कोतवाली खलीलाबाद पुलिस की तत्परता से मदरसा जाने के दौरान लापता 08 वर्षीय बालक सकुशल बरामद*
रमेश दूबे

दिनांक 09.08.2026 को समय करीब 08:00 बजे मोहम्मद आरिस पुत्र श्री नसरुद्दीन, निवासी शास्त्री नगर, गोला बाजार, थाना कोतवाली खलीलाबाद, जनपद संतकबीरनगर, उम्र करीब 08 वर्ष को उसके पिता द्वारा मदरसा बंजरिया पश्चिम के गेट के पास छोड़कर घर चले गए थे । कुछ समय बाद जानकारी हुई कि बालक मदरसे में नहीं पहुंचा है और कहीं चला गया है ।

इस संबंध में बालक के पिता श्री नसरुद्दीन द्वारा अपनी पत्नी के साथ थाना कोतवाली खलीलाबाद पहुंचकर सूचना दी गई । सूचना मिलते ही थाना पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए बालक की तलाश शुरू की गई ।

आरक्षी जितेंद्र सोनी एवं आरक्षी जनार्दन प्रसाद, चीता मोबाइल गोला बाजार द्वारा त्वरित एवं सक्रियता से खोजबीन करते हुए मोहम्मद आरिस को गोला बाजार स्थित टावर के पास सकुशल घूमते हुए बरामद कर लिया गया। बालक को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया ।

*अपने बच्चे को सकुशल पाकर माता-पिता ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कोतवाली खलीलाबाद पुलिस का आभार व्यक्त किया ।*
अपराधियों पर महुली पुलिस की पैनी नजर — हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन एवं संध्याकालीन पैदल गश्त

रमेश दूबे

*अपराध नियंत्रण के साथ जनता से संवाद, सुरक्षित वातावरण का दिलाया भरोसा*

पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना आदेश निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी धनघटा के पर्यवेक्षण में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में थाना महुली पुलिस द्वारा अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु लगातार निगरानी एवं सत्यापन की कार्रवाई की जा रही है।

इसी क्रम में थाना महुली पुलिस टीम द्वारा थाना क्षेत्र में चिन्हित हिस्ट्रीशीटर अपराधियों का सत्यापन किया गया। पुलिस टीम द्वारा संबंधित व्यक्तियों के वर्तमान निवास, गतिविधियों एवं उनके संबंध में उपलब्ध महत्वपूर्ण जानकारियों का सत्यापन करते हुए आवश्यक निगरानी सुनिश्चित की गई। साथ ही अपराध में संलिप्त रहे व्यक्तियों की गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

क्रैक साइबर क्राइम के तहत साइबर ठगी के शिकार पीड़ित की ₹10,000/- की सम्पूर्ण धनराशि साइबर सेल थाना दुधारा पुलिस टीम ने 24 घंटे में कराई वापस
रमेश दूबे

पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर श्री संदीप कुमार मीना के निर्देशन में क्रैक साइबर क्राइम अभियान के तहत साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के क्रम में साइबर सेल थाना दुधारा पुलिस टीम द्वारा प्रभावी कार्रवाई करते हुए पीड़ित की ₹10,000/- की सम्पूर्ण धनराशि 24 घंटे के अन्दर वापस कराई गई।
*घटना का संक्षिप्त विवरण–*
पीड़ित श्री जसवन्त निवासी जातेडीहा, थाना दुधारा द्वारा दिनांक 07.08.2026 को शिकायत दर्ज कराई गई कि फेसबुक पर मूवी देखने वाले एप का विज्ञापन देखकर एप डाउनलोड किया गया था। इसके बाद एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा कॉल कर एप चलाने के नाम पर ओटीपी मांगा गया। ओटीपी बताए जाने के पश्चात खाते से ₹10,000/- की साइबर ठगी कर ली गई।
शिकायत प्राप्त होते ही साइबर हेल्प डेस्क पर तैनात का0 अनुज कुमार द्वारा तत्काल कार्रवाई एवं संबंधित बैंक से समन्वय कर ठगी की सम्पूर्ण धनराशि ₹10,000/- पीड़ित के खाते में वापस करा दी गई। पीड़ित द्वारा पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
*साइबर सेल थाना दुधारा टीम–* थानाध्यक्ष श्री अमित कुशवाहा, उ0नि0 श्री अनिल मिश्रा (प्रभारी साइबर सेल), का0 अनुज कुमार, का0 ऋषिकेश यादव, रि0का0 हर्ष सिंह एवं म0रि0का0 एकता सिंह।
अपील– किसी अनजान व्यक्ति से OTP, PIN, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित मिशन शक्ति अभियान फेज 5.0 द्वितीय चरण के तहत महिला सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन सुनिश्चित करने हेतु अभियान

रमेश दूबे
व महिलाओं की सुरक्षा तथा सड़क सुरक्षा नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर के निर्देशन में जनपद के समस्त थाना द्वारा चलाया गया अभियान ।*

 *महिला सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के उद्देश्य से पुलिस द्वारा चलाया गया जागरूकता अभियान ।*

 *ग्राम चौपाल लगाकर समस्याओं के त्वरित एवं विधिपूर्ण निस्तारण हेतु ग्रामीणों से संवाद कर किया गया जागरुक ।*


             पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीना* के निर्देशन में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित मिशन शक्ति अभियान फेज 5.0 द्वितीय चरण के तहत महिला सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन सुनिश्चित करने व महिलाओं की सुरक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से जनपद के सभी थानों द्वारा महिला सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया तथा ग्राम चौपाल लगाकर समस्याओं के त्वरित एवं विधिपूर्ण निस्तारण हेतु ग्रामीणों से संवाद कर किया गया जागरुक । इस अभियान के अंतर्गत सभी थानों की एंटीरोमियो टीमों द्वारा बाजारों, सार्वजनिक स्थलों पर जाकर बालिकाओं, महिलाओं एवं आमजन को मिशन शक्ति 5.0 द्वितीय चरण अभियान के तहत जानकारी दी गई, साथ ही महिलाओं के प्रति अपराधों की रोकथाम व उनके अधिकारों की रक्षा एवं आत्मरक्षा के उपायों के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई । कार्यक्रमों के दौरान प्रतिभागियों को महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112, चिकित्सा सहायता 108, बाल सहायता नंबर 1098, साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा cybercrime.gov.in पोर्टल की जानकारी देकर इन सेवाओं के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया । कार्यक्रम के दौरान समस्त थानों पर नियुक्त एंटी रोमियो टीम द्वारा मिशन शक्ति 5.0 द्वितीय चरण अभियान के तहत क्रमशः- 01 महिला थाना द्वारा मेंहदावल बाईपास में 02. थाना महुली द्वारा ग्राम महुली खास में 03. थाना धनघटा द्वारा तेजपुर, सोयाबाजार, तिलकपुर में 04. थाना बखिरा पुलिस द्वारा नन्दौर चौराहा, कुसम्हा, कम्हरिया में 05. थाना बेलहरकला द्वारा झुड़िया में पुलिस द्वारा बरघाट, सेवहा चौबे, सेवहा बाबू में महिलाओं / बालिकाओं व स्कूली छात्राओं को पम्पलेट प्रदान कर जागरूक किया गया ।

*इस कार्यक्रम में महिला बीट अधिकारियों एवं मिशन शक्ति टीमों ने ग्रामीण क्षेत्रों में चौपाल शैली में संवाद सत्र आयोजित कर महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं, आत्मरक्षा के उपायों और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गयी और साथ ही महिलाओं से कहा गया कि वे निडर होकर अपनी बात रखें और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाएं ।
शादी का झांसा देकर युवती को बहला फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में वाँछित अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार, अपहृता बरामद
रमेश दूबे
                     
पुलिस अधीक्षक जनपद संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीना* के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री सुशील कुमार सिंह* के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद *श्री प्रियम राजशेखर पाण्डेय* के पर्यवेक्षण में जनपद संतकबीरनगर में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए थाना कोतवाली खलीलाबाद पर पंजीकृत मु0अ0स0 0711/2026 धारा 87/351(2) बीएनएस से सम्बन्धित वांछित अभियुक्त तबरेज पुत्र नईम उर्फ भकोले निवासी मड्या थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया ।
                      विदित हो कि वादी द्वारा दिनाँक 02.08.2026 को थाना कोतवाली खलीलाबाद पर अभियुक्त के विरुद्ध वादिनी की पुत्री को बहला फुसलाकर भगा ले जाने के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र देकर अभियोग पंजीकृत कराया गया था । थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस द्वारा महिला अपराध की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्यवाही करते हुए अपहृता को बरामद करते हुए वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया ।   

*गिरफ्तार करने वाले पुलिस बल का विवरण-*  उ0नि0 श्री ध्रुवनरायण यादव, हे0का0 हरिनरायन प्रसाद हे0का0 मनोज कुमार सिंह, म0का0 प्रतिक्षा यादव ।
एसपी संतकबीरनगर के निर्देशन में महुली पुलिस की तत्परता से गुमशुदा नाबालिग बालक सकुशल बरामद

रमेश दूबे
*माता-पिता की उम्मीद बनी महुली पुलिस की जिम्मेदारी व अथक प्रयासों से बालक को सुरक्षित तलाशकर किया बरामद*
पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीणा* के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक *श्री सुशील कुमार सिंह* के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी धनघटा *श्री अभयनाथ मिश्र* के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे गुमशुदा एवं अपहृत बालक-बालिकाओं की बरामदगी अभियान के क्रम में थाना महुली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक गुमशुदा नाबालिग बालक को सकुशल बरामद किया।
थाना महुली क्षेत्र की एक महिला द्वारा अपने नाबालिग पुत्र के दिनांक 26.01.2026 से लापता होने की सूचना दिए जाने पर, माननीय न्यायालय के आदेश के अनुपालन में दिनांक 06.08.2026 को थाना महुली पर मु0अ0सं0 322/2026 धारा 143 बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया। पुलिस टीम द्वारा लगातार तलाश एवं सूचना संकलन के उपरांत दिनांक 07.08.2026 को बालक को सकुशल बरामद कर नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की गई।
बालक की सकुशल बरामदगी से परिजनों ने राहत की सांस ली। थाना महुली पुलिस ने पूरे प्रकरण में संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्रवाई करते हुए यह सुनिश्चित किया कि बालक को विधिक प्रक्रिया के अनुरूप सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया जाए।
महुली पुलिस का संकल्प है कि प्रत्येक गुमशुदा बच्चे की तलाश पूरी संवेदनशीलता, तत्परता एवं विधिक प्रक्रिया के अनुरूप की जाएगी, ताकि हर परिवार की उम्मीद सुरक्षित रह सके।
उपमुख्यमंत्री से मिलकर निशांत द्विवेदी ने महुली कस्बे को नगर पंचायत बनाने की मांग की
रमेश दूबे

संत कबीर नगर जनपद के भारतीय जनता पार्टी के नेता महुली मंडल के मंत्री निशांत द्विवेदी ने उत्तर प्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक से मुलाकात की‌।

मुलाकात के दौरान तमाम विकास के मुद्दों पर बातचीत हुई।

साथ ही उन्होंने एक मांग पत्र से भी सोपे जिसमें मांग की गई है कि संत कबीर नगर जनपद के दक्षिण आंचल में महुली काफी घनी आबादी का क्षेत्र है और विकास की दृष्टि से इसे नगर पंचायत का दर्जा दिया जाना जनहित में बहुत जरूरी है।

इस लिए महूली को नगर पंचायत घोषित किया जाए।
कोतवाली खलीलाबाद पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए चोरी की 01 अदद मोटरसाइकिल के साथ वाँछित 01 अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार
रमेश दूबे

पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीना* द्वारा चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत, अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री सुशील कुमार सिंह* के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद *श्री प्रियम राजशेखर पाण्डेय* के निकट पर्यवेक्षण में जनपद संतकबीरनगर मे अपराध एवं अपराधियो के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के दौरान जनपद में चोरी जैसी घटनाओं के सफल अनावरण हेतु प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली खलीलाबाद *श्री जयप्रकाश दूबे* के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा मु0अ0सं0 685/2026 धारा 303(2) बीएनएस में वांछित अभियुक्त नाम पता रामआशीष कन्नौजिया पुत्र विजय कुमार साकिन शिवापार थाना बखिरा जनपद संतकबीरनगर को ग्राम करैली से कुछ दूर आगे शिवापार जाने वाले मार्ग से चोरी की 01 अदद स्पलेण्डर आई स्मार्ट (रजि0नं0 यू0पी058 पी 3673) के साथ गिरफ्तार किया गया ।
       *घटना का विवरण-*  दिनाँक 28.07.2026 को वादी श्री वंश बहादुर राय पुत्र स्व0 राजकुमार राय निवासी बालू शासन  थाना कोतवाली खलीलाबाद  जनपद संतकबीरनगर द्वारा थाना कोतवाली खलीलाबाद पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा बघौली देशी शराब की दुकान के पास खड़ी  उनकी मोटरसाइकिल को चोरी कर लेने के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र दिया गया था । प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना कोतवाली खलीलाबाद पर अभियोग पंजीकृत किया गया था ।
*बरामदगी/गिरफ्तारी के आधार पर धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गयी* ।

*बरामदगी का विवरण –* चोरी की 01 अदद मोटरसाइकिल (रजि0नं0 यू0पी058 पी 3673) ।

*गिरफ्तारी टीम-*  उ0नि0 श्री शैलेन्द्र कुमार,  उ0नि0 नागेन्द्र सिंह, हे0का0 रामरतन, का0 संदीप यादव, का0 विकास पाठक ।
30 जुलाई को लगायी जाएगी सचल ग्राम न्यायालय

*नगर पंचायत भवन, तहसील मेंहदावल में दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक होगा आयोजन।*

रमेश दूबे

*संत कबीर नगर  सचल ग्राम न्यायालय (Mobile Village Court) ऐसा न्यायिक एवं जनसेवा कार्यक्रम होता है, जिसमें न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी तथा संबंधित विभाग गांव या क्षेत्र में जाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करते हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण जनता को उनके क्षेत्र में ही सरल, त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना होता है। सचल ग्राम न्यायालय के मुख्य उद्देश्य- ग्रामीणों को न्यायालय तक बार-बार जाने की परेशानी कम करना, छोटे-मोटे विवादों का मौके पर समाधान करना लोकहितकारी योजनाओं एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी देना, आपसी समझौते एवं सुलह को बढ़ावा देना, भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद, पेंशन, प्रमाण पत्र, राजस्व संबंधी समस्याएं, सरकारी योजनाओं से जुड़ी शिकायतें आदि मामलों को सुना जाता है। कई मामलों का मौके पर समझौते से समाधान कराया जाता है तथा आवश्यक मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया बताई जाती है। यह व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों में न्याय को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जाती है। जनसामान्य को सूचित किया जाता है कि न्याय को ग्राम स्तर तक सुलभ एवं सरल बनाने के उद्देश्य से दिनांक 30 जुलाई 2026 को नगर पंचायत भवन, तहसील मेंहदावल में सचल ग्राम न्यायालय का आयोजन किया जा रहा है। उक्त आयोजन में ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों की विभिन्न प्रकार की शिकायतों, वाद-विवाद एवं आपसी विवादों के समाधान हेतु संबंधित विभागों के अधिकारी एवं न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहेंगे। आमजन अपनी समस्याओं एवं प्रकरणों के निस्तारण हेतु आवश्यक अभिलेखों सहित उपस्थित होकर लाभ प्राप्त कर सकते हैं। सचल ग्राम न्यायालय के माध्यम से त्वरित एवं सरल न्याय उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, जिससे ग्रामीण नागरिकों को न्यायालयों के अनावश्यक चक्कर एवं समय की बचत हो सके। अतः क्षेत्र के समस्त नागरिकों से अनुरोध है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर आयोजन का लाभ उठाएं। यह जानकारी श्री चन्दन सिंह, न्यायाधिकारी, ग्राम न्यायालय मेंहदावल द्वारा दी गयी है।
बच्चे भागते नहीं, उनका मन कहीं पीछे छूट जाता है…

रमेश दूबे
कहानी है संत कबीर नगर जनपद की महुली थाने पर परिस्थितियों से भाग कर बस्ती जनपद से संत कबीर नगर पहुंचे एक 7 वर्ष के मासूम की।

जिस पर उपनिरीक्षक प्रभारी निरीक्षक थाना महुली दुर्गेश पांडे की शानदार लाइन सामने आई।

हर बार जब कोई बच्चा घर छोड़कर चला जाता है, तो यह केवल एक "गुमशुदगी" की घटना नहीं होती। यह उस मासूम मन की एक खामोश पुकार होती है, जिसे समय रहते शायद कोई सुन नहीं पाया।

हाल ही में एक ऐसा ही बच्चा, जिसके माता-पिता रोजगार के लिए बेंगलुरु चले गए थे और उसे उसकी बुआ के घर छोड़ दिया गया था, अपने परिचित वातावरण से निकलकर जिले की सीमाएँ पार करते हुए दूसरे जनपद तक पहुँच गया। यह कदम किसी शरारत का परिणाम नहीं था, बल्कि उसके भीतर लंबे समय से चल रहे भावनात्मक संघर्ष का संकेत था। पढ़ाई का दबाव, अपनों की कमी, अकेलेपन का एहसास और मन की बातें किसी से न कह पाने की पीड़ा धीरे-धीरे उसके भीतर घर करती रही। अंततः उसका मन उसे वहाँ से दूर ले गया।

यह घटना हम सभी के लिए एक गहरा संदेश छोड़ती है।

बच्चों के मन में क्या चल रहा है, इसे केवल उनके अंक, उनकी पढ़ाई या उनके व्यवहार से नहीं समझा जा सकता। कई बार वे मुस्कुराते रहते हैं, लेकिन भीतर से टूट रहे होते हैं। वे चुप रहते हैं, पर उनका मौन बहुत कुछ कह रहा होता है। वे डाँट नहीं, अपनापन चाहते हैं; आदेश नहीं, संवाद चाहते हैं।

आज के समय में माता-पिता अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए दूर-दराज़ शहरों में नौकरी करने को मजबूर हैं। यह त्याग भी आवश्यक है, लेकिन इसके साथ यह भी उतना ही आवश्यक है कि बच्चों को केवल आर्थिक सुरक्षा ही नहीं, बल्कि भावनात्मक सुरक्षा भी मिले। प्रतिदिन कुछ मिनट का स्नेहपूर्ण संवाद, उनकी बातें धैर्य से सुनना और यह एहसास दिलाना कि "हम तुम्हारे साथ हैं"—यही उनके आत्मविश्वास की सबसे बड़ी ताकत बनता है।

कल्पना कीजिए, यदि यह बच्चा किसी गलत व्यक्ति के संपर्क में आ जाता, मानव तस्करी, बाल श्रम या किसी अन्य अपराध का शिकार हो जाता, तो यह केवल एक परिवार का दुख नहीं होता, बल्कि पूरे समाज और प्रशासन के लिए अत्यंत गंभीर चुनौती बन जाता। एक छोटी-सी भावनात्मक उपेक्षा कभी-कभी बहुत बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

सौभाग्य से इस घटना में थाना पुलिस ने संवेदनशीलता, धैर्य और मानवता का परिचय दिया। बच्चे को केवल एक औपचारिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं माना गया, बल्कि उसे सुरक्षा, विश्वास और अपनापन दिया गया। उसके परिजनों तक सूचना पहुँचाने और सुरक्षित मिलान की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की गई। यही पुलिस का मानवीय स्वरूप है—जहाँ कानून के साथ संवेदना भी चलती है।

यह घटना हमें याद दिलाती है कि बच्चों को केवल अच्छी शिक्षा देना पर्याप्त नहीं है। उन्हें अच्छा वातावरण, भरोसा, संवाद और प्रेम देना भी उतना ही आवश्यक है।

आइए, हम सभी एक संकल्प लें—

- प्रतिदिन अपने बच्चों से कुछ समय खुलकर बात करेंगे।
- उनकी भावनाओं को समझने का प्रयास करेंगे।
- उन्हें डाँटने से पहले उनकी बात सुनेंगे।
- उन्हें यह विश्वास दिलाएँगे कि कोई भी समस्या इतनी बड़ी नहीं कि घर छोड़ना पड़े।

क्योंकि बच्चे रास्ता नहीं भूलते, वे अक्सर उस अपनापन की तलाश में निकल पड़ते हैं जहाँ उन्हें लगता है कि कोई उन्हें समझेगा।

याद रखिए—एक बच्चे का सुरक्षित भविष्य केवल परिवार की नहीं, पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब बच्चे मुस्कुराते हैं, तभी समाज का भविष्य सुरक्षित होता है।

हालांकि मासूम को एडिशनल एसपी एडीएम की मौजूदगी में उसके वर्तमान के गार्जियन को सौंप दिया गया लेकिन कारण ,निवारण, समस्या, समाधान,जागरूकता इन संबंधों पर प्रभारी निरीक्षक महुली दुर्गेश पांडे की लाइन आज के समय में प्रासंगिक है।