अब अफसर बताएंगे सफलता का रास्ता, हर माह विद्यार्थियों से संवाद करेंगे IAS-IPS-IFS अधिकारी

-  इण्टर के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं से लेकर करियर, रोजगार और स्टार्टअप तक की मिलेगी जानकारी; डीएम बनाएंगे मासिक कैलेंडर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अब वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का अनुभव और मार्गदर्शन मिलेगा। प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों के साथ सीधे संवाद की नई पहल शुरू की है। इसके तहत जिलों में तैनात युवा IAS, IPS और IFS अधिकारी हर माह कम से कम एक इंटरमीडिएट स्तर के विद्यालय का दौरा कर विद्यार्थियों से संवाद करेंगे।
अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने और नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं। मंडलायुक्त अपने-अपने स्तर पर कार्यक्रमों की समय-समय पर समीक्षा करेंगे, जबकि जिला विद्यालय निरीक्षक विद्यालयों और अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे।

-  भाषण नहीं, सवाल-जवाब पर रहेगा जोर
कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल औपचारिक भाषण देना नहीं, बल्कि उन्हें अधिकारियों के साथ खुलकर संवाद का अवसर उपलब्ध कराना है। छात्र अपने करियर, पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य से जुड़े सवाल सीधे अधिकारियों से पूछ सकेंगे।
अधिकारी विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव, संघर्ष, कार्यशैली और सफलता की यात्रा साझा करेंगे। इससे छात्रों को लक्ष्य निर्धारित करने, सही करियर चुनने, समय प्रबंधन, अनुशासन और प्रभावी अध्ययन की रणनीति समझने में मदद मिलेगी।

-  UPSC से JEE-NEET तक की तैयारी पर मार्गदर्शन
संवाद कार्यक्रमों में UPSC, UPPSC, UPSSSC, SSC, NDA, JEE, NEET और CUET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के तरीके बताए जाएंगे। राज्य स्तरीय परीक्षाओं और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से संबंधित अवसरों की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी जाएगी।
इसके अलावा उच्च शिक्षा, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता और स्टार्टअप के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों के बारे में भी छात्रों को बताया जाएगा।

-  साइबर सुरक्षा और तनाव प्रबंधन भी एजेंडे में
सरकार ने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास से जुड़े विषयों को भी इस पहल में शामिल किया है। संवाद के दौरान वित्तीय कौशल, संचार क्षमता, व्यापार प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति, तनाव प्रबंधन और आत्मविश्वास बढ़ाने जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।
अधिकारियों को केंद्र और प्रदेश सरकार की युवाओं से जुड़ी प्रमुख योजनाओं की जानकारी भी विद्यार्थियों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है।

-  हर जिले में बनेगा मासिक कार्यक्रम कैलेंडर
निर्देशों के मुताबिक जिलाधिकारी प्रत्येक माह कार्यक्रमों का कैलेंडर तैयार करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि जिले में तैनात युवा अधिकारी इसमें सक्रिय रूप से भाग लें। प्रत्येक माह की 5 तारीख तक शासन के माध्यमिक शिक्षा विभाग को कार्यक्रमों की रिपोर्ट भेजनी होगी।
रिपोर्ट में विद्यालय का नाम, भ्रमण करने वाले अधिकारी, आयोजित कार्यक्रमों की संख्या, चर्चा के प्रमुख विषय और विद्यार्थियों से मिले सुझावों का विवरण शामिल किया जाएगा। जिलाधिकारी कार्यक्रमों की गुणवत्ता की स्वयं समीक्षा करेंगे और जरूरत के अनुसार स्थानीय स्तर पर नए प्रयोग भी कर सकेंगे।

-  अधिकारियों का अनुभव बनेगा विद्यार्थियों की ताकत
अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभव और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को विभिन्न करियर विकल्पों की व्यावहारिक जानकारी मिलेगी। अधिकारियों से प्रत्यक्ष संवाद छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान करने के साथ उनमें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करने में भी मदद करेगा।
सरकार का मानना है कि विद्यार्थियों को सही समय पर उचित मार्गदर्शन और सकारात्मक परामर्श मिले तो उनकी प्रतिभा को बेहतर दिशा दी जा सकती है और वे अपनी क्षमताओं का प्रभावी उपयोग करते हुए आगे बढ़ सकते हैं।
जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : केशव मौर्य जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : केशव मौर्य
-  प्रयागराज में डिप्टी सीएम ने ‘जनता दर्शन’ में सुनीं फरियादें, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश


लखनऊ/ प्रयागराज। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को प्रयागराज में जनता की समस्याएं सीधे सुनीं और अधिकारियों को उनके त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। सर्किट हाउस में आयोजित ‘जनता दर्शन’ में प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी व्यक्तिगत और स्थानीय समस्याएं उप मुख्यमंत्री के सामने रखीं।
केशव मौर्य ने प्रत्येक फरियादी की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए अधिकारी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करें।

-  शिकायतों को औपचारिकता न बनाएं अधिकारी
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की शिकायतों को महज औपचारिक प्रक्रिया मानकर न निपटाया जाए। प्रत्येक मामले की वास्तविक स्थिति का परीक्षण कर नियमानुसार स्थायी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। पात्र लोगों तक सरकार की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि जनता दर्शन सरकार और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए लोगों की समस्याओं की वास्तविक स्थिति समझने और संबंधित विभागों के माध्यम से उनके समाधान की प्रक्रिया को गति देने में मदद मिलती है।

-  जनप्रतिनिधियों के साथ विकास कार्यों पर चर्चा
जनता दर्शन से पहले उप मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसमें प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों की विकास आवश्यकताओं, स्थानीय समस्याओं तथा जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। मौर्य ने जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र का फीडबैक लिया और उनके सुझावों तथा जनअपेक्षाओं के अनुरूप कार्रवाई के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

-  जनप्रतिनिधि और प्रशासन बेहतर समन्वय से करें काम
केशव प्रसाद मौर्य ने जनप्रतिनिधियों से भी अपने क्षेत्रों की जनता के साथ लगातार संवाद बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय समस्याओं को प्रशासन के समक्ष प्रभावी तरीके से रखने और उनके समाधान की निगरानी से जनता को त्वरित राहत मिल सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए जनहित के मामलों को प्राथमिकता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक नागरिक को सुशासन का वास्तविक अनुभव हो।
लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधिवक्ता पैनल में आशुतोष पाण्डेय का चयन
लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा शुक्रवार 07 अगस्त 2026 को अधिवक्ता आशुतोष पाण्डेय को प्राधिकरण के अधिवक्ता पैनल में सम्मिलित किया गया है।संयुक्त सचिव (विधि) द्वारा जारी पत्र के अनुसार उपाध्यक्ष के आदेश के अनुपालन में उनका नाम अधिवक्ता पैनल में शामिल करते हुए उन्हें  सिविल कोर्ट, लखनऊ में प्राधिकरण की ओर से पैरवी हेतु अधिकृत किया गया है।प्राधिकरण की ओर से जारी पत्र में अधिवक्ताओं के लिए निर्धारित नियम एवं शर्तों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।आशुतोष पाण्डेय के अधिवक्ता पैनल में चयन पर अधिवक्ता समुदाय एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल शुभकामनाएँ दी।
2027 में फिर बनेगी योगी के नेतृत्व में भाजपा सरकार : शकील सैफी
लखनऊ । 2027 के चुनावी बिगुल से पहले लखनऊ में बीजेपी के समर्थन में बड़ा स्वर गूंजा। वर्ल्ड पीस हार्मोनी के कार्यकर्ता सम्मेलन में संगठन के संस्थापक हाजी शकील सैफी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 2027 में तीसरी बार सरकार बनेगी।
मोहनलालगंज में हुए इस सम्मेलन के मुख्य आयोजक ऋषी मिश्र थे। सुबह अमौसी हवाई अड्डे पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ सैफी का स्वागत किया। 50 गाड़ियों के काफिले के साथ जब सैफी कार्यक्रम स्थल पहुंचे तो भारतीय किसान क्रांति यूनियन के हजारों कार्यकर्ताओं ने "शकील सैफी जिंदाबाद" और "योगी जी महाराज की जय" के नारों से माहौल बना दिया। मंच पर ही किसान यूनियन ने सैफी को अपना संरक्षक घोषित किया।
शकील सैफी ने मंच से कार्यकर्ताओं को सीधा संदेश दिया। उन्होंने कहा, "बीजेपी सरकार ने 10 साल में देश और प्रदेश की तस्वीर बदल दी है। सड़क निर्माण मंत्री नितिन गडकरी ने यूपी में एक्सप्रेस-वे का जाल बिछा दिया। आज उत्तर प्रदेश देश का सबसे ज्यादा एक्सप्रेस-वे वाला राज्य है। किसान की उपज अब घंटों में मंडी पहुंच रही है।"
उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा, "मोदी और योगी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास सच हुआ है। कोई भेदभाव नहीं है। कानून का राज है, गुंडागर्दी खत्म है और निवेश आ रहा है। इसी आधार पर जनता फिर हमें चुनेगी।सैफी ने कार्यकर्ताओं से अपील की, "2027 अभी दूर नहीं है। आप सभी घर-घर जाइए। सरकार की योजनाएं बताइए। विपक्ष के झूठ को बेनकाब कीजिए। पूरी ताकत से जुट जाइए ताकि योगी जी के नेतृत्व में प्रचंड बहुमत से सरकार बने।"
सम्मेलन में मौजूद कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वो गांव-गांव जाकर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाएंगे। कुल मिलाकर लखनऊ से दिया गया ये संदेश साफ है - 2027 की तैयारी शुरू हो चुकी है और सहयोगी संगठन मैदान में उतर गए हैं।
काबिल होकर भी मै अमान्य हु क्यों कि इस देश में सामान्य हु : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष
लखनऊ। 21 अगस्त को आरक्षण रिफार्म पर दिल्ली के जंतर मंतर देश व्यापी जन आन्दोलन किया जा रहा है सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे आज सवर्ण समाज की बैठक में उपस्थित लोगों से कहा कि आरक्षण का मूल उद्देश्य सामाजिक न्याय और समानता लाना है जिसे राजनीतिक नफे_ नुकसान से दूर रखा जाना चाहिए ,लेकिन आज आरक्षण राजनीतिक नफे के लिए देखा जा रहा है हर एक राजनीतिक दल में होड़ मची है कि कितना अधिक से अधिक आरक्षण कर दिया जाय माननीय उच्चतम न्यायालय दखल नहीं दिया होता तो बिहार मध्यप्रदेश में आरक्षण 85 प्रतिशत से अधिक हो गया होता ,आरक्षण का खेल बहुत ही निराला है एक पूरा परिवार कलेक्ट होते भी शोषित है और एक गरीब होते ही शोषक है ऐसा है भारत का महान संविधान। अपनी आवाज बुलंद करने का समय आ गया है आरक्षण जाती के आधार पर नहीं,हर जाती में गरीब परिवार है आरक्षण नहीं सुधार चाहिए यह किसी समाज या वर्ग के खिलाफ लड़ाई नहीं है। यह समान अवसर,योग्यता, और न्याय की मांग है हमारा संदेश साफ है _ना किसी से अधिक ना किसी को कम।

हर भारतीय को उसकी मेहनत और प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए अब समय है एक नई सोच का रिजर्वेशन रिफॉर्म सत्याग्रह सिर्फ एक आंदोलन नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की आवाज है इक्वालिटी, जस्टिस,मेरिट और नेशन फर्स्ट होना चाहिए। जातिप्रथा हटाने की बात वो लोग कर रहे हैं जो खुद जाति प्रमाण पत्र बनवाते है तो मै उनसे पूछना चाहता हु " हमारे पास तो जाती प्रमाण पत्र ही नहीं है क्या आप अपनी जाति प्रमाण पत्र फाड़ेंगे।सीमित संसाधनों के बाद भी इस अभियान को आगे बढ़ाने का प्रयासकर रहे हैं यह किसी एक व्यक्ति एक परिवार एक जाति एक वर्ग की लड़ाई नहीं है बल्कि हर उस परिवार की आवाज है जिसके घर का कोई युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित हो और वर्तमान  व्यवस्था में सुधार महसूस करता है इस विश्वास के साथ 21 जून को दिल्ली के जंतर मंतर पर रिजर्वेशन रिफॉर्म सत्याग्रह शुरू किया जाएगा।
यूपी में मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती, स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और आयुष विवि के बीच एमओयू


-  रोकथाम योग्य मातृ मृत्यु को शून्य करने के लक्ष्य पर होगा संयुक्त कार्य, अनुसंधान, प्रशिक्षण और साक्ष्य-आधारित नीतियों पर रहेगा फोकस

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा रोकथाम योग्य मातृ मृत्यु को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (एसटीसी), उत्तर प्रदेश सरकार और महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय, गोरखपुर के बीच शुक्रवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
योजना भवन, लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह और महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (वैद्य) के. राम चंद्र रेड्डी ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौते का उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में रणनीतिक, तकनीकी, शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देना है। साथ ही साक्ष्य-आधारित (एविडेंस-बेस्ड) हस्तक्षेपों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता में सुधार करना है।
एमओयू के तहत आयुष विश्वविद्यालय तकनीकी एवं शैक्षणिक विशेषज्ञता उपलब्ध कराने के साथ संयुक्त अनुसंधान, सर्वेक्षण, साक्ष्य-आधारित सुझाव, कार्यान्वयन उपकरण तथा निगरानी एवं मूल्यांकन में सहयोग करेगा। विशेष रूप से मातृ मृत्यु दर, एनीमिया, कुपोषण और नवजात शिशुओं से जुड़ी जटिलताओं को कम करने तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस साझेदारी के तहत एविडेंस-बेस्ड गाइडलाइंस, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स (एसओपी), ऑपरेशनल मैनुअल और नीति दस्तावेज तैयार किए जाएंगे। साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों, आयुष चिकित्सकों, फील्ड वर्कर्स और संबंधित अधिकारियों के लिए क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन स्वास्थ्य क्षेत्र की प्राथमिकताओं की पहचान, नीतिगत मार्गदर्शन और विभिन्न सरकारी विभागों के साथ समन्वय सुनिश्चित करेगा। वहीं विश्वविद्यालय अपने शिक्षकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों की विशेषज्ञता के माध्यम से अनुसंधान, दस्तावेजीकरण, निगरानी, मूल्यांकन और सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाएगा।

यह एमओयू तीन वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा और आपसी सहमति से इसकी अवधि बढ़ाई जा सकेगी। यह गैर-वित्तीय समझौता है, जिसके तहत दोनों संस्थाएं अपने-अपने स्तर पर होने वाले व्यय का वहन करेंगी। किसी विशेष परियोजना के लिए आवश्यक होने पर अलग से लिखित वित्तीय व्यवस्था की जाएगी।
यह साझेदारी उत्तर प्रदेश में सरकार, शैक्षणिक संस्थानों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच समन्वय को मजबूत करने के साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को वैज्ञानिक और साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण से सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसका उद्देश्य रोकथाम योग्य मातृ मृत्यु को शून्य करने के राज्य सरकार के लक्ष्य को गति देना है।
अलीगढ़ और गोरखपुर में होटल मैनेजमेंट संस्थानों पर 96 करोड़ से अधिक का निवेश, युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर

-  अलीगढ़ संस्थान का होगा उच्चीकरण, गोरखपुर में छात्रावास व स्टाफ आवास का निर्माण; प्रतिवर्ष 1700 युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करने के उद्देश्य से अलीगढ़ और गोरखपुर स्थित स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (एसआईएचएम) के विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अलीगढ़ संस्थान के उच्चीकरण एवं स्थापना पर 49.46 करोड़ रुपये तथा गोरखपुर संस्थान में छात्र-छात्राओं और स्टाफ के आवासीय परिसर के निर्माण पर 46.81 करोड़ रुपये की योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को बताया कि अलीगढ़ स्थित संस्थान के पूर्ण होने के बाद प्रतिवर्ष लगभग 1700 युवाओं को परास्नातक डिग्री, परास्नातक डिप्लोमा, स्नातक डिग्री, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और कौशल विकास पाठ्यक्रमों सहित कुल 17 प्रकार के पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और करियर के नए अवसर खुलेंगे।
उन्होंने बताया कि पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के वित्तपोषण से संचालित 'कौशल विकास व हुनर से रोजगार तक' कार्यक्रम के अंतर्गत भी युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों को देश-विदेश के होटल, रेस्टोरेंट, एयरलाइंस, क्रूज, रेलवे, मॉल्स तथा ट्रैवल एंड टूरिज्म एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की विभिन्न सरकारी और निजी संस्थाओं में रोजगार के अवसर मिलेंगे।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि गोरखपुर स्थित संस्थान में छात्रावास और स्टाफ आवास बनने से पूर्वांचल सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले छात्र-छात्राओं को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे उनकी पढ़ाई और प्रशिक्षण अधिक सुगम होगा। यहां से प्रशिक्षित युवा पर्यटन और सेवा क्षेत्र में रोजगार प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
जयवीर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को आर्थिक विकास और रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के सभी जनपदों में सांस्कृतिक एवं विरासत स्थलों का सौंदर्यीकरण तथा पर्यटन संबंधी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
लखनऊ में मॉर्निंग वॉक कर रहे डॉक्टर से चेन स्नैचिंग, बाइक सवार बदमाश फरार
लखनऊ। राजधानी के गुडंबा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान एक डॉक्टर से सोने की चेन लूट लिए जाने की घटना सामने आई है। जनता इंटर कॉलेज के पास दोपहिया वाहन सवार दो अज्ञात बदमाशों ने झपट्टा मारकर डॉक्टर के गले से चेन छीन ली और मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

पुलिस के अनुसार, शुक्रवार 7 अगस्त 2026 को सुबह करीब 7 बजे गुडंबा थाना क्षेत्र में जनता इंटर कॉलेज के पास चेन स्नैचिंग की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर पीड़ित से घटना की जानकारी ली।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक डॉ. पवन कपूर, पुत्र स्वर्गीय विनोद कपूर, निवासी सेक्टर-जे, जानकीपुरम, लखनऊ, शुक्रवार सुबह अपने आवास के पीछे स्थित गली में मॉर्निंग वॉक कर रहे थे। इसी दौरान दोपहिया वाहन पर सवार दो अज्ञात व्यक्ति उनके पास पहुंचे। दोनों ने हेलमेट पहन रखा था। आरोप है कि बदमाशों ने अचानक झपट्टा मारकर डॉक्टर के गले से सोने की चेन छीन ली और तेजी से मौके से फरार हो गए।

अचानक हुई चेन स्नैचिंग की घटना से डॉक्टर सकते में आ गए। घटना के बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आसपास के लोगों से पूछताछ की और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम आसपास के मार्गों पर लगे अन्य कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि वारदात में इस्तेमाल दोपहिया वाहन और दोनों आरोपियों की पहचान की जा सके।

पुलिस के मुताबिक बदमाशों ने हेलमेट पहन रखा था, जिससे उनकी पहचान में चुनौती आ रही है। इसके बावजूद सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

तहरीर के आधार पर दर्ज होगा मुकदमा

पुलिस ने बताया कि पीड़ित से तहरीर प्राप्त की जा रही है। तहरीर मिलने के बाद मामले में सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पुलिस टीमों को घटना के शीघ्र अनावरण और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगाया गया है।

पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि बदमाशों के भागने की दिशा और उनके वाहन के बारे में जानकारी मिल सके। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।

पुलिस का कहना है कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य तथ्यों का विश्लेषण कर जल्द ही घटना का खुलासा करने और आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का प्रयास किया जा रहा है।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर योगी सरकार का बड़ा तोहफा: हजारों बुनकरों को आर्थिक सहायता, टेक्सटाइल उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार

- लोकभवन में उत्कृष्ट बुनकर हुए सम्मानित, मुख्यमंत्री ने वितरित किए सहायता चेक; हथकरघा उत्पादों के निर्यात और विपणन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर

लखनऊ। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस-2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में हथकरघा उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उत्कृष्ट बुनकरों को 'संत कबीर राज्यस्तरीय हथकरघा पुरस्कार' से सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बुनकरों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के चेक भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना तथा झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना के तहत हजारों बुनकरों को आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पारंपरिक बुनकरी को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के दौरान हथकरघा उत्पादों के विपणन और निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश ने हैंडलूम एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (HEPC), टनेरा (टाटा समूह), बीटीडीसी, इंटरनेशनल फैशन बिजनेस एक्सचेंज काउंसिल (IFBEC) सहित कई संस्थाओं के साथ महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया।
इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग मंत्री राकेश सचान ने मुख्यमंत्री को हथकरघा से निर्मित राधा-कृष्ण की आकर्षक कलाकृति भेंट की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध बुनकरी परंपरा, स्वदेशी संस्कृति और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का उत्सव है।
मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में तीन लाख से अधिक हथकरघे संचालित हैं और सरकार बुनकरों के आर्थिक, तकनीकी एवं सामाजिक सशक्तीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना के तहत अब तक 2,489 हथकरघा एवं 1,315 पावरलूम बुनकरों को, जबकि झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना के अंतर्गत 2,796 हथकरघा और 1,466 पावरलूम बुनकरों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि उत्तर प्रदेश राज्य हथकरघा निगम ने चालू वर्ष में लगभग 38 लाख रुपये का लाभ अर्जित किया है, जो प्रदेश के हथकरघा क्षेत्र की बढ़ती मजबूती और बेहतर प्रबंधन का संकेत है।
सरकार ने विश्वास जताया कि पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क तथा प्रस्तावित संत कबीर टेक्सटाइल पार्कों की स्थापना से प्रदेश के वस्त्र उद्योग को नई गति मिलेगी, निवेश आकर्षित होगा और बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम बुनकरों के सम्मान, पारंपरिक उद्योगों के संरक्षण और वैश्विक बाजार में उत्तर प्रदेश के हथकरघा उत्पादों की पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
लखनऊ में नाबालिग की हत्या और दुष्कर्म मामले का खुलासा, बीसीए छात्र गिरफ्तार
लखनऊ। राजधानी के पारा थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रक्तरंजित चाकू, वारदात के समय पहने गए खून से सने कपड़े तथा अन्य फॉरेंसिक साक्ष्य भी बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, 5 अगस्त 2026 को भगवंतपुरम, नरपतखेड़ा स्थित एक मकान में 17 वर्षीय किशोरी का शव लहूलुहान अवस्था में मिला था। वहीं, घटनास्थल के पास एक युवक अचेत अवस्था में पड़ा मिला, जिसकी पहचान बाद में देवांश पाठक के रूप में हुई। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए गए और घायल युवक को पुलिस अभिरक्षा में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

मृतका के चाचा की तहरीर पर पारा थाने में हत्या सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान मृतका के पिता और अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि हत्या से पहले आरोपी ने किशोरी के साथ दुष्कर्म भी किया था। पुलिस ने परिजनों के बयान, मृतका के नाबालिग होने के दस्तावेजी प्रमाण तथा मेडिकल और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 66 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 भी बढ़ा दी।

इलाज के बाद आरोपी के होश में आने और चिकित्सकीय रूप से स्वस्थ घोषित किए जाने के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी देवांश पाठक ने बताया कि वह मृतका को पहले से जानता था। पिछले कुछ महीनों से किशोरी द्वारा उससे बातचीत बंद कर देने के कारण वह उससे नाराज था। घटना वाले दिन वह किशोरी को घर में अकेला पाकर बिना अनुमति घर में घुस गया और उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, विरोध करने और पहचान उजागर होने के डर से आरोपी ने धारदार चाकू से किशोरी का गला रेतकर उसकी हत्या कर दी।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान देवांश पाठक (19) पुत्र श्रीप्रकाश पाठक के रूप में हुई है। वह टीएस मिश्रा कॉलेज का बीसीए का छात्र है। वर्तमान में वह आलमनगर क्षेत्र में रहता था तथा मूल रूप से हरदोई जिले के बेनीगंज थाना क्षेत्र का निवासी है।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रक्तरंजित धारदार चाकू, घटना के समय पहने गए खून से सने कपड़े तथा घटनास्थल से एकत्र किए गए सीलशुदा फॉरेंसिक साक्ष्य बरामद किए हैं।

इस मामले में थाना पारा पर दर्ज मुकदमे में हत्या, घर में घुसने, दुष्कर्म से संबंधित धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की धाराएं शामिल कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और फॉरेंसिक रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।