निषादराज बोट सब्सिडी योजना के लिए आवेदन का एक और मौका, 24 जुलाई तक करें ऑनलाइन आवेदन
*गोण्डा, 13 जुलाई 2026* - जनपद के मछुआरों एवं आमजन को अधिक से अधिक लाभान्वित करने के उद्देश्य से मत्स्य विभाग द्वारा संचालित निषादराज बोट सब्सिडी योजना के लिए विभागीय पोर्टल पुनः खोल दिया गया है। इच्छुक पात्र अभ्यर्थी 09 जुलाई 2026 से 24 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मत्स्य पालक विकास अभिकरण, गोण्डा ने बताया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदकों को मत्स्य विभाग के विभागीय पोर्टल पर निर्धारित अवधि के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन की प्रक्रिया, इकाई लागत, आवश्यक अभिलेखों तथा योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध है।
चार उपजिलाधिकारियों का हुआ गैर जनपद तबादला
*विश्वामित्र सिंह सिद्धार्थनगर व विशाल कुमार सोनभद्र के लिए स्थानांतरित

*नेहा मिश्रा आजमगढ़ तो अविनाश त्रिपाठी महराजगंज भेजे गये

गोंडा।उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने रविवार देर रात बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 182 उपजिलाधिकारियों का तबादला किया।इसी क्रम में जिले में तैनात चार उपजिलाधिकारियों का भी स्थानांतरण किया गया है,जबकि दो अन्य उपजिलाधिकारियों को जिले में भेजा गया है।तबादला सूची के अनुसार जिले में तैनात अतिरिक्त उपजिलाधिकारी विश्वामित्र सिंह को भेजा गया है।नगर पालिका परिषद गोंडा के अधिशासी अधिकारी रहे अतिरिक्त मजिस्ट्रेट विशाल कुमार का तबादला सोनभद्र के लिए किया गया है।उपजिलाधिकारी करनैलगंज का प्रभार संभाल रहीं तेजतर्रार उपजिलाधिकारी नेहा मिश्रा को आजमगढ़ के लिए रवाना किया गया है, तो मनकापुर के उपजिलाधिकारी अविनाश त्रिपाठी को महराजगंज के लिए स्थानांतरित किया गया है।इसी के साथ जिले में दो नये उपजिलाधिकारी अन्यत्र जनपदों से भेजे गये हैं।गैर जनपद से आने वालों में इटावा जिले में तैनात कुमार सत्यमजीत और बरेली में तैनात उदित पवार शामिल हैं।उपजिलाधिकारी नेहा मिश्रा ने करनैलगंज में अपने कार्यकाल के दौरान कई सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराया और भ्रष्टाचार के मामलों में कड़ी कार्रवाई किया।उन्होंने करनैलगंज तहसील की कार्यशैली में भी महत्वपूर्ण सुधार किए।हालांकि उनके इन कार्यों को लेकर करनैलगंज तहसील के अधिवक्ताओं द्वारा लगातार विरोध भी किया जा रहा था।एक बार तो वकीलों के साथ उनके विवाद ने काफी सुर्खियां बटोरी थी।अवनीश त्रिपाठी मनकापुर के उपजिलाधिकारी रहते हुए सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई किया।उन्होंने भ्रष्टाचार व जमीन धोखाधड़ी से जुड़े कई मामलों में भी सख्त कदम उठाया।मनकापुर से पहले अवनीश त्रिपाठी सदर तहसील में उपजिलाधिकारी के पद पर तैनात थे,जहाँ उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्य किये थे।विशाल कुमार पहले उपजिलाधिकारी तरबगंज के पद पर कार्यरत थे और क्षेत्रीय विधायक की शिकायत पर उन्हें इस पद से हटाकर नगर पालिका परिषद गोंडा का प्रभारी अधिशासी अधिकारी बनाया गया था,जहाँ उन्होंने कई विकास कार्यों को अंजाम दिया।उप जिलाधिकारी विश्वामित्र सिंह को राजस्व वादों के निस्तारण में लगातार लापरवाही मिलने के कारण एसडीएम तरबगंज के पद से हटाकर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट के रूप में स्थानांतरित कर दिया गया था।
पानी से भरे गड्ढे में दो बच्चे डूबे,एक का शव मिला,दूसरे की तलाश जारी
*मैरिज हाल निर्माण के लिए खोदा गया था गड्ढा

गोंडा।जिले के इटियाथोक थाना क्षेत्र अंतर्गत बैजपुर गांव में रविवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया,जहाँ निर्माणाधीन मैरिज हाल के पास पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई।मृतकों की पहचान शिवम मौर्या (15) और राजन मौर्या (12) के रूप में हुई है।स्थानीय लोगों और पुलिस की लगभग चार घंटे की मशक्कत के बाद शिवम का शव बरामद कर लिया,जबकि राजन की तलाश खबर लिखे जाने तक जारी है।प्राप्त जानकारी के अनुसार,बैजपुर गांव निवासी मिनाज ने मैरिज हाल निर्माण के लिए मिट्टी खुदवाया था,जिससे बड़ा गड्ढा बन गया था।लगातार बारिश के कारण उसमें काफी पानी भर गया था।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों बच्चे साइकिल से खेलते हुए वहाँ पहुंचे और किसी तरह गड्ढे में गिरकर डूब गये और घटना के समय किसी ने उन्हें डूबते हुए नहीं देखा।मृतक शिवम मौर्या कक्षा छ: का छात्र था और दो भाइयों में बड़ा था,उसके छोटे भाई का नाम सत्यम मौर्या है।वहीं राजन मौर्या कक्षा पांच का छात्र था जो दो भाइयों में छोटा था।उसके बड़े भाई का नाम राम जन्म मौर्या और बहन का नाम मोनिका मौर्या है।दोनों बच्चों के माता पिता मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं।इटियाथोक कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक कमलाकांत त्रिपाठी ने बताया कि दो बच्चों के गड्ढे में डूबने की सूचना मिली थी।शिवम का शव बरामद कर लिया गया है जबकि राजन की तलाश स्थानीय लोगों की मदद से लगातार जारी है।उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्ट्या दोनों बच्चे खेलते खेलते गड्ढे तक पहुंचे और हादसे का शिकार हो गए।हालांकि,पुलिस सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और फिलहाल प्राथमिकता दूसरे बच्चे के शव की तलाश की है।
वृक्षारोपण महाअभियान-2026 के तहत जनपद में 42.54 लाख पौधारोपण का लक्ष्य पूर्ण करने की दिशा में व्यापक अभियान

*गोण्डा 12 जुलाई,2026*।
उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार आयोजित वृक्षारोपण महाअभियान-2026 के अंतर्गत जनपद को कुल 42,54,100 पौधों के रोपण का लक्ष्य आवंटित किया गया। इस महाअभियान के सफल संचालन एवं प्रभावी अनुश्रवण हेतु शासन द्वारा जनपद के लिए नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। जनपद स्तर पर सभी विभागों, स्थानीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों के समन्वित प्रयासों से अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप प्रदान किया गया तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप व्यापक स्तर पर पौधारोपण संपन्न कराया गया।

*जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने किया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश*


वृक्षारोपण महाअभियान के अवसर पर माननीय उपाध्यक्ष गौ सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश श्री महेश कुमार शुक्ला ने मनोरंजन केंद्र, आईटीआई परिसर, मनकापुर में पौधारोपण किया। इस अवसर पर माननीय विधायक मनकापुर श्री रमापति शास्त्री, माननीय विधायक गौरा श्री प्रभात वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी श्री दयानंद प्रसाद सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने भी पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास एवं जनसहभागिता का संदेश दिया। उपस्थित सभी लोगों ने पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया।

*नोडल अधिकारी एवं जिला प्रशासन की सक्रिय सहभागिता से अभियान को मिली गति*

शासन द्वारा नामित जनपद की नोडल अधिकारी श्रीमती कंचन वर्मा, आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश तथा मुख्य राजस्व अधिकारी श्रीमती रिंकी जायसवाल ने बसेरिया, कर्नलगंज में पौधारोपण कर अभियान का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को पौधों के संरक्षण एवं उनकी जीवितता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने शहर स्थित गांधी पार्क में अधिकारियों के साथ पौधारोपण कर जनपदवासियों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने एवं उनके संरक्षण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन एवं आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है।

*जनपद के सभी विभागों ने लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत पौधारोपण किया*

वृक्षारोपण महाअभियान-2026 के अंतर्गत जिला मुख्यालय से लेकर तहसील, ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तर तक सभी विभागों द्वारा अपने-अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप शत-प्रतिशत पौधारोपण किया गया।

अभियान में वन, राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, शिक्षा, कृषि, उद्यान, नगर निकाय सहित विभिन्न विभागों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, छात्र-छात्राओं एवं आमजन की सहभागिता से यह अभियान जनआंदोलन के रूप में संपन्न हुआ। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को पौधों की नियमित देखभाल, सुरक्षा एवं जीवितता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे यह महाअभियान केवल पौधारोपण तक सीमित न रहकर पर्यावरण संरक्षण की स्थायी पहल के रूप में सफल सिद्ध हो सके।
वृक्षारोपण महाअभियान-2026 के तहत जनपद में 42.54 लाख पौधारोपण का लक्ष्य पूर्ण करने की दिशा में व्यापक अभियान

*गोण्डा 12 जुलाई,2026*।
उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार आयोजित वृक्षारोपण महाअभियान-2026 के अंतर्गत जनपद को कुल 42,54,100 पौधों के रोपण का लक्ष्य आवंटित किया गया। इस महाअभियान के सफल संचालन एवं प्रभावी अनुश्रवण हेतु शासन द्वारा जनपद के लिए नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। जनपद स्तर पर सभी विभागों, स्थानीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों के समन्वित प्रयासों से अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप प्रदान किया गया तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप व्यापक स्तर पर पौधारोपण संपन्न कराया गया।

*जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने किया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश*


वृक्षारोपण महाअभियान के अवसर पर माननीय उपाध्यक्ष गौ सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश श्री महेश कुमार शुक्ला ने मनोरंजन केंद्र, आईटीआई परिसर, मनकापुर में पौधारोपण किया। इस अवसर पर माननीय विधायक मनकापुर श्री रमापति शास्त्री, माननीय विधायक गौरा श्री प्रभात वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी श्री दयानंद प्रसाद सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने भी पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास एवं जनसहभागिता का संदेश दिया। उपस्थित सभी लोगों ने पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया।

*नोडल अधिकारी एवं जिला प्रशासन की सक्रिय सहभागिता से अभियान को मिली गति*

शासन द्वारा नामित जनपद की नोडल अधिकारी श्रीमती कंचन वर्मा, आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश तथा मुख्य राजस्व अधिकारी श्रीमती रिंकी जायसवाल ने बसेरिया, कर्नलगंज में पौधारोपण कर अभियान का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को पौधों के संरक्षण एवं उनकी जीवितता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने शहर स्थित गांधी पार्क में अधिकारियों के साथ पौधारोपण कर जनपदवासियों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने एवं उनके संरक्षण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन एवं आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है।

*जनपद के सभी विभागों ने लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत पौधारोपण किया*

वृक्षारोपण महाअभियान-2026 के अंतर्गत जिला मुख्यालय से लेकर तहसील, ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तर तक सभी विभागों द्वारा अपने-अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप शत-प्रतिशत पौधारोपण किया गया।

अभियान में वन, राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, शिक्षा, कृषि, उद्यान, नगर निकाय सहित विभिन्न विभागों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, छात्र-छात्राओं एवं आमजन की सहभागिता से यह अभियान जनआंदोलन के रूप में संपन्न हुआ। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को पौधों की नियमित देखभाल, सुरक्षा एवं जीवितता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे यह महाअभियान केवल पौधारोपण तक सीमित न रहकर पर्यावरण संरक्षण की स्थायी पहल के रूप में सफल सिद्ध हो सके।
नालियों पर अवैध अतिक्रमण से बारिश में वजीरगंज बेहाल
ग्राम प्रधान व प्रशासन की आंख बंद,जल भराव से करोड़ों की लागत से बनी सड़क हो रही बर्बाद

वजीरगंजग,गोण्डा। बारिश का मौसम भले ही अन्य जगह सुहावना हो लेकिन वजीरगंज में सड़कों के किनारे पीडब्लूडी द्वारा बनाई गई नाली पर अवैध अतिक्रमण से बारिश का मौसम वजीरगंज के लिये अभिशाप बन जाता है।जिसपर न वजीरगंज के तमगों वाले ग्राम प्रधान की नजर जाती है और न ही प्रशासन ही इसे देख पाता है।जबकि,अयोध्या हाइवे होने के चलते इसपर इन जिम्मेदारों का आवागमन आयेदिन होता रहता है।
बता दें कि,जब यह सड़क बनाई गई थी तब वजीरगंज बाजार में करोड़ों की सड़क को सुरक्षित रखने के लिये इसके दोनो ओर नालियाँ बनाई गईं थीं,लेकिन वजीरगंज कस्बे के लोगों द्वारा इन नालियों को पाटते हुये कई जगह सड़क तक पक्के चबूतरे बना लिये गये हैं।जिसके चलते बारिश के मौसम में पानी सड़कों पर बहकर जहाँ उसे खराब करता है,वहीं सड़क पूरी तरह ताल के रूप में नजर आती है।जिसपर न स्थानीय और न ही जिला प्रशासन कोई कार्रवाई करता है।
जिसके चलते अतिक्रमण कारी बेखौफ होकर लगातार सड़क तक नालियों को पाटते हुये पक्का निर्माण कर रहे हैं।
इस संबंध में जब जिम्मेदारों से बात करने का प्रयास किया गया तो वह उपलब्ध नहीं हो सके।
आवारा कुत्तों का ऐशगाह बना मेडिकल कॉलेज, मरीज हो रहे परेशान
*पुरानी बिल्डिंग के महिला वार्ड से लेकर पूरे परिसर में घूम रहे कुत्ते

गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज एक बार पुनः सुर्खियों में है।यहाँ की पुरानी बिल्डिंग में आवारा कुत्तों का साम्राज्य देखा जा सकता है,जो महिला वार्ड से लेकर पूरे मेडिकल कॉलेज परिसर में खुलेआम घूम रहे हैं।रविवार देर रात 11 से 12 बजे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है,जिसमें कई कुत्ते वार्डों के अंदर घूमते दिखाई दे रहे हैं।इस घटना ने मरीजों और उनके तीमारदारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।आवारा कुत्तों के खुलेआम घूमने से मरीजों और तीमारदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ये कुत्ते न केवल पुरानी बिल्डिंग में बल्कि उन वार्डो के अंदर भी घूम रहे हैं,जहाँ मरीज भर्ती हैं।मरीजों में डर का माहौल है,क्योंकि ये कुत्ते उनके बेड के नीचे तक चले जाते हैं और कुछ समय तक वार्डों में बैठे रहते हैं।मरीजों और तीमारदारों द्वारा भगाने के बावजूद भी ये  आसानी से नहीं जाते,जिससे उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ती है।मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर अनिल तिवारी ने इस संबंध में बताया कि तीमारदार और मरीज जो खाना लेकर आते हैं,उसी के चक्कर में कुत्ते वार्डों में चले जाते हैं।उन्होंने वार्ड इंचार्ज और स्टाफ नर्स को सख्त निर्देश दिया गया है कि किसी भी हालत में कुत्तों को वार्ड के अंदर या मेडिकल कॉलेज परिसर में न घूमने दिया जाए।डाक्टर तिवारी ने यह भी बताया कि इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही इसका निराकरण कर लिया जाएगा।तीमारदार आशीष ने बताया कि लगातार आवारा कुत्तों के घूमने से दिक्कतें हो रही हैं।काफी देर तक रात में हमलोग परेशान थे।इन कुत्तों को भगाकर महिला वार्ड से बाहर किया है क्योंकि यहाँ हमारे मरीज भर्ती हैं।सरकार ने सभी सुविधाएं दे रखा है परन्तु फिर भी आवारा कुत्ते घूम रहे हैं।किसी दिन किसी मरीज को काट लिया तो अलग ही दिक्कत हो जाएगी।हमलोग चाहते हैं कि इन आवारा कुत्तों को यहाँ से हटाया जाए
पांच मोहर्रम का जुलूस अकीदत व एहतराम के साथ निकला
अंजुमन अब्बासिया कासमिया ने की नोहाख्वानी
'वज़ीरगंज/गोण्डा।' कस्बा वज़ीरगंज में मरहूम हाजी हादी हसन के आवास से पांच मोहर्रम का पारंपरिक जुलूस अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की और नवासए रसूल हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) तथा कर्बला के शहीदों की याद में गम का इज़हार किया।
जुलूस के दौरान मातमदारों ने सीनाज़नी के साथ छुरियों का मातम कर शहीदाने कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश किया। अंजुमन अब्बासिया कासमिया के जानिब से दर्दभरे नौहों और मातमी कलाम पेश किए गए, जिनसे पूरा माहौल गमगीन हो उठा। नौहाख्वानी के दौरान "या हुसैन" की सदाएं बुलंद होती रहीं और अकीदतमंदों ने कर्बला के पैगाम को याद किया।
जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होता हुआ पहले इबारत हुसैन के आवास अक़ील हुसैन के आवास पहुंचा, जहां मजलिस और फातेहा का आयोजन किया गया। जुलूस के दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल मुस्तैद रहा तथा अमन-ओ-अमान कायम रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।
मोहर्रम के इस मौके पर क्षेत्र के लोगों ने आपसी भाईचारे, इंसानियत और शहीदाने कर्बला की कुर्बानियों को याद करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।मौलाना महताब हुसैन मौलाना अनीस रज़ा ने मजलिस ब्यान किया।अंत मे पूर्व प्रधान शैहेंशाह के आवास के बाद जुलूस का समापन कर दिया गया।
वृहद वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय में हुआ पौधरोपण
गोण्डा। उत्तर प्रदेश शासन एवं उच्च शिक्षा निदेशालय के निर्देश के क्रम में आज श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज, गोण्डा में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए प्राचार्य-प्रभारी प्रो. अभय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन और पर्यावरण के अस्तित्व के आधार हैं। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन तथा प्राकृतिक असंतुलन की चुनौतियों के बीच पौधरोपण के साथ रोपित पौधों का संरक्षण भी अत्यंत आवश्यक है। वृक्षारोपण के अंतर्गत 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान को औपचारिक आयोजन न मानकर सामाजिक दायित्व के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में प्रो. जय शंकर तिवारी, डॉ. रेखा शर्मा, रोवर्स-रेंजर्स प्रभारी डॉ. मनोज मिश्र, एन.सी.सी. अधिकारी डॉ. अमित शुक्ल, डॉ. मनीषा पाल, डॉ. घनश्याम द्विवेदी, डॉ. धर्मेंद्र सिंह एवं डॉ. दिलीप शुक्ला, दुर्गा प्रसाद, विनय पांडेय ने पौधरोपण कर विद्यार्थियों को इस हेतु प्रेरित किया।
इस अवसर पर रोवर्स-रेंजर्स तथा एन.सी.सी. कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। रोवर्स-रेंजर्स के अभिषेक, शिवांश गुप्ता, कौमजीत मौर्य, अंश, शिवानी, अंजलि दुबे, सूरज मौर्य, सूरज शुक्ला, आनंद सिद्धार्थ, शिव महेश दुबे, आदर्श सिंह, सच्चिदानंद सिद्धार्थ, अर्पित ओझा तथा विकास शुक्ला एवं एन.सी.सी. कैडेट्स सूरज शुक्ला, अभिषेक, आनंद सिद्धार्थ, शिव महेश दुबे, आदर्श सिंह, सच्चिदानंद सिद्धार्थ, अर्पित ओझा तथा विकास शुक्ला ने पौधरोपण एवं कार्यक्रम के संचालन में सक्रिय सहयोग किया।
कार्यक्रम में राजकुमार माथुर, रामभरोस तथा शंकर दयाल, विक्की, रमेश, आशा सहित महाविद्यालय के शिक्षणेतर कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने रोपित पौधों के संरक्षण और महाविद्यालय परिसर को हरा-भरा बनाए रखने का संकल लिया।
घाघरा नदी चेतावनी बिंदु पर पहुंची,24 घंटे में 3 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर
*करनैलगंज व तरबगंज पर प्रशासन की नजर

गोंडा।जिले में घाघरा नदी का जलस्तर रविवार सुबह 10 बजे चेतावनी बिंदु तक पहुंच गया।जलस्तर बढ़ने के बाद करनैलगंज और तरबगंज तहसील के तटीय गांवों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दिया है।बाढ़ खंड और राजस्व विभाग की टीम अलर्ट मोड पर है तथा तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है।रविवार सुबह 10 बजे तक घाघरा नदी में कुल 89343 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।इसमें गिरजा बैराज से 48500 क्यूसेक, शारदा बैराज से 39395 क्यूसेक और सरयू बैराज से 1488 क्यूसेक पानी शामिल है।गिरजा बैराज से सबसे अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।पिछले 24 घंटे में घाघरा नदी का जलस्तर 3 सेंटीमीटर बढ़ा है और अब यह चेतावनी बिंदु तक पहुंच चुका है।हालांकि नदी अभी भी खतरे के निशान से 1.7 मीटर नीचे बह रही है,परन्तु बढ़ते जलस्तर से तटबंधों पर दबाव बढ़ने लगा है।बाढ़ खंड विभाग के अधिकारी संवेदनशील स्थानों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं।अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि नेपाल से छोड़े जा रहे पानी के कारण घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।उन्होंने बताया कि सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और तटीय क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।प्रशासन का अनुमान है कि बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी के कारण शाम तक जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है।