झारखंड बनेगा देश का अग्रणी एआई राज्य: 5 साल में ₹1,150 करोड़ के निवेश के साथ सरकार ने जारी किया रोडमैप

नई दिल्ली, 09 जुलाई: नई दिल्ली के होटल ताज पैलेस में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 के दौरान झारखंड सरकार ने राज्य के डिजिटल परिवर्तन को गति देने तथा झारखंड को सार्वजनिक प्रशासन आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया।

राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत इस विजन का उद्देश्य शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग एवं नागरिक सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करते हुए पारदर्शी, त्वरित, जवाबदेह एवं डेटा आधारित निर्णय प्रणाली विकसित करना है, ताकि आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, प्रभावी एवं सुलभ सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

इस अवसर पर राज्य सरकार ने प्रस्तावित झारखंड कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) नीति 2026-2031 की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। इस नीति के माध्यम से शासन, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, खनन, पर्यावरण संरक्षण तथा आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे। साथ ही डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, पारदर्शिता एवं जिम्मेदार तकनीकी उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

सुशासन को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (CM-DIP) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। यह एआई आधारित निर्णय सहायता प्रणाली विभिन्न सरकारी योजनाओं, आधारभूत संरचना परियोजनाओं तथा विभागीय कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेगी। इसके साथ ही बहुभाषी डिजिटल प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप आधारित नागरिक सेवाएं, डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली तथा पंचायत स्तर तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की योजना भी प्रस्तुत की गई।

परामर्श बैठक में तीन प्रमुख एआई आधारित पहलों—मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (CM-DIP), हेल्थ एंड न्यूट्रिशन विजिलेंस सिस्टम (HNVS) तथा क्रिटिकल मिनरल्स एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम (CMAS)—पर विशेष बल दिया गया। इन पहलों के माध्यम से शासन, स्वास्थ्य सेवाओं एवं खनिज प्रशासन को आधुनिक डेटा विश्लेषण तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाया जाएगा।

इस अवसर पर राज्य सरकार ने दीर्घकालिक डिजिटल विकास की दिशा में स्टेट एआई मिशन, झारखंड एआई क्लाउड, एआई इनोवेशन हब, एआई पार्क, एआई इनोवेशन जोन, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा एक समेकित स्टार्टअप एवं स्किलिंग इकोसिस्टम विकसित करने की भी घोषणा की। इन पहलों के माध्यम से अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

इस व्यापक डिजिटल परिवर्तन को गति देने के लिए राज्य सरकार ने आगामी पांच वर्षों में ₹1,150 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा है। यह निवेश एआई अवसंरचना के विकास, डिजिटल क्षमताओं के विस्तार, नवाचार को प्रोत्साहन तथा विभिन्न विभागों में एआई के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगा।

बैठक में रांची में प्रस्तावित 100.97 एकड़ के आईटी पार्क की भी जानकारी साझा की गई, जिसे ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स एवं नवाचार आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। विजन-2050 के अंतर्गत राज्य सरकार का लक्ष्य ₹10,000 करोड़ से अधिक निवेश आकर्षित करना, 50 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करना, 1,000 से अधिक एआई स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना तथा एक लाख से अधिक एआई आधारित रोजगार के अवसर सृजित करना है।

रोडमैप में एआई शिक्षा, उन्नत कौशल विकास, शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी तथा सरकारी अधिकारियों एवं युवाओं के क्षमता निर्माण पर भी विशेष बल दिया गया है, ताकि राज्य में भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार किया जा सके।

इस अवसर पर प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थानों, निवेशकों एवं उद्योग जगत से झारखंड के साथ साझेदारी करते हुए एआई आधारित सुशासन, डिजिटल अवसंरचना, नवाचार कार्यक्रमों तथा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के विकास में सहयोग प्रदान करने की अपेक्षा की गई ।

विजन-2050 के माध्यम से झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक, तकनीक आधारित एवं भविष्य उन्मुख डिजिटल अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने की रणनीति प्रस्तुत की गई है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवाचार, प्रभावी नीतिगत सुधार एवं रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से नागरिक केंद्रित सुशासन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए झारखंड को डिजिटल गवर्नेंस एवं प्रौद्योगिकी आधारित विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नई दिल्ली में दो दिवसीय राष्ट्रीय हितधारक परामर्श का उद्घाटन किया


नई दिल्ली/रांची, 8 जुलाई 2026: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को झारखंड सरकार द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय हितधारक परामर्श का उद्घाटन किया। इस परामर्श का उद्देश्य राज्य के 'विजन 2050' पर चर्चा करना है, जिसमें आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल गवर्नेंस और उभरती प्रौद्योगिकियों पर विशेष फोकस है।

नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं, तकनीक विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और माइक्रोसॉफ्ट, गूगल व आईबीएम जैसी प्रमुख वैश्विक तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा,

"झारखंड की पहचान सिर्फ खदानों से नहीं, दिमागों से भी बननी चाहिए। हमारी पहचान संसाधनों से आगे बढ़कर शोध तक, खन से आगे बढ़कर नवाचार तक और केवल वृद्धि से आगे बढ़कर समावेशी और सतत विकास तक जानी चाहिए। प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ हमें शोध, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को भी समान महत्व देना होगा। झारखंड के पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक का संगम झारखंड और पूरे देश के विकास का आधार बनेगा।"

इस परामर्श में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और आईबीएम सहित प्रमुख संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने झारखंड के डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने, तकनीकी निवेश आकर्षित करने और राज्य को भविष्य के उद्योगों के लिए तैयार करने पर अपने सुझाव दिए।

सत्र के दौरान राज्य सरकार ने प्रस्तावित झारखंड एआई नीति, निवेश प्रोत्साहन नीति, पर्यटन नीति, वस्त्र नीति, जीआईएडीए विनियम और पीपी नीति पर अवधारणा पत्र प्रस्तुत किए। उद्योग जगत के हितधारकों से इन्हें निवेशकों के अनुकूल और भविष्य के लिए तैयार बनाने हेतु सुझाव मांगे गए।

आईटी, एआई, डिजिटल गवर्नेंस और उभरती प्रौद्योगिकियों में निवेश के अवसरों और साझेदारी पर चर्चा के लिए बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (बी2जी) संवाद भी आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार ऐसी नीतियां बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जो निवेश को बढ़ावा दें, रोजगार सृजित करें और समावेशी विकास को तेज करें। उन्होंने कहा कि हितधारकों के साथ परामर्श झारखंड के दीर्घकालिक विकास रोडमैप को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस कार्यक्रम में झारखंड मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्य दीपिका पांडेय सिंह, इरफान अंसारी, संजय कुमार यादव और सुदिव्या कुमार, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित थे।

आईबीएम से टैलिन कुमार, माइक्रोसॉफ्ट से संदीप अरोड़ा और गूगल से राजेश रंजन ने झारखंड के लिए तकनीकी अवसरों पर प्रस्तुतियां दीं।

स्वागत भाषण और परिचय झारखंड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी सचिव पूजा सिंघल ने दिया। धन्यवाद ज्ञापन सूचना प्रौद्योगिकी निदेशक माधवी मिश्रा ने किया।

कार्यक्रम में उद्योग सचिव अरवा राजकमल, सूचना एवं जनसंपर्क विशेष सचिव राजीव लोचन बक्शी, उद्योग निदेशक विशाल सागर सहित झारखंड सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग एवं शिक्षा जगत के प्रमुख हितधारक भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने किया दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का आगाज

नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन' के पहले दिन आईटी, एआई एवं डिजिटल गवर्नेंस पर हुआ मंथन, झारखंड के विज़न 2050 को लेकर विशेषज्ञों ने साझा किए सुझाव

झारखंड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी, उद्योग एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय 'नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन' के पहले सत्र मे आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल गवर्नेंस तथा भविष्य की तकनीकों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में देश-विदेश के उद्योग जगत, आईटी कंपनियों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का आगाज करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज हम सभी झारखंड सरकार की ओर से आयोजित इस दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन में एक साझा उद्देश्य के साथ एकत्र हुए हैं। आईटी गवर्नेंस, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि झारखंड भविष्य की अर्थव्यवस्था में अपनी मजबूत पहचान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य झारखंड की औद्योगिक और तकनीकी प्रगति को नई गति देना है। देश का औद्योगिक विकास, झारखंड के औद्योगिक विकास के बिना संभव नहीं है। झारखंड ने देश को केवल खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि बौद्धिक पूंजी भी दी है। अब हमारी पहचान केवल 'माइंस' से नहीं, बल्कि 'माइंड्स' से, रिसोर्स से ही नहीं बल्कि रिसर्च से भी होनी चाहिए, एक्सट्रैक्शन (खनन) से ही नहीं बल्कि इनोवेशन से भी होना चाहिए साथ ही ग्रोथ ही नहीं बल्कि एक्सटेंसिव ग्रोथ से होना चाहिए। हमें प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को भी समान महत्व देना होगा। हमारा उद्देश्य केवल विकास नहीं, बल्कि समावेशी, व्यापक और सतत विकास सुनिश्चित करना है।

कार्यक्रम में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल सहित विभिन्न अग्रणी तकनीकी संस्थानों एवं उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने झारखंड में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने, आईटी निवेश को बढ़ावा देने तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप राज्य को तैयार करने को लेकर अपने सुझाव साझा किए।

इस अवसर पर झारखंड एआई पॉलिसी, झारखंड इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी, झारखंड टूरिज्म पॉलिसी, झारखंड टेक्सटाइल पॉलिसी, जियाडा रेगुलेशंस तथा पीपीपी पॉलिसी के कॉन्सेप्ट पेपर हितधारकों के समक्ष प्रस्तुत किए गए। इन नीतियों पर उद्योग जगत एवं विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित किए गए, ताकि इन्हें और अधिक प्रभावी एवं निवेशक-अनुकूल बनाया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान सरकार एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) संवाद भी आयोजित किया गया, जिसमें झारखंड में आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस एवं आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में निवेश और साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार राज्य को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस प्रकार के संवाद राज्य की विकास यात्रा को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि हितधारकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर सरकार ऐसी नीतियां तैयार करेगी, जो निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ रोजगार सृजन और समावेशी विकास को भी गति दें।

इस मौके पर श्रीमती दीपिका पाण्डेय, माननीय मंत्री ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज,श्री इरफान अंसारी, माननीय मंत्री, स्वास्थ्य, स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण, माननीय मंत्री श्री संजय कुमार यादव, उद्योग,श्रम एवं नियोजन, श्री सुदिव्य कुमार,माननीय मंत्री पर्यटन,कला - संस्कृति खेल -कूद एवं युवाकार्य तथा नगर विकास एवं आवास उपस्थित थे। सूबे के मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए राज्य के विकास में तकनीक के प्रयोग की जरूरत पर बल दिया। विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह भी मौजूद थे।

आई बी एम के तल्लीन कुमार, माइक्रोसॉफ्ट के संदीप अरोड़ा एवं गूगल के राजेश रंजन ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से झारखंड से संबंधित सूचना प्रौद्योगिकी की संभावनाओं को रेखांकित किया।

स्वागत सम्बोधन एवं विषय प्रवेश सचिव सूचना प्रौद्योगिकी श्रीमती पूजा सिंघल का था। धन्यवाद ज्ञापन निदेशक, सूचना प्रौद्योगिकी माधवी मिश्रा ने किया। इस अवसर पर सचिव, उद्योग श्री अरवा राजकमल, विशेष सचिव सूचना एवं जनसम्पर्क राजीव लोचन बक्शी, निदेशक उद्योग विशाल सागर सहित राज्य सरकार के वरीय पदाधिकारीगण एवं स्टेकहोल्डर्स मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को मिला रथ यात्रा महोत्सव का आमंत्रण, 16 जुलाई से होगा शुभारम्भ

कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से “जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति” के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को आगामी “रथ यात्रा महोत्सव” में सम्मिलित होने हेतु सादर आमंत्रित किया। मौके पर प्रतिनिधिमंडल ने महोत्सव की तैयारियों तथा स्थानीय जनभावनाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

“रथ यात्रा महोत्सव” का शुभारम्भ 16 जुलाई 2026 से होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि वे उद्घाटन समारोह में सम्मिलित होकर महोत्सव की गरिमा बढ़ाएं। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा दिए गए आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए महोत्सव की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष श्री एन. एन. पांडे, प्रथम सेवक (सेवायत) श्री ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव, सचिव श्री प्रसन्न कुमार, सदस्य श्री गोपाल उपाध्याय, श्रीमती नीतू देवी, श्री कमल ठाकुर तथा सहयोगी श्री अमरदीप कौशल शामिल थे।

14वीं जेपीएससी रिजल्ट में कथित धांधली के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा का हल्ला बोल, जेपीएससी कार्यालय के बाहर बनाई मानव श्रृंखला

रांची। 14वीं जेपीएससी परीक्षा परिणाम में कथित धांधली के विरोध में आज भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेतृत्व में रांची स्थित जेपीएससी कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में युवाओं ने मानव श्रृंखला बनाकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के माध्यम से युवाओं ने जेपीएससी के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच तथा अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग की।

इस अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा झारखंड प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने कहा,

"14वीं जेपीएससी परीक्षा परिणाम को लेकर जिस प्रकार के गंभीर सवाल उठ रहे हैं, उसने राज्य के लाखों युवाओं का विश्वास डगमगाया है। भारतीय जनता युवा मोर्चा की स्पष्ट मांग है कि वर्तमान में जारी 14वीं जेपीएससी का परिणाम तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। इसके साथ ही अभ्यर्थियों की श्रेणीवार कटऑफ अंक सार्वजनिक किए जाएं तथा सभी संवैधानिक एवं वैधानिक प्रक्रियाओं का पूर्ण अनुपालन करते हुए पूरी पारदर्शिता के साथ पुनः परिणाम जारी किया जाए। यदि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष है तो सरकार और जेपीएससी को इन मांगों को स्वीकार करने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए। युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय भारतीय जनता युवा मोर्चा स्वीकार नहीं करेगा और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।"

वहीं भारतीय जनता युवा मोर्चा रांची महानगर अध्यक्ष रोमित नारायण सिंह ने कहा,

"आज रांची के युवाओं ने मानव श्रृंखला बनाकर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि जेपीएससी में कथित अनियमितताओं के खिलाफ उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। हमारी प्रमुख मांग है कि जारी किए गए परिणाम को तत्काल निरस्त किया जाए, सभी अभ्यर्थियों के कटऑफ अंक सार्वजनिक किए जाएं तथा संविधान और नियमावली के अनुरूप सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए नया परिणाम घोषित किया जाए। भारतीय जनता युवा मोर्चा युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगा और जब तक योग्य अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिलेगा, यह आंदोलन जारी रहेगा।"

कार्यक्रम में भाजयुमो झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल चौधरी, प्रिंस कुमार, देवराज सिंह, नीरज कुमार, रणधीर दास,सचिन साहू, धर्मवीर सिंह, तरुण दास, अमन कुमार, चन्दन प्रजापति, अमिताभ धीरज, रोहित राज, रौनक राजपूत, शिवम सिंह, विक्रम साहू, रूपक मिश्रा, धीरज अग्रवाल, राहुल चौबे, आनंद कुमार सहित बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता एवं अभ्यर्थी उपस्थित रहे।

जगन्नाथपुर रथ यात्रा 2026: जिला प्रशासन ने पूरा मार्ग किया अवलोकन, सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर दिए कड़े निर्देश


उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं वरीय पुलिस अधीक्षक रांची, श्री राकेश रंजन ने आज ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथ यात्रा 2026 की व्यापक तैयारियों को लेकर संयुक्त रूप से पूरे रथ यात्रा मार्ग का अवलोकन किया। दोनों अधिकारियों ने रथ यात्रा मार्ग सहित मेला क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया और सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात, स्वास्थ्य, विद्युत व्यवस्था तथा अन्य जरूरी सुविधाओं को लेकर अनेक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए साथ ही इन्होंने नीलाद्री प्रशासनिक भवन में बैठक भी की।

निरीक्षण के दौरान दिए गए प्रमुख निर्देश:

1. अतिक्रमण मुक्त मार्ग: रथ यात्रा के पूरे मार्ग को पूर्ण रूप से अतिक्रमण मुक्त कराने के सख्त निर्देश दिए गए। अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही तत्काल शुरू की जाए।

2. स्वास्थ्य एवं आपातकालीन व्यवस्था: मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में एंबुलेंस तथा मेडिकल टीम तैनात रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए।

3. विद्युत व्यवस्था: बिजली के तार कहीं भी खुले न रहें, यह सुनिश्चित करने के लिए विद्युत विभाग को विशेष निर्देश दिए गए। पूरी विद्युत व्यवस्था को चेक किया जाएगा तथा बैकअप की पर्याप्त व्यवस्था रहेगी।

4. स्वच्छता व्यवस्था: मेला क्षेत्र में नियमित अंतराल (कुछ घंटों में) साफ-सफाई कराई जाएगी। बायो टॉयलेट की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी तथा पेयजल की सुविधा भी सुनिश्चित की जाएगी।

5. सुरक्षा एवं निगरानी:

- पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की जाएगी।

- कंट्रोल रूम में 24 घंटे मॉनिटरिंग की जाएगी।

- फायर ब्रिगेड की गाड़ी रेडी-टू-मूव स्थिति में हमेशा तैनात रहेगी।

6. खोया-पाया केंद्र: रथ यात्रा मार्ग एवं मेला क्षेत्र में खोया-पाया केंद्र स्थापित किया जाएगा ताकि आमजन को सुविधा हो।

7. मीडिया व्यवस्था: मीडिया कवरेज के लिए वॉच टावर की व्यवस्था की जाएगी।

8. जगन्नाथपुर मेला समिति को निर्देश:

- मेला समिति को तुरंत आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट बनाने के सुझाव दिए गए, जिसके माध्यम से यात्रा से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान और जन जागरूकता की जा सकेगी।

- सभी वालंटियर को आईकार्ड उपलब्ध कराए जाये तथा उनका विस्तृत ब्रीफिंग सत्र आयोजित किया जाय ।

जगन्नाथपुर रथ यात्रा रांची की सांस्कृतिक धरोहर है

जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि “जगन्नाथपुर रथ यात्रा रांची की सांस्कृतिक धरोहर है। हमारा प्रयास है कि इस वर्ष की रथ यात्रा पूर्ण रूप से सुव्यवस्थित, सुरक्षित और भव्य हो। जनसहयोग से हम इसे यादगार बनाएंगे।”

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि

वरीय पुलिस अधीक्षक श्री राकेश रंजन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों पर जोर देते हुए कहा कि “श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। हम सभी स्तर पर सतर्क रहेंगे तथा किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।”

जगन्नाथपुर रथ यात्रा 2026 की तैयारी में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, नगर निगम तथा अन्य संबंधित विभाग पूर्ण समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।

इस दौरान पुलिस अधीक्षक शहर, श्री पारस राणा एवं यातायात श्री राकेश सिंह, अपर जिला दंडाधिकारी विधि व्यवस्था रांची, श्री धनंजय, अनुमंडल पदाधिकारी सदर रांची, श्री कुमार रजत, अपर प्रशासक रांची नगर निगम, श्री संजय कुमार, प्रशिक्षु आईएएस सुश्री आस्था शरण, नजारत उप समाहर्ता रांची, डॉ सुदेश कुमार, सिविल सर्जन रांची, डॉ. प्रभात कुमार, बिजली एवं सड़क विभाग के अभियंता, डीएसपी हटिया एवं मुख्यालय, आवासीय दंडाधिकारी हटिया, श्रीमती स्मृति कुमारी, सम्बंधित सभी थाना प्रभारी, अग्निशमन पदाधिकारी, जगन्नाथपुर मंदिर समिति के सदस्य उपस्थित थे।

अनीता देवी हत्याकांड के सभी फरार आरोपियों की अविलंब सुनिश्चित हो गिरफ्तारी : आदित्य साहू

बोकारो जिले के बेरमो थाना क्षेत्र की एक दलित गर्भवती महिला अनीता देवी की हत्याकांड के आरोपियों द्वारा अनीता देवी के परिजनों को जान से मारने की धमकी देने की बात सामने आ रही है। इसी साल 29 मई को कोयला माफियाओं की निर्मम पिटाई के कारण अपनी जान गंवाने वाली अनीता देवी के परिजनों ने इस संबंध में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू से रांची में मुलाकात कर सारी वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए अपनी जान माल की रक्षा करने एवं न्याय दिलाने की अपील की है। प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात के दौरान स्वर्गीय अनीता देवी के पति महेश भुइंया, उनकी बेटी मान्या कुमारी और बेटे आदि कुमार ने बताया कि इस मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी आज तक पुलिस द्वारा नहीं की जा सकी है। पुलिस द्वारा कुल 17 आरोपियों में से 9 की ही गिरफ्तारी की गई है और 8 आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। मामले में जो नामजद लोग बाहर घूम रहे हैं वे खुलेआम जान से मारने की धमकी दे ही रहे हैं, जेल जाने वाले लोग भी बाहर निकलने पर जानमाल के नुकसान पहुंचाने की बात कर रहे हैं। इससे उनका पूरा परिवार डरा सहमा है।

इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि इस मामले में भारतीय जनता पार्टी पहले दिन से ही काफी गंभीर है और पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। जलावन के लिए कोयला चुन कर आ रही एक दलित महिला को खुलेआम पीट पीट कर मार डाला गया। सभी ने देखा कि इस मामले में घटना वाले दिन कैसे राज्य सरकार, स्थानीय डीसी, एसपी, स्थानीय कांग्रेस विधायक के इशारे पर मामले को मैनेज करने का हरसंभव प्रयास किया गया और जब भाजपा ने बोकारो चक्का जाम का अल्टीमेटम दिया तब स्थानीय पुलिस कुछ नामजद लोगों की गिरफ्तारी दिखाकर अपना दामन बचाने का असफल प्रयास किया गया।

श्री साहू ने कहा कि पीड़ित परिवार का आरोप काफी संगीन है। लगातार आरोपियों द्वारा परिजनों को धमकी मिल रही है और पुलिस इसमें लापरवाही बरत रही है। पुलिस अपना काम निष्पक्ष तरीके से करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठावें।इस मामले के फरार सभी आरोपियों की गिरफ्तारी तत्काल पुलिस सुनिश्चित करे।

मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से स्पीडी ट्रायल कर दोषियों को सजा देने की भी उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है। साथ ही कहा कि पीड़ित परिवार को सुरक्षा भी मुहैया कराई जानी चाहिए।

श्री साहू ने कहा कि हेमंत सरकार में अपराधियों को हर स्तर पर संरक्षण मिला हुआ है। यह घटना इसका उदाहरण है। पुलिस अपना दायित्व पूरी जिम्मेवारी से निभाए। अगर पुलिस ने इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बरती तो भाजपा चुप बैठने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो पार्टी आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेगी।

इस दौरान प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, अमर कुमार बाउरी एवं मनोज सिंह, प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह, बोकारो की जिला उपाध्यक्ष अर्चना सिंह भी मौजूद रहे।

विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 अंतर्गत Enumeration Form के वितरण, संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन कार्य की समीक्षा

विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-2026) के अंतर्गत Enumeration Form के वितरण, संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन कार्य की समीक्षा हेतु जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।

बैठक में सभी EROs, AEROs, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, सभी CDPO एवं सुपरवाइजर उपस्थित थे।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि Enumeration Form के वितरण, संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन कार्य में गति लाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में नियमित निगरानी करते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूर्ण कराएं।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा BLO को निर्देश दिया कि वे प्रतिदिन सुबह 6:00 बजे से घर-घर जाकर Enumeration Form का वितरण एवं संग्रहण करें, ताकि अधिकतम मतदाता घर पर मिल सकें और दिन के उत्तरार्ध में संग्रहित प्रपत्रों का समयबद्ध डिजिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाए, जिससे कार्य में तेजी आए।

बैठक में समीक्षा के दौरान धीमी कार्य प्रगति पर कई ERO, AERO एवं BLO के कार्य पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को कारण बताओ (Show Cause) नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण जैसे महत्वपूर्ण निर्वाचन कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को प्रतिदिन कार्य की समीक्षा कर प्रगति की सतत निगरानी करने तथा वितरण, संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन के कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया।

हिमांशु सिंह हत्याकांड की CBI जांच की मांग, भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन


जमशेदपुर के बहुचर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सीबीआई (CBI) से कराने की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के द्वारा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में लोकभवन जाकर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा गया।

प्रतिनिधिमंडल ने इस जघन्य हत्याकांड की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के अलावा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही, प्रदेश मंत्री शैलेंद्र सिंह, प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह, जिला अध्यक्ष संजीव सिन्हा, दिवंगत हिमांशु सिंह के पिताजी अरविन्द सिंह, शंभुनाथ सिंह भी उपस्थित रहे।

हेमन्त सोरेन: झारखंड में इको टूरिज्म और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनेगी, कलाकारों का डेटाबेस तैयार

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों की उपस्थिति में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों एवं चालू वित्तीय वर्ष की कार्य योजना एवं प्राथमिकताओं पर गहन विचार-विमर्श कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, खेल अवसंरचनाओं, पर्यटन स्थलों का विकास, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा राज्य के युवाओं के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के भीतर कई अंडरग्राउंड कोल माइंस क्षेत्र हैं। इन अंडरग्राउंड माइंस क्षेत्रों को चिन्हित कर टूरिज्म की संभावनाओं पर कार्य योजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, लातेहार, हजारीबाग, रांची सहित अन्य जिले जहां-जहां इको टूरिज्म की संभावनाएं हैं ऐसे जगहों को विकसित करने हेतु शीघ्र कार्य तैयार करने का निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री श्री सुदिव्य कुमार उपस्थित थे।

झारखंड में इको टूरिज्म की असीम संभावनाएं

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि झारखंड में इको टूरिज्म की असीम संभावनाएं हैं। यहां इको टूरिज्म सर्किट विकसित कर पर्यटन को नई पहचान दिलाई जा सकती है। जरूरत है कि हम एक बेहतर इको टूरिज्म सर्किट प्लान के साथ आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के भीतर प्राकृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक एवं इको टूरिज्म स्थलों का योजनाबद्ध एवं समग्र विकास सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने झारखंड राज्य की पर्यटन नीति तैयार करने का निर्देश भी अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पतरातू घाटी की सुंदरता देखने योग्य है। पतरातू व्यू पॉइंट बनाए जाने के कार्य को गति प्रदान करें तथा पतरातू सहित अन्य अन्य जरूरत वाले पर्यटन स्थलों पर रोपवे स्थापित किए जाने का प्लान तैयार करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि लातेहार जिले में अवस्थित नेतरहाट में ग्लास वॉच टावर अथवा ग्लास ब्रिज लगाए जाने की कार्य योजना बनाएं साथ ही वहां कोयल व्यू पॉइंट कॉटेज बनाने, ट्रैकिंग की सुविधा विकसित करने तथा स्विमिंग पूल आदि कार्यों पर के विकास पर बल दिया तथा लोध फॉल में इको टूरिज्म के बढ़ावा देने पर जोर दिया।

स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाने की जरूरतों पर तैयार करें कार्य योजना

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतिस्पर्धाओं में मेडल प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों द्वारा सब्जी बेचने या अन्य कोई कार्य करने संबंधी सूचना या शिकायत नहीं आनी चाहिए। ऐसे खिलाड़ियों का डेटाबेस तैयार करें तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि देने संबंधी योजनाएं तैयार करें। मुख्यमंत्री ने खेलगांव में स्थापित मेगा स्पोर्ट्स व्यवस्था की अद्यतन स्थिति का सुक्षमता से आकलन कर उसका मेंटनेंस, वित्त प्रबंधन, खिलाड़ियों की मुलभूत सुविधाओं आदि से संबंधित कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया। साथ ही इसमें शामिल खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों आदि के लिए भी बेहतर प्लान तैयार करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने झारखंड में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना हेतु क्या-क्या कार्य किया जा सकते हैं इसकी कार्य योजना भी तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही विभिन्न खेल के क्षेत्र में नामचीन व्यक्तियों को झारखंड में परिदर्शन कराने तथा झारखंड के खिलाड़ियों को भी दूसरे राज्यों में एक्सपोजर विजिट कराने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को दूसरे राज्यों के उत्कृष्ट खेल प्रशिक्षण केन्द्रों, खेल अकादमियों, खेल संस्थाओं में भ्रमण कराए जाने से उनके खेल प्रदर्शन में और अधिक निखार लाया जा सकेगा।

कलाकारों का डेटा बेस हो रहा तैयार

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कला-संस्कृति विभाग की समीक्षा के दौरान विभिन्न कला विधाओं से जुड़े कलाकारों का डेटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया। विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि राज्य में अबतक करीब 12 हजार कलाकारों का निबंधन हुआ है। मुख्यमंत्री ने सभी निबंधित कलाकारों की सूची जिलों में भेजकर उसका सत्यापन करने का निर्देश दिया। साथ ही देश के अन्य राज्यों में स्थापित स्कूल ऑफ फाइन आर्ट प्रबंधन से समन्वय बनाकर निबंधित कलाकारों का एक्सपोजर विजिट कराने तथा दूसरे राज्यों के कलाकारों को भी यहां बुलाकर कला विधा से जुड़े आर्टिस्ट की कला को बेहतर करने का निर्देश दिया। इससे राज्य के कला-संस्कृति को मजबूती मिलेगी तथा राज्य के कलाकारों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फलक पर बेहतर अवसर और वातावरण तैयार हो सकेगा। बैठक में ललित कला, साहित्य कला एवं अन्य कलाओं के समग्र विकास पर चर्चा हुई।

पर्यटन के विकास से रोजगार के अवसर सृजित होंगे

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि पर्यटन के विकास से राज्य की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा मिलेगी साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जा सकेंगे, इस निमित्त यह जरूरी है कि पर्यटन परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन परियोजनाओं की गुणवत्ता एवं आधुनिकता पर विशेष फोकस रखें।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार, निदेशक पर्यटन श्री नमन प्रियेश लकड़ा, निदेशक खेल श्री छवि रंजन, सहित विभाग के वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।