सोशल मीडिया पर भारत के खिलाफ अफवाह फैला रहीं देशविरोधी ताकतें : योगी

-  काकोरी ट्रेन एक्शन की शताब्दी समारोह में बोले सीएम- आपसी फूट और षड्यंत्र के कारण गुलाम हुआ था भारत, आज भी समाज को बांटने की कोशिश


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत आपसी फूट और षड्यंत्र के कारण गुलाम हुआ था। आज भी क्षेत्र, जाति और भाषा के नाम पर देश को कमजोर करने वाली ताकतें समाज को बांटने का प्रयास कर रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी षड्यंत्र का माध्यम बन गया है और देशविरोधी ताकतें इसका दुरुपयोग कर भारत के खिलाफ अफवाहें फैला रही हैं।
मुख्यमंत्री रविवार को काकोरी ट्रेन एक्शन के 101वें वर्ष के अवसर पर काकोरी शहीद स्मारक पर आयोजित शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने काकोरी के अमर क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भारत माता के सपूतों ने ब्रिटिश हुकूमत की चूलें हिलाकर स्पष्ट संदेश दिया था कि भारत की धरती गुलामी को स्वीकार नहीं करेगी।
योगी ने कहा कि 9 अगस्त 1925 को पं. राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां, चंद्रशेखर आजाद और राजेंद्र नाथ लाहिड़ी जैसे क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी शासन के खजाने को अपने कब्जे में लेकर स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। इन क्रांतिकारियों का लक्ष्य केवल अंग्रेजों को भारत से बाहर करना नहीं, बल्कि देश को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराना था।

-  'काकोरी डकैती’ कहकर क्रांतिकारियों का किया गया अपमान
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजों ने काकोरी की घटना को ‘डकैती’ बताया, लेकिन स्वतंत्र भारत में भी लंबे समय तक इसे ‘काकोरी डकैती कांड’ कहकर क्रांतिकारियों का अपमान किया गया। इसी तरह चौरीचौरा की घटना को भी कमतर आंका गया। उन्होंने कहा कि जिन क्रांतिकारियों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, उन्हें वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे।
योगी ने कहा कि शचींद्र नाथ बख्शी, मन्मथ नाथ गुप्ता, शचींद्र नाथ सान्याल समेत अनेक क्रांतिकारियों के योगदान को पर्याप्त स्थान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद की पीढ़ियों को इन राष्ट्रनायकों से दूर रखना युवा पीढ़ी के साथ अन्याय था।

-  '2014 के बाद आजादी के नायकों को मिला सम्मान’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद देश के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों और राष्ट्रनायकों को सम्मान देने का काम हुआ। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर से जुड़े पंचतीर्थ विकसित किए गए और वीर सावरकर, राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह व अशफाक उल्ला खां जैसे क्रांतिकारियों से जुड़े स्मारकों को सम्मान मिला।
उन्होंने कहा कि काकोरी की घटना को ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ नाम देकर प्रधानमंत्री ने क्रांतिकारियों के योगदान को उचित सम्मान दिया। अब इन राष्ट्रनायकों के नाम पर डाक टिकट जारी हो रहे हैं और संस्थाओं व योजनाओं के नाम भी रखे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक योजनाओं और संस्थाओं का नामकरण एक ही परिवार या खानदान के नाम पर होता रहा।

-  'गुमनाम क्रांतिकारियों से जुड़ी सामग्री एकत्र करें’
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपने-अपने गांव, क्षेत्र और जनपद के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों को खोजने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए अनेक लोगों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया, लेकिन उनका इतिहास कहीं बिखरा पड़ा है।
उन्होंने अपील की कि क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से जुड़ी बिखरी सामग्री को एकत्र किया जाए। उनके स्मारकों की मरम्मत और सौंदर्यीकरण में सहयोग किया जाए तथा राष्ट्रीय नायकों को श्रद्धांजलि देकर उनकी स्मृतियों को जीवंत रखा जाए।

-  'राष्ट्र सर्वोपरि’ की भावना से ही बनेगा विकसित भारत
योगी ने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा, जब प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्र सर्वोपरि का भाव होगा। लोगों को मातृभूमि, मातृभाषा और स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूक करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को हर घर पर तिरंगा फहराया जाए और प्रत्येक संस्था में वंदे मातरम का गान हो। क्रांतिकारियों की स्मृति को जीवंत बनाए रखने के लिए काकोरी में शताब्दी महोत्सव सहित वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए और काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े परिवारों तथा देश की सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के परिजनों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, विधायक नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, जय देवी और योगेश शुक्ल, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान तथा लालजी प्रसाद निर्मल समेत अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
लखनऊ में सीएम योगी ने किया ‘तिरंगा यात्रा’ का शुभारंभ, देशभक्ति के रंग में रंगी राजधानी

-  'हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत निकली तिरंगा यात्रा, बड़ी संख्या में युवाओं और स्कूली बच्चों ने लिया हिस्सा

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ‘हर घर तिरंगा-तिरंगा यात्रा’ अभियान के तहत आयोजित ‘तिरंगा यात्रा’ का शुभारंभ किया। इस दौरान राजधानी में देशभक्ति का माहौल नजर आया और बड़ी संख्या में युवाओं एवं स्कूली बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा में सहभागिता की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष नीरज सिंह समेत पार्टी के कई नेता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
तिरंगा यात्रा में युवाओं और स्कूली बच्चों की बड़ी भागीदारी रही। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लिए प्रतिभागियों ने देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण देशभक्ति के नारों और तिरंगे के रंग से सराबोर नजर आया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के माध्यम से लोगों से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और आम लोगों ने भी हिस्सा लिया।
‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। तिरंगा यात्रा के माध्यम से युवाओं और आम नागरिकों को राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया जा रहा है।
गाजियाबाद पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पकड़े तीन गांजा तस्कर,  फिरोजाबाद में 25 हजार का इनामी गिरफ्तार
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और फिरोजाबाद में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में एक 25 हजार रुपए का इनामी भी शामिल है।

गाजियाबाद में पुलिस ने तीन गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। मुखबिर की सूचना पर स्वाट टीम, सर्विलांस टीम और थाना विजयनगर पुलिस ने संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चलाया था।

पुलिस के अनुसार, सूचना मिली थी कि तीन व्यक्ति बिना नंबर प्लेट की स्कूटी से इंदिरापुरम से हिंडन बैराज की ओर मादक पदार्थों की खेप लेकर जा रहे हैं। पुलिस टीम ने स्कूटी को रोकने का इशारा किया, लेकिन आरोपी रुकने के बजाय पुश्ता रोड की तरफ भागने लगे।

पुलिस ने पीछा किया तो कच्चे रास्ते पर स्कूटी फिसलने से तीनों आरोपी गिर गए। पुलिस टीम को अपनी ओर आता देख आरोपियों ने कथित तौर पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में अनस के पैर में दो गोली और दिलशाद के पैर में एक गोली लगी, जबकि पुलिस ने असलम को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 21 किलो गांजा, स्कूटी, दो अवैध तमंचे और कारतूस बरामद किए हैं। घायल दोनों आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी अनस के खिलाफ डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि मौके पर कानून-व्यवस्था सामान्य है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।वहीं, फिरोजाबाद में पुलिस ने 25 हजार रुपए के इनामी बदमाश को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने कुछ दिन पहले एक घर में घुसकर लूटपाट की थी और एक महिला को बुरी तरह घायल कर दिया था। दक्षिण पुलिस थाना क्षेत्र में उसे मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार लिया गया। आरोपी के पैर में गोली लगने के कारण बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया।
‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ में 50 हजार छात्रों ने दिखाया AI का दम
-  मूल्यांकन परीक्षा में 89 फीसदी से अधिक विद्यार्थी सफल, 12,500 से ज्यादा ने हासिल किए 80 प्रतिशत से अधिक अंक; कमजोर प्रदर्शन वाले छात्रों के लिए शुरू होंगे विशेष AI मॉड्यूल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीक से जोड़ने के लिए शुरू किए गए ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत संचालित ‘AI फॉर ऑल’ पाठ्यक्रम के उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। राज्य स्तरीय मूल्यांकन परीक्षा में करीब 50 हजार छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों का औसत स्कोर 70.41 अंक रहा, जबकि 89 फीसदी से अधिक परीक्षार्थी सफल घोषित किए गए।

व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश युवाओं को आधुनिक तकनीक और रोजगारपरक कौशल से जोड़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ‘AI फॉर ऑल’ का उद्देश्य शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बुनियादी समझ देना है।

-  हर चार में एक छात्र टॉप श्रेणी में
मूल्यांकन के परिणामों में विद्यार्थियों का प्रदर्शन तीन श्रेणियों में सामने आया। 80 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले 12,500 से ज्यादा विद्यार्थी उत्कृष्ट श्रेणी में रहे। यानी परीक्षा में शामिल करीब हर चार विद्यार्थियों में एक ने टॉप श्रेणी में जगह बनाई।
50 से 80 अंक हासिल करने वाले 28 हजार से अधिक विद्यार्थी सक्षम श्रेणी में रहे। वहीं 50 अंक से कम पाने वाले 4,819 विद्यार्थियों को विशेष प्रशिक्षण की जरूरत वाले समूह में रखा गया है। इन विद्यार्थियों के लिए सुधारात्मक कक्षाएं और विशेष AI मॉड्यूल चलाए जाएंगे।

-  पश्चिमी यूपी के छात्रों ने किया बेहतर प्रदर्शन
क्षेत्रवार परिणाम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा। यहां परीक्षा में शामिल 18,395 विद्यार्थियों का औसत स्कोर 74.3 अंक रहा। इस क्षेत्र के 37.8 प्रतिशत विद्यार्थी 80 से अधिक अंक हासिल करने में सफल रहे।
बुंदेलखंड ने भी शानदार प्रदर्शन किया। यहां औसत स्कोर 74.2 अंक रहा और 50 से कम अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत महज 4.9 फीसदी रहा, जो प्रदेश में सबसे कम है।
मध्य उत्तर प्रदेश का औसत स्कोर 69.7 अंक रहा, जबकि पूर्वांचल के 21 जिलों से परीक्षा में शामिल 14,387 विद्यार्थियों का औसत 64.7 अंक रहा।

-  कमजोर छात्रों के लिए ‘रिमेडियल AI मॉड्यूल’
मिशन निदेशक पुलकित खरे के अनुसार कम अंक पाने वाले विद्यार्थियों, विशेषकर पूर्वांचल के छात्रों के लिए ‘रिमेडियल AI मॉड्यूल’ शुरू किए जाएंगे। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों की कमजोरियों को दूर कर उन्हें AI की बुनियादी समझ में मजबूत बनाना है।
वहीं 80 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले 12,500 से ज्यादा मेधावी विद्यार्थियों को एडवांस्ड AI, कोडिंग और रोबोटिक्स में आगे की ट्रेनिंग और मार्गदर्शन दिया जाएगा।

-  पांच दिन में पूरी हुई परीक्षा प्रक्रिया
मिशन निदेशक के मुताबिक मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से महज पांच दिनों में पूरा किया गया। 8 जुलाई को गोपनीय तरीके से प्रश्नपत्र जिलों को भेजे गए। 9 जुलाई को मुख्य परीक्षा हुई, जबकि अनुपस्थित विद्यार्थियों के लिए 10 जुलाई को विशेष परीक्षा आयोजित की गई। 13 जुलाई तक 73 जिलों में मूल्यांकन पूरा कर परिणाम मिशन मुख्यालय भेज दिए गए। इसके बाद 8 अगस्त को परिणामों का सत्यापन किया गया।

-  210 घंटे का निशुल्क कौशल प्रशिक्षण
‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए 210 घंटे का निशुल्क कौशल विकास कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है। इसमें आईटी, ब्यूटी, हेल्थकेयर, कृषि और इलेक्ट्रॉनिक्स समेत विभिन्न रोजगारपरक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों के लिए चार घंटे का ‘AI फॉर ऑल’ पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय उन्हें बदलती तकनीक और रोजगार के नए अवसरों के अनुरूप तैयार करना है।
मऊ में 5 मेगावाट सोलर पार्क का शिलान्यास, कल्पनाथ राय की प्रतिमा का अनावरण
-  ए.के. शर्मा बोले- सौर परियोजना से करीब 5 हजार घरों को मिलेगी बिजली, मऊ विकास की नई राह पर


लखनऊ/ मऊ। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय कल्पनाथ राय की पुण्यतिथि पर नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मऊ को सौर ऊर्जा की बड़ी सौगात दी। उन्होंने करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 5 मेगावाट क्षमता के सोलर पावर पार्क का शिलान्यास किया। साथ ही स्वर्गीय कल्पनाथ राय की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मंत्री ने घोषणा की कि प्रस्तावित सौर ऊर्जा पार्क का नाम स्वर्गीय कल्पनाथ राय के नाम पर रखा जाएगा।
मैसर्स नेक्सजन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली की ओर से स्थापित किए जा रहे इस सोलर प्लांट से मऊ में स्वच्छ और अपेक्षाकृत सस्ती बिजली की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। परियोजना के पूरा होने पर करीब 5 हजार घरों की बिजली जरूरत पूरी करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

-  कल्पनाथ राय के विकास के सपने को आगे बढ़ा रही सरकार
कार्यक्रम में करीब 50 हजार लोगों को संबोधित करते हुए ए.के. शर्मा ने स्वर्गीय कल्पनाथ राय को याद किया। उन्होंने कहा कि कल्पनाथ राय ने मऊ के विकास को लेकर स्पष्ट दृष्टि के साथ काम किया था। उनके द्वारा देखे गए विकसित मऊ के सपने को आगे बढ़ाने की दिशा में वर्तमान सरकार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में विकास कार्यों को गति मिली है। मऊ में भी सड़क, बिजली, परिवहन, रेलवे और सौर ऊर्जा समेत विभिन्न क्षेत्रों में परियोजनाएं आगे बढ़ रही हैं।

-  मेरा राजनीतिक भविष्य महादेव या मोदी तय करेंगे
कार्यक्रम के दौरान ए.के. शर्मा ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह मऊ में किसी का रास्ता रोकने नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि उनके भविष्य का फैसला या तो महादेव करेंगे या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि स्वर्गीय कल्पनाथ राय के पुत्र सिद्धार्थ राय किसी क्षेत्र से चुनाव लड़ते हैं तो वह उनके कार्यकर्ता के रूप में काम करने के लिए तैयार हैं। शर्मा ने कहा कि उनका उद्देश्य अपनी पूरी क्षमता के साथ आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए काम करना है।

-  सिद्धार्थ राय ने की पीएम मोदी की सराहना
स्वर्गीय कल्पनाथ राय के पुत्र सिद्धार्थ राय ने देश में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश को आगे ले जाने के लिए उनके पास स्पष्ट दृष्टिकोण है। उन्होंने स्वयं को मोदी का समर्थक बताते हुए उनके नेतृत्व की तारीफ की।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज राय, घोसी के पूर्व विधायक विजय राजभर, एमएलसी बिच्छे लाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री नारद राय, पूर्व मंत्री राजकिशोर सिंह, पूर्व विधायक संजय यादव, बैरिया के पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, प्रदेश मंत्री सहजानंद राय, ऋषिकांत राय समेत कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया।
अब अफसर बताएंगे सफलता का रास्ता, हर माह विद्यार्थियों से संवाद करेंगे IAS-IPS-IFS अधिकारी

-  इण्टर के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं से लेकर करियर, रोजगार और स्टार्टअप तक की मिलेगी जानकारी; डीएम बनाएंगे मासिक कैलेंडर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अब वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का अनुभव और मार्गदर्शन मिलेगा। प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों के साथ सीधे संवाद की नई पहल शुरू की है। इसके तहत जिलों में तैनात युवा IAS, IPS और IFS अधिकारी हर माह कम से कम एक इंटरमीडिएट स्तर के विद्यालय का दौरा कर विद्यार्थियों से संवाद करेंगे।
अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने और नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं। मंडलायुक्त अपने-अपने स्तर पर कार्यक्रमों की समय-समय पर समीक्षा करेंगे, जबकि जिला विद्यालय निरीक्षक विद्यालयों और अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे।

-  भाषण नहीं, सवाल-जवाब पर रहेगा जोर
कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल औपचारिक भाषण देना नहीं, बल्कि उन्हें अधिकारियों के साथ खुलकर संवाद का अवसर उपलब्ध कराना है। छात्र अपने करियर, पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य से जुड़े सवाल सीधे अधिकारियों से पूछ सकेंगे।
अधिकारी विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव, संघर्ष, कार्यशैली और सफलता की यात्रा साझा करेंगे। इससे छात्रों को लक्ष्य निर्धारित करने, सही करियर चुनने, समय प्रबंधन, अनुशासन और प्रभावी अध्ययन की रणनीति समझने में मदद मिलेगी।

-  UPSC से JEE-NEET तक की तैयारी पर मार्गदर्शन
संवाद कार्यक्रमों में UPSC, UPPSC, UPSSSC, SSC, NDA, JEE, NEET और CUET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के तरीके बताए जाएंगे। राज्य स्तरीय परीक्षाओं और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से संबंधित अवसरों की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी जाएगी।
इसके अलावा उच्च शिक्षा, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता और स्टार्टअप के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों के बारे में भी छात्रों को बताया जाएगा।

-  साइबर सुरक्षा और तनाव प्रबंधन भी एजेंडे में
सरकार ने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास से जुड़े विषयों को भी इस पहल में शामिल किया है। संवाद के दौरान वित्तीय कौशल, संचार क्षमता, व्यापार प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति, तनाव प्रबंधन और आत्मविश्वास बढ़ाने जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।
अधिकारियों को केंद्र और प्रदेश सरकार की युवाओं से जुड़ी प्रमुख योजनाओं की जानकारी भी विद्यार्थियों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है।

-  हर जिले में बनेगा मासिक कार्यक्रम कैलेंडर
निर्देशों के मुताबिक जिलाधिकारी प्रत्येक माह कार्यक्रमों का कैलेंडर तैयार करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि जिले में तैनात युवा अधिकारी इसमें सक्रिय रूप से भाग लें। प्रत्येक माह की 5 तारीख तक शासन के माध्यमिक शिक्षा विभाग को कार्यक्रमों की रिपोर्ट भेजनी होगी।
रिपोर्ट में विद्यालय का नाम, भ्रमण करने वाले अधिकारी, आयोजित कार्यक्रमों की संख्या, चर्चा के प्रमुख विषय और विद्यार्थियों से मिले सुझावों का विवरण शामिल किया जाएगा। जिलाधिकारी कार्यक्रमों की गुणवत्ता की स्वयं समीक्षा करेंगे और जरूरत के अनुसार स्थानीय स्तर पर नए प्रयोग भी कर सकेंगे।

-  अधिकारियों का अनुभव बनेगा विद्यार्थियों की ताकत
अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभव और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को विभिन्न करियर विकल्पों की व्यावहारिक जानकारी मिलेगी। अधिकारियों से प्रत्यक्ष संवाद छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान करने के साथ उनमें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करने में भी मदद करेगा।
सरकार का मानना है कि विद्यार्थियों को सही समय पर उचित मार्गदर्शन और सकारात्मक परामर्श मिले तो उनकी प्रतिभा को बेहतर दिशा दी जा सकती है और वे अपनी क्षमताओं का प्रभावी उपयोग करते हुए आगे बढ़ सकते हैं।
जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : केशव मौर्य जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : केशव मौर्य
-  प्रयागराज में डिप्टी सीएम ने ‘जनता दर्शन’ में सुनीं फरियादें, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश


लखनऊ/ प्रयागराज। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को प्रयागराज में जनता की समस्याएं सीधे सुनीं और अधिकारियों को उनके त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। सर्किट हाउस में आयोजित ‘जनता दर्शन’ में प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी व्यक्तिगत और स्थानीय समस्याएं उप मुख्यमंत्री के सामने रखीं।
केशव मौर्य ने प्रत्येक फरियादी की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए अधिकारी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करें।

-  शिकायतों को औपचारिकता न बनाएं अधिकारी
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की शिकायतों को महज औपचारिक प्रक्रिया मानकर न निपटाया जाए। प्रत्येक मामले की वास्तविक स्थिति का परीक्षण कर नियमानुसार स्थायी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। पात्र लोगों तक सरकार की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि जनता दर्शन सरकार और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए लोगों की समस्याओं की वास्तविक स्थिति समझने और संबंधित विभागों के माध्यम से उनके समाधान की प्रक्रिया को गति देने में मदद मिलती है।

-  जनप्रतिनिधियों के साथ विकास कार्यों पर चर्चा
जनता दर्शन से पहले उप मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसमें प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों की विकास आवश्यकताओं, स्थानीय समस्याओं तथा जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। मौर्य ने जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र का फीडबैक लिया और उनके सुझावों तथा जनअपेक्षाओं के अनुरूप कार्रवाई के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

-  जनप्रतिनिधि और प्रशासन बेहतर समन्वय से करें काम
केशव प्रसाद मौर्य ने जनप्रतिनिधियों से भी अपने क्षेत्रों की जनता के साथ लगातार संवाद बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय समस्याओं को प्रशासन के समक्ष प्रभावी तरीके से रखने और उनके समाधान की निगरानी से जनता को त्वरित राहत मिल सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए जनहित के मामलों को प्राथमिकता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक नागरिक को सुशासन का वास्तविक अनुभव हो।
लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधिवक्ता पैनल में आशुतोष पाण्डेय का चयन
लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा शुक्रवार 07 अगस्त 2026 को अधिवक्ता आशुतोष पाण्डेय को प्राधिकरण के अधिवक्ता पैनल में सम्मिलित किया गया है।संयुक्त सचिव (विधि) द्वारा जारी पत्र के अनुसार उपाध्यक्ष के आदेश के अनुपालन में उनका नाम अधिवक्ता पैनल में शामिल करते हुए उन्हें  सिविल कोर्ट, लखनऊ में प्राधिकरण की ओर से पैरवी हेतु अधिकृत किया गया है।प्राधिकरण की ओर से जारी पत्र में अधिवक्ताओं के लिए निर्धारित नियम एवं शर्तों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।आशुतोष पाण्डेय के अधिवक्ता पैनल में चयन पर अधिवक्ता समुदाय एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल शुभकामनाएँ दी।
2027 में फिर बनेगी योगी के नेतृत्व में भाजपा सरकार : शकील सैफी
लखनऊ । 2027 के चुनावी बिगुल से पहले लखनऊ में बीजेपी के समर्थन में बड़ा स्वर गूंजा। वर्ल्ड पीस हार्मोनी के कार्यकर्ता सम्मेलन में संगठन के संस्थापक हाजी शकील सैफी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 2027 में तीसरी बार सरकार बनेगी।
मोहनलालगंज में हुए इस सम्मेलन के मुख्य आयोजक ऋषी मिश्र थे। सुबह अमौसी हवाई अड्डे पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ सैफी का स्वागत किया। 50 गाड़ियों के काफिले के साथ जब सैफी कार्यक्रम स्थल पहुंचे तो भारतीय किसान क्रांति यूनियन के हजारों कार्यकर्ताओं ने "शकील सैफी जिंदाबाद" और "योगी जी महाराज की जय" के नारों से माहौल बना दिया। मंच पर ही किसान यूनियन ने सैफी को अपना संरक्षक घोषित किया।
शकील सैफी ने मंच से कार्यकर्ताओं को सीधा संदेश दिया। उन्होंने कहा, "बीजेपी सरकार ने 10 साल में देश और प्रदेश की तस्वीर बदल दी है। सड़क निर्माण मंत्री नितिन गडकरी ने यूपी में एक्सप्रेस-वे का जाल बिछा दिया। आज उत्तर प्रदेश देश का सबसे ज्यादा एक्सप्रेस-वे वाला राज्य है। किसान की उपज अब घंटों में मंडी पहुंच रही है।"
उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा, "मोदी और योगी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास सच हुआ है। कोई भेदभाव नहीं है। कानून का राज है, गुंडागर्दी खत्म है और निवेश आ रहा है। इसी आधार पर जनता फिर हमें चुनेगी।सैफी ने कार्यकर्ताओं से अपील की, "2027 अभी दूर नहीं है। आप सभी घर-घर जाइए। सरकार की योजनाएं बताइए। विपक्ष के झूठ को बेनकाब कीजिए। पूरी ताकत से जुट जाइए ताकि योगी जी के नेतृत्व में प्रचंड बहुमत से सरकार बने।"
सम्मेलन में मौजूद कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वो गांव-गांव जाकर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाएंगे। कुल मिलाकर लखनऊ से दिया गया ये संदेश साफ है - 2027 की तैयारी शुरू हो चुकी है और सहयोगी संगठन मैदान में उतर गए हैं।
काबिल होकर भी मै अमान्य हु क्यों कि इस देश में सामान्य हु : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष
लखनऊ। 21 अगस्त को आरक्षण रिफार्म पर दिल्ली के जंतर मंतर देश व्यापी जन आन्दोलन किया जा रहा है सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे आज सवर्ण समाज की बैठक में उपस्थित लोगों से कहा कि आरक्षण का मूल उद्देश्य सामाजिक न्याय और समानता लाना है जिसे राजनीतिक नफे_ नुकसान से दूर रखा जाना चाहिए ,लेकिन आज आरक्षण राजनीतिक नफे के लिए देखा जा रहा है हर एक राजनीतिक दल में होड़ मची है कि कितना अधिक से अधिक आरक्षण कर दिया जाय माननीय उच्चतम न्यायालय दखल नहीं दिया होता तो बिहार मध्यप्रदेश में आरक्षण 85 प्रतिशत से अधिक हो गया होता ,आरक्षण का खेल बहुत ही निराला है एक पूरा परिवार कलेक्ट होते भी शोषित है और एक गरीब होते ही शोषक है ऐसा है भारत का महान संविधान। अपनी आवाज बुलंद करने का समय आ गया है आरक्षण जाती के आधार पर नहीं,हर जाती में गरीब परिवार है आरक्षण नहीं सुधार चाहिए यह किसी समाज या वर्ग के खिलाफ लड़ाई नहीं है। यह समान अवसर,योग्यता, और न्याय की मांग है हमारा संदेश साफ है _ना किसी से अधिक ना किसी को कम।

हर भारतीय को उसकी मेहनत और प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए अब समय है एक नई सोच का रिजर्वेशन रिफॉर्म सत्याग्रह सिर्फ एक आंदोलन नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की आवाज है इक्वालिटी, जस्टिस,मेरिट और नेशन फर्स्ट होना चाहिए। जातिप्रथा हटाने की बात वो लोग कर रहे हैं जो खुद जाति प्रमाण पत्र बनवाते है तो मै उनसे पूछना चाहता हु " हमारे पास तो जाती प्रमाण पत्र ही नहीं है क्या आप अपनी जाति प्रमाण पत्र फाड़ेंगे।सीमित संसाधनों के बाद भी इस अभियान को आगे बढ़ाने का प्रयासकर रहे हैं यह किसी एक व्यक्ति एक परिवार एक जाति एक वर्ग की लड़ाई नहीं है बल्कि हर उस परिवार की आवाज है जिसके घर का कोई युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित हो और वर्तमान  व्यवस्था में सुधार महसूस करता है इस विश्वास के साथ 21 जून को दिल्ली के जंतर मंतर पर रिजर्वेशन रिफॉर्म सत्याग्रह शुरू किया जाएगा।