजना ने पीजी मालिक को सूचना दी। वह मौके पर आए। अब्दुल रहमान का कमरा बंद था। उन्हे उसके कमरे से बदबू आई। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कमरे का ताला तोड़ कर देखा तो महक कमरे में लहूलुहान अवस्था पर पड़ी थी। उसकी मौत हो चुकी थी।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने बताया कि आज शव का पोस्टमार्टम हो रहा है। पुलिस ने डॉक्टरों को लिखा है कि इस बात की भी जांच की जाएगी की कहीं युवती के साथ कोई गलत काम तो नहीं हुआ है।

उन्होंने बताया कि पीजी संचालक सार्थक की शिकायत पर पुलिस ने हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि मृतका की सहेली संजना से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह तथा महक दोनों असम से दिल्ली में अपना कैरियर बनाने आई थी। संजना ने पुलिस को यह भी बताया कि कई बार महक डेटिंग एप के माध्यम से दोस्ती करके घर से कुछ दिनों के लिए चली जाती थी। इसलिए उसे लगा कि वह वापस आ जाएगी।उन्होंने बताया कि आरोपित फरार है, उसकी तलाश के लिए पुलिस की चार टीमें गठित की गई है, जल्द ही उसकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
यूपी में पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार, 575 परियोजनाओं पर 1198 करोड़ रुपये से काम शुरू

-  आगरा से कन्नौज और वाराणसी से मथुरा तक पर्यटन स्थलों का होगा विकास, फसाड लाइटिंग से लेकर संग्रहालय और सुविधाओं का निर्माण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं को विस्तार देने के लिए राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर विकास कार्य शुरू कराए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य सेक्टर के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों के पर्यटन स्थलों के विकास और पर्यटक सुविधाओं के सृजन के लिए 1198.41 करोड़ रुपये की लागत वाली 575 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन योजनाओं पर विभिन्न जिलों में निर्माण एवं विकास कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि योजनाओं का उद्देश्य प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों पर आधुनिक सुविधाएं विकसित करना और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाना है। इन परियोजनाओं में आगरा, लखनऊ, फर्रुखाबाद, महोबा, सीतापुर, वाराणसी, हापुड़, फिरोजाबाद, बलिया, बदायूं, बस्ती, बिजनौर, कन्नौज, कासगंज, मथुरा, मेरठ और संतकबीरनगर समेत कई जिले शामिल हैं।

-  संग्रहालय और ध्यान केंद्रों को मिलेगा नया स्वरूप
आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय के क्यूरेशन का कार्य कराया जा रहा है। लखनऊ स्थित नौसेना शौर्य संग्रहालय में भी क्यूरेशन कार्य शुरू किया गया है। फर्रुखाबाद के संकिसा में विपश्यना ध्यान केंद्र और पर्यटक सुविधा केंद्र विकसित किया जा रहा है।
महोबा के सूर्य मंदिर इंटरप्रिटेशन सेंटर में प्लेनेटोरियम तैयार किया जा रहा है। वहीं सीतापुर के नैमिषारण्य धाम में वेदारण्य की स्थापना का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है।

-  वाराणसी के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर फसाड लाइटिंग
वाराणसी के प्रमुख मंदिरों और पर्यटन स्थलों को आकर्षक स्वरूप देने के लिए फसाड लाइटिंग कराई जा रही है। इसमें भारत माता मंदिर, दुर्गा मंदिर, काल भैरव मंदिर, संकटमोचन मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर के साथ अस्सी घाट, पंचगंगा घाट और दशाश्वमेध घाट समेत अन्य प्रमुख स्थल शामिल हैं।
हापुड़ के ब्रजघाट में वेडिंग जोन, फूड प्लाजा और सामुदायिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। फिरोजाबाद के सामौर बाबा धाम करहरा में पार्किंग, पर्यटक सुविधा केंद्र सहित अन्य सुविधाओं का निर्माण कराया जाएगा। बलिया में महर्षि भृगु आश्रम का पर्यटन विकास भी प्रस्तावित है।

-  धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर भी फोकस
बदायूं के कछला में गंगा नदी के दोनों तटों पर आधारभूत पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा। बस्ती के भदेश्वरनाथ स्थित शिव धाम, बिजनौर के विदुर कुटी, कन्नौज के मेंहदीघाट और कासगंज के सोरों तीर्थ में भी विभिन्न विकास कार्य कराए जा रहे हैं।
मथुरा के वृंदावन परिक्रमा मार्ग पर भवनों के साइनेज विकसित किए जाएंगे। मेरठ के हस्तिनापुर में समेकित पर्यटन विकास की योजना पर काम होगा, जबकि संतकबीरनगर के तामेश्वरनाथ मंदिर का भी पर्यटन विकास कराया जाएगा।

-  गुणवत्ता से समझौता नहीं : जयवीर सिंह
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित कार्यदायी संस्थाओं और विभागीय अधिकारियों को दिए गए हैं। अधिकारियों को समय-समय पर निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर प्रगति और गुणवत्ता की जांच करने को कहा गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटन विकास से जुड़ी परियोजनाओं में निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि पर्यटन स्थलों पर बेहतर आधारभूत सुविधाओं के साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को सुविधाजनक और आकर्षक अनुभव उपलब्ध कराया जा सके।
चकबंदी प्रक्रिया में तेजी, 11 गांवों को प्रक्रिया से किया गया बाहर

-  लंबे समय से अटकी चकबंदी के मामलों में सरकार का बड़ा कदम, तीन गांवों में प्रक्रिया पूरी; किसानों को योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता साफ


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लंबे समय से लंबित चकबंदी मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के लिए शासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर चकबंदी प्रक्रिया में अड़चनों वाले गांवों को प्रक्रिया से अलग करने के साथ कई गांवों में चकबंदी का काम तेजी से पूरा कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों को समय से सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना और भूमि संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाना है।
चकबंदी आयुक्त डा. हृषिकेश भास्कर यशोद ने बताया कि प्रदेश के कुछ गांवों में विकास योजनाओं, नदी कटान, 40 प्रतिशत से कम चकबंदी योग्य क्षेत्रफल, औद्योगिक क्षेत्र में शामिल होने और स्थानीय गुटबंदी जैसी वजहों से चकबंदी की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही थी। ऐसे मामलों के निस्तारण के लिए जोत चकबंदी अधिनियम की धारा 6(1) के तहत सात जिलों के 11 गांवों को चकबंदी प्रक्रिया से पृथक किया गया है।
इनमें चित्रकूट के अगरहुंडा, औरा, पिलखिनी और तेरा बुजुर्ग में करीब 12 वर्षों से प्रक्रिया लंबित थी। रायबरेली के अटौरा बुजुर्ग और हापुड़ के इकलैडी में 11 वर्षों से, जबकि संतकबीरनगर के जसोवर, तप्पा-फिदाईपुर, सलाहाबाद और तप्पा-तरयापार में करीब 10 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया लंबित थी। एटा के बरिगवां और प्रतापगढ़ के जगदीशपुर में नौ वर्षों से तथा गोरखपुर के टडवा श्रीराम में दो वर्षों से प्रक्रिया लंबित बताई गई।

-  तीन गांवों में पूरी हुई चकबंदी
विभाग के विशेष प्रयासों से प्रदेश के तीन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया पूरी करा ली गई है। इनमें अंबेडकरनगर के पीठापुर आशाजीतपुर, ललितपुर के बरोदी नकीब और लखनऊ के शाहपुर राजा शामिल हैं। इन गांवों में धारा 52(1) के तहत चकबंदी प्रक्रिया पूरी की गई।
लखनऊ के शाहपुर राजा में चकबंदी का कार्य महज दो वर्ष में पूरा किया गया। विभाग ने इस उपलब्धि का श्रेय जनपद स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किए गए विशेष प्रयासों को दिया है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, चकबंदी प्रक्रिया के समयबद्ध निस्तारण से किसानों को भूमि संबंधी कार्यों में सुविधा मिलेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ भी अधिक सुगमता से उपलब्ध कराया जा सकेगा। लंबे समय से लंबित मामलों को कम करने के लिए ऐसे गांवों की लगातार समीक्षा की जा रही है।
यूपी के 762 नगरीय निकायों में OTS लागू, संपत्ति कर के बकायेदारों को बड़ी राहत

-  ब्याज और सरचार्ज पर 100% छूट, तीन किस्तों में जमा कर सकेंगे बकाया; 15 अगस्त से 15 दिसंबर तक चलेगी योजना


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने संपत्ति कर के पुराने बकायेदारों को राहत देने के साथ नगरीय निकायों की आय बढ़ाने के लिए एकमुश्त समाधान योजना (OTS) लागू कर दी है। प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों में लागू होने वाली इस योजना के तहत बकाया गृहकर, जलकर और सीवरकर का भुगतान करने वाले करदाताओं को ब्याज और सरचार्ज में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा के नेतृत्व में लागू की गई यह योजना 15 अगस्त से 15 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसका लाभ प्रदेश के 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतों के पात्र करदाताओं को मिलेगा।

-  तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा
सरकार ने बकाया कर चुकाने के लिए करदाताओं को एकमुश्त भुगतान के साथ किस्तों की सुविधा भी दी है। योजना लागू होने के 30 दिनों के भीतर करदाता को कुल बकाये की एक-तिहाई राशि जमा करनी होगी। शेष रकम को अगले दो महीनों में दो मासिक किस्तों के जरिए जमा किया जा सकेगा।
इस तरह OTS के तहत देय पूरी राशि का भुगतान अधिकतम तीन महीने के भीतर करना अनिवार्य होगा। इससे उन करदाताओं को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से जमा हुए बकाये के कारण एक साथ पूरी रकम चुकाने में कठिनाई महसूस कर रहे थे।

-  एक महीने चलेगा विशेष प्रचार अभियान
नगरीय निकायों को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। 15 अगस्त से 14 सितंबर के बीच संबंधित करदाताओं और अन्य हितधारकों को योजना की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग इसका लाभ उठा सकें।

-  पुराने बकाये का समाधान, शहरों के विकास को मिलेगी गति
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। OTS इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि योजना से लंबे समय से लंबित संपत्ति कर के मामलों का समाधान होगा और करदाताओं को भी ब्याज व सरचार्ज से राहत मिलेगी। वहीं नगरीय निकायों को लंबित राजस्व की समयबद्ध वसूली का अवसर मिलेगा।
मंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों को मिलने वाले अतिरिक्त राजस्व का उपयोग सड़कों, जल निकासी, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जा सकेगा। सरकार का उद्देश्य नगरीय निकायों के राजस्व स्रोतों को मजबूत कर उन्हें विकास कार्यों के लिए अधिक सक्षम बनाना है।

ए. के. शर्मा ने कहा कि OTS के जरिए सरकार ने एक साथ दो लक्ष्यों—करदाताओं को राहत और नगरीय निकायों के वित्तीय सुदृढ़ीकरण—को प्राथमिकता दी है।
रालोद के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष ऐश्वर्य राज सिंह 13 अगस्त को पहली बार पहुंचेंगे लखनऊ

-  चारबाग से प्रदेश कार्यालय तक होगा स्वागत, कार्यकर्ताओं में उत्साह; संगठन विस्तार और आगामी चुनावी रणनीति पर करेंगे संवाद

लखनऊ। राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के नवनियुक्त उत्तर प्रदेश अध्यक्ष ऐश्वर्य राज सिंह 13 अगस्त को पहली बार लखनऊ पहुंचेंगे। उनके आगमन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में उत्साह का माहौल है। राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने हाल ही में बस्ती राजघराने से जुड़े ऐश्वर्य राज सिंह को पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई की जिम्मेदारी सौंपी है।
ऐश्वर्य राज सिंह 13 अगस्त को सुबह करीब 10 बजे वंदे भारत ट्रेन से लखनऊ पहुंचेंगे। चारबाग रेलवे स्टेशन पर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उनका स्वागत किया जाएगा। इसके बाद लगभग 11 बजे वह रालोद के प्रदेश कार्यालय पहुंचेंगे, जहां वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की ओर से अभिनंदन किया जाएगा।
चारबाग से प्रदेश कार्यालय के बीच विभिन्न स्थानों पर भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्वागत की तैयारियां की हैं। मार्ग में कई स्थानों पर पदाधिकारी और कार्यकर्ता नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत करेंगे।
प्रदेश कार्यालय में दोपहर करीब 12 बजे ऐश्वर्य राज सिंह का पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से औपचारिक परिचय कराया जाएगा। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिसमें वह मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे। इस दौरान संगठन की प्राथमिकताओं, पार्टी के विस्तार और उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर अपनी बात रखेंगे।
रालोद व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित अग्रवाल ने बताया कि नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष के प्रथम लखनऊ आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह है। उनके स्वागत को लेकर पार्टी की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं।

-  तकनीकी और सामाजिक क्षेत्र में रहा है अनुभव
ऐश्वर्य राज सिंह ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में करीब 11 वर्षों तक कार्य किया है। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के मिनियापोलिस में भी लगभग दो वर्ष काम किया। उनकी माता आशिमा सिंह भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS) की 1978 बैच की अधिकारी रही हैं और लखनऊ में मंडल रेल प्रबंधक (DRM) के पद पर भी सेवाएं दे चुकी हैं।

ऐश्वर्य राज सिंह सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं। बस्ती में RLS SEWA NGO के माध्यम से उन्होंने किसान सशक्तिकरण, खेल प्रतियोगिताओं और चिकित्सा शिविरों जैसे सामाजिक कार्यक्रमों में योगदान दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और सुविधाओं के विस्तार से जुड़े पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के PURA (Providing Urban Amenities in Rural Areas) मिशन से भी उनका जुड़ाव रहा है। वर्ष 2011 में डॉ. कलाम का बस्ती स्थित ऐश्वर्य राज सिंह के आवास पर आगमन भी हुआ था।
पार्टी नेताओं का मानना है कि तकनीकी, प्रबंधन, सामाजिक सरोकार और ग्रामीण विकास से जुड़े उनके अनुभव से उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूती मिलेगी। रालोद कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में संगठन के विस्तार के साथ आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को भी नई दिशा और गति मिलेगी।
कांवड़ सिर्फ आस्था नहीं, सामाजिक एकता और सेवा का महापर्व, इसे सामाजिक उत्सव बनाएं : योगी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सावन की कांवड़ यात्रा को केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित न रखते हुए इसे सामाजिक एकता, सेवा, अनुशासन और परस्पर सहयोग का महापर्व बनाने का आह्वान किया है। प्रदेशवासियों के नाम जारी संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा भारतीय सनातन परंपरा की ऐसी अनूठी यात्रा है, जो हर वर्ग और समाज को आस्था के एक सूत्र में जोड़ती है। 

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय परंपरा में धार्मिक अनुष्ठान, पर्व, संस्कार और लोक जीवन की परंपराएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। श्रावण में निकलने वाली कांवड़ यात्रा भी ऐसी ही अनुपम परंपरा है, जो प्रत्येक वर्ष करोड़ों श्रद्धालुओं को भक्ति और आस्था के सूत्र में बांधती है।

उन्होंने कहा कि इस यात्रा में सिर पर गंगाजल से भरी कांवड़ लेकर श्रद्धालु कठिन मार्ग तय करते हैं और अंततः भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। कांवड़ यात्रा में जाति, धर्म, क्षेत्र और आर्थिक स्थिति का कोई भेद नहीं रहता। हर वर्ग के लोग इसमें श्रद्धा के साथ शामिल होते हैं। यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है और यही सनातन संस्कृति के समभाव का जीवंत उदाहरण भी है।

मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा की पौराणिक मान्यता का उल्लेख करते हुए कहा कि समुद्र मंथन के समय भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए अपने कंठ में विष धारण किया और नीलकंठ कहलाए। विष की उष्णता को शांत करने के लिए देवताओं ने उनका जलाभिषेक किया। तभी से श्रावण मास में गंगाजल अर्पित करने की परंपरा चली आ रही है। कांवड़ यात्रा इसी श्रद्धा और परंपरा का विस्तार है।

योगी ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल भक्ति का पर्व नहीं है, बल्कि यह त्याग, तप, आत्मसंयम, सेवा और परस्पर सहयोग का भी संदेश देती है। तप से चरित्र मजबूत होता है, सेवा से समाज सशक्त होता है और एकता से राष्ट्र मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को सेवा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। कांवड़ियों के स्वागत के साथ ही यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, चिकित्सा, प्रकाश, पेयजल और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रशासनिक अमले के साथ सामाजिक और स्वयंसेवी संगठन भी श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे कांवड़ यात्रा को सामाजिक उत्सव और सेवा का उत्सव बनाएं। उन्होंने कहा कि यदि मार्ग में किसी कांवड़िए को थोड़ी-सी भी परेशानी हो तो उसकी मदद करना भी पुण्य का कार्य है। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा और सहयोग के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना चाहिए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अपनी संस्कृति, आस्था और श्रद्धा के लिए प्रसिद्ध है। कांवड़ यात्रा की गरिमा बनाए रखना हम सभी का दायित्व है। यह यात्रा केवल भगवान शिव के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का जीवंत संदेश भी देती है।