लखनऊ में नाबालिग की हत्या और दुष्कर्म मामले का खुलासा, बीसीए छात्र गिरफ्तार
लखनऊ। राजधानी के पारा थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रक्तरंजित चाकू, वारदात के समय पहने गए खून से सने कपड़े तथा अन्य फॉरेंसिक साक्ष्य भी बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, 5 अगस्त 2026 को भगवंतपुरम, नरपतखेड़ा स्थित एक मकान में 17 वर्षीय किशोरी का शव लहूलुहान अवस्था में मिला था। वहीं, घटनास्थल के पास एक युवक अचेत अवस्था में पड़ा मिला, जिसकी पहचान बाद में देवांश पाठक के रूप में हुई। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए गए और घायल युवक को पुलिस अभिरक्षा में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

मृतका के चाचा की तहरीर पर पारा थाने में हत्या सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान मृतका के पिता और अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि हत्या से पहले आरोपी ने किशोरी के साथ दुष्कर्म भी किया था। पुलिस ने परिजनों के बयान, मृतका के नाबालिग होने के दस्तावेजी प्रमाण तथा मेडिकल और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 66 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 भी बढ़ा दी।

इलाज के बाद आरोपी के होश में आने और चिकित्सकीय रूप से स्वस्थ घोषित किए जाने के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी देवांश पाठक ने बताया कि वह मृतका को पहले से जानता था। पिछले कुछ महीनों से किशोरी द्वारा उससे बातचीत बंद कर देने के कारण वह उससे नाराज था। घटना वाले दिन वह किशोरी को घर में अकेला पाकर बिना अनुमति घर में घुस गया और उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, विरोध करने और पहचान उजागर होने के डर से आरोपी ने धारदार चाकू से किशोरी का गला रेतकर उसकी हत्या कर दी।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान देवांश पाठक (19) पुत्र श्रीप्रकाश पाठक के रूप में हुई है। वह टीएस मिश्रा कॉलेज का बीसीए का छात्र है। वर्तमान में वह आलमनगर क्षेत्र में रहता था तथा मूल रूप से हरदोई जिले के बेनीगंज थाना क्षेत्र का निवासी है।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रक्तरंजित धारदार चाकू, घटना के समय पहने गए खून से सने कपड़े तथा घटनास्थल से एकत्र किए गए सीलशुदा फॉरेंसिक साक्ष्य बरामद किए हैं।

इस मामले में थाना पारा पर दर्ज मुकदमे में हत्या, घर में घुसने, दुष्कर्म से संबंधित धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की धाराएं शामिल कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और फॉरेंसिक रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गोमतीनगर विस्तार में स्कॉर्पियो पर फायरिंग करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, अवैध पिस्टल बरामद
लखनऊ। गोमतीनगर विस्तार थाना पुलिस ने स्कॉर्पियो सवार युवकों पर जानलेवा फायरिंग करने के मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक अवैध .32 बोर पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में एक हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा पा चुका है और उच्च न्यायालय से जमानत पर बाहर चल रहा था।

पुलिस के अनुसार, खरगापुर निवासी शुभम त्रिपाठी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 4 जून 2026 की रात करीब 10 बजे सदर तहसील सेक्टर-5 के पास वह अपने मित्र अमित सिंह, अभिषेक मिश्रा, मिहिर सिंह और अमन सिंह के साथ स्कॉर्पियो (UP32PR6214) से जा रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।

शिकायत के आधार पर गोमतीनगर विस्तार थाने में राहुल सिंह समेत चार नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

विवेचना और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने 5 अगस्त की रात करीब 10:45 बजे हिमालयन तिराहा अंडरपास के पास से दो आरोपियों राहुल सिंह (32) निवासी छोटा बरहा, आलमबाग तथा सुहेल गाजी (22) निवासी छोटा बरहा, पवनपुरी, आलमबाग को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त .32 बोर की अवैध पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी राहुल सिंह का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह वर्ष 2019 के हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में आजीवन कारावास की सजा पा चुका है तथा वर्तमान में उच्च न्यायालय से जमानत पर बाहर था। वहीं दूसरे आरोपी सुहेल गाजी के खिलाफ भी हरदोई जिले में हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया। मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
जिला बदर का उल्लंघन करने वाला आरोपी गिरफ्तार, इंदिरानगर पुलिस ने की कार्रवाई
**लखनऊ।** इंदिरानगर थाना पुलिस ने जिला बदर के आदेश का उल्लंघन करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत नया मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पुलिस के अनुसार, संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय), लखनऊ की अदालत ने वाद संख्या 42(25)/2026 में विशाल उर्फ बड़ा बउआ की आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए 12 जून 2026 को उसे उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 की धारा-3 के तहत छह माह के लिए जनपद लखनऊ की सीमा से निष्कासित (जिला बदर) करने का आदेश दिया था।

इसके बावजूद 5 अगस्त को इंदिरानगर थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि जिला बदर घोषित आरोपी विशाल उर्फ बड़ा बउआ अपने निवास क्षेत्र मुंशीपुरवा में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

जांच में जिला बदर आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना इंदिरानगर में उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 की धारा-10 के तहत मुकदमा दर्ज किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान **विशाल उर्फ बड़ा बउआ (23)** पुत्र रामलाल, निवासी मुंशीपुरवा, थाना इंदिरानगर, लखनऊ के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
लखनऊ में नकली अंग्रेजी शराब का बड़ा खेल पकड़ा गया, बिहार सप्लाई करने वाला तस्कर गिरफ्तार

लखनऊ। कमिश्नरेट लखनऊ की पीजीआई थाना पुलिस, दक्षिणी जोन की सर्विलांस सेल और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध अंग्रेजी शराब के कारोबार का बड़ा खुलासा करते हुए एक शराब तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 1,346 क्वार्टर अवैध अंग्रेजी शराब, फर्जी क्यूआर कोड, नकली ब्रांड लेबल और ढक्कन बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार तैयार की गई नकली शराब को असली ब्रांड की तरह पैक कर शराबबंदी वाले बिहार समेत अन्य राज्यों में सप्लाई किया जाता था।

पुलिस आयुक्त तरुण गाबा के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत 6 अगस्त को पीजीआई थाना क्षेत्र में सेक्टर-8 अंडरपास के पास चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि वृंदावन योजना के सेक्टर-10सी स्थित एक मकान में बड़ी मात्रा में अवैध शराब रखी गई है। सूचना पर पुलिस, सर्विलांस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर छापा मारा।

छापेमारी के दौरान मकान से विभिन्न ब्रांडों की शराब की बोतलें, पैकिंग सामग्री, फर्जी क्यूआर कोड, नकली ब्रांड लेबल, ढक्कन और खाली कार्टन बरामद हुए। मौके से अनिल वर्मा (36) निवासी आजाद नगर, कृष्णानगर को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका साथी विमल यादव फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह किराये के मकान में अपने साथी के साथ मिलकर नकली अंग्रेजी शराब तैयार करता था। दोनों फर्जी क्यूआर कोड और नामी ब्रांडों के लेबल लगाकर शराब को असली जैसा बनाते थे और अधिक मुनाफे के लिए बिहार सहित अन्य राज्यों में सप्लाई करते थे। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी पहले भी अवैध शराब के कारोबार में जेल जा चुके हैं।

बरामदगी में 612 क्वार्टर 8 PM Premium Black Superior Whisky तथा 734 क्वार्टर After Dark Blue Rare Grain Whisky सहित कुल 1,346 क्वार्टर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई। इसके अलावा शराब की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी जब्त की गई है।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश कर दिया है। वहीं फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
लखनऊ में नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, पीड़िता सकुशल बरामद

लखनऊ। गौतमपल्ली थाना पुलिस ने 16 वर्षीय नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपित युवक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने नाबालिग पीड़िता को भी सकुशल बरामद कर लिया है। पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराएं बढ़ाई गई हैं।

पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई 2026 को पीड़िता की मां ने गौतमपल्ली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी 16 वर्षीय बेटी 21 जुलाई की दोपहर से घर से लापता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पड़ोस में रहने वाला दिनेश कुमार उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत में घर से 12 हजार रुपये नकद, आधार कार्ड, कुछ कपड़े, सोने की चेन और मंगलसूत्र भी गायब होने की बात कही गई थी।

तहरीर के आधार पर गौतमपल्ली थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीमों को आरोपी की तलाश में लगाया गया। सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने 5 अगस्त की रात करीब 8:15 बजे चारबाग रेलवे स्टेशन के लोको चौकी के सामने से आरोपी दिनेश कुमार (30) और नाबालिग पीड़िता को बरामद कर लिया।

पूछताछ और पीड़िता के बयान के बाद पुलिस ने मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की दुष्कर्म से संबंधित धाराएं तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5L/6 जोड़ दी हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है, जबकि पीड़िता को आवश्यक चिकित्सीय परीक्षण और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए भेजा गया है।

पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों पर लखनऊ पुलिस का विशेष प्रशिक्षण, संवेदनशील पुलिसिंग पर दिया गया जोर
लखनऊ। ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों के संरक्षण और संवेदनशील पुलिसिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कमिश्नरेट लखनऊ ने गुरुवार को रिजर्व पुलिस लाइन्स स्थित संगोष्ठी सदन में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम-2019 एवं नियमावली-2020 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।

उत्तर प्रदेश शासन और पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर आयोजित इस कार्यशाला का संचालन पुलिस आयुक्त तरुण गाबा के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) अपर्णा कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार तथा पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) अमित कुमावत के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण का संचालन पुलिस उपायुक्त महिला अपराध एवं सुरक्षा ममता रानी तथा सहायक पुलिस उपायुक्त महिला अपराध शाहिदा नसरीन के निर्देशन में किया गया।

कार्यक्रम में कमिश्नरेट लखनऊ के सभी थानों के अतिरिक्त निरीक्षक, वरिष्ठ उपनिरीक्षक, वर्ष 2023 बैच के उपनिरीक्षक तथा पिंक बूथ पर तैनात महिला आरक्षियों सहित कुल 120 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का संचालन पहल फाउंडेशन के प्रशिक्षक यदुवेन्द्र सिंह ने किया।

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के संवैधानिक, कानूनी और मानवाधिकारों की जानकारी दी गई। साथ ही समुदाय के साथ सम्मानजनक, सहानुभूतिपूर्ण और भेदभाव रहित व्यवहार अपनाने, शिकायतों का त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण करने तथा गोपनीयता और गरिमा बनाए रखने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस और ट्रांसजेंडर समुदाय के बीच विश्वास आधारित संवाद स्थापित करने तथा समावेशी पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

कार्यशाला में थाना कैसरबाग में संचालित ट्रांसजेंडर हेल्पडेस्क की कार्यप्रणाली और उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों को बताया गया कि इस हेल्पडेस्क के माध्यम से ट्रांसजेंडर समुदाय को विधिक सहायता, मार्गदर्शन और पुलिस सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।

कमिश्नरेट लखनऊ ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को समान, सुरक्षित और सम्मानजनक पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर ऐसे संवेदीकरण और क्षमता विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि पुलिस कर्मियों की विधिक समझ और जनसेवा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सके।
एलडीए की वशिष्ठ नगर योजना: स्टेट कैपिटल रीजन को मिलेगा नया ग्रोथ इंजन
लखनऊ। राजधानी के नियोजित विस्तार और औद्योगिक विकास को नई गति देने के उद्देश्य से लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) आगरा एक्सप्रेस-वे के किनारे लगभग 1035 एकड़ क्षेत्र में वशिष्ठ नगर योजना विकसित करने जा रहा है। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत प्रस्तावित यह परियोजना स्टेट कैपिटल रीजन में औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स और आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि योजना का विस्तृत खाका तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। मंजूरी मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में विश्वस्तरीय औद्योगिक अवसंरचना विकसित की जाएगी, जिससे बड़े निवेश आकर्षित होंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने बताया कि योजना तैयार करते समय औद्योगिक विकास, आधुनिक परिवहन व्यवस्था, सतत विकास और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। परियोजना में आधुनिक औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स हब, बेहतर सड़क नेटवर्क, उच्चस्तरीय आधारभूत सुविधाएं और पर्यावरण संरक्षण को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

-  बेहतर कनेक्टिविटी बनेगी बड़ी ताकत
वशिष्ठ नगर योजना को आगरा एक्सप्रेस-वे, मोहन रोड, लिंक एक्सप्रेस-वे और वरुण विहार योजना से सीधे जोड़ा जाएगा। इससे उद्योग, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और परिवहन क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। परियोजना में अंतरराष्ट्रीय स्तर का बस टर्मिनल विकसित करने का भी प्रस्ताव है।

- छह गांवों की भूमि होगी शामिल
एलडीए के अनुसार, योजना के लिए ग्राम रेवरी, भलिया, गहलवारा, आदमपुर इन्दवारा, बहरू और जलियामऊ की लगभग 1035 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद किसानों की सहमति और अन्य निर्धारित प्रक्रियाओं के माध्यम से भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। भूमि संकलन पर लगभग 1328 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
धान खरीद व्यवस्था में सुधार की मांग, राइस मिलर्स एसोसिएशन ने सरकार को सौंपे अहम सुझाव
-  लखनऊ में 39वीं वार्षिक आम सभा संपन्न, कैबिनेट मंत्री मनोज पाण्डेय बोले—किसानों के हित और पारदर्शी खरीद व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राइस मिलर्स एसोसिएशन की 39वीं वार्षिक आम सभा गुरुवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में आयोजित हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज पाण्डेय शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा और धान खरीद व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी एवं सुचारु बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने राइस मिलर्स को सरकार का महत्वपूर्ण सहयोगी बताते हुए उनके सुझावों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।
बैठक के दौरान राइस मिलर्स एसोसिएशन ने प्रदेश में धान खरीद व्यवस्था को अधिक प्रभावी और किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे। एसोसिएशन ने मिलर्स को दिए जाने वाले होल्डिंग चार्ज को वर्तमान 30 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर न्यूनतम 75 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग की।
इसके अलावा एसोसिएशन ने धान खरीद की अवधि 1 नवंबर से 31 मार्च तक निर्धारित करने तथा कस्टम मिल्ड राइस (CMR) के पूर्ण निस्तारण की समय-सीमा 30 जून तक तय करने का सुझाव दिया। संगठन ने ठेका एवं बटाईदार किसानों को भी सरकारी धान खरीद व्यवस्था में शामिल करने की मांग की, ताकि उन्हें भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ मिल सके।
राइस मिलर्स एसोसिएशन ने यह भी आग्रह किया कि भविष्य में धान खरीद नीति तैयार करते समय संगठन के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए, जिससे व्यावहारिक अनुभवों के आधार पर अधिक प्रभावी और क्रियान्वयन योग्य नीति बनाई जा सके।
कार्यक्रम में एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विनय शुक्ल, प्रदेश महामंत्री हरि किशोर गुप्ता, प्रदेश कोषाध्यक्ष प्रमोद सिंह सहित प्रदेशभर से आए राइस मिलर्स, उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
खाद्य प्रसंस्करण योजनाओं के उत्कृष्ट क्रियान्वयन पर 7 अधिकारियों को मिला सम्मान, अपर मुख्य सचिव ने की सराहना
-  यूपी खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 और पीएमएफएमई योजना के प्रभावी संचालन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले डीएम और सीडीओ को भेजे गए प्रशंसा-पत्र

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान, रेशम एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा (आईएएस) ने उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (PMFME) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले तीन जिलाधिकारियों और चार मुख्य विकास अधिकारियों की सराहना करते हुए उन्हें प्रशंसा-पत्र भेजे हैं।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि इन अधिकारियों ने अपने-अपने जनपदों में खाद्य प्रसंस्करण योजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया तथा अधिक से अधिक उद्यमियों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाकर उन्हें अनुदान एवं अन्य सुविधाओं का लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये अधिकारी भविष्य में भी इसी सक्रियता के साथ योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर अधिकाधिक उद्यमियों को लाभान्वित करेंगे।

-  इन अधिकारियों को मिली प्रशंसा
प्रशंसा-पत्र प्राप्त करने वाले अधिकारियों में हापुड़ की जिलाधिकारी कविता मीणा, मिर्जापुर के जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, अंबेडकरनगर की जिलाधिकारी ईशा प्रिया, बाराबंकी के मुख्य विकास अधिकारी ए. सुधान, सीतापुर की मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जोशी, हरदोई की मुख्य विकास अधिकारी नेहा ब्याडवाल तथा कानपुर नगर के मुख्य विकास अधिकारी अभिवन जे. जैन शामिल हैं।

-  उद्यमिता को बढ़ावा देने पर सरकार का जोर
बी.एल. मीणा ने कहा कि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशन में प्रदेश सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देने और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में जिला प्रशासन की सक्रिय भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और सम्मानित अधिकारियों का कार्य अन्य जनपदों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।
यूपी में 10 हजार नए ग्राम संगठन बनेंगे, महिला सशक्तिकरण को मिलेगी नई ताकत
- उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का बड़ा फैसला, स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा मजबूत संस्थागत आधार; ग्रामीण आजीविका मिशन को भी मिलेगी नई गति


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और संस्थागत सशक्तिकरण को नई गति देने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के तहत प्रदेश में ग्राम संगठनों की संख्या 65,460 से बढ़ाकर 75,460 करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों (SHGs) का मजबूत नेटवर्क ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की वास्तविक ताकत है और 10 हजार नए ग्राम संगठनों का गठन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
उन्होंने बताया कि ग्राम संगठनों के विस्तार से अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों को संगठित ढांचे से जोड़ा जा सकेगा। इससे समूहों को समयबद्ध मार्गदर्शन, क्षमता संवर्धन, वित्तीय समावेशन, बैंकिंग सेवाओं तक बेहतर पहुंच और विभिन्न आजीविका गतिविधियों का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से मिलेगा। साथ ही ग्राम संगठनों की संस्थागत क्षमता और कार्यकुशलता भी मजबूत होगी।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश में तीन करोड़ परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। ग्राम संगठनों की संख्या बढ़ने से नए स्वयं सहायता समूहों के गठन, निष्क्रिय समूहों को पुनः सक्रिय करने और सामुदायिक नेतृत्व को मजबूत करने में तेजी आएगी। इससे मिशन के माध्यम से संचालित योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र परिवार तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार ने कहा कि ग्राम संगठनों की संख्या में वृद्धि मजबूत और आत्मनिर्भर सामुदायिक संस्थाओं के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे स्वयं सहायता समूहों को बेहतर संस्थागत सहयोग मिलेगा और ग्रामीण विकास तथा महिला सशक्तिकरण के लक्ष्यों को हासिल करने में नई गति मिलेगी।