चकबंदी प्रक्रिया में तेजी, 11 गांवों को प्रक्रिया से किया गया बाहर

-  लंबे समय से अटकी चकबंदी के मामलों में सरकार का बड़ा कदम, तीन गांवों में प्रक्रिया पूरी; किसानों को योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता साफ


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लंबे समय से लंबित चकबंदी मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के लिए शासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर चकबंदी प्रक्रिया में अड़चनों वाले गांवों को प्रक्रिया से अलग करने के साथ कई गांवों में चकबंदी का काम तेजी से पूरा कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों को समय से सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना और भूमि संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाना है।
चकबंदी आयुक्त डा. हृषिकेश भास्कर यशोद ने बताया कि प्रदेश के कुछ गांवों में विकास योजनाओं, नदी कटान, 40 प्रतिशत से कम चकबंदी योग्य क्षेत्रफल, औद्योगिक क्षेत्र में शामिल होने और स्थानीय गुटबंदी जैसी वजहों से चकबंदी की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही थी। ऐसे मामलों के निस्तारण के लिए जोत चकबंदी अधिनियम की धारा 6(1) के तहत सात जिलों के 11 गांवों को चकबंदी प्रक्रिया से पृथक किया गया है।
इनमें चित्रकूट के अगरहुंडा, औरा, पिलखिनी और तेरा बुजुर्ग में करीब 12 वर्षों से प्रक्रिया लंबित थी। रायबरेली के अटौरा बुजुर्ग और हापुड़ के इकलैडी में 11 वर्षों से, जबकि संतकबीरनगर के जसोवर, तप्पा-फिदाईपुर, सलाहाबाद और तप्पा-तरयापार में करीब 10 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया लंबित थी। एटा के बरिगवां और प्रतापगढ़ के जगदीशपुर में नौ वर्षों से तथा गोरखपुर के टडवा श्रीराम में दो वर्षों से प्रक्रिया लंबित बताई गई।

-  तीन गांवों में पूरी हुई चकबंदी
विभाग के विशेष प्रयासों से प्रदेश के तीन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया पूरी करा ली गई है। इनमें अंबेडकरनगर के पीठापुर आशाजीतपुर, ललितपुर के बरोदी नकीब और लखनऊ के शाहपुर राजा शामिल हैं। इन गांवों में धारा 52(1) के तहत चकबंदी प्रक्रिया पूरी की गई।
लखनऊ के शाहपुर राजा में चकबंदी का कार्य महज दो वर्ष में पूरा किया गया। विभाग ने इस उपलब्धि का श्रेय जनपद स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किए गए विशेष प्रयासों को दिया है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, चकबंदी प्रक्रिया के समयबद्ध निस्तारण से किसानों को भूमि संबंधी कार्यों में सुविधा मिलेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ भी अधिक सुगमता से उपलब्ध कराया जा सकेगा। लंबे समय से लंबित मामलों को कम करने के लिए ऐसे गांवों की लगातार समीक्षा की जा रही है।
यूपी के 762 नगरीय निकायों में OTS लागू, संपत्ति कर के बकायेदारों को बड़ी राहत

-  ब्याज और सरचार्ज पर 100% छूट, तीन किस्तों में जमा कर सकेंगे बकाया; 15 अगस्त से 15 दिसंबर तक चलेगी योजना


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने संपत्ति कर के पुराने बकायेदारों को राहत देने के साथ नगरीय निकायों की आय बढ़ाने के लिए एकमुश्त समाधान योजना (OTS) लागू कर दी है। प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों में लागू होने वाली इस योजना के तहत बकाया गृहकर, जलकर और सीवरकर का भुगतान करने वाले करदाताओं को ब्याज और सरचार्ज में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा के नेतृत्व में लागू की गई यह योजना 15 अगस्त से 15 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसका लाभ प्रदेश के 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतों के पात्र करदाताओं को मिलेगा।

-  तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा
सरकार ने बकाया कर चुकाने के लिए करदाताओं को एकमुश्त भुगतान के साथ किस्तों की सुविधा भी दी है। योजना लागू होने के 30 दिनों के भीतर करदाता को कुल बकाये की एक-तिहाई राशि जमा करनी होगी। शेष रकम को अगले दो महीनों में दो मासिक किस्तों के जरिए जमा किया जा सकेगा।
इस तरह OTS के तहत देय पूरी राशि का भुगतान अधिकतम तीन महीने के भीतर करना अनिवार्य होगा। इससे उन करदाताओं को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से जमा हुए बकाये के कारण एक साथ पूरी रकम चुकाने में कठिनाई महसूस कर रहे थे।

-  एक महीने चलेगा विशेष प्रचार अभियान
नगरीय निकायों को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। 15 अगस्त से 14 सितंबर के बीच संबंधित करदाताओं और अन्य हितधारकों को योजना की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग इसका लाभ उठा सकें।

-  पुराने बकाये का समाधान, शहरों के विकास को मिलेगी गति
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। OTS इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि योजना से लंबे समय से लंबित संपत्ति कर के मामलों का समाधान होगा और करदाताओं को भी ब्याज व सरचार्ज से राहत मिलेगी। वहीं नगरीय निकायों को लंबित राजस्व की समयबद्ध वसूली का अवसर मिलेगा।
मंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों को मिलने वाले अतिरिक्त राजस्व का उपयोग सड़कों, जल निकासी, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जा सकेगा। सरकार का उद्देश्य नगरीय निकायों के राजस्व स्रोतों को मजबूत कर उन्हें विकास कार्यों के लिए अधिक सक्षम बनाना है।

ए. के. शर्मा ने कहा कि OTS के जरिए सरकार ने एक साथ दो लक्ष्यों—करदाताओं को राहत और नगरीय निकायों के वित्तीय सुदृढ़ीकरण—को प्राथमिकता दी है।
रालोद के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष ऐश्वर्य राज सिंह 13 अगस्त को पहली बार पहुंचेंगे लखनऊ

-  चारबाग से प्रदेश कार्यालय तक होगा स्वागत, कार्यकर्ताओं में उत्साह; संगठन विस्तार और आगामी चुनावी रणनीति पर करेंगे संवाद

लखनऊ। राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के नवनियुक्त उत्तर प्रदेश अध्यक्ष ऐश्वर्य राज सिंह 13 अगस्त को पहली बार लखनऊ पहुंचेंगे। उनके आगमन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में उत्साह का माहौल है। राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने हाल ही में बस्ती राजघराने से जुड़े ऐश्वर्य राज सिंह को पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई की जिम्मेदारी सौंपी है।
ऐश्वर्य राज सिंह 13 अगस्त को सुबह करीब 10 बजे वंदे भारत ट्रेन से लखनऊ पहुंचेंगे। चारबाग रेलवे स्टेशन पर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उनका स्वागत किया जाएगा। इसके बाद लगभग 11 बजे वह रालोद के प्रदेश कार्यालय पहुंचेंगे, जहां वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की ओर से अभिनंदन किया जाएगा।
चारबाग से प्रदेश कार्यालय के बीच विभिन्न स्थानों पर भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्वागत की तैयारियां की हैं। मार्ग में कई स्थानों पर पदाधिकारी और कार्यकर्ता नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत करेंगे।
प्रदेश कार्यालय में दोपहर करीब 12 बजे ऐश्वर्य राज सिंह का पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से औपचारिक परिचय कराया जाएगा। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिसमें वह मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे। इस दौरान संगठन की प्राथमिकताओं, पार्टी के विस्तार और उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर अपनी बात रखेंगे।
रालोद व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित अग्रवाल ने बताया कि नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष के प्रथम लखनऊ आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह है। उनके स्वागत को लेकर पार्टी की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं।

-  तकनीकी और सामाजिक क्षेत्र में रहा है अनुभव
ऐश्वर्य राज सिंह ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में करीब 11 वर्षों तक कार्य किया है। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के मिनियापोलिस में भी लगभग दो वर्ष काम किया। उनकी माता आशिमा सिंह भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS) की 1978 बैच की अधिकारी रही हैं और लखनऊ में मंडल रेल प्रबंधक (DRM) के पद पर भी सेवाएं दे चुकी हैं।

ऐश्वर्य राज सिंह सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं। बस्ती में RLS SEWA NGO के माध्यम से उन्होंने किसान सशक्तिकरण, खेल प्रतियोगिताओं और चिकित्सा शिविरों जैसे सामाजिक कार्यक्रमों में योगदान दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और सुविधाओं के विस्तार से जुड़े पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के PURA (Providing Urban Amenities in Rural Areas) मिशन से भी उनका जुड़ाव रहा है। वर्ष 2011 में डॉ. कलाम का बस्ती स्थित ऐश्वर्य राज सिंह के आवास पर आगमन भी हुआ था।
पार्टी नेताओं का मानना है कि तकनीकी, प्रबंधन, सामाजिक सरोकार और ग्रामीण विकास से जुड़े उनके अनुभव से उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूती मिलेगी। रालोद कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में संगठन के विस्तार के साथ आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को भी नई दिशा और गति मिलेगी।
कांवड़ सिर्फ आस्था नहीं, सामाजिक एकता और सेवा का महापर्व, इसे सामाजिक उत्सव बनाएं : योगी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सावन की कांवड़ यात्रा को केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित न रखते हुए इसे सामाजिक एकता, सेवा, अनुशासन और परस्पर सहयोग का महापर्व बनाने का आह्वान किया है। प्रदेशवासियों के नाम जारी संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा भारतीय सनातन परंपरा की ऐसी अनूठी यात्रा है, जो हर वर्ग और समाज को आस्था के एक सूत्र में जोड़ती है। 

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय परंपरा में धार्मिक अनुष्ठान, पर्व, संस्कार और लोक जीवन की परंपराएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। श्रावण में निकलने वाली कांवड़ यात्रा भी ऐसी ही अनुपम परंपरा है, जो प्रत्येक वर्ष करोड़ों श्रद्धालुओं को भक्ति और आस्था के सूत्र में बांधती है।

उन्होंने कहा कि इस यात्रा में सिर पर गंगाजल से भरी कांवड़ लेकर श्रद्धालु कठिन मार्ग तय करते हैं और अंततः भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। कांवड़ यात्रा में जाति, धर्म, क्षेत्र और आर्थिक स्थिति का कोई भेद नहीं रहता। हर वर्ग के लोग इसमें श्रद्धा के साथ शामिल होते हैं। यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है और यही सनातन संस्कृति के समभाव का जीवंत उदाहरण भी है।

मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा की पौराणिक मान्यता का उल्लेख करते हुए कहा कि समुद्र मंथन के समय भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए अपने कंठ में विष धारण किया और नीलकंठ कहलाए। विष की उष्णता को शांत करने के लिए देवताओं ने उनका जलाभिषेक किया। तभी से श्रावण मास में गंगाजल अर्पित करने की परंपरा चली आ रही है। कांवड़ यात्रा इसी श्रद्धा और परंपरा का विस्तार है।

योगी ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल भक्ति का पर्व नहीं है, बल्कि यह त्याग, तप, आत्मसंयम, सेवा और परस्पर सहयोग का भी संदेश देती है। तप से चरित्र मजबूत होता है, सेवा से समाज सशक्त होता है और एकता से राष्ट्र मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को सेवा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। कांवड़ियों के स्वागत के साथ ही यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, चिकित्सा, प्रकाश, पेयजल और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रशासनिक अमले के साथ सामाजिक और स्वयंसेवी संगठन भी श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे कांवड़ यात्रा को सामाजिक उत्सव और सेवा का उत्सव बनाएं। उन्होंने कहा कि यदि मार्ग में किसी कांवड़िए को थोड़ी-सी भी परेशानी हो तो उसकी मदद करना भी पुण्य का कार्य है। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा और सहयोग के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना चाहिए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अपनी संस्कृति, आस्था और श्रद्धा के लिए प्रसिद्ध है। कांवड़ यात्रा की गरिमा बनाए रखना हम सभी का दायित्व है। यह यात्रा केवल भगवान शिव के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का जीवंत संदेश भी देती है।
काकोरी के शहीदों का सपना पूरा करने को राष्ट्र सर्वोपरि का भाव जरूरी : योगी
-  काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री ने शहीदों को किया नमन, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिजनों को किया सम्मानित
लखनऊ। काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ पर रविवार को काकोरी शहीद स्मारक में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अमर क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महानायकों को नमन किया। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 अगस्त 1925 को काकोरी की धरती पर भारतीय क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश हुकूमत को यह संदेश दिया था कि भारत गुलामी को स्वीकार नहीं करेगा। पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठाकुर रोशन सिंह, राजेंद्र प्रसाद लाहिड़ी, चंद्रशेखर आजाद सहित अनेक क्रांतिकारियों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

उन्होंने कहा कि क्रांतिकारियों का लक्ष्य अंग्रेजी शासन से मुक्ति और भारत को स्वतंत्र कराना था। ब्रिटिश शासन ने काकोरी की इस घटना को ‘डकैती’ के रूप में प्रचारित किया, जबकि यह देश की आजादी के लिए संघर्षरत क्रांतिकारियों की एक महत्वपूर्ण कार्रवाई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्र भारत में भी लंबे समय तक इसे ‘काकोरी डकैती कांड’ कहे जाने से क्रांतिकारियों के योगदान को उचित सम्मान नहीं मिला।

-  युवा पीढ़ी को अपने नायकों पर गर्व करना सिखाना होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की गुलामी के पीछे बाहरी शक्तियों के साथ-साथ हमारी आपसी फूट और विभाजनकारी प्रवृत्तियां भी जिम्मेदार रही हैं। आज भी कुछ ताकतें जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास कर रही हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से भी भ्रम और अफवाह फैलाने की कोशिशें होती हैं। ऐसे समय में युवाओं को इतिहास की सही जानकारी देकर राष्ट्र और समाज के प्रति जिम्मेदार बनाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन के नायकों से दूर रखा, उन्होंने देश की नई पीढ़ी के साथ अन्याय किया। क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन से युवाओं को प्रेरणा, साहस और राष्ट्रभक्ति मिलती है।

-  पीएम मोदी ने दिलाया आजादी के नायकों को सम्मान : योगी
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वतंत्रता आंदोलन के नायकों को सम्मान दिए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर से जुड़े पंचतीर्थों के विकास के साथ वीर सावरकर, राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह और अशफाक उल्ला खां जैसे महानायकों की स्मृतियों से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया गया है। काकोरी की घटना को ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ नाम देकर क्रांतिकारियों के योगदान को सम्मान देने का प्रयास किया गया। उनके नाम पर डाक टिकट जारी किए जा रहे हैं और संस्थाओं के नाम भी रखे जा रहे हैं।

उन्होंने लोगों से अपने-अपने गांव, क्षेत्र और जिले के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों की जानकारी जुटाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी पुरानी सामग्री, दस्तावेज और स्मृतियों को सुरक्षित किया जाना चाहिए। ऐसे नायकों से जुड़े स्मारकों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण में भी समाज को भागीदारी करनी चाहिए।

-  हर घर तिरंगा फहराने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य तभी हासिल होगा, जब प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्र सर्वोपरि की भावना मजबूत होगी। लोगों को मातृभूमि, अपनी भाषा और स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। उन्होंने आगामी स्वतंत्रता दिवस पर हर घर तिरंगा फहराने और संस्थानों में वंदे मातरम् के गायन की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित चित्र एवं अभिलेख प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण भी किया। ‘वंदे मातरम्’ तथा काकोरी के शहीदों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया गया। भारतेन्दु नाट्य अकादमी के कलाकारों ने स्वतंत्रता आंदोलन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति भी दी।

-  उप मुख्यमंत्रियों ने भी शहीदों को किया नमन
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और अमर बलिदानियों के संघर्ष के कारण ही देश को अंग्रेजी शासन से मुक्ति मिली। 9 अगस्त का दिन स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में विशेष महत्व रखता है।

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि देश की आजादी के संघर्ष में समाज के सभी वर्गों ने योगदान दिया। उन्होंने बच्चों और विद्यार्थियों से स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को हमेशा याद रखने और उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान किया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि काकोरी की धरती स्वतंत्रता संग्राम के महान बलिदानियों की स्मृतियों से जुड़ी है। नई पीढ़ी तक स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और राष्ट्रीय गौरव का संदेश पहुंचाना जरूरी है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, शहीदों के परिजनों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों, छात्र-छात्राओं और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।
लखनऊ: डॉ. सोनिया नित्यानंद फिर बनीं KGMU की कुलपति

-  दूसरी बार मिली जिम्मेदारी, राज्यपाल ने जताया भरोसा

लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के कुलपति पद पर डॉ. सोनिया नित्यानंद की एक बार फिर नियुक्ति की गई है। उन्हें दूसरी बार विश्वविद्यालय की कमान सौंपी गई है।
कुलपति पद को लेकर चल रही चर्चाओं और विभिन्न दावेदारियों के बीच राज्यपाल ने एक बार फिर डॉ. सोनिया नित्यानंद पर भरोसा जताया है। उनकी पुनर्नियुक्ति के साथ ही KGMU के प्रशासनिक नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लग गया है।
डॉ. सोनिया नित्यानंद के सामने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, चिकित्सा सेवाओं, शोध कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने की जिम्मेदारी होगी। उनकी दूसरी पारी में KGMU के विकास और नई योजनाओं को गति देने पर भी नजर रहेगी।
शहीदों के सपनों का भारत बनाने में युवाओं की भूमिका अहम : शशांक शेखर सिंह ‘पुष्कर’

-  अगस्त क्रांति के महानायकों और अमर शहीदों को जनसत्ता पार्टी ऑफ इंडिया ने किया नमन, युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान


लखनऊ। अगस्त क्रांति की स्मृति में जनसत्ता पार्टी ऑफ इंडिया (जे.पी.आई.) और राष्ट्रवादी युवा अधिकार मंच (एन.वाई.आर.एम.) के संयुक्त तत्वावधान में जीपीओ पार्क, हजरतगंज स्थित काकोरी स्तंभ पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्वतंत्रता आंदोलन के महानायकों और अमर शहीदों को नमन करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जनसत्ता पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष शशांक शेखर सिंह ‘पुष्कर’ ने की। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने जिस त्याग, संघर्ष और बलिदान का परिचय दिया, वह आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का अमूल्य स्रोत है। शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब नई पीढ़ी उनके अधूरे सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़े।
उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में युवाओं को नकारात्मक और दिशाहीन राजनीति से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण की सकारात्मक सोच को अपनाने की जरूरत है। युवा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता का इस्तेमाल समाज की समस्याओं के समाधान तथा देश के बेहतर भविष्य के निर्माण में करें।
‘पुष्कर’ ने कहा कि आज बड़ी संख्या में छात्र, नौजवान और रोजगार की तलाश कर रहे युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। वहीं, देश के अमर शहीदों ने ऐसे भारत की कल्पना की थी, जहां भय, भूख, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, जातीय भेदभाव, आर्थिक असमानता, शोषण और अन्याय के लिए कोई जगह न हो।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे किसी भी प्रकार के भटकाव से बचें और अपनी शक्ति को रचनात्मक दिशा दें। उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति यदि जागरूक, संगठित और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़े तो सामाजिक बदलाव की मजबूत नींव रखी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का भारत केवल नारों से नहीं बनेगा। इसके लिए शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय, समान अवसर और सम्मानजनक जीवन की दिशा में लगातार प्रयास करना होगा। नई पीढ़ी को इसी संकल्प के साथ राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी होगी।
कार्यक्रम में शशिकांत सिंह, कुनाल दीक्षित, शुभम श्रीवास्तव, अजमत उल्ला खान, एडवोकेट सुरेंद्र यादव, राजेश त्रिपाठी, लियाकत अली, राज गौतम और विनय सोनकर सहित पार्टी एवं मंच के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रहित और समाजहित में निरंतर कार्य करने तथा स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
गांव-गांव अमृत सरोवरों पर लहराएगा तिरंगा, स्वतंत्रता दिवस पर होंगे भव्य आयोजन

-  हर घर तिरंगा अभियान के तहत प्रदेश के सभी अमृत सरोवरों पर होगा ध्वजारोहण, साफ-सफाई के साथ राष्ट्रप्रेम से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन


लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस वर्ष उत्तर प्रदेश के गांवों में स्थित अमृत सरोवर देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम के रंग में रंगे नजर आएंगे। हर घर तिरंगा अभियान के तहत प्रदेश के सभी अमृत सरोवरों और विकसित तालाबों पर ध्वजारोहण किया जाएगा। इसके साथ ही इन स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलाने के साथ राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करने वाले विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्वतंत्रता दिवस को पूरे उत्साह, उमंग और उल्लास के साथ मनाने के निर्देश ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। उनके निर्देश के बाद विभाग की ओर से सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रमों की तैयारी समय से पूरी करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
निर्देशों के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस से पहले ग्राम पंचायतों के माध्यम से अमृत सरोवरों की विशेष साफ-सफाई कराई जाएगी। इसके बाद स्वतंत्रता दिवस के दिन प्रत्येक अमृत सरोवर स्थल पर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तिरंगा फहराया जाएगा। आयोजन के दौरान ग्रामीणों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
ग्राम्य विकास विभाग का उद्देश्य अमृत सरोवरों को केवल जल संरक्षण के केंद्र के रूप में ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सहभागिता और राष्ट्रीय चेतना के प्रमुख स्थलों के रूप में भी विकसित करना है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यहां होने वाले आयोजनों के माध्यम से ग्रामीणों, युवाओं और बच्चों में देशभक्ति की भावना को और मजबूत किया जाएगा।
आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग की ओर से भी प्रदेश के सभी जिलों के अधिकारियों को आयोजन की सफलता के लिए व्यापक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को कार्यक्रमों की तैयारियां समय से पूरी करने और स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अमृत सरोवरों पर तिरंगा फहरने के साथ गांवों में स्वतंत्रता दिवस का उत्सव राष्ट्रप्रेम, स्वच्छता और सामुदायिक सहभागिता का संदेश देगा।
सोशल मीडिया पर भारत के खिलाफ अफवाह फैला रहीं देशविरोधी ताकतें : योगी

-  काकोरी ट्रेन एक्शन की शताब्दी समारोह में बोले सीएम- आपसी फूट और षड्यंत्र के कारण गुलाम हुआ था भारत, आज भी समाज को बांटने की कोशिश


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत आपसी फूट और षड्यंत्र के कारण गुलाम हुआ था। आज भी क्षेत्र, जाति और भाषा के नाम पर देश को कमजोर करने वाली ताकतें समाज को बांटने का प्रयास कर रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी षड्यंत्र का माध्यम बन गया है और देशविरोधी ताकतें इसका दुरुपयोग कर भारत के खिलाफ अफवाहें फैला रही हैं।
मुख्यमंत्री रविवार को काकोरी ट्रेन एक्शन के 101वें वर्ष के अवसर पर काकोरी शहीद स्मारक पर आयोजित शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने काकोरी के अमर क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भारत माता के सपूतों ने ब्रिटिश हुकूमत की चूलें हिलाकर स्पष्ट संदेश दिया था कि भारत की धरती गुलामी को स्वीकार नहीं करेगी।
योगी ने कहा कि 9 अगस्त 1925 को पं. राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां, चंद्रशेखर आजाद और राजेंद्र नाथ लाहिड़ी जैसे क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी शासन के खजाने को अपने कब्जे में लेकर स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। इन क्रांतिकारियों का लक्ष्य केवल अंग्रेजों को भारत से बाहर करना नहीं, बल्कि देश को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराना था।

-  'काकोरी डकैती’ कहकर क्रांतिकारियों का किया गया अपमान
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजों ने काकोरी की घटना को ‘डकैती’ बताया, लेकिन स्वतंत्र भारत में भी लंबे समय तक इसे ‘काकोरी डकैती कांड’ कहकर क्रांतिकारियों का अपमान किया गया। इसी तरह चौरीचौरा की घटना को भी कमतर आंका गया। उन्होंने कहा कि जिन क्रांतिकारियों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, उन्हें वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे।
योगी ने कहा कि शचींद्र नाथ बख्शी, मन्मथ नाथ गुप्ता, शचींद्र नाथ सान्याल समेत अनेक क्रांतिकारियों के योगदान को पर्याप्त स्थान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद की पीढ़ियों को इन राष्ट्रनायकों से दूर रखना युवा पीढ़ी के साथ अन्याय था।

-  '2014 के बाद आजादी के नायकों को मिला सम्मान’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद देश के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों और राष्ट्रनायकों को सम्मान देने का काम हुआ। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर से जुड़े पंचतीर्थ विकसित किए गए और वीर सावरकर, राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह व अशफाक उल्ला खां जैसे क्रांतिकारियों से जुड़े स्मारकों को सम्मान मिला।
उन्होंने कहा कि काकोरी की घटना को ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ नाम देकर प्रधानमंत्री ने क्रांतिकारियों के योगदान को उचित सम्मान दिया। अब इन राष्ट्रनायकों के नाम पर डाक टिकट जारी हो रहे हैं और संस्थाओं व योजनाओं के नाम भी रखे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक योजनाओं और संस्थाओं का नामकरण एक ही परिवार या खानदान के नाम पर होता रहा।

-  'गुमनाम क्रांतिकारियों से जुड़ी सामग्री एकत्र करें’
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपने-अपने गांव, क्षेत्र और जनपद के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों को खोजने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए अनेक लोगों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया, लेकिन उनका इतिहास कहीं बिखरा पड़ा है।
उन्होंने अपील की कि क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से जुड़ी बिखरी सामग्री को एकत्र किया जाए। उनके स्मारकों की मरम्मत और सौंदर्यीकरण में सहयोग किया जाए तथा राष्ट्रीय नायकों को श्रद्धांजलि देकर उनकी स्मृतियों को जीवंत रखा जाए।

-  'राष्ट्र सर्वोपरि’ की भावना से ही बनेगा विकसित भारत
योगी ने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा, जब प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्र सर्वोपरि का भाव होगा। लोगों को मातृभूमि, मातृभाषा और स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूक करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को हर घर पर तिरंगा फहराया जाए और प्रत्येक संस्था में वंदे मातरम का गान हो। क्रांतिकारियों की स्मृति को जीवंत बनाए रखने के लिए काकोरी में शताब्दी महोत्सव सहित वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए और काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े परिवारों तथा देश की सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के परिजनों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, विधायक नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, जय देवी और योगेश शुक्ल, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान तथा लालजी प्रसाद निर्मल समेत अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
लखनऊ में सीएम योगी ने किया ‘तिरंगा यात्रा’ का शुभारंभ, देशभक्ति के रंग में रंगी राजधानी

-  'हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत निकली तिरंगा यात्रा, बड़ी संख्या में युवाओं और स्कूली बच्चों ने लिया हिस्सा

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ‘हर घर तिरंगा-तिरंगा यात्रा’ अभियान के तहत आयोजित ‘तिरंगा यात्रा’ का शुभारंभ किया। इस दौरान राजधानी में देशभक्ति का माहौल नजर आया और बड़ी संख्या में युवाओं एवं स्कूली बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा में सहभागिता की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष नीरज सिंह समेत पार्टी के कई नेता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
तिरंगा यात्रा में युवाओं और स्कूली बच्चों की बड़ी भागीदारी रही। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लिए प्रतिभागियों ने देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण देशभक्ति के नारों और तिरंगे के रंग से सराबोर नजर आया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के माध्यम से लोगों से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और आम लोगों ने भी हिस्सा लिया।
‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। तिरंगा यात्रा के माध्यम से युवाओं और आम नागरिकों को राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया जा रहा है।