कृषि यंत्रीकरण योजना: ऑनलाइन बुकिंग शुरू, किसान महाराणा प्रताप CSC नगरा पर आवेदन करें
  संजीव सिंह नगरा (बलिया)। — कृषि विभाग द्वारा संचालित कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत विभिन्न आधुनिक व लघु कृषि यंत्रों पर अनुदान (सब्सिडी) के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है। इच्छुक किसान अपने आवेदन महाराणा प्रताप CSC, असगरी मैरेज हॉल, सिकंदरपुर रोड, नगरा पर उपलब्ध करवा सकते हैं।
योजना के अंतर्गत भारी व बड़े कृषि यंत्रों में रोटावेटर, हैरो, आलू खुदाई मशीन, रेक, सुपर सीडर, शुगरकेन प्लांटर, शुगरकेन हार्वेस्टर (सेल्फ प्रोपेल्ड), बेलर तथा 10 लाख रुपये तक की लागत वाले कस्टम हायरिंग सेंटर शामिल हैं। वहीं, दस हजार रुपये तक की श्रेणी में मनोचित कई उपयोगी यंत्र जैसे मानव चालित पावर स्प्रेयर, नैपसेक स्प्रेयर (फुट/बैटरी), चारा काटने की मशीन, ड्रम सीडर, रेज़्ड बेड प्लांटर, इको-फ्रेंडली लाइट ट्रैप, डिस्क प्लाउ, मैनुअल हार्वेस्टिंग टूल (साइथ), विनोइंग फैन, एम.बी. प्लाउ, कल्टीवेटर, हैरो, श्रेशर, लेवलर, सीड कम फर्टीड्रिल, बखारी व पॉपिंग मशीन आदि पर सब्सिडी उपलब्ध होगी।
किसानों को कहा गया है कि आवेदन सीमित लक्ष्य के आधार पर व ‘पहले आओ—पहले पाओ’ के सिद्धांत पर स्वीकार किए जाएंगे, इसलिए पात्र किसान समय रहते अपना आवेदन कर दें।
बुकिंग के लिए आवश्यक दस्तावेज:
आधार कार्ड
किसान पंजीकरण (Farmer Registry)
बैंक पासबुक
खतौनी/भूमि अभिलेख
मोबाइल नंबर
बुकिंग केंद्र:
महाराणा प्रताप CSC, असगरी मैरेज हॉल, सिकंदरपुर रोड, नगरा, जनपद बलिया (उ.प्र.)
अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे सरकारी अनुदान का लाभ उठाकर खेती को अधिक आधुनिक, कम लागत और लाभकारी बनाएं।
धारानगरी का हृदय: महाराज भोज, एक परीक्षार्थी प्रयोग और जनता की विद्या-भक्ति


संजीव सिंह बलिया! धारानगरी (विशेष संवाद) — "यदि आज मेरी मृत्यु हो जाए, तो मेरी प्रजा मुझें किस रूप में स्मरण करेगी?" इस प्रश्न की परिछा लेने के लिए परमार सम्राट महाराज भोज ने एक अनूठा प्रयोग किया — अपने मृत्युदैव का असत्य समाचार नगर में फैला दिया। समाचार के फैलते ही शोक-लहर ने राजमहल से लेकर साधारण कुटियों तक धरा को आल्हादित कर दिया; बाजार थमे, विद्वानों के मुख मौन हुए और प्रजा की आंखें अश्रुओं से भर उठीं। राह चलते हुए स्वयं एक कृषक-भेष में नगर से बाहर निकले भोज ने सीमापार एक वृद्धा को घास काटते पाया, जिसके जीवन-संघर्ष से कठोर हुए हाथों के बावजूद मुख पर गहरी वेदना झलक रही थी। जब भोज ने कारण पूछा तो वृद्धा ने संस्कृत श्लोक के माध्यम से अपनी पीड़ा व्यक्त की— "अद्य धारा निराधारा निरालम्बा सरस्वती। पण्डिताः खण्डिताः सर्वे भोजराजे दिवंगते॥" वृद्धा के शब्द महाराज के हृदय को छू गए। वे अब और त्रिलोकिणी शोक को देखकर चुप नहीं रह सके और अपना परिचय देकर जनता के सामने प्रकट हो गए। आश्चर्य की बात यह थी कि वृद्धा ने तुरन्त श्लोक का स्वर बदलकर प्रसन्नता व्यक्त की— "अद्य धारा सदाधारा सदालम्बा सरस्वती। पण्डिताः मण्डिताः सर्वे भोजराजे भुवंगते॥" उस सरल वृद्धा की वाणी में विद्या-गौरव की वह शक्ति थी जिसने दिखा दिया कि एक राज्य की वास्तविक समृद्धि उसके महलों में न होकर जनता की ज्ञान-चेतना में निहित होती है। महाराज भोज ने न केवल उस वृद्धा का श्रद्धापूर्वक अभिनंदन किया, बल्कि यह समझा कि राज्य का सच्चा आधार उसकी आम जनता, उनके ज्ञान और संस्कृति का संरक्षण है। यथार्थ और लोकश्रुति यह कथा सीधे ऐतिहासिक दावे के रूप में प्रस्तुत नहीं की जा रही; प्राचीन ग्रंथों में प्रस्तुत श्लोक का उल्लेख भोजप्रबन्ध जैसे स्रोतों में मिलता है और लोककथाओं में इसे कालिदास से भी जोड़ा गया है। पर ऐतिहासिक साक्ष्य बताते हैं कि कालिदास और महाराज भोज समकालीन नहीं थे। अतः यह लेख लोकश्रुति, सांस्कृतिक स्मृति और महाराज भोज की विद्यानुरक्ति से प्रेरित साहित्यिक कल्पना है, जिसका उद्देश्य उस युग की ज्ञान-परंपरा और सांस्कृतिक चेतना का भावपूर्ण स्मरण करवाना है। समाप्ति सूक्ति महाराज भोज की यह सजीव कथा हमें याद दिलाती है कि किसी राष्ट्र की असली महानता उसकी विद्यापरंपरा, विद्वानों का सम्मान और सांस्कृतिक चेतना में निवास करती है — यह वैभव महलों के सोने-चाँदी से नहीं, बल्कि जनस्वर में खिलता है। मालव-विजयी, विद्या-वरिष्ठ और कवि-हृदय महाराज भोज को नमन। नोट: प्रस्तुत श्लोक और प्रसंग का संदर्भ भोजप्रबन्ध में मिलता है; लोकपरंपरा में इसे कालिदास से जोड़ा जाता है पर ऐतिहासिक प्रमाण इसे पुष्ट नहीं करते। कालिदास का काल गुप्त-युग (लगभग 4th–5th शताब्दी) माना जाता है, जबकि महाराज भोज का समय 1010–1055 ई. था।

डॉक्टर विद्या सागर
बलिया की बेटी पलक शुक्ला NEET‑UG में 99 परसेंटाइल लेकर देश के टॉप 1% में शामिल; गांव‑बस्ती में खुशी की लहर
संजीव सिंह बलिया। इस वर्ष आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET‑UG) में बलिया की होनहार छात्रा पलक शुक्ला ने 99 परसेंटाइल हासिल कर देश के टॉप 1% अभ्यर्थियों में स्थान बना लिया है। ग्राम मिढढा बेरुआबारी की पलक की इस उपलब्धि से परिवार, मित्र और पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। पलक ने सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, अनुशासित दिनचर्या और माता‑पिता के अनवरत सहयोग को दिया। पलक ने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान वे प्रतिदिन लगभग 15 घंटे अध्ययन करती रहीं। उन्होंने कहा, "कठिन विषयों पर विशेष ध्यान, लगातार अभ्यास और सकारात्मक सोच मेरी सबसे बड़ी ताकत रही।" पलक के मामा प्रवीण पांडे (अध्यापक, बेसिक शिक्षा विभाग, जनपद बलिया) ने कहा कि उन्होंने पलक की पढ़ाई और मनोबल दोनों में संगठित मार्गदर्शन दिया। पलक के माता‑पिता प्रियंका शुक्ला और पुष्कल शुक्ला ने बेटी की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि वे उसके सपनों को पूरा करने में हमेशा सहयोग करेंगे। इस वर्ष NEET‑UG के लिए देशभर से 22,75,011 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 22,05,033 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इतनी कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच 99 परसेंटाइल हासिल कर टॉप 1% में स्थान बनाना पलक के परिश्रम और समर्पण का परिणाम बताया जा रहा है। पलक ने कहा कि वह डॉक्टर बनकर समाज और जरूरतमंदों की सेवा करना चाहती हैं। स्थानीय समाजसेवी और विद्यालय के शिक्षक‑शिक्षिकाओं ने उन्हें बधाई दी और कहा कि पलक की सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा होगी। ग्राम और आस‑पड़ोस में फूलमाला और बधाइयों का सिलसिला जारी है। विद्यालय प्रांगण में सम्मान सभा आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है ताकि पलक की इस उपलब्धि को औपचारिक रूप से सराहा जा सके।
सोनम वांगचुक को जबरन हटाने की घटना की सपा ने कड़ी निंदा, कहा — लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल
संजीव सिंह बलिया। समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील पाण्डेय कान्हजी ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जबरन धरना स्थल से हटाकर अस्पताल ले जाने की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे निंदनीय और अलोकतांत्रिक करार दिया और कहा कि यह केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के शांतिपूर्ण विरोध और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार पर गंभीर प्रश्न चिह्न लगाती है। सुशील पाण्डेय ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत संवाद, मतभेदों का सम्मान और संविधान द्वारा प्रदत्त नागरिक अधिकारों की रक्षा है। यदि शांतिपूर्ण आंदोलन और अहिंसक विरोध का उत्तर बल के प्रयोग से दिया जाएगा तो यह किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है। उन्होंने कहा, "जो सरकार शांतिपूर्ण आंदोलन से भी भयभीत हो जाए, वह अपनी राजनीतिक शक्ति नहीं, बल्कि अपनी असुरक्षा का परिचय देती है।" सपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि सरकार का दायित्व विरोध की आवाज़ को दबाना नहीं, बल्कि उसे सुनना और लोकतांत्रिक तरीके से उसका समाधान करना है। उन्होंने वर्तमान कार्रवाई को "कायराना" और "कमजोर नेतृत्व की घिनौनी कार्रवाई" बताया तथा कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक सरकार की वास्तविक ताकत विरोध को कुचलने में नहीं, बल्कि विरोध की आवाज़ का सम्मान करने में निहित है। सुशील पाण्डेय कान्हजी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान किया जाए, शांतिपूर्ण आंदोलनों पर दमनात्मक कार्रवाई बंद की जाए और प्रत्येक नागरिक के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने याद दिलाया कि लोकतंत्र में असहमति कोई अपराध नहीं, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार है और इसका सम्मान करना हर सरकार का कर्तव्य है। — सुशील पाण्डेय कान्हजी जिला उपाध्यक्ष/प्रवक्ता, समाजवादी पार्टी, बलिया
बलिया:श्रीनाथ बाबा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का भव्य उद्घाटन, नगरा को मिली आधुनिक चिकित्सा सुविधा
संजीव सिंह बलिया (नगरा): बलिया जनपद के स्वास्थ्य परिदृश्य में आज एक नया अध्याय जुड़ गया जब गड़वार रोड, नगरा पर श्रीनाथ बाबा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का भव्य उद्घाटन संपन्न हुआ। रसड़ा विधानसभा के लोकप्रिय विधायक उमाशंकर सिंह के सुपुत्र प्रिंस यूकेश सिंह तथा अनुज छात्र शक्ति इन्फ्रास्ट्रक्चर के प्रबंध निदेशक रमेश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने फीता काटकर अस्पताल का विधिवत उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह में अस्पताल प्रबंध निदेशक संतोष कुमार सिंह, स्थानीय गणमान्य नागरिक, क्षेत्रीय चिकित्सक, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय जनता ने मुख्य अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के बाद अस्पताल का निरीक्षण भी किया गया। मुख्य अतिथि प्रिंस यूकेश सिंह ने कहा कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में इस स्तर का विश्वस्तरीय अस्पताल खुलना जनपद के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि अब मरीजों को उच्चकोटि के इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों का सहारा नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय व खर्च दोनों की बचत होगी। प्रबंध निदेशक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण स्थापित हैं और मरीजों तथा तीमारदारों की सुविधा का पूरा ध्यान रखते हुए सुव्यवस्थित परिसर बनाया गया है। उन्होंने बताया कि इसमें एक रिसर्च सेंटर भी शामिल है, जो उपचार के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर चिकित्सा अनुसंधान में सक्रिय भूमिका निभाएगा। गड़वार रोड स्थित इस अस्पताल के खुलने से न सिर्फ नगरा बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को आपातकालीन सेवाएं और गंभीर बीमारियों के इलाज में सहूलियत मिलेगी। उपस्थित जनों ने इस पहल की व्यापक सराहना की और उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
पिंक फाउंडेशन की पहल: महिला पोषण जागरूकता अभियान आयोजित
अमर बहादुर सिंह  नगरा (बलिया शहर) 17 जुलाई। पिंक फाउंडेशन द्वारा महिला पोषण जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को संतुलित आहार, आवश्यक पोषक तत्वों, स्वच्छ खान-पान की आदतों एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था। अभियान के दौरान महिलाओं को पोषण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी देकर बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में पिंक फाउंडेशन की अंजलि सिंह एवं सुमित कुमार के साथ अमन बहादुर सिंह, आकाश सिंह, द्रव्यांश गुप्ता, निधि मौर्य एवं शैलेश बहादुर सिंह का सराहनीय सहयोग रहा। पिंक फाउंडेशन ने बताया कि संस्था भविष्य में भी स्वास्थ्य, शिक्षा एवं जन-जागरूकता से जुड़े ऐसे सामाजिक अभियान निरंतर संचालित करती रहेगी।
महिला कल्याण विभाग की पहल: नगरा PHC में धूमधाम से मनाया गया कन्या जन्मोत्सव
अमर बहादुर सिंह नगरा (बलिया शहर), 17 जुलाई। बेटियों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य के संकल्प के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) नगरा में शुक्रवार को 'कन्या जन्मोत्सव' का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना तथा 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान को जन-जन तक पहुँचाना रहा। यह आयोजन जिलाधिकारी श्री मंगला प्रसाद के निर्देश तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेन्द्र कुमार पौत्स्यायन के मार्गदर्शन में महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित हब फॉर इंपावरमेंट ऑफ वीमेन (HEW) के माध्यम से किया गया। कार्यक्रम के दौरान नवजात बालिकाओं एवं उनकी माताओं का सम्मान करते हुए उन्हें बेबी किट, नवजात शिशु के वस्त्र, डायपर, मच्छरदानी, मिष्ठान एवं अन्य उपयोगी सामग्री भेंट की गई। साथ ही उपस्थित परिवारों को बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा तथा महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर राजनंदिनी (पत्नी मनोज प्रसाद, नगरा), नाजिया (पत्नी मुस्ताक, नगरा), काजल (पत्नी सोनू पटेल, नगरा), प्रतिमा (पत्नी सोनू, बड़सरा सलेमपुर) तथा खुशबू (पत्नी सुनील कुमार पाल, चन्द्रहा) को नवजात बालिकाओं के जन्म पर सम्मानित कर उपहार सामग्री प्रदान की गई। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने इन परिवारों को शुभकामनाएँ देते हुए बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. बब्बन यादव ने कहा कि बेटी केवल परिवार ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने सभी अभिभावकों से बेटियों को समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने का आह्वान किया। कार्यक्रम में डीएमसी अंजली सिंह, जेंडर स्पेशलिस्ट निकिता सिंह, स्टाफ नर्स, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, सुमेश कुमार सहित अस्पताल के चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। इस अवसर पर महाराणा प्रताप CSC के फाउंडर अमर बहादुर सिंह, शैलेश बहादुर सिंह, आकाश सिंह, दिव्यांश गुप्ता एवं निधि मौर्य भी उपस्थित रहे। सभी ने नवजात बालिकाओं एवं उनके परिजनों को शुभकामनाएँ देते हुए बेटी के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने तथा समाज में बेटियों के सम्मान, शिक्षा और सशक्तिकरण का संदेश दिया। महिला कल्याण विभाग की यह पहल समाज में लिंग समानता, महिला सशक्तिकरण और बेटियों के सम्मान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि "बेटी है तो भविष्य है" और उसके जन्म का स्वागत पूरे समाज के लिए गर्व और खुशी का विषय होना चाहिए।
नगरा PHC में धूमधाम से मनाया गया 'कन्या जन्मोत्सव' बेटी है तो भविष्य है का दिया संदेश, नवजाताओं को वितरित किए बेबी किट
अमर बहादुर सिंह बलिया शहर  (नगरा), 17 जुलाई। बेटी के सम्मान और उनके उज्जवल भविष्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) नगरा में शुक्रवार को महिला कल्याण विभाग की ओर से बड़े हर्षोल्लास के साथ 'कन्या जन्मोत्सव' आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच फैलाना तथा 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसे अभियानों को व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुंचाना रहा। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद के निर्देश एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेन्द्र कुमार पौत्स्यायन के मार्गदर्शन में संचालित हब फॉर इंपावरमेंट ऑफ वीमेन (HEW) के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में नवजात बालिकाओं और उनकी माताओं का सम्मान करते हुए उन्हें बेबी किट, नवजात शिशु के वस्त्र, डायपर, मच्छरदानी, मिष्ठान तथा अन्य आवश्यक सामग्रियां प्रदान की गईं। साथ ही परिवारों को बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण तथा महिला व बाल कल्याण विभाग की योजनाओं की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम के दौरान राजनंदिनी (पत्नी मनोज प्रसाद, नगरा), नाजिया (पत्नी मुस्ताक, नगरा), काजल (पत्नी सोनू पटेल, नगरा), प्रतिमा (पत्नी सोनू, बड़सरा सलेमपुर) और खुशबू (पत्नी सुनील कुमार पाल, चन्द्रहा) को नवजात बालिकाओं के जन्म पर सम्मानित कर उपहार सामग्री प्रदान की गई। उपस्थित ग्रामीणों व स्वास्थ्यकर्मियों ने इन परिवारों को शुभकामनाएँ दीं और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. बब्बन यादव ने कहा कि बेटी केवल परिवार नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र का आधार है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बेटियों को समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित वातावरण प्रदान करें ताकि वे अपने अधिकारों और क्षमताओं का पूरा उपयोग कर सकें। कार्यक्रम में डीएमसी अंजली सिंह, जेंडर स्पेशलिस्ट निकिता सिंह, स्टाफ नर्स, एएनएम, आशा कार्यकर्ता और अस्पताल के अन्य चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। साथ ही महाराणा प्रताप CSC के फाउंडर अमर बहादुर सिंह, शैलेश बहादुर सिंह, आकाश सिंह, दिव्यांश गुप्ता व निधि मौर्य ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया और नवजात बालिकाओं तथा उनके परिजनों को शुभकामनाएं दीं। महिला कल्याण विभाग की इस पहल को समाज में लिंग समानता, महिला सशक्तिकरण और बेटियों के सम्मान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि "बेटी है तो भविष्य है" और हर नवजात बालिका का स्वागत पूरे समाज के लिए गर्व का विषय होना चाहिए।
नगरा PHC में धूमधाम से मनाया गया 'कन्या जन्मोत्सव' बेटी है तो भविष्य है का दिया संदेश, नवजाताओं को वितरित किए बेबी किट
अमर बहादुर सिंह बलिया शहर  (नगरा), 17 जुलाई। बेटी के सम्मान और उनके उज्जवल भविष्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) नगरा में शुक्रवार को महिला कल्याण विभाग की ओर से बड़े हर्षोल्लास के साथ 'कन्या जन्मोत्सव' आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच फैलाना तथा 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसे अभियानों को व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुंचाना रहा। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद के निर्देश एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेन्द्र कुमार पौत्स्यायन के मार्गदर्शन में संचालित हब फॉर इंपावरमेंट ऑफ वीमेन (HEW) के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में नवजात बालिकाओं और उनकी माताओं का सम्मान करते हुए उन्हें बेबी किट, नवजात शिशु के वस्त्र, डायपर, मच्छरदानी, मिष्ठान तथा अन्य आवश्यक सामग्रियां प्रदान की गईं। साथ ही परिवारों को बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण तथा महिला व बाल कल्याण विभाग की योजनाओं की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम के दौरान राजनंदिनी (पत्नी मनोज प्रसाद, नगरा), नाजिया (पत्नी मुस्ताक, नगरा), काजल (पत्नी सोनू पटेल, नगरा), प्रतिमा (पत्नी सोनू, बड़सरा सलेमपुर) और खुशबू (पत्नी सुनील कुमार पाल, चन्द्रहा) को नवजात बालिकाओं के जन्म पर सम्मानित कर उपहार सामग्री प्रदान की गई। उपस्थित ग्रामीणों व स्वास्थ्यकर्मियों ने इन परिवारों को शुभकामनाएँ दीं और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. बब्बन यादव ने कहा कि बेटी केवल परिवार नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र का आधार है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बेटियों को समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित वातावरण प्रदान करें ताकि वे अपने अधिकारों और क्षमताओं का पूरा उपयोग कर सकें। कार्यक्रम में डीएमसी अंजली सिंह, जेंडर स्पेशलिस्ट निकिता सिंह, स्टाफ नर्स, एएनएम, आशा कार्यकर्ता और अस्पताल के अन्य चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। साथ ही महाराणा प्रताप CSC के फाउंडर अमर बहादुर सिंह, शैलेश बहादुर सिंह, आकाश सिंह, दिव्यांश गुप्ता व निधि मौर्य ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया और नवजात बालिकाओं तथा उनके परिजनों को शुभकामनाएं दीं। महिला कल्याण विभाग की इस पहल को समाज में लिंग समानता, महिला सशक्तिकरण और बेटियों के सम्मान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि "बेटी है तो भविष्य है" और हर नवजात बालिका का स्वागत पूरे समाज के लिए गर्व का विषय होना चाहिए।
समाजवादी पार्टी का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल 17 जुलाई को जाएगा — गायघाट में कामजी गोंड की कथित पुलिस पिटाई से हुई मौत पर शोक और जांच की माँग
संजीव सिंह बलिया — समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल 17 जुलाई को बांसडीह विधानसभा क्षेत्र के रेवती थाने के अंतर्गत स्थित गायघाट गांव का दौरा करेगा। प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा गायघाट गांव निवासी कामजी गोंड की कथित पुलिस पिटाई से हुई मृत्यु के मामले में शोक व्यक्त करने तथा घटना के सही तथ्यों की जानकारी प्राप्त करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इस बाबत प्रदेश अध्यक्ष श्री श्याम लाल पाल ने 14 जुलाई को पत्र जारी कर दिया है। प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष संग्राम सिंह यादव, पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं राष्ट्रीय सचिव रामगोविन्द चौधरी, सांसद सनातन पाण्डेय, रामशंकर राजभर, अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्यास जी गौड़, अंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिठाई लाल भारती, युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गिरी, राष्ट्रीय सचिव अवलेश सिंह, विधायक जियाउद्दीन रिज़वी, जय प्रकाश अंचल, राजेश गौड़, हरिहार गौड़, विधानसभा अध्यक्ष उदय बहादुर सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल रहेंगे। पार्टी के जिला प्रवक्ता सुशील पाण्डेय कान्हजी ने प्रेस को बताया कि समाजवादी पार्टी सदैव पीड़ित, शोषित एवं वंचित लोगों के अधिकारों के लिए आवाज उठाती आई है। गायघाट की इस घटना में भी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। सुशील पाण्डेय ने दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि पार्टी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सभी स्तरों पर लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखेगी। पार्टी प्रतिनिधिमंडल की टीम गायघाट पहुंचकर घटनास्थल व परिजनों से मिलकर सच्चाई का पता लगाएगी और स्थानीय प्रशासन तथा पुलिस से त्वरित और पारदर्शी जांच की मांग करेगी।