उच्च प्राथमिक विद्यालय कोप में जल संरक्षण व पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम, विद्यार्थियों ने लिया प्रकृति संरक्षण का संकल्प
संजीव सिंह रसड़ा (बलिया)। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के निर्देशानुसार संचालित इको क्लब फॉर मिशन LiFE के तहत आज उच्च प्राथमिक विद्यालय कोप में भव्य जल संरक्षण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और विद्यालय कर्मचारियों ने भाग लिया और जल संरक्षण की शपथ लेते हुए प्रकृति सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी, रसड़ा, पवन सिंह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज विश्व की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। उन्होंने बताया कि इसका समाधान केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है बल्कि जनभागीदारी, जल संरक्षण व व्यापक वृक्षारोपण के माध्यम से ही हासिल किया जा सकता है। पवन सिंह ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इको क्लब की भूमिका, मिशन LiFE तथा चिपको आंदोलन का उल्लेख करते हुए बच्चों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील रहने और सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में छात्रों ने प्रेरक गीत प्रस्तुत किए, जिनमें "देश हमें सब कुछ देता है, हम भी तो कुछ देना सीखें" तथा "जंगल में मंगल मना लो, हरे-भरे वृक्ष लगा लो" को विशेष रूप से सराहा गया। कार्यक्रम के दौरान प्रभारी प्रधानाध्यापक संजय चौहान, अनुदेशक बृजेश तथा नोडल इको क्लब, बेसिक शिक्षा बलिया शैलेंद्र प्रताप यादव की पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता के क्षेत्र में की जा रही सराहनीय कोशिशों की भी प्रशंसा की गई। समापन पर प्रतिभागियों को आवाहन किया गया कि वे जल संरक्षण, वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का अविभाज्य हिस्सा बनाकर स्थानीय स्तर पर जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएँ। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पौधरोपण का भी संकल्प लिया और अपने-अपने स्तर पर पर्यावरण मित्र पहल शुरू करने का वादा किया।
बेटी है तो भविष्य है: पीएचसी चिलकहर में महिला कल्याण विभाग की पहल से नवजात बालिकाओं का भव्य स्वागत, बेबी किट व स्वास्थ्य जानकारी वितरित
संजीव सिंह बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद के निर्देश पर तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेन्द्र कुमार पौत्स्यायन के मार्गदर्शन में महिला कल्याण विभाग की पहल हब फॉर इंपावरमेंट ऑफ वीमेन (HEW) के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिलकहर में कन्या जन्मोत्सव का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य नवजात बालिकाओं का स्वागत कर उन्हें और उनके परिवारों को सम्मान व आवश्यक सहायता प्रदान करना था। कार्यक्रम में नवजात बालिकाओं व उनकी माताओं का सम्मान किया गया और उन्हें बेबी किट, नवजात शिशु के कपड़े, डायपर, मच्छरदानी, मिष्ठान एवं जलपान वितरित किया गया। साथ ही उपस्थित परिवारों को बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा तथा सरकार द्वारा संचालित महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं की जानकारी दी गयी ताकि वे उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठा सकें। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रशान्त कुमार, बीसीपीएम मिथलेश कुमार, बीपीएम रिंकू सिंह, डीएमसी अंजली सिंह, जेंडर स्पेशलिस्ट निकिता सिंह, पूनम राजभर, स्टाफ नर्स, एएनएम, आशा और सुमेश कुमार सहित अस्पताल के चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी कार्यक्रम में मौजूद रहे। सभी ने नवजात बालिकाओं व उनके परिजनों को शुभकामनाएँ दीं और बेटियों के सम्मान, शिक्षा, सुरक्षा व सशक्तिकरण पर जोर दिया। महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित यह पहल समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने, लिंग समानता को बढ़ावा देने और "बेटी है तो भविष्य है" के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उच्च न्यायालय के आदेश के बाद बलिया BSA ने जारी किए समुचित निर्देश; सरप्लस शिक्षकों की आपत्तियाँ 27 जुलाई तक जिला कार्यालय में ही स्वीकार्य
संजीव सिंह बलिया, 22 जुलाई 2026 — विशेष अपील संख्या 398/2026 (सौरभ कुमार सिंह एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य) में इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा 20 जुलाई 2026 को पारित आदेश के क्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) मनीष कुमार सिंह ने समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुपालन के संदर्भ में अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा), उत्तर प्रदेश शासन के पत्र संख्या 472/ACS (बेसिक/माध्यमिक शिक्षा)/2026, लखनऊ दिनांक 21 जुलाई 2026 तथा सचिव, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के पत्रांक /बे.शि.प./6941-7019/2026-27 दिनांक 21.07.2026 का हवाला दिया गया है। BSA ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय के निर्देशों के अनुसार जारी शासनादेश और परिषद के पत्र के समस्त बिन्दुओं का अक्षरशः और समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके तहत लंबी दूरी के परिवहन—बस एवं रेल सेवाओं—के प्रबंध सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरप्लस शिक्षकों की आपत्तियों की प्रक्रिया भी स्पष्ट की गई है। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा जारी सरप्लस शिक्षकों की सूची के संबंध में यदि किसी सरप्लस शिक्षक को आपत्ति हो, तो वह अपने व्यक्तिगत सत्यापित हस्ताक्षर सहित अपनी आपत्ति केवल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बलिया के कार्यालय में उपस्थित होकर तथा 27 जुलाई 2026 तक ही जमा करवा सकता है। निर्धारित तिथि के उपरांत या किसी अन्य माध्यम से प्राप्त कोई भी आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। BSA ने सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे 20 जुलाई 2026 के उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में जारी शासनादेश और परिषद के पत्र के निर्देशों के अनुसार नियमानुसार त्वरित अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित करें और अनुपालन की रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करें। (नोट: परिनियोजन/यात्रा संबंधी व्यवस्थाओं, आपत्तियों के निस्तारण और आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित समस्त अधिकारी स्थानीय स्तर पर आवश्यक निर्देशों का पालन सुनिश्चित करेंगे।)
सीएचसी नगरा की बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए अधीक्षक ने विद्युत विभाग को लिखा पत्र
अमर बहादुर सिंह नगरा बलिया नगरा (बलिया), 22 जुलाई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नगरा के अधीक्षक ने अस्पताल की निर्बाध एवं सुरक्षित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी (एसडीओ/जेई) को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। अधीक्षक द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरा एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान है, जहां 24 घंटे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं संचालित होती हैं। वर्तमान में विद्युत आपूर्ति से संबंधित कई समस्याओं के कारण मरीजों एवं चिकित्सीय सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पत्र में अस्पताल परिसर में सुरक्षा की दृष्टि से यदि कोई अवैध विद्युत कनेक्शन संचालित हो रहा हो तो उसे तत्काल हटाने की कार्रवाई करने की मांग की गई है। साथ ही अस्पताल को वर्तमान ग्रामीण फीडर के स्थान पर शहरी फीडर से जोड़ने का अनुरोध किया गया है, ताकि निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। अधीक्षक ने यह भी उल्लेख किया है कि बार-बार बिजली बाधित होने से ऑपरेशन, वैक्सीनेशन, प्रयोगशाला जांच सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं, जिससे मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। अंत में विद्युत विभाग से अनुरोध किया गया है कि जनहित एवं मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उक्त समस्याओं का शीघ्र समाधान कर अस्पताल में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए।
जिलाधिकारी ने CM डैशबोर्ड और IGRS की समीक्षा की, खराब रैंकिंग पर अधिकारियों को चेतावनी; वेतन रोकने तक की दी चेतावनी
संजीव सिंह बलिया ! 21 जुलाई 2026 — जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड एवं IGRS की समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति का कड़ा जायजा लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास योजना और फैमिली आईडी की खराब रैंकिंग पर गहरी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्रता से रैंकिंग 'ए' श्रेणी में लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के कार्य समय पर पूर्ण न होने से जिले की रैंकिंग प्रभावित हुई है और इस पर जिला समाज कल्याण अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि यह माह के भीतर कार्य पूरा नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के वेतन रोक दिए जाएंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत से योजना के पात्र कम से कम दो से तीन आवेदन अवश्य प्राप्त किए जाएं। मंडी आय की रैंकिंग 'सी' पाए जाने पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की और स्पष्ट कहा कि यदि इस माह रैंकिंग में सुधार नहीं हुआ तो अगले माह संबंधित अधिकारियों के वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। नई सड़कों के निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने के भी सख्त निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी के अनुपस्थित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने उनका एक दिन का वेतन रोकने का आदेश दिया। IGRS की समीक्षा में उन्होंने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन कार्यालय पहुंचते ही IGRS पोर्टल देखें और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि IGRS पोर्टल पर प्राप्त किसी शिकायत का एक सप्ताह के भीतर निस्तारण नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से समय पर कार्यालय आने और शिकायतों के निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। बैठक में C.R.O. गुलशन जी, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा तथा अन्य जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
शिक्षक संकुल कोदई में मासिक शिक्षक संकुल बैठक सम्पन्न: कैच-अप कक्षाएँ, 10 शिक्षण प्रक्रियाओं पर ज़ोर और 'DEAR' से पठन-संस्कृति को बढ़ावा

संजीव  सिंह बलिया!कोदई, 21 जुलाई 2026: को शिक्षा क्षेत्र नगरा के शिक्षक संकुल कोदई के इंग्लिश प्राइमरी स्कूल, पाडेयपुर में आज दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे तक परिषदीय स्कूलों की मासिक शिक्षक संकुल बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में क्षेत्र के सभी शिक्षक/शिक्षा मित्र/अनुदेशक उपस्थित रहे और मुख्य रूप से तीन अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के मुख्य बिंदु: कैच-अप शिक्षण: विद्यालयों में विद्यार्थियों के वास्तविक अधिगम स्तर (Learning Level) के अनुसार 'कैच-अप' कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा की गई। शासनादेश के अनुरूप शिक्षण पुनर्गठन और कमजोर विद्यार्थियों को लक्षित शिक्षण रणनीतियाँ अपनाने पर बल दिया गया। 10 प्रमुख शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाएँ: शिक्षण गुणवत्ता बढ़ाने हेतु निर्धारित 10 प्रमुख प्रक्रियाओं के अनुपालन, शिक्षण पैटर्न, मूल्यांकन विधियाँ और कक्षा-गत गतिविधियों के प्रभावशीलता मापने के तरीकों पर निर्देश साझा किए गए। पठन संस्कृति (DEAR): छात्रों में नियमित पठन आदत विकसित करने के लिए 'DEAR' (Drop Everything And Read) कार्यक्रम पर विशेष जोर दिया गया। शिक्षकों ने प्रतिदिन कक्षा में DEAR सत्र अपनाने तथा पुस्तकालय उपयोग को बढ़ाने के प्रस्ताव पर सहमति जताई। विद्यालय संचालन व अन्य कार्यवाही: U-DISE पोर्टल पर विद्यालय प्रोफाइल का समय पर अद्यतन करने, प्रेरणा पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करने और संचारी रोग नियंत्रण अभियान के क्रियान्वयन पर भी निर्देश दिए गए। अध्यक्षता में मौजूद वरिष्ठ शिक्षकों ने कहा कि प्रभावी कैच-अप कार्यक्रम और नियमित DEAR सत्र से विद्यार्थियों की पठन-समझ तथा समग्र शैक्षिक प्रदर्शन में सुधार होगा। सभी अध्यापकों को इन प्रक्रियाओं का पालन करने तथा मासिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इस बैठक में आगे के लिए कार्ययोजना तैयार करने और अगले महीने की समीक्षा बैठक में उपलब्धियों का आकलन करने का निर्णय लिया गया।
बलिया बोलेरो से कुचलकर युवक की हत्या का मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार; पैर में लगी गोली, अस्पताल में भर्ती
संजीव सिंह बलिया! नगरा थाना क्षेत्र में बोलेरो से युवक की हत्या के मुख्य आरोपित सौरभ उपाध्याय को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगने पर उसे प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस घटना से जुड़े तीन अन्य फरार आरोपितों की तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार, ताखा चौकी प्रभारी उदयप्रताप सिंह अपनी टीम के साथ संदिग्धों की तलाश और चेकिंग अभियान चला रहे थे। इसी दौरान तुर्तीपार नहर मार्ग स्थित असनवार पुलिया के पास पुलिस की संदिग्धों से मुठभेड़ हुई। जवाबी कार्रवाई में सौरभ पर गोली चली और उसे पकड़कर मोबाइल थाना पर लाया गया। घायल की स्थिति को देखते हुए मौके पर प्राथमिक उपचार कराए गए और फिर उसे अस्पताल रेफर कर दिया गया। मामला पंडितपुरा (असनवार) निवासी विनोद उपाध्याय उर्फ़ चिल्लर की बोलेरो से कुचलकर हत्या का है। पुलिस ने बताया कि सौरभ उपाध्याय घटना का मुख्य आरोपी था और घटना के बाद से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। पुलिस ने कहा है कि मामले में शामिल बाकी तीन आरोपितों की भी खोज जारी है और उन्हें जल्द हिरासत में लिया जाएगा। पुलिस ने आगे कहा कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है और आरोपी से पूछताछ के बाद अगली जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।
सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल रसड़ा में विश्व इमोजी दिवस पर मदर-चाइल्ड रैंप वॉक व रंगीन गतिविधियाँ
संजीव सिंह बलिया! रसड़ा , 18 जुलाई 2026: सेठ एम. आर. जयपुरिया स्कूल, रसड़ा में शनिवार को विश्व इमोजी दिवस बड़े उत्साह व उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय ने विशेष रूप से माताओं और अभिभावकों को आमंत्रित किया, जिससे कार्यक्रम बच्चों व परिवारों के लिए और भी यादगार बन गया। कार्यक्रम की शुरुआत में छात्रों और माताओं ने मिलकर रंग-बिरंगे इमोजी बनाए और अपनी भावनाओं व रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही मदर-चाइल्ड रैंप वॉक का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ भाग लिया। विद्यालय परिसर व कक्षाओं में विविध मनोरंजक गतिविधियाँ कराई गईं, जिनमें बच्चों ने अपनी माँओं के साथ मिलकर खुशी के पल साझा किए। पूरे आयोजन में बच्चों की मुस्कान और उत्साह दर्शनीय रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव सिंह चौहान ने उपस्थित अभिभावकों का हार्दिक स्वागत करते हुए उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यालय, अभिभावक और बच्चों के बीच संबंध मजबूत करते हैं तथा बच्चों के भावनात्मक, सामाजिक और रचनात्मक विकास में सहायक होते हैं। कार्यक्रम के समापन पर सभी अभिभावकों व विद्यार्थियों ने इस पहल की सराहना की और विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया। आयोजन ने बच्चों, माताओं और विद्यालय के लिए अविस्मरणीय यादें प्रदान कीं।

कृषि यंत्रीकरण योजना: ऑनलाइन बुकिंग शुरू, किसान महाराणा प्रताप CSC नगरा पर आवेदन करें
  संजीव सिंह नगरा (बलिया)। — कृषि विभाग द्वारा संचालित कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत विभिन्न आधुनिक व लघु कृषि यंत्रों पर अनुदान (सब्सिडी) के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है। इच्छुक किसान अपने आवेदन महाराणा प्रताप CSC, असगरी मैरेज हॉल, सिकंदरपुर रोड, नगरा पर उपलब्ध करवा सकते हैं।
योजना के अंतर्गत भारी व बड़े कृषि यंत्रों में रोटावेटर, हैरो, आलू खुदाई मशीन, रेक, सुपर सीडर, शुगरकेन प्लांटर, शुगरकेन हार्वेस्टर (सेल्फ प्रोपेल्ड), बेलर तथा 10 लाख रुपये तक की लागत वाले कस्टम हायरिंग सेंटर शामिल हैं। वहीं, दस हजार रुपये तक की श्रेणी में मनोचित कई उपयोगी यंत्र जैसे मानव चालित पावर स्प्रेयर, नैपसेक स्प्रेयर (फुट/बैटरी), चारा काटने की मशीन, ड्रम सीडर, रेज़्ड बेड प्लांटर, इको-फ्रेंडली लाइट ट्रैप, डिस्क प्लाउ, मैनुअल हार्वेस्टिंग टूल (साइथ), विनोइंग फैन, एम.बी. प्लाउ, कल्टीवेटर, हैरो, श्रेशर, लेवलर, सीड कम फर्टीड्रिल, बखारी व पॉपिंग मशीन आदि पर सब्सिडी उपलब्ध होगी।
किसानों को कहा गया है कि आवेदन सीमित लक्ष्य के आधार पर व ‘पहले आओ—पहले पाओ’ के सिद्धांत पर स्वीकार किए जाएंगे, इसलिए पात्र किसान समय रहते अपना आवेदन कर दें।
बुकिंग के लिए आवश्यक दस्तावेज:
आधार कार्ड
किसान पंजीकरण (Farmer Registry)
बैंक पासबुक
खतौनी/भूमि अभिलेख
मोबाइल नंबर
बुकिंग केंद्र:
महाराणा प्रताप CSC, असगरी मैरेज हॉल, सिकंदरपुर रोड, नगरा, जनपद बलिया (उ.प्र.)
अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे सरकारी अनुदान का लाभ उठाकर खेती को अधिक आधुनिक, कम लागत और लाभकारी बनाएं।
धारानगरी का हृदय: महाराज भोज, एक परीक्षार्थी प्रयोग और जनता की विद्या-भक्ति


संजीव सिंह बलिया! धारानगरी (विशेष संवाद) — "यदि आज मेरी मृत्यु हो जाए, तो मेरी प्रजा मुझें किस रूप में स्मरण करेगी?" इस प्रश्न की परिछा लेने के लिए परमार सम्राट महाराज भोज ने एक अनूठा प्रयोग किया — अपने मृत्युदैव का असत्य समाचार नगर में फैला दिया। समाचार के फैलते ही शोक-लहर ने राजमहल से लेकर साधारण कुटियों तक धरा को आल्हादित कर दिया; बाजार थमे, विद्वानों के मुख मौन हुए और प्रजा की आंखें अश्रुओं से भर उठीं। राह चलते हुए स्वयं एक कृषक-भेष में नगर से बाहर निकले भोज ने सीमापार एक वृद्धा को घास काटते पाया, जिसके जीवन-संघर्ष से कठोर हुए हाथों के बावजूद मुख पर गहरी वेदना झलक रही थी। जब भोज ने कारण पूछा तो वृद्धा ने संस्कृत श्लोक के माध्यम से अपनी पीड़ा व्यक्त की— "अद्य धारा निराधारा निरालम्बा सरस्वती। पण्डिताः खण्डिताः सर्वे भोजराजे दिवंगते॥" वृद्धा के शब्द महाराज के हृदय को छू गए। वे अब और त्रिलोकिणी शोक को देखकर चुप नहीं रह सके और अपना परिचय देकर जनता के सामने प्रकट हो गए। आश्चर्य की बात यह थी कि वृद्धा ने तुरन्त श्लोक का स्वर बदलकर प्रसन्नता व्यक्त की— "अद्य धारा सदाधारा सदालम्बा सरस्वती। पण्डिताः मण्डिताः सर्वे भोजराजे भुवंगते॥" उस सरल वृद्धा की वाणी में विद्या-गौरव की वह शक्ति थी जिसने दिखा दिया कि एक राज्य की वास्तविक समृद्धि उसके महलों में न होकर जनता की ज्ञान-चेतना में निहित होती है। महाराज भोज ने न केवल उस वृद्धा का श्रद्धापूर्वक अभिनंदन किया, बल्कि यह समझा कि राज्य का सच्चा आधार उसकी आम जनता, उनके ज्ञान और संस्कृति का संरक्षण है। यथार्थ और लोकश्रुति यह कथा सीधे ऐतिहासिक दावे के रूप में प्रस्तुत नहीं की जा रही; प्राचीन ग्रंथों में प्रस्तुत श्लोक का उल्लेख भोजप्रबन्ध जैसे स्रोतों में मिलता है और लोककथाओं में इसे कालिदास से भी जोड़ा गया है। पर ऐतिहासिक साक्ष्य बताते हैं कि कालिदास और महाराज भोज समकालीन नहीं थे। अतः यह लेख लोकश्रुति, सांस्कृतिक स्मृति और महाराज भोज की विद्यानुरक्ति से प्रेरित साहित्यिक कल्पना है, जिसका उद्देश्य उस युग की ज्ञान-परंपरा और सांस्कृतिक चेतना का भावपूर्ण स्मरण करवाना है। समाप्ति सूक्ति महाराज भोज की यह सजीव कथा हमें याद दिलाती है कि किसी राष्ट्र की असली महानता उसकी विद्यापरंपरा, विद्वानों का सम्मान और सांस्कृतिक चेतना में निवास करती है — यह वैभव महलों के सोने-चाँदी से नहीं, बल्कि जनस्वर में खिलता है। मालव-विजयी, विद्या-वरिष्ठ और कवि-हृदय महाराज भोज को नमन। नोट: प्रस्तुत श्लोक और प्रसंग का संदर्भ भोजप्रबन्ध में मिलता है; लोकपरंपरा में इसे कालिदास से जोड़ा जाता है पर ऐतिहासिक प्रमाण इसे पुष्ट नहीं करते। कालिदास का काल गुप्त-युग (लगभग 4th–5th शताब्दी) माना जाता है, जबकि महाराज भोज का समय 1010–1055 ई. था।

डॉक्टर विद्या सागर